Body Count & Inner Peace | The Hidden Cost of Modern Relationships (Part - 3)
Author Name:Yogi Aikam Ji
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@YogiAikam
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=EswBCejYVpQ
Transcript:
(00:00) जितनी बार आप दूसरे लोगों के साथ जाओगे आपका समर्पण भाव कम होता ही जाएगा और जितना आपका आत्मा का समर्पण कम होता जाएगा उतनी ही आपके भीतर [संगीत] एक क्रोधा अवस्था एक अशांति बननी शुरू हो जाएगी बढ़नी शुरू हो जाएगी अपने आसपास देख लेना अपने आप [संगीत] को ही देख लेना आपका आपके पिता के साथ रिलेशन कोई कॉर्डियल नहीं होगा छुपाना आपको आता होगा मां से कुछ शेयर किया होगा लेकिन मां मां को भी आपने मैनपुलेट करके ही [संगीत] बताया होगा। पूरी स्टोरी नहीं बताई होगी अपनी। माता-पिता के साथ आपके संबंध खतरे में आ जाएंगे। जो पश्चिमी सभ्यताएं हैं। भारत के
(00:41) पश्चिम में कौन-कौन सी सभ्यताएं हैं? मेनली दो ही हैं और आप सबको पता है। एक रेत में है। दोनों ही एक्चुअली रेत में से आती हैं। लेकिन मेरा एक कर्तव्य है हम सबका कर्तव्य भारत माता की ओर, हमारे सनातन की ओर और इसके लिए मैं प्रयत्न करता रहूंगा। आप चलो या ना चलो। तो, यह जो हमने बॉडी काउंट पर वीडियो किया था और एक फिर दूसरा वीडियो हमने किया जिस पे बाबा जी ने आपको डेमोंस्ट्रेट करके बताया है कि कैसे अपनी एनर्जी को निकालना है अपने शरीर से, अपने दिमाग से। [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] इसके कुछ और भी डायमेंशंस हैं जो मैं आपको
(01:16) बताना चाहता हूं। और अगर यह पहले वीडियो आपने नहीं देखे तो प्लीज देख लेना क्योंकि इससे आपकी अंडरस्टैंडिंग बढ़ जाएगी। जब हम किसी के साथ होते हैं, ऊर्जा के साथ कनेक्टेड होते हैं और उसको अपने भीतर एक संभोग की स्थिति बनने का अवसर दे देते हैं। तो एक बात याद रखना कि जो बच्चे इस कार्य में हैं, वह सबसे पहले अपने मां-बाप से झूठ बोलना शुरू करते हैं। खासकर अपने पिता से अपने आसपास देख लेना। अपने आप को ही देख लेना। आपका आपके पिता के साथ रिलेशन कोई कॉर्डियल नहीं होगा। छुपाना आपको आता
(02:01) होगा। हां, मां से कुछ शेयर किया होगा। लेकिन मां को भी आपने मैनपुलेट करके ही बताया होगा। पूरी स्टोरी नहीं बताई होगी अपनी। आपको पता नहीं यह कितनी बड़ी कास्परेसी है। आप भारत संस्कृति के खिलाफ एक सनातन के विरुद्ध एक। मैं बताता हूं आपको। देखो जो सनातन है जिसमें हम हमारी माताओं ने इतनी वीरांगना थी जो देवों को जन्म देती है वो अशुद्ध तो नहीं हो सकती है ना यह बात तो आप मानते हो और देवों को जन्म देने के लिए शुद्धता एक होनी ही चाहिए यह भी मानते हो और शुद्धता शरीर
(02:48) की बात नहीं कही शुद्धता मन की बात कही गई है। यह भी बात आप मानते हो। इसलिए हमारी संस्कृति में यह कभी शब्द जो तलाक और यह डिवोर्स जैसे शब्द है ही नहीं। क्योंकि हमने यह साइंटिफिकली देखा है कि जिसके साथ एक बार आपकी ऊर्जा के कॉर्ड्स एनर्जी कॉर्ड्स जुड़ गए। आपका बोलते हैं ना तन मन धन से उस पर समर्पित हो जाना। समर्पित मींस सरेंडर कंप्लीट आत्म समर्पण शरीर का समर्पण नहीं आत्मा का समर्पण यह जितनी बार आप दूसरे लोगों के साथ जाओगे आपका समर्पण भाव कम होता ही जाएगा और
(03:36) जितना आपका आत्मा का समर्पण कम होता जाएगा उतनी ही आपके भीतर एक क्रोधा अवस्था एक इरिटेशन एक अशांति बननी शुरू हो जाएगी, बढ़नी शुरू हो जाएगी। माता-पिता के साथ आपके संबंध खतरे में आ जाएंगे। जो पश्चिमी सभ्यताएं हैं। भारत के पश्चिम में कौन-कौन सी सभ्यताएं हैं? मेनली दो ही हैं और आप सबको पता है। एक रेत में है। दोनों ही एक्चुअली रेत में से आती हैं। समझ गए? बस वही वहां पर इसको जस्टिफाई किया गया है क्योंकि उनको अपने नंबर बढ़ाने हैं।
(04:24) हमारे सनातन में बोला गया है कि अहम ब्रह्मास्मि मुझे बाहर किसी की अवस्था की जरूरत नहीं है। अगर मेरे में शक्ति है तो वह अपने आप घर में घर में आ जाएगा। लेकिन बाहर जो जो नए नवेले जो रेत से भूखे प्यासे हैं उनके लिए बड़ा जरूरी है यह नहीं तो कैसे फैलेंगे तो षड्यंत्र रचा गया है कि भारत को कब्जे में लेना है तो इनके गर्भ पर कब्जा कर लो इनके दिमाग में ऐसा डालो कि जो चमकता है वही बेहतर है। इनके दिमाग में डालो कि जो अंग्रेजी बोलेगा वही बढ़िया है, वही एजुकेटेड है।
(05:11) ताकि यह नकारना शुरू करें अपने आप को। मैकोले की थ्योरी भूल गए आप जिसने बोला था कि अगर भारत को कब्जे में करना है तो इनका एजुकेशन सिस्टम इनके गुरुकुल को समाप्त कर दो। क्यों? इतने जिम खुल गए और वहां पर क्या हुआ? आप हिमाचल की स्टोरी पढ़ के देख लेना। सारे जिम जो हैं आसपास जहां पर बॉडी बिल्डिंग के लिए आते हैं वह उनका पर्पस कुछ और ही है। क्यों हमारे जो अभी भी गांवों में परिवार एक साथ मिलकर रहते हैं। उनमें एक सहयोगिता होती है। मिलकर रहते हैं। एक दूसरे के सुख-दुख के साथी होते हैं। लेकिन
(05:56) जैसे ही आप कॉन्वेंट में, अंग्रेजी में पढ़ना शुरू कर दिए, आप विद्यालय का अर्थ भूल गए और स्कूल में ट्रेनिंग लेने चले गए। स्कूल का मतलब ट्रेनिंग है। आपको ट्रेन किया जा रहा है। एक षड्यंत्र के तहत। लिविंग इन रिलेशनशिप। आपको बहुत लगता है हां ठीक है अभी शरीर जवान है। शरीर में ताकत है। इसलिए क्रोध है, संकल्प है। इसलिए मैं जो भी कर सकता हूं मेरा शरीर है। मेरा जीवन है। मैं कुछ भी कर सकता हूं। मैं एजुकेटेड हूं। मैं मॉडर्न हूं। ये मूर्खता भरी बातें आपने सीखी हैं। हां, अंग्रेजी जानने में और एजुकेटेड होने
(06:43) में, इनेटिव होने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन अगर आप उसको यूज कर रहे हो अपने ही सनातन को, अपनी ही जड़े काटने में, तो तुम्हारा कोई बचाव करने वाला नहीं मिलेगा। इसको अभी जान लो तो बढ़िया है। क्योंकि आने वाले टाइम में टाइम नहीं मिलेगा आपको। माइक्रो फैमिलीज आर नॉट डूइंग एनी फेवर टू योर वेल बीइंग। छोटा परिवार सुखी परिवार नहीं है। छोटा परिवार दुखी परिवार है क्योंकि मांबाप के मन का लेवल ही अलग है। मां-बाप से कटे अपने मां-बाप से कटे हुए हैं। बच्चों को छ
(07:31) महीने के बाद ही किंडर गार्डन में डालना शुरू कर देते हो। नानी दादी का तो हाथ आप लगने ही नहीं देते हो। जाना ही नहीं चाहते हो क्योंकि आपका झूठ पकड़ा जाएगा। और कितना दूर होते जा रहे हो आप अपनी जड़ों से इस वेस्टर्न कल्चर के चक्कर में। जितना आप दूर रहोगे उतना आप शांति से भी दूर चले गए। अपने माता-पिता से भी दूर दूर चले गए। अशांति शुरू कर दी और भारत को हमने सोने की चिड़िया बनाना है पैसों से नहीं मन से जिसको बाबा नानक ने क्या बोला मन तू ज्योत स्वरूप है अपना रूप है पहचान हां अच्छा कपड़ा अच्छा खाना पीने में कोई
(08:16) कोई परहेज नहीं है लेकिन उसी को जीवन बना लिया और आप अपने दाल चावल को आपने नीचा करना शुरू कर नाईफ से खाना आ गया तो आपने हाथ से खाने वाले को देहातीती बोलना शुरू कर दिया। यह दिमाग देखा कहां जा रहा है? अपने आप को पहचानो। भारत एक प्राचीनस्थ सभ्यता है जिसकी आत्मा बहुत गहरी है। परंतु यह हमारे जो बच्चे हैं उनको एक योजना के तहत
(09:04) उनके दिमाग को विकृत किया जा रहा है। इसको आप समझ जाना। मैं इसलिए बोल रहा हूं कि मुझे अपने भारतवर्ष की चिंता है। मैं देख रहा हूं मेरी भारत माता क्या पुकार रही है। और सारे जो गुरुजन हैं मैं सबको प्रार्थना करता हूं कि आप अपने सनातन को बचाने के लिए इस टॉपिक पर बोलना शुरू कीजिए। हमारे बच्चों को जागृति देना हम लोगों का कर्तव्य है। आप इस टॉपिक से भागो मत। आंखें मत फेरो।
(09:52) यह एक रियलिटी है जीवन की। हमारे ग्रंथों में संभोग को समाधि की तरफ लेकर जाना बताया गया है। संभोग से समाधि की तरफ। जहां उच्च अवस्था भी आती है। आपने कुछ किया है। ठीक है। परंतु अगर उसी में आप आसक्त हो गए तो बीमारियां भी आएंगी, शारीरिक बीमारियां भी आएंगी, मानसिक बीमारियां भी आएंगी। और शांति तो दूर हो ही जाएगी। मन में कुड़ता आ ही जाएगी। एक हिंसा आ ही जाएगी। माता-पिता से संबंध विच्छेद हो ही
(10:38) जाएंगे। और यही तो वह चाहते हैं यही वह चाहते हैं कि तुम अंदर से जड़ों से समाप्त हो जाओ। नहीं होंगे हम। हमारे पास गुरु शक्ति है। हमारे पास वह चेतना है। हमारे पास वह दिमाग है। हम सबसे वैज्ञानिक सभ्यता हैं। जिन लोगों को अभी पता ही नहीं है। वह हमने जिया है। हमारे ग्रंथों में वह लिखा है। वह सब भी इधर ही आने वाले हैं बाद में। सो बच्चों
(11:23) यह प्रार्थना है करबद्ध आपसे अपने आप को अंदर से शुद्ध रखना बहुत शुद्ध रखना और अगर आप यह वीडियो देख रहे हैं और पहले नहीं देखे तो वह देख लेना यह मानसिक विष है जो शरीर में आ जाएगा अपनों से दूर कर देगा कर ही रहा है शांति चाहते हो अपने मां-बाप को धन्यवाद दो अपने आसपास देखो अपने जो आपके साथ है आपका पार्टनर है हस्बैंड है वाइफ है हस्बैंड वाइफ नहीं हस्बैंड वाइफ नहीं सहयोगिनी सहयोगी योगिनी का मतलब समझते हो ना योगी का सहयोगी सहयोगिनी
(12:09) दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। इनको आप हस्बैंड और वाइफ मत बनाओ। कोई मतलब नहीं है इन चीजों का। स्त्री पुरुष श्रीमान श्रीमती यह है सनातन आप इसको वीडियो को जो मर्जी कमेंट लिख दो मुझे कोई परवाह नहीं है आप क्या चाहते हो क्या नहीं चाहते हो आपका जीवन कैसा था मेरा यह एक पर्पस एक उद्देश्य है कि आपको एक एक ज्ञान देना एक मार्ग की ओर आपको अवेयर करना आपको चेतना देना पर मैं आपकी फ्री विल आपसे नहीं छीन रहा हूं आप जो करना है करो जैसा ऐसा करना है करो। परंतु याद रखना कि किसी ने आपको यह बोला था और आपके दिमाग में यह बात आ गई
(12:54) थी। आपने फिर भी उसको इग्नोर कर दिया है। ठीक है कोई बात नहीं कुछ अवस्थाएं हैं। आप सबकी अपनी यात्रा है। आप अपनी-अपनी यात्रा पूरी कीजिए। पर एक गुरु एक एक गाइड को प्लीज अपने लाइफ में अपने जीवन में जरूर रखना और सुनना इस बात को। सिर्फ आपके बोलने से ऐसा नहीं होता। शुतुरमुर्ग बनना है तो बनो। ऐसा नहीं होता का मतलब यह नहीं कि नहीं होता। आप ही को नहीं पता है। आपको नहीं पता है इसका मतलब यह नहीं कि वह नहीं है। यह भी हो सकता है कि आपकी चेतना उस लेवल पर गई ही नहीं है। चलते पंखे को देखोगे तो आपको लगेगा इसमें तो कोई पंख इसमें तो कोई पर ही नहीं है। यह तो खाली
(13:37) है। बस हवा आ रही है। पंखे को रोक के देखना उसके पर भी नजर आएंगे। आप अपनी वाइब्रेशन उस पंखे के साथ उस हायर चेतना के साथ जोड़ो तो देखो कितना कुछ रिवील हो जाएगा अपने आप ही फिर देखोगे अच्छा तो यह बात है ओ आई सी जब जागे तभी सवेरा जेंजी सुनो ध्यान से शरीर की ऊर्जा ठीक है परंतु मानसिक ऊर्जा को कभी भी करप्ट मत होने देना आने वाली जनरेशंस को खराब मत करो। जो ऊर्जा, जो एनर्जी, जो साइकिक इंपेशंस
(14:22) जो आपके भीतर है, आपके शरीर में, आपके गर्भ में है, वह आने वाले बच्चों को मिलेंगे। उससे कोई भागने वाला नहीं है। तुम बच नहीं सकते उससे। आने वाली जनरेशंस की जिम्मेवारी भी आप ही की है। बाहर वालों की नहीं है। तुम्हारी है कि आने वाला बच्चा कैसा होगा? उसके कैसे संस्कार होंगे। लेकिन अगर कोई भी गर्भ में छाप छोड़ के गया होगा तो कल को किसी और को दोष नहीं देना। दोष तुम्हारा ही है। बस यही बोलना है मुझे। थोड़ा क्रोध है हमारे में। थोड़ा आवेश है। सो क्या सो व्हाट? तब क्या? किसी को तो बोलना ही पड़ेगा। आई चोस टू स्पीक। लेकिन मैं आपसे बहुत प्रेम करता हूं। आपको
(15:08) कोई गाइडेंस चाहिए? कुछ है प्रश्न तो लिखिए। हम सब इस पर डिस्कशन करते हैं और यह डिस्कशन सारे भारतवर्ष में फैलाओ। सब अपना-अपना काम करो। तो जैसे लहरी बाबा बोलते थे ना बनत बनत बन जात है। एक बार फैलने से फैलते फैलते फैल ही जाएगा। जगाने से एक दूसरे को सब एक दिन जाग ही जाएंगे। ठीक है? जो सोया है उसको जगाना आसान है। लेकिन जो सोने की एक्टिंग कर रहा है उस पर समय व्यर्थ मत करना। उसको तुम जगा नहीं पाओगे क्योंकि वो एक्टिंग कर रहा है। मुझे पता नहीं आप सोए हुए हो, जाग रहे हो या फिर जानबूझ के ही आप नहीं मुझे पता है। आई नो माय बेस्ट। आई नो व्हाट इज गुड फॉर।
(15:54) ओके? इफ यू नो व्हाट इज गुड फॉर यू देन हैप्पी लाइफ। स्टे वेयर यू आर। लेकिन मेरा एक कर्तव्य है हम सबका कर्तव्य भारत माता की ओर, हमारे सनातन की ओर और इस के लिए मैं प्रयत्न करता रहूंगा। आप चलो या ना चलो इट डजंट स्टॉप माय मिशन। जय काल भैरव जय भद्रकाली ओम नारायणी नमोस्तुते अलख निरंजन आदेश आदेश आदेश मेरे गुरु जी को प्रणाम। आपका कल्याण हो [संगीत] [संगीत]
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