AUTISM & ADHD Explained: Early Signs, Causes & Treatment | Dr. AM Reddy with GunjanShouts
Author Name:GunjanShouts
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Title: AUTISM & ADHD Explained: Early Signs, Causes & Treatment | Dr. AM Reddy with GunjanShouts
Author Name: GunjanShouts
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What causes autism in children? How can parents recognise early signs of autism, and how is autism different from ADHD and hyperactivity?
In this podcast, Dr. AM Reddy explains autism spectrum disorder (ASD), child brain development, nervous system regulation, early diagnosis, genetic and environmental factors, and common signs parents may notice as their child grows.
The conversation explores autism diagnosis, autism spectrum levels, attention difficulties, speech therapy, aggressive behaviour, online screening tests, and the role of routines and supportive parenting.
If you are a parent, caregiver, educator, or someone seeking to understand autism better, this conversation offers insights into early identification, professional assessment, and supporting neurodivergent children.
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TimeStamps:
00:00 - Intro
01:12 - Nervous System and Autism
01:47 - Autism Levels
02:48 - Rising Autism Rates
03:00 - Hyperactive Brain Development
03:51 - Autistic vs. Non-Autistic Brains
05:16 - Autism Spectrum Levels
06:04 - Autism vs. ADHD
07:14 - Early Autism Signs
07:48 - Attention Issues and Autism
08:31 - Autism Diagnosis Age
09:39 - Autism Signs at Home
10:41 - Genes vs. Environment
11:03 - Autism Causes
11:42 - Autism in Healthy Families
12:21 - Childhood Vaccines
13:55 - Natural Treatments
15:09 - Pregnancy Spacing
15:35 - Skin Conditions and Medication
16:28 - Essential Childhood Vaccines
16:51 - Autism Triggers
19:47 - Exceptional Autistic Abilities
20:31 - Gut Health
21:08 - Unhealthy Eating Habits
22:21 - Autism Risk in Siblings
22:54 - Autism in Twins
24:52 - Parenting an Autistic Child
25:43 - Dyslexia and Autism
26:07 - Careers for Autistic People
26:32 - Autism Misconceptions
26:58 - Managing ADHD
27:43 - Can Homeopathy Cure Autism?
29:39 - Autism Symptom Regression
29:58 - Homeopathy Treatment Duration
30:41 - Experience With Autism
31:53 - Challenging Autism Case
32:36 - Managing Aggression
33:26 - Speech Therapy
33:51 - Online Autism Tests
34:24 - Can Autism Symptoms Return?
35:29 - Routine and Autism
36:11 - Autistic and Neurotypical Children
36:37 - Autism Schools in India
37:35 - Pregnancy and Autism Risk
39:22 - Delivery Mode and Brain Development
40:24 - First 30 Days After Diagnosis
42:27 - Key Autism Takeaways
Thank You For Watching This Podcast :)
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About this Channel:
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Disclaimer:
This podcast is intended for educational and informational purposes only. It shares the guest’s opinions, experiences, and perspectives on autism, ADHD, child development, and related topics. It is not a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment. Autism is a neurodevelopmental condition, and no treatment should be assumed to cure it. Consult a qualified healthcare professional for assessment and evidence-based guidance before making decisions about a child’s health or care.
Transcript:
(00:04) जिन पेरेंट्स को आर्टिस्टिक बच्चा होता वो पेरेंट्स लकी होते हैं। नॉर्मल बच्चा हमेशा मोबाइल में रहता है। हमेशा आपका बात नहीं सुनेगा। दिस आर्टिस्टिक चिल्ड्रन ऑलवेज विथ यू। आपको देख के तो खुश हो जाएगी। कौन करेगा ऐसा? दी बेबीज आर [संगीत] द गोल्डन बेबीज। [संगीत][गाना गाने की आवाज़] व्हेन डू यू से दैट अ चाइल्ड हैस ऑटिज्म ट्रीट्स? गुस्सा ज्यादा रहता, डर ज्यादा रहता, इनसिक्योरिटी ज्यादा होता, दे डोंट अंडरस्टैंड, दे डोंट एक्सप्रेस। व्हाट आर द मेजर कॉजेस ऑफ़ ऑटिज्म? 12 मेजर रीज़ंस। फर्स्ट रीज़न इज द थायराइड डिस्टरबेंस ड्यूरिंग प्रेगनेंसी।
(00:39) थायराइड कॉजेस ऑटिज्म। यस। सब लोग बोलते हैं मम्मी का तकलीफ से ऑटिज्म आया। फादर टेकन मेडिसिंस बिफोर प्रेगनेंसी फॉर स्पर्म क्वालिटी। वो दवा से ये बच्चे को ऑटिम आया। लेकिन ब्लेमिंग मम्मी को कर रहा। अब बहुत ज्यादा चांसेस हैं कि [संगीत] मोस्टली पेरेंट्स को इनमें से कुछ ना कुछ हो सकता है। बट ऐसा तो नहीं है कि सबके बच्चों में ही [संगीत] ऑटिज्म के ट्रेड्स होते हैं। सो ऐसा क्या है जो ऑटिज्म को ट्रिगर करते हैं? अननेसेसरी वैक्सीनेशन। हाउ विल अ पेरेंट नो व्हिच वैक्सीन शुड बी गिवन टू माय चाइल्ड? जो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया दिया 15 वैक्सीनस
(01:10) इन थ्री इयर्स ऑफ इंडिया। [संगीत] अगर किसी को अपने बच्चे में ऑटिज्म के ट्रेट्स दिखाई दे रहे हैं तो उसको आइडेंटिफाई करने के लिए इज देयर एनीथिंग दैट दे कैन डू एट देयर होम? कंसंट्रेशन लेवल स्कोर इज इंपॉर्टेंट। टुडे व्हाट इज अ डेट? मम्मी की तरफ सोचेगा, इधर सोचेगा। 10 स्कोर इज अ परफेक्ट किड? सो, हाउ डस द ब्रेन ऑफ एन ऑटिस्टिक चाइल्ड डेवलप एंड फंक्शन डिफरेंटली? [संगीत] ऑटिज्म। पहली बात तो यह कोई डिसीज नहीं है। यह एक डिसऑर्डर है। एक ऐसा चैलेंज है जिसे 100% ट्रीट किया जा सकता है। ऑल यू नीड इज द राइट अप्रोच एट द राइट टाइम। आज
(01:48) के इस डिस्कशन के लिए हमारे साथ हैं डॉक्टर ए एम रेड्डी। ही इज अ सर्टिफाइड होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर [संगीत] जिन्होंने 20,000 से ज्यादा ऑटिस्टिक बच्चों के साथ काम किया है और आज हम इनसे समझेंगे कि बिल्कुल नेचुरल तरीके से हम ऑटिज्म को कैसे ट्रीट कर सकते हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि इस तरह के सेंसिटिव येट क्रूशियल टॉपिक्स के ऊपर इंफॉर्मेशन हम आप तक लेकर आते रहें और हमें सपोर्ट करने के लिए आप इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। ये न्यूरोलॉजिकल कंडीशन ऑटिज्म मुझे लगता है देयर इज अ लॉट ऑफ इंफॉर्मेशन बट स्टिल वेरी लिटिल अंडरस्टैंडिंग
(02:32) यस देयर इज नॉट मच अवेयरनेस ऑटिज्म एडी एचडी एंड हाइपर एक्टिविटी पीपल डोंट नो अबाउट दिस आर्टिज्म इज नॉट अ डिसीज इट इज अ डिसऑर्डर एव्री टू इयर्स इट इज़ इंक्रीजिंग डबल साइड सो इज इट लाइक डायग्नोसिस अब ज्यादा हो रहा है पहले डायग्नोस नहीं होता था या एक्चुअली में ऑटिज्म ज्यादा हो रहा है जो कि पहले इतना नहीं था। प्रीवियसली केसेस नहीं थे अभी ज्यादा हो रहा है। ऑलमोस्ट 50% 60% ऑफ़ चिल्ड्रन्स आर गेटिंग हाइपर एक्टिव। ये तकलीफ पहले नहीं थी हमारे को। सो हाउ डस द ब्रेन ऑफ एन ऑटिस्टिक चाइल्ड डेवलप एंड फंक्शन डिफरेंटली। ब्रेन फंक्शनैलिटी इज़ द सेम। डिफरेंस इज़ द
(03:08) अनस्टेबिलिटी। रेस्टलेसनेस। माइंड इज़ नॉट स्टेबल। गुस्सा ज्यादा रहता, डर ज्यादा रहता, ए्जायटी ज्यादा रहता, उसको रोना ज्यादा होता, इनसिक्योरिटी ज्यादा होता, नॉन आर्टिस्टिक बच्चों को स्टेबिलिटी रहता। स्टेबिलिटी ऑफ नर्वस सिस्टम। इफ नर्वस सिस्टम इज़ नॉट स्टेबल बॉडी एंड माइंड देयर इज नो कोऑर्डिनेशन। सो ये जो प्रॉब्लम है ऑफ कोऑर्डिनेशन या स्टेबिलिटी ये प्रॉब्लम का रूट कॉज क्या है? फंक्शनली, फिजियोलॉजिकली देयर इज़ नो डिस्टरबेंस। इफ पैथोलॉजिकली इज़ नो डिफरेंस। इफ यू आर पैथोलॉजिकली पैथोलॉजिकली इफ यू आर रिमूव एमआरए स्कैन नॉर्मल नॉन आर्टिक बच्चों को
(03:48) आर्टिक सेम रहता है। सो इफ यू विल लुक एट द ब्रेन ऑफ एन ऑटिस्टिक चाइल्ड वर्सेस ब्रेन ऑफ अ नॉन ऑटिस्टिक चाइल्ड विल देयर बी एनी डिफरेंस? नहीं नहीं कुछ आइडेंटिफाई नहीं कर सकते। ओनली वी डायग्नोसिस विथ फिजिकली क्लीनिकली सिम्टम्स बेस्ड। अनस्टेबिलिटी इज़ द मेजर रीज़ व्हाट वी आर मिसिंग इन आर्टिस्टिक चिल्ड्रन। आर देयर एनी डिफरेंट स्टेजेस ऑफ़ ऑटिज्म। माइल्ड ऑटिज्म हम मॉडरेट ऑटिज्म सीवियर ऑर्टिज्म एक्टिव इज अ नॉर्मल कंडीशन हम देन ये एक्टिव ज्यादा ओके ज्यादा ओके ज्यादा ओके हाइपरएक्टिव इज़ अ लिटिल बिट डिस्टर्ब कंडीशन ओके देन ये हाइपर एक्टिविटी ज्यादा ओके ओके इट
(04:26) गोज़ टू दी माइंड इट गोज़ टू दी डिस्टरबेंस टू द अटेंशन देन इट गोज़ टू दी एडी एचडी सो एक्टिव हाइपर एक्टिव एडी एचडी देन एडीएचडी और ज्यादा डिस्टरबेंस है और बड़ा तकलीफ से कंसंट्रेशन और पूरा हो गया तो और अनस्टेबिलिटी ज्यादा हो गए तो और रेसिलेशन ज्यादा हो गए तो दैट गोज़ टू ऑटिज्म। ओके? सो अगर हमें स्पेक्ट्रम की बात करें स्पेक्ट्रम के बिगिनिंग में है हाइपर एक्टिव और एंड में है ऑटिज्म। एंड एवरीथिंग एल्स इज़ इन बिटवीन एडी एच डी इज़ इन बिटवीन। एंड समबडी कैन बी समवेयर बिटवीन हाइपर एक्टिव एंड एडीएचडी, एडीएचडी एंड ऑटिज्म और एडीएचडी इसके बीच में कहीं पर भी
(05:03) एएसडी रहता है उसमें। एएसडी बोले तो इट इज़ अ स्पेक्ट्रम। हार्टिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर बोलते हैं। उसमें हाइपर भी आएगा। उसमें एडीएचडी भी आएगा। उसमें हार्टिज्म भी आएगा। सो आप किस तरह से आइडेंटिफाई करते हैं? कौन से वो ट्रेड्स देखते हैं जिससे आपको पता चलता है कि ये बच्चा इस स्पेक्ट्रम में कहां लाई करता है? सपोज एक बच्चा आया कैसे एंटर कर रहा। सो हाउ ही इज़ ऑब्जर्विंग। ही इज़ ऑब्जर्विंग फॉर न्यू थिंग्स और ही ऑब्सर्विंग टू मी। मेरे को देख के डर लग रहा है उसको। ऐसा शही लग रहा है। कैसे लग रहा है बोलते? फर्स्ट आई विल सी द चाइल्ड मूवमेंट। सम
(05:34) चिल्ड्रन आर अप्रोचिंग वेरी फ़स्ट सम चिल्ड्रन्स आर नॉट अप्रोचिंग वेरी मींस दे बिकॉज़ ऑफ़ फियर और व्हाटएवर मे बी देन उसके बाद में उसका मम्मी का हिस्ट्री फादर का वो पूरा बोलेगा एक्चुअली इन माय कंसल्टेशन देयर इज़ अ प्रोसेस ऑफ़ प्री केस टेकिंग केस टेकिंग प्री केस टेकिंग में पूरा मम्मी मम्मी से डैडी से पूरा इनफार्मेशन लेके व्हाट आर द रूट कॉजेस व्हाट आर द सिम्टम्स कौन सा कैटेगरी में आएगा ये एडीएचडी में आएगा इट इट विल टेक 20 मिनट्स टाइम सो यू हैव अ सेट ऑफ क्वेश्चन व्हिच यू आस्क एंड यू गेट ऑल द डेटा पॉइंट्स। हाउ डू द ट्रे्स ऑफ हाइपर एक्टिव चाइल्ड,
(06:08) एडीएचडी चाइल्ड एंड अ चाइल्ड विद ऑटिज्म डिफर फ्रॉम ईच अदर? हाइपरएक्टिविटी टू टाइप्स रहता। हम्म लोअर हाइपरएक्टिविटी, हायर हाइपर एक्टिविटी डिपेंड ऑन द इंटेंसिटी। लोअर हाइपर एक्टिविटी इज़ ओनली फिजिकली हाइपरएक्टिव। मेंटली दे आर वेरी मच फोकस्ड। इवन मैथमेटिक्स कैलकुलेटर से ज्यादा बोलेगा। बट फिजिकली अनस्टेबिलिटी। हायर हाइपर एक्टिव मींस उसको जो पसंद है, इंटरेस्ट है वो टाइम पे ज्यादा ध्यान रहता। ओके? नहीं तो नहीं रहता ज्यादा। मे बी बिकॉज़ ऑफ़ केयरलेसनेस दे नो एवरीथिंग दे ऑब्ज़र्व एवरीथिंग बट माइंड और थोड़ा डिस्टर्ब हो गए तो इट गोज़ टू हायर लेवल ऑफ़ हाइपर
(06:39) एक्टिविटी एडीएचडी इज़ आल्सो टू टाइप्स ओके सो अ सीवियर एडीएचटी एंड नॉर्मल एडीएच रेगुलर एडीएचटी सो बच्चा ही इज़ नॉट कम्युनिकेटिंग प्रॉपर्ली दे लिसन एवरीथिंग बट एक्सप्रेशन में करने में बिकॉज़ ऑफ़ अनस्टेबल माइंड एक्सप्रेशन बराबर नहीं होता ओके हियर आल्सो अनस्टेबिलिटी इज़ द रीज़न दैट गोज़ टू अटेंशन डेफिशिएंसी हाइपर एक्टिविटी डिसऑर्डर एडीएचडी इज़ आल्सो टू टाइप्स ओके सो अ सीवियर एडीएचटी एंड नॉर्मल एडीएचटी रेगुलर एडीएचटी एंड सीवियर एडीएचटी इज़ नियरली क्लोज टू दी ऑटिज्म व्हेन डू यू से दैट अ चाइल्ड हैज़ ऑटिज्म ट्रेट्स। ऑटिज्म कैटेगरी में और डिस्टरबेंस इवन
(07:19) सुनने पे भी नहीं आता। दे डोंट अंडरस्टैंड दे डोंट एक्सप्रेस। सो कंसंट्रेशन नहीं है, फोकस नहीं है। इफ आई टॉक अबाउट टुडेज़ डे एंड एज वी सी दैट अ लॉट ऑफ पीपल मोस्ट ऑफ द पीपल इनफैक्ट दे लैक अटेंशन लाइक द अटेंशन स्पैन वी ऑल नो हैज़ रिड्यूस्ड सो मच। यू आर सेइंग फ्रॉम एडल्ट साइड और चिल्ड्रन साइड। एवरीबडी एट वन गिवन टाइम वी हैव सो मेनी थिंग्स टू डू। सो डस दैट रियली मीन दैट टू सम लेवल टू सम एक्सटेंट वी ऑल आर समवेयर ऑन दिस स्पेक्ट्रम। सो बड़ों को अटेंशन प्रॉब्लम कैसे होता? उसका फिजिकल डिस्टरबेंस से होता। हम फिजिकल डिस्टरबेंस मींस गट इश्यूज सम
(08:02) डेफिशिएंसी इश्यूज, स्लीप डिस्टरबेंसेस बिकॉज़ ऑफ़ एंजाइटटी अटेंशन प्रॉब्लम रहता। ओके? दैट इज़ अ रीज़न। रीज़न रहता। मींस इट इज़ नॉट ए डायरेक्टली एडीएचडी नहीं बोल सकते उसको। एडीडी भी बोल सकते हैं। अटेंशन, डेफिशिएंसी डिसऑर्डर। इन माय अर्ली प्रैक्टिस आई हैव सीन सो मेनी केसेस बिकॉज़ ऑफ़ स्किन सप्रेशन आल्सो समटाइम्स आवर नर्वस सिस्टम इज़ अनस्टेबल। स्किन सप्रेशन सप्रेशन सो मेनी स्टेरॉइड्स, सो मेनी आइटम्स, इफ यू सप्रेस द स्किन प्रॉब्लम, इट गोज इनसाइड द बॉडी अफेक्ट टू द नर्वस सिस्टम। आई सीन इन माय प्रैक्टिस सो मेनी केसेस। सो, इफ यू टॉक अबाउट ऑटिज्म नाउ, एट व्हाट
(08:34) ऐज अ ऑटिज्म इज आईडेंटिफाइड? मदर फादर हु एवर एल्डर पीपल आर देयर इन होम दे डायग्नोसिस वेरी वेल कंसंट्रेशन कम्युनिकेशन नहीं रहता बच्चे को बुलाए तो भी नहीं नहीं देखेगा वन एंड हाफ इयर इज मैक्सिमम वन एंड हाफ इयर्स 15 मंथ्स टू 18 मंथ्स और ऐसा भी पॉसिबल है कि एक डेढ़ साल में दो साल में तीन साल में द चाइल्ड अपीयर टू डेवलप टिपिकली बट देन लेटर दैट चाइल्ड स्टार्ट शोइंग ऑटिस्टिक ट्रीट नहीं नहीं इट इज़ नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर था वन एंड हाफ ईयर से शुरू होता दो साल में और डिस्टर्ब होता, तीन साल में होता। थ्री इयर्स के बाद वेरी ना नहीं रहता।
(09:10) सो यू आर सेइंग कि ऐसा पॉसिबल है कि बच्चे में स्टार्टिंग में ऑटिज्म के ट्रेट्स थे बट लेटर ऑन वो ठीक हो गए। थ्री इयर्स तक थोड़ा हम संभाल के रहना। तीन साल के बाद आने को चांस ही नहीं है। सपोज़ कंसंट्रेशन ज्यादा है। कंसंट्रेशन परफेक्ट है। देयर इज़ अ स्पीच इशू। वो थोड़ा देर के बाद आएगा। डिले स्पीच बोलते हैं उसको। हम्म। हम हम कंसंट्रेशन नहीं तो इधर से बात नहीं आई तो दैट गोज़ टू ऑटिज्म और न्यूरोलिकॉजिकल डिसऑर्डर। अगर किसी को अपने बच्चे में ऑटिज्म के ट्रेट्स दिखाई दे रहे हैं तो उसको आईडेंटिफाई करने के लिए इज देयर एनीथिंग दैट दे कैन डू एट देयर होम।
(09:46) कंसंट्रेशन स्कोर ही काउंट करना उसको। 10 लेवल ऑफ स्कोर रहता है कंसंट्रेशन में। द चाइल्ड इज गिविंग 10 आंसर्स परफेक्टली। इवन द रोंग आंसर और राइट आंसर मे दैट इज़ बट एटलीस्ट ही इज़ लिसनिंग लिजनिंग एंड टेलिंग। सो द चाइल्ड इज़ टेलिंग एट क्वेश्चंस आंसर्स देन टू क्वेश्चन को आंसर नहीं दिया उसको कंसंट्रेशन घूम गया बोले तो इट इज़ एट स्कोर तो नहीं तो सिक्स स्कोर फोर स्कोर टू स्कोर जीरो स्कोर अच्छा सिंपल क्या खाया स्कूल कहां जाते हो इस तरह के सवाल और और ज्यादा कांसेप्ट तो टुडे व्हाट इज अ डेट एडीएचडी पीपल डोंट टेल मम्मी की तरफ
(10:18) सोचेगा इधर सोचेगा लैक ऑफ कॉन्फिडेंस आल्सो समटाइम्स दे आर अनेबल टू एक्सप्रेस रियल फीलिंग्स थोड़ा बच्चों का कॉन्फिडेंस नहीं रहता अच्छा ओके दैट इज नॉट अ ऑटिज्म ओके दे नो एवरीथिंग बिकॉज़ करज नहीं रहता। सो कंसंट्रेशन लेवल स्कोर इज़ेंट। 10 स्कोर में जीरो स्कोर है या फोर स्कोर है या सिक्स स्कोर है या एट स्कोर है या 10 स्कोर है? 10 स्कोर इज़ अ परफेक्ट किड? हाउ मच ऑफ़ ऑटिज्म इज़ हेरिडिटरी और जेनेटिक वर्सेस एनवायरनमेंटल? ऑटिज्म इज़ 100% इज़ नॉट अ जेनेटिक। इट इज़ नॉट अ हेरिडिटरी। इट इज़ नॉट जेनेटिक 200% बिकॉज़ इट इज़ नॉट अ फंक्शनल डिस्टरबेंस। इट इज़ नॉट अ फिजियोलॉजिकल
(10:55) डिस्टरबेंस। देयर इज नो एनी एब्नॉर्मलिटी इन द दिस बॉडी ओनली बिकॉज़ ऑफ़ नर्वस सिस्टम अनस्टेबिलिटी इज़ द रीज़न। व्हाट आर द मेजर कॉजेस ऑफ़ ऑटिज्म? इन माय क्लीनिकल प्रैक्टिस आई फाइंड आउट द 12 मेजर रीज़ंस। फर्स्ट रीज़न इज़ द थायराइड डिस्टरबेंसेस ड्यूरिंग प्रेगनेंसी। थायराइड? यस। थायरॉइड कॉजेस ऑटिज्म। थायराइड इज़ अ मास्टर ग्लैंड। इट कंट्रोल्स एव्री अदर हार्मोंस आल्सो। राइट? राइट। सो इफ द थायराइड का डिस्टरबेंसेस प्रेगनेंसी में आया। नहीं तो थायराइड का डिस्टरबेंसेस प्रेगनेंसी से पहले है। सेकंड वन इज द एनीमिक हीमोग्लोबिन हम फादर या मदर लो हीमोग्लोबिन लेवल इज़ आल्सो
(11:32) नॉट सफिशिएंट ऑक्सीजन टू द बेबी एंड थर्ड रीज़न इज़ द रिपीटेड अबॉर्शनशंस। सो एनी काइंड ऑफ़ बॉडीली डिस्टरबेंस कैन लीड टू यस। डस दैट मीन एन एब्सोल्यूटली हेल्दी कपल विल नेवर हैव एन ऑटिस्ट। 100% नॉट हैव। सो प्रेगनेंसी में कुछ डिस्टरबेंस है। मम्मी को प्रेगनेंसी के पहले फादर को कुछ डिस्टरबेंस है। दैट इज अ बेस प्लेटफार्म। इसका प्लेटफार्म आने के बाद ये बच्चा पैदा होने के बाद ये बच्चे को अननेसेसरी अनवांटेड मेडिसिंस को सर्दी हुआ उसको छोड़ो दो दिन। पांच दिन छोड़ो छ दिन छोड़ो। उसका खुद इम्युनिटी बढ़ेगा। देन नेक्स्ट टाइम नहीं आएगा।
(12:06) चिकन बॉक्स आया। व्हाई यू आर अपाइंग ऑल क्रीम्स, साइंटिमेंट्स एंटीबायोटिक इट इज़ अ नेचुरल ओनली। एक बार चिकन बॉक्स आया तो आपको एटलीस्ट फाइव टू सिक्स वायरल इंफेक्शन नहीं आएगा। छोटी-छोटी बीमारी से हमारा बॉडी इम्यूज होता हम वो चांस नहीं दे रहे हम। सो यू यू डू नॉट रेकमेंड वैक्सीनेशंस जो आफ्टर बर्थ एक बेबी को दी जाती है। वैक्सीनेशन अच्छा है। वैक्सीनेशन आर गुड बट अनवांटेड अननेसेसरी वैक्सीनंस आर मोर। सपोज निमोनिया इज़ देयर कॉफ कोल्ड इज़ देयर। सो आप एक दवा नहीं दिया एक हफ्ता में कम हो जाएगा। ऑटोमेटिकली बॉडी हील हो जाएगी। हम
(12:39) अगर इफ यू आर फोर्सफुली मेडिसिनस दिया 2 दिन में तीन दिन में यही निमोनिया है दो महीने में फिर वापस आएगा हम फिर दवा देना पड़ेगा सीवियरली आएगा सेकंड टाइम आवर बॉडी इज हैविंग एनफ एंटीबॉडीज हम आवर बॉडी इज हैविंग सो मेनी हेल्थ सिस्टम्स हम उसको चांस देना हम सेल्फ हीलिंग सेल्फ हीलिंग दैट इज अ ऑर्गेनिक लाइफ बोलते हैं उसको सो लेस मेडिसिंस क्वालिटी लाइफ इंप्रूव होने का चांस रहता ज्यादा मेडिसिनस हमारा लाइफ में भी स्पैन इंक इंक्रीज़ होने का चांस रहता क्वालिटी लाइफ इज़ आल्सो मैटर्स। एंड फोर्थ वन इज द बर्थ कंट्रोल पिल्स। हार्मोन पिल्स दैट पिल डिस्टर्ब द अदर
(13:16) हार्मोन्स। सो आपका हेल्थ को पूरा डिस्टर्ब करेगा। योर सिस्टम यस यस यस। एंड मेडिकेटेड प्रेगनेंसी इफ यू आर यूजिंग हार्मोंस और मेडिसिंस और इंजेक्शंस और आईवीएफ व्हाटएवर मे बी चांसेस ऑफ़ द रूट कॉज फॉर दिस टाइप ऑफ़ डिसऑर्डर्स। आई एम नॉट सेइंग दैट मेडिसिंस पूरा बंद करना बोलकर। लेकिन कॉशियसली मींस मेडिसिनस कब लेना कैसे लेना इट इज़ सोेंट नाउ अ डज़ इन इंडिया फॉर चिल्ड्रन सो मेनी मेडिसिंस यूजिंग अनवांटेड एक्चुअली मेडिसिंस कौन देना डॉक्टर देना हम नाउ पीपल आर टेकिंग डायरेक्टली फ्रॉम मेडिकल शॉप्स हम इट इज़ नॉट अ गुड आईडिया डॉक्टर दवा देना
(13:53) या नहीं देना कौन सा देना उसको पूरा स्टडी करके केस स्टडी करके जरूरत पड़ी तो देना नहीं तो नहीं देने का दैट इज़ इट इज़ अ डॉक्टर रेस्पसिबिलिटी आप मेडिकल शॉप में जाके कितना भी एंटीबायोटिक ले सकते हैं आप मेडिकल शॉप पे जाके कितना भी वैक्सीन भी ले सकते हैं। व्हाटएवर यू वांट यू कैन टेक इट। दीज़ आर द स्माल स्माल करेक्शंस वी नीड इट। सब लोग बोलते हैं मम्मी का तकलीफ से ऑटिज्म आया। फादर इज़ ब्लेमिंग टू मदर। इसका वजह से मेरे को मेरे बच्चे को ऑटिज्म आया। फादर टेकन मेडिसिंस बिफोर प्रेगनेंसी फॉर स्पर्म क्वालिटी। एजोस्पर्मिया एल्गोस्पर्मिया थे उसको। वो दवा से ये
(14:24) बच्चे को ऑटिज्म आया। लेकिन ब्लेमिंग मम्मी को कर रहा। एंड सेवंथ रीज़न इज़ द डिस्टर्बड ओवुलेशन एंड पीसीओडी प्रॉब्लम। सो दैट इज आल्सो वन ऑफ द मेजर रूट कॉज फॉर फॉर्मेशन ऑफ दी चाइल्ड। सो एथ रीज़न इज द मेंुअल डिस्टरबेंसेस। मेंुअल डिस्टरबेंसेस ज्यादा ब्लीडिंग होने का नहीं तो स्पेसमेटिक प्रेगनेंसी। एंड नाइंथ रीज़न इज़ द फीडिंग प्रेगनेंसी। फीडिंग प्रेगनेंसी मींस एक बच्चा को ऑलरेडी फीडिंग दे रहे हैं। हां हां। महीने में महीने में महीने अगेन प्रेगनेंसी को जा रहे हैं। मतलब जब तक बच्चे का फीड चल रहा है, मदर्स फीड चल रहा है। नहीं जाने का
(15:00) उस दौरान अगर एक और प्रेगनेंसी हो जाए तो वो ऑटिज्म में लीड कर सकती है। हां डिस्टरबेंस होता ऑटिज्म नहीं बोल सकते लेकिन फॉरेशन रहता है। हाउ मच गैप डू यू रेकमेंड बिटवीन टू प्रेगनेंसीज? टू इयर्स इज द मिनिमम। फोर इयर्स इज द मैक्सिमम। हम अगर फोर इयर्स से बड़ा है तो भी आपका सिस्टम डिस्टरबेंस होने का चांस रहता है। 10थ रीज़न इज द लेट प्रेगनेंसी एंड 11थ जेस्टेशनल डायबिटीज़ ड्यूरिंग प्रेगनेंसी। हेल्थ कंडीशंस ऑफ़ द पेरेंट्स बोथ हेल्थ कंडीशंस ऑफ़ द पेरेंट्स इज़ मोरेंट। 12थ रीज़न इज़ द मदर इज़ हैविंग अ फ्रीक्वेंट इनफेक्शंस ड्यूरिंग प्रेगनेंसी यूरिनरी
(15:38) इनफेक्शन और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन और [नाक से की जाने वाली आवाज़] बिफोर प्रेगनेंसी एक्जेक्टली दे टूक अ मेडिकेशन फॉर सम इन्फेक्शंस। हम अर्ली टाइम सपोज ओवुलेशन होने के टाइम पे ही कुछ दवा लिया हम हमारा सिस्टम डिस्टर्ब होते है देन वो टाइम पे प्रेगनेंसी गया दीज़ आर द 12 मेजर रीज़ंस आई फाइंड आउट इन ऑल कैटेगराइज्ड ऑल रीज़ंस आई सी देयर इज़ अ ग्राफ सो व्हिच इज द टॉप रीज़न थायराइड थायरॉइड इज़ द टॉप रीज़ ओह माय गॉड नाउ इट इज़ इंक्रीजिंग आपने ये जो 12 कॉजेस बताए हैं अब बहुत ज्यादा चांसेस हैं कि मोस्टली पेरेंट्स को इनमें से कुछ ना कुछ हो सकता है बट ऐसा तो
(16:14) नहीं है कि सबके के बच्चों में ही ऑटिज्म के ट्रेट्स होते हैं। सो ऐसा क्या है जो ऑटिज्म को ट्रिगर करता है? अनवांटेड अननेसेसरी वैक्सीनेशन। सो यू आर सेइंग वैक्सीनेशन बिकम्स अ ट्रिगर ट्रिगर करता है उसको। सो हाउ विल अ पेरेंट नो व्हिच वैक्सीन शुड बी गिवन टू माय चाइल्ड एंड गवर्नमेंट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया आप शिशु संक्षम केंद्र जाना बस लेना बस जो गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया दिया 15 वैक्सीनंस। दैट इजेंट 15 वैक्सीनंस इन थ्री इयर्स ऑफ द पीरियड यही फॉलो होना हम यू मीन ऑल अदर वैक्सीनंस व्हिच प्राइवेट हॉस्पिटल्स आर गिविंग टू न्यू बोर्न आर
(16:52) नॉट रिक्वायर्ड नॉट रिक्वायर्ड व्हाई यू वांट चिकन पॉक्स वैक्सीन व्हाई यू वांट [नाक से की जाने वाली आवाज़] टाइफाइड वैक्सीन दीज़ आर द बैक्टीरियल इशू टाइफाइड इज़ वैक्सीनस आर लाइफ थ्रेटनिंग इश्यूज के लिए वैक्सीन चाहिए द सेकंड इज़ रीज़न इज़ द अनवांटेड मेडिकेशंस इफ यू गिव मोर एंटीबायोटिक्स इम्युनिटी कम होके फिर वही बीमारी वापस आएगा। एनी बैक्टरियल इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन से डेज इज द इनक्यूबेशन पीरियड फॉर इंफेक्शन। उसको टाइम देना ही चाहिए। आप सेकंड डे ही उसको दवा दिया तो आपका इम्युनिटी बढ़ने का चांस नहीं रहता। सो इफ योर बेबी इज सिक लेट देम बी सिक।
(17:27) हम सेवन डेज देखना। ऑटोमेटिकली सेल्फ इम्युनिटी बढ़ेगा। इट इज अ वेरीेंट। गॉड गिवेन द इम्यून सिस्टम। इट्स वेरी ट्रिकी फॉर अ पेरेंट टू मेक अ चॉइस बिटवीन वेदर शुड आई गिव दिस मेडिसिन एंड फिक्स माय चाइल्ड्स प्रॉब्लम राइट मेडिसिन दवाने का जरूरत ही नहीं है व्हाई यू आर डूइंग मेडिसिन मेडिसिन इज नॉट कंपलसरी द नेचर इज गिवेन लाइफ टू यू हर बीमारी बॉडी के लिए अच्छे के लिए होता है एव्री प्रॉब्लम इट इज बिल्डिंग योर सिस्टम वो बीमारी हुआ तो आपका ताकत बढ़ेगा वो स्ट्रांग हो जाएगी वो बीमारी को हटा के आप दवा लिया तो आप स्ट्रांग नहीं होता आप
(17:58) ऑर्गेनिक का खाना खाएगा ऑर्गेनिक का पूरा हेल्थी डाइट खाएगा लेकिन दवा तो ज्यादा लेगा। सो यू मीन आज के टाइम पे भी सिर्फ ऑर्गेनिक ट्रीटमेंट से काम चल सकता है। चलना इंपॉर्टेंट है। अदरवाइज हमारा फ्यूचर जनरेशन डिस्टर्ब होता और ज्यादा होता प्रॉब्लम्स। हर बीमारी के लिए दवा नहीं लेना। अगर लूज मोशंस हुआ एक हफ्ता थ्री डेज फोर डेज इलेक्ट्रोल पाउडर दे दो। ओके? पानी ज्यादा पिलाओ। सो इफ यू आर गिविंग एंटीबायोटिक्स फॉर चिल्ड्रन। सो बॉडी में हेल्थी माइक्रोब्स पूरा डेथ हो जाएगी। एक इंफेक्शन के लिए यू आर किलिंग एवरी हेल्थी माइक्रोब्स। हम
(18:36) सो ऑल माइक्रोब्स आर सपोर्टिंग योर इम्यून सिस्टम। हम अनदर वन इज द सप्रेस्ड स्किन इशज़। सपोज बच्चों को ड्राई स्किन का कुछ कुछ इशज़ रहता है। स्किन प्रॉब्लम्स सपोज कुछ एग्जिमा हुआ बच्चों का एटोबिक डर्मेटाइटिस हुआ। सो उसको दवा नहीं देना। जस्ट कोकोनट ऑयल से नहीं तो नॉर्मल हेल्थी अोकार ऑइल व्हाटएवर ऑइल्स यू कैन यूज़ इट। क्योंकि टेंपरेरी होम रेमेडीज से कम होना वो। देयर इज़ अ रिलेशन बिटवीन द न्यूरोडर्म। एक्टोडर्म मींस स्किन न्यूरोडर्म मींस नर्वस सिस्टम। इसको रिलेशन रहता है। स्किन हेल्थ इशूज़ इज़ आल्सो कॉजिंग ट्रिगरिंग फॉर हाइपर
(19:13) एक्टिविटी। कैन एवरीथिंग बी ट्रीटेड विद कोकोनट ऑयल? नहीं, कोकोनट ऑइल ट्रीट नहीं करेगा। कोकोनट ऑइल इज़ नॉट ट्रीटिंग द प्रॉब्लम। हां, ट्रीटिंग एज कैन इम्युनिटी ही ट्रीट कर लेगा। टाइम दिया तो कईयों को बहुत एडवांस ज्यादा बहुत ज्यादा एक्सट्रीम हो जाता है और छोटे बच्चों में जब इतना ज्यादा हो इरिटेबल हो जाते हैं उनको इचिंग होती है क्रकी होते हैं रोता है तो अब अगर कोई बच्चा इस तरह इस तरह से प्रॉब्लम से गुजर रहा है तो हम क्या उसको होने दें उसके लिए आप होम्योपैथी में बहुत अच्छा मेडिसिन है एक्चुअली स्किन के लिए नॉर्मल नेचुरल
(19:47) बट इट विल टेक इट्स ओन स्वीट टाइम टाइम नहीं रहता होम्योपैथी इज सो फास्ट इफ यू आर कमिंग लेट टाइम टाइम लेगा। आप जल्दी आए तो जल्दी खत्म हो जाएगी। अनहेल्ी फूड हैबिट्स। दिस इज आल्सो वन ऑफ़ द ट्रिगरिंग फैक्टर। ओके? आप स्वीट्स ज्यादा दिया हम अगर अननेसेसरी अनवांटेड फूड ज्यादा दिया। एंड वन मोरेंट रीज़न इज द गट टिश्यूज़। आई सीन सो मेनी ऑटिज्म केसेस हम हम विदाउट गिशस का ऑटिज्म केसेस नॉर्मल रहता। थोड़ा आर्टिस्टिक रहता। इफ गट टिश्यूज़ ज्यादा हुआ तो उसका बिहेवियर ज्यादा हो रहा। सो यू मीन साइन ऑफ ऑटिज्म है बट वो इतना ज्यादा मैनिफेस्ट नहीं होता है।
(20:26) मैनिफेस्ट नहीं होता बाहर नहीं गट हेल्दी है तो गट है गट अच्छा है तो एटलीस्ट सपोर्ट करेगा कंट्रोल सिस्टम बट इन चिल्ड्रन हाउ डू यू आइडेंटिफाई वेदर देयर गट इज़ हेल्दी ऑर नॉट कॉन्स्टिपेशन सो स्लीप डिस्टरबेंसेस व्हाटएवर इवन नेल बेडिंग इज आल्सो गट दिस इज़ नॉट अ नेल बेटिंग नेल का प्रॉब्लम नहीं है बिकॉज़ ऑफ कैल्शियम हमेशा पानी पीना एव्री हाफ एन आवर चाइल्ड इज टेकिंग वाटर दिस इज आल्सो गट इशू। नॉर्मल वाटर अलग है। एव्री आधा घंटे में पानी लेना इट इज नॉट ए नॉर्मल। अनदर वन इज द फ्रीक्वेंटली ईटिंग। एव्री हाफ एन आवर इधर खाना खा लिया फिर खा रहे हैं।
(21:01) अनकंट्रोलेबल क्रेविंग इज़ आल्सो गट इशू बिकॉज़ ऑफ़ इंटरनल डिस्टरबेंस। व्हेन यू से अनहेल्ी फूड हैबिट्स, देयर आर सर्टेन बेसिक थिंग्स दैट वी नो एक्सेसिव शुगर ओर प्रोसेस फ़ूड। व्हाट एल्स? नाउ अ डेज, फ़ूड इज अवेलेबल इन एव्री टाइम इन होम। इट इज नॉट फिजिकल एनर्जी। क्रेविंग ज्यादा हो रहा है। एवरी टाइम यू आर गिविंग स्नैक्स टू योर चिल्ड्रन। सो डेफिनेटली इट इज इंपैक्टिंग ऑन अनस्टेबिलिटी। वन मोरेंट इज आल्सो मिल्क। गाय का मिल्क। एनिमल मिल्क नॉट टू गिव। हम हम बिकॉज़ इट इज़ अ प्रोडक्शन ऑफ़ हार्मोन सिस्टम। मम्मी का दूध ही देना बच्चों को।
(21:37) एक साल तक देना। बार-बार को खाना नहीं देना। बच्चों को टाइम फिक्स कर देना। वह टाइम पे खाना देना उसको। हैवी प्रोटीन फ़ूड नहीं देना। कंट्रोलोल्ड फूड इट्स अ गुड आईडिया फॉर आर्टिज्म चिल्ड्रन अगर ओकेशनली आइसक्रीम खाया ओकेशनली स्वीट खाया नो प्रॉब्लम चलेगा लेकिन वन डे टू डे रहता बस हम उसको परमानेंटली डिस्टर्ब नहीं करेगा सिस्टम को। सो इफ अ कपल हैज़ वन चाइल्ड हु इज़ ऑटिस्टिक अह व्हाट आर द चांसेस दैट देयर सेकंड चाइल्ड विल ऑल्सो बी ऑटिस्टिक। बिकॉज़ यू सेड इट्स मोर अबाउट द लाइफस्टाइल एंड हेल्थ कंडीशंस ऑफ़ द पेरेंट्स। सो सेम कपल,
(22:14) सेम हेल्थ कंडीशंस, सेम एनवायरमेंट डस दैट मीन ऑल देयर चिल्ड्रन विल हैव ऑटिस्टिक ट्रेट्स। हर बच्चे को ऑटिज्म आने का जरूरत नहीं है। जो डिस्टरबेंस हुआ प्रेगनेंसी टाइम पे प्रेगनेंसी के पहले ओके? सो फॉर सपोज फर्स्ट प्रेगनेंसी टाइम पे डिस्टरबेंस हुआ सम हेल्थ कंडीशन के वजह से और समदर एनी हेल्थ इशू ऑफ़ द फादर और मदर। हम फर्स्ट बच्चे में चांसेस रहता। सेकंड बच्चे में कंपलसरी आना बोल के नहीं है। सिंगल बच्चा रहता है ना पेरेंट को कंपलसरी दूसरा बच्चा चाहिए। उसको साथ में कोई आना फर्स्टेंट सिबलिंग्स आर वेरी मचेंट फॉर ऑटिज्म सपोर्ट
(22:53) इज इट पॉसिबल दैट व्हेन ट्विंस आर बोर्न देन वन है वन इज ऑटिस्टिक एंड अदर इज़ नॉन ऑटिस्टिक। सो ये दोनों बच्चे में एक आर्ट ऑटिस्टिक हो सकते हैं। एक नहीं हो सकते। ये बच्चा स्ट्रांग है तो कॉन्सिट्यूशनली फिजिकली आर्टिज्म से बाहर आ के नॉर्मल हो जाएगी। ये बच्चे सेंसिटिव है तो वीक है तो नॉर्मल है तो तो उसके रिस्क बढ़ जाएगा। रिस्क बढ़ जाएगा। ओके? सम केसेस इफ डीपर डिस्टरबेंसेस आर देयर। सो दोनों बच्चों को भी चांसेस रहता। हेल्प अस अंडरस्टैंड ऑटिस्टिक चाइल्ड बेटर। द कॉमन ट्रेड्स दैट वी नो आर दे स्ट्रगल विद कम्युनिकेशन। बट वी हैव आल्सो हर्ड दैट दे एक्सेल इन
(23:32) अदर एरियाज। वी हैव आल्सो सीन दैट इन मेनी केसेस दे आर एक्सेप्शनली इंटेलिजेंट। दे मे नॉट बी एबल टू फोकस ऑन टू मेनी थिंग्स बट इफ दे आर फोकसिंग ऑन वन थिंग दे विल एक्सेल इन दैट। सो फर्स्ट ऑफ़ ऑल इज दैट ट्रू? यस करेक्ट। एक बच्चा है मेरे पास ही नो द स्पेस रिलेटेड एवरीथिंग। टोटल सोलर सिस्टम। हम्म एक्सेप्शनल बट देयर इज़ नो कॉमन सेंस। सो बिकॉज़ ऑफ हाइपर एक्टिव ब्रेन द मोर फोकस 200% ऑन वन थिंग द जीरो% ऑन सराउंडिंग थिंग्स दैट्स व्हाई ऑटिज्म बच्चे एडी एच टी बच्चा बड़ा होने के बाद बहुत बड़ा सक्सेसफुल भी हो सकते हैं। जिन पेरेंट्स को आर्टिस्टिक बच्चा होता वो
(24:13) पेरेंट्स लकी होते हैं। व्हाई सो ऑटिज्म बच्चा इफ यू कंपेयर वि नॉन ऑर्टिस्टिक चिल्ड्रन ऑटिज्म चिल्ड्रन ऑटिज्म चिल्ड्रन शोइंग मोर लव एंड अफेक्शन ऑन पेरेंट्स। रियली नॉर्मल बच्चा दे आर नॉट केयरिंग अबाउट यू हमेशा मोबाइल में रहता हमेशा आपका बात नहीं सुनेगा दिस ऑटिस्टिक चिल्ड्रन ऑलवेज विथ यू हम ही इज सो मच ऑफ लविंग ऑन यू हम हम दे आर मोर अटैच्ड मोर इमोशनली अटैच्ड अटेंशन सीकिंग मम्मी इज मोरेंट फादर इज मोरेंट हमेशा आपका साथ में रहता आपका मूवमेंट में रहता आपका रहता है आप कितना भी प्यार करो आपको देख के तो खुश हो जाएगी कौन करेगा ऐसा दी बेबीज आर द गोल्डन
(24:51) बेबीज पेरेंट्स किन चीजों का ख्याल रखें? किस तरह का माहौल होना चाहिए? एक ऑटिस्टिक बच्चे के आसपास? क्राउड को देखे तो डरना। आई डोंट लाइक इवन टेबल को गए तो घंटा मारने में डर लगेगा। इट इज़ अ नर्वस सेंसिटिविटी। बाहर जाने के पहले उसको प्रिपेयर कर देना। हम बाहर जा रहे हैं। एक बार 10 बार बोले तो सुनेगा। दे अंडरस्टैंड व्हाट मम्मी टेलिंग। सो दे प्रिपयर्ड। अभी टेंपल जा रहे हैं। हम घंटा बजेगा। सो आप शांत रहो बोलकर ही प्रिपयर्ड। अनएक्सेक्टेड थिंग्स अन दिस इज अ इशू। एक्सपेक्टेड थिंग्स को आप प्रिपेयर करें तो कुछ नहीं होता। प्रिपेयर करना
(25:25) उसको। वन मोरेंट पॉइंट देयर इज अ डिफरेंस बिटवीन साउंड एंड म्यूजिक। साउंड अलग है या म्यूजिक अलग है? नॉइज़ एंड साउंड। साउंड साउंड सेंसिटिविटी रहता। नॉइज़ म्यूजिक सेंसिटिविटी नहीं रहता। हम म्यूजिक किताब भी बचा हो अच्छा रहता। मोस्ट ऑफ द ऑर्टिज्म बच्चों में मूविंग थिंग्स को अट्रैक्ट होता। क्या डिस्लेक्सिया भी ऑटिज्म के स्पेक्ट्रम में आता? नहीं आता। डिसगले मींस इट इज़ अ मेंटल एब्नॉर्मलिटी। लेटर्स उधर दिखना, इधर दिखना। इट इज़ कनेक्टिंग विजुअल सेंसिटिविटी। ओके? सो दैट्स अ डिफरेंट। दैट इज़ अ डिफरेंट। इट इज़ नॉट अ ऑटिज्म इज द ओनली अनकंट्रोलबल
(25:59) रेस्टलेसनेस। देयर इज़ नो मेमोरी प्रॉब्लम। मेमोरी बहुत अच्छा रहता ऑटिज्म बच्चों में। हम परफेक्ट मेमोरी रहता। हम कैलकुलेशंस परफेक्ट रहता। अगर किसी बच्चे को ऑटिज्म है तो उसके लिए कौन से करियर ऑप्शंस सजेस्टेड हैं? स्विमिंग, साइकिलिंग, फुटबॉल, ड्राइंग हम हम पेंटिंग अरेंजिंग थिंग्स सिस्टमेटिकली जो स्विमिंग नॉर्मल बच्चा करेगा इससे डबल ये करेगा इसको पसंद है। ओके इट इज कमिंग फ्रॉम मेंटल एनर्जी। व्हाट डू यू थिंक लोग एक ऑटिस्टिक चाइल्ड के बारे में सबसे ज्यादा मिसअंडरस्टैंड क्या करते हैं? सो मोस्ट ऑफ द पेरेंट्स आई हैव सीन दे आर फर्स्ट होपलेस। दे आर डिप्रेस्ड। पीपल आर
(26:43) शोइंग सिंपैथी। सिंपैथी करते इट इज़ अ गुड ओनली। बट देयर इज नो वे टू ट्रीट। सो सपोर्ट करना उसको थोड़ा उसको होप चाहिए, करज चाहिए। सो ऐसा होप क्रिएट करना इट इज़ आवर सोशल रिस्पांसिबिलिटी। कोई ऐसी एक्टिविटीज, हैबिट्स, लाइफस्टाइल जो एडीएचडी, ऑटिज्म के ट्रेट्स को सप्रेस करे। उसका बॉडी अनस्टेबल रहता। नर्वस सिस्टम नॉट स्टेबल रहता। हमेशा कुछ तो कुछ करना ही पड़ेगा। हम आप कितना भी स्पोर्ट्स करो कितना भी स्पोर्ट्स का जाइन करो नहीं तो कितना भी स्विमिंग का जाइन करो कितना भी बाहर चलाओ बाहर फिराओ उसका एनर्जी कम नहीं होता इट इज़ नॉट सो ईजी
(27:23) एनर्जी प्रोडक्शन इज़ कमिंग फ्रॉम माइंड हम इट इज़ नॉट कमिंग फ्रॉम बॉडी इट इज़ नॉट कमिंग फ्रॉम फूड इट इज़ नॉट कमिंग फ्रॉम नेचुरल वे इट इज़ जनरेटिंग हियर ये तकलीफ सो देयर इज़ अ पॉसिबिलिटी थ्रू होम्योपैथी ट्रीटमेंट इम्यूनोथेरेपी हम थ्रू होम्योपैथी से ट्रीट कर सकते हैं। तो एक्चुअली में क्या होम्योपैथी ऑटिज्म के सिम्टम्स को कंट्रोल करती है या फिर ऑटिज्म को ठीक करती है? सिम्टम्स को कलेक्ट करके मेडिसिन सिलेक्शन करके दैट मेडिसिन वर्क्स ऑन द सिस्टम। फर्स्ट केस टेकिंग फ्री केस टेकिंग होता हम सपोज एक एक पेरेंट आया। उसका पूरा हिस्ट्री लेके एक सीनियर डॉक्टर 15 20
(28:04) मिनट्स और हाफ एन आवर पूरा हिस्ट्री पेरेंट्स का बोथ पेरेंट्स का हेल्थ कंडीशंस प्रेगनेंसी में हेल्थ हिस्ट्री एंड बच्चों का जो थ्री इयर्स थे तीन साल में क्या-क्या हुआ आई एम लिसनिंग एव्री पेरेंट सैडनेस हम सो हमारा लाइफ अच्छे थे हम हम अच्छा शादी हुआ इवन फर्स्ट बर्थडे के टाइम पे मेरे बच्चे का बर्थडे आके हम एटलीस्ट 200 पीपल को बुला के पार्टी भी दिया फर्स्ट बर्थडे हम ओके लेकिन सेकंड बर्थडे को आर्टिज्म ही बोले क्या हो गया? व्हाट हैपेंड? ये 2 साल में आप क्या-क्या डिस्टरबेंस करें? उसको पूरा हिस्ट्री लेता हूं। देन आई विल फाइंड आउट
(28:37) दिस इज़ अ रूट कॉज, दिस इज़ द ट्रिगरिंग फैक्टर्स बिकॉज़ ऑफ़ दिस हैपेंड लाइक दैट। इफ एनी डॉक्टर नोज़ डिटेल हिस्ट्री एवरीथिंग दे फाइंड इट। केस टेकिंग नहीं मालूम होता। हम आजकल इंडिया में क्या हो रहा? पीपल आर मोर डिपेंडिंग ऑन डायग्नोस्टिक्स। हम बिफोर दिस डायग्नोस्टिक्स केस टेकिंग इज वेरी मचेंट। एंड केस टेकिंग इज अंडरस्टैंडिंग द हिस्ट्री। यस डॉक्टर कंपलसरी 95% डायग्नोसिस केस टेकिंग में ही होता। वो बच्चा का इनेशन चाहिए मेरे को। कैसे बिहेव करेगा? सुबह से शाम तक कैसे रहता? कब गुस्सा हो जाएगी? कब डर हो जाएगी? नींद कैसे रहता? खाना क्या खाएगा?
(29:15) उसका हेल्थ इश्यूज क्या है? क्या बीमारी चले बचपन से? तो जितने डाटा पॉइंट्स आपको देंगे एवरीथिंगेंट। उतना आई कैन कैलकुलेट देन सेकंड लेवल में मेरे कंसल्टेशन को आएगा पेरेंट्स से मेरे डाउट्स पूछेगा हम बच्चे को देखेगा हम देन आई प्रिस्राइब द मेडिसिन द मेडिसिन सिलेक्शन इज वेरी मचेंट मोर देन 200 मेडिसिनस आर देयर ओके इन होम्योपैथी सो माय रिस्पांसिबिलिटी टू फाइंड उसको कौन सा कॉन्स्टिट्यूशन रहता ओके ये 10 बच्चे में ये बच्चा क्या कॉन्स्टिट्यूशन है ये बच्चा क्या कॉन्सिट्यूशन है ये कौन है ये कैसे है वो उसका उसका वजह से ट्रीटमेंट रहता है।
(29:53) ओके। राइट मैपिंग उसको कौन सी दवा सूट करेगी? कौन सी दवा उसके लिए है वो उसको देना। कितना टाइम लेनी पड़ती है ये दवा? दो साल का बच्चा को लेके आए तो उसको टू इयर्स टाइम लगता। ओके। पूरा ट्रीट होने का। ओके। अगर सेम चाइल्ड 5 साल के बाद आए तो उसको थ्री फोर इयर्स लगता। 12 साल के बाद आए तो होम्योपैथी से नहीं होता। 12 साल के बाद माइंड पूरा डेवलप होता। फिजिकल बॉडी डेवलप होता। सेक्सुअल बॉडी डेवलप होता बॉडी। अच्छा। हार्मोन सिस्टम डेवलप होता आफ्टर 12 इयर्स के बाद। इन माय क्लीनिकल प्रैक्टिस 80% ऑल ऑफ चिल्ड्रन हर बच्चा नॉर्मल बच्चे हो
(30:31) चुके हैं। सो 80% 80% नॉर्मल इट इज़ नॉट अ बेटर बेटर अलग है नॉर्मल अलग है। आई एम नॉट ट्रीटिंग प्रॉब्लम। आई एम ट्रीटिंग सिस्टम। दैट इज अ माय कॉन्फिडेंस। आपके अभी तक के एक्सपीरियंस में आपने कितने बच्चों के साथ काम किया है अभी तक? मेरा 20 इयर्स प्रैक्टिस में एटलीस्ट 20,000 केसेस मैं सो दैट्स अ बिग नंबर। सो अर्ली टाइम पे थोड़ा ज्यादा फेलर्स थे। नौ सात साल से बहुत अच्छे सक्सेस रेट है। मींस इट इज़ अ वेरी हैप्पी मोमेंट एज अ डॉक्टर। किसी बच्चे की स्टोरी शेयर करना चाहोगे आप? एक बच्चा है पहले बात ही नहीं करते थे। उसका मम्मी लेके आए पहले।
(31:08) हम देन पूरा हिस्ट्री ले दवा दिया। फिर सेकंड टाइम थोड़ा बेटर हुआ। उसका फादर को बिलीव नहीं थे। सो एक साल के बाद उसका फादर आके सर मैं वो नहीं बोल रहा खुद मेरा बच्चा एक एक साल में बहुत अच्छा हुआ सर मैं बचपन में आई तो अच्छा होता था। अभी हमारा लेट हुआ आने का लेकिन फिर भी अच्छा है सर जब वो आपके पास आई थी तो उनकी क्या एज थी? उसको सिक्स इयर्स थे। तो बाय 10 इयर्स ऑफ हर एज वो एकदम नॉर्मल हो गया। पूरा नॉर्मल हो चुकी है। ट्रीटमेंट भी खत्म हो गया। अभी अभी मैं एक ही बोले उसको पूरा ये बच्चा ठीक हो जाएगा। ये बच्चे को आप होम्योपैथी पढ़ाना। होम्योपैथी पढ़ा के
(31:44) यही लड़की दूसरा ऑडिटिज्म बच्चों को ट्रीट करना सोशल रिस्पांसिबिलिटी आपके लिए सबसे चैलेंजिंग कौन सा केस रहा कौन सा बच्चा जिसमें आपको सबसे ज्यादा चैलेंज आया हो बट उसमें भी आपको रिजल्ट्स बहुत अच्छे मिले एक पेशेंट है वो पेशेंट हमेशा खुद मारते थे फोर्सबली मॉर्निंग टू नाइट खुद मार के मार के हाथ पूरा हार्ड हो गया इधर पूरा लाल हो गया ऐसा कुछ भी करो थोड़ा इरिटेशन थोड़ा हवा होता है मारने को। ओह माय गॉड। आई नेवर सीन लाइक दैट केस। आपने समझा क्या पहले उसके केस के बारे में? सो सेल्फ इंजरी सेंसिटिविटी टू एवरीथिंग इंपेशेंट ओवर सेंसिटिव विथ इन सिक्स मंथ्स
(32:26) पूरा सेल्फ ईटिंग बंद हो गया। आराम से बैठे। कंसंट्रेशन थोड़ा हुआ, स्टेबिलिटी थोड़ा हुआ। 180 20% का। इस तरह के जब बच्चे कुछ ऐसा बिहेवियर करते हैं, अग्रेसिव बिहेवियर, इंटेंस बिहेवियर तो ऐसे में पेरेंट्स को क्या करना चाहिए? एक ही रहता बच्चों को कंट्रोल करना। वन इज द लव एंड अफेक्शन। अनदर वन इज द डराना। उसको उसको नहीं मारना। मारे तो फिर वायलेंट हो जाएगी। हम जिद्दी हो जाएगी। उसको डरा के इनडायरेक्ट फियर हम एक्सप्रेस करा के उसको कंट्रोल करना। दैट इज़ अ वनेंट थिंग। यू आर सेइंग बोथ आरेंट। बोथ आरेंट। बच्चों को डराना इज़ आल्सो वैरी
(33:05) मचेंट टू मेकिंग कंट्रोल हिम। उसके साइकोलॉजी के लिए क्या ये सही है? इस तरह से डराना मतलब नहीं डराए तो कंट्रोल नहीं होता ना दोनों मिक्स नहीं करना एक बार डराने के बाद फिर इमीडिएट प्यार नहीं दिखाना एक बार प्यार दिखाने के टाइम इमीडिएट डराना नहीं मिक्स करे तो बच्चा मालूम होता है मम्मी कैसे तो भी मेरे को फिर प्यार करेगा और ज्यादा करेगा इट इज़ ट्रेनिंग पार्ट इट इज़ टेंपरेरी जो ऑटिज्म में हम यूजुअली देखते हैं स्पीच थेरेपी लैंग्वेज थेरेपी इन सब का क्या रोल है थेरेपी सर इट इज़ ओनली सपोर्टिंग सिस्टम ट्रेनिंग सिस्टम कि कैसे ट्रेनिंग करें
(33:36) उसको ऐसे ही रिप्लाई दे देगा प्योर में हेल्प नहीं कर सकते लेकिन सपोर्ट जिस स्टेबिलिटी में थोड़ा फोकस में हेल्प करती है। करते इट इज़ ओनली सपोर्टिंग सिस्टम ट्रेनिंग पार्ट इट वोंट ट्रीट प्रॉब्लम। कुछ पेरेंट्स जब देखते हैं अपने बच्चों में कुछ इस तरह के उनको साइन या सिम्टम्स दिखते हैं ऑटिज्म के तो फिर वो ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट लेते हैं। क्या ये रिलायबल होते हैं? ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट में इतना परफेक्ट नहीं रहता। इट इज़ नॉट एट ऑल अ गुड आईडिया। क्या रिस्क है उसमें? क्या रिस्क है? बोले तो रॉन्ग में जाएगा। भाई नॉर्मल बच्चे को भी आर्टिज्म दिखा
(34:05) सकते हैं। आर्टिज्म बच्चे को नॉन आर्टिज्म बोल के भी दिखा सकते हैं। अगर आप अच्छा फिजिशियन आपके घर के पास है तो एक पेडिटिशन और न्यूरोलॉजिस्ट हु एवर मे बी और एनी गुड डॉक्टर सो उसके पास एक आधा घंटा डिस्कस करें तो वो बोलेगा पूरा क्लीनिकल डायग्नोसिस इज़ मोरेंट देन द स्क्रीनिंग डायग्नोसिस। अगर एक बार ऑटिज्म ट्रीट हो जाए तो क्या इसमें रिग्रेशन भी पॉसिबल देयर इज अ मेडिसिन इन एलोपैथी रेस्पिडॉन बोल के वो नींद के लिए दवा देते हैं। वो दवा देने के बाद उसका नींद अच्छा आएगा लेकिन उसका बिहेवियर सुबह बढ़ेगा। ओके एंड खाना भी ज्यादा खाएगा। वो दवा आप बंद
(34:43) करें तो पूरा वापस आएगा। टेंपरेरी सिम्टमेटिकली ट्रीटमेंट। ओके? इट इज़ नॉट ए रूट लेवल ट्रीटमेंट। खाने का वजह से भी रिग्रेशन हो सकते हैं। ज्यादा स्वीट्स दिया तो सुबह से शाम तक पूरा खाना दे के उससे भी रिग्रेशन हो सकते हैं। अच्छा एंड वन मोरेंट पॉइंट इज द कॉन्स्टिपेशन का वजह से भी रिग्रेशन हो सकते हैं। मोशन प्रॉब्लम दीज़ आर द रिग्रेशन चांसेस ऐसा। सो अगर आप कह रहे हो कि हम ट्रीटमेंट चल रहा है, प्रोग्रेस हो रही है। बट अगर ऐसे में उसका कुछ डाइट लाइफस्टाइल की वजह से गट अफेक्ट होता है तो वो रिग्रेशन दिख सकता है। चांसेस रहता है। टेंपरेरी वो भी टेंपरेरी
(35:20) रहता है। लेकिन फिर मोशन नॉर्मल होने के बाद फिर नॉर्मल हो जाएगी। डॉक्टर मैंने कई जगह पे पढ़ा सुना देखा है कि ऑटिज्म के केस में ना रूटीन और प्रिडिक्टेबिलिटी बहुत सपोर्ट करती है। इज दैट ट्रू? एंड इफ यस देन व्हाई एंड हाउ? इट इज वन टाइप ऑफ ट्रेनिंग बट अगेन इट इज नॉट गोइंग टू ट्रीट फिक्सेशन रहता है थोड़ा बच्चों में ये ग्लास ऐसे ही रहना ओ इधर तो दे डोंट लाइक ये रिमोट उधर ही रहना इधर है तो दे डोंट लाइक दीज़ आर द मेंटल फिक्सेशन जो माइंड में फिक्स हुआ हम ऐसे रहता दिस इज़ आल्सो वन ऑफ़ द बिहेवियरल इशू आई सीन इन ऑटिज्म केसेस अच्छा वो चेंजेस नहीं एक्सेप्ट करना
(35:57) दे डोंट एक्सेप्ट तो ये जो भी आपने पैटर्न्स और बिहेवियर्स बताए अब विद ऑल दीज़ थिंग्स हाउ डस अ चाइल्ड विद ऑटिज्म लिव विद अदर चिल्ड्रन हु डोंट हैव ऑटिज्म ट्रेट्स। कैसे? जैसे स्कूल जाना है या सोशली इनवॉल्व होना है, खेलने जाना है तो ऐसे सेटअप में इस तरह का बच्चा किस तरह से सर्वाइव करता है या क्या टिप्स हैं? आर्टिज्म बच्चों को एडीएचडी बच्चों को स्पेशल स्कूल्स चाहिए। हम स्पेशल टीचर चाहिए। शैडो टीचर बोलते अगर ये आर्टिज्म बच्चा नॉर्मल बच्चों में साथ के पास बैठे तो उन्होंने नहीं सीखेगा उसके पास अटेंशन नहीं रहता जस्ट इट इज़ लाइक ए
(36:37) डोल व्हाट डू यू थिंक इंडिया में है इनफ स्कूल जनरली इन अमेरिका इन एव्री स्कूल 6% ऑफ ऑडिटिज्म बच्चों का कंपलसरी लेना रूल है इंडिया में भी सो ऑर्टिज्म पेरेंट्स को सपोर्ट चाहिए हम फ्रॉम गवर्नमेंट फ्रॉम स्कूल्स फ्रॉम सोसाइटी एवरीबडी इस शोइंग सिंपथी एवरीबडी शोइंग एम्पथी व्हाटएवर में भी दीज़ आर नॉट गोइंग टू हेल्प परमानेंटली ऑफकोर्स उसको सपोर्ट चाहिए। इट इज़ नॉट एट ऑल ये देयर मिस्टेक का वजह से नहीं हुआ। उसको सपोर्ट करना हमारा रिस्पांसिबिलिटी है। शुरुआत में डिस्कस किए थे सारे फैक्टर्स कॉजेज़ और ट्रिगर्स भी। अब मैं जानना चाहती
(37:13) हूं कि किस तरह से ऑटिज्म को प्रिवेंट किया जा सकता है। एक मैरिड कपल जब बेबी प्लानिंग करता है क्या उसी वक्त उसी टाइम पे उसी स्टेज में कुछ ऐसी चीजों को अपने माइंड में रखें या कुछ इस तरह के हैबिट्स रिचुअल्स रूटीनंस को फॉलो करें जिससे वो अपने होने वाले बच्चे में ऑटिज्म एडीएचडी हाइपर एक्टिविटी इस तरह के जो भी ट्रेट्स आजकल बहुत कॉमन होते जा रहे हैं उन्हें अभी से प्रिवेंट कर ले ऐसा कुछ किया जा सकता है इज दैट पॉसिबल इंडिया में क्या होता प्लंड प्रेगनेंसी नहीं रहता हम शादी के बाद एक महीने में प्रेगनेंसी को जाएगा
(37:56) दो महीने में प्रेगनेंसी जाएगा क्लाइंट प्रेगनेंसी इज़ेंट सिक्स मंथ्स पहले प्रेगनेंसी को जाना बोल के सोचना उसके पहले फिटनेस मेंटेन करना डाइट मेंटेन करना वेट कम कर देना डिलीवरी होने के बाद भी अननेसेसरी अनवांटेड वैक्सीनस को अवॉइड करना प्रेगनेंसी टाइम पे ज्यादा दवा नहीं लेना अगर कुछ बीमारी हुआ कुछ वायरल इनफेक्शन हुआ एटलीस्ट फोर मंथ्स गैप देना सो ओवुलेशन प्रोसेस अच्छा बनना परफेक्ट रहना, फर्टिलिटी परफेक्ट रहना बोले तो दिस कॉम्बिनेशन इज़ेंट। स्लीप इज़ आल्सो वैरी मचें। नींद अच्छा चाहिए। लेट मैरिज इज़ भी वन ऑफ़ द रीज़न हियर।
(38:27) हम हम बहुत लेट हुआ। 35 इयर्स का मैरिज हुआ। सारे डिप्रेशन डिप्रेशन 35 इयर्स तक आएगा। हम फिर ये डिप्रेशन ये मेंटल एक्टिविटी ऑफ़ द पेरेंट्स बच्चों के डिस्टरबेंस का कारण रहता है। सो बेसिकली अपने सिस्टम को पहले सिंक में रखना, हेल्दी रखना, क्लीन रखना। ताकि जब आपका कोई ऑफस्प्रिंग आ रहा है तो उसको एक अच्छा एक अच्छी बिगिनिंग मिले। यस। एक्चुअली इंडिया में क्या होता है? मेजरली 95% सिज़ेरियन सेक्शन रहता है। हम व्हाई? बिकॉज़ आवर बॉडी इज नॉट सपोर्टिंग फॉर नॉर्मल डिलीवरी। नॉर्मल डिलीवरी इज़ेंट। इट इज़ अ नेचर सिस्टम। एक बार आप नॉर्मल डिलीवरी हो गए तो आपका
(39:08) पूरा मस्कुलर सिस्टम, बॉडी सिस्टम, हार्मोन सिस्टम, एवरीथिंग परफेक्ट रहता है। इट इट इट इट गिव्स गुड हेल्थी लाइफ। हम वो एक्सपीरियंस नहीं मिल रहा। सो डॉक्टर्स भी वेट नहीं कर रहा। खाली कट कर रहा है। बाहर निकल रहा है। किस तरह से डिलीवरी हो रही है? क्या ये भी असर करता है कि बच्चे का न्यूरोलॉजिकल कंडीशन नहीं नहीं लास्ट मोमेंट में जो भी हुआ थोड़ा पेरेंट्स पूछेगा सर हमारे बच्चे को वो सिर लॉक थे। उसको निकालने में थोड़ा वैक्यूम लगाया। उसका वजह से कुछ हुआ तो ऐसा नहीं होता। लास्ट मोमेंट लास्ट स्टेज में नहीं होता। हम इट इज़ इंटरनल डिस्टरबेंससेस। फर्स्ट थ्री
(39:43) मंथ्स इज़ अ मेजर पार्ट। ओके नर्वस सिस्टम माइंड डिस्टर्ब डेवलपिंग पार्ट प्लस ये रहता है ना इंडिया में पिल्स डालते हैं पीरियड्स बंद करने के लिए भगवान के पास जाना है तो दे विल टेक ए सम हार्मोनल पिल्स टू प्रिवेंट पीरियड्स राइट देन नेक्स्ट मंथ प्रेगनेंसी जाएगा आप लोग दवा लिया फिर उसको एटलीस्ट फोर टू फाइव मंथ्स टाइम देना बिकॉज़ इट दिस हार्मोन डिस्टर्ब द रेगुलर हार्मोन्स आल्सो फर्टिलिटी इज़ द नेचर सिस्टम इट इज़ आवर रेस्पोंसिबिलिटी राइट इट इज़ कमिंग फ्रॉम जनरेशन जनरेशन जनरेशन अब तक आया अभी नहीं अबका नहीं है हम सो इसको केमिकल्स का मेडिसिन से डिस्टर्ब
(40:22) नहीं करना दिस इजेंट लेट्स से अगर किसी पेरेंट को आज पता चलता है कि उनके एक दो साल के बच्चे को ऑटिज्म है तो अगले 30 दिन उनको क्या करना चाहिए क्या अप्रोच होना चाहिए उनका फर्स्ट व्हेन द डायग्नोसिस सडनली टू इयर्स में उसको सडनली डायग्नोसिस हुआ ऑटिज्म है बोल के बोले तो अभी क्या सोचेगा पूरा ऑनलाइन में सर्च करेगा इधर सर्च करेगा करेगा इधर जाएगा इधर जाएगा मींस ठीक है एवरीथिंग बट कंपलसरी होम्योपैथी डॉक्टर का एडवाइस लेना जरूरी है हम ये चीज लास्ट में आता चार साल के बाद आता 5 साल के बाद आता हम यही पहले 2 साल के टाइम पे आए तो उसको
(40:58) ट्रीट करने में इजी रहता हम दिस इज अ मिस्टेक सो मेनी पेरेंट्स आर डूइंग मे बी होम्योपैथी में बिलीव नहीं रहता होम्योपैथी मालूम नहीं रहता 2 साल के बाद यही पेरेंट होम्योपैथी के पास तो दैट इज़ेंट यू कैन गो फॉर काउंसलिंग यू कैन गो फॉर डायग्नोसिस यू कैन गो व्हाटएवर देयर सो दैट होम्योपैथी को भी थोड़ा जगह देना ही पड़ेगा थिंक अल्टरनेटिव एक ही तरफ से नहीं सोचना सो अल्टरनेटिव सिस्टम्स आर देयर अल्टरनेटिव थिंग्स आर देयर अल्टरनेटिव सपोर्ट इज देयर उसके बारे में ज्यादा सोचना आप ऑनलाइन कंसल्टेशन देते हैं जनरली फॉर अब्रॉड पेशेंट्स के लिए ऑनलाइन
(41:32) कंसल्टेशन रहता बेसिकली आई एम फ्रॉम हैदराबाद ओके एव्री सैटरडे संडे आई विल सी हैदराबाद फ्राइडे सैटरडे संडे एंड आई विल विजिट वंस इन सिक्स मंथ्स दिल्ली वंस इन सिक्स मंथ्स बॉम्बे वंस इन सिक्स मंथ्स पुणे। सर मेरी आज की जो बिगेस्ट लर्निंग थी या जो मेरा टेक अवे था वो मैं ऑडियंस के साथ शेयर करना चाहूंगी। मुझे ये समझ में आया कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। इट्स जस्ट अ कंडीशन जिसे हम जितना ट्रिगर करेंगे यह उतना ज्यादा एक्सप्रेस होगी। और जितना हम नेचर से जुड़े रहेंगे। जल्दी से जल्दी हम इसको ट्रीट करने की तरफ जाएंगे। हम जितना अपने एक्शंस, अपनी डाइट, अपने
(42:11) एनवायरमेंट उन सब चीजों को कंट्रोल में रखेंगे, उतनी ही जल्दी ये ट्रीट भी हो जाएगी। ये ट्रीटेबल है। सो आई थिंक दैट्स माय बिगेस्ट लर्निंग फ्रॉम टुडे एंड थैंक यू सो मच फॉर दैट। आई वुड आल्सो रिक्वेस्ट ऑल द लिसनर्स टू शेयर व्हाट दे लर्नड। आज उन्होंने क्या सीखा प्लीज हमें कमेंट में जरूर बताएं। एंड थैंक यू सो मच फॉर ऑल द नॉलेज दैट यू। थैंक यू गुंजन जी। बहुत अच्छा कर रहे हैं आप। इट इज अ ग्रेट रेस्पोंसिबिलिटी टू एव्री मदर टू नो अबाउट आर्टिज्म एंड एडीएचडी। एजुकेशन इज मोरेंट। सो दी डिसऑर्डर्स को आर्डर करना ही हमारा रिस्पांसिबिलिटी है।
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Title: AUTISM & ADHD Explained: Early Signs, Causes & Treatment | Dr. AM Reddy with GunjanShouts
Author Name: GunjanShouts
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What causes autism in children? How can parents recognise early signs of autism, and how is autism different from ADHD and hyperactivity?
In this podcast, Dr. AM Reddy explains autism spectrum disorder (ASD), child brain development, nervous system regulation, early diagnosis, genetic and environmental factors, and common signs parents may notice as their child grows.
The conversation explores autism diagnosis, autism spectrum levels, attention difficulties, speech therapy, aggressive behaviour, online screening tests, and the role of routines and supportive parenting.
If you are a parent, caregiver, educator, or someone seeking to understand autism better, this conversation offers insights into early identification, professional assessment, and supporting neurodivergent children.
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TimeStamps:
00:00 - Intro
01:12 - Nervous System and Autism
01:47 - Autism Levels
02:48 - Rising Autism Rates
03:00 - Hyperactive Brain Development
03:51 - Autistic vs. Non-Autistic Brains
05:16 - Autism Spectrum Levels
06:04 - Autism vs. ADHD
07:14 - Early Autism Signs
07:48 - Attention Issues and Autism
08:31 - Autism Diagnosis Age
09:39 - Autism Signs at Home
10:41 - Genes vs. Environment
11:03 - Autism Causes
11:42 - Autism in Healthy Families
12:21 - Childhood Vaccines
13:55 - Natural Treatments
15:09 - Pregnancy Spacing
15:35 - Skin Conditions and Medication
16:28 - Essential Childhood Vaccines
16:51 - Autism Triggers
19:47 - Exceptional Autistic Abilities
20:31 - Gut Health
21:08 - Unhealthy Eating Habits
22:21 - Autism Risk in Siblings
22:54 - Autism in Twins
24:52 - Parenting an Autistic Child
25:43 - Dyslexia and Autism
26:07 - Careers for Autistic People
26:32 - Autism Misconceptions
26:58 - Managing ADHD
27:43 - Can Homeopathy Cure Autism?
29:39 - Autism Symptom Regression
29:58 - Homeopathy Treatment Duration
30:41 - Experience With Autism
31:53 - Challenging Autism Case
32:36 - Managing Aggression
33:26 - Speech Therapy
33:51 - Online Autism Tests
34:24 - Can Autism Symptoms Return?
35:29 - Routine and Autism
36:11 - Autistic and Neurotypical Children
36:37 - Autism Schools in India
37:35 - Pregnancy and Autism Risk
39:22 - Delivery Mode and Brain Development
40:24 - First 30 Days After Diagnosis
42:27 - Key Autism Takeaways
Thank You For Watching This Podcast :)
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About this Channel:
GunjanShouts - India’s No. 1 Health and Wellness Podcast Channel!
Here, we bring you engaging podcasts on everything related to physical health, mental well-being, and spiritual growth.
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Disclaimer:
This podcast is intended for educational and informational purposes only. It shares the guest’s opinions, experiences, and perspectives on autism, ADHD, child development, and related topics. It is not a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment. Autism is a neurodevelopmental condition, and no treatment should be assumed to cure it. Consult a qualified healthcare professional for assessment and evidence-based guidance before making decisions about a child’s health or care.
Transcript:
(00:04) जिन पेरेंट्स को आर्टिस्टिक बच्चा होता वो पेरेंट्स लकी होते हैं। नॉर्मल बच्चा हमेशा मोबाइल में रहता है। हमेशा आपका बात नहीं सुनेगा। दिस आर्टिस्टिक चिल्ड्रन ऑलवेज विथ यू। आपको देख के तो खुश हो जाएगी। कौन करेगा ऐसा? दी बेबीज आर [संगीत] द गोल्डन बेबीज। [संगीत][गाना गाने की आवाज़] व्हेन डू यू से दैट अ चाइल्ड हैस ऑटिज्म ट्रीट्स? गुस्सा ज्यादा रहता, डर ज्यादा रहता, इनसिक्योरिटी ज्यादा होता, दे डोंट अंडरस्टैंड, दे डोंट एक्सप्रेस। व्हाट आर द मेजर कॉजेस ऑफ़ ऑटिज्म? 12 मेजर रीज़ंस। फर्स्ट रीज़न इज द थायराइड डिस्टरबेंस ड्यूरिंग प्रेगनेंसी।
(00:39) थायराइड कॉजेस ऑटिज्म। यस। सब लोग बोलते हैं मम्मी का तकलीफ से ऑटिज्म आया। फादर टेकन मेडिसिंस बिफोर प्रेगनेंसी फॉर स्पर्म क्वालिटी। वो दवा से ये बच्चे को ऑटिम आया। लेकिन ब्लेमिंग मम्मी को कर रहा। अब बहुत ज्यादा चांसेस हैं कि [संगीत] मोस्टली पेरेंट्स को इनमें से कुछ ना कुछ हो सकता है। बट ऐसा तो नहीं है कि सबके बच्चों में ही [संगीत] ऑटिज्म के ट्रेड्स होते हैं। सो ऐसा क्या है जो ऑटिज्म को ट्रिगर करते हैं? अननेसेसरी वैक्सीनेशन। हाउ विल अ पेरेंट नो व्हिच वैक्सीन शुड बी गिवन टू माय चाइल्ड? जो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया दिया 15 वैक्सीनस
(01:10) इन थ्री इयर्स ऑफ इंडिया। [संगीत] अगर किसी को अपने बच्चे में ऑटिज्म के ट्रेट्स दिखाई दे रहे हैं तो उसको आइडेंटिफाई करने के लिए इज देयर एनीथिंग दैट दे कैन डू एट देयर होम? कंसंट्रेशन लेवल स्कोर इज इंपॉर्टेंट। टुडे व्हाट इज अ डेट? मम्मी की तरफ सोचेगा, इधर सोचेगा। 10 स्कोर इज अ परफेक्ट किड? सो, हाउ डस द ब्रेन ऑफ एन ऑटिस्टिक चाइल्ड डेवलप एंड फंक्शन डिफरेंटली? [संगीत] ऑटिज्म। पहली बात तो यह कोई डिसीज नहीं है। यह एक डिसऑर्डर है। एक ऐसा चैलेंज है जिसे 100% ट्रीट किया जा सकता है। ऑल यू नीड इज द राइट अप्रोच एट द राइट टाइम। आज
(01:48) के इस डिस्कशन के लिए हमारे साथ हैं डॉक्टर ए एम रेड्डी। ही इज अ सर्टिफाइड होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर [संगीत] जिन्होंने 20,000 से ज्यादा ऑटिस्टिक बच्चों के साथ काम किया है और आज हम इनसे समझेंगे कि बिल्कुल नेचुरल तरीके से हम ऑटिज्म को कैसे ट्रीट कर सकते हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि इस तरह के सेंसिटिव येट क्रूशियल टॉपिक्स के ऊपर इंफॉर्मेशन हम आप तक लेकर आते रहें और हमें सपोर्ट करने के लिए आप इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। ये न्यूरोलॉजिकल कंडीशन ऑटिज्म मुझे लगता है देयर इज अ लॉट ऑफ इंफॉर्मेशन बट स्टिल वेरी लिटिल अंडरस्टैंडिंग
(02:32) यस देयर इज नॉट मच अवेयरनेस ऑटिज्म एडी एचडी एंड हाइपर एक्टिविटी पीपल डोंट नो अबाउट दिस आर्टिज्म इज नॉट अ डिसीज इट इज अ डिसऑर्डर एव्री टू इयर्स इट इज़ इंक्रीजिंग डबल साइड सो इज इट लाइक डायग्नोसिस अब ज्यादा हो रहा है पहले डायग्नोस नहीं होता था या एक्चुअली में ऑटिज्म ज्यादा हो रहा है जो कि पहले इतना नहीं था। प्रीवियसली केसेस नहीं थे अभी ज्यादा हो रहा है। ऑलमोस्ट 50% 60% ऑफ़ चिल्ड्रन्स आर गेटिंग हाइपर एक्टिव। ये तकलीफ पहले नहीं थी हमारे को। सो हाउ डस द ब्रेन ऑफ एन ऑटिस्टिक चाइल्ड डेवलप एंड फंक्शन डिफरेंटली। ब्रेन फंक्शनैलिटी इज़ द सेम। डिफरेंस इज़ द
(03:08) अनस्टेबिलिटी। रेस्टलेसनेस। माइंड इज़ नॉट स्टेबल। गुस्सा ज्यादा रहता, डर ज्यादा रहता, ए्जायटी ज्यादा रहता, उसको रोना ज्यादा होता, इनसिक्योरिटी ज्यादा होता, नॉन आर्टिस्टिक बच्चों को स्टेबिलिटी रहता। स्टेबिलिटी ऑफ नर्वस सिस्टम। इफ नर्वस सिस्टम इज़ नॉट स्टेबल बॉडी एंड माइंड देयर इज नो कोऑर्डिनेशन। सो ये जो प्रॉब्लम है ऑफ कोऑर्डिनेशन या स्टेबिलिटी ये प्रॉब्लम का रूट कॉज क्या है? फंक्शनली, फिजियोलॉजिकली देयर इज़ नो डिस्टरबेंस। इफ पैथोलॉजिकली इज़ नो डिफरेंस। इफ यू आर पैथोलॉजिकली पैथोलॉजिकली इफ यू आर रिमूव एमआरए स्कैन नॉर्मल नॉन आर्टिक बच्चों को
(03:48) आर्टिक सेम रहता है। सो इफ यू विल लुक एट द ब्रेन ऑफ एन ऑटिस्टिक चाइल्ड वर्सेस ब्रेन ऑफ अ नॉन ऑटिस्टिक चाइल्ड विल देयर बी एनी डिफरेंस? नहीं नहीं कुछ आइडेंटिफाई नहीं कर सकते। ओनली वी डायग्नोसिस विथ फिजिकली क्लीनिकली सिम्टम्स बेस्ड। अनस्टेबिलिटी इज़ द मेजर रीज़ व्हाट वी आर मिसिंग इन आर्टिस्टिक चिल्ड्रन। आर देयर एनी डिफरेंट स्टेजेस ऑफ़ ऑटिज्म। माइल्ड ऑटिज्म हम मॉडरेट ऑटिज्म सीवियर ऑर्टिज्म एक्टिव इज अ नॉर्मल कंडीशन हम देन ये एक्टिव ज्यादा ओके ज्यादा ओके ज्यादा ओके हाइपरएक्टिव इज़ अ लिटिल बिट डिस्टर्ब कंडीशन ओके देन ये हाइपर एक्टिविटी ज्यादा ओके ओके इट
(04:26) गोज़ टू दी माइंड इट गोज़ टू दी डिस्टरबेंस टू द अटेंशन देन इट गोज़ टू दी एडी एचडी सो एक्टिव हाइपर एक्टिव एडी एचडी देन एडीएचडी और ज्यादा डिस्टरबेंस है और बड़ा तकलीफ से कंसंट्रेशन और पूरा हो गया तो और अनस्टेबिलिटी ज्यादा हो गए तो और रेसिलेशन ज्यादा हो गए तो दैट गोज़ टू ऑटिज्म। ओके? सो अगर हमें स्पेक्ट्रम की बात करें स्पेक्ट्रम के बिगिनिंग में है हाइपर एक्टिव और एंड में है ऑटिज्म। एंड एवरीथिंग एल्स इज़ इन बिटवीन एडी एच डी इज़ इन बिटवीन। एंड समबडी कैन बी समवेयर बिटवीन हाइपर एक्टिव एंड एडीएचडी, एडीएचडी एंड ऑटिज्म और एडीएचडी इसके बीच में कहीं पर भी
(05:03) एएसडी रहता है उसमें। एएसडी बोले तो इट इज़ अ स्पेक्ट्रम। हार्टिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर बोलते हैं। उसमें हाइपर भी आएगा। उसमें एडीएचडी भी आएगा। उसमें हार्टिज्म भी आएगा। सो आप किस तरह से आइडेंटिफाई करते हैं? कौन से वो ट्रेड्स देखते हैं जिससे आपको पता चलता है कि ये बच्चा इस स्पेक्ट्रम में कहां लाई करता है? सपोज एक बच्चा आया कैसे एंटर कर रहा। सो हाउ ही इज़ ऑब्जर्विंग। ही इज़ ऑब्जर्विंग फॉर न्यू थिंग्स और ही ऑब्सर्विंग टू मी। मेरे को देख के डर लग रहा है उसको। ऐसा शही लग रहा है। कैसे लग रहा है बोलते? फर्स्ट आई विल सी द चाइल्ड मूवमेंट। सम
(05:34) चिल्ड्रन आर अप्रोचिंग वेरी फ़स्ट सम चिल्ड्रन्स आर नॉट अप्रोचिंग वेरी मींस दे बिकॉज़ ऑफ़ फियर और व्हाटएवर मे बी देन उसके बाद में उसका मम्मी का हिस्ट्री फादर का वो पूरा बोलेगा एक्चुअली इन माय कंसल्टेशन देयर इज़ अ प्रोसेस ऑफ़ प्री केस टेकिंग केस टेकिंग प्री केस टेकिंग में पूरा मम्मी मम्मी से डैडी से पूरा इनफार्मेशन लेके व्हाट आर द रूट कॉजेस व्हाट आर द सिम्टम्स कौन सा कैटेगरी में आएगा ये एडीएचडी में आएगा इट इट विल टेक 20 मिनट्स टाइम सो यू हैव अ सेट ऑफ क्वेश्चन व्हिच यू आस्क एंड यू गेट ऑल द डेटा पॉइंट्स। हाउ डू द ट्रे्स ऑफ हाइपर एक्टिव चाइल्ड,
(06:08) एडीएचडी चाइल्ड एंड अ चाइल्ड विद ऑटिज्म डिफर फ्रॉम ईच अदर? हाइपरएक्टिविटी टू टाइप्स रहता। हम्म लोअर हाइपरएक्टिविटी, हायर हाइपर एक्टिविटी डिपेंड ऑन द इंटेंसिटी। लोअर हाइपर एक्टिविटी इज़ ओनली फिजिकली हाइपरएक्टिव। मेंटली दे आर वेरी मच फोकस्ड। इवन मैथमेटिक्स कैलकुलेटर से ज्यादा बोलेगा। बट फिजिकली अनस्टेबिलिटी। हायर हाइपर एक्टिव मींस उसको जो पसंद है, इंटरेस्ट है वो टाइम पे ज्यादा ध्यान रहता। ओके? नहीं तो नहीं रहता ज्यादा। मे बी बिकॉज़ ऑफ़ केयरलेसनेस दे नो एवरीथिंग दे ऑब्ज़र्व एवरीथिंग बट माइंड और थोड़ा डिस्टर्ब हो गए तो इट गोज़ टू हायर लेवल ऑफ़ हाइपर
(06:39) एक्टिविटी एडीएचडी इज़ आल्सो टू टाइप्स ओके सो अ सीवियर एडीएचटी एंड नॉर्मल एडीएच रेगुलर एडीएचटी सो बच्चा ही इज़ नॉट कम्युनिकेटिंग प्रॉपर्ली दे लिसन एवरीथिंग बट एक्सप्रेशन में करने में बिकॉज़ ऑफ़ अनस्टेबल माइंड एक्सप्रेशन बराबर नहीं होता ओके हियर आल्सो अनस्टेबिलिटी इज़ द रीज़न दैट गोज़ टू अटेंशन डेफिशिएंसी हाइपर एक्टिविटी डिसऑर्डर एडीएचडी इज़ आल्सो टू टाइप्स ओके सो अ सीवियर एडीएचटी एंड नॉर्मल एडीएचटी रेगुलर एडीएचटी एंड सीवियर एडीएचटी इज़ नियरली क्लोज टू दी ऑटिज्म व्हेन डू यू से दैट अ चाइल्ड हैज़ ऑटिज्म ट्रेट्स। ऑटिज्म कैटेगरी में और डिस्टरबेंस इवन
(07:19) सुनने पे भी नहीं आता। दे डोंट अंडरस्टैंड दे डोंट एक्सप्रेस। सो कंसंट्रेशन नहीं है, फोकस नहीं है। इफ आई टॉक अबाउट टुडेज़ डे एंड एज वी सी दैट अ लॉट ऑफ पीपल मोस्ट ऑफ द पीपल इनफैक्ट दे लैक अटेंशन लाइक द अटेंशन स्पैन वी ऑल नो हैज़ रिड्यूस्ड सो मच। यू आर सेइंग फ्रॉम एडल्ट साइड और चिल्ड्रन साइड। एवरीबडी एट वन गिवन टाइम वी हैव सो मेनी थिंग्स टू डू। सो डस दैट रियली मीन दैट टू सम लेवल टू सम एक्सटेंट वी ऑल आर समवेयर ऑन दिस स्पेक्ट्रम। सो बड़ों को अटेंशन प्रॉब्लम कैसे होता? उसका फिजिकल डिस्टरबेंस से होता। हम फिजिकल डिस्टरबेंस मींस गट इश्यूज सम
(08:02) डेफिशिएंसी इश्यूज, स्लीप डिस्टरबेंसेस बिकॉज़ ऑफ़ एंजाइटटी अटेंशन प्रॉब्लम रहता। ओके? दैट इज़ अ रीज़न। रीज़न रहता। मींस इट इज़ नॉट ए डायरेक्टली एडीएचडी नहीं बोल सकते उसको। एडीडी भी बोल सकते हैं। अटेंशन, डेफिशिएंसी डिसऑर्डर। इन माय अर्ली प्रैक्टिस आई हैव सीन सो मेनी केसेस बिकॉज़ ऑफ़ स्किन सप्रेशन आल्सो समटाइम्स आवर नर्वस सिस्टम इज़ अनस्टेबल। स्किन सप्रेशन सप्रेशन सो मेनी स्टेरॉइड्स, सो मेनी आइटम्स, इफ यू सप्रेस द स्किन प्रॉब्लम, इट गोज इनसाइड द बॉडी अफेक्ट टू द नर्वस सिस्टम। आई सीन इन माय प्रैक्टिस सो मेनी केसेस। सो, इफ यू टॉक अबाउट ऑटिज्म नाउ, एट व्हाट
(08:34) ऐज अ ऑटिज्म इज आईडेंटिफाइड? मदर फादर हु एवर एल्डर पीपल आर देयर इन होम दे डायग्नोसिस वेरी वेल कंसंट्रेशन कम्युनिकेशन नहीं रहता बच्चे को बुलाए तो भी नहीं नहीं देखेगा वन एंड हाफ इयर इज मैक्सिमम वन एंड हाफ इयर्स 15 मंथ्स टू 18 मंथ्स और ऐसा भी पॉसिबल है कि एक डेढ़ साल में दो साल में तीन साल में द चाइल्ड अपीयर टू डेवलप टिपिकली बट देन लेटर दैट चाइल्ड स्टार्ट शोइंग ऑटिस्टिक ट्रीट नहीं नहीं इट इज़ नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर था वन एंड हाफ ईयर से शुरू होता दो साल में और डिस्टर्ब होता, तीन साल में होता। थ्री इयर्स के बाद वेरी ना नहीं रहता।
(09:10) सो यू आर सेइंग कि ऐसा पॉसिबल है कि बच्चे में स्टार्टिंग में ऑटिज्म के ट्रेट्स थे बट लेटर ऑन वो ठीक हो गए। थ्री इयर्स तक थोड़ा हम संभाल के रहना। तीन साल के बाद आने को चांस ही नहीं है। सपोज़ कंसंट्रेशन ज्यादा है। कंसंट्रेशन परफेक्ट है। देयर इज़ अ स्पीच इशू। वो थोड़ा देर के बाद आएगा। डिले स्पीच बोलते हैं उसको। हम्म। हम हम कंसंट्रेशन नहीं तो इधर से बात नहीं आई तो दैट गोज़ टू ऑटिज्म और न्यूरोलिकॉजिकल डिसऑर्डर। अगर किसी को अपने बच्चे में ऑटिज्म के ट्रेट्स दिखाई दे रहे हैं तो उसको आईडेंटिफाई करने के लिए इज देयर एनीथिंग दैट दे कैन डू एट देयर होम।
(09:46) कंसंट्रेशन स्कोर ही काउंट करना उसको। 10 लेवल ऑफ स्कोर रहता है कंसंट्रेशन में। द चाइल्ड इज गिविंग 10 आंसर्स परफेक्टली। इवन द रोंग आंसर और राइट आंसर मे दैट इज़ बट एटलीस्ट ही इज़ लिसनिंग लिजनिंग एंड टेलिंग। सो द चाइल्ड इज़ टेलिंग एट क्वेश्चंस आंसर्स देन टू क्वेश्चन को आंसर नहीं दिया उसको कंसंट्रेशन घूम गया बोले तो इट इज़ एट स्कोर तो नहीं तो सिक्स स्कोर फोर स्कोर टू स्कोर जीरो स्कोर अच्छा सिंपल क्या खाया स्कूल कहां जाते हो इस तरह के सवाल और और ज्यादा कांसेप्ट तो टुडे व्हाट इज अ डेट एडीएचडी पीपल डोंट टेल मम्मी की तरफ
(10:18) सोचेगा इधर सोचेगा लैक ऑफ कॉन्फिडेंस आल्सो समटाइम्स दे आर अनेबल टू एक्सप्रेस रियल फीलिंग्स थोड़ा बच्चों का कॉन्फिडेंस नहीं रहता अच्छा ओके दैट इज नॉट अ ऑटिज्म ओके दे नो एवरीथिंग बिकॉज़ करज नहीं रहता। सो कंसंट्रेशन लेवल स्कोर इज़ेंट। 10 स्कोर में जीरो स्कोर है या फोर स्कोर है या सिक्स स्कोर है या एट स्कोर है या 10 स्कोर है? 10 स्कोर इज़ अ परफेक्ट किड? हाउ मच ऑफ़ ऑटिज्म इज़ हेरिडिटरी और जेनेटिक वर्सेस एनवायरनमेंटल? ऑटिज्म इज़ 100% इज़ नॉट अ जेनेटिक। इट इज़ नॉट अ हेरिडिटरी। इट इज़ नॉट जेनेटिक 200% बिकॉज़ इट इज़ नॉट अ फंक्शनल डिस्टरबेंस। इट इज़ नॉट अ फिजियोलॉजिकल
(10:55) डिस्टरबेंस। देयर इज नो एनी एब्नॉर्मलिटी इन द दिस बॉडी ओनली बिकॉज़ ऑफ़ नर्वस सिस्टम अनस्टेबिलिटी इज़ द रीज़न। व्हाट आर द मेजर कॉजेस ऑफ़ ऑटिज्म? इन माय क्लीनिकल प्रैक्टिस आई फाइंड आउट द 12 मेजर रीज़ंस। फर्स्ट रीज़न इज़ द थायराइड डिस्टरबेंसेस ड्यूरिंग प्रेगनेंसी। थायराइड? यस। थायरॉइड कॉजेस ऑटिज्म। थायराइड इज़ अ मास्टर ग्लैंड। इट कंट्रोल्स एव्री अदर हार्मोंस आल्सो। राइट? राइट। सो इफ द थायराइड का डिस्टरबेंसेस प्रेगनेंसी में आया। नहीं तो थायराइड का डिस्टरबेंसेस प्रेगनेंसी से पहले है। सेकंड वन इज द एनीमिक हीमोग्लोबिन हम फादर या मदर लो हीमोग्लोबिन लेवल इज़ आल्सो
(11:32) नॉट सफिशिएंट ऑक्सीजन टू द बेबी एंड थर्ड रीज़न इज़ द रिपीटेड अबॉर्शनशंस। सो एनी काइंड ऑफ़ बॉडीली डिस्टरबेंस कैन लीड टू यस। डस दैट मीन एन एब्सोल्यूटली हेल्दी कपल विल नेवर हैव एन ऑटिस्ट। 100% नॉट हैव। सो प्रेगनेंसी में कुछ डिस्टरबेंस है। मम्मी को प्रेगनेंसी के पहले फादर को कुछ डिस्टरबेंस है। दैट इज अ बेस प्लेटफार्म। इसका प्लेटफार्म आने के बाद ये बच्चा पैदा होने के बाद ये बच्चे को अननेसेसरी अनवांटेड मेडिसिंस को सर्दी हुआ उसको छोड़ो दो दिन। पांच दिन छोड़ो छ दिन छोड़ो। उसका खुद इम्युनिटी बढ़ेगा। देन नेक्स्ट टाइम नहीं आएगा।
(12:06) चिकन बॉक्स आया। व्हाई यू आर अपाइंग ऑल क्रीम्स, साइंटिमेंट्स एंटीबायोटिक इट इज़ अ नेचुरल ओनली। एक बार चिकन बॉक्स आया तो आपको एटलीस्ट फाइव टू सिक्स वायरल इंफेक्शन नहीं आएगा। छोटी-छोटी बीमारी से हमारा बॉडी इम्यूज होता हम वो चांस नहीं दे रहे हम। सो यू यू डू नॉट रेकमेंड वैक्सीनेशंस जो आफ्टर बर्थ एक बेबी को दी जाती है। वैक्सीनेशन अच्छा है। वैक्सीनेशन आर गुड बट अनवांटेड अननेसेसरी वैक्सीनंस आर मोर। सपोज निमोनिया इज़ देयर कॉफ कोल्ड इज़ देयर। सो आप एक दवा नहीं दिया एक हफ्ता में कम हो जाएगा। ऑटोमेटिकली बॉडी हील हो जाएगी। हम
(12:39) अगर इफ यू आर फोर्सफुली मेडिसिनस दिया 2 दिन में तीन दिन में यही निमोनिया है दो महीने में फिर वापस आएगा हम फिर दवा देना पड़ेगा सीवियरली आएगा सेकंड टाइम आवर बॉडी इज हैविंग एनफ एंटीबॉडीज हम आवर बॉडी इज हैविंग सो मेनी हेल्थ सिस्टम्स हम उसको चांस देना हम सेल्फ हीलिंग सेल्फ हीलिंग दैट इज अ ऑर्गेनिक लाइफ बोलते हैं उसको सो लेस मेडिसिंस क्वालिटी लाइफ इंप्रूव होने का चांस रहता ज्यादा मेडिसिनस हमारा लाइफ में भी स्पैन इंक इंक्रीज़ होने का चांस रहता क्वालिटी लाइफ इज़ आल्सो मैटर्स। एंड फोर्थ वन इज द बर्थ कंट्रोल पिल्स। हार्मोन पिल्स दैट पिल डिस्टर्ब द अदर
(13:16) हार्मोन्स। सो आपका हेल्थ को पूरा डिस्टर्ब करेगा। योर सिस्टम यस यस यस। एंड मेडिकेटेड प्रेगनेंसी इफ यू आर यूजिंग हार्मोंस और मेडिसिंस और इंजेक्शंस और आईवीएफ व्हाटएवर मे बी चांसेस ऑफ़ द रूट कॉज फॉर दिस टाइप ऑफ़ डिसऑर्डर्स। आई एम नॉट सेइंग दैट मेडिसिंस पूरा बंद करना बोलकर। लेकिन कॉशियसली मींस मेडिसिनस कब लेना कैसे लेना इट इज़ सोेंट नाउ अ डज़ इन इंडिया फॉर चिल्ड्रन सो मेनी मेडिसिंस यूजिंग अनवांटेड एक्चुअली मेडिसिंस कौन देना डॉक्टर देना हम नाउ पीपल आर टेकिंग डायरेक्टली फ्रॉम मेडिकल शॉप्स हम इट इज़ नॉट अ गुड आईडिया डॉक्टर दवा देना
(13:53) या नहीं देना कौन सा देना उसको पूरा स्टडी करके केस स्टडी करके जरूरत पड़ी तो देना नहीं तो नहीं देने का दैट इज़ इट इज़ अ डॉक्टर रेस्पसिबिलिटी आप मेडिकल शॉप में जाके कितना भी एंटीबायोटिक ले सकते हैं आप मेडिकल शॉप पे जाके कितना भी वैक्सीन भी ले सकते हैं। व्हाटएवर यू वांट यू कैन टेक इट। दीज़ आर द स्माल स्माल करेक्शंस वी नीड इट। सब लोग बोलते हैं मम्मी का तकलीफ से ऑटिज्म आया। फादर इज़ ब्लेमिंग टू मदर। इसका वजह से मेरे को मेरे बच्चे को ऑटिज्म आया। फादर टेकन मेडिसिंस बिफोर प्रेगनेंसी फॉर स्पर्म क्वालिटी। एजोस्पर्मिया एल्गोस्पर्मिया थे उसको। वो दवा से ये
(14:24) बच्चे को ऑटिज्म आया। लेकिन ब्लेमिंग मम्मी को कर रहा। एंड सेवंथ रीज़न इज़ द डिस्टर्बड ओवुलेशन एंड पीसीओडी प्रॉब्लम। सो दैट इज आल्सो वन ऑफ द मेजर रूट कॉज फॉर फॉर्मेशन ऑफ दी चाइल्ड। सो एथ रीज़न इज द मेंुअल डिस्टरबेंसेस। मेंुअल डिस्टरबेंसेस ज्यादा ब्लीडिंग होने का नहीं तो स्पेसमेटिक प्रेगनेंसी। एंड नाइंथ रीज़न इज़ द फीडिंग प्रेगनेंसी। फीडिंग प्रेगनेंसी मींस एक बच्चा को ऑलरेडी फीडिंग दे रहे हैं। हां हां। महीने में महीने में महीने अगेन प्रेगनेंसी को जा रहे हैं। मतलब जब तक बच्चे का फीड चल रहा है, मदर्स फीड चल रहा है। नहीं जाने का
(15:00) उस दौरान अगर एक और प्रेगनेंसी हो जाए तो वो ऑटिज्म में लीड कर सकती है। हां डिस्टरबेंस होता ऑटिज्म नहीं बोल सकते लेकिन फॉरेशन रहता है। हाउ मच गैप डू यू रेकमेंड बिटवीन टू प्रेगनेंसीज? टू इयर्स इज द मिनिमम। फोर इयर्स इज द मैक्सिमम। हम अगर फोर इयर्स से बड़ा है तो भी आपका सिस्टम डिस्टरबेंस होने का चांस रहता है। 10थ रीज़न इज द लेट प्रेगनेंसी एंड 11थ जेस्टेशनल डायबिटीज़ ड्यूरिंग प्रेगनेंसी। हेल्थ कंडीशंस ऑफ़ द पेरेंट्स बोथ हेल्थ कंडीशंस ऑफ़ द पेरेंट्स इज़ मोरेंट। 12थ रीज़न इज़ द मदर इज़ हैविंग अ फ्रीक्वेंट इनफेक्शंस ड्यूरिंग प्रेगनेंसी यूरिनरी
(15:38) इनफेक्शन और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन और [नाक से की जाने वाली आवाज़] बिफोर प्रेगनेंसी एक्जेक्टली दे टूक अ मेडिकेशन फॉर सम इन्फेक्शंस। हम अर्ली टाइम सपोज ओवुलेशन होने के टाइम पे ही कुछ दवा लिया हम हमारा सिस्टम डिस्टर्ब होते है देन वो टाइम पे प्रेगनेंसी गया दीज़ आर द 12 मेजर रीज़ंस आई फाइंड आउट इन ऑल कैटेगराइज्ड ऑल रीज़ंस आई सी देयर इज़ अ ग्राफ सो व्हिच इज द टॉप रीज़न थायराइड थायरॉइड इज़ द टॉप रीज़ ओह माय गॉड नाउ इट इज़ इंक्रीजिंग आपने ये जो 12 कॉजेस बताए हैं अब बहुत ज्यादा चांसेस हैं कि मोस्टली पेरेंट्स को इनमें से कुछ ना कुछ हो सकता है बट ऐसा तो
(16:14) नहीं है कि सबके के बच्चों में ही ऑटिज्म के ट्रेट्स होते हैं। सो ऐसा क्या है जो ऑटिज्म को ट्रिगर करता है? अनवांटेड अननेसेसरी वैक्सीनेशन। सो यू आर सेइंग वैक्सीनेशन बिकम्स अ ट्रिगर ट्रिगर करता है उसको। सो हाउ विल अ पेरेंट नो व्हिच वैक्सीन शुड बी गिवन टू माय चाइल्ड एंड गवर्नमेंट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया आप शिशु संक्षम केंद्र जाना बस लेना बस जो गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया दिया 15 वैक्सीनंस। दैट इजेंट 15 वैक्सीनंस इन थ्री इयर्स ऑफ द पीरियड यही फॉलो होना हम यू मीन ऑल अदर वैक्सीनंस व्हिच प्राइवेट हॉस्पिटल्स आर गिविंग टू न्यू बोर्न आर
(16:52) नॉट रिक्वायर्ड नॉट रिक्वायर्ड व्हाई यू वांट चिकन पॉक्स वैक्सीन व्हाई यू वांट [नाक से की जाने वाली आवाज़] टाइफाइड वैक्सीन दीज़ आर द बैक्टीरियल इशू टाइफाइड इज़ वैक्सीनस आर लाइफ थ्रेटनिंग इश्यूज के लिए वैक्सीन चाहिए द सेकंड इज़ रीज़न इज़ द अनवांटेड मेडिकेशंस इफ यू गिव मोर एंटीबायोटिक्स इम्युनिटी कम होके फिर वही बीमारी वापस आएगा। एनी बैक्टरियल इंफेक्शन और वायरल इंफेक्शन से डेज इज द इनक्यूबेशन पीरियड फॉर इंफेक्शन। उसको टाइम देना ही चाहिए। आप सेकंड डे ही उसको दवा दिया तो आपका इम्युनिटी बढ़ने का चांस नहीं रहता। सो इफ योर बेबी इज सिक लेट देम बी सिक।
(17:27) हम सेवन डेज देखना। ऑटोमेटिकली सेल्फ इम्युनिटी बढ़ेगा। इट इज अ वेरीेंट। गॉड गिवेन द इम्यून सिस्टम। इट्स वेरी ट्रिकी फॉर अ पेरेंट टू मेक अ चॉइस बिटवीन वेदर शुड आई गिव दिस मेडिसिन एंड फिक्स माय चाइल्ड्स प्रॉब्लम राइट मेडिसिन दवाने का जरूरत ही नहीं है व्हाई यू आर डूइंग मेडिसिन मेडिसिन इज नॉट कंपलसरी द नेचर इज गिवेन लाइफ टू यू हर बीमारी बॉडी के लिए अच्छे के लिए होता है एव्री प्रॉब्लम इट इज बिल्डिंग योर सिस्टम वो बीमारी हुआ तो आपका ताकत बढ़ेगा वो स्ट्रांग हो जाएगी वो बीमारी को हटा के आप दवा लिया तो आप स्ट्रांग नहीं होता आप
(17:58) ऑर्गेनिक का खाना खाएगा ऑर्गेनिक का पूरा हेल्थी डाइट खाएगा लेकिन दवा तो ज्यादा लेगा। सो यू मीन आज के टाइम पे भी सिर्फ ऑर्गेनिक ट्रीटमेंट से काम चल सकता है। चलना इंपॉर्टेंट है। अदरवाइज हमारा फ्यूचर जनरेशन डिस्टर्ब होता और ज्यादा होता प्रॉब्लम्स। हर बीमारी के लिए दवा नहीं लेना। अगर लूज मोशंस हुआ एक हफ्ता थ्री डेज फोर डेज इलेक्ट्रोल पाउडर दे दो। ओके? पानी ज्यादा पिलाओ। सो इफ यू आर गिविंग एंटीबायोटिक्स फॉर चिल्ड्रन। सो बॉडी में हेल्थी माइक्रोब्स पूरा डेथ हो जाएगी। एक इंफेक्शन के लिए यू आर किलिंग एवरी हेल्थी माइक्रोब्स। हम
(18:36) सो ऑल माइक्रोब्स आर सपोर्टिंग योर इम्यून सिस्टम। हम अनदर वन इज द सप्रेस्ड स्किन इशज़। सपोज बच्चों को ड्राई स्किन का कुछ कुछ इशज़ रहता है। स्किन प्रॉब्लम्स सपोज कुछ एग्जिमा हुआ बच्चों का एटोबिक डर्मेटाइटिस हुआ। सो उसको दवा नहीं देना। जस्ट कोकोनट ऑयल से नहीं तो नॉर्मल हेल्थी अोकार ऑइल व्हाटएवर ऑइल्स यू कैन यूज़ इट। क्योंकि टेंपरेरी होम रेमेडीज से कम होना वो। देयर इज़ अ रिलेशन बिटवीन द न्यूरोडर्म। एक्टोडर्म मींस स्किन न्यूरोडर्म मींस नर्वस सिस्टम। इसको रिलेशन रहता है। स्किन हेल्थ इशूज़ इज़ आल्सो कॉजिंग ट्रिगरिंग फॉर हाइपर
(19:13) एक्टिविटी। कैन एवरीथिंग बी ट्रीटेड विद कोकोनट ऑयल? नहीं, कोकोनट ऑइल ट्रीट नहीं करेगा। कोकोनट ऑइल इज़ नॉट ट्रीटिंग द प्रॉब्लम। हां, ट्रीटिंग एज कैन इम्युनिटी ही ट्रीट कर लेगा। टाइम दिया तो कईयों को बहुत एडवांस ज्यादा बहुत ज्यादा एक्सट्रीम हो जाता है और छोटे बच्चों में जब इतना ज्यादा हो इरिटेबल हो जाते हैं उनको इचिंग होती है क्रकी होते हैं रोता है तो अब अगर कोई बच्चा इस तरह इस तरह से प्रॉब्लम से गुजर रहा है तो हम क्या उसको होने दें उसके लिए आप होम्योपैथी में बहुत अच्छा मेडिसिन है एक्चुअली स्किन के लिए नॉर्मल नेचुरल
(19:47) बट इट विल टेक इट्स ओन स्वीट टाइम टाइम नहीं रहता होम्योपैथी इज सो फास्ट इफ यू आर कमिंग लेट टाइम टाइम लेगा। आप जल्दी आए तो जल्दी खत्म हो जाएगी। अनहेल्ी फूड हैबिट्स। दिस इज आल्सो वन ऑफ़ द ट्रिगरिंग फैक्टर। ओके? आप स्वीट्स ज्यादा दिया हम अगर अननेसेसरी अनवांटेड फूड ज्यादा दिया। एंड वन मोरेंट रीज़न इज द गट टिश्यूज़। आई सीन सो मेनी ऑटिज्म केसेस हम हम विदाउट गिशस का ऑटिज्म केसेस नॉर्मल रहता। थोड़ा आर्टिस्टिक रहता। इफ गट टिश्यूज़ ज्यादा हुआ तो उसका बिहेवियर ज्यादा हो रहा। सो यू मीन साइन ऑफ ऑटिज्म है बट वो इतना ज्यादा मैनिफेस्ट नहीं होता है।
(20:26) मैनिफेस्ट नहीं होता बाहर नहीं गट हेल्दी है तो गट है गट अच्छा है तो एटलीस्ट सपोर्ट करेगा कंट्रोल सिस्टम बट इन चिल्ड्रन हाउ डू यू आइडेंटिफाई वेदर देयर गट इज़ हेल्दी ऑर नॉट कॉन्स्टिपेशन सो स्लीप डिस्टरबेंसेस व्हाटएवर इवन नेल बेडिंग इज आल्सो गट दिस इज़ नॉट अ नेल बेटिंग नेल का प्रॉब्लम नहीं है बिकॉज़ ऑफ कैल्शियम हमेशा पानी पीना एव्री हाफ एन आवर चाइल्ड इज टेकिंग वाटर दिस इज आल्सो गट इशू। नॉर्मल वाटर अलग है। एव्री आधा घंटे में पानी लेना इट इज नॉट ए नॉर्मल। अनदर वन इज द फ्रीक्वेंटली ईटिंग। एव्री हाफ एन आवर इधर खाना खा लिया फिर खा रहे हैं।
(21:01) अनकंट्रोलेबल क्रेविंग इज़ आल्सो गट इशू बिकॉज़ ऑफ़ इंटरनल डिस्टरबेंस। व्हेन यू से अनहेल्ी फूड हैबिट्स, देयर आर सर्टेन बेसिक थिंग्स दैट वी नो एक्सेसिव शुगर ओर प्रोसेस फ़ूड। व्हाट एल्स? नाउ अ डेज, फ़ूड इज अवेलेबल इन एव्री टाइम इन होम। इट इज नॉट फिजिकल एनर्जी। क्रेविंग ज्यादा हो रहा है। एवरी टाइम यू आर गिविंग स्नैक्स टू योर चिल्ड्रन। सो डेफिनेटली इट इज इंपैक्टिंग ऑन अनस्टेबिलिटी। वन मोरेंट इज आल्सो मिल्क। गाय का मिल्क। एनिमल मिल्क नॉट टू गिव। हम हम बिकॉज़ इट इज़ अ प्रोडक्शन ऑफ़ हार्मोन सिस्टम। मम्मी का दूध ही देना बच्चों को।
(21:37) एक साल तक देना। बार-बार को खाना नहीं देना। बच्चों को टाइम फिक्स कर देना। वह टाइम पे खाना देना उसको। हैवी प्रोटीन फ़ूड नहीं देना। कंट्रोलोल्ड फूड इट्स अ गुड आईडिया फॉर आर्टिज्म चिल्ड्रन अगर ओकेशनली आइसक्रीम खाया ओकेशनली स्वीट खाया नो प्रॉब्लम चलेगा लेकिन वन डे टू डे रहता बस हम उसको परमानेंटली डिस्टर्ब नहीं करेगा सिस्टम को। सो इफ अ कपल हैज़ वन चाइल्ड हु इज़ ऑटिस्टिक अह व्हाट आर द चांसेस दैट देयर सेकंड चाइल्ड विल ऑल्सो बी ऑटिस्टिक। बिकॉज़ यू सेड इट्स मोर अबाउट द लाइफस्टाइल एंड हेल्थ कंडीशंस ऑफ़ द पेरेंट्स। सो सेम कपल,
(22:14) सेम हेल्थ कंडीशंस, सेम एनवायरमेंट डस दैट मीन ऑल देयर चिल्ड्रन विल हैव ऑटिस्टिक ट्रेट्स। हर बच्चे को ऑटिज्म आने का जरूरत नहीं है। जो डिस्टरबेंस हुआ प्रेगनेंसी टाइम पे प्रेगनेंसी के पहले ओके? सो फॉर सपोज फर्स्ट प्रेगनेंसी टाइम पे डिस्टरबेंस हुआ सम हेल्थ कंडीशन के वजह से और समदर एनी हेल्थ इशू ऑफ़ द फादर और मदर। हम फर्स्ट बच्चे में चांसेस रहता। सेकंड बच्चे में कंपलसरी आना बोल के नहीं है। सिंगल बच्चा रहता है ना पेरेंट को कंपलसरी दूसरा बच्चा चाहिए। उसको साथ में कोई आना फर्स्टेंट सिबलिंग्स आर वेरी मचेंट फॉर ऑटिज्म सपोर्ट
(22:53) इज इट पॉसिबल दैट व्हेन ट्विंस आर बोर्न देन वन है वन इज ऑटिस्टिक एंड अदर इज़ नॉन ऑटिस्टिक। सो ये दोनों बच्चे में एक आर्ट ऑटिस्टिक हो सकते हैं। एक नहीं हो सकते। ये बच्चा स्ट्रांग है तो कॉन्सिट्यूशनली फिजिकली आर्टिज्म से बाहर आ के नॉर्मल हो जाएगी। ये बच्चे सेंसिटिव है तो वीक है तो नॉर्मल है तो तो उसके रिस्क बढ़ जाएगा। रिस्क बढ़ जाएगा। ओके? सम केसेस इफ डीपर डिस्टरबेंसेस आर देयर। सो दोनों बच्चों को भी चांसेस रहता। हेल्प अस अंडरस्टैंड ऑटिस्टिक चाइल्ड बेटर। द कॉमन ट्रेड्स दैट वी नो आर दे स्ट्रगल विद कम्युनिकेशन। बट वी हैव आल्सो हर्ड दैट दे एक्सेल इन
(23:32) अदर एरियाज। वी हैव आल्सो सीन दैट इन मेनी केसेस दे आर एक्सेप्शनली इंटेलिजेंट। दे मे नॉट बी एबल टू फोकस ऑन टू मेनी थिंग्स बट इफ दे आर फोकसिंग ऑन वन थिंग दे विल एक्सेल इन दैट। सो फर्स्ट ऑफ़ ऑल इज दैट ट्रू? यस करेक्ट। एक बच्चा है मेरे पास ही नो द स्पेस रिलेटेड एवरीथिंग। टोटल सोलर सिस्टम। हम्म एक्सेप्शनल बट देयर इज़ नो कॉमन सेंस। सो बिकॉज़ ऑफ हाइपर एक्टिव ब्रेन द मोर फोकस 200% ऑन वन थिंग द जीरो% ऑन सराउंडिंग थिंग्स दैट्स व्हाई ऑटिज्म बच्चे एडी एच टी बच्चा बड़ा होने के बाद बहुत बड़ा सक्सेसफुल भी हो सकते हैं। जिन पेरेंट्स को आर्टिस्टिक बच्चा होता वो
(24:13) पेरेंट्स लकी होते हैं। व्हाई सो ऑटिज्म बच्चा इफ यू कंपेयर वि नॉन ऑर्टिस्टिक चिल्ड्रन ऑटिज्म चिल्ड्रन ऑटिज्म चिल्ड्रन शोइंग मोर लव एंड अफेक्शन ऑन पेरेंट्स। रियली नॉर्मल बच्चा दे आर नॉट केयरिंग अबाउट यू हमेशा मोबाइल में रहता हमेशा आपका बात नहीं सुनेगा दिस ऑटिस्टिक चिल्ड्रन ऑलवेज विथ यू हम ही इज सो मच ऑफ लविंग ऑन यू हम हम दे आर मोर अटैच्ड मोर इमोशनली अटैच्ड अटेंशन सीकिंग मम्मी इज मोरेंट फादर इज मोरेंट हमेशा आपका साथ में रहता आपका मूवमेंट में रहता आपका रहता है आप कितना भी प्यार करो आपको देख के तो खुश हो जाएगी कौन करेगा ऐसा दी बेबीज आर द गोल्डन
(24:51) बेबीज पेरेंट्स किन चीजों का ख्याल रखें? किस तरह का माहौल होना चाहिए? एक ऑटिस्टिक बच्चे के आसपास? क्राउड को देखे तो डरना। आई डोंट लाइक इवन टेबल को गए तो घंटा मारने में डर लगेगा। इट इज़ अ नर्वस सेंसिटिविटी। बाहर जाने के पहले उसको प्रिपेयर कर देना। हम बाहर जा रहे हैं। एक बार 10 बार बोले तो सुनेगा। दे अंडरस्टैंड व्हाट मम्मी टेलिंग। सो दे प्रिपयर्ड। अभी टेंपल जा रहे हैं। हम घंटा बजेगा। सो आप शांत रहो बोलकर ही प्रिपयर्ड। अनएक्सेक्टेड थिंग्स अन दिस इज अ इशू। एक्सपेक्टेड थिंग्स को आप प्रिपेयर करें तो कुछ नहीं होता। प्रिपेयर करना
(25:25) उसको। वन मोरेंट पॉइंट देयर इज अ डिफरेंस बिटवीन साउंड एंड म्यूजिक। साउंड अलग है या म्यूजिक अलग है? नॉइज़ एंड साउंड। साउंड साउंड सेंसिटिविटी रहता। नॉइज़ म्यूजिक सेंसिटिविटी नहीं रहता। हम म्यूजिक किताब भी बचा हो अच्छा रहता। मोस्ट ऑफ द ऑर्टिज्म बच्चों में मूविंग थिंग्स को अट्रैक्ट होता। क्या डिस्लेक्सिया भी ऑटिज्म के स्पेक्ट्रम में आता? नहीं आता। डिसगले मींस इट इज़ अ मेंटल एब्नॉर्मलिटी। लेटर्स उधर दिखना, इधर दिखना। इट इज़ कनेक्टिंग विजुअल सेंसिटिविटी। ओके? सो दैट्स अ डिफरेंट। दैट इज़ अ डिफरेंट। इट इज़ नॉट अ ऑटिज्म इज द ओनली अनकंट्रोलबल
(25:59) रेस्टलेसनेस। देयर इज़ नो मेमोरी प्रॉब्लम। मेमोरी बहुत अच्छा रहता ऑटिज्म बच्चों में। हम परफेक्ट मेमोरी रहता। हम कैलकुलेशंस परफेक्ट रहता। अगर किसी बच्चे को ऑटिज्म है तो उसके लिए कौन से करियर ऑप्शंस सजेस्टेड हैं? स्विमिंग, साइकिलिंग, फुटबॉल, ड्राइंग हम हम पेंटिंग अरेंजिंग थिंग्स सिस्टमेटिकली जो स्विमिंग नॉर्मल बच्चा करेगा इससे डबल ये करेगा इसको पसंद है। ओके इट इज कमिंग फ्रॉम मेंटल एनर्जी। व्हाट डू यू थिंक लोग एक ऑटिस्टिक चाइल्ड के बारे में सबसे ज्यादा मिसअंडरस्टैंड क्या करते हैं? सो मोस्ट ऑफ द पेरेंट्स आई हैव सीन दे आर फर्स्ट होपलेस। दे आर डिप्रेस्ड। पीपल आर
(26:43) शोइंग सिंपैथी। सिंपैथी करते इट इज़ अ गुड ओनली। बट देयर इज नो वे टू ट्रीट। सो सपोर्ट करना उसको थोड़ा उसको होप चाहिए, करज चाहिए। सो ऐसा होप क्रिएट करना इट इज़ आवर सोशल रिस्पांसिबिलिटी। कोई ऐसी एक्टिविटीज, हैबिट्स, लाइफस्टाइल जो एडीएचडी, ऑटिज्म के ट्रेट्स को सप्रेस करे। उसका बॉडी अनस्टेबल रहता। नर्वस सिस्टम नॉट स्टेबल रहता। हमेशा कुछ तो कुछ करना ही पड़ेगा। हम आप कितना भी स्पोर्ट्स करो कितना भी स्पोर्ट्स का जाइन करो नहीं तो कितना भी स्विमिंग का जाइन करो कितना भी बाहर चलाओ बाहर फिराओ उसका एनर्जी कम नहीं होता इट इज़ नॉट सो ईजी
(27:23) एनर्जी प्रोडक्शन इज़ कमिंग फ्रॉम माइंड हम इट इज़ नॉट कमिंग फ्रॉम बॉडी इट इज़ नॉट कमिंग फ्रॉम फूड इट इज़ नॉट कमिंग फ्रॉम नेचुरल वे इट इज़ जनरेटिंग हियर ये तकलीफ सो देयर इज़ अ पॉसिबिलिटी थ्रू होम्योपैथी ट्रीटमेंट इम्यूनोथेरेपी हम थ्रू होम्योपैथी से ट्रीट कर सकते हैं। तो एक्चुअली में क्या होम्योपैथी ऑटिज्म के सिम्टम्स को कंट्रोल करती है या फिर ऑटिज्म को ठीक करती है? सिम्टम्स को कलेक्ट करके मेडिसिन सिलेक्शन करके दैट मेडिसिन वर्क्स ऑन द सिस्टम। फर्स्ट केस टेकिंग फ्री केस टेकिंग होता हम सपोज एक एक पेरेंट आया। उसका पूरा हिस्ट्री लेके एक सीनियर डॉक्टर 15 20
(28:04) मिनट्स और हाफ एन आवर पूरा हिस्ट्री पेरेंट्स का बोथ पेरेंट्स का हेल्थ कंडीशंस प्रेगनेंसी में हेल्थ हिस्ट्री एंड बच्चों का जो थ्री इयर्स थे तीन साल में क्या-क्या हुआ आई एम लिसनिंग एव्री पेरेंट सैडनेस हम सो हमारा लाइफ अच्छे थे हम हम अच्छा शादी हुआ इवन फर्स्ट बर्थडे के टाइम पे मेरे बच्चे का बर्थडे आके हम एटलीस्ट 200 पीपल को बुला के पार्टी भी दिया फर्स्ट बर्थडे हम ओके लेकिन सेकंड बर्थडे को आर्टिज्म ही बोले क्या हो गया? व्हाट हैपेंड? ये 2 साल में आप क्या-क्या डिस्टरबेंस करें? उसको पूरा हिस्ट्री लेता हूं। देन आई विल फाइंड आउट
(28:37) दिस इज़ अ रूट कॉज, दिस इज़ द ट्रिगरिंग फैक्टर्स बिकॉज़ ऑफ़ दिस हैपेंड लाइक दैट। इफ एनी डॉक्टर नोज़ डिटेल हिस्ट्री एवरीथिंग दे फाइंड इट। केस टेकिंग नहीं मालूम होता। हम आजकल इंडिया में क्या हो रहा? पीपल आर मोर डिपेंडिंग ऑन डायग्नोस्टिक्स। हम बिफोर दिस डायग्नोस्टिक्स केस टेकिंग इज वेरी मचेंट। एंड केस टेकिंग इज अंडरस्टैंडिंग द हिस्ट्री। यस डॉक्टर कंपलसरी 95% डायग्नोसिस केस टेकिंग में ही होता। वो बच्चा का इनेशन चाहिए मेरे को। कैसे बिहेव करेगा? सुबह से शाम तक कैसे रहता? कब गुस्सा हो जाएगी? कब डर हो जाएगी? नींद कैसे रहता? खाना क्या खाएगा?
(29:15) उसका हेल्थ इश्यूज क्या है? क्या बीमारी चले बचपन से? तो जितने डाटा पॉइंट्स आपको देंगे एवरीथिंगेंट। उतना आई कैन कैलकुलेट देन सेकंड लेवल में मेरे कंसल्टेशन को आएगा पेरेंट्स से मेरे डाउट्स पूछेगा हम बच्चे को देखेगा हम देन आई प्रिस्राइब द मेडिसिन द मेडिसिन सिलेक्शन इज वेरी मचेंट मोर देन 200 मेडिसिनस आर देयर ओके इन होम्योपैथी सो माय रिस्पांसिबिलिटी टू फाइंड उसको कौन सा कॉन्स्टिट्यूशन रहता ओके ये 10 बच्चे में ये बच्चा क्या कॉन्स्टिट्यूशन है ये बच्चा क्या कॉन्सिट्यूशन है ये कौन है ये कैसे है वो उसका उसका वजह से ट्रीटमेंट रहता है।
(29:53) ओके। राइट मैपिंग उसको कौन सी दवा सूट करेगी? कौन सी दवा उसके लिए है वो उसको देना। कितना टाइम लेनी पड़ती है ये दवा? दो साल का बच्चा को लेके आए तो उसको टू इयर्स टाइम लगता। ओके। पूरा ट्रीट होने का। ओके। अगर सेम चाइल्ड 5 साल के बाद आए तो उसको थ्री फोर इयर्स लगता। 12 साल के बाद आए तो होम्योपैथी से नहीं होता। 12 साल के बाद माइंड पूरा डेवलप होता। फिजिकल बॉडी डेवलप होता। सेक्सुअल बॉडी डेवलप होता बॉडी। अच्छा। हार्मोन सिस्टम डेवलप होता आफ्टर 12 इयर्स के बाद। इन माय क्लीनिकल प्रैक्टिस 80% ऑल ऑफ चिल्ड्रन हर बच्चा नॉर्मल बच्चे हो
(30:31) चुके हैं। सो 80% 80% नॉर्मल इट इज़ नॉट अ बेटर बेटर अलग है नॉर्मल अलग है। आई एम नॉट ट्रीटिंग प्रॉब्लम। आई एम ट्रीटिंग सिस्टम। दैट इज अ माय कॉन्फिडेंस। आपके अभी तक के एक्सपीरियंस में आपने कितने बच्चों के साथ काम किया है अभी तक? मेरा 20 इयर्स प्रैक्टिस में एटलीस्ट 20,000 केसेस मैं सो दैट्स अ बिग नंबर। सो अर्ली टाइम पे थोड़ा ज्यादा फेलर्स थे। नौ सात साल से बहुत अच्छे सक्सेस रेट है। मींस इट इज़ अ वेरी हैप्पी मोमेंट एज अ डॉक्टर। किसी बच्चे की स्टोरी शेयर करना चाहोगे आप? एक बच्चा है पहले बात ही नहीं करते थे। उसका मम्मी लेके आए पहले।
(31:08) हम देन पूरा हिस्ट्री ले दवा दिया। फिर सेकंड टाइम थोड़ा बेटर हुआ। उसका फादर को बिलीव नहीं थे। सो एक साल के बाद उसका फादर आके सर मैं वो नहीं बोल रहा खुद मेरा बच्चा एक एक साल में बहुत अच्छा हुआ सर मैं बचपन में आई तो अच्छा होता था। अभी हमारा लेट हुआ आने का लेकिन फिर भी अच्छा है सर जब वो आपके पास आई थी तो उनकी क्या एज थी? उसको सिक्स इयर्स थे। तो बाय 10 इयर्स ऑफ हर एज वो एकदम नॉर्मल हो गया। पूरा नॉर्मल हो चुकी है। ट्रीटमेंट भी खत्म हो गया। अभी अभी मैं एक ही बोले उसको पूरा ये बच्चा ठीक हो जाएगा। ये बच्चे को आप होम्योपैथी पढ़ाना। होम्योपैथी पढ़ा के
(31:44) यही लड़की दूसरा ऑडिटिज्म बच्चों को ट्रीट करना सोशल रिस्पांसिबिलिटी आपके लिए सबसे चैलेंजिंग कौन सा केस रहा कौन सा बच्चा जिसमें आपको सबसे ज्यादा चैलेंज आया हो बट उसमें भी आपको रिजल्ट्स बहुत अच्छे मिले एक पेशेंट है वो पेशेंट हमेशा खुद मारते थे फोर्सबली मॉर्निंग टू नाइट खुद मार के मार के हाथ पूरा हार्ड हो गया इधर पूरा लाल हो गया ऐसा कुछ भी करो थोड़ा इरिटेशन थोड़ा हवा होता है मारने को। ओह माय गॉड। आई नेवर सीन लाइक दैट केस। आपने समझा क्या पहले उसके केस के बारे में? सो सेल्फ इंजरी सेंसिटिविटी टू एवरीथिंग इंपेशेंट ओवर सेंसिटिव विथ इन सिक्स मंथ्स
(32:26) पूरा सेल्फ ईटिंग बंद हो गया। आराम से बैठे। कंसंट्रेशन थोड़ा हुआ, स्टेबिलिटी थोड़ा हुआ। 180 20% का। इस तरह के जब बच्चे कुछ ऐसा बिहेवियर करते हैं, अग्रेसिव बिहेवियर, इंटेंस बिहेवियर तो ऐसे में पेरेंट्स को क्या करना चाहिए? एक ही रहता बच्चों को कंट्रोल करना। वन इज द लव एंड अफेक्शन। अनदर वन इज द डराना। उसको उसको नहीं मारना। मारे तो फिर वायलेंट हो जाएगी। हम जिद्दी हो जाएगी। उसको डरा के इनडायरेक्ट फियर हम एक्सप्रेस करा के उसको कंट्रोल करना। दैट इज़ अ वनेंट थिंग। यू आर सेइंग बोथ आरेंट। बोथ आरेंट। बच्चों को डराना इज़ आल्सो वैरी
(33:05) मचेंट टू मेकिंग कंट्रोल हिम। उसके साइकोलॉजी के लिए क्या ये सही है? इस तरह से डराना मतलब नहीं डराए तो कंट्रोल नहीं होता ना दोनों मिक्स नहीं करना एक बार डराने के बाद फिर इमीडिएट प्यार नहीं दिखाना एक बार प्यार दिखाने के टाइम इमीडिएट डराना नहीं मिक्स करे तो बच्चा मालूम होता है मम्मी कैसे तो भी मेरे को फिर प्यार करेगा और ज्यादा करेगा इट इज़ ट्रेनिंग पार्ट इट इज़ टेंपरेरी जो ऑटिज्म में हम यूजुअली देखते हैं स्पीच थेरेपी लैंग्वेज थेरेपी इन सब का क्या रोल है थेरेपी सर इट इज़ ओनली सपोर्टिंग सिस्टम ट्रेनिंग सिस्टम कि कैसे ट्रेनिंग करें
(33:36) उसको ऐसे ही रिप्लाई दे देगा प्योर में हेल्प नहीं कर सकते लेकिन सपोर्ट जिस स्टेबिलिटी में थोड़ा फोकस में हेल्प करती है। करते इट इज़ ओनली सपोर्टिंग सिस्टम ट्रेनिंग पार्ट इट वोंट ट्रीट प्रॉब्लम। कुछ पेरेंट्स जब देखते हैं अपने बच्चों में कुछ इस तरह के उनको साइन या सिम्टम्स दिखते हैं ऑटिज्म के तो फिर वो ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट लेते हैं। क्या ये रिलायबल होते हैं? ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट में इतना परफेक्ट नहीं रहता। इट इज़ नॉट एट ऑल अ गुड आईडिया। क्या रिस्क है उसमें? क्या रिस्क है? बोले तो रॉन्ग में जाएगा। भाई नॉर्मल बच्चे को भी आर्टिज्म दिखा
(34:05) सकते हैं। आर्टिज्म बच्चे को नॉन आर्टिज्म बोल के भी दिखा सकते हैं। अगर आप अच्छा फिजिशियन आपके घर के पास है तो एक पेडिटिशन और न्यूरोलॉजिस्ट हु एवर मे बी और एनी गुड डॉक्टर सो उसके पास एक आधा घंटा डिस्कस करें तो वो बोलेगा पूरा क्लीनिकल डायग्नोसिस इज़ मोरेंट देन द स्क्रीनिंग डायग्नोसिस। अगर एक बार ऑटिज्म ट्रीट हो जाए तो क्या इसमें रिग्रेशन भी पॉसिबल देयर इज अ मेडिसिन इन एलोपैथी रेस्पिडॉन बोल के वो नींद के लिए दवा देते हैं। वो दवा देने के बाद उसका नींद अच्छा आएगा लेकिन उसका बिहेवियर सुबह बढ़ेगा। ओके एंड खाना भी ज्यादा खाएगा। वो दवा आप बंद
(34:43) करें तो पूरा वापस आएगा। टेंपरेरी सिम्टमेटिकली ट्रीटमेंट। ओके? इट इज़ नॉट ए रूट लेवल ट्रीटमेंट। खाने का वजह से भी रिग्रेशन हो सकते हैं। ज्यादा स्वीट्स दिया तो सुबह से शाम तक पूरा खाना दे के उससे भी रिग्रेशन हो सकते हैं। अच्छा एंड वन मोरेंट पॉइंट इज द कॉन्स्टिपेशन का वजह से भी रिग्रेशन हो सकते हैं। मोशन प्रॉब्लम दीज़ आर द रिग्रेशन चांसेस ऐसा। सो अगर आप कह रहे हो कि हम ट्रीटमेंट चल रहा है, प्रोग्रेस हो रही है। बट अगर ऐसे में उसका कुछ डाइट लाइफस्टाइल की वजह से गट अफेक्ट होता है तो वो रिग्रेशन दिख सकता है। चांसेस रहता है। टेंपरेरी वो भी टेंपरेरी
(35:20) रहता है। लेकिन फिर मोशन नॉर्मल होने के बाद फिर नॉर्मल हो जाएगी। डॉक्टर मैंने कई जगह पे पढ़ा सुना देखा है कि ऑटिज्म के केस में ना रूटीन और प्रिडिक्टेबिलिटी बहुत सपोर्ट करती है। इज दैट ट्रू? एंड इफ यस देन व्हाई एंड हाउ? इट इज वन टाइप ऑफ ट्रेनिंग बट अगेन इट इज नॉट गोइंग टू ट्रीट फिक्सेशन रहता है थोड़ा बच्चों में ये ग्लास ऐसे ही रहना ओ इधर तो दे डोंट लाइक ये रिमोट उधर ही रहना इधर है तो दे डोंट लाइक दीज़ आर द मेंटल फिक्सेशन जो माइंड में फिक्स हुआ हम ऐसे रहता दिस इज़ आल्सो वन ऑफ़ द बिहेवियरल इशू आई सीन इन ऑटिज्म केसेस अच्छा वो चेंजेस नहीं एक्सेप्ट करना
(35:57) दे डोंट एक्सेप्ट तो ये जो भी आपने पैटर्न्स और बिहेवियर्स बताए अब विद ऑल दीज़ थिंग्स हाउ डस अ चाइल्ड विद ऑटिज्म लिव विद अदर चिल्ड्रन हु डोंट हैव ऑटिज्म ट्रेट्स। कैसे? जैसे स्कूल जाना है या सोशली इनवॉल्व होना है, खेलने जाना है तो ऐसे सेटअप में इस तरह का बच्चा किस तरह से सर्वाइव करता है या क्या टिप्स हैं? आर्टिज्म बच्चों को एडीएचडी बच्चों को स्पेशल स्कूल्स चाहिए। हम स्पेशल टीचर चाहिए। शैडो टीचर बोलते अगर ये आर्टिज्म बच्चा नॉर्मल बच्चों में साथ के पास बैठे तो उन्होंने नहीं सीखेगा उसके पास अटेंशन नहीं रहता जस्ट इट इज़ लाइक ए
(36:37) डोल व्हाट डू यू थिंक इंडिया में है इनफ स्कूल जनरली इन अमेरिका इन एव्री स्कूल 6% ऑफ ऑडिटिज्म बच्चों का कंपलसरी लेना रूल है इंडिया में भी सो ऑर्टिज्म पेरेंट्स को सपोर्ट चाहिए हम फ्रॉम गवर्नमेंट फ्रॉम स्कूल्स फ्रॉम सोसाइटी एवरीबडी इस शोइंग सिंपथी एवरीबडी शोइंग एम्पथी व्हाटएवर में भी दीज़ आर नॉट गोइंग टू हेल्प परमानेंटली ऑफकोर्स उसको सपोर्ट चाहिए। इट इज़ नॉट एट ऑल ये देयर मिस्टेक का वजह से नहीं हुआ। उसको सपोर्ट करना हमारा रिस्पांसिबिलिटी है। शुरुआत में डिस्कस किए थे सारे फैक्टर्स कॉजेज़ और ट्रिगर्स भी। अब मैं जानना चाहती
(37:13) हूं कि किस तरह से ऑटिज्म को प्रिवेंट किया जा सकता है। एक मैरिड कपल जब बेबी प्लानिंग करता है क्या उसी वक्त उसी टाइम पे उसी स्टेज में कुछ ऐसी चीजों को अपने माइंड में रखें या कुछ इस तरह के हैबिट्स रिचुअल्स रूटीनंस को फॉलो करें जिससे वो अपने होने वाले बच्चे में ऑटिज्म एडीएचडी हाइपर एक्टिविटी इस तरह के जो भी ट्रेट्स आजकल बहुत कॉमन होते जा रहे हैं उन्हें अभी से प्रिवेंट कर ले ऐसा कुछ किया जा सकता है इज दैट पॉसिबल इंडिया में क्या होता प्लंड प्रेगनेंसी नहीं रहता हम शादी के बाद एक महीने में प्रेगनेंसी को जाएगा
(37:56) दो महीने में प्रेगनेंसी जाएगा क्लाइंट प्रेगनेंसी इज़ेंट सिक्स मंथ्स पहले प्रेगनेंसी को जाना बोल के सोचना उसके पहले फिटनेस मेंटेन करना डाइट मेंटेन करना वेट कम कर देना डिलीवरी होने के बाद भी अननेसेसरी अनवांटेड वैक्सीनस को अवॉइड करना प्रेगनेंसी टाइम पे ज्यादा दवा नहीं लेना अगर कुछ बीमारी हुआ कुछ वायरल इनफेक्शन हुआ एटलीस्ट फोर मंथ्स गैप देना सो ओवुलेशन प्रोसेस अच्छा बनना परफेक्ट रहना, फर्टिलिटी परफेक्ट रहना बोले तो दिस कॉम्बिनेशन इज़ेंट। स्लीप इज़ आल्सो वैरी मचें। नींद अच्छा चाहिए। लेट मैरिज इज़ भी वन ऑफ़ द रीज़न हियर।
(38:27) हम हम बहुत लेट हुआ। 35 इयर्स का मैरिज हुआ। सारे डिप्रेशन डिप्रेशन 35 इयर्स तक आएगा। हम फिर ये डिप्रेशन ये मेंटल एक्टिविटी ऑफ़ द पेरेंट्स बच्चों के डिस्टरबेंस का कारण रहता है। सो बेसिकली अपने सिस्टम को पहले सिंक में रखना, हेल्दी रखना, क्लीन रखना। ताकि जब आपका कोई ऑफस्प्रिंग आ रहा है तो उसको एक अच्छा एक अच्छी बिगिनिंग मिले। यस। एक्चुअली इंडिया में क्या होता है? मेजरली 95% सिज़ेरियन सेक्शन रहता है। हम व्हाई? बिकॉज़ आवर बॉडी इज नॉट सपोर्टिंग फॉर नॉर्मल डिलीवरी। नॉर्मल डिलीवरी इज़ेंट। इट इज़ अ नेचर सिस्टम। एक बार आप नॉर्मल डिलीवरी हो गए तो आपका
(39:08) पूरा मस्कुलर सिस्टम, बॉडी सिस्टम, हार्मोन सिस्टम, एवरीथिंग परफेक्ट रहता है। इट इट इट इट गिव्स गुड हेल्थी लाइफ। हम वो एक्सपीरियंस नहीं मिल रहा। सो डॉक्टर्स भी वेट नहीं कर रहा। खाली कट कर रहा है। बाहर निकल रहा है। किस तरह से डिलीवरी हो रही है? क्या ये भी असर करता है कि बच्चे का न्यूरोलॉजिकल कंडीशन नहीं नहीं लास्ट मोमेंट में जो भी हुआ थोड़ा पेरेंट्स पूछेगा सर हमारे बच्चे को वो सिर लॉक थे। उसको निकालने में थोड़ा वैक्यूम लगाया। उसका वजह से कुछ हुआ तो ऐसा नहीं होता। लास्ट मोमेंट लास्ट स्टेज में नहीं होता। हम इट इज़ इंटरनल डिस्टरबेंससेस। फर्स्ट थ्री
(39:43) मंथ्स इज़ अ मेजर पार्ट। ओके नर्वस सिस्टम माइंड डिस्टर्ब डेवलपिंग पार्ट प्लस ये रहता है ना इंडिया में पिल्स डालते हैं पीरियड्स बंद करने के लिए भगवान के पास जाना है तो दे विल टेक ए सम हार्मोनल पिल्स टू प्रिवेंट पीरियड्स राइट देन नेक्स्ट मंथ प्रेगनेंसी जाएगा आप लोग दवा लिया फिर उसको एटलीस्ट फोर टू फाइव मंथ्स टाइम देना बिकॉज़ इट दिस हार्मोन डिस्टर्ब द रेगुलर हार्मोन्स आल्सो फर्टिलिटी इज़ द नेचर सिस्टम इट इज़ आवर रेस्पोंसिबिलिटी राइट इट इज़ कमिंग फ्रॉम जनरेशन जनरेशन जनरेशन अब तक आया अभी नहीं अबका नहीं है हम सो इसको केमिकल्स का मेडिसिन से डिस्टर्ब
(40:22) नहीं करना दिस इजेंट लेट्स से अगर किसी पेरेंट को आज पता चलता है कि उनके एक दो साल के बच्चे को ऑटिज्म है तो अगले 30 दिन उनको क्या करना चाहिए क्या अप्रोच होना चाहिए उनका फर्स्ट व्हेन द डायग्नोसिस सडनली टू इयर्स में उसको सडनली डायग्नोसिस हुआ ऑटिज्म है बोल के बोले तो अभी क्या सोचेगा पूरा ऑनलाइन में सर्च करेगा इधर सर्च करेगा करेगा इधर जाएगा इधर जाएगा मींस ठीक है एवरीथिंग बट कंपलसरी होम्योपैथी डॉक्टर का एडवाइस लेना जरूरी है हम ये चीज लास्ट में आता चार साल के बाद आता 5 साल के बाद आता हम यही पहले 2 साल के टाइम पे आए तो उसको
(40:58) ट्रीट करने में इजी रहता हम दिस इज अ मिस्टेक सो मेनी पेरेंट्स आर डूइंग मे बी होम्योपैथी में बिलीव नहीं रहता होम्योपैथी मालूम नहीं रहता 2 साल के बाद यही पेरेंट होम्योपैथी के पास तो दैट इज़ेंट यू कैन गो फॉर काउंसलिंग यू कैन गो फॉर डायग्नोसिस यू कैन गो व्हाटएवर देयर सो दैट होम्योपैथी को भी थोड़ा जगह देना ही पड़ेगा थिंक अल्टरनेटिव एक ही तरफ से नहीं सोचना सो अल्टरनेटिव सिस्टम्स आर देयर अल्टरनेटिव थिंग्स आर देयर अल्टरनेटिव सपोर्ट इज देयर उसके बारे में ज्यादा सोचना आप ऑनलाइन कंसल्टेशन देते हैं जनरली फॉर अब्रॉड पेशेंट्स के लिए ऑनलाइन
(41:32) कंसल्टेशन रहता बेसिकली आई एम फ्रॉम हैदराबाद ओके एव्री सैटरडे संडे आई विल सी हैदराबाद फ्राइडे सैटरडे संडे एंड आई विल विजिट वंस इन सिक्स मंथ्स दिल्ली वंस इन सिक्स मंथ्स बॉम्बे वंस इन सिक्स मंथ्स पुणे। सर मेरी आज की जो बिगेस्ट लर्निंग थी या जो मेरा टेक अवे था वो मैं ऑडियंस के साथ शेयर करना चाहूंगी। मुझे ये समझ में आया कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। इट्स जस्ट अ कंडीशन जिसे हम जितना ट्रिगर करेंगे यह उतना ज्यादा एक्सप्रेस होगी। और जितना हम नेचर से जुड़े रहेंगे। जल्दी से जल्दी हम इसको ट्रीट करने की तरफ जाएंगे। हम जितना अपने एक्शंस, अपनी डाइट, अपने
(42:11) एनवायरमेंट उन सब चीजों को कंट्रोल में रखेंगे, उतनी ही जल्दी ये ट्रीट भी हो जाएगी। ये ट्रीटेबल है। सो आई थिंक दैट्स माय बिगेस्ट लर्निंग फ्रॉम टुडे एंड थैंक यू सो मच फॉर दैट। आई वुड आल्सो रिक्वेस्ट ऑल द लिसनर्स टू शेयर व्हाट दे लर्नड। आज उन्होंने क्या सीखा प्लीज हमें कमेंट में जरूर बताएं। एंड थैंक यू सो मच फॉर ऑल द नॉलेज दैट यू। थैंक यू गुंजन जी। बहुत अच्छा कर रहे हैं आप। इट इज अ ग्रेट रेस्पोंसिबिलिटी टू एव्री मदर टू नो अबाउट आर्टिज्म एंड एडीएचडी। एजुकेशन इज मोरेंट। सो दी डिसऑर्डर्स को आर्डर करना ही हमारा रिस्पांसिबिलिटी है।
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