Friday, August 28, 2026

Top Sleep Doctor on Deep Sleep, Heart Attacks at Night & Sleep Hacks | Dr Manvir Bhatia | ST-213

Top Sleep Doctor on Deep Sleep, Heart Attacks at Night & Sleep Hacks | Dr Manvir Bhatia | ST-213

Author Name:Supertalks by themovingship

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Transcript:
(00:00) क्या 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए? 8 घंटे की नींद अ बिग मिथ। जिनकी नींद इससे कम है तो योर बॉडी इज एजिंग मच फास्टर। मैं 7 घंटे सो जाऊं, 8 घंटे सो जाऊं, चाहे मैं 4:00 बजे सो जाऊं और फिर मैं दोपहर में उठ जाऊं। दिस इज नॉट ओके बिकॉज़ ये ओ काफी बीच में हम सुनते हैं कि रात को सोते-सोते हार्ट अटैक आ गया। ये कैसे हो जाता है? सो रात को पोर्न कंसमशन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। हाउ डस दिस इफेक्ट? वेदर इट इज डूइंग दिस और ड्रग्स और सब्सटेंस अब्यूज आर ऑल रिस्क टेकिंग बिहेवियर्स। अगर वो नींद ठीक नहीं होती। सो यू मेक व्हाट आर कॉल्ड एस बैड डिसीजंस।
(00:41) जो आपने पैरासोमिया की बात करी रात को कि कोई दो लोग सो रहे हैं और सोते-सोते कोई सेक्सुअल पार्टनर बन जाता है और हमें पता नहीं लग रहा और सुबह कहते हैं कि हमें याद नहीं। इज दिस इंटेंशनल और दिस इज नॉट। सो इसको प्रूव करना होता है कि स्लीप में हुआ कि वेक में हुआ। समबडी स्लीपिंग वि अ सिस्टर। कॉफी ज्यादा लेने से क्या नींद खराब होती है? अगर दिन में तो ठीक है बट अगर आपने दोपहर या शाम को ले ली जिसको भी खराटे आ रही हैं उसकी वजह क्या है? बट स्नोरिंग इज अ साइन कि आपकी ब्रीदीिंग पैसेज में कुछ इशू आ रहा है। फिर क्या होता है कि कई दफा ये सांस की ये पूरी बंद
(01:14) हो जाएगी। चौकट पैरासोमिया क्या होता है? यह लड़का यंग स्टूडेंट था अमेरिका में। तो ही वॉक्ड थ्रू द ग्लास डोर्स ऑन टू द रोड एंड ही कट हिज एंड ही वास वॉकिंग एंड ब्लीडिंग एंड ही हैड नो कनेक्शन। [संगीत] नमस्ते। 8 सितंबर 2024 एक टेलीविजन एक्टर विकास सेठी रात को सोते-सोते गुजर जाते हैं। अब रिपोर्ट्स बताती है कि यह कहीं ना कहीं कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। अब हम सबने अपने आसपास सुना ही है। पता ही नहीं चला। पड़ोसी थे रात को सोते-सोते गुजर गए। आज के पडकास्ट में हम समझने वाले हैं कि रात को ऐसा क्या होता है जो कि जानलेवा बन
(01:56) जाए। प्रेजेंटिंग डॉ. मनवीर भाटिया। डॉ. मनवीर एक सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट हैं और स्लीप स्पेशलिस्ट भी। हम समझने वाले हैं कि हमारी ही नींद कैसे कैंसर, बीपी, डायबिटीज जैसी प्रॉब्लम्स को भी एक जगह दे सकती है। मैंने पहली बार सुना अबाउट पैरासोमिया। आप सोते-सोते सेक्सुअल रिलेशनशिप्स अपने किसी परिवार वाले के साथ भी कर सकते हो। इट्स दैट बैड। स्लीप एपनिया, इंसमिया इन श आई एग्री मैं भी आपकी तरह ही हूं कि रात को नहीं सोया जाता टाइम से। स्लीप साइकिल खराब है। अभी हम सबको पता है। फोन
(02:42) उठते ही देख रहे हैं। रात को भी देख रहे हैं। पॉइंट इज कि कैसे इस चीज को सुनकर हम बेहतर बन सकते हैं। क्योंकि आज की नींद को ठीक करके हम अपने फ्यूचर को सिक्योर कर सकते हैं। वर्किंग रियली हार्ड टू ब्रिंग एपिसोड्स लाइक दिस। प्लीज कंसीडर सब्सक्राइबिंग टू आवर चैनल क्योंकि सुपर टॉक्स सिर्फ एक पॉडकास्ट नहीं है। पिछले 10 सालों से 200 से ज्यादा अंडर प्रिविरेज बच्चों को हम फ्री ऑफ कॉस्ट एजुकेशन अपने इंजन जो दौरे दे रहे हैं। जब भी आप हमारे चैनल को सब्सक्राइब करते हैं, मैं आपको प्रॉमिस करता हूं इस तरह के इनफेटिव पडकास्ट लाता रहूंगा व्हाइल दैट आल्सो
(03:14) हेल्प्स इन नेशन बिल्डिंग। एंजॉय द एपिसोड। आज का पॉडकास्ट सबको क्यों देखना चाहिए? व्हाई शुड द वॉच? आई थिंक बिकॉज़ देयर इज़ अ एपिडेमिक ऑफ अ स्लीप इशूज़ इन द इन द वर्ल्ड आउट ऑफ़ द कंट्री। और अगर हम इंडिया के रिस्पेक्ट में समझना चाहे तो कि स्लीप प्रॉब्लम कितनी इज इट अ प्रॉब्लम अभी आ रही है या अभी ऑलरेडी बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा है। बहुत ज्यादा है। नंबर वन नंबर टू हर एक एज ग्रुप में है। हम नंबर थ्री इसका सेल्फ मेडिकेशन जो है और सेल्फ असेसमेंट, सेल्फ ट्रीटमेंट बहुत ज्यादा बढ़ गया है। व्हिच इज अगेन विद दिस द नॉलेज दैट इज अवेलेबल। हम
(03:55) बट बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। मतलब अभी मैंने एक पेशेंट देखा है जो मेरे को अभी तो याद है सुबह तो बहुत ज्यादा लोग ना बिकॉज़ सिम्टम क्या है? नींद नहीं आना। उपाय क्या है? गोली खाना। हम ठीक है? बिकॉज़ ब्रेन ऐसे ही चलता है ना कि मेरे को एक जो मेरी प्रॉब्लम है उसका सशन बता दो जल्दी से। हम तो अगर हम उनको बहुत सारी थ्योरी बताते हैं, करते हैं कुछ काम नहीं चलता। सिंपल है गोली खा लो। हम्। तो टैबलेट्स का इशू है कि कुछ टाइम के बाद यह काम करना बंद कर देंगी। एफिकसी कम हो जाती है। टॉलरेंस बढ़ जाती है। तो फिर क्या करेंगे? नींद तो वैसे ही चाहिए तो
(04:31) गोली और बढ़ाएंगे। तो ये रात को खाते हुए सोने के खाते हैं। फिर नींद नहीं आती। 2 घंटे बाद फिर खाते हैं। फिर 2 घंटे के बाद उसका असर खत्म हो गया। फिर खाते हैं। सुबह उठ के सिर में बहुत भारीपन हो गया तो एक और खाते हैं। तो द होल डे दिस जेंटलमैन हु आई सॉ वो काम ही नहीं कर पा रहा। ही इन 40 ही गिवन अप द वर्क ही इज़ इन बेड द होल डे एंड फिर ए्जायटी बहुत होती है तो फिर बेंजोडाइसपीन खाते हैं फिर शाम तक फिर शाम हो गई मैंने कुछ नहीं किया फिर मन और उदास हो गया मैं जॉब नहीं कर पा रहा हूं फैमिली को सपोर्ट नहीं कर पा रहा हूं तो फिर
(05:03) डिप्रेशन हो गया तो एक ये देखा एक मैंने तीन दिन पहले देखा वो 10 गोली खा रहे हैं सोने के लिए सोने के लिए सो मतलब ये तो चल ही रहा है। सो इट इज लाइक वेरी वेरीरी बैड एंड इट इज रनिंग विद एक और इशू ये है कि जो स्लीप इशू है ये हर एक बीमारी के साथ चल पड़ा है। देखो जिनको कैंसर है उनको है। जिनको सर्जरीज है उनको है। हम जिनको स्ट्रेस है उनको है। गेमिंग जो चल रही है। सो पार्टिंग जो चल रही है। सो एवरीबडी हैज़ दिस रनिंग अलोंग विद इट। बट इसको कोई अहमियत नहीं दे रहा। हम मैं यह कर लूं तो शायद मैं ठीक हो जाऊंगा। बट इसको नहीं कर रहे ना। सो देन आई फील कि
(05:46) जो नॉलेज डिसमिनेशन जितनी हो सकती है श्योर इसके बारे में वो करनी चाहिए। तो हेल्थ इज़ गोइंग टू गो डाउन वेरी बैडली। बिकॉज़ ऑफ़ स्लीप। बिकॉज़ ऑफ़ स्लीप। राइट? बिकॉज़ आई थिंक जो आप प्रॉब्लम्स बता रहे हैं एट द एंड ऑफ़ डे। अब मैं भी ये सोच रहा हूं कि अगर बुखार भी होता है नींद ही नहीं आएगी। तो नींद नहीं आएगी। या हां या फिर नींद नहीं आएगी या बॉडी में फिर नींद ज्यादा भी आएगी। तो आप ये तो इलनेसेस हो गई। फिर फिजियोलॉजी देख लो। तो वुमेन की फिजियोलॉजी देख लो। आजकल बहुत मचा हुआ है शोर के वुमेन जो की जो इशूज़ हैं हम वो क्या रिलेशनशिप रखती हैं स्लीप के साथ?
(06:17) एक्चुअली हैव अ वेबिनार ऑन संडे ऑफ अंडर डायग्नोस्ड अनट्रीटेड स्लीप इशज़ इन वुमेन। हम तो दे हैव मेनारके जब साइकिल स्टार्ट होता है तब नींद उड़ती है। बिकॉज़ देन दे हैव प्रेगनेंसी। तब नींद खराब होती है। तब पेरी मेनोपॉज़ तब मेनोपॉज़ तो स्लीप गोज़ ऑन गेटिंग बैड। सो इट इज़ इट इज़ अ बिग फिजियोलॉजी के साथ भी चेंज होता है। फिर देन वी हैव सम ऑफ़ योर क्वेश्चंस वर देयर व्हिच इज़ वैरी ट्रू कि बच्चों में नींद अलग है। हम टीनएजर्स में अलग है। हम एडल्ट्स में अलग है, एल्डरली में अलग है। राइट? तो ये जो चेंज हो रही है ऐज के साथ इसको भी समझना बहुत जरूरी है।
(06:57) जो 80 इयर्स के आगे कह रहे हैं कि हमारे को तो नींद ठीक नहीं आ रही। मैं गोली खा लूं। हम तो नहीं आएगी ना अब ठीक। छोड़ दो। उम्मीद कि आपको 30 साल वाली नींद आने वाली है। राइट? सो एट दिस एक्सेप्टेंस एक थ्योरी आई हुई है आजकल के एक्सेप्टेंस थ्योरी कि मैं हूं जैसे हूं मैं ठीक हूं बट आई कांट बी बेटर देन दिस बट नॉट टू टेक अ पिल दिस पिल इज़ क्रिएटिंग अ बिग इशू श्योर सो इसको हम धीरे-धीरे डिकोड करते हैं हां सो लेट्स स्टार्ट विद अ वेरी सिंपल अंडरस्टैंडिंग कि क्या 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए तो 8 घंटे की नींद इज अगेन लाइक अ बिग मिथ हो गया एक
(07:32) एक तो पहले रेंज है जैसे अगर सबकी भूख अंडरस्टैंड करने की कोशिश करी जाए हम कोई [गला साफ़ करने की आवाज़] एक आधी चपाती से फुल हो जाता है। कोई एक चाहिए, कोई दो चाहिए, कोई तीन। सो दिस इज़ योर नीड। तो स्लीप की भी एक नीड है कि हो सकता है किसी को सात चाहिए, किसी को 7, किसी को आठ, किसी को 8 हम सो देयर इज़ नो फिक्स्ड नंबर। ओके। तो अपनी पहले तो नीड पतलो एंड नीड के हिसाब। राइट? एक्चुअली दो दिन एक हफ्ता पहले एक बहुत अच्छी स्टडी आई है। व्हिच इज़ द स्लीप, ड्यूरेशन एंड लजिविटी। हम तो जिनकी नींद उसमें 6.
(08:07) 8 टू 7 4 आवर्स का एक विंडो बताया गया। हम इससे कम है उन्होंने बॉडी के ऑर्गन्स की एजिंग मेजर करी है। ओ तो योर बॉडी इज एजिंग मच फास्टर एंड मोर रैपिडली दोज़ हु आर स्लीपिंग लेस। थाउजेंड्स ऑफ़ पीपल हैव बीन स्टडीड एंड दे हैव डन वेरी हाई लेवल काइंड ऑफ इज इट जस्ट व्हाट पब्लिश्ड। रात को मैम जो अपनी गर्लफ्रेंड एक्स गर्लफ्रेंड को गुस्से में मैसेजेस करके सो रहा है उसको क्या प्रॉब्लम है यह बताएं। पहली बात तो उनसे पूछा जाए कि आपको अवेयर हो कि आपने किया तो वो भी एक्चुअली ट्रिकी सिचुएशन है बिकॉज़ उसकी मर्जी है वो हमें वी हैव टू बिलीव वो क्या कह रहा है।
(08:52) राइट? कई लोग आए हैं हमारे पास एक्चुअली जिन्होंने बोला कि एंड विद अ गर्लफ्रेंड कि करंट गर्लफ्रेंड नॉट एक्स वाले की बात नहीं कर रही कि मेरे कभी ऐसे इसने कभी लैंग्वेज इस्तेमाल नहीं करी कभी ही नेवर सेड दी थिंग्स एंड मेरे को एक रात को मैसेज आया व्हिच वास नॉट लाइक हिज पर्सनालिटी बट कुछ अजीब सी वर्डिंग और या अजीब सा टेक्स्ट कॉन्टेक्स्ट तो देन दे गॉट स्केर्ड तो एक दफा तो होता है पीपल इग्नोर इट पर दो तीन दफा जब हो जाए ना तब वो डर जाते हैं कि ये क्या हो एंड देन ही इज़ मोर स्केर्ड। बिकॉज़ जब सुबह उठा तो उसको तो याद ही नहीं कि मैंने यह
(09:26) लिखा भी। हम जब कॉल आई कि तुमने क्या लिखा देन ही सॉ कि मैंने ये क्या लिख दिया। सो ये कुछ हम इसको एक शब्द पूरी सारे सिम्टम्स को इकट्ठा एक पैरासोमिया बोलते हैं। पैरासोमोनिया मींस अबनॉर्मल बिहेवियर इन स्लीप। तो इट कुड बी शाउटिंग, इट कुड बी वॉकिंग, इट कुड बी हिटिंग, इट कुड बी फॉलिंग ऑफ द बेड, लॉट्स ऑफ़ थिंग्स हैव हैपेंड। एंड उसमें से अब ये नई चीजें आ गई हैं। बिकॉज़ ये फस में टेक्स्टिंग बढ़ गई। तो ब्रेन इज लाइक अ स्लीप बिकॉज़ आपको अवेयरनेस नहीं है। बट येट इट इज अवेक कि यू आर डूइंग अ टास्क व्हिच रिक्वायरर्स अ लॉट ऑफ़ स्किल।
(10:08) हम सो दिस इज़ अ पैरासोमिया। पैरासोमिया हम डिवाइड करते हैं दो हिस्सों में के बेस्ड ऑन किस स्टेज ऑफ स्लीप से निकल रहे हैं हम तो मतलब एक नॉन रम बोलते हैं एक रम बोलते हैं जस्ट फॉर डिवीजन इनको अलग-अलग क्यों किया गया है बिकॉज़ इनके अलग-अलग कारण है और अलग-अलग ट्रीटमेंट है और अलग-अलग कॉजेस हैं। तो छोटे बच्चों में देखा होगा कि सबके घर में अगर वो बच्चे पहले बहुत जैसे कोई क्रिकेट खेलते थे, कुछ चिल्लाते थे या लड़ाई हुई उठ के बच्चा बैठ जाता है। ही स्टार्ट्स थ्रोइंग अ बॉल देन ही काइंड ऑफ़ लाइज़ डाउन। तो दैट इज़ बचपन में बहुत ज्यादा होते हैं। एंड या कभी उठ के बच्चा
(10:46) बैठ जाता है, बड़बड़ाता है फिर यू पुट देम बैक। एज अ चाइल्ड ग्रोस सिक्स सेवन इयर्स में ये सब कुछ कम कम हो जाता है। बट कुछ परसेंटेज 15 10 15% एडल्टहुड में पर्सिस्ट कर जाता है। सो मेरे पास केसेस हैं। सबसे भयानक और डरावना तो बहुत साल पहले देखा था। बट वही मुझे याद रहे। मतलब बहुत याद है। बिकॉज़ यह लड़का यंग स्टूडेंट था अमेरिका में। बहुत ठंड के दिन थे। यह डबल ग्लास डोर्स होते हैं वहां। तो ही वॉक्ड थ्रू द ग्लास डोर्स ऑन टू द रोड। एंड ही कट हिज़ आर्टरीज एंड ही वाज़ वॉकिंग एंड ब्लीडिंग एंड देन लकीली सम एंबुलेंस पिक्ट हिम अप एंड यू नो हैड टू बी टेकन
(11:29) एंड स्टिच्ड। एंड ही हैड नो रेकलेक्शन। एंड सिमिलरली आई हैड अनदर वेरी इंटरेस्टिंग बॉय। वो अपने अपार्टमेंट में सो रहा था पेरेंट्स के साथ। एंड ही क्लाइम्ड अप एंड वेंट टू द अपार्टमेंट अबव एंड नॉक्ड एंड द पीपल हु ओपन दैट डोर आस्क्ड हिम एंड बाय द टाइम दे वर टॉकिंग टू हिम दे वेंट एंड कॉल्ड अप द पेरेंट्स कि आपका बच्चा यहां ऊपर है। ही ये जाके ये सो गया अपने बिस्तर में। तो उन्होंने जब तक वो नीचे किया वो पेरेंट्स ने जाकर देखा कह रहा यह तो सो रहा है यह तो ऊपर गया ही नहीं। सो ऐसीसी कुछ चीजें होती हैं। तो एक इंसान को लगा कि कुछ बोल रहा था, बड़बड़ा रहा था इतनी
(12:10) जोर से कि उसने पूरा टीवी में तोड़ा और टीवी शटर करके नीचे आ गया। सो देयर आर लॉट्स ऑफ़ थिंग्स लाइक दिस। इसी में यह फोन टेक्स्टिंग है और इसी में एक और है कि समटाइ्स पीपल आर नॉट इवन अवेयर ऑफ एनी सेक्सुअल रिलेशनशिप विद अ पर्सन नेक्स्ट टू देम। तो समटाइम्स अ ब्रदर सिस्टर आर स्लीपिंग और स्लीपिंग वि समबडी अ गर्लफ्रेंड एंड दे हैव नो रेलेक्शन। सो दिस इज़ अ लिटिल ट्रिकी काइंड ऑफ़ सिचुएशन। दीज़ आर कॉल्ड एस नॉन रम पैरासोमिनियास। ये क्यों होते हैं? जैसे मैंने बताया कुछ तो जेनेटिक है बट इसके सबसे बड़ा कारण इसमें है स्लीप मिसमैच करना। स्लीप को बहुत मजाक करना।
(12:54) मतलब कभी मैं 2:00 बजे सो रहा हूं। कभी मैं 4:00 बजे सो रहा हूं। कभी मैं 3:00 बजे उठ सो रहा हूं। कभी मैं 5:00 बजे उठ गया। कभी मैं 6 सो हमारी जो ब्रेन गेट्स इनू टोटली डिसेबल्ड स्टेट। वह कंटिन्यूटी और खराब हो जाती है। तो स्लीप इंट्रूड्स इनू वेकफुलनेस वेकफुलनेस इंट्रूड्स इनू स्लीप। तो इसका सबसे पहली हिस्ट्री यह होती है कि आपकी आमतौर पे बेड टाइम वेक अप टाइम बहुत फ्लक्चुएट कर रहा है। और तभी यह स्टूडेंट टाइप्स में आता है बिकॉज़ ये बहुत फ्लक्चुएट करते हैं। तो यू जस्ट टेल देम टू बी केयरफुल एंड टू मेक इट वेरी रेगुलर। तो आमतौर यह काफी हद तक सबसाइड हो जाता
(13:30) है। बहुत अगर खतरनाक है या बॉडी को डेंजर सिचुएशन है देन वी कैन गिव सम मेडिसिन। बट इसी को करने से ठीक हो जाता है। इसका दूसरा वाला पैरासोमिया जो है वो रेम पैरासोमिया जो कहते हैं उसकी लास्ट फ्यू इयर्स में बहुत सिग्निफिकेंस बढ़ गई है। देखा गया कि जिनको यह है रेम पैरासोमिया का मतलब वो रेम स्लीप से निकल रहा है। आमतौर इसमें थोड़ा सा वायलेंट होते हैं। जोर से हिट करना, चिल्लाना सम एंड यूजली मोर इन मैन यूजली मोर एल्डरली उन्होंने अपने एक ने अपनी वाइफ का इतनी जोर से उंगली पकड़ी कि उसको फ्रैक्चर कर दिया। एक का गला पकड़ा तो उसको लगा
(14:10) ऑलमोस्ट चोक हो जाएगी। एक तो लगा कि मैं मेरे कुछ चोर आ गया घर में तो ही फेल डाउन फ्रॉम द बेड एंड हर्ट ह गॉट अ हेड। तो वो वाले थोड़े ऐसे होते हैं। बट कई दफा सल भी होते हैं कि सिर्फ हंस दिया लेट गए व्हाटएवर। वो देखा गया है कि 10 साल के बाद चांसेस ऑफ हैविंग अ ब्रेन का डिजनरेटिव डिसऑर्डर 70-80% तो दोज़ आर दैट काइंड ऑफ पैरासोमियास। सो उनकी सिग्निफिकेंस ऐसे बढ़ गई है। तो अगर हम पूरी स्लीप की इशूज़ की बात करें। सो नींद ठीक ना होना इज़ ऑब्वियसली कॉमनस्ट स्नोरिंग स्लीप एपनिया। फिर एक रेस्टलेस लेग सिंड्रोम हमने बात करी। ये इंपॉर्टेंट
(14:52) है और एक हाईलाइट करना क्योंकि काफी हद तक लोगों को यह समझ नहीं आती कि इसके लिए मैं करूं क्या और मुझे करना भी चाहिए कि नहीं। तो अग्रीड अगर बहुत इनफ्रीक्वेंट है छ महीने साल में कभी एक हुआ उठ के बैठ गए लेट गए तो कोई बात नहीं। बट फ्रीक्वेंसी ज्यादा है, इंजरी का हार्म है या पर्सनल रिलेशनशिप्स में हार्म है। तो वी शुड कम फॉरवर्ड एंड टॉक अबाउट इट एंड इसको देखना चाहिए कि हम क्या हाल कर सकते हैं। जो आपने पैरासोमिया की बात करी रात को कि कोई दो लोग सो रहे हैं और सोते-सोते कोई सेक्सुअल पार्टनर बन जाता है और हमें पता नहीं लग रहा और सुबह कहते हैं कि हमें याद
(15:28) नहीं। अब इज दिस इंटेंशनल और दिस इज नॉट? बिकॉज़ दिस इज़ अ वेरी थिन लाइन। बाद में कोई बोल सकता है अरे वो तो वो था जो डॉक्टर जी ने कहा था। मेरी कोई गलती नहीं। या सो दिस इज़ अ साइंस नाउ कॉल्ड फॉरेंसिक स्लीप साइंस। ओके? बिकॉज़ फॉरेंसिक्स इन स्लीप। तो इसमें मतलब काफी हद तक डेप्थ में जाना पड़ता है देखने के लिए कि रियली क्या हो रहा है। एंड स्लीप। सो इसको प्रूव करना होता है कि स्लीप में हुआ कि वेक में हुआ। सो व्हिच यू कैन अंडरस्टैंड इट्स नॉट ईजी। बिकॉज़ जिस दिन हम टेस्ट करें। बट हमें कई दफा टेस्ट हम किसी और रात भी करें कुछ ना कुछ
(16:03) दिख जाता है जो इनमें एब्नॉर्मेलिटी आती है और कुछ यस यू हैव टू गो ऑन दिस दैट यू नो समबडी स्लीपिंग विद अ सिस्टर एंड एट अ पर्टिकुलर टाइम ऑफ़ द नाइट एंड फिर एक हिस्ट्री होती है अभी आमतौर आपकी कितनी डिसरप्शन हुआ है स्लीप में सो दैट्स हाउ वी कैन मेक अ डायग्नोसिस सो अब जब धीरे-धीरे करते-करते जब ए लोग ज्यादा सोने लग जाते हैं तो वो ज्यादा क्यों सोने लगते हैं और वो बाद में प्रॉब्लम कैसे बन जाता है अगर जैसे कोई अगर मानो दिन में 10 या 15 घंटे सो रहा है। नहीं तो हमारे तो मां-बाप तो बोलता है बेटा करते क्या? जिंदा क्यों हो तुम लोग? हां।
(16:35) पर वो क्यों है? सो ये दो रीज़न से है। एक रीजन है कि मेरी रात की नींद कैसे है? तो यस यू आर राइट कि जो काफी पेरेंट्स हमारे साथ आ रहे हैं और बच्चे भी आ रहे हैं। जो सुबह स्कूल के लिए नहीं उठ पा रहे, कॉलेज के लिए नहीं उठ पा रहे, ड्रॉप आउट हो गए हैं। क्लासेस मिस हो रही हैं काफी कुछ। तो सबसे पहले तो यह देखा जाए कि इनकी रात की नींद क्या है? तो अगर वह सो ही 4:00 बजे रहे हैं, 5:00 बजे रहे हैं तो नहीं उठ पाएंगे वह 8 9:00 बजे। बॉडी उनको अलव नहीं करेगी। तो एक तो वो रीजन है कि मेरी रात की नींद कैसी है और कितने घंटे की है। सेकंड इज वो कहेंगे नहीं कल तो मैं ठीक
(17:11) सोया पर कल की बात नहीं है। तुम्हारा एक वर्ड यूज़ करते हैं स्लीप डेथ। तो पिछले पांच दिनों में आप कैसे कर रहे थे? तो कुछ दिन तो आप 5:00 बजे सो रहे हो। पर कुछ दिन आप 11:00 बजे सो रहे हो। तो जिस दिन 11:00 बजे सोए तो फिर भी मैं टायर्ड हूं। वो टायर्ड बिकॉज़ पिछला वाला डे चल रहा है, उधार चल रहा है। बट देयर इज़ अ सेकंड प्रॉब्लम आल्सो कि हमारी शरीर के अंदर केमिकल्स हैं जो हमें जगा के रखते हैं और जो हमें हेल्प करते हैं सोने में। अगर हमारे जागने वाले केमिकल्स कम हो गए तो द स्लीप विल काइंड ऑफ़ स्टार्ट इंट्रूडिंग इंटू द डे। ओ या तो एक बीमारी है एक्चुअली कहने का
(17:50) मतलब जिसमें ये जागृत केमिकल कम हो जाता है और ये क्यों केमिकल कम हो ये अब काफी हद तक तो पहले तो कुछ साल तक पता ही नहीं था कि इन लोगों में क्या हो रहा है ये आती टीनएजर्स में है बीमारी दैट्स व्हाई कीप सिंह बच्चे हम तो बट अब ये पता है कि जो ब्रेन में एक एरिया है जहां से ये केमिकल निकलता है वो सेल्स थोड़े से कम हो गए हैं इन लोगों में और केमिकल मेजर किया गया है ब्रेन के फ्लूइड में तो वो केमिकल कम है बहुत हद तक कम है। अब क्यों कम हुआ? कोई इनफेक्शन थी, इनफ्लेमेशन था, ऑटोइ्यून था? अभी क्लेरिटी नहीं है। बट दीज़ पीपल आर वेरी स्लीपी। तो
(18:26) मतलब कहने का मतलब है जो बहुत ज्यादा लंबी नींद चाहिए। पहले हम रूल आउट कर लें कि आपकी रात की नींद कैसी है। एवरेज ठीक चल रहा है। फिर एक बीमारी है जिसको हम हाइपरसोमिया कहते हैं। और उसके कई लक्षण हैं। कुछ लॉन्ग स्लीपर्स हैं। मतलब कि अगर मैंने 10 घंटे पूरे कर लिए तो फिर मैं ठीक हूं। हम पर उनको 10 चाहिए। तो फिर हम इन बच्चों को मैं कहती हूं कि आपको अगर सुबह अनफॉर्चूनेटली उठना है 9 10 बजे तो फिर आपको देयर इज नो चॉइस बट आपको जल्दी सोना चाहिए। राइट? तो वाज़ अ लॉन्ग स्लीपर्स। ओके? एक दूसरा होता है कि नींद तो जितने घंटे आ गई पर दिन में स्लीप अटैक्स आते रहते हैं।
(19:02) हम क्लास में बैठे तो झुक गए। हम सारा टाइम झपकी आती है। क्लास में अटेंशन नहीं पे कर पाते। सो दैट इज अनदर बीमारी जिसको नारकोलेप्सी कहते हैं। आपने हाइपरसोमिया बोला। तो हाइपरसोमिया उनको कहेंगे जो 10 घंटे से ज्यादा सो रहे हैं। ऐसा हाइपरसोमिया एक ब्रॉड टर्म है। ओके जिसका हाइपर मतलब ज्यादा सोमनिया मतलब नींद। ओके। तो जिनको ज्यादा नींद आ रही है उसकी सब कैटेगरीज बहुत सारी हैं। राइट? तो इसके अगर आप मुझे तीन पॉइंटर्स बताएं जिसकी वजह से हाइपरसोमिया होता है और इसको ठीक करने के लिए कोई क्या कर सकता है? तो हाइपरसोमिया तब हम कहते हैं पहले अगर हम पहले रूल आउट
(19:38) कर दें कि देयर इज नो इशू विद द स्लीप मेंटेनेंस एंड द स्लीप कंटिन्यूटी और ऐसी कोई दवाइयां नहीं खा रहे जिसकी वजह से हो रहा है। फिर कहा आता है इसको फिर तभी इसका नाम ही इडपैथिक रखा गया है। इयोपैथिक मतलब हमें कोई कारण क्लियर नहीं है। सेकंड इज दिस नारकोलेप्सी जो एक टाइप ऑफ हाइपरसोमिया है उसमें यह है जो केमिकल कम हो रहा है। अब इसके लिए भी कुछ जेनेटिक फैक्टर्स हैं। कुछ इम्यून फैक्टर्स हैं उनको फिर हमको टेस्ट करना पड़ता है। ब्रेन रिलेटेड एमआरआई स्कैन्स वगैरह करने पड़ते हैं और इसके लिए स्पेशल टेस्ट होते हैं। कि हम पूरी रात नींद को मापते हैं। फिर
(20:13) पूरे दिन में टेस्ट होता है। तब जाके हम किसी को ये लेबल देते हैं। ओके? राइट। और ट्रीटमेंट डिपेंड्स एक तो एज फार एस पॉसिबल हम कारण ढूंढे कि ब्रेन में कुछ इशू है, कोई इनफेक्शन है, क्या हो रहा है या पोस्ट सर्जरी है या कुछ ऐसा कुछ हो गया। कुछ स्ट्रोक हो गया। बट अब हमारे पास अलर्टिंग एजेंट्स हैं। तो इनको हमने कुछ दवाई देनी है कि आप जागते रहे। अलर्टनेस वाली मेडिसिनस हैं। कुछ अवेलेबल है इंडिया में। कुछ अभी आ भी गई है रिसेंटली। बाहर तो बहुत सारी मिल रही हैं। राइट? सो दैट दे कैन फंक्शन नॉर्मली। राइट? ये जो रात को लेट सो रहे हैं उसकी वजह से
(20:51) भी हो सकता है। नहीं। नहीं तभी तो सबसे पहले हमको वो रोल आउट ये बीमारी है। जो लेट सो रहे हैं उनको हम डिलेड स्लीप बोलते हैं। वो अपनी इच्छा से डिलेट सो रहे हैं या अपने काम की वजह से लेट सो रहे हैं। उनको तो प्रॉब्लम आएगी आएगी। तो उनको तो फिर डिपेंड करता है कि आप बेड टाइम को मूव कर सकते हो कि नहीं या करने की इच्छा भी है कि नहीं। क्योंकि मेरे पास अब कई पेशेंट्स आते हैं जो कहते हैं कि हम ठीक हैं। हम 4:00 बजे सुबह सोते हैं। दोपहर में 12:00 बजे 1:00 बजे उठते हैं। बट आई एम ऑल राइट। हम उसके वी शुड डिस्कस नींद के कई डायमेंशंस हैं। एक है
(21:27) क्वांटिटी जो हमने अभी बात करी भ कितने घंटे सोते हैं। दूसरी है क्वालिटी हम कि जो आप लोगों को काफी हद तक पता है बिकॉज़ ऑफ़ द ट्रैकर्स कि मैं कितनी डीप स्लीप है, कितनी लाइट स्लीप है, कितनी ड्रीम स्लीप है। उसको क्वालिटी मानते हैं। एंड थर्ड इज़ टाइमिंग। तो यह जो एक विश्वास है कि मैं 7 घंटे सो जाऊं, 8 घंटे सो जाऊं, चाहे मैं 4:00 बजे सो जाऊं और फिर मैं दोपहर में उठ जाऊं। दिस इज नॉट ओके बिकॉज़ ये टाइमिंग के अगेंस्ट चल पड़ा है। तो थर्ड डायमेंशन जो मैं कह रही थी टाइमिंग। टाइमिंग मतलब हम ऐसे बने हैं अभी तक तो कुछ जनरेशंस में चेंज हो जाए कि जो बाहर की लाइट है उसके
(22:08) साथ हमारी बॉडी के सारे हॉर्मोंस सिंक्रोनाइज्ड हैं। ओ तो अगर हम तो कहने का मतलब है अगर हम चलो 10 11:00 बजे सोए। अब हम नहीं कह रहे कि जब लाइट अंधेरा हो जाए तो आप सो जाओ। वो तो चला गया टाइम। वो पहले टाइम में यह होता था। सनसेट हुआ तो देयर वाज़ नो लाइट ना। देन लोग सो जाते थे। सनराइज के पहले लोग उठ जाते थे। कुछ बॉडी क्लॉक ऐसे सेट हुई थी। तो बॉडी क्लॉक तो भी वही चल रही है। तो उसको आउटसाइड क्लॉक के साथ एज फार एस पॉसिबल सिंक्रोनाइज रखना है। क्यों? बिकॉज़ हमारे जो सारे हॉर्मोंस हैं वह उसके साथ चल रहे हैं। एक हमारा मास्टर
(22:46) ग्लैंड है ब्रेन में जो लाइट के हिसाब से चलता है और बाकी हॉर्मोंस को क्लोज कंट्रोल करता है। तो एक मास्टर क्लॉक बोलते हैं ब्रेन और एक छोटी-छोटी छोटी-छोटी घड़ियां सारे शरीर में फैली हुई हैं। तो वो मास्टर क्लॉक और ये छोटी घड़ियां को भी सिंक में चलना है। एग्जांपल है कि सपोज मैंने खाना खाया हम अब जब मैं खाना खाऊंगा तो पेट में से कुछ एसिड निकलेगा। लिवर एक्टिव हो जाएगा। इंटेस्टाइन एक्टिव हो जाएंगे। ये सारा कुछ एक्टिविटी हो जाएगी। अब अगर हमने रात को 2:00 बजे खाना खाया तो ये सारा कुछ एक्टिव हो गया। तो ब्रेन तो रेडी है स्लीप करने
(23:21) के लिए और आपने एक्टिविटी कर स्टार्ट कर दी बॉडी में तो फिर नींद तो नहीं आएगी। हम तो दैट इज व्हाट इट इज़। सेकंड इज़ हमारे कुछ हॉर्मोनस हैं। जैसे एग्जांपल है ग्रोथ हॉर्मोन। ग्रोथ हॉर्मोन बच्चों के लिए बहुत जरूरी है फॉर देयर ग्रोथ। एडल्ट्स के लिए बहुत जरूरी है बिकॉज़ ऑफ द रिपेयर। जो आजकल लोग बहुत एक्सरसाइज कर रहे हैं। जब लेट्स से वर्ल्ड क्लास लेवल एथलीट्स हैं दे नीड रिपेयर फॉर देयर बॉडी। बट एवरीबॉडी नीड्स रिपेयर एंड इम्यून फंक्शन। वो सेल्स और हॉर्मोंस वो रात को ही निकलते हैं मिडनाइट के बाद। तो अगर उस टाइम हम जाग गए तो हमने उसको सप्रेस कर दिया।
(24:00) फिर बॉडी में रिपेयरिंग और बॉडी की इम्यूनिटी विल गेट अफेक्टेड। ऐसे ही इंसुलिन है, ऐसे ही कॉर्टिसोल है। सो ऐसे ही कॉर्टिसोल हैज़ टू बी हाई इन द डे बिकॉज़ हम एनर्जी हैं या स्टिमुलेटेड हैं। नाइट को दैट कॉर्टिसोल हैज़ टू कम डाउन। जब कॉर्टिसोल नीचे आता है, हार्ट रेट विल कम डाउन, पल्स रेट विल कम डाउन, बॉडी विल गेट सम रेस्ट। बट अगर हम रात को दो-3 बजे कुछ ना कुछ करते रहे तो वी हैव स्टिमुलेटेड आवर सिस्टम। सो इट्स बैड फॉर योर हार्ट, द हार्ट अटैक्स, द ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सारा कुछ हो जाएगा। सो दिस इज अ साइंस जिसको क्रोनोबायोलॉजी कहते
(24:39) हैं। सो मतलब मैम जो रात को लेट सो रहा है, दे आर मोर प्रोन टू हार्ट अटैक। दे दे आर मोर प्रोन टू ऑल काइंड्स ऑफ़ मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स, डिक्रीज्ड इम्यूनिटी एंड दी। अब एक्चुअली उसका रिस्क तो एक रिलेशनशिप कैंसर से आ गया है बहुत स्ट्रांग। रात को सोना। मतलब स्लीप डिरप्शन अगेन इम्यूनिटी नो तो कैंसर क्यों होता है? बिकॉज़ कैंसर सेल्स आर रोमिंग अराउंड इन आवर बॉडी हम सबकी बॉडी में घूम रहे हैं। हम बट योर बॉडी रिएक्ट्स टू दोज़ सेल्स एंड वी हैव समथिंग कॉल्ड एस किलर सेल्स जो जाके उनको अटैक करके खत्म कर देते हैं। ओ तो तो कोई भी चीज जो आपकी इम्यूनिटी को
(25:14) गड़बड़ कर रही है विल नॉट गेट रिड ऑफ़ दोज़ हार्मफुल थिंग्स। सो देयर इज नाउ अ बिग रिसर्च ऑन दिस के दिस कुड बी वन ऑफ द फैक्टर। सी मेडिसिन में वी डोंट हैव ऑल स्ट्रेट लाइंस बट वी हैव ऑलवेज हैपनिंग एंड मल्टीपल थिंग्स कॉजिंग वन प्रॉब्लम। गॉट इट। मतलब मैं इसको अगर मैम मैं सिंपलीफाई करके बिल्कुल समझना चाहूं एज अ ले मैन। तो मैं इतना समझ पाया हूं कि आप ये बता रहे हैं कि कितनी जनरेशन से जब मिडिवल पीरियड होगा। एंशिएंट टाइम से हमारे लाइट डेवलप ही नहीं हुई। लाइट ही नहीं थी। तो सूर्यस्त हो जाता था। लोग सो जाते थे। और सनराइज से पहले उठ
(25:49) जाते थे। तो एक स्ट्रक्चर बना हुआ है बॉडी का। अब आने अब आते-आते हमारी बॉडी क्लॉक वैसी ही बनी हुई है। और जैसे अगर हम अगेंस्ट द क्लॉक चलते हैं यानी अगर रात को हम नहीं टाइम पे सो रहे या सुबह हम टाइम पर नहीं उठ रहे। अगर दोपहर को उठ रहे हैं फॉर से तो हम जो बॉडी क्लॉक के हिसाब से हमारी जो मे बी सन रेज आनी थी और उस टाइमिंग के हिसाब से हमारी बॉडी के अंदर जो केमिकल चेंजेस होने थे हॉर्मोंस के चेंजेस होने थे वो अब खराब हो रहे हैं जिसकी वजह से इट इज़ लीडिंग टू हार्ट अटैक इट इज़ लीडिंग टू ऑल दी प्रॉब्लम्स जो कि अभी लोगों के अंदर आ रही है
(26:25) सिंपलीफाइडस राइट अब जो भी इसमें है वो क्या करें तो जिसमें है पहले तो यह देखा जाए कि जो मेरी कि रात की नींद लेट है। ये किस वजह से है? ठीक है? एक है मेरी पर्सनल एंटरटेनमेंट, एक है जॉब रिलेटेड। सो आई कैन अंडरस्टैंड वी हैव शिफ्ट वर्क्स ना। पीपल एवरीडे आई सी पीपल तो 4:00 बजे सो रहे हैं। लेट्स टॉक अबाउट दी फर्स्ट पार्ट कि जो मेरी मर्जी से मैं एंटरटेनमेंट कर रहा हूं और रात के मैं सोच रहा हूं कि या देयर इज़ अनदर एक टर्म बोला जाता है रिवेंज प्रोकस्टिनेशन जो खासकर वुमेन में है। कि मैंने सारा घर शांति से कर दिया। किचन समेट दिया। अब मेरा टाइम है कि मैं अपना
(27:01) फोन देखूं। एकद घंटे अपना मी टाइम है। मी टाइम है। बट वो आपने [गला साफ़ करने की आवाज़] अपने आप को एक्चुअली नुकसान पहुंचा रहे हो। है ना? बिकॉज़ आप अपने हेल्थ को खराब कर रहे हो। इसका फिर आप डिसीजन लें कि मैं अपनी स्लीप ऑनसेट को मूव करना शुरू करूं। तो जैसे अगर मैं 2:00 बजे 3:00 बजे सो रही हूं या सो रहा हूं। एक और है कि मैं एकदम से 2-3 बजे से ना 10:00 बजे नहीं सो पाऊंगी। फिर ये लोग आके कहते हैं कि मैं तो बिस्तर में गया। मेरे तो नींद नहीं आई। वो नहीं आएगी। हम तो वेक अप टाइम फिक्स करो। हम दिन में बिल्कुल झपके नहीं लेना। हम
(27:32) एंड अपना बेड टाइम को एक एक घंटा एडवांस करो एक हफ्ते में एक घंटा हम और अपना स्क्रीन्स को कोशिश करो कि कितने बजे आप बंद कर दो सोने से करीबन हम दो घंटे कहते थे फिर हम एक घंटा कहते हैं आधा पौना घंटा पहले स्क्रीनंस बंद कर दो और कुछ और करो राइट सो अब सेफ्टी योर टाइम अब अब जैसे इनकी तो बात होगी जो एंटरटेनमेंट पर्पस पे Netflix देख रहे हैं मजे कर रहे हैं सो ये तो आपकी ये हैबिट प्रॉब्लम है सो आइडियली अगर कोई आज लेट सो भी रहा हम तो उसको उठना अपने टाइम पर ही चाहिए। आप ये कह रहे हो। यस यस। अगर 5:00 बजे का स्ेड्यूल है तो बॉडी कितना एडजस्ट कर पाएगी? है ना? सो
(28:08) बॉडी विल एडजस्ट अबाउट वन आवर एक डेढ़ घंटा। तो कहने का मतलब है अगर आपका उठने का टाइम 7:00 बजे था तो वीकेंड [गला साफ़ करने की आवाज़] को आपको लगा कि मैं 12:00 बजे उठो। प्लीज नहीं उठो। तो जस्ट मूव इट बाय एक डेढ़ घंटा। उठने का टाइम एज फार एस पॉसिबल फिक्स रखो। ओके। ताकि फिर आप जब नेक्स्ट डे आएगा फिर आप अच्छा सा मूव कर पाओगे अपना बेड टाइम। फिर नेक्स्ट नेक्स्ट डे क्या मुझे उसको बैलेंस करना चाहिए? मान लो मेरी आप मेरी 7 घंटे की स्लीप है। आज मैं 5 घंटे सोया हूं। अब मैं सुबह टाइम पर उठ गया और आपने कहा कि अगर उस दिन नहीं सो पा रहे तो 1 घंटा
(28:38) एक्सटेंड कर लो। मेरा एक घंटा जो पेंडिंग है कल का ये भी तो डेट है ना। तो इस डेट को क्या मुझे कल पूरा करना चाहिए? नहीं नहीं। तो क्या है कि दिन में पहली बात तो अगर डिपेंड्स हाउ यू आर। अगर आप बिल्कुल ठीक हो, काम में फोकस ठीक है, अटेंशन ठीक है, देयर इज़ नो नीड टू मेक अप। छोड़ दो उसको। बट अगर आपको लगता है कि नहीं मेरी बिल्कुल ही कंसंट्रेशन फोकस डिंप हो रहा है। यू आर अलाउड टू टेक अ रेस्ट 20 या 30 मिनट ओनली बिटवीन टू टू 3 pm ओ हां 4:00 बजे के बाद अगर आपने झपकी ले ली एक डेढ़ घंटा वो रात की नींद आपकी फिर पहुंच जाएगी 2:00 बजे
(29:14) ओके तो थोड़ा सा रेस्ट ड्यूरेशन कितनी है और 3:30 4 बजे से पहले इसी को नैप कहते हैं। इसी को नैप कहते हैं। ओके। सो आपने 2 से तीन ही क्यों कहा? बिकॉज़ यह 4:00 बजे के बाद जो शाम की नैप हो जाएगी वो आपकी रात की स्लीप को डिस्टर्ब कर देगी। ओके? तो बिफोर दैट। अब मैम मेरे पास मेरे साथ कई बार क्या होता है? मैं सोता तो हूं नैप के लिए पर सो ही जाता हूं। हां तो सो ही जाते हो। बिकॉज़ इसका मतलब ये होता है कि बॉडी इज वांटिंग मोर स्लीप। ओके? सो दैट इज द साइन दैट आइडियली अगर आपकी रात की नींद पूरी हो गई तो आपको दिन में इतनी नींद नहीं आनी चाहिए। आपकी रात की
(29:48) नींद कम कर रहे हैं आप। ओके? तो द बॉडी इज़ आस्किंग फॉर मोर। ओके तो पुट एन अलार्म एंड गेट अप। बट इफ इट इज मोर देन उसको मुझे एक घंटा ही एक्सटेंड करना है नेक्स्ट डे। हां। बस उतना बॉडी कैन होप अप। कि अगर मैं हम मैं 8 घंटा सोता हूं तो अब मुझे लग रहा है कि मुझे और सोना चाहिए तो अगले दिन मेरे को एक घंटा और बढ़ा लेना चाहिए फॉर दैट फॉर दैट। बट फॉर द मॉर्निंग पार्ट दोपहर में नहीं सो जाना। नहीं नहीं नहीं दोपहर नहीं। फॉर द मॉर्निंग पार्ट। राइट राइट। ओके। क्योंकि कई दफा लोग पूछते हैं कि मुझे पता ही नहीं कि मुझे कितनी नींद चाहिए। हम
(30:18) मेरी स्लीप नीड क्या है? हम तो [गला साफ़ करने की आवाज़] यू नो बिकॉज़ हम एक रेंज की बात कर रहे हैं ना हम। तो दिस डिपेंड्स कि आप बिना अलार्म के उठ सकते हो कि नहीं। हम सो दैट मींस आपकी नींद पूरी हो गई। [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो जब तक आपको अलार्म की जरूरत पड़ रही है। समथिंग इज टेलिंग यू गिविंग यू अ मैसेज। तो आप कुछ दिन उसके बाद अब कई लोग बोलेंगे मेरे को तो अलार्म की नीड नहीं पड़ती। मैं 12 घंटे बाद सोता हूं। कोई नीड ही नहीं है। हां। तो 12 घंटे अगर कंटीन्यूअसली सो रहे हो तो फिर तो फिर तो अलार्मिंग है ना। चेक कराओ अपना। हां।
(30:47) बट अगर आपने पूरा हफ्ता नहीं सोए और फिर आप 12 घंटे सो गए तो फिर तो आपकी कैचअप स्लीप हो रही है। राइट? अब जैसे मेरे नाना जी हैं वो मुझे यही बोलते हैं ना मुझे नींद ही नहीं आती जितना मर्जी कर लो। अब मे बी एक हैबिट बन चुका है। पीछे से आ रहे हैं पंजाब शो में। सो वहां पे मुझे लगता है सभी 4-4 बजे उठने का एक रिवाज ही है वहां। हां। तो वो दैट्स दैट्स अनदर थिंग दैट अगर आपने अपनी बॉडी क्लॉक फिक्स कर ली हां तो फिर आप उसी टाइम उठोगे। ओके। हां। उसको आप इनक्रीस नहीं कर सकते। ओके। हां। यू कांट मूव इट। ऐसा नहीं है। बहुत सारे पेशेंट्स मेरे पास आते हैं। वो कहते हैं
(31:21) पहले तो मैं अब आई कुड स्लीप इन जो कहते हैं ना लेट्स हम अब आई कांट तो कांट यू कांट। तो वो वापस बढ़ नहीं सकता। बढ़ बढ़ना। उसके लिए गोली कुछ नहीं करना चाहिए। उसके दैट इज योर सेट नाउ। सेट बट इट इज़ मतलब बॉडी एक्सेप्ट कर लिया तो इट। इट इज़ फाइन। एस लॉन्ग एज यू आर गुड इन द डे, आप ठीक हो। सब पूरा दिन अच्छा बीत रहा है। देन इज़ नो पॉइंट। आप मैम बहुत अच्छे इक्विपमेंट्स लाए हुए। एक तो मुझे कैमरा जैसा लग रहा है जैसे पहले वाले होते थे। व्हाट इज दिस? हां। क्या? सो दिस इज एक्चुअली इसके पहले सो दिस इज अ लाइक अ मॉडल हम फॉर अ कंडीशन जो हम ब्रीथिंग के बताते
(31:54) हैं। तो ये नोज है। ये हमारा मुंह है। ये टंग है। हम ये ब्रीथिंग का पैसेज है। लाइक नोज के पीछे गले से नीचे जब ये गले में जाता है। दिस इज अ लाइक अ पाइप। ओके? नॉर्मली दिस पाइप इज ओपन। हम जैसे अगर आप अभी हम सांस ले रहे हैं तो वी आर नॉट हमें आवाज नहीं आ रही किसी की सांस की। बिकॉज़ ये सांस अंदर जा रहा है, बाहर आ रहा है। कोई आवाज नहीं। हम जब ये पाइप थोड़ी सी नैरो हो जाएगी हम तो हवा जब जाएगी तो प्रेशर से जाएगी। हम तो वो आवाज आएगी जिसको बोलते हैं खर्राटे। हम तो स्नोरिंग इज कंसीडर्ड मतलब हमारे देश में तो खासकर कि बहुत अच्छी बात है कि
(32:37) इसका मतलब बच्चा बंदा बहुत अच्छी तरह से सो रहा है। बिल्कुल उसमें कोई डिस्टरबेंस नहीं है। शांति से सो रहा है। हां बट स्नोरिंग इज अ साइन कि आपकी ब्रीदीिंग पैसेज में कुछ इशू आ रहा है। ओके। तो चाहे बच्चे को है, चाहे अभी ऐसा प्रेग्नेंट लेडी को है, हम चाहे एडल्ट्स को है। राइट? सो दैट इज स्नोरिंग। ओके। अब ये स्नोरिंग का नेक्स्ट है कि स्नोरिंग चलो कभी-कभी किसी को हुई नाक बंद होता है तो स्नोरिंग इज फाइन। बट दी पीपल ये स्नोरिंग बहुत ज्यादा ऊंची हम कि बेड पार्टनर को डिस्टर्ब करे। कमरे के बाहर सुन जाए। लोग कहते हैं घर के गेट तक
(33:12) सुन जाए। हम कोई कहता है कोई शेर बोल रहा है। कोई पोता कुछ बोल रहा है। तो दैट काइंड ऑफ इंटेंसिटी इज एबनॉर्मल। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] फिर क्या होता है कि कई दफा ये जो बिल्कुल सांस की नलकी है ये पूरी बंद हो जाएगी। इतना दिस टोटली गेट्स ब्लॉक्ड उस कंडीशन को हम बोलते हैं एपनिया स्लीप एपनिया स्लीप एपनिया स्लीप मतलब नींद एपनिया मतलब सांस में रुकावट ठीक है तो ये जब सांस में रुकावट होती है ये कुछ ब्रेन को मैसेज जाता है कि उठ जाओ हम तो वो नींद तोड़ता है वो फिर इंसान उठता है या करवट लेता है फिर दोबारा सो जाता है वो फिर बंद हो जाता है तो यह चलता रहता है
(33:49) तो यह रात में हम एक घंटे में मापते हैं इसको इट कैन बी 20 टाइम्स एन आवर 50 टाइम्स एन आवर 70 टाइम्स एन आवर और उसको मल्टीप्लाई कर लो आप बाय 7 और 8 हम तो 300 400 टाइम पूरी रात को हम हर एक एप्निकिक इवेंट हम बॉडी के अंदर एक तूफान पैदा कर देता है शुगर बढ़ाएगा ब्लड प्रेशर बढ़ाएगा आर्टरीज जो ब्रेन को जा रही हैं वो तंग कर देता है हार्ट की आर्टरीज को तंग कर देता है इंसुलिन को चेंज कर देता है और ब्रेन के कुछ सेल्स को किल कर देता है मतलब बहुत कुछ हो जाता है इसके साथ। ओके। तो दिस इज़ अ कंडीशन कॉल्ड ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया। राइट? सो इसको अगर मैम हम पहले स्नोरिंग
(34:31) को लेके चलते हैं। देन वी विल कम टू स्लीप एपनिया। बिकॉज़ काफी आई थिंक इंडिया में काफी लोगों को ये प्रॉब्लम रेगुलरली हो रहा है। जिसको भी खराटे आ रही हैं। उसकी वजह क्या है? और अब जैसे आपने कहा ये ब्लॉकेज आई। यह ब्लॉकेज आई क्यों? और व्हाट इज द नॉर्मल? और प्रॉब्लम कब से हम मान सकते हैं कि दिस इज़ अ प्रॉब्लम नाउ। तो स्नोरिंग अगर इंटरमिटेंट मतलब साल में दो दफा जब नाक बंद हुआ जुकाम हुआ तब आई चली गई उसको हम कुछ नहीं कहते स्नोरिंग रेगुलर मतलब रोजाना ही हो रही है हफ्ते में पांच दिन हो रही है तो इज एब्नॉर्मल ओके ठीक है स्नोरिंग व्हिच इज वेरी लाउड इज
(35:08) एब्नॉर्मल ये तो सब ये हो गया स्नोरिंग के साथ इंसान को लगता है कि मेरी नींद टूट गई उठ के बैठना पड़ता है मुंह सूख जाता है पानी पीना पड़ता है बाथरूम जाना पड़ता है रात की नींद को डिस्टर्ब करने लग पड़ता है। नेक्स्ट होता है कि दिन रात की नींद यह है पर दिन में बैठे-बैठे फ्रेशनेस नहीं रहना, काम पे मीटिंग्स में झपकी आ जाना। कई लोग तो मीटिंग के दौरान एकदम लगता है कि किसी ने नेबर बोल देता है कि अरे आपके तो स्नोरिंग ही आ गई। हम तो स्लीप इज इंट्रूडिंग इंटू द डे। सो दिस इज ऑल दिस बिग थिंग अबाउट खाली स्नोरिंग है कि स्नोरिंग प्लस स्लीप नहीं आना शुरू
(35:41) हो गया है। ओके? तो ये कंडीशन हो गई कॉज। ठीक है? होता क्यों है? इसके दो तीन मेन कारण हैं। एक देखा जाए तो यह अपर जौ है। यह लोअर जौ है। और हमारी जेनेटिकली हम कैसे बने हैं कि हमारा एयरवे कैसा है? तो अगर वो बचपन से ही ज बहुत छोटा है। ऊपर का जौ नोज भी बहुत छोटा है। और यह एयरवे है ही तंग। तो इट्स ऑलरेडी अ नैरो एयरवे। वो रात को और नैरो हो जाएगा। बिकॉज़ मसल्स होते हैं ये सारे। मसल टाइट रहते हैं तो इसको खोल के रखते हैं। रात को नींद में मसल्स थोड़े से लूज हो जाते हैं। तो फिर यह बंद हो जाते हैं। तो लाइक वी हैव कंप्लीट लॉट ऑफ़ नॉर्थ ईस्ट, साउथ ईस्ट एशिया। वहां
(36:23) पे थिन बिल्ट लोग हैं बट दे हैव अ डिफरेंट फेशियल स्ट्रक्चर। तो उनमें स्लीप एपनिया इज़ क्वाइट कॉमन। सेकंड थिंग इज़ बॉडी वेट। तो जो इज़ वन ऑफ़ द बिगेस्ट रिस्क फैक्टर्स। जब वेट बढ़ता है जो फैट कंटेंट बढ़ेगा तो यहां पर भी फैट कंटेंट बढ़ गया। तो यह जो एयरवे वैसे खुला था वो बॉडी फैट की वजह से नैरो हो गया है। हम सो दैट इज फैट। थर्ड इज़ और क्या कंडीशन हो सकती है कि मसल्स को लूज़ कर दे। सो वन इज़ अल्कोहल एंड वन इज़ स्लीपिंग पिल्स। तो यह इस चीज को और खराब कर देती हैं। देन वी हैव लास्टली सम इंटरनल ब्रीथिंग रेगुलेशन कि मैं मेरे सांस का कंट्रोल कैसा है वैसे
(37:11) ही कुछ यू नो सेंसिटिविटी कितनी है वह सब बट दी आर द टू थ्री मेन थिंग्स कि स्ट्रक्चर कैसा है एंड ओबेसिटी एंड एनीथिंग एल्स व्हिच वर्स इट राइट ये कब से शुरू हो सकता है ये बचपन में शुरू हो जाता है बच्चों को शुरू हो जाता है बच्चों को शुरू हो जाता है तो बच्चों को इनफैक्ट बहुत छोटे बच्चों को भी हो जाता है हां बिकॉज़ तो उनमें देखा जाता है कि अगर उनकी ब्रीदीिंग बहुत नॉइज़ी तो उनका एयर भी तो बच्चों का तो बहुत छोटा है। हम अगर नोज ही ब्लॉक हो गया तब भी वो बहुत आवाज आएगी। हम तो हमने उनको ध्यान रखना है कि उनके नोज को साफ रखें। उस ऐज में तो यू जस्ट नीड टू
(37:47) क्लीन अप द नोज एंड मेक श्योर कि नहीं है। तीन दो तीन चार साल में एक और चीज हो जाती है जो जैसे हमारे टॉन्सिल सबको पता है। टॉन्सिल की तरह ही एक और ग्लैंड है। ये जो नोज के पीछे की तरफ ये जो भी निकल रहा है ऐसे करके इसको एडिनोइड बोलते हैं। सेम टिश्यू है जैसे टॉन्सिल्स तो यह दो-ती साल में कुछ बड़ा होता है। यह इम्यूनिटी का टिश्यू है। फिर जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है यह श्रिंक हो के खत्म हो जाता है। और यह कई दफा रह जाता है या फिर बहुत बड़ा हो जाता है। तो फिर ये नोज को ब्लॉक कर देगा। तो तीन चार साल का बच्चा बहुत बच्चों में लक्षण कुछ और होते
(38:28) हैं। कुछ रेस्टलेस स्लीप होती है। घूमते रहते हैं सारे बेड पे या अपने बम्स ऊपर उठा के सो जाएंगे और आवाज भी आएगी नोज से। किक किंग करते हैं बहुत कुछ करते हैं। तो उसको ध्यान रखना है कि क्यों कर रहा है बच्चा? सुबह स्कूल में थके रहेंगे। सारा टाइम इरिटेबल से रहेंगे और उनका मुंह खुलना शुरू शुरू हो जाता है। दे स्टार्ट ब्रीथिंग वि देयर माउथ। राइट? तो दे उस टाइम इनको जल्दी पकड़ना चाहिए। नहीं तो ये मेरे पास अब कुछ एडल्ट्स आ गए हैं। बचपन से हो रहा था। बचपन से था। तो 20 साल का लड़का है। वो कह रहा है मैं मुंह खोल के सो रहा हूं और
(38:59) मेरा माउथ दिन में भी ओपन रह रहा है। इसको मैं बंद कैसे करूं? मच्छर घुस जाते हैं। बिकॉज़ इट्स एम्बरेसिंग फॉर हिम। या या ऑफकोर्स। सो नाउ सो आईडिया इज कि हम जरा जल्दी पकड़े इनको हम तो देन पांच छ साल तक अगर इसको फिर सर्जरी करके रात को मतलब मुंह खुला हुआ सोना इज नॉट राइट। या आइडली द माउथ शुड बी क्लोज्ड। ओके। एंड में भी यू नाउ अगर आपको देखोगे आसपास आपको दिखेगा लोग यू नो यू विल सी दे विल की मुंह खुला रहता है जब ऐसे बातचीत भी कर रहे हैं बात भी कर रहे हैं ना हम एंड इनके दांत बहुत खराब होते हैं द टीथ बिकॉज़ जब ये रात को डेवलप नहीं ठीक होगा
(39:36) हम तो द दांत भी खराब हो जाते हैं वो डेंटिस्ट के पास जाते हैं डेंटिस्ट उनको एक्सट्रैक्शन करके ब्रेसेस लगा देते हैं पर कल्पेट बैठा हुआ है कि नोज के पीछे जिसने अलव नहीं किया एक्सपेंशन का क्या करना चाहिए फिर? तो इनका हम एक्सरे करते हैं। सिंपल ईएनटी लोग डॉक्टर देखते हैं। एक्सरे करते हैं। एक्सरे में ये एडनॉइड दिख जाता है। अच्छा। एंड फिर हमें कोई अगर जरूरत पड़ती है एक स्लीप स्टडी करते हैं। फिर एडनॉइड की सर्जरी हो जाती है। राइट? तो अब स्नोरिंग जिसको हो रही है। कराटे मार रहा है और पार्टनर भी परेशान है कि किससे शादी कर ली तो होने नहीं दे रहा।
(40:09) क्या करें? तो पहली बात तो देखें भी यह खाली सिंपल स्नोरिंग है कि स्नोरिंग प्लस स्लीप एपनिया है? एक सेकंड स्नो स्नोरिंग प्लस स्लीप एपनिया नहीं है। पहले हम सिर्फ स्नोरिंग को हां बट हमें पता ही नहीं चल पाएगा जब तक हम टेस्ट नहीं करेंगे। अच्छा तो पहले हमें पता लगना चाहिए कि व्हाट इज द कंडीशन? व्हाट इज द कंडीशन? सेकंड इज़ हमको पता करना है कि अगर ये ऑब्स्ट्रक्शन है तो कहां पे ऑब्स्ट्रक्शन है? नोज में है, तालुए के पीछे है, टंग के पीछे है, सोर्स क्या है? और फिर पता करना कि कारण क्या है? हम अगर कोई 70-80 किलो का था। अब इतना खाना
(40:46) अच्छा खाया, पराठे खाए कि अब 100 किलो का हो गया। हम तो स्ट्रक्चर तो उसका 70 वाले के था। उसके ऊपर 30 किलो और आ गया है। तो वो एयरवे रात को बंद हो रहा है। हम हैज़ टू फोकस ऑन द बॉडी वेट। हम अगर है कि अगेन मेरा स्ट्रक्चर ही गड़बड़ था। बचपन से ही था। अब गड़बड़ हो रहा है देन वी हैव टू फिगर आउट द कॉज तो हमको इनको टेस्ट करना होता है। एक रात का जांच का टेस्ट होता है जिसको स्लीप स्टडी बोलते हैं। ओके और फिर एक लोकल एक्सरे स्कैन्स वगैरह करते हैं देखने के लिए भी ऑब्स्ट्रक्शन क्या है? खाने की वजह से भी हो सकता है क्या? स्लीप हैपनिया या स्नोरिंग
(41:20) वेट बॉडी वेट। बॉडी वेट ये है डायरेक्टली। राइट? कोई नेचुरल ऐसी चीजें हैं कोई कंज्यूम अश्वगंधा लोग कहते हैं रात को ले लेना चाहिए। कुछ ऐसा नेचुरली कुछ जो बॉडी में इफ़ेक्ट कर सकता है? नहीं दी अश्वगंधा इज अ हर्ब जो एक्ट्स ऑन सम थिंग्स इन द ब्रेन टू रिलैक्स ओके और लोग खाते हैं कि मेरी थोड़ी सी नींद अच्छी आ जाए बिय्ड दैट स्लीप एपनिया को कुछ नहीं करेगा मेन एंड वुमेन इन दोनों के अंदर स्लीप एपनिया और स्नोरिंग अलग-अलग स्ट्रक्चरली होती है। इसमें कुछ इट्स अब्सोलुटली सिमिलर बिटवीन बोथ द बहुत फर्क है दोनों में। कैसे? सो पेन के जो मसल टिश्यूज़ हैं और
(41:56) वुमेन का जो मसल कंट्रोल है वो अलग है। हम वुमेन के जो हॉर्मोंस हैं वो काफी हद तक मेंटेन करते हैं ये मसल कॉन्ट्रैक्शन को। राइट? तो जब ये पोस्ट मेनोपॉजल हो जाती हैं तो दोज़ मसल स्ट्रेंथ बिकम्स लेस। बिकॉज़ प्री मेनोपॉजल वुमेन में कम रिस्क है मेन में ज्यादा। द प्रवेलेंस द कॉमन बट पोस्ट मेनोपॉज़ल दोनों में सेम हो जाता है। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] तो अब वुमेन [नाक से की जाने वाली आवाज़] के जो मसल्स हैं वो बिकॉज़ इतने लैक्स नहीं होते तो स्नोरिंग इतनी लाउड नहीं होती। तो थोड़ा सा भी कम होगा तो उनकी नींद टूट जाएगी। हम तो उनकी ज्यादा सिम्टम जो आता है वो कहती
(42:36) है मेरी नींद ठीक नहीं है। नींद टूटती बहुत है। और दिन में उनको फ्रैंक स्लीपीनेस नहीं आती जैसे मैन को आती है। दे टॉक अबाउट थकावट, फटीग, बॉडी एक्स ऐसे करके। तो सिम्टम थोड़े वेग हैं। ओके? तो इसलिए 90% ऑफ़ वुमेन हम आर अनडायग्नोस्ड विद स्लीप एपनिमिया। बिकॉज़ सिम्टम्स ही बहुत वेग हैं। तो लोग आमतौर सोचते हैं कि हां कोई बात नहीं तुम्हारी नींद टूट रही है। वो तो होता ही है। नॉर्मल है। नॉर्मल है। तुम सोचती बहुत हो। तुमको ए्जायटी की दवाई दे दो, डिप्रेशन की दवाई दे दो। बच्चे चले गए घर से काम नहीं है तो ऑल दैट। एंड थकावट हो रही है तो मे बी
(43:09) एनीमिया है मे बी दिस। बट स्लीप एपनिमिया कुड बी अ फीचर। तो कुछ कर सकती हैं वुमेन? मतलब इज इट द सेम थिंग? पहले टेस्ट कराओ। पहले टेस्ट कराएं। राइट? यस। सो थ्रेशहोल्ड बोलते हैं हम कि इनको जल्दी पिक अप करना चाहिए। हम बिकॉज़ आई जस्ट सॉ दिस लेडी यस्टरडे शी इज़ केम एंड सेड कि मेरे को ना कई सालों से नींद नहीं आ रही। कई सालों से नींद नहीं आ रही। मेरी रात को दो-ती बजे टूट जाती है। फिर मैं उठ जाती हूं। कभी इधर घूमती हूं। कभी इधर घूमती हूं। बट मैंने बोला कि जितने घंटे भी आप सोते हैं किसी ने ख्राटे बोला। शी सेड हां ख्राटे तो मैं ले रही हूं।
(43:37) हम तो इसको दोनों चीजें हो रही हैं। नींद टूट रही है बट स्नोरिंग इज स्लीप एपनिया इज़ देयर। एक किसी ने क्वेश्चन किया था तो हम क्या करते हैं कि आपके पहले के जो एपिसोड्स पॉडकास्ट हुए हैं। सो वी ट्राई टू फाइंड आउट कि लोगों की और क्या प्रॉब्लम्स थी। सो अ वाशदेव शर्मा इन्होंने पूछा है आई एम यूजिंग सीपीएपी सिंस 2002 बट स्टिल ड्यू टू ओल्ड एज आई एम अनेबल टू स्लीप प्रोपर्ली ड्यू टू फ्रीक्वेंट यूरिनेशन एंड ड्राई माउथ। आई हैव चेक माय ब्लड प्रेशर, डायबिटीज ऑल आर ओके, व्हाट्स दी इशू? प्लीज एडवाइस। व्हाट डू थिंक? व्हाट इज दिस सीपीएबी? सो
(44:12) सीपीएपी इज़ अ ट्रीटमेंट फॉर द कंडीशन कॉल्ड स्लीप एपनिया। ओके। तो इसमें जो हमने बताया था कि ये सांस की नलकी बंद हो रही है। अब हमने इसको ट्रीटमेंट है सांस की नलकी को खोलो। तो कैसे खोलो? ये एक मशीन है। एक मास्क होता है वो हवा देती है प्रेशर के साथ। अच्छा। सिंपल लॉजिक है जो हवा प्रेशर के साथ जाएगी। ये जो सांस की नलकी बंद है खुल जाएगी। तो दैट इज सीपीआईएपी। तो यह परमानेंट होता है, खुल जाता है। मतलब रोज रात को लगाना पड़ता है सोने के टाइम। अच्छा रोज लगाना पड़ता है। आई थॉट इट्स वन टाइम। इट्स एवरीाई। इट्स डिफिकल्ट। मतलब इट्स अ मैटर ऑफ़ गेटिंग यूज़्ड टू इट।
(44:51) जैसे चश्मा पहनते हैं, हम घड़ी पहनते हैं तो हेल्प मौत होता है। लेट्स पुट इट लाइक दिस। सो यूज्ड टू कराना पड़ता है, मदद करनी पड़ती है। उसके बाद लोग ठीक हो जाते हैं। ठीक हो जाते हैं। अब देखो, हमने बोला कि नींद ना आना इज़ वेरी कॉम्प्लेक्स। तो अगर स्लीप एपनिया इज़ वन फैक्टर। बट अगर इनक्रीज फ्रीक्वेंसी ऑफ यूरिनेशन है तो फिर कुछ और और भी फैक्टर हो सकता है। कोई प्रोस्टेट वगैरह दिखाना चाहिए। मुंह सूख रहा है तो उसका होता है कि सीपीएपी के जैसे सीप बोलते हैं हम सीपीआईपी नहीं बोलते। उसमें कई तरह के मास्क होते हैं। खाली नोज का होता है। नोज
(45:24) माउथ का होता है। तो अगर आपका मुंह रात को खुल रहा है तो मुंह बहुत सूख जाएगा। तो उसको मास्क बदलना पड़ता है। मतलब ऐसे करके इसकी डिटेल में उपाय तो अवेलेबल है बट डिटेल में होना पड़ेगा। राइट? गॉट इट। कौन से टेस्ट कराने चाहिए? तो इसको अगर हमको स्लीप एपनिया कंफर्म करना है तो इसको हम बोलते हैं जो रात की पूरी रात की जांच बोलते हैं। उसको स्लीप स्टडी बोलते हैं। ओके। अब स्लीप स्टडी में क्या होगा कि हमको नींद के बारे में पता करना है। हम ब्रीथिंग के बारे में पता करना है। ऑक्सीजन और कुछ बॉडी पोजीशन वगैरह भी। ठीक है? तो इसमें कुछ सेंसर लगते हैं। जैसे ईसीजी
(46:07) का सेंसर है। ईसीजी में तो एक ही लगते हैं। यह खूब सारे लगते हैं और ब्रेन में, फेस पे वगैरह ताकि हम पूरी रात मॉनिटर करते हैं डाटा कंप्यूटरटर्स में आता है। फिर हम उसको पूरी रात का डाटा देखते हैं। दो ढाई घंटे लगते हैं वो पांच छ घंटे का डाटा देखने के लिए कि स्लीप कैसे थी, ब्रीदीिंग कैसे थी? एपनियस आए कि नहीं। तो यह तो एक तरीका है और यह बेस्ट तरीका है जो गोल्ड स्टैंडर्ड बट कुछ लोग कहते हैं कि हम यह कर नहीं पाएंगे या हम सो नहीं पाएंगे या मेरे को कुछ छुओगे तो मैं नहीं सोऊंगा देन वी हैव नाउ सम अदर मेजर्स तो ऐसे करके एक ये रिंग है तो देयर आर
(46:44) लॉट्स ऑफ मेजर्स नाउ यूएस एफडीए जो अप्रूव [नाक से की जाने वाली आवाज़] कर पाए बट दिस इज़ यूएसएफडी अप्रूव्ड एंड इंडिया आल्सो क्लेरिफाइड तो दिस इज़ अ रिंग इट इसका साइज होता है कि कौन सी उंगली यहीं पे पहनना है यह रात भर पहनना है। इसमें और कोई सेंसर नहीं है। इसमें एक लाइट सेंसर होता है अपने आप ही। उसके जरिए यह आपको कुछ पैराटर्स बता देते हैं। एक तो स्लीप के बारे में बताता है। कितनी लाइट स्लीप, कितनी डीप स्लीप। कितना टाइम आप रात को नींद में उठे रहे। आपकी ऑक्सीजन पूरी रात की, आपकी ब्रीदीिंग पूरी रात की। आल्सो आपका स्ट्रेस लेवल पूरी रात में। सो
(47:22) आइडियली हमारे पास दो सिस्टम है बॉडी में। एक रिलैक्स सिस्टम, एक स्ट्रेस सिस्टम, एक सिंपैथेटिक पैरासिंैथेटिक बोलते हैं। तो दिन भर तो सिंपैथेटिक ठीक है कि हमको चार्ज चाहिए। रात को हमारे को पैरासिंैथेटिक अप चाहिए। तो यह बता देता है कि आपको रात को कौन सा सिस्टम ज्यादा काम कर रहा है। तो यह एडवांटेज एक तो यह है कि सेंसर नहीं। दूसरा एडवांटेज यह है कि हम अगर जैसे किसी को लगता है कि मेरी हर रात सेम नहीं या मेरी किसी दिन मैं ड्रिंक करता हूं, किसी दिन मैं नहीं करता हूं। किसी दिन मैं इतने बजे सोता हूं तो वी कैन गिव इट फॉर टू थ्री नाइट्स। तो तीन
(47:58) रात का फिर आपको डाटा मिल जाएगा और आप उसके बेसिस पे क्लेरिफाई कर सकते हो कि नींद कैसी है? स्ट्रेस कैसा है? ब्रीथिंग कैसी है। सो दीज़ आर अदर टेक्निक्स नाउ टू मेजर स्लीप। अ ये जो थर्ड डिवाइस है, इसके बारे में थोड़ा बताओ। तो यह एक और है। इसमें यह दो-तीन आउटलेट्स हैं। इसमें बेसिकली दिस इज विद अ बेल्ट या ये भी अपने आप। सो ये इसके साथ भी कोई टेक्नशियन की जरूरत नहीं है। पेशेंट को दे दी जाती है। अपने आप पहन के रिंग वापस आ जाती है। इसमें बेसिकली हम नींद को और नींद को डाटा के हिसाब से देख रहे हैं। मुझे किस तरह से नींद आ रही है?
(48:34) और ब्रीथिंग भी है, ऑक्सीजन भी है। सारा कुछ है। राइट। तो इसमें स्लीप का कम है। इसमें ब्रीथिंग और ऑक्सीजन है। तो इसमें कुछ सेंसर लगते हैं। बेसिकली द मशीन इज हियर। एक सेंसर नोज में लगेगा। एक उंगली में जो पुराना हमारा ऑक्सीमीटर होता था। यहां से अटैच होता है। यह भी पेशेंट को दे दी जाती है। वो अपने आप पूरी रात पहनते हैं। मॉर्निंग में मशीन वापस आ जाती है। इसका डाटा भी हम देख सकते हैं कि रात भर ऑक्सीजन क्या रही, ब्रीदीिंग क्या रही। राइट? बेसिकली हम एट द एंड ऑफ़ द डे यही देख रहे हैं कि प्रॉब्लम की स्टेटमेंट क्या है। सो स्लीप डिसऑर्डर्स में स्लीप
(49:08) एपनिया और स्नोरिंग ही होता है या और भी कुछ होता है? बहुत सॉरी दे अबाउट 90 टाइप्स ऑफ़ स्लीप डिसऑर्डर्स। बट द कॉमन वंस अ स्लीप एपनिया। फिर हमने एक बात करी थी हाइपरसोमनिया जो नींद बहुत ज्यादा हो गई। एक थर्ड जो हम बात कर चुके हैं जिसको हम इनसोमनिया बोलते हैं कि नींद आ ही नहीं रही। हम तो इंसोमनिया किसी को डायग्नोसिस देने से पहले उसके कुछ रूल्स होते हैं। जैसे हम किसी को ब्लड प्रेशर कह दें, शुगर कह दें तो हमें रूल्स हैं। इसके भी रूल्स हैं हम कि नींद नहीं आना, नींद टूट जाना। कितने कम से कम थ्री टाइम्स इन अ वीक थ्री मंथ्स
(49:43) के लिए और दिन में उसका प्रभाव रहना कि मेरे दिन में हेडेक बॉडी एकक मूड चेंजेस कंसंट्रेशन ये सब हम तो इंसोमिया में एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम है कि सबसे बड़ी प्रॉब्लम दुनिया में इंसोमिनिया चल रही है हम सो ऑलमोस्ट 10% ऑफ द पपुलेशन 30% टू 40% कहते हैं कि मैं नींद से खुश नहीं हूं हम तो 101% को इंसोमिया है तो होता क्यों है इंसोमिया इंसोमिया के भी अगेन बहुत सारे कारण है। एक तो बहुत स्ट्रांग रिलेशनशिप है मेंटल हेल्थ के साथ। हम तो ए्जायटी एंड डिप्रेशन के साथ चल पड़ता है। अकेला भी चल पड़ता है। कुछ सालों बाद ये आ जाएगा। दूसरा है कि मेरी हैबिट्स ही क्या थी? उस
(50:23) उन्होंने क्रिएट कर दी है प्रॉब्लम। थर्ड जैसे हमने दूसरी चीजें बताई कि स्लीप एपनिया भी वुमेन में इंसोमिनिया की तरह आएगा। एक और बीमारी है वुमेन में बहुत कॉमन कि पैरों में बहुत फड़कन होना रात को। लोग पैर मचलते रहते हैं, पैर दबाते रहते हैं तो वह भी नींद आने नहीं देता। फिर है कि कुछ हमने दवाइयां ही गलत खा रहे हैं। कई लोगों को कुछ दवाइयां होती हैं जगाने वाली। वो लोग अपना टाइमिंग सेट करके वो रात तक पहुंच जाते हैं। तो इंसोमिया भी एक सिम्टम है। उसको फिर हमारे को समझना है कि क्यों हो रहा है। राइट? वो ज्यादा कन्फ्यूजन क्रिएट कर रहा है ना।
(50:58) लोग बहुत स्लीपिंग पिल्स खा रहे हैं। राइट? स्लीपिंग पिल्स नहीं खानी चाहिए। स्लीपिंग पिल्स तो मतलब हम ब्लैंकेट स्टेटमेंट नहीं कहते नहीं खानी चाहिए। अगर खानी चाहिए तो डायरेक्शन होनी चाहिए किसी डॉक्टर के साथ और एक ड्यूरेशन क्लियर होना चाहिए कि मैं हफ्ते के लिए खा रहा हूं, 10 दिन के लिए खा रहा हूं। क्यों खा रहा हूं बट कुछ एक प्रिसक्रिप्शन को कोई सालों भर खा रहे हैं तो इट विल बी अ प्रॉब्लम। राइट राइट राइट। अ जो ये जो स्लीप डिसऑर्डर्स के साथ लोग हैं क्या उनको आप कुछ डाइट भी बोलते हैं? डाइट सप्लीमेंटेशन कुछ देते हैं उसमें यू ऐड
(51:35) समथिंग सी कुछ-कुछ चीजें हैं जो प्रूवन है जैसे अब हमें पता है जैसे हमने लेग्स वाली बात करी उसके साथ आयरन का बहुत स्ट्रांग लिंक है हम तो जिस जो लोग हमें कहते हैं कि नींद नहीं आ रही पैरों में बहुत दिक्कत है तो वी टेस्ट देर आयरन एंड वी गिव हम अब अब आजकल बहुत फैट चला हुआ है मैग्नीशियम का ओके सारी दुनिया मैग्नीशियम खा रही है बट मैग्नीशियम एक ऐसा मॉलिक्यूल है जो ठीक है ब्रेन में जाकर कुछ ब्रेन को रिलैक्स करता है उस एरियाज में करता है बट अगर माइल्ड प्रॉब्लम है रीसेंट प्रॉब्लम है तो देन यू कैन गिव मैग्नीशियम हम ऐसे एक विटामिन डी है
(52:15) तो दी [गला साफ़ करने की आवाज़] सप्लीमेंट्स आर गुड प्रोवाइडेड हम मेजर करें और उनको उतनी देर के लिए दें हम बट जिनको लंबी प्रॉब्लम्स हैं सॉल्व नहीं हो रही है देन दे शुड मीट अ स्पेशलिस्ट राइट मैग्नीशियम ग्लाइस्सीनेट यही है ग्लाइसनेट इज इट अ टैबलेट इट्स अ टैबलेट ओके नेचुरली कोई कुछ है जो लोग खा सकते हैं फॉर अ रिलैक्स स्लीप? सो इसमें देखा गया है कि आलमंड्स, वालनट्स, वार्म मिल्क, हल्दी ऑल दीज़ आर सब्सटेंसेस जो थोड़ा बहुत रिलैक्सेशन प्रोड्यूस करती हैं। हम और हेल्प इन मेलाटोनिन की प्रोडक्शन। हम तो अब कितनी मेलाटोनिन बनती है, कितने
(52:53) अमाउंट से कहना मुश्किल है। बट दे काइंड ऑफ़ हेल्प। तो दो सब फूड सब्सटेंसेस हैं बट वो ज्यादातर बाहर वाले हैं। आई थिंक हमारा तो ज्यादा मिल्क एंड आलमंड्स एंड हल्दी इज अ गुड थिंग। इट काइंड ऑफ हेल्प्स यू टू रिलैक्स। तो जिनको अभी तक आपने ट्रीट किया है मेजरली मेन और वुमेन में क्या-क्या उनमें प्रॉब्लम्स रही जनरली ज्यादा रहती हैं? तो सबसे कॉमन प्रॉब्लम तो यही है कि मेरी नींद ठीक नहीं। हम दे विल [गला साफ़ करने की आवाज़] कम एंड से कि मेरी नींद ठीक नहीं। ऑल एजेस में। तो अब हमारा जब हम यह सवाल या प्रश्न सुनते हैं कि मेरी नींद ठीक नहीं।
(53:28) हम हमको बहुत आधा पौना घंटा लगता है समझने के लिए नींद ठीक क्यों नहीं? हम तो मैं हम ये कहते हैं कि हमको इनका एक 24 घंटे की रूटीन चाहिए होती है। हम कि आप सुबह से लेके रात तक क्या करते हो ताकि हम समझे भी नींद क्यों ठीक नहीं। बिकॉज़ नींद ना ठीक होना इज लाइक अ सिम्टम लाइक बुखार। कोई इंसान आकर कहे कि मुझे बुखार है तो आप कहोगे कि मलेरिया है, टाइफाइड है, टीबी है, कोविड है। ऐसे ही नींद ठीक नहीं है। तो यह इंसोमनिया है, डिप्रेशन है, स्ट्रेस है, हैबिट है, स्लीप एपनिया है, क्या है? उसको हम करने के बाद फिर हम अलग-अलग अप्रोच करते हैं।
(54:07) नॉट के नींद ठीक नहीं तो तुम ये टेबलेट खा लो। आइडियल रूटीन क्या होना चाहिए? एक अच्छी नींद के लिए? आइडियल रूटीन स्टार्ट होना चाहिए सुबह से। कितने बजे? तो नहीं जितने बजे भी आपकी जो आपका सेट टाइमिंग है आपका सेट कर लो पहले तो अपना बेड टाइम वेक अप टाइम फिक्स करो जो आपका वेक अप टाइम है पहले कुछ 30 मिनट 40 मिनट हम आप फोन तो मत उठाएं कुछ अपनी सनलाइट ले लो डे लाइट ले लो देन यू कैरी ऑन विथ योर नॉर्मल रूटीन हम ट्राई एंड डू सम फिजिकल एक्टिविटी इन द मॉर्निंग देन आप कामवाम पे करो फिर अब देखा गया है कि जो लोग एक ही टाइम फिजिकल एक्टिविटी कर रहे हैं
(54:43) वो भी बहुत ठीक नहीं है तो उसको ब्रेक करो शाम को फिर से करो हम चाय कॉफी ले सकते हो कॉफी निल आफ्टर 12 1:00 बजे दोपहर के हम चाय ले सकते हो फिर से शाम को फिर फिजिकल एक्टिविटी डिनर एंड वो प्री बेड टाइम रिचुअल कि आप टीवी कब बंद करोगे रीडिंग करो मंत्रा करो रिलैक्सेशन करो दैट्स ऑल कॉफी आजकल हर कोई कंज्यूम करता है कॉफी ज्यादा लेने से क्या नींद खराब होती है सो कॉफी इज अ अलर्टिंग सब्सटेंस तो इंसान जब कॉफी लेता है वो डेफिनेटली बहुत ब्राइट एनर्जेटिक फोकस कंसंट्रेशन यह पूरा रिसर्च है कि यह बढ़ा देती है। हम सो आपको बहुत अच्छा महसूस होता है।
(55:24) हम बट इसके साथ-साथ ये एक ये करती कैसे है? ये एक एरिया को ब्लॉक करती है जहां पे हमारा स्लीप का एक केमिकल एक्ट करता है जिसका नाम है एडिनोसिन। हम उसको जाके ब्लॉक कर देती है। अगर दिन में तो ठीक है। आपने ली तो आपको स्लीप को ब्लॉक कर दिया। यू आर फीलिंग गुड। बट अगर आपने दोपहर या शाम को ले ली तो इट विल गो एंड ब्लॉक द स्लीप। फिर रात को नींद नहीं आएगी। तो यू बी प्रिपयर्ड फॉर द कॉन्सिक्वेंसेस कि अगर मेरे को नहीं आ रही तो मैं लेट तक कॉफी ले रहा हूं। तो फिर रात की नींद गड़बड़ हो गई। सोने से पहले कॉफी नहीं लेनी चाहिए। सोने से पहले नहीं हम तो दोपहर से बात कह
(56:00) रहे हैं नहीं लेना चाहिए। बिकॉज़ कॉफी समथिंग एक हाफ लाइफ बोलते हैं। अच्छा। हाफ लाइफ का मतलब होता है कि कितनी देर के लिए ये प्रोडक्ट आपकी बॉडी में सर्कुलेट कर रहा है। ओके। कॉफी की हाफ लाइफ इज अबाउट सिक्स टू 8 आवर्स। अच्छा तो अगर आपने 2:00 बजे भी ली तो 8 10 घंटे तक रह जाएगी आपके बॉडी के अंदर तो फिर उसकी वजह से नींद में प्रॉब्लम नींद में प्रॉब्लम आएगी मतलब नींद आएगी नहीं या दोनों दोनों चीजें हो सकती है एक तो नींद बहुत लेट हो जाएगी दूसरी आएगी तो उसकी क्वालिटी बहुत खराब आएगी तो इसका एक रिसर्च रिसेंटली आई कि कुछ लोग कह रहे हैं
(56:32) हां कि हम कॉफी लेके ही सोते हैं और हम बिल्कुल ठीक सोते हैं हम तो उनका जब स्लीप का रिकॉर्डिंग किया गया हम उनकी स्लीप क्वालिटी डेफिनेटली अफेक्टेड कहने को वो सो रहे हैं। बट हमको पता है कि अगर हमारी स्लीप क्वालिटी खराब होगी तो वो भी हमारी हेल्थ के लिए ठीक नहीं। हम तो दैट इज वन पार्ट। सेकंड अब आपको भी कुछ लोग मिलेंगे जो कहेंगे कि मेरे को तो कुछ भी नहीं फर्क पड़ रहा। मैं दिन में भी फ्रेश हूं। हम तो अब देखा गया कि एक रिसेप्टर बोलते हैं। रिसेप्टर का मतलब होता है जहां पे जाके ये मॉलिक्यूल एक्ट करता है। तो आई थिंक इट्स इंडिविजुअल जेनेटिक कि
(57:06) कुछ लोगों के रिसेप्टर बहुत सेंसिटिव है कैफीन से। कुछ लोग चॉकलेट भी नहीं खा सकते रात को। हां हां तो अपनी-अपनी इंडिविजुअलिटी है बट यह पक्का तंग तो करती है। राइट? अब जैसे आई रिमेंबर हमारे शो में नीरज आए थे तो वो जेनेटिक एक्सपर्ट हैं। तो उसमें उन्होंने बताया कि जेनेटिकली अगर आप अब जैसे उन्होंने कहा कि कई लोग क्यों डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं ले सकते और कई ले सकते हैं। अब हरियाणा के जो जाट है वो जेनेटिकली ऐसे आ रहे हैं कि वो उनकी बॉडी ऐसी है कि वो दूध इतना ले सकते हैं। बाकी जेनेटिकली नहीं ले पाएंगे। तो इट इज नॉट रेकमेंडेड फॉर एवरीबडी। सो आई थिंक
(57:37) दिस इज़ वन ऑफ़ दोज़ केसेस। सो यू हैव योर ओन रिसेप्टर्स व्हिच आर सेंसिटिव टू कैफीन एंड इफ नॉट इफ नॉट। सो कितनी कैफीन ले सकता है आपके हिसाब से? सो इनका है एक्जैक्ट प्रोपोर्शनंस बट वन और टू कप्स नॉर्मल प्री लंच आर ओके। दैट्स ऑल दैट इज अलाउड। लोग तो मैम 8 10-10 कप यस यस। तो ये मेरे पास भी आ रहे हैं लोग। बट फिर उनसे पूछा जाए ये क्यों ले रहे हैं? स्ट्रेस सर दर्द हो रहा है। नहीं तो वो तो सर दर्द हो रहा है। बिकॉज़ अ बॉडी इज़ वांटिंग इट। दैट्स अ कैफीन विथड्रॉल नाउ। डेफिनेट एडिक्शन हो रही है। हम ठीक है? दैट इज एनीबॉडी हु गेट्स विड्रॉल।
(58:12) अब मेरे पास जब मैंने सुबह देखा पेशेंट वो कह रहा है मैं नींद की गोली दिन में खा रहा हूं। मेरे को सिर दर्द हो रहा है। हम और वो सिर दर्द की गोलियां भी खा रहा है पर ये अपनी नींद की गोली भी खा रहा है। ठीक है? सो दिस इज कैफीन विड्रॉल। बट आमतौर वो खा रहे हैं बिकॉज़ दे आर फीलिंग नॉट वेरी फ्रेश। कॉफी कॉफी पी रहे हैं। उनको लग रहा है कि मेरी अलर्टनेस डिप हो रही है। अलर्टनेस डिप क्यों हो रही है? आपकी रात की नींद कम है। हम सो दे आर स्लीपिंग लेस एट नाइट। दो 3:00 बजे शो देखते हैं, सुबह उठते हैं फिर कॉफी पे शुरू हो जाते हैं या फिर रात की नींद में स्नोरिंग है तो यू
(58:46) आर फीलिंग टायर्ड। सो एड्रेस द प्रॉब्लम कि आप टायर्ड क्यों हो? सलूशन इज टू ड्रिंक द कैफीन टू फील एनर्जेटिक। हम मतलब इस बहाने कोई कह रहा है कि ऑफिस में कह रहा है कि कॉफी मशीन लगाओ क्योंकि बहुत स्ट्रेस हो रहा है। सर दर्द हो रहा है। कॉफी पीनी है तो वो गलत है। हां हां। तो पता करो ना प्रॉब्लम है कि पीछे से आ रहा है ना वो। पीछे से आ रहा है। क्यों क्यों चाहिए आपको कॉफी इतनी? तो अब मुझे आप ये बताइए जब फोन देखते ही हम सो जाते हैं। क्या होता है उससे? सी क्या होता है कि ब्रेन जैसे हमने बताया क्वालिटी का काफी स्टेजेस से गुजरता है।
(59:26) नींद में नींद में तो एक स्टेज एक लाइट स्लीप है। जैसे सबको पता है कि अगर हम जैसे ही नींद में जाते हैं अगर कोई चल पड़ा या लाइट ऑन करी, कोई आवाज लगाई तो यू आर पार्टली अवेक। उसके बाद यू गो लिटिल डीपर देन यू गो वेरी डीप। उस समय अगर आपको कोई आवाज भी लगाए, कुछ लगाए तो आप नहीं सुन पाते। दैट इज़ बिकॉज़ यू आर इन डीप स्लीप। उसके बाद एक और स्टेज आती है ड्रीम स्लीप। अब क्या है कि हर एक स्टेज का बहुत अलग पर्पस हो गया है। कुछ ब्रेन में क्लीनिंग हो रही है, कुछ हार्ट रेट में कुछ हो रहा है, कुछ एसिड में से कुछ हो रहा है। एव्री स्टेज
(59:59) हैज़ अ पर्पस। तो अगर हम बिटवीन द डे या बिटवीन द स्क्रीन एंड स्लीप टाइम के बीच में गैप रखते हैं। हम एक शब्द चूज़ करते हैं कि ब्रेन नीड्स टू वाइंड डाउन। उसमें द क्वालिटी गेट्स मच बेटर। अगर हम स्टिमुलेटेड एक्टिविटीज के साथ सोते हैं, द स्लीप इज वेरी फ्रेगमेंटेड। स्लीप की डेप्थ ठीक नहीं होती, स्लीप की कंटिन्यूटी ठीक नहीं होती। इसलिए बहुत सारी रिसर्च करी है अबाउट दी एक्सरसाइज। जैसे हम फोन की बात कर रहे हैं। बिकॉज़ यू आर टोटली इंगेज्ड। हम व्हेन यू आर इंगेज्ड, इंगेज, यू गो टू स्लीप, द ब्रेन विल कीप चर्निंग दैट थॉट। हम फिर लोग कहते हैं मेरे तो सपने आए। मेरे
(1:00:39) को लगा मेरी मूवी चल रही है रात को तो मैं उठ के बैठ गया, सोया फिर वो मूवी चल पड़ी। और आपने ब्रेन को बिल्कुल टाइम नहीं दिया वाइंड डाउन करने का। ओके। तो वाइंड डाउन इजेंट। ओके। इससे क्या जो रात को हम देखते हैं क्या ये चीज माइंड में इफेक्ट भी करती है? सो यही बिकॉज़ इट कॉस्ट बिकॉज़ मैं मतलब व्हाई आई एम सेइंग सो इंटरप्ट यू। जैसे कि रात को आई वास रीडिंग कि पोर्न कंसमशन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। तो जब आप इस तरह से कुछ कंज्यूम करते हो तो क्या वो आपको आपकी नींद को तो खराब करती है। क्या हाउ डस दिस इफेक्ट? वाचिंग पोर्न? इट इज़ वी वी कॉल ऑल दीज़ थिंग्स
(1:01:13) वेदर इट इज़ डूइंग दिस और ड्रग्स और सब्सटेंस अब्यूज दीज़ आर ऑल रिस्क टेकिंग बिहेवियर्स। सो दिस रिस्क टेकिंग बिहेवियर्स अब हम जो साइंस है वो कह रही है कि इनक्रीस हो जाते हैं जब हम की स्लीप डिसररप्शन है। क्यों? सी देयर इज अ आर ऑल ब्रेन का जो साइंस है देयर इज सेंटर्स इन द ब्रेन व्हिच हेल्प यू टू टेक अ डिसीजन राइट और रोंग हम सो देयर आर ऑलवेज सम सेंटर्स व्हिच आर लाइक अ रोग सेंटर हम कुछ गलती करते रहे देन यू हैव लाइक अ ब्रेक सिस्टम व्हिच इज़ काइंड ऑफ़ कंट्रोलिंग दिस सेंटर्स उसमें एक एंगर भी है, गुस्सा भी है, इरिटेबिलिटी ये सारे
(1:01:52) सेंटर्स मिलके होते हैं। अब दिस कंट्रोल सेंटर वर्क्स वेरी वेल इफ यू आर वेल रेस्टेड एंड वेल स्लेप्ड। अगर वह नींद ठीक नहीं होती तो दी रोग सेंटर्स टेक ऑफ। सो यू मेक व्हाट आर कॉल्ड एस बैड डिसीजंस। पता होके भी इंसान गलत डिसीजन करता है। तो ये कंट्रोल सेंटर से आ रहा है। सो दिस इज नाउ बीन लिंक्ड टू ईटिंग बिहेवियर। मुझे पता है मेरे को यह नहीं खाना है। बट मेरा कंट्रोल चला गया है। मुझे पता है कि आई शुड नॉट बी डूइंग ड्रग्स बट आई एम नॉट एबल टू टेक अ डिसीजन। आई नीड टू कंट्रोल माय बिहेवियर। आई नीड टू कंट्रोल माय एंगर। राइट?
(1:02:36) सो ऑल दोज़ स बैड डिसीजंस इन अदर वर्ड्स। आर नाउ बीइंग लिंक्ड टू दिस बिग टर्म कॉल्ड स्लीप डेबिवेशन। ओके। ब्रेन का बेसिकली कंट्रोल खत्म हो रहा है आपके। राइट। सो ये सेम चीज सुबह उठते ही फोन देखते भी होता है। सुबह उठते ही जो फोन देखता है उसके साथ क्या होता है? पहले ये बताओ। सी सुबह उठ के फोन देखना इट्स अगेन कि आपका दिन आप किस नोट पे स्टार्ट कर रहे हो? तो इफ यू आर गोइंग टू स्टार्ट योर डे ऑन अ पॉजिटिव नोट और यू आर गोइंग टू स्टार्ट योर डे ऑन अ नेगेटिव नोट। दैट्स वन पार्ट। सेकंड इज़ हमारी जो हम मेटोनिन की बात कर रहे थे, वह शाम को स्टार्ट होती है। फिर
(1:03:16) पीक करती है। फिर सुबह तक नीचे आती है। अब जब वो सुबह तक नीचे आती है वी नीड टू शट दैट मेलोटोनिन का स्विच ऑफ सो दैट वी आर अलर्ट एंड ब्राइट। बट अगर हम डम लाइट में वो स्क्रीन में फिर शुरू हो जाएंगे तो द मेलोटोनिन इज़ स्टिल नॉट बीइंग एबल टू शट ऑफ। तो हमको अगली रात स्पेशली के लिए और दिन के लिए वी नीड दिस मॉर्निंग लाइट। सो मोमेंट यू गेट दैट मॉर्निंग लाइट यू विल गेट शट दैट मेलाटोनिन एंड यू विल इंक्रीस योर कॉर्टिसोल। सो कॉसोल इज व्हाट यू नीड एंड यू विल आल्सो इनक्रीस योर हैप्पी हार्मोन। सो अदरवाइज दिस फोन विल स्टार्ट ड्रैगिंग
(1:03:55) यू इन अगेन टू एंड यू विल स्टार्ट स्क्रोलिंग यू विल इनफैक्ट टायर योर ब्रेन आउट बिफोर द डे इज़ आल्सो स्टार्टेड। ओके? बिकॉज़ एंड नाउ तो वि द करंट सिनेरियो दैट वी आर इन अटेंशन स्पैन हैज़ बिकम वेरी लेस। कोई इंसान पूरा भी कुछ नहीं देखता है। पूरा सुनता भी नहीं है। इट्स लाइक मूविंग। हम्। सो दैट इज मूविंग योर सिस्टम इन द ब्रेन एट अ वेरी फास्ट स्पेस। द ब्रेन विल जस्ट गेट वेरी टायर्ड एंड वेरी डिप्लीटेड। दिन होने से पहले ही इंसान थक जाते हैं। राइट? सो दैट्स व्हाई दिस आईडिया इट्स नॉट अ वेरी गुड थिंग टू इमीडिएटली डू समथिंग एल्स। यू नो डू टेक सम डीप ब्रेथ्स, गो
(1:04:32) आउट इन द सनलाइट, सट आउटसाइड, व्हाटएवर समथिंग एल्स। राइट? सो बेसिकली जो हार्मोन इमंबैलेंस है वो हो जाता है। अगर सुबह उठती है, हम फोन देख रहे हैं। सिंपलीफाइड राइट राइट मेक सेंस। अपने अल्जाइमर्स के बारे में अभी तक हमने डिस्कस नहीं किया। अल्जाइमर्स कैसे होता है और इसमें स्लीप का क्या रोल है? सो स्लीप और हार्ट का कनेक्शन चला बहुत साल। अच्छा मतलब ऑलमोस्ट 10 15 साल हो गए। लास्ट फाइव टू 10 इयर्स कनेक्शन बन गया स्लीप एंड ब्रेन का। ओके। तो इसको समझने के लिए पहले हम एक समझते हैं कि नींद में ब्रेन में हो क्या रहा है। हां। सो देयर इज एक फ्लूइड है वि इज एक गश करता
(1:05:14) है रात को और वो फ्लूइड की बहुत अब डिटेल में स्टडी हो चुकी है माइस में स्लीप में वेक में ये फ्लूइड गश करता ही रात को है वो जब गश करता है वो ब्रेन को क्लीन कर देता है इट्स लाइक अ स्पंज बोलो वैक्यूम बोलो जो भी बोलो [नाक से की जाने वाली आवाज़] सो व्हाट डस इट डू इट रिमूव्स ऑल द जंक एंड गार्बेज तो ये एक विज़न होता है ब्रेन में अब अगर हमारी नींद नींद खराब हो गई तो यह क्लीनिंग नहीं होगा। अगर क्लीनिंग नहीं होगा तो इमेजिन करो कि जो कमरा है उसमें बहुत सारा गंध पड़ा हुआ है। गार्बेज पड़ा हुआ है। तो दैट इज व्हाट स्टार्ट्स अक्यूमुलेटिंग।
(1:05:53) अब डिमेंशिया या एल्जाइमर्स डिमेंशिया बहुत रखा है। लेट्स कम टू एल्जाइमर्स। एल्जाइमर्स में दो मेन चीजें हैं जो ब्रेन में जाके इकट्ठी हो रही हैं। वन इज एमलॉयड एंड वन इज टाऊ। अब यह दोनों चीजें जब बढ़ती चली जाती है, बढ़ती चली जाती हैं, ब्रेन के फंक्शन को खराब कर देती हैं। बिकॉज़ दे हैव ऑक्यूपाइड द ब्रेन। अब देखा गया है कि जो रात की नींद ये फ्लूइड की बात कर रही थी मैं। यह एमलॉयड ऑन टाऊ को निकालता है। एंड इट्स लाइक अ टू टू थ्री टाइम्स स्पीड से जाता है रात को वर्सेस अ डे। तो डे में क्लीनिंग बहुत कम है। रात की क्लीनिंग है।
(1:06:31) अगर हमने अब रात की वह सेम हम कहते हैं अगर हम नहीं सोए, लेट सोए, सोएं नहीं तो यह क्लीनिंग नहीं होगी। सो दैट इज हाउ द कनेक्शन हैज़ कम कि अगर आपकी नींद ठीक नहीं है, द रिस्क ऑफ अल्जाइमर्स इज हाई। बिकॉज़ दीज़ सब्सटेंसेस आर नॉट बीइंग क्लीन। एक यह होता है। दूसरा नींद में यह होता है कि जो हमारी शॉर्ट [गला साफ़ करने की आवाज़] टर्म मेमोरी है मतलब जो हम अभी कुछ भी रिसीव कर रहे हैं इंफॉर्मेशन इसको स्टोर करना होता है। वो स्टोरेज रात को होता है। इट्स लाइक तो वो स्टोरेज नहीं होगा तो मेमोरी फॉर्म नहीं होगी। तो अगर वो स्लीप ठीक नहीं होगी। तो दैट इज हाउ यह देखा गया
(1:07:16) है कि अगर आपकी नींद ठीक नहीं बिकॉज़ ऑफ़ एनी रीज़ पर्सनल इशूज़, डिजीजेस, स्लीप एपनिया तो इनमें मेमोरी प्रॉब्लम्स आनी शुरू हो जाएंगी। राइट? तो जिसको अल्जाइमर्स है उसको अभी इंडिकेशन होगा कि नींद नहीं अच्छे से आ रहा होगा। तो इसका ना डबल रिलेशनशिप्स बोलते हैं। एक तो ये है कि अगर आपकी नींद ठीक नहीं है तो अल्जाइमर्स का रिस्क बहुत हाई है। तो ये है एक प्रिवेंटिव स्टेप। सी बिकॉज़ देखा गया है कि अल्जाइमर्स आल्सो देयर इज़ टू टाइप्स। वन इज़ जेनेटिक, वन इज़ नॉन जेनेटिक। या तो 40% देखा गया है कि वी कैन कंट्रोल बाय टेकिंग केयर ऑफ़ दीज़ अदर
(1:07:55) लाइफस्टाइल फैक्टर्स। 15 20% एट्रिब्यूटेड है स्लीप के लिए। एंड द अदर वे राउंड इज आल्सो देयर द अल्जाइमर ब्रेन जो है उसमें जो एरियाज हैं जो जनरेट करते हैं स्लीप दे आर आल्सो नॉट फंक्शनिंग वेल। तो उन लोगों में नींद ठीक नहीं होगी। तो अल्जाइमर आने से पहले नींद खराब हो सकती है। अल्जाइमर आने के बाद भी नींद खराब हो सकती। आपके पास कोई आते आते हैं अल्जाइमर। सो क्या करते हैं फिर आप क्या मुझ अब्सोल्यूटली। सो व्हेन आई सी अ पेशेंट विद अ स्लीप इशू हम उनको मेमोरी के बारे में पूछना शुरू कर देते हैं। अब काफी लोग कहना शुरू कर दिया लोगों ने कि
(1:08:36) मेरी शार्पनेस जा रही है। जो मैं इतना सारा करता था मेरी डलनेस हो रहा है। ब्रेन दे कैन फील द डलनेस। एंड ये ऑलमोस्ट 50 साल की उम्र में भी आना शुरू हो गया। 50 60 की। तो दैट इज वन। सो हमको मेहनत करके उनकी स्लीप को ठीक करना है। अगर स्लीप एपनिया है तो अब हम पूरा इंसिस्ट करते हैं कि प्लीज आप इसको ट्रीट कर लो बिकॉज़ अदरवाइज यू विल इट विल गेट वर्स। तो एक अल्जाइमर्स के पहले बहुत सारी और लाइंस होती हैं या लेयर्स हैं जिसमें एक एमसीआई कहते हैं। अब देखा गया कि अगर हमने वहां रोक सकते हैं हम अगर हम इनकी स्लीप को ठीक कर दें। दैट इज वन पार्ट। सेकंड इज़
(1:09:14) यस। जिनको अब डिवमेंशिया हो गया है, अल्जाइमर्स हो गया है, उनकी भी नींद ख़राब रहती है। उनको फिर देन वी हैव टू डू वी नो कि उनकी प्रॉब्लम आ रही है। तो उन लोगों को फिर हम कुछ स्लीपिंग हेल्प स्लीपिंग एड दे सकते हैं ताकि नींद थोड़ी बेटर हो जाए। क्या होता है स्लीपिंग? कोई स्लीपिंग नई टाइप की स्लीपिंग पिल्स आई है जो इनके लिए सेफ है। ओके। ओके। तो वो मतलब बिकॉज़ वी डू नो कि उनको प्रॉब्लम है। उनकी कंटिन्यूटी ठीक नहीं, स्लीप क्वालिटी ठीक नहीं। तो मेलाटिन दे सकते हैं। एक और कुछ डोरास आई हैं। कुछ-कुछ मेडिसिनस हैं जो सेफ है इन लोगों
(1:09:45) के लिए। बट स्लीप का मेमोरी से ही क्या लेना देना? अगर नींद आने भी लग जाएगी तो जो वो भूल रहे हैं तो वो वापस नहीं वो दो [गला साफ़ करने की आवाज़] चीजें हैं कि शायद हो सकता है प्रोग्रेशन रोक दे। अच्छा कि आगे ना हो। जिस स्पीड से नीचे जा रहा है वो बेटर हो जाएगा। राइट। राइट? बट इज इट लाइक क्यरेबल है पूरा? तो मैंने बोला कि अगर जब तक नहीं आया तब तक तो तो इफ यू फिक्स द स्लीप यू माइट प्रिवेंट इट। हम इट्स वन ऑफ द रिवर्सिबल कॉज बोलते हैं। मैं पढ़ रहा था आरईएम इज रिस्पांसिबल फॉर क्रिएटिविटी। क्रिएटिविटी के लिए जो क्रिएटिव लोग होते
(1:10:19) हैं उनके अंदर आरईएम होता है। सो क्या ये इससे बिलिंटेड है जैसे ए आर रहमान हो गए और माइकल जैक्सन हो गए। बीटल्स का पढ़ा था दैट गाय रोट अ सॉन्ग एट। या सो रात के उन्होंने कहा कि रात के 3:00 बजे उन्हें ऐसे सपने आते हैं, ऐसी थॉट्स आती हैं जो कि ऐसा मैजिक क्रिएट कर देता है। रात को ऐसा क्या हो जाता है? सो हमने स्टेजेस में बात करी ना स्लीप की। सो देयर इज वन वेरी डीप स्लीप जिसमें ब्रेन की क्लीनिंग बहुत होती है। मेमोरी स्टोरेज होता है। रेम स्लीप है जो आरईएम स्लीप बोलते हैं। इसका फुल फॉर्म है रैपिड आई मूवमेंट स्लीप। दिस इज अ इंटरेस्टिंग स्टेज ऑफ़ स्लीप। ये
(1:11:00) ओवर पूरी रात का 15 से 20% स्लीप होना चाहिए। यह पहली बात तो एंड इट्स अ एक्टिव ब्रेन द हाइली एक्टिव स्टेज ऑफ़ स्लीप इन अ पैरालाइज्ड बॉडी। मतलब दिस इज़ द अदर वे टू लुक एट इट। एक्टिव ब्रेन क्यों? मतलब बहुत सारी ब्रेन की प्रोसेससेस चल रही हैं इसमें। सो उसमें द मेमोरीज़ आर बीइंग प्रोसेस्ड, इमोशंस आर बीइंग प्रोसेस्ड। इट्स लाइक मैथ्यू वकर कहता है कि हीलिंग इज हैपनिंग कि अगर आपकी कोई बैड एक्सपीरियंसेस हैं उनको वो बैंडेड लगा रहा है तो बहुत कुछ होता है। इसी में द क्रिएटिविटी इज़ कमिंग इन दिस स्टेज ऑफ़ स्लीप। सो समटाइ्स आपको कभी नींद खुली
(1:11:41) होगी या लगेगा कि मेरे को बहुत अच्छा सा एक आईडिया आया है। सो इनफैक्ट सम पीपल से गेट अप एंड राइट दैट आईडिया डाउन। सो कुछ लोग जो बहुत टैलेंटेड हैं तो उनको कई दफा कुछ लिरिक्स विल कम, द म्यूजिक विल कम, सम आर्टिस्ट हैव गॉट अप एंड पेंटेड। सो इट इज़ वेल नोन कि द ब्रेन इज इन अ वेरी डिफरेंट स्टेट ड्यूरिंग दिस स्टेज ऑफ़ स्लीप। अब मैम हर कोई कहेगा कि मेरी स्टेज आ ही नहीं रहा ये वाला। कैसे आए? हमें भी माइकल जैक्सन जैसा मैजिक क्रिएट करना है। दोज़ पीपल हैव अ यूनिक टैलेंट इन एनी केस। बट आपको उतना नहीं आएगा, बट कुछ तो आइडिया तो आते हैं।
(1:12:14) कई लोगों को आप ध्यान से देखोगे तो कुछ आईडियाज कई दफा आते हैं व्हेन यू आर गेटिंग अप इन द मॉर्निंग और समटाइम्स सम टाइम्स यू यू यू यू यू यू यू आर बेकिंग आउट ऑफ रिम देन यू पुट दोज़ थिंग्स डाउन वो थोड़ी देर के बाद वो निकल जाते हैं। मैम बट वो स्ट्रेस से भी तो आ रहे होंगे ना कि जैसे कोई स्ट्रेसफुल पूरे दिन से आया है। ये नहीं हुआ ये नहीं हुआ। अच्छा अब इसका ये सलूशन है। अब इसका ऐसा करना है। सो दैट्स आल्सो फाइन। सो द ब्रेन एट नाइट इज़ लाइक अ सलूशन फाइंडर। हम सो इट इज़ वेरीेंट। इट फाइंड्स अ सलूशंस। सो इट डजंट हैव टू बी अ वेरी ओवरवेल्मिंग
(1:12:41) थिंग बट इट कुड बी समथिंग जस्ट सिंपल एस दैट राइट इसको ऐसा हो सकता है कोई एक्टिवेट करे आरएम को किसी तरीके से सो आरईएम वाले का नहीं हुआ आजकल एन3 स्लीप को एक्टिवेट कर रहे हैं लोग बहुत अच्छा कैसे काफी कुछ एक्सपेरिमेंट्स चल रही हैं बिकॉज़ जो N3 स्लीप है दैट इज अ स्लीप व्हिच मेक्स यू फील रेस्टेड ओ तो आपको जब सुबह उठ के लगता है ना कि मैं बहुत अच्छा सोया तो दैट इज़ अ N3 अच्छा प्रपोर्शन में होना चाहिए तो कैसे होता है नहीं इनका कुछ इसकी हम कैसे कहते क्या हैं कैसे ये डीप स्लीप है बाय द वेव्स इन द ब्रेन सो इन दिस स्टेट ऑफ़ स्लीप द ब्रेन इज़ इन अ
(1:13:19) वेरी स्लो वेव्स दिखती हैं एंड दे आर ऑल वै सिंक्रोनस मतलब सारा ब्रेन इज़ लाइक यूनिफॉर्म इन दैट डीप स्लीप अब कुछ लोगों ने जो एक्सपेरिमेंट्स चल रही हैं कुछ साउंड के साथ चल रही हैं हम कि आप कुछ नींद में कुछ ऐसा साउंड दें हम कि इट कैन सिंक्रोनाइज द ब्रेन विद दोज़ साउंड वेव्स एंड इंक्रीस योर डीप स्लीप। आर काइंड ऑफ़ वन थिंग। सेकंड देखा गया जो हम पहले बात कर रहे थे कि एक्सरसाइज इन द डे हम डिक्रीजिंग द कैफीन वाइंडिंग डाउन टाइम हम आर ऑल आल्सो नोन टू इंप्रूव स्लीप क्वालिटी मच मोर नेचुरल वेज़ व्हिच विल हेल्प। राइट? बट एक्सरसाइज अनदर थिंग इज़ इज़ एक्सरसाइज
(1:14:03) लेट एट नाइट। दैट हैज़ बिकम अ बिग इशू। रात को नहीं जिम करना चाहिए। वो सारी दुनिया कर रही है। कोई धंधे से टाइम ही नहीं मिल पा रहा। सो यू आर एक्टिवेटिंग योर सिस्टम। सो द स्लीप सी यू आर स्टिमुलेटिंग कर रहे हो ना आप। आप कॉर्टिसोल रिलीज़ कर रहे हो। एड्रिनर्जिक हॉर्मोस रिलीज़ कर रहे हो। सो वेकफुल सिस्टम इज़ बीइंग वेरी एक्टिवेटेड। हम सो देन यू विल गेट इनू स्लीप इन अ वेरी एक्टिव स्टेट ऑफ़ द बॉडी। द स्लीप क्वालिटी विल गेट कॉम्प्रोमाइज्ड। हम सो ओवर अ पीरियड ऑफ टाइम यू विल फील लाइक लोग वैसे ठीक होते हैं फिट होते हैं बट दे कीप सेइंग कि मेरे को लगा नहीं कि मैं ठीक
(1:14:39) सोया हूं सो दैट नहीं देन यू हैव टू चेंज समथिंग तो हैव टू स्टार्ट मूविंग दैट एक्सरसाइज टाइम लिटिल अवे फ्रॉम द बेड टाइम रात को जो लोग जिनकी नींद एकदम उठ जाती है सोते-सोते नींद उठ गई ये नींद उठना क्यों होता है सो हम जब सो रहे हैं और हम जब उठ रहे हैं हम कोई बेहोश तो नहीं होते। अभी हमने कहा कि हम कुछ स्टेजेस में गुजरते हैं। एंड हर एक इंसान कुछ ना कुछ याद रहता है कि मैंने करवट ली थी। मुझे कुछ याद रहा तो स्लीप बिल्ट कीप चेंजिंग एंड ब्रेकिंग। इसको हम एक कहते हैं अराउजल्स। तो अराउजल आया बट क्या होता है कि जब यह ब्रेन रेस्टेड ब्रेन नहीं है तो जैसे ही
(1:15:26) आप उठे एक तो आपने फोन उठा लिया तो देन दैट इज द स्टार्टिंग योर वेक टाइम अगर आपने फोन उठाया आपने अपने आप को इंगेज कर लिया जैसे ही आप इंगेज करोगे आपके सारे वेक केमिकल्स आ गए वो ब्रेन में लाइक फायर शॉट्स लग गए तो यू आर अवेक तो कई लोग यह कह रहे हैं कि मैं एक दफा उठता हूं ना मैं दोबारा नहीं सो पाता हूं तो दैट इज वन सो स्लीप ब्रेक्स आर क्वाइट नेचुरल बट यू काइंड ऑफ़ काम योरसेल्फ और यू टेल योर डोंट लुक अराउंड एनीथिंग एंड यू विल गो बैक टू स्लीप बट द मोमेंट यू स्टार्ट फोकसिंग एंड लुकिंग फॉर टाइम एंड थिंकिंग कि मैं क्यों
(1:16:00) सोया और यू हैव स्लेप्ड विद लॉट्स ऑफ़ थॉट्स इन योर ब्रेन वो सारी आ जाएंगी दोबारा और फिर लोग कहने लग पड़ते हैं कि मेरे तो मेरी फैक्ट्री का फिक्र है, मुझे यह फ़िक्र है, मुझे गर्लफ्रेंड का फ़िक्र है, बॉयफ्रेंड का फिक्र है। तो वो थॉट्स विल वेक यू अप। फिर आपको उठा देंगे। थॉट्स हमेशा उठा देंगे आपको। तो करना क्या चाहिए? सेम क्योंकि मैम स्ट्रेसफुल तो बहुत लोग हैं। रात को स्ट्रेस के साथ ही सोच रहे हैं। हां तो वही हां तो उसी से हम बात कर रहे थे कि रात को सोने से पहले क्या करना है? तो एक होता है एक तरीका कि डंप योर थॉट्स। पेपर पेंसिल रखो पेन रखो। आप आजकल फोन रखो
(1:16:34) जो भी मतलब पुट ऑल योर थॉट्स डाउन। सो दे मे बी सेंसिबल थॉट्स। दे मे नॉट बी सेंसिबल थॉट्स। बट दैट दे आर योर थॉट्स। कोई जरूरी नहीं है कोई बड़ी बात नहीं है। सब लोग कहते हैं कोई बड़ी बात। बड़ी बात नहीं होगी। लिख दो। राइट डाउन ऑल योर थॉट्स एंड आप अपने आप को फिर यू विल फील मच लाइटर। सो इट वोंट गो राउंड एंड राउंड। जनरल कर लो। जनरल कर लो। सेकंड इज जो भी आपको कुछ रिलैक्सिंग एक्टिविटी है। अब इंसान की इंडिविजुअल चॉइस है। कोई डीप ब्रीथिंग करता है। कोई मसल रिलैक्सेशन करता है। कुछ विजुअलाइजेशन करता है। कुछ तो करो ताकि यू काइंड ऑफ़ काम
(1:17:09) द सिस्टम डाउन। देन यू विल बी एबल टू स्लीप बेटर। राइट? बेसिकली वो थॉट्स को थोड़ा सा साइड करके थोड़ा सा थोड़ा साइड करो एंड काम द ब्रेन डाउन राइट एंड डोंट फोर्स योरसेल्फ टू स्लीप एक आजकल एक बहुत ट्रेंड एक और देखा है मैंने आज रिसेंटली हम कि नहीं नहीं ये टाइम है सो आई हैव टू स्लीप 10:00 बजे 10:30 11 जो भी आप डिसाइड करते हो पर नींद नहीं आ रही है बट यू हैव टू फोर्स योरसेल्फ तो फोर्स करने में तो नींद नहीं आएगी स्टार्ट क्रिएटिंग मोर एंजाइटटी ओके तो सेट अप डिम लाइट रखो सेट अप रीड समथिंग अगेन फॉर 15 20 मिनट मिनट्स पढ़ सकते हो आप
(1:17:43) कुछ भी। अब यह है कि लुक अभी रिसर्च आई है। अभी किडल में भी पढ़ सकते हो अगर बुक्स नहीं है बट किडल बिकॉज़ इट डजंट अलाउ यू टू कीप स्क्रोलिंग। हम तो पढ़ लीजिए थोड़ी देर 10-15 मिनट और निकाल दो। देन पुट इट ऑफ एंड देन डू योर डीप ब्रीथिंग अगेन। ओके। मैम मुझे याद है जैसे मैं तो मुझे जब रात को नींद नहीं आती थी तो पंजाब में भी नानी कहती थी राम राम राम बोलो। हां। अब जैसे आई यूज्ड टू डू इट। और मुझे आज लगता था सही में और मैं बोलता था नींद आ जाती थी। इसको साइंटिफिकली कैसे क्या समझते हैं हम? सो इट इज अगेन दैट आपने अपना माइंड पहले तो नींद ना आने से हटा दिया।
(1:18:18) हां हां करेक्ट। ठीक है। सो द बिगेस्ट [गला साफ़ करने की आवाज़] कल्पेट इज दिस। हां कि मेरे को नींद टूट गई। मेरे को नींद टूट गई है। मैं क्या करूं? तो वो मेरे पेशेंट्स खा के गोलियां खाते रहते हैं फिर रात को। सेकंड इज यू हैव टेकन टू सम मंत्रा और सम काइंड ऑफ रिलैक्सेशन व्हिच यू हैव पुट इट इंटू दैट एक्टिविटी। द ब्रेन विल गो टू स्लीप। ओके। हां। हां यू कामिंग योरसेल्फ बेसिकली ना राइट। सो द मोमेंट यू काम योरसेल्फ यू विल स्टार्ट कामिंग एंड द ब्रेन विल एंटर इंटू स्लीप अगेन। सो आप अपने पेशेंट्स को क्या बोलते हो? अगर बीच में उठ गए तो क्या करो?
(1:18:48) सो कई तरह के लोग आते हैं। सो डिपेंड्स कि क्रॉनिक प्रॉब्लम है, माइल्ड प्रॉब्लम है। सो आई थिंक मैं तो उनको ज्यादातर यही कहती हूं कि उससे फाइट मत करें। हम अगर तो लगता है कि 10-15 मिनट में आ गई। ठीक है। नहीं आई तो गेट अप एंड सट अप। फिर हम कहते हैं कि एक एरिया बनाओ अपना जिसको हम एक हेवन बोलते हैं या मेरा एरिया या मेरा सुकून जो भी मिले वहां जाके बैठ जाओ। पुट योर लेग्स अप कंफर्टेबली। सट इन अ चेयर। कीप सम थिंग्स नेक्स्ट टू यू। दैट रूम विंटर में शुड बी वार्म। समर में शुड बी नाइस एंड कूल। एंड यू सट एंड लिसन टू समथिंग। और जस्ट सट एंड राइट समथिंग डाउन।
(1:19:24) अगर थॉट्स हैं और जस्ट डू सम डीप ब्रीथिंग। ओके? बेटर रहिए वहां पे आधा पौना घंटा। कुछ नहीं होने वाला। हम एंड जब लगे में नींद आ रही है देन कम एंड स्लीप। बट फाइट नहीं करें उसके साथ कि शायद नींद आ जाए, शायद नींद आ जाए। बेड में लेटे नींद आती है। जैसे हम कई बार होता है ना कि इस तरफ करवट ले, इस तरफ करवट ले, नींद नहीं आ रही। सो हाउ टू नो दैट नींद आ रही है या नींद नहीं आ रही? कोई इट्स इन अ वे यू विल जस्ट स्टार्ट फीलिंग रिलैक्स्ड एक्चुअली। हां तो अपना कई लोगों को कंफर्टेबल पोजीशन चाहिए। बट यूजुअली एंड थोड़ा टाइम लगता है अगर सोचा
(1:19:56) जाए। इनफैक्ट साइंस भी यही कहती है कि 10 15 20 मिनट लगते हैं नींद आने में। तो देयर इज़ नो नीड टू पैनिकिक। इनफैक्ट रिवर्स ट्रू है कि जो कहते हैं ना कि समटाइम्स द वाइफ्स आर सेइंग दैट मैं तो कुछ बोल रही थी वो सिर पिलो पर रखा और सो गए हम सो दैट गोस टू शो कि स्लीप डेप्रवेशन है इतनी स्पीड से नींद आना मतलब बॉडी बहुत ज्यादा नींद मांग रही है तो आपकी नींद आपकी तो दैट्स टू फास्ट सो जस्ट डू योर ब्रीथिंग और जो मंत्र व्हाटएवर वो नींद आ जाएगी आपको राइट कंफर्टेबल पोजीशन होती है कोई इन रियलिटी सो यूजुअली कहा मतलब हम जो कहते हैं बैक
(1:20:33) पे नहीं सोना। बैक पे सोने से थोड़ा सा एयरवे का प्रॉब्लम आ सकता है। साइड्स आर ऑलवेज बेटर एंड उसमें भी देखा गया है टुवर्ड्स प्रोब्ली द लेफ्ट साइड इज अ लिटल बेटर। देन सम पीपल हैव नेज़ल प्रॉब्लम्स। उनको नोज ऑब्ट्रक्शन, नेजल एलर्जीस रहता है। वो देखना होता है कि किस पर्टिकुलर साइड पे आपको कंफर्टेबल हो। एंड हल्का सा हेड एंड थोड़ा सा ऊपर रखें। बहुत नीचे फ्लैट नीचे नहीं होना चाहिए। सपोर्ट होना चाहिए जस्ट टू कीप योर नेक अ लिटल सपोर्टेड। मैंने कहीं आई डोंट नो ये सच है कि नहीं। पर सोते वक्त पैरों में अगर तकिया रखते हैं तो उसे हार्ट अटैक नहीं
(1:21:07) आता। ये सच है। ऐसा कुछ होता है? नहीं आई डोंट थिंक ऐसा कुछ होता है। बट आई थिंक पॉसिबबली मे बी टू हेल्प द सर्कुलेशन अ बिट बिकॉज़ दीज़ आर डिपेंडेंट पोर्शनंस। आई एम नॉट अवेयर ऑफ़ एनी साइंस बिहाइंड इट। ओके। बट आपके आप ऐसे रेकमेंड करते हो किसी को पैरों में। नो नॉट रियली अनलेस पैरों में बहुत स्वेलिंग है और समथिंग लाइक दैट पैर दोज़ काइंड ऑफ़ पीपल वी से टू एलिवेट योर फुटेड अदरवाइज नहीं ओके राइट स्वेलिंग के लिए कहते हैं राइट अमनदीप डॉक्टर साहिबा हमारे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स होते हैं प्रिपरेशन करते रहते हैं और उस दौरान स्ट्रेस एंजायटी डिप्रेशन मैनेजमेंट रिलेटेड सब
(1:21:45) कुछ होता है तो आप बताएं कि किस तरह से हम रिलैक्स कर सकते हैं ड्यूरिंग स्टडी और कंसिस्टेंट कैसे रह सकते हैं या तो आई हैव लॉट ऑफ दी पीपल जो यहां कई स्टेट्स ऑफ इंडिया से आके बैठे हुए हैं। एंड दे आर प्रिपेयरिंग फॉर दी एंट्रेंसेस। खासकर ये जो सिविल सर्विज एग्जाम है ना ये तो बहुत लंबे चलते हैं। एंड पीपल जस्ट सिट हियर। हम और इनकी रूटीन इज टोटली गॉन बैड। एंड इनकी स्लीप [गला साफ़ करने की आवाज़] जस्ट गोस टोटली बैड। हम इनका हम सेम ही बोलेंगे कि आप अपने दिन का स्ट्रक्चर बिल्कुल टाइट रखो। देखो कोई भी इंसान 16 घंटे, 18 घंटे फुल
(1:22:19) कंसंट्रेशन के साथ नहीं पढ़ाई कर सकता। हम तो आप अपनी पढ़ाई के बीच-बीच में गैप्स रखो। अपनी एक्सरसाइज रूटीन मस्ट रखो और खाने का ध्यान रखो। दैट यू ईट न्यूट्रिशनल मील्स एंड फिक्स टाइम्स। तो देन यू आर एक्चुअली प्रोडक्टिविटी एंड लर्निंग कंसंट्रेशन इंप्रूव हो जाएगी। बट अगर हम सारा दिन वो किताब के साथ बैठे रहते हैं। रात को फिर 2:00 बजे तक खाना खाते हैं और फिर सुबह उठ नहीं पाते हैं। फिर कंसंट्रेशन नहीं है तो वो साइकिल गड़बड़ है। अपनी रूटीन को फिक्स करना पड़ेगा। तो यू विल फील मच बेटर। रात को कोई अपने ब्रेन को परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए क्या
(1:22:52) कर सकता है? फॉर एग्जांपल इफ टुमारो आई हैव अ टेस्ट और कल मुझे एक इंपॉर्टेंट मीटिंग के लिए जाना है। एक एक कॉम्पिटिटिव मेरा कुछ है तो रात को क्योंकि रात इज़ वेरीेंट है। वो एक रात जिंदगी बदल सकती है। क्या करें? तो पहली बात तो जो लोग क्या करते हैं? वो क्या करेंगे? रात भर पढ़ेंगे। सो दैट इज अ फर्स्ट किलर। इट्स अ नो नो। अगर कल एग्जाम है तो रात को नहीं पढ़ना चाहिए। नहीं ना। तो जो आपने पढ़ा ना वह तो हम कहते हैं जो हमने दिन में पढ़ा वह रात में कंसोलिडेट होता है। लाइक सीमेंट होता है। हम तो अगर आप पढ़ते-पढ़ते पढ़ते चले ही गए तो
(1:23:24) वो सीमेंट तो हुआ ही नहीं। इट माइट गेट वाइप्ड आउट। वो जो ब्रेन ब्लॉक नहीं बोलते कि मैं बैठा पेपर क्वेश्चन पेपर आया बट लगा मुझे कि मेरा क्लियर हो गया ब्रेन। हम नथिंग गॉट स्टर्ड। हम तो उसको सीमेंट करके स्टोर करना है ना। हम सो दैट्स वन। नाउ इफ यू हैव अर्जेंट मीटिंग और यू वांट टू बी एट योर बेस्ट अगर साइंटिफिकली बोला जाए तो कैसे होगा इफ यू आर वेल रेस्टेड हम योर ब्रेन इज यू आर वेरी रिलैक्स्ड आल्सो एंड यू आर वैरी शार्प सो दैट विल ओनली हैपन अगर आपकी स्लीप की कंसिस्टेंसी क्वालिटी सब ठीक होगा एंड यू विल बी काम सी इफ यू गेट वेरी
(1:24:00) हैजिटेटेड दैट विल स्टार्ट इंपेयरिंग योर कंसंट्रेशन एंड योर वर्क तो ऑल दोज़ थिंग्स मैटर अ लॉट अगर रात तक आपने 2:00 बजे तक पढ़ाई करी। कॉर्टसोल लेवल्स आर वेरी हाई विल बी ओवरस्टिमुलेटेड। सो वी से द सेम थिंग कि इनफैक्ट अच्छी मीटिंग अच्छे एग्जाम के पहले ऑल द मोरेंट रीज़न इज़ कि मैं अच्छी रेस्ट फुल स्लीप करूं। नॉट द अदर वे राउंड कि मैं जाग के चला जाऊं। लास्ट मिनट कुछ नहीं हो सकता। जितना पढ़ लिया बहुत है। अपने ऊपर विश्वास रखो। हम राइट? जैसे केसेस भी काफी बीच में हम सुनते हैं कि रात को सोते-सोते हार्ट अटैक आ गया। ये कैसे हो जाता है?
(1:24:42) सो मल्टीपल थिंग्स देयर इज अगेन द सेम द कांसेप्ट नाउ एक्चुअली दो चीजों पे आ गया सारा घूम फिर के सारी वेदर इट्स हार्ट डिजीज और ब्रेन डिजीज वन इज़ अ सिंपैथेटिक्स ड्राइव बहुत बढ़ गई है लोगों में। इसका मतलब होता है कि सारा टाइम योर हार्ट इज़ जस्ट पंपिंग अवे। बीपी इज़ जस्ट शूटिंग अवे। एंड इंटरमिटेंट यू हैव स्पर्ट्स। हम सो दोज़ आर द रेस्टफुल पीरियड चला गया। सो पैरासिंैथेटिक इज़ थिंग व्हिच कम्स यू डाउन। दिस योगी इज़ दिस डीप ब्रीथिंग व्हिच वी डू इज़ ऑल टू काम द सिस्टम। सो इनका रात को देन दोज़ स्पर्ट्स आर कमिंग व्हिच इज़ कमिंग। सो दैट्स व्हाट्स हैपनिंग। द होल
(1:25:15) फिजियोलॉजी इज़ चेंजिंग। सो दैट्स व्हाई इट्स वैरी रिस्की। स्ट्रोक्स आर आल्सो हैपनिंग एट नाइट। हम सो द सर्टन [गला साफ़ करने की आवाज़] स्टेजेस ऑफ़ स्लीप दिस बॉडी के पैराटर्स चेंज अ लॉट। हम सो यू हैव टू मेक श्योर दैट यू नो वी द हेल्थ इज़ जस्ट बीइंग टेकन फॉर ग्रांटेड। हम सोने से पहले ब्रीथिंग करनी चाहिए। ब्रीथिंग करनी चाहिए। आप करते हो? या क्या करते हो बताओ? आई डू द 48 क्या होता है? सो यू इन्हेल फॉर फोर लाइक नहीं नहीं नहीं नॉट फास्टेस्ट हां फोर सेकंड एंड काउंट ऑफ़ फोर होल्ड फॉर सेवन एंड एक्सेल फॉर एट करके देखिए एक बार साथ में। लेट्स डू इट।
(1:25:54) हां। तो यू ब्रीथ इन थ्रू फर्स्टली यू एम्प्टी योर [गहरी सांस लेने की आवाज़] निकाल दिया वो। फोर से एट सो द काउंट ऑफ फोर यू इन्हेल सेवन यू काइंड ऑफ़ होल्ड इट एंड एट यू एक्सेल सो द थिंग इज कि दी एक्सपिरेशन इज़ लगर देन द इंस्पिरेशन। सो यू वाश आउट ऑल द कार्बन डाइऑक्साइड एंड दे से आल्सो यू वाश आउट ऑल द नेगेटिविटी। हम् सो, एक यह ब्रीथिंग है, एक बॉक्स ब्रीथिंग है। अह बॉक्स ब्रीथिंग इज़ ऑल फोर फोर फोर फोर। दैट यू इन्हेल फॉर फोर। होल्ड फॉर फोर।
(1:26:39) एक्सेल फॉर फोर एंड एंड होल्ड फॉर फोर। सो दीज़ टू थ्री टेक्निक्स दे एक्चुअली स्टिमुलेट योर पैरासिंैथेटिक सिस्टम। सो अगर आप दो-ती मिनट 4 मिनट करो तो द ब्रेन विल स्टार्ट द थॉट्स विल स्टार्ट काइंड ऑफ गोइंग ऑफ एंड यू विल स्टार्ट कमिंग डाउन। हम सो एवरीबडी इन दिस डे एंड एज द ब्रेन इज़ वैरी एक्टिव। अब मतलब वो तो टाइम गया कि हम बैठे हैं और कहें कि हम सोचेंगे नहीं। वो तो नहीं होगा। सो यू हैव टू रिप्लेस दिस विद एन एक्शन। सो दिस ब्रीथिंग बिकम्स एन एक्शन एंड देन इट विल हेल्प यू टू काइंड ऑफ़ फिल्टर ऑफ द थॉट्स एंड जस्ट गेट रिलैक्स्ड।
(1:27:18) स्लीप डिवर्स क्या होता है? स्लीप डिवोर्सेस रिसेंटली एन आर्टिकल ऑन दिस। दिस इज वैरी कॉमन दैट टू पीपल आर स्लीपिंग इन सेपरेट बेडरूम्स। हम और होना तो नहीं चाहिए ना ऐसा। नहीं होना चाहिए बट आई थिंक इट ऑल डिपेंड्स कि क्या इशूज़ हैं जो आपको अलग कर रही हैं। तो यू कैन इफ यू कैन वर्क ऑन इट। तो एक सपोज है एक कॉमन चीज व्हिच इज कमिंग अप इज़ स्नोरिंग। हम वो इतना लाउड है, इतना लाउड है कि समव से या तो मैं पहले सो जाऊं और अपनी एयर एयरप्स लगा लूं। तो आई एम लकी अगर मेरी लेट हो गई तो मेरी नींद तो पूरी रात गई। हम बिकॉज़ देन एक तो शी स्के साउंड प्रॉब्लम
(1:27:57) एक शी स्केर्ड बिकॉज़ वो सांस बीच में रुकता है देन शी कीप्स टर्निंग हिम। राइट राइट? सो देन पीपल मूव आउट। सेकंड इज़ समटाइम्स इज़ द टाइमिंग। सो लाइक अब शिफ्ट वर्क हैज़ सपोज़। समबडी इज़ कमिंग इंटू द हाउस एट 34 am. एंड द अदर स्पाउस इज़ स्लीपिंग एट दैट टाइम। सो देन पॉसिब्ली दैट इज वन। सो दीज़ आर सम अदर थिंग्स बट यस अदरवाइज टू फिगर आउट व्हाट इज द रीज़न। सो स्नोरिंग वाला तो हम कहते हैं कि आप टेस्ट करा लो, सीप लगा लो, यू विल कम बैक इनू द सेम बडरूम। हम टाइमिंग वाला बिकम्स एन इशू यू नो समथिंग बट सम आर जस्ट प्योर एंटरटेनमेंट कि मेरे
(1:28:27) को रात के 2:00 बजे तक टीवी देखना होता है। शी हैज़ टू गेट अप फॉर द चाइल्ड फॉर स्कूल। सो वी आर सो इट डिपेंड्स। राइट? राइट। सो अगर मैम आज के एपिसोड को हमें समराइज करना हो कि आज कोई भी जो स्लीप को अपनी बेटर करना चाहता है तो मैंने जैसे दो पॉइंट्स लिखे हैं। आप आगे मुझे और थोड़ा सा हेल्प करें समझने में। वन इज कि एक स्लीप साइकिल फिक्स्ड होनी चाहिए कि जिस टाइम आप सो रहे हैं, उठ रहे हैं वो टाइम फिक्स्ड होनी चाहिए। एक कि रात को नो लेट स्लीप क्योंकि आपकी बॉडी सूर्य की जो किरणें हैं उसके साथ मैच होनी चाहिए। थर्ड इज सोने से पहले और उठने के
(1:29:07) बाद एक घंटे तक मिनिमम फोन ना यूज किया जाए। ऑटो स्क्रीन्स व्हाट एल्स ड्यूरिंग द डे उसकी रूटीन। सो ड्यूरिंग द डे यू हैव गुड एक्सरसाइज जब तक हम एक्टिविटी मूवमेंट नहीं करेंगे हमारी डीप स्लीप नहीं बढ़ेगी। अच्छा ओके। डीप स्लीप के लिए मूवमेंट जरूरी है। मूवमेंट जरूरी है। हां। ओके। एंड देन इज़ दिस स्टिमुलेंट्स। कॉफी है, कुछ है। कितने बजे लेना है, कितने कप लेना है? सो वी डिट टॉक मच अबाउट अल्कोहल। दैट्स अ बिग स्लीप डिसररप्टर। ओके? सो ऑल दोज़ थिंग्स आरेंट। सो मैं अगर मेरे को रात अच्छी चाहिए, फोकस ये है कि मैं दिन से स्टार्ट करूं।
(1:29:43) हम रात तक आने में तो इट्स टू लेट कि अब मैं क्या करूं? हम तो जब मैं उठूं तो मेरी मॉर्निंग रूटीन क्या है? मेरी डे की रूटीन क्या है? मेरा एक्सरसाइज टाइम क्या है? कॉफी कितने बजे है? रात को प्री बेड टाइम क्या है? फिर नींद आ जाएगी। ठीक? राइट? टाइम फिक्स्ड होना चाहिए। तो क्या टाइम एक आइडियल टाइम आपके हिसाब से? सो आई डील सी अगेन इट्स योर बॉडी टाइप। अब कुछ लोग अगर 9 10:00 बजे सो रहे हैं तो सुबह उठ जाएंगे 4:00 बजे। तो दैट्स फाइन। 5:00 बजे। बट अगर आप 11:00 बजे सो रहे हो तो आपको अगर 7:00 बजे उठ रहे हो तब भी ठीक है। बट दैट्स फाइन। आई मीन वी डोंट वांट टू बी सो
(1:30:15) रिजिड। और एक और बात है कि हम जो आजकल की लेटेस्ट साइंस है कि डोंट मेक स्लीप अ बिग थिंग। हम सो जो लेट इट कम नेचुरली एंड इट वास समथिंग वी वर बोर्न विद हमें पता ही था ना हम कैसे सोते हैं। तो अब हम सीख क्यों रहे हैं सोना? एंड [नाक से की जाने वाली आवाज़] दिस इज रियली इंटरेस्टिंग। आई हैव फाउंड इट रियली नाइस। आई थिंक आई हर्ड इट। आई सेड यू नो इट्स रियली ट्रू। मतलब वी आर नाउ लर्निंग हाउ टू स्लीप। इट्स लाइक लर्निंग हाउ टू वॉक। मे बी आई थिंक बिकॉज़ जो उसके साथ हुई है। हां बिकॉज़ वी प्लेड फूल विद इट ना। हमने उसको काटते काटते ले गए हैं आगे।
(1:30:50) या एंड नाउ व्हेन एक्चुअली पीपल कम एंड मैं उनको पूरा वो साइकिल करवाती हूं कि आप सुबह से उठ के क्या करें? क्या करें रात तक। वो सामने हो जाता है कि मैं मतलब कुछ भी ठीक नहीं कर रहा हूं ना। हम मैं थक गया मैं लेट गया मैं थक दिन में तो थक गया लेट गया राइट एज अ स्लीप एक्सपर्ट इफ दे वन पीस ऑफ़ एडवाइस जो आप सबको देना चाहते हैं टू कंक्लूड दिस एपिसोड एक तो बेसिकली डोंट टेक इट लाइटली इट इज अ वेरी बिग व्हाट वी नाउ कॉल एज अ फाउंडेशनल पिलर फॉर हेल्थ तो नेगलेक्ट नहीं करें हम एंड सेकंड इज़ जस्ट वर्क ऑन सेटलिंग इट योरसेल्फ बट आई थिंक आप फोकस करना रेड
(1:31:27) फ्लैग्स पे कि कब हेल्प लेनी चाहिए सो कुछ हद तक जरूर अपने आप सब लोग 80% विल सॉल्व इट 75% विल सॉल्व बट जो नहीं हो रहा तो सीक हेल्प फास्ट 10 साल नहीं वेट करो हेल्प लेने के लिए हम और ये रेड सिग्नल अगर कंसिस्टेंटली प्रॉब्लम आ रही है नहीं ठीक हो पा रहा आपके जो बातें सुनने से जैसे सपोज स्नोरिंग है नहीं ठीक हो रही तो देन टेक हेल्प अगर आपको नींद नहीं आ रही आप गोलियों की तरफ मत जाओ टेक हेल्प हम अगर आप उठ के रात को गिर रहे हो बार-बार तो टेक हेल्प राइट मेक सेंस लोग हेजिटेट होते हैं आई थिंक थोड़ा डरते भी नो आई थिंक दो चीजें
(1:32:01) हैं। एक स्टिल पीपल डोंट नो वेयर टू गो। आई हैव सीन इन माय प्रैक्टिस इन दिल्ली। मैं तो स्टयर्स टू सिटीज आई डोंट इवन नो। दे जस्ट डोंट नो दे कीप्स है। जाना कहां है? कभी जीपी के पास चले गए, कभी इधर चले गए, कभी उधर चले गए। वो बंदा उनको घुमाते रहते हैं। राइट। सो आई थिंक दीज़ अवेयरनेस चीजें जो हो रही है ना। सो दैट्स हाउ पीपल फाइंड मी। राइट राइट। बट थैंक यू सो मच। फॉर सच अ प्लेजर। आज का पूरा शो देखने के लिए दिल से शुक्रिया। एपिसोड कैसा था मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। चैनल को सब्सक्राइब भी अवश्य करें क्योंकि सुपर टॉक्स एक मूवमेंट है जो हमारे देश का
(1:32:33) भविष्य उज्जवल बना रहा है।

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