Ramayana's SHOCKING Truth | Rupa Bhaty on WRONG Indian History, Parashurama & Rigveda | EP-216
Author Name:Supertalks by themovingship
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@supertalksbytms
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=z6RNpooENBg
Transcript:
(00:00) ये 26 से 30000 बीसी के आसपास की बात होगी तो स्वदिति का यूज़ हो रहा था। ब्राह्मण ग्रंथ में भी आया है कि किसी के हृदय के पास में स्वदिति से ऐसे करो कि वो वहीं पे खत्म हो। परशुराम जो बहुत फेमस हुए ना उसके लिए हुए थे। आल्सो बिलोंग टू दिस लेटेस्ट स्टोन एज और वो ऋग्वेद में ही आ गए हैं। तो स्टोन एज में भी ये चीज का हमें रेलेवेंस मिल गया। इसका मतलब ऋग्वेद में पहले से पहले से ही और एलेग्जेंडर इंडिया कभी जीत क्यों नहीं पाया? उनकी खुद ही की ट्रूप्स ने रिवोल्ट कर दिया और बहुत ही हालत है। यह मान सकते हैं कि भारत में कोई गरीब
(00:31) इंसान नहीं होगा इसका मतलब बिल्कुल भी नहीं थे। इतने वेलोफ थे कि कोई चोरी नहीं होती थी। किसी के घर में ताले नहीं लगते थे। कभी इंडिया के किंग्स के मन में ऐसा नहीं आया कि हम भी कहीं अब बाहर जाके जगह ले लें। हम लोग अनातोलिया तुर्की में थे। हम लोग लिवांट्री रीजन में थे। हम लोग माउंट सनाई पे [संगीत] थे। दैट इज नियर इजिप्ट। हम लोग अफ्रीका तक। एंड इवन ग्रीस। इवन आवर सेजेस न्यू कि इस नक्षत्र में इस समय में ऐसे जन्म लेंगे तो उसका वर्ण भी क्या होगा? कोई तमिलियन फैमिली है या कोई ऐसी फैमिली जिसमें सभी का कंप्लेक्शन जो है वो डार्क है। सडनली
(01:05) यू विल फाइंड वन वेरी फेयर। ही विल बी अ ब्राह्मण वर्णा। अगर आप शूद्र वर्ण में हैं तो आपका कंप्लेक्शन थोड़ा सा डार्क हो सकता है या फिर आप बहुत ही कर्मठ हो सकते हैं। ये नर्मदा जो स्कल था दो लाख साल तो बहुत ज्यादा पुराना हो गया। एक ही स्कल मिला हमारा डरबाटा के पास में और ये स्कल साइज है इट इज ऑलमोस्ट इक्वल टू होमोस मैम फिर इसका मतलब ये सब कुछ जो थॉट्स हमारे अंदर डाले गए डिवाइड एंड रूल करने के लिए तो वो था नहीं कभी वो कभी नहीं था ब्रिटिशर्स लेके आए ज्यादातर तो [संगीत] सच कहूं तो गुस्सा नहीं बल्कि बल्कि तरस
(01:50) आता है। आज भी हमारे देश में कुछ ऐसे लोग हैं, कुछ कॉमेडियंस हैं जो कहते हैं कि महाभारत और रामायण तो बस माइथोलॉजी है, कहानियां हैं। अब तरस इन पर नहीं बल्कि खुद पर आता है। क्योंकि हम सबको पता है कि सच में हुआ था पर अंदर ही अंदर प्रूफ नहीं मिलता। आज का पडकास्ट वही प्रूफ आपको देगा। डाउट नहीं करना। रैशन माइंड से आप बस सुनिए घूस बम्स अपने आप आते रहेंगे पूरे एपिसोड में प्रेजेंटिंग रूपा भाटी। रूपा मैम एक रिस्चर हैं। पिछले कई डेकेड से ऋग्वेद सूर्य सिद्धांता जैसे कॉम्प्लेक्स सब्जेक्ट्स वो पढ़ रही हैं। उनकी एक किताब है इंडस सी्स डिसाइफर्ड।
(02:34) इंडस वैली सिविलाइजेशन के जो प्रूफ हैं वो सामने लेकर आई हैं। मैं कहूंगा इस पॉडकास्ट के बाद आपको आइडेंटिटी मिलेगी। अपने पूर्वज पर कर्व होगा। सबसे इंपॉर्टेंट भारतीय होने पर गर्व होगा। आप अपना बिजनेस, जॉब जो भी कर रहे हैं। आप देखेंगे कि मैं अपने पूर्वज से क्या सीख सकता हूं इस पॉडकास्ट में और साथ ही कल्चर और ट्रेडिशन के साथ कैसे जुड़े रहना चाहिए। इसमें आपको इसकी एसेंस भी महसूस होगी। आई वांट रिक्वेस्ट यू कि आप मैम की इस किताब को जरूर परचेस करें। एक तो बुक बहुत अच्छी है। साथ ही आई फील ऐसे ऑथर्स को हमें सेलिब्रेट करना चाहिए। क्योंकि
(03:14) अगर यह लोग ही ना आए तो कभी सच सामने नहीं आएगा। और कहते हैं ना कि जननी जन्म भूमि स्वर्गदपि गरसी मां और मातृभूमि का स्थान स्वर्ग से भी ऊपर है। तो हमारी धरती माता का ऋण है हम सबके ऊपर जो लाखों साल का इतिहास है। मजाक बनके ना रह जाए। इसलिए हर एक भारतीय तक इस वीडियो को पहुंचाना। हर एक दोस्त, WhatsApp, ग्रुप, फैमिली, बच्चों सबको दिखाना। बिकॉज़ अगर हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा? आल्सो कंसीडर सब्सक्राइबिंग क्योंकि सुपर सिर्फ एक पॉडकास्ट चैनल है। पिछले 10 सालों से 200 से ज्यादा अंडर प्रिविलेज बच्चों को हम फ्री ऑफ कॉस्ट एजुकेशन अपने एनजीओ दौरे दे
(03:50) रहे हैं। तो जब भी आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब करते हैं, मैं प्रॉमिस करता हूं इस तरह के खूबसूरत एपिसोड आता रहूंगा। वेल दिस आल्सो हेल्प्स इन नेशन बिल्डिंग। नमस्ते। वेल, आई एम सो एक्साइटेड अबाउट टुडे। मैंने आपको बताया था ना पहली बार मैंने आपको देखा था युवराज श्रीवास्तवा जी की हां उनके पडकास्ट उनके एक पडकास्ट जो ऑनलाइन हुआ था तो तब जब मैंने पहली बार उनके काफी सारे पडकास्ट थे हां जब हमने युवराज जी को होस्ट किया उसके बाद मैं भी बहुत एक्साइटेड था कि रिसर्च जब मैं पर्सनली कर रहा था तो मैंने बोला ये रूपा भाटी जी का एक अलग से ही कंटेंट चमक
(04:21) रहा है मेरे जजी के लिए है म गॉड दे शुड कनेक्ट विद मी 100% 100% तो उसके बाद मैं तो मैम आपके जब चैनल पे गया चाहे वीडियोस आठ है पर दिमाग पूरा घूम गया उसमें। आपने कहां सप्त ऋषि के साथ वो कॉनस्टिलेशंस को और के साथ मिला के दिखाया हुआ है। नटराज के साथ वो मिलाकर दिखाया हुआ है। आप है मैं इतनी सारी जब स्टडी करते हो तो वो निकल के आती रहती है। मैं इसलिए ना मल्टीपल बुक्स लिख रही हूं। ऑल द बुक्स आर लाइक 75 टू 80% कंप्लीट। एंड ऑल द बुक्स हैव इंटररिलेशंस। तो इसलिए एक बुक पूरा कंप्लीट हो के नहीं निकल पा रहा है। इसमें इंटररिलेशन नहीं था
(04:58) इसलिए निकल गई। हम टेल ऑफ थ्री सिटीज द अगस्त कोड बैटल ऑफ 10 किंग्स 30000 बीसी ओके और इसको मैं एक फिक्शन में भी लिखना चाह रही हूं मगर पता नहीं उसका सिर्फ कैप्शन होगा 30000 बीसी वाओ सो जजी के लिए है सुपर एक्साइटेड 10,000 बीसी पिक्चर देखी होगी उसका 3000 बीसी पढ़ो बेटा [हंसी] पीपल मे कम अप टू मेक अ फिल्म ऑन दैट कि बैटल ऑफ़ 10 किंग्स एंड वो ट्राइबल अटायर के साथ बनाते हैं। अच्छा मैम मैं आपको पूछ रहा था कि आपके इष्ट कौन है? अ बेसिकली मेरे इष्ट जो है वो गणपति जी हैं। ओके एंड आई वास बोर्न ऑन गणेश चतुर्थी। वाओ या माय फर्स्ट बोर्न इज ऑन गणेश चतुर्दशी। उस
(05:43) दिन ढोलपीट के गणपति जी विसर्जन के लिए जा रहे थे पेड रोड पे दशलोक के सामने। राइट? एंड श्रवण केम। सो वी आर ब्लेस्ड बाय गणपति जी। वाओ। सो ऐसे ही तभी ये नॉलेज आ रही है मैम वहां से। मतलब वो सारे सेजेस भी इनफैक्ट जो सप्तऋषिज़ है ना हम यू वोंट इमेजिन मैं कुछ सोचती हूं और वो और मैं ढूंढती हूं मुझे मिल जाता है जो किसी को भी नहीं मिले 100 साल में सो दैट इज समथिंग डिवाइन व्हिच इज कनेक्टेड कुछ चीजें तो सपने में होती है मैंने रणवीर को भी बताया था कि तुम्हें नहीं समझ में आएगा कि कहां से मेरे एंटीनास कनेक्ट हुए [हंसी] बट वो को इनेशन मिलती है। एंड देन आई सर्च
(06:27) फॉर नेक्स्ट डे लाइक व्हेन आई गेट द आई हैव दी साउंड रूपा करके बार-बार कान में सुनाई देता है मुझे जब मैं नींद में होती हूं। हम सो एंड सम थॉट्स उस समय परकुलेट होते हैं। एंड देन आई गेट अप एंड स्टार्ट रीडिंग और राइटिंग जल्दी से। आई मुझे यहां से याद आया रनंदन जी की जब मैं पिक्चर देख रहा था द ग्रेट मैथमेटिशियन। हां वो भी ऐसे कहते थे हां कि प्रूफ दो ही यूज़ से कि प्रूफ नहीं पता प्रूफ नहीं पता बस आ रहा है लाइक स्वदिति का हुआ था जो हैंडक्स है सो आई वास सर्चिंग इन ऋग्वेद कि हाउ हाउ टू कनेक्ट दिस थिंग टू प्ले स्टोर सीन टाइम व्हेन द अगस्त इज़ राइजिंग इन कुरुक्षेत्र
(07:12) नियर बाय कुरुक्षेत्र परुशनी में एंड त्रिसु बोल रहे हैं कि अब इन वशिष्ठ पुत्र बोल रहे हैं त्रिसु को कि अब इनकी पूजा करो ही हैज़ राइज़न और उसके बाद फिर हम वॉर के लिए जाते हैं। सो मैंने कहा कि ये तो 26 से 30,000 बीसी के आसपास की बात होगी। एंड ये पैोलिथिक टाइम है जो जब अगस्त कोर्ट का मैं पूरा जो चार्ट है बना रही थी उस समय किंग आरक्ष 52,000 बीसी तो ऐसे करके जब ये आ रहे थे तो मैंने कहा वेयर आर द प्रूफ्स? मेरे को प्रूफ भी चाहिए ऋग्वेद से ही क्योंकि मैं कैसे जस्टिफाई करूंगी कि क्या हो रहा है? सो वन डे स्वदीति केम एंड माय दिस थिंग
(07:55) साउंड स्वदिति स्वदिति रूपा आई गॉट अप मैंने कहा वो खोलो उसको बुक को और देन ये इसके कॉलोन में जाकर के वहां पे संस्कृत के डिक्शनरी वेदिक डिक्शनरी है ऑनलाइन में स्वदिति टाइप किया आई डिडंट रीड स्वदिति एग्जैक्टली मतलब ऋग्वेद तो हम पढ़ते रहते हैं मगर कितना पढ़ेंगे तो सब में वो लड़ाईयां ही चल रही हैं एक दूसरे से। राइट? तो वो स्वदिति वर्ड उसमें आया एंड आई नोट डॉट इट डाउन कि स्वदिति और उसके बाद फिर मैंने स्वधीति स्वदिति क्या है? एक्ट्स है। एक्स है तो क्या है? इंग्लिश में देखा जो मेरे पास जितनी भी आर्कियोलॉजिकल बुक्स थी पुरानी वाली हैंड
(08:37) एक्स कब से शुरू हुए। तो मद्रासियन स्वनियन कल्चर है। शूलियन कल्चर जो वेस्टर्न का था। धीरे-धीरे आते-आते पैियोलिथिक टाइम अपर पैियोलिथिक टाइम में भी हम हैंडक्स यूज़ कर रहे थे। वही कोनिकल शेप का राइट स्केल किया हुआ हैंड एक्स कहा हैंड एक्स हैंड एक्स हैंड स्व धारण करने वाला स्वधितति दैट मींस दिस इज़ स्वधति इट इज नॉट दैट वाला जो एक्स जो परशुराम का एक्स है वो नहीं है देन आई सर्च फॉर अदर एक्ट्स हाफेड एक्स आफ्टर एक्स का मतलब होता है यही वाला जो एक्स है उसको आपने डिफरेंट जानवरों के अंतड़ियों से बांध करके एंड देन देन वो एक एक्स आपने बना लिया
(09:19) डंडे के साथ मिला के नाउ यू कैन चॉप द ट्रीज एंड ये सब कुछ कर सकते हैं। वो आफ्टर एक्सक्स कहलाते हैं। तो आफ्टर एक्सक्स मतलब परशु तो परशु इज़ आल्सो देयर स्वदिति इज़ आल्सो देयर हम एंड परशु को अब हम बाद में चलके अब हमारे पास वो आयरन के एक्स हो गए। है ना? द सेम थिंग जो हम स्टोंस में यूज़ करते थे वो आयरन में हो गए। हम जो वुड में यूज़ करते थे वो आयरन में हो गए। बाद में बाद में जो बोनस में यूज करते थे वो आयरन में हो गए। यानी कि बोन टिप होती थी। एरो के ऊपर बोन टिप लगाई जाती थी। शार्प बोन टिप। इवन एक मूवी थी जिसमें लेडी ने बोन मैरो खाने के बाद में वो बोन को क्रश करके
(10:03) उसका वो बना लिया था। वो जेल में थी अंदर। एंड वो कौन सी इंग्लिश मूवी थी? मुझे नाम याद नहीं आ रहा। शी यूज्ड इट एज अ टूल टू स्टैब हियर मतलब ऐसे करके। सो दीज़ आर वेरी फेटल टाइप ऑफ जो मतलब मैम आप कह रहे हैं कि जब आप ऋग्वेद पढ़ रहे थे तब आपको कॉन्टेक्स्ट मिला एक्स का पर उसको प्रूफ करने के लिए आपके पास रेलेवेंस नहीं था तो फिर ये रेलेवेंस जब आया तो आपने उसको जब सर्च किया कोरिलेशन शुरू हुआ कोरिलेशन शुरू हां तब कोरिलेशन तो ये प्रूफ कैसे हुआ फिर कि ऋग्वेद में एक्ट्स था वो वहां पे स्वदिति शब्द है वो रामायण में नहीं है वो फिर महाभारत में स्वदिति नहीं
(10:43) है दैट मींस कि इट वाज़ अ हैंडक्स स्वधि मींस व्हाट? अह आप इसमें देखेंगे हैंडक्स पीडीएफ में। नहीं पीडीएफ नहीं Google करिए। आपको हैंडक्स दिखाई देगा। सो दीज़ आर द हैंडक्स ना। हम आप उसको इस तरह से पकड़ के अच्छा। ऐसे मारेंगे। हम हम सो दीज़ आर द हैंडक्स। और इसी से ही आप मीट को भी मिस करेंगे। हम फिर इसी से नाइफ भी बने। ये हाफ जो लकड़ी के साथ है वो हाफ ट्रेड वाले एक्स हैं जो आप बता रहे थे। हां अब हाफ ट्रेड एक्स लिखिए तो वो भी आ जाएगा। ये हैंड एक्स ऐसे पकड़ते हैं। ये साइड या सो द कोनिकल थिंग विल बी दिस साइड नाउ यू कैन किल इन दिस वे।
(11:27) ओके। सो आप कह रहे हो कि जो रेलेवेंस मिला ऋग्वेद में जो था वो बाद में हमने स्टोन एज में देखा तो स्टोन ऐज में भी ये चीज का हमें रेलेवेंस मिल गया। इसका मतलब ऋग्वेद में पहले से था। पहले से ही था। गॉट इट। गॉट इट। सो स्वधितति का यूज़ हो रहा था। ब्राह्मण ग्रंथ में भी आया है कि किसी के हृदय के पास में स्वदिति से ऐसे वो करो पियर्स करो कि वह वहीं पे खत्म हो जाए। स्वधितति संस्कृत शब्द है एक्स का। एक्स का संस्कृत शब्द है। संस्कृत शब्द है। ओके। तो लोग स्वदिति को हैंड एक्स ना लेकर के परशु वाला भी एक्स ले सकते हैं। ओके। बट स्व मतलब खुद से धारण करने वाला।
(12:01) हम और हाफ्टेड यानी परशु। राइट। राइट। इसलिए वो परशुराम जो बहुत फेमस हुए ना वो उसके लिए हुए थे। ओके बट ही आल्सो बिलोंग टू द स्टोन लेटर स्टोन एज परशुराम और वो ऋग्वेद में ही आ गए हैं। जमदग्नि राम ऋग्वेद में आ चुके हैं। ओके ओके मतलब वो भी वहां पे पहुंच चुके हैं। सो वो वो वाले जमदग्नि राम नहीं है जो रामायण टाइम है। इट इज़ अ एपिथेट अह जमदग्नि के बेटे जमदग्नि के बेटे जमदग्निस्ट। ओके एंड राम वास अ वेरी कॉमन नेम दोस टाइम्स राइट तो ये वो वाले राम नहीं है जो हमारे राम है नहीं ये वो वाले राम नहीं है जमदग्नि राम जो ऋग्वेद में है वो परशुराम है
(12:44) वो परशुराम है राइट सो परशुराम अ कब से हैं फिर उनको कब मिलता है हम परशुराम का पीरियड होगा 26000 से 30000 बीसी के बीच का ही हम व्हाई बिकॉज़ दैट टाइम अह सी लेवल वाज़ गोइंग डाउन एंड परशुराम के लिए कहा जाता है कि ही रिक्लेमड द लैंड्स ऑफ़ ऑफ केरला कोंकण का जो ये है तो जब रिसीडिंग ऑफ ओशन हुआ ओशन लेवल्स डिक्लाइन हुए तो बहुत सारा लैंड पोर्शन जो है वो निकल के आया हम सो द परक्षुम पीपल फ्रॉम नॉर्थ ईस्ट ऑफ ईरान हम से वहां से ये परक्षुम एक लैंड थी छोटी सी वहां से ये लोग जो है नीचे तक आते थे आपके कोकण एरिया हो गया केरला तक और वो लैंड को
(13:30) रिक्लेम किया था उन लोगों तो टुलूस जो लोग हैं टुलू नाडू के इवन महाराष्ट्रियंस में भी जो कंकर्नीज हैं उनमें भी ईरानियन और रशियन जींस जो है वो मिल जाते हैं हम तो कनेक्शन था मतलब ईस्टर्न ईरान से लेकर के बलूचिस्तान से लेकर के नीचे केरला तक कंटिन्यूटी थी मतलब मूवमेंट था पूरा ओके ओके सो दीज़ आर ऑल नॉट मिथ्स हम दीज़ आर फैक्ट्स राइट इनको एक स्टोरी फॉर्म में हमें बता दिया गया है हां कि उन्होंने डराया वरुण को और फिर लैंड ले लिया इतना तो एक्चुअली में सी लेवल जो है डाउन गया था एंड सो मच ऑफ़ एरिया जो इंडिया के चारों तरफ में जो अगर 12,000 बीसी का
(14:13) मैप देखेंगे तो इंडिया वाज़ मोर ब्रॉडर हम और नीचे भी मोर लगर हम क्योंकि लैंड पोर्शन एक्सपोज हो गई थी सी लेवल रिसीड हो गया था हम ऐसा [गला साफ़ करने की आवाज़] राइट तो जब हम ये बोल रहे हैं कि परशुराम जी वो कोस्टल एरिया से ले रहे थे तो तब यह रामायण का ही पीरियड था। रामायण के पीरियड के बहुत पहले बहुत पहले हां ऑलमोस्ट 12,000 इयर्स एगो बिफोर रामायण बिफोर रामायण तो मैम परशुराम जी की ऐज तो फिर 12,000 साल हो गई। नहीं ऐज नहीं हुई उनकी। फिर वो एपिथेट है उनका। ओके। ही इज़ अ सिंपल वे में कहें तो जैसे राम के पुत्र लव कुश है तो उनको राम
(14:58) मतलब राम राम का भी एक एपिट जैसा दे सकते हैं। ओके ओके है ना तो वैसा कि वो राम ही थे ऐसा बोल हां मतलब वो उन्हीं के वंश के हैं तो हम उनको सेम उपाधि दी जा सकती है इस तरह से ओके यानी मेरे आगे जो बच्चे होंगे बच्चे होंगे तो उसके साथ भी नाम लग जाता है ना जैसे कि सदर्न इंडिया में अभी भी सात लोगों के नाम के बाद आपका नाम आता है लास्ट में तो उसी तरह से वैसा नाम लिया जा सकता था तो शॉर्ट फॉर्म में फिर वो परशुराम ही बोलने लगे कि ये परशुराम है जैसे वशिष्ठ है वशिष्ठ के पुत्र हैं जो सिर्फ पूरे ऋग्वेद में [गला साफ़ करने की आवाज़] जो एक वॉर हिम है जिसमें बैटल ऑफ 10
(15:38) किंग्स है। उसमें ही आया है। उसमें आया है कि वशिष्ठ छह छह मंत्र कुछ आधे मंत्र हैं। उसमें वशिष्ठ पुत्र नाम आया है। तो वशिष्ठ पुत्र नाम आने का मतलब हुआ कि वशिष्ठ को शायद कुछ हो गया होगा। हम तो अब वशिष्ठ पुत्र जो है वह अब पूजा अर्चना कर रहे हैं या मंत्र जो है वह पढ़ रहे हैं या मंत्र को देख रहे हैं। उसके बाद हमें वशिष्ठ पुत्र का ऐसा कहीं पे भी उल्लेख ना रामायण में मिलता है ना महाभारत में मिलता है। तो दैट मींस कि वशिष्ठ ही माना जाता है। मतलब रामायण में भी जो वशिष्ठ हैं वो मेजर प्रीस्ट हैं दशरथ के। अच्छा। तो लेकिन हम उनको यही कहेंगे कि
(16:21) वशिष्ठ हैं। उनका एक्चुअल नाम कुछ और भी हो सकता है। सपोजिंगली दशरथ मैं बोल रही हूं। तो दशरथ का नाम नेम ही था। बट दशरथ इसलिए कहा कि ही हैज़ द स्ट्रेंथ ऑफ़ 10 बॉडीज। हम रथा मींस बॉडी। सो ही हैज़ द स्ट्रेंथ ऑफ़ 10 बॉडीज। इसलिए दशरथ है। ना कि 10 चैरियट खींच रहे थे इसलिए नहीं हो रहा था। इट वास द स्ट्रेंथ ऑफ़ 10 बॉडीज। दशानन बोले तो इट मींस द ब्रेन ऑफ 10 हेड्स। ओके। इतना उनका ब्रेन वर्क चलता था। तो रावण को जो दशानंद बोलते हैं वो वो इसलिए बोलते हैं। ओके। और उसमें ये जब आता है कि एक सर गिर गया, दो सर गिर गया। वो रामानंद सागर जी का
(17:05) इमेजिनेशन है। बट दशानंद का जो है वो मीनिंग यह है कि ही हैज़ 10 इंटेलिजेंस 10 पीपल के बराबर था। ओके। तो दशरथ को कहा गया कि ही रूल फॉर 6ाउज इयर्स। एंड रामायण में एक बहुत इंटरेस्टिंग बात आती है जिसमें निष्ठा का वर्ड आया है। इट इज वन ऑफ द नक्षत्र स्वाति। तो हनुमान जी बोलते हैं हे ईश्वर मेरा भगवान से प्रार्थना करते हैं कि मेरा जो फ्लाइट पाथ हो वो निष्ठा के जैसा हो। हम हम यानी कि वो निश्या मींस फॉरेनर भी होता है इसमें ब्राह्मण ग्रंथ में मेरा पाथ जो है वो स्वाति के जैसा हो और वो जो पाथ है वो एक
(17:52) बार पोल स्टार थी 50 टू 60000 बीसी के बीच में शी वाज़ वन ऑफ द पोलस्टार लाइक वेगा ओके एंड शी क्रॉस्ड दैट एंड ऐसा उसने पाथ बनाया टू कम टु एक्लिप्टिक अभी तक वह एक्लिप्टिक पे पहुंची नहीं तभी हम वो शी इस द मोस्ट ब्राइटेस्ट स्टार ऑक्टोरस। उसको हम अभी भी स्वाति नक्षत्र ये 27 नक्षत्रों में एक मानते हैं। जबकि वो एक्लिप्टिक के जो भी हमारा जो एक्लिप्टिक पाथ मतलब जो सन जहां से उग रहा है डूब रहा है। हम उस पाथ पे जो जितने भी नक्षत्र हैं वो भी सन के साथ उगते हैं और डूबते हैं। लेकिन स्वाति बहुत दूर है अभी भी। शी स्टिल अ फॉरेनर। हम
(18:35) सो निश्या का मीनिंग ही फॉरेनर है। तो अभी तक वो एक्लिप्टिक में पहुंची भी नहीं है। सो लेकिन उसका पाथ ऐसा था। यानी कि जब मैंने उसको ड्रॉ किया सिमुलेशन में जाकर के देख के देन आई फाउंड कि वो इस तरह से सप्तऋषि के पहले लेफ्ट साइड में थी। फिर सप्तऋषि के राइट साइड में आई और अब हम उसको सप्तऋषि के साथ में ऐसे करके फिर ऐसे जोड़ते हैं हम तो वो स्वाति हमें नजर आती है। ये पूरा ट्रैवलिंग पाथ जो है स्वाति नक्षत्र का इट टूक अराउंड मोर देन 50ाउज इयर्स ये हनुमान जी को कैसे पता था हम कि माय फ्लाइट पाथ शुड बी टुवर्ड्स साउथ लाइक स्वाति
(19:18) जब लंका को ढूंढने के लिए जा रहे हैं कि मेरा फ्लाइट पाथ भी स्वाति की तरह हो। राइट? और यह हनुमान जी ने किसको कहा? यह प्रार्थना कर रहे हैं। जब लंका की तरफ जाना कि जब मेरे को लंका की तरफ जाना है तो ईश्वर मेरा फ्लाइट पाथ इस तरह से बना स्वाति की तरह स्वाति की तरह तो रामायण में एक विवरण आया है जिसमें अगस्त नहीं दिखाई दे रहे हैं बट सदर्न क्रॉस को देखते हुए साउथ चलो सदर्न क्रॉस के लिए बोला ये मेरे पूर्वज हैं त्रिशंकु जो उग रहे हैं अब हम इसको देखते हुए साउथ की तरफ चलते हैं हम एंड आफ्टर रीचिंग महेंद्रगिरी वी विल बी एबल टू सी अगस्त बिकॉज़ 10 डिग्रीज का
(20:00) डिफरेंस था पोल पॉइंट से। तो जब वह महेंद्रगिरी 8 डिग्री नॉर्थ पे पहुंचे तो 2 डिग्रीज के आसपास से वो उग रहा था और डूब रहा था। ओ इट्स वै सिंपल मैथ्स ना हम कि उसका डेक्लिनेशन जो है वो 80° है या 78 डिग्री है। तो 12 डिग्रीज दूर जो सदर्न पोल पॉइंट है उससे 12° दूर उगेगा और डूबेगा। कहां? इक्वेटर से। हम लेकिन अगर हम महेंद्रगिरी पे खड़े हैं इक्वेटर से दूर। हम तो वहां पे आते-आते उसका डायमीटर जो है रेडियस जो है वो छोटा हो गया। ओके है ना? सो 8° नर्थ नॉर्थ मींस 12 - 8 हम कितना हो गया? 4° और अच्छा दिखाई देने के लिए हमको कम से कम ग्रेजिंग करता हुआ नहीं चाहिए ताकि 2
(20:44) डिग्री तो ऊपर रहे। हम तो हिपार्कस के उसमें उसने रोड्स में वहां पे उसने 1° 6 मिनट पर कैनोपस राइज़ वहां पे नोट किया था टोलेमिक चार्ट में और हमारे यहां पे 2 डिग्री हम लोग उसको 2° से 4 डिग्रीज का मान मानते थे कि अगर इतना ऊपर है तो वो स्टार जो है वो कैपेबल है टू यूज़ इट एज इन नेविगेशन [गला साफ़ करने की आवाज़] आप ये बता रहे हैं कि उस वक्त रामायण में भी जो यह पीरियड था तब हम स्टार्स को देखकर नेविगेट करते थे कि कहां पर जाना है। राइट? राइट। मैम इसकी एक बार थोड़ी सी टाइमलाइन आप बताएं। उससे थोड़ा सा कॉन्टेक्स्ट सेट हो जाएगा।
(21:26) तो हम सबसे पहले अगर हम इंडस वैली की बात कर रहे हैं तो उसका टाइमलाइन कहां कहां से कहां तक आ रहा है? इंडस वैली का टाइमलाइन आ रहा है ऑलमोस्ट लाइक 3000 के आसपास से जो शुरू होता है विद द वेरी स्पायरल काइंड ऑफ सील्स थे उसमें ज्यादा कुछ बना नहीं होता था ना ग्लिप थे ना उसमें कोई आइकोनोग्राफी थी ना कुछ था बस सप्तऋषि बना हुआ है या फिर कुछ इस तरह के स्पाइरल्स बने हुए हैं वैसा दिखाई देता है। अच्छा एंड प्रॉपर फॉर्म में जिसमें आइकोनोग्राफीस और ये सब चीजें आने लगी ग्लिप्स भी आने लगे दैट इज 2600 टू 2600 बीसी से लेकर के 1900 बीसी 1800 बीसी
(22:10) एंड डिक्लाइन में इसकी भी जो क्या कहते हैं क्वालिटी जो है वो रिड्यूस होने लगती है वो 18 1700 बीसी तक रिड्यूस होने लगती है। ओके। एंड मोस्ट ऑफ द सी्स नाउ आर फाउंड टुवर्ड्स सेंट्रल एशिया रादर दन इन इंडिया जो 10% जो एस्केवेट हुई हैं तो वहां पे नहीं दिख रही हैं। उसकी जगह पे उस तरफ में ज्यादा फैली हुई दिख रही हैं। राइट? तो हमारे जो छोटे-छोटे जो ट्रेडर्स वहां पे रह गए थे वो वो सील्स यूज़ कर रहे थे थोड़े समय के लिए। एंड आफ्टर दैट दैट आल्सो खत्म। राइट? तो इसके बाद क्या आता है? इसके बाद का फिर से एक ब्लैक एज है। डार्क एज है।
(22:52) हमें पता नहीं चलता है कि एक्चुअली में हो क्या रहा था। फिर कौन आए, क्या किया, क्या हुण आए थे कि शक आए थे? कुछ हुआ था क्या कि क्या ऐसे कोई हिस्ट्री बहुत ज्यादा नहीं पता चलती। फिर शिशुनागों का पता चलता है। कौन से टाइम में? शिशुनागों का पता चलता है 1500 बीसीई एक डेटिंग हुई है। उसके बाद नंदों का पता चलता है। ओके। दैट वाज़ आल्सो अरर्लियर इट वाज़ डेटेड अराउंड दिस ओनली और मौर्य व आल्सो डेटेड अराउंड दिस दी टाइम नंदों के साथ ही हां मतलब नंद मौर्य और शिशु नागास एंड ऑल मैम ये सारी ट्राइब्स हैं नंद ये सारी एक तरह की ट्राइब्स हैं।
(23:32) ओके नंदा मेरे ख्याल से नमदानीज हैं। नमदानी एक शब्द आया है सुमेरियन टेक्स्ट में फॉर द ऑफिशियल्स। तो जो नमदानीज यहां पर जो सुमेरियन नमदानीज जो यहां पर रह गए थे सेंट्रल एशियन लोग वो मेरे मुझे ऐसा लगता है कि वो नंदक कहलाए तो संस्कृत में हम उसका संस्कृत किया तो हमने नमदानी को नंद कहा तो पॉसिबिलिटी ये है कि वो लोग सेंट्रल एशियन थे बट फिर वो बिल्कुल इंडियन हो गए प्रॉपर इंडियन हो गए तो जिनका नंद सरनेम होगा वो यही होंगे पॉसिबल पॉसिबल है बिल्कुल कि सेंट्रल एशियन उनमें ईरानियन कुछ उसमें जो है जेनेटिक्स मिले पॉसिबल बट दे कंप्लीटली बिकम इंडियन मतलब हमारे यहां के
(24:19) यज जो है जो पद्धतियां हैं उसको उन्होंने स्वीकार किया वही वैसे ही रहे बट मैम हम इसका मतलब हमारे मतलब भारत में बाहर से लोग आना शुरू हो गए थे इसका इसका ये मतलब बोलेंगे एक सेंट्रल एशिया के साथ में बड़ा कॉर्डियल रिलेशनशिप था तो धीरे-धीरे ऐसे एक दूसरे में शादियां हो रही थी शादियों को लेकर के बड़ा एक इंटरेस्टिंग है फ्रेज़ लंका नहीं लाड़ी अ घोगा ना वर यह मैंने पहले भी एक पडकास्ट में बोला हुआ है। बट यहां पे फिर से रिपीट कर रही हूं। दिस इज अ फ्रेज़ व्हिच इज यूज्ड फॉर बाय गुजराती इफ समबडी मैरीज आउट ऑफ देयर कास्ट। हम तो बोलते हैं अरे लंका नहीं लाड़ी यानी
(25:03) घोगा वर हो गया यहां तो। या तो झोल हो गया ना। सो समथिंग ऑफ़ दैट काइंड। हां बट उसमें हिस्ट्री छिपी हुई है कि लंका की वाकई में लड़की का जो ब्याह है वो गुजराती लड़के से होता था। ओके हां और एक तरीके से राइस का जो 1900 बीसी का जो स्ट्राटा है उसमें से जो राइस के हमको बलूचिस्तान के एरिया में उगाने का देखने को मिलता है। जबकि यहां पे सिर्फ मिलेट्स खाए जाते हैं। हम गुजरात से लेकर के पूरा बलचिस्तान के एरिया तक। तो दे आर मिलेट बेस्ड। हम अह बाजरे की रोटी खाएंगे, रोटला खाएंगे एंड ऑल। अह लेकिन उस समय एक अचानक से राइस उगाया गया है।
(25:45) हम सो बिकॉज़ ऑफ़ द तमिलियंस जो कि वो वहां पे गए तो उन्होंने वहां पे वो राइस उगाने की भी कोशिश करी। एंड सम स्ट्रेटा इन गुजरात इस आल्सो फाउंड कि वहां पे भी राइस जो है उगाने की उगाए गए और खाए गए। जिस समय में प्रिवेलेंट रहा उस समय में वो यूज़ हुआ। उसके बाद फिर वो नहीं मिलता। सो दैट शोज़ कि इंटर जो रीजंस हैं उसमें मैरिजेस जो है वो हो रही थी। राइट राइट राइट? तो इंटरकास्ट भी हो रही होंगी। कास्ट सिस्टम मैं नहीं बोल सकती कि इतने प्रॉमिनेंटली उस समय आया हो। ओके। इट माइट बी अ वेरी लेटर स्टेज। ऐसे तो ऋग्वेद में हम जो पुरुष को हमने चार उसमें
(26:27) डिवाइड किया हुआ है। मैं यहां पर फिर स्पेशली बोलना चाहूंगी कि देयर इज नो नथिंग लाइक कि शूद्र जो है वो बहुत ही लोअर कास्ट के हैं। ये था ही नहीं। ऐसा कुछ भी नहीं था। एक अगर पुरुष है आपने एक कॉस्मिक फिगर कॉस्मिक गॉड को आपने चार पार्ट में डिवाइड किया है। तो ब्राह्मण को आपने कहा है कि हेड पोर्शन है। क्षत्रिय को आपने बाहु दिया है। वैश्य को आपने जो योनि पोर्शन से लेकर के जो उदर पोर्शन है वह दिया है। और शूद्र को अगर लेग दिया है, तो अगर सपोज़ करिए कि एक जो पुरुष जो कॉस्मिक पुरुष है, उसके अगर लेग्स हम काट दें, तो क्या वो चल पाएंगे?
(27:11) सो, एव्री कॉम्पोनेंट ऑफ़ द बॉडी इज़ वेरी इंपॉर्टेंट। करेक्ट? है ना? एंड शूद्रा द मोस्टेंट क्योंकि जो हमें मूव कराता है कहीं पे। राइट? सो, द मोस्टेंट इज़ दैट पोर्शन। मैम इसका मतलब यह सब हमने बाद में मैनपुलेट करके बोल दिया कि तू शूद्र है। तू ये है ये है। वो डिवीजन क्रिएट कर दिया। वो डिवीजन क्रिएट कर दिया। एस्ट्रोलॉजी में तो उल्टे ऐसा है जैसे कि मैं अश्विनी नक्षत्र में बोर्न हूं। हम और मेरा वर्ण जो है क्षत्रिय है। माय मदर इज वेरी फेयर। बट आई एम नॉट। क्षत्रिय वर्ण मींस रेडिश अह टैन कलर। सो
(27:54) इवन आवर सेजेस न्यू कि इस नक्षत्र में इस समय में ऐसे जन्म लेंगे तो उसका वर्णन भी क्या होगा? सो सपोजिंगली किसी के घर में आप देखेंगे कि कोई तमिलियन फैमिली है या कोई ऐसी फैमिली जिसमें सभी कम सभी का कंप्लेक्शन जो है वह डार्क है। सडनली यू विल फाइंड वन वेरी फेयर इन इन दोज़। हम ही विल बी योर ब्राह्मण वर्णा। आई कैन 100% गारंटी यू कि आप उसका कुंडली खोल के देखेंगे ना तो उसमें वह वर्ण लिखा होगा ना तो ब्राह्मण वर्ण ही विल बी इंटेलिजेंट आल्सो द शूद्र वर्णन इसी चार वर्णों में अगर शूद्र वर्ण में आप पैदा हुए हैं एस्ट्रोलॉजी की बात कर रही हूं मैं
(28:38) ऋग्वेद की नहीं है ये ये ये सिंपल एस्ट्रोलॉजी जिसमें हम अह ये करते हैं एक दूसरे का हम कुंडली मिलान करते हैं देखते हैं जो कुंडली बनती है हां उसमें चार वर्ण भी होते हम तो अगर आप शूद्र वर्ण में हैं तो आपका कंप्लेक्शन थोड़ा सा डार्क हो सकता है या फिर आप बहुत ही कर्मठ हो सकते हैं। इसका यह कहीं कतई मतलब नहीं है कि वो मतलब फेंक देने योग्य है। ऐसा कुछ भी नहीं है। तो हमारे एस्ट्रोलॉजी में भी यह नहीं है। मैम फिर इसका मतलब ये सब कुछ जो थॉट्स हमारे अंदर डाले गए कि हमारे पूर्वज डिवाइड एंड रूल करने के लिए तो वो था नहीं कभी वो कभी नहीं था ब्रिटिशर्स लेके आए
(29:22) ज्यादातर तो अनटचेबिलिटी अनटचेबिलिटी भी वो उनकी वजह से आया क्योंकि ये काम उनको फिर दे दिया गया बिकॉज़ टॉयलेट्स जो है घर के अंदर बनने लगे तो फिर बट सर ये तो उन्होंने दिया हमारा तो मतलब इतिहास में ये है ही नहीं फिर नहीं है मैं तो शूद्र को सबसे इंपॉर्टेंट मानती हूं मैम वो तो फिर हमारा ही पार्ट ऑफ बॉडी हो गया था। हां हमारे बॉडी पार्ट के एक पार्ट है ना। राइट? तो फिर वो कैसे अलग हो सकते हैं हमसे? दे आर पार्ट ऑफ अस। या दे आर पार्ट ऑफ अस। अब आप देखो माइंड में कितना ज्यादा इनफ्लेक्ट कर दिया। बिल्कुल। और ये बहुत गलत कर दिया है।
(29:56) और अब मैम आप देखो बच्चे कोई भी आएगा वो जब पढ़ेगा हम इतने गलत थे तो पूर्वज जी हमारे बेवकूफ थे। उसके मन में और क्या आएगा? क्या आएगा? हमको डाउन करके रखा गया ना। बिल्कुल ऐसे दबा के दबा के रखा गया कि आप मत सोचो मत कुछ भी हम एक बहुत इंटरेस्टिंग जब मैं ऑफिसर्स मस्ट डिजाइन कर रही थी सो आई केम अक्रॉस अ कर्नल तो उन्होंने मुझसे कहा कि मैडम अ हमारे यहां पे नीचे से ले ऊपर तक डिफरेंट-डिफरेंट रहते हैं। जैसे कि टू आईसी है, कैप्टन है, फिर मेजर है। उसके बाद टू आईसी है। फिर कर्नल है। देन
(30:41) ब्रिगेडियर। सो अ वंस द पर्सन टू आईसी कर्नल ने टू आईसी को ब्रिगेडियर ने कर्नल को बोला कि घोड़ा लगाओ। हम घोड़ा 11:00 बजे लगाना। तो कर्नल ने सोचा कि 11:00 बजे थोड़ा सा ऊपर नीचे हुआ तो चलो 10:30 लगा देते। हम तो उसने अपने नीचे वाले टू आईसी को बोला कि तुम 10:30 बजे घोड़ा लगा देना। हम तो टू आईसी ने सोचा कि यार कुछ इधर मिस्टेक हुई तो उसको 10:00 बजे लगाते हैं। तो 10:00 बजे लगा दिया। उसके बाद उसने नीचे मेजर को बोला तो मेजर ने बोला बाप रे कुछ गड़बड़ हुई तो उसको चलो आधा घंटा पहले
(31:25) लगा देते हैं। तो प्रॉपर टाइम पे उनको मिल जाएगा। ऐसे करते-करते जब सबसे नीचे कैप्टन के पास पहुंची बात और उसने जब वह लगाया उसके बाद और भी आते हैं तो वह उन्होंने लगाया तो इट केम आउट टू बी लाइक 7 ओ क्लॉक इन द मॉर्निंग नाउ द ब्रिगेडियर केम आउट ऑफ ह हाउस एंड ही सेड कि मैंने तो 11:00 बजे घोड़ा लगाने बोला था तुमने इसको 7:00 बजे क्यों लगाया तो उसने बोला मैंने सोचा तो उन्होंने बोला तुमने सोचा क्यों डड आई टेल यू टू कि सोचो हम्म। सो दैट इज व्हाई हम जब बहुत ज्यादा सोच करके और फिर उसको डिफॉर्म कर देते हैं ना चीजों को। सो इट गेट्स इनफ्लेटेड।
(32:06) राइट? राइट। तो ये ये प्रॉब्लम है हम लोगों के साथ। राइट? सो मैम अब हम अपनी टाइमलाइन में आगे चलते हैं। अब मौर्यन पीरियड आ गया। जी। अब मॉरन पीरियड का ईयर क्या बताया था आपने? मौर्यन का पीरियड भी डिबेटेबल है। अह एस पर अर्थशास्त्र के अंदर जो मुझे एक श्लोक मिला है उसके हिसाब से जब हम डेट करते हैं इट शुड कम अराउंड 1500 बीसी। ओके। बट अलेक्जेंडर के आने का और चाणक्य का चंद्रगुप्त का उसके साथ में रिलेशंस निकालने का तो 323 बीसी का मानते हैं। कि दैट टाइम अलेग्जेंडर केम। ओके। सो उसकी टाइमिंग्स जो है अभी भी डिबेटेबल है। एलेक्जेंडर जब भारत में आया तब उस वक्त
(32:49) भारत में कौन राज कर रहा था? उस समय कहते हैं कि चंद्रगुप्त मौर्य जो थे वो थे या फिर उसके पहले के जो नंद हैं वो थे। मतलब दैट वाज़ अ कस्प पीरियड ऑफ़ नंद एंड चंद्रगुप्त मौर्य। ओके। सो देयर इज नो डेफिनेटिव कोई भी एविडेंस जिसमें चंद्रगुप्त जो है वो एलेक्जेंडर के साथ लड़ रहा है। और एलेक्जेंडर इंडिया कभी जीत क्यों नहीं पाया? क्योंकि वो जीत ही नहीं सकता था। वो सिंधु के अंदर ही नहीं जा पाते। जब सिंधु के पास में आकर वो जो एलेक्जेंड्रिया यहां पर जब उन्होंने बनाया हम एट इंडस उसके आगे जाने के लिए जब उन्होंने सोचा तो ऑल द कैलकुलेशंस व मेड कि मगध तक
(33:33) जाएंगे। सो दे दीज़ मेनी जनपदस दे विल बी क्रॉसिंग एंड दे विल हैव टू फाइट ऑल दीज़ पीपल। और तब तक ये लोग ऑलरेडी एग्जॉस्ट हो चुके थे। क्योंकि सेंट्रल एशिया का भी जो अ रीजन है वो बहुत एरिड है हम और बहुत हारश है। ग्रीस का वैसा नहीं है। हम सो जब वो लोग वहां से निकले थे तो दे दे डिडंट इमेजिन कि इतना हारश वो पूरा सारा एरिया देखेंगे। बलूचिस्तान वाज़ वेरी हारश जब उसको क्रॉस किया तब तक तो ये लोग कंप्लीटली एग्जॉस्ट हो चुके थे। राइट राइट? देन दे थॉट कि उनकी खुद ही की ट्रूप्स ने रिवोल्ट कर दिया। एलेक्जेंडर हां वो टैटर्ड हालत में थे और बहुत ही
(34:16) हालत खराब। सो जैसे हम हमेशा सुनते हैं कि बाहर से हमारे देश में लोग आए। हम कभी इंडिया के किंग्स के मन में ऐसा नहीं आया कि हम भी कहीं अब बाहर जाके जगह ले लें। तो हम ही तो थे सब जगह। बिरधर्श सुतारना हम ये बताता कौन है? किसी ने बोला मेरे पहले तक तो किसी ने नहीं बोला बताइए मैम कहांहां था कौन हम लोग अनातोलिया तुर्की में थे हम हम लोग लेवान ट्री रीजन में थे हम लोग माउंट सनाई पे थे दैट इज नियर इजिप्ट हम लोग इजिप्ट नाइल के पास में थे हमने वहां पे भी अपनी पॉलिटीज बनाई मेलुखा और मगन नाम से ही हम सो बिकॉज़ क्योंकि हम इंडस सील्ड डिसाइफर
(35:00) नहीं कर पाए थे हम तो ये हमें उतना हम लोगों उनको मालूम नहीं पड़ता है कि हम कहां-कहां पे फैले हुए थे। बट मैम सिर्फ एशिया ही होगा। एशिया इजिप्ट तक अफ्रीका तक। अच्छा। एंड इवन ग्रीस मतलब ये हमारा वर्ल्ड मैप है। तो हम कहां पर होंगे और कौन सी ईयर की बात होगी? हम लोग यहां से लेके पूरा ये एनाथोलिया रीजन। यह रेड सी के ऊपर भी हमारी कॉलोनीज़ थी। माउंट सनाई वाला जो रीजन है ये ये है लिवांड। इजिप्ट नाइल के पास में यहां पर भी हमारी कॉलोनीस थी। तो हम इस तरीके से ट्रेड कर रहे थे यहां तक जो कि दो बड़ी सभ्यताओं को कवर कर रही थी एंड ग्रीस भी कवर कर रही थी। सो
(35:42) माय सीनियर्स जो है वो मकस हां मकरानी ओके सो दे वर आल्सो लाइक इंडियन ट्रॉय तुरियान हम तुर्वसु काइंड ऑफ पीपल राइट राइट या और मैम बाकी दुनिया में क्या था फिर चाइना रशिया वहां पे भी पपुलेशन थी उनकी भी अपने खुद की सिविलाइजेशंस हो रही थी राइट बट हम ट्रेड कर रहे थे हर जगह हां हम लोग पीसफुल लोग थे मर्सिनरीज तक हम सप्लाई कर रहे थे वेदास एंड सतियापुत्र ये सब भी हम दे रहे थे। राइट राइट जैसे ब्रिटिश टाइम में जैसे हम बोले कि ब्रिटिशर्स जो हैं ब्रिटेन जो है दैट इज वेरी इक्वल टू छत्तीसगढ़ हम
(36:24) एरिया वाइज हम इतना छोटा सा ब्रिटेन क्या वर्ल्ड वॉर टू जीत सकता था बिना इंडिया इंडियन सोल्जर्स के हम नहीं जर्मन ही जीत जाती करेक्ट लेकिन वो हम इंडियंस थे हम हम पूरे हमने उनकी फौजों में हमारे लोग थे केव ऑफ हॉरर नियर द डेड सी यहां पर क्या मिला? ओ यहां पे बहुत ही एक नायाब बास्केट मिला। ओके जो कि जिसकी विविंग नाउन इट इज प्री बिब्लिकल ना बाइबल में कहते हैं कि 4004 बीसी में पूरा अर्थ बना हम अब वहां पे एक बास्केट डेड सी में उन जेरूसलम के पास में अब डेड सी है हम
(37:09) उसी एरिया में मतलब सेंट्रल एशिया में वहां पे डेड सी में आपको अचानक से एक बास्केट मिलता है जिसमें ग्रेंस भर के रखते थे एंड बास्केट इज ओवन एज गुड एज लाइक हमारे जो नॉर्थ ईस्ट में जो वीविंग होती है ना हां सेम वैसे ही है। सो कैन यू इमेजिन कि लोग ग्रेंस को जमा करके रखने के लिए भी इतने बड़े-बड़े बास्केट वीव कर रहे हैं 10,000 बीसी में और हमारे लोग लगे हुए हैं कि 2000 साल बीसी में तो लैंग्वेज भी नहीं थी। हम सो पर्सन हु इज वीविंग वोंट ही बी हैविंग अ लैंग्वेज। हम राइट? और मैम मटेरियल भी तो उस वक्त का अभी तक जो वो वैसा का वैसा इंटैक्ट रह गया। दैट इज
(37:51) समथिंग वैस्टनिशिंग अबाउट डेड सी केव इतना ड्राई और वैसा था कि वो वैसा का वैसा ही रह गया। इवन डेड सी के जो स्क्रॉल्स और वो सब जो मिलते हैं जिसमें नई बाइबल उन लोगों को मिली है जो अभी तक छुपा के बैठी है रोम बताना नहीं चाहती है उसके बारे में कि उसमें लिखा क्या है अदरवाइज क्रिश्चियनिटी जो है वो डिक्लाइन हो जाएगी ओके सो देयर आर थिंग्स व्हिच आर वेरी मच नाइसली प्रिजर्व्ड इन द डेड सी एरियाज हम राइट राइट ये मैम ये जो आपको नर्मदा स्कल मिला ये हमें दो लाख साल पुराना था ये ये दो लाख साल पुराना बनाना था और इंटरेस्टिंग बात यह है कि इसकी जो
(38:30) क्रेनियल कैपेसिटी है जो ब्रेन की अ वो काफी होमो सेपियंस से मिलती जुलती है। ओके लेकिन उसके लिए कई रिस्चर्स ने कहा कि होमोहेडल बर्गसिस हो सकता है हम या होमो इरेक्टस हो सकता है। हम लेकिन एक बहुत ही कंट्रोवर्शियल अह रिसर्चर हुई। अ मेलसी डैमिक ओके एंड एंड डमिकॉट मैलेसी हम इन्होंने निकाला कि ये होमोसेपियन ही लग रहा है उन्हें और उनका रिसर्च पेपर ट्रैश कर दिया गया था। सो यहां पे भी पॉलिटिक्स चलती है बहुत हम इवन जो हमारे इसमें हर जगह ही एक टाइप की पॉलिटिक्स है
(39:19) कि इंडियन सिविलाइजेशन को किसी भी तरह से ऊपर ना लाके बताया जाए। कैसे भी करके उसको यानी कि वहीं पर दबा दिया जाए। राइट? इंडिया अपने प्राइम में इन द पास्ट अगर हम हिस्टोरिक किसी भी अगर हम सेंचुरी में जाते हैं हमारा सबसे एविडेंट एडवांसमेंट क्या थी? अ जीडीपी पे कंट्रोल बिकॉज़ वी वर वेरी इंडस्ट्रियस पीपल। जो इंडस वैली सिविलाइजेशन की जो सील्स मिलती हैं हम और जिस एरिया में मिलती है वो लगभग कितने लाख स्क्वायर किलोमीटर माइल्स में फैली हुई है। यूफ्रेटिस और टाइग्रीस की जो मेसोपोटामिया की जो सभ्यता है
(40:02) और इजिप्ट की सभ्यता है वो भी मिला दें तो वो हाफ ऑफ द इंडिया है। इट वाज़ 1/4 ऑफ द इंडियन जितना हम लोग प्रोडक्शंस कर रहे थे। किस चीज की प्रोडक्शन कर रहे समथिंग लाइक अभी जो चाइना करती है ना प्रोडक्शन सारी चीजें जाके वहां पे बन रही हैं। तो वैसे इन जो हमारा ये पूरा अफगानिस्तान से लेकर के मुंडीगाक अफगानिस्तान में जय अजय ये जितने भी बादशान वाला जो एरिया है जहां से लापिज लाजुली लाई जाती है। देन ब्लैक साल्ट देन बहुत सारी चीजें जाती थी। मेरे पास अभी इसमें 1160 के ऊपर इन्वेंटरीज हैं। जबकि 62 इन्वेंटरीज जो है वो सुमेरियन टेक्स्ट में मिली हैं।
(40:45) कि 62 टाइप की चीजें जो है वो उनको मेलुखा और मगन से चाहिए होती थी। और हम लोग इंटर हंटरलैंड्स में भी और इंटर पोर्ट्स में भी एक दूसरे को भी हम चीजें दे रहे थे तो वो चीजों के नाम भी आए हैं। इंटरेस्टिंग थिंग वाज़ जब हम इतनी सारी चीजें उनको दे रहे थे तो हमें उनसे क्या चाहिए था? हम हमें उनसे विटामिन चाहिए था। विटामिन एंड उनका सिल्वर थोड़ा प्योर था। सिल्वर तो हम अपना सिल्वर भी दे रहे थे उनको बट हम उनसे भी सिल्वर ले रहे थे। सो देयर आर मेनी इंस्टेंसेस जहां पे लिखा है कि इतना वूल इसको दे दो और उसके बदले में उससे सिल्वर ले लो। सो देयर वाज़ अ बार्टार्टर सिस्टम
(41:24) कंप्लीटली। तो इंडस वैली में जो सील्स निकल के आई है उससे यही पता चलता है कि बंकरिंग पोर्ट्स थे। हम देन प्लीट्स ऑफ शिप थी जो कि सदर्न इंडियन एबोनी से लेकर के ब्लैक एबोनी से लेकर के उनको बहुत फैसिनेशन था ब्लैक एबोनी को लेके हम लाइक द टेंपल्स ऑन द जिगोरेट वेर वाइट कलर इट वाज़ कैल्शियम बेस्ड कैल्शियम भी जाता था अपने यहां से मतलब बहुत सारे आइटम्स जो है वो यहां से जा रहे थे ये मैम बेसिकली ट्रेड की बात कर रहे हो आप और हमें इंडस वैली सिविलाइजेशन जिसके बारे में और हम इन डेप्थ बात करेंगे इसमें हमें और प्रूफ मिलते हैं कि उस वक्त क्या हो
(41:59) रहा था अभी जी राइट मगन और क्या ये ये दो जगह के नाम है जो 100 इयर्स से रिस्चरर्स लगे हुए हैं कि एक्चुअली में कहां है ओके तो वो हम इसमें डिसाइफर कर पाए हैं कि कहां पे रहे होंगे वो हमारी इंडस वैली में मिला है मिला है और वो मैंने दो चैप्टर्स इसमें रखे हुए हैं कि मेलूखा एक्चुअली कौन सी जगह है एंड मगन जो है वो कौन कौन सी जगह थी भारत में ही थी भारत में थी भारत के बाहर भी थी एंट्रोपॉट्स में भी थी मेलूखा खा नाम का एक सिटी मेसोपोटामिया में भी था। सो दे आर वेरी इंटरेस्टिंग नेम्स ऑल ओवर द रीजन। मेलुखा इजिप्ट के पास में भी मिला है जो
(42:42) कि लेटर असीरियन टेक्स्ट में मिलता है कि इजिप्ट के पास में है करके। राइट? तो मैम ये इसका मतलब ये है कि हम ट्रेड कर रहे थे। जीडीपी बहुत अच्छी होगी। इसमें हम ये मान सकते हैं कि भारत में कोई गरीब इंसान नहीं होगा। इसका मतलब बिल्कुल भी नहीं थे। हम इतने वेल ऑफ थे। इतने वेल ऑफ थे कि अ कोई चोरी नहीं होती थी। अ किसी के घर में ताले नहीं लगते थे। अच्छा ताले थे ही नहीं। ताले थे ही नहीं। हम तो और फर्टिफिकेशन नहीं होता था। फर्टिफिकेशन तो स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोंस का हुआ जो कि ये हमें लगता है कि ये सिटीज हैं। ये एक्चुअली में स्पेशल इकोनमिक ज़ोंस थे
(43:22) जहां पे सारी चीजें मैन्युफैक्चर हो रही थी। ओके। तो वो एक फर्टिफाइड एरियाज में होती है। जैसे कस्टम बाउंडेड एरिया बोलते हैं। आज भी हमारे पास कस्टम बाउंडेड एरियाज हैं। आज भी हमारे पास स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोंस हैं। राइट? जहां पे सपोज़ करिए कि कोई चीजें चाइना से आई वो असेंबल हो के यहां से अफ्रीका चली जाएगी। मतलब सिटी के अंदर आने की जरूरत ही नहीं है। ओके। समथिंग लाइक बादशान से आपका लापीज़ लाजुली आया। अच्छा। यहां पे इसकी ग्राइंडिंग पॉलिशिंग हुई और इसका ड्रिलिंग हुआ और उसके बाद फिर यह आगे जो है मेसोपोटामिया चला जाएगा या ग्रीस चला जाएगा या फिर इजिप्ट चला जाएगा।
(44:04) तो मैम और क्या-क्या ट्रेड होता होगा जैसे ब्लैक साल्ट आपने बोला। अ ब्लैक साल्ट भी है, पोटाश है। पोटाश इसलिए था कि दे यूज्ड टू एच द कार्लेनियंस। तो वो भी था बियर है बेयर जार्स थे तो उसमें अंदर पूरा विटामिन की लाइनिंग करके टॉरपिडो काइंड ऑफ जार्स जो है बमबामबाक कोटाई में अभी मिला है फर्स्ट सेंचुरी सीई का वो सिमिलर टाइप के जार्स हमारे इं्रिप्शन में सील्स में ग्लिफ फॉर्म में है तो वो जार में बेयर भर के जा रहा है वो भी पहुंच रहा है वहां पे और मतलब फूड मसाले
(44:52) फर्नीचर्स ऑल टाइप ऑफ फर्नीचर्स स्टील आयरन एज थोड़ा सा लेटर आया है ओके बट कॉपर टिन लापीज लाजुली सोडा लाइट अ जो भी चीजें अगेन फ्रॉम नर्मदा रीजन जिसकी कि कारनेलियंस बीड्स जो हैं वो बनते हैं। अरावली से सोडा लाइट अ इतनी सारी फर्नीचर तो ऑल टाइप ऑफ़ फर्नीचर्स लाइक चेयर टेबल्स बेंचेस सैक्रिफिशियल बेंचेस सैक्रिफिशियल बेंचेस ऑफ स्टोन कितनी सारी चीजें हैं इसमें इन्वेंटरीज
(45:37) में आप पढ़ेंगे तो दंग रह जाएंगे। ये मैम कौन सा क्या मैन्युफैक्चर कर रहे हैं? वंडरफुल। तो मैम ये हम कौन सा ईयर बता रहे हैं? यह जो ट्रेड हो रहा है यह जो ट्रेड हो रहा है अकडियन पीरियड में सुमेर के मेसोपोटामिया के अ600 से 1900 बीसी तक दिस वास द मैच्योर्ड हड़प्पन फेस ओके हमारे यहां पे मैच्योर्ड है कि यहां पे हम बहुत सारा मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हैं और इसलिए हमारी जो सिटीज भी हैं वो भी बहुत अच्छी फर्टिफाइड सिटीज हैं। ओके जो क्ले ब्रिक्स हैं वो इतनी प्रॉपर है कि आप उसको भेज नहीं सकते दूसरी तरफ जाके उसको कुछ चुराने के लिए या लेने के लिए इस तरह से
(46:18) तो थोड़ा सा उस समय में ये हुआ कि स्पेशल इकोनॉमिक्स ज़ोंस जो हैं वो प्रॉपर होने चाहिए। उसका एक अंश जो है अर्थशास्त्र में मिलता है। ओके। अर्थशास्त्र में आया है कि जो जेम्स एंड जेम्स मेकर्स हैं हम उनसे भी बच के रहना है। ओके? बिकॉज़ दे दे आर द दे दे कैन करप्ट द पीपल। दे कैन गिव द जेम्स इन हायर प्राइसेस टू द आउटसाइड पीपल। सो इसीलिए वो जो सिटीज थी वो फर्टिफाइड थी। और जो सील की सीलिंग्स हैं यानी कि क्ले सील्स क्ले ये जो सील्स होते थे वो स्टेटाइट के बनते थे। स्टोन होता है। यह अरावली में मिलता है। और यह स्टोंस की जो सील्स हैं उसको जब हम क्ले के ऊपर छापा
(47:05) लगाएंगे तो उसका इंप्रिंट उस पे बन जाता है। तो उसको सीलिंग कहते हैं। ओके। तो जो सीलिंग्स हैं टूटी हुई वो गेट्स पे मिली है। अच्छा। मैक्सिमम गेट्स पे मिली हैं। इन सिटीज के। ओके। तो उससे समझ में आता है कि एंट्री और एग्जिट पॉइंट पे देयर वाज़ अ चेक पोस्ट और प्रॉपर्ली लोगों को जो जो अंदर जा पाए वो ही सीलिंग सील दिखाएंगे तो उनका उनको जाने की एंट्री मिलेगी और एक सीलिंग दे दी जाती थी। अब वो सीलिंग को लेके अंदर चला जाता था। अपना काम करता था। जब बाहर आता था तो बाहर वो सीलिंग को तोड़नी पड़ेगी। एंड देन ओनली ही कैन गो आउट। ओके। अब नेक्स्ट टाइम जब आएगा तो वह वही सीलिंग
(47:46) का यूज नहीं कर सकता। सो देयर इज नो चांस ऑफ करप्शन। हम तो जो जितनी चीज तुम लेके गए उसका टैक्स तुमने वहां पे पे कर दिया है। दैट इज व्हाई योर सीलिंग हैज़ बीन ब्रोकन। राइट? अगर फिर से तुम्हें अंदर जाना है। उसी नाम का व्यक्ति अंदर जाना है। जैसे कि एक सील में मिला है अशरानी। अशरानी इज़ स्टिल अ सरनेम ऑफ सिंधी कम्युनिटी। हम एंड सिंध वाज़ इंडस वैली सिविलाइजेशन। तो सिंध कराची एंड ऑल दोज़ आर सिंध बेस्ड नाउ यू वोंट बिलीव कि यही अशरानी जो शब्द है वो अ कुनेफॉर्म टेक्स्ट में भी मिला है। सो नाउ दैट बिकम्स अ रोजेटा स्टोन फॉर मी। हम हम
(48:29) कि नाम वहां पे भी मिल रहा है। मेसोपोटामिया के टेक्स्ट में भी मिल रहा है और मेरी सील में भी असरानी है। हम तो दैट मींस कि दीज़ असरानी पीपल आर दैट ओल्ड एंड दे शुड बी प्राउड ऑफ़ इट। राइट फ्रॉम इंडस इंडस वैली सिविलाइजेशन टाइम्स दे हैव कैरीड द सेम नेम एज इट इज हम सिमिलर टू समराज जाट दे हैव कैरीड द सेम नेम एज इट इज़ तो देयर आर मेनी गोत्रस क्लॉकिक गोत्रस व्हिच हैज़ इमर्ज्ड इन दिस बुक एंड पीपल शुड बी वेरी अ प्राउड ऑफ इट कि वी आर दैट ओल्ड पीपल हम हु हैव लिव्ड सो मेनी डिफरेंट टाइप ऑफ वॉर्स एंड ऑल दोज़ थिंग्स एंड स्टिल सर्वाइव्ड
(49:12) राइट ना ऑल दोज़ वॉर्स राइट तो मैम ये जो आप सर नेम बता रहे हो असरानी जी तो अभी भी आज भी हम कह रहे हैं कि असरानी आज भी है आज भी और वो तब से चला आ रहा है हड़प्पन पीरियड से हड़प्पन पीरियड से चला रहा है दासानी मिला है मुझे दसानी एक सर नेम मुझे जटों में जदून मिला है जदून जदौन जो है जदौन राजपूत हैं जदून पश्तून ट्राइब है द सेम ट्राइब लेकिन बाद में पश्तों्स हो गए। हम सो दीज़ टाइप ऑफ ऑल दीज़ नेम्स आर अपीयरिंग। ओके। सो दैट मेक्स सेंस हम कि ये लोग उस समय भी थे और हमारे सील में भी दिखाई दे रहे हैं और उनके मेसोपोटामिया के टेक्स्ट में भी दिखाई दे रहे हैं।
(49:56) राइट? मतलब मैम ये हम कह रहे हैं 1900 बीसी। 1900 राइट? मतलब ये जो असरानी बोले हैं मतलब तब से वो आज तक जो भारत में हां असरानी आज तक है एंड असरानी जी डाइड रिसेंटली हम सपोजिंगली उनको ये बात मालूम पड़ती तो हाउ प्राउड ही वुड हैव बीन कि दे आर सो ओल्ड पीपल हम राइट मैम तो जैसे अभी हम जो देखते हैं जैसे शर्मा हो गया या जो बिल्कुल बेसिक हमारे सरनेम्स आ रहे हैं तो ये सब कब आते हैं ये सब भी आना शुरू हो गए होंगे उसी समय में हमने तो सिर्फ 10% अभी हमने 10% भी किया है मैं बता रही हूं बहुत सारे निकल के बहुत कुछ निकल के जब यहां पे थाउजेंड नेम्स निकल के आ गए हैं
(50:41) हम इसमें चेहरा चोला पंड्यास भी आ गए हैं मैम उस वक्त टैक्स लगाते थे सिटीजंस पे बिल्कुल लगाते थे टैक्स टैक्सेशन बिल्कुल था तब भी था तब भी था तब ओके और वो आपस में करेंसी क्या थी कॉइंस के रूप में शुरू ही हो गया था मॉरिन टाइम से ही अ कॉइन इन द सेंस सिल्वर है, गोल्ड कॉइंस हैं। ओके? गोल्ड में इसमें वाटर भी साथ में चलता रहा होगा। क्या दे दो हमें ये दे दो। ये दे दो। ऐसा भी चला होगा क्योंकि वो जरूरत थी। एक दूसरे के लिए जरूरत रही। और उस वक्त वीट नहीं था। वीट इज़ एब्सेंट इन ऋग्वेद है। सो इट आई एम टॉकिंग अबाउट 30,000 बीसी। दैट इज़ अ कंप्लीटली डिफरेंट स्टोरी।
(51:23) सम टाइगरर्स हैं नॉर्दन एरिया में। ये ऋग्वेद हो गया। ऋग्वेद हो गया। ओके। और ये जो हम बात कर रहे हैं ये है यहां पे टाइगरर्स हैं। यहां पे लायंस भी हैं। इंडस वैली में ऑल काइंड ऑफ एनिमल्स हैं। तो यहां पे इस वक्त क्या खा पी रहे हैं लोग? ऑल टाइप ऑफ लेंटिल्स जो आपके दालें हैं, चावल हैं जो भी इसमें अभी पॉटरी के अंदर मिलता है। फैट है, घी है, मसाले हैं, हल्दी है। मतलब हम सब कुछ जैसा अभी खा रहे हैं। सेम वैसा ही सेम वैसा ही खा रहे हैं। रिलीजियसली कैसे हैं हम? रिलीजियसली वी आर मोर हिंदू सॉर्ट ऑफ उसमें भी हमें शिवलिंग एक मिला है टेराकोटा का। सो इट डिफाइन कि
(52:06) हम शिवलिंग की तो पूजा करने शुरू कर चुके थे इंडस के समय में। ओके। हम मतलब ऋग्वेद से हम बहुत दूर आ गए हैं। मतलब वैदिक टाइप्स के जो हवन हो रहे हैं, पूजन हो रहे हैं, वो तो हो ही रहा है। अभी भी होता है। लेकिन अभी भी हम शिव जी को जाके जल चढ़ाते हैं। हम दोनों काम हो रहे हैं। हम हवन भी हो रहा है और ये जो मूर्ति पूजन है वो भी हो रहा है। तो मूर्ति पूजन का थोड़ा सा जो ट्रेंड है वो इंडस वैली से ही शुरू शुरुआत होती हुई दिखाई दे रही है। ये जो शिवलिंग आपको मिला है ये आपको एक सील में मिला है? नहीं टेराकोटा का पूरा प्रॉपर जो शिवलिंग है
(52:46) हां आईबीसी शिवलिंग करेंगे आप तो आपको दिखाई देगा हम देखते हैं हां इट्स वै इंटरेस्टिंग हां दिस इज रियल दिस इज रियल वाओ सो ये शुरू हो चुका था वाओ सो इट वास एज गुड एज आवर सिविलाइजेशन राइट सो वेरी मच लाइक आवर्स मतलब मैम मतलब अ भगवान का कांसेप्ट तो था था बिल्कुल था बिल्कुल था हम हम कितने घूस बम्स आते हैं जब ऐसी बातें सोचते हैं ना आप देखो कि बिल्कुल घूस बम्स आते हैं कि क्या कर रहे थे जिनको हम मंदिरों में पूज रहे हैं वो मतलब असरानी लोग भी पूज रहे हैं दसानी लोग भी पूज रहे हैं [हंसी]
(53:29) हड़प्पा लेफ्ट एंड कालीबंगन दो मिले हैं देखिए सी लिंग फाउंड लेफ्ट या हड़प्पा में मिला है हां और ये भी एक और साइट है ना हां कालीबंगन कालीबंगन साइट में वाओ सो इमेजिन तो मैम आपको क्या लगता है कि जो अ इसका मतलब मैम मंदिर भी होंगे बिल्कुल मंदिर भी होंगे और वुडन होंगे जैसे भी होंगे वुडन जैसे अपने पद्मनाभ टेंपल है हां इट इज़ अ वुडन टेंपल 16 सेंचुरी से सीई से खड़ा हुआ है अभी तक हां नीचे रामडथ आर्किटेक्चर है हम और ऊपर जो है वो वुडन है हम तो इस तरह तरह के टेंपल्स तो आज भी पूरे साउथ में है। हम
(54:13) तो अगर नॉर्थ में भी रहे होंगे मगर तोड़ दिए गए इस्लामिक इन्वेशनंस में और सब में तो खत्म कर दिए गए तो फिर वह घरों में आ गए हम कि वहां पे पूजन हो प्रोटेक्टेड रहे हम कई बार तो कुओं में डाल दिए गए शिवलिंगों को जो काशी विश्वनाथ का है वो कुएं में जब मैं नाइंथ 10थ क्लास में थी तब मैं गई थी देखने के लिए तो बोल कि ये ओरिजिनल नहीं ओरिजिनली इस कुएं में रखा हुआ है वो कुआं भी दिखाया गया था मुझे हम सो ऐसे प्रोट प्रोटेक्ट भी करने के लिए ये सब करना पड़ता था। नदियों में डाल देते थे। मट्टी में गाड़ देते थे। अब निकलते हैं ना कहीं खुदाई में मूर्ति निकल रही
(54:52) है। विष्णु जी की मूर्ति निकल रही है। अभी कहीं इनकी निकल रही है। सो छुपा देते थे। क्या करें? सो इतना सब कुछ हुआ है। लेकिन सदर्न इंडियन में वहां पे इतना नहीं हो पाया। तो अभी भी वो टेंपल्स जो है वो अभी भी हैं। राइट राइट राइट। मतलब मैम हम ये मान रहे हैं कि मतलब ईजीली पद्मनाभ टेंपल को तो डिस्ट्रॉय कर सकते थे पर नहीं कर पाए 16 सेंचुरी से मतलब वहां पे कोई आर्मी भी होगी और वहां औरंगजेब का टाइम था नहीं कर पाए कुछ राइट लेकिन नॉर्थ के सब खत्म कर दिए होंगे उन्होंने बिकॉज़ ही वाज़ स्टच बिलीवर इन दिस थिंग इस्लाम इस्लाम और अपने आप को ग्लोरिफाई भी नहीं किया
(55:31) औरंगजेब ने उसका खुद का जो टोम है हम दैट इज़ वेरी [गला साफ़ करने की आवाज़] सिंपल हम सो ही बिलीव्ड इन मोर सिंपलीसिटी ऑफ़ कुरान साइड जो भी बिलीव करता होगा उसका बिलीफ सिस्टम होगा। राइट राइट और मैम जब हम ऐसा शिवलिंग देख रहे हैं और हम वहां के लोगों के बारे में ऐसा क्या बता सकते हैं व्हेन वी सी देयर रिलीजियस पीपल आज से क्या रिलेट कर सकते हैं और आज से क्या नहीं रिलेट कर सकते मुझे मुझे लगता है हमारे जैसे ही थे सेम हम हम हमारे जैसे माला पहनने वाले अपने आप को सजा कद काठी भी सेम होगा कद काठी भी सेम हर चीज सेम मैम आपने वो बताया था महर्षि आपकी
(56:06) प्रेजेंटेशन में देखा था जो महर्षि अगस्त हैं ही वाज़ ड्वार्फ हां ही वाज़ ड्वार्फ हम वो थोड़े से हाइट में कम थे। यहां हर जगह आया है। एक जगह आया कि थंब जितने थे। सो थंब जितने थे वो दैट मींस एस्ट्रल कि मैंने बताया ना कि इतना सा ही उगा ऊपर। सो थंब जितने में आप देखेंगे ओके दिस मच उगे हैं कैनोफ। सो वो उनकी हाइट जो है कम है। हां। नाउ उनकी हाइट बड़ी भी हुई। हम एक पॉइंट ऑफ टाइम पे जब कुरुक्षेत्र तक भी जो कैनोपस है वो दिखाई दिया। राइट? सो उनकी हाइट बड़ी भी होती है, छोटी भी होती है। ही एक्सपेंड्स एंड कॉन्ट्रैक्ट्स बिकॉज़ ऑफ द सेकंड रूट स्तंभ।
(56:48) सो उसमें इसका मीनिंग है कि इट एक्सपेंड्स। तई का मीनिंग होता है इट एक्सपेंड्स आल्सो एंड इट कॉन्ट्रैक्ट्स आल्सो। ओके। सो इन 13,000 इयर्स इट विल एक्सपैंड द रेडियस विल बी वेरी लार्ज। इतना लार्ज कि जब वो उगता है तो वो कुरुक्षेत्र तक दिखाई देता है। एंड देन इट विल कॉन्ट्रैक्ट। फिर इट विल बी ओनली विज़िबल टू इन महेंद्रगिरी। तो सच अ ब्यूटीफुल नेम ना अगस्त ब्यूटीफुल मैम तो इसमें हम ये भी सोच सकते हैं कि जो इंडस वैली से जो लोग होंगे आते-आते उस वक्त मे बी उनकी हाइट और बॉडी वेट अलग हो सकता है और अब मे बी कम हो गया हो नहीं नहीं ऐसा कुछ भी नहीं हमारे जैसे ही थे
(57:30) ओके ओके बिलकुल ओके ओके उस वक्त क्या टेक्नोलॉजीस का इस्तेमाल हो रहा होगा क्या लगता है आपको अ वेरी सिमिलर टू लाइक जो मौर्यों के टाइम तक जो चल रहा था हम बहुत ज्यादा फर्क नहीं आया था। ओके टर्बंस पहन रहे थे लोग हम क्लोथिंग्स में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। आईबीसी में भी वही पहन रहे होंगे जो हमें अजंता एलोरा के पेंटिंग्स में मिल जाते हैं। हम सो ऑल दीज़ थिंग्स व लाइक वेरी सिमिलर। लैंग्वेज इवॉल्व हुई है समय के साथ? कई लैंग्वेज डाई आउट भी हो गई है। जैसे कि इजिप्शन है, सुमेरियन है। ओके?
(58:14) लैंग्वेज इवॉल्व इन द सेंस कि अभी जो हम बात करते हैं इंग्लिश जो है दैट इज अ बार्बेरियंस लैंग्वेज। हम इसका हां आप समझ ही नहीं पाते कि आप इसको प्रोनाउंस कैसे करेंगे कई चीजों को। हम इट अपीयर्स टू बी वेरी गोलमाल भाषा। सो हम बार्बेरियंस के भाषा को अब एलट मानने लगे हैं। जो वो पहनते थे कपड़े उसको अब हम एलट मानने लगे हैं। हम अ जो कि उनके क्लाइमेट के हिसाब से थी। हम इट वास नॉट ऑफ आवर क्लाइमेट। राइट? तो हर एक जगह की वेश भाषा और जो भाषा है वो इवॉल्व भी होती है। समटाइम्स डाई आउट भी। मैम हमारे पूर्वजों
(58:59) की भाषा क्या थी और कैसे हम लोग प्राकृत और संस्कृत दोनों भाषा में बात कर रहे थे। ओके। लाइक चाणक्य ने जो मुद्रा राक्षस लिखी चाणक्य के ऊपर जो मुद्रा राक्षस लिखी गई है जो प्ले है उसमें चाणक्य जो जो बातें बोलते हैं वो संस्कृत में है। लेकिन उनका जो उत्तर जो उनके आसपास के जो लोग दे रहे हैं वो प्राकृत भाषा में है। तो ये दोनों चीजें जो है वो चल रही थी। प्राकृत में बहुत सारी टाइप की प्राकृत भाषाएं थी। रीजनल वाइज जो है वो उनके रीजन वाइज जो प्राकृत भाषाएं हैं। तो लिस्ट ऑफ प्राकृत भाषा आपको भी मिल जाएगी दैट यू कैन डेमोंस्ट्रेट कि
(59:39) क्या है राइट? तो उन सब भाषाओं में और फिर रीजनल भाषाएं भी थी। जैसे तमिल है, तेलुगु है। ये सब रीजनल भाषाएं भी थी और बिल्कुल लाइव थी ड्यूरिंग इवन चाणक्य टाइम्स। तो जो जितने 16 महाजनपद थे तो उनकी अपनी-अपनी खुद की भी भाषाएं थी। करंट टाइम्स के हिसाब से जो हमारी कल्चरल लैंग्वेज हैं भारत में हां वैसे ही वैसी ही होंगी। हां सबसे ओल्डेस्ट लैंग्वेज कौन सी होगी? अ संस्कृत ही सबसे ओल्डेस्ट है क्योंकि ऋग्वेद में संस्कृत का ही ओल्डेस्ट संस्कृत का जो यूज़ है वो हुआ है। फिर रामायण है वो भी बहुत ओल्डेस्ट है। 12,000 बीसी मैम देवनगरी कहां पे आती है? देवनागरी तो
(1:00:22) यह सब बहुत बाद की बात है। यानी कि 100 सीई आई थिंक 500 बीसी से लेके 100 सी के बीच में कभी देवनागरी प्रॉपर्ली फॉर्म फॉर्मेशन जो है उसका शुरू हुआ होगा। ओके वो भी ब्राह्मी लिपि से ही आया। मतलब इट इट आल्सो केम फ्रॉम आई थिंक ब्राह्मी से ही आया। और ब्राह्मी से ही बाकी सारे भी आए। लाइक तेलुगु है, तमिल है, मलयालम है। उनके बस वो जो फॉर्म्स हैं वो थोड़े कहीं गोल हो गए, कहीं शार्प हो गए, उड़िया है। मतलब ये जितनी भी लैंग्वेज हैं वो निकली सब वो ब्राह्मी से ही है लगभग। राइट? वहीं से निकली। मतलब मैम संस्कृत से ब्राह्मी आई। संस्कृत इन द सेंस कि हमारी वो बोलचाल की
(1:01:05) भाषा थी। ओके। हम संस्कृत में बात करते। बात करते थे। ओरल ट्रेडिशन था। हम हम लिख नहीं रहे थे कहीं पे भी। बहुत कम लिख रहे तो याद कैसे होता बुक्स वगैरह? ओह अह हमारी ह्यूमन मेमोरी की कैपेसिटी हम लोग बहुत कम एक्ट हैं। 74 टीb कैपेसिटी है हमारी ब्रेन की। एंड वी डोंट इवन यूज़ वन TB और नुकसान हो रहा है। [हंसी] सो 73 इज़ ऑल इन वेन। बट आवर सेजेस न्यू कि वी हैव दिस वेरी मच गुड कैपेसिटी। तो पूरा ऋग्वेद रटा हुआ होता था उनको। यजुर्वेद पूरा रटा, सामवेद पूरा रटा हुआ। सारे ब्राह्मण ग्रंथ रटे हुए, रामायण रटी हुई, महाभारत रटा हुआ। व्हिच एवर चैप्टर यू नीड इट इज ऑल इन योर
(1:01:48) ब्रेन। हम आप खोलो अपने आप और बचपन में रटा दिया जाता था। हम फिर आप उस उन परतों को खोलो, बात करो एंड देन इट विल बी ऑल आउट। वाओ। सो दिस इज़ हाउ द टू पीपल यूज़ टू डिबेट आल्सो। उनको सामने में किताबें रखने की जरूरत नहीं होती थी। इट इज़ ऑल देयर। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] सो वहीं से निकलेगी। वहीं पेजेस खुलेंगे। दैट इज अ लाइब्रेरी। हम सो 704 टीवी हम कहां यूज़ करते हैं? हम तो अपने इसमें भी मैम लिखना कब आता है? लिखना बहुत लेटर फज़ में हुआ। आई डोंट नो लिखने का भी क्यों शुरू हुआ? क्या उसकी रीज़ थी या सुमेरियन स्क्रिप्ट से वो इंस्पायर हो गए?
(1:02:31) ड्राइंग शुरू कर दी होगी। ऐसा कुछ शुरू किया। ऐसा कुछ शुरू किया। लिखना शुरू। ब्राह्मी के बहुत सिंपल तरीके हैं लिखने के, डंडों से और डॉट्स से जो हमें सील्स में मिलता है वो ब्राह्मी है। ब्राह्मी का अर्लियर वर्जन है। ओके ओके ओके। ये जो ये जो सील्स में आपने ये लिखा हुआ है। हां ये ब्राह्मी का अर्लियर वर्जन है और इसमें इंपैक्ट जो है वो चीजों का भी मिलता है। ये वाला जी। ये ब्राह्मी है। ये ब्राह्मी का अर्लियर वर्जन है। अच्छा बाद में चेंज होगा। हां बाद में। तो दीज़ आर नॉट लेटर्स ए बी सी ऐसा नहीं है ये। ये लेटर्स ही हैं। ओके। हां। लेकिन वेरिएंट एक ही के बहुत सारे
(1:03:09) वेरिएंट्स भी हैं। यानी अ के ही बहुत सारे वेरिएंट्स हैं। उसको कंसाइज किया ब्राह्मी ने ब्राह्मी में। ओके। एक पे आ गए। यानी अब मैं 10 टाइप की चीजें ए के लिए यूज़ नहीं करूंगी। अच्छा। अब मैं एक ही टाइप की चीज ए के लिए यूज़ करूंगी। हां। तो मैम ये जो ये सील्स के ऊपर लिखा हुआ है अजया। हां। क्या मतलब हुआ मैम? अजया। अजय अजल पाइन करके अफगानिस्तान में एक जगह है। ये आप इसको ज़ूम करेंगे। दिस इज द प्लेस। ओके। व्हिच एक्सैक्टली कम्स इन बिटवीन द सिल्क रूट यानी कि जो एक पुरानी जो सिल्क उसका मतलब वहां पे मैम वो ट्रेड होता होगा। इसके लिए प्रूफ उसका प्रूफ मिलता है
(1:03:44) कि वो क्रॉस कर रहे थे। वहां पे टैक्सेशन होगा। वहां पे कुछ देना होगा तभी आगे बढ़ पाएंगे। तो मैम ये रहा फिर ये अजय अफगानिस्तान। हां। तो मैम ये कैसे पता अफगानिस्तान है और ये अजय नाम का जगह आज भी अफगानिस्तान में है। ओके। तो अजल पाइन जो है वो आज भी है। जय जो नाम है वो मुंडीगा के पास में आज भी नाम है। अच्छा तो आप कह रहे हो ये जो जगह हैं जो हमने नाम इसमें डिकोड किया जी ये अभी भी है। अफगानिस्तान में ही है। तो ये वो रिलेट मिल जाता है कि यहां से हम वो सील दिखा रहे थे। और जय नाम का सील जो है अफगानिस्तान में ही मिला है। अच्छा ओ वाओ।
(1:04:19) सो दैट बिकम्स अ रोजेटा स्टोन फॉर्मिंग कि प्लेस नेम इज देयर। और वो वहीं पे ही मिला है। वहीं पे ही मिला है। करेक्ट करेक्ट करेक्ट। और मैम ये अनशन दिस इज इन मेसोपोटामिया रीजन यानी कि इलाम के पास में अनशन था। ओके तो मैम इसका मतलब लैंग्वेज तो सभी सेम ही बोल रहे थे। फिर अ सेम नहीं बोल रहे थे बट इंटरप्रेटर्स थे। एक शू इलिशू नाम का इंटरप्रेटर है जो मेलुकन है जो कि मेसोपोटामिया में है। एंड जो भी सामान यहां से जा रहा है वो उसको इंटरप्रेट कर रहा है सील्स को। किससे? किस में इंटरप्रेट कर रहा है? उ जो भी इसमें लिखा हुआ है क्योंकि यह कुनेफ
(1:04:55) टेक्स्ट अह टेक्स्ट नहीं है। उन लोगों की स्क्रिप्ट है वह इस टाइप की थी। अ हमने एक में दिखाया है शायद ये कुने फॉर्म है। ये कुने फॉर्म है। ओके। इस टाइप के हम लोग यूज़ नहीं कर रहे थे क्ले पे। अच्छा। हम स्टेटाइट के ऊपर इस टाइप का कुछ अक्षर बना रहे थे जो हमारे यहां पे धीरे-धीरे हमने लिखना शुरू कर दिया था। इसी का ही फिर रिफॉर्म्ड फेस है ब्राह्मी और फिर ब्राह्मी से पूरी रीजनल लैंग्वेज ओके सो दिस इज द मदर ऑफ यू कैन से ब्राह्मी हम जो आपने अर्ली ब्राह्मी बोला अर्ली ब्राह्मी जो है तो ये भी मैम मतलब है एक मोड ऑफ
(1:05:39) कम्युनिकेशन उस वक्त लोगों ने अपनी अंडरस्टैंडिंग आज हमें बच्चों को ए बी सी डी सिखाते हैं तो तब उन्होंने बोला बेटा इसको ए कह रहे हैं इसको ऐसा कह रहे हैं तो इसको भी ए कह रहे हैं बेटा इसको भी ए कह रहे हैं मतलब सात टाइप के एस टाइप के बी है तो वैसे एक लैंग्वेज कम्युनिकेशन के लिए बनाया बनाया होता है और कम्युनिकेशन तो हम लोग तो ओरली कर रहे थे हिंटलैंड के साथ में हमारे कोई सील्स नहीं मिलते यानी इंडिया के अंदर नहीं मिलते ये सिर्फ हमें उन्हीं शहरों में मिलते हैं जो स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोंस थे अच्छा तो वहीं पे वो यूज़ हो रहा है।
(1:06:09) इससे पहले हम संस्कृत बोल रहे हैं। इसका मतलब बिल्कुल बोल रहे हैं। इस समय भी बोल रहे हैं। इस समय हम संस्कृत में बोल रहे हैं। संस्कृत में भी बोल रहे हैं। सो फिर ये ब्राह्मी लैंग्वेज क्यों आई? अ ब्राह्मी लिपि है। अच्छा लैंग्वेज नहीं है। ओके। ब्राह्मी लिपि में संस्कृत लिखी जा रही है या प्राकृत लिखी जा रही है या मेसोपोटामिया के शब्द लिखे जा रहे हैं। ओके? ब्राह्मी स्क्रिप्ट में लिखे जा रहे हैं। राइट? लेकिन ब्राह्मी का भी ये अर्लियर फॉर्म है। इसमें बहुत सारे वेरिएशंस हैं। सो बाद में रिफॉर्म्स होते हैं। बाद में रिफॉर्म हुए इजी बनाने के लिए।
(1:06:38) फिर एक सिंगल उस पे आ गए कि भाई अब अ को हम ऐसे ही लिखेंगे। इतने सारे टाइप के लिखेंगे तो कंफ्यूज होते रहेंगे। तो चलो अब अपन एक पे स्टिक करते हैं। ठीक है। तो अभी यहां पे बहुत वेरिएशंस आपको दिखाई देंगे। राइट मेसोपोटामिया के साथ में जब हम ट्रेड कर रहे हैं ट्रेड कर रहे हैं। तो किसी को अ ऐसा वाला अच्छा लगा तो उसने ऐसा लिख दिया। किसी को अलग टाइप का अच्छा लगा तो उसने अलग टाइप का अ लिख दिया। पर ये कॉमन नहीं था। ये कॉमन नहीं था। डिफरेंट-डिफरेंट टाइप के अ यूज़ हो रहे थे। तो मैम ऐसे तो बात ही कैसे समझ आई? बहुत मुश्किल थी। और ये यजन देवम जी ने
(1:07:10) इसको थोड़ा सा इजी किया कि सबको एक जगह पे लेके आए कि ये सारे जो है ये अ है। यह ब है यह स है। मतलब बहुत सारे हैं। म के लिए तो बहुत सारे हैं। हम तो ये सारे जो है ये म है। उसके जो वेरिएशंस है वो लेकर के आए। ओके। मैं उन वेरिएशंस में कंपोजिट अक्षर ढूंढने की कोशिश कर रही हूं। एंड वो मुझे 10 अभी तक मिल भी गए जिसकी वजह से 1000 सील्स में चेंजेस भी आ रहे हैं। वाओ। एंड दे आर मोर एक्यूरेट इन द नेम्स ऑफ टू फाइंड द नेम्स ऑफ मेसोपोटामियन सिटीज। राइट? राइट। सो नेक्स्ट जो बुक आएगी उसमें मेरे जो क्लिप्स हैं वो वो भी आ जाएंगे। ओके। लुकिंग फॉरवर्ड
(1:07:51) मैम तो अब इसके बाद हम कह रहे हैं 1900 बीसी के आसपास ये सब हो रहा है ट्रेड वगैरह अब यहां तक हम कह रहे हैं [गला साफ़ करने की आवाज़] राइटिंग नहीं आई है राइट तो फिर राइटिंग आपको क्या लगता है कब तक आई होगी फिर वो बहुत रीसेंट थी यानी कि आई थिंक चाणक्य के टाइम तक आ गई है मैम और कितना पीरियड है ये 1900 बीसी से चाणक्य पीरियड कितना 1500 इयर्स या फिर 500 इयर्स क्योंकि मैंने कहा ना कि डेटिंग में एक फर्क है जो आपने बताया अच्छा या तो 500 साल है या तो 1500 साल या तो 1500 साल है ओके तो उसके बाद हम बोलते हैं कि प्रॉपर हम उस राइटिंग पे आए राइटिंग पे आ गए
(1:08:24) ओके ओके राइट तो लैंग्वेज थी हमारी उसके बाद हमारा राइटिंग सिस्टम पे आए राइटिंग सिस्टम पे आए और ये हम सील्स की वजह से आए शायद नहीं तो ये भी नहीं आता राइट राइट सील आई तो लगा कि वो लोग कैसे पढ़ेंगे तो वो उस थॉट से जब हम इंटरनेशनल होने लगे ना तब तब हमारी राइटिंग सिस्टम और मैं आपसे यह जानना चाहता हूं कि एज एन इंडियन सबको को इस तरह का जब वो अ कंटेंट कंज्यूम करते हैं। फर्स्टली व्हाट शुड दे एक्चुअली फील फॉर देमसेल्व्स और साथ ही इस मैसेज को हम आगे कैसे प्रोपगेट कर सकते हैं? सो दैट हम इंडिया के कल्चरल आइडेंटिटी को बड़ा कर सकें।
(1:09:11) एव्री इंडियन शुड अंडरस्टैंड दैट दे आर द मोस्ट रेिलिएंट पीपल हैव फेस सो मेनी वॉर्स एंड थिंग्स एंड स्टिल वी आर अ ग्रेट पपुलेशन। सो जैसे ग्रेट पपुलेशन है ऐसे ही अपने आप को ग्रेट भी समझे। हम एंड फॉर इयन्स वी हैव बीन वेरी ग्रेट पीपल। हम पियर्स [गला साफ़ करने की आवाज़] फाइटर्स चाहे ऋग्वेद के टाइम के हो टेक्नोलॉजिकली एडवांस्ड फ्रॉम द ऋग्वदिक टाइम्स इटसेल्फ वी वर ट्राइंग वि द चैरियट्स ड्यूरिंग दोज़ टाइम्स दे आर रिटन देयर ये नहीं है कि ब्राइट ब्रदर्स ही जो है वो पहला उन्होंने फ्लाइट जो है यहां पे बनाया उसके पहले
(1:09:55) और तलपदी जी ने पहले से ही उसको कर लिया था। द ओनली थिंग इज दैट इंडिया में अगर एक लेक पुलिंग और एक दूसरे को जो हम अंडरमाइन करने की कोशिश करते हैं जो हमें सिखा दिया गया है बाय द ब्रिटिशर्स इससे हमें अब हट जाना चाहिए वी शुड एनकरेज ईच अदर कि जो हम जिस तरह से हम महान सभ्यता थे हम ब्रेन ड्रेन ना करें हमारी गवर्नमेंट को भी सोचना चाहिए कि सुंदर पिचाई को क्यों जाना पड़ गया Google बाहर हमने खुद Google क्यों नहीं बनाया लिया खुद का वी आर द मोस्ट पॉपुलेटेड पीपल एंड मोस्ट इंटेलिजेंट पीपल। हम हर जगह पे हैं पूरे वर्ल्ड में। हर जो इसरो जो हमारी जो है वो इतनी उन्नत
(1:10:43) है। हमारे जो सबसे पहला जो हम मून के जो उस पार हम लैंड कर पाए हैं। दिस इज बिकॉज़ ऑफ आवर ब्रेन वर्क। सो यह सोचना पड़ेगा कि हम हमारी ब्रेनेंस को कैसे हम इंडिया के अंदर ही कंजर्व करें और हम अपने इंडिया को वापस से कैसे जैसे इंडस वैली सिविलाइजेशन ग्रेट हुई थी अ उस इंडस्ट्रियस फॉर्म में हम वापस कैसे आए सो दैट हमारी खुद की जीडीपी जो है वो कैसे हम बढ़ा सकें जैसे उस समय थी जैसे मुगल टाइम पे थी तो ये हमें रिकॉग्नाइज करना पड़ेगा जो हम हम जैसे पुराने थे जैसे पुराने समयों में थे। उस समय जो ड्रेन नहीं हुआ था और हम इतना सब कुछ कर पाए थे वो चीज अब
(1:11:29) भी ना हो। हम हम हमारे जो लोग हैं वो बाहर जाकर के चार पीढ़ी अगर अमेरिका में रह गई तो अपने आप को अमेरिकन कहती है। इंडियन नहीं कहती। वो ना हो। हमारे यहां पे अपॉर्चुनिटीज पैदा करिए। अगर आप हमारे यहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं तो ऐसा बनाइए कि उस पर दोबारा से फिर से पैसे ना लगे। जैसे रोड बनी है तो एक ही साल में उखड़ गई। हम ये ना हो हम ये 40-50 साल तक चल जाए। हम सो दैट वी कंजर्व दोज़ मनी टू मेक समथिंग लाइक ईलॉन मस्क इज मेकिंग। हम वो स्टार शप्स बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वह
(1:12:13) जो हम हमारे महाभारत में सुनते थे कि जो बाण है वो गया ब्रह्मास्त्र है वो वापस आकर के अपने उसमें बैठ गया। ईलॉन मस्क भी अब वही कर रहे हैं कि उनकी जो रॉकेट्स हैं वो जाती हैं और वापस से लैंड हो के खड़े होने की कोशिश कर रही है। सो ऑल दोज़ आइडियाज व्हिच कम्स फ्रॉम आवर स्क्रिप्चर्स दे आर ऑपरेटिंग ऑन इट। एंड विद द हेल्प ऑफ आवर ब्रेंस ओनली तो हम क्यों ना करें? हम क्यों जाने दें उन्हें बाहर? हम क्या कैपेबल नहीं है कुछ भी बनाने के? मैम ये तो आई थिंक बहुत ब्रॉडली बहुत लोग चाहते हैं फिर वो गवर्नमेंट पे डाल देते हैं। बट जब कोई इंडियन ऐसा ऐसी जैसे रिसर्च कर
(1:12:57) दिस इज़ फिनोमिनल एंड जैसे मैं आई वास सो एक्साइटेड टू सी यू बिकॉज़ बहुत ही कम लोग हैं मैम जो भारत में ऐसी नॉलेज को वापस ला रहे हैं और हम कभी भी कॉन्वर्सेशंस में होते हैं तो हम चुप हो जाते हैं। हम चाहते तो हैं बोलना पर कुछ हमारे पास एविडेंस नहीं है। नहीं है। बट आई वांट टू आस्क यू दिस वेरी हंबली कि हम अपने लोगों पे सवाल अब जैसे कई लोग मैंने आपके मैम देखा आई थिंक मोस्टली पीपल एक मैंने एक लेडी का पढ़ा कि मैं प्रेग्नेंट हूं एंड आई वांट कि वो आपको सुने ताकि मेरा बच्चा भी इतना नॉलेजेबल बने। एंड आई थिंक मोस्टली पीपल वर सो हैप्पी
(1:13:31) अबाउट कि हम ये कर रहे हैं। मैं ये जानना चाहता हूं जो सवाल अपने लोगों पे उठाता है कि मैम इसकी प्रूफ क्या है? या आपने जो रिसर्च करा है इसका ये दो। हम अभी भी एक वेस्टर्न अप्रोच में क्यों हैं कि जब तक बाहर से कोई हमें यस नहीं बोलेगा तब तक हम अपने ही लोगों का अपने परिवार के सदस्य की बात नहीं मानेंगे। व्हाई इज दिस सो? ये अभी तक वो हम मकोले सिस्टम से और ब्रिटिश सिस्टम से निकल ही नहीं पाए हैं। हम हमारी नालंदा तक्षशिला को तो हमने जीरो कर दिया है। और अब ऑक्सफोर्ड और हारवर्ड ही रह गए हैं। उनकी तरफ देखते हैं कि वो वैलिडेट कर रहे हैं क्या? हमारे
(1:14:06) हिंदू चेयर्स तो वहां पर बने हुए हैं। यानी हिंदू स्टडीज, इंडिक स्टडीज हमारे कौन से कॉलेज में इंडिक स्टडीज है बताइए? इंडिक स्टडीज का सेक्शन जो है वो सिर्फ ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और फॉरेन की यूनिवर्सिटीज में है। वहां पे वो इंडिक स्टडीज क्यों कर रहे हैं? हमारे पास तो कोई कोई भी अब आईएस सिस्टम आया है। मगर एक प्रॉपर इंडिक स्टडीज करके कोई कॉलेज है। एक भी कॉलेज है जहां पे सिर्फ इंडिक स्टडीज हो रही हो कि आओ भाई ऋग्वेद पढ़ो उसको इंग्लिश में लिखो। ट्रांसलेट करो। लोगों के लिए और इजी बनाओ। समझाने के लिए और ईजी करो। कहां पे है?
(1:14:45) कोई एक भी कॉलेज है पूरे इंडिया में इंडिक स्टडीज को लेके। वी आर लैकिंग देयर। बाकी इंडिक स्टडीज करनी है तो आप जाओ वहां जाकर पीएचडी करो ऑक्सफोर्ड में। व्हाई? तो ये जो प्रश्न है जब तक नहीं उठेगा एजुकेशन मिनिस्टर के भी कॉन्फ्रेंसिंग में हम उन उनके कॉन्फ्रेंस रूम में तब तक कुछ नहीं होने वाला है। राइट? तब तक हम यही मानेंगे कि यह सब यूज़लेस चीजें हैं। यानी ऋग्वेद यूज़लेस है। रामायण ठीक है। डेट कर दिया किसी ने। ओके फाइन। नीलेश जी कितना ट्राई कर रहे हैं कि ये वैलिडेट हो।
(1:15:28) हम उसमें 10 लोगों के और प्रश्न उठ जाते हैं। हम कोई कॉमन कंसेंससेस नहीं है कि हां चलो हम यहां पे मिलकर के हम इसको प्रॉपर्ली करें। रामायण का कॉन्फ्रेंस होता है। तो क्या वैलिडेट हो गया वो डेट? हम मैं बोल रही हूं कि महेंद्रगिरी से ही सिर्फ अगस्त दिखाई देते हैं उस समय क्या वैलिडेट हो गया वो कौन वैलिडेट करेगा एजुकेशन मिनिस्टर उनको देखना है कि क्या हो रहा है क्यों हो रहा है उनको कमेटी बिठानी है उनको वैलिडेट करना है ना कि ऑक्सफोर्ड को और हार्व को हम उनकी तरफ क्यों देख रहे हैं हर हर वैलिडेशन के लिए करेक्ट
(1:16:12) तो वहां से निकले बाहर हमारी सभ्यताएं हम डेट करेंगे और हमारे पास प्रूफ है उसके दूसरे क्यों करेंगे लिंग्विस्टिक के बेसिस पे क्यों भाई संस्कृत तो मैं मैं कहती हूं कि 10 लाख साल से भी बोली जा सकती है। उसमें क्या बड़ी बात? क्योंकि संस्कृत में सबसे ज्यादा जो वर्ब रूट है वह हिंसा है। तो हिंसा कब से हो रही है? प्लीज टू सीन टाइम से। पैियोलिथिक टाइम से जब स्वतीति हाथ में पकड़ के मार रहे हैं एक दूसरे को। हर वर्ब रूट जो नेक्स्ट वर्ब रूट है वो हिंसा है। दूसरा मूवमेंट है। तो ह्यूमन उस समय मूव कर रहे
(1:16:58) थे बहुत ज्यादा तो टेक्नोलॉजी भी एक दूसरे को दे रहे थे। तो जब यह दो वर्ब रूट इतने सबसे ज्यादा हैं तो हम किससे वैलिडेशन चाहते हैं? बारबेरियन से हमारी डेटिंग के लिए आंखें खोलनी चाहिए उनको कि अब बस हो गया है। इट इज आवर मिनिस्ट्री वी विल डिसाइड। श्योर श्योर दे आर नॉट द पीपल हु आर गोइंग टू डिसाइड आवर थिंग्स। और इंडिक स्टडीज तो वहां पे बंद कर देनी चाहिए। ऑक्सफोर्ड हार्वर्ड में सब जगह बंद कर देना चाहिए। कोई नहीं करेगा इंडिया स्टडीज करने के लिए इंडिया आओ। तिब्बतन स्टडीज करने के लिए हम इधर पढ़ेंगे कि तिब्बत जाएंगे? जर्मन की स्टडीज करने के लिए हम यहां पे
(1:17:41) जर्मनी पढ़ेंगे कि हम जर्मन जाकर के पढ़ेंगे। जर्मन में जाके इंडिक स्टडीज करनी है तो जर्मन आना चाहिए। इज इट नॉट फनी? हमारे यहां के जो संस्कृत के जो पीएचडीस हैं वो सब बेवकूफ हैं। आपने बना दिया उनको। आगे देख पीछे पीछे देख आगे चल के क्योंकि सबकी पीएचडीस वैसी हो रही हैं कि पिछले वाले ने क्या किया उसमें से थोड़ा सा तोड़ मरोड़ करके अपन एक नया पीएचडी कर लेते हैं। संगठित करिए उनको एक बड़ा कमेटी बनाइए जो प्रॉपर्ली वर्क करें। आपस में ही लड़ते रहेंगे तो कुछ नहीं होने वाला है।
(1:18:24) श्योर आई आई थिंक मैम ये काफी इमोशनल और काफी इंपॉर्टेंट था। एंड आई होप दैट हम इस बात को इस आपकी इन जो रिसर्च है यह आई नो दैट अपकमिंग टाइम्स में पीपल विल स्टार्ट फीलिंग इट बाय देमसेल्व्स और मोरेंटली ये कन्वर्सेशन हम उन तक पहुंचाएं जहां पर ये चेंजेस जिन मिनिस्ट्रीज तक आई तो मैं बिलीव प्राइम मिनिस्टर शुड आल्सो अवार्ड यू विद व्हाट यू आर डूइंग इट्स सोेंट आई होप दैट ये चीज आगे जाए और हम पूरी पूरी कोशिश करेंगे मैम दैट हम एटलीस्ट अपनी तरफ से वोकल हो सके और इस तरह की नॉलेज हम जितनी स्प्रेड करें उतना कर सकें। कर
(1:19:06) थैंक यू सो मच थिंक दिस वन ऑफ़ द बेस्ट एपिसोड्स एवर। थैंक यू सो मच। थैंक यू। आज का पूरा शो देखने के लिए दिल से शुक्रिया। एपिसोड कैसा था मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। चैनल को सब्सक्राइब भी अवश्य करें क्योंकि सुपर टॉक्स एक मूवमेंट है जो हमारे देश का भविष्य उज्जवल बना रहा है।
No comments:
Post a Comment