How Sanitary Pads Are KILLING You?
Author Name:Nikita Thakur
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Transcript:
(00:00) हेलो fluoreos दिस इस निकिता एंड डिस्पोज दे फ्री सोफी आज इंडियन मार्केट में जितने भी सैनिटरी पैड्स अवेलेबल हैं यह सब के सब टेटली है यस ध्यान से सुनना डबल मत 2022 में एक दिल्ली बेस एनजीओ ने इंडिया के इन 10 पॉप्युलर सैनिटरी पैड्स को स्टडी किया था एंड बिलीव इट नॉट लेकिन इन सब में वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स बोस और थायराइड जैसे टॉक्सिक केमिकल्स पाए गए अब ये केमिकल्स क्या करते हैं पता है वेल हाल ही में साउथ कोरिया की 3000 से ज्यादा औरतें अचानक से एक साथ रिप्रोडक्टिव हेल्थ इश्यूज एक्सपीरियंस करने लगी फिर जब इसमें इन्वेस्टिगेशन हुआ तब मालूम पड़ा की ये
(00:34) सारी औरतें तो एक-एक कंपनी का पैक उसे करती थी एंड फिर जिसमें फोर्थ इन इन्वेस्टिगेशन से ये मालूम पड़ा ये बीमार या तो वही बोसी और पायलट जैसे टॉक्सिक केमिकल्स की वजह से जो आज ऑलमोस्ट हर इंडियन कंट्री पार्ट्स में कॉमन बात है बट ये सबसे भी ज्यादा कंसर्निंग बात तो ये है की ये जो तो उसकी बात हम करते ए रहे हैं ये एक बार के लिए औरतें खा भी लेना डेट इस वे बटोर आज कंपेयर्ड तू अपने वेजाइना से इन केमिकल्स को कॉन्टैक्ट आने देने से यस वेल 199 99 में एक्सपेरिमेंट हुआ था जिसमें कुछ फीमेल सब्जेक्ट्स को इक्वल क्वांटिटी में एस्ट्रोजन जो एक हार्मोन
(01:05) होता है उसके दोसेस को animister किया गया औरतों को एस्ट्रोजन ओरली यानी की भूख से निकलने बोला था और आधी औरतों को वजाइना के थ्रू एडमिनिस्टर किया था अब बिलीव नहीं करोगे लेकिन जिन सब्जेक्ट्स को vajinalli दोस्त दिया गया था ना उनके ब्लड में एक्सप्लोजन लेवल 10 टाइम्स आया था आज कंपेयर्ड तू व्हाट द जिन्होंने इसे ओरली पिया था कहने का मतलब है की जो वजाइना की स्किन होती है बहुत ही ज्यादा सेंसेटिव होती है और बाकी के बॉडी के स्किन के कंपैरिजन में ये बहुत ज्यादा pamebable भी होती है अब्जॉर्बेंट होती है एंड इसीलिए डॉक्टर्स खुद ये कहते हैं की वजाइना के
(01:35) स्किन पे कोई भी केमिकल टच करना उसे केमिकल को खुद खाने से भी ज्यादा डेंजरस है तो नौ यू गेट अन राइट सवाल लिटरली भारत की आधी आबादी की जान कहां है लेकिन इसके बावजूद इस शो पे इतना कैशलेस क्यों देखो एक छोटे से एग्जांपल से समझती हूं सो आज इट टर्न्स आउट की इंडिया में सैनिटरी पैड्स का केमिकल कंटेंट के लिए कोई क्लियर रेगुलेशंस है ही नहीं इनफेक्ट इंटरेस्टिंग अगर आप सैनिटरी पद का पैकेट देखोगे ना तो उसे पे इंग्रेडिएंट्स का लिस्ट ही नहीं होता है क्योंकि सैनिटरी पैड्स को मेडिकल प्रोडक्ट की कैटिगरी में इंक्लूड किया जाता है बट वेट लूपर प्रक्रिया का ये है
(02:07) की मेडिकल प्रोडक्ट्स को इनग्रेडिएंट लिस्टिंग से छूट है एंड यही तो है इसका सबसे बड़ा स्कैम लेकिन यार एक प्रॉब्लम है ये सब जितने भी इश्यूज हैं ना ये सारे के सारे तो सिम्टम्स हैं अगर हमें ये सिसो को हमेशा के लिए फिक्स करना है तो हमें बीमारी के जड़ पर हमला करना पड़ेगा बट बीमारी क्या है पीरियड्स को लेके हम मानसिकता आप बिलीव नहीं करोगे लेकिन हिस्टोरिकल औरतें पद की जगह पे क्या उसे करती थी पता है इसके बाद अलग-अलग टाइप के कुछ मेंस्ट्रूअल राग या फिर क्लॉथ उसे होने लगे हैं जिनको क्लीन करके रीयूज करना पड़ता था बट ये obbviesli स्टेबल नहीं रहते द सब कुछ समय
(02:42) बाद इसके लिए कुछ ऐसे सैनिटरी बेल्ट भी मार्केट में ए गए द अब इसे देख के ही मालूम पड़ा की कोई भी इससे कंफर्टेबल कैसे रहेगा सो ये कंफर्ट के इशू कोई फिक्स करने के लिए इन्वेंशन हुआ सैनिटरी पैड्स का क्योंकि इंटरेस्टिंग वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान कुछ नर्सेज ने किया था वो भी आदमी हो के लिए देखो घायल सोल्जर्स को ट्रीट करने के लिए उसे समय कॉटन नाम का एक मटेरियल उसे होता था ये मटेरियल तुम मेंस्ट्रूअल ब्लैक को भी शो करने के लिए एकदम परफेक्ट है एंड ऐसे ही तो फर्स्ट सैनिटरी पद मेड एंड दें स्लोली स्लोली 1970 तक आज जैसे citrise उसे होता है स्टिक ऑन पैड्स वाले होते
(03:13) वैसे भी मार्केट में कमर्शियल ये आने लग गए द बट पैड्स इन्वेंट होने के बावजूद भी फीमेल हाइजीन का ये इतना इंपॉर्टेंट होने के बावजूद पीरियड्स और पैड्स हमारे सोसाइटी में एक बहुत इंपॉर्टेंट तबु थी इन सब एक्सपीरियंस ये शब्द ही नेशनल टेलिविज़न पर पहली बार सीधा 1985 के एक एंड में आया था कोर्ट ने कॉक्स आई एम सर सब जानते हैं फ्रेंड्स की डी फेमस मोनिका कैरक्टर इसने इसे फर्स्ट टाइम टेलिविज़न पे ये वर्ड को उसे किया था फीलिंग इन फैक्ट आज भी क्या आपने नोटिस किया है बहुत समय तक सैनिटरी पैड्स के ऐड में ब्लड को रिप्रेजेंट करने के लिए ब्लू जेल जैसा
(03:48) लिक्विड दिखाया जाता था एंड इफ यू थिंक अबाउट इट एक टॉप साइलेंटली पैड्स के ब्रांड का नाम भी व्हिस्पर है आई मिन क्या आपको ये इरोनिक नहीं लगता फिल्मों में तो ब्लड देखना बहुत पसंद है सबको लेकिन एक वुमेन की लाइफ इतना ज्यादा नेचुरल और नॉर्मल फेस को लेकर लोग इतने सारे ट्रिगर क्यों हो जाते हैं सो बस आगे बढ़ाने से पहले एक मिनट क्या आपने भी कभी मेरी तरह ऐसा सोचा है स्कूल में की आखिर हम इस तरह सब्जेक्ट्स पढ़ी क्यों रहे हैं जबकि असल में तो ये सब मेरी लाइफ में कुछ कम ही नहीं आने वाला है पर ऐसा नहीं है नॉलेज होना बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है और
(04:16) स्पेशली वो वाला नॉलेज जो आपको ऑन करने में हेल्प करें पर यार हर जगह आपको पढ़ने और ट्रेनिंग के पैसे देने पड़ते हैं और ट्रेनिंग खत्म होने के बाद ही आपकी अर्निंग शुरू होती है क्या अगर मैं आपको बोलूं की आप ट्रेनिंग के साथ-साथ ऑन भी कर सकते हो वो भी सिर्फ 10 मिनट की ट्रेनिंग में आप स्टार्ट कर सकते हो अपना फर्स्ट टाइम का यस मेघा ट्रेड तो ऐसा यूट्यूब चैनल है जो आपको सिखाता है तू ऑन बट ट्रेनिंग और बाय नंबर प्लेटफार्म सो देखो मैंने तो इनके चैनल से ये सिखा की ट्रेडिंग काफी एजी है जब आपके पास एक कम्युनिटी होती है जो आपको सपोर्ट करें
(04:44) एंड जिनको ऑफ कोर्स स्टीयरिंग की नॉलेज हो जैसे ये चैनल को क्योंकि ऑफ कोर्स सक्सेस बिना कोई फैलियर के मिलना नामुमकिन है सो अगर आपको भी ऑन करना है तो आप सब कुछ डस्ट ओनर में कम सकते हो चैनल को सब्सक्राइब करो और ज्वाइन करो कमीना टीवी ऑफ ट्रेडर्स को और इस चैनल साथ 5-10 मिनट पढ़ो और ऑन करो मेगा ट्रेड हजार रुपए तक हर दिन लिंक इसे नॉट डिस्क्रिप्शन एंड नौ कमिंग बैक तू ए टॉपिक बट अगेन क्यूट इंटरेस्टिंग हमारा माइंड सेट की इंडियन सोसाइटी आज भी पीरियड्स को लेके बहुत ज्यादा नैरो माइंडेड है वेल डेट इसे नॉट कंपलीटली ट्रू कुछ इंडियन कलर्स में तो मेंस्ट्रुएशन को
(05:16) ओपनली ऑनर और सेलिब्रेट किया जाता है जैसे उड़ीसा का फेमस राजा फेस्टिवल इस 3 दिन के त्यौहार में रेंस का वेलकम किया जाता है ये मैन के की इस दौरान हमारी पृथ्वी माता मेंस्ट्रुएट कर रही है एंड इसमें सभी menstruiting औरतों को भी जिनको पीरियड्स है उनको गोडेसेस की तरह ट्रीट किया जाता है सिमिलरली असम में भी हर साल तीन दिन का ये महोत्सव होता है जिसमें ऐसा माना जाता है की वहां की जो लोकल गॉडेस है कामाख्या देवी वो मेंस्ट्रुएट कर रही है एंड इसीलिए उसी दौरान उन्हें रेस्ट और प्राइवेसी देने के लिए मंदिर के द्वार भी तभी बंद रखे
(05:47) जाते हैं इसके अलावा तमिलनाडु और दूसरे दक्षिण भारतीय राज्यों में भी लड़की की फर्स्ट पीरियड्स को बहुत जोरो शोरों से सेलिब्रेट किया जाता है इसे हाफ सारी फेस्टिवल भी कहा जाता है जहां पे लड़कियों को आधी सारी पहना कर उनकी पूजा की जाती है और बहुत सारे गिफ्ट्स भी दिए जाते हैं इनफेक्ट हिंदू धर्म में तो कॉस्मिक योनि यानी की वजाइना को यूनिवर्स की शुरुआत का एक सिंबल माना जाता है एंड इसीलिए हमारे धर्म में योनि पूजा भी बहुत prevlent है सो बेसिकली मैं पॉइंट इसके हमारे कोई भी वेद हजार कोई भी हिंदू स्क्रिप्चर्स में ऐसा कहीं भी एक्सप्रेशन ही नहीं कहा गया
(06:17) है की जो मेंस्ट्रुएशन होता है वो बहुत ही बुरी या फिर बहुत ही इंपोर चीज है बट इस सब के बावजूद भी आज हम सबको पता है हमारे कल्चर में मेंसुरेशन को लेकिन तबु है ही अब हरि में हुए इंसीडेंट को ही ले लो इसमें बिहार की एक स्टूडेंट ने एक इस ऑफिसर को एक सिंपल सा सवाल पूछ के लिए तो सरकार देती हूं द तो क्या मतलब 20 और ₹30 का यह दे सकते हैं अब इस सवाल पर उसे आईएएस ऑफिसर ने यह जवाब क्यों नहीं दे सकते हैं और अंत में जब परिवार नियोजन की बात आएगी तो निरोध भीषण में ही देना पड़ेगा है ना सैनिटरी पद जैसे बेसिक नेसेसिटी को लेकर हमारे देश के एजुकेटेड इंडिविजुअल्स का ही
(07:03) ओपिनियन है उससे सीधा जींद से कंपेयर किया जा रहा है एंड माइंड यू इसके रिगार्डिंग स्टेट्स भी बहुत कंसर्निंग है इंडिया में 70% गर्ल्स अपने फर्स्ट पीरियड्स आने पर मेंसुरेशन क्या होता है उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी ही नहीं होती 28% इंडियन वुमेन ने पीरियड्स के दौरान आइसोलेशन फीस किया है एंड 3.3 करोड़ इंडियन गर्ल्स तो अपना फर्स्ट पीरियड्स आने पर स्कूल जाना ही छोड़ देती है इनफेक्ट बहुत कम लोग ये जानते होंगे की इंडिया के कई रूल रीजंस में तो औरतों को पीरियड्स आने पर घर से बाहर एक अलग पीरियड में भेजा जाता है रहने के लिए ये हर दूर
(07:34) जंगलों में होते हैं जिसमें कोई भी फैसेलिटीज नहीं होती है बेसिकली बहुत ही ज्यादा उन और अनहाइजीनिक होता है अब यही प्रथा नेपाल में भी प्रेग्नेंट है और आए दिन इसके वजह से कई सारी औरतों की डेथ भी हो जाती है इन्फेंट पाकिस्तान में तो आज वहां पर चल रहे हैं इकोनॉमिक क्राइसिस की वजह से बाकी सरकार ने पैसे बचाने के लिए सैनिटरी पैड्स की की मटेरियल को ही इंपोर्ट करना बंद कर दिया है अब ये मत समझना की ये स्टिग्मा सिर्फ एशियाई कंट्रीज में ही है वेस्ट कंट्रीज जैसे की वेस्ट और यूके में भी यही स्टिग्मा है प्रीवैलेंस है फॉर डी लांगेस्ट टाइम यहां
(08:00) पर भी टाइमपास और दूसरे फीमेल हाइजीन प्रोडक्ट्स को लग्जरी आइटम माना जाता था और उसे पर आज हम नतीजा एडिशनल टैक्स पे लगाए जाते द पीरियड्स को लेकर तबु इतना ज्यादा है की आज की तारीख में पीरियड्स के लिए अलग-अलग लैंग्वेज में कुछ ₹5000 यानी की कोड शब्द एक्जिस्ट करते हैं जैसे इंग्लिश में से कोल्ड वर दिया गया है शार्क वीक क्योंकि डी पेन इस आज बेड आज अन शार्क बाइक गेट इट फ्रेंड्स में इसे कहते हैं लेस एंगल्स ऑन डबक मेरा फ़्रेंच इग्नोर करना लेकिन इसका मतलब है डी इंग्लिश हैव लांडेड एंड इंडिया के कई सारे रीजनल भाषाओं में भी पीरियड्स के लिए कुछ
(08:32) कोड शब्द एक्जिस्ट करते हैं जैसे की हिंदी में कभी बर इसे कहते हैं महीना चढ़ जाना तमिल में इसे कहते हैं पूरा तू आई और मलयालम में पूरा का कुका दोनों का मीनिंग है आई एम आउटसाइड मराठी में इसे कावड़ा shivnyala कहते हैं यानी की कौवा छू के चला गया नौ आज फनिया सीड में साउंड लेकिन मैं पॉइंट्स की जब ऑल ओवर डी वर्ल्ड एंड स्पेशली हमारे देश में इस बायोलॉजिकल प्रक्रिया को लेकर इतना ज्यादा स्टिग्मा इतना तब वो इतना शर्म होगा तो क्या सही में आपको लगता है की कोई इस मुद्दे पर बात भी करना चाहेगा भले ही शिशु पे कितने भी प्रॉब्लम्स क्यों ना हो चीजें सामने आएगी
(09:04) ही नहीं एंड ये बात जैसे मैंने कहा लिटरली आधी इंडिया की देखिए जानकी हो रही है इनमें मौजूद इतने डेडली केमिकल्स होते हैं चलो पहले स्टार्ट करते हैं सारे ट्रिप पैड्स को क्लीन और व्हाइट अपर करवाने के लिए उसे ब्लीच करना पड़ता है एंड उसी के लिए उसे किया जाते हैं ये थाईलैंड ये पैड्स की सॉफ्टनेस और फ्लैक्सिबिलिटी भी बढ़ते हैं लेकिन थायराइड मॉलेक्युलिस की प्रॉब्लम ये होती है की वो प्रोडक्ट से बाउंड नहीं रहते जल्दी से देता है एंड इसीलिए वो बॉडी में भी जल्दी से अब्जॉर्ब हो जाते हैं अब लंबे समय तक इसका एक्स्पोज़र होने पर यही प्रोडक्ट
(09:35) न्यूरोलॉजिकल एनिमल कार्डियोवैस्कुलर प्रॉब्लम्स कैसे कर सकते हैं एंड इन फैक्ट यह ब्रेस्ट कैंसर जैसे डिजीज यानी की वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स जो की पैड्स को बेसिकली अच्छी फ्रेगरेंस देते हैं ये इजीली वाइब्रेट होके वेजाइनल स्किन में बहुत अच्छे से अब्जॉर्ब हो जाते हैं लेकिन इसके लॉन्ग टाइम एक्स्पोज़र से parallelissis और मेमोरी लॉस जैसे न्यूरोलॉजिकल इफेक्ट्स तक हो सकते हैं तो अगेन वही है क्या आंसर हो सकता है अब ये सब के अलावा पैड्स में पेस्टिसाइड्स और प्लास्टिक भी पाए जाते हैं ऐसा कहते हैं इनमें चार प्लास्टिक बैग्स के बराबर का
(10:09) प्लास्टिक उसे किया जाता है एंड इन प्लास्टिक बाग को दे कपास होने के लिए 500 से 600 साल लग सकते हैं मतलब आपकी हेल्थ के साथ साथ ये एनवायरनमेंट ग्रेवी एक बहुत बड़ा बर्डन है बट इयर्स डी बिग क्वेश्चन सैनिटरी पैड्स नहीं तो और क्या देखो मार्केट में टाइम पॉन्ड्स मेंस्ट्रूअल कप्स मेंसुअल डिस्क जैसे बहुत सारे अल्टरनेटर अवेलेबल हैं लेकिन की इतने भी रीडली अवेलेबल नहीं होते बट फिर भी इंडिया में आज बहुत सारे लोगों के लिए मेड एक फ्रेंडली पैड्स अवेलेबल जैसे ये बनाना लीफ फाइबर पैक्स ये बायोडिग्रेडेबल है रेउसाबल है कॉस्ट इफेक्टिव है एंड 100% सेफ भी है
(10:41) इसके एक इंटरेस्टिंग बात ये है की एक स्टडी ने पाया की तीन साल से उसे हो रहा है ये बनाना लीफ फाइबर पद में उतने ही माइक्रोवेव लोड था यानी उतने ही माइक्रो ऑर्गेनाइज द जितना एक अनस पद में द मतलब इट इस डेट सेफ एंड अगर कॉस्ट की बात करें तो उसका एक पैक जो की मिनिमम 1 साल तक तो चली जाएगा उसका प्राइस है 370 एंड लड़कियां तो जानती होगी की वो साल भर में पद में कितना खर्च कर लेती है आराम से मिनिमम से मिनिमम 2000 से 3000 तक खर्च हो ही जाते हैं एंड इसके अभी इंडिया में कई सारे स्मॉल बिजनेस है जैसे की आनंदी पैड्स माय पैड्स आजादी पैड्स ईटीसी ईटीसी जो भी
(11:14) ऐसे ही बंबू वाटर हाइजन कपड़े वगैरा के बने होते हैं अब ये सारे पैड्स भी रेगुलर पैड्स के कंपैरिजन में बहुत ज्यादा सेफ और चिप भी होते हैं बट आई अंडरस्टैंड की योर ऑप्शंस होते जाता लीक प्रूफ योर कन्वेनिएंट नहीं होंगे जैसे ये रेगुलर पैड्स होते हैं एंड इसीलिए बहुत ज्यादा जरूरी है की गवर्नमेंट इस इशू पे जितना जल्दी हो सके रेगुलेशंस लेकर ए सके क्योंकि इंटरेस्टिंग अगर कैलकुलेट करें तो एक एवरेज औरत अपने लाइफ के 10 साल पीरियड्स में ही बताती है एंड ये ड्यूरेशन के अभी और बढ़ते जा रहा है क्योंकि आजकल तो साथ-साथ की लड़कियां भी pupati हिट कर
(11:45) रही है यस आपने नोटिस नहीं किया आजकल स्कूल जाने वाली लड़कियां भी एकदम मेच्योर लगने लग गई है ऐसा क्यों हो रहा है आजकल इंडिया में लड़कियों को प्यूबर्टी इतना जल्दी क्यों हिट कर रहा है पहले इसके पीछे का रीजन बहुत ज्यादा इंटरेस्टिंग है अगर आपको जानना है तो इस पे हमने ऑलरेडी पूरा डिटेल वीडियो बना रखा है आप उसको यहां पे क्लिक करके देख सकते हो इसके अलावा क्या आपके पास कोई और अल्टरनेटिव है रेगुलर पैड्स के अलावा तो आप उसे नीचे कमेंट सेक्शन में दल कर सकते हो बिकॉज आई डोंट थिंक सैनिटरी पैड्स और उसकी केमिकल्स पर कोई इतना सोचता भी है इसलिए प्लीज जितना
(12:13) हो सके इस वीडियो को अपने सारे फैमिली मेंबर्स पे शेयर करो जय हिंद
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