Thursday, August 13, 2026

ఏం అనుకుంటారో అదే జరుగుతుంది | (7 Chakras Full Explanation) ||7 Chakras Meditation (Telugu)

ఏం అనుకుంటారో అదే జరుగుతుంది | (7 Chakras Full Explanation) ||7 Chakras Meditation (Telugu)

Author Name:Yasaswi thoughts

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@yasaswithoughts3086

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=YwBx9otz-FE



Transcript:
(00:00) हाय फ्रेंड्स भारत देश प्राचीन चरित्र परस्ते प्रजल अंदरू इट लाने वैविध्य जीवन विधाना लोने तम जीविता गप ग्रंच इट सांकेतिक अप लेक पोव अलाग अपट जीवन विधाना म इ पाटले अ निम इट लाने आना साधारण नाभा कार्मिक कर्षक सांकेतिक निपुण राजकीय जीव मंत्रा रपे वा देशा कापला कासे वा युद्ध आते वा कलाकार ंदर उे अद समयमलो साधारण जीवना दूर आध्यात्मिक दैविक चिंतन जीविता डिपे वा उे वा मानव सहज बंधा अनुबंधा अतीत जीतने समाज श्रेय कोसम तम शक्ति युक्त ार पोसन वार नार मुक मसकने तपस चेयम मुनु ऋषु
(00:49) चेसे वार साधारण भाव बंक दूर उे वार अनु कुने वालोने ंदर ताम कपिन शास्त्र विज्ञाना तम तलक भविष्य रालक अंचना महानुभाव उर ते वंता सुख जीविता अरुल चाची जीविंचा लेद मानवा मोत्ता प्रकृति लोनी समस्त जीव जातु को पनिक आरोग्य वैद्य आध्यात्मिक ज्ञानानी अंदिर आ नाट आ ज्ञानम नाटिक मरिका नाट कना उपयोग पडे दे कावट आ नाट वारी मु चूप को ज्ञाना निदर्शन प्रक्रिया वा सुख दुखाल लाभ नष्टा को अतीत पनि चेसर अंत निग्रह शक्ति ज्ञान शक्ति वार की सुनास लेद जीविता दीक्ष तेने वा विज्ञान वं पि वा लचन पनि तलक जरिग अंत
(01:36) संकल्प सिद्धि वाक शुद्धि कगना महर्ष ई नेल मद नर इंट शक्ति की कारण वालो जागृत मना कुंडलिनी शक्ति अ चपता इ साधारण कंटक कनि पिंच चैतन्य शक्ति मनिष शरीरं लो उंडी अनी बौधिक मानसिक शक्ल उद्दीपना चेसे शक्ति अ केवलम सरना साधना द्वाने कुंडलिनी मेलको इ निम इ ग सांकेतिक पद्धति ओ कंप्यूटर पनियाल अंद अनुग प्रोग्रामिंग राया अंद कोसम ओ अलगदम रूपच कोवा अप कोनि सांकेतिक अंचना पद्ध रासन वरुस आदेशा पाटि इनपुट प्रोसेस आउटपुट पद्धति पनि जगतु सरना आदेशा इस्ते सरना फलितम ंद मनिष लोनी कुंडलिनी जागृत यन ओ पद्धति नी नियमालु
(02:23) कास सूत्राल उनाई अला साधि चिना व्यक्ति साधारण व्यक्ति कंटे भिन्न दिव्यम शक्ति अलोक आनंद पता मनिष शरीर वि भागम उ आ चक्रा तलप उ डव चक्रा कलिप ड चक्रा पिस्ता मूलाधार ंची सहस्रार मोत्तम ए चक्रा योग शास्त्रम लोब सप्त चक्रा विवरालु ई वीडियो लो तेलस कुंद मूलाधार चक्रम नाभिक दिवन उे मोद चक्रम इ दीने आधार चक्र चेसने तकिन व्यवस्था अं निर्व बंद मनिलो अंत चैतन्यम स्थिर उे इ शास्त्रम प्रकारम लोकलो 99.
(03:07) 9 मंद लोने चैतन्य शक्ति मूलाधार वने उं पो अंतक मिंची पैक प्रव एं आहार निद्रा रडू उं चाल अद सुखमनी संतृप्ति पडि पोता साधारण मनुष साधना चेसन मूलाधार चक्रम लो चैतन्या मेल कोलप गलते भोजना विश्रांत नेवी चला चिन्न विष अता अप अवी बाध थिति रं साधक म एला साध भोगम संभोगम निद्रा पटला समय मनम पाटि चाली इंदुक संकल्प उंडाली धैर्यम उंडाली धैर्य उ साधक सिद्धि कलगनी शास्त्रम ंद धैर्यम देनिक अ विषय लत्व पडि पंडा साधन मदने श्रद्ध पे गलगन अन अद असल धैर्यम धैर्य कोटला धैर्य बरु लेपम इ का धैर्य
(03:54) गुणाल चु व रला आकर्षण ट व्यामोहा की लोन कुंडा त लोने सावधान उगलन मनिष चेसे प्रयत्न विजयम साधि चमे धैर्यम इ मी अर्थम ंद मूलाधार चैतन्य वंत कावडम साधन लो लि गलप स्वाधिष्ठान चक्रम इ जननेंद्रिय की युना नाल अंगल पैन ंद मनिलो शक्ति ई चक्रम वद चुरु उं कनका मानव विंदु विनोदाला तो भौतिक सुखाल वं वेंपर लात तिरता विनोद अवसरम कानी अद जीवित बति अ पेदल ति मिचिना ख भोगा मानव प्रवर्तन प्रभावित चस्ता ि पाटी समयम वरके परमत कावा तपा अे लोक गडि
(04:39) पिते वास्तव जीविता स्वीक गुण कोल पोता स्वाधिष्ठान चक्रा जागृत चेसन व्यक्ति नलोनी क्रूर स्वभावा वदल कुं अवसर वियाला पटला र्किड मान कुं पेवा पटला अनुक कलिग उं जीवित सत्याला पटला नम्म कलिग उं अ भौतिक सुखाल पटला अद सं पां उड नमा मणिपूर चक्रम मानव नि नाभि वदा रक्त वण लो उंदी मणिपूर चक्रम ई चक्रम वद मानव शरीर लो नाड कं चक्रम वद उ शक्ति मनिष येदो ग पनि यड उत्साह कलिग ंद अला उत्तेज व्यक्ति कर्मयोगी अवता नैना यड की सं सिद्धु गा उं युद्ध कललो निपुण वारीलो मणिपूर चक्रम
(05:25) उत्तेजित ंद साधक नलोनी मणिपूर चक्रा जाग्रत नप तन लोनी बिडियम मोह विरोध भावा लग पोतानी शास्त्रम चंद अनाहत चक्रम हृदय स्थान बंगार वर्ण लो प्रकाश चक्रम अनाहत चक्रम अनाहत चक्रम चुरु उ व्यक्ति सृजनात्मकता कलिगन वाडे उं अटे कलात्मक दृष्टि कलिगन वाड ो नूतन प्रक्रिया नूतन रूपानी सृष्टि लो निमग्न उं चित्र काडो कवियो संगीतज्ञ शिल्पी ले मरो सृजनात्मक कलाकार उं प्रकृति तान भागम अंद नि ध्वन विन गलता अनाहत चक्रम जागृत साधक साधारण मनिष विन लेनी कलेनी अदभुता ग्रंच गलगे
(06:11) र्प कलिग उं विशुद्ध चक्रम स्वर पेटिक वद ंद विशुद्ध चक्रम मानव कंठम चद तल्ली सरस्वति की आवास पेदल चपता मरी विशुद्ध चक्रम उद अडे एकडे वरक चेरिन शक्ति साधक शक्ति वं ंद कंठा नियंत्रण पेको गगन मानव ध्याना आस्त नप विशुद्ध चक्रम जागृत ंद 16 कल उत्तेजित विभूति योगानी अको गलता आकली दाहा वद पे गलता साधक साधक पलके माट निम रतु अंत वाक शुने अतन प गलता आज्ञा चक्रम भ्रू मध्यलो ंद आज्ञा चक्रम अ र कनु बमल मध्या मानव लोनी शक्ति अक रिंद अतन भौतिक
(06:58) सिद्धि पिन अार साधक भौतिक प्रपंच तात्कालिक मनी सुख दुखाल व पं ी मनसु तीसको कुदनी अलाग कर्म चेयम मान रादनी चेसे ए पनि तोन अनुरक्ति पच कोरानी तामरा कु मद नीट बट मादरे अ मुट्टी मुनगा उे स्वभावा सहज गुण पांच गलगन नाड मानव सिद्धता अर्थम भयम आंदोलना संतोषम प्रशांत ी बांच उपि पोयेला यद अला स्थि प्रज्ञ अंचे अज्ञान चक्रम जागृत स्थिति अ साधक वर्ण स्थिति अनुक वारे सिद्ध पुरुषु शास्त्रम चंद इ मूलाधार नंची आज्ञा चक्रम वरक उ ट चक्रा चुटल चुटनी मूलाधार लो उ
(07:45) कुंडलिनी शक्ति योग साधना द्वारा जागृत चेसी ऊर्ध्व दलो ओको चक्रम गुंडा प्रसार जसी आज्ञा चक्रम वरक तीसरा गगना साधक मरक मजली रिते मोक्ष प्राप्ति कलगनी योग शास्त्रम विव चिंद मानव शीर्ष भाना अन नडी नेति उना सहस्रार चक्रम जागृत कावडम चिवरी मजली कुंडलिनी सहसरारा चेरिन अद मोक्ष सिद्धि अ साधक चपना शरीरं लोने शक्ति जीव विद्युत शक्ति परगणम दानी मूलक स्वभाव अद ुक ई शरीर निंगी नेला नीर निपु गाली अने ऐ मूल काल तो निर्मम वाट समयोगम विनियोगा विद्युत शक्ति प्रे
(08:30) शक्ति प्रसारा नियंत्र य शक्ति सहस्रार चक्रा ताकी दानी छेद प्रकृति विलीनम स्थिति मोक्ष स्थिति अ योग शास्त्रम तेलियस इला ए चक्रा जागृत साधक ज्ञानम अनंतम अलाग स्थि रको अना कष्टम सु साध्यम ते काद अलाग असाध्य काद कष्ट साध्य तीव्र मना ध्यान समाधि लो निश्चलम मनसु तो स्थिर चित्त तो य लोल आकर्षण को लंग कुंडा मिकिल संतोषम अति दुखम रिर कुंडा गाल्लो दू दिला तामरा को मीदा नीट बला उगल स्थिति साधारण लौकिक जीवनम लो की व्यक्त अंद कोवम अाध्यम मरी लोकलो उने लोत व्यव हरिच गलग अद साधन
(09:19) तो साध्यम स्थिति रको ए चक्रा जागृत चेय गलगा कुटुंब जीवितम उड बंधा तो जीविंचा इष्ट पड अनुस वारिक कुंडलिनी शक्ति जागृत चे यालन अवसरम पक पोव य सांसारिक जीविता तात्कालिक सुख जीवितम मोक्ष सिद्धि अ बंधान तजि गल गडम अ भांची साधना चेसे व्यक्ति की योग ज्ञानम अवसरम एवरी की येद कावालो दानी कोसम कृषि चेयम जीवितम ते कृषि नित्य सुखाल कोसम काकुंडा सामूहिक हितम कोसम चेसे देड अद लोकान की मेल चंद आ व्यक्ति जीवितम अर्थव लस्तु अं मानसिक परिणति मानव कंचे योग साधन उपक साधन लो भागम आसन प्राणायामा साधक अ योग भाग्यम
(10:08) आरि मानव शारीरिक मानसिक चैतन्या जागृत चस्ता अ मेल कुलता अवे सांकेतिक ए चक्रा जागृत प्रक्रिया इ मानव शक्ति वंतु ंद मी अर्थम क शक्ति वंतु अ ंड रिगन बलवंत काद अन्नी संदर्भा अन्नी वेला दृढ निश्चल निलक व्यव गलग अंतराल कुंग पोनी विजया को पोंगी पोनी अटकी समान व्यव हरिच गलगे लकड प्रवृति अलवा चेस कोमे ये मनिष कना उलन लक्षण अं स्थिति मानव लेद योग साधना स्वीय प्रयत्न द्वाने ीनी साधि चाली वेकर साधि मरकर की फलिता ार पोयम अने उद कनुका एव की
(10:54) वारे साधना चयाली मरी ीडियो मी नन लाइक य शेर य अगे इट वर म चैनल सब्सक्राइब चेसट इप सब्सक्राइब चेस बेल आइकॉन क्लिक चय नेक्स्ट वीडियो मल्ली कलम थैंक्स फॉर वाचिंग

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