Masculine vs Feminine Energy in Relationships | Sundeep Sangwan
Author Name:Shobha Rana
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Transcript:
(00:00) एक बहुत फेमस लाइन है। इफ द मैन इज़ नॉट वेयरिंग द पैंट्स देन समवन हैज़ टू वेयर इट। द वुमेन एंड्स अप वेयरिंग इट। अर्धनारेश्वर का मतलब है हाफ मैन हाफ वुमेन। ही इंक्लूड्स पार्वती मां एज़ वन हाफ ऑफ हिज़ बीइंग। दैट्स अ ट्रू मैस्कुलिन। एक मैन के अंदर क्या फेमिनिन एनर्जी होनी चाहिए और होनी चाहिए तो कैसे एंब्रेस करेगा? होती है द वेरी फैक्ट कि वो उसका व्यू पॉइंट समझ पाए एक वुमेन का। दैट इज द बिगेस्ट सॉफ्टनेस इन हिम। इनफैक्ट यह सामने आया है साइंटिफिक स्टडीज में कि वीमेन का जो ब्रेन है वह कैपेबल है टू एनालाइज एंड सॉल्व दी प्रॉब्लम एट द सेम
(00:37) टाइम जबकि आदमियों का नहीं है। व्हाट इज द राइट एडवाइस? आप कह रही है ना कि मैस्कुलिन एनर्जी कैसे एक्सेप्ट करेगी? ही विल ऑलवेज बी इन एक्सेप्टेंस द वे यू आर। आप पूछिए किसी भी फीमेल से वो अगर किसी ऐसे अब्यूसिव आदमी के साथ हैं उनको कैसा फील होता है? एक्सेप्टेंस। दैट इज द बिगेस्ट आईडिया ऑफ अ सक्सेसफुल रिलेशनशिप। नमस्ते एंड वेलकम टू द जर्नी विद इन पॉडकास्ट विद मी शोभा राणा। मैं एक इमोशनल इंटेलिजेंस और माइंडसेट कोच हूं और साथ ही इस पॉडकास्ट की होस्ट और क्रिएटर भी हूं। आज के इस पॉडकास्ट में हम एक्सप्लोर करने
(01:22) वाले हैं रिलेशनशिप्स को। हमने बहुत सारे एपिसोड्स किए रिलेशनशिप्स में। हमने बहुत सारे अलग-अलग एंगल से एक्सप्लोर करने की कोशिश की है। बट आज हम बात करने वाले हैं मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी कैसे एक रिलेशनशिप में प्ले करती है? यह एनर्जी होती क्या है? दोनों जेंडरर्स के अंदर किस तरह से प्ले आउट करती है? कैसे प्ले आउट करनी चाहिए? व्हाट विल बी अ गुड स्पेस टू बी इन? व्हेयर डस द इमंबैलेंस कम बिटवीन दीज़ टू एनर्जी? अपने इमंबैलेंस को कैसे नोटिस करें? व्हाट आर द क्लियर साइन? हाउ टू फिक्स दैट इमंबैलेंस? दिस इज़ अ वैरी इंटरेस्टिंग कन्वर्सेशन। तो इसे एंड तक
(01:56) जरूर देखिएगा। एंड इफ यू वांट टू मेक नोट्स एंड रिविजिट दिस कन्वर्सेशन आई विल एनकरेज यू टू डू दैट। क्योंकि उससे आपको बहुत सारे एंट्री पॉइंट्स मिलेंगे अपने रिलेशनशिप पर काम करने के लिए। और ना कि सिर्फ रिलेशनशिप बट अपने ऊपर काम करने के लिए। इस कॉन्वर्सेशन को अपने पार्टनर के साथ जरूर शेयर कीजिए। जहां पर आप यह डायलॉग ओपन करना चाहते हैं कि फ़ेमिनिन और मैस्कुलिन एनर्जी कैसे प्ले आउट करती है। आपको एक ड्रीम लाइफ साथ में एक हेल्दी हार्मनेस रिलेशनशिप कैसे बिल्ड करना है। इस कन्वर्सेशन को अपने उस फ्रेंड के साथ जरूर शेयर कीजिए जो अपने रिलेशनशिप्स में
(02:27) स्टक फील कर रहे हैं। जिनका रिलेशनशिप्स अह सेगमेंट में कुछ हो नहीं पा रहा है। जिनके फ्रीक्वेंट ब्रेकअप्स हो रहे हैं या फिर कोई रिलेशनशिप बिल्ड ही नहीं हो पा रहा है। दिस कन्वर्सेशन विल हेल्प देम टु ट्रिस्टियर देयर लाइफ इन अ इन अ मैनर दैट दे बर्थिंग ग्राउंड फॉर अ रिलेशनशिप। ऑन दैट नोट, इफ यू लाइक व्हाट वी डू हियर एट दिस पडकास्ट, सब्सक्राइब टू द चैनल, लाइक दिस वीडियो, हाइप दिस वीडियो, कमेंट योर क्वेश्चंस एंड योर सजेशंस टू अस इन द कमेंट सेक्शन। ऑन दिस नोट, लेट्स मीट आवर टुडेज़ गेस्ट। आज हमारे साथ इस कॉन्वर्सेशन के लिए रिलेशनशिप कोच संदीप सांगवान
(03:00) प्रेजेंट है जो कि मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी के का प्ले कैसे करता है एक रिलेशनशिप में इसके एक्सपर्ट हैं। सो लेट्स लर्न मोर अबाउट दिस फ्रॉम हिम ऑन द जर्नी विद इन पॉडकास्ट। संदीप आज हम रिलेशनशिप्स को समझने वाले हैं मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी के एंगल से। हमने बहुत सारे एपिसोड्स किए हैं रिलेशनशिप्स पर और हमने बहुत सारे रीज़ंस एक्सप्लोर किए हैं। रिलेशनशिप्स क्यों काम नहीं करते? क्यों काम करते हैं? क्या प्रॉब्लम्स आ जाते हैं? रेड फ्लैग्स, ग्रीन फ्लैग्स क्या होते हैं? चीटिंग
(03:44) प्लेज़ अ रोल रिलेशनशिप्स के फेल होने में। अह आपके कोर वैल्यूज़ अगर अलग हैं तो भी रिलेशनशिप्स काम नहीं करते। लेकिन एक मुझे लगता है बहुत बड़ा एंगल है वो यह है कि मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी का जब इमंबैलेंस हो जाता है एक रिलेशनशिप में और मुझे लगता है बहुत कम बात होती है इस बारे में। हां, हम बात करते हैं मैच और मैन के बारे में। हां, हम बात करते हैं मैन शुड आल्सो बी अलाउड टू क्राई। यू शुड नॉट जज अ मैन फॉर दीज़ रीज़ंस। आपको एक औरत को इन रीज़ंस के लिए जज नहीं करना चाहिए। बट जेनुइनली ये मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी का डायनेमिक जो है वो एक रिश्ते में कैसे
(04:15) काम करता है? एक रोमांटिक रिलेशनशिप में कैसे काम करता है? और यह एक रिलेशनशिप के सक्सेस या फेलियर पे इस पर कितना टिका हुआ है हम इस बारे में आज बात करने वाले हैं। राइट? सो वी आर नॉट गोइंग टू गेट इंटू एनी अदर टॉपिक अराउंड द रिलेशनशिप बट बी वैरी स्पेसिफिक अबाउट दिस प्ले ऑफ़ एनर्जी बिटवीन अ मैन एंड अ वूमेन। ठीक है? द फर्स्ट क्वेश्चन दैट आई हैव फॉर यू इज़ मुझे लगता है कि एक रिलेशनशिप आज की डेट में सिर्फ इसलिए फेल नहीं हो रहा है क्योंकि दो लोग एक दूसरे के बारे में परवाह नहीं करते। मुझे लगता है एक लार्ज पार्ट ऑफ द प्रॉब्लम इज कि कहीं ना कहीं
(04:47) एक बहुत बड़ा गैप है लोगों के वो रिलेशनशिप में कैसे शो अप करते हैं वो क्या होते हैं उस रिश्ते के अंदर एंड मुझे लगता है वहां पे एक कन्वर्सेशन आ जाती है कि व्हाट इज योर एनर्जी आर यू टू मैस्कुलिन आर यू टू फेमिनिन आर यू एबल टू बैलेंस दैट लेट्स टॉक अबाउट दिस सिंस यू आर एन एक्सपर्ट इन दिस कैटेगरी तो आप हमें समझाओ कि सबसे पहले व्हाट इज मैस्कुलिन एनर्जी व्हाट इज फेमिनिन एनर्जी इंडिविजुअली ली और ये रिलेशनशिप में क्या होती है? कैसे शो अप करती है? और कैसे होनी चाहिए? बहुत सारे क्वेश्चंस आए क्वेश्चन में बेसिकली। दैट्स फाइन। आई मीन इस चीज को समझने के
(05:21) लिए सबसे पहले हमको कॉन्टेक्स्ट समझना पड़ेगा। तो अगर हम पीछे मुड़ के देखें हम वी विल टॉक अबाउट द टाइम्स दैट वी लिव इन। लेकिन थोड़ा सा पीछे जाते हैं। एक पर्सिव्ड इमेज क्या होती है मेन की और वुमेन की? हम अगर अपनी एक जनरेशन पहले भी देखें तो वुमेन वर नॉट स्टेपिंग आउट काम के लिए। जनरली कर रही थी लेकिन इतना नहीं जितना आज कर रही हैं। एंड वि इज फाइन। उसमें कोई अ कोई इशू नहीं है। करना चाहिए। लेकिन हो क्या रहा था कि एक पर्सव्ड नोशन था कि जो आदमी है दे विल अर्न वो फाइनेंशियली अर्न करेंगे और जो औरत है वो सिर्फ घर संभाले भी। अब क्या हो रहा है कि
(06:03) वुमेन आर स्टेपिंग आउट टू अर्न। दे आर गोइंग आउट। और वो किसी से कम नहीं है। ठीक है? उनको यह आजादी है जो हमेशा से होनी चाहिए थी और वह अब है लेकिन उससे क्या हो रहा है जो मेन थे वो रेडी नहीं थे इस चेंज के लिए वो जरूर कहते हैं कि हमें एक ऐसी वाइफ चाहिए ऐसी एक गर्लफ्रेंड चाहिए सोसाइटी में अपनी इज्जत बनी रहे कि हम अलव करते हैं। सी द टर्म इज़ अलव करते हैं अपनी वाइफ को काम करने के लिए। तो उनका जो माइंडसेट है वो एक कंडीशनिंग से गुजरा है जो पास ऑन करा गया है जनरेशन आफ्टर जनरेशन। जब वो आदमी छोटा बच्चा था अपने स्कूल में छ साल का था, 10 साल का था,
(06:46) टीनएज इयर्स में था। उसके घर वाले भी उसको यह बोलते थे कि यू हैव टू बी द मैन ऑफ द हाउस। तो उसके इमेज में एक उसके जेहन में एक यह चीज उतर गई कि उसको ही सब कुछ करना है। तो उससे हुआ क्या कि वो जो फीमेल्स हैं उनको एक नीचे लेवल पर देखने लगा और अपने आप को एक पेडिस्टल पे उसने डाल लिया और इससे हुआ क्या कि वो पर्सव करने लगा कि कुछ चीजें हैं एक रिलेशनशिप में मैं जब आऊंगा वो मुझे ही करनी है। जैसे कि जैसे कि मुझे अर्न करना है। मुझे फैमिली का ध्यान रखना है। व्हिच इज फाइन। यहां तक हम बिल्कुल सही हैं। लेकिन इन दैट प्रोसेस उसकी जो वे ऑफ बीइंग थी वो इस नजरिए से हो
(07:28) गई कि वो उसको एक लेवल नीचे देखने लगा जिससे सारी प्रॉब्लम्स आती है ना वो उसे देखने लगा कि तुमको तो बस घर संभालना है। तुम्हें ये रोल्स हैं तुम्हारे बस खाना बनाना है। बच्चों का ध्यान रखना है। तो उसके माइंडसेट में यह चीज चली गई। अब क्या हो रहा है? जिस जनरेशन में हम रह रहे हैं, द वुमेन आर स्टेपिंग आउट इवन अर्निंग मोर देन मेन। तो क्या हो रहा है? एक लेवल ऑफ़ इनसिक्योरिटी आ रही है उनमें। वो अपने इक्वल उनको देख नहीं पा रहे हैं। जनरली स्पीकिंग बहुत कम ऐसे मर्द हैं जो कि इस नजरिए से सोच पा रहे हैं। क्योंकि उनकी कंडीशनिंग इस तरीके से हुई है। एंटायरली
(08:04) दे आर नॉट टू बी ब्लेम्ड। बट हो क्या रहा है? जब वह एक रिलेशनशिप में इस पॉइंट ऑफ व्यू से घुसते हैं, इस कंडीशनिंग से घुसते हैं, तो वह अपने आप को एक सुपीरियर असर्ट करते हैं रिलेशनशिप में। और होता क्या है? अगर इवन द फीमेल स्टेप्स आउट ऑफ द हाउस काम करने के लिए। तो अब हम समझते हैं कि मैस्कुलिन और फेमिनिन डायनेमिक्स क्या होती है? एनर्जी के रिलेशन में। तो एक मैन एक चाहे आदमी हो, चाहे एक औरत हो, दोनों के अंदर दोनों कररेक्टरिस्टिक्स होती हैं। इट हैज़ नथिंग टू डू विद जेंडर। इट इज़ अ एनर्जी दैट यू हैव विद इन। तो अगर कोई भी
(08:40) फीमेल अगर बाहर जाएगी काम करने के लिए तो उसे अपने आप को एक तरीके से कंडक्ट करना पड़ेगा। स्पेशली अगर हम इंडियन कॉन्टेक्स्ट में बात करें तो सबसे पहले उसको अपनी सेफ्टी इंश्योर करनी पड़ेगी। वो किस इंसान से किस तरीके से बात कर रही है वर्क प्लेस पे जब घर आ रही है तो उसे वो सब चीजें भी ध्यान रखनी होती हैं तो वो एक एक मास्क के पीछे अपने आप को बचाती है अपनी सेफ्टी को प्रोटेक्ट करने के लिए तो होता क्या है उससे जब वो घर आती है एकदम आसान नहीं होता कि उसको वो पर्दा हटाना और दोबारा से अपने फेमिनिन एलिमेंट्स में चले जाना जब मैं कहता हूं फेमिनिन एलिमेंट्स
(09:17) उससे मेरा यह मतलब है कि जो एनर्जी है जो उसकी सॉफ्टनेस है वो वह एकदम से ट्रांज़िशन नहीं हो पाता। मतलब एक वुमेन को आउटर वर्ल्ड में सक्सेस करने के लिए यानी कि प्रोफ़ेशनल सेटिंग्स में सक्सेसफुल होने के लिए कुछ ऐसे ट्रेड्स एग्ज़िबिट करने पड़ते हैं। कुछ ऐसा अपने आप को बनाना पड़ता है कि वो मैस्कुलिन एनर्जी उनकी एग्ज़िबिट हो ताकि लोग उन्हें सीरियसली लें। उन्हें एक असर्टिव होना पड़ेगा। उन्हें अथॉरिटेटिव होना पड़ेगा। आदमी के साथ जोड़ते हैं। राइट? उन्हें डिबेट करना आना पड़ेगा। उन्हें एक बोर्ड रूम में अपना स्टंस रखना आना पड़ेगा। शायद
(10:02) लड़ना आना पड़ेगा। आपने कहा अपनी सेफ्टी को भी ध्यान रखना पड़ेगा। फिजिकल सेफ्टी को। तो अगर मैं पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जा रही हूं तो मुझे कैसे अपने लिए स्टैंड लेना है कि अगर मुझे लगाना पड़े तो मैं एक चांटा भी लगा दूं किसी को। अगर मेरे साथ एक बाउंड्री क्रॉस हो रही है। तो ये बनते बनते वो औरत जब घर आती है। आप कह रहे हो कि उसके ये ट्रेट्स इतने उसको हाइपर एक्टिव करने पड़ते हैं उस वर्ल्ड में सर्वाइव करने के लिए कि वो घर में आके स्विच ऑफ नहीं कर पाती है। नहीं या दैट्स व्हाट आई एम सेइंग और वो स्विच ऑफ नहीं कर पाती है। उसका बहुत बड़ा कारण है कि जो घर
(10:31) पे जो आदमी होते हैं वो भी उसे एक सेफ स्पेस नहीं दे पाते हैं अपने फेमिनिन में स्लाइड करने के लिए। अगर जो मैस्कुलिन है वो अपने ट्रू मैस्कुलिन एनर्जी में है तो जो वुमेन है वो ऑटोमेटिकली चाहेगी अपने सॉफ्टनेस में जाना, अपने फेमिनिन में स्लाइड करना। आप बताइए यू आर अ सक्सेसफुल वर्किंग वुमेन फॉर सो लॉन्ग। आप जब घर जाते हैं डोंट यू वांट टू बी इन ट्यून विद योर सॉफ्टनेस? आप भी चाहेंगे कि यू नो मैं अपने फेमिनिन एसेंस में रहूं। मेरे को दोबारा से वो जो मैं काम पे अपना जो एक पर्दे के पीछे छुपी थी अपनी सेफ्टी को प्रोटेक्ट कर रही थी। मेरे को वो
(11:09) एलिमेंट्स में दोबारा ना आना पड़े। मैंने जितनी भी सक्सेसफुल वुमेन से बात करी है जो आउटर वर्ल्ड में काम करती हैं उनका सबका मतलब यही एक पैरामीटर है कि वो घर पे जाके चाहती हैं अपने सॉफ्टनेस में स्लाइड करना बट जो मेल एनर्जी घर पे उन्हें मिलती है वो अलाउ नहीं करती है उन्हें वो एक्सेप्टिंग नहीं होती है कि वो कर पाए अपने फेमिनिन में स्लाइड मतलब कैसे एक्सेप्टिंग नहीं होती है क्योंकि मैन तो यही चाहता है ना कि जो मेरी पार्टनर है वो ज्यादा असर्टिव ना हो वो सॉफ्ट रहे वो मुझे या किसी भी सिचुएशन को डोमिनेट ना करे तो इज द मैन मेकिंग रूम फॉर हर टू बी
(11:50) फेमिनिन क्या वो वो व्हाट आर वी मिसिंग हियर उसकी वे ऑफ़ बीइंग इज इन इजंट एन अलाइनमेंट विद व्हाट ही प्रीचेस इसी के लिए तो मैंने कंडीशनिंग की बात करी सबसे पहले उसकी कंडीशनिंग ऐसे ही है। अब वो रिलेशनशिप में हो गया है। मे बी लिव इन रिलेशनशिप है या मे बी मैरिज है। लेकिन उसकी कंडीशनिंग तो उसी तरीके से हुई है ना तो वह उस चीज को एक तरीके से एक्सेप्ट ही नहीं कर पा रहा है कि शी इज़ एट द सेम लेवल विथ मी। तो वो चाह रहा है कि वो एकदम से अपने उस रोल में आ जाए लेकिन वो खुद उस मैस्कुलिन ट्रेट में नहीं है। द वुमेन कैन यू नो सी फ्रॉम अ डिस्टेंस के
(12:24) ये जो इंसान है मेरे सामने यह अपने मैस्कुलिन एनर्जी में है या नहीं। मैंने क्या होता है मैस्कुलिन एनर्जी? नहीं मैस्कुलिन एनर्जी होता है कंटेन करना। एक कंटेनर की तरह होता है। वो अगर उन एलिमेंट्स में है ही नहीं तो वो कैसे कंटेन करेगा उस स्ट्रांग फेमिनिन एनर्जी को? क्योंकि मैं ये चीज आपके माध्यम से जरूर बताना चाहूंगा कि जो फेमिनिन एनर्जी होती है वो बहुत स्ट्रांग होती है। इवन मैस्कुलिन एनर्जी से भी ज्यादा स्ट्रांग होती है। फर्क सिर्फ इतना होता है जो मैस्कुलिन एनर्जी होती है वो कंटेन करती है। इट्स लाइक कि एक नदी है जो बह रही है
(13:00) वो अगर उसके रिवर बैंक नहीं होगा तो वो फ्लड कर जाएगी। तो मैस्कुलिन एनर्जी वो रिवर बैंक है बट जो मेन जो प्लेयर है जो मेन कैरेक्टर है वो वो नदी है जिसमें फोर्स है वो नदी जिसमें फोर्स है दैट इज द फेमिनिन फोर्स तो वो हर कोई नहीं हैंडल कर पाता सो दैट इज वेयर द डिस्कनेक्ट इज़ हैपनिंग अगर आप बताइए अगर अगर जो सामने आदमी है वो अगर अपने ट्रू मैस्कुलिन एनर्जी में है कंटेन कर पा रहा है जो भी वो पूरे दिन वो जो बाहर रह के आई है उसकी बात सुन पा रहा है तो वो क्यों नहीं चाहेगी अपने सॉफ्टनेस में जाना? क्योंकि वो ही नहीं है उस एलिमेंट में तो वो क्यों होए अपने
(13:40) सॉफ्टनेस में? क्योंकि पोलैरिटी का गेम है यहां पे। किसी भी रिलेशनशिप में एक पोलरिटी बहुत जरूरी है। एक मैस्कुलिन और फेमिनिन जरूरी है। अगर वो आदमी वो कैरेक्टरिस्टिक्स वो एनर्जी नहीं दे पा रहा है तो किसी को तो होना पड़ेगा। वरना तो वो सर्वाइव ही नहीं कर सकती वो रिलेशनशिप। यू नो आपने मुझसे सवाल पूछा और मुझे लगता है इस इस प्रॉब्लम के या इस इक्वेशन के दो पहलू हैं। एक पहलू के बारे में आपने बात की वो है कि मेन जिस तरह से कंडीशन होते हैं बचपन से लड़के जिस तरह से कंडीशन किए जाते हैं वो तैयार नहीं है। आज का जो वुमेन का रोल चेंज हो गया है। वो जैसी हो गई हैं
(14:17) जितनी इंडिपेंडेंस जितना स्पेस चाहती हैं, जो प्रोफेशनल सेटिंग्स में होना चाहती हैं, जो घर में होना चाहती हैं, ये आदमी उस तरह से पला बढ़ा ही नहीं है कि उसको कंटेन कर पाए। राइट? द व्हाट यू आर एसेंशियली सेइंग इज दैट मैन आर नॉट रेडी फॉर दी स्ट्रांग इंडिपेंडेंट फियर्स टाइप ए वुमेन व्हिच होल्ड्स ट्रू टू अ लार्ज एक्सटेंट। नाउ लेट्स लुक एट दी अदर साइड ऑफ़ द प्रॉब्लम। जो दूसरी साइड है मुझे लगता है आर वी एस वुमेन रेडी टू बी दिस पर्सन। हमें ये पर्सन होना पड़ा अपने सर्वाइवल के लिए, एक्सीडेंस क्रिएट करने के लिए, अपनी एक सोसाइटी में इज्जत बनवाने के लिए कि
(14:50) मैं भी कुछ हूं। मैं सक्सेसफुल हूं। मैं पैसा बना सकती हूं। मैं भी 50 अकेलेवल कर सकती हूं। मैं अपने ड्रीम्स हूं। मैं 10 लोगों को पाल सकती हूं। वुमेन भी उस मोड में आ गई। लेकिन जब हम उस मोड में आ गए क्योंकि ट्रांजिशन इतना जल्दी हुआ ना आपने कहा सिर्फ एक जनरेशन मतलब 15 20 सालों में सब कुछ इतना ज्यादा जल्दी बदल गया और इतने सारे लोगों के लिए बदल गया। ऐसा नहीं कि आज से 40 साल पहले औरतें काम नहीं कर रही थी। बट 100 में से शायद चार औरतें काम कर रही थी या हो सकता है 20 काम कर रही हो। लेकिन आज 100 में से 90 औरतें काम कर रही
(15:21) हैं किसी भी तरीके का। राइट? क्या करना चाहती हैं या उस एनर्जी में है? तो एक प्रॉब्लम है कि मेन आर नॉट कंडीशन टू होल्ड स्पेस फॉर दी स्ट्रांग इंडिपेंडेंट फियर्स टाइप ए वुमेन। दी अदर थिंग इज़ दैट आई फील एज अ वूमन मुझे ऐसा लगता है कि हम औरतें भी कहीं ना कहीं पर्सनली रेडी नहीं हैं। अ यू नो इस इस सेटअप को पूरी तरह से समझने के लिए या हमारी अंडरस्टैंडिंग जो इस सेटअप की है वो शायद पूरी नहीं है। आपने कहा ना वो आदमी बाहर जिस तरह का होता है वो घर पे आके होल्ड नहीं कर पाता है स्पेस। बट हम औरतें भी जिस तरह की हो जाती हैं ऐसी
(15:53) प्रोफेशनल सेटिंग्स में जहां पे आपको बहुत टाइप पे होना है, अचीवर होना है, पा लेना है और लीड करना है तो मुझे लगता है हम भी घर पे आके स्विच ऑफ नहीं कर पाते हैं। इट वर्क्स बोथ वेज़ लेकिन अगर दोबारा हम इसको देखें जो मेन रीज़न है वो ये है वो करेगी जरूर करेगी अगर स्ट्रांग मैस्कुलिन एनर्जी उसे सामने मिलेगी। और यहां पे मैं मेन को नहीं नहीं आप बिल्कुल सही बात कर रहे हो। मैं समझती हूं जो मैं ऑनर यू नो मैं सबको एक ही कैटेगरी में नहीं कैटेगराइज कर रहा हूं। यह बहुत सारे आदमी ऐसे हैं हु डू द डीप वर्क। सी नाउ यू आस्क मी के मैस्कुलिन एनर्जी क्या है?
(16:26) मैस्कुलिन एनर्जी का सबसे बड़ा अगर पूछना हो कि कैसे देखें हम मैस्कुलिन एनर्जी? वो हमेशा ओनरशिप लेगा अपने एक्शंस के लिए। वो जो बोलेगा वो अलाइनमेंट में होगा जो वो करेगा उसके एक्शंस में। अगर वो बोल कुछ रहा है और कर कुछ रहा है तो वो अपने ट्रू एलिमेंट्स में है ही नहीं। टेल मी गिव मी एन एग्जांपल। आई विल गिव यू एन एग्जांपल। इसको दोबारा रिलेशनशिप पॉइंट ऑफ व्यू से देखते हैं। गिवन द टाइम्स दैट वी लिव इन आदमी भी यह चाहते हैं कि उनके जो पार्टनर है वो वर्किंग हो। क्यों हो? सोसाइटी में उनकी भी एक इमेज बनी रहे। ठीक है? कि यार देखो
(17:02) कितनी अच्छी रिलेशनशिप है। दोनों काम करते हैं। एक एक सोशल स्टैंड और आई वास एबल टू अट्रैक्ट दैट अचीवर वुमन। एक्सक्टली। उनकी ईगो को भी वो मिलता है, वैलिडेशन भी मिलता है। तो लेकिन हैविंग सेड दैट हैविंग सेड दैट क्या वो स्पेस दे रहा है उस फीमेल को उस तरीके से होने में या फिर वो अपने पर्सनल एरिया में क्या उस तरीके से बिहेव कर रहा है? अगर नहीं कर रहा है तो तो वो बस ही जस्ट मतलब किस तरीके से बिहेव करना पड़ेगा? एक्सप्लेन दैट मोर। मतलब डम इट डाउन टू समबडी हु इज़ इन थर्ड ग्रेड एंड लिसनिंग टू दिस कॉलोजन। आल्सो किड्स इन थर्ड ग्रेड
(17:35) शुड नॉट बी इन अ रिलेशनशिप। बट व्हाट आई मीन इज कि थोड़ा सा इसको इतना एक्सप्लेन कर दो कि कोई कन्फ्यूजन की गुंजाइश ना रह पाए। जो आप कह रहे हो कि वो ऐसा नहीं हो पा रहा है ये नहीं दे पा रहा वो क्या है? लाइक लाइक एक्सप्लेन दिस लाइक ले ऑफ़ वेरी क्लियर ग्राउंड लाइक जो भी जो फेमिनिन एनर्जी है उसको वो होल्ड नहीं कर पा रहा है। अगर अगर उसने बोला कि मैं यह काम कर दूंगा। बहुत ही सिंपल एग्जांपल है। घर का कोई भी काम हो सकता है। उसने बस कह दिया बट वो कर नहीं रहा। ही इज़ टेकिंग द वुमेन फॉर ग्रांटेड कि वो तो कर ही लेगी। अपना शेयर नहीं कर
(18:05) रहा है लेकिन कह रहा है हां ठीक है मैं कर दूंगा या अगर हम वो बाहर हैं किसी पार्टी में फॉर एग्जांपल वहां लोगों के आगे अपने आप को एक तरीके से पर्सव कर रहा है वहां बोल रहा है मैं तो ऐसे करता हूं रिलेशनशिप में मैं ऐसे करता हूं मैं तो इक्वली कुक करता हूं या एक बहुत ही रैंडम एग्जांपल मैं दे रहा हूं लेकिन वो है ही नहीं वैसा बट वो अपनी इमेज के लिए वो सब कर रहा है बट उसके एक्शंस में वो शो नहीं हो रहा है कहीं से भी तो ये एक डायरेक्ट मतलब देखने का पैमाना है कि वो अपने मैस्कुलिन एलिमेंट्स में है ही नहीं। क्योंकि अगर वो कुछ कहता है इवन अगर कोई प्रॉमिस करता है,
(18:38) कोई कमिटमेंट करता है और वो पूरा निभाता है या नहीं निभाता है तो इससे पता चलता है ऐसा। तो क्लियर साइन क्या होगा? या क्लियर डायनेमिक्स क्या होगा? एक रिलेशनशिप में क्या होना चाहिए? मतलब किस तरह से फेमिनिन और मैस्कुलिन का प्लेआउट होना चाहिए? एक मैन को एक रिलेशनशिप में क्या करना चाहिए? एक वुमेन को एक रिलेशनशिप में क्या करना चाहिए? कि यह जो बैलेंस है इन दो एनर्जी का मैस्कुलिन वर्सेस फेमिनिन मेंटेन रहे। सी इसमें एक और चीज देखनी होगी। आपने बोला कि वुमेन आर आल्सो नॉट रेडी। जब वो घर पे आती हैं तो वो भी नहीं कर पाती हैं। उसका
(19:13) पहले उस पे टच अपॉन करते हैं। तो उसका भी एक ये कारण है कि जो ये चेंज इतनी जल्दी एक जनरेशन में हुआ है। तो वो भी रेडी नहीं थी इस चेंज के लिए दूसरे अब जेंडर को उस तरीके से देखने के लिए। अब वो कहती हैं कि मेरे को इमोशनल अवेलेबिलिटी भी चाहिए। बट इमेजिन अगर कोई आदमी अपने वाइफ के आगे अपने यू नो बेटर हाफ के आगे अगर यू नो ही शेड्स स्टियर्स रोने लग जाता है वो उसके बारे में क्या सोचेंगी क्योंकि उसकी कंडीशनिंग भी इस तरीके से हुई है कि एक आदमी को इस तरीके से होना चाहिए। हां अगर वो रो रहा है तो वीक है। वीक है। उसके दिमाग में भी ये जाएगा। नाउ
(19:48) सडनली उनको इमोशनल अवेलेबिलिटी भी चाहिए थी और उनको स्ट्रांग मैस्कुलिन प्रेजेंस भी चाहिए। तो मिसमैच दोनों साइड से है। 100% दोनों साइड से है। तो ये हमें पहले देखना होगा। हम एंड जैसा आपने कहा कि मेन एक सर्टेन रोल के लिए रेडी नहीं है या एक्सेप्टिंग नहीं है। जो मैस्कुलिन ट्रेट्स हैं जिसका आपने बताया कि वो कैसे होंगे कि पता चलेगा कि वो मैस्कुलिन एनर्जी में है। मुझे लगता है वुमेन भी बहुत तरह से रेडी नहीं है अपने फेमिनिन एनर्जी को एंब्रेस करने के लिए। लाइक फेमिनिन एनर्जी में अगर हम सॉफ्टनेस को लें, बीइंग वनरेबल को लें, अ नर्चरिंग
(20:24) एनर्जी को अगर हम फेमिनिन कंसीडर करें तो कहीं ना कहीं हम एज वुमेन भी हमने इनको एज मच एज वी से कि यू नो एक मां का दर्जा सबसे बड़ा होता है। और ये सारी क्वालिटीज हैं जो एक वूमेन एक्सिबिट करती है वो उसकी सुपर पावर है। एक एक औरत ही लाइफ को क्रिएट कर सकती है। एंड ऑल ऑफ़ दैट जितना भी हम ये सब बातें बोले कहीं ना कहीं सबकॉन्शियस लेवल पे हम औरतें भी इन ट्रेड्स को वीकनेस से ही रिलेट करती हैं। जब हमारी पार्टनर के साथ एक आर्गुमेंट होती है जहां पे हमें सॉफ्ट होने का अगर मौका भी होता है वी वांट टू डोमिनेट राइट यू नो एज वुमेन वी हैव आल्सो लर्न और ये
(20:59) इतना जल्दी ट्रांजिशन हुआ कुछ 15 20 25 साल के अंतराल में कि हमारी अंडरस्टैंडिंग ऑफ यू नो फेमिनिन भी बहुत क्लियर नहीं है। कहीं ना कहीं हमें लगता है हम डोमिनेट करेंगे, यह नहीं करेंगे, वह नहीं करेंगे तो शायद हम सीरियसली नहीं लिए जाएंगे। एंड यू डोंट वांट टू बी टेकन फॉर ग्रांटेड। क्योंकि हमारे पास जो टेंपल्लेट्स हैं अपनी प्रीवियस जनरेशंस के वहां पे ये है कि वुमेन को फॉर ग्रांटेड लिया गया और फॉर ग्रांटेड लेने से जो उनके साथ घटनाएं घटी वो हम नहीं चाहते हमारे साथ हो। राइट? वी डोंट वांट टू बी ट्रीटेड लाइक दैट। सो वी वांट टू डोमिनेट द रिलेशनशिप एंड द
(21:31) कन्वर्सेशन। नाउ व्हाट आई सी दिस दिस इज क्रिएटिंग इज कि आई फील दैट दैट समवेयर दिस इमंबैलेंस ऑफ़ मैस्कुलिन एंड फेमिनिन एनर्जी इन अ रिलेशनशिप इज़ किलिंग अट्रैक्शन इट इज़ यस सेम मोर अबाउट दैट सी जैसे मैंने पोलैरिटी की बात करी तो अगर वो पोलैरिटी वर्क ही ऐसे करती है कि मैस्कुलिन और फेमिनिन अगर जो एक इमेज है जो एक परसेप्शन है कि एक आदमी इस तरीके से होना चाहिए और वुमेन अपनी फेमिनिन कैरेक्टरिस्टिक्स में होनी चाहिए। सॉफ्ट होनी चाहिए। अगर वो उस तरीके से नहीं काम करेगा तो अट्रैक्शन होएगी नहीं। अब अगर जो जो फीमेल है वो अगर घर पे देखेगी अगर वो
(22:14) आदमी अपने उन मैस्कुलिन एनर्जी में नहीं है तो वो कैसे अट्रैक्ट होएगी उससे? वो अगर अपने मैस्कुलिन एनर्जी में ज्यादा है तो वो उससे अट्रैक्ट ही नहीं होएगी ना। ही हैज़ टू प्रोवाइड दैट सेफ स्पेस। यू नो मैं एक जहां पर एक एग्जांपल देना चाहूंगा प्रियंका चोपड़ा का। रिसेंटली आई हर्ड इन अ पडकास्ट जहां पर उन्होंने बोला के आई एम द काइंड ऑफ वुमेन यू नो ओवर एंबिशियस और सब कुछ अचीव करा है मैंने। बट व्हेन निक केम अलोंग आई जस्ट वांटेड टू फॉलो हिम लाइक अ लिटिल गर्ल। उसने कुछ बोला नहीं। वो उसकी एनर्जी ऐसी थी कि उसको ऐसा महसूस हुआ। नाउ व्हेन शी सेज़ आई जस्ट वांट टू
(22:50) फॉलो हिम। उसका यह मतलब नहीं है कि मैं अपने आप को कोई नीचा कर रही हूं या वो अपने बस अपने फेमिनिन एलिमेंट्स में जा रही है। दैट्स हाउ इट वर्क्स। और यहां पे जो औरतें हैं उनको भी समझना होगा कि इफ ऐसी एनर्जी है सामने तो इट्स ओके टू लेट द मैन लीड। दैट्स व्हाट इवन दे वांट। सबकॉन्शियसली उनको भी उनके जहन में पता है कि यह चाहिए। जस्ट कि उन्होंने जो अपनी एक जनरेशन पहले देखा है शायद अपने घर पे अपनी मदर को देखा है सफर करते हुए वो उस तरीके से जीना नहीं चाहती तो उनके दिमाग में एक परसेप्शन बन गई है ये तो मुझे नहीं चाहिए लेकिन उस पूरे प्रोसेस में क्या हुआ है जो
(23:27) गलत हुआ है कि वो अपने फेमिनिन एलिमेंट्स को ही भूल गई सो दिस इज अ थिंग दैट हैज़ हैपेंड यू नो एक क्लासिक प्रॉब्लम जो मुझे लगता है आजकल रिलेशनशिप में जो हो रहा है दैट इज अ वी हैव बिकम मोर ऑफ़ रूममेट्स विद आवर पार्टनर्स देन एक्चुअल लवर्स। वेयर डू यू थिंक दैट प्रॉब्लम इज कमिंग फ्रॉम? सो व्हेन यू से रूममेट्स, क्या आप इमोशनल साइड ऑफ़ थिंग्स बोल रहे हैं या फिजिकल साइड ऑफ़ थिंग्स बोल रहे हैं? बोथ साइड्स एक्चुअली यू नो व्हेन आई से रूममेट्स इट मींस दैट जैसे आप एक रूममेट के साथ रहते हो। आपकी एक बहुत बड़ी पर्सनल स्पेस है। आप उसमें इंक्लूड
(24:02) नहीं करना चाहते हो। आप बहुत यू नो कुछ चीजें कॉमनली करते हो। बहुत सारी चीजें इंडिपेंडेंटली करना चाहते हो। आप के बीच में फिजिकल इंटिमेसी नहीं है। व्हिच इज अ बिग बिग चंक ऑफ यू नो बीइंग रूममेट्स। आपके बीच में वो अट्रैक्शन नहीं जिसकी हम पहले बात कर रहे थे। यू आर जस्ट को एकिस्टिंग इन अ हाउस टुगेदर एंड समटाइ्स व्हेन द रिलेशनशिप हैज़ रन इट्स कोर्स। आप अलग-अलग कमरों में रह रहे हो। आप अलग-अलग टीवी देखते हो। आप अलग-अलग फ्रेंड सर्कल्स मेंटेन करते हो। आप अलग-अलग यू नो एंगेजमेंट करते हो अपने बच्चों या अपनी फैमिली के साथ। यू आर प्रैक्टिकली लिविंग
(24:35) डिफरेंट लाइफ्स लाइक रूममेट्स। जैसे हम हॉस्टल में किसी रूममेट के साथ रहते हैं या कॉलेज में किसी रूममेट के साथ रहते हैं। उनकी एक पर्सनल लाइफ है। जहां उनके एक अलग मां-बाप हैं। उनकी एक अलग यू नो प्रोफेशनल एंबिशन है। एक अलग पर्सनल लाइफ है। सेम इज गोइंग ऑन बिटवीन अ कपल व्हिच वास इंट्रिंसली इंट्रिंसिकली सपोज्ड टू बी टुगेदर। एंड फिजिकल इंटिमेसी इज अ बिग क्वेश्चन मार्क। बहुत सारे कपल्स हैं जो जो रिलेशनशिप के कुछ टाइम के बाद किसी के लिए टाइम 2 साल हो सकता है। किसी के लिए 10 साल हो सकता है। बट फिजिकल इंटिमेसी गोज़ आउट द विंडो। ट्रू।
(25:07) दे आर गेटिंग इंटिमेट वन्स इन अ फ्यू मंथ्स। यू नो तो व्हाट डू यू थिंक मैस्कुलिन एंड फेमिनिन एनर्जी अह हैज़ अ रोल इन व्हेन वी टॉक अबाउट द अट्रैक्शन द रूम मेटस आइडिया दैट आई टॉक अबाउट। जो भी अभी तक हमने बात करी उसमें हमने पोलैरिटी को टच किया। अगर वह पोलरिटी होगी, तो अट्रैक्शन बना रहेगा। बट अगर वह पोलरिटी नहीं है तो अट्रैक्शन बना ही नहीं रहेगा। कैन से मोर अबाउट पोलैरिटी। व्हाट डू यू मीन? सो व्हेन आई से पोलैरिटी इट्स लाइक एक बहुत ही बेसिक अंडरस्टैंडिंग्स अगर हम ले लें तो कहते हैं ना ऑोजिट्स अट्रैक्ट तो वो एक डिफरेंट कैरेक्टरिस्टिक्स हैं।
(25:44) एक ये एनर्जी है एक ये एनर्जी है। अगर ये डिफरेंट हैं तो इनमें पोलरिटी होगी। एक दूसरे को अट्रैक्ट करेंगे। ये सेम जो एलिमेंट्स होते हैं वो रिपेल करते हैं। जस्ट लाइक अ मैग्नेट। तो अगर वो डिफरेंट कैरेक्टरिस्टिक्स हैं तो वो अट्रैक्ट करेंगे। और हो क्या रहा है? जैसे हमने बात करी कि वो पोलैरिटी क्योंकि बन नहीं रही है तो अट्रैक्शन भी इज गोइंग आउट ऑफ द विंडो बिकॉज़ ऑफ व्हिच व्हाट इज़ हैपनिंग कि इंटिमेसी भी खत्म हो रही है और वो रूम पार्टनर्स की तरह रह रहे हैं। और एक और चीज इसमें मैं ऐड करना चाहूंगा जो हो रहा है एक वॉइड हो गया है उसकी वजह से आदमी की
(26:18) लाइफ में भी औरत की लाइफ में भी क्योंकि वो एनर्जी तो व्हाट दे आर डूइंग इज दे आर सीकिंग इट आउट समवेयर एल्स तो आप देखें अगर आजकल के टाइम में इफ वी टॉक तो कितने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स भी हो रहे हैं पीपल आर इन अ रिलेशनशिप टुगेदर बट दे आर ओके विद दी आईडिया ऑफ शेयरिंग दैट थॉट प्रोसेस और दैट इंटिमेसी वो एनर्जी वो कहीं और भी शेयर करना चाहते क्योंकि एक वॉइड फिल हो गया है क्योंकि उनके बीच में वो अट्रैक्शन है ही नहीं चाहे वो 5 साल के बाद हो चाहे 10 साल के बाद हो जैसे आपने बोला तो वो वॉइड तो कहीं ना कहीं तो फिल करना चाहेगा ना इंसान तो ऐसा नहीं है कि
(26:51) वो जानबूझ के चीट कर रहे हैं क्योंकि ये चीजें नहीं हो रही हैं घर पे तो वो उस एनर्जी को कहीं और ढूंढ रहे हैं। यू नो इट्स इट्स फनी दैट यू ब्रॉट इन द एंगल ऑफ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स। क्योंकि अभी हमने पिछले हफ्ते एक बड़ी इंटरेस्टिंग कन्वर्सेशन की है एक एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स कोच के साथ लाइक एन अफेयर्स कोच के साथ जो लोगों को इनेबल करते हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स या अपने रिश्ते के अलावा अफेयर्स सीक करने में। ओके? व्हिच इज़ वेरी स्ट्रेंज। मुझे आईडिया बड़ा स्ट्रेंज लगा। और किसी लेवल पे जैसे आप हो और जैसे हम कंडीशंड है रिलेशनशिप्स को
(27:24) देखने के लिए। यू डिटेस्ट दैट आईडिया। यू आर नॉट एन एग्रीमेंट विथ दैट आईडिया। राइट? मैं सोचूं मेरे हस्बैंड किसी और के साथ इन्वॉल्व हो। मैं इस आईडिया से ओके नहीं हऊंगी। पर मुझे लगा यह ऐसा काम कर क्यों रहे हैं? मतलब व्हाट इज इंटरेस्टिंग इन दैट? जिस एपिसोड पे लोगों ने हमें यह भी बोला कि अरे तुम सनातन विरोधी हो। तुम हिंदू कल्चर से नहीं हो। आईडिया ये नहीं है कि ये आईडिया सही है या गलत है। वो तो क्वेश्चन ही नहीं है। यू नो क्योंकि आप इस बारे में सही सोच सकते हो। आप इसको गलत कंसीडर कर सकते हो। बट क्वेश्चन इज़ कि ये चीज हो रही है। माय
(27:52) होल पॉइंट ऑफ़ क्रिएटिंग दैट एपिसोड वाज़ कि ये चीज हो रही है। आप इसको सही कह सकते हो, गलत कह सकते हो। तो आपका नजरिया कुछ भी हो सकता है इसके ऊपर। राइट? लेकिन ये चीज हो रही है। तो इसके बारे में बात करके देखते हैं कि क्यों हो रही है, कहां से आ रही है और हम क्या करेक्ट कर सकते हैं कि ये चीज ना हो। दैट वाज़ द होल आईडिया। एंड दैट इज़ द होल आईडिया ऑफ़ ब्रिंगिंग दिस कन्वर्सेशन कि हम कितनी भी बात कर लें कि यू नो ये प्रॉब्लम है, अट्रैक्शन खत्म हो रही है। बट व्हाट इज द कोर यू नो यू नो मैंने और भी बहुत सारे रिलेशनशिप्स पे एपिसोड किए हैं। और बहुत सारे रीज़ंस हैं
(28:20) कपल के बीच में अट्रैक्शन खत्म होने के। यू नो कभी-कभी लोग एक साथ एक तरीके से ग्रो नहीं करते हैं। वो अपने पार्टनर को आउटग्रो कर जाते हैं। जिस तरह से वो अट्रैक्शन को समझते हैं। लाइक यू नो किसी ने मान लीजिए कुछ पर्सनल ग्रोथ में चला गया। किसी ने स्पिरिचुअलिटी में चला गया। उनका पार्टनर उस तरफ नहीं जा पाया तो उनको एक कनेक्शन खत्म होने लगता है। जिस वजह से अट्रैक्शन खत्म होने लगती है। कोई बंदा स्पिरिचुअल प्रैक्टिससेस में ऐसे एलिवेट हो रहा है कि उसको लगता है मुझे जरूरत ही नहीं है यू नो फिजिकल रिलेशनशिप की, सेक्स की, अपने पार्टनर के साथ। हम हम हमारा
(28:51) ब्रेन जो है हमारी जो ग्रोथ है वह अलग-अलग तरीके से प्ले आउट करती है कि कैसे अट्रैक्शन खत्म होगा। लेकिन आज इस एपिसोड में अट्रैक्शन कैसे खत्म हो रहा है इमंबैलेंस ऑफ मैस्कुलिन फेमिन से दैट इज द टॉपिक। सो यू नो मेरा एक्सप्लोरेशन यह है कि हम एक जैसे अट्रैक्शन की बात की, इंटिमेसी बात की, इसके खत्म होने के 10 रीज़ंस हो सकते हैं। लेकिन आज क्योंकि आप मैस्कुलिन एनर्जी के बारे में एज एन एक्सपर्ट बात करते हो, लोगों को गाइड करते हो, तो आई वांट टू अंडरस्टैंड फ्रॉम द प्लेन एनर्जी स्टैंड पॉइंट कि यह प्ले ऑफ़ एनर्जी होता कैसे है? है ना? तो, वीव
(29:22) टॉक्ड अबाउट अट्रैक्शन एंड यू सेड कि क्योंकि हमारी वो पोलैरिटी ख़ हो रही है। कहीं ना कहीं हम इतने एक जैसे होते जा रहे हैं कि वह डिफरेंस ही ख़ हो गया। जिस वजह से वो अट्रैक्शन आपस में होना चाहिए था। चलिए ये तो हो गई प्रॉब्लम स्टेटमेंट समझना। ये तो ये हो गया कि हां चलो ये हो रहा है। इस रीज़न की वजह से हो रहा है। अब लेट्स टॉक अबाउट द स्यूशन। हमें क्या करना पड़ेगा कि हम अपने अट्रैक्शन को, फिजिकल इंटिमेसी को रिस्टोर कर पाए एक रिलेशनशिप में। हाउ डू वी क्रिएट लाइक अ बैलेंस और आई डोंट नो व्हाट बिटवीन द मैस्कुलिन एंड फ़ेमिनिन एनर्जी? उसकी
(29:58) क्या अंडरस्टैंडिंग क्रिएट करें कि हम यू नो इस प्रॉब्लम को ओवरकम कर पाएं। सी देखिए सबसे पहली चीज तो ये करनी होगी कि ओनरशिप लेनी होगी कि हां एक इशू है। अभी तक लोग एकनॉलेज ही नहीं करते हैं। आप किसी भी इंसान के पास जाइए। आई एम टॉकिंग फ्रॉम अ मेल पर्सपेक्टिव और बोलिए कि आपकी मैस्कुलिन एनर्जी आप उस तरीके से नहीं अपनी लाइफ जी रहे हैं। वो अपने ईगो पे ले जाएंगे। पहले तो यह एकनॉलेज करना होगा कि हां कोई इशू है। फिर उस पे काम करना होगा। जब मैं कहता हूं काम करना होगा इन चीजों को एड्रेस करना होगा और सिस्टमेटिकली इन पे काम करना होगा। लाइक जैसे मेरे जो
(30:38) कोचिंग स्पेस है उसमें एक एक प्रोग्राम है ग्राउंडेड मैन फ्रेमवर्क। तो उसमें हम यही सिखाते हैं कि कैसे अपने मैस्कुलिन एलिमेंट्स में कैसे आप दोबारा एलाइनमेंट में आए। तो पूरा एक उसका प्रोसेस होता है। तो सबसे पहली तो बात है कि एकनॉलेज करना होगा, एक्सेप्ट करना होगा कि हां कहीं तो इशू है, हम में इशू है जिसकी वजह से ये चीजें हो रही हैं। दूसरा जो पोलैरिटी वाली मैंने बात बोली वो तो तब तक रहेगी ही अगर अट्रैक्शन को बने रहना है। अगर किसी भी रिलेशनशिप को सर्वाइव करना है। यू नो एक बहुत फेमस लाइन है व्हिच इज के इफ द मैन इज़ नॉट वेयरिंग द पैंट्स देन समवन हैज़ टू
(31:16) वेयर इट। सो द वुमेन एंड्स अपीयरिंग इट। उसका यह मतलब है कि वो पोलैरिटी गेम के चलते किसी को तो उस एलिमेंट में रहना होगा। क्योंकि अगर वो नहीं रह पा रहा है, वो ज्यादा फेमिनिन कैरेक्टरिस्टिक्स में रह रहा है तो मुझे ज्यादा मैस्कुलिन बनना होगा। लेकिन वो एक हेल्दी रिलेशनशिप के लिए सही नहीं है। द वे मैन आर वायर्ड, द वे वुमेन आर वायर्ड। वो नेचुरली एक ऐसी पोजीशन है जिसमें अगर वह मैस्कुलिन कररेक्टरिस्टिक्स प्रोजेक्ट करें और एक फीमेल जो है वो अपने फेमिनिन कररेक्टरिस्टिक्स में कहें तो ही वो एक सक्सेसफुल रिलेशनशिप हो सकती है।
(31:52) यू नो आप जो मैस्कुलिन कररेक्टरिस्टिक्स के बारे में बात कर रहे हो और बार-बार कह रहे हो कि मैन को अपने मैस्कुलिन एनर्जी में आना होगा। बट मुझे लगता है जो जो प्रैक्टिकल वर्ल्ड में प्रॉब्लम है वो यह प्रॉब्लम है कि मैन आर टू मच इन द मैस्कुलिन एनर्जी। मतलब जिसे जो हम समझते हैं एज़ मैस्कुलिन एनर्जी जो ऑडियंस समझती है एज़ मैस्कुलिन दैट इज़ मैटरिज्म दैट इज़ यू नो स्टैंडिंग अप फॉर योरसेल्फ जरूरत पड़े तो एक आध लगा भी दे किसी को झगड़ा कर ले लड़ाई कर लें यू नो दैट इज द होल आईडिया ऑफ़ यू नो मैस्कुलिन एनर्जी जो आप कर रहे हो आप एक अलग डेफिनेशन बता रहे हो
(32:21) मैस्कुलिन एनर्जी की तो तो वेयर वेयर इज द गैप सी दिस इज़ द थिंग जो हमको सिखाया गया है जो कंडीशनिंग हुई है क्योंकि हमको बताया गया ऐसे ऐसे ऐसे रहना है तो ये मैस्कुलिटी वो नहीं है मैस्कुलिनिटी दैट दैट इज़ नॉट अ हेल्दी वे ऑफ़ बीइंग। ठीक है? आप इनसिक्योर फील करते हो अंदर से जब आप उस तरीके से रहते हो। आप बाहर कितने भी मैच्योर बनो बट व्हेन यू कम बैक यू स्पेंड सम टाइम अलोन तो आपको ही पता है कि यह सही तरीका नहीं है रहने का क्योंकि हमारे को सिखाया गया इस तरीके से रहने के लिए। इसलिए वो इस तरीके से रह रहे हैं। आप पूछिए किसी भी
(32:53) फीमेल से वो अगर किसी ऐसे अब्यूसिव आदमी के साथ हैं उनको कैसा फील होता है जो हाथ उठा देता है। यू नो संदीप एक तो बहुत ही क्लियर डिस्टिंशन है कि अब्यूसिव वायलेंट आदमी के साथ नहीं रहना चाहती है लड़कियां। हां कुछ लोग हैं शायद वो इसको माचोर समझ के इससे अट्रैक्ट भी होते हैं। आई कैन अंडरस्टैंड वैसे केसेस भी होते होंगे। बट ये तो बहुत ही क्लियर डिस्टिंशन है कि ऐसे वायलेंट अब्यूसिव बदतमीज इंसान के साथ इन द नेम ऑफ़ मैस्कुलिनिटी एक वुमेन नहीं रहना चाहती है। लेकिन देयर आर सल वेज़ जहां पर ये मैस्कुलिन टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी एक्सिस्ट करती है। यू नो
(33:27) ग्रॉस वे तो ये होगा कि आपने अब्यूसिव हो गए। आपने वायलेंस कर दिया वो सब। वो तो चलो क्लियर है कि वो नहीं एक्सेप्ट करना। सल वेज़ है जिसमें टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी एंटर करती है। दैट इज़ कि मैं आपको यह पहनना अलाउ नहीं करूंगा। आपको इतने बजे आना है, इतने बजे नहीं आना है। आपको बच्चों के लिए यह करना है, मैं यह नहीं करूंगा। या मैं यह करूंगा भी नहीं बोलते हैं। आपको यह करना है। आपको मेरे पेरेंट्स को ऐसे करना है। आपको इस घर के लिए यह करना है। एंड ऑल ऑफ़ दैट। देयर आर सल वेज़ इन व्हिच दीज़ मैस्कुलिन ट्रेड्स ट्राई टू कंट्रोल और डोमिनेट द वुमन इन द
(34:03) रिलेशनशिप। राइट? और जब ये सल तरीके से होता है क्योंकि हम एज़ वुमेन भी कंडीशंड है इस सल तरीके को एक्सेप्ट करने के लिए। यू नो अगर हम ये अगर हमें लगा है हमें घुटन महसूस हो रही है क्योंकि कहीं ना कहीं जब आप स्ट्रांग इंडिपेंडेंट वुमेन हो जाते हो तो कंडीशनिंग आपकी कुछ भी आपको तो समझ में आता है कि मुझे घुटन हो रही है। फिर आप अपने पेरेंट्स या किसी से भी डिस्कस करते हो। एंड देन एडवाइस यू गेस मोस्ट कॉमनली इज़ दिस ओनली कि आपको तो यू नो देयर इज़ नथिंग रोंग इन दिस। ले लो एक कदम वापस एंड ऑल ऑफ़ दैट। या व्हाट इज द राइट एडवाइस? यू नो हम ये कह
(34:34) रहे हैं जो आप भी इस कन्वर्सेशन में शुरू से कह रहे हो कि मेन आर नॉट एबल टू स्टेप अप। हम्म दैट इज वन प्रॉब्लम बट डू यू थिंक दैट वीमेन शुड आल्सो स्टेप बैक अ लिटिल टू व्हाट दे हैव बिकम नाउ इन दिस क्वेस्ट ऑफ चज़िंग देयर ओन आइडेंटिटी प्रोफेशनल सक्सेस एटसेट्रा डू दे नीड टू टेक अ स्टेप बैक डू वी नीड टू टेक अ स्टेप बैककैक व्हेन आई से स्टेप बैक दैट वुड बी ओनली फ्रॉम अ पर्सपेक्टिव कि उन्हें सनिकल नहीं होना है कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। ठीक है? जो भी वह कर रही हैं दे आर स्टेपिंग आउट डूइंग अर्निंग सब कुछ सही है। मैं आपको एक बहुत ही सिंपल
(35:08) वे में इसके पे टच अप ऑन करता हूं। आप कह रही है ना कि मैस्कुलिन एनर्जी कैसे एक्सेप्ट करेगी? ही विल ऑलवेज बी इन एक्सेप्टेंस द वे यू आर। वो कंटेन करेगा। वो कंटेनर है एज वी टच्ड अपॉन। वो आपको यह नहीं कहेगा कि आप यू बी लाइक दिस। फोर्स नहीं करेगा आपको कभी किसी चीज के लिए। ही विल बी एबल टू होल्ड यू द वे यू आर। लेकिन द वे अ वूमन इज इन अ रिलेशनशिप। जरूरी नहीं है कि वो सही हो। जरूरी नहीं है कि वो सही और गलत कौन डिफाइन करता है? पर्सपेक्टिव है ना? सही और गलत तो पर्सपेक्टिव है। जो हमने बचपन से सुना है वो अब हमको सही लगता है।
(35:50) जैसे आपने वुमेन के बारे में बोला कि कोई भी इशू आता है अगर वो अपने पेरेंट्स के पास भी जाते हैं। स्पेशली जो उनकी मॉम्स हैं वही ये एडवाइस देती हैं। लड़कियों को कि नहीं आप स्टेप बैक कर जाओ। तो सही और गलत कौन डिफाइन करता है? एक पर्सेक्टिव है यह। तो सर हम नहीं लेकिन आपने ऐसा कहा कि एक आदमी को जैसा भी एक उसकी पार्टनर है उसको कंटेन करने की क्षमता होनी चाहिए। वो एक ट्रू मैस्कुलेनिटी की डेफिनेशन है। तो क्या हम एक आदमी पर ज्यादा जिम्मेदारी डाल रहे हैं समझने की, एक रिश्ते को और उसके डायनेमिक्स को बैलेंस करने की दन अ वूमन?
(36:24) आर वी काइंड ऑफ यू नो क्योंकि हमने सालों तक वुमेन को अप्रेस किया है, दबाया है तो सबकॉन्शियसली क्या हम यह जिम्मेदारी ज्यादा आदमियों को दे रहे हैं कि नहीं नहीं तुम ज्यादा समझो तुम ज्यादा नहीं समझोगे तो तुम टॉक्सिक मैन हो तुम यू नो ऐसे हो तुम वैसे हो यू शुड बी द कंटेनर तुम्हें ही कंटेन करना है एक औरत कैसी भी है यू शुड रिस्पेक्ट एंड ऑल ऑफ़ दैट सो दैट इज द मेल कैरेक्टरिस्टिक्स यही तो है। दिस इज व्हाट इट इज। यही तो सारी मैस्कुलिन एनर्जी में यह सारी चीजें आती हैं। अगर वह यह नहीं कर पा रहा है तो ही यह इशूज़ होती हैं। अगर वह करेगा तो यह
(36:58) चीजें आएंगी ही नहीं एट द सरफेस क्योंकि वो नहीं हो रहा है इसीलिए इशूज़ आ रही हैं। और फिर टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी में चल जाता है। क्यों? वो अपनी डोमिनेंस असर्ट करेगा। जो भी कोई मैस्कुलिन फ्रेम में होगा वो असर्ट नहीं करेगा कभी। वो ही विल जस्ट बी एंड द वुमेन विल स्लाइड इनू हर फेमिनि। सो एक मैन के अंदर क्या फेमिनिन एनर्जी होनी चाहिए और होनी चाहिए तो कैसे एम्ब्रेस होती है होती है द वेरी फैक्ट कि वो उसका व्यू पॉइंट समझ पाए एक वुमेन का दैट इज द बिगेस्ट सॉफ्टनेस इन हिम अगर वो नहीं है तो वो कभी उसका पर्सेक्टिव समझ ही नहीं
(37:37) पाएगा दैट इज द बिगेस्ट सॉफ्टनेस दैट ही हैज़ कैरीज़ विद इन हिम। वो उसका पर्सपेक्टिव समझ पा रहा है। दैट मींस कि वो उसके अंदर भी जो फेमिनिन कैरेक्टरिस्टिक्स हैं वो ही इज़ इन ट्यून विद देम। मैं आपको एग्जांपल देता हूं। अगर इसको स्पिरिचुअल एंगल से देखें तो हम अर्धनारेश्वर बोलते हैं शिव को। मैन लुक टू हिम यू नो वुमेन आल्सो कंसीडर हिम द मोस्ट मैस्कुलिन। अर्धनारेश्वर का मतलब है हाफ मैन हाफ वीमेन। ही इंक्लुड्स पार्वती मां एज़ वन हाफ ऑफ़ हिज़ बीइंग। दैट्स अ ट्रू मैस्कुलिन पर्सन। यू नो हमने एक मैन के पर्सपेक्टिव से मैस्कुलिनिटी को समझने
(38:15) एक्सप्लोर करने और उसमें कितना डिग्री ऑफ सॉफ्टनेस सामने वाले इंसान को समझने की क्षमता होनी चाहिए वो एक्सप्लोर करने की कोशिश की अब तक अ नाउ आई वांट टू ओपन द डायमेंशन फॉर वुमेन आल्सो यू नो बहुत सारी औरतें ये कहती हैं कि आई डोंट नीड अ मैन टू सक्सीड इन दिस वर्ल्ड और आई आई डोंट नीड अ मैन इन माय लाइफ हम प्रियंका चोपड़ा का एग्जांपल ले लेते हैं जैसे वो कहती है कि यू नो यू नो कि इफ आई कैन बाय मायसेल्फ दिस बिगर डायमंड माय मैन शुड बी एबल टू बाय अ बिगर समथिंग लाइक दैट आई डोंट नो द एक्सैक्ट वर्बिटम थिंग दैट शी सेड बट या समथिंग टू
(38:51) दिस इफेक्ट तो एज़ वुमेन कहीं ना कहीं हम भी यू नो कंडीशन हो रहे हैं फॉर दिस एंड एट द सेम टाइम वी वांट टू फील इमोशनली फुलफिल्ड आल्सो सो द वीमेन माय क्वेश्चन टू इज़ द वीमेन हु फील एंड हु इवन से दैट आई डोंट नीड अ मैन इन माइ लाइफ लाइफ बट येट आर समवेयर इमोशनली अनफुलफिल्ड व्हाट इज इट दैट दे आर मिसिंग व्हाट्स द गैप वै गुड क्वेश्चन दैट यू आस्क्ड सी इसमें ना मैं टच अपॉन करूंगा फेमिनिज्म को ओह माय गॉड यू हैव ओपन अप या इट्स अ पेंडोरास बॉक्स दैट आई एडिटिंग आई विल गेट अ लॉट ऑफ़ फ्लैग फॉर सेइंग इट बट आई विल स्टिल से इट के फेमिनिज्म डिड
(39:35) मोर हार्म देन गुड हां आई विल टेल यू व्हाई क्योंकि जो वुमेन थी वो बहुत लंबे अरसे से ऑप्रेस थी। अब क्या हुआ? उन्होंने बोला हम सब कुछ खुद कर सकते हैं। नथिंग रोंग विथ दैट सब कुछ आप कीजिए कोई गलत नहीं है। लेकिन उन्होंने एक ये इमेज बना दी कि वी डोंट नीड मैन। तो एक रिलेशनशिप साइड ऑफ़ थिंग्स तो बिल्कुल हैज़ गॉन आउट ऑफ द विंडो फॉर देम। नॉट नीडिंग अ मैन बीइंग अ सिंगल इज फाइन। कोई कुछ गलत नहीं है उसमें। बट व्हाई डू यू थिंक लेटर इन देयर लाइफ दे आर द वंस जो ज्यादा लोनली होती हैं जो ज्यादा अलोन होती हैं और अगर नहीं होती हैं तो वो अपने आप को जिस तरीके
(40:16) से कंडक्ट करती हैं डू यू थिंक देयर आर द गुड रोल मॉडल्स फॉर द नेक्स्ट जनरेशन दैट्स कमिंग अप और आर दे जस्ट हैप्पी वुमेन यू नो सो यू मीन टू से कि इफ यू वांट टू बी हैप्पी वुमेन यू डोंट नो आई एम नॉट सेइंग दैट व्हाट आई एम सेइंग दैट दैट आप किसी भी आईडिया के पीछे जब बहुत ज्यादा जाते हो आप जैसे कि बीइंग इंडिपेंडेंट वाला ही आईडिया है। नॉट जस्ट एज अ वुमेन एज अ मैन भी। अगर आप उस आईडिया के पीछे बहुत ज्यादा जाते हो किसी भी आईडिया के पीछे कि यू नो हमें क्या पहनना चाहिए? हमें किस वक्त उठना चाहिए? हमें क्या नहीं करना चाहिए? एंड ऑल ऑफ़ दैट। आप
(40:48) किसी भी आईडिया के पीछे बहुत ज्यादा जाते हो तो आप और दूसरे आइडियाज जो उससे अलग हैं उनके लिए एक्सेप्टेंस नहीं ला पाते हो। राइट? और आज की इस दुनिया में एकिस्ट करना जितने हम सारे स्ट्रांग होते जा रहे हैं, पढ़े लिखे होते जा रहे हैं, इंडिपेंडेंट होते जा रहे हैं, तो हमको कहीं ना कहीं अपने आईडिया को फॉलो करते हुए दूसरों के लिए भी एक बहुत बड़ा स्पेस रख के चलना पड़ेगा। क्योंकि हम नहीं करेंगे तो वी विल बी अ सक्सेसफुल इन अ सर्टेन मैनर बट वी विल पर्सनली नॉट हैव गुड इंटरपर्सनल रिलेशनशिप्स। क्योंकि हर एक इंसान हमसे अलग होने ही वाला है। हमारी
(41:20) बचपन से अपब्रिंगिंग कंडीशनिंग इसी तरह से होती है कि शायद सब लोग एक तरह से होते हैं। शायद सब लोगों को इस तरह की मैरिज चाहिए। शायद मैरिज की डेफिनेशन यही होती है। शायद मैस्कुलिन की डेफिनेशन यही होती है। शायद फेमिनिन की डेफिनेशन यही होती है। यू नो एक आदमी को ऐसा ही होना चाहिए। जब हम बड़े हो जाते हैं, हम देखते हैं कि नहीं बहुत फ्लूइड है वर्ल्ड और बहुत फ्लूइड होना चाहिए। बहुत रेस्ट्रिक्टेड नहीं है। और जितना आप करोगे उतना आप अपने आप को बाकी लोगों से एलिनेट करते रहते हो। तो मेरे को लगता है कि आई एम नॉट सेइंग कि एक आदमी के
(41:48) साथ होना ही आपकी हैप्पीनेस को तय करता है। मैं तो खुद एक ऐसी लड़की थी जिसको शादी नहीं करनी थी। अपिल जस्ट टू थ्री इयर्स एगो नॉट आई एम नॉट सेइंग कि मैं जब 18 साल की थी तो आई थिंक मोस्ट ऑफ अस स्टार्ट अस दैट कि मेरे को नहीं जाना रिलेशनशिप में। वो एक यंगर ऐज में आप बहुत तरह की बातें करते हो। बट एज अ 35 34 ईयर ओल्ड वुमेन आई वाज लाइक आई डोंट वांट टू गेट मैरिड। सो आई एम नॉट टिंग द आईडिया ऑफ़ हैप्पीनेस टू बीइंग अ यू नो बीइंग विथ अ मैन। बट व्हाट आई एम सेइंग इज दैट व्हेन यू आर रनिंग आफ्टर एन आईडिया सो मच आर यू एट द एंड ऑफ़
(42:16) देर हैप्पी पर्सन इट बी द आईडिया ऑफ़ फेमिनिज्म इट कुड बी द आईडिया ऑफ़ लेट्स से इगोनिज्म इट कुड बी एनी आईडिया जिसके लिए आप एक बहुत एक्सट्रीम ग्राउंड होल्ड करते हो फिर आप दूसरों के नॉन एक्सेप्टिंग हो जाते हो लाइक आई विल गिव यू एन एग्जांपल मैं बहुत सारे ऐसे विगन लोगों को जानती हूं जो बहुत घृणा से देखते हैं उन लोगों को जो वीगन नहीं है और मैं ऐसे भी विगन लोगों को जानती हूं जो खुद विगन है लेकिन उनके सामने आप बैठ के कैसे भी खाएं आप कैसे भी एक्सिस्ट करें उनको आपसे कोई घृणा नहीं है। मैं ऐसे बहुत सारे रिलीजियस लोगों को जानती हूं जो बहुत नफरत करते हैं दूसरा
(42:49) रिलीजन के लोगों के लिए और उनको जज करते हैं कि वो ऐसे होते हैं उनके धर्म में ऐसा होता है। उनका धर्म ये सिखाता है। मैं ऐसे भी बहुत सारे रिलीजियस लोगों को जानती हूं जो बहुत पक्के हैं अपने रिलजन को लेकर। लेकिन वो दूसरों के लिए भी एक स्पेस होल्ड कर सकते हैं। और मुझे लगता है कि शायद वो दूसरे तरीके का होना बेटर है। शायद वो दूसरे तरीके का होना यू नो आप अपने लिए क्लियर हो कि मुझे क्या होना है? मेरा रिलीजियस आईडिया क्या है? मेरा विगन को लेके आईडिया क्या है? मेरा फेमिनिज्म को लेके आईडिया क्या है? मेरा मैचो को लेके आईडिया क्या है? मैं
(43:16) उसके लिए क्लियर हूं। लेकिन मैं यह भी समझती हूं कि जरूरी नहीं है कि यह पूरी पिक्चर है। यू नो देयर इज़ अ स्पेस फॉर दी अदर आइडियाज आल्सो। एंड आपने मुझसे पूछा कि डू यू थिंक यू नो अ मैन नीड्स अ वूमन? सॉरी, अ वूमन नीड्स अ मैन टू बी हैप्पी? माई क्लियर आंसर टू दैट इज नो। विथ अ पिंच ऑफ़ साल्ट दैट, आर यू एक्सप्लोरिंग द आईडिया ऑफ़ हैप्पीनेस फॉर योरसेल्फ? क्योंकि हम ना यह फेमिनिस्ट कन्वर्सेशंस मैस्किंग फेमिनिन जो कन्वर्सेशन हम भी कर रहे हैं। कन्वर्सेशन अबाउट नार्सिसिज्म कन्वर्सेशन अबाउट रिलेशनशिप में क्यों इशूज़ आते हैं? अट्रैक्शन, इंटिमेसी,
(43:51) फिजिकल हु शुड इनिशिएट किसको नहीं इनिशिएट करना चाहिए? किसको कैसा बिहेव करना चाहिए। इन सब आइडियाज के बीच में ना कहीं ना कहीं हम यह भूल जाते हैं कि हर किसी के लिए हैप्पीनेस एक अलग अलग रूप में डिफाइन होती है और एक एक अलग तरीके से आती है। यू नो कुछ लड़कियों को मैं ऐसी लड़कियों को जानती हूं जिनको शायद थोड़ा स्टेप बैक करने से ज्यादा पीसफुल फील होता है एक रिलेशनशिप में। शायद उनको लगता है कि मैं यह रोल नहीं करना चाहती हूं। यू नो लाइक देयर आर वुमेन हु आर लाइक यार मुझे नहीं करनी है अभी जॉब या मैं ब्रेक लेना चाहती हूं। देयर आर वुमेन आर लाइक मैं क्यों
(44:23) ब्रेक लूं? मेरा करियर क्यों रुके? और दोनों के आईडिया ऑफ़ हैप्पीनेस बहुत अलग है। और आपके आईडिया के बेसिस पे आप क्या बिल्ड कर पा रहे हो अपने पार्टनर के साथ? यू नो एट द एंड ऑफ़ द डे क्या आप एक हार्मनस एक पीसफुल रिलेशनशिप बना पा रहे हो? दैट इज़ वेयर द रियल वर्क इज़। इट्स नॉट टू चैलेंज कि अरे तुम गलत बोल रहे हो? तुम क्यों काम करना चाहते हो? अभी तुमने बच्चे पैदा किया तुम उनको पालो या तुम क्यों अह काम नहीं करना चाहते हो? वह क्यों सारा जिम्मेदारी उठाए एक रिलेशनशिप में? मुझे लगता है दोनों के बीच का ये एक डायनेमिक है और एक पीसफुल रिलेशनशिप उस डायलॉग से
(44:55) क्रिएट होता है। मैं आपके रिश्ते का टेंपलेट उठा के मेरे पे नहीं लगा सकती हूं और आप मेरे रिश्ते का टेंपलेट उठा के अपने पे नहीं लगा सकते हो। राइट? तो दिस कॉन्वर्सेशन इज़ मेरे यू नो पडकास्ट का मतलब ही यही है कि हम थोड़ा सा इस आईडिया को ना ओपन अप करें। रादर देन सेइंग कि ये सही है, ये गलत है, ये करो, यह मत करो। एक सही का रफ सा टेंपलेट एक स्केलिटन सा एक गलत का स्केलेटन सा समझना और इन बिटवीन क्या एक्सिस्ट करता है और कहां पे लाइफ जेनुइनली प्ले हो रही है वो समझना हैविंग सेड सो यू नो हमने मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी के रोल से अट्रैक्शन को
(45:31) समझने की कोशिश की कि उसका अट्रैक्शन में क्या रोल है हमने केमिस्ट्री को समझने की कोशिश की। हमने फिजिकल इंटिमेसी को समझने की कोशिश की। हमने इस इंपैलेंस ऑफ़ एनर्जी से क्या इशूज़ क्रिएट होते हैं? हमने कंडीशनिंग ऑफ़ मैन कैसी होती है और वुमेन कैसी होती है? कुछ-कुछ आइडियाज़ को एक्सप्लोर करने की इस कन्वर्सेशन में कोशिश की है। नाउ लेट्स अप्लाई इट टू द रिलेशनशिप्स दोज़ आर एकज़िस्टिंग इन टुडेज़ वर्ल्ड। आप मुझे बताइए कि यह अंडरस्टैंडिंग होना या ना होना लोगों को कैसे मदद करेगा? लाइक अगर कल से मुझे रिलेशनशिप में शो अप करना है तो मैं कैसे
(46:05) शो करूं? आफ्टर लिसनिंग टू दिस कन्वर्सेशन। लाइक अगर एक मैन इस कन्वर्सेशन को सुन रहे हैं तो उन्हें कल से क्या करना चाहिए? टू क्रिएट मोर रूम फॉर द फेमिनिन एनर्जी इन देयर लाइफ। अगर एक वुमन इस कन्वर्सेशन को सुनने सुन रही हैं तो उनको कल से अपने अंदर क्या बदलना है? व्हाट आर द इमीडिएट चेंजेस दैट अ मैन एंड अ वुमेन शुड ब्रिंग इन देमसेल्व्स टू मेक रूम फॉर द अदर मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी। सी देखिए शोभा सबसे पहले तो हम इस चीज को देखते हैं कि हैप्पी रहने के लिए दोनों को एक दूसरे की जरूरत नहीं है। एक आदमी अकेला खुश रह सकता
(46:40) है। एक औरत खुद अकेले खुश रह सकती है। हु आर वी टू जज कि किसके लिए कौन सा सही पाता है टू ईच देयर ओन। लेकिन जो पूरा एक आईडिया था एक मैरिज में आना, एक रिलेशनशिप में आना वो यह था कि यू नो दोनों साथ में ग्रो करें एक अल्टीमेट फॉर्म पे। तो वह कहीं ना कहीं मिसिंग हो रहा है। जैसे हमने पहले भी बोला जो इंडिपेंडेंट होना कुछ बुरा नहीं है। होना चाहिए। बहुत अच्छी चीज है। लेकिन उस प्रोसेस में अपने अस्तित्व को खो देना, अपनी वैल्यूस को खो देना, अपने फेमिनिन साइड को खो देना या मैन अपने वैल्यूस के टच में नहीं है। वो गलत है। आप अकेले
(47:20) रहिए। कोई उसमें इशू नहीं है। अब आती हैं इस एस्पेक्ट पे कि अगर कल से इसको सुनके कोई अपने मैस्कुलिन में रहना चाहे तो वह सबसे पहले यह कर सकता है कि दूसरे के व्यू पॉइंट को भी समझे। ही शुड बी ओपन इनफ टू हियर द फेमिनिन पर्सपेक्टिव है। उसके दिमाग में क्या चल रहा है? उसकी सोच क्या है? ठीक है? मेन क्या होते हैं ना? उनकी आदत होती है हर चीज सॉल्व करने की। अगर कोई प्रॉब्लम बताती है वह तो उन्हें यह लगता है कि यह मेरे से स्यूशन चाहती हैं। जबकि ऐसा नहीं है। इनफैक्ट यह सामने आया है साइंटिफिक स्टडीज में कि वुमेन का जो ब्रेन है वो
(47:58) कैपेबल है टू एनालाइज एंड सॉल्व दी प्रॉब्लम एट द सेम टाइम। जबकि आदमियों का नहीं है। उन्हें यह लगता है कि अगर मुझे कोई प्रॉब्लम बताई जा रही है तो मुझे वो सॉल्व ही करनी है। दैट्स उससे मैं यू नो आई विल बी द मैन इन द रिलेशनशिप। बट ऐसा नहीं है। दूसरा अगर कोई वुमन इस बात को सुन रही है तो कल से वो ये जरूर अपने जहन में रख सकती हैं कि वो किस तरीके से कुछ जगहों पे ही लेट्स द मैन लीड। ठीक है? वो भी अपने सॉफ्टनेस के टच में रहे। ऐसा नहीं है हमेशा कि यू नो दे शुड बी के अपने फेमिनिज्म वाले झंडे को हर जगह ले आएं और अपनी वैल्यूस को छोड़ दें। दैट इज समथिंग
(48:43) दैट बोथ ऑफ़ देम कैन डू। और मेन एक और काम कर सकते हैं कि अगर उन्होंने कोई कमिटमेंट करी है, उन्होंने कोई बात बोली है कि मैं यह करूंगा तो वो उसको पूरा करें। अधूरा ना छोड़ें उसको। वो रिस्पेक्ट अपने आप आ जाएगी दूसरे जेंडर में। जब वो देखती है ना कि अब तो बोलता है बस और कुछ करता नहीं है। एक्शंस एलाइनमेंट में नहीं है। तब वो रिस्पेक्ट नहीं रहती है। तब उसे लगता है कि यह तब वो रूममेट वाली इक्वेशन आती है। तब वो सीकिंग आउट होता है कहीं और। यू नो अह जैसे कि हम बात कर रहे थे कि एक जनरेशन में इतना सारा चेंज आ गया है। एंड यू नो
(49:19) पिछले 20-25 सालों में 30 सालों में ही जेंडर रोल्स इतने इवॉल्व हो गए हैं। इतने फ्लूइड हो गए हैं कि वूमन इज़ एक्सिबिटिंग अ मैनस ट्रेड्स। आई डोंट वांट टू कॉल इट मैनस ट्रेड्स। इट्स इट्स लाइक अ लेट्स लेट्स से इट फॉर द लैक ऑफ़ अ बेटर वर्ड एट दिस पॉइंट। राइट? ठीक है? एंड अ मैन इज़ आल्सो एक्सिबिटिंग दीज़ यू नो दीज़ न्यूअर लाइक एडजस्टिंग टू दिस न्यूअर रोल एंड द न्यू सोसाइटी दैट इट हैज़ बिकम। तो क्योंकि जेंडर रोल्स फ्लूड हो गए हैं। वर्ल्ड बहुत जल्दी चेंज हो गया है। डू यू थिंक दैट टुडे मैन आर कंफ्यूज्ड अबाउट व्हाट इट टेक्स टू बी अ मैन इन अ
(49:59) रिलेशनशिप? और डू दे इवन नो व्हाट इट व्हाट व्हाट इट इज़ बीइंग अ मैन इन अ रिलेशनशिप? यह ट्रू। आई विल एग्री टू दैट। ये कहीं ना कहीं ये चेंज हुआ है। वो इस सोच में ही नहीं है या फिर वो समझ नहीं पा रहे हैं कि व्हाट बीइंग अ मैन इन द रिलेशनशिप इज। और इसका कहीं ना कहीं मैं आपको एक और एग्जांपल देना चाहूंगा। यूएस में एक डब्ल्यूडब्ल्यूई होता है वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट। तो उसमें बेकी लिंच करके एक फीमेल रेसलर है। तो उन्होंने पूरा सेगमेंट कई सालों का दो-तीन चार सालों का उन्होंने उसकी पूरी इमेज ऐसे क्रिएट की द मैन। ठीक है? उसकी सुपर पावर द मैन होना नहीं
(50:37) है। ठीक है? उसकी सुपर पावर वह खुद अपने आप में सशक्त है। तो यह जो एक आईडिया है ना कि औरत को पावरफुल होने के लिए मैन की तरह होना है। यही सबसे बड़ी फैलेसी है। वो अपने आप में पावरफुल है। इनफैक्ट वो ज्यादा पावरफुल है। नारी शक्ति जो है जो नारी जो फेमिनिन एसेंस है हमने जो रिवर की बात करी थी शी इज़ मोर पावरफुल। वो अपने आप को प्रूव करना चाह रही हैं उस कंडीशनिंग की वजह से कि वो बेहतर हो सकती हैं या फिर उस आदमी की तरह हो सकती हैं। पहले तो उसे ड्रॉप करना हो। तब जाके हम दूसरे डायमेंशंस को ओपन कर पाएंगे। तो यह एक जो हमें सिखाई गई है ना कि आप सोचो उस पूरे
(51:19) सेगमेंट को देख के 3 साल 5 साल जो भी जिन लोगों ने देखा है या आइडियलाइज करा है जो बच्चे बड़े हो रहे थे जो जो लड़कियां बड़ी हो रही थी उसको देख के वो कैसे बनेंगी बड़े हो के क्या वो सही रोल मॉडल है क्या वो सही एक आईडिया है उनको होना उनको यह बताया गया है कि एक मैन होना उनकी सुपर पावर है अगर वो उस तरीके से होती तो तो वो खुद ही कंसीड कर रही हैं कि मैन आर हायर वो तो खुद ही मैन को एक पेडिस्टल पे रख रही ऐसा नहीं है। अगर आदमी अपने एनर्जी के ट्यून में है और वह अपने एनर्जी के ट्यून में है। वह उनकी अलग यूनिक सुपर पावर है।
(51:53) तो पहले तो इस चीज को हमें करेक्ट करना है। बट यू नो यू आर राइट अबाउट दैट। लेकिन मेरा आपसे जो सवाल है वो यह है कि विथ द चेंज दैट हैज़ कम अप रिसेंटली इन द जेंडर रोल्स एंड एवरीथिंग। आर मैन कंफ्यूज्ड अबाउट हाउ टू बी अ मैन इन द रिलेशनशिप? दिस चेंज हैज़ हैपेंड एज यू मेंशंड करेक्टली। तो उसमें क्या हुआ है ना कि वह अपने क्योंकि उस एनर्जी के ट्यून में नहीं है तो उन्हें पता ही नहीं है कि हाउ बीइंग अ मैन इन द रिलेशनशिप इज़ एनी मोर। क्योंकि पहले जो उनकी डेफिनेशन थी वो थी जब वुमेन वर्क नहीं कर रही थी। जब वो जो बोलते थे दे यूज्ड टू कॉल द शॉट्स वो
(52:33) अब नहीं हो रहा है। तो उस वुमेन का जो राइज हुआ है एक्सप्पोनेंशियली उनका राइज नहीं हुआ है। तो वो उस एनर्जी को कंटेन करना नहीं जान पा रहे हैं। इसलिए दे डोंट नो हाउ टू बी अ मैन इन द रिलेशनशिप एनीमोर। पहले वो एक आईडिया था। किस पे बेस्ड था? कि वुमेन तो काम नहीं करती। हम करते हैं। हर चीज के लिए हम पे डिपेंडेंट है। तो वो एक वो आईडिया बना हुआ था। अब नया आईडिया जब वो राइज़ कर गई हैं तो दे डोंट नो हाउ टू कंटेन दैट एनर्जी। दैट्स व्हाई इट्स डिफिकल्ट फॉर देम टू बी अ मैन इन द रिलेशनशिप एंड इवन। डू यू थिंक पीपल आर सिंगल टुडे बिकॉज़ दे
(53:10) हैव नॉट फाउंड द राइट पर्सन और बिकॉज़ दे डोंट नो हाउ टू बी इन अ रिलेशनशिप देमसेल्व्स? सो फॉर दिस वी हैव टू लुक हाउ टू बी इन अ रिलेशनशिप वि इन देमसेल्व्स फर्स्ट। वो कहीं ना कहीं उसमें ही कंफ्यूज्ड हैं। एक लैक ऑफ क्लेरिटी है कि उन्हें खुद को कैसे कंडक्ट करना है। व्हिच इज यू नो मोर टू डू विद जो भी हमने अभी तक बातें करी हैं कि वो चाहे कंडीशनिंग हो चाहे कुछ हो अपना बेस्ट फुट फॉरवर्ड वो किसी रिलेशनशिप में होके कैसे रख सकते हैं तो उनको वही क्लेरिटी नहीं है। और होता क्या है कि जब तक वो क्लेरिटी नहीं हो आपको रिलेशनशिप में नहीं जाना चाहिए। आप उस माइंडसेट से
(53:52) उस कंडीशनिंग से होता क्या है इंडिया में अगर हम स्पेशली इंडिया की बात करें हाउ दी कंडीशनिंग इज के आपकी एक सर्टेन एज हो गई है आप कमाने लग गए हो व्हाट नेक्स्ट मैरिज अब इतने साल मैरिज को हो गए हैं व्हाट नेक्स्ट यू नो यू शुड हैव किड्स पर क्या आप खुद रेडी थे उसके लिए साइंटिफिकली प्रूवन 25 इयर्स में हमारा प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स ब्रेन का डेवलप होता है उससे पहले बहुत ज्यादा हम हार्मोंस यू नो हार्मोनली ड्रिवन होते हैं। हमारा थॉट प्रोसेस, हमारा इमोशनल प्रोसेस, लॉजिकल एनालिटिकल ब्रेन ही 25 में होता है। और वही ऐज होती है जब तक हमारा कॉलेज
(54:28) हो गया होता है। हम वी यू नो स्टार्टिंग इन आवर जॉब या तो फिर एक नेक्स्ट प्रेशर क्या होता है कि यू शुड गेट इंटू अ रिलेशनशिप अ मैरिज। लेकिन आपने अगर अपने ऊपर उसी कंडीशनिंग में हो आप अभी और अपने ऊपर नहीं काम किया है। एंड यू गेट इंटू अ मैरिज और अ रिलेशनशिप तो व्हाट डू यू थिंक यू विल गिव टू दी अदर पर्सन? आप वही बैगेज दोगे उनको। तो इट्स बेटर टू वर्क अपॉन योरसेल्फ एंड देन ओनली थिंक अबाउट सेटलिंग। वर्किंग अपॉन देमसेल्व्स कैसा दिखता है? कैसे स्टार्ट होता है? आपने क्लेरिटी की बात की कि क्लेरिटी ही नहीं है कि हम रिलेशनशिप में क्यों जा रहे हैं?
(55:05) गिव अस क्लेरिटी। सो जो पैटर्न्स आप नोटिस करते हो एज आई सेड कि आपका ब्रेन उस ऐज में डेवलप हो जाता है 25 के बाद। तो आप अपने लाइफ के बारे में पीछे मुड़ के देखिए। क्या कोई पैटर्न्स हैं जिनको मैं क्लियरली नोटिस कर सकता हूं या कर सकती हूं? क्या वो पैटर्न मेरी वे ऑफ बीइंग को डिफाइन करते हैं? क्या मैं जीना तो एक तरीके से चाहता हूं या चाहती हूं लेकिन कुछ पैटर्न्स चले आ रहे हैं बचपन से जिनको आजकल हम चाइल्डहुड वुम्स भी बोलते हैं। क्या मैं उन्हीं पैटर्न्स पे ना चाह के भी अपनी लाइफ जी रहा हूं या जी। गिव अस एग्जांपल। लाइक अगर उनके पास्ट में
(55:39) कोई ऐसी चीज हुई है जहां वो बहुत ज्यादा डिपेंडेंट हो गए हैं दूसरे पे तो वो अभी भी वैसे ही हैं लेकिन वो चाहते नहीं है वैसे वो चाहते हैं इंडिपेंडेंट होना लेकिन वो ब्रेक फ्री नहीं कर पा रहे हैं। अगर उनके अंदर कोई एंगर इशू है, अगर उनके अंदर इनसिक्योरिटी है किसी भी चीज को लेके अगर कोई भी उनको लेके जेलसी है किसी चीज को लेके तो अगर वो रिलेशनशिप में होंगे और वो फिर वही जेलसी वाला पैटर्न चलेगा। इनसिक्योरिटी वाला पैटर्न चलेगा। चाहे दूसरा इंसान फेथफुल भी हो तो भी वो उसी नजरिए से सोचेंगे। सो दिस इज़ व्हाट यू नो अपने ऊपर अगर काम करें,
(56:16) अकाउंटेबिलिटी लें कि मेरे यह पैटर्न्स हैं। मैं इन पे वर्क करूं और फिर वो दूसरे इंसान को इंक्लूड करना चाहें अपनी लाइफ में। तो एक बेटर रिलेशनशिप हम यू नो आप जो बात कर रहे हैं संदीप एक तो होता है कि आप इतने अपने साथ ऑनेस्ट हो पाते हैं। इतने आप अपने आप को लेके अवेयर हैं कि आप समझ पाते हैं कि मेरे ये पैटर्न्स हैं। एक तो यह तरीका है अपने पैटर्न्स के बारे में जानने का। इस कन्वर्सेशन को ही ओपन अप करने का। दूसरा यह है कि आप कुछ एक्सपीरियंसेस के थ्रू जाते हैं। फिर आप देखते हैं कि ये ये रिपीट हो रहा है। राइट? लाइक आप कुछ
(56:49) रिलेशनशिप्स के थ्रू जाएंगे। कुछ ब्रेकअप्स के थ्रू जाएंगे समझने के लिए कि मेरे यह पैटर्न्स है। हाउ कैन वन एस्केप दीज़ पेनफुल ब्रेकअप्स? बिकॉज़ मेरे को लगता है जो आप पहली बात कर रहे हो कि आप अकाउंटेबिलिटी लें, आप अपने पैटर्न्स को समझे। वो आ नहीं पाता लोगों की लाइफ में जब तक ये तीन-चार पांच पेनफुल सिचुएशनंस के थ्रू नहीं गुजरते हैं। सिंस यू आर सिटी हियर, टेल अस हाउ डू वी एस्केप दिस बिकॉज़ अ लॉट ऑफ़ अस एनीबडी डजंट वांट टू गो थ्रू दिस पेन। उनको नहीं जाना है मल्टीपल रिलेशनशिप्स के थ्रू। उनको नहीं जाना है मल्टीपल ब्रेकअप्स के थ्रू। उनको
(57:20) सही पार्टनर सेलेक्ट करना है। उनको सिलेक्शन प्रॉब्लम भी नहीं चाहिए और उनको हाउ देन आई शो अप इन दैट रिलेशनशिप वो प्रॉब्लम भी नहीं चाहिए। तो व्हाट इज इट दैट दे कैन करेक्ट विद इन देमसेल्व्स अ यू नो अ विदाउट गोइंग थ्रू दीज़ पेनफुल एक्सपीरियंसेस कितना खुद को कैसे जान अपने आप को इतना ज्यादा कैसे जान पाएंगे? क्योंकि जब ठोकर लगती है तो आप अपने को थोड़ा सा और करीब से जानना शुरू करते हैं। आप अपने पैटर्न को थोड़ा ज्यादा जानना शुरू करते हैं। बट विदाउट दिस हाउ हाउ डू वी इनेबल दिस? सी हर एक के लिए सेम नहीं होता है। यह कुछ के लिए ऐसा हो सकता है कि
(57:50) हम कह सकते हैं कि वह अपने आप पे डीप वर्क करें। अपने आप को जाने लेकिन दूसरा जैसे आपने कहा उस पेन से गुजरेगा तब जानेगा। मेरा जो कहने का मतलब था वो ये था कि आप एक कमिटेड रिलेशनशिप में जहां पे आप मैरिज में जाते हैं जहां पे लीगल एस्पेक्ट भी आ जाता है तो उस चीज में ना जाएं तब तक जब तक आप इन चीजों से ना निकले और आपको एक बेसिक क्लेरिटी है अब रिलेशनशिप की आजकल अगर देखा जाए आज के टाइम में तो स्कूल में जो बच्चे हैं वो रिलेशनशिप में हैं कॉलेज में हैं तो अगर वो पेनफुल प्रोसेस से गुजर रहे हैं तो ऑफ कोर्स वो कुछ ना कुछ तो
(58:25) सीखेंगे पर हर एक की लाइफ अलग है कोई एक सेट पैटर्न नहीं है कि यह इंसान इस पैटर्न से गुजरा है तो दूसरा भी इसी पेन से जाएगा और सीखेगा। यू नो कभी-कभी जब हम पेनफुल पैटर्न्स के थ्रू गुजरते हैं तो हमारे नेगेटिव बिलीफ सिस्टम ज्यादा स्ट्रेंथन हो जाते हैं। यू नो आपने कहा कुछ तो सीखेगा लेकिन मेरा उसके सामने कंट्राडिक्टरी व्यू है कि कभी-कभी हम यह सीख लेते हैं कि हमारे नेगेटिव बिलीफ सिस्टम को कैसे स्ट्रेंथन करें। लाइक सपोज कीजिए आप दो तीन ऐसे ब्रेकअप्स के थ्रू गए जहां पे आपका यह बिलीफ सिस्टम और स्ट्रेंथन हो गया कि यू नो दैट यू यू आर कंफर्म्ड कि मुझे
(58:59) इनसिक्योर और जेलस और मुझे विजिलेंट होना चाहिए अपने पार्टनर पे। काम तो आपको इस चीज पे करना चाहिए था कि मैं ज्यादा यू नो इनसिक्योर ना होऊं या ज्यादा अपने पार्टनर को शक ना करूं। लेकिन थ्रू दी टू थ्री रिलेशनशिप्स आपने और ज्यादा यह सीख लिया कि शक करना ही सही है। यू नो ट्रस्ट करने से चीजें गलत हो जाती हैं। और दिस इज़ अ कोपिंग मैकेनिज्म टू काइंड ऑफ़ यू नो वर्क इन अ रिलेशनशिप। बट इज दैट अ गुड प्लेस टू बी इन नो बिकॉज़ वो दूसरे इंसान को फेयर चांस दे ही नहीं रहे हैं। फिर क्या पता आप जो लेकिन मुझे लगता है जब आप वो कर रहे होते
(59:34) हो ना तो आपको पता नहीं होता इट्स अ गुड प्लेस और नॉट। इट इज फॉर यू प्योरली अ वे टू प्रोटेक्ट योरसेल्फ। कि दे कोई गारंटी नहीं हो सकती कि कोई हर्ट नहीं होगा। इतने परफेक्ट सिनेरियो नहीं होते हैं। यू नो एवरीथिंग वी आर वनरेबल इन रिलेशनशिप्स। एवरीथिंग बॉइल्स डाउन टू रिलेशनशिप इन आवर लाइफ्स और हम वनरेबल होते हैं। हमसे गलतियां होती हैं। द ओनली पॉइंट आई एम मेकिंग इज कि उन गलतियों से हमें सीखना जरूर चाहिए। अगर हम उसी पैटर्न पर चले रहेंगे और वही गलती खुद करते रहेंगे तो हम कैसे इंश्योर करते हैं कि कोई हमको खुद की नजर में जिसको हम राइट बोले वो मिलेगा भी
(1:00:08) का मिलेगी भी कभी खुद की अकाउंटेबिलिटी तो ले सकते हैं ना सी हम घर से बाहर गए हैं हमको एक जगह से दूसरी जगह जाना है कोई गारंटी है कि हम सेफली पहुंच जाएंगे रास्ते में गाड़ी टक्कर हो गई बहुत सारे एक्सटर्नल यू नो फैक्टर्स होते हैं लेकिन जरूरी चीज क्या है कि हम अंदर से खुद कैसे हैं? तो हम यह नहीं गारंटी कर सकते कि अगले वाला इंसान नेक्स्ट कौन कैसा आएगा। लेकिन क्या हम इंश्योर कर सकते हैं कि हम कैसे शो अप करेंगे? आपने शो अप की बात करी थी। हम कैसे शो अप करेंगे? तो अगर हम उस पेनफुल प्रोसेस से गुजरे हैं और अगर हमें लगता है
(1:00:45) इंट्रोस्पेक्ट करके कि यह चीज हम बेटर कर सकते हैं तो क्या अब हम नेक्स्ट टाइम शो अप कर रहे हैं उस बेटर वर्जन से या नहीं? दैट इज व्हाट इट इज। हम यू नो ये जो हम शो अप की बात कर रहे हैं कि यू नो अपनी लर्निंग्स लेकर एज अ बेटर वर्जन ऑफ़ योरसेल्फ शो अप करना दैट आल्सो टेक्स अ लॉट ऑफ़ करेज। ए फर्स्ट टू एक्नॉलेज कि हां ये मेरे अंदर कमी है या ये चीज पे मुझे थोड़ा और काम करना है या ये चीज में मैं इतना अंडरस्टैंडिंग नहीं हो पाती हूं या हो पाता हूं। तो लेट मी मेक रूम फॉर दिस। एंड देन एक तो होता है करज एट द एक्सेप्टेंस लेवल एट द लेवल ऑफ
(1:01:21) एकनॉलेजमेंट कि या यह प्रॉब्लम है और दूसरा होता है टू एग्जीक्यूट द द अल्टरनेट प्लान नाउ द करेक्टिव पाथ नाउ तो आपको लगता है कि यू नो और इनफैक्ट लेट मी आस्क दिस हाउ डू वी बिल्ड करेज टू शो एज इमोशनली मैच्योर पीपल इन रिलेशनशिप्स सी इट हैज़ टू डू विद अकाउंटेबिलिटी अगर अगर आप अकाउंटेबिलिटी लेंगे तो वो करज अपने आप आ जाएगी। अगर आपने ये मान लिया है कि नहीं मैं तो चेंज कर ही नहीं सकता हूं या कर ही नहीं सकती हूं और आप यह भी नहीं मान रहे हैं कि हां मेरे से कुछ गलत हुआ है तो आप कभी सोचेंगे ही नहीं ना ऑन दैट लाइन कि मुझे करजियस होना भी है चेंज करने
(1:02:03) के लिए। अगर आप पहले एकनॉलेज तो कीजिए कि कुछ आपसे गलत हुआ है। सबसे गलतियां होती है। मुझसे गलती हुई है। आपसे हो सकता है गलती। हर एक से होती हैं। लेकिन आप एकनॉलेज करेंगे तब आप में वो पाथ क्लियर होएगा और आप करेजियस होने की सोचेंगे। दैट्स हाउ इट इज़। इट इट्स लाइक वन थिंग लीड्स टू दी अदर। व्हाट इज दैट वन थिंग दैट मैन शुड डू टू बिल्ड अ डीपर कनेक्शन विथ देयर पार्टनर। विथ देयर पार्टनर। बीइंग देयर मैस्कुलिन एनर्जी। दैट्स व्हाट वी बीन टॉकिंग इतने टाइम तक। सो एक सिंपल लेवल पर इसको देखें तो जो वह कहते हैं वह उन्हें करना चाहिए। दे
(1:02:43) शुड शो अप यू नो इन एलाइनमेंट विद देयर थॉट्स, इन देयर वर्ड्स एंड इन देयर एक्शंस। इतना भी कर लेंगे ना तो बहुत चीजें अपने आप ही ठीक होने लगेंगी। क्योंकि एक रिस्पेक्ट आ जाएगी। एक इंटेग्रिटी बिल्ड होएगी। अ मैन विदाउट इंटेग्रिटी इज नॉट अ रेस्पेक्टेड मैन। या आई थिंक एनी पर्सन विदाउट इंटेग्रिटी। या ट्रू। तो वो एक इंटेग्रिटी होना बहुत जरूरी है। तो इतना भी कर लेंगे दैट्स अ गुड स्टार्टिंग प्लेस। बाकी चीजें फिर एंड व्हाट व्हाट इज दैट वन थिंग दैट अ वूमन शुड डू टू एम्ब्रेस हर सॉफ्टनेस इन दिस पेट्रियकल रूल्स मेड बाय मैन वर्ल्ड।
(1:03:23) शी शुड नेवर बी सनिकल और इस व्यू पे नहीं पहुंच जानी चाहिए कि नहीं ऐसे आदमी तो होते ही नहीं है। वो शी शुड हैव फेथ। या यू शुड हैव फेथ। या यू शुड हैव फेथ इन द गुडनेस इन दिस वर्ल्ड। देर आर मैन हु आर डूइंग डीप वर्क। देयर आर वीमेन हु आर डूइंग डीप वर्क। और हर्ट ना होना ये कोई एनश्योर नहीं कर सकता। इट्स अ प्रोसेस। हर्ट होते हैं सब। वी गो थ्रू दैट ग्राइंड। बट एक अपना जो एसेंस है ना उस प्रोसेस में अपने फेमिनिन एसेंस को खो देना। वो सही नहीं है। यू शुड बी ए्बिशियस। यू शुड गो आउट, अर्न, अकेले रहना, एवरीथिंग इज फाइन। बट नेवर बी
(1:04:02) आउट ऑफ ट्यून विद योर सॉफ्टनेस। दैट्स योर सुपर पावर। सैडली हमें यह सिखाया गया है इस पूरे या फिर यह इस तरीके से हो गया है कि उन्हें लगता है कि यह हमारी वीकनेस है। जबकि यह सुपर पावर है उनकी। व्हाट इज द क्लियर साइन दैट अ वूमन इज़ लूजिंग हर सॉफ्टनेट्स इन अ रिलेशनशिप। शी इज़ ऑलवेज गार्डेड। एट वर्क इज फाइन बट इवन एट होम। शी इज जस्ट नॉट एबल टू यू नो बी इन एक्सेप्टेंस कि मैं तुम्हारी बात क्यों सुनूं। वह भी इस लेवल पर चली गई हैं। तो यह नहीं होना चाहिए। दे शुड बी एन एक्सेप्टेंस ऑफ़ दी अदर पर्सन व्यू। एंड इट वर्क्स बोथ वे। आदमी को भी उनकी बात सुननी
(1:04:41) चाहिए। उनको भी पर्सपेक्टिव सुनना चाहिए। इस पूरी कन्वर्सेशन में एक पीस जो रह गया दैट इज़ इंडिपेंडेंस वर्सेस इंटिमेसी। डू यू थिंक वी कैन बी फियर्सली इंडिपेंडेंट इन अ रिलेशनशिप एंड येट बी इंटिमेट विद आवर पार्टनर? ओह अब्सोलुटली। अगर आप एक दूसरे के वे ऑफ़ बीइंग को एक्सेप्ट कर रहे हैं टोटली और वो इंडिपेंडेंट हैं कि आउटसाइड दिस रिलेशनशिप भी उनकी एक लाइफ है। आप उसे एक्सेप्ट कर रहे हैं। दैट्स द बेस्ट थिंग। और इसमें एक चीज आ जाती है। आपको बस यह मेक श्योर करना है कि आप कॉन्फिडेंट इनफ हैं कि जो सामने वाला इंसान है वह इंडिपेंडेंट है। नथिंग
(1:05:19) रोंग विथ दैट बट इनसिक्योरिटी मुझे नहीं है और वो उनमें इंटेग्रिटी है। तो दे आर सिक्योर इन अ वे दे नो के उनकी जो इंडिपेंडेंस है वो इस रिलेशनशिप के आड़े नहीं आएगी। वो उनमें इंटेग्रिटी है टू होल्ड ऑन देयर इंडिपेंडेंस एंड द डायनेमिक्स ऑफ दिस रिलेशनशिप जिसमें कि इंटिमेसी बिल्ड होएगी। तो ऐसा करने से एक इंटिमेसी पोलैरिटी बनी रहेगी, अट्रैक्शन बना रहेगा और इंटिमेसी भी रहेगी और एक दूसरे को वो इंडिपेंडेंस जो उनकी लाइफ है जिस तरीके से वो जीना चाहते हैं वो एक दूसरे को एक्सेप्ट भी कर पाएंगे। हम संदीप हमने इस कन्वर्सेशन में मैस्कुलिन
(1:06:02) वर्सेस फेमिनिन एनर्जी के डायनामिक्स को एक्सप्लोर करने की कोशिश की है। हमने समझने की कोशिश की है कि मैस्कुलिन और फेमिनिन होता भी क्या है? हाउ शुड अ मैन एक्सेप्ट और अंडरस्टैंड हिज मैस्कुलिनिटी एंड फेमिनिटी एंड द वुमन शुड डू द सेम। और फिर ये दो लोग जब एक रिलेशनशिप में आते हैं तब यह डायनामिक्स कैसे प्ले आउट होता है? इसका अट्रैक्शन, केमिस्ट्री, इंटिमेसी, हम द वे यू वांट टू लीड योर लाइफ, द वे यू वांट टू बिल्ड योर करियर्स। इस सब पर क्या इंपैक्ट है? आई थिंक इट्स इट्स बीन अ मीनिंगफुल डिस्कशन विद यू एंड आई एम श्योर जो सुन रहे हैं इस कन्वर्सेशन
(1:06:33) को उनके पास कुछ ना कुछ इंसाइट्स हैं, टेक अवेज़ हैं इस कन्वर्सेशन से लेके जाने के लिए। यू नो एंड टू द व्यूअर्स आई लाइक टू से कि इस कॉन्वर्सेशन को आप एक बार दोबारा से सुनिए और कुछ पॉइंटर्स अपने लिए बनाइए। क्योंकि इस कन्वर्सेशन में बड़ी इंपॉर्टेंट बातें हुई हैं। लाइक टेकिंग अकाउंटेबिलिटी अगर आप कुछ भी और नहीं समझ पाते तो अगर आप इतना ही समझ पाते हैं दैट हाउ डू यू बिल्ड इंटेग्रिटी एज अ मैन एंड एज अ वूमन? अगर आप सिर्फ यह सवाल को ले जाते हैं और उसका आंसर यहां से सुनके आपको क्या समझ में आया और आप आज जहां खड़े हैं वहां इस सवाल का आप क्या उत्तर देते हैं?
(1:07:04) अगर उतनी ही क्लेरिटी पे आप काम कर लें और उसी क्वेश्चन को रिवजिट कर लें एक दो हफ्ते तक यू नो कीप गोइंग बैक एंड फोर्थ विद योर आईडिया एंड योर आंसर फॉर दैट क्वेश्चन। आई थिंक दैट वि यू अ लॉट ऑफ़ क्लेरिटी अबाउट हु यू आर। एंड व्हाट इज योर आईडिया ऑफ़ अ रिलेशनशिप? कहीं उस आईडिया में ही तो कोई फ्लॉ नहीं है। यू नो जब हम ये काम करते हैं ना तो हमें समझ में आता है कि अरे हां ये चीज मुझे आई थिंक आई कैन अंडरस्टैंड और एक्सपेंड मसेल्फ टू इंक्लूड दिस अदर आईडिया इनू माय माय अंडरस्टैंडिंग। राइट? तो अगर आप वो काम करने लगते हैं ना तो नेचुरली आपकी
(1:07:34) एनर्जी शिफ्ट होने लगती है। आपकी वाइब शिफ्ट होने लगती है और आपकी अपने एक ऐसे पार्टनर को जिसको आप चाहते हैं अपनी लाइफ में अट्रैक्ट करने की पावर मैग्नेटिक टेंडेंसी इनक्रीस होती है। यू नो बहुत सारे लोग मुझसे सवाल पूछते हैं एज अ कोच भी पर्सनल सेशंस में भी पूछते हैं। वन ऑन अनसेशन में पूछते हैं कि मैं अपनी वाइब कैसे बिल्ड करूं? बिकॉज़ एज अ कूल जेंजी टर्म दैट वी हैव लर्न। बट अ वाइब इज़ नथिंग बट यू आर डूइंग दिस वर्क। एंड बीइंग अ पर्सन जैसा आप चाहते हैं कि एक रिलेशनशिप में यू नो अह अपने पार्टनर से जो आप एक्सपेक्ट करते हैं जब वह होना शुरू करते
(1:08:06) हैं तो नेचुरली यू बिकम यू नो अ मैग्नेट फॉर फॉर फॉर अह फॉर अट्रैक्टिंग हेल्दी रिलेशनशिप्स इन योर लाइफ। ऑन दैट नोट, माय लास्ट क्वेश्चन टू यू इज व्हाट इज योर आइडिया ऑफ अ सक्सेसफुल रिलेशनशिप कंसीडरिंग द मैस्कुलिन एंड फेमिनिन एनर्जी एंड इट्स प्ले? सी एक्सेप्टेंस दैट इज द बिगेस्ट आइडिया ऑफ अ सक्सेसफुल रिलेशनशिप। जहां एक्सेप्टेंस है, बाकी चीजें अपने आप फॉल इन लाइन। जहां एक्सेप्टेंस नहीं है, दूसरे को आप चाहते हो कि वो ऐसा हो या ऐसी हो, तो इश्यूज आते हैं। सबसे बेसिक चीज कुछ भी नहीं समझ में आता है। तो क्या एक्सेप्टेंस है हम दोनों
(1:08:49) को जैसे हम हैं वैसे इस रिलेशनशिप में रहने की? क्योंकि अगर हम उस तरीके से कंट्रीब्यूट कर पाएंगे तो कुछ फ्रूटफुल मिलेगा। दूसरे को डिफाइन नहीं करना चाहिए कि इस तरीके से रहना है या इस तरीके से रहना है। सो एक एक्सेप्टेंस बहुत जरूरी है फॉर अ सक्सेसफुल रिलेशनशिप। वंडरफुल ऑन दैट नोट थैंक यू फॉर जॉइनिंग मी फॉर दिस कन्वर्सेशन। आई हैड अ ग्रेट टाइम टॉकिंग टू यू। या सेम या थैंक्स फॉर हैविंग मी। थैंक यू। टू द व्यूअर्स। आई एम श्योर यू हैव लर्न अ थिंग और टू फ्रॉम दिस पडकास्ट। अपनी लर्निंग्स को या अपने क्वेश्चंस को आप कमेंट सेक्शन में मेरे साथ शेयर कर सकते
(1:09:26) हैं। इस पॉडकास्ट को अपने उन फ्रेंड्स के साथ जरूर शेयर कीजिए जो अपने रिलेशनशिप में स्टक फील कर रहे हैं। जिनको मैस्कुलिन और फेमिनिन एनर्जी का प्ले नहीं समझ में आ रहा है। इस कन्वर्सेशन को अपने पार्टनर के साथ जरूर शेयर कीजिए। जहां पे आप इस कॉन्वर्सेशन हेल्दी आइडिया ऑफ़ मैस्कुलिन एंड फेमिनिन एनर्जी को डिस्कस करना चाहते हैं। बिकॉज़ दिस कन्वर्सेशन विल गिव यू लॉट ऑफ़ क्वेश्चंस एंड पॉइंटर्स एंड एंट्री पॉइंट्स टू एक्सेस दिस कॉन्वर्सेशन। क्योंकि बहुत इंपॉर्टेंट कन्वर्सेशन है बिटवीन अ कपल होना। और यह एक बहुत ही डीप लेवल ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग है। अगर वह एक एक
(1:09:59) कपल के बीच में बन जाती है, तो रिश्ता काफी हेल्दी हो सकता है। एंड यू कैन बिल्ड द लाइफ ऑफ़ योर ड्रीम्स। ऑन दैट नोट, थैंक यू फॉर सपोर्टिंग द चैनल। अगर आपको हमारी कोशिश द जर्नी विद इन पॉडकास्ट जो काम कर रहा है पसंद आता है प्लीज कंसीडर कीजिए सब्सक्राइबिंग टू द चैनल लाइक कमेंट और शेयर कीजिए गिव द हाइप पॉइंट्स टू दिस वीडियो सो दैट इट रीचेस आउट टू मोर एंड मोर पीपल ताकि कन्वर्सेशन और भी बहुत सारे लोगों की मदद कर पाए थैंक यू फॉर ट्यूनिंग इन फॉर दिस एपिसोड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन नमस्ते थे।
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