Tuesday, September 1, 2026

Kinnar Tantrik Ne Mahamandaleshwar Aghori Ko Challenge Kar Diya | The Real One

Kinnar Tantrik Ne Mahamandaleshwar Aghori Ko Challenge Kar Diya | The Real One

Author Name:The Real One

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Transcript:
(00:00) और वह छोटा खुद को महंत बताता है शायद। रोहित मीना नाम है। उस अच्छे किन्नर है जो गॉड गिफ्ट है। यह लोग उनको तक को बदनाम कर देते हैं। तो उसने मेरे बारे में बोला है बेटा ये तेरे लिए है। बेटा बोल रही हूं तू बेटा ही है। ना तो वो देख आदमी में ना वो औरत में ना वो किन्नर में। अगर वो ये गिलास आंखों से हिला के दिखा देगा तो मैं आंखों से पानी पी के दिखा दूंगा। लाख की शर्तें मैं सामने बैठूंगा। आंखों से पानी खींच के दिखा दे। वो मैं लाखों को छोड़ के चला जाऊंगा। महंत के पद की क्या गरिमाएं होती है? यह पहले समझना सीख ले। बच्चा तू
(00:37) अभी-अभी आया है। तूने लिखा है ना 10 साल अनुभव है। बेटा 15 साल से तो सिर्फ यह सारी बातें ना बोलने में चली गई है। चार बूंदे गिरी। चार जगहों पर ही कुंभ होते हैं। तूने ऐसा कौन सा मटका उठा लिया था। बेटा तेरे सारे जगहों पे कुंभ लग रहे हैं। जो गली के एक झुग्गी में दरबार लगाने वाली खुद क्या है कौन मैं देख सकता हूं क्या? हां ओम साईं कालका वाली देख सकते हो आप। मेरे तुम्हारे सबके लिए। अच्छा अच्छा अच्छा ये तो वही है iPhone वाली। हां iPhone वाली। एक नंबर की फ्रॉड। हेमलता। अब तक कितने पति बदले उसको भी पता नहीं है। हेमलता की पहली गुरु है अंजलि मां जिसने यह फेक
(01:22) दरबारों का ट्रेंड है ना दिल्ली में शुरू करवाया। थोड़ी सी साइको टाइप में है। क्यों भाई क्या डांस कर रही है डीजे पे। मजा आ गया देख के। अलग-अलग तरीके से डांस होता है। वो लेजवियन है। वो लड़कियों को फोन करके बोलती है कि अभी नंगी हो जा। हमारे चीफ जस्टिस जी ने जो वाक्य कहा था और उन्होंने जो वाक्य यूज़ किया था ना जिसमें कॉकरोच कहा गया। कॉकरोच की तरह। हां कॉकरोच की तरह मींस कॉकरोच ही हो गया है ना जिसको आप कॉकरोच कहोगे तो वो कॉकरोच जनता पार्टी बनके ही तो उभरेगी ना शंकराचार्य जी हैं उन्होंने उस पॉडकास्ट में यही कहा कि पुलिस वालों को पत्थर सही
(01:58) मारे उन्होंने ऐसा कहा पत्थर नहीं कुछ भी चले हम सही मानेंगे क्योंकि धर्म के खिलाफ या फिर किसी भी कार्यप्रणाली के खिलाफ कुछ वर्तन हुआ होगा आपने कुछ क्लिप्स देखे हैं लगता है इसमें लड़कियां मोदी को मां की गाली दे रही है। बहन की गालियां शर्म नहीं आती क्या? ये क्यों उनकी जजी है उनके संस्कार? हां हां आप ले लो कैमरा। अजय पारधाम सरकार
(02:52) ये वाला चल रहा है ये तो बच्चा सा है हां अभी वही तो है ना धर्म के लोग किसके बारे में बोले तो ये तो बागेश्वर धाम में मिल रहे हैं इससे हां किसके बारे में बोले बाधा धाम तो मिल रहे हैं इससे हां तो मुझे बताइए पदों पर बैठे हुए लोग अगर किसी के बारे में बोलना भी चाहे तो किसके बारे में बोले बब्बा मेरे सपने में आए बब्बा ने मुझे कहा कि अभी दरबार में भीड़ बहुत लग रही है तो अभी तुम शनिवार रविवार से ले अभी बुधवार को भी दरबार लगाओ होता क्या है दरबार में क्या है दरबार मतलब बेसिकली
(03:35) ये ना दरबार वाले तो सबसे मेन बात यह है दीपक जी दरबार वालों पे तो मैं हमेशा बोलती हूं लेकिन दरबार वाले करते क्या है इस बारे में दरबार में जाके पता चलेगा एक अच्छा सा स्टेइंग ऑपरेशन चल रहा है अभी कुछ दरबारों में तो शायद मैं अचानक से पहुंच भी जाऊंगी वहां पे चल रहा है बैठने के बाद उनको टच करो हम फिर तेरे अंदर ये माता आती है वो माता आती है और वो अचानक से उनका सिर घूमने लगता है और जैसे रुद्र तारा चल रहा था फिर उसके बाद वो ओम साई कालका वाली राशि चल रही थी। उसके बाद अभी धीरे-धीरे छोटे बच्चे भी इसमें आ गए। थोड़ा सा उम्र का लिहाज करते
(04:12) हुए उनके बारे में बोलना अच्छा नहीं लगता था। लेकिन अगर धर्म बदनाम हो रहा है तो उसके बारे में बोलना भी जरूरी है। इनके दरबारों में लोग आते हैं। इनकी कुछ-कुछ रील्स ऐसी वायरल हुई है। अगर आप वो देखोगे तो आपको पता चलेगा कि हम खुद हमारे धर्म को बदनाम करने में जुटे हुए हैं। इनको पता नहीं है धर्म क्या है। लेकिन इनको बस कोई आ गया बच्चा वो ऐसा ऐसा ऐसा ऐसा ऐसा उंगली बड़ बड़ करता है और यह आ रहा है दरबार में। में फिर उसके बदन में कोई ना कोई शक्ति आती है और यह उसको टच करके चला जाता है। उनकी एक रील देख लेना अजय पारध पारधाम वाला की उस रील में एक लड़की के अंदर कोई
(04:52) शक्ति आती है ऐसा दिखाया गया है। यह खुद उससे डर रहे हैं और दूर भाग रहे हैं। इसके लोग उसको लेके दूर भाग रहे हैं। मतलब आपको कुछ आ रहा है। जिंदगियां चली गई लोगों की। अच्छे-अच्छे बड़े-बड़े तांत्रिक बैठे हुए हैं। अच्छे-अच्छे अघोरी बैठे हुए हैं। आज तो मैंने स्पेशली काला कपड़ा पहना है। क्यों पहना है पता है आपको? मैंने बहुत सारे पडकास्टों पे देखा है। जो काला कपड़ा पहन के आता है ना वो खुद को अघोरी बताता है। लेकिन मैं आज अोरी हूं ऐसा बताने के लिए नहीं आई हूं। मैं जानबूझ के काला पहन के आई हूं। उन्हीं फेक अोरियों के बारे में
(05:27) बोलूंगी। क्योंकि कुछ खुद को काला कपड़ा पहन के या फिर एक अलग तरह से आडंबर लेके खुद को अघोरी बोल देना मतलब अघोरी नहीं है। तुमको आगम निगम तंत्रों के बारे में क्या पता है। तुमको शास्त्रों के बारे में क्या पता है। उसके बारे में ठीक है। आप काउंटर कर लेते हो। आपको पता है कि मुझे क्या बोलना है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं उनको पता नहीं है क्या बोलना है। बहुत सारे पडकास्टों में ठीक है। दीपक वर्मा को हम थोड़ा सा अलग रख लेते हैं। लेकिन बहुत सारे पॉडकास्टों में देखा है कि ये बैठे-बैठे उसके अंदर एक लेडी आ रही है। और हां बेटा क्या चाहते हो? ऐसे कान के पीछे
(06:03) खींचू खींचू ऐसा बोल-बोल के थक गई। लेकिन अभी लगता है कि ऐसे पॉडकास्ट वालों ने उनके साथ मुझे बुलाना चाहिए। अच्छा हमारा एक पडकास्ट देखा आपने जिसमें आपको चैलेंज आपके सारे पडकास्ट जिसकी ना मानसिक स्थिति अच्छी नहीं हो ना वो लोग मेरे बारे में बोलते हैं ना तो मैं उनको कहती हूं कि वो पागल लोग हैं। आपके पडकास्ट में वो वाली रील चला देना। मैंने बोला था कि अगर कोई खुद को बहुत ज्यादा बड़ा अघोरी समझता है। उसको लगता है कि मुझे सिद्धियां प्राप्त है। मुझे तंत्र आते हैं और मैंने शंकिनी डंकिनी किन्नरी साध्य कर रखी है। तो वो यहां आके यह गिलास
(06:41) का पानी मुझे यह गिलास मुझे आंखों से हिला के दिखा दे। अगर वो ये गिलास आंखों से हिला के दिखा देगा तो मैं आंखों से पानी पी के दिखा दूंगी। करेक्ट है मेरा वाक्य पूरा। यह आपके पडकास्ट पे भी है। भैया ठीक से सुनो। किसी को नीची दिखाने के लिए आप अपनी मानसिक क्षमता का ऐसे बाजार में सरेआम बाजार लगा के बैठे हो और वो छोटा खुद को महंत बताता है। शायद रोहित मीना नाम है उसका। उसने मेरे बारे में बोला है। बेटा ये तेरे लिए है। बेटा बोल रही हूं। तू बेटा है ही है क्योंकि ना तू किसी रजिस्टर्ड अखाड़े से है ना तू जिस पद पर बैठा है उसकी तुझे मर्यादा पता है। पहले
(07:24) महंत क्या होता है? इसका शास्त्रों में क्या उल्लेख है और महंत के पद की क्या गरिमाएं होती है? यह पहले समझना सीख ले। किसी जेंडर के बारे में बोल रहा है। ताली बजा के बता रहा है। ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट नालसा जजमेंट 2019 के तहत तेरे ऊपर एलजीबीटी क्यू कम्युनिटी के लोग ऑलरेडी केस फाइल करने वाले थे। समझ ले बेटा तू धर्म के नाम पर यह सब कर रहा है ना इसलिए तू अभी तक बैठा हुआ है। दूसरे दरबारियों को बोलता है यह खुद दरबार लगाता है। इसके दरबार में बैठ के लोगों के सर हिलते हैं। इसके दरबार में बैठ के लोगों के अंदर नेगेटिव पावर्स भी आती है और उनके
(08:04) अंदर माताएं भी आती हैं। आप रील देखिए। रोहित मी बच्चा तू अभी-अभी आया है। तूने लिखा है ना 10 साल अनुभव है बेटा 15 साल से तो सिर्फ यह सारी बातें ना बोलने में चली गई मेरी। वो भी महामंडलेश्वर है। नहीं है। वो महंत खुद को बता रहा है कि मैं एक महंत हूं किसी अनरजिस्टर्ड अखाड़े से। देखिए मैंने बहुत बार बताया है लोगों को ना महामंडलेश्वर महंत मंडलेश्वर इनका ना फर्क ही नहीं पता है। वो आपके साथ बैठ के चैलेंज करना चाहते हैं। मैं तो एक्सेप्ट करती हूं चैलेंज बेटा अभी-अभी नोएडा में एक घर मिला है मुझे करोड़ों का है शायद। किसी बच्चे ने मुझे
(08:42) गिफ्ट किया है। उस घर पे बोलिए। करोड़ों का घर है। उस पे बोलिए। आंखों से यह ग्लास हिला के दिखा दे। वो घर तेरे नाम पे कर दूंगी। इससे बड़ा क्या चैलेंज करूं? और मुझे चैलेंज कर रहा है 1 लाख का 2 लाख का चैलेंज कर रहा है। तेरी वाणी की उतनी वैल्यू भी तो होनी चाहिए ना। एक अखाड़ा मुझे बताइए उन्होंने किसी जो रजिस्टर्ड 13 अखाड़े हैं जो धर्मशास्त्र के नाम पे काम कर रहे हैं और जो आदि गुरु शंकराचार्य जी ने जिनकी स्थापना की थी वह चार पीठों से रिलेटेड किसी अखाड़े का कोई महंत नहीं है। महंत का मतलब पता है? महंत का काम ही होता है कि गुरु शिष्य परंपरा
(09:26) का लोगों को एक सही तरह से ज्ञान देना और यह बता रहा है जेंडरों के बारे में और वो भी ताली बजा के बता रहा है और तू अगर कह रहा है कि तू सारी परंपराओं को अघोर तंत्र से ये रिलेट करता है। ऐसा उसने कहा है कि अोर का उसे 10 साल से ज्यादा का ज्ञान है। बेटा अोर में शिव और शक्ति शैव और शाक्त दोनों तरीके आते हैं। हम्म। तंत्रों का अगर ग्रंथों का पता नहीं होगा तो तंत्रों में बहुत सारे ग्रंथ है। उसमें से कुलार नवव तंत्र का एक ग्रंथ है। नहीं ये मैंने खुद स्टडी करी बाद में उसका उसमें आदि शक्ति का पूरा पूरा पूरा है। कुलार नव में आप अगर पढ़ो तो
(10:04) उसमें शैव और शाक्त शिव और शक्ति दोनों शक्तियों के बारे में बताया है। यहां तक कि मैंने कृष्ण की जब वो पढ़ी तो उसमें मेरे को निकल के आया कि कृष्ण जी जो है वो दाढ़ी क्यों नहीं रखते? क्योंकि उनके अंदर ही वो राधा का प्रेम समाया हुआ है। करेक्ट। है ना? तो ये वाली बातें वो नहीं एक भी कृष्ण की फोटो में उनकी दाढ़ी नहीं है। मूछ भी नहीं है। हां क्योंकि वही दिखाता है वो पूर्ण है। है ना? और उसी तरह से हम लोग जिसे आदि पुरुष आदि योगी कहते हैं भगवान शिव वो दाढ़ी में भी बहुत जगहों पे दिखाए गए हैं क्योंकि वो एक पुरुष पुल तत्व है।
(10:37) शंकर है ना? और स्त्री तत्व के लिए अलग-अलग देव हरि और हर मिलन के बारे में लोग बोलते हैं और इसको यह पता नहीं है कि मेल टू फीमेल ट्रांस ट्रांसफॉर्मेशन अभी नहीं शुरू हुआ है। अर्धनारेश्वर स्वरूप के बाद में जब शास्त्रों में तंत्रों के ग्रंथों में शारदा तिलक भी पढ़ लेना बेटा। रोहित मीना उर्फ क्या नाम है उसका? महंत रोहितनाथ जी। एक तो आप दशनामी परंपरा में आते नहीं हो और एक महामंडलेश्वर को आप चैलेंज कर रहे हो। मैं एक रजिस्टर्ड अखाड़ा की महामंडलेश्वर हूं और 13 अखाड़ों के सदस्यों के सामने मेरा पट्टा अभिषेक हुआ है और बहुत अच्छी तरह से मुझे परख के
(11:16) महामंडलेश्वर किया गया है और मैं अपने अनुभव नहीं बताती हूं। मैं जो तंत्रों में बोला गया है ना उसको बस लोगों को समझाती हूं। हम आपके पडकास्ट पे ये मेरा तीसरा चौथा टाइम है। कभी भी मैंने बोला है दीपक जी मैं हैव हूं मैं टै हूं नहीं हूं। मैं एक पद पे हूं और मेरे पद की यह जिम्मेदारी है कि धर्म के नाम पे अगर कोई पाखंड का धंधा कर रहा है तो उसके बारे में मैं बोलती रहूंगी क्योंकि धर्म का प्रचार प्रसार और धर्म का रक्षण करना यह मेरे पद का भार है। फिर भी जैसे अनस्टर्ड अखाड़े हैं। बहुत सारे किस ऑथराइज्ड तरीके से इनको मतलब महामंडलेश्वर
(11:59) बनाया जाता है। नहीं उनका कोई ऑथराइजेशन नहीं होता है। इसलिए तो वो अनरजिस्टर्ड है ना। कोई भी एक संस्था को रजिस्टर्ड करा लो। अभी बहुत सारे अखाड़े रजिस्टर हो रहे हैं। हरिद्वार में कोई एक अखाड़ा रजिस्टर हो गया जो सिर्फ दरबार वालों को ये बनाता है। महामंडलेश्वर बनाता है। उनको कुंभ तक का 100 महामंडलेश्वर बनाने हैं। तो उन महामंडलेश्वरों को तो अमृत स्नान के लिए या फिर किसी भी दरबार से रिलेटेड चीज के लिए उनको हम ऑथराइज नहीं मान सकते ना। धर्म शास्त्रों में दशनामी परंपरा दी गई है। भारती गिरी पूरी यह सारी परंपराएं किस लिए दी गई है? मैं शिव लक्ष्मी नंदगिरी
(12:36) हूं। मैं गिरी परंपरा से हूं। यानी मैं श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के एक जो सबसे बड़ा अखाड़ा है, निर्मोही अखाड़ा है, निर्वाणी अखाड़ा है। आप इन सारे अखाड़ों को छोटा समझ रहे हो और उनके अपोज में जाके आप खुद का एक अखाड़ा बना रहे हो और उस अखाड़े में आप लोगों को पैसे लेकर महामंडलेश्वर बना रहे हो। महंत बना रहे हो। महंत का मतलब इसको पता है इसका यह अभी मंदिर बना रहा है। मंदिर के लिए चंदा जमा कर रहा है। स्कैनर प्रॉपर्ली स्कैनर दे रखा है उसने। आपने पूरा स्टडी कर लिया क्या? नहीं सबका स्टडी होता है ना दीपक जी। क्या होता है पता है क्या? मेरे बारे में बोलने
(13:13) वाले लोग बहुत हैं। वो कमेंट में आके पहले तो जो फ्रस्टेटेड लोग हैं मैंने बोला है कि वो कमेंट में आके भोकते हैं। लेकिन ये इतना फ्रस्टेटेड है खुद से कि वो किसी चैनल पे आके मेरे बारे में बोल रहा है। तो बेटा बोलने से अच्छा है। अभी फिर से मैंने बोल दिया कि दीपक जी होंगे। दीपक जी के साथ मैं होंगे और मेरे साथ यह रोहित मीना उर्फ खुद को महंत बताने वाला रोहितनाथ होगा। नाथ अखाड़े से बनने वालों को नाथ परंपरा दी जाती है। जो योगी होते हैं। पहले बेटा कान छिदवा के आजा फिर नाथ लगाना है ना उनके बारे में बोल रही हूं क्योंकि मुझे पता है नाथ संप्रदाय में क्या होना
(13:54) चाहिए और शास्त्रों में उसके उल्लेख है। दशनामी परंपरा में से कौन सी परंपरा में तू बैठता है? कौन से आचार्य महामंडलेश्वर के अंडर आता है? तू कौन से अखाड़े का लीगल साधु है? साधुओं का एक समूह होता है। उनके पूरे व्यवस्थापन का कार्य देने वाला महंत होता है। और खुद को तू महंत बता रहा है। महंत का काम होता है उस तरह से मंदिरों का संचालन करना। अखाड़े का संचालन व्यवस्थापन देखना और उसके साथ-साथ अखाड़ों को और अखाड़ों से जुड़ने वालों को धर्म का ज्ञान देना। हम तो वो धर्म का ज्ञान तो तेरे इसमें नहीं था बेटा। हनी सिंह को बीच में लाके तो ये
(14:35) मेरे सामने भी हनी सिंह बैठे हुए हैं। ये हनी सिंह अच्छे से जानते हैं कौन सा गाना किस म्यूजिक पे बजाना है। तो गलत इंसान को चुन लिया बेटा और गलत तरीके से बोल दिया। और जो भी एलजीबीटी क्यू कम्युनिटी के लिए तूने बोला है कि लड़कों से लड़की बनता है। यह होता है वो होता है। जब कृष्ण जी मोहिनी अवतार में आए थे तो तूने उनको भी बोला है। ऐसा मैं समझती हूं। अर्जुन जी ब्रहन बने थे तो तूने उनको भी बोला है क्योंकि वह भी मेल टू फीमेल ट्रांसफॉर्मेशन था। क्या बात है। अगर कुंभ के बारे में अगर तू कुंभ में भी आ जाए तो कुंभ में भी जो दिखाया गया है तो
(15:11) मोहिनी स्वरूप ही ना होता तो कुंभ ही ना होता। मोहिनी स्वरूप लेकर राक्षसों को अमृत पिलाने से अच्छा भगवान हरि जी ने मोहिनी स्वरूप लिया। मोहिनी स्वरूप लेकर उन्होंने अप्सरा के रूप में नृत्यगान किया। मनोरंजन करते-करते उन्होंने अमृत की बूंदे किसको पिला दी? भगवंत को, भगवानों को। सारे देवताओं को पिला दी। उसी वक्त राहु केतु का ये हुआ। जब गरुड़ जी वो लेकर उड़े तो उसमें से चार बूंदे छलकी। हम एक हरिद्वार में गिरी। में गिरी। एक उज्जैन में गिरी, हां। एक नहीं हरिद्वार में गिरी, प्रयागराज में गिरी, उज्जैन में गिरी और नासिक में गिरी।
(15:51) चार बूंदे गिरी। चार जगहों पर ही कुंभ होते हैं। तूने ऐसा कौन सा मटका उठा लिया था बेटा? तेरे सारे जगहों पर कुंभ लग रहे हैं। जिसको मैं एक क्लियर बात है। जिसको आगम और निर्गम के बारे में नहीं पता है। आगम तंत्र निगम तंत्र सही बात है। बहुत जिसको नहीं पता है वो नहीं बोले। जिनको आगम आगम निगम तंत्र विज्ञान भैरव तंत्र जो भैरव और भैरवी का सम्मान है। भाई विज्ञान उसने विज्ञान भैरव भी नहीं पढ़ा होगा शायद। अगर वो विज्ञान भैरव पढ़ता ना तो उसके उसको पता होता कि शैव तंत्रों में क्या-क्या चीजें हैं। अगर वो रुद्रयामल भी पढ़ लेता ना तो उसको पता
(16:28) होता। वो तंत्र सार भी पढ़ लेता। मैंने भी बहुत सारे तंत्र पढ़े। मूर्णमाला तंत्र पढ़ा। हां। मुझे बताइए अगर हम किसी भी तंत्र की पुस्तक को पढ़ते हैं तो वो पढ़ना एक हमारे नॉलेज के लिए होता है। ठीक है? बिल्कुल। उसमें से तंत्र को समझना पड़ता है। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। लेकिन मुझे एक चीज समझ नहीं आई। मैंने अभी अथर्ववेद पढ़ा है काली में हम खुद की चेतना उठाने की बातें हैं उसमें उसमें तो बातें आई नहीं काली तुम्हारे सामने आ जाएगी आप श्री विद्या की अगर थ्रू जाओगे आप लोग तो श्री विद्या में भी खुद की चेतना के बारे में बोला गया है न्यास कहा जाता है
(17:06) न्यास तो ये काली से बात कैसे कर पा रहे हैं कौन दरबार वाले हां ये तो फ्रॉड है ना ये फेक बाबा लोग हैं कौन कर रहा है काली से बात मैं मुझे परमहंस जी के बाद और मामा खेपा जी के बाद तो कोई पता नहीं है जो काली जी के साथ बात कर रहा है। अगर बात कर रहे हो बेटा तो मेरा एक मैसेज पहुंचा देना। बहुत दरबार लग रहे दिल्ली में काली मां के नाम से उन सबके दरबारों में एक-एक चक्कर मार के आ जाए। आदि शक्ति पराशित शक्ति की निंदा कर रहे हो। कौन बोल रहा है? आपको न्यास एक तरीका है जिसमें आप अपने अंतरात्मा की चेतना को जागृत करते हो। ध्यान न्यास मंत्र, यंत्र,
(17:49) उनकी देवता, उनकी विधि अगर आप विधिविधान से आपके शरीर के अंगों पर कंट्रोल करना न्यास से यह अगर नहीं पता है तो आप चेतना कैसे जागृत कर पाओगे। चेतना एक ध्यान साधना है। ध्यान साधना से ही आप अपने मूलाधार चक्र से सहस्त्रार चक्र तक आप सों को कंट्रोल कर पाओगे। यह मैंने जितना सुना है महाराष्ट्र में मैंने पिछली बार बताया था। संत ज्ञानेश्वर जी थे। जो आपने बात कही यही तंत्र है। वही है। यही तंत्र है। क्योंकि यह समझना ही तंत्र है। जब तक आप मंत्र नहीं समझोगे। किसी देवता की पूजा विधि के लिए कुछ मंत्रों का हम चेतना का खेल है कि आपकी चेतना कहां पर
(18:31) है? किस देव से आप कनेक्ट कर पाओगे। क्या और इसी चेतना को आपकी मस्तिष्क से नहीं जोड़ पाया। इसलिए वो रोहित मीना उर्फ वो महंत अगोरी यहां आ के बड़बड़ा के चला गया। मैंने सुना है कई साधक क्योंकि आप तंत्र में भी हैं और आपने काफी पढ़ाई भी करी हुई है। मैं इसलिए पूछ रहा हूं आपसे। कई साधक क्या करते हैं? मैंने देखा ऐसे बैठ के और वो कुछ कोडिंग करते हैं और सामने उनके स्क्रीन जल जाती है हम तो कई अलग तरह की देवियां आके वो बताती है उनको कि अभी इसके ऊपर इतने प्रेत है हम ऐसा है हम ऐसा बताते हैं सुना है मैंने ये चप्पल बाहर उतारी आपने नहीं तो इस बार आपकी
(19:17) चप्पल ले लेती हूं क्यों नहीं दीपक जी आप अभी आप मुझे बताइए ध्यान साधना तंत्र मंत्र मंत्र और यंत्र के बारे में बातें हो रही है। तो इन सब चीजों से जब तक आप अपनी अंतरशक्ति को अंतर्ज्ञान को जब तक आप जागरूक नहीं कर पाओगे तब तक आप किससे बात कर रहे हो? ये रॉन्ग नंबर है। ये रॉन्ग नंबर चल रहे हैं लोगों के। हां। हां लेकिन कुछ सच में साधक ऐसे हैं उनके पास सामने स्क्रीन वगैरह कुछ नहीं होती है लेकिन वो अपनी अंतरात्मा से कुछ सिक्स सेंस उनके जो होते हैं ना वो एक्टिव हो जाते हैं। हम जैसे हम मूलाधार चक्र की बात करते हैं कि उसको एक्टिव करके ही आप अंतरात्मा तक
(20:00) पहुंच पाते हो। तभी आप आपकी वाणी पे कंट्रोल कर पाते हो। तभी आप अपने मस्तिष्क को कंट्रोल में रखते हो। तभी आपकी जो नेत्र शक्ति है वह सारी चीजों के लिए सही है। बराबर बिल्कुल सही। तो यह करते हैं। उसके बाद ही तो हम उसमें एंटर करते हैं ना। कोई नहीं है। कोई नहीं है। मैं चैलेंज लगा के कहती हूं। कोई भी ऐसा साधु सन्यासी जो खुद को अधोरी बताता है क्योंकि साधु सन्यासी परंपरा बहुत अलग है। वो बताते नहीं कि हम भगवान से बात करते हैं। वो खुद भगवान के अंश बन जाते हैं। अहम ब्रह्मास्मि का पाठ करने वाले लोग हैं। वो वो खुद को अहम हरि अहम ब्रह्मा अहम विष्णु
(20:43) ये सारी चीजें उसमें हैं। यह शरीर ही हमारे पंच तत्वों से तत्वों से बना हुआ है। और इस शरीर में ही आपको जो आपकी अंतरात्मा है ना उसी में भगवान का अंश है। उसको जिसने ढूंढ लिया ना उसने तंत्र को जान लिया। उसको जिसने ढूंढ लिया ना उसने होने वाली चीजों का ज्ञान पा लिया। क्या बात है। तो कोई ऐसा नहीं है। चैलेंज उन लोगों को जो कहता है कि मैं काली से बात करता हूं या फिर मैं किसी भगवान से बात करता हूं। तो उन लोगों को खुला चैलेंज मेरा मैं महामंडलेश्वर डॉक्टर शिव लक्ष्मी नंदगिरी आपको यहां इस पॉडकास्ट में खुला चैलेंज देती हूं। अगर आप भगवान से बात करते हो
(21:22) आपका ऐसा दावा है तो आप एक बार मुझसे मिल लेना। गलीगली में दरबार चल रहे हैं। हम मैं हर बार एक प्रश्न करता हूं। भीड़ क्यों है यहां पे? अगर काम नहीं हो रहे तो भीड़ क्यों है? ये आपकी अज्ञानता है लोगों की। लोगों में अज्ञान है। लोग ना फॉलोअर्स को देख के उनके पीछे भाग रहे हैं। फॉलोअर्स पर डिसाइड जिसके नहीं है उसके भी। हां तो उनका उनका माउथ टू माउथ पब्लिसिटी भी उतना चल रहा है ना क्योंकि उनमें उतनी ज्यादा पावरफुल माता आ रही है। किसी की जीवा बाहर निकल रही है तो किसी के हाथ में त्रिशूल है। कोई डमरू लेके नाच रहा है। किसी में भैरव जी आ रहे हैं। किसी
(22:01) में हनुमान जी आ रहे हैं। किसी में शिव जी आ रहे हैं। किसी में मां कालका आ रही है। और ज्यादातर आप देखिए मां काली के नाम पे दरबार ज्यादा चल रहे हैं। दिल्ली और दिल्ली के पूरे सेक्टर्स में मैंने पूरा मुआयना किया है। पूरी जगहों पे दिल्ली से हरियाणा से लेके आप राजस्थान की भी तरफ जाइए। वहां पे भी महाराष्ट्र में भी बहुत जगहों पे काली के नाम पे खेल किया जा रहा है क्योंकि वो देवी लोगों को डर बिठा रही है। लोगों को यह डर दिखा रहे हैं। वो मां है। मैंने पिछली बार बोला था कि मैं मां काली को मां स्वरूप मानती हूं। आप उसको मां की तरीके से देखोगे तो वह मां के
(22:38) तरीके से ही आपको ज्ञान देगी। अगर आप उसको डर से देखोगे तो आप डर ही जाओगे। तो लोगों में एक तरह का डर बिठा दिया है। माउथ टू माउथ पब्लिसिटी इनके यहां पे जाओ पैसा नहीं लेते ना ये लोग। पैसा नहीं लेते। निशुल्क दरबार है इनका। लेकिन निशुल्क दरबार में सवा किलो घी लाना जरूरी है। वो भी मधुसूदन का चाहिए। गेहूं लाना जरूरी है। बाबा ब्रांड की तेल की बोतल लाना जरूरी है। सरसों के तेल की और चावल लाना जरूरी है। यह सारी चीजों का मिला के कुल हो जाता है ढाई से ₹000 और यह सारी चीजें उनको दे देना। उनके ही बाहर मार्केटिंग वाले लोग बैठे हुए हैं। वही चीजें वापस
(23:16) बाहर जाके बिकती है। आई हैव प्रूफ्स। उनके ही लोग बैठे हुए हैं। हम और उन्हीं को बताया जाता है ये चीजें लेके आओ। लोगों को लगता है वह बाबा पैसे नहीं लेते हैं। वह माताजी पैसे नहीं लेती है। लेकिन वह माता जी ने कितनों की जमीन बिच बिकवाई। ओम साईं कालका वाली का एकदम अच्छा वाला उदाहरण दे देती हूं मैं। ओम साई कालका वाली ने मैं जो ये सारे पॉडकास्ट करती हूं ना अब तक मेरे 75 पॉडकास्ट हो चुके हैं। 74 हुए ये 75 है। अरे क्या बात है। हां 75 पॉडकास्ट हो चुके हैं। और मैं हर पॉडकास्ट में बताती हूं। तो पडकास्ट की रील्स उठाउ उठा के मुझे ना उन्होंने
(23:57) मानहानि का एक नोटिस भेजा। मुझे जो गली के एक झुग्गी में दरबार लगाने वाली खुद क्या है कौन ये मैं देख सकता हूं क्या? हां ओम साईं कालका वाली देख सकते हो आप। मेरे इसमें होगी तो मेरे मोबाइल में मैं ऐसे चीप लोगों को देखती नहीं हूं। लेकिन मैं आपको दिखा देती हूं। ओम साईं कालका वाली जिसने मुझे एक नोटिस भेजा और उसने उस नोटिस में बोला कि मेरे को ऐसा बोला मेरे को वैसा बोला मेरे ऊपर 50 लाख का दावा ठोक दिया ये कर दिया लेकिन वो केस ही रेज नहीं हो पाया। एक झुग्गी में खुद के अंदर माता आ रही है बताने वाली जो लोगों के कोर्ट केसेस सॉल्व
(24:39) कर रही है जो लोगों के डिवोर्स के प्रॉब्लम सॉल्व कर रही है उसको मेरे लिए कोर्ट की जरूरत पड़ गई मिल गई मिल गई अच्छा अच्छा अच्छा ये तो वही iPhone वाली हां iPhone वाली एक नंबर की फ्रॉड हेमलता अब तक कितने पति बदले उसको भी पता नहीं आई हैव प्रूफ्स हां दीपक जी मैं खुद कुछ चीजों के प्रूफ्स होते हैं मेरे पास और ऐसे भी कुछ लोग आके गई है गए हैं मेरे पास इस इसके दरबार से कि जिन लोगों की इसने जिन लोगों से इसने लाखों में फ्री में काम करवा लिया लाखों का अच्छा एक और है ओ भाई क्या डांस कर रही है डीजे पे मजा आ गया देख के अंजलि
(25:22) शायद हां ये उसकी गुरु हेमलता की पहली गुरु है अंजलि मां जिसने ये फेक दरबारों का ट्रेंड है ना दिल्ली दिल्ली में शुरू करवाए। थोड़ी सी साइको टाइप में है। साइको टाइप में नहीं है। साइको ही है। उसके अंदर माता आती है। कभी-कभी कोट पहन के डांस कर लेती है। कभी थ्री पीस पे डांस होता है। कभी शर्ट पट पे डांस होता है। अलग-अलग तरीके से डांस होता है। वो लेसबियन है। उसका भी प्रूफ है मेरे पास। वो लड़कियों को फोन करके बोलती है कि अभी नंगी हो जा। सॉरी। ये कट मत करना। ये वाला रखना लाइव। मुझे पता है यहां अनकट होता है। ये रखना। मेरे पास उसके ग्रुप कुछ प्रूफ्स हैं।
(26:01) उसको लगता है कि मैं झूठ बोल रही हूं तो बेटा तू भी एक केस मेरे ऊपर डाल देना। क्योंकि वो लड़कियों को फोन करती है यह खोल के दिखा वो खोल के दिखा। और ऐसी लड़कियों ने मुझे कांटेक्ट भी किए और उन्होंने बताया कि अंजलि मां नाम की यह जो औरत है यह हेमलता की गुरु है जिसने जिसको पिछली बार मैंने बोला था कि एक बुढ़िया के ऊपर इसने गाड़ी यह कर दी थी। इसको डंडे ले लेकर पीटा था अंजलि को। फिर उसकी माता कहां गई थी? मतलब आई थिंक छुट्टी पे होगी। शायद समर वेकेशंस चल रहे थे तो तभी छुट्टी पे होगी। उसके बाद में फिर आगे चल के उसी ने ये दरबार की गद्दी
(26:41) देने का चौकी देने का ट्रेंड चालू कर दिया। फिर ये हेमलता मार्केट में आई। फिर ये हेमलता लड़के बदलते रही। सेवन ऑन व्हील नाम का एक चैनल है। जिस चैनल पे इस हेमलता के बहुत सारे कारनामे हैं। बॉयफ्रेंड के साथ वाले, चैट्स वाले, इसके लव सीनंस वाले, इसके ये जो मोबाइल चप्पल वाले ये वाले सारे सींस उस पे हैं। और थैंक्स टू सेवन ऑन व्हील। मैं उसका उस चैनल का नाम जानबूझकर ले रही हूं कि उसी चैनल पे उन्होंने मुझे कांटेक्ट किया था कि इसको महामंडलेश्वर बना दिया। हेमलता किसने बनाया एक अनरजिस्टर्ड अखाड़े ने अभी ये साईंनाथ मां मां साईंनाथ बन गई है ये अभी
(27:24) महामंडलेश्वर बन गई बेटा पहले रजिस्टर्ड हो हमारे कुछ लोगों को कांटेक्ट करना चाहा तो जो रजिस्टर्ड अखाड़े हैं वो इस पे एक्शन क्यों नहीं लेते रजिस्टर्ड अखाड़ों की ये हमारे जो धर्म संसद पूरी चलती है वो अखाड़ों की केस करने की जो तरीका है वो हमारे जो महामंडलेश्वर बैठे हुए हैं ना उनको बताना वो उसके ऊपर एक्शन लेंगे या उसके ऊपर बात करेंगे या उन चीज को खारिज करेंगे तू करते क्यों नहीं है ऐसा अभी मैं तो खारिज कर रही हूं बहुत सारी आपको दिखेंगी महामंडलेश्वर जो इस बारे में बात कर रहे होंगे वैसे कोई एक्शन नहीं ले सकते इनके खिलाफ
(27:58) हां ले सकते हैं लोग ले सकते हैं लेकिन लोग आगे नहीं आ रहे अभी एफआईआर होंगी बहुत सारी हेमलता के ऊपर क्योंकि उसने बहुत सारे एक इंसान आया था मेरे पास जिसके हेमलता के दरबार में एक लड़का है बहुत सारे लड़के होते हैं एक औरत भी होती और उस लड़के ने उस आदमी की लड़की के साथ कुछ अनैतिक करना चाहा और इसके बारे में हेमलता को बता दिया तो सत्यानाश कर दूंगी तेरा अगर यह बात चार चौखट से बाहर चली गई तो आ गया डर वो इंसान है उसको एफआईआर के लिए सजेस्ट भी किया गया लेकिन अपनी ही बेटी का इज्जत ना उछल जाए इसलिए बेचारा चुप हो गया उसको लगता है कि हम दरबार से दूर हो जाएंगे एक
(28:44) बार दरबार में आने आने वाला वापस दरबार में नहीं आता है। और जो भी लोग आते हैं यह एक दूसरे के इन्होंने जो गद्दी चौकी लगा रखी है ना एक दूसरे का एक दूसरे को बता कि मेरा अच्छा हुआ मेरा अच्छा जैसे ये धीरेंद्र शास्त्री केस इसमें दरबार में नहीं एक ही टीशर्ट का लड़का सात आठ वीडियो में वैसा वाला है। इनके पेड़ भगत लोग जो ठीक हो रहे हैं। जो वो हमारे पास जो आए थे वो बढ़के इसी बात से थे कि आपने धन् शास्त्री जी के बारे में बोल दिया था। तो क्यों ना बोलूं मैं? वो कह रहे थे शास्त्री जी भैया भारत के लिए बड़े काम कर रहे हैं। हां मैंने मैं मैं साधुवाद करती हूं उन
(29:22) चीजों का जो वो धर्म के लिए कर रहे हैं। सनातन के लिए कर रहे हैं। एक कम उम्र में वो धर्म के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उसके लिए मैं अभी हमेशा उनका अभिनंदन करती हूं। लेकिन आपके दरबार में ये जो टच करके भगवान आ रहे हैं या टच करके किसी के नेगेटिव पावर्स आ रही है। आप बहुत सारी चीजें बोल रहे हो कर रहे हो। अभी उन्होंने गलत है। एक शिला की स्थापना करी है। देखी वो सात लंगूरों वाली नहीं अभी तो नहीं देखा मैंने। नहीं देखा। हम उन्होंने क्या करा है? उन्होंने एक शिला बनाई है। अभी रील बड़ी वायरल चल रही थी कि जितने भी पीड़ित लोग हैं वो किसी तांत्रिक अघोरी के
(30:00) पास ना जाएं। मैंने सात लंगूर स्थापित करे हैं। छूने भर मात्र से हर प्रेत बाधा हर तंत्र मारण मोहन उच्चाटन से मुक्ति। अच्छा ऐसा उन्होंने शीला किया स्थापना की है। तो सबसे पहले मुझे लगता है उनके दरबारों में फिर भी लोग आ रहे हैं ना जो जिनके हाहा करके आ रहे हैं उन सबको पहले वहां पे टच करवाना चाहिए। क्योंकि ये वाली सारी चीजें हैं ना ये ऐसे सिद्ध नहीं हो सकती हैं। खुद उनको अपने पुरखों से मिली हुई कोई चीज होगी। कि जो चीज लेके वो आगे चल रहे हैं, पर्चियां बना रहे हैं। मैं मेरा तो उनके पर्ची पे भी विश्वास नहीं है। मैं बहुत खुला बोलती हूं।
(30:37) उनके भी नहीं है। वो बहुत एक बाबा देखा मैंने जो पानी पिलाता है। वो वो वाले बाबा पे भी नहीं है। ये बहुत सारे मैंने देखे। मैंने प्रदीप मिश्रा जैसे आदमी पे मैंने एलगेशन कर दिया कि घी शहद में पत्ता डूबाओ, शिवलिंग पे चलाओ। आपका बेटा पास हो जाएगा। तो ये धीरेंद्र शास्त्री कौन है? यह एक ऐसा लड़का है जो धर्म के लिए कार्य कर रहा है लेकिन उसके आड़े में अंधविश्वास भी फैला रहा है। इतना खुला बोलने वाली हूं तो मेरे ऊपर तो लोग एलगेशन करेंगे ना मेरे बारे में तो बोलेंगे। यह भड़का होगा रोहित मीना क्योंकि ये उसी का चट्टा बट्टा होगा। आपने
(31:14) देखा ये एक छोटा सा बच्चा निकला है अजय पार धाम वाला। यह उनसे भी मिले। धर्म का काम करो ना। उल्टा मुझे लगता है धीरेंद्र शास्त्री ने आकर मुझसे मिलना मेरे गले मिलना चाहिए। कि आप धर्म के लिए इतने सारे काम कर रही हो। आप धर्म के नाम पर जो लोग अंधविश्वास कर रहे हैं आप उनको आगाह कर रही हो। उन्होंने मुझसे मुझे बताया गया था कि आपको भी महामंडलेश्वर के ऐसे ही कुछ बताया था शायद ना महामंडले हां बताया होगा उन्होंने तो आप बताइए मुझे मैं उसका उत्तर महामंडलेश्वर के पद पे नहीं है ऐसा कुछ है ये है वो है आप मेरा YouTube चैनल है आप मेरे YouTube
(31:51) चैनल पे जाइए प्रयागराज में जो 2025 में कुंभ हुआ था उसमें बकायदा जगतगुरु के साथ-साथ अल अलग सारे जो अखाड़े हैं जो रजिस्टर्ड है 13 अखाड़ों में से जो जो पंच है उसमें से कई कई लोग मेरे पट्टा अभिषेक में भी मौजूद थे और उन्हीं के हाथों से मेरा दुग्धा अभिषेक गंगा अभिषेक हुआ और उन्हीं के साथ मेरा पट्टा उन्हीं के सामने मेरा पट्टा अभिषेक हुआ और मैं तब से महामंडलेश्वर का कार्य नहीं कर रही हूं। मैं महंत थी 2018 से तब से भी मैं कार्य कर रही हूं और मैं अभी-अभी मार्केट में नहीं आई हूं इसके जैसा 2 साल पहले मैं 15 सालों से इसी मार्केट में हूं। यही देख
(32:29) रही हूं और यही चीजें बोल रही हूं। इसीलिए मुझे पता है अगर है तो आप मेरे YouTube चैनल पर जाओगे जाओगे तो आपको पता चलेगा कि मैं महा उसको नहीं पता होगा उसने बेचारे ने देखा नहीं होगा अभी-अभी कुछ पडकास्टों में भी कुछ चीजें आती है तो उन चीजों को खारिज करना मेरा कार्य है मेरा कर्तव्य है ऐसा मैं बोलती हूं तो मुझे लगता है कि अभी-अभी एक साल पहले ही हुआ है 2025 में हुआ है ये है क्या पिटभिषेक है क्या ये मतलब आपको ऑथराइज कर देना यस अखाड़े की तरफ से ऐसा ऐसा कुछ है यस ये है पट्टा अभिषेक मैं दिखा रही हूं पट्टा अभिषेक क्या होता है उसका पट्टाभिषेक का वीडियो हो तो वो
(33:14) उसको बोल देना कि डाल दें हां आप मुझे भेज देना मैं लगा दूंगा ये ये होता है पट्टाभिषेक इसमें जगतगुरु गर्गाचार्य जी भी मौजूद है। मां अंबिकानंद गिरी जी भी मौजूद है। जो अलग-अलग अखाड़े के पंच हैं वो मौजूद है। जिस पट पे बिठाया जा रहा है उस पट पे बिठाके आपका गंगा अभिषेक होना, दुग्धा अभिषेक होना, जला अभिषेक होना, भस्मा अभिषेक होना। आपको रुद्राक्ष की मालाएं पहनाना और उसके साथ आपको घोषित कर भगवा चादर ओढ़ा के आपको उस पद के लिए ऑथराइज कर देना। इसका मतलब होता है पट्टा अभिषेक करना। और यह होता है पट्टा अभिषेक। जो पीछे खड़े हैं दाढ़ी पर
(33:55) गर्गाचार्य जी है और उसके बाजू में जो मां अंबिकानंद गिरी जी और आचार्य महामंडलेश्वर खुद मेरा पट्टा अभिषेक कर रही है और आप देख रहे हैं कि अलग-अलग तरीके के सारे पंच वहां पे मौजूद है। ऐसा वाला एक वीडियो वो दिखा दे मुझे। यह मेरा बाकायदा YouTube पर है। वीडियो मेरा YouTube पे है। सिर्फ YouTube पर नहीं है। अलग-अलग न्यूज़ चैनलों पर भी है। और जब प्रयागराज की तभी के न्यूज़ कटिंग्स भी है मेरे पास में न्यूज़पेपर्स के कटिंग्स भी है। जिसमें मैं महामंडलेश्वर बनी थी। जब से मैं महंत पद पे काम कर रही थी ना तब से मुझे पता है कि महंत क्या होता है और जब मैं महामंडलेश्वर
(34:33) के पद पे कार्य कर रही हूं 2021 में मुझे महामंडलेश्वर घोषित कर दिया था। और मैंने पिछली बार बताया एक रात में कोई महामंडलेश्वर नहीं बनता है। महामंडलेश्वर की सारी परीक्षाएं देखी जाती है। उसका समाज में वह क्या धर्म का कार्य कर रहा है या धर्म प्रचार और प्रसार के कार्य में और धर्म संरक्षण में उसका क्या योगदान है यह योगदान देख के फिर उनको महामंडलेश्वर पद पे आसीन किया जाता है। ऐसे ही घोषित सबको कि करते हैं। लेकिन उसका कार्य देख के उसको पीठासीन करना है या नहीं करना है। ये पंच कमेटी डिसाइड करती है। हमारी धर्म संसद डिसाइड करती है।
(35:13) हम अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद इन सारी चीजों पे ध्यान रखते हुए ये सारी चीजें करती। अखाड़ों का मेन महत्व क्या है? काम क्या है भारत के? धर्म का प्रचार करते रहो। धर्म का प्रसार करते रहो। लेकिन सबसे पहले तो अखाड़े बने किस लिए थे? जब आक्रांता आए थे। आक्रांताओं ने बहुत सारे विश्वविद्यालय को जला दिया था। हां। मंदिर नालंदा विश्वविद्यालय को जला दिया था। उसके बाद में आप देखिए मंदिरों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया था और उन्होंने उस जगहों पर मस्जिद बांधना शुरू कर दिया था। तभी ना शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान रखने वाले लोगों की जरूरत
(35:50) थी। तभी नागा साधुओं का अखाड़ा गठित हुआ। नागा साधु। श्री पंचदनाम जूना अखाड़ा तब गठित हुआ। 13 अखाड़ों की स्थापना हुई। कोई शैव तंत्र से आता है, कोई शाक्त तंत्र से आता है। मतलब शैव लोग है, शाक्त है, गानपत्य है, वैष्णव है। यह सारे अलग-अलग संप्रदाय से आने वाले लोग अलग-अलग भगवान को अपना इष्ट देवता मानते हुए शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान रहते हैं। आप देखिए नागा साधुओं के हाथ में आपको शस्त्र भी दिखेंगे। क्योंकि वह धर्म का संरक्षण करने के लिए उनको हाथों में शस्त्र लेना जरूरी था और उन आक्रांताओं को उस वक्त निस्तनाभूत करने के लिए साधुओं का एक बड़ा
(36:31) योगदान था। तब अखाड़े बने थे। हम दो अखाड़े होते हैं। एक अखाड़ा होता है जो कुश्ती का होता है। यह अखाड़ा होता है जो धर्म का होता है। यह धर्म का अखाड़ा तब बना और तब से इस अखाड़ों की कार्यप्रणाली है कि हम धर्म का संरक्षण करेंगे। जब जब धर्म पे आंच आएगी उसके आवाज उठाएंगे और उसके लिए कार्य करते रहेंगे और यह अखाड़ों का कार्य है। फिर आदि गुरु शंकराचार्य जी ने चार पीठ ज्योतिष मठ की स्थापना की, दक्षिण मठ की की, शारदा मठ की की। ये चार अलग-अलग पीठों की स्थापना कर दी। बद्री मठ की भी की, द्वारका पीठ की भी। इन पीठों पे उन्होंने अलग-अलग चार शंकराचार्य बिठाए
(37:10) और शंकराचार्यों के अंडर में आचार्य महामंडलेश्वर बने। और फिर मंडलेश महामंडलेश्वर मंडलेश्वर महंत श्रीमंत साधु सन्यासी कोतवाल संरक्षक ये सब बने लेकिन अभी ये सब कुछ भटक नहीं गए ये बताइए ये जो अन ऑथोराइज्ड लोग हैं ना नहीं मैं बताता हूं जैसे कि कहते हैं भारत में देश में सनातन सरकार है हां है लेकिन शंकराचार्य उसका विरोध करते हैं आप जिन शंकराचार्य जी के बारे में बोल रहे हो ठीक है आप बोल रहे हो शंकराचार चार्य अभी मुक्तेश्वरानंद जी के बारे में है ना हम मैंने अभी-अभी बताया आपको जबजब किसी भी साधु सन्यासी या अखाड़ा परंपरा से रिलेटेड
(37:52) व्यक्ति को लगता है कि यह चीज धर्म के विरुद्ध हो रही है तो उसके ऊपर आवाज उठाना ही उनका काम है। राम मंदिर धर्म के विरुद्ध है। राम राम मंदिर में होने वाली चोरी या धर्म के विरुद्ध लेकिन जब राम मंदिर बना वो तब से विरोध में थे सरकार। राम मंदिर का शिलान्यास हुआ तब तक उन्होंने कुछ नहीं कहा जब राम मंदिर के बिना कलश स्थापना के बिना बिना कलश रोपण के उनका उद्घाटन किया गया इलेक्शन के टाइम पे बिल्कुल सही कह रहे हैं हां ठीक है धर्म के विरुद्ध में राम मंदिर गलत नहीं है राम मंदिर ही हमारे धर्म का भी केंद्र वही है और यह सरकार का केंद्र
(38:30) भी वही मैं सरकार के खिलाफ नहीं हूं मैं वापस कह रही हूं अभी मुक्तेश्वरानंद जी भी यही कहते हैं कि वह सरकार के खिलाफ नहीं वो सरकार के कार्यप्रणाली के लेकिन कई लोग उनको को शंकराचार्य मानते भी नहीं है। जो बाकी शंकराचार्य हैं वो भी उनका विरोध करते हैं। लेकिन अभी मुक्तेश्वरानंद जी शंकराचार्य जी है क्योंकि दक्षिण पीठ के जो भारती तीर्थ जी है जो शंकराचार्य थे अभी उनके उत्तराधिकारी विदुशेखर भारती जी जो शंकराचार्य जी बन रहे हैं। दक्षिण पीठ में शारदा शृंगेरी मठ में जो शंकराचार्य हैं उनको बताया गया था इनके गुरु ने कि इनको
(39:06) ज्योतिष मठ का शंकराचार्य घोषित करना चाहिए और इनका पट्टा अभिषेक होने का वीडियो भी है मेरे पास अभी मुक्तेश्वरानंद जी को ज्योतिष मठ का शंकराचार्य घोषित करने का वीडियो है मेरे पास तो जो लोग नहीं मानते होंगे क्योंकि एक दूसरे भी शंकराचार्य बने उसके लिए कोर्ट में केसेस भी चल रहे हैं पूरे योगी योगी के खिलाफ में कहते हैं योगी ने मंदिर तोड़ दिए सारे। अभी मैं देख रहा हूं। लोगों के घर भी तोड़े। हां लेकिन गलत थोड़ी है। घर तो उनके तोड़े ना जो आक्रामकता फैला रहे थे। राम मंदिर बनाने के लिए घर तोड़े तो वहां पे बीजेपी के लोग चुन के नहीं आए।
(39:44) करेक्ट। मैंने कहा धर्म के विरुद्ध नहीं है। सरकार के विरुद्ध हम नहीं है। कोई भी नहीं। मैं भी सरकार के विरुद्ध नहीं हूं। मैं तो मानती हूं बीजेपी सरकार में बहुत अच्छे-अच्छे काम हुए हैं। बीजेपी सरकार में अच्छे काम भी लोग देखते हैं। शायद अभिमुक्त शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वर आनंद जी महाराज जी का कहना है कि जो कार्यप्रणाली जो अवलंबित की जा रही है ना वो गलत है और हो रहा है। फिर यही बीजेपी के सरकार में मैं अभी एक पॉडकास्ट देख रहा था लेटेस्ट आपने देखा होगा उसमें बड़ा वो एंकर के ऊपर हाथापाई करने को नौबत आ गई उनकी दामन पडकास्ट एक पहला ही पडकास्ट था उनका
(40:20) हम लेकिन उन्होंने एक बात तो तर्क की कही कि अखिलेश यादव को इतना समर्थन क्यों? उन्होंने किया शंकराचार्य जी ने उनका समर्थन किया। हां हां तो उन्होंने अगर उनका कुछ चीज होगा जो धर्म के लिए अच्छी होगी तो उसके लिए उनका यादव हां अखिलेश यादव के बारे में योगी के बारे में मोदी जी के बारे में ये किसी के भी बारे में उनका समर्थन करना मैं दीपक जी का समर्थन नहीं करती हूं। तो दीपक जी काउंटिंग करते हैं। दीपक जी ने अच्छे-अच्छ के पसीने छोड़ दिए। तो दीपक जी मेरे लिए मेरे फेवर में नहीं है। तो मैं दीपक जी का विरोध करूंगी। तो उनके फेवर में अखिलेश जी होंगे तो उनके
(40:56) फेवर में है। जो जिसका है देखिए भैया जिसकी बहस उसकी लाठी और उनका वो पडकास्ट मैंने देखा नहीं है। शायद वो वाला सीन भी मैंने नहीं देखा होगा। ओके ओके ओके लेकिन मैंने वो वाला एक वीडियो देखा है जिसमें वो पडकास्ट के लिए कुछ लोग उनको सवाल पूछ रहे से न्यूज़ में कुछ सवाल पूछे जा रहे थे और वह भड़के थे और उनके साइड में खड़े हुए लोग उनके सेवादार भी जो दंडी सन्यासी थे वह भी भड़क रहे थे उनके ऊपर यह वाला भी मैंने देख लिया क्योंकि जब भी उनको या किसी भी शंकराचार्य जी को तो नहीं कहूंगी लेकिन किसी भी धर्म से रिलेटेड पद के व्यक्ति को आप बोलते हो या फिर उसके
(41:35) बारे में किसी भी चीज का आप उल्लेख करते हो तो आप पहले उनके पद की मर्यादाओं को समझो। जैसे मैंने कहा कि मैं महामंडलेश्वर हूं तो मुझे अपने पद की गरिमा का ध्यान है। मुझे पता है कि मेरे पद की मर्यादाएं क्या है। तो जिनको मेरे पद की मर्यादाएं नहीं पता है वो कमेंट में भोकते हैं या फिर यहां आपके पडकास्ट पे आके रोहित मीना के नाम के लोग यहां आकर भोकते हैं। उनको पद की गरिमा नहीं पता है। तो जो लोग बैठे हैं शायद अभी देखिए जेंजी लोगों के बारे में हमारी बात हुई थी कुछ पडकास्टों में। तो जजी लोग हैं जो अभी आजकल धर्म को समझ भी रहे हैं लेकिन वो डीप नॉलेज रखते हैं।
(42:12) जजी लोग जंजी लोग डीप नॉलेज रखते हैं। कैसे? जंजी लोग मुझे बताइए जंजी लोगों को पता है कि ये माता वाता वाला ये फ्रॉड है। यार लेकिन वो वो तो परमात्मा को भी फ्रॉड मान रहे हैं। नहीं नहीं परमात्मा को नहीं मान रहे। बहुत जंजी लोग देखे हैं मैंने। सीजेपी सीजेपी जो सारा जैन जी था ये क्या राम की वहां पर बातें चल रही है और जो भी शंकराचार्य जी हैं उन्होंने उस पडकास्ट में यही कहा कि पुलिस वालों को पत्थर सही मारे उन्होंने ऐसा कहा उन्होंने ऐसा कहा हां तो उन्होंने कहा होगा क्योंकि धर्म के खिलाफ या फिर किसी भी कार्यप्रणाली के खिलाफ कुछ वर्तन हुआ होगा और मैंने देखा
(42:50) सीजेपी के बारे में अगर आप बोल रहे हो दिल्ली में बस मेरा यह मानना था कि एक बात सत्य थी अपनी आर्मी आर्मी और जो सेना बल है यह पत्थर खाने के लिए नहीं बने हैं। नहीं बने उनके ऊपर कंट्रोल सेवा कर रहे हैं। उनके वो सेवा कर रहे हैं। हमारे आर्मी के भी लोग सेवा कर रहे हैं। हमारे पुलिस वाले भी लोग सेवा कर रहे हैं। लेकिन कुछ पुलिस वाले जो ऐसे पकड़े हैं। अभी हमारे दिल्ली में हमारे महाराष्ट्र में भी कुछ फ्रॉड बाबा लोग पकड़े हैं। उसमें कुछ लोगों को पकड़ा है। वह पुलिस वाले हैं। बड़े-बड़े पदों पे हैं। थोड़ा सा हरियाणा, पंजाब इस तरफ राजस्थान इस तरफ देखिए। कुछ-कुछ फ्रॉड
(43:26) केसों में पुलिस वाले पकड़े जाते हैं। सभी पुलिस वाले एक जैसे नहीं होते हैं ना। लेकिन पुलिस वालों ने पत्थर बहुत खाए हैं। हां क्योंकि जजी लोग हैं ना वो अपना आक्रोश वहां पे प्रदर्शित कर रहे हैं। पर यहां नरेंद्र मोदी जी ने माफ कर दिया उन जजियों को। हां क्योंकि उनको मर्यादाएं पता है। इसीलिए तो वो पीएम है ना। मुझे एक बात दीपक जी अभी हम दोनों में बात हो रही है। मुझे जो कहना है ना वो धर्म के लोगों को अच्छे से पता है कि मैं क्या कहना चाह रही हूं। लेकिन यह मैसेज जो लोग आधा पडकास्ट देखेंगे ना थोड़ा सा या फिर मेरा एक डायलॉग या सिर्फ थोड़ी सी रील देखेंगे ना
(43:59) वह गालियां ही बकेंगे क्योंकि उन्होंने पूरा पॉडकास्ट नहीं देखा होगा। उनको पता नहीं बात क्या चल रही है। उसी तरह से मोदी जी तक सारी बातें तो पहुंचाने वाले उनके मीडिएटर्स हैं ना। तो सीजेपी को क्या कहना है और मोदी जी को क्या बोलना है? उनके ऊपर उनको क्या एक्शन करना है? इनके बीच में बहुत सारे मीडिएटर्स हैं। क्यों सोनम वांगचुक जी को एकदम अचानक से ऐसे उठा के ले जाना यह लोग यह बात लोगों को गलत लगी थी। लेकिन थी लेकिन हां सोनम वांस के लिए किसी को मरने नहीं दे सकती। नहीं दे सकती क्योंकि वो हमारे देश के लिए उन्होंने जो साइंटिफिकल चीजें की है ये वो
(44:37) इस देश के लिए योगदान है और इसलिए उनको जीना जरूरी था। लेकिन सीजेपी भी अपने जो कार्य लेके बैठी हुई थी और जिस चीज पे अड़ी थी वो भी उतना ही जायज है। मुझे ये नहीं लगता है। देखिए कल का सिर्फ एक सिर्फ एक मैं आप अभिजीत दीपके जी के बारे में मैं बात करूं। वो हमारे महाराष्ट्र से बिलोंग करते हैं। एक लड़का जो सीजेपी हमारे आम आदमी पार्टी का मीडिया पर पहले हो रखा हो हुआ था। ठीक है? तो पहले जो व्यक्ति जिसको पता है कि पॉलिटिकल बैकग्राउंड क्या होता है? उसको पॉलिटिक्स क्या है ये भी पता है। उस व्यक्ति ने देखा कि नीट के जो एग्जाम्स
(45:16) के जो लीक हुए पेपर्स लीक हुए हमारी शिक्षा प्रणाली उसके लिए जिम्मेदार है। लेकिन जो जो इसके लिए जिम्मेदार था वो लोग इस्तीफे देने से मना कर रहे थे। बिल्कुल। तो उन्होंने मेन जो हेड है जिसके थ्रू जिसके बोलने पे ये सब हो रहा है उसी को निशाना किया। हम उसके लिए वो अड़ के बैठे। आखिर में क्या हुआ? सारी एजेंसीज का आक्रोश देख के लोगों को वह जो काम था वह उनको करना पड़ा। यानी उनको देना पड़ा इस्तीफा। इस प्रोटेस्ट से हटकर अगर हम बात करें तो सीजेपी जो पार्टी की रचना क्यों हुई थी? सीजेपी पार्टी की नहीं मुझे लगता है कि हमारे चीफ जस्टिस जी ने जो वाक्य कहा था
(45:55) उस वाक्य को बहुत गलत तरीके से दिखाया गया और उन्होंने जो वाक्य वह जो यूज किया था ना जिसमें कॉकरोच कहा गया था हम तो कॉकरोच की तरह हां कॉकरोच की तरह मींस कॉकरोच ही हो गया ना ऑब्वियसली जो जो जिसको आप कॉकरोच कहोगे तो वह कॉकरोच जनता पार्टी बनके ही तो उभरेगी हां तो ये जो हो रहा है ये अभी ठीक हो रहा है क्योंकि सीजेपी की जरूरत थी। आप नेपाल में देखिए नेपाल में क्या हुआ था? नेपाल में भी तो जजीस ने आक्रमण किया और ये सारी चीजें हो गई थी और वहां का तो पीएम बदल गए। लेकिन एक जजी के पास जिसके पास खाने के दाने नहीं है जो रोड पे पड़ा है। उसके पास
(46:37) इतना उसका जिम्मेदार कौन है? इतनी फंडिंग कहां से आ गई उसके पास कि वो इतना बड़ा प्रोटेस्ट कर सके। नहीं। उनके पास प्रोटेस्ट करने के लिए आप देखिए उनको फ़ूड भी बाहर से प्रोवाइड किया गया। मैं जब यह जो खालसा के चीफ है जो ख़स्तान बनाना चाहते हैं उसने कहा कि अगर यह 15 अगस्त तक चलाते हैं तो मैं इसको 10 करोड़ देने के लिए तैयार हूं। बोलेगा तो कोई भी सपोर्ट कर लेगा। कोई बाहर के भी बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग नहीं था। लेकिन उन्होंने अभी परसों के दिन उनका स्वतंत्रता दिवस मनाया ना। 1947 में भारत के साथ बलूचिस्तान भी डिवाइड होने
(47:08) वाला था। पाकिस्तान के साथ लेकिन नहीं हुआ। अभी कल परसों तो हो गया ना। क्योंकि कुछ चीज होने के लिए ना अलग तरीके से लोगों को समझ जो देनी चाहिए ना अज्ञानता जो लोगों की दूर करनी है ना यह अलग तरीके से की जा रही है। सीजेपी पार्टी एक जंजी लोगों का एक ऐसा सैलाब है जिस सैलाब से आप भारत में हो रही ये जो भ्रष्ट कार्यप्रणाली है ना उसको रोकने का उनका कह रहा है मैंने वॉलपेपर ये लगा लिया है व्हाटएवर इज हैपनिंग इज राइट करेक्ट है हो रहा है देखिए कार्यप्रणाली एक देखिए जजी और अभी मुक्तेश्वर जो कुछ हो रहा है वो ठीक ही है। मेरे तरीके से जजी और अभी मुक्तेश्वर ने
(47:50) ये भाई हमारा काम है इसलिए जस्ट एक बात चल रही थी बाकी सत्य यही है कि जो कुछ हो रहा है ना जी से ही हो रहा है और वही सत्य है। कभी ना कभी जब भी किसी भी चीज के ऊपर आप देखिए लोग कहते हैं कि कल्कि अवतार आएंगे। मैं कहती हूं कि अवतार तो पता नहीं कितनी बार आ चुके हैं। हां लेकिन जेंजी के स्वरूप में ना यह कलयुग के जो भी भ्रष्ट अधिकारी है ना उनका कल्कि अवतार तो आ गया क्योंकि ये जजी उनके लिए कल्कि नहीं नहीं ये ये आपने बहुत बड़ी स्टेटमेंट दे दी। कल्कि अवतार तो वो है जो सफेद अश्व के ऊपर बैठा हुआ है। जिसके हाथ में नंगी तलवार है। सफेद अश्व यानी कि मन के घोड़े
(48:26) के ऊपर हाथ में ज्ञान की नंगी तलवार लेके बैठा हुआ है। वो अभी ये नहीं है जो रोड पे बैठे हैं। ये जो रोड पे बैठे हुए हैं ना ये भ्रष्ट देखिए ये जो भ्रष्ट अधिकारी है पॉलिटिकल लोग जो सफेद कपड़े पहन के घूम रहे हैं ना उनके ऊपर उनके अनुभव और उनके जो अज्ञानता है ना उस घोड़े पे सवार ये जंजी लोग हैं और उनके हाथों में है ना संविधान की तलवार है और वो लोग बता रहे हैं कि संविधान में ऐसा लिखा है तो ऐसा हो क्यों नहीं रहा है तो मैं कहती हूं कि ये जो सीजेपी के जंजी अभी सारे जंजी लोग जो है ना जो भ्रष्ट मैंने कहा था ना ब्रडकास्ट कहां से कहां
(49:03) चला जाएगा? हां तो भ्रष्ट भ्रष्टता के खिलाफ जो जो आवाज उठा रहा है ना अभी यही जजी लोग उनके वो पॉलिटिकल लोग जो है ना जिनके बारे में ये बोल रहे हैं ये ये वही कल्कि अवतार है उनका नाश करने के लिए आए क्योंकि उन्होंने उनके बारे में बोला उनको देना पड़ा इस्तीफा देना पड़ा उसके बाद में नहीं मोदी जी समझदार है क्योंकि उनको पता है कि ये युवा पीढ़ी के हाथ में भविष्य है टाइम लगा क्योंकि मीडिएटर्स ने शायद ठीक से उनके उनके पास ये सारी इंफॉर्मेशन पहुंचा सोचाई नहीं होंगी। बच्चों ने बहुत हालत हालत खराब कर दी सारी चीजों की। मैं दिल्ली में ही थी। सीजेपी का जो आंदोलन चल
(49:39) रहा था। मैंने देखा बहुत सारे जेंजी थे जिनको सच में पानी बोतल्स के लिए भी तरसना पड़ा था। लेकिन हमारे ही इंडिया में हम जिसे क्या इंसानियत कहते हैं ना वो इंसानियत ने दिखा दिया कि पानी हो, खाना हो या बारिश में छाता हो वो भी डिस्ट्रीब्यूट हुआ। लेकिन पकड़ा गया एक जो मुसलमान जो रोज बिरयानी बांट रहा था यह पकड़ा गया उसके पूरे घर वालों को गिरफ्तार कर लिया गया कि इतनी तेरे पैसा फंडिंग आई कहां से कि तू इतनी बिरयानी खिला सके योगी जी ने ये भी करवाया हां धर्म के विरुद्ध काम जहां पे होता है वहां पे वो भी काम करते हैं ना मैं देखिए
(50:17) मोदी जी गलत नहीं है मैं कहूंगी लेकिन मोदी जी के अंडर में काम करने वाले ये जो राजनेता है ना बहुत सारे जिनके अभी-अभी ईडी के नाम से उनके कपड़े फट रहे हैं। ऐसे वाले लोग हैं ना वो उनको पता नहीं है ना किसी के दिल में घुस के तो इन्होंने देखा नहीं। पब्लिक सपोर्ट मिल गया। मतलब ये खुद को कुछ भी समझ लेते हैं। जैसे हमारी हेमल मैं जैन जी से कहूंगा कल्कि अवतार बनने से पहले एक बार कृष्ण अवतार जरूर पढ़ें। कृष्ण अवतार कर्म पे बात करते हैं। भाई से भाई की लड़ाई करवाने वाले किशन जी बनने के लिए भी मुझे लगता है कि नहीं यह जैन जी वो नहीं है। धर्म के खिलाफ धर्म के
(51:00) लिए फिर भी भाई भाई आपने कुछ क्लिप्स देखे नहीं लगता है जिसमें लड़कियां मोदी को मां की गाली दे रही है बहन की गालियां दे रही है लेकिन जेंजी है उनके संस्कार मैंने पिछली बार बताया था बच्चों के संस्कार आगे चल के बोलते हैं देखो हमें अभी वो रोहित मीना ऐसा-ऐसा करके लोगों को हिजड़े बनते हैं ये बनते हैं बोल के गया लेकिन उसको शायद यह पता नहीं होगा ना कि किन्नर देवताओं का उपदेवताओं में नाम आता है पंच देवताओं में उनका उनका नाम होता आता है देवदान यक्ष गंधर्व किन्नर ये आते हैं फिर भी उसने उनके बारे में गंदा बोल दिया उसके संस्कार क्योंकि वो उस
(51:35) रजिस्टर्ड अखाड़े से नहीं है वो बस ए बन गया तो बन गया दरबार लगा लिया वही जजी लोगों में आज बहुत सारे लोग हैं जिनके मम्मी पापाओं के संस्कारों में कुछ लोगों की नहीं मैं बड़ा सम्मान करता हूं कि गुस्सों मैं बड़ा सम्मान करता हूं क्योंकि भगवान की देन है लेकिन आपने जो कहा कम्युनिटी हम जो नहीं है और वो बन रहा है उसके बारे में आप क्या कहेंगे जैसे कि आपने अभी एक एग्जांपल दिया कोई किसी लेसबियन का हां उनके बारे में ये उनकी मेंटालिटी है ये एक ये ये ये विकृति है ये विकृति है ये पागलपन है ये पागलपन है उनकी मेंटालिटी जो है ना वो एक अलग दुनिया में घूम रही है जैसे आपने
(52:10) बोला कि जेंजी लोग गालियां दे रहे हैं लेकिन देखिए मां पार्वती गुस्से में आई तभी मां काली बनी है ना देखो भगवान शिव भी रुद्र जजी तो गालियां दे रहे हैं मतलब जजी से बहुत पहले की जनरेशन से आता हूं मैं भी बहुत गालियां देता हूं लेकिन यार दोस्तों में नहीं लेकिन लेकिन फिर भी घर में घर में घर में आते ही मुंह अपने आप बंद हो जाता है। घर में पति पत्नी को गालियां देने वाले भी लोग हैं हमारे यहां। पत्नी पति को गालियां देने वाले भी लोग हैं यहां पे। सास बहुओं को जलाने वाले भी लोग हैं यहां पे हमारे यहां। आज भी चल रहे हैं। अभी-अभी तो ट्रेंड आया है। ये ड्रम
(52:43) में भरने वाला हनीमून पे जाके मार देने वाला। ये वो वाला ट्रेंड तो अभी आया है क्योंकि औरतें अभी अलग तरीके से बाहर निकली क्योंकि सोशल मीडिया पे क्या देखना है क्या नहीं देखना है ये भी जरूरी आपने उन बच्चों की उन लड़कियों की गालियां सुनी भैया लेकिन आपने उनका दर्द नहीं सुना नहीं मैंने दर्द सुना उनका लेकिन जो गलती थी सीजेपी की वो थोड़ी सी ये थी क्योंकि मैनेजेबल उनकी चीजें थी वहां पर कोई अब एक बात सुनिए आप डिमांड किसकी थी डिमांड थी कि हमारे जो शिक्षा शिक्षा मंत्री हैं वो इस्तीफा दे। आरएसएस मुर्दाबाद मुर्दाबाद इसकी ये तो
(53:27) ये घुसने वाले जो लोग थे ना बीच में हां जैसे उन लोगों ने तो इनका ध्यान किसको रखना चाहिए था? क्या सीजेपी सीजेपी को क्या मैं आज यहां पर कोई फंक्शन कर रहा हूं। यहां पर कुछ भी अगर हो रहा है मिसहपन तो मैं उसकी जिम्मेदारी लूंगा। हां सीजेपी मुझे बताइए वह एक ऐसी ऑर्गेनाइजेशन नहीं है या कोई ऐसी पॉलिटिकल पार्टी नहीं है जिसको कोई हेड कर रहा है और उसके अंडर में सारा व्यवस्थापन चल रहा है नहीं है। सीजेपी ने एक इंस्टा हैंडल से बताया कि हम यहां पे आंदोलन कर रहे हैं। वहां पे सारे जेंजेस जमा हो गए। जेंजेस के साथ-साथ बहुत ऐसे भी लोग जमा हुए जो सीजेपी को बदनाम
(54:01) करने के लिए उसमें घुस-घुस के जिन्होंने सीजेपी के खिलाफ कुछ कारवाई हो ऐसे भी एक्शंस किए। उन्होंने ऐसे भी काम किया और हमेशा ऐसा ही हो रहा है। जो आवाज उठाता है ना उसकी आवाज दबाने के लिए कुछ ना कुछ ऐसा किया जाता है कि उस इंसान की आवाज को एक अलग तरीके पे लेके जाए। जैसे कोई स्त्री अगर बड़ी हो रही है या उसके लिए कुछ बोला जा रहा है तो सारे तंत्र यूज़ करने के बाद क्या आता है पता है? उसके चरित्र पर उंगली उठाई जाती। इस सीजेपी के चरित्र पर उंगली उठाने के लिए बहुत सारे देखिए आपने कहा उनको कुछ काम नहीं है। वह रोड पर बैठे हैं।
(54:39) पैसा देके 550 तो खरीदे होंगे ना। ये तो कुछ कहा नहीं जा सकता। ये तो होगा। नहीं हुआ तो होगा ना क्योंकि अभी जिनको काम ही नहीं है तो बहुत है। जेंजिस तो खुद को नहीं बिका बेचना चाह रहे। जेंजिस तो बस अपने हक की लड़ाई लड़ रहे। हक़ की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह हक़ की लड़ाई थी क्योंकि उनको लग रहा था कि नीट का जो यह हुआ लीक हुआ है शिक्षा प्रणाली जो भ्रष्ट हुई है उसके लिए जो जिम्मेदार है वह इस्तीफा दें। लेकिन अलग तरीके से देखो मैं अपनी अलग तरीके से भी सारे जजी मेरे खिलाफ हो जाएंगे। वैसे नहीं जजी खिलाफ नहीं होंगे। आप देखिए जजी को पता है कौन हमारे लिए अच्छी बात कर रहा
(55:16) है या कौन बुरी बात कर रहा है। देखिए अभी ये बात भी मैं कह रही हूं। अभी कर्नाटक के जो बने हैं वो इनसे कम पढ़े लिखे हैं। हम जिन्होंने इस्तीफा दिया उनसे कम पढ़े लिखे आए। फिर भी वह शिक्षा मंत्री बन गए। आप पढ़ाई क्या कर रहे हो इसके ऊपर भी जेंजेस अभी उसके ऊपर तुलना कर रहे हैं कि वो तो ज्यादा पढ़े थे। कुछ जेंजेस उनके बारे में अच्छा भी बोल रहे हैं कुछ गलत भी बोल रहे हैं। शिक्षा प्रणाली में बहुत सारी चीजें ऐसी है जो भ्रष्ट तरीके से उनको दिख रही थी। लेकिन क्या गारंटी है कि इनके इस आंदोलन के बाद में जो दूसरे शिक्षा मंत्री
(55:48) आए तो आगे पेपर लीक्स नहीं होंगे। क्योंकि हमारी सरकार इष्ट भ्रष्ट नीति पर ठीक से ध्यान नहीं दे पा रही है। अगर वह उस पर ठीक से ध्यान देना व्यवस्थापन ठीक हो ना तो सारा ऑफिस अच्छे से काम करता है। क्या हुआ? बहुत अच्छे से आपने मेरी बातों के जवाब दिए। वैसे और बहुत अच्छे से तर्क रखे गए हैं। बहुत अच्छे से। ये अभी मैं जनजी लोगों में भी उठती बैठती हूं। उनके साथ उठना बैठना भी है और मैं बूढ़े लोगों में भी उठती बैठती हूं। तो मुझे पता है परंपरा क्या है और अभी आने वाला अनुशासन क्या कह रहा है तो मुझे लगता है दोनों तरीके से बोलना चाहिए और मैं एक
(56:33) धर्म के लिए काम करने वाली व्यक्ति हूं। तो मुझे लगता है जजियों ने किया वो भी अपना धर्म था और जिन्होंने उनको बदनाम करने के लिए वहां जाके आरएसएस मुर्दाबाद कहा वो भी उनका काम था क्योंकि कुछ पैसों के लिए बिक गए और कुछ अपने मैंने मेरे वॉलपेपर वैसे दिखाना चाहूंगा आस्था के लिए जो भी हो रहा है नहीं जो भी हो रहा है वो सही हो रहा है ऐसा कहा जा रहा है लेकिन मुझे लगता है कि कुछ आपसे बात करके मेरे को है ना एक एक मेरे भी दिमाग में कुछ एक नया पैटर्न घूमा अच्छी बात है और मैंने भी कुछ तुलनाएं करनी पड़ेगी तुलनाएं करनी पड़ेगी बिल्कुल सही बात है
(57:12) सिक्के की दोनों देखनी पड़ेगी अगर आप कह रहे हो कि जेंजी ऐसे करते कॉकरोच पार्टी क्यों बनी तो चीफ जस्टिस ने क्या बोला बोला फिर यह सब हुआ। फिर अभिजीत दीपके ने कोई ऐसी एक मैनेजेबल ऐसी उनकी ऑर्गेनाइजेशन नहीं है ना कि इन सबको इधर ही बैठना है, उधर ही बैठना है। उसने सीधा-सीधा इंस्टा हैंडल पे कह दिया है अभिजीत दीपके जी ने कि आप लोगों को इसके लिए प्रोटेस्ट करने के लिए आना है। फिर उसमें बूढ़े भी लोग थे भैया जेंजिस के साथ। वह भी तो वहां पर प्रोटेस्ट पे आए थे। कुछ ऐसे भी लोग थे जो धर्म के खिलाफ बोलने वाले भी थे। कुछ जेंजिस को वहां
(57:46) जाकर पागल बनाकर भी आ गए। कुछ खाना खिला के भी आ गए। कुछ उनमें झगड़ा लगा के भी आ गए। कुछ ने गालियां दी तो क्या पता वह गालियां देने वाले भी उसके साथ है। अभिजीत दीपके को थोड़ी ना पता है कि ये लोग गालियां दे रहे हैं और मैं सुन रहा हूं। नहीं बहुत सारे जजी जो है वो एक अलग तरीके से अलग तरीके से सोचते हैं अलग तरीके से सोचते हैं लेकिन बहुत सारे जेंजी जो है अज्ञानता की तरफ भटके भी हुए हैं हम बहुत सारे जजीस को अभी मैंने कहा कि थोड़ा डीपली नॉलेज रखने वाले जजीस है वो भी आजकल दरबारों में बैठ रहे हैं और दरबार लगा रहे हैं वो भी देखा है तो मुझे लगता
(58:24) है कि ऐसे ही कोई आंदोलन करें जजी लोग और ऐसे दरबारों वालों के दरबारों में जा के बैठे कैमरे लेके और मैं भी आपको इनवाइट करूंगी कि आप भी ऐसे कभी कैमरे ले किसी दरबार में जाने का सोच मैं मैं तो मैं तो चाहता हूं आपके साथ एक शो करना अगर अभी कभी ऐसा आपका कुछ महामंडलेश या फिर कहीं ऐसा जो कोई ऐसा कुछ होता है कार्यक्रम हां तो वो जरूर मैं कवर करना चाहूंगा और वहां पे कुछ आपका स्वागत है नासिक के आने वाले कुंभ में बस छह सात महीने वेट कर लीजिए ठीक है नासिक में आपका स्वागत रहेगा त्रंबकेश्वर जी के आशीर्वाद से वहां पे आप बहुत अच्छे
(58:57) से सारा कुछ कवर कर पाओगे बहुत सुंदर बहुत सुंदर सर बहुत ही मजा आया आपसे बात करके। थैंक यू सो मच। बहुत-ब बहुत ही प्यारा और हर बार जब भी आप आते हो फिर से हाथ जोड़ के धन्यवाद कहना चाहूंगा आपका आने के लिए। बहुत ही मजा आया आपसे बात करके। बहुत ही मजा आया। शुक्रिया। मैं आपको मैं आपको मैं आपको वैसे बता देता हूं जितने ये ब्लंड तरीके से बात करती है ये वैसे बिल्कुल भी नहीं है। ये मुझे ऐसा लगता है कि ये ऑन कैमरा और ऑफ कैमरा अलग है। ऑफ कैमरा ये बहुत ही स्वीट और बहुत ही सॉफ्ट और बहुत ही एक अच्छे विचारधारा के व्यक्ति हैं। मैं तो
(59:30) इतना ही कहूंगा। मैं इनसे आज चौथी बार मिला हूं और मेरे को चौथी बार मिलके ऐसा ही लगा कि मैं किसी एक अच्छे व्यक्ति के साथ एक समय बिता रहा हूं। बहुत-बहुत शुक्रिया। यह भगवान महाकाल की कृपा है और आपसे मिलके भी हमेशा लगता है कि कुछ नया दोगे और ना सब्जेक्ट देते हैं भैया ना ये कोई स्क्रिप्ट देते हैं। बस बुलाते हैं और एक के पीछे एक के पीछे एक एक AK-47 है इनके पास। ना इस पे पानी डालो तो ये ना गोलियां इनकी खराब जंग लगती है ना इनको मिट्टी में डालो तो मिट्टी घुस के इनकी AK-47 बंद नहीं होती है। तो ये दीपक नाम की AK-47 मुझे लगता है कि ये बहुत दूर
(1:00:11) तक जाएगी और बहुत अच्छा लगता है जब कुछ अलग-अलग टॉपिक्स लेकर आते हो और उस पे हम लोगों को सोच के बोलना पड़ता है। ये सब उसकी कृपा है कि मैं आप जैसे ज्ञानी लोगों के साथ बैठ पा रहा हूं। नहीं मैं खुद को ज्ञानी नहीं मानती हूं। बस और मुझे जो भी चेतना का आदान प्रदान है उसी से ही मैं जो भी हूं आज उसी चीज से हूं। बस वही चेतना और वही खुद का आत्मसम्मान और आत्म की जो अनुभूति है ना यही तंत्र है और यही जीवन है। बस यही जीवन है। आत्मसम्मान और आत्म की अनुभूति। अनुभूति यही जीवन है। बहुत अच्छा लगा आपसे मिलके। द रियल वन में इतने 75th पॉडकास्ट
(1:00:50) है मेरा। मतलब अभी सेंचुरी जल्दी ही कंप्लीट हो जाए। अभी आपके साथ एक बहुत बड़ा शो करूंगा मैं। ये मैं कमेंटेट करता हूं और नहीं मुझे पता है आप बोलते हो तो आप बुलाते भी हो और एक अच्छा शो ऐसा देंगे कि जिसमें लोगों को अलग-अलग अज्ञानता से बाहर निकालने की कोशिश करेंगे और बहुत मजा आएगा। बहुत-बहुत शुक्रिया आपका। जय श्री महाकाल। ओम नमो नारायण। ओम नमो नारायण।

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