Don’t Buy Toothpaste & Toothbrush before watching this video! | Ft. Puneet Nanda
Author Name:Food Pharmer
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Title: Don’t Buy Toothpaste & Toothbrush before watching this video! | Ft. Puneet Nanda
Author Name: Food Pharmer
Description: Are toothpaste brands really telling you the truth?
Toothpaste, toothbrushes, and mouthwash are products we use every day, yet most consumers rarely question their ingredients, advertising claims, or marketing strategies.
From toothpaste ingredients and teeth whitening and the famous “9 out of 10 dentists recommend” advertisements, how much of oral care marketing is backed by science?
In this episode of Food Pharmer, Revant Himatsingka sits down with Puneet Nanda, an Indian entrepreneur who made it big in the US.
He built Dr. Fresh & now has developed a second business in the oral-care industry through GuruNanda, a brand inspired by traditional Ayurvedic wellness practices.
In this podcast we discussed:
• Toothpaste Marketing Gimmicks
• How to Read a Toothpaste Label
• The Truth About “9 Out of 10 Dentists Recommend”
• How to choose the right toothbrushes
• How to buy the right toothpaste
• How to fix bad breath
• Children’s Toothpaste Marketing
This conversation aims to help you understand oral care products better, ask the right questions, and make informed decisions for yourself and your family.
If you care about health, nutrition, consumer awareness, oral hygiene, and understanding how brands market everyday products, this episode is for you.
Share this episode with someone who should know more about the products they use every day.
Let's Make India Healthy Again.
Check Guru Nanda India -
https://www.instagram.com/gurunandain...
Timestamps:
00:00 - Trailer
01:25 - Intro
03:27 - Ingredients to check before buying a toothpaste
06:15 - Why is it important to check toothpaste labels
09:15 - Are all ingredients harmful?
10:26 - Relation of Eating Sugar with Oral Health
12:07 - Marketing Gimmicks in Kids ToothPaste
12:52 - Guru Nanda's Kids Toothpaste Exposed
15:16 - Are Teeth Whitening Toothpaste a scam?
16:47 - Charcoal Toothpaste & RDA level in a toothpaste
18:57 - Guru Nanda's White Whitening Claim Exposed
22:22 - Kulla Karega India!
23:59 - 9 on 10 dentist Gimmick
25:04 - Purple Toothpaste Trend
26:18 - Importance of brush & how to choose the right brush
27:57 - Guru Nanda's Brush Criticized
30:23 - Electric Brush vs Normal Brush
31:55 - Neem Stick Trend in USA
33:15 - Story Behind Mouthwash
35:36 - Benefits of Oil Pulling
36:21 - Should You Brush twice in a day?
38:53 - Floss Karega India!
39:42 - What if you were the Health Minister?
40:41 - Last message for every Indian
42:22 - Outro
#collab
Transcript:
(00:00) आपको कितने लॉस सूट आ गए? मेरे पास एवरेज 26 लॉ सूट रहते हैं किसी भी वक्त। 26 लॉ सूट ऑन एवरेज। आज हमारे साथ एक स्पेशल इंसान है। वो यूएस के फूड फार्मर है। वन ऑफ द मोस्ट कॉमन टूथपेस्ट इज टीथ व्हाइटनिंग। तो ये क्या एक मार्केटिंग गिमक है? टीथ व्हाइटनिंग के लिए एक इन्ग्रेडिएंट ही है जिसका नाम है। मैं फूड फार्मर हूं। तो मैं आपको क्रॉस क्वेश्चन और काउंटर क्वेश्चन करूंगा। मेरे को आप ड्रिल करो, ड्रिल करो। बस किल मत करो। आपने यहां वाइटनिंग लिखा है बड़े से फोंट में। इजंट दैट मिसलीडिंग टू सम एक्सटेंट? ये मैं मानूंगा कि एक मार्केटिंग क्लेम
(00:36) है। यहां लिखा है 10 एक्स सॉफ्ट टर्न और यहां एस्टरिस साइन है। तो क्या ये एक मार्केटिंग क्लेम है? ये इंडिया में एक ट्रेंड चल रहा है पर्पल टूथपेस्ट। बोल रहे हैं कि पर्पल टूथपेस्ट से येलोनेस कम होता है। तो एक तरह से ये लिपस्टिक है। आपको करने के बाद ऐसा इल्ल्युजन आता है क्योंकि येलो और पर्पल आपस में एक दूसरे को कैंसिल कर देते हैं। तो जब कोई टूथपेस्ट खरीद रहा है क्या चीज उसे ध्यान रखना चाहिए? तो सबसे पहले तो नंबर टू उसके अलावा इसको तो राइट अवे बैन कर देना चाहिए क्योंकि उससे डीएनए तक चेंज हो सकता है। दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए। टूथपेस्ट
(01:12) इंडस्ट्री ये जानबूझ के बोल रहा है ताकि उनका सेल्स बढ़े। क्या यह सही है? आज हमारे साथ एक स्पेशल इंसान हैं जो बहुत डेयरिंग है। वो यूएस के फूड फार्मर हैं। उनके खिलाफ बहुत सारे लॉ सूट्स चल रहे हैं फ्रॉम द लीडिंग टूथपेस्ट एंड टूथब्रश ब्रांड्स ऑल ओवर द वर्ल्ड। एंड आज वो हमें सिखाएंगे टूथपेस्ट। टूथब्रश, माउथ वॉश और ये सारी इंडस्ट्रीज के मार्केटिंग गेमिक्स और हम ये सब से कैसे बच सकते हैं और सही टूथपेस्ट हम कैसे खरीद सकते हैं? सही टूथब्रश कैसे खरीद सकते हैं अपने लिए और
(01:56) अपने बच्चों के लिए। थैंक यू सो मच फॉर कमिंग। थैंक यू। इट्स माय प्रिविलेज। थैंक यू आपने मुझे बुलाया। हां। क्योंकि मैं आपको बहुत समय से फॉलो कर रहा हूं और ऐसे क्रांतिकारी के पास मिलने का मुझे मौका मिला। ये बहुत बड़ी बात है। थैंक यू सो मच। थैंक यू। थैंक यू। आपको कितने लॉ सूट आ गए हैं? मेरे पास ऑन एन एवरेज 26 लॉस सूट रहते हैं किसी भी वक्त। तो मैं मैं कहता हूं कि मेरा लीगल बिल जो है मेरे पे रोल से ज्यादा हो गया है। ये सेम चीज मेरे साथ भी हो रहा है। बट 26 लॉ सूट ऑन एवरेज कभी भी। ऑन एन एवरेज कभी भी 26 लॉ सूट रहते हैं।
(02:32) सो जो व्यूअर जो इनको नहीं जानते तो जो मैं फूड इंडस्ट्री में कर रहा हूं ये सेम एग्जैक्ट चीज ये ओरल केयर इंडस्ट्री में कर रहे हैं। तो ये हर एक टूथब्रश कंपनी, टूथपेस्ट कंपनी, माउथ वाश ये पूरे इंडस्ट्री से लड़ चुके हैं। और ये यूएस में लड़े हैं। यूएस में लॉ सूट्स और भी महंगा होता है। मुझे तो यहां पर लाखों में लॉस सूट मिलते हैं। करोड़ों का लॉस सूट मिलता है। आपको शायद से मिलियंस ऑफ़ डॉलर्स के लॉस उठाते रहेंगे तो काफी महंगा होगा। बहुत महंगा होता है। कई-कई बार तो लगता है कि ये जो सारे बाल गए हैं वो खराब पानी की वजह से नहीं गए क्योंकि मैं आपका एक
(03:08) पॉडकास्ट देख रहा था। ये सारे बाल एक्चुअल में स्ट्रेस की वजह से गए हैं। तो सबसे पहले मैं बताना चाहूंगा कि जो आपका लोगो है लेबल पड़ेगा इंडिया। अगर एक्चुअल में लेबल पढ़ना सीख जाएंगे चाहे वो टूथपेस्ट हो या कोई भी और चीज हो। तो आधी चीजें तो वहीं सॉल्व हो जाएंगी। तो टूथपेस्ट से ही शुरू करते हैं। सो जब कोई टूथपेस्ट खरीद रहा है क्या दो-तीन चीज उसे ध्यान रखना चाहिए खरीदने के पहले? तो सबसे पहले तो अगर टूथपेस्ट के कारण आप आपको अगर मुंह में छाले होते हैं तो कैंकर सोर्स जिनको कहा जाता है तो उसका मतलब है एक रीजन यह भी हो सकता है कि उसके
(03:48) अंदर एक इंग्रेडिएंट होता है टूथपेस्ट में एसएलएस सोडियम लोरल सल्फे सल्फेट सल्फेट यह मेक श्योर करना है कि सोडियम लोरल सल्फेट उसके कारण कई लोगों को गम और टूथ में इरिटेशन म्यूकोसा पे हो जाती है अंदर के स्किन के ऊपर उससे कैंकर सोर्स हो जाते हैं। उसका फमिंग एक बेनिफिट है एसएलएस का और वो एक सरफेक्टेंट भी है और बहुत लाइट जर्मीसाइड भी है और बहुत सालों से डलता आ रहा है। उसके बहुत नए अल्टरनेटिव्स आ चुके हैं। पर क्योंकि ये फॉर्मुलेशंस सेट हैं पिछले कई सालों से और अभी तक एफडीए ने उसको खराब नहीं घोषित किया है। इसलिए वो उसमें अभी तक चल रही है। नंबर टू
(04:30) टाइटेनियम डाइऑक्साइड। इसको तो राइट अवे बैन कर देना चाहिए क्योंकि फूड इंडस्ट्री ने इसको यूरोप में ऑलरेडी बैन कर दिया है। उससे डीएनए तक चेंज हो सकता है हमारा। उसके अलावा फ्लेवर फ्लेवर वर्ड जो है उसकी डेफिनेशन एटलीस्ट अगर वो ट्यूब पे इतने सारे नहीं डाल सकते इंग्रेडिएंट्स तो उसके ऊपर स्टार एस्ट्रिक लगा के उनको अपनी वेबसाइट पे उसके अंदर क्या-क्या डला हुआ है फ्लेवर में वो लिखना चाहिए। या फिर अगर वह नहीं लिख सकते हैं तो उसके लिए अलावा उनको कोई एसेंशियल ऑयल्स या जिनसे जो धरती से उगे हुए प्रोडक्ट्स हैं वो वो डालने चाहिए क्योंकि वही राइट प्रोडक्ट है। चौथा
(05:09) कई कंपनियां मिंट लिखती हैं। जबकि मिंट जो है वो पेपर मिंट जो पुदीना जो धरती से उगता है वो नहीं है। वो पेट्रिकॉमिकल बेस से दालियान या फिर जर्मनी में ऐसी फैक्ट्रियां हैं जहां पर वो मिंट बनाया जाता है। इवन परेशानी की बात तो यह लगी मुझे कि मैं बहुत सारी कंपनियां मेंथोल भी दालियान से इंपोर्ट करके इंडियन रियल प्लांट मेंथोल के अंदर मिलाकर 7525 बेच रही हैं एज मेंथोल जो कि मैंथोल भी फैब्रिकेटेड मेंथॉल है। पेट्रोकेमिकल से बना हुआ है। तो जब आप सबसे पहले टूथपेस्ट मुंह में डालते हैं। अगर वो टूथपेस्ट के अंदर ऐसे इंग्रेडिएंट्स हैं टाइटेनियम
(05:50) डाइऑक्साइड या फिर फ्लेवर या फिर कोई भी रंग रंग वाली टूथपेस्ट एक और अलग चीज है जिसमें कलर लिखे होते हैं। सीआई सो एंड सो रेड नंबर 10, रेड नंबर ब्लू नंबर 30 फाइव जो भी कलर्स होते हैं। ये कलर्स भी सारे पेट्रोकेमिकल बेस से बने होते हैं। आपने टाइटेनियम डाइऑक्साइड और काफी इंग्रेडिएंट्स का नाम लिया जो आप बोले हार्मफुल है। सो जब कोई टूथपेस्ट में इंग्रेडिएंट हार्मफुल है वो तो हम स्पिट आउट कर देते हैं। लाइक हम अपने माउथ में 510 सेकंड के लिए रखते हैं और फिर स्पिट आउट कर देते हैं। खाने में एटलीस्ट हम अपने बॉडी के अंदर कर रहे हैं। सो जब कोई
(06:30) खाने के बारे में हार्मफुल इंग्रेडिएंट्स की बात कर रहा है। मैं जानता हूं कि हां आपको वो हार्मफुल इंग्रेडिएंट नहीं रखना चाहिए। लाइक यू नो क्योंकि वो आपके बॉडी के अंदर जा रहा है। लेकिन टूथपेस्ट में क्या कोई इंग्रेडिएंट उससे उतना ज्यादा फर्क पड़ता है हमारे हेल्थ में या नहीं? क्योंकि वो तो हमारे बॉडी में बहुत कम टाइम के लिए है। हम उसे स्पिट आउट कर देते हैं। तो जब भी आप कोई भी चीज मुंह के थ्रू लेते हैं और मुंह के अंदर कुछ समय तक रखते हैं तो वो सीधा आपके ब्लड स्ट्रीम में जाती है। फॉर एग्जांपल जैसे डॉक्टर लोग कभी आपको इमीडिएट नींद करनी हो तो नींद की
(07:05) गोली बोलते हैं जबान के नीचे रख लो या आपको जैसे कई हार्ट के पेशेंट्स को बोला जाता है कि सोर्बिट्रेट या कोई भी जबान के नीचे एकदम रख लो गोली तो उसका असर विदिन मिनट्स होता है। 5 से 10 मिनट के अंदर असर होगा। जबकि अगर जब वो आपके बाईपास कर देगी आपके लिवर को। जबकि अगर आप उसको खाते हैं निगलते हैं तो आपके स्टमक से होते हुए आपके फर्स्ट पास सिस्टम से होते हुए लिवर तक जाएगी। लिवर से आगे ब्लड स्ट्रीम में जाएगी। उसमें एक घंटा तक लगता है। तभी कहते हैं ना कि अभी सपोज़ आपने कोई गोली खाई सर दर्द की तो उसमें आधे से एक घंटा लगता है। मगर अगर आप उसी गोली को जबान के
(07:46) नीचे रख लो और उसका कड़वापन झेल सको तो 5 मिनट में असर कर देगी। तो अगर यह हो सकता है तो उसी तरीके से जब आप टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं तो वह छोटे-छोटे नैनो पार्टिकल्स माइक्रो पार्टिकल्स धीरे-धीरे आपके शरीर में बिल्ड अप हो जाते हैं जो सीधा आपकी ब्लड स्ट्रीम में जाते हैं। तो अगर आप इसको समझ रहे हैं कि ये छोटी चीज है तो ये छोटी चीज नहीं है। क्योंकि जब आप 60 साल की उम्र के होते हैं, जब आप 70 साल की उम्र के होते हैं तब आपको एक डायग्नोसिस मिलता है जिसको देख के आप एकदम हैरान रह जाते हैं कि यार ये मुझे कैसे हो सकता है। हम
(08:20) मैंने तो अब बड़ी क्लीन लाइफ जी है और तब अचानक समझ आता है कि यह छोटी-छोटी चीज़ एक्चुअल में बहुत मैटर करती है। क्योंकि हमारी जिंदगी का मकसद स्वस्थ रहना है। जितनी भी उम्र रखी है वो तो भगवान ने लिखी है। जो भी जिएंगे वो उस उतना ही जिएंगे। मगर एटलीस्ट जब तक जिए लास्ट के 10 दिन तक या 5 दिन तक या 2 दिन तक स्वस्थ जिए ताकि इस नींद में ही जा सके। यही हर बंदे की एक ख्वाहिश होनी चाहिए। वेरी वेल सेड। एंड जो आपने एग्जांपल दिया दैट मेक्स अ लॉट ऑफ़ सेंस कि आप कोई दवाई को अपने टंग के नीचे रखते हो तो आपको असर बहुत जल्दी हो जाता है।
(08:59) तो सिमिलरली आप कोई टूथपेस्ट इवन दो आपके माउथ में बहुत कम देर के लिए है। वो आपको बॉडी में इंपैक्ट धीरे-धीरे तो होगा ही। मतलब एक बार में नहीं होगा। लेकिन अगर आप 202 साल हर रोज यूज़ कर रहे हो तो ऑफ कोर्स थोड़ा तो इंपैक्ट होगा। आपने कुछ केमिकल्स का नाम भी लिया एसएलएस अ जो हर एक टूथपेस्ट कंपनी इफ आई एम नॉट रोंग इवन सोप कंपनीज़ शैंपू कंपनीज़ एवरीवन इज यूजिंग इट तो क्या आप बोल रहे हो कि ये सारे कंपनीज़ एसेंशियली आपको कुछ गलत बेच रहे हैं नहीं ये पहली बात तो ये डेंजरस नहीं है। मैं आपको बताऊं और ये इरिटेटिंग है। तो अगर आप किसी भी चीज को इरिटेट करते रहेंगे
(09:43) रोज की रोज तो वह चीज [नाक से की जाने वाली आवाज़] गुस्से में आएगी। राइट? जैसे सपोज आप को आपका कोई घर वाला भी, आपकी बीवी भी, बच्चा भी कोई इरिटेट करता रहे तो परेशानी हो जाती है। ऐसे ही अगर आप एक टूथपेस्ट करो ये हर एक के लिए नहीं होगा। यह सिर्फ 5 से 10% लोगों को होगा। पर वो इनफ लोग हैं जिनको यह प्रॉब्लम है। तो मैं यह नहीं कह रहा कि खाली एसएलएस से ही होगा या सोडियम लोरल सल्फेट से होगा। तो बाकी ये डिटर्जेंट है और यह डिटर्जेंट हारश डिटर्जेंट है क्योंकि यह साबुन तेल, साबुन, शैंपू इन सब में भी यूज़ होता है और इवन जो किचन साफ
(10:21) करने वाले केमिकल्स होते हैं उनमें भी यूज़ होता है। तो इसका रोल बड़ा वाइड है। सो मैं फेमस हूं इंडिया के इंटरनेट में शुगर के खिलाफ बात करने के लिए। तो मुझे जानना है शुगर और टीथ में क्या कनेक्शन है? हाउ बैड इज ईटिंग शुगर फॉर योर टीथ? सो शुगर इज डायरेक्टली प्रोपोशनली रिलेटेड टू प्रॉब्लम्स ऑफ ओरल केयर। शुगर एक सिंगल इंग्रेडिएंट है जो आपको इमीडिएटली ओरल केयर क्रिएट करवा देता है। उसका साधन बन जाता है। बिकॉज़ शुगर इटसेल्फ कैविटीज नहीं करता है या शुगर इटसेल्फ प्रॉब्लम को क्रिएट नहीं करता है। मगर शुगर से जो बैक्टीरिया शुगर को खा के एसिड पुप करते
(11:05) हैं उससे प्रॉब्लम होती है। कई मैं जब बच्चा था छोटा तो मुझे याद है कि मेरी मम्मी उठते ही आंख खुलते ही कुछ ऐसा पिला देती कि मैं नाम नहीं लेना चाहता उस पर्टिकुलर चीज का जो हेल्थ ड्रिंक बना के दूध में डाला जाता। उससे लंबा लोग नहीं बनते हैं। हां। तो वो पिला देती थी और उसके बाद मैं कहता था मॉम्मा अभी बड़ी नींद आ रही है। 15 मिनट और सोने दो और सो जाते थे। तो जब उठते थे तो मुंह के अंदर कुछ ब्लेयर सी दिखाई देती थी और कुछ बड़ा अजीब अजीब सा लगता था। वो शुगर उसके अंदर मैंने आप ही की वीडियोस से जाना कि एक्चुअल में तो आधी तो शुगर ही पीते थे हम।
(11:45) और वो शुगर जो है वो खूब कीड़ों के लिए पार्टी का सामान बन जाती थी। आई डेफिनेटली अग्री कि कैविटीज और मतलब शुगर इज वेरी वेरी डेटमेंटल टू आवर टीथ एंड स्पेशली जो मिल्क मिक्सेस हैं जो सुबह-सुबह बच्चे लोग को पिलाते हैं लोग एडवरटाइजमेंट के कारण वो तो अवॉइड करना चाहिए। बहुत ही खतरनाक चीज है। ऐसे बहुत सारी कंपनियां हैं जो कार्टून डालती हैं। तो जब वो कार्टून डालती है तो वो कंपनियां बच्चों को बेच रही हैं। उनके मां-बाप को नहीं बेच रही और बच्चा चार साल का है या छ साल का वो क्या लड़ेगा? उसको तो लेवल पढ़ना नहीं आता है। वो लेवल कैसे पढ़ेगा?
(12:24) वो बेचारा खरीद रहा है कार्टून देख के अपनी टूथपेस्ट। नंबर टू कई टूथपेस्ट के अंदर स्पार्कल्स डाल देते हैं जिसके अंदर स्पार्कल्स कुछ-कुछ केमिकल के बने रहते हैं जिस पे चमकते हैं जो अंदर से तो बच्चों को ऐसा लगता है बहुत ही बढ़िया चीज है। तीसरा उसके अंदर ऐसेसे फ्लेवर्स डाले जाते हैं कि जो बच्चों को ऐसा लगता है ये खाने के बबल गम टाइप है। तो बच्चों का माइंड ट्रेन हो जाता है कि टूथपेस्ट नहीं है ये कैंडी है। देखिए आपने आपके एक टूथपेस्ट मैं लाया हूं गुरु नंदा किड्स। हां जी। तो एकदम कलरफुल पैकेजिंग बच्चे को अट्रैक्ट करने के लिए मॉन्सर फ्रेंड्स और
(13:01) ये कार्टून कैरेक्टर्स यहां पर हैं। तो ये कार्टून कैरेक्टर जो है ये अपने बनाए हुए हैं। ये कोई भी बड़ा कैरेक्टर नहीं है। जैसे कोई ऐसा टीवी कैरेक्टर नहीं है। तो ये कार्टून कैरेक्टर अपने बनाए हुए हैं। ये यही डेमोंस्ट्रेट करने के लिए कि ये बच्चों के लिए और मॉन्सर जो हैं वो मॉन्सर वो हैं जो बच्चों के मुंह में कीड़े होते हैं। उनको हमने मॉन्सर फ्रेंड्स बनाया कि भाई इनको आप अगर करेंगे तो यह आपके फ्रेंड बन जाएंगे। अगर इस टूथपेस्ट को करेंगे और यह आपको तंग नहीं करेंगे। उस हिसाब से हमने बनाया। मगर कोई भी ऐसी चीज होगी जो आपको लगता है जो
(13:36) आज आप लेवल पढ़ के बताएंगे और मुझे ठीक करनी है तो मैं उसको सुनने को तैयार हूं और उसको ठीक करने को अभी तैयार हूं। मैं एग्री करता हूं। लेकिन ये तो एक परसेप्शन का डिफरेंस है ना। जैसे आपने बोला दूसरे ब्रांड्स कार्टून कैरेक्टर यूज़ कर रहे हैं। आप भी कार्टून कैरेक्टर यूज़ कर रहे हैं। हां आपने खुद का बनाया है। वो शायद से कोई बड़े टीवी कैरेक्टर का लाइसेंस करते होंगे। बट मुझे ज्यादा उसमें फर्क नहीं दिख रहा है टू बी वेरी ऑनेस्ट। क्योंकि रिटेलर्स की डिमांड रहती है कार्टून कुछ तो बच्चों टाइप का रखने का। तो हमें मीडियम रस्ते में चलना पड़ता है।
(14:09) तो इसलिए रखा पर आपकी बात सुन के मैं आज ही से प्रण लेता हूं कि ये कार्टून को हटा दे। [हंसी] थैंक यू सो मच। थैंक यू। और ये अगली बार जब आपको टूथपेस्ट भेजूंगा तो बिना कार्टून के कैरेक्टर के होगी। ओके। क्योंकि मैं चाहता हूं कि बच्चे यह सीखें कि ये एक मेडिकल प्रोडक्ट है जिसका इस्तेमाल उनकी सेहत के लिए हो रहा है ना कि उनको उनकी तबीयत खराब करने के लिए हो रहा है। आपको ये अगले तीन महीने के अंदर चेंज करके मैं भेजूंगा। ठीक है। थैंक चार महीने में जो भी टाइम लगेगा और बाकी आप इसके इंग्रेडिएंट्स देखें अगर आप देखना चाहें कि इसके अंदर
(14:50) हमने बड़े क्लीन इंग्रेडिएंट्स डाले हैं। कोई भी जो स्वीटनर्स भी हैं आप देखेंगे सोडियम सैकन नाम का स्वीटनर काफी बड़े ब्रांड्स डाल रहे हैं जो कि बहुत ही सस्ता स्वीटनर है और उसका उसका बहुत अच्छा रेपुटेशन नहीं है। मैं अगेन वो ग्रास है। इसीलिए मैं उसके अगेंस्ट कुछ नहीं बोलना चाहता क्योंकि वह बिल्कुल सही नहीं रहेगा। लीगल लॉ सूट ही आएंगे उससे। आपको मैं जब अगेन ग्रोसरी स्टोर जाता हूं वन ऑफ द मोस्ट कॉमन टूथपेस्ट स्पेशली जो यंग लोग यूज़ करते हैं इज़ टीथ व्हाइटनिंग टूथपेस्ट। मोस्ट कॉमन टूथपेस्ट में वो एक आता है। सो ये क्या एक मार्केटिंग गेमिक है या
(15:31) असली में टीथ वाइटनिंग होता है? मैं बताना चाहूंगा कि टूथपेस्ट से टीथ के जो ऊपर के एमल के ऊपर के स्टेंस हैं खाली वही रिमूव होते हैं। टूथ पे टूथ टीथ वाइटनिंग के लिए एक इंग्रेडिएंट ही है जो सबसे ज्यादा कारगर और सबसे ज्यादा जरूरी है। उसका नाम है हाइड्रोजन परऑक्साइड। वह एक ऐसा प्रोडक्ट है जिससे टीथ वाइटनिंग हो सकती है। मगर अगर उसका आप इस्तेमाल टूथपेस्ट के अंदर करते हैं ज्यादा समय के लिए 7 से 10 दिन से ज्यादा के लिए तो वो आपको सेंसिटिविटी क्रिएट कर सकता है। तभी उसको ज्यादातर लोग डेंटिस्ट से करवाते हैं टीथ वाइटनिंग या फिर
(16:18) स्ट्रिप्स से करते हैं यूएस में। तो थोड़ा सा नारियल का तेल या कुछ ऊपर मसूड़ों में लगा लेते हैं ताकि आपको सेंसिटिविटी ना रहे। बाकी जितने भी टूथपेस्ट होते हैं उनसे टीथ वाइटनिंग नहीं होती। स्टेन रिमूवल ही होता है। मगर आप शेड कार्ट में देखें तो आपको डिफरेंस पता लगेगा कि ठीक है दो शेड या तीन शेड कम हो गया तो उसको टीथ व्हाइटनिंग की कैटेगरी में माना जाता है। सो टीथ व्हाइटनिंग टूथपेस्ट आप एक से दो हफ्ता यूज़ करिए। लेकिन उसके बाद आप रेगुलर टूथपेस्ट यूज़ करिए। नहीं ऐसा भी नहीं है कि उसके अंदर इंग्रेडिएंट पढ़िए। लेबल पड़ेगा इंडिया। अगर
(16:52) उसके अंदर इंग्रेडिएंट सिंपल है, पेपेन है, ब्रोमलिन है और कोई ऐसा इंग्रेडिएंट नहीं है तो टीथ वाइटनिंग एक क्लेम दिया गया है ताकि आप अपना स्टेंस रिमूव कर सकें। अगर उसके अंदर कोई ऐसा इंग्रेडिएंट है जैसे कि जिससे दांत आपके घिस सकते हैं। जैसे चारकोल टूथपेस्ट बहुत मशहूर हुई। चारकोल टूथपेस्ट में द रीजन इट वेंट डाउन वो इसलिए नीचे चली गई क्योंकि बहुत सारे लोगों ने बहुत हैवी आरडीए वाली चारकोल यूज करनी शुरू कर दी। यानी कि जो चारकोल का साइज था वो बहुत बढ़ा दिया जिसके कारण आरडीए बढ़ गया। यानी कि अब्रेजन डेंटल अह जो अब्रेजन होता है वो बढ़ गया। तो उससे
(17:37) एक बार एनामल आपका चला गया तो चला गया। तो आप को ये जानना जरूरी है कि अगर उसका आरडीए क्या है टूथपेस्ट का? अगर वो 100 से नीचे है, 70 से नीचे है आइडली तो ठीक है। कोई दिक्कत नहीं है। तो हर एक टूथपेस्ट में आरडीए होता है क्या? रिलेटिव डेंटिन अब्रेसिविटी जो होती है आरडीए फैक्टर वो जीरो से 70 तक बिल्कुल सेफ है। 70 से 140 तक जो कहा गया है वो हल्का सा अब्रेसिव है और 150 से ऊपर जितना आरडीए वो अब्रेशन लेवल बहुत ज्यादा है। तो यह एक रूल होना चाहिए लेवल पे और एक्चुअल में आपसे बात करके मुझे आज लगा कि हमें हर टूथपेस्ट के ऊपर अपनी टूथपेस्ट पे आरडीए
(18:21) लेवल लिखना शुरू कर देना चाहिए क्योंकि ये बहुत ही जबरदस्त पॉइंट आपने उठाया ये हो सकता है आप वर्ल्ड में रेवोल्यूशन ले आए क्योंकि आरडीए लेवल को बहुत सारी कंपनियां नहीं लिखती हैं हां और क्योंकि कोई रेगुलेशन ऐसी है नहीं तो मुझे एक्चुअली यही टॉपिक पे जानना है कि एंड मुझे मैं फूड फार्मर हूं तो मैं आपको क्रॉस क्वेश्चन और काउंटर क्वेश्चन करूं मेरे को आप ड्रिल करो, ड्रिल करो बस किल मत करना। [हंसी] मैं तो माइकल जैक्सन का गाना सोच के आया था। वो पूरा बोल दूंगा आज आपको कि किल मी। मैं हेलमेट नहीं लेके आया बस। तो आप मुझे खुल के ग्रिल करो और
(18:54) कोई मेरा प्रोडक्ट है खराब तो मुझे बताओ। सो आपने बोला टीथ व्हाइटनिंग वाला टूथपेस्ट में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड होना चाहिए। और ये टूथपेस्ट में लिखा है व्हाइटनिंग। हां जी। लेकिन मुझे इंग्रेडिएंट्स में हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड दिख नहीं रहा है। तो हम इस पर्टिकुलर प्रोडक्ट में हाइड्रोजन परऑक्साइड नहीं डालते हैं। हमारे पास क्योंकि हाइड्रोजन परऑक्साइड का डेली इस्तेमाल सही नहीं है। ये डेली बना करने के लिए बनाई गई है। और इस प्रोडक्ट में हमारे पास हाइड्रोक्सी एपिटाइट है। हाइड्रोक्सी एपिटाइट जो होता है जो छोटे-छोटे कैविटीज टाइप के फॉर्म हो जाते
(19:30) हैं उनके ऊपर जब लगता है तो इल्लुजन वाइटनिंग का आता है और उसके वो ऊपर जम भी जाते हैं और इस कारण इल्यूजन लेकिन इलजन एक्चुअली वाइट नहीं हो रहा है नहीं वाइटनिंग हो रहा है इन द सेंस कि अगर आप कहें कि वो अंदर जाके स्टेंस को ऑक्सीडाइज करके निकाल रहा है तो नहीं निकाल रहा है लेकिन मेरे को एक प्रॉब्लम है इससे हम आपने यहां वाइटनिंग लिखा है बड़े से फोंट में फ्रंट में एकदम लेकिन एकदम स्मार्टली आपने एक एस्टेरिक साइन भी डाल दिया है और पीछे में लिखा है इट हैज़ नॉट बीन इवैल्यूएटेड फॉर ब्लैक और वाइटनिंग एफिकसी तो वाइटनिंग एफिकसी में
(20:12) इवैल्यूएट हुआ ही नहीं है और आपने यहां सामने में वाइटनिंग लिख दिया। एक्चुअल में क्लीनिकल्स हुए हैं। मगर यह एक तरह से लॉस सूट बचने के लिए एक कवच रहता है कि आप यह लाइन लिख देते हैं ताकि आपके ऊपर लॉस सूट नहीं आ जाए। क्योंकि वाइटनिंग में अमेरिका में ऐसे भी लॉस सूट आ सकते हैं कि मेरे पांच शेड वाइट नहीं हुए या मेरे तीन शेड वाइट नहीं हुए। तो ये सारी जो लाइंस हैं यह हमारे रेगुलेटरी वाले लीगल रेगुलेटरी के साथ मिलकर ही लिखते हैं। तो आपकी बात सही है। इसीलिए मैं पहले से ही कह रहा था कि कोई भी टूथपेस्ट होगी चाहे वो हाइड्रोजन परऑक्साइड के साथ भी होगी या
(20:49) पेपेन या ब्रोमलिन के साथ भी होगी। वो सिर्फ ऊपरी स्टेंस ही रिमूव करेगी। क्योंकि हाइड्रोजन परऑक्साइड को भी वाइटन वाइटन करने के लिए आपको लगाकर आधे घंटे तक रखना पड़ता है। वरना वो कांटेक्ट टाइम नहीं रहेगा तो वो वाइटन नहीं होंगे। बट डोंट यू थिंक कि कोई यहां पर वर्ड देखेगा वाइटनिंग। तो उसे लगेगा कि यह वाइटनिंग हो रहा है और आपने खुद पीछे में लिख दिया है। नॉट इवैल्यूएटेड फॉर वाइटनिंग एफिकसी। सो इजंट दैट मिसलीडिंग टू सम एक्सटेंट। आपकी बात ठीक है। कुछ एक्सटेंट तक यह हो सकता है लोगों के लिए मिसलीडिंग हो। तो इसको मैं जाकर एक बारी फिर से रीवैलुएट
(21:28) करूंगा कि कैसे इसको हम कर सकके। प्रॉब्लम एक और है कि यह इंडस्ट्री का एक नॉर्म बन चुका है और अगर हम हटा देते हैं इसको तो हमारी सेल एकदम 10 से एक पे भी आ सकती है जीरो पे भी आ सकती है क्योंकि आज की डेट में गम डिजीज भी होगा लोगों को तो भी उनको टीथ वाइटन करना ज्यादा इंपॉर्टेंट रहता है ओके नहीं ठीक है एटलीस्ट आप ब्रेव इनफ हो हां जी टू आंसर दी क्वेश्चंस ओपनली एंड यू आर नॉट हाइडिंग बिहाइंड समथिंग एटलीस्ट आई विल गिव क्रेडिट टू यू कि आप यहां आए हो और ये सब डिफिकल्ट क्वेश्चन आंसर कर रहे हो। नहीं मैं इसको फिर से री व्यापम भी करूंगा
(22:08) कि कैसे हम एक स्टैंडर्ड बना पाएं इस दुनिया में मैं भी ट्राई करूंगा। अमेजिंग। ये होपफुली सब कंपनीज़ करें कि ये पडकास्ट देख के जो लोग देख रहे हैं कि इसके कारण आरडीए लेवल भी अपना लिखें। और सबसे बड़ी चीज जैसे आपने लिखा है लेवल पढ़ेगा इंडिया। मैं कहूंगा कुल्ला करेगा इंडिया। [हंसी] तो मैं इसीलिए कह रहा हूं कुल्ला करेगा इंडिया बिकॉज़ जैसे ही आप कुछ भी खाते हैं तो 30 मिनट तक आपके एनामल की लेयर वीक हो जाती है। एसिड अटैक होता है। सपोज आपने इवन एक बर्फी का टुकड़ा खाया तो शुगर से आपके दांत खराब नहीं होते। वो होते हैं एसिड अटैक से। तो अगर आप
(22:50) इमीडिएटली कुल्ला कर लेते हो खाना खाने के बाद तो आप पीएच लेवल जो है वो सेवन की तरफ ले जाते हो। क्योंकि एसिड का अटैक कम हो जाता है। यानी कि आपकी कैविटी की जो फॉर्मेशन है उसके चांस बहुत कम हो जाते हैं। साथ में कुल्ला करने से सलाइवा आपका जनरेट होता है। सलाइवा जो है आपका रिच होता है कैल्शियम और फास्फेट से और वो जाकर सीधा उन छोटे-छोटे माइक्रोपोर्स को अपने आप भर देता है क्योंकि आपका सबसे बड़ा जो दोस्त है, सबसे बड़ा डेंटिस्ट है वो सलाइवा ही है। आपका अपना सलाइवा क्योंकि उसके अंदर अगर आप अच्छा खाना खा रहे हैं, सब्जियां खा रहे हैं, अच्छी क्लीन लिविंग
(23:33) कर रहे हैं तो आपका सलाइवा रिच ऑफ कैल्शियम, फास्फेट ये सबसे रिच होगा। तो अपने आप ही आपके दांत स्वस्थ रहेंगे। सो बेसिकली कोई भी इंडियन को खाना खाने के बाद इमीडिएटली कुल्ला करना चाहिए। जरूर और तो जैसे लेबल पड़ेगा इंडिया वैसे ही कुल्ला करेगा। कुल्ला करेगा इंडिया। और उससे आप पूरे देश का कम से कम मेरा अंदाजा है ₹000 करोड़ बचा सकते हैं। पर ईयर पर ईयर टूथपेस्ट को लेके एक दो फनी चीज है। मैं बहुत सारी टीवी एड्स में देखते हैं। 10 में से नौ डेंटिस्ट ये ब्रांड टूथपेस्ट रेकमेंड करते हैं। और ये सेम चीज सारे मेजर ब्रांड्स बोलते हैं कि 10 में
(24:13) से नौ डेंटिस्ट मेरे ब्रांड रेकमेंड करते हैं। तो ये क्या ये एक मार्केटिंग के क्या है? मतलब डेंटिस्ट कौन सा ब्रांड एक्चुअली यूज़ करते हैं? सो सबसे पहले बात तो मैं आपको बताता हूं कि बहुत सारे डेंटिस्ट बहुत सारे टूथपेस्ट ब्रांड्स ये लिखते हैं फॉर्मुलेटेड बाय अ डेंटिस्ट। तो डेंटिस्ट को फॉर्मूलेशन ज्यादातर नहीं आती है। फॉर्मुलेटेड बाय समबडी लाइक मी। मैं फॉर्मुलेटर हूं। मेरे पास 100 से ज्यादा पेटेंट्स हैं। सारी उम्र मैंने फॉर्मुलेशन ही करी है। तो अगर कोई बोलता है फॉर्मूलेटेड बाय डेंटिस्ट तो उसका कोई बहुत ज्यादा एक्चुअल में बेनिफिट नहीं
(24:50) होता। पर ठीक है मैं भी लिखता हूं फॉर्मुलेटेड बाय डेंटिस्ट क्योंकि मैं डेंटिस्ट से सलाह ले लेता हूं कि भैया इसमें ये चीज ज्यादा डाले या इससे कम डाले तो उसके कारण सर्टिफिकेट ले लिया कि मैंने फॉर्मुलेशन बाय डेंटिस्ट उसको क्रेडिट दे दिया। लास्ट क्वेश्चन अबाउट टूथपेस्ट। अभी इंडिया में एक ट्रेंड चल रहा है। पर्पल टूथपेस्ट। मतलब इवन द मोस्ट फेमस टूथपेस्ट टूथपेस्ट ब्रांड्स एंड इवन दो मोस्ट ट्रडी टूथपेस्ट ब्रांड्स सब पर्पल टूथ बोल रहे हैं कि पर्पल टूथपेस्ट से येलोनेस कम होता है। ये पर्पल एक गिमिक है या क्या है? लिपस्टिक
(25:27) है तो पर्पल टूथपेस्ट से क्या होता है कि आपको करने के बाद एकदम से ऐसा इल्लुजन आता है। यह इल्लुजन उस इल्लुजन से अलग है जो हम स्टेन रिमूवल वाली बात कर रहे थे। इससे एक्चुअल में इल्लुजन आता है सिर्फ आंखों के लिए कि ऐसा लगता है कि यार यह तो मेरे वाइट हो रहे हैं दांत। क्योंकि येलो और पर्पल आपस में एक दूसरे को कैंसिल कर देते हैं तो वाइटनिंग सी दिखाई देती है। पर अगर आप उसके बाद चाय या कॉफी पी ले या कुल्ला कर ले अच्छी तरह से एक घंटे डेढ़ घंटे तक वो लिपस्टिक लगी रहेगी। इल्लुजन रहेगी उसके बाद वो वापस वही जो आपका ओरिजिनल कलर है आ जाएगा। तो
(26:09) एक तरह से ये लिपस्टिक है। सो टूथपेस्ट को लेके लोग काफी पर्टिकुलर हैं। वो ब्रांड देखते हैं, क्लेम्स देखते हैं। काफी और कुछ टूथब्रश की लेकिन जब हम बात करते हैं लोगों को टूथबश को लेके ज्यादा आईडिया नहीं होता। सो मुझे आपसे जानना है टूथब्रश खरीदने के पहले लोग को क्या सोचना चाहिए? व्हाट शुड बी द मेन फैक्टर्स बिफोर डिसाइडिंग अ टूथब्रश? टूथब्रश सबसे इंपॉर्टेंट चीज है आपकी ओरल हजीन के अंदर। क्योंकि जो मैकेनिकली रिमूवल होता है बायोफिल्म्स का वो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है। अगर आप अपने बायो फिल्म को आपकी टूथपेस्ट नहीं निकाल रही है ना ही कोई
(26:47) माउथ वॉश निकाल रहा है। वो मैकेनिकल एक्शन ऑफ टूथब्रश निकाल रहा है और वो राइट होना नंबर वन मोस्टेंट चीज है। तो टूथपेस्ट अच्छी खरीदने से पहले आप यह पूछिए कि टूथबश कौन सा है? नंबर वन। नंबर टू हार्ड टूथब्रश कभी नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि हार्ड टूथब्रश एक तरह से आपके एनेमल को तो हल्का-हल्का ज्यादा घिसता ही है। पर एनेमल से ज्यादा वो आपके गम्स को डिस्ट्रॉय करता है। जब आप ब्रश करते हो तो आप जोर-जोर की करते हो सबकॉन्शियसली बिना सोचे जल्दी करते हो और आप ब्रश होना चाहिए। एक एक्सपीरियंस। ब्रशिंग शुड बी अ एक्सपीरियंस। और हम ब्रश करते हैं एज अ
(27:26) रिचुअल कि भाई फटाफट करें और फ्रेश होंगे आगे चले। बट ब्रशिंग एक्चुअली में एक एक्सपीरियंस है जिसको आपको 45° पे गम लाइन पे रख के सॉफ्ट ब्रश से ब्रश करना है और प्रॉपर्ली आपके जो ब्लैक है उसको रिमूव करना है मैकेनिकली और जब आप कर रहे हैं तो जैसे सब काम छोड़ के उसी पे ही ध्यान देना है माइंडफुलनेस यह बहुत जरूरी है। तो उस उस चीज को आप देख के करेंगे तो एक सुपर सॉफ्ट ब्रश आपके लिए बेस्ट है। मुझे एक क्वेश्चन है लेकिन एज [नाक से की जाने वाली आवाज़] यूजुअल देखिए आप फूड फार्मर के पडकास्ट में हो तो मैं तो थोड़ा केस तो लूंगा और यहां लिखा है 10
(28:05) एक्स सॉफ्टवेयर 10 गुना सॉफ्टर और [नाक से की जाने वाली आवाज़] यहां एस्टेरिस साइन है और जब एस्टेरिस साइन होता है तो कुछ तो गड़बड़ होता है बिल्कुल गड़बड़ होता है पीछे में लिखा है एस्टेरिस साइन में सॉफ्टर दन स्टैंडर्ड टूथब्रश ब्रिसल्स व्हेन सर्वेड बाय कंज्यूमर्स व्हेन सर्वेड बाय कंज्यूमर हमें पता नहीं कि कौन सा कंज्यूमर है जैसे हम लोग ने पहले बोला था कि 10 में से नौ डेंटिस्ट ये टूथपेस्ट को रेकमेंड करते हैं। वैसे ही ये कोई ना कोई कंज्यूमर को आप उठा लिए और उससे आप सर्वे करा रहे हो कि ये टूथब्रश सॉफ्टवेयर है। हो सकता है कि आपके फैमिली मेंबर ही हो वो
(28:43) कंज्यूमर। तो इसमें कोई भी ऐसा नहीं लिखा है कि ये कोई ब्लाइंड स्टडी हुआ है। कोई थर्ड पार्टी ने कराया है। या खाली लिख दिया है व्हेन सर्वेड बाय कंज्यूमर्स। तो ये तो बहुत वेग टर्म है। तो क्या ये 10x सॉफ्टवेयर एक मार्केटिंग क्लेम है? ये अ मैं मानूंगा कि ये एक मार्केटिंग क्लेम है। मगर जो हमने एडल्ट्स वाला टूथब्रश है उसको क्लीनिकली प्रूव किया है। और उसके अंदर हमारे पास स्टडी जो क्लीनिकल स्टडी है उसकी ऑलरेडी अवेलेबल है हमारी वेबसाइट पे। प्लस यह एडीए अप्रूव्ड है। पर आपकी बात सही है कि 10 एक्स सॉफ्टवेयर जो हमने क्लेम किया है उसको राइट करना चाहिए
(29:23) कि 10 एक्स अगेंस्ट सम स्पेसिफिक हार्ड ब्रश को हमने लेके उसके सामने किया या स्टैंडर्ड जो ब्रश था उसके सामने किया और साथ में हमें यह अच्छी तरह से दिखाना चाहिए कि कितने लोगों ने उसको सर्वे किया। 1000 लोगों ने सर्वे किया या एक बंदे ने सर्वे किया। [हंसी] तो यह आपकी बात सही है। मैं इसके ऊपर राइट अवे एक पूरा प्रॉपर स्कैन करके उसको हम लिखेंगे। आई थिंक आपके साथ में अबाउट चार से छ महीने बाद एक और पॉडकास्ट करना चाहिए कि ये सब जो आप बोल रहे हैं आप करेंगे। वो क्या आपका रिपोर्ट कार्ड है? बिल्कुल एकदम मैं एकदम रेडी हूं। मैं साल
(30:06) में दो बार इंडिया आता हूं और अगली बार आपको आके डिस्टर्ब जरूर करूंगा। [हंसी] डेफिनेटली। थैंक यू। आपका एक अच्छा बात है कि आप फीडबैक बहुत पॉजिटिव वे में लेते हो और ये मुझे अच्छा लगा। थैंक यू सो मच। मैं चाहता हूं कि आप मुझे ग्रिल करो, ड्रिल करो बस किल मत करो। [हंसी] तो टूथब्रश में बचपन से हम तो टूथब्रश करते आए हैं। नॉर्मल टूथब्रश से आजकल लास्ट दो चार साल से इलेक्ट्रिक टूथब्रश का ट्रेंड आ गया है। जैसे आप चार्ज करते हैं। वो मशीन अपने आप घूम रहा है और वो चार्ज हो रहा है। तो व्हिच वन इज बेटर फॉर यू? टूथब्रश एक तरह से आपकी कार है। कार
(30:43) कौन सी है? Fiat है या RS Ryce है? उससे ज्यादाेंट है कि चलाना आता है कि नहीं है। तो अगर आप मैनुअल ब्रश तो गाड़ी सेेंट है ड्राइवर कौन है? ड्राइवर कौन है? क्योंकि अभी ये Tes्ला नहीं है इन द सेंस कि अपने आप नहीं चलेगी। तो अगर आप मैनुअल यूज़ कर रहे हैं टूथबश। तो मैनुअल टूथब्रश को टेक्निक करेक्ट है और आप 2 मिनट तक यूज कर रहे हैं। यह ज्यादा इंपॉर्टेंट है। मैं समझता हूं कि अगर आपको टेक्निक आती है तो मैनुअल टूथब्रश इक्वली इफेक्टिव है। ऑलदो क्लीनिकल स्टडीज क्योंकि बहुत फंडेड होती हैं। उनमें इलेक्ट्रिक टूथब्रश ज्यादा बेहतर दिखाया गया है। पर वो सारे के सारे
(31:26) जब ये स्टडीज होती हैं तो बड़े पैराटर्स के साथ होती हैं। तो इनको जिस डायरेक्शन में ले जाना चाहो थोड़ा सा उस डायरेक्शन में मैनपुलेट हो जाती है। तो ऐसा नहीं है कि जमीन आसमान का फर्क होता है। 10 12% का ज्यादा फर्क दिखाया गया है। पर अगर आप अफोर्ड कर सकते हैं और अगर आपको ऐसा लगता है मैनुअल टूथबश आपको प्रॉपर नहीं आता है तो आप इलेक्ट्रिक करिए वो बेटर रहेगा। ओके तो मैं यूएस में 13 साल रहा हूं और मैं एक बहुत फनी सा ट्रेंड देखा था। एक बार मैंने ग्रोसरी स्टोर में देख गया था। एंड जो इंडिया में दातून मिलता था जो हमारे ग्रैंड पेरेंट्स बोलते थे यूज करने
(32:06) वो वहां पर बहुत महंगा था मतलब इफ आई एम नॉट रोंग मतलब काफी मतलब $50 या कितना मेरे को याद नहीं है प्राइस बट बहुत महंगा था जो इंडिया में शायद से $12 का मिलता होगा लाइक यू नो 100 ₹200 ₹500 का मिल रहा है नीम को पेड़ से जाके तोड़ लो हर घर के बाहर ही लगी है वो बड़ा इफेक्टिव है ऐसी बात नहीं है बट क्योंकि जब पुराने जमाने में टूथब्रश अवेलेबल नहीं थे। तो उस वक्त नीम को करने से एक तो नीम में एंटीबक्टीरियल इफेक्ट है। एक तरह से ये आपका टूथपेस्ट ही है। एंड अभी आप देखेंगे तो मिसवाक स्टिक्स अमेरिका में हर जगह ट्रेंड करती हैं। मैंने बहुत सारी नीम
(32:43) टूथपेस्ट इंडिया में देखी उसमें नीम रियल नीम CO2 एक्सट्रैक्ट की जगह उसमें नीम का तेल डाला गया है जो कि फैटी होता है। या कि या फिर उसके अंदर वह वाली चीज़ें डाली गई हैं जैसे नीम का फ्लेवर। यानी कि उसके अंदर सिर्फ फ्लेवर है नीम का। एक्चुअल में माल नहीं है। वो तो सेम चीज सेम चीज खाने की इंडस्ट्री में भी होता है। हां तो वो सही नहीं है। पर अगर आपके घर के अंदर नीम लगा है तो आप हफ्ते में एक बार उसका इस्तेमाल जरूर करें। ओके। लास्ट कुछ साल से एक ट्रेंड चल रहा है कि लोग आजकल किसी को मिलने के पहले माउथ वॉश यूज करते हैं। अभी लोग थोड़ा
(33:22) आलसी हो गए हैं। उन्हें टूथपेस्ट टूथब्रश करने का मन नहीं करता उसमें दो-चार मिनट लगता है। माउथ वाश बहुत कन्वीनिएंट हो जाता है। तो ही इज यूजिंग माउथ वाश गुड फॉर यू? जो सब सबसे ज्यादा बिकने वाले माउथ वाशेस हैं जो इमीडिएट आपको ऐसा लगता है फ्रेश हो गया माउथ उसके लिए वह अल्कोहल वाले माउथ वाशेस यूज करते हैं। मगर उससे अल्कोहल ज्यादा रहने से आपका माउथ ड्राई हो जाता है। क्योंकि अल्कोहल की नेचर होती है कि आपके माउथ को ड्राई करता है। तो ड्राई माउथ जो है लॉन्ग टर्म के लिए आपके लिए ज्यादा हार्मफुल है ना कि बेनिफिशियल। लेकिन माउथ [गला साफ़ करने की आवाज़] वाश
(34:03) यूज करने जो सबसे लीडिंग ब्रांड्स हैं माउथ वाश वाले वो रेगुलर यूज करने में प्रॉब्लम क्या है? तो बहुत सारे अल्कोहल बेस्ड माउथ वाशेस का ओरिजिनली इजाज जो हुआ था वो डिसइ्फेक्शन इन द हॉस्पिटल से हुआ था। इवन फ्लोर क्लीनर तक में यूज़ हुआ है। वो और बाद में एकदम कुछ ऐसे माउथ वाशेस के तरीके से यूज़ कुछ लोग करने लगे। स्पेशली वर्ल्ड वॉर टू के दौरान जो सैनिक जाते थे लड़ने के लिए उनके मुंह से बहुत बदबू आती थी। तो उन लोगों को जब ये दिया गया तो उनको एकदम लगा कि भाई बहुत बेनिफिशियल है। तो जो लोग जब वापस आए अ लड़ाई के बाद तो उन्होंने उसका इस्तेमाल
(34:49) रेगुलरली करना शुरू कर दिया। ये भी हो गया कि भाई अगर जलेगा नहीं मुंह तो काम करेगा नहीं। तो ये इस ट्रेंड को अंग्रेजी में मैं बताना चाहूंगा नो बर्न नो बेनिफिट। सो ये एक बहुत बड़ा ट्रेंड चल गया कि बर्न नहीं होगा अगर तो कुछ काम नहीं हो रहा। मतलब कीड़े मर नहीं रहे हैं। पर ऐसा कुछ नहीं है। वो जो बर्न हो रहा है वो अल्कोहल है। इसी वजह से बर्न हो रहा है। और जबकि फिर नॉन अल्कोहल माउथ वाशेस में ने जो ल्च किया कुछ ब्रांड्स ने उन्होंने लिखा ऑल द बेनिफिट स्टिल नो बर्न। तो माउथ वाश का इस्तेमाल उसी चीज के लिए करना चाहिए जिस
(35:28) चीज के लिए आपको जरूरत है। बेनिफिश है जरूर है मगर फॉर अ लिमिटेड टाइम यूज करा जाए तो है। सो मुझे आपसे ऑइल पुलिंग के एडवांटेजेस और डिसएडवांटेजेस जानने हैं। इज ऑइल पुलिंग एक्चुअली बेनिफिशियल फॉर समवन? सो ऑइल पुलिंग इज अ प्री ब्रश रेजीमेंट। आपको ब्रश करने से पहले करना है क्योंकि ऑयल पुलिंग अगर आप करते हैं तो बायोफिल्म्स को आप लूजन अप कर रहे हैं। जो बायोफिल्म्स हैं घर बैक्टीरिया के उनको आप लूजन अप कर रहे हैं क्योंकि ऑयल की एक प्रॉपर्टी होती है लूजन अप करना। उसके बाद जब आप ब्रश करते हैं तो वह बायो फिल्म्स ईजीली बाहर निकल आती हैं। ऑयल पुलिंग से
(36:07) और बेनिफिट बेनिफिट यह होता है कि इसके अंदर जो स्पेसिफिक इंग्रेडिएंट्स हम डाल रहे हैं हर इंग्रेडिएंट का एक अलग-अलग बेनिफिट है जो कि हमारी वेबसाइट पे बताया गया है। मैं भी बहुत डिटेल में बता सकता हूं। इसमें ही आपका आधा घंटा चला जाएगा। एक और बहुत कॉमन क्वेश्चन है लोगों को। टूथब्रश हम टूथब्रश कर रहे हैं। कब करना चाहिए हमें? शुड वी ब्रश बिफोर ब्रेकफास्ट और आफ्टर ब्रेकफास्ट? तो, यह मेरा आंसर है और मेरा आंसर आपके पुराने कुछ पॉडकास्ट्स में काफी लर्नड बंदे आए थे। उनसे अलग है। तो, मैं समझता हूं कि सुबह उठते ही करना चाहिए टूथब्रश।
(36:47) अगर आपकी टूथपेस्ट बिना केमिकल्स के है और बिना उन सब चीजों के है, तो टूथपेस्ट, टूथब्रश सुबह उठते ही करना चाहिए। क्योंकि रात भर जब आप सोते हैं तो बहुत से लोग ओवरवेट है या कोई दवाइयां लेते हैं तो स्नोर करते हैं या मुंह खोल के सोते हैं तो नेजल ब्रीदीिंग नहीं होती है जिसके कारण मुंह ड्राई हो जाता है और जो ड्राई माउथ होता है वो कीड़ों का घर बन जाता है और सुबह आपके मुंह के अंदर बहुत सारी बायोफिल्म्स रहती हैं। अगर आप सुबह उठके वो बायोफिल्म्स को रिमूव नहीं करते हैं तो वह सारा का सारा आपके अंदर जा रहा है। वो सारा का सारा बायोफिल्म्स में कचरा जो है
(37:26) वो आपके अंदर जा रहा है। तो मैं सुबह उठते ही सबसे पहले कुल्ला करके आंखें धो के फिर टूथपेस्ट करता हूं और रात को सोने से पहले एक बार जरूर करता हूं। तो कुछ भी हो जाए रात का टूथपेस्ट करना तो सुपर इंपॉर्टेंट है ही। मैं समझता हूं कई लोग कहते हैं कि दिन का करो या ना करो रात का करो। मैं कहता हूं दोनों टाइम बहुत ही इंपॉर्टेंट है। अगर आपसे पहले मैंने बोला था कुल्ला करेगा इंडिया और दूसरा मेरा कहना है दिन में और रात में मतलब दो बार ब्रश करेगा इंडिया। दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए। कुछ लोग बोलते हैं कि ये टूथपेस्ट इंडस्ट्री का साजिश है कि
(38:10) टूथपेस्ट इंडस्ट्री ये जानबूझ के बोल रहा है ताकि उनका सेल्स बढ़े। क्या यह सही है? सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले दो बार ब्रश करना ही करना है। यह टूथपेस्ट इंडस्ट्री का कोई गिमिक नहीं है। और टूथपेस्ट इंडस्ट्री जो दिखाती है कि बहुत बड़ा स्वर लगा देती है टूथपेस्ट का वो गलत है करना क्योंकि टूथपेस्ट आपको एक मटर के दाने जितनी चाहिए और बच्चों को एक चावल के दाने जितनी टूथपेस्ट चाहिए। तो टूथपेस्ट इंडस्ट्री को अगर आपको हराना है तो राइट अमाउंट ऑफ टूथपेस्ट का इस्तेमाल करिए। दो बार ब्रश करना कभी मत छोड़िए। अमेजिंग। तो अब से कुल्ला करेगा इंडिया और
(38:50) दिन में दो बार ब्रश करेगा इंडिया। और तीसरा भी बता देता हूं फ्लॉस करेगा इंडिया। फ्लॉस इतनी इंपॉर्टेंट चीज़ है क्योंकि जो हमारा दांत होता है वह एक तो आगे से देख सकते हैं। एक पीछे से देख सकते हैं। एक ऊपर से देख सकते हैं। दो साइड ऐसी होती है जो दोन-दो साइड की दांतों के बीच में छुपी रहती है। तो उन दोनों साइडों के ऊपर प्लैक जमा रहता है और सबसे ज्यादा जो कीड़े लगते हैं जिसे कैविटीज कहते हैं वो दांतों के बीच में लगते हैं। क्योंकि उस जगह पर कुछ भी छोटा सा भी फंस गया और आपने रात को ब्रश भी नहीं किया और फ्लॉस नहीं किया तो कीड़े वहां पर पार्टी करते
(39:28) रहेंगे। तो अब से वापस रिपीट करते हैं। तो तीन चीज इंडिया को करना है। पहला कुल्ला करेगा इंडिया। दो बार ब्रश करेगा इंडिया। दो बार ब्रश करेगा इंडिया और तीसरा है फ्लॉस करेगा इंडिया। फ्लॉस करेगा इंडिया। हां जी। इमेजिन करिए कि आप इंडिया के हेल्थ मिनिस्टर हैं। हां जी। एंड आपको टूथपेस्ट का लेबल बनाना है जो बहुत एक्यूरेट हो, बहुत साइंटिफिक हो। लोग को मदद करे कि कौन सा टूथपेस्ट अच्छा है, खराब है वो समझ में आ जाए। तो आप कैसे वो टूथपेस्ट का लेवल को डिजाइन करते हैं? तो मेरे ख्याल से कुछ एक इंग्रेडिएंट्स जो कि जरूरी नहीं है मगर सिर्फ कॉस्मेटिक
(40:05) रीज़ंस के लिए डाले गए हैं उनको मैं एक बैंड लिस्ट में डालूंगा कि इनको हर बड़ी कंपनी हटा दे। नंबर वन। नंबर टू उसके ऊपर आरडीए लेवल लिखना शुरू करूंगा जो कि आज मैंने आपके पॉडकास्ट पे आके ही ध्यान आया कि यह लिखना चाहिए कि हर टूथ के पेस्ट के ऊपर एक आरडीए लेवल होना चाहिए। तीसरा उसमें एग्जैक्ट होना चाहिए। अगर फ्लेवर लिखा है तो क्या फ्लेवर के अंदर क्या एग्जैक्ट इंग्रेडिएंट्स हैं वो उनकी वेबसाइट पे जरूर मेंशन होने चाहिए। थैंक यू। दैट्स अ ग्रेट सजेशंस। एंड लास्ट मैसेज फॉर इंडिया लाइक यू नो कोई एक इंडियन पडकास्ट देख रहा है यहां पर चाहे
(40:47) वो इंडिया से देख रहा है इंडिया के बाहर से देख रहा है व्हाट इज योर मैसेज फॉर समवन इन इंडिया वाचिंग दिस टू इंप्रूव देर डेंटल हेल्थ सो एज आई सेड कुल्ला करेगा इंडिया द चीपेस्ट ईजीिएस्ट सिंपलेस्ट थिंग यू कैन डू इज आफ्टर यू ईट एवरीथिंग एनीथिंग आफ्टर यू ईट नीट एनीथिंग मेक श्योर यू स्विच एंड स्पिट विद प्लेन वाटर। यू डोंट इवन नीड एनीथिंग एल्स। नंबर टू दो बार ब्रश करेगा इंडिया क्योंकि आज भी 60% इंडिया दो बार ब्रश नहीं करता है एंड फ्लॉस करेगा इंडिया। यह तीन चीजें प्लस खाने के अंदर मेक श्योर आप सब्जियां ऐसी खाएं एप्पल वपल और नाशपाती ताकि पपाया
(41:36) ब्रोमलीन जिन जिनसे आपके एक्चुअल दांत जो हैं नेचुरल टाइप से ब्रशिंग हो और चौथा तीन बार ज्यादा से ज्यादा खाएं। स्नैकिंग कम रखें। पैकेज्ड फूड का सेवन नहीं करें। होपफुली आपके दांत बहुत अच्छे रहेंगे और आपकी बॉडी बहुत अच्छी रहेगी। थैंक यू सो मच। एंड बहुत एनलाइटनिंग था ये इतना नॉलेज मिलना। थैंक यू। एंड आई एम श्योर एवरीवन इस गोना बी वै ग्रेटफुल फॉर दिस। थैंक यू। हेल्दी, हैप्पी लेट्स गो। गुल्ला करेगा इंडिया। लेवल पढ़ेगा इंडिया। तो अगली बार जब आप यूएसए इंडिया आएंगे, मैं आपसे वापस बात करूंगा। आपका प्रोडक्ट्स वापस देखूंगा। व्हाइटनिंग का क्लेम, Kids के ऊपर 10 एक्स
(42:19) का क्लेम और कार्टून कैरेक्टर, यह नहीं होंगे। अगर कोई भी टूथपेस्ट कंपनी देख रहा है यह तो प्लीज लीगल नोटिस इन्हें मत दीजिएगा। मुझे भेजिएगा क्योंकि यह यूएस में रहते हैं तो इन्हें डॉलर में पे करना पड़ेगा। मैं तो इंडिया में अब मूव कर गया हूं। तो अब मुझे रूपीस में पे करना पड़ेगा। तो प्लीज कोई टूथपेस्ट कंपनी इनको मत भेजना लीगल नोटिस। थैंक यू। चलिए। ठीक है। थैंक यू। थैंक यू।
Author Name:Food Pharmer
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Foodpharmer
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=dJEA9ctrLxU
Title: Don’t Buy Toothpaste & Toothbrush before watching this video! | Ft. Puneet Nanda
Author Name: Food Pharmer
Description: Are toothpaste brands really telling you the truth?
Toothpaste, toothbrushes, and mouthwash are products we use every day, yet most consumers rarely question their ingredients, advertising claims, or marketing strategies.
From toothpaste ingredients and teeth whitening and the famous “9 out of 10 dentists recommend” advertisements, how much of oral care marketing is backed by science?
In this episode of Food Pharmer, Revant Himatsingka sits down with Puneet Nanda, an Indian entrepreneur who made it big in the US.
He built Dr. Fresh & now has developed a second business in the oral-care industry through GuruNanda, a brand inspired by traditional Ayurvedic wellness practices.
In this podcast we discussed:
• Toothpaste Marketing Gimmicks
• How to Read a Toothpaste Label
• The Truth About “9 Out of 10 Dentists Recommend”
• How to choose the right toothbrushes
• How to buy the right toothpaste
• How to fix bad breath
• Children’s Toothpaste Marketing
This conversation aims to help you understand oral care products better, ask the right questions, and make informed decisions for yourself and your family.
If you care about health, nutrition, consumer awareness, oral hygiene, and understanding how brands market everyday products, this episode is for you.
Share this episode with someone who should know more about the products they use every day.
Let's Make India Healthy Again.
Check Guru Nanda India -
https://www.instagram.com/gurunandain...
Timestamps:
00:00 - Trailer
01:25 - Intro
03:27 - Ingredients to check before buying a toothpaste
06:15 - Why is it important to check toothpaste labels
09:15 - Are all ingredients harmful?
10:26 - Relation of Eating Sugar with Oral Health
12:07 - Marketing Gimmicks in Kids ToothPaste
12:52 - Guru Nanda's Kids Toothpaste Exposed
15:16 - Are Teeth Whitening Toothpaste a scam?
16:47 - Charcoal Toothpaste & RDA level in a toothpaste
18:57 - Guru Nanda's White Whitening Claim Exposed
22:22 - Kulla Karega India!
23:59 - 9 on 10 dentist Gimmick
25:04 - Purple Toothpaste Trend
26:18 - Importance of brush & how to choose the right brush
27:57 - Guru Nanda's Brush Criticized
30:23 - Electric Brush vs Normal Brush
31:55 - Neem Stick Trend in USA
33:15 - Story Behind Mouthwash
35:36 - Benefits of Oil Pulling
36:21 - Should You Brush twice in a day?
38:53 - Floss Karega India!
39:42 - What if you were the Health Minister?
40:41 - Last message for every Indian
42:22 - Outro
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Transcript:
(00:00) आपको कितने लॉस सूट आ गए? मेरे पास एवरेज 26 लॉ सूट रहते हैं किसी भी वक्त। 26 लॉ सूट ऑन एवरेज। आज हमारे साथ एक स्पेशल इंसान है। वो यूएस के फूड फार्मर है। वन ऑफ द मोस्ट कॉमन टूथपेस्ट इज टीथ व्हाइटनिंग। तो ये क्या एक मार्केटिंग गिमक है? टीथ व्हाइटनिंग के लिए एक इन्ग्रेडिएंट ही है जिसका नाम है। मैं फूड फार्मर हूं। तो मैं आपको क्रॉस क्वेश्चन और काउंटर क्वेश्चन करूंगा। मेरे को आप ड्रिल करो, ड्रिल करो। बस किल मत करो। आपने यहां वाइटनिंग लिखा है बड़े से फोंट में। इजंट दैट मिसलीडिंग टू सम एक्सटेंट? ये मैं मानूंगा कि एक मार्केटिंग क्लेम
(00:36) है। यहां लिखा है 10 एक्स सॉफ्ट टर्न और यहां एस्टरिस साइन है। तो क्या ये एक मार्केटिंग क्लेम है? ये इंडिया में एक ट्रेंड चल रहा है पर्पल टूथपेस्ट। बोल रहे हैं कि पर्पल टूथपेस्ट से येलोनेस कम होता है। तो एक तरह से ये लिपस्टिक है। आपको करने के बाद ऐसा इल्ल्युजन आता है क्योंकि येलो और पर्पल आपस में एक दूसरे को कैंसिल कर देते हैं। तो जब कोई टूथपेस्ट खरीद रहा है क्या चीज उसे ध्यान रखना चाहिए? तो सबसे पहले तो नंबर टू उसके अलावा इसको तो राइट अवे बैन कर देना चाहिए क्योंकि उससे डीएनए तक चेंज हो सकता है। दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए। टूथपेस्ट
(01:12) इंडस्ट्री ये जानबूझ के बोल रहा है ताकि उनका सेल्स बढ़े। क्या यह सही है? आज हमारे साथ एक स्पेशल इंसान हैं जो बहुत डेयरिंग है। वो यूएस के फूड फार्मर हैं। उनके खिलाफ बहुत सारे लॉ सूट्स चल रहे हैं फ्रॉम द लीडिंग टूथपेस्ट एंड टूथब्रश ब्रांड्स ऑल ओवर द वर्ल्ड। एंड आज वो हमें सिखाएंगे टूथपेस्ट। टूथब्रश, माउथ वॉश और ये सारी इंडस्ट्रीज के मार्केटिंग गेमिक्स और हम ये सब से कैसे बच सकते हैं और सही टूथपेस्ट हम कैसे खरीद सकते हैं? सही टूथब्रश कैसे खरीद सकते हैं अपने लिए और
(01:56) अपने बच्चों के लिए। थैंक यू सो मच फॉर कमिंग। थैंक यू। इट्स माय प्रिविलेज। थैंक यू आपने मुझे बुलाया। हां। क्योंकि मैं आपको बहुत समय से फॉलो कर रहा हूं और ऐसे क्रांतिकारी के पास मिलने का मुझे मौका मिला। ये बहुत बड़ी बात है। थैंक यू सो मच। थैंक यू। थैंक यू। आपको कितने लॉ सूट आ गए हैं? मेरे पास ऑन एन एवरेज 26 लॉस सूट रहते हैं किसी भी वक्त। तो मैं मैं कहता हूं कि मेरा लीगल बिल जो है मेरे पे रोल से ज्यादा हो गया है। ये सेम चीज मेरे साथ भी हो रहा है। बट 26 लॉ सूट ऑन एवरेज कभी भी। ऑन एन एवरेज कभी भी 26 लॉ सूट रहते हैं।
(02:32) सो जो व्यूअर जो इनको नहीं जानते तो जो मैं फूड इंडस्ट्री में कर रहा हूं ये सेम एग्जैक्ट चीज ये ओरल केयर इंडस्ट्री में कर रहे हैं। तो ये हर एक टूथब्रश कंपनी, टूथपेस्ट कंपनी, माउथ वाश ये पूरे इंडस्ट्री से लड़ चुके हैं। और ये यूएस में लड़े हैं। यूएस में लॉ सूट्स और भी महंगा होता है। मुझे तो यहां पर लाखों में लॉस सूट मिलते हैं। करोड़ों का लॉस सूट मिलता है। आपको शायद से मिलियंस ऑफ़ डॉलर्स के लॉस उठाते रहेंगे तो काफी महंगा होगा। बहुत महंगा होता है। कई-कई बार तो लगता है कि ये जो सारे बाल गए हैं वो खराब पानी की वजह से नहीं गए क्योंकि मैं आपका एक
(03:08) पॉडकास्ट देख रहा था। ये सारे बाल एक्चुअल में स्ट्रेस की वजह से गए हैं। तो सबसे पहले मैं बताना चाहूंगा कि जो आपका लोगो है लेबल पड़ेगा इंडिया। अगर एक्चुअल में लेबल पढ़ना सीख जाएंगे चाहे वो टूथपेस्ट हो या कोई भी और चीज हो। तो आधी चीजें तो वहीं सॉल्व हो जाएंगी। तो टूथपेस्ट से ही शुरू करते हैं। सो जब कोई टूथपेस्ट खरीद रहा है क्या दो-तीन चीज उसे ध्यान रखना चाहिए खरीदने के पहले? तो सबसे पहले तो अगर टूथपेस्ट के कारण आप आपको अगर मुंह में छाले होते हैं तो कैंकर सोर्स जिनको कहा जाता है तो उसका मतलब है एक रीजन यह भी हो सकता है कि उसके
(03:48) अंदर एक इंग्रेडिएंट होता है टूथपेस्ट में एसएलएस सोडियम लोरल सल्फे सल्फेट सल्फेट यह मेक श्योर करना है कि सोडियम लोरल सल्फेट उसके कारण कई लोगों को गम और टूथ में इरिटेशन म्यूकोसा पे हो जाती है अंदर के स्किन के ऊपर उससे कैंकर सोर्स हो जाते हैं। उसका फमिंग एक बेनिफिट है एसएलएस का और वो एक सरफेक्टेंट भी है और बहुत लाइट जर्मीसाइड भी है और बहुत सालों से डलता आ रहा है। उसके बहुत नए अल्टरनेटिव्स आ चुके हैं। पर क्योंकि ये फॉर्मुलेशंस सेट हैं पिछले कई सालों से और अभी तक एफडीए ने उसको खराब नहीं घोषित किया है। इसलिए वो उसमें अभी तक चल रही है। नंबर टू
(04:30) टाइटेनियम डाइऑक्साइड। इसको तो राइट अवे बैन कर देना चाहिए क्योंकि फूड इंडस्ट्री ने इसको यूरोप में ऑलरेडी बैन कर दिया है। उससे डीएनए तक चेंज हो सकता है हमारा। उसके अलावा फ्लेवर फ्लेवर वर्ड जो है उसकी डेफिनेशन एटलीस्ट अगर वो ट्यूब पे इतने सारे नहीं डाल सकते इंग्रेडिएंट्स तो उसके ऊपर स्टार एस्ट्रिक लगा के उनको अपनी वेबसाइट पे उसके अंदर क्या-क्या डला हुआ है फ्लेवर में वो लिखना चाहिए। या फिर अगर वह नहीं लिख सकते हैं तो उसके लिए अलावा उनको कोई एसेंशियल ऑयल्स या जिनसे जो धरती से उगे हुए प्रोडक्ट्स हैं वो वो डालने चाहिए क्योंकि वही राइट प्रोडक्ट है। चौथा
(05:09) कई कंपनियां मिंट लिखती हैं। जबकि मिंट जो है वो पेपर मिंट जो पुदीना जो धरती से उगता है वो नहीं है। वो पेट्रिकॉमिकल बेस से दालियान या फिर जर्मनी में ऐसी फैक्ट्रियां हैं जहां पर वो मिंट बनाया जाता है। इवन परेशानी की बात तो यह लगी मुझे कि मैं बहुत सारी कंपनियां मेंथोल भी दालियान से इंपोर्ट करके इंडियन रियल प्लांट मेंथोल के अंदर मिलाकर 7525 बेच रही हैं एज मेंथोल जो कि मैंथोल भी फैब्रिकेटेड मेंथॉल है। पेट्रोकेमिकल से बना हुआ है। तो जब आप सबसे पहले टूथपेस्ट मुंह में डालते हैं। अगर वो टूथपेस्ट के अंदर ऐसे इंग्रेडिएंट्स हैं टाइटेनियम
(05:50) डाइऑक्साइड या फिर फ्लेवर या फिर कोई भी रंग रंग वाली टूथपेस्ट एक और अलग चीज है जिसमें कलर लिखे होते हैं। सीआई सो एंड सो रेड नंबर 10, रेड नंबर ब्लू नंबर 30 फाइव जो भी कलर्स होते हैं। ये कलर्स भी सारे पेट्रोकेमिकल बेस से बने होते हैं। आपने टाइटेनियम डाइऑक्साइड और काफी इंग्रेडिएंट्स का नाम लिया जो आप बोले हार्मफुल है। सो जब कोई टूथपेस्ट में इंग्रेडिएंट हार्मफुल है वो तो हम स्पिट आउट कर देते हैं। लाइक हम अपने माउथ में 510 सेकंड के लिए रखते हैं और फिर स्पिट आउट कर देते हैं। खाने में एटलीस्ट हम अपने बॉडी के अंदर कर रहे हैं। सो जब कोई
(06:30) खाने के बारे में हार्मफुल इंग्रेडिएंट्स की बात कर रहा है। मैं जानता हूं कि हां आपको वो हार्मफुल इंग्रेडिएंट नहीं रखना चाहिए। लाइक यू नो क्योंकि वो आपके बॉडी के अंदर जा रहा है। लेकिन टूथपेस्ट में क्या कोई इंग्रेडिएंट उससे उतना ज्यादा फर्क पड़ता है हमारे हेल्थ में या नहीं? क्योंकि वो तो हमारे बॉडी में बहुत कम टाइम के लिए है। हम उसे स्पिट आउट कर देते हैं। तो जब भी आप कोई भी चीज मुंह के थ्रू लेते हैं और मुंह के अंदर कुछ समय तक रखते हैं तो वो सीधा आपके ब्लड स्ट्रीम में जाती है। फॉर एग्जांपल जैसे डॉक्टर लोग कभी आपको इमीडिएट नींद करनी हो तो नींद की
(07:05) गोली बोलते हैं जबान के नीचे रख लो या आपको जैसे कई हार्ट के पेशेंट्स को बोला जाता है कि सोर्बिट्रेट या कोई भी जबान के नीचे एकदम रख लो गोली तो उसका असर विदिन मिनट्स होता है। 5 से 10 मिनट के अंदर असर होगा। जबकि अगर जब वो आपके बाईपास कर देगी आपके लिवर को। जबकि अगर आप उसको खाते हैं निगलते हैं तो आपके स्टमक से होते हुए आपके फर्स्ट पास सिस्टम से होते हुए लिवर तक जाएगी। लिवर से आगे ब्लड स्ट्रीम में जाएगी। उसमें एक घंटा तक लगता है। तभी कहते हैं ना कि अभी सपोज़ आपने कोई गोली खाई सर दर्द की तो उसमें आधे से एक घंटा लगता है। मगर अगर आप उसी गोली को जबान के
(07:46) नीचे रख लो और उसका कड़वापन झेल सको तो 5 मिनट में असर कर देगी। तो अगर यह हो सकता है तो उसी तरीके से जब आप टूथपेस्ट इस्तेमाल करते हैं तो वह छोटे-छोटे नैनो पार्टिकल्स माइक्रो पार्टिकल्स धीरे-धीरे आपके शरीर में बिल्ड अप हो जाते हैं जो सीधा आपकी ब्लड स्ट्रीम में जाते हैं। तो अगर आप इसको समझ रहे हैं कि ये छोटी चीज है तो ये छोटी चीज नहीं है। क्योंकि जब आप 60 साल की उम्र के होते हैं, जब आप 70 साल की उम्र के होते हैं तब आपको एक डायग्नोसिस मिलता है जिसको देख के आप एकदम हैरान रह जाते हैं कि यार ये मुझे कैसे हो सकता है। हम
(08:20) मैंने तो अब बड़ी क्लीन लाइफ जी है और तब अचानक समझ आता है कि यह छोटी-छोटी चीज़ एक्चुअल में बहुत मैटर करती है। क्योंकि हमारी जिंदगी का मकसद स्वस्थ रहना है। जितनी भी उम्र रखी है वो तो भगवान ने लिखी है। जो भी जिएंगे वो उस उतना ही जिएंगे। मगर एटलीस्ट जब तक जिए लास्ट के 10 दिन तक या 5 दिन तक या 2 दिन तक स्वस्थ जिए ताकि इस नींद में ही जा सके। यही हर बंदे की एक ख्वाहिश होनी चाहिए। वेरी वेल सेड। एंड जो आपने एग्जांपल दिया दैट मेक्स अ लॉट ऑफ़ सेंस कि आप कोई दवाई को अपने टंग के नीचे रखते हो तो आपको असर बहुत जल्दी हो जाता है।
(08:59) तो सिमिलरली आप कोई टूथपेस्ट इवन दो आपके माउथ में बहुत कम देर के लिए है। वो आपको बॉडी में इंपैक्ट धीरे-धीरे तो होगा ही। मतलब एक बार में नहीं होगा। लेकिन अगर आप 202 साल हर रोज यूज़ कर रहे हो तो ऑफ कोर्स थोड़ा तो इंपैक्ट होगा। आपने कुछ केमिकल्स का नाम भी लिया एसएलएस अ जो हर एक टूथपेस्ट कंपनी इफ आई एम नॉट रोंग इवन सोप कंपनीज़ शैंपू कंपनीज़ एवरीवन इज यूजिंग इट तो क्या आप बोल रहे हो कि ये सारे कंपनीज़ एसेंशियली आपको कुछ गलत बेच रहे हैं नहीं ये पहली बात तो ये डेंजरस नहीं है। मैं आपको बताऊं और ये इरिटेटिंग है। तो अगर आप किसी भी चीज को इरिटेट करते रहेंगे
(09:43) रोज की रोज तो वह चीज [नाक से की जाने वाली आवाज़] गुस्से में आएगी। राइट? जैसे सपोज आप को आपका कोई घर वाला भी, आपकी बीवी भी, बच्चा भी कोई इरिटेट करता रहे तो परेशानी हो जाती है। ऐसे ही अगर आप एक टूथपेस्ट करो ये हर एक के लिए नहीं होगा। यह सिर्फ 5 से 10% लोगों को होगा। पर वो इनफ लोग हैं जिनको यह प्रॉब्लम है। तो मैं यह नहीं कह रहा कि खाली एसएलएस से ही होगा या सोडियम लोरल सल्फेट से होगा। तो बाकी ये डिटर्जेंट है और यह डिटर्जेंट हारश डिटर्जेंट है क्योंकि यह साबुन तेल, साबुन, शैंपू इन सब में भी यूज़ होता है और इवन जो किचन साफ
(10:21) करने वाले केमिकल्स होते हैं उनमें भी यूज़ होता है। तो इसका रोल बड़ा वाइड है। सो मैं फेमस हूं इंडिया के इंटरनेट में शुगर के खिलाफ बात करने के लिए। तो मुझे जानना है शुगर और टीथ में क्या कनेक्शन है? हाउ बैड इज ईटिंग शुगर फॉर योर टीथ? सो शुगर इज डायरेक्टली प्रोपोशनली रिलेटेड टू प्रॉब्लम्स ऑफ ओरल केयर। शुगर एक सिंगल इंग्रेडिएंट है जो आपको इमीडिएटली ओरल केयर क्रिएट करवा देता है। उसका साधन बन जाता है। बिकॉज़ शुगर इटसेल्फ कैविटीज नहीं करता है या शुगर इटसेल्फ प्रॉब्लम को क्रिएट नहीं करता है। मगर शुगर से जो बैक्टीरिया शुगर को खा के एसिड पुप करते
(11:05) हैं उससे प्रॉब्लम होती है। कई मैं जब बच्चा था छोटा तो मुझे याद है कि मेरी मम्मी उठते ही आंख खुलते ही कुछ ऐसा पिला देती कि मैं नाम नहीं लेना चाहता उस पर्टिकुलर चीज का जो हेल्थ ड्रिंक बना के दूध में डाला जाता। उससे लंबा लोग नहीं बनते हैं। हां। तो वो पिला देती थी और उसके बाद मैं कहता था मॉम्मा अभी बड़ी नींद आ रही है। 15 मिनट और सोने दो और सो जाते थे। तो जब उठते थे तो मुंह के अंदर कुछ ब्लेयर सी दिखाई देती थी और कुछ बड़ा अजीब अजीब सा लगता था। वो शुगर उसके अंदर मैंने आप ही की वीडियोस से जाना कि एक्चुअल में तो आधी तो शुगर ही पीते थे हम।
(11:45) और वो शुगर जो है वो खूब कीड़ों के लिए पार्टी का सामान बन जाती थी। आई डेफिनेटली अग्री कि कैविटीज और मतलब शुगर इज वेरी वेरी डेटमेंटल टू आवर टीथ एंड स्पेशली जो मिल्क मिक्सेस हैं जो सुबह-सुबह बच्चे लोग को पिलाते हैं लोग एडवरटाइजमेंट के कारण वो तो अवॉइड करना चाहिए। बहुत ही खतरनाक चीज है। ऐसे बहुत सारी कंपनियां हैं जो कार्टून डालती हैं। तो जब वो कार्टून डालती है तो वो कंपनियां बच्चों को बेच रही हैं। उनके मां-बाप को नहीं बेच रही और बच्चा चार साल का है या छ साल का वो क्या लड़ेगा? उसको तो लेवल पढ़ना नहीं आता है। वो लेवल कैसे पढ़ेगा?
(12:24) वो बेचारा खरीद रहा है कार्टून देख के अपनी टूथपेस्ट। नंबर टू कई टूथपेस्ट के अंदर स्पार्कल्स डाल देते हैं जिसके अंदर स्पार्कल्स कुछ-कुछ केमिकल के बने रहते हैं जिस पे चमकते हैं जो अंदर से तो बच्चों को ऐसा लगता है बहुत ही बढ़िया चीज है। तीसरा उसके अंदर ऐसेसे फ्लेवर्स डाले जाते हैं कि जो बच्चों को ऐसा लगता है ये खाने के बबल गम टाइप है। तो बच्चों का माइंड ट्रेन हो जाता है कि टूथपेस्ट नहीं है ये कैंडी है। देखिए आपने आपके एक टूथपेस्ट मैं लाया हूं गुरु नंदा किड्स। हां जी। तो एकदम कलरफुल पैकेजिंग बच्चे को अट्रैक्ट करने के लिए मॉन्सर फ्रेंड्स और
(13:01) ये कार्टून कैरेक्टर्स यहां पर हैं। तो ये कार्टून कैरेक्टर जो है ये अपने बनाए हुए हैं। ये कोई भी बड़ा कैरेक्टर नहीं है। जैसे कोई ऐसा टीवी कैरेक्टर नहीं है। तो ये कार्टून कैरेक्टर अपने बनाए हुए हैं। ये यही डेमोंस्ट्रेट करने के लिए कि ये बच्चों के लिए और मॉन्सर जो हैं वो मॉन्सर वो हैं जो बच्चों के मुंह में कीड़े होते हैं। उनको हमने मॉन्सर फ्रेंड्स बनाया कि भाई इनको आप अगर करेंगे तो यह आपके फ्रेंड बन जाएंगे। अगर इस टूथपेस्ट को करेंगे और यह आपको तंग नहीं करेंगे। उस हिसाब से हमने बनाया। मगर कोई भी ऐसी चीज होगी जो आपको लगता है जो
(13:36) आज आप लेवल पढ़ के बताएंगे और मुझे ठीक करनी है तो मैं उसको सुनने को तैयार हूं और उसको ठीक करने को अभी तैयार हूं। मैं एग्री करता हूं। लेकिन ये तो एक परसेप्शन का डिफरेंस है ना। जैसे आपने बोला दूसरे ब्रांड्स कार्टून कैरेक्टर यूज़ कर रहे हैं। आप भी कार्टून कैरेक्टर यूज़ कर रहे हैं। हां आपने खुद का बनाया है। वो शायद से कोई बड़े टीवी कैरेक्टर का लाइसेंस करते होंगे। बट मुझे ज्यादा उसमें फर्क नहीं दिख रहा है टू बी वेरी ऑनेस्ट। क्योंकि रिटेलर्स की डिमांड रहती है कार्टून कुछ तो बच्चों टाइप का रखने का। तो हमें मीडियम रस्ते में चलना पड़ता है।
(14:09) तो इसलिए रखा पर आपकी बात सुन के मैं आज ही से प्रण लेता हूं कि ये कार्टून को हटा दे। [हंसी] थैंक यू सो मच। थैंक यू। और ये अगली बार जब आपको टूथपेस्ट भेजूंगा तो बिना कार्टून के कैरेक्टर के होगी। ओके। क्योंकि मैं चाहता हूं कि बच्चे यह सीखें कि ये एक मेडिकल प्रोडक्ट है जिसका इस्तेमाल उनकी सेहत के लिए हो रहा है ना कि उनको उनकी तबीयत खराब करने के लिए हो रहा है। आपको ये अगले तीन महीने के अंदर चेंज करके मैं भेजूंगा। ठीक है। थैंक चार महीने में जो भी टाइम लगेगा और बाकी आप इसके इंग्रेडिएंट्स देखें अगर आप देखना चाहें कि इसके अंदर
(14:50) हमने बड़े क्लीन इंग्रेडिएंट्स डाले हैं। कोई भी जो स्वीटनर्स भी हैं आप देखेंगे सोडियम सैकन नाम का स्वीटनर काफी बड़े ब्रांड्स डाल रहे हैं जो कि बहुत ही सस्ता स्वीटनर है और उसका उसका बहुत अच्छा रेपुटेशन नहीं है। मैं अगेन वो ग्रास है। इसीलिए मैं उसके अगेंस्ट कुछ नहीं बोलना चाहता क्योंकि वह बिल्कुल सही नहीं रहेगा। लीगल लॉ सूट ही आएंगे उससे। आपको मैं जब अगेन ग्रोसरी स्टोर जाता हूं वन ऑफ द मोस्ट कॉमन टूथपेस्ट स्पेशली जो यंग लोग यूज़ करते हैं इज़ टीथ व्हाइटनिंग टूथपेस्ट। मोस्ट कॉमन टूथपेस्ट में वो एक आता है। सो ये क्या एक मार्केटिंग गेमिक है या
(15:31) असली में टीथ वाइटनिंग होता है? मैं बताना चाहूंगा कि टूथपेस्ट से टीथ के जो ऊपर के एमल के ऊपर के स्टेंस हैं खाली वही रिमूव होते हैं। टूथ पे टूथ टीथ वाइटनिंग के लिए एक इंग्रेडिएंट ही है जो सबसे ज्यादा कारगर और सबसे ज्यादा जरूरी है। उसका नाम है हाइड्रोजन परऑक्साइड। वह एक ऐसा प्रोडक्ट है जिससे टीथ वाइटनिंग हो सकती है। मगर अगर उसका आप इस्तेमाल टूथपेस्ट के अंदर करते हैं ज्यादा समय के लिए 7 से 10 दिन से ज्यादा के लिए तो वो आपको सेंसिटिविटी क्रिएट कर सकता है। तभी उसको ज्यादातर लोग डेंटिस्ट से करवाते हैं टीथ वाइटनिंग या फिर
(16:18) स्ट्रिप्स से करते हैं यूएस में। तो थोड़ा सा नारियल का तेल या कुछ ऊपर मसूड़ों में लगा लेते हैं ताकि आपको सेंसिटिविटी ना रहे। बाकी जितने भी टूथपेस्ट होते हैं उनसे टीथ वाइटनिंग नहीं होती। स्टेन रिमूवल ही होता है। मगर आप शेड कार्ट में देखें तो आपको डिफरेंस पता लगेगा कि ठीक है दो शेड या तीन शेड कम हो गया तो उसको टीथ व्हाइटनिंग की कैटेगरी में माना जाता है। सो टीथ व्हाइटनिंग टूथपेस्ट आप एक से दो हफ्ता यूज़ करिए। लेकिन उसके बाद आप रेगुलर टूथपेस्ट यूज़ करिए। नहीं ऐसा भी नहीं है कि उसके अंदर इंग्रेडिएंट पढ़िए। लेबल पड़ेगा इंडिया। अगर
(16:52) उसके अंदर इंग्रेडिएंट सिंपल है, पेपेन है, ब्रोमलिन है और कोई ऐसा इंग्रेडिएंट नहीं है तो टीथ वाइटनिंग एक क्लेम दिया गया है ताकि आप अपना स्टेंस रिमूव कर सकें। अगर उसके अंदर कोई ऐसा इंग्रेडिएंट है जैसे कि जिससे दांत आपके घिस सकते हैं। जैसे चारकोल टूथपेस्ट बहुत मशहूर हुई। चारकोल टूथपेस्ट में द रीजन इट वेंट डाउन वो इसलिए नीचे चली गई क्योंकि बहुत सारे लोगों ने बहुत हैवी आरडीए वाली चारकोल यूज करनी शुरू कर दी। यानी कि जो चारकोल का साइज था वो बहुत बढ़ा दिया जिसके कारण आरडीए बढ़ गया। यानी कि अब्रेजन डेंटल अह जो अब्रेजन होता है वो बढ़ गया। तो उससे
(17:37) एक बार एनामल आपका चला गया तो चला गया। तो आप को ये जानना जरूरी है कि अगर उसका आरडीए क्या है टूथपेस्ट का? अगर वो 100 से नीचे है, 70 से नीचे है आइडली तो ठीक है। कोई दिक्कत नहीं है। तो हर एक टूथपेस्ट में आरडीए होता है क्या? रिलेटिव डेंटिन अब्रेसिविटी जो होती है आरडीए फैक्टर वो जीरो से 70 तक बिल्कुल सेफ है। 70 से 140 तक जो कहा गया है वो हल्का सा अब्रेसिव है और 150 से ऊपर जितना आरडीए वो अब्रेशन लेवल बहुत ज्यादा है। तो यह एक रूल होना चाहिए लेवल पे और एक्चुअल में आपसे बात करके मुझे आज लगा कि हमें हर टूथपेस्ट के ऊपर अपनी टूथपेस्ट पे आरडीए
(18:21) लेवल लिखना शुरू कर देना चाहिए क्योंकि ये बहुत ही जबरदस्त पॉइंट आपने उठाया ये हो सकता है आप वर्ल्ड में रेवोल्यूशन ले आए क्योंकि आरडीए लेवल को बहुत सारी कंपनियां नहीं लिखती हैं हां और क्योंकि कोई रेगुलेशन ऐसी है नहीं तो मुझे एक्चुअली यही टॉपिक पे जानना है कि एंड मुझे मैं फूड फार्मर हूं तो मैं आपको क्रॉस क्वेश्चन और काउंटर क्वेश्चन करूं मेरे को आप ड्रिल करो, ड्रिल करो बस किल मत करना। [हंसी] मैं तो माइकल जैक्सन का गाना सोच के आया था। वो पूरा बोल दूंगा आज आपको कि किल मी। मैं हेलमेट नहीं लेके आया बस। तो आप मुझे खुल के ग्रिल करो और
(18:54) कोई मेरा प्रोडक्ट है खराब तो मुझे बताओ। सो आपने बोला टीथ व्हाइटनिंग वाला टूथपेस्ट में हाइड्रोजन पेरॉक्साइड होना चाहिए। और ये टूथपेस्ट में लिखा है व्हाइटनिंग। हां जी। लेकिन मुझे इंग्रेडिएंट्स में हाइड्रोजन पेरोऑक्साइड दिख नहीं रहा है। तो हम इस पर्टिकुलर प्रोडक्ट में हाइड्रोजन परऑक्साइड नहीं डालते हैं। हमारे पास क्योंकि हाइड्रोजन परऑक्साइड का डेली इस्तेमाल सही नहीं है। ये डेली बना करने के लिए बनाई गई है। और इस प्रोडक्ट में हमारे पास हाइड्रोक्सी एपिटाइट है। हाइड्रोक्सी एपिटाइट जो होता है जो छोटे-छोटे कैविटीज टाइप के फॉर्म हो जाते
(19:30) हैं उनके ऊपर जब लगता है तो इल्लुजन वाइटनिंग का आता है और उसके वो ऊपर जम भी जाते हैं और इस कारण इल्यूजन लेकिन इलजन एक्चुअली वाइट नहीं हो रहा है नहीं वाइटनिंग हो रहा है इन द सेंस कि अगर आप कहें कि वो अंदर जाके स्टेंस को ऑक्सीडाइज करके निकाल रहा है तो नहीं निकाल रहा है लेकिन मेरे को एक प्रॉब्लम है इससे हम आपने यहां वाइटनिंग लिखा है बड़े से फोंट में फ्रंट में एकदम लेकिन एकदम स्मार्टली आपने एक एस्टेरिक साइन भी डाल दिया है और पीछे में लिखा है इट हैज़ नॉट बीन इवैल्यूएटेड फॉर ब्लैक और वाइटनिंग एफिकसी तो वाइटनिंग एफिकसी में
(20:12) इवैल्यूएट हुआ ही नहीं है और आपने यहां सामने में वाइटनिंग लिख दिया। एक्चुअल में क्लीनिकल्स हुए हैं। मगर यह एक तरह से लॉस सूट बचने के लिए एक कवच रहता है कि आप यह लाइन लिख देते हैं ताकि आपके ऊपर लॉस सूट नहीं आ जाए। क्योंकि वाइटनिंग में अमेरिका में ऐसे भी लॉस सूट आ सकते हैं कि मेरे पांच शेड वाइट नहीं हुए या मेरे तीन शेड वाइट नहीं हुए। तो ये सारी जो लाइंस हैं यह हमारे रेगुलेटरी वाले लीगल रेगुलेटरी के साथ मिलकर ही लिखते हैं। तो आपकी बात सही है। इसीलिए मैं पहले से ही कह रहा था कि कोई भी टूथपेस्ट होगी चाहे वो हाइड्रोजन परऑक्साइड के साथ भी होगी या
(20:49) पेपेन या ब्रोमलिन के साथ भी होगी। वो सिर्फ ऊपरी स्टेंस ही रिमूव करेगी। क्योंकि हाइड्रोजन परऑक्साइड को भी वाइटन वाइटन करने के लिए आपको लगाकर आधे घंटे तक रखना पड़ता है। वरना वो कांटेक्ट टाइम नहीं रहेगा तो वो वाइटन नहीं होंगे। बट डोंट यू थिंक कि कोई यहां पर वर्ड देखेगा वाइटनिंग। तो उसे लगेगा कि यह वाइटनिंग हो रहा है और आपने खुद पीछे में लिख दिया है। नॉट इवैल्यूएटेड फॉर वाइटनिंग एफिकसी। सो इजंट दैट मिसलीडिंग टू सम एक्सटेंट। आपकी बात ठीक है। कुछ एक्सटेंट तक यह हो सकता है लोगों के लिए मिसलीडिंग हो। तो इसको मैं जाकर एक बारी फिर से रीवैलुएट
(21:28) करूंगा कि कैसे इसको हम कर सकके। प्रॉब्लम एक और है कि यह इंडस्ट्री का एक नॉर्म बन चुका है और अगर हम हटा देते हैं इसको तो हमारी सेल एकदम 10 से एक पे भी आ सकती है जीरो पे भी आ सकती है क्योंकि आज की डेट में गम डिजीज भी होगा लोगों को तो भी उनको टीथ वाइटन करना ज्यादा इंपॉर्टेंट रहता है ओके नहीं ठीक है एटलीस्ट आप ब्रेव इनफ हो हां जी टू आंसर दी क्वेश्चंस ओपनली एंड यू आर नॉट हाइडिंग बिहाइंड समथिंग एटलीस्ट आई विल गिव क्रेडिट टू यू कि आप यहां आए हो और ये सब डिफिकल्ट क्वेश्चन आंसर कर रहे हो। नहीं मैं इसको फिर से री व्यापम भी करूंगा
(22:08) कि कैसे हम एक स्टैंडर्ड बना पाएं इस दुनिया में मैं भी ट्राई करूंगा। अमेजिंग। ये होपफुली सब कंपनीज़ करें कि ये पडकास्ट देख के जो लोग देख रहे हैं कि इसके कारण आरडीए लेवल भी अपना लिखें। और सबसे बड़ी चीज जैसे आपने लिखा है लेवल पढ़ेगा इंडिया। मैं कहूंगा कुल्ला करेगा इंडिया। [हंसी] तो मैं इसीलिए कह रहा हूं कुल्ला करेगा इंडिया बिकॉज़ जैसे ही आप कुछ भी खाते हैं तो 30 मिनट तक आपके एनामल की लेयर वीक हो जाती है। एसिड अटैक होता है। सपोज आपने इवन एक बर्फी का टुकड़ा खाया तो शुगर से आपके दांत खराब नहीं होते। वो होते हैं एसिड अटैक से। तो अगर आप
(22:50) इमीडिएटली कुल्ला कर लेते हो खाना खाने के बाद तो आप पीएच लेवल जो है वो सेवन की तरफ ले जाते हो। क्योंकि एसिड का अटैक कम हो जाता है। यानी कि आपकी कैविटी की जो फॉर्मेशन है उसके चांस बहुत कम हो जाते हैं। साथ में कुल्ला करने से सलाइवा आपका जनरेट होता है। सलाइवा जो है आपका रिच होता है कैल्शियम और फास्फेट से और वो जाकर सीधा उन छोटे-छोटे माइक्रोपोर्स को अपने आप भर देता है क्योंकि आपका सबसे बड़ा जो दोस्त है, सबसे बड़ा डेंटिस्ट है वो सलाइवा ही है। आपका अपना सलाइवा क्योंकि उसके अंदर अगर आप अच्छा खाना खा रहे हैं, सब्जियां खा रहे हैं, अच्छी क्लीन लिविंग
(23:33) कर रहे हैं तो आपका सलाइवा रिच ऑफ कैल्शियम, फास्फेट ये सबसे रिच होगा। तो अपने आप ही आपके दांत स्वस्थ रहेंगे। सो बेसिकली कोई भी इंडियन को खाना खाने के बाद इमीडिएटली कुल्ला करना चाहिए। जरूर और तो जैसे लेबल पड़ेगा इंडिया वैसे ही कुल्ला करेगा। कुल्ला करेगा इंडिया। और उससे आप पूरे देश का कम से कम मेरा अंदाजा है ₹000 करोड़ बचा सकते हैं। पर ईयर पर ईयर टूथपेस्ट को लेके एक दो फनी चीज है। मैं बहुत सारी टीवी एड्स में देखते हैं। 10 में से नौ डेंटिस्ट ये ब्रांड टूथपेस्ट रेकमेंड करते हैं। और ये सेम चीज सारे मेजर ब्रांड्स बोलते हैं कि 10 में
(24:13) से नौ डेंटिस्ट मेरे ब्रांड रेकमेंड करते हैं। तो ये क्या ये एक मार्केटिंग के क्या है? मतलब डेंटिस्ट कौन सा ब्रांड एक्चुअली यूज़ करते हैं? सो सबसे पहले बात तो मैं आपको बताता हूं कि बहुत सारे डेंटिस्ट बहुत सारे टूथपेस्ट ब्रांड्स ये लिखते हैं फॉर्मुलेटेड बाय अ डेंटिस्ट। तो डेंटिस्ट को फॉर्मूलेशन ज्यादातर नहीं आती है। फॉर्मुलेटेड बाय समबडी लाइक मी। मैं फॉर्मुलेटर हूं। मेरे पास 100 से ज्यादा पेटेंट्स हैं। सारी उम्र मैंने फॉर्मुलेशन ही करी है। तो अगर कोई बोलता है फॉर्मूलेटेड बाय डेंटिस्ट तो उसका कोई बहुत ज्यादा एक्चुअल में बेनिफिट नहीं
(24:50) होता। पर ठीक है मैं भी लिखता हूं फॉर्मुलेटेड बाय डेंटिस्ट क्योंकि मैं डेंटिस्ट से सलाह ले लेता हूं कि भैया इसमें ये चीज ज्यादा डाले या इससे कम डाले तो उसके कारण सर्टिफिकेट ले लिया कि मैंने फॉर्मुलेशन बाय डेंटिस्ट उसको क्रेडिट दे दिया। लास्ट क्वेश्चन अबाउट टूथपेस्ट। अभी इंडिया में एक ट्रेंड चल रहा है। पर्पल टूथपेस्ट। मतलब इवन द मोस्ट फेमस टूथपेस्ट टूथपेस्ट ब्रांड्स एंड इवन दो मोस्ट ट्रडी टूथपेस्ट ब्रांड्स सब पर्पल टूथ बोल रहे हैं कि पर्पल टूथपेस्ट से येलोनेस कम होता है। ये पर्पल एक गिमिक है या क्या है? लिपस्टिक
(25:27) है तो पर्पल टूथपेस्ट से क्या होता है कि आपको करने के बाद एकदम से ऐसा इल्लुजन आता है। यह इल्लुजन उस इल्लुजन से अलग है जो हम स्टेन रिमूवल वाली बात कर रहे थे। इससे एक्चुअल में इल्लुजन आता है सिर्फ आंखों के लिए कि ऐसा लगता है कि यार यह तो मेरे वाइट हो रहे हैं दांत। क्योंकि येलो और पर्पल आपस में एक दूसरे को कैंसिल कर देते हैं तो वाइटनिंग सी दिखाई देती है। पर अगर आप उसके बाद चाय या कॉफी पी ले या कुल्ला कर ले अच्छी तरह से एक घंटे डेढ़ घंटे तक वो लिपस्टिक लगी रहेगी। इल्लुजन रहेगी उसके बाद वो वापस वही जो आपका ओरिजिनल कलर है आ जाएगा। तो
(26:09) एक तरह से ये लिपस्टिक है। सो टूथपेस्ट को लेके लोग काफी पर्टिकुलर हैं। वो ब्रांड देखते हैं, क्लेम्स देखते हैं। काफी और कुछ टूथब्रश की लेकिन जब हम बात करते हैं लोगों को टूथबश को लेके ज्यादा आईडिया नहीं होता। सो मुझे आपसे जानना है टूथब्रश खरीदने के पहले लोग को क्या सोचना चाहिए? व्हाट शुड बी द मेन फैक्टर्स बिफोर डिसाइडिंग अ टूथब्रश? टूथब्रश सबसे इंपॉर्टेंट चीज है आपकी ओरल हजीन के अंदर। क्योंकि जो मैकेनिकली रिमूवल होता है बायोफिल्म्स का वो सबसे इंपॉर्टेंट चीज है। अगर आप अपने बायो फिल्म को आपकी टूथपेस्ट नहीं निकाल रही है ना ही कोई
(26:47) माउथ वॉश निकाल रहा है। वो मैकेनिकल एक्शन ऑफ टूथब्रश निकाल रहा है और वो राइट होना नंबर वन मोस्टेंट चीज है। तो टूथपेस्ट अच्छी खरीदने से पहले आप यह पूछिए कि टूथबश कौन सा है? नंबर वन। नंबर टू हार्ड टूथब्रश कभी नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि हार्ड टूथब्रश एक तरह से आपके एनेमल को तो हल्का-हल्का ज्यादा घिसता ही है। पर एनेमल से ज्यादा वो आपके गम्स को डिस्ट्रॉय करता है। जब आप ब्रश करते हो तो आप जोर-जोर की करते हो सबकॉन्शियसली बिना सोचे जल्दी करते हो और आप ब्रश होना चाहिए। एक एक्सपीरियंस। ब्रशिंग शुड बी अ एक्सपीरियंस। और हम ब्रश करते हैं एज अ
(27:26) रिचुअल कि भाई फटाफट करें और फ्रेश होंगे आगे चले। बट ब्रशिंग एक्चुअली में एक एक्सपीरियंस है जिसको आपको 45° पे गम लाइन पे रख के सॉफ्ट ब्रश से ब्रश करना है और प्रॉपर्ली आपके जो ब्लैक है उसको रिमूव करना है मैकेनिकली और जब आप कर रहे हैं तो जैसे सब काम छोड़ के उसी पे ही ध्यान देना है माइंडफुलनेस यह बहुत जरूरी है। तो उस उस चीज को आप देख के करेंगे तो एक सुपर सॉफ्ट ब्रश आपके लिए बेस्ट है। मुझे एक क्वेश्चन है लेकिन एज [नाक से की जाने वाली आवाज़] यूजुअल देखिए आप फूड फार्मर के पडकास्ट में हो तो मैं तो थोड़ा केस तो लूंगा और यहां लिखा है 10
(28:05) एक्स सॉफ्टवेयर 10 गुना सॉफ्टर और [नाक से की जाने वाली आवाज़] यहां एस्टेरिस साइन है और जब एस्टेरिस साइन होता है तो कुछ तो गड़बड़ होता है बिल्कुल गड़बड़ होता है पीछे में लिखा है एस्टेरिस साइन में सॉफ्टर दन स्टैंडर्ड टूथब्रश ब्रिसल्स व्हेन सर्वेड बाय कंज्यूमर्स व्हेन सर्वेड बाय कंज्यूमर हमें पता नहीं कि कौन सा कंज्यूमर है जैसे हम लोग ने पहले बोला था कि 10 में से नौ डेंटिस्ट ये टूथपेस्ट को रेकमेंड करते हैं। वैसे ही ये कोई ना कोई कंज्यूमर को आप उठा लिए और उससे आप सर्वे करा रहे हो कि ये टूथब्रश सॉफ्टवेयर है। हो सकता है कि आपके फैमिली मेंबर ही हो वो
(28:43) कंज्यूमर। तो इसमें कोई भी ऐसा नहीं लिखा है कि ये कोई ब्लाइंड स्टडी हुआ है। कोई थर्ड पार्टी ने कराया है। या खाली लिख दिया है व्हेन सर्वेड बाय कंज्यूमर्स। तो ये तो बहुत वेग टर्म है। तो क्या ये 10x सॉफ्टवेयर एक मार्केटिंग क्लेम है? ये अ मैं मानूंगा कि ये एक मार्केटिंग क्लेम है। मगर जो हमने एडल्ट्स वाला टूथब्रश है उसको क्लीनिकली प्रूव किया है। और उसके अंदर हमारे पास स्टडी जो क्लीनिकल स्टडी है उसकी ऑलरेडी अवेलेबल है हमारी वेबसाइट पे। प्लस यह एडीए अप्रूव्ड है। पर आपकी बात सही है कि 10 एक्स सॉफ्टवेयर जो हमने क्लेम किया है उसको राइट करना चाहिए
(29:23) कि 10 एक्स अगेंस्ट सम स्पेसिफिक हार्ड ब्रश को हमने लेके उसके सामने किया या स्टैंडर्ड जो ब्रश था उसके सामने किया और साथ में हमें यह अच्छी तरह से दिखाना चाहिए कि कितने लोगों ने उसको सर्वे किया। 1000 लोगों ने सर्वे किया या एक बंदे ने सर्वे किया। [हंसी] तो यह आपकी बात सही है। मैं इसके ऊपर राइट अवे एक पूरा प्रॉपर स्कैन करके उसको हम लिखेंगे। आई थिंक आपके साथ में अबाउट चार से छ महीने बाद एक और पॉडकास्ट करना चाहिए कि ये सब जो आप बोल रहे हैं आप करेंगे। वो क्या आपका रिपोर्ट कार्ड है? बिल्कुल एकदम मैं एकदम रेडी हूं। मैं साल
(30:06) में दो बार इंडिया आता हूं और अगली बार आपको आके डिस्टर्ब जरूर करूंगा। [हंसी] डेफिनेटली। थैंक यू। आपका एक अच्छा बात है कि आप फीडबैक बहुत पॉजिटिव वे में लेते हो और ये मुझे अच्छा लगा। थैंक यू सो मच। मैं चाहता हूं कि आप मुझे ग्रिल करो, ड्रिल करो बस किल मत करो। [हंसी] तो टूथब्रश में बचपन से हम तो टूथब्रश करते आए हैं। नॉर्मल टूथब्रश से आजकल लास्ट दो चार साल से इलेक्ट्रिक टूथब्रश का ट्रेंड आ गया है। जैसे आप चार्ज करते हैं। वो मशीन अपने आप घूम रहा है और वो चार्ज हो रहा है। तो व्हिच वन इज बेटर फॉर यू? टूथब्रश एक तरह से आपकी कार है। कार
(30:43) कौन सी है? Fiat है या RS Ryce है? उससे ज्यादाेंट है कि चलाना आता है कि नहीं है। तो अगर आप मैनुअल ब्रश तो गाड़ी सेेंट है ड्राइवर कौन है? ड्राइवर कौन है? क्योंकि अभी ये Tes्ला नहीं है इन द सेंस कि अपने आप नहीं चलेगी। तो अगर आप मैनुअल यूज़ कर रहे हैं टूथबश। तो मैनुअल टूथब्रश को टेक्निक करेक्ट है और आप 2 मिनट तक यूज कर रहे हैं। यह ज्यादा इंपॉर्टेंट है। मैं समझता हूं कि अगर आपको टेक्निक आती है तो मैनुअल टूथब्रश इक्वली इफेक्टिव है। ऑलदो क्लीनिकल स्टडीज क्योंकि बहुत फंडेड होती हैं। उनमें इलेक्ट्रिक टूथब्रश ज्यादा बेहतर दिखाया गया है। पर वो सारे के सारे
(31:26) जब ये स्टडीज होती हैं तो बड़े पैराटर्स के साथ होती हैं। तो इनको जिस डायरेक्शन में ले जाना चाहो थोड़ा सा उस डायरेक्शन में मैनपुलेट हो जाती है। तो ऐसा नहीं है कि जमीन आसमान का फर्क होता है। 10 12% का ज्यादा फर्क दिखाया गया है। पर अगर आप अफोर्ड कर सकते हैं और अगर आपको ऐसा लगता है मैनुअल टूथबश आपको प्रॉपर नहीं आता है तो आप इलेक्ट्रिक करिए वो बेटर रहेगा। ओके तो मैं यूएस में 13 साल रहा हूं और मैं एक बहुत फनी सा ट्रेंड देखा था। एक बार मैंने ग्रोसरी स्टोर में देख गया था। एंड जो इंडिया में दातून मिलता था जो हमारे ग्रैंड पेरेंट्स बोलते थे यूज करने
(32:06) वो वहां पर बहुत महंगा था मतलब इफ आई एम नॉट रोंग मतलब काफी मतलब $50 या कितना मेरे को याद नहीं है प्राइस बट बहुत महंगा था जो इंडिया में शायद से $12 का मिलता होगा लाइक यू नो 100 ₹200 ₹500 का मिल रहा है नीम को पेड़ से जाके तोड़ लो हर घर के बाहर ही लगी है वो बड़ा इफेक्टिव है ऐसी बात नहीं है बट क्योंकि जब पुराने जमाने में टूथब्रश अवेलेबल नहीं थे। तो उस वक्त नीम को करने से एक तो नीम में एंटीबक्टीरियल इफेक्ट है। एक तरह से ये आपका टूथपेस्ट ही है। एंड अभी आप देखेंगे तो मिसवाक स्टिक्स अमेरिका में हर जगह ट्रेंड करती हैं। मैंने बहुत सारी नीम
(32:43) टूथपेस्ट इंडिया में देखी उसमें नीम रियल नीम CO2 एक्सट्रैक्ट की जगह उसमें नीम का तेल डाला गया है जो कि फैटी होता है। या कि या फिर उसके अंदर वह वाली चीज़ें डाली गई हैं जैसे नीम का फ्लेवर। यानी कि उसके अंदर सिर्फ फ्लेवर है नीम का। एक्चुअल में माल नहीं है। वो तो सेम चीज सेम चीज खाने की इंडस्ट्री में भी होता है। हां तो वो सही नहीं है। पर अगर आपके घर के अंदर नीम लगा है तो आप हफ्ते में एक बार उसका इस्तेमाल जरूर करें। ओके। लास्ट कुछ साल से एक ट्रेंड चल रहा है कि लोग आजकल किसी को मिलने के पहले माउथ वॉश यूज करते हैं। अभी लोग थोड़ा
(33:22) आलसी हो गए हैं। उन्हें टूथपेस्ट टूथब्रश करने का मन नहीं करता उसमें दो-चार मिनट लगता है। माउथ वाश बहुत कन्वीनिएंट हो जाता है। तो ही इज यूजिंग माउथ वाश गुड फॉर यू? जो सब सबसे ज्यादा बिकने वाले माउथ वाशेस हैं जो इमीडिएट आपको ऐसा लगता है फ्रेश हो गया माउथ उसके लिए वह अल्कोहल वाले माउथ वाशेस यूज करते हैं। मगर उससे अल्कोहल ज्यादा रहने से आपका माउथ ड्राई हो जाता है। क्योंकि अल्कोहल की नेचर होती है कि आपके माउथ को ड्राई करता है। तो ड्राई माउथ जो है लॉन्ग टर्म के लिए आपके लिए ज्यादा हार्मफुल है ना कि बेनिफिशियल। लेकिन माउथ [गला साफ़ करने की आवाज़] वाश
(34:03) यूज करने जो सबसे लीडिंग ब्रांड्स हैं माउथ वाश वाले वो रेगुलर यूज करने में प्रॉब्लम क्या है? तो बहुत सारे अल्कोहल बेस्ड माउथ वाशेस का ओरिजिनली इजाज जो हुआ था वो डिसइ्फेक्शन इन द हॉस्पिटल से हुआ था। इवन फ्लोर क्लीनर तक में यूज़ हुआ है। वो और बाद में एकदम कुछ ऐसे माउथ वाशेस के तरीके से यूज़ कुछ लोग करने लगे। स्पेशली वर्ल्ड वॉर टू के दौरान जो सैनिक जाते थे लड़ने के लिए उनके मुंह से बहुत बदबू आती थी। तो उन लोगों को जब ये दिया गया तो उनको एकदम लगा कि भाई बहुत बेनिफिशियल है। तो जो लोग जब वापस आए अ लड़ाई के बाद तो उन्होंने उसका इस्तेमाल
(34:49) रेगुलरली करना शुरू कर दिया। ये भी हो गया कि भाई अगर जलेगा नहीं मुंह तो काम करेगा नहीं। तो ये इस ट्रेंड को अंग्रेजी में मैं बताना चाहूंगा नो बर्न नो बेनिफिट। सो ये एक बहुत बड़ा ट्रेंड चल गया कि बर्न नहीं होगा अगर तो कुछ काम नहीं हो रहा। मतलब कीड़े मर नहीं रहे हैं। पर ऐसा कुछ नहीं है। वो जो बर्न हो रहा है वो अल्कोहल है। इसी वजह से बर्न हो रहा है। और जबकि फिर नॉन अल्कोहल माउथ वाशेस में ने जो ल्च किया कुछ ब्रांड्स ने उन्होंने लिखा ऑल द बेनिफिट स्टिल नो बर्न। तो माउथ वाश का इस्तेमाल उसी चीज के लिए करना चाहिए जिस
(35:28) चीज के लिए आपको जरूरत है। बेनिफिश है जरूर है मगर फॉर अ लिमिटेड टाइम यूज करा जाए तो है। सो मुझे आपसे ऑइल पुलिंग के एडवांटेजेस और डिसएडवांटेजेस जानने हैं। इज ऑइल पुलिंग एक्चुअली बेनिफिशियल फॉर समवन? सो ऑइल पुलिंग इज अ प्री ब्रश रेजीमेंट। आपको ब्रश करने से पहले करना है क्योंकि ऑयल पुलिंग अगर आप करते हैं तो बायोफिल्म्स को आप लूजन अप कर रहे हैं। जो बायोफिल्म्स हैं घर बैक्टीरिया के उनको आप लूजन अप कर रहे हैं क्योंकि ऑयल की एक प्रॉपर्टी होती है लूजन अप करना। उसके बाद जब आप ब्रश करते हैं तो वह बायो फिल्म्स ईजीली बाहर निकल आती हैं। ऑयल पुलिंग से
(36:07) और बेनिफिट बेनिफिट यह होता है कि इसके अंदर जो स्पेसिफिक इंग्रेडिएंट्स हम डाल रहे हैं हर इंग्रेडिएंट का एक अलग-अलग बेनिफिट है जो कि हमारी वेबसाइट पे बताया गया है। मैं भी बहुत डिटेल में बता सकता हूं। इसमें ही आपका आधा घंटा चला जाएगा। एक और बहुत कॉमन क्वेश्चन है लोगों को। टूथब्रश हम टूथब्रश कर रहे हैं। कब करना चाहिए हमें? शुड वी ब्रश बिफोर ब्रेकफास्ट और आफ्टर ब्रेकफास्ट? तो, यह मेरा आंसर है और मेरा आंसर आपके पुराने कुछ पॉडकास्ट्स में काफी लर्नड बंदे आए थे। उनसे अलग है। तो, मैं समझता हूं कि सुबह उठते ही करना चाहिए टूथब्रश।
(36:47) अगर आपकी टूथपेस्ट बिना केमिकल्स के है और बिना उन सब चीजों के है, तो टूथपेस्ट, टूथब्रश सुबह उठते ही करना चाहिए। क्योंकि रात भर जब आप सोते हैं तो बहुत से लोग ओवरवेट है या कोई दवाइयां लेते हैं तो स्नोर करते हैं या मुंह खोल के सोते हैं तो नेजल ब्रीदीिंग नहीं होती है जिसके कारण मुंह ड्राई हो जाता है और जो ड्राई माउथ होता है वो कीड़ों का घर बन जाता है और सुबह आपके मुंह के अंदर बहुत सारी बायोफिल्म्स रहती हैं। अगर आप सुबह उठके वो बायोफिल्म्स को रिमूव नहीं करते हैं तो वह सारा का सारा आपके अंदर जा रहा है। वो सारा का सारा बायोफिल्म्स में कचरा जो है
(37:26) वो आपके अंदर जा रहा है। तो मैं सुबह उठते ही सबसे पहले कुल्ला करके आंखें धो के फिर टूथपेस्ट करता हूं और रात को सोने से पहले एक बार जरूर करता हूं। तो कुछ भी हो जाए रात का टूथपेस्ट करना तो सुपर इंपॉर्टेंट है ही। मैं समझता हूं कई लोग कहते हैं कि दिन का करो या ना करो रात का करो। मैं कहता हूं दोनों टाइम बहुत ही इंपॉर्टेंट है। अगर आपसे पहले मैंने बोला था कुल्ला करेगा इंडिया और दूसरा मेरा कहना है दिन में और रात में मतलब दो बार ब्रश करेगा इंडिया। दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए। कुछ लोग बोलते हैं कि ये टूथपेस्ट इंडस्ट्री का साजिश है कि
(38:10) टूथपेस्ट इंडस्ट्री ये जानबूझ के बोल रहा है ताकि उनका सेल्स बढ़े। क्या यह सही है? सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले दो बार ब्रश करना ही करना है। यह टूथपेस्ट इंडस्ट्री का कोई गिमिक नहीं है। और टूथपेस्ट इंडस्ट्री जो दिखाती है कि बहुत बड़ा स्वर लगा देती है टूथपेस्ट का वो गलत है करना क्योंकि टूथपेस्ट आपको एक मटर के दाने जितनी चाहिए और बच्चों को एक चावल के दाने जितनी टूथपेस्ट चाहिए। तो टूथपेस्ट इंडस्ट्री को अगर आपको हराना है तो राइट अमाउंट ऑफ टूथपेस्ट का इस्तेमाल करिए। दो बार ब्रश करना कभी मत छोड़िए। अमेजिंग। तो अब से कुल्ला करेगा इंडिया और
(38:50) दिन में दो बार ब्रश करेगा इंडिया। और तीसरा भी बता देता हूं फ्लॉस करेगा इंडिया। फ्लॉस इतनी इंपॉर्टेंट चीज़ है क्योंकि जो हमारा दांत होता है वह एक तो आगे से देख सकते हैं। एक पीछे से देख सकते हैं। एक ऊपर से देख सकते हैं। दो साइड ऐसी होती है जो दोन-दो साइड की दांतों के बीच में छुपी रहती है। तो उन दोनों साइडों के ऊपर प्लैक जमा रहता है और सबसे ज्यादा जो कीड़े लगते हैं जिसे कैविटीज कहते हैं वो दांतों के बीच में लगते हैं। क्योंकि उस जगह पर कुछ भी छोटा सा भी फंस गया और आपने रात को ब्रश भी नहीं किया और फ्लॉस नहीं किया तो कीड़े वहां पर पार्टी करते
(39:28) रहेंगे। तो अब से वापस रिपीट करते हैं। तो तीन चीज इंडिया को करना है। पहला कुल्ला करेगा इंडिया। दो बार ब्रश करेगा इंडिया। दो बार ब्रश करेगा इंडिया और तीसरा है फ्लॉस करेगा इंडिया। फ्लॉस करेगा इंडिया। हां जी। इमेजिन करिए कि आप इंडिया के हेल्थ मिनिस्टर हैं। हां जी। एंड आपको टूथपेस्ट का लेबल बनाना है जो बहुत एक्यूरेट हो, बहुत साइंटिफिक हो। लोग को मदद करे कि कौन सा टूथपेस्ट अच्छा है, खराब है वो समझ में आ जाए। तो आप कैसे वो टूथपेस्ट का लेवल को डिजाइन करते हैं? तो मेरे ख्याल से कुछ एक इंग्रेडिएंट्स जो कि जरूरी नहीं है मगर सिर्फ कॉस्मेटिक
(40:05) रीज़ंस के लिए डाले गए हैं उनको मैं एक बैंड लिस्ट में डालूंगा कि इनको हर बड़ी कंपनी हटा दे। नंबर वन। नंबर टू उसके ऊपर आरडीए लेवल लिखना शुरू करूंगा जो कि आज मैंने आपके पॉडकास्ट पे आके ही ध्यान आया कि यह लिखना चाहिए कि हर टूथ के पेस्ट के ऊपर एक आरडीए लेवल होना चाहिए। तीसरा उसमें एग्जैक्ट होना चाहिए। अगर फ्लेवर लिखा है तो क्या फ्लेवर के अंदर क्या एग्जैक्ट इंग्रेडिएंट्स हैं वो उनकी वेबसाइट पे जरूर मेंशन होने चाहिए। थैंक यू। दैट्स अ ग्रेट सजेशंस। एंड लास्ट मैसेज फॉर इंडिया लाइक यू नो कोई एक इंडियन पडकास्ट देख रहा है यहां पर चाहे
(40:47) वो इंडिया से देख रहा है इंडिया के बाहर से देख रहा है व्हाट इज योर मैसेज फॉर समवन इन इंडिया वाचिंग दिस टू इंप्रूव देर डेंटल हेल्थ सो एज आई सेड कुल्ला करेगा इंडिया द चीपेस्ट ईजीिएस्ट सिंपलेस्ट थिंग यू कैन डू इज आफ्टर यू ईट एवरीथिंग एनीथिंग आफ्टर यू ईट नीट एनीथिंग मेक श्योर यू स्विच एंड स्पिट विद प्लेन वाटर। यू डोंट इवन नीड एनीथिंग एल्स। नंबर टू दो बार ब्रश करेगा इंडिया क्योंकि आज भी 60% इंडिया दो बार ब्रश नहीं करता है एंड फ्लॉस करेगा इंडिया। यह तीन चीजें प्लस खाने के अंदर मेक श्योर आप सब्जियां ऐसी खाएं एप्पल वपल और नाशपाती ताकि पपाया
(41:36) ब्रोमलीन जिन जिनसे आपके एक्चुअल दांत जो हैं नेचुरल टाइप से ब्रशिंग हो और चौथा तीन बार ज्यादा से ज्यादा खाएं। स्नैकिंग कम रखें। पैकेज्ड फूड का सेवन नहीं करें। होपफुली आपके दांत बहुत अच्छे रहेंगे और आपकी बॉडी बहुत अच्छी रहेगी। थैंक यू सो मच। एंड बहुत एनलाइटनिंग था ये इतना नॉलेज मिलना। थैंक यू। एंड आई एम श्योर एवरीवन इस गोना बी वै ग्रेटफुल फॉर दिस। थैंक यू। हेल्दी, हैप्पी लेट्स गो। गुल्ला करेगा इंडिया। लेवल पढ़ेगा इंडिया। तो अगली बार जब आप यूएसए इंडिया आएंगे, मैं आपसे वापस बात करूंगा। आपका प्रोडक्ट्स वापस देखूंगा। व्हाइटनिंग का क्लेम, Kids के ऊपर 10 एक्स
(42:19) का क्लेम और कार्टून कैरेक्टर, यह नहीं होंगे। अगर कोई भी टूथपेस्ट कंपनी देख रहा है यह तो प्लीज लीगल नोटिस इन्हें मत दीजिएगा। मुझे भेजिएगा क्योंकि यह यूएस में रहते हैं तो इन्हें डॉलर में पे करना पड़ेगा। मैं तो इंडिया में अब मूव कर गया हूं। तो अब मुझे रूपीस में पे करना पड़ेगा। तो प्लीज कोई टूथपेस्ट कंपनी इनको मत भेजना लीगल नोटिस। थैंक यू। चलिए। ठीक है। थैंक यू। थैंक यू।
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