Understanding Vedic Rituals - Occult, God Varuna, Black Magic & History l Ashris Returns On TRS
Author Name:Ranveer Allahbadia
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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=7fNpThkSWHw
Transcript:
(00:00) जिन-जिन लोगों तक यह वाला पडकास्ट पहुंचा है, इट वास प्रीडेस्टिनेंट फॉर देम। वेद कोई ब्लैक बॉक्स नहीं है जो कि बस कुछ चुने हुए लोग कर सकते हैं। यह हमारा धरोहर है। अगर आपका जन्म इस धरती पर हुआ है। आप इन वेदों को अपना मान सकते हो। सबसे फैसिनेटिंग चीज आपको क्या लगी है? बिफोर क्राइस्ट। मित्र बिकम्स अ कल्ट फिगर इन रोमन एंपायर। मित्र का बर्थ डेट क्या होगा? दिसंबर 25th। वैदिक एरा में बाकी एशिया में क्या हो रहा था? इंद्र भगवान यूरोप तक पहुंचे कैसे? जस कैसे बने? क्या आइस एज भी ऑन था? अथर्ववेद। अथर्ववेद को कुछ लोग डरते भी थे आज के
(00:42) टर्म में जो काला जादू बोलता है। किसी का नुकसान कर सकते हो। किसी को इंजरी दे सकते हो। ओके। आप कह रहे हो कि असुरा एक्चुअली एक शब्द था पावरफुल डटी के लिए। द मोस्ट कंट्रोवर्शियल वन वुड बी अ डेटी कॉल्ड बाल। को माना जाता था कि वो कोई भी विश फुलफिल कर सकते थे। उसके लिए बिगेस्ट सैक्रिफाइस कैन यू इमेजिन व्हाट इट इज? उफ वरुण भगवान की वरशिप वैसे होती है क्या आजकल? वरुणा को भी असुरा बोला गया है इंटरेस्टिंगली। हैज़ अ नोज़ इन हज़ हैंड। मतलब क्या? ब्रेकिंग अ ओथ टेकन इन वरुणास नेम वुड ब्रिंग अ लॉट ऑफ़ बैड थिंग्स। जो लर्निंग्स वैदिक रिसर्च से निकल के
(01:21) आएंगे, आप बहुत सारे मॉडर्न सब्जेक्ट्स में अप्लाई कर पाओगे। यह भी अभी प्रेडिक्ट कर सकते हैं कि 500 साल बाद या इवन 100 साल बाद कौन से डेटीस नए आ सकते हैं। वाओ वाओ जय हिंद अश भाई का स्वागत है फिर से। जय हिंद। कैसे हो ब्रदर? ऑल ग्रेट। वी गॉट एन आवर्स ब्रेक फ्रॉम द लास्ट वन।
(02:05) ऑडियंस को शायद एक मंथ जितनी लंबी ब्रेक मिली है। हाउ यू फीलिंग अबाउट दिस टॉपिक? मतलब ऋग्वेद इंद्र भगवान का जो टॉपिक है जो हमने पार्क करा उस पॉडकास्ट में। आई थिंक वी इंट्रोड्यूस्ड हमारे ऑडियंस को हम इंद्र के बर्निंग फायर से इंट्रोड्यूस किए व्हिच फॉर्म्स अ बिग पार्ट ऑफ सिविलाइजेशन। इस वाले एपिसोड में आई वांट टू इंट्रोड्यूस पीपल टू द अदर साइड द वाटर साइड ऑफ वरुणा एंड हाउ दे बोथ सॉर्ट ऑफ गो हैंड इन हैंड हर कल्चर को इंडो यूरोपियन कल्चर के हर कल्चर को एक चॉइस लेना था क्या वो डिजायर को पिक करेंगे या एक्सेप्टेंस को पिक करेंगे। इंडिया इज़ द
(02:47) ओनली कंट्री जहां पे हमने यह डिसिशन नहीं लिया। हमने दोनों को हाथ में पकड़ के लिया। सो, दिस इज़ द पार्ट स्टोरी ऑफ़ द सेकंड पार्ट। व्हिच कॉम्प्लीमेंट्स द फर्स्ट। ओके। डिजायर और एक्सेप्टेंस दोनों को अपनाया मतलब क्या? मतलब यू आइदर बिकम समथिंग लाइक अमेरिका जहां पे यू नो इट्स जस्ट अबाउट द विनर्स एंड जो होमलेस हैं जो हैं उनके बारे में कोई सोचता नहीं है। और यू बिकम समवन जस्ट लाइक हु इज़ नॉट रियली इंटरेस्टेड इन लाइक दीज़ वर्ल्डली थिंग्स एंड यू आर जस्ट कंसर्न अबाउट वेलफेयर ऑफ़ पीपल। एंड वो दोनों करना बहुत मुश्किल है। बट इंडिया में सम हाउ यू नो दिस मिक्स्ड
(03:26) अप्रोच जो हमने किया जैसे इवन नेहरू जी ने जब स्टार्ट किया ही सेड विल बी अ मिक्स्ड इकॉनमी राइट वी वोंट चूज़ सोशलिज्म एंटायरली और कैपिटलिज्म वी विल मिक्स द टू एंड आई थिंक इट इज़ दैट ट्रेडिशन वेयर वी डोंट चूज़ एन एक्सट्रीमिटी। वी डू बोथ एट द सेम टाइम। अह एंड या आई होप दिस एपिसोड विल पुट अ लाइमलाइट ऑन दैट। इस एपिसोड की शुरुआत से पहले हम बात कर रहे थे अससिंस क्रीड के बारे एक वीडियो गेम कासेप्ट है जहां बताया जाता है कि आपके खून में ही आपके पितुस की मेमोरीज छिपी हुई है। अक्सर आपके लास्ट नेम आपके भारतीय सरनेम की वजह से आपको खुद के पूर्वजों के बारे
(04:07) में कुछ-कुछ चीजें पता चलती है। जैसे बहुत सारे सरनेम्स में वेदों को ध्यान में रखते हुए वेदी, द्विवेदी, त्रिवेदी, चतुर्वेदी हम वाज़ इट अ टाइटल? वाज़ इट अ क्लासिफिकेशन? क्या हो रहा था? वेल इंडिया में सरनेम्स का एक पूरा अपना स्टोरी है। राइट? जहां पे पूरी फैमिली का काम था इन वेदों को ट्रांसफर करना फ्रॉम वन जनरेशन टू अदर। हर हर एक शाखा बस याद नहीं करती थी। उसको फॉरवर्ड याद करना। बैकवर्ड याद करना मंत्र को। ऐसे याद करना कि एक सिलेबल को दो बार आप रिपीट कर रहे हो। तीन बार आप रिपीट कर रहे हो। दिस इज लाइक पुशिंग माइंड स्मृति
(04:43) जो मेमोरी होता है उसका लिमिट तक जाना वो हमने किया है व्हिच इज इनक्रेडिबल आई थिंक नो अदर कल्चर हैज़ डन दैट और ये सब किया जाता था ताकि भूल से भी एकमात्रा इधर-उधर ना हो एंड तो ये जो पूरे लोगों ने कंट्रीब्यूट किया जो सबने बलिदान दिए इतना ये यादों को बरकरार रखने के लिए सैल्यूट टू दैट स्पिरिट ऑफ दिस कंट्री जो आपने पिछले एपिसोड के अंत में कहा कि दिल से एक पुकार कार निकल रही थी आपके लाइफ में कि यार मेरे को ऋग्वेद पढ़ना है और फिर ऋग्वेद ने आपको मोटिवेशन दे दी। फिर आपने जाकर अथर्ववेद क्यों स्टडी करा? एक तो क्यूरियोसिटी था कि चलो ऋग्वेद में
(05:21) इतना डिटेल है। तो मैं आउट ऑफ क्यूरियोसिटी फिर बाकी वेदों को स्टार्ट किया। टाइम कितना लगा? टू बी ऑनेस्ट समवेयर आई गॉट इनटू द फ्लो एक साल पहले अराउंड दिस टाइम। मैंने अपने वीडियोस पे लैंग्वेज पे वीडियोस बनाता। तेलुगु, तमिल, यू नो बंगाली मुझे बहुत प्यार लगता था वो सब करने के लिए। बट आई फील आफ्टर अ वाइल जब मैं देखा कि लोग झगड़ रहे हैं लैंग्वेज को लेकर। लोगों को बुली किया जा रहा है कि तुम मेरी भाषा नहीं बोलते, तुम ये भाषा नहीं बोलते। सो मुझे लगा कुछ तो कमी है। लाइक इट्स नॉट ब्रिंगिंग माय वीडियोस आर प्रोबेब्ली वो इंपैक्ट नहीं कर रहे हैं दुनिया में जो
(05:58) मैं चाहता हूं कि भाषाएं लोगों को जोड़नी चाहिए। किसी भाषा को कभी भी किसी को एलिनेट करने के लिए नहीं यूज़ करना चाहिए। सो आई थिंक इट इज़ इन दैट स्पिरिट। मुझे लगा कि मुझे ऐसे किसी चीज के साथ कनेक्ट करना है जो सबको जोड़े जो कॉमन सबका हो। एंड दैट इज हाउ वेद्स केम इंटू द पर्सपेक्टिव। बिकॉज़ आप पंजाब से हो या केरला से हो या मणिपुर से हैं। हम सब वेदों को कहीं ना कहीं रिकॉग्नाइज करते हैं। हम हम आपने पिछले एपिसोड में कहा कि ऋग्वेद को एक हिस्टोरिकल टेक्स्ट बुक की तरह भी समझा जा सकता है। अ आपके वीडियो से मेरे को यह पता चला है कि जब आप अथर्ववेद, सामवेद,
(06:36) यजुर्वेद को ब्रेक डाउन करते हो ना उसमें सोसाइटी की कमेंट्री भी होती है। कि एक्चुअली अश्वमेध, यज् हम क्या था? यू नो एंड वी गेट इंटू दैट आई थिंक वो एक पूरी सेक्शन रहेगी पशु बलि अश्वमेद यज्ञ ऑल दैट वी नीड टू ब्रिंग दोज़ थॉट्स टू द फोर फ्रंट कि ये सब हमारे वेदों में लिखा हुआ है। बट एक ओपन एंडेड सवाल से शुरुआत करूंगा। ओपन एंडेड सवाल ये है कि ऋग्वेद के अलावा ये जो तीन वेद है आपने तीनों की पढ़ाई करी है। सबसे फैसनेटिंग चीज आपको क्या लगी है? कि यू नो इन लेटर वेदिक टेक्स्ट एक्चुअली ये निषेध किया जाता है कि वेदों को एज अ हिस्टोरिकल डॉक्यूमेंट मत पढ़ो। उसको बस दे
(07:17) मतलब स्पिरिचुअलिटी के लिए ही पढ़ो। तो आई वाज़ इन अ वे डूइंग एग्जैक्टली विपरीत ऑफ व्हाट हैज़ बीन रेकमेंडेड बाय द गुरु शिष्य परंपरा। मुझे आई गेस वो इनसाइटफुल लगा बिकॉज़ ये दृष्टिकोण से बहुत कम लोगों ने अध्ययन किया था। कि लेट्स जस्ट सी कि वेदों में लिखा क्या है? एवरीवन केम टू द वेदा विथ एन एजेंडा आई फल्ट लाइक द राइट विंग वांटेड टू सॉर्ट ऑफ़ फील गुड अबाउट द पास्ट ऑफ़ कल्चर। द लेफ्ट विंग वांटेड टू सजेस्ट कि सारी बुराइयां, सारी इनकलिटी यहीं से निकले हैं। तो सो आई फील मेरे लाइफ में कुछ सुधार नहीं चाहिए था। मैं तंग आ गया था।
(07:54) एंड टू सम लेवल मैं गुस्सा भी था कि हर कोई अपने तरीके से कुछ बोल रहा है। बट कहीं यह नहीं बोल रहा कि लिखा क्या है। एक्सैक्ट बताओ कि वर्स में क्या लिखा हुआ है। बढ़िया यार ऑब्जेक्टिव ट्रुथ मत। एक भक्ति भाव है। एक श्रद्धा है। एक लोगों को बोला जा रहा है कि फॉर एग्जांपल यजुर्वेद में मंत्र ऐसे हैं कि हे इंद्र आपकी दया से मेरे मूंग में वृद्धि हो। मेरे चावल में वृद्धि हो। मेरे आटे में वृद्धि हो, ज्वार में वृद्धि हो। एंड ऐसे कर कर के 12 13 क्रॉप्स का मेंशंड है। दैट्स सच अ यूनिक वे ऑफ़ लाइक लुकिंग एट यू नो आपको इससे उनकी श्रद्धा भी पता चल रही
(08:34) है। एंड उस टाइम पे क्या एग्रीकल्चर चल रहा था वो भी पता चल रहा है। तो ऐसे बहुत सारे जो क्लूज़ हैं जो कि मेन मे बी वेदों का मेन फोकस नहीं है। उससे हमें बहुत कुछ पता चल सकता है। सोसाइटी कैसे सोच रही थी, क्या कर रही थी। एंड ऑल ऑफ़ दिस इज़ फिटिंग ब्यूटीफुली विद मॉडर्न रिसर्च। सो आई वुड से रादर देन सीइंग द वेदास एस कि वो हमारे प्राइड में बूस्ट करे कि वो हमारा पास्ट कितना भव्य था। दैट इज गुड। बट आई थिंक वी शुड स्वॉलो द बिटर पिल। अगर कुछ कड़वा है उसे निगलो क्योंकि वो सच है। सच गिव्स यू पावर। फॉर एग्जांपल कल को अगर आप ग्रेविटी पे बिलीव करना छोड़ दिए
(09:15) तो मैजिकली आप उड़ने नहीं लगोगे। ग्रेविटी बिकॉज़ वो सच है। तो ट्रुथ को आप बिलीव कर सकते हो चाहे आपका मन लगा है या नहीं। कुछ एग्जांपल्स देना चाहोगे टू एक्सप्लेन दिस थॉट। बिटरपल्स क्या है? बिटरपिल्स ऑफ़ द फैक्ट दैट टू स्टार्ट ऑफ कि असिमिलेशन हुआ है। गॉड्स हैव नॉट ऑलवेज बीन द सेम। हमारे जो मॉडर्न गॉड्स हैं वो इवॉल्व हुए हैं कल्चर के साथ। वो इवॉल्व हुए हैं टाइम्स के साथ और वो क्यों हुए हैं और कैसे हुए हैं उससे हमें बहुत कुछ पता चलता है कि हमने क्या डिसीजंस लिए क्या वो अच्छे थे या बुरे थे। अनदर थिंग इज कि हम सब एक हैं इन स्पिरिट बट हमारे
(10:02) ओरिजिंस आर फ्रॉम डिफरेंट प्लेसेस। ज्योग्राफिकली ज्योग्राफिकली। कोई मिडिल ईस्ट से हमारे ट्राइब्स आए हैं। कहीं पे वो नॉर्थ इंडिया से आए हैं। कहीं पे सदर्न यूरोप से आए हैं। कुछ यहां पे बसे थे बहुत टाइम से पहले। ऑल ऑफ दैट गिव्स यू एबिलिटी टू सॉर्ट ऑफ अंडरस्टैंड कि क्यों लोग अलग हैं। क्यों कुछ कल्चरर्स ज्यादा उग्र हैं। क्यों कुछ कल्चरर्स चाहते हैं शांत रहना। ऑल ऑफ दिस कम्स फ्रॉम ट्रुथफुली अंडरस्टैंडिंग एंड इससे लाइक जो यूनिटी है जो हम यूनिटी बात करते हैं यूना यूनिटी इज नॉट आइडेंटिकिटी कि सब कोई एक हैं इसलिए हम एक हैं। नहीं
(10:40) हम सब कोई इंडियन कल्चर में एक नया चीज डालते हैं जो यूनिक है जो हमारे अलावा और कोई नहीं कंट्रीब्यूट कर सकता। बंगालीज जो चीज में अच्छे हैं वो गुजरातीज उस चीज में अच्छे नहीं है। गुजरातीज और किसी चीज में है। एंड यह सारी चीजों का कौन कैसे आया था? दैट उसका सच हमें वेदों में मिलता है। तो अगर हम जब एक्सेप्ट करते हैं यह चीज कि वो एक चीज से हमें फाइंड आउट किया वेदा से बट आप उसको इकोनमी में अप्लाई कर सकते हो। मार्केटिंग में आप इसको अप्लाई कर सकते हो। राइट? यू नो कि ये रीजन में लोग चाहते हैं मटेरियलिस्टिक होना। सो यू विल अप्रोच
(11:13) देम इन अ सर्टेन वे। बट कहीं पे यू आर लाइक नहीं दीज़ आर मोर अर्थली कल्चरर्स। दिस इज़ वेयर सेइंग कि ओह ट्राई टू बी लाइक द बेस्ट पर्सन इन योर फ्रेंड सर्कल। दैट काइंड ऑफ़ मार्केटिंग विल नॉट वर्क। सो अप्लाई हम बहुत तरीकों से कर सकते हैं। बट वी हैव टू रीच एट दोज़ गुड सत्य। वाओ। अब सजेस्ट कर रहे हो कि जो लर्निंग्स वैदिक रिसर्च से निकल के आएंगे आप बहुत सारे मॉडर्न डे सब्जेक्ट्स में अप्लाई कर पाओगे। बिल्कुल बिजनेस, मार्केटिंग, साइकोलॉजी अ मे बी न्यूरो साइंस डेफिनेटली लाइक आई थिंक द वे डॉट्स कनेक्ट इट्स नॉट लीनियर एट ऑल। एक बार हमें एक पैटर्न दिख जाता
(11:52) है। वो पैटर्न हमें मल्टीपल जगहों पर दिखता है। जैसे फॉर एग्जांपल अ जब मैंने असिमिलेशन का ये स्टोरी देखा कि कैसे इंद्र ऋग्वेद में आते हैं लेकिन लेटर प्रजापति करके एक डटी है जो यजुर्वेद में ज्यादा पावरफुल हो जाते हैं। प्रजापति प्रजापति ओके जी हु इज प्रोटो ब्रह्मा वी कैन से वाओ या सो प्रजापति बेसिकली इज क्रेडिटेड टू हैव क्रिएटेड द होल वर्ल्ड बाय सैक्रिफाइजिंग पार्ट्स ऑफ ह बॉडी तो अपने अंगों को खंडखंड करके उन्होंने दुनिया के डिफरेंट-डिफरेंट चीजों को बनाया है। और यही स्टोरी हमें नॉर्थ मिथोलॉजी में भी दिखता है। यही स्टोरी हमें पर्शियन
(12:33) मेथोलॉजी में भी दिखता है। एंड यह कॉमनैलिटीज़ फिर हमें बताते हैं कि एक्चुअली हुआ कैसे होगा। तो दिस इज़ टेलिंग यू सोसाइटी में क्या पैटर्न है जो अभी भी चल रहा है। एंड हम यह भी अभी प्रेडिक्ट कर सकते हैं कि मे बी 500 साल बाद या इवन 100 साल बाद कौन से डेटीस नए आ सकते हैं जो कि अभी हुए नहीं है। वाओ ओके। यू हैव एनी प्रेडिक्शनंस? आई थिंक क्रिएटिविटी के अराउंड देयर विल बी लाइक माता सरस्वती इज देयर बट द काइंड ऑफ इनोवेशन उसके अराउंड जैसे विश्वकर्मा है वैसे सेंट्रिक प्रोडक्टिविटी सेंट्रिक डेटी वरशिप आई फील इज़ गोइंग टू कम एंड
(13:13) जैसे आई थिंक वी आर गोइंग टू एंटर लाइक अ वेरी इंडिविजुअलिस्टिक एरा लाइक विथ ऑल द एआई नाउ एवरीथिंग कैन बी कस्टमाइज्ड अकॉर्डिंग टू यू सो आई फील सोसाइटी में धीरे-धीरे एवरीवन विल वांट अ काइंड ऑफ़ गॉड दैट रिप्रेजेंट्स देमसेल्व्स। जैसे हम इष्ट देव का कांसेप्ट बोलते हैं। राइट? तो आई थिंक यू कैन लिव अ लाइफ जहां पे आप अपने हिसाब से अपने प्रवृत्तियों के मुताबिक उस एक क्रिएटर को अपने एस्पेक्ट से वशिप कर सकते हो। सो आई थिंक अ लॉट ऑफ़ न्यू डेटीज़ विल इमर्ज। अब उनमें से कौन से स्टैंड आउट करेंगे दैट इज़ अ लिटिल डिफिकल्ट टू प्रेडिक्ट। बट अभी जैसा लग रहा है एक उग्र
(13:53) भाव जो है ना जो कि बहुत टाइम तक सप्रेस था। जैसे आप भैरव जी को के बारे में डिस्कस करते हैं। भैरव एंड इंद्र भी उसी कैटेगरी में जैसे काली मां भी है। सो वो एक एक वाइब है उनका। आई फील दैट एनर्जी इज़ गोइंग टू बी मोर डोमिनेंट। हम हम ओके। अभी रिवाइंड करते अथर्ववेद। याह। आई फील कि यह इस पूरे पॉडकास्ट की मेन थीम है। हम् यह लॉजिक कहां से निकल के आता है कि अथर्ववेद में ऑकल्ट अंदरूनी शक्तियों के बारे में चीजें लिखी हुई है। व्हाट इज दिस लॉजिक? अ एंड अथर्ववेद और अगम शास्त्र में फर्क क्या है? बिकॉज़ तंत्र में जो चीजें हम यूज करते हैं या जो टेक्निक्स है दे से
(14:40) इट कम्स आउट ऑफ द अगम शास्त्र। ओवर टू यू। सो आई थिंक थोड़ा कॉन्टक्स्ट सेटिंग करना इंपॉर्टेंट है। अथर्ववेद फॉर द लॉन्गेस्ट टाइम इसे एक वेद का दर्जा नहीं मिला था। ऐसा क्यों हुआ? बाकी तीन एज वी सेड कि वो राजा महाराजा वो एक एलट ग्रुप के लिए था। वो एक उनका उनका भाव है कि हाउ टू बिल्ड अ सिविलाइजेशन। डिजायर करो, इच्छा करो। अथर्ववेद का फोकस यह सब नहीं है। एंड आल्सो कंपोजिशनली बाकी तीन जो वेद हैं उनको प्राइमली हम बोल सकते हैं अंगिरस ऋषि के फैमिली और रिलेटेड ऋषियों ने उन्होंने कंपोज किया है उसको जो इवेंचुअली बस जाते हैं गंगा
(15:24) गंगा दोआब में। बट अथर्ववेद का ज्योग्राफिकल फोकस और उसका कंपोजिशनल फोकस दोनों अलग है। अथर्ववेद को मेनली कंपोजिशन मिला है भृगु ऋषियों के द्वारा। सो भृगुओं को अभी भार्गव भी बोला जाता है। भृगु से ओरिजिन भार्गव और उनका जो फोकस है वो गंगा हार्टलैंड नहीं है। वो आउटस्कर्ट्स है। गुजरात में एक शहर है भरूच करके। उसका पहले नाम भृगुक था। भृगुक। तो वो दैट वाज़ द रीजन जहां पे भृगोस रहते थे। एंड दैट रीजन गुजरात का जो रीजन है इट्स अ ओशन पोर्ट। तो वहां से सारा ट्रेड होता था। तो दिस ग्रुप ऑफ़ पीपल वेर मोर यूज्ड टू डायवर्सिटी, मोर यूज्ड टू
(16:06) फॉरेनर्स बिकॉज़ वी सी अ लॉट ऑफ़ मेंशन ऑफ इवन असुरा जो कि यू नो इज़ बेस्ड ऑन दैट रीजन ऑफ़ असीरिया अभी बोला जाता है वहां पे एक सिटी था असुर करके। तो वो सब के रेफरेंसेस भी हमें अथर्ववेद में मिलता है। तो द फोकस इज़ डिफरेंट। देखने का नजरिया अथर्ववेद में अलग है। असरियन एंपायर। अरियन एंपायर जो कि वह तो वरुणा को भी असुरा बोला गया है इंटरेस्टिंगली। सो असुरा अभी इज़ अ बैड टर्म इज़ अ लाइक कनोट्स अ नेगेटिव डेटी। बट इट सीम्स लाइक असुरा मेंट लाइक अ पावरफुल डेटी एट वन टाइम। एंड दिस कैन बी एन इन्फ्लुएंस ऑफ़ दैट रीजन। बिकॉज़ वहां पे असुरा वरशिप वाज़ सो स्ट्रांग। ओके? यहां
(16:51) थोड़ा पॉज करके बैठना पड़ेगा। हम अ पिछले एपिसोड में हमने लिंग्विस्टिक्स को हाईलाइट करा था। फॉर एग्जांपल पिछले एपिसोड में आपने जूस मेंशन करा था। हम् ओरिजिनल वैदिक डेट इज़ दऊस दऊस ओके अभी असीरियन हम एक बहुत मशहूर एंपायर होता था असीरियन एंपायर हम आप कह रहे हो कि असीरियन शब्द और असुर से कुछ लेना देना है या अ इसी पडकास्ट पर हमने बहुत सालों पहले ना एक जोरास्टियन एक्सपर्ट के साथ एक बहुत बढ़िया एपिसोड करा था अ उन्होंने भी कहा था कि अहूरा माजदा हम्म हम
(17:34) इट्स अ फ्लिप साइड ऑफ आवर वर्ल्ड असुरा बिल्कुल अ लेट्स एक्सपेंड अ कॉन्वर्सेशन फ्रॉम जस्ट इंडियन सबक्टिनेंट टू एशिया बिल्कुल राइट या ओवर टू यू आप थोड़ा सा ज्योग्राफिकली और हिस्टोरिकली समझाओ कि वैदिक एरा में बाकी एशिया में क्या हो रहा था हम और इंद्र भगवान यूरोप तक पहुंचे कैसे जस कैसे बने हम अ क्या आइस एज भी ऑन था? दैट्स अ होल अदर एंगल। हम ओवर टू यू। सो आई विल स्टार्ट विद अथर्ववेद इटसेल्फ। श्योर दैट्स द फोकस। सो अथर्ववेद का नाम बहुत चेंज हुआ है। इफ यू सी ऑल अदर वेद्स ऋग्वेद। ऋग का मतलब पोएट्री। ठीक है? फिर सामवेद। साम का मतलब
(18:21) म्यूजिक। यजुर्वेद। यजुस का मतलब सैक्रिफाइस। यज्ञ। हम बट अथर्ववेद में अथर्व इज़ नॉट अ नाउन। इट्स नॉट इट्स नॉट अ थिंग दैट यू डू इन द यज्ञ। अथर्वन कम्स फ्रॉम द ऋषि ग्रुप ऑफ ऋषिज़ एंड गेस व्हाट अथर्वन इज़ व्हाट यू कॉल द नेम ऑफ़ प्रीस्ट्स इन जोरस्टनिज्म ओके तो ईरान के जो प्रीस्ट्स थे उनको अथर्व कहा जाता था अथर्वन अथर्व एंड ज्योग्राफिकली स्पीकिंग अभी तो पाकिस्तान ये सब बन गया अफगानिस्तान बट ऑल दैट वाज़ इंडिया एट वन पॉइंट एंड वो जो था परशिया वो भी सेम ही कल्चर था। वाओ। अगर आप पूरे इस्लामिक वर्ल्ड में देखोगे लिंग्विस्टिकली स्पीकिंग अरेबिक, हब्रू,
(19:02) यू नो ऑल दीज़ आर नॉट इंडो यूरोपियन लैंग्वेजेस। दे आर सेमेटिक लैंग्वेजेस। दे हैव अ डिफरेंट काइंड ऑफ़ हिस्ट्री। उस रीजन में द ओनली इंडो यूरोपियन लैंग्वेज इज़ पर्शियन। सो, ओके। परश एंड इवन दैट दरार वी सी टुडे, शिया सुन्नी, राइट? सुन्नी इज़ द एस्टैब्लिश्ड अरेबिक साइड एंड शिया इज़ द एस्टैब्लिश्ड पर्सन पर्शियन साइड। सो परशिया का एक बहुत यू नो यू आर गोइंग टू कवर दिस इन फ्यूचर पॉडकास्ट बटर्शिया वाज काइंड ऑफ लाइक एज इंटीग्रल टू इंडिया एस लाइक टुडे राजस्थान इज और समथिंग अ लॉट ऑफ वर्ड्स वी फाइंड इन द वेदास जो कि आगे जाके ईरान के फिर
(19:41) वर्ड्स बनते हैं। लाइक द पहलवी द स्क्रिप्ट बिफोर अरेबिक केम एंड हैड इन्फ्लुएंस इट वाज़ कॉल्ड द पलवी स्क्रिप्ट। नाउ द पहलव पीपल आर मेंशंड इन द वेदास द पार्थियंस आर कॉल्ड द पार्थव्स एंड सो देयर आर लॉट ऑफ कनेक्शंस दैट वी सी हियर अगेन देयर इज़ दिस रिस्चर हु आई फॉरगेट द नेम ऑफ बट ही हैड प्रपोज्ड दैट द अवस्था टेक्स्ट कि वो दरअसल अथर्ववेद का लॉस्ट वन हाफ हो सकता है। सो इट्स लाइक अ कॉमन कल्चर था जो कि बोथ अवस्था भी कंपोज किया और अथर्ववेद भी कंपोज किया और वो काइंड ऑफ स्प्लिट हो गए। एंड अवस्था वहां पे एस्टैब्लिश हुआ एंड अथर्ववेद यहां पे
(20:27) एस्टैब्लिश हुआ। दैट इज़ वन ऑफ़ द थ्यरीज़ प्रपोज्ड बाय देम। व्हिच इज़ व्हाई कुड आल्सो बी द रीज़न व्हाई अथर्ववेद वाज़ सीन ऐज़ अ डिफरेंट थिंग। बिकॉज़ वो एक अलग ट्रेडिशन से आता है। वो वेद मेन वैदिक लीननेज के दृष्टिकोण से वो हटके है। सो दिस इज़ दिस ज्योग्राफी जहां पे ईरान सीट्स इन द मिडिल ऑफ इंडो यूरोपियन कल्चर एंड द सेमेटिक कल्चर। सो दैट रीजन परशिया वाला हैज़ आल्सो बीन वैरी डायनेमिक वेरी वेरी क्रिएटिव पीपल एंड मेनी पैरेलल विद इंडियंस। जैसे द लव फॉर एस्ट्रोनॉमी राइट? द लव फॉर पोएट्री। ऑल ऑफ़ दीज़ थिंग्स आर समथिंग दैट कनेक्ट्स द पर्सन एंड द इंडियन
(21:04) कल्चर। एंड आई वुड इवन से लाइक बिफोर इवन जोरास्टर केम वी वेर टू ब्रदर कल्चरर्स। वी वेर लाइक वन काइंड ऑफ़ अ थिंग एंड जोरोस्टिनिज्म के साथ दैट इन्वर्शन स्टार्ट्स हैप्पेनिंग वेयर दे लिटरली हैव मंत्रास एंड अवस्था टू ड्राइव अवे इंद्रा लाइक इंद्रा गो अवे। इंद्रा इज़ द डीमन इन द जोरास्ट्रियन कल्चर। सेम जो हमारे में असुरा बिल्कुल हमारे में जो इन्वर्जन हुआ सो इट सीम्स लाइक क्या हुआ होगा कि एक काइंड ऑफ एक डिसए्रीमेंट हुआ होगा बिटवीन दीज़ टू कल्चर व्हिच इज़ नथिंग न्यू इन द इंडो यूरोपियन थिंग ये झगड़ा ब्रदर्स में यह मनमुटाव होना दिस इज़ अ कॉमन थिंग दैट वी
(21:45) सी इन द फ्यूचर आल्सो। सो, बट दैट दैट इज़ समथिंग द इट वाज़ ऑलमोस्ट लाइक अ रिबेलियन बाय दिस कैरक्टर कॉल्ड ज़रारथ हुस्ट्रा ज़ोरोस्टर। एंड आई थिंक ही वास द फर्स्ट काइंड ऑफ अ रिफॉर्मर ऑफ रिलजन। जैसे हमारे कल्चर में भी कितने सारे रिफॉर्मर्स आए। राइट? लाइक टगोर आए, विवेकानंद जी आए। ज़रास्टर ज़ारथ हुस्ट्रा वाज़ वन सच अ आई वुड से लाइक अ पर्सन हु लेटर बिकम्स लाइक अ वेरी रिवर्ड फिगर अ डेटी। लोकेशन ऑब्वियसली इन्फ्लुएंसेस फिलॉसफी। वेरी मच। राइट? या मतलब जैसे हम कहते हैं ना कि पंजाबी हरियाणवी के बीच सिमिलरिटीज़ हैं इवन कल्चरली इवन इन द पीपल
(22:27) सेम थिंग ऑन अ कंट्री हम ईरान इज़ अ क्रॉस बिटवीन द मिडिल ईस्ट एंड इंडिया बिल्कुल इन मेनी मेनी वेज़ इफ यू सी लाइक रीजंस जो कोस्ट के अराउंड रहते हैं राइट लाइक जो जहां पे पानी ज्यादा होता है समथिंग अबाउट वाटर मेक्स पीपल सॉफ्टर चिल्ड आउट चिल्ड आउट कामर जमेन जमेकिन आई आई आई गॉट दैट दैट्स अमेन वाइब। बट जहां पे वही डेजर्ट होता है, जहां पे ड्रनेस होता है, इट काइंड ऑफ़ पुशेस बिकॉज़ यू कांट चिल इन दैट सिनेरियोस। यू हैव टू थिंक अबाउट एवरी डे। एनी हार्डशिप, राइट? जो बहुत कोल्ड भी हो जाए, दैट इज़ व्हेन यू कांट चिल, यू कांट सेलिब्रेट, यू कांट
(23:07) डांस ऑल द टाइम। यू हैव टू थिंक अबाउट सर्वाइवल एव्री सिंगल मोमेंट। सो डेफिनेटली लाइक, क्लाइमेट का एक बहुत बड़ा रोल है इन हाउ पीपल गेट शेप। पर्सनालिटीज़। पर्सनालिटीज डेफिनेटली। ओके अ बैक टू ये असुरा एंगल या आप कह रहे हो कि असुरा एक्चुअली एक शब्द था पावरफुल डटी के लिए पावरफुल परहप्स सम उग्र देवता इट वाज़ अ वर्ड फॉर एन अदर उग्र देव अ फादरली फिगर इट वाज़ मोस्टली लाइक एक एनसेेस्टर वरशिप का प्रतीक था तो उस रीजन पे जो अभी हम मिडिल ईस्ट बोलते हैं वो एक टाइम पे बिफोर द अब्राहमिक अह कल्चर जिसने बहुत रिफॉर्म किया है उस रीजन को उससे
(23:48) पहले देयर वर मल्टीट्यूड्स ऑफ गॉड्स एंड गॉडेसेस। बहुत देवताएं और वैसे माने जाते थे बट डोंट थिंक कि देवता मतलब हमारे देवता उनके अलग एक ट्रेडिशन था। उनका एक अलग एक कस्टम था। और उनमें से आई थिंक द मोस्ट कंट्रोवर्शियल वन वुड बी अ डेटी कॉल्ड बाल हॉरर मूवीस ऑन या जो एस्टीन फाइल्स के देवता माने जाते हैं। बिल्कुल वही एंड उनको माना जाता था कि वो कोई भी विश फुलफिल कर सकते थे लोगों के लिए एंड उसके लिए एक सैक्रिफाइस आपको देना होता था। बाल का एक बड़ा सा स्टैचू था उस टाइम पे और उसमें बहुत सारे खांचे बने होते थे। एंड खांचे होते थे एक हायरार्की
(24:29) में। सबसे लोअर खांचा में आप एक बकरी दे सकते थे। आप एक कुछ जानवर खरीद के दे सकते थे। तो उसमें आपको थोड़ा पुण्य मिलता। फिर और थोड़ा देते तो एक बुल दे सकते थे। बफेलो दे सकते थे। उससे ज्यादा मिलता। ऐसे कर के बहुत सारे लेवल्स होते थे जहां पे आप सैक्रिफाइस दे सकते हो। एंड द बिगेस्ट सैक्रिफाइस कैन यू इमेजिन व्हाट इट इज? ह्यूमन या योर फर्स्ट बोर्न बेबी। उफ आपके पहले संतान को अगर आप दो तो बाल सबसे ज्यादा आपसे खुश होते थे। माना जाता था। सो आफ्टर दैट जो रिफॉर्म हुए अब्राहमिक रिफॉर्म्स इन्होंने ये सारे वरशिप्स को हटा दिया एंड एस्टैब्लिश किया कि अच्छाई
(25:08) पे फोकस करो अच्छी चीजों पे करो। सो इवन दो हम्राहमिक कल्चरर्स को यू नो डिबेट करते हैं बट आई डू थिंक कि उस रीजन के लिए इट वाज़ अ गुड रिफॉर्म। या या बट इन सेइंग दैट इन टॉकिंग अबाउट सैक्रिफाइस हमारे जो एक्चुअल देवता देवी हैं यहां भी बलि प्रथा होती है। यहां पे भी बलि प्रथा होती है। बट आई फील इंडिया में एक खासियत है वी हैव द स्पिरिट ऑफ़ द गीता, द स्पिरिट ऑफ़ द वेदास। द होल सात्विक, राजसिक, तामसिक ब्यूटीफुली प्ले। सो दैट हम ऐसे एक्सट्रीम्स में कभी नहीं जाते। बट दैट फिलॉसोफी एंड दैट काइंड ऑफ़ थिंग डज़ नॉट एक्सिस्ट उस टाइम पे बैक टू भारत। या
(25:47) यार लिखा क्या है अथर्ववेद में हम वो एक्चुअली कोर क्वेश्चन है राइट 20 पार्ट्स हैं अथर्ववेद के लास्ट दो एज वी डिस्कस्ड वो अथर्ववेद को अप्रूवल देने के लिए वो दो ऐड किए गए थे उसको कोर अथर्ववेद का माना नहीं जाता तो हम 18 पे फोकस करेंगे जो पहले सात हैं दैट इज वेयर ऑल द अकल्ट कम्स इन टू बीइंग एंड माना जाता है कि यह अथर्ववेद का ओल्डेस्ट लेयर है बाकी सब बाद में ऐड किए गए होंगे अकल्ट अब हिंदी में कैसे समझाओगे अकल्ट आप मान सकते हो कि आई थिंक लाइक द लो ब्राओ वे ऑफ़ सेइंग इट वुड बी जादू जादू टोना बट अ लिटिल अपर वुड बी लाइक कुछ तकनीक कुछ तरीके कुछ मंत्र जिससे
(26:33) चीजें हो सकते हैं नुस्खे हम कुड से इट लाइक दैट एंड दोज़ नुस्खे गो फ्रॉम एनीवेयर फ्रॉम ट्रीटिंग अ कट अ वूंड अगर आपको चोट लग जाए तो उसको हील कैसे कर सकते हैं किसी प्लांट से टू समथिंग लाइक आप अपने शत्रु का वध कैसे कर सकते हो? एंड अथर्ववेद डज़ नॉट टेक इटसेल्फ वेरी लाइक हां मैं तो लाइक उच्चवेद हूं। अथर्ववेद का थर्ड मंत्र स्टार्टिंग से थर्ड मंत्र इज़ अबाउट हाउ कैन यू पास यूरिन प्रॉपर्ली। हां। यूरिन आप कैसे पेशाब अच्छे से आप कैसे कर सकते हो? मंत्र है। उसके लिए मंत्र है। अगर आपका पेशाब पास नहीं हो रहा देन यू कैन चट दैट मंत्र एंड
(27:14) वो ठीक हो जाएगा। अथर्ववेद का थर्ड मंत्र थर्ड मंत्र लाइक फर्स्ट चैप्टर का थर्ड ही एंड देन लाइक नेक्स्ट वाला कुछ और हो जाएगा कि अगर आपको सांप ने काटा है तो आप कैसे इलाज कर सकते हो। तो यू कैन सी कि जो एक्चुअल बाकी तीन वेदों के वो देखते होंगे और बोलते होंगे क्या हम यहां पे यू नो विल का बात कर रहे हैं एंबिशन का बात कर रहे हैं और तुम यहां पे सांप काटना और ये सब बिच्छू बिच्छू इस सब का बात कर रहे हो बिकॉज़ अथर्ववेद वाज़ नॉट फॉर राजा महाराजा पीपल इट वाज़ फॉर लोकल पीपल इट वाज़ फॉर कॉमन पीपल कॉमन पीपल जिनके कॉमन प्रॉब्लम्स होते थे। सो दैट इज व्हाई
(27:49) अथर्ववेदक को थोड़ा लाइक नॉट अ टाइप वो टाइप का वो वाइब था उसमें एंड अथर्ववेद को कुछ लोग डरते भी थे बिकॉज़ उसमें आप किसी पे सॉर्ट ऑफ़ आज के टर्म में जो काला जादू बोलता है उस टाइम पे उसे अभिचारिका बोलते थे अभिचारिका हां अभिचारा अभिचारा मंत्रों से आप किसी पे किसी का नुकसान कर सकते हो किसी को इंजरी दे सकते हो किसी के साथ कुछ दुर्घटना हो जाए और उनको काउंटर करने के लिए भी देयर वेर रिवर्स मंत्रास कि अगर किसी ने आप पे किया है तो आप अपने को प्रोटेक्शन स्पेल्स वर आल्सो देयर देयर इज़ अ लव स्पेलेल आल्सो इन अथर्ववेद अगर किसी को आप चाहते हो वो
(28:28) आपके प्यार में पड़ जाए तो आप वो मंत्र कर सकते थे एंड देन दैट वुड हैपन एंड अथर्ववेद में देयर वास प्रॉपर रिचुअल्स आल्सो लाइक वो मंत्र पढ़ना वास जस्ट वन पार्ट तो अगर कोई सोच रहा है कि मैं मंत्र पढ़ जाऊं मेरी क्रश मुझे लाइक कर जाए इट्स अनफॉर्चुनेटली यू रिक्वायर लिटिल मोर रिसर्च और आपको पढ़ना पड़ेगा उसको प्रॉपर्ली कैसे करते हैं अथर्ववेद में बहुत सारे सारे प्लांट्स का भी मेंशन है। तो आपको बहुत सारे प्लांट्स को चाहिए होगा टू डू द रिचुअल्स प्रॉपर्ली। तो जो कॉमन ट्रेडिशंस हैं ऑफ आयुर्वेद एंड आल्सो ईरान की तरफ जो हकीम्स जो करते हैं उनका कॉमन
(29:03) यही बेस है। यूनानी मेडिसिन यूनानी मेडिसिन एक्सक्टली। सो ऑल दोज़ हैव ओरिजिनस इन दिस पार्ट ऑफ़ द अथर्ववेद इटसेल्फ। ओके या आई नो कि एक सेक्ट है सिखी का इट्स कॉल्ड निहांग सिख और बहुत सारे निहांग सिख शो पर भी आए हैं तो जो एक्चुअल कोर निहांग सिख होते हैं दे बिलीव कि जो उनकी वेपन्स की नॉलेज है उसे शात्र विद्या कहते हैं आई थिंक एंड वो सेम विद्या है जो महाभारत रामायण में यूज़ हुई है। एंड दे बिलीव उस विद्या का ओरिजिन शिवजी से है। हम अह आई आल्सो नो कि जो प्रैक्टिसिंग निहांग है ना अ उनमें एक प्रथा होती है जहां एक ड्रिंक बनाई जाती है।
(29:47) इट्स अ स्पेशलाइज काइंड ऑफ़ भांग एंड आई बिलीव दे कॉल इट सोम। ओके। वो बहुत कुछ मिक्स करके फिर कंज्यूम करते हैं। एंड इट्स इन द सेम ज़ोन ऑफ़ साइकेलिक स्पिरिचुअलिटी। बट वही मंत्र जाप करते हुए वो ड्रिंक को बनाना। इट्स नॉट लाइक यू कैन टेक द रेसिपी एंड मेक इट फॉर योरसेल्फ। बट ऐसी मिस्टिकल प्रथाएं हैं। फॉर दोज़ ऑफ यू डोंट नो आईओस का क्या है? पहले तो जाके रिसर्च कर लो खोलो अपना क्लॉट जीबीटी। बट ये भी कहना चाहूंगा कि अगर ब्लैक पैंथर देखिए तो ब्लैक पैंथर में एक सीन है जहां टचाला ने जस्ट अपना किंगडम हारा है और फिर एक साइकेलिक एक्सपीरियंस होता है एक
(30:21) प्लांट के थ्रू। द कंजेक्टर इज़ दुनिया भर प्लांट्स को यूज़ किया जाता था स्पिरिचुअल सेरेमनीज़ के लिए। कि इट पुट्स यू इन अ हायर स्टेट ऑफ़ बंग। ड्रग नहीं है। पार्टी के लिए नहीं यूज़ करते। ये स्पिरिचुअल एक्सपीरियसेस के लिए यूज़ करते हैं। आई हैव रीज़ंस टू बिलीव कि भारत में भी यह होता था। हम लाइक अगर इतना कुछ लिखा हुआ है, इतना कुछ हुआ है, सम काइंड ऑफ कॉन्शियसनेस ट्रांसेंडिंग उपाय वुड हैव बीन गिवन डेफिनेटली। आई आई एग्री एंड लाइक इवन जो भांग एज अ कांसेप्ट जो है इट इज़ ट्रेसिंग बैक फ्रॉम द सेम लिनए ऑफ़ आई थिंक लाइक साइकलिक्स एंड अ या
(30:59) द होल ट्रेडिशन आल्सो केप्ट ऑन इवॉल्विंग। तो आयुर्वेद और यूनानी मेडिसिन मेडिसिन इज़ वन एस्पेक्ट बट लाइक नॉन मेडिसिनल यूज़ ऑफ़ हर्ब्स पे भी और डॉक्यूमेंट्स हैं जिसको मैंने कवर नहीं किया डिटेल में बट आई नो समथिंग टू दिस इफेक्ट कि इवन शास्त्रों में दे लाइक साइकेलिक्स को अप्रोच करते हुए बहुत सारे टेक्स्ट हैं। लाइक पीपल डू नो ऑफ़ देम बट दे आर ऑल डॉक्यूमेंटेड। या वाव आई एक्चुअली वांट टू आस्क यू अबाउट वरुण देव। इस पूरे एपिसोड में ये मेरा मोटिवेशन है। शायद मेरा फेवरेट वीडियो आपका वो वरुण देव वाला ही वीडियो अथर्ववेद राइट फॉर
(31:34) व्हाटएवर रीज़ मैंने इतना ज्यादा कनेक्ट किया उससे और तो वही मैजिक जो मैंने फील करा आई वांट द ऑडियंस टू एक्सपीरियंस दैट ठीक है हल्के से उससे पहले आई वुड लव फॉर यू टू जस्ट एक्सप्लेन हिंदू शास्त्रस टू बिगिनर्स क्योंकि हर किसी को लगता है कि हिंदूइज़्म मतलब भगवत गीता बट वो एक हिस्सा है हिंदूइज़्म का और बहुत कुछ है हम ठीक है? लेवल टू ऑफ़ द सेम थॉट इज़ हिंदूइज़्म मतलब चार वेद बट दैट्स आल्सो नॉट ट्रू। और बहुत कुछ है। बिल्कुल। तो ये मेंटल मैपिंग ऑफ शास्त्र कैसे करते हैं? है क्या? आई वुड से कलेक्टिव सिविलाइजेशनल मेमोरी हम शास्त्रों को वैसे
(32:15) बोल सकते हैं और शास्त्र हमारे धर्म के जो थिंकर्स हैं जिन्होंने डिफरेंट लाइफ के डिफरेंट एस्पेक्ट्स को एक्सप्लोर किया है वो सारे टेक्स्ट्स को हम कलेक्टिवली शास्त्र बोल सकते हैं। तो वेद आर द ओल्डेस्ट सबसे पुराने हैं। सो इफ वी वांट टू विजुअलाइज़ इट आई वुड से लाइक वेदों के बारे में स्पेसिफिक बोलूंगा क्योंकि उसी में इतना डायवर्सिटी है। सो सबसे पहले वेदा का जो सबसे पहले लिखे गए थे दे आर कॉल्ड द संहितास। सो संहिता पहले आती है। उसके बाद उन वेदों का मैनुअल आप सोच सकते हो कि वेदों का एग्जैक्टली करा कैसे जाता है? क्या प्रथा से उसको किया जाता है।
(32:55) उसको ब्राह्मणा बोला जाता है। ब्राह्मण टेक्स्ट। फिर इसको लेकर लोग जब रनशिएट करते थे दुनिया को त्याग करके जंगलों में जाते थे और फिर वहां पे एक एक अदर स्टेट्स रीच करते थे हायर स्टेट्स जहां पे मे बी दे कुड बी कंज्यूमिंग दीज़ प्लांट्स व्हिच ऑल्टर्स देयर माइंड स्टेट वहां पे जो वो कंपोज करते थे उनको आरण्यका बोला जाता है। आरण्यका आरण्यकास और वो थोड़े सीक्रेटिव होते हैं। वो सबको पता नहीं होते। बट क्या लिखा रहता है उसमें? वो वो मुझे भी नहीं पता अच्छे से बिकॉज़ मैं जब रिसर्च कर रहा था मुझे मिले ही नहीं। एक मिला था मुझे ऐत्र आरण्य का जो कि ऋग्वेद से लिंक
(33:31) है। लेकिन बाकी मुझे मिले ही नहीं कहीं पे। लेकिन उसमें इट इज़ सेम वेदों से ही रिलेटेड होता है। यज्ञों को अलग तरीके से करने का होता है। सम फिलॉसोफीज़ आर आल्सो देयर। दे आर काइंड ऑफ़ लाइक प्रोटो उपनिषद्स। लाइक जस्ट दैट थिंकिंग इज़ स्टार्टिंग अबाउट दिस एंड फाइनल लेयर पे हमारा उपनिषद आता है। व्हिच इज़ फुल हमारा आई थिंक फिलॉसफी का गुड राइट एंड सो एव्री फोकस इज़ डिफरेंट ऑफ ऑल दीज़ फोर लेयर्स एंड जब फिर यह बन जाते हैं फिर उसके बाद यू नो पोस्ट वैदिक एरा में फिर स्मृतियां होती हैं ऋषियां जैसे अपने जो थॉट्स होते थे एक्सपीरियंस उनको स्मृतियां करके करते थे।
(34:08) सो याज्ञवल्क्य करके एक ऋषि थे जिन्होंने वाइट यजुर्वेद को कंपोज किया था। सो ही रोट्स लॉट्स ऑफ़ स्मृतिस वैसे चरका स्मृति एंड मनुस्मृति राइट लाइक दोज़ आर ऑल स्मृतिस इनको सब कोई फॉलो नहीं करता दे काइंड ऑफ़ लाइक ऑप्शनल सप्लीमेंट्री टेक्स्ट्स तो शास्त्र वैसे होते हैं ऑल टू रेफर टू एनी रिलीजियस टेक्स्ट हम अभी शास्त्र बोलते हैं उनको बट उनके ओरिजिनस मोटिवेशंस अलग थे। शुरुआत कहां से करते हैं? अह शुरुआत आई थिंक विल बी बैकवर्ड्स जाना वाज़ बेटर। आई थिंक स्टार्ट फ्रॉम वेयर यू आर एट कि अगर आपको गीता में रुचि है, अगर आपको यू नो
(34:47) पहले वहां से समझिए। थोड़ा सा संस्कृत का नॉलेज होना विल बी हेल्पफुल टू डाइव इनू एनीथिंग डीपर। एंड देन आई वुड से स्टार्ट विद द उपनिषद्स। बिकॉज़ आप उपनिषद को डायरेक्टली लाइफ में अप्लाई कर सकते हो। एंड कुछ उपनिषद तो इतने छोटे हैं कि आप एक पेज पर प्रिंट कर सकते हो। केनो उपनिषद फॉर एग्जांपल। केनो उपनिषद। केनो मतलब किसके द्वारा? तो उपनिषद के नाम भी बहुत अजीब-अजीब होते हैं। मुंडका उपनिषद, द शेव्ड हेड उपनिषद। यू विल अंडरस्टैंड व्हाई इज इट बीइंग सेड लाइक दैट आफ्टर अंडरस्टैंडिंग। बट उपनिषद बहुत बड़े भी होते हैं। सबसे बड़ा है
(35:21) बृहदारण्यिक का उपनिषद जो कि इतना मोटा है। राइट? बट देन देयर इज़ केनोपनिषद व्हिच इज़ वेरी शॉर्ट आल्सो। तो आप एक शॉर्ट उपनिषद से आउट से स्टार्ट कीजिए और बाइलिंगुअल स्टार्ट कीजिए। संस्कृत पढ़िए। ट्राई कीजिए समझने के लिए कि इसका क्या मतलब है। फिर इंग्लिश को देखिए। ऐसे करने से आपको वो लहजा समझ में आ जाएगा कि कैसे कंपोज किया जा रहा है। अ लॉट ऑफ़ उपनिषद आर प्रेजेंटेड एस डायलॉग। दो लोग बात कर रहे हैं। यम और यमी श्वेतकेतु और उनके शिष्य गुरु। तो जनरली ऐसा होता है शिष्य क्वेश्चन पूछता है कि गुरु इस ऐसे कैसे कर सकते हैं? फिर गुरु उनका जवाब देते हैं।
(35:58) एंड दैट इज हाउ उपनिषद आर प्रेजेंटेड। वाओ वाओ। ऑडियंस को ये मैं एक और बात कहना चाहूंगा। अ साधना करते हुए ना कभी-कभी हमें बहुत कॉम्प्लेक्स श्लोकाज मिलते हैं जो हमें मन में रिसाइट करने होते हैं और बहुत मुश्किल होते हैं। इट्स नॉट नॉर्मल संस्कृत। इट्स वेरी कॉम्प्लेक्स संस्कृत। आई वुड अस्यूम इट्स ओल्ड संस्कृत। कुछ-कुछ कवचम्स होते हैं वगैरह। वो थोड़े ना इंटिमिडेटिंग लगता है कि यार ये मैं कैसे बोलूंगा मन में भी। हम अ द टेक्निक इज़ जैसे-जैसे आप पढ़ रहे हो एक ऑडियो ऑन रखना होता है हम और फिर ऑडियो की वजह से ना आपकी आंखें उस
(36:36) संस्कृत को ज्यादा गहराई से पढ़ने लगती है बाय द थर्ड और फोर्थ टाइम यू हैव डन दिस हम वि द सेम श्लोक हम वो श्लोक खुद को चांट करने लगता है आपके दिमाग में हम एंड देन फाइनली यू लेट गो ऑफ द ऑडियो हम फिर आप पढ़ने लगते हो हम फिर थोड़े टाइम बाद मान लो 20 दिन 25 दिन के लिए ये करा हम फिर ना वो श्लोक आपके कॉन्शियसनेस के साथ कुछ खेल खेलने लगता है। आई फील बहुत सुकून मिलता है वो श्लोक पढ़ के। आपने डिस्क्राइब किया नोटिस मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है। लाइक मैं अपने ही वीडियोस को देखदेख कर वो जब मैं कोट करता था वो याद रह जाता था मुझे एंड दे काइंड ऑफ़ लाइक
(37:16) देन एक्टिवेट विद इन यू। सो या मतलब आई डोंट नो व्हाट इट इज भाई। बट कुछ तो हो रहा होता है कि देवनगरी में ना कुछ मैजिक छिपा हुआ है जो हम आर्टिकुलेट नहीं कर पाते। हम संस्कृत में और भी मैजिक है। एंशिएंट संस्कृत में और भी मैजिक है। इट डेफिनेटली हैज़ सम इफेक्ट ऑन योर ब्रेन थ्रू योर आईज इनसाइड योर माइंड। कुछ तो बॉम्ब फटता है। आई अग्री लाइक देवनागरी स्क्रिप्ट इटसेल्फ इज़ लाइक अ मैट्रिक्स। वो बेसिकली जिनको मैथ्स पता है इट्स अ मैट्रिक्स लाइक कॉलम से इट्स लाइक पोजीशन अलोंग द नेक एंड दिस लाइन इज़ कि आप उसको स्पष्ट उच्चारण करो या उसको
(37:55) एस्पिरेटेड करो क ख ग राइट लाइक इट्स इट्स इट्स ऑल अ पैटर्न इट्स अ बिग पैटर्न सो देवनागरी डस हैव दैट काइंड ऑफ़ एलगेंस टू इट इट्स प्रोबब्ली द बेस्ट स्क्रिप्ट टू रिप्रेजेंट अ लॉट ऑफ़ डिफरेंट साउंड्स मतलब एक पॉइंट के बाद ना ये जो कॉम्प्लेक्स श्लोक होते हैं या कॉम्प्लेक्स पैराग्राफ्स ये अंदर से आपकी एक सर्जरी कर रहे हैं। हम अक्षरों की वजह से क हम चल हम आई एम नॉट एबल टू आर्टिकुलेट इट बट माय पॉइंट इज बेसिकली डोंट बी इंटिमिडेटेड बाय ऑल दीज़ थिंग्स एम्ब्रेस संस्कृत हम आपसे ये पूछना चाहूंगा कि जो भी वेद आपने पढ़े हैं ऑब्वियसली एंशिएंट संस्कृत में
(38:33) है। प्लस आपने न्यू संस्कृत भी पढ़ी हुई। डू यू अंडरस्टैंड संस्कृत? आई आई स्टडीड संस्कृत टिल क्लास एट। तो मुझे बेसिक संस्कृत मैं समझ सकता हूं। मुझे शब्द रूप, धातु रूप वो सब पता होता है। बट इवन फॉर संस्कृत स्कॉलर्स वैदिक संस्कृत इज़ डिफिकल्ट। इट्स अ डिफरेंट थिंग ऑल टुगेदर। क्यों? ये क्यों ही पूछना था मेरे को कि व्हाई इज इट डिफिकल्ट? अ डिफिकल्ट बिकॉज़ एक तो दे आर प्री पाणिनियन। तो अभी लोगों को लगता है कि संस्कृत बहुत लॉजिकल है, बहुत यह है। बिकॉज़ उसका ग्रामर बनाया गया है। वैसे पाणिनी जी ने पूरे सूत्र क्रिएट किए हैं। जिसमें ब्यूटीफुली हम ग्रामर को संक्षिप्त
(39:11) में एक क्रिएट कर सकते हैं। बट इससे पहले संस्कृत वाज़ नॉट अ दैट लॉजिकल दैट सब कुछ ऐसा हो रहा है। उसमें भी इंग्लिश की तरह अलग टाइप के होते थे। चीजें होते हैं। लोग बोलचाल में यूज़ कर रहे हैं उसको। तो वैदिक संस्कृत वाज़ अ लैंग्वेज नेचुरल लैंग्वेज। जैसे पंजाबी है या और उसकी भी पैरेंट लैंग्वेज थी। तो तो दैट इज अ लैंग्वेज व्हिच इज़ डिफिकल्ट बिकॉज़ वी डोंट नो द कॉन्टेक्स्ट। हमें पता नहीं कि अ उसको लाइक कुछ शब्दों का कैसे मतलब है। हम डिकोड करते हैं ऑलमोस्ट उसको। सो इट्स हैज़ एक्चुअली सम क्लोजनेस विथ लिथुवेनियन, रशियन एंड उन लैंग्वेजेज़ के साथ वी सी अ
(39:51) लॉट ऑफ़ क्लोजनेस एंड सिमिलरिटीज़। जबकि मॉडर्न संस्कृत इज वेरी मच यू नो इट इज क्लोजर टू यू नो आवर इंडियन लैंग्वेज में जैसा यूज़ होता है। ओके। सो आपने कभी ये वाला टॉपिक एक्सप्लोर करा है क्या? एंड ये ना एक बहुत सुंदर चीज है जो मैंने शो से सीखी है कि अगर आप भारतीय हो और अगर आपका भारतीय नाम है हम वो नाम एक्चुअली एक मंत्र की तरह एक्ट करता है आपकी जिंदगी के दौरान। बिल्कुल। तो जो भी आपका भारतीय नाम है या एक्चुअली उसका एक संस्कृत रूट वर्ड होता है। हर नाम के अंदर एक रूट होता है। हम अगर आप उस संस्कृत रूट को समझोगे हम तो फिर आप अपने जिंदगी का मतलब और जिंदगी
(40:34) की ट्रेजेक्टरी ज्यादा समझ पाओगे। बिल्कुल। ये मैंने भी ऑब्जर्व किया है कि नाम जैसा होता है और पर्सनालिटीज ऑलमोस्ट मैच करने लगते हैं। इसलिए मुझे बहुत बुरा लगता है कि मेरा नाम का मतलब है नहीं। कुछ इसलिए मुझे ऐसा लगा बाकी सबके नाम के मतलब है मेरे नहीं है। बट यस आई डू फील कि आप एक ही शब्द जब सुनते रहते हो समथिंग अबाउट द साउंड एक्टिवेट्स समथिंग विद इन यू एंड कनेक्टिंग दिस विथ द सामवेद वीडियो इनफैक्ट यू नो जो सामवेद के जो गाने हैं लोगों को लगता है इट्स अबाउट म्यूजिक एंटरटेनमेंट सामवेद वास नॉट अबाउट दैट एट ऑल सामवेद वाज़ टू स्टडी द पैटर्न ऑफ दिस
(41:11) साउंड और वो कैसे माइंड में क्या चेंज करता है उसका स्टडी था सामवेद एंड सम पीपल इवन सी कि द रिसर्चर लाइक वन बुक आई विल रेकमेंड इज़ इज़ कॉल्ड द ओरिजिन ऑफ़ कॉन्शियसनेस इन द ब्रेकडाउन ऑफ़ द बाईकमरल माइंड। इट्स अ हा इट्स अ माउथफुल। क्या है यह? इट्स अ बुक बाय जूलियन जेम्स। अ उनका यह हाइपोथेसिस है कि कॉन्शियसनेस काफी रीसेंट फेनोमिनन है। एक टाइम के पहले द वे वी आर कॉन्शियस वो लोगों को अपने अंदर का आवाज नहीं सुनाई देता था। उनको लिटरली वॉइस सुनाई देता था। एज इफ गॉड आपको कमांड कर रहे हैं। जबकि वह होता था उनका राइट ब्रेन ही बट वह अंदर आवाज नहीं
(41:52) सुनाई देता था। वह लिटरली सुनाई देता था लोगों को। एंड ही सेस कि दिस वुड हैव बीन बिफोर 1000 बीसी व्हिच आइरोनिकली इज़ व्हेन द वेदास वर कंपोज्ड। वाओ व्हाट ही इज़ सजेस्टिंग मींस कि वेदाज़ कुड हैव लिटरली बीन समथिंग पीपल लिसन एंड इट इज़ दी साउंड्स ऑलमोस्ट दैट व्हिच एक्टिवेटेड लोगों के अंदर अह कॉन्शियसनेस। बट यह हर इंसान के साथ होता था या कुछ-कुछ इंसानों के साथ? लोगों लोग यह जो सोमा और यह सब ड्रिंक्स करते थे, दैट वास अ वे टू कनेक्ट टू दैट स्पिरिट। एंड लैंग्वेज जब हुआ ना लैंग्वेज को कुछ लोग वायरस भी बोलते हैं एक किस्म का।
(42:30) विलियम बोरोस करके एक रिसर्च है। वो लैंग्वेज को एक वायरस के तरह कंपेयर करते हैं। आप जब एक लैंग्वेज सीखते हो तो वो लैंग्वेज कुछ करने लगता है आपके माइंड में। वो लैंग्वेज में दुनिया को जिस तरीके से एक्सप्रेस किया गया है वो आप उसमें ढलने लग जाते हो। इट लिमिट्स यू। इट इट शेप्स यू। लाइक अगर किसी कल्चर में इफ दैट कल्चर हैज़ एक्सपीरियंस्ड फ्लड्स एंड ड्रॉट्स तो वो रेन को एज अ डिस्ट्रक्टिव फ़ देखेंगे। बट द सेम चीज अगर किसी कल्चर में है जहां पे यू नो लाइक रेन इज़ वेरी रेयर तो वो उसको एक बंटीफुल जैसा वो देखेंगे। सो द लैंग्वेज
(43:08) एंड म्यूजिक एंड ऑल ऑफ़ दीज़ हैव डीप कनेक्शंस विद कॉन्शियसनेस। वो उस बुक से मुझे पता चला। वाओ वाओ हम समटाइ्स हां आई फील बैड कि जितने भी हिस्ट्री फैंस हैं भारत में मैं तो चाहता हूं कि वो सारे फैंस मेरे पडकास्ट देखें बिकॉज़ ये मैं इंटरेस्ट के ओरिजिन पॉइंट से बना रहा हूं। और फिर जब मैं करता हूं ना मेरे को लगता है कि यार यहां आप लिटरली स्पिरिचुअल नॉलेज शेयर कर रहे हो इट विल रीच हैज़ टू रीच सो जस्ट लिव फॉर द प्रोसेस एनीवे वरुण भगवान की वरशिप वैसे होती है क्या आजकल भारत में नॉट रियली आई थिंक इट्स ऑलमोस्ट इवन यज्ञों में मे बी समटाइ्स इफ इट इज़ मेंशंड
(43:52) बट आई थिंक ब्रॉडली वरुणा हैज़ बीन टोटली एसिमिलेटेड इंटू विष्णु नाउ समट सम टाइम्स विदाउट कॉन्टेक्स्ट अगर आप पढ़ोगे वरुण देव के बारे में क्या लिखा है अथर्ववेद में यू वुड मिस्टेक इट कि ये विष्णु या कृष्णा के बारे में बोला जा रहा है एंड फॉर एग्जांपल वरुणा इज डिस्क्राइब्ड एस द ऑल नोइंग ऑल सयर डटी अगर आपको लग रहा है आपको कोई नहीं देख रहा तब भी वरुण आपको देख रहे होते हैं। ही इज़ सेड टू हैव लाइक थाउजेंड्स ऑफ आईज ऑल द टाइम ही इज़ प्रेजेंट एवरीवेयर द जो बोला ओमनिसिएंट ओमनीपोटेंट दे ऑल कम फ्रॉम वरुण तो इंदिरा जहां पे एक आप बोल सकते हो एक वॉरियर के
(44:31) गॉड्स हैं वॉरियर स्पिरिट वरुणा इज़ अबाउट किंग्स सोवरन एंड वरुणा इज़ द जज आर्कटाइप बेसिकली इंद्रा आपको इतना जज नहीं करते ही जस्ट वांट्स यू टू लाइक डू वेल एंड एक्सेल एंड डिजायर एंड एम वरुणा जजेस यू। ही विल इवैलुएट यू। ही वांट्स यू टू डू अ गुड थिंग्स। इफ यू से समथिंग एंड इफ यू ब्रेक इट, वरुणा टेक्स नोट। सो, वरुणा इज़ द वन इज़ अ गॉड ऑफ़ ओथ्स। लोग वरुण की शपथ लेते थे पहले। एंड लाइक कंसीडरिंग ब्रेकिंग अ ओथ टेकन इन वरुणास नेम वुड ब्रिंग अ लॉट ऑफ़ बैड थिंग्स। सो ही वाज़ फियर्ड। इंद्र वाज़ काइंड ऑफ़ फियर्ड बट इंद्र कुड बी नेगोशिएटेड। आप
(45:17) उनको सोमा देकर इंप्रेस कर सकते थे। ही वुड फॉरगिव यू। बट वरुणा वाज़ंट लाइक दैट। आप उनको बहला फुसला नहीं सकते थे। एंड टू गिव यू द कंपैरिजन बिटवीन इंद्र इंद्र अ इवन आर्कटिपिकली इंद्रा इज़ द वन हु रिलीजेस ही इज़ द एक्सट्रोवर्टेड गॉड। राइट? लाइक वो वृत्र करके एक सर्पेंट डीमन है। उसको नाश करके को रिलीज़ करते हैं। ही हैज़ अ थंडरब्ट वज्र इन हज़ हैंड। बट वरुण हैज़ अ नोज़ इन हज हैंड। पाशा बोलते हैं उसको लाइक अ लूप जिससे वो किसी को भी खींच के यू कैन पुल एंड बाइंड दैट पर्सन लैसो जिसको बोल सकते हो। सो वन इज़ रिलीजिंग वन इज़ बाइंडिंग। सो यू कैन सी दैट दे वेयर द
(46:00) टू काइंड ऑफ़ डटीज़। एंड वरुण सबसे प्रिय थे भृगु जी के लाइक भृगु ऋषि उसके क्लैन के। दे वुड नॉट बी सो मच अबाउट इंद्रा। मतलब दे वुड रेस्पेक्ट इंद्रा बट उनके प्राइमल डेटी जिनके अराउंड एवरीथिंग वाज़ बेस्ड वाज़ वरुणा एंड वेरी इंटरेस्टिंग वरुणा इज़ ऑलमोस्ट उनको इतना डिस्क्राइब नहीं किया गया है लाइक विजुअली ही इज़ रेफर्ड इन वेरी अनआइकॉनिक टर्म्स एब्स्ट्रैक्ट टर्म्स वन इमेजरी अथर्ववेदा एंड बाकी बाकी वेदों में बहुत कॉमनली हमें देखने को मिलता है पानी के अंदर जलता हुआ आग वाह वाह सो व्हाइल इंद्र इज प्योर आग। वरुण इज़ द आग बट सबमर्ज इन वाटर। सो यू सी
(46:45) दैट मॉडेस्टी इज़ इन हिम। दैट्स काइंड ऑफ़ लाइक ही इज़ मोर इंट्रोवर्टेड एज अ डेटिंग। बट सबसे बंगर चीज़ इनसाइट व्हिच आई गॉट टू नो रणवीर वाज़ अवस्था में देयर वाज़ आई वाज़ जस्ट कैजुअली लुकिंग खोरदा अवस्था में दिस इज़ वन ऑफ़ द जोरास्टियन बुक्स। 101 नाम दिए गए हैं। ऑफ अरामस्ता। एंड कैन यू गेस व्हाट इज द 44 नेम? वरुण वरुण एक्सैक्टली सो दिस स्ट्रेंज कनेक्शन इज दैट वरुण समहाउ इज द सेम डेटी जो कि अहरा मजदा बनते हैं। सो वरुण को हम बहुत बार असुरा बोले गए हैं। सो दैट इज़ वेयर द अहुरा कम्स फ्रॉम असुरा अहूरा एंड अथर्ववेद में ऋग्वेद में वरुण को बहुत बार
(47:30) विद्वान कह कर कहा गया है। विद्वान और दिस वर्ड इज़ यूज़्ड वेधस। वेधस मींस समवन हु इज वेरी इंटेलिजेंट व्हिच बिकम्स द वर्ड मेधस एंड मेधस से यू गेट मस्ता। सो अहरा मस्ता दोज़ आर एपिथेट्स ऑफ़ वरुणा इटसेल्फ। एंड वरुणा इज़ नॉट जस्ट वरुणा इज़ प्रोबेब्ली वन ऑफ़ द मोस्ट पॉपुलर डेटीज़ ऑन दिस एंटायर पैंथियन। एंड इंद्रा से पहले वरुणा वाज़ मोर वरशिप। इट सीम्स लाइक हमारे रीजन में इंद्रा बिकम लाइक अ स्टार सुपरस्टार। बट वरुणा वाज़ द मोर प्रोमिनेंट डेटी इन रेस्ट ऑफ द कल्चर। सो इट कुड बी लाइक वरुणा इज़ इवन ओल्डर देन इंद्र। सो पहले दस थे उसके
(48:11) बाद द पावर ऑलमोस्ट शिफ्ट्स टू वरुणा एवरीवेयर। तो कहीं पे इवन द यूरोपियंस हैव नेम फॉर वरुणा। अ उरानस यूरेनस नेम उरानस इफ यू सी वरुणा यूरेनस दे हैव एटमोलॉजिकल कनेक्शंस। इवन नॉर्थ में जो स्कंटिनेविया वाला रीजन है नॉर्वे देयर इज अ डेटी कॉल्ड ओडिन। एंड ओडन आल्सो हैज़ अ लॉट ऑफ पैरेलल्स विद वरुणा। थॉर के फादर है। यस यस। सो थॉर बेसिकली हैज़ द इंदिरा आर्किटाइप। दे आर बोथ हैमर गॉड्स। वो वेपन्स कैरी करते हैं। थंडर के साथ लिंक्ड हैं। एंड ओडन अ इज़ द वन हु कम्स बिफोर। एंड ओडेन के आप ट्रेड्स देखोगे। ही इज़ आल्सो लाइक अ ओल्ड लाइक मैस्कुलिन सॉर्ट
(48:56) ऑफ़ फिगर। उन्होंने अपना एक आंख काट के बलि दिया था टू वरशिप टू गेट विज़डम। सो यह विज़डम वाला चीज हम बहुत पैरेलली देखते हैं। एंड हमारे वेदों में वरुणा सॉर्ट ऑफ़ आल्सो गेट्स डिमोटेड। जैसे इंद्र गेट्स डिमोटेड। वरुणा गेट्स डिमोटेड बट नॉट एज़ हारशली एज़ इंद्रा। इंद्रा को तो स्ट्रेट अवे वी विलनाइज़ एंड डू दैट। वरुणा गेट्स पेयर्ड विथ अनदर डटी कॉल्ड मित्रा। मित्र बिकम्स लाइक अ सोलार डटी वेयर वरुण इज अ नाइट डेटी। यह समझाओ। सो मित्र को सन के साथ एसोसिएट किया जाता है। ऑफ़ हैप्पीनेस। ही इज़ द वन हु सिंबलाइज़ फ्रेंडशिप। बट वरुणा इज़ द डारकर एस्पेक्ट। ही इज़ द मून।
(49:42) ही इज़ द नाइट। ही इज़ अबाउट इवैलुएटिंग, जजिंग यू। सो इन दोनों को पेअर कर दिया गया। इनफैक्ट ऋग्वेद में 85% ऑफ द टाइम्स जभी भी वरुण मेंशंड है ही इज मेंशंड विद मित्र बट अथर्ववेद में नहीं है। अथर्ववेद में वरुणा हैज़ अ इंडिपेंडेंट एक्सिस्टेंस। वहां पे दिस पेयरिंग हैज़ंट हैपेंड। सो व्हाट डस दैट मीन? इट मींस कि अथर्ववेद ट्रेडिशन में वरुणा केप्ट ह यू नो सोवनिटी ऑलमोस्ट लाइक हिज़ इंडिविजुअलिटी। जबकि ऋग्वेद में बिकॉज़ दिस वाज़ अ भृगु डेटी उन्हें सॉर्ट ऑफ मित्र के साथ मित्र वरुणा दे विल के टेक केयर ऑफ उस हिसाब से पेअर कर दिया गया। एंड वी सी अ
(50:19) सिमिलर डुप्लीकेशन इन यूरोप आल्सो वेयर ओडन आल्सो गेट्स पेयर्ड विथ अनदर डेटी। आई फॉरगेट द नेम बट वहां पे भी वो होता है। सो दैट पैरेलल इज़ देयर। सो या वरुणा इज़ एसेंशियली द जजिंग गॉड। इज़ द बैलेंसर गॉड। वो एनश्योर करते हैं कि दुनिया में ऑर्डर बनी रहे, स्टेबिलिटी बनी रहे। इनफैक्ट अथर्ववेद में ही यू नो वेरी ब्यूटीफुल कंट्रास्ट एक मंत्र है जहां पे हम इंद्र को वशिप कर रहे हैं जुआ में हेल्प करने के लिए जुए में कि हे इंद्र हमें दीजिए पावर ताकि हम लकी हो। हमें जुए में पैसा मिले। एंड कुछ ही मंत्रों के बाद जस्ट नियर वरुण को बोला जा रहा है हमें शराब जुए से दूर
(51:04) रखें। यह सब हमें बुरी प्रवृत्तियां देती हैं। हमें इनसे दूर रखें। सो यू सी दिस कंट्रास्ट ऑफ सॉर्ट ऑफ आइडियाज एंड कैसे डिफरेंट प्रवृत्तियों के लिए डिफरेंट गॉड्स आर एसोसिएटेड। सो आई वुड से लाइक इंद्रा एंड वरुणा ने साथ में यह एक एक टग ऑफ़ वॉर का बैलेंस एस्टैब्लिश किया। वन दैट वांट्स यू टू डिज़ायर एंड एम द अदर वन इज़ लाइक बिहेव एंड हैव ऑर्डर इन सोसाइटी। लाइक हैव एंड वी सी ऑलमोस्ट वरुणा के लिए एक भक्ति लाइक प्रॉपर्टी स्टार्ट्स हैपनिंग इन द अथर्ववेदा इटसेल्फ। एक मंत्र में बोला गया है हे वरुणा मैं आपकी और हजारों भक्तों को लिए आ रहा हूं। मुझे
(51:44) आपके चरणों में शरण दीजिए। समथिंग ऑफ़ दैट नेचर। सो दिस अह प्रॉपर्टीज ऑफ़ वरुणा, दिस ऑल सीइंग, ऑल नेचर और उनको बहुत इंटरेस्टिंगली ब्लू कलर के साथ एसोसिएट किया जाता था। अ कॉस्मिक ओशियन राइट एक वॉटर्स के साथ यू कैन इमेजिन कि भगोस आर वाटर लविंग पीपल ट्रेड लविंग पीपल सो वो कोस्ट्स में रहते थे। सो दैट इज़ व्हाई प्रोबब्ली ओशियन हैड अ बिग सिंबोलॉजी फॉर देम। एंड टाइम के साथ वी सी कि जो जो प्रॉपर्टीज वरुणा के साथ एसोसिएट होता है जो आइकॉन होता है वरुणा का वो धीरे-धीरे विष्णु स्टार्ट्स इनहेरिटिंग। एंड अथर्ववेद में ही हमें विष्णु और वरुण को
(52:25) साथ में वशिप किए जाने वाले मंत्र भी बहुत मिलते हैं। वाओ या सो दैट इज वेयर द ट्रांजिशन इज हैपनिंग। जहां पे हम देख रहे हैं कि वरुण के जो गुण हैं जो स्टेम केबल इंट्रोवर्टेड गुण है वो आप विष्णु में भी देखोगे। सो दैट इज हाउ देन विष्णु बिकम्स लाइक फ्रॉम अ माइनर ऋग्वदिक डटी ही बिकम्स लाइक द यू नो नारायण हु देन मॉर्फ्स इन टू यू नो ऑल द अदर दशावतार्स बट दिस इज़ हाउ वरुणा इज द आर्कटाइप जिससे ये होता है एंड आई हैव फाउंड इट वैरी इंटरेस्टिंग द वर् साउंड राइट वरुणा विष्णु वासुदेवा सो सम हाउ दैट लाइक पैटर्न इज देअर व्हिच इज
(53:07) शोइंग यू हाउ दैट कनेक्शन इज़ हैप्पेनिंग वैसे तो ये मैं दूसरी बार सुन रहा हूं। पहली बार आपके वीडियो में ये सुन रहा था। एंड इट ब्लू माय माइंड एंड आई होपिंग दैट दैट्स द इफेक्ट इट हैज़ ऑन पीपल कि ऐसे कन्वर्सेशंस ना क्यूरियोसिटी इनवोक करते हैं किसी इंसान में। टू गेट दिस कांसेप्ट लिटिल मोर क्लियर। हम क्योंकि वरुणा ट्रेडिशनली हमारे ओशियन गॉड माने जाते थे या माने जाते हैं। हम सवाल आपसे ये है कि जो पोसाइडन है हम ग्रीक गॉड आई बिलीव। हम उनका एक त्रिशूल है। हम अभी पोसाइडन कैन बी अंडर टू बी वरुणा और हाउ वुड यू? सो ओरिजिनली वरुणा वास
(53:46) एक्चुअली अ स्काई गॉड। ही इनहेरिटेड द प्रॉपर्टी फ्रॉम द हाउस। सो दउस का जो प्रॉपर्टी था स्काई का वरुणा स्टार्ट्स इनहेरिटिंग अह द स्काई का प्रॉपर्टी। ही हैज़ एक्सपेंसिव एंड वाइड एस द स्काई। एंड धीरे-धीरे दैट मॉर्फोलॉजी शिफ्ट्स टू वाटर। जैसे-जैसे ज्यादा वाटर का एसोसिएशन बढ़ने लगता है। यू कैन एक्चुअली सी द ट्रांजिशन हैपेनिंग फ्रॉम एसोसिएटिंग विथ द वाइड स्काई टू डीप ओशन कहीं ना कहीं इट्स काइंड ऑफ़ द सेम इफ यू सी ओशन एंड स्काई दे काइंड ऑफ़ ब्लर विद इन ईच अदर। सो मे बी दैट्स हाउ इट स्टार्टेड। एंड आई कैन बट इतने ज्यादा पैरेलल्स हमें
(54:24) वरुणा और पोसाइडन में नहीं दिखते। बिकॉज़ यू से लाइक दिस इज़ अ डिमोटेड रोल। जब हमको त्रिमूर्ति को अपहोल्ड करना था। ऑल द वैदिक डेटीज़ हैड टू बी रेलिगेटेड टू छोटे-छोटे अदर-अदर चीजें। तो तब बोल दिया गया बारिश के लिए इंद्र, पानी के लिए वरुण। बट दीज़ वेर दीज़ डेटीज़ वर फार मोर देन एलिमेंट्स वाले चीजें। एंड इससे पहले ये भावों और प्रकृतियों को रिप्रेजेंट करते थे। राइट? लाइक संयम, भक्ति ऑल दोज़ वेयर ट्रेट्स दैट वरुणा वुड असेस यू फॉर। हम अ काइंड ऑफ़ हिस्ट्री वी शुड लर्न इन स्कूल्स। क्योंकि हिस्ट्री में हमें यही बोला जाता है कि ओल्ड वैदिक पीरियड में
(55:01) नेचर को वरशिप किया जाता है। क्योंकि इंसान ही बहुत बेसिक थे। जो भी आसपास दिखा उन्हें लगा कि यार ये देवता है। बट यहां बहुत डीप फिलोसोफिकल बातें हो रही है। बहुत पीपल वेर वेरी कॉम्प्लेक्स एंड ऐसा मानना कि लोग सिंपल थे। फिर ये हमें हेल्प तो करता है समझने के लिए कि ब्रीफ में कैसा हुआ था। बट आई थिंक या दिस ये हमें कैप्चर नहीं कर रहा। और दिस इज़ नॉट अ वेदों को यह जस्ट यह जस्टिस नहीं है वेदों का। अ मोंगोल्स हमेशा एक डेटी को वरशिप करते थे जिसका नाम था डीप ब्लू स्काई। ओ इंटरेस्टिंग या कुड दैट बी अनदर पैरेलल वरुणा वाज़ वेरी पॉपुलर लाइक आई कैसे
(55:47) बताऊं। लाइक वी सी कि जोरो एस्ट्रोनिज्म में अहूरा मजदा वरुणा का इंस्पिरेशन से जाते हैं। देन जुडाइस्म स्टार्ट्स कमिंग अप जस का रिलजन एंड जब साइरस ने बेसिकली किंग साइरस करके उस रीजन के एक किंग थे। उन्होंने इन जूस को सॉर्ट ऑफ फ्री किया था। रेस्क्यू किया था। परर्शियन एपरर थे ना? हां परशियन एपरर थे। तो उन्होंने उनको रेस्क्यू करके अपनी जगह पर बनाना दिया था और उनके लिए एक टेंपल भी बनाया था। जुइश अ लाइक टेंपल एंड उस पीरियड को एग्जाइल बोला जाता है जुइश कल्चर में और उस एग्जाइल से पहले वाला जुडाइज्म और बाद वाला में जमीन
(56:26) आसमान का फर्क है। वाओ द जस वेर लर्निंग अबाउट हेवन एंड हेल एंज्स डीमंस गुड एंड बैड देर बीइंग लाइक वन क्रिएटर ऑल दीज़ आइडियाज जोरस्ट्रिनिज्म से जुडाइस में जाने लगे। एंड देन दिस कांसेप्ट ऑफ़ देयर बीइंग लाइक वन गॉड जैसे अहरा मजदा एक गॉड है वो कांसेप्ट मेड द अब्राहमिक गॉड द इमेजिनेशन कि देयर इज़ वन गॉड दैट रूट्स कम्स फ्रॉम जोरनिज्म व्हिच इज़ अ ऑफशूट फ्रॉम द वैदिक कल्चर मेरे ख्याल से जुडिज्म में उनके एक भगवान को यावे कहते हैं। या या यावे यावे यस एंड यावे के जो मोनोथिस्टिक प्रॉपर्टीज हैं लाइक ही वास वरशिप इवन बिफोर द एक्साइल बट
(57:13) द वे ही वाज़ वरशिप जिस भाव से बस उनको वरशिप किया जाता था नॉट एस कि भाई हमारा विश फुलफिल कर दो बट मोर लाइक कि यू आर इट तुम ही हो दैट चेंज वाज़ अ रिजल्ट ऑफ़ ज़ोरास्ट्रियन इन्फ्लुएंस ऑन जुडाइज़्म एंड देन एज वी नो द स्टोरी जुडाइज़्म से क्रिश्चियनिटी आता है क्रिश्चियनिटी में सारे स्टोरीज जाते क्रिश्चियनिटी एक्चुअली पिक्स अप मित्रित्रा वरशिप क्रेजीली जो जो रोमन एपरर्स होते थे, रोमन सोल्जर्स होते थे, उनमें कल्ट जैसे मित्र का वरशिप स्टार्ट हो जाता है। एंड बहुत क्या है? मित्र जो वरुण के साथ एसोसिएटेड रहता है। मित्र हां सन डटी ही बिकम्स अ कल्ट फिगर
(57:50) इन रोमन एंपायर। दिस इज़ बिफोर क्राइस्ट। ओरिजिन। एंड क्रिश्चियनिटी आते-आते चैलेंज मिल रहा था मित्रम को। सो दे लंदन में ही इनफैक्ट अगर आप जाओगे तो जस्ट वो सबवे जो है लंदन सबवे उसके जस्ट नीचे एक मित्रियम है। मित्रियम इज बेसिकली लाइक अ केव जहां पे मित्र के वशिपर्स आते थे एकजुट होते थे और मित्र के प्रेयर्स बोलते थे। डू यू कैन यू टेक अ गेस कि मित्र का बर्थ डेट क्या होगा? बर्थ डेट हां दिसंबर 25th ओ वाओ या ये क्या कनेक्शन है नाउ सम पीपल डू नॉट अग्री कि दिस वाज़ डायरेक्टली मित्र का बर्थडे दे कनेक्टेड विथ अनदर डेटी कॉल्ड सोल इनविक्टर्स व्हिच वाज़ अ यूरोपियन पेगन
(58:37) डेटी बट दे यर काइंड ऑफ़ ब्रॉडली कंसीडर्ड टू बी द सेम बट यही दिसंबर 25थ का कनेक्शन गेट्स इनहेरिटेड इन टू जीसस क्राइस्ट का बर्थडे किसी भी वेद में आउटर स्पेस के बारे में कुछ लिखा हुआ है क्या? अथर्ववेद में ही हमारा जो जस्ट आफ्टर दिस अ जैसे ही हम यू नो हर्ब्स मैजिक एंड वो सब के बाद देयर इज़ अ फिलॉसफिकल लेयर दैट कम्स इन द अथर्ववेद जो कि ऑलमोस्ट सिमिलर लगता है ऋग्वेद के लास्ट मंडल से। लास्ट मंडल ऑफ़ ऋग्वेद इज़ वेरी इनक्विज़िटिव। इट इज़ आस्किंग कि ये क्रिएशन किसने किया? क्या जब पहले था कोई क्रिएटर था भी या नहीं था क्या सब कुछ पानी था यह तो सिमिलर आइडियाज
(59:22) हमें अथर्ववेद के इस लेयर में मिलता है दैट इज़ द स्कंभसक्ता स्कंभसक्ता इज़ आस्किंग ये जो पूरा ब्रह्मांड है जो स्टेबल है उसको संभाला किसने है व्हाट इज़ दिस कॉस्मोस रेस्टिंग ऑन ऐसा क्या चीज है जो कि ये प्लनेट्स को एक मोशन में रखता है सन कोलैप्स क्यों नहीं कर जाता मून कोलैप्स क्यों नहीं दीज़ आर काइंड ऑफ़ इनक्विज़िटिव क्वेश्चंस व्हिच अह यू नो यू नो मेक्स देम थिंक कि देयर इज अ कंभा एक कॉस्मिक पिलर है जो ये सबको अपहोल्ड किया हुआ है। व्हिच इन मेनी वेज यू कैन थिंक ऑफ इट्स यू नो द ग्रेविटी के बारे में वो सोच रहे हैं। इट्स दैट काइंड ऑफ़ फोर्स बट वी
(59:58) सी दैट इंक्विजिटिवनेस इन अथर्ववेदा। फिर देन मीनाक्षी जैन जी ने ही बोला था इन द पडकास्ट अबाउट द भूमि सुक्ता। माता भूमि पुत्रो अहम पृथ्वी। दिस आईडिया कम्स फ्रॉम दैट सुक्ता कि पृथ्वी माता है और मैं उस पृथ्वी का संतान हूं। सो देयर पृथ्वी इज ग्लोरिफाइड एंड वो हमें और किसी वेदों में उस लहजे में एक फेमिनाइन स्पिरिट को वरशिप करते हुए बहुत कम दिखता है। यू नो एंड दैट इज वेयर लाइक वी आर थैंकिंग द वर्ल्ड कि इतने सारे मेडिसिंस हैं। आप सबको बिलोंग करती हो। यू आर लाइक अ पृथ्वी इज़ लाइक अ काऊ जो कि जब चाहो वह दूध देती है। वह
(1:00:42) हमें खाना देती है। सबके लिए सब कुछ है। सो दैट काइंड ऑफ कि वी आर ऑल चिल्ड्रन ऑफ दैट वन अर्थ इन अ काइंड ऑफ़ कॉस्मिक कॉन्टेक्स्ट कि ये यू नो हम लोगों को एक कॉस्मिक पिलर ने संभाला हुआ है। दोज़ काइंड ऑफ़ थिंकिंग्स आल्सो कम्स इन द अथर्ववेद व्हिच इन अ वे हेल्प्स पीपल टू सॉर्ट ऑफ़ एक्सेप्ट ईच अदर। सी अदर कल्चरर्स। यू नो इट्स वो रीजन है। ट्रेड का रीजन है। बहुत सारे कल्चरर्स आ रहे हैं। सो अथर्व डेलीबेटली प्रमोटेड आइडियाज व्हिच अ लुक्स फॉर डवर्स इंक्लूजन ऑफ पीपल। या फेमिनिन डेटीज ने अपना डेब्यू कब करा शास्त्रों में? बहुत पहले इवन लाइक इन
(1:01:28) ऋग्वेद इटसेल्फ देयर आर डेटीज़ कॉल्ड उषाज़। सो उषाज़ आर फेमिनिन एस्पेक्ट्स ऑफ सनलाइट ऑफ इवन द मीटर दैट इज यूज्ड इन द वेदिक मीटर्स इज़ कॉल्ड द गायत्री मीटर। तो जो गायत्री मंत्र है इट्स एक्चुअली डेडिकेटेड टू अ मेल डेटी सावित्री। बट अभी वो गायत्री मंत्र से पीपल थिंक दैट इट्स अ फ़ेमिनिन डेटी। सो दैट्स नॉट अ फ़ेमिनिन डेटी बट उषाज़ करके अह अह देयर आर डेटीज़ हु आर फीमेल। एंड देन देयर आर फीमेल ऋषिज़ आल्सो हु कंपोज्ड एस्पेक्ट्स ऑफ़ द वेदाज़। सो देयर इज़ ऋषिका अम्रिनी हु कंपोजेस अ द अहम रुद्र करके एक अ श्लोक है। व्हिच इज़ सेंवरी ईयर बाय बंगालीज़ अराउंड देयर
(1:02:18) दशहरा। एंड दिस इज़ अ वैदिक चैंट दैट दे सिंग। व्हिच इज़ एसेंशियली सेयिंग कि मैं ही इंद्र हूं। मैं ही सूर्य हूं। मैं ही हर डेटी हूं। जिसको तुम बोल रहे हो अलग-अलग नामों से। आई एम ऑल दैट वन। सो दैट आईडिया वाज़ इंट्रोड्यूस्ड बाय अ फेमिनिन फीमेल डेटी। राइट? सो जितना भी हम देखते हैं इवन इन वैदिक टेक्स्ट्स वी सी ऋषिज़ लाइक याज्ञवल्क्य। वो अपने स्कॉलरली वाइफ अ यू नो मैत्रेई से वो डिबेट कर रहे हैं। दे आर डिस्कसिंग अबाउट कि प्यार क्या होता है? थिंग्स लाइक व्हाट इज लव राइट एंड ये कहां लिखा है ये दिस इज़ वी फाइंड इन शतपत ब्राहणा
(1:03:02) एंड टुवर्ड्स द लाइक इट्स फ्रॉम द यजुर्वेदिक स्कूल जब यू नो ईस्टवर्ड्स मूवमेंट हो रहा है फिलॉसफी इज़ एंटरिंग मोर मेन स्ट्रीम देयर वी सी याज्ञवल्किया का डायलॉग विथ अह अनदर थिंकर कॉल्ड गार्गी। सो गार्गी एंड मैत्रेय आर रिगार्डेड एस लाइक वेरी वाइज वुमेन स्कॉलर्स तो लव का परिभाषा डिस्कशन में द कंक्लूजन दैट कम्स इज कि सारा प्यार स्वयं के लिए ही होता है। हम किसी को जब प्यार करते हैं एक्चुअली हम खुद को ही प्यार दे रहे हैं। उनके जरिए। एंड दैट रियलाइजेशन आई थिंक दोज़ काइंड ऑफ़ आइडियाज हैपेंड इन दैट फेमिनिन कॉन्टेक्स्ट बाय इंक्लूजन ऑफ लाइक यू नो
(1:03:44) सो इट वाज़ अ वेरी इंक्लूसिव इट वाज़ंट लाइक अ वेरी पेट्रियर्कियल कि बस पुरुष प्रधान ही होंगे। इट वाज़ इट वाज़ मोर सॉर्ट ऑफ़ इगलिटेरियन उस टाइम पे या क्यों? पता नहीं ये सवाल क्यों फ्लैश हो रहे हैं मेरे दिमाग में। बट जैसे मैं जानता हूं वेस्टर्न ना जब हिंदूइज़्म के बारे में बात करते हैं अगर उन्हें ज्यादा समझ नहीं है हम तो वन ऑफ़ द फर्स्ट थिंग्स दैट द हेड गोज़ टू इज़ अस्त्रज़ हम विमाना ये वो हम जो टेक्निकली पुराणों से रामायण महाभारत हम वेद पुराणों से पुराने हैं वेद पुराणों से पुराने हैं या सो कुछ मेंशन किया अस्त्रों का या एलियंस
(1:04:33) का आई वास एक्सपेक्टिंग दैट टूल्स काफी टूल्स काफी मेंशंड हैं। इट इज़ वी डू गेट मेंशंस ऑफ़ विमानस बट वी आर नॉट रियली श्योर इफ इट इज़ अ पोएटिक कॉन्टेक्स्ट बिकॉज़ इन एसेंस वेदास आर पोएट्री। सो क्या हम उनको माने एज़ रियल ऑब्जेक्ट्स या नहीं? आई प्रोबेब्ली वुड नॉट टेक अ साइड देयर। आई फील लाइक इट इज़ अ पोएटिक वे ऑफ़ सेइंग सर्टेन थिंग्स। बट मोर रियलिस्टिकली वी फाइंड एक्चुअल टूल्स डिस्क्राइब्ड लाइक स्पेड्स और थिंग्स लाइक अह लाइक अह मेटल के बने हुए चीजें दैट अथर्ववेद में बहुत सारे बार रेफरेंस किए जाते हैं। एंड वी
(1:05:18) हैव एक्चुअली गॉटन एविडेंस आर्कियोलॉजिकल एविडेंस ऑफ़ दोज़ टूल्स। सो ऑन माय माइंड तो अस्त्रों का आई थिंक देयर इज अ लिस्ट आई हैव मेड एन इंफोग्राफिक फॉर इट वी कैन शो इट इन द एडिट बट या अभी मेरे दिमाग पे एक्सजेक्टली स्ट्राइक नहीं कर रहा द नेम्स फॉर द अस्त्रस बट सम वर्ड ऑफ़ मेटोलर्जी वी सी अथर्ववेद तक इट हैज़ बीन डिस्कवर्ड ऋग्वेद में वी ऑलवेज फाइंड द मेंशन ऑफ़ दिस वर्ड कॉल्ड आयस व्हिच सीम्स टू बी अ वर्ड फॉर कॉपर और ब्रोंज़ राइट बट स्पेसिफिकली अथर्ववेद में वी गेट द मेंशन ऑफ़ श्याम आयएस ब्लैक मेटल वि इज आयरन। सो आयरन के टूल्स काफी यहां पर वी आर सीइंग डेवलपमेंट
(1:05:59) हो रही हैं। तो वहां पर अस्त्र शस्त्र ये सब तो बनते ही होंगे। राइट? लाइक इंद्र का अस्त्र वज्र फॉर एग्जांपल वी फाइंड मेंशन इन द ऋग्वेद। सो ऐसे कॉन्टेक्स्ट में वी सी अस्त्र मेंशंड। हम ओके। फाइनली इस पॉडकास्ट के अंत में मैं एक बहुत अनरिलेटेड चीज शेयर करना चाहूंगा। हाल ही में मैंने एक बहुत ज्यादा माइंड बेंडिंग शो देखा Netflix पे जिसने मेरा हिस्ट्री देखने का नजरिया पूरा बदला। डायनासोर्स द डायनासोर्स ओए होए कैसे पता था कि मैं मैं आपके वो इंस्टा ग्रुप पे हूं। ओ रियली ओके ओके थैंक्स अ तो ये इंस्टा कम्युनिटी के बारे में बात कर रहे हैं। अ
(1:06:38) बेसिकली अप्रिशिएट इट ब्रो। बेसिकली अक्सर ना हम डायनासोर्स को जुरासिक पार्क के पर्सेक्टिव से समझते हैं कि हां डायनासोर्स हुए होंगे हम बट द ट्रुथ इज जो लेटर डायनासोर्स हैं उनमें भी एववोल्यूशन हुई बहुत पागलों जैसी एवोल्यूशन हुई जो लेटर डायनासोर्स हैं मान के चलो ट्राइसेराटोप्स आई बिलीव दैट वाज़ वन ऑफ़ द लेटर वंस हम् ठीक है दैट इज़ क्लोज़र टू अस देन इट इज़ टू टिरेक्स टाइम वाइज़ क्रेज़ी अह अ तो वो शो में डायनासोर्स की टाइमलाइन दिखाई गई है व्हेयर दे गो बैक टू अ पीरियड बिफोर डायनासोर्स जहां अर्थ पे डायनासोर्स नहीं होते थे देयर यूज़ टू बी समी समी समी समी समी समी
(1:07:20) समी समी समी समथिंग कॉल्ड एंशिएंट रेप्टाइल्स यानी कि बड़े-बड़े लिज़र्ड्स होते थे जो ऐसे उठ नहीं सकते थे वो जमीन पे रहते थे लज़र्ड की तरह और फिर वही लज़र्ड में म्यूटेशन होते एक सी टाइप का लिज़र्ड हो गया एक छोटा सा हर्बीवोरस कुत्ते जैसा लज़र्ड हो गया एक कारनेवोरस लज़र्ड हो गया कोमोडो ड्रैगन की तरह बट बेसिकली कि उनमें से ही किसी ने एक छोटे से चिकन टाइप चीज को जन्मा और वो था पहला डायनासोर। इंटरेस्टिंग। कि एक लिज़र्ड ऐसा जन्मा जो दो पैरों पे खड़ा हो सकता है। या और फिर उस छोटे से चिकन जैसे लिज़र्ड में से सारे बाकी के डायनासोर्स निकले।
(1:07:56) जो भी आप जानते हो ट्राइसेराटोप, टेरोडक्टाइल हम मैं शो ऑफ नहीं कर रहा। मेरे को डायनासोर्स में बहुत इंटरेस्ट है। बट सारे बाकी के डायनासोर्स जन्म। बट शो में डायनासोर्स को हाईलाइट नहीं किया गया। हम पृथ्वी को हाईलाइट किया गया हम और बताया गया है कि यार जब हम मिलियंस ऑफ इयर्स के टाइम स्पैन को स्टडी करें तो अर्थ पूरी तरह से बदलती रहती है। हम कॉन्टिनेंट्स मूव करते हैं, वोल्केनोस फटते हैं, मेटर्स आते हैं और सब कुछ बदल जाता है। अक्सर ये आपके हाथों में ही नहीं होता। हम्म। जैसे वो एंशिएंट रेप्टाइल्स जो मेंशन हुए थे वो इवेंचुअली मर गए।
(1:08:34) क्योंकि अर्थ पर एक वन मिलियन ईयर लॉन्ग स्टॉर्म हुआ। ओह! और वो 1 मिलियन ईयर लॉन्ग स्टॉर्म की वजह से अ पेड़ बहुत बड़े हो गए। बिकॉज़ उन्हें कंटीन्यूअस पानी मिल रहा था। एक 10 लाख साल के लिए कंटिन्यूअस पानी मिला उन्हें। अच्छा। तो क्योंकि पेड़ इतने बड़े हो गए। वो छोटे लज़र्ड जो जमीन पे थे दे कुडंट रीच अप तो उस वजह से डायनासोर्स आगे गए वो छोटा सा चिकन दो पैर पे खड़ा हो सकता था उसकी साइज बढ़ते गई ओवर मिलियंस ऑफ इयर्स एंड देन ऑल द एंशिएंट रेप्टाइल्स डाइड अदर देन क्रोकोडाइल जो अभी भी आज है इंटरेस्टिंग अ बट अ सो क्रोकोडाइल्स आर आल्सो सम फॉर्म ऑफ़
(1:09:16) प्रोटो डायनासोरस या डिसेंडेंट्स ऑफ़ द सेम एंशिएंट ट्रिपल बर्ड्स आल्सो राइट लाइक बर्ड्स बर्ड्स डायनासोर से निकले सो बर्ड्स केम आउट ऑफ द डायनासोर दैट्स लूजली व्हाट आई हैव अंडरस्टुड बट माय पॉइंट इज हम ये शो की शुरुआत होती है 230 मिलियन इयर्स एगो हम ओके हम हम कह रहे हैं कि 2026 में 2000 साल पहले जीसस क्राइस्ट थे इस धरती पर हम फिर हम कह रहे हैं कि ऋग्वेद अगर 3000 बीसी में लिखा गया तो दैट वास 5000 इयर्स एगो हम और यहां हम एंशिएंट हिस्ट्री के बारे में बात कर रहे फ्रॉम अ सनातनी पर्सेक्टिव व्हाट इज 5000 इयर्स कंपेयर टू 230 मिलियन
(1:09:58) इयर्स राइट यू नो तो मैं अक्सर खुद से ये पूछता हूं कि पहले डायनासोर्स आए या डेटीस इंटरेस्टिंग अ मेरे पर्सपेक्टिव से तो आई वुड से लाइक देखिए अगर आप जिस हिसाब से रिलीजन इज़ इंटेंडेड डेटीज़ हैव ऑलवेज एकज़िस्टेड लाइक राइट द अद्वैत द पर्स्पेक्टिव इज़ जो भी हो रहा है द पूरा यूनिवर्स वो हमेशा से उन्हीं स्पिरिट से उन्हीं एनर्जी से अ वही गवर्न हो रहे हैं। एटम में भी जब इलेक्ट्रॉन घूम रहा है प्रोटॉन के आसपास यू कैन से दैट इज़ अ विल ऑफ़ गॉड लाइक दैट इज़ हाउ द सिस्टम इटसेल्फ केम। दैट इज़ वन स्कूल वन वे ऑफ़ लुकिंग। एंड दूसरा आप एक्सप्लेन कर सकते
(1:10:45) हो व्हिच प्रोबेबबली सम वुड से इज द वेस्टर्न वे ऑफ लुकिंग बट डेटीस कुड बी एंथ्रोपोमॉर्फाइज्ड कल्चरर्स एंथ्रोपोपमॉर्फाइज्ड मतलब एक कोई कांसेप्ट को आप इंसानी तरीके से रिप्रेजेंट कर रहे हो ताकि उसको रिलेट करना इजी होगा। सो रादर देन सेइंग कि वो धूप सी हीट स्ट्रोक दे रहा है। यू कैन से कि आज सूर्य देव बहुत गुस्से में है। एंड दैट बिकम्स इज़ियर फॉर पीपल टू अंडरस्टैंड एस्पेशली इन अ वर्ल्ड जहां पे साइंस डेवलप्ड नहीं है। जहां पे रैशन हम ये नहीं सोच रहे हैं। एंड यू नो हमें सपने आते हैं। क्रेजी सपने आते हैं। व्हाट इज ऑल दैट? लाइक पीपल वुड हैव ट्राई टू रैशनलाइज
(1:11:25) इट इन सम फॉर्म। तो आई थिंक जो आइकॉन हम एक बनाते हैं एक समझने के लिए वेस्ट में उसको गॉड से माना जाता है। जबकि आई थिंक हमारे ट्रेडिशंस में हम मानते हैं कि इंसान हो या ना हो द होल कॉस्मोस हैज़ ऑलरेडी बीन। मे बी शायद उस टाइम पे भगवान थे डेटीस थे और वह शायद उन डायनासोरस के कर्म को भी इवैल्यूएट कर रहे थे कि मे बी अगर तुमने गलत किया व्हाई नॉट? लाइक कि कोई भी सिस्टम में लाइफ फॉर एग्जांपल लाइफ ही क्यों ओरिजिनेट हुई है? अगर हम उतना में देखेंगे आई फील लाइक लाइफ एक सिंपल सिस्टम से ओरिजिनेट की होगी। जब दो मॉलिक्यूल्स तीन मॉलिक्यूल्स आके अरेंज
(1:12:09) किए होंगे और उस सिस्टम में सॉर्ट ऑफ एक नीड ट्रिगर हुआ होगा कि मुझे अपने पैटर्न को बचाए रखना है। मुझे डिस्ट्रॉय नहीं होना। शायद मैं उस पैटर्न के साथ जुड़ लूं और वो पैटर्न मेरे को ऑक्सीजन देगा। मैं उसको प्रोटेक्शन दूंगा। और ऐसे करके मॉलिक्यूल्स और पैटर्न्स जुड़ने लगे। और धीरे-धीरे करके मे बी कॉन्शियसनेस एंड लाइफ केम एज अ बाय प्रोडक्ट ऑफ दिस इनऑर्गेनिक थिंग्स। आई कैन एक्सप्लेन कि मे बी दिस इज़ हाउ द विल ऑफ यूनिवर्स केम अबाउट कि यूनिवर्स खुद अलाइव हुई बिकॉज़ इट वांटेड टू बिकम मोर कॉम्प्लेक्स। आई साइड विथ दैट पर्सपेक्टिव। आई फील यह एंटायर चीज एक
(1:12:51) जस्ट एक प्रोजेक्ट है टू एक्सप्लोर कि और क्या हो सकता है और क्या हो सकता है एंड शायद अभी हम इंसान हैं एआई मर्ज हो जाए और हम कुछ और ही बन जाए एंड चाहत तो क्यों इंसान का भगवान बनने का ही है कि हम उसके साथ जाके मिल जाएं। अभी पहले हम उसको मंत्रों के साथ करते थे। अभी हम उसको एआई रोबोटिक्स के साथ हम कर रहे हैं कि यू नो देयर आर पीपल जो चाह रहे हैं एजिंग को ही सॉल्व कर लें हम। हम कभी मरे ही ना। दैट इज ऑल यूनिवर्स ट्राइंग टू पुश दैट लिमिट आगे। पुश दैट लिमिट आगे। एंड दैट वे आई फील लाइक वो इंसान तो बस एक तरीका है उसको एक्सप्रेस करने के लिए।
(1:13:30) शायद इंसान नहीं भी हो तो वो चीज मैजिकली डिॉल्व नहीं हो जाएगी। वो स्टिल होगी। किसी तरीके से एक्सप्रेस करेगी। नवल रविकांत ने मुझे बोला था कि ही बिलीव्स इन क्रिएटिंग अ फैमिली एंड हैविंग किड्स। क्योंकि खुद के एवोल्यूशन के बारे में सोचे ह्यूमन बीइंग होने के नाते। तो बेसिकली आपके परदादा बंदर थे। बंदर के परदादा श्रू थे जो डायनासोर के मीटियो स्ट्राइक के दौरान जमीन में छिप गए। श्रू के परदादा इवेंचुअली सम काइंड ऑफ़ रेप्टाइल रेप्टाइल के परदादा फिश, फिश के परदादा माइक्रोसेल्यूलर ऑर्गेनिज्म। वन ऑफ़ द बिगेस्ट साइंटिफिक मिस्ट्रीज़ इज़
(1:14:05) दैट माइक्रोसेल्यूलर ऑर्गेनिज्म्स। जो एक सेल की लाइफ होती है वो कहां से आई? हमें पता नहीं। हम द कंजेक्चर्स दैट जब अर्थ पे पानी था तो एक कॉमेट ने आकर अर्थ को हिट किया एंड इट वाज़ प्रोबब्ली कैरिंग सम माइक्रो ऑर्गेनिज्म्स फ्रॉम अनदर प्लनेट व्हिच एक्सिस्टेड वंस अपॉन अ टाइम आई थिंक रिसेंटली आल्सो केम अक्रॉस लाइक एन एन एन एन एन एन एन एन एन एन एस्ट्रॉइड व्हेयर दे हैव फाउंड ऑल द फाइव बिल्डिंग ब्लॉक्स जो लाइफ को चाहिए होता है अमीनो एसिड सो मे बी या देयर कैन बी लॉट ऑफ ट्रुथ टू इट अ ये जो लॉजिक है कि शायद उस कॉमेट में माइक्रोसेल्यूलर लाइफ हम
(1:14:40) इट्स इन लाइन विद योर लॉजिक ऑफ़ यूनिवर्स वांट्स टू कीप फॉरवर्ड प्रोपेलिंग कॉन्शियसनेस। हम एंड इट ब्रिंग्स मी टू माय क्वेश्चन टू यू क्योंकि आपने वेद की पढ़ाई करी है। वेस्ट में करेंटली बहुत ज्यादा कॉन्वर्सेशंस चल रहे हैं कॉन्शियसनेस को लेकर बिकॉज़ ऑफ़ दिस होल एजी आई थिंक कि एजीआई आने वाली है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अभी सेंटेंट होने वाला है। इट्स गोइंग टू हैव इट्स ओन इमोशंस वगैरह। ओके? सो इट्स फोर्सिंग फिलोसोफिकल कन्वर्सेशन ऑन कॉन्शियसनेस। यह शायद इस पडकास्ट का आखिरी चैप्टर है। हमें भारतीय होने के नाते कॉन्शियसनेस के बारे में जानना भी चाहिए कि नहीं और हमारे
(1:15:20) शास्त्रों में कॉन्शियसनेस को लेकर क्या सिखाते हैं? प्लस एक और सवाल है कॉन्शियसनेस की ना कोई फिक्स डेफिनेशन नहीं है। हर इंसान कॉन्शियसनेस को एक अलग डेफिनेशन से डिफाइन करेगा। बट व्हाट इज द क्लोजेस्ट थिंग इन शास्त्रस टू कॉन्शियसनेस डिस्कशन? आई थिंक द इंडियन ट्रेडिशन वास वन ऑफ द फर्स्ट ट्रेडिशंस जिसने कॉन्शियसनेस का एक सीरियस एक्सप्लोरेशन एक्सप्लोर किया था एट अ टाइम जब कुछ कल्चरर्स में मन का कांसेप्ट भी नहीं था। हम लोग चित्त प्राण और ऐसे एब्स्ट्रैक्शंस के बारे में सोच रहे थे। यू नो डीप अध्ययन कर रहे थे। आई थिंक आई हैड हर्ड फ्रॉम अ सद्गुरु वीडियो
(1:16:01) व्हेयर ही सेड कि मन के 16 कोश होते हैं। चित्त के भी अलग-अलग सल फॉर्म्स ऑफ द माइंड एंड कॉन्शियसनेस। तो आई फील लाइक दिस ट्रेडिशन हैज़ ऑलवेज बीन इंटरेस्टेड इन द इनर लाइफ ऑफ द इनर वर्किंग्स ऑफ ध्यान जब हम करते हैं दैट इज़ दैट लाइक कनेक्टिंग विथ योर चेतना। कनेक्टिंग वि योर कॉन्शियसनेस व्हिच ऑलमोस्ट लाइक वो आपको एबिलिटी देती है टू डाउनलोड इनेशन फ्रॉम सम हायर सोर्स राइट आर्टिस्ट्स जो भी होंगे हमारे ऑडियंस में दे विल एक्सपीरियंस इट दैट इज व्हेन द आर्ट मोमेंट स्ट्राइक्स आहा एंड यू विल फील इट कि वो आईडिया आपके अंदर से नहीं आया। इट
(1:16:41) ऑलमोस्ट लाइक यू डाउनलोडेड इट फ्रॉम समवेयर। सो दैट काइंड ऑफ मिस्टिक एस्पेक्ट आई फील हमारे कल्चर में हमने बहुत उसको ना जस्ट समझा है नाम दिया है बट उसको होन करने के लिए हमने इतने सारे साधनाएं यू नो क्रिएट किया है एंड वी सी द प्रीक कर्सर्स ऑफ ऑल ऑफ़ दैट इन आवर वेदास वो धीरे-धीरे टुवर्ड्स द एंड आई थिंक इट हैपेंस जब सोमा में लोग अह पान कर रहे थे एंड दे वर कनेक्टिंग विद द कॉन्शियसनेस वो एसेंशुअली यही कर रहे थे वह अपने कॉन्शसनेस का इंजीनियरिंग कर रहे थे। दे वर ट्राइंग टू सी कि वो किस स्टेट पे जा सकते थे एंड दे कुड कनेक्ट विथ दैट यूनिवर्सल कॉन्शियसनेस
(1:17:20) जिसके साथ यह सब आ सकती है। नाउ इन द मॉडर्न डे कॉन्टेक्स्ट शुड मॉडर्न डे सनातनीज़ थिंक अबाउट कॉन्शियसनेस थिंक अबाउट ये डेफिनेटली। आई थिंक दिस इज़ समथिंग दैट गिव्स यू द एबिलिटी टू अप्लाई योर हजारों साल का विज़डम इंटू समथिंग जो आप बिल्ड कर सकते हो। जो आप चीज़ कर सकते हो। नाउ वी हैव लाइक एन एल्गोरिदम या समथिंग जिसमें हम एक मेटल को पावर दे दिए सोचने के लिए। बट इसको कैसे कनेक्ट करना है? मेमोरी लेयर क्या बनाना है? चित्त करके क्या है? इंग्लिश में तो वर्ड भी नहीं है। चित्त के लिए बट क्या होता है चित्त? इट्स अ सूक्ष्म फॉर्म ऑफ़ माइंड। जो आपके
(1:18:03) आत्मन और आपके एक्सटर्नल के बीच में बहुत सारे लेयर्स होते हैं। एंड यू नो वी आर नॉट एबल टू रेप्लिकेट कि ये जो एलएलएम्स हैं इसमें फुल्ली इंटेलिजेंस नहीं आया। अभी तक ये रेस्ट्रिक्ट हो रहा है। तो सैम ऑल्टमैन एंड ऑल ऑफ़ दीज़ पीपल आर सेइंग कि हमें वो राइट आर्किटेक्चर नहीं मिला है अभी तक जो कि इंसानी इंटेलिजेंस को एक्यूरेटली कर पाए। एंड दैट इज वेयर आई फील लाइक द इंडियन ट्रेडिशन कैन एक्चुअली फिल अ लॉट ऑफ़ वॉइड्स। क्योंकि हमने जितना सोचा है कॉन्शियसनेस के बारे में, मन के बारे में, आई डोंट नो किसी और कल्चर ने उतने डेप्थ में इसको सोचा है। द फर्स्ट
(1:18:39) सीरियस इंक्वायरी ऑफ़ द माइंड वेस्ट में इट स्टार्टेड विथ फ्रॉयड एंड यंग जिन्होंने सबकॉन्शियस कॉन्शियस नाम देकर वो स्टार्ट किया था तीन खांचों से। बट लाइक वी हैव गॉन वे बैक एंड देयर आर स्पेशलाइज्ड टेक्स्ट्स जो आई थिंक लोगों को पढ़ना चाहिए। आई थिंक पतंजलि के सूत्राज़ वुड बी आई थिंक समवेयर आई वुड स्टार्ट। वन ऑफ़ माय फ्रेंड्स हैड रेकमेंडेड कि वो कॉन्शियसनेस के बारे में बहुत डीपली वो सोचते हैं। सो दैट इज वेयर आई वुड से दैट वी स्टार्ट। तो आई थिंक कमिंग बैक विथ द फर्स्ट क्वेश्चन जो आपने बोला था हिस्ट्री हमेशा रिपीट करती है। एंड जस्ट बिकॉज़ कुछ पुरानी है डज़
(1:19:14) नॉट मीन इट्स एनी लेस रेलेवेंट ऑल द मोर अगर कोई चीज पुरानी है और वो अभी तक सर्वाइव की है। उसमें कुछ तो ऐसा है जो कि विथैंड की हुई है। अक्रॉस ऑल ऑफ़ दिस। व्हाई एल्स वुड थाउजेंड्स ऑफ़ जनरेशंस ऑफ़ पीपल गिव देर लाइफ टू यू नो मेमोराइज समथिंग एंड ट्रांसमिट इट अ ओरली? आई आई थिंक सो ऑल द सीक्रेट्स आर देयर विद अस। ऑल द पोटेंशियल इज़ देयर विथ अस। बस हमको अपने ही रूट्स में रहकर एक मॉडर्न वर्ल्ड सिटीजन बनना है। एंड आई थिंक वी कैन फिल अ लॉट ऑफ़ दीज़ होल्स दैट साइंस इज़ करेंटली स्ट्रगलिंग विथ। माइंड बेंडिंग पडकास्ट
(1:20:02) ब्यूटीफुल यज्ञ वी ड माइंड ब्लोइंग पडकास्ट आप कह रहे हो ब्यूटीफुल यज्ञ वी डीड हम्म वैरी वैदिक थिंग टू से वैरी वेदिक थिंग टू से दिस इज़ लिटरली व्हाट यज्ञ इज इनपुट्स ऑल द इक्विपमेंट्स आर हियर वी आर गिविंग आवर लाइफ फोर्स एनर्जी एंड दिस विल बेयर फ्रूट्स लाइक नाउ दिस इज़ अ लाइक लाइक इन अ गुड वे दिस इज अ वायरस नाउ दिस विल हैव अ लाइफ ऑफ इट्स ओन दिस इनेशन नाउ लिव्स एंड ट्रेवल्स आई थिंक हम दोनों ने जो हम था वो हमने कर लिया एंड आई थिंक दिस हैज़ वी पास इट ऑन दिस इज़ अ यज्ञ या नो नो आई एम ग्लैड यार किसी भी ऐसे टाइप के पडकास्ट में ना पूरे रूम में एक
(1:20:41) एनर्जी फैल जाती है इट डजंट हैपन एवरीडे सादगी है रूम में मैं बस कभी-कभी ये सोचता हूं कि हमने अभी 6 घंटे की रिकॉर्डिंग करी है कि इंटरनेट पर हम अपलोड करेंगे। बहुत सारे लोग अफेक्ट होंगे। हम बट द ट्रुथ इज जब इनवेरिएबली एक मेट्योर अर्थ पे गिरेगा हम तो दुनिया के सारे मेमोरी कार्ड्स भी खत्म हो जाएंगे। हम इंटरनेट भी खत्म हो जाएगी। और हमारे यहां ये पडकास्ट भी खत्म हो जाएगा। हम्म। तो मे बी जिन-जिन लोगों तक ये वाला पडकास्ट पहुंचा है। इट वास प्रीडेस्टिन फॉर देम इन दिस पीरियड ऑफ़ ह्यूमन हिस्ट्री। हम्। दैट्स ऑल आई वांट टु से। एवरीथिंग
(1:21:21) हैप्पेंस फॉर अ रीज़न। या आई रियली फील कि जिन-जिन लोगों ने एट लीस्ट इस पॉइंट तक पूरा पॉडकास्ट सुना है एंड आई एम सर दे लिसेन टू एपिसोड वन एज वेल एंड इफ यू हैव प्लीज गो एंड सी द प्रीक्वल एपिसोड। अह दे वर ऑल विथ अस इन दिस हवन। सो लेटस सी व्हाट हपेंस नाउ। एनी साइनिंग ऑफ नोट फ्रॉम द सिक्स आवर्स। कीप द फायर कंटिन्यूएड। दैट्स व्हाट आर एसेेस्टर्स हैव बीन डूइंग। लाइक यू नो हमारा काम है इंजन बनना फॉर दैट फायर। वह फायर हम रह रहे ना रहें वह फायर चलता रहेगा। बट लेट्स बी लाइक द परफेक्ट वेसल फॉर दैट फायर एंड या नेवर नेवर लूज दैट
(1:22:00) पावर टू कंटिन्यू दैट फायर अहेड। ऐश भाई थैंक यू मजा। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू प्रभु। थैंक यू। क्विक इंटेंशन सेटिंग। सी, ठीक। मेरे लिए आई प्रे टू वरुणा एंड आई होप ही इज़ देयर इन दिस एपिसोड। यू नो क्योंकि ऐसा लगता है कि कभी-कभी ना वो खो गए हैं। अवे फ्रॉम अस एंड आई वांट टू पुल हिम बैक फ्रॉम वेयरवर ही इज कि मेक योर प्रेजेंस फेल्ट। अ ऑन सम लेवल असं क्रीड। ऑब्वियसली आपने आपको पता है कि अससेस क्रीड क्या है। आई नो अगेन। कि आपके खून में आपके एनसेेस्टर्स के मेमोरीज हैं। दैट्स द लॉजिक ऑफ़ असं क्रीड। तो यू आर वन ऑफ़ दोज़ पीपल। हु इज डूइंग एन
(1:22:38) असेंसिस क्रीड फॉर एंशिएंट इंडिया। तो वही एनसेेस्टर्स एनर्जी आई होप इज इन दिस वन वो मेरी इंटेंशन है। एंड थर्ड इंटेंशन इज़ प्रोबब्ली मेरे जैसे जो लोग एस्ट्रोलॉजी के एथ हाउस पे फोकस्ड हैं। अ ऑकल्ट हम आई डोंट नो व्हाई बट दैट्स वन मोर एनर्जी आई वांट टू वेलकम इन टू दिस वन। इट्स वै अथर्ववेद सेंट्रिक। डेफिनेटली यजुर्वेद सामवेद के बारे में बातें होंगी। बट मीडिया प्रोफेशनल होने के नाते ना आई नीड टू समटाइम्स लिसन टू माय इनर बीट। हम आई फील लाइक ब्रिंगिंग बैक सम ऑकल्टिव। या कुछ है इंटेंशंस आपकी? आई आई थिंक दिस विल बी लाइक अ कॉम्प्लीमेंट टू आवर फर्स्ट एपिसोड। सो
(1:23:15) जहां पे हमने इंद्रा का वो दिया वी विल एक्सप्लेन व्हाट हैपेंड इन द अदर साइड। सो आई होप लाइक दैट कम्स आउट एंड मे लॉर्ड वरुणा आल्सो ब्लेस अस। हो
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