REVERSE DIABETES, OBESITY, BP & MANY OTHER CHRONIC ILLNESSES WITH FASTING | Candid Confessions
Author Name:Being Woman With Chhavi
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Transcript:
(00:00) इस दुनिया के अंदर दो ही प्रॉब्लम है जिसके वजह से डिसीजेस होते हैं। पहला प्रॉब्लम है अंडर न्यूट्रिशन का। दूसरा प्रॉब्लम है ओवर न्यूट्रिशन का। गाइस मीट प्रथम भोसले। वैसे तो ही इज अ गोल्ड मेडलिस्ट इन बैचलर्स ऑफ़ इंस्ट्रूमेंटेशन एंड बायोेडिकल टेक्नोलॉजी और मास्टर्स के दौरान इन्होंने आईआईटी खड़कपुर से ड्रॉप आउट किया। लेकिन व्हाट कॉट माय आई इज द वे ही सिंपलीफाई कॉम्प्लेक्स इनफेशन अक्रॉस हेल्थ, [संगीत] टेक्नोलॉजी एंड एंशिएंट साइंस ताकि हर इंसान को समझ में आए। अभी तक 10,000 से ज्यादा लोगों का लाइफस्टाइल ट्रांसफॉर्म कर चुके हैं थ्रू फास्टिंग। तो मैंने सोचा
(00:29) क्यों ना इनसे पूछ लिया जाए कि फास्टिंग करने के क्या फायदे हैं और फास्टिंग का क्या सही तरीका है? सो हाउ लॉन्ग डू यू थिंक कैन यू रिवर्स द डैमेज दैट यू हाव को कॉस्ट टू द बॉडी। फास्टिंग से हार्ट डिजीज रिवर्स होता है। डायबिटीज रिमिशन होता है। एंड दिस टेक्स अबाउट हाउ मच टाइम रफली? दिस विल टेक अबाउट थ्री मंथ्स। जब आप फास्टिंग करते हो सबसे इंपॉर्टेंट फैट जो आपके बॉडी का बर्न होता है वो होता है विसरल फैट। विसरल फैट बॉडी के अंदर टिकिंग बम जैसा है। सिक्स मील्स अ डे कि छोटे-छोटे मील्स खाओ। तो यह तो कंप्लीटली अगेंस्ट है फास्टिंग के कांसेप्ट में।
(01:03) 10,000 साल पहले हम किस तरीके से जी रहे थे। हमारा पूरा एक दिन का गोल ही यही था कि मुझे आज खाना मिल जाए और जैसे ही शाम हो जाती थी पूरा अंधेरा हो जाता था। उसके बाद हम खाना ढूंढ नहीं पाते थे। सिक्स मील अ डे के वजह से ही प्रॉब्लम्स हो रही है। व्हाट इज दिस होल ओमड? वन मील अ डे? मैं वन मील डे को सपोर्ट नहीं करता हूं। आपको एक पर्टिकुलर न्यूट्रिएंट्स आपके डाइट के अंदर डालने पड़ेंगे। जैसे कि बी12 जो बहुत इंपॉर्टेंट विटामिन है अगर इसकी कमी होती है तो हार्ट अटैक का रिस्क ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क डायरेक्टली बढ़ता है। सो आई वांट टू टॉक अबाउट समबडी हु इज
(01:36) एक्चुअली ओबीज उनको तो सारा वक्त भूख लगती है। ओबेसिटी एक डिजीज है। लेकिन बहुत से लोग इसको एक शॉर्ट टर्म अल्टरनेटिव की तरह भी यूज करते हैं। वैसे तो रोज खाते हैं लेकिन सडनली लगता है कि अरे आज थोड़ा ब्लोटिंग हो गई है तो आज मैं डिनर स्किप कर देता हूं या लंच स्किप कर देता हूं और भूख लग रही है लेकिन ऑड आवर्स पे फास्टिंग हो रही है। रैंडमली करते हैं। इज दैट एडवाइस? अगर आपने रैंडम फास्टिंग करना चालू किया तो बॉडी के अंदर सर्वाइवल के सिग्नल्स ज्यादा जाते हैं। स्टार्वेशन के सिग्नल ज्यादा जाते हैं। अभी मैं एक चीज बताता हूं जो
(02:04) इंडियंस के साथ हो रही है। थिंग पीपल आल्सो कैन बी कैरिंग अ लॉट ऑफ़ मेस इनसाइड देयर बॉडीज। हाउ टू क्लीन दैट विसरल फैट फॉर एग्जांपल। सो बॉडी के अंदर एक प्रोसेस होती है जिसका नाम है ऑटोफजी। कि जो प्रोटीन होता है आपके शरीर के अंदर तीन महीने के अंदर पूरा रिप्लेस हो जाता है। और ऑटोफजी को ट्रिगर करने के लिए [संगीत] हाय हाय हाउ आर यू आई होप यू फाउंड द प्लेस इली यस यस [संगीत] सुबह से पडकास्ट आप शूट कर रहे हैं हाय प्रथम हाय फर्स्ट ऑफ ऑल आई वांट टू कांग्रेचुलेट यू ऑन द ब्रिलियंट Instagram प्लेटफार्म दैट यू बिल्ड एंड द काइंड ऑफ़ कंटेंट दैट यू आर
(02:46) पोस्टिंग देयर आपको देखकर लगता नहीं आप इतने यंग हो क्योंकि आपके अंदर इतना सारा जो नॉलेज है बहुत अच्छे से जो आप सबको एक्सप्लेन भी करते हो मतलब मजा आ जाता है देखकर एंड आई हैव बीन फॉलोइंग यू फॉर आई थिंक अबाउट फोर फाइव मंथ्स एंड आई हैव बीन वांटिंग टू कॉल यू ऑन द पॉडकास्ट फॉर दैट लॉन्ग सो थैंक यू सो मच फॉर कमिंग थैंक यू फॉर इनवाइटिंग मी और आज हम लोग बात करेंगे फास्टिंग के बारे में बिकॉज़ इट इज अ कांसेप्ट व्हिच आई थिंक आज की डेट में हमें लगता है कि बड़ा नया कांसेप्ट है बहुत पुराना आई थिंक लेकिन थोड़ा सा फैडिश लगता है आजकल कि हां मैं
(03:20) फास्ट कर रहा हूं यू नो इट्स वै कूल आई एम इंटरमिटेंट 12 तक खाना नहीं खा रहा हूं। एंड इट्स इट्स काइंड ऑफ़ कूल। बट आई वांट टू आस्क यू किस्टिंग एक्चुअली होती क्या है? और यह इंटरमिटेंट फास्टिंग और अलग-अलग तरह के जो हम फास्ट करते हैं इनमें डिफरेंस क्या होता है? ओके। सो फास्टिंग इज एक्चुअली कटिंग एज साइंस। हां। और आगे की जो हमारी सेंचुरी है इसके अंदर मैक्सिमम लोग फास्टिंग सीखने के लिए लाइन लगाने वाले हैं। बिकॉज़ इट इज़ अ लोंजिटिविटी हैक यू कैन से। सो फर्स्ट क्वेश्चन ऑफ यर्स इज़ व्हाट इज फास्टिंग? सो फास्टिंग को अगर हम दूसरी लैंग्वेज में
(04:00) ट्रांसलेट करेंगे तो हम देख सकते हैं फास्टिंग मतलब उपवास। उपवास का मतलब होता है उप मतलब कि उपग्रह। ओके? सेटेलाइट। मून हमारा सेटेलाइट है। और दूसरा जो होता है वह होता है वास मतलब स्टे। यू स्टे एट समवेयर एल्स। दैट्स इट। फॉर एग्जांपल अभी की दुनिया में सबसे इंपॉर्टेंट चीज क्या है? केओटिक दुनिया है। आप खुद के लिए टाइम स्पेंड नहीं कर पा रहे हो। खुद के ऊपर टाइम इन्वेस्ट नहीं कर पा रहे हो। खुद को अकेले देख नहीं पा रहे हो। बट दैट इज योर सुपर पावर। यू आर मिसिंग दैट सुपर पावर। फास्टिंग एक्चुअली गिव्स यू दैट सुपर पावर। बिकॉज़ यू विल नॉट
(04:37) ईट, यू विल स्टार योर बॉडी इन द पूल ऑफ कीटोंस एंड कीटोंस आर एंटी इनफ्लामेटरी फ्लूइड। आप जब फास्टिंग करते हो, आपके शरीर की बायोलॉजी चेंज होती है। बायोकेमिस्ट्री की हम जब किताब पढ़ते हैं उसके अंदर दो चीजें होती है। एक होता है खाना। खाने के बाद क्या होता है? दूसरा होता है खाना ना खाने के बाद क्या होता है? सारे दुनिया के जितने भी धर्म हैं वह अलग-अलग चीजों के ऊपर थोड़ा सा कॉन्फ्लिक्ट करते हैं। बट एक चीज कॉमन है जइश में, हिंदू में, मुस्लिम्स में और बाकी के पूरे धर्म में भी दे डू फास्टिंग। सो फास्टिंग हम बहुत पौराणिक टाइम से कर
(05:15) रहे हैं। हमारा एग्जिस्टेंस एज अ ह्यूमन बीइंग 2 लाख सालों से है। अर्थ जो है इस दुनिया के अंदर वो 4.5 बिलियन सालों से है। तो इतने लंबे समय से पिछले 2 लाख साल से ह्यूमन बीइंग है। उसके पहले ऑर्गेनिज्म्स थे। ऐसे इवोल्यूशन चल रहा था। उसके अंदर एक अगर कॉमन चीज कोई है तो वह फास्टिंग है। यू मीन ऑल काइंड्स ऑफ़ लिविंग बीइंग्स। ऑल काइंड ऑफ लिविंग बीइंग आइदर दे आर ईटिंग और दे आर नॉट ईटिंग। यू आर डूइंग फास्टिंग एवरी सिंगल डे एंड यू डोंट रियलाइज दैट यू आर डूइंग फास्टिंग। बट टेल मी ये जो कांसेप्ट होता है सिक्स मील्स अ डे कि छोटे-छोटे मील्स खाओ ताकि
(05:54) खाना जल्दी डाइजेस्ट हो। बॉडी को आराम मिले। तो ये तो कंप्लीटली अगेंस्ट है फास्टिंग के कांसेप्ट में। व्हाट इज? एक्चुअली हमें देखना पड़ेगा 10,000 साल पहले हम किस तरीके से जी रहे थे। हम गुफा में थे और हम हमारा पूरा एक दिन का गोल ही यही था कि मुझे आज खाना मिल जाए। ओके और जैसे ही शाम हो जाती थी पूरा अंधेरा हो जाता था। उसके बाद हम खाना ढूंढ नहीं पाते थे। राइट? तो हमारा गोल सुबह से लेके शाम तक यह होता था कि हमें खाना ढूंढना है। ओके? और उसी खाना ढूंढने के लिए हमने अलग-अलग टूल्स बनाए, अलग-अलग टेक्निक्स बनाई। तो, हमें खाना रेडीली
(06:28) अवेलेबल नहीं था फ्रीज़ में। अभी खाना Zomato पे मिलता है। बहुत सारे प्लेटफॉर्म्स पे मिलता है। बट उस समय खाना अवेलेबल नहीं था। राइट? तो हम लोग सोचते थे कि मुझे खाना कैसे मिले और एक बार खाना मिलने के बाद भरोसा नहीं है कि अगले एक वीक में खाना फिर से मिलेगा कि नहीं मिलेगा। क्योंकि वो जो खाना है वो तो 2 दिन में सड़ जाता है। अभी तो रेफ्रिजरेटर है हमारे पास। तो हम लोग 6 मील डे हमने कभी लिया ही नहीं है लाइफ में। और ये 6 मीलर डे के वजह से ही प्रॉब्लम्स हो रही है। क्योंकि जब आप 6 मीलर डे ले रहे हो और देख रहे हो मेन्यू में क्या-क्या है? तो
(07:02) मेन्यू में एक भी ऐसा आइटम नहीं है जो 300 400 कैलोरी के कम है। आप एक रोटी खाते हो 100 कैलोरी के आसपास हो जाता है। आप एक समोसा खाते हो 218 कैलोरीज होती है। आप एक जलेबी खाते हो 200 कैलोरीज हो जाती है। एक इंसान जो 70 किलो का है ऑलमोस्ट उसको 1800 से 2000 कैलोरी एक दिन में लेनी चाहिए। बट ये हमेशा हम लोग एक्सीड करते हैं। तो 6 मील अ डे कांसेप्ट जो है यह बिल्कुल अच्छा कांसेप्ट नहीं है। अगर आप एथलीट हो अगर आप भाग रहे हो 10-10 कि.मी.
(07:33) 1 दिन में तब आप ज्यादा खाना खाओगे कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। बट अगर एक नॉर्मल इंसान ऑफिस जा रहा है या फिर घर पे बैठा है या वह रिटायर है तो उसके लिए सिक्स मील अ डे की जरूरत ही नहीं है। आप एक मील बनाने के लिए लेट अस से अगर आप खाना बना रहे हो तो आपको 1 घंटा लगेगा। उसको खाने के लिए 15 मिनट लगेंगे। लेट अस से आप खाना ऑर्डर कर रहे हो उसमें आप टाइम इन्वेस्ट करोगे और साथ ही साथ उसको खाओगे तो 30 मिनट लगेंगे। तो 6 * 3 कितना होता है? 180 मिनट तो आप उसके अंदर ही वेस्ट कर देते हो। है ना? तो एक्चुअली फास्टिंग करने से आपका टाइम भी बचता है। इसीलिए दुनिया के सारे संत
(08:07) महात्मा भी फास्टिंग करते हैं। और एक तरफ दुनिया के जो मोस्ट इंटेलेक्चुअल पर्संस हैं जैसे कि साइंटिस्ट और मोस्ट रिच पर्संस हैं जैसे कि बिलिनियर्स वो भी फास्टिंग करते हैं। मुझे मौका मिला बहुत सारे बिलियर्स को मिलने का और मैंने उनसे सुना है और मैंने उनको बताया भी है कि फास्टिंग के कितने बेनिफिट्स होते हैं और वो लोग फास्टिंग करते हैं। मतलब कि दो तरीके के लोग हैं एक्चुअली दुनिया में जो फास्टिंग करते हैं। वो एक लोग अनइटेंशनली फास्टिंग करते हैं। एक लोग इंटेंशनली फास्टिंग करते हैं। तो अनइटेंशनली फास्टिंग करने वाले जो लोग हैं वो
(08:37) साइंटिस्ट हैं। वो कुछ एक क्वेश्चन सॉल्व करते हैं जो अभी तक सॉल्व नहीं किया है और उसके चक्कर में वो खाना भूल जाते हैं। तो छछ दिन तक वो खाना नहीं खाते। तो अब आप सोचो एकद दिन तक तो आपके शरीर में जो खाना है उसके ऊपर आपका शरीर चलेगा। उसके बाद जो फैट है उसके ऊपर चलेगा। तो फैट से एनर्जी ज्यादा मिलती है एज कंपेयर टू ग्लूकोस। तो इस वजह से उनकी जो बुद्धि है, इंटेलिजेंस है वो भी बढ़ जाती है और जो मेंटल क्लेरिटी है वो भी उनको मिलना चालू हो जाती है। साउंड्स वै फैसनेटिंग लेकिन मेरे दिमाग में भी यह आ रहा है कि मैं तो 6 घंटे भी
(09:07) बिना खाए नहीं रह सकती हूं। तो ओके सिक्स मील्स अ डे इज अ बिट मच। व्हाट अबाउट टू थ्री मील्स अ डे। टू मील्स अ डे एंड थ्री मील्स अ डे इज रियली गुड आईडिया। व्हाट व्हाट इज दिस होल ओमड? वन मील अ डे इज वन मील अ डे। एक्चुअली मैं वन मील अ डे को सपोर्ट नहीं करता हूं। बिकॉज़ आपको एक पर्टिकुलर न्यूट्रिएंट्स आपके डाइट के अंदर डालने पड़ेंगे। जैसे कि बी कॉम्प्लेक्स के पूरे न्यूट्रिएंट्स डालने पड़ेंगे। जैसे कि फोलिक एसिड होता है। मिथाइल फोलेट उसका एक्टिव फॉर्म होता है। वो आएगा तभी फोलिक एसिड जब आप ग्रीन लीफ वेजिटेबल्स खाओगे। उसके बाद B12 जो बहुत
(09:41) इंपॉर्टेंट विटामिन है जिसके वजह से अगर इसकी कमी होती है तो हार्ट अटैक का रिस्क, ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क डायरेक्टली बढ़ता है। इंडिया के लोग की थकान की जो कारण है वह B12 है। तो यह B12 बहुत कम फूड में होता है। मिल्क और मिल्क रिलेटेड प्रोडक्ट में होता है जो कि आधा इंडिया ले नहीं सकता है। पंजाब साइड वाले लोग ही ले सकते हैं। उसको पचा सकते हैं। उसके अंदर लैक्टोज़ होता है और उसको ब्रेकडाउन करने के लिए लैक्टेज़ बहुत सारे लोग प्रोड्यूस नहीं कर पाते। हम उसके बाद बारी आती है आपके अंडे। अंडे के अंदर अगर पांच अंडे खाते हो तो भैया आपको
(10:13) B12 मिलेगा। दूसरी चीज आती है फिश और तीसरी चीज आती है क्रैब। एक क्रैब खाया तो आपको छह दिन का B12 मिलेगा। B12 के ऊपर बॉडी चलती है। आपके शरीर के अंदर सबसे ज्यादा अगर कुछ है तो वो पानी है। और सेकंड मोस्ट चीज जो है कार्बन है। 700 पेंसिल जितना कार्बन आपके शरीर के अंदर है और यह कार्बन का हर एक एटम B12 ने ही आपके शरीर में फिट किया है। ओके? तो ये एक चीज है। दूसरी चीज आती है आपका प्रोटीन इंटेक, कार्बोहाइड्रेट इंटेक और फैट इंटेक। 30-4 ग्राम फैट्स लेना चाहिए एक दिन के अंदर। ओमेगा थ्री, ओमेगा सिक्स, ओमेगा न, ओमेगा से सब होना चाहिए उसमें। उसके बाद
(10:49) सैचुरेटेड फैट भी होना चाहिए। और उसके बाद बारी आती है आपका प्रोटीन इंटेक की। 35% के आसपास आपकी डाइट में प्रोटीन होना चाहिए जो कि अंडों से आता है। अगेन चिकन, मटन से आता है। वेजिटेरियन अगर लोग हैं तो एडिमामे से आता है, पनीर से आता है, टोफू से आता है। तो, यह सारी चीजें अगर आप एक मील में डालोगे, तो एक मील इतना बड़ा दिखेगा और उसको कोई खा नहीं पाएगा। स्टमक के फूलने की साइज एक लिमिटेड होती है। जी तो यह बताइए कि जैसे आपने अभी बोला कि 70 किलो का अगर वजन है तो 18 1800 से 2000 तक कैलोरीज आपको पर डे चाहिए। तो अगर आप वन मील अ डे फॉलो कर रहे हो तो आपको उतनी
(11:24) कैलोरीज भी एक ही मील में फिट करनी पड़ेगी। एक्सक्ट्ली हम व्हिच इज पॉसिबल ही नहीं है। राइट? तो आप कह रहे हैं कि जो एक विदाउट अनइटेंशनल जो फास्टिंग होती है तो ये फास्टिंग तो दिन में भी कई बार हो जाती है कि आप ब्रेकफास्ट खा के निकले हो। दिन भर काम में बिजी हो। फिर घर आके डिनर किया। तो यह भी एक्चुअली टेक्निकली आपकी फास्टिंग 100% वो तो सबसे अच्छी फास्टिंग है क्योंकि एज अ ह्यूमन बीइंग ब्रेन वायर्ड है थस्ट के लिए और हंगर के लिए और अगर आप काम कर रहे हो और आपको भूख नहीं है तो आपको खाना नहीं चाहिए। ये तो सबसे बेसिक सिग्नल है। और अगर आप काम कर रहे हो आपको
(11:57) पानी पीने की इच्छा है तो आपको पानी पीनी चाहिए। सिंपल। तो यह ब्रेन के अंदर सिग्नल होता है। तो मैं समझाता हूं सबसे पहले क्या होता है। आप जभी भी खाना खाते हो इस दुनिया के अंदर दो ही प्रॉब्लम है जिसकी वजह से डिसीजेस होते हैं। पहला प्रॉब्लम है अंडर न्यूट्रिशन का जो कि जो गरीब लोग होते हैं उनको न्यूट्रिशन नहीं मिलता। दूसरा प्रॉब्लम है ओवर न्यूट्रिशन का। बहुत ज्यादा न्यूट्रिशन मिल रहा है। कार्बोहाइड्रेट बहुत ज्यादा मिल रहा है। हमें बहुत गर्व होता है हमारे घर के खाने के ऊपर। बट मैं आपको बता दूं इंडिया में जो घर पे खाना मिलता है वह एक्चुअल में
(12:29) बहुत पौराणिक नहीं है। वो अभी 100 साल पुराना ही है। उसके पहले हम लोग मिलेट्स खाते थे। अभी हम गेहूं की रोटी खाते हैं। हम चावल खाते हैं। और वो जो गेहूं की रोटी और चावल है अभी-अभी इंट्रोड्यूस हुआ है 1970 60 80 के अंदर। क्योंकि उसकी पॉलिसीज बनी है। उसके ऊपर गवर्नमेंट ने ऐसा बोला है कि हम लोग अनलिमिटेड क्वांटिटी गेहूं चावल लेंगे फार्मर से। इस वजह से फार्मर ने वो बनाना चालू किया और लोगों ने जैसे ही यह खाया तो आज देख सकते हो आप इंडिया डायबिटीज का कैपिटल है पूरी दुनिया के अंदर और इसका एक मोस्ट रीजन है कार्बोहाइड्रेट ज्यादा खाना
(13:05) एक्सेस कैलोरी फैट और बहुत सारे और रिस्क फैक्टर होते हैं। तो जब आप फास्टिंग करते हो अनइटेंशनली करोगे तो भी अच्छा है। इंटेंशनली करोगे तो भी अच्छा है। तो एक्सेस जो कार्बोहाइड्रेट्स है, एक्सेस फैट है, एक्सेस प्रोटीन है और बाकी की जो चीजें हैं वो नहीं जाती है बॉडी में। उस समय बॉडी की जो फिजियोलॉजी है वो चेंज होती है। ओके? ओके। सो जैसे मुझे ऐसा पर्सनली लगता है कि शायद मैं प्रोटीन थोड़ा ओवरड्यू कर देती हूं ऑन अ डेली बेसिस। सो फास्टिंग इज आल्सो गोइंग टू टेक केयर ऑफ़ दैट। यस। बहुत कम लोग प्रोटीन ओवरड्यू करते हैं। बट प्रोटीन ओवरड्यू कुछ लोग करते हैं
(13:40) जिनके वजह से उनको गट इशूज़ भी फेस करने पड़ सकते हैं। इसीलिए तो मुझे लग रहा है प्रोटीन ज्यादा हो रहा है। हां। सो माय बॉडी वेट इज अराउंड 58 यस एंड आई थिंक आई कंज्यूम अबाउट 125 ग्राम अ डेली तो प्रोटीन को कंज्यूम करना है तो हमें फाइबर को भी ऑप्टिमाइज करना पड़ता है। फैट्स को भी ऑप्टिमाइज करता है करना पड़ता है। तो गट माइक्रो बायाम अच्छे से प्रोटीन को देख पाते हैं और उनके वजह से आपका एनवायरमेंट अच्छा रहता है। आल्सो टेल मी कि लाइक यू वर सेइंग कि अगर भूख लग रही है तो खा लो, प्यास लग रही है तो पानी पी लो। सो आई वांट टू टॉक अबाउट
(14:12) समबडी हु इज एक्चुअली ओबीज़। उनको तो सारा वक्त भूख लगती है। लाइक आई न्यू अ फ्रेंड ही इज़ नाउ लॉस्ट अ लॉट ऑफ़ वेट एंड ही इज़ फिट। बट ही यूज्ड टू बी ओबीज़ एंड उनसे मैंने पूछा कि तुम कितना खाना खा लेते थे पहले ही सेड कि जब तक खत्म ना हो जाए। सो ही डजंट नो व्हाट इज बीइंग सेशिएटेड। सो देयर आर पीपल लाइक दैट जिनको हर वक्त भूख लगती रहती है। तो उन्हें उनका कहना है कि भई ये तो मेरा शरीर मांग रहा है तो मुझे देना चाहिए। सो व्हाट यू वांट टू से अबाउट दैट? सी ओबीसिटी हमें लगता है यह इंसान ज्यादा खाना खा रहा है। हम आप उनको बोलते हो कम खाना खाइए तो डिसीज
(14:45) सॉल्व हो जाएगा। ऐसा नहीं है। ओके। आप उनको बोलोगे एक्सरसाइज कर लो डिसीज सॉल्व हो जाएगा ऐसा नहीं है। ओबिसिटी ये एक डिसीज है। यह एक क्रॉनिक कंडीशन है जिसके अंदर इंसान ज्यादा खाना खाता है। इसके अंदर कुछ-कुछ केमिकल इनवॉल्व होते हैं। जभी भी आप खाना खाते हो एक्सेस तब फैट बनता है बॉडी के अंदर। भले ही आप रोटी खाओगे तो भी फैट बनेगा। भले ही आप चावल खाओगे तो भी फैट बनेगा। इसको डीनोवल हाइपोजेनेसिस बोलते हैं। और फैट खाने से भी फैट स्टोर होगा बॉडी के अंदर। अभी ओबीज इंसान के दिमाग के अंदर जो स्विच होता है हाइपोथैलेमस में वो स्विच सही से काम नहीं
(15:22) करता है। जैसे गीज़ के अंदर स्विच होता है। पानी 100 डिग्री होने के बाद वह बंद कर देता है और गर्म उसको करता नहीं है या 70 डिग्री करने के बाद। सिमिलरली दिमाग के अंदर स्विच होता है। आपके जितने फैट सेल्स हैं बॉडी के अंदर वो लिविंग सेल है। उसको ब्लड सप्लाई जाता है और वो एक हार्मोन बनाता है जिसका नाम है लेप्टिन। यह लेप्टिन हार्मोन ब्रेन देखता है। कैलकुलेट करता है फैट कितना है। 10 किलो है, 20 किलो है, 15 किलो है, 30 किलो है। और ब्रेन के पास इंफॉर्मेशन होती है आइडियल फैट कितना रहना चाहिए बॉडी में। अब कितना आसान है। अगर खाना ज्यादा खाया तो फैट
(15:56) ज्यादा बनेगा। ब्रेन को महसूस होगा और ब्रेन उसके ऊपर काम करेगा। ब्रेन हंगर को कम करेगा। ग्रेलिन हंगर हार्मोन होता है। ओके? तो ब्रेन हंगर को कम करेगा और आप खाना नहीं खाओगे। है ना? ऐसी साइकिल चलनी चाहिए। बट ओबीस इंसान के शरीर में लेप्टिन रेजिस्टेंस होता है। मतलब लेप्टिन बहुत सारा है बट ब्रेन उसको डिटेक्ट नहीं कर पा रहा है। पहली चीज। दूसरी चीज ओबीज इंसान के शरीर के अंदर इंसुलिन रेजिस्टेंस भी होता है। हम और इंसुलिन रेजिस्टेंस की सबसे पहली शुरुआत लिवर में होती है। आप देख सकते हो हर तीन में से एक इंसान को फैटी लिवर हो
(16:32) रहा है डिसीज और बच्चों के अंदर भी यह हो रहा है फैटी लिवर डिसीज और यह होता ही है तब जब आप एक्सेस कार्बोहाइड्रेट खाते हो और एक्सेस फैट खाते हो। तो यह फास्टिंग जो है ना उसके ऊपर एक शील्ड तैयार करता है। क्योंकि जब आप फास्टिंग करते हो यानी कि जब आप उपवास करते हो उस समय आपके लीवर के अंदर का सबसे पहली बात तो ग्लाइकोजन जो स्टर्ड शुगर होती है खाना खाने के बाद [नाक से की जाने वाली आवाज़] यह बाहर निकलती है 8% पर आवर ओके टोटल 18 घंटे कुछ लोगों में लगते हैं। टोटल 20 घंटे लगते हैं। टोटल 24 घंटे लगते हैं। इसके बाद आपका लीवर आपके शरीर के अंदर के फैट को
(17:10) अंदर लेता है। लीवर का ऑेलो एसीटेट कम होता है। एसीटोकोए बिल्ड अप होता है और तब जाकर बनती है कीटोन बॉडी। इसको हम बोलते हैं एसीटोन एसीटो एसीटेट और बीटा हाइड्रोक्सी ब्यूटेट उसका आगे फर्दर प्रोडक्ट है। अभी देखिए ब्रेन ग्लूकोस यूज़ करता है हमेशा। ओके? ब्लड ब्रेन बैरियर होता है। उसके अंदर से फैट ऊपर नहीं जा सकता है। बट कीटोन बॉडीज ब्रेन के अंदर जा सकती है। ब्लड ब्रेन बैरियर को क्रॉस कर सकती है। छोटा मॉलिक्यूल होता है। ग्लूकोस भी छोटा मॉलिक्यूल होता है। फैट एक बड़ा मॉलिक्यूल होता है। प्रोटीन भी बड़ा मॉलिक्यूल होता है। अगर चेन ऑफ अमाइनो
(17:48) एसिड्स है तो। तो यह जो कीटोन बॉडी है ब्रेन के अंदर जाती है और जैसे ही ब्रेन के अंदर जाती है ब्रेन सेल को ज्यादा पावर देती है। अभी इंसुलिन रेजिस्टेंस के वजह से ब्रेन यूज नहीं कर पाता है ग्लूकोस को। जभी भी आपने खाना खाया उस समय ग्लूकोस निकलता है। ओके? है उस खाने के अंदर से और वह ग्लूकोज सबसे पहले लीवर में आता है। उस ग्लूकोज को देख के आपके पनक्रियाज इंसुलिन बनाते हैं। इंसुलिन एक चाबी है और ग्लूकोज उस चाबी को लगाने के बाद अंदर रूम में एंट्री कर सकता है। ओके? लीवर के अंदर इंसुलिन का इस्तेमाल होता है और शक्कर का इस्तेमाल होता है।
(18:28) सबसे पहली एनर्जी बनती है। ओके? पाइरुवेट। उसके बाद एनर्जी बनती है। अब ये जो एनर्जी होती है सिर्फ 10% आप जो खाना खाते हो उसमें से बनती है। उसके बाद बारी आती है स्टोरेज की। क्योंकि आप खाना 24 घंटे में बाकी टाइम नहीं खाओगे। सोने के बाद नहीं खाओगे। उस समय भी शरीर चलना चाहिए। तो फिर ग्लूकोस से ग्लाइकोजन बनता है। है ना? यह सेम ग्लूकोस ही होता है। बस ग्लूकोस का पॉलीमर होता है। अब इसके अलावा अगर आपने और खाना खाया तो यह ग्लूकोस। फैटी एसिड उसके बाद ट्राइग्लिसराइड उसके बाद फैट बनता है। ओके ओके और उसके बाद लीवर सबसे बड़ा फिल्टर
(19:06) है। आप डंप करते हो खाना 20 चम्मच शुगर बट आपके खून में हमेशा एक चम्मच शुगर होती है हमेशा। और बीच में फिल्टर होता है लीवर। ओके? तो लीवर को सबसे पहले झेलना पड़ता है। तो खून के अंदर एक चम्मच शुगर मतलब कि नॉर्मल इंसान और खून के अंदर दो चम्मच शुगर मतलब कि डायबिटिक इंसान। तो डायबिटिक इंसान बस शुगर ज्यादा है उसके शरीर के अंदर क्योंकि बॉडी के अंदर पनक्रियाज सुन नहीं पा रहा है सही तरीके से इंसुलिन कम प्रोड्यूस कर रहा है थक चुका है ये हो रहा है तो जब आप फास्टिंग करते हो उस समय सबसे पहली चीज आप आपके लिवर को क्लीन करते हो
(19:47) सो इवन इफ यू आर एन ओबीस पर्सन हु डज नॉट हैव द सेंस कि मुझे कितना खाना खाना है तो भी फास्टिंग वर्क्स यस व्हाई जैसे कि मैंने मैंने बताया ब्रेन सेंस करता है लेप्टिन कितना है। और जब आप फास्टिंग करते हो तब ब्रेन के अंदर क्लेरिटी बढ़ती है। न्यूरॉन्स बेटर फंक्शन कर पाते हैं और आपका हाइपोथैलेमस अब चेक कर पाता है आपका वेट कितना है। आपका फैट कितना है और फैट पता चलता है ब्रेन को। इतना है। अब मैं आराम से फास्टिंग कर सकता हूं। मुझे भूख की जरूरत नहीं है। तो एक दिन बाद जो भूख के रिलेटेड हार्मोनस होते हैं वो नीचे चले जाते हैं। आपको भूख लगती
(20:23) ही नहीं है। और आपको फास्टिंग के अंदर महसूस होता है कि आपने खाना खाया है। और एक दिन बेसिकली आप बहुत डिफिकल्टी के साथ एक दिन गुजारते हो जो पहला दिन होता है। यस पहला दिन थोड़ा डिफिकल्टी के साथ गुजारना पड़ता है। क्योंकि हमें हमेशा खाने की आदत है। तो हम खाने को एक्चुअली मिस करते हैं। जैसे हम हमारे घर वालों को मिस करते हैं। जब हम बाहर जाते हैं उसी तरीके से खाने को मिस करते हैं। तो हम फिर खाने के बारे में सोचना चालू करते हैं और इवेंचुअली कुछ एक छोटी चीज खा लेते हैं। उसके बाद थोड़ी और बड़ी चीज खाते हैं और ऐसी साइकिल एक्चुअली तो आई डोंट हैव मच एक्सपीरियंस
(20:54) इन फास्टिंग मगर एक दो बार मैंने जब ट्राई किया है तो मैंने रियलाइज किया है कि इतना टाइम हो जाता है सडनली दिन में आई फील अब क्या करो अब अब क्या करो ये भी कर लिया ये भी कर लिया लंच का टाइम था एक घंटा यू नो इट जस्ट फील्स लाइक वो चीज करनी थी एक एक्टिविटी थी जो अब नहीं कर रहे हैं वो पूरा दिन नहीं करनी है। सो आई काइंड ऑफ़ मिस इट। बट आई वांट टू आस्क यू कि जैसे अभी हम बात कर रहे हैं कि फास्टिंग से फैट लॉस भी होता है। ओबिसिटी भी आपकी क्योर होती है इन द लॉन्ग टर्म। लेकिन बहुत से लोग इसको एक शॉर्ट टर्म अल्टरनेटिव की तरह
(21:26) भी यूज़ करते हैं। तो वैसे तो रोज खाते हैं लेकिन सडनली लगता है कि अरे आज थोड़ा ब्लोटिंग हो गई है। तो आज मैं डिनर स्किप कर देता हूं या लंच स्किप कर देता हूं और भूख लग रही है लेकिन ऑड आवर्स पे फास्टिंग हो रही है। लाइक आई नो यंगस्टर्स डू इट अ लॉट। इंटरमिटेंट फास्टिंग बहुत ट्रेंडिंग है आजकल। तो 12 घंटे, 14 घंटे, 16 घंटे, 18 घंटे वो रैंडमली करते हैं। इज दैट एडवाइबल? सो रैंडमली कोई भी चीज एडवाइज़ेबल नहीं है। बिकॉज़ अगर आपने रैंडम फास्टिंग करना चालू किया तो बॉडी के अंदर सर्वाइवल के सिग्नल्स ज्यादा जाते हैं। स्टार्वेशन के
(21:57) सिग्नल ज्यादा जाते हैं। सो व्हेन यू आर एक्चुअली डूइंग दिस रैंडम फास्टिंग इट्स एक्चुअली लाइक स्टारविंग योरसेल्फ। नॉट फास्टिंग। यस। तो कैन यू टेल मी द एक्सैक्ट डिफरेंस बिटवीन स्टारविंग एंड फास्टिंग? सो बॉडी के अंदर एक कांसेप्ट होता है जिसको मैं कॉइन करना चाहता हूं वि इज कॉल्ड एज अ मेटाबॉलिक स्विच। बॉडी हमेशा फैट के ऊपर भी चल सकती है, ग्लूकोस के ऊपर भी चल सकती है, कीटोंस के ऊपर भी चल सकती है। आपकी जो मसल्स होती है, जब आप एक्सरसाइज करते हो उस समय ग्लूकोस ज्यादा डिमांड करती है। और जब एक्सरसाइज बंद कर देते हो उस समय पूरे
(22:27) दिन भर में फैट को ज्यादा इस्तेमाल करती है। तो इस तरीके से हम बोलते हैं एक्सरसाइज किया करो तो आपका फैट कम होगा। ओके? के फैट यूज़ ज्यादा होगा। अब बट यस आई एम सॉरी टू कट यू। ये एक्सरसाइज जो आप बोल रहे हैं इज दैट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और इज इज इज इज इज इज इज इज इज इज इट एनी काइंड ऑफ़ एक्सरसाइज? स्ट्रेंथ ट्रेनिंग? एनी काइंड ऑफ़ नॉर्मल एक्सरसाइज वॉकिंग समथिंग लाइक दैट इज़ एक्टिविटी इज़ नॉट एक्सरसाइज। अभी आपका क्वेश्चन ये था कि स्टार्वेशन और फास्टिंग के अंदर अंतर क्या है? अंतर बस ये है कि आपको मेटाबॉलिक स्विच को ईजीली चेंज करना आना चाहिए। मतलब कि आज मैंने
(23:02) अगर खाना खाना छोड़ दिया मेरी बॉडी को कुछ भी फर्क नहीं पड़ेगा। ओ एंड हाउ डू यू डू दैट? उसके लिए प्रैक्टिस करनी पड़ती है। उसके लिए आपको आपकी डाइट को थोड़ा सा चेंज करना पड़ता है। ओके? फॉर एग्जांपल अगर आप पहले बहुत ज्यादा रोटी खाते थे, बहुत ज्यादा चावल खाते थे, कार्बोहाइड्रेट्स का बहुत इस्तेमाल करते थे। तो आपके शरीर ने यह देख लिया है। रोटी आ रही है, चावल आ रहे हैं, ग्लूकोज बहुत ज्यादा आ रहा है। तो मुझे ग्लूकोज ही ज्यादा इस्तेमाल करना है। बट जब आप धीरे-धीरे आपके डाइट को बैलेंस करते हो और डाइट के अंदर आपको जितना कैलोरी चाहिए
(23:39) उतना ही कैलोरी खाते हो और आप काम के ऊपर फोकस करते हो और बहुत बार खाना खाना स्किप कर देते हो स्पेशली रात को। तब आपकी बॉडी ट्यून हो जाती है फास्टिंग करने के लिए। तब उसके बाद अगर आप एक दिन फास्टिंग करते हो तो आपके बॉडी को बिल्कुल भी एहसास नहीं होता है कि उसने कुछ अलग किया है। यह बॉडी की इंट्रेंसिक कैपेसिटी है। इसीलिए फास्टिंग का मैं एडवाइस करता हूं हमेशा लोगों को कि आप जो है आपका जो भी रेगुलर काम है जैसे आप अभी पडकास्ट शूट कर रहे हो। अगर [नाक से की जाने वाली आवाज़] आप सुबह से लेकर शाम तक पोर्डकास्ट शूट कर रहे हो और आप खाना बाहर से ऑर्डर करने
(24:18) वाले थे तो खाना ऑर्डर करने का जो टाइम होता है जैसे फाइव स्टार होटल्स में होता है इधर से इधर तक ही डिनर मिलेगा इधर से इधर तक ही मिलेगा उसके बाद नहीं मिलेगा तो अगर वैसे रूल्स है आपके लाइफ में तो आपका खाना ऑटोमेटिकली स्किप हो जाएगा आपको महसूस भी नहीं होगा आपने शूटिंग की है आप एक्टर भी थे आपने यह देखा होगा बहुत बार तो आपने खाना ही नहीं खाया होगा कंटीन्यूअस शूटिंग की होगी है ना हम तो एक्चुअल में यह आसान है और यार इससे हमारा फायदा है क्योंकि हम काम ज्यादा कर सकते हैं और वो काम ही हमें बनाने वाला है। लाइफ में सबसे ज्यादा टाइम हम काम
(24:49) करने के लिए कंफ्यूज नाउ कि ऐसे ये भी तो इन अ वे इट्स एट रैंडम स्टारवेशन ओनली ना कि गलती से खाना मिस हो गया बिकॉज़ टाइम नहीं मिला। तो बॉडी इज एक्चुअली नॉट यूज्ड टू दैट। स्टिल आई स्टिल नॉट ट्रेंड माय बॉडी बट स्किप हो गया। जैसे टुडे आई स्किप माय ब्रेकफास्ट बट माय बॉडी इज नॉट ट्रेंड फॉर इट। सो इमीडिएटली आई स्टार्ट गेटिंग अ हेडेक और आई स्टार्ट गेटिंग एसिडिटी और आई स्टार्ट गेटिंग एंग्री। सो टू स्पीक तो हाउ डस वर्क देन? एक्चुअली जो भी डाइट हम लोग चेंज करते हैं इंटेंशनली वो ज्यादा हमें डैमेज करती है। रादर देन हम क्या करते हैं? अभी जैसा आपने
(25:23) ब्रेकफास्ट स्किप किया बट अगर आपने लंच को बहुत बेटर किया उसके अंदर बैलेंस डाइट रखी तो वो जो स्किप किया वो आपके एडवांटेज में काम करेगा। ओके बट अगर आपने ब्रेकफास्ट स्किप किया और दोपहर में नूडल्स खाए बहुत सारे तो वो आपके लिए स्टार्वेशन ज्यादा वर्स्ट करेगा। ओके अंडरस्टुड अल्टीमेटली जो फास्टिंग होती है उसके अंदर आप खाना नहीं खाते हो तो उसके पहले जो खाना खाया था वह अच्छा होना चाहिए वो फुल फीलिंग होना चाहिए उसके अंदर साइट होना चाहिए साइटटी उसके अंदर मिलनी चाहिए उसके अंदर प्रोटीन इंटेक ज्यादा होना चाहिए उसके अंदर फैट इंटेक ज्यादा होना चाहिए और
(25:59) फाइबर इंटेक ज्यादा होना चाहिए वो खाना जो लास्ट मील आपने खाया था वो फुलफिलिंग अगर नहीं होगा तब आप नेक्स्ट खाना खाओगे अगर फुल फीलिंग होगा तब आप फास्टिंग कर सकते हो अदरवाइज नहीं कर सकते हो। ओके। दिस ब्रिंग्स मी टू टू क्वेश्चंस। आई विल आस्क यू द फर्स्ट वन कि अभी आप थोड़ी देर पहले मुझे बता रहे थे कि आपने लॉन्गेस्ट फ़ास्ट जो है वो 21 दिन का किया है। वेयर यू सर्वाइव्ड ओनली ऑन वाटर। सो आई वांट टू फास्ट फॉर वन डे इन द वीक? इज दैट इज दैट गुड दैट आई एम इज दैट प्लान अ गुड प्लान कि मैं हफ्ते में एक दिन 24 आवर्स फ़ास्ट करना चाहती हूं।
(26:29) डेफिनेटली। इट वर्क्स। ओके। सो यू वर सेइंग कि मुझे लंबा भी करना चाहिए ट्राई। बट आई वांट टू ट्राई विद वन। एंड आई वांट टू आस्क यू वन करने के लिए मुझे क्या करना चाहिए कि मेरा एक दिन कास्ट अच्छे से निकले एंड उसके बाद हाउ कैन आई टेक इट अप टू डेज एंड थ्री डेज एंड सो ऑन एंड सो फॉर ओके सो सबसे पहले मैं बताना चाहता हूं हम जो भी चीजें बात कर रहे हैं ये 18 प्लस के लिए है है ना क्योंकि जो बच्चे होते हैं उनको एक्चुअली खाना खाना पड़ता है क्योंकि उनको ग्रो करना है। ओके हम लोग जो है एडल्ट्स हैं वो ग्रो कर चुके हैं। एक्स्ट्रा ग्रो
(27:02) ना करें इसलिए हम फास्टिंग करते हैं। राइट? एंड एक्स्ट्रा ग्रो मोस्टली हमारा सब अनवांटेड चीज़ ही होती है। यस एक्सैक्टली। अभी आपका क्वेश्चन क्या था? 24 आवर्स फास्टिंग करनी है अगर मुझे इन अ वीक तो मुझे कैसे अपनी बॉडी को ट्रेन करना? आपने मुझे पूछा था कि आपने 21 डेज फास्टिंग की है। बट उस 21 डेज फास्टिंग के पहले मैंने पिछले साल 21 डेज फास्टिंग की थी। अगस्त में 1 अगस्त से 21 अगस्त। उसके पहले मैंने उसके पिछले साल 14 दिन फास्टिंग की थी। और उसके पिछले साल मैंने पांच दिन फास्टिंग की थी। और उसके पिछले साल मैंने एक दिन फास्टिंग की थी। तो फास्टिंग यह
(27:37) मेटाबॉलिक एडप्टेशन है। यह फास्टिंग मेटाबॉलिक स्विच है। अभी किसी का स्विच बहुत ज्यादा ग्रीस खा चुका है। जंग खा चुका है। किसी का स्विच बहुत फ्लैक्सिबल है। है ना? तो आपको आपका स्विच को फ्लैक्सिबल करना पड़ेगा। और उस फ्लेक्सिबल करने के लिए आपको सबसे पहली चीज आपकी जो ब्लड रिपोर्ट है उसको एकदम ओके करना पड़ेगा। आपके जो ट्राइग्लिसराइड है उसको कम करना पड़ेगा और ट्राइग्लिसराइड बढ़ते ही तब है जब सुबह से ले शाम तक हम खाना खाते हैं। हम ओके अभी मैं एक चीज बताता हूं जो इंडियंस के साथ हो रही है। वो एक मेटाबॉलिक ट्रैप में फंस चुके हैं। वो खाना खाते हैं। खाने
(28:18) में कार्बोहाइड्रेट होता है। किसी भी आप रेस्टोरेंट में जाओगे 99% रेस्टोरेंट के खाने के अंदर मैक्सिमम कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं। तो जब हम कार्बोहाइड्रेट खाते हैं इंसुलिन स्पाइक होता है और हर एक इंसुलिन स्पाइक डिसीज की तरफ ले जाता है। हर एक इंसान को उसके जींस के अंदर कौन सा डिसीज छुपा हुआ है वो उस रास्ते चला जाता है। किसी इंसान के शरीर के अंदर डायबिटीज ज्यादा हो सकती है। किसी इंसान के शरीर के अंदर हार्ट डिसीज ज्यादा हो सकती है। वो उस तरीके से आगे बढ़ता है। इस एक्स्ट्रा इंसुलिन के वजह से हार्ट अटैक आने के 10 साल पहले से इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है।
(28:53) आर यू सेइंग हार्ट अटैक आल्सो इज़ अ रीज़ इज़ कॉज्ड बिकॉज़ ऑफ़ इंसुलिन इमंबैलेंस? यस नॉट इमंबैलेंस? इट इज़ हायर इंसुलिन ऑलवेज। ओके? क्योंकि जो इंसुलिन होता है वो ऐसा हार्मोन है जो कि आपके शरीर के अंदर आपके मसल में और आपके फैट सेल में फैट को डिपॉजिट करता है। ग्लूकोस को डिपॉजिट करता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस मतलब अभी मसल में और फैट में नहीं जाएगा ग्लूकोज़। तो कहां पर रहेगा या आपके ब्लड वेसल में रहेगा? और जब आप एक ग्लास लेते हो और उस ग्लास के अंदर ग्लूकोस को डालते हो इंस्टेंटली उसको मिलाते हो तो आपको दिखेगा कि यह जो ग्लूकोस ग्लास में है यह एकदम
(29:34) ट्रांसपेरेंट है। बट आप उसको 10 दिन बाद देखोगे ना एक लेयर बन जाती है। आप उसको 20 दिन बाद देखोगे और लेयर बन जाती है। 30 दिन बाद देखोगे और लेयर बन जाती है। ओके? ओके और एग्जैक्टली यही होता है आपके खून के अंदर भी जितना ज्यादा ग्लूकोज खून में रहेगा इसे हम बोलते हैं एचबी ए1ac आपकी जो रेड ब्लड सेल्स है वो आपके खून में होती है उसके ऊपर कितना कोटिंग है शुगर का 3 महीने के अंदर रेड ब्लड सेल्स रिसाइकल होती है [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो यह जो एचबी1 है यह बताता है हमें कि आपकी शुगर एवरेज 3 महीने में कैसी थी ओके और शुगर के वजह से कैंसर के चांसेस बढ़ते
(30:17) हैं। शुगर के वजह से हार्ट अटैक के चांसेस बढ़ते हैं। शुगर के वजह से डायबिटीज के चांसेस बढ़ते हैं। और शुगर की वजह से ब्लड प्रेशर के चांसेस बढ़ते हैं। क्योंकि शुगर ज्यादा है यानी कि वो शुगर आपके खून में ज्यादा है। हम ओके? तो वो आपकी जो ब्लड वेसल्स होती है, आर्टरीज होती है वहां पे कोटिंग करती है। उस कोटिंग को हम बोलते हैं एडवांस ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स ग्लाइकेशन। आप देखो एक बच्चे की आंख देखो और एक बूढ़े इंसान की आंख देखो। बच्चे [नाक से की जाने वाली आवाज़] की आंख एकदम वाइट दिखेगी और एक बूढ़े इंसान की जो आंख है वो थोड़ा ब्राउनिश दिखेगी। येलो
(30:51) दिखेगी। वो ग्लाइकेशन होता है। ओके? अभी अगर आपके आर्टरी के अंदर ग्लाइकेशन ज्यादा हो रहा है। अंदर की जो एंडोथलियम में है वो डैमेज हो रही है तो क्या होगा? जो कोलेस्ट्रॉल घूम रहा है आराम से वो उधर जाके चिपकेगा। और जब कोलेस्ट्रॉल चिपकेगा अर्थी क्लोरोसिस होगा। इम्यून सेल्स आएंगे। बहुत सारे सेल्स आएंगे। उसके ऊपर एक वॉल बनाएंगे और वह थक्का हो जाएगा और कभी टेंशन ले लिया, कभी कुछ दूसरी चीज कर दी या फिर स्मोकिंग कोई करता है, कोई अल्कोहल लेता है तो उसका रिस्क और ज्यादा बढ़ता है। तो वो थक्का जब फटता है तब वो ब्लॉक बनाता है और वो हार्ट मसल को डैमेज
(31:30) करता है और हार्ट अटैक होता है। अगर वो ब्रेन में जाता है तो वहां पे स्ट्रोक होता है। तो मतलब दिस आल्सो साउंड्स लाइक फास्टिंग अगर आप करेंगे तो ये सारी चीजें भी धीरे धीरे धीरे-धीरे आप ठीक कर सकते हैं। और अगर आप लेट्स से अगर आप फास्टिंग इनकर्पोरेट करते हैं वंस अ वीक सो हाउ लॉन्ग डू यू थिंक कैन यू रिवर्स द डैमेज दैट यू हैव कॉज टू द बॉडी? देखिए वंस अ वीक फास्टिंग हम स्पिरिचुअल रिचुअल्स में हमेशा करते आ रहे हैं। ओके नहीं सिर्फ 16 सोमवार अच्छे हस्बैंड के लिए लड़कियां रखती हैं और मैंने बहुत सारे लोग एक्चुअली मैं पहले गवर्नमेंट जॉब करता
(32:04) था। वहां पे एक मेरे मित्र थे जिनका नाम आदित्य था। वो पिछले 20 साल से वीक में वन डे फास्ट करते थे। सो ऐसे मैंने बहुत सारे लोग देखे और मैंने एक कॉमन ट्रेंड देखा जो भी लोग फास्टिंग करते हैं एक्चुअ हफ्ते में एक बार अगर आप पिछले 20 साल से कर रहे हो तो अगर आपने पिछले 20 साल से नहीं किया तो आपको थोड़ा ज्यादा करना चाहिए। सिंपल सी बात है। तो मैंने इनके अंदर एक ट्रेड देखा था कि ही इज वेरी इंटेलिजेंट पर्सन। यह हर एक काम खुद के टाइम के अंदर करते हैं और डिसिप्लिन इनके अंदर कूट-कूट के भरी है। ओके? यह कोई भी वाइल्ड काम नहीं
(32:39) करते। कोई भी खराब काम नहीं करते खुद के शरीर को खराब करने के लिए। तो फास्टिंग नंबर वन चीज जो हम धर्मों के अंदर सीखते हैं डिसिप्लिन के लिए वो सच है। बट एक्चुअली बॉडी के अंदर उसका एडवांटेज मिलता है। हम भले ही वो हार्ट डिसीज हो। फास्टिंग से हार्ट डिसीज रिवर्स होता है। फास्टिंग से डायबिटीज रिमिशन होता है। मतलब कि डायबिटीज क्या है? डायबिटीज यानी कि 6.
(33:06) 4 एचबी1 एसी लेवल आपका ज्यादा है 6.4%ेज से या फिर आपकी जो ब्लड ग्लूकोज है रैंडम ब्लड ग्लूकोस वो बहुत ज्यादा है। नॉर्मल इंसान का 100 के नीचे होता है। डायबिटीज वाले का हमेशा 100 के ऊपर होता है। 150 के ऊपर होता है। जब आप फास्टिंग करते हो तब आप शुगर डाल ही नहीं रहे हो आपके बॉडी में। हम टाइप टू डायबिटीज के पेशेंट के लिए बता रहा हूं मैं। अगर वह फास्टिंग करता है सही तरीके से तो वह अपनी डायबिटीज को रिवर्स कर सकता है। इन द सेंस उसके खून के अंदर अभी जो शुगर होगी वो नॉर्मल इंसान जैसी होगी और वो बोल सकता है मुझे अभी डायबिटीज
(33:42) नहीं है। एंड दिस टेक्स अबाउट हाउ मच टाइम रफली? दिस विल टेक अबाउट 3 मंथ्स। दैट्स इट। हम एक बहुत इंटरेस्टिंग चीज देखी गई है कि जो लोगों को 40-40 साल से भी डायबिटीज थी अ उनका जब मृत्यु हुआ उनके बॉडी को देखा उनके पनक्रियाज के अंदर के बीटा सेल्स को देखा जो इंसुलिन प्रोड्यूस करते हैं और पता चला कि वो इंसुलिन अभी भी प्रोड्यूस कर सकते हैं 40% सेल्स। ओके? मतलब कि 40 साल से भी अगर डायबिटीज है तो पनक्रियाज पूरी तरीके से डैमेज नहीं होता है। 60 70% डैमेज होता है। और जब आप फास्टिंग करते हो तब इस डैमेज को आप रिवर्स कर सकते हो। क्योंकि जब आपके
(34:25) लिवर में 100 ग्राम फैट होता है, पैंकक्रियाज में 2 ग्राम फैट होता है, आपको यह सारे मेटाबॉलिक डिसीजेस देखने पड़ते हैं और इनको लड़ना पड़ता है। जब आप फास्टिंग करते हो, सबसे इंपॉर्टेंट फैट जो आपके बॉडी का बर्न होता है, वह होता है विसरल फैट। हम विसरल फैट बॉडी के अंदर टिकिंग बम जैसा है। हम और विसरल फैट को अगर देखना है कितना है तो यह डेग्जा स्कैन एक मशीन आती है जो कि गोल्ड स्टैंडर्ड मशीन होती है। उसी से पता चलता है। आपके ऑर्गन्स के आजू-बाजू में, आपके दिल के आजू-बाजू में, लिवर के अंदर, इंटेस्टाइन के आजू-बाजू में जो फैट होता
(35:01) है, वह विसरल फैट होता है। एंड हाउ मच परसेंटेज ऑफ़ विसरल फैट इज़ इज़ कंसीडर्ड नॉर्मल? सो बेसिकली [गला साफ़ करने की आवाज़] अगर आपके शरीर के अंदर 5% विसरल फैट है तो वह डेंजरस है। जितना कम उतना अच्छा है। ओके तो आप 1 किलो के अंदर उसको लेके आओगे दैट इज द बेस्ट। वाव आप उसको 100 200 ग्राम तक लेके जाओगे। दैट इज द वंडर एक्चुअली। इतना कम भी हो जाता है। यस होता है। और वो फास्टिंग से ही होता है। ओके। ओके। ओके नाउ कमिंग बैक टू माय क्वेश्चन कि व्हाट इज द स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर जिससे मैं वन डे फास्ट शुरू कर सकती हूं एंड सो ऑन एंड सो फोर्थ
(35:37) ओके सो फास्टिंग चालू करने के लिए सबसे पहले आपको चालू करना पड़ेगा स्टडी कि फास्टिंग मुझे करनी क्यों है मेरा क्या एडवांटेज है उसमें? लेट्स से लेट्स से अ लेट्स टॉक अबाउट क्लीनिंग अप द मेस दैट इज़ देयर इनसाइड द बॉडी। आई एम नॉट टॉकिंग अबाउट ओबिसिटी और थिन। आई एम सेइंग थिन पीपल आल्सो कैन बी कैरिंग अ लॉट ऑफ़ मेस इनसाइड देयर बॉडीज। हाउ टू क्लीन दैट विसरल फैट फॉर एग्जांपल। वेरी गुड। सो बॉडी के अंदर एक प्रोसेस होती है जिसका नाम है ऑटोफजी। ऑटोफजी इंट्रासेल्यूलर प्रोसेस है। सेल के अंदर होती है और यह ट्रिगर होती है तब ज्यादा क्वांटिटी में जब आप फास्टिंग करते
(36:20) हो। और 2016 में नोबेल प्राइज मिला था ऑटोफजी की प्रोसेस को बताने के लिए डॉक्टर यशो नोरी को जो कि जैपनीज साइंटिस्ट है। उन्होंने ईस्ट के अंदर ये पैटर्न को ढूंढा। ओके? उन्होंने बहुत सारे एटीजी प्रोटंस को ढूंढा। जो अगर हमने देख लिए सेल में इसका मतलब है कि आगे जाकर ऑटोफाजी होती है। अब मैं ऑटोफाजी स्टेप बाय स्टेप समझाता हूं। जब मैं एडवांटेजेस बताऊंगा आपको फास्टिंग करने के लिए तब सबसे पहले मोटिवेशन आएगा आपको फास्टिंग करनी है मुझे और उसके बाद मैं बताऊंगा आपको फास्टिंग करनी कैसी है। एक दिन की फास्टिंग। ओके? ओके। तो सबसे पहली चीज जब आप खाना नहीं
(37:00) खाते हो आपके शरीर के अंदर एएमपी बढ़ता है और एडीपी बढ़ता है। अभी एएमपी को समझने के लिए आपको एटीपी समझना पड़ेगा। बचपन से ले अब तक हमने एटीपी को समझा है। एटीपी मतलब कि यह एक एनर्जी करेंसी होती है आपके बॉडी की। आप खाना खाते हो एक दिन के अंदर। आपके शरीर में 19 ग्राम डीएनए होता है। पूरे सेल मिला के। 37 ट्रिलियन सेल होते हैं आपके शरीर में। एक सेल के अंदर 100 ट्रिलियन एटम होते हैं। और यह सारी चीजें इकोसिस्टम के अंदर बढ़िया तरीके से काम कर रही है। क्योंकि आप रेगुलर बेसिस पे 37 केजी हर दिन एटीपी बनाते हो। एटीपी मतलब एडिनसाइन ट्राई फास्फेट। उसके अंदर तीन
(37:45) फास्फेट है। खाना खाने का पर्पस होता है आपको एटीपी बनाना है। अभी यह एटीपी मतलब कि स्टर्ड एनर्जी। आपके बॉडी के अंदर ये स्टर्ड एनर्जी है एटीपी। आप जभी भी कोई भी काम करते हो इवन जिंदा रहना भी एक काम होता है। उसके लिए एटीपी यूज़ होती है। और जब एटीपी यूज़ होती है तब एडीपी बनता है और एएमपी बनता है। एएमपी इज़ अ मोनो फास्फेट। एडीपी इज़ अ डाई फास्फेट। तो जब खाना खाते हैं हम तब हमारा शरीर बेसिकली हमारा जो लिवर है और बाकी की पूरी साइड्स के अंदर एटीपी बनाता है। आपने खाना खाया, आपने शुगर खाई या आपने प्रोटीन खाया या आपने फैट खाया। अगर बॉडी के अंदर एटीपी
(38:25) इनफ नहीं है तो बॉडी उससे भी एटीपी बना सकती है। जैसे कि एक एग्जांपल देके बताता हूं मैं। आपने रोटी खाई, आपके पेट ने उस रोटी को बढ़िया तरीके से मॉलिक्यूलर लेवल तक लेके गया। आपके इंटेस्टाइन ने उस रोटी के अंदर के ग्लूकोस को अब्सॉर्ब किया। वह आके आपके लिवर में चला गया। वहां पे होते हैं हेपेटोसाइट्स जो कि लीवर सेल्स होते हैं। अभी लिवर सेल्स क्या करते हैं? यह ग्लूकोस को ग्लूकोस सिक्स फास्फेट में कन्वर्ट करते हैं। ग्लूकोस सिक्स फास्फेट आगे जाके आपका क्रेब साइकिल के अंदर जाता है और क्रेब साइकिल के अंदर से उसके बाद इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट चेन में जाता है।
(39:00) यह सब माइटोकांड्रिया में होता है जो कि पावर हाउस ऑफ द सेल है और एंड प्रोडक्ट बनता है एटीपी। ओके? जब आप फास्टिंग करते हो या खाना नहीं खाते हो या आप सो रहे हो लेट अस से तब आपके शरीर के एटीपी लेवल्स कम होते हैं और एएमपी लेवल्स बढ़ते हैं और एडीपी लेवल्स बढ़ते हैं। यह एएमपी और एडीपी जब आपके शरीर में बढ़ता है और आपका इंसुलिन जब थोड़ा नीचे जाता है, आपका ग्लूकोस जब थोड़ा सा नीचे जाता है, हमारी बॉडी चालू कर देती है एक प्रोसेस ज्यादा करना जिसका नाम है ऑटोफाजी। सो ऑटोफाजी को मैं आपको बताना चाहता हूं वो डीमर स्विच की तरह है। जब आप बहुत
(39:42) ज्यादा खाना खा रहे हो तब ऑटोफाजी बहुत कम होगी और जब खाना बिल्कुल भी नहीं खा रहे हो तब मैक्सिमम ऑटोफजी होगी और ये हमने रिसर्च में भी देखा है हमने होता क्या है एक्चुअली एक्चुअली आपके शरीर के अंदर जो सेल्स होते हैं उसके अंदर अलग-अलग ऑर्गनाइल्स होते हैं जैसे माइटोकांड्रिया होता है। दूसरी चीजें होती है। ये अपना काम करते हैं। इनकी भी एजिंग होती है। एज के साथ-साथ यह अपना काम सही से कर नहीं पाते। जैसे हमारी कार है। कार के अंदर इंजन है। इंजन पहले जितना माइलेज देता था, अभी उतना माइलेज नहीं दे रहा है। माइटोकांड्रिया भी पहले
(40:16) जितना एटीपी बना पा रहा था, उतना नहीं बना पा रहा है। जिसके वजह से आपके सेल का एक फंक्शन काम नहीं कर पा रहा है। एनर्जी नहीं बन पा रही है। अब बॉडी सही से नहीं चल पा रही है। बॉडी के अंदर थकान आ रही है। डिफरेंट-डिफरेंट डिसीज हो सकते हैं। अब इसको क्लियर करना बहुत इंपॉर्टेंट है। ओके? ओके? आपके [नाक से की जाने वाली आवाज़] शरीर के अंदर अगर आप 60 किलो के हो तो 9 किलो के आसपास प्रोटीन हो सकता है। टोटल प्रोटीन का ड्राई मास और बाकी का पानी हो सकता है, बोनस हो सकते हैं, कैल्शियम हो सकता है। और आप एक दिन के अंदर कम से कम 300 ग्राम प्रोटीन यूज़ करते
(40:50) हो। पर आप 300 ग्राम प्रोटीन कभी खाते नहीं हो। आप 70 ग्राम प्रोटीन खाते हो अगर 60 किलो के हो तो। ओके? ये बाकी का प्रोटीन कहां से आता है? यह बॉडी खुद प्रोटीन फेंकती है बॉडी के अंदर। इसको हम प्रोटीन पुल बोलते हैं और फिर से एक बार सारा का सारा चीजें बनाती है। तीन महीने के अंदर मैं फैक्ट दे रहा हूं योशोनरी डॉक्टर योशनरी जिन्होंने ऑटोफजी के बारे में बताया जिनको नोबेल प्राइज मिला है उन्होंने यह बताया है कि जो प्रोटीन होता है आपके शरीर के अंदर 3 महीने के अंदर पूरा रिप्लेस हो जाता है। बॉडी का हर एक प्रोटीन 3 महीने के अंदर
(41:25) रिप्लेस हो जाता है। ओ ओके तो अब समझने की कोशिश करिए आप ये जो रिप्लेसमेंट है ये करता कौन है आपका शरीर करता है ऑटोफेजी करती है मेनली तो जो भी खराब चीजें और बहुत सारे और भी कंपोनेंट्स होते हैं जो भी खराब चीजें हैं वो आपके ऑटोफेगोसोम्स खाते हैं और नई चीजों को इंजेक्ट करते हैं बॉडी में। तो शरीर का जो कचरा होता है भले ही टॉक्सिंस हो हम भले ही इंट्रासेल्यूलर कचरा हो और भले ही प्रोटीन को रिसाइकल करना हो ऐसा समझिए आप कि आपने इस गोल्ड का ज्वेलरी लिया उसका इस्तेमाल किया और वो टूट गया है ना अब उसको पहन नहीं सकते हो आप स्टाइल करने के
(42:06) लिए तो आप क्या करते हो उसको भट्टी में डालते हो और फिर से एक बार नया ज्वेलरी बनाते हो और यही बिजनेस चलता है गोल्ड वाला यही सेम बिजनेस चलता है हमारे बॉडी में इसको हम ऑटोफाजी बोलते हैं और ऑटोफजी को ट्रिगर करने के लिए लो एनर्जी एनवायरमेंट होना है। काइंड ऑफ़ लाइक अ रिन्यूल ऑफ़ एवरीथिंग। यस रिन्यूल ऑफ एवरीथिंग रिब्रांडिंग ऑफ एवरीथिंग। क्योंकि जो मॉलिक्यूलर चीजें हैं ना वो कभी खराब नहीं होती है। उनसे बनाई गई चीजें खराब हो सकती है। जैसे प्रोटीन है, अमाइनो एसिड की चैन है, ग्लाइसिन है फॉर एग्जांपल। बट ग्लाइसिन से बनाई गई जो चीजें हैं वो खराब हो सकती है
(42:41) बॉडी में। जैसे स्किन है अभी भी प्रोटीन है। एक बूढ़े इंसान की स्किन भी प्रोटीन है। बट जवान और बूढ़े इंसान का जो प्रोटीन का स्ट्रक्चर है वो चेंज हो जाता है। तो ऑटोफजी क्या करती है? उस पुराने स्ट्रक्चर को लेती है। सेल के अंदर ये सब चीजें हो रही है। उसको तोड़ती है हिस्सों में मॉलिक्यूलर हिस्सों में और फिर से एक बार एक नई यूज़फुल चीज बनाती है। अभी ये देखिए ऑटोफजी को अगर ऑप्टिमाइज आपको करना है तो आपको फास्टिंग करनी पड़ेगी। यह बहुत सिंपल चीज है क्योंकि यह सर्वाइवल से रिलेटेड है और यह वन डे फास्टिंग में भी हो जाती है।
(43:13) यस ये हमेशा हो रही है। अभी भी हो रही है। जैसे मैंने बताया ये डीमर स्विच है ये। ओके। कम हो रही है उस समय ज्यादा हो रही है। कम हो रही है उस समय ज्यादा। मुझे ये बताइए कि जैसे मैं जब वन डे फास्ट ट्राई करती हूं। मैंने पहले 16 घंटे ट्राई किया। मुझे बड़ा डिफिकल्ट लगा। इसमें मतलब 10 घंटे तो रात थी। तो भी मुझे डिफिकल्ट लगा। फिर मैंने 18 घंटे नेक्स्ट वीक ट्राई किया। फिर 20 किया। फिर मैंने कहा 24 ट्राई करते हैं। इट वाज़ वेरी डिफिकल्ट फॉर मी। सो हाउ कैन समबडी लाइक मी गो बियड इट? एंड इज देयर समथिंग रोंग दैट आई एम डूइंग दैट आई फाइंडिंग इट सो डिफिकल्ट?
(43:45) यस। एक्चुअली क्या है ना फास्टिंग करना है आपको। आपके बॉडी के अंदर फैट अपेशन होना चाहिए। फैट अपेशन मतलब आपकी बॉडी फैट को एफिशिएंटली यूज़ करनी चाहिए। जो स्टर्ड फैट है। हां स्टर्ड फैट है या फिर जो आप डाइटरी फैट भी खा रहे हो उसको भी इस्तेमाल बॉडी को करना चाहिए। अगर आपको डिफिकल्टी लग रही है फास्टिंग करने के लिए तो हो सकता है कि आपके शरीर के अंदर फैट अपेशन कम है। तो आप डाइटरी फैट को ज्यादा डालो ओ जैसे कि कीटोजेनिक डाइट होती है जिसके अंदर हम लोग कार्बोहाइड्रेट को नहीं खाते। जी जी तो शरीर को जबरदस्ती फैट को डाइजेस्ट करना पड़ेगा।
(44:24) और आप अगर फास्टिंग करना चाहते हो तो उसको सही तरीके से करने के लिए आपको सटाइटटी को यूज़ करना पड़ेगा। मतलब जिस दिन आपको फास्टिंग करना है उसके पहले दिन आपको प्रोटीन ज्यादा खाना पड़ेगा। उसके पहले दिन फैट्स को ज्यादा खाना पड़ेगा। जैसे कि आपने दो चम्मच घी खा लिया, दो अंडे खा लिए। अगर आप वेजिटेरियन हो तो टोफू खा सकते हो या पनीर खा सकते हो। तब आप नेक्स्ट 24 घंटे के लिए खुद को प्रिपेयर कर लेते हो कि यस आई कैन डू इट। प्लस अभी फास्टिंग ऐसी चीज है ना अगर आप अकेले नहीं कर पा रहे हो तो आपको कम्युनिटी के साथ करना पड़ेगा। जैसे मैं
(45:00) हमेशा बोलता हूं आपका ब्रेन कम्युनिटी के लिए बना है। अकेलेपन के लिए नहीं बना है। ओके। मैं एक बार नदी के किनारे पे बैठा हुआ था। मेरे फ्रेंड्स आजू-बाजू में थे। वो पत्थर को लेके मार रहे थे नदी में। मुझे ऐसा लग रहा था यार ये क्यों मार रहे हैं? नहीं मारना चाहिए। दे आर डूइंग सम स्टुपिडिटी। बट 10 मिनट उनको कंटीन्यूअसली देखने के बाद मैं ऑटोमेटिकली पत्थर लेके खुद नदी में मार रहा था। ब्रेन इस तरीके से रिलेटेड है। अगर आपको फास्टिंग करनी है तो जो फास्टिंग कर रहा है आपको उसका गाइडेंस लेना पड़ेगा या फिर उसके साथ मिलके फास्टिंग करनी पड़ेगी। तब आपकी
(45:32) फास्टिंग सक्सेसफुल होगी। इसके अंदर मोटिवेशन और जो इच्छा होती है वो भी इंपॉर्टेंट है। हम और मेन चीज हैेंस। अभी तक अगर आपको पता नहीं है फास्टिंग के वजह से होता क्या है तो आपको मोटिवेशन नहीं मिलेगा फास्टिंग करने के लिए। जब पता चलता है फास्टिंग करने के बाद क्या होता है तब आप फास्टिंग करते हो। तीन टाइप के लोग होते हैं हमेशा। पहले जो लोग होते हैं, वह हमेशा थोड़ा कंफ्यूजन में रहते हैं कि यार क्या होगा, क्या होगा? दूसरे जो लोग हैं, वह मोटिवेशन के साथ कर लेते हैं। और तीसरे लोगों को बताना पड़ता है ये क्यों करना है। उसके बाद वो कर लेते हैं।
(46:04) और चौथे लोग भी एक होते हैं जिनको कोई डिसीज होता है उनको उनका डिसीज रिवर्स करना होता है। अगर आप उनको बताते हो उनको इतना पेन होते रहता है कि वो कुछ भी करने के लिए रेडी है। राइट? तो उन्हें झक मार के करनी पड़ती है। उनको भी करना ही पड़ता है। करनी पड़ती है। मुझे यह भी लगता है कि लॉट ऑफ पीपल से कि फास्टिंग से मसल लॉस होता है। सो आई आई एम समबडी एंड आई वांट टू टू टू टू टू टू टू टॉक टू अबाउट वुमेन आल्सो कि हाउ इज फास्टिंग फॉर वुमेन स्पेसिफिकली। बट इतना मुझे पता है कि वीमेन आफ्टर दी एज ऑफ़ 30 35 स्टार्ट लूजिंग मसल मास ऑन अ मोर रैपिडली। मोर
(46:34) रैपिडली देन मेन। मतलब आई फील पर्सनली दैट इट इज सो मच हार्डर फॉर मी टू कीप माय प्रोटीन इंटेक अप एंड टू कीप माय मसल मास हाई दैट इफ आई फास्ट तो मेरी मेहनत ना बर्बाद हो जाए। वेरी गुड। तो इसके अंदर ना यूएस के अंदर भी रिसर्च हुई है। इसके अंदर चाइना के अंदर भी रिसर्च हुई है और इसके अंदर मैंने खुद भी मेरी रिसर्च की है। और मैं तीनों रिसर्च के बारे में एकदम डिटेल में आपको बताता हूं। फास्टिंग से मसल मास लूज़ होता है क्या? यह नॉर्मल क्वेश्चन होता है। अभी इसके लिए हमें फास्टिंग की फिजियोलॉजी को समझना पड़ेगा। सबसे पहले जब आप खाना खाना
(47:06) बंद करते हो उस घंटे से अगले आने वाले एक हफ्ते में क्या-क्या होता है घंटे बाय घंटे मैं आपको बताऊंगा ओके ओके बहुत फास्टिंग खत्म करते हो तब नहीं फास्टिंग चालू करते हो शुरू करते हो तब ओके तो जैसे कि सुबह मैंने खाना खाया खाने के अंदर मैंने अंडे खाए खाने के अंदर मैंने टोफू खाया खाने के अंदर मैंने पनीर खाया और उसके साथ-साथ मैंने थोड़ा सा घी लिया ओके और मैंने डिसाइड किया मैं फास्टिंग करता हूं ओके। तो मैंने दोपहर के 12:00 बजे से फास्टिंग करना चालू किया। मैंने सोचा कि दोपहर के 12:00 बजे के बाद मैं किसी भी तरीके का खाना नहीं खाऊंगा।
(47:40) [नाक से की जाने वाली आवाज़] ओके? और हां बहुत सारे लोगों को ये गलतफहमी होती है कि साबूदाना फास्टिंग में खाना चाहिए या फ्रूट्स। फ्रूट्स हमें खाने चाहिए। ये तो सबसे बड़ा पाप है। हां। ये एक्चुअली हमने चीटिंग करना चालू किया है। फास्टिंग करने से। अभी क्या करना है? मैं आपको बताता हूं। 12:00 बजे के बाद मैंने फास्टिंग चालू की है। सबसे पहले मेरे शरीर के अंदर जो भी स्टर्ड एनर्जी है दो जगह पर स्टर्ड है। एक है मेरे मसल के अंदर एनर्जी जब मैं बोलता हूं तब ग्लूकोस के बारे में बात करता हूं। एक मसल के अंदर और दूसरा है लीवर के अंदर।
(48:14) बाकी किसी भी जगह पे स्टर्ड एनर्जी नहीं है। ब्रेन स्टोर नहीं कर सकता है। ना ही आपके लंग्स कर सकते हैं ना ही आपका दिल कर सकता है। लिवर स्टोर करता है और मसल स्टोर करता है। हमेशा मैं बोलता हूं जब मैं फास्टिंग सिखाता हूं। लीवर आपकी मां है। जब आप खाना खा रहे थे उसके बाद भी फ़्टर करके लिवर खाना देता है बॉडी को। डायरेक्ट बॉडी खाना नहीं खा सकती है। और जब आप फास्टिंग कर रहे हो उसके अंदर भी जो स्टर्ड एनर्जी है वो लीवर से रिलीज होती है। मसल से रिलीज नहीं होती है। क्योंकि मसल के पास वो एंजाइम नहीं होता है जो ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में डायरेक्ट
(48:47) कन्वर्ट करके बॉडी में भेजता है। तो मसल खुद के लिए प्रिजर्व करके रखते हैं। ओके? ओके? और मसल 90% पानी के बने हुए होते हैं और 10% ड्राई मास होता है मसल के अंदर। तो जो भी आप बाईसेप देखते हो वो एक्चुअल में आपके शरीर के अंदर का पानी होता है जो आप फ्लेक्स कर रहे हो। ओके? और थोड़े से मसल्स होते हैं 10%। अभी आप समझने की कोशिश करो। 12:00 बज गए हैं। मैंने खाना छोड़ दिया है। अगले 4 घंटे के लिए मेरा शरीर आराम से लिवर के ऊपर चल रहा है। लीवर थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा शक्कर भेज रहा है। हम ओके? और खाना मैंने नहीं खाया है। इंसुलिन
(49:22) अभी कम है। पहले के कंपैरिजन में खाना जब खाया था उस समय इंसुलिन स्पाइक हुआ था। और धीरे-धीरे जैसे ही कुछ टाइम हुआ इंसुलिन कम होना चालू हुआ। मेरे लिवर ने जब सब कुछ स्टोर कर लिया तब। अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे जब लीवर खाली होते रहेगा तब एक पॉइंट आएगा जिसके बाद लिवर में कुछ बचेगा नहीं। है ना? उस समय बाद आपके शरीर के अंदर ग्लूकोनियोजेनेसिस होता है। ओके। मतलब ग्लूकोज फॉर्मेशन चालू होता है। आपकी बॉडी खुद ग्लूकोज बना सकती है और वह ग्लूकोज बना सकती है फैट के पीछे वाला जो हिस्सा होता है ग्लिसरॉल उससे। उसके बाद लैक्टेट होता है एनर्जी देने के लिए। उसके
(50:04) बाद होता है आपके शरीर के अंदर मसल। मसल सबसे लास्ट होता है। बॉडी को पता है सबसे एक्सपेंसिव अगर कोई चीज है वो मसल है। मुझे आप एक बात बताइए। आप मुझे देख रहे हो, बात कर रहे हो। तो इसमें फेशियल मसल इनवॉल्वड है। अगर फास्टिंग करने से मसल लॉस होता तो आप देखने देख नहीं पाते मुझे। है ना? अगर आप फास्टिंग करते तो तो बॉडी के अंदर अलग-अलग टाइप की फंक्शनल मसल्स होती है। और यह मसल लॉस नहीं होता है। इसके पीछे का कारण बताने से पहले मैं आपको यह बताऊंगा कि अब लीवर खाली हो चुका है। बॉडी का जो फैट है वो लीवर में एंटर करता है। ओके?
(50:42) ओके? है और यह फैट बहुत ज्यादा एंटर करता है। एसिटल कोय यहां पे एक स्टेप होती है। वहां पे जाके वह अटकता है। उसको पूरा स्टेप कंप्लीट करने के लिए ऑक्सेलो एसीटेट लगता है। जिसको जो मैंने पहले बताया था बट लिवर के पास अभी ऑक्सलो एसीटेट नहीं है। तो वो कीटोन बॉडी में कन्वर्ट होता है। हम मेरे बॉडी के अंदर लगभग 24 घंटे के अंदर कीटोन बॉडी प्रोड्यूस होना चालू होती है। 24 घंटे के अंदर 24 घंटे के अंदर 95% जो बॉडी है वो कीटोंस के ऊपर चलती है। 5% जो बॉडी है वो अभी भी ग्लूकोस के ऊपर चलती है। क्योंकि आपकी जो रेड ब्लड सेल होती है उसको कीटोन की जरूरत नहीं होती
(51:24) है। उसको सिर्फ और सिर्फ शक्कर के ऊपर वो डिपेंडेंट होती है। क्योंकि उसके पास माइटोकांड्रिया नहीं होता है। बॉडी के हर एक सेल में माइटोकांड्रिया होता है। वहां पे कीटोन बॉडी इस्तेमाल हो सकती है। ओके? ओके? तो 8% पर आवर आप एनर्जी निकालते हो आपके लीवर से तो 8% धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। किडनी के ऊपर भी थोड़ा ग्लाइकोजन होता है। वह भी खत्म हो जाता है। उसके बाद शरीर ग्लूकोस खुद बनाता है। किसके लिए? आपके खून के अंदर आरबीसी होती है। हमेशा आप चेक करते हो उसके लिए। बाकी पूरे शरीर के किसी भी पार्ट के लिए नहीं बनाता है। आपका शरीर शक्कर ग्लूकोस। और मैं आपको बता
(52:01) दूं आपके शरीर के अंदर जो शक्कर होती है एट अ टाइम वो सिर्फ और सिर्फ एक चम्मच के बराबर होती है। ओके? और अभी आपका शरीर जब आप खाना खा रहे थे उस समय 120 ग्राम शक्कर इस्तेमाल कर रहा था। आपका दिमाग 40 ग्राम आपका शरीर टोटल 160 ग्राम शक्कर एक दिन में आप इस्तेमाल कर रहे थे। बट जब आप फास्टिंग कर रहे हो जैसे कि मैंने बोला 95% आप कीटोन बॉडी इस्तेमाल कर रहे हो। आपका ब्रेन भी कीटोन बॉडी इस्तेमाल कर सकता है। आपका दिल भी कीटोन बॉडी इस्तेमाल कर सकता है। जो कि एंटी इनफ्लामेटरी फ्लूइड है जो एनर्जी और ज्यादा देता है ग्लूकोस के कंपैरिजन में। सिर्फ और सिर्फ
(52:36) 5% जो शक्कर है वो अभी लग रही है आपके रेड ब्लड सेल्स के लिए और वो आपका शरीर फैट से भी बना सकता है। ओके? ओके? क्योंकि फैट जो होता है ना इस तरीके का होता है। यह फैटी एसिड्स होते हैं और यह ट्राईग्लिसराइड का आखिरी वाला पार्ट होता है जो कि ग्लिसरॉल होता है। यह ग्लिसरॉल ग्लूकोस बना सकता है क्योंकि इसके अंदर तीन कार्बन है और तीन कार्बन मिल गए तो बन जाता है। अब आप समझिए एक दिन हो चुका है, दो दिन हो चुका है। हम मेरे बॉडी में अगर मैं चेक करूंगा बीटा हाइड्रोक्सी ब्यूटेट्रेट का जो लेवल होगा वो 90 mg पर डीएल होगा। आप चेक कर सकते
(53:08) हो। कीटोस्ट्रिप्स मिलती है उससे भी चेक कर सकते हो। बट जो ग्लूकोज का लेवल होगा ना वो कम नहीं होगा। वो 70 60 70 60 इस लेवल तक जाएगा। ऐसा क्यों? क्योंकि वो नॉर्मल लेवल है। ओके? उसके नीचे वो नहीं जा सकता। ओके? है ना? एंड नाउ ये आपकी बॉडी जो है वो खुद प्रोड्यूस कर रही है। खुद प्रोड्यूस कर रही है। और ये कितने दिन तक प्रोड्यूस कर सकती है? ये लगभग 70 दिन तक प्रोड्यूस कर सकती है। उसके बाद जाके एक्चुअली स्टारवेशन चालू होता है। बट डस इट आल्सो डिपेंड ऑन एवरीबॉडी टाइप इंडिविजुअली? अगर कोई बहुत पतला इंसान है फॉर एग्जांपल डस दैट मेक
(53:42) डिफरेंट इंसान को फास्टिंग करने की जरूरत ही नहीं है ना ओके हां उसका मेटाबॉलिज्म बहुत स्ट्रांग है उसके शरीर में फैट नहीं है तो द मोर बॉडी वेट यू हैव और द मोर विसरल फैट यू हैव उतना लंबा यू कैन फास्ट यस यस डेफिनेटली अभी देखिए अभी मैं दूसरे दिन के ऊपर हूं मेरी बॉडी दो दिन हो चुके हैं फास्टिंग करने के अंदर बढ़िया तरीके से अभी भूख नहीं लग रही है बढ़िया लग रहा है एकदम फ्रेशनेस आ रही है मुझे आगे अगर फास्ट को सही तरीके से करना करना है बिना मसल लॉस किए। मैं 7 दिन तक आराम से कर सकता हूं। उसके बाद से थोड़ा मसल लॉस होना चालू होता
(54:16) है। बट बट दिस आल्सो मस्ट बी डिपेंडिंग फ्रॉम पर्सन टू पर्सन। मेरा मसल मास ही अगर कम है तो शायद जल्दी लूज हो जाएगा। नहीं आपके शरीर में फैट हमेशा होता है 15% से ज्यादा। ऑन एन एवरेज इंसान के शरीर में 15% से ज्यादा फैट हमेशा होता है। हम ओके? अभी देखिए कोई पतला इंसान है। हम उसको तो यही एडवाइस मिलती है ना कि उसको खाना ज्यादा खाना है और हमेशा खाना खाते रहना है। उसको स्वीट्स भी खाना है। ऐसा हम एडवाइस देते हैं। वजन बढ़ाने के लिए। तो जैसे कुछ लोग वेट लॉस करने के लिए लोगों को कंसल्ट करते हैं। वो लोग वेट गेन करने के लिए कंसल्ट करते हैं। अगर वेट गेन
(54:48) करना है तो खाना खाना पड़ेगा। बट मैक्सिमम प्रॉब्लम जो है वो वेट गेन की है ही नहीं। वैसे 1% लोग हैं। 99% लोगों को तो वेट लॉस करना है। वेट लॉस करने के लिए इंजेक्शंस मिलते हैं। अलग-अलग इंजेक्शंस आते हैं। ओजमपिक आता है। विलगोवी आता है। ट्रेज़पेट आता है आपका मुंजारो आता है। है ना? अब ये इंजेक्शंस क्या करते हैं? ये सेम आपको सटाइटटी देते हैं। आपको खाना खाने की इच्छा नहीं होती है। आपकी फास्टिंग होती है ऑटोमेटिकली। इसमें आप मेडिसिन लेके आपकी फास्टिंग ट्रिगर होती है। ओके? उसके अंदर आप खुद से फास्टिंग ट्रिगर कर रहे हो। बट, यह बताइए कि यह फ़ास्टिंग
(55:24) हाउ सेफ इज़ इट फॉर वीमेन? बिकॉज़ मैंने ऐसा भी पढ़ा है दैट कॉर्टिज़ोल प्रोडक्शन इज़ हायर इन वमेन कंपेयर टू मेन। तो फास्टिंग ऑल्सो काइंड ऑफ़ एक्सेलरेटस द कॉर्टिज़ोल प्रोडक्शन एटलिस्ट इन द फर्स्ट 24 आवर्स बिफोर इट एक्चुअली सेटल्स डाउन। तो हाउ इज़ इट फॉर अ वूमन हु इज़ लेट्स से अह ड्यूरिंग पीरियड्स। ओर लेट्स से मेनोपॉजल और मतलब बिकॉज़ वी आल्सो हैव वन मतलब पूरे महीने का हमारा साइकिल होता है। अह हार्मोनल साइकिल। हाउ इज इट फॉर अस एंड इज देयर लाइक अ गुड टाइम और अ बैड टाइम फॉर फास्टिंग? सो वुमन की जो फिजियोलॉजी होती है थोड़ी सी डिफरेंट होती है। बट अगर वुमन की
(55:59) फिजियोलॉजी एकदम 100% सही चल रही है तो उनको फास्टिंग की जरूरत नहीं है। 100% सही चलना मतलब कि 100% फिटनेस के ऊपर आपका फोकस 100% हाउ यू नो 100% चल रही है। बताता हूं। आपकी स्लीप 95% से ज्यादा होनी चाहिए। पहली चीज जो आपके वॉच में पता चलता है। मैंने दो-दो वॉच इसीलिए पहने हैं स्लीप ट्रैक करने के लिए। उसके बाद आपका जो मसल मास है उसका परसेंटेज और जो फैट है उसका परसेंटेज कम होना चाहिए। फैट लगभग 15 से 20% के आसपास होना चाहिए। और जो मसल है लीन मास है आपके बॉडी के अंदर वो बहुत ज्यादा होना चाहिए। ओके? बट मेजरली जो आप वर्ल्ड में प्रॉब्लम देखते हो जिसके ऊपर
(56:39) हम डिस्कस कर रहे हैं वो लोग ओबीस हो रहे हैं। हम अभी एक अगर वुमन ओबीस हो रही है उसके अंदर इंसुलिन रेजिस्टेंस हो रहा है। उनको डायबिटीज हो रही है। उनको ब्लड प्रेशर हो रहा है। उनको हार्ट डिसीज हो रहा है तो उनको फास्टिंग करना पड़ेगा। एंड व्हाट अबाउट हार्मोनल प्रॉब्लम्स लाइक पीसीओडी, पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस? डेफिनेटली यह प्रॉब्लम की शुरुआत होती है इंसुलिन के बढ़ने से और इस्ट्रोजन के ना क्लियर होने से और भी बहुत सारे कंपोनेंट्स होते हैं। मेनली बैड लाइफस्टाइल होती है। जैसे आपने पीसीओएस के बारे में बोला पीसीओएस का अभी नाम चेंज हो
(57:09) गया है जिसका नाम अभी पीएमओएस हो चुका है। पॉली एंडोक्राइन ओके मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम पीएमओएस ओके यस पीएमओएस हो चुका है नाम और ये चालू होता है खराब लाइफस्टाइल से वैसे तो वो फिनोटाइप होता है ओके जिसके अंदर अगर आपकी शुगर लेवल ज्यादा हो रही है। अगर आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा हो रहा है। अगर आपके शरीर के अंदर जो वेस्ट सरकम्फ्रेंस है 88 सेंटीमीटर से ज्यादा हो रही है। आपके ट्राइग्लिसराइड 150 से ज्यादा हो रहे हैं तो आपको मेटाबॉलिक डिसीज है और आगे जाके पीसीओएस भी है और उसके साथ-साथ बाकी जो डिसीज हैं हार्ट अटैक, डायबिटीज के चांसेस बढ़ते हैं। तो
(57:49) पीसीएस वाली जो महिलाएं होती है अगर वो लाइफ स्टाइल को ठीक नहीं करेंगी तो उनको बहुत सारे जो डिसीज है दूसरे वुमेन के कंपैरिजन में ज्यादा हो सकते हैं। एक चीज और मैं आप चाहूंगी कि आप बताइए अपना व्यू पॉइंट इसमें बहुत से लोग हैं जो लाइफस्टाइल तो ठीक नहीं करते हैं मतलब वीकेंड पे बिज ड्रिंकिंग भी होती है। स्मोकिंग भी चलती है। खाना भी थोड़ा बहुत जंक होता है। लेकिन फास्टिंग कर लेते हैं हफ्ते में एक बार। तो क्या वो जितने पाप उन्होंने हफ्ते में किए हैं वो धुल जाते हैं एक फास्ट से? नहीं पाप नहीं धुलते हैं या आप ऐसा बोल सकते हो कि एक इंसान ने एक
(58:23) गुनाह किया है और फिर संडे में संडे में गुनाह किया है और उसके बाद उसने ₹1 लाख दान कर दिया है तो डेफिनेटली फास्टिंग करने का बेनिफिट उसको मिलेगा दान करने का बेनिफिट उसको मिलेगा बट गुनाह करने का जो ये था उसका पाप था वो भी उसको मिलेगा उसके शरीर को ओके [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो देखिए दारू और जो सिगरेट्स होती है उसके अंदर कार्सिनोज्स होते हैं। हम तो जभी भी आप दारू सिगरेट पीते हो उस समय आप कैंसर के जो चांसेस हैं उनको 500% बढ़ाते हो दूसरे लोगों के कंपैरिजन में। महिलाओं को तो कभी भी ड्रिंकिंग नहीं करनी चाहिए। बिकॉज़ वो उनके ग के लिए बहुत खराब
(59:00) होता है। बॉडी के लिए खराब होता है। और देखा गया है ब्रेस्ट कैंसर के जो इंस्टेंसेस है वो बहुत ज्यादा होते हैं। या बट डेफिनेटली अगर आप ड्रिंकिंग और स्मोकिंग छोड़ के फास्टिंग करते हो तब आपके कुछ पाप धूल सकते हैं। तो आपका जो क्वेश्चन था वो ये था कि वुमेन को फास्टिंग करनी चाहिए कि नहीं करनी चाहिए? तो उसका क्लियर आंसर देता हूं मैं। अगर ब्लड रिपोर्ट एकदम क्लीन है, अगर स्लीप बहुत अच्छी है, स्ट्रेस बिल्कुल भी नहीं है, और मसल मास अच्छा है, लीन बॉडी दिख रही है। व्हाट यू मीन? अच्छा लाइक डिफाइन थोड़ा सा बॉडी लीन दिखती है ना? मसल्स दिखते हैं
(59:34) सही तरीके से। बॉडी का कर्वेचर दिखता है बढ़िया तरीके से और फैट परसेंटेज मैंने बता दिया। 20% से ज्यादा नहीं होता है अगर। ओके। तो आप एकदम फिट हो? तो मैं फिट हूं फिर। आप 100% फिट [हंसी] हो। फिर भी नहीं होती। अच्छा आपको करनी नहीं चाहिए। नहीं नहीं मुझे करनी चाहिए। मुझे ऐसा लगता है कि मेरी डाइट में ना मैंने आई वास ऑन अ बल्किंग फेस फॉर द लास्ट टू इयर्स। तो मैंने अपनी डाइट आई थिंक 1600 कैलोरीज से सीधा 22 टू 2400 कैलोरीज कर दी फॉर अ प्रोलोंग्ड पीरियड ऑफ़ टाइम। एंड देन आई फ्ट दैट टू मच प्रोटीन एंड टू मच फूड इंटेक एंड टू मच प्रेशर ऑन द गट इज़ कॉजिंग
(1:00:08) मी प्रॉब्लम्स। इसलिए मुझे लगता है कि थोड़ा सा एक क्लीज़िंग रूटीन होनी चाहिए। आई डोंट हैव अ बैड लाइफस्टाइल एट ऑल। हैव अ वेरी गुड लाइफस्टाइल। बट लगता है कि इस वजह से शायद मुझे एक फास्टिंग कर लेनी चाहिए ताकि थोड़ी अगर कुछ गलती हो रही है तो थोड़ा बैलेंस बना रहे। तो एक्चुअली क्या है ना कि आप फिट हो आपका स्ेड्यूल भी बहुत अच्छा है और आप काम भी करते रहते हो तो आपके लिए जो फास्टिंग है उसकी डेफिनेशन मैं चेंज करना चाहता हूं। ओके ओके डेफिनेशन ये है कि आपने जैसे बोला कॉर्टिसोल रिलीज होता है। कॉर्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन होता है। मैं
(1:00:42) मानता हूं। बट [नाक से की जाने वाली आवाज़] कॉर्टिसोल के वजह से ही इंसान जिंदा है। ओके? सुबह आप उठते हो जब कॉर्टिसोल बॉडी में रिलीज होता है उसी के बाद। अदरवाइज उठ ही नहीं सकते हो। कॉर्टिसोल उठाता है। कॉर्टिसोल जिंदा बॉडी को रखने की कोशिश करता है। बट बहुत ज्यादा कॉर्टिसोल अगर बहुत टाइम के लिए ऊपर है तो वो प्रॉब्लम है। ओके? अगर आप कॉर्टिसोल सुबह ऊपर करके नीचे कर रहे हो तो दैट इज द बेस्ट फॉर योर लाइफ। तो कॉर्टिसॉल बढ़ाना इंपॉर्टेंट है बट सही तरीके से बढ़ाना और ज्यादा इंपॉर्टेंट है। जब आप फास्टिंग करते हो कॉर्टिसोलॉल जो
(1:01:15) आपका बेस लाइन चलता है या फिर क्रॉनिक कॉर्टिसोल जो आपका बढ़ा हुआ है वो हिलता है और जब वो हिलता है तब उसको नीचे आना ही पड़ता है। तो वो एक्चुअली आपके लिए बहुत अच्छा है। सो एक्चुअली फास्टिंग इज गुड फॉर कॉर्टिसोल आल्सो। फास्टिंग इज गुड फॉर कॉर्टिसोलॉल आल्सो। क्योंकि जब कॉर्टिसॉल ज्यादा रिलीज़ होगा तभी सर्वाइवल आपके शरीर के अंदर एक्टिव होगा और सर्वाइवल सर्वाइवल जीन को एक्टिवेट करता है। फास्टिंग आपके शरीर के अंदर 200 से भी ज्यादा जींस को एक्टिवेट करता है। आपके शरीर में टोटल 3000 जींस होते हैं और 3 बिलियन बेस पेयर होते हैं।
(1:01:46) तो बॉडी के डीएनए को अल्टर करता है फास्टिंग। डिसीज को प्रिवेंट करने में हेल्प करता है। इस दुनिया में अगर आपको स्मार्टनेस को लीड करना है तो आपको प्रिवेंशन को लीड करना पड़ेगा। स्मार्टेस्ट पीपल ऑन द अर्थ इज द मोस्ट प्रिवेंटेबल पीपल ऑन द अर्थ। मतलब कि आपको प्रॉब्लम होने से पहले ही खुद को रोकना है। एंड दैट उसके लिए फास्टिंग सबसे बेस्ट है। तो मुझे बताइए कि सबसे कॉमनली मिस्टेक्स क्या करते हैं लोग जब फास्टिंग करना चाहते हैं? फास्टिंग के अंदर सबसे कॉमन जो मिस्टेक होती है वो होती है फ्रूट्स खाना। वो होता है साबूदाना खाना। वो होता है
(1:02:20) कार्बोहाइड्रेट खाना। अगर आपने फास्टिंग में गलती से एक स्पून घी खा लिया तो फास्टिंग आपकी टूटेगी नहीं बायोलॉजिकली। ओके बट अगर आपने फास्टिंग में गलती से एक चम्मच शक्कर खा लिया, एक पेड़ा खा लिया या एक फ्रूट खा लिया तो उधर ही फास्टिंग आपकी टूट जाती है। ओके। एंड व्हाट डू यू हैव टू से अबाउट ये जो वाटरलेस फास्ट्स होते हैं जैसे करवा चौथ का बहुत लंबा फास्ट होता है बिना पानी के या रमजान में काफी घंटे हर रोज 30 दिन के लिए बिना पानी के फास्टिंग होती है। उसके कुछ कुछ इंपैक्ट होता है उसका बॉडी पे? मेरे ख्याल से वो फास्टिंग जो है उसका
(1:02:53) इंपैक्ट होता है बॉडी के ऊपर। बॉडी के लिए वो अच्छा है। मैं यह तो नहीं बोलूंगा क्योंकि आपके जो सेल्स होते हैं उनको पानी चाहिए होता है। जब पानी नहीं मिलता है ऑस्मोलरिटी बॉडी की बढ़ती है। ब्रेन इरिटेट होना चालू होता है। ओके? जब ब्रेन इरिटेट होता है तब आपको अलग-अलग सिम्टम्स आ सकते हैं। डायरिया हो सकता है। कॉन्स्टिपेशन हो सकता है। लूज मोशंस हो सकते हैं। पेट अपसेट हो सकता है। और बिल्कुल किधर भी मन नहीं लग सकता है। हर एक सेल के अंदर पानी जाना चाहिए। तो यह बहुतेंट क्वेश्चन आपने पूछा है। मैं आपको बोलना चाहता हूं कि फास्टिंग के अंदर जीरो
(1:03:23) कैलोरी की इलेक्ट्रोलाइट्स लेना इंपॉर्टेंट है। नमक लेना इंपॉर्टेंट है। मैंने एक रेसिपी बनाई है। उसके अंदर आप क्या कर सकते हो? थोड़ा सा कोकोनट पाउडर डाल सकते हो। पानी के अंदर सुबह थोड़ा सा नींबू डाल सकते हो। के्टिक साल्ट डाल सकते हो और वो पानी पी सकते हो। ओके। ओके? सुबह जब आप फास्टिंग कर रहे हो हर रोज तो। अच्छा। और हाइड्रेशन उसके वजह से क्या होता है? पोटेशियम पानी को खींचता है और सोडियम वह जो सेल के अंदर पानी है उसको मेंटेन करके रखता है तो आपके शरीर का हाइड्रेशन बेटर रहता है। ब्रेन सेल्स अच्छे से काम कर पाते हैं। 1% भी अगर आपको डिहाइड्रेशन हुआ
(1:03:59) तो ब्रेन 5% कम काम करता है। बच्चों के अंदर सबसे इंपॉर्टेंट विटामिन पानी है। इसीलिए पानी की बोतल उनके पास होनी चाहिए और एडल्ट्स में भी ये जो पानी है हम लोग इसको इग्नोर करते हैं। पानी को पीना है। ड्राई फास्ट को मैं रिकमेंड नहीं करूंगा। ओके। ओके। थैंक यू सो मच। आई थिंक आपने बहुत सारे फंडे क्लियर कर दिए। एंड आई एम आई कैन से आई एम अ लिटिल बिट मोटिवेटेड टू एक्चुअली ट्राई द 24 आवर फ़ास्ट अगेन टू बिगिन विद। और जब मुझे लंबा करना होगा तो मैं एक बार फिर आई विल गेट इन टच विद यू एंड आस्क यू व्हाट टू डू नेक्स्ट। बट आई वांट लीव माय ऑडियंस विथ द थॉट दैट इट इज़
(1:04:29) डेफिनेटली समथिंग वर्थ ट्राइंग एंड वर्थ ट्राइंग विथ द अह विथ द विथ द परफेक्ट एंड द मोस्ट एक्यूरेट स्टेप्स टू बी टेकन। ऐसे ही स्टारवेशन मोड में मत जाइए। और यह नहीं कि हफ्ता भर पाप किए हैं और अब संडे को फास्ट करके बॉडी जो है वो आपकी ठीक रहेगी। ऐसा नहीं होगा। देन यू विल इवेंचुअली जस्ट से दैट नो फास्टिंग इज़ नॉट वर्किंग फॉर मी। आई थिंक इफ इट इज़ डन द राइट वे इट इज़ डेफिनेटली समथिंग दैट्स गोइंग वर्क फॉर एवरीवन। एंड आई थिंक अ वेरीेंट रीज़न फॉर मी आल्सो टू ट्राई फास्टिंग इज़ डिसिप्लिन। एक डिसिप्लिन है जो लाइफ में आता है। वो
(1:05:00) जो कंट्रोल होता है जो आदत लगी हुई है हर वक्त खाने की। कुछ ना कुछ चरते रहो। टीवी देख रहे हो तो कुछ खा लो। लंच है तो यह भी खा लो। ये भी खा लो। चलो ये थोड़ा चलो चलो ये भी थोड़ा सा चख लो वो वाली आदत जो है उसको छोड़ना भी जरूरी है। एंड दैट डिसिप्लिन आई थिंक गोज़ अ लॉन्ग वे। एक चीज मैं आपसे जाने से पहले और पूछ लेती हूं। जस्ट फॉर अ लॉट ऑफ़ पीपल एंड फॉर मसेल्फ आल्सो शुड यू बी वर्किंग आउट व्हेन यू आर फास्टिंग ऑर नॉट? वेरी गुड क्वेश्चन। सो मैं एक चीज बताना चाहता हूं। बहुत इंपॉर्टेंट चीज है। और मैं पहले क्वांटम मैकेनिक्स सिखाता था। तो
(1:05:31) मुझे एक चीज पता चली। मैटर जो होता है ना उसकी दो स्टेट होती है। एक होती है वेव स्टेट, एक होती है पार्टिकल स्टेट। मतलब पार्टिकल मतलब आप मेरे सामने मुझे देख रहे हो बट मेरी जो वेव स्टेट है वो मैं इस ब्रह्मांड में किधर भी हो सकता हूं। सिमिलरली जब आप एक्सरसाइज करते हो वो एक्चुअली एक अलग स्टेट है आपके शरीर की और जब आप फास्टिंग करते हो वो अलग स्टेट है और दोनों से ही आपका शरीर बना हुआ है। ओके? तो एक्सरसाइज के जितने बेनिफिट्स आपको मिलते हैं वो सारे बेनिफिट्स फास्टिंग से भी मिलते हैं। ओके? क्यों मिलते हैं? क्योंकि एक्सरसाइज
(1:06:06) और फास्टिंग काम करते हैं एक ही चीज के ऊपर वो है एक्स्ट्रा फूड के साइड इफेक्ट्स को कम करना। राइट? सो दोनों कॉम्प्लीमेंट्री टू ईच अदर है। इसका मतलब अगर एक्सरसाइज कर रहे हो उस दिन फास्टिंग नहीं करनी है। अगर फास्टिंग कर रहे हो उस दिन एक्सरसाइज नहीं करनी है। एट अ टाइम दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकती है। इसीलिए मैं एक रूल बोलता हूं। जब आप खाना खा रहे हो उस दिन एक्सरसाइज करो। अगर नहीं खा रहे हो उस दिन फास्टिंग करो। तो टू मच ओवर टू गुड थिंग टू मच ओवर अ गुड थिंग इज आल्सो नॉट अ गुड थिंग। सो आई एम गोइंग लीव यू ऑन दैट थॉट। थैंक यू सो मच
(1:06:39) प्रथम फॉर गिविंग अस योर टाइम। आई होप यू गाइस एन्जॉयड वाचिंग द एपिसोड। प्लीज लीव योर थॉट्स इन द कमेंट सेक्शन बिलो। डोंट फॉरगेट टू सब्सक्राइब। यू आर वाचिंग कैंडिडेट कन्फेशन्स विच। दिस इज बोथ ऑफ साइनिंग आउट। लव एंड पीस फ्रॉम अस सी यू। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू।
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