Friday, May 22, 2026

Powerful Hand Mudras- Back Pain, Moksha, Heart, Lungs | Swamiji Kapri on Body to Beiing | Shlloka

Powerful Hand Mudras- Back Pain, Moksha, Heart, Lungs | Swamiji Kapri on Body to Beiing | Shlloka

Author Name:SHLLOKA

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Shlloka_B2B

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Transcript:
(00:00) ऐसे कौन सी मुद्राएं हैं जो हम डे टू डे लाइफ में करते हैं? कई बार लोग हम लोग जब सोते हैं वी इंटरलॉक द फिंगर्स यहां पीछे रखते हैं। फाइव एलिमेंट्स यू आर लिटली मसाजिंग। यू आर लिटरली एक्टिवेटिंग इट क्लीनिंग योर कंट्रोल रूम। सुपर्ब आप मकरासन करो। अवेयरनेस को अलोंग द स्पाइन ले जाओ। एनी काइंड ऑफ बैक पेन गारंटीड क्रॉनिक बैक पेन्स आल्सो मकरासन से जाएंगे। आप सिर्फ मुद्राएं करके यू कैन गेट रियलाइज्ड। मोक्ष मार्ग प्राप्त कर सकते हैं। इसको शून्य मुद्रा कहते हैं। अब यह मुद्रा इतनी पावरफुल है। रोज करीब 5 मिनट से शुरू करके आधे घंटे अगर [संगीत]
(00:36) शून्य मुद्रा में रहेगा ये कंप्लीटली हार्ट अटैक के लिए तो एक मुद्रा है हृदय मुद्रा। योनि मुद्रा तो इतनी पावरफुल है। लिटरली लेविटेट। आप जमीन से उठ जाते हैं। इतनी हल्की कर देते हैं। दैट्स व्हाई योगी यूज्ड टू लेविटेट। तुम्हारे सभ्यता के हिसाब से पैरों को क्रॉस करके बैठना गलत माना जाता है। क्या होता में जाएगा या पिंकला में जाएगा जब ऐसे बैलेंस है मेरा इक्वल है तो क्या होगा तो शून एक्टिव होगी इसीलिए कुर्सियां हमारे यहां होती नहीं थी ये अगेंस्ट योगिक प्रैक्टिससेस स्वामी जी का प्रेम फाउंडर ऑफ पुष्कर मेडिटेशन टेंपल राजस्थान और मेरे मामा जी
(01:15) फिर से जुड़ रहे हैं हमारे साथ बॉडी टू बी इन पॉडकास्ट पर इस बार मुद्रास के वर्ल्ड में डीप ड्राइव करते हुए उत्तराखंड के हिमालय से बिलोंग करने वाले स्वामी जी ने डेकेड्स पतंजलि के योगिक विज़डम को जिया है और सिखाया है। उनके रिट्रीट्स पुष्कर में और दुनिया भर में इटली, पोर्चुगल और यूनाइटेड स्टेट्स तक सिर्फ योगा टीचर्स ही नहीं बल्कि असली इनर ट्रुथ सीकर्स को इंस्पायर करते आए हैं। मॉर्निंग टू नाइट ऐसे क्या फाइव मुद्रास हम सबको करने चाहिए। उससे हमारा मूड बदलता है। मतलब पूरा कार्मिक स्ट्रक्चर एक तरह से उसमें परिवर्तन आता है। स्पिरिचुअल एनर्जी ऊपर
(01:51) की तरफ फ्लो करती है। मटेरियल एनर्जी होती है वो हॉरिजॉन्टल होती है। क्रिश्चियनिटी में क्रॉस होता है। व्हाट डस क्रॉस रिप्रेजेंट? दी टू काइंड ऑफ़ एनर्जी। अब ये मुद्रा क्या होती है कि हमको प्रैक्टिकल बनाती है। यू विल फील दैट योर कुंडलिनी इज़ राइज़। हम लंग्स की पूरी कैपेसिटी यूज़ करते नहीं। 72,000 कैपिलरीज होती है। यू आर नॉट यूजिंग इवन 50% 40%। सो इट जस्ट ओपन्स दोज़ कैपिलरीज इन द लंग्स। नींद नहीं आ रही बहुत बड़ी समस्या है। आधी मुद्रा में ना ये ऐसे पाम ऊपर रख के या फिर आम नीचे रख के आप इसमें रहो तो बहुत ही ऑनर और खुशी के साथ हम स्वामी जी
(02:26) काफी को दोबारा वेलकम करते हैं बॉडी टू बीइंग पॉडकास्ट पर। लेफ्ट हैंड का लेफ्ट हैंड थंब विल गो अप लाइक दिस एंड दिस रिंग फिंगर योर इंडेक्स फिंगर एंड थंब विल बी अराउंड दिस। इमीडिएटली श्लोकी यू विल फील दैट योर कुंडलिनी इज़ राइज़िंग सो पावरफुल एवरीथिंग दैट इज इन आवर लाइफ क्या होने वाला है भाग्यवाग्य जो सब आपकी हथेली में होता है। योर होल लाइफ कैन बी इज इंप्रिंटेड ऑन योर। मैंने अभी यह पॉडकास्ट खत्म किया है और मैं आपको स्टार्ट करने से पहले इतना जरूर बता दूं कि इस साल का यह मेरा सबसे फैंटास्टिक स्पिरिचुअल पॉडकास्ट रहा है
(03:06) एंड द बेस्ट मास्टर क्लास दैट आई कुड हैव हैड तो ऐसा कोई इंसान नहीं है जो अपनी डेली लाइफ में मुद्रा यूज नहीं करता। जैसे कि जब आप खाना खाते हैं, आपने नोटिस किया होगा कि आप कोई ऐसा हैंडपॉश्चर यूज़ करते हैं। अब यह एक मुद्रा है। इसको बोलते हैं मुकुल मुद्रा। यहां पर आपके पांचों तत्व अर्थ, फायर, विंड, वाटर स्पेस एक साथ हार्मोनाइज होते हैं और सिस्टम को ह्यूजली इंपैक्ट करते हैं। तो ऐसे और क्या मुद्राएं हैं जो हम अपनी डेली लाइफ में यूज करते हैं जो हम नहीं जानते हैं। ऐसी कौन सी मुद्राएं हैं जो हमें अपनी डेली लाइफ में यूज करनी चाहिए? यह सब जानेंगे
(03:42) बहुत ही डिटेल तरीके से स्वामी जी कापरी के साथ जिन्होंने और कई सारे मिस्टिकल और फैसनेटिंग कांसेप्ट्स के बारे में भी हमको बताया है। तो जब हम मुद्रा की बात करते हैं, मुद्रा लिटरली मीन्स अ सील। मुद्रा आपके सिस्टम का एक कंट्रोल पैनल है जिससे आप अपनी बीमारियों से छुटकारा तो पा ही सकते हैं। अपनी ओवरऑल हेल्थ को बेटर कर ही सकते हैं। पर साथ ही यह आपको मोक्ष की तरफ ले जा सकता है। इट कैन हेल्प यू ब्रेक द साइकिल ऑफ़ लाइफ एंड डेथ। एंड आपके पूरे सिस्टम को एक बहुत ही ह्यूज पॉसिबिलिटी की तरफ ले जा सकता है। सो द कांसेप्ट्स दैट
(04:16) आई लर्नड फ्रॉम दिस मास्टर क्लास ट्रूली ब्लू माय माइंड। बहुत बढ़िया सेशन रहा है। एंड आई एम वेरी एक्साइटेड। यह आप तक आ रहा है। तो मेरी आप सबसे गुजारिश है कि प्लीज इस पॉडकास्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करिए और हो सके तो चैनल को सब्सक्राइब करिएगा बिकॉज़ अनफॉर्चूनेटली 80% ऑफ आवर व्यूअर्स डोंट सब्सक्राइब। आपको और आपके दर्शकों को सप्रेम नमस्कार और हम लोग क्या कहते हैं कि एक गणेश जी क्या स्तुति है उससे शुरू करते हैं। गजाननम भूत गणाद सेवितम कपीज जंभू फल चारु भक्षणम उमासतम
(05:01) शोक विनाशकारकम नमाम विघ्नेश्वर पाद पंकजम ओम श्री गणेशाय नमः ओम गम गणपति नमः नमस्ते स्वामी जी कापरी एंड नमस्ते वेलकम टू द बॉडी टू बीइंग पडकास्ट फॉर द सेकंड टाइम तो मामा जी आज का जो सेशन होने वाला है वो मुद्रास पे होने वाला है और इसके पीछे बहुत ही इंटरेस्टिंग स्टोरी है। हम कुछ महीने पहले लद्दाख में थे और हमारे टैक्सी में एक पार्टिसिपेंट बैठे थे। तो शी वास फीलिंग प्यूकिश उसको वोमिटिंग फीलिंग हो रही थी। तो मामा जी ने उस वक्त
(05:46) एक मुद्रा बताई जिससे उनको इंस्टेंटली रिलीफ मिला। एंड दैट इज व्हेन इट स्ट्रक मी दैट यह पडकास्ट तो आपके साथ तुरंत करना चाहिए। तो मामा जी सबसे पहले हमें यह बताइए कि मुद्रास एक्सैक्टली होते क्या है? ओके। मुद्रा है क्या? ठीक है? मुद्रा शब्द जो है ये मुद्र से आता है। संस्कृत में मुद। मुद्द का मतलब होता है आंतरिक प्रसन्नता। जिसको आप इंपोज नहीं करना पड़ता। अंत को करते हैं। वैसे यहां थोड़ा मैं हट के बता दूं कि जैसे संस्कृत में कहते हैं एक शब्द है स्वस्थ। और स्वस्थ का मतलब होता है हेल्दी। अब स्वस्थ का मतलब क्या है? कि जब आप अपने
(06:22) सोल से आत्मा से कनेक्टेड हो उसमें एस्टैब्लिश्ड हो स्वस्थ तो वो स्वास्थ्य है। अब लोग हमसे आते जाते पूछते हैं हाउ आर यू? कैसे हैं आप? हम कहते हैं बहुत अच्छे हैं। चेहरे से लगता नहीं कि हम बहुत अच्छे हैं। कारण उसका क्या है? कि हम कनेक्टेड नहीं रहते वहां से। ये ये अंतर लोगों को समझने की आवश्यकता है। जितने लोग स्पिरिचुअल बनना चाहते हैं कि हम शरीर नहीं है। हम आत्मा हैं। तो और अगर उसकी हमें अवेयरनेस रहेगी ऑल द ऑफ़ टाइम दैट दैट विल बी इस्टैब्लिश स्वस्थ रहेंगे तो हम सचमुच प्रसन्न रहेंगे। तो कमिंग टू मुद्रा मुद शब्द भी जैसे स्वस्थ है। वो खुशी कब
(06:57) आती है वो प्रसन्नता वो मुद मुद मुदित कब होता है आदमी? जब वो आत्मा से जुड़ा हुआ हो। आ हा क्योंकि जब हम शरीर से जुड़े होंगे तो शरीर तो क्या है कि जंजाल है मतलब क्या कहते हैं जैसे प्रपंच है उसमें ना गुण है दोष है कई बातें हैं उसमें फिर वहां से पूरी और इसी को इग्नोरेंस कहते हैं इसी को अविद्या कहते हैं इसी को जैसे यही जो है सारे दुख हैं उनका कारण यही है यही अविद्या है तो मतलब क्या होता है कि आप सचमुच स्वस्थ जो कहते हैं मोदित नहीं रहेंगे अंदर से आप खुश हैं वहां से तो उसमें क्या होता है कि अब उनको मुद्राओं से मुद्रा अंग्रेजी में हम लोग जेस्चर
(07:31) कहते और यह पांच तरह की होती हैं। हाथ में होती है हस्त मुद्राएं। फेस पर होती है मान या शीर्ष मुद्राएं। शरीर में होती है काया मुद्राएं। ठीक है? उसके बाद फिर हमारे चक्रों पर होती है जिनको हम बंद या शक्ति मुद्राएं कहते हैं। और दो मुद्राएं बहुत पावरफुल मुद्राएं एक हमारे तेंद्रीय में होती है एनस में और जेिटल में जिनको हम आधार मुद्रा कहते हैं। बेस मुद्रा कहते हैं। तो ये पांच तरह की मुद्राएं हैं। ठीक है? अब मुद्रा में मुद्रा का साइंस क्या है? विज्ञान क्या है? मुद्रा का विज्ञान यह है यह सारा जो मैटर है यह पंच तत्वों
(08:03) का खेल है। पांच तत्वों का वो क्या पांच तत्व है? ईथर या ईथर को आप कहते हैं आकाश स्पेस। देयर नथिंग एल्स ईथर इज़ देयर। यू नो द फाइनेस्ट एलिमेंट। दैट इज व्हाट ईथर स्पेस। तो आकाश जैसे आकाशिक लोग वैसे कहते हैं तो वो आकाश में उसके स्टडी फाइनेस्ट एलिमेंट की स्टडी होती है। उसके बाद वो जब थोड़ा सॉलिडिफ़ाई होता है तो उसके बाद दूसरा तत्व होता है वायु। एयर। अब उसमें क्या होता है? वायु में ईथर और एयर दो एलिमेंट आ जाते हैं। वह थोड़ा और सॉलिडिफाई होता है। ग्रॉस बनता है। तो फिर तीसरा तत्व होता है फायर। अग्नि वन्नी भी कहते हैं। अग्नि वन्नी अब इसमें
(08:42) तीन तत्व हो गए। उसमें इतर हो गया उसमें वायु हो गई और उसमें अग्नि हो गई। ठीक है? ये और एक उसमें एक तत्व मिलता है जो चौथा जल। जल का जो तत्व वरुण है। तो जल तत्व भी मिल गया। तो चार तत्वों से ये चार तत्व हो गए। चौथा जल तत्व में क्या-क्या आया? जल में आया आपका ईथर हो गया पहले वायु हो गई अग्नि हो गई और जल हो गया चार तत्व उसमें चार तत्व हैं जो लास्ट पांचवा सबसे ग्रोसेस तत्व है पांचवा है पृथ्वी अर्थ उसमें पांचों तत्व है ईथर भी है एयर भी है फायर भी है जल भी है और अर्थ भी है और पृथ्वी भी है तभी पृथ्वी इतनी स्टेबल है इतनी हैवी है
(09:19) अब ये इंटरेस्टिंग क्या है कि ये पांच एलिमेंट जो हैं यह ह्यूमन हमारे मानव शरीर में पांच अंगुलियों पांच कर्म इंद्रियों, पांच ज्ञान इंद्रियों और पांच चक्रों इनसे इन पे अभिव्यक्ति इनकी मिलती है। इनसे मिलता है। अब मैं उदाहरण देता हूं आपको। यह देखिए दे आर एक्सप्रेस थ्रू दिस फाइव फिंगर्स, फाइव सेंसेस ऑफ़ नॉलेज, फाइव ऑर्गन्स ऑफ़ एक्शन, फाइव तन मात्रा आर फंक्शनंस ऑफ़ सेंसेस ऑफ़ नॉलेज इनको कहते हैं। फाइव चक्रास एंड आल्सो जेनिटल एंड एनर्स। नो उसमें आते हैं कर्म इंद्रियों में। ये ठीक है? इनसे होते हैं। उदाहरण के लिए आपको मैं देता हूं।
(09:59) हस्त मुद्रा है जो हाथ मुद्रा है। अब पांच तत्व क्या हैं? ईथर है, एयर है, फायर है। उसके बाद जल है और पृथ्वी है। आप देखिए अब अंगूठा जो है फायर। अंगूठे का बहुत महत्व है। फायर एलिमेंट सबसे बाहर। यू नो विदाउट सन नथिंग इज़ पॉसिबल। लाइफ इज़ नॉट जस्ट नॉट पॉसिबल। देयर आर एवरीथिंग इन इन नेचर। प्रकृति में हर चीज का महत्व है। लेकिन सन का एक अपना अपना सन का। उसके बाद चांद चंद्र का यह दो तत्व हैं। वो जल तत्व है। एक फायर तत्व है। ठीक है? ये इट इज़ रिप्रेजेंटेड बाय थंब। ठीक है? देन इंडेक्स फिंगर वो भी बड़ी आप उसके जैसे जानिए जो मेडिकल सिस्टम उसमें देखेंगे
(10:41) इनका इन दोनों बहुत है। वो तो क्या मानते हैं कि ये जीव है। जो इंडेक्स फिंगर और ये ब्रह्म है। हम तो जैसे कई मुद्रा में इनको लाते हैं जो जीव ब्रह्म का हम वहां पर मिला देते हैं वहां। हालांकि हम वैसे एक एक्सप्लेनेशन यह भी है कि हम क्या तत्व वाले साथ में ला रहे हैं पैर तक आ अग्नि और वायु को। करेक्ट। अब जब वायु में अग्नि लाते हैं तो क्या होता है? अग्नि और प्रज्वलित होती है। सो एयर में जब हम जस्ट टू जस्ट टू मेक अ लुक हियर। अगर तो हम एयर में फायर लाते हैं तो उसका जो प्रभाव है, इन्फ्लुएंस है वो बढ़ जाता है। ओके। पर यहां पर क्या होता है? लेकिन हम एयर
(11:19) एयर को ब्लो करते हैं फायर में ना। जैसे आप देखिए जो उसको होती है पंखा चलाएंगे तो फायर स्टिमुलेट हो जाती है तो मतलब क्या कहते हैं जो फायर में एयर एलिमेंट इनके मिलने से लेवल ऑफ एनर्जी यू नो जब उसके फायर व्हाट इज फायर व्हाट इज एयर दे दी आर एनर्जी एनर्जी यू नो ये तत्व भी एनर्जी है तो हमारे शरीर को हमारी इंद्रियों को सबको उनकी ज्यादा शक्ति मिलती है वहां से अंडरस्टुड नाउ दिस इज़ द बेसिस ऑफ लाइक फॉर एग्जांपल चिन्ह मुद्रा हां ज्ञान मुद्रा योग मुद्रा योग मुद्रा यू नो आई थिंक ऑल दी मुद्राओं का यही आधार है कि हम क्या कर रहे हैं
(11:56) ब्रह्म एक तो एक लेवल पर ब्रह्म और जीव को मिला रहे हैं। एक लेवल फायर और एयर को मिला रहे हैं। यू नो और फिर उसमें एक बड़ा महत्वपूर्ण है कि अगर हम पाम को ऊपर की तरफ रखते हैं। हां। तो फ्लो ऑफ़ एनर्जी इन द बॉडी इज अपवर्ड। ओके? एंड इफ यू टर्न द पाम डाउन। द फ्लो ऑफ़ एनर्जी इज डाउनवर्ड्स। तो उससे दो मुद्राएं बन जाती हैं। एक मुद्रा है चिन्ह मुद्रा जिसमें कि हम आसन करते हैं। कई क्रियाएं करते हैं। ज्ञान मुद्रा है उसमें मेनली मेडिटेशन करते हैं क्योंकि गेट मोर ग्राउंडेड ये है। ठीक है? एंड अगर तो इंसान मेडिटेशन या कोई स्पिरिचुअल प्रैक्टिससेस भी नहीं करता।
(12:30) इनको सिंपली यूज़ करने से भी इसके बेनिफिट्स आ जाते हैं। नहीं मुद्रा को जैसे हमारे शास्त्रों में योगा कहा गया है। योग का अंग है लेकिन ये इंडिपेंडेंट अंग है। आप सिर्फ मुद्राएं करके आप यू कैन गेट रियलाइज्ड। आप मुक्त मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। इतनी पावरफुल मुद्राएं हैं। यू कैन ब्रेक द साइकिल ऑफ़ फ़ विद मुद्रा। यस अब्सोलुटली बिकॉज़ मुद्राओं से ही जो प्रिय प्रक्रिया है जो क्या अल्टीमेटली है क्या हमको इग्नोरेंस हटानी है। इग्नोरेंस से क्या होता है? अविद्या से क्या आता है? अटैचमेंट आता है वो हटनाएं और ये मुद्रा में इतनी पावरफुल है कि जो ईगो आता है
(13:04) इग्नोरेंस से ईगो आता है अस्मिता अस्मिता से अटैचमेंट आता है अटैचमेंट से फिर एवरजन आता है जहां पर आप बहुत ज्यादा अब वो होगा तो वहां पर फिर एर्जन होता है उससे इन चीजों से फियर आता है ये पांच चीजें हमको एज अ जीव बांध के रखती हैं आ ठीक है हर मुद्रा का एक प्रभाव होता है बताएंगे हम बाद में कि हर मुद्रा का ये होता है कि उससे आपको कोई इग्नोरेंस हटाते ईगो हटाते हैं, अटैचमेंट जाएगा, अबजन जाएगा और फियर जाएगा आपका। और यही स्पिरिचुअलिटी है क्या? यही यही प्रोसेस है। करेक्ट यू नो। ओके। अब क्या-क्या? जैसे पूरा ये विकास कैसे हुआ? ये कि ईथर से एयर बना, एयर से फायर
(13:41) बना। ऐसे हम लोग सूक्ष्म तत्व से ग्रॉस तत्व में जो कहते हैं ना स्थूल तत्व में आए। सूक्ष्म से स्थूल में गए। ठीक है? फिर अर्थ सबसे ज्यादा वो है मतलब स्थूल है जिसमें पांचों तत्व हैं और अब स्पिरिचुअली में क्या होता है कि हम अरे एक-एक तत्व कम करते हुए स्थूल से सूक्ष्म को जाते हैं फ्रॉम ग्रॉस टू सेटल फ्रॉम ग्रॉस टू सेटल और ये क्या है कि जितनी आसानी से मुद्राएं करती हैं एंड मोरेंट विदाउट एनी साइड इफेक्ट कई जैसे प्राणायाम में क्या होता है कि आप इट कैन डैमेज योर लंग्स ओके बट देयर आर नो साइड इफेक्ट्स इन मुद्रास यू नो देयर आर सर्टन
(14:18) एंड प्रिकॉशंस फॉर एग्जांपल एडवांस प्रेगनेंसी होती है एक्टिव मेंसुरेशन होता है ऐसे पीरियड या फिर आपके कैट ऑपरेशन है ये है वो तो यू अवॉइड सर्टेन थिंग्स बट मुद्रा पर से इज द सेफेस्ट पाथ ओके टू इवोल्यूशन और टू रियलाइजेशन ओके अब इससे क्या होता है कई मुद्राएं बन जाती है जैसे आपने पैर और ईथर को साथ में लाए तो इसको शून्य मुद्रा कहते हैं अब ये मुद्रा इतनी पावरफुल है कि आदमी जिंदगी में कुछ ना करे जीवन खाली वो रोज रोज करीब 5 मिनट से शुरू करके आधे घंटे अगर शून्य मुद्रा में रहेगा ये कंप्लीटली क्या आता है ट्रांसेंट्स जिसको कहते हैं ना हम मन
(14:56) बुद्धि अहंकार जो अहंकार तीन होते हैं ना हमारे अंतःकरण होता है ये हमको रोके देते हैं मन और बुद्धि अहंकार तीन चीजें अंतःकरण कहते हैं ये ट्रांस कर जाते हैं। फिर विवेक उस लेवल पर भी एक बंधन होता है कि वहां पर हम लोगों को विवेक क्या है? क्या डिस्क्रिमिनेशन है क्या सही है क्या गलत है अब उसमें क्या कई लोग हमारे पास कब हम सही डिसाइड कर पाएंगे जब हमारा लक्ष्य होगा कि क्या सही क्या है जो हमें लक्ष्य की ओर ले जाए ना करेक्ट और वो सही है जो लक्ष्य से दूर ले जाए वो गलत है ये माना गया हमारे शास्त्रों के हिसाब से और सब ऋषि मुनि मुनियों ने यही
(15:31) कहा है कि मानव जीवन का लक्ष्य इस संसार से मुक्त होना है जीवन मृत्यु के चक्कर से मुक्त होना है करेक्ट अगर ये आपका लक्ष्य है तो जो उसमें हेल्प कर रहा है वो सही यह विवेक के लेबर होता है। उस अवेयरनेस के साथ आप कांस्टेंटली रहते हैं। उसको प्रज्ञा कहते हैं। दिस हायर कॉन्शियसनेस। सो जो एक्चुअल स्पिरिचुअल व्यक्ति होता है सही में सही में जो वहां से वो मन के स्तर पर नहीं जीता है। मन के स्तर पर तो आप रिएक्टिव होते हैं। हर चीज में रिएक्ट करते हैं। वो बुद्धि के स्तर पर भी नहीं जीता है। वहां पर आप रिस्पांस देते हैं। थोड़ा सोच विचार
(16:02) के कहेंगे। वो भी अहंकार अहंता के स्तर पर बिल्कुल नहीं जीता है। क्योंकि लोअर ईगो पर उसका ईगो कहां होता है कि मैं सोल मैं आत्मा हूं। वहां से शुरू होता है। तो तब उस विवेक से वह प्रज्ञा आती है। उस प्रज्ञा में कास्टेंट अवेयरनेस कास्टेंट अवेयरनेस ऑफ हु यू आर। तो वहां से उनकी जर्नी शुरू होती है। और ये मुद्राएं क्या है कि जैसे आसनों का क्या रोल है? लिमिटेड अष्टांग के हिसाब से उनका रोल ये है कि हम तीन शरीरों में रहते हैं। पांच कोषों में रहते हैं। पांच दे आर डिवाइडेड इन फाइव कोश। तीन शरीर कौन से हैं? स्थूल टू और कारण। स्थूल इन इंग्लिश वुड बी
(16:35) स्थूल इज ग्रॉस। एंड कारण इज कॉजल ग्रॉस बॉडी सल बॉडी एंड कोजल बॉडी ठीक है दी आर फदर डिवाइड इनू फाइव कोश वो कोष कौन से हैं अन्नमय व्हाट इज अन्नमय स्थूल शरीर है अन्नमय कोश एक ही है इट इज़ मेड अप ऑफ फाइव एलिमेंट्स इट इज सस्टेन बाय फाइव एलिमेंट्स इट मजेस इनफैक्ट इट डिसइीग्रेट्स बट सूक्ष्म शरीर में तीन कोष होते हैं सर्टल बॉडी में तीन कोश तीन बॉडीज तीन बॉडीज है क्या-क्या है सबसे पहले वहां आपका क्या कहते हैं प्राणमय कोष है प्राणी बॉडी वाइट जिसको हम वाइटल बॉडी कहते हैं लेकिन मनोमय मेंटल साइकिक क्या इंपल्स है प्राण तो हमको फील करते हैं महसूस करते
(17:19) हैं सांस लेना छोड़ना वहां से करके और उसके बाद तीसरा जो होता है विज्ञान में कोष होता है ये देखिए हमेशा क्या है कि मानव जीवन में हमेशा कॉन्फ्लिक्ट रहती है हम सोचते कुछ हैं करते कुछ जो सोच करना चाहते हैं वो कर नहीं पाते तो दिस कॉन्फ्लिक्ट अगेन इनक्रेट्स अ बाइंडिंग यू नो यहां बाकी रखती है तो विज्ञानमय कोश में आप जाएंगे तो वहां एक संतुलन रहता है। आप सोचने पर कम विश्वास करेंगे आप करने में जो है करो उसको खत्म करो ना उसको सोचना क्यों है यू आर थिंकिंग ऑल द टाइम अननेसेसरीली यू आर वेरी अ लॉट ऑफ़ थिंग्स यू नो यू वरी अबाउट टू मेनी
(17:53) थिंग्स ओके एंड देन मोस्ट यू फियर ऑलमोस्ट एवरीथिंग तो ये चीजें क्या होती है कि हमारे जो फिजिकल ब्रेन है उसको एकदम क्या कहते हैं इतना उसमें प्रेशर डालते हैं कि उसमें ऑक्सीजन कम हो जाती है ही होमोग्लोबिन कम हो जाती। ऑल द न्यूट्रिएंट्स। फिर यह शून्य मुद्रा हो गई। फिर उसके बाद आप फायर एंड अर्थ एलिमेंट्स साथ में लाएंगे, तो पृथ्वी मुद्रा होती है। नाउ टुडे अनदर प्रॉब्लम दे विल फेस इज़ इनस्टेबिलिटी। और इनस्टेबिलिटी ऑफ़ बॉडी शेक करती है। ये होता है। एक आसन में बैठ नहीं सकते लोग ना वहां से व्हाट यू। एक जगह बैठ ही नहीं सकते।
(18:24) लेकिन आसन में बैठना। [हंसी] अब आसन में छोड़ो। बिल्कुल वही बात है। तो वही स्थिति है। लेकिन इसमें क्या होता है कि आपको यू हैव टू प्रैक्टिस एवरीडे। प्रतिदिन आपको अभ्यास करना चाहिए और भले 5 मिनट से शुरू करिए और आइडियली क्या है कि आप 25 मिनट आधा घंटा करें तब उसमें क्या होता है कि रियली द सी व्हाट इज दिस डस इट ब्रिंग्स केमिकल चेंजेस इन आवर बॉडी केमिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक चेंजेस उससे हमारा मूड बदलता है मतलब पूरा स्ट्रक्चर एक तरह से उसमें परिवर्तन आता है अंदर से ना मुद्राओं से तो असर उनको असर होने के लिए क्योंकि आदत होने के लिए
(18:57) शरीर को टाइम लगता है अब हम लोग जैसे करके वो हस मुद्राएं जो है उपासना में भी यूज़ होती है ना। अब जैसे पंडित करते हैं ओम प्राणाय स्वाय उपानाय स्वाहानाय स्वाहाय समानाय स्वाहाय इतनी जल्दी-जल्दी करते हैं वो रजिस्टर ही नहीं होता है। जबकि वो क्या है कि इतनी इंपॉर्टेंट क्रिया है। वो तत्व से प्राण शुद्धि होती है स्लो की। उससे ना प्राणों की शुद्धि होती है। आप जैसे प्राण मुद्रा में जाएंगे तो जो आपका प्राण छोड़ते हैं हम एक्सेलिंग ब्रेथ प्यूरिफाई होती है। अपान मुद्रा में जाएंगे तो जो सांस लेते हैं वह शुद्ध होती है। उसके बाद फिर आप समान मुद्रा में
(19:30) जाएंगे तो समान मुद्राएं जो है हमारे जो लंग्स के बाहर बट थोरेसिक थोरेसिक एरिया में रहती है वो शुद्ध होती है। फिर आप उदान में जाएंगे उदान मुद्रा में तो यह जो आपके हेड एक्सटिमिटीज कहते हैं हेड हैंड्स और पीठ इसमें जो वायु होती है वो मोस्टेंट मोस्टेंट दैट वायु सूक्ष्म से जो आती है ना हमारी वायु उसके बारे में्ट है क्योंकि सारे सेंसेस हमारे वहां है सर में है या हाथ और पैर हैं तो ये उदान हो गया फिर एक विना बयाना थी वो क्या इमरजेंसी ब्रह है जो इस प्रिवेलेंट इन होल बॉडी खाली जैसे से बहुत से लोग की करते हैं उनकी आदत रहती है। व्हाट इज़ हैपनिंग?
(20:11) हां राइट राइट राइट राइट राइट राइट। दे आर एक्टिवेटिंग द ज्ञान ब्रेथ इमरजेंसी ब्रेथ। तो इट रियली गिव्स बूस्ट टू ऑल द अदर पांच पंच प्राण होते हैं तो चार प्राण है उनको बूस्ट करता है। और कभी इन केस ऑफ़ इंजरी एंड ऑल दैट द रेस्पेक्टिव प्राण इज़ नॉट देयर। बयाना इज़ द सो लेट से हार्ट अटैक आ रहा है और हम ऐसे हार्ट अटैक के लिए तो क्या हम वैसे हस्त मुद्रा में एक मुद्रा है हृदय मुद्रा। अगर मैं तो कहता हूं कि आज की तारीख में लोगों को जिस ढंग से आजकल क्या हो रहा है युवक लोग ना अभी कल ही हमें मैसेज मिला कि हमारे परिचित थे उनका उनके दो लड़के थे
(20:46) बड़ा एक साल भी अभी एंटर किया था दिल्ली में कुछ कामवाम करता था सडनली हार्ट अटैक आया ही पास अवे अक्सर सुनने में आजकल आ रहा है लोगों के ना मतलब कि युवा लोग भी हो जा रहे हैं तो ये मैं इनको उनको तो एक सिंपल मुद्रा होती है आप क्या करते हो ये तीन चीजों का एलिमेंट को साथ में लाइए तो ये इसको हृदय मुद्रा मुद्रा कहते हैं। आठ मुद्रा। ठीक है? अब इसमें क्या ये तीन पॉइंट जुड़े हुए हैं और ये जो टिप ऑफ द इंडेक्स फिंगर एट द रूट ऑफ वायरल इसको आप करिए। चांसेस है कि स्ट्रेंथ्स आवर हार्ट। वो ऑल कमजोर हो ये हो। जिसको हार्ट की प्रॉब्लम है उसको तो
(21:22) करना ही चाहिए। जो चाहता है कि हार्ट का प्रॉब्लम ना हो उसको भी करना चाहिए। इनफैक्ट वी आल्सो लॉस्ट अ कजन। आई लॉस्ट माय कजिन। यू लॉस्ट योर नेब्यू। आई एम टॉकिंग अबाउट प्रमोद दादा। अब्सोलुटली। आई थिंक वो 34 36 इयर्स के थे जब उनका देहांत हो गया ड्यू टू हार्ट अटैक अब्सोलुटली तो हार्ट डिजीज कहते है ना द लार्जेस्ट कॉज ऑफ़ डेथ इन द वर्ल्ड टुडे इज़ हार्ट डिजीज सो यू थिंक दिस कैन हेल्प एनीथिंग दिस कैन रियली रशनाइज आई टेल यू अब इसको ये नीचे ऐसे भी करा जा सकता है ऐसे भी करा जा सकता है नहीं नॉर्मली हम पाम को ऊपर करते हैं इन इन मुद्राओं में वो क्यों करते हैं कि हम
(21:55) अल्टीमेटली जो स्पिरिचुअल एनर्जी उर्धमुखी होती है वो ऊपर की तरफ फ्लो करती है अच्छा जो मटेरियल एनर्जी होती है वो हॉरिजॉन्टल होती है तो सेंटीमीटर एंड सेंट्रीफ्यूगल यू नो इनफ इंटरेस्टिंग थिंग क्रिश्चियनिटी में क्रॉस होता है। हां हां हां एक उसमें लंब क्रॉस में ऐसा और एक बाहर आतेआते व्हाट डस ग्रॉस रिप्रेजेंट दी टू टू काइंड ऑफ़ एनर्जी ओके ऑल द टाइम यू आर रिमाइंडेड नो दिस थिंग यू नो अच्छा इसको उध करो ऊर्जा को उध करो उध करो ना ग्रॉस कैन दैट इज़ व्हाट ग्रॉस तो उसके बाद फिर ये वरुण मुद्रा है अब हमारी शुद्धि के लिए जैसे प्यूरिफिकेशन इज़
(22:28) वेरीेंट है ना हमारे उसमें आज क्या होता है फायर और वाटर एलिमेंट लिटरली हम पानी को उबालते हैं तो उसकी सारी इंप्युरिटी जो है वो खत्म हो जाती है उड़ जाती है। सेम थिंग दिस मुद्रा डस क्योंकि हम 80% 80% हम हमारे शरीर में पानी है, वाटर है। 80% एंड वी आर रिप्रेजेंट द स्मालेस्ट ऑफ़ फिंगर्स एंड दिस इज़ व्हाट द बेसिस ऑफ़ मिनीचराइजेशन। यू नो छोटी चीज होती है उसमें ज्यादा पावर होता है। ऑफिस से यू नो डोंट टेक शॉर्ट पीपल लाइटली। यू नो वी शुड टेक देम सीरियसली। बिकॉज़ ऑफ़ द बेस्ट एक्टर्स, बेस्ट आर वै उनको चाहिए। इवन योगी अगस्त मुनि वाज़ 4 फीट 11 इंचेस।
(23:06) यस। अब्सोलुटली तो काफी योगी भी कदम छोटे छोटे होते हैं। सो, दिस इज़ कॉल्ड वरुण मुद्रा। हु इज़ वरुण इन द लॉर्ड ऑफ़ वाटर। ओके। सो, वरुण मुद्रा, पृथ्वी मुद्रा, देन शून्य या आकाश मुद्रा इट इज़ आल्सो नोन एज़ आकाश मुद्रा एंड चिन्ह इफ़ व्हेन पाम इज़ अप ज्ञानम एंड पाम इज़ डाउन। तो, यह मुद्रा है। ओके। अच्छा। तो एक वेरी क्विकली टू समराइज अगर तो आप इस हर एक हस्त मुद्रा का क्विक क्विक बेनिफिट बता सके और कितने टाइम तक यह हर एक मुद्रा करनी चाहिए और किसको करनी चाहिए? हां देखिए अभी इसमें क्या है कि जैसे हम करते हैं जब वहां से तो एक हस्त मुद्रा
(23:46) प्राणायाम होता है। अच्छा उसमें चार मुद्राएं हस्त मुद्राएं आती हैं। कौन आती है? चिन्ह देन अनदर मुद्रा चिन्मय। वेरी पावरफुल मुद्रा। ये तीन एलिमेंट्स को हमने एक लॉक कर दिया। दिस इज चिन। दिस इज चिन्मय देन आदि मुद्रा कहते हैं। उसको क्या थंब को लेकर के उसके ऊपर चारों फिंगर चढ़ा दो। ठीक है? आदि दिस इज़ कंसीडर्ड दैट अब जब बच्चा पैदा होता है आपने देखा होगा छोटा बच्चा तो वो इस मुद्रा में जाता है। ऑटोमेटिकली दिस इज़ द मुद्रा इज़ द आदि मतलब हमारे उसमें इन इनबिल्ट है। मुद्रा एंड इट टेक्स अस टू द सोर्स। क्यों ऐसे सोर्स क्योंकि अल्टीमेटली सी द पन बिकॉज़
(24:26) अल्टीमेटली एवरीथिंग वांट्स टू गो टू सोर्स वाटर आप कहीं भी गिराओ वो नीचे को बहेगा कहां सागर क्योंकि उसका सोर्स सागर है नीचे आप आग कहीं भी जलाओ वो हमेशा प्ले उसका ऊपर लीव करेगा क्योंकि सन उससे हायर होता है लाइटर होता है ऐसे ही व्यक्ति जो रहता है हम हम क्या हम उसको माने ना माने अल्टीमेटली अपने सोर्स से मिलना सोर्स क्या है हमारा जीवात्मा है वो परमात्मा से निकला है। तो परमात्मा जो है तो यूनिवर्सल सोल कहते हैं दैट इज आवर सोल। सो दे एस बुद्धिज्म से यू नो कि अगर आप थोड़ा बहुत आपको लॉन्गिंग तो रहेगी ही रहेगी। काहे की
(25:04) लोंगिंग है वो? इंडिविजुअल सोल लोंग्स फॉर योर हाईएस्ट हायर यूनिवर्सल। तो ये लॉन्गिंग तो हमेशा रहेगी। लेकिन ये दुख अच्छा दुख है। ये शारीरिक या मानसिक वो नहीं है। तो हम हम ये क्या कहते हैं कि लोगों से ये ये मुद्रा सीख लें। प्राण मुद्रा प्राणायाम तो इसमें प्राणायाम के भी सारे गुण को आ जाते हैं और उसमें आप इसको वि नेचुरल ब्रेथ कर सकते हैं वि कुंभक के साथ में कर सकते हैं। ऐसे कौन सी मुद्राएं हैं जो हम डे टू डे लाइफ में करते हैं लेकिन हमें पता नहीं है कि वो मुद्राएं हैं जैसे कि जब हम खाना खाते हैं तो हम एक ऐसा हैंड पोश्चर अस्यूम
(25:42) करते हैं जिसको हम मुकुल मुद्रा बोलते हैं खाते वक्त। तो ऐसे और क्या-क्या मुद्राएं हैं मामा जो हम यूज़ करते हैं बट वी डोंट नो देर मुद्रास। जब बैठते हैं तो अक्सर हम लोग एक हाथ दूसरे हाथ पर ले जाते हैं। यस यस जैसे आप अभी बैठे हो। नाउ दिस इज़ दिस इज़ वेरी वेरीरी पावरफुल भैरव। अगर राइट हैंड ऊपर है तो भैरव मुद्रा है। अगर लेफ्ट हैंड ऊपर है तो भैरवी मुद्रा है। गुरुगुण का इफेक्ट और बहुत ही पावरफुल है। मेडिटेशन के लिए उसके लिए ब्लैकस के असर होते हैं। तो एक तो ये मुद्रा है। क्या होता है भैरव? बेनिफिट क्या होता है भैरव? भैरव का। भैरव का मतलब होता है शिव का
(26:12) रौद्र रूप। हम ओके? रौद्र रूप में शिव क्या होता है कि बिल्कुल ऑल पावरफुल। एवरीथिंग एंड शिव एवरीथिंग ऑस्पिशियस। सो शिव मींस ऑस्पिशियस एंड भैरव का मतलब रौद्र ऑस्पिशियस वहां से। तो आप क्या आपका क्या होता है कि अब शरीर में हमारे वहां विकार होते हैं बहुत से ना लिमिटेशन विकार मतलब वहां से इन विकारों को जो नष्ट वो करता है हां हां वो करता है वो भैरव है। ओके। तो आपके विकार जो है जितने भी शरीर में आलस्य ये भी है जितने भी लिमिटेशंस हैं उनको दूर करती है वो मुद्रा। बहुत ही पावरफुल मुद्रा है। भैरव और भैरवी और भैरवी का क्या महत्व है?
(26:48) भैरवी का लेफ्ट का यह है कि मतलब उसमें इडा ज्यादा एक्टिव रहती है तो महिलाओं के लिए ज्यादा अच्छी है या दे आर कंट्रोल बाय इडा एंड पुरुष जो रहता है मोर वो है ग्रॉस बॉडी का है वो भैरव का। ठीक है? तो वन मुद्रा हो गया। और सेकंड मुद्रा हम क्या अनकॉन्शियसली करते हैं? इसको कहते हैं कि पंचमुखी भी कहते हैं और इसको हम लोग कहते हैं इन टर्म्स ऑफ़ प्राण के हिसाब से इसको ज्ञान मुद्रा कहते हैं। ये कई बार होती है पढ़ाते समय करते समय बात करते समय ये मुद्रा करते हैं। हम क्या कर रहे हैं कि हम पांचों प्राणों को पांचों प्राणों को दोनों साइड लेफ्ट एंड
(27:19) राइट साइड से इंटीग्रेट कर रहे हैं। तो ऑब्वियसली वी आर फॉर मोर कंसंट्रेटेड फॉर मोर एक्टिव। क्योंकि प्लीज रिमेंबर ऑल द एक्शन हैपेंस इन प्राणमय कोष। बिकॉज़ प्राण एनर्जी बॉडी वाइटल बॉडी ओके ऑल द एक्शन एंड ऑल द थॉट हैप्स इन मनोमय कोष इन माइंड बॉडी ओके सो प्राण इज सोेंट सो दिस मुद्रा में क्या होता है आपने प्राण को एक्टिव किया पांचों प्राणों को विल बी मोर एक्टिव ओके थर्ड मुद्रा देन उसके बाद और उसके बाद क्या हम लोग करते हैं अक्षर फिर ये जो एक मुद्रा होती है हां अब ये वीरासन का अंग है जो वीरासन करते हैं ना हम लोग वारियर पोज होता है।
(28:00) उसमें अक्सर हमें इसमें ले जाते हैं। ओके? तो ये उसमें उसमें क्या होता है कि आपने आपका जो राइट हैंड है ये इट रिप्रेजेंट द लेफ्ट साइड ऑफ़ द ब्रेन। राइट साइड ऑफ़ द बॉडी इज़ कंट्रोल बाय लेफ्ट साइड ऑफ़ द ब्रेन। ओके। एंड लेफ्ट साइड ऑफ़ द बॉडी इज़ कंट्रोल बाय राइट साइड ऑफ़ द ब्रेन। हां हां हां। तो आप क्या कर रहे हो? लेकिन इंटरचेंज कर रहे हो उसको ना। आ हा हा आप समझिए। तो आपने क्या किया कि पूरी अनुभूति आपकी एक्सपीरियंस जो होगा डिफरेंट होगा वो। तो आपने उसको लेफ्ट के ब्रेन को राइट के बॉडी से मिला दिया। सो सिंक्रोन बिटवीन बॉडी एंड माइंड कहते हैं हैंड एंड हेड जो इसको
(28:35) स्वामी स्वामी शिवनंद कहते थे ना योग जो है मुद्राएं जो है हैंड एंड हेड को मिलाती हैं तो ये उसमें ये वो है ठीक है इसमें जाते हैं फिर और किस में जाते हैं हम और फिर कई बार लोग हम लोग जब सोते हैं लेटते हैं बैठते हैं तो हम लोग वी इंटरलॉक द फिंगर्स एंड देम यस यस ओके नाउ इंटरलॉकिंग द फिंगर्स इटसेल्फ इज अ मुद्रा ऑफ कोर्स जब सब एलिमेंट को साथ में ला रहे हो इसको हम इसमें सप्तम में कई मुद्रा में यूज़ करते हैं। हम लिंग में करते हैं, योनि में करते हैं। है ना? यहां से और उसको जब हम यहां पीछे रखते हैं। नाउ एज़ आई टोल्ड यू अर्लियर द ब्रेन हैज़ थ्री
(29:10) पार्ट्स। द फ्रंटल पार्ट व्हिच इज़ मोर रिस्पांसिबल फॉर मोर फॉर लॉजिक के लिए लॉजिक रैशन थिंकिंग। द मिडिल पार्ट व्हिच इज़ ब्रिंग्स द बैलेंस बिटवीन फ्रंट एंड एथिंग। द बैक पार्ट द लॉ एट द बैक इज़ वेयर ऑल द इमोशंस, मेमोरीज़, एवरीथिंग इज़ स्टर्ड देयर। दैट्स द मोस्ट। हमारा हुआ रैशन रैशन। ओके ओके प्रैक्टिकल साइड या इन द सेंस तर्क लॉजिक ये जो चीजें हैं इसके लिए फ्रंट पार्ट होता है मिडिल पार्ट क्या होता है बैलेंस करता है बिटवीन लॉज इसको तर्क को और इमोशंस को बैक पार्ट इज़ प्राइमरी इमोशंस जो भाव होते हैं ना के नौ के नौ भाव हमारे क्रोध है प्रेम श्रृंगार है जो भी है सो
(29:51) दैट इज़ ऑल बैड द क्रिएटिविटी का भी सेंटर ये माना जाता है वही माना जाता है व्हिच आर द बैकलॉक दैट इज़ तो अब जब व्हेन यू पुट योर हैंड्स देयर व्हाट यू आर डूइंग फाइव एलिमेंट्स यू आर लिटरली मसाजिंग योर दी इनर जो दीज़ आर द लेग स्विचेस यू नो जैसे क्या होता है कंट्रोल रूम होता है ना जहां स्विच होते हैं आपके ब्रेन के क्योंकि देखिए शरीर में तो मैनिफेस्टेशन होता है शरीर में कुछ होता नहीं है कहीं आपका दर्द हो रहा है तो होता तो यहां है ना वो सो व्हाट यू आर डूइंग इज यू आर लिटरली एक्टिवेटिंग लिटरली क्लीनिंग योर कंट्रोल रूम यू नो बाय पुटिंग योर हैंड्स लाइक
(30:23) सुपर्ब ओके नाउ आशीर्वाद आशीर्वाद देते हैं आपके सर पर हाथ रख के देते और दैट इज अ वेरी पावरफुल मुद्रा है ना भेजते हैं वहां से उसका नाम मुझे याद नहीं आ रहा है लेकिन उसकी मुद्रा गो है वहां से ना वरत तो यह वाली हो गई ये भी वत का ही एक फॉर्म है आपने उसको कह दिया उसमें सर पे एंड दिस पार्ट पैेट पार्ट ऑफ़ द हेड इज़ वेरी एज आई टोल्ड यू द मिडिल पार्ट व्हिच ब्रिंग्स बैलेंस बिटवीन आवर रैशन माइंड एंड इमोशनल माइंड तो आपका बैलेंस रहने का तो सुखी जब कहेंगे ना वह सुखी रहो ज्यादा जी ये जी तो किस पार्ट में कहते हैं आप यहां पर कहते हैं तालु में कहते हैं आप
(30:58) यहां रह के नहीं कहोगे यहां रख के नहीं कहोगे करेक्ट करेक्ट करेक्ट करेक्ट सो दैट देन और क्या होता है टीका एज अ राइटली सेट नाउ दे एस पर तंत्रा देयर आर देयर इज़ अ वेरी इंपॉर्टेंट बिटवीन आपके भ्रू मध्य आज्ञा एंड सस्तार के बीच उसको कहते हैं ललाहट ये कपाल में ललाहट यू नो दैट चक्र जो हमारी ये जो ग्रंथियां होती है शरीर में नेचर वे ऑफ़ प्रोटेक्टिंग द पावर ऑफ कुंडलिनी तो एक तो स्वाधिष्ठान के पास में ब्रह्म ग्रंथि होती है। अनाहत के आसपास विष्णु ग्रंथि होती है और यहां पर रुद्र ग्रंथि होती है और दैट इज द ग्रंथि मतलब नॉट होता है। जस्ट नो ब्लॉकेट तो
(31:39) उसको वो सबसे स्ट्रांग होता है तो उसको करने के लिए तो बार-बार वहां पर आप टीका लगा के आप क्या कहते हैं आप जैसे टीका किसका लगता है? चंदन का कुमकुम का जब वो सूखता है तो इट पुट्स अ प्रेशर ऑन दैट हमारे स्कीमस में ना तो द कनेक्शन बना रहता है ललाट के साथ में और ललाट एंड आज्ञा इज द सॉर्ट ऑफ़ अ कनेक्टेड चक्रास यू नो आज्ञा से जब मन जी ऊपर जाते हैं तो पहले ललाट में जाते हैं तब सहस्रार में जाएगी तो ये तो इट्स अ गेटवे टू सहस्रार अल्टीमेटली जो आपको क्या कहते हैं कैवल्य की अनुभूति मोक्ष की अनुभूति लला वहां को ससार में ही होगी राइट क्राउन चक्र क्राउन
(32:18) चक्र तो ये होता तो इसके लिए उसका द्वार है इसलिए वहां अच्छा ओके ओके तो यहां से लगाना चाहिए या फिर यहां से लगाना चाहिए अब ये एलिमेंट है आपने अगर इसे इससे करेंगे फायर से करेंगे तो ऊपर ले जाएंगे अच्छा और आप इंडेक्स फिंगर एयर से करेंगे तो यूं टच करेंगे तो हियर द एक्चुअली यू नो द थिंग व्हाट इज हैपनिंग इज द मूवमेंट इज वैेंट्ट राइट आप कभी थंब से ऐसे नहीं करोगे नीचे तो कभी नहीं ले जाओगे हां राइट राइट हमेशा थंब से ऊपर करोगे करोगे राइट राइट तो व्हाट इज़ हैपनिंग यू आर पुशिंग द एनर्जी द फायर एनर्जी फायर फायर एंड फायर इज़ द मोस्ट पावरफुल
(32:53) ब्यूटीफुल या या दैट इज अ एंड ये अगर ऐसे टच हां हां अब हम लोग ये करते हैं प्लानिंग हीलिंग करते हैं श्लोका उसमें क्या होता है कि जब व्हेन यू आर कंसंट्रेटेड उसमें इंपॉर्टेंट है कि जैसे शवासन के बाद में आप कंसंट्रेट रहते हो आप खाली एक काम करो आप उसके बाद पहले थोड़ी देर स्लाइड करो इसको ना और टेक अवेयरनेस योर फिजिकल ब्रेन ओके देखो क्या होता है। दिस इज द ओनली वे वी कैन मसाज वर इनर ऑर्गन्स इसको और ज्यादा इफेक्टिव करना है। आपको हील करना है जैसे आपको के लिए तो यू शुड हैव द नॉलेज ऑफ़ ब्रेन का किस पॉइंट में क्या होता है? कहां क्रोध कहां पर रहता है?
(33:30) आपके कंपैशन कहां रहता है? एंगर कहां रहता है ना? तो उसमें क्या करो आप? उस एलिमेंट को आप जस्ट स्ट्राइक दे दिस। कीप दैट टेक द क्लोज आइज एंड टेक द वेनेस टू योर ब्रेन एंड जस्ट जस्ट टच। फील द इफेक्ट ऑल ब्रेन वाइब्रेट्स वे रिलैक्सिंग हम सेम टच ऑन द टीका हम और जब ऐसे करते हैं किसको अब इसमें क्या अर्थ एलिमेंट कि एलिमेंट की बात है इसमें अर्थ से करेंगे तो स्टेबिलिटी आएगी उसमें इससे करेंगे तो ईथर मतलब वो और ज्यादा हवा में बैठेगा [हंसी] है ना इधर एकदम तो इसका भी नियम है
(34:16) बच्चों को किससे करना चाहिए बड़ों को किससे करना चाहिए अच्छा क्या नियम है वो कि मतलब जैसे एलिमेंट कौन सा एलिमेंट यूज़ करते हैं बच्चों के लिए हां बच्चों की ग्रोथ है तो हमेशा बच्चों को हम लोग अर्थ एलिमेंट से करते हैं तो उनके स्टेबिलिटी है ना बच्चों में हमेशा ये राइट राइट राइट राइट राइट क्योंकि वो तो ऑलरेडी वो काफी चंचल हैं उनको इससे करोगे तो और वो हो जाएंगे हवा हवा में जाएंगे इससे जाओगे तो ईथर में जाएंगे और थंब से जाओगे तो फायर में जाएंगे वहां से ऑलरेडी उनमें फायर बहुत रहती तो बच्चों को इससे टीका लगाया जाएगा। ओके ब्यूटीफुल
(34:47) मॉर्निंग टू नाइट ऐसे क्या फाइव मुद्रास हम सबको करने चाहिए वै क्विकली। देखिए सबसे एक बहुत बढ़िया मुद्रा है। सुबह जब उठते हैं ना आप उठते हैं बिफोर यू सी एनीथिंग एल्स टेक योर अंजलि को अपने साथ में ले जाओ एंड लुक एट योर फिगर्स। देयर इज़ नथिंग बेटर देन दिस। आपका पूरा दिन जो होता है आपने पूरे उसमें एक अपनी लाइफ और ग्लांस डाल ली है। ठीक है? अब उसमें कई चीजें हैं जैसे एक मंत्र है बहुत प्यारा मंत्र है वो ना ओम कराग्रे वसते लक्ष्मी कर मध्य सरस्वती कर मूल स्थितो ब्रह्मा प्रभाते कर दर्शनम कराग्रे वस्ते लक्ष्मी लक्ष्मी गॉडेस ऑफ़ प्रोस्पेरिटी
(35:31) वेल्थ कर सरस्वती सरस्वती गॉडेस ऑफ़ नॉलेज बोथ स्पिरिचुअल एंड एंड कर्मलो ब्रह्मा और ब्रह्मा क्रिएटिविटी क्रिएट सो इन अदर वर्ड्स ऑल द पावर एवरीथिंग इज इन माय हैंड सो ब्लेमिंग एनीबडी एनीबडी फ्यू टाइम इज़ नॉट सो टेक द रिसोंस टेक रिसोंसिट फॉर योर लाइफ एंड गोल्ड इन दैट डे मार्च इंटू द डे सो दैट लेट मी ब्रिंग स्माइल टू द एवरीबडी फेस पॉसिबल एंड स्माइल आवरसेल्व्स आल्सो बिकॉज़ आपने कहा कि स्माइलिंग स्माइल करो और वहां से और सुबह संकल्प करो हाथ में देकर कि मैं दिन भर मुस्कुराऊंगा मुस्कुराऊंगी मोरेंट मुस्कुराऊंगी की करेक्ट करेक्ट करेक्ट बिकॉज़ व्हाट अ
(36:13) डिफरेंस करेक्ट करेक्ट मुस्कान एक मुद्रा है और बहुत जबरदस्त मुद्रा है कि उसके लिए आपका पूरा सिस्टम आपको अलाइन करना पड़ता है जब मुस्कान बाद में तो वो बन जाती है आदत हैबिट बन जाती है लेकिन शुरू शुरू में आप मुस्क हर कोई नहीं मुस्कुरा सकता है और कुछ लोग मुस्कुराएंगे भी तो मुस्कान इतनी मतलब भयानक होगी कि वो मुस्कान नहीं लगेगी ना वहां से मुस्कान भी एक मुद्रा है आपने देखा होगा कभी डांस में गए थे हम नौ भावों को जब व्यक्त करते हैं वो सब मुद्राएं हैं। अब जैसे एक पीछे हस्त मुद्राएं हैं। वरद मुद्रा कहलाती है। अब आप देखते हैं कई लोग भगवान हमारे जैसे
(36:47) विष्णु है ये हैं एक हाथ हमेशा वो वरद वरद मुद्रा में रहेगा आज किसी मुद्रा में फिर अंजलि मुद्रा नमस्ते जो है ना तो उसमें क्या हो रहा है कि मतलब मुद्रा में तो स्किन हैज़ अ बिग रोल इन दैट हाथ कब जोड़ते हैं हम मतलब रेवेंस के लिए किसी आगे ओके एंड बाय द वे देयर इज़ नो बेटर वे टू गेट रिफ्रॉप योर आवर ईगो सिंपलेस्ट मोस्ट इफेक्टिव वे इज टू बाव आप झुकते हैं ना वो भी मुद्रा है वही मुद्रा है भाव इज अ मुद्रा आप जितने करते हैं जैसे ना साष्टांग साष्टांग नमस्कार करेंगे या फिर ये भी अंजलि मुद्रा है आप भाव करते हैं हमें यू नो तो इस आपके ईगो को कम करने में इससे मतलब
(37:31) इसलिए आप देखेंगे कि जैपनीज लोग होते हैं बाय एन लार्ज दे आर फ्री फ्रॉम ईगो उनको एक आपको गुस्सा आते नहीं देखेंगे कभी फैट नहीं देखेंगे यू नो जैपनीज व्हाई वन ऑफ़ द रीज़ इज़ दे बाउ एट है अपॉर्चुनिटी या काया मुद्रा है उसको करके उषा खाली झुक के भी आप करेंगे नमस्कार क्योंकि आप अब नमस्ते आप ऐसे तो नहीं करते ना ऊपर की तरफ देख के हमेशा ना उसमें एक करेक्ट करेक्ट एक ह्यूमिलिटी आती है आती है ब्यूटीफुल एंड व्हाट इज द साइंस बिहाइंड लेट से अंजलि मुद्रा या जो हम झुक के पैर वंडरफुल क्वेश्चन वंडरफुल क्वेश्चन हाथ में पांच उंगलियां पांच एलिमेंट हमारे
(38:10) वहां एक शास्त्र और भी है जो कि इसको समुद्र शास्त्र कहा जाता है समुद्र शास्त्र सोचो समुद्र में जो गहराई होती है वही हाथों में होती है। एवरीथिंग दैट इज इन आवर लाइफ इन आवर क्या होने वाला है? भाग्यवाग्य जो आपकी क्या कहते हैं हॉरोस्कोप में या जन्मत्री में होता है इसमें होता है वो सब आपकी हथेली में होता है। योर होल लाइफ कैन बी इज इंप्रिंटेड ऑन योर पाम। व्हाई? इट इज़ बाय नेचर? बिकॉज़ पांच एलिमेंट है ये। उनसे आप बने हो। फिर ईच एलिमेंट रिप्रेजेंट्स ईच फिंगर रिप्रेजेंट अ पर्टिकुलर एलिमेंट। उसके बाद फिर ये पोर्शन आपका वो करता है उसमें जैसे इनके
(38:45) अब आप यू कैन हील योर साइनेस बाय जस्ट प्रेसिंग ऑन दिस इयर एलिमेंट हियर यू नो अब ये जो चाइनीस सिस्टम जो है ये ये पोर्शन होता है ना इसको अपने हाथ से एक करके इस इसको आप दबाओ इसको आप प्रेस कीजिए और टेक द अवेयरनेस अवेयरनेस विल ऑलमेटली गो टू योर यू नो नस्ट्सल्स यू नो सेंट्रल नर्वस सिस्टम सीएनसी में जाएगा तो वो क्या करता है कि आपके उसको क्लियर करता है साइनस मैग्रेन है उसके लिए ऐसे ना फिर फायर एलिमेंट नाउ इसको यहां आप दबाएंगे आपका सवाल था कि ये नमस्ते पोजीशन क्या नमस्ते का क्या वो है तो हम लोग क्या कर रहे हैं कि पांचों एलिमेंट दोनों हाथों की
(39:24) और सारी जो वो है उनके जो पॉइंट्स हैं दीज़ आर द पॉइंट्स और जिसमें आप एक्यूप्रेशर करते हैं एक्यूपंक्चर करते हैं अदर प्लेसेस दे आर प्रेस यू नो दे ऑल कम टुगेदर ओके पांचों के पांचों एलिमेंट क्योंकि और फिर क्या होता है कि जैसे लेफ्ट हमारे टू दो साइड ब्रेन हैज़ अ टू साइड ्स बॉडी हैज़ टू पार्ट्स नो ग्रॉस सल ओके अब ग्रॉस बॉडी में तो खाली पांच तत्व होते हैं। तो अन्नमय कोष है लेकिन सल बॉडी में पांच तत्व तीन कोष हैं। अच्छा ऑल द 17 एलिमेंट्स इंपॉर्टेंट पार्ट्स आर इन सल बॉडी। क्या-क्या है वो? ऑर्गन फाइव ऑर्गन्स ऑफ़ एक्शन। फाइव सेंसेस ऑफ़ नॉलेज।
(40:00) फाइव फंक्शनंस ऑफ़ सेंसेस ऑफ़ नॉलेज। तन मात्रा जो कहते हैं 15 हो गए। माइंड एंड इंटेलेक्ट। मन और बुद्धि। यह 17 एलिमेंट जो है सतल बॉडी में है तो आप इनको इसमें लाए तो आपने उनको 17 एलिमेंट को एक्टिवेट किया उनको एक तरह से कंट्रोल करना कंट्रोल में ना करके और फिर आप रेवरेंस बाव किया ये तो उसका असर माइंड यूनिटी हो गई दोनों के बीच में बड़ी यूनिट इंटीग्रेशन इंटीग्रेशन ब्यूटीफुल सो दैट इज द अंजलि बहुत ही पावरफुल मतलब करके आदमी खाली करें नमस्कार इसलिए हाय व बाई जो होता है ये सब गड़बड़ है ये सब नए बच्चों को खाली नमस्ते करना सिखाओ उनका क्या हो गया कि टू टू साइड्स
(40:37) ऑफ़ ब्रेन और टू साइड्स ऑफ़ बॉडी एंड माइंड। देयर विल बी सिनर्जी बिटवीन माइंड एंड हार्ट। यू है ना? ये एक बड़ा समस्या आज की है क्योंकि हाउ आई हैव हार्ट बीट? वी आल्सो हैव अ ब्रेन बीट। अच्छा। ब्रेन आल्सो बीट्स। यस। ओके। नाउ देयर हैज़ टू बी अ सिंक्रोनाइजेशन बिटवीन टू बीट्स। जो 90% केसेस में नहीं होता है। एज अ रिजल्ट क्या होता है कि सोचते कुछ हैं हम। सर मतलब मन कुछ और करता है और हम करते कुछ शरीर साथ देता नहीं उसमें जो शरीर करना चाहता है वो मन नहीं करता है जो मन करता है और शरीर और एक बात इंटरेस्टिंग है देखिए कि संस्कृत में हमारे एक एक ही शब्द
(41:15) है मन मन का मतलब माइंड भी होता है मन का मतलब हार्ट भी होता है यानी इट इज इनकमसिव अब अंग्रेजी में हम लोग हार्ट एंड माइंड कहते हैं नहीं हार्ट तो क्या है कि फिजिकल पार्ट है ना हार्ट तो जो बात मन में आती है वो हार्ट में नहीं आती तो उसको रिप्रेजेंट करता है। मुद्राएं ये है। ठीक है? द पॉइंट इज़ आज की तारीख में श्लोका मोस्ट पीपल हैव मेंटल इश्यूज या तो ना उनके वरीज ज्यादा होती है। ए्जायटी होती है, डिप्रेशन होता है, एंगर होता है लोगों में। ये सब चीजें जो मेंटल इश्यूज है। उसके लिए वो क्यों होते हैं? क्योंकि ब्रेन एज आई एक्सप्लेन अर्लियर ब्रेन इज़
(41:53) नॉट नरिश्ड। सो माइंड ब्रेन इज़ अंडर नरिश्ड। यू नो से माइंड इज़ नॉट क्लियर। क्लटर हो जाता है उसमें लफज़ मतलब दुनिया भर के ब्लॉकेजेस। एंड दैट क्रिएट दोज़ प्रॉब्लम्स। व्हाट दीज़ मुद्रास डू? दे क्लियर द ब्लॉकेजेस। यू नो कहते हैं। सिर्फ चिन्ह मुद्रा है। बिकॉज़ वहां से फुल ऑफ़ एनर्जी बिकॉज़ यू आर इन फायर एलिमेंट। आपने एनर्जी ज्यादा दे दी। तो जिसको लो जो लो ऑन एनर्जी है वो ये चिन मुद्रा एवरीडे कर सकते हैं। फॉर हाउ मेनी मिनट्स? एज आई सेड मिनिमम 5 मिनट्स। मिनट्स ओके। एंड एंड कभी भी कर सकते हैं। आप गाड़ी में जा रहे हो, वर्क से आ रहे हो,
(42:25) बैठे हो कभी भी कर लो। और मेरा अनुभव ये कहता है कि अगर हम बार-बार कई चीजें करने के बजाय ना एक चीज करें। अभी जैसे हमारे क्या इश्यूज है अगर हम रिमेन प्रॉब्लम मेंटल इश्यूज है तो मेंटल इश्यूज के लिए एक कॉम्बिनेशन जैसे अब मैं आगे बताऊंगा आपको योनि मुद्रा है। ना और उसके साथ लिंग मुद्रा है। दो मुद्राएं हैं। हस्त मुद्राएं हैं। बहुत पावरफुल है। तो ये मुद्रा वो करें पहले जो जो कि उसमें प्रूवन है। योनि मुद्रा तो इतनी पावरफुल है। यू लिटरली लेविटेट आप जमीन से उठ जाते। इतनी हल्की कर देती है अब क्योंकि इट इट मेक्स द फ्लो ऑफ़ एनर्जी हॉरिजंस।
(42:59) दैट्स व्हाई योगीज़ यूज़ टू लेबिटेट और वो उठ जाते थे। उठ जाते हैं। अच्छा प्राणायाम में आपका शरीर अदृश्य हो जाता है। क्योंकि प्राणायामा एज आई टोल्ड यू आसना टेक यू फ्रॉम ग्रॉस बॉडी टू सल बॉडी। प्राणायामा प्रॉपर्ली डन विल टेक यू फ्रॉम सल टू कॉजलल बॉडी। तो बॉडी सिंस बॉडी कंप्लीटली डिसअपीयर्स। वाओ। बट इट टेक्स टाइम। सो बट इनिशियली आल्सो प्राणायाम के इंडिकेशन कहते हैं सही हुआ कि नहीं हुआ कि क्या होना चाहिए आपको कि बॉडी शुड बिकम यू नो फ्लूइड फर्स्ट और ट्रांसपेरेंट यू नो लाइक मिस्ट क्लाउड यू गेट द इंप्रेशन दैट यू कैन पुट योर हैंड थ्रू एंड थ्रू
(43:32) योर बॉडी तो प्राणायाम से होता है और मुद्राएं क्या करती है हमको कारण शरीर के में तो रखती ही रखती है उससे ऊपर ले जाती है तो मैटर का पूरा वो टेस्ट हो जाता है तो क्या होता है योर माइंड बिकम्स टूली निर्विकल्प फ्रॉम एनी थॉट एंड एंड वन माइंड इज़ बिकम्स फ्रीड। योर कनेक्शन विद द बॉडी गोज़ यू नो। तो क्या यह कारण है कि कई योगीज़ व्हेन दे डाई वो अपने आप को कंप्लीटली डिॉल्व कर लेते हैं। मतलब उनका कोई ट्रेस ही नहीं होता। मतलब ये पूरे फाइव एलिमेंट्स इतने ब्यूटीफुल तरीके से डिसइग्रेट हो जाते हैं कि कुछ भी नहीं छूटता। कबीर के बारे में जैसे कहा जाता है।
(44:07) जीसस के बारे में भी कहा जाता है। अच्छा हां। अब कबीर का तो यहां पर वर्णन आता है मतलब कई जगह कि अल्टीमेटली व्हेन पीपल मुजमली ये लोग लड़ रहे थे। कौन? हिंदू एंड मुस्लिम। हिंदू एंड मुस्लिम किंग्स हैं कि जिनको हम अपने हिसाब से करेंगे। तो फाइनली व्हेन जस्ट रिमूव द शीट वहां पर खाली कुछ फूल पड़े हुए थे। बॉडी कंप्लीट डिसपीयर्ड। सो दैट इट इज अ पॉसिबिलिटी कि बॉडी आपकी पूरी तरह से डिसअपीयर हो सके और इसके पीछे बहुत बड़ा साइंस है। अब्सोलुटली ये और ये पूरा एक ये साइंस है उन्होंने उन्होंने बोला और हमारे ऋषियों ने तो इसको साधा हुआ था ना। परकाया प्रवेश
(44:35) करते थे। ये सब चीजें खाली कहने के लिए नहीं है। ये दीज़ आर ऑल पॉसिबिलिटीज। ओके। ओके। बट दैट ओनली थिंग इज टेक्स टाइम। यू नो टू हैव दैट काइंड ऑफ एन्डोरेंस, दैट काइंड ऑफ़ पेशेंस। करेक्ट करेक्ट कि आप ऐसा नहीं कि आप दो दिन पांच दिन क्या नहीं स्वामी जी नहीं हो रहा है नहीं ये नहीं होगा वहां से उसके लिए आपको लगाना पड़ता है आप क्या करेंगे ऐसे इनको लॉक करेंगे फिंगरों को ठीक है फिर क्या है कि आपने ये जॉइन किया टिप ऑफ द इंडेक्स फिंगर एंड ट्रिम ऑफ द थंब ओके इसको आप नॉर्मली हम लोग क्या कहते हैं कि बिटवीन मणिपुर एंड स्वादिष्ट के बीच में ऐसे
(45:05) लाएंगे और बट बॉडी से लिटिल अवे फ्रॉम द आप दिखाएंगे कैसे एक्सक्टली ये करके ना अब ये अब चिपकाना नहीं है चिपकाना नहीं है इसको बॉडी से नहीं चिपकाना है बॉडी से अलग अलग रखना है इसको। ठीक है? अब आप क्या करोगे? धीरे-धीरे फर्स्ट विदाउट ब्रेथ नेचुरल ब्रेथ में और विद ब्रेथ इज मोर इफेक्टिव। ओके? आप पुल करोगे हैंड्स को अपार्ट। अब इसको हां करके। ठीक है? आप अब इनको अपार्ट पुल अपार्ट। जस्ट हैंड्स को अपार्ट करो वहां से। हां। ओके। आपके अवेयरनेस इमीडिएटली क्या होता है? आपके ब्रेथ में जाती है। एंड ब्रेथ स्टेबलाइजेस एंड माइंड विल बिकम टू
(45:37) टेंडेंट होता है। एंड क्या होगा कि ऐसा आपको लगेगा कि शरीर हल्का होता चला जाता है। कीप ऑन पुलिंग अप। कीप ऑन पुलिंग। मतलब आई एम फीलिंग द प्रेशर इन माय आर्म्स यस तो ठीक है आर्म्स में प्रेशर आर्म्स में प्रेशर होना चाहिए आपकी पूरी बॉडी एक्सपेंड करनी चाहिए आपको मैं कितना भी प्रेशर लगा सकती हूं हां हां जितना लगा सकते धीरे-धीरे करना चाहिए इसको एक ही दिन में नहीं लेकिन धीरे-धीरे करना चाहिए लेकिन क्या होना चाहिए आपको लगेगा कि आप स्लोली जब फीलिंग आएगी तो आप आंख खोल के नासागर मुद्रा में रह सकते हैं और ज्यादा इफेक्ट फील करना है
(46:05) तो आंखें बंद कर सकते हैं हम और आप पुल करो इसको आप यू स्लोली यू विल फीट एज इफ यू आर राइजिंग फ्रॉम द फ्लोर यस लुक एट दिस इट फील सो गुड टॉ में जो पॉपुलर नेम है नासा वो उसमें रहना चाहिए तो ज्यादा इसमें असर होता है उसका अच्छा बिकॉज़ देन दैट हेल्प्स कंसंट्रेशन ऑफ़ माइंड यू नो माइंड में निर्बत करने में नासा कर्म मुद्रा का बहुत वो है क्योंकि इमीडिएटली नासा की मुद्रा क्या करती है? हमारे मूलाधार और आज्ञा को जोड़ देती है। ओके एक्चुअली ये मुद्राओं का सब्जेक्ट इतना वास्ट है ना इतना गहरा है कि एक-एक के लिए हमें एक एक एपिसोड लगेगा या यू नो बेसिकली
(46:45) सो ओके सो इसको आप अच्छा एंड ब्रीथिंग कैन बी नॉर्मल इट कैन बी डन इन नेचुरल ब्रीथिंग बट इफ यू वांट मोर इफेक्ट देन इन्हेलिंग ठीक है पुल होल्ड एंड देन एक्सेलिंग अर्ली अच्छा द इफेक्ट इज़ मच मोर तो इन्हेलिंग कितने टाइम तक इन्हेल करना हुआ? हम आपकी लिमिट होती है हमारी बहुत ज्यादा तो नहीं कर पाएंगे। आपकी लंग कैपेसिटी पर डिपेंड करता है। है ना? इनेलिंग जैसे लंग आपके फिल फुल हो गए तो आप होल्ड करोगे। कितने सेकंड्स के लिए? अब होल्ड भी उतनी ही देर करोगे जब तक लंग स्टेन ना हो। ओके। एवरीथिंग इज़ डिपेंड्स ऑन योर कैपेसिटी। तो फुल इन्हेलेशन करना होगा।
(47:19) फुल इन्हेलेशन करना। फिर वहां होल्ड करना है जब तक। होल्ड एज लॉन्ग एज यू आर फील कंफर्टेबल। एंड देन रिलीज़। फुल एक्सेलेशन। फुल एक्सेलेशन। एक्सेलेशन शुड बी लॉन्ग देन इन्हेले। तो उसमेंशन करा है तो लगर करो उसको। तो क्या होता है? सारी कार्बन डाइऑक्साइड बाहर आ जाती है। से वन ऑफ द रीज़ंस व्हाई पीपल आर अनहेल्दी टुडे इज़ आवर ब्रीथिंग इज डिफेक्टिव। व्हाट इज द पर्पस ऑफ़ ब्रीथिंग इज़ एक्सचेंज ऑफ़ गैसेस। ये जो कंटैमिनेटेड कार्बन डाइऑक्साइड वो बाहर निकालनी है और फ्रेश ऑक्सीजन उनको अंदर ले जानी है। सिस्टम को देनी है। वो कब होगा? जब हम लोग डीप ब्रीथ करेंगे और उसमें क्या
(47:55) कहते हैं? उसको जो एक्सेलिंग जो है कंप्लीटली लगर कंप्लीट होगी ताकि पूरी अगर कंटिमिनेटेड एयर बाहर नहीं आएगी तो ऑन द फ्रेश एयर जाएगी कहां है ना वहां से लिमिट है उसकी तो दिस इज़ द रीज़न व्हाई आई इंसिस्ट बट सम टाइम व्हेन यू हैव टू बी अवेयर देन इट हैपेंस यू मेक योर ब्रीथिंग फर्स्ट ऑफ़ ऑल बी अवेयर ऑफ़ ब्रीथिंग। सी वन ऑफ़ द मोस्ट इफेक्टिव प्राणायामा इज़ ब्रेथ ऑब्जरवेशन। यू नो इट कैन इवन हेल्प सीरियस पेशेंट्स लाइक पीपल सफरिंग फ्रॉम कैंसर टर्मिनल डिजीज आल्सो लेट देम ऑब्जर्व देयर ब्रेथ बिकॉज़ व्हाट इज ब्रेथ? ब्रेथ इज द सिम्टम ऑफ सोल। तब तक ब्रेथ रहती है जब तक
(48:32) हमारे उसमें सोल रहती है। सोल में डायरेक्टली जाना तो मुश्किल होता है। लेकिन आप ब्रेथ के माध्यम से और आप जब ब्रेथ में अवेयरनेस ले जाते हैं तो चेतना दो ही तो सिम्टम है सोल के ना। चेतना और प्राण। हम्म। चेतना का इंग्लिश मीनिंग क्या होगा? कॉन्शियसनेस। अच्छा अवेयरनेस कॉन्शियसनेस कॉग्निशन यू नो अभी आप श्लोका है मैं कैसे किस आ पर कह रहा हूं कब तक कहूंगा जब तक मुझ में आत्मा रहेगी सोल रहेगी जिस दिन ये सोल प्रस्थान कर जाएगी आप मैं आपको देख ही नहीं पाऊंगा कॉग्निशन देन दिस टेकिंग द ऑब्जर्विंग द ब्रेथ टेकिंग कॉग्निशन टू ब्रेथ एंड
(49:06) ऑब्जर्विंग इट इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट इफेक्टिव सिंपलेस्ट प्राणायाम एंड दिस सिक पीपल कैन डू ओल्ड पीपल कैन डू इवन चिल्ड्रन फॉर उनको पताना चाहिए तो इसलिए अब यह मुद्रा क्या होती है कि हमको प्रैक्टिकल बनाती है। ओके? एंड सेकंडली इसके बाद लिंग करते हैं जो एनर्जी को उर्धमुखी करती है। व्हाट इज़ लिंग मुद्रा? ये आप इनको फंसाते हो लेफ्ट हैंड का। लेफ्ट हैंड थंब विल गो अप लाइक दिस। अच्छा। एंड दिस रिंग फिंगर योर इंडेक्स फिंगर एंड थंब विल बी अराउंड दिस। अच्छा। अगर इसको अब हम लोग नॉर्मली हार्ट और थ्रोट विशुद्धि के बीच में रखते हैं। अनाहत और विशुद्धि के बीच में। और फिर
(49:42) इसको आप अगेन वैसे ही नेचुरल ब्रीथिंग के साथ करना है। जस्ट ब्रिंग द प्रेशर ऑन द हैंड्स एस मच एस पॉसिबल। ब्रेथ करना है तो इनेलिंग के साथ में करो। इमीडिएटली श्लोकी यू विल फील दैट योर कुंडलिनी इज राइजी। सो पावरफुल। अच्छा ये किया। उसके बाद लेफ्ट थंब आपने खड़ा किया ऐसे। फिर आपने इंडेक्स फिंगर और थंब को आपको लाए इसमें। अब इसको रखा आपने अनाहत और विशुद्धि के बीच में और धीरे से विल डू इट विद ब्रेथ। तो आपने सांस के साथ में इसको टाइट किया। इसको अगेन आंखें नासाग्र मुद्रा में रह सकती हैं या फिर बंद रह सकती है। बंद करेंगे तो ज्यादा असर
(50:19) होता है। एकदम करो टाइट जितना कर सकते हैं। यू नो एंड यू फील दिस कुंडलिनी राइजिंग लिटरली कैन फील हमारा थोड़ा अभ्यास है इसलिए तो हमारे इमीडिएटली हमारी कुंडलिनी शूट करती है। ओके एंड देन विद एक्सेलिंग ब्रेथ सुपर्ब सुपर्ब। सो इट इज योनि और लिंग का अगर हमेशा साथ में करते हैं क्योंकि बहुत ज्यादा प्रैक्टिकल भी लोगों को बना के मतलब नहीं है दुनिया में रख अल्टीमेटली योर गोल इज हायर अच्छा ये दो मुद्राएं करें हस्त मुद्राएं सात दिन के अभ्यास में 15 दिन के अभ्यास में दे विल फील द कंप्लीट ट्रांसफॉर्मेशन सुपर्ब सुपर्ब कई जो होते हैं प्रॉब्लम होती है लोगों का
(50:58) जैसे वी हार्ट अगर वीक हो मुद्रा क्या कहती है हार्ट को मजबूत करती है हम लंग्स की पूरी कैपेसिटी यूज़ करते नहीं है 72000 कैपिलरीज होती हैं लंग्स के अंदर है ना जो कोशिकाएं होती हैं 72,000 होती हैं। उसमें से वी आर नॉट यूजिंग 50% 30% यू नो क्योंकि हमारा ब्रीथिंग इज सो शैलो। सो इट इज़ व्हाट मेक्स इट ओपन्स दोज़ व्हाट यू कॉल कैपिलरीज इन द लंग्स। हां ओके। ठीक है? तो ये हस्त मुद्राओं का एक थोड़ा क्या कहते हैं? वी टस्ट अपॉन इज़ अ वेरी डीप सब्जेक्ट। हस्त मुद्राएं क्या होती है? जब उपासना में काम आती हैं। उसमें फिर हस्त मुद्राएं हमारी कोई भी क्लासिकल
(51:34) नृत्य नृत्य ऐसा नहीं है जिसमें हम हस्त मुद्राएं नहीं होती। हम्म। मैं देख रही थी कि हट योगा, प्रदीपिका और और ग्रहण संहिता में बोला गया कि 400 से अधिक स्पेशल हैंड पोश्चर्स है और उनमें से 118 मुद्रा स्पिरिचुअली रेलेवेंट हैं। अब्सोलुटली मतलब आई वास अमेज्ड टू हियर कि इतनी सारी मुद्राएं हैं और आपने जैसे कहा क्लासिकल डांस में यूज़ होता है, योग में यूज़ होता है। उसके लिए अलग नृत्य की मुद्राएं हैं, उपासना की मुद्राएं हैं और खाली योग मुद्राएं जो आप मान लीजिए जैसे तत्वों के हिसाब से मैनपुलेशन के 118 मेरे ख्याल से गरण संगीता कहती है मतलब वहां से
(52:07) अति योग प्रति में तो ज्यादा है उन्होंने जिनको लोग प्रैक्टिस करते हैं नॉर्मली नो हमें एक परमात्मा ने एक बड़ी अमूल्य धरोहर दी है वो है मुस्कान उसके मुस्कान आदमी पहने उसमें कोई आदमी उसमें वो लगता ही नहीं है मतलब हर आदमी सुंदर लगता है है ना मर्द हो खास से महिलाएं हैं। मुझे सब अचल होता है कि मुस्कान क्यों नहीं वेयर करती ऑल द बिजाई मेकअप कराने के ये कराने के कराने के जस्ट वेयर स्माइल यू लुक सो ब्यूटीफुल एंड बिलीव मी आप थोड़े एक महीने दो महीने प्रयास करेंगे कि मतलब अंदर से अच्छा अनुभव होना चाहिए। चलिएगा ऐसा नहीं कि मतलब अंदर से तो दुखी हो फिर मुंह
(52:44) बनाएं वो वो नहीं होना चाहिए। ये अंदर से आपको लगना चाहिए कि और अंदर से कब लगेगा आप लगे कि आप मैं कौन हूं मैं तो मैं हूं। मैं तो अम अजर हूं। अमर हूं। मैं तो हमेशा रहने वाली हूं। न जाने कितने जीवन में पहले जी चुकी हैं। न जाने कितने आगे जिऊंगी। उसमें से एक ही है। इसको मैं इतना महत्व क्यों दूं। एक्जेक्टली। कहते हैं ना 8.
(53:06) 4 बिलियन योनिस के बाद एक मनुष्य जीवन आता है। करेक्ट? ऐसा शास्त्र शास्त्रों में कहा जाता है करेक्ट ही है जीत क्योंकि आप सोच सकते हैं इतनी इतनी योनियां है तो आदमी को अगर उस यात्रा में जाना है लेकिन अब सब शास्त्र मानते हैं सब धर्म मानते हैं कि ह्यूमन लाइफ इज रेयर अच्छा हां बर्थ ह्यूमन बर्थ एज अ ह्यूमन लाइफ इज रे रेयर बिकॉज़ ग्रेस ऑफ़ गॉड जिसको हम कहते हैं ना वहां से के उसके फिर आप कई बात है आपके कर्म ये दुनिया भर के आप कैसे बिताते हैं उसके आप है और गीता में तो कहा गया है कि एक आपका जो लास्ट थॉट होता है बिफोर यू डिपार्ट ऑन दिस बॉडी बॉडी दैट डिटरमिनस
(53:39) व्हाट विल बी योर नेक्स्ट पार्ट। तो अगर आप पूरे जीवन अच्छा जीवन जी रहे हैं। हमेशा जैसे गांधी जी ने कितनी कोशिश की मतलब वो राम राम राम राम कहने वहां से हो के क्योंकि वो उस उस लोक में जाना चाहते थे तो ये लास्ट थॉट वो डिटरमिन करता है बर्थ को एंड मुद्रास कैन हेल्प विथ दैट क्योंकि आपका लास्ट थॉट सात्विक अब्सोलुटली होगा तो आप यू विल हैव अ सात्विक बर्थ अब्सोलुटली ठीक है मामा सो आई थिंक हमने कवर कर दिया हस्त मुद्रास कवर्ड यस इन मुद्राओं में हम क्या करते हैं कि जिसमें सांस सेकेंडरी होती है चक्रा इंपॉर्टेंट होते हैं जब एलिमेंट्सेंट होते
(54:11) हैं तो हम वी मूव द अवेयरनेस बिटवीन टू चक्रास इसमें नॉर्मली क्या करेंगे हम स्वादिष्टा और विशुद्धि दोनों का पद क्या कहते हैं एक तरह से क्लीज़िंग वाले हैं दोनों से ना वहां तो स्टोरेज पॉइंट है यहां वो हॉट रहती है कौन कुंडलिनी यहां बहुत हॉट रहती है मणिपुर मणिपुर लिटरली व्हेन यू फील इट विल फील लिटरली बॉइलिंग हॉट रहती है इन द मणिपुर का मणिपुर में अच्छा यस फायर एलिमेंट एंड विशुद्धि आती है तो बिल्कुल आइस कोल्ड हो जाती है सो एंड जब लोग कहते हैं मतलब कैसे मालूम पड़ता है कि आपकी कुंडली है तो विल फील दैट बैठे ना जब वो आप कुंडली ऊपर ले जाएंगे यहां पर हॉट
(54:45) लगनी चाहिए एकदम वहां से फिर आएंगे अनहत आकर के विशुद्धि में जाएंगे विशुद्धि में रखेंगे तो बिल्कुल में मिनटों में सेकंडों में वो ठंडी होती है एंड यू फील दैट अब्सोलुटली कोल्ड एक मुद्रा जिसे हम लेविटेट कर सकते हैं उसमें क्या है कि लेविटेशन के लिए क्या है कि जैसे बंद को ज्यादा इफेक्टिव माना जाता है बंद बंद का मास्टर कर ले उसके बाद फिर कोई भी मुद्रा करेंगे तो वहां से लेविटेशन में क्या है देखिए सबसे बड़ी बात लेविटेशन के लिए क्या है कि प्राणायाम ज्यादा इफेक्टिव है। अच्छा क्योंकि यू हैव टू ट्रांस योर ग्रॉस एंड सल बॉडी। सो आसनों से आपने ग्रॉस बॉडी सटल
(55:19) ओके ट्रांस कर गए। प्राणायाम से आप सटल बॉडी ट्रांस करने के कॉजलल में जाएंगे। देन यू कैन देन यू कैन बी एट टू प्लेसेस एट सेम टाइम। सो प्राणायाम इज़ वेरी वेरीरी पावरफुल फॉर दिस थिंग दिस। देन मुद्राएं क्या करती है? उसको हेल्प करती है और मुद्रा में हम प्राणायाम यूज़ करते ही करते हैं। इन्हेलिंग के साथ में जैसे अभियोनी मुद्रा है। अब योनि में क्या है कि एनर्जी इतनी हम लोग इसको रिस्पेक्ट कर देते हैं कि बॉडी सेंस डिसीपेट हो जाता है और सांस के साथ करोगे तो फिर और बिल्कुल लाइट हो जाते हैं आप ना वहां से। तो दैट आल्सो कैन गिव यू थिंग। और फिर एक्चुअल लेबिटेशन जो
(55:50) फिजिकल लेबिटेशन होता है वो खिचड़ी में होता है। अच्छा अच्छा। अच्छा। खिचड़ी मुद्रा जो है टंग लॉक जो है ना टंगर के उसमें आप खिचड़ी मुद्रा के क्या फायदे हैं वैसे? बहुत फायदे हैं खिचड़ी के। खेचड़ी मुद्रा वैसे क्या होना चाहिए कि लोग क्या करते हैं टंग को लंबी करते हैं पहले ना ब्लैक टेस्ट से लंबी करके उसको फिर मोड़ टंग को मोड़ा आपने पहले टंग को बाहर लेकर के टर्न द टंग बैक। सो द लोअर पार्ट ऑफ़ टंग टच द अपर पैेट एंड टिप गोज़ बैक। नाउ व्हाट इज़ द टारगेट ऑफ़ द टिप? द नस्ट्रिल्स फ्रॉम इनसाइड वी हैव टू ब्लॉक देम देयर। एंड वंस यू ब्लॉक दैट द सेंस द कनेक्शन बिटवीन
(56:30) माइंड एंड सेंस स्नैप्स कंप्लीटली स्नैप्स बैक प्रॉब्लम से छुटकारा पाने के लिए कौन सी मुद्रा की जा सकती है? एक मुद्रा है मुद्रा नहीं उसमें एक पहले वो आसन है वो आसन अचूक है जिसको कहते हैं क्रोकोडाइल पोज़ यू नो क्या कहते हैं मकरासन अच्छा आप मकरासन करो उसमें मकरासन में क्या करो कि आप अवेयरनेस को अलोंग द स्पाइन ले जाओ उसको ना तो उसमें क्या होगा कि फिर आपका कोई नहीं करना मकरासन क्या है मकरासन में क्या करते हैं आप लाई ऑन योर स्टमक टेक द चिन योर इन योर पाम एडजस्ट द एल्बोज़ इन सच व्हेरवर द बैक प्रॉब्लम इज़ देयर योर स्ट्रेस गोज़ देयर यू नो द अटेंशन गोज़ देयर
(57:12) और द प्रेशर गोज़ देयर एंड देन स्लोली विथ द इन्हेलिंग ब्रेथ फोल्ड द लेग्स एंड ट्राई टू टच योर हिप्स विथ द टोज़ तो क्या होता है इड एंड पिंगला दोनों खींचती हैं तो यू विल फील दैट राइट फ्रॉम अप टू अप टू इयर्स यहां तक ना इड एंड पिंगला जाएगी तो एनी काइंड ऑफ़ बैक पेन गारंटीड क्रॉनिक बैक आल्सो मकरासन से जाएंगे ओके वन एंड मुद्रा टिप फॉर कॉन्स्टिपेशन रिलीविंग कॉन्स्टिपेशन या फिर कोई भी डाइजेस्टिव इशज़ सी द पॉइंट इज देयर इज समथिंग कॉल्ड नली व्हाट इज नली नली इज़ स्टमक मसाजिंग रोटेशन एक्चुअली वो तीन तरह की होती है सबसे पहले हम उसको
(57:51) कहते हैं चक्र नौली उसमें रोटेट द नथिंग ओके फिर बाम नॉली हम स्टमक को बाई तरफ ले जाते हैं बाम लेफ्ट को फिर हम लोग बहुत डिफिकल्ट है बाबा रामदेव को देखना डिफिकल्ट नहीं प्रैक्टिस यू कैन डू एवरीबडी एवरीबडी कैन डू इट बट पीपल विल हैव टू बी पेशेंट ओके और करना चाहिए उनको यानी कि भ रामदेव की तरह रामदेव तो क्या उनको कई सालों के साधना है और एनी ही है केप्ट ह बॉडी दैट वे सी द होल थिंग तो हां करते बट एनीबडी कैन डू दैट ओके मैं सुबह सुरेंद्र को देख रहा था उनका इतना बच्चा हो गया बढ़िया कर सकते हैं वो ना अगर वो हां करके उसमें ज्यादा फैट नहीं
(58:29) होनी चाहिए ना वहां पर तो इसलिए तो ये नली जो है उसके लिए सबसे अच्छी है मतलब कहते करने के लिए आपका उसको करने के लिए पर एट द सेम टाइम आपके जैसे जो जो भी आपकी यानी कि मुद्राएं हैं जैसे क्या कहते हैं आपके लोअर एब्डोमेन के ऑर्गन्स को इफेक्ट करती है जो मेनली रिस्पांसिबल पर सी द पॉइंट इज़ एक्चुअली इफ यू गो टू सी फॉर दिस इज़ द माइंड दैट इज़ रिस्पांसिबल फॉर ऑल द बॉडी फंक्शनंस यू नो तो अगर आपने कोई भी मुद्रा की जो जैसे कि माइंड नरिश हो गया ब्रेन नरिश हो गया माइंड एफिशिएंट हो गया वहां से तो इट विल हेल्प हम ओके देखा आप नींद नहीं आ रही ये नहीं आ रही तो
(59:06) उसके लिए आप क्या कहते हैं आपने क्या कहते हैं कि आपके कोई भी जिसमें ऐसी माइंड जो काम योर माइंड जैसे मैंने बताई आपको काकी कर दी आपने एक भुजंगी होती है जो सांप की तरह हम ब्रीथिंग करते हैं सर कोई भी आप एक बार दिखा दीजिएगा व्यूअर्स को जो नींद नहीं आ रही बहुत बड़ी समस्या है तो नींद नहीं आ रही अच्छी नींद कैसे आई तो व्हाट इज द वन टिप आदि मुद्रा में ना ये आधी मुद्रा में जाकर के पाम ऊपर रख के या फिर आम नीचे रख के आप इसमें रहो थोड़ी देर आपको इमीडिएटली आप यू विल फील दिस क्यों होता है माइंड पूरा नीड बिक यू गो टू द ओरिजिन सोर्स नो
(59:40) दैट इज़ वेरी पावरफुल ओके अच्छा आदि मुद्रा सोर्स से जोड़ती है तो उसको चारों तीन उंगलियां उसमें लेकर के एंड नॉट टू टाइट क्योंकि अवेयरनेस वहां चली जाएगी अवेयरनेस हम लोग चाहते हैं जहां ले जाना हो तो अब उसके लिए जाना है तो हम लोग क्या करेंगे कि आज्ञा चक्र में रखेंगे आज्ञा चक्र में वहां यस थर्ड आई ओके और इसको आप हां जी ऐसे भी कर सकते हो तो क्या होगा कि यू विल फील मोर ग्राउंडेड ओके तो सोने के लिए ज्यादा सही है। अच्छा और आइज क्लोज करके आइज क्लोज करेंगे और फोकस यहां पर बहुत आगे फोकस यहां पर ओके कितने टू थ्री मिनट्स हां टू थ्री मिनट इसमें पांच मिनट तक भी
(1:00:16) कर सकते हैं ना करेक्ट ठीक है मान मुद्राएं या शीर्ष उनको क्या कह दो नाम है उनके मान हिंदी में प्रोफेशियल और हेड लॉजिक क्या है मान में कि हमारी जो सेंस ये जो पांचों सेंस हैं ये मान चेहरे पर है कान सर पर यहां है जैसे जो ईथर एलिमेंट करता उसके बाद फिर आपका क्या इथा 11 को गवर्न करता है। यस हियरिंग इज इट शब्द क्योंकि इट्स द फर्स्ट थिंग दैट सी एस अ बाइबल आल्सो सेस फर्स्ट केम द वर्ड यू नो वर्ड हम लोग भी मानते हैं ओम जब सृष्टि बनी तो ओम से बनी यू नो करेक्ट करेक्ट करेक्ट तो ओम क्या है शब्द है वाइब्रेशन है वहां से और उसको कौन किसने सुना सबसे पहले
(1:01:00) कानों ने सुना दिशाओं में गूंजाओ कानों ने सुना दैट इज हाउ द इयर्स गॉट फॉर्म द इयर्स आर वेरी वेरीरीेंट इन स्पिरिचुअल पॉइंट ऑफ व्यू हम कामों का कैसे इस्तेमाल करते हैं क्योंकि दैट इज़ द फर्स्ट डेवलपमेंट ऑफ इन टर्म्स ऑफ़ फर्स्ट इवोल्यूशन यू नो फर्स्ट मैनिफेस्टेशन जो हुआ ओक कानो का हुआ उसके बाद फिर दूसरा ओकानो में हुआ फिर स्किन का हुआ एयर एलिमेंट टच ओके अच्छा एयर स्किन इज़ गवर्न बाय द अर्थ एलिमेंट एयर एलिमेंट टच टच यू नो एंड व्हाट यू टच यू टच सम ऑब्जेक्ट यू नो ये ऑब्जेक्ट का कौन मैसेज कर रहा था दैट इज द सेकंड एलिमेंट एयर इज़
(1:01:42) हियर हैज़ टू एलिमेंट्स ईथर एंड एयर तो कान के बाद स्किन डेवलप हुआ स्किन डेवलप हुआ अच्छा सो एवोल्यूशन में भी हुआ होगा यही हुआ यही हुआ यही है दिस इज़ द एवोल्यूशन प्रोसेस उसके बाद फिर फायर एलिमेंट उससे क्या बनी आंखें दृष्टि ओके ओके ओके ठीक है ओके उसके बाद बनी जीवा मतलब टेस्ट एलिमेंट इससे वाटर से एंड लास्ट में मनी गंध स्मेल अर्थ एलिमेंट सो दिस इज शब्द कहां से सुनते हैं कान से ठीक है किसी चीज को हम टच किससे करते हैं अपनी स्किन से मुद्राएं अजीब चीज है ये आपकी क्या कहते हैं कि आपको स्किन को इतनी
(1:02:28) सेंसिटिव कर देती है कि उससे आप टच कर जैसे हीलिंग आप टच करके लोगों के रोग दूर कर सकते हैं ना क्योंकि ईच एलिमेंट है ना उसमें तो दो एलिमेंट है कौन सा फाइन एलिमेंट ईथर एंड एयर एलिमेंट और ईथर की ब्यूटी क्या है कि इट कैन पेनिट्रेट एनीवेयर तो मान मुद्राओं में कुछ मुद्राएं बहुत पावरफुल मुद्राएं हैं एक तो सिंपल है जो मैं कह रहा था नासागर नासिका अग्र मुद्रा उसमें आप क्या करते हो कि आप सिद्धासन पद्मासन किसी आसन में बैठोगे उसमें शर्त यह है कि मेडिटेशन इसके लिए सुखासन में भी बैठकर करा जा सकता है कर सकते हैं लेकिन शर्त यह है कि आपकी
(1:03:02) स्पाइनल कॉर्ड स्टेट रहे हेड स्टेट रहे टिल्ट असाइनमेंट टिल्ट करे हेड स्टेट रहे और फिर उसके बाद जब आप मुद्राओं में जाते हैं तो देयर शुड बी टोटली फ्री होना चाहिए ना कि क्या कहते हैं कि आपका जो मूवमेंट जो है वो स्ट्रेन ना हो उसमें रुकावट ना आए। अब उसके लिए जो मेडिटेटिव आसना जैसे आठ होते हैं उनमें से किसी भी आसन में जा सकते हैं। उसमें आप सुखासन भी सहज सुखासन भी है। पद्मासन है। देन सिद्धासन है। सिद्धस ना सिद्ध योनि आसन है। फिर स्वस्तिका आसन है। व्हिच सिंपल कंप्लीट टू दैट थिंग। फिर वज्रासन है। फिर भद्रासन है। उसके बाद फिर एक दो आसन बहुत होते
(1:03:41) हैं। वात धीरासन वज्रासन में ये करते हैं। ऐसे हाथों को ना करके दो ब्रेथ बैलेंसिंग पोज़ अमेजिंग। तो नेचुरली भी कभी-कभी हम ऐसे कर लेते हैं ना अब्सोलुटली क्या है इसका ये बैलेंससेस और इडा एंड पिंगला तो दोनों उनमें ओवरसी एनर्जी होनी चाहिए बैलेंस होना चाहिए तभी सुषुमना एक्टिव होगी तो जब तक सी एंड पिंगला बैलेंस नहीं रहेंगी द लेफ्ट एंड द राइट ना राइट एंड द नाड़ी जब तक वो बैलेंस नहीं होंगे नहीं होंगे सूर्यन चंद्र नाड़ी जिसको कहते हैं सुषुमना एक्टिव होगी तो ये है उसके बाद एक मेडिटेटिव आसना है जिसको हम कहते हैं आनंद मदिरासन लिटरली श्लोक क्योंकि वज्रास में जब बैठो
(1:04:19) अंगूठा बाहर करके आप उन प्रेशर डाल करके उसमें बैठो अंगूठा क्योंकि सी फिंगर्स अगेन रिप्रेजेंट आवर सेंसेस है ना कनेक्शन बिटवीन सेंसेस एंड माइंड डम्स इट स्नैप बट इट बिकम्स वीकर यू नो तो क्या होता है उसमें आपको क्या धीरे-धीरे यू गेट इंटू द स्टेट ऑफ इंटॉक्सिकेशन जो आप इसे जैसे नाम ही आनंद मदिरासन है मदिरा मतलब शम तो मैं कहता हूं लोगों को बजाय शैंप वाइन वाइन पीने के उसमें जो आनंद मदिरासन में उसमें वो वो आता है। ठीक है? ये ये आठ जो है हालांकि उसमें एक वो भी बहुत पावरफुल मत है। ध्यानवीरासन वज्रासन में जाएंगे आप। फिर उसमें क्या
(1:04:57) करोगे? एक ये हाथ ऐसे रख के है ना वहां से और एंड हैंड विल गो ऑन द नी और एक एक पैर नीचे पीछे है मतलब वहां से ना वचन। तो यह भी क्योंकि अब ये भी इतना पावरफुल है कि सी देन व्हेन देयर वा नो द साइंस वाज़ नॉट सो एडवांस बट वार यूज़ टू बी देयर द सोल्जर्स शुड गेट टू इट मेली वंड क्या के होते थे भालों के होते थे तीरों के होते थे तलवारों के होते थे इनके वहां हाउ डिड दे हील बाय गोइंग इंटू दिस एंड यू कैन सो पावरफुल अच्छा लेकिन लिटरली उसको कहते हैं ना टांके लगा देना कम से कम उसमें स्टिचेस वो वो फिर इफेक्ट आ सकता है उसमें से आप भगाओं को करके कंसंट होल थिंग
(1:05:40) इज कंसंट्रेशन ऑफ़ माइंड यू नो बेसिकली आई टेक इट दैट हम लोग वो क्या कहते हैं कि वो प्लानिंग हीलिंग कराते हैं और उसमें वही है कि उस पर्टिकुलर पोर्शन को अब उसको लिटरली यू कैन इरेज द प्रॉब्लम एंड वी हैव सक्सेसफुली रिमूव्ड अ सॉर्ट ऑफ़ असिस्ट फ्रॉम यूटेरस ऑफ़ फीमेल बाय प्लानिक हीलिंग। क्या होता है कि उनको ऑपरेट करो तो फिर वापस आ जाती है ना वहां से। एक बार आपने इसे पुरानी किलिंग से हटा दिया हमेशा के लिए वो हो जाती है। तो ये चीजें हैं। तो सब खेल उसमें भी वही एलिमेंट्स का और उसका है। सबसे आसान और इफेक्टिव जो है और बहुत ही लोकप्रिय भी है वो उसको कहते हैं
(1:06:20) नासाग्र दृष्टि या नासाग्र मुद्रा। नासिका का मतलब होता है नोज। अग्र मतलब टिप और जब हम दृष्टि को अपनी साइड को नासाग्र उसमें लाते हैं तो क्या होता है कि हमारी जो स्पाइनल कॉर्ड होती है वह राइट फ्रॉम मूलाधार। टू आज्ञा स्टेट हो जाती है। तो मेनली अल्टीमेटली जब तक कुंडलिनी जनरेशन पॉइंट इज मूलाधार ओके स्टोरेज पॉइंट इज़ मणिपुर प्यूरिफिकेशन पॉइंट इज़ विशुद्धि एंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट इज़ आज्ञा इट गेस डिस्ट्रीब्यूट ओनली फ्रॉम आज्ञा। सो अनलेस इट रीचेस देयर आपका वहां तक आप विशुद्धि तक लाए भी तो भी उसका उपयोग नहीं है। तो इसलिए वो जान तो इसलिए
(1:06:58) दिस पोर्शन इज़ वेरीेंट। तो इसलिए दो मुद्राएं हैं। पहली है नासाग्र दृष्टि। उसमें हम क्या करते हैं? मेडिटेटिव पोज़ में बैठ के आप क्या करेंगे कि अपनी पहले तो उसमें हम उसमें जाने के पहले हम क्या कहते हैं? एक भूचरी होती है मुद्रा उसमें जाते हैं। नासाग्र दृष्टि को भी भूचरी मुद्रा भी कहते हैं इसी को। यही भी भूचरी है। ठीक है? वो दो नाम है इसके नासाग्र दृष्टि उसको डिस्क्राइब्स द एक्चुअली व्हाट वी आर डूइंग एंड भूचरी मुद्रा में मुच्छ क्या होता है कि आप यू यू सी नथिंग है ना राइज़ अबव द थिंग बेसिकली। तो ये क्या करती है कि सबसे पहले आपको
(1:07:32) निर्विकल्प करती है। माइंड बिकम्स थॉटलेस। ओके? सेकंडली इट इज़ मोस्ट इन द सेंस इट इंटीग्रेट्स अ मूलाधार चक्र एंड अज्ञान चक्र। दैट्स अ वेरी डायरेक्ट कनेक्शन बिकॉज़ यू नो नासाग्र दृष्टि का। और इसको हम मूलाधार को एक्टिवेट करने के लिए नासाग्र दृष्टि का इस्तेमाल करते हैं। एक्टिवेट करने के लिए। ठीक है? तो ये एक तो नासाग्र दृष्टि हो गई या भूचरी मुद्रा हो गई। दूसरी है शभोई मुद्रा। इसकी कहानी यह है कि जब पार्वती ने शिव से कहा कि भैया तो रहते कुछ हमें भी बताओ उन्होंने। उन्होंने कहा ठीक है। मैं आपको एक ऐसा मुद्रा देता हूं कि उसका और कुछ करने की
(1:08:12) जरूरत नहीं है। तब उन्होंने पार्वती को ये शंभवी शिव एंड शंभू एंड शंभवी शंभवी पार्वती का नाम है ना। शंभू शिव का एक नाम है और शंभई मतलब वहां से तो उस उसमें क्योंकि शिव के नामों की इनकी एक होती है कि हर हर नाम का एक उस एक उसकी अपनी कहानी होती है ना उसमें ऐसे ऐसे अब शंभू का मतलब क्या होता है वो हमेशा खुश खुश है ना बिल्कुल अपने उसमें रहते हैं आनंदित में रहते हैं तो उन उस दृष्टि से वो गुण सिखाने के लिए उन्होंने शाम मुद्रा बताई अब शाम मुद्रा में आप क्या करते हैं कि पहले आप नासागर दृष्टि में जाएंगे देन अपनी जो पीपल ऑफ द बोथ द आइज उनको विल
(1:08:52) ब्रिंग आप देखेंगे तो आई दे विल कम क्लोज टू योर नोजिंग ओके आप धीरे से आंखों को ऊपर करेंगे टेक इट टू आज्ञा चक्र ठीक है। सबसे पहले हम नासा मेडिटेड आसन में बैठे चिन मुद्रा यू कैन गेट फेसिंग चिन पाम फेसिंग अपवर्ड देन उसके बाद फिर आप फिर नासाग्रम मुद्रा ये आप ज्ञान मुद्रा में भी कर सकते हैं ये पाम्स फेसिंग डाउन पाम फेसिंग डाउन ज्ञान या चिन्ह में आप हाथ आपके हैं आप मेडिटेटिव आसन में किसी
(1:09:37) में है और उसके बाद पहले आप नासागर मुद्रा में जाएंगे या उचली मुद्रा जो कहते हैं उसमें क्या गज को आप टिप ऑफ द नोज फिक्स करेंगे एक बार वहां गेज पूरी फिक्स हो गई तो फिर आंखों को आप ऊपर टर्न करोगे रोल द लिटरली रोल द आइज आप तो क्या होगा कि वो जाग के आज्ञा चक्र में हो जाएंगे मैंने नोटिस किया कि यू आर नॉट ब्लिंकिंग जब आप नहीं तो ब्लिंक नहीं करना चाहिए ब्लिंक होते ही नहीं है ब्लिंक होगा ही नहीं अच्छा एवरीथिंग गेस स्टिल यू नो यू डोंट सी एनीथिंग दे नो थॉट नथिंग कंप्लीटली फ्री फ्रॉम एववरीथिंग वेरी पावरफुल और स्ट्रेंज जो पड़ रहा यहां
(1:10:18) हां आज्ञा चक्र में क्योंकि हम लोग को आदत नहीं है ना उसको करने की आप प्रैक्टिस करेंगे तो नहीं पड़ेगा। ओके ओके और ये कितने मिनट्स तक किया जा सकता है? अगेन वी स्टार्ट विद 2 मिनट्स 1 मिनट 2 मिनट गो टू 5 मिनट्स मोर देन एंड हाफ अमेजिंग ठीक है। तो ये शाम मुद्रा हो गई। और कौन से आसन में करना हुआ? एनी ऑफ़ द एट आसन। एनी मेडिटेटिव आसन वेयर बैक हैज़ टू बी स्टी। एंड बिफोर दैट यू आर डोंट इट्स अ सेकंड स्टेज ऑफ़ नसाग दृष्टि। क्या ये इंसान बैठे-बैठे चेयर में भी कर सकता है? हां। अगर स्पाइन सही है, सही है। गर्दन सही है तो करके टिल्ट नहीं करना।
(1:10:51) एंकल्स क्रॉस करके एंकल्स क्रॉस करके नहीं नहीं मैं वो तो मेरी आदत है। हमेशा बैठना ऐसे चाहिए। इक्वल ऑन बोथ द हीटा एंड पिंग क्रॉस नहीं करना चाहिए। क्रॉस हमारे सभ्यता के हिसाब से पैर को क्रॉस करके बैठना गलत माना जाता है। अच्छा एंड देयर इज़ अ साइंटिफिक रीज़ फॉर दैट। क्या होता है वो करते हैं तो आपका या तो बाहर उसमें इडा में जाएगा या पिंकला में जाएगा जब आप ऐसे बैलेंस है अभी दोनों में मेरा इक्वल है तो क्या होगा दोनों में रहेगा तो मेरी सांस जो है दोनों नाकों से चलेगी तो देन सुष्मना एक्टिव होगी लेकिन जहां मैंने ऐसा किया तो मेरी राइट एक्टिव
(1:11:27) हो जाएगी पिंगला राइट हो जाएगा क्रॉस जहां मैंने ये किया लेफ्ट एक्टिव हो जाएगी ह्यूमन बॉडी इज सिंपली सिंपल बट इट्स मोस्ट कॉम्प्लिकेटेड पीस ऑफ इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रूमेंट तो आपने राइट एंगल अगर तो क्रॉस क्रॉस किया ओवर लेफ्ट तो आपकी पिंगाला एक्टिव एक्टिव हो जाएगी और आपने लेफ्ट एंकल को क्रॉस किया राइट से तो इडा एक्टिवेट हो जाएगी ब्यूटीफुल और अगर तो हम ऐसे बैठे हैं जैसे हमें वेस्टर्न स्टाइल में सिखाया जाता है लाइक हाउ आई एम सिंग वन लेग क्रॉस्ड ओवर दी अदर लाइक दिस इसका भी वही हां सेम इफेक्ट इसका भी वही अच्छा अच्छा कुर्सियां हमारे यहां होती नहीं थी चेयर
(1:12:04) का जो कल्चर है ना ये इज अगेंस्ट योगिक प्रैक्टिस अगेंस्ट एनी स्पिरिचुअलिटी क्योंकि जो धरती का टच है पृथ्वी का अर्थ एलिमेंट का वो आप उसको यू मिस दैट आप कितना भी कोशिश करो आपके हर अंग जो है सीधा नहीं हो सकता है इसमें थोड़ा यहां से झुकेगा वहां झुकेगा एंड व्हाई इज दैट टुडे मोस्ट पीपल सफर फ्रॉम बैक प्रॉब्लम बिकॉज़ ऑफ़ और अर्थराइटिस और अर्थराइटिस हो जाता है बाद में फिर क्योंकि उठना बैठना तो है ही नहीं घुटनों की एक्साइट एंड एंड दैट्स अ बिग इशू बाद तभी बोला जाता है चेयर इज द न्यू कैंसर अब्सोलुटली [हंसी] तो मैं तो हम तो ये
(1:12:39) कहते हैं जो हमारे हमारे वहां स्टूडेंट आते हैं। कम से कम एक कमरे से जाकर के सारे चेयर उसके फर्नीचर बाहर फेंको। फ्लोर में डालो। उसमें बैठो वरना मतलब आपके आधे से अधिक समस्या है तो उसी से हल हो जाती है। देन उसमें एक काकी मुद्रा आती है। क्या कहते हैं? क्रो ब्रीथिंग जैसे क्रो कैसे वो करता है ना उसमें माउथ को पर्स करके आप सांस को लेते हो धीरे जैसे ऐसे ऐसे शीतली और शीतकारी में जैसे करते हैं उससे सिमिलर है यहां से। लेकिन मुद्रा है ये। अच्छा। तो एनी वन ऑफ़ दीज़ जो भीेंट है वो आप व्यूअर्स को बता सकते हो। व्हिच व्हिच मुद्रा कैन टेक मोस्ट
(1:13:10) मेरे ख्याल से दिस इज़ दिस व्हाट यू कॉल काकी इज़ इंटरेस्टिंग ना ओके बाकी में आप क्या करेंगे आप में बैठो आप और नासाग्र मुद्रा में जाओ ऑल दीज़ आर नासाग्र मुद्रा से जुड़ी है ठीक है और फिर क्या करोगे पर्स योर लिप्स एंड इन्हेल स्लोली एंड द लंग्स आर फिल्ड क्लोज द माउथ एंड एक्सेल थ्रू द नोज़ स्लोली लोअर। एंड अवेयरनेस शुड बी ऑन द लोअर ब्रेथ एंड
(1:14:00) द साउंड इट मेक्स। अमेजिंग यू नो क्या सूदिंग कूलिंग एंड माइंड इट कॉम्स योर माइंड कंप्लीटली माइंड को एकदम शांत कर देता है ना उसको देन कम्स द लास्ट कैटेगरी फिफ्थ कैटेगरी व्हिच इज कॉल्ड आधार बेस मुद्रा इसमें बेसिकली दो मुद्राएं होती है एक जिसको हम जेनिल पर करते हैं एक एनएस पर करते हैं एनएस वाली दोनों के लिए कॉमन है इसको इसका नाम अश्विनी मुद्रा है अश्व में क्या होता है हॉर्स हॉर्स शेस् और एक बार क्या बताएं इवेकुएट करता है आपने कहा तो उसके बाद एनस को स्क्वीज़ करता है। अच्छा। द सेम एक्शन। आई कैन डू आई कैन डू दिस सिटी आल्सो ना।
(1:14:44) मैं बैठी हुई हूं और मैंने एनएस को यस। आप बैठ के भी कर सकते हैं उसको। ओके। उसको अच्छा दैट्स अ मुद्रा। इट्स अ मुद्रा वेरी वेरी पावरफुल मुद्रा। इसमें क्या होता है कि करने के लिए और कई रोगों का अचूक इलाज है। डाइजेस्टिव सिस्टम के रोग होते हैं आपके। महिलाओं के लिए तो ये अचूक है। उनके क्या होते हैं कि जो मेंसुरेशन इर्रेगुलर हो, यह हो, बर्निंग होती है, डिस्चार्ज होता है। कई चीज़ होती है उनके। उसके लिए अजीब वो है क्योंकि कार्य उसको आपके पूरे जो आपके ये ऑ्ग ऑर्गन्स हैं उनको टोन अप करता है लेटर ओके तो बैठे-बैठे मैंने बस एनल मसल्स को
(1:15:15) स्क उसको क्या करना है हां उसको स्क्वीज़ करना है छोड़ना है स्क्वीज़ करना है उसको आप विदाउट नेचुरल ब्रेथ में भी कर सकते हो विद ब्रेथ भी करते हो ज्यादा इफेक्टिव होगा ओके और हम इसको कभी-कभी आजकल हम एक प्रयोग कर रहे हैं खिचड़ी के साथ में वो चाहिए ब्रीथिंग खिचड़ी मुद्रा के तो और उसमें वो आ जाता है मतलब जान आ जाती है तो अश्विनी मुद्रा तो इसको ब्रेथ के साथ विदाउट द सुपरविजन ऑफ़ अ गुरु भी किया जा सकता है। इसको आप विदाउट इसको भी कर सकते हैं। बस करके। सो प्लीज गाइड अस विद द ब्रेथ एंड विदाउट द ब्रेथ। व्हाट यू डू इज यू सीट इन एनी मेडिटेटिव
(1:15:45) पोज़। ओके? इसको वज्रासन में भी कर सकते हैं। बहुत अच्छी तरह होता है ये। या फिर चेयर में बैठे-बैठे भी। चेयर में बैठे-बैठे ही प्रॉब्लम आएगी उसमें। हां। आपके जो पैर जो है ना ये फोल्ड वो रहेंगे। तो उसमें वो ग्रिप आपको नहीं आएगी। कर सकते हैं। वैसे वो पियर में भी मेरे कर सकते हैं। आई विल टी बैठने को आदमी अगर क्रॉस लेग बैठे इसमें चेयर में भी तो ज्यादा सही रहेगा। लेकिन अब वो कोई वृद्ध लोग जिन अर्थराइट को फोल्ड नहीं कर सकते वो कर सकते हैं। लेकिन क्या होना चाहिए? उसमें बैक बॉडी स्टेट होनी चाहिए। और क्या कहते हैं शरीर का जो वो है वजन इक्वली डिस्ट्रीब्यूटेड
(1:16:18) रहना चाहिए। सी दैट इज़ द पॉइंट। वासना में क्या करते हैं कि शरीर के वेट को वो खाली आपके हिप बोन पर या नहीं उसको इक्वल उकल डिस्ट्रीब्यूट करते हैं ना तो वो वो फील होना चाहिए तो सपोर्ट करो अवेयरनेस टेक द अवेयरनेस टू द स्पिंस्टर ऑफ द एनस जो उसका जो होता है ना वहां से और उसको फिर पहले या तो एक उसमें दोनों कर सकते हैं आप एक हीलिंग ब्रेथ में कर सकते हैं इन्हेलिंग में उसको स्क्वीज़ करो और फिर छोड़ो स्क्वीज करो छोड़ो स्क्वीज करो छोड़ो अच्छा हां ओके बहुत पावरफुल है। ओके। तो पाइल्स रिलेटेड हेमरॉइड्स हेमरॉइड पायल्स अल्सर्स इवन कैंसर यू नो
(1:16:58) कोलन कैंसर को भी ये ओके ओके सुपर्ब सुपर्ब एंड पर्टिकुलरली द वेस्टर्न पीपल हु डोंट यूज़ वाटर ना ये पेपर करते हैं उनको उनके अक्सर एनएस में प्रॉब्लम रहती है ना अच्छा यू शुड ऑलवेज वाश योर एनल एरिया विथ वाटर आफ्टरिंग बैक नॉट ओनली दैट आपको उसको क्या जैसे हम वो करते हैं ना क्या कहते हैं उसको लेडी धोना चाहिए मतलब लिटरली करके ना क्योंकि लोग आजकल टिश्यू पेपर यूज़ कर लेते हैं बाथरूम गए टिशू पेपर यूज़ करके बस छोड़ दिया दैट इज़ दैट इज़ द इनविटेशन टू प्रॉब्लम्स अच्छा उसमें करके हमेशा इसलिए पानी जो नियम बने हैं ना शौच का नियम ये था कि उसके बाद
(1:17:36) धोना चाहिए और उसमें भी नियम है कि सात बार धो नौ बार धो ये करो हां उसका ये भी नियम है वहां से नहीं टेल मी दिस आई डोंट नो दिस हां क्योंकि जैसे क्या होता है कि अगर आपने शौच के पहने वाला लोकेशन के बाद तीन बार धोते हैं। किसके बाद? लघु शंका आपने की। लघु श यूरिनेशन के बाद में लघु शंका कहते हैं। उसको यूरिनेशन किया। उसके बाद आपने उसको अंग को तीन बार धोते हैं। यूरिनेशन के बाद भी धोना चाहिए। धोना चाहिए। बिल्कुल धोना चाहिए। और उसके बाद मैन एंड वुमेन आर लाइक दोनों। दोनों आदमी कोली यस पर्टिकुलली बट वुमेन इज़ मोरेंट। यू नो मैन तो दोनों को करना
(1:18:13) चाहिए। मैन को भी करना चाहिए। लॉट ऑफ़ प्रॉब्लम्स आर बिकॉज़ ऑफ़ दे डोंट वाश। एंड देन उसमें क्या होता है जो ड्रॉप्स रह जाते हैं ना उसमें बाद में लास्ट में ना दो ड्रॉप्स आर नॉट वेरी हेल हाइजीनिक यू नो जस्ट थिंग वहां से क्योंकि सी बॉडी इज अल्टीमेटली एक्सप्लेनिंग दोज़ थिंग्स वो फेंक रही है निकाल रही है और आपने उसको अटका दिया वहीं पर ना तो फिर वहां इसलिए करके एंड उसके बाद ये नियम है कि नौ बार आप शौच के बाद में आप नौ बार धो शौच मीनिंग नंबर टू नंबर व्हिच स्पूप उसके बाद इनल एरिया को नौ बार धोना है कैसे धोना हुआ आप उसको मतलब अच्छी तरह वो करके मतलब
(1:18:46) उसमें पानी का डालो नॉर्मली क्या नॉर्मली पहले होता क्या था हमारे वहां अभी तो यह वो आ गया ना जेट्स जेट्स हैं दे आर वैरी इफेक्टिव पहले क्या होता है लोग उसमें पानी लेते थे ऊपर से डाला उन्होंने पानी और नीचे उसको हाथ से वाश किया उसको और उसके बाद फिर उसके बाद क्या होता है ये ये नियम था कि हाथ को 16 बार धो मिट्टी से [हंसी] तो ये नियम ये सब कि हाथों को 16 बार धो तब जाके आओ छो को तब जने चने कान में डालते थे ना मर्द लोग शौच के पहन ले हमेशा जने वो पहन तो वहां निमते थे तो कान पे जाते थे जने तब हाथ लगाते थे जब वो हाथ 16 बार धो लगे
(1:19:23) अगर तो आप 16 टाइम्स से कम हाथ दो तो जो डर्ट है वो कंप्लीटली निकलती नहीं है हाथों से मतलब योर हैंड्स आर स्टिल हाइजीनिक अगर तो आपने 16 बार अपने हाथ नहीं धोए धो लिया व्हाट अ साइंस अब्सोलुटली शौच पर हमारे वहां पहला वो था ना नियम योग का भी पहला नियम शौच है शुद्धि ना सफाई सफाई शरीर की सफाई कपड़ों की सफाई अपने घर घर की सफाई फिर यह तो फिर सेकंडली इनर शच विचारों की क्योंकि वो इतना बहुत इंपॉर्टेंट है ना शरीर का ठीक है आज करते हैं लेकिन शरीर आपने साफ किया लेकिन विचारों से तो आप बिल्कुल क्या उसमें डूबे हुए हैं तो मतलब वो समझ में था
(1:20:03) ये शच बहुत इंपॉर्टेंट था हां ओके मामा आई कैन नॉट थैंक यू इनफ इस बार हमने पॉडकास्ट हिंदी में किया है हमने ट्रांसलेशंस सारे इंग्लिश में रखे हैं ताकि हमारी इंडियन ऑडियंस और इंटरनेशन ऑडियंस दोनों कंज्यूम कर सके। एंड मामा यू आर तो प्रोफिशिएंट इन बोथ लैंग्वेजेस। मास्टर इन इंग्लिश मास्टर इन हिंदी एंड ऑफ कोर्स वेल्थ ऑफ़ नॉलेज। सो आई एम सो ग्रेटफुल दैट आई वास बोर्न इन योर फैमिली फर्स्टली एंड माय फर्स्ट स्पिरिचुअल इंस्पिरेशन। सो थैंक यू सो मच एंड आई कैन क्लियरली से कि ये मास्टर क्लास शायद से हमारा इस साल का सबसे बेस्ट स्पिरिचुअल
(1:20:36) मास्टर क्लास होने वाला है। सो थैंक यू सो मच। दैट्स सो काइंड ऑफ यू। सो नाइस ऑफ यू। ओके बट आई एम वंस अगेन आई लाइक टू थैंक यू थैंक ऑल योर व्यूअर्स दे ग मी दिस अपोरर्चुनिटी एंड लव शेयरिंग एंड दिस प्रोवाइड्स मीन अपोरर्चुनिटी ऑफ़ शेयरिंग एंड इफ इन द प्रोसेस सम पीपल कैन बेनिफिट आई एम वैरी हैप्पी थैंक यू नमस्ते नमस्कारम आई एम श्लोका वी स्पेंड अ लॉट ऑफ़ टाइम इन डेवलपिंग दिस प्रोडक्ट व्हिच इज द ऑथेंटिक A2 गिरकाऊ घी बाय द ब्रांड नेम योगिक ऑर्गेनिक वी स्पेंड सेवरल इयर्स टू ब्रिंग दिस प्रोडक्ट टू यू इट हैज़ बीन सोर्स डायरेक्ट डायरेक्टली फ्रॉम गुजरात
(1:21:11) फ्रॉम द बेस्ट क्वालिटी फ्री ग्रेजिंग ए टू गियर काऊस इट इज प्रिपयर्ड इन द ट्रेडिशनल बिलोना वे इस कंप्लीटली ऑर्गेनिक इट इज़ चर्न फ्रॉम कर्ड एंड नॉट क्रीम व्हिच गिव्स इट दैट स्लाइटली ग्रेनी टेक्सचर इट इज़ रिच इन अरोमा लाइट ऑन योर डाइजेशन एंड यू आलरेडी नो दैट ए टू गिरकाऊ घी हेज़ सेवरल हेल्थ बेनिफिट्स दिस इस वन ऑफ़ द हाईएस्ट क्वालिटी ऑफ़ गिरकाऊ घी दैट आर अवेलेबल इन इंडिया एज़ वी स्पीक माई एंड एवर वास् टू ब्रिंग टू यू द रियल गुडनेस ऑफ़ ऑथेंटिक एट गिरकाऊ घी एंड हेर इट इज़ प्रीआर्डर आर आर ओपन टू आर जस्ट कॉल कॉल और WhatsApp ऑन प्लस 918493863426।
(1:21:44) इन केस यू वुड लाइक टू बी अ पार्ट ऑफ आवर ऑनलाइन एंड इमपर्सन योगा, डाइट एंड स्पिरिचुअल प्रोग्राम्स यू कैन जॉइन आवर WhatsApp ग्रुप बिलो वेयर वी पोस्ट आल आवर अपकमिंग प्रोग्राम्स एंड गिव फ्री टिप्स ऑन हेल्थ, डाइट एंड लाइफस्टाइल।

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