Wednesday, September 2, 2026

Porn फ़िल्म्स पर डॉक्टर ने बताई ये हैरान कर देने वाली सच्चाई | Porn | RJ Raffat | Poonam Mishra #porn

Porn फ़िल्म्स पर डॉक्टर ने बताई ये हैरान कर देने वाली सच्चाई | Porn | RJ Raffat | Poonam Mishra #porn

Author Name:RJ Raffat

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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=hQoX2CDg6jg



Transcript:
(00:00) क्या पोर्न देखना सही है? हमारे यहां रति रहस्य, हमारे यहां कामसूद्रा, इतनी बड़ी-बड़ी किताबें लिखी गई। पोर्न इज नॉट अ सेक्स एजुकेशन। बट यस कभी-कभी किसी किसी को अगर किक मिल रही है एक दूसरे के साथ वो ज्यादा एंजॉय कर रहे हैं पोर्न के साथ तो इट इज देयर ओन विल। अगर आउट ऑफ एनी एक्साइटमेंट ऐसा हो भी गया कर भी लिया तो उसके बाद के जो आफ्टर इफेक्ट्स होते हैं वो फैमिलीज को बर्बाद कर देते हैं। बट ये भी तो हो जाता है ना कि अगर यार तुम पैसे नहीं परफॉर्म कर पाओगी तो तुम जाओ क्योंकि आज तो सोसाइटी ओपन है यार 5000 में 6000 में उसको नहीं पता है कि वहां प्लेजर दिखाया
(00:41) जा रहा है। बट दैट वास एसोसिएटेड विद व्हाट काइंड ऑफ़ पेन। कितना दर्द सहा है उस लड़की ने वो तो सामने आएगा नहीं। और आज आपको मियां की जिंदगी का एक और पहलू देख लेना चाहिए, समझ लेना चाहिए कि कितना दर्द मियां खलीफा ने झेला है अपनी जिंदगी में। सेक्सुअल डिस्फंक्शनंस कहे जाते हैं व्हिच आर अराइजिंग आउट ऑफ दीज़ अननेचुरल एक्सपीरियंसेस। पुरुष उस तरह से परफॉर्म कर ही नहीं सकता जो उसमें दिखाया जाता है। कि आजकल [संगीत] फोन देखकर कुछ टूल्स मार्केट में आए हैं जिनका इस्तेमाल हो रहा है। जस्ट दिमाग में आए [संगीत] मेरे वो भी इस्तेमाल हो रहा है। तो इसका भी
(01:14) हेल्थ पर असर पड़ता है क्या? एक नॉर्मल पर्सन, नॉर्मल इंसान डिफरेंट डिजीजेस पा सकता है। क्या प्राइवेट पार्ट्स को भी हार्म पहुंचाता है? अपार्ट फ्रॉम इनफेक्शंस? सालों से चर्चा होती आई है कि यूथ को सेक्स एजुकेशन मिलनी चाहिए। पर शॉकिंग बात मालूम है क्या है कि भारत में ज्यादातर यूथ पहली बार इंटिमेसी के बारे में पोर्न से सीखते हैं। स्कूल से नहीं, पेरेंट्स से नहीं, डॉक्टर से नहीं। और सच यह है कि पोर्न इज नॉट अ सेक्स एजुकेशन। इट्स जस्ट एन एंटरटेनमेंट एंड समटाइ्स इट्स डेंजरस। हाय, मैं हूं आपकी होस्ट आरजे रफ। अंतरंग पडकास्ट में। आज हम बात करेंगे उस
(02:00) अनकंफर्टेबल सच की जो हमें बहुत पहले कर लेनी चाहिए थी। जो स्क्रीन पर फेंटसी की दुनिया हमें डुबो रही है ना फेंटसी के इस वर्ल्ड में बेडरूम में पार्टनर से लेकर खुद की हेल्थ को बर्बाद कर रहा है ये सब। आज वो सवाल जो आप ऑनलाइन खोजते हैं, दोस्तों से पूछते हैं पर एक्सपर्ट से पूछने में हिचकिचाते हैं। मैं उन सभी को खुलकर पूछने वाली हूं पोर्न वीडियोस का। ना सिर्फ कपल्स के रिलेशनशिप पर बल्कि हर लड़के हर लड़के की हेल्थ पर लॉन्ग टर्म पर क्या असर पड़ रहा है? क्या प्रॉब्लम्स आएंगी? सशंस क्या है? पोर्न इंडस्ट्री के चौंका देने वाली कुछ ऐसी बातें सब कुछ आप
(02:32) तक पहुंचाएंगे। बड़े-बड़े स्टार्स जो इस फिल्म इंडस्ट्री में उनके भी नाम लेंगे और डॉक्टर से इसका सशन आप तक पहुंचाएंगे। सब कुछ होगा विद जीरो जजमेंट ओनली फैक्ट्स। तो अगर आप ऐसे पॉडकास्ट की तलाश में थे जिसमें फैंटसी नहीं उसके फायदे नुकसान पर बात हो देन यह पॉडकास्ट का एपिसोड आपके लिए है। और मेरे साथ है अंतरंग पडकास्ट सीरीज की एक्सपर्ट डॉक्टर पूनम मिश्रा लखनऊ की एक जानीमानी रनाउंड गनेकोलॉजिस्ट सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट और गायरी कॉस्मेटोलॉजिस्ट। हाय वेलकम डॉक्टर पूनम मिश्रा हमारे आज के इस दूसरे सीरीज में दूसरे टॉपिक पर कैसी हैं आप?
(03:08) बहुत बढ़िया थैंक यू सो मच रफत एंड थैंक्स फॉर रेजिंग दिस टॉपिक। ये इतना इंपॉर्टेंट है और लिटरली जैसा आपने कहा कि इस पे बात होनी बहुत जरूरी है क्योंकि बहुत से लोगों के मन में बहुत सारे सवाल हैं। लेकिन वो कहां जाएं, किससे पूछें और फिर वही इंटरनेट और हाथ में आ जाता है। यस। और बिल्कुल सही कहा आपने कि सेक्सुअलिटी एजुकेशन के लिए पोन बिल्कुल भी नहीं है। बट द फैक्ट इज कि लोग उसी से सीखते हैं। एंड ठीक है। हम हम दोनों विषयों पे चर्चा करेंगे। सब बात करेंगे। पोन केवल और केवल बुरा नहीं है। बहुत से लोगों को उसके बड़े फायदे भी मिल रहे हैं। लोग गिनाना भी शुरू
(03:45) कर देते हैं। मैं [हंसी] तो ओपीडी में मुझे हर तरह के पेशेंट्स मिल रहे हैं। एंड थैंक आई एम थैंकफुल टू द सोसाइटी एज वेल कि लोग इसे एक्सेप्ट कर रहे हैं। सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट के पास कपल्स आ रहे हैं। तो खुल के मुझसे बात होती है हस्बैंड वाइफ दोनों से अलग से भी। तो बस आज हम इस हर एक पहलू पर बात करेंगे और इतनी बोल्ड डॉक्टर हमारे साथ है डॉक्टर पूनम मिश्रा और टॉपिक ऐसा है अंतरंग कि भाई साहब इस पर बात नहीं होगी तो कैसे चलेगा तो चलिए आप बोल्ड है टॉपिक बोल्ड है हमारा पडकास्ट सीरीज बोल्ड है तो सारे बोल्ड सवाल होंगे लेकिन इसका मतलब है सिर्फ और सिर्फ एजुकेट
(04:26) करना एक्साक्ट्ली मैम तो चलिए अब जब सवालों का सिलसिला शुरू करना है तो पहला सवाल मेरा है आपके लिए कि आप कौन पोर्न देखना सही है या गलत है? एक्सक्टली। पोर्न देखना सही है या गलत? ये एक इस तरह का सवाल हो गया कि आप ह्यूमन बीइंग हैं। आप पैदा हुए हैं और हम सब ये पूरी धरती इस धरती का हर कीड़ा, कीटाणु से लेके इंसान तक सब सेक्सुअलिटी आउट ऑफ सेक्सुअलिटी पैदा हुए हैं। तो सेक्सुअलिटी इन अ पॉजिटिव वे इज समथिंग व्हिच इज क्रिएटिंग द वर्ल्ड। पूरी दुनिया उसी के सहारे चल रही है। तो सेक्सुअलिटी इन अ पॉजिटिव वे। पोर्न क्या परोसता है आपको? सेक्सुअलिटी
(05:07) का बिल्कुल रॉ फॉर्म। तो दैट इज बैड। अदरवाइज पोर्न एक लेवल तक, एक लिमिट तक लोगों को मौका देता है एक्सप्लोर करने के लिए चीजों को। बहुत सी हम ऐसी सोसाइटी में रहते हैं। देखिए डिपेंड करता है आप किस सोसाइटी में हैं। कैसे आप पले बढ़े हैं। पूरे वर्ल्ड को देखें तो यूरोपियन कल्चर, वेस्टर्न कल्चर, अमेरिकन कल्चर, इंडियन कल्चर, चाइनीस कल्चर सबके अपने-अपने नॉर्म्स हैं। सबके यहां कल्चरर्स हैं। अभी मैंने एक साउथ की एक मजेदार मूवी देखी। उसमें हीरो वाज इन अ जिम वाली ड्रेस। है ना? नहीं सकते ये लुंगी पहनो और [हंसी] ये तो
(05:57) दैट डिपेंड्स अपॉन हमारे इंडिया में ही आप अलग-अलग कम्युनिटीज में अलग-अलग तरह के लोग पाएंगे तो एक्सेप्टेंस पोर्न का किस लेवल तक है कहां है ये डिपेंड करता है सोसाइटी पे अप्रिंगिंग पे कहीं-कहीं बड़ी स्ट्रिक्ट अपब्रिंगिंग है। बहुत बोल्ड है। बच्चे बड़े तेज है। एकदम बढ़िया टॉपर्स हैं। बट घर में दुनिया भर की चर्चा है। बट रिलेशनशिप इमोशंस एक दूसरे से सेक्सुअलिटी की बात यहां तक कि शादी हुई तो शशा वाला माहौल है घर में बहुत न्यूक्लियर फैमिलीज है लोग बात नहीं कर पाते तो वहां बचता क्या है एक्सप्लोर करने के लिए पुराने जमाने में मैगजीनंस थी छुप छुप के
(06:38) हर बच्चे ने पढ़ी होगी अपने घर में बड़ों की मैगजीन लेके ऐसे ही लोग एक्सप्लोर करते हैं प्रॉब्लम तब आती है जब डिपेंडेंस डेवलप हो जाती है। राइट। प्रॉब्लम आती है जब इंसान का और जनता पब्लिक समाज को आपके आसपास वालों पे उसका कुछ बुरा असर पड़ने वाला होता है। वो सिचुएशन खराब होती है। एक्जेक्टली और इसी पर मैं अब एक और सवाल पूछूंगी इसी से जुड़ा हुआ कि पोर्न देखना इसका मतलब कि गलत सही नहीं एक्सेप्टेंस की बात है और लिमिट कि उसकी क्या है और क्या असर उसका पड़ रहा है। अब यह सवाल है कि क्या पोर्न एक कपल को पार्टनर को कंप्लीट करता है या फिर कुछ और करता है?
(07:19) देखिए बिल्कुल ऐसा नहीं कहा जा सकता कि पोर्न कंप्लीट करता है। सदियों से ये दुनिया चली आई है और हम इंडियंस हम लोग तो इसके विशेषज्ञ माने जाते हैं। हमारे यहां रति रहस्य हमारे यहां कामसूत्र इतनी बड़ी-बड़ी किताबें लिखी गई। तो कहीं ऐसा तो नहीं था कि पोर्न पोर्न नहीं कह सकते। सेक्सुअलिटी इन अ पॉजिटिव। हमारे पास शास्त्र हैं उसके। तो पोर्न आपको कंप्लीट करने वाला तो कतई नहीं है किसी भी कपल को। बट यस कभी-कभी किसी किसी को अगर किक मिल रही है एक दूसरे के साथ वो ज्यादा एंजॉय कर रहे हैं पोर्न के साथ तो इट इज देयर ओन विल बट यहां जरूरी
(07:59) है कंसेंट केवल एक पार्टनर नहीं दोनों पार्टनर्स की बराबर की सहमति हो दोनों मिलके किसी चीज को अगर एंजॉय करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि यह बात कभी बाहर भी आएगी कभी इस बारे में चर्चा भी होगी प्रॉब्लम तो वहां है ना जहां इसकी वजह से कपल में किसी एक एक को या दोनों को कोई प्रॉब्लम हो रही है। एक्सक्ट्ली ये आपने पॉइंट की बात की है कि प्रॉब्लम अगर किसी एक को है तो यह बाहर ये बात उठ रही है कि सही है, गलत है, कंप्लीट है, इनकंप्लीट है। वरना किसी की पर्सनल लाइफ, सेक्सुअल लाइफ इस बारे में चर्चा कहां होती है? वो तो लोग अपने आप में जी रहे हैं और बहुत खुश
(08:34) भी हैं। एक्सक्ट्ली। अच्छा अब यह बात जो आपने कही कि किसी एक को प्रॉब्लम हो सकती है। यह प्रॉब्लम तब होती है जब इंसान जो है ना बियों्ड चला जाता है। और बिय्ड का अब ये दौर आ गया है। पोंड की बुराई शायद इस वजह से भी हो रही है क्योंकि इस इंडस्ट्री में जो क्लिप्स दिखाई जाती हैं, वीडियोस दिखाए जाते हैं, ऐसी एक्सपेक्टेशन रियल लाइफ में होने लगती है। एक कुछ टर्म्स मैंने सुने हैं इधर बीच थ्री सम, फोर सम जिनको सुनकर मैं शॉक्ड हो गई थी कि ऐसा भी कुछ होता है क्या? क्योंकि हमने तो सुना था कि एक हस्बैंड वाइफ गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड इतना ही सुना
(09:05) था। इसी में ही समाज पूरा बर्बाद कर देता था। कैरेक्टर पे सवाल उठा देता था। अब तो थ्री सम फोर सम सुनने को मिल रहा है। क्या ये सही है? गलत है हेल्थ पर क्या असर डाल रहा है? थोड़ा इस पे बताइए। देखिए हम लोगों ने जो बात की ना तो इसकी ये ऐसा मुद्दा [गला साफ़ करने की आवाज़] है। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] कुछ भी नया नहीं है। ऐसा नहीं है कि सोसाइटी में कोई नई चीज आनी चाहिए। ये सब कुछ इस दुनिया में इस समाज में हमेशा से रहा है। हमेशा से एक इंडस्ट्री एक एक तरह का धंधा है ना कहते हैं कि प्रॉन्स्टिट्यूशन इज द ओल्डेस्ट
(09:42) व्यापार है ना कहते हैं दुनिया में सबसे पुराना धंधा है। तो सेक्स सेक्सुअलिटी ये हमेशा से लोगों को अट्रैक्ट करता आया है और दुनिया में लड़ाईयां युद्ध और सब कुछ जर जोरू जमीन कहते हैं ना तो ये चीजें कराती रही है। सेक्स एक ऐसी चीज है जो जो लड़ाईयां भी कराता है, युद्ध भी कराए हैं। उसने लोगों को एक दूसरे के लिए मरवाया है और बहुत कुछ हुआ है। ठीक है? हम जो बात कर रहे हैं यह हमेशा से समाज में रहा है। आज का समाज ज्यादा एक्सपोज्ड है। इंटरनेट की फ्री अवेलेबिलिटी किड्स तक के लिए है। लोगों के पास एक्सप्लोर करने के चांसेस हैं और लोगों के पास एक दूसरे से बात करने
(10:22) के भी साधन हैं। तो हमें लगता है कि ये चीजें सामने आ गई हैं। और हां हम मान सकते हैं कि इसकी फ्रीक्वेंसी बढ़ गई है। लोग अब ज्यादा मजे से एक्सप्लोर करना, रिस्क लेना चालू कर चुके हैं। ये थोड़ा सा प्रॉब्लम वाली बात है। वरना सेक्स सेक्सुअलिटी से जुड़ी चीजें पोर्न इन अ डिफरेंट वे इन द फॉर्म ऑफ़ मैगजीन इन द फॉर्म ऑफ अलग कटिंग्स एंड छोटी-छोटी किताबें आप देखिए रेलवे स्टेशन पे भी बिकती थी और हम जब बुक खरीदने जा रहे होते थे और उसके बगल में खड़े हैं नहीं ध्यान दिया उसके बगल में किताब दूसरी अपनी अमरचित्र कथा खरीद रहे होते थे और उस पे
(10:58) नजर पड़ गई तो शर्म आ जाती थी कि बाप रे यहां से भागो मेरे पापा बगल में खड़े हैं भाई खड़े हैं। तो चीजें हमेशा से अवेलेबल रही हैं। सबके लिए सब कुछ अवेलेबल नहीं होता था। जमाना बदल गया है। आज हर चीज हर किसी के लिए आती थी आती थी पहले। [हंसी] तब भी लोग किसी भी तरह से मौका निकाल के अपना सैटिस्फेक्शन लेवल तक चीजें ढूंढ ही लेते थे। एक्सप्लोर कर ही लेते थे। अब बात हो रही है थ्री सम फोर सम की। मैं तो एक मेडिकल स्टूडेंट रही हूं। हमारे यहां फॉरेंसिक मेडिसिन एक सब्जेक्ट होता था और उसका एक चैप्टर होता था परवर्शन। अच्छा। डिफरेंट डिफरेंट परवर्शन्स होते
(11:33) हैं। तो उस टाइम ये जितनी चीजें हैं आजकल तो देखिए मेल टू मेल मैरिजेस, फीमेल टू फीमेल मैरिजेस, सेम सेक्स मैरिजेस दुनिया कितनी बदल गई है। आज हम एलजीबीटी क्यू ए ट्रिपल ए ट्रिपल ए ए करके इतना बड़ा क्लासिफिकेशन हो चुका है। ट्रिपल ए एलजीबीटी क्यू लेसबियंस गेज ये बहुत लंबा क्लासिफिकेशन हो चुका है और सबको हमारी सोसाइटी में एक्सेप्टेंस भी मिल रहा है। हम आज उस जनरेशन में हैं जिसमें आपको हर तरह के लोग मिलेंगे। वो लोग मिलेंगे जो इसका विरोध कर रहे हैं। वो लोग मिलेंगे जो इन्हें सपोर्ट कर रहे हैं। वो लोग मिलेंगे जो खुद इसी में हैं जी रहे हैं। एंड दे आर
(12:11) हैप्पी। कुछ हैं जो बहुत परेशान हैं। हर चीज अच्छा है। समाज में आ रही है। लोगों को पता चल रहा है। जान रहे हैं। बहुत से लोग थ्री सम फोर सम में खुश हैं। अपने आप में खुश हैं। अपनी जिंदगी जी रहे हैं। उन्हें कपल को अगर एक दूसरे को आपस में कोई ऑब्जेक्शन नहीं है तो बहुत अच्छी बात है। आप जी लीजिए अपनी जिंदगी। लेकिन हर चीज के साइड इफेक्ट्स हैं। हर चीज प्रॉब्लम देती है। प्रोज़ एंड क्स सबके सामने होने चाहिए। हर किसी को पता होना चाहिए कि हम यह आज कर रहे हैं। यह कल हमारी जिंदगी पे क्या असर डालने वाला है। कपल्स ऐसे कपल्स से मैं मिली हूं जहां मेल
(12:50) फीमेल वाइफ ने अपने हस्बैंड की रजामंदी से कुछ पार्टिसिपेशंस किए और अब वो रो रही है। अब उसका इमोशनल एकदम ब्रेकडाउन हो चुका है। एंड उसको लग रहा है कि ये मेरा नहीं है। मैं जिसे अपना आज तक समझती रही। तो ये वाले चैलेंजेस आएंगे सामने। सब कुछ केवल आनंद केवल प्लेजर ही नहीं होता ना लाइफ में। हमने पिछली बार भी बात की थी डिसिप्लिन इज अ मस्ट इन एनी रिलेशनशिप। रेस्पेक्ट इज अ मस्ट। ये दो चीजें जब है उसके बाद ही कोई तीसरी चीज आती है। यानी कि सब कुछ आपने कह दिया कि गलत नहीं है। हमेशा से है। जब से ये कायनात है, ये दुनिया है। लेकिन वहां एक लेकिन लगा है कि
(13:33) उसके प्रोस एंड कौन्स भी हैं। पता होना चाहिए। लेकिन फिर भी [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं यह तो चलिए हो गया कि एक्सेप्टेंस है सोसाइटी में सब कुछ ठीक है। बट थ्री सम मतलब तीन लोग इनवॉल्व हैं। फोर सम मतलब फोर लोग इनवॉल्व है एक रूम में। ग्रुप्स और दुनिया भर की एक साथ एक ही एक्टिविटी इंटरनेट भरा पड़ा है। लेकिन क्या ये रियलिटी में हेल्थ पर क्या असर डाल सकता है? मुझे आप ये बताइए। बहुत बुरा असर डाल सकता है। अब वो बताइए कि ताकि लोगों को समझ में आए कि फेंटसी है अगर आपके मन में थ्री सम की क्योंकि मैं बता रही हूं मेरे एक फ्रेंड
(14:04) ने अपनी वाइफ को लेकर उसने कहा था कि ये मेरी सुनती नहीं है। क्यों? क्योंकि वो उसकी फेंटसी है कि वो थ्रीसम करना चाहता है। यानी कि वाइफ के अलावा भी कोई और वो चाहता है। और उसने कहा है कि तुम्हारी ही कोई तुम्हें जो पसंद हो वो बता देना। हम लोग थ्री सम करेंगे। एक बार लाइफ में हमें करना है। ये हम तीन लोग इन्वॉल्व होना चाहते हैं। ये मेरी फेंटसी है। और मैंने तुम्हें शादी से पहले बोल दिया था। तो उसकी लाइफ ने कहा मैंने तो मजाक समझा था। उसने कहा नहीं मैंने तुम्हें सच बताया था ये मुझे एक बार लाइफ में करना है। इंक्लूडिंग यू। तो क्या ऐसे लोगों को आप
(14:35) क्या कहेंगे यह सही गलत से हटके? देखिए बड़ा मुश्किल है ऐसे में कोई भी जजमेंट देना। हमने शुरुआत ही की थी कि हम बिना जजमेंटल हुए इस टॉपिक पे चर्चा करेंगे। की बात करेंगे। फैक्ट्स की बात करेंगे। अब [हंसी] इसमें तो मेल पार्टनर का ऐसा सोचना हम उसे बिल्कुल ये नहीं कह सकते कि वो गलत है। वो गलत कर रहा है। ये उसकी सोच है। और ये बड़ी ऑनेस्टी है उसकी कि वो अपनी वाइफ से ये चीज डिस्कस कर रहा है। उसकी वाइफ ने उसने अपनी वाइफ से शादी से पहले से बता दिया था। उसकी वाइफ ने इसको मजाक समझा। अब आज की डेट में दोनों को मिलके बैठ के आपस में बात करनी चाहिए। अगर
(15:11) वाइफ एक्सेप्ट नहीं कर पा रही है। देखिए मैंने बोला ना इमोशनल चैलेंजेस आएंगे। हम कोई भी महिला यहां पुरुष भी हम कभी भी नहीं चाहेगा अपनी पार्टनर या अपनी पार्टनर को किसी के साथ शेयर करना। हम्। अगर आउट ऑफ़ एनी एक्साइटमेंट ऐसा हो भी गया, कर भी लिया तो उसके बाद के जो आफ्टर इफ़ेक्ट्स होते हैं, वह फैमिलीज़ को बर्बाद कर देते हैं। शादियां टूटती भी देखी है हमने और सुनी है। एक मन में एक आ गया कि इसने आज मेरे साथ ऐसा किया है। मेरी जानकारी के बिना ये औरों के साथ जाने कैसे रहती होगी। हस्बैंड के लिए बीवी सोच सकती है कि एक तो मेरी
(15:48) जानकारी में हुआ है। बाकी इनकी रोज की दिनचर्या कैसी होगी? देखिए शादीशुदा जिंदगी एक दूसरे के साथ का जो टाइम और जो शादी से पहले और शादी के बाद सिचुएशंस बदल जाती हैं। यहां पे ऑनेस्टी यहां पे रिस्पेक्ट फिर से आ गई वही बात। यहां पे डिसिप्लिन ये चीजें बहुत ज्यादा मैटर करती हैं। तो केवल और केवल एक्साइटमेंट के पीछे मत दौड़िए। क्योंकि देखिए जब इस तरह की कोई बात होती है पोर्न है। पोर्न हमारे सामने एक रॉ वर्ल्ड को पेश करता है। बिल्कुल आपके सामने एक रॉ सेक्स पड़ा हुआ है। हस्बैंड या पुरुष की या महिला की एक्सपेक्टेशंस बढ़ जाती हैं। उन्होंने
(16:27) क्या देखा? उन्हें उन्हें सेक्सुअलिटी के बारे में जो भी जानकारी मिली वो पोर्न से मिली। पोर्न में उन्होंने देखा बहुत लंबे टाइम तक चलने वाला सेक्स। बहुत ही भाई वो तो वहां पे तो सब कुछ चुन के छांट के सबसे बढ़िया-बढ़ प्राइवेट पार्ट्स वाले लोगों को रखा गया है। सॉर्ट ऑफ बढ़िया खराब की कोई भी स्टैंडर्ड्स नहीं है हमारी सोसाइटी में सेक्सुअल हेल्थ में। एक्सक्टली। अब आपकी एक्सपेक्टेशंस वही होंगी अपने पार्टनर के साथ। मेल उसी तरह का रॉ सेक्स करना चाहेगा अपनी फीमेल के साथ। उसको नहीं पता है कि वहां प्लेजर दिखाया जा रहा है। बट दैट वास
(17:04) एसोसिएटेड विद व्हाट काइंड ऑफ़ पेन। कितना दर्द सहा है उस लड़की ने वो तो सामने आएगा नहीं। उसके पार्टनर पे क्या गुजरने वाली है। और एक बार भी अगर उस तरह का एक्सपोज़र हो गया तो वो फीमेल किस तरह की सेक्सुअल प्रॉब्लम से सफर करेगी। मैंने वजिनस्मस की मरीजों को देखा है। वजिनस्मस इज़ अ सिचुएशन जिसमें कि फीमेल मेंटली भी और लोकली भी। उसका लोकल प्राइवेट पार्ट भी इनवॉलंटरी कॉन्ट्रैक्शन में चला जाता है। व्हेनएवर अ मेल टचेस दैट फीमेल वो आता है उसके साथ कंजूगल होना चाहता है। उसके साथ इंटिमेट होना चाहता है। वो बिल्कुल एकदम टॉट हो जाएगी। डर के मारे एक अजीब से
(17:44) स्पज़म में चली जाएगी। छूने नहीं देगी उस आदमी को। बहुत से लोगों की मैरिड लाइफ महीनों महीनों सालों सालों बर्बाद हो रही है। क्योंकि एक कुछ ऐसा एनकाउंटर हो गया जिसके बाद से बीवी इतना ज्यादा डर गई है या पति के ऊपर कुछ ऐसा असर पड़ गया कुछ खास तरह के एनकाउंटर्स के बाद कि नाउ वो जब भी सोचता भी है कि हम अब इंटिमेट होंगे सेक्सुअल एक्टिविटी होगी ही इज़ नॉट एबल टू परफॉर्म वो कुछ करने लायक ही नहीं हो पा रहा है या अगर उनके बीच में इसको हम लोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते हैं। है ना? उसका ऑर्गन तैयार नहीं हो पा रहा है सेक्स करने के लिए। एंड प्रीमेच्योर
(18:22) इजेकुलेशन इज़ अ सिचुएशन कि उसने एक्ट शुरू किया और तुरंत ही तुरंत उसका ऑर्गज़्म हो गया। ही इज़ फिनिश्ड। फीमेल पार्टनर का क्या होगा? लाइक ये ऐसी सिचुएशंस हैं। ये सेक्सुअल डिस्फंक्शनंस कहे जाते हैं व्हिच आर अराइजिंग आउट ऑफ दीज़ अननेचुरल एक्सपीरियंसेस। ये जो सामने आ रहा है और पोर्न एडिक्शन उसका एक बहुत बड़ा कारण है। अगर मैं आपको कुछ फिंगर्स पे बोलूं कि अगर आप पांच छह जो भी आप बता सके वो कौन-कौन सी एक्टिविटीज हैं ब्लंटली ना भी बोले क्योंकि सोशल मीडिया है लेकिन अगर आप थोड़ा समझा पाए पांच छह चीजें जो कि रियल लाइफ में बहुत ही गलत इंपैक्ट डाल सकती
(19:01) हैं। मैंने अभी बात की रॉ सेक्स की। जी। है ना? जो दिखता है वो प्लेजर दे रहा है। प्लेजर डोपामिन रिलीज होता है ब्रेन में। एंड दैट गिव्स यू द प्लेजर। और जब डोपामिन उस बात को सोचते ही डोपामिन रिलीज होने लगता है और उसकी उसकी जरूरत महसूस होने लगे। एडिक्शन कैसे होता है? किसी भी चीज से सब्सटेंस अब्यूज बहुत से लोग शराब से, सिगरेट से उसके आगे के सब्सटेंस अब्यूज में पड़ जाते हैं। क्योंकि उससे मिलने वाली किक से जो डोपामिन रिलीज हो रहा है, जो प्लेजर मिल रहा है वो क्षणिक है। वो बहुत शॉर्ट टाइम के लिए आपको प्लेजर दे रहा है। हम और जो रिलेशनशिप है, जो पार्टनर है, वह जो
(19:43) कोज़नेस है, वह लॉन्ग टर्म प्लेज़र देती है। वह जो सुख है एक दूसरे के साथ जीने में, वो कतई कभी भी किसी भी तरह की एक्सपीरियंस से नहीं मिल सकता। पोर्न देख के भी नहीं मिल सकता। तो, एक तो वो इफ़ेक्ट बहुत बुरा हुआ। वहां पे इमोशनल चैलेंजेस हमने दूसरी बात की कि एक बार तो आपने एक्सपीरियंस कर लिया। मान लीजिए आउट ऑफ योर मैरिज इंस्टीट्यूशन आप उससे बाहर निकल के आपने एक दूसरे के कंसेंट के साथ कर लिया। कितनी अच्छी-अच्छी मूवीज़ बन चुकी हैं इन सब्जेक्ट्स पे कि हस्बैंड वाइफ का रिश्ता करते करते लास्ट में टूट गया। या फिर वो ट्रस्ट फिर कभी डेवलप नहीं हो पाया एक
(20:24) दूसरे के लिए जो उस तरह के एक्सपोज़र से पहले था। तो वर्चुअल लाइफ जी लेना चलो तब भी ठीक है। बट जैसे आपने कहा थ्री सम फोर सम या तरह-तरह के सेक्सुअल एक्सपीरियंसेस जब पोर्न को देख के उससे किक मिलेगी तो डेफिनेटली मन करेगा कि उसको रियल लाइफ में भी हम एंजॉय करें। वो आपको पुश करता है गलत चीजों की ओर। मैंने क्या बोला? वहां पर प्रोटेक्शन नहीं दिखाते हैं। वहां पर किसी तरह का वहां पर ग्रुप सेक्स हो रहा है। मल्टीपल पेनिट्रेशनंस हो रहे हैं। एक फीमेल पे क्या गुजर रही है वो दिखाए बिना केवल उसके ऐसी चीजें दिखाते हैं जो लोगों को कुछ क्षणों के लिए किक दे दे। वो कितनी
(21:09) सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीजेस दे रहे हैं। वो कितना हमने कैंसर सर्विक्स की बात की थी। एचआईवी इनफेक्शन एचआईवी और कैंसर सर्विक्स के अलावा मल्टीपल सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीजेसेस हैं जो मल्टीपल पार्टनर्स से किसी को मिल सकती हैं। इस तरह के रिलेशनशिप से मिल सकती है। अनप्रोटेक्टेड सेक्स से मिल सकती हैं। सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या आती है? ये जो डोपामिन रिलीज है एडिक्शन जिससे होता है उसमें टॉलरेंस डेवलप होने लगती है। आपने पहली बार एक सिगरेट पी आपको किक मिली। दूसरी बार आपको दो सिगरेट पीने पे वो किक मिलेगी। तीसरी बार तीन पीने पे
(21:47) मिलेगी। क्यों बढ़ता चला जाता है लोगों का? क्यों चेन स्मोकर्स हो जाते हैं? क्यों शराब छूटती नहीं? क्यों किसी तरह का एडिक्शन अगर हो गया तो छूटता नहीं? उसके बिना उसके बाद जब वो नहीं मिलता है तो फिर आप परेशान होने लगते हैं। बेचैनी, ए्जायटी। पिछली बार आपने पोर्न देखा आपको जो किक मिला। दूसरी बार वो पोर्न आपके लिए नॉर्मल चीज लग रही है। अब आपको कुछ और चाहिए। आपका डोपामिन उस लेवल पे रिलीज ही नहीं हो रहा है। आपको ओवरडोज होने लगेगी। ओवरडोजेज में तो सब्सटेंस अब्यूज में लोग मर जाते हैं। इतना ओवरडोज ले लेते हैं क्योंकि पिछले वाले से अब
(22:20) उन्हें वो किट नहीं मिल रही है जो कभी मिली थी। और जो कभी मिली थी उसको फिर से पाने की चाह में एक के बाद एक एक के बाद एक डोजेस बढ़ती जाती हैं। सेम हाल पोर्न एडिक्शन का है। एक्सक्टली और पोर्न जब टॉलरेंस देता है ना वर्चुअल लाइफ का जो टॉलरेंस है मतलब वो रॉ सेक्स जो कि अनलिमिटेड लेवल तक का दिखा रहा है आपको वो आपकी अपनी रियल लाइफ में आपको कोई किक देगा ही नहीं। सवाल ही नहीं उठता। उस तरह की जिंदगी आप अपने पार्टनर के साथ नहीं जी सकते। और वो आपको किक नहीं दे रहा है। आप सोचिए आपकी रिलेशनशिप पे उसका कितना बुरा असर पड़ने वाला है।
(22:56) एक्सक्ट्ली। तो ये चीजें हैं। यानी कि वर्चुअल वर्चुअल है। अपने आप में इसने कह दिया कि आई एम वर्चुअल नॉट रियल तो एक्सेप्ट इट कि दिस इज वर्चुअल। तो अगर आप भी पोर्न एडिक्टेड हैं और रियल लाइफ में आपकी भी एक्सपेक्टेशन फैंटसीजस बिल्कुल वैसी ही है तो जरा इस इंडस्ट्री का काला सच भी सुन लीजिए। कुछ फैक्ट आपके लिए लेकर आए हैं। मैक्सिमम लोग इस दुनिया में कई खतरनाक बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। कोई एचआईवी, कोई एसटीआई और ना जाने क्या-क्या बहुत सारे ऐसे नाम है। कई को तो पता था फिर भी उन्होंने सच नहीं बताया और इंडस्ट्री में वो लगातार काम करते रहे।
(23:29) क्योंकि अब यही उनके पास बचा था करने को। तो किसी से क्या बताते। रिजल्ट ड्रास्टिक इनफेक्शन फैला पूरी इंडस्ट्री में। एक इंसान ने न जाने कितनों को बीमार किया होगा इस इंडस्ट्री में। अब आपको मैं एग्जांपल दे रही हूं। जोश वेस्टर्न पोर्न एक्टर एचआईवी पॉजिटिव हुए। 2012 में एड्स की वजह से दुनिया को अलविदा कह गए। एडल्ट फीमेल परफॉर्मर कैमरून बे एचआईवी से लगातार जूझती रही। एक डिस्टर्बिंग केस बताती हूं। जॉन होम्स उसे पता था कि वो एचआईवी पॉजिटिव है। फिर भी उसने प्रोडक्ट्स वगैरह सब बिना इस्तेमाल किए, प्रोडक्शन बिना इस्तेमाल के प्रोड्यूसर्स
(24:02) और को एक्टर्स को बताया नहीं। अनप्रोटेक्टेड शूट करता रहा। जब हालत बिगड़ी तो उसने सिर्फ यह बताया कि एक कैंसर से वो जूझ रहा है। लेकिन उसे एड्स था। वो काम करता रहा और 43 इयर्स की ऐज में दुनिया को उसने छोड़ दिया। लेकिन आप सोचिए इस बीच उसने ये चैन कहां तक फैलाई होगी इस बीमारी से। इस इनफेक्शन को उसने किस-किस को दिया होगा। यह स्टोरीज शॉक के लिए नहीं है। यह वार्निंग है कि पोर्न सिर्फ एक फैंटसी है। उस दुनिया पर इतना रिलाई मत करिए। उसके रिजल्ट्स बहुत ही ज्यादा खतरनाक है। जो स्क्रीन पे सेफ लगता है वो रियल लाइफ में डेडली हो सकता है।
(24:35) अगर आपको लगता है कि इस पर बच्चों से पेरेंट्स को खुद बात करनी चाहिए तो प्लीज आप भी कमेंट में बताइए और अगर आपको अच्छा लग रहा है हमारा ये एपिसोड तो अपनी राय भी जरूर दीजिए और हमारे साथ डॉक्टर पूनम मिश्रा मौजूद है। जानीमानी गनेकोलॉजिस्ट है। सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट है और बहुत बेहतरीन वक्ता भी हैं और बहुत अच्छे लेवल पर बात कर रही है। इसीलिए शायद ये अंतरंग पडकास्ट बहुत देखा जा रहा है मैम। थैंक यू सो मच। सीरियसली मैम ये टॉपिक ऐसा है कि लोग पोर्न इंडस्ट्री को देखकर फेंटसी में जा रहे हैं। लेकिन ये शॉक वैल्यू अब समझ में
(25:07) आ रहा होगा कि उस इंडस्ट्री के लोग भी कितना जूझ रहे हैं जो दुनिया के सामने नहीं क्योंकि उनको पैसा मिल रहा है वो काम करने के लिए। तो इसलिए वो परफॉर्म कर रहे हैं और छुपाकर बीमारियों को काम कर रहे हैं और कितना चैन गंदगी का फैला हुआ है। तो वो तो काम कर रहे हैं, पैसा मिल रहा है फिर भी इनफेक्शन फैला हुआ है। यहां आप रियल लाइफ में एक्सपेक्ट कर रहे हैं तो शायद कितनी चीजें आप अपने आसपास घर फैमिली को बर्बाद कर रहे हैं। वो अननोन को बर्बाद कर गए। आप अपनी फैमिली को बर्बाद कर रहे हैं। अब एक चीज यह तो बड़े-बड़े लोग मैच्योर लोग भी समझ नहीं पा रहे हैं। आज एक्सेस हर
(25:39) किसी के हाथ में है बच्चे बच्चे के अर्ली ऐज में बच्चे देख रहे हैं। इसका एक्सपोज़र हो रहा है। क्या इसका असर पड़ने वाला है उनके फ्यूचर पे? बिल्कुल। और ये बड़ा ही सीरियस मैटर है। क्योंकि देखिए कोविड ने बच्चे बच्चे के हाथ में फोन पहुंचा दिया। पढ़ाई के लिए ही सही हमें उन्हें फोन टेबलेट्स देने पड़े। क्योंकि सब कुछ इंटरनेट के जरिए और लोगों की पढ़ाई लिखाई लिटरेचर सब कुछ उसी पे चला और दुनिया बहुत ज्यादा डिजिटल फ्रेंडली हो गई। बहुत से लोग जिन्हें कुछ भी नहीं आता था जो उतना यूज़ नहीं करते थे वो भी करने लगे। सम हाउ बच्चों के हाथ में फोन चला गया। या
(26:18) टैबलेट्स चले गए कंप्यूटरटर्स, लैपटॉप्स तो उसके मिसयूजेस आप घर में हर किसी को एक पर्सनल स्पेस चाहिए होता है। आप अपने बच्चे के पीछे नहीं लग सकते। छोटे से बच्चे को भी एक स्पेस चाहिए। तो आप हर वक्त उसका फोन तो नहीं चेक कर सकते। बट पेरेंटिंग का एक पार्ट होता है। थोड़ा सा जानकारी रखना कि आपका बच्चा क्या कर रहा है। तो उतना हर मां-बाप को करना चाहिए। तो जो ये बच्चों के हाथ तक में फोन जाने के फायदे तो बहुत हुए ही पर बहुत सारे नुकसान हुए। बच्चे अजीब अजीब से एप्स में लग गए और पोर्न एप्स भी अवेलेबल है। इवन मेरे लिए भी ये बड़ा शॉकिंग था और जब आप
(26:59) स्क्रॉल करेंगे और आप पाएंगे तो ढेरों पोर्न एप्स अवेलेबल है लोगों के लिए। कमाने के लिए इंसान सब कुछ करता है और दिमाग अच्छी चीजों में भी जाता है, बुरी चीजों में भी जाता है। तो पों्स हैं। ठीक है। मेरा ये कहना है अब जैसे ये फोन हाथ में होने की वजह से देखिए वो जो न्यूज़ आई थी कि वो तीन बहनों ने नाइंथ फ्लोर से छलांग लगा दी। अब पीछे जो भी रीज़ रहा हो कोरियन एप्स पे दे वर एंगेज्ड। फोन से इतना एडिक्शन था कि फोन के बिना वो रह नहीं पा रही थी। और उन्होंने दुनिया छोड़ देना जरूरी समझा। पोर्न एडिक्शन भी कुछ इसी तरह का है। और
(27:33) अगर इतने छोटे बच्चे एक्सपोज्ड हो आपको जान के आश्चर्य होगा ग्लोबल एज हालांकि इस विषय पे रिसर्च कर पाना और इसके एनालिसिस एंड इसके डेटा निकाल पाना इस वैरी डिफिकल्ट क्योंकि कोई भी अपनी रियल बात बताता नहीं है। है ना? बट तब भी ग्लोबल एज निकल के आई है सिक्स टू 8 इयर्स के अंदर। इमेजिन इस ऐज पे पोर्न देखना शुरू कर देता है बच्चा। ऐसा पाया गया है। हां, इंडियन कॉन्टेक्स्ट में थोड़ा आगे आ गए हैं। 10 इयर्स तक ले आए हैं। लेकिन चीजें सबके हाथ में है। और कितनी टेंडर एज होती है वो। ब्रेन ब्रेन की वायरिंग दैट इज ऑल। एक दूसरे से कनेक्शंस हो रहे होते हैं। बच्चा
(28:17) रिलेशनशिप्स को समझ रहा होता है। अपने घर में अपने मां-बाप कहते हैं ना आपके घर का माहौल कैसा है? पेरेंट्स एक दूसरे के साथ कैसा टाइम बिताते हैं? एक दूसरे के साथ पेरेंट्स के अलावा फैमिली के और जो लोग न्यूक्लियर फैमिलीज़ की अलग प्रॉब्लम्स हैं। बट जहां कंबाइंड फैमिलीज़ है बच्चा डिसिप्लिन सीखता है। बच्चा रिस्पेक्ट करना सीखता है। प्रॉब्लम ये है कि जब वो पोर्न देखने लगता है तो फीमेल्स को एक मेल बेबी ऑब्जेक्टिफाई करने लगता है। रिस्पेक्ट खत्म हो जाती है। उसको पता है कि महिला सेक्स ऑब्जेक्ट है। एक लड़की बड़ी होती हुई लड़की के लिए उसके मन में
(28:55) एक बहन एक कल को होने वाली बीवी है ना और जो रिश्ते हैं वो वाला रेस्पेक्ट एक और है और उसको पता है कि तुम तो सेक्सुअल ऑब्जेक्ट हो और क्या हो एक बड़ी प्यारी मूवी अडोलेसेंट इतनी फेमस मूवी है और मैं तो बोलूंगी कि हर किसी को देखना चाहिए कि एक बच्चे की पेरेंटिंग बहुत अच्छे पेरेंट्स होते हुए भी मूवी का नाम क्या अडोलेसेंस अडोलेसेंस अडोलेसेंस आप देखिए उसमें काफी सारे उसको वो भी मिले अवार्ड्स भी मिले हुए हैं। एक बच्चे की पेरेंटिंग कैसे वो बड़ा होता है? कैसे किसी फीमेल के साथ का उसका बिहेवियर और फिर क्या हो सकता है? आजकल छोटी उम्र के बच्चे कितने क्राइम्स
(29:36) कर रहे हैं। इतना फ्री हैंड वो देख रहे हैं सेक्स एंड सेक्सुअलिटी को और उनका टेंडर माइंड केवल और केवल प्लेजर गिविंग मोमेंट्स को समझ पाता है। जो उससे किक मिल रही है उतना समझ पाता है। उसकी उसकी बुराइयां तो कतई उसे नहीं समझ में आती। रेस्पेक्ट नाम की चीज सोसाइटी से खत्म होने लगती है। और ऐसा बच्चा बड़े होके मैरिज के बाद जब फीमेल पार्टनर पाता है तो उसका बिहेवियर उस फीमेल के लिए कौन सी रेस्पेक्ट किस लेवल की रेस्पेक्ट रखता होगा जिसने शुरू से आखरी तक पोर्न से पूरा मजा लिया है। सिर्फ और सिर्फ पोर्न से प्लेजर लिया है। वो अपनी वाइफ को भी वैसे
(30:17) ही ऑब्जेक्टिफाई करने लगता है। तो वहां पता है इन सब चीजों में एक इमोशनल बॉन्डिंग खत्म हो जाती है। वो चीज रहती ही नहीं है। वहां पे है कि आप तो इस चीज के लिए हो। आपका काम इतना सा है। घर संभालिए। ठीक है। बच्चे पैदा करिए और सेक्सुअल ऑब्जेक्ट है आप। फीमेल्स के साथ भी यही प्रॉब्लम है। अगर बहुत बचपन से उनका एक्सपोज़र हो रहा है। मेल पार्टनर के लिए उनकी सोच बात सेक्सुअलिटी हर चीज जरूरी है जिंदगी में। 18 सरकार ने जो बना रखी है पूरी कितनी रिसर्च और कितने मनोवैज्ञानिकों से बात करने के बाद देखने के बाद सदियों से सलाह ली गई
(30:55) एक्सपर्ट से पाने के बाद पाया गया कि हां जो माइंड है वो कब बैलेंस करने लगता है और एक और चीज ऊपर वाले ने इंसान को ह्यूमन बीइंग को बाकी एनिमल्स पे जितनी भी रिसर्च हुई है साइंटिस्ट ने देखा है उनमें पाया है कि वो उनका सेक्स एंड सेक्सुअलिटी एंड लव मेकिंग इज सीजनल। ओके? बाकी टाइम में उनको पता भी नहीं है कि तुम मेल हो, फीमेल हो, कौन कैसे वो बस जानवरों की तरह एक दूसरे के साथ रह रहे हैं। सीजन आता है, हीट पे आते हैं। दे दे डू कजुगेशंस एंड दे प्रोक्रिएट बच्चे पैदा किए, अंडे दिए जो भी और फिर से वो जानवर बन गए और भूल गए सेक्सुअलिटी जैसी चीज।
(31:37) ऊपर वाले ने इंसान को इन इस सीजनल चेंजेस से बचा के एक ओपन मोमेंट्स दिए हैं। सब कुछ दिया है। उसने कितना ट्रस्ट किया है इस ह्यूमन बीइंग पे कि इसके पास एक दिमाग है जिसका ये इस्तेमाल करेगा और इस इसके लिए प्लेज़र है। ऑल टाइम प्लेज़र। सेक्स एंड सेक्सुअलिटी इज़ नॉट सीजनल फॉर अ ह्यूमन बीइंग। बाकी जानवरों और बाकी धरती पर रहने वाले जीवों के हिसाब से हम क्या कर रहे हैं? हमने तो उसका कबाड़ा करके रख दिया है। हमने हमने सेक्सुअलिटी को इतना एक्सपोज किया कि लोगों को उसके लिए उस उसके लिए डिसेंसिटाइजेशन। इसको हम लोग कहते हैं डिसेंसिटाइजेशन। किसी भी चीज
(32:25) से आप पे पड़ने वाले असर को कम करते जाना। क्राइम भी एक लेवल तक देखते हैं आप। पहली बार आप दहल जाते हैं। दूसरी बार थोड़ा सा ओके लगता है। तीसरी बार आप चाय पीते खाते वो क्राइम देखने लगते हैं। मैं जब कभी पहले खून देखती थी ना तो मैं ऐसे डर जाती थी, कांप जाती थी पिक्चर्स में और आज के छोटे-छोटे बच्चे मर्डर, चाकू से काटना ये सारी चीजों को एंजॉय कर रहे हैं और ये चेंज आया है क्योंकि वो नॉर्मल हो गया है पिक्चराइजेशन में, विजुअल्स में। परोसा जा रहा है। आसानी से अवेलेबल है। तो इसके लिए एक तरीका मुझे लगता है कि हमें जरूर मेंशन करना चाहिए क्योंकि हमारा
(33:00) मकसद है एजुकेट करना कि एज अ पेरेंट सबसे पहले आप अपने जितने भी डिवाइसेस हैं घर में वहां रिस्ट्रिक्शन मोड जरूर लगाइए। चाइल्ड लॉक लगा रहे हैं या नहीं लगा रहे हैं वो तो खैर सेकेंडरी है। कब लगाएंगे आप? बट प्राइमरी इज रिस्ट्रिक्शन मोड। सारे जितने भी आपके प्लेटफॉर्म्स हैं सोशल मीडिया। तो ऐसी चीजें एक्सेस ही अगर बच्चे ने गलती से भी कीवर्ड कुछ डाला तो वो चीजें एक्सेस होंगी ही नहीं। देखिए ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों के लिए गैजेट्स का एक्सेस उस पे रेस्ट्रिकशंस लगा दिए हैं। इंडिया में भी कुछ स्टेट्स इस पे काम कर रही हैं कि एक एज लिमिट तय हो कि उसके बाद
(33:35) ही आप सोशल मीडिया को पाएंगे। देखिए बच्चे एडल्ट बनके अपनी प्रोफाइल बनाते हैं। और फिर एक्सपोज होते हैं सोशल मीडिया पे। सोशल मीडिया पे हमें आपको नहीं पता है। लेकिन कितनी एक्टिविटीज हो रही हैं। बच्चे उनमें इनवॉल्व हो रहे हैं। और बच्चों का मिसयूज हो रहा है डिजिटली। डिजिटली और इतनी छोटी ऐज में उनकी उस टेंडर दिमाग पे ट्रॉमा हो रहा है। सेक्सुअल ट्रॉमा बिकॉज़ ऑफ़ डिजिटल अब्यूज हो रहा है इन बच्चों को। और ये बच्चे एक दूसरा ही माइंडसेट लेके बड़े होंगे। और क्राइम सेलेंट रूप इसका क्राइम है और सबसे छोटा वाला दबा हुआ रूप डिप्रेशन
(34:21) एंड जैसे आप बात कर रहे हैं ना कि क्या इसका इफेक्ट होगा पर्सनालिटी डिसऑर्डर्स लेकर के ये बच्चे बड़े होंगे तो मैं ये नहीं कहती कि आप एकदम ही बंद कर दें आपके बच्चे पढ़ रहे हैं लिख रहे हैं और थोड़ा सा एक्सपोज़र भी जरूरी है बच्चों को दुनिया के बारे में जानना ठीक है सेक्सुअलिटी के बारे में भी जानना ज्यादा जरूरी है घर में बहुत ओपन माहौल रखना। बेहतर यही है। माता-पिता अपने बच्चों के सामने कैसे बिहेव करते हैं एक दूसरे के साथ। बहुत अच्छा बर्ताव लड़ाई झगड़े होते हैं उन्हें कमरों के अंदर रखें। अपनी टेंडर एज वाले बढ़ते हुए बच्चों के सामने कोई भी ऐसी
(34:59) एक्टिविटी ना हो जो उन्हें स्कार दे जाए दिमाग में। बिल्कुल। बच्चों की बात करना बहुत जरूरी था क्योंकि हमारा मकसद ही यही है कि आज सेक्स एजुकेशन के नाम पर सिर्फ कौन बचा है। लेकिन थैंक्स टू डॉक्टर पूनम मिश्रा कि अंतरंग पडकास्ट सीरीज आप लेकर आई हैं जिसमें हम बच्चों को एजुकेट एटलीस्ट कर पा रहे हैं। ये हमें मौका मिला है इस एपिसोड और इस सीरीज की वजह से। और अपने बच्चों को आप जब समझ चुके हैं कि आज ये आप रोक नहीं पा रहे हो तो बेहतर है कि पहली बात खुद से शुरू करना शुरुआत कर दें एज अ पेरेंट। अब दो इंपॉर्टेंट सवाल है मेरे कि पोर्न
(35:34) देखने का एक्सेस देखने का और उसी को अपनी पर्सनल शादीशुदा जिंदगी में या रिलेशनशिप में अप्लाई करने का हेल्थ पर एक मर्द के क्या असर पड़ सकता है वर्स्ट केस में और एक वुमेन के एक फीमेल के हेल्थ पर क्या असर पड़ सकता है? देखिए मैंने हम काफी बात कर आई अलग-अलग टुकड़े-टुकड़ों में की। अभी एक जगह करके बताती हूं कि देखिए एक्सेसिव पोर्न यानी पोर्न एडिक्शन। हां। एक्सेसिव का मतलब यह है कि आप उसके बिना रह नहीं पा रहे हैं। तो दो तीन चीजें रिलेशनशिप आप अपनी वाइफ के साथ या तो आप इतने ओपन नहीं है। आपको जितना चाहिए लिमिट में आप दोनों के बीच में वो कॉर्डेंस ही नहीं है
(36:14) कि आप अपनी पर्सनल लाइफ को उतना खूबसूरत बना सकें। वो सारा प्लेजर पोर्न से मिल रहा है। बेहतर है एक दूसरे के साथ टाइम बिताना। एक दूसरे से खुल के बातें करना। अपनी फेंटसी डिस्कस करना और एक्सेप्टेबल लेवल तक उस पे वर्क करना। ठीक है? ये नहीं हो पा रहा है और एक्सेसिव पोर्न है तो वो मेंटली आपको सिक कर देगा। मेल्स हमने बात की डिप्रेशन तक में चले जाते हैं। पर्सनालिटी डिसऑर्डर्स हो सकते हैं। समाज में महिलाओं की रिस्पेक्ट बहुत कम हो जाएगी। वो ऑब्जेक्टिफाई करके फीमेल को देखते हैं। उन्होंने पोर्न में देखा ही यही है कि महिला केवल सेक्सुअल प्लेज़र के
(36:51) लिए है। वहां कोई फोर प्ले नहीं दिखाते। एक प्यार करना जो बीवी के साथ आपको प्यार से बैठना पड़ेगा एक दूसरे के साथ प्यार देना पड़ेगा जिसको फोर प्ले कहते हैं बट ये भी तो हो जाता है ना कि अगर यार तुम वैसे नहीं परफॉर्म कर पाओगी तो तुम जाओ क्योंकि आज तो सोसाइटी ओपन है यार 5000 में 6000 में बातें फैमिली में होने लगती है रिलेशन में होने लगती माय गुडनेस अगर जहां ऐसी बातें हो रही है वहां रिश्ते किस कगार पे पहुंच गए हैं आप ये सोचिए ये भी रिजल्ट यह भी रिजल्ट है। यह भी उसका रिजल्ट है। एंड तो यहां मेल और फीमेल दोनों की पर्सनल लाइफिकल यह बुरा हुआ तो
(37:32) दिमाग से शुरू करते हैं। मेंटल डिसऑर्डर्स आ जाएंगे। डिप्रेशन आएगा, मैनी अप होगा। पर्सनालिटी डिसऑर्डर बहुत ज्यादा एंगर होगा। पुरुष को वो चीजें नहीं मिल रही हैं अपनी फीमेल से घर में और उसको हर वक्त पहुंच चाहिए। काम में मन नहीं लगेगा। कंसंट्रेशन नहीं होगा। है ना? फोकस्ड नहीं होगा वो बंदा। तो ये भी तो हेल्थ इश्यूज हैं। ओवरऑल पर्सनालिटी डिसऑर्डर धीरे धीरे धीरेधी अवसाद में चले जाते हैं लोग। दुनिया से कट ऑफ हो जाते हैं। बीवी तो एक और हो ही जाती है। बच्चों से भी दूर हो जाते हैं। घर में एक कोने में पड़े हैं। केवल वो और उनका पोर्न और उनका
(38:07) [नाक से की जाने वाली आवाज़] उनका अपना इंटरनेट ऐसी दुनिया में जीने लगते हैं। ये मेंटल और पर्सनालिटी डिसऑर्डर्स हैं। हेल्थ जहां तक फिजिकल हेल्थ की मैंने आपको बात बताई। परफॉर्मेंस एंजाइटटी आने लगती है। पुरुष उस तरह से परफॉर्म कर ही नहीं सकता जो उसमें दिखाया जाता है। वो तो सारा वर्चुअल है और वो सारा एकगिरेटेड है। उस लेवल तक होगा ही नहीं। तो पुरुष को लगेगा कि मैं शायद इनकंप्लीट हूं। इनकंपटेंट हूं। मैं उतना कॉम्पिटेंट नहीं हूं जिस तरह से पोर्न में वो बंदा दिखा रहा है। जैसा मेरी पार्टनर देख रही है। मैं वैसे परफॉर्म नहीं कर पा रहा हूं। फिर
(38:42) वो अवसाद में जाएगा। डिप्रेशन में जाएगा। ये प्रॉब्लम्स आती हैं। इसके बाद इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसा मैंने कहा कि सेक्स के लिए तैयार ही नहीं हो पाना। उसका ऑर्गन नॉर्मल फोर प्ले के बाद एक पुरुष तैयार हो जाता है सेक्सुअल एक्टिविटी के लिए। वो चीज नहीं आएगी। इरेक्शन प्रॉब्लम होने लगती है। इसको हम लोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कहते हैं। बिकॉज़ ऑफ़ एक्सेसिव यूज़ ऑफ़ पोर्न। और प्रीमेच्योर इजाकुलेशन की हमने बात ही की। इसके अलावा मतलब टाइम से पहले ही डिस्चार्ज हो जाना एंड एक दूसरे की भावनाओं का बिल्कुल ख्याल नहीं रखना। पुरुष को ये बहुत मेंटल प्रॉब्लम
(39:19) देता है। अच्छा धीरे धीरे धीरे धीरे वो आदमी अपनी पार्टनर से दूर होने लगता है। उसको शर्म आती है कि मैं कुछ कर नहीं पाऊंगा। और या मैं कुछ करूंगा तो शायद सस्टेन नहीं कर पाऊंगा। एक टाइम हमारा जो एक एक कहते हैं ना कि आप कितनी देर तक सस्टेन करते हैं फिजिकल रिलेशनशिप को। इंटरकोर्स कितनी देर चलता है? पोर्न में तो दिखाता है जिस तरह से अगर वैसी एक्सपेक्टेशन मेल की और फीमेल की हो जाती है। फीमेल की अपने मेल से हो जाती है। मेल की अपने फीमेल से हो जाती है कि तुम्हें तकलीफ हो रही है। वहां तो कोई चिल्लाना नहीं है। रोना चिल्लाना
(39:51) नहीं है। तो फिर क्या होता है? प्लेजर यहां नहीं मिल रहा है तो और इंडलजेंस इन पोर्न शुरू हो जाता है। वही ग्रेटिफिकेशन का एक साधन रह जाता है। तो बीमारियां यहां शुरू हुई। इसके बाद आउट ऑफ मैरिज अगर लगता है कि मेरी बंदी मेरी पार्टनर इज नॉट अ फुलफिलिंग वन जैसा मुझे चाहिए तो फिर क्या होता है? फिर आदमी आउट ऑफ मैरिज रिलेशनशिप्स में जाता है। फिर वहां पे प्रोटेक्ट प्रोटेक्ट प्रोटेक्टेड सेक्स नहीं है। आप बीमारियां लेके आते हैं। अपनी पार्टनर को भी देते हैं। या उस रिलेशनशिप में तो वो केवल मार्केट है। वहां आपको प्यार थोड़ी मिलेगा। नहीं
(40:28) मिलेगा। वहां जहां पैसे के लिए सेक्स हो रहा है वहां काम चलाया जा रहा है। वो दूसरा पोर्न ही है। हम तो फिर आप वहां पे आप किस तरह की इमोशनल एक कजुगेशन की अपेक्षा रखते हैं वो भी नहीं हो पाएगा। फिर और मेंटल टेंशंस और मेंटल प्रॉब्लम्स और फैमिली टूटने की कगार पे आना। तो मल्टीपल डिजीज मेंटल डिजीज इन सब से आगे चलके और ऑर्गेनिक प्रॉब्लम्स होती है। बीपी बढ़ने लगता है। हाइपरटेंसिव डिसऑर्डर्स होने लगते हैं। कहते हैं ना कि अगर एक कपल का सेक्स लाइफ बहुत अच्छा है तो आधी प्रॉब्लम्स तो यूं ही खत्म हो जाती है। इसीलिए कहा गया है कि एक दूसरे का प्यार चाहिए। एक दूसरे के
(41:13) साथ कडल करना, एक दूसरे के साथ बैठना। हम लोग सेक्सुअल हेल्थ में एक बात हमेशा बोलते हैं। सेक्स इज नॉट ओनली द पेनिट्रेटिव वन। जो हमें दिखता है सेक्स करना जो दुनिया को दिखाई देता है मेल और फीमेल के बीच में सेक्स। सेक्स इज नॉट ओनली दैट। सेक्स एक दूसरे के साथ प्यार है। एक दूसरे के साथ बैठना एक दूसरे से मिलके बात करना। हस्बैंड वाइफ ओल्ड एज में भी प्यारी सेक्सुअल लाइफ उनकी हो सकती है। जरूरी नहीं है कि सेक्सुअल एक्ट हो रहा हो। बीवी सब्जी काट रही है। हस्बैंड साथ में आलू छिलवा रहा है। साथ में सब्जी कटवा रहा है। साथ में खड़े हैं। बात कर रहे हैं। नाती
(41:53) पोतों को घुमाने ले। दैट इज आल्सो अ टाइप ऑफ़ सेक्स। एक दूसरे के साथ बैठे हैं। एक दूसरे को खुशी मिल रही है। वो जो डोपामिन रिलीज हो रहा है वो जो किक मिल रहा है दैट इज़ सेक्स। तो यहां पे फोर प्ले आफ्टर प्ले। कहते हैं कि सेक्स सेक्सुअल एक्टिविटी खत्म। तुम अपने रास्ते तुम अपने रस्ते। पार्टनर्स के बीच में तो एक दूसरे को वहां भी कोज़ीनेस चाहिए। दैट इज़ नोन एज आफ्टर प्ले वो भी मिसिंग होता है कपल्स में तो ये सब बढ़ाने की जरूरत है। पोर्न उसका सशन नहीं है। बाकी दूसरा आपने फीमेल्स के लिए कहा प्रॉब्लम वही सारी रिलेशनशिप प्रॉब्लम्स अनएक्सेक्टेड
(42:29) जो वो कहते हैं अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशंस। अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन उसे अपने मेल पार्टनर से होगी। जैसा वो देख रही है पोर्न में जो उसे किक दे रहा है वो ही उसकी एक्स बिफोर मैरिज छोटी उम्र से देख रही है उसकी टेंडर ऐज उसको पहले तो उसको मेल से डर लगेगा नॉर्मल पर्सन से भी डर लगने लगेगा वो अपने आप को जान जाएगी कि हम लोग तो सेक्स ऑब्जेक्ट है फीमेल को तो ऐसे ही डर लगता है थोड़ी सी भगवान ने भी उसे टेंडर बनाया है उसे प्यार की जरूरत है नाजुक सी एकदम कली जैसी बच्ची उसे प्यार चाहिए ऐसे ही सोसाइटी बुरी और डर बैठ जाएगा दिमाग में जो आगे चलके उसकी
(43:05) मैरिड लाइफ जो मैंनेस बताया डरी हुई लड़कियां सहमी हुई लड़कियां आती है यह उसकी हेल्थ पे असर डालेगा जो कि डायरेक्टली मेंटल प्रॉब्लम्स भी क्रिएट करेगा तो पर्सनालिटी डिसऑर्डर वहां भी शुरू हो जाता है एक फीमेल नॉर्मल बोल्ड फीमेल हाई हेडेड और जो कि एकदम वॉक टॉल टाइप चलती है मस्त होके फुल फिलिंग उसका पार्टनर शी इज़ हैविंग अ वेरी गुड रिलेशनशिप विद हर पार्टनर ट्रस्ट है एक दूसरे के लिए ऑनेस्टी है जहां कंफर्म है आप उस कपल को देख लीजिए और जहां प्रॉब्लम्स हैं आप उस कपल को देख लीजिए। प्रॉब्लम्स तो आती ही आती हैं। फिजिकल प्रॉब्लम्स की जहां तक बात करें
(43:42) मल्टीपल सेक्सुअल डिसऑर्डर्स फीमेल प्रोन होती है। कम एज की फीमेल अगर अब छोटी उम्र की लड़की को किक मिल रहा है। शादी तक इंतजार करना। सेक्सुअल एक्सपोज़र्स आजकल बहुत हो रहे हैं। लोग एक्सपेरिमेंट्स बच्चे एक्सपेरिमेंट्स कर डाल रहे हैं। तो इतनी [नाक से की जाने वाली आवाज़] टेंडर उनका जेनाइटल पार्ट होता है। अभी डेवलपिंग फेस में होता है। वो बहुत जल्दी ट्रोमेटाइज हो जाता है। तो इंटरनल स्कारिंग्स इंटरनल तकलीफें एक क्वेश्चन है मेरा। इसी से जुड़ा हुआ है कि आजकल पोर्न देखकर कुछ टूल्स मार्केट में आए हैं जिनका इस्तेमाल हो रहा है।
(44:17) जस्ट दिमाग में आए मेरे [नाक से की जाने वाली आवाज़] वो भी इस्तेमाल हो रहा है। तो इसका भी हेल्थ पर असर पड़ता है क्या? देखिए सबसे पहली चीज तो यही है कि हर चीज का एक समय है। एक समय से पहले अगर किसी भी चीज के लिए एक्सपोज्ड होंगे तो उसके साइड इफेक्ट्स होंगे। दिमाग को वही टॉलरेंस डेवलप हो जाएगी। फिर कल को पार्टनर के साथ बिताया हुआ जो प्यारा टाइम है वो उस लड़की या उस लड़के को वो फुलफिलमेंट नहीं देगा जो उसे पोर्न देख के जिस चीज की उसको एक्सपेक्टेशन थी क्योंकि वहां टॉलरेंस डेवलप हो जाती है। सेक्स टॉयज का जहां तक है देखिए बीइंग अ
(44:51) सेक्स हेल्थ सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट हम सेक्स टॉयज को गलत नहीं कहते बुरा नहीं कहते। आउट ऑफ आउट ऑफ द क्यूरियोसिटी गलत रिलेशनशिप में पड़ जाना और सेक्सुअलिटी को एक्सप्लोर करना उस पे एक्सपेरिमेंट करने से अच्छा है कि सेक्सुअल टॉयज का इस्तेमाल कर लें। इवन मैरिड कपल्स में भी ये कहा जाता है बट बच्चों में टेंडर ऐज में दैट इज गोइंग टू हार्म। है ना? फीमेल को भी हार्म करेगा। प्रॉब्लम्स [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो वहां है ही है। बात ये है कि अप्रिंगिंग कैसी है? हम घर का माहौल कैसा है? बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट एटमॉस्फियर में भी बच्चे भागते
(45:30) हैं। बहुत ज्यादा उसमें भी उन्हें कहीं ना कहीं अपनी टेंशन रिलीज करनी है। और पोर्न एक बहुत आसान तरीका है प्लेजर पाने का और अपनी टेंशन खत्म। तो बच्चे फिर उसमें इंडल्ज हो जाते हैं। एक फिजिकल वर्स्ट कंडीशन जो एक मैन झेल सकता है। एक फिजिकल वर्स्ट कंडीशन जो एक वुमेन एक फीमेल झेल सकती है। सिर्फ इस पोर्नॉन की लत की वजह से। मेंटल नहीं फिजिकल कहां जाकर बहुत ज्यादा बर्बाद होने वाला है एक आदमी और एक औरत देखिए अगर सेक्सुअलिटी पे एक्सपेरिमेंट कर डाला अनप्रोटेक्टेड सेक्स विद अदर आउट ऑफ योर मैरिज कॉन्ट्रैक्ट अगर कोई गया तो वहां वर्स्ट इज एचआईवी
(46:11) बुरा से बुरा एंड मल्टीपल सेक्सुअल डिजीजेस जो बहुत खराब कंडीशन में डाल सकती हैं। सेम इज वि द फीमेल एंड वो तो हमने बात की ही थी पिछले वाले पडकास्ट में कि कैंसर सर्विक्स क्या प्राइवेट पार्ट्स को भी हार्म पहुंचाता है अब अपार्ट फ्रॉम इनफेक्शंस प्राइवेट पार्ट्स ही तो एक्सपोज्ड है इनफेक्शन जो हो रहा है वो पहले प्राइवेट पार्ट्स में होगा फिर उसका डिसमिनेटेड इफेक्ट पूरी बॉडी पे जाएगा सबसे पहले तो वहीं के अल्सर्स वहीं की डिजीजेस कभी ठीक ना होने वाले डिस्चार्जेस इचिंग ये सब लेकर के आते हैं एक्सपोज्ड बंदे एक्सपोज बच्चियां लड़कियां आजकल जो
(46:50) कि बहुत ज्यादा अनप्रोटेक्टेड सेक्स में उलझी हुई है। इंडल्ज्ड हैं। और अब थोड़ा सा हमने हालांकि हमने पिछले भी अपने अंतरंग के पडकास्ट में बात की थी क्योंकि हम सर्विक्स कैंसर की बात कर रहे थे बट वहां पर हम फीमेल के पॉइंट ऑफ व्यू से बात कर रहे थे। दोनों की बात हो रही है। क्या ओरल ये हेल्दी है या सिर्फ फेंटसी है? देखिए मैंने आपको बताया सेक्सुअलिटी हम मैंने बोला परवर्जन। हम जिसे परवर्जन समझते थे किसी जमाने में हमें पढ़ाया भी गया है परवर्जन में वो आज की नॉर्मल इंटेलिजिबिलिटी क्यों कम्युनिटी एंड ऑल ये नॉर्मल सोसाइटी हो गई नॉर्मल जिंदगी हो गई
(47:26) सेक्सुअलिटी अपने अनेक रूपों में समाज में है। कपल्स एक दूसरे के साथ क्या एंजॉय कर रहे हैं? कैसे जी रहे हैं? मैंने बोला ना जहां दोनों की मर्जी से कुछ हो रहा है और दोनों को प्लेजर मिल रहा है। इट्स ओके प्लेजर मिल रहा है बट कहीं ना कहीं आप कुछ गलत गंदा या कुछ तो वैसा अपनी बॉडी में ले रहे हो ना जो कि आपके शायद कहीं ओरल सिक्स हां आई मीन मेरे कहने का ये मतलब है हो सकता है कि आप इनफेक्शन ले रहे हो ये कहने का मतलब इनफेक्शन तो तभी होगा ना जब या तो हाइजीन प्रॉपर मेंटेंड नहीं है यही मैं कहना चाहती हूं है ना तो आजकल हम लोगों की इतनी अवेयरनेस
(48:05) मेंुअल हाइजीन एंड नॉर्मल रूटीन लाइफ में हाइजीन ये सब अगर एक फीमेल उसका उसका ख्याल रख रही है और एक मेल उसका ख्याल रख रहा है और दोनों एक दूसरे के लिए ऑनेस्ट हैं तो फिर कोई प्रॉब्लम नहीं है। सेक्सुअलिटी के हर तरीके अपनाइए तो तो यानी कि आपको अपना जो है ना इसके प्रोज़ और क्स जानने हैं और हाइजीन का तो प्रॉपर ख्याल रखना ही रखना है। बिल्कुल और फिर यही ऑनेस्टी आ जाती है ना। यही इसीलिए तो हम अंतरंग पडकास्ट लेकर आए हैं क्योंकि अंतरंग में सारे मुद्दों पर हम बात बिल्कुल बिल्कुल। अब जैसे आपने ओरल सेक्स की बात की। बहुत से लोग इनल सेक्स के बारे
(48:36) में पूछते हैं। सीधे बात करते हैं और डरते भी हैं बहुत कुछ वो भी पोर्न से ही आया है। पोर्न देख देख के अननेचुरल सेक्स के जितने तरीके हो सकते हैं सही है। पहले लोग उसे एक्सप्लोर करना चाहते हैं। बात सही है कि नहीं है? हर बार है कि वहां पे जो दिखाया जा रहा है बिल्कुल अनप्रिपयर्ड आप तो रॉ देख रहे हैं ना। आपको लगता है कि बस ऐसे चालू हो जाना चाहिए। बट एक एनल सेक्स जहां से कि कोई इंसान पॉटी कर रहा है। है ना? गुदा द्वार जिससे कि उसका मल निकल रहा है हिंदी भाषा में बोले तो वहां पे एक स्फिटर होता है एक्सटर्नल स्विंटर एक इंटरनल स्विंटर होता है
(49:16) एक्सटर्नल स्विंटर इज एकदम वेंटरी इंसान कहीं भी आप रास्ते में जा रहे हैं या कहीं भी जा रहे हैं आपको वॉशरूम आपको लू चाहिए तो यू कंट्रोल योर स्पिंटर्स हां विद योर स्पिंट्टर्स आप अपने स्पिंटर्स का इस्तेमाल करके अपनी अर्ज को रोकते हैं और जब लू मिल जाता है तभी जाके पता चला कि यूरिन करने गए या पॉटी करने गए कंट्रोल बट बिकॉज़ ऑफ़ रॉ सेक्स एनल सेक्स एंड इन तरह की मतलब ऐसी गतिविधियां जिससे उस लड़की को ट्रॉमा हो रहा है या पुरुष को भी ट्रॉमा हो रहा है। उसका एनल स्फिटक्टर जा सकता है। उसका कंट्रोल ऑन दिस डिफिकेशन जो कंट्रोल है पॉटी करने पे, यूरिन करने
(49:56) पे, इन सब चीजों पे से जा सकता है। उसके साथ कितने इंफेक्शन ले सकता है इंसान वहां से जो दिखाते हैं वह तो उन्होंने तो अपनी तरीके से सारी प्रिपरेशन की हुई है। हो सकता है एक-द दिन पहले से खाना पीना छोड़ रखा हो उस लड़की ने उसकी पूरी गठ खा ली हो लेकिन एक नॉर्मल पर्सन नॉर्मल इंसान डिफरेंट डिजीजेस पा सकता है। ऐसी कंडीशन बहुत इंपॉर्टेंट बात आपने कही क्योंकि मैं शायद हेजिटेट कर रही थी। मैं तो एक स्टेप तक पहुंची। आपने उसके आगे बता दिया। तो आप समझ रहे हैं कि जो चीज हमें फेंटसी वर्चुअल दुनिया में मिल रही है ना वो रियल लाइफ में अनप्रिपयर्ड होने की वजह से
(50:31) कितना नुकसान पहुंचा रहा है। पोर्न इंडस्ट्री का सबसे फेमस नाम अगर मैं आपसे पूछूंगी ना तो आपकी जुबान पर एक नाम जरूर आएगा मियां खलीफा का। और आज आपको मियां की जिंदगी का एक और पहलू देख लेना चाहिए, समझ लेना चाहिए कि कितना दर्द मियां खलीफा ने झेला है अपनी जिंदगी में। चलिए थोड़ा सा बताते हैं। मियां खलीफा का जन्म लेबनान बरूद में हुआ था। असल में मियां खलीफा का असली नाम था सारा जो शमोन और वो लेबनान की एक कैथोलिक क्रिश्चियन फैमिली से बिलोंग करती थी। बस 18 साल की थी वो। छोटी सी मियां खलीफा को उसके ज्यादा वजन रंग रूप को लेकर उसके दोस्त ट्रोल करते थे। मजाक
(51:09) उड़ाते थे। तुम भद्दी लगती हो। जिससे उन्हें खुद पर ना शक होने लगा कि मैं बहुत अच्छी नहीं दिखती हूं। मुझसे कोई प्यार नहीं करेगा। उसने खुद को दुनिया से काट लिया और इसी बीच उनसे उम्र में काफी बड़े एक शख्स ने झूठा प्यार दिखाकर उसे हथिया लिया। हम यही कहेंगे मियां को लगा कि कोई तो है जो उसे प्यार करता है। वो सब कुछ छोड़कर उससे शादी करके उसके साथ निकल गई। लेकिन यह शादी फेयरी टेल नहीं बल्कि एक अब्यूसिव और टॉक्सिक रिलेशनशिप में बदल गई। उसके हस्बैंड ने उस पर प्रेशर बनाया, मैनपुलेट किया, ग्रूम किया और 20 साल के होते-होते उसको पुश किया पोर्न इंडस्ट्री
(51:41) में डालने के लिए। मियां खलीफा सोचती रही कि शायद वो मॉडलिंग कर रही है। लेकिन धीरे-धीरे वीडियोस लीक होने लगे। वर्ल्ड में वो वायरल होने लगी और कुछ ही महीनों में मियां खलीफा टॉप ट्रेंडिंग स्पॉन स्टार बन गई। उसे पता ही नहीं चला कि ऐसा कब हुआ। दुनिया भर से उसे धमकियां मिलने लगी। खैर कई लोगों ने उसको जब धमकी दी। उसने इस इंडस्ट्री को छोड़ा लेकिन उसके पहले पहले उसकी फैमिली ने उसे छोड़ दिया। डिप्रेशन में चली गई मियां खलीफा। उसने डिसाइड किया कि इस इंडस्ट्री को उसे छोड़ना है। इस टॉक्सिक रिलेशनशिप को भी छोड़ना है। उसने डिवोर्स लिया। उसके बाद
(52:10) स्पोर्ट्स कमेंट्री वुमेन एंपावरमेंट के कैंपेन शुरू किए। लड़कियों को समझाने के लिए अवेयरनेस कैंपेन शुरू किए। उसने कहा कि तुम इनोसेंट हो। किसी के जाल में मत फंसना। किसी के शब्दों पर मत आना। अपनी जिंदगी स्पॉइल मत करना। क्योंकि जो चीजें पोंड में दिखती है वो असल जिंदगी की एक्सपेक्टेशन से मेल नहीं खाती हैं। अपने करियर को चुनो। अपने हेल्थ को चुनो। अपने मेंटल पीस को चुनो। क्या आपको पता था मियां खलीफा का वो ग्लैमरस चेहरा असल में कितना दर्द छुपाए बैठा था? अगर आपको नहीं पता था तो कमेंट में जरूर बताइए। और फिलहाल कुछ ऐसी बातें हम आज पवन पर बात कर
(52:41) रहे हैं हमारे अंतरंग पडकास्ट सीरीज में। हमारी एक्सपर्ट डॉक्टर पूनम मिश्रा जी से जो कि जानीमानी गनेकोलॉजिस्ट हैं और सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैम कैसा लगा आपको? आपको मालूम था ये? बिल्कुल नहीं। हमने केवल नाम ही सुना था बट ये पीछे वाला जो दर्द है तो आपने बहुत अच्छा एक्सप्लोर किया और बताया है। मियां खलीफा के बारे में जब लोग सुनते हैं तो सोचते हैं कि शी इस अ स्टार और बहुत पैसे कमाए। देखो ये काम करके तो उसने पैसे कमाए हैं। लेकिन किसी को ये नहीं पता था कि वो धकेली गई थी। बट अच्छी बात कि जब उसे पता चला समझ में
(53:12) आया उसने खुद को इस जाल से बाहर निकाला और आज पूरी दुनिया की लड़कियों को अवेयर कर रही है कि कभी इस चीज में मत आना। अपने ऊपर ध्यान दो। और बहुत जरूरी है ध्यान देना और आप तो ध्यान दे ही रही है अपने हॉस्पिटल में, अपने क्लीनिक पे, अपने पेशेंट्स पे। तो थोड़ा सा ये तो मैंने मियां खलीफा का किस्सा बताया। आपके पास तमाम किस्से बहुत से आते हैं पेशेंट्स। अपनी प्रॉब्लम्स बताते हैं। यहां पे एक और बहुत बड़ी बात मैं बोलना चाहूंगी। ठीक है? ये किस्सा तो अच्छा था। पोर्न इंडस्ट्रीज चल ही रही है इसलिए कि करने वाले एक्टिंग करने वाले अवेलेबल है।
(53:42) अब कुछ लोग आउट ऑफ द क्यूरियोसिटी जाते हैं। कुछ लोग अपनी मर्जी से कर रहे हैं। कुछ को पुश किया गया है। कुछ मजबूर हैं। कमाने के लिए उनके पास और कोई धंधा नहीं है। तो पहला डिस्क्लेमर हम किसी के लिए जजमेंटल नहीं है। कोई जो भी पोर्न इंडस्ट्री में एक्टिंग कर रहा है, पैसे कमा रहा है। ये उसका अपना है। ये बिल्कुल लाइक अ पिक्चर है। और ये उसकी अपनी रिस्पेक्ट है। हम यहां यह कहने के लिए बिल्कुल नहीं बैठे हैं कि यह कोई खराब बात है कुछ। इसके क्या इफेक्ट्स हैं? हम उसकी बात कर रहे हैं और दुनिया की प्लेजर गिविंग कोई भी चीज जब एडिक्शन के लेवल तक पहुंच जाती है तो
(54:19) हार्मफुल हो जाती है। हम उसकी चर्चा कर रहे हैं। सिंपल सी बात है। तो हां क्या सवाल? मैं ये पूछ रही थी कि आपके क्लीनिक पर भी तमाम लोग आते होंगे जो कि स्पेशली क्योंकि आप गायनेकोलॉजिस्ट है तो फीमेल्स आती होंगी और फीमेल्स क्योंकि हम हिंदुस्तान में रहते हैं तो उनके लिए थोड़ी शॉकिंग चीजें होती है कि मेरे हस्बैंड मुझसे ऐसा कह रहे हैं और मेरी शादीशुदा जिंदगी अच्छी नहीं चल रही इस पोंड की वजह से तो मुझे क्या करना चाहिए और सबसे ज्यादा तो वाइफ्स ही जजमेंटल हो जाती हैं कि मेरा हस्बैंड ठीक नहीं है क्योंकि वो पोंड देखता है तो कुछ ऐसे
(54:48) किस्से अगर हैं कई कपल्स आए एक कपल जैसे ये वाली बात आपने जो लास्ट में कही वहां पे मेल वाज़ इंडजेंट उसकी जरूरत थी उस वो पोर्न देखता था और वो बेचारा बड़ा डरा सहमा हुआ था कि कहीं मेरी बीवी को पता चल गया तो मेरा बड़ा बुरा इंपैक्ट तो नहीं पड़ जाएगा मेरी पर्सनालिटी के बारे में ये पता नहीं क्या सोचेगी ये एक बहुत बड़ा फैक्ट होता है दोनों पार्टनर्स में दोनों ही एक दूसरे से अपनी ये पर्सनल चीजें भी डिस्कस नहीं करते और इस वजह से कई बार उनकी कई फैंटसीजस अपनी आप चुपचाप देख के फिर वहां कपल देखिए शादीशुदा जिंदगी के अपने रेस्ट्रिकशंस
(55:31) हैं। हमें लगता है शादी हो गई आप भी जानती हैं। मैं भी शादीशुदा हूं। आप भी हैं कि उनकी अपनी बाउंड्रीज हैं। उस बाउंड्री से बाहर एक फीमेल एक्सेप्ट नहीं करेगी, एक मेल एक्सेप्ट नहीं करेगा। और दोनों पार्टनर्स ये भी जानते हैं अपने-अपने पार्टनर के बारे में कि कितना खुलना है इससे। है ना? बट बात यही है कि पूरे नहीं खुले। खुल के नहीं बात की एक दूसरे से तो फिर ये कैसा फिर तो ये कैसा कॉन्ट्रैक्ट है भाई इस दुनिया में पतिप ही तो दो ऐसे होते हैं जो एक साथ रह जाते हैं आप अपने मां-बाप को छोड़ के आप अपने मां-बाप के साथ एक घर में आते हैं
(56:05) धीरे-धीरे सब छूट जाते हैं। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] बच्चे भी धीरे-धीरे अलग हो जाते हैं। रह कौन जाता है हस्बैंड वाइफ एक दूसरे के साथ और फिर भी वो आपस में कभी एक दूसरे से खुले ही नहीं। कभी उन्होंने खुल के बात ही नहीं की। अपनी फैंटसी शेयर नहीं की। तो इस पर भी पूरी तरह से खुलना चाहिए। बिल्कुल। तो ऐसे भी कपल्स आए। कई बार ऐसे में हम लोग क्या करते हैं? कपल थेरेपी भी करते हैं। साथ में बात करते हैं। फिर हस्बैंड वाइफ से अलग-अलग बात करते हैं। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो अलग-अलग हस्बैंड ने भी बताया कि उसे वाइफ की ये कुछ चीजें पसंद नहीं है।
(56:34) स्मेल पसंद नहीं है। उसे बीवी का कहना है कि इसके मुंह से पान मसाले की महक आती है। [हंसी] मेरा मन ही नहीं होता है। ठीक है। पर कह नहीं पा रही है। है ना? अब वहां पे आप अगर डायरेक्टली कह देंगे तो कहीं घर जाके उनकी आपस में तनातनी ना हो जाए, लड़ाई ना हो जाए। बड़ी कायदे से चीजों को एक दूसरे के सामने लाना होता है। सामने बिठा के बात करनी होती है। ये तो बड़ा अच्छा वाला एस्पेक्ट हुआ। अब जो कुछ ऐसे कपल्स आते हैं जहां बीवी बताती है कि ये साथ में पोर्न देखते हैं। मुझे अच्छा नहीं लगता। मुझे पसंद नहीं है। वहां पे भी उन्हें थेरेपी की जरूरत है। बीवी की अपब्रिंगिंग
(57:09) बहुत स्ट्रिक्ट हुई है शायद। अभी वो उतनी ओपन नहीं है। आपने उसको पहले ही इतना एक्सपोज कर दिया। पहले जानिए तो पहले एक दूसरे के साथ टाइम बिताइए। पहले एक दूसरे को अच्छे से जानिए कि उसकी एक्सेप्टेंस का लेवल क्या है। तब फिर आपको जो एक्सपेरिमेंट्स करने हैं करिए। आप पहले ही दिन झोंक देंगे। हो सकता है अगली बार लौट के ही ना आए वो अपने घर से। ऐसी भी सिचुएशनंस हैं। इस तरह के लोग मिले। एक मेरे पास मुझे याद है कि एक बंदा अपने इलाज के लिए आया और उसने खुल के कहा कि मेरे साथ प्रॉब्लम यह है कि मेरी डिजायर बहुत ज्यादा है सेक्सुअल डिजायर और मैं पोर्न देखता हूं
(57:46) उसकी वजह से पोर्न देखने के बाद मेरी अभी शादी नहीं हुई है। मेरी गर्लफ्रेंड है पर [गला साफ़ करने की आवाज़] मुझे डर लगता है कि मैं उसको कहीं खो ना दूं। अगर मैं उससे ज्यादा एक्सपेक्टेशंस अपनी बढ़ाऊंगा तो मैं पेड सेक्स में चला जाता हूं। ओ मैं सेक्स वर्कर्स के साथ सेक्स करता हूं। प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करता हूं। बट मुझे बहुत डर भी लगता है कि मुझे दिक्कत तो नहीं हो जाएगी। कल को मुझे कोई प्रॉब्लम ना हो जाए या कहीं कल को पता चल जाए और मेरा रिश्ता खराब हो जाए। मतलब वो सब कुछ जानता था। आप यहां पे आते हैं। एक कंडीशन होती है ऑब्सेसिव कंपल्सिव न्यूरोसिस
(58:21) ओसीएन ओसीडी। आपको पता है आप गलत कर रहे हैं पर आप अपने आप को रोक नहीं पा रहे हैं। आप करते ही जा रहे हैं। सब कुछ था। वहां पे उससे इतनी ही बात ट्रीटमेंट भी होता है। हमें हमारे पास हम जजमेंट देने के लिए नहीं है ना। वी डोंट हैव टू बी जजमेंटल। मुझे उसको इलाज देना था। मैंने उसकी सबसे पहले डिजिटल फास्टिंग कराई। डिजिटल डिटॉक्स। ओके। एक बहुत प्यारा वर्ड है। डिजिटल डिटॉक्स। आप बचिए। जब आप चाह रहे हैं, आपका मन कह रहा है कि ज्यादा हो रहा है, तो कंट्रोल करना सीखना पड़ेगा। डोपामिन रिलीज फॉर शॉर्ट टर्म प्लेजर को कंट्रोल करना।
(59:00) मतलब जब सबसे ज्यादा मन हो रहा है और आप एडिक्टेड फील कर रहे हैं तभी कम करना है। वही रोकना। जिसने वो कर लिया उसने जग जीत लिया। फिर वो तो धीरे-धीरे यहां पे आप बहुत ऊपर से नीचे आ रहे हैं। धीरे धीरे धीरे धीरे तो आप अपने आप को रोक लेंगे। आपके पास सब कुछ है। आपके पास एक पार्टनर है। आपके पास एक अच्छी लाइफ है। है ना? आपकी डिजायर बढ़ती है। डिजायर बढ़ना इज नॉट अ बैड थिंग। लेकिन आप जमाने को ऑब्जेक्टिफाई करने लगे। क्यों क्राइम्स होते हैं? प्रॉब्लम कहां होती है? लड़कियों के लिए जब रिस्पेक्ट नहीं है। एक छोटे से बच्चे जो क्राइम कर रहे हैं। छोटी सी लड़की के
(59:35) साथ बुरा कर दे रहे हैं। एक छोटा लड़का और छोटी लड़की आप घर में उसकी अपब्रिंगिंग में उसको रिस्पेक्ट नहीं मिली। देखा ही नहीं। उसने सीखा ही नहीं। अपने घर [हंसी] में रिसेक्ट करते हुए शायद नहीं देखा किसी दूसरे की रिस्पेक्ट नहीं कर रहा है। मां की बहन की घर के और औरतों की और बाहर की दुनिया से वो ऐसे ही चल रहा है कि मैं जब चाहूं तब किसी के साथ कुछ भी कर सकता हूं। मैं तो लड़का पैदा हुआ हूं। लड़के तो होते ही हैं बड़े बलशाली। पकड़ के किसी के साथ कुछ भी कर दें। इस तरह का माइंडसेट डेवलप होने लगता है। इससे बचना है। तो ये मैं तो उस लड़के की तारीफ करती हूं जो
(1:00:09) मेरे पास ट्रीटमेंट के लिए आया। पर और भी बहुत से लोग उन सबसे मेरा यही कहना है कि दुनिया में इंसान चाह जाए तो क्या नहीं कर सकता। हर कोई भी चीज बुरी तब बनती है जब उसकी अति होती है। है ना? जब एक लेवल से आगे चली जाती है। आप प्लेजर की तरह किसी चीज का इस्तेमाल करिए। उसको अपने ऊपर हावी कतई मत होने दीजिए। उस पे डिपेंडेंट मत होइए। वो आपकी जरूरत नहीं बन जानी चाहिए। किसी भी कीमत पे। एक चाय भी ऐसी चीज नहीं होनी चाहिए। सिंपल। हम्म। हम्म। आप जब चाहे तब उसे छोड़ सकते हैं। आपके अंदर इतना मुता होना चाहिए। बिल्कुल। ये जो डोपामाइन वर्ड बार-बार यूज
(1:00:47) हो रहा है इसीलिए यूज़ हो रहा है कि आप किसी चीज की इतनी लत ना लगा लें कि उसे छोड़ ना पाए। बल्कि ऐसी लत लगाएं कि जो चीज जब चाहे वो छोड़ सके। ये लत बेहतर है। जी। अपने आप को टेस्ट करने में कोई बुराई नहीं है। नहीं नहीं मैंने भी चाय छोड़ी थी एक दिन में। आई डिसाइडेड एंड क्विट। क्या बात है। तो मुझे लगता है कि अगर आपके अंदर ये ताकत है कि आप जब जो चीज चाहो छोड़ सकते हो लेकिन लॉयल पार्टनर नहीं। [हंसी] क्योंकि वो दोबारा नहीं मिलेगा। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल वाओ। सो एक चीज है कि भाई जैसे डॉक्टर पूनम मिश्रा ने बताया कि वो लड़का आया था [गला साफ़ करने की आवाज़]
(1:01:19) आपके पास कंसल्टेशन के लिए तो ऐसे ही अपने डॉक्टर के पास जरूर जाइए जब आप ऐसे मजेदार में फंसे हो कि आपको यह भी चाहिए पर आप गलत समझ रहे हो खुद को पर वो छोड़ना भी नहीं चाह रहे। ऐसे जब आप लूप में फंसे हो तो डॉक्टर पूनम मिश्रा के पास में हो तो इनसे मिलिए। बाकी आपके पास अपनी फैमिली डॉक्टर किसी से अपने दोस्त से शेयर करिए। वो शायद आपको रास्ता दिखा दे। कभी-कभी आपको नहीं पता है उसको पता होगा। बट कहते हैं ना कि एक किसी भी चीज लेट आउट करना कहना, बात करना बड़ा जरूरी होता है। तभी कहते हैं दोस्तों के साथ रहिए जनाब। है ना? समझ में नहीं आ रहा है आपने जो कंफ्यूज्ड
(1:01:54) दोस्त हैं। तो उसको ये पडकास्ट शेयर करिए। हां। ये ऐसा भी ना हो कि ऐसे दोस्त से शेयर कर लिया जो आपसे भी ज्यादा कंफ्यूज्ड हो। [हंसी] तो आपको रास्ता क्या दिखाएगा? आप फिर मजधार में फंस जाएंगे। तो मतलब ये है कि जानकार बनिए। जानकार बनिए, समझदार बनिए। एक चीज बताइए कि क्या ये जो पोंड देखकर क्योंकि आपने बताया ये सारी प्रॉब्लम्स आती हैं। बहुत सारी मेल को अलग आती है, फीमेल्स को अलग आती है। क्या इनफर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है इसका? फर्टिलिटी पे। अच्छा सॉरी फर्टिलिटी पे? बिल्कुल असर पड़ता है। सीधा-सीधा। मैंने बोला ना दिमाग से शुरू होती है चीज। आप ऊपर से नीचे
(1:02:26) चलिए। अच्छा। मेंटल डिसऑर्डर। दिमाग से ही स्टिक है कोई पर्सन। उसकी सेक्सुअल लाइफ। फर्टिलिटी के लिए तो सेक्सुअलिटी जरूरी है। दोनों मियां बीवी शादी हुई। उनकी मैरिड लाइफ ही बहुत अच्छी नहीं जा रही है। वाइफ को वैजिनिस्मस है। हस्बैंड उसे छुए तो उसे प्रॉब्लम हो रही है। सेक्सुअल तो बहुत बाद की बात आ गई कांटेक्ट की। हस्बैंड को परफॉर्मेंस ए्जायटी है। फोन देख देख के बड़ा हुआ है। अब उसे डर लग रहा है कि वो जैसा उसमें [नाक से की जाने वाली आवाज़] हो रहा है वैसा तो मैं कर नहीं पा रहा हूं। कर नहीं पाऊंगा। वहां प्रॉब्लम आ गई। ये सब दिक्कतें शुरू होती है। हमने जो जो
(1:02:59) बातें की रिटाइल डिस्फंक्शन एंड ऑल ये सब प्रॉब्लम आती है जो इनफर्टिलिटी के सीधे-सीधे कारण है। बचपन में हुए इनफेक्शंस अच्छा टेंडर ऐज में किसी लड़की को अगर वाजाइनल इंफेक्शन तो वाइना तो सीधे-सीधे ऊपर यूट्रस से कनेक्टेड है। यूट्रस धीरे-धीरे दोनों फैलोपियन ट्यूब्स से कनेक्टेड है। है ना? आपने बड़ी अच्छी सी फोटो बना के दिखाया था। तो वो सारे के सारे पार्ट्स इनफेक्शन में चले जाएंगे। हम् तो वजिनाइटिस वजिटिस के बाद सर्विसाइटिस सर्विक्स उसके ऊपर यूट्रस एंडोमेट्राइटिस फिर फैलोपियन ट्यूब्स उनका इनफेक्शन उसके बाद ओवरीज आती है ऊफराइटिस
(1:03:36) ये सारे इनफेक्शंस जेाइटल्स के जो हैं वो आगे चलके फर्टिलिटी पे सीधे-सीधे असर डालते हैं। अगर फैलोपियन ट्यूब्स इनफेक्टेड है तो वो बंद हो जाती हैं। अच्छा वो आपस में चिपक जाएंगी। फैलोपियन ट्यूब्स बंद है तो एग्स ओवरी से रिलीज होके कैसे आएगा फैलोपियन ट्यूब में? वहीं पे तो फर्टिलाइजेशन होता है। स्पर्म जाके फैलोपियन ट्यूब में पहुंच के वहां एग को फर्टिलाइज करता है और तब फिर वो बना हुआ एम्ब्रियो आके यूट्रस में इंप्लांट होता है। रास्ता ही बंद हो गया। वो पुल ही बंद हो गया तो दोनों एक दूसरे से कनेक्ट कैसे होंगे? यूट्रस इनफेक्शन वहां पे
(1:04:12) इनफर्टिलिटी और फिर आईवीएफ की नौबत हर कपल आईवीएफ का खर्चा नहीं उठा सकता। तो फिरटलमा इनफर्टाइल होने का बाझपन का कितना बड़ा और इलाज के बाद जब यह कंफर्म हो गया कि आपकी प्रॉब्लम ऐसी है कि नॉर्मल तरीके से प्रेगनेंसी नहीं हो सकती। कोई चमत्कार ही होगा तो होगा आप आईवीएफ करा लीजिए और आपके पास इतने पैसे नहीं है कि आप आईवीएफ करा पाए तो इससे ज्यादा खराब परेशानी वाली कंडीशन क्या होगी किसी कपल के लिए? एक्सक्टली। तो यह इनफर्टाइल भी करता है। अगर पोर्न का एडिक्शन है। अगेन जैसा कि मैम बार-बार कह रही है कि गलत कुछ नहीं है। लेकिन अगर आप एडिक्शन लेवल क्रॉस कर
(1:04:50) चुके हैं कि उसके बिना काम नहीं चल रहा है तो ये कहीं ना कहीं मेंटल देन उसके बाद आपके इनफेक्शन इनफेक्शन फिजिकल देन इनफर्टिलिटी सब कुछ एक लूप मेक चेन में बंधा होगा। अति सर्वत्र वर्ज अति तो हमेशा ही बुरी होती है। तो चलिए बेहतरीन बात चल रही है। हम इसके सशन पर भी लगभग आ ही चुके हैं कि हम डॉक्टर से जरूर मिले। बिल्कुल। ज्यादातर लोग जो पोर्न का काम छोड़ चुके हैं ना सिर्फ एक ही एडवाइस देते हैं। पोर्न इमोशनली, फिजिकली, मेंटली और कभी-कभी फाइनशियली भी इंसान को तबाह कर देता है अगर सीमा क्रॉस कर जाए तो। इसीलिए रियल लाइफ में अपनी एक्सपेक्टेशंस वैसी मत
(1:05:26) रखिए। लिमिट में जो चीजें हो वो बेहतर है। अब एक और शॉकिंग डाटा सुनिए। लास्ट सर्वे के अकॉर्डिंग पोर्न देखने के मामले में पूरी दुनिया में इंडिया तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। जहां लोग सबसे ज्यादा ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट देखते हैं। यूएसए और यूके के बाद तो हमारे यहां वैसे ये पब्लिकली एक्सेप्टेबल नहीं माना जाता है। खराब माना जाता है। लेकिन बंद कमरे में सब इसकी बात कर रहे हैं। एंजॉय कर रहे हैं। तो दुनिया की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली साइट पोंड साइट इंडिया में थर्ड नंबर पर देखी जा रही है। सवाल अब यह है कि हम इंडियंस कहते हैं हम बड़े संस्कारी अगर
(1:06:01) हैं तो फिर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑडियंस कैसे बन गए? कौन देख रहा है मैम? [हंसी] दुनिया [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] के तीसरे सबसे बड़े ऑडियंस हैं। पहले यही बात आ गई जो देख रहे हैं वो उनका संस्कार खराब है। ऐसा थोड़ी कह सकते हैं। [हंसी] लेकिन जोड़ा जाता है। हमारे समाज में संस्कारों से जोड़ दिया जाता है। देखिए दुनिया में हम नंबर वन है पपुलेशन में और हम थर्ड हैं इसमें पोर्न एडिक्शन में। पोर्न एडिक्शन नहीं पोर्नर्न व्यूइंग में तो तब तो हम कह सकते हैं कि भाई बेचारे हमारे यहां के सारे लोग नहीं देख रहे हैं वरना हम नंबर वन होते [हंसी]
(1:06:33) ये भी गर्व से आप कह सकते हैं गर्व से कह सकते हैं और सबसे बड़ी बात ये है कि पोर्न देखना इज नॉट बैड हमने बात की अति अति बुरी है और वो आपको परेशानी दे रही है आपकी दिमाग की का कबाड़ा करके रखा हुआ है उसने आपकी हेल्थ पे असर पड़ रहा है एडिक्शन बुरा है बस एक्जेक्टली देखिए हम यूं ही अंतरंग पडकास्ट सीरीज लेकर नहीं आए हैं। कुछ सोच समझ कर लेकर आए हैं ताकि आप मस्ती के साथ जागरूक होते रहिए और हमारे अंतरंग पडकास्ट सीरीज के आप जानते हैं एक्सपर्ट डॉक्टर पूनम मिश्रा जानीमानी गनेकोलॉजिस्ट और स्त्री प्रसुति रोग विशेषज्ञ साथ में ये गनने कॉस्मेटोलॉजिस्ट
(1:07:12) है सेक्सुअल हेल्थ एक्सपर्ट है भाई जबरदस्त मुझे तो अच्छा लग रहा है कि हम इतना खुलकर बात कर रहे हैं अच्छा एक सवाल अब मेरे मन में एक आ रहा है कि मुझे नहीं मालूम कि ट्रीटमेंट होता है कि नहीं इसका क्या पोर्नड एडिक्शन अगर हो जाए तो और इंसान सोच रहा यार मुझे इसको सुधारना है। मुझे सुधारना है। मैं क्या करूं? तो कुछ है क्या? मैंने बताया था एक किसी का एक एग्जांपल दिया। बिल्कुल अगर कोई भी चीज किसी भी तरह की एडिक्शन, किसी भी तरह की डिपेंडेंस तकलीफ दे रही है तो यानी कि आपको इलाज की जरूरत है। आप डॉक्टर के पास पहुंचिए। आप अपने फैमिली डॉक्टर के पास पहुंचिए। वो
(1:07:46) ट्रीटमेंट दे दें या दे सकती हैं या दे सकते हैं तो बहुत अच्छा। नहीं तो आपको रास्ता दिखा आपको किससे मिलना है। साइकोलॉजिस्ट है, साइकेट्रिस्ट या आपका फैमिली डॉक्टर ही एक छोटी सी काउंसलिंग की जरूरत है। विल पावर की जरूरत है यहां पे। हम लोगों ने बात की ना तो हम लोग इसमें बात करते हैं हमेशा डिजिटल डिटॉक्स। ट्रीटमेंट के और भी तरीके हैं। किसी भी तरह के एडिक्शन को छुड़ाने की। बट पोर्न एडिक्शन जो कि डिजिटली मिल रहा है। डिजिटल डिटॉक्स इज अ सॉल्यूशन फॉर दैट। वो भी हमारे ट्रीटमेंट का एक पार्ट होता है। तो एक फिक्स्ड टाइम के लिए गैजेट्स
(1:08:22) इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से आपको दूर रहना है। कितना भी मन करे आपको कंट्रोल करके रखना है। इतना ही डोपामिन इतना ही जो प्लेजर गिविंग हॉर्मोनस होते हैं एंडोरफिंस। एक्सरसाइजेज बढ़िया एक्सरसाइज। अच्छा। मस्त दोस्तों के साथ टाइम बिताने में, घूमने फिरने में या अपनी लाइफ पार्टनर के साथ घर के रोजमर्रा के कामधाम कराने में, एक दूसरे के साथ टाइम बिताने में भी मिल जाता है। जो कि पोर्न से मिल रहा है। मटर छीलने में, सब्जी काटने में। [हंसी] थोड़ा सा डायवर्ट करना है अपनी सोच को, अपनी बातों को। तो यहां सिंपल यह बताना है कि जो प्लेजर है
(1:09:03) प्लेजर मोमेंटरी है और जो रियल लाइफ है वो लॉन्ग लास्टिंग है हमेशा साथ चलने वाली है इस रियलिटी को पहले जान लीजिए रियल लाइफ में जीना शुरू कर और मुझे लगता है कि इन सबको अगर पहले जान लिया और साथ में आपने थोड़ी देर के लिए ही फैंटसी को भी जोड़ लिया तो कोई बुरा नहीं तो दैट इज गोइंग टू बी एन ऐड ऑन ऐड ऑन हो जाएगा वो आपके चेरी ऑन द केक हो जाएगा अब लास्ट मेरा मेरा एक सवाल शादी से पहले किसी भी रिलेशनशिप में आने से पहले अगर पोंड को लेकर ऐसे तो नॉर्मल बहुत सारी बातचीत होनी चाहिए बट पोर्न को लेकर क्या डिस्कशन करना चाहिए अब हमें और आपको क्या पता कि लोग क्या
(1:09:43) बातें करते हैं सब कुछ करते हैं जब पार्टनर्स आपस में तैयार हो जाते हैं मैरिज के लिए तो उनका लेवल ऑफ डिस्कशन हर किसी में अलग-अलग तरह का होता होगा बट इंटिमेसी को लेकर मेरा कहने का इंटिमेसी इंटिमेसी के बारे में भी बहुत बातें होती हैं और मैं फिर से बताती हर पार्टनर डरता है कि कहीं हमने पोर्न की बात की तो हमारा रिश्ता ही ना टूट जाए। पता नहीं हमारी होने वाली बीवी हमें किस किस नजरिए से देखे कैसे ले। तो ये उनका बिल्कुल पर्सनल मैटर है। एक वही वाली बात आ गई। एक दूसरे को जानो समझो। इतना जान लो समझ लो कि कॉन्फिडेंट हो कि तुम जो उससे शेयर करने जा रहे हो या
(1:10:21) अपनी फैंटसी या कोई भी चीज वो तुम्हारे रिश्ते पे असर नहीं डालने वाली है। इस लेवल तक जान जाओ तो फिर करो डिस्कस कर लो दुनिया मुठी। [हंसी] लेकिन बात होनी चाहिए। बात नहीं रुकनी चाहिए। रुकनी चाहिए। और इसीलिए अंतरंग मुद्दों पर भी बात करें तो बेहतर है ताकि वो जिंदगी में आफ्टर मैरिज रंग लेकर आए, रिलेशनशिप में रंग लेकर आए। अच्छा मैं आपको बताऊं हमारा ये जो अंतरंग पडकास्ट सीरीज है सिर्फ मैम मैंने अभी इनका इंट्रोडक्शन दिया कि ये ये ये है बट उसके अलावा एक बहुत अच्छी कवित्री हैं पोएट हैं खुद भी लिखती हैं दूसरों के भी कोट्स को कोट करती हैं तो
(1:10:57) आपके अंदर की अगर अभी मैं कवित्री को जगाना चाहूं तो क्या कहना चाहेगी कवित्री हम आज पोर्न पे बात कर रहे हैं तो उसी से रिलेटेड कुछ-कुछ चीजें जुटाई मैंने और एक छोटा सा बन के आ गया सामने हम डिजिटल डीडॉक्स की बात कर रहे थे क्यों क्यों जरूरी है हम सोचते तो है कि हम फ़ छोड़ देंगे। है ना? लेकिन हम फोन छोड़ नहीं पाते क्योंकि हम हमारी सब कुछ इसी से अब जुड़ा हुआ है। अरे आपका आप कहीं आपका फोन छूट जाए और आप भूल के निकल जाइए। ऐसा लगता है कि गया भैया जिंदगी कैसे कटेगी दिन में। अभी एक घंटे से फोन नहीं है। वो टेंशन है मुझे भी। पता नहीं कितने कॉल्स आ रही होंगी।
(1:11:28) ये सारी चीजें तो वहां पे है कि क्यों डिजिटल डिटॉक्स जरूरी है? क्योंकि सोचा था बस एक रील। निकला पूरा सीजन डील। ब्रेन बोला डोपामिन चाहिए। बॉडी बोली भाई मुझे स्लीप चाहिए। है ना? क्या बात है। जरूरी है ढंग से सोना। समय पे हर चीज वो पूरा होना बहुत जरूरी है। तो फोन ने कहा लास्ट वीडियो है। लास्ट के बाद नेक्स्ट ऑटो प्ले है। आप निकलने वाले थे। अगला अगली रील आ गई। उसके बाद अगली रील आ गई। आप छोड़ ही नहीं पाते। कब घंटे दो घंटे निकल जाते हैं। रात में और कहते हैं ना कि ब्लू स्क्रीन को देख के आपकी आंखों से नींद उड़ जाती है। तो स्लीप डिप्र्राइवेशन हुआ। वाइफ
(1:12:08) बोली चलो बात करें। पति ने कहा रुको जरा क्लाइमेक्स सीन है। है ना? उसके पास टाइम नहीं वो उसी में मजे ले रहा है। जिम का प्लान मंडे टला। ओके। आज देख लेते हैं आज मूवी देख लेते हैं। आज मस्ती कर लेते हैं। जिम तो अब हम मंडे से जाएंगे। ट्यूसडे भी फोन ने संभाल दिया। मंडे को गया जिम और ट्यूसडे भी। मोटिवेशन ने रिजाइन दे दिया। थंब फिंगर सीईओ बन गया। अब सारा काम अपनी थंब फिंगर से चल रहा है। पोर्न बोला मैं फैंटसी हूं। रियलिटी बोली मैं पत्नी हूं। फेंटसी फ्री में थिल थ्रिल दे जाए और रियलिटी सुबह-सुबह चाय भी पिलाए। क्या बात है। डॉक्टर बोले सिंपल सा फंडा स्क्रीन कम
(1:12:48) करो, स्लीप बढ़ाओ, पार्टनर से बात करो, फोन से थोड़ी दूरी बनाओ। तो आप हंसते-हंसते समझ लो कि पिक्सल टेंपरेरी है। पार्टनर इज अ परमानेंट वन। रियल का रोमांस शॉर्ट टर्म है। रियल का रिलेशन लाइफ टाइम एग्रीमेंट है। क्या बात है। यहां पर रिलेशनशिप मोटिवेशन भी मिल गया है। [हंसी] बेहतरीन कवित्री आपके अंदर की जाएगी और बहुत ही एक्ट मुझे लगा ये। क्या बात है। थैंक यू सो मच डॉक्टर पूनम मिश्रा। बहुत सारे पहलुओं पर बात करने को लेकर और सबसे बड़ी चीज कि पोर्न देखने को लेकर कहीं भी जजमेंटल आप ना हो। बस उसकी अति ना हो जिससे कि आपकी पर्सनल, मेंटल,
(1:13:30) फिजिकल, इमोशनल चीजें गड़बड़ा जाए। बट पोर्न इज नॉट रोंग। और सेक्स एजुकेशन के लिए पोर्न नहीं देखना है। आपको अंतरंग पड का सीरीज देखना है। [हंसी] इसके अलावा सेक्सुअलिटी एजुकेशन का पार्ट बनिए। खुद भी अवेयरनेस जगाइए। और अगर आपको कहीं कमी लगती है तो अपनी डॉक्टर से मिलिए और उनसे जानिए। हम लोग भी प्री वेडिंग शूट्स के साथ ही साथ प्री वेडिंग मिराइटल काउंसलिंग को बहुत प्रमोट कर रहे हैं। हां हम चाहते हैं कि शादी से पहले एक बार अलग-अलग अपनेप डॉक्टर से अपना चेकअप करा ले कहीं कोई प्रॉब्लम तो नहीं है जो आगे चलके उन्हें दिक्कत में डाल सकती है
(1:14:08) स्ट्रक्चर वाइज बनावट के हिसाब से और थोड़ी सी काउंसलिंग कि कहीं कल को एक किसी की किसी का बहुत छुपा दबा होना किसी का बहुत ओपन होना एक दूसरे के लिए प्रॉब्लम ना बन जाए तो एक दूसरे से बातें भी करें आपस में काउंसलिंग भी करें एक दूसरे के साथ समय अभी तक और अगर आप ऑनलाइन कंसलटेंसी चाहते हैं तो डॉक्टर पूनम मिश्रा को आप दिए गए नंबर पर कॉल जरूर कर सकते हैं और आपको सारी डिटेल्स मिल सकती है। थैंक यू सो मच डॉक्टर पूनम मिश्रा एक और मुद्दे पर बेहतरीन बातें करने के लिए। थैंक यू रफत इतना अच्छा मुद्दा और इसके सवाल उठाने के लिए। सो अगेन आपसे कहेंगे कि अगर आपको हमारा ये
(1:14:45) अंतरंग पडकास्ट सीरीज पसंद आ रहा है तो जरूर आप कमेंट सेक्शन में भी अपनी राय लिख सकते हैं कि और किन मुद्दों पर हमें बात करनी चाहिए। यह हो सकता है कि आप हमें कुछ अच्छा सजेस्ट कर दें और हम अपने डॉक्टर से उस पर बात करें और अगर आपको लगता है कि आपके किसी दोस्त, किसी फैमिली मेंबर को बहुत जरूरत है इस मुद्दे को समझने की तो यह पडकास्ट जरूर शेयर करिए अपने दोस्तों में, अपने फैमिली मेंबर्स में क्योंकि हमारा मकसद है एजुकेट करना। बी एजुकेटेड, बी हेल्दी। देखते रहिए अंतरंग पडकास्ट सीरीज। मिलेंगे अगले टॉपिक के साथ फिर एक बार। बस इसी YouTube चैनल पर। जरूर लाइक,
(1:15:18) सब्सक्राइब करिए एंड अपनी होस्ट आरजे रफ को फिलहाल दीजिए इजाजत। बय टेक केयर। थैंक यू।

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