Saturday, July 4, 2026

Melt Belly Fat Rapidy | Weight Loss Secrets | Indian Weight Loss Diet By Richa | TPH

Melt Belly Fat Rapidy | Weight Loss Secrets | Indian Weight Loss Diet By Richa | TPH

Author Name:The Powerful Humans | Abhishek Vyas

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@ThePowerfulHumansOfficial

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=Np3qkN5hLN8



Transcript:
(00:00) वेट कम करना इतना आसान है। नहीं हो सकता मैडम। क्यों नहीं हो सकता? रिचा मैम कर दिया ना प्रूव आपको गलत मैंने कि ऐसे वेट लॉस नहीं होता है। आप जो भी बता रहे थे वो सब गलत है। ले आए ट्रिमर ले आए मंगा लें? अब बोल दिया था तुम मंगा ही लो। ला देन बेटर मेरे दो। हटाओ ये सब कुछ क्या लगा रखा है? इंडियन मेंटालिटी मैम अभी भी यह है। एक शादी करके लड़की जाती है। अगर उसका वजन एक नॉर्मल कैटेगरी में भी अगर वो स्किन नहीं दिखती पतली दिखती है तो सास उसको ये बोलती है कि तुम प्रेग्नेंट नहीं हो पाओगे। एक मिथ है ये। अगर आप ह्यूमन सिविलाइजेशन
(00:38) में भी जाकर देखो। वहां पर आपको मोटी फीमेल्स दिखती हैं क्या? क्या बढ़िया फिगर दिखती है? क्या बढ़िया कर्व्स दिखते हैं। उनकी वजह से तो आज हम पैदा है ना। अब आप सेलिब्रिटी हो। अब सब आम लोग सेलिब्रिटीज को देख के एक अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन बना लेते हैं। मैंने ना हजारों सेलिब्रिटीज की ट्रांसफॉर्मेशन डीप में स्टडी करी है। वो जो अपनी ट्रांसफॉर्मेशन में करते हैं ना वो लोगों को दिखाते नहीं है। वो क्या दिखाते हैं? सबसे पहले वो दिखा देते हैं। पर राम कपूर जी ने तो बोला ना कि अगर डॉक्टर बोलते हैं कि ये इंजेक्शन लगाना है तो लगाना है। वो कौन सा इंजेक्शन आता है?
(01:12) ओज़ंपिक वाला इंजेक्शन आता है वो लगाना है तो लगाना है तो डॉक्टर को ज्यादा पता है। मेरा मेन गोल है कि भाई भारत से मोटापा भाग सके। वेट लॉस के भी ना हजारों लाखों रस्ते हैं जो आपको समझ में आता है उस रस्ते को चुन लो और उस रस्ते पर चलो। ये जो आजकल ड्रग्स आ गए हैं ओजेमप मोजाडो जो आए हैं ये वैसे तो डायबिटीज के लिए बने थे। बट आजकल लोग उसको वेट लॉस के लिए भी यूज़ कर रहे हैं। पर देखो मेरे को लिटरली ना समझ में नहीं आ रहा है कि वेट लॉस कैसे करना है। जब मैं पढ़ रहा था आपके बारे में तो [संगीत] ये सब आपने बोला कि ये होता है ये होता है।
(01:40) मैंने कहा इतनी बकवास सुनसुन के तो मेरा दिमाग खराब हो गया है। अभिषेक जी मैं आपको बता तो चुकी हूं वेट लॉस होगा सिर्फ आपके खाने [संगीत] से। और अगर इस पॉडकास्ट के लास्ट तक आपको मेरी बात समझ में ना आए ना तो भाई यहां पर सारे कैमरामैन बैठे हैं। मेरे हस्बैंड बैठे हैं। ये सारे के सारे ये पॉडकास्ट देख रहे हैं। मैं अपना हेड शेव करवा लूंगी। आप बताओ आप पे इतना दम है। आपकी प्रॉब्लम ना [संगीत] मुझे पता है अभिषेक जी आप बहुत लोगों से मिलते हो। आपके पास वेट लॉस की बहुत सारी अलग-अलग जानकारी है। वही हमारी ऑडियंस के पास भी है। ये सारा दिन वीडियो देखते हैं। कुछ भी
(02:10) अपना कंबाइंड कर बना लेते हैं और सोचते [संगीत] हैं रिजल्ट नहीं मिलने वाला। रिचा मैम बहुत-बहुत स्वागत है आपका द पावरफुल ह्यूमन शो के अंदर मैम क्या हाल है मैम आपके? बहुत ही बढ़िया। आपको दिक्कत तो और बढ़िया हो गई। [हंसी] सो मैम देखो आज एक छोटी सी बात करते हैं इस पॉडकास्ट में पहले तो मैं थोड़ी सी बात बोल देता हूं क्योंकि बात मेरी कम सुनते लोग गेस्ट की ज्यादा सुनना पसंद करते हैं कि गेस्ट क्या बात करना चाहता है तो मैं मेरी बात स्टार्टिंग में ही रख देता हूं ठीक है बहुत सारे सवालात हो सकते हैं मेरे
(02:54) आपसे जो आपको लगे कि यार अभिषेक जी ऐसे कैसे सवाल पूछ रहे हो आप और आपको लगे कि यह तो बैड होस्ट है और मेरे को बेइज्जती करने के लिए बुलाया गया है तो माफ़ कीजिएगा मैडम कि मेरे को तो लोगों के सवाल पूछने हैं और मेरा मकसद ही यही है लोगों को पडकास्ट के माध्यम से जागरूक करना जो रूढ़िवा जो सोच चली आ रही है उसको थोड़ा से ट्रांसफॉर्म करना चेंज करना माना कि वो उसको सेम बातों को लेके जा सकते हैं। बट स्टिल कुछ बातें ऐसी होती है जिनको आपको चेंज करना ही पड़ता है। आज इस प्रोग्राम के अंदर हम वेट लॉस के बारे में बात करने वाले हैं जो कि सबसे वास्ट टॉपिक है।
(03:25) मैंने एक पडकास्ट में पिछली बार बात करी थी कि वेट लॉस मैनेजमेंट अगर कोई सिखाता है तो करोड़पति बन सकता है। क्योंकि लोगों की समस्या ही बहुत बड़ी है यह और जितने लोग भी इसके अंदर आएंगे लोग भी बढ़ते जाएंगे वैसे ही क्योंकि लाइफस्टाइल बहुत काफी चेंजेस होती जा रही है। 10 में से सात व्यक्ति वेट लॉस प्रोग्राम ज्वाइन करता है। सपना देखता है कि मेरा वेट लॉस हो जाए बट सपना सिर्फ एक का पूरा होता है। सवाल आप लोगों से है कि उन साथ में रहना चाहते हो क्या या वह एक व्यक्ति बनना चाहते हो जो अपना वेट लॉस करके ही माने जैसे बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज कर रहे हैं।
(04:01) सो मैडम एक बात वापस करते हैं कि मैंने जब पडकास्ट करता हूं तो मेरी बहुत सारी विचारधारा बन जाती है। तो मैं सबका थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा फॉलो करने लग जाता हूं। अब मैंने पॉडकास्ट किया तो उसने बोला कि प्रोटीन बहुत खाना चाहिए। तो घर पे गया मैं और मेरी वाइफ को बोला कि आज से मैं सिर्फ प्रोटीन खाऊंगा क्योंकि मेरा थोड़ा सा पेट निकल चुका है। तो समस्या कुक के बीच में और वाइफ के बीच में यह आ गई कि प्रोटीन में क्या-क्या आते हैं? प्रोटीन में चीज आता है, पनीर आता है और दही आता है। तो क्या पूरे दिन भर यही खाओगे क्या आप? यहीं से शुरुआत करते हैं मैडम।
(04:31) आपकी प्रॉब्लम ना मुझे पता है। अभिषेक जी आप बहुत लोगों से मिलते हो। आपके पास वेट लॉस की बहुत सारी अलग-अलग जानकारी हैं। वही हमारी ऑडियंस के पास भी हैं। उनको लगता है कि ये कर लें, ये कर लें, ये कर लें। सारा दिन वीडियो देखते हैं। कुछ भी अपना कंबाइंड कर कर बना लेते हैं और सोचते हैं रिजल्ट नहीं मिलने वाला। ऐसा नहीं है। अब आपको अपने घर से एयरपोर्ट जाना है। ठीक है? आपके घर से एयरपोर्ट जाने के पांच छह रास्ते होंगे। पांच छह रास्तों पे चलकर पहुंचोगे क्या? एक रास्ता पकड़ना पड़ेगा। उसको चुनोगे। अब उसमें जितनी भी डिफिकल्टीज आ रही है, रेड लाइट्स आ रही
(05:00) हैं, स्पीड ब्रेकर्स आ रहे हैं, सब पार करते जाओगे ना। रेड लाइट आ रही है तो थोड़ी ना दूसरे रास्ते पर चले जाओगे। तो लोग वेट लॉस जर्नी में ना ये गलती करते हैं कि जरा सी डिफिकल्टी आई या जरा सा उनको अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर आना पड़ा। चलो ये छोड़ो दूसरा रास्ता। चलो इसका दूसरा वीडियो देख लेते हैं। चलो इसको छोड़ते हैं दूसरा कर लेते हैं। तो उसकी वजह से ना अपनी मंजिल पर नहीं पहुंच पाते। सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है एक रास्ता चुने जो आपको लगता है जो सस्टेनेबल है जो आप लंबे समय तक फॉलो कर सकते हैं वेट लॉस के लिए और उसको पकड़ कर रखें जब तक टारगेट
(05:28) वेट पर ना पहुंच जाएं जब तक मेंटेनेंस ना सीख लें भाई मत छोड़ कर जाओ छोड़ कर जाओगे तो वापस पहुंच जाओगे जैसे भ आप एयरपोर्ट के लिए रास्ते बदलते रहोगे तो नहीं पहुंच पाओगे ना एक रास्ते पे ही पकड़ कर चलना पड़ेगा ना ठानना पड़ेगा कि हां भाई यही रास्ता है यही रास्ता मुझे एयरपोर्ट पर पहुंचाएगा ऐसे करोगे ना तो वेट वेट लॉस जर्नी में भी ऐसे ही करना है। एक रास्ता चुने, पढ़ाई करें, सब कुछ रिसर्च करें। जैसे कि सेलिब्रिटीज बहुत ज्यादा रिसर्च करते हैं। फिर ही तो अपना वेट लॉस का रास्ता चुनते हैं ना। आपको क्या लगता है जो सारा अली खान ट्रांसफॉर्म हुई जो कोई
(06:01) भी सेलिब्रिटी राम कपूर ट्रांसफॉर्म हुआ, करण जौहर ट्रांसफॉर्म हुआ वो यूं ही हो गए। उन्होंने पूरी पढ़ाई करी, रिसर्च करी, रास्ता चुना। उसमें क्या कर सकते हैं, क्या नहीं कर सकते? वो रास्ता वो लंबे समय तक सस्टेनेबल कर सकते हैं या नहीं कर सकते, फॉलो कर सकते हैं या नहीं कर सकते? वो चुना और उस पर चले और भाई हो गए ट्रांसफॉर्म और हम देखकर तालियां बजाते हैं क्योंकि उन्होंने उस रास्ते की जानकारी ली। अब जैसे अब आपने बोला कि आप वेजिटेरियन है। ठीक है? बहुत ही बढ़िया। वेजिटेरियन में फर्स्ट क्लास प्रोटीन के लिए आपके पास दूध है, आपके पास दही है,
(06:29) आपके पास पनीर है और आपके पास चीज है। और आपके पास वे प्रोटीन भी है। ठीक है? वे प्रोटीन कोई जिम जाने वालों का डब्बा नहीं होता। वो दूध का ही हिस्से से बनता है। ठीक है? अब बात यह है कि इन सबका भी ना बहुत जबरदस्त खाना बनता है। अब मैं आपसे क्वेश्चन पूछती हूं। भाई आप वेजिटेरियन हो तो आपने एक दिन में कितनी रोटी खाई? दो दो चार दो छह रोटी खा ले। 1 दिन में छह रोटी। एक हफ्ते में कितनी रोटी? 6 * 7 42 एक महीने में कितनी रोटी? 42 * 30 वो ज्यादा हो गई कैलकुलेशन। वो ज्यादा हो गई ना? है ना? तो अगर आपको बचपन से सिखाया जाता कि भाई यह आटा नहीं
(07:03) खाना। इसको आपको पनीर खाना है। जैसे देखो अब उसी आटे को आपने अलग-अलग नाम दे दिया। आटे की रोटी बन गई। आटे का नमकीन बन गया। आटे की स्वीट डिश बन गई। आटे की नूडल्स बन गई। मोमोज बन गए, पिज़्ज़ा बन गए। सब कुछ का बेस क्या है? आटा है। आटा है। है ना? सब कुछ का बेस पनीर बना दो। मैं पनीर की रोटी देती हूं। मैं पनीर के मोमोज़ देती हूं। वेट लॉस पनीर पिज़्ज़ा देती हूं। वेट लॉस पनीर कटलेट देती हूं। सैंडविच देती हूं। खीर देती हूं। आइसक्रीम देती हूं। वो खा लो। उसमें क्यों पनीर पनीर पनीर पनीर दिख रहा है? सुबह से लेकर शाम तक छह रोटी खा गए ना। अब तो आटा आटा
(07:36) आटा नहीं दिखा। अब तूने बोला रोटी खाऊं, रोटी खाऊं, रोटी खाऊं। क्यों नहीं बोला यह? तो आप कहना चाह रहे हो कि मतलब जिसने आटा खाया 25 30 साल वो मोटा हो जाएगा। नहीं अगर उसके साथ बहुत ज्यादा अनहेल्दी कार्बोहाइड्रेट्स खाए। भाई घर की रोटी हेल्दी है। बढ़िया है। लेकिन जो उसके साथ बाहर का आप अनहेल्दी कार्बोहाइड्रेट्स खाते हो। जरूरत से ज्यादा रिफाइंड ऑयल खाते हो तो तो बढ़ेगा ना मोटापा। और कैसे बढ़ेगा? और पनीर खा लो। घर का देसी घी का बनाकर जितनी भूख है उतना खा लो। 400 ग्राम, 500 ग्राम, 600 ग्राम आप खा ही नहीं पाओगे। नहीं बट लोग तो ये
(08:03) सोचते हैं ना कि मोटापा एक बीमारी है मतलब खाने से नहीं होती ना वो मतलब कोई बीमारी हो गई इस वजह से मोटा हो गया कोई आदमी मोटापा कोई बीमारी नहीं है और किसी भी बीमारी की वजह से ज्यादा से ज्यादा एक्सट्रीम केस में भी जैसे भई आनंद अंबानी भी है जो बोल रहे हैं कि भाई वो ये दवाई खाकर ये स्टेरॉइड्स लेकर मोटा हो गया मोटा हो गया कितना मोटा हो जाएगा 2 किलो 3 किलो 5 किलो 10 किलो 150 केजी थोड़ी ना मोटा हो जाएगा वह तो पॉसिबल ही नहीं है गलत खाना अनहेल्ी कार्बोहाइड्रेट्स अनलिमिटेड अनलिमिटेड खाने पड़ते हैं। तभी वजन बढ़ता है। आप सही घर का खाना बनाकर खा
(08:39) लो। आपका वजन एक्स्ट्राऑर्डिनरी नहीं बढ़ सकता। अनंत अंबानी जी की बात आपने कर दी और उनको हर बार घसीट लिया जाता है हर ब्रडकास्ट में। मतलब ये तो गलत बात हो गई ना? बट आप जब उनको कोई बीमारी हो सकती है। अपन को क्या पता कोई बीमारी है या नहीं है या उन्होंने बचपन में उनके पास बहुत पैसे हैं तो क्या बैठे-बैठे पिज़्ज़ा बर्गर थोड़ी खाया होगा उन लोगों ने। मैं आपको बताती हूं अभिषेक जी। और मैं इस बात के लिए इतना 100% प्रूफ हूं ना कि अगर उनका वेट कम ना हो ना तो मेरा आप नाम बदल देना। वेट कम करना इतना आसान है उनका नहीं हो सकता मैडम।
(09:07) क्यों नहीं हो सकता? नहीं हो सकता मैडम। वर्ल्ड के रिचेस्ट मैन में आते हैं और उनके पास आप आप तो चलो अपन तो अभी पडकास्ट कर रहे हैं। उनके पास तो ऐसेसे डाइटिशियन होंगे जो अमेरिका से लंदन से और पता नहीं शायद पृथ्वी के बाहर से भी जो पढ़ाईवढ़ाई करके वो भी आ सकते हैं। डाइटिशियन जितने मर्जी आ जाए उसमें कोई प्रॉब्लम ही नहीं है। प्रॉब्लम पता है क्या है? सबसे पहले तो ना आनंद अंबानी की गलत पेरेंटिंग हुई है। चाहे नीता अंबानी को यह बात जितनी मर्जी बुरी लगे बट भाई पेरेंटिंग में कमी हुई है। तभी एक बच्चे का वजन इतना ज्यादा बढ़ सकता है। अनंत
(09:40) अंबानी तो कोई भी मुश्किल केस नहीं है। ऐसे हजारों केस मैंने Instagram पर लाइव लाइव सॉल्व कर दिखाए हैं। एक-एक साल में लोगों का 70 80 किलो वजन मैंने डेली लाइव कर दिखाया है। वेट लॉस का बिग बॉस जिसमें दम नहीं है आज तक किसी में। मैंने आज तक एक वीडियो नहीं देखा जिसने लाइव वेट लॉस कर कर दिखाया। ट्रांसफॉर्मेशन देखते हो ना? मैंने लाइव कर कर दिखाया है। दिलशाद उसमें से तीन-चार जो ट्रांसमेशन वायरल हुई दिलशाद मेरी वेट लॉस स्टूडेंट थी। उनका वेट था 178 kg। 21 साल की लड़की उसके बाद कुणाल वो भी 20 21 साल का ही लड़का था। 178 kg। पूर्वा 183 kg इन तीनों का ना
(10:18) मैंने एक साल में 80-80 90 90 किलो वजन कम कर कर दिखाया। क्या ये अमीर खानदान से आते हैं क्या? मतलब बहुत मतलब ठीक ठीक खानदान से थे लेकिन भाई उन्होंने चुना ना गलत खाने की आदतें चुनी छुपा छुपा कर खाना खाया उधार ले लेकर खाना खाया ऐसे भी लोग होते हैं ऐसे लोग हैं मुझे तो इन्हीं लोगों से पता चला था कि कोई ऐप भी है केएफसी की जो ₹13000 उधार पर देती है कि आप इस नंबर को रजिस्टर करो 13000 हम आपको उधार पर देंगे और आप खाना खाओ उसने अपने घर के सारे नंबरों पर उधार ले रखा है 13 13000 मुझे भी नहीं पता था इन लोगों से ही पता चलता है इनको खाने की इतनी बुरी लत लगी हुई है
(10:52) जैसे ड्रग्स वालों को नहीं होती। दारू वाले को होती है कि भ सारी कमाई दारू में उड़ा देते हैं। सुना होगा ना आपने वही इनकी हालत होती है। जैसे नशा चाहिए ही चाहिए। इनको अनहेल्ी कार्बोहाइड्रेट का नशा होता है। उसके एडिक्शन में बुरी तरह से फंसे होते हैं। तो देखो ना आनंद अंबानी ने भी अपनी आदत बदली और 18 महीने में अपना 100 किलो वजन कम कर लिया था ना। तो वो सारी बीमारियां कहां गई? तब भी तो उनको वही सेम बीमारी थी ना। ये लोगों को समझ नहीं आता। उनके साथ ना दो सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। जो सबसे पहली प्रॉब्लम है वो तो मैंने आपको बताई कि इन लोगों की बहुत
(11:26) पुअर ईटिंग चॉइसेस होती हैं। मतलब इन्होंने बचपन से ही गलत खाना खाया है ना। नहीं तो आप बताओ 21 साल के एक इंसान का वजन 208 किलो हो कैसे सकता है? हो ही नहीं सकता। कोई बीमारी होगी। डॉक्टर ने बताया। कोई ऐसी बीमारी नहीं है। दुनिया में कोई भी बीमारी हो ना। ठीक है। मैं मानती हूं। चलो 5 किलो बढ़ जाएगा। चलो 10 किलो बढ़ जाएगा। 150 किलो थोड़ी ना बढ़ जाएगा। 208 किलो का थोड़ी इंसान हो जाएगा। गलत तो खाना ही पड़ेगा ना। जितनी मर्जी बीमारी है जो भी आप गलत नहीं खा रहे तो क्या आपका 100 किलो वजन बढ़ जाएगा? इंपॉसिबल है ये बात। पॉसिबल ही नहीं है कि धरती पर बिना
(12:04) गलत खाना खाए बिना अनहेल्ी कार्बोहाइड्रेट्स खाए किसी का वजन इतना ज्यादा बढ़ जाए। ऐसा कोई केस ही नहीं आया आज तक। ऐसा हो ही नहीं सकता ना। ये तो साइंस है। गलत खाना खाओगे तो वजन बढ़ जाएगा। सही खाना खाओगे तो वजन कम हो जाएगा। जैसे कि आप हो और मैं हूं। भाई हम सारे इंसान सेम है ना। है ना? ये तो आप भी मानते होंगे कि जैसे भाई सारे शेर की प्रजाति एक है, गाय की प्रजाति एक है, कुत्ते की प्रजाति एक है। इंसानों की प्रजाति भी सेम है। है ना? कोविड के टाइम बिल्कुल क्लियर हो गया। कोविड के टाइम एक वैक्सीन निकाली ऑल ओवर वर्ल्ड और वो सारे इंसानों को लग गई। चाहे
(12:34) कोई मोटा था, चाहे कोई पतला था, किसी को ब्लड प्रेशर, किसी को पीसीओडी, किसी को थायरॉइड, किसी को माइग्रेन। तब तो नहीं बोला कि मुझे पीसीओडी है, मेरे लिए अलग इंजेक्शन लाओ। मेरे को मोटापा है। मेरे को अलग इंजेक्शन लाओ। बोला किसी ने? नहीं बोला ना? सेम इंजेक्शन वर्ल्ड ओवर लग गया। लग गया ना? तो ऐसा ही मोटापा एक बीमारी को कंसीडर करो। उसका एक इलाज है। सही खाना। जैसे ही आप सही खाना खाएंगे मतलब कि आप बढ़िया क्वालिटी का फैट और बढ़िया क्वालिटी का प्रोटीन खाएंगे जो इंसान प्रजाति के लिए प्रकृति ने निर्धारित करा है। आपका वजन कम हो जाएगा। चाहे आप हो,
(13:05) चाहे मैं हो और मैं भी आज अनहेल्ी कार्बोहाइड्रेट्स खा लूं। जो मैं पहले खाती थी जिसकी वजह से मेरा वेट 95 केजीस हो गया था। मैंने वो खाना छोड़ा। ने 48 के चीज की हो गई। सेम हर इंसान सेम है। सही खाना खाओगे वजन कम हो जाएगा। गलत खाना खाओगे। कोई दुनिया की ताकत वजन बढ़ाने से रोक नहीं सकती आपको। और इस बात को मैं इतनी गारंटी से बोलती हूं ना मेरी चोटी से लेकर मेरे पैर के तलवे के अंगूठे तक खींच लेना। अगर आपके शरीर में कहीं पर भी चर्बी बच जाए। खाना बदलो वजन कम हो जाएगा। चाहे वो अनंत अंबानी हो, चाहे आप हो, चाहे दुनिया का कोई भी मोटे से मोटा इंसान है।
(13:42) लेकिन उसको चाहिए मोटिवेशन ऐसे इंसानों को जैसे अनंत के कैटेगरी में जो आएंगे ये मोरबिटली ओबीस होते हैं। मतलब इनका वेट बहुत ही ज्यादा होता है अपनी कैटेगरी के हिसाब से। ओवरवेट के भी आगे आती है मोरबटली ओबीस। तो यह मोरबुटली अभीज़ की कैटेगरी में आते हैं। तो इनकी ना फूड चॉइससेस पहले तो बहुत खराब होती हैं। पहली बात जिस पर हमें काम करना पड़ता है। और दूसरी इनकी ना बहुत ज्यादा लो मोटिवेशन होती है कि आप जरा सा कोच इधर से उधर हुआ नहीं। यह छुपाकर चुराकर जैसे मर्जी खाना खाना गलत चालू कर देंगे। तो मेरे पास भी ऐसे केसेस आए जो आप मान नहीं सकते कि खाना
(14:18) कहां-कहां चुरा कर खाते हैं। रखते हैं। जूतों के अंदर चुराते हैं। खाना चुराते हैं। जूतों के अंदर डालते हैं। पॉट सीट के नीचे खाना छुपाते हैं। मैंने वहां से खुद खाना निकाला है। इनको खाना दो। चलते फिरते ऐसे मुट्ठी मार लेंगे। यहां मुट्ठी मार लेंगे। कुछ मर्जी चुराकर, छुपाकर, झूठ बोलकर इनको खाना चाहिए। मैंने अपने इंडियन वेट लॉस डाइट के हॉस्टल में चारों तरफ कैमरे लगा रखे हैं ताकि ये गलत खाना खाएं ही ना। टिके ही नहीं फिर भी ये लोग तो मैंने खाना ही निकाल कर हॉस्टल से बाहर रख दिया। अब हॉस्टल में सिर्फ फैट और प्रोटीन ही है। कार्बोहाइड्रेट है ही नहीं खा लो।
(14:51) क्या खा सकते हो खा लो। तो इन लोगों की ना आदतें इतनी खराब होती हैं। ये सारी मैंने इसलिए नीता अंबानी को बोला कि भ उनकी गलती है। इसमें पेरेंटिंग में सिखाना पड़ता है। भाई बच्चे को बचपन से गाइड करना पड़ता है कि भाई यह गलत है। यह मत खाओ। यह सही है। यह खा लो। जिस भी कोच ने उनका 100 किलो वजन कम करा। छोड़ दो ना भाई। उस कोच के पास दोबारा छोड़ दो। उसने 100 किलो कम करा था ना उसके पास दोबारा छोड़ दो। वो मेंटेनेंस भी सिखा देगा। गलती क्या होती है? पेरेंट्स की सोचते हैं। बच्चे का 50 किलो कम हो गया, 60 किलो कम हो गया, 70 किलो कम हो गया। अब तो बड़ा पतला लग रहा
(15:26) है। अब तो बहुत बढ़िया लग रहा है। जैसे अब अनंत ने भी करा कि भई वो 108 पर जर्नी छोड़ दी। पतला हो गया। लाखों करोड़ों लोग तो 108 बार अपनी वेट लॉस जर्नी स्टार्ट करते हैं। उनको भी लगा होगा हमारा बेटा तो बड़ा हीरो बन गया। बहुत अच्छा लग रहा है। अब तो इसको आगे वजन कम करने की जरूरत नहीं है। हम भी होश उन्हें समझाते हैं। जैसे दिलशाद ने एक साल में मेरे साथ 80 kg वेट कम करा था। वो 98 kg की हो गई थी। डबल डिजिट पर आ गई थी। उसको लग रहा था कि भाई वो तो मलाइका अरोड़ा बन गई है। 90 98 kg पर उसको लग रहा था क्योंकि उसने अपना कभी इतना वेट ही नहीं देखा। जब से पैदा हुई तब
(15:58) से मोटी मोटी मोटी मोटी। तो लोगों को लगता है कि हम तो कमाल के हो गए हैं और हम तो आगे बढ़ने की जरूरत नहीं है। पेरेंट्स भी उनके दिमाग में गलत सिग्नल डालते हैं। घर आजा बेटा वापस घर आजा बेटा वापस तू तो यहां से कर लेगी। वहां से कैसे कर लेगी? जब तक मैंने उसको वेट मेंटेनेंस नहीं सिखाई वो कैसे कर सकती है? ये भी दो अलग-अलग सब्जेक्ट्स हैं। वेट लॉस करना एक अलग बात है। वेट मेंटेन करना एक अलग बात है। जैसे कि अगर आप हिस्ट्री पढ़ रहे हो तो आपको केमिस्ट्री आ जाएगी। बताओ नहीं आएगी ना? ऐसे ही है। वेट लॉस पढ़ लिया उन्होंने मुझसे। ठीक है, उन्होंने 80 किलो
(16:31) वजन कम कर लिया। वेट मेंटेनेंस सीखा ही नहीं। मैं गारंटी देती हूं उनका वेट बढ़ जाएगा। तो फिर इंडिया में तो बोला जाता है जहां पे भी गारंटी शब्द आ जाए मतलब वहां पे धोखा है। ऐसा लगता है जिसको करना होता है ना वो कर लेते। लेकिन यकीन से मैं गारंटी देती हूं भाई। धोखा नहीं देती। मैं आज तक लाखों लोगों की जिंदगी बदल चुकी हूं। लाखों लोगों की। लाखों लोगों की। मेरे रोल नंबर चल रहे हैं भाई। 90ाउज सच में हमारे जो भी एडमिशन लेता है मेरे साथ उसको ना एक हम यूनिक रोल नंबर देते हैं। तो 90 रोल नंबर अभी चल रहा है। मतलब वो तो पेड कस्टमर्स हैं। मेरी
(17:07) इतनी वीडियोस देखकर, इतनी छ साल की वीडियो देखकर कितने लोगों ने फ्री में वेट लॉस करे। मुझे डेली मैसेज आते हैं। मैम आपका वीडियो देख के वेट लॉस कर लिया। आपका वीडियो देख के वेट लॉस। तो लाखों लोगों को मैं बदल चुकी हूं और 5 करोड़ रोल नंबर मुझको चाहिए। क्योंकि मुझे पता है यह मोटापा कितना मुश्किल है, कितना दुख है, कितनी तकलीफ है क्योंकि मुझे खुद मैं खुद 95 केजीस की थी और मैं तब सिर्फ 20 साल की थी। गणेश आचार्य जो डांसर है वो थोड़े हेल्दी हैं। बट क्या डांस करते हैं? हेल्दी वो तो बढ़िया वो तो सब कुछ फिट है। तो फिर मोटापे से परेशानी क्या है? यह दो ना
(17:41) अलग-अलग बातें हैं। मोटापा अलग है और फिटनेस अलग है। उन्होंने अपने डांस मूव्स की, हर चीज की इतनी ज्यादा प्रैक्टिस कर रखी है कि उसमें फ्लेक्सिबल हैं। बड़े-बड़े भाई रेसलर्स हैं। बड़े-बड़े एग्जांपल्स हैं हमारे पास। स्विमर्स हैं बहुत बड़े-बड़े जो भाई बहुत मोटे हैं लेकिन भाई फर्स्ट आ जाते हैं स्विमिंग कर कर। क्योंकि उन्होंने उस स्किल की प्रैक्टिस कर रखी है। अब जैसे अब आप बोलोगे कि मोटा है बाइक चला लेता है, पतला है, बाइक चला लेता है। बाइक में जिसकी चलाने की प्रैक्टिस करी वो चला लेगा। सिंपल उससे मोटे पतले का क्या फर्क पड़ता
(18:09) है? उन्होंने बचपन से इतनी ज्यादा प्रैक्टिस करी है स्किल की। डांस में तो वही नंबर वन है। बट हां अब उनका सांस फूलता है। उनका स्टेमिना कम हो गया है। उनको अंदर से डायबिटीज है, ब्लड प्रेशर है। उनको क्या प्रॉब्लम है वो तो हमें नहीं पता ना। लेकिन उनसे स्किल में वो पूरी तरह से ट्रेंड है। तो वो आराम से कर सकते हैं। अच्छा मोटा कौन कहलाता है? मतलब कौन मोटा होगा? मतलब इसका वजन कितना हो जाएगा कि वो मोटा कहलाएगा कि लोगों को लग रहा होगा कि जैसे मेरा जैसा अभी 80 किलो है। तो मैं मोटा नहीं हूं। हां। तो आप अभी मोटे नहीं हैं। इसकी भी ना
(18:36) कैटेगरी है कि इतनी हाइट के हिसाब से अगर आपका इतना वेट है तो भाई आप और आप किसी भी तरीके की कोई भी मेडिसिन नहीं खा रहे हैं तो आप एक हेल्दी इंसान हैं। ठीक है? अब जो वो आपकी रेंज है वो 5 किलो ऊपर नीचे तक चलती है। ठीक है? जैसे मेरी हाइट 5.3 है। तो मेरे हिसाब से मेरा वेट 48 से लेकर 53 तक हो सकता है। वो मेरा आइडल बॉडी वेट है। ठीक है? अब अगर मैं अपने आइडल बॉडी वेट के ऊपर जाती हूं। ठीक है? अगर मेरा 3 4 5 6 किलो वेट बढ़ता है तो ठीक है। तब मैं इतनी मोटे की कैटेगरी में नहीं आती। लेकिन मेरे लिए तो वो भी वेट बहुत ज्यादा है। अब मैं
(19:06) उससे ज्यादा अपना वेट बढ़ाने वाली हूं। तो सॉरी फिर मैं मोटो की कैटेगरी में आ जाऊंगी। बार-बार अनंत अंबानी जी का नाम ले रहे हैं। हम सेलिब्रिटीज पे आएंगे क्योंकि पूरा इंडिया मतलब सेलिब्रिटीज को देख के ही अपने को ट्रांसफॉर्म करने की कोशिश करता है कि उनको दिखना है तो मलाइका अरोड़ा जैसा दिखना है। मेरे को दिखना है तो ऋतिक रोशन जैसा दिखना है। मेरे को दिखना है तो करण जौहर जैसा दिखना है। जो लोग अपना वेट लॉस की जर्नी में आना चाहते हैं उनके बारे में बात कर रहे हैं। बट एक बात आपने बोली कि आपका वजन 48 से 50 है। इंडियन मेंटालिटी मैम अभी भी यह है कि अगर
(19:33) शादी के टाइम पे लड़की जाती शादी करके लड़की जाती है। अगर उसका वजन कम है। मतलब एक नॉर्मल कैटेगरी में भी अगर स्किन नहीं दिखती है, पतली दिखती है तो सास उसको यह बोलती है कि तुम प्रेग्नेंट नहीं हो पाओगे। तो यह तो बहुत ही गलत बात है। यह तो मतलब एक गलत एक मिथ है ये। लोगों को लगता है कि भ जितनी हष्टपुष्ट लड़की होगी जैसे कि हष्टपुष्ट गाय होगी तो अच्छा बच्चा देगी। तो भाई हम फीमेल्स हैं। हम हम ह्यूमंस हैं। ठीक है? अगर आप ह्यूमन सिविलाइजेशन में भी जाकर देखो। किसी भी सिविलाइजेशन में जाकर देख लो। तो वहां पर आपको मोटी फीमेल्स दिखती हैं क्या? क्या बढ़िया फिगर
(20:05) दिखती है? क्या बढ़िया कर्व्स दिखते हैं? उनकी वजह से तो आज हम पैदा हैं ना। उनकी वजह से तो हम आए हैं ना। तो वहां पे कोई आपको मोटा दिखता ही नहीं है। पुरानी सिविलाइजेशंस में किसी भी कल्चर में देख लो आप किसी भी सिविलाइजेशन में देख लो वहां पर मोटे दिखते हैं क्या? कि क्या इजिपशियन हो चाहे इंडियन हो चाहे कोई भी देखो नहीं दिखते ना वहां मोटे। तो वहीं से तो हम आए हैं। तो ये एक बहुत ही बड़ी गलत भावना है जो लोगों को लगता है कि मोटी बहू होनी चाहिए। बल्कि आजकल तो ट्रेंड बदल गया। आजकल तो होता है कि कोई पतली बहू लेकर आते हैं। बच्चा पैदा करने के बाद
(20:33) मोटी हो जाती है। यह बात तो आजकल कॉमन है। जो आप बोल रहे हो वो काफी पुराने समय की बात है। नहीं मैडम पुराने समय की आज की बात भी है ये तो और मैं तो कह रहा हूं रिलेट कर लेंगे लोग। अगर यह भी किसी को लगता है तो भ ये बिल्कुल सरासर गलत है। बकवास है जो लेबर है। चलो आज की प्रेजेंट की ही बात कर लूं। जो आपको जो गरीब लेबर दिखती है सड़कों पर उनके भी तो बच्चे होते हैं ना। क्या वो मोटे होते हैं? जो सच में गरीब है जो भारत में सच में गरीब हैं जो पतले-पतले होते हैं भाई उनके बच्चे पैदा करने के बाद भी ना सिक्स पैक एब्स दिखते हैं फीमेल्स के
(21:08) लेबर के मैंने खुद देखा है तो यह तो है ही नहीं कि जो मोटा है वही बच्चा पैदा कर सकता है बल्कि अगर जो मोटा है वो बच्चा पैदा कर रहा है तो उसकी डिलीवरी में बहुत ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस आ सकती हैं। यह समझना चाहिए जो फिट है, जो हेल्दी है, जिसको किसी तरीके की कोई बीमारी नहीं है, वह एक फिट फीमेल है बच्चा पैदा करने के लिए ना कि मोटी फीमेल फिट है बच्चा पैदा करने के लिए। तो, अगर किसी को भी लगता है अगर आपको भी भाई ऐसा लगता है, तो अपनी सोच बदलें और जल्दी से वेट कम करना है तो नीचे कमेंट भी कर दें। मेरे को एक बात बताओ। आप भी सेलिब्रिटी
(21:39) जैसे ही दिख रहे हो मैडम। सेलिब्रिटी जैसे दिख नहीं रहे हो। आप सेलिब्रिटी की आप सेलिब्रिटी ही हो। तो मैं आप बताओ मैडम आपकी ऐज क्या है? जैसे लड़कियों की ऐज पूछनी नहीं चाहिए। आपको क्या लग रहा है कि मेरी एज कितनी? 25 और भाई इतनी तो नहीं लगती छोटी। अच्छ मैं 42 इयर्स की हूं। नहीं लग रहे हो मैडम। सच्ची नहीं लग रहे हो। मैं 1982 का मेरा बर्थ है और मैं पूरी की पूरी 42 इयर्स की हूं। और जो अभी आपने बोला ना इसके ऊपर मैंने काम करा है। जब मैं 20 साल की थी ना। ठीक है। चलो मैं आपको अपनी स्टोरी थोड़ी सी बताती हूं। मैं ना बचपन से ही जब मैं पैदा हुई थी। मैं
(22:15) तभी मोटी थी। डॉक्टर ने मेरी मम्मी को मेरे को दिया कि भ ओवरवेट बच्चा पैदा हुआ है। तो यह ओवरवेट वर्ड ना जिस सेकंड पैदा हुई तब से मेरे साथ चिपक गया मैग्नेट की तरह फेविकॉल की तरह। मुझे लगता ही नहीं था कि अभी कभी भी मेरा वेट कम हो सकता है। मैंने वेट कम करने के लिए सब कुछ ट्राई करा। मम्मी ने ज्यादा खाना खाया था इसलिए आप ओवरवेट हुए। नहीं अब पता नहीं पता नहीं वो मैंने मम्मी से नहीं पूछा। लेकिन हां मैं ओवरवेट पैदा हुई थी। तो फिर आपने तो खाना नहीं खाया ना। आपने बोला खाना खाने की वजह से आदमी ओवरवेट होता है बट आपने तो खाना नहीं खाया बस आम
(22:48) तक हां तो मम्मी ने कुछ ना कुछ गड़बड़ घोट टाला करा होगा ये मैंने आज तक मम्मी से नहीं पूछा ये मैं मम्मी से पूछूंगी मतलब हां मतलब मैं ओवरवेट पैदा हुई थी 8 पाउंड की मैं तब पैदा हुई थी और देखने में भी ना मैं बड़ी गोलू गोलू सी थी बड़ी गोल गोल गोल गोल गोल गोल तो मैंने अपना वेट कम करने के लिए सब कुछ करा सब कुछ करा जुम्बा करा वर्कआउट करा गरम-ठंडा पानी पिया वीएलसीसी से लाखों रुपए के करंट खाए कौन सी ऐज की बात बता रहे हो आप जब मैं 20 साल की थी 20 साल के हो गए तब तक आपका वेट क्या था उस टाइम? 20 साल में मेरा वेट था 95 केजी।
(23:18) आप जंग खाते थे पूरे टाइम पे? बहुत ज्यादा। चुरा-चुरा के खाती। मेरी बिल्कुल मेरी जैसे मेरे मोटे स्टूडेंट्स की हालत होती है। मेरी वही हालत थी। जमीन पर बैठी रहती थी। रोती थी कि मेरा वेट कम नहीं हो सकता। गैनीज़ का इतना बड़ा टब और इतनी बड़ी पेप्सी। पेप्सी मेरी बहुत फेवरेट है। मैंने पता नहीं कितनी पेप्सी पी। खाती रहती थी। पीती रहती थी और रोती रहती थी कि मेरा वेट कम नहीं हो सकता। शॉपिंग करने जाती थी तो डिप्रेशन में आ जाती थी। दो-दो तीन दिन कमरे में बंद रहती थी क्योंकि कपड़े ही नहीं मिलते थे। कहीं जाती थी तो मेरा इतना मजाक बनता
(23:50) था। और भाई तू बाद में खाइयो वो तो सारा खा जाएगी। अरे भाई देख तो लो मैं कितना खाने वाली हूं। लेकिन यह भी था कि मैं बहुत ज्यादा गलत खाती थी। मेरी बहन बिल्कुल पतली सी थी। वो नहीं खाती थी तो मैं मम्मी को बोलती थी। उसका खाना भी मेरे को दे दो ना। मम्मी फेंकना थोड़ी ना है। मैं भी खा जाऊंगी। मैं उसका खाना भी खा जाऊंगी। तो मुझे पता चला कि भ मेरे बहुत गलत ईटिंग पैटर्न्स जो सिर्फ 20 साल में मेरा वेट 95 kg हो गया। लेकिन मेरे में भी एक बात कॉमन थी जो मेरे स्टूडेंट्स में भी है कि उनमें ज़िद थी पतला होने की, खुद से बदलने की। मैंने वो ज़िद नहीं छोड़ी। मतलब
(24:22) मैं उस चूहे की तरह थी लैब में जिसने सारे वेट लॉस के तरीके एक्सपेरिमेंट मार लिए। यह काम नहीं करता, यह काम नहीं करता, यह काम नहीं करता, यह काम नहीं करता। लास्ट में मुझे पता चला लो कार्ब डाइट के बारे में। मैंने उसे फॉलो करा। फॉलो करते-करते मैं बहुत हैरान हो गई। उन्होंने मुझे बोला देसी घी खाने को पियो, देसी घी खाओ। मुझे लगता था मेरा तो पानी से भी वेट भर जाएगा। ये देसी घी बोल रहे हैं मुझे और मोटा करने वाले हैं क्या? मुझे सच में ऐसे ही लगता था। फिर मैंने सोचा कि यार 95 के तो हो ही गई हूं। ये इतने यकीन से बोल रहे हैं।
(24:50) दो-तीन किलो 5 किलो तो बढ़ेगा क्या ही जाता है। चलो ये भी कर लेते हैं। तो मैंने बहुत डरते-डरते शुरू करा और मैंने देसी घी खाया। अगले दिन देखा आधा किलो वेट कम। फिर मैंने बताया कि हां मेरा वेट कम हो गया। उन्होंने बोला ठीक है और खाओ देसी घी और खाओ पनीर। मैं भी तो वेजिटेरियन थी। मैंने बोला सच में खाऊं? तो उन्होंने बोला खाओ। मैंने थोड़ा सा ही लिया डर के मारे। उन्होंने बोला और भूख नहीं लगी। मैंने बोला लगी है। बोलते और खा लो। मैंने बोला अच्छा मैंने और खाया। तो ऐसे करते करते करते मेरा 48 kg वेट कम हो गया। जब मैंने विंग स्केल में पहली बार 40ज देखा था ना।
(25:23) मैं डांस कर रही थी उस दिन। लिटरली मैं डांस कर रही थी क्योंकि वो मेरे लिए एक सपने जैसा था। और जो मेरा सपना था कि भ वेट कम कर कर एक्स्ट्रा स्माल साइज की बिकनी पहननी है। मैंने वो पहनी। फिर उसके बाद ना उस रास्ते के मैं पीछे पड़ गई। मैंने रिसर्च करी, बहुत सारे कोर्सेज करे, बहुत पढ़ाई करी, बहुत बुक्स पढ़ी। इसमें सुमित सर ने मेरी बहुत ही ज्यादा हेल्प करी और फिर मैंने इसको अपना पैशन बनाया। फिर मैंने सोचा जो लाखों करोड़ों लोग मेरी तरह मोटापे से परेशान है, गलत-लत गाइडेंस से जूझ रहे हैं, वेट कम नहीं कर पा रहे, जिनको बीमारियां हो गई हैं। फिर मैंने
(25:54) उनको गाइड करना चालू करा। मेरा जिम था। मैंने जिम में भी उनको गाइड करा कि भी वर्कआउट अलग है, वेट लॉस अलग है। मेरे स्टूडेंट्स जो रियली ट्रांसफॉर्म होते हैं उनकी ट्रांसफॉर्मेशन देखकर उनके लिए तो मुझे बढ़िया लगता है। अपने लिए भी बहुत बढ़िया लगता है कि मैं उनको पढ़ा पाई, सिखा पाई, उनकी जिंदगी बदल पाई, उनको गाइड करती हूं। उनके मिथ्स ब्रेक करती हूं। तो मुझे मतलब उनकी लाइफ बदलते हुए देखकर बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है। आप एक सवाल आ गया मेरा बहुत गजब का। अब आप सेलिब्रिटी हो। अब सब आम लोग सेलिब्रिटीज को देख के एक अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन
(26:23) बना लेते हैं। तो क्या अनरियल रियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन होती है जो उनको हार्म कर सकती है कि वो नहीं बनानी चाहिए कि आपको देख लिया कि 48 है मैडम एकदम स्लिम ट्रिम में वैसा ही बनना है। इसका ना मैं आपको जवाब बताती हूं। ठीक है? मैंने ना हजारों सेलिब्रिटीज की ट्रांसफॉर्मेशन डीप में स्टडी करी है। बहुत ही बढ़िया तरीके से। चाहे भाई वो स्टार्स हो, चाहे वो टीवी एक्टर हो, चाहे वो स्पोर्ट्स स्टार हो, चाहे वो इंटरनेशनल भी क्यों ना हो। वो जो अपनी ट्रांसफॉर्मेशन में करते हैं ना वो लोगों को दिखाते नहीं है। वो क्या दिखाते हैं? सबसे पहले वो दिखा देते हैं अपना निकला
(26:56) हुआ तोंद और अपना बढ़ा हुआ वेट। उसकी वो एक फोटो डालते हैं। फिर उसके बाद वो क्या मेहनत कर रहे हैं, क्या कर रहे हैं किसी को भी नहीं पता। उसके बाद वो दिखाएंगे अपने स्वेटी वर्कआउट्स। मुश्किल मुश्किल वर्कआउट करते हुए और एकदम से भाई ट्रांसफॉर्म हो गए। उन्होंने अपनी वीडियो पोस्ट करी उसके ऊपर आए मिलियन मिलियन व्यूज। अपने आप को भी प्रमोट करा और जिस पिक्चर के लिए जिसके लिए भी वो ट्रांसफॉर्म हो रहे थे साथ में उसको जबरदस्त प्रमोट कर दिया और डाइट के बारे में एक दो लाइनें बोल दी। अब लोगों को क्या लगता है कि उनको भी ऐसे ट्रांसफॉर्म
(27:25) होने के लिए ना इतना ही वर्कआउट करना पड़ेगा। ठीक है? गलत गाइडेंस में चले जाते हैं। जबकि वह ट्रांसफॉर्म हुए थे खाने से। उनको अपना वो डेली खाना दिखाना चाहिए कि हम क्या खा रहे हैं जिससे हम ट्रांसफॉर्म हो रहे हैं। यह चैलेंज मैंने लिया पिछले 6 साल से मैं लाइव Instagram पर खाना खाकर दिखा रही हूं। अगर मैं कभी भी खाना खाती हूं ना तू बिना लाइफ के नहीं होता। मैं लाइव बैठती हूं। खाना खाती हूं। दिखा रही हूं भाई यह खाना खा रही हूं। यह हाल है। मैं बोलती हूं कोई दुनिया में यह कर कर दिखा दे। जो आजकल बोल रहे हैं आलू पराठा से वेट लॉस हो जाएगा। ये खा लो वेट लॉस हो
(28:03) जाएगा। वो खा लो। अरे खा के दिखाते हैं 10 आलू के पराठे। आजा बैठ सामने। तू भी खा ले। मैं भी खा लेती हूं। 6 महीने में देखती हूं। इसका तो वेट मेंटेन रहेगा। ये तो कोई लॉजिक ही नहीं लगता। मुझे तो साइंस ही नहीं लगती इसके पीछे। खैर हम सेलिब्रिटीज की बात कर रहे थे। तो सेलिब्रिटीज जो भी करते हैं ना डाइट चेंजेस वो नहीं दिखाते। अगर वो दिखाएं जैसे आजकल कहीं-कहीं लोग भी अक्षय कुमार हैं कई बढ़िया-बढ़िया है जैसे सुनील शेट्टी है जैसे कि क्रिस्टनो रोनाल्डो है तो ये लोग दिखा रहे हैं कि ये लोग क्या खा रहे हैं ये लोग बात कर रहे हैं कि भाई
(28:32) सूर्यास्त के बाद हम खाना नहीं खाते हम पानी पीते हैं शाहरुख खान बोलता है कि वो इंटरमिटेंट फास्टिंग करता है जो कुछ-कुछ बढ़िया-बढ़िया सेलिब्रिटीज हैं वो सच दिखा रहे हैं और कुछ जो लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं शहनाज गिल भाई एसीबी की कैप्सूल्स बेच रही है आपको बोल रही है इससे वेट हो जाएगा जाएगा कम हो जाएगा आपका जो लोग वही फॉलो करना चालू कर देते हैं। दीपिका पादुकोण के कैलॉक्स बेचती है जिसको लग के लगता है कि कमर ऐसी पतली हो जाएगी आर शेप हो जाएगी। मैंने खुद से खाया वो डब्बा इतना टेस्टलेस बेकार घटिया डब्बा है ना मैंने अपने मुंह के सामने रखा। मैं उस
(29:04) डब्बे को देखती रही। डब्बे की भी कमर है। है ना? डब्बे की भी कमर है। यह भी बात है। डब्बे की भी कमर बना दी ताकि हम उसको देखकर मोटिवेट हो। वो बेकार घटिया डब्बा मैंने अपने सामने रखा। उसको देख देख के खाती रही। मेरी कमर भी ऐसी हो जाएगी। कुछ नहीं हुई फूल कर कुप्पा हो गई। पहले जब मेरा वेट 95 kg हो गया था। वो डब्बे को देखदेख कर मैं खाती रहती थी। अरे डब्बे जैसी कमर होएगी। हुआ कुछ नहीं। डब्बा बन गई उल्टा। तो उन्हें जो सेलिब्रिटीज करते हैं ना वो दिखाते नहीं है। मेन बात यह है अगर वो दिखा दें तो लोग सच में बदल जाएंगे और लोग उनसे ही मोटिवेट हो जाते हैं। क्या
(29:34) करते हैं? डाइट पर तो ध्यान देते नहीं। जिम में चले जाते हैं। वहां पर भी मस्त गलती करते हैं। इधर देखेंगे, उधर देखेंगे जो भाई साहब वो कर रहे हैं। चल मैं भी डंबल मार लेता हूं। वो कर रहा है। मैं भी डंबल मार लेता हूं। प्रोफेशनल गाइडेंस नहीं लेते। अब सेलिब्रिटीज में ना एक खास बात है। वो ऐसे ही नहीं चालू कर देते। कोई भी डाइट, कोई भी एक्सरसाइज। वो प्रोफेशनल गाइडेंस लेते हैं। क्योंकि उनको पता है कि भाई उस प्रोफेशनल गाइडेंस की कितनी ज्यादा वैल्यू है। अहमियत है। कोई सेलिब्रिटी अपने साथ बेवकूफी नहीं करता। वो भाई अपने न्यूट्रिशनिस्ट रखता है। वो अपने वर्कआउट
(30:08) कोच रखता है। वो अपने डॉ डॉक्टर्स रखता है। पूरी रिसर्च करता है। तभी कहीं पर जाता है। और आम आदमी को यह नहीं दिखता। डाउन करते हैं। ₹2 बचा लेते हैं। जो आमिर खान मार रहा है जिससे वो नंगल में हो गया। जो टाइगर श्रॉफ मार रहा है जिससे वो वॉर में ट्रांसफॉर्म हो गया। जो कार्तिक आर्यन कर रहा है चंतुन चैंपियन के लिए वो मैं कर लेता हूं। मेरा भी हो जाएगा। सबके वीडियो देख लिए Google पे देखता रहता है और करता रहता है और रिजल्ट मिलता है जीरो। और क्योंकि वो डेस्परेट होते हैं तो भाई कोई ना कोई ट्रेनर पकड़ कर उनको स्टेरॉइड लगा देता है। उनकी लाइफ को मुश्किल बना देता
(30:37) है। तो अगर एक आम इंसान को ट्रांसफॉर्म होना है ना सच में तो उसको अपने ऊपर इन्वेस्ट करना पड़ेगा। मैं नहीं बोल रही लाखों लाखों करोड़ों-करोड़ों रुपए के लिए आप डाइटिशियंस लो, न्यूट्रिशनिस्ट लो या ट्रेनर्स लो। भाई आपका बजट भी तो कुछ होगा। कितने भी बजट में मिल जाते हैं बढ़िया लोग। ढूंढो और उन बढ़िया लोगों को हायर करो ताकि वो आपकी अब आपका क्या गोल है उसके हिसाब से हायर करो। वेट लॉस करना है तो भाई एक बढ़िया न्यूट्रिशनिस्ट हायर करें जो आपको गाइड करेगी। आपको आपके वेट लॉस गोल तक पहुंचा देगी। अगर आपको मसल्स बनानी है तो एक बढ़िया ट्रेनर लो। अब ये
(31:14) कैसे लेना है यह भी आपको पता चलेगा कि बढ़िया न्यूट्रिशनिस्ट और बढ़िया ट्रेनर आप कैसे चुें? आपको न्यूट्रिशनिस्ट वो बढ़िया चुननी है जो भाई आपको कोई प्रोडक्ट नहीं बेच रही। आजकल चने बेच रहे हैं। ग्रीन टी बेच रहे हैं। आलू पराठे वाले ग्रीन टी बेच रहे हैं। कोई कुछ बेच रहे हैं। कोई कुछ बेच रहे हैं। ये तो अपना प्रोडक्ट चिपका रहे हैं आपको। सब प्रोडक्ट बेच रहे हैं। हां। सारे लोग के प्रोडक्ट बेच रहे हैं। तो जो बढ़िया न्यूट्रिशनिस्ट या डाइटिशियन जो आपको प्रोडक्ट नहीं बेच रही, कुछ नहीं चिपका रही, बढ़िया नॉलेज दे रही है उसको
(31:42) चुनो आप जाकर। ताकि आप ट्रांसफॉर्म हो सको। और अगर आपको बढ़िया मसल बनानी है तो भाई, एक नेचुरल दिखता हुआ ट्रेनर सेलेक्ट करो। इतने बड़े-बड़े डोले जिसके हैं हमने स्टेरॉइड्स लगाए हैं ना ये तो ऑस्टेरॉइड तो हो नहीं सकता। स्टेरॉइड्स वाला ट्रेनर रखोगे तो वो तो कहीं ना कहीं कटापो के स्टेरॉइड लगा देगा। तो एक नेचुरल दिखता हुआ बढ़िया ट्रेनर लो और उससे भाई ट्रेनिंग लो। और वो भी तीन लिफ्ट बता देती हूं कि भाई बेंच प्रेस करो, स्पॉट्स करो और डेड लिफ्ट करो। इसमें धीरे-धीरे अपनी फॉर्म और टेक्निक आप बढ़ाते जाओ, बढ़ाते जाओ। धीरे-धीरे इस पर आप बहुत ही बढ़िया
(32:15) दिखने लग जाओ। क्लीन खाओ, वर्कआउट करो, मस्कुलर लगोगे। सिंपल बात है। वेट कम करना है डाइट फॉलो कर लो। मस्कुलर लगना है हाथ हो तो फिर आपको जीत जाना प्ले। तो इतना सिंपल है। एक आम आदमी के लिए बदलना। नहीं है तो आम आदमी को जानकारी और किसी भी सेलिब्रिटी की बेवकूफ वाली ट्रांसफॉर्मेशन देखकर मोटिवेट होने की जरूरत नहीं है। चाहे वो राम कपूर हो, चाहे वो करण जौहर हो, चाहे वो कोई भी हो। पर राम कपूर जी ने तो बोला ना कि अगर डॉक्टर बोलते हैं कि ये इंजेक्शन लगाना है तो लगाना है। फिर वो कौन सा इंजेक्शन आता है? ओज़ंपिक वाला इंजेक्शन आता है वो लगाना
(32:46) है तो लगाना है तो डॉक्टर को ज्यादा पता है तो उसमें परेशानी क्या है? देखो मैं भी ओज़ंपिक के अगेंस्ट नहीं हूं। ठीक है? मेरा मेन गोल है कि भाई भारत से मोटापा भाग सके। अब जो लोग इतने ज्यादा मोटिवेटेड ही नहीं है जो भाई बड़े तरीके से डाइट फॉलो कर सकें तो मत करो भाई। अगर तुमको ओलंपिक लगाना है वेट लॉस के भी ना हजारों लाखों रस्ते हैं। मैंने तो स्टार्टिंग में बोला ना कि भ जो आपको समझ में आता है उस रस्ते को चुन लो और उस रस्ते पर चलो। ठीक है? ये जो अब आठ पांचपल ड्रग्स आ गए हैं ओमपक मोजाड़ो जो आए हैं ये वैसे तो डायबिटीज के लिए बने थे बट
(33:16) आजकल लोग इसको वेट लॉस के लिए भी यूज़ कर रहे हैं तो कर लो भाई वेट लॉस के लिए भी यूज कर लो लेकिन जब भूख लगे तब जंक मत खाओ ना तब पिज़्ज़ा मत खाओ बर्गर मत खाओ चाउमीन मोमोज़ गोलगप्पे मत खाओ तब खाओ बढ़िया क्वालिटी का फैट और बढ़िया क्वालिटी का प्रोटीन क्योंकि वो आपके हॉर्मोनस के लिए जरूरी है ना तो जितने भी यूएस में जितने लोग रहते हैं वह तो पिज़्ज़ा बर्गर यही खाते हैं वो भी तो स्लिम ट्री दिखते हैं यहां कौन आपको यूएस में स्लिम ट्रिम दिखता है? चलो देखते हैं तो वही वर्ल्ड की नंबर वन कैपिटल बन चुकी है ओबसिटी की। यू यूएस में तो कोई भी आपको
(33:48) पतला नहीं दिखने वाला। ये सारा कराया तो यूएस का ही है ना जो ये मोटापा आज बढ़ गया है इतना ज्यादा ऑल ओवर वर्ल्ड ये करा तो यूएस ने ही है ना। यूएस ने अपना जो फूड पिरामिड बनाया जो एकदम बेकार है जो एकदम वाहियात है और उसको आज इंडिया में कॉपी पेस्ट कर लिया। क्या है फूड पिरामिड? फिर कौन सा फूड पिरामिड? जो यूएस का फूड पिरामिड है। पहले मैं उसके बारे में बता देती हूं। सबसे पहले तो वो ऐसे ट्रायंगल की शेप में आता है। आजकल वो थोड़ा बदल चुका है। लेकिन फिर भी उसमें मेन कॉम्पोनेंट्स कार्बोहाइड्रेट्स। सबसे पहले कार्बोहाइड्रेट्स उसके बाद फ्रूट्स एंड
(34:20) वेजिटेबल्स। उसके बाद प्रोटीन और सबसे ऊपर थोड़ा सा फैट और उस पे बात ना करी गई है पानी की। पानी का तो कोई लेना देना ही नहीं है। ठीक है? तो यही यूएस की ही पढ़ाई हमने इंडिया में कॉपी पेस्ट कर ली। यूएस की पढ़ाई, यूएस का खाना, यूएस की बीमारियां, यूएस की दवाइयां। सेम वो सारा कुछ हमने कॉपी पेस्ट करा इंडिया में। इंडिया में सेम रिजल्ट बढ़ गया भाई मोटापा। आज इंडिया थर्ड नंबर पर है मोटापे के। डायबिटीज की वर्ल्ड कैपिटल इंडिया बन चुकी है। इंडिया में 73% लोग प्रोटीन डेफिसिट हो चुके हैं। 40% इंडिया के लोग वेजिटेरियन हैं। इंडिया को
(34:57) अगर बदलना है, अगर सोने की चिड़िया भारत को बनना है ना तो यह यूएस की कॉपी पेस्ट ना डिलीट करनी पड़ेगी। अपना खुद का फूड पिरामिड बनाना पड़ेगा। मैडम वो फूड पिरामिड बता दो जो पूरे इंडिया को अडॉप्ट करना है अभी। ठीक है? तो मैं ना आपको वो फूड पिरामिड बताती हूं जो भाई भारत को उज्जवल भविष्य देने वाला है। सोने की चिड़िया बना देगा और वर्ल्ड लीडर बना देगा। तो उस पिरामिड के बेस में होगा पहले तो पानी कि पीने समिति कम से कम 1 दिन में 4 लीटर पानी। उसके बाद प्रोटीन फर्स्ट क्लास प्रोटीन और वो वेजिटेरियन के लिए भी खूब है और नॉन वेजिटेरियंस के लिए भी है। वेजिटेरियन को
(35:35) लगता है कि हमारे पास प्रोटीन नहीं है तो उनको हमें समझाना होगा, बताना होगा कि है भाई है। आपके पास दूध है, दही है, पनीर है, चीज है, बटर मिल्क है। यह सब कुछ आप हजारों करोड़ों अलग-अलग तरीके की रेसिपी बनाकर खा सकते हैं। और नॉन वेजिटेरियंस के पास पूरा अंडा और किसी भी तरीके का नॉनवेज। उसके बाद ऊपर आएगा फैट यानी नेचुरल सैचुरेटेड फैट, देसी घी, बटर, कोकोनट ऑयल जो भाई गोल्डन बटर है जो बाहर बहुत महंगा-महंगा बिक रहा है। उसके बाद ऊपर आएगा फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स और सबसे ऊपर छोटा सा कार्बोहाइड्रेट्स क्योंकि वो है नॉन एसेंशियल मैोनट्रिएंट। उसको इंसान
(36:13) को इतना ज्यादा खाने की जरूरत ही नहीं है। तो, यह सिंपल सा फूड पिरामिड जो मैंने आपको बताया ना, इसको आज से भारत के बच्चे-बच्चे तक पहुंचाओ। उनको दो। यह पढ़ें, फॉलो करें ना भारत से ओबेसिटी भाग गई ना भारत से किसी भी तरीके की बीमारियां डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पीसीओडी, पीसीओएस कोई दिक्कत नहीं होने वाली। और भारत सोने की चिड़िया दोबारा से बनने वाला है इस फूड पिरामिड को फॉलो कर कर। जैसे ही अगर हमने फूड पिरामिड लगाया ना, फिर क्या होगा? कंपनीज़ को अपना खाना बदलना पड़ेगा। आजकल जो यूएस की कंपनीज़ आकर यहां पर राज कर रही हैं भारत में McDonalds, केएफसी, पिज़्ज़ा
(36:49) Hat जो भी कर रहे हैं उनको अगर हमने बता दिया कि भाई हम तो प्रोटीन खाने वाले हैं या तो ये कंपनियां यहां से भाग जाएंगी या फिर यह मजबूर हो जाएंगी कि ये खाने में प्रोटीन डालें नहीं डालेंगे तो उनका सामान कौन खरीदेगा? अगर हमने जानकारी बढ़ा दी तो सब कुछ बदल जाएगा। सब कुछ बदल जाएगा। यह बहुत बड़ा गेम यूएस ने खेला है एक्चुअली हमारे साथ और यह चाइना समझती जा रही है। चाइना ने भी अपना अलग फूड पिरामिड बना लिया है। जापान को समझ में आ गया है। जापान अपने बच्चों को घर स्कूलों में पढ़ाई करवा रहा है कि कैसे खाना बनाना है। स्कूलों में सिखा रहा है बच्चों को कि
(37:26) कैसे खाना बनाना है और हम हमने क्या करा भारत वालों ने जो हमारी पुरानी सभ्यता थी, हमारी परंपरा थी, जो हमारे पूर्वजों ने सिखाया था, हम वो भूल गए। हम जैसे कि भूल गए। हम भूल गए कि हमें सिखाया गया था कि सूर्यास्त के बाद नहीं खाना, सूर्योदय से पहले नहीं खाना। हम ये सब कुछ भूल गए। और ये अब यूएस एडप्ट कर रहा है। गोल्डन बटर जो भारत में मिलता है उससे तीन गुना जो मक्खन हम बटर बोलते हैं, घी बोलते हैं अपने घर में वो गोल्डन बटर के नाम से बिक रहा है। तीन गुना ज्यादा दाम में। और वो अपने प्रोडक्ट्स बदलते जा रहे हैं। वह बोल रहे हैं कि प्रोटीन खाओ। वह बोल रहे हैं
(38:00) कि चेंजेस लेकर आओ। को दिख रहा है ना जो उन्होंने पढ़ाई करी गलत मार्केटिंग कंपनीज़ के लिए बढ़ गया ना मोटापा क्या रिजल्ट मिला और भारत बिना सोचे समझे उसको कॉपी कर रहा है और एक और बात मैंने आपको बोली थी कि दो बातें भारत को बदलनी पड़ेंगी एक और बात मतलब नथिंग अगेंस्ट डॉग्स या फिर पेट्स जो भी वो रखते हैं ये जो अब भारत में जो हमने बाहर से कल्चर अपना है कि भाई हम अपने घर में कुत्तों को पेट्स रखते हैं डॉग्स को पेट्स रखते हैं। ये कब करा भारत ने? ये तो बाहर का ही कल्चर हमने लाकर चिपका लिया ना। भाई भारत में तो गाय हमारी माता थी ना
(38:33) तो इन कुत्तों को इन डॉग्स को अपने घर से निकालना पड़ेगा। एक-एक फैमिली एक-एक गाय रख ले भाई गाय आपका पोषण करेगी। गाय आपको दूध देगी। उस दूध का आप दही बनाओ, पनीर बनाओ, चीज बनाओ, मजे से खाओ। तो गाय हमारी माता है। कभी हमारे इतिहास में, भारत के कुत्तों को रखा गया किसी घर में? कोई राजा कितना पावरफुल है? यह कैसे नापा जाता था? आप मुझे बताओ कि उस राज्य में कितने कुत्ते हैं? या उस राज्य में कितनी गाय हैं? कमब राजा पावरफुल था गाय से। कृष्ण जी किसके आसपास घूम रहे थे? कुत्तों के। गाय के ना। तो भारत को कुछ समझ तो आता नहीं है। उन्होंने रखे छोटे-छोटे कुत्ते।
(39:10) हमने भी उठा के रख लिए। मतलब आई एम आई एम नॉट अगेंस्ट एनी पेट। मैं कुत्तों के अगेंस्ट नहीं बोल रही। लेकिन समझना पड़ेगा कि हमें उन कुत्तों से मिल रहा है कुछ या गाय माता से मिलने वाला है। भारत की परंपरा में गाय को माता क्यों बोला जाता है? क्योंकि गाय हमारा मां की तरह पोषण करती है। तो इन कुत्तों को बाहर निकाल कर रख दो और भाई गाय को पाल लो अपने घर में। अपने घर में नहीं पाल सकते तो गौशाला रख लो। गौशाला में पाल लो। हर सोसाइटी में गौशाला रख लो। गाय आपका पालन पोषण कर देगी। भाई कोई फर्टिलाइजर नहीं, कोई पेस पेस्टिसाइड नहीं। कुछ भी आपको जेनेटिकली
(39:40) मॉडिफाइड नहीं लेना होगा। उस गाय को बेचारी को अच्छा घास खिला दो। बस कुछ नहीं खिलाना उसको और जो आप कुत्ते रख रहे हैं घर में भाई उनको कितने एक्सपेंसिव झेलने पड़ते हैं इंजेक्शन लगाना पड़ता है ये करना पड़ता है टे के टेक केयर करनी पड़ती है आज मैं यहां पर बेंगलुरु में आई हूं आपके पास कितने मैंने पेट्स क्लीनिंग देख लिए रस्ते में कितनी बड़ी-बड़ी दुकानें डॉग फूड ये फूड वो फूड गाय माता तो कुछ नहीं मांगती घास मांग रही है बढ़िया बढ़िया घास खिला दो उनको देखना आपका जीवन ना कुधर जाए आपके घर से मोटापा बीमारियां ना भाग जाएं कुत्ते को बच्चा बना रखा है
(40:12) बना लो भाई गाय माता पाल लो ना भारत में रहते हो तो भारत का कल्चर फॉलो करो यूएस का कल्चर भारत में चिपकाया जा रहा है जो भी आपने बोला कि ओलंपिक चिपका रहे हैं मुंजोरी चिपका रहे कहां से आए हैं ये यूएस से वही फिर से चिपका लो आज तक गलत खाना चिपकाया उसको कल्चर बना लिया बढ़ गया मोटापा बढ़ गया सारी बीमारियां अब भाई ओपंपिक बाहर का कल्चर बन चुका है मोजाडो बाहर का कल्चर बन चुका है यूएसए आया है उसको चिपका लो भारत में अब ये कल्चर बना लो। बना लो फिर यह कल्चर। तो ये तो हमारे हाथ में है ना कि हम अपना कल्चर क्या बनाना चाहते हैं। जाग चुकी हैं बहुत
(40:50) कंपनीज़। चाइना बहुत बदल चुकी है। जापान बदलने की राह पर चल रहा है। और इंडिया तो कॉपी पेस्ट कॉपी पेस्ट कॉपी पेस्ट कर दे। हमारा दिमाग नहीं है क्या? हमारा दिमाग चलता है भाई। इस्तेमाल करना पड़ेगा उसको। और जो यूएस की पढ़ाई चिपका रहे हैं वो बंद करनी पड़ेगी। नहीं चाहिए हमें यूएस का खाना। नहीं चाहिए हमें यूएस की पढ़ाई, नहीं चाहिए हमें वहां की बीमारियां और नहीं चाहिए हमें वहां की दवाइयां। कुछ नहीं चाहिए। एक जो इंसान मोटा होता है वो दवाई खाता है। दवाई का कोई फायदा होने नहीं वाला। जब इंसान पतला हो जाता है तो दवाई चाहिए ही नहीं होती। इतना सिंपल है
(41:27) ना। यह उनको समझ में आ गया। अगर नहीं जलेंगे तो उनकी कंपनियां क्या बेचेंगी ना? मजबूर हो जाएंगी। भाई ये प्रोटीन फैट थोड़ा सा महंगा पड़ता है। कार्बोहाइड्रेट तो सस्ते पड़ते हैं। क्या-क्या मिला मिलाकर बेच देते हैं? हम खरीदते रहते हैं। तो अगर बदलना है ना सच में तो ये सारे स्टेप्स तो लेने ही पड़ेंगे। तब ही बदलाव आएगा और बदलाव लाना बहुत आसान है। तो बदलाव तब आता है मैडम जब सब सेलिब्रिटी बोलते हैं कि ये चीज खानी चाहिए, ये चीज नहीं खानी चाहिए। तो सेलिब्रिटीज से भी कुछ सीख सकते हैं क्या हम लोग? देखो बहुत सारे सेलिब्रिटीज बढ़िया भी गाइड करते हैं
(42:01) और बहुत सारे सेलिब्रिटीज गलत भी गाइड करते हैं। जैसे कि आलिया भट्टी है। वो खुद तो बोलती है चीनी को प्रमोट करती है, ड्रिंक्स प्रमोट करती है, चॉकलेट प्रमोट करती है और कपिल शर्मा के शो में जाकर बोल अरे इतनी चीनी है। इसको नहीं खाना। चीनी बुरी होती है। खुद नहीं खाते वो। क्योंकि भ उनके पीछे उनको ब्रांड्स पैसे दे रहे होते हैं। उनको और बहुत ज्यादा मॉनिटरी टर्म्स में फायदा मिल रहा होता है। तो हमें यह समझना पड़ेगा कि भ उन इन्फ्लुएंसरर उन सेलिब्रिटीज का काम है यह। वो अपना काम कर रहे हैं। गुटखा भी बेच रहे हैं, रजनीगंधा भी बेच रहे हैं तो
(42:31) खाएंगे। हेल्दी हैं क्या? उसके तो डब्बे पे भी लिखा होता है और वो कैसे स्टाइल से खाते हैं? उनको तो पैसे मिल रहे हैं। वो तो पैसे कमाने के लिए वहां बैठे हैं। उनका तो धंधा है। वो तो करेंगे ना। हमें तो समझना चाहिए ना कि क्या सही है क्या गलत। इसीलिए तो इतनी बढ़िया-बढ़िया न्यूट्रिशनिस्ट हैं भारत में। कुछ मत करो। मैं बोलती हूं जो भारत की पुरानी परंपरा थी ना जो हमारे दादा-दादी फॉलो करते थे। जो गांव में असली के गांव में आज भी होता है ना वो फॉलो कर लो ना। बढ़िया हो जाओगे आप। और अब ये नहीं है कि सारे सेलिब्रिटीज गलत ही बोलते हैं। भाई अक्षय कुमार है, जो
(43:01) फिट सेलिब्रिटीज हैं, भारत के जो फिट सेलिब्रिटीज हैं, अक्षय कुमार है, सुनील शेट्टी है और बहुत सारे बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज हैं जो बढ़िया बोलते हैं। जो बोलते हैं कि सूर्यास्त के बाद मत खाओ। जो बोल रहे हैं कि हम इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं। जैसे कि जॉन इब्राहिम है। उसने बोला कि मैंने मीठा ही नहीं खाया। मैंने काजू, कटली 25 साल से नहीं खाई। तो बढ़िया भी बोलते हैं। तो देखो कि वो फिट हैं। वो क्या है। अभी थोड़ी ना है कि अब आप बोलोगे कि ऐश्वर्या राय मोटी हो गई तो पूरा भारत ही मोटा हो जाएगा। बच्चों होने के बाद ऐश्वर्या राय पतली नहीं हुई। उसको कितनी
(43:30) ट्रोलिंग मिलती है। वो उसकी खुद की चॉइस है। वो चाहे वो आज पतली हो जाए। वो बढ़िया खाना खाएगी वो भी पतली हो जाएगी। आनंद पतला हो जाएगा। ऐश्वर्या राय पतली हो जाएगी। कोई मर्जी पतला हो सकता है। बट वो होना नहीं चाहते। वो खुश हैं। बट मैं जितने भी सेलिब्रिटीज के साथ पॉडकास्ट करता हूं तो बोलते हैं कि बहुत सेलिब्रिटीज ये बोलते हैं कि मैंने 25 साल से मीठा नहीं खाया। जैसे आपने बात बोली पर वो सब मीठा खाते हैं पर बोलते सब है कि हमने मीठा नहीं खाया। नहीं देखो अभी उनकी बॉडी से दिखता है। अब जैसे टाइगर श्रॉफ है, अब रितिक रोशन है। अब जॉन इब्राहिम है। उनके छह पैक ऐप
(43:58) दिख रहे हैं वही 12 महीने। खाते तो होंगे। रसगुल्ला खाते होंगे, गुलाब जामुन खाते होंगे। खाते होंगे। चलो मैं आपकी बात मानती हूं। अब मुझे नहीं पता मैं उनके घर नहीं गई। खाते होंगे लेकिन थोड़ा बहुत कंट्रोल में। नहीं तो जो वो फिजिक मेंटेन कर रहे हैं इतने सालों से हो ही नहीं सकता ना। हो ही नहीं सकता क्योंकि वो मतलब सेम एक्शन सेम रिजल्ट वो मोट वाला काम ही नहीं कर रहे नहीं तो उनकी इतनी बढ़िया जो आपको फिजिक दिखती है उनके सिक्स पैक ऐप छह के छह महीने दिखते हैं इतने बड़े-बड़े डोले दिखते हैं वो मीठा खाकर नहीं बनने वाले वो चीनी खाकर नहीं बनने वाले भाई उसके लिए
(44:31) प्रोटीन चाहिए उसके लिए वर्कआउट चाहिए उसके लिए रेस्ट चाहिए वो वो काम कर रहे हैं जो उस फिजिक को मेंटेन करने के लिए चाहिए आज मैं आपको बोलूं कि भाई अभिषेक जी का तो बहुत बड़ा चैनल खुल गया है वो तो आराम से घर में सोते रहते हैं ऑफिस ऑफिस में एक दो साल में एक दबा आते हैं। हो सकता है। हो सकता है। तुम भी हो सकते पक्का नहीं हो सकता। तो बस ऐसे ही पक्का नहीं हो सकता कि अगर वो इतना मीठा ठूस ठूस कर खाते तो भाई वो बन जाते ना मोटे। वो पतरे ऐसे जैसे दिख रहे हैं, लीन दिख रहे हैं। इतने स्ट्रेडेड दिख रहे हैं। इतने कमाल के दिख रहे हैं। ऐसे दिख ही नहीं
(45:00) पाते। ऐसे दिख ही नहीं पाते। वो भी तो सेम इंसान है हमारी तरह। वो कोई अलग है क्या? भगवान ने क्या उनको दो आंख अलग, एक आंख अलग, एक आ एक आध ऑर्गन ज्यादा दे दी क्या? आप बताओ। सेम है ना वो भी हमारी तरह। हम सब सेम इंसान हैं। जैसा करेंगे वैसा फल हो जाएगा। यह भी गीता की बात है कि जो करोगे वही आपको फल मिलने वाला है। भाई गलत खाएंगे तो मोटे दिखेंगे। पतले बढ़िया खाना खाएंगे तो ऐसे लीन और श्रेडेड दिखने वाले हैं। और वो भी 12 के 12 महीने। भाई जब से ह्यूमन एवोल्यूशन हुआ है। ठीक है? तब से इंसान शाकाहारी नहीं था। मांसाहारी था। जब
(45:30) से ह्यूमन एवोल्यूशन हुआ है तब इंसान मांसाहारी था। यह आप जाकर देख सकते हो केव पेंटिंग्स में, हड़प्पन कल्चर में हर जगह हम कैसे दिखते भाले पकड़े हुए कि भाई हम शिकार करने जाते थे ना शिकार कर कर आते थे खाते थे वही खाते थे तभी हम पतले थे तंदुरुस्त थे तब था क्या इतने तरीके का अनाज तब था क्या स्विगी zomato और आज के गांव में भी लोग पतले हैं क्योंकि वहां ना स्विगी है ना zomato है पूरा गांव 8:00 बजे सो जाता है वहां पर इतना ज्यादा जंक फूड मैदा पेप्सी चीनी से भरे हुए सामान नहीं मिलते भाई तो आप क्या कह रहे हो वो जो नॉनवेज खाते
(46:03) थे वो आज हम वापस खाना चालू कर रहे हैं बिल्कुल अगर आपको प्रोटीन पूरा नहीं हो रहा अगर आपको प्रोटीन तीन चाहिए तो वेजिटेरियन के लिए भी है, नॉन वेजिटेरियन के लिए भी है। पहले भी हमारे पास गाय थी जिससे हम दूध निकालते थे जो हम दूध तो आटा तो पहले भी था ना आटा गेहूं तो पहले भी था वो भी खाते थे। पहले लेकिन इतनी ज्यादा मात्रा में इतने ज्यादा अनहेल्दी कार्बोहाइड्रेट्स नहीं थे जो आज के इंसान के पास है। आज 2:00 बजे भी आपको रात को भूख लग जाए ना, आपके पास खाना आ जाएगा 1 मिनट में। मैं 40 साल की हूं, 42 इयर्स की हूं। मैं जब छोटी थी रात को
(46:34) 10:00 बजे मेरा पूरा घर सो जाता था। 10:00 बजे के बाद ना कोई जागता था, ना कोई खाता था। लेकिन ये आज के कल्चर में इतने ज्यादा बदलाव आ चुके हैं कि भ रात को 2:00 बजे भी उठ-उठकर बात लोग खाना मंगा रहे हैं। त्वg से, Zomato से इंसान इतनी भूखी प्रजाति नहीं है। इंसान को इतना खाना कभी भी नहीं चाहिए था। तो रात में सूर्यास्त के बाद खाना नहीं है। तो रात में सूर्यास्त के बाद खाना नहीं खाना है। अगर आपको हेल्दी रहना है। अगर आपको चाहिए कि आपको कभी भी मोटापा ना आए। अलग-अलग तरीके की बीमारियां ना आए तो सूर्य अस्त के बाद ना खाने की आप प्रैक्टिस करें जो
(47:06) आप बड़े-बड़े सेलिब्रिटी बोल रहे हैं। भाई अक्षय कुमार नहीं खाता, सुनील शेट्टी नहीं खाता, क्रिस्टोनो रोनाल्डो नहीं खाता, शाहरुख खान तो पूरे दिन में एक ही बार खाता है। और भारत की परंपरा में भी यह सिखाया गया है कि सूर्य अस्त के बाद कुछ ना खाएं। सूर्य उदय से पहले कुछ ना खाएं। अगर आप सूर्यास्त के बाद कुछ खा रहे हैं तो आप अपने डाइजेशन को बहुत ही भयंकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। आपके डाइजेशन को उस टाइम नींद पे जाना चाहिए था। सूर्यास्त के बाद ना हमारे नींद के हॉर्मोंस मेलाटोनिन रिलीज होना चालू हो जाते हैं। और वो समय होता है कि भ इंसान सो जाए।
(47:39) इंसान प्रजाति के हो ना आप और मैं। इंसानों को बनाया गया है डायर्नल्स। मतलब कि नेचर ने हमें ऐसा बनाया है कि जैसे-जैसे अंधेरा होने लगे हम सो जाएं और हम दिन में जाग कर काम करें। ठीक है? एक दूसरी प्रजाति होती है नॉकटर्नल्स जो होती है उल्लू प्रजाति। उल्लूओं को ऐसा डिजाइन करा गया है कि भ वो रात को जागते हैं और दिन में सोते हैं। तो आजकल ना इंसान डायर्नल की जगह नॉकटनल होता जा रहा है। रात को जाग जाग कर खाना खाता है। दिन में सोता है। मेलाटोनिन की मां बहन कर रखी है। मेलाटोनिन अच्छे से रिलीज ही नहीं होने देता। अब मेलाटोनिन
(48:11) नींद वाला हॉर्मोन रिलीज नहीं हो पाएगा। तो सारा सिस्टम बिगड़ जाएगा ना। सारे हॉर्मोंस बिगड़ जाएंगे। फिर हो जाएगा पीसीओडी हो जाएगा पीसीओएस हो जाएगा थायरॉइड हो जाएंगे इर्रेगुलर पीरियड्स हो जाएगा मोटापा। तो यह समझना पड़ेगा कि हमें कितना खाना और कब खाना है। नहीं चाहिए खाना तो मत खाओ ना। आजकल इतना ज्यादा ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर का कल्चर निकल चुका है। यह भी तो बाहर से ही आया है। ब्रेकफास्ट भी नहीं करना, लंच भी नहीं करना, डिनर भी नहीं करना। बिल्कुल नहीं करना भाई। बिल्कुल नहीं करना। भारत की ये सभ्यता नहीं है। यही सिखाया गया है पूरी फैमिली में ये
(48:43) सिखा दिया है कि मतलब ब्रेकफास्ट करो राजा की तरह। फिर उसके बाद में लंच करो थोड़ा कम और फिर थोड़ा खाओ रात में फिर वापस खाओ सुबह राजा की तरह और फिर जाओ काम पे। तो ये ये कल्चर कहां से आया? ये आया इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन की वजह से। ये भी बाहर से ही चिपका हुआ है। जब उनको भाई टाइम टेबल चाहिए था कि भ इस टाइम अलार्म बजे। पूरी टीम एक साथ खाना खाने के लिए जाए तो उन्होंने बनाया ब्रेकफास्ट। उन्होंने बनाया लंच, उन्होंने बनाया डिनर। यह भारत की परंपरा और सभ्यता नहीं है और ना ही इंसानों ने पहले कभी ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर करा। जैसे कि और स्पीशीज नहीं
(49:16) करते। अब क्या शेर ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर करता है? आप मुझे बताओ कि टाइम हो गया। चलो यह टाइम हो गया। चलो 1:00 बज गया। चलो लंच का टाइम हो गया। चलो 7:00 बज गए। चलो 8:00 बज गए। करता है। कोई और प्रजाति करती है। चलो आपने पेड एनिमल्स रख रखे हैं घर में। वो करते हैं क्या? ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर नहीं करते। भूख लगती है तो खाना खाते हैं। भूख नहीं लगती तो खाना नहीं खाते। भाई अगर शेर को भूख लगेगी जोर से तभी तो वो जाएगा ना शिकार पर। शिकार पर उसकी मेहनत लगेगी। एक-द घंटे शिकार को पकड़ना पड़ेगा। ना जाने कब मिले कब ना मिले। वो तो नहीं सोचेगा ना कि मंचिंग का टाइम हो
(49:49) गया। थोड़े से स्नैक्स हो जाए। एक-एक चूहा मार मार कर खा लेता हूं। ऐसे करता है शेर। कोई और प्रजाति ऐसे करती है। शेर क्या करता है? जब बड़ी तेज की भूख लगती है तब निकलता है अपनी गुफा से बाहर। दो-ती घंटे शिकार ढूंढता है, भागता है, मारता है उसको और जब बस उसने कोई हिरन मार दिया, कुछ भी मार दिया, क्या सोचेगा? यह तो लाइट टाइम था, डिनर टाइम था। थोड़ा खा लेता हूं। छोड़ दूंगा बाकी बाद में करता है ऐसे। पेट भरकर खाता है ना? पेट भरकर खाता है। ऐसे ही पहले इंसान करते थे। हम भी शिकार करने जाते थे। शिकार मिलता था तो खाते थे। नहीं
(50:21) मिलता था तो भूखे पेट सो जाते थे। ऐसे ही पुराने इंसानों ने भी ऐसे ही करा है और उसी से हम पतले, सुंदर, स्वस्थ, तंदुरुस्त रहते थे। जितना खाना मिले खा लो, खाना ना मिले मत खाओ। तो ये ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर का कांसेप्ट बिल्कुल थोपा गया है भारत पर जिससे बढ़ता जा रहा है मोटापा और बीमारियां। आप इंसान हो। भाई आप भी समय के हिसाब से खाना खाते रहते होगे ना। यह टाइम हो गया। ओह हो खाना नहीं खाया। ओह हो ये टाइम हो गया। ओह हो ये हो गया। है ना? ऐसे करते हैं। मैंने 50 दिन खाना नहीं खाया था। आपने नहीं खाया? मैंने मैंने नहीं खाया। यह कोई बड़ी बात
(50:58) नहीं है। महात्मा गांधी जी ने 21 दिन खाना नहीं खाया था। तीन बार करी है। वर्ल्ड रिकॉर्ड है। एक इंसान ने 365 डेज से भी ज्यादा खाना नहीं खाया था। अन्ना हजारे ने खाना नहीं खाया। कितने सारे बड़े-बड़े एग्जांपल्स हैं। हमारे ऋषि मुनि खाना नहीं खाते थे। उनको पता था उनको जिंदा रहने के लिए सिर्फ पानी चाहिए, नमक चाहिए। मैंने 48 केg पर 50 दिन खाना नहीं खाया। मैं मरी नहीं। मेरे को मेरी बॉडी के अंदर फैट है। वो फैट एनर्जी की तरह यूज़ हो रहा है। मुझे चाहिए था बस नमक और पानी। हाइड्रेशन का मैंने ध्यान रखा। 50 दिन मेरी लाइफ जर्नी डली हुई है मेरे पेज पर। मरी नहीं
(51:30) थी मैं। और मेरे हजारों स्टूडेंट्स फॉलो कर चुके हैं। 21 दिन हम खाना नहीं खाते। मेरे स्टूडेंट्स खाना नहीं खाते। कोई नहीं मरता। लेकिन मोटापे के कारण लोग मर रहे हैं। ओबेसिटी से आज लोग मर रहे हैं। मोटापे से मर रहे हैं। हां। मोटापे से बहुत लोग मर रहे हैं। मोटापे इतनी बीमारियां होती हैं। हार्ट ब्लॉकेज हो जाती है। ये दिक्कत, वो दिक्कत, हार्ट अटैक आता है, ब्लड प्रेशर बढ़ गया, डायबिटीज बढ़ गया। ये सारे खाने से हुई है बीमारियां। खाना सुधार लो। आपकी जिंदगी सुधर जाएगी। इतना ज्यादा डाइट में और वेट लॉस को लेके जो गलतफहमी है उसमें सबसे बड़ी गलतफहमी को कौन सी
(52:02) गलतफहमी को दूर करना चाहते हो आप? सबसे बड़ी गलतफहमी जो 99% लोग करते हैं वो ये है कि वो सोचते हैं कि वर्कआउट से वेट लॉस हो जाएगा। वर्कआउट से वेट लॉस तो होता ही है। वर्कआउट से जीरो वेट लॉस होता है। आप जो वर्कआउट कर रहे हैं, आप उस वर्कआउट में बढ़िया हो जाएंगे। ठीक है? जैसे कि चलो आप योगा कर रहे हो सबसे पहले शुरू-शुर में गए होंगे तो आपके हाथ नीचे तक नहीं पहुंच पाते होंगे। पैर नहीं छू पाते होंगे। एकद महीने के बाद आपने छू लिए। आप स्विमिंग कर रहे हो। शुरू-शुर में आपसे नहीं हो पाती होगी। सांस फूलती होगी। थोड़े दिनों में
(52:33) आपने कर ली। आप साइकिलिंग कर रहे हो। शुरू में आपसे साइकिलिंग थोड़े किलोमीटर चल पाते होंगे। आपका सांस फूल जाता होगा। पैर में दर्द होता होगा। थोड़े दिनों में आपने बढ़िया साइकिल कर ली। वर्कआउट भी बहुत ज्यादा टास्क स्पेसिफिक है। जो वर्कआउट करोगे उसी वर्कआउट में बढ़िया होने वाले हो। साइकिलिंग करोगे तो सिर्फ साइकिलिंग में बढ़िया होगे। आप रनिंग में बढ़िया नहीं हो जाओगे। रनिंग कर रहे हो आप रनिंग में बढ़िया होगे। आप वेट ट्रेनिंग में बढ़िया नहीं हो जाओगे। इतना ज्यादा टास्क स्पेसिफिक है। तो वर्कआउट से भाई जीरो वेट लॉस होता है। वेट लॉस होता है 100 एंड 100
(53:03) एंड 100 एंड 100% सिर्फ और सिर्फ आपके खाने से। अब उस खाने के बहुत सारे लाखों करोड़ों तरीके हैं। जो रास्ता चुनोगे उतना रिजल्ट आपको मिलने वाला है। भाई कार्बोहाइड्रेट्स जैसे आपको इतने पसंद है वो खाते-खाते वजन कम कर लो। मैं भी कराती हूं। हां आलू पराठे की तरह कर लो खा लो भाई। हो जाएगा महीने में 2 किलो वजन कम। हो जाएगा महीने में 3 किलो वजन कम। तो इतना धीरे-धीरे चलना है। तो भाई धीरे जला देते हैं। कोई बात नहीं। नहीं खाने फैट और प्रोटीन। मत खाओ भाई। कोई ना कोई लाके जा आगे जाकर बीमारी हो जाएगी। समझा देते हैं। जो चुनता है उसके हिसाब से उसको गोल तक
(53:37) पहुंचा देते हैं। जल्दी वजन कम करना है। जल्दी बदलना है तो उसका फार्मूला मैं आपको स्टेप बाय स्टेप समझाने वाली हूं। ठीक है? सबसे पहला स्टेप है अगर आपको अपनी तोंद कम करनी है, बढ़िया लगना है, खूबसूरत लगना है, तो आपको यह मानना पड़ेगा। अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है, ट्रिपल डिजिट में है, तो आपको यह मानना पड़ेगा कि जो आप जो खाना खा रहे थे ना वो गलत था। तो उस खाने को तो आपको त्यागना पड़ेगा ही। जी चाहे कुछ भी खा रहे हो चाहे कुछ भी खा रहे हो पहला स्टेप ठीक है दूसरा स्टेप आपको सारा खाना घर में ही बनाकर खाना है देसी घी बटर कोकोनट ऑयल अगर
(54:12) आप वेजिटेरियन है तो भाई आप दूध ले सकते हैं दही ले सकते हैं पनीर ले सकते हैं चीज ले सकते ये चार ही चीज है क्या इसके अलावा कुछ नहीं है चार चीजें ना सिर्फ सुनने में लगती है अगर आप मेरे YouTube चैनल पर जाओगे उसकी मैंने लिस्ट लगाकर रेसिपी बना रखी है क्या खाओगे वर्ल्ड फेमस पनीर टिक्का खा लो शाही पनीर खा लो वेट लॉस मोमोज खा लो वेट लॉस पिज़्ज़ा खा लो आइसक्रीम खा लो खीर खा लो, रसमलाई खा लो, लाजवाब ब्लू बेरी चीज़ केक खा लो। इतनी रेसिपीज है। खा लो ना। वजन कम करना है ना। अगर आपको वेट कम करना है तो माइंडसेट ना खाने से हटाना पड़ेगा। अगर
(54:46) सोचो खाना ही खाना ही खाना ही अगर खाना ही दिमाग में है तो वेट कम कैसे होगा? गोल ही क्लियर नहीं है भाई साहब। फिर तो अगर आपको खाना ही खाना है तो जाओ गुफे में जाकर खा कर आओ। टूथ-ठूथ कर आओ। अगर वजन कम करना है। है ना? गोल है वजन कम करना। तो खाने से दिमाग हटाना पड़ेगा भाई। अगर आप मोटे हो तो आपको बीमारी है। अगर आपको बीमारी है आप हॉस्पिटल में एडमिट होते हो तो डॉक्टर से पूछते हो खाने को क्या मिलेगा? खाने को मिलेगा तो जो रूखा-सखा मिलता है खाकर आ जाते हो ना। ओट्स खाकर आ जाते हो। खिचड़ी खाकर आ जाते हो। बोलते हो खाने को ये दो
(55:17) खाने को वो दो। नहीं बोलते ना। माइंडसेट बदलो। वजन कम करना है। सच में अगर सच में करना है। सच में बीमारियां दूर भगानी है तो अपना माइंडसेट बदलो। खाना खाना खाना खा लिया भाई साहब। आज तक खाना पहुंच गए ना ट्रिपल डिजिट में कोई फायदा हुआ अभी भी खाना खाना खाना खाना भाई दे रही हूं खाना पेट भर कर दे रही हूं बिना कैलकुलेशंस के दे रही हूं बिना नापतोल के दे रही हूं लेकिन अगर खाना ही दिमाग के ऊपर चढ़ा रहेगा तो खा लो पहले ना खाया क्योंकि मेरे को कुछ खाने का मन कर रहा है मेरे को भूख नहीं लगी मैं सुबह से कुछ नहीं खाकर आई मैं खाती भी नहीं हूं मैं
(55:49) दिन में एक ही बार खाती हूं ज्यादातर तो ये ना माइंडसेट है तीसरा स्टेप क्या था तो भाई अभिषेक जी को तो मैं तीसरा स्टेप नहीं बता रही हूं क्योंकि इनको पहले दो स्टेप फॉलो करने होंगे अगर आपके के दो स्टेप फॉलो कर लिए तो नीचे कमेंट करके बताओ। तीसरा स्टेप अपने आप आपको ऑटोमेटिक मैसेज में आ जाएगा। ठीक है? रिचा मैम इतना खाना खाना आपने बोला है मेरे को भूख लग रही है बहुत तेज। अभी बताओ कि मेरे दिमाग में खाना चल रहा है। मैं मोटा हूं क्या? पहले बताओ। नमक वाला पानी पी लो। खाना सारा अब दूर भाग जाएगा आपका। इसके अंदर डालो नमक। लेकिन वो आप तब ले सकते हो जब आप
(56:17) कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खा रहे। आप तो सुबह-सुबह चिपका कर आए हो सैंडविच। है ना? एक मैंने आलू सैंडविच लिया है गजब का। तो उसको हटा दो। ठीक है? आपको भी मेरी तरफ पूरे दिन भूख नहीं लगेगी। और मैं सच बता रही हूं। मैं सुबह से लेकर रात तक काम करती हूं। सिर्फ आधी घंटा खाने में बर्बाद करती हूं। वो भी बर्बाद नहीं। वो मैं लाइव पर खाती हूं। आप भी ज्यादा काम कर लोगे मेरी तरह। ज्यादा एनर्जी आ जाएगी मेरी तरह और मेरे स्टूडेंट्स की तरह। और सुबह से लेकर रात तक इतना तेज चलने वाला है ना दिमाग क्योंकि आपकी बॉडी ना फैट बर्न करने वाली है एनर्जी के लिए। और 1 ग्राम फैट
(56:49) में आपको मिलेगी नाइन कैलोरीज एनर्जी। कार्बोहाइड्रेट की एनर्जी से दुगनी। तो अगर चाहिए ना दुगनी एनर्जी तो खा लो जो मैं बता रही हूं। आपकी एनर्जी बहुत ज्यादा बढ़ने वाली है। मतलब मेरा मोटापा नहीं पर एनर्जी अच्छी हो जाएगी। बहुत ज्यादा भाई दुगनी हो जाएगी। लिख कर देती हूं। गारंटी देती हूं ना हो तो मेरा नाम बदल देना आप। और दुनिया से ना कार्बोहाइड्रेट्स खत्म नहीं हो जाएंगे। अभिषेक जी खत्म नहीं हो जाएंगे। यहीं पड़े रहेंगे। है ना? एक महीना। ठीक है? सिर्फ एक महीना मान रही हूं। एक महीना मेरे फॉलो कर कर देख लो। आलू नहीं खाऊं? ब्रेड नहीं।
(57:20) कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खाएंगे। कैसे पता करोगे? मशीन है क्या? मतलब अभी कार्बोहाइड्रेट्स में आते हैं सारे तरीके के अनाज मतलब आटा वाला सारा कुछ सारा सारे अनाज ठीक है सारे तरीके का मीठा अगर मीठा लेना है तो सिर्फ लेना है स्टीविया उसके सिवाय कोई मीठा आपको नहीं लेना ठीक है सारे तरीके की दालें दालें दाल में प्रोटीन होता है मैडम ओो चलो दाल तवरर की दाल मसूर की दाल मिक्स दाल सब में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है पता है यही गलती ना पूरी इंडिया करती हुई आ रही है जिसकी वजह से 73% इंडिया के लोग प्रोटीन डेफिसिट हो गए हैं। उस दाल के
(57:54) पैकेट के पीछे उसकी सच्चाई लिखी है। आज ही घर जाकर पढ़ लेना। 100 ग्राम दाल में आपको मिलता है 60 से 70% तक कार्बोहाइड्रेट्स और नीचे जाकर जो 20 ग्राम उस पे लिखा भी होता है प्रोटीन वो होता है सेकंड क्लास प्रोटीन। आपकी बॉडी को चाहिए फर्स्ट क्लास प्रोटीन जिसके अंदर सारे के सारे एसेंशियल अमीनो एसिड्स होते हैं। तो जिसको भी लगता है ना कि दाल, चने प्रोटीन है उसके ऊपर कांटा मार दो। वो मेन सोर्स है कार्बोहाइड्रेट्स का ना कि प्रोटीन का। हां अभी देख लो। Google से देख ली। आपको पता चल जाएगा। मुझे जो ऑर्गेनिक की दालें आती है। मैं तो
(58:27) सोच रहा मेरी वाइफ को मैंने बोला। मैंने कहा कि मैंने कहा बढ़िया और बढ़िया दालें लाना। प्रोटीन गजब होता है उसमें। सब कुछ उसके अंदर आपको कार्बोहाइड्रेट मिलने वाला है। चाहे ऑर्गेनिक हो चाहे कैसे भी। ऑर्गेनिक मतलब वो बड़े तरीके से कल्टीवेटेड है। उसमें फर्टिलाइज़र्स नहीं है। उसमें केमिकल्स नहीं है। उसका वो मतलब है। उसके नेचर थोड़ी ना चेंज कर देंगे। और चौथी चीज किसी भी तरीके के आपको फ्रूट्स नहीं खाने। उसमें भी आते हैं कार्बोहाइड्रेट्स। मत खाओ ना एक महीना। एक मैं यही बोल रही थी कि यह कार्बोहाइड्रेट्स हैं। ठीक है? कार्बोहाइड्रेट्स धरती माता से खत्म नहीं
(58:57) हो रहे। है ना? एप्पल नहीं। हां। फ्रूट में ही आता है ना? एप्पल। व्हाट इज एप्पल? मैडम। वो बचपन से पढ़ते हुए आ रहे हैं। आप मजाक कर रहे हो आज इस पॉडकास्ट में कि एन एप्पल ईट एन एप्पल इन अ डे। कीप अ डॉक्टर अवे। बाख खुद ही बता रहे हो तो। मैंने भी सुना है ये बचपन से। मैंने भी पढ़ा है। लेकिन ये उन लोगों के लिए है जो अपने आइडल बॉडी वेट के आसपास हैं। वो खा सकते हैं। हां, उनको हम खिलाते हैं। वेट मेंटेनेंस में हम आपको एप्पल भी खिलाएंगे, रोटी भी खिलाएंगे, इडली, सांभर सब कुछ सारे तरीके के कार्बोहाइड्रेट्स खिलाएंगे। बट अगर अभी आप मोटापे से और बीमारियों से
(59:30) जूझ रहे हो तो आपको सबसे पहले तो बदलना पड़ेगा ना और बदलाव के लिए अपने आपको पुश करना पड़ेगा। अनहेल्ी कार्बोहाइड्रेट्स आपको अपनी डाइट से निकालकर बाहर फेंकने पड़ेंगे। एक महीना फॉलो कर कर देख लो। 1 महीने में जो भी आप जंक फ़ूड खाते हो वह गोलगप्पे वाला, वह मोमोज़ वाला वहीं पड़ा रहेगा। बंद करके नहीं चला जाएगा वह अपनी दुकान। अगर आप 1 महीना नहीं खाओगे, तो लेकिन 1 महीने में आप बदल जाओगे अभिषेक जी। आपकी बॉडी पर भी आपका भी बहुत फैट परसेंटेज कम हो जाएगा। स्किन आपकी चमकने लग जाएगी। इस बात को तो मैं लिख कर, लिखकर, लिखकर गारंटी दे सकती हूं। आपकी
(1:00:08) आंखें भी बहुत अच्छी लग रही है। चमक रही हैं। दुगनी चमकेंगी और आपको देखकर सब बोलेंगे अरे छोटा भाई है क्या अभिषेक का? इतना ज्यादा फर्क आपके ऊपर पड़ने वाला है तो मोटे इंसानों को तो सोचो कितना फर्क पड़ेगा। ठीक है चैलेंज ले लेता हूं मैडम मैं पडकास्ट वापस मैं पडकास्ट में बोलूंगा मैं किसी के साथ पॉडकास्ट करूंगा मैंने चैलेंज लिया था और मैं करके बताता हूं आपको देखते हैं लेट्स सी कि होता है कि नहीं होता अच्छा इंडिया से इंडिया के अंदर है ना दो डाइट बहुत फेमस हो रही है गजब की फेमस हो रही है एक तो है कीटो डाइट और एक है इंटरमीडिएट फास्टिंग डाइट
(1:00:38) ठीक है तो कीटो डाइट के बारे में बात कर लेते हैं कि कीटो डाइट तो जापान से चाइना से ही आई है या यूएस से आई है तो क्या यह भी एडप्शन सही है या गलत है देखो कीटो डाइट एक बहुत ही ज्यादा जानलेवा वा डाइट है। बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक है। इसको मैं बिल्कुल भी रिकमेंड नहीं करती। यह आपको सिर्फ एक हफ्ते में ना हॉस्पिटल पहुंचा सकती है। सबसे पहले तो मैं आपको यह बता देती हूं कि कीटो होता क्या है? कीटो डाइट होती क्या है? ठीक है? कीटो डाइट ना एक ऐसी डाइट होती है जिसमें आपको पूरे दिन के खाने को ना फैट, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स में बांटना होता है।
(1:01:09) फैट इसमें आपको 70% लेना होता है। प्रोटीन इसमें 25% लेना होता है और कार्बोहाइड्रेट्स इसके अंदर आपको लेने होते हैं 5%। ठीक है? तो इसका पूरा कॉम्बिनेशन आपको दिन में बनाकर खाना होता है। इस डाइट का मेन एफेसिस था कि भ आपकी बॉडी ग्लूकोस एनर्जी के लिए ना यूज करें। आपकी बॉडी में कीटोंस बने और कीटोंस आप एनर्जी के लिए यूज कर सकते हैं। ठीक है? यह डाइट वर्ल्ड फेमस है। लाखों लोगों ने इससे अपना वजन भी कम कराएं और मोटापे से होने वाली बीमारियां भी इससे बहुत जल्दी ठीक हो जाती हैं। लेकिन अब इस डाइट को मैं रिकमेंड क्यों नहीं करती? क्योंकि इस डाइट
(1:01:42) की ना पूरी सही जानकारी किसी को नहीं है। लोग किसी का वीडियो देख लेते हैं। आधी अधूरी जानकारी देख लेते हैं और फॉलो करना चालू कर देते हैं। जिसकी वजह से यह डाइट जानलेवा हो सकती है। अगर आपको कीटो डाइट करनी है तो यह बहुत ही वेल कैलकुलेटेड और बढ़िया डाइट है। अगर आप अंडर गाइडेंस करें तो और आजकल मार्केटिंग स्ट्रेटजी कीटो के नाम पर इतनी जबरदस्त हो रही है। किसी भी मेन्यू के सामने लगा दो कीटो अंदर चाहे कुछ भी हो बेचो दुगने दाम पर। तो यह मार्केट में आज इतना ज़्यादा कॉमन चल रहा है। कीटो कुकीज़ कीटो ब्राउनी, कीटो सैंडविच, कीटो ये, कीटो केक। पता नहीं
(1:02:18) क्या क्या-क्या फलाना ढिमका और उनको जाकर मैं मैं भी जाती हूं जैसे रेस्टोरेंट्स में। मैं बोलती हूं जैसे कीटो में इसमें क्या है? मैम कीटो है। अच्छा इसमें फ्रूट्स भी हैं। हां मैम कीटो है। अच्छा इसमें ब्रेड भी है। हां मैम कीटो है। पता ही नहीं ना किसी को। बस ये पता चल गया कि कीटो लिख दो दुगने नाम पर कस्टमर खरीद लेगा और लोग खरीदते हैं जिससे गलत-गलत फॉलो करते हैं और भाई सिर्फ एक हफ्ते में हॉस्पिटल पहुंच जाते हैं क्योंकि यह इतनी पावरफुल है अगर गलत करोगे तो गलत नतीजे मिलने वाले हैं। मैं कीटो रिकमेंड इसलिए नहीं करती क्योंकि इसमें ना बहुत ज्यादा
(1:02:49) कैलकुलेशंस हैं नापतोल है। आपको सारा दिन सोचना पड़ेगा इसमें इतना फैट डल गया, इतना प्रोटीन डल गया, इतना कार्बोहाइड्रेट डल गया, अगले मील में फिर नापोलो, नापोतोलो। उससे आसान है ना अपनी असली भूख समझ जाओ। भाई साहब जब भूख लगे तब जितना मर्जी खा लो। क्या कीटो क्या शीटो कुछ भी ना अपना तोलना नहीं है। तो उस कैलकुलेशन से भी बचना है। इसीलिए मैं कीटो रिकमेंड नहीं करती। कीटो करो बढ़िया है लेकिन अंडर गाइडेंस करो। बिना गाइडेंस के कीटो जानलेवा हो सकती है। यह मैंने बहुत ज्यादा कीटो केसेस बिगड़े हुए देखे हैं। मेरे सामने लोग आते हैं जो बोलते हैं कि हम तो
(1:03:23) कीटो कर रहे थे। हमारे को यह प्रॉब्लम हो गई। हमारे को यह प्रॉब्लम हो गई। तो भाई होएगी ही ना इतना फैट भी खा लोगे जानकारी है नहीं उतने कार्बोहाइड्रेट्स भी साथ में खा लोगे तो होंगी फिर तो प्रॉब्लम और कीटो एक बहुत ही नपीतुली डाइट है अगर आप कीटोसिस से बाहर आ जाते हैं तो फिर वेट कम तो नहीं हो सकता वेट बढ़ भी सकता है तो इसकी पूरी ना डीप में रिसर्च कर कर आपको नॉलेज लेनी पड़ेगी तो आपकी तो कर सकते हैं उससे बचना है इतनी नॉलेज नहीं लेनी इतनी नापतोल नहीं सीखनी तो भाई मैं असली बुक सिखा देती हूं फैट और प्रोटीन बिना नापतोल कर जितनी भूख भूख हो उतना पेट भरकर खा लो।
(1:03:58) दूसरे दिन से ही वजन कम हो जाएगा। और एक-एक महीने में तो भाई आपका 121 किलो तक वेट कम हो जाता है। आपकी लाइफ बदल जाती है। आपकी सारी बीमारियां, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, पीसीओडी, पीसीओएस, हाइपोटेफ, फैटी लिवर सारे छू मंतर हो जाते हैं। इस बात को मैं गारंटी से बोलती हूं। और दूसरी डाइट एक और है इंटरमिडिटेंट फास्टिंग डाइट। हम ये डाइट है कि फास्टिंग है? जो इंटरमिटेंट फास्टिंग है ना यह एक डाइट नहीं है। यह एक लाइफ स्टाइल है। और यह आजकल सारे बड़े से बड़े सेलिब्रिटीज चाहे वो अक्षय कुमार हो, सुनील शेट्टी हो, आलिया भट्ट हो, श्रद्धा
(1:04:32) कपूर हो, सुनील शेट्टी हो, यह सारे के सारे यह लाइफस्टाइल विराट कोहली हो, अनुष्का शर्मा हो, यह सारे के सारे लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं। इसमें 7:00 बजे के बाद खाना नहीं खाते। और इन सबके अपने अलग-अलग गोल्स होते हैं। अपने अलग-अलग गोल्स के हिसाब से ये फास्टिंग विंडो रख लेते हैं। कोई 16 घंटे की, कोई 20 घंटे की, कोई 24 घंटे की। उस हिसाब से ये फॉलो करते हैं। शाहरुख खान तो बोलता है कि भ वो तो 24 घंटे की इंटरमिटेंट फास्टिंग करता है। वो तो 24 घंटे में सिर्फ एक ही बार खाना खाता है। तो ये डाइट भी बहुत ज्यादा बढ़िया है। और यह कोई नई डाइट नहीं है।
(1:05:04) इसको तो आजकल नया डाइट का नाम दे दिया। हमारे पूर्वजों ने तो यह हमेशा ही करा है ना। भाई जब सूर्यास्त के बाद नहीं खाया सूर्य उदय से पहले नहीं खाया हो गई ना इंटरमिटेंट फास्टिंग 8:00 बजे सोए 8:00 बजे सुबह उठे हो गई भाई इंटरमिटेंट फास्टिंग बीच में तो कुछ खाया ही नहीं ये तो आजकल हमें मॉडर्न नाम दे दिए अलग-अलग अलग-अलग लोगों को बात करने के लिए खैर इसको मैं भी बहुत अच्छे से रिकमेंड करती हूं और आज से तीन-4 साल पहले मैं भी यह डाइट अपने स्टूडेंट्स को रिकमेंड करती थी मैं करवाती थी लेकिन इसमें ना मैंने थोड़ी सी शॉर्टकमिंग्स देखी जो ईटिंग विंडो होती
(1:05:34) है कोई 8 घंटे खाता है कोई 6 घंटे खाता है कोई 4 घंटे खाता उसके अंदर ना लोग अनहेल्ी कार्बोहाइड्रेट्स खा लेते हैं। तो उससे तो कोई रिजल्ट आने नहीं वाला। अगर आप गलत खाना खा रहे हो चाहे 2 घंटे के लिए पूरे 2 घंटे खाते रहेंगे खाते रहेंगे खाते रहेंगे फिर तो वेट कम नहीं होने वाला और इसमें ना पूरा दिमाग आपका टाइमिंग्स में लगा रहता है कि जैसे पहले मैं भी कराती थी तो जैसे मैं बोलती थी कि भ 8 घंटे खा लो तो जैसे ही 12:00 बजे खाना चालू जैसे ही 8 7:30 बजे क्योंकि मैंने बोला कि भ 12:00 से 8 के बीच में खा लो। 12:00 बजे खाना चालू
(1:06:03) पता नहीं कभी भूख लगी भाई साहब नींद नहीं लगी। टाइम हो गया खाना खाना है और फिर 7:30 मेरे पास फोटो आती थी क्योंकि मैंने बोला कि 12:00 से आठ खा लो 12:00 फोटो आने लग जाएंगी। 7:30 बजे फोटो आने लग जाएंगी। मैंने बोला भूख लगी थी? नहीं नहीं मैम विंडो थी ना विंडो बंद होती थी तो इसीलिए मैंने ये सिस्टम छोड़ दिया। फिर मैंने बोला भाई भूख के हिसाब से खाओ। भूख के हिसाब से खाओगे तो भाई भूख लगेगी तब खाओगे और इसमें गलत खाने का स्कोप भी नहीं है। तो इंटरमिटेंट फास्टिंग भी बढ़िया है। लेकिन अगर आप और आगे जाना चाहते हैं और एडवांस चलना चाहते हैं समय के हिसाब से
(1:06:34) नहीं डिपेंडेंट होना चाहते तो भाई अपनी भूख समझ लो। भूख जब लगे तब खा लो। चाहे एक दिन हो, चाहे दो दिन हो, चाहे तीन दिन हो, चाहे दिन में दो बार हो। जब भूख लगे तब खाना खा लो। इतना सिंपल है ना ये इतना सिंपल है डाइट इतनी सिंपल है जो आजकल लोगों ने इतनी मुश्किल बना दी है इसको लगता है कि पता नहीं क्या बना दिया है बिल्कुल भी इसकी जरूरत नहीं थी पूरे सारे घरों में यही बात होती है सारी वाइफ्स तो यही सोचती है कि आज खाने में क्या बनेगा फिर ये बात करती है सुबह में क्या बनेगा लंच में क्या बनेगा डिनर में क्या बनेगा मैं बोल रहा हूं यह सवाल इतना
(1:07:04) रिलेटेबल है ना कि हस्बैंड वाइफ में सबसे ज्यादा झगड़ा ये होता होगा कि शाम को जब हस्बैंड घर जा रहा होता होगा वो वाइफ फोन करके पूछती होगी अजी सुनते हो? बोला हां बोलो क्या काम है? बोलो खाने में क्या खाओगे? हां मेरे बहुत सारे स्टूडेंट्स मुझे ये बात बोलते हैं और भी 38 इयर्स तक तो मैंने भी काब्स खाए ना। तो मेरे पे भी यही चलता था। सुबह क्या खाना है? शाम को क्या खाना है? रात को क्या खाना है? SWGI से क्या करना है? ज़ोममेटो से क्या करना है? खाना अच्छा नहीं बना। मम्मी से नाराज होना है। ये सब कुछ चलता था। मेरे स्टूडेंट्स भी
(1:07:31) ऐसे ही मुझे बताते हैं कि मैम अब तो हमारी लाइफ सॉर्टेड है। हमारी वाइफ बोलती तूने तो दिन में एक ही बार खाना खाना है और तेरे लिए बढ़िया सा पनीर और सुमित सर की रेसिपी देखकर बना देते हैं। कुछ काम ही नहीं। मेरे स्टूडेंट 7-7 दिन तक भूखे रहते हैं। 7 दिन खाना नहीं खाते, 14 दिन खाना नहीं खाते, 21 दिन खाना नहीं खाते। उनको खाने के बारे में ना सोचना, ना खाना बनाना, ना खरीदना, ना कुछ करना, पैसे बचते हैं। मोटापा घटता है और लाइफ भी बढ़िया चलती है। एनर्जी भी बढ़ जाती है। तो ये सोच की बात है। सोच बदल दोगे अगर आप अपनी यह सोचना है, अगर आपको जल्दी से वजन कम
(1:08:00) करना है कि मेरे को खाने के बारे में नहीं सोचना। आधा दिन तो आपका भी खाना खाने के बारे में और खाना खाने में बीत जाता है ना। तो आधा दिन ही तो काम कर पाओगे। खाने के बारे में सोचना ही नहीं है। ऐसे ही करता आया है पुराना इंसान भी। हमारे पूर्वज भी। अच्छा छोटी सी एक बात और कर लेते हैं। जो ड्राई फ्रूट्स होते हैं वो तो कार्बोहाइड्रेट्स ही होते हैं। तो ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए या नहीं खाने चाहिए? देखो अगर आपका वेट ट्रिपल डिजिट में है तो मैं आपको किसी भी तरीके के ड्राई फ्रूट रिकमेंड नहीं करती। फिर भी आपको लगता है ड्राई फ्रूट खाने हैं या खाने हैं या खाने
(1:08:32) हैं खाने हैं तो मैं आपको थोड़े से बादाम और अखरोट रिकमेंड कर दूंगी कि भाई जब आपको भूख लगे जब आपको असली भूख लगे उसके साथ आप थोड़ा बहुत ले लो अगर लेना है तो और नहा लो तो और ज्यादा बढ़िया होने वाला है आपके लिए तो मत खाओ भाई बादाम भी अखरोट भी ये सारे ड्राई फ्रूट भी धरती माता से नहीं खत्म हो गए खा लेना ना बाद में पहले वजन तो घटा लो वजन घटा लो वेट मेंटेनेंस में हम आपको सारे तरीके के ड्राई फ्रूट्स लेते हैं सब कुछ रिकमेंड करते हैं वेट मेंटेनेंस में तो जो नॉर्मल आदमी वो ड्राई फ्रूट खा सकता है नहीं खा सकता है लिमिटेड जिसको मतलब एकदम जैसे मेरे जैसा
(1:09:04) आदमी अभी ना डिपेंड करता है कि आपका गोल क्या है मैं भी नॉर्मल इंसान ही हूं ठीक है बट मेरा यह गोल है कि मुझे 50 साल में भी बढ़िया लगना है मुझे और वेट कम करना है मुझे अपने छह पैक ऐप निकालने हैं ये मेरा गोल है ना तो मैं नहीं खाने वाली तो मैं नहीं खाने वाली तो अपने गोल पर डिपेंड करताना है आपको भाई इसी को ही मेंटेन करना है तो आप खा सकते हो अब आपको और बढ़िया होना है और बढ़िया होना है तो भाई फिर तो छोटी-छोटी चीजें भी देखनी पड़ेंगी ना तो उस पर डिपेंड तो अपन वजन कम की बात बार-बार कर रहे हैं तो नॉर्मल आदमी के लिए तो कपा ने कर ली। तो जिनको डायबिटीज है अब
(1:09:35) उनको वजन कम कर रहा है तो वो कैसे करेंगे? सेम जिसको डायबिटीज है। ठीक है? डायबिटीज इज अ डाइटरी डिजीज। डायबिटीज आपको होती है खाने की वजह से। अब डायबिटीज में ना दो तरीके की होती है। टाइप वन और टाइप टू। ठीक है? जो टाइप वन होती है ना उसमें आपकी बॉडी में इंसुलिन ही फॉर्म नहीं होता। वो आपको ज्यादातर बचपन में डायग्नोस हो जाती है। जब आप छ सात साल के होते हो अगर तब आपको डायबिटीज है और डॉक्टर ने बताया कि टाइप वन है तो वो अलग प्रॉब्लम है। ठीक है? लेकिन 99.
(1:10:05) 99% जो आज इंडिया डायबिटीज की कैपिटल वर्ल्ड कैपिटल बन चुका है। इसमें है गलत खाना क्योंकि उनको है डायबिटीज टाइप टू जो होती है सिर्फ गलत खाने की वजह से। डॉक्टर्स उसके लिए आपको दवाइयां दे देंगे, इंसुलिन दे देंगे। क्या कर रहे हैं वो ले देकर? कुछ नहीं कर रहे। उसका इलाज तो नहीं कर रहे। बस उसको उसके साथ कैसे जीना है वो सिखा रहे हैं। मैं आपको बता रही हूं कि डायबिटीज आप जड़ से कैसे खत्म कर सकते हो, गायब कर सकते हो। उसके लिए आपको अपना खाना ही बदलना है। और जो खाना है मैं आपको रिकमेंड करती हूं। बढ़िया क्वालिटी का फैट, बढ़िया क्वालिटी का प्रोटीन,
(1:10:38) कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खाने, दिन में 4 लीटर पानी पीना है। 8 घंटे की बढ़िया नींद लेनी है। बस इतना सा कर लो। डायबिटीज गायब खत्म। और मेरे स्टूडेंट्स के तो इतने जल्दी रिजल्ट आते हैं। इसलिए हम उनको बोलते हैं कि भ डेली डेली सुबह उठकर फास्टिंग में टीचर को भेजो कि आज कितना आया, आज कितना आया, आज कितना आया? क्योंकि सिर्फ हफ्ते में उनकी डायबिटीज जड़ से ठीक हो जाती है। उनके डॉक्टर्स, उनकी रिपोर्ट पूरी बदल जाती है और वो सोचते हैं कि ये क्या चमत्कार हो गया। यह कोई चमत्कार नहीं है। यह साइंस है। खाना बदल लो, डायबिटीज ठीक हो जाएगी। हजारों लोगों की मैं करवा
(1:11:17) चुकी हूं। इसके अंदर कुछ मुश्किल है ही नहीं। लोगों को मुश्किल इसलिए लगता है क्योंकि जानकारी नहीं है। तो डायबिटीज को भारत से बाहर भेजना तो सिर्फ हफ्ते 10 दिन का काम है। अगर पूरा भारत अपना खाना बदल ले तो यह डायबिटीज तो जड़ से खत्म हो जाएगी और फिर हम वर्ल्ड कैपिटल डायबिटीज के नहीं रहेंगे। फिर हम वर्ल्ड कैपिटल बनेंगे हेल्थ की। बढ़िया है रिचा मैम। तो आप तो ऐसे बात कर रहे हो जैसे आपको सारा ज्ञान आ गया हो। सॉरी टू से इट बट इतनी बड़ी-बड़ी कंपनीज़ है, फार्मासटिकल कंपनीज़ है, ये सब दवाइयां बना रही है। सबको पता होगा सारे प्रोडक्ट बना
(1:11:50) रही है। वो डब्बों का स्लिम बना रही है। तो कुछ तो ज्ञान होगा ना या फिर वो हमको सब बेवकूफ बना रहे हैं। नहीं नहीं उनको पूरा का पूरा ज्ञान है। उन्होंने अपने प्रॉफिट के लिए, अपने फायदे के लिए पढ़ाई चेंज कर दी। डॉक्टर्स को आज पढ़ाया भी ऐसे जा रहा है। मेडिकल साइंस में यूएस ने ही ऐसे पढ़ाना चालू करा है कि भ इन बीमारियों को ना क्योर कैसे करना है। उन सबको पता है कि कैसे ठीक करना है। बड़े-बड़े साइंटिस्ट आज बोल रहे हैं इस बात पर। जसन फंक बोल रहे हैं। बड़े-बड़े साइंटिस्ट मान गए हैं कि भ उनको गलत पढ़ाया गया है और उनको पढ़ाया गया है कि
(1:12:23) ये फार्मलसटिकल्स की आप बातें कर रहे हैं कि इनकी दवाइयां कैसे-कैसे बेचनी है। किस-किस पेशेंट को दवाई चाहिए। किस-किस पेशेंट को इंसुलिन चाहिए। ये उनको पढ़ाया ही जा रहा है। उनको यह नहीं पढ़ाया जाता कि इन बीमारियों को जड़ से ठीक कैसे कर देंगे? तो वो प्रॉफिट कैसे कमाएंगे ना? उनको फायदा कैसे होगा? अगर आपकी बीमारी जड़ से ठीक हो गई तो कौन खरीद रहा है उनके ड्रग्स? कौन खरीद रहा है उनकी दवाइयां? कौन खरीद रहा है उनके इंसुलिन? तो ये यूएस से दवाइयां आई हैं। यूएस से इंसुलिन आए हैं तो भट्टा बैठ जाएगा ना उनका। तो तो पढ़ाया भी ऐसे जा रहा है। लेकिन आजकल
(1:12:54) बड़े-बड़े साइंटिस्ट इसके बारे में रिसर्च कर रहे हैं। जो भाई सच में मेरी तरह आपकी तरह चाहते हैं कि लोगों तक सही जानकारी मिले। उनका भला हो सके। वो बोल रहे हैं कि खाना बदल लो। मैंने 10-10 साल 15-15 साल अपने पेशेंट्स को गलत खिलाया। गलत बताया। बोल रहे हैं ओपनली आकर सोशल मीडिया पर बोल रहे हैं। जो भलाई चाहते हैं जो अपना सिर्फ प्रॉफिट नहीं देख रहे। लेकिन जो प्रॉफिट देख रहे हैं तो भाई हां वो तो इसी को प्रमोट करते जाएंगे। इसी के लाइफस्टाइल में करते जाएंगे। और लोग ज्यादातर बातें ना इन्हीं की सुनते हैं। क्योंकि डॉक्टर ने बोला है। डॉक्टर ने बोला है। मेरे पास
(1:13:27) हजार डॉक्टर स्टूडेंट हैं। वो बोलता है मैम हम पढ़ने आए हैं। हमारी डायबिटीज ठीक करा दो। उनको खुद को तो डायबिटीज है। डॉक्टर कौन होना चाहिए? इतने मोटे-मोटे आज आपने डॉक्टर देखे होंगे। वो खुद बोलते हैं मैं तो इंसुलिन लगा लेता हूं। इट इज वेरी नॉर्मल। ये तो हमारे कल्चर में आ गया। कहां से आ गया हमारे कल्चर में भारत के? कहां से आ गया? खाना खाने से पहले इंजेक्शन लगाओ। खाना खाने के बाद इंजेक्शन लगाओ। कहां से आ गया हमारे कल्चर में? तो ये सारा यूएस का कल्चर हम चिपकाते जा रहे हैं। पहले तो वो डॉक्टर ही खुद ही बीमार है। वो डॉक्टर भी इस लायक नहीं है। तो पता
(1:13:55) तो कर लो। चलो मैं वेट लॉस कराती हूं। अगर आज मैं 100 किलो की बैठी होती इस कुर्सी पर तो क्या मैं जस्टिफाई कर रही हूं? कर रही हूं। कोई मेरे को देखकर वेट लॉस करेगा? तो अपनी आंखें खोलो ना। डॉक्टर खुद मोटा भैंस बैठा हुआ है। डॉक्टर को खुद 100 बीमारियां हैं। वो खुद इंजेक्शन लगा रहा है और वो डॉक्टर से दवाइयां ले रहा है। डॉक्टर बोल रहा है देखो ना मैडम जी, भाई साहब, बहन जी, मैं भी लगा रहा हूं। कुछ नहीं होता, आप भी लगा लें। क्या सिखा रहा है वो आपको? वो आपको हेल्दी रहना सिखा रहा है। एक हेल्दी इंसान क्या यह होता है कि वो दवाइयों पे डिपेंडेंट रह जाए कि वो
(1:14:24) इंजेक्शन लगाता जाए? अरे भाई मैं करवाती हूं ना डायबिटीज से आजाद खाना बदल लो डायबिटीज खत्म फ्री में कार्बोहाइड्रेट्स खाना छोड़ दो छोड़ दो छोड़ दो जब भूख लगे फैट और प्रोटीन ठूस लो अपने अंदर जितना भी ठूस सकते हो खत्म डायबिटीज इतना आसान है आउट ऑफ द बॉक्स क्वेश्चन मैडम और बहुत खूबसूरत दिख रहे हैं वैसे तो [हंसी] मेकअप मेकअप की वजह से नहीं बट आप देख रहे हैं बहुत ग्लो कर रहे हैं और बहुत खूबसूरत दिख रहे हैं पर ये बताओ आपने मतलब ऐसा बोला जाता है कि खूबसूरती बालों से होती है और आपने तो बाल ही शेप कर लिए पूरे। ऐसा क्यों? और आपको किसी ने कभी क्रिटिसाइज
(1:14:59) किया इसके लिए? बहुत ज्यादा। क्रिटिसाइज आप मेरी कोई भी रील उठाकर देख लो। उसके नीचे मैसेज आता है टकली टकली। अरे मेरे को पता नहीं मैं टकली हूं। हैं टकली टकली टकली गंजी बाल क्यों नहीं है? बाल क्यों नहीं है? बाल क्यों नहीं है? मुझे नहीं पसंद बाल। तो क्या हुआ? सुमित सर और मैं ना गोवा आए। ठीक है। तो सुमित सर ने पहले बाल कटवाए। हेड शेफ करवाया उन्होंने। तो उन्होंने ना मुझे बोला बड़ा मजा आ रहा है। बड़ा मजा आ रहा है। बड़ी हवा आ रही है। मैंने बोला अच्छा इसको क्या इतने मजे आ रहे हैं। तो मेरा ना एक फंडा है लाइफ में कि जो भी हो उसको एक
(1:15:29) बार अपनाओ। अच्छा लगे दोबारा अपनाओ ना अच्छा लगे छोड़ दो। ठीक है। तो मैंने सोचा मैं भी करवा कर देखती हूं। मेरा वो वीडियो भी डला हुआ है। मैंने बोला यहां से बाल काट दो। उन्होंने काट दिए। मैंने बोला यहां से काट दो। मैंने बोला पागल लग रही हूं। पूरे ही काट दो। फिर उन्होंने पूरे काट दिए। ओय होए। उन्होंने पूछा पति से लिखवा कर ला दो। पूरे काटने हैं। ये वो वो 100 क्वेश्चन पूछेंगे हम जैसे पूछते हां। आपका पति तो आपको घर से बाहर नहीं निकालेगा। आपको इतने नहीं करेगा। मैंने बोला भाई तू काट देना काटना आता है कि नहीं? तू स्किल है कि नहीं? फिर उसने काट
(1:15:56) दिए। इतना मेरे को मजा आया ना। इतनी ऐसे ठंडी-ठंडी हवा और इतना ज्यादा मजा आता है तो तो मेरा बाल रखने का मन ही नहीं करा। जैसे ना देखो मैंने मोटापे से आजादी पाई। तो बड़ा अच्छा लगा। एक बढ़िया फिगर लेकर, बढ़िया लेकर। अब बाल ही नहीं है ना। अब मैं 42 इयर्स की हूं। बाल होते तो भाई शैंपू करना पड़ता, कंडीशनर करना पड़ता, कलर करना पड़ता। अब शूटिंग पर आई हूं तो गोल-गोल घुमा कर आती। कुछ कर कर आती ना बाल ही नहीं है टेंशन ही नहीं आजादी तो मैंने तो ना खाली मजे के लिए करा ठीक है मुझे नहीं पता था फिर मैंने सोशल मीडिया पे पोस्ट पोस्ट डालनी चालू करी ऑल ओवर
(1:16:28) वर्ल्ड मुझे मैसेज आए कि लोगों को लगा कि मुझे कैंसर है या मुझे कोई प्रॉब्लम है तो मैंने उनको गाइड करा कि मेरे को कोई कैंसरवेंसर नहीं है। इट इज जस्ट माय स्टाइल। तो उन्होंने बोला वाओ आपको आपको ऐसे ओपनली घूमते हुए देखकर हमारी मम्मी जो कैंसर पेशेंट हैं उनको आज मोटिवेशन मिल पाई। बहुत सारे कैंसर लोगों ने मुझे भी मैसेज करा कि आपको देखकर हमें अब उन विग्स की जरूरत नहीं है। यह नहीं है, वो नहीं है। तो मुझे नहीं पता था कि इनडायरेक्टली जाने अनजाने में बहुत लोग मुझसे मोटिवेट हो गए। एंड मैं सच बोलती हूं। मुझे कुछ नहीं है। मैं किसी के लिए भलाई दे नहीं कर
(1:17:01) रही। इट जस्ट माय स्टाइल। और वो मुझे पता चला जब मैं ताजमहल पर गई घूमने तो अब एक टकली लड़की तो कोई नहीं देखता ना जनरली। है ना? तो लोग ताजमहल को नहीं देख रहे थे। वो मेरे को देख रहे थे। तो मुझे लगा कि शायद मैं ही नेक्स्ट वंडर ऑफ द वर्ल्ड हो गई हूं। [हंसी] तो लोग ताजमल की जगह मुझे क्योंकि ताजमल तो वहीं खड़ा है। वो कोई जाने तो वाला नहीं। मैं ही चली जाऊंगी ना। तो पूरे लोग मेरे को ऐसे घूम-घूम कर मुड़-मुड़ कर देख रहे हैं। मुझे लगा कि यार ये तो कुछ वंडरफुल ही हो गया वर्ल्ड में और फिर मुझे बहुत बहुत सोशल मीडिया पे ट्रोल करा गया
(1:17:35) इसके लिए। और लेकिन कह रहे मुझे बहुत फायदा भी हुआ क्योंकि मेरे वीडियोस लोगों ने देखे। अब एक साड़ी पहनकर एक टकली लड़की खड़े होकर कुछ बोल रही है तो इट इज अ हुक ना लोग रुक भी जाते हैं कि हां ये क्या बोल रही है दिस इज समथिंग अननेचुरल तो वो तो मेरा स्टाइल था जिसने मेरे को बहुत ज्यादा बेनिफिट भी दिया और खैर ट्रोलिंग भी होती है बहुत ज्यादा तो लेकिन मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता मैंने बोला जितना मर्जी करना है कर लो भाई मैं टीचर हूं मैं पढ़ा रही हूं मेरी नॉलेज से आपको मतलब होना चाहिए मेरे बाल हैं या नहीं है तो उससे क्या मतलब और ना जैसे वेट लॉस में ना एक
(1:18:05) फज़ आता है टेलुजियन एफएम जिसमें आपका हेयर फॉल होता है जब जब आप 30-40 किलो वेट कम कर लेते हैं तो इस फेस के थ्रू ज्यादातर लोगों को निकलना पड़ता है। तो अब लोगों को यह भी लगने लगा कि भाई मेरा मेरे बाल इसलिए नहीं है क्योंकि मेरा भी हेयर फॉल हुआ है। वेट लॉस के लिए वेट लॉस का हां अगर आप 30-40 किलो तक वेट कम करते हैं तो आपका हेयर फॉल होता है। चाहे आप दुनिया में किसी भी तरीके से वेट लॉस कर लें। ठीक है? बट अब क्योंकि बाल बनते हैं प्रोटीन से और हम इतना ज्यादा प्रोटीन देते हैं तो दो-ती महीने में आपके बाल बढ़िया वापस आ जाते हैं। बट अगर आप कार्ब्स वाब्स खाकर
(1:18:38) कर रहे हैं तो फिर आपको काफी ज्यादा उसके अंदर टाइम लगने वाला है। तो ये दो बातें होती हैं। लेकिन लोगों को डर लगता है मेरे स्टूडेंट्स को भी कि भ हमारे भी रिचा मैम की तरह हम टकले तो नहीं हो जाएंगे। जब उनका हेयर फॉल होने लगता है। फिर अब उनको साइंस समझाते हैं कि यार ये टेलीविजन एफएम है। ये हर जगह होता है। घबराओ ना। वापस आ जाते हैं। कई बार तो आकर हमसे लड़ाई भी कर लेते हैं। शुरू-शुर में जब मेरा करियर स्टार्ट हुआ था तो थोड़ी गाली गलौज भी हो गई आपस में। गालियां भी दी उन्होंने कि हां मेरे को भी टकली बनाएगी अपनी तरह। हमारे को भी ऐसे कर देगी। मेरे को भी ऐसे
(1:19:03) कर देगी। मैंने बोला भाई शांति रख लो कर कर देख लो। उस टाइम तो उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। तब शुरू में था छूट छाड़ के चले गए थे। फिर दो-ती महीने के बाद जब बाल वापस आ गए तो सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी बोलते हुए वापस आ गए कि मैम सॉरी आपके कहना नहीं माना। आपने साइंस समझाई थी। तो यह होता है और ये लोगों को डर लगता है मेरा हेयर स्टाइल देखकर। और मेरी टीम ने भी मुझे एडवाइस करा कि यार बाल रख लो आप ताकि मिसकंसेप्शन खत्म हो जाए और लोगों को भी कॉन्फिडेंस आ जाए। बट मैंने बोला यार आई विल नॉट लीव माय स्टाइल। जिसको आना आएगा जिसको नहीं आना भाई नहीं आएगा। बट मेरे को
(1:19:30) ऐसे ही अच्छा लगता है एक ही जिंदगी मिली है तो मैं क्यों अपनी बर्बाद करूं तो इसलिए मैंने माननी बहुत गजब ये तो मोटिवेशन स्टोरी हो गई एक वेट लॉस प्रोग्राम के अंदर। पता नहीं कितने लोगों को मतलब मतलब कोई जैसे अपने लिप फिलर करा लेते हैं, चिन को ऐसे करा लेते हैं या सर्जरी करवा लेते हैं। मतलब जैसे हो वैसे मतलब जैसा लगना है जैसा दिखना है वैसा दिखो ना। क्या प्रॉब्लम क्या है? नहीं मैं इसके भी अगेंस्ट नहीं हूं। किसी को जो भी कराना है कराए। भाई उसकी लाइफ है। उसको लग रहा है वो लिफ्ट फिलर कला अगर बढ़िया लगने वाली है। तो लग ले भाई लग ले।
(1:19:57) हर किसी को हक है। गलोत तो इधर तो तेरे ऊपर बढ़िया हो तो तेरे ऊपर। तो बढ़िया है। जिसकी एक ही लाइफ है ना तो जो करना है करो। पूरा पडकास्ट निकल गया। मैडम अभी हमने कोई डाइट प्लान के बारे में बात नहीं करी। तो एक बंदा है जिसकी ऐज है 25 से 30 साल। उसका वजन है 100 के ऊपर। 100 के ऊपर निकल गया। अब उसको वजन कम करना है। तो उसको क्या करना चाहिए? पानी कौन सा पीना चाहिए, खाना कौन सा खाना चाहिए? ठीक है? देखो, मैं आपको ना इतना जबरदस्त तरीका बताती हूं। फैट ऐसे पिघलेगा जैसे कि तवे के ऊपर बटर। क्या करना है? आपको एक पतीला लेना है। उसके एक उसके अंदर एक कप पानी डालना है।
(1:20:32) उसके अंदर डालना है थोड़ी सी सौंफ, थोड़ी सी अदरक कुटी हुई, लौंग, इलायची। उसको 5 मिनट उबाल लें। छानकर कप में सिपसिप कर कर पिए। देखना कितना जबरदस्त वेट लॉस होगा। मजा आया सुनकर? ऐसे वायरल वीडियोस ना बहुत ज्यादा चलते हैं सोशल मीडिया पर और लोग उनको फॉलो भी करते हैं बेवकूफों की तरह। मुझे तो लगा यही करना है और वेट लॉस होता नहीं है इनसे। वेट लॉस होगा अगर आप एक दिन में 4 लीटर पानी पियोगे चाहे वो ठंडा हो चाहे वो गर्म हो चाहे उसके अंदर फ्लेवर के लिए कुछ डालना है तो आप कोई भी मसालेवसाले डाल सकते हो। बस ताकि आपकी बॉडी रहेगी बढ़िया तरीके से
(1:21:11) हाइड्रेटेड। आपके हंगर हॉर्मोंस ग्रेलिन और लेप्टिड ब्रेन तक सही सिग्नल पहुंच पाएंगे। आप ओवर हीट नहीं कर पाएंगे। आपकी बॉडी सही पानी पीने की वजह से बहुत सारे फंक्शन कर पाएगी। टेंपरेचर मेंटेन कर पाएगी। दूसरे दिन से ही वेट कम होने लग जाएगा और महीने में तो आपका 121 किलो तक वेट कम हो जाता। तो बस पानी पीना है। चाहे कैसे भी पी लो। पी लूं क्या थोड़ा सा? हां, आप भी पी लो। और आप एक दिन में कितना लीटर पानी पीते हैं? जरा मुझे बताएं और आप भी कमेंट कर कर बताएं। मैं तो पीता हूं तीन चार लीटर पी लेता हूं मैं शायद अब आजकल कब से कब से
(1:21:45) अभी जैसे इस पडकास्ट के शुरू होने से पहले से चार लीटर पानी पी के आया मैं सुबह-सुबह चार लीटर पानी पिया मैंने सोचा मैं 12:00 बजे से पहले ही पी लिया मैंने और जब आपने अगर पानी बढ़ाया तो भाई आपको थोड़ा सा वॉशरूम ज्यादा जाना पड़ता होगा है ना वो आपकी बॉडी के लिए एक नई चेंज है लेकिन हफ्ते में बॉडी इस चेंज को अप्ट कर लेगी फिर आपको बार-बार बार-बार बार-बार वॉशरूम या फिर यूरिन करने नहीं जाना जाना पड़ेगा। मेरा यही सवाल था अभी आपने उसका आंसर ही कर दिया। मुझे पता है ना मैं इतने लोगों से मिलती हूं। वो मेरे से यही पूछते हैं मैम पानी
(1:22:14) तो बढ़ा दिया ब्यूरिंग जाना पड़ता है। तो टीचर हूं ना तो टीचर को पता है कि स्टूडेंट क्या पूछने वाले हैं? तो सुबह खाली पेट नींबू पानी पी लेते हैं तो वो क्या वास्तव में फैट बर्नर है या सिर्फ एक मिथ है। वो बहुत बड़ी मिथ है। लेकिन अगर आप पीना चाहते हो तो उसके अंदर कोई बुराई भी नहीं है। बस उसके अंदर घोल-घोल कर शहद नहीं डालना। कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खा रहे तो नींबू, पानी, नमक ले लो। भैया एनर्जी मिल जाएगी। बढ़िया लगेगा आपको। तो वो आप ले सकते हो। उसको हम मना भी नहीं करते लेकिन उससे वेट लॉस नहीं हो रहा। वो आप एक फ्लेवर्ड पानी पी रहे हो बस।
(1:22:43) अब बहुत लोगों ने बोला है कि जब आप रात में खाना खा लो 8:00 बजे बाद तो डिनर के बाद एक वॉक कर लेना चाहिए जिससे भी वेट लॉस हो जाता है। हुआ आपका करते होगे आपकी शकल से लग रहा है? [हंसी] हुआ? हां हुआ। कितना? बहुत सारा। बहुत सारा। देखो आप कितनी भी वॉक कर लो, कुछ भी कर लो, वेट लॉस नहीं होने वाला। भाई वेट लॉस करना है ना कार्बोहाइड्रेट्स का हटा दो। फैट और प्रोटीन खाकर अच्छे से खाकर सो भी सकते हो आप। उससे भी आपका वजन कम हो जाएगा। बैठे-बैठे सुलाते सुलाते ही मैं आपका वजन कम कराती हूं। जो मेरे हॉस्टल में स्टूडेंट्स आते हैं या फिर जो
(1:23:19) आजकल का यूथ है वो तो भाई हिलना ही नहीं चाहता। वो तो अपने बेड छोड़कर काउच छोड़कर कहीं जाना ही नहीं चाहता। तो उनको तो मैं समझाती हूं ना कि भ जाना भी नहीं है। उनके पेरेंट्स उनको मार मार कर बोलते हैं कि मैम इनको हम सैर करा रहे हैं। इनको हम इतने स्टेप्स काउंट करवा रहे हैं। तब भी इसका वेट कम नहीं हुआ। ये नहीं। मैंने बोला भाई साहब रुक जाओ। जरूरत नहीं है इसकी। वेट कम करना अगर गोल है ना तो बेड पर बैठकर चिपक जाओ। हिलो भी मत। मैं वेट कम करा दूंगी। लेकिन खाना वही खाना है जो मैं बताऊंगी। जो गाइड करूंगी कार्बोहाइड्रेट्स नहीं खाना। वॉक बुक करना
(1:23:51) है कर लो। एंटरटेनमेंट के लिए वह सब कुछ बढ़िया है। वह भी हम कुछ भी मना नहीं करते। मैं खुद भी डेली वर्कआउट करती हूं क्योंकि मुझे ताकतवर बनना है। लेकिन गोल अगर वेट लॉस है तो वॉक करने की कोई जरूरत नहीं है। बहुत बढ़िया। तो साहब ग्रीन टी से फैट बर्न होता है या वास्तव में महंगी चाय की पत्ती है वो। ग्रीन टी से कुछ नहीं होता। ग्रीन टी से कुछ बर्न नहीं होता। आपके पैसे बर्न होते हैं। ग्रीन टी पीने तो मतलब फ्लेवर पानी आप पी रहे हो। बस जो आजकल डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट या इन्फ्लुएंसर्स आजकल बड़े-बड़े इन्फ्लुएंसर्स आपको ये स्लिम
(1:24:23) स्लिम किट बेच रहे हैं। ग्रीन ग्रीन टी बेच रहे हैं और ये समझाकर कि ये डाइजेशन के लिए बढ़िया है। इसको पियोगे तो फैट आपके यूरिन से पास हो जाएगा। पता नहीं क्या बकवास बकवास बातें कर रहे हैं। इन्होंने फैट के बारे में कुछ जाना भी है या नहीं जाना। तो इन इन्फ्लुएंसर्स की किट इनके मिलियन फॉलोवर्स हो गए हैं। ये जो भी बोलते हैं लोग वो करना चालू कर देते हैं। तो इनके बीच में नहीं फंसो भाई। देखो उनकी क्या क्वालिफिकेशन है। खुद जैसे भी ट्रांसफॉर्म हो गए और बोल रहे हैं हमने तो ये ग्रीन टी पी है। स्लिम किट भी ले लो भाई। बिल्कुल मत लो। ऐसे लोगों से बचो।
(1:24:51) उनको अनफॉलो कर दो आज ही। ग्रीन टी आप सिर्फ पिए फ्लेवर्ड वाटर के लिए। और उसमें भी याद रखिए उसमें हनीमनी भी होती है। वो वाली ग्रीन टी आपको बिल्कुल भी नहीं लेनी। मैं तो यह कुछ भी नहीं लेती। मुझे तो बहुत ज्यादा डर लगता है क्योंकि वो भी उनमें भी कीड़े मिले हैं मुझे ग्रीन टी के पैकेट में बहुत ज्यादा। मैं तो घर में ही अगर मुझे भी कुछ पीना है, कुछ गरम-गरम पीने का बढ़िया सा मन है तो कोई भी मसाले डालकर उसको बढ़िया सा उबाल लो और उसको छानकर नींबू और नमक डालकर मैं खुद से पीती हूं। और इसकी रेसिपी मैंने मेरे YouTube पर भी
(1:25:17) डाल रखी है। टाइम पास के लिए पी सकते हो। वेट लॉस नहीं होने वाला। ये समझ आया। बट जैसे पोहा होता है। पोहा क्या है? पूरा इंडियन इंडियन इकोसिस्टम में एकदम जड़ में वह हाथी की तरह बैठा हुआ है। कि सुबह खाना है तो पोहा खा सकते हो। कोई टेंशन नहीं है। पर आप जितना खाना वो खा सकते हो। तो उसमें भी कार्बोहाइड्रेट होते हैं। करेक्ट? तो अब एक बात बताओ कि ऐसा कौन सा खाना है जो वेट लॉस प्रोग्राम में जाए तो उसके लिए एक सदाबहार खाना बन जाए कि यार यह खाना तो कोई भी खा सकता है वेट लॉस प्रोग्राम के अंदर। देखो यह ना बहुत ही ज्यादा आसान है। आप
(1:25:50) भारत की बात कर रहे हो ना तो भारत में ना हर जगह अलग-अलग खाना मिलता है। हर 100 कि.मी. में हर 100 कि.मी. के बाद भारत की भाषा बदलती है और उससे पहले बदलता है खाना। चाहे आप नॉर्थ में आलू के पराठे खा रहे हो, चाहे आप साउथ में इडली सांभर खा रहे हो, चाहे आप ईस्ट के चावल खा रहे हो, चाहे आप वेस्ट के ढोकला, खाकड़ा, फावफड़ा खा रहे हो। ठीक है? इन सब में सुबह से लेकर रात तक मिल रहे हैं आपको सिर्फ और सिर्फ कार्बोहाइड्रेट्स। तो अगर एक न्यूट्रिशनिस्ट की नजर से देखो तो मैं देखूंगी कि भाई इसमें क्या कार्बोहाइड्रेट्स हैं, इसमें क्या फैट है?
(1:26:22) इसमें क्या प्रोटीन है? अब यहां पर मेरे पास दो तरीके के लोग हैं। पहला जिसको जल्दी वजन कम करना है तो उसको तो मैं बोलूंगी कि भाई चाहे पोहा हो, चाहे कॉर्नफ्लेक्स हो, चाहे कुछ भी हो उसको नहीं खाना। और दूसरे जो वेट मेंटेन कर रहे हैं उनको मैं बोलूंगी कि भाई आलू के पराठे भी खा लो, चावल भी खा लो, पोहा भी खा लो, इडली भी खा लो। यह सब कुछ आप बड़े तरीके से खा सकते हो। तो अभी आप कहां पर हैं? आपका क्या गोल है? उसके ऊपर डिपेंड करता है आपका खाना। और इतनी डायवर्सिटी में भी यूनिटी है। वह है हमारे ही घरों में मक्खन, दूध, दही, पनीर यह आपको पूरे भारत
(1:26:59) में मिल जाएगा। छोटे से छोटे गांव में मिल जाएगा। तो हेल्थ की नजर से देखा जाए तो यूनिटी इन डायवर्सिटी है। यह आपको जानना पड़ेगा और यह जानना ना आपका हक है। यह बचपन से जैसे जापान में पढ़ाया जा रहा है। बचपन से स्कूलों में पढ़ाना चाहिए। यह तभी होगा जब हमारा फूड पिरामिड चेंज होगा। हर इंसान का हक है जानना कि वह पतला, सुंदर, स्वस्थ कैसे रह सके जैसे हमारे पूर्वज रहते थे। तो ये जो सारी मिथ है ना कि अपने दिमाग से निकाल कर बाहर फेंको। जो पैकेट के सामने लिखा हुआ है वह उसकी सच्चाई नहीं है। पैकेट के ऊपर लिख देते हैं डाइजेस्टिव,
(1:27:41) लाइट, लो फैट, लो कार्ब जो मर्जी कबाड़ा लिख देते हैं और आप खरीद तो मैं तो हेल्दी खा रहा हूं। मैं तो हेल्दी ही चॉइससेस लेता हूं। कैसे बढ़ गया मोटापा और बीमारियां? क्योंकि उसका सच उसके पीछे लिखा है। उसके अंदर डला हुआ है। मेल्टोडेक्सिन डाला हुआ है। उसके अंदर कौन सिर्फ सॉलिड्स डले हुए हैं। पाम ऑयल डला हुआ है। वो खाकर आपका भला नहीं होने वाला भाई। नहीं होने वाला। कंपनियों का भला होने वाला है। उनकी जेबें भर रही है और आपकी जेब खाली हो रही है। चलो ठीक है। जो मतलब अब मान लेते हैं कि जो वेट लॉस का प्रोग्राम ज्वाइन किया हुआ
(1:28:14) है। अब उसका कुछ तो मन करेगा ना। तो चीट मील भी होता है कि डाल दो चीट मील तो उससे क्या फर्क इंपैक्ट पड़ जाएगा प्रोग्राम के अंदर। ठीक है। चीट मील मैं बिल्कुल रिकमेंड करती हूं लेकिन वो मैं रिकमेंड करती हूं जब आप अपने आइडल बॉडी वेट पर पहुंच जाएं। आप बीमार हैं। आपको मोटापा नामक बीमारी है भाई। अब उसके बीच में क्यों आपको रुकावटें लानी है? आपको समझना पड़ेगा ना कि आपकी हालत खराब है। आप मोटे हैं। आप बीमार हैं। उसके बीच में चीट मिल चीट मिल लिखेगे। वेट लॉस जर्नी धीरे धीरे धीरे धीरे होती जाएगी। फिर डीमोटिवेट हो जाओगे। डिप्रेशन
(1:28:47) में चले जाओगे और दिमाग खराब हो जाएगा। क्यों करना है ऐसा? अपने गोल की तरफ चल लो ना। अपने गोल से पीछे जाओगे। दूर जाओगे। नहीं पहुंच पाओगे ना गोल तक। फिर रोओगे, परेशान होगे, आंसू बहाओगे, पैसे वेस्ट, पैसे, मेहनत वेस्ट, सब कुछ वेस्ट। क्यों करना है चीट? कर लिया ना चीट? कर करके हालत हो गई ना? क्या मर रहे हो चीट करने के लिए? कर लेना है ना? कार्बोहाइड्रेट धरती माता से खत्म नहीं हो रहे, भाई, खा लेना। रुक जाओ। ठीक है मैडम ठीक है खा ले ये चीट मिल के बात पर ना मेरे को इतना गुस्सा आता है ना क्योंकि देखो अभिषेक जी जैसे कोई हमें जॉइ करता है ना उनकी मेहनत
(1:29:20) नहीं है भाई मेरी मेहनत भी है मैं दिल से मेहनत करती हूं मेरी 200 लोगों की टीम उनके दिल के साथ लगी होती है भाई उनका वेट क्या आया उनको नहीं याद होता हमें याद होता है हमारी मेहनत नहीं है चीट चीट चीट इतना मेरे को मन करता है मेरे को लगता है कि ना ऐसे ज़ूम क्लास निकाल के ना दो दिन थप्पड़ मार दूं जो चीट की बात करते हैं ना क्यों आए थे चीट करने के लिए आए थे मेरे पास वेट कम करने के लिए आए हो ना करवा रही हूं ना कर लो फिर ठीक है कर ले बहुत ते [हंसी] अच्छा मैडम आप बोल रहे हो कि पानी पीने से वजन कम हो जाएगा मतलब फुल पानी पीना चाहिए
(1:29:49) 4 लीटर पानी पीना चाहिए तो खाली पानी पीने से नहीं सही खाना खाने से पानी तो सपोर्ट करेगा ये नहीं छोले भटूरे खा लो और बोलो मैडम ने बोला है वजन कम हो जाएगा छोले भटूरे खाने से वजन कम नहीं होगा सही खाना खाना है सिर्फ पानी पीना है उसको सपोर्ट करेगा तो उसमें काला नमक होता है अजवाइन का पानी होता है तो क्या ये भी वास्तव में मदद करेगा या सिर्फ गैस को हटाएगा देखो अब इसमें दो बातें हैं वजन कम करना और गैस हटाना ठीक है? अजवाइन आपके कोई गैस-वैस हटाने में मदद नहीं करने वाला। ठीक है? लेकिन वेट लॉस के लिए मैं आपको तीन तरीके का नमक रिकमेंड करती हूं ताकि
(1:30:20) आप बड़े तरीके से हाइड्रेटेड भी रह सकें। तो सबसे पहला सफेद नमक जो आपके घर में मिलता है। दूसरा काला नमक वो भी आपके घर में मिलता है। तीसरा सेंधा नमक या रॉक साल्ट वो भी आपके घर में मिलता है। इन तीनों नमक को ना मिक्स कर इक्वल इक्वल इक्वल क्वांटिटी में एक जार में रख लें और जब भी लगे कि भ मेरे को भूख लग रही है तब एक गिलास पानी लें। उसमें से आधा चम्मच नमक डालकर मिक्स कर पीकर देखें। 99% आपकी बॉडी डिहाइड्रेटेड होती है। वो पानी मांगती है, साल्ट्स मांगती है तो उसको पीकर देखें। आपको लगेगा अचानक से कि पेट भर गया। भूख नहीं लग रही है तो पानी अगर
(1:30:55) आप पी रहे हैं और नमक के साथ भी आप थोड़ा बहुत लेते हैं तो भाई आप बड़े तरीके से हाइड्रेटेड रहते हैं। आपकी ब्रेन को सिग्नल जाता है कि वो सेटिस्फाइड हो गए हैं। जिसकी वजह से आप ओवरईट करने से बच जाते हैं और आपका वजन जल्दी कम हो जाता है। लेकिन इसके डिसएडवांटेज भी है कि पानी और नमक भाई वेट लॉस के लिए रिकमेंड नहीं कर रहे हैं। वो हाइड्रेशन के लिए रिकमेंड करते हैं। कई लोग गलत समझ लेते हैं। कई लोगों को लगता है कि रिचा मैम वेट लॉस पानी से करवा रही हैं और नमक से करवा रही हैं। ज्यादा नमक घोल-घोल कर ले लेते हैं। अब अगर आपने ज्यादा नमक ले लिया तो आपका
(1:31:24) बॉडी ना वो ज्यादा नमक को स्टोर नहीं कर पाएगा। वो एक्सपेल कर देगा। फिर आपको लूज मोशंस लग जाएंगे। तो आपको पता चल जाना चाहिए कि आपने ज्यादा नमक ले लिया। नमक कितना चाहिए वो आपकी बॉडी खुद से इंडिकेटर है। वो खुद भेजेगी। अगर आपके सर में दर्द हो रहा है, एनर्जी लो हो रही है, चक्कर आ रहे हैं, डिजीजनेसी फील हो रही है तो मतलब आप डिहाइड्रेटेड हो गए हैं। तो फिर तब आपको चाहिए नमक और पानी। बस तो इसका एक बैलेंस बनाना पड़ेगा। वो आपको सीखना पड़ेगा और वो डेली एक्टिविटी में भी अलग होते हैं। जैसे आज आपने अभिषेक जी मेरे साथ पॉडकास्ट करा, इतना ज्यादा बोले, आपका
(1:31:56) इतना ज्यादा दिमाग चला, एनर्जी यूज़ हुई तो हो सकता है आज आपको साल्ट वाटर थोड़ा सा ज्यादा चाहिए। कल हो सकता है आप कुछ ना करें, घर में रेस्ट कर रहे हैं। कुछ भी नहीं कर रहे तो आपको साल्ट वाटर थोड़ा कम चाहिए। आप जिम में वर्कआउट करते हैं। आप रनिंग करते हैं तो आपको स्वेट निकल रहा है ना? तो स्वेट भी तो नमकीन होता है ना। यूरिन भी नमकीन होता है। तो फिर तब आपको साल्ट ज्यादा चाहिए। तो यह कितना आपको चाहिए? यह आपकी डे टू डे एक्टिविटीज पर बहुत ज्यादा डिपेंड करता है और डिपेंड करता है कि आपकी बॉडी में कितनी ज्यादा डेफिशिएंसी है। जैसे कि मैंने 38 इयर्स
(1:32:22) वेट लॉस के लिए बहुत गलत-गलत रास्ते फॉलो करे। साल्ट फ्री डाइट्स करी जिसकी वजह से मुझे हाइपोथायरॉइड भी हो गया था। तो मेरी साल्ट की रिक्वायरमेंट एक नॉर्मल मेरे स्टूडेंट्स हैं या सुमित सर से डबल है। तो मुझे साल्ट ज्यादा चाहिए होता है। अभी भी आपने देखा होगा मैं पांच छह गिलास पानी पी गई हूं तब से लगातार। तो मुझे साल्ट ज्यादा चाहिए। किसी को साल्ट कम चाहिए होता है तो वो बहुत सारे फैक्टर्स पे डिपेंड करता है। इसीलिए इसमें गाइडेंस का इंपॉर्टेंट रोल आता है। बिना जान पहचान के नमक लेने लग जाएंगे। सर दर्द हो जाएगा। फिर कार्बोहाइड्रेट खा लेंगे। सोचेंगे
(1:32:51) नहीं ये तो मुझे सूट नहीं हो रही। अरे भाई पूरी जानकारी तो नहीं ली ना? ज्यादा नमक ले लिया लूज मोशन हो जाएंगे। नहीं ये तो मुझे सूट नहीं हुई। तो गाइडेंस प्लेज़ अ वेरी इंपॉर्टेंट रोल। गाइडेंस में रहेंगे तो भाई हम आपको गाइड करेंगे ताकि आपको कोई भी छोटी सी भी डिफिकल्टी ना आए। और जो आपने बोला एसिडिटी भाई हर बॉडी में एसिड फॉर्म होता है लेकिन वह डाइल्यूट होता है पानी से। तो एसिडिटी के लिए चाय आप सुबह उठकर जो भी लेते हैं पेंटासिड लेते हैं जो भी जिंटक विंटेक दवाइयां लेते हैं वो लेने की जरूरत नहीं है। दिन में चार लीटर पानी
(1:33:18) पी लो। जितनी भी पुरानी एसिडिटी की प्रॉब्लम है छू मंतर गायब हो जाएगी। इतना आसान है। अभी आप चक्कर की बात कर रहे हो। राइट? मतलब चक्कर आ जाते हैं। मतलब थोड़ा बॉडी ऐसी डिहाइड्रेट हो जाती है। बॉडी को फील आता है। सबकी मम्मी सुबह उठ के फोन करती है बच्चों को और बोलती है कि यार बेटा खाना खा लिया क्या? सुबह खाना खा लिया क्या? और कॉर्पोरेट जॉब है बेंगलुरु जैसे सिटी में दिल्ली मुंबई है तो सब लोग 8:00 बजे निकल जाते हैं। 9:00 बजे निकल जाते हैं। सुबह खाना नहीं खाते हैं। फिर आप तो बोल रहे हो कि खाना नहीं खाना चाहिए। खाना कम खाना चाहिए। भूख लगे तभी खाना चाहिए।
(1:33:47) तो वो तो डिहाइड्रेशन हो जाता है। फिर गैस बनने लग जाती है। क्योंकि ऐसा बोला जाता है कि खाना नहीं खाओगे तो गैस बन जाएगी। अब उसमें आपका क्या टेक है? आप और आपने तो सुबह से कुछ खाया नहीं है। आपकी मम्मी तो आपको बोलती नहीं होगी। बेटा आपने खाया नहीं खाया? मैंने आपको बताया ना कि यह सब कुछ गलत पढ़ाई की वजह से ही हुआ है ना। बचपन से अगर सिखा देते कि भई भूख के हिसाब से खाना है। तो आजकल की मांओं को मैं समझाती हूं कि बच्चे बच्चे को ना खाने की जगह पानी का पूछिए। कि बेटा आज सुबह उठकर पानी पी लिया ना। पानी पी लेगा हाइड्रेटेड रहेगा तो भूख
(1:34:20) नहीं लगेगी। हम और स्पीशीज पर चलते हैं। क्या शेर की मां उसको सुबह-सुबह उठकर बोलती है बच्चे को कि बच्चा खाना खाया कि नहीं खाया है? खाना खाया कि नहीं खाया? पूछती है। सुबह उठते ही बोलती है ले दूध का गिलास लेकर ही बाहर भागने जाइयो। बोलती है ले मांस खाकर ही बाहर जाइयो। गाय की मां बोलती है नहीं बोलती ना। वो सारी प्रजातियां भी अपनी भूख के हिसाब से ही खाना खाती हैं। ये सेम गलत पढ़ाया गया कि बच्चा स्कूल जा रहा है। उसे पहले तो उसको दूध पिलाकर उसके मुंह में बिस्किट ठूस कर भेजना है। नहीं तो वो बेहोश हो जाएगा। वो बेहोश क्यों हो रहा है? क्योंकि वह
(1:34:50) डिहाइड्रेटेड है। हमारी बॉडी को जितना कम से कम हम डाइजेशन पर लगाएंगे ना उतना ज्यादा हमारी बॉडी रिपेयर होगी, रिकवर होगी और हम आगे बढ़ पाएंगे। हम स्वस्थ रह पाएंगे। तो हर पल खाना नहीं चाहिए। नहीं चाहिए। ये बात आप तो समझ लो। ठीक है मैडम। मैंने समझ लिया। अब एक बात और आ रही है कि बहुत सारे लोग यंग एज में डाई हो रहे हैं। हार्ट अटैक आ रहा है। जिम वीडियोस भी देखते हैं। डॉक्टर भी बताते हैं। तो क्या ये सब गलत खाने की वजह से जितने भी लोग हैं उनको हार्ट अटैक आ रहे हैं या जिम जाने की वजह से आ रहे हैं? देखो आजकल जो यंग इंडिया है ना
(1:35:26) उनमें 99% लोगों को यह प्रॉब्लम हो गई है कि स्लीप बहुत ज्यादा खराब हो गई है। जैसे कि अभी शेफाली जरा को भी हार्ट अटैक आया था। और भी बहुत सारे केसेस ऐसे हमारे सामने आते रहते हैं। इन सब पे मैंने बहुत डीप में रिसर्च करी इन सब के केसेस में। इन सब में एक कॉमन चीज है स्लीप कि ये लोग सोते बहुत कम हैं। या तो कोई 2 घंटे सो रहे हैं या 4 घंटे सो रहे हैं या फिर सोते ही नहीं हैं। नेचर ने ना हमें एक बहुत ही बड़ी पावर दी है वो है स्लीप की। इसको मैं ना आपको थोड़े से एक एग्जांपल से समझाती हूं कि जैसे एक बच्चा है वो स्कूल जा रहा
(1:36:00) है। ठीक है? टीचर उसको होमवर्क दे रही है। वो डेली होमवर्क कर रहा है। डेली टीचर उसको होमवर्क दे रही है। डेली वो होमवर्क कर रहा है। उसका सारा का सारा सिलेबस बढ़िया कवर हो गया है। तो वो बच्चा जब पेपर देने जाएगा तो या तो वो टॉप करेगा या बढ़िया मार्क्स से पास होने वाला है। है ना? पक्की बात है ना? क्योंकि वो डेली डेली काम कर रहा है। होमवर्क कर रहा है। अब ऐसे ही ना एक दूसरा बच्चा है। टीचर उसको होमवर्क दे रही है। वो कर नहीं रहा। दोबारा होमवर्क दिया करा नहीं। पूरे साल उसने होमवर्क नहीं करा। साल के लास्ट में भाई पूरा होमवर्क उसके सर पर पड़ा हुआ है।
(1:36:31) उसने कोई पढ़ाईवढ़ाई नहीं करी। अब क्या होगा उस बच्चे का? आप बताओ। फेल हो जाएगा। फेल हो जाएगा। है ना? या फिर बहुत ही कम नंबर से पास होने वाला है। ऐसा होने वाला है ना उस इंसान के साथ। चलो इतनी तो आपको भी गारंटी है। अब ऐसे ही ना स्लीप का चक्कर है। सेम टू सेम। स्लीप इतनी पावरफुल है कि प्रकृति ने स्लीप हर एक प्रजाति को दी है। कोई दिन में सोता है, कोई रात में सोता है। क्यों? क्योंकि नींद में हमारी बॉडी रात की नींद चाहिए हमें। यह भी एक बहुत बड़ी बात है। रात की नींद चाहिए वो भी लगातार 8 घंटे ताकि हमारी बॉडी जो रिपेयर और रिकवर करती है वो काम वो कर सके
(1:37:05) जिसको साइंटिफिक टर्म में बोलते हैं ऑटोपथी। अब आपके ऊपर मेंटल प्रेशर हो, चाहे फिजिकल प्रेशर हो, चाहे कैसा मर्जी प्रेशर हो। रात को 8 घंटे की बढ़िया नींद में वह प्रेशर मैनेज हो जाता है। ऑटोफोजी का फायदा मिलता है और अगले दिन आपकी फ्रेश स्टार्ट हो जाती है। अब भाई आप आजकल के यंग इंडिया में हो रात को सो नहीं रहे हो तो वो काम हो गया ऑटोफोजी का रिपेयर और रिकवरी का काम हो गया पेंडिंग। दूसरे दिन का काम पेंडिंग तीसरे दिन का काम पेंडिंग। पेंडिंग पेंडिंग पेंडिंग पेंडिंग। जब इतना बड़ा पहाड़ बन गया पेंडिंग काम का जिसको आप सोकर भी ठीक नहीं कर सकते। तो होती है
(1:37:41) भाई बड़े से बड़ी प्रॉब्लम जो आज हार्ट अटैक्स आ रहे हैं। पीसीओडी, पीसीओएस, मोटापा यहां तक कि कैंसर भी ना सोने की वजह से हो रहा है। चाहे आप थोड़ा बहुत गलत खाना भी खा लो। लेकिन भैया आप सही समय पर 8 घंटे सोते रह रहे हो। तो आपको कम प्रॉब्लम होने वाली है। या फिर जो मैं बोल रही हूं कि आप बढ़िया फैट और प्रोटीन भी खा लो और आप मत सो। चलो थोड़ा बहुत वजन तो कम हो जाएगा लेकिन कोई ना कोई हेल्थ इशू हो जाएगा आपके साथ क्योंकि आपने मेलाटोनिन के साथ खिलवाड़ करा अट्रोफोजी नहीं हो पाई आपकी बॉडी के साथ तो भी उसको नुकसान तो दिखने ही वाला है तो आजकल स्लीप कम होती
(1:38:19) क्यों जा रही है क्वेश्चन यह है कि भ आजकल कंपनीज़ आ गई इंडिया में दोबारा से जो बोल रही हैं कि भ रात को काम कर लो तुम्हारे को डबल सैलरी देंगे उन्होंने अपने वहां का तो किसी को खराब करनी नहीं हेल्थ इंडिया में डबल पैसे लेकर हमारी हेल्थ खराब कर रहे हैं लोगों को दो पैसे ज्यादा मिलते हैं नाइट नाइट जॉब करने लग गए हैं। और क्या बाहर से ही आ गया Netflix। Netflix की एक सीरीज देखना चालू कर दो। पूरी रात देखते रहोगे। सुबह जाकर सोने वाले हो। तो हो गई स्लीप खराब। और नाइट पार्टीज, लेट आउटिंग्स लेट-लेट तक खाते रहते हैं। तो इन सारी चीजों से आपकी स्लीप डिस्टर्ब हो रही
(1:38:53) है। और जब आपकी स्लीप डिस्टर्ब हो जाती है और ट्रोफोजी का फायदा नहीं मिल पाता तो भाई सारा सिस्टम आपका गड़बड़ा जाता है। पूरे हॉर्मोंस आपके बिगड़ जाते हैं। आजकल जो 2020 साल की 15-15 साल की लड़कियों को हॉर्मोनल इमंबैलेंस होना स्टार्ट हो गया है। पीसीओडी, पीसीओएस और हाइपोथायरॉइड, एंडोमेट्रोसिस, फिब्रॉइड्स ये सब कुछ किस लिए हो रहे हैं? क्योंकि स्लीप नहीं हो रही। और आपने जो आगे क्वेश्चन पूछा था कि भ वो लोग जिम भी जा रहे हैं तब भी उनको हार्ट अटैक्स क्यों आ रहे हैं? तो भाई आप कुछ भी कर लो। ठीक है? आप जिम भी चले जाओ। आप कितनी बड़ी भी टीम रख लो अपने साथ।
(1:39:28) कितने डॉक्टर्स रख लो। सोना तो खुद पड़ेगा ना। आपकी जगह वो डॉक्टर तो नहीं सो सकता। तो अगर आप नहीं सोएंगे तो आएंगे भाई। साइलेंट हार्ट अटैक। चाहे आप हो, चाहे दुनिया में कोई भी बड़े से बड़ा इंसान क्यों ना हो, अपने लिए खुद ही काम करना पड़ेगा। उसके लिए आप किसी को नहीं रखवाकर काम कर सकते। तो ये गलत सोच है कि जो लोग सोचते हैं जो बहुत ज्यादा बिजी हैं कि भाई हम तो कम भी सो जाएंगे, हम काम कर लेंगे। क्या पता उनकी हेल्थ के पीछे क्या प्रॉब्लम है। जो भी आज हमारे मिनिस्टर हैं, प्राइम मिनिस्टर हैं, प्रेसिडेंट हैं, जो भी हैं, अगर वह कम सो रहे हैं तो
(1:39:59) भी उनको कोई ना कोई प्रॉब्लम आने वाली है। क्या पता आ भी चुकी हो। हमें देखने में लगता है ये गलती ना मैंने एक्चुअली खुद भी करी। पहले जब मैं वेट कम कर रही थी मुझे लगता था रिचा तो बड़ी बहुत बड़ी हीरोइन है। 2:00 बजे भी सो जाती है रात को। सुबह 6:00 बजे भी उठ जाती है। पूरा काम भी कर लेती है। मैं तो कमाल की हूं। मैं तो एक्स्ट्राऑर्डिनरी फीमेल हूं। फिर मुझे हो गया ना हाइपोथायरॉइड। तो मुझको समझ में आया कि नींद कितनी जरूरी थी। देखने में तो मैं एकदम हीरोइन लग रही थी। जैसे कि अभी लग रही हूं। लेकिन अंदर से दवाइयां खा रही थी ना। तो आपको कोई बाहर से दिखता है जो
(1:40:27) बोलता है कि भ हम तो नहीं सोते। हम तो वो दिन काम करते हैं। हम तो एक्स्ट्राऑर्डिनरी इंसान हैं। क्या पता उनको क्या प्रॉब्लम है अंदर। और ये थोड़े बहुत इसके जेनेटिक्स भी मैटर करते हैं कि भ आपके हो सकता है कि जेनेटिक्स इतने स्ट्रांग हो कि आप ऐसे कर सकें। आप आगे बढ़ सकें। जैसे कि बहुत बड़े-बड़े स्पोर्ट्स पर्सन भी बोलते हैं कि भ हम तो बहुत कम सोते हैं। हम तो ऐसे भी चल पाते हैं। तो उनके जेनेटिक्स भी थोड़ा बहुत मैटर करता है। तो बहुत सारी बातें हैं। लेकिन जो सिर्फ ऊपर ऊपर से दिखता है लोग उसको ही फॉलो करने लग जाते हैं और उनके
(1:40:53) नुकसान होते हैं। तो ऐसा नहीं करना। आप कितने बजे सोते हैं? आप मुझे बताएं। और आप कब सोते कमेंट कर जरूर बताइए। मैं सोता हूं 10:00 बजे और उठता हूं 6:00 बजे। ठीक है। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। झूठ बोला मैंने ये। [हंसी] मैं सोता हूं 11:00 बजे के आसपास सोता हूं मैं और फिर मेरी रात में एक बार नींद खुलती है 2 2:30 बजे के आसपास तो मैं ऐसे बैठ जाता हूं। पागलों की तरह कुछ-कुछ सोचता रहता हूं। फिर किसी को टेस्ट कर देता हूं। फिर सो जाता हूं वापस 3:30 4 बजे। फिर सुबह 6:30 बजे उठ जाता हूं। बहुत गलत कर रहे हो आप। स्लीप की क्वालिटी
(1:41:22) और क्वांटिटी बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट। और इसके लिए सुमित सर और मैं क्या करते हैं? हमारा जो पर्सनल बैडरूम है उसमें मोबाइल आता ही नहीं है। मोबाइल बाहर ही जैमर लगा रखे हैं। नहीं नहीं बाहर ही रहता है। बेडरूम के बाहर ही हमारा मोबाइल रहता है। अगर बाय चांस कभी रात को नींद खुल भी जाए मोबाइल नहीं होगा क्या करोगे? मैडम कितना टेंशन है परिवार है। लोग हैं और फिर अरे मैडम फिर फोन आ जाए। रात में कोई बीमार हो जाए। कोई फोन करे फ़ ही नहीं उठा पाएगा। कौन है उसके लिए लोग? हमारे पास भी टेंशन है। मैं तो हॉस्टल चलाती हूं। मैं तो 200
(1:41:51) लोगों की तो टीम ही संभालती हूं। मेरी तो सारी जेंजी क्राउड है। किसी का बॉयफ्रेंड भाग गया, किसी को कुछ हो गया, किसी को कुछ हो गया। ऐसे बेतु के कॉल भी आते हैं मेरे पास। तो कितना स्ट्रेस है मेरे पास? 90,000 रनिंग स्टूडेंट्स हैं। कौन करते हैं आपको डायरेक्ट? मेरे को नहीं करते। ऐप पर आते हैं। ऐप पर कभी कुछ हो गया, कभी कुछ हो गया, कभी कुछ है, कभी कुछ है। क्योंकि मेरी भी बहुत बड़ी टीम है। उसको मैनेज करना सीखना पड़ेगा। मैनेज करना अगर आप नहीं सीखोगे, तो आप आगे नहीं बढ़ पाओगे। ठीक है, नहीं ले जाएगी रात में खून आज के बाद।
(1:42:17) और सो उठ क्यों रहे हो? देखो रीजन फाइंड आउट करो कि आपको यूरिन आ रहा है। आपको ठंड लग रही है। आपको गर्मी लग रही है। आपको पसीना आ रहा है। रूम का टेंपरेचर कैसा है? नींद की क्वालिटी एंड क्वांटिटी दोनों बहुत इंपॉर्टेंट है। आप करवट ले लेकर सो रहे हो। आप मुंह से सांस ले रहे हो। आप नाक से सांस ले रहे हो। आप रेस्टलेस हो रहे हो। आप क्या कर रहे हो? स्नोरिंग कर रहे हो। आप क्या कर रहे हो? मैडम जैसे आप समझो मतलब बहुत सारे फैक्टर मैटर करते हैं। जैसे पतिपत्नी सो रहे हैं। बीच में बच्चा भी सो रहा है। रात में लात मार दी पेट में और नींद खुल गई। अरे ये
(1:42:45) क्या मार दी इसने? बहुत पैटर बेटर करते हैं। कहा नहीं वो सारे ठीक है लेकिन डेली डेली थोड़ी ना लात मारता रहता होगा लात मारता फिर उसके लिए एक कोट रखो अलग से कॉट रखो भाई तू उसमें तो हो जा तू लात तो मत मार हमारे को अपने लिए काम तो ना देखो बहाने ना हजार हैं है ना बहाने तो मैं भी मार दूं मेरी टीम कॉल करती है रात को 12:00 बजे करती है 2:00 बजे करती है मेरे इंटरनेशनल क्लाइंट को ये हो गया वो हो गया वो हो गया बहाने तो मैं भी मार सकती हूं बहाना तो कोई भी मार सकता है बहाना मारना तो सबसे आसान काम है ना और काम करना सबसे जरूरी काम है तो समझो और उसके ऊपर काम करो
(1:43:12) मैं तो और सुमित सर तो कोई बहाना नहीं मारते भाई हम तो 9:30 सो जाते मजे से कोई हां चेक कर लेना आप डेली WhatsApp चेक कर लेना 10:00 बजे के बाद तो कोई दुनिया की ताकत मेरे को नहीं उठा सकती। मेरे को तो सोना ही सोना है और मैं उठती हूं सुबह 6 7:00 बजे और स्लीप को भी हां स्लीप के बिना आप काम की तरह प्रैक्टिस करें। जैसे काम को इतना दिल लगाकर कर रहे हैं ना ऐसे ही स्लीप में भी प्रैक्टिस करें दिल लगाकर और अगर करेंगे ना तो गारंटेड इंप्रूवमेंट होगी। दिल लगाकर सोएंगे। हां सबसे पहले तो सोने का टाइम फिक्स कर लें। ठीक है? कि जैसे 10 10:30 आपको सोना
(1:43:48) ही सोना है। पहले इसमें प्रो हो जाए कि हां लगातार 10:00 बजे तक सोते रहे, सोते रहे, सोते रहे, सोते रहे, सोते रहे। ठीक है? फिर स्टेप नंबर सेकंड उठने की प्रैक्टिस करें कि भ मुझे 6:00 बजे उठना है। मुझे 6:00 बजे स्टार्टिंग में चाहे अलार्म लगाकर करो। फिर धीरे-धीरे बिना अलार्म के भी आपकी नींद उठ जाएगी। खुल जाएगी। ठीक है? सेकंड स्टेप ये हो गया। तीसरा स्टेप ये हो गया कि भ अब आप सोते हो तो कोई जैसे आपके आसपास होगा। उसको बता दो कि भाई मैं अगर स्नोर लेता हूं तो मुझे सुबह आप बता देना। अगर आप मेरी वजह से आपकी स्लीप डिस्टर्ब हुई तो उनको बता
(1:44:15) देना। फिर आप उसके काम करो उसकी क्वालिटी पर कि आपकी क्वालिटी कैसी है ताकि जो ऑटोफोजी है उसका आपको मैक्सिमम फायदा हो सके। और इसका ध्यान ना सेलिब्रिटीज दिलो जान से रखते हैं। वो अपने खाने का भी और अपनी स्लीप का भी। जो हेल्दी सेलिब्रिटीज हैं। तभी तो वो ऐसे दिख रहे हैं ना। तभी तो वो इतनी-इतनी एज में भी इतने इतने यंग लग रहे हैं ना। पुरानी बात है ना कि ब्यूटी स्लीप होती है। ब्यूटी स्लीप होती है। तो कैसे होती है? साइंस प्रूफ करता है ना उसको अट्रोफोजी से ब्यूटी स्लीप होती है। काफी मजा आ गया बात कर कर के और आप मेरे पे बहुत मेरे को डांटा भी आपने।
(1:44:51) सॉरी माइंड मत करना। मैं टीचर हूं ना इसलिए। मैं चीट नहीं करूंगा। मैं डाइट प्लान फॉलो करूंगा ढंग से। एक आखिरी सवाल इस पॉडकास्ट का और आई थिंक जनता लाइक करेगी, कमेंट करेगी, शेयर करेगी तो दूसरा पॉडकास्ट बनाएंगे वेट लॉस के ऊपर और और सॉलिड पडकास्ट बनाएंगे। सारे सवालों के जवाब देंगे और सवाल अगर आ रहे हो दिमाग में तो कमेंट बॉक्स में लिख देना कि हमारे ये सवाल है अभिषेक जी यह भी आप पूछ लिया करें। बिल्कुल और आपको सबका जवाब मिलेगा। हां मतलब हर चीज का जवाब देंगे इस पॉडकास्ट में अगर आप देख रहे हो ना तो विचारधारा तो चेंज कर देंगे। चीजें चेंज
(1:45:22) कर देंगे जो आप आज तक करते आ रहे हो नई चीजें आपके ऊपर लेके आ जाएंगे। सो गट पे एक बात कर लेते हैं मैडम थोड़ी सी कि आजकल ग हेल्थ पर बहुत बात करी जा रही है और प्रोडक्ट भी आ रहे हैं कि गट बैक्टीरिया के प्रोडक्ट है बहुत सारे मार्केट में पहली बार सुनने को मिल रहे हैं एकदम नया प्रोडक्ट आया है समझ में नहीं आता था पहले तो ग हेल्थ थी या नहीं थी अब आप तो बोल रहे हो कि खाना ही नहीं खाना चाहिए कम खाना खाना चाहिए खूब पानी पीना चाहिए तो फिर ग बैक्टीरिया का क्या होगा देखो ग बैक्टीरिया ना एक बहुत ही इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है और आपकी ग हेल्थ
(1:45:51) बढ़िया हो यह वेट लॉस के लिए भी बहुत ज्यादा जरूरी है और एक हेल्दी लाइफ स्टाइल के लिए भी बहुत ज्यादा जरूरी है। इसका इलाज भी आपके घर में है। इसके लिए आपको कोई प्रोडक्ट्स नहीं खरीदने। तीन चीजें बता रही हूं। यह तीन चीजें फॉलो कर लेना। ठीक है? नेचुरल अगर आपको अपने प्रीबायोटिक बढ़ाने हैं ना, ठीक करने हैं, तो आपको अपने मील के साथ लेना है कच्चा प्याज। ठीक है? नेचुरल प्रोबायोटिक अगर आपको बढ़ाने हैं, तो आपको मील में लेना है दही यानी कर्ड। दही ले सकते हैं, बटरमिल्क ले सकते हैं। जैसे पसंद हो वैसे ले सकते हैं। और साथ में पीना है आपको 4 लीटर पानी।
(1:46:24) क्योंकि वो जो भी भाई आपके गट में गड़बड़ हो रही है, एंजाइम्स हैं, सबको बॉडी से प्यूरिफाई करता जाता है। तो उसके लिए आपको जो आजकल लेटेस्ट ट्रेंड में प्रोडक्ट्स मिल रहे हैं, गुडवर्क मिल रहा है, पता नहीं क्या-क्या मिल रहा है, वो सब लेने की जरूरत नहीं है। उन सबको डस्टबिन में फेंको। खाली कच्चा प्याज, दही ले लो और चार लीटर पानी पी लो। और फिर भी अगर आपको भाई बहुत सीवियर कॉन्स्टिपेशन रहती है, बहुत ही आपका गट एनवायरमेंट खराब है, अनहेल्दी है, तो सबसे पहले तो यह समझना पड़ेगा कि आपने बहुत अनहेल्ी खाना खाया है। जो आपने मैदा खाई है, नान खाए हैं,
(1:46:54) मोमोज़ खाए हैं, वो जमे पड़े हैं भाई इंटेस्टाइन में। तो उसके लिए आपको आजकल बहुत लेटेस्ट ट्रेंड में आई है। कोलोन हाइड्रोथरेपी वो बहुत ही जबरदस्त थेरेपी है। अगर आपका वेट ज्यादा है तो आपको वो दो थेरेपीस कराने की जरूरत है। आपके आसपास आप सर्च कर सकते हैं। और वो थेरेपी मैं आपको रिकमेंड करती हूं। वह बिल्कुल सेफ है, नेचुरल है। वो थेरेपी आप कराएं। वेट कम है तो एक ही थेरेपी में आपका काम चल जाएगा। तो वह थेरेपी मैं हाईली रिकमेंड करती हूं। वह आप करें। आपकी गट एनवायरमेंट बहुत ही लाजवाब हो जाएगा। उससे आपकी स्लीप भी सुधरने वाली है। अगर आपका गट एनवायरमेंट
(1:47:24) डिस्टर्बड है तो वो इंपैक्ट स्लीप पर भी पड़ता है। तो यह क्लोन हाइड्रोथरेपी मैंने खुद से करवाई थी एक बार देखने के लिए कि क्या हो रहा है। मेरी स्लीप में तो बहुत ही ज्यादा इंप्रूवमेंट आया। तो वो मैं आपको रेकमेंड करती हूं। वो आप करा सकते हैं। वो काफी बढ़िया और वो आजकल ट्रेंड में भी चल रही है। सुरजा मैम। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद इस पॉडकास्ट में आने के लिए और वेट लॉस प्रोग्राम के बारे में बहुत सारी बातें बताने के लिए जो हम चीजें भूल गए हैं उसे वापस याद दिलाने के लिए और बहुत सारी बड़ी-बड़ी कंपनियों के जो बारे में आपने
(1:47:53) जो आज खुलासे किए हैं वो तो माइंड ब्लोइंग थे। तो जिस भी बंदे को अपना वेट लॉस करना है जो लगता है कि हां थोड़ा तोंद निकल गया है बाहर आ गया है पेट बाहर आ गया है या फिर थोड़ा ज्यादा वजन हो गया है मम्मी पापा ने ज्यादा खाना खिलाया हो और चाहते हो वास्तव में कि अपना वेट लॉस हो जाए रिचा मैम ट्राई कर लो हम किसी को रिकमेंडेड नहीं करते हैं बट फिर भी आपको लगता है कि रिचा मैडम की बातें आपको लग रहा है कि एकदम सही बातें हैं तो आप मैडम से बात कीजिए और अपना वेट लॉस प्रोग्राम की जर्नी स्टार्ट कीजिए आज ही अगर आप मेरे पास आएंगे तो ट्राई करने के
(1:48:26) लिए मत आना। मैं बहुत ही स्ट्रिक्ट टीचर हूं। मैं अपने दिलों जान लगाऊंगी आपको ट्रांसफॉर्म करने के लिए। तो भाई अगर बदलना हो तो ही आना। मेरा कहना मान सकते हो तो ही आना। कार्बोहाइड्रेट छोड़ने के लिए तैयार हो तो ही आना। बहुत-बहुत धन्यवाद मैम। थैंक यू सो मच।

No comments:

Post a Comment