Wednesday, September 9, 2026

The Ayurvedic Therapy Women Need to Know About (PANCHKARMA) | Gunjan Talks Clips

The Ayurvedic Therapy Women Need to Know About (PANCHKARMA) | Gunjan Talks Clips

Author Name:Gunjan Talks Clips

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@GunjanTalksClips

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=P_c6CocdxsA



Transcript:
(00:00) ये जो आपने पंचकर्मा और इस तरह के और आयुर्वेदिक सशंस बताए हैं क्या यह हॉर्मोन इमंबैलेंस या फिर यूटीआई जैसी चीजों के लिए भी काम करते हैं? बिल्कुल बिल्कुल और ये चीजें तो जैसे यूटीआई तो 100% क्यूरेबल होती है और इसमें बहुत सारी चीजें इन्वॉल्व रहती हैं। जैसे आपने पहले भी बताया कि कई बार हमें काम के लिए बाहर जाना पड़ता है। पर्सनल हाइजीन उस लेवल की मेंटेन नहीं होती है। तो ऐसे पेशेंट को थोड़ा लाइफस्टाइल अपना अच्छा रखना चाहिए और कोशिश कीजिए जैसे आप काम करके वापस आ गए। ऑलवेज गो एंड हैव अ बाथ। प्रोफेशनल है वापस आए। तो इस चीज को
(00:36) अपनी डेली हैबिट में जो है लेकर आइए। इवन जापान भी इस चीज को फॉलो करता है। यू नो जापान तो बहुत कुछ फॉलो करता है। उनसे तो बहुत कुछ सीखने वाला है। जैसे वो लोग रात को जितने बजे भी आएंगे तो वो बैथ्स जो है वो लेनी ही लेनी है। वो उनका फर्स्ट रिचुअल होगा। अगेन सिंपल फ्री का सशन। यस। तो देखिए आप कितनी इनफेक्शन से बच गए। है ना? अब हम अगर जिम जाते हैं तो आप देखिए जिम मैक्सिमम मैंने जितने जिम देखे हैं वो थोड़ा सा जैसे इंडोर होते हैं। इंडोर और उनमें कोई वेंटिलेशन नहीं है प्रॉपर्ली। कोई इवन नॉट अ विंडो या ऐसा कुछ एसी चलते रहते हैं। अब आप देखिए एक ऐसी जगह जिसमें
(01:12) डे नाइट जो लोग आके जिम कर रहे हैं स्वेट हो रहा है ना स्वेट हो रहा है तो कितने पैरासाइट फंजाई बैक्टीरिया वायरस हाइजीन निकली सब इक्विपमेंट्स योगा आप कुछ भी टच करो जो भी चीजें टच कर रहे हैं उस पे लोगों का स्वेट है हां अगर आप इन चीजों को थोड़ा सा ध्यान में रखेंगे और थोड़ा अपनी लाइफ को अच्छे से रखेंगे तो आप सूर्य नमस्कार भी कर सकते हैं। व्हाई डोंट यू गो एंड जॉइन योगा? खुद ही कर लीजिए। नहीं है, सैर कर लीजिए। एटलीस्ट आप अपने आप को जितना हेल्दी रख सकते हैं। अगर ऑप्शन जिम जाना ही है तो वापस आके बैथ लेना कंपलसरी है। इट्स मस्ट।
(01:44) ऐसे ही आप किसी भी कॉर्पोरेट से वापस आ रहे हैं। घर पे आइए और कपड़े चेंज करके उनको भी वॉश कीजिए। कई बार बहुत लोगों को फ्रीक्वेंट हैबिट है। एक ही कपड़ों को तीन-तीन दिन यूज़ करेंगे ना। यही कारण है गुंजन जी। आज बैक्टीरियल इंफेक्शन की वजह से बीमारियां किस लेवल पे चली गई? इम्युनिटी वीक होगी क्योंकि बाहर से बहुत सारी चीजों का अटैक ऑन कंटिन्यूटी बेसिस पे हो जा रहा है। तो बॉडी अक्सर कहां तक सर्वाइव करेगी? यह चीज़ों का बहुत ध्यान रखना ज़रूरी है। पीसीओडी, पीसीओएस की प्रॉब्लम बहुत ज़्यादा है। क्योंकि लोग बैठे हुए हैं। एक्सरसाइज़ नहीं है और बहुत
(02:17) ज़्यादा मीठा खा रहे हैं। बहुत ज्यादा मीठा खा रहे हैं या ये रिफाइंड चिप्स, कुरकुरे जो भी ऐसी चीजें ऐसा कुछ भी होता है। ऐसी चीजें हम बहुत ले रहे हैं। तो, उसके कारण क्योंकि ब्लड फ्लो नहीं हो रहा आपके यूट्रस के एरिया में। तो आपको कोई ना कोई बीमारी आज नहीं तो कल लगेगी और उसके कारण आप स्ट्रेस में आ रहे हो क्योंकि एक्सेस में हेयर ग्रोथ आ रही है फेस पे। डबल चिन बन रही है। जो कंप्लेक्शन फेयर होना चाहिए वो नहीं है। बहुत सारे एक्ने है, पिगमेंटेशन है, डलनेस आ रही है। मन नहीं कर रहा, वेट गेन हो रहा है। वो इनहीं सारी चीजों की वजह से है। और आयुर्वेद इन चीजों
(02:49) का बहुत अच्छा स्यूशन देता है। वही बात है जो चाणक्य जी कहते थे कि बीमारी आई तो उसको तभी ठीक कर दो। तभी ठीक कर दो। अब्सोलुटली ब्यूटीफुल। मैं इन सारी क्योंकि हमने बहुत सारे सॉलशंस डिस्कस किए हैं। तो मैं इन सब सॉलशंस को एक बार समराइज करना चाहूंगी। इसमें से मैक्सिमम सॉलशंस आपके हैं और एक दो इनपुट्स मेरी तरफ से भी होंगे। सो एक फार्मूला जो मैं हर उस लेडी को देना चाहूंगी जो आज हमें सुन रही है और अपनी हेल्थ को बेटर बनाना चाहती है। द फार्मूला इज ब्लूम बी एल ओ ओ एम सो बी इज फॉर ब्रेथ वर्क जो आपने जिस पे आपने बहुत एफसाइज
(03:20) किया मेडिटेशन प्राणायाम अपनी ब्रीदीिंग को करें कंट्रोल करेंगे तो आपका नर्वस सिस्टम रेगुलेट होगा और आपके हॉर्मोंस आपके कंट्रोल में रहेंगे। देन एल इज फॉर लाइट एक्सपोज़र जिस पे अगेन आपने बहुत एम्फसाइज करा कि सन एक्सपोज़र सुबह उठकर सूरज की किरणें सूरज को जल दीजिए सूर्य नमस्कार कीजिए। सो दैट इज अगेन वेरीेंट ओ मैं अपनी तरफ से ऐड करना चाहूंगी हम अपने ऑर्गन्स को सपोर्ट करें मूवमेंट के थ्रू वॉक के थ्रू। आपने भी पोस्ट डिनर वॉक की बात करी थी। वॉक की बात की थी। तो बॉडी को मूव करें। उससे सारे ऑर्गन्स हेल्दी रहेंगे। देन ओ इज फॉर ओवोल्यूशन सपोर्ट।
(03:56) अपनी साइकिल्स को समझें। हॉर्मोंस को बैलेंस में रखें। अपनी डाइट वगैरह सब चीजें उसके हिसाब से एंड एम स्टैंड्स फॉर मसल्स एंड पेल्विक फ्लोर रिकवरी। मुझे लगता है हमने जितना भी सब डिस्कस किया है इसमें सारे आपके पॉइंट्स और एक दो मेरे इनपुट्स मे यू ऑलवेज कीप ब्लूमिंग। [हंसी] हाय या डेफिनेटली। ब्यूटीफुल। लवली। डॉक्टर मुकेश बिफोर वी रैप दिस अप। एक बहुत इंटरेस्टिंग सेगमेंट है। रैपिड फायर सेक्शन है ये। इसमें मैं आयेदा से रिलेटेड कुछ टर्म्स बोलूंगी और आप एक या मैक्सिमम दो लाइंस में हमें एक्सप्लेन कीजिए कि वो क्या है या उसका
(04:27) क्या रेलेवेंस है। जी दोषाज दोष यस दोषाज मीन्स टॉक्सिंस बेसिकली और एक अगर गुड फॉर्म में बात पिता कफा ओके जिसको हम डिटेल में डिस्कस कर चुके हैं उसके लिए पूरा एपिसोड देखिए क्योंकि आपने टॉक्सिंस की बात करी है तो माय नेक्स्ट वर्ड इज बॉडी डिटॉक्स बॉडी डिटॉक्स मींस टॉक्सिंस जो हम खा जितना भी हम खा रहे हैं उसके खाने के जितने रेड्यूल्स हैं जो नहीं डाइजेस्ट हुए और बाहर नहीं निकले थ्रू असिमुलेशन ओके ओके सो बॉडी को डिटॉक्स करना इज इन क्लीेंजिंग प्यूरिफिकेशन यस यस पंचकर्मा पंचकर्मा बेसिकली दैट गोस विद फाइव वेरिएशंस लाइक बस्ती वर्मन विरेचन स्नेहन
(05:04) स्वेदन तो ये बॉडी को डिटॉक्स करने के तरीके हैं। बस्ती का मतलब ऑयल और विद हर्ब्स एनीमा देते हैं एनल रूट से बमन विद हर्ब्स वोमिट्स करवाते हैं। सो दैट कि स्टमक टॉक्सिन को बाहर स्टमक की एनलाइनमेंट के साथ जितने टॉक्सिनस चिपके पड़े होते हैं वो निकलते हैं उससे। देन विरेचन। विरेचन का मतलब है हम स्पेसिफाइड काढ़ा या मेडिसिंस देते हैं जो खा के पेशेंट को परगेशंस होती हैं। लूज मोशन सॉर्ट ऑफ में 5 10 15 20 25 30 ये डिपेंड करता है ऑन योर डिजीज। देन स्नेहन। स्नेहन का मतलब होता है ऑयलेशन। बॉडी मसाज खुद भी ऑइल लगा के ऐसे भी और स्वेदन मींस स्टीम या सोना
(05:49) ताकि स्वेटिंग के थ्रू टॉक्सिंस जो हैं। तो ये जितने पांच मेजर चीजें हैं ये बॉडी आपकी डिटॉक्सिफाई करती है इन चीजों के साथ। दैट इज कॉल्ड पंचकर्मा। तो दी फाइव कॉम्पोनेंट्स टुगेदर कॉल्ड एज पंचकर्मा। पंचकर्मा। ब्यूटीफुल। लास्ट बट नॉट द लीस्ट यस। अग्नि अग्नि सबसे अंडररेटेड चीज है। आजकल के टाइम में लोग समझ नहीं पाते इसको। यह आपके शरीर के अंदर एक तरह की आग प्रज्वलित करती है। सो दैट आपने कुछ भी खाया और पिया वो उसको पूरी तरह से डाइजेस्ट कर देगी। सपोज कि जैसे हम खाना बनाते हैं तो हम एक गुड फ्लेम का यूज करते हैं। आपने कहावत सुनी
(06:28) है बीरबल की खिचड़ी वो कभी नहीं पकती ओसी करके क्योंकि आग सही नहीं थी। तो [हंसी] गुड डाइजेस्टिव फायर। इफ यू डू हैव गुड डाइजेस्टिफायर देन यू वोंट बी हैविंग 80% ऑफ डिजीज क्योंकि अकॉर्डिंग टू आयुर्वेद सारी बीमारियां जो है वो पेट से रिलेटेड है और पेट में अगर अग्नि का प्रज्वलन सही है देन यू वोंट बी हैविंग दैट मच क्रॉनिक डिजीजसेस इन योर लाइफ ब्यूटीफुल ब्यूटीफुल मैंने एक्चुअली अग्नि को लास्ट में इसलिए रखा है क्योंकि अग्नि सीधा डायरेक्टली रिलेट करती है गट से और ग हेल्दी तो फिर आपकी सारी चीजें आपकी ओवरऑल बॉडी इज हेल्दी। जी
(07:05) सो अग्नि पे ही मेनली काम करना है। इसी से इनफ्लेमेशन और इसी से आपके हार्मोंस और इसी से जो है सारा कुछ बैलेंस होगा। आपने सुना भी होगा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं अभी कुछ भी खा लेते हैं लेकिन वो हेल्दी रहते हैं क्योंकि उनकी अग्नि बहुत अच्छी है और जैसा कि मैंने आपको बताया बीच में कि आपने मेरे से पूछा कि क्या सिंपल चीजें करनी चाहिए। मैंने बोला कि जब नींद आए सो जाओ। जब भूख लगे खा लो। मुझे वो वाला पार्ट [हंसी] बेस्ट लगा था। जब प्यास लगे पी लो। तो जब भूख लगे इसका मतलब कि आपकी अग्नि अपने आप करेक्ट होगी। अब शरीर कुछ खाने को मांग रहा है और आप जब
(07:38) भी उस टाइम पे दोगे तो वो डाइजेस्ट कर लेगा उसको और बिना भूख के खाओगे तो वो सड़ जाएगा खाना अंदर। सिंपल लैंग्वेज में हम इसे बोलते हैं ना लिसन टू योर बॉडी। यस एक्सक्टली। अमेजिंग। थैंक यू सो मच डॉक्टर। वेरी लवली स्पीकिंग विद यू अबाउट ऑल दी थिंग्स। मेरे को जितनी शुरू में एक्साइटमेंट थी मुझे लगता है मुझे हर उस सवाल का एकदम आइडियल और मोस्ट प्रैक्टिकल आंसर मिला है। जी। सो थैंक यू सो मच वंस अगेन। थैंक यू सो मच। और मैं जरूर आपके दर्शकों को कहना चाहूंगी कि सिर्फ फीमेल्स ही नहीं मेल्स भी ये चैनल सब्सक्राइब करें गुंजन मैम का क्योंकि [हंसी]
(08:13) ये वाइसवरसा है। अगर फीमेल के साथ आप भी इक्वली जुड़े हुए हैं तो आपको भी ध्यान रखना है आपकी फैमिली का पूरी तरह से। नहीं ये बहुत अच्छा मैसेज है नॉट जस्ट मुझे सब्सक्राइब करने के लिए बट द बिगर पर्पस हियर इज कि ये सारी नॉलेज मेल्स को भी उतना ही जरूरी है जरूरी है सो बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार फीमेल्स अपनी इच्छाएं पूरी तरह से व्यक्त नहीं करती एक्सप्रेसिव दे आर नॉट दैट मच एक्स एक्सप्रेसिव तो ये चीजें समझने में आपको बहुत सहायता मिलेगी यहां से 1% थैंक यू सो मच मैम थैंक यू सो मच फॉर दैट थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस क्लिप
(08:48) अगर ये क्लिप आपको पसंद आई है तो आई एम आई एम श्योर कि यह पूरा एपिसोड भी आपको बहुत ही काम का लगेगा।

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