Monday, August 3, 2026

The Hidden Power of Sexual Energy ~ ABK Sir

The Hidden Power of Sexual Energy ~ ABK Sir

Author Name:OTT Bharat by Abhimanyu Kumawat

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@OTTBharat-abksir

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=pwnlhvyI5_w



Transcript:
(00:00) नमस्कार नमस्कार आप सभी का स्वागत है ओटीटी भारत पर यानी कि ओजस्वी तेजस्वी तपस्वी भारत आज मैं तकरीबन तकरीबन 1200 किमी ट्रैवल करके आ रहा हूं पिछले दो दिनों में बट इट वाज़ माय प्रॉमिस कि मुझे हर एक अब यह तो हिस्सा रहेगा धीरे-धीरे पूरे भारत में घूमना रहेगा और ओटीटी भारत के उपलक्ष में मैं वहां पर गया था गुजरात में उनसे मिलने नहीं गया था जिनके बारे में आप सोच रहे हैं आज का सेशन असाधारण है। साधारण लोग के लिए नहीं है। अगर आपकी सोच असाधारण है। आपको असाधारण बनना है। कुछ ऐसा करके दिखाना है जो हमेशा याद रखा जाए। तो दिस इज समथिंग डिफरेंट। और मुझे लगता
(00:49) है कि पूरे भारत को यह सेशन उसी तरीके से याद कर लेना चाहिए जिस तरीके से उन्होंने अपनेपने धर्म ग्रंथ याद किए हुए हैं। तो सेशन की शुरुआत की जाए और मेरा प्रयास यही रह रहा है। कुछ लोग मुझे हर बार यह कहते हैं कि सर कैसे बनेंगे 10 करोड़ ओटीियंस? तो मेरा प्रथम लक्ष्य तो यह रहता है कि मैं जब भी आप लोगों के सामने आऊं तो कुछ वह ना करूं जो कि बस वही चीजें चल रही है। कुछ डिफरेंट नहीं है। कुछ नया नहीं है। आई जस्ट वांट टू मेक श्योर कि उससे हर एक सेशन से आपकी जिंदगी में असीम बदलाव आ पाए। तो
(01:34) आज का जो मुद्दा है वह मुद्दा है सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमटेशन और यह बहुत ही पावरफुल बात है। देखिए आज मैं सेलिब्रेसी की बात नहीं करूंगा। आज मैं ब्रह्मचर्य की बात नहीं करूंगा। आज का मुद्दा कुछ और है और मुद्दा है सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमिटेशन का। सिंपली इसको नोट डाउन करना है। समझना है, जहन में उतारना है, आत्मसात करना है और जिंदगी बदलने का प्रयास करना है। क्योंकि आज हम कुछ वो सीखने वाले हैं जो शायद हमने कभी नहीं सीखा हो। देखिए सबसे पहली बात अगर ह्यूमन सिविलाइजेशन की बात की जाए तो सेक्सुअल एनर्जी यानी कि
(02:22) सेक्स ऊर्जा इज हाईएस्ट फॉर्म ऑफ एनर्जी। हाईएस्ट फॉर्म ऑफ एनर्जी। ऑफ ह्यूमन सिविलाइजेशन। देखो आप सब लोगों को पता है कि दिमाग का इस्तेमाल कैसे करें? उसके लिए हमारी जिंदगी में स्कूल्स हैं, डिफरेंट टाइप ऑफ बुक्स हैं। फिजिकल शरीर का इस्तेमाल कैसे किया जाए? इसके लिए भी ट्रेनिंग वाली चीजें होती है। लेकिन दुनिया में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो ये सिखाते हैं कि सेक्सुअल एनर्जी को कैसे यूज किया जाए। बहुत कम लोग हैं। इवन समटाइ्स आई फील दैट आई एम ओनली पर्सन हु इज डूइंग दिस। राइट? तो हाईएस्ट फॉर्म ऑफ एनर्जी ऑफ ह्यूमन सिविलाइजेशन।
(03:12) लेकिन तभी है जब आप इसका इस्तेमाल समझ पाए। देखिए हर एक चीज के दो फॉर्म होते हैं। जैसे पानी से फसल उग सकती है तो उजड़ भी सकती है। यूरेनियम से एनर्जी आपको पता है उसको फ्यूल के तौर पर यूज़ करते हैं यूरेनियम को। वही यूरेनियम एटम बम बनाने के काम भी आता है। यानी कि बर्बाद भी कर सकता है। वाणी से सुलह भी होती है तो कलह भी होती है। चाकू से यानी कि जिससे हम इंसीजन लगाते हैं। कुछ लोग सर्जरी भी करते हैं और कुछ लोग गला भी काट देते हैं। तो चाकू का आप इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं? कुछ लोग लोगों को बचा ले रहे हैं और कुछ लोगों को खत्म कर रहे हैं। दिमागी ऊर्जा, मेंटल
(03:56) एनर्जी उससे चिंता भी होती है और चिंतन भी होता है। चिंता आपको चिता के पास ले जाती है और चिंतन मंथन से आप दुनिया को ऊपर उठा लेते हैं। तो, हमको यह समझ लेना है कि दिस इज़ अगेन द सिमिलर काइंड ऑफ़ एनर्जी। सेक्सुअल एनर्जी। और उसी को हम समझने का प्रयास करेंगे। तो उस दौर में जब जंजीज स्टिंग से एनर्जी ढूंढने का प्रयास करती है। स्वम के स्टिंग से एनर्जी खत्म करने के बाद में ये जजीस के हालात है। तो मैं किसी को डिसरिस्पेक्टेड ईफेम नहीं करना चाहता। बट मैं ये चाहता हूं कि भारत का हर एक इंसान हर एक व्यक्ति इस सेशन को देखें। आत्मसात करें और अपनी जिंदगी में परिवर्तन
(04:42) लाने का प्रयास करें। तो वहां से हम समझते हैं कि दिक्कत कहां है। दिक्कत वाले पोर्शन से हम लोग शुरुआत कर रहे हैं। व्हाट्स रॉन्ग विद द सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमिटेशन? देखिए सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमिटेशन के बारे में पतंजलि योग सूत्र में बात की गई है। आये में बात की गई है। कन्फ्यूस ने इसकी बात करी। टेस्ला ने इसकी बात करी। ताऊज़्म के कांसेप्ट्स में इसकी बात होती है और लगभग लगभग हर जगह इसकी बात होती है। एक्सेप्ट हमारी स्कूल्स जहां पर हमें इसको बर्बाद करना सिखाया जाता है। तो मैं सबसे पहले सोशल इन्फ्लुएंस की बात करूंगा और अफसोस की बात
(05:17) ऐसे ऐसी है कि हमारे इस सोसाइटी में टैक्स वर्ड एक टेबु माना जाता है। टेबू जबकि हम 160 करोड़ हो चुके हैं। हमको पता है कि हम 160 करोड़ हैं। लेकिन इस शब्द का इस्तेमाल नहीं। ऐसे बेवकूफ लोग हमारे देश में भरे पड़े हैं। और उनमें से कुछ लोग ऐसे हैं जो उसी की पैदाइश है लेकिन समझना नहीं चाहते हैं। खैर मैं उसका कुछ नहीं कर सकता। तो मैं सोशल इन्फ्लुएंस की बात करता हूं सबसे पहले और हम शांति से चीजों को समझने का प्रयास करेंगे सुकून से। तो सबसे पहले स्कूल्स [गला साफ़ करने की आवाज़] में क्या होता है वह मैं आपको बताता हूं। जैसे फॉर
(05:59) एग्जांपल एक दोस्त है रमेश है। रमेश ने क्या किया कि सुरेश को बोला कि सुरेश तेरे को पता है एक चीज होती है उसको बोलते हैं मेस्टरबेशन। यानी कि सेल्फ सेक्स। बोले अच्छा बोले हां तेरे को बताऊं इससे सेक्सुअल ऑर्गन की साइज भी बढ़ जाती है तो यार रमेश ने उसको क्या बता दिया कि तू तेरे को कुछ जरूरत नहीं है तू सेल्फ सेक्स कर यानी कि मेस्टरबेशन कर और इससे तेरे सेक्स ऑर्गन ये ये पेरेंट्स को भी समझने की जरूरत है मुझे पता है कि जब मैं इन
(06:46) टॉपिक्स पे बात करता हूं तो 90% लोग देखने की हिम्मत भी नहीं होगी। हां, 160 करोड़ हम पहुंच गए। उसमें कोई तकलीफ नहीं है किसी को। लेकिन नहीं नहीं नहीं ये हमको नहीं जानना है। एंड दैट इज व्हाई वी आर इडियट। क्योंकि हम कांसेप्ट साइंस और इन चीजों को सीख क्योंकि धर्म में जब इसकी बात करो तो धर्म में भी यही बात होती है कि इसके बारे में बात नहीं करते। ऊपर वाला दंड देगा, पपंड देगा। तो भाई जब सुरेश को यह पता लगा कि क्या बात है रमेश। क्या कांसेप्ट है यार सेक्सुअल ऑर्गन की साइज मतलब पेनिस की साइज बढ़ जाएगी इससे सेल्फ सेक्स से गजब
(07:22) यार तो भाई साहब सुरेश ने ये काम शुरू कर दिया अब सुरेश जब ये काम करेगा तो देखना अब क्या-क्या होगा उससे सुरेश जब ये काम करेगा तो वो ये काम करते हुए अराउज़ल स्टेट में आएगा है ना वो एक्साइटेड हो गया थोड़ा अपन इन डेप्थ बात कर सकते हैं या वही Instagram रील वाली बातें चलने दे वी शुड टॉक इन डेप्थ आई वांट कि सेशन जो है वो वो डॉक्यूमेंट्री की फॉर्म में हो कुछ इन डेप्थ चीजें सीखी जाए [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] तो अब अराउज स्टेट में गया तो अराउजल स्टेट में जब वो गया मतलब अब उसको एक्सट्रीम प्लेजर फील होगा और उसको दो चीजें प्लेजर फील करवा रही है।
(08:01) एक है डोपामाइन डोपामाइन एक एक्सट्रीम प्लेज़रेबल सब्सटांस है। जैसे आप लोगों ने एक ड्रग का नाम सुना होगा एमडी हां मेथडोपा जो होता है मेथडोपा वो क्या करता है? क्यों उस ड्रग का एडिक्शन हो जाता है? तो एडिक्शन हो जाता है। बिकॉज़ वो डोपामिन ब्रेन में पीक लेवल पे पहुंचा देता है मेथडोपा। एंड दैट इज़ व्हाई अ लॉट ऑफ़ पीपल आर एडिक्टेड टू इट। अब उसको जब यह बताया गया स्कूल में तो वो कहां चला गया? वो चला गया अराउजल स्टेट में। अब वहां सीक्रेट हुआ डोपामिन और वहां सीक्रेट हुआ टेस्टोस्टेरोन। तो उसको मजा आ गए।
(08:46) लेकिन दिक्कत क्या है? दिक्कत यह है कि वो जब कुछ समय पश्चात में अराउज से वो डिस्चार्ज स्टेट में आएगा। और जब वो डिस्चार्ज स्टेट में आता है तो एक दूसरा सब्सटांस का कंसंट्रेशन बढ़ता है। दैट इज़ नोन एज प्रोलैक्टिन। दैट इज नोन एज प्रोलेक्टिन। अच्छा कुछ लोग यह भी कह सकते हैं कि मॉडर्न मेडिकल साइंस में तो इसके बारे में यह लिखा गया है, वैसा लिखा गया है। तो एक चीज मैं बहुत क्लियरली बता देता हूं कि मॉडर्न मेडिकल साइंस में जो भी लिखा गया हो, मैंने खुद ने एमबीबीएस किया है तो मेरे हिसाब से मेरे से ज्यादा मेडिकल साइंस आपने नहीं पढ़ी होगी। अगर इसका
(09:27) एडवर्टाइजमेंट ऑन है तो प्लीज उसका ऑफ कर दीजिए। आप रक्षा जी को इन्फॉर्म कर दीजिए इसके बारे में। तो प्रोलैक्टिन बढ़ता है। तो जब प्रोलैक्टिन बढ़ता है तो प्रोलैक्टिन क्या करता है? ये लाइव सेशन में एक्सपेक्टेड है कि एडवर्टाइजमेंट्स नहीं होने चाहिए। बट अफसोस की बात है आज हमारी टीम बिल्कुल सिंक्रोनाइज नहीं है। अपने हिसाब से कुछ भी करे जा रहे हैं लोग टाइम पास के नाम पर। खैर प्रोलक्टिन एक सेंस देता है। प्रोलक्टिन ये सेंस देता है कि बस गोल्स आर अचीव्ड नाउ। कि अब हमें जिंदगी में कुछ नहीं करना है। गोल्स आर अचीव्ड और जितनी भी जो रियल लाइफ
(10:06) प्रॉब्लम्स होती हैं उनसे वो भागने लगते हैं कि यार कुछ भी स्ट्रेस आया कुछ भी प्रॉब्लम आया तू उसको फेस नहीं करेगा आइसोलेशन में डिड मेंस्टबेशन एंड दैट्स इट। अच्छा ये सेंस कहां से आ रहा है? तो भाई ये सेंस आ रहा है उस इंसान में ये ये इसमें डिजायर क्यों है? आज आजकल तो इसके लिए सर्जरीज होने लगी, ऑपरेशंस होने लगे हैं और बहुत सारे प्लास्टिक सर्जरी इससे मिलेनियर हो गए हैं। इंडिया में भी बहुत सारे लोग यह काम कर रहे हैं कि भाई आप सीधा और 40-50 उम्र के लोग 60 साल की उम्र के लोग यह काम करवा रहे हैं। चेंजिंग द साइज ऑफ द सेक्सुअल ऑर्गन। बहुत ही
(10:47) क्योंकि इन डेप्थ हमारे साइकोलॉजिकली इन डेप्थ हम तीन चीजों से बने हुए हैं। उत्सर्जन पहले भोजन फिर प्रजनन फिर उत्सर्जन। ये हमारे इन डेप्थ साइकोलॉजिकली घुसी हुई चीजें हैं। तो स्टेक्स एक वो वर्ड है जो टैबू है। लेकिन हम साइकोलॉजिकली वाइड उसी चीज से हैं। तो क्या हुआ? जैसे अगर आप देखेंगे कि बहुत बहुत जो पुरानी सभ्यताएं हैं जैसे इजिप्ट है। इजिप्ट में एक मिन नाम के देवता हैं। दैट इज गॉड ऑफ सेक्स। गॉड ऑफ सेक्स। ये मीन नाम के देवता हैं इजिप्ट में। मेरा माइक उधर जाते ही थोड़ा सा चिल्लाता है। उसको इग्नोर करिएगा। अब मिन क्या है कि मिन गॉड
(11:34) ऑफ सेक्स इसलिए है क्योंकि इनके जो स्टैचूस हैं, जो इनकी प्रतिमाएं हैं उनमें सेक्स ऑर्गन का साइज सिग्निफिकेंटली बड़ा दिखाया गया है कि भाई इनकी पूजा करो तो आप ये ऐसे ही बन जाओगे। ऐसा इजिप्ट में है। फिर सेम टू सेम चीज अगर आप देखोगे तो ग्रीक में प्रियापस नाम के एक देवता हैं ग्रीक में। तो ग्रीक गॉड है। उनका नाम है प्रियापस। और वो किसकी वजह से गॉड हैं? सेक्स के सेक्स ऑर्गन की वजह से। मैं उनका फोटोग्राफ दिखाता लेकिन मुझे लगता है कि थोड़ा साल हो जाता तो मैं उसको अवॉइड कर रहा हूं। मतलब यह कहीं ना कहीं बेसिक ह्यूमन जो साइकोलॉजी है जो जो सिविलाइजेशन है उसमें
(12:20) यह कूट-कूट कर भरा हुआ है दैट व्हाटएवर हैज़ टू बी डन इज़ अराउंड द सेक्स। और ये सही बात है। आज हमारा सोशल मीडिया इज़ ऑल अबाउट सेक्स। अगर आप ह्यूमंस के सेक्सुअल डिजायर हटा दोगे तो वहां पर फिर 50% तो वैसे ही सिंगल डे नेक्स्ट डे ही गिर जाएगा। पैशन जितना भी है पावर के लिए जो युद्ध है, जो पॉलिटिक्स है, जो कंपनीज़ हैं, जो पैसा है, मैं उसका पूरा एक साइकिल बताऊंगा। सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमिटेशन का एक आपको मैं साइकिल बताऊंगा। एंड यू विल कम टू अंडरस्टैंड कि कैसे चीजें काम करती हैं। फिर हमारे देश में सेक्सुअल ऑर्गन की साइज बढ़ाने के लिए। हालांकि मैं बता दूं कि
(13:07) पेनिस एक टिश्यू है और इसकी साइज किसी भी चीज से नहीं बढ़ाई जा सकती। एक्सेप्ट सर्जरी है ना ये बता देता हूं। अगर आपको ऐसा मिस कॉनंसेप्शन है तो ये मसल नहीं है। इसकी साइज इनक्रीस करना संभव नहीं है। पहली बात तो बहुत अच्छे से समझ लेना। तो इंडिया में और चाइना में इंडिया और चाइना में कुछ पहलवान विशेष तौर से जब हमारे देश में कुश्ती का प्रचलन चला तो कुछ पहलवान ऐसे थे जो अब इस चीज का डोमिनेंस के लिए वो सेक्सुअल ऑर्गन पर टायर बांधकर वर्कआउट करते थे। भारत में भी और चाइना में भी। तो इतनी ज्यादा ऑब्सेशन है इस चीज को लेकर। आज आप देखो
(13:53) कि जहां इस चीज की बात और 99% मिसकॉनसेप्शन है। किसी को कुछ पता ही नहीं है। कुछ वेट बांधकर घूमते थे इंडिया चाइना में। मतलब वेट बांध दिया पेनिस पर और फिर उसके बाद में घूम रहे हैं। तो गोल एक ही था कि यार हमारे सेक्सुअल ऑर्गन का साइज बढ़ जाए। और वही चीज यहां पर पहुंच रही है। अब क्या कहा जा रहा है? रमेश और सुरेश का अगर आप कन्वर्सेशन सुनेंगे तो यह नया नहीं है। ये बहुत पुराना है। डिजायर पहले से है। ये देखो ये यहां डिजायर बहुत प्राचीन है। इवन ब्राजील की एक स्पेसिफिक अ ट्राइब है। एक ट्राइब है जिस ट्राइब का नाम है टोपीनेबा ट्राइब।
(14:39) टोपीनेबा ट्राइब के लोग जहरीले सांप से कटवाते थे खुद को। कि जब वह सांप वहां काटेगा तो उसमें सूजन आएगी तो उनको फेक सेंस ऑफ इनक्रीज साइज होता था। [हंसी] टोपीनेबा ट्राइब टोपीनेबा ट्राइब का नाम है। हां ये पोइजनस स्नेक में इंटरेस्टेड थे कि यार वेट-वेट से कुछ नहीं हो रहा। ये सब बकवास है। ये देवताओं की पूजा कर रहे हैं तब भी कुछ नहीं हुआ। और भारत चाइना वाले तो वेट बांध कर घूम रहे तब भी कुछ नहीं हुआ। हमारे सांप को लेके आओ। हां? पोइजनस स्नेक। पोइजन स्नेक और उसे कटवाओ बताओ। और यह सब काम एक ही चीज को के लिए हो रहा
(15:24) है। टू क्रिएट द डोमिनेंस। इंसान को हमेशा हमेशा पुराने टाइम में सेक्सुअल डोमिनेंस वाज़ ए ट्रू डोमिनेंस। कि भाई यही अब इस ट्राइब का इस इस आदिवासी कबीले का राजा है। और जो वो ये चीजें वहां से उठ रही है तो अभी स्कूलों में चल रही है। ये आपको पता है बहुत अच्छे से। अभी क्या हो रहा है? अभी क्या हो रहा है कि कहां हम लोग मात खा जाते हैं। जैसे मान लो कोई सा एक इंसान है। जैसे मान लो एक एक बॉय है। बॉय बोल एक ना टीनएजर बोल देते हैं। बॉय और ए मैन बोलना तो गलती हो गई। एक एक टीनएज एक टीनएजर है। हालांकि ये सेशन 50 साल 60 साल 70 साल सभी लोगों के
(16:12) लिए है। तो उसमें पीक हॉर्मोन पहुंचता है 14 से 22 साल की उम्र में। पीक हॉर्मोन पीक टेस्टोस्टेरोन पीक हॉर्मोन जब वो पीक अट्रैक्शन फील करता है। हां ऑोजिट सेक्स की तरफ। पता है ये जो पीक हॉर्मोन है मैंने आपको पहले बताया। ये पीक हॉर्मोन बेसिकली अगर वह इसको ट्रांसम्यूट कर दे मतलब वह थोड़ा वर्कउ करे या उस वक्त स्पोर्ट्स में एक्टिव रहे तो ये फिजिकल हेल्थ को इंप्रूव करने में, फिजिकल बॉडी को बेटर करने में, मेंटल हेल्थ को बेटर करने में काम आ जाएगा। ये वीक हॉर्मोनस हॉर्मोंस आपको पता होंगे। यह वही
(16:58) हॉर्मोन है जो लोग बाद में बॉडी बिल्डिंग के लिए यूज करते हैं। हां, बाद में मस्कुलर दिखने के लिए यूज करते हैं। बाद में फोकस दिखने के लिए या कंसंट्रेशन के लिए यूज़ करते हैं। दिस इज़ अ टेस्टोस्टरोन द हॉर्मोन ऑफ ए मेल। ठीक है? तो अब वर्कआउट या स्पोर्स एक्टिव रहे तो इसका ट्रांसमिटेशन पॉसिबल है। नहीं तो आपको पता ही है यह रमेश और सुरेश ऐसे-ऐसे ज्ञान आपस में देते रहते हैं जिससे खेल क्या हो जाता है? बिल्कुल ही और फिर 5G का जमाना है। 5G गो सोलो बी होलो। हां सोलो जाओ और खाली हो जाओ। और फिर Instagram का टाइम है। Instagram इज़ अ
(17:39) सॉफ्ट पोर्न। हां इसमें Instagram का दोष नहीं है। आपकी एल्गोरिदम आपको वही दिखाती है जो आप देखना चाहते हैं। सम पीपल आर इंटरेस्टेड इन x दे विल सी x x 2x 3x 4x 5x व्हाट यू आर इंटरेस्टेड इन विल बी शोन टू यू। और उम्र ऐसी है। उम्र ऐसी है। देखो ये फज़ ये फज़ की बात है। 25 साल की उम्र से पहले आदमी सेक्स सेक्स सेक्स सेक्स सेक्स के बारे में बात करेगा। 25 साल के बाद मनी मनी मनी मनी मनी मनी के बारे में बात करेगा। 50 साल का होने के बाद फेम फेम फेम फेम फेम फेम फेम की बात करेगा। 75 का होने के बाद राम नाम राम नाम ऊपर वाले का नाम ऊपर वाले का नाम बस अब
(18:20) कुछ नहीं कुछ नहीं। फेस की बात है। अब हर इंसान को यह समझ नहीं होती कि मुझे इस एनर्जी का कैसे यूज़ करना है। भाई 25 से 50 में कहा गया कि पैसे के पीछे भागता है। हर कोई तो नहीं कमा पाता। ऐसे सेक्सुअल एनर्जी का प्रॉपर यूज उसको अपनी फिजिकल बॉडी की ग्रोथ के लिए, मेंटल ग्रोथ के लिए हर कोई नहीं कर पाता। एंड अगेन रिमेंबर सेक्स इज़ नॉट अ बैड थिंग बट डिस्ट्रइंग योरसेल्फ फॉर ए स्मॉल प्लेजर एंड फॉरगेटिंग योर रियल लाइफ गोल्स इज़ वेरी वेरी डेंजरस। दिस इज नॉट अ टैबू। ओह माय गॉड। अरे 160 करोड़ हो तुम बकवास नहीं बकवास बिल्कुल नहीं
(19:07) मतलब आप यह सोचो कि हमारे देश में ये एक एनर्जी का टाइप है इसको एक एनर्जी के टाइप की तरह ही बात की जाए इसको टैबू की तरह बात इसको न्यूडिटी ना बनाया जाए नहीं इट इट हैज़ नॉट टू बी डिस्कस इट जस्ट वी हैव द फिजिकल एनर्जी वी हैव मेंटल एनर्जी वी हैव स्पिरिचुअल एनर्जी एंड वी हैव सेक्सुअल एनर्जी तो इसी इसी तरीके से इस कांसेप्ट को समझेंगे तो हम जिंदगी में बेटर चीजें यूज़ कर पाएंगे। समझ पाएंगे कि हो क्या रहा है। टैबू बना दिया तो गेम वैसे ही खत्म हो जाएगा। फिर जैसा कि मैंने आपको बताया कि गो सोलो बी होलो हो गया। लोग बाग मिसडायरेक्शनल है। मतलब मैं चाहता
(19:49) हूं कि इस वीडियो को हर एक स्कूल में हर एक फैमिली ग्रुप में अपने छोटे भाईियों को, अपने दोस्तों को सबको दिखाया जाए। एवरीवन शुड वॉच दिस। हां, अब चुपचाप सब लोग पोर्न कंटेंट देखते रहेंगे। चुपचाप सब लोग Instagram पे ऐसे लोगों को फॉलो करते रहेंगे जो न्यूडेटली स्प्रेड करते हैं। बट ऐसा कंटेंट जिसमें खुलेआम लिख दिया गया किसी की औकात भी नहीं देखने की। हिम्मत ही नहीं ना समझने की। कुछ लोग मुझे बोलते हैं कि सर आप आपका कॉनेंट इतना गोल्ड कंटेंट है। लोग क्यों नहीं देखते? क्यों नहीं देखते? क्योंकि समझ ही नहीं आएगा। यहां हम कॉपी करते हैं एक चीज को। कच्चा
(20:33) बादाम। कच्चा बादाम। ये रीले चल रही है हमारे देश में। हमारे देश में समझदार लोग तनिक कुछ लोग हैं और कुछ लोग समझदार हैं इसलिए 160 करोड़ होने के बाद भी हमारे में कोई विशेष पावर नहीं है क्योंकि समझदार लोग की संख्या ना के बराबर है ना के बराबर है तब आप 30 सेकंड का रील दे के खुश हो जाएंगे अपनी लाइफ में तो मैं यह कहना चाह रहा हूं कि जब वो मिसडायरेक्शनल है जब वो डोपामिन और टेस्टोस्टरॉन और प्रोलक्टिन से हाईजैक हो गए हैं तो आप ये मान के चलो कि जिस शिकारी का पेट भर गया, जिसकी भूख मर गई, वो शिकार करना भूल जाता है। बस इसमें
(21:15) शिकारी कौन है? शिकार क्या है? वो तुम समझो। उसका मतलब मैं बताऊंगा अभी। अगर शिकारी की भूख खत्म। अगर शिकारी की भूख खत्म हो गई तो फिर शिकार करने में इंटरेस्टेड नहीं होगा कि नहीं यार? इनफ एंड दैट इज व्हाई यू सी कि जो भी लोग ऐसे हैं जो बहुत रिच फैमिली से आते हैं जिनकी लाइफ में सारे प्लेजर पूरे हो रहे हैं वो कुछ बड़ा नाम कमा नहीं पाते हैं। वो कुछ बड़ा फेम हासिल नहीं कर पाते हैं क्योंकि वो स्ट्रगल से भागते हैं। और अगर आप बहुत पुअर फैमिली से आ रहे हो और आपकी आदतें आपका एडिक्शन कुछ ऐसा है तब भी आप उसी कैटेगरी में चले जाओगे। और अफसोस की
(22:00) बात यह है कि तब आप खुद खत्म हो जाओगे और आपका जो फैमिली जो पुअर फैमिली है उसका गेम वैसे ही खत्म हो जाएगा। तो इस चीज को हमको समझना है कि ये चीजें कहां से कहां ट्रांसफर हो रही है। अब यहां समझो एक बहुत डीप कांसेप्ट। डीप कांसेप्ट यह है कि टोटल एनर्जी इज कांस्टेंट। यह बेसिक लॉ है थर्मोडायनेमिक्स का। टोटल एनर्जी इज कांस्टेंट। जितनी भी ऊर्जा है हमारे शरीर में वह कांस्टेंट है। अब कौन-कौन सी ऊर्जाएं हैं? आज हम थोड़ा सा शांति से सुकून से क्योंकि मुझे पता है
(22:47) इतना बैड एजुकेशन सिस्टम है अपना कि हम तो बस मार्क्स की लड़ाई में ही खत्म हो जाते हैं। तो इस बैड एजुकेशन सिस्टम में बहुत सारे लोगों के हालात ऐसे हैं जो खुद को सेक्सुअली बिल्कुल डिस्ट्रॉय कर चुके हैं। जो फिजिकली बिल्कुल कमजोर हैं। मेंटली फोकस कंसंट्रेशन नहीं है। कुर्सी पर बैठ के खड़े होते हैं तो चक्कर आते हैं। हां नाइट फॉल होता है। अपने आप सीमन रिलीज हो रहा है। कुछ एक स्टिमुलेटिंग रील देख रहे हैं। उसमें सीमन उनका रिलीज हो जा रहा है। आंखों के नीचे काले धब्बे हो रखे हैं। बॉडी में मसल्स नाम की चीज नहीं है। फोकस नहीं है। झील नहीं है। कॉन्फिडेंस
(23:24) नहीं है। एंथूसियाज्म नहीं है। लड़ने की इच्छा नहीं है। कुछ करने का जुनून नहीं है। जज्बा नहीं है। सबका सॉल्यूशन हम लोग करेंगे। चीजों को बेसिक से समझते जाओ। एवरीथिंग विल बी सॉल्वड। एवरीथिंग। तो टोटल एनर्जी हमारे पास में है वो कांस्टेंट है। अब वो कौन-कौन सी है? वो फिजिकल है, वो मेंटल है, वो सेक्सुअल है और वो स्पिरिचुअल है। स्पिरिचुअल है। ठीक है? अच्छा एक और चीज समझ लीजिए कि जितनी भी एनर्जी है, जो भी एनर्जी हमारे पास में है, चाहे वो मेंटल हो, चाहे वह फिजिकल हो, चाहे वह सेक्सुअल हो, वह हमेशा हमेशा दो फॉर्म में होती है। दोनों फॉर्म में
(24:09) होगी। किस फॉर्म में होगी? कंस्ट्रक्टिव भी होगी और डिस्ट्रक्टिव भी होगी। ऐसा नहीं होगा कि एक ही टाइप की एनर्जी है वो। नहीं वो हमेशा हमेशा दोनों टाइप की होगी। कंस्ट्रक्टिव भी होगी और डिस्ट्रक्टिव भी होगी। जैसे मान लो यहां समझते हैं हम लोग। मैं एक एग्जांपल लेता हूं। सेक्सुअल एनर्जी। सेक्सुअल एनर्जी। अगर यह डिस्ट्रक्टिव है तो आपको पता है जो नीले ड्रम के केस आपने सुने होंगे या खुद के पति को मार के नीले ड्रम में सीमेंट के
(24:55) साथ में भर दिया। आपने सुना होगा। कौन सी एनर्जी थी वह जो सब करवा रही थी? सेक्सुअल एनर्जी। दैट वास द सेक्सुअल एनर्जी। ऐसे ही ठीक है इट्स ओके। ऐसे ही जितने हमारे देश में क्या होते हैं? रेप केस हो। जितने हमारे देश में मर्डर हो गए। और इतना ही नहीं सेल्फ डिस्ट्रक्शन जो है कि आदमी सुबह से शाम तक सुबह से शाम तक खुद मेस्टबेशन में लगा हुआ है और खुद को खत्म कर ले रहा है। और मैंने तो इवन ये तक देखे हैं बहुत सारे इनफाइनाइट मैसेज और कमेंट मेरे पास में आते हैं।
(25:39) वो लोग ये कहते हैं कि सर हम ये सब गंदी आदतों में पड़ गए। इंटरनेट था अकेले का रूम था और फिर हम यह सब करने लगे। और अब हमें साइकोसोमेटिक इलनेस हो गए। हमें एंजायटी होती है, घबराहट होती है, बेचैनी होती है। रियल वर्ल्ड के सामने जाते हैं तब हमको लगता है कि हमारे वो कॉन्फिडेंस बचा ही नहीं है। अब और आज हमारा ट्रीटमेंट चल रहा है साइकेटिस्ट से। ऐसे-ऐसे लोग भी हैं। तो सेल्फ डिस्ट्रक्शन फॉर्म में चले गए। फिर अब कुछ कंस्ट्रक्टिव भी है। इस धरती पे आपके शरीर के बाहर आप जितना कुछ देख रहे हो ना इवन आप खुद भी यू योरसेल्फ और आउटसाइड योरसेल्फ
(26:21) आउटसाइड योरसेल्फ एवरीथिंग इज क्रिएटेड बाय द सेक्सुअल एनर्जी। एवरीथिंग यह सेक्सुअल एनर्जी से वही बात है। सृजन भी हो सकता है यानी निर्माण भी हो सकता है और विध्वंस भी हो सकता है। विनाश भी हो सकता है। हर ऊर्जा का यही रूल है। मैंने आपको बताया वाणी से जिसको सही से वाणी का इस्तेमाल करना आता हो उसे सुलह भी होती है। और जो बेकार तरीके से इस्तेमाल करेगा उसे कलह भी होती है। आप मेरी बातें सुनते हैं। आपके जीवन में अच्छापन आता है। तो आपके जीवन की कई समस्याओं के साथ सुलह है। कई बेवकूफ लोग होते हैं जो इंटरनेट पे वो लोग भी बोलते होंगे। कई बार उल्टी सीधी
(26:58) बातें करते होंगे उससे कलह हो जाती होगी। चाकू चाकू जिससे कट लगाते हैं उसे लोग मार भी देते हैं और कुछ लोग उसे ऑपरेशन भी करते हैं। पानी अगर आप एक साथ छोड़ दो। हां ये इसको इसको समझना। फसल में थोड़ा-थोड़ा पानी फवारे से जाता रहे तो ठीक है। फसल उगती रहेगी। लेकिन अगर आप पानी एकदम से छोड़ दो तो फसल बर्बाद हो जाएगी क्योंकि आपने उसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया। हर चीज का बस यही गेम है। एक ट्रक अगर सही से चल रहा है तो वह सामान कहीं पर ले जाएगा, ट्रांसपोर्ट कर देगा। गलत तरीके से चल रहा है दो चार को मार देगा। तो हम अगर यह कांसेप्ट समझ लें कि इस
(27:37) दुनिया में हर एक चीज कंस्ट्रक्टिव है और हर एक चीज डिस्ट्रक्टिव है। हर एक चीज है। हर एक चीज। बस यही हमें एक बेसिक समझ विकसित हो जाए तो हम लोग हमारे जीवन को पूरापूरा बदल सकते हैं। पूरापूरा बदल सकते हैं। एवरीथिंग एवरीथिंग अब जैसे मैं मान लेता हूं कि इस दुनिया में जितनी आप कोई कंपनी देखते हो मान लो किसी ने कंपनी बनाई हां। किसी ने बॉडी बनाई हां, किसी ने खुद का एंपायर बनाया। किसी ने नौकरी नहीं करी, नौकरी दी, एंप्लॉयमेंट दिया। वो क्यों हो रहा है? हां और किसी ने किसी ने किसी ने भाई
(28:22) क्या होता है ठुकरा के मेरा प्यार मेरा इंतकाम देखिए कि वो इंतकाम कहां से आ रहा है? दैट कम्स फ्रॉम सेक्सुअल एनर्जी। लोग इसी से सुसाइड भी कर ले रहे हैं। यार उसने मेरे साथ में धोखा दिया। उसने मेरे साथ में गलत किया। बट लोग यह भी कर ले रहे हैं। दे ऑल आर प्रोडक्ट ऑफ़ वन थिंग। द वन थिंग इज़ व्हाट? दे ऑल आर प्रोडक्ट ऑफ द सेक्सुअल एनर्जी। और मुझे पता है कि ओशो के अलावा और ओशो भी बहुत कहीं ना कहीं इस पर थोड़ी कंफ्यूजिंग बात करते हैं। हालांकि मैंने उसके ऊपर सेशन लिए हैं। आप चाहे तो उसको सेपरेटली देख सकते हैं। लेटर ऑन टेक्स्ट टू
(28:56) सुपरकॉन्शियसनेस में वो इसकी बात करते हैं। बट उससे ज्यादातर जनता दिग्भ्रमित हो जाती है। और इवन ओशो जब मृत्यु सया पर थे तो वो खुद कह के गए कि मैंने जितना ज्ञान दिया उसको सबको फाड़ कर फेंक दिया जाए। वह खुद कहीं ना कहीं इस मामले में थोड़ा सा कंफ्यूज हो जाते हैं। खैर मैं उस पर नहीं जाता हूं। मैं थोड़ा सा सीमन या वीर्य की कंपोजीशन की बात कर लेता हूं। इवन मैं फिर ये बात रिपीट कर रहा हूं। पतंजलि योग सूत्र में कहा गया है कि वीर्य ही विल पावर है। बस यह जिंदगी में सबसे बड़ी पावर है। देखो और ये यहां से आ रही है। हमको लगता है ना कि
(29:35) फिजिकल पावर बहुत बड़ी है। फाइनेंशियल पावर बहुत बड़ी है। मेंटल पावर बहुत बड़ी है। कुछ भी हो अगर यह वाली पावर नहीं है ना तो आप जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते। आज अगर अमेरिका सुपर पावर बना बैठा है तो विल पावर के दम पर बना बैठा है और कोई रास्ता उसमें दिखता नहीं है मुझे। अगर मैं सीमन की बात करूं वीर्य की बात करूं सीमन की बात करूं तो सीमन के लिए कहा जाता है कि यही आपकी मसल है कहीं ना कहीं और यही आपका ओज है जो आपका कंसंट्रेशन है जो आपके चेहरे पर चमक है जो आप जो आपकी आंखों में चमक है जो आपके चेहरे पर चमक है जो आप में जुनून है देखना दो टाइप के लोग आपको
(30:12) मिलेंगे लाइफ में एक वो जो ऐसे थके आ रहे हैं उनको हर दिन मोटिवेट करने की जरूरत है स्वभाव से चिड़चिड़े हमेशा कभी मूड सही नहीं रहता ऐसे लोग होते हैं दे हैविंग लो टेस्टोस्टरॉन लो सीमन लो ओज जिसका ओज ही कमजोर है वो मोज नहीं कर सकता अपनी लाइफ में ओज एक बहुत ही यूनिक टर्म है ओजस जिसको हम लोग बोलते हैं मतलब शाइन कि आप दुनिया में कितना चमकेंगे तो अब जो आपका इम्यून सिस्टम भी कहीं ना कहीं डिफाइन करती है। अब सीमन में क्या-क्या कंपोज़िशन है देखना एक बार। तो इसमें कैल्शियम है, मैग्नीशियम है, प्रोटीनंस हैं, एंजाइम्स हैं, फ्रुक्टोज़ है और
(30:50) मोस्टेंट जिंक है। ये जिंक पे फोकस करना मुझे बहुत जरूरी है। एक्चुअली में क्या होता है ना जिंक दो चीजों के लिए रिस्पांसिबल है। एक तो आपके टेस्टोस्टरॉन लेवल के लिए कि मान लो कोई इंसान सुबह से शाम तक मेंस्टरबेट कर रहा है तो उसका टेस्टोस्टरॉन सिग्निफिकेंटली ड्रॉप हो जाएगा। एक्सेस में मैं फिर रिपीट कर रहा हूं। एक्सेस में तो उसका टेस्टोस्टर क्योंकि जिंक बाहर जा रहा है सीमन से और उसके स्पर्म क्वालिटी डैमेज हो जाएगी। आज कितने सारे आईवीएफ सेंटर खुले हुए हैं। कहीं ना कहीं एक रोल जो है ना वो इसमें जिंक डेफिशिएंसी का भी है। अब बीइंग
(31:26) एमबीएस डॉक्टर अगर मैं ये बात बता रहा हूं तो इस चीज को समझ लीजिए। और हम आज हमारे जो हालात हैं हमारे दादाओं में हमारे जो बुजुर्ग व्यक्ति थे उनमें जितना टेस्टोस्टरॉन था उसका 20% है अपने में कोई मसल नहीं है। कोई लड़ने का जज्बा नहीं है। ईजीली सरेंडर कर देते हैं। डिप्रेशन में चले जा रहे हैं। एंग्जायटी में चले जा रहे हैं। साइकेटिस्ट के बाहर भीड़ लगी पड़ी है। हमारे हालात दिमागी तौर से इतने खराब हो गए हैं। क्यों? बिकॉज़ वी हैव वेस्टेड और एव्री एनर्जी। भाई आपने किसी भी एक प्रकार की एनर्जी का सत्यानाश किया तो हर स्तर पर एनर्जी आपकी
(32:01) खत्म कर देगा। आयुर्वेद में कहा गया है कि आहार, निद्रा और ब्रह्मचर्य यानी कि सेक्सुअल एनर्जी को स्टोर रखना। विशेष तौर से 25 साल तक और 25 साल के बाद में संयमित तौर से उसका इस्तेमाल करना संयमित तौर से। बाकी आपकी चॉइस है। आपको जिंदगी में नॉर्मल रहना है कि भाई ठीक है। मैं 20,000 की नौकरी करूंगा। सुबह शाम अपना रोटी खाऊंगा, घर जाऊंगा, मजे करूंगा। कोई दिक्कत नहीं। इट्स ओके। बट आपके गोल्स बड़े हैं कि यार मुझे हजारों लोगों को जॉब देना है। लाइफ में कुछ बड़ा करना है। तीन चार पांच 10 कंपनियां खड़ी करनी है। हमारे देश में एंप्लॉयमेंट देना है। हमारे देश
(32:38) के लोगों को रोजगार देना है। हमारे देश के लोगों का उत्थान करना है। हमारे देश के लोगों को ओटीटीएन बनाना है। हमारे देश के उस ओटीटी भारत के मिशन को आगे लेके जाना है। तो फिर आप में वो जज्बा होना चाहिए। ऊर्जा होनी चाहिए। मैं 1200 कि.मी. से ट्रेवल करके आ रहा हूं। और अरक्षित मेरे साथ में ही बैठा है। इसको पता है ही वाज़ ड्राइविंग कार एंड वी वर ऑल कि हम लोग पूरा प्रॉपर सोए भी नहीं है और ट्रैवल कर रहे हैं। ट्रैवल कर रहे हैं। बट आई एम हियर। ये कौन सी एनर्जी है जो मुझे यहां काम करने को मजबूर कर रही है। ऑब्वियसली द बिगेस्ट एनर्जी इज़ दैट जो ये सब बनवाती
(33:11) है आपसे ऑर्गेनाइजेशंस। और जिनमें ये नहीं होगी जो इसको वेस्ट कर देंगे वो तो कुछ नहीं कर पाएंगे। वैसे खत्म हो जाएंगे। तो ये देखो अब स्पर्म क्वालिटी गिर गई तो ये आईवीएफ सेंटर जितने हमारे देश में आईवीएफ सेंटर है लोग बाग ये देखो 160 करोड़ में हम लोग ढंग से बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे थे बुरे हालात हैं हमारे दिस इज द ट्रुथ इट इज द ट्रुथ राइट नाउ तो हमें इस चीज को समझ लेना है कि भाई अगर मैं मेरी जिंदगी का लाइफ गोल एक ही है कि मुझे बस लीक होना है लीक होना है लीक होना है डिस्चार्ज होना है डिस्चार्ज होना है तो भाई आप फिर अपने आप को स्टिंग और रेड
(33:50) बुल और हेल से कितना ही रिचार्ज कर लो। हां आजकल लोग बाग [गला साफ़ करने की आवाज़] बड़ी एडवांस से खेल के छोटे एडवांस में एनर्जी ढूंढ रहे हैं। अब आप समझ गए होंगे यहां पे मैं क्या कह रहा हूं। मैं ज्यादा स्पेसिफिक वर्ड्स यूज़ नहीं करूंगा। बट ये सच्चाई जजीस की है। दिस इज़ समथिंग दैट हैज़ टू बी एड्रेस्ड। और अगर मैं इस एनर्जी को अब आप अब समझना इस बात को। अगर मैं सेक्सुअल एनर्जी को वेस्ट नहीं करता हूं तो मेरी एनर्जी कहां बढ़ेगी? मेरी फिजिकल एनर्जी बढ़ेगी। मुझे थकान नहीं होगी। मेरी मेंटल एनर्जी बढ़ेगी। मेरा फोकस, मेरा कंसंट्रेशन, मेरी
(34:25) क्रिएटिविटी हर एक चीज बेहतर होती चली जाएगी। हजारों लोगों ने इसके बारे में कहा है। मैं सबका भी एक एग्जांपल आप लोगों के सामने दूंगा। हजारों लोगों ने कहा, हजारों लोगों ने कहा। लेकिन लोग इसको समझना नहीं चाहते। जैसे मैं आपको यहां पर समझाता हूं। यहां देखिएगा एक बार। हियर आई एम राइटिंग द साइकिल ऑफ सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमटेशन कैसे काम करता है यह कांसेप्ट अभी आपको क्लियर होगा साइकिल समझो इसका साइकिल ऑफ ट्रांसमटेशन आपको समझ में आ रहा है मैंने पहले क्या बोला मैंने बोला कि एंशिएंट टाइम से पुराने समय से हमारे लोग ऐसे हैं जो इन
(35:03) चीजों के पीछे लगे हुए हैं। वो काम आज स्कूल में वो काम आज Instagram पे वो काम आज पोर्न साइट से वो काम आज 5G इंटरनेट से हर तरीके से हो रहा है। रात-रात पर लोग फोन स्क्रॉल कर रहे हैं। ऐसा देखा गया रिसेंटली Instagram की अगर एक्टिविटी का टाइम अगर आप निकाल के देखोगे तो 3:00 से 6:00 बजे तक फिर से लोग एक्टिवेट मतलब रात को 3:00 से सुबह 6:00 बजे तक हमारे Instagram यूज़र्स थोड़े डाउन होते हैं और फिर इतने बुरे हालात हैं कि वापस हमारे देश के लोग Instagram चला रहे हैं। कोई बॉन साइड चला रहा है। कोई प्रॉपर सो भी नहीं रहा है। तो अब मैं उसके बारे में तो
(35:39) खैर क्या कहूं? खैर यहां देखते हैं एक बार। रियल लाइफ एग्जांपल लेते हैं। मान लो एक एक लड़का है x और उसका y के साथ में अट्रैक्शन होता है। एक लड़का y है। जेनेटिकली थोड़ा गलत हो जाएगा। तो y बोल देते हैं। लड़का y है। y इज़ अ बॉय और उसका x के साथ में अट्रैक्शन। देयर इज अट्रैक्शन। ठीक है? अट्रैक्शन हुआ। अट्रैक्शन होने पर कांसेप्ट को समझिएगा। इसने मान लो उसको प्रपोजल दे दिया कि भाई ऐसासा है। हां तुझसे ही वास्ता तुझसे ही रास्ता तुझसे राबता जो भी है। इसने बोला
(36:27) नहीं अट्रैक्शन हुआ। इसने प्रपोज किया और अट्रैक्शन प्रपोजल प्रपोजल मान लेते हैं। वैलेंटाइन डे का वेट भी नहीं किया। हो गया जो भी इसको मिला रिजेक्शन। अब आप समझना जो एनर्जी अट्रैक्शन करवा रही थी वो एनर्जी थी सेक्सुअल एनर्जी। हम कुछ लोग मुझे बोलते हैं कि सर आप ये इतना सब कुछ कैसे याद रहता है आपको? कैसे आप इसको इंटीग्रेट करते हो? कैसे आप इतनी चीजें मैनेज करते हो? कैसे काम करते हो? और मुझे यह फील होता है दैट सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमिटेशन इज वन ऑफ द बिगेस्ट फैक्टर दैट आई फील। आई एम नॉट सेइंग कि मैं इस चीज में बहुत ऐसा हूं कि भाई
(37:14) जिंदगी में काम कभी नहीं करना तुम लोगों को। मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं क्योंकि इंडियन 160 करोड़ हो। मैं क्या बोलूंगा इस माम? बट इफ यू आर डूइंग एवरीथिंग इन अ कंट्रोलोल्ड वे यू विल एंड अप बीइंग स्ट्रांग। यू विल एंड अप बीइंग समथिंग जो कमांडिंग है जिसकी बात लोग मानेंगे जो डिमांडिंग है ये समझ जाओगे आप लोग समय के साथ में खैर तो अब यहां समझना जैसे ही रिजेक्शन आया तो रिजेक्शन आने पर क्या हुआ अब वो ब्लास्ट होता है ब्लास्ट होता है किसका उस सेक्सुअल एनर्जी का कि यार तो मेरे ईगो पे बात आ गई हां क्योंकि सेक्सुअल ईगो इज द हाईएस्ट लेवल ऑफ ईगो
(37:52) मेंटल ईगो को इतना बड़ा नहीं होता एक बच्चे का मान लो क्लास में फर्स्ट रैंक आ गया। दूसरे बच्चे का सेकंड रैंक आ गया। ठीक है यार अगली बार देखूंगा। ब्लास्ट नहीं हुआ। मान लो एक सीनियर ने किसी जूनियर को चांटा मार दिया। हां। ठीक है यार। देखेंगे इट्स ओके। बट इफ द सेक्सुअल ईगो गेट हर्टेड। ठुकरा के मेरा प्यार मेरा इंतकाम देखेगी। देन इट इज़ अ टोटली डिफरेंट आस्पेक्ट। हां। यहां रिजेक्शन आया। तो अब रिजेक्शन के बाद में वो आदमी काम करना शुरू करता है वर्क। तो सर मतलब हमें पहले रिजेक्शन लेना है। नहीं नहीं नहीं मैं समझाऊंगा। उसका रास्ता बताऊंगा।
(38:34) वर्क किया काम किया काम किया। काम किया तो सक्सेस मिली। सक्सेस मिली तो सक्सेसफुल आदमी ऑटोमेटिकली लोगों को अट्रैक्ट करने लगता है। वापस अट्रैक्शन शुरू हो जाता है। और अट्रैक्शन की वजह से उस सेक्सुअल एनर्जी का ईगो जीत जाता है। सेक्सुअल एनर्जी विंस। अब यहां पर कई लूप होल्स हैं। अब समझते जाना इस कांसेप्ट को। क्या है कि यहां जब रिजेक्शन हुआ तो कुछ लोग चले गए डिप्रेशन में। कुछ लोगों ने अटेम्प्ट किया सुसाइड। कुछ लोग चले गए डिप्रेशन में। कुछ लोग चले गए साइकेट्रिस्ट के पास कि साहब हमारा ट्रीटमेंट करो। जबकि करना क्या था? काम। खुद के ऊपर, खुद
(39:18) के गोल्स के ऊपर, खुद के सपनों के ऊपर खुद को बेहतर करना था। अच्छा इंटरेस्टिंग देखो इंटरेस्टिंग फैक्ट क्या है? कुछ लोग तो यहां तक पहुंचते ही नहीं है। अब अब आप कॉन्सेप्ट समझना ईलॉन मस्क है। ईलॉन मस्क की तीन वाइब्स हैं। तीन औरतें हैं। 12 15 लड़के हैं उसको भी नहीं पता कितने हैं। बट है। व्हाई इज सो सक्सेसफुल? व्हाई इज सो सक्सेसफुल? बिकॉज़ ही हैज़ हाई सेक्सुअल एनर्जी। और वह बाथरूम में जाकर वह सब नहीं किया होगा अपनी लाइफ में। ही स्टडीड ही फोकस्ड ऑन द वर्क। ही बिकम सक्सेसफुल। ही बिल्ड द मल्टीपल कंपनीज़ एंड पीपल गेट अट्रैक्शन
(39:58) फॉर हिम। सेक्सुअल एनर्जी का अल्टीमेट गोल है क्रिएशन। आपके बच्चे पैदा हो गए। दैट इज द यूज़ ऑफ़ सेक्सुअल एनर्जी। फिर उस सेक्सुअल एनर्जी से आपने अपना ईगो ईगो के दम पर कंपनी बना दी। ईगो के दम पर कुछ क्रिएट कर दिया। आप देखो ना। ज्यादातर गाने टूटे दिल पर क्यों लिखे जाते हैं? क्योंकि इंडस्ट्री को पता है कि टूटे दिल की बात वो फील करेगा। अभी वो बहुत इमोशनल है। वो हमारी बात बार-बार बार-बार सुनेगा क्योंकि वो भी हाईली एक्यूरेटेड स्टेट में है। और इंटरेस्टिंग बात पता है क्या है? टूटे दिल पे लिखने वाले लोग भी यह गाना उसी फज़ में लिखते हैं
(40:43) जब उनका खुद का दिल टूटा हुआ। मतलब क्रिएटिविटी उस वक्त आती है जब वो रिजेक्ट हो जाती है। वो ब्लास्ट हो गया यहां पर। ये ब्लास्ट हो गया। अब देखो समझना एक बार। कुछ लोग क्या करते हैं कि यहां स्टेट तक पहुंचते नहीं है। उनका अट्रैक्शन कहां होता है आजकल? ऑनलाइन वीडियोस से। अब ऑनलाइन वीडियो का मतलब आप लोग समझते हैं ट्रिपल एक्स। ठीक है? इनको पता है। इनको पता है इनका कांसेप्ट क्लियर है कि भाई हमको हमको वहां तक तो पहुंचना ही नहीं है। हम हम इनको एडमायर करते हैं। लेकिन हमको पता है यहां तक पहुंच नहीं सकते हम। है ना? तो फिर उनके बारे में सोचते हैं कि यार मेरे
(41:20) को तो ये पसंद है। उनके बारे में सोचते हैं। उनके बारे में सोच के ये ये भाई लोग सेल्फ सेक्स शुरू कर देते हैं। 2 मिनट में फ्री। अरे मत जा रही लाइफ नींद आ गई भाड़े में जाए दुनिया हमने भूख को पालना नहीं सीखा इसलिए हम लोग खूंखार शेर नहीं बन पा रहे हम भूख नहीं पाल पा रहे खाने की भूख लगी है फट से जोatो करो कोई सामान मंगवाना है फट से ब्लिंकिट करो स्विगी करो instाam करो हम भूख सेक्सुअल एनर्जी आपको स्टिमुलेट कर रही है फोकस करने को कंसंट्रेट करने को चलो चलो बाथरूम में हम भूख को नहीं पाल
(42:06) रहे और जो भूख को नहीं पालता ना वो खूंखार शिकारी नहीं बन पाता दोस्त जिसको दहाड़ना है जिसको शिकार करना है उसको भूख को पालना पड़ेगा हमारे दादाओं ने भूख को पाला है। पेट की भूख को भी पाला है और आपको बहुत जानकर बड़ी अफसोस होगा कि भूखे रहने वाले लोग लंबा जीते हैं। उनका टेस्टोस्टरॉन लेवल हाई होता है। उनका जो ग्रीट होता है, फाइटिंग स्पीड ज्यादा होती है। हम भूख को नहीं पालते। हम किया और हमने पहले तो अराउज़ल स्टेट में तो ये था कि मजा आ रहा है। मजा आ रहे हैं। मजा आ रहे हैं मजा आ रहा है। डिस्चार्ज हुआ अरे शिट यार क्यों किया ये सब?
(42:46) क्योंकि वो आपका प्रोलक्टिन पीक पर है। अच्छा प्रोलेक्टिन फिर भी सेंस करवा रहा है कि ठीक है यार। आनंद करो जो है वह सही है। हम लोग यहां तक तो पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। इसी फेज में खत्म है ये और ये ये 90% कॉकरोच के हालात है। जजिस को नया वर्ड मिल गया कॉकरोच। कोई नहीं समझ पा रहा इस बात को। कोई लड़ने को तैयार ही नहीं है। मतलब इस एनर्जी के फ्रंट पर कोई फाइट करना सीख जाए। दुनिया में कोई माई का लाल उसको नहीं हरा सकता। कोई माई का लाल देखो क्या कैसे-कैसे लोगों ने कैसी-कसी बातें लिखी इसके बारे में। मतलब मैं चाहता हूं कि जितने ओटीटियंस और
(43:32) मुझे पता है कि इस प्लेटफार्म पर जुड़े हुए लोग बेवकूफ नहीं है। ओजस्वी, तेजस्वी, तपस्वी, भारत वाले लोग। मैं भारत के सबसे समझदार लोगों में काउंटिंग करता हूं आपकी। बिकॉज़ यू हैव पेशेंस, यू हैव नॉलेज। आपने कुछ वो सीखा है जो 90% लोगों को इंडिया में नहीं पता है। तो ओटीटियंस आर डिफरेंट पीपल। ये तो मैं अच्छे से जानता हूं। वो सामान्य लोग नहीं है। वो कुछ अच्छा करना चाहते हैं। कुछ बेटर करना चाहते हैं। कुछ बेहतर करना चाहते हैं। और इसी के लिए मैं 1200 कि.मी.
(44:01) ट्रैवल करके और मेरे पास में कोई प्राइवेट जेट नहीं है उसके लिए। कोई प्राइवेट जेट नहीं है। 1200 कि.मी. ट्रेवल करने में मुझे पूरे 2 दिन लगे हैं जिसमें दो-ती घंटे सो पाया हूं। अगर मैं आप लोगों के सामने आकर ऐसी बातें बोलता हूं। क्यों? क्योंकि मुझे पता है कि जो लोग मेरी बातों को सुनने का इंतजार कर रहे हैं, वह सामान्य लोग नहीं है। वह जिंदगी को बदलना चाहते हैं। यू पीपल आर डिफरेंट पीपल। यू आर डिफरेंट कम्युनिटी। वो कौम आप अलग हो। फिर अब ये सब शुरू हो गया तो उसके बाद में तो इंसान को किसी की जरूरत ही नहीं है। ऐसे इंसान के साथ में कोई होगा तब भी उसको
(44:35) अवॉइड करेगा कि नहीं यार। यह इतना सारा फिजिकल वर्कउ कौन करे यार? फिर धीरे धीरे धीरेधीरे अब देखो हर काम नर्व से कंट्रोल होता है। हर एक काम नर्व से कंट्रोल होता है हमारी बॉडी में। अब उसने इतना ज्यादा ओवरस्टिमुलेशन कर दिया खुद का कि वो छोटे से कोई इमेज भी देख ले रहा है Instagram पे तो उसका विमलन लीकेज होना शुरू हो जाता है। नाइट फॉल बहुत कॉमन है। मोटो सीमन लीकेज हो रहा है और टाइम के साथ-साथ में वह कमजोर होने लगता है। वीकनेस आने लगती है। पेट कमजोर हो जाता है। डाइजेशन बेकार हो जाता है और बहुत सारी चीजें हैं। देखो मैं उसके बारे में
(45:19) तो क्या ही बताऊं। आप सब लोग देखते होंगे। आप लोग फील करते होंगे क्या-क्या होता है उसके बाद। यू नो इट वेरी वेल। तो ये अब मैं अगर मैं अगर पहले मैं अट्रैक्टेड था। अब मैं खुद मैग्नेट बन गया हूं। नाउ आई हैव बिकम मैग्नेट। अब मेरी तरफ लोग अट्रैक्ट होंगे बिकॉज़ मैंने सक्स मैं सक्सेसफुल बन गया हूं। अब मैं एक रिसेंटली एक वीडियो देखा। मेरे पास में एक वीडियो आया जिसमें एक लड़की अभिषेक शर्मा हमारे कोई क्रिकेटर हैं। सनराइज़र्स हैदराबाद भारत की टीम के क्रिकेटर है। वैसे तो [गला साफ़ करने की आवाज़] एयरपोर्ट से जा रहे हैं। एक लड़की उनका
(45:56) हाथ खींच रही है। अब कई लोगों को ये परसेप्शन हो सकता है कि नहीं नहीं यार इसकी स्किन अच्छी है। इसकी शक्ल अच्छी है। इसलिए सब हो रहा है। भाई सक्सेस। अभिषेक शर्मा से अच्छे दिखने वाले हजार लोग हैं। दो चार पांच 10 लोग होंगे हमारे देश में। सक्सेस पीपल वांट टू गेट अट्रैक्टेड टुवर्ड्स द सक्सेसफुल पीपल और दे वांट टू ब्रिंग देम टुवर्ड्स देम। तो मैं यह चाहता हूं कि ये साइकिल आप समझो। आप यहां तक यहां तक जाओ और आपको लग रहा है ना कि यार हमको तो यार नहीं सर अब खत्म हो गए हम लोग। तो इसका मैं इसका मैं सॉल्यूशन देता हूं। इसका मैं सॉल्यूशन देता हूं।
(46:32) चिंता मत करो। लेकिन उससे पहले कुछ बातें समझ लो। सम वर्ड्स व्हाट द वैल्यू ऑफ दिस? देखो किसी भी चीज को प्रोटेक्ट हम तभी करते हैं जब इसकी वैल्यू समझते हैं। टेस्ला मतलब टेस्ला एक वो वन ऑफ द ग्रेटेस्ट एवर साइंटिस्ट हैं। आप सभी को पता होगा टेस्ला के बारे में। टेस्ला कहते हैं कि मैं अपनी जिंदगी में कुछ भी जो ग्रेट कर पाया हूं। कुछ यूनिक कर पाया हूं। कुछ ऐसा कर पाया हूं जो सामान्य लोग नहीं कर पाएंगे। दैट वाज़ बिकॉज़ ऑफ़ द सेक्सुअल एनर्जी। इट वास बिकॉज़ ऑफ द सेक्सुअल एनर्जी कि मुझे सेलिब्रेसी ने ब्रह्मचर्य ने बहुत
(47:18) मदद किया अपनी लाइफ में और मैं यही कहता हूं कि 25 साल की उम्र तक ज्यादा नहीं कह रहा हूं मैं। तुम्हारी जिंदगी है। तुमको भी अपने गोल्स जो तुमने सेट किए हुए उनको हासिल करना है। 25 साल की उम्र तक कम से कम ज्यादा नहीं 25 साल की उम्र तक इस एनर्जी को ट्रांसम्यूट करना सीखो। उससे तुम फिजिकली स्ट्रांग बनोगे। उससे तुम मेंटली स्ट्रांग बनोगे। तुम्हारे पास अ कुछ डिफरेंट नॉलेज होगा। तुम्हारे पास कुछ डिफरेंट स्टेमिना होगा। एंड यू विल बिकम अ सुपर पावर योरसेल्फ। फिर मैंने बताया पतंजलि योगसूत्र। पतंजलि योगसूत्र कहता है कि वीर्य को एक साधारण फ्लूड मानना बंद
(47:57) करो। क्योंकि वीर्य हमारे शरीर में उनका यह मानना है कि 74 डेज के साइकिल से बनता है। 40 किलो अनाज खाने के बाद में एक बूंद वीरे की बनती है। ऐसे उनके कंसेप्शन है। डिफरेंट-डिेंट और मॉडर्न जो साइंस है वो कहती है कि 90% वाटर होता है। थोड़े बहुत मिनरल्स विटामिनस होते हैं। बट गेम वो नहीं है कि न्यूट्रिएंट्स कितने हैं। गेम ही हॉर्मोनस का है। समझ लो तुम। गेम हॉट्स का है। अगर तुम यह कहो अरे सर सीमन का कंपोज़शन 90% वाटर 10% ट्रेसेस मिनरल्स टू अमीनो एसिड्स सर्टेन एंजाइम्स फ्रक्टोज़ दैट्स इट सर। व्हाई टू हाइप दिस हॉर्मोंस
(48:45) शेर जंगल का राजा मांस खा के नहीं है। वो तो जंगल में भेड़िए भी खाते हैं। उसके हॉर्मोंस में दम है इसलिए वो राजा है। जंगली कुत्ते भी मांस खाते हैं। लेकिन वो चीता नहीं बन सकते। हॉर्मोंस का गेम। बस मैं वही हॉर्मोन तुम्हें सिखाना चाह रहा हूं। तुम उससे मत ले जाओ। कैल्शियम, जिंक, विटामिन। सर हम गोली ले लेंगे तो लेते रहो फिर गोली। करंट गोली से पैदा नहीं हो सकता। करंट खुद में पैदा होता है। दूसरों की बैटरीियों से खुद की जिंदगी
(49:30) रोशन नहीं होती। उसके लिए आग खुद में लगानी पड़ती है। तो पतंजलि योग सूत्र में कहा गया कि भाई यह तुम्हारी फाइटिंग स्पिरिट है। यह तुम्हारी विल पावर है। अध्याय दो, 8, 10 तीनों में इसके बारे में कहा गया। फिर आयेदा में आयुर्वेदा हमेशा हमेशा तीन चीजों को मानता है। आयुर्वेदा में कहा गया है कि आपका आहार, आपकी निद्रा और ब्रह्मचर्य। देखो ब्रह्मचर्य का मतलब यह ना समझा जाए कि मैं एक्सट्रीमली एक्सट्रीमली स्ट्रिक्ट हो गया और पिछले 10 साल से मैं बस इसी चीज पर लगा हूं कि मैं इसको कंट्रोल कैसे करूं। यह बेवकूफी है।
(50:16) तुम उस चीज की तरफ ध्यान नहीं देकर क्रिएटिविटी में ध्यान दो। तुम पढ़ाई करते हो, पढ़ाई करो। स्पोर्ट्स में हो, स्पोर्ट्स करो। टाइम पे सो जाओ, अच्छी डाइट लो, रूटीन फॉलो करो। थोड़ी मसल्स बनाओ, थोड़ा सा नॉलेज बढ़ाओ। और अपने आपको एक परफेक्ट इंसान बनाने का प्रयास करो। वो इंसान नहीं जो नींद देख रहा है, दांत निकाल रहा है, पिज़्ज़ा खा रहा है, सो जा रहा है, तोंद निकाल के। एनर्जी कम पी लो स्टिंग पी रहा है और कम पी लो छोटी एडवांस पी रहा है। खत्म है वह लोग शरीर पे दिमाग पे काम करोगे सेक्सुअल एनर्जी अपने आप ट्रांसमिट होती रहेगी।
(50:55) काम ही नहीं करना है। ब्लैक कॉफी ग्रीन कॉफी। कंफ्यूसियस की बात सुनो। एक चाइनीस फिलॉसफर है कन्फ्यूसियस। बड़ी गजब की बात कहता है आदमी। कंफ्यूसियस। क्या कहता है कि तुम्हारे पास में अगर 1000 लोग हैं तो 999 लोग फीमेल के पीछे जाएंगे। स्त्री के पीछे ट्रिपल9 लोग और एक बंदा होगा जो खुद के गोल्स के पीछे जाएगा। ये लोग किसके पीछे गए आपको पता चल गया होगा। इससे मिलतीजुलती बात है। ठीक है? अच्छा ये अपने गोल्स को हासिल करेगा क्योंकि ये फाइट करेगा। ये मेहनत करेगा। कुछ बड़ा करके दिखाएगा। तो जो यह
(51:39) 99 जिन स्त्रियों के पीछे भाग रहे थे ना वह सारी स्त्रियां इसके पीछे आएंगी क्योंकि यह सक्सेस के पीछे भागा। बस यही बात है। आज तुम बताओ मुझे मतलब मैं माफ मुझे माफ करना। आज हमारे देश में कोई इंसान सक्सेसफुल है या किसी भी देश में सक्सेसफुल है। मतलब गरीब गरीब लोग होते हैं ना गरीब लोग सरकारें हैं और औरतें मुझे माफ करना। कुछ अगर कुछ माताएं बहने अगर इस सेशन को देख रही है तो माफ करना। मैं डीप साइकोलॉजी की बात कर रहा हूं। सरकारें औरतें अपने नियम गरीबों पर चलाती है। ईलॉन मस्क की है तीन वाइब्स। आराम से
(52:24) सुकून से है। यह तेरा महल, यह तेरा महल, यह तेरा महल। कोई कुछ नहीं बोल रहा उसको। डिवोर्स इनमें इंटरेस्टेड ही नहीं है। और यहां कोई गरीब हो उसके पास WhatsApp पे मैसेज आ जाए। किसी का हे क्यूटी डिवोर्स गरीब है। अमीर आदमी की हर नखरा सरकार भी सुनती है, औरत भी सुनती है। सक्सेसफुल है ना? कंफ्यूज इसलिए कहते हैं कि भाई तुम गोल के पीछे भागोगे तो बाकी जिनके पीछे भाग रहे हैं वह तुम्हारे पीछे भागेंगे। और मैं तुमको यह नहीं कहना चाहता कि जिंदगी में यही परम लक्ष्य है कि हमारे पीछे 100 औरतें भागती रहे। ये कोई लक्ष्य नहीं है। बट मैं बता
(53:08) रहा हूं कि उनकी साइकोलॉजी कैसे काम कर रही है। और हम इस इस साइकोलॉजी को समझ लेंगे तभी वो चीजें जीत पाएंगे क्योंकि जिंदगी तो युद्ध है। लाइफ इज अ बैटल और जब तक जिंदा हो चाहे तुम राम हो चाहे तुम बुद्ध हो तुम्हारा युद्ध तुमसे होगा चाहे तुम किसी को पढ़ लो किसी को सुन लो तुम्हें युद्ध लड़ने पड़ेंगे मैं हमेशा कहता हूं हर किसी को लड़ने पड़ते हैं अपने-अपने हिस्से के युद्ध चाहे तुम राम हो या भगवान बुद्ध इट डजंट मैटर तो फाइटिंग तो होगी तो मैं कंफ्यूसियस की बात को समझूं फिर ओशो हालांकि ओशो ने सेक्स टू सुपरकॉन्शियसनेस वाली बुक लिखी और मैंने पूरा सेशन ेशन
(53:48) लिया इस पे और कुछ लोगों ने कहा मुझे कि सर आप इस चीज को ओसो से बेटर समझा गए शायद ओसो जनजन तक ये बात नहीं समझा पाए जो आपने बताई सेक्स टू सुपरकॉन्शियसनेस में क्या लिखा हुआ है कि इंसान की जो इंद्रियां हैं जो इंसान की जो नर्व है जो तंत्रिकाएं हैं वो इस तरीके से बनी हुई है कि उसको सबसे ज्यादा मजा सेक्स में आता है। लेकिन सेक्स से ऊर्जा खत्म होती है। तभी तो नींद आती है। एक बार इंसान करेगा, दो बार करेगा, तीन बार करेगा। वह कहते हैं सुपर कॉन्शियसनेस में चले जाओ। मतलब पहले ब्रीथ वर्क थोड़ा सा श्वास लो, फिर ध्यान दो और ध्यान से समाधि की तरफ जाओ। यानी जो डीप
(54:29) लेवल का ध्यान होता है उसको समाधि बोलते हैं। इसको सुपर कॉन्शियसनेस कहा गया है इंग्लिश में। तो सेक्स टू सुपर कॉन्शसनेस। वो कहते हैं कि सुपरकॉन्शियसनेस में जब आप असीम ध्यान की अवस्था में जाते हो तो आपको उतना ही मजा आता है जितना सेक्स में आता है। और अब इंटरेस्टिंग बात यह है कि उससे एनर्जी कम नहीं होती बढ़ती है। वो लिमिटलेस है। असीम है। सेक्स का मजा कुछ समय के लिए है। वो उसका असीम है। ऊर्जा आपकी बढ़ती रहती है। आप बेहतर होते रहते हो। और आप ऐसा महसूस करते हो कि यार यही स्वर्ग है उस किताब के बारे में सेक्स टू सुपरकॉन्शियसनेस बाय एबी के सर सेक्स टू
(55:01) सुपर कॉन्शियसनेस ओटीटी भारत आप सर्च करके उस सेशन को जरूर से सुनिएगा आपको मजा आएगा कि क्या कांसेप्ट्स हैं उस किताब में इस इस सेशन के बाद में उसको देखिएगा एक बार तो ही यूज्ड टू टॉक कि भाई अगर आप सेक्सुअल एनर्जी का सही चैनलाइजेशन करते हैं तो आप बुद्ध बनते क्योंकि बुद्ध एक तरीके से समाधि में थे उन्होंने महल छोड़े सेक्स छोड़ा, कंफर्ट छोड़ा, ध्यान में गए, सुपर कॉन्शियसनेस में गए। तो, कहीं ना कहीं वहां से इंस्पायर्ड किताब है सेक्स टू सुपर कॉन्शियसनेस। और इनका यह कहना है कि अगर बुद्ध बनना है तो यह करना पड़ेगा। और देखो बात बुद्ध बनने की नहीं है। हर
(55:36) कोई हमारे में से बुद्ध नहीं हो सकता। कोई हमारे में से बुद्ध नहीं हो सकता। हमारे में से जो भी लोग जो काम कर रहे हैं अगर वह उस काम में ध्यान देंगे तो अपने आप में बुद्ध है। जंगल जाने की जरूरत नहीं है। स्वास पे ध्यान देने की जरूरत नहीं। मैं अगर सेशन ले रहा हूं तो सेशन में मेरा पूरा फोकस है। पूरा ध्यान है। तो मैं ध्यान की अवस्था में हूं। मैं समाधि की अवस्था में हूं। मेरे को इसमें सुकून मिल रहा है। बस यही तो है। कर्म में ध्यान देना है। कर्म में बाकी सब भ्रम है। जिंदगी का मर्म क्या है? जिंदगी का मर्म यही है कि कर्म ही असली सच्चाई। अतल
(56:08) सत्यकर्म बाकी सब बकवास तो लगभग नेपोलियन हिल नेपोलियन हिल की एक किताब है नेपोलियन हिल का नाम आप लोगों ने सुना होगा नेपोलियन हिल की एक किताब है और इस किताब का नाम है थिंक एंड ग्रो रिच मॉडर्न जमाने में जो सेक्सुअल एनर्जी ट्रांसमिटेशन शब्द है इस इंसान ने लिखा एक चैप्टर में विशेष तौर से लिखा गया है और इनका कहना है बहुत सारे लोग 38 साल से 55 साल की उम्र तक अपनी सक्सेस का पीक हासिल करते हैं। पीक मतलब इंसान की जो सक्सेस की पीक आती है वो 38 साल की उम्र में शुरू होती है और 55 साल 60 साल तक चलती है। और उसका रीज़न ये
(56:53) कहते हैं कि 38 साल की उम्र तक इंसान खुद की सेक्सुअल एनर्जी को संभालना सीख जाता है। उसको बदलना सीख जाता है। उसका इस्तेमाल करना सीख जाता है। जवानी में वो ये नहीं जानता। इसकी वजह से कंसंट्रेट नहीं करता, फोकस नहीं करता और खत्म हो जाता है। तो ये इस चीज को कहते हैं कि अगर आपको जिंदगी में कुछ भी बड़ा करना है, कुछ भी महान करना है, महानता का रास्ता यही है। महानता का रास्ता क्या है? महानता का रास्ता है ट्रांसम्यूटेशन ऑफ एनर्जी। सेक्सुअल एनर्जी का ट्रांसम्यूटेशन। बड़ी दिलचस्प तरीके से और ये एक बहुत एक टॉप सेलिंग किताब है। इसमें इन्होंने कहा गया
(57:31) बहुत डिटेल में कहा। आप देखो आप देखते होंगे जितने फुटबॉल के एथलीट्स हैं जितने फाइटर्स हैं जो एक्सट्रीम फोकस कंसंट्रेशन के स्टेट में जाते हैं उनमें से ज्यादातर लोग ऐसे होंगे जो सेक्स को उतनाेंस नहीं देते जितनी सामान्य जनता लेती है। हम बड़ी इंटरेस्टिंग बात है ये। मतलब इंसान चेतना के स्तर पर जितना ज्यादा गिरा हुआ होगा वह उतना ही ज्यादा सेक्स के बारे में क्योंकि उसका एकमात्र मनोरंजन वही है। उसका एकमात्र अचीवमेंट वही है। उसका डोपामिन वही है। उसका सुकून वही है। उसका प्रोलैक्टिन वही है। बस वो उसी के बारे में सोचेगा।
(58:14) और जब उसके बारे में सोचेगा तो वो मरने के बाद में उसके बारे में कोई नहीं सोचेगा। क्योंकि वो अपनी ऊर्जा का ट्रांसम्यूटेशन नहीं कर पाया। वो निम्न स्तर पर रह गया। लेकिन जिसने इस चीज़ को समझ लिया कि सेक्सुअल एनर्जी एक टूल है और वह क्रिएटिविटी का टूल है। उससे इंसान पैदा होते हैं। उससे कंपनियां पैदा होती है। उससे इंफ्रास्ट्रक्चर पैदा होते हैं। उससे पेंटिंग्स पैदा होती है। उससे म्यूजिक पैदा होता है। उससे फैशन पैदा होता है। उससे सोशल मीडिया पैदा होता है। उसे खाने की डिफरेंट वैरायटी पैदी पैदा होती है। सब कुछ पैदा उसी से होता है। जब उसको सीख
(58:48) लेता है। इस्तेमाल करना सीख जाता है तो वो कुछ वो पैदा करता है जो अभी तक नहीं था। और वो जब वह कुछ ऐसा पैदा करता है जो अभी तक नहीं था तो उसके मरने के बाद भी वह जिंदा रहता है जो उसने उस एनर्जी के ट्रांसमिटेशन से पैदा किया। मान लो मैं मर जाता हूं। मेरी लिखी हुई कितनी किताबें? जीत की रणनीति किताब मेरी लिखी हुई है। अफसर मेरी लिखी हुई है। डीडब्ल्यूआर मेरी लिखी हुई है। स्कूल टॉपर मेरी लिखी हुई। इतने सारे सेशंस मैंने क्रिएट किए। पांच छह कंपनियां मैं फिलहाल रन कर रहा हूं। 120 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहा हूं। लाख मतलब लाखों लोगों को मैंने गाइड
(59:29) किया है, मोटिवेट किया है। हजारों बच्चों को आईटी एंड डॉक्टर बनाया है। कितना कुछ रह जाएगा। कितना कुछ ऊपर वाले की कृपा है। मैं मानता हूं इसमें घमंड की कोई बात नहीं है। सब ऊपर वाले की कृपा है। लेकिन अगर मैं सुबह से शाम एक ही बात सोच रहा हूं। बस माय वाइफ इज माय लाइफ। ऐसा आजकल कई लोग स्टेटस पर लगाते हैं। अरे बाप ने चार जगह हाथ जोड़कर तेरी शादी कराई है। 25 जगह बोला कि मेरी औलाद बेवकूफ नहीं है। और फिर तू स्टेटस पे क्या लिख रहा है? माय वाइफ इज माय लाइफ। खत्म हो चुके हैं लोग। कुछ लोग गलती से उनकी कोई दोस्त बन गई, गर्लफ्रेंड बन गई।
(1:00:07) सुबह से जब ओ हो हो आप ही मेरी सब कुछ है। मेरी जिंदगी आप नहीं है तो कुछ नहीं। चुप। इंसान उस बेवकूफी की स्टेट में चला जाता है कि वह समझ ही नहीं पाता है कि जिंदगी में हर इंसान अच्छे की तलाश में है। जिस दिन तुमने खुद के ऊपर काम करना बंद कर दिया। जिस दिन तुमने खुद को खत्म करने के रास्ते पे तुम ले गए। जिस इंसान को तुम बोल रहे थे ना कि तुम मेरे लिए सब कुछ है वो नया रास्ता ढूंढ लेगा कि नहीं नहीं यार इसमें दम नहीं है। इससे बेटर बहुत सारे ऑप्शंस। एवरीवन इज़ सर्चिंग फॉर बेटर। एवरीवन एवरीवन इन दिस वर्ल्ड एंड दैट इज व्हाई
(1:00:46) मैं कहता हूं खुद पर काम करो खुद को समय दो अपॉइंटमेंट खुद को दो अकेलापन नहीं एकाकीपन में जियो सॉलिट्यूड नॉट लोनलीनेस खुद में जियो खुद को बेहतर करो खुद को स्थिर करो दिमागी तौर से जो स्थिर होता है वो अपने आप ये काम करने लग जाता है क्योंकि नर्व्स नर्व्स को स्ट्रांग करना है नर्व्स को स्टंग ऑन करना है। लोग नहीं समझ रहे हैं। मैं इतना समझा रहा हूं। मैं इतना प्रयास कर रहा हूं। लोग नहीं समझ रहे। अब कैसे किया जाए? कैसे किया जाए? ये मुद्दा समझना बहुत इंपॉर्टेंट है कि भाई क्या तरीका है जिसके माध्यम से हम इस एनर्जी को ट्रांसम्यूट कर
(1:01:29) सकते हैं। एनर्जी ट्रांसमिटेशन। एनर्जी ट्रांसमिटेशन। सबसे पहला काम करना होगा रूटीन पर। रूटीन इज मोस्टेंट। 90% लोगों का तो रूटीन ही नहीं है। तुम खुद यह हम जब बातें करते हैं ना कि हमारे देश के हालात इतने बुरे हो गए। हमारे देश में लोगों के हालात बहुत बुरे हो गए। पता है क्यों है ऐसा? क्योंकि हमारे देश के लोग है तो 160 करोड़। लेकिन वो अमेरिकनंस के 5 करोड़ लोगों का हम मुकाबला नहीं कर सकते फिजिकल और मेंटल लेवल पर। क्योंकि हमने ज्ञान के लिए क्या पढ़ा है? मनोहर कहानिया और बाल भास्कर। और फिजिकल स्ट्रेंथ के नाम पर क्या है? हम
(1:02:12) 1 किलोमीटर पैदल चलते हैं। हाप जाते हैं। हम एक ईंट उठा के 500 मीटर नहीं चल सकते हम। हमारे देश में 5 कि.मी. वही भागता है जो फौजी की तैयारी कर रहा हो। ये तो हमारे देश के हालात है। तो 160 करोड़ लोग जो हम है ना वो कचरा है। कचरा हैं हम लोग। क्योंकि खत्म है हम लोग। ना तो हम लोगों ने खुद की फिजिकल एनर्जी पे काम किया है। ना खुद ने मेंटल एनर्जी पे काम किया है। बस खत्म किया है खुद को। और अब तो खत्म करने के इतने अथा साधन आ गए कि बता नहीं सकते। तो क्या होगा? फिर उसके बाद में कुछ नहीं हो सकता। तो सबसे पहले अपने रूटीन पर काम
(1:02:46) करो। रूटीन इज सुपरेंट। और भाई मैं फिर कह रहा हूं ये सेशन जो है ये हर एक ओटीटीएन की जिम्मेदारी है कि कम से कम 100 लोगों तक पहुंचाया जाए इसको। क्यों? क्योंकि इसी तरीके से हम हमारे देश के लोगों को यही देश सेवा है। यही देश सेवा है। झंडा लहराने से देश सेवा नहीं होती है। कुछ समझ में नहीं आता है। आपने 10 लोगों का जीवन ठीक किया। 100 लोगों का जीवन ठीक किया। देश सेवा नहीं है। झंडा लहराएंगे। फिर एआई से एडिट करके वो यहां तिरंगा लगा के फोटो लगा देंगे। कुछ नहीं होता इससे। देश बदलेगा जब तुम देश के लोगों को ऊपर उठाओगे तब। नीचे
(1:03:31) गिराओगे उससे नहीं उठेगा देश। जब लोग ही नीचे गिरा दे रहे हो देश कैसे उठेगा देश कहां से बना लोगों से मिलकर बना है देश सेवा का काम ओडीटी भारत सिर्फ देश सेवा का काम तो मैं रूटीन पर काम करूंगा रूटीन सबसे इंपॉर्टेंट है जो इंसान अब तुम देखो जो इंसान सुपर डेडिकेटेड है अपनी लाइफ में कुछ ग्रेट काम कर रहा है हां किसी स्पोर्ट में है या किसी एग्जाम की तैयारी कर रहा है या कोई कंपनी चला आ रहा है तो वो लोग बहुत स्ट्रांग रूटीन फॉलो करते हैं कि भाई टाइम पे सोना है क्योंकि 10 11:00 बजे के बाद तो कचरा लोग इकट्ठा हो जाते हैं मार्केट में। वो कोई है
(1:04:08) कैसे हो? ठीक है। हेलो हाय करने में कोई दिक्कत नहीं किसी से। बात करो आराम से। कोई दिक्कत नहीं है। बट रिमेंबर योर गोल्स कि जिंदगी में करना क्या है? कुछ लोग दोनों ही काम नहीं करते। नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं करना है जिंदगी में। वो कुछ करते भी नहीं। उनसे कुछ होता भी नहीं है। क्यों पैदा हुए हो? वह इसलिए पैदा हुए हैं कि 2026 में जनगणना होगी। हम जनगणना में आना चाहते हैं कि हम हमारी भी गणना हो। बस इसलिए पैदा हुए हैं तो रूटीन इज वेरी वेरी वेरी वेरी वेरी इंपॉर्टेंट जिसमें मैंने बोल दिया कि स्लीप स्लीप वाली बात यहां आ गई। फिर डीप
(1:04:51) ब्रीथिंग गहरी सांस। बाकी मैंने एबी क्रिया के बारे में तो बहुत डिटेल में आप लोगों को बताया। गहरी सांस के ऊपर भी मेरे सेशन है। आप देखें कि सांसों से किस तरीके की जिंदगी बदलती है। आपके नर्वस सिस्टम को आपको शायद पता नहीं होगा कि हमारी बॉडी का जो सबसे बड़ा एक्सक्रीटरी ऑर्गन है जिससे सबसे ज्यादा कचरा बाहर निकलता है वो किडनी नहीं है। वो फेफड़े हैं। 70% गंदगी हमारी स्वास से बाहर निकलती है। गहरी सांस लेने से आपकी नर्व्स मजबूत होती है। जिन जिसकी सांसे उथली है उनकी नर्व बहुत जल्दी स्टिमुलेट हो जाती है। Instagram का एक का एक वीडियो
(1:05:29) देखा और गेम खत्म। सारा गेम खत्म हो जाता है। फिर आपको लगता है अब अब यह वाली लाइन मैं उन लोगों के लिए बोल रहा हूं भाई जिनको कुछ समस्या ही है। ये तो मैंने जनरल बात बोली जिनको कुछ समस्याएं हैं। जैसे मान लो आपने अपनी सेक्सुअल एनर्जी को बहुत ज्यादा वेस्ट कर दिया। ध्यान से समझना इसको। आपको लगता है कि यार मैं सब कुछ कर रहा हूं सर। मेरा मामला नहीं बैठ रहा है। मेरे को अभी भी एक्सेस में नाइट फॉल होता है। मेरा आउट सीम लकीज होता है। वीकनेस है, चक्कर आते हैं, बेचैनी है। इतने इनफाइनाइट मैसेज थे मेरे पास में। इतने इनफाइनाइट कमेंट्स थे कि सर इसका कुछ कुछ
(1:06:04) है इलाज है। तो देखो एक्सेसिव मेस्टरबेशन से क्या होता है? अब यहां समझ लो। एक्सेसिव मेस्टरबेशन किसी ने किया तो उसे उसका सीमन थिन हो गया। पतला हो गया। सीमन थिन हो गया। अब जब सीमन अगर उसका थिन हो गया तो उस केस में क्या हो रहा है? उस केस में वो ऑटो डिस्चार्ज हो जा रहा है। अपने आप निकल जा रहा है। नाइट फॉल मान लो आपको महीने में एक बार हो रहा है दैट इज ओके। लेकिन वो महीने में 30 दिन हो रहा है तो दैट इज नॉट ओके। अपने आप सीमन रिलीज हो रहा है बार-बार तो दैट इज नॉट ओके। तो हमको सीमन थिक करने पे काम करना पड़ेगा। सीमन थिक। लास्ट टू
(1:06:44) लास्ट वीडियो में मैंने आपको बताया था कि मेरे पिताजी आयुर्वेदा में रहे हैं और उनकी इस चीज में कहीं ना कहींस्ट है। उस चीज का एक्सपर्ट है। उन्होंने मुझे कहा कि एक फार्मूलेशन तैयार कर देता हूं जो सीमन को थिक करने में हेल्प करेगा और आप सब लोगों को पता है बहुत सारे लोगों तक तो वो वो प्रोडक्ट उनका पहुंचा भी होगा। मेरे हिसाब से बहुत-ब ज्यादा संख्या में फिलहाल आउट ऑफ स्टॉक हो गया है वो। लोगों ने उसको ऑर्डर किया है। तो अगर जिनको नहीं पता हो उनको मैं फिर से बता देता हूं। ये ओजस अमृत है। अब ओजस का मतलब समझ लेना। हमारे शरीर की पीक एनर्जी जब मैं हर तरीके से
(1:07:20) बैलेंस्ड हूं। मेरे शरीर में खून सही है। मेरे शरीर में स्टीमन सही है। मेरे शरीर में डाइट मेरी ठीक है। पाचन मेरा ठीक है। तो ओजस बनता है। ओजस का मतलब क्या होता है? तेज, इम्यूनिटी, स्पार्क, जुनून, जोश, जज्बा, कंसंट्रेशन ये बनता है। तो ओज समृद्ध बना है उसमें बहुत सारी चीजें हैं। जैसे अश्वगंधा, पीली शतावरी, काली मूसली, सफेद मूसली, सेमल मूसली, कौंच कला, शुद्ध, गोखरू उसके बाद मुलेठी, मिश्री धागा, ताल मखाना, कीर्तिबीज, शीतल चीनी, विदिकंद, बिनोला, मंगी और बहुत सारी चीजें इसको और ये सीमन थिकनिंग प्रॉपर्टी इसमें है। और मैं सिर्फ
(1:07:58) इतना कहूंगा कि कुछ समय आप इसका इस्तेमाल करेंगे खाना खाने के बाद इस्तेमाल करना क्योंकि इसमें जितने नेचुरल हर्ब्स यूज़ किए हैं ना वो टफ टू डाइजेस्ट है। मतलब स्ट्रांग हर्ब्स हैं। आपकी बॉडी को चेंज करेंगे एकदम से नहीं होगा। आपको ऐसा फील आएगा कि यार बस अब कुछ हो रहा है हमारे शरीर में। है ना? तो वो ग्रेजुअली होता है। मतलब आपका बॉडी जब स्ट्रांग होना शुरू होगा। आपने कोई स्ट्रांग दवा ली और ये प्योरली प्योरली नेचुरल 100% नेचुरल है। घर पे बनाई हुई चीज है। बस बॉक्स हमने इसका एक सेपरेटली बनाया। तो इफ यू यूज़ दिस सब्सटांस और कोई जरूरी नहीं है। कोई जरूरी नहीं है।
(1:08:36) अगर किसी को ये सब दिक्कत नहीं है तो भी ये टेस्टोस्टरॉन बूस्टर यानी बॉडी बिल्डिंग में हेल्प करता है। आजकल के लोग स्टेरॉइड ले रहे हैं और रोज आप सुन रहे हो। अभी वह अखिलेश यादव जी के कोई भाई हैं। उनकी मृत्यु हो गई। बॉडी बिल्डर क्या यूज किया? स्टेरॉइड्स। अब स्टेरॉइड तुम बॉडी बिल्डिंग के लिए यूज करो। वो तुम्हारे खून को गाढ़ा करके थक्का बना देंगे या हार्ट के साइज को बढ़ा करके कार्डियक अरेस्ट करवा देंगे। खेल खत्म। खेल खत्म। तो ओजस अमृत को कैसे इस्तेमाल करना है? यह यहां पर इसके बारे में कई चीजें लिखी हुई है। तो उसको बहुत सिंसियरिटी के साथ में
(1:09:13) बना दिया है। और मैं फिर रिपीट कर दे रहा हूं कि इस चीज में हम जितना भी जो कुछ हमारे पास में आ रहा है इससे कुछ हम प्रॉफिट जनरेट नहीं कर रहे हैं और दो ₹5 कुछ होगा भी तो उससे इसको oटीt भारत की मार्केटिंग के लिए इसके विस्तार के लिए ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे। ये बिल्कुल हमारे लिए बहुत क्लियर कट मिशन है। ये ओज समृत है। ये इसके क्यूआर कोड्स हैं। यहां से आप इसको कहीं से भी ऑर्डर कर सकते हैं। और बस बाकी तो ये ज्यादा ठीक है। इतना काफी रहेगा इसमें इतना बताना। बाकी हम लोगों ने और भी चैनल्स के थ्रू
(1:09:49) इसको बता रखा है। आई होप आप उसको देख लेंगे। खैर जाने देते हैं। फिर यहां समझिए। एक डी डब्ल्यू ए आर है। यानी कि रात को सोते समय आपको लिखना है कि मैंने क्या गलत किया है। मैंने क्या सही किया है। ये लिखना है। क्योंकि जिस इंसान को जिस इंसान को रिग्रेट होगा ना कि यार ये चीज मैंने गलत करी। तो वह इंसान वह गलतियां करना बंद कर देता है। वह बुरी आदतें वह नहीं अपनाता है। लिखना जरूरी है कि यार आज मैंने काम गलत किया। डी फॉर क्या है? डी फॉर व्हाट आई ड? मैंने आज क्या किया? आर फॉर डब्ल्यू फॉर
(1:10:33) व्हाट आई विल। मैं क्या करूंगा? ए फॉर मेरा अचीवमेंट क्या है? आर बहुत इंपॉर्टेंट है। आर का मतलब क्या है? रिग्रेट। मैंने क्या ऐसा किया जो मेरे को नहीं करना चाहिए था? दे हेल्प यू। दे हेल्प यू। इट हेल्प्स ए लॉट कि मैंने क्या गलती करी जो मुझे नहीं करनी चाहिए थी। चलिए भाई देखो मैं इस प्रोडक्ट के बारे में इस प्रोडक्ट के बारे में ओजस अमृत के बारे में यह क्यूआर कोड के लिए कुछ लोग बोल रहे थे तब बता रहा हूं जब मैंने खुद ने एमबीबीएस किया है और मुझे पता है कि एलोपैथी में हमारी एक दवा आती है जिसको बोलते हैं हम सिडनाफ भीगरा जिसको बोलते
(1:11:14) हैं मार्केट में आजकल कई लोग जंजीस या कोई भी लोग ओयo की बुकिंग में जाते हैं और उसका इस्तेमाल इस्तेमाल करते हैं। उससे हार्ट अटैक्स हो रहे हैं। उसको उससे सेक्सुअल वीकनेस आ रही है। हार्ट पलपिटेशंस होते हैं। कई ऐसी अखबार में खबर आ चुकी है। ये प्योरली हर्बल है। और अल्टीमेट गोल क्या है? देखो इसमें क्या-क्या लिखा हुआ है। इट हेल्प्स टू इंक्रीस ऑल थ्री डायमेंशन ऑफ़ स्टेमिनामेंटल सेक्सुअल फिजिकल। इट हेल्प्स इन द मसल बिल्डिंग एंड लीन मास गेनिंग। ओजीसमर हेल्प्स इन द प्रीमेचर्योर इजेकुलेशन ऑटोसिममेलन लीकेज एंड नाइट फॉल। इट इज़ नॉट स्टिमुलेंट। इट इज़ रसायना टू
(1:11:53) बूस्ट द ऑल द पैराटर्स ऑफ योर हेल्थ। ब्लेंड ऑफ 18 प्लस हर्ब्स। सारी बातें जो जो चीजें हमने बनाई इसमें वो सारी बातें खाना खाने के बाद जिसका पाचन कमजोर है उसको 1/4 चम्मच से शुरू करना है। 1/4 चम्मच लो। हालांकि इसके ऊपर हमने एक से दो चम्मच लिखा हुआ है। जिसका खाना खाने के बाद खाना खाने के तकरीबन तकरीबन 45 से 60 60 मिनट के बाद में आराम से 1/4 चम्मच लिया। थोड़ा सा उसमें हल्का सा घी डाल लिया। पानी में घोला पी गए। फिर धीरे-धीरे उसको आधा चम्मच कर लो। फिर एक चम्मच कर लो। लाइफ टाइम ले सकते हो। जैसे आंवला लाइफ टाइम खा सकते हैं। वैसे उसको लाइफ
(1:12:31) टाइम खा सकते हो। और यू विल सी द डिफरेंस वेरी सून। खैर तो जस्ट अमृत की बात हो गई। रूटीन की बात हो गई। मैं हमेशा एक आत्मबोध क्रिया की बात करता हूं। दिमागी शांति। आत्मबोध क्रिया इज एबी क्रिया। क्यों? ताकि मैं दिमागी रूप से शांत रह। दिमागी रूप से शांत लोगों को आप सेक्सुअल स्टिमुलेट नहीं कर सकते। कभी भी सेक्सुअल स्टिमुलेट नहीं कर सकते। देखो अगर मुझे दिमागी तौर से शांत रहना है तो ब्रीथ पक पे काम करना पड़ेगा। मैं एक एबी क्रिया के बारे में बात करता हूं जिसमें आपके दाएं नस्टिल को बंद कर लेना है और बाएं से श्वास लेते रहना है। बस आपसे आपका
(1:13:12) इसका पैरासिंथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिवेट होता है और आप जो सुकून फील करोगे वो सुकून आपने जिंदगी में कभी महसूस नहीं किया होगा। दिस इज़ माय प्रॉमिस टू यू। दिस इज़ माय श्योरिटी टू यू। हालांकि इसका इसके जहां तक लिंक की बात है तो इस सेशन के एंड में वो हो जाएगा। अब इसके बारे में ज्यादा सवाल मत पूछो। रुक जाओ। सब चीजें आपको वहां मिल जाएगी। लिंक आपको सीधा शेयर हो जाएगा। इस सेशन के एंड में पिन कर दिया जाएगा। लेकिन इस चीज को समझ देना कि मैं अपनी लाइफ में रूटीन सेट करूं। डीप ब्रीथिंग करूं। सीमन रिटेंशन का थोड़ा प्रयास करूं। सीमन
(1:13:46) थिकनिंग हमारा अल्टीमेट गोल है। रिग्रेट डेली बेसिस पर लिखूं। आत्मबोध क्रिया की मैंने बात करी। वो मुझे शांति के साथ में करनी है। और गोल को कोई सा लाइफ में सेट करो। घर पे हमेशा सोता रह रहा हूं। कुछ नहीं कर रहा हूं जिंदगी में। गोल सेटिंग बहुत इंपॉर्टेंट है। गोल सेटिंग गोल सेटिंग दैट इज मोस्ट मोस्ट मोस्टेंट। क्योंकि जब यह होगा तो आदमी अपने आप सेक्सुअल एनर्जी को भूल जाता है। और यही एनर्जी फिर उसकी हेल्प करती है अचीवमेंट में। अचीवमेंट। तो मेरा छोटा सा प्रयास है कि मैं आपको कुछ ऐसा सिखा पाऊं जिससे आपके जीवन में परिवर्तन आ सके और इस सेशन का फीडबैक जरूर
(1:14:31) से दीजिएगा। अगला सेशन मैं राजीव दीक्षित जी के ऊपर लूंगा। उन्होंने हमारे देश के लोगों को क्या-क्या सिखाया उन्होंने जितनी सिखाई बातें हैं उनका सबका मैंने निचोड़ बनाया है और अष्टांग रिदमम के नाम से किताब है। वागभट्ट जी के द्वारा लिखी गई जो चरक के शिष्य थे। उनसे उन्होंने बहुत कुछ बातें बताई हमारे देशवासियों को जो मैं एक सेशन में उसका निचोड़ लाने का प्रयास करूंगा। आज मैं इस चीज को भी यहीं पर एंड करता हूं। आपका फीडबैक जरूर से दीजिएगा और अगला सेशन जो है वो बहुत जल्द मेरा प्रयास रहेगा कि इसी हफ्ते हो जाए। सभी लोग उसमें वापस एक सिंसियरिटी के साथ
(1:15:12) में हम भागीदारी निभाएं और वह सभी के लिए चाहे मेल हो चाहे फीमेल हो चाहे बच्चा हो चाहे बड़ा हो सभी के लिए आज के लिए इतना ही है शुभ रात्रि जय ओटीटी भारत सेशन का फीडबैक इज वेरी वेरीरीेंट और पूरे भारत तक इसको पहुंचाया जाए यह आपकी जिम्मेदारी है बहुत-बहुत धन्यवाद शुभ रात्रि

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