Wednesday, May 20, 2026

G Spot & Orgasm Myths Busted By @dr_cuterus | Raj Shamani Clips

G Spot & Orgasm Myths Busted By @dr_cuterus | Raj Shamani Clips

Author Name:Raj Shamani Clips

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@rajshamaniclips

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=zL8w0oPloCM



Transcript:
(00:00) अगर आपको एक बेहतर लीडर बनना है बहुत कम समय में राजुमानी क्लिप्स चैनल सब्सक्राइब कर लो क्योंकि यहां पर हम इंडिया के बेस्ट लीडर्स आपके सामने लेके आते हैं टेल मी ये किसकी रिस्पांसिबिलिटी है टू फाइंड द जी स्पॉट जी स्पॉट कुछ नहीं होता है आई मीन ओके [हंसी] वाओ ओके और फीमेल ऑर्गजम किसकी रिस्पांसिबिलिटी है दोनों की नहीं आई थिंक हां इट्स सबका लाइक ऑर्गेजम इज अ जॉइंट रिस्पांसिबिलिटी बिटवीन अ कपल चाहे वो फीमेल ऑर्गेजम हो चाहे वो मेल ऑर्गेजम हो हां तो ये पूरा ब्लेम जो लड़कों पे बना रखा है वो नहीं होना चाहिए बट टू बी ऑनेस्ट लड़कियों को कौन सा बड़ा पता है
(00:40) उनके शरीर के बारे में मतलब अगेन इट्स टू ब्लाइंड पीपल ट्राइम टू फाइंड समथिंग इन अ रूम वेर दे डोंट नो व्हाट द रूम इज या एंड आई लव द एनालॉजी देर वाज डिड यू हियर द रीसेंट अ स्टैंड अप कॉमेडियन डिड अ जोक इट्स गोइंग वायरल ऑन अ रील इ इज लाइक की आई हैड अ सेक्स विथ माय गर्लफ्रेंड एंड देन फिर वो मुझे बोल रही है कि या मुझे तो मुझे तो अजम आया ही नहीं तो बोलता मैंने कौन सा जंगल नी थी मैं थोड़ी आया इधर जीतना है मुझे बताना चाहिए था पहले कि तुम अगर साइन अप कर रहे हो तो तुम्हारे रेस में बांट लिया है तुम्हें रेस कंप्लीट करनी पड़ेगी ये तो किसी ने बताया ही नहीं बट
(01:18) इट्स वेरी इंटरेस्टिंग कि हम ऑर्गेजम गैप की इतनी बात करते हैं कि यू नो लड़कियों को ऑर्गेजम एडिक्ट नहीं हो रहा है पर्टिकुलर हेट्रोसेक्सुअल रिलेशनशिप्स में हम देखते हैं कि कंपेयर्ड टू लेस्बियन रिलेशनशिप्स बहुत सिग्निफिकेंट डिफरेंस होता है कि लड़कियों को ऑर्गेज्म नहीं हो रहा है ये क्यों है क्योंकि लड़कों ने तो पॉन से सीखा है भाई जनरली मतलब सबने पॉन से सीखा है और पॉन में हमें क्या दिखाते हैं कि ऑर्गेजम पेनिट्रेशन से होता है जबकि 80 पर से ज्यादा लड़कियों को पेनिट्रेशन से ऑर्गेज्म नहीं होता है एंड द फन पार्ट इज लड़कियों को भी ये नहीं पता
(01:48) होता है हर लड़की अपना अकेले कमरे में बैठ के सोचती रहती है भाई मेरे में ही कुछ गलत होगा कि मैंने तो पॉन में ऐसा देखा या मैंने टीवी में ऐसा देखा इवन अ शो जो इतना रेडिकल था सेक्स इन द सिटी जब आया था मुझे बड़ा रेडिकल लगा था मैंने ऐसा रिप्रेजेंटेशन देखा ही नहीं था उस शो में भी हमने यह देखा कि लड़कियों का ऑर्गेजम कैसे दिखा रहे हैं पेनिट्रेशन से वन द वास मेजोरिटी 80 पर छोटा नंबर तो नहीं होता है 80 पर औरतें ग्लोबली ऑन एवरेज स्टैट्स में यह बोलती है कि पेनिट्रेशन इज नॉट डूइंग इट तो ना लड़की को पता है ना लड़के को पता है एंड अनफॉर्चूनेटली ध्यान भी नहीं दिया
(02:24) जाता है औरतो के ऑर्गेजम को इट्स नॉट जस्ट दैट की अवेयरनेस का इशू है लोग लोग को तो ये पता ही नहीं होता लड़कियों को ऑर्गेजम भी होता है मेरे कंटेंट से मुझे समझ में आया है बहुत सारे लोगों को यह नहीं पता है कि लड़कियां भी मास्टरबेट करती हैं लड़कियों को भी सेक्सुअल प्लेजर का कोई पॉइंट होता है उनके दिमाग में कि भाई हम भी कर सकते हैं ये हमारे अंदर भी डिजायर हो सकती है तो प्रॉब्लम्स मतलब कहां शुरू होती है कहां खत्म होती है ये समझ में नहीं आता है व्ट्स द 80 पर व्ट्स द 80 क्लिटरिस के स्टिमुलेशन है तो क्लिटरिस जो है एक छोटा
(02:58) सा मटर के दाने टाइप का ऑर्गन होता है वजाइनल ओपनिंग के ऊपर होता है और हमें सिर्फ इतना सा दिखता है जबकि इंटरनली काफी बड़ा होता है वो इट्स अबाउट द साइज ऑफ योर पाम दिखता हमें इतना सा है एंड काफी सारी मोस्ट लड़कियां जो हैं वो क्लिटरिस को डायरेक्टली या इनडायरेक्टली स्टिमुलेटिंग जम करती हैं तो जो लोग बहुत थ्रेटें हो जाते हैं ना कि सेक्स टॉयज बहुत बढ़ रहे हैं आजकल अब लड़के यूजलेस हो जाएंगे ऐसा बिल्कुल नहीं है बिकॉज इंटिमेसी इज समथिंग डिफरेंट पहली बात और चाहे वो ऑर्गेज्म सेक्स टॉय के थ्रू आए या लड़के के थ्रू आए या किसी भी पार्टनर के थ्रू आए वो
(03:33) क्लिटरिस से आने वाला है वो पेनिट्रेशन से वैसे भी नहीं आने वाला है पेनिट्रेशन प्लेजरेबल बहुत होता है बट इट डजन लीड टू एन ऑर्गेज्म आल्सो आई थिंक हमें ऑर्गेजम की इंपॉर्टेंस को भी रिस्ट्रक्चर करने की जरूरत है जंग लड़ने नहीं आए हैं हर चीज का एंड हर सेक्सुअल एक्सपीरियंस का एंड गेम ये नहीं होता है कि यू आर वर्किंग टुवर्ड्स द फिनिश लाइन ऑफ द ऑर्गेजम इंटिमेसी इन एंड ऑफ इट सेल्फ इज वेरी ब्यूटीफुल एंड सेक्स इन एंड ऑफ इट सेल्फ इज वेरी ब्यूटीफुल एंड वेरी प्लेजर सो इंटरेस्टिंग पॉइंट ऑफ व्यू कि हर टाइम हर टाइम इट्स नॉट अबाउट फाइंडिंग द
(04:08) ऑर्गजम इट्स फॉर बोथ द पार्टनर्स सो अगर हम इस तरह से रिस्ट्रक्चर कर सके ना तो प्रीमेच्योर एजकुलेशन का जो स्ट्रेस होता है बहुत सारे प्रीमेच्योर एजकुलेशन के केसेस एंजाइटी की वजह से होते हैं कि क्या मैं लॉन्ग लास्ट कर पाऊंगा कि नहीं जिसकी वजह से प्रीचर हां मतलब आपका बॉडी नर्वस स्टेट में चला जाता है पर एटी हो जाती है नर्वस स्टेट में चला जाता है प्रीमच एजकुलेशन हो जाता है जो चीज आप प्रिवेंट करने की वजह से यहां पहुंचे इन द फर्स्ट प्लेस एंड अगर हम इस तरह इस इस ऑर्गेजम के बंधन को छोड़ देना एंड वी जस्ट स्टार्ट एंजॉयिंग द प्रोसेस कि भाई आई एम बिल्डिंग
(04:44) अ कनेक्शन विद माय पार्टनर आई एम एंजॉयिंग प्लेजर विद देम दे आर एंजॉय प्लेजर विद मी अगर हम इस तरह से रिस्ट्रक्चर कर ले तो ये जो लड़ाइयां होती है ना सारी खत्म ही हो [हंसी] जाएंगी बट व्हाट डू यू थिंक इज द बिगेस्ट रीजन सब लोग बोलते हैं परफॉर्मेंस एंजाइटी की वजह से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होता है परफॉर्मेंस एंजाइटी वजह से प्रीमेच्योर एजकुलेशन होता है परफॉर्मेंस एंजाइटी की वजह से थे फीमेल ऑर्गेजम नहीं हो पाता परफॉर्मेंस एंजाइटी की वजह से थे शी इज नॉट टर्न ऑट इनफ राइट बहुत सारी तो व्हाट आर द वेज दैट पीपल कैन स्टॉप हैविंग
(05:18) परफॉर्मेंस एंजाइटी बोथ द पार्टनर्स आई थिंक लिटरल एजुकेशन इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट जिसको मैं बोलती हूं गेट क्लिट ट व्हिच इज दैट यू नो इफ यू हैविंग इच ऑन योर बैक एंड यूर स्क्रैचिंग योर आर्म वो खुजली खत्म नहीं होने वाली है एंड ट्स बेसिकली व्ट्स हैपनिंग कि हम वजाइना के अंदर एक मैजिकल जी स्पॉट ढूंढते रह जाते हैं क्लिटरिस पर फोकस नहीं करते हैं पेनिट्रेशन प इतना ज्यादा ओरिएंटेड हो जाते हैं कि इफ यू डोंट लास्ट 25 मिनट्स इन बेड यू आर बैड एट परफॉर्मिंग और समथिंग लाइक दैट म पन तो यही सिखाता है ना तो या आपका पिनिस लार्ज इनफ नहीं है तो यू
(05:56) आर बैड एट परफॉर्मिंग तो इन शैकस को छोड़ के अगर हम बेसिक समझे कि इंटिमेसी क्या होती है सेक्स क्या होता है एंड बॉडी एजुकेशन करें मैं सेक्स एजुकेशन तो बोलती नहीं बोलती हं बॉडी लिटरेसी होनी चाहिए वंस यू स्टार्ट डूइंग दैट यह प्रेशर हटने लगता है जो हमने थिल रिप्रेजेंटेशन देखे व्ट आई लवेज से इ की लर्निंग योर सेक्स सेड फ्रॉम पन इज लाइक गेटिंग योर फिजिक्स लेसन फ्रॉम अ रोहित शेट्टी फिल्म रियलिस्टिक नहीं है ऐसा नहीं होता है तो अगर हम यह प्रेशर हटा दें अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन का तो कितनी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएंगी एंड आई थिंक दैट
(06:35) इज व्हाई दिस एजुकेशन इज सो सो इंपोर्टेंट फॉर ऐसे ही और नॉलेजेबल और इनसाइटफुल क्लिप्स के लिए इस चैनल को सब्सक्राइब कर लो क्योंकि हम आपके लिए बहुत सारे वर्ल्ड के टॉप लीडर्स से बहुत अच्छे इंसाइट्स लाते हैं जो आपको एक बेटर लीडर बनने में हेल्प करता है

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