Why You Should Marry a Mumma’s Boy? ft. Gaurav Chhabra
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Title: Why You Should Marry a Mumma’s Boy? ft. Gaurav Chhabra
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Gaurav Chhabra gets brutally honest about why families are walking away from good matches over a kundli, a destination wedding, or one awkward first visit and why most marriages today break over things that should never have mattered.
From indirect dowry demands disguised as "our elder son got a plot and a Mercedes" to the "mumma's boy" label that ends engagements, from parents hesitating to send their daughter to Canada to a remarriage collapsing over a lavish wedding, Gaurav and Gunjan unpack kundli fears, lifestyle gaps between families, mother-in-law dynamics, third-party interference, and why 8 out of 10 profiles they see today are remarriages.
Twenty years married on just six matching gunas this one is a reminder that marriages don't run on horoscopes; they run on understanding.
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About Gaurav Chhabra
Gaurav Chhabra is the Founder of Royal Matrimonial Services (RMS) and India's No. 1 Matchmaker, renowned as a matchmaking expert and relationship consultant with over 20 years of experience. Having contributed to 25,000+ successful marriages, he shares valuable insights on marriage, compatibility, relationships, and modern matchmaking.
Through his expertise and experience, Gaurav helps individuals and families make better relationship decisions by emphasising trust, understanding, and emotional compatibility.
His mission is simple: To Keep Marriages Alive.
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Royal Matrimonial Services (RMS), founded by India's No. 1 Matchmaker, Gaurav Chhabra, in 2006, is a trusted premium matchmaking service in India dedicated to helping individuals and families find compatible life partners. With 25,000+ successful marriages, RMS focuses on personalised matchmaking by understanding values, preferences, family expectations, and long-term compatibility.
With years of expertise in marriage matchmaking and relationship guidance, RMS goes beyond profiles to create meaningful connections built on trust, understanding, and emotional compatibility.
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© Royal Matrimonial | Gaurav Chhabra
Transcript:
(00:00) कल एक फैमिली आई छोटे बेटे का रिश्ता लिखवाने। दो बेटे हैं उनके। और उन्होंने कल बताया मेरे को कि बड़े बेटे की शादी में प्लॉट मिला, Mercedes मिली, यह मिला, वो मिला। यह इनडायरेक्टली दहेज है। वो आपको बताना चाह रहे थे परिवार 19-20 चल जाएगा बट उनका बजट वैसा होना चाहिए कि जो छोटे बेटे के लिए आप रिश्ता देखोगे, वो इस लेवल का हो। एटलीस्ट वो भी इस टाइप का गिफ्ट हमें दे पाए। और एक फैमिली है। उनको गुड़गांव का ही रिश्ता चाहिए था। रिश्ता गया कनाडा का। दोनों परिवारों को एक दूसरे का परिवार बहुत अच्छा लग रहा है। पर लड़की वालों को
(00:33) यह लग रहा है कनाडा भेजना चाहिए या नहीं भेजना चाहिए। देखो अगर रिश्ता अच्छा लग रहा है और दिल मैच कर रहे हैं तो मैं तो यह कहता हूं कि रिश्ता कर देना चाहिए। आज की डेट में गुंजन रिश्ते अच्छे मिलना मेन बात है। लेट्स सपोज उनके पड़ोस में भी रिश्ता हो जाता है। कल वो लड़का बाहर चला जाता है तो क्या वो लड़की के मां-बाप उसको रोक सकते हैं? अगर परिवार ठीक है, लड़का ठीक है, दोनों बच्चों की वाइफ ठीक है तो बेटी को बाहर भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। पर आजकल आप घर आके मेरे को बताते हो कि गुंजन 10 में से आज आठ रिश्ते तो डिवोर्स बच्चों
(01:04) के आए थे। तो यह क्या कारण है? एक फैमिली है गौरव। मीटिंग करके आए हैं। दोनों फैमिलीज़ को एक दूसरे का परिवार बहुत अच्छा लग रहा है। दोनों बच्चों को आपस में अंडरस्टैंडिंग बहुत अच्छी हो गई है। सोलो मीट भी करके आए हैं। अब कुंडली मिलवाई है तो पंडित जी ने यहां पर बोल दिया है कि दोनों बच्चों की पत्री नहीं मिलती तो वो क्या करें? पत्री तो एक बेसिकली बहाना है। कई बार कुछ और बहाना होता है जिसको जिस वजह से लोग पत्री को आगे ले आते हैं। तो अगर दिल मिल रहे हैं, फैमिली को फैमिली ठीक लग रही है
(01:51) तो यह सब मेजर पार्ट यह है और पत्री का सॉल्यूशन है। अगर पत्री पे कोई बात अटक रही है, किसी पंडित ने अगर कोई वहम डाल भी दिया है। अगर दोनों परिवार एक दूसरे को अंडरस्टैंड करते हैं तो पत्नी का सॉलशंस हैं। कई बार एक अच्छे एस्ट्रोलॉजर को दिखा के जो भी दोष है उसको उस पर बात हो सकती है। उसको उसकी पूजा हो सकती है। बट अगर दो परिवारों के दिल मैच कर रहे हैं तो वो प्रभु मिलवा रहा है। यह समझना होगा। लोग क्या करते हैं कि अपने आप को बड़ा करते हैं। दो परिवारों के दिल मैच कर रहे हैं। दोनों बच्चों की वाइफ्स मैच हो रही हैं। दोनों बच्चों की अंडरस्टैंडिंग मैच हो रही
(02:26) हैं। अरे भाई ये सब कौन कर रहा है? ये प्रभु ही तो कर रहा है। ये एक समझने वाली बात है ना। लोग इस बात को समझते नहीं है। लोग अपने आप को खुदा मानने लग गए हैं कि पत्री नहीं मैच कर रही तो हम आगे बढ़ेंगे। लोगों को ना एक फियर है कि पत्री नहीं मैच कर रही तो इनका डिवोर्स हो जाएगा। पत्री नहीं मैच हो रही तो इनके बच्चे नहीं होंगे। लोग ऐसे एक नाड़ी दोष नहीं होगा तो इनमें नाड़ी दोष नहीं आ रहा है। तो इनका प्रॉब्लम आएगी। आगे बेबी प्लान नहीं हो पाएगा। लोग ऐसी-ऐसी बातें करने लग गए हैं। अरे ऐसा कुछ नहीं है। आप याद करो 20 साल पहले अगर हमारी पथरी की
(02:57) बात करें तो छह गुण मैच करते थे। तो यह होता क्या है कि देखो लोगों के एक बहानाबाजी है जिस वजह से लोग मतलब जब टाइम अच्छा होता है ना अंडरस्टैंडिंग बैठ रही होती है लोग रिश्ते आ रहे होते हैं कई बार झोली अड़ के लोग रिश्ता मांग रहे होते हैं बट उसको ठुकरा देते हैं बाद में वही लोग कंप्रोमाइज इतना करते हैं कि वो मेरे पास ऐसे भी बहुत केसेस हैं जो आज से 10-10 साल पहले के देख रहे हैं। पत्री नहीं मैच कर रही, पत्री नहीं मैच कर रही। एक रजौरी गार्डन की फैमिली जो नेजा परिवार वो आज तक 10 साल से जुड़ा हुआ है मेरे साथ। अच्छा-अच्छा रिश्ता था। पतरी नहीं मैच
(03:31) करी। पंडित ने मना कर दिया। वहमों में पड़े हुए हैं। तो बट मेरा मानना यह है कि अगर अंडरस्टैंडिंग दोनों परिवारों की बन रही है। दोनों बच्चों की वाइफ्स मैच हो रही हैं तो रिश्ते को आगे चलाना चाहिए। बात को बढ़ा बात को आगे चलना चाहिए। और एक किसी अगर मन में वहम आ गया है तो पंडित की बात को ना मान के किसी एक अच्छे एस्ट्रोलॉजर से एडवाइस लें और उस पे कुछ काम करें। लाइक कोई पूजा पाठ करके रिश्ते को आगे बढ़ाएं। रिश्ते को रोके नहीं। मतलब आपका कहने का मतलब है कि जो दोनों परिवार हैं वो पंडित जी के कहने पर बैक आउट ना हो। वो एक अपने ट्रस्ट के साथ
(04:10) प्रभु पर विश्वास करते हुए क्योंकि कोई नहीं मिलाने वाला। मिलाने वाला तो प्रभु है। विधाता है। प्रभु है। हां बेसिकली तो अगर दिल मैच कर रहे हैं तो वो दिल कौन मैच कर रहा है? हम हम किसी के पास जाते हैं बात करने। किसी से मीटिंग करने जाते हैं कि पंडित से बात करके जाते हैं कि पंडित जी यहां जाएं या नहीं जाएं। अगर लोग ऐसा करने लग गए पंडित जी हम आज वहां जाएं हम रास्ते में सही पहुंचेंगे। पंडित जी हम यहां जाएं तो फिर पंडित जी तो पहुंच ही नहीं पाएंगे। हां पंडित जी तो हर रोज व्यायाम डालेंगे नए-नए। आज का दिन ऐसा है। आज का दिन आप यहां मत
(04:40) जाओ। आज का दिन आप वहां मत जाओ। कुछ लोग ऐसे भी हैं मतलब जो भ्रम में पड़े हुए हैं। अगर आप कर्म अच्छे करो पाठ पूजा अगर दिल से करते हो लोगों को यह बात समझनी होगी कि लोग ना ये पत्नियों के चक्कर में पांच-प साल सात-सात साल अपने बच्चों की उम्र बढ़ा रहे हैं और बहाना मार देते हैं कि पत्नी नहीं मैच कर रही। अगर पत्नी नहीं मैच करेगी तो इनकी आगे जाके अंडरस्टैंडिंग नहीं होगी। इनका डिवोर्स हो जाएगा। इनकी अच्छी नहीं बनेगी। अरे भाई डिवोर्स का कारण तो हस्बैंड वाइफ बहुत कम होते हैं। तो बहुत सारे रीज़ंस होते हैं। लोगों सोचते हैं कि इनकी नहीं बनेगी। पहले हम हमारा
(05:18) पंडित जी जो बोल रहे हैं वही हकीकत है। और लोग आगे से ना ये भी बोलने लग गए हैं कि ये जो पंडित जी है ना ये सब सच बोलते हैं। हम हम हमने बहुत बार चेक किया हुआ है इनको। हम तो अरे भाई वो तुम्हारी बात से वो बात का आंसर देते हैं। लोगों को लगता है कि यही सच है। हम बट ऐसा भी तो होता है कि अ एक फैमिली ऐसी भी थी वो उन्होंने बताया कि हमारे दोनों बच्चों के गुण बहुत अच्छे मैच कर रहे थे। और हमने पंडित जी से सब कुछ दिखा के शादी करी थी। शादी बहुत अच्छी हुई थी और एक महीने बाद ही मेरे बच्चे हमारे बच्चे जो हैं दोनों सेपरेट हो गए। हम
(05:56) तो वहां पंडित जी ने बहुत अच्छे से स्टैंपिंग करी थी और यहां पर इस वाले केस में बोल रहे हैं कि पंडित जी की कुंडली नहीं मिलती है। तो दैट मींस कि ऐसा नहीं है मेरे को लगता है कि भ सिर्फ एक पंडित जी के बोलने पर ही हो। अपने दोनों की म्यूचुअली अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए। कहीं कोई हर्डल्स आए तो उसको हम अरे ऐसा होता है। ऐसा आपको याद होगा एक बहुत साल पहले एक पंजाई बाग के परिवार था। वो वैष्णो देवी पंडित से पत्री मिलवा के आए थे। हम और पंडित जी स्पेशल वैष्णो देवी गए दोनों परिवार वो जो मेन गुफा में जो पंडित जी हैं उनसे पतरी मैच करवाने
(06:29) और छ दिन भी शादी नहीं चली थी। हम राइट तो बेसिकली क्या होता है कि लोगों को ये ना पतरी पर बहाना ना मारे दिल मैच करें परिवार मैच करें। दोनों की लाइफस्टाइल मैच करें। हम अच्छा एक बात और मैं बताता हूं कि कई बार ऐसी इंक्वायरी आती है गुंजन कि लोग कहते हैं हमें ना सिर्फ टाइम ऑफ़ बर्थ, डेट ऑफ़ बर्थ और डिटेल दे दो ताकि हम पहले पत्री मिलवाएंगे तब रिश्ते के लिए बात आगे करेंगे। सबसे गलत है वो। हम दिल मैच करने बहुत जरूरी हैं। अगर दिल नहीं मैच कर रहे दोनों को टाइम स्पेंड करना चाहिए। दोनों के दिल वाइब्स मैच करनी चाहिए। दोनों का लिविंग स्टैंडर्ड मैच
(07:10) करना चाहिए। मैं तो कहता हूं। अगर दोनों का लिविंग स्टैंडर्ड ही मैच कर रहा है तो रिश्ते में बहुत ट्रबल्स आती हैं। पत्री से बेटर लोगों को आज की डेट में टाइम स्पेंड करके दिल मैच करने चाहिए। गौरव दोनों परिवारों को रिश्ता बहुत अच्छा लग रहा है। और लड़की वाले फर्स्ट टाइम लड़के वालों के घर विजिट किया। उनको उनका वेलकमिंग बहुत पुअर लगा। उसमें वो क्या करें? आप क्या गाइड करते हो? देखो गुंजन कई बार ऐसा होता है मैं भी कई बार मीटिंग्स पे जाता हूं। तो मुझे भी देख के लगता है कि भाई इनको मतलब वेलकम जिस तरीके से किया है मतलब इससे बहुत अच्छे
(07:48) तरीके से हो सकता था। बट आप समझो हर घर का कल्चर अलग है। जब हम फर्स्ट टाइम किसी के घर जाते हैं। हर यही तो देखने जाते हैं। हर किसी का ढंग अलग है। कोई तो बहुत ज्यादा सेवा में लग जाता है और कोई सिर्फ चाय पिला के बाय-ब करने की कोशिश करता है। तो ये ही तो अंडरस्टैंड करने वाली चीजें होती हैं। जब हम रिश्ता जोड़ते हैं तो हम एक दूसरे से मिलना, एक दूसरे के साथ बैठना, लंच करना, डिनर करना ताकि एक दूसरे की चीजें समझ में आए। यहां पे ही अगर लगे कि ये हमारे टाइप्स के नहीं है या बहुत ज्यादा डिफरेंस है इनके लिविंग स्टैंडर्ड में, हमारे लिविंग स्टैंडर्ड में। गलत कोई
(08:29) नहीं है। हर इंसान अलग है। आपको समझना है। अगर आपके घर के कल्चर से उनका घर का कल्चर बहुत ज्यादा डिफरेंट है और आपको लगता है कि अ मेजर डिफरेंस है तो रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। क्योंकि जब जहां पर दोनों के लिविंग स्टैंडर्ड मैच नहीं होते, दोनों की सोच भी मैच नहीं होती और वह खिटपिट रहती है। अगर कुछ गैप है 1820 का तो वो चीजें ठीक करी जा सकती हैं। अब एक के घर में लेट्स सपोज मैं किसी फैमिली के घर जाता हूं। कईयों के घर में क्या होता है कि कुक भी लगे हुए हैं और सर्व करने वाले भी लगे हुए हैं। और किसी के घर में वो खुद ही सब लोग मतलब लड़का भी सर्व कर
(09:10) रहा है, मदर भी सर्व कर रही है। उनकी बहन भी सर्व कर रही हैं। और वो एक नॉर्मल सा मतलब एक चाय बिस्किट मंगा दिया और मतलब बड़ा तो उन दोनों का वो एक लग्जरी फैमिली और एक वो उनका चाय पैसा बहुत कुछ है। बट खर्चने की पावर नहीं है या समझ नहीं है। राइट? तो वहां पे किटपिट शुरू हो जाएगी। मेरे घर में यह नहीं चलता। आपने ऐसा क्यों किया? मेरे मां-बाप आ रहे हैं तो आपने वैसा करना है। वो मैं ऐसा हम तो ऐसा नहीं करेंगे। आप तो इंसल्ट फील कर रहे हो। तो गैप ज्यादा इसी को तो बोलते हैं। दोनों परिवारों की वाइब्स का मतलब सब कुछ है। जब हम टाइम स्पेंड करते हैं। बातचीत
(09:45) करने का तरीका उनका पहनावे का तरीका। अब उनके बातचीत के अंदर बहुत कुछ आ जाता है। कोई इंसान 12 महीने में 8 महीने ट्रैवल करता है। जी मैं 20 दिन यहां जाता हूं। 20 दिन वहां जाता हूं, 15 दिन यहां जाता हूं। और कोई परिवार वो घर में ही रहता है। अब जो ट्रैवल करता है वो इंसान जो घर में ही रहता है उसके साथ वाइब्स ही मैच करेंगी। तो यही सब चीजें देखनी चाहिए। इन्हीं के बेसिस पे ही रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहिए। पत्री नहीं एक साइड पे कर दो। पत्री तो भगवान की तरफ से अगर मिलती होगी तो दोनों की वाइफ्स मैच करेंगी। दोनों की कंपैटिबिलिटी मैच करेगी। दोनों को लाइकिंग
(10:17) आएगी। सिर्फ फिजिकल अट्रैक्शन के बेसिस पे रिश्ता नहीं होता है। ये सब चीजें घर की नीव कैसी है? घर का कल्चर कैसा है? परिवार कैसा है? उस परिवार के साथ हमारी बनेगी नहीं बनेगी तो वो ही डिपेंड करता है रिश्ते की जड़े मजबूत करता है। राइट? रिश्ता करने से पहले यही सब चीजें देखनी चाहिए कि खाली लड़का लड़की का गेम नहीं है ये। ये दो परिवारों की गेम है। दो परिवारों के दो परिवार कंधे के साथ कंधा मिलाकर के खड़े होते हैं। तो वो लगे कि वो एक समधी हैं। वो दोनों एक परिवार हैं। तो वही रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहिए। जहां पे वो गैप बहुत ज्यादा हो। जहां पे
(10:53) एक दूसरे का आई कांटेक्ट ही ना मैच कर रहा हो। फादर मदर एक दूसरे को लाइक ही नहीं कर रहे हैं। वहां रिश्ते को नहीं बढ़ाना चाहिए। मेरा मानना है। मेरा यह एक्सपीरियंस कहता है कि उस रिश्ते को थम जाना चाहिए। एक फिजिकल अट्रैक्शन पे कई बार लगता है कि यार यह बहुत अच्छा मैच है। बट परिवार का मैच नहीं है। उठना बैठना मैच नहीं है। बोल विचार मैच नहीं है। तो फिर दैट मींस कि जो वो इंडिकेट कर रहे हैं प्रभु कि वो आपके मतलब का नहीं है। वहां से आप साइड हो जाओ। मतलब उन्होंने वेलकमिंग नहीं करी अगर तो हम यही देखें कि भाई फिर हमारा हां मतलब उस पे आप अगर आपके घर का भी अगर
(11:25) आपके घर से उनका बहुत ज्यादा डिफरेंस है। देखो अगर उनको लग रहा है उनके उनको यह समझना होगा कि हमारे घर में और उनके घर में कितना डिफरेंस है। अगर हम वो हमारे घर आते हैं तो हम कितना डिफरेंस है। अगर तो हम भी तो ऐसे ही करते अगर उनको ऐसा लगता है तो फिर वो एक दो दूसरे के साथ मैच है। कई बार कई बार एक ऐसे भी परिवार आते हैं वो बताते हैं कि अ हमारे को जब हम फर्स्ट टाइम वेलकमिंग करी थी तो बहुत ही हमारा डिसपॉइंटेड था बट हमारी बच्ची गई वहां चारप साल हो गए और आज वही परिवार है जब हम जाते हैं तो वो प्लेटें लग जाती हैं थालियां लग जाती हैं तो एक वो भी बहुत
(12:06) अच्छा एक वो है कि भई फैमिली को उन्होंने अपना बच्चे को ओपनली दिया स्पेस और वो बच्ची ने उस परिवार में आकर अपना देखो अब यह आपका सवाल जो है ना यह है सवाल दोनों के दिल मैच करते थे और प्रभु की इच्छा थी रिश्ता हो गया हम और वहां पे लड़की को उन्होंने रिस्पेक्ट दी लड़की ने अपने हिसाब से उस घर के कल्चर को बदल दिया वो भी पॉइंट अच्छा है हम बट अगर कोई डाउट में आ रहा है कि हमारा और उनका गैप नहीं मतलब गैप बहुत ज्यादा है हमारा और उनका बहुत ज्यादा डिफरेंस है हम अगर ये दिल में बात आ रही है और वो आगे आगे बढ़ने का दिल नहीं कर रहा है तो वो
(12:47) भगवान रोक रहे हैं। समझ रहे हैं बात को? अगर इस कहीं देखो किस्मत सारी गेम माइंडसेट की है। किस्मत का पार्ट ये होता है कि लाइक अगर आपने रिश्ता किया और वहां जाके आपको ये चीजें दिख रही थी पहले। बाद में सब कुछ गलत हुआ। हम हम आपको वो वो कह रहे हैं आपको हमने हमारे घर का तो कल्चर यही है। चाहे कोई भी आए हम तो मतलब स्टील की पट स्टील की प्लेट्स में ही सर्व करते हैं खाना और हम तो क्रॉकरी तो निकालते ही नहीं है। क्रॉकरी खरीदते ही नहीं है और उनके घर में स्टील की प्लेट्स आते ही नहीं है। उनके घर में तो मतलब 10-100 से कम डिनर सेट नहीं आते 10,000 से जो नॉर्मल
(13:30) यूज़ होने वाले और उनके घर में आते हैं 200400 वाले। तो वो डिफरेंस तो मतलब है ना वो वो एडजस्टमेंट वो चीजें वो बातचीत दोनों की सोच नहीं मैच करेगी पर एक फैमिली है उनको गुड़गांव का ही रिश्ता चाहिए था रिश्ता गया कनाडा का दोनों परिवारों को एक दूसरे का परिवार बहुत अच्छा लग रहा है पर लड़की वालों को ये लग रहा है कनाडा भेजना चाहिए या नहीं भेजना चाहिए तो इसमें आप बताओ क्या करें? देखो अगर रिश्ता अच्छा लग रहा है और दिल मैच कर रहे हैं तो मैं तो यह कहता हूं कि रिश्ता कर देना चाहिए। देखो अगर रिश्ता बाहर लड़का बाहर का भी है, दिल मैच कर रहा
(14:09) है, दोनों परिवार मैच कर रहे हैं तो रिश्ते को बायपास नहीं करना चाहिए। आज की डेट में गुंजन रिश्ते अच्छे मिलना मेन बात है। रिश्ता बच्चा कहां रहता है? आज लेट्स सपोज़ उनके पड़ोस में भी रिश्ता हो जाता है। कल वो लड़का बाहर चला जाता है। तो क्या वो लड़की के मां-बाप उसको रोक सकते हैं? अगर कोई बाहर का भी रिश्ता आ रहा है उनको वेलकम करना चाहिए। अगर परिवार ठीक है, लड़का ठीक है, दोनों बच्चों की वाइफ ठीक है। दोनों परिवारों के दिल मैच कर रहे हैं तो बेटी को बाहर भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। हां, उन्होंने इंक्वायरी भी निकाली है।
(14:50) तो वो इंक्वायरी से भी बड़ा पॉजिटिव रिस्पांस मिला है। बट सिर्फ यही था उनको कि हमने रिश्ता तो गुड़गांव हुआ सोचा था बट एकदम सात समुंदर पार। कर देना चाहिए। मेरी एडवाइस है अगर दिल मैच कर रहे हैं, दोनों परिवारों की वाइफ्स मैच कर रही हैं। बच्चों को बात करके अच्छा लग रहा है और इंक्वायरी भी ठीक आई है तो एनआरआई का कोई व्यायाम नहीं करना चाहिए। रिश्ता बेटी को आंख बंद करके भेज देना चाहिए। क्योंकि ऐसा जरूरी नहीं है। लोग सोचते हैं कि हमारे घर के बिल्कुल नजदीक मिल जाए। जहां बच्चे की तकदीर में लिखा है, जो किस्मत में लिखा है, होना वही है।
(15:22) यह सब प्रभु ही कर रहे हैं। यह बात समझनी पड़ेगी लोगों को कि अगर कोई लोकेशन का फिल्टर या लोग सोचते हैं ना कि मेरे हिसाब से रिश्ता मिल जाए तो इंसान यह गलत सोचता है कि मेरे हिसाब से रिश्ता मिल जाए। हर इंसान की अपनी किस्मत है। किसके साथ उसके कर्माज़ हैं। फ्यूचर उसका कहां पे लिखा है। तो यह समझ के रिश्ते को आगे बढ़ाना होता है कि जब आप रिश्ते को देखना शुरू करते हो तो अगर परिवार ठीक लग रहा है सब अगर गुड वाइब्स आ रही हैं तो रिश्ते को आगे बढ़ा देना चाहिए। गौरव एक रुका हुआ लड़की ने ऑफिस से निकलते ही लड़के को कॉल किया अपनी सहेली के साथ
(16:02) कि चलो मूवी चलते हैं। और लड़के ने कहा ओके चलते हैं। मैं मॉम को अपडेट कर देता हूं कि हम लोग मूवी जा रहे हैं। और उसके दोस्त ने उसको वहां पर बोला अरे यार यह तो मॉमस बॉय निकला। तो लड़की ने लड़के से बात ही करना छोड़ दी। उसके बाद से उसके फोन कॉल्स ही उठाने बंद कर दिए। ऐसे में वो क्या करें? यह बहुत बड़ी बेवकूफी है। ये मिसअंडरस्टैंडिंग्स क्या होती हैं? देखो क्या होता है कि यह बात को समझने वाली बात है। ये तो बहुत गहरी बात है। कई बार दोनों के कई बार दोनों का रिलेशनशिप बहुत अच्छा चल रहा होता है और कोई तीसरा मिसगाइड कर देता है और हम बाहर वालों की बातों में आ
(16:39) जाते हैं और अपने पार्टनर से ही लड़ने लग जाते हैं। तो ये चीजें समझनी होंगी। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। एक अंडरस्टैंडिंग वाली बात है कि अगर उसके घर का कल्चर वैसा है, वह अपनी मदर को इनफॉर्म कर रहा है, तो इस बात को लोग कहीं पर ना छोटी सी बात होती है, पहाड़ बना देते हैं कि यह तो मम्मास बॉय है। यह तो ऐसे ही करेगा। हमने कहीं जाना होगा तो ये पहले पूछेगा मम्मी से पूछ लूं। ये सब चीजें नहीं होती। अगर वो उसको यह बात समझ में आए कि यह इनके घर में कितना फन लविंग केयरिंग सिस्टम है। अगर वह अपनी मदर को इनफॉर्म कर रहा है तो कल को वाइफ को भी इनफॉर्म
(17:15) करेगा। कल को फैमिली में एक किसी फैमिली में ना एक नेचर होता है कि आप कहीं भी जा रहे हो तो सामने वाले को अपडेट कर रहे हो कि मैं यहां जा रहा हूं या मैं यह बता रहा हूं। और किसी घर में होता है कि वह लापरवाह होते हैं पता ही नहीं होता। रात भी कहां बिता के आ रहे हैं कोई अपडेट ही नहीं होता। क्योंकि वो घर का कल्चर है। हर घर का कल्चर अलग है। इसमें मम्मास बॉय वाली कोई बात नहीं होती। बट लोग ना मिसगाइड करते हैं ना तो ये सब बातें होती हैं। बहुत रिश्ते ऐसे आने लगे हैं कि जहां पे रिश्ते टूटने की वजह ही बोलते हैं कि वो वो मम्मास बॉय है। मम्मास बॉय है।
(17:50) क्यों? वो मेरे से बात कम मम्मी की बात ज्यादा सुनता था। अरे भाई जिस लड़के ने 25 27 साल अपनी मदर के साथ लगाए हैं। क्या वो मदर को एक दिन में इग्नोर कर देगा? यह बात समझने वाली है, अंडरस्टैंड करने वाली है। हर घर का कल्चर अलग है। बात करना या अप्रूवल्स लेना या मां-बाप की नोटिस में डालना इसको मम्मास बॉय नहीं बोलते। और ये तो प्लस पॉइंट है। समझने वाला अगर समझे ये बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। अब किसी के घर में लापरवाही है। बिल्कुल भी कोई कम्युनिकेशन होता ही नहीं है। आ गए तो ठीक है। सर्वेंट्स ने खाना दे दिया। नहीं आए तो कोई पूछने वाला नहीं है। अब
(18:28) उनको लगता है कि यह तो मतलब बड़ा अलग सिस्टम है। इसीलिए तो बोलते हैं कि जब रिश्ता जुड़ता है ना तो यही प्लस माइनस सारी चीजें देखते हैं कि हमारे घर का और उनके घर का कितना मैच है? कितनी मैच मेकिंग है इन टर्म्स ऑफ कितनी चीजें मैच करती हैं। क्या लाइफस्टाइल मैच करता है? किस चीज को हम उनके साथ ले चल सकते हैं। अब उन अगर उस लड़की ने उसकी बातों में आकर अगर अपना दिमाग नहीं लगाया यह मम्मास बॉय है। कह के रिश्ते को फोन उठाने बंद कर दिए तो बहुत बड़ी बेवकूफी है। मेरा मानना ये ऐसा नहीं करना चाहिए। और आजकल आप घर आके मेरे को बताते हो कि
(19:05) गुंजन 10 में से आज आठ रिश्ते तो डिवोर्स बच्चों के आए थे। तो यह क्या कारण है कि आठ रिश्ते डिवोर्स दो रिश्ते नेवर मैरिड के। बड़ा दिल दुखता है गुंजन जब हम मतलब लोगों की बातें सुनते हैं ना कि आज सारा दिन में मतलब जितनी भी रिसेशन हुई 70 टू 80% रीमैरिज रीमैरिज रीमैरिज मैं परिवारों से बात करता हूं भाई आपका डिवोर्स का क्या कारण है पास्ट अगर कोई रिश्ता समझ में आए तो मैं आपको कैसे रिकमेंड करूं बड़ी सिली-सीिली सी बातें होती हैं और वह डिवोर्स की तरफ चली जाती हैं। छोटी-छोटी बातें बहुत कम ऐसे सुनने को मिलता है कि हस्बैंड वाइफ ही वजह है डिवोर्स की। मतलब
(19:49) दोनों की क्योंकि 4 दिन में या छ दिन में एक दूसरे को कितना अंडरस्टैंड कर पाता है इंसान। राइट? बट कोई तीसरा चाहे वह मदर इन लॉ हो, चाहे वह घर का कोई और मेंबर हो या चाहे वह कोई और ऐसी बात हो जाए उनके बीच में कि भाई यह तो मैं नहीं रहूंगी और वो डिवोर्स हो जाता है। तो यह सब चीजें शादी को जब शादी होती है तो चीजों को अंडरस्टैंड करने में कुछ समय लगता है और कुछ एडजस्टमेंट्स लोगों के अंदर एडजस्टमेंट बिल्कुल भी नहीं है। एडजस्टमेंट खत्म हो चुकी है। बिल्कुल खत्म हो गई है एडजस्टमेंट। शादी एडजस्टमेंट से ही चलती है। और डिवोर्स का रेट इतना बढ़ गया है कि लोगों
(20:34) का पेशेंस लेवल जीरो हो गया है। एडजस्टमेंट बिल्कुल कोई नहीं करना चाहता। हर इंसान सोचता है कि आई एम राइट सामने वाला गलत। बहुत कम सुनने को मिलता है कि मेरी गलती की वजह से डिवोर्स हुआ है। कोई आज तक शायद एक ही पर्सन ने कहा है। मैंने पहले भी एक बार पॉडकास्ट में बताया था। तो जब भी किसी से बात करो डिवोर्स का क्या रीजन था? तो कोई भी यह नहीं बोलता कि मेरी वजह से डिवोर्स हुआ है। ब्लेमिंग गेम खेलते हैं लोग। ब्लेम करते हैं। उनके घर में यह प्रॉब्लम थी। हमारी बच्ची वहां गई। उनके घर में वो प्रॉब्लम थी। लड़के वाले कहते हैं वो शादी करके आई। उसके मां-बाप
(21:13) की यह इन्वॉल्वमेंट थी। उसके मां-बाप की वो इन्वॉल्वमेंट थी। ये कॉमन सी बातें हैं। कुछ अलग सा नहीं दिखता। बट मेजर पूछते हैं कि मेजर मतलब आपने डिसीजन क्यों लिया डिवोर्स का? तो बहुत छोटी-छोटी क्वेश्चंस बहुत बहुत छोटी-छोटी बातें होती हैं जिसके लिए लोग डिवोर्स करने लग गए हैं। क्योंकि लोगों को लगता है कि अगर अभी बन नहीं रही है ना तो पीछे हट जाओ। कुछ कुछ मैं देखता हूं गुंजन कि पहले के टाइम में और आज के समय में मां-बाप जो पहले के टाइम में डिसीजंस लेते थे अगर कुछ प्रॉब्लम हो भी रही होती थी ना तो उसको सुनते नहीं थे। भाई तुमने वहीं रहना
(21:51) है। निपटो अपने आप वापस नहीं आना। अगर आज अगर कोई छोटी सी बात पे भी कोई अनबन होती है तो मां-बाप कहते हैं तू वापस आजा हम देख लेंगे। हम बैठे हैं। हम बैठे हैं हम देख लेंगे। तो यह सब चीजें हैं ना जो पीछे बैकबोन स्ट्रांग करती है ना तो वह एक पावर देती है कि पीछे हट जाओ। बच्चों को पता होता है कि मम्मी या पापा पीछे बैठे कोई बात हो गई है तो? देखो जब आप आप समझो कि जब एक शादी में एक नए बंधन में इंसान आता है तो वहां सब चीजें मैच तो नहीं होंगी। कुछ ना कुछ तो मिसमैच होगा। अब वो कुछ कुछ ना कुछ जब मिसमैच होता है तो वो ना अपने घर में अपने
(22:32) पेरेंट्स के साथ अपने सर्कल में वो बात करने लगते हैं। एक आप नए रिश्ते में आते हो तो लोग भी आपसे पूछने लगते हैं कि आपकी नई लाइफ कैसी चल रही है? नई आपकी जो नई शादी एक नई लाइफ है। शादी के बाद एक जब नई लाइफ स्टार्ट होती है तो आपका जितना भी सर्कल होता है, कई बार वो आपसे सवाल करता है कि और नई लाइफ कैसी चल रही है? कई बार ना हम किसी तीसरे के आगे अपना दुखड़ा रो देते हैं। मेरा हस्बैंड तो यह है। मेरा हस्बैंड तो वह है। मेरे हस्बैंड में तो यह कमी है। मेरे हस्बैंड में तो वो कमी है। कई बार सामने वाला स्मार्ट गेम खेल जाता है। अच्छा ऐसा है। अच्छा ऐसा है।
(23:10) मेरा तो हस्बैंड ऐसा नहीं है। मेरा अब उससे कंपेयर करने लग जाता है इंसान कि मैं ही दुखी हूं। बाकी सारा संसार सुखी है। ऐसा कई बार मिसगाइडनेस हो जाती है। तो वह फिर कमियां देखने लग जाते हैं तो वह फिर उस कमियों के पीछे वो रिश्ते को छोड़ देते हैं। और ऐसा भी तो होता है। ये तो आपने शादी बोला जैसे बहुत अच्छी बात लगी कि न्यू लाइफ होती है। अब कोई बच्चा स्कूल भी तो जाता है। उसके लिए भी तो एडजस्टमेंट करने में हर चीज में इसका मतलब कि एडजस्टमेंट है कि दोनों पार्टनर्स को थोड़ा सा टाइम देना चाहिए। इंस्टेंट नहीं करना चाहिए। मतलब इंस्टेंट की बात नहीं है। देखो अगर
(23:48) कि पानी सर के ऊपर से टप रहा है फिर तो बर्दाश्त नहीं करना चाहिए कि अगर कोई वायलेंस हो रही है, कोई हाथापाई कर रहा है, कोई गाली गलौज इस लेवल का कर रहा है कि जान से जान पे बात आ रखी है। बट अगर कोई जुबान से बातचीत हो रही है, कोई ऊंची आवाज में बात हो गई, उसको अगर कोई सामने वाला आपसे ऊंची आवाज में बात कर रहा है, तो पहले तो यह समझना होगा कि वो क्यों कर रहा है। राइट? वो उसका क्या रीजन है? उसको रॉल्व करना चाहिए। उस बात पे बात करके उसको रिॉल्व करना चाहिए ना कि उस बात को चार लोगों को बता के 40 लोगों को तक पहुंचे और उस बात का डिसीजंस आए कि ये नेगेटिविटी
(24:27) है। इस रिश्ते को हट जाओ। इस रिश्ते से हट जाओ। जब हम एक एक बात होती है हम वो कहीं दूसरे से बात करते हैं। वो चार बातें हमें बताता है। वो चार की आठ बनती हैं। और वो नेगेटिव वाइब्स आ जाती है कि ये रिश्ता ही ठीक नहीं है। यस। बट अगर दोनों पार्टनर रात को सोने से पहले उस चीज पर बात करके उसको रॉल्व करने की कोशिश करें तो 99% चीजें रॉल्व हो सकती हैं। शायद डिवोर्स रेट बहुत कम हो जाएगा। दोनों को बात करनी होगी। इस पेन को सॉल्यूशन कैसे देना है ताकि बातें तो क्या होती हैं? छोटी-छोटी बातें होती हैं जिसकी वजह से डिवोर्स एकदम से डिसीजन ले लेते
(25:06) हैं कि ठीक है और एक ऐसा बड़ा सुनने में आया कि एक बहुत अच्छा परिवार था जहां रिश्ता हुआ और जो लड़के की मदर है उन्होंने अपनी डॉटर इन लॉ को आते ही बोला कि वो बाहर घूमने नहीं जाएगी ऐसा नहीं करेगी वैसा नहीं करेगी तो लड़की ने बोला कि आप तो खुद ही सारा मतलब बाहर की टीज़ फंक्शनंस करते हो तो मेरे को क्यों वो कहता है तेरे को पता है मेरे को कितना टाइम लगा इस पोजीशन तक पहुंचने के लिए। तो इसमें क्या आपकी राय है कि क्या सही है वो मदर इन लॉ का बोलना यह बात या यहां पर डॉटर इन लॉ को समझना चाहिए? देखो गुंजन ऐसा है कि डॉटर इन लॉ को अपनी
(25:47) जगह बनानी पड़ेगी। नो डाउट। थोड़ा टाइम देना पड़ेगा। बड़ों के साथ आर्गुममेंट नहीं करनी। टाइम तो देना पड़ेगा रिश्ते को। बात ठीक है। अगर उनका अब अपनी मदर इन लॉ का स्पेस पहले दिन थोड़ी छीन लोगे आप थोड़ा सा टाइम तो दोगे थोड़ा टाइम कहीं कुछ इयर्स के बाद अगर उनकी उनका उनके घर में अगर यह चीज है कि मेरी डॉटर इन लॉ घर पे ही रहे और मैं फंक्शनंस पे जाऊं, किट्टी पे जाऊं, कुछ भी करूं तो कुछ समय के बाद यह हो सकता है। बट अगर वो सोचे डे वन पे ही अगर वो अपनी मदर इन लॉ के साथ अपनी बॉन्डिंग अच्छी बनाएगी अपना प्यार अच्छा बनाएगी रिस्पेक्ट देगी तो वही कुछ
(26:28) दिन के बाद अपनी मदर इन लॉ उनकी जो है अपने साथ लेके जाएगी बट अगर वो उसकी डिसरिस्पेक्ट करने की कोशिश करेगी तुम जा रही हो मैं भी जाऊंगी तो वहां पे क्या है डिसरिस्पेक्ट होगी वहां क्लेश होगा तो चीजों को उसको मदर इन लॉ के साथ फिर अंडरस्टैंडिंग बनानी पड़ेगी उनकी रिस्पेक्ट करनी पड़ेगी और अपनी फाउंडेशन अपनी जड़ों को मजबूत करना पड़ेगा अगर जड़े मजबूत होंगी तो वही प्यार वही दोस्ती वो मदर इन लॉ वाला प्यार वो दोस्ती में बदल जाएगा अगर वो अंडरस्टैंड करेगी तो और अगर वो कंपैरिजन करने लगेगी कि आप भी तो जाते हो आप मुझे क्यों रोकते हो वहां आर्गुमेंट
(27:02) होगी वहां रिश्ता अच्छा नहीं चलेगा तो चीजों को अंडरस्टैंड ऐसे ही तो करना होता है गौरव कल एक फैमिली आई है छोटे बेटे का रिश्ता लिखवाने दो बेटे हैं उनके गुड़गांव की फैमिली है और उन्होंने कल बताया मेरे को कि बड़े बेटे की शादी में प्लॉट मिला, Mercedes मिली, यह मिला, वो मिला। तो यह क्या रिक्वायरमेंट है या दहेज की डिमांड है? यह इनडायरेक्टली दहेज है। यह डायरेक्टली दहेज नहीं मांग रहे। यह इनडायरेक्टली आपको इन्फॉर्म कर रहे हैं कि हमारे बड़े बेटे के टाइम पे हमारी घर में बड़ी बहू के साथ यह यह गिफ्ट्स आए हैं। वह आपको बताना चाहते हैं कि हमें जो छोटा परिवार जो छोटे
(27:48) वो आपको बताना चाह रहे थे कि जो छोटे बेटे के लिए आप रिश्ता देखोगे वो इस लेवल का हो एटलीस्ट वो भी इस टाइप का गिफ्ट हमें दे पाए। अब उसको गिफ्ट कह लो, दहेज कह लो, डिमांड कह लो। बट लोग ना आज क्लियर नहीं लोग ना आज क्लियर नहीं बोलते हैं। इनडायरेक्टली बात करते हैं। ऐसा मैंने भी बहुत बार देखा है कि जो वो कहना चाहते हैं ना वो एग्जांपल देके बोलते हैं कि लाइक बड़े बेटे की बारी हमें ये ये मिला था। तो आप मतलब इस लेवल का रिश्ता बताना। ओके। हमारी और कई क्या होते हैं? अब अपनी बेटी की मैरिज हमने करी थी। ₹5 करोड़ लगाया था। अब बेटे के लिए रिश्ता देख रहे हैं तो
(28:32) हमें वैसा ही बताना जो 56 करोड़ खर्चे। ओके। समझ रहे हो बात को? अब उसको रिक्वायरमेंट कह लो या डिमांड कह लो। अरे भाई तुमने अगर खुद खर्चे हैं अगर अपनी बेटी की शादी में या तुम्हारी बेटी की शादी की तरफ से डिमांड थी या तुमने शौक से खर्चे हैं। उस बात से तुम अपने बेटे की शादी जब करने जा रहे हो तो आप यह बात बोलो कि मैंने उस लेवल पर करी थी तो मेरे को लड़की वाले भी उस लेवल के ही चाहिए। जो मेरे बेटे के साथ जो मेरी डॉटर इन लॉ आए वह भी उस लेवल का हो और उस लेवल के ही चीजें हमें मिले। हमने अपनी बेटी की शादी में यह यह दिया था। हमने यह वाली गाड़ी दी थी 2.5 सीआर
(29:13) की। हमने डेस्टिनेशन वेडिंग करी थी। वहां पर 2.5 लगाए। हमने गोल्ड दिया था 5 सीआर का। तो हमने 10 सीआर खर्चा किया था। तो हमें 10 सीआर जो खर्च वाले हो हमें वैसा ही रिश्ता चाहिए। परिवार 19-20 चल जाएगा। बट उनका बजट वैसा होना चाहिए। उनकी उनका बजट शादी पे खर्चने के लिए वैसा होना चाहिए। वो इनडायरेक्ट दहेज कह सकते हैं। इनडायरेक्ट अपनी रिक्वायरमेंट बता सकते हैं। कुछ भी बोल सकते हैं। उसे गिफ्ट कह लो। उसे कुछ भी कह लो। गौरव एक बात बताओ एक रोका हुआ है और उसमें लड़के की मदद हर बात पे यही बोलती हैं कि ऐसे रिश्ता होगा तो ठीक है वरना मैं
(29:53) रिश्ता तोड़ दूंगी। लड़की वाले यह करेंगे तो मैं रिश्ता तोड़ दूंगी। अब उनका कहना है कि डेस्टिनेशन मैरिज होगी तो ठीक है वरना मैं रिश्ता तोड़ दूंगी। लड़के को लड़की बहुत पसंद है और लड़की को लड़का बहुत पसंद है। इसमें आप क्या गाइड करते हो? बहुत दुख होता है गुंजन। मुझे ये सब बातें अगर मैं ऐसी सुनता हूं ना तो लोग आजकल यह नहीं समझ रहे कि रिश्ता क्यों कर रहे हैं। लोग दिखावे के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं तो परिवार नहीं। अच्छे खासे परिवार को लोग रिश्ता तोड़ देते हैं। तुम बोल रहे हो रिश्ता तोड़ देंगे। मेरे पास मेरे एक्सपीरियंस में दो-तीन ऐसे रिश्ते लोगों
(30:29) ने तोड़ भी दिए हैं। ड्यू टू लड़की वाले बाहर प्रीशूट के लिए प्री वेडिंग शूट के लिए नहीं मान रहे। इन बातों के लिए रिश्ते लोग तोड़ देते हैं। आजकल बड़ा दुख होता है ऐसी चीजें जब सामने आती हैं। लोग मतलब क्या सोच रहे हैं? मतलब आज की डेट में लोग परिवार नहीं देख रहे। हमारे हिसाब से नहीं चल रहे या हमारे सर्कल में हमारी बेइज्जती हो जाएगी। कि अगर हमारे यहां लोकली मैरिज करेंगे तो अब लड़की वाले कह रहे हैं कि हम फाइव स्टार होटल में कर लेते हैं। जहां आपको वहां कर लेते हैं। बट डेस्टिनेशन हमारे कुछ गेस्ट नहीं हो पाएंगे। मतलब कुछ हमारे
(31:07) गेस्ट जो बाहर से आने वाले हैं वो यहां आएंगे। हम बाहर लेके जाएंगे। थोड़ा मैस अप हो जाएगा। हम बाहर की शादी नहीं चाहते। आप रिसेप्शन बाद में कभी कर लेना बाहर। बट अभी तो हम मैरिज यहां करेंगे। बट लोग जिदबाजी में रिश्ते तोड़ देते हैं। कोई कहता है जी मेरे सर्कल में मेरा किटी सर्कल में हमने बहुत सारी डेस्टिनेशन वेडिंग अटेंड करी है। कोई कहता है कि जी मेरी तो इंसल्ट हो जाएगी अगर डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं हुई अगर वो डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए नहीं मान रहे हम रिश्ता तोड़ देंगे। वो बच्चों की खुशी छोड़ देते हैं। हां वो रिश्ता तोड़ देते
(31:38) हैं। इवन हम लोगों को समझ पता नहीं कहां जा रही है। दिन-ब दिन मैं तो समझ नहीं पा रहा हूं कि जिस रिश्ते को ढूंढने में जिस रिश्ते के लिए इतनी मेहनत से रिश्ता मिला बच्चों की बच्चों के दिल मिले। बच्चों के दिल भी मैच करे। परिवार को परिवार भी समझ में आ रहा है और वो कहते हैं जी परिवार में एक नो डाउट परिवार बहुत अच्छा है। लोग भी बहुत अच्छे हैं। बट अगर वो डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं करेंगे हमारे हिसाब से गिफ्ट्स लोगों को नहीं देंगे। हमारे हिसाब से गाड़ी ये वाली नहीं देंगे तो हम रिश्ता तोड़ देंगे। पर ऐसा भी तो हो सकता है कि आपको बेटी
(32:13) इतनी अच्छी मिल रही है बहू रूप में इतनी अच्छी मिल रही है तो चलो आप नहीं करो। एक फंक्शन डेस्टिनेशन हम कर लेते हैं। यही तो बात समझने वाली है। हम कि एक डेस्टिनेशन फंक्शन हम बाहर का ऑर्गेनाइज कर लेते हैं। आप जैसे शादी करना चाहते हो वो आपकी मर्जी है। अभी मैं आपको लेटेस्ट एक बात बताता हूं। लड़की और लड़के की रीमैरिज का केस था। दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से अंडरस्टैंड करने लगे। अभी लड़के का भी और लड़की का भी फर्स्ट मोशन क्लियर हुआ था। अवेटेड डिवोर्स था। उन्होंने रिश्ता देखना स्टार्ट कर दिया। ओके? और दोनों के दिल बहुत अच्छे मैच करने लग
(32:54) गए। लड़के के फादर ने क्लियर बोला कि अगर डेस्टिनेशन वेडिंग करेंगे तो हम आगे बात बढ़ाएंगे नहीं तो नहीं बढ़ाएंगे। अब लड़की लड़की कहती है देखो कि मैं एक ट्रॉमा से निकली हूं बाहर। मेरे वही ले दे के रिश्तेदार हैं। वही मेरा फ्रेंड सर्कल है। कोई नया तो है नहीं। वही 200 300 लोग जो मेरे मासी चाचा ताया मेरा फ्रेंड सर्कल मैं दोबारा से लहंगा पहन के दोबारा शादी नहीं करना चाहती राइट और लड़के के भी पेरेंट्स लड़के का भी रीमैरिज का केस था बट लड़के के पेरेंट्स कहते हैं जी डिवोर्स तो भूल जाओ हो गया तो हो गया अब तो दोबारा शादी हो रही है तो वज्रथ के ही करेंगे
(33:37) इस बात के लिए पीछे हट गए कि वो डेस्टिनेशन वेडिंग चाहते हैं और लड़की बहुत रोई कि मैंने 2 महीने हो गए मुझे इस लड़के के साथ बात करते हुए डेट करते हुए मिलते हुए लड़का अंडरस्टैंडिंग ही नहीं कर रहा है। वो कह रहा है जी मेरे को तो डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं करोगे तो मैं शादी नहीं करूंगा। लोग ये भूल ही जाते हैं कि शादी इज इक्वल टू अंडरस्टैंडिंग। हां। बट अब वो क्या है? लड़की का अपना पॉइंट ऑफ व्यू सही था कि भ मैं मेरी दो साल पहले शादी हुई थी और मैं एक ट्रोमा से निकली हूं बाहर। बहुत बड़ा ट्रोमा से निकली हूं। मैंने अपने आप को बहुत मुश्किल
(34:14) से मेंटली प्रिपेयर किया है कि मैं दोबारा मैरिज कर लेती हूं। मुझे तो मैरिज से ही डर लगने लग गया था। मेरा पहला परिवार बहुत अच्छा था। ऐसा नहीं है कि मेरे परिवार में कहीं कमी थी। बट लड़के को कुछ इशूज़ थे कि जो वो डे बाय डे उसकी फिजिक्स ठीक नहीं हो रही थी। मतलब वो अगर मैं परिवार की कोई कमी निकालना चाहूं तो मैं एक भी कमी नहीं निकाल सकती हूं। ओके। बट लड़के के साथ कुछ ऐसी प्रॉब्लम्स थी कि लड़का घर पे ही रहता था। मतलब वो बाहर जा ही नहीं सकता था। उसके साथ कुछ प्रॉब्लम ऐसी थी उसको लड़के वालों ने बताई नहीं थी। तो वो कह रहे पहले मेरा डिवोर्स हुआ हुआ
(34:50) है। दोबारा मेरी अब मैरिज हो रही है। तो मैं मतलब ट्रॉमा में हूं बहुत ज्यादा कि मेरे साथ एक तरह का धोखा हुआ है। पहले चीटिंग हुई है। दोबारा मैरिज हो रही है। लड़के वाले अपने उसमें कि जी डेस्टिनेशन वेडिंग अगर यहां नहीं करी तो आप अपने घर अब अपने घर। तो इसका मतलब कि आपस में कोई एडजस्टमेंट नहीं है और फिर से शादी करना यह सोच रहे हैं। तो फिर से कहां से उनसे दोबारा ही वो उनके लिए भी तो रीमैरिज है। लड़के के लिए भी तो री थी। बट अब वो अब अंडरस्टैंडिंग लड़की का पॉइंट ऑफ व्यू लड़की का पॉइंट ऑफ व्यू ये है कि देखो मैं वेडिंग अगर करूंगी तो सिंपल दो
(35:29) कपड़ी में शादी रजिस्ट्रेशन कराएंगे कोर्ट में जाके और कार में बैठ के मैं उनके घर चले जाऊं। इसी कंडीशन पर मैं मैरिज करना चाहती हूं। नहीं जी नहीं हम तो वेडिंग डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहते हैं। गज गज के करना चाहते हैं। हम सिंपल मैरिज नहीं करेंगे। इस वजह से उन्होंने बाय-ब कर दिया। बहुत दुख हुआ मेरे को ये सुन के कि लड़की ने कहा ठीक है अगर आपको ऐसा लग रहा है तो कोई बात नहीं। मैं तो अंडरस्टैंडिंग तो मेन की है। अगर अंडरस्टैंड कर लें लोग तो बात बन जाए। सारी गेम रिश्ता शादी एक अंडरस्टैंडिंग की गेम है। अगर एक दूसरे को अंडरस्टैंड करते चले जाएं फ्लो
(36:09) के साथ बहते चले जाएं लाइफ में बहुत सारी प्लस माइनस गुर्जन आज की डेट में कोई भी रिलेशन हो चाहे वो भाई बहन का हो चाहे वो हस्बैंड वाइफ का हो चाहे वो हमारे पेरेंट्स का हो व्हाटएवर कोई भी हो चाहे वो हमारा रिलेशन हो कभी ऐसा नहीं होता कि 365 दिन सेम बीतते हैं कभी कोई दुख कभी कोई दुख दर्द कोई प्रॉब्लम कोई आती है उसको फेस करके उसको सॉल्व किया जाता है। राइट? लाइफ तो ऐसी चलती है और जो उसको सॉल्व करना नहीं चाहता, जो उससे सोचता है कि ये प्रॉब्लम है इसी को ही छोड़ दो। प्रॉब्लम से पीछे छुड़वा के भाग जाते हैं। इवन सॉल्यूशन नहीं करते।
(36:45) सॉलशन नहीं करते। और रिलेशनशिप क्या है? एक अंडरस्टैंडिंग ही तो है। अगर अंडरस्टैंड कर लिया तो रिश्ता अच्छा चल जाता है। तो अंडरस्टैंडिंग लोग नहीं करना चाहते हैं और कई बार अच्छे-अच्छे रिश्ते को ठुकरा देते हैं। कई बार शादी में होते हैं उसको लात मार देते हैं। डिवोर्स का रूप ले लेता है। तो मेरा मानना यह है यह पडकास्ट जो भी देख रहा है। मैं यह बात समझाना चाहता हूं। अगर आप रिश्ता देख रहे हो या रिलेशनशिप में ऑलरेडी हो। अगर आप चाहते हो आपका रिश्ता हेल्दी हो तो आपको चीजों को रिस्पेक्ट देनी होगी और अंडरस्टैंड करना होगा। आप अगर यह समझते हो
(37:24) कि सामने वाले करेगा तो मैं उसको डिलीवर करूंगी। चाहे वो रिस्पेक्ट हो चाहे वो बात को अंडरस्टैंड करना हो। आपको खुद को अंडरस्टैंड करना है। आपको खुद को रिस्पेक्ट करनी है। बेसिकली जो आपको चाहिए वो आपको देना है। देना है। हां। हम अगर आप सोचते हो कि पहले सामने से आएगा तब मैं रिस्पेक्ट करूंगी। पहले सामने वाला अंडरस्टैंड करेगा तो मैं अंडरस्टैंड करूंगी या मैं अंडरस्टैंड करूंगा तो रिश्ता नहीं चलता है। अंडरस्टैंडिंग ही एक की है रिलेशनशिप की राइट कि गिवर बनो गिवर अगर जो रिश्ते हो रहे होते हैं वो अंडरस्टैंड के बिना टूट जाते हैं। जो
(37:59) रिश्ते में होते हैं वो रिश्ते टूट जाते हैं। अगर अंडरस्टैंडिंग नहीं होती तो अंडरस्टैंडिंग ही मेन समझने वाली चीज है कि रिश्ते को अगर चलाना है तो अंडरस्टैंड करना पड़ेगा चीजों को। मैं आपसे पूछना चाहूंगी कि 20 साल हो गए हमारी शादी को और पंडित जी ने फेरों में सात फेरों में क्या-क्या पक्का कराया था। क्या आपको उसमें से कुछ याद है? देखो गुंजन सात फेरों में क्या-क्या पक्का कराया था? अगर मैं आपको टू दी वेरी ऑनेस्ट आंसर दूं। हम हम नींद का समय था। कुछ भी याद नहीं है। बट एक ही चीज याद है हम कि सात फेरों का निष्कर्ष एक ही था।
(38:36) अंडरस्टैंड करना है। कोई भी स्थिति आए छोड़ना नहीं है। भागना नहीं है। बंधन में बंध रहे हो। एक जिम्मेवारी में आ रहे हो। एक रिस्पांसिबिलिटी में आ रहे हो। ये चीज याद है। सात चीजें तो अलग-अलग सात चीजें तो मुझे अलग-अलग से याद नहीं है। बट आप एक बेटी घर में ला रहे हो। आपकी रिस्पांसिबिलिटी बनती है। कोई भी समस्या आए उसका साथ नहीं छोड़ना। भागना नहीं है और चीजों को अंडरस्टैंड करना है। कुछ भी हो जाए तो अंडरस्टैंडिंग समझ में आई थी और अंडरस्टैंडिंग करी है तो आज चल रही है। नहीं तो अंडरस्टैंड नहीं करते हो तो शायद छोटी-छोटी बातों पे क्या
(39:16) हमारी लड़ाईयां नहीं हुई। क्या हमारे अंदर गैप्स नहीं आए बट अंडरस्टैंडिंग से चाहे वो मेरी इशूज़ हो, चाहे वो आपके इश्यूज हो। मेरे प्रॉब्लम्स को आपने समझा। आपके प्रॉब्लम्स को मैंने समझा। तभी तो आज रिश्ता अच्छा चल रहा है। प्रभु के दया से। राइट। हमारे अगर हम बात करें तो पंडित के हिसाब से तो छह ही गुण मैच करते हैं। अगर पंडित की भाषा में बात करें पंडित जी ने तो यह भी कह दिया था कि इनका तो आगे संतान भी नहीं होगी। इनका तो आगे फैमिली कुछ है ही नहीं। बट चीजों को मुझे याद है फेरों पे पंडित जी की एक ही बात कि आप शादी में आ रहे हो। आप एक बंधन में आ
(39:56) रहे हो। प्रेम बंधन में तो उस बंधन को बनाए रखना। आई होप आपको हमारा यह पडकास्ट अच्छा लगा होगा। आप किसी दो फैमिली को यह पडकास्ट शेयर करें जिसको इसकी नीड हो। और ऐसे ही पडकास्ट सुनने के लिए हमारे को लाइक करें, सब्सक्राइब करें एंड शेयर करें। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग अस।
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Title: Why You Should Marry a Mumma’s Boy? ft. Gaurav Chhabra
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Gaurav Chhabra gets brutally honest about why families are walking away from good matches over a kundli, a destination wedding, or one awkward first visit and why most marriages today break over things that should never have mattered.
From indirect dowry demands disguised as "our elder son got a plot and a Mercedes" to the "mumma's boy" label that ends engagements, from parents hesitating to send their daughter to Canada to a remarriage collapsing over a lavish wedding, Gaurav and Gunjan unpack kundli fears, lifestyle gaps between families, mother-in-law dynamics, third-party interference, and why 8 out of 10 profiles they see today are remarriages.
Twenty years married on just six matching gunas this one is a reminder that marriages don't run on horoscopes; they run on understanding.
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Transcript:
(00:00) कल एक फैमिली आई छोटे बेटे का रिश्ता लिखवाने। दो बेटे हैं उनके। और उन्होंने कल बताया मेरे को कि बड़े बेटे की शादी में प्लॉट मिला, Mercedes मिली, यह मिला, वो मिला। यह इनडायरेक्टली दहेज है। वो आपको बताना चाह रहे थे परिवार 19-20 चल जाएगा बट उनका बजट वैसा होना चाहिए कि जो छोटे बेटे के लिए आप रिश्ता देखोगे, वो इस लेवल का हो। एटलीस्ट वो भी इस टाइप का गिफ्ट हमें दे पाए। और एक फैमिली है। उनको गुड़गांव का ही रिश्ता चाहिए था। रिश्ता गया कनाडा का। दोनों परिवारों को एक दूसरे का परिवार बहुत अच्छा लग रहा है। पर लड़की वालों को
(00:33) यह लग रहा है कनाडा भेजना चाहिए या नहीं भेजना चाहिए। देखो अगर रिश्ता अच्छा लग रहा है और दिल मैच कर रहे हैं तो मैं तो यह कहता हूं कि रिश्ता कर देना चाहिए। आज की डेट में गुंजन रिश्ते अच्छे मिलना मेन बात है। लेट्स सपोज उनके पड़ोस में भी रिश्ता हो जाता है। कल वो लड़का बाहर चला जाता है तो क्या वो लड़की के मां-बाप उसको रोक सकते हैं? अगर परिवार ठीक है, लड़का ठीक है, दोनों बच्चों की वाइफ ठीक है तो बेटी को बाहर भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। पर आजकल आप घर आके मेरे को बताते हो कि गुंजन 10 में से आज आठ रिश्ते तो डिवोर्स बच्चों
(01:04) के आए थे। तो यह क्या कारण है? एक फैमिली है गौरव। मीटिंग करके आए हैं। दोनों फैमिलीज़ को एक दूसरे का परिवार बहुत अच्छा लग रहा है। दोनों बच्चों को आपस में अंडरस्टैंडिंग बहुत अच्छी हो गई है। सोलो मीट भी करके आए हैं। अब कुंडली मिलवाई है तो पंडित जी ने यहां पर बोल दिया है कि दोनों बच्चों की पत्री नहीं मिलती तो वो क्या करें? पत्री तो एक बेसिकली बहाना है। कई बार कुछ और बहाना होता है जिसको जिस वजह से लोग पत्री को आगे ले आते हैं। तो अगर दिल मिल रहे हैं, फैमिली को फैमिली ठीक लग रही है
(01:51) तो यह सब मेजर पार्ट यह है और पत्री का सॉल्यूशन है। अगर पत्री पे कोई बात अटक रही है, किसी पंडित ने अगर कोई वहम डाल भी दिया है। अगर दोनों परिवार एक दूसरे को अंडरस्टैंड करते हैं तो पत्नी का सॉलशंस हैं। कई बार एक अच्छे एस्ट्रोलॉजर को दिखा के जो भी दोष है उसको उस पर बात हो सकती है। उसको उसकी पूजा हो सकती है। बट अगर दो परिवारों के दिल मैच कर रहे हैं तो वो प्रभु मिलवा रहा है। यह समझना होगा। लोग क्या करते हैं कि अपने आप को बड़ा करते हैं। दो परिवारों के दिल मैच कर रहे हैं। दोनों बच्चों की वाइफ्स मैच हो रही हैं। दोनों बच्चों की अंडरस्टैंडिंग मैच हो रही
(02:26) हैं। अरे भाई ये सब कौन कर रहा है? ये प्रभु ही तो कर रहा है। ये एक समझने वाली बात है ना। लोग इस बात को समझते नहीं है। लोग अपने आप को खुदा मानने लग गए हैं कि पत्री नहीं मैच कर रही तो हम आगे बढ़ेंगे। लोगों को ना एक फियर है कि पत्री नहीं मैच कर रही तो इनका डिवोर्स हो जाएगा। पत्री नहीं मैच हो रही तो इनके बच्चे नहीं होंगे। लोग ऐसे एक नाड़ी दोष नहीं होगा तो इनमें नाड़ी दोष नहीं आ रहा है। तो इनका प्रॉब्लम आएगी। आगे बेबी प्लान नहीं हो पाएगा। लोग ऐसी-ऐसी बातें करने लग गए हैं। अरे ऐसा कुछ नहीं है। आप याद करो 20 साल पहले अगर हमारी पथरी की
(02:57) बात करें तो छह गुण मैच करते थे। तो यह होता क्या है कि देखो लोगों के एक बहानाबाजी है जिस वजह से लोग मतलब जब टाइम अच्छा होता है ना अंडरस्टैंडिंग बैठ रही होती है लोग रिश्ते आ रहे होते हैं कई बार झोली अड़ के लोग रिश्ता मांग रहे होते हैं बट उसको ठुकरा देते हैं बाद में वही लोग कंप्रोमाइज इतना करते हैं कि वो मेरे पास ऐसे भी बहुत केसेस हैं जो आज से 10-10 साल पहले के देख रहे हैं। पत्री नहीं मैच कर रही, पत्री नहीं मैच कर रही। एक रजौरी गार्डन की फैमिली जो नेजा परिवार वो आज तक 10 साल से जुड़ा हुआ है मेरे साथ। अच्छा-अच्छा रिश्ता था। पतरी नहीं मैच
(03:31) करी। पंडित ने मना कर दिया। वहमों में पड़े हुए हैं। तो बट मेरा मानना यह है कि अगर अंडरस्टैंडिंग दोनों परिवारों की बन रही है। दोनों बच्चों की वाइफ्स मैच हो रही हैं तो रिश्ते को आगे चलाना चाहिए। बात को बढ़ा बात को आगे चलना चाहिए। और एक किसी अगर मन में वहम आ गया है तो पंडित की बात को ना मान के किसी एक अच्छे एस्ट्रोलॉजर से एडवाइस लें और उस पे कुछ काम करें। लाइक कोई पूजा पाठ करके रिश्ते को आगे बढ़ाएं। रिश्ते को रोके नहीं। मतलब आपका कहने का मतलब है कि जो दोनों परिवार हैं वो पंडित जी के कहने पर बैक आउट ना हो। वो एक अपने ट्रस्ट के साथ
(04:10) प्रभु पर विश्वास करते हुए क्योंकि कोई नहीं मिलाने वाला। मिलाने वाला तो प्रभु है। विधाता है। प्रभु है। हां बेसिकली तो अगर दिल मैच कर रहे हैं तो वो दिल कौन मैच कर रहा है? हम हम किसी के पास जाते हैं बात करने। किसी से मीटिंग करने जाते हैं कि पंडित से बात करके जाते हैं कि पंडित जी यहां जाएं या नहीं जाएं। अगर लोग ऐसा करने लग गए पंडित जी हम आज वहां जाएं हम रास्ते में सही पहुंचेंगे। पंडित जी हम यहां जाएं तो फिर पंडित जी तो पहुंच ही नहीं पाएंगे। हां पंडित जी तो हर रोज व्यायाम डालेंगे नए-नए। आज का दिन ऐसा है। आज का दिन आप यहां मत
(04:40) जाओ। आज का दिन आप वहां मत जाओ। कुछ लोग ऐसे भी हैं मतलब जो भ्रम में पड़े हुए हैं। अगर आप कर्म अच्छे करो पाठ पूजा अगर दिल से करते हो लोगों को यह बात समझनी होगी कि लोग ना ये पत्नियों के चक्कर में पांच-प साल सात-सात साल अपने बच्चों की उम्र बढ़ा रहे हैं और बहाना मार देते हैं कि पत्नी नहीं मैच कर रही। अगर पत्नी नहीं मैच करेगी तो इनकी आगे जाके अंडरस्टैंडिंग नहीं होगी। इनका डिवोर्स हो जाएगा। इनकी अच्छी नहीं बनेगी। अरे भाई डिवोर्स का कारण तो हस्बैंड वाइफ बहुत कम होते हैं। तो बहुत सारे रीज़ंस होते हैं। लोगों सोचते हैं कि इनकी नहीं बनेगी। पहले हम हमारा
(05:18) पंडित जी जो बोल रहे हैं वही हकीकत है। और लोग आगे से ना ये भी बोलने लग गए हैं कि ये जो पंडित जी है ना ये सब सच बोलते हैं। हम हम हमने बहुत बार चेक किया हुआ है इनको। हम तो अरे भाई वो तुम्हारी बात से वो बात का आंसर देते हैं। लोगों को लगता है कि यही सच है। हम बट ऐसा भी तो होता है कि अ एक फैमिली ऐसी भी थी वो उन्होंने बताया कि हमारे दोनों बच्चों के गुण बहुत अच्छे मैच कर रहे थे। और हमने पंडित जी से सब कुछ दिखा के शादी करी थी। शादी बहुत अच्छी हुई थी और एक महीने बाद ही मेरे बच्चे हमारे बच्चे जो हैं दोनों सेपरेट हो गए। हम
(05:56) तो वहां पंडित जी ने बहुत अच्छे से स्टैंपिंग करी थी और यहां पर इस वाले केस में बोल रहे हैं कि पंडित जी की कुंडली नहीं मिलती है। तो दैट मींस कि ऐसा नहीं है मेरे को लगता है कि भ सिर्फ एक पंडित जी के बोलने पर ही हो। अपने दोनों की म्यूचुअली अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए। कहीं कोई हर्डल्स आए तो उसको हम अरे ऐसा होता है। ऐसा आपको याद होगा एक बहुत साल पहले एक पंजाई बाग के परिवार था। वो वैष्णो देवी पंडित से पत्री मिलवा के आए थे। हम और पंडित जी स्पेशल वैष्णो देवी गए दोनों परिवार वो जो मेन गुफा में जो पंडित जी हैं उनसे पतरी मैच करवाने
(06:29) और छ दिन भी शादी नहीं चली थी। हम राइट तो बेसिकली क्या होता है कि लोगों को ये ना पतरी पर बहाना ना मारे दिल मैच करें परिवार मैच करें। दोनों की लाइफस्टाइल मैच करें। हम अच्छा एक बात और मैं बताता हूं कि कई बार ऐसी इंक्वायरी आती है गुंजन कि लोग कहते हैं हमें ना सिर्फ टाइम ऑफ़ बर्थ, डेट ऑफ़ बर्थ और डिटेल दे दो ताकि हम पहले पत्री मिलवाएंगे तब रिश्ते के लिए बात आगे करेंगे। सबसे गलत है वो। हम दिल मैच करने बहुत जरूरी हैं। अगर दिल नहीं मैच कर रहे दोनों को टाइम स्पेंड करना चाहिए। दोनों के दिल वाइब्स मैच करनी चाहिए। दोनों का लिविंग स्टैंडर्ड मैच
(07:10) करना चाहिए। मैं तो कहता हूं। अगर दोनों का लिविंग स्टैंडर्ड ही मैच कर रहा है तो रिश्ते में बहुत ट्रबल्स आती हैं। पत्री से बेटर लोगों को आज की डेट में टाइम स्पेंड करके दिल मैच करने चाहिए। गौरव दोनों परिवारों को रिश्ता बहुत अच्छा लग रहा है। और लड़की वाले फर्स्ट टाइम लड़के वालों के घर विजिट किया। उनको उनका वेलकमिंग बहुत पुअर लगा। उसमें वो क्या करें? आप क्या गाइड करते हो? देखो गुंजन कई बार ऐसा होता है मैं भी कई बार मीटिंग्स पे जाता हूं। तो मुझे भी देख के लगता है कि भाई इनको मतलब वेलकम जिस तरीके से किया है मतलब इससे बहुत अच्छे
(07:48) तरीके से हो सकता था। बट आप समझो हर घर का कल्चर अलग है। जब हम फर्स्ट टाइम किसी के घर जाते हैं। हर यही तो देखने जाते हैं। हर किसी का ढंग अलग है। कोई तो बहुत ज्यादा सेवा में लग जाता है और कोई सिर्फ चाय पिला के बाय-ब करने की कोशिश करता है। तो ये ही तो अंडरस्टैंड करने वाली चीजें होती हैं। जब हम रिश्ता जोड़ते हैं तो हम एक दूसरे से मिलना, एक दूसरे के साथ बैठना, लंच करना, डिनर करना ताकि एक दूसरे की चीजें समझ में आए। यहां पे ही अगर लगे कि ये हमारे टाइप्स के नहीं है या बहुत ज्यादा डिफरेंस है इनके लिविंग स्टैंडर्ड में, हमारे लिविंग स्टैंडर्ड में। गलत कोई
(08:29) नहीं है। हर इंसान अलग है। आपको समझना है। अगर आपके घर के कल्चर से उनका घर का कल्चर बहुत ज्यादा डिफरेंट है और आपको लगता है कि अ मेजर डिफरेंस है तो रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। क्योंकि जब जहां पर दोनों के लिविंग स्टैंडर्ड मैच नहीं होते, दोनों की सोच भी मैच नहीं होती और वह खिटपिट रहती है। अगर कुछ गैप है 1820 का तो वो चीजें ठीक करी जा सकती हैं। अब एक के घर में लेट्स सपोज मैं किसी फैमिली के घर जाता हूं। कईयों के घर में क्या होता है कि कुक भी लगे हुए हैं और सर्व करने वाले भी लगे हुए हैं। और किसी के घर में वो खुद ही सब लोग मतलब लड़का भी सर्व कर
(09:10) रहा है, मदर भी सर्व कर रही है। उनकी बहन भी सर्व कर रही हैं। और वो एक नॉर्मल सा मतलब एक चाय बिस्किट मंगा दिया और मतलब बड़ा तो उन दोनों का वो एक लग्जरी फैमिली और एक वो उनका चाय पैसा बहुत कुछ है। बट खर्चने की पावर नहीं है या समझ नहीं है। राइट? तो वहां पे किटपिट शुरू हो जाएगी। मेरे घर में यह नहीं चलता। आपने ऐसा क्यों किया? मेरे मां-बाप आ रहे हैं तो आपने वैसा करना है। वो मैं ऐसा हम तो ऐसा नहीं करेंगे। आप तो इंसल्ट फील कर रहे हो। तो गैप ज्यादा इसी को तो बोलते हैं। दोनों परिवारों की वाइब्स का मतलब सब कुछ है। जब हम टाइम स्पेंड करते हैं। बातचीत
(09:45) करने का तरीका उनका पहनावे का तरीका। अब उनके बातचीत के अंदर बहुत कुछ आ जाता है। कोई इंसान 12 महीने में 8 महीने ट्रैवल करता है। जी मैं 20 दिन यहां जाता हूं। 20 दिन वहां जाता हूं, 15 दिन यहां जाता हूं। और कोई परिवार वो घर में ही रहता है। अब जो ट्रैवल करता है वो इंसान जो घर में ही रहता है उसके साथ वाइब्स ही मैच करेंगी। तो यही सब चीजें देखनी चाहिए। इन्हीं के बेसिस पे ही रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहिए। पत्री नहीं एक साइड पे कर दो। पत्री तो भगवान की तरफ से अगर मिलती होगी तो दोनों की वाइफ्स मैच करेंगी। दोनों की कंपैटिबिलिटी मैच करेगी। दोनों को लाइकिंग
(10:17) आएगी। सिर्फ फिजिकल अट्रैक्शन के बेसिस पे रिश्ता नहीं होता है। ये सब चीजें घर की नीव कैसी है? घर का कल्चर कैसा है? परिवार कैसा है? उस परिवार के साथ हमारी बनेगी नहीं बनेगी तो वो ही डिपेंड करता है रिश्ते की जड़े मजबूत करता है। राइट? रिश्ता करने से पहले यही सब चीजें देखनी चाहिए कि खाली लड़का लड़की का गेम नहीं है ये। ये दो परिवारों की गेम है। दो परिवारों के दो परिवार कंधे के साथ कंधा मिलाकर के खड़े होते हैं। तो वो लगे कि वो एक समधी हैं। वो दोनों एक परिवार हैं। तो वही रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहिए। जहां पे वो गैप बहुत ज्यादा हो। जहां पे
(10:53) एक दूसरे का आई कांटेक्ट ही ना मैच कर रहा हो। फादर मदर एक दूसरे को लाइक ही नहीं कर रहे हैं। वहां रिश्ते को नहीं बढ़ाना चाहिए। मेरा मानना है। मेरा यह एक्सपीरियंस कहता है कि उस रिश्ते को थम जाना चाहिए। एक फिजिकल अट्रैक्शन पे कई बार लगता है कि यार यह बहुत अच्छा मैच है। बट परिवार का मैच नहीं है। उठना बैठना मैच नहीं है। बोल विचार मैच नहीं है। तो फिर दैट मींस कि जो वो इंडिकेट कर रहे हैं प्रभु कि वो आपके मतलब का नहीं है। वहां से आप साइड हो जाओ। मतलब उन्होंने वेलकमिंग नहीं करी अगर तो हम यही देखें कि भाई फिर हमारा हां मतलब उस पे आप अगर आपके घर का भी अगर
(11:25) आपके घर से उनका बहुत ज्यादा डिफरेंस है। देखो अगर उनको लग रहा है उनके उनको यह समझना होगा कि हमारे घर में और उनके घर में कितना डिफरेंस है। अगर हम वो हमारे घर आते हैं तो हम कितना डिफरेंस है। अगर तो हम भी तो ऐसे ही करते अगर उनको ऐसा लगता है तो फिर वो एक दो दूसरे के साथ मैच है। कई बार कई बार एक ऐसे भी परिवार आते हैं वो बताते हैं कि अ हमारे को जब हम फर्स्ट टाइम वेलकमिंग करी थी तो बहुत ही हमारा डिसपॉइंटेड था बट हमारी बच्ची गई वहां चारप साल हो गए और आज वही परिवार है जब हम जाते हैं तो वो प्लेटें लग जाती हैं थालियां लग जाती हैं तो एक वो भी बहुत
(12:06) अच्छा एक वो है कि भई फैमिली को उन्होंने अपना बच्चे को ओपनली दिया स्पेस और वो बच्ची ने उस परिवार में आकर अपना देखो अब यह आपका सवाल जो है ना यह है सवाल दोनों के दिल मैच करते थे और प्रभु की इच्छा थी रिश्ता हो गया हम और वहां पे लड़की को उन्होंने रिस्पेक्ट दी लड़की ने अपने हिसाब से उस घर के कल्चर को बदल दिया वो भी पॉइंट अच्छा है हम बट अगर कोई डाउट में आ रहा है कि हमारा और उनका गैप नहीं मतलब गैप बहुत ज्यादा है हमारा और उनका बहुत ज्यादा डिफरेंस है हम अगर ये दिल में बात आ रही है और वो आगे आगे बढ़ने का दिल नहीं कर रहा है तो वो
(12:47) भगवान रोक रहे हैं। समझ रहे हैं बात को? अगर इस कहीं देखो किस्मत सारी गेम माइंडसेट की है। किस्मत का पार्ट ये होता है कि लाइक अगर आपने रिश्ता किया और वहां जाके आपको ये चीजें दिख रही थी पहले। बाद में सब कुछ गलत हुआ। हम हम आपको वो वो कह रहे हैं आपको हमने हमारे घर का तो कल्चर यही है। चाहे कोई भी आए हम तो मतलब स्टील की पट स्टील की प्लेट्स में ही सर्व करते हैं खाना और हम तो क्रॉकरी तो निकालते ही नहीं है। क्रॉकरी खरीदते ही नहीं है और उनके घर में स्टील की प्लेट्स आते ही नहीं है। उनके घर में तो मतलब 10-100 से कम डिनर सेट नहीं आते 10,000 से जो नॉर्मल
(13:30) यूज़ होने वाले और उनके घर में आते हैं 200400 वाले। तो वो डिफरेंस तो मतलब है ना वो वो एडजस्टमेंट वो चीजें वो बातचीत दोनों की सोच नहीं मैच करेगी पर एक फैमिली है उनको गुड़गांव का ही रिश्ता चाहिए था रिश्ता गया कनाडा का दोनों परिवारों को एक दूसरे का परिवार बहुत अच्छा लग रहा है पर लड़की वालों को ये लग रहा है कनाडा भेजना चाहिए या नहीं भेजना चाहिए तो इसमें आप बताओ क्या करें? देखो अगर रिश्ता अच्छा लग रहा है और दिल मैच कर रहे हैं तो मैं तो यह कहता हूं कि रिश्ता कर देना चाहिए। देखो अगर रिश्ता बाहर लड़का बाहर का भी है, दिल मैच कर रहा
(14:09) है, दोनों परिवार मैच कर रहे हैं तो रिश्ते को बायपास नहीं करना चाहिए। आज की डेट में गुंजन रिश्ते अच्छे मिलना मेन बात है। रिश्ता बच्चा कहां रहता है? आज लेट्स सपोज़ उनके पड़ोस में भी रिश्ता हो जाता है। कल वो लड़का बाहर चला जाता है। तो क्या वो लड़की के मां-बाप उसको रोक सकते हैं? अगर कोई बाहर का भी रिश्ता आ रहा है उनको वेलकम करना चाहिए। अगर परिवार ठीक है, लड़का ठीक है, दोनों बच्चों की वाइफ ठीक है। दोनों परिवारों के दिल मैच कर रहे हैं तो बेटी को बाहर भेजने में कोई दिक्कत नहीं है। हां, उन्होंने इंक्वायरी भी निकाली है।
(14:50) तो वो इंक्वायरी से भी बड़ा पॉजिटिव रिस्पांस मिला है। बट सिर्फ यही था उनको कि हमने रिश्ता तो गुड़गांव हुआ सोचा था बट एकदम सात समुंदर पार। कर देना चाहिए। मेरी एडवाइस है अगर दिल मैच कर रहे हैं, दोनों परिवारों की वाइफ्स मैच कर रही हैं। बच्चों को बात करके अच्छा लग रहा है और इंक्वायरी भी ठीक आई है तो एनआरआई का कोई व्यायाम नहीं करना चाहिए। रिश्ता बेटी को आंख बंद करके भेज देना चाहिए। क्योंकि ऐसा जरूरी नहीं है। लोग सोचते हैं कि हमारे घर के बिल्कुल नजदीक मिल जाए। जहां बच्चे की तकदीर में लिखा है, जो किस्मत में लिखा है, होना वही है।
(15:22) यह सब प्रभु ही कर रहे हैं। यह बात समझनी पड़ेगी लोगों को कि अगर कोई लोकेशन का फिल्टर या लोग सोचते हैं ना कि मेरे हिसाब से रिश्ता मिल जाए तो इंसान यह गलत सोचता है कि मेरे हिसाब से रिश्ता मिल जाए। हर इंसान की अपनी किस्मत है। किसके साथ उसके कर्माज़ हैं। फ्यूचर उसका कहां पे लिखा है। तो यह समझ के रिश्ते को आगे बढ़ाना होता है कि जब आप रिश्ते को देखना शुरू करते हो तो अगर परिवार ठीक लग रहा है सब अगर गुड वाइब्स आ रही हैं तो रिश्ते को आगे बढ़ा देना चाहिए। गौरव एक रुका हुआ लड़की ने ऑफिस से निकलते ही लड़के को कॉल किया अपनी सहेली के साथ
(16:02) कि चलो मूवी चलते हैं। और लड़के ने कहा ओके चलते हैं। मैं मॉम को अपडेट कर देता हूं कि हम लोग मूवी जा रहे हैं। और उसके दोस्त ने उसको वहां पर बोला अरे यार यह तो मॉमस बॉय निकला। तो लड़की ने लड़के से बात ही करना छोड़ दी। उसके बाद से उसके फोन कॉल्स ही उठाने बंद कर दिए। ऐसे में वो क्या करें? यह बहुत बड़ी बेवकूफी है। ये मिसअंडरस्टैंडिंग्स क्या होती हैं? देखो क्या होता है कि यह बात को समझने वाली बात है। ये तो बहुत गहरी बात है। कई बार दोनों के कई बार दोनों का रिलेशनशिप बहुत अच्छा चल रहा होता है और कोई तीसरा मिसगाइड कर देता है और हम बाहर वालों की बातों में आ
(16:39) जाते हैं और अपने पार्टनर से ही लड़ने लग जाते हैं। तो ये चीजें समझनी होंगी। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। एक अंडरस्टैंडिंग वाली बात है कि अगर उसके घर का कल्चर वैसा है, वह अपनी मदर को इनफॉर्म कर रहा है, तो इस बात को लोग कहीं पर ना छोटी सी बात होती है, पहाड़ बना देते हैं कि यह तो मम्मास बॉय है। यह तो ऐसे ही करेगा। हमने कहीं जाना होगा तो ये पहले पूछेगा मम्मी से पूछ लूं। ये सब चीजें नहीं होती। अगर वो उसको यह बात समझ में आए कि यह इनके घर में कितना फन लविंग केयरिंग सिस्टम है। अगर वह अपनी मदर को इनफॉर्म कर रहा है तो कल को वाइफ को भी इनफॉर्म
(17:15) करेगा। कल को फैमिली में एक किसी फैमिली में ना एक नेचर होता है कि आप कहीं भी जा रहे हो तो सामने वाले को अपडेट कर रहे हो कि मैं यहां जा रहा हूं या मैं यह बता रहा हूं। और किसी घर में होता है कि वह लापरवाह होते हैं पता ही नहीं होता। रात भी कहां बिता के आ रहे हैं कोई अपडेट ही नहीं होता। क्योंकि वो घर का कल्चर है। हर घर का कल्चर अलग है। इसमें मम्मास बॉय वाली कोई बात नहीं होती। बट लोग ना मिसगाइड करते हैं ना तो ये सब बातें होती हैं। बहुत रिश्ते ऐसे आने लगे हैं कि जहां पे रिश्ते टूटने की वजह ही बोलते हैं कि वो वो मम्मास बॉय है। मम्मास बॉय है।
(17:50) क्यों? वो मेरे से बात कम मम्मी की बात ज्यादा सुनता था। अरे भाई जिस लड़के ने 25 27 साल अपनी मदर के साथ लगाए हैं। क्या वो मदर को एक दिन में इग्नोर कर देगा? यह बात समझने वाली है, अंडरस्टैंड करने वाली है। हर घर का कल्चर अलग है। बात करना या अप्रूवल्स लेना या मां-बाप की नोटिस में डालना इसको मम्मास बॉय नहीं बोलते। और ये तो प्लस पॉइंट है। समझने वाला अगर समझे ये बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। अब किसी के घर में लापरवाही है। बिल्कुल भी कोई कम्युनिकेशन होता ही नहीं है। आ गए तो ठीक है। सर्वेंट्स ने खाना दे दिया। नहीं आए तो कोई पूछने वाला नहीं है। अब
(18:28) उनको लगता है कि यह तो मतलब बड़ा अलग सिस्टम है। इसीलिए तो बोलते हैं कि जब रिश्ता जुड़ता है ना तो यही प्लस माइनस सारी चीजें देखते हैं कि हमारे घर का और उनके घर का कितना मैच है? कितनी मैच मेकिंग है इन टर्म्स ऑफ कितनी चीजें मैच करती हैं। क्या लाइफस्टाइल मैच करता है? किस चीज को हम उनके साथ ले चल सकते हैं। अब उन अगर उस लड़की ने उसकी बातों में आकर अगर अपना दिमाग नहीं लगाया यह मम्मास बॉय है। कह के रिश्ते को फोन उठाने बंद कर दिए तो बहुत बड़ी बेवकूफी है। मेरा मानना ये ऐसा नहीं करना चाहिए। और आजकल आप घर आके मेरे को बताते हो कि
(19:05) गुंजन 10 में से आज आठ रिश्ते तो डिवोर्स बच्चों के आए थे। तो यह क्या कारण है कि आठ रिश्ते डिवोर्स दो रिश्ते नेवर मैरिड के। बड़ा दिल दुखता है गुंजन जब हम मतलब लोगों की बातें सुनते हैं ना कि आज सारा दिन में मतलब जितनी भी रिसेशन हुई 70 टू 80% रीमैरिज रीमैरिज रीमैरिज मैं परिवारों से बात करता हूं भाई आपका डिवोर्स का क्या कारण है पास्ट अगर कोई रिश्ता समझ में आए तो मैं आपको कैसे रिकमेंड करूं बड़ी सिली-सीिली सी बातें होती हैं और वह डिवोर्स की तरफ चली जाती हैं। छोटी-छोटी बातें बहुत कम ऐसे सुनने को मिलता है कि हस्बैंड वाइफ ही वजह है डिवोर्स की। मतलब
(19:49) दोनों की क्योंकि 4 दिन में या छ दिन में एक दूसरे को कितना अंडरस्टैंड कर पाता है इंसान। राइट? बट कोई तीसरा चाहे वह मदर इन लॉ हो, चाहे वह घर का कोई और मेंबर हो या चाहे वह कोई और ऐसी बात हो जाए उनके बीच में कि भाई यह तो मैं नहीं रहूंगी और वो डिवोर्स हो जाता है। तो यह सब चीजें शादी को जब शादी होती है तो चीजों को अंडरस्टैंड करने में कुछ समय लगता है और कुछ एडजस्टमेंट्स लोगों के अंदर एडजस्टमेंट बिल्कुल भी नहीं है। एडजस्टमेंट खत्म हो चुकी है। बिल्कुल खत्म हो गई है एडजस्टमेंट। शादी एडजस्टमेंट से ही चलती है। और डिवोर्स का रेट इतना बढ़ गया है कि लोगों
(20:34) का पेशेंस लेवल जीरो हो गया है। एडजस्टमेंट बिल्कुल कोई नहीं करना चाहता। हर इंसान सोचता है कि आई एम राइट सामने वाला गलत। बहुत कम सुनने को मिलता है कि मेरी गलती की वजह से डिवोर्स हुआ है। कोई आज तक शायद एक ही पर्सन ने कहा है। मैंने पहले भी एक बार पॉडकास्ट में बताया था। तो जब भी किसी से बात करो डिवोर्स का क्या रीजन था? तो कोई भी यह नहीं बोलता कि मेरी वजह से डिवोर्स हुआ है। ब्लेमिंग गेम खेलते हैं लोग। ब्लेम करते हैं। उनके घर में यह प्रॉब्लम थी। हमारी बच्ची वहां गई। उनके घर में वो प्रॉब्लम थी। लड़के वाले कहते हैं वो शादी करके आई। उसके मां-बाप
(21:13) की यह इन्वॉल्वमेंट थी। उसके मां-बाप की वो इन्वॉल्वमेंट थी। ये कॉमन सी बातें हैं। कुछ अलग सा नहीं दिखता। बट मेजर पूछते हैं कि मेजर मतलब आपने डिसीजन क्यों लिया डिवोर्स का? तो बहुत छोटी-छोटी क्वेश्चंस बहुत बहुत छोटी-छोटी बातें होती हैं जिसके लिए लोग डिवोर्स करने लग गए हैं। क्योंकि लोगों को लगता है कि अगर अभी बन नहीं रही है ना तो पीछे हट जाओ। कुछ कुछ मैं देखता हूं गुंजन कि पहले के टाइम में और आज के समय में मां-बाप जो पहले के टाइम में डिसीजंस लेते थे अगर कुछ प्रॉब्लम हो भी रही होती थी ना तो उसको सुनते नहीं थे। भाई तुमने वहीं रहना
(21:51) है। निपटो अपने आप वापस नहीं आना। अगर आज अगर कोई छोटी सी बात पे भी कोई अनबन होती है तो मां-बाप कहते हैं तू वापस आजा हम देख लेंगे। हम बैठे हैं। हम बैठे हैं हम देख लेंगे। तो यह सब चीजें हैं ना जो पीछे बैकबोन स्ट्रांग करती है ना तो वह एक पावर देती है कि पीछे हट जाओ। बच्चों को पता होता है कि मम्मी या पापा पीछे बैठे कोई बात हो गई है तो? देखो जब आप आप समझो कि जब एक शादी में एक नए बंधन में इंसान आता है तो वहां सब चीजें मैच तो नहीं होंगी। कुछ ना कुछ तो मिसमैच होगा। अब वो कुछ कुछ ना कुछ जब मिसमैच होता है तो वो ना अपने घर में अपने
(22:32) पेरेंट्स के साथ अपने सर्कल में वो बात करने लगते हैं। एक आप नए रिश्ते में आते हो तो लोग भी आपसे पूछने लगते हैं कि आपकी नई लाइफ कैसी चल रही है? नई आपकी जो नई शादी एक नई लाइफ है। शादी के बाद एक जब नई लाइफ स्टार्ट होती है तो आपका जितना भी सर्कल होता है, कई बार वो आपसे सवाल करता है कि और नई लाइफ कैसी चल रही है? कई बार ना हम किसी तीसरे के आगे अपना दुखड़ा रो देते हैं। मेरा हस्बैंड तो यह है। मेरा हस्बैंड तो वह है। मेरे हस्बैंड में तो यह कमी है। मेरे हस्बैंड में तो वो कमी है। कई बार सामने वाला स्मार्ट गेम खेल जाता है। अच्छा ऐसा है। अच्छा ऐसा है।
(23:10) मेरा तो हस्बैंड ऐसा नहीं है। मेरा अब उससे कंपेयर करने लग जाता है इंसान कि मैं ही दुखी हूं। बाकी सारा संसार सुखी है। ऐसा कई बार मिसगाइडनेस हो जाती है। तो वह फिर कमियां देखने लग जाते हैं तो वह फिर उस कमियों के पीछे वो रिश्ते को छोड़ देते हैं। और ऐसा भी तो होता है। ये तो आपने शादी बोला जैसे बहुत अच्छी बात लगी कि न्यू लाइफ होती है। अब कोई बच्चा स्कूल भी तो जाता है। उसके लिए भी तो एडजस्टमेंट करने में हर चीज में इसका मतलब कि एडजस्टमेंट है कि दोनों पार्टनर्स को थोड़ा सा टाइम देना चाहिए। इंस्टेंट नहीं करना चाहिए। मतलब इंस्टेंट की बात नहीं है। देखो अगर
(23:48) कि पानी सर के ऊपर से टप रहा है फिर तो बर्दाश्त नहीं करना चाहिए कि अगर कोई वायलेंस हो रही है, कोई हाथापाई कर रहा है, कोई गाली गलौज इस लेवल का कर रहा है कि जान से जान पे बात आ रखी है। बट अगर कोई जुबान से बातचीत हो रही है, कोई ऊंची आवाज में बात हो गई, उसको अगर कोई सामने वाला आपसे ऊंची आवाज में बात कर रहा है, तो पहले तो यह समझना होगा कि वो क्यों कर रहा है। राइट? वो उसका क्या रीजन है? उसको रॉल्व करना चाहिए। उस बात पे बात करके उसको रिॉल्व करना चाहिए ना कि उस बात को चार लोगों को बता के 40 लोगों को तक पहुंचे और उस बात का डिसीजंस आए कि ये नेगेटिविटी
(24:27) है। इस रिश्ते को हट जाओ। इस रिश्ते से हट जाओ। जब हम एक एक बात होती है हम वो कहीं दूसरे से बात करते हैं। वो चार बातें हमें बताता है। वो चार की आठ बनती हैं। और वो नेगेटिव वाइब्स आ जाती है कि ये रिश्ता ही ठीक नहीं है। यस। बट अगर दोनों पार्टनर रात को सोने से पहले उस चीज पर बात करके उसको रॉल्व करने की कोशिश करें तो 99% चीजें रॉल्व हो सकती हैं। शायद डिवोर्स रेट बहुत कम हो जाएगा। दोनों को बात करनी होगी। इस पेन को सॉल्यूशन कैसे देना है ताकि बातें तो क्या होती हैं? छोटी-छोटी बातें होती हैं जिसकी वजह से डिवोर्स एकदम से डिसीजन ले लेते
(25:06) हैं कि ठीक है और एक ऐसा बड़ा सुनने में आया कि एक बहुत अच्छा परिवार था जहां रिश्ता हुआ और जो लड़के की मदर है उन्होंने अपनी डॉटर इन लॉ को आते ही बोला कि वो बाहर घूमने नहीं जाएगी ऐसा नहीं करेगी वैसा नहीं करेगी तो लड़की ने बोला कि आप तो खुद ही सारा मतलब बाहर की टीज़ फंक्शनंस करते हो तो मेरे को क्यों वो कहता है तेरे को पता है मेरे को कितना टाइम लगा इस पोजीशन तक पहुंचने के लिए। तो इसमें क्या आपकी राय है कि क्या सही है वो मदर इन लॉ का बोलना यह बात या यहां पर डॉटर इन लॉ को समझना चाहिए? देखो गुंजन ऐसा है कि डॉटर इन लॉ को अपनी
(25:47) जगह बनानी पड़ेगी। नो डाउट। थोड़ा टाइम देना पड़ेगा। बड़ों के साथ आर्गुममेंट नहीं करनी। टाइम तो देना पड़ेगा रिश्ते को। बात ठीक है। अगर उनका अब अपनी मदर इन लॉ का स्पेस पहले दिन थोड़ी छीन लोगे आप थोड़ा सा टाइम तो दोगे थोड़ा टाइम कहीं कुछ इयर्स के बाद अगर उनकी उनका उनके घर में अगर यह चीज है कि मेरी डॉटर इन लॉ घर पे ही रहे और मैं फंक्शनंस पे जाऊं, किट्टी पे जाऊं, कुछ भी करूं तो कुछ समय के बाद यह हो सकता है। बट अगर वो सोचे डे वन पे ही अगर वो अपनी मदर इन लॉ के साथ अपनी बॉन्डिंग अच्छी बनाएगी अपना प्यार अच्छा बनाएगी रिस्पेक्ट देगी तो वही कुछ
(26:28) दिन के बाद अपनी मदर इन लॉ उनकी जो है अपने साथ लेके जाएगी बट अगर वो उसकी डिसरिस्पेक्ट करने की कोशिश करेगी तुम जा रही हो मैं भी जाऊंगी तो वहां पे क्या है डिसरिस्पेक्ट होगी वहां क्लेश होगा तो चीजों को उसको मदर इन लॉ के साथ फिर अंडरस्टैंडिंग बनानी पड़ेगी उनकी रिस्पेक्ट करनी पड़ेगी और अपनी फाउंडेशन अपनी जड़ों को मजबूत करना पड़ेगा अगर जड़े मजबूत होंगी तो वही प्यार वही दोस्ती वो मदर इन लॉ वाला प्यार वो दोस्ती में बदल जाएगा अगर वो अंडरस्टैंड करेगी तो और अगर वो कंपैरिजन करने लगेगी कि आप भी तो जाते हो आप मुझे क्यों रोकते हो वहां आर्गुमेंट
(27:02) होगी वहां रिश्ता अच्छा नहीं चलेगा तो चीजों को अंडरस्टैंड ऐसे ही तो करना होता है गौरव कल एक फैमिली आई है छोटे बेटे का रिश्ता लिखवाने दो बेटे हैं उनके गुड़गांव की फैमिली है और उन्होंने कल बताया मेरे को कि बड़े बेटे की शादी में प्लॉट मिला, Mercedes मिली, यह मिला, वो मिला। तो यह क्या रिक्वायरमेंट है या दहेज की डिमांड है? यह इनडायरेक्टली दहेज है। यह डायरेक्टली दहेज नहीं मांग रहे। यह इनडायरेक्टली आपको इन्फॉर्म कर रहे हैं कि हमारे बड़े बेटे के टाइम पे हमारी घर में बड़ी बहू के साथ यह यह गिफ्ट्स आए हैं। वह आपको बताना चाहते हैं कि हमें जो छोटा परिवार जो छोटे
(27:48) वो आपको बताना चाह रहे थे कि जो छोटे बेटे के लिए आप रिश्ता देखोगे वो इस लेवल का हो एटलीस्ट वो भी इस टाइप का गिफ्ट हमें दे पाए। अब उसको गिफ्ट कह लो, दहेज कह लो, डिमांड कह लो। बट लोग ना आज क्लियर नहीं लोग ना आज क्लियर नहीं बोलते हैं। इनडायरेक्टली बात करते हैं। ऐसा मैंने भी बहुत बार देखा है कि जो वो कहना चाहते हैं ना वो एग्जांपल देके बोलते हैं कि लाइक बड़े बेटे की बारी हमें ये ये मिला था। तो आप मतलब इस लेवल का रिश्ता बताना। ओके। हमारी और कई क्या होते हैं? अब अपनी बेटी की मैरिज हमने करी थी। ₹5 करोड़ लगाया था। अब बेटे के लिए रिश्ता देख रहे हैं तो
(28:32) हमें वैसा ही बताना जो 56 करोड़ खर्चे। ओके। समझ रहे हो बात को? अब उसको रिक्वायरमेंट कह लो या डिमांड कह लो। अरे भाई तुमने अगर खुद खर्चे हैं अगर अपनी बेटी की शादी में या तुम्हारी बेटी की शादी की तरफ से डिमांड थी या तुमने शौक से खर्चे हैं। उस बात से तुम अपने बेटे की शादी जब करने जा रहे हो तो आप यह बात बोलो कि मैंने उस लेवल पर करी थी तो मेरे को लड़की वाले भी उस लेवल के ही चाहिए। जो मेरे बेटे के साथ जो मेरी डॉटर इन लॉ आए वह भी उस लेवल का हो और उस लेवल के ही चीजें हमें मिले। हमने अपनी बेटी की शादी में यह यह दिया था। हमने यह वाली गाड़ी दी थी 2.5 सीआर
(29:13) की। हमने डेस्टिनेशन वेडिंग करी थी। वहां पर 2.5 लगाए। हमने गोल्ड दिया था 5 सीआर का। तो हमने 10 सीआर खर्चा किया था। तो हमें 10 सीआर जो खर्च वाले हो हमें वैसा ही रिश्ता चाहिए। परिवार 19-20 चल जाएगा। बट उनका बजट वैसा होना चाहिए। उनकी उनका बजट शादी पे खर्चने के लिए वैसा होना चाहिए। वो इनडायरेक्ट दहेज कह सकते हैं। इनडायरेक्ट अपनी रिक्वायरमेंट बता सकते हैं। कुछ भी बोल सकते हैं। उसे गिफ्ट कह लो। उसे कुछ भी कह लो। गौरव एक बात बताओ एक रोका हुआ है और उसमें लड़के की मदद हर बात पे यही बोलती हैं कि ऐसे रिश्ता होगा तो ठीक है वरना मैं
(29:53) रिश्ता तोड़ दूंगी। लड़की वाले यह करेंगे तो मैं रिश्ता तोड़ दूंगी। अब उनका कहना है कि डेस्टिनेशन मैरिज होगी तो ठीक है वरना मैं रिश्ता तोड़ दूंगी। लड़के को लड़की बहुत पसंद है और लड़की को लड़का बहुत पसंद है। इसमें आप क्या गाइड करते हो? बहुत दुख होता है गुंजन। मुझे ये सब बातें अगर मैं ऐसी सुनता हूं ना तो लोग आजकल यह नहीं समझ रहे कि रिश्ता क्यों कर रहे हैं। लोग दिखावे के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं तो परिवार नहीं। अच्छे खासे परिवार को लोग रिश्ता तोड़ देते हैं। तुम बोल रहे हो रिश्ता तोड़ देंगे। मेरे पास मेरे एक्सपीरियंस में दो-तीन ऐसे रिश्ते लोगों
(30:29) ने तोड़ भी दिए हैं। ड्यू टू लड़की वाले बाहर प्रीशूट के लिए प्री वेडिंग शूट के लिए नहीं मान रहे। इन बातों के लिए रिश्ते लोग तोड़ देते हैं। आजकल बड़ा दुख होता है ऐसी चीजें जब सामने आती हैं। लोग मतलब क्या सोच रहे हैं? मतलब आज की डेट में लोग परिवार नहीं देख रहे। हमारे हिसाब से नहीं चल रहे या हमारे सर्कल में हमारी बेइज्जती हो जाएगी। कि अगर हमारे यहां लोकली मैरिज करेंगे तो अब लड़की वाले कह रहे हैं कि हम फाइव स्टार होटल में कर लेते हैं। जहां आपको वहां कर लेते हैं। बट डेस्टिनेशन हमारे कुछ गेस्ट नहीं हो पाएंगे। मतलब कुछ हमारे
(31:07) गेस्ट जो बाहर से आने वाले हैं वो यहां आएंगे। हम बाहर लेके जाएंगे। थोड़ा मैस अप हो जाएगा। हम बाहर की शादी नहीं चाहते। आप रिसेप्शन बाद में कभी कर लेना बाहर। बट अभी तो हम मैरिज यहां करेंगे। बट लोग जिदबाजी में रिश्ते तोड़ देते हैं। कोई कहता है जी मेरे सर्कल में मेरा किटी सर्कल में हमने बहुत सारी डेस्टिनेशन वेडिंग अटेंड करी है। कोई कहता है कि जी मेरी तो इंसल्ट हो जाएगी अगर डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं हुई अगर वो डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए नहीं मान रहे हम रिश्ता तोड़ देंगे। वो बच्चों की खुशी छोड़ देते हैं। हां वो रिश्ता तोड़ देते
(31:38) हैं। इवन हम लोगों को समझ पता नहीं कहां जा रही है। दिन-ब दिन मैं तो समझ नहीं पा रहा हूं कि जिस रिश्ते को ढूंढने में जिस रिश्ते के लिए इतनी मेहनत से रिश्ता मिला बच्चों की बच्चों के दिल मिले। बच्चों के दिल भी मैच करे। परिवार को परिवार भी समझ में आ रहा है और वो कहते हैं जी परिवार में एक नो डाउट परिवार बहुत अच्छा है। लोग भी बहुत अच्छे हैं। बट अगर वो डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं करेंगे हमारे हिसाब से गिफ्ट्स लोगों को नहीं देंगे। हमारे हिसाब से गाड़ी ये वाली नहीं देंगे तो हम रिश्ता तोड़ देंगे। पर ऐसा भी तो हो सकता है कि आपको बेटी
(32:13) इतनी अच्छी मिल रही है बहू रूप में इतनी अच्छी मिल रही है तो चलो आप नहीं करो। एक फंक्शन डेस्टिनेशन हम कर लेते हैं। यही तो बात समझने वाली है। हम कि एक डेस्टिनेशन फंक्शन हम बाहर का ऑर्गेनाइज कर लेते हैं। आप जैसे शादी करना चाहते हो वो आपकी मर्जी है। अभी मैं आपको लेटेस्ट एक बात बताता हूं। लड़की और लड़के की रीमैरिज का केस था। दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से अंडरस्टैंड करने लगे। अभी लड़के का भी और लड़की का भी फर्स्ट मोशन क्लियर हुआ था। अवेटेड डिवोर्स था। उन्होंने रिश्ता देखना स्टार्ट कर दिया। ओके? और दोनों के दिल बहुत अच्छे मैच करने लग
(32:54) गए। लड़के के फादर ने क्लियर बोला कि अगर डेस्टिनेशन वेडिंग करेंगे तो हम आगे बात बढ़ाएंगे नहीं तो नहीं बढ़ाएंगे। अब लड़की लड़की कहती है देखो कि मैं एक ट्रॉमा से निकली हूं बाहर। मेरे वही ले दे के रिश्तेदार हैं। वही मेरा फ्रेंड सर्कल है। कोई नया तो है नहीं। वही 200 300 लोग जो मेरे मासी चाचा ताया मेरा फ्रेंड सर्कल मैं दोबारा से लहंगा पहन के दोबारा शादी नहीं करना चाहती राइट और लड़के के भी पेरेंट्स लड़के का भी रीमैरिज का केस था बट लड़के के पेरेंट्स कहते हैं जी डिवोर्स तो भूल जाओ हो गया तो हो गया अब तो दोबारा शादी हो रही है तो वज्रथ के ही करेंगे
(33:37) इस बात के लिए पीछे हट गए कि वो डेस्टिनेशन वेडिंग चाहते हैं और लड़की बहुत रोई कि मैंने 2 महीने हो गए मुझे इस लड़के के साथ बात करते हुए डेट करते हुए मिलते हुए लड़का अंडरस्टैंडिंग ही नहीं कर रहा है। वो कह रहा है जी मेरे को तो डेस्टिनेशन वेडिंग नहीं करोगे तो मैं शादी नहीं करूंगा। लोग ये भूल ही जाते हैं कि शादी इज इक्वल टू अंडरस्टैंडिंग। हां। बट अब वो क्या है? लड़की का अपना पॉइंट ऑफ व्यू सही था कि भ मैं मेरी दो साल पहले शादी हुई थी और मैं एक ट्रोमा से निकली हूं बाहर। बहुत बड़ा ट्रोमा से निकली हूं। मैंने अपने आप को बहुत मुश्किल
(34:14) से मेंटली प्रिपेयर किया है कि मैं दोबारा मैरिज कर लेती हूं। मुझे तो मैरिज से ही डर लगने लग गया था। मेरा पहला परिवार बहुत अच्छा था। ऐसा नहीं है कि मेरे परिवार में कहीं कमी थी। बट लड़के को कुछ इशूज़ थे कि जो वो डे बाय डे उसकी फिजिक्स ठीक नहीं हो रही थी। मतलब वो अगर मैं परिवार की कोई कमी निकालना चाहूं तो मैं एक भी कमी नहीं निकाल सकती हूं। ओके। बट लड़के के साथ कुछ ऐसी प्रॉब्लम्स थी कि लड़का घर पे ही रहता था। मतलब वो बाहर जा ही नहीं सकता था। उसके साथ कुछ प्रॉब्लम ऐसी थी उसको लड़के वालों ने बताई नहीं थी। तो वो कह रहे पहले मेरा डिवोर्स हुआ हुआ
(34:50) है। दोबारा मेरी अब मैरिज हो रही है। तो मैं मतलब ट्रॉमा में हूं बहुत ज्यादा कि मेरे साथ एक तरह का धोखा हुआ है। पहले चीटिंग हुई है। दोबारा मैरिज हो रही है। लड़के वाले अपने उसमें कि जी डेस्टिनेशन वेडिंग अगर यहां नहीं करी तो आप अपने घर अब अपने घर। तो इसका मतलब कि आपस में कोई एडजस्टमेंट नहीं है और फिर से शादी करना यह सोच रहे हैं। तो फिर से कहां से उनसे दोबारा ही वो उनके लिए भी तो रीमैरिज है। लड़के के लिए भी तो री थी। बट अब वो अब अंडरस्टैंडिंग लड़की का पॉइंट ऑफ व्यू लड़की का पॉइंट ऑफ व्यू ये है कि देखो मैं वेडिंग अगर करूंगी तो सिंपल दो
(35:29) कपड़ी में शादी रजिस्ट्रेशन कराएंगे कोर्ट में जाके और कार में बैठ के मैं उनके घर चले जाऊं। इसी कंडीशन पर मैं मैरिज करना चाहती हूं। नहीं जी नहीं हम तो वेडिंग डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहते हैं। गज गज के करना चाहते हैं। हम सिंपल मैरिज नहीं करेंगे। इस वजह से उन्होंने बाय-ब कर दिया। बहुत दुख हुआ मेरे को ये सुन के कि लड़की ने कहा ठीक है अगर आपको ऐसा लग रहा है तो कोई बात नहीं। मैं तो अंडरस्टैंडिंग तो मेन की है। अगर अंडरस्टैंड कर लें लोग तो बात बन जाए। सारी गेम रिश्ता शादी एक अंडरस्टैंडिंग की गेम है। अगर एक दूसरे को अंडरस्टैंड करते चले जाएं फ्लो
(36:09) के साथ बहते चले जाएं लाइफ में बहुत सारी प्लस माइनस गुर्जन आज की डेट में कोई भी रिलेशन हो चाहे वो भाई बहन का हो चाहे वो हस्बैंड वाइफ का हो चाहे वो हमारे पेरेंट्स का हो व्हाटएवर कोई भी हो चाहे वो हमारा रिलेशन हो कभी ऐसा नहीं होता कि 365 दिन सेम बीतते हैं कभी कोई दुख कभी कोई दुख दर्द कोई प्रॉब्लम कोई आती है उसको फेस करके उसको सॉल्व किया जाता है। राइट? लाइफ तो ऐसी चलती है और जो उसको सॉल्व करना नहीं चाहता, जो उससे सोचता है कि ये प्रॉब्लम है इसी को ही छोड़ दो। प्रॉब्लम से पीछे छुड़वा के भाग जाते हैं। इवन सॉल्यूशन नहीं करते।
(36:45) सॉलशन नहीं करते। और रिलेशनशिप क्या है? एक अंडरस्टैंडिंग ही तो है। अगर अंडरस्टैंड कर लिया तो रिश्ता अच्छा चल जाता है। तो अंडरस्टैंडिंग लोग नहीं करना चाहते हैं और कई बार अच्छे-अच्छे रिश्ते को ठुकरा देते हैं। कई बार शादी में होते हैं उसको लात मार देते हैं। डिवोर्स का रूप ले लेता है। तो मेरा मानना यह है यह पडकास्ट जो भी देख रहा है। मैं यह बात समझाना चाहता हूं। अगर आप रिश्ता देख रहे हो या रिलेशनशिप में ऑलरेडी हो। अगर आप चाहते हो आपका रिश्ता हेल्दी हो तो आपको चीजों को रिस्पेक्ट देनी होगी और अंडरस्टैंड करना होगा। आप अगर यह समझते हो
(37:24) कि सामने वाले करेगा तो मैं उसको डिलीवर करूंगी। चाहे वो रिस्पेक्ट हो चाहे वो बात को अंडरस्टैंड करना हो। आपको खुद को अंडरस्टैंड करना है। आपको खुद को रिस्पेक्ट करनी है। बेसिकली जो आपको चाहिए वो आपको देना है। देना है। हां। हम अगर आप सोचते हो कि पहले सामने से आएगा तब मैं रिस्पेक्ट करूंगी। पहले सामने वाला अंडरस्टैंड करेगा तो मैं अंडरस्टैंड करूंगी या मैं अंडरस्टैंड करूंगा तो रिश्ता नहीं चलता है। अंडरस्टैंडिंग ही एक की है रिलेशनशिप की राइट कि गिवर बनो गिवर अगर जो रिश्ते हो रहे होते हैं वो अंडरस्टैंड के बिना टूट जाते हैं। जो
(37:59) रिश्ते में होते हैं वो रिश्ते टूट जाते हैं। अगर अंडरस्टैंडिंग नहीं होती तो अंडरस्टैंडिंग ही मेन समझने वाली चीज है कि रिश्ते को अगर चलाना है तो अंडरस्टैंड करना पड़ेगा चीजों को। मैं आपसे पूछना चाहूंगी कि 20 साल हो गए हमारी शादी को और पंडित जी ने फेरों में सात फेरों में क्या-क्या पक्का कराया था। क्या आपको उसमें से कुछ याद है? देखो गुंजन सात फेरों में क्या-क्या पक्का कराया था? अगर मैं आपको टू दी वेरी ऑनेस्ट आंसर दूं। हम हम नींद का समय था। कुछ भी याद नहीं है। बट एक ही चीज याद है हम कि सात फेरों का निष्कर्ष एक ही था।
(38:36) अंडरस्टैंड करना है। कोई भी स्थिति आए छोड़ना नहीं है। भागना नहीं है। बंधन में बंध रहे हो। एक जिम्मेवारी में आ रहे हो। एक रिस्पांसिबिलिटी में आ रहे हो। ये चीज याद है। सात चीजें तो अलग-अलग सात चीजें तो मुझे अलग-अलग से याद नहीं है। बट आप एक बेटी घर में ला रहे हो। आपकी रिस्पांसिबिलिटी बनती है। कोई भी समस्या आए उसका साथ नहीं छोड़ना। भागना नहीं है और चीजों को अंडरस्टैंड करना है। कुछ भी हो जाए तो अंडरस्टैंडिंग समझ में आई थी और अंडरस्टैंडिंग करी है तो आज चल रही है। नहीं तो अंडरस्टैंड नहीं करते हो तो शायद छोटी-छोटी बातों पे क्या
(39:16) हमारी लड़ाईयां नहीं हुई। क्या हमारे अंदर गैप्स नहीं आए बट अंडरस्टैंडिंग से चाहे वो मेरी इशूज़ हो, चाहे वो आपके इश्यूज हो। मेरे प्रॉब्लम्स को आपने समझा। आपके प्रॉब्लम्स को मैंने समझा। तभी तो आज रिश्ता अच्छा चल रहा है। प्रभु के दया से। राइट। हमारे अगर हम बात करें तो पंडित के हिसाब से तो छह ही गुण मैच करते हैं। अगर पंडित की भाषा में बात करें पंडित जी ने तो यह भी कह दिया था कि इनका तो आगे संतान भी नहीं होगी। इनका तो आगे फैमिली कुछ है ही नहीं। बट चीजों को मुझे याद है फेरों पे पंडित जी की एक ही बात कि आप शादी में आ रहे हो। आप एक बंधन में आ
(39:56) रहे हो। प्रेम बंधन में तो उस बंधन को बनाए रखना। आई होप आपको हमारा यह पडकास्ट अच्छा लगा होगा। आप किसी दो फैमिली को यह पडकास्ट शेयर करें जिसको इसकी नीड हो। और ऐसे ही पडकास्ट सुनने के लिए हमारे को लाइक करें, सब्सक्राइब करें एंड शेयर करें। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग अस।
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