High Society Ka Sach: Rich Aunties Wild Fantasies & Gigolo Culture | Sex Trade |Swati Sharma Podcast
Author Name:Desimartini
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Transcript:
(00:00) अच्छा ठीक है आपने पूछा एज ग्रुप अभी जब मूवी आई मर्दानी 3 हमने देखा कि इतने मिसिंग केसेस हैं यह वो हैं तो यह केसेस तो बहुत पहले से थे अब हमारा ध्यान उस तरफ गया है तो इस मिसिंग के केसेस में सिर्फ वही नहीं है जो मतलब छोटे बच्चे हैं या महिलाएं हैं इसमें बड़े लोग भी हैं मतलब शादीशुदा लोग भी हैं जो जिनके बच्चे हैं वैसे लोग भी हैं तो इसका कोई क्राइटेरिया नहीं है फिक्स है कि इसको ही उठाया जाएगा आप यूज़लेस हो आपका हम भीख मंगवाने में इस्तेमाल नहीं कर सकते आपको हम प्रॉस्टिट्यूशन में यूज़ नहीं कर सकते तो क्या करेंगे? आपको ऑर्गन बेचेंगे।
(00:34) तो इस्तेमाल तो हर जगह हो रहा है। जी। जैसे छोटे बच्चों की बात करूं। लड़के भी उठाए इन्होंने। लड़कियां भी उठाई। लड़कियों को लेके ये फिर बाद में प्रॉस्टिट्यूशन में आ गए। लेकिन जो लड़के हैं उनके साथ क्या होता है? फिर लड़कों को भी प्रॉस्टिट्यूशन में डाला जाता है। ऐसा नहीं है कि लड़के मतलब ये थोड़ा सा विचित्र लगता है लोगों को। जैसा कि मैंने कहा कि हम क्राइम को जेंडर बायसनेस के साथ देखते हैं कि अगर हम बोलते हैं डोमेस्टिक वायलेंस तो दिमाग में कल्पेट एक पुरुष ही आता है कि पुरुष ही मारने वाला होगा या जब हम बोलते हैं रेप तो ऐसा लगता है विक्टिम तो महिला ही
(01:10) हुई होगी। पुरुष कैसे विक्टिम हो सकता है? तो यह जो हमारी धारणा है ना यह जो भी स्टीरोटाइप्स हम बनाते हैं यह उनके लिए एक बहुत आसान स्टेप है। उनको और इजी कर देता है उनको प्रे बनाना। आपके पास ही अगर चलो आपका फ्रेंड ग्रुप है और आपके पास कोई आपका पुरुष मित्र आके कहता है कि यार मेरे साथ रेप हुआ छिड़खानी हो गई। क्या आप मानोगे इस बात को? बोलेगा क्या कर रहा है यार? बकवास कर रहा है कुछ भी। मजे ले रहा है। हम यह कहते हैं। बट एक्चुअल में लड़कों का रेप होता है। छोटे जब हम चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज की बात करते हैं तो उसमें मेल बच्चे ज्यादा हैं। कितने लोग हैं?
(01:49) कितने बच्चे हैं जिनके घर में ही उनके ही और सेक्सुअल अब्यूज बच्चों में घर से ही ज्यादा शुरू होता है। और लड़कों को प्रे बनाना इसलिए इजी होता है कि एक तो समझ नहीं आता है कि क्या हो गया। दूसरा वही बात कि आप किसी से बोलोगे तो कोई विश्वास नहीं करेगा कि अरे यार तुम्हारा कैसे हो सकता है? तो उनको प्रेम वही चीज है कि हमारी एक कुंठित सोच और उनके लिए एक और स्ट आसान स्टेप बन जाता है। तो मेल जो प्रॉस्टिट्यूशन में आप कह रहे हैं उन्हें कैसे डाला जाता है? क्या देखिए जैसा आपने देखा एस्टियन फाइल्स तो क्या उसमें मेल बच्चे नहीं थे? मेल बच्चे
(02:24) भी थे। ठरक जो है ना उसकी कोई सीमा नहीं है। फिर वो बूढ़ा बच्चा लड़की लड़का कुछ नहीं दिखता। फिर बस ठरक दिखती है वहां पे। [नाक से की जाने वाली आवाज़] ठीक है। तो जो छोटे बच्चे हैं उनकी बहुत डिमांड है प्रॉस्टिट्यूशन में। छोटे लड़के डिमांड है। जी लड़कियों से ज्यादा डिमांड है। ज्यादा नहीं बट उनकी भी डिमांड है। अच्छा उनकी भी जैसे एक कैटेगरी है ना कि लैक्टेटिंग [नाक से की जाने वाली आवाज़] मदर्स को बहुत लोग पसंद करते हैं। है कोठा है स्पेसिफिक उनका मतलब कि अच्छा मुझे तो लैक्टेटिंग मदर चाहिए। मतलब ऐसी चाहिए जो लैक्टेटिंग फेस में हो। ठीक है? उनका है।
(03:06) मैं बोल रही हूं ना ठरक की कोई सीमा नहीं है। हम किसी भी लेवल तक जाके गिर सकते हैं। फिर वर्जिन बच्चियों की बच्ची जितनी छोटी उतना उनको उतना हाई पैसा भी मिलेगा। मतलब अगर एक बच्ची है किसी कोठे पे आ गई है 10-15 साल की और भी छोटी तो हो सकता है कि उसका जो दलाल होगा या जो जो मेम साहब जो दीदी होगी दीदी मतलब जो बॉस होगी वहां पे वो एक टाइम का 34000 5000 10 भी मांग सकती है डिपेंडिंग ऑन द कि क्या है उसका कैसा उसका परफॉर्मेंस क्या रहा है वो कितना भी मांग सकती है वहां पे जो क्लाइंट्स आते हैं ऐसा नहीं है कि कोई नेचुरल सेक्स करके चला जाता है या किसी को
(03:44) प्लेजर चाहिए वो ब्रूटल होते हैं उनको मतलब मतलब मतलब ये एक जैसे स्लेवरी में जो एक माइंडसेट होता है ना कि अगर किसी को हमने ₹10 दिए तो हमें लगता है उसका उसके बॉडी से एक-ए खून का बूंद हम सा कर लेंगे। उसको जान से मार दो। मतलब हमारा अधिकार हो जाता है उस पे। आधिपत्य हम अपना बना लेते हैं। तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये उस तरीके से अपने मतलब इनके क्लाइंट्स इनको ट्रीट करते हैं। कोई कुछ भी डिमांड कर सकता है, मार सकता है, पीट सकता है, कुछ भी कर सकता है। कितना भी ब्रूटल हो सकता है और ये अपने आप को इंटॉक्सिकेटेड रखेंगे
(04:17) कंप्लीटली। तो जैसे आपने कहा कि यहां पर ब्रूटल करते हैं वो लोग। तो सेम अगर हम इसके अपोजिट जाएं क्या लड़कों के साथ भी इतना ब्रूटली किया जाता बिल्कुल होता है। जो किटी पार्टीज आजकल हाई सोसाइटीज में हो रही हैं। सबकी बात नहीं कर रही बट जिनको जितनों को मैं अभी जान रही हूं मैंने वहां देखा है। लड़कों को स्ट्रिपिंग कराई जा रही है। इनए्रोप्रियटली उनके प्राइवेट पार्ट्स को टच किया जा रहा है। और मतलब बहुत कुछ होता है। अलग-अलग चीजें उनसे करने को कही जा रही हैं। कितने मेरे पास ऐसे दो केसेस थे। एक में था जिसमें उनको पांव को लिक करने
(04:52) के लिए कहा जाता था। उसके उनको पैसे मिलते थे। पांव को हां एक में था जिसमें उनको स्लेव की तरह मतलब कुत्ते का पट्टा पहना के रखना कुत्ते के ही उसमें खाना देना थूकना और बोलना इसको चाटो मतलब ऐसे मैं बोल रही हूं ना जब हम थरक और मतलब इन ह्यूमैनिटी पे आते हैं तो फिर हमारा कोई लेवल नहीं रह जाता है एब्सिल फाइल तो बहुत बड़ी चीज है ये सब तो छोटे-छोटे लेवल्स पे भी हो रहा है लड़कों के साथ भी लड़कों के साथ भी लड़कियों के साथ भी मतलब जब वो बताता था एंड मैं सुन नहीं पाती थी कि कोई बोल रहा है थूके कि चाटो उसके ऊपर वो [नाक से की जाने वाली आवाज़]
(05:30) मतलब दे आर पीइंग सब कर रहे हैं उसके ऊपर सुसु पार्टी मतलब क्या है समझ ही नहीं आता क्यों हमेशा पट्टे से बांध के रखना नंगा करके रखना कुछ भी कर सकते हैं लोग तो वो कैसे इन सब चीजों में फंसा था पैसे के लिए छोटे शहर से था यहां पे आया काम ढूंढ रहा था नहीं मिला एंड ही वास गुड लुकिंग मतलब होता है ना कितनी बार हम देखते कि कितने रिक्शे वाले या कोई लेबर भी हैं। लेकिन बट दे आर कन्वेंशनली वेरी मतलब अट्रैक्टिव अट्रैक्टिव मतलब वैसे तो मतलब सुंदरता की जो डेफिनेशन बना दी है लड़कों के लिए लड़कियों के लिए तो उसमें वो बड़ा कन्वेंशनली अट्रैक्टिव लगता है।
(06:08) तो इस टाइप का ही वो था कि आया था यहां पे सर्वाइवल इशू था। पढ़ा [नाक से की जाने वाली आवाज़] लिखा था झुग्गी में रह रहा था। तो वहां से फिर अब झुग्गियों में क्या है ना मतलब सारी झुग्गियों का मैं नहीं बोलूंगी। ऐसे सारे लोग ऐसा नहीं कर रहे। बट मेजॉरिटी वहां पे क्या है कि यह जो दलाल होते हैं, पिम्स होते हैं, यह घात लगा के बैठे रहते हैं कि उनको पता है कि यहां पे मजबूरी बहुत ज्यादा है। कोई भी थोड़ा सा बरगलाना है या कुछ नहीं तो प्यार के झांसे में ही फंसाना है तो हो जाएगा। तो होता है ना कानों कान कि अब जैसे ये बताएंगे ना तो ये नहीं कहेंगे कि
(06:38) तुमको यही करना है या तुम्हारे साथ यही होगा। वो कहेंगे कुछ नहीं थोड़ा सा नाच लेना ये कर लेना ड्रिंक सर्व कर देना। लड़कों से लड़के लड़कियां दोनों। तो इस तरीके से मतलब शुरू में ही नहीं बताया जाता कि क्या तुम्हारे साथ होने वाला है या तुम धीरे-धीरे वो उस जाल में फंसते रहते फंसते रहते हैं। पैसा मिला एक बार दो बार अच्छा लग रहा है लग रहा है ठीक है और कर सकते हैं और कर सकते हैं। फिर वो ब्रटिटी पे अब पैसे ले लिए हैं तो वही वाली बात है कि फिर तो हम आपसे वसूलेंगे वो हो जाता है। तो प्रॉस्टिट्यूशन जो इंडिया में लीगल है वो अभी
(07:09) हां बिल्कुल मतलब प्रोफेशन लीगल है। जितने भी कोठे हैं सारे लीगल रहते हैं। कोठा लीगल नहीं है। देखिए कोठा का जितना मैं समझ पा रही हूं इतने सालों में मैंने समझा है कोठा बेसिकली वह हुआ करता था जैसे जो हमारे यहां अभी जैसे ट्रांसजेंडरर्स ट्रांसजेंडर बेसिकली नहीं जो इंटरसेक्सेस हैं मतलब जिनको हम किन्नर या [ __ ] बुलाते हैं इन शॉर्ट जिनको हम सिग्नल पे देखते हैं वो होते थे या जो तवाइफ़ें होती थी उनका कोठा होता था जहां पे महफिल लग रही है वहां पे सेक्स वर्क नहीं हो रहा था वहां पे महफिल लग रही है नाच गाना राजा महाराजाओं का जो
(07:46) एक होता था वो होता था उसको कोठा कहते थे एज सच कुछ नहीं था कोठा का कांसेप्ट मतलब झूमर लगे हैं वो जो हम देखते हैं कि रेखा डांस कर रही है सलाम इश्क में जा मतलब वो था बेसिकली कोठा मतलब उनका महफिल अब ब्रोथल है जीबी रोड है क्या डिफरेंस लगता है कुछ तो नहीं नॉर्मल घर है नीचे हार्डवेयर शॉप्स हैं ऊपर घर है नॉर्मल आप दिन में चले जाओ या कभी वैसे चले जाओ आपको नॉर्मल लोग दिखेंगे खाना पका रहे हैं खा रहे हैं फैमिली है बच्चे हैं आप हर हर किसी पे अब हम ये भी नहीं कह सकते कि हर घर कोठा है। तो कहने का मतलब वो नॉर्मल सा ही है। अब वहां पे वो मतलब
(08:21) कोठा या ब्रोथल जो भी आप बोले उसको रन कर रहे हैं। मतलब प्रॉस्टिट्यूशन अगर मैं चूज़ करूं एज अ पर्सन कि मुझे इसके थ्रू ही कमाई करनी है। तो वो लीगल है। लेकिन मैं अब दलाली करना शुरू कर दूं इसकी आड़ में। मैं ट्रैफिकिंग शुरू कर दूं और लोगों को ट्रैप कर करके उनसे भी सेक्स वर्क कराऊं। कोठा रन करूं। मतलब एक मैंने पूरा अपना गिरोह बना लिया। हां, लड़कियों की सप्लाई कर रही हूं। तो ये इललीगल है। अब जैसे कश्मीरी गेट में होता है कि [नाक से की जाने वाली आवाज़] जो ट्रैफिकर है वो अपनी WhatsApp डीपी बदलता है। मतलब उसने जिस लड़की की फोटो लगाई वो अवेलेबल
(08:54) है। मतलब नीचे उसका प्राइस जैसे जहां पे आता है ना हे आई एम यूजिंग WhatsApp जो लिखा आता है वहां पे उसका प्राइस लिखा होगा। लड़की की फोटो सोल्ड आउट नेक्स्ट डीपी। और वह डीपी किसी की भी हो सकती है, लड़के की भी हो सकती है, लड़कियों की भी हो सकती है। ऐसा कुछ यह नहीं है। मेल प्रॉस्टिट्यूट्स में बहुत जिगोलो जिनको बोलते हैं बहुत हैं। बहुत सारे लोग हैं। तो जिगोलोस के ये कहां कौन बुलाता है इन्हें? देखिए मेल्स भी बुलाते हैं। ये जैसे एक तो हमें पता ही है कि किटी पार्टीज जो हाई प्रोफाइल होती हैं। बिल्कुल वहां तो बुलाया ही जाता है। या जो ऐसे लोग जिनके
(09:32) हस्बैंड्स अवेलेबल नहीं है। मतलब शुगर मॉमीज़ टाइप बनी हुई है कि हस्बैंड नहीं है। मतलब एक शादी है जिसमें वह खुश नहीं है या पार्टनर अवेलेबल नहीं है। ठीक है? बहुत ज्यादा इमोशनली वो ड्रेन है वहां पे। तो वहां पे फिर एक पार्टनर उनको चाहिए। मतलब दे विल एक्ट एज अ शुगर मॉमी। एक उनका वो होगा। पार्टनर शुगर डैडी का भी सेम वैसे ही काम करता है। बट इसके अलावा मेल्स भी। अब ट्रांस जो कम्युनिटी है हम खुल के नहीं एक्सेप्ट करते। हम मतलब अगर हमारे अंदर भी एक्सेप्टेंस आ जाए कि मैं गे हूं या मैं लेसबियन हूं तो मैं खुल के बता नहीं पाऊंगी। मैं शायद अपने क्लोजेस्ट जो
(10:09) मेरा फ्रेंड होगा मेरी फ्रेंड होगी मैं उससे भी नहीं कह पाऊंगी। पेरेंट्स तक तो बहुत दूर की बात है। वहां तक तो हम जा ही नहीं सकते कि मैं गे हूं या लेसबेन हूं बात बोल के। तो ऐसे कितने लोग हैं जो गे हैं बट खुल के सामने नहीं आते। तो वो जिगोलियोस के साथ हैं। दे आर हैप्पीली वो अपने आप को सेटिस्फाई कर रहे हैं वहां से। तो वो भी हायर करते हैं उनको। मतलब हायर नहीं जो भी उनको बोल सकते हो आप बुलाते हैं। तो जो चिगोलोस होते हैं वो कुछ लोग अपनी मर्जी से भी उसमें या फिर उसमें भी जैसे जैसे लड़कियां भी तो कर रही है ना मर्जी से मैंने आपको बोला कि ये
(10:38) प्रोफेशनली लीगल है तो मर्जी से कर रही हैं कि भाई मेरे को अपना लाइफ स्टाइल करना है या मुझे अपनी फैमिली को सपोर्ट करना है फाइनशियली खुद को ये करना है तो इन दैट केस वो कर रही हैं और इसमें बहुत पैसा भी मिल जाता है उनको भाई एक-ए घंटे का 10 लाख 15 लाख इससे ज्यादा भी जाता होगा मेरे नॉलेज में भी तो यही है बट इससे ज्यादा भी जाता है तो अगर किसी को घंटे भर में या रात भर में 10-15 लाख मिल रहा है तो उसको लगता है ठीक तो है। साल में तीन-चार बार भी चले जाओ तो सेट। हां। बट टेंप्टेशन इतनी हाई होती है कि वो तीन-चार बार तक नहीं फिर लत लगती है।
(11:12) तो लड़कों को भी फंसाया जाता है। हां फंसाया भी जाता है। दोनों फंसाने का वही है कि एक ट्रैप अभी एक केस आया था। हमने ऑनलाइन डेटिंग स्कैम तो सुना होगा। हां कि ऑनलाइन पे मिले तो ऑनलाइन उस लड़के के साथ एक सेक्सिंग वगैरह तो चल ही रही थी ऑनलाइन उसको क्या बोलेंगे मतलब वीडियो कॉल पे दे वर हैविंग ऑनलाइन सेक्स अब वो रिकॉर्ड कर लिया जानबूझ के वो वैसा मोमेंट क्रिएट किया गया कि ऐसा कुछ हो और उसको रिकॉर्ड किया गया अब बाद में उस बच्चे को बोला जा रहा है उस लड़के को आई थिंक ही वास 25 हां 25 का था वह है अभी 25 26 का उसको बोला गया कि अब तुम करो। यही काम
(11:54) तुम्हें करना होगा। अब तुमको जहां मैं भेजूंगा वहां जाना होगा। करना होगा। नहीं तो यह वीडियोस आई हैव एक्सेस ऑफ योर कांटेक्ट। सबको जाएंगी। अब एक शर्म है। हमें लगता है कि यार यह किसी को भी लगेगा कि यह वीडियो अगर पापा मम्मी के पास चली गई या कहीं भी चली गई रिशेदारी में, फ्रेंड्स में ऑफ कोर्स वो जीने नहीं देंगे। तो फिर वो करेगा। वैसे इस तरीके से ट्रैप करते हैं लड़कों को भी। सेम ये प्रोसेस लड़कियों में भी होता है। तो पुलिस इसमें लड़कों की हेल्प नहीं करते। जाएंगे पुलिस तक तब तो करेगी। पुलिस तो बिल्कुल ऐसा नहीं है हमारा जो बीएएनएस जो
(12:28) अभी बना है आया है कानून उसमें लड़कों के लिए भी चीजें हैं। बट वहां तक हम जाएंगे तब तो अगर सिंपल सा घरेलू हिंसा भी होता है तो कितने केसेस में 90% ऑफ द टाइम महिला सहरी होती है तो आप पुलिस तक जाओगे तब तो पुलिस या वो कानून उसका आप लुफ्त उठा पाओगे ना। आप जाओगे नहीं। शर्म आ रही है। जब हम शर्म से अपने मां-बाप जिन्होंने हमें जन्म दिया है, वहां नहीं जा सकते, तो हम पुलिस के पास कैसे जाएंगे?
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