Friday, August 7, 2026

Brutal Reality Of Entrepreneurship | Complete Business Blueprint by Basesh Gala

Brutal Reality Of Entrepreneurship | Complete Business Blueprint by Basesh Gala

Author Name:Basesh U Gala

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@BaseshGala

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=hXq5scTsk44



Transcript:
(00:00) मुकेश अंबानी का सबसे बड़ा बिजनेस राइवल दुनिया में कौन है? मार्क ज़करबर्ग और दूसरा राइवल है फ्यूचर का चैट जीपीटी ओपन एयर सैम ऑल्टमैन शादी में दोनों को बुलाया दोनों को इंप्रेस किया कि मेरे शादी में मोदी जी आ रहे हैं मेरे बेटी को मिलने के लिए यह देश मेरे हाथ में तो आप इमेजिन नहीं करो शादी के बाद एक महीने बाद Facebook सैम ऑल्टमैन ओपन ए और मुकेश अंबानी ने तीनों ने कंपनी खोल दिया [संगीत] एआई इन इंडिया तो वशिष भाई अभी आपके हिसाब से अभी किसी भी नए व्यक्ति को बिनेस शुरू [संगीत] करना है तो स्टेप बाय स्टेप क्या आप उसको गाइड करोगे इस
(00:30) पॉडकास्ट में कि वो भी बिज़नेस शुरू कर सके एंड एंटरप्रेन्योर को कोई स्किल्स आए ना आए। आपको मैन्युफैक्चरिंग ना आए, प्रोडक्ट ना आए। आपको सेल्समैनशिप तो आना ही चाहिए। क्योंकि सेल्स में नॉलेज भी टेस्ट होता है, कम्युनिकेशन भी टेस्ट होता है, व्यवहार भी यू नो रिलेशनशिप भी टेस्ट होता है। तो पहले सेल्स कर लो। जब तक आप 30-50 लोगों को कोई भी प्रोडक्ट सर्विस नहीं बेच पाए तब तक खुद का स्टार्ट करो। कि कब हम आईपीओ के लिए तैयार हो गए हैं। कब हमें आईपीओ वाले गेम में जाना चाहिए। ये सारे तो मिनिमम क्राइटेरिया जैसा है। टॉप फाइव बिनेसेस जो माइक्रोसॉफ्ट ने
(01:01) रिपोर्ट निकाले। चित्र बहुत इंटरेस्टिंग है कि एआई के जमाने में 10 साल के बाद कौन से बिनेसेस बेस्ट पे रहेंगे। नंबर वन इज़ नर्स नर्स नर्स नंबर टू इज़ इमोशनल हीलर्स क्योंकि लोग इतने डिप्रेशन में रहेंगे। नंबर थ्री इस बुड्ढे लोगों का ध्यान रखने वाला क्योंकि वो लोनली और उनको उनको कौन उठाएगा? उनको कौन नहलाएगा जेरेटिक केयर कहते हैं। नंबर फोर नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम चित्रेश सोनी है और आज मेरे साथ पडकास्ट में मेरे बड़े भाई, मेरे दोस्त, मेरे मेंटर बशिश भाई जिनसे मैंने भी बिजनेस की बहुत सारी लर्निंग ली और आज मैं जो भी हूं बशिश भाई का उसमें बहुत बड़ा
(01:35) योगदान है। बशिश भाई बहुत-बहुत स्वागत है आपका। थैंक यू चित्रेश भाई। एंड इट्स अ प्लेजर। ये मेरा सौभाग्य है कि आपके साथ पॉडकास्ट कर रहा हूं। तो वशिश भाई हम बिजनेस की ही बात करेंगे पूरे पॉडकास्ट में। आज बड़ा ट्रेंड है लोगों को स्टार्टअप करने का। आज बड़ा ट्रेंड है लोगों को नौकरी छोड़ के बिजनेस करने का। नौकरी छोड़ के बिज़नेस करते हैं। थोड़े दिन बिज़नेस करते हैं। फिर सर्वाइव नहीं कर पाते। फिर वापस नौकरी में आते हैं। तो बिज़नेस किनको करना चाहिए और बिज़नेस करने के लिए क्या बेसिक नेसेसिटी या क्या बेसिक स्किल्स एक व्यक्ति विशेष
(02:06) के पास होनी चाहिए? आप एक समझ लो कि आजकल चित्रेश भाई बिज़नेस करने का मोटिवेशन बहुत गलत है। हम सोशल मीडिया पे देखते हैं कुछ स्टार्स को। हम देखते हैं एल्विश यादव को कि यार यह बहुत फेमस हो गया। महंगे गाड़ी में घूम रहा है। हम देखते हैं एमबीए कॉफी वाला को कि वो कॉलेज में जा रहा है। लाखों लोग उसके साथ खड़े हैं। फ्रेंचाइजी बिक रहा है। हम देखते हैं चाय वाले को कि यार वो दुबई में भी जा रहा है। बिल गेट्स भी उसके पास आ रहा है। हम देखते हैं एक कलाकार को जो एक छोटा-मोटा गाना गाता है और फेमस हो जाता है। तो लोगों को लगता है
(02:34) कि यार बिनेस करके फेम मिल रहा है। बिनेस करके हम दुबई जा रहे हैं। बिज़नेस करके करोड़ों कमाई जाता है। तो यह मोटिवेशन के कारण बिना कोई प्रिपरेशन का वो बिज़नेस करते हैं। बट मैं एक बिजनेसमैन की हारश रियलिटी बता दूं। इंडिया नहीं वर्ल्ड में वर्ल्ड की कुछ स्टैटिस्टिक्स बता दूं कि 70% जो फैमिली बिजनेस है जो अनऑर्गेनाइज्ड बिज़नेस है वर्ल्ड में वो बंद हो रहे हैं 5 साल में। जर्मनी में बकायदा एड्स लगाए चितेश भाई कि हमारे बिज़नेस को चलाने के लिए कोई भी नहीं है। हमारा ब्रांड है, गुडविल है, इन्वेंटरी है, सप्लाई चेन है। प्लीज कोई खरीद लो। जो भाव में लेना है
(03:05) खरीद लो। अच्छी-अच्छी कंपनीज़ ब्रांड दो-दो पाउंड में दो-दो यूरो में बिकी है। 2 में कि भाई एटलीस्ट हमारा जो लेगसी है वो तो चले। अब 2 पाउंड यानी ₹200 कैन यू इमेजिन यानी यह इंडिया में भी हालत है कि बच्चे बिज़नेस में जॉइ नहीं कर रहे। मैं दूसरा बिज़नेस की रियलिटी बोलता हूं। शार्क टैंक को और ऐसे प्रोग्राम्स को देख के हमें लगता है यार स्टार्टअप सेक्सीी है। लेकिन इंडिया में 95% स्टार्टअप्स फर्स्ट थ्री इयर्स या फोर इयर्स में खत्म हो जाते हैं। वर्ल्ड वाइड रेशियो अराउंड 90% है। इंडिया में 95% है। तो भाई स्टार्टअप में भी सक्सेसफुल नहीं है। अच्छा जो नॉर्मल
(03:35) बिजनेसमैन कर रहे हैं अगर आपने उनको पूछा जो आज 10000 10 करोड़ के टर्नओवर पे जो हमारे ग्रुप में आप आप जानते हो उनको अगर पूछा तो वो बोलते हैं कि बसेश भाई पहले 5 साल में वही लोगों को बिजनेस करना चाहिए जो रोज हार्ट अटैक सह सके। रोज रोज रात को रोके अकेले को रोके क्योंकि उन्हें सपोर्ट नहीं मिलता। रोज जिनको अपना शर्म कॉम्प्रोमाइज करना पड़े हाथ जोड़ना पड़े वेंडर के सामने, बैंक के सामने, कस्टमर्स के सामने, टीम के सामने और रोज जिसको सब काम करने में कोई शर्म ना हो। इमरजेंसी में झाड़ू पोछा भी लगाना पड़े। इमरजेंसी में डिलीवरी करने भी जाना पड़े। गलती ना
(04:06) हो तो भी कस्टमर को सॉरी मैम। उनकी दो गालियां बात करके भी स्माइल करके सॉरी मैम। अगले बार के लिए हम ध्यान रख देंगे। ये एक्स्ट्रा सामान ले लो। माफ कर दो। ये जब तक आपके पास एटीट्यूड नहीं है। और जब तक आप अपने आईक्यू को नहीं मारते ये आप देख लो चित्रेश भाई आपके मेरे टाइम पे स्कूल में जो टॉपर्स थे या जो भी ज्यादा होशियार लोग हैं वो आज बिजनेस जॉब में स्ट्रगल करते हैं। यानी हाई आईक्यू के लोगों में अहंकार थोड़ा आ जाता है। एगेंस आता है और वो मन में सोचता है अरे ये तो गधा है। ये मुझे क्या सिखाएगा? तू टीम में काम नहीं कर सकता। और बिज़नेस इज़ अ
(04:36) टीम गेम। आपको अपने ए्प्लाइजज़ भी चाहिए, वेंडर्स भी चाहिए, कस्टमर भी चाहिए, इन यू नो इन्वेस्टर्स भी चाहिए। आप इन्वेस्टर्स के सामने आप गाली बोलोगे या एग दिखाओगे तो जब तक आपका सितारा है तब तक चलेगा। अब मैं आपको इसका क्लासिकल एग्जांपल देता हूं कि बिनेस करना इतना इजी है लेकिन लोग इसमें कुछ कॉमन मिस्टेक्स करते हैं। तो फाइव रीज़ंस व्हाई बिज़नेसेस इज़ फेल। कोई भी बिज़नेस हो, आप स्टार्टअप हो, फैमिली बिज़नेस हो, फाइव रीज़ंस। सबसे पहला है समय। आपका जो सोच है, आपका जो आईडिया है, आपका जो प्रोडक्ट है, वह समय अनुसार रेलेवेंट नहीं है। अगर फॉर एग्जांपल मैं 2015 में
(05:10) अभी हम 2026 में बैठे 10 साल 12 साल पहले 2015 में मैं ऑनलाइन कोचिंग स्टार्ट करता तो तभी शायद नहीं चलता। नहीं चलता। कोविड ने सबको ZM और Instagram और TikTok और Lindin में कंफर्टेबल किया तो आज ऑनलाइन कोचिंग चल रहा है। अच्छा अगर मैं 2030 में ऑनलाइन कोचिंग स्टार्ट करूंगा 4 साल बाद तो इट विल बी टू लेट क्योंकि अभी ऑलरेडी सब एस्टैब्लिश हो गए। तो टाइमिंग इज वेरी वेरीरीेंट। वही ऑनलाइन कोचेस सक्सेसफुल है जो 2020, 21, 22 में बहुत सीरियसली हो के स्केल कर रहे हैं। अगर आप उससे पहले रहते तो आप बर्न करते हैं। आप उसके बाद रहेंगे
(05:41) तो टू रेट है। तो सबसे पहले आप हमेशा बिज़नेस जब कर रहे हो तो आप चेक करो कि ये क्या मेरा आईडिया प्रोडक्ट है? क्या ये समय से मैच कर रहा है? क्या हम समय से बहुत पहले जैसे क्लासिकल एग्जांपल है Paytm भाई। Paytm ने रेवोल्यूशन किया। आप मानते हो लेकिन आज भी लॉस मेकिंग कंपनी है। आज भी उसका शेयर प्राइस कुछ खास नहीं है। इमेजिन करो इंडिया में डिजिटल वॉलेट का वॉलेट करेंसी का यू नो Paytm का वो कल्चर ही नहीं था। तो उन्होंने कितना एजुकेशन में पैसा बहाया हम ओके लोगों को बोला डिस्काउंट कैशबैक डिस्काउंट कैशबैक डिस्काउंट कैशबैक लेके
(06:10) लोगों की आदत आई। फिर लकीली वो मरने वाले थे तब डीमनेटाइटेशन हो गया। 2016 में तो बच गए। तो दुकानदार में Paytm लग गई। बट वहां पे भी यूज़ करने के लिए डिस्काउंट, कैशबैक, स्टाफ को सैलरी दो। भरपूर मार्केटिंग करो। और फिर एक दिन ऐसा आया कि कुछ कानून के लूप होल्स के कारण उनके ऊपर थोड़ा बैन लग गया और पीछे से जो Google Pay, PhonePe, Amazon P ये सब पीछे से जो आए वो आगे चले गए। टुडे PhonePe इज़ नंबर वन। एंड Paytm किधर है? नहीं इट इज़ नॉट देयर। आप टेक्निकली आरबीआई ने उसे बोल दिया कि आप वॉलेट अभी रख ही नहीं सकते। अच्छा। यानी इतना उसने जो मेहनत किया अब सब ज़ीरो
(06:42) है। अब आप देखो Paytm क्या करेगा? वो बोलेगा आप मेरा यूपीआई यूज़ कर लो प्लीज़। आप मेरे से ट्रेन टिकट ले लो, मेरे से सामान ले लो। तो अब स्ट्रगल कर रहा है Paytm। अब विजय शंकर शर्मा का एक इंटरव्यू आया जो बोला कि अब हम फ्यूचर के लिए अब Paytm को रिवाइप करेंगे। एआई बेस शॉपिंग बनाएंगे। बट ये जो 15 20 साल की जर्नी है जितना भी पैसा रेज किया, आईपीओ किया, मेहनत किया ऑलमोस्ट आज तो जीरो है। तो पहला मिस्टेक है चित्रेश [गला साफ़ करने की आवाज़] भाई समय। ठीक है? सेकंड रीज़न जो लोग खत्म होते हैं, इट इज़ नॉट फंड्स। इट इज़ पुअर प्लानिंग ऑफ़
(07:10) फंड्स। लोग जो बोलते हैं ना कि सर पैसा नहीं है हमारे पास। मैं नहीं मानता हूं। आज पैसा मिलना बहुत इजी है। लेकिन जो कुछ लोग जोश-जश में स्टार्टअप करते हैं आपने भी देखा है कि थोड़ा सेविंग होता है 5 10 15 लाख और वो 5 10 15 लाख के सेविंग से वो कूट जाते हैं और फिर बिनेस करने में मिस्टेक्स होना ही है। मार्केटिंग में थोड़ा बर्न होगा रॉन्ग टीम मेंबर हायर होगा। रॉन्ग इवेंट होगा वो पैसे खत्म हो गए फिर जीने के लिए सफोकेशन होता है। फिर बिनेस में ध्यान नहीं लगता तो आप क्वालिटी कॉम्प्रोमाइज करते हो। आप फोकस नहीं दे सकते और फिर धंधा खत्म हो जाता
(07:39) है। तो जब भी आप बिज़नेस स्टार्ट करो आप एनश्योर करो कि एटलीस्ट आपके पास एक पैसिव इनकम सोर्स कहीं ना कहीं से चालू हो। या तो कोई भाई धंधे में कोई पैसा ना भी आए तो आपके सर्वाइवल चलते रहे। सर्वाइवल चलते रहे। यानी 6 12 महीना घर के लिए आप अलग एफडी कर दो और बिनेस के लिए अलग पैसा कॉमन पैसा नहीं। यदि आपके पास 61 12 महीने घर के लिए अलग पैसा हो या आपके फादर का भाई का कोई पार्टनर का एक प्रॉपर्टी हो जिसके भाड़े से आप सिंपल नॉट हाईफाई बट एकदम सिंपल लिविंग 30-400 में आप घर खर्चा कर सकते हो तो आप फोकस से यहां पे बिल्ड कर पाओगे बट यदि आपके पास सेविंग है और आप वही
(08:13) हाईफाई लाइफस्टाइल से आप काम कर रहे हो सेविंग्स खत्म हो रहा है बिनेस में ग्रोथ नहीं आ रहा है फिर पैसे का सफोकेशन आ गया खत्म हो गया और यही प्रॉब्लम लोग करते हैं कि सर हमें सब्सिडी नहीं मिलता मिलता है बट उसके लिए ट्रैक रिकॉर्ड चाहिए भाई तो सबसे पहला हम थर्ड पॉइंट बोलते हैं कि वही बिज़नेस सर्वाइव करते हैं जिनका क्रेडिबिलिटी अच्छा है। यानी जब हम बोलते हैं ना सर गवर्नमेंट हमें लोन नहीं देता। बसेश भाई आप फंडिंग नहीं करा के देते हो। एक एग्जांपल लो चितेश भाई आप करा के नहीं देते। हम एक ही चेक करते हैं कि भाई तेरा फ्रेंड
(08:41) तेरी फैमिली मेंबर्स, तेरे टीचर्स, तेरे वेंडर्स, तेरे कस्टमर्स वो तुझे ज्यादा जानते हैं। वो तेरे साथ सालों तक रहे हैं। हम तो 10 मिनट ही बात कर रहे हैं। अगर वो तेरे को 500 नहीं दे सकते एडवांस। अगर वो तेरे को ₹1 लाख लोन नहीं दे सकते तो तू मेरे से ₹ लाख क्यों मांग रहा है भाई? तो क्रेडिबिलिटी बिल्डिंग फाउंडर्स हमेशा यह लगता है कि सर मेरा आईडिया ये फैंटास्टिक है। मैं एक सीक्रेट बता दूं चित्रेश भाई लोग आईडिया पे पैसा बाद में लगाते हैं। पहले इंसान पे लगाते हैं। यस कि भाई घोड़ा ठीक है। जॉकी कैसा है? यानी अगर इसमें पोटेंशियल है ये विराट
(09:15) कोहली है तो ये मैच जीता के जाएगा। तो हमको विराट कोहली पे पैसा लगाना है तो काफी फाउंडर्स अपने पर्सनालिटी पे काम नहीं करते। अपने एक्सपीरियंस पे काम नहीं करते। अपने एग्जीक्यूशन पे काम नहीं करते। बस शार्क टैंक देख के बस मुझे धंधा चालू करना है। तो ये थर्ड रीज़न है। एंड फोर्थ रीज़न इज़ पुअर मार्केटिंग। ये सबसे नंबर वन रीज़न है बहुत सारे स्टार्टअप्स, फैमिली बिज़नेस मरने के लिए। या तो कुछ लोग मार्केटिंग ही नहीं करते। एकदम अलग दुनिया में कि सर वर्ड ऑफ़ माउथ से हमारा धंधा चल रहा है। वो समझते नहीं कि भ तुम्हारे वर्ड ऑफ़ माउथ से तुम्हारे पास आ रहे हैं 40, 50, 60 साल
(09:45) के लोग। हम तुम्हारे पास 20 25 साल के लोग नहीं आ रहे जो जेंजी है मिलेनियल्स है और यही फ्यूचर कस्टमर्स है जो ओल्ड हो रहे हैं उनका कंसमशन कम होगा जो यंग है वो क्रेडिट कार्ड पे लोंस पे और कंज्यूम करेंगे तो जो ओल्ड है उनका वर्ड ऑफ़ माउथ भी ओल्ड लोग ही सुनेंगे जैसे मेरे फादर जहां पे बाल कटाते हैं चित्रेश भाई मैं वहां पे नहीं जाता हूं और मेरी बेटी मैं जहां पे जाता हूं वो वहां पे नहीं जाएगी ये एक्सेप्टेबल है वो जहां से खरीदी करते हैं वो दुकान में जाके खरीदी करते हैं मैं शायद Amazon से करता हूं या तो मैं मेरे फ्रेंड के यहां पे जाता हूं तो
(10:16) अगर आपने यंगस्टर को नहीं पकड़ा, 30ज वाले को नहीं पकड़ा, 20 वाले को नहीं पकड़ा तो आपका बिज़नेस डिक्लाइन नहीं है। तो लोग मार्केटिंग करते नहीं है। यह एक एंड है। सेकंड एंड है कि लोग इतना भयंकर मार्केटिंग करते हैं। इतना पैसा बर्न करते हैं बट उनके पास राइट मेंटोर नहीं होता, टूल्स नहीं है, प्रोडक्ट नहीं है कि मार्केटिंग में इतना बर्न हो गया कि फिर पैसे बचे नहीं रहे और फिर सफोकेट हो जाते। तो यह चार रीज़ंस के कारण बिजनेस खत्म होते हैं। तो बशीज भाई अभी आपके हिसाब से यदि किसी भी नए व्यक्ति को बिज़नेस शुरू करना है तो स्टेप बाय स्टेप क्या आप उसको गाइड
(10:46) करोगे इस पॉडकास्ट में कि वो भी बिज़नेस शुरू कर सके और धीरे-धीरे सस्टेनेबल बिज़नेस बनाए। सर मैं सस्टेनेबिलिटी की डेफिनेशन दे सकता हूं। यदि बिजनेस 1 करोड़ का प्रॉफिट मैं सेल्स नहीं बोल रहा हूं। सब खर्चा इंटरेस्ट टैक्स निकाल के 1 करोड़ का प्रॉफिट निकालता है। मेरे हिसाब से वो अच्छा बिज़नेस है। टर्नओवर कितना भी हो 10 हो 100 अगर आपको 1 करोड़ का प्रॉफिट कराने वाला बिज़नेस चाहिए। 1 करोड़ का प्रॉफिट करने वाला बिज़नेस मेरे डेफिनेशन में गुड बिज़नेस है। वो आप स्लो एंड स्टेडी 4 साल यानी 1000 डेज में बिल्ड कर सकते हो। तो उसका फ्रेमवर्क मैं ये पडकास्ट में दूंगा।
(11:18) और ये 99% लोग कर पाएंगे। अगर आप ये स्टेप लॉजिकली फॉलो कर पाएंगे। ठीक है? सबसे पहला स्टेप है कि सर अगर मुझे पेड़ काटना है तो 90% लोग क्या करेंगे? हथियार उठाओ, पेड़ काटना चालू करो। ये कहावत आपने सुना है। बट जो स्मार्ट आदमी है वो क्या करेगा? पहले पेड़ के बारे में पूछेगा। ये पेड़ कैसा है? उसका रोड कैसा है? फिर हथियार को शापन करेगा। भले उसमें एक घंटा जाए। लोग बोलेगा ये टाइम वेस्ट कर रहा है। काम नहीं कर रहा। बट फिर वो 2 घंटे में पेड़ काट लेगा। यानी एक जगह पे तो ऐसा भी है कि आप एक साल्ट डाल दो रूट्स में तो ट्री ऑटोमेटिकली दो दिन में मुरझा जाएगा। तो
(11:50) काटने की मेहनत भी नहीं करनी। हम बट आपने उसके बारे में नॉलेज लिया तो पता चला। कभी-कभी ऐसा होता है कि औज़ ऐसा शार्प कर लो और इधर नहीं यह एंगल पे काटो तो फटाफट कट जाएगा। और एक आदमी जो पहले सेकंड पे औज़ लिया उसको शार्पन भी नहीं किया और 10 घंटा 20 घंटा मेहनत ही कर रहा है और फिर होता है सर रिजल्ट नहीं आ रहा। मार्केट खराब है। आप समझ रहे हो सर? पहला स्टेप यही है। आपको पहले अपने आप के बारे में जानना जरूरी है कि मेरे अंदर क्या स्किल और पैशन है। जस्ट बिकॉज़ डॉली चाय वाला चाय बना के फेमस हुआ है। तो मैं भी चाय बनाऊं। यह जरूरी नहीं
(12:19) है। क्या मेरे में वो स्किल सेट है? क्या मुझे पसंद आएगा 18-18 घंटा मंडे टू संडे चाय बनाना? जस्ट बिकॉज़ एमबीए कॉफी वाला सक्सेसफुल है। तो मैं मेरी मम्मी की ज्वेलरी बेच के उसका फ्रेंचाइजी ले लूं 25 लाख में और एक्सपेक्ट करूं मैं करोड़पति बन जाऊं। मूर्खता है। पहले जानो कि भाई दिन का 10,000 का ही गल्ला होता है। 25 लाख देने से पहले जानो। आप समझ रहे हो चित्रेश भाई? तो पहली चीज भाई कि आप अपने आप को पहचानो। और अपने आप को पहचानने के लिए मेरा एक कंपलसरी फार्मूला है। कंपलसरी है। आप घर में बैठे-बैठे रील्स देख के अपने को नहीं
(12:47) पहचान सकते। आपको फील्ड पे काम करना पड़ेगा। भले कोई भी काम करो और आप कॉलेज में पढ़ रहे हो। आप स्कूल में भी हो तो आप पार्ट टाइम तो काम कर ही सकते हो। जैसे मैं आपको पता है छ साल से मेरी मम्मी ने मेरे को बोला बेटा जा दुकान पे बैठ। अब 6 साल का बच्चा दुकान में क्या उखाड़ेगा? बट वहां से परचेस, सेल्स, कैश काउंटिंग, लेबर, माल कहां से आ रहा है? वो धंधे का जींस इन्वेस्टिंग करना, प्रॉपर्टी खरीदना। तो अगर आपके बच्चे आपके बिज़नेस में भी सैटरडे आते हैं या और किसी फ्रेंड के बिज़नेस में अगर आप चाहते हो कि झगड़ा ना हो। सिर्फ सैटरडे सैटरडे आते हैं। कॉलेज
(13:17) में आप 3 घंटा किधर भी अच्छे कंपनी में पार्ट टाइम नौकरी करो। आपको अपने बारे में पता चलने लगेगा यार मेरे को ये नंबर्स पसंद है। ये डिस्कवरी करो। क्यों? क्योंकि अगर आप दूसरे को कॉपी करके कि मैं जसप्रीत बुमराह मेरा नाम है। लेकिन सचिन अच्छा बैटिंग करता है तो मुझे बैट्समैन बनना है तो मैं कभी वर्ल्ड बेस्ट क्रिकेटर नहीं बनूंगा। लेकिन अगर मैं कोई अच्छे कोच के पास जाऊं, क्रिकेट बहुत ज्यादा खेलूं और पता चले यार मैं तो फास्ट बॉलिंग अच्छा करता हूं और मैं योकर मार के तो बॉल फाड़ देता हूं। तो मैं सचिन को भले अप्रिशिएट करो लेकिन मैं फास्ट बॉलर
(13:47) बनूंगा। तो आज जसप्रीत बुमराह की अलग आइडेंटिटी है। तो ब्लाइंड कॉपी मत करो। ये पहला स्टेप है। ये पहला स्टेप कहीं इंटर्नशिप जैसा कर लो। पार्ट टाइम जॉब कर लो जिससे आपको पता चले कि आपकी स्किल्स क्या है और आप किस चीज में बेहतर हो। पहला पहला स्टेप और क्या आप बिनेस के लिए बने हो? हम क्योंकि जब आप किसी कंपनी में काम करते हो और खास करके मेरा रिक्वेस्ट रहेगा चित्रेश भाई छोटे कंपनीज़ में काम करो। बड़ी कंपनी में काम करते हो ना तो आपका रोल बहुत सीमित होता है। बहुत सेम रोल हो जाता है। वहीं फिक्स होता है। बस वही सेम होता है और आपको बहुत नहीं
(14:15) मिलता पर अगर आप एक छोटे कंपनी में काम कर रहे हो। समझो जिनका 5 करोड़ टर्नओवर है। तीन करोड़ टर्नओवर है। 20 30 जन का स्टाफ है। यानी एक ओके कंपनी नॉट वेरी वेरीरी स्माल। आप ओनर से बात कर सकते हो। आप आप एक्स्ट्रा हाथ हाथ खड़ा करके कह सकते हो सर मैं खेलेगा। मैं मार्केटिंग करेगा। सर संडे को आएगा मैं स्टोर संभालेगा। तो आपको इतना ट्रेनिंग मिलेगा 6 महीने में जो आपको 10 साल में नहीं मिल सकता और तब आपको पता चलेगा यार बिजनेस में तो कितना फट रहा है। ओनर यार सैलरी लेने के लिए उसको सीसी लेना पड़ रहा है यार माल में तो मार्जिनस नहीं
(14:42) है। आपका दिमाग का भट्टी खुलना चालू हो जाएगा। कैलकुलेशन है। क्या मैं बिनेस के लिए बना हूं नहीं बना हूं वो समझ में आएगा। मतलब इनिशियल जब आप करियर शुरू करो तो एक मीडियम साइज की कंपनी में काम करो जिसमें आपको सारे एंगल में खेलने का मौका मिल जाए। आपका एक्सपोज़र बड़ा हो जाए। बिल्कुल। यानी अगर मैं क्रिकेटर हूं ओके और मेरे को क्रिकेटर बनना है सचिन पसंद है। मैं छोटे कोचिंग एकेडमी में जाऊंगा और वहां पे बोलूंगा सर मुझे मैच खेलना है। मैं बैटिंग भी करूंगा, बॉलिंग भी करूंगा, फील्डिंग भी करूंगा, विकेट कीपिंग करूंगा। 6 महीने के बाद पता ऑटोमेटिक चल जाएगा यार
(15:08) तू बॉलिंग अच्छा कर रहा है। तू बॉलिंग पे फोकस कर या कभी पता चले यार तेरे को क्रिकेट के लिए तू बना ही नहीं है। तू थक जाता है। या ऐसे हो जाए कि 6 महीने बाद या क्रिकेट में कंटा है। मेरे को फुटबॉल करना है। तो 6 महीना डालना बहुत जरूरी है। और इससे लिंक है सेकंड बात। अगर आप थोड़े बड़े हो गए 20 21 22 25 साल के हो गए आपका पढ़ाई पूरा हो गया और आपको अभी बिजनेस या जॉब करना है तो ऐसे कंपनी में ही जॉब करो जहां पे आपको सीखना ज्यादा मिले और सेविंग कर लो वो सेविंग का फायदा क्या होगा चेतश भाई कि जब भी आपको बिज़नेस स्टार्ट करना है वो 6
(15:38) महीने की पूंजी एटलीस्ट घर चलाने के लिए जमा हो जाएगा तो आपको स्ट्रेस नहीं है कि मैं ईएमआई ये सब कैसे करूंगा ये बहुत बड़ा मिस्टेक लोग करते नहीं है आजकल के यूथ क्या करते हैं पहला जॉब आया पे सैलरी आया पार्टी दूसरा मंथ की सैलरी आया ईएमआई सेविंग तो नहीं हम सेविंग कहां है हमारा ठीक है और हम सेविंग करते तो किस में कर रहे हैं क्रिप्टो में जो हमें समझ में नहीं आता सिल्वर गोल्ड में किसी ने बोल दिया तो हम करते हैं यानी हम स्टेबल सेविंग्स नहीं करते वो आप स्पेकुलेशन करो 10% 20% से बट 80% से सेविंग करो मतलब 80% पैसा वहां लगाओ
(16:12) जहां पे भले ग्रोथ कम हो पर हो बिल्कुल 20% या 10% पैसा वहां लगाओ जहां थोड़ा रिस्क हो भी सकती है ग्रोथ जा भी सकता है पर वो बहुत छोटा अमा या ज़ीरो हो या 100 हो। एम ओके। बट 80% में ऐसा होना चाहिए कि रिटर्न ऑफ कैपिटल इज़ मोरेंट एंड रिटर्न ऑन। पैसा तो बचे। रिटर्न तो आए। आरओआई बाद में पैसा तो रिटर्न आए। हम बोलते हैं रिटर्न ऑफ़ कैपिटल इज़ मोरेंट एंड आरओआई। रिटर्न ऑन कैपिटल। तो ये ये बहुत आजकल के यूथ मिस्टेक्स करते हैं। ये सेकंड स्टेप हो गया। अब ये दो स्टेप्स करने के बाद आपको पता आ गया दो चीज़ कि मेरा यह स्किल है। मेरा यह पैशन
(16:44) है। मुझे गाना गाना पसंद है। फॉर एग्जांपल मैं 8- 8 10-10 घंटा गा सकता हूं। अब आपको वो मार्केट के बारे में पेड़ काटने से पहले और रिसर्च करो। कौन अच्छे सिंगर्स है? कौन सा अच्छा म्यूजिक एल्बम है? कहां पे सिंगिंग करके कॉन्सर्ट करके या YouTube पे चैनल ल्च करके कर सकता हूं। और रिसर्च करने का सबसे बेहतरीन तरीका है सर चप्पल घिसो। Instagram पे या एi पे या चैट जीपीटी रिसर्च नहीं होगा। आप करो बेसिक पर उससे अच्छा आप 10 दिन का कांटेक्ट निकालो। म्यूजिक वाले का, आर्टिस्ट वाले का उनको आपका सैंपल भेजो और बोलो सर ना मुझे पैसा चाहिए ना जॉब चाहिए। मुझे सिर्फ 2 मिनट का
(17:17) एडवाइस चाहिए कि नेक्स्ट क्या करूं। जब आप एडवाइस मांगते हो तो लोग हेल्प करते हैं। चितेश भाई आपको पता है मेरे को Lindin पे और Instagram पे रोज 30 से 40 मैसेज आते हैं। भैया पैसा चाहिए भैया जॉब चाहिए। भैया पैसा चाहिए जॉब चाहिए। ऑटोमेटिक डिलीट हो जाते हैं। हम हम डिटेल में नहीं जा सकते। बट एक आद ऐसा पोस्ट आता है कि भैया ये हमारा बिज़नेस प्लान है। आपके कोई टीम मेंबर को प्लीज रिक्वेस्ट कर दो। 2 मिनट वो चेक करके हमको फीडबैक दे दे। हम इस पे मेहनत करना चाहते हैं। प्लीज हमें आपका गाइडेंस चाहिए सर। और आज हम आपकी फीस अफोर्ड नहीं कर सकते। तो उसको आपको क्या
(17:47) लगता है? हम डेफिनेटली हेल्प करेंगे। करनी चाहिए और हम करते हैं और हर अच्छा लोग करेगा सर। बट आप पैसा जॉब पैसा जॉब मांगोगे तो नहीं। मैं नहीं जानता हूं आपको यार। व्हाई शुड आई इवन एंटरटेन यू। तो आप 10 जन को ऐसे रीच आउट करोगे तो चार आपको मिलेंगे। दो जन आपके साथ वीडियो कॉल करेंगे या ईमेल ईमेल खेलेंगे। आपको मार्केट का पल्स आना चालू हो जाएगा। मतलब चैट जीपीटी या कोई भी ऑनलाइन साधन से आपको आईडिया मिल सकता है। पर आपको रियल एक्सपीरियंस के लिए चप्पल घिसना पड़ेगा। और रियल एक्सपीरियंस आएगा तभी आपको पता चलेगा कि मैं क्या बेहतर कर
(18:16) सकता हूं। मैं किसने और एक्सपीरियंस का कोई शॉर्टकट नहीं है। चित्रश भाई आपने और मैंने बाल सफेद किए हैं। कुछ तो अनुभव का एक्सपीरियंस है। चाहे जीपीटी पावरफुल है रिसर्च में बट उसके पास कौन सा डाटा है? जो ऑनलाइन अवेलेबल है। जो ऑनलाइन अवेलेबल है। इंडिया में बहुत डाटा है जो ऑनलाइन अवेलेबल ही नहीं है। दुकानदार क्या धंधा करता है? उसका एक्चुअल टर्नओवर क्या है? वो ऑनलाइन कहां है? बट मैंने दो दो साल वहां पे खड़ा रहा हूं। हम 10 रिटेलर्स को मिले हैं। तो वो एक्सपीरियंस का कीमत है। आप समझते हो? सेकंड आप चैट जिपेटी को बोलो कि कोई भी
(18:42) आदमी का फोटो निकालो तो वो राइट हैंड से ही निकालेगा ड्राइंग पेंटिंग वो लेफ्ट हैंड से नहीं निकालेगा तो वो मॉडल की भी लिमिटेशंस है वो धीरे-धीरे इंप्रूव हो रहे हैं वो अभी इंस्टेंटली इंप्रूव नहीं हो रहे हैं तो आप चैट जीपीटी को डेफिनेटली यूज़ करो आइडियाज के लिए बट उसको वैलिडेट करो रियल लाइफ एक्सपीरियंस मेंटर्स के साथ और एक्सपर्ट्स के साथ बहुत बढ़िया तो बशीष भाई एक कॉमन मिस्टेक बिज़नेसमैन में देखने को मिलती है कि बिजनेस में जैसे ही पैसा आना शुरू होता है बिजनेसमैन अपने खर्चे अनापशनाप कर लेता है और वह बिजनेस के पैसे को और पर्सनल पैसे
(19:13) को डिफरेंशिएट नहीं करता है और वहीं टूटता है। आप आपने हमने बहुत सारे लोगों को ऐसा देखा जो एक समय पे अच्छा बिज़नेस कर रहे थे। हमें लग रहा था ये बहुत बड़ा हो जाएगा पर उसने फाइनेंस सही मैनेज नहीं किया और वो कोलैप्स हो गया। तो ये क्या कॉमन गलतियां करते हैं और इन गलतियों से कैसे बचा जा सकता है? बिल्कुल। आप एग्जांपल मैं दूंगा। सबसे बेस्ट कंपनी था ब्लू स्मार्ट। दिल्ली में नोएडा में ग्रीन कैब्स बेचता था। लोग ब्लू स्मार्ट को प्रीमियम देते थे। Uber से ज्यादा पैसा देने को तैयार थे और ब्लू स्मार्ट को बहुत प्यार करते थे। ब्लू
(19:43) स्मार्ट बंद क्यों हुआ? फाइनेंसियल मिसमनेजमेंट और फ्रॉड के कारण। bjूस एक टाइम पे इतना टॉप पे था। बंद क्यों हुआ? लिक्विडिटी और फाइनेंसियल फ्रॉड। तो 80% कंपनी जो बंद होते हैं वो फाइनेंस मिसमैनेजमेंट में बंद होते हैं। अब इसका माइंडसेट समझो क्योंकि आपने इतना मेहनत किया इतने टाइम से जितनेश भाई सेविंग्स कम सेविंग्स कम हो गया। स्ट्रगल किया। जैसे पैसे आते हैं ना ये ह्यूमन नेचर है कि पहले एंजॉय कर लो। हम पर वही आदमी जीतता है जिसके पास वारेन बफे और रटन टाटा का माइंडसेट है सिंपलीसिटी वंस यू नो वो सिंघम का डायलॉग है ना मेरे
(20:14) जरूरत है कम इसके लिए यू नो जमीन में है दम और नाम है बाजीराव सिंघम तो आप फर्स्ट फज़ में जैसे कंपनी में कैश फ्लो बढ़ता है आप एक डिस्टर्ब रखो आप अपनी एक सैलरी नक्की कर लो कि मैं महीने का 400 लूंगा महीने का 60 लूंगा आप फेयर सैलरी नक्की कर लो और वो अपने पार्टनर है या बहुत भरोसेमंद को टीम मेंबर्स हैं उनके साथ कंसल्ट करके फिर नक्की करो कि किसी किसी को ऐसा नहीं आना चाहिए कि यार हमें 20,000 दे रहा है और ये 3 लाख लेके जा रहा है। क्योंकि इनिशियल डेज में सब आपको सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने भी अपना कुछ कॉम्प्रोमाइज किया है। तो एक पूछ लो कि
(20:43) यार अभी आ रहा है क्या मैं 5,000 ले लूं? इज इट फेयर? क्या लगता है? एक कंसेस बिल्ड करके 5,000 ले लो और फिर 5,000 में आपको जो सेविंग्स करना है, ईएमआई करना है, पार्टी करना है वो करो। ये जितना एंजॉय करना है, जितना सेव करना है, जो करना है। देखो लोग क्या करते हैं? एक ही कंपनी में से पर्सनल अयाशी भी करते हैं और एक ही कंपनी में से कंपनी भी एक्सपैंड करते हैं। अब मैं एग्जांपल देता हूं। मेरे पास एक आदमी आया और बोला बसेस में खर्चे बहुत बढ़ गए। कंपनी बहुत बेकार है। आप एनालाइज करो। मैंने एनालाइज किया। बोला सर इतना लोन क्यों हो गया? हां सर घर लिया ना? हां सर
(21:11) गाड़ी लिया ना नया। हां सर हम वेकेशन पे गए थे ना। सर बीच में मेरी बहन को ये चाहिए था तो मैंने गोल्ड लेने के लिए पर्सनल लोन लिया ना। तो मैंने बोला भाई ये कंपनी का फौल्ट नहीं है। तुमने पर्सनल डिजायर्स को फुलफिल करने के लिए लोन लिए और वो कंपनी पे डाल दिए और उसका ईएमआई अब ₹.5 लाख आ रहा है जो कंपनी चुका नहीं पा रहा है। और कंपनी को ग्रो करने के लिए मार्केटिंग के लिए आप 1 लाख नहीं डाल रहे हो और ये 2.
(21:33) 5 लाख ईएमआई डाल रहे हो। ये पुअर प्लानिंग है। आप आप 2 बीएचके में रहते थे और एक साल रह सकते थे ना। आप बिल्ड कर सकते थे। आप Maruti में घूमते थे। आपको Toyota Innov लेने की जरूरत नहीं थी। आप एक साल डिफर कर सकते थे। यहां पे लोग मार खाते हैं। बट जिस दिन आपने ये डिसिप्लिन रखा बिगेस्ट डिसिप्लिन कि मैं सैलरी निकालूंगा और एक एक अकाउंट सेपरेट रहेगा। अगर आपका प्रोपराइटर है। मैं थोड़ा टेक्निकल बोलता हूं कि अगर आपका कंपनी प्रोपराइटर है, लोग क्या करते हैं? वही अकाउंट में पर्सनल खर्चे भी करते हैं, बिनेस के खर्चे करते हैं। अगर आप पार्टनरशिप एलएलपी प्राइवेट लिमिटेड हो तो कंपनी के अकाउंट से अलग है।
(22:01) बट इरिस्पेक्टिव आप एक नियम करो कि कंपनी में से हर तीन तारीख को 7 तारीख को मैं एक अमाउंट निकालूंगा। 30, 40, 5000, 2 लाख, 5 लाख जो भी है वो निकाल के दूसरे अकाउंट में जाएगा और वहां से ही मेरे घर, सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट चलेगा। वो डिसिप्लिन रख लो तो कंपनी डिसिप्लिन से जाएगा। और वही एंटरप्रेन्य सक्सेसफुल होते हैं। मैं वापस बोलता हूं सर जो अपनी सैलरी मिनिमम रखते हैं फॉर द फर्स्ट फाइव से इयर्स। बहुत मिनिमम रखते हैं और जो 90 95% रीइन्वेस्ट करते हैं वही सक्सेसफुल आदमी होता है। सर बिजनेस में राइट टाइम लोन लेने का कब होता
(22:32) है कि कब हमें लोन लेने के लिए आई एम एलिजिबल और अब मुझे स्केल करने के लिए यदि गवर्नमेंट से भी लोन लेना है या प्राइवेट इक्विटी से भी लोन लेना है तो मुझे लेना चाहिए। उस वो कब लेवल पे आता है? मैं बोलता हूं जब तक आपका पीओसी प्रूफ ऑफ कांसेप्ट 30 लोग जब तक नहीं होता तब तक बाहर से फंडिंग मत लो। मत लो क्योंकि आपको खुद को भरोसा नहीं है। कहीं ना कहीं आपके सबकॉन्शियस को भी पता है कि यार थोड़ा डर है। पीओसी हो गया तो यहां पे तो मैं क्लियर हूं कि माय आईडिया कैन वर्क। फिर नसीब फिर मार्केट। बट अगर आप पीओसी के लिए भी स्ट्रगल कर रहे हो कि सर प्रूफ ऑफ
(23:03) कंसेप्ट करने के लिए थोड़ा खर्चा करना पड़ेगा सर। और वो पैसे मेरे पास नहीं है। ऐसा है कुछ लोग तो मैंने ऑलरेडी पहले आंसर दिया था कि आप जॉब कर लो, सेल्स कर लो, फंड बना लो। यदि वो फंड भी थोड़ा कम पड़ रहा है। बट अगर आपको लगता है कि मेरे अंदर वो स्पार्क है कि सर मैं फोड़ लेगा। मेरे पास सेविंग्स है। मेरे पास खुद का फंड है। देखो थोड़ा और चाहिए तो वो टाइम पे आप पीएम मुद्रा स्कीम ले लो। 10 लाख मिल जाता है। 10 लाख इज इनफ टू स्टार्ट अ स्माल प्रोजेक्ट। वो बिना कोई कोलटरल का मिल जाता है। अप्लाई करना पड़ता है। नहीं अगर आप थोड़े पॉलिश्ड हो। आपका नेटवर्क अच्छा
(23:32) है। अच्छे लोग जैसे चित्रेश भाई जैसे अच्छे लोग को जानते हो आप कोई एंजल इन्वेस्टर के पास चले जाओ। वो अब तो 25 लै दे देंगे। बट मेरा स्ट्रांग रेकमेंडेशन है पीओसी तक पैसे मत उठाओ। क्योंकि पीओसी में जब आप पैसे उठाते हो तो इन्वेस्टर बहुत काटता है। अरे तेरा प्रूफ ही नहीं है। 25 लाख का 30 टका दे दे। तो आपने अपने बच्चे को पैदा करने से पहले ही बहुत आधा बेच दिया। वो अवॉइड करो। जिस दिन पीओसी हो गया उस दिन फिर आप लोंस लो, फंडिंग लो। क्योंकि आपके पास कॉन्फिडेंस है और आप आर्ग्यू कर सकते हो कि सर ये कांसेप्ट काम कर रहा है। आई हैव रेगुलर
(24:01) कस्टमर्स। आई हैव अ प्रूफ ऑफ़ कंसेप्ट। और एक सिंपल फार्मूला है। हमेशा लोंस आर द बेस्ट फॉर्म ऑफ़ फंडिंग। अगर आप मैनेज कर सको। और उसका सिंपल फार्मूला है। मेरा जो खर्चा निकाल के जो पैसा बच रहा है महीने का या क्वार्टर का उसे हम कहते हैं ऑपरेटिंग प्रॉफिट। अगर मेरा ऑपरेटिंग प्रॉफिट मिनिमम ईएमआई से तीन टाइम ज्यादा है तो आप ओके लोंस में हो। ओके। मतलब जितनी भी ईएमआई बन रही है वो ईएमआई चुकाने के लिए आपके पास तीन गुना बैंडविथ होनी चाहिए। यानी अगर मेरा महीने का ईएमआई आ रहा है 1 लाख। तो क्या मैं कंफर्टेबली महीने का 3 लाख सेल्स माइनस कॉस्ट कर सकता हूं? बस
(24:32) सिंपल फार्मूला है। लोग नहीं करते। यहां पे मरते हैं। बहुत बढ़िया। बहुत अच्छा। थ्री टाइम्स ऑफ़ ये सर इसे बैंक्स भी अप्लाई करते हैं। डीएससीआई टेक्निकल है बट मैं सिंपल मैं कंपनीज़ में ये चेक करता हूं और वही कंपनीज़ मरती है जिनका ऑपरेटिंग प्रॉफिट टू ईएमआई रेशियो दो से कम होती है। फिर कभी बिज़नेस में बारिश आ गया पेमेंट रुक गया। ईएमआई चुका नहीं पाया। अब वो एंटरप्रेन्योर का चित्रेश भाई ध्यान धंधे बिल्डिंग में नहीं है टोपी घुमाने में। वेंडर को पेमेंट नहीं देगा, टीम को पेमेंट नहीं देगा, उधर से चोरी करेगा, इधर यह पैसा घुमाएगा, पर्सनल लोन लेगा। अब आपका
(24:59) फोकस पैसे पैसे घुमाने में है। और फिर कंपनी में वैल्यू बिल्ड नहीं होता। तो आप उतना ही ईएमआई लो, उतना ही लोस लो जिसका ईएमआई आप थ्री टाइम्स चुका सको। वो फार्मूला आप डिसिप्लिन तोड़ो मत। और वो फाइनेंस लेने के बाद जब आपको लगता है कि अब मैं नेक्स्ट लेवल पे आता हूं तो ही इक्विटी फंडिंग में जाओ। इक्विटी फंडिंग इज द वर्स्ट फॉर्म ऑफ़ फंडिंग। उसका रीज़न है सर आज आपका कंपनी जस्ट स्टार्ट हुआ है तो उसका कीमत कर करके कोई एक 101 करोड़ ही करेगा। हां, बहुत छोटी ही बनेगी। और पैसा ज्यादा चंक लेगा। बट जब आप प्रोवन हो तो आपका कीमत 100 करोड़ होगा और आप छोटे
(25:31) टुकड़े ही दोगे सर। सभी अगर बड़े-बड़े जो भी 1000 करोड़ के टर्नओवर वाले लोग हैं उनको अगर पूछा गया कि आपका सबसे बड़ा रिग्रेट क्या है? तो सब ने कहा कि हमने इक्विटी बहुत जल्दी बेच दी। आप देखो सर Flipkart का ओनर है सचिन और बिनी बंसल। उनके पास आज Flipkart का कितना हिस्सा है? 1% से कम। क्या मतलब सर इतना बड़ा सारे बड़े ब्रांड के सर यही है। बिकॉज़ दे की बात करें। यस हम [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं जितने ही बड़े ब्रांडों की बात करूं उनके पास 5% 7% OYO की बात कर लें। सब 10% से अंदर ही इक्विटी सबके पास बची हुई है। लेकिन जो एक
(26:01) अच्छा लीडर है ना वो इसमें खेल जाता है। कैसे? पीयूष बंसल साहब वो खेल गया कि सर मैंने कंपनी के लिए बहुत मेहनत किया है। मेरे को शेयर बायबैक करना है डिस्काउंट पे और लोग उसे अलव करते हैं। आज आपको मालूम है मोटा भाई कैसे सर? उसके पास कितना इक्विटी रहेगा? Reliance का? चलो ये शॉकिंग ये किसी पॉडकास्ट में नहीं बोला। Reliance का मोटा भाई का पास Reliance का कितना इक्विटी रहेगा? परसेंटेज पूरे फैमिली का। 40-50% तो होना चाहिए। 50 से कम है सर। अच्छा ये कोई रियलाइज नहीं करता 50 से कम है। तो उसको एक खतरा है कि यार 51% बाहर है। बैंक्स के पास है, रिटेल के पास, एचएनए के
(26:34) पास है। तो वो हर साल सैलरी नहीं लेता। हर साल कंपनी का शेयर्स लेता है। मतलब दी इक्विटी बढ़ा रहा है। बढ़ा रहा है। इतनी बड़ी कंपनी होने के बाद भी। क्यों सर? टैक्स नहीं देना पड़ता। सैलरी 1 करोड़ लूंगा तो 30-40 लाख टैक्स में जाएगा। शेयर्स लूंगा तो आज टैक्स नहीं जाएगा। जब बेचूंगा तो 12.5% कैपिटल गेन टैक्स तो बेचेगा ही नहीं। वो शेयर्स को बैंक में गिरवी रखेगा। उस पे लोन ले लेगा। [हंसी] आप समझ रहे हो? तो जिंदगी में उसको यानी मेरे से और आपसे बहुत ज्यादा शायद मुकेश भाई कमा रहे हैं। बट मैं और आप उससे ज्यादा पर्सनल टैक्स ज्यादा ही दे रहे
(27:03) हैं। वो कम टैक्स दे रहा है। यानी रिच पीपल टू टैक्स प्लानिंग यानी फाइनेंसियल प्लानिंग कितना इंपॉर्टेंट है। कमिंग बैक टू टॉपिक आप सब्सिडी लो। पीओसी के बाद लोंस लो। बिज़नेस बड़ा हो गया और फिर आपको लगता है ना कि अब मैं 5 करोड़ के ऑर्बिट पे हूं और अब मैं 100 करोड़ जा सकता हूं। तब आप इक्विटी पार्टनर्स के पास जाओ। इक्विटी पार्टनर्स के पास सिर्फ फंड के लिए नहीं जाना चाहिए। उनके पास स्ट्रेटेजिक एडवांटेज होना चाहिए कि यार बसेश भाई के पास नेटवर्क है वो हमें एक्सपंड करा देंगे डिस्ट्रीब्यूटर खड़ा देंगे ऑनलाइन चालू करा देंगे चित्रेश
(27:31) भाई के पास इन्फ्लुएंसरर का नेटवर्क है तो वो हमारा ब्रांड को उठा देंगे यानी पैसे के अलावा और कुछ बेनिफिट है तो इक्विटी काटो मेरे को इक्विटी मत काटो मतलब इक्विटी उसी से लो जिसके पास पैसे के अलावा और भी कुछ देने के लिए आपके पास वैल्यू ऐड करने के लिए कुछ हो नेटवर्क है एक्सेस है नॉलेज है पीआर है कुछ ना कुछ है शार्क टैंक में लोग क्यों देते क्योंकि ये फेमस है इनके चेहरे से बढ़ जाएगा बढ़ जाएगा लोग शार्क टैंक में कभी-कभी फंडिंग के लिए नहीं सिर्फ मार्केटिंग के लिए आते हैं। तो ये आप स्मार्टनेस मूव करो और ये मूव करने के बाद आता है कहानी का सबसे बड़ा
(28:00) ट्विस्ट। अब तक हीरो का स्टोरी कौन है? चित्रेश भाई ये बिज़नेस खुदी आदमी बिज़नेस ओनर और अब बिज़नेस ओनर बन जाता है विलेन। ये यहां पे हर इंडियन बिज़नेसेस आके अटक जाता है। एक 5 10 करोड़ के टर्नओवर में। 90% क्या किया सर? मैंने मेहनत से बनाया है। तेरे को क्या मालूम? मैंने मेहनत से बनाया है। शटर मैं ही खोलूंगा। कैश काउंटर पे मैं ही बैठूंगा। चेक मोह में बन जाता है। मोह में बन जाता है और उसको भरोसा नहीं होता। वो अपने बच्चे को भरोसा नहीं करता। अरे तू तू बिज़नेस खराब कर देगा। तेरे से ज्यादा दिवाली देखा है। तू रुक तू रुक। वो आदमी को भरोसा नहीं करता। और सेकंड एक
(28:33) टाइम के बाद अरे सर बहुत स्ट्रगल कर लिया। अब क्यों इतना खर्चा करना? यानी बिज़नेस में से जो आ रहा है मैं 60% निकाल रहा हूं। 40% इन्वेस्ट कर रहा हूं। बट कभी-कभी बिज़नेस में एक टाइम आता है कि सेविंग्स में से आप इन्वेस्ट करो। करना पड़ता है। आपने देखा है वो फज़ कि कोविड के बाद मार्केटिंग करने के लिए हमने हमारे सेविंग से इन्वेस्ट किया। आपने देखा है लॉस भी किया पर वो करना पड़ता है ना चित्रेश भाई नहीं करते तो आज हम यहां पे नहीं रहते ऑब्वियस है लोग वो नहीं करते अगर हम बोले सर बिज़नेस एक लेवल पे है और अब आपकी बस की नहीं है रन करने की देखो एक अलग माइंडसेट होता है
(29:03) एक माइंडसेट होता है ओपनिंग बैट्समैन का कि स्टार्टिंग 15 ओवर में फोर सिक्स मार लो बट 15 से 30 ओवर में आपको कंसोलिडेटर चाहिए कि भ विकेट ना जाए वो ओपनिंग बैट्समैन नहीं कर सकता या रादर मैं बोलूं जसप्रीत बुमराह को बोलूं तू बैटिंग कर तो वो नहीं कर सकता तो जो स्किल सेट बिज़नेस चालू करने के लिए है वह स्किल सेट बिज़नेस रन करने के लिए नहीं है। इसके लिए आप देखो दीपेंद्र गोयल रिजाइन कर गया कि भाई मैं मैं अब कंपनी रन नहीं करूंगा। सीईओ और कोई है। क्यों? क्योंकि बिज़नेस रन करने में बहुत अलग स्किल सेट लगता है। और यहां पे लोग मार खाते हैं कि
(29:35) वो टीम में डेलीगेट नहीं करते। मार्केटिंग में पैसा नहीं लगाते और सॉफ्टवेयर सिस्टम में पैसा नहीं लगाते। मतलब पहला पावर डेलीगेशन नहीं करते। दूसरा आज की टेक्नोलॉजी के हिसाब से अपने को अपग्रेड नहीं करते। तीसरा टीम बिल्ड नहीं करते। और चौथा किसी पे ट्रस्ट ही नहीं करते। नहीं करते और खुद लर्न भी नहीं करते। आप सर आज कितने फ्री वेबिनार और YouTube हो रहे हैं। बट उनको सीखना ही नहीं है। आज मैं 90% बिज़नेसमैन को पूछूं एआई क्या है? अरे सर फालतू है। अरे एआई आपको 5 साल में आपकी चड्डी खा जाएगा। आपको पता नहीं है सर। यानी जितने डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी या
(30:05) सॉफ्टवेयर कंपनीज़ है, लीगल कंपनी एआई तबाही मचा देगा। आप आप कंफर्ट ज़ोन में हो। तो इसके कारण बिज़नेस क्या होता ऐसे जाता है और एक लेवल पे अटक जाता है और फिर कंपटीशन के कारण डिक्लाइन होना शुरू हो जाता है और एक टाइम पे खत्म हो जाता है। यस आप आप वही बोलोगे सर परना नहीं है। परवड़ता नहीं है। अरे आप डेलीगेट नहीं कर रहे हो। आपने सॉफ्टवेयर नहीं डाला। आपका बच्चा आपके बिज़नेस में नहीं आना चाहता। बाहर के बच्चे छोड़ दो। आपका खुद का बच्चा बिज़नेस में आना नहीं चाहता। कितना बड़ा साइन है। तो ये एक वार्निंग देना चाहूंगा कि एक लेवल के बाद
(30:31) आप आपको अगर पार्टनर्स नहीं मिलते तो आप कोई टीम मेंबर को रखो और टीम मेंबर को सर सिर्फ पावर डेलीगेट मत करो। उनको ग्रोथ भी शेयर करो। समझो मेरे को एक लड़का मिल गया और वो लड़का बहुत मेहनत करता है। 3 साल 4 साल हो गया और यदि अगर आप उसको विज़न नहीं देते कि बेटा चल तू यहां का सीईओ बन सकता है या डायरेक्टर बन सकता है। तेरे को इतना प्रॉफिट शेयरिंग है या तेरे को इतना इक्विटी है वो यहां पे क्यों रहेगा चित्रेश भाई उसको खींचने के लिए मार्केट में 10 लोग हैं क्योंकि वो तैयार पका पकाया हुआ माल है। हां आपने चारप साल में उसको सिखा दिया है।
(30:59) चारप साल में उसको लर्न करके एक लेवल पे ले आए हैं। फिर अभी हमारे मन में ये है कि यार ये 30,000 में आया था। अब मैं उसको 1 लाख दे रहा हूं। उससे ज्यादा साले को क्या जरूरत है? लेकिन मार्केट में उसकी कीमत 3 लाख है और लोग 3 लाख देने के लिए तैयार है। अब आप चाहते हो कि सर मैं इसको 3 लाख नहीं दे सकता। मैं बड़ा नहीं हूं। बट आप विज़न तो दे सकते हो कि बेटा हम शो गोल्ड पे जाएंगे और ये रहा पेपर पे तेरा इक्विटी ये रहा तेरा प्रॉफिट शेयरिंग। ये रहा तेरा डिग्निटी। तो 95% चांस है कि वो छोड़ के नहीं जाएगा। वो लॉन्ग टर्म रहेगा। बट ये हमें इंडियंस को नहीं आता। हम पावर
(31:28) हम ग्ला हम कैश काउंटर, हम चेक, हम डिसीजंस छोड़ना नहीं चाहते। और इसके लिए Google बड़ा बनता है क्योंकि Google का ओनर कौन है? चित्रेश भाई नाम बोलो। सुंदर पिच नहीं है। सुंदर पिचाई नहीं है। वो तो सीईओ है। वो एम्प्लई है। लेरी पेज और लेरी पेज और ब्राइन सर के मैंने क्यों नाम बोला सर? ओनर्स ने डेलीगेट कर दिया ना कि तुम चलाओ। शेयर्स ज्यादा अभी मेरे पास तो पब्लिक के पास ही है। सुंदर पिचाई के पास 510% भी शेयर्स नहीं होगा। सुंदर पिचाई एक प्रकार से एंप्लई ही है। एम्प्लई ही है। सीओ चलाएगा वही सारे डिसीजन वो लेगा। हम पीछे बैठ के खाली लाइफ
(31:59) एंजॉय करेंगे। तो यह कितना बड़ा लर्निंग मोमेंट है कि अगर हम हमारा इंडियन माइंडसेट छोड़ दें कि मेरा बेटा ही मेरा गद्दी लेगा। मेरे पार्टी में मेरा बेटा ही आएगा। अरे बाहर के आदमी को आने दो। इक्विटी तुम्हारे पास है। तुम सिर्फ हर मंथ डाटा रिव्यु करो। प्रॉफिट लेके जाओ। उनको पगार और कमीशन दे दो। ये अब्रॉड में लोग करते हैं। इसके लिए वो लोग Microsoft Google बना सकते हैं। बिल गेट्स थोड़ी कंपनी चला रहा है। सत्य नडाला चल रहा है। बट यहां पे 40 साल पहले मेरे बापू ही दरवाजा खोलते थे। आज भी मेरा बापू ही खोलता है। बापू ही चेक साइन करता है।
(32:28) बापू ही डिसीजन लेता है। अब बापू की एज हो गई 70। 5 साल बाद बिज़नेस का क्या होगा? 10 साल का बाद बिज़नेस का क्या होगा? बेटा तो बिज़नेस में नहीं जा रहा है। तो इतने मेहनत से 50 साल में मेहनत में जो गुडविल किया था, जो सिस्टम सेट किया था वो स्केल ही नहीं हो रहा है। ना कोई सॉफ्टवेयर है, ना कोई ढंग का आदमी है। और ये कहानी सभी फैमिली बिज़नेस और एमएसएमई का है। तो, एक लेवल के आने के बाद आपने स्ट्रगल किया, आपने स्ट्रगल किया, रिसर्च किया, सेल्स किया, फंड बनाया, लोन लिया, प्रूफ ऑफ़ कंसेप्ट किया। फिर धीरे धीरे-धीरे पैसा आया तो आपने इन्वेस्ट
(32:55) किया। इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ डेलीगेशन ऑफ़ पावर एंड शेयरिंग ऑफ ग्रोथ यहां पे हम चुक जाते हैं। यानी अगर मैं आपको डिसीजन लेने का हक ही नहीं देता हूं। गलती करेगा ना सहन करने की ताकत रखो और अगर मैं आपको ग्रोथ शेयर नहीं करता हूं तो मैं एक से 10 करोड़ के बीच में अटल जाऊंगा। जहां पे आज हमारे 90% एमएसएमई है। बट बट अभी इसमें एक रिस्क है। जैसे मैंने डेलीगेशन ऑफ़ पावर किया और शेयरिंग ऑफ ग्रोथ किया और वहां पे छोड़ दिया तो भी कंपनी बर्बाद होती है। क्यों? क्योंकि आपके पास डाटा नहीं है। तो प्लीज इसके साथ-साथ सिस्टम्स डालो कि हर
(33:30) महीना आपके पास डाटा है कि कलेक्शन कितना है, सेल्स कितना है, टर्नओवर कितना हो रहा है, इन्वेंटरी कितना है। तो डाटा से आप कंट्रोल करो और आदमी को भागने दो। आपका काम यही होना चाहिए। मतलब जहां पे भी आपको लगे कि यह डाटा सही नहीं जा रहा वहां पे इंटरफेयर करो और उसको करेक्ट करवाओ, फाइन ट्यून करवाओ फिर वापस उसको डेलीगेट करो। यही काम होना चाहिए। मैं एक प्रैक्टिकल एग्जांपल देता हूं। आपने नाम सुना रहेगा मोतीलाल ओसवाल। ठीक है? कंपनी में मोतीलाल ओसवाल मेन नहीं है आज। मेन है रामदेव अग्रवाल साहब। वो सीईओ है। बट कंपनी के ओनर है। बट फॉर एग्जांपल मोतीलाल ओसवाल
(33:59) क्या करते हैं? डेली आधा घंटा आता है डेटा। डाटा देखते हैं। कितना ये बिका, यह बिका, वो बिका, ये बिका, वो बिका। दो-तीन इमेज देखते हैं। फ्री। टीम इज़ वर्किंग। सिस्टम इज़ वर्किंग। बट डेटा पे कंट्रोल करते हैं। अब आपको लगता है सर मैं कोई होशियार आदमी को लाऊं। समझो आपको लगता है मैकजी बहुत अच्छा कंपनी है। अगर आप मैकजी के सीनियर पार्टनर को अपने कंपनी को सीईओ बनाते हो तो कंपनी अच्छा चलेगा। यस और नोस नहीं स्टारbux जैसा कंपनी Starbux उसने मैकजी के सीनियर पार्टनर को सीईओ बनाया। 2 साल के बाद उसको लात मार के निकाला। 90% वैल्यू क्रैश
(34:29) सीईओ वही होना चाहिए जो आपके साथ नीचे से उगा हो जिसको ग्राउंड रियलिटी पता हो। जो सिर्फ चैट जीपीटी पर एक्सेल पे धंधा करता है ना वो धंधा नहीं चला सकता। मेरा कहने का मतलब यह है कि आप आदमी को अपने साथ बनाओ और आप कंटीन्यूअस रिव्यु करो। मतलब हेलीकॉप्टर लैंडिंग मत करो। ग्राउंड से उठे हुए आदमी को जो बहुत समय से आपके साथ काम कर रहा हो। आपके कंपनी के कल्चर को एथिक्स को आपके काम करने के तरीके को जानता हो उसको ही सीनियर पोजीशन पे लेके आओ। या आपकी इंडस्ट्री में अच्छा जिसका रेपुटेशन हो। समझो मेरे कंपनी में नहीं बट मेरे सिमिलर कंपनी में अच्छा आदमी है और
(34:57) उसका विज़न वैल्यू एथिक्स कल्चर मैच होता है। उसको लाओ। अब ये जो आया था रमा रमा राशन जिसका नाम है सर 2 साल तक के लिए डाटा रिव्य्यू नहीं किया उसने बोला मेरे को 2 साल दो सर स्टारbx जैसी बड़ी कंपनी का 90% वैल्यू गिर गया बहुत बड़ा अमाउंट होता है सर क्यों क्योंकि उसने लोकल लेवल पे कनेक्ट ही नहीं किया कि कैसा कॉफी टीम का क्या है वो अपने हिसाब से बड़ा-बड़ा विज़ बड़ी बातें करता था तो आप ग्राउंडेड रहो ये हमेशा जरूरी है ग्राउंडेड रहो लोकली प्रमोट करो तो आपका बिज़नेस बढ़ेगा एंड लास्ट इज़ जैसे ही आप ये सब करते हो फिर प्लीज जितना पैसा आता है
(35:27) यह फार्मूला आप पटकाओ मत आप एक पोर्शन मार्केट मार्केटिंग टीम सिस्टम्स में हमेशा अपडेट करते रहो। वो आप अपडेट करते जाओगे तो आपका बिज़नेस स्केल होते जाएगा और शेयरिंग करते जाओ। सो बशीष भाई बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत मजा आया। थैंक यू लव एंड ड्रेसिंग सर।

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