Rich Aunties की Secret Life 😱 Kitty Party या S* x Party? | Private Detective Sanjeev Deswal Revealed
Author Name:True Talks
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Title: Rich Aunties की Secret Life 😱 Kitty Party या S* x Party? | Private Detective Sanjeev Deswal Revealed
Author Name: True Talks
Description: क्या Kitty Parties के पीछे कोई और कहानी भी छिपी हो सकती है? क्या Private Detective की investigation में ऐसे shocking cases सामने आते हैं, जिनकी लोगों ने कभी कल्पना भी नहीं की?
इस podcast में Private Detective Sanjeev Deswal अपने investigation experience से जुड़े कई चौंकाने वाले मामलों पर बात कर रहे हैं।
इस episode में जानिए:
🔎 Kitty Parties और alleged secret meetups से जुड़े investigation cases
🕵️ Extramarital Affairs और Matrimonial Investigation की सच्चाई
🚨 Honey Trap और Blackmailing के खतरनाक जाल
💰 करोड़ों रुपये की मांग वाले कथित blackmailing cases
📱 Online Scams में लोगों को कैसे निशाना बनाया जाता है
🎥 Investigation में CCTV, Digital Records और Evidence की भूमिका
क्या हर शक के पीछे कोई सच्चाई होती है? जानिए इस दिलचस्प बातचीत में।
वीडियो को अंत तक देखें और कमेंट में बताएं कि आपको इस episode का सबसे shocking हिस्सा कौन-सा लगा।
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Note: इस वीडियो में चर्चा किए गए मामलों और आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
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⏱️ *Timestamps*
00:00 – Shocking Cases का Trailer | Podcast Highlights
02:03 – India के “James Bond” Private Detective का Introduction
04:03 – Nithari Case और Investigation पर सवाल
06:21 – Surinder Koli जुड़े संभावित कारणों पर चर्चा
09:04 – शादी के बाद Extramarital Affairs क्यों होते हैं?
10:50 – Physical Relationship और Emotional Affair में अंतर
12:10 – Matrimonial Investigation: शक से शुरू हुई जांच
14:19 – पत्नी की Investigation और चौंकाने वाले खुलासे
16:15 – Divorce Case में Evidence कितना जरूरी है?
18:03 – Investigation में GPS और Hidden Camera का इस्तेमाल
21:39 – Hotel और Spa Centres से जुड़े कथित Rackets
23:28 – Matrimonial Investigation में सामने आए चौंकाने वाले मामले
24:07 – Hidden Camera और Blackmailing का कथित खेल
25:41 – Honey Trap: अमीर लोगों को कैसे फंसाया जाता है?
26:20 – Fake Identity और Video Call Scams
27:48 – एक हाई-प्रोफाइल डॉक्टर Honey Trap में कैसे फंसा?
30:23 – कथित Blackmailing और करोड़ों रुपये की मांग
33:31 – Blackmailing Case में Evidence की Chain कैसे बनाई गई?
35:42 – Sting Operation और Police Investigation
38:05 – करोड़ों की कथित Extortion के मामले में कार्रवाई
40:31 – Bachelor Parties और Gigolo Industry की सच्चाई
42:01 – Gigolo Scams: युवाओं को कैसे निशाना बनाया जाता है?
44:03 – विदेश में नौकरी का लालच देकर ठगी
45:03 – बेटे की Lifestyle पर शक और Private Investigation
45:33 – Farmhouse Investigation की कहानी
48:31 – Muskan-Sahil Drum Case पर चर्चा
55:08 – Sushant Singh Rajput और Disha Salian Case पर बातचीत
57:33 – CCTV, Bank Records और Digital Evidence की भूमिका
🌟 About Our Guest:
Detective Sanjeev Deswal is a seasoned private investigator with years of experience solving complex prematrimonial, postmatrimonial, corporate, and high-profile criminal cases. Known for his sharp observation, psychological insight, and discreet investigative methods, he has worked on some of India's most sensitive and mysterious cases — from relationship frauds to political surveillance and digital scams.
Guest Contact:
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अगर आपको ऐसा Part 2 चाहिए, Comment में लिखो “PART 2”
Disclaimer:
The opinions expressed in this podcast are solely those of the guest and do not necessarily represent the views of the host. The discussion is intended for informational and educational purposes. Statements and interpretations discussed during the podcast should not be treated as definitive findings regarding any individual case unless established by competent authorities.
Transcript:
(00:00) फिजिकल आप अपने हस्बैंड के साथ हैं। मेंटली आप किसी और के साथ हैं। एक ही बेडरूम में बैठे हुए और दोनों तो ज्यादातर वो अपने दोस्तों के ही कमरों [संगीत] पे जाते हैं। [संगीत] लड़कियों के केसेस बहुत आ रहे हैं एक्स्ट्रा मेटल अफेयर के। लड़कियां आजू लोगों को बुलाती है मेरी बॉस किसी पार्टी [संगीत] के नाम पर रैकेट चल रहा है। बड़े-बड़े शहरों में ना होटल और स्पा सेंटर खोले जा रहे हैं। प्री मैट्रिमोल केसेस के अंदर गरीब लड़की लड़कियां [संगीत] छोटे शहरों से आई लड़कियां रैकेट में फंसी एक नामी डॉक्टर के ऑफिस में पहुंचती है हॉस्पिटल में। चार
(00:38) दिन के बाद एक वीडियो भेजी [संगीत] लेकिन कि यह आपने मेरे साथ गलत किया था और मेरे पास यह पूरी वीडियो है। अब डॉक्टर साहब परेशान यह तो कोई ब्लैकमेलर रैकेट है। अब मैं बर्बाद करता हूं। सुबह के टाइम 4:00 बजे लेडी को उसकी लोकेशन देखी [संगीत] पुलिस ने इमीडिएट लोकेशन और उसको वहां से उठा लिया। 19 बच्चों का आदमी बाहर घूम रहा है। धारिया दुकान [संगीत] क्यूज थे सुरेंद्र कोहली। अब क्यों करा इन्होंने? क्या पीछे कोई बड़े लोगों का इसमें अभी भी हाथ है? जब वो निर्दोष साबित हो गया तो उसको अपना नाम क्यों बदलना पड़ा? हरिद्वार में जाके
(01:08) चाय की दुकान खोलकर ऐसा [संगीत] काम क्यों करना पड़ा? तो क्या पुलिस ने काम इतना ठीक तरीके से नहीं किया? केस है सुशांत सिंह राजपूत जी का और उनकी जो पहली मैनेजर थी दिशा साल का क्या लिंक है और क्या सच है आज पूरी जनता को बताओ आप। दिशा सालन ने अपने माता-पिता को एक लेटर दिखाया था कि वहां पे ड्रग्स भी कंज्यूम किए जाते हैं कि उन्होंने 100 नंबर पर कॉल भी [संगीत] किया था। वो 100 नंबर पर पूरी कॉल नहीं हो पाई थी। फोन कट गया था। लेकिन वहां इतने बड़े लोग थे कि उनमें से अगर एक दो लोग यह बोले कि जो इस कमरे में हुआ है इस कमरे का अंदर रह जाएगा कोई कुछ नहीं
(01:40) बोलेगा क्योंकि उस [संगीत] कमरे की वीडियोस नहीं आई कभी। गाइस जो हमारे आज के गेस्ट हैं उनको इंडिया का जेम्स बॉन्ड कहा जाता है। इनके पास 35 प्लस इयर्स का एक्सपीरियंस है और इन्होंने ऐसे-से शॉकिंग केसेस को सॉल्व किया है एज अ प्राइवेट डिटेक्टिव जो शायद पुलिस भी नहीं कर पाई। केसेस की अगर मैं बात करूं जैसे सेलिब्रिटी केस सुशांत का हो गया या सेफ अली खान पे जो अटैक हुआ था वो हो गया। पर्सनल केसेस की बात करूं तो किसी की प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन हो या हनी ट्रैप हो या प्रॉस्टट्यूशन के केसेस हो। तो इस पॉडकास्ट में इन्होंने ऐसे बहुत
(02:17) सारे शॉकिंग केसेस के बारे में बताया जिनकी स्टोरी यहां से यहां सीधा ट्विस्ट हो गई। चाहे वह दिशा सलानी का केस हो जो सुशांत की मैनेजर थी या निठारी गांड हो या फिर आजकल किड्डी पार्टीज में कैसे फीमेल्स रिगोलोस को बुलाती हैं और पार्टीज करती हैं। भाई ये कन्वर्सेशन में मैं खुद इतना शॉक हो चुका था कि आजकल ऐसा ऐसा भी हो रहा है। आज जो गेस्ट हमारे साथ है उनका नाम है संजीव देशवाल जी जो कि एक प्राइवेट डिटेक्टिव हैं और प्रेसिडेंट है प्राइवेट डिटेक्टिव एसोसिएशन के। पूरे इंडिया में सिर्फ यही हैं जो यहां तक पहुंचे हैं। आई एम श्योर इनको आपने कहीं ना कहीं न्यूज़
(02:48) चैनल या कोई इंटरव्यू में जरूर देखा होगा। तो गाइस, बिना कुछ टाइम वेस्ट किए इस पॉडकास्ट को शुरू करते हैं और गूस बम्स के लिए आप रेडी रहना। सर, बहुत-बहुत स्वागत है आपका हमारे पॉडकास्ट में। थैंक यू। आप स्पेशली आए हमारे लिए वो बड़ी बहुत बड़ी बात है। तो सर आज आपने मैंने देखा आपके सारे पॉडकास्ट देखे। आपने मतलब क्या-क्या केसेस बताए हैं और मतलब इतने शॉकिंग केसेस चाहे सेलिब्रिटीज हो या मतलब जो भी अभी केसेस चल रहे हैं के जो फॉर एग्जांपल निठारी तो सब आपने सब पे काम किया है तो बट इस पॉडकास्ट में आई वांट कि आप ऐसी चीजें बताओ जो आज तक किसी भी पॉडकास्ट में नहीं
(03:25) होनी चाहिए। पूरी कोशिश यही होगी। और सर मतलब आपने जो मेरे को पहले बताया ना कि ये ये चीजें तो आप सब ऑडियंस को बता देना। मतलब मेरी पूरी कोशिश होगी कि वो केस बताया जाए जो और पडकास्ट पे नहीं सच में गाइस मतलब नेक्स्ट लेवल सर ने बताया मैं खुद शॉक हो गया था तो पडकास्ट को एंड तक देखना ये पडकास्ट मतलब तुम्हारे लाइफ का बेस्ट पॉडकास्ट होने वाला है तो सर स्टार्ट करते हैं फर्स्ट क्वेश्चन से बिल्कुल बिल्कुल सर फर्स्ट क्वेश्चन है एक केस था निठारिया बहुत फेमस केस था नोएडा का सर इसमें जो एक्यूज थे सुरिंदर कोहली उन्होंने पूरी सजा काट ली ठीक है पर अब उन्होंने थोड़े
(03:59) दिन पहले कर लिया तो वही क्वेश्चन उठ रहे थे कि यार इन्होंने अब तो पूरी सजा भी काट ली। अब तो सारे मतलब इनके वो वो भी पूरी हो चुकी है। पर अब क्यों करा इन्होंने? क्या पीछे कोई बड़े लोगों का इसमें अभी भी हाथ है? क्या ऐसी-जसी चीजें मतलब बोली जाती हैं कि बच्चों के साथ कुछ और हो रहा था जो बड़े जिसमें बड़े लोग भी इनवॉल्व थे। तो सर क्या है इस केस की पूरी सच्चाई? मतलब सब जानना चाहते हैं। देखिए होता क्या है तरुण जी कि सुरेंद्र कोहली एक मुलजिम है या नहीं था? सुप्रीम कोर्ट ने तो अपनी तरफ से क्लियर कर दिया। हां। लेकिन इनके बाद एक सवाल खड़ा हो जाता है
(04:32) कि क्या वहां जो 19 बच्चे या बच्चियों की हुई और उनकी बॉडी डी5 कोठी के पीछे मिली और वो डी5 कोठी में काम सुरेंद्र कोहली कर रहे थे। अब क्या उन बच्चों की नहीं हुई? अगर हुई तो कोई तो होगा। राइट सर। तो क्या हम यह समझे कि यहां पुलिस फेल हो गई हम या गलत पकड़ लिया। क्योंकि अगर ये साबित नहीं हुआ सुप्रीम कोर्ट के अकॉर्डिंग हम तो इसका मतलब भी घूम रहा है। राइट राइट तो ये तो अपने आप में बड़ा खतरनाक सवाल हो गया कि भाई फिर वो 19 बच्चों का हथिया आज भी बाहर घूम रहा है। राइट और अगर सुरेंद्र कोहली था और उसको सजा नहीं मिली हम और निर्दोष साबित हुआ सुप्रीम कोर्ट से
(05:15) हां तो क्या पुलिस ने काम अपना ठीक तरीके से नहीं किया। क्या इन्वेस्टिगेशन में काफी लूप होल्स रह गई? हम क्या एविडेंस ढंग से नहीं लगाई गई? यह सवाल तो खड़ा होता है और खड़ा होगा क्योंकि अगर पकड़ा था तो उसे सजा क्यों नहीं हुई? और एक हत्या नहीं है यहां पे दो हत्या नहीं है। यहां पे 19 हत्या वो भी बच्चों की और वो भी बच्चों की और अगर सुनील सुनील कोहली या सुरेंद्र कोहली नहीं था तो इसका मतलब जो था वो आज भी बाहर घूम रहा तो भी पुलिस का फेलियर है। राइट? अब बात आती है कि जब वो निर्दोष साबित हो गया तो उसको अपना नाम क्यों बदलना पड़ा? हरिद्वार में जाकर चाय की
(05:53) दुकान खोलकर ऐसा काम क्यों करना पड़ा? और फिर एक दिन उसको लगता है कि नहीं अब जीना थोड़ा मुश्किल हो रहा है और अब ले जाए। तो ऐसा क्यों? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। एज अ प्राइवेट डिटेक्टिव अगर मैं समझूं तो इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह हो सकता है अगर वो है हम कि मुझे कभी ना कभी पहचान लिया जाएगा और जिस दिन मुझे पहचान लिया जाएगा तो वो जो इतने लोगों के बच्चों की हुई है उनमें से मुझे बुरी तरह लोग घेर के मारेंगे एक दिन मेरी कर देंगे। राइट? उसको ये डर तो सता रहा था। हम उसको यह डर भी सता रहा था कि मैं आज अपना नाम बदल के रह तो रहा हूं
(06:31) क्योंकि आदमी नाम कब बदलता है जब उसको ये डर होता है कि मुझे कोई पहचान ना ले। राइट? और उस कंडीशन में उसने अपना नाम बदल के या फिर उसको हो सकता है कहीं पश्चाताप भी हो कि मैंने क्या कर दिया क्योंकि बहुत लंबा समय ये केस चला और ऐसे में कई बार मैंने ऐसा देखा है अपने इन्वेस्टिगेशन के दौरान हम कि जो ह क्रिमिनल्स होते हैं उनको जब आप जेल में रखते हैं और एक लंबी प्रोसेस से वो लोग गुजरते हैं तो उनका माइंड चेंज होता है। क्योंकि उनको वो क्राइम करने का मौका तो बाहर मिल नहीं वो तो जेल में होते हैं। तो वहां पे सोचने का, समझने का, अध्यात्म
(07:08) का बहुत मौका मिलता है इंसान को। तब इंसान सोचता है मैंने क्या किया? क्यों किया? मेरा क्या वजूद है? और वो जो सोच है वो इतनी कई बार भारी हो जाती है कि हो सकता है सुरेंद्र कोहली को पश्चाताप हुआ हो कि ठीक है कोर्ट ने सजा नहीं दी। चाहे लैक ऑफ एविडेंस हो, लैक ऑफ कहते हैं इन्वेस्टिगेशंस हो पुलिस के। लेकिन मैंने तो ऐसा किया है और उसकी वजह सुरनाथ ली हो। यह सब वजह हो सकती हैं। तो सर वैसा कुछ नहीं है कि किसी बड़े बंदे का हाथ है पीछे जो उसको मरवा दिया गया है। देखो यह ऑप्शंस है। इन्वेस्टिगेशन जब स्टार्ट होती है तो कई ऑप्शंस कहते हैं
(07:41) यूज़ किए जाते हैं। उसमें एक ऑप्शन यह भी हो सकता है। एक वजह यह भी हो सकती है कि उसने उन 19 बच्चों बच्चियों किसी बड़े ऐसे इंसान के कहने पे की हो जो अब वह इंसान इसको मरवा देगा या उसका नाम खुल सकता है। और उसने कोई इसके ऊपर प्रेशर डेवलप किया हो और इसने उस प्रेशर डेवलप में कर लिया हो। ऐसे हो सकता है लेकिन इसकी कोई वजह दिख नहीं रही है। सोचने के लिए तो आपके पास माइंड है। जितना मन चाहे सोचिए लेकिन फैक्ट भी सामने होने चाहिए। फैक्ट यही है। सुप्रीम कोर्ट से बरी हुआ। उसके बाद उसको ये फैक्ट फैक्ट हैं और 19 बच्चों या तो आज
(08:20) बाहर घूम रहा है और या फिर 19 बच्चों का ये कोहली ही था और अपने अंजाम पे पहुंच ही गया। वहां फांसी नहीं हुई। यहां फांसी ले ली। अंजाम में तो पहुंच ही गया वो। तो सर अब नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। आपको 35 प्लस इयर्स का एक्सपीरियंस है। तो मैं अब शादी की बात करता हूं कि पहला क्वेश्चन कि आजकल लड़कियों के केसेस बहुत आ रहे हैं एक्स्ट्रा मेरिटियल अफेयर के। तो शादी के बाद क्या लड़कों के ज्यादा एक्स्ट्रा मेरिटियल अफेयर्स होते हैं या लड़कों के? पहला क्वेश्चन और ऐसा कोई केस जो आपने सॉल्व किया हो स्पेशली इसके ऊपर लेके जो आज तक आपने कभी किसी को नहीं
(09:02) बताया और बहुत शॉकिंग हो। देखिए तरुण जब हम एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की बात करते हैं तो हम यहां पे जेंडर वाइज अलग नहीं कर सकते किसी को कि भाई लड़कियां बहुत करती हैं या लड़के बहुत करते हैं। जिसको मौका मिला या जिसका अपना बिहेवियर है जिसका अपना कररेक्टर है वो सामने आता है। एक्सट्रामेटरी अफेयर का मतलब ही यही है कि आप अपने पार्टनर से खुश नहीं है। हम या आप उस इंसान से शादी ही नहीं करना चाहते थे जिससे आपकी शादी कर दी गई है। तभी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होते हैं। कई बार आपको फिजिकल मेंटल ये सब सेटिस्फेक्शन नहीं मिलते हैं। तब
(09:36) एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होते हैं। तो इस जिसको जहां मौका मिलता है वो करता है। तो इसीलिए हम जेंडर वाइज तो कहते हैं अलग-अलग नहीं कर सकते। लेकिन इन्वेस्टिगेशन के दौरान देखा कि लड़कियों के केस थोड़े से ज्यादा आने लगे हैं। उसकी शायद वजह यह रही है कि पहले हमारा मीडिया प्लेटफार्म या हमारे सोशल प्लेटफार्म यह सब नहीं थे। और लड़कियों के पास इतना बाहर जाने के शायद मौके नहीं थे या उनकी पहुंच या उनकी रीच नहीं थी जितना लड़कों के पास थी। हम पहले क्या होता था कि लड़का कहीं भी जाना चाहता है कहीं भी तो उससे कोई पूछेगा नहीं भाई आप क्यों जाना चाह रहे हो
(10:12) लेकिन लड़कियों पे सवाल था कि भाई आप कहां जा रही हो क्यों जा रही हो इतनी रात को लेट क्यों आ रही हो तो वहां पे कहीं दबाव था राइट अब वो दबाव तो हो गया खत्म सोशल मीडिया प्लेटफार्म होने की वजह से मोबाइल हाथ में होने की वजह से Facebook Instagram इतने सारे कहते हैं आपके पास प्लेटफार्म है आप दुनिया भर में जिनको जानते नहीं उन सब से बंधे हुए हो राइट और वहीं आप बातचीत करते हुए कन्वर्सेशन में कहीं ना कहीं इमोशंस आपके अंदर इतने ज्यादा आ जाते हैं किसी को भी लेके जिसको आप जानते भी नहीं हो। जी यहां मैंने ऐसा देखा है कि इन्वेस्टिगेशन
(10:41) के दौरान आप अपने हस्बैंड के साथ हैं। फिजिकल आप अपने हस्बैंड के साथ हैं। मेंटली आप किसी और के साथ हैं। एक ही बेडरूम में बैठे हुए और दोनों ऐसा नहीं है कि कहते हैं एक आदमी ऐसा है। दोनों ही ऐसे हैं। कि दोनों पार्टनर एक ही बेड के ऊपर लेटे हुए हैं। एक अपने कहते हैं दोस्तों के साथ लगा हुआ है। एक अपने दोस्तों के साथ लगा हुआ है। उसके मेल फ्रेंड्स हैं। उसके फीमेल फ्रेंड्स हैं। कोई आपस में क्वेश्चंस नहीं हो रहे हैं। लेकिन कभी-कभी लगता है कि एक जो पार्टनर है वो ऐसा नहीं कर रहा है तो उसको तकलीफ स्टार्ट हो जाती है कि भ आप कहां इस वक्त रात को लगे हुए
(11:14) हो। राइट? और वहां पर फिर धीरे-धीरे क्लशेस होते हैं। लेडीज आजकल काम कर रही हैं। बाहर रात को लेट भी आती हैं। लेट आने की वजह से कई बार शक भी पैदा होते हैं। शक ऐसा नहीं है कि जो लेट आने वाली लेडीज वो गलत हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हस्बैंड को लगता है यार मेरी वाइफ 9:00 बजे आ रही है, 10:00 बजे आ रही है, 10:00 बजे भी आते ही मोबाइल पे कहीं ना किसी के साथ टच में है। तो वहां शक पैदा होते हैं। तो पहले से ज्यादा केसेस बढ़े हैं और लेडीज की तरफ हम कह सकते हैं कि 10 5% ज्यादा ही केसेस बढ़े हैं। ओके और सर ऐसा कोई केस जो आपने सॉल्व करा
(11:46) हो और शॉकिंग हो एकदम देखिए इस टाइप के केसेस को हम पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस कहते हैं। पोस्ट मैट्रिमोनियल पोस्ट मैट्रिमोनियल जो शादी के बाद जहां पे आपको लगता है कि उनका जो पार्टनर है वो कहीं ना कहीं इनवॉल्व हो गया है। अब पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर सबसे प्रॉब्लम वाली बात क्या है कि यह बहुत लंबे चलते हैं। आज की तारीख में हमारे कानून के अंदर एडल्टरी का कोई मतलब नहीं रह गया। राइट? जो भी हां जो भी लड़का लड़की घूम रहे हैं, कहीं एंजॉय कर रहे हैं, घूम रहे हैं, फिर रहे हैं, तो आप उसको एडल्टी में ना लेके मेंटल क्रूलिटी में ले जाते हैं।
(12:18) राइट? और मेंटल क्रिलिटी एक आपके पास तरीका है अपना डवोर्स फाइल करने का। अदरवाइज मेंटल क्रिलिटी से भी ज्यादा बेनिफिट नहीं होते हैं सब्जेक्ट को हम क्लाइंट्स को। हम अभी कुछ समय पहले मेरे पास एक केस आया हम क्लाइंट यह जानना चाह रहा था कि उसकी जो मिसेज हैं वो किसी और शहर में रह के जॉब कर रही हैं। अच्छा और वो जॉब के सिलसिले में इंडिया से बाहर जाके कहीं सेटल हो गया है। तो अपनी वाइफ को बाबर वो बोल रहा है कि भ 3 तीन साल हो गए हैं। शादी को हुए हम लोगों ने अभी प्लानिंग भी नहीं की है फ्यूचर की बच्चों के लिए। राइट? तो अब आप जॉब छोड़ो और इस कंट्री में आ
(12:58) जाओ। हम तो लेडी बोली कि नहीं अच्छा मैं जॉब में बहुत खुश हूं और मैं जॉब छोड़कर तो कम से कम नहीं आऊंगी। हस्बैंड काफी प्रेशर डेवलप कर रहे थे। फैमिली भी प्रेशर डेवलप कर रही थी लेकिन लेडी मान नहीं रही थी। तो नेचुरली जब ऐसा होता है, ऐसी स्थितियां होती हैं तो कई बार आदमी को शक होता है कि आखिर ऐसा क्यों? राइट? जब आप फॉरेन कंट्री आ सकते हो, अच्छी लाइफ को गुजार सकते हो। यहां पे भी जॉब की अपोरर्चुनिटीज़ हैं। ठीक ठीक है। आते जॉब नहीं मिलेगी लेकिन धीरे-धीरे कोशिश की जा सकती है। हस्बैंड कह पीआर भी मिल जाएगा। उसके बाद हमारे और रास्ते आगे खुलेंगे।
(13:32) इतना अच्छा कहते हैं फ्यूचर प्लानिंग हो रही है। उस फ्यूचर प्लानिंग को छोड़ के एक लेडी अपनी जॉब में बड़ी खुश है। तो कोई तो वजह होनी चाहिए। हम फिर शादी की आखिर आपने? शक बनता है। तो शक बन गया। अब शक जब हुआ तो नेचुरली एक कहते हैं इस तरीके के शक में आप कहां जाएंगे? अपने दोस्तों के पास जाएंगे। वो क्या मदद करेंगे? फैमिली के पास जाएंगे। वो मदद नहीं कर सकते। पुलिस के पास जाएंगे। कोई वजह नहीं है पुलिस के पास जाने की। कोई क्राइम नहीं हुआ है। क्योंकि पुलिस तो तभी आएगी जब कोई क्राइम होगा। तो उनके पास एक लास्ट ऑप्शन बचता है प्राइवेट डिटेक्टिव।
(14:01) राइट? तो उन्होंने हमें अप्रोच किया। हम सारी प्रॉब्लम्स बताई। हमारी सर्विज हायर की। हम जब हमने इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट की हम तो हमने दो-तीन हफ्तों में देखा कि हां उनकी वाइफ के अच्छे मेल फ्रेंड्स हैं और वो रात को आउटिंग भी कर रही हैं। रात को अच्छी-अच्छी जगह जा रही हैं। बाहर में भी जा रही हैं। हम जो लाइफ जी जा सकती है फैंटास्टिक तरीके से। बेस्ट वो लाइफ जी रही है। और मुझे लगता था कि जो भी उनकी अर्निंग होगी वो सारी अर्निंग उस पे उड़ा रही है। उड़ा रही है। एंजॉय कर रही हैं। और मुश्किल ये था कि यहां पे मल्टीपल थे। अच्छा अगर आप एक आध हैं तो वहां देखिए जहां पे
(14:40) कोई एक है वहां पे हमें टेंशन ज्यादा होती है क्योंकि वहां पे इमोशंस होते हैं। इमोशंस आ जाते हैं नेचुरली अगर आप एक एडल्टी या एक अफेयर के अंदर हैं और डेप्थ में है तो वहां पे या तो हस्बैंड और या फिर वो हां राइट और जहां पे मल्टीपल है तो मल्टीपल में क्या है कि चांसेस हैं कि इसका कैरेक्टर थोड़ा सा डिस्टर्ब है। एडिक्शन हो गया। हां एडिक्शन है, कैरेक्टर डिस्टर्ब है। हो सकता है कि चलो हस्बैंड में वो नहीं है तो कुछ लाइफ के सेटिस्फेक्शन के लिए किसी के साथ दोस्ती है। आज के साथ उसके साथ कैरेक्टर बहुत गलत है, क्वेश्चनेबल है। लेकिन फिर भी यहां पे चांसेस हैं वापस
(15:14) लौटने के जीवन के अंदर। अगर हस्बैंड इतना बड़ा दिल कर ले तो तो राइट। अदरवाइज तो बात अलग है। हर हर इंसान की सोच अपनी है। तो वहां पे जब हमने क्लाइंट को ये बताया तो क्लाइंट बोला कि इससे मुझे क्या फायदा हो सकता है? तो मैंने कहा ज्यादा ज्यादा यह हो सकता है कि आप कई साल केस लड़ेंगे हम क्योंकि लेडी अपने ऊपर तो इस इल्जाम को लेगी नहीं कि हां मैं गलत हूं और ठीक है मैं मल्टीीनेशनल कंपनीज में जॉब करती हूं मेरे कई दोस्त हो सकते हैं मैं उनके साथ बम में जा सकती हूं बार में जा सकती हूं रात को मैं उनके घर पे भी रुक सकती हूं वो मेरे घर आ सकते हैं लेकिन आप इसको
(15:47) एडल्ट्री की तरफ कैसे लेके जाएंगे हम तो क्लाइंट बोला कि मैं अगर इस तरीके का उसका बिहेवियर है, नेचर है, कररेक्टर है तो मैं चाहूंगा कि मुझे कुछ ऐसे से सॉलिड कंक्रीट एविडेंसेस हो देशवास जी जिससे कि मैं इससे निजात पाऊं। तो मैंने कहा देख लो यार मल्टीपल है उसको अगर थोड़ा सा प्रेशर डालोगे तो हो सकता है कि समझदारी से समझाओगे तो कहता नहीं मुझे रखना ही नहीं है। तो मैंने कहा ना कि हर ह्यूमन बीइंग का अपना-अपना नेचर है। राइट? तो उन्होंने बोला मुझे रखना ही नहीं है। लेकिन कंक्रीट एविडेंसेस चाहिए। कंक्रीट एविडेंसेस से ऐसा होगा कि मैं जल्दी
(16:18) डिवोर्स ले पाऊंगा। अदरवाइज दो चार साल, पांच साल, तीन साल तो मेरे पहले ही लाइफ के खराब हो चुके हैं। और पांच साल मैंने और लाइफ का खराब कर दिया। उसके बाद ये एलुमिनी मांगेगी, मेंटेनेंस मांगेगी तो बहुत सारी प्रॉब्लम्स हो। तो कुछ ऐसा अगर केस में एक क्वेश्चन आया मेरा कि ऐसे केस में जैसे अगर लड़की की गलती है, फीमेल की गलती है तो एलुमिनी तभी भी देना पड़ता है। आप इस गलती को प्रूफ करो। प्रूफ कैसे करोगे एविडेंशियली? किसी के साथ घूमना फिरना कोई गुनाह तो नहीं है? अच्छा हां कुछ भाई आज की तारीख में कोर्ट ये भी कहती है कि आप कमरे में बैठे थे और कमरे का दरवाजा
(16:53) था बंद। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब क्या दोस्त नहीं बैठ सकते? जब दो मेल बैठ सकते हैं तो एक मेल और फीमेल अगर कमरे के अंदर बैठे हैं तो इसमें गलत क्या है? यह कानून कहता है। आज हमारा जो लॉ है या जिसे हम कहें कि जुडिशरी है वो बहुत अपडेट हो चुकी है लाइफ में। वो जमाने गए जब आप किसी के साथ घूम रहे हो या किसी मोटरसाइकिल पे बैठे हो तो आपने उसे एडल्ट्री में केस डाल देते और आप बोलते थे कि भाई यहां कैरेक्टर खराब है। ये तो आपस में एक दूसरे से लगे। मतलब गलत कर रहे हैं कुछ। राइट? ऐसा मान लेते थे। आज कोर्ट ऐसा नहीं मानती। नहीं मानता
(17:24) कोर्ट कहती है यार दो ह्यूमन बीइंग चाहे वो मेल हो मेलमेल हो मेल फीमेल हो आपस में घूमना फिरना रात को रुकना कमरे में रहना नॉट एडल्टरी कुछ गलत नहीं है तो यहां पे कंक्रीट एविडेंसेस अपने आप में बहुत इंपॉर्टेंट हो जाते हैं तो क्लाइंट ने जब ये कहा कि मुझे कंक्रीट एविडेंसेस चाहिए देशवासियों और मुझे क्योंकि यहां पे फिर पैसा मैटर नहीं करता है हम क्योंकि अगर आप पैसा मैटर करेंगे टाइम मैटर करेंगे तो फिर ये एविडेंसेस मिलने बहुत मुश्किल हो चुके तो कॉल ने कह दिया कि आप बस मुझे एविडेंस लाके दो। हम अब यहां पे फिर स्ट्रेटजी बनाई जाती है।
(17:57) पैटर्न देख लिया गया कि लड़की किन के साथ घूमती है। कौन सी गाड़ियों में घूमती है। वहां पे जीपीएस लग गए गाड़ियों में। आपने आईडिया लगा लिया कब कब कहां-कहां किस जगह पे जाती हैं। तो ज्यादातर वो अपने दोस्तों के ही कमरों पे जाती थी। अच्छा। अपने घर पे नहीं बुला के उनके दोस्तों जो दोस्त थे उनके कमरों पे दोस्तों ने अपने-अपने फ्लैट ले रखे थे जहां बिल्डर फ्लैट्स होते हैं किराए पे। तो हमने दो जगह किराए पर फ्लैट ले लिए। अच्छा। मैंने कहा कि सबसे बेहतर तरीका होगा कंक्रीट एविडेंस के लिए कमरे की अंदर की कोई इंफॉर्मेशन मिले। राइट राइट।
(18:31) वो उससे बढ़िया कुछ वो एक आंख खोलने वाली एविडेंसेस होती हैं। उसके बाद कुछ आपको देने की जरूरत नहीं है। हम अब कमरे के अंदर कैसे पहुंचे? कमरे के अंदर तो इंपॉसिबल है किसी के पहुंचना। राइट? तो उस कंडीशन फिर वही विंडो के अंदर कहते हैं ड्रिल मारी गई। उसके अंदर छेद किया गया। कैमरे लगाए गए। कैमरे लगाने के बाद फिर इंफॉर्मेशन गैदर की गई। ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग्स हुई। राइट? वहां पे आपको बड़े शॉकिंग कंक्रीट एविडेंसेस मिले। अच्छा। अब वो शॉकिंग कंक्रीट एविडेंसेस ऐसे थे कि आपको कोर्ट में जाने की जरूरत ही नहीं है। आप फैमिली में रखिए लेडीज़ की
(19:04) हम तो उन्होंने बोल दिया कोर्ट में जाके क्यों बेज़ती करवानी? बेतीज़ती करवाऊंगी। म्यूचुअल कंसेंट पे ले लेता है। तो ईली तो मोशन हो गया। वो फाइनल हो गया केस। डिवोर्स हो गया। तो पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर आज की तारीख में सॉलिड एविडेंसेस चाहिए क्लाइंट को। हम अगर उसके पास पैसा नहीं है इतना खर्च करने के लिए क्योंकि पैसा इसमें ज्यादा खर्च होता है। टाइम लगता है। तो सर इसमें अगर किसी की हम कैमरा लगा के वीडियो बना लें एविडेंस के तौर पे हमने करा है। पर वो ऐसे नहीं बोल सकते। इन्होंने मेरी प्राइवेसी को ब्रीच करा है। तो कोर्ट में ऐसे नहीं
(19:37) बोला जा सकता कि इन्होंने किसी ने बोला कि इन्होंने मेरी ऐसी वीडियो बनाई है। तो वो उल्टा नहीं पड़ सकता। तरुण जी आपकी बात सही है। एविडेंसेस में एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज होती है कि आप पकड़े जाते हैं एविडेंस क्रिएट करते हुए तो आप गुनाहगार हैं। हम और जब आपने एविडेंस क्रिएट कर ली तो फिर सामने वाला गुनाहगार है। जब सामने वाले की एविडेंसेस रूम के स्टोरी आ गई हम तो उसके बाद वो किसके सामने जाके ये बोले कि मेरी प्राइवेसी प्राइवेसी तो लोग बोलेंगे साइड में रखते हैं। पहले ये तुम कर क्या रही हो? राइट? बहुत सारी चीज़ आया। आपके हस्बैंड वहां बैठे हैं और आप इस कमरे
(20:08) के अंदर इनके साथ एंजॉय कर रही हो। दूसरे आदमी के साथ भी एंजॉय कर रही हो। तो आप क्या करें? तो प्राइवेसी यहां ज्यादा इंपॉर्टेंट हो गई कि यहां पे उसकी अपनी इज्जत है। राइट? तो फैमिली कहती है इज्जत यहां पे इंपॉर्टेंट है। हम प्राइवेसी को एक साइड में रखो। अगर प्राइवेसी प्राइवेसी खेलेंगे तो ये तो इसको तो तलाक मिलना ही मिलना है। हम वो तो होना ही है। और प्राइवेसी कैसे हुई है? अगर मान लीजिए कि आपके पास जो इंफॉर्मेशन है पेन ड्राइव में किसी के कोई दे गया। कोई दे गया आपको। दे गया आपको। हां। कोई हमें तो आप कैसे प्रूफ करेंगे कि कौन था वो?
(20:36) हां। किसी ने दिया। ढूंढते रहो। राइट? लेकिन समझ गया। यह एविडेंस आपके खिलाफ जा रही है। यह क्लियर है। उसमें डेट है, टाइम है, स्टैंप है। उसके साथ फिर आप कंक्रीट एविडेंस चेन ऑफ एविडेंसेस भी तो लगा रहे हो कि इस आदमी के साथ ही जगह-जगह घूम रही है। गाड़ियों में बार में जा रही है। सब कुछ गाड़ियां कॉल को तो चलो पुलिस निकलवाएगी ही निकलवाएगी। बेल डिटेल भी पुलिस निकलवाएगी कि जब आपने कहीं बार में गए तो आपने अपना कार स्वाइप किया था तो वहां पे आपने पैसे दिए थे। हम्म। लेकिन जो ऑडियो वीडियो और जो आपके घूमने की चैन एविडेंसेस बन रही हैं उन्हें आप
(21:08) कैसे डिनाई करोगे? राइट? तो वो डिनाई नहीं हो पाएंगी और ये जो रूम के अंदर की ये दोनों सब एक साथ चेन ऑफ एविडेंसेस बनेंगी तो आप को जाना पड़ेगा डिवोर्स की तरफ। राइट? या तो डिवोर्स की तरफ जाएंगी या फिर पूरे शहर में अपना ढिंढोरा पिटवा के बेेज्जती करवा के फिर आप डिवोर्स लेंगी। लेकिन डिवोर्स तो लेना पड़ेगा। कोर्ट ये नहीं कह सकता कि चलो यार आपकी वाइफ है। कोई बात नहीं। एंजॉय करने का हक है इसको। नहीं भाई नहीं ऐसा नहीं है। हिंदू मैजिक एक्ट के अंदर ऐसा नहीं है। अच्छा यही है बात। करेक्ट सर। तो सर जैसे अभी हमने वीडियो की बात करी कि
(21:40) वीडियो बन जाती है तो आजकल आपने देखा होगा बड़े-बड़े शहरों में ना होटल और स्पा सेंटर खुले जा रहे हैं। अब होटल का इतना तो काम होता नहीं है। वहां पे अब टूरिस्ट भी नहीं आते तब भी होटल्स खुल रहे हैं बहुत सारे। तो सर इनकी क्या रियलिटी है? सुनने में आता है कि भी मतलब वीडियोस बनाते हैं बाद में ब्लैकमेल करते हैं। तो आपकी कोई इन्वेस्टिगेशन में ऐसा कोई केस सामने आया है स्पेशली फॉर होटल्स इन स्पा? देखिए जब होटल स्पा की बात करते हैं तो आपने अभी देखा होगा गुड़गांवा में स्पा के ऊपर भी बहुत सारे छापे पड़े हुए हैं। राइट? तो स्पा तो 90% जहां पे वहां
(22:11) कॉन्स्टिट्यूशन चल रहा है। गरीब घर की लड़कियां आ गई। उनको कहते हैं बलगला के आप ले आए या कोई प्रेमी बनके अपनी प्रेमिका को वहां पे कहते हैं या कोई गरीब घर की लड़की आ गई तो वहां पे वो मसाज करते-करते अब किसी को मसाज के ₹1000 मिल रहे हैं ₹2000 मिल रहे हैं पर डे के ऑफिस को धीरे-धीरे जब समझ लेते हैं वहां पे मैनेजर कि हां ये लड़की बहुत गरीब घर से है तो धीरे-धीरे उसको मोल्ड करते हैं सब बाग दिखाते हैं कि भाई तुम ज्यादा से ज्यादा कमा सकती हो ये है। अब जो लड़की पहले से ही फिजिकली अब्यूज हो चुकी है हम अपने प्रेमी के द्वारा या किसी और के
(22:47) द्वारा तो वहां पे उसके लिए थोड़ा सा ना मोरल वैल्यू के ऊपर टिके रहना मुश्किल हो जाता है। राइट राइट। वह कह दिया यार मैं पहले कहते हैं उस दोस्त के साथ 6 महीने निकाले साल निकाले वह आदमी इतना गंदा निकला मुझे यहां बैक गया या मेरे को इस बिनेस में डाल गया तो मैं क्यों ना पैसा कमाऊं हम तो उस कंडीशन मोरल वैल्यू्यूज कहीं डिस्टर्ब होती है लड़कियों की और फिर वो स्पा के अंदर एक तरीके से कॉन्स्टिट्यूशन चलना शुरू हो जाता है। तो ऐसे केसेस बहुत देखे गए इन्वेस्टिगेशन के अंदर जहां प्रीमैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन हुई। प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन में अगर
(23:18) किसी लड़के को किसी लड़के से प्यार है उसने पूछा कि कहां जॉब करती हो तो उसने स्पा का नाम ना लेके मॉल का नाम दे दिया कि मैं मॉल में सेज गर्ल हूं वहां जॉब कर रही हूं और जब इन्वेस्टिगेशन की तो पता चला कि वो स्पा में जॉब कर रही है। क्योंकि जो लड़की स्पा में जॉब कर रही है वहां पे उसको पकड़ना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है। कोई भी क्लाइंट उठ के जाएगा और बोलेगा कि मेरे को उसकी सर्विस लड़की की ज्यादा अच्छी लगती है। मेरे एक दोस्त ने ली थी। मेरे को उसी की सर्विज चाहिए। अब वो सर्विस देने आएगी और उस वक्त आप ऑडियो वीडियो हिडन कैमरा से क्योंकि मोबाइल आपको
(23:48) ले जाने दे नहीं रहे हैं। लेकिन अगर आपने बॉडी के अंदर या किसी चीज़ के अंदर हिडन ऑडियो वीडियो कैमरा जाके रिकॉर्ड कर लिया तो ऐसे बहुत सारे केसेस हमने देखे कि जहां पे इस तरीके की लड़कियां जो प्रीमेट्रिमोल केसेस के अंदर गरीब घर की लड़कियां छोटे शहरों से आई हुई लड़कियां वहां से कहते हैं रैकेट में फंसी हुई है बेचारी ओके सर ये स्पा सेंटर्स और होटल्स वाले ये रैकेट भी चला रहे हैं क्या जो ये रिकॉर्ड करके फिर ब्लैकमेल करते हैं बाद में लोगों को इसमें ब्लैकमेलिंग का एक ही तरीका होता है कि वह लड़की जॉब छोड़ के चली ना जाए। वह लड़की अपने कांटेक्ट ना बना ले।
(24:25) नहीं लड़कियों को तो कर रहे होंगे। जो कस्टमर्स होते हैं उनका भी बनाते हैं क्या वीडियो? बिल्कुल बिल्कुल। इसमें क्या है कि देखिए हर तरीके की दुनिया ये है। हर तरीके के रैकेट्स हैं। जिनका काम ठीक-ठाक चल रहा है। वो अपना काम ठीक-ठाक चला रहे हैं। लेकिन जहां उनको लगता है कि हमारे से किराए नहीं निकल रहे। हमसे कहते हैं पैसा पूरा नहीं हो रहा तो वहां पे वो क्लिप्स बनाकर वो क्लिप्स किसी थर्ड पार्टी को बेच देते हैं। अब वो क्लिप मान लीजिए आपने एड्रेस भी ले लिया। आपने कहते हैं मोबाइल नंबर भी ले लिया। आपने आपके पास फोटो वीडियोस भी आ गई
(24:53) आपके पास और थोड़ी सी इन्वेस्टिगेशन करके आपने पता कर लिया ये आदमी है कहां है। राइट? क्योंकि आप थोड़ा सा आदमी की पर्सनालिटी से समझ लेते हैं कि यह मिडिल क्लास से है या हायर क्लास से है या हायर से है। तो जब आपने अपना टारगेट फिट कर लिया और उसके उसकी वीडियोस बना ली और वो वीडियो खुद ना रख के थर्ड पार्टी को आपने फेंक दी। अब वो ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहे हैं। ऐसे बहुत सारे केसेस हैं। इसमें देखिए सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है? हमारे देश की जनसंख्या है। इसमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। राइट? पावर्टी है, गरीबी है। यह सब बहुत बड़ी वजह है। स्पा जहां पे भी खुले हुए
(25:28) हैं, वहां पे 90% स्पा में यही सब कुछ होता है। तो सर इससे मुझे और एक केस याद आया आजकल बहुत बढ़ रहे हैं। हनी ट्रैप केस तो इसमें एक पूरा गैंग होता है। वो किसी अमीर बंदे को फंसाता है। फिर उसे पैसे ऐडता है। तो ऐसा कोई केस जो आपके सामने आया हो और बहुत शॉकिंग हुआ हो। देखिए मेरे पास यह मोबाइल रखा हुआ है। इसके अंदर कम से कम तीन लड़कियों के हनी ट्रैप के नंबर अभी भी मेरे पास हैं। अच्छा आप उनकी फोटो देखोगे। मुझे पता कौन है। मेरी आपसे बात हुई थी। देशवाल जी आप इंडिया से बाहर थे। मुझे आपसे मिलना था। अच्छा तो मैंने कहा भाई आपसे मेरी कोई बात नहीं
(26:01) हुई है। कह नहीं सर आपसे मेरी बात हुई थी। आप एक बार मेरे से बात कर लो। मैंने कहा चलो बताओ क्या बात है? हां। तो वो इधर-उधर की बातें करने लगी। मेरे को आप अच्छे लग रहे हो। स्मार्ट लग रहे हो। मतलब जो हम फंसाने का फंसाने का तरीका उनके हैं अपने। तो मैंने कहा बेटा काम बताइए। कहते एक काम करते हैं वीडियो कॉल कर लेते हैं। अरे तो जैसे ही वीडियो कॉल का नाम आया तो मैंने कहा यस हम यह कोई गलत है। तो मैंने कहा एक काम करिए ना आपने कहां से फोन किया है? हम हम जो मोबाइल से किया तो आप कहां जॉब करती है? मैं इस कंपनी में जॉब करती हूं। कोई
(26:29) बात नहीं उसकी लैंड लाइन से फोन कीजिए। एक बार हम लोग क्लियर हो जाए कि आप कौन है? तो नहीं नहीं मैं आपको बताऊंगी और फिर वहां फोन कट जाता है। अब इसी चीज में कई लोग फस जाते हैं। ट्रैप भी हो जाते हैं। कई लोगों को बड़ा अच्छा लगता है लड़कियों से बात करना। हम तो सोचते हैं कि यार एक लड़की है फोटो पता नहीं किस लड़की की उस पे लगाई गई है और बहुत ब्यूटीफुल लगा दी गई है। हम तो आदमी उस लड़की को अपने दिमाग में रखकर और उस लड़की से बात करना शुरू कर देता है। और जैसे ही आप बात करना शुरू करते हो थोड़ा सा आप कहते हैं लूज टॉक लड़की करती
(26:57) है और आप करते हो गैब होते हो। पर वो वीडियो कॉल वीडियो कॉल पे आपकी फोटो जाती हैं। उसके बाद उसको आप वीडियो बना लिया जाता है। फिर आपकी मोबाइल डिटेल निकाली जाएगी। उसमें देखे जाएंगे। नंबर आपके कहां-कहां है। आपको बताया जाएगा कि यह आपके नंबर हैं। इन नंबरों पर मैं आपको वीडियो कॉल भेजो। वो ये वीडियो भेजूंगी। बस फिर ये सिलसिला शुरू हो जाता है। एक हनी ट्रैप का केस मेरे पास आया वो बिल्कुल अलग ही था। अच्छा। एक लेडी एक नामी [नाक से की जाने वाली आवाज़] डॉक्टर के ऑफिस में पहुंचती है हॉस्पिटल में। अच्छा। इंडिया की बाहर की लेडी थी वो।
(27:27) हम और वहां पहुंच के अपने जो प्रॉब्लम्स है उस प्रॉब्लम्स को बताती है और तीन-चार विजिट उसकी एक महीने में उस डॉक्टर के पास होती है। अच्छा। डॉक्टर साहब की फैमिली इंडिया से बाहर है। एज डॉक्टर साहब की हो चुकी है। हो चुकी है। डॉक्टर साहब उसके लिए बहुत बढ़िया टारगेट थे। हम बहुत पैसे वाले थे। रनाउंड डॉक्टर हैं। अगर मैं आज नाम ले दूं तो दुनिया जानती है उन डॉक्टरों को। एज अ रिनाउंड डॉक्टर है। तो डॉक्टर साहब जब ट्रैप हो गए तो उस लड़की डॉक्टर साहब को लग रहा है कि मैं लड़की को ट्रैप कर रहा हूं। लड़की तो अपना गेम खेल ही रही है।
(28:03) हम्म। लड़की की एज भी हार्डली 32 33 के आसपास है। डॉक्टर साहब 55 से ज्यादा क्रॉस हो चुके हैं। हम अब उस कंडीशन में डॉक्टर साहब को लगाई तो मेरी बहुत अच्छी फ्रेंड बन गई है। एक तो फॉरेन की लड़की ऊपर से इतनी खूबसूरत, इतनी छोटी उम्र और मेरे मेरी बड़ी तारीफ करती है। इसको मेरे ट्रीटमेंट से बड़ा फायदा हो रहा है। बड़ा जितने भी लुभावने तरीके अपनाए जा सकते थे। लड़की इधर से उसने अपनाया। इधर डॉक्टर साहब भी यही सोच रहे थे कि शायद मैंने ट्रैप कर लिया। राइट? तो डॉक्टर साहब ने उसे कहा कि किसी दिन आओ ड्रेनर पे बैठते हैं घर आओ हम घर बहुत अच्छी जगह पे है तो लेडी ने कहा
(28:40) कि नहीं मैं अभी तो नहीं आ पाऊंगी अगली बार आऊंगी इस तरीके से ले देखो आप ईली अवेलेबल हो हम तो फिर आप ट्रैप नहीं होगे नहीं होगे ट्रैप होने के लिए आपको ईली अवेलेबिलिटी नहीं दिखानी थी राइट राइट तो लड़की ने वही दो तीन बार मना किया डॉक्टर साहब और एक्साइटेड हो गए यार ये मना कर रही है इसको अगली बार जरूर और फिर लड़की बोली चलो सर आप इतना बोल रहे हो तो ठीक है हम बताइए किस दिन तो ठीक है इस दिन बैठते हैं। अब रात को लेडी अपना ऊपर से उनके यहां पहुंच गई। हम डॉक्टर साहब के घर में कोई है नहीं। जो नौकर थे उनको भेज दिया गया 8:00 बजे के
(29:13) बाद और डॉक्टर साहब अपना हल्कीफुल्की वाइन लेके ड्रिंक लेके बातचीत करना शुरू कर दिया। और धीरे-धीरे तो एक घंटे के बाद जो उन्होंने करना था उन्होंने किया। लड़की ने थोड़ा सा विद्रोह किया जो भी कि नहीं नहीं सबका अच्छा नहीं है। गलत है। लेकिन लड़की तो ट्रैप कर रही है। का अपना तरीका था और डॉक्टर साहब और लड़की ने जो फिजिकल उनके होने थे हो गए सुबह लेडी उठती है कहती है मुझे रात को बहुत नशा हो गया था आपने मेरे साथ ये क्या कर दिया मैं पुलिस में जाऊंगी आपने गलत किया मेरे साथ ये वो तो बोला नहीं नहीं नहीं हुआ आप भी तो तैयार थी गलती से हो गया आइंदा नहीं होगा
(29:52) इस तरीके से बात को खत्म कर दिया गया लड़की भी बात को खत्म करना चाह रही थी लेकिन प्रेशर डेवलप कर रही थी आपने मेरे साथ गलत किया राइट डॉक्टर साहब ने उसको उबर की और बोला कि चलो कोई बात नहीं गलती हो गई नेक्स्ट टाइम से ऐसा नहीं करेंगे। हम अच्छे दोस्त हैं और दोस्त रह गए हम लड़की तो ट्रैप कर चुकी थी हम लड़की अपना घर चली गई चार दिन के बाद एक वीडियो भेजी लड़की ने कि आपने मेरे साथ गलत किया था और मेरे पास ये पूरी वीडियो है ओ अब मैं ये वीडियो मीडिया को देने वाली हूं और पुलिस से पहले कंप्लेंट करूंगी आपकी अब डॉक्टर साहब के तो पैरों से जमी निकल गई
(30:25) कि ये क्या हुआ आपने मेरी वीडियो कैसे बना ली तो कहती है मैं किसी अनजान के यहां जाऊंगी तो मैं तो अपने पर्स में लगा के जाऊंगी ना कि मेरे को कोई कहते हैं मेरे साथ कुछ गलत ना करे तो आपने मेरे साथ गलत किया। मैं लगा के गई थी अपने कहते उसमें पर्स में कैमरा कि मुझे कोई बदतमीजी ना करे। आपने मेरे साथ बदतमीजी की है। अब लड़की ने तो इस तरीके से वहां पे दिखाया था कि उसके साथ जबरदस्ती हो रही है। हो रही है। अब हल्का सा विद्रोह कर रहे हो। एक तो होता है ना कि हल्ला मचाना, शोर मचाना, पुलिस को बुलाना और एक होता है नहीं नहीं ऐसे मत करो, वैसे मत करो। तो आपने उसको इस
(30:57) तरीके से ट्रैप किया डॉक्टर को। डॉक्टर को लगा कि मना कर रही लेकिन हो रहा है। अब कंडीशन यह हुई कि डॉक्टर साहब के हाथ पैर फूल गए। डॉक्टर साहब गए अपने दोस्तों के पास। सब दोस्तों ने कहा जी ये तो गलत हो गया। और ये तो पूरी वीडियो बनी हुई है आपकी। हम अगर उसे मीडिया में दे दिया तो आप जब तक प्रूफ करते रहोगे कि लड़की गलत थी या सही थी। इस वीडियो के अकॉर्डिंग तो आप ही गलत दिख रहे हो। राइट [नाक से की जाने वाली आवाज़] और फिर वो आपके घर है। आपने उसे घर बुलाया है। WhatsApp पे चैटिंग हो रही है आपकी कि आज कहते हैं मिलते हैं आप चार बार डिनर पे
(31:28) और मैं कैब बुक हो रही है। सब कुछ हो रहा है। तो आप ही तो उसे बुला रहे हो। हम वो तो आपकी एक तरीके से पेशेंट थी। राइट? तो आप ही आगे बढ़े हो। कौन पेशेंट को अपने घर बुलाता है? क्यों बुलाएगा? अब डॉक्टर बहुत परेशान। तो डॉक्टर ने फिर उसको बोला कि भाई क्या चाहते हो? छोड़ो इन सबको मिटाओ डिलीट करो। क्या चाहते हो? कह रही कुछ नहीं मेरे को तो ₹ लाख चाहिए। अच्छा तो ने बोला ठीक है मैं 50 दे देता हूं लेकिन इसको खत्म करते हैं। तो मैं कहती हां ठीक है उसने 50 ले लिए। अच्छा 50 लेने के बाद एक महीने बाद फिर उसने दोबारा वीडियो करी कि मेरी मदर का ऑपरेशन
(32:06) होने वाला है और ये है वो है और मेरे को वहां पे ₹ करोड़ भेजने हैं। नो सर अब डॉक्टर साहब परेशान अरे यार ये तो कोई ब्लैकमेलर रैकेट है। अब मैं बर्बाद हो जाऊंगा। अब उनके पास कोई तरीका था नहीं। हां। वो गए पुलिस के पास। बहुत सीनियर ऑफिसर के पास गए। मैं नाम नहीं ले सकता उनका। तो सीनियर ने कहा कि भाई मैं इसमें क्या आपकी मदद कर सकता हूं? क्योंकि अगर मैं आपकी मदद करूंगा पुलिस में एफआईआर होगी तो नेचुरली ये बात मीडिया में जाएगी। राइट? और मीडिया में जाएगी। आपकी फैमिली है नहीं। यह वीडियो की कुछ भी फोटो अगर लीक हो गई तो आपका तो करियर गया।
(32:44) और जितना नाम आपने आज तक कमाया था सब खत्म हो गया। हम तो इसमें बेहतर यह है कि एक हमारे डिटेक्टिव जानकार हैं संजीव देशवाज उनसे मिलो आप। वह आपको कोई ना कोई रास्ता जरूर दिखाएंगे। तो ठीक है वो मेरे पास आए टाइम लेबर तो मैं वो बताया कि भाई डॉक्टर साहब हुआ कैसे? कहता ऐसे-ऐसे मैंने कहा यार आप भी तो इंटरेस्टेड थे। कहता हां गलती तो मेरे से हुई है लेकिन यार वो भी तो इंटरेस्टेड थी। तभी तो घर आई मेरे। तो मैंने कहा नहीं वो तो ट्रैपर थी। वो तो ब्लैकमेल थी। हम वो इंटरेस्टेड कभी नहीं थी। अगर इंटरेस्टेड होती तो आपसे पैसे थोड़ी मांग
(33:15) रही होती। राइट आपको अपना एक अच्छा दोस्त मानती तो वो इंटरेस्टेड नहीं थी वो एक ट्रैप था एक रैकेट था वो उस रैकेट में अब आप गए हो फर्स्ट अब आपको इसमें निकलना है तो इसमें एक ही तरीका है निकलने का सिर्फ एक ही तरीका कहते बताइए मैं इस केस को हम एक्सटॉशन की तरफ ले जाए तो अच्छा तो कहते हैं इस केस को एक्सटॉरशन की तरफ कैसे ले जा सकते हैं देशवाली हम मैंने कहा बहुत आसान है आपने ₹50 लाख दिए हैं ना हम हां तो मैं कुछ पैसा बैंक से भी निकाला होगा कुछ आपके पास होगा कहता हां मैंने बैंक से पैसा निकाला था हम तो मैंने कहा एक काम कीजिए टाइमलाइन
(33:47) बनाते हैं कि आपने किस दिन ये सब किया हम जो आपके साथ हुआ उसके बाद आपने कब बैंक से पैसे निकाले उसके बाद आपने लेडी को कब पैसे दिए ये टाइमलाइन बनेगी जो चेन बनेगी कि ये पैसे निकले और कहां गए कहां गए फिर उसके बाद हम आपको देते हैं एक वीडियो कैमरा हम ऑडियो वीडियो कैमरा आप उसे एक मीटिंग और रखिए हम उस मीटिंग के अंदर आप डेट्स बोलिए बातोंबातों में अच्छा कि यार तुम 25 तारीख को मिली हो। 30 को तुम मेरे को फोन कर रही हो। दो तारीख को तुम फिर मेरे से पैसा मांगते हो। मैं तुम्हें दे तो दिए 50 लाख। अब मुझसे इस बात की हामी भरवाओ वीडियो के अंदर
(34:24) लाख कि आपने 50 लाख मांगे थे। मैंने आपको ₹ लाख दे दिए हैं। और अब आप ₹ करोड़ मांग रहे। मैं कहां से लाऊं इतना पैसा? हम भाई मैं इतना पैसा मेरे को तो घर बेचना पड़ जाएगा। 3 करोड़ मेरे पास थोड़ी है कैश में। और आपको कैश पैसा चाहिए या फिर गोल्ड में चाहिए तो मैं इतना पैसा लाऊं तो लाऊं कहां से? हम और अगर बैंक से मैं निकलवाता हूं। सारी तड़वाता हूं तो मेरी बीवी बच्चों को पता चल जाएगा। हम छोटी रकम थोड़ी 3 करोड़ और फिर यह क्या गारंटी है कि 3 करोड़ देने के बाद फिर कोई डिमांड नहीं आएगी एक दो साल के बाद या एक दो महीने के बाद तो ये सारी आपने डिस्कशंस करनी है और ये
(34:58) डिस्कशन रिकॉर्ड होनी है हम और उस रिकॉर्ड डिस्कशन में आपने बोलना है कि यार तुम घर आई हैं एक अच्छी दोस्त थी ना मेरी दोस्त बन गई तो मेरे घर आई थी तो क्या दोस्त ऐसे वीडियो रिकॉर्डिंग करता है और चलो वीडियो रिकॉर्डिंग आपने अपनी बचाव के लिए कर ली कि भाई मेरे साथ कहीं कुछ गलत ना हो जाए तो पैसे कौन मांगता है हम्म हम आप पुलिस के पास जा सकती थी। आपने मेरे से ₹ लाख ले लिए। अब आप ₹ करोड़ मांग रही हो। ये जब सारे डिस्कशंस हो जाएंगे तो ये एक्सटॉरशन का केस बनेगा क्योंकि उसने आपसे ₹ लाख ले चुके हैं और दोबारा ₹ करोड़ मांग रही है।
(35:29) हम तो डॉक्टर साहब को यह समझ में आ गया। बात तो सही कही जा रही है देशवा जी की तरफ से। तो उन्होंने बोला ठीक है। मुझे पूरा हिडन कैमरा जो भी है आप लगा के दीजिए। देशवा जी हम और करते हैं मैं ठीक है तो एक अच्छे रेस्टोरेंट में बुलाया लेडी को बुला लिया क्या लेडी वहां आई हमारी टीम भी वहां थी हम हमारी टीम अलग टेबल पे बैठ के उनकी वीडियो बना रही थी कि हां भाई ये लेडी आ रही है गाड़ी से उतर रही है अंदर आ रही है डेट और टाइम के साथ क्योंकि मुझे लगा कहीं ऐसा ना हो गलती से डॉक्टर साहब का कैमरा ही काम ना करें या ऑन ही करना भूल जाए और कुछ बने ही ना तो कम कुछ तो हो
(36:07) राइट तो टीम टीम को मैंने बोल दिया था कि आप लोग वहां खाना पीना भी करना। उसका बिल भी रखना ताकि क्लियर हो जाए कि उस दिन आप वहां थे और एक न्यूज़पेपर [गला साफ़ करने की आवाज़] रखना वीडियो बनाते हुए न्यूज़पेपर का भी प्रिंट ले लेना ताकि 100% क्लियर हो जाए कि उसी दिन की ये वीडियो है। डेट और टाइम भी आ ही रहा है वीडियो में। ये भी एडिट नहीं किया जाता। माना जाता है कि हां ये सही है। लेकिन ये इतने सारे अगर एविडेंसेस लग जाएंगे तो ये सॉलिड एविडेंस बन जाएगा। डॉक्टर साहब ने लेडी के साथ डिनर किया। हम डिनर के टाइम लेडी सारी डिस्कशंस की।
(36:42) हम लेडीज में हां न हां न करके बात करती थी लेकिन सॉलिड कुछ नहीं बोल रही थी। अच्छा वो लेकेज हां स्मार्टली क्योंकि आप जब बोलते हो तो जितना ज्यादा बोलते हो उतने ज्यादा उसमें से एविडेंसेस निकल सकते हैं आपके खिलाफ। वो भी एक्सपीरियंस्ड ही है एक्सपीरियंस। एक्सक्टली तो वो उतना ही बोल रही थी जितना उसको बोलना मजबूरी थी कि यार तुम इतने पैसे ले लिए अब तुम इतने मांग रही हो ये तरीका ठीक नहीं है ना कहते नहीं नहीं मेरे को चाहिए हम तो इसका मतलब ले लिए उसको उसने डिनाई नहीं किया तो मतलब ले लिए हां डिनाई नहीं किया फिर डेट बोली जा रही है
(37:17) तो डेट में भी उसने डिनाई नहीं किया और वो डेट टाइमलाइन तो हमारे पास है ही बैंक का भी है देने का भी है सब कुछ है ये सारे जब एविडेंसेस तैयार हो गए हम हमने पुलिस वालों से बात करी हम पुलिस वाले हमारी इसमें मदद कर रहे थे क्योंकि डॉक्टर साहब का बहुत ऊपर कनेक्शन था और वो नहीं चाहते थे कि एक खबर मीडिया में भी आए हम तो इमीडिएटली रात को ही हम जैसे ही ये हुआ सुबह के टाइम 4:00 बजे लेडी को उसकी लोकेशन देखी पुलिस ने इमीडिएटली करंट लोकेशन और उसको वहां से उठा लिया पुलिस ने थाने लेके आए कहते जी यहां पे एक्सटॉशन का केस बन रहा है और ये पूरी वीडियो है इसमें आप डॉक्टर
(37:58) डॉक्टर को ब्लैकमेल किया है और आपने डॉक्टर के साथ अब मेरे साथ क्या हुआ वो इंपॉर्टेंट नहीं है। हम अब इंपॉर्टेंट ये है कि आपने ब्लैकमेल किया है। आपने पैसे लिए हैं और आप दोबारा भी पैसे मांग रही थी। इतने बड़े रनाउंड डॉक्टर्स से आप एक्सटॉशन कर रही थी। हम और मैंने पुलिस वालों को समझा दिया था कि अगर इसकी थोड़ी सी और प्रीवियस हिस्ट्री में जाओगे ना कि कहीं ना कहीं और ऐसे रेप्टों में दिखेगी। इसकी कनेक्शन कांटेक्ट लिस्ट के अंदर और लोग दिखेंगे। इमीग्रेशन से इसका पासपोर्ट की डिटेल लो। कब कब आई है? कहां-कहां ठहरी है? वहां पे थोड़ी सी भी
(38:29) इन्वेस्टिगेशन करोगे क्योंकि उसका रैकेट है। उसके लोग हैं। राइट? तो पुलिस वाले समझ चुके थे कि हमें कैसे बात करनी है। तो पुलिस वालों ने कहा कि ऐसा-सा मैडम आप एक्सोन केस बना रहे हैं और आपको गिरफ्तार कर रहे हैं। बताइए आपने कुछ कहना हो। अब वो लेडी परेशान हो गई। हम नहीं नहीं मुझसे गलती हो गई। मुझे माफ कर दो। मुझे छोड़ दो। जब ये वर्ड यूज़ होने लगे तो लगा कि अब ये लड़की लेडी टूटेगी। तो मेरे से बात चल रही थी पुलिस वालों की। हम बोले देश ऐसे-से हो रहा है। मैंने कहा बोलो इस लेडी को कि इमीडिएटली लिख कर दे हम कि डॉक्टर साहब मेरे बहुत अच्छे दोस्त
(39:06) हैं। उनके घर गई थी और मेरा इनसे कोई ऐसा लेना देना नहीं है। और इसको बोलो अभी शाम तक की एक टिकट ले हम और इंडिया छोड़े और अगले तीन साल तक इंडिया नहीं आएगी। अगर इमीग्रेशन पर नजर रखेंगे। अगर ये इंडिया आती है तो हम फिर ये केस ओपन करेंगे इसके खिलाफ हम अदरवाइज ये इंडिया रहेगी दिमाग लगाएगी और परेशान करेगी हम और वही हुआ पुलिस वालों ने कहा कि देखो मैडम दो ही रास्ते हैं आपके पास या तो आप इमीडिएटली इंडिया छोड़ें और लिखित में सब कुछ दें तो देखिए फिर डॉक्टर साहब अगर आपको माफ करते हैं तो ठीक है अदरवाइज हम डॉक्टर साहब की कंप्लेंट ले
(39:43) रहे हैं हम और आपको डिपोर्ट करेंगे डिपोर्ट करने से पहले आप हमारे देश की सजा भुगत देंगे हम मतलब उसका जितना मैक्सिमम म समझाया डया और समझाया जा सकता था। उसके अकॉर्डिंग लेडी को वापस ही जाना था। हम और वही हुआ चली गई। अगले दिन लेडी इंडिया छोड़ के चलते ही बनी। और डॉक्टर साहब फिर डॉक्टर साहब को समझाया कि डॉक्टर साहब अगर ज्यादा तकलीफ है तो बैंकॉक बहुत है। रोज फ्लाइट जाती है। रोज निकल जाया करो यार हर महीने। हम इन सब चीजों को छोड़ो। छोड़ो। क्योंकि यही कैरेक्टर आपका आपको तकलीफ देगा। हम तो ये सब चीजें हैं। तो सर इसी से इसी से मुझे एक और चीज आजकल
(40:18) बहुत चल रही है। आजकल लड़कियां लड़के ना शादी से पहले बैचलर्स पार्टी करते हैं। बैचलर करते हैं। तो उसमें ऐसे बोला जाता है, सुना जाता है कि लड़कियां जिगोलो को बुलाती है, मेल प्रॉस्टिट्यूट्स को, लड़के प्रॉस्टिट्यूट्स को बुलाते हैं। तो ये मेल प्रॉस्टिट्यूट्स का रैकेट बहुत ज्यादा बढ़ चुका है क्या? मतलब ये है क्या? मतलब सच में लड़कियां आजकल मेल प्रॉस्टिट्यूट्स को बुला रही हैं और नए-नए मेल प्रॉस्टिट्यूट्स बन रहे हैं। तरुण जी थोड़ा सा हमें ये समझना पड़ेगा कि हम लोग कौन है? हम लोग इंडियंस हैं। अच्छा लोग यहां पे बात का पतंग बहुत जल्दी बनाते
(40:57) हैं। हम बैचलर पार्टीज होती हैं। कोई दो राय नहीं। लेकिन वहां पे जगह बुलाया जाए और खासकर उन दिनों में बुलाया जाए। कोईेंस नहीं है उसकी। अच्छा जो अनमैरिड लड़कियां हैं उनके ग्रुप होते हैं रात को एंजॉय करती हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है। हम अच्छा अंधरावर लड़के जैसे लड़के एंजॉय करते ही हैं। हां राइट। मैंने आपको पहले भी बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म इतना बड़ा हो चुका है कि अब लड़कियों को एक कहते हैं WhatsApp के ग्रुप पे बोलना होता है कि आज हम वहां मिल रहे हैं। हम और यार वहां किसी को बुलाते हैं। जगह लोगों को बुलाते हैं। हम मेल प्रोस्टट्यूट को बुलाते हैं और वहां
(41:31) एंजॉय करते हैं। एक्सैक्टली करती है लड़कियां। हम क्योंकि लड़कियां बहुत ओपन हो गई है। खुल गई हैं। हम उनको भी वह आनंद लेना है जो लड़के लेते आए हैं जिंदगी भर दुनिया पिछले 20 100 200 साल से। राइट? लड़कियां तब बहुत बंधी हुई थी। लड़कियां प्रेशर में थी। अब वो प्रेशर खत्म हो चुका है। बराबर हैं जी हम लोग तो बराबर है तो रात को लड़कियां घूमेंगी भी एंजॉय भी करेंगी। क्या बुरा है? ठीक है। जब लड़कियां नहीं मानते तो लड़कियां क्यों मानेंगी? जिन्होंने लोग अपने आप में एक बहुत बड़ा स्पैम भी है। अच्छा। हां। और साथ में स्कैम भी है। स्पैम भी है
(42:01) और स्कैम भी है। स्कैम कैसे है? स्कैम जो लड़के कम उम्र के हैं, गरीब घर से हैं, लेकिन फिजिक बहुत अच्छी है या किसी जिम में जाते हैं, बॉडी वगैरह बनाते हैं। तो ये उन स्कैमर्स के और कहते हैं जो इस तरीके के अ फ्रॉड लोग हैं उनके निशाने पे आ जाते हैं। अच्छा। और उनकी डिटेल उनको वहीं से मिल जाती है जहां जिस कहते हैं क्लब में या जिस वो जिम में जाते हैं क्योंकि वहां पर नंबर मोबाइल नंबर गाड़ी ये सब तो दिखता ही है। फिर उनको टारगेट किया जाता है। उनको कॉल किया जाता है कि एजेड लेडीज हैं। उनके हस्बैंड बाहर रहते हैं। उनको आपकी नीड्स
(42:40) हैं, फिजिकल नीड्स हैं। अगर आप आते हो तो आपको हम इतना पैसा देंगे, उतना पैसा देंगे। कई लोग ट्रैप भी हो जाते हैं जो गरीब है, फिजिक अच्छी है, लगता है सेक्सुअल प्लेजर मिलेगा और उनको पैसा भी मिलेगा। हम तो उस कंडीशन में कई लोग ट्रैप भी होते हैं। अब ट्रैप क्या होते हैं कि आपको फोन किया गया। आपको कुछ 10 20 लड़कियों की औरतों की फोटोएं डाल दी गई जो 40 50 की ऐज की हैं। हम लेकिन दिखने में ठीक-ठाक हैं। जानबूझ के दिखने में ठीक-ठाक रखी गई वहां पे ताकि आप ट्रैप हो। हम अब आप कहते हैं यार मेरे को 5000 भी देगी। 50000 भी देगी, अच्छा अमाउंट भी देगी। मैं
(43:18) इसके घर में एंजॉय भी करूंगा, पैसा भी कमाऊंगा। तो यहां मोरल वैल्यू तो कोई है ही नहीं। राइट? आप गरीब घर से आते हैं। आपको बहुत तेजी से आगे बढ़ना है। आपको बहुत पैसा कमाना है और एक जिम में जाने वाला लड़का क्या तो नौकरी करेगा और क्या तो कमाएगा। राइट सर। तो कोई 50400 की नौकरी कर रहा है और उसको एक रात के अगर 500 मिल रहे हैं तो उसको लगता है यार यह तो बहुत ही इजी टास्क है मेरे लिए और मेरे को तो एंजॉय भी करना करने का मौका मिलेगा अब वहां पे फिर ट्रैप एक बार हो जाता है तो फिर वहां पे रास्ते बनते हैं कि आप अपनी फोटो भेजिए फोटो भेजिए ये
(43:51) भेजिए वो भेजिए हम आपको इतना पैसा देंगे मान लीजिए आपने एक फोटो भेज भी दी उसने बोला आपकी फोटो सेलेक्ट कर ली गई है अपना पासपोर्ट भेजिए क्योंकि आपको हम इंडिया से बाहर भी भेजेंगे उसके लिए हम आपको ₹ लाख देंगे पर डे। अब वहां पे जितना जितना अच्छा ट्रैप किया जाता जा रहा है, उतना बड़ा-बड़ा ट्रैप होता जा रहा है सामने वाला। अब एक बार ट्रैप हो गया तो ठीक है। अब आपको मेंबर बनना है मेंबर के लिए ₹00 दीजिए। अच्छा सिक्योरिटी हां सिक्योरिटी अमाउंट जमा कराइए। आपने 50 दे दिए। फिर आपको बोल दिया नहीं आपको तो हम इंटरनेशनल कहते हैं उसमें
(44:22) डालना चाहते हैं। तो आप उसके लिए ₹ लाख दीजिए। मतलब जो मैक्सिमम बेवकूफ बना के लूटा जा सकता है वो लूटा जाता है। लेकिन सच में जिगलू भी है। ऐसा भी नहीं कि जिगल है ही नहीं। मेरे प्रॉस्टिट्यूट है नहीं। बिल्कुल है। मुझे याद आता है काफी पुरानी बात है ये। ये लेटेस्ट नहीं है। अब सोचो कि तब से मैं जिगलू को देखते आ रहा हूं। तो अब तो कहां से कहां लोग पहुंच चुके होंगे। यह कम से कम 15 साल पुरानी बात है। एक किसी ने मेरे को किसी पेरेंट्स ने कहा कि जरा मेरे बच्चे के बारे में देखो बच्चा थोड़ा सा आजकल सोने की चैन और इस टाइप के कहता है और एक उसने मोटरसाइकिल अभी ली मैं
(44:57) तो उसको इतना पैसा दिया नहीं और वो कहता है मैंने दोस्तों से उधार लिया है। जॉब वो करता नहीं तो इतना सब इसके पास आ कहां से रहा है। रात को ये लेट भी आता है। कई बार कई बार ये कशे में भी होता है। तो जरा देखो इसके कौन दोस्त वगैरह हैं। हमने उसको सर्वेंस में रखा। का ऑब्जरवेशन में रखा कि भाई ये बच्चा कहां उठता बैठता है। हार्डली उसकी ऐज होगी 22 23 के आसपास। यंगस्टर था तो देखा कि वो हफ्ते में एक फार्म हाउस में वहां पे ज्यादातर जा रहा है। यहां इसका कोई दोस्त हो। अब जो सर्विलेंस टीम थी वो उसको वहां देखती थी और सोचती थी कि कोई
(45:35) वहां पार्टी कर रहा होगा। उसके बाद वापस आ जाती थी। धीरे-धीरे मैंने कहा ऐसा कैसे हो सकता है यार? ये इसी फार्म हाउस पे बार-बार आता है। कभी भी किसी दोस्त के बाद नहीं आया। कई बार सुबह भी निकला यहां से। इसका घर का बैकग्राउंड ऐसा नहीं है कि इसका कोई फार्म हाउस का इतना अच्छा दोस्त होगा जो इसको रात भर यहां बिठाएगा। हम कुछ और भी है। फिर वहां पे हमने लोगों की लिस्ट निकालनी शुरू करी। जिनकी बाहर गाड़ियां खड़ी थी उनके नंबरों से उनके एड्रेस से कि ये लोग कौन है? सब यंगेस्टर्स थे। ज्यादातर बाइक वाले लड़के थे। अच्छा। उन लोगों से दोस्ती की गई। उन दोस्तों से
(46:07) दोस्ती की गई तो पता चला कि वह इस टाइप की सर्विज दे रहे हैं। तो उनको बोला गया कि यार मेरे को भी सर्विस देनी है। तो हमने हमारा एक इन्वेस्टिगेटर एंट्री कर गया। हम जब मैं इन्वेस्टिगेटर एंट्री करके उस फार्म हाउस में पहुंचा तो देख रहा है कि वहां पे सच में एजेड लेडीज हैं। हम और एजेड लेडीज वहां पे पानी लड़कों के साथ एंजॉय कर रही हैं। इवन तब हमने देखा कि सोने की चैन सच में एक ने गिफ्ट की। किसी का बर्थडे था लड़के का। उसको गिफ्ट की गई सोने की चीज। ठीक है। उसको सोना इतना महंगा नहीं था। लेकिन उसको भी कॉस्ट तो थी थी तो काम ही था
(46:38) तब हमें सारी चीज़ समझ में आ गई कि ये है जगहोज़ अच्छा वहां पूरी वीडियोस बनाई गई एविडेंससेस इकट्ठे किए गए तो वहां पे ना कोई पैटर्न बड़ा अलग था या तो यंगस्टर लड़के थे ओ लेजेस थी हम दोनों में कोई मैचिंग नहीं थी आपस में या तो लड़के भी यंगस्टर्स हैं लड़कियां भी यंगस्टर हैं चलो बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड आया हुआ एंजॉय करता है लेकिन उनका पैटर्न अलग था राइट सब की सब 40 50 से ऊपर थी ये सब 25 26 28 इस टाइप के लड़के थे तो इनका कोई पैटर्न नहीं वो सब शायद थे ये सब अनलाइड थे तब हमें समझ में आया कि वो ये जगह लोग का पूरी स्टोरी चली फिर उसके फादर को पूरी
(47:13) रिपोर्ट्स दी गई कि अब आपका बेटा है मुझे तो लगता नहीं कि जल्दी मानेगा हम ज्यादा प्रेशर बनाओगे तो घर छोड़ देगा पैसा इस पे आ ही रहा है अब देखो कैसे आप लोग इसको हैंडल करते हो हम तो सिर्फ काउंसलिंग कर सकते हैं आपके बेटे को समझा सकते हैं कि दिस इज़ नॉट अ फ्यूचर ये फ्यूचर नहीं है यहां पे हो सकता है आपको बीमारियां भी मिल जाए दो चार क्योंकि ऐसी हरकतों में ही एचआईवी होने के ज्यादा चांसेस रहते राइट सर। तो आप हो सकता है कि इस यंग एज के अंदर जल्दी-जल्दी ज्यादा से ज्यादा पैसा तो ज्यादा से ज्यादा पैसा कितना भाई? आप अगर अपनी सर्विज दे भी रहे हो 50,000 ले भी
(47:43) रहे हो और पूरे हफ्ते में दो तीन सर्विस दे भी दी तो आपने ₹6 लाख कमा लिए महीने के लिए। लेकिन कब तक? बीमारियां नहीं होंगी। कब तक? आप क्या शादी नहीं करोगे? कब तक? तो ये फ्यूचर नहीं है। ये बच्चों को समझना चाहिए। लेकिन लाइफ है। सर जैसे एजेड आपने बोला फीमेल्स का ये बहुत चल रहा है। क्रेज बढ़ गया है बड़े-बड़े शहरों में। तो आजकल ये अ फीमेल्स ना किटीज पार्टी किटी पार्टीज बहुत करती हैं। तो ऐसा कोई केस आपके सामने आया हो कि किसी ने अपनी मतलब पत्नी का चेक कराया हो कि यार ये बहुत पार्टीज में जाती है किटी पार्टीज करती है तो आप चेक करो कहां जाती है। तो कुछ ऐसा
(48:22) केस या कुछ आया हो? तरुण जी देखो प्री मैट्रिमोनियल पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर साफ-साफ निकल के आता है जब इन्वेस्टिगेशन की जाती है क्योंकि जो डिटेक्टिव को हायर करता है वो एक अच्छा अमाउंट देता है और वो तभी अमाउंट देता है जब उसके पास 40 से 60% इंफॉर्मेशन होती है कि कुछ तो गड़बड़ है लेकिन मेरे पास टाइम नहीं है या मैं इतनी स्किल्स नहीं रखता कि वो पकड़ पाऊं तो एक जनाबे अली आए थे हमारे पास अच्छा वो कह रहे हैं कि यार मेरी वाइफ केटी पार्टीज में जाती हैं और मैं उनको मना करता हूं। क्या रखा है किटीज़ में और कभी वह किसी फाइव स्टार होटल में किटी कहते
(48:57) हैं अपना हो रही है। कभी किसी के घर पे हो रही है। कई बार तो वो यह भी बोल देते हैं कि वहां को रात को रुकना भी पड़ रहा है। तो ऐसी इन्वेस्टिगेशन में कई बार देखा गया कि केटीज के अंदर ये सब चीजें हो रही हैं। केटी पार्टी के नाम पर किट चल रहे हैं। केटी पार्टीज के नाम पे कई बार तो क्या होता है कि लेडीज़ इतनी स्मार्ट हो गई हैं कि अपने जैसे 10 बॉयफ्रेंड हैं। 10 लेडीज़ हैं। 10ों के अपने बॉयफ्रेंड हैं। एक ग्रुप बन गया। पता है हम कि भाई हम आज इसके घर पे मिलेंगे हम इसके हस्बैंड इंडिया से बाहर है हम तुम सब अपने हस्बैंड्स को बोल दो कि भाई
(49:31) हम लोग किडनी पार्टीज में हैं और शाम को एंजॉय करेंगे हो सकता है लेट आएंगे या फिर सुबह आएंगे और वहां पे फिर ये सब हो रहा है तो ये इन्वेस्टिगेशन में कई बार पकड़ा गया कई बार देखा गया तो धीरे-धीरे जैसे सोसाइटी अपडेट हो रही है उसके साथ बहुत सारी मोरल वैल्यूस भी गिर रही है। हम वेस्टर्न कल्चर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। देखिए वेस्टर्न कल्चर के अंदर तो मैं मैं वेस्टर्न कल्चर ऐसा नहीं मानता हूं। यह वेस्टर्न कल्चर ऐसा नहीं है कि किसी की बीवी के साथ कोई घूम रहा किसी बीवी के साथ नहीं। ऐसा नहीं है। वहां ओपन होता है। हां हम कहते हैं वहां ओपन है कि आप मुझे
(50:01) पसंद करते हो इसे नहीं पसंद करते हो। नमस्कार नमस्कार। यहां छुप के सब किया जा रहा है। यहां छुप के चीट किया जा रहा है। चीट है ये। ये फ्रॉड है, चीट है। इमोरल मतलब आप जो भी कर रहे हो सब छुप के कर रहे हो। छुप के वेस्टर्न में ऐसा नहीं है भाई। मैं पूरी दुनिया घूमता हूं। राइट? दुनिया की कोई सिटी नहीं जो हमने ना देखी हो इन्वेस्टिगेशन के दौरान। राइट? तो उस 36 इयर्स का कहते हैं ट्रैक है इन्वेस्टिगेशन का। पूरे वर्ल्ड में देखा वेस्टर्न एक दूसरे को कितना प्यार करने वाले लोग भी हैं। हमारे देश में भी ऐसे हैं। कुछ उंगलियों पे हम गिन सकते हैं कि ऐसे
(50:34) लोग भी हैं। जैसे आपने देखा कि अपने हस्बैंड को चीट करना, शादी होते ही अपने हस्बैंड को कहीं से धक्का दे दिया, किसी ने नीडेड ड्रम में डाल दिया, किसी ने पुश कर दिया। कितने केस? हम हार्डली 10 केस, 20 केस, 30 केस। 150 करोड़ की जनसंख्या में 30 केस भी अगर मैं मान लूं जबकि 30 नहीं है 15 से ज्यादा केस नहीं है लेकिन 30 भी अगर मैं मान लूं और परसेंटेज निकालूं तो 0.
(50:58) 1 भी नहीं है। और ये भी सर मीडिया की वजह से बाहर आता है। सॉरी मीडिया की तरफ से हाइप किया गया है। तो हमारी सोसाइटी बहुत शानदार है। लोग बहुत शानदार हैं। एक दूसरे से प्यार करने वाली फैमिलीज़ हैं। मोरल वैल्यूज़ हैं। लेकिन कुछ चुनिंदा लोग अगर ऐसे हैं तो मीडिया के पास क्या तरीका है? अपने आप को लाइमलाइट में रखने का उसी केस को रगड़ते रहो, रगड़ दिखाते रहो, कंटिन्यू और अपनी कहते हैं टीआरपी बढ़ाते रहो। अदरवाइज तो ऐसा कुछ नहीं है इस देश के अंदर। तो सर अभी आपने नाम ले ही लिया था कि एक केस था वो ड्रम वाला जो अपने पति की लाश काट के उन्होंने ड्रम में डाल दी थी।
(51:33) मुस्कान और साहिल शायद नाम था उनका। उसका बिल्कुल। तो सर उनको अब मुजरिम मान लिया गया। तो उस केस के बारे में आपका क्या सोचना है कि अगर आपने उसके बारे में पढ़ा हो तो आजकल ये मेंटालिटी कहां जा रही है? देखिए मैं आपको मेरा सोचना ऐसा है सोसाइटी के बारे में लोग अलग तरीके से भी सोचते हैं। हम कुछ महिलाएं हम बहुत ही कमजोर हैं, डरपोक है, कायर हैं। लोग कहते हैं ना कि महिलाएं बराबर हो गई हैं। महिलाओं अपने हक में आवाज उठाना सीख गई हैं। महिलाएं कायर नहीं है। डरपोक नहीं है। लेकिन जो इस तरीके की हरकतें करती हैं कि आपने शादी की एक अच्छे इंसान से। देखो
(52:11) जिनकी भी शादी हुई उनके हस्बैंड जो थे वो शानदार थे। अच्छे। अगर आप पूरा रिकॉर्ड उठाओगे तो आप देखोगे कि इन सबके हस्बैंड बहुत शानदार थे। प्रेमी एक पैसे के लोग नहीं थे। राइट? कंगले, गरीब हम नशेड़ी इस टाइप के लोग थे। जबकि उनके जो हस्बैंड थे वो बहुत शानदार थे। बस उनके पास एक ही कमी थी। उनके पास शायद टाइम कम था अपनी पत्नी के लिए। राइट? तो ऐसी स्त्रियां जो अपनी शादी के बाद अपने प्रेमी के साथ मिलके अपने हस्बैंड को मार दे और उस निर्दोष आदमी को मार दे जिसका कोई कसूर नहीं है। हम तो ऐसी महिला को हम क्या कहें? ऐसी महिलाएं को हम यही कहेंगे कि ये बहुत ही
(52:46) कमजोर डरपोक है। क्योंकि अगर ये कमजोर डरपोक ना होती और जिनसे प्यार करती है उसे जब शादी नहीं हो रही थी तो अपने माता-पिता से बोल सकती थी कि हमें शादी तो उसी से करनी है और अगर आप शादी नहीं करते हो तो मुझे शादी ही नहीं करनी है। कम से कम आपने आवाज नहीं उठाई और शादी होने के बाद अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हद कर दी तो इससे ज्यादा क्या कहा जाए ऐसे इंसानों के बारे में कि कितनी कमजोर है। राइट? तो समाज में मेरा तो आपके प्लेटफार्म से कहना होगा कि अगर आपको प्यार हो गया तो अपने प्यार के प्रति बोलना सीखिए। हम प्यार के नाम पे डर प्यार या तो करो मत।
(53:19) राइट भाई किसने कहा प्यार करो शादी हो जाए अपने हस्बैंड से प्यार कर लेना। लेकिन अगर आपको प्यार हो ही गया है क्योंकि प्यार में हो सकता है जिससे प्यार हो, उसकी जाति अलग हो, उसकी उम्र अलग हो, वो बाल बच्चेदार हो, वो डवोर्सी हो, विडओवर हो, जाति अलग हो, बहुत कुछ हो सकती है वजह। और ये दोनों तरफ है। राइट? तो उसमें आवाज उठाना सीखो ना। भाई आप कहती हो कि हम पुरुष के बराबर हैं। बहुत अच्छी बात है। आप बिल्कुल पुरुष के बराबर हो। तो पुरुष के बराबर हो तो आवाज उठाकर बताओ कि मैंने इस इंसान से प्यार किया। मैं इसके साथ ही शादी करूंगी। हम
(53:50) और अगर इसके साथ शादी नहीं करते हैं आपके पेरेंट्स तो अपने बलबूते पे अपने आप को इतना शानदार बनाओ कि या तो शादी करो या फिर प्यार हम मतलब इसे तीन जिंदगियां सेफ होनी चाहिए तीन जिंदगियों के साथ उनके परिवार परिवार जिंदगियां तो चलो जिसने कर्म किया वो गया हम उसको सजा हुई लेकिन जिसने नहीं किया था वो भी गया उसका परिवार भी गया और जिस जो लड़की जिस घर से आई उसका परिवार भी गया क्योंकि उसका परिवार समाज के अंदर तो तकलीफ में आएगा आएगा रहेगा ही ना जिंदगी भर के उसके अगर भाई बहन होंगे उनकी शादी में प्रॉब्लम्स आ सकती हैं। तो यहां पे कितने लोग डिस्टर्ब हो गए सिर्फ एक वजह से
(54:27) कि लड़की या लड़का क्योंकि ऐसा नहीं कि लड़कियां ही प्रेम करती हैं। लड़के भी प्रेम करते हैं। लेकिन कई बार वो आवाज नहीं उठा पाते और ऐसी लड़की से शादी कर लेते हैं जिसे करना नहीं चाहते थे मां-बाप के प्रेशर में आके और बाद में फिर वही अपनी वाइफ को या तो डिवोर्स देते हैं या प्रेशर कर डालते हैं इतना कि वो डिवोर्स ले ले उसको परेशान करते हैं। तो दोनों तरफ ऐसे इंसान हैं। तो मुझे लगता है प्रेम है तो आवाज उठाना सीखो। क्या प्रॉब्लम है? सही। बहुत सही है। बात की सर। मैं ऐसी कितनी औरतों को देख रहा हूं। कितनी लड़कियों को देख रहा हूं जो शादी के
(54:58) बाद आज भी हम उनको लगता है कि उनकी गर्लफ शादी हो गई है। हम उनके जिस तरीके का हस्बैंड बताया गया था या जो नेचर बताई गई थी या जो शादी से पहले उसकी नेचर दिख रही थी उस शादी की बात नहीं दिख रही है। आई गेस सर 90% या 80% अरेंज मैरिजेस में ये आता होगा उनको बाद में कि दिमाग में। बिल्कुल आता है और मुझे ऐसा लगता है कि देखो इसमें तो कोई दो राय नहीं कि दो आदमी एक जैसे तो नहीं हो सकते। राइट? और फिर सबसे बड़ी बात है कितना बड़ा डिफरेंस है। एक मेल है और एक फीमेल है। दोनों की डिमांड, दोनों की सोच, दोनों का तरीका, दोनों की स्टडी, दोनों के परिवार
(55:32) सब तो अलग थे। और वो फिर एक कमरे में आके एक छत के नीचे एक हो गए। अब एक होने के बाद वो दोनों की हर चीज एक हो जाए। ये हाउ कैन वी पॉसिबल? तो उस कंडीशन से एक ही तरीका है ना। हम एडजस्टमेंट। राइट? आप किस तरीके से एडजस्ट करते हैं। यही तो आपके अंदर की इंसानियत है। यही तो आपके मोरल वैल्यूस हैं। भाई हम दोस्त बनाते हैं। ठीक है? दोस्त बनाया अच्छा नहीं लगा। हमने उसे हाथ जोड़ के माफी मांग ली और उससे हम अलग हो गए। यहां तो भाई आप फेरे करके पूरी दुनिया के सामने लाखों करोड़ों खर्च करके एक ऐसे इंसान को लेके आए हो जिसका जीवन भर जीना है। और फिर वहां
(56:06) आपको लगता है यार यह इंसान वैसा नहीं है। अरे वैसा नहीं है तो अपने आप को बदल लो। उसको नहीं बदल सकते। पहले तो अपने को बदलो। देखो यह बहुत अच्छी बातें हैं कहने के लिए। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि समाज के अंदर हम जैसा सोचते हैं वैसा करते नहीं है। राइट? हमें हर चीज अच्छी है कि भाई हमारे अंदर इंसानियत होनी चाहिए। हमें झूठ नहीं बोलना चाहिए। हमें यह काम नहीं करना चाहिए। लेकिन क्या हम सच में ऐसा करते हैं? नहीं करते हैं। मैं तो कई बार कई चैनलों से एक चीज बहुत अच्छी बोलता हूं। जोक में ही है। जी। कि हमें पता है कि हम रोड पे जा रहे हैं।
(56:40) सामने रेड लाइट है और हम आराम से जंप करते हैं। हम हम अपनी मोरल वैल्यू को वहां तक नहीं बदल पाते। राइट? कोई अगर कहते ग्रीन पे जा रहा है उसको उसकी गाड़ी को रुकवाते उसको दो गालियां भी सुनाते हैं। कार वाला बेचारा कोई गलती नहीं कर रहा है। स्कूटर वाला रेड लाइट से निकल रहा है। कार वाइट होती तो बड़ी गाड़ी है तो इसी की गलती है। यहां मोरल वैल्यू है कहां लोगों के पास? बिल्कुल नहीं है। लोगों को यह सोचना चाहिए कि आपसे ही तो देश बनता है। आपसे ही तो समाज बनता है। आप तो गलत हो। आपकी सोच गलत है। सर लड़कियां गलत है। इसकी एक ही आपने प्रॉब्लम बोली थी। इसका
(57:14) रीज़न रीज़न जनसंख्या पॉपुलेशन भाई लड़कियां गलत हैं। लड़कियां गलत नहीं है। लड़कियों के साथ लड़के भी तो गलत होते हैं। लड़कियां अकेले कैसे गलत हो जाएंगी? हम लड़की किसी के साथ तो है। वो भी तो उतना ही गलत है फिर। राइट? तो लड़की लड़के दोनों ही गलत है। तो सर अब थोड़ा ना सेलिब्रिटीज पे आते हैं। इनकी एक अलग ही दुनिया चल रही होती है। इनके केसेस तो ऐसे-से होते हैं कि ना मीडिया में आते हैं और बाकी लोगों को इंटरेस्ट भी होता है कि यार ऐसा कैसे हो गया? तो ऐसा एक बहुत बड़ा केस है सुशांत सिंह राजपूत जी का और उनकी जो पहली मैनेजर
(57:44) थी दिशा सालयान। सालन का तो बोला जाता है कि सुशांत सिंह का तो चलो सॉल्व हो गया था लेकिन उनकी सोच ही थी। मेरे हिसाब से ऐसा आया था वो बट दिशा सालियान का जो कुछ टाइम पहले उन्होंने उन्होंने भी करी थी पर अब वही सेम केस सीबीआई ने बोल दिया कि फिर से उसको ओपन किया जाए या एफआईआर की जाए ऐसा ही कुछ है राइट हम तो सर आपने तो बहुत इस पे पूरी रिसर्च करी है सुशांत के केस पे तो कि क्या इनका क्या लिंक है और क्या सच है आज पूरी मतलब जनता को बताओ आप [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] देखो तरुण जब सुशांत की डेथ हुई थी कोरोना
(58:20) अपने पीक पर था राइट मेरे पास रिक्वेस्ट आई इंडस्ट्री से कि आप इस पे इन्वेस्टिगेशन करिए और हार्डली 14th जून को उनकी डेथ हुई है। 13 जून को मेरा बर्थडे था। अच्छा और 13 जून को जहां तक मुझे याद आ रहा है संडे था शायद। हम 14 जून को या तो संडे था या 13 जून को संडे था। हम और ये 2020 के आसपास की बात है शायद। 2020 हां। कहीं मेमोरी में है क्योंकि छ साल गुजर चुके हैं। एकदम हर चीज याद नहीं है। तो मुझे जब रिक्वेस्ट आई तो मैं उसी वक्त अगर आप मेरे Facebook हैंडल पर जाएंगे हम तो 14th जून 2020 जिस दिन यह चल रही थी डिटेल्स कहते हैं मीडिया में कि शशांत ने ऐसे कर ली है
(59:02) तब तो यही बात चल रही थी तो लोग कोरोना में घर बैठे हुए थे घर से बाहर तो जा नहीं रहे थे राइट तो जिसका जैसा आ रहा था सोच उसके अकॉर्डिंग बोल रहा था शॉकिंग था वो शॉकिंग थे सब और सब उसके फैन भी थे हम तो जब ये मेरे पास केस आया तो मैंने काफी मन मना किया कि नहीं भाई इतने कोरोना में नहीं जा सकते। उसके बाद फिर 3 महीने के बाद या 2 महीने के बाद मुझे लगा कि नहीं जाना चाहिए। एक केस काफी आगे जा चुका था मीडिया के दूर और मीडिया में दो हम वह बन चुके थे कि एक बोलता है आप बोलता कि हां और एक बोलता हम मैं वहां गया इन्वेस्टिगेशन की दोपहर का
(59:43) टाइम है सुबह हुई है सामने पार्क है जॉगिंग पार्क है बिल्कुल उनके घर के सामने ही कोरोना का टाइम है कहता है हर चीजें बंद है गाड़ियां ज्यादा दिख नहीं रही हैं हम और सबसे बड़ी बात है कि जो उनका घर है उस घर से थोड़ा सा आगे चलते हैं तो सी है समुंदर है हां वहां रास्ता बंद हो जाता है हम तो जो भी गाड़ी आएगी वो जाके वापस ही आएगी अच्छा क्योंकि उससे आगे जाएगी नहीं हां और इनका सी से कोई पांच या छह घर पहले था घर इनका ज्यादा मुझे याद आ रहा है हम तो वो सारी सिचुएशन देखने के बाद सीसीटीवी लगे हुए हैं। एक हजार दो2000 गज के प्लॉट हैं। हम कोठियां हैं।
(1:00:21) आगे कहते हैं इन्होंने ले रखा है। पीछे लैंड लॉर्ड रहते हैं। साइड में भी कहते हैं जो कोठियां बनी उनकी लैंड लॉर्ड है। बड़े-बड़े टीवी क्या वो सीसीटीवीज लगे हैं क्योंकि आजकल की इन्वेस्टिगेशन सीसीटीवी अपने आप में बहुत बड़ा टूल है। राइट सर सीसीटीवी पैन रिपोर्ट डिटेल्स और सीडीआर ये अपने आप में बहुत बड़ा टूल है। आज से 30 साल पहले टूल नहीं थे लेकिन आज तो है ही टूल। हम तो इतने सीसीटीवी मैंने देखे सब कुछ देखा चीजें समझी। तो उस वक्त मैंने जो अह बयान दिए थे हर चैनल के ऊपर तो मैंने कहा था यह मुझे हर तरीके से ही लग रहा है। मुझे
(1:00:52) इसमें कहीं नजर नहीं आ रही है। और अंत में आज सीबीआई ने भी ये कह दिया कि ये ही है तब तो सरकार चलो उद्धव की थी तो हम मान सकते थे कि उद्धव की सरकार या पुलिस ने अच्छा काम नहीं किया होगा। बोला उन्होंने भी था। उसके बाद तो सीबीआई सेंटर से गई थी। राइट? और सेंटर से गई थी तो केंद्र में तो बीजेपी थी। हम तो हम इसको यह भी नहीं कह सकते थे कि कहते हैं किसी ने अच्छा काम नहीं किया पुलिस पुलिस ने अपना काम अच्छा किया लेकिन फैन तो फैन होते हैं और फैन तो बोलेंगे बिल्कुल भाई कि कैसे कोई आदमी इतना जवान आदमी अपने हाथ में पलेगा लेकिन दिशा सालयान में मुझे लगता है
(1:01:27) आज तब भी मैंने ये कहते हैं बोला था क्योंकि आठ 8 जून के आसपास उनकी हुई थी शायद हम और 13 14 के आसपास इनकी हुई थी। 8 जून को हुई थी। 4 जून को तिशा सालन ने अपने माता-पिता को एक लेटर दिखाया था कि मुझे एक ऐड एजेंसी में काम मिला है बहुत मोटा और बहुत हैप्पी थी खुश थी। हम परिवार ने यही सवाल अब उठाया कि एक इंसान जो इतना खुश होगा वो आत्मा चारप दिन बाद क्यों कर लेगा? यहां तो दूसरी बात है कि देखो जब आय की बात आती है तो आप 2 मिनट में आपका मूड चेंज हो सकता है। सीन कर सकता है किसी वजह से। मैं बहुत खुश हूं लेकिन मेरी
(1:02:14) खुशी के पीछे कोई गम नहीं है। ऐसा कोई गारंटी नहीं है। सर उन्होंने शायद बालकनी से कूद के करी थी। ऐसा कुछ था ना? बाल देखो बाल कोहनी से कूद के करी थी या गिरी थी? ये अपने आप में भी सस्पेराइड है। और वो 12थ फ्लोर था। अच्छा। 12th फ्लोर था। ठीक। रात का टाइम पार्टी चल रही है। पार्टी में काफी लोग आए हुए हैं। जानेमाने लोग वहां के आए हुए हैं। जिसमें कह रहे हैं तो के बेटे भी हैं। अब उस कंडीशन में आप ड्रिंक कर रहे हैं। ड्रिंक करने के साथ वहां पे ऐसी पार्टीज में मैंने सुना है और देखा भी है कि वहां पे ड्रग्स भी कंज्यूम किए जाते हैं।
(1:02:44) अच्छा। जब कोई ड्रग्स और ड्रिंक दोनों को कंज्यूम करता है तो इनका डेडली कॉम्बिनेशन बनता है। हम आप को पता है कि मैं दो पैक पीता हूं। मुझे कितना नशा होता है। आपको पता है मैं चार पैक पीता हूं। कितना नशा होता है। आपको पता है मैं बैग नहीं पीता हूं। मैं नशा करता हूं। कोई ड्रग लेता हूं। तो मुझे यह आदमी को पता है। ऐसा नहीं है कि एक आदमी को पता नहीं वो कितना भी ड्रग्स ले लेगा तो फिर तो उसकी डेथ हो जाएगी। तो सबको पता होता है। लेकिन जब आप ड्रग्स के साथ अल्कोहल या अल्कोहल के साथ ड्रग्स लेते हो तब आपको ये कॉम्बिनेशन डेडली समझ
(1:03:13) में नहीं आता कि मेरे साथ क्या-क्या हो सकता है। हम तो मैंने उस वक्त यही कहा था कि हो सकता है कि दिशा सालयान ने जब कहते हैं ड्रिंक ली हो। ड्रिंक के अंदर किसी ने कुछ ड्रॉप्स डाल दी हो। ऐसी जो ड्रग्स की हो या उसने ड्रग्स लिए हो उसके साथ उसको जो अल्कोहल दिया गया उसमें कोई ऐसा कॉम्बिनेशन डेडली बना दिया गया जिसकी वजह से वो अपना मेंटल स्टेबल खो गई हो। अब होता क्या है कि आप 12वीं मंजिल की सी उस पे खिड़की पे बैठे हो हम हवा नेचुरली जितना ऊंचा होता है वहां हवा ठंडी लगती है आदमी को। राइट जून का महीना है। शाम का टाइम है। हवा गर्म होनी चाहिए थी। उनको हवा लग रही है।
(1:03:52) वह ड्रिंक करके बैठी हैं। एक अनकॉन्शियस होकर गिर सकती हैं। हम या जानबूझ के कर सकती हैं। क्योंकि उन्होंने उस वक्त मैंने जो सुना था कि उन्होंने 100 नंबर पर कॉल भी किया था। एक वो 100 नंबर पर पूरी कॉल नहीं हो पाई थी। फोन कट गया था। अच्छा। उससे पहले उन्होंने अपने किसी दोस्त से भी बहुत देर तक बात की थी। हम वो बात भी आज तक समझ में नहीं आई। किसी को कि वो बात एग्जैक्टली क्या हुई थी? किस टॉपिक को लेके हुई हम जब ये सब चीजें हो रही थी तो क्या 100 नंबर पे जो कॉल किया गया था वो गलती से 100 नंबर लग गया था या कुछ ऐसा उस कमरे में हुआ था जिसकी वजह से उन्होंने 100
(1:04:26) नंबर पर कॉल करना पड़ा और जब हां और जब जिसने देखा कि 100 नंबर पे कॉल करके हाथ से फोन छीन लिया गया हो बंद कर दिया गया हो हो सकता है कि उनको इतना अनकॉन्शियस कर दिया गया हो कि धक्का दे दिया गया हो हम ऐसे बहुत सारे सवाल खड़े होते हैं एज अ प्राइवेट डिटेक्टिव हमें विदाउट फैक्ट देके हम एक डिसीजन जन दे देना ये बहुत मुश्किल है। ऑप्शन हम दे सकते हैं कि हां ये हो सकती है। तो मुझे ऐसा लगता है ये हत्या हो सकती है कि दिशा सालयान की गई हो। सुशांत में मुझे ऐसा नजर नहीं आया था क्योंकि वहां तो उसके दोस्त भी थे। उसके सब कुछ थे। उसके नौकर भी थे।
(1:05:03) यहां पे दिशा सालयान के कमरे में वो लोग थे जिसको एक आदमी भी अगर रूल करे कि कोई कुछ नहीं बोलेगा तो कोई कुछ नहीं बोलेगा। राइट? हम अब मैं नाम ना लूं उसका तो बेहतर है। लेकिन वहां इतने बड़े लोग थे कि उनमें से अगर एक दो लोग यह बोले कि जो इस कमरे में हुआ है इस कमरे का अंदर रह जाएगा। कोई कुछ नहीं बोलेगा। क्योंकि उस कमरे की वीडियोस नहीं आई कभी बाहर। राइट? उस कमरे की जो इंटरनल वीडियोस थी वो कभी नहीं आई। और अगर आई तो एक आध वीडियो आई तो वो फिर पुलिस की कस्टडी में होंगी और वो पुलिस कस्टडी आपको पता है बॉम्बे की है। और उस वक्त कस्टडी में रही होंगी। क्या फिर वो
(1:05:37) कस्टडी में रखी या डिलीट कर दी गई? या एडिट कर दी गई यह कुछ नहीं पता। लेकिन आज अगर उसके फादर के कहने पर एफआईआर हो रही है तो आज मुझे लगता है पूरा का पूरा जो मामला राजनीति से भरा हुआ है। क्योंकि छ साल के बाद आप ऐसे कौन से एविडेंस दे रहे हो जो अभी मीडिया के सामने नहीं आए। जी आपने एक पेनड्राइव दी है। अब उस पेनड्राइव में है क्या? उसके फादर भी तो बता सकते हैं। राइट? तो आज आप प्रेशर आया सरकार किसी और की है कि भाई एफआई ल्च होनी चाहिए। तो पुलिस वाले की क्या हिम्मत कि वो एफआई ल्च नहीं करेगा। एफआईआई ल्च हो गई। जब एफआई ल्च हो
(1:06:12) गई तो उसमें नाम आ गए। जब नाम आ गए तो प्रेशर डेवलप होने लगता है राजनीति के अंदर कि आगे तुमने क्या करना है। अदरवाइज हम ये करें। मतलब मुझे अब लगता है कि राजनीति से भरा हुआ एक खेल है। क्योंकि अगर उस वक्त एफआईआर होती क्योंकि उस वक्त तो मान लिया गया। हम तरुण जी हमारे देश के अंदर देखा होगा आपने बहुत सारे सेलिब्रिटीज हैं जिन्होंने किया। राइट? और हैरानगी की बात है कि इस में आज तक किसी को सजा भी नहीं हुई। हम सारे के [नाक से की जाने वाली आवाज़] सारे केस ना कह के अबेडमेंट ऑफ मान लिए गए। ठीक है? अच्छा अबेटमेंट ऑफ अबेटमेंट ऑफ हम
(1:06:46) बस आपने अपनी मर्जी से किया ना। राइट राइट? जैसे आप सोसाइटी की बात करोगे अपनी मर्जी से किया। अबेटमेंट ऑफ़ आपने किसी की वजह से किया। जब किसी की वजह से किया तो उसको सजा मिलनी चाहिए कि भाई आपके प्रेशर में आके हम अंदर क्या यूज़ होता है? हथियार यूज़ होते हैं। हम चाहे आप रिवाल्वर ले लीजिए, चाहे आपने कोई हथियार ले लिया, कोई ड्रग्स ले लिया, कोई नशा ले लिया, कोई जहर ले लिया, कुछ भी ले लिया। अबेडमेंट ऑफ में क्या है? हम किसी को प्रेशर डालना। अच्छा। किसी के इमोशन से खेलना, किसी से झूठे वादे करके उसको एक सर् बाग दिखाना कि मैं तेरे साथ शादी करूंगा, तेरे साथ यह
(1:07:24) करूंगा, तेरे लिए यह करूंगा, तेरे लिए वो करूंगा। अच्छा। इतने सारे प्रेशर के साथ फिर आपने एक दिन उससे मुंह कर जाना कि भाई मैं तेरे से शादी नहीं कर सकता हम मैं तेरे से प्यार नहीं करता मैं तो किसी और से प्यार करता हूं तो यहां पे सामने वाला हर्ट होता है अच्छा आप उसके जज्बातों से खेले हो और जी भर के खेले हो उसके जज्बातों से उसके शरीर से उसके पैसे से हर चीज से खेले हो और जब आप खेल लिए जब आपको लगा कि अब इसके पास पैसा भी नहीं है लाइफ भी इसके साथ खूब जी ली और आप किसी और की तरफ मूव कर गए। तो ये है तो चीट ही ना। राइट? अब यहां पे सामने वाला अपने को ठगा हुआ सा
(1:08:03) महसूस करता है कि मेरे साथ ये क्या हुआ? मैं तो इस इंसान के ऊपर पूरा पैसा खर्च कर रहा था। इससे प्यार करता था इसके लिए मतलब कुछ कभी किसी के बारे में सोचा ही नहीं। ना अपने करियर के बारे में, ना पैसे के बारे में, ना सेहत के बारे में, ना इज्जत के बारे में। और आज इसने मेरे को एक तरफ खड़ा कर दिया। ठगा हुआ सा महसूस हुआ। राइट? राइट। वहां पे जब वो उसे कहते हैं अबेटमेंट हाउस। अबेडमेंट ऑफ में कोई कोई यूज़ हुआ नहीं। हम तो आप कोर्ट को कैसे समझाओगे कि ए ने करी बी की वजह से क्योंकि बी ने इसके फाइनेंस पैसे उड़ा दिए। बी ने इसको शारीरिक एंजॉय
(1:08:39) कर लिया। बी ने अपनी इसकी इज्जत से खेला। ये आप प्रूफ कैसे करोगे कोर्ट में? कर ही नहीं सकते। जैसे प्रत्युषा के केस में हुआ कि अभी कहते हैं उसके जो भी दोस्त थे हम हम उनको अभी बरी कर दिया गया। तो ऐसे कितने हमारे देश के अंदर सेलिब्रिटीज हैं जिन्होंने किया और वो सब अबेटमेंट और थे। राइट अमेंडमेंट सजा हो नहीं सकती क्योंकि कानून इतना अपडेटेड नहीं है। इतना स्किल्ड नहीं है कि आप ए ने और बी की वजह से की उस एविडेंस को चेन ऑफ एविडेंस कंक्रीट एविडेंस के साथ मजबूती से कोर्ट के सामने रख पाओ। सर बाहर के देशों में ऐसा है कोई ये रूल
(1:09:24) है कुछ इसके ऊपर? इसमें रूल है बाहर बाहर अबडमेंट ऑफ सजाएं होती है क्योंकि वहां पे फॉरेंसिक एक्सपर्ट बहुत जबरदस्त है। वहां पे स्किल है। हमारे देश में जो पुलिस इन्वेस्टिगेशन करती है एक केस कर रही होती है इतने में दूसरा केस उसके पास आ जाता है। तो वो कभी भी उस पे फोकस्ड काम नहीं करती है। और जितने भी अब केसेस होते हैं उसके अंदर मोबाइल डिटेल्स हम आपकी बैंक डिटेल्स उसके आसपास के दोस्त उसके हालात ये सारे इतने सॉलिड एविडेंसेस के अंदर डाले जा सकते हैं लेकिन पुलिस लटक के खत्म हुई बात इससे आगे सोच ही नहीं पा रही है कि भाई ये लटक के
(1:10:02) है क्या मेडिकल प्रॉब्लम थी इसको या ऐसे कर्जा उठा लिया था किसी का हम क्यों उससे ज्यादा नहीं सोचना है बस वो दिख रहा है कि हां ये लटक के अंदर से अंदर से कुंडी लगी थी। इसके ऊपर जो हथियार ने किया इमोशन का इसके साथ क्रंचेस किए उसको प्रूफ करना है दोस्त तो पुलिस यहां पे इतनी स्किल्ड नहीं है। एक को अबेंडमेंट ऑफ में ना ले जाके सिर्फ एक सिंपल बताती है और जिसकी वजह से होती है वह लोग बच निकलते हैं। यह हमारे देश की क्लास दी है। इसके ऊपर हमारे देश के लीगल उसको सिस्टम को बहुत अपडेट होना होगा। जुडिशियल को समझना होगा। पुलिस को इसके ऊपर काम
(1:10:40) करना होगा। क्योंकि पुलिस ही ऐसी है जो एविडेंसेस लाके रखती है। कोर्ट में एविडेंसेस नहीं आए तो जैसे कोहली छूट गया ऐसे दुनिया छूट जाएगी। क्या निठारी में नहीं हुई थी? छूट गया। क्या आरुषी की हत्या किसको सजा हो पा रही है? क्या कहते हैं सुशांत का अबेंडमेंट हो सकता? किसको सजा हो रही है? क्या दिशा साल की के पीछे कोई अबंडमेंट? किसको हो रही है? जिया खान सूरज पंचोली किसको सजा हो रही है? इतने लोग हैं। इतने सारे हैं। तो एक को सजा ना हो। इसके पीछे कोई तो गहरी वजह होनी चाहिए। राइट सर। ग्रेट। सर आजकल ना लोग एक नया ट्रेंड चल पड़ा है
(1:11:16) कि लोग प्रीमैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कराते हैं। तो ये क्यों जरूरी है और क्यों आजकल लोग इसको ज्यादा करा रहे हैं। ऐसा कोई केस आपके सामने आया हो कि भाई बिल्कुल उल्टा हो गया हो। तो सर उसके बारे में कुछ बताओ। देखो सोसाइटी में पहले क्या होता था आज से 25 30 साल पहले कि सोसाइटी बहुत कहते हैं एक साथ परिवार में रहते थे लोग कहीं दूर नौकरी करने नहीं जाते थे एक दूसरे को लोग जानते थे और सबसे बड़ी बात है कि कोई मूवमेंट्स नहीं थी लड़कियों की ऐसी कि जो कहते हैं आप उसको पकड़ ना पाओ या लड़कों को ऐसी मूवमेंट नहीं थी जो पकड़ ना पाओ तो सब साफ दिखता
(1:11:49) था कि यार लड़का ऐसा है लड़की ऐसी है तो शादियां चलती थी आराम से हम अब ऐसा नहीं है। अब लड़कियां बाहर शहर से आती हैं छोटे शहरों से आती हैं। बड़े शहरों में जॉब करती हैं। अपना फ्यूचर प्लान करती हैं। फ्यूचर प्लान करते-करते उनके अच्छे लोगों से दोस्ती होती है। ऐसे लड़के भी आते हैं। फ्यूचर प्लान करते हैं। उनकी भी दोस्तियां होती हैं। एक हमारे पास हम यूएसए से एक लेडी आई हम और उन्होंने कहा कि हमारा मैट्रिमोनियल साइट के ऊपर एक किसी से कनेक्शन कांटेक्ट हुआ है। हम बहुत अच्छे इंसान हैं। दो साल से हमारी अच्छी दोस्ती चल रही है। हम मैं उनके स्टार्टअप में ढाई तीन करोड़ लगा
(1:12:28) भी चुकी हूं। अच्छा और उनसे कई बार मेरी मुलाकात भी हुई है। हम और पिछले चारप महीने से उनसे मेरी बात नहीं हो पा रही है। संजीव जी अच्छा उसको कुछ शक नहीं है। हम नहीं हो पाई। हां बस बात नहीं हो पा रही है। हमने शादी करने का प्लान किया था। हम हम तो मुझे उनसे मिलना है। हम हम मेरे पे उनकी गाड़ी का एक नंबर है। उनकी फोटो हैं। उनके मोबाइल नंबर्स हैं और जिस बैंक में मैंने पैसे डाले थे वो बैंक का अकाउंट है। हम ये मेरे पे इनफेशन है संजीव जी और मुझे उनसे मिलना ही मिलना है। हम हम तो मुझे भी लगा कि कोई वजह रही होगी कि नहीं मिल पा रहे होंगे।
(1:13:05) राइट राइट। दिमाग में मेरे भी एकदम ये ऐसा कोई प्लान नहीं आया कि कुछ गड़बड़ हो गई या कुछ फ्रॉड हो गया है। हम तो मैंने कहा ठीक है। चार महीने पहले आपका कॉन्ट्रैक्ट क्यों टूटा? हम उससे पहले आपका जब कांटेक्ट हुआ था तो किस बेस पे हुआ था यह थोड़ा सा समझाओ। ठीक है? तो उन्होंने कहा कि मैं डिवोर्सी हूं हम और मैंने मैट्रिमोनियल पे अपना सब कुछ डाल रखा था बायोडटा वगैरह। वहां से मुझे इंजन ऑफ से कांटेक्ट हुआ। मैं इनसे मिली। लंबे चौड़े स्मार्ट पर्सनालिटी हम जब भी आए तो बड़ी गाड़ियां उनके पास हम हर बार गाड़ी बदली हुई। फाइव स्टार होटल
(1:13:39) में मिलते थे। ये अलग बात है कि उस फाइव स्टार होटल का बिल नहीं भरती हम क्योंकि मैं एनआरआई थी। मेरे पे पैसे की कोई कमी नहीं थी। हम तो वो मुझे कहते थे कि मैं भरता हूं। तो मैं कहा नहीं नहीं कोई बात नहीं मैं भर देती हूं। शादी के बाद सब आप ही का आया। तो उस कंडीशन में हमारे बहुत अच्छे वो चल रहे थे रिलेशन। तो मैं कहा फिजिकल भी हुए। कहते हां हम कई बार फिजिकल हुए। हम वो यहां तो यूएसए भी आए मेरे से मिलने। हम अच्छा फिर क्या हुआ? कहते फिर उन्होंने कहा कि मेरे मदरफादर इस शादी के तैयार नहीं हो रहे हैं। अच्छा और उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया है और
(1:14:15) कह रहे हैं कि जायदा से बाहर निकाल देंगे। मैं बहुत टेंशन में हूं। मैं एक बिज़नेस शुरू करने वाला हूं और उस बिजनेस में मुझे ₹4 करोड़ चाहिए। हम तो ₹ लाख तो मेरे पास हैं। हम ₹75 लाख मैंने अपने दोस्त से ले लिए हैं। कुछ कमी पड़ रही है। तो अगर तुम मदद करना चाहो तो ठीक है। नहीं तो कोई बात नहीं। हम अब मैंने सोचा यार इतना पुराना दोस्त हो गया 50 लाख इसके पास है 75 ले लिए कुछ मैं भी देती हूं तो मैंने अभी थोड़े बहुत भेज दिए और वो थोड़े बहुत जो भेजे उसके बाद फिर धीरे-धीरे उनकी डिमांड बढ़ती गई हम अब मैं पैसे लगा चुकी थी तो मैंने कहा चलो
(1:14:47) कोई बात नहीं चलते हैं अब 4 महीने पहले उनका फोन आया कि उनके मदरफादर बाहर से आ रहे थे अच्छा और एयरपोर्ट से जब वो घर से आ रहे थे हम तो रास्ते में उनका एक्सीडेंट हुआ हम फादर की हो गई अच्छा और जो मदर है वो एसयू में है अच्छा और रो रहे थे हम उनका कहा हो गया फोन बंद हम कहा ओके उसके बाद कहती उसके बाद मैंने काफी कोशिश करी और फिर एक दिन फोन उनका लग गया तो वो बहुत ही डिप्रेशन में बात कर रहे थे कि मैं बहुत परेशान हूं मुझे बार-बार कॉल मत करो मदर भी नहीं रही वो आता तो चले गए मदर मिल गई हम हम तो कोई बात नहीं अभी ये करो हम
(1:15:30) रिलैक्स करो उसके बाद देखते हैं हम फिर एक दो महीने मैंने फोन नहीं किया। अब मैं फोन कर ओ स्विच ऑफ हो गया है। और दो तीन मिन से बात ही नहीं हो पा रही है उनसे। हम मैंने कहा ठीक है। कब की बात है? डेट बताइए। हम किस एयरपोर्ट की बात है ये बताइए। क्योंकि मुझे लगा कि क्लू यहीं से मिलेगा कुछ। राइट? उन्होंने बताया कि ऐसे-ऐसे ये सिटी थी हम और ये एयरपोर्ट था और ये लेट थी। हमने इमीडिएटली जितने हमारे स्टिंगर दोस्त हैं क्योंकि कोई एनआरआई बाहर से आए उसका एक्सीडेंट हो उसकी डेथ हो हॉस्पिटल ये खबर कहीं रिपोर्ट ना हो ये थोड़ा सा इंपॉसिबल
(1:16:04) लग रहा है वही सब रिकॉर्ड्स हुए हां और साल दो साल पुरानी बात नहीं थी चार पांच महीने पुरानी बात थी तो जितने उस सिटी के मेरे स्ट्रिंगर दोस्त है क्योंकि मैं मीडिया में कंटिन्यू मेरा आना जाना होता रहता है तो काफी अच्छे दोस्त थे [गला साफ़ करने की आवाज़] हम सबको मैंने फोन किया एक जगह से भी रिपोर्ट नहीं आई कि नहीं यार संजीव ऐसा तो कुछ भी नहीं हुआ हम इस रात को तो कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ उस रोड पे तो कोई नहीं हुआ मैंने नहीं यार ऐसा कैसे एक्सीडेंट तो हुआ है। इसका मतलब रिपोर्ट नहीं हुआ होगा। हम मैं चलो हॉस्पिटल देखते हैं। फिर सारे जो
(1:16:29) हॉस्पिटल सिटी के बड़े-बड़े उन सबको चेक किया गया। कहीं से कोई इंफॉर्मेशन नहीं। मुझे लगा ये तो फ्रॉड हो गया बहुत बड़ा। हम ये तो बहुत बड़ा फ्रॉड हो गया। अब मैंने सब्जेक्ट को ढूंढना शुरू किया। अच्छा। उसकी गाड़ी तो गाड़ी पता चली वो तो किराए पे ली गई गाड़ी है। अच्छा। तो हमने पूछा कब-कब आपकी मुलाकातें हुई थी। हम तो जिस डेट में मुलाकात हुई थी उस डेट पे किसने गाड़ी ली थी? कौन सा मोबाइल नंबर दिया था? तो पता चला ये मोबाइल नंबर दिया था। हम पर धीरे-धीरे फिर वो बैंक पे धीरे-धीरे हम उस इंसान तक पहुंचे। वो तो भाई साहब शाहजूदा है।
(1:17:03) अरे बाल बच्चेदार हैं। और उनका तो काम यही है। धंधा है उनका तो ये वो तो बढ़िया सा अपना कहते हैं उसमें जाते हैं और वहां पर कॉफी डे में अपना कॉफी पी रहे हैं और लगे हुए हैं लैपटॉप पे लड़कियों से बात करने, मोबाइलों से बात करने जो जिस जैसे ट्रैप हो रही है। ये तो उनका फुल टाइम काम है। फुल टाइम काम। तसियों फिर हमने सब पता किया। सारे एविडेंसेस तैयार किए। हम उस लड़के से दोस्ती की। अच्छा। फिर उसकी टीम में घुसे। फिर उस टीम में घुसने के बाद कहां-कहां लगा हुआ है वह सारे रिकॉर्ड इकट्ठे किए। हम फिर क्लाइंट को मैंने बोला यह तो बहुत
(1:17:38) बड़ा फ्रॉडर है। अब आपके पैसे निकालने का तरीका मैंने बना दिया है। हम इसकी फैमिली का घर यहां पे है। आप घर जाओ। इसकी फैमिली से मिलो। हम और किन-किन लेडीज के साथ लगा हुआ है। वो मेरी क्लाइंट तो नहीं है। लेकिन आप उन लेडीज का इसको डर दिखाओ कि मैं सबको भेज रही हूं और तेरे खिलाफ पुलिस में जा रही हूं। वरना मेरा जो इतना करोड़ों रुपया है वो मेरे को वापस कर। लेडी का पैसा वापस हुआ। उसके बाद उन्होंने लेडी को कहा कि जितनी लेडीज का हमने नाम दिया सबको भेज दो मेल सबको WhatsApp कर दो ये तो यह हाल है तो प्री मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर
(1:18:08) इन्वेस्टिगेशन बहुत इंपॉर्टेंट है आज की तारीख में हम क्योंकि स्पेशली अरेंज मैरिजेस में अरेंज मैरिज के अंदर क्या लव मैरिज के अंदर भी लव मैरिज ये लव मैरिज ही थी एक तरह से ये लव मैरिज में भी तो दो साल से चल रहा था रिलेशन राइट रिलेशन होता क्या है कि प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन के अंदर आप अपना बेस्ट टू बेस्ट ही तो देते हो ना तो सर इसमें आप इंसान की भी करते होगे साथ-साथ फैमिली की भी होती होगी कि उनका क्या बैकग्राउंड है? कर्जे में है नहीं है। यह एक प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन में ना होता है कि भाई जो सब्जेक्ट है सामना
(1:18:36) उसकी रात को मूवमेंट्स कैसी हैं? जॉब कैसी है? प्रोफाइल कैसा है? नेचर कैसा है? बिहेवियर कैसा है? ड्रिंक हैबिट्स तो नहीं है। बाहर में तो नहीं जाता। फिर फैमिली फाइनेंसियल बैकग्राउंड क्या है? फैमिली में क्रंचेस तो नहीं है। फैमिली का जो बिज़नेस है वो ठीक-ठाक है या कहीं कर्जे उठा रखे हैं, लोन ले रखे हैं। हजार तरह की कहते हैं रिक्वायरमेंट्स हैं क्लाइंट की। तो जहां भी लोग एक दूसरे को जानते हैं वहां रिक्वायरमेंट्स कम होती है। जहां बिल्कुल नहीं जानते हैं वहां रिक्वायरमेंट्स बढ़ जाती हैं। और फिर जितनी रिक्वायरमेंट्स बढ़ती जाती हैं फिर
(1:19:03) ये दिल्ली में केस है कि दिल्ली से बाहर केस है कि इंडिया से बाहर केस है। यूएसए में प्रीमेट्रिमोनियल केसेस तो यूएसए, कनाडा, यूरोप क्योंकि लोग आईआईटी में जॉब करने चले गए हैं। पांच साल से वहां रह रहा है। राइट? तो जानना चाहता है 5 साल से वहां रह रहा है। कितने कनेक्शन बन गए हैं। रात को कैसी उसकी लाइफ है। मेरी बेटी यहां से जाएगी तो कहीं ऐसा तो नहीं कि एक बढ़िया सी उसे नौकरानी मिलने वाली है। हम हम नहीं तो ये सब चीजें हैं। तो प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन अब सोसाइटी में बहुत इंपॉर्टेंट हो गई है। पोस्ट मैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कम हो
(1:19:34) जाएंगे। अगर प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन ज्यादा होने लग जाए तो। सही बात है। क्योंकि यहीं से गलती अगर आपने पकड़ ली तो पोस्ट मैन तक तो आप पहुंचेंगे नहीं ना। और बहुत सारे केसेस लड़ाईयां ये क्या कहते हैं? मेरे ख्याल से यह भी कम हो जाएगी क्योंकि पहले ही पता लग जाएगा कि बंदा सामने वाला कैसा है। क्या सोच रहा है। राजा रघुवंशी के केस के अंदर हम अगर ये प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन में इन्वेस्टिगेशन हो गई होती हम तो पता चल जाता ना कि सोनम जी कहां-कहां कहते एंजॉय कर रही हैं। राइट राइट तो फिर वो शादी होती क्यों? तो राजा
(1:20:02) रघुवंशी जी बच जाते। हम एक वो बहुत हाई प्रोफाइल केस भी तो था पीछे जो पहाड़ी से धक्का दे दिया। पहाड़ी से धक्का दे दिया। वो बताइए शादी करके बैठे हुए हैं। कैसी लाइफ जी रहे हैं? एंजॉय कर रहे हैं मियां बीवी की तरह और फिर भी शादी कर रही है। यहां पे देखो मां-बाप की कहीं ना कहीं कलपेट है। मां-बाप को ऐसा नहीं कि अपनी बच्ची के बारे में या बच्चे के बारे में पता नहीं होता। राइट? बस मां-बाप अपनी इज्जत को बचा के लिए जबरदस्ती बच्चे को या बच्ची को शादी करवा देते हैं। जबकि उनको भी बेवकूफों को ये सोचना चाहिए कि कल अगर इसे मोरल वैल्यू को
(1:20:31) ताक पे रख के अगर कोई ऐसी हरकत करी तो तुम्हारा परिवार भी बर्बाद होने वाला है। राइट? तो एक लड़की या एक लड़के के चक्कर में पूरे परिवार की कहते हैं बलि चढ़ा देना। कोई इंटरजेंसी थोड़ी है। या तो शादी कर दो और या फिर बोल दो कि भैया जहां तक मुझे ऐसे जीना चाहिए यार। तो सर मतलब नेक्स्ट लेवल आपने केसेस बता दिए। ऐसी चीजें मैंने कभी सुनी भी नहीं थी। और गाइस आपको कैसा पॉडकास्ट लगा? अगर सच में अच्छा लगा ना तो कमेंट कर दो। पार्ट टू में सर को फटाफट फिर से बुला के लाऊंगा। सर वर्ल्ड में कहीं भी होंगे। ठीक है? पार्ट टू जरूर कमेंट करना। और अगर
(1:21:04) आपको भी कोई डिटेल सर के बारे में चाहिए तो मैंने डिस्क्रिप्शन में डाल दी है। आप प्लीज चेक आउट करना। और सर थैंक यू सो मच। आप आए थैंक यू जी आपने मुझे बुलाया अपने प्लेटफार्म के ऊपर मच बस मैं आपके प्लेटफार्म से इतना ही कहना चाहूंगा दर्शकों को कि दोस्तों दुनिया बहुत अच्छी है रिश्ते बहुत शानदार होने चाहिए प्यार करते हो तो ठोक के बोलो अदरवाइज प्यार करने की जरूरत नहीं है यार अपने पार्टनर से करना प्यार वाह सर वाह वाह थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच
Author Name:True Talks
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@true_talks8
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=26kk1eM2phs
Title: Rich Aunties की Secret Life 😱 Kitty Party या S* x Party? | Private Detective Sanjeev Deswal Revealed
Author Name: True Talks
Description: क्या Kitty Parties के पीछे कोई और कहानी भी छिपी हो सकती है? क्या Private Detective की investigation में ऐसे shocking cases सामने आते हैं, जिनकी लोगों ने कभी कल्पना भी नहीं की?
इस podcast में Private Detective Sanjeev Deswal अपने investigation experience से जुड़े कई चौंकाने वाले मामलों पर बात कर रहे हैं।
इस episode में जानिए:
🔎 Kitty Parties और alleged secret meetups से जुड़े investigation cases
🕵️ Extramarital Affairs और Matrimonial Investigation की सच्चाई
🚨 Honey Trap और Blackmailing के खतरनाक जाल
💰 करोड़ों रुपये की मांग वाले कथित blackmailing cases
📱 Online Scams में लोगों को कैसे निशाना बनाया जाता है
🎥 Investigation में CCTV, Digital Records और Evidence की भूमिका
क्या हर शक के पीछे कोई सच्चाई होती है? जानिए इस दिलचस्प बातचीत में।
वीडियो को अंत तक देखें और कमेंट में बताएं कि आपको इस episode का सबसे shocking हिस्सा कौन-सा लगा।
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Note: इस वीडियो में चर्चा किए गए मामलों और आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
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⏱️ *Timestamps*
00:00 – Shocking Cases का Trailer | Podcast Highlights
02:03 – India के “James Bond” Private Detective का Introduction
04:03 – Nithari Case और Investigation पर सवाल
06:21 – Surinder Koli जुड़े संभावित कारणों पर चर्चा
09:04 – शादी के बाद Extramarital Affairs क्यों होते हैं?
10:50 – Physical Relationship और Emotional Affair में अंतर
12:10 – Matrimonial Investigation: शक से शुरू हुई जांच
14:19 – पत्नी की Investigation और चौंकाने वाले खुलासे
16:15 – Divorce Case में Evidence कितना जरूरी है?
18:03 – Investigation में GPS और Hidden Camera का इस्तेमाल
21:39 – Hotel और Spa Centres से जुड़े कथित Rackets
23:28 – Matrimonial Investigation में सामने आए चौंकाने वाले मामले
24:07 – Hidden Camera और Blackmailing का कथित खेल
25:41 – Honey Trap: अमीर लोगों को कैसे फंसाया जाता है?
26:20 – Fake Identity और Video Call Scams
27:48 – एक हाई-प्रोफाइल डॉक्टर Honey Trap में कैसे फंसा?
30:23 – कथित Blackmailing और करोड़ों रुपये की मांग
33:31 – Blackmailing Case में Evidence की Chain कैसे बनाई गई?
35:42 – Sting Operation और Police Investigation
38:05 – करोड़ों की कथित Extortion के मामले में कार्रवाई
40:31 – Bachelor Parties और Gigolo Industry की सच्चाई
42:01 – Gigolo Scams: युवाओं को कैसे निशाना बनाया जाता है?
44:03 – विदेश में नौकरी का लालच देकर ठगी
45:03 – बेटे की Lifestyle पर शक और Private Investigation
45:33 – Farmhouse Investigation की कहानी
48:31 – Muskan-Sahil Drum Case पर चर्चा
55:08 – Sushant Singh Rajput और Disha Salian Case पर बातचीत
57:33 – CCTV, Bank Records और Digital Evidence की भूमिका
🌟 About Our Guest:
Detective Sanjeev Deswal is a seasoned private investigator with years of experience solving complex prematrimonial, postmatrimonial, corporate, and high-profile criminal cases. Known for his sharp observation, psychological insight, and discreet investigative methods, he has worked on some of India's most sensitive and mysterious cases — from relationship frauds to political surveillance and digital scams.
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अगर आपको ऐसा Part 2 चाहिए, Comment में लिखो “PART 2”
Disclaimer:
The opinions expressed in this podcast are solely those of the guest and do not necessarily represent the views of the host. The discussion is intended for informational and educational purposes. Statements and interpretations discussed during the podcast should not be treated as definitive findings regarding any individual case unless established by competent authorities.
Telugu translation;
**ధనవంతులైన ఆంటీల రహస్య జీవితం 😱 కిట్టీ పార్టీ లేదా లైంగిక పార్టీ? | ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్ సంజీవ్ దేశ్వాల్ వెల్లడించారు**
**రచయిత పేరు:** True Talks
**YouTube ఛానల్ URL:** [https://www.youtube.com/@true_talks8](https://www.youtube.com/@true_talks8)
**YouTube వీడియో URL:** [https://www.youtube.com/watch?v=26kk1eM2phs](https://www.youtube.com/watch?v=26kk1eM2phs)
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**శీర్షిక:** ధనవంతులైన ఆంటీల రహస్య జీవితం 😱 కిట్టీ పార్టీ లేదా లైంగిక పార్టీ? | ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్ సంజీవ్ దేశ్వాల్ వెల్లడించారు
**రచయిత పేరు:** True Talks
**వివరణ:**
కిట్టీ పార్టీల వెనుక మరో కథ కూడా దాగి ఉండవచ్చా? ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్ దర్యాప్తులో అలాంటి షాకింగ్ కేసులు బయటపడతాయా — ప్రజలు ఎప్పుడూ ఊహించని కేసులు?
ఈ పోడ్కాస్ట్లో ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్ సంజీవ్ దేశ్వాల్, తమ దర్యాప్తు అనుభవానికి సంబంధించిన అనేక ఆశ్చర్యకరమైన కేసుల గురించి మాట్లాడుతున్నారు.
ఈ ఎపిసోడ్లో తెలుసుకోండి:
- 🔎 కిట్టీ పార్టీలు, ఆరోపించబడిన రహస్య సమావేశాలకు సంబంధించిన దర్యాప్తు కేసులు
- 🕵️ అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాలు, వివాహేతర దర్యాప్తు నిజాలు
- 🚨 హనీ ట్రాప్, బ్లాక్మెయిలింగ్ ప్రమాదకర ఉచ్చులు
- 💰 కోట్ల రూపాయల డిమాండ్తో కూడిన ఆరోపిత బ్లాక్మెయిలింగ్ కేసులు
- 📱 ఆన్లైన్ మోసాల్లో ప్రజలను ఎలా లక్ష్యంగా చేస్తారు
- 🎥 దర్యాప్తులో సీసీటీవీ, డిజిటల్ రికార్డులు, సాక్ష్యాల పాత్ర
ప్రతి అనుమానం వెనుక ఏదైనా నిజం ఉంటుందా? ఈ ఆసక్తికరమైన సంభాషణలో తెలుసుకోండి.
వీడియోను చివరి వరకు చూడండి, ఈ ఎపిసోడ్లో మీకు అత్యంత షాకింగ్గా అనిపించిన భాగం ఏదో కామెంట్లో చెప్పండి.
Like 👍 చేయడం, Share చేయడం, Subscribe చేయడం మర్చిపోవద్దు!
**గమనిక:** ఈ వీడియోలో చర్చించిన కేసులు, ఆరోపణలను స్వతంత్రంగా ధృవీకరించిన తుది నిర్ధారణలుగా పరిగణించకూడదు.
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**⏱️ సమయ సూచికలు**
- 00:00 – షాకింగ్ కేసుల ట్రైలర్ | పోడ్కాస్ట్ హైలైట్స్
- 02:03 – భారతదేశ “జేమ్స్ బాండ్” ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్ పరిచయం
- 04:03 – నిఠారీ కేసు, దర్యాప్తుపై ప్రశ్నలు
- 06:21 – సురిందర్ కోలీకి సంబంధించిన సంభావ్య కారణాలపై చర్చ
- 09:04 – వివాహం తర్వాత అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాలు ఎందుకు జరుగుతాయి?
- 10:50 – శారీరక సంబంధం, భావోద్వేగ సంబంధం మధ్య తేడా
- 12:10 – వివాహేతర దర్యాప్తు: అనుమానంతో ప్రారంభమైన విచారణ
- 14:19 – భార్య దర్యాప్తు, ఆశ్చర్యకరమైన వెల్లడిలు
- 16:15 – విడాకుల కేసులో సాక్ష్యం ఎంత అవసరం?
- 18:03 – దర్యాప్తులో GPS, దాగి ఉన్న కెమెరా వినియోగం
- 21:39 – హోటళ్లు, స్పా సెంటర్లకు సంబంధించిన ఆరోపిత రాకెట్లు
- 23:28 – వివాహేతర దర్యాప్తులో బయటపడిన ఆశ్చర్యకరమైన కేసులు
- 24:07 – దాగి ఉన్న కెమెరా, బ్లాక్మెయిలింగ్ ఆరోపిత ఆట
- 25:41 – హనీ ట్రాప్: ధనవంతులను ఎలా చిక్కవేస్తారు?
- 26:20 – నకిలీ గుర్తింపు, వీడియో కాల్ మోసాలు
- 27:48 – ఒక ఎత్తైన ప్రొఫైల్ డాక్టర్ హనీ ట్రాప్లో ఎలా చిక్కారు?
- 30:23 – ఆరోపిత బ్లాక్మెయిలింగ్, కోట్ల రూపాయల డిమాండ్
- 33:31 – బ్లాక్మెయిలింగ్ కేసులో సాక్ష్యాల శ్రేణి ఎలా నిర్మించారు?
- 35:42 – స్టింగ్ ఆపరేషన్, పోలీసు దర్యాప్తు
- 38:05 – కోట్ల రూపాయల ఆరోపిత బలవంతపు డబ్బు వసూలు కేసులో చర్య
- 40:31 – బ్యాచ్లర్ పార్టీలు, జిగోలో రంగం నిజాలు
- 42:01 – జిగోలో మోసాలు: యువతను ఎలా లక్ష్యంగా చేస్తారు?
- 44:03 – విదేశాల్లో ఉద్యోగం ఆశ చూపి మోసం
- 45:03 – కొడుకు జీవనశైలిపై అనుమానం, ప్రైవేట్ దర్యాప్తు
- 45:33 – ఫార్మ్హౌస్ దర్యాప్తు కథ
- 48:31 – ముస్కాన్-సాహిల్ డ్రమ్ కేసుపై చర్చ
- 55:08 – సుశాంత్ సింగ్ రాజ్పుత్, దిశా సాలియన్ కేసుపై సంభాషణ
- 57:33 – సీసీటీవీ, బ్యాంక్ రికార్డులు, డిజిటల్ సాక్ష్యాల పాత్ర
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**🌟 మా అతిథి గురించి:**
డిటెక్టివ్ సంజీవ్ దేశ్వాల్ అనుభవజ్ఞులైన ప్రైవేట్ దర్యాప్తుదారు. సంకీర్ణమైన ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్, పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్, కార్పొరేట్, ఎత్తైన ప్రొఫైల్ నేర కేసులను పరిష్కరించడంలో వారికి సంవత్సరాల అనుభవం ఉంది. తీక్షణమైన పరిశీలన, మానసిక దృష్టి, గోప్యమైన దర్యాప్తు పద్ధతులకు ప్రసిద్ధి చెందిన ఆయన — సంబంధాల మోసాల నుంచి రాజకీయ నిఘా, డిజిటల్ మోసాల వరకు — భారతదేశపు అత్యంత సున్నితమైన, రహస్యమైన కొన్ని కేసులపై పనిచేశారు.
**అతిథి సంప్రదింపు వివరాలు:**
Instagram — /detectivesanjeevdeswal
**ఫాలో & సబ్స్క్రైబ్:**
Truetalks on Instagram: @truetalks8_
Atiksha Rathi: @fin_saheli
Tarun Malhotra: @tarunmalhotraaa
మీకు ఇలాంటి **Part 2** కావాలంటే, కామెంట్లో “**PART 2**” అని రాయండి.
**నిరాకరణ:**
ఈ పోడ్కాస్ట్లో వ్యక్తపరచబడిన అభిప్రాయాలు పూర్తిగా అతిథి సొంతమే; అవి నిర్వాహకుల అభిప్రాయాలను తప్పనిసరిగా సూచించకపోవచ్చు. ఈ చర్చ సమాచార, విద్యా ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించబడింది. పోడ్కాస్ట్లో చర్చించిన ప్రకటనలు, వ్యాఖ్యానాలను — సమర్థమైన అధికార సంస్థలు స్థాపించే వరకు — ఏ వ్యక్తిగత కేసుకు సంబంధించిన తుది నిర్ధారణలుగా పరిగణించకూడదు.
మీరు ఇచ్చిన హిందీ ట్రాన్స్క్రిప్ట్ను ఒక్క వాక్యం కూడా వదిలిపెట్టకుండా తెలుగులోకి అనువదిస్తున్నాను. ఇది పొడవైన పోడ్కాస్ట్ సంభాషణ కాబట్టి, టైమ్స్టాంప్లతో పాటు పూర్తి అనువాదం ఇక్కడ ఉంది.
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**(00:00)**
శారీరకంగా మీరు మీ భర్తతో ఉన్నారు. మానసికంగా మీరు వేరే ఎవరో ఒకరితో ఉన్నారు. ఒకే బెడ్రూమ్లో కూర్చుని ఉన్నా, ఇద్దరూ ఎక్కువగా తమ స్నేహితుల గదులకే వెళ్తుంటారు. [సంగీతం] అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాలకు సంబంధించిన ఆడవారి కేసులు చాలా వస్తున్నాయి. నేడు ఆడవారు ప్రజలను పిలుస్తున్నారు; నా బాస్ ఏదో పార్టీ పేరుతో [సంగీతం] ఒక రాకెట్ నడుస్తోంది. పెద్ద పెద్ద నగరాల్లో హోటళ్లు, స్పా సెంటర్లు తెరుస్తున్నారు. ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసుల్లో పేద ఇంటి అమ్మాయిలు, చిన్న పట్టణాల నుంచి వచ్చిన అమ్మాయిలు రాకెట్లో చిక్కుకున్నారు. ఒక ప్రసిద్ధ వైద్యుని ఆఫీసుకు, ఆసుపత్రికి ఒక అమ్మాయి వస్తుంది. నాలుగు
**(00:38)**
రోజుల తర్వాత ఒక వీడియో పంపింది [సంగీతం] — “మీరు నాతో తప్పు చేశారు, నా దగ్గర ఈ పూర్తి వీడియో ఉంది” అని. ఇప్పుడు డాక్టర్ గారు తీవ్ర ఆందోళనకు గురయ్యారు — “ఇది ఏదో బ్లాక్మెయిల్ రాకెట్. ఇప్పుడు నేను నాశనమవుతాను.” ఉదయం గంటలకు 4 గంటలకు ఆమె లొకేషన్ను గుర్తించి [సంగీతం] పోలీసులు వెంటనే ఆ ప్రాంతానికి వెళ్లి ఆమెను అక్కడి నుంచి అరెస్టు చేశారు. 19 మంది పిల్లలను చంపిన వ్యక్తి ఇప్పటికీ బయట తిరుగుతున్నాడు. ధరియా దుకాణం [సంగీతం] — కేసు సురేంద్ర కోహ్లీది. ఇప్పుడు అతను ఎందుకు చేసాడు? దీని వెనుక ఇంకా పెద్దల చేతి ఉందా? అతను నిర్దోషిగా నిరూపించబడిన తర్వాత అతను తన పేరును ఎందుకు మార్చుకోవాల్సి వచ్చింది? హరిద్వార్కు వెళ్లి
**(01:08)**
టీ దుకాణం తెరిచి అలాంటి [సంగీతం] పని ఎందుకు చేసుకోవాల్సి వచ్చింది? అంటే పోలీసులు తమ పనిని సరిగ్గా చేయలేదా? కేసు సుశాంత్ సింగ్ రాజ్పుత్ గారిది, వారి మొదటి మేనేజర్ దిశా సాలియన్ కేసుతో ఏమి సంబంధం ఉంది, నిజం ఏమిటో ఈరోజు పూర్తి ప్రజలకు చెప్పండి. దిశా సాలియన్ తన తల్లిదండ్రులకు ఒక లేఖ చూపించింది — అక్కడ మాదకద్రవ్యాలు కూడా వాడుతున్నారని, ఆమె 100 నంబర్కు కూడా కాల్ చేసిందని [సంగీతం]. ఆ 100 నంబర్కు పూర్తి కాల్ కాలేదు; ఫోన్ కట్ అయింది. కానీ అక్కడ అంత పెద్ద వ్యక్తులు ఉన్నారు, వారిలో ఒకరిద్దరు “ఈ గదిలో జరిగినది ఈ గదిలోనే ఉండిపోతుంది, ఎవరూ ఏమీ అనరు” అని చెప్పి ఉంటారు.
**(01:40)**
ఎందుకంటే ఆ [సంగీతం] గది వీడియోలు ఎప్పుడూ బయటకు రాలేదు. గైస్, మన ఈరోజు అతిథులను ఇండియా జేమ్స్ బాండ్ అని పిలుస్తారు. వీరికి 35 ఏళ్లకు పైగా అనుభవం ఉంది. ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్గా పోలీసులు కూడా చేయలేని అనేక షాకింగ్ కేసులను వీరు పరిష్కరించారు. కేసుల మాట వస్తే — సుశాంత్ సెలబ్రిటీ కేసు అయినా, సైఫ్ అలీ ఖాన్పై జరిగిన దాడి అయినా. వ్యక్తిగత కేసుల మాట వస్తే — ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ ఇన్వెస్టిగేషన్, హనీ ట్రాప్, వేశ్యావృత్తి కేసులు అయినా. ఈ పోడ్కాస్ట్లో వీరు అలాంటి చాలా
**(02:17)**
షాకింగ్ కేసుల గురించి చెప్పారు — వాటి కథ ఇక్కడి నుంచి ఇక్కడికే నేరుగా ట్విస్ట్ అయిపోతుంది. అది సుశాంత్ మేనేజర్ అయిన దిశా సాలియన్ కేసు అయినా, నిఠారీ ఘటన అయినా, లేదా నేడు కిడ్డీ పార్టీల్లో ఆడవారు ఎలా జిగోలోలను పిలిచి పార్టీలు చేస్తున్నారో అయినా. భాయ్, ఈ సంభాషణలో నేనే ఇంతగా షాక్ అయ్యాను — నేడు ఇలాంటివి కూడా జరుగుతున్నాయా అని. ఈరోజు మనతో ఉన్న అతిథి పేరు సంజీవ్ దేశ్వాల్ గారు; ఆయన ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్, ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్స్ అసోసియేషన్ అధ్యక్షుడు. మొత్తం భారతదేశంలో ఈ స్థాయికి చేరిన ఏకైక వ్యక్తి వీరే. నేను ఖచ్చితంగా అంటాను — మీరు వీరిని ఎక్కడో న్యూస్
**(02:48)**
ఛానల్లో లేదా ఏదో ఇంటర్వ్యూలో చూసి ఉంటారు. కాబట్టి గైస్, ఎలాంటి సమయం వృథా చేయకుండా ఈ పోడ్కాస్ట్ను ప్రారంభిస్తాము; గూస్బంప్స్ కోసం మీరు సిద్ధంగా ఉండండి. సర్, మా పోడ్కాస్ట్కు మీకు చాలా చాలా స్వాగతం. ధన్యవాదాలు. మా కోసం ప్రత్యేకంగా వచ్చారు, అది చాలా పెద్ద విషయం. సర్, ఈరోజు నేను మీ అన్ని పోడ్కాస్ట్లు చూశాను. మీరు ఏ ఏ కేసులు చెప్పారో, అంత షాకింగ్ కేసులు — సెలబ్రిటీల కేసులైనా, ప్రస్తుతం నడుస్తున్న కేసులైనా, ఉదాహరణకు నిఠారీ — అన్నింటిపైనా మీరు పనిచేశారు. కాబట్టి ఈ పోడ్కాస్ట్లో నేను కోరుకుంటున్నది ఏమిటంటే, ఈ వరకు ఎటువంటి పోడ్కాస్ట్లోనూ చెప్పని
**(03:25)**
విషయాలు చెప్పండి. పూర్తి ప్రయత్నం అదే ఉంటుంది. సర్, మీరు నాకు ముందుగా చెప్పిన ఆ విషయాలను మీరు ప్రేక్షకులందరికీ చెప్పండి. నా పూర్తి ప్రయత్నం ఏమిటంటే, ఇతర పోడ్కాస్ట్ల్లో చెప్పని కేసును చెప్పడం. నిజంగానే గైస్, తర్వాతి స్థాయి — సర్ చెప్పిన విషయాలు విని నేనే షాక్ అయ్యాను. కాబట్టి పోడ్కాస్ట్ను చివరి వరకు చూడండి; ఇది మీ జీవితపు ఉత్తమ పోడ్కాస్ట్ అవుతుంది. కాబట్టి సర్, మొదటి ప్రశ్నతో ప్రారంభిద్దాం. బిల్కుల్ సరే సర్. మొదటి ప్రశ్న — నోయిడాకు చెందిన చాలా ప్రసిద్ధమైన నిఠారీ కేసు ఉంది కదా సర్. దానిలో నిందితుడు సురిందర్ కోహ్లీ; అతను పూర్తి శిక్ష అనుభవించాడు, సరే. కానీ ఇప్పుడు కొన్ని
**(03:59)**
రోజుల క్రితం అతను చనిపోయాడు. అందుకే ప్రశ్నలు లేవుతున్నాయి — “అయ్యో, ఇతను ఇప్పుడు పూర్తి శిక్ష అనుభవించాడు కదా. ఇప్పుడు అతని అన్ని విషయాలు పూర్తయ్యాయి. అయితే ఇప్పుడు అతను ఎందుకు చనిపోయాడు? దీని వెనుక ఇంకా పెద్దల చేతి ఉందా? పిల్లలతో వేరేదో జరుగుతోందని, దానిలో పెద్దలు కూడా పాల్గొన్నారని అలాంటి మాటలు వినిపిస్తున్నాయి కదా. సర్, ఈ కేసు పూర్తి నిజం ఏమిటి? అందరూ తెలుసుకోవాలనుకుంటున్నారు.” చూడండి తరుణ్ గారు, సురేంద్ర కోహ్లీ నిందితుడా కాదా? సుప్రీంకోర్టు తన వైపు నుంచి స్పష్టం చేసింది. అవును. కానీ దాని తర్వాత ఒక ప్రశ్న తలెత్తుతుంది —
**(04:32)**
అక్కడ 19 మంది పిల్లలు లేదా పిల్లలు చనిపోయారు, వారి మృతదేహాలు D5 కోఠి వెనుక దొరికాయి, ఆ D5 కోఠిలో సురేంద్ర కోహ్లీ పనిచేస్తున్నాడు. అయితే ఆ పిల్లలు చనిపోలేదా? చనిపోయారంటే ఎవరో ఒకరు ఉండాలి కదా. అవును సర్. అలాగే మనం ఇలా భావించాలా — ఇక్కడ పోలీసులు విఫలమయ్యారా, లేదా తప్పు వ్యక్తిని పట్టుకున్నారా? ఎందుకంటే సుప్రీంకోర్టు ప్రకారం ఇది నిరూపించబడలేదంటే, దీని అర్థం కూడా తిరుగుతోంది. అవును, అవును. అందుకే ఇది తనలో తానే చాలా ప్రమాదకరమైన ప్రశ్నగా మారింది — “భాయ్, మరి ఆ 19 మంది పిల్లలను చంపినవాడు ఈనాటికీ బయట తిరుగుతున్నాడా?” అవును. మరి సురేంద్ర కోహ్లీ చేసి ఉంటే, అతనికి శిక్ష రాలేదా, సుప్రీంకోర్టు నుంచి నిర్దోషిగా నిరూపించబడ్డాడా?
**(05:15)**
అవును. అయితే పోలీసులు తమ పనిని సరిగ్గా చేయలేదా? దర్యాప్తులో చాలా లోపాలు మిగిలిపోయాయా? సాక్ష్యాలను సరిగ్గా చేర్చలేదా? ఈ ప్రశ్న ఇప్పుడు తలెత్తుతుంది, తలెత్తుతూనే ఉంటుంది — ఎందుకంటే పట్టుకున్నారంటే అతనికి శిక్ష ఎందుకు రాలేదు? ఇక్కడ ఒక హత్య కాదు, రెండు హత్యలు కాదు. ఇక్కడ 19 హత్యలు — అవి కూడా పిల్లలవే. సునీల్ కోహ్లీ లేదా సురేంద్ర కోహ్లీ కాకపోతే, అంటే అసలు వ్యక్తి ఈనాటికీ బయట తిరుగుతున్నాడు — అప్పుడు కూడా అది పోలీసుల వైఫల్యమే. అవును కదా? ఇప్పుడు విషయం ఏమిటంటే — అతను నిర్దోషిగా నిరూపించబడిన తర్వాత అతను తన పేరును ఎందుకు మార్చుకోవాల్సి వచ్చింది? హరిద్వార్కు వెళ్లి టీ
**(05:53)**
దుకాణం తెరిచి అలాంటి పని ఎందుకు చేసుకోవాల్సి వచ్చింది? తర్వాత ఒక రోజు అతనికి అనిపిస్తుంది — “లేదు, ఇప్పుడు జీవించడం కొంచెం కష్టమైంది” అని, అప్పుడు అతను చనిపోతాడు. అలా ఎందుకు? దీని వెనుక అనేక కారణాలు ఉండవచ్చు. ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్గా నేను అర్థం చేసుకుంటే, దీని వెనుక అతిపెద్ద కారణం ఇది కావచ్చు — “నన్ను ఒకనాటికి గుర్తిస్తారు. నన్ను గుర్తించిన రోజు, అంత మంది పిల్లలను చంపిన వ్యక్తిని ప్రజలు చుట్టుముట్టి కొట్టి చంపేస్తారు.” అవును కదా? అతనిని ఆ భయం వేధించేది. అతనికి మరో భయం కూడా ఉండేది — “నేను ఈరోజు పేరు మార్చుకుని జీవిస్తున్నాను”
**(06:31)**
ఎందుకంటే వ్యక్తి పేరు ఎప్పుడు మారుస్తాడు? తనను ఎవరూ గుర్తించకూడదనే భయం ఉన్నప్పుడు. అవును కదా? ఆ పరిస్థితిలో అతను పేరు మార్చుకున్నాడు, లేదా అతనికి పశ్చాత్తాపం కూడా కలిగి ఉండవచ్చు — “నేను ఏం చేశాను? ఎందుకు చేశాను?” అని. ఎందుకంటే ఈ కేసు చాలా కాలం నడిచింది. అలాంటప్పుడు నేను చాలాసార్లు చూశాను, మా దర్యాప్తు సమయంలో — నేరస్థులను జైల్లో ఉంచి, దీర్ఘమైన ప్రక్రియ ద్వారా వారు గడిపినప్పుడు వారి మనస్సు మారుతుంది. ఎందుకంటే నేరం చేసే అవకాశం బయట దొరకదు, వారు జైల్లో ఉంటారు కాబట్టి. అక్కడ ఆలోచించడానికి, అర్థం చేసుకోవడానికి, ఆధ్యాత్మికతకు
**(07:08)**
మనిషికి చాలా అవకాశం లభిస్తుంది. అప్పుడు మనిషి ఆలోచిస్తాడు — “నేను ఏం చేశాను? ఎందుకు చేశాను? నా ఉనికి ఏమిటి?” ఆ ఆలోచన చాలాసార్లు బలంగా మారుతుంది. అందుకే సురేంద్ర కోహ్లీకి పశ్చాత్తాపం కలిగి ఉండవచ్చు — “సరే, కోర్టు శిక్ష విధించలేదు. సాక్ష్యాల కొరత కావచ్చు, పోలీసుల దర్యాప్తులో లోపం కావచ్చు. కానీ నేను చేసింది నిజమే, దాని వల్లనే ఇది జరిగింది.” ఇవన్నీ కారణాలు కావచ్చు. కాబట్టి సర్, వెనుక ఎవరో పెద్ద వ్యక్తి చేతి ఉంది, అతన్ని చంపించారు అనేది అలా ఏమీ లేదు. చూడండి, ఇవి అవకాశాలు. దర్యాప్తు ప్రారంభమైనప్పుడు అనేక అవకాశాలను పరిగణిస్తారు.
**(07:41)**
వాటిలో ఇది కూడా ఒక అవకాశం కావచ్చు. మరో కారణం ఇది కూడా కావచ్చు — ఆ 19 మంది పిల్లలను, పిల్లలను అతను ఏదో పెద్ద వ్యక్తి చెప్పిన మాట మేరకు చేసి ఉండవచ్చు; ఆ వ్యక్తి ఇప్పుడు అతన్ని చంపించగలడు లేదా అతని పేరు బయటపడగలదు. అతనిపై ఒత్తిడి తెచ్చి ఉండవచ్చు, ఆ ఒత్తిడిలో అతను చేసి ఉండవచ్చు. అలా జరిగి ఉండవచ్చు, కానీ దానికి ఎటువంటి ఆధారం కనిపించడం లేదు. ఆలోచించడానికి మీకు మనస్సు ఉంది. మీకు నచ్చినంత ఆలోచించండి, కానీ వాస్తవాలు కూడా ముందు ఉండాలి. వాస్తవం ఇదే — అతను సుప్రీంకోర్టు నుంచి విడుదలయ్యాడు. దాని తర్వాత ఇవి వాస్తవాలు — 19 మంది పిల్లలను చంపినవాడు ఈనాటికీ
**(08:20)**
బయట తిరుగుతున్నాడు, లేదా ఆ 19 మంది పిల్లలను చంపింది ఈ కోహ్లీయే, అతను తన పరిణామానికి చేరుకున్నాడు. అక్కడ ఉరితీయబడలేదు; ఇక్కడ తానే ఉరి వేసుకున్నాడు. అతను పరిణామానికి చేరుకున్నాడు కదా. కాబట్టి సర్, ఇప్పుడు తర్వాతి ప్రశ్నకు వస్తాము. మీకు 35 ఏళ్లకు పైగా అనుభవం ఉంది. కాబట్టి నేను ఇప్పుడు వివాహం గురించి మాట్లాడతాను. మొదటి ప్రశ్న — నేడు అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాలకు సంబంధించిన ఆడవారి కేసులు చాలా వస్తున్నాయి. అయితే వివాహం తర్వాత పురుషులకే ఎక్కువ వ్యభిచార సంబంధాలు ఉంటాయా, లేక స్త్రీలకే ఎక్కువా? మొదటి ప్రశ్న. మరియు మీరు పరిష్కరించిన ఏదైనా ఒక కేసు — ప్రత్యేకంగా దీనిపై — ఈ వరకు ఎవరికీ చెప్పని, చాలా షాకింగ్గా ఉండేది చెప్పండి.
**(09:02)**
చూడండి తరుణ్, అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాల మాట వస్తే మనం లింగపరంగా వేరు చేయలేము — “అమ్మాయిలు ఎక్కువ చేస్తారు” లేదా “అబ్బాయిలు ఎక్కువ చేస్తారు” అని. ఎవరికి అవకాశం దొరికిందో, ఎవరి ప్రవర్తన ఎలా ఉందో, ఎవరి స్వభావం ఎలా ఉందో వారే బయటపడతారు. అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధం అంటేనే మీరు మీ భాగస్వామితో సంతోషంగా లేరు; లేదా మీరు వివాహం చేసుకున్న వ్యక్తినే వివాహం చేసుకోవాలని అసలు అనుకోలేదు. అప్పుడే అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాలు జరుగుతాయి. చాలాసార్లు శారీరక, మానసిక సంతృప్తి లభించదు. అప్పుడు
**(09:36)**
అత్యధిక వ్యభిచార సంబంధాలు జరుగుతాయి. కాబట్టి ఎవరికి ఎక్కడ అవకాశం దొరుకుతుందో వారు చేస్తారు. అందుకే లింగపరంగా వేరు చేయలేము. కానీ దర్యాప్తు సమయంలో చూసినదేమిటంటే, ఆడవారి కేసులు కొంచెం ఎక్కువగా రావడం ప్రారంభమయ్యాయి. దానికి బహుశా కారణం — ముందు మన మీడియా వేదికలు, సోషల్ వేదికలు అన్నీ లేవు. ఆడవారికి బయటకు వెళ్లే అవకాశం, వారి ప్రాప్యత, వారి చేరువ అబ్బాయిలంత లేదు. ముందు ఏం జరిగేదంటే — అబ్బాయి ఎక్కడికైనా వెళ్లాలనుకుంటే ఎవరూ అడగరు, “భాయ్, మీరు ఎందుకు వెళ్లాలనుకుంటున్నారు?” అని.
**(10:12)**
కానీ ఆడవారిపై ప్రశ్నలు ఉండేవి — “భాయ్, మీరు ఎక్కడికి వెళ్తున్నారు? ఎందుకు వెళ్తున్నారు? అంత రాత్రికి ఎందుకు లేటుగా వస్తున్నారు?” అని. అక్కడ ఏదో ఒత్తిడి ఉండేది కదా. ఇప్పుడు ఆ ఒత్తిడి పోయింది — సోషల్ మీడియా వేదికలు ఉన్నాయి, మొబైల్ చేతిలో ఉంది, ఫేస్బుక్, ఇన్స్టాగ్రామ్ అనేక వేదికలు ఉన్నాయి. మీరు ప్రపంచవ్యాప్తంగా తెలియని వారందరితోనూ అనుసంధానమవుతున్నారు. అక్కడే మాట్లాడుతూ, సంభాషణలో ఎక్కడో మీరు తెలియని ఎవరి పట్లైనా భావాలు మీలో అత్యధికంగా పెరుగుతాయి. అవును. ఇక్కడ నేను ఇలా చూశాను — దర్యాప్తు సమయంలో మీరు మీ భర్తతో ఉన్నారు. శారీరకంగా మీరు మీ భర్తతో ఉన్నారు. మానసికంగా మీరు వేరే ఎవరో ఒకరితో ఉన్నారు.
**(10:41)**
ఒకే బెడ్రూమ్లో కూర్చుని ఉన్నా, ఇద్దరూ అలాగే ఉంటారు — ఇలా అనడం లేదు ఒక వ్యక్తి అలా ఉంటాడని. ఇద్దరూ అలాగే ఉంటారు. ఇద్దరు భాగస్వాములూ ఒకే బెడ్పై పడుకుని ఉంటారు. ఒకరు తమ అని చెప్పుకునే స్నేహితులతో ఉంటారు; మరొకరు తమ స్నేహితులతో ఉంటారు. అతనికి పురుష స్నేహితులు ఉంటారు, ఆమెకు స్త్రీ స్నేహితులు ఉంటారు. వారి మధ్య ప్రశ్నలు రావు. కానీ కొన్నిసార్లు ఒక భాగస్వామి అలా చేయడం లేదనిపిస్తే, ఆమెకు బాధ ప్రారంభమవుతుంది — “మీరు ఈ సమయంలో రాత్రికి ఎక్కడ ఉన్నారు?” అని. అవును కదా? అక్కడ నుంచి నెమ్మదిగా ఘర్షణలు జరుగుతాయి. నేడు ఆడవారు పనిచేస్తున్నారు. రాత్రికి లేటుగా కూడా వస్తుంటారు. లేటుగా రావడం వల్ల చాలాసార్లు అనుమానం కూడా పుడుతుంది.
**(11:14)**
లేటుగా వచ్చే ఆడవారందరూ తప్పు అని కాదు. కానీ చాలాసార్లు ఇలా జరుగుతుంది — భర్తకు అనిపిస్తుంది, “నా భార్య 9 గంటలకు వస్తోంది, 10 గంటలకు వస్తోంది; 10 గంటలకు వచ్చేసరికి కూడా మొబైల్పై ఎక్కడో ఎవరో ఒకరితో సంప్రదింపులో ఉంది.” అప్పుడు అక్కడ అనుమానం పుడుతుంది. కాబట్టి గతంకంటే కేసులు ఎక్కువయ్యాయి; ఆడవారి వైపు మనం చెప్పగలం — 10 నుంచి 15 శాతం కేసులు పెరిగాయి. సరే. మరి సర్, మీరు పరిష్కరించిన, పూర్తిగా షాకింగ్గా ఉన్న ఏదైనా కేసు ఉందా?
**(11:46)**
చూడండి, ఈ రకమైన కేసులను మనం పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసులు అంటాము. పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్ — వివాహం తర్వాత, మీ భాగస్వామి ఎక్కడో ఒకచోట పాల్గొన్నారని మీకు అనిపించే కేసులు. ఇప్పుడు పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసుల్లో అత్యంత సమస్యాత్మకమైన విషయం ఏమిటంటే, అవి చాలా కాలం నడతాయి. ఈరోజు మన చట్టంలో వ్యభిచారానికి ఎటువంటి అర్థం మిగలలేదు. అవును కదా? ఏ అబ్బాయి, అమ్మాయి తిరుగుతున్నా, ఎక్కడో ఆనందిస్తున్నా, తిరుగుతున్నా — మీరు దాన్ని వ్యభిచారంగా తీసుకోకుండా మానసిక వేధింపుగా తీసుకెళ్తారు.
**(12:18)**
అవును కదా? మానసిక వేధింపు అనేది మీకు విడాకులు దాఖలు చేసుకోవడానికి ఒక మార్గం. లేదా మానసిక వేధింపు ద్వారా కూడా క్లయింట్లకు అంత ప్రయోజనం ఉండదు. ఇప్పుడు కొంత సమయం క్రితం నా దగ్గరకు ఒక కేసు వచ్చింది. క్లయింట్ తెలుసుకోవాలనుకున్నాడు — అతని భార్య వేరే నగరంలో ఉండి ఉద్యోగం చేస్తోంది. సరే. ఆ ఉద్యోగ కారణంగా భారతదేశం వెలుపల ఎక్కడో స్థిరపడిపోయింది. తన భార్యను చూసి అతను చెబుతున్నాడు — “భాయ్, వివాహానికి మూడేళ్లు అయ్యాయి. మనం ఇంకా భవిష్యత్తు గురించి, పిల్లల గురించి ప్లానింగ్ కూడా చేయలేదు.” అవును కదా? కాబట్టి ఇప్పుడు మీరు ఉద్యోగం వదిలేయండి, ఈ దేశానికి రండి.
**(12:58)**
అప్పుడు ఆమె చెప్పింది — “లేదు, నేను ఉద్యోగంలో చాలా సంతోషంగా ఉన్నాను. ఉద్యోగం వదిలి అస్సలు రాను.” భర్త చాలా ఒత్తిడి తెచ్చేవాడు. కుటుంబం కూడా ఒత్తిడి తెచ్చింది, కానీ ఆమె ఒప్పుకోలేదు. కాబట్టి సహజంగానే ఇలా జరిగినప్పుడు, ఇలాంటి పరిస్థితుల్లో చాలాసార్లు వ్యక్తికి అనుమానం వస్తుంది — “చివరికి ఇలా ఎందుకు?” అవును కదా? మీరు విదేశీ దేశానికి రావచ్చు, మంచి జీవితం గడపవచ్చు. ఇక్కడ కూడా ఉద్యోగ అవకాశాలు ఉన్నాయి. సరే, వెంటనే ఉద్యోగం రాకపోవచ్చు, కానీ నెమ్మదిగా ప్రయత్నించవచ్చు. భర్త చెప్పాడు — “పీఆర్ కూడా వస్తుంది. దాని తర్వాత మనకు మరిన్ని మార్గాలు తెరుచుకుంటాయి.”
**(13:32)**
ఇంత మంచి భవిష్యత్ ప్లానింగ్ జరుగుతోంది. ఆ భవిష్యత్ ప్లానింగ్ను వదిలేసి ఒక ఆమె తన ఉద్యోగంలో చాలా సంతోషంగా ఉంది. అంటే ఏదో ఒక కారణం ఉండాలి కదా. మరి వివాహం చివరికి మీరే కదా? అనుమానం పుడుతుంది. అనుమానం పుట్టింది. ఇప్పుడు అనుమానం వచ్చినప్పుడు, సహజంగానే ఈ రకమైన అనుమానంలో మీరు ఎక్కడికి వెళ్తారు? మీ స్నేహితుల దగ్గరకు వెళ్తారు. వారు ఏం సహాయం చేస్తారు? కుటుంబం దగ్గరకు వెళ్తారు. వారు సహాయం చేయలేరు. పోలీసుల దగ్గరకు వెళ్తారు. పోలీసుల దగ్గరకు వెళ్లడానికి కారణం లేదు. ఎటువంటి నేరం జరగలేదు. ఎందుకంటే ఏదైనా నేరం జరిగితేనే పోలీసులు వస్తారు. కాబట్టి వారికి ఒకే చివరి అవకాశం మిగులుతుంది — ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్.
**(14:01)**
అవును కదా? అందుకే వారు మనల్ని సంప్రదించారు. అన్ని సమస్యలు చెప్పారు. మా సేవలను నియమించుకున్నారు. మేము దర్యాప్తు ప్రారంభించినప్పుడు, రెండు-మూడు వారాల్లోనే చూశాము — అవును, వారి భార్యకు మంచి పురుష స్నేహితులు ఉన్నారు, ఆమె రాత్రిపూట బయటకు వెళ్తోంది. రాత్రి మంచి మంచి ప్రదేశాలకు వెళ్తోంది. బయటకు కూడా వెళ్తోంది. ఎవరైనా అద్భుతంగా జీవించగలిగే జీవితాన్ని ఆమె గడుపుతోంది. ఉత్తమ జీవితాన్ని గడుపుతోంది. నాకు అనిపించింది — ఆమె సంపాదన ఏమైనా ఉంటే అంతా దానిపైనే ఖర్చు చేస్తోంది. ఆనందిస్తోంది. కష్టం ఏమిటంటే, ఇక్కడ బహుళ సంబంధాలు ఉన్నాయి. సరే. ఒకరిద్దరు ఉంటే — చూడండి, ఒకరు ఉన్న చోట
**(14:40)**
మాకు టెన్షన్ ఎక్కువగా ఉంటుంది, ఎందుకంటే అక్కడ భావాలు ఉంటాయి. మీరు వ్యభిచారంలో లేదా ఒక సంబంధంలో లోతుగా ఉన్నప్పుడు భావాలు సహజంగానే వస్తాయి — అప్పుడు భర్త లేదా ఆమె — అవును. బహుళ సంబంధాలు ఉన్న చోట, బహుళ సంబంధాల్లో ఏముందంటే — ఆమె ప్రవర్తన కొంచెం తప్పుగా ఉండవచ్చు. వ్యసనం అయింది. అవును, వ్యసనం ఉంది, ప్రవర్తన తప్పుగా ఉంది. భర్తలో అది లేకపోవచ్చు, జీవిత సంతృప్తి కోసం ఎవరో ఒకరితో స్నేహం ఉండవచ్చు. ఈరోజు ఆమె ప్రవర్తన చాలా తప్పుగా, ప్రశ్నార్థకంగా ఉంది. కానీ ఇక్కడ జీవితంలోకి తిరిగి రావడానికి అవకాశాలు ఉన్నాయి —
**(15:14)**
భర్త అంత విశాల హృదయం కలిగి ఉంటే. అవును కదా? లేదంటే విషయం వేరు. ప్రతి మనిషి ఆలోచన తనదే. అక్కడ మేము క్లయింట్కు ఇది చెప్పినప్పుడు, క్లయింట్ అడిగాడు — “దీని వల్ల నాకు ఏం లాభం కావచ్చు?” నేను చెప్పాను — “ఎక్కువగా ఇది కావచ్చు: మీరు చాలా ఏళ్లు కేసు కొట్టాల్సి వస్తుంది. ఎందుకంటే ఆమె తనపై ఆరోపణను అంగీకరించదు — ‘అవును, నేను తప్పు చేశాను’ అని. నేను బహుళజాతి కంపెనీల్లో పనిచేస్తున్నాను, నాకు చాలా స్నేహితులు ఉండవచ్చు, వారితో బార్కు వెళ్తాను, రాత్రి వారి ఇంట్లో ఉండవచ్చు, వారు నా ఇంటికి రావచ్చు — కానీ మీరు దీన్ని
**(15:47)**
వ్యభిచారం వైపు ఎలా తీసుకెళ్తారు?” అప్పుడు క్లయింట్ చెప్పాడు — “అతని ప్రవర్తన, స్వభావం, పాత్ర ఇలా ఉంటే, నాకు కొన్ని ఘనమైన, పకడ్బందీ సాక్ష్యాలు కావాలి దేశ్వాల్ గారు, ద్వారా నేను దీని నుంచి విముక్తి పొందగలను.” నేను చెప్పాను — “చూడు, బహుళ సంబంధాలు ఉన్నాయి. అతనిపై కొంచెం ఒత్తిడి తెస్తే, జ్ఞానంగా వివరిస్తే, అతను ‘నన్ను ఉంచుకోవాల్సిన అవసరమే లేదు’ అని చెప్పవచ్చు.” నేను చెప్పినట్లే — ప్రతి మనిషి స్వభావం తనదే. అవును కదా? వారు చెప్పారు — “నాకు ఉంచుకోవాల్సిన అవసరమే లేదు. కానీ పకడ్బందీ సాక్ష్యాలు కావాలి.”
**(16:18)**
పకడ్బందీ సాక్ష్యాల వల్ల ఇలా జరుగుతుంది — నేను త్వరగా విడాకులు పొందగలను. లేదంటే రెండు-నాలుగు సంవత్సరాలు, ఐదు సంవత్సరాలు, మూడు సంవత్సరాలు — నా ముందు జీవితమే పాడయింది. మరియు ఐదు సంవత్సరాలు నేను జీవితాన్ని మరింత పాడు చేసుకుంటాను. దాని తర్వాత ఆమె అలిమోనీ అడుగుతుంది, భరణం అడుగుతుంది — చాలా సమస్యలు ఉంటాయి. కాబట్టి అలాంటి కేసుల్లో ఒక ప్రశ్న వచ్చింది — “అమ్మాయి తప్పు చేసినట్లయితే, స్త్రీ తప్పు చేసినట్లయితే, అప్పుడు కూడా అలిమోనీ ఇవ్వాల్సి వస్తుందా?” మీరు ఆ తప్పును రుజువు చేయండి. ఎలా రుజువు చేస్తారు సాక్ష్యపరంగా? ఎవరో ఒకరితో తిరగడం నేరం కదా? సరే. ఈరోజు కోర్టు ఇలా కూడా చెబుతోంది — “మీరు గదిలో కూర్చున్నారు, గది తలుపు
**(16:53)**
మూసివేయబడి ఉంది. దీని అర్థం ఏమిటి? స్నేహితులు కూర్చోలేరా? రెండు పురుషులు కూర్చోగలిగితే, ఒక పురుషుడు, ఒక స్త్రీ గదిలో కూర్చున్నా దానిలో తప్పేమిటి?” అని చట్టం చెబుతోంది. ఈరోజు మన చట్టం — లేదా న్యాయవ్యవస్థ అని అంటే — జీవితంలో చాలా అప్డేట్ అయింది. మీరు ఎవరో ఒకరితో తిరుగుతున్నారు లేదా ఎవరో ఒకరి బైక్పై కూర్చున్నారు అని మీరు వ్యభిచార కేసు వేసే రోజులు పోయాయి. అప్పుడు మీరు చెప్పేవారు — “భాయ్, ఇక్కడ ప్రవర్తన తప్పుగా ఉంది. వీరు ఒకరితో ఒకరు అతుక్కుని ఉన్నారు. అంటే ఏదో తప్పు చేస్తున్నారు.” అలా భావించేవారు. ఈరోజు కోర్టు అలా భావించదు. అంగీకరించదు.
**(17:24)**
కోర్టు చెబుతోంది — “ఇద్దరు మనుషులు, వారు పురుషులైనా, పురుషుడు-స్త్రీ అయినా, ఒకరితో ఒకరు తిరగడం, రాత్రి ఉండటం, గదిలో ఉండటం — అది వ్యభిచారం కాదు, తప్పు కాదు.” కాబట్టి ఇక్కడ పకడ్బందీ సాక్ష్యాలు తమలో తామే చాలా ముఖ్యమవుతాయి. క్లయింట్ “నాకు పకడ్బందీ సాక్ష్యాలు కావాలి దేశ్వాల్ గారు” అని చెప్పినప్పుడు — ఇక్కడ డబ్బు ముఖ్యం కాదు. ఎందుకంటే మీరు డబ్బును, సమయాన్ని ముఖ్యంగా పరిగణిస్తే, ఆ సాక్ష్యాలు రావడం చాలా కష్టమవుతుంది. క్లయింట్ చెప్పాడు — “మీరు నాకు సాక్ష్యాలు తెచ్చి ఇవ్వండి.” ఇప్పుడు ఇక్కడ వ్యూహం రూపొందించబడుతుంది.
**(17:57)**
ఆమె ఎవరితో తిరుగుతోందో నమూనా చూశారు. ఏ వాహనాల్లో తిరుగుతోందో. అక్కడ వాహనాల్లో GPS అమర్చారు. ఎప్పుడు, ఎక్కడ, ఏ ప్రదేశాలకు వెళ్తోందో ఊహించుకున్నారు. ఎక్కువగా ఆమె తన స్నేహితుల గదులకే వెళ్లేది. సరే. తన ఇంటికి పిలవకుండా, ఆమె స్నేహితుల గదులకు వెళ్లేది. ఆమె స్నేహితులు తలా ఒక ఫ్లాట్ తీసుకున్నారు — బిల్డర్ ఫ్లాట్లు అద్దెకు ఉంటాయి. కాబట్టి మేము రెండు చోట్ల ఫ్లాట్లను అద్దెకు తీసుకున్నాము. సరే. నేను చెప్పాను — “పకడ్బందీ సాక్ష్యం కోసం ఉత్తమ మార్గం ఏమిటంటే, గది లోపలి సమాచారం దొరకాలి.” అవును, అవును.
**(18:31)**
దాని కంటే మెరుగైనవి — కళ్లు తెరిచే సాక్ష్యాలు ఉంటాయి. దాని తర్వాత మీకు ఏమీ ఇవ్వాల్సిన అవసరం లేదు. మేము ఇప్పుడు గది లోపలికి ఎలా చేరాము? గది లోపలికి ఎవరైనా చేరడం అసాధ్యం కదా? అవును కదా? ఆ పరిస్థితిలో తిరిగి కిటికీ లోపలికి డ్రిల్ వేశారు. లోపల రంధ్రం చేశారు. కెమెరాలు అమర్చారు. కెమెరాలు అమర్చిన తర్వాత సమాచారం సేకరించారు. ఆడియో, వీడియో రికార్డింగ్లు జరిగాయి. అవును కదా? అక్కడ మీకు చాలా షాకింగ్గా ఉండే పకడ్బందీ సాక్ష్యాలు దొరికాయి. సరే. ఇప్పుడు ఆ షాకింగ్ పకడ్బందీ సాక్ష్యాలు ఇలా ఉన్నాయి — మీరు కోర్టుకు వెళ్లాల్సిన అవసరమే లేదు. ఆడవారిని కుటుంబంలో ఉంచండి —
**(19:04)**
వారు చెప్పారు — “కోర్టుకు వెళ్లి అవమానం ఎందుకు కలిగించుకోవాలి? అవమానం కలిగిస్తాను. పరస్పర అంగీకారంతో తీసుకుంటాను.” అందుకే విడాకుల మోషన్ జరిగింది. కేసు తుదిగా ముగిసింది. విడాకులయ్యాయి. కాబట్టి పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసుల్లో ఈరోజు క్లయింట్కు ఘనమైన సాక్ష్యాలు కావాలి. అంత ఖర్చు చేసే డబ్బు అతని దగ్గర లేకపోతే — ఎందుకంటే ఇందులో డబ్బు ఎక్కువ ఖర్చవుతుంది, సమయం పడుతుంది — కాబట్టి సర్, ఇందులో ఎవరైనా కెమెరా పెట్టి వీడియో తీసి సాక్ష్యంగా చేసాము కదా. కానీ వారు అలా అనలేరు — “వీరు నా గోప్యతను ఉల్లంఘించారు.” కోర్టులో అలా అనలేరు —
**(19:37)**
ఎవరో చెప్పారు, “వీరు నా ఇలాంటి వీడియో తీశారు” అని. అది తిరిగి వారిపై పడదు. తరుణ్ గారు, మీ మాట సరైనదే. సాక్ష్యాల్లో ఒక చాలా ముఖ్యమైన విషయం ఉంటుంది — మీరు సాక్ష్యం సృష్టిస్తూ పట్టుబడితే, మీరు నేరస్థులు. మరియు మీరు సాక్ష్యం సృష్టించిన తర్వాత, ఎదురుగా ఉన్నవారు నేరస్థులు. ఎదురుగా ఉన్న వ్యక్తి సాక్ష్యాలు, గది కథ బయటకు వచ్చాయి — అప్పుడు ఆమె ఎవరి ముందు వెళ్లి “నా గోప్యత ఉల్లంఘించబడింది” అని చెప్తారు? ప్రజలు గోప్యతను పక్కన పెడతారు. ముందు మీరు ఏం చేస్తున్నారు? అవును కదా? చాలా విషయాలు వచ్చాయి. మీ భర్త అక్కడ కూర్చుని ఉన్నాడు, మీరు ఈ గది
**(20:08)**
లోపల వీరితో ఆనందిస్తున్నారు. మరో వ్యక్తితో కూడా ఆనందిస్తున్నారు. అయితే మీరు ఏం చేస్తారు? కాబట్టి గోప్యత ఇక్కడ ఆమె గౌరవం కంటే ఎక్కువ ముఖ్యమైంది. అవును కదా? కాబట్టి కుటుంబం చెబుతుంది — “గౌరవం ఇక్కడ ముఖ్యం. గోప్యతను పక్కన పెట్టండి. గోప్యతపై ఆడితే, ఈమెకు విడాకులు తప్పకుండా వస్తాయి. అది జరగాల్సిందే.” మరియు గోప్యత ఎలా ఉల్లంఘించబడింది? మీ దగ్గర ఉన్న సమాచారం పెన్ డ్రైవ్లో ఎవరో ఇచ్చారని భావించండి. ఎవరో మీకు ఇచ్చారు. ఇచ్చారు కదా. అవును. ఎవరు ఇచ్చారో మీరు ఎలా రుజువు చేస్తారు?
**(20:36)**
అవును. ఎవరో ఇచ్చారు. వెతుకుతూనే ఉండండి. అవును కదా? కానీ అర్థమైంది. ఈ సాక్ష్యం మీకు వ్యతిరేకంగా వెళ్తోంది. అది స్పష్టం. దానిలో తేదీ ఉంది, సమయం ఉంది, టైమ్స్టాంప్ ఉంది. దానితో పాటు మీరు పకడ్బందీ సాక్ష్యాల శ్రేణిని కూడా నిర్మిస్తున్నారు — ఈ వ్యక్తితోనే చోటుచోట్లా తిరుగుతోంది. వాహనాల్లో వెళ్తోంది, బార్కు వెళ్తోంది. అన్నీ — వాహనాలు, కాల్ రికార్డులు — పోలీసులు తీసుకుంటారు. బిల్ వివరాలు కూడా పోలీసులు తీస్తారు — మీరు ఎక్కడో బార్కు వెళ్లినప్పుడు మీ కార్డును స్వైప్ చేశారు, అక్కడ మీరు డబ్బు చెల్లించారు. హ్మ్మ్. కానీ ఆడియో, వీడియో, మీ తిరగడానికి సంబంధించిన సాక్ష్యాల శ్రేణి ఏర్పడుతుంటే — వాటిని మీరు
**(21:08)**
ఎలా తిరస్కరిస్తారు? అవును కదా? కాబట్టి అవి తిరస్కరించబడవు. గది లోపలి సాక్ష్యాలు, ఇవి రెండూ కలిసి సాక్ష్యాల శ్రేణిగా ఏర్పడతాయి — అప్పుడు మీరు విడాకుల వైపు వెళ్లాల్సి వస్తుంది. అవును కదా? లేదా మీరు మొత్తం నగరంలో ప్రకటనలు చేయించి అవమానం కలిగించుకుని తర్వాత విడాకులు తీసుకుంటారు. కానీ విడాకులు తీసుకోవాల్సే వస్తుంది. కోర్టు ఇలా అనలేదు — “చూడు, మీ భార్యే కదా. పర్వాలేదు. ఆమెకు ఆనందించే హక్కు ఉంది.” లేదు భాయ్, అలా కాదు. హిందూ వివాహ చట్టంలో అలా లేదు. సరే, ఇదే విషయం. సరైనదే సర్. కాబట్టి సర్, ఇప్పుడు మనం వీడియో గురించి మాట్లాడాము కదా —
**(21:40)**
వీడియో తయారవుతుంది. ఈరోజు మీరు చూసి ఉంటారు — పెద్ద పెద్ద నగరాల్లో హోటళ్లు, స్పా సెంటర్లు తెరుచుకుంటున్నాయి. ఇప్పుడు హోటళ్లకు అంత పని ఉండదు. అక్కడ పర్యాటకులు కూడా రారు, అయినప్పటికీ చాలా హోటళ్లు తెరుచుకుంటున్నాయి. కాబట్టి సర్, వీటి నిజ స్వరూపం ఏమిటి? వీరు వీడియోలు తీసి తర్వాత బ్లాక్మెయిల్ చేస్తారని వినిపిస్తోంది. మీ దర్యాప్తులో ప్రత్యేకంగా హోటళ్లు, స్పాలకు సంబంధించి అలాంటి ఏదైనా కేసు ఎదురయిందా? చూడండి, హోటల్, స్పా మాట వస్తే — మీరు ఇప్పుడే చూసి ఉంటారు, గుర్గావ్లో స్పాలపై చాలా సోదాలు జరిగాయి. అవును కదా? కాబట్టి స్పాల్లో 90 శాతం చోట్ల
**(22:11)**
వ్యభిచారం నడుస్తోంది. పేద ఇంటి అమ్మాయిలు వచ్చారు. వారిని మోసం చేసి తీసుకువచ్చారు, లేదా ఎవరో ప్రేమికుడిగా మారి తన ప్రేయసిని అక్కడికి పంపిస్తారు, లేదా పేద ఇంటి అమ్మాయి వచ్చింది — అక్కడ ఆమె మసాజ్ చేస్తూ, ఎవరికైనా మసాజ్కు ₹1,000 లేదా ₹2,000 వస్తోంది. కానీ రోజు ఆఫీసు నెమ్మదిగా అర్థం చేసుకుంటారు — “అవును, ఈ అమ్మాయి చాలా పేద ఇంటిది” అని. అప్పుడు నెమ్మదిగా ఆమెను మలచుతారు. అన్నీ చూపిస్తారు — “భాయ్, నువ్వు ఎంత ఎక్కువ సంపాదించగలవో చూడు” అని. ఇప్పుడు ఆ అమ్మాయి ఇప్పటికే శారీరకంగా —
**(22:47)**
తన ప్రేమికుడి ద్వారా లేదా వేరే ఎవరో ద్వారా — వేధింపులకు గురయి ఉంటే, అక్కడ ఆమెకు నైతిక విలువలపై నిలబడడం కొంచెం కష్టమవుతుంది. అవును కదా? ఆమె చెబుతుంది — “అయ్యో, ముందు ఆ స్నేహితుడితో ఆరు నెలలు, ఏడాది గడిపాను. ఆ మనిషి అంత చెడ్డవాడని తేలింది. నన్ను ఇక్కడికి తీసుకొచ్చాడు, లేదా ఈ వ్యాపారంలోకి నన్ను పడేశాడు. అయితే నేను ఎందుకు డబ్బు సంపాదించకూడదు?” ఆ పరిస్థితిలో అమ్మాయిల నైతిక విలువలు ఎక్కడో తప్పుగా మారతాయి. తర్వాత స్పా లోపల ఒక విధంగా వ్యభిచారం ప్రారంభమవుతుంది. కాబట్టి అలాంటి కేసులు చాలా చూశాము — దర్యాప్తులో, ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తు జరిగిన చోట.
**(23:18)**
ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తులో — ఒక అబ్బాయికి ఒక అమ్మాయితో ప్రేమ ఉంది. అతను అడిగాడు, “ఎక్కడ పనిచేస్తారు?” అని. ఆమె స్పా పేరు చెప్పకుండా మాల్ పేరు చెప్పింది — “నేను మాల్లో సేల్స్ గర్ల్గా పనిచేస్తున్నాను” అని. దర్యాప్తు చేస్తే తెలిసింది — ఆమె స్పాలో పనిచేస్తోంది. ఎందుకంటే స్పాలో పనిచేసే అమ్మాయిని పట్టుకోవడం అంత కష్టం కాదు. ఏ క్లయింట్ అయినా లేచి వెళ్లి చెబుతాడు — “నాకు ఆ సేవలు అందించే అమ్మాయి చాలా బాగుంది. నా ఒక స్నేహితుడు తీసుకున్నాడు. నాకు అదే సేవ కావాలి.” ఇప్పుడు ఆ సేవ అందించడానికి ఆమె వస్తుంది, ఆ సమయంలో మీరు దాగి ఉన్న ఆడియో, వీడియో కెమెరాతో — ఎందుకంటే మొబైల్ను
**(23:48)**
లోపలికి తీసుకెళ్లనివ్వరు — కానీ మీరు శరీరం లోపల లేదా ఏదైనా వస్తువు లోపల దాగి ఉన్న ఆడియో, వీడియో కెమెరాతో వెళ్లి రికార్డ్ చేస్తే — అలాంటి చాలా కేసులు చూశాము. అక్కడ ఈ రకమైన అమ్మాయిలు — ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసుల్లో, పేద ఇంటి అమ్మాయిలు, చిన్న పట్టణాల నుంచి వచ్చిన అమ్మాయిలు — అక్కడ చెబుతారు, “బీదవారు రాకెట్లో చిక్కుకున్నారు.” సరే. కాబట్టి సర్, ఈ స్పా సెంటర్లు, హోటళ్లు కూడా రాకెట్ నడుపుతున్నాయా? రికార్డ్ చేసి తర్వాత ప్రజలను బ్లాక్మెయిల్ చేస్తారా?
**(24:25)**
ఇందులో బ్లాక్మెయిలింగ్కు ఒకే మార్గం ఉంటుంది — ఆ అమ్మాయి ఉద్యోగం వదిలి వెళ్లకూడదు. ఆ అమ్మాయి తన కాంటాక్ట్లను ఏర్పరుచుకోకూడదు. లేదు — అమ్మాయిలపై చేస్తుంటారు. కస్టమర్లపై కూడా చేస్తారా? ఏ వీడియో? బిల్కుల్, బిల్కుల్. ఇందులో ఏముంది — చూడండి, ప్రతి రకమైన ప్రపంచం ఇది. ప్రతి రకమైన రాకెట్లు ఉన్నాయి. వారి వ్యాపారం సరిగ్గా నడు
Citations:
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[9] Telugu Interpretation Services - Interpreters Unlimited https://www.interpreters.com/telugu-interpretation-services/
[10] Expert Telugu Translation Services https://lughayangu.com/telugu-translation-services
మొదటి భాగం వలె తర్వాతి భాగాన్ని కూడా అనువదించండి
మొదటి భాగంలో ఆగిన చోటు నుంచి, అంటే **(24:25)** నుంచి మిగిలిన భాగాన్ని ఒక్క వాక్యం కూడా వదిలిపెట్టకుండా తెలుగులోకి అనువదిస్తున్నాను.
***
**(24:25)**
వారి వ్యాపారం సరిగ్గా నడుస్తున్నవారు తమ వ్యాపారాన్ని సరిగ్గానే నడుపుతున్నారు. కానీ వారికి అనిపించే చోట — “మా నుంచి అద్దె రావడం లేదు, మా నుంచి డబ్బు పూర్తిగా రావడం లేదు” — అక్కడ వారు క్లిప్లు తీసి, ఆ క్లిప్లను ఏదో మూడో పక్షానికి అమ్మేస్తారు. ఇప్పుడు ఆ క్లిప్ — భావించండి, మీరు చిరునామా కూడా తీసుకున్నారు. మొబైల్ నంబర్ కూడా తీసుకున్నారు అంటారు. మీ దగ్గర ఫోటోలు, వీడియోలు కూడా వచ్చాయి.
**(24:53)**
మీ దగ్గర ఉన్నాయి, కొంచెం దర్యాప్తు చేసి మీరు తెలుసుకున్నారు — ఈ వ్యక్తి ఎక్కడ ఉన్నాడో. అవును కదా? ఎందుకంటే మీరు మనిషి వ్యక్తిత్వం నుంచి కొంచెం అర్థం చేసుకుంటారు — ఇతను మధ్యతరగతి నుంచి వచ్చాడా, ఎగువ తరగతి నుంచి వచ్చాడా, లేదా ఇంకా ఎగువ నుంచి వచ్చాడా అని. కాబట్టి మీరు మీ లక్ష్యాన్ని ఎంచుకున్నారు, అతని వీడియోలు తీశారు, ఆ వీడియోలను తాము ఉంచుకోకుండా మూడో పక్షానికి పంపేశారు. ఇప్పుడు వారు బ్లాక్మెయిలింగ్ ఆట ఆడుతున్నారు. అలాంటి చాలా కేసులు ఉన్నాయి. ఇందులో చూడండి, అతిపెద్ద సమస్య ఏమిటి? మన దేశ జనాభా. ఇందులో అతిపెద్ద సమస్య అదే. అవును కదా? పేదరికం ఉంది, దారిద్య్రం ఉంది — ఇవన్నీ చాలా పెద్ద కారణాలు.
**(25:28)**
స్పాలు ఎక్కడ తెరుచుకున్నాయో, అక్కడ 90 శాతం స్పాల్లో ఇదే అంతా జరుగుతుంది. కాబట్టి సర్, దీని నుంచి నాకు మరో కేసు గుర్తొచ్చింది. నేడు చాలా పెరుగుతున్నాయి — హనీ ట్రాప్ కేసులు. ఇందులో ఒక పూర్తి గ్యాంగ్ ఉంటుంది. వారు ఏదో ధనవంతుడిని చిక్కవేస్తారు. తర్వాత అతని నుంచి డబ్బు లాక్కుంటారు. అలాంటి ఏదైనా కేసు మీ ముందుకు వచ్చిందా, చాలా షాకింగ్గా ఉందా? చూడండి, నా దగ్గర ఈ మొబైల్ ఉంచి ఉంది. దీని లోపల కనీసం మూడు అమ్మాయిల హనీ ట్రాప్ నంబర్లు ఈనాటికీ నా దగ్గరే ఉన్నాయి. సరే. మీరు వారి ఫోటోలు చూస్తే — నాకు తెలుసు ఎవరు. నాతో మాట్లాడారు. “దేశ్వాల్ గారు, మీరు భారతదేశం వెలుపల ఉన్నారు. నాకు మీతో కలవాలి” అని.
**(26:01)**
సరే. నేను చెప్పాను — “భాయ్, నాతో నాకు ఏ సంబంధమూ లేదు.” వారు చెప్తారు — “లేదు సర్, నాతో మీకు మాట్లాడారు. మీరు ఒకసారి నాతో మాట్లాడండి.” నేను చెప్పాను — “సరే, చెప్పండి, విషయం ఏమిటి?” అవును. అప్పుడు వారు ఇటుపక్క, అటుపక్క మాటలు మాట్లాడటం ప్రారంభించారు. “మీరు నాకు బాగా అనిపిస్తున్నారు. స్మార్ట్గా అనిపిస్తున్నారు” అంటే — వారి చిక్కవేయడానికి ఉన్న పద్ధతి అదే. నేను చెప్పాను — “బేటా, పని చెప్పండి.” వారు చెబుతారు — “ఒక పని చేద్దాం, వీడియో కాల్ చేద్దాం.” అయ్యో, వీడియో కాల్ పేరు వచ్చేసరికి నేను చెప్పాను — “అవును, ఇందులో ఏదో తప్పు ఉంది.” నేను చెప్పాను — “ఒక పని చేయండి. మీరు ఎక్కడి నుంచి ఫోన్ చేశారు?” “మేము ఈ మొబైల్ నుంచి చేశాము.” “మీరు ఎక్కడ పనిచేస్తారు?” “నేను ఈ కంపెనీలో పనిచేస్తున్నాను.” “పర్వాలేదు, మీ ల్యాండ్లైన్ నుంచి ఫోన్ చేయండి. ఒకసారి మనం స్పష్టంగా తెలుసుకుందాం — మీరు ఎవరో అని.”
**(26:29)**
వారు చెబుతారు — “లేదు లేదు, నేను మీకు చెప్తాను” అని. తర్వాత అక్కడ ఫోన్ కట్ అవుతుంది. ఈ విషయంలోనే చాలామంది చిక్కుకుంటారు. ట్రాప్ అవుతారు కూడా. చాలామందికి అమ్మాయిలతో మాట్లాడటం చాలా బాగుంటుంది. మనం అనుకుంటాము — “అయ్యో, ఒక అమ్మాయి ఉంది. ఏ అమ్మాయి ఫోటో తెలియదు, దానిపై పెట్టారు; చాలా అందంగా చూపించారు.” మనం ఆ అమ్మాయిని మన మనసులో పెట్టుకుని, ఆ అమ్మాయితో మాట్లాడటం ప్రారంభిస్తాము. మీరు మాట్లాడటం ప్రారంభించగానే, కొంచెం మీరు చెబుతారు — అమ్మాయి సడలిన మాటలు మాట్లాడుతుంది.
**(26:57)**
మీరు కూడా మాట్లాడతారు, మత్తులోకి వెళ్తారు. కానీ ఆ వీడియో కాల్లో — వీడియో కాల్లో — మీ ఫోటోలు వెళ్తాయి. దాని తర్వాత మీ వీడియో తయారవుతుంది. తర్వాత మీ మొబైల్ వివరాలు తీస్తారు. దానిలో చూస్తారు — మీ నంబర్లు ఎక్కడ ఎక్కడ ఉన్నాయో. “ఇవి మీ నంబర్లు. ఈ నంబర్లకు నేను వీడియో కాల్ పంపుతాను” అని చెబుతారు. ఆమె ఆ వీడియోలను పంపుతుంది. బస్సు — తర్వాత ఈ సిలసిలా ప్రారంభమవుతుంది. నా దగ్గరకు వచ్చిన ఒక హనీ ట్రాప్ కేసు పూర్తిగా వేరేది. సరే. ఒక ఆమె ఒక ప్రసిద్ధ [ముక్కుతో చేసే శబ్దం] డాక్టర్ ఆఫీసుకు, ఆసుపత్రికి వస్తుంది. సరే. ఆమె భారతదేశం వెలుపలి ఆమె.
**(27:27)**
మనం — అక్కడికి వచ్చి తన సమస్యలను చెబుతుంది. ఒక నెలలో ఆ డాక్టర్ దగ్గర ఆమెకు మూడు-నాలుగు సందర్శనలు జరుగుతాయి. సరే. డాక్టర్ గారి కుటుంబం భారతదేశం వెలుపల ఉంది. డాక్టర్ గారికి పెళ్లయింది. పెళ్లయింది. డాక్టర్ గారు ఆమెకు చాలా మంచి లక్ష్యం. చాలా డబ్బున్నవారు. ప్రసిద్ధ డాక్టర్లు. నేను ఈరోజు పేరు చెప్పితే, ప్రపంచానికి ఆ డాక్టర్లు తెలుసు. ప్రసిద్ధ డాక్టర్గా. కాబట్టి డాక్టర్ గారు చిక్కిపోయినప్పుడు — ఆ అమ్మాయి డాక్టర్ గారికి అనిపిస్తుంది — “నేను అమ్మాయిని చిక్కవేస్తున్నాను” అని. అమ్మాయి మాత్రం తన ఆటే ఆడుతోంది.
**(28:03)**
హ్మ్మ్. అమ్మాయి వయస్సు కూడా దాదాపు 32, 33 చుట్టూ ఉంటుంది. డాక్టర్ గారు 55 దాటి ఉన్నారు. మనం — ఆ పరిస్థితిలో డాక్టర్ గారికి అనిపిస్తుంది — “నాకు చాలా మంచి స్నేహితురాలిగా మారింది. ఒకవైపు విదేశీ అమ్మాయి, పైగా అంత అందంగా ఉంది, అంత చిన్న వయస్సు, నా గొప్పగా మాట్లాడుతోంది. నా చికిత్స వల్ల ఆమెకు చాలా మంచి ప్రయోజనం జరుగుతోంది” అని. చాలా ఆకర్షణీయమైన పద్ధతులన్నీ ఉపయోగించవచ్చు. అమ్మాయి అక్కడి నుంచి వాటిని అవలంబించింది. అక్కడ డాక్టర్ గారు కూడా ఇదే ఆలోచిస్తున్నారు — “బహుశా నేను చిక్కవేశాను” అని. అవును కదా? కాబట్టి డాక్టర్ గారు ఆమెను చెప్పారు — “ఏదైనా రోజు రండి, డైనర్ చేద్దాం. ఇంటికి రండి. మా ఇల్లు చాలా మంచి ప్రదేశంలో ఉంది” అని. అప్పుడు ఆమె చెప్పింది —
**(28:40)**
“లేదు, నేను ఇప్పుడు రాలేను. తర్వాతిసారి వస్తాను” అని. ఇలా చూడండి — మీరు సులభంగా అందుబాటులో ఉంటే, మీరు చిక్కవేయబడరు. చిక్కవేయబడకూడదు. మీరు సులభ లభ్యతను చూపించకూడదు. అవును, అవును. కాబట్టి అమ్మాయి డాక్టర్ గారిని రెండు-మూడుసార్లు నిరాకరించింది. డాక్టర్ గారు మరింత ఉత్సాహపడ్డారు — “అయ్యో, ఈమె నిరాకరిస్తోంది. తర్వాతిసారి తప్పకుండా.” తర్వాత అమ్మాయి చెప్పింది — “సరే సర్, మీరు ఇంత చెబుతున్నారు కదా, సరే. ఏ రోజు చెప్పండి. సరే, ఈ రోజు కలుద్దాం.” ఇప్పుడు రాత్రికి ఆమె పైనుంచి వారి ఇంటికి చేరుకుంది. మనం — డాక్టర్ గారి ఇంట్లో ఎవరూ లేరు. పనిమనిషిని కూడా 8 గంటల తర్వాత
**(29:13)**
పంపించేశారు. డాక్టర్ గారు తన సులభమైన వైన్ తీసుకుని, తాగుతూ మాట్లాడటం ప్రారంభించారు. నెమ్మదిగా — ఒక గంట తర్వాత — వారు చేయాల్సింది చేశారు. అమ్మాయి కొంచెం వ్యతిరేకించింది — “లేదు లేదు, ఇది అందరికీ మంచిది కాదు. తప్పు” అని. కానీ అమ్మాయి చిక్కవేసే పనిలోనే ఉంది. ఆమెకు తన పద్ధతి ఉంది. డాక్టర్ గారు, అమ్మాయి మధ్య జరగాల్సిన శారీరక సంబంధం జరిగింది. ఉదయం ఆమె లేచి చెప్పింది — “నాకు రాత్రి చాలా మత్తు అయింది. మీరు నాతో ఇది ఏం చేశారు? నేను పోలీసులకు వెళ్తాను. మీరు తప్పు చేశారు. నాతో ఇది చేశారు.” అప్పుడు అతను చెప్పాడు — “లేదు లేదు, అలా ఏమీ జరగలేదు. మీరు కూడా సిద్ధంగా ఉన్నారు కదా. పొరపాటుగా జరిగింది. ఇక జరగదు.”
**(29:52)**
ఇలా విషయాన్ని ముగించేశారు. అమ్మాయి కూడా విషయాన్ని ముగించాలనుకుంది. కానీ ఒత్తిడి తెస్తూనే ఉంది — “మీరు నాతో తప్పు చేశారు” అవును కదా? డాక్టర్ గారు ఆమెను ఓదార్చారు, చెప్పారు — “సరే, పర్వాలేదు, పొరపాటు జరిగింది. తర్వాత ఇలా చేయం. మనం మంచి స్నేహితులం. స్నేహితులుగానే ఉంటాం” అని. అమ్మాయి చిక్కవేయడం పూర్తి చేసింది. అమ్మాయి తన ఇంటికి వెళ్లిపోయింది. నాలుగు రోజుల తర్వాత ఒక వీడియో పంపింది. అమ్మాయి పంపింది — “మీరు నాతో తప్పు చేశారు. నా దగ్గర ఈ పూర్తి వీడియో ఉంది.” “ఓ, ఇప్పుడు నేను ఈ వీడియోను మీడియాకు ఇస్తాను, పోలీసులకు ముందుగా ఫిర్యాదు చేస్తాను” అని. ఇప్పుడు డాక్టర్ గారి కాళ్ల కింద నేల జారిపోయింది —
**(30:25)**
“ఇది ఏం జరిగింది? మీరు నా వీడియో ఎలా తీశారు?” అని. ఆమె చెప్పింది — “నేను ఎవరో తెలియని వ్యక్తి ఇంటికి వెళ్తే, నేను తన పర్సులో అమర్చుకుని వెళ్తాను కదా? ఎవరైనా నాతో ఏదైనా తప్పు చేయకూడదని. మీరు నాతో తప్పు చేశారు. నేను అమర్చుకుని వెళ్లాను — తన పర్సులో కెమెరా ఉంది — నాతో ఎవరూ అభద్రత చేయకూడదని. మీరు నాతో అభద్రత చేశారు.” ఇప్పుడు అమ్మాయి అక్కడ ఇలా చూపించింది — ఆమెతో బలవంతం జరుగుతోందని. జరుగుతోంది. ఇప్పుడు కొంచెం వ్యతిరేకిస్తున్నారు. ఒకటి ఉంటుంది కదా — అరవడం, శబ్దం చేయడం, పోలీసులను పిలవడం; మరొకటి — “లేదు లేదు, ఇలా చేయకండి, అలా చేయకండి” అని చెప్పడం. మీరు ఆమెను ఈ పద్ధతిలో
**(30:57)**
డాక్టర్ను చిక్కవేశారు. డాక్టర్కు అనిపించింది — “నిరాకరిస్తోంది, కానీ జరుగుతోంది.” ఇప్పుడు పరిస్థితి ఇలా మారింది — డాక్టర్ గారి చేతులు, కాళ్లు ఉబ్బిపోయాయి. డాక్టర్ గారు తన స్నేహితుల దగ్గరకు వెళ్లారు. అందరు స్నేహితులు చెప్పారు — “జీ, ఇది తప్పయింది. మీ పూర్తి వీడియో తయారైంది. దాన్ని మీడియాకు ఇస్తే — మీరు అమ్మాయి తప్పా సరైనదా అని రుజువు చేస్తూనే ఉంటారు. ఈ వీడియో ప్రకారం తప్పువారు మీరే కనిపిస్తున్నారు.” అవును కదా? [ముక్కుతో చేసే శబ్దం] మరియు అది మీ ఇల్లు. మీరు ఆమెను ఇంటికి పిలిచారు. వాట్సాప్లో చాటింగ్ జరుగుతోంది — “ఈరోజు కలుద్దాం” అని చెప్పారు. మీరు నాలుగుసార్లు డిన్నర్కు
**(31:28)**
వెళ్లారు. క్యాబ్ బుక్ అవుతోంది. అన్నీ జరుగుతోంది. కాబట్టి మీరే ఆమెను పిలుస్తున్నారు. మనం — ఆమె ఏదో ఒక విధంగా మీ రోగిని. అవును కదా? కాబట్టి మీరే ముందుకు వచ్చారు. రోగిని తన ఇంటికి ఎవరు పిలుస్తారు? ఎందుకు పిలుస్తారు? ఇప్పుడు డాక్టర్ చాలా ఆందోళనలో ఉన్నారు. కాబట్టి డాక్టర్ గారు ఆమెను చెప్పారు — “భాయ్, మీరు ఏం కావాలి? ఇవన్నీ వదిలేయండి, తొలగించండి, డిలీట్ చేయండి. మీరు ఏం కావాలి?” ఆమె చెబుతోంది — “నాకు ఏమీ కాదు, నాకు ₹ [లక్ష] కావాలి.” సరే. అప్పుడు అతను చెప్పాడు — “సరే, నేను 50 ఇస్తాను. కానీ దీన్ని ముగించుకుందాం.” నేను చెప్పింది — “అవును సరే.” అతను 50 ఇచ్చాడు. సరే. 50 తీసుకున్న తర్వాత, ఒక నెల తర్వాత మళ్లీ ఆమె వీడియో పంపింది —
**(32:06)**
“నా అమ్మకు ఆపరేషన్ జరగబోతోంది. ఇది ఉంది, అది ఉంది. నాకు అక్కడికి ₹ [కోట్లు] పంపాలి” అని. “లేదు సర్, ఇప్పుడు డాక్టర్ గారు తీవ్ర ఆందోళనలో ఉన్నారు — ‘అయ్యో, ఇది ఏదో బ్లాక్మెయిలర్ రాకెట్. ఇప్పుడు నేను నాశనమవుతాను’ అని. ఇప్పుడు వారి దగ్గర ఏ మార్గం లేదు.” అవును. వారు పోలీసుల దగ్గరకు వెళ్లారు. చాలా సీనియర్ అధికారి దగ్గరకు వెళ్లారు. నేను వారి పేరు చెప్పలేను. సీనియర్ చెప్పారు — “భాయ్, ఇందులో నేను మీకు ఎలా సహాయం చేయగలను? ఎందుకంటే నేను మీకు సహాయం చేస్తే పోలీసుల్లో ఎఫ్ఐఆర్ నమోదవుతుంది. అప్పుడు సహజంగానే ఈ విషయం మీడియాకు వెళ్తుంది.” అవును కదా? మీడియాకు వెళ్తుంది. మీకు కుటుంబం ఉంది కదా. ఈ వీడియోలోని ఏదైనా ఫోటో లీకైతే — మీ కెరీర్ పోతుంది.
**(32:44)**
మీరు ఈ వరకు సంపాదించిన పేరు అంతా పోతుంది. మనం — “ఇందులో మంచిది ఏమిటంటే — మా డిటెక్టివ్ సంజీవ్ దేశ్వాల్ తెలిసినవారు. వారిని కలవండి. వారు మీకు ఏదైనా ఒక మార్గం తప్పకుండా చూపిస్తారు.” కాబట్టి సరే, వారు నా దగ్గరకు వచ్చారు. సమయం తీసుకున్నారు. నేను చెప్పాను — “భాయ్, డాక్టర్ గారికి ఎలా జరిగింది?” చెప్పారు — “ఇలా, ఇలా జరిగింది.” నేను చెప్పాను — “అయ్యో, మీరు కూడా ఆసక్తి కలిగి ఉన్నారు కదా.” చెప్పారు — “అవును, తప్పు నా నుంచే జరిగింది. కానీ అయ్యో, ఆమె కూడా ఆసక్తి కలిగి ఉంది కదా. అప్పుడే నా ఇంటికి వచ్చింది కదా.” నేను చెప్పాను — “లేదు, ఆమె ట్రాపర్. ఆమె బ్లాక్మెయిలర్. మనం — ఆమె ఎప్పుడూ ఆసక్తి కలిగి లేదు. ఆసక్తి కలిగి ఉంటే, మీ నుంచి డబ్బు అడిగేది కదా?”
**(33:15)**
అవును కదా? మీరు తనకు మంచి స్నేహితుడిగా భావిస్తుంటే — ఆమె ఆసక్తి కలిగి లేదు. అది ఒక ట్రాప్. అది ఒక రాకెట్. ఆమె ఆ రాకెట్లో ఉంది. ఇప్పుడు మీరు దానిలోకి వెళ్లారు. మొదట మీరు దీని నుంచి బయటపడాలి. బయటపడటానికి ఒకే ఒక మార్గం ఉంది. చెప్పండి — “ఈ కేసును మనం బిడ్డకు ఎలా బలవంతపు డబ్బు వసూలు కేసుగా మార్చగలం?” సరే. వారు చెప్పారు — “ఈ కేసును బలవంతపు డబ్బు వసూలు కేసుగా ఎలా మార్చగలం దేశ్వాల్ గారు?” మనం — నేను చెప్పాను — “చాలా సులభం. మీరు ₹50 లక్షలు ఇచ్చారు కదా?” మనం — “అవును.” “మరి కొంత డబ్బు బ్యాంకు నుంచి కూడా తీసి ఉంటారు. కొంత మీ దగ్గర ఉంటుంది.” చెప్పారు — “అవును, నేను బ్యాంకు నుంచి డబ్బు తీశాను.” మనం — “ఒక పని చేయండి. కాలక్రమం తయారు చేద్దాం —
**(33:47)**
మీరు ఏ రోజు ఇవన్నీ చేశారో. మీతో జరిగిన తర్వాత మీరు ఎప్పుడు బ్యాంకు నుంచి డబ్బు తీశారో. దాని తర్వాత మీరు ఆమెకు ఎప్పుడు డబ్బు ఇచ్చారో. ఈ కాలక్రమం తయారవుతుంది. ఈ శ్రేణి ఏర్పడుతుంది — ఈ డబ్బు తీయబడింది, ఎక్కడికి వెళ్లింది, ఎక్కడికి వెళ్లింది. తర్వాత మేము మీకు ఒక వీడియో కెమెరా ఇస్తాము. మేము ఆడియో, వీడియో కెమెరా ఇస్తాము. మీరు ఒక సమావేశం ఏర్పాటు చేయండి. ఆ సమావేశంలో మీరు తేదీలు చెప్పండి — మాటల్లోనే — “అయ్యో, నువ్వు 25 తేదీన కలిశావు. 30 తేదీన నాకు ఫోన్ చేస్తున్నావు. రెండు తేదీన మళ్లీ నా నుంచి డబ్బు అడుగుతున్నావు. నేను నీకు ఇచ్చాను — ₹50 లక్షలు ఇచ్చాను. ఇప్పుడు నువ్వు ₹ [కోట్లు] అడుగుతున్నావు. అంత డబ్బు నేను ఎక్కడి నుంచి తెస్తాను?”
**(34:24)**
మనం — “భాయ్, అంత డబ్బు నాకు ఇల్లు అమ్మేస్తేనే వస్తుంది. 3 కోట్లు నా దగ్గర నగదుగా అంత లేవు. మీకు నగదు కావాలా, లేక బంగారంలో కావాలా? అంత డబ్బు నేను తెస్తే ఎక్కడి నుంచి తెస్తాను?” మనం — “మరియు బ్యాంకు నుంచి తీయిస్తే, అన్నీ చేస్తే — నా భార్యకు, పిల్లలకు తెలిసిపోతుంది. మనం — చిన్న మొత్తం కాదు — 3 కోట్లు. మరి 3 కోట్లు ఇచ్చిన తర్వాత మళ్లీ ఏదైనా డిమాండ్ రాకపోవడానికి ఏమి హామీ? ఒకటి-రెండు సంవత్సరాల తర్వాత లేదా ఒకటి-రెండు నెలల తర్వాత?” కాబట్టి ఇవన్నీ మీరు చర్చించాలి. ఈ చర్చలు రికార్డ్ అవ్వాలి.
**(34:58)**
మనం — ఆ రికార్డైన చర్చలో మీరు చెప్పాలి — “అయ్యో, నువ్వు నా ఇంటికి వచ్చావు. నాకు మంచి స్నేహితురాలివి కదా, స్నేహితురాలిగా మారావు. అందుకే నా ఇంటికి వచ్చావు. మరి స్నేహితుడు ఇలా వీడియో రికార్డింగ్ చేస్తాడా? సరే, వీడియో రికార్డింగ్ నువ్వు నీ రక్షణ కోసం చేసుకున్నావు — ‘భాయ్, నాతో ఎక్కడో ఏదైనా తప్పు జరగకూడదు’ అని. మరి డబ్బు ఎవరు అడుగుతారు? హ్మ్మ్. మనం — నువ్వు పోలీసుల దగ్గరకు వెళ్లగలవు కదా. నువ్వు నా నుంచి ₹ [లక్ష] తీసుకున్నావు. ఇప్పుడు నువ్వు ₹ [కోట్లు] అడుగుతున్నావు.” ఈ చర్చలన్నీ జరిగిన తర్వాత, ఇది బలవంతపు డబ్బు వసూలు కేసుగా మారుతుంది. ఎందుకంటే ఆమె మీ నుంచి ₹ [లక్ష] తీసుకుంది, మళ్లీ ₹ [కోట్లు] అడుగుతోంది.
**(35:29)**
మనం — డాక్టర్ గారికి అర్థమైంది. “దేశ్వాల్ గారి నుంచి చెప్పే మాట సరైనదే” అని. కాబట్టి వారు చెప్పారు — “సరే. పూర్తి దాగి ఉన్న కెమెరా — ఏదైనా ఉంటే — మీరు అమర్చి ఇవ్వండి. దేశ్వాల్ గారు, మనం — చేస్తాము. నేను సరే అన్నాను.” కాబట్టి ఒక మంచి రెస్టారెంట్లో ఆమెను పిలిచారు. ఆమెను పిలిచారు. ఆమె అక్కడికి వచ్చిందా? మా టీమ్ కూడా అక్కడే ఉంది. మనం — మా టీమ్ వేరే టేబుల్పై కూర్చుని వారి వీడియో తీస్తోంది — “అవును భాయ్, ఈ ఆమె వస్తోంది. కారు నుంచి దిగుతోంది. లోపలికి వస్తోంది” — తేదీ, సమయంతో సహా. ఎందుకంటే నాకు అనిపించింది — “ఏదో పొరపాటుగా డాక్టర్ గారి కెమెరానే పని చేయకపోతే? లేదా ఆన్ చేయడం మర్చిపోతే? ఏమీ రాకపోతే?” కనీసం ఏదైనా ఉండాలి కదా.
**(36:07)**
అవును కదా? కాబట్టి టీమ్కు నేను చెప్పించాను — “మీరు అక్కడ భోజనం చేయండి. బిల్లు కూడా ఉంచండి. ఆ రోజు మీరు అక్కడ ఉన్నారని స్పష్టమవ్వాలి. ఒక వార్తాపత్రిక [గొంతు కడగడం శబ్దం] ఉంచండి. వీడియో తీస్తున్నప్పుడు వార్తాపత్రిక ప్రింట్ కూడా తీసుకోండి. అదే రోజు వీడియో అని 100 శాతం స్పష్టమవ్వాలి. వీడియోలో తేదీ, సమయం కూడా వస్తూనే ఉంటాయి. ఇవి కూడా ఎడిట్ చేయబడవు. అవును, ఇది సరైనదేనని పరిగణిస్తారు. కానీ ఇన్ని సాక్ష్యాలు జోడిస్తే, అది ఘనమైన సాక్ష్యంగా మారుతుంది.” డాక్టర్ గారు ఆమెతో డిన్నర్ చేశారు. మనం — డిన్నర్ సమయంలో ఆమె అన్ని చర్చలు చేసింది.
**(36:42)**
మనం — ఆమె ‘అవును, అవును, లేదు, లేదు’ అని మాట్లాడేది. కానీ ఘనమైనదేదీ చెప్పడం లేదు. సరే. ఆమె తెలివైనదే — ఎందుకంటే మీరు మాట్లాడేటప్పుడు, మీరు ఎంత ఎక్కువ మాట్లాడతే, అంత ఎక్కువ సాక్ష్యాలు మీకు వ్యతిరేకంగా బయటకు రావచ్చు. ఆమె కూడా అనుభవజ్ఞురాలే. అనుభవం. ఖచ్చితంగా. కాబట్టి ఆమె తనకు చెప్పాల్సినంత మాత్రమే చెప్పింది — “అయ్యో, నువ్వు అంత డబ్బు తీసుకున్నావు. ఇప్పుడు అంత అడుగుతున్నావు. ఈ పద్ధతి సరైనది కాదు కదా” అని. ఆమె చెప్పింది — “లేదు లేదు, నాకు కావాలి.” మనం — “దీని అర్థం ఆమె తీసుకుంది. ఆమె తిరస్కరించలేదు.” అవును, తిరస్కరించలేదు. తర్వాత తేదీ చెప్పబడుతోంది —
**(37:17)**
తేదీలో కూడా ఆమె తిరస్కరించలేదు. ఆ తేదీ, కాలక్రమం మా దగ్గరే ఉంది. బ్యాంకు దానిది కూడా ఉంది. ఇచ్చిన దానిది కూడా ఉంది. అన్నీ ఉన్నాయి. ఈ సాక్ష్యాలన్నీ సిద్ధమైన తర్వాత — మనం — పోలీసులతో మాట్లాడాము. పోలీసులు మాకు ఇందులో సహాయం చేస్తున్నారు. ఎందుకంటే డాక్టర్ గారికి చాలా ఎత్తైన సంబంధాలు ఉన్నాయి. వారు కూడా ఒక వార్త మీడియాలో రాకూడదని కోరుకున్నారు. మనం — వెంటనే రాత్రే — ఇది జరిగిన వెంటనే — ఉదయం గంటలకు 4 గంటలకు ఆమె లొకేషన్ను గుర్తించారు. పోలీసులు వెంటనే ప్రస్తుత లొకేషన్ను పట్టుకుని, ఆమెను అక్కడి నుంచి అరెస్టు చేశారు. పోలీసులు పోలీస్ స్టేషన్కు తీసుకువచ్చారు. చెప్పారు — “జీ, ఇక్కడ బలవంతపు డబ్బు వసూలు కేసు ఏర్పడుతోంది. ఇది పూర్తి వీడియో. ఇందులో మీరు డాక్టర్ను —
**(37:58)**
డాక్టర్ను బ్లాక్మెయిల్ చేశారు. మీరు డాక్టర్తో — ఇప్పుడు నాతో ఏం జరిగిందో అది ముఖ్యం కాదు. మనం — ఇప్పుడు ముఖ్యం ఏమిటంటే — మీరు బ్లాక్మెయిల్ చేశారు. మీరు డబ్బు తీసుకున్నారు. మళ్లీ కూడా డబ్బు అడుగుతున్నారు. అంత పెద్ద ప్రసిద్ధ డాక్టర్ల నుంచి మీరు బలవంతపు డబ్బు వసూలు చేస్తున్నారు.” మనం — నేను పోలీసులకు అర్థం చేసి చెప్పాను — “మీరు ఈమె కొంచెం గత చరిత్రలోకి వెళ్తే — ఎక్కడో ఇలాంటి నివేదికల్లో కనిపిస్తుంది. ఈమె సంప్రదింపుల జాబితాలో మరిన్ని వ్యక్తులు కనిపిస్తారు. ఇమ్మిగ్రేషన్ నుంచి ఈమె పాస్పోర్ట్ వివరాలు తీయండి. ఎప్పుడెప్పుడు వచ్చింది? ఎక్కడ ఎక్కడ ఉంది? అక్కడ కొంచెం కూడా —
**(38:29)**
దర్యాప్తు చేస్తే — ఎందుకంటే ఈమెది రాకెట్. ఈమెకు వ్యక్తులు ఉన్నారు.” అవును కదా? కాబట్టి పోలీసులు ఎలా మాట్లాడాలో అర్థం చేసుకున్నారు. కాబట్టి పోలీసులు చెప్పారు — “చూడండి మేడమ్, మీరు బలవంతపు డబ్బు వసూలు కేసు నడుపుతున్నారు. మిమ్మల్ని అరెస్టు చేస్తున్నాము. చెప్పండి — మీకు ఏదైనా చెప్పడానికి ఉందా?” ఇప్పుడు ఆమె ఆందోళనకు గురయింది. మనం — “లేదు లేదు, నా నుంచి తప్పు జరిగింది. నన్ను క్షమించండి. నన్ను వదిలేయండి” అని. ఈ మాటలు వాడటం ప్రారంభించగానే — “ఈ అమ్మాయి ఇప్పుడు బద్దలవుతుంది” అని అనిపించింది. నాతో పోలీసుల సంభాషణ నడుస్తోంది. మనం — “దేశ్వాల్ గారు, ఇలా జరుగుతోంది” అని. నేను చెప్పాను — “ఈ ఆమెకు చెప్పండి — వెంటనే రాతపూర్వకంగా ఇవ్వాలి —
**(39:06)**
‘డాక్టర్ గారు నాకు చాలా మంచి స్నేహితులు. వారి ఇంటికి వెళ్లాను. వారితో నాకు అలాంటి ఎలాంటి సంబంధమూ లేదు’ అని. మరియు ఈమెకు చెప్పండి — ఈ రోజు సాయంత్రం నాటికి ఒక టికెట్ తీసుకో — మనం — భారతదేశాన్ని వదిలేయాలి. తర్వాతి మూడు సంవత్సరాలు భారతదేశానికి రాకూడదు. ఇమ్మిగ్రేషన్పై నిఘా ఉంచుతాము. ఈమె భారతదేశానికి వస్తే — మేము మళ్లీ ఈ కేసును ఈమెపై తెరుస్తాము. లేదంటే ఈమె భారతదేశంలో ఉంటుంది, మెదడు పనిచేస్తుంది, వేధిస్తుంది.” మనం — అదే జరిగింది. పోలీసులు చెప్పారు — “చూడండి మేడమ్, మీకు రెండే మార్గాలు ఉన్నాయి — లేదా మీరు వెంటనే భారతదేశాన్ని వదిలేయాలి, అంతా రాతపూర్వకంగా ఇవ్వాలి. చూడండి — తర్వాత డాక్టర్ గారు మిమ్మల్ని క్షమిస్తే సరే. లేదంటే మేము డాక్టర్ గారి ఫిర్యాదు తీసుకుంటున్నాము —
**(39:43)**
మనం — మిమ్మల్ని దేశబహిష్కరణ చేస్తాము. దేశబహిష్కరణ చేసే ముందు మీరు మన దేశ శిక్షను అనుభవిస్తారు.” మనం — అంటే ఆమెకు వీలైనంత గరిష్ఠ శిక్ష విధించబడగలదని వివరించారు. దాని ప్రకారం ఆమె తిరిగి వెళ్లాల్సిందే. మనం — అదే జరిగింది. వెళ్లిపోయింది. మర్నాడు ఆమె భారతదేశాన్ని వదిలి వెళ్లాల్సిందే. మరియు డాక్టర్ గారిని — డాక్టర్ గారిని అర్థం చేసి చెప్పారు — “డాక్టర్ గారు, ఎక్కువ ఇబ్బంది ఉంటే బ్యాంకాక్ చాలా దగ్గర. ప్రతిరోజూ విమానం వెళ్తుంది. ప్రతినెలా వెళ్లండి. మనం — ఇవన్నీ వదిలేయండి. వదిలేయండి. ఎందుకంటే ఈ ప్రవర్తనే మిమ్మల్ని ఇబ్బంది పెడుతుంది.” మనం — ఇవన్నీ విషయాలు. కాబట్టి సర్, దీని నుంచి నాకు మరో విషయం గుర్తొచ్చింది — నేడు చాలా నడుస్తోంది.
**(40:18)**
నేడు అమ్మాయిలు, అబ్బాయిలు వివాహానికి ముందు బ్యాచ్లర్స్ పార్టీలు చేస్తారు. బ్యాచ్లర్ పార్టీలు చేస్తారు. అందులో అలా చెబుతారు, వినిపిస్తుంది — అమ్మాయిలు జిగోలోలను పిలుస్తారని, పురుష వేశ్యలను పిలుస్తారని; అబ్బాయిలు వేశ్యలను పిలుస్తారని. కాబట్టి ఈ పురుష వేశ్యల రాకెట్ చాలా పెరిగిందా? అంటే ఇది నిజమా? అంటే నిజంగానే నేడు అమ్మాయిలు పురుష వేశ్యలను పిలుస్తున్నారా? కొత్త కొత్త పురుష వేశ్యలు ఏర్పడుతున్నారా? తరుణ్ గారు, కొంచెం మనం ఇది అర్థం చేసుకోవాలి — మనం ఎవరు? మనం భారతీయులం. సరే. ఇక్కడ ప్రజలు మాటకు గాలిపటం చాలా త్వరగా తయారు చేస్తారు.
**(40:57)**
బ్యాచ్లర్ పార్టీలు జరుగుతాయి. దానిపై ఎవరికీ విభేదం లేదు. కానీ అక్కడ ప్రదేశం ఏర్పాటు చేసి పిలవబడుతుంది, ప్రత్యేకించి ఆ రోజుల్లో పిలవబడుతుంది. దానికి ఎలాంటి అభ్యంతరం లేదు. సరే. అవివాహిత అమ్మాయిల గ్రూపులు ఉంటాయి. రాత్రి ఆనందిస్తారు. దానిపై ఎవరికీ విభేదం లేదు. మనం — సరే, అబ్బాయిలు ఎలా ఆనందిస్తారో, అమ్మాయిలు కూడా ఆనందిస్తారు. అవును, అవును. నేను మీకు ముందే చెప్పాను కదా — సోషల్ మీడియా వేదికలు అంత పెద్దవయ్యాయి. ఇప్పుడు అమ్మాయిలకు చెప్పాలి — వాట్సాప్ గ్రూప్లో — “ఈరోజు మనం అక్కడ కలుస్తున్నాము” అని. మనం — “అయ్యో, అక్కడ ఎవరైనా ఒకరిని పిలుస్తారు. ప్రదేశంలో ప్రజలను పిలుస్తారు. పురుష వేశ్యలను పిలుస్తారు. అక్కడ ఆనందిస్తారు.”
**(41:31)**
ఖచ్చితంగా — అమ్మాయిలు చేస్తారు. మనం — ఎందుకంటే అమ్మాయిలు చాలా తెరిచిపోయారు. తెరిచిపోయారు. మనం — వారికి కూడా ఆ ఆనందం కావాలి — అబ్బాయిలు జీవితకాలం, ప్రపంచం గత 20, 100, 200 సంవత్సరాలుగా తీసుకుంటున్న ఆనందం. అవును కదా? అమ్మాయిలు అప్పుడు చాలా బంధించబడి ఉండేవారు. అమ్మాయిలు ఒత్తిడిలో ఉండేవారు. ఇప్పుడు ఆ ఒత్తిడి పోయింది. సమానులు అయ్యారు. మనం — మనం సమానమే కదా — కాబట్టి రాత్రికి అమ్మాయిలు…
*(ఇక్కడ మీరు అందించిన ట్రాన్స్క్రిప్ట్ ముగిసింది.)*
మొత్తం ట్రాన్స్క్రిప్ట్ అనువాదం పూర్తయింది; మీరు అందించిన పాఠ్యంలో ఉన్న ప్రతి టైమ్స్టాంప్ భాగాన్ని కవర్ చేశాను.[1]
Citations:
[1] Google Translate https://translate.google.com/?hl=te
[2] Free Telugu to English Translation Tool - Cambridge Dictionary https://dictionary.cambridge.org/us/translate/telugu-english/
[3] translation https://dictionary.cambridge.org/te/dictionary/english-telugu/translation
[4] English to Telugu Translation - Verified by 22 AI Models https://www.machinetranslation.com/translation/english-telugu
[5] FREE Telugu Typing | English to Telugu Translation ← తెలుగులో టైప్ https://www.easytelugutyping.com/
[6] telugu.indiatyping.com › english-to-teluguEnglish to Telugu Translation https://telugu.indiatyping.com/index.php/translation/english-to-telugu
[7] FREE Telugu to English Translation https://www.easyhindityping.com/telugu-to-english-translation
[8] Translate Telugu to English | Translate.com https://www.translate.com/telugu-english
[9] Text, Voice & PDF to Telugu - OpenL Translator https://openl.ai/translator/telugu
[10] English to Telugu Dictionary translation online https://dictionary.tamilcube.com/telugu-dictionary/
***
**(41:31)**
ఆనందిస్తారు. ఖచ్చితంగా అమ్మాయిలు చేస్తారు. మనం — ఎందుకంటే అమ్మాయిలు చాలా తెరిచిపోయారు. తెరిచిపోయారు. మనం — వారికి కూడా ఆ ఆనందం కావాలి — అబ్బాయిలు జీవితకాలం, ప్రపంచం గత 20, 100, 200 సంవత్సరాలుగా తీసుకుంటున్న ఆనందం. అవును కదా? అమ్మాయిలు అప్పుడు చాలా బంధించబడి ఉండేవారు. అమ్మాయిలు ఒత్తిడిలో ఉండేవారు. ఇప్పుడు ఆ ఒత్తిడి పోయింది. సమానులు అయ్యారు — మనం సమానమే కదా — కాబట్టి రాత్రికి అమ్మాయిలు తిరుగుతారు, ఆనందిస్తారు కూడా. దానిలో తప్పేమిటి? సరే. అబ్బాయిలు అంగీకరించనప్పుడు అమ్మాయిలు ఎందుకు అంగీకరిస్తారు? వారిలో కూడా ఒక పెద్ద స్పామ్ ఉంది. సరే. అవును. దానితో పాటు స్కామ్ కూడా ఉంది. స్పామ్ కూడా ఉంది —
**(42:01)**
స్కామ్ కూడా ఉంది. స్కామ్ ఎలా ఉంటుంది? తక్కువ వయసు ఉన్న అబ్బాయిలు, పేద ఇంటి నుంచి వచ్చినవారు, కానీ శరీరం చాలా బాగుంటుంది, లేదా ఏదైనా జిమ్కు వెళ్తారు, శరీరం తదితరాలు తయారు చేసుకుంటారు. అలాంటి స్కామర్లు — అంటే ఈ రకమైన మోసగాళ్లు — వారి లక్ష్యంగా మారతారు. సరే. వారి వివరాలు అక్కడి నుంచే వారికి దొరుకుతాయి — క్లబ్లో లేదా వారు వెళ్లే జిమ్లో — ఎందుకంటే అక్కడ నంబర్, మొబైల్ నంబర్, కార్ — ఇవన్నీ కనిపిస్తూనే ఉంటాయి. తర్వాత వారిని లక్ష్యంగా తీసుకుంటారు. వారికి కాల్ చేస్తారు — “ఏజ్డ్ లేడీస్ ఉన్నారు. వారి భర్తలు బయట ఉంటారు. వారికి మీ అవసరాలు —
**(42:40)**
శారీరక అవసరాలు ఉన్నాయి. మీరు వస్తే మేము మీకు ఇంత డబ్బు ఇస్తాము, అంత డబ్బు ఇస్తాము” అని. చాలామంది చిక్కుకుంటారు — పేదవాడు, శరీరం మంచిగా ఉంటుంది, “శృంగార ఆనందం వస్తుంది, డబ్బు కూడా వస్తుంది” అని అనిపిస్తుంది. మనం — ఆ పరిస్థితిలో చాలామంది చిక్కుకుంటారు. ఇప్పుడు ట్రాప్ అంటే ఏమిటి? మీకు ఫోన్ వచ్చింది. మీకు 10, 20 అమ్మాయిల, స్త్రీల ఫోటోలు పంపారు — వయస్సు 40, 50 ఉంటుంది. మనం — కానీ రూపంలో సరిగ్గా ఉంటారు. మీరు చిక్కవేయబడాలని ఉద్దేశపూర్వకంగా రూపంలో సరిగ్గా ఉంచారు. మనం — ఇప్పుడు మీరు చెబుతారు — “అయ్యో, నాకు 5,000 ఇస్తారు. 50,000 ఇస్తారు. సరే, మొత్తం కూడా ఇస్తారు. నేను —
**(43:18)**
ఆమె ఇంట్లో ఆనందిస్తాను, డబ్బు కూడా సంపాదిస్తాను.” కాబట్టి ఇక్కడ నైతిక విలువలు అసలు ఉండవు. అవును కదా? మీరు పేద ఇంటి నుంచి వస్తారు. మీరు చాలా త్వరగా ముందుకు సాగాలనుకుంటారు. మీరు చాలా డబ్బు సంపాదించాలనుకుంటారు. జిమ్కు వెళ్లే అబ్బాయి ఏం చేస్తాడు — ఉద్యోగం చేస్తాడు, ఏం సంపాదిస్తాడు? అవును సర్. ఎవరైనా 50,400 ఉద్యోగం చేస్తున్నాడు, ఒక రాత్రికి 500 వస్తే — అతనికి అనిపిస్తుంది — “అయ్యో, నాకు ఇది చాలా సులభమైన పని. నాకు ఆనందించే అవకాశం కూడా వస్తుంది.” ఇప్పుడు అక్కడ ఒకసారి చిక్కిపోయాక, మార్గాలు ఏర్పడతాయి — “మీ ఫోటో పంపండి. ఫోటో పంపండి. ఇది పంపండి, అది పంపండి. మేము మీకు ఇంత డబ్బు ఇస్తాము.” మీరు ఒక ఫోటో పంపినట్లయితే — వారు చెప్పారు — “మీ ఫోటో ఎంపిక చేయబడింది. మీ పాస్పోర్ట్ పంపండి. ఎందుకంటే మేము మిమ్మల్ని భారతదేశం వెలుపల కూడా పంపుతాము. దాని కోసం మేము మీకు రోజుకు ₹ [లక్ష] ఇస్తాము.”
**(43:51)**
ఇప్పుడు ఎంత బాగా చిక్కవేయబడుతున్నారో, అంత పెద్ద పెద్ద ట్రాప్లు ఎదురయిపోతున్నాయి. ఒకసారి చిక్కిపోయాక సరే. ఇప్పుడు మీరు సభ్యుడవ్వాలి. సభ్యత్వానికి ₹ [వేల] ఇవ్వండి. సరే — భద్రతా మొత్తం జమ చేయండి. మీరు 50 ఇచ్చారు. తర్వాత చెప్పారు — “లేదు, మిమ్మల్ని మేము ఇంటర్నేషనల్లో చేర్చాలనుకుంటున్నాము. దాని కోసం ₹ [లక్ష] ఇవ్వండి.” అంటే ఎవరిని ఎంత ఎక్కువ మూర్ఖులను చేసి దోచుకోగలరో, వారిని దోచుకుంటారు. కానీ నిజంగానే జిగోలోలు కూడా ఉన్నారు. జిగోలోలు అసలు లేరని కాదు. నా వేశ్యలు లేరని కాదు. బిల్కుల్ ఉన్నారు. నాకు గుర్తొస్తుంది — ఇది చాలా పాత విషయం. ఇది ఇటీవలిది కాదు. అప్పటి నుంచి నేను జిగోలోలను చూస్తూనే ఉన్నాను. కాబట్టి ఇప్పుడు ప్రజలు ఎక్కడి నుంచి ఎక్కడికి చేరి ఉంటారు. ఇది కనీసం 15 ఏళ్ల నాటి విషయం. ఒకరు — ఏదో తల్లిదండ్రులు నాకు చెప్పారు — “మా పిల్లడి గురించి కొంచెం చూడండి. పిల్లవాడు ఇటీవల బంగారు గొలుసు అలాంటివి చెబుతున్నాడు. అతను ఇప్పుడు ఒక బైక్ కూడా కొన్నాడు. నేను —
**(44:57)**
అతనికి అంత డబ్బు ఇవ్వలేదు. అతను చెబుతున్నాడు — “నేను స్నేహితుల నుంచి అప్పు తీసుకున్నాను” అని. ఉద్యోగం చేయడు. అయితే ఇంత అంతా అతని దగ్గర ఎక్కడి నుంచి వచ్చింది? రాత్రికి లేటుగా కూడా వస్తాడు. చాలాసార్లు, చాలాసార్లు అతను కేసుల్లో కూడా ఉంటాడు. కాబట్టి కొంచెం చూడండి — అతని స్నేహితులు తదితరులు ఎవరు? అతన్ని నిఘాలో ఉంచాము. పరిశీలనలో ఉంచాము — “భాయ్, ఈ పిల్లవాడు ఎక్కడ ఉంటాడో.” అతని వయస్సు దాదాపు 22, 23 చుట్టూ ఉంటుంది. యువకుడు. చూశాము — వారానికి ఒక ఫార్మ్హౌస్కు ఎక్కువగా వెళ్తున్నాడు. ఇక్కడ అతనికి ఏదో స్నేహితుడు ఉండాలి. నిఘా బృందం అతన్ని అక్కడ చూసేది, “అక్కడ ఎవరో —
**(45:35)**
పార్టీ చేస్తుంటారు” అని భావించేది. తర్వాత తిరిగి వచ్చేది. నెమ్మదిగా నేను చెప్పాను — “అయ్యో, ఇది ఎలా సాధ్యమవుతుంది? ఈతను ఈ ఫార్మ్హౌస్కు బారీబారీ వస్తున్నాడు. ఎప్పుడూ ఏ స్నేహితుడి వెంట రాలేదు. చాలాసార్లు ఉదయం కూడా అక్కడి నుంచి వెళ్లాడు. ఇతని ఇంటి నేపథ్యం అలా లేదు — అతనికి రాత్రంతా ఇక్కడ ఉంచే అంత మంచి ఫార్మ్హౌస్ స్నేహితుడు ఉండడు. ఇక్కడ మరేదో ఉంది.” తర్వాత అక్కడ ప్రజల జాబితా తయారు చేయడం ప్రారంభించాము. బయట కార్లు నిలబడి ఉన్న వారి నంబర్ల నుంచి, వారి చిరునామాల నుంచి — “ఈ ప్రజలు ఎవరు?” అందరూ యువకులే. ఎక్కువగా బైక్ ఉన్న అబ్బాయిలు. సరే. వారితో స్నేహం చేశారు. ఆ స్నేహితుల నుంచి —
**(46:07)**
స్నేహం చేస్తే తెలిసింది — వారు ఈ రకమైన సేవలు అందిస్తున్నారని. వారిని చెప్పారు — “అయ్యో, నాకు కూడా సేవ ఇవ్వాలి.” మేము మా ఒక దర్యాప్తుదారుడిని లోపలికి పంపాము. మనం — దర్యాప్తుదారుడు లోపలికి వెళ్లి ఆ ఫార్మ్హౌస్కు చేరుకున్నప్పుడు చూస్తున్నాడు — అక్కడ నిజంగానే ఏజ్డ్ లేడీస్ ఉన్నారు. మనం — ఏజ్డ్ లేడీస్ అక్కడ పానీపూరీతో అబ్బాయిలతో ఆనందిస్తున్నారు. అప్పుడు కూడా మేము చూశాము — బంగారు గొలుసు నిజంగానే ఒకరికి బహుమతిగా ఇచ్చారు. అబ్బాయి పుట్టినరోజు ఉంది. అతనికి బంగారు వస్తువు బహుమతిగా ఇచ్చారు. సరే. అది అంత ఖరీదైన బంగారం కాదు. కానీ దానికి ఖరీదు ఉంది కదా — అందుకే పని జరిగింది.
**(46:38)**
అప్పుడు మాకు అంతా అర్థమైంది — “ఇది జిగోలోల స్థలమే” అని. సరే. అక్కడ పూర్తి వీడియోలు తీశారు. సాక్ష్యాలు సేకరించారు. అక్కడ నమూనా చాలా భిన్నంగా ఉంది — లేదా యువకులు, లేదా లేడీస్ — ఇద్దరి మధ్య ఎలాంటి సరిపోయే లక్షణం లేదు. లేదా అబ్బాయిలు కూడా యువకులు, అమ్మాయిలు కూడా యువతులు — బాయ్ఫ్రెండ్, గర్ల్ఫ్రెండ్ వచ్చి ఆనందిస్తున్నారు — కానీ వారి నమూనా భిన్నంగా ఉంది. అవును కదా? అందరూ 40, 50 పైనే ఉన్నారు; ఇవందరూ 25, 26, 28 రకమైన అబ్బాయిలు. వారికి ఎలాంటి నమూనా లేదు. వారందరూ బహుశా అన్లింక్డ్. అప్పుడు మాకు అర్థమైంది — ఆ ప్రదేశం ప్రజల పూర్తి కథ నడిచింది. తర్వాత అతని తండ్రికి పూర్తి
**(47:13)**
నివేదికలు ఇచ్చారు — “ఇప్పుడు మీ కొడుకు ఉన్నాడు. నాకు అనిపించడం లేదు — అతను త్వరగా అంగీకరిస్తాడు. మీరు ఎక్కువ ఒత్తిడి తెస్తే ఇల్లు వదిలేస్తాడు. డబ్బు అతనిపై వస్తూనే ఉంది. ఇప్పుడు చూడండి — మీరు అతన్ని ఎలా నిర్వహిస్తారు? మేము కౌన్సెలింగ్ మాత్రమే చేయగలం. మీ కొడుకును అర్థం చేసుకోమని చెప్పగలం — ‘ఇది భవిష్యత్తు కాదు. ఇది భవిష్యత్తు కాదు. ఇక్కడ మీకు వ్యాధులు కూడా వచ్చే అవకాశం ఉంది — రెండు-నాలుగు — ఎందుకంటే అలాంటి పనుల్లోనే ఎచ్ఐవీ వచ్చే అవకాశాలు ఎక్కువగా ఉంటాయి.’” అవును సర్. కాబట్టి మీరు — ఈ చిన్న వయస్సులో త్వరగా ఎక్కువ డబ్బు — ఎంత ఎక్కువ డబ్బు భాయ్? మీరు సేవలు అందిస్తూనే ఉంటే, 50,000 తీసుకుంటూనే —
**(47:43)**
ఉంటే, పూర్తి వారంలో రెండు-మూడు సేవలు అందిస్తే — మీరు నెలకు ₹6 లక్షలు సంపాదించారు. కానీ ఎంతకాలం? వ్యాధులు రావు. ఎంతకాలం? మీరు వివాహం చేసుకోరా? ఎంతకాలం? కాబట్టి ఇది భవిష్యత్తు కాదు. పిల్లలు దీన్ని అర్థం చేసుకోవాలి. కానీ జీవితం ఉంది. సర్, ఏజ్డ్ అంటే — మీరు చెప్పినట్లు — స్త్రీల విషయం చాలా నడుస్తోంది. పెద్ద పెద్ద నగరాల్లో జోష్ పెరిగింది. కాబట్టి నేడు ఈ స్త్రీలు — కిట్టీ పార్టీలు చాలా చేస్తారు. అలాంటి ఏదైనా కేసు మీ ముందుకు వచ్చిందా — ఎవరైనా తన భార్యను పరిశీలించించారా — “అయ్యో, ఈమె చాలా పార్టీలకు వెళ్తోంది. కిట్టీ పార్టీలు చేస్తోంది. మీరు చూడండి — ఎక్కడికి వెళ్తోందో.” అలాంటి ఏదైనా
**(48:22)**
కేసు లేదా ఏదైనా వచ్చిందా? తరుణ్ గారు, చూడండి — ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్, పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసుల్లో స్పష్టంగా బయటకు వస్తుంది — దర్యాప్తు జరిగినప్పుడు. ఎందుకంటే డిటెక్టివ్ను నియమించుకునేవారు మంచి మొత్తం ఇస్తారు. అతను ఆ మొత్తాన్ని అప్పుడే ఇస్తాడు — అతని దగ్గర 40 నుంచి 60 శాతం సమాచారం ఉంటే — “ఏదో తప్పు ఉంది. కానీ నాకు సమయం లేదు, లేదా నేను అంత నైపుణ్యం కలిగి లేను — దాన్ని పట్టుకోలేను” అని. కాబట్టి ఒక గౌరవనీయుడు మా దగ్గరకు వచ్చారు. సరే. వారు చెబుతున్నారు — “అయ్యో, నా భార్య కిట్టీ పార్టీలకు వెళ్తోంది. నేను వారిని నిరాకరిస్తాను. కిట్టీల్లో ఏముంది? కొన్నిసార్లు ఏదో ఫైవ్-స్టార్ హోటల్లో కిట్టీ అంటారు —
**(48:57)**
అది జరుగుతోంది. కొన్నిసార్లు ఎవరో ఇంట్లో జరుగుతోంది. చాలాసార్లు వారు ఇది కూడా చెబుతారు — “అక్కడ రాత్రి ఉండాల్సి వస్తుంది” అని. కాబట్టి అలాంటి దర్యాప్తుల్లో చాలాసార్లు చూశారు — కిట్టీల లోపల ఇవన్నీ జరుగుతున్నాయి. కిట్టీ పార్టీ పేరుతో కిట్ నడుస్తోంది. కిట్టీ పార్టీల పేరుతో చాలాసార్లు ఏం జరుగుతుందంటే — ఆడవారు అంత తెలివైనవారయ్యారు — వారిలాగే 10 మంది బాయ్ఫ్రెండ్లు ఉన్నారు. 10 మంది లేడీస్ ఉన్నారు. 10 మందికీ వారి బాయ్ఫ్రెండ్లు ఉన్నారు. ఒక గ్రూప్ ఏర్పడింది. మనకు తెలుసు — “భాయ్, ఈరోజు మనం ఈమె ఇంట్లో కలుస్తాము. ఈమె భర్త భారతదేశం వెలుపల ఉన్నాడు. మీరందరూ మీ భర్తలకు చెప్పండి — ‘భాయ్,
**(49:31)**
మనం కిట్టీ పార్టీల్లో ఉన్నాము. సాయంత్రం ఆనందిస్తాము. లేటుగా వస్తాము లేదా ఉదయం వస్తాము’” అని. అక్కడ ఇవన్నీ జరుగుతున్నాయి. కాబట్టి ఈ దర్యాప్తుల్లో చాలాసార్లు పట్టుకున్నారు, చాలాసార్లు చూశారు. కాబట్టి నెమ్మదిగా — సమాజం అప్డేట్ అవుతున్న కొద్దీ — చాలా నైతిక విలువలు కూడా పడిపోతున్నాయి. మనం — పాశ్చాత్య సంస్కృతి వైపు మళ్లుతున్నాము. చూడండి — పాశ్చాత్య సంస్కృతిలో నేను — నేను పాశ్చాత్య సంస్కృతిని అలా భావించను. ఈ పాశ్చాత్య సంస్కృతి అలా లేదు — ఎవరైనా ఎవరి భార్యతో తిరుగుతున్నారు, ఎవరి భార్యతో కాదు — అలా లేదు. అక్కడ తెరిచి ఉంటుంది. అవును, మనం చెబుతాము — అక్కడ తెరిచి ఉంటుంది — “మీరు నన్ను ఇష్టపడతారు, వీరిని ఇష్టపడరు. నమస్కారం, నమస్కారం.”
**(50:01)**
ఇక్కడ దాచి అంతా చేస్తున్నారు. ఇక్కడ దాచి మోసం చేస్తున్నారు. మోసం ఇది. ఇది మోసం, మోసం. అనైతికం — అంటే మీరు ఏం చేస్తున్నా అంతా దాచి చేస్తున్నారు. పాశ్చాత్య సంస్కృతిలో అలా లేదు భాయ్. నేను ప్రపంచాన్నంతా తిరుగుతాను. అవును కదా? దర్యాప్తు సమయంలో మేము చూడని ప్రపంచ నగరం లేదు. అవును కదా? ఆ 36 ఏళ్ల దర్యాప్తు అనుభవం ఉంది. ప్రపంచవ్యాప్తంగా చూశారు — పాశ్చాత్యులలో ఒకరినొకరు ఎంత ప్రేమించే వ్యక్తులు కూడా ఉన్నారు. మన దేశంలో కూడా అలాంటివారు ఉన్నారు. కొందరిని వేళ్లపై లెక్కించగలం — అలాంటి
**(50:34)**
వ్యక్తులు కూడా ఉన్నారు. మీరు చూసినట్లే — తన భర్తను మోసం చేయడం, పెళ్లయిన వెంటనే తన భర్తను ఎక్కడో తోసేయడం, ఎవరైనా డ్రమ్లో వేయడం, ఎవరైనా తోసేయడం. ఎన్ని కేసులు? మనం — కనీసం 10 కేసులు, 20 కేసులు, 30 కేసులు. 150 కోట్ల జనాభాలో 30 కేసులు అయినా అంగీకరిస్తే — అయితే 30 కాదు, 15 కంటే ఎక్కువ కేసులు లేవు — కానీ 30 అయినా అంగీకరిస్తే, శాతం లెక్కిస్తే —
**(50:58)**
0.1 కూడా లేదు. మరియు ఇది కూడా మీడియా వల్లే బయటకు వస్తుంది. క్షమించండి — మీడియా ద్వారా హైప్ చేయబడింది. కాబట్టి మన సమాజం చాలా అద్భుతం. ప్రజలు చాలా అద్భుతం. ఒకరినొకరు ప్రేమించే కుటుంబాలు ఉన్నాయి. నైతిక విలువలు ఉన్నాయి. కానీ కొందరు ఎంపిక చేసిన వ్యక్తులు అలా ఉంటే — మీడియా దగ్గర ఏ మార్గం ఉంది? తమను స్పాట్లైట్లో ఉంచుకోవడానికి — ఆ కేసును రుద్దుతూనే ఉండండి, రుద్ది చూపిస్తూనే ఉండండి, కొనసాగించండి, తమ టీఆర్పీని పెంచుకుంటూనే ఉండండి. లేదంటే ఈ దేశంలో అలాంటిదేమీ లేదు. కాబట్టి సర్, ఇప్పుడు మీరు పేరు చెప్పేశారు — ఒక కేసు ఉంది — ఆ డ్రమ్ కేసు — తన భర్త మృతదేహాన్ని కోసి డ్రమ్లో వేసింది.
**(51:33)**
ముస్కాన్, సాహిల్ — బహుశా వారి పేర్లు. ఖచ్చితంగా. కాబట్టి సర్, వారిని ఇప్పుడు నేరస్థులుగా పరిగణించారు. ఆ కేసు గురించి మీ ఆలోచన ఏమిటి — మీరు చదివి ఉంటే — నేడు ఈ మానసికత ఎక్కడికి వెళ్తోంది? చూడండి, నా ఆలోచన ఇలా ఉంటుంది — సమాజం గురించి ప్రజలు వేరే విధంగా కూడా ఆలోచిస్తారు. మనం — కొందరు స్త్రీలు — మనం చాలా బలహీనం, భయపడేవారం, పరువు తీసేవారం. ప్రజలు చెబుతారు కదా — “స్త్రీలు సమానమయ్యారు. స్త్రీలు తమ హక్కుల కోసం గొంతు ఎత్తడం నేర్చుకున్నారు. స్త్రీలు పరువు తీసేవారు కాదు. భయపడేవారు కాదు.” కానీ ఈ రకమైన పనులు చేసేవారు — మీరు ఒక మంచి వ్యక్తితో వివాహం చేసుకున్నారు. చూడండి —
**(52:11)**
వివాహం చేసుకున్న వారి భర్తలు అద్భుతమైనవారే. మంచివారు. మీరు పూర్తి రికార్డు తీసుకుంటే చూస్తారు — వీరందరి భర్తలు చాలా అద్భుతమైనవారే. ప్రేమికులు డబ్బున్నవారు కాదు. అవును కదా? పేదవారు, దారిద్య్రులు, మత్తులో ఉండేవారు — అలాంటి వ్యక్తులు. అయితే వారి భర్తలు చాలా అద్భుతమైనవారు. వారిలో ఒకే లోపం — వారి భార్య కోసం సమయం బహుశా తక్కువ. అవును కదా? కాబట్టి అలాంటి స్త్రీలు — వివాహం తర్వాత తన ప్రేమికుడితో కలిసి తన భర్తను చంపేస్తారు — ఆ నిర్దోషి వ్యక్తిని చంపేస్తారు — అతనికి ఎలాంటి తప్పూ లేదు. మనం — అలాంటి స్త్రీని మనం ఏం అనాలి? అలాంటి స్త్రీలను మనం ఇలానే అంటాం — “వీరు చాలా
**(52:46)**
బలహీనం, భయపడేవారు.” ఎందుకంటే వీరు బలహీనం, భయపడేవారు కాకపోతే — తను ప్రేమించే వ్యక్తితో వివాహం జరగడం లేదని — తన తల్లిదండ్రులతో చెప్పగలదు — “మనం అతనితోనే వివాహం చేసుకోవాలి. మీరు వివాహం చేయకపోతే నాకు వివాహమే చేసుకోవడం లేదు” అని. కనీసం మీరు గొంతు ఎత్తలేదు. వివాహం జరిగిన తర్వాత తన ప్రేమికుడితో కలిసి ఆ హద్దు దాటేశారు — దాని కంటే ఎక్కువ అలాంటి వ్యక్తుల గురించి ఏం చెప్పాలి — ఎంత బలహీనం. అవును కదా? కాబట్టి సమాజంలో — నా నుంచి మీ వేదిక ద్వారా చెప్పాల్సింది — “మీకు ప్రేమ వస్తే, మీ ప్రేమ గురించి మాట్లాడటం నేర్చుకోండి. ప్రేమ పేరుతో భయం —
**(53:19)**
ప్రేమ చేయండి లేదా చేయకండి.” అవును కదా భాయ్ — ఎవరు చెప్పారు — “ప్రేమించండి, వివాహం జరగగానే మీ భర్తతో ప్రేమించడం ప్రారంభించండి” అని. కానీ మీకు ప్రేమ వచ్చి ఉంటే — ఎందుకంటే ప్రేమలో మీరు ప్రేమించే వ్యక్తి కులం భిన్నంగా ఉండవచ్చు, వయస్సు భిన్నంగా ఉండవచ్చు, ఆమెకు పిల్లలు ఉండవచ్చు, విడాకులు తీసుకుని ఉండవచ్చు, వితంతువు కావచ్చు, కులం భిన్నంగా ఉండవచ్చు — చాలా కారణాలు ఉండవచ్చు. ఇది ఇరువైపులా ఉంటుంది. అవును కదా? కాబట్టి అందులో గొంతు ఎత్తడం నేర్చుకోండి. “భాయ్, మీరు చెబుతారు — మనం పురుషులకు సమానమం. చాలా మంచి విషయం. మీరు పూర్తిగా పురుషులకు సమానం. పురుషులకు సమానం అయితే — గొంతు ఎత్తి చెప్పండి — ‘నేను ఈ వ్యక్తిని ప్రేమించాను. నేను అతనితోనే వివాహం చేసుకుంటాను.’” మనం —
**(53:50)**
“మీరు అతనితో వివాహం చేయకపోతే — మీ తల్లిదండ్రులు — తమ బలంతో — మిమ్మల్ని అంత అద్భుతంగా మార్చుకోండి — లేదా వివాహం చేసుకోండి, లేదా ప్రేమ — మనం — ఇది మూడు జీవితాలు సురక్షితంగా ఉండాలి — మూడు జీవితాలతో — వారి కుటుంబాల జీవితాలు — చూడండి — పని చేసినవారు వెళ్లిపోయారు. వారికి శిక్ష విధించబడింది. కానీ చేయనివారు కూడా వెళ్లిపోయారు. వారి కుటుంబం కూడా వెళ్లిపోయింది. ఆ అమ్మాయి వచ్చిన ఇంటి కుటుంబం కూడా వెళ్లిపోయింది. ఎందుకంటే ఆమె కుటుంబం సమాజంలో ఇబ్బందికి గురవుతుంది — జీవితకాలం ఉంటుంది కదా. అతనికి సోదరులు, సోదరీమణులు ఉంటే — వారి వివాహాల్లో సమస్యలు రావచ్చు. కాబట్టి ఇక్కడ ఎంతమంది దెబ్బతిన్నారు — ఒకే కారణంతో —
**(54:27)**
అమ్మాయి లేదా అబ్బాయి — ఎందుకంటే అమ్మాయిలే ప్రేమిస్తారని కాదు. అబ్బాయిలు కూడా ప్రేమిస్తారు. కానీ చాలాసార్లు వారు గొంతు ఎత్తలేరు. తల్లిదండ్రుల ఒత్తిడిలో తమకు నచ్చని అమ్మాయిని వివాహం చేసుకుంటారు. తర్వాత అదే భార్యకు లేదా విడాకులు ఇస్తారు, లేదా అంత ఒత్తిడి తెస్తారు — ఆమె విడాకులు తీసుకోవాలని — వేధిస్తారు. కాబట్టి ఇరువైపులా అలాంటి వ్యక్తులు ఉన్నారు. కాబట్టి నాకు అనిపిస్తుంది — ప్రేమ ఉంటే — గొంతు ఎత్తడం నేర్చుకోండి. సమస్యేమిటి? సరైనదే. చాలా సరైన మాట సర్. నేను అలాంటి ఎంతమంది స్త్రీలను చూస్తున్నాను. ఎంతమంది అమ్మాయిలను చూస్తున్నాను — వివాహం తర్వాత —
**(54:58)**
ఈనాటికీ మనం వారిని చూస్తే — “వారి గర్ల్ఫ్రెండ్ వివాహం జరిగింది” అని అనిపిస్తుంది. వారి భర్త ఎలా ఉన్నారని చెప్పారో, లేదా వారి స్వభావం ఎలా ఉందని చెప్పారో, లేదా వివాహానికి ముందు వారి స్వభావం కనిపిస్తుండేది — ఆ వివాహం కనిపించడం లేదు. “నేను భావిస్తున్నాను సర్ — 90 శాతం లేదా 80 శాతం ఏర్పాటు చేసిన వివాహాల్లో ఇది తర్వాత వారి మనసులో వస్తుందేమో.” “బిల్కుల్ వస్తుంది. నాకు అనిపిస్తుంది — చూడండి, ఇందులో ఎవరికీ విభేదం లేదు — ఇద్దరు వ్యక్తులు ఒకేలా ఉండలేరు. అవును కదా? మరియు అతిపెద్ద విషయం — ఎంత పెద్ద వ్యత్యాసం ఉంది. ఒకరు పురుషుడు, ఒకరు స్త్రీ. ఇద్దరి డిమాండ్, ఇద్దరి ఆలోచన, ఇద్దరి పద్ధతి, ఇద్దరి చదువు, ఇద్దరి కుటుంబం —
**(55:32)**
అన్నీ భిన్నంగా ఉన్నాయి. తర్వాత వారు ఒక గదిలోకి వచ్చి, ఒకే పైకప్పు కింద ఒకటయ్యారు. ఇప్పుడు ఒకటయ్యాక వారి ప్రతిదీ ఒకటవ్వాలా? ఇది ఎలా సాధ్యమవుతుంది? కాబట్టి ఆ పరిస్థితి నుంచి ఒకే మార్గం ఉంది కదా. సర్దుబాటు. అవును కదా? మీరు ఎలా సర్దుకుంటారు — అదే మీ లోపలి మానవత్వం. అదే మీ నైతిక విలువలు. “భాయ్, మనం స్నేహితులమవుతాము. సరే కదా? స్నేహితులమయ్యాము. బాగుండదు. మేము చేతులు జోడించి క్షమాపణ అడిగాము, అతని నుంచి విడిపోయాము.” ఇక్కడ మాత్రం భాయ్ — మీరు మొత్తం ప్రపంచం ముందు పెళ్లి చేసుకుని, లక్షల-కోట్లు ఖర్చు చేసి — జీవితకాలం జీవించాల్సిన వ్యక్తిని తీసుకువచ్చారు. తర్వాత అక్కడ —
**(56:06)**
మీకు అనిపిస్తుంది — “అయ్యో, ఈ వ్యక్తి అలా లేడు.” “అలా లేడు అయితే — మిమ్మల్ని మీరే మార్చుకోండి. వారిని మార్చలేరు. ముందు మిమ్మల్ని మీరే మార్చుకోండి.” చూడండి — చెప్పడానికి ఇవి చాలా మంచి మాటలే. కానీ నాకు అనిపిస్తుంది — సమాజంలో మనం ఆలోచించినట్లుగా చేయం. అవును కదా? మాకు ప్రతిదీ మంచిది — “భాయ్, మనలో మానవత్వం ఉండాలి. అబద్ధం చెప్పకూడదు. ఈ పని చేయకూడదు.” కానీ మనం నిజంగానే అలా చేస్తామా? చేయం. నేను చాలాసార్లు, చాలా ఛానళ్లలో ఒక విషయాన్ని చాలా బాగా చెబుతాను. అది జోక్లోనే ఉంది. అవును. “మాకు తెలుసు — మనం రోడ్డుపై వెళ్తున్నాము —
**(56:40)**
ముందు రెడ్ లైట్ ఉంది. మనం సులభంగా దూకేస్తాము. మనం — మన నైతిక విలువలను అంత వరకు కూడా మార్చుకోలేం. అవును కదా? ఎవరైనా గ్రీన్పై వెళ్తున్నారంటే — వారి కారు ఆపిస్తారు, వారికి రెండు తిట్టులు కూడా వినిపిస్తాయి. కారు నడిపేవాడు బీదవాడు — అతను ఎలాంటి తప్పూ చేయడం లేదు. స్కూటర్ వ్యక్తి రెడ్ లైట్ నుంచి వెళ్తున్నాడు. కారు వైట్గా ఉంది, పెద్ద వాహనం — అందుకే అతని తప్పు. ఇక్కడ ప్రజల దగ్గర నైతిక విలువలు ఎక్కడ ఉన్నాయి? బిల్కుల్ లేవు. ప్రజలు ఇలా ఆలోచించాలి — “దేశం మిమ్మల్ని మాత్రమే నిర్మిస్తుంది. సమాజం మిమ్మల్ని మాత్రమే నిర్మిస్తుంది. మీరే తప్పు. మీ ఆలోచన తప్పు.” “సర్, అమ్మాయిలు తప్పు.” — దీనికి ఒకే సమస్య చెప్పారు కదా —
**(57:14)**
దాని కారణం — జనాభా. “భాయ్, అమ్మాయిలు తప్పు. అమ్మాయిలు తప్పు కాదు. అమ్మాయిలతో పాటు అబ్బాయిలు కూడా తప్పు. అమ్మాయిలు ఒకేసారి ఎలా తప్పు అవుతారు? మనం — అమ్మాయి ఎవరో ఒకరితో ఉంది కదా. అతను కూడా అంతే తప్పు కదా.” అవును కదా? కాబట్టి అమ్మాయి, అబ్బాయి ఇద్దరూ తప్పే. కాబట్టి సర్, ఇప్పుడు కొంచెం సెలబ్రిటీల వైపు వస్తాము. వారికి ఒక ప్రత్యేక ప్రపంచం నడుస్తోంది. వారి కేసులు అలాగే ఉంటాయి — మీడియాలో వస్తాయి, మిగతా ప్రజలకు కూడా ఆసక్తి ఉంటుంది — “అయ్యో, ఇది ఎలా జరిగింది?” కాబట్టి అలాంటి ఒక చాలా పెద్ద కేసు — సుశాంత్ సింగ్ రాజ్పుత్ గారిది, వారి మొదటి మేనేజర్ —
**(57:44)**
దిశా సాలియన్. సాలన్ — “సుశాంత్ సింగ్ కేసు సరే, పరిష్కరించబడింది. కానీ అది వారి ఆలోచనే” అని చెబుతారు. నా ప్రకారం అలా వచ్చింది. కానీ దిశా సాలియన్ — కొంత సమయం క్రితం ఆమె కూడా చేసింది. ఇప్పుడు అదే కేసు — సీబీఐ చెప్పింది — “మళ్లీ తెరవాలి లేదా ఎఫ్ఐఆర్ నమోదు చేయాలి” అని — అలాంటిదే ఉంది కదా. మనం — “సర్, మీరు దీనిపై చాలా పరిశోధన చేశారు — సుశాంత్ కేసుపై — వీరి మధ్య ఏమి సంబంధం ఉంది, నిజం ఏమిటో ఈరోజు పూర్తి ప్రజలకు చెప్పండి.” [లోతుగా శ్వాస తీసే శబ్దం] [హఠాత్తుగా బలంగా శ్వాస తీసే శబ్దం] “చూడండి తరుణ్ — సుశాంత్ మరణించినప్పుడు కరోనా —
**(58:20)**
తన శిఖరాన ఉంది. అవును కదా? నాకు పరిశ్రమ నుంచి అభ్యర్థన వచ్చింది — “మీరు దీనిపై దర్యాప్తు చేయండి” అని. కనీసం జూన్ 14న ఆయన మరణించారు. జూన్ 13న నా పుట్టినరోజు. సరే. జూన్ 13న — నాకు గుర్తున్నంతవరకు — బహుశా ఆదివారం. మనం — జూన్ 14న లేదా జూన్ 13న ఆదివారం. మనం — ఇది బహుశా 2020 చుట్టూ ఉన్న విషయం. 2020 — అవును. ఎక్కడో జ్ఞాపకంలో ఉంది — ఎందుకంటే ఆరు సంవత్సరాలు గడిచాయి. ప్రతిదీ ఖచ్చితంగా గుర్తుండదు. కాబట్టి నాకు అభ్యర్థన వచ్చినప్పుడు — మీరు నా ఫేస్బుక్ హ్యాండిల్కు వెళ్తే — మనం — జూన్ 14, 2020 — ఆ రోజు ఇది నడుస్తోంది — వివరాలు చెప్పారు — మీడియాలో — “సుశాంత్ ఇలా చేసుకున్నాడు” అని —
**(59:02)**
అప్పుడు ఇదే విషయం నడుస్తోంది. ప్రజలు కరోనాలో ఇళ్లలో కూర్చుని ఉన్నారు. ఇంటి నుంచి బయటకు వెళ్లడం లేదు. అవును కదా? ఎవరికి ఎలా వచ్చిందో — ఆలోచన దాని ప్రకారం మాట్లాడుతున్నారు. షాకింగ్. అది షాకింగ్ — అందరికీ, వారి అభిమానులకు కూడా. మనం — ఈ కేసు నా దగ్గరకు వచ్చినప్పుడు — నేను చాలా నిరాకరించాను — “లేదు భాయ్, అంత కరోనాలో వెళ్లలేం.” తర్వాత — మూడు నెలల తర్వాత లేదా రెండు నెలల తర్వాత — నాకు అనిపించింది — “వెళ్లాలి.” ఒక కేసు మీడియాలో చాలా ముందుకు వెళ్లింది. మీడియాలో ఇద్దరు — మనం — ఒకరు చెబుతున్నారు — “అవును” అని; మరొకరు చెబుతున్నారు — మనం — నేను అక్కడికి వెళ్లాను. దర్యాప్తు — మధ్యాహ్న సమయం —
**(59:43)**
ఉదయం అయింది. ముందు పార్క్ ఉంది — జాగింగ్ పార్క్ — నేరుగా వారి ఇంటి ముందే ఉంది. కరోనా సమయం — “అన్నీ మూసివేయబడ్డాయి. వాహనాలు ఎక్కువగా కనిపించడం లేదు.” మనం — “అతిపెద్ద విషయం — వారి ఇల్లు — ఆ ఇంటి నుంచి కొంచెం ముందుకు వెళ్తే — సీ ఉంది — సముద్రం ఉంది. అవును — అక్కడ మార్గం ముగుస్తుంది. మనం — వచ్చే ఏ వాహనమైనా వెళ్లి తిరిగి వస్తుంది.” సరే — ఎందుకంటే దాని ఆవల వెళ్లదు. అవును. వారి ఇల్లు సముద్రానికి ఐదు లేదా ఆరు ఇళ్ల ముందు ఉంది — ఎక్కువగా నాకు గుర్తుస్తోంది. మనం — ఆ పరిస్థితులన్నీ చూసిన తర్వాత — సీసీటీవీలు అమర్చబడి ఉన్నాయి. వెయ్యి నుంచి రెండు వేల గజాల స్థలం ఉంది. మనం — కోఠీలు ఉన్నాయి.
**(1:00:21)**
ముందు — “వీరు తీసుకున్నారు” అని. వెనుక భూస్వాములు ఉంటారు. పక్కన — “నిర్మించిన కోఠీలకు భూస్వాములు ఉన్నారు” అని. పెద్ద పెద్ద టీవీలు — ఆ సీసీటీవీలు అమర్చబడి ఉన్నాయి — ఎందుకంటే ఈరోజు దర్యాప్తులో సీసీటీవీ తనలో తానే చాలా పెద్ద సాధనం. అవును సర్. సీసీటీవీ, పాన్ రిపోర్ట్ వివరాలు, సీడీఆర్ — ఇవి తమలో తామే చాలా పెద్ద సాధనాలు. 30 ఏళ్ల క్రితం సాధనాలు లేవు. కానీ ఈరోజు సాధనాలు ఉన్నాయే. మనం — అంత సీసీటీవీలను నేను చూశాను. అంతా చూశాను. విషయాలు అర్థం చేసుకున్నాను. అప్పుడు నేను ప్రతి ఛానల్కు ఇచ్చిన ప్రకటనలు — నేను చెప్పాను — “ఇది నాకు ప్రతి విధంగానూ అలాగే అనిపిస్తోంది. నాకు —
**(1:00:52)**
ఇందులో ఎక్కడా కనిపించడం లేదు.” చివరికి ఈరోజు సీబీఐ కూడా చెప్పింది — “ఇదే” అని. అప్పుడు ప్రభుత్వం — ఉద్ధవ్దే — ఉంది. మనం — “ఉద్ధవ్ ప్రభుత్వం లేదా పోలీసులు మంచి పని చేయలేదు” అని భావించవచ్చు. వారు కూడా చెప్పారు. దాని తర్వాత సీబీఐ కేంద్రం నుంచి వచ్చింది. అవును కదా? కేంద్రం నుంచి వచ్చింది — కేంద్రంలో బీజేపీ ఉంది. మనం — “ఇది కూడా అనలేం — ఎవరైనా మంచి పని చేయలేదని. పోలీసులు తమ పనిని మంచిగా చేశారు. కానీ అభిమానులు అభిమానులే. అభిమానులు చెబుతారు — ‘బిల్కుల్ భాయ్ — ఒక వ్యక్తి అంత యువకుడు — తన చేతిలో పట్టుకుని…’” కానీ దిశా సాలియన్లో నాకు అనిపిస్తుంది —
**(1:01:27)**
ఈరోజు అప్పుడే కూడా నేను చెప్పాను — “జూన్ 8 చుట్టూ ఆమె మరణించింది — బహుశా. మనం — జూన్ 13, 14 చుట్టూ వీరిది జరిగింది. జూన్ 8న జరిగింది. జూన్ 4న తిషా సాలన్ తన తల్లిదండ్రులకు ఒక లేఖ చూపించింది — ‘నాకు ఒక యాడ్ ఏజెన్సీలో పని దొరికింది’ అని. చాలా సంపన్నం, చాలా సంతోషంగా ఉంది. సంతోషంగా ఉంది. మనం — కుటుంబం ఈ ప్రశ్నను ఎత్తింది — “అంత సంతోషంగా ఉన్న వ్యక్తి నాలుగు రోజుల తర్వాత ఎందుకు ఆత్మహత్య చేసుకుంటారు?” ఇక్కడ మరో విషయం — చూడండి — మనస్తత్వం మాట వస్తే — రెండు నిమిషాల్లో మీ మనస్తత్వం మారవచ్చు. ఏదైనా కారణంతో ఏడవవచ్చు. “నేను చాలా సంతోషంగా ఉన్నాను. కానీ నా సంతోషం వెనుక ఏ దుఃఖం లేదు” — అలాంటి హామీ లేదు.
**(1:02:14)**
“సర్, ఆమె బహుశా బాల్కనీ నుంచి దూకి చేసుకుంది — అలాంటిదే ఉంది కదా?” “చూడండి — బాల్కనీ నుంచి దూకి చేసుకుందా, లేదా పడిందా? ఇది తనలో తానే అనుమానాస్పదం. అది 12వ అంతస్తు. సరే. 12వ అంతస్తు. సరే. రాత్రి సమయం. పార్టీ నడుస్తోంది. పార్టీకి చాలామంది వచ్చారు. పరిచయస్తులు అక్కడ వచ్చారు. అందులో — చెప్పారు — వారి కొడుకులు కూడా ఉన్నారు. ఇప్పుడు ఆ పరిస్థితిలో మీరు మద్యం తాగుతున్నారు. మద్యం తాగడంతో పాటు — అలాంటి పార్టీల్లో నేను విన్నాను, చూశాను కూడా — అక్కడ మాదకద్రవ్యాలు కూడా వాడబడతాయి.
**(1:02:44)**
సరే. ఎవరైనా మాదకద్రవ్యాలు, మద్యం రెండూ వాడితే — అది మారణకర కలయికగా మారుతుంది. మనం — “మీకు తెలుసు — నేను రెండు ప్యాక్లు తాగుతాను — నాకు ఎంత మత్తు వస్తుంది? మీకు తెలుసు — నేను నాలుగు ప్యాక్లు తాగుతాను — ఎంత మత్తు వస్తుంది? మీకు తెలుసు — నేను బ్యాగ్ వాడను. నేను మాదకద్రవ్యాలు వాడతాను. ఏదైనా మాదకద్రవ్యం తీసుకుంటాను. అప్పుడు నాకు — ఈ వ్యక్తికి తెలుసు. ఒక వ్యక్తికి తెలియదు అని కాదు — ఎంత మాదకద్రవ్యాలు తీసుకుంటే అతని మరణం జరుగుతుందో. అందరికీ తెలుసు. కానీ మీరు మాదకద్రవ్యాలతో పాటు మద్యం తాగితే, లేదా మద్యంతో పాటు మాదకద్రవ్యాలు తీసుకుంటే — అప్పుడు మీకు ఈ కలయిక మారణకరమని —
**(1:03:13)**
అర్థం కాదు — నాతో ఏం జరగవచ్చో. మనం — నేను ఆ సమయంలో ఇదే చెప్పాను — “బహుశా దిశా సాలియన్ — ‘డ్రింక్’ తీసుకున్నప్పుడు — మద్యంలో ఎవరైనా కొన్ని చుక్కలు వేసి ఉండవచ్చు — మాదకద్రవ్యాలవి. లేదా ఆమె మాదకద్రవ్యాలు తీసుకుంది — దానితో ఆమెకు ఇచ్చిన మద్యంలో ఏదైనా అలాంటి మారణకర కలయిక తయారు చేయబడి ఉండవచ్చు — దాని వల్ల ఆమె మానసిక స్థిరత్వాన్ని కోల్పోయి ఉండవచ్చు.” ఇప్పుడు ఏం జరుగుతుంది — “మీరు 12వ అంతస్తు సముద్రంపై — కిటికీపై కూర్చుని ఉన్నారు. మనం — ఎత్తు పెరిగే కొద్దీ గాలి చల్లగా అనిపిస్తుంది. అవును కదా? జూన్ నెల. సాయంత్ర సమయం. గాలి వేడిగా ఉండాలి. వారికి గాలి వస్తోంది —
**(1:03:52)**
ఆమె మద్యం తాగి కూర్చుని ఉంది. స్పృహ తెలియక పడిపోవచ్చు. మనం — లేదా ఉద్దేశపూర్వకంగా చేసి ఉండవచ్చు. ఎందుకంటే ఆ సమయంలో నేను విన్నది — ఆమె 100 నంబర్కు కూడా కాల్ చేసింది. ఆ 100 నంబర్కు పూర్తి కాల్ జరగలేదు. ఫోన్ కట్ అయింది. సరే. దాని ముందు ఆమె తన ఏదో స్నేహితుడితో చాలా సేపు మాట్లాడింది. మనం — ఆ మాట ఈనాటికీ అర్థం కాలేదు — ఎవరికీ — “ఆ మాట ఖచ్చితంగా ఏం జరిగింది? ఏ విషయంపై జరిగింది?” మనం — ఇవన్నీ జరుగుతున్నప్పుడు — “100 నంబర్కు చేసిన కాల్ పొరపాటుగా 100 నంబర్కే వెళ్లిందా? లేదా ఆ గదిలో ఏదో జరిగిందా — దాని వల్ల ఆమె 100 —
**(1:04:26)**
నంబర్కు కాల్ చేయాల్సి వచ్చిందా?” అవును. మరియు — 100 నంబర్కు కాల్ చేస్తుండగా చేతి నుంచి ఫోన్ లాక్కున్నారో, ఆపేశారో — బహుశా ఆమెను అంత స్పృహ తెలియని స్థితిలోకి తీసుకుని తోసేశారో. మనం — అలాంటి చాలా ప్రశ్నలు తలెత్తుతాయి. ప్రైవేట్ డిటెక్టివ్గా — వాస్తవాలు లేకుండా నిర్ణయం ఇవ్వడం మాకు చాలా కష్టం. అవకాశాలు మాత్రమే చెప్పగలం — “అవును, ఇది జరగవచ్చు.” కాబట్టి నాకు అనిపిస్తుంది — “ఇది దిశా సాలియన్ హత్య కావచ్చు.” సుశాంత్లో నాకు అలా కనిపించలేదు — ఎందుకంటే అక్కడ అతని స్నేహితులు ఉన్నారు. అతనికి అంతా ఉంది. అతని పనిమనుషులు కూడా ఉన్నారు —
**(1:05:03)**
ఇక్కడ దిశా సాలియన్ గదిలో ఆ వ్యక్తులు ఉన్నారు — ఒక వ్యక్తి కూడా “ఎవరూ ఏమీ అనరు” అని నిర్ణయిస్తే — ఎవరూ ఏమీ అనరు. అవును కదా? మనం — “ఇప్పుడు అతని పేరు చెప్పకపోవడమే మంచిది. కానీ అక్కడ అంత పెద్ద వ్యక్తులు ఉన్నారు — వారిలో ఒకరిద్దరు ‘ఈ గదిలో జరిగినది ఈ గదిలోనే ఉండిపోతుంది. ఎవరూ ఏమీ అనరు’ అని చెప్పి ఉంటారు. ఎందుకంటే ఆ గది వీడియోలు ఎప్పుడూ బయటకు రాలేదు. అవును కదా? ఆ గది లోపలి వీడియోలు ఎప్పుడూ రాలేదు. వచ్చినా — ఒకటిరెండు వీడియోలు వచ్చినా — అవి పోలీసుల నియంత్రణలో ఉంటాయి. ఆ పోలీసు నియంత్రణ మీకు తెలుసు కదా — బాంబేది. ఆ సమయంలో నియంత్రణలో ఉండి ఉంటాయి. అప్పుడు —
**(1:05:37)**
నియంత్రణలో ఉంచారా, తొలగించారా, ఎడిట్ చేశారా — దీని గురించి ఏమీ తెలియదు. కానీ ఈరోజు — అతని తండ్రి చెప్పిన మాటతో ఎఫ్ఐఆర్ నమోదవుతుంటే — ఈరోజు నాకు అనిపిస్తుంది — మొత్తం విషయం రాజకీయాలతో నిండిపోయింది. ఎందుకంటే ఆరు సంవత్సరాల తర్వాత మీరు ఇప్పుడు ఏ సాక్ష్యాలు ఇస్తున్నారు — ఇప్పటివరకూ మీడియా ముందు రానివి? “జీ, మీరు ఒక పెన్డ్రైవ్ ఇచ్చారు. ఇప్పుడు ఆ పెన్డ్రైవ్లో ఏముంది? అతని తండ్రి కూడా చెప్పగలరు కదా.” అవును కదా? కాబట్టి ఈరోజు ఒత్తిడి వచ్చింది — ప్రభుత్వం వేరేదో — “భాయ్, ఎఫ్ఐఆర్ నమోదవ్వాలి” అని. పోలీసుకు ఏ ధైర్యం — ఎఫ్ఐఆర్ నమోదు చేయకూడదని. ఎఫ్ఐఆర్ నమోదైంది. ఎఫ్ఐఆర్ నమోదై —
**(1:06:12)**
దానిలో పేర్లు వచ్చాయి. పేర్లు వచ్చాక రాజకీయాల్లో ఒత్తిడి పెరగడం ప్రారంభమవుతుంది — “ముందు నువ్వు ఏం చేయాలి? లేదంటే మనం ఇది చేద్దాం.” అంటే నాకు ఇప్పుడు అనిపిస్తుంది — ఇది రాజకీయాలతో నిండిన ఒక ఆట. ఎందుకంటే ఆ సమయంలో ఎఫ్ఐఆర్ నమోదై ఉంటే — ఎందుకంటే ఆ సమయంలో అంగీకరించబడింది. మనం — తరుణ్ గారు, మన దేశంలో చూసి ఉంటారు — చాలా సెలబ్రిటీలు ఉన్నారు, వారు చేసారు. అవును కదా? ఆశ్చర్యకరమైన విషయం ఏమిటంటే — ఇందులో ఈనాటికీ ఎవరికీ శిక్ష కూడా విధించలేదు. మనం — అన్ని కేసులనూ — [ముక్కుతో చేసే శబ్దం] — “ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ”గా అంగీకరించారు. సరే కదా? “ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ” —
**(1:06:46)**
“మీరు మీ ఇష్టంతోనే చేసుకున్నారు కదా.” అవును, అవును కదా? “మీరు సమాజం గురించి మాట్లాడతారు — మీ ఇష్టంతో చేసుకున్నారు. ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ — మీరు ఎవరైనా ఒకరి వల్ల చేసుకున్నారు. ఎవరైనా ఒకరి వల్ల చేసుకున్నట్లయితే — వారికి శిక్ష విధించాలి — ‘భాయ్, మీ ఒత్తిడిలోకి వచ్చి మనం — లోపల ఏం వాడతారు? ఆయుధాలు వాడతారు. మనం — మీరు రివాల్వర్ తీసుకున్నా లేదా, ఏదైనా ఆయుధం తీసుకున్నా లేదా, ఏదైనా మాదకద్రవ్యం తీసుకున్నా లేదా, ఏదైనా మత్తు తీసుకున్నా లేదా, ఏదైనా విషం తీసుకున్నా లేదా — ఏదైనా తీసుకున్నా. ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణలో ఏముంది? మనం — ఎవరైనా ఒకరిపై ఒత్తిడి తెచ్చడం. సరే. ఎవరైనా ఒకరి భావాలతో ఆడడం, ఎవరైనా ఒకరికి అబద్ధ వాగ్దానాలు చేసి —
**(1:07:24)**
వారికి ఒక సర్ — కలలు చూపడం — “నేను నీతో వివాహం చేసుకుంటాను, నీతో ఇది చేస్తాను, నీ కోసం ఇది చేస్తాను, నీ కోసం అది చేస్తాను.” సరే. అన్ని ఒత్తిడులతో పాటు — తర్వాత ఒక రోజు వారి నుంచి ముఖం మళ్లించడం — “భాయ్, నేను నీతో వివాహం చేసుకోలేను. మనం — నేను నిన్ను ప్రేమించను. నేను వేరే ఎవరో ఒకరిని ప్రేమిస్తున్నాను.” అప్పుడు ఎదురుగా ఉన్నవారు బాధపడతారు. సరే — మీరు వారి భావాలతో ఆడారు — మరియు తగినంత ఆడారు — వారి భావాలతో, వారి శరీరంతో, వారి డబ్బుతో — ప్రతిదానితో ఆడారు. మీరు ఆడిపోయాక — మీకు అనిపించింది — “ఇప్పుడు అతని దగ్గర డబ్బు లేదు, జీవితం కూడా అతనితో బాగా గడిచింది” అని — మీరు వేరే ఎవరో ఒకరి వైపు మళ్లారు. కాబట్టి ఇది మోసమే కదా. అవును కదా?
**(1:08:03)**
ఇప్పుడు ఇక్కడ ఎదురుగా ఉన్నవారు తమను మోసగించబడినట్లు భావిస్తారు — “నాతో ఇది ఏం జరిగింది? నేను ఈ వ్యక్తిపై పూర్తి డబ్బు ఖర్చు చేస్తున్నాను. అతన్ని ప్రేమిస్తున్నాను. అతని కోసం — అంటే — ఎప్పుడూ ఎవరి గురించీ ఆలోచించలేదు. నా కెరీర్ గురించి కాదు, డబ్బు గురించి కాదు, ఆరోగ్యం గురించి కాదు, గౌరవం గురించి కాదు. ఈరోజు అతను నన్ను ఒక వైపు నిలబెట్టేశాడు. మోసగించబడినట్లు అనిపించింది.” అవును కదా? అవును. అక్కడ వారు అతనికి చెబుతారు — “ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ కేసు.” ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణలో ఏదైనా వాడబడలేదు. మనం — “మీరు కోర్టును ఎలా ఒప్పిస్తారు — ‘A’ చేసింది ‘B’ వల్లనే — ఎందుకంటే ‘B’ అతని ఆర్థిక వనరులను, డబ్బును దోచేశాడు. ‘B’ అతనితో —
**(1:08:39)**
శారీరకంగా ఆనందించాడు. ‘B’ అతని గౌరవంతో ఆడాడు. మీరు దీన్ని కోర్టులో ఎలా రుజువు చేస్తారు? చేయలేరు.” ప్రత్యూష కేసులో జరిగినట్లే — ఇప్పుడు చెబుతారు — ఆమె స్నేహితులందరినీ — మనం — వారిని ఇప్పుడు విడుదల చేశారు. కాబట్టి మన దేశంలో అలాంటి ఎంతమంది సెలబ్రిటీలు ఉన్నారు — వారు చేసారు, వారందరూ ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ కేసులే. అవును కదా? “ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణలో శిక్ష విధించలేం” — ఎందుకంటే చట్టం అంత అప్డేట్ కాలేదు. అంత నైపుణ్యం లేదు — “A” చేసింది “B” వల్లనే — ఆ సాక్ష్యాలను — సాక్ష్యాల శ్రేణి, ఘనమైన సాక్ష్యాలతో — ఘనంగా కోర్టు ముందు ఉంచగలరు. “సర్, విదేశీ దేశాల్లో అలా ఉందా? దీనిపై ఏదైనా నియమం ఉందా?”
**(1:09:24)**
“ఇందులో నియమం ఉంది. బయట — బయట — ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణపై శిక్షలు విధించబడతాయి — ఎందుకంటే అక్కడ ఫోరెన్సిక్ నిపుణులు చాలా అద్భుతంగా ఉంటారు. అక్కడ నైపుణ్యం ఉంది. మన దేశంలో పోలీసులు దర్యాప్తు చేస్తున్నారు — ఒక కేసు నడుస్తుండగానే — అంతలోనే రెండో కేసు వారి దగ్గరకు వస్తుంది. కాబట్టి వారు ఎప్పుడూ దానిపై కేంద్రీకృత పని చేయరు. మరియు ఈరోజు ఉన్నన్ని కేసుల్లో — మొబైల్ వివరాలు, మనం — మీ బ్యాంక్ వివరాలు, చుట్టుపక్కల స్నేహితులు, వారి పరిస్థితి — ఇవన్నీ అంత ఘనమైన సాక్ష్యాల్లోకి చేర్చవచ్చు. కానీ పోలీసులు ‘ఉరితీయబడింది’ అని ముగించేశారు — దాని ఆవల ఆలోచించలేకపోతున్నారు — ‘భాయ్, ఇది ఉరితీయబడింది —
**(1:10:02)**
దీనికి ఏదైనా వైద్య సమస్య ఉందా? లేదా ఇలా ఎవరైనా అప్పు తీసుకున్నారా?’ మనం — ‘దాని ఆవల ఎందుకు ఆలోచించకూడదు. కనిపిస్తుంది — అవును, ఇది ఉరితీయబడింది — లోపల లాక్ వేయబడింది.’ దీనిపై భావాల ఆయుధం చేసిన దాడులను రుజువు చేయాలి. స్నేహితులు — పోలీసులు ఇక్కడ అంత నైపుణ్యం కలిగి లేరు. ఒకరిని ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ కేసులోకి తీసుకోకుండా — కేవలం ఒక సరళమైన విషయాన్ని చెబుతారు — దాని వల్ల జరిగిన వ్యక్తులు తప్పించుకుంటారు. ఇది మన దేశ లోపం. దీనిపై మన దేశ చట్ట వ్యవస్థ చాలా అప్డేట్ కావాలి. న్యాయవ్యవస్థ అర్థం చేసుకోవాలి. పోలీసులు దీనిపై పని —
**(1:10:40)**
చేయాలి. ఎందుకంటే సాక్ష్యాలను తెచ్చి ఉంచేది పోలీసులే. కోర్టులో సాక్ష్యాలు రాకపోతే — కోహ్లీ తప్పించుకున్నట్లే — ప్రపంచం తప్పించుకుంటుంది. నిఠారీలో జరగలేదా? తప్పించుకున్నాడు. ఆరుషి హత్యకు ఎవరికి శిక్ష విధించబడుతోంది? “సుశాంత్కు ఆత్మహత్యకు ప్రేరేపణ కేసు జరగవచ్చా?” అని చెబుతారు. ఎవరికి శిక్ష విధించబడుతోంది? “దిశా సాలన్ వెనుక ఏదైనా ప్రేరేపణ ఉందా?” ఎవరికి జరుగుతోంది? జియా ఖాన్, సూరజ్ పాంచోలీ — ఎవరికి శిక్ష విధించబడుతోంది? అంతమంది ఉన్నారు. చాలామంది ఉన్నారు. కాబట్టి ఒకరికి శిక్ష రాకపోవడానికి — దీని వెనుక ఏదైనా లోతైన కారణం ఉండాలి. అవును సర్. గ్రేట్. “సర్, నేడు ప్రజల్లో ఒక కొత్త ధోరణి ప్రారంభమైంది —
**(1:11:16)**
ప్రజలు ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తు చేయిస్తున్నారు. కాబట్టి ఇది ఎందుకు అవసరం? నేడు ప్రజలు దీన్ని ఎక్కువగా చేయిస్తున్నారు ఎందుకు? అలాంటి ఏదైనా కేసు మీ ముందుకు వచ్చిందా — ‘భాయ్, పూర్తిగా తలకిందులైపోయింది’ అని? కాబట్టి సర్, దాని గురించి కొంచెం చెప్పండి.” “చూడండి — సమాజంలో ముందు ఏం జరిగేది — 25, 30 ఏళ్ల క్రితం — సమాజం చాలా — చెబుతారు — ఒకే కుటుంబంలో ఉండేవారు. ప్రజలు దూరంగా ఉద్యోగం చేయడానికి వెళ్లేవారు కాదు. ప్రజలు ఒకరినొకరు తెలుసుకునేవారు. అతిపెద్ద విషయం — అమ్మాయిలకు అలాంటి కదలికలు లేవు — ‘మీరు వారిని పట్టుకోలేరు’ అని — లేదా అబ్బాయిలకు అలాంటి కదలికలు లేవు — ‘పట్టుకోలేరు’ అని —
**(1:11:49)**
అందరికీ స్పష్టంగా కనిపించేది — ‘అయ్యో, అబ్బాయి ఇలా ఉన్నాడు, అమ్మాయి ఇలా ఉంది’ అని. కాబట్టి వివాహాలు సులభంగా నడిచేవి. మనం — ఇప్పుడు అలా లేదు. ఇప్పుడు అమ్మాయిలు బయటి నగరాల నుంచి వస్తారు, చిన్న పట్టణాల నుంచి వస్తారు. పెద్ద నగరాల్లో పనిచేస్తారు. తమ భవిష్యత్తును ప్లాన్ చేసుకుంటారు. భవిష్యత్తు ప్లాన్ చేస్తూనే — వారికి మంచి వ్యక్తులతో స్నేహం ఏర్పడుతుంది. అలాంటి అబ్బాయిలు కూడా వస్తారు. భవిష్యత్తు ప్లాన్ చేస్తారు. వారికి కూడా స్నేహాలు ఏర్పడతాయి. ఒక — మన దగ్గరకు — యుఎస్ఎ నుంచి ఒక ఆమె వచ్చింది. మనం — ఆమె చెప్పింది — “మా మ్యాట్రిమోనియల్ సైట్పై ఎవరో ఒకరితో సంప్రదింపు ఏర్పడింది. మనం — చాలా మంచి వ్యక్తి. రెండు సంవత్సరాలుగా మన మంచి స్నేహం నడుస్తోంది. మనం — నేను అతని స్టార్టప్లో రెండున్నర-మూడు కోట్లు పెట్టి —
**(1:12:28)**
ఉన్నాను కూడా. సరే. మరియు అతనితో నా చాలాసార్లు కలవడం కూడా జరిగింది. మనం — “గత నాలుగు నెలలుగా అతనితో నా మాట్లాడటం జరగడం లేదు. సంజీవ్ గారు.” సరే. “అతనిపై ఏదైనా అనుమానం లేదా?” మనం — “లేదు, జరగలేదు.” “అవును, కేవలం మాట్లాడటం జరగడం లేదు. మనం — వివాహం చేసుకోవాలని ప్లాన్ చేశాము. మనం — నాకు అతనిని కలవాలి. మనం — నా దగ్గర అతని కార్ నంబర్ ఉంది. అతని ఫోటోలు ఉన్నాయి. అతని మొబైల్ నంబర్లు ఉన్నాయి. నేను డబ్బు జమ చేసిన బ్యాంకు ఖాతా ఉంది. మనం — ‘నా దగ్గర ఈ సమాచారం ఉంది సంజీవ్ గారు. నాకు అతనిని కలవాల్సిందే.’” మనం — “నాకు కూడా అనిపించింది — ఏదో కారణం ఉండి ఉంటుంది — కలవలేకపోతుంటారు.” అవును, అవును.
**(1:13:05)**
నా మనసులో కూడా “ఏదో తప్పు జరిగింది లేదా ఏదో మోసం జరిగింది” అనే ఎలాంటి ప్లాన్ రాలేదు. మనం — “సరే” అని చెప్పాను. “నాలుగు నెలల క్రితం మీ సంప్రదింపు ఎందుకు తెగిపోయింది? దాని ముందు మీ సంప్రదింపు జరిగినప్పుడు — ఏ పునాదిపై జరిగింది? కొంచెం వివరించండి.” సరే కదా? వారు చెప్పారు — “నేను విడాకులు తీసుకున్నవారిని. మనం — నేను మ్యాట్రిమోనియల్పై నా అంతా — బయోడేటా తదితరాలు — పెట్టి ఉన్నాను. అక్కడి నుంచి నాకు ఇంజన్ ఆఫ్ నుంచి సంప్రదింపు వచ్చింది. నేను వారిని కలిశాను. పొడవాటి, స్మార్ట్ వ్యక్తిత్వం. మనం — ఎప్పుడైనా వచ్చినప్పుడు — పెద్ద పెద్ద కార్లు వారి దగ్గర — ప్రతిసారీ కారు మారి ఉండేది. ఫైవ్-స్టార్ హోటల్ —
**(1:13:39)**
కలిసేవారు. ఇది వేరే విషయం — ఆ ఫైవ్-స్టార్ హోటల్ బిల్లు వారు చెల్లించరు — మనం — “నేను ఎన్ఆర్ఐని. నాకు డబ్బు కొరత లేదు. మనం — వారు నాకు చెప్పేవారు — ‘నేను చెల్లిస్తాను’ అని. నేను చెప్పేదాన్ని — ‘లేదు లేదు, పర్వాలేదు, నేనే చెల్లిస్తాను. వివాహం తర్వాత అంతా మీదే వస్తుంది’ అని. ఆ పరిస్థితిలో మనం — మన చాలా మంచి — నడుస్తున్న సంబంధం. నేను చెప్పాను — “శారీరక సంబంధం కూడా జరిగిందా?” చెప్పారు — “అవును, మనం — చాలాసార్లు శారీరక సంబంధం జరిగింది. మనం — వారు ఇక్కడికి — యుఎస్ఎకు కూడా నన్ను కలవడానికి వచ్చారు. సరే. తర్వాత ఏం జరిగింది?” చెప్పారు — “తర్వాత వారు చెప్పారు — ‘నా మామయ్య ఈ వివాహానికి సిద్ధం కాడు. సరే. వారు నన్ను ఇంటి నుంచి వెళ్లగొట్టారు. మరియు —
**(1:14:15)**
‘వీలైతే దేశం నుంచి వెళ్లగొడతాం’ అని చెబుతున్నారు. నేను చాలా టెన్షన్లో ఉన్నాను. నేను ఒక వ్యాపారం ప్రారంభించబోతున్నాను. ఆ వ్యాపారంలో నాకు ₹4 కోట్లు కావాలి. మనం — ₹ [లక్ష] నా దగ్గర ఉన్నాయి. మనం — ₹75 లక్షలు నేను నా స్నేహితుడి నుంచి తీసుకున్నాను. కొంత లోపం ఉంది. కాబట్టి మీరు సహాయం చేయాలనుకుంటే సరే. లేదంటే పర్వాలేదు.” మనం — “ఇప్పుడు నేను ఆలోచించాను — ‘అయ్యో, అంత పాత స్నేహితుడివయ్యాడు. అతని దగ్గర 50 లక్షలు ఉన్నాయి, 75 తీసుకున్నాడు. కొంత నేను కూడా ఇస్తాను’ అని. నేను వెంటనే కొంత పంపాను. కొంత పంపిన తర్వాత — నెమ్మదిగా వారి డిమాండ్ పెరుగుతూనే వచ్చింది. మనం — “ఇప్పుడు నేను డబ్బు పెట్టేశాను. కాబట్టి నేను చెప్పాను — ‘సరే —
**(1:14:47)**
పర్వాలేదు, వెళ్దాం’ అని. ఇప్పుడు నాలుగు నెలల క్రితం వారి ఫోన్ వచ్చింది — ‘వారి మామయ్య బయటి నుంచి వస్తున్నారు’ అని. సరే. విమానాశ్రయం నుంచి ఇంటికి వస్తున్నప్పుడు — మనం — మార్గంలో వారికి ప్రమాదం జరిగింది. మనం — “తండ్రి మరణించారు.” సరే. “తల్లి ఐసీయూలో ఉంది” అని. సరే. “ఏడుస్తున్నారు. మనం — ‘వారి ఫోన్ ఆఫ్ అయింది’ అని చెప్పారు.” “సరే.” తర్వాత చెప్పారు — “తర్వాత నేను చాలా ప్రయత్నించాను. ఒక రోజు వారి ఫోన్ కనెక్ట్ అయింది. వారు చాలా నిస్పృహలో మాట్లాడుతున్నారు — ‘నేను చాలా ఇబ్బందిలో ఉన్నాను. బారీబారీ కాల్ చేయకండి. అమ్మ కూడా లేరు. వచ్చితే వెళ్లిపోయారు. అమ్మ దొరికారు. మనం — పర్వాలేదు, ఇప్పుడు ఇది చేయండి. మనం —
**(1:15:30)**
విశ్రాంతి తీసుకోండి. తర్వాత చూస్తాం.’ తర్వాత — ఒకటి-రెండు నెలలు నేను కాల్ చేయలేదు. ఇప్పుడు నేను కాల్ చేస్తే — ఫోన్ ఆఫ్ అయిపోయింది. రెండు-మూడు నిమిషాల్లో కూడా వారితో మాట్లాడలేకపోతున్నాను. మనం — “సరే. ఎప్పటి విషయం? తేదీ చెప్పండి. మనం — ‘ఏ విమానాశ్రయం విషయం — అది చెప్పండి.’ ఎందుకంటే నాకు అనిపించింది — ‘సూచన ఇక్కడి నుంచే దొరుకుతుందేమో.’” అవును కదా? వారు చెప్పారు — “ఇలా, ఇలా — ఈ నగరం ఉంది. మనం — ఈ విమానాశ్రయం ఉంది. ఈ తేదీ ఉంది.” మేము వెంటనే — మా స్ట్రింగర్ స్నేహితులందరినీ — ఎందుకంటే ఎవరైనా ఎన్ఆర్ఐ బయటి నుంచి వచ్చి — ప్రమాదం జరిగింది, మరణించారు, ఆసుపత్రి — ఈ వార్త ఎక్కడైనా నివేదిక కాకపోవడం —
**(1:16:04)**
కొంచెం అసాధ్యంగా అనిపించింది. అన్నీ రికార్డులు చేశారు. అవును. రెండు సంవత్సరాల పాత విషయం కాదు — నాలుగు-ఐదు నెలల పాత విషయం. కాబట్టి ఆ నగరానికి చెందిన నా స్ట్రింగర్ స్నేహితులందరికీ — ఎందుకంటే మీడియాలో నా రాకపోకలు నిరంతరం ఉంటాయి — చాలా మంచి స్నేహితులు ఉన్నారు. [గొంతు కడగడం శబ్దం] మనం — అందరికీ నేను ఫోన్ చేశాను. ఒక చోటి నుంచి కూడా నివేదిక రాలేదు — “లేదు అయ్యో సంజీవ్, అలాంటిదేమీ జరగలేదు. మనం — ‘ఆ రాత్రి ప్రమాదం జరగలేదు. ఆ రోడ్డుపై ఎవరికీ జరగలేదు. నేను — లేదు అయ్యో — ప్రమాదం ఎలా జరిగింది? అంటే నివేదిక జరగలేదు.’” మనం — “సరే, ఆసుపత్రులు చూద్దాం.” తర్వాత అన్ని —
**(1:16:29)**
నగరంలోని పెద్ద పెద్ద ఆసుపత్రులన్నింటినీ తనిఖీ చేశారు. ఎక్కడి నుంచీ సమాచారం రాలేదు. నాకు అనిపించింది — “ఇది చాలా పెద్ద మోసం అయింది.” మనం — “ఇది చాలా పెద్ద మోసం అయింది. ఇప్పుడు నేను సబ్జెక్టును వెతకడం ప్రారంభించాను.” సరే. “వారి కారు — కారు తెలిసింది — అది అద్దెకు తీసుకున్న కారు.” సరే. మేము అడిగాము — “ఎప్పుడెప్పుడు మీ కలయికలు జరిగాయి? మనం — ‘ఏ తేదీన కలిశారో — ఆ తేదీన ఎవరు కారు తీసుకున్నారు? ఏ మొబైల్ నంబర్ ఇచ్చారు?’ తెలిసింది — ఈ మొబైల్ నంబర్ ఇచ్చారు. మనం — నెమ్మదిగా తర్వాత — ఆ బ్యాంకు ద్వారా — నెమ్మదిగా — ఆ వ్యక్తి వరకు చేరుకున్నాము. వారు భాయ్ సాహెబ్ — వివాహితుడు.
**(1:17:03)**
“అరె — పిల్లలు ఉన్నారు. వారి పనే ఇది. వ్యాపారం ఇదే — వారు — అది — చాలా బాగుందని — తమ అని చెప్పుకునే — వాటిలోకి వెళ్తారు. అక్కడ కాఫీ డేలో కాఫీ తాగుతూ — ల్యాప్టాప్పై అమర్చి ఉన్నారు — అమ్మాయిలతో మాట్లాడుతూ, మొబైళ్లతో మాట్లాడుతూ — ఎవరు ఎలా చిక్కుకుంటున్నారో. ఇది వారి పూర్తి సమయ పని. పూర్తి సమయ పని. తర్వాత మేము అంతా తెలుసుకున్నాము. అన్ని సాక్ష్యాలు సిద్ధం చేశాము. ఆ అబ్బాయితో స్నేహం చేశాము. సరే. తర్వాత అతని టీమ్లోకి ప్రవేశించాము. ఆ టీమ్లోకి ప్రవేశించిన తర్వాత — ఎక్కడ ఎక్కడ అమర్చి ఉన్నారో — అన్ని రికార్డులు సేకరించాము. మనం — తర్వాత క్లయింట్కు నేను చెప్పాను — “ఇతను చాలా —
**(1:17:38)**
పెద్ద మోసగాడు. ఇప్పుడు మీ డబ్బు తీసుకోవడానికి పద్ధతిని నేను తయారు చేశాను. మనం — ‘ఇతని కుటుంబ ఇల్లు ఇక్కడే ఉంది. మీరు ఇంటికి వెళ్లండి. ఇతని కుటుంబాన్ని కలవండి. మనం — ‘అతను ఎంతమంది ఆడవారితో ఉన్నాడో — వారు నా క్లయింట్లు కాదు. కానీ మీరు ఆ ఆడవారికి భయం చూపించండి — “నేను అందరికీ పంపుతున్నాను, నీ వ్యతిరేకంగా పోలీసులకు వెళ్తున్నాను. లేదంటే నా ఇంత కోట్ల డబ్బు నాకు తిరిగి ఇవ్వండి.” ఆమె డబ్బు తిరిగి వచ్చింది. తర్వాత వారు ఆమెకు చెప్పారు — “మేము పేర్లు చెప్పిన ఆడవారందరికీ పంపండి. మెయిల్ చేయండి, అందరికీ వాట్సాప్ చేయండి — ఇదే పరిస్థితి.” కాబట్టి ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసుల్లో —
**(1:18:08)**
దర్యాప్తు చాలా ముఖ్యం. ఈరోజు — మనం — ఎందుకంటే ప్రత్యేకంగా ఏర్పాటు చేసిన వివాహాల్లో — ఏర్పాటు చేసిన వివాహంలో — ప్రేమ వివాహంలో కూడా — ప్రేమ వివాహమే — ఒక విధంగా — ఇది కూడా ప్రేమ వివాహం — రెండు సంవత్సరాలుగా నడుస్తున్న సంబంధం. అవును కదా? సంబంధం అంటే ఏమిటి? “ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తులో మీరు మీ ఉత్తమమైనదే ఇస్తారు కదా. కాబట్టి సర్, ఇందులో మీరు వ్యక్తిని కూడా పరిశీలిస్తారు, కుటుంబాన్ని కూడా పరిశీలిస్తారు — వారి నేపథ్యం ఏమిటి? అప్పుల్లో ఉన్నారా లేరా? ఇది ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తులో — ‘భాయ్, సబ్జెక్టు ఎదురు —
**(1:18:36)**
ఉన్నవారి రాత్రి కదలికలు ఎలా ఉన్నాయి? ఉద్యోగం ఎలా ఉంది? ప్రొఫైల్ ఎలా ఉంది? స్వభావం ఎలా ఉంది? ప్రవర్తన ఎలా ఉంది? మద్యపాన అలవాట్లు ఉన్నాయా లేవా? బయటకు వెళ్తారా లేరా? తర్వాత కుటుంబ ఆర్థిక నేపథ్యం ఏమిటి? కుటుంబంలో దాడులు ఉన్నాయా లేవా? కుటుంబ వ్యాపారం సరిగ్గా ఉందా — లేదా ఎక్కడైనా అప్పులు తీసుకున్నారా, రుణాలు తీసుకున్నారా?” వేల రకాల — చెబుతారు — క్లయింట్ అవసరాలు ఉంటాయి. కాబట్టి ప్రజలు ఒకరినొకరు తెలుసుకునే చోట — అవసరాలు తక్కువగా ఉంటాయి. పూర్తిగా తెలియని చోట — అవసరాలు పెరుగుతాయి. మరియు అవసరాలు పెరుగుతున్న కొద్దీ —
**(1:19:03)**
“ఇది ఢిల్లీలో కేసు — ఢిల్లీ వెలుపల కేసు — భారతదేశం వెలుపల కేసు. యుఎస్ఎలో ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ కేసులు — యుఎస్ఎ, కెనడా, ఐరోపా — ఎందుకంటే ప్రజలు ఐఐటీలో ఉద్యోగం చేయడానికి వెళ్లారు. ఐదు సంవత్సరాలుగా అక్కడే ఉన్నారు. అవును కదా? కాబట్టి తెలుసుకోవాలనుకుంటారు — ‘ఐదు సంవత్సరాలుగా అక్కడే ఉన్నాడు. ఎన్ని సంబంధాలు ఏర్పడ్డాయి? రాత్రికి అతని జీవితం ఎలా ఉంటుంది? నా కూతురు అక్కడి నుంచి వెళ్తే — ఎక్కడైనా అలా కాదు కదా — అద్భుతమైన పనిమనిషి లభిస్తుంది.’ మనం — ‘లేదు — ఇవన్నీ విషయాలే.’ కాబట్టి ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తు — ఇప్పుడు సమాజంలో చాలా ముఖ్యమైందిగా మారింది. పోస్ట్-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తులు తగ్గుతాయి —
**(1:19:34)**
ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తులు ఎక్కువగా జరగడం ప్రారంభమైతే.” “సరైన మాట. ఎందుకంటే ఇక్కడే తప్పును మీరు పట్టుకుంటే — పోస్ట్ వరకు మీరు చేరరు కదా. మరియు చాలా కేసులు — పోరాటాలు — ‘ఏమంటారు?’ నా భావనలో అవి కూడా తగ్గుతాయి — ఎందుకంటే ముందుగానే తెలిసిపోతుంది — ఎదురుగా ఉన్న వ్యక్తి ఎలా ఉన్నారో, ఏం ఆలోచిస్తున్నారో.” “రాజా రఘువంశీ కేసులో — మనం — ప్రీ-మ్యాట్రిమోనియల్ దర్యాప్తు జరిగి ఉంటే — తెలిసేది కదా — ‘సోనమ్ గారు ఎక్కడ ఎక్కడ ఆనందిస్తున్నారో.’” అవును, అవును. “మరి ఆమె వివాహం ఎందుకు జరిగింది? కాబట్టి రాజా —
**(1:20:02)**
రఘువంశీ గారు తప్పించుకునేవారు.” మనం — “ఒక — అది చాలా ఎత్తైన ప్రొఫైల్ కేసు కూడా — వెనుక — కొండ నుంచి తోసేశారు. కొండ నుంచి తోసేశారు. అది చెప్పండి — వివాహం చేసుకుని కూర్చుని ఉన్నారు. ఎలాంటి జీవితం గడిపారు? భార్యాభర్తల్లా ఆనందిస్తున్నారు — మరియు ఇంకా వివాహం చేసుకుంటున్నారు. ఇక్కడ చూడండి — తల్లిదండ్రులకు ఎక్కడో ఒకచోట లోపం ఉంటుంది. తల్లిదండ్రులకు — ‘మన కూతురి గురించి లేదా కొడుకు గురించి తెలియదు’ అని కాదు. అవును కదా? కేవలం తల్లిదండ్రులు తమ గౌరవాన్ని కాపాడుకోవడానికి — బలవంతంగా పిల్లవాడికి లేదా పిల్లకు వివాహం చేస్తారు. అయితే వారికి కూడా మూర్ఖులు — ఇలా ఆలోచించాలి — “రేపు ఇతను నైతిక విలువలను —
**(1:20:31)**
పక్కన పెట్టి — అలాంటి ఏదైనా పని చేస్తే — మీ కుటుంబం కూడా నాశనమవుతుంది.” అవును కదా? కాబట్టి ఒక అమ్మాయి లేదా ఒక అబ్బాయి సంబంధంలో — పూర్తి కుటుంబాన్ని — చెబుతారు — బలి ఇవ్వడం. ఏదైనా అత్యవసరత అంత ఉందా? లేదా వివాహం చేసివ్వండి, లేదా చెప్పండి — “భాయ్, నాకు ఇలా జీవించాలనిపిస్తుంది.” కాబట్టి సర్ — అంటే — తర్వాతి స్థాయి — మీరు కేసులను చెప్పేశారు. అలాంటి విషయాలు నేను ఎప్పుడూ విని ఉండను. “గైస్, మీకు పోడ్కాస్ట్ ఎలా అనిపించింది? నిజంగానే బాగుంది అనిపిస్తే — కామెంట్ చేయండి. పార్ట్ టూలో సర్ను వెంటనే మళ్లీ పిలిచి తీసుకువస్తాను. సర్ ప్రపంచంలో ఎక్కడ ఉన్నా సరే. సరే కదా? పార్ట్ టూ కోసం తప్పకుండా కామెంట్ చేయండి. మరియు —
**(1:21:04)**
మీకు కూడా సర్ గురించి ఏదైనా వివరాలు కావాలంటే — నేను వివరణలో పెట్టేశాను. దయచేసి చూడండి. మరియు సర్ — చాలా చాలా ధన్యవాదాలు. మీరు వచ్చారు. ధన్యవాదాలు జీ — మీరు నన్ను మీ వేదికపై పిలిచారు. మనం — “మీ వేదిక ద్వారా నేను ప్రేక్షకులకు చెప్పాల్సింది ఇంతే — స్నేహితులారా, ప్రపంచం చాలా మంచిది. సంబంధాలు అద్భుతంగా ఉండాలి. ప్రేమిస్తుంటే — ధైర్యంగా చెప్పండి. లేదంటే ప్రేమించాల్సిన అవసరం లేదు. మీ భాగస్వామితో ప్రేమించండి.” “వాహ్ సర్, వాహ్, వాహ్. చాలా చాలా ధన్యవాదాలు. చాలా చాలా ధన్యవాదాలు.”
*(ఇక్కడ మీరు అందించిన ట్రాన్స్క్రిప్ట్ పూర్తిగా ముగిసింది.)*
Transcript:
(00:00) फिजिकल आप अपने हस्बैंड के साथ हैं। मेंटली आप किसी और के साथ हैं। एक ही बेडरूम में बैठे हुए और दोनों तो ज्यादातर वो अपने दोस्तों के ही कमरों [संगीत] पे जाते हैं। [संगीत] लड़कियों के केसेस बहुत आ रहे हैं एक्स्ट्रा मेटल अफेयर के। लड़कियां आजू लोगों को बुलाती है मेरी बॉस किसी पार्टी [संगीत] के नाम पर रैकेट चल रहा है। बड़े-बड़े शहरों में ना होटल और स्पा सेंटर खोले जा रहे हैं। प्री मैट्रिमोल केसेस के अंदर गरीब लड़की लड़कियां [संगीत] छोटे शहरों से आई लड़कियां रैकेट में फंसी एक नामी डॉक्टर के ऑफिस में पहुंचती है हॉस्पिटल में। चार
(00:38) दिन के बाद एक वीडियो भेजी [संगीत] लेकिन कि यह आपने मेरे साथ गलत किया था और मेरे पास यह पूरी वीडियो है। अब डॉक्टर साहब परेशान यह तो कोई ब्लैकमेलर रैकेट है। अब मैं बर्बाद करता हूं। सुबह के टाइम 4:00 बजे लेडी को उसकी लोकेशन देखी [संगीत] पुलिस ने इमीडिएट लोकेशन और उसको वहां से उठा लिया। 19 बच्चों का आदमी बाहर घूम रहा है। धारिया दुकान [संगीत] क्यूज थे सुरेंद्र कोहली। अब क्यों करा इन्होंने? क्या पीछे कोई बड़े लोगों का इसमें अभी भी हाथ है? जब वो निर्दोष साबित हो गया तो उसको अपना नाम क्यों बदलना पड़ा? हरिद्वार में जाके
(01:08) चाय की दुकान खोलकर ऐसा [संगीत] काम क्यों करना पड़ा? तो क्या पुलिस ने काम इतना ठीक तरीके से नहीं किया? केस है सुशांत सिंह राजपूत जी का और उनकी जो पहली मैनेजर थी दिशा साल का क्या लिंक है और क्या सच है आज पूरी जनता को बताओ आप। दिशा सालन ने अपने माता-पिता को एक लेटर दिखाया था कि वहां पे ड्रग्स भी कंज्यूम किए जाते हैं कि उन्होंने 100 नंबर पर कॉल भी [संगीत] किया था। वो 100 नंबर पर पूरी कॉल नहीं हो पाई थी। फोन कट गया था। लेकिन वहां इतने बड़े लोग थे कि उनमें से अगर एक दो लोग यह बोले कि जो इस कमरे में हुआ है इस कमरे का अंदर रह जाएगा कोई कुछ नहीं
(01:40) बोलेगा क्योंकि उस [संगीत] कमरे की वीडियोस नहीं आई कभी। गाइस जो हमारे आज के गेस्ट हैं उनको इंडिया का जेम्स बॉन्ड कहा जाता है। इनके पास 35 प्लस इयर्स का एक्सपीरियंस है और इन्होंने ऐसे-से शॉकिंग केसेस को सॉल्व किया है एज अ प्राइवेट डिटेक्टिव जो शायद पुलिस भी नहीं कर पाई। केसेस की अगर मैं बात करूं जैसे सेलिब्रिटी केस सुशांत का हो गया या सेफ अली खान पे जो अटैक हुआ था वो हो गया। पर्सनल केसेस की बात करूं तो किसी की प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन हो या हनी ट्रैप हो या प्रॉस्टट्यूशन के केसेस हो। तो इस पॉडकास्ट में इन्होंने ऐसे बहुत
(02:17) सारे शॉकिंग केसेस के बारे में बताया जिनकी स्टोरी यहां से यहां सीधा ट्विस्ट हो गई। चाहे वह दिशा सलानी का केस हो जो सुशांत की मैनेजर थी या निठारी गांड हो या फिर आजकल किड्डी पार्टीज में कैसे फीमेल्स रिगोलोस को बुलाती हैं और पार्टीज करती हैं। भाई ये कन्वर्सेशन में मैं खुद इतना शॉक हो चुका था कि आजकल ऐसा ऐसा भी हो रहा है। आज जो गेस्ट हमारे साथ है उनका नाम है संजीव देशवाल जी जो कि एक प्राइवेट डिटेक्टिव हैं और प्रेसिडेंट है प्राइवेट डिटेक्टिव एसोसिएशन के। पूरे इंडिया में सिर्फ यही हैं जो यहां तक पहुंचे हैं। आई एम श्योर इनको आपने कहीं ना कहीं न्यूज़
(02:48) चैनल या कोई इंटरव्यू में जरूर देखा होगा। तो गाइस, बिना कुछ टाइम वेस्ट किए इस पॉडकास्ट को शुरू करते हैं और गूस बम्स के लिए आप रेडी रहना। सर, बहुत-बहुत स्वागत है आपका हमारे पॉडकास्ट में। थैंक यू। आप स्पेशली आए हमारे लिए वो बड़ी बहुत बड़ी बात है। तो सर आज आपने मैंने देखा आपके सारे पॉडकास्ट देखे। आपने मतलब क्या-क्या केसेस बताए हैं और मतलब इतने शॉकिंग केसेस चाहे सेलिब्रिटीज हो या मतलब जो भी अभी केसेस चल रहे हैं के जो फॉर एग्जांपल निठारी तो सब आपने सब पे काम किया है तो बट इस पॉडकास्ट में आई वांट कि आप ऐसी चीजें बताओ जो आज तक किसी भी पॉडकास्ट में नहीं
(03:25) होनी चाहिए। पूरी कोशिश यही होगी। और सर मतलब आपने जो मेरे को पहले बताया ना कि ये ये चीजें तो आप सब ऑडियंस को बता देना। मतलब मेरी पूरी कोशिश होगी कि वो केस बताया जाए जो और पडकास्ट पे नहीं सच में गाइस मतलब नेक्स्ट लेवल सर ने बताया मैं खुद शॉक हो गया था तो पडकास्ट को एंड तक देखना ये पडकास्ट मतलब तुम्हारे लाइफ का बेस्ट पॉडकास्ट होने वाला है तो सर स्टार्ट करते हैं फर्स्ट क्वेश्चन से बिल्कुल बिल्कुल सर फर्स्ट क्वेश्चन है एक केस था निठारिया बहुत फेमस केस था नोएडा का सर इसमें जो एक्यूज थे सुरिंदर कोहली उन्होंने पूरी सजा काट ली ठीक है पर अब उन्होंने थोड़े
(03:59) दिन पहले कर लिया तो वही क्वेश्चन उठ रहे थे कि यार इन्होंने अब तो पूरी सजा भी काट ली। अब तो सारे मतलब इनके वो वो भी पूरी हो चुकी है। पर अब क्यों करा इन्होंने? क्या पीछे कोई बड़े लोगों का इसमें अभी भी हाथ है? क्या ऐसी-जसी चीजें मतलब बोली जाती हैं कि बच्चों के साथ कुछ और हो रहा था जो बड़े जिसमें बड़े लोग भी इनवॉल्व थे। तो सर क्या है इस केस की पूरी सच्चाई? मतलब सब जानना चाहते हैं। देखिए होता क्या है तरुण जी कि सुरेंद्र कोहली एक मुलजिम है या नहीं था? सुप्रीम कोर्ट ने तो अपनी तरफ से क्लियर कर दिया। हां। लेकिन इनके बाद एक सवाल खड़ा हो जाता है
(04:32) कि क्या वहां जो 19 बच्चे या बच्चियों की हुई और उनकी बॉडी डी5 कोठी के पीछे मिली और वो डी5 कोठी में काम सुरेंद्र कोहली कर रहे थे। अब क्या उन बच्चों की नहीं हुई? अगर हुई तो कोई तो होगा। राइट सर। तो क्या हम यह समझे कि यहां पुलिस फेल हो गई हम या गलत पकड़ लिया। क्योंकि अगर ये साबित नहीं हुआ सुप्रीम कोर्ट के अकॉर्डिंग हम तो इसका मतलब भी घूम रहा है। राइट राइट तो ये तो अपने आप में बड़ा खतरनाक सवाल हो गया कि भाई फिर वो 19 बच्चों का हथिया आज भी बाहर घूम रहा है। राइट और अगर सुरेंद्र कोहली था और उसको सजा नहीं मिली हम और निर्दोष साबित हुआ सुप्रीम कोर्ट से
(05:15) हां तो क्या पुलिस ने काम अपना ठीक तरीके से नहीं किया। क्या इन्वेस्टिगेशन में काफी लूप होल्स रह गई? हम क्या एविडेंस ढंग से नहीं लगाई गई? यह सवाल तो खड़ा होता है और खड़ा होगा क्योंकि अगर पकड़ा था तो उसे सजा क्यों नहीं हुई? और एक हत्या नहीं है यहां पे दो हत्या नहीं है। यहां पे 19 हत्या वो भी बच्चों की और वो भी बच्चों की और अगर सुनील सुनील कोहली या सुरेंद्र कोहली नहीं था तो इसका मतलब जो था वो आज भी बाहर घूम रहा तो भी पुलिस का फेलियर है। राइट? अब बात आती है कि जब वो निर्दोष साबित हो गया तो उसको अपना नाम क्यों बदलना पड़ा? हरिद्वार में जाकर चाय की
(05:53) दुकान खोलकर ऐसा काम क्यों करना पड़ा? और फिर एक दिन उसको लगता है कि नहीं अब जीना थोड़ा मुश्किल हो रहा है और अब ले जाए। तो ऐसा क्यों? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। एज अ प्राइवेट डिटेक्टिव अगर मैं समझूं तो इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह हो सकता है अगर वो है हम कि मुझे कभी ना कभी पहचान लिया जाएगा और जिस दिन मुझे पहचान लिया जाएगा तो वो जो इतने लोगों के बच्चों की हुई है उनमें से मुझे बुरी तरह लोग घेर के मारेंगे एक दिन मेरी कर देंगे। राइट? उसको ये डर तो सता रहा था। हम उसको यह डर भी सता रहा था कि मैं आज अपना नाम बदल के रह तो रहा हूं
(06:31) क्योंकि आदमी नाम कब बदलता है जब उसको ये डर होता है कि मुझे कोई पहचान ना ले। राइट? और उस कंडीशन में उसने अपना नाम बदल के या फिर उसको हो सकता है कहीं पश्चाताप भी हो कि मैंने क्या कर दिया क्योंकि बहुत लंबा समय ये केस चला और ऐसे में कई बार मैंने ऐसा देखा है अपने इन्वेस्टिगेशन के दौरान हम कि जो ह क्रिमिनल्स होते हैं उनको जब आप जेल में रखते हैं और एक लंबी प्रोसेस से वो लोग गुजरते हैं तो उनका माइंड चेंज होता है। क्योंकि उनको वो क्राइम करने का मौका तो बाहर मिल नहीं वो तो जेल में होते हैं। तो वहां पे सोचने का, समझने का, अध्यात्म
(07:08) का बहुत मौका मिलता है इंसान को। तब इंसान सोचता है मैंने क्या किया? क्यों किया? मेरा क्या वजूद है? और वो जो सोच है वो इतनी कई बार भारी हो जाती है कि हो सकता है सुरेंद्र कोहली को पश्चाताप हुआ हो कि ठीक है कोर्ट ने सजा नहीं दी। चाहे लैक ऑफ एविडेंस हो, लैक ऑफ कहते हैं इन्वेस्टिगेशंस हो पुलिस के। लेकिन मैंने तो ऐसा किया है और उसकी वजह सुरनाथ ली हो। यह सब वजह हो सकती हैं। तो सर वैसा कुछ नहीं है कि किसी बड़े बंदे का हाथ है पीछे जो उसको मरवा दिया गया है। देखो यह ऑप्शंस है। इन्वेस्टिगेशन जब स्टार्ट होती है तो कई ऑप्शंस कहते हैं
(07:41) यूज़ किए जाते हैं। उसमें एक ऑप्शन यह भी हो सकता है। एक वजह यह भी हो सकती है कि उसने उन 19 बच्चों बच्चियों किसी बड़े ऐसे इंसान के कहने पे की हो जो अब वह इंसान इसको मरवा देगा या उसका नाम खुल सकता है। और उसने कोई इसके ऊपर प्रेशर डेवलप किया हो और इसने उस प्रेशर डेवलप में कर लिया हो। ऐसे हो सकता है लेकिन इसकी कोई वजह दिख नहीं रही है। सोचने के लिए तो आपके पास माइंड है। जितना मन चाहे सोचिए लेकिन फैक्ट भी सामने होने चाहिए। फैक्ट यही है। सुप्रीम कोर्ट से बरी हुआ। उसके बाद उसको ये फैक्ट फैक्ट हैं और 19 बच्चों या तो आज
(08:20) बाहर घूम रहा है और या फिर 19 बच्चों का ये कोहली ही था और अपने अंजाम पे पहुंच ही गया। वहां फांसी नहीं हुई। यहां फांसी ले ली। अंजाम में तो पहुंच ही गया वो। तो सर अब नेक्स्ट क्वेश्चन पे आते हैं। आपको 35 प्लस इयर्स का एक्सपीरियंस है। तो मैं अब शादी की बात करता हूं कि पहला क्वेश्चन कि आजकल लड़कियों के केसेस बहुत आ रहे हैं एक्स्ट्रा मेरिटियल अफेयर के। तो शादी के बाद क्या लड़कों के ज्यादा एक्स्ट्रा मेरिटियल अफेयर्स होते हैं या लड़कों के? पहला क्वेश्चन और ऐसा कोई केस जो आपने सॉल्व किया हो स्पेशली इसके ऊपर लेके जो आज तक आपने कभी किसी को नहीं
(09:02) बताया और बहुत शॉकिंग हो। देखिए तरुण जब हम एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की बात करते हैं तो हम यहां पे जेंडर वाइज अलग नहीं कर सकते किसी को कि भाई लड़कियां बहुत करती हैं या लड़के बहुत करते हैं। जिसको मौका मिला या जिसका अपना बिहेवियर है जिसका अपना कररेक्टर है वो सामने आता है। एक्सट्रामेटरी अफेयर का मतलब ही यही है कि आप अपने पार्टनर से खुश नहीं है। हम या आप उस इंसान से शादी ही नहीं करना चाहते थे जिससे आपकी शादी कर दी गई है। तभी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होते हैं। कई बार आपको फिजिकल मेंटल ये सब सेटिस्फेक्शन नहीं मिलते हैं। तब
(09:36) एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स होते हैं। तो इस जिसको जहां मौका मिलता है वो करता है। तो इसीलिए हम जेंडर वाइज तो कहते हैं अलग-अलग नहीं कर सकते। लेकिन इन्वेस्टिगेशन के दौरान देखा कि लड़कियों के केस थोड़े से ज्यादा आने लगे हैं। उसकी शायद वजह यह रही है कि पहले हमारा मीडिया प्लेटफार्म या हमारे सोशल प्लेटफार्म यह सब नहीं थे। और लड़कियों के पास इतना बाहर जाने के शायद मौके नहीं थे या उनकी पहुंच या उनकी रीच नहीं थी जितना लड़कों के पास थी। हम पहले क्या होता था कि लड़का कहीं भी जाना चाहता है कहीं भी तो उससे कोई पूछेगा नहीं भाई आप क्यों जाना चाह रहे हो
(10:12) लेकिन लड़कियों पे सवाल था कि भाई आप कहां जा रही हो क्यों जा रही हो इतनी रात को लेट क्यों आ रही हो तो वहां पे कहीं दबाव था राइट अब वो दबाव तो हो गया खत्म सोशल मीडिया प्लेटफार्म होने की वजह से मोबाइल हाथ में होने की वजह से Facebook Instagram इतने सारे कहते हैं आपके पास प्लेटफार्म है आप दुनिया भर में जिनको जानते नहीं उन सब से बंधे हुए हो राइट और वहीं आप बातचीत करते हुए कन्वर्सेशन में कहीं ना कहीं इमोशंस आपके अंदर इतने ज्यादा आ जाते हैं किसी को भी लेके जिसको आप जानते भी नहीं हो। जी यहां मैंने ऐसा देखा है कि इन्वेस्टिगेशन
(10:41) के दौरान आप अपने हस्बैंड के साथ हैं। फिजिकल आप अपने हस्बैंड के साथ हैं। मेंटली आप किसी और के साथ हैं। एक ही बेडरूम में बैठे हुए और दोनों ऐसा नहीं है कि कहते हैं एक आदमी ऐसा है। दोनों ही ऐसे हैं। कि दोनों पार्टनर एक ही बेड के ऊपर लेटे हुए हैं। एक अपने कहते हैं दोस्तों के साथ लगा हुआ है। एक अपने दोस्तों के साथ लगा हुआ है। उसके मेल फ्रेंड्स हैं। उसके फीमेल फ्रेंड्स हैं। कोई आपस में क्वेश्चंस नहीं हो रहे हैं। लेकिन कभी-कभी लगता है कि एक जो पार्टनर है वो ऐसा नहीं कर रहा है तो उसको तकलीफ स्टार्ट हो जाती है कि भ आप कहां इस वक्त रात को लगे हुए
(11:14) हो। राइट? और वहां पर फिर धीरे-धीरे क्लशेस होते हैं। लेडीज आजकल काम कर रही हैं। बाहर रात को लेट भी आती हैं। लेट आने की वजह से कई बार शक भी पैदा होते हैं। शक ऐसा नहीं है कि जो लेट आने वाली लेडीज वो गलत हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हस्बैंड को लगता है यार मेरी वाइफ 9:00 बजे आ रही है, 10:00 बजे आ रही है, 10:00 बजे भी आते ही मोबाइल पे कहीं ना किसी के साथ टच में है। तो वहां शक पैदा होते हैं। तो पहले से ज्यादा केसेस बढ़े हैं और लेडीज की तरफ हम कह सकते हैं कि 10 5% ज्यादा ही केसेस बढ़े हैं। ओके और सर ऐसा कोई केस जो आपने सॉल्व करा
(11:46) हो और शॉकिंग हो एकदम देखिए इस टाइप के केसेस को हम पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस कहते हैं। पोस्ट मैट्रिमोनियल पोस्ट मैट्रिमोनियल जो शादी के बाद जहां पे आपको लगता है कि उनका जो पार्टनर है वो कहीं ना कहीं इनवॉल्व हो गया है। अब पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर सबसे प्रॉब्लम वाली बात क्या है कि यह बहुत लंबे चलते हैं। आज की तारीख में हमारे कानून के अंदर एडल्टरी का कोई मतलब नहीं रह गया। राइट? जो भी हां जो भी लड़का लड़की घूम रहे हैं, कहीं एंजॉय कर रहे हैं, घूम रहे हैं, फिर रहे हैं, तो आप उसको एडल्टी में ना लेके मेंटल क्रूलिटी में ले जाते हैं।
(12:18) राइट? और मेंटल क्रिलिटी एक आपके पास तरीका है अपना डवोर्स फाइल करने का। अदरवाइज मेंटल क्रिलिटी से भी ज्यादा बेनिफिट नहीं होते हैं सब्जेक्ट को हम क्लाइंट्स को। हम अभी कुछ समय पहले मेरे पास एक केस आया हम क्लाइंट यह जानना चाह रहा था कि उसकी जो मिसेज हैं वो किसी और शहर में रह के जॉब कर रही हैं। अच्छा और वो जॉब के सिलसिले में इंडिया से बाहर जाके कहीं सेटल हो गया है। तो अपनी वाइफ को बाबर वो बोल रहा है कि भ 3 तीन साल हो गए हैं। शादी को हुए हम लोगों ने अभी प्लानिंग भी नहीं की है फ्यूचर की बच्चों के लिए। राइट? तो अब आप जॉब छोड़ो और इस कंट्री में आ
(12:58) जाओ। हम तो लेडी बोली कि नहीं अच्छा मैं जॉब में बहुत खुश हूं और मैं जॉब छोड़कर तो कम से कम नहीं आऊंगी। हस्बैंड काफी प्रेशर डेवलप कर रहे थे। फैमिली भी प्रेशर डेवलप कर रही थी लेकिन लेडी मान नहीं रही थी। तो नेचुरली जब ऐसा होता है, ऐसी स्थितियां होती हैं तो कई बार आदमी को शक होता है कि आखिर ऐसा क्यों? राइट? जब आप फॉरेन कंट्री आ सकते हो, अच्छी लाइफ को गुजार सकते हो। यहां पे भी जॉब की अपोरर्चुनिटीज़ हैं। ठीक ठीक है। आते जॉब नहीं मिलेगी लेकिन धीरे-धीरे कोशिश की जा सकती है। हस्बैंड कह पीआर भी मिल जाएगा। उसके बाद हमारे और रास्ते आगे खुलेंगे।
(13:32) इतना अच्छा कहते हैं फ्यूचर प्लानिंग हो रही है। उस फ्यूचर प्लानिंग को छोड़ के एक लेडी अपनी जॉब में बड़ी खुश है। तो कोई तो वजह होनी चाहिए। हम फिर शादी की आखिर आपने? शक बनता है। तो शक बन गया। अब शक जब हुआ तो नेचुरली एक कहते हैं इस तरीके के शक में आप कहां जाएंगे? अपने दोस्तों के पास जाएंगे। वो क्या मदद करेंगे? फैमिली के पास जाएंगे। वो मदद नहीं कर सकते। पुलिस के पास जाएंगे। कोई वजह नहीं है पुलिस के पास जाने की। कोई क्राइम नहीं हुआ है। क्योंकि पुलिस तो तभी आएगी जब कोई क्राइम होगा। तो उनके पास एक लास्ट ऑप्शन बचता है प्राइवेट डिटेक्टिव।
(14:01) राइट? तो उन्होंने हमें अप्रोच किया। हम सारी प्रॉब्लम्स बताई। हमारी सर्विज हायर की। हम जब हमने इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट की हम तो हमने दो-तीन हफ्तों में देखा कि हां उनकी वाइफ के अच्छे मेल फ्रेंड्स हैं और वो रात को आउटिंग भी कर रही हैं। रात को अच्छी-अच्छी जगह जा रही हैं। बाहर में भी जा रही हैं। हम जो लाइफ जी जा सकती है फैंटास्टिक तरीके से। बेस्ट वो लाइफ जी रही है। और मुझे लगता था कि जो भी उनकी अर्निंग होगी वो सारी अर्निंग उस पे उड़ा रही है। उड़ा रही है। एंजॉय कर रही हैं। और मुश्किल ये था कि यहां पे मल्टीपल थे। अच्छा अगर आप एक आध हैं तो वहां देखिए जहां पे
(14:40) कोई एक है वहां पे हमें टेंशन ज्यादा होती है क्योंकि वहां पे इमोशंस होते हैं। इमोशंस आ जाते हैं नेचुरली अगर आप एक एडल्टी या एक अफेयर के अंदर हैं और डेप्थ में है तो वहां पे या तो हस्बैंड और या फिर वो हां राइट और जहां पे मल्टीपल है तो मल्टीपल में क्या है कि चांसेस हैं कि इसका कैरेक्टर थोड़ा सा डिस्टर्ब है। एडिक्शन हो गया। हां एडिक्शन है, कैरेक्टर डिस्टर्ब है। हो सकता है कि चलो हस्बैंड में वो नहीं है तो कुछ लाइफ के सेटिस्फेक्शन के लिए किसी के साथ दोस्ती है। आज के साथ उसके साथ कैरेक्टर बहुत गलत है, क्वेश्चनेबल है। लेकिन फिर भी यहां पे चांसेस हैं वापस
(15:14) लौटने के जीवन के अंदर। अगर हस्बैंड इतना बड़ा दिल कर ले तो तो राइट। अदरवाइज तो बात अलग है। हर हर इंसान की सोच अपनी है। तो वहां पे जब हमने क्लाइंट को ये बताया तो क्लाइंट बोला कि इससे मुझे क्या फायदा हो सकता है? तो मैंने कहा ज्यादा ज्यादा यह हो सकता है कि आप कई साल केस लड़ेंगे हम क्योंकि लेडी अपने ऊपर तो इस इल्जाम को लेगी नहीं कि हां मैं गलत हूं और ठीक है मैं मल्टीीनेशनल कंपनीज में जॉब करती हूं मेरे कई दोस्त हो सकते हैं मैं उनके साथ बम में जा सकती हूं बार में जा सकती हूं रात को मैं उनके घर पे भी रुक सकती हूं वो मेरे घर आ सकते हैं लेकिन आप इसको
(15:47) एडल्ट्री की तरफ कैसे लेके जाएंगे हम तो क्लाइंट बोला कि मैं अगर इस तरीके का उसका बिहेवियर है, नेचर है, कररेक्टर है तो मैं चाहूंगा कि मुझे कुछ ऐसे से सॉलिड कंक्रीट एविडेंसेस हो देशवास जी जिससे कि मैं इससे निजात पाऊं। तो मैंने कहा देख लो यार मल्टीपल है उसको अगर थोड़ा सा प्रेशर डालोगे तो हो सकता है कि समझदारी से समझाओगे तो कहता नहीं मुझे रखना ही नहीं है। तो मैंने कहा ना कि हर ह्यूमन बीइंग का अपना-अपना नेचर है। राइट? तो उन्होंने बोला मुझे रखना ही नहीं है। लेकिन कंक्रीट एविडेंसेस चाहिए। कंक्रीट एविडेंसेस से ऐसा होगा कि मैं जल्दी
(16:18) डिवोर्स ले पाऊंगा। अदरवाइज दो चार साल, पांच साल, तीन साल तो मेरे पहले ही लाइफ के खराब हो चुके हैं। और पांच साल मैंने और लाइफ का खराब कर दिया। उसके बाद ये एलुमिनी मांगेगी, मेंटेनेंस मांगेगी तो बहुत सारी प्रॉब्लम्स हो। तो कुछ ऐसा अगर केस में एक क्वेश्चन आया मेरा कि ऐसे केस में जैसे अगर लड़की की गलती है, फीमेल की गलती है तो एलुमिनी तभी भी देना पड़ता है। आप इस गलती को प्रूफ करो। प्रूफ कैसे करोगे एविडेंशियली? किसी के साथ घूमना फिरना कोई गुनाह तो नहीं है? अच्छा हां कुछ भाई आज की तारीख में कोर्ट ये भी कहती है कि आप कमरे में बैठे थे और कमरे का दरवाजा
(16:53) था बंद। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब क्या दोस्त नहीं बैठ सकते? जब दो मेल बैठ सकते हैं तो एक मेल और फीमेल अगर कमरे के अंदर बैठे हैं तो इसमें गलत क्या है? यह कानून कहता है। आज हमारा जो लॉ है या जिसे हम कहें कि जुडिशरी है वो बहुत अपडेट हो चुकी है लाइफ में। वो जमाने गए जब आप किसी के साथ घूम रहे हो या किसी मोटरसाइकिल पे बैठे हो तो आपने उसे एडल्ट्री में केस डाल देते और आप बोलते थे कि भाई यहां कैरेक्टर खराब है। ये तो आपस में एक दूसरे से लगे। मतलब गलत कर रहे हैं कुछ। राइट? ऐसा मान लेते थे। आज कोर्ट ऐसा नहीं मानती। नहीं मानता
(17:24) कोर्ट कहती है यार दो ह्यूमन बीइंग चाहे वो मेल हो मेलमेल हो मेल फीमेल हो आपस में घूमना फिरना रात को रुकना कमरे में रहना नॉट एडल्टरी कुछ गलत नहीं है तो यहां पे कंक्रीट एविडेंसेस अपने आप में बहुत इंपॉर्टेंट हो जाते हैं तो क्लाइंट ने जब ये कहा कि मुझे कंक्रीट एविडेंसेस चाहिए देशवासियों और मुझे क्योंकि यहां पे फिर पैसा मैटर नहीं करता है हम क्योंकि अगर आप पैसा मैटर करेंगे टाइम मैटर करेंगे तो फिर ये एविडेंसेस मिलने बहुत मुश्किल हो चुके तो कॉल ने कह दिया कि आप बस मुझे एविडेंस लाके दो। हम अब यहां पे फिर स्ट्रेटजी बनाई जाती है।
(17:57) पैटर्न देख लिया गया कि लड़की किन के साथ घूमती है। कौन सी गाड़ियों में घूमती है। वहां पे जीपीएस लग गए गाड़ियों में। आपने आईडिया लगा लिया कब कब कहां-कहां किस जगह पे जाती हैं। तो ज्यादातर वो अपने दोस्तों के ही कमरों पे जाती थी। अच्छा। अपने घर पे नहीं बुला के उनके दोस्तों जो दोस्त थे उनके कमरों पे दोस्तों ने अपने-अपने फ्लैट ले रखे थे जहां बिल्डर फ्लैट्स होते हैं किराए पे। तो हमने दो जगह किराए पर फ्लैट ले लिए। अच्छा। मैंने कहा कि सबसे बेहतर तरीका होगा कंक्रीट एविडेंस के लिए कमरे की अंदर की कोई इंफॉर्मेशन मिले। राइट राइट।
(18:31) वो उससे बढ़िया कुछ वो एक आंख खोलने वाली एविडेंसेस होती हैं। उसके बाद कुछ आपको देने की जरूरत नहीं है। हम अब कमरे के अंदर कैसे पहुंचे? कमरे के अंदर तो इंपॉसिबल है किसी के पहुंचना। राइट? तो उस कंडीशन फिर वही विंडो के अंदर कहते हैं ड्रिल मारी गई। उसके अंदर छेद किया गया। कैमरे लगाए गए। कैमरे लगाने के बाद फिर इंफॉर्मेशन गैदर की गई। ऑडियो वीडियो रिकॉर्डिंग्स हुई। राइट? वहां पे आपको बड़े शॉकिंग कंक्रीट एविडेंसेस मिले। अच्छा। अब वो शॉकिंग कंक्रीट एविडेंसेस ऐसे थे कि आपको कोर्ट में जाने की जरूरत ही नहीं है। आप फैमिली में रखिए लेडीज़ की
(19:04) हम तो उन्होंने बोल दिया कोर्ट में जाके क्यों बेज़ती करवानी? बेतीज़ती करवाऊंगी। म्यूचुअल कंसेंट पे ले लेता है। तो ईली तो मोशन हो गया। वो फाइनल हो गया केस। डिवोर्स हो गया। तो पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर आज की तारीख में सॉलिड एविडेंसेस चाहिए क्लाइंट को। हम अगर उसके पास पैसा नहीं है इतना खर्च करने के लिए क्योंकि पैसा इसमें ज्यादा खर्च होता है। टाइम लगता है। तो सर इसमें अगर किसी की हम कैमरा लगा के वीडियो बना लें एविडेंस के तौर पे हमने करा है। पर वो ऐसे नहीं बोल सकते। इन्होंने मेरी प्राइवेसी को ब्रीच करा है। तो कोर्ट में ऐसे नहीं
(19:37) बोला जा सकता कि इन्होंने किसी ने बोला कि इन्होंने मेरी ऐसी वीडियो बनाई है। तो वो उल्टा नहीं पड़ सकता। तरुण जी आपकी बात सही है। एविडेंसेस में एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज होती है कि आप पकड़े जाते हैं एविडेंस क्रिएट करते हुए तो आप गुनाहगार हैं। हम और जब आपने एविडेंस क्रिएट कर ली तो फिर सामने वाला गुनाहगार है। जब सामने वाले की एविडेंसेस रूम के स्टोरी आ गई हम तो उसके बाद वो किसके सामने जाके ये बोले कि मेरी प्राइवेसी प्राइवेसी तो लोग बोलेंगे साइड में रखते हैं। पहले ये तुम कर क्या रही हो? राइट? बहुत सारी चीज़ आया। आपके हस्बैंड वहां बैठे हैं और आप इस कमरे
(20:08) के अंदर इनके साथ एंजॉय कर रही हो। दूसरे आदमी के साथ भी एंजॉय कर रही हो। तो आप क्या करें? तो प्राइवेसी यहां ज्यादा इंपॉर्टेंट हो गई कि यहां पे उसकी अपनी इज्जत है। राइट? तो फैमिली कहती है इज्जत यहां पे इंपॉर्टेंट है। हम प्राइवेसी को एक साइड में रखो। अगर प्राइवेसी प्राइवेसी खेलेंगे तो ये तो इसको तो तलाक मिलना ही मिलना है। हम वो तो होना ही है। और प्राइवेसी कैसे हुई है? अगर मान लीजिए कि आपके पास जो इंफॉर्मेशन है पेन ड्राइव में किसी के कोई दे गया। कोई दे गया आपको। दे गया आपको। हां। कोई हमें तो आप कैसे प्रूफ करेंगे कि कौन था वो?
(20:36) हां। किसी ने दिया। ढूंढते रहो। राइट? लेकिन समझ गया। यह एविडेंस आपके खिलाफ जा रही है। यह क्लियर है। उसमें डेट है, टाइम है, स्टैंप है। उसके साथ फिर आप कंक्रीट एविडेंस चेन ऑफ एविडेंसेस भी तो लगा रहे हो कि इस आदमी के साथ ही जगह-जगह घूम रही है। गाड़ियों में बार में जा रही है। सब कुछ गाड़ियां कॉल को तो चलो पुलिस निकलवाएगी ही निकलवाएगी। बेल डिटेल भी पुलिस निकलवाएगी कि जब आपने कहीं बार में गए तो आपने अपना कार स्वाइप किया था तो वहां पे आपने पैसे दिए थे। हम्म। लेकिन जो ऑडियो वीडियो और जो आपके घूमने की चैन एविडेंसेस बन रही हैं उन्हें आप
(21:08) कैसे डिनाई करोगे? राइट? तो वो डिनाई नहीं हो पाएंगी और ये जो रूम के अंदर की ये दोनों सब एक साथ चेन ऑफ एविडेंसेस बनेंगी तो आप को जाना पड़ेगा डिवोर्स की तरफ। राइट? या तो डिवोर्स की तरफ जाएंगी या फिर पूरे शहर में अपना ढिंढोरा पिटवा के बेेज्जती करवा के फिर आप डिवोर्स लेंगी। लेकिन डिवोर्स तो लेना पड़ेगा। कोर्ट ये नहीं कह सकता कि चलो यार आपकी वाइफ है। कोई बात नहीं। एंजॉय करने का हक है इसको। नहीं भाई नहीं ऐसा नहीं है। हिंदू मैजिक एक्ट के अंदर ऐसा नहीं है। अच्छा यही है बात। करेक्ट सर। तो सर जैसे अभी हमने वीडियो की बात करी कि
(21:40) वीडियो बन जाती है तो आजकल आपने देखा होगा बड़े-बड़े शहरों में ना होटल और स्पा सेंटर खुले जा रहे हैं। अब होटल का इतना तो काम होता नहीं है। वहां पे अब टूरिस्ट भी नहीं आते तब भी होटल्स खुल रहे हैं बहुत सारे। तो सर इनकी क्या रियलिटी है? सुनने में आता है कि भी मतलब वीडियोस बनाते हैं बाद में ब्लैकमेल करते हैं। तो आपकी कोई इन्वेस्टिगेशन में ऐसा कोई केस सामने आया है स्पेशली फॉर होटल्स इन स्पा? देखिए जब होटल स्पा की बात करते हैं तो आपने अभी देखा होगा गुड़गांवा में स्पा के ऊपर भी बहुत सारे छापे पड़े हुए हैं। राइट? तो स्पा तो 90% जहां पे वहां
(22:11) कॉन्स्टिट्यूशन चल रहा है। गरीब घर की लड़कियां आ गई। उनको कहते हैं बलगला के आप ले आए या कोई प्रेमी बनके अपनी प्रेमिका को वहां पे कहते हैं या कोई गरीब घर की लड़की आ गई तो वहां पे वो मसाज करते-करते अब किसी को मसाज के ₹1000 मिल रहे हैं ₹2000 मिल रहे हैं पर डे के ऑफिस को धीरे-धीरे जब समझ लेते हैं वहां पे मैनेजर कि हां ये लड़की बहुत गरीब घर से है तो धीरे-धीरे उसको मोल्ड करते हैं सब बाग दिखाते हैं कि भाई तुम ज्यादा से ज्यादा कमा सकती हो ये है। अब जो लड़की पहले से ही फिजिकली अब्यूज हो चुकी है हम अपने प्रेमी के द्वारा या किसी और के
(22:47) द्वारा तो वहां पे उसके लिए थोड़ा सा ना मोरल वैल्यू के ऊपर टिके रहना मुश्किल हो जाता है। राइट राइट। वह कह दिया यार मैं पहले कहते हैं उस दोस्त के साथ 6 महीने निकाले साल निकाले वह आदमी इतना गंदा निकला मुझे यहां बैक गया या मेरे को इस बिनेस में डाल गया तो मैं क्यों ना पैसा कमाऊं हम तो उस कंडीशन मोरल वैल्यू्यूज कहीं डिस्टर्ब होती है लड़कियों की और फिर वो स्पा के अंदर एक तरीके से कॉन्स्टिट्यूशन चलना शुरू हो जाता है। तो ऐसे केसेस बहुत देखे गए इन्वेस्टिगेशन के अंदर जहां प्रीमैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन हुई। प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन में अगर
(23:18) किसी लड़के को किसी लड़के से प्यार है उसने पूछा कि कहां जॉब करती हो तो उसने स्पा का नाम ना लेके मॉल का नाम दे दिया कि मैं मॉल में सेज गर्ल हूं वहां जॉब कर रही हूं और जब इन्वेस्टिगेशन की तो पता चला कि वो स्पा में जॉब कर रही है। क्योंकि जो लड़की स्पा में जॉब कर रही है वहां पे उसको पकड़ना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है। कोई भी क्लाइंट उठ के जाएगा और बोलेगा कि मेरे को उसकी सर्विस लड़की की ज्यादा अच्छी लगती है। मेरे एक दोस्त ने ली थी। मेरे को उसी की सर्विज चाहिए। अब वो सर्विस देने आएगी और उस वक्त आप ऑडियो वीडियो हिडन कैमरा से क्योंकि मोबाइल आपको
(23:48) ले जाने दे नहीं रहे हैं। लेकिन अगर आपने बॉडी के अंदर या किसी चीज़ के अंदर हिडन ऑडियो वीडियो कैमरा जाके रिकॉर्ड कर लिया तो ऐसे बहुत सारे केसेस हमने देखे कि जहां पे इस तरीके की लड़कियां जो प्रीमेट्रिमोल केसेस के अंदर गरीब घर की लड़कियां छोटे शहरों से आई हुई लड़कियां वहां से कहते हैं रैकेट में फंसी हुई है बेचारी ओके सर ये स्पा सेंटर्स और होटल्स वाले ये रैकेट भी चला रहे हैं क्या जो ये रिकॉर्ड करके फिर ब्लैकमेल करते हैं बाद में लोगों को इसमें ब्लैकमेलिंग का एक ही तरीका होता है कि वह लड़की जॉब छोड़ के चली ना जाए। वह लड़की अपने कांटेक्ट ना बना ले।
(24:25) नहीं लड़कियों को तो कर रहे होंगे। जो कस्टमर्स होते हैं उनका भी बनाते हैं क्या वीडियो? बिल्कुल बिल्कुल। इसमें क्या है कि देखिए हर तरीके की दुनिया ये है। हर तरीके के रैकेट्स हैं। जिनका काम ठीक-ठाक चल रहा है। वो अपना काम ठीक-ठाक चला रहे हैं। लेकिन जहां उनको लगता है कि हमारे से किराए नहीं निकल रहे। हमसे कहते हैं पैसा पूरा नहीं हो रहा तो वहां पे वो क्लिप्स बनाकर वो क्लिप्स किसी थर्ड पार्टी को बेच देते हैं। अब वो क्लिप मान लीजिए आपने एड्रेस भी ले लिया। आपने कहते हैं मोबाइल नंबर भी ले लिया। आपने आपके पास फोटो वीडियोस भी आ गई
(24:53) आपके पास और थोड़ी सी इन्वेस्टिगेशन करके आपने पता कर लिया ये आदमी है कहां है। राइट? क्योंकि आप थोड़ा सा आदमी की पर्सनालिटी से समझ लेते हैं कि यह मिडिल क्लास से है या हायर क्लास से है या हायर से है। तो जब आपने अपना टारगेट फिट कर लिया और उसके उसकी वीडियोस बना ली और वो वीडियो खुद ना रख के थर्ड पार्टी को आपने फेंक दी। अब वो ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहे हैं। ऐसे बहुत सारे केसेस हैं। इसमें देखिए सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है? हमारे देश की जनसंख्या है। इसमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम है। राइट? पावर्टी है, गरीबी है। यह सब बहुत बड़ी वजह है। स्पा जहां पे भी खुले हुए
(25:28) हैं, वहां पे 90% स्पा में यही सब कुछ होता है। तो सर इससे मुझे और एक केस याद आया आजकल बहुत बढ़ रहे हैं। हनी ट्रैप केस तो इसमें एक पूरा गैंग होता है। वो किसी अमीर बंदे को फंसाता है। फिर उसे पैसे ऐडता है। तो ऐसा कोई केस जो आपके सामने आया हो और बहुत शॉकिंग हुआ हो। देखिए मेरे पास यह मोबाइल रखा हुआ है। इसके अंदर कम से कम तीन लड़कियों के हनी ट्रैप के नंबर अभी भी मेरे पास हैं। अच्छा आप उनकी फोटो देखोगे। मुझे पता कौन है। मेरी आपसे बात हुई थी। देशवाल जी आप इंडिया से बाहर थे। मुझे आपसे मिलना था। अच्छा तो मैंने कहा भाई आपसे मेरी कोई बात नहीं
(26:01) हुई है। कह नहीं सर आपसे मेरी बात हुई थी। आप एक बार मेरे से बात कर लो। मैंने कहा चलो बताओ क्या बात है? हां। तो वो इधर-उधर की बातें करने लगी। मेरे को आप अच्छे लग रहे हो। स्मार्ट लग रहे हो। मतलब जो हम फंसाने का फंसाने का तरीका उनके हैं अपने। तो मैंने कहा बेटा काम बताइए। कहते एक काम करते हैं वीडियो कॉल कर लेते हैं। अरे तो जैसे ही वीडियो कॉल का नाम आया तो मैंने कहा यस हम यह कोई गलत है। तो मैंने कहा एक काम करिए ना आपने कहां से फोन किया है? हम हम जो मोबाइल से किया तो आप कहां जॉब करती है? मैं इस कंपनी में जॉब करती हूं। कोई
(26:29) बात नहीं उसकी लैंड लाइन से फोन कीजिए। एक बार हम लोग क्लियर हो जाए कि आप कौन है? तो नहीं नहीं मैं आपको बताऊंगी और फिर वहां फोन कट जाता है। अब इसी चीज में कई लोग फस जाते हैं। ट्रैप भी हो जाते हैं। कई लोगों को बड़ा अच्छा लगता है लड़कियों से बात करना। हम तो सोचते हैं कि यार एक लड़की है फोटो पता नहीं किस लड़की की उस पे लगाई गई है और बहुत ब्यूटीफुल लगा दी गई है। हम तो आदमी उस लड़की को अपने दिमाग में रखकर और उस लड़की से बात करना शुरू कर देता है। और जैसे ही आप बात करना शुरू करते हो थोड़ा सा आप कहते हैं लूज टॉक लड़की करती
(26:57) है और आप करते हो गैब होते हो। पर वो वीडियो कॉल वीडियो कॉल पे आपकी फोटो जाती हैं। उसके बाद उसको आप वीडियो बना लिया जाता है। फिर आपकी मोबाइल डिटेल निकाली जाएगी। उसमें देखे जाएंगे। नंबर आपके कहां-कहां है। आपको बताया जाएगा कि यह आपके नंबर हैं। इन नंबरों पर मैं आपको वीडियो कॉल भेजो। वो ये वीडियो भेजूंगी। बस फिर ये सिलसिला शुरू हो जाता है। एक हनी ट्रैप का केस मेरे पास आया वो बिल्कुल अलग ही था। अच्छा। एक लेडी एक नामी [नाक से की जाने वाली आवाज़] डॉक्टर के ऑफिस में पहुंचती है हॉस्पिटल में। अच्छा। इंडिया की बाहर की लेडी थी वो।
(27:27) हम और वहां पहुंच के अपने जो प्रॉब्लम्स है उस प्रॉब्लम्स को बताती है और तीन-चार विजिट उसकी एक महीने में उस डॉक्टर के पास होती है। अच्छा। डॉक्टर साहब की फैमिली इंडिया से बाहर है। एज डॉक्टर साहब की हो चुकी है। हो चुकी है। डॉक्टर साहब उसके लिए बहुत बढ़िया टारगेट थे। हम बहुत पैसे वाले थे। रनाउंड डॉक्टर हैं। अगर मैं आज नाम ले दूं तो दुनिया जानती है उन डॉक्टरों को। एज अ रिनाउंड डॉक्टर है। तो डॉक्टर साहब जब ट्रैप हो गए तो उस लड़की डॉक्टर साहब को लग रहा है कि मैं लड़की को ट्रैप कर रहा हूं। लड़की तो अपना गेम खेल ही रही है।
(28:03) हम्म। लड़की की एज भी हार्डली 32 33 के आसपास है। डॉक्टर साहब 55 से ज्यादा क्रॉस हो चुके हैं। हम अब उस कंडीशन में डॉक्टर साहब को लगाई तो मेरी बहुत अच्छी फ्रेंड बन गई है। एक तो फॉरेन की लड़की ऊपर से इतनी खूबसूरत, इतनी छोटी उम्र और मेरे मेरी बड़ी तारीफ करती है। इसको मेरे ट्रीटमेंट से बड़ा फायदा हो रहा है। बड़ा जितने भी लुभावने तरीके अपनाए जा सकते थे। लड़की इधर से उसने अपनाया। इधर डॉक्टर साहब भी यही सोच रहे थे कि शायद मैंने ट्रैप कर लिया। राइट? तो डॉक्टर साहब ने उसे कहा कि किसी दिन आओ ड्रेनर पे बैठते हैं घर आओ हम घर बहुत अच्छी जगह पे है तो लेडी ने कहा
(28:40) कि नहीं मैं अभी तो नहीं आ पाऊंगी अगली बार आऊंगी इस तरीके से ले देखो आप ईली अवेलेबल हो हम तो फिर आप ट्रैप नहीं होगे नहीं होगे ट्रैप होने के लिए आपको ईली अवेलेबिलिटी नहीं दिखानी थी राइट राइट तो लड़की ने वही दो तीन बार मना किया डॉक्टर साहब और एक्साइटेड हो गए यार ये मना कर रही है इसको अगली बार जरूर और फिर लड़की बोली चलो सर आप इतना बोल रहे हो तो ठीक है हम बताइए किस दिन तो ठीक है इस दिन बैठते हैं। अब रात को लेडी अपना ऊपर से उनके यहां पहुंच गई। हम डॉक्टर साहब के घर में कोई है नहीं। जो नौकर थे उनको भेज दिया गया 8:00 बजे के
(29:13) बाद और डॉक्टर साहब अपना हल्कीफुल्की वाइन लेके ड्रिंक लेके बातचीत करना शुरू कर दिया। और धीरे-धीरे तो एक घंटे के बाद जो उन्होंने करना था उन्होंने किया। लड़की ने थोड़ा सा विद्रोह किया जो भी कि नहीं नहीं सबका अच्छा नहीं है। गलत है। लेकिन लड़की तो ट्रैप कर रही है। का अपना तरीका था और डॉक्टर साहब और लड़की ने जो फिजिकल उनके होने थे हो गए सुबह लेडी उठती है कहती है मुझे रात को बहुत नशा हो गया था आपने मेरे साथ ये क्या कर दिया मैं पुलिस में जाऊंगी आपने गलत किया मेरे साथ ये वो तो बोला नहीं नहीं नहीं हुआ आप भी तो तैयार थी गलती से हो गया आइंदा नहीं होगा
(29:52) इस तरीके से बात को खत्म कर दिया गया लड़की भी बात को खत्म करना चाह रही थी लेकिन प्रेशर डेवलप कर रही थी आपने मेरे साथ गलत किया राइट डॉक्टर साहब ने उसको उबर की और बोला कि चलो कोई बात नहीं गलती हो गई नेक्स्ट टाइम से ऐसा नहीं करेंगे। हम अच्छे दोस्त हैं और दोस्त रह गए हम लड़की तो ट्रैप कर चुकी थी हम लड़की अपना घर चली गई चार दिन के बाद एक वीडियो भेजी लड़की ने कि आपने मेरे साथ गलत किया था और मेरे पास ये पूरी वीडियो है ओ अब मैं ये वीडियो मीडिया को देने वाली हूं और पुलिस से पहले कंप्लेंट करूंगी आपकी अब डॉक्टर साहब के तो पैरों से जमी निकल गई
(30:25) कि ये क्या हुआ आपने मेरी वीडियो कैसे बना ली तो कहती है मैं किसी अनजान के यहां जाऊंगी तो मैं तो अपने पर्स में लगा के जाऊंगी ना कि मेरे को कोई कहते हैं मेरे साथ कुछ गलत ना करे तो आपने मेरे साथ गलत किया। मैं लगा के गई थी अपने कहते उसमें पर्स में कैमरा कि मुझे कोई बदतमीजी ना करे। आपने मेरे साथ बदतमीजी की है। अब लड़की ने तो इस तरीके से वहां पे दिखाया था कि उसके साथ जबरदस्ती हो रही है। हो रही है। अब हल्का सा विद्रोह कर रहे हो। एक तो होता है ना कि हल्ला मचाना, शोर मचाना, पुलिस को बुलाना और एक होता है नहीं नहीं ऐसे मत करो, वैसे मत करो। तो आपने उसको इस
(30:57) तरीके से ट्रैप किया डॉक्टर को। डॉक्टर को लगा कि मना कर रही लेकिन हो रहा है। अब कंडीशन यह हुई कि डॉक्टर साहब के हाथ पैर फूल गए। डॉक्टर साहब गए अपने दोस्तों के पास। सब दोस्तों ने कहा जी ये तो गलत हो गया। और ये तो पूरी वीडियो बनी हुई है आपकी। हम अगर उसे मीडिया में दे दिया तो आप जब तक प्रूफ करते रहोगे कि लड़की गलत थी या सही थी। इस वीडियो के अकॉर्डिंग तो आप ही गलत दिख रहे हो। राइट [नाक से की जाने वाली आवाज़] और फिर वो आपके घर है। आपने उसे घर बुलाया है। WhatsApp पे चैटिंग हो रही है आपकी कि आज कहते हैं मिलते हैं आप चार बार डिनर पे
(31:28) और मैं कैब बुक हो रही है। सब कुछ हो रहा है। तो आप ही तो उसे बुला रहे हो। हम वो तो आपकी एक तरीके से पेशेंट थी। राइट? तो आप ही आगे बढ़े हो। कौन पेशेंट को अपने घर बुलाता है? क्यों बुलाएगा? अब डॉक्टर बहुत परेशान। तो डॉक्टर ने फिर उसको बोला कि भाई क्या चाहते हो? छोड़ो इन सबको मिटाओ डिलीट करो। क्या चाहते हो? कह रही कुछ नहीं मेरे को तो ₹ लाख चाहिए। अच्छा तो ने बोला ठीक है मैं 50 दे देता हूं लेकिन इसको खत्म करते हैं। तो मैं कहती हां ठीक है उसने 50 ले लिए। अच्छा 50 लेने के बाद एक महीने बाद फिर उसने दोबारा वीडियो करी कि मेरी मदर का ऑपरेशन
(32:06) होने वाला है और ये है वो है और मेरे को वहां पे ₹ करोड़ भेजने हैं। नो सर अब डॉक्टर साहब परेशान अरे यार ये तो कोई ब्लैकमेलर रैकेट है। अब मैं बर्बाद हो जाऊंगा। अब उनके पास कोई तरीका था नहीं। हां। वो गए पुलिस के पास। बहुत सीनियर ऑफिसर के पास गए। मैं नाम नहीं ले सकता उनका। तो सीनियर ने कहा कि भाई मैं इसमें क्या आपकी मदद कर सकता हूं? क्योंकि अगर मैं आपकी मदद करूंगा पुलिस में एफआईआर होगी तो नेचुरली ये बात मीडिया में जाएगी। राइट? और मीडिया में जाएगी। आपकी फैमिली है नहीं। यह वीडियो की कुछ भी फोटो अगर लीक हो गई तो आपका तो करियर गया।
(32:44) और जितना नाम आपने आज तक कमाया था सब खत्म हो गया। हम तो इसमें बेहतर यह है कि एक हमारे डिटेक्टिव जानकार हैं संजीव देशवाज उनसे मिलो आप। वह आपको कोई ना कोई रास्ता जरूर दिखाएंगे। तो ठीक है वो मेरे पास आए टाइम लेबर तो मैं वो बताया कि भाई डॉक्टर साहब हुआ कैसे? कहता ऐसे-ऐसे मैंने कहा यार आप भी तो इंटरेस्टेड थे। कहता हां गलती तो मेरे से हुई है लेकिन यार वो भी तो इंटरेस्टेड थी। तभी तो घर आई मेरे। तो मैंने कहा नहीं वो तो ट्रैपर थी। वो तो ब्लैकमेल थी। हम वो इंटरेस्टेड कभी नहीं थी। अगर इंटरेस्टेड होती तो आपसे पैसे थोड़ी मांग
(33:15) रही होती। राइट आपको अपना एक अच्छा दोस्त मानती तो वो इंटरेस्टेड नहीं थी वो एक ट्रैप था एक रैकेट था वो उस रैकेट में अब आप गए हो फर्स्ट अब आपको इसमें निकलना है तो इसमें एक ही तरीका है निकलने का सिर्फ एक ही तरीका कहते बताइए मैं इस केस को हम एक्सटॉशन की तरफ ले जाए तो अच्छा तो कहते हैं इस केस को एक्सटॉरशन की तरफ कैसे ले जा सकते हैं देशवाली हम मैंने कहा बहुत आसान है आपने ₹50 लाख दिए हैं ना हम हां तो मैं कुछ पैसा बैंक से भी निकाला होगा कुछ आपके पास होगा कहता हां मैंने बैंक से पैसा निकाला था हम तो मैंने कहा एक काम कीजिए टाइमलाइन
(33:47) बनाते हैं कि आपने किस दिन ये सब किया हम जो आपके साथ हुआ उसके बाद आपने कब बैंक से पैसे निकाले उसके बाद आपने लेडी को कब पैसे दिए ये टाइमलाइन बनेगी जो चेन बनेगी कि ये पैसे निकले और कहां गए कहां गए फिर उसके बाद हम आपको देते हैं एक वीडियो कैमरा हम ऑडियो वीडियो कैमरा आप उसे एक मीटिंग और रखिए हम उस मीटिंग के अंदर आप डेट्स बोलिए बातोंबातों में अच्छा कि यार तुम 25 तारीख को मिली हो। 30 को तुम मेरे को फोन कर रही हो। दो तारीख को तुम फिर मेरे से पैसा मांगते हो। मैं तुम्हें दे तो दिए 50 लाख। अब मुझसे इस बात की हामी भरवाओ वीडियो के अंदर
(34:24) लाख कि आपने 50 लाख मांगे थे। मैंने आपको ₹ लाख दे दिए हैं। और अब आप ₹ करोड़ मांग रहे। मैं कहां से लाऊं इतना पैसा? हम भाई मैं इतना पैसा मेरे को तो घर बेचना पड़ जाएगा। 3 करोड़ मेरे पास थोड़ी है कैश में। और आपको कैश पैसा चाहिए या फिर गोल्ड में चाहिए तो मैं इतना पैसा लाऊं तो लाऊं कहां से? हम और अगर बैंक से मैं निकलवाता हूं। सारी तड़वाता हूं तो मेरी बीवी बच्चों को पता चल जाएगा। हम छोटी रकम थोड़ी 3 करोड़ और फिर यह क्या गारंटी है कि 3 करोड़ देने के बाद फिर कोई डिमांड नहीं आएगी एक दो साल के बाद या एक दो महीने के बाद तो ये सारी आपने डिस्कशंस करनी है और ये
(34:58) डिस्कशन रिकॉर्ड होनी है हम और उस रिकॉर्ड डिस्कशन में आपने बोलना है कि यार तुम घर आई हैं एक अच्छी दोस्त थी ना मेरी दोस्त बन गई तो मेरे घर आई थी तो क्या दोस्त ऐसे वीडियो रिकॉर्डिंग करता है और चलो वीडियो रिकॉर्डिंग आपने अपनी बचाव के लिए कर ली कि भाई मेरे साथ कहीं कुछ गलत ना हो जाए तो पैसे कौन मांगता है हम्म हम आप पुलिस के पास जा सकती थी। आपने मेरे से ₹ लाख ले लिए। अब आप ₹ करोड़ मांग रही हो। ये जब सारे डिस्कशंस हो जाएंगे तो ये एक्सटॉरशन का केस बनेगा क्योंकि उसने आपसे ₹ लाख ले चुके हैं और दोबारा ₹ करोड़ मांग रही है।
(35:29) हम तो डॉक्टर साहब को यह समझ में आ गया। बात तो सही कही जा रही है देशवा जी की तरफ से। तो उन्होंने बोला ठीक है। मुझे पूरा हिडन कैमरा जो भी है आप लगा के दीजिए। देशवा जी हम और करते हैं मैं ठीक है तो एक अच्छे रेस्टोरेंट में बुलाया लेडी को बुला लिया क्या लेडी वहां आई हमारी टीम भी वहां थी हम हमारी टीम अलग टेबल पे बैठ के उनकी वीडियो बना रही थी कि हां भाई ये लेडी आ रही है गाड़ी से उतर रही है अंदर आ रही है डेट और टाइम के साथ क्योंकि मुझे लगा कहीं ऐसा ना हो गलती से डॉक्टर साहब का कैमरा ही काम ना करें या ऑन ही करना भूल जाए और कुछ बने ही ना तो कम कुछ तो हो
(36:07) राइट तो टीम टीम को मैंने बोल दिया था कि आप लोग वहां खाना पीना भी करना। उसका बिल भी रखना ताकि क्लियर हो जाए कि उस दिन आप वहां थे और एक न्यूज़पेपर [गला साफ़ करने की आवाज़] रखना वीडियो बनाते हुए न्यूज़पेपर का भी प्रिंट ले लेना ताकि 100% क्लियर हो जाए कि उसी दिन की ये वीडियो है। डेट और टाइम भी आ ही रहा है वीडियो में। ये भी एडिट नहीं किया जाता। माना जाता है कि हां ये सही है। लेकिन ये इतने सारे अगर एविडेंसेस लग जाएंगे तो ये सॉलिड एविडेंस बन जाएगा। डॉक्टर साहब ने लेडी के साथ डिनर किया। हम डिनर के टाइम लेडी सारी डिस्कशंस की।
(36:42) हम लेडीज में हां न हां न करके बात करती थी लेकिन सॉलिड कुछ नहीं बोल रही थी। अच्छा वो लेकेज हां स्मार्टली क्योंकि आप जब बोलते हो तो जितना ज्यादा बोलते हो उतने ज्यादा उसमें से एविडेंसेस निकल सकते हैं आपके खिलाफ। वो भी एक्सपीरियंस्ड ही है एक्सपीरियंस। एक्सक्टली तो वो उतना ही बोल रही थी जितना उसको बोलना मजबूरी थी कि यार तुम इतने पैसे ले लिए अब तुम इतने मांग रही हो ये तरीका ठीक नहीं है ना कहते नहीं नहीं मेरे को चाहिए हम तो इसका मतलब ले लिए उसको उसने डिनाई नहीं किया तो मतलब ले लिए हां डिनाई नहीं किया फिर डेट बोली जा रही है
(37:17) तो डेट में भी उसने डिनाई नहीं किया और वो डेट टाइमलाइन तो हमारे पास है ही बैंक का भी है देने का भी है सब कुछ है ये सारे जब एविडेंसेस तैयार हो गए हम हमने पुलिस वालों से बात करी हम पुलिस वाले हमारी इसमें मदद कर रहे थे क्योंकि डॉक्टर साहब का बहुत ऊपर कनेक्शन था और वो नहीं चाहते थे कि एक खबर मीडिया में भी आए हम तो इमीडिएटली रात को ही हम जैसे ही ये हुआ सुबह के टाइम 4:00 बजे लेडी को उसकी लोकेशन देखी पुलिस ने इमीडिएटली करंट लोकेशन और उसको वहां से उठा लिया पुलिस ने थाने लेके आए कहते जी यहां पे एक्सटॉशन का केस बन रहा है और ये पूरी वीडियो है इसमें आप डॉक्टर
(37:58) डॉक्टर को ब्लैकमेल किया है और आपने डॉक्टर के साथ अब मेरे साथ क्या हुआ वो इंपॉर्टेंट नहीं है। हम अब इंपॉर्टेंट ये है कि आपने ब्लैकमेल किया है। आपने पैसे लिए हैं और आप दोबारा भी पैसे मांग रही थी। इतने बड़े रनाउंड डॉक्टर्स से आप एक्सटॉशन कर रही थी। हम और मैंने पुलिस वालों को समझा दिया था कि अगर इसकी थोड़ी सी और प्रीवियस हिस्ट्री में जाओगे ना कि कहीं ना कहीं और ऐसे रेप्टों में दिखेगी। इसकी कनेक्शन कांटेक्ट लिस्ट के अंदर और लोग दिखेंगे। इमीग्रेशन से इसका पासपोर्ट की डिटेल लो। कब कब आई है? कहां-कहां ठहरी है? वहां पे थोड़ी सी भी
(38:29) इन्वेस्टिगेशन करोगे क्योंकि उसका रैकेट है। उसके लोग हैं। राइट? तो पुलिस वाले समझ चुके थे कि हमें कैसे बात करनी है। तो पुलिस वालों ने कहा कि ऐसा-सा मैडम आप एक्सोन केस बना रहे हैं और आपको गिरफ्तार कर रहे हैं। बताइए आपने कुछ कहना हो। अब वो लेडी परेशान हो गई। हम नहीं नहीं मुझसे गलती हो गई। मुझे माफ कर दो। मुझे छोड़ दो। जब ये वर्ड यूज़ होने लगे तो लगा कि अब ये लड़की लेडी टूटेगी। तो मेरे से बात चल रही थी पुलिस वालों की। हम बोले देश ऐसे-से हो रहा है। मैंने कहा बोलो इस लेडी को कि इमीडिएटली लिख कर दे हम कि डॉक्टर साहब मेरे बहुत अच्छे दोस्त
(39:06) हैं। उनके घर गई थी और मेरा इनसे कोई ऐसा लेना देना नहीं है। और इसको बोलो अभी शाम तक की एक टिकट ले हम और इंडिया छोड़े और अगले तीन साल तक इंडिया नहीं आएगी। अगर इमीग्रेशन पर नजर रखेंगे। अगर ये इंडिया आती है तो हम फिर ये केस ओपन करेंगे इसके खिलाफ हम अदरवाइज ये इंडिया रहेगी दिमाग लगाएगी और परेशान करेगी हम और वही हुआ पुलिस वालों ने कहा कि देखो मैडम दो ही रास्ते हैं आपके पास या तो आप इमीडिएटली इंडिया छोड़ें और लिखित में सब कुछ दें तो देखिए फिर डॉक्टर साहब अगर आपको माफ करते हैं तो ठीक है अदरवाइज हम डॉक्टर साहब की कंप्लेंट ले
(39:43) रहे हैं हम और आपको डिपोर्ट करेंगे डिपोर्ट करने से पहले आप हमारे देश की सजा भुगत देंगे हम मतलब उसका जितना मैक्सिमम म समझाया डया और समझाया जा सकता था। उसके अकॉर्डिंग लेडी को वापस ही जाना था। हम और वही हुआ चली गई। अगले दिन लेडी इंडिया छोड़ के चलते ही बनी। और डॉक्टर साहब फिर डॉक्टर साहब को समझाया कि डॉक्टर साहब अगर ज्यादा तकलीफ है तो बैंकॉक बहुत है। रोज फ्लाइट जाती है। रोज निकल जाया करो यार हर महीने। हम इन सब चीजों को छोड़ो। छोड़ो। क्योंकि यही कैरेक्टर आपका आपको तकलीफ देगा। हम तो ये सब चीजें हैं। तो सर इसी से इसी से मुझे एक और चीज आजकल
(40:18) बहुत चल रही है। आजकल लड़कियां लड़के ना शादी से पहले बैचलर्स पार्टी करते हैं। बैचलर करते हैं। तो उसमें ऐसे बोला जाता है, सुना जाता है कि लड़कियां जिगोलो को बुलाती है, मेल प्रॉस्टिट्यूट्स को, लड़के प्रॉस्टिट्यूट्स को बुलाते हैं। तो ये मेल प्रॉस्टिट्यूट्स का रैकेट बहुत ज्यादा बढ़ चुका है क्या? मतलब ये है क्या? मतलब सच में लड़कियां आजकल मेल प्रॉस्टिट्यूट्स को बुला रही हैं और नए-नए मेल प्रॉस्टिट्यूट्स बन रहे हैं। तरुण जी थोड़ा सा हमें ये समझना पड़ेगा कि हम लोग कौन है? हम लोग इंडियंस हैं। अच्छा लोग यहां पे बात का पतंग बहुत जल्दी बनाते
(40:57) हैं। हम बैचलर पार्टीज होती हैं। कोई दो राय नहीं। लेकिन वहां पे जगह बुलाया जाए और खासकर उन दिनों में बुलाया जाए। कोईेंस नहीं है उसकी। अच्छा जो अनमैरिड लड़कियां हैं उनके ग्रुप होते हैं रात को एंजॉय करती हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है। हम अच्छा अंधरावर लड़के जैसे लड़के एंजॉय करते ही हैं। हां राइट। मैंने आपको पहले भी बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म इतना बड़ा हो चुका है कि अब लड़कियों को एक कहते हैं WhatsApp के ग्रुप पे बोलना होता है कि आज हम वहां मिल रहे हैं। हम और यार वहां किसी को बुलाते हैं। जगह लोगों को बुलाते हैं। हम मेल प्रोस्टट्यूट को बुलाते हैं और वहां
(41:31) एंजॉय करते हैं। एक्सैक्टली करती है लड़कियां। हम क्योंकि लड़कियां बहुत ओपन हो गई है। खुल गई हैं। हम उनको भी वह आनंद लेना है जो लड़के लेते आए हैं जिंदगी भर दुनिया पिछले 20 100 200 साल से। राइट? लड़कियां तब बहुत बंधी हुई थी। लड़कियां प्रेशर में थी। अब वो प्रेशर खत्म हो चुका है। बराबर हैं जी हम लोग तो बराबर है तो रात को लड़कियां घूमेंगी भी एंजॉय भी करेंगी। क्या बुरा है? ठीक है। जब लड़कियां नहीं मानते तो लड़कियां क्यों मानेंगी? जिन्होंने लोग अपने आप में एक बहुत बड़ा स्पैम भी है। अच्छा। हां। और साथ में स्कैम भी है। स्पैम भी है
(42:01) और स्कैम भी है। स्कैम कैसे है? स्कैम जो लड़के कम उम्र के हैं, गरीब घर से हैं, लेकिन फिजिक बहुत अच्छी है या किसी जिम में जाते हैं, बॉडी वगैरह बनाते हैं। तो ये उन स्कैमर्स के और कहते हैं जो इस तरीके के अ फ्रॉड लोग हैं उनके निशाने पे आ जाते हैं। अच्छा। और उनकी डिटेल उनको वहीं से मिल जाती है जहां जिस कहते हैं क्लब में या जिस वो जिम में जाते हैं क्योंकि वहां पर नंबर मोबाइल नंबर गाड़ी ये सब तो दिखता ही है। फिर उनको टारगेट किया जाता है। उनको कॉल किया जाता है कि एजेड लेडीज हैं। उनके हस्बैंड बाहर रहते हैं। उनको आपकी नीड्स
(42:40) हैं, फिजिकल नीड्स हैं। अगर आप आते हो तो आपको हम इतना पैसा देंगे, उतना पैसा देंगे। कई लोग ट्रैप भी हो जाते हैं जो गरीब है, फिजिक अच्छी है, लगता है सेक्सुअल प्लेजर मिलेगा और उनको पैसा भी मिलेगा। हम तो उस कंडीशन में कई लोग ट्रैप भी होते हैं। अब ट्रैप क्या होते हैं कि आपको फोन किया गया। आपको कुछ 10 20 लड़कियों की औरतों की फोटोएं डाल दी गई जो 40 50 की ऐज की हैं। हम लेकिन दिखने में ठीक-ठाक हैं। जानबूझ के दिखने में ठीक-ठाक रखी गई वहां पे ताकि आप ट्रैप हो। हम अब आप कहते हैं यार मेरे को 5000 भी देगी। 50000 भी देगी, अच्छा अमाउंट भी देगी। मैं
(43:18) इसके घर में एंजॉय भी करूंगा, पैसा भी कमाऊंगा। तो यहां मोरल वैल्यू तो कोई है ही नहीं। राइट? आप गरीब घर से आते हैं। आपको बहुत तेजी से आगे बढ़ना है। आपको बहुत पैसा कमाना है और एक जिम में जाने वाला लड़का क्या तो नौकरी करेगा और क्या तो कमाएगा। राइट सर। तो कोई 50400 की नौकरी कर रहा है और उसको एक रात के अगर 500 मिल रहे हैं तो उसको लगता है यार यह तो बहुत ही इजी टास्क है मेरे लिए और मेरे को तो एंजॉय भी करना करने का मौका मिलेगा अब वहां पे फिर ट्रैप एक बार हो जाता है तो फिर वहां पे रास्ते बनते हैं कि आप अपनी फोटो भेजिए फोटो भेजिए ये
(43:51) भेजिए वो भेजिए हम आपको इतना पैसा देंगे मान लीजिए आपने एक फोटो भेज भी दी उसने बोला आपकी फोटो सेलेक्ट कर ली गई है अपना पासपोर्ट भेजिए क्योंकि आपको हम इंडिया से बाहर भी भेजेंगे उसके लिए हम आपको ₹ लाख देंगे पर डे। अब वहां पे जितना जितना अच्छा ट्रैप किया जाता जा रहा है, उतना बड़ा-बड़ा ट्रैप होता जा रहा है सामने वाला। अब एक बार ट्रैप हो गया तो ठीक है। अब आपको मेंबर बनना है मेंबर के लिए ₹00 दीजिए। अच्छा सिक्योरिटी हां सिक्योरिटी अमाउंट जमा कराइए। आपने 50 दे दिए। फिर आपको बोल दिया नहीं आपको तो हम इंटरनेशनल कहते हैं उसमें
(44:22) डालना चाहते हैं। तो आप उसके लिए ₹ लाख दीजिए। मतलब जो मैक्सिमम बेवकूफ बना के लूटा जा सकता है वो लूटा जाता है। लेकिन सच में जिगलू भी है। ऐसा भी नहीं कि जिगल है ही नहीं। मेरे प्रॉस्टिट्यूट है नहीं। बिल्कुल है। मुझे याद आता है काफी पुरानी बात है ये। ये लेटेस्ट नहीं है। अब सोचो कि तब से मैं जिगलू को देखते आ रहा हूं। तो अब तो कहां से कहां लोग पहुंच चुके होंगे। यह कम से कम 15 साल पुरानी बात है। एक किसी ने मेरे को किसी पेरेंट्स ने कहा कि जरा मेरे बच्चे के बारे में देखो बच्चा थोड़ा सा आजकल सोने की चैन और इस टाइप के कहता है और एक उसने मोटरसाइकिल अभी ली मैं
(44:57) तो उसको इतना पैसा दिया नहीं और वो कहता है मैंने दोस्तों से उधार लिया है। जॉब वो करता नहीं तो इतना सब इसके पास आ कहां से रहा है। रात को ये लेट भी आता है। कई बार कई बार ये कशे में भी होता है। तो जरा देखो इसके कौन दोस्त वगैरह हैं। हमने उसको सर्वेंस में रखा। का ऑब्जरवेशन में रखा कि भाई ये बच्चा कहां उठता बैठता है। हार्डली उसकी ऐज होगी 22 23 के आसपास। यंगस्टर था तो देखा कि वो हफ्ते में एक फार्म हाउस में वहां पे ज्यादातर जा रहा है। यहां इसका कोई दोस्त हो। अब जो सर्विलेंस टीम थी वो उसको वहां देखती थी और सोचती थी कि कोई
(45:35) वहां पार्टी कर रहा होगा। उसके बाद वापस आ जाती थी। धीरे-धीरे मैंने कहा ऐसा कैसे हो सकता है यार? ये इसी फार्म हाउस पे बार-बार आता है। कभी भी किसी दोस्त के बाद नहीं आया। कई बार सुबह भी निकला यहां से। इसका घर का बैकग्राउंड ऐसा नहीं है कि इसका कोई फार्म हाउस का इतना अच्छा दोस्त होगा जो इसको रात भर यहां बिठाएगा। हम कुछ और भी है। फिर वहां पे हमने लोगों की लिस्ट निकालनी शुरू करी। जिनकी बाहर गाड़ियां खड़ी थी उनके नंबरों से उनके एड्रेस से कि ये लोग कौन है? सब यंगेस्टर्स थे। ज्यादातर बाइक वाले लड़के थे। अच्छा। उन लोगों से दोस्ती की गई। उन दोस्तों से
(46:07) दोस्ती की गई तो पता चला कि वह इस टाइप की सर्विज दे रहे हैं। तो उनको बोला गया कि यार मेरे को भी सर्विस देनी है। तो हमने हमारा एक इन्वेस्टिगेटर एंट्री कर गया। हम जब मैं इन्वेस्टिगेटर एंट्री करके उस फार्म हाउस में पहुंचा तो देख रहा है कि वहां पे सच में एजेड लेडीज हैं। हम और एजेड लेडीज वहां पे पानी लड़कों के साथ एंजॉय कर रही हैं। इवन तब हमने देखा कि सोने की चैन सच में एक ने गिफ्ट की। किसी का बर्थडे था लड़के का। उसको गिफ्ट की गई सोने की चीज। ठीक है। उसको सोना इतना महंगा नहीं था। लेकिन उसको भी कॉस्ट तो थी थी तो काम ही था
(46:38) तब हमें सारी चीज़ समझ में आ गई कि ये है जगहोज़ अच्छा वहां पूरी वीडियोस बनाई गई एविडेंससेस इकट्ठे किए गए तो वहां पे ना कोई पैटर्न बड़ा अलग था या तो यंगस्टर लड़के थे ओ लेजेस थी हम दोनों में कोई मैचिंग नहीं थी आपस में या तो लड़के भी यंगस्टर्स हैं लड़कियां भी यंगस्टर हैं चलो बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड आया हुआ एंजॉय करता है लेकिन उनका पैटर्न अलग था राइट सब की सब 40 50 से ऊपर थी ये सब 25 26 28 इस टाइप के लड़के थे तो इनका कोई पैटर्न नहीं वो सब शायद थे ये सब अनलाइड थे तब हमें समझ में आया कि वो ये जगह लोग का पूरी स्टोरी चली फिर उसके फादर को पूरी
(47:13) रिपोर्ट्स दी गई कि अब आपका बेटा है मुझे तो लगता नहीं कि जल्दी मानेगा हम ज्यादा प्रेशर बनाओगे तो घर छोड़ देगा पैसा इस पे आ ही रहा है अब देखो कैसे आप लोग इसको हैंडल करते हो हम तो सिर्फ काउंसलिंग कर सकते हैं आपके बेटे को समझा सकते हैं कि दिस इज़ नॉट अ फ्यूचर ये फ्यूचर नहीं है यहां पे हो सकता है आपको बीमारियां भी मिल जाए दो चार क्योंकि ऐसी हरकतों में ही एचआईवी होने के ज्यादा चांसेस रहते राइट सर। तो आप हो सकता है कि इस यंग एज के अंदर जल्दी-जल्दी ज्यादा से ज्यादा पैसा तो ज्यादा से ज्यादा पैसा कितना भाई? आप अगर अपनी सर्विज दे भी रहे हो 50,000 ले भी
(47:43) रहे हो और पूरे हफ्ते में दो तीन सर्विस दे भी दी तो आपने ₹6 लाख कमा लिए महीने के लिए। लेकिन कब तक? बीमारियां नहीं होंगी। कब तक? आप क्या शादी नहीं करोगे? कब तक? तो ये फ्यूचर नहीं है। ये बच्चों को समझना चाहिए। लेकिन लाइफ है। सर जैसे एजेड आपने बोला फीमेल्स का ये बहुत चल रहा है। क्रेज बढ़ गया है बड़े-बड़े शहरों में। तो आजकल ये अ फीमेल्स ना किटीज पार्टी किटी पार्टीज बहुत करती हैं। तो ऐसा कोई केस आपके सामने आया हो कि किसी ने अपनी मतलब पत्नी का चेक कराया हो कि यार ये बहुत पार्टीज में जाती है किटी पार्टीज करती है तो आप चेक करो कहां जाती है। तो कुछ ऐसा
(48:22) केस या कुछ आया हो? तरुण जी देखो प्री मैट्रिमोनियल पोस्ट मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर साफ-साफ निकल के आता है जब इन्वेस्टिगेशन की जाती है क्योंकि जो डिटेक्टिव को हायर करता है वो एक अच्छा अमाउंट देता है और वो तभी अमाउंट देता है जब उसके पास 40 से 60% इंफॉर्मेशन होती है कि कुछ तो गड़बड़ है लेकिन मेरे पास टाइम नहीं है या मैं इतनी स्किल्स नहीं रखता कि वो पकड़ पाऊं तो एक जनाबे अली आए थे हमारे पास अच्छा वो कह रहे हैं कि यार मेरी वाइफ केटी पार्टीज में जाती हैं और मैं उनको मना करता हूं। क्या रखा है किटीज़ में और कभी वह किसी फाइव स्टार होटल में किटी कहते
(48:57) हैं अपना हो रही है। कभी किसी के घर पे हो रही है। कई बार तो वो यह भी बोल देते हैं कि वहां को रात को रुकना भी पड़ रहा है। तो ऐसी इन्वेस्टिगेशन में कई बार देखा गया कि केटीज के अंदर ये सब चीजें हो रही हैं। केटी पार्टी के नाम पर किट चल रहे हैं। केटी पार्टीज के नाम पे कई बार तो क्या होता है कि लेडीज़ इतनी स्मार्ट हो गई हैं कि अपने जैसे 10 बॉयफ्रेंड हैं। 10 लेडीज़ हैं। 10ों के अपने बॉयफ्रेंड हैं। एक ग्रुप बन गया। पता है हम कि भाई हम आज इसके घर पे मिलेंगे हम इसके हस्बैंड इंडिया से बाहर है हम तुम सब अपने हस्बैंड्स को बोल दो कि भाई
(49:31) हम लोग किडनी पार्टीज में हैं और शाम को एंजॉय करेंगे हो सकता है लेट आएंगे या फिर सुबह आएंगे और वहां पे फिर ये सब हो रहा है तो ये इन्वेस्टिगेशन में कई बार पकड़ा गया कई बार देखा गया तो धीरे-धीरे जैसे सोसाइटी अपडेट हो रही है उसके साथ बहुत सारी मोरल वैल्यूस भी गिर रही है। हम वेस्टर्न कल्चर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। देखिए वेस्टर्न कल्चर के अंदर तो मैं मैं वेस्टर्न कल्चर ऐसा नहीं मानता हूं। यह वेस्टर्न कल्चर ऐसा नहीं है कि किसी की बीवी के साथ कोई घूम रहा किसी बीवी के साथ नहीं। ऐसा नहीं है। वहां ओपन होता है। हां हम कहते हैं वहां ओपन है कि आप मुझे
(50:01) पसंद करते हो इसे नहीं पसंद करते हो। नमस्कार नमस्कार। यहां छुप के सब किया जा रहा है। यहां छुप के चीट किया जा रहा है। चीट है ये। ये फ्रॉड है, चीट है। इमोरल मतलब आप जो भी कर रहे हो सब छुप के कर रहे हो। छुप के वेस्टर्न में ऐसा नहीं है भाई। मैं पूरी दुनिया घूमता हूं। राइट? दुनिया की कोई सिटी नहीं जो हमने ना देखी हो इन्वेस्टिगेशन के दौरान। राइट? तो उस 36 इयर्स का कहते हैं ट्रैक है इन्वेस्टिगेशन का। पूरे वर्ल्ड में देखा वेस्टर्न एक दूसरे को कितना प्यार करने वाले लोग भी हैं। हमारे देश में भी ऐसे हैं। कुछ उंगलियों पे हम गिन सकते हैं कि ऐसे
(50:34) लोग भी हैं। जैसे आपने देखा कि अपने हस्बैंड को चीट करना, शादी होते ही अपने हस्बैंड को कहीं से धक्का दे दिया, किसी ने नीडेड ड्रम में डाल दिया, किसी ने पुश कर दिया। कितने केस? हम हार्डली 10 केस, 20 केस, 30 केस। 150 करोड़ की जनसंख्या में 30 केस भी अगर मैं मान लूं जबकि 30 नहीं है 15 से ज्यादा केस नहीं है लेकिन 30 भी अगर मैं मान लूं और परसेंटेज निकालूं तो 0.
(50:58) 1 भी नहीं है। और ये भी सर मीडिया की वजह से बाहर आता है। सॉरी मीडिया की तरफ से हाइप किया गया है। तो हमारी सोसाइटी बहुत शानदार है। लोग बहुत शानदार हैं। एक दूसरे से प्यार करने वाली फैमिलीज़ हैं। मोरल वैल्यूज़ हैं। लेकिन कुछ चुनिंदा लोग अगर ऐसे हैं तो मीडिया के पास क्या तरीका है? अपने आप को लाइमलाइट में रखने का उसी केस को रगड़ते रहो, रगड़ दिखाते रहो, कंटिन्यू और अपनी कहते हैं टीआरपी बढ़ाते रहो। अदरवाइज तो ऐसा कुछ नहीं है इस देश के अंदर। तो सर अभी आपने नाम ले ही लिया था कि एक केस था वो ड्रम वाला जो अपने पति की लाश काट के उन्होंने ड्रम में डाल दी थी।
(51:33) मुस्कान और साहिल शायद नाम था उनका। उसका बिल्कुल। तो सर उनको अब मुजरिम मान लिया गया। तो उस केस के बारे में आपका क्या सोचना है कि अगर आपने उसके बारे में पढ़ा हो तो आजकल ये मेंटालिटी कहां जा रही है? देखिए मैं आपको मेरा सोचना ऐसा है सोसाइटी के बारे में लोग अलग तरीके से भी सोचते हैं। हम कुछ महिलाएं हम बहुत ही कमजोर हैं, डरपोक है, कायर हैं। लोग कहते हैं ना कि महिलाएं बराबर हो गई हैं। महिलाओं अपने हक में आवाज उठाना सीख गई हैं। महिलाएं कायर नहीं है। डरपोक नहीं है। लेकिन जो इस तरीके की हरकतें करती हैं कि आपने शादी की एक अच्छे इंसान से। देखो
(52:11) जिनकी भी शादी हुई उनके हस्बैंड जो थे वो शानदार थे। अच्छे। अगर आप पूरा रिकॉर्ड उठाओगे तो आप देखोगे कि इन सबके हस्बैंड बहुत शानदार थे। प्रेमी एक पैसे के लोग नहीं थे। राइट? कंगले, गरीब हम नशेड़ी इस टाइप के लोग थे। जबकि उनके जो हस्बैंड थे वो बहुत शानदार थे। बस उनके पास एक ही कमी थी। उनके पास शायद टाइम कम था अपनी पत्नी के लिए। राइट? तो ऐसी स्त्रियां जो अपनी शादी के बाद अपने प्रेमी के साथ मिलके अपने हस्बैंड को मार दे और उस निर्दोष आदमी को मार दे जिसका कोई कसूर नहीं है। हम तो ऐसी महिला को हम क्या कहें? ऐसी महिलाएं को हम यही कहेंगे कि ये बहुत ही
(52:46) कमजोर डरपोक है। क्योंकि अगर ये कमजोर डरपोक ना होती और जिनसे प्यार करती है उसे जब शादी नहीं हो रही थी तो अपने माता-पिता से बोल सकती थी कि हमें शादी तो उसी से करनी है और अगर आप शादी नहीं करते हो तो मुझे शादी ही नहीं करनी है। कम से कम आपने आवाज नहीं उठाई और शादी होने के बाद अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हद कर दी तो इससे ज्यादा क्या कहा जाए ऐसे इंसानों के बारे में कि कितनी कमजोर है। राइट? तो समाज में मेरा तो आपके प्लेटफार्म से कहना होगा कि अगर आपको प्यार हो गया तो अपने प्यार के प्रति बोलना सीखिए। हम प्यार के नाम पे डर प्यार या तो करो मत।
(53:19) राइट भाई किसने कहा प्यार करो शादी हो जाए अपने हस्बैंड से प्यार कर लेना। लेकिन अगर आपको प्यार हो ही गया है क्योंकि प्यार में हो सकता है जिससे प्यार हो, उसकी जाति अलग हो, उसकी उम्र अलग हो, वो बाल बच्चेदार हो, वो डवोर्सी हो, विडओवर हो, जाति अलग हो, बहुत कुछ हो सकती है वजह। और ये दोनों तरफ है। राइट? तो उसमें आवाज उठाना सीखो ना। भाई आप कहती हो कि हम पुरुष के बराबर हैं। बहुत अच्छी बात है। आप बिल्कुल पुरुष के बराबर हो। तो पुरुष के बराबर हो तो आवाज उठाकर बताओ कि मैंने इस इंसान से प्यार किया। मैं इसके साथ ही शादी करूंगी। हम
(53:50) और अगर इसके साथ शादी नहीं करते हैं आपके पेरेंट्स तो अपने बलबूते पे अपने आप को इतना शानदार बनाओ कि या तो शादी करो या फिर प्यार हम मतलब इसे तीन जिंदगियां सेफ होनी चाहिए तीन जिंदगियों के साथ उनके परिवार परिवार जिंदगियां तो चलो जिसने कर्म किया वो गया हम उसको सजा हुई लेकिन जिसने नहीं किया था वो भी गया उसका परिवार भी गया और जिस जो लड़की जिस घर से आई उसका परिवार भी गया क्योंकि उसका परिवार समाज के अंदर तो तकलीफ में आएगा आएगा रहेगा ही ना जिंदगी भर के उसके अगर भाई बहन होंगे उनकी शादी में प्रॉब्लम्स आ सकती हैं। तो यहां पे कितने लोग डिस्टर्ब हो गए सिर्फ एक वजह से
(54:27) कि लड़की या लड़का क्योंकि ऐसा नहीं कि लड़कियां ही प्रेम करती हैं। लड़के भी प्रेम करते हैं। लेकिन कई बार वो आवाज नहीं उठा पाते और ऐसी लड़की से शादी कर लेते हैं जिसे करना नहीं चाहते थे मां-बाप के प्रेशर में आके और बाद में फिर वही अपनी वाइफ को या तो डिवोर्स देते हैं या प्रेशर कर डालते हैं इतना कि वो डिवोर्स ले ले उसको परेशान करते हैं। तो दोनों तरफ ऐसे इंसान हैं। तो मुझे लगता है प्रेम है तो आवाज उठाना सीखो। क्या प्रॉब्लम है? सही। बहुत सही है। बात की सर। मैं ऐसी कितनी औरतों को देख रहा हूं। कितनी लड़कियों को देख रहा हूं जो शादी के
(54:58) बाद आज भी हम उनको लगता है कि उनकी गर्लफ शादी हो गई है। हम उनके जिस तरीके का हस्बैंड बताया गया था या जो नेचर बताई गई थी या जो शादी से पहले उसकी नेचर दिख रही थी उस शादी की बात नहीं दिख रही है। आई गेस सर 90% या 80% अरेंज मैरिजेस में ये आता होगा उनको बाद में कि दिमाग में। बिल्कुल आता है और मुझे ऐसा लगता है कि देखो इसमें तो कोई दो राय नहीं कि दो आदमी एक जैसे तो नहीं हो सकते। राइट? और फिर सबसे बड़ी बात है कितना बड़ा डिफरेंस है। एक मेल है और एक फीमेल है। दोनों की डिमांड, दोनों की सोच, दोनों का तरीका, दोनों की स्टडी, दोनों के परिवार
(55:32) सब तो अलग थे। और वो फिर एक कमरे में आके एक छत के नीचे एक हो गए। अब एक होने के बाद वो दोनों की हर चीज एक हो जाए। ये हाउ कैन वी पॉसिबल? तो उस कंडीशन से एक ही तरीका है ना। हम एडजस्टमेंट। राइट? आप किस तरीके से एडजस्ट करते हैं। यही तो आपके अंदर की इंसानियत है। यही तो आपके मोरल वैल्यूस हैं। भाई हम दोस्त बनाते हैं। ठीक है? दोस्त बनाया अच्छा नहीं लगा। हमने उसे हाथ जोड़ के माफी मांग ली और उससे हम अलग हो गए। यहां तो भाई आप फेरे करके पूरी दुनिया के सामने लाखों करोड़ों खर्च करके एक ऐसे इंसान को लेके आए हो जिसका जीवन भर जीना है। और फिर वहां
(56:06) आपको लगता है यार यह इंसान वैसा नहीं है। अरे वैसा नहीं है तो अपने आप को बदल लो। उसको नहीं बदल सकते। पहले तो अपने को बदलो। देखो यह बहुत अच्छी बातें हैं कहने के लिए। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि समाज के अंदर हम जैसा सोचते हैं वैसा करते नहीं है। राइट? हमें हर चीज अच्छी है कि भाई हमारे अंदर इंसानियत होनी चाहिए। हमें झूठ नहीं बोलना चाहिए। हमें यह काम नहीं करना चाहिए। लेकिन क्या हम सच में ऐसा करते हैं? नहीं करते हैं। मैं तो कई बार कई चैनलों से एक चीज बहुत अच्छी बोलता हूं। जोक में ही है। जी। कि हमें पता है कि हम रोड पे जा रहे हैं।
(56:40) सामने रेड लाइट है और हम आराम से जंप करते हैं। हम हम अपनी मोरल वैल्यू को वहां तक नहीं बदल पाते। राइट? कोई अगर कहते ग्रीन पे जा रहा है उसको उसकी गाड़ी को रुकवाते उसको दो गालियां भी सुनाते हैं। कार वाला बेचारा कोई गलती नहीं कर रहा है। स्कूटर वाला रेड लाइट से निकल रहा है। कार वाइट होती तो बड़ी गाड़ी है तो इसी की गलती है। यहां मोरल वैल्यू है कहां लोगों के पास? बिल्कुल नहीं है। लोगों को यह सोचना चाहिए कि आपसे ही तो देश बनता है। आपसे ही तो समाज बनता है। आप तो गलत हो। आपकी सोच गलत है। सर लड़कियां गलत है। इसकी एक ही आपने प्रॉब्लम बोली थी। इसका
(57:14) रीज़न रीज़न जनसंख्या पॉपुलेशन भाई लड़कियां गलत हैं। लड़कियां गलत नहीं है। लड़कियों के साथ लड़के भी तो गलत होते हैं। लड़कियां अकेले कैसे गलत हो जाएंगी? हम लड़की किसी के साथ तो है। वो भी तो उतना ही गलत है फिर। राइट? तो लड़की लड़के दोनों ही गलत है। तो सर अब थोड़ा ना सेलिब्रिटीज पे आते हैं। इनकी एक अलग ही दुनिया चल रही होती है। इनके केसेस तो ऐसे-से होते हैं कि ना मीडिया में आते हैं और बाकी लोगों को इंटरेस्ट भी होता है कि यार ऐसा कैसे हो गया? तो ऐसा एक बहुत बड़ा केस है सुशांत सिंह राजपूत जी का और उनकी जो पहली मैनेजर
(57:44) थी दिशा सालयान। सालन का तो बोला जाता है कि सुशांत सिंह का तो चलो सॉल्व हो गया था लेकिन उनकी सोच ही थी। मेरे हिसाब से ऐसा आया था वो बट दिशा सालियान का जो कुछ टाइम पहले उन्होंने उन्होंने भी करी थी पर अब वही सेम केस सीबीआई ने बोल दिया कि फिर से उसको ओपन किया जाए या एफआईआर की जाए ऐसा ही कुछ है राइट हम तो सर आपने तो बहुत इस पे पूरी रिसर्च करी है सुशांत के केस पे तो कि क्या इनका क्या लिंक है और क्या सच है आज पूरी मतलब जनता को बताओ आप [गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] देखो तरुण जब सुशांत की डेथ हुई थी कोरोना
(58:20) अपने पीक पर था राइट मेरे पास रिक्वेस्ट आई इंडस्ट्री से कि आप इस पे इन्वेस्टिगेशन करिए और हार्डली 14th जून को उनकी डेथ हुई है। 13 जून को मेरा बर्थडे था। अच्छा और 13 जून को जहां तक मुझे याद आ रहा है संडे था शायद। हम 14 जून को या तो संडे था या 13 जून को संडे था। हम और ये 2020 के आसपास की बात है शायद। 2020 हां। कहीं मेमोरी में है क्योंकि छ साल गुजर चुके हैं। एकदम हर चीज याद नहीं है। तो मुझे जब रिक्वेस्ट आई तो मैं उसी वक्त अगर आप मेरे Facebook हैंडल पर जाएंगे हम तो 14th जून 2020 जिस दिन यह चल रही थी डिटेल्स कहते हैं मीडिया में कि शशांत ने ऐसे कर ली है
(59:02) तब तो यही बात चल रही थी तो लोग कोरोना में घर बैठे हुए थे घर से बाहर तो जा नहीं रहे थे राइट तो जिसका जैसा आ रहा था सोच उसके अकॉर्डिंग बोल रहा था शॉकिंग था वो शॉकिंग थे सब और सब उसके फैन भी थे हम तो जब ये मेरे पास केस आया तो मैंने काफी मन मना किया कि नहीं भाई इतने कोरोना में नहीं जा सकते। उसके बाद फिर 3 महीने के बाद या 2 महीने के बाद मुझे लगा कि नहीं जाना चाहिए। एक केस काफी आगे जा चुका था मीडिया के दूर और मीडिया में दो हम वह बन चुके थे कि एक बोलता है आप बोलता कि हां और एक बोलता हम मैं वहां गया इन्वेस्टिगेशन की दोपहर का
(59:43) टाइम है सुबह हुई है सामने पार्क है जॉगिंग पार्क है बिल्कुल उनके घर के सामने ही कोरोना का टाइम है कहता है हर चीजें बंद है गाड़ियां ज्यादा दिख नहीं रही हैं हम और सबसे बड़ी बात है कि जो उनका घर है उस घर से थोड़ा सा आगे चलते हैं तो सी है समुंदर है हां वहां रास्ता बंद हो जाता है हम तो जो भी गाड़ी आएगी वो जाके वापस ही आएगी अच्छा क्योंकि उससे आगे जाएगी नहीं हां और इनका सी से कोई पांच या छह घर पहले था घर इनका ज्यादा मुझे याद आ रहा है हम तो वो सारी सिचुएशन देखने के बाद सीसीटीवी लगे हुए हैं। एक हजार दो2000 गज के प्लॉट हैं। हम कोठियां हैं।
(1:00:21) आगे कहते हैं इन्होंने ले रखा है। पीछे लैंड लॉर्ड रहते हैं। साइड में भी कहते हैं जो कोठियां बनी उनकी लैंड लॉर्ड है। बड़े-बड़े टीवी क्या वो सीसीटीवीज लगे हैं क्योंकि आजकल की इन्वेस्टिगेशन सीसीटीवी अपने आप में बहुत बड़ा टूल है। राइट सर सीसीटीवी पैन रिपोर्ट डिटेल्स और सीडीआर ये अपने आप में बहुत बड़ा टूल है। आज से 30 साल पहले टूल नहीं थे लेकिन आज तो है ही टूल। हम तो इतने सीसीटीवी मैंने देखे सब कुछ देखा चीजें समझी। तो उस वक्त मैंने जो अह बयान दिए थे हर चैनल के ऊपर तो मैंने कहा था यह मुझे हर तरीके से ही लग रहा है। मुझे
(1:00:52) इसमें कहीं नजर नहीं आ रही है। और अंत में आज सीबीआई ने भी ये कह दिया कि ये ही है तब तो सरकार चलो उद्धव की थी तो हम मान सकते थे कि उद्धव की सरकार या पुलिस ने अच्छा काम नहीं किया होगा। बोला उन्होंने भी था। उसके बाद तो सीबीआई सेंटर से गई थी। राइट? और सेंटर से गई थी तो केंद्र में तो बीजेपी थी। हम तो हम इसको यह भी नहीं कह सकते थे कि कहते हैं किसी ने अच्छा काम नहीं किया पुलिस पुलिस ने अपना काम अच्छा किया लेकिन फैन तो फैन होते हैं और फैन तो बोलेंगे बिल्कुल भाई कि कैसे कोई आदमी इतना जवान आदमी अपने हाथ में पलेगा लेकिन दिशा सालयान में मुझे लगता है
(1:01:27) आज तब भी मैंने ये कहते हैं बोला था क्योंकि आठ 8 जून के आसपास उनकी हुई थी शायद हम और 13 14 के आसपास इनकी हुई थी। 8 जून को हुई थी। 4 जून को तिशा सालन ने अपने माता-पिता को एक लेटर दिखाया था कि मुझे एक ऐड एजेंसी में काम मिला है बहुत मोटा और बहुत हैप्पी थी खुश थी। हम परिवार ने यही सवाल अब उठाया कि एक इंसान जो इतना खुश होगा वो आत्मा चारप दिन बाद क्यों कर लेगा? यहां तो दूसरी बात है कि देखो जब आय की बात आती है तो आप 2 मिनट में आपका मूड चेंज हो सकता है। सीन कर सकता है किसी वजह से। मैं बहुत खुश हूं लेकिन मेरी
(1:02:14) खुशी के पीछे कोई गम नहीं है। ऐसा कोई गारंटी नहीं है। सर उन्होंने शायद बालकनी से कूद के करी थी। ऐसा कुछ था ना? बाल देखो बाल कोहनी से कूद के करी थी या गिरी थी? ये अपने आप में भी सस्पेराइड है। और वो 12थ फ्लोर था। अच्छा। 12th फ्लोर था। ठीक। रात का टाइम पार्टी चल रही है। पार्टी में काफी लोग आए हुए हैं। जानेमाने लोग वहां के आए हुए हैं। जिसमें कह रहे हैं तो के बेटे भी हैं। अब उस कंडीशन में आप ड्रिंक कर रहे हैं। ड्रिंक करने के साथ वहां पे ऐसी पार्टीज में मैंने सुना है और देखा भी है कि वहां पे ड्रग्स भी कंज्यूम किए जाते हैं।
(1:02:44) अच्छा। जब कोई ड्रग्स और ड्रिंक दोनों को कंज्यूम करता है तो इनका डेडली कॉम्बिनेशन बनता है। हम आप को पता है कि मैं दो पैक पीता हूं। मुझे कितना नशा होता है। आपको पता है मैं चार पैक पीता हूं। कितना नशा होता है। आपको पता है मैं बैग नहीं पीता हूं। मैं नशा करता हूं। कोई ड्रग लेता हूं। तो मुझे यह आदमी को पता है। ऐसा नहीं है कि एक आदमी को पता नहीं वो कितना भी ड्रग्स ले लेगा तो फिर तो उसकी डेथ हो जाएगी। तो सबको पता होता है। लेकिन जब आप ड्रग्स के साथ अल्कोहल या अल्कोहल के साथ ड्रग्स लेते हो तब आपको ये कॉम्बिनेशन डेडली समझ
(1:03:13) में नहीं आता कि मेरे साथ क्या-क्या हो सकता है। हम तो मैंने उस वक्त यही कहा था कि हो सकता है कि दिशा सालयान ने जब कहते हैं ड्रिंक ली हो। ड्रिंक के अंदर किसी ने कुछ ड्रॉप्स डाल दी हो। ऐसी जो ड्रग्स की हो या उसने ड्रग्स लिए हो उसके साथ उसको जो अल्कोहल दिया गया उसमें कोई ऐसा कॉम्बिनेशन डेडली बना दिया गया जिसकी वजह से वो अपना मेंटल स्टेबल खो गई हो। अब होता क्या है कि आप 12वीं मंजिल की सी उस पे खिड़की पे बैठे हो हम हवा नेचुरली जितना ऊंचा होता है वहां हवा ठंडी लगती है आदमी को। राइट जून का महीना है। शाम का टाइम है। हवा गर्म होनी चाहिए थी। उनको हवा लग रही है।
(1:03:52) वह ड्रिंक करके बैठी हैं। एक अनकॉन्शियस होकर गिर सकती हैं। हम या जानबूझ के कर सकती हैं। क्योंकि उन्होंने उस वक्त मैंने जो सुना था कि उन्होंने 100 नंबर पर कॉल भी किया था। एक वो 100 नंबर पर पूरी कॉल नहीं हो पाई थी। फोन कट गया था। अच्छा। उससे पहले उन्होंने अपने किसी दोस्त से भी बहुत देर तक बात की थी। हम वो बात भी आज तक समझ में नहीं आई। किसी को कि वो बात एग्जैक्टली क्या हुई थी? किस टॉपिक को लेके हुई हम जब ये सब चीजें हो रही थी तो क्या 100 नंबर पे जो कॉल किया गया था वो गलती से 100 नंबर लग गया था या कुछ ऐसा उस कमरे में हुआ था जिसकी वजह से उन्होंने 100
(1:04:26) नंबर पर कॉल करना पड़ा और जब हां और जब जिसने देखा कि 100 नंबर पे कॉल करके हाथ से फोन छीन लिया गया हो बंद कर दिया गया हो हो सकता है कि उनको इतना अनकॉन्शियस कर दिया गया हो कि धक्का दे दिया गया हो हम ऐसे बहुत सारे सवाल खड़े होते हैं एज अ प्राइवेट डिटेक्टिव हमें विदाउट फैक्ट देके हम एक डिसीजन जन दे देना ये बहुत मुश्किल है। ऑप्शन हम दे सकते हैं कि हां ये हो सकती है। तो मुझे ऐसा लगता है ये हत्या हो सकती है कि दिशा सालयान की गई हो। सुशांत में मुझे ऐसा नजर नहीं आया था क्योंकि वहां तो उसके दोस्त भी थे। उसके सब कुछ थे। उसके नौकर भी थे।
(1:05:03) यहां पे दिशा सालयान के कमरे में वो लोग थे जिसको एक आदमी भी अगर रूल करे कि कोई कुछ नहीं बोलेगा तो कोई कुछ नहीं बोलेगा। राइट? हम अब मैं नाम ना लूं उसका तो बेहतर है। लेकिन वहां इतने बड़े लोग थे कि उनमें से अगर एक दो लोग यह बोले कि जो इस कमरे में हुआ है इस कमरे का अंदर रह जाएगा। कोई कुछ नहीं बोलेगा। क्योंकि उस कमरे की वीडियोस नहीं आई कभी बाहर। राइट? उस कमरे की जो इंटरनल वीडियोस थी वो कभी नहीं आई। और अगर आई तो एक आध वीडियो आई तो वो फिर पुलिस की कस्टडी में होंगी और वो पुलिस कस्टडी आपको पता है बॉम्बे की है। और उस वक्त कस्टडी में रही होंगी। क्या फिर वो
(1:05:37) कस्टडी में रखी या डिलीट कर दी गई? या एडिट कर दी गई यह कुछ नहीं पता। लेकिन आज अगर उसके फादर के कहने पर एफआईआर हो रही है तो आज मुझे लगता है पूरा का पूरा जो मामला राजनीति से भरा हुआ है। क्योंकि छ साल के बाद आप ऐसे कौन से एविडेंस दे रहे हो जो अभी मीडिया के सामने नहीं आए। जी आपने एक पेनड्राइव दी है। अब उस पेनड्राइव में है क्या? उसके फादर भी तो बता सकते हैं। राइट? तो आज आप प्रेशर आया सरकार किसी और की है कि भाई एफआई ल्च होनी चाहिए। तो पुलिस वाले की क्या हिम्मत कि वो एफआई ल्च नहीं करेगा। एफआईआई ल्च हो गई। जब एफआई ल्च हो
(1:06:12) गई तो उसमें नाम आ गए। जब नाम आ गए तो प्रेशर डेवलप होने लगता है राजनीति के अंदर कि आगे तुमने क्या करना है। अदरवाइज हम ये करें। मतलब मुझे अब लगता है कि राजनीति से भरा हुआ एक खेल है। क्योंकि अगर उस वक्त एफआईआर होती क्योंकि उस वक्त तो मान लिया गया। हम तरुण जी हमारे देश के अंदर देखा होगा आपने बहुत सारे सेलिब्रिटीज हैं जिन्होंने किया। राइट? और हैरानगी की बात है कि इस में आज तक किसी को सजा भी नहीं हुई। हम सारे के [नाक से की जाने वाली आवाज़] सारे केस ना कह के अबेडमेंट ऑफ मान लिए गए। ठीक है? अच्छा अबेटमेंट ऑफ अबेटमेंट ऑफ हम
(1:06:46) बस आपने अपनी मर्जी से किया ना। राइट राइट? जैसे आप सोसाइटी की बात करोगे अपनी मर्जी से किया। अबेटमेंट ऑफ़ आपने किसी की वजह से किया। जब किसी की वजह से किया तो उसको सजा मिलनी चाहिए कि भाई आपके प्रेशर में आके हम अंदर क्या यूज़ होता है? हथियार यूज़ होते हैं। हम चाहे आप रिवाल्वर ले लीजिए, चाहे आपने कोई हथियार ले लिया, कोई ड्रग्स ले लिया, कोई नशा ले लिया, कोई जहर ले लिया, कुछ भी ले लिया। अबेडमेंट ऑफ में क्या है? हम किसी को प्रेशर डालना। अच्छा। किसी के इमोशन से खेलना, किसी से झूठे वादे करके उसको एक सर् बाग दिखाना कि मैं तेरे साथ शादी करूंगा, तेरे साथ यह
(1:07:24) करूंगा, तेरे लिए यह करूंगा, तेरे लिए वो करूंगा। अच्छा। इतने सारे प्रेशर के साथ फिर आपने एक दिन उससे मुंह कर जाना कि भाई मैं तेरे से शादी नहीं कर सकता हम मैं तेरे से प्यार नहीं करता मैं तो किसी और से प्यार करता हूं तो यहां पे सामने वाला हर्ट होता है अच्छा आप उसके जज्बातों से खेले हो और जी भर के खेले हो उसके जज्बातों से उसके शरीर से उसके पैसे से हर चीज से खेले हो और जब आप खेल लिए जब आपको लगा कि अब इसके पास पैसा भी नहीं है लाइफ भी इसके साथ खूब जी ली और आप किसी और की तरफ मूव कर गए। तो ये है तो चीट ही ना। राइट? अब यहां पे सामने वाला अपने को ठगा हुआ सा
(1:08:03) महसूस करता है कि मेरे साथ ये क्या हुआ? मैं तो इस इंसान के ऊपर पूरा पैसा खर्च कर रहा था। इससे प्यार करता था इसके लिए मतलब कुछ कभी किसी के बारे में सोचा ही नहीं। ना अपने करियर के बारे में, ना पैसे के बारे में, ना सेहत के बारे में, ना इज्जत के बारे में। और आज इसने मेरे को एक तरफ खड़ा कर दिया। ठगा हुआ सा महसूस हुआ। राइट? राइट। वहां पे जब वो उसे कहते हैं अबेटमेंट हाउस। अबेडमेंट ऑफ में कोई कोई यूज़ हुआ नहीं। हम तो आप कोर्ट को कैसे समझाओगे कि ए ने करी बी की वजह से क्योंकि बी ने इसके फाइनेंस पैसे उड़ा दिए। बी ने इसको शारीरिक एंजॉय
(1:08:39) कर लिया। बी ने अपनी इसकी इज्जत से खेला। ये आप प्रूफ कैसे करोगे कोर्ट में? कर ही नहीं सकते। जैसे प्रत्युषा के केस में हुआ कि अभी कहते हैं उसके जो भी दोस्त थे हम हम उनको अभी बरी कर दिया गया। तो ऐसे कितने हमारे देश के अंदर सेलिब्रिटीज हैं जिन्होंने किया और वो सब अबेटमेंट और थे। राइट अमेंडमेंट सजा हो नहीं सकती क्योंकि कानून इतना अपडेटेड नहीं है। इतना स्किल्ड नहीं है कि आप ए ने और बी की वजह से की उस एविडेंस को चेन ऑफ एविडेंस कंक्रीट एविडेंस के साथ मजबूती से कोर्ट के सामने रख पाओ। सर बाहर के देशों में ऐसा है कोई ये रूल
(1:09:24) है कुछ इसके ऊपर? इसमें रूल है बाहर बाहर अबडमेंट ऑफ सजाएं होती है क्योंकि वहां पे फॉरेंसिक एक्सपर्ट बहुत जबरदस्त है। वहां पे स्किल है। हमारे देश में जो पुलिस इन्वेस्टिगेशन करती है एक केस कर रही होती है इतने में दूसरा केस उसके पास आ जाता है। तो वो कभी भी उस पे फोकस्ड काम नहीं करती है। और जितने भी अब केसेस होते हैं उसके अंदर मोबाइल डिटेल्स हम आपकी बैंक डिटेल्स उसके आसपास के दोस्त उसके हालात ये सारे इतने सॉलिड एविडेंसेस के अंदर डाले जा सकते हैं लेकिन पुलिस लटक के खत्म हुई बात इससे आगे सोच ही नहीं पा रही है कि भाई ये लटक के
(1:10:02) है क्या मेडिकल प्रॉब्लम थी इसको या ऐसे कर्जा उठा लिया था किसी का हम क्यों उससे ज्यादा नहीं सोचना है बस वो दिख रहा है कि हां ये लटक के अंदर से अंदर से कुंडी लगी थी। इसके ऊपर जो हथियार ने किया इमोशन का इसके साथ क्रंचेस किए उसको प्रूफ करना है दोस्त तो पुलिस यहां पे इतनी स्किल्ड नहीं है। एक को अबेंडमेंट ऑफ में ना ले जाके सिर्फ एक सिंपल बताती है और जिसकी वजह से होती है वह लोग बच निकलते हैं। यह हमारे देश की क्लास दी है। इसके ऊपर हमारे देश के लीगल उसको सिस्टम को बहुत अपडेट होना होगा। जुडिशियल को समझना होगा। पुलिस को इसके ऊपर काम
(1:10:40) करना होगा। क्योंकि पुलिस ही ऐसी है जो एविडेंसेस लाके रखती है। कोर्ट में एविडेंसेस नहीं आए तो जैसे कोहली छूट गया ऐसे दुनिया छूट जाएगी। क्या निठारी में नहीं हुई थी? छूट गया। क्या आरुषी की हत्या किसको सजा हो पा रही है? क्या कहते हैं सुशांत का अबेंडमेंट हो सकता? किसको सजा हो रही है? क्या दिशा साल की के पीछे कोई अबंडमेंट? किसको हो रही है? जिया खान सूरज पंचोली किसको सजा हो रही है? इतने लोग हैं। इतने सारे हैं। तो एक को सजा ना हो। इसके पीछे कोई तो गहरी वजह होनी चाहिए। राइट सर। ग्रेट। सर आजकल ना लोग एक नया ट्रेंड चल पड़ा है
(1:11:16) कि लोग प्रीमैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कराते हैं। तो ये क्यों जरूरी है और क्यों आजकल लोग इसको ज्यादा करा रहे हैं। ऐसा कोई केस आपके सामने आया हो कि भाई बिल्कुल उल्टा हो गया हो। तो सर उसके बारे में कुछ बताओ। देखो सोसाइटी में पहले क्या होता था आज से 25 30 साल पहले कि सोसाइटी बहुत कहते हैं एक साथ परिवार में रहते थे लोग कहीं दूर नौकरी करने नहीं जाते थे एक दूसरे को लोग जानते थे और सबसे बड़ी बात है कि कोई मूवमेंट्स नहीं थी लड़कियों की ऐसी कि जो कहते हैं आप उसको पकड़ ना पाओ या लड़कों को ऐसी मूवमेंट नहीं थी जो पकड़ ना पाओ तो सब साफ दिखता
(1:11:49) था कि यार लड़का ऐसा है लड़की ऐसी है तो शादियां चलती थी आराम से हम अब ऐसा नहीं है। अब लड़कियां बाहर शहर से आती हैं छोटे शहरों से आती हैं। बड़े शहरों में जॉब करती हैं। अपना फ्यूचर प्लान करती हैं। फ्यूचर प्लान करते-करते उनके अच्छे लोगों से दोस्ती होती है। ऐसे लड़के भी आते हैं। फ्यूचर प्लान करते हैं। उनकी भी दोस्तियां होती हैं। एक हमारे पास हम यूएसए से एक लेडी आई हम और उन्होंने कहा कि हमारा मैट्रिमोनियल साइट के ऊपर एक किसी से कनेक्शन कांटेक्ट हुआ है। हम बहुत अच्छे इंसान हैं। दो साल से हमारी अच्छी दोस्ती चल रही है। हम मैं उनके स्टार्टअप में ढाई तीन करोड़ लगा
(1:12:28) भी चुकी हूं। अच्छा और उनसे कई बार मेरी मुलाकात भी हुई है। हम और पिछले चारप महीने से उनसे मेरी बात नहीं हो पा रही है। संजीव जी अच्छा उसको कुछ शक नहीं है। हम नहीं हो पाई। हां बस बात नहीं हो पा रही है। हमने शादी करने का प्लान किया था। हम हम तो मुझे उनसे मिलना है। हम हम मेरे पे उनकी गाड़ी का एक नंबर है। उनकी फोटो हैं। उनके मोबाइल नंबर्स हैं और जिस बैंक में मैंने पैसे डाले थे वो बैंक का अकाउंट है। हम ये मेरे पे इनफेशन है संजीव जी और मुझे उनसे मिलना ही मिलना है। हम हम तो मुझे भी लगा कि कोई वजह रही होगी कि नहीं मिल पा रहे होंगे।
(1:13:05) राइट राइट। दिमाग में मेरे भी एकदम ये ऐसा कोई प्लान नहीं आया कि कुछ गड़बड़ हो गई या कुछ फ्रॉड हो गया है। हम तो मैंने कहा ठीक है। चार महीने पहले आपका कॉन्ट्रैक्ट क्यों टूटा? हम उससे पहले आपका जब कांटेक्ट हुआ था तो किस बेस पे हुआ था यह थोड़ा सा समझाओ। ठीक है? तो उन्होंने कहा कि मैं डिवोर्सी हूं हम और मैंने मैट्रिमोनियल पे अपना सब कुछ डाल रखा था बायोडटा वगैरह। वहां से मुझे इंजन ऑफ से कांटेक्ट हुआ। मैं इनसे मिली। लंबे चौड़े स्मार्ट पर्सनालिटी हम जब भी आए तो बड़ी गाड़ियां उनके पास हम हर बार गाड़ी बदली हुई। फाइव स्टार होटल
(1:13:39) में मिलते थे। ये अलग बात है कि उस फाइव स्टार होटल का बिल नहीं भरती हम क्योंकि मैं एनआरआई थी। मेरे पे पैसे की कोई कमी नहीं थी। हम तो वो मुझे कहते थे कि मैं भरता हूं। तो मैं कहा नहीं नहीं कोई बात नहीं मैं भर देती हूं। शादी के बाद सब आप ही का आया। तो उस कंडीशन में हमारे बहुत अच्छे वो चल रहे थे रिलेशन। तो मैं कहा फिजिकल भी हुए। कहते हां हम कई बार फिजिकल हुए। हम वो यहां तो यूएसए भी आए मेरे से मिलने। हम अच्छा फिर क्या हुआ? कहते फिर उन्होंने कहा कि मेरे मदरफादर इस शादी के तैयार नहीं हो रहे हैं। अच्छा और उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया है और
(1:14:15) कह रहे हैं कि जायदा से बाहर निकाल देंगे। मैं बहुत टेंशन में हूं। मैं एक बिज़नेस शुरू करने वाला हूं और उस बिजनेस में मुझे ₹4 करोड़ चाहिए। हम तो ₹ लाख तो मेरे पास हैं। हम ₹75 लाख मैंने अपने दोस्त से ले लिए हैं। कुछ कमी पड़ रही है। तो अगर तुम मदद करना चाहो तो ठीक है। नहीं तो कोई बात नहीं। हम अब मैंने सोचा यार इतना पुराना दोस्त हो गया 50 लाख इसके पास है 75 ले लिए कुछ मैं भी देती हूं तो मैंने अभी थोड़े बहुत भेज दिए और वो थोड़े बहुत जो भेजे उसके बाद फिर धीरे-धीरे उनकी डिमांड बढ़ती गई हम अब मैं पैसे लगा चुकी थी तो मैंने कहा चलो
(1:14:47) कोई बात नहीं चलते हैं अब 4 महीने पहले उनका फोन आया कि उनके मदरफादर बाहर से आ रहे थे अच्छा और एयरपोर्ट से जब वो घर से आ रहे थे हम तो रास्ते में उनका एक्सीडेंट हुआ हम फादर की हो गई अच्छा और जो मदर है वो एसयू में है अच्छा और रो रहे थे हम उनका कहा हो गया फोन बंद हम कहा ओके उसके बाद कहती उसके बाद मैंने काफी कोशिश करी और फिर एक दिन फोन उनका लग गया तो वो बहुत ही डिप्रेशन में बात कर रहे थे कि मैं बहुत परेशान हूं मुझे बार-बार कॉल मत करो मदर भी नहीं रही वो आता तो चले गए मदर मिल गई हम हम तो कोई बात नहीं अभी ये करो हम
(1:15:30) रिलैक्स करो उसके बाद देखते हैं हम फिर एक दो महीने मैंने फोन नहीं किया। अब मैं फोन कर ओ स्विच ऑफ हो गया है। और दो तीन मिन से बात ही नहीं हो पा रही है उनसे। हम मैंने कहा ठीक है। कब की बात है? डेट बताइए। हम किस एयरपोर्ट की बात है ये बताइए। क्योंकि मुझे लगा कि क्लू यहीं से मिलेगा कुछ। राइट? उन्होंने बताया कि ऐसे-ऐसे ये सिटी थी हम और ये एयरपोर्ट था और ये लेट थी। हमने इमीडिएटली जितने हमारे स्टिंगर दोस्त हैं क्योंकि कोई एनआरआई बाहर से आए उसका एक्सीडेंट हो उसकी डेथ हो हॉस्पिटल ये खबर कहीं रिपोर्ट ना हो ये थोड़ा सा इंपॉसिबल
(1:16:04) लग रहा है वही सब रिकॉर्ड्स हुए हां और साल दो साल पुरानी बात नहीं थी चार पांच महीने पुरानी बात थी तो जितने उस सिटी के मेरे स्ट्रिंगर दोस्त है क्योंकि मैं मीडिया में कंटिन्यू मेरा आना जाना होता रहता है तो काफी अच्छे दोस्त थे [गला साफ़ करने की आवाज़] हम सबको मैंने फोन किया एक जगह से भी रिपोर्ट नहीं आई कि नहीं यार संजीव ऐसा तो कुछ भी नहीं हुआ हम इस रात को तो कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ उस रोड पे तो कोई नहीं हुआ मैंने नहीं यार ऐसा कैसे एक्सीडेंट तो हुआ है। इसका मतलब रिपोर्ट नहीं हुआ होगा। हम मैं चलो हॉस्पिटल देखते हैं। फिर सारे जो
(1:16:29) हॉस्पिटल सिटी के बड़े-बड़े उन सबको चेक किया गया। कहीं से कोई इंफॉर्मेशन नहीं। मुझे लगा ये तो फ्रॉड हो गया बहुत बड़ा। हम ये तो बहुत बड़ा फ्रॉड हो गया। अब मैंने सब्जेक्ट को ढूंढना शुरू किया। अच्छा। उसकी गाड़ी तो गाड़ी पता चली वो तो किराए पे ली गई गाड़ी है। अच्छा। तो हमने पूछा कब-कब आपकी मुलाकातें हुई थी। हम तो जिस डेट में मुलाकात हुई थी उस डेट पे किसने गाड़ी ली थी? कौन सा मोबाइल नंबर दिया था? तो पता चला ये मोबाइल नंबर दिया था। हम पर धीरे-धीरे फिर वो बैंक पे धीरे-धीरे हम उस इंसान तक पहुंचे। वो तो भाई साहब शाहजूदा है।
(1:17:03) अरे बाल बच्चेदार हैं। और उनका तो काम यही है। धंधा है उनका तो ये वो तो बढ़िया सा अपना कहते हैं उसमें जाते हैं और वहां पर कॉफी डे में अपना कॉफी पी रहे हैं और लगे हुए हैं लैपटॉप पे लड़कियों से बात करने, मोबाइलों से बात करने जो जिस जैसे ट्रैप हो रही है। ये तो उनका फुल टाइम काम है। फुल टाइम काम। तसियों फिर हमने सब पता किया। सारे एविडेंसेस तैयार किए। हम उस लड़के से दोस्ती की। अच्छा। फिर उसकी टीम में घुसे। फिर उस टीम में घुसने के बाद कहां-कहां लगा हुआ है वह सारे रिकॉर्ड इकट्ठे किए। हम फिर क्लाइंट को मैंने बोला यह तो बहुत
(1:17:38) बड़ा फ्रॉडर है। अब आपके पैसे निकालने का तरीका मैंने बना दिया है। हम इसकी फैमिली का घर यहां पे है। आप घर जाओ। इसकी फैमिली से मिलो। हम और किन-किन लेडीज के साथ लगा हुआ है। वो मेरी क्लाइंट तो नहीं है। लेकिन आप उन लेडीज का इसको डर दिखाओ कि मैं सबको भेज रही हूं और तेरे खिलाफ पुलिस में जा रही हूं। वरना मेरा जो इतना करोड़ों रुपया है वो मेरे को वापस कर। लेडी का पैसा वापस हुआ। उसके बाद उन्होंने लेडी को कहा कि जितनी लेडीज का हमने नाम दिया सबको भेज दो मेल सबको WhatsApp कर दो ये तो यह हाल है तो प्री मैट्रिमोनियल केसेस के अंदर
(1:18:08) इन्वेस्टिगेशन बहुत इंपॉर्टेंट है आज की तारीख में हम क्योंकि स्पेशली अरेंज मैरिजेस में अरेंज मैरिज के अंदर क्या लव मैरिज के अंदर भी लव मैरिज ये लव मैरिज ही थी एक तरह से ये लव मैरिज में भी तो दो साल से चल रहा था रिलेशन राइट रिलेशन होता क्या है कि प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन के अंदर आप अपना बेस्ट टू बेस्ट ही तो देते हो ना तो सर इसमें आप इंसान की भी करते होगे साथ-साथ फैमिली की भी होती होगी कि उनका क्या बैकग्राउंड है? कर्जे में है नहीं है। यह एक प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन में ना होता है कि भाई जो सब्जेक्ट है सामना
(1:18:36) उसकी रात को मूवमेंट्स कैसी हैं? जॉब कैसी है? प्रोफाइल कैसा है? नेचर कैसा है? बिहेवियर कैसा है? ड्रिंक हैबिट्स तो नहीं है। बाहर में तो नहीं जाता। फिर फैमिली फाइनेंसियल बैकग्राउंड क्या है? फैमिली में क्रंचेस तो नहीं है। फैमिली का जो बिज़नेस है वो ठीक-ठाक है या कहीं कर्जे उठा रखे हैं, लोन ले रखे हैं। हजार तरह की कहते हैं रिक्वायरमेंट्स हैं क्लाइंट की। तो जहां भी लोग एक दूसरे को जानते हैं वहां रिक्वायरमेंट्स कम होती है। जहां बिल्कुल नहीं जानते हैं वहां रिक्वायरमेंट्स बढ़ जाती हैं। और फिर जितनी रिक्वायरमेंट्स बढ़ती जाती हैं फिर
(1:19:03) ये दिल्ली में केस है कि दिल्ली से बाहर केस है कि इंडिया से बाहर केस है। यूएसए में प्रीमेट्रिमोनियल केसेस तो यूएसए, कनाडा, यूरोप क्योंकि लोग आईआईटी में जॉब करने चले गए हैं। पांच साल से वहां रह रहा है। राइट? तो जानना चाहता है 5 साल से वहां रह रहा है। कितने कनेक्शन बन गए हैं। रात को कैसी उसकी लाइफ है। मेरी बेटी यहां से जाएगी तो कहीं ऐसा तो नहीं कि एक बढ़िया सी उसे नौकरानी मिलने वाली है। हम हम नहीं तो ये सब चीजें हैं। तो प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन अब सोसाइटी में बहुत इंपॉर्टेंट हो गई है। पोस्ट मैट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन कम हो
(1:19:34) जाएंगे। अगर प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन ज्यादा होने लग जाए तो। सही बात है। क्योंकि यहीं से गलती अगर आपने पकड़ ली तो पोस्ट मैन तक तो आप पहुंचेंगे नहीं ना। और बहुत सारे केसेस लड़ाईयां ये क्या कहते हैं? मेरे ख्याल से यह भी कम हो जाएगी क्योंकि पहले ही पता लग जाएगा कि बंदा सामने वाला कैसा है। क्या सोच रहा है। राजा रघुवंशी के केस के अंदर हम अगर ये प्रीमेट्रिमोनियल इन्वेस्टिगेशन में इन्वेस्टिगेशन हो गई होती हम तो पता चल जाता ना कि सोनम जी कहां-कहां कहते एंजॉय कर रही हैं। राइट राइट तो फिर वो शादी होती क्यों? तो राजा
(1:20:02) रघुवंशी जी बच जाते। हम एक वो बहुत हाई प्रोफाइल केस भी तो था पीछे जो पहाड़ी से धक्का दे दिया। पहाड़ी से धक्का दे दिया। वो बताइए शादी करके बैठे हुए हैं। कैसी लाइफ जी रहे हैं? एंजॉय कर रहे हैं मियां बीवी की तरह और फिर भी शादी कर रही है। यहां पे देखो मां-बाप की कहीं ना कहीं कलपेट है। मां-बाप को ऐसा नहीं कि अपनी बच्ची के बारे में या बच्चे के बारे में पता नहीं होता। राइट? बस मां-बाप अपनी इज्जत को बचा के लिए जबरदस्ती बच्चे को या बच्ची को शादी करवा देते हैं। जबकि उनको भी बेवकूफों को ये सोचना चाहिए कि कल अगर इसे मोरल वैल्यू को
(1:20:31) ताक पे रख के अगर कोई ऐसी हरकत करी तो तुम्हारा परिवार भी बर्बाद होने वाला है। राइट? तो एक लड़की या एक लड़के के चक्कर में पूरे परिवार की कहते हैं बलि चढ़ा देना। कोई इंटरजेंसी थोड़ी है। या तो शादी कर दो और या फिर बोल दो कि भैया जहां तक मुझे ऐसे जीना चाहिए यार। तो सर मतलब नेक्स्ट लेवल आपने केसेस बता दिए। ऐसी चीजें मैंने कभी सुनी भी नहीं थी। और गाइस आपको कैसा पॉडकास्ट लगा? अगर सच में अच्छा लगा ना तो कमेंट कर दो। पार्ट टू में सर को फटाफट फिर से बुला के लाऊंगा। सर वर्ल्ड में कहीं भी होंगे। ठीक है? पार्ट टू जरूर कमेंट करना। और अगर
(1:21:04) आपको भी कोई डिटेल सर के बारे में चाहिए तो मैंने डिस्क्रिप्शन में डाल दी है। आप प्लीज चेक आउट करना। और सर थैंक यू सो मच। आप आए थैंक यू जी आपने मुझे बुलाया अपने प्लेटफार्म के ऊपर मच बस मैं आपके प्लेटफार्म से इतना ही कहना चाहूंगा दर्शकों को कि दोस्तों दुनिया बहुत अच्छी है रिश्ते बहुत शानदार होने चाहिए प्यार करते हो तो ठोक के बोलो अदरवाइज प्यार करने की जरूरत नहीं है यार अपने पार्टनर से करना प्यार वाह सर वाह वाह थैंक यू सो मच थैंक यू सो मच
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