Friday, February 27, 2026

osho ~ Syllabus to Celibacy ~ సెక్స్ తృప్తి క్షణికం-ప్రేమ తృప్తి అధికం-ప్రేమ పాఠాలతో బ్రహ్మచర్యం.

osho ~ Syllabus to Celibacy ~ సెక్స్ తృప్తి క్షణికం-ప్రేమ తృప్తి అధికం-ప్రేమ పాఠాలతో బ్రహ్మచర్యం.

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=Ftqjwfh20GA



Transcript:
(00:01) सेक्सन अधिगम लैंगिक शक्ति रूपांतर पिंची ब्रह्मचर्य सोपाना अधिर चंदु को मन मंद प्रेमा ध्यानम अने र मार्गा उनाई वाटलो मीर य मार्गाने एच कुना ब्रह्म चर्या साधि चवच इ मनम प्रेम मार्गम गुरिंची तेलस कुंदा तल्ली द्रु तम पिलक चिन्न पट नचे एला प्रेम चालो र्प चाली कानी प्रेम बोधि चडम वल्ला अद शृंगार प्रपंचा की दार ंदने भयम अंदर लोन उं कानी आ भयम निराधार मद सेक्स बोधन प्रेम दार तीस्ता मो कानी प्रेम बोधन लैंगिक प्रे
(00:50) पिंच प्रेम लो मनिष तगा एगते अंतगा आ व्यक्ति लो लैंगिक शक्ति प्रेम रूपांतर चंद अंते काद आ प्रेमा अंदर की पंच बंद प्रेम तकव उन व्यक्ति लो सेक्स भावन एकक वगा उडम तो पाट द्वेषम पगा कोड़ा चाला एकक वगा उई अंते काद अलाट वारीलो असूया पोटी तत्वम अशांति वंट बाध एककुवागा पेरक पताई अलाट वनी बैट पड़ें को वारिकन एकैक मार्गम सेक्स प्रेमा मलोनी शक्लन प्रे पिंची अ बैट पडेला ंद ंद कंटे प्रेम ओ प्रवाह अंते काद अदि चाला सृजनात्मक मनद
(01:43) अंद के अदि प्रवाहित संतृप्ति निंद सेक्स द्वारा लभ संतृप्ति कन्ना प्रेम द्वारा लभ संतृप्ति चाला ढंग ं लवन ंद रत्ना तिलो उनवा रा र कोस आनल गाने प्रेम दवारा लचे संतृप्ति रुचि मगन वारु मर प्रयम कोसम डदर चर द्वेष तो न मनिष संतृप्ति एटकी लचक पोगा अत अटनी ध्वंस चस्ता ना अतन संतृप्ति लच सृजनात्मक लोने मनिष संतृप्ति लस्तु असूया परड प्रति दानि तोन पोराता यंत पोडिना अतन की संतृप्ति लभ चद
(02:34) केवलम इड द्वारा पंचम द्वारा संतृप्ति लस्तु कानी स्वीक चडम द्वारा लां संतृप्ति लभ चद अंते काद दोच कोव द्वारा कोड़ा लांटी संतृप्ति लभ चद घर्षण को पोरान की लोन वाडे दूप चस्ता दुरा परड ओ पदवी नंची मरक पदवी कोसम परगल पडत उं आना अतन की शांति लभ चद प्रेम यात्र लो पै निचे वान के शांति लस्तु अंते कानी पदवी अधिकार कोसम पेगुला वार की य मात्र शांति लभ चद प्रेम निन व्यक्ति लो संतृप्ति मेंगा उंदी अंते काद
(03:20) संपूर्णम आनंदा अनुभूति अतन प्रति अण लोन प्रवाहित उंट परमानंद भारतम संतृप्ति अतन चट्टू व्याप उं अलाट व्यक्ति सेक्स जोल की पड ंद कंटे सेक्स द्वारा कोनी क्षणामे लचे संतृप्ति लां इप अतन की प्रेम द्वारा रोज अंता लस्तु प्रेमिम प्रेम समर्पिंचू प्रेम दीक्ष प्रारंभ को केवलम मनुष मात्रे प्रेमल अवसरम लेद निरंतरम प्रेम लोने उटू अटनी मनम प्रेम स्त उमे प्रेम दक्ष
(04:11) परमावतार व मित्र नट गाने शत्रु को ताक गलगा ंतत मंद जीवन ले वस्तु सतम ं प्रेम चूंट कंत मंदी जीवम मनुष सतम वस्तु कना नंग चस्ता द्वेष तो निन व्यक्ति जीवम मनुष सतम वस्तु वला चस्ते प्रेम निन व्यक्ति जीवन लेने वस्तु सतम प्राण प्रद चूस कुं ओ जर्मन यात्रिक महानुभव फकीर दर्श कुंदक वड प्रयाणम लो अलस पन अतन चाला चिका कुगा विस कुंटू बूटन विी मूलक विसरे ए दुरगा मूस
(04:59) तलप कातो तो बल तनी रची लोप की प्रवे शिंची फकीर को नमस्कर चाड अप फकीर अतन तो वद ने नमस्कारा ना अकर लेद मुं वेल्ली आ तलप को नी बोटल को क्षमापन चिरा अना दानि अतन मीक मंदी तलप को बटल को क्षमापन चेप मंटी वाट जीवम मुंदा अ अगा दानि फकीर अत तो तलप नप बूट विसरे नप वाट जीवन लेद अन् विषयम नीक गुर्क राले कानी ने वाट क्षमापन चमन मात्र आ संगति नीक र् तोंद बूट येदो त चेसन विसरे साव तलप नेक
(05:46) शत्रु टल द तनी तेव इला नी कोपानी वाटप प्रदर्श चाव वाटलो जीवलगा न टले लेका ना वाटप नी कोपानी प्रदर्श गग वाट क्षमापन ें न सिद्ध पडल वस् काब मु वे वाट क्षमापन चिरा अंत वरक ने नी तो मालाड अना फकीर ओ गप्प व्यक्ति कलस कोवन एं दूर ंची चाला कष्ट पड़ वना तान इं चिन्न विषयम कारण आयन तो मालाड कुंड वे पवम समंस कादन लची फकीर लगाने तलप दग ली नमस्कार पे कोपलो नि अनवत त बाध पेन न मच अ डकना अगे
(06:37) अत बोटल दग को ली तुल जोडि मित्र मम्म मोलक विसी अवमान परन ना तन मंच अ डकना इला चेसन वेंटने अतन मनसु अलज मायम अनिर्वचनीय प्रशांत चोट चेसट अतन ंद तलप बोटल क् नं मात्र इं प्रशांत लस्तु अत हिंच लेक पया विष नी अतन तन यात्रा विशेषा पुस्तकम लो रास कुना मतान की क्षमापन तंतु मुंची फकीर वद व कर्चना वेंटने फकीर अत चूसी नवत इ नाक बांद मनम इ हाईगा मालाड कोव न नी
(07:27) प्रेम कास्ता पंचम द्वारा ं तेलिक पडाव नीलो चोट चेसक निर्मलम प्रशांत नाक कनि पस्तो न ना दार लोक वव इ नेन चिना न अर्धम ंव इ मनम हाईगा मालाड कुम अना अंद जर्मन त्रक विनम्र तल ड तन माटल श्रद्ध विनेक सिद्ध उना अतन तो फकीर इला डम प्रारंभ चाड मनम केवलम मनुष मात्रे प्रेम सरि पोद निरंतरम प्रेम लोने उू अटनी प्रेम चाली प्रेम गलगा प्रेम अटे अद प्रति रू तल्लीनी प्रेम चाली अ
(08:14) चडम वातवा की प्रेम सरिगा अर्थम चेस कोनले ंद कंटे अला लसन अवसरम लेद अलाग ने नी तल्लीनी नि पेच पदवा चेन काब न न प्रेम अ तल्ली ने नी तंदिनी नि चाला प्रेम तो चूस कुन अकनी न न प्रेम चाली अ ंडी अनम सरी काद ंद कंटे तमन प्रेमचंद को काब अंक अटू तल्ली द्रु ो कारल नार प्रेमक काब अंद वं कारल जोड़ डम ने अ संपूर्णम प्रेम लेद ंव असल अला कारल डम ने अक प्रेम मुग पोइ
(09:04) अर्थम ंद कं प्रेमक लां कारण उद अलाग प्रेम एडू लांटी कारणं पैना आधार पद अला आधार पड़े प्रेमा असल प्रेम काद बलवंत मी म एवनी प्रेम ओवेल प्रेम उटल प्रवर्ती चिना अद टने अंद ने नी तल्लीनी काब न प्रेम चाली अ तल्ली बिड को बोधि अद सरना बोधन काद प्रेम बोधि चम प्रेमक येवो कारल चमनी काद प्रेमचंद को कावलन चक्कनी वातावरणातील तन बिड तो इ नी जीविता की
(09:55) भविष्यत को नी संतोषा की संबंधियों नी नी जीवित लो न वेले दार ए दुर प्रति दानी प्रेम स्त उंडू अदि पु काव राय काव मनिष काव जंतु काव अला ए दैना काव न प्रेम पंच नावा ले अने मात्रे अकक मुख्यम काद न निरंतरम प्रेम पूर्वक उनावा ले अने दे अक मुख्यम न एला प्रेमना अने दानि पैने नी भविष्य आधार प अलाग नी जीवित लो आनंदम कोड़ा नी प्रेम स्थाई पैने आधार पड़ उंदी अ प्रति तल्ली तन बिड को बोधि चाली अपड़े पिल्लु प्रेम
(10:43) मार्गलो प्रयाण चडम एलागो तेलस कोंटार

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