Love, Ego & Daily Fights? Watch This Before It’s Too Late | Himeesh Madaan with GunjanShouts
Author Name:GunjanShouts
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Title: Love, Ego & Daily Fights? Watch This Before It’s Too Late | Himeesh Madaan with GunjanShouts
Author Name: GunjanShouts
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Why do we fall for the wrong person? What are the biggest relationship red flags? Can love survive without trust, respect, and understanding?
In this podcast of Gunjan Shouts, life coach Himeesh Madaan (MY HUSBAND) shares insights on choosing the right partner, relationship compatibility, emotional needs, trust, boundaries, and common relationship mistakes.
Explore why people ignore red flags, emotional vs. physical cheating, relationship conflicts, privacy, family boundaries, and feeling lonely even in a relationship.
Whether you’re dating, married, choosing a life partner, or healing from a breakup, this episode offers valuable perspectives on building healthier relationships.
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Timestamps:
00:00 - Teaser and Intro
00:03:30 - What Men Want
00:08:38 - Choosing the Wrong Partner
00:10:33 - Partner Compatibility
00:12:18 - Knowing Someone Before Love
00:14:41 - Dating in Your 20s
00:16:19 - Ignoring Red Flags
00:18:30 - Healthy vs. Unhealthy Possessiveness
00:20:21 - Why Uncertainty Feels Exciting
00:20:40 - Stability vs. Unpredictability
00:24:08 - Novelty and Cheating
00:24:49 - Emotional vs. Physical Cheating
00:26:13 - Why People Cheat
00:27:42 - Keeping the Spark Alive
00:30:20 - Attraction Outside a Relationship
00:34:55 - What Is Love?
00:36:00 - Managing Emotional Expectations
00:37:50 - Is Love Enough?
00:42:51 - Managing Relationship Expectations
00:45:44 - Recognising Each Other’s Efforts
00:48:00 - Loneliness in Relationships
00:50:00 - The Healthy Relationship Formula
00:51:34 - Unequal Effort in Relationships
00:55:13 - Appreciating Your Partner
00:57:07 - Why Apologising Is Hard
00:59:53 - Relationship Privacy
01:01:53 - Silence During Arguments
01:03:12 - Hurtful Words and Arguments
01:06:11 - Healing Past Conflicts
01:09:55 - Small Issues, Big Fights
01:10:00 - Keeping Family Matters Private
01:20:04 - Personal Space vs. Rejection
01:20:08 - Me Time in Relationships
01:22:42 - Too Much Me Time
01:24:30 - Feeling Lonely in a Relationship
01:27:00 - Needing Personal Space
01:27:35 - Healthy Relationship Formula
01:34:10 - Should Couples Share Everything?
01:42:29 - Parents vs. Partner
01:44:31 - Prioritising Your Spouse
01:49:40 - Career and Friends vs. Partner
01:50:52 - Checking Your Partner’s Phone
01:56:40 - Does Marriage Change People?
02:04:44 - Keeping the Spark Alive After Parenthood
02:14:20 - Rapid Fire
Thank You For Watching This Podcast :)
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DISCLAIMER: This podcast is for educational and informational purposes only. The views shared are intended to encourage reflection and discussion about relationships and emotional wellbeing. They are not a substitute for personalised psychological, mental health, or professional relationship counselling. Every relationship is different, and individual circumstances should be considered when making relationship decisions.
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Transcript:
(00:00) व्हाई डू वी इग्नोर ऑल द रेड फ्लैग्स स्पेशली इन द बिगिनिंग ऑफ़ अ रिलेशनशिप? बहुत बार जब हम किसी के साथ अट्रैक्टेड होते हैं ना, तो हम उन रेड फ्लैग्स के ऊपर ग्रीन पेंट कर देते हैं। कोई नहीं मैं धीरे-धीरे ठीक कर लूंगी। धीरे-धीरे ठीक कर लूंगा। ये फ्यूचर में ठीक हो जाएगा। और जब नहीं होता तो शादियां टूटती है। वन थिंग व्हिच पीपल शुड नेवर टोलरेट इन द नेम ऑफ़ लव। ऑटोनोमी, फुल कंट्रोल। आई लव द पर्सन। आई विल कंट्रोल द पर्सन। वो प्यार वो गुलामी। व्हाट इज लव फॉर? लव की डेफिनेशन एज एंड स्टेज के साथ बदलती है। उसका एक रिप्लाई दिन बना रहा है। उसने
(00:35) देख लिया यही एक स्पार्क क्रिएट कर रहा है। इस भागते दुनिया में एक पॉज है लव। वेरिएबल्स की दुनिया में यह कांस्टेंट है एक। वो एक सुबह की चाय प्यार है। वो शाम की वॉक प्यार है। शेयरर्ड एक्सपीरियंसेस प्यार है। इतनी बड़ी फीलिंग को मैं एक लाइन में कैद नहीं करना चाहता। डू यू थिंक लव [संगीत] इज इनफ टू सस्टेन अ रिलेशनशिप? नहीं। लव इज नॉट इनफ। प्यार करना और प्यार निभाना दोनों अलग चीज है। प्यार कर तो कोई भी सकता है। प्यार निभा हर कोई नहीं सकता। आप राइट [संगीत] पार्टनर ढूंढते हो। आप राइट पार्टनर हो। इज देयर एनी फार्मूला फॉर अ हेल्दी
(01:12) रिलेशनशिप? देयर आर थ्री सीस फॉर अ रिलेशनशिप। कनेक्ट कम्युनिकेशन। बट अगर थर्ड सी नहीं है तो आप गिव अप मार जाते हो। शुड पार्टनर्स टेल एवरीथिंग टू ईच अदर? फिल्मी आंसर? यस। प्रैक्टिकल आंसर। नो। प्राइवेसी? और सीक्रेसी। दो अलग चीजें हैं। व्हिच अकॉर्डिंग टू यू इज वर्स? इमोशनल चीटिंग और फिजिकल चीटिंग? इज इट ओके टू चेक योर पार्टनर्स फोन विदाउट लेटिंग देम नो अबाउट इट? किसी एक पार्टनर की प्रायोरिटी अभी भी उसके दोस्त ज्यादा है या उसकी फैमिली ज्यादा है या उसका काम ज्यादा है, तो क्या वो रिलेशनशिप सस्टेन कर सकता है? डस मैरिज चेंज पीपल? और डस इट
(01:52) शो हु दे रियली आर? एक ब्यूटीफुल, लविंग, स्ट्रांग और मैच्योर रिलेशनशिप ना कभी भी बाय डिफॉल्ट एक्सिस्ट नहीं करता। इसे हमेशा बनाया जाता है मेहनत से, टाइम से, पेशेंस से। बिकॉज़ इफ लव इज अ फीलिंग देन रिलेशनशिप इज अ स्किल व्हिच इज लर्नड। यह वर्ड्स मेरे नहीं है। यह वर्ड्स हमारे आज के गेस्ट के हैं। हिमेश मदान हु इज कंट्रीब्यूटिंग टू पीपल्स लाइफ सिंस पास्ट 15 इयर्स। जो लोग इस चैनल पर पहली बार आए हैं, मैं आपको दो चीजें बताना चाहूंगी। फर्स्ट आवर टुडेेस गेस्ट इज आल्सो माय हस्बैंड एंड वी आर इन अ मैरिड रिलेशनशिप फॉर लास्ट 11
(02:31) इयर्स। सो आज के इस कन्वर्सेशन में हम आपके साथ अपने पर्सनल एक्सपीरियंसेस और लर्निंग्स भी शेयर करेंगे। एंड सेकंडली सिंस यू आर न्यू टू दिस चैनल प्लीज डू नॉट फॉरगेट टू सब्सक्राइब क्योंकि हम इस चैनल पे इस तरह की मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस लेकर आते रहते हैं। दिस इज बेसिकली द टाइम जब सिंगल लोगों की पापुलेशन सबसे ज्यादा है इन द हिस्ट्री ऑफ मैनकाइंड दिस इज द टाइम जब सिंगल लोग सबसे ज्यादा एक्सिस्ट करते हैं। एंड व्हेन आई से सिंगल डजंट मीन कि वो अनमैरिड हैं। बट आई मीन कि वो लोग किसी भी तरह के कमिटमेंट्स में नहीं जाना चाहते। सो वी आर
(03:14) लिविंग इन दैट एज। इस ऐज में भी राहुल और अंजलि वाला प्यार रिलेशनशिप चाहें तो क्या वह पॉसिबल है? सो दैट्स बेसिकली द सिंपल एजेंडा ऑफ़ टुडे। बट बिफोर दैट ना मैं कुछ भी आपसे क्वेश्चन पूछूं आई फर्स्ट वांट टू नो अकॉर्डिंग टू यू व्हाट डू मैन रियली वांट दैट वीमेन ऑफन डोंट अंडरस्टैंड? मैं अपने हिसाब से कह सकता हूं और अपने आसपास के मैन जब डिस्कशन होती है जितना मैंने समझा है उसके हिसाब से कह सकता हूं। एक वर्ड जो मैन जनरली बोलते हैं व्हाट दे वांट इन अ रिलेशन इज रिस्पेक्ट राइट? मैन के लिए रिस्पेक्ट ही एक बहुत बड़ा फॉर्म ऑफ लव है। आई थिंक मैन
(03:56) जनरली अगर हम देखें कि कैसे रेज हुए हैं। राइट? ओवर द टाइम एंड जनरेशनली। तो कहीं ना कहीं ब्रेन में एक कंडीशनिंग एक कोडिंग बनी हुई है कि मैन के लिए सेल्फ रिस्पेक्ट बड़ी इंपॉर्टेंट रही है। खुददारी बड़ी इंपॉर्टेंट रही है। राइट? जब वो बहुत प्रिमिटिव टाइम पे चले जाएं तो मैन लड़ने जा रहा है। जानवर को मार के आ रहा है। तो उस टाइम उसको ट्राइब से अपने काबिले से क्या चाहिए? एक इज्जत कि हां भाई मार के आया है। एक वैलिडेशन, एक एकनॉलेजमेंट। तो ये हमारे ब्रेन में प्रोबेब्ली कोडेड है। चाहे वो दोनों कमा रहे हैं। लेकिन रिस्पेक्ट वाला फैक्टर
(04:27) उसको जरूर चाहिए साथ में कि हां भाई मेरी एफर्ट्स, मेरी मेहनत मेरे रिलेशन के लिए जो इनपुट्स हैं उनको रिस्पेक्ट मिले। मैन अपनी वनरेबल साइट शो नहीं करते। राइट? अगेन कंडीशनिंग मर्द रोता नहीं है। मैन कैन नॉट क्राई बेस्ट ऑफ फ्रेंड्स कि लाइफ में बड़े से बड़े टर्बुलेंट टाइम चल रहे होते हैं। पर फोन पे जब हम बात करते हैं तो एक ही जवाब होता है। सब ठीक है। दे आर नॉट एक्सप्रेसिव। दे डोंट शेयर। राइट? दे डोंट गेट टू शेयर देयर फीलिंग्स। दे डोंट नो हाउ टू शेयर देयर फीलिंग्स। दे डोंट नो हाउ टू इमोशनली एक्सप्रेस देयर फीलिंग्स। इट मींस कितना कुछ अंदर है जो
(05:01) कभी एक्सप्रेस नहीं होता। तो शायद रिलेशन में दूसरी चीज जो एक मैन को चाहिए वह है इमोशनल सेफ्टी। क्योंकि उनको यह मांगनी नहीं आती। उनको ये एक्सप्रेस करनी नहीं आती। उनको यह बताना नहीं आता कि मेरे को एक ऐसी स्पेस चाहिए जहां पे मैं अपने इमोशनल फिल्टर्स ना लगाऊं। ओके। जहां पे मुझे जज ना किया जाए। जहां पे मैं मेरी आंखों में अगर आंसू भी आए तो वो एक्सेप्ट होंगे। जज नहीं किया जाएगा मुझे। ये स्पेस में मुझे यह नहीं कहा जाएगा कि तू लड़का है तू रो कैसे सकता है? तू दुखी नहीं हो सकता। तू क्या नाटक कर रहा है। यह सब यहां नहीं सुनने को मिलेगा।
(05:34) उन्हें अगर ऐसा कंपैटिबल पार्टनर मिल जाए जो उन्हें वो शोल्डर दे सकता है। विल दे रियली यूज दैट स्पेस? वो ना ओवर द टाइम छोटे-छोटे एक्सपोज़र छोटे-छोटे इंसिडेंट से ही बिल्ड होगा। सो जो मैंने वर्ड बोला ना रिस्पेक्ट दिस इज डिस्कस्ड। ये डिस्कस होता है मैन में। जो मैंने बोला ना इमोशनल स्पेस ये नहीं होता। ये दिस इज समथिंग जो मेरी पढ़ाई, मेरी स्टडी, मेरे एक्सपीरियंस, क्लाइंट्स के साथ डील करके मैंने समझा है कि मेन को चाहिए। दे डोंट इवन नो कि उनको चाहिए। रिस्पेक्ट इज समथिंग वो बोलते हैं उनको चाहिए। इमोशनल सेफ्टी बोलते नहीं है। जब
(06:10) हम अंदर घुसते हैं वन टू वन कन्वर्सेशंस में जब वन टू वन किसी को मैं काउंसिल कर रहा हूं तब समझ आता है कि मैन नीड इमोशनल स्पेस। बिकॉज़ उनका इमोशनल एक्सप्रेशन कहीं नहीं हो रहा। दे हैव टू स्टार्ट ओपनिंग अप छोटे-छोटे एक्सपोज़र से। छोटी-छोटी चीजों से। वहां पे अगर उनको वो शोल्डर मिलता है दे विल गेट मोर कंफर्टेबल। सो आई विल आल्सो टेल यू व्हाट इन माय ओपिनियन वीमेन वांट व्हिच यूजुअली मेन डोंट अंडरस्टैंड। फर्स्ट इज़ एक्चुअली द सेम थिंग सिक्योरिटी। वीमेन वांट सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी। एंड व्हेन आई से सिक्योरिटी ऑफ़ कोर्स फाइनेंसियल या फिजिकल सिक्योरिटी
(06:43) नहीं मैं इमोशनल सिक्योरिटी की बात कर रही हूं। वुमेन को चाहिए कि वो अपने आदमी के आगे वनरेबल हो सके कि ये बंदा ना मुझे जज नहीं करेगा। इसके सामने मैं मोटी हूं, छोटी हूं। मेरे आज डार्क सर्कल्स हैं। मैंने मेकअप लगाया है, नहीं लगाया, मैं कैसी दिख रही हूं? दिस शुड नॉट मैटर। एटलीस्ट इन फ्रंट ऑफ दिस पर्सन। अगर मैं इसे डिसएग्री भी करती हूं तो उससे मैं उसको खुल के बता सकती हूं। उससे मेरा रिलेशनशिप अफेक्ट नहीं होगा। मेरा रिलेशनशिप एंड नहीं हो जाएगा। या फिर कभी भी लाइफ में अगर डिफिकल्टीज आएंगी, तो हम दोनों ना सेम टीम में हैं। सो, यह एक
(07:16) सिक्योरिटी मुझे लगता है हर लड़की चाहती है। सेकंड थिंग व्हिच अमेन वांट्स इज टच। इट इज नॉट नेसेसरीली फिजिकल इंटिमेसी, आई एम टॉकिंग अबाउट, इज द टच व्हिच मैन यूजुअली डोंट अंडरस्टैंड, जस्ट पुल हर टुवर्ड्स योरसेल्फ विद कॉन्फिडेंस, एंड सी द मैजिक। दैट ग्लैंड्स, दैट स्टेयर। लुक फॉर टू एक्स्ट्रा सेकंड्स इन हर आईज एंड सी द मैजिक। मे बी आफ्टर अ लॉन्ग एंड टायरिंग डे शायद अगर आप अपने पार्टनर को टच करो उसको अच्छा नहीं लगे वो शायद आपको पुश कर दे बट डीपली शी इज क्रेविंग फॉर दैट टाइटेस्ट हग इन द वार्मेस्ट किस ऑन हर फोरहेड। सो दिस टच आई एम टॉकिंग अबाउट एंड
(07:59) थर्ड थिंग व्हिच अ वूमन इन माय ओपिनियन वांट्स इज़ कि उसका जो पार्टनर है ना उसे क्लेरिटी होनी चाहिए। एक कंफ्यूज्ड पार्टनर शायद नहीं पसंद। इसका यह मतलब नहीं है कि उसके पास अपनी लाइफ के सारे आंसर्स हो या वह कभी कंफ्यूज नहीं हो सकता। वह वनरेबल नहीं हो सकता। बट एटलीस्ट लाइफ का पर्पस पता होना चाहिए। ही मे नॉट हैव ऑल दी आंसर्स। बट ही शुड एटलीस्ट हैव द विलिंगनेस टू नो ऑल दीज आंसर्स। सो दिस सेंस ऑफ़ क्लेरिटी गिव्स द सेंस ऑफ़ यू नो सिक्योरिटी टू हर। कि मेरा बंदा है ना, यह इसको सब पता है। यह कर लेगा। वो तभी आती है। हम्म। सो आई सो दैट्स माय ओपिनियन। [हंसी]
(08:39) नाउ टेल मी समथिंग इवन आफ्टर नोइंग व्हाट वी वांट फ्रॉम आवर पार्टनर व्हाई डू वी सम टाइम फॉल फॉर द रोंग पर्सन? अट्रैक्शन और कंपैटिबिलिटी दो अलग चीजें हैं। कोई मुझे नजर आया उसकी लुक्स मुझे अच्छी लगी या उसकी उसके साथ मेरे शौक मैच कर रहे हैं उसको भी ट्रिप्स पसंद है। मुझे भी ट्रिप्स पसंद है। वाइब मैच हो रही है। राइट? हमारी चेक लिस्ट मैच हो रही है। अरे ये पांच छह चीजें मुझे पार्टनर में चाहिए। इसके अंदर है और मे बी उसकी कोई एडवेंचरस चीज या जो भी मैं सीक कर रहा हूं वो जो उसमें नजर आ रहा है। दिस इज़ एन अट्रैक्शन। आई एम अट्रैक्टेड टुवर्ड्स दैट पर्सन।
(09:08) क्या वो मेरे लिए सही है वो कंपैटिबिलिटी से पता चलेगा। और अट्रैक्शन में आप वाइब देखते हो, लुक्स देखते हो, सम फैक्टर्स देख रहे हो। कंपैटिबिलिटी बनती है अगर आपकी वैल्यू्यूज मैच कर रही हैं। आप जिस रास्ते चलना चाहते हो वो दोनों का अलाइन है। आप जिस थिंकिंग से आते हो वो मैच है। आपके लाइफ के गोल्स में एक दूसरे को आप सपोर्ट कर सकते हो। सो हम अट्रैक्ट हो जाते हैं। बट अगर हम कंपैटिबिलिटी चेक नहीं कर रहे तो वी फील अल्टीमेटली बाद में हमें रियलाइज होता है कि वी फेल फॉर द रोंग पर्सन। सो इट्स लाइक गुड लुकिंग होना और मेरे लिए गुड होना दोनों अलग चीजें
(09:43) हैं। मेरे को कोई गुड लुकिंग लग रहा है लेकिन मेरे लिए गुड है वो भी इंपॉर्टेंट है। मैं किसी से अट्रैक्टेड हूं बट कंपैटिबल हूं वो भी इंपॉर्टेंट है। दिल लगाना और साथ में दिमाग लगाना भी जरूरी है। दिल लग सकता है अट्रैक्शन। दिमाग लगाना इज कंपैटिबिलिटी। सो लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप के लिए एक सीरियस रिलेशनशिप के लिए सिर्फ अट्रैक्शन नहीं होनी चाहिए। कंपैटिबिलिटी भी होनी चाहिए। सो डस दैट मीन व्हेन वी लव समवन वी ऑटोमेटिकली अस्यूम दैट दिस पर्सन इज राइट फॉर अस? हम ना उस वक्त एक हालो इफेक्ट में आ जाते हैं के अगर हमें प्यार हुआ है तो उसकी
(10:12) नेगेटिव चीजों को भी हम पॉजिटिव लेना शुरू कर देते हैं। एक कन्फर्मेटिव बायस बना लेते हैं जिसको साइकोलॉजी में हम कन्फर्मेटिव बायस कहते हैं कि भ मुझे इससे प्यार है तो उसके हर बिहेवियर को मैं कहीं ना कहीं जस्टिफाई करना शुरू हो गया हूं कि नहीं नहीं ठीक होगा। नहीं नहीं दिल का सही है। नहीं नहीं नेचर सही है। एंड जो लॉन्ग टर्म में हम रियलाइज करते हैं कि नहीं वो एक उस वक्त अट्रैक्शन थी बट हमने दिल लगाया दिमाग नहीं लगाया। सो जो आपने बोला कन्फर्मेटिव बायस हाउ कैन समबडी असेस दिस कंपैटिबिलिटी बिफोर दे इन्वेस्ट देमसेल्व्स इमोशनली।
(10:41) यूज्ड अ वेरी नाइस वर्ड इन्वेस्ट। है ना? तो इन्वेस्टमेंट की एग्जांपल लेते हैं। ओके। अगर हमने पैसे बचाए बहुत मेहनत करके 30 दिन काम करके और हमें कहीं इन्वेस्ट करने हैं। हम ऐसे तो नहीं लगा देते। राइट? फॉर एग्जांपल मेरी टीम मेंबर्स मुझसे पूछते हैं कि आपको म्यूच्यूल फंड्स की नॉलेज हम किस म्यूच्यूल फंड में लगाएं। फिर वो म्यूच्यूल फंड्स समझते हैं मुझसे या अगर स्टॉक मार्केट में लगाना है तो कब लगाना चाहिए? क्या राइट टाइम है? पूरी रिसर्च होती है कि कहां मुझे इन्वेस्ट करना है? LIC में करना है, म्यूच्यूल फंड्स में करना है, इंश्योरेंस में करना है। सो, लॉट
(11:07) ऑफ़ टाइम एनर्जी गोज़ बिकॉज़ इट्स माय हार्ड अर्न मनी। रिलेशनशिप में हम सिर्फ अट्रैक्शन के बेस पे डिसीजन ले लेते हैं। सिर्फ एक इनफैचुएशन के बेस में डिसीजन ले लेते हैं कि आई वांट टू गो अहेड। तो अगर वहां पे हम एनर्जीज़ इन्वेस्ट करने वाले हैं, टाइम इन्वेस्ट करने वाले हैं, इमोशंस इन्वेस्ट करने वाले हैं, तो वहां भी हमें एक बार के लिए लॉजिकली भी सोचना चाहिए कि हम लोगों की लॉन्ग टर्म वैल्यूज मैच करते हैं, हम लोगों की थिंकिंग कितनी मैच करती है? हम सिर्फ कंफर्मेटिव बायस में तो नहीं चल रहे। आज मैं किसी चीज को अगर इग्नोर कर
(11:34) रहा हूं, कोई नहीं, कोई नहीं, कोई नहीं, फ्यूचर में ठीक हो जाएगा। क्या वो उसका एक परमानेंट पैटर्न है जो नहीं ठीक हो सकता? क्योंकि जब एक एक्साइटिंग फेज खत्म होगा तब वो एग्जॉस्टिंग फेस ना शुरू हो जाए। राइट? एक टाइम पे एक्साइटमेंट रुकती है। उसके बाद आपकी रियल पर्सनालिटी, रियल वैल्यूस, रियल थिंकिंग, रियल गोल्स वो सब रोल प्ले करते हैं। आप लाइफ में क्या चाहते हो, क्या नहीं चाहते हो वो रोल प्ले करता है। वो डियर जिंदगी में डायलॉग नहीं था शाहरुख खान का आलिया भट्ट को वो बोलता है कि एक कुर्सी खरीदने वक्त भी ना हम कंफर्ट देखते हैं और रिलेशन में जाने वक्त
(12:04) हम नहीं देख रहे वो कंपैटिबिलिटी। सो आई थिंक वन शुड इवैलुएट। वन शुड यूज़ ब्रेन अगर आप रिलेशन को सीरियसली कंसीडर कर रहे हो तो। डू यू थिंक दिस इज प्रैक्टिकली पॉसिबल बिफोर और वाइल फॉलिंग इन लव विथ समबडी? यू कैन एक्चुअली इवैल्यूएट द पर्सन ऑन ऑल दिस पैरामीटर्स और इतनी मैथमेटिक्स लगा सकते हो आप। हाउ इज दैट? मैथमेटिक्स है नहीं। इफ यू वांट टू फॉल इन लव तो नहीं। टू राइज इन लव थोड़ी सी लगानी होगी। व्हेन आई से कमबिलिटी आई एम नॉट सेइंग कि यहां कैलकुलेशंस करनी है बैठ के। इट्स हैविंग दैट डिस्कशन। डिस्कशन अराउंड वैल्यूज। डिस्कशन अराउंड व्हाट डू यू वांट
(12:39) इन लाइफ? व्हाट आई वांट इन लाइफ? यह मेरी बाउंड्रीज हैं। यह मेरी बाउंड्रीज हैं। यह मैच करती हैं क्या? आई एम नॉट ओके विद इट। यह वाली डिस्कशन बहुत जरूरी है कि मेरी लाइंस क्या है? जहां तक मेरे कॉम्प्रोमाइज सैक्रिफाइस हो सकते हैं। और ये एक चीज मैं सैक्रिफाइस नहीं करूंगा या करूंगी। ये है राइजिंग इन लव। दैट कन्वर्सेशन दैट कम्युनिकेशन नॉट इग्नोरिंग, नॉट गोइंग इंटू हेलो इफेक्ट। नॉट गोइंग इनटू कन्फर्मेटिव बायस के नहीं इग्नोर इग्नोर सब सही है। क्योंकि वो एंड में दर्द देगा। आप बैंडेड लगाओगे जख्म रहेगा। आपको सॉल्व करना होगा।
(13:09) एंड आई थिंक दिस इज व्हाई दे कॉल इट फॉलिंग इन लव बट नॉट राइजिंग इन लव बिकॉज़ वी कांट रियली यूज़ दिस मच ऑफ़ रैशन ब्रेन व्हाइल वी आर एक्चुअली फीलिंग दैट फीलिंग ऑफ़ लव। इट माइट बी साउंडिंग यू आर राइट कि लग रहा होगा बहुत मैथ्स। मैंने इन्वेस्टमेंट की एग्जांपल दी, कुर्सी की एग्जांपल दी बट बाद में जब दर्द होता है बाद में आप रॉन्ग चॉइस बना के पूरी जिंदगी बिताते हो। तो उससे अच्छा है कि आप थोड़ा सा लॉजिक अपने रिलेशनशिप में जरूर लाओ। इफ यू आर एंजॉयंग अ रिलेशन, इफ इट्स अ शॉर्ट टर्म थिंग, इफ यू आर जस्ट हैविंग फन, ठीक है। इफ यू आर
(13:39) थिंकिंग हम कमिटमेंट इफ यू आर थिंकिंग अ लॉन्ग टर्म एसोसिएशन अगर आप उस रिलेशनशिप में मिलके राइज करना चाहते हो ग्रो करना चाहते हो तो फिर आपको दोनों चीजें दिल और दिमाग यूज करना चाहिए आज आप बातें करने से घबरा रहे हो आज आप इग्नोर कर रहे हो कि छोड़ो कौन डिस्कस करे बाउंड्रीज लिमिट देख लेंगे फ्यूचर में सब ठीक कर लेंगे मेनी कपल्स गोइंग टू अ मैरिज थिंकिंग यू नो कोई नहीं मैं धीरे-धीरे ठीक कर लूंगी धीरे-धीरे ठीक कर लूंगा ये फ्यूचर में ठीक हो जाएगा और जब नहीं होता तो शादियां टूटती हैं तो शादियां टूटने से अच्छा कि पहले थोड़ा
(14:10) सा लॉजिक लगा लिया जाए। थोड़ी पढ़ाई कर ले एक दूसरे के बारे में। कोई हर्ज नहीं है। इट कैन साउंड बोरिंग कि क्या बैठ के हम वैल्यूस डिस्कस करें? गोल्स डिस्कस करें। तुझे इंडिया में रहना है कि तुझे बाहर जाना है। तुझे किड्स [गला साफ़ करने की आवाज़] चाहिए तुझे नहीं चाहिए। ये डिस्कशंस अभी नहीं कर रहे हो। पर जब करोगे तब प्रॉब्लम आएगी ना। हम डू यू आल्सो बिलीव कि जो लोग अर्ली रिलेशनशिप्स में जाते हैं इन द अर्ली स्टेजेस ऑफ़ देयर लाइफ? लाइक लेट्स से इन देयर 20ज जब उनका प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स पूरी तरह डेवलप भी नहीं हुआ तो वहां पर वह
(14:41) ज्यादा गलतियां करते हैं या फिर द चांसेस ऑफ गेटिंग इनवॉल्व्ड विद द रोंग पार्टनर आर हायर देन इन योर 30ज और इन योर 40ज और मे बी लेटर स्टेजेस इन द लाइफ। यस फॉर मेनी रीज़ंस। एक जो आपने रीज़न बोला वो है कि वो 20ज है। अभी हार्मोनल इम्बैलेंस भी थोड़ा-थोड़ा चल रहा है। अभी प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स डेवलप हो रहा है। और हमें अभी उतना लॉजिकल डिसीजंस हम नहीं ले रहे। इनफचुएशन बहुत रोल प्ले कर रही है। राइट? अट्रैक्शन डोमिनेंट है। कंपैटिबिलिटी डोमिनेंट नहीं है। और दूसरा फैक्टर एक और बहुत इंपॉर्टेंट है कि तजुर्बा भी एक चीज होती है। एक्सपीरियंस भी एक चीज होती है। पहला
(15:15) स्टार्टअप फाउंडर्स का फेल होता है। दो तीन फेल होते हैं तो फिर यूनिकॉर्न बनता है। तो आप शुरू में रिलेशंस में जाते हो। आपने अभी समझा ही नहीं है एक रिलेशन को हैंडल कैसे करना है। राइट? आपने समझा ही नहीं है इमोशनली खुद को रेगुलेट कैसे करना है। एक दूसरे की नीड्स वांट्स को अंडरस्टैंड कैसे करना है। तो दो-तीन धक्के कई बार लोग खा लेते हैं। राइट? एंड देन दे रियलाइज यहां मैं गलत था और यहां वो गलत था। इस तरह का बंदा मुझे चाहिए। इस तरह का बंदा नहीं चाहिए। ये जो एक्सपीरियंस एक्सपोज़र आपका हो जाता है तो वहीं से विज़डम आता है।
(15:43) वहीं से राइट थिंकिंग आती है, लॉजिक आता है कि नहीं यार दिस इज़ ये गलती मुझे दोबारा नहीं करनी। और ये गलती मुझे दोबारा नहीं करनी। हम एंड देन द रिलेशन टर्न्स बेटर। तो दोनों चीजें एक है हम उतना वाइस भी नहीं है अभी एंड दूसरा के हमारे पास अभी एक्सपीरियंस नहीं है। फर्स्ट रिलेशन फर्स्ट रिलेशन ही होगा और उसमें हम अपने हिस्से की गलतियां करेंगे एंड इट्स ओके। आपने बोला था वो हेलो इफेक्ट के बारे में आपने बात की थी दैट वी टेंड टू इग्नोर व्हाई डू वी इग्नोर ऑल द रेड फ्लैग्स स्पेशली इन द बिगिनिंग ऑफ़ अ रिलेशनशिप। व्हिच लेटर ऑन वी डिस्कवर। और फिर हमें
(16:16) प्रॉब्लम होती है। फिर झगड़े होते हैं। बट बिगिंनिंग ऑफ़ द रिलेशनशिप व्हेन इट्स ऑल फ्लारी एंड इट्स ऑल बटरफाइस एंड एवरीथिंग। व्हाई डू वी इंटेंशनली इग्नोर ऑल द रेड फ्लैग्स? बहुत बार जब हम किसी के साथ अट्रैक्टेड होते हैं ना तो हम उन रेड फ्लैग्स के ऊपर ग्रीन पेंट कर देते हैं। वाओ। ओके। प्लीज एक्सप्लेन। फॉर एग्जांपल इफ अ पार्टनर इज ट्रैकिंग लोकेशन बार-बार। ठीक है? तो कई बार जब नया-नया रिलेशन है, अट्रैक्टेड है, तो हम कहेंगे कि ही और शी इज़ बीइंग प्रोटेक्टिव। राइट? अगर कोई जेलस है, आप अपने किसी फ्रेंड से बात कर रहे हो और आपका पार्टनर जेलस है, तो हम कई बार
(16:54) उसको फॉर्म ऑफ लव बोल देते हैं। हम उसको पज़ेसिव होना बोल देते हैं। अरे प्यार है तो पज़ेसिवनेस तो होगी। राइट? हम हम एनालाइज नहीं कर रहे कि ये एक हेल्दी पज़ेसिवनेस है कि ये एक रेड फ्लैग है जो बाद में मुझे तंग करेगा। यह बीइंग प्रोटेक्टिव है। यह थ्रूउ मेरे पे शक चलने वाला है। इसको ट्रस्ट इशूज़ हैं या फिर यह प्रोटेक्टिव है। हम जनरली जब अट्रैक्टेड होते हैं तो हम उसको एक ग्रीन पेंट लगा रहे हैं कि नहीं प्रोटेक्टिव है। पज़ेसिव है। एंगर इश्यूज को कई बार हम इसी तरह से कन्वर्ट कर लेते हैं। कोई बात नहीं। इसका एक राइट है। गुस्सा उसी पे होगा जिस पे हक
(17:25) है। तो ये रेड फ्लैग्स सबको नजर आ रहे होते हैं। बट बिकॉज़ आवर ब्रेन वर्क्स लाइक दिस कि हम जब अट्रैक्टेड होते हैं हमें हम उनको पॉजिटिव कर देते हैं। एंड ग्रेजुअली लेटर ऑन जब अट्रैक्शन वाला फेस रुकता है और एक एक कंपैटिबिलिटी टेस्ट शुरू होता है आपका तब आपको वो वही चीजें कई बार तंग करना है। आई एम नॉट ट्राइंग टू से कि हमेशा हर जेलसी जो है वो नेगेटिव ही है। बट कहां पे वह लाइन ड्रॉ होगी, वह रेड फ्लैग है कि नहीं है? क्योंकि सोशल मीडिया ने एक चीज़ और करी है कि बहुत बार ना हर चीज़ को रेड फ्लैग बनाना शुरू कर दिया है। ऐसा भी नहीं है। जेलसी होनी हेल्दी भी हो
(18:01) सकती है। राइट? एक दूसरे की लाइफ में ज्यादा इंटरेस्ट होना हेल्दी भी हो सकता है। तो ऐसा भी नहीं है कि हम रील देखते हैं। यह भी रेड फ्लैग है, ये भी रेड फ्लैग है, ये भी रेड फ्लैग है। तो फिर तो हम हमें लगता है कि भर इंसान हमारे लिए बना ही नहीं है। बट इट्स वेरीेंट कि हम पेंट ना कर रहे हो। हम ध्यान से देख रहे हो हम कि यह एक पॉजिटिव साइन है कि एक नेगेटिव साइन है। आपने बोला इनसिक्योरिटी आपने बोला पज़ेसिवनेस दीज़ आर ऑल द ट्रेट्स व्हिच कैन बी बैड व्हिच कैन बी गुड एज वेल। तो ये कैसे डिफरेंशिएट करना है कि इतनी पज़ेसिवनेस ठीक है, इतनी नहीं ठीक। इतनी
(18:35) इनसिक्योरिटी ठीक है, इतनी नहीं ठीक। वेयर एंड हाउ टू ड्रॉ दैट लाइन। बिकॉज़ अगर मेरा पार्टनर बिल्कुल पज़ेसिव नहीं होगा, तब भी तो मुझे प्रॉब्लम होगी। अगर मैं किसी से भी बात कर रही हूं और उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा तो मुझे इससे फर्क पड़ेगा। सो वेयर टू ड्रॉ दैट लाइन? यहां पे ना देखो अगर तो टाइम पास चल रहा है तो इतना दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। चिल मारो। ठीक है? अगर रिलेशन में इन्वेस्टेड हो राइट? अगर उस रिलेशन में एक उस रिलेशन में फ्यूचर देख रहे हो तो बहुत इंपॉर्टेंट है थोड़ा सा अपने पार्टनर के पैटर्न्स को देखना। पास्ट को देखना। थोड़ा और डीप जाओ
(19:09) तो चाइल्डहुड को देखना। कुछ चीजें उसकी थ्रूउ लाइफ रही हैं। अगर वह 25 30 साल रही हैं तो आप यह मत सोचना कि यह कल को ठीक हो जाएगा। नॉट नेसेसरी क्योंकि 30 साल की चीज को आप छ महीने में चेंज नहीं करोगे। एक महीने में चेंज नहीं कर पाओगे। यू आर ओके विद इट। ग्रेट। यू आर नॉट ओके विद इट। तो डोंट ट्राई टू पेंट इट ग्रीन। इसीलिए समझना बहुत जरूरी है कि कुछ चीजें हेलो इफेक्ट का पार्ट है। कुछ चीजें पर्सनालिटी का पार्ट है। मैं अट्रैक्टेड हूं और मैं इग्नोर कर रहा हूं या कर रही हूं। होल्ड ऑन। हम देखो क्या वो इसका एक रिपीटेड पैटर्न है?
(19:40) क्या यह चीज बार-बार नजर आ रही है? क्या उसके पास्ट में भी यह चीजें रही है? क्या उसका बचपन ये चीज को रिफ्लेक्ट करता है? क्या उसके एंगर इशूज़ उसकी लाइफ में बचपन से चले आ रहे हैं? उसकी पेरेंटिंग की वजह से चले आ रहे हैं? एंड आई एम नॉट ओके विद इट। मैं अपनी लाइफ क्यों कुर्बान करूं? क्योंकि किसी के 30 साल के एंगर इश्यूज हैं। तो आज तो अभी अट्रैक्टेड फेस चल रहा है। तब मुझे एंगर फेस नजर आ रहे हैं। जब अट्रैक्शन वाला फेस रुकेगा और एक एक सीरियस फेस शुरू होगा तब उन एंगर इश्यूज को आप कैसे ठीक करोगे? तब आपका जब पेंट उतरेगा आप रियलाइज करोगे कि यह तो रेड
(20:09) फ्लैग है। अगेन सेम चीज है। इफ यू आर इन्वेस्टेड इन अ रिलेशन तो आपको सामने वाले को और अच्छे से समझना चाहिए। डू यू थिंक इट्स ट्रू दैट वी टेंड टू फॉल फॉर अ पर्सन हु कीप्स अस कंफ्यूज्ड रादर देन समबडी हु गिव्स अस पीस। एक बंदा है जो बहुत ही प्रेडिक्टेबल है। पता है कि यार इसने मेरे बर्थडे पे फ्लावर्स भेजने हैं। मुझे एक गिफ्ट देना है। मुझे ड्राइव पे लेके जाना है। एंड दिस इज हाउ ही इज। यू नो। और एक बंदा है जो आज मुझे भाव दे रहा है। कल नहीं देगा। एंड देन अचानक से ही विल शो अप अगेन। फिर बदल जाएगा। दिस दिस एक्साइटमेंट और दिस अनप्रिडिक्टेबिलिटी इज़
(20:45) समथिंग व्हिच फैसनेट्स एंड स्टेबिलिटी, प्रेडिक्टेबिलिटी, सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी एंड समबडी हु गिव्स अस पीस बिकम्स बोरिंग। व्हाई डस इट हैपन? सो हमारा ब्रेन वायर्ड है नोवेल्टी के लिए। हमारे ब्रेन को नोवेल्टी अच्छी लगती है। हमारे ब्रेन को न्यूनेस अच्छी लगती है। हमारे ब्रेन को अनप्रिडिक्टेबल चीजें अच्छी लगती है। व्हाई वी लव गेम्स? व्हाई पीपल आर क्रेजी अबाउट गेम्स। व्हाई दे कैन सीट ऑन अ सीट एंड प्ले फॉर 12 आवर्स। 12 घंटे पढ़ाई करनी कितनी मुश्किल है और 12 घंटे गेम खेलनी कितनी आसान है। क्रिकेट मैच वन डे पूरा दिन लोग देखते हैं। अगर
(21:20) पहले से पता हो कि किस बॉल पे क्या होने वाला है या पहले से पता हो जीतने कौन वाला है मैच। यू वोंट एंजॉय द मैच। इट्स अनप्रिडिक्टबिलिटी दैट यू स्टिक फॉर 8 आवर्स। काम छोड़ के आप मैच देख रहे हो। आप गेम खेल रहे हो। आपकी पीठ में दर्द हो रही है। क्योंकि गेम इज वेरी अनप्रिडिक्टेबल। अब क्योंकि ह्यूमन ब्रेन को नोवेल्टी अच्छी लगती है। और जब कोई ऐसा इंसान है जो अनप्रिडिक्टेबल है तो ब्रेन उसकी तरफ अट्रैक्ट होता है क्योंकि यू कांट प्रेडिक्ट अ लॉट। बहुत बार। आई वोंट जनरलाइज इट। बहुत बार बहुत लोगों का ब्रेन कबीर सिंह की तरफ अट्रैक्ट होता है।
(21:50) बिकॉज़ कबीर सिंह इज वेरी अनप्रिडिक्टेबल। तो ऐसे में करना क्या चाहिए? क्या इस बात की अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए और हमें अपने लिए सही डिसीजन लेना चाहिए कि यार यह बंदा मुझे कंफ्यूज नहीं कर रहा है बट यह मेरे लिए सही है। आई शुड स्टॉप क्रेविंग फॉर अनप्रिडिक्टेबिलिटी या फिर उस बंदे को अनप्रिडिक्टेबल होना शुरू हो जाना चाहिए। एक एग्जांपल लेके चलते हैं। घर में एक बच्चा है और अभी पढ़ाई करने बैठा। पढ़ाई छोड़ के अब खेलना शुरू किया। खेलना छोड़ के एक और चीज शुरू कर दी। किसी भी चीज को एक लंबे टाइम तक नहीं कर रहा। इज इट ओके कि वो कुछ ना कुछ ना कुछ। इट्स नॉट ओके।
(22:20) राइट? उस बच्चे को समझाया जाएगा कि देख तेरे को डिस्ट्रैक्शंस हो रही है बट तेरे लिए बहुत जरूरी है बैठना समझना सोचना फोकस करना तुझे क्या चाहिए तुझे क्या नहीं चाहिए करियर्स में भी यही होता है हम एक चीज बहुत लोग एक चीज कर रहे होते हैं और दूसरी की तरफ अट्रैक्ट हो जाते हैं दूसरी कर रहे हैं तीसरी की तरफ अट्रैक्ट हो जाते हैं वहां भी नोवेल्टी हमें नुकसान करती है राइट नोवेल्टी प्रॉब्लम नहीं है नोवेल्टी कब आपको नुकसान कर रही है कब आपको डिस्ट्रैक्ट कर रही है और कब आपको हेल्प कर रही है ये पता होना चाहिए एंटरटेनमेंट में नोवेल्टी बहुत प्यारी चीज है पूरी
(22:48) मूवी अनप्रिडिक्टबल है एंड यू गेट एंटरटेन बट पार्टनर्स में पार्टनर अनप्रिडिक्टेबल होना आई डोंट थिंक इज अ प्रॉब्लम। उल्टा यह अच्छी चीज भी हो सकती है। बट अगर ये एक पॉजिटिव अनप्रिडिक्टेबिलिटी है कि आई डोंट नो अचानक मुझे सरप्राइज मिलता है। मैं रोज घर आ रहा था या रोज घर आ रही थी। अचानक देखा मिरर के ऊपर आई लव यू लिखा है। आई वास नॉट प्रेडिक्टिंग इट। इट्स स्टिल नवेल। इट्स स्टिल न्यू। बट आई लाइक इट। रिलेशंस में नोवेल्टी होनी चाहिए। अनप्रिडिक्टेबिलिटी अच्छी चीज है। बट अगर किसी की अनप्रिडिक्टेबिलिटी आपको नेगेटिव इमोशंस दे रही है, आपको
(23:24) स्ट्रेस दे रही है, आपको तंग कर रही है, आपका पीस ऑफ़ माइंड खराब कर रही है। कबीर सिंह हो रही है, राइट? वहां पे इट इज़ अ डिस्ट्रैक्शन। इज इट गिविंग यू क्यूरियसिटी? और इज इज इज इज इज इज इज इज इज इज इट गिविंग यू एंजाइटटी? वाह। वैरी नाइस। तो ये बहुत जरूरी है कि वो हेल्दी अनप्रिडिक्टेबिलिटी है कि वो अनहेल्दी अनप्रिडिक्टेबिलिटी है। आई थिंक दिस दिस सम्स इट अप कि हेल्दी अनप्रिडिक्टेबिलिटी इज ब्यूटीफुल। राइट? एंड आई थिंक दैट्स समथिंग व्हिच कीप्स द स्पार्क इन एव्री रिलेशनशिप अलाइव। यस एंड अनहेल्ी अनप्रिडिक्टेबिलिटी इज नॉट। हमें अपने ब्रेन को इसके लिए ट्रेन
(23:55) नहीं करना कि अनप्रिडिक्टेबिलिटी नोवेल्टी नहीं चाहिए तेरे को। उसको चाहिए। वो बहुत मुश्किल जर्नी है। मतलब संत साधु बनना पड़ेगा उसके लिए। सो ये जो आपने बोला कि हम ह्यूमंस को नोवेल्टी चाहिए। रिलेशनशिप में भी हम नोवेल्टी सीख करते हैं। डस दिस बिकम द रीज़ ऑफ चीटिंग? 100% बट बहुत सारे रीज़न है। एक रीज़न ये है। हम जनरल वर्ड यूज़ कर लेते हैं चीटिंग। चीटिंग के भी फॉर्म्स हैं। देयर इज़ एन इमोशनल चीटिंग। देयर कैन बी अ फिजिकल चीटिंग। राइट? एक पार्टनर फिजिकली चीट कर रहा है। वो इमोशनली अपने पार्टनर के साथ इन्वॉल्व है। लेकिन फिजिकली बाहर इनवॉल्वड
(24:31) है। सो वो इमोशनल चीटिंग नहीं है। वो सिर्फ फिजिकल चीटिंग है। राइट? वो इमोशनली भी किसी के साथ इनवॉल्वड है। चाहे फिजिकली ना भी हो वो इमोशनल चीटिंग है। एंड इट कैन बी इमोशनल एंड फिजिकल चीटिंग आल्सो। तो उसको किस चीज में नोवेल्टी चाहिए? हो सकता है वो फिजिकली सेटिस्फाइड है बट इमोशनली सेटिस्फाइड नहीं है। हम तो वो इमोशनल नीड बाहर पूरी कर रहा है। व्हिच अकॉर्डिंग टू यू इज वर्स। इमोशनल चीटिंग और फिजिकल चीटिंग। विल बी वेरी इंडिविजुअल। वेरी इंडिविजुअल। ये ये मैं कोई स्टडी से नहीं कह रहा बट मुझे ऐसा ऑब्जरवेशन से कन्वर्सेशन से आई ऑलरेडी एग्री विद यू। [हंसी]
(25:03) क्या? [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] इट्स मैन वर्सेस वुमेन। यस। आई थिंक फॉर मैन फिजिकली क्या हो गया? राइट? मैं इमोशनली तो इन्वॉल्वड हूं फॉर अ मैन इट्स ओके कि यार ठीक है। अगेन वहां पे हमारा प्रीिमेटिव आ जाता है कि मैन हैव बीन पॉलीगमिस्ट। राइट? तो पॉलीगमिस्ट रहे हैं। वो मोनोगेस्ट रहे नहीं है। तो उनको लगता है कि यार एक फिजिकल एक्सपीरियंस ही तो था। इसमें चीटिंग कहां से हो गई? राइट? मेरे माइंड में तो तू ही है। मेरे माइंड में कोई और नहीं है। आई जस्ट हैड गुड टाइम। बट इट इज़ स्टिल अ ब्रीच ऑफ़ कमिटमेंट। इट्स ब्रीच ऑफ अ पार्टनरशिप फॉर वुमेन फिजिकल
(25:35) इज आल्सो वेरीेंट उनके लिए फिजिकल जनरली इमोशन के साथ ही होता है। हम राइट वुमेन को फिजिकल जनरली व्हेन इमोशन इज इनवॉल्व्ड। आजकल थोड़े टर्म्स बदल रहे हैं, सिचुएशंस बदल रही हैं। बट अभी भी बट मोस्टली आई वुड से कि वुमेन के लिए फिजिकल से पहले इमोशन होना जरूरी है। मेन के लिए फिजिकल अलग डिपार्टमेंट है, इमोशन अलग डिपार्टमेंट है। अगेन जनरलाइजिंग नहीं कर रहा हूं। आई नॉट ट्राइंग टू जनरलाइज़ बट व्हाटएवर आई आई हैव ऑब्जर्ड। सो आई थिंक दिस बॉइल्स डाउन टु आवर इनिशियल कन्वर्सेशन मेन सीक रिस्पेक्ट एंड दे फील डिसरिस्पेक्टेड व्हेन देयर पार्टनर
(26:11) चीट्स देम इमोशनली। राइट। ओके। सो दिस इज़ वन ऑफ़ द वेरी बिग रीज़ंस व्हाई पीपल चीट। व्हाट आर द अदर रीज़ंस? ठीक है? एक तो हो गया कि भ सेम चीज है। हम बोर हो गए हैं और हम चीट कर रहे हैं क्योंकि उससे हमें एक्साइटमेंट मिल रही है। दूसरा बहुत मेजर कि रिलेशन में खुशी नहीं है। राइट? हम एक साथ खुश ही नहीं है तो हम एक साथ कुछ नया कैसे कर सकते हैं? हम एक साथ खुश ही नहीं है तो हम एक साथ ट्रेवल भी नहीं कर रहे। हम एक साथ कोई नए एक्सपीरियंसेस भी नहीं ले रहे। अब क्योंकि आप खुश नहीं हो तो आप खुशी बाहर ढूंढना शुरू कर देते हो। ह्यूमंस वांट टू बी
(26:40) हैप्पी। राइट? मैं घर पे खुश नहीं हूं तो मैं बाहर खुशी ढूंढना शुरू हो गया हूं। एक रीज़न यह बन जाता है। अब ऐसा नहीं है कि पहले झगड़े नहीं होते थे। पर अब चीटिंग बढ़ क्यों रही है? पहले खुश नहीं भी है तो चल रहा है। कॉम्प्रोमाइज्ड लाइफ चल रही है। अब खुश नहीं है तो एक्सेसिबिलिटी है। लोग वर्किंग है। बाहर जा रहे हैं। फोन में इंटरनेट है। ढेरों सारी एप्स हैं। आपके पास हर तरह की एक्सेसिबिलिटी है। कम्युनिकेशन एप्स हैं। ऑप्शंस हैं। पॉसिबिलिटीज बढ़ गई है। जितना हम टेक्नोलॉजिकली कनेक्टेड हो रहे हैं। उसमें चीटिंग की एक्सेसिबिलिटी भी इंक्रीस हो
(27:09) रही है। अब जब आपके सामने ऑप्शंस भी हैं, आप ढूंढ भी रहे हो, आप खुश नहीं हो, तो यू एट टाइम्स गो फॉर समवन एल्स। राइट? ये भी एक बहुत मेजर रीजन बन जाता है कि भ एक्सेसिबिलिटी भी आ गई। पहले आपने किसी तरीके के मन को समझा लिया कि कोई बात नहीं यार हमने साथ ही रहना है। खुशी ढूंढ लेंगे। तरीके ढूंढेंगे। यू डोंट गिव अप इजीली। नाउ यू गिव अप एंड थिंक कि इतनी मेहनत कौन करे? इसके साथ मैं खुश तो रह नहीं पा रहा एंड योर ब्रेन स्टार्ट्स फाइंडिंग हैप्पीनेस बाहर। सो आफ्टर इयर्स ऑफ रिलेशनशिप जब एक कपल एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा प्रेडिक्टेबल हो जाता है और उनकी
(27:40) लाइफ बोरिंग होने लग जाती है। सो टू अवॉयड दैट चार फ्रॉम आउटसाइड एंड टू ऑब्वियसली अवॉयड द स्कोप ऑफ चीटिंग व्हाट आर द थिंग्स दे कैन डू? देखो बहुत नेचुरल और ऑब्वियस चीज और एक्सेप्ट करनी चाहिए हमें के शुरू में एक बंदा बंदी जब साथ आए हैं तो बहुत नए एक्सपीरियंसेस हैं। तुझे क्या पसंद है? तुझे तेरी फेवरेट मूवी कौन सी? तुझे खाने में क्या पसंद है? कितना नयापन है। एक्सप्लोरिंग ईच अदर, एक्सप्लोरिंग ईच अदर्स बॉडी, एक्सप्लोरिंग ईच अदर्स इमोशंस, एक्सप्लोरिंग ईच अदर्स लाइफ, फैमिली बहुत सारी नॉवेल्टी है। अब वो एक रिलेशनशिप में आ गए हैं। अब वो साथ रह रहे
(28:13) हैं बहुत साल। अब बहुत सालों बाद ये नहीं होगा। राइट? ऐसा नहीं हो सकता कि हम कहें कि उस रिलेशनशिप में ना अभी भी कोई नयापन होगा। नहीं होगा। अब तुम्हें तो इतनी प्रेडिक्टबिलिटी है। तुम्हें ये भी पता खाना खा के उसने बर्ब कब करना है। [हंसी] राइट? यू आर यू आर सीइंग ईच अदर इन एव्री फॉर्म एंड शेप। तो तुम्हारे अंदर वो नोवेल्टी नहीं होगी। तुम्हें पता भी है कि हां यह बात क्या आगे इसका क्या रिएक्शन होगा। यू आर एबल टू प्रेडिक्ट सो मच। ऐसे में अब रिलेशन में नोवेल्टी नहीं है तो नोवेल्टी बाहर ढूंढो। दैट डलूट्स द फाउंडेशन ऑफ़ अ रिलेशन। ना फिर हम ये
(28:41) पॉडकास्ट ही क्यों कर रहे हैं? अभी तो बहुत अच्छा सशन है। लगे रहो सारी दुनिया जानवरों की तरह। राइट? बट यहां पे जरूरी ये है क्रिएट नोवेल्टी। व्हेन आई से क्रिएट नोवेल्टी इट मींस आप एक दूसरे से नोवेल्टी नहीं क्रिएट कर सकते। आप एक साथ नॉवेल्टी क्रिएट कर सकते हो। गो फॉर दोज़ एक्सपीरियंसेस जो नए हो। गो फॉर दोज़ ऑप्शंस जो आपके लिए नहीं हो। फॉर एग्जांपल एक्सप्लोरिंग अ न्यू प्लेस टुगेदर। तो दोनों को नोवेल्टी चाहिए। तो मिलकर अनप्रिडिक्टिबिलिटी सीक कर लो। अलग-अलग चीट करके अनप्रिडिक्टिबिलिटी सीक मत करो। लेट्स ट्रैवल। क्यों एक अच्छी चीज है।
(29:12) बिकॉज़ जब एक कपल ट्रैवल कर रहा है तो दोनों मिलके एक नई चीज देख रहे हैं। अरे वाह ये गंडोला राइड ऐसे जाती है। अरे इस कंट्री में ये होता है। अरे इस शहर में ये होता है। अरे यहां के खाने में ये होता है। यू हैव थिंग्स टू डिस्कस। राइट? कोई हॉबी मिलके कर लो। अब डांस क्लास ज्वाइन कर ली कपल ने। जरूरी भी नहीं है पैसे लगाओ, ट्रैवल करो। आपने एक डांस क्लास ज्वाइन कर लिया। आप घर बैठे YouTube पे एक डांस फॉर्म सीख रहे हो। और आप दोनों के पास कुछ नयापन है जिंदगी में और आपके दिमाग को वही चाहिए। राइट? आप उस रिलेशनशिप को लेके सीरियस हो। आप उसमें
(29:40) कमिटेड हो। आप चाहते हो ये रिलेशनशिप ग्रो करे। बट आपके माइंड में आ रहा है कि यार रिलेशन में पोर हो रहे हैं। अनप्रिडिक्टेबल है। तो फाइंड नोवेल्टी टुगेदर। एक्सपीरियंस नोवेल्टी टुगेदर। एक्सपीरियंस न्यूनेस टुगेदर। एक्सपीरियंस अनप्रिडिक्टबिलिटी टुगेदर। उस ब्रेन को सेटिस्फाई कर देंगे हम। जिसको हॉप करना है। राइट? सो वी आर स्टिल टुगेदर एंड वी आर स्टिल सीकिंग नोवेल्टी। बट ही डू यू थिंक दैट चीटिंग कैन एवर बी जस्टिफाइड। आई एम आस्किंग दिस बिकॉज़ लेट्स कीप आवरसेल्व्स इन द शू ऑफ़ दैट पर्सन हु इज चीटिंग। ठीक है? अब अगर उसको लिटरली
(30:13) खुशी नहीं मिल रही है उस रिलेशनशिप में। उसने अपने तरफ की कोशिश भी कर ली और उसको वो नोवेल्टी, वो न्यूनेस, वो चाम, वो एक्साइटमेंट भी नहीं मिल रही है। उसको लग रहा है अब ये रिलेशनशिप होलो हो चुका है। इसमें कुछ बचा नहीं है। एंड नाउ इफ दैट पर्सन इज फैसनेटेड टुवर्ड्स समबडी एल्स इज ही और शी रियली रोंग? देखो एक एक एंगल है इसका कि भ मैं खुश नहीं हूं। और मेरी इकलौती जिंदगी है। मैं खुशी मेरा राइट है। खुशी मेरा हक है। और मुझे जहां खुशी मिल रही है। मैं अपनी खुशी के लिए क्यों ना जीऊं। राइट? इट्स माय लाइफ। या यू लो यू ओनली लिव वंस एंड माय हैप्पीनेस
(30:45) इजेंट राइट कोई हार्म नहीं है पॉइंट ये नहीं है कि आपको जिंदगी में एक ही पार्टनर के साथ सारी जिंदगी बितानी है कोई कंपल्शन नहीं है आप खुश नहीं हो आप दूसरे बंदे के पास या बंदी के पास जा सकते हो प्रॉब्लम है व्हाई वी से चीटिंग इज रोंग और व्हाई वी फील चीटिंग इज रोंग यहां पे मोरालिटी कैसे इन्वॉल्व होती है कि आप जब एक रिलेशनशिप में हो आप एक एसोसिएशन में हो एक एसोसिएशन है एक पार्टनरशिप है जिसका एक फंडामेंटल है कि हम एक दूसरे के लिए इमोशनली एंड फिजिकली कमिटेड हैं। इसको एक बार के लिए लेंस अगर चेंज करके देखें कि एक मांबाप के लिए बच्चे ने बहुत कुछ किया।
(31:18) जिंदगी भर उनके लिए बहुत कुर्बानियां दी। उनकी सेवा करी। मां-बाप विल दे गए किसी और के नाम। बच्चे को क्या फील होगा? चीटेड। कि इस एसोसिएशन में आई गव अ लॉट। आई डिड नॉट गेट इट। एक नेचुरल एक्सपेक्टेशन थी कि आप भी मेरे साथ वैसे ही कमिटेड होते। दो भाइयों में भी यही होगा। दो फाउंडर्स पार्टनरशिप में है और एक फाउंडर पूरी तरह कंपनी में इन्वॉल्व है और दूसरा फाउंडर बाहर किसी और कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी इंक्रीस कर रहा है और इस कंपनी को लॉस में डाल रहा है या इस कंपनी में इन्वॉल्व नहीं हो रहा तो फाउंडर भी तो ये एक्सपेक्ट करेगा कि यार अगर पार्टनरशिप में है ना तो
(31:48) मिलके करते हैं। नहीं तो बोल तो इंटरेस्टेड नहीं है तो जा एग्जिट ले ले। हम हर जगह ये एक्सपेक्ट करते हैं कि अगर एक एसोसिएशन में आए हैं तो दोनों को अपना 100% देना है। लॉयल रहना है। इट इज एन एक्सपेक्टेशन फ्रॉम एन एसोसिएशन फ्रॉम अ पार्टनरशिप। आप किसी और के लिए फॉल कर रहे हो। आपको किसी और के साथ खुशी मिल रही है। प्रॉब्लम यह नहीं है। चीटिंग इज आप ऑनेस्ट नहीं हो, ट्रांसपेरेंट नहीं हो, झूठ बोल रहे हो, ल कर रहे हो। वो इस रिलेशन में एक्सपेक्टेड नहीं है। प्रीचिंग नहीं होनी चाहिए। आप खुश नहीं हो, आप कम्युनिकेट करो। आई एम नॉट हैप्पी विद यू फॉर दीज़
(32:17) रीज़ंस। राइट? आप इंटरेस्टेड ही नहीं हो उस रिलेशनशिप में। आपने पूरा ट्राई कर लिया है। सामने वाले ने पूरा ट्राई कर लिया है। बी ऑनेस्ट एंड लॉयल कि भ दिस इज नॉट वर्किंग आउट। आई डोंट वांट टू गेट इन्वॉल्व्ड इंटू दिस रिलेशनशिप। दिस इज माय थॉट कि अगर आप साथ हो तो एक बेसिक उस रिलेशन की एक्सपेक्टेशन है कि आप एक दूसरे के साथ सच्चे रहो। आप एक दूसरे से ऑनेस्ट रहो। आप एक दूसरे के लिए फिजिकली एंड इमोशनली अवेलेबल रहो। सो इट इज जस्ट अ बेसिक एक्सपेक्टेशन आउट ऑफ एनी एसोसिएशन। द वे वी एक्सपेक्ट फ्रॉम आवर पेरेंट्स, चिल्ड्रन, पार्टनर, फाउंडर, फ्रेंड्स।
(32:54) सिमिलरली हस्बैंड वाइफ की एक्सपेक्टेशन है कि आप कहीं और इन्वेस्टेड हो तो आपको वो ऑनेस्टली ट्रांसपेरेंटली कम्युनिकेट करना होगा। करना चाहिए। मैं यहां चीटिंग जस्टिफाई नहीं कर रहा। मैं ये नहीं कह रहा हूं गो फॉर चीटिंग। माय पॉइंट इज कि झूठ नहीं होना चाहिए रिलेशनशिप में। रिलेशनशिप में ऑनेस्टी नहीं खराब होनी चाहिए। रिलेशनशिप में ट्रस्ट नहीं खराब होना चाहिए। अगर आपको लग रहा है वो टाइम स्टेज है आपका कि यू आर नॉट हैप्पी इन दिस रिलेशन। यू शुड कम्युनिकेट। यू शुड लीव, टेक एन एग्जिट। एंड देन यू आर नॉट बाउंडेड और बाउंडेड बाय रिलेशन।
(33:26) सो यू मीन न्यू एसोसिएशन ओनली आफ्टर दिस एसोसिएशन। मतलब आप कह रहे हो आई एम देयर फॉर यू। आप कह रहे हो कि आई एम इन्वेस्टेड ओनली इन यू। आप कह रहे हो कि तू ही मेरी लाइफ में है बट है नहीं। तो ये जस्टिफाई कैसे हो सकता है? झूठ को थोड़ी ना हम जस्टिफाई कर देंगे। हम राइट? सो नॉट फीलिंग हैप्पी इन अ रिलेशनशिप इज़ फाइन। दैट इज़ समथिंग नॉट इन योर कंट्रोल। बट चीटिंग बिकॉज़ ऑफ़ दैट इज रोंग। सो इट्स लाइक इमोशन एंड माय एक्शन। इमोशनली मैं फील कर रही हूं सैड, अनहैप्पी विद द रिलेशनशिप बट मेरा एक्शन हो रहा है अगर चीटिंग तो वो गलत है। इट्स लाइक मुझे
(33:59) गुस्सा आ रहा है तो वो जस्टिफाइड है। बट अगर मैं चीजों को तोड़ रही हूं तो वो अनजस्टिफाइड हो गया। राइट? एक पार्टनर चाहता है लेट्स टॉक अबाउट इट। और दूसरा पार्टनर चाहता है गिव मी सम स्पेस। मुझे अभी इस बारे में बात नहीं करनी। बाद में बात करेंगे। क्या हुआ? कुछ नहीं। नहीं हुआ क्या? कुछ नहीं। पीपल रिमेंबर द मोस्ट हर्टफुल थिंग्स देयर पार्टनर्स सेड टू देम इयर्स अगो। वाइफ ने हस्बैंड को कह दिया कि तू कैपेबल ही नहीं है। तू बस सपने देखता है। वो नहीं भूलेगा क्योंकि इमोशनल इन्वेस्टमेंट बहुत हाई है। कैन यू फिक्स ओल्ड वूंड्स? आई वुड से यस। क्योंकि
(34:35) हम इन पूरे एपिसोड्स की मिनी क्लिप्स को टॉपिक वाइज एक दूसरे चैनल पे अपलोड करते हैं जिसका नाम है गुंजन टॉक्स क्लिप्स। इस चैनल पे आप कम टाइम में भी अपने फेवरेट टॉपिक को आसानी से रिवजिट कर सकते हैं। गुंजन टॉक्स क्लिप्स का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। हिमेश वी आर टॉकिंग अबाउट रिलेशनशिप्स इनफैक्ट हमारी अपनी शादी को 11 साल हो गए हैं। इफ आई आस्क यू दिस क्वेश्चन टुडे व्हाट इज लव फॉर यू? इश्क, प्यार, मोहब्बत। डेफिनेशन सिनोनिम्स [हंसी] नहीं। एक्चुअली, एक्चुअली लव जो है ना वो एक डेफिनेशन रख नहीं सकता। क्योंकि लव की
(35:10) डेफिनेशन एज एंड स्टेज के साथ बदलती है। इट इज नॉट वन लाइन वन यूनिफॉर्म थिंग। एक एक डिफाइंड एक्सप्रेशन नहीं है। प्यार तभी तो शायद प्यार इतनी खूबसूरत चीज है क्योंकि वो बदलती है। फॉर एग्जांपल जब हम टीनएज में होते हैं अगर हम अपना टीनएज याद करें तो प्यार की डेफिनेशन क्या थी? उसका एक रिप्लाई दिन बना रहा है। उसने देख लिया यही एक स्पार्क क्रिएट कर रहा है। द फर्स्ट टच राइट और फर्स्ट हैंडशेक और फर्स्ट हग मेंट द वर्ल्ड। राइट? ये यही थी उस वक्त प्यार की डेफिनेशन। उसको आज इनफेस्टेशन कह दो, अट्रैक्शन कह दो, बटरफाई कह दो। राइट? ये
(35:46) प्यार की डेफिनेशन थी। प्यार दोस्ती है राहुल। प्यार दोस्ती [हंसी] है। एंड देन टीनएज के बाद प्यार, दोस्ती वाला सीन भी आता है कि जब आप 20ज में होते हो। व्हाट इज लव? आपकी लाइफ में बहुत कुछ हो रहा है। आप ड्रीम्स, करियर, एस्पिरेशन, पढ़ाई, जॉब वाली दुनिया में हो। इस भागते दुनिया में एक पॉज है लव। राइट? कि आई वास रनिंग थ्रू आउट द डे हियर इज माय पॉज लेट्स चिल लेट्स हैव सम गुड टाइम लेट्स वाच अ मूवी टुगेदर टॉकिंग अबाउट ड्रीम्स एंबिशंस फ्यूचर ये प्यार होता है के आगे क्या है लाइफ में इसकी डिस्कशन उस पॉज के अंदर ये प्यार होता है अब जब आप
(36:22) 30ज में आ जाते हो हमारी ऐज में प्यार की अगर आज आज मैं जो डिफाइन कर सकता हूं प्यार वेरिएबल्स की दुनिया में यह कांस्टेंट है एक राइट क्योंकि लाइफ में इतने वेरिएबल्स हैं इतने वेरिएबल्स हैं बिजनेस वेरिए वेरिएबल जॉब्स वेरिएबल होती हैं। सुबह बॉस के साथ क्या बात होनी है या आपके बिजनेस में क्या रेवेन्यूज आने हैं? प्रॉफिट एंड लॉस में क्या होना है? फैमिली डायनामिक्स में क्या होना है? जिंदगी वेरिएबल है। सरकार में क्या होना है? कब प्रोटेस्ट होना है? कब क्या होना है? एवरीथिंग न्यूज़ पूरी वेरिएबल है। कांस्टेंट तो चाहिए। कांस्टेंट है प्यार।
(36:51) ये मेरा कांस्टेंट है। यहां पे मेरी नॉन जजमेंटल स्पेस है। यहां पे आय कैन बी माइसे सेल्फ। व्हिच आन नॉट बी इन फ्रंट ऑफ़ माय बॉस। व्हिच आय कन नॉट बी इन फ्रंट ऑफ़ माफ़ एम्प्लोईस। इस वेरिएबल्स में जो कांस्टेंट है ना वह प्यार है। एंड देन व्हेन यू रीच 60 70ज हम अपने पेरेंट्स को देखें। अब क्या न्यूनेस होगी? है ना? सबने सब कुछ पता है। सारी जिंदगी के तजुर्ब शेयर्ड हैं। सब कुछ साथ जिया है। ना कोई बिल्डिंग टुगेदर, ड्रीमिंग टुगेदर वाली स्टेज है। कांस्टेंट की भी आदत पड़ चुकी है। 30 साल हो गए हैं। अब वो सुबह उठके एक साथ बालकनी में बैठ के
(37:23) चाय पीनी ना वो प्यार है। राइट? वो रात को दोनों वॉक पे निकले हैं और कह रहे हैं कि याद है हम वो याद है जब हम वहां गए थे ये प्यार है मेमोरीज प्यार मेमोरीज प्यार है वो एक सुबह की चाय प्यार है वो शाम की वॉक प्यार है वो शेयरर्ड एक्सपीरियंसेस प्यार है तो एक इतनी बड़ी फीलिंग को मैं एक लाइन में कैद नहीं करना चाहता मुझे ऐसा लग रहा है मेरे आगे इम्तियाज अली की मूवी चल रही है [हंसी] डू यू थिंक लव इज इनफ टू सस्टेन अ रिलेशनशिप नहीं लव इज नॉट इनफ। लव इज नॉट सफिशिएंट। एक बंदे को गाड़ियों का पैशन है। हम गाड़ियों का शौक है। बट गाड़ियों का शौक
(38:03) होना, पैशन होना, क्रेज होना डज नॉट मीन उसको गाड़ी चलानी आती है। गाड़ी चलाना एक स्किल है जो आप सीखते हो और पैशन एक आपकी अट्रैक्शन है टुवर्ड्स अ कार। लव फीलिंग है। रिलेशनशिप स्किल है। लव महसूस करते हो। वर्ब भी है, नाउन भी है, महसूस करते हो। बट रिलेशनशिप एक स्किल है जो आप सीखते हो। प्यार करना और प्यार निभाना दोनों अलग चीजें हैं। प्यार कर तो कोई भी सकता है। प्यार निभा हर कोई नहीं सकता। हाउ यू डील विद ईच अदर? हाउ यू आर एबल टू डील विद ईच अदर्स लॉ? आप अपने डिसअ्रीमेंट्स को कैसे हैंडल करते हो? आप अपने आर्गुमेंट्स पे कितना इमोशनली स्टेबल
(38:42) हो? आप कितनी जल्दी गिव अप कर गए, साइड हो गए या कितना आपने एफर्ट डाल के एक दूसरे के साथ कंपैटिबिलिटी बिल्ड करी। राइट? तो फीलिंग आ सकती है पर रिलेशन में जाना है तो अगेन यू हैव टू बेसिकली अंडरस्टैंड कि एक स्किल है। आपको बेटर ह्यूमन बनना है। आप राइट पार्टनर ढूंढते हो। आप राइट पार्टनर हो। एवरीवन सेज़ मुझे एक राइट पार्टनर चाहिए। हु क्वेश्चंस एम आई द राइट पार्टनर? तो स्किल तब डेवलप होगी जब आप भी किसी के लिए राइट बन रहे हो। आप भी अपने ऊपर काम कर रहे हो। दोनों मिलके काम कर रहे हैं। दैट इज व्हेन द रिलेशनशिप ग्रोस। एंड यहां से एक बड़ा प्यारा थॉट आ रहा है
(39:19) कि सबसेेंट चीज रिलेशनशिप है। कितने लोग टाइम इन्वेस्ट करते हैं स्किल को सीखने के लिए? एक किताब पढ़ी है ताकि जो किसी ने 20 साल 30 साल कपल्स पे रिसर्च किया है उसकी किताब पढ़ लूं और कुछ तो इंप्रूव कर लूं। कितने लोग अपने इमोशनल रेगुलेशन पे काम करते हैं कि यार एंगर इज नॉट जस्टिफाइड हाउ आई कैन कंट्रोल इट। मे बी 30 टका 30% 40% इंप्रूव कर लूं। सो ये थॉट होना कि प्यार फीलिंग है। रिलेशनशिप स्किल है। इतना बड़ा है क्योंकि स्किल आप सीखते हो और जब सीखते हो तो बेटर होते हो। तो अगर आपको अपना रिलेशनशिप बेटर करना है, आपको एज अ ह्यूमन बेटर बनना है। एंड आई वुड से
(39:48) दो चीजों पे इंप्रूव कर लो। सेल्फ अवेयरनेस एंड इमोशनल रेगुलेशन। अगर आप अवेयर हो, मेरे में एंगर इशू है या मेरे में इंपेशेंस है। मैं पज़ेसिव हूं या फिर मैं टू ब्रॉड हूं उसके उसको लगता है इसको फर्क ही नहीं पड़ता। बी अवेयर फर्स्ट स्टेप एंड इमोशनल रेगुलेशन। यह दो चीजें आपको अच्छा इंसान भी बना देती हैं, अच्छा पार्टनर भी बना देती हैं। प्यार एक फीलिंग है लेकिन रिलेशनशिप एक स्किल है और से स्किल सीखनी पड़ती है। हम कहते हैं वी आर मेड फॉर ईच अदर नहीं। वी आर बिकम वी एडजस्ट फॉर ईच अदर। वी आर एडजस्टेड फॉर ईच अदर। वी बिकम फॉर ईच अदर। राइट? मेड फॉर
(40:20) ईच अदर हो ही नहीं सकते। एक इंसान अलग घर से आ रहा है। एक इंसान अलग घर से आ रहा है। अलग वैल्यूज अपग्रिंगिंग थिंकिंग, पैटर्न्स, इमोशंस, जेंडर्स हॉर्मोन से आ रहा है। राइट? तो यू हैव टू बी एडजस्टेड फॉर ईच अदर। आपको थोड़ा ट्वीकिंग करके एक दूसरे के लिए एडजस्ट करना है। एक एनालॉजी देता हूं। मेरी बहुत फेवरेट एनालॉजी है। और इससे पूरे रिलेशनशिप को भी हम समझ सकते हैं। एंड एव्री कपल शुड आई थिंक लिसन टू दिस। लेट्स टॉक अबाउट टू पर्संस। ठीक? लेट्स गिव देम टू नेम्स। हम नितेश एंड गौरव। राइट? नितेश बहुत अच्छी गिटार बजाता है। मास्टर गिटार। ब्रिलियंट। क्या गिटार
(40:55) बजाता है? सब सुनते रह जाते हैं। गौरव बहुत अच्छी पियानो बजाता है। पानो बजाता है एकदम। यू गेट मेसमराइज्ड। बोथ आर ब्रिलियंट, बोथ आर अमेजिंग, बोथ आर बॉम, ऑसम, फैंटास्टिक, झकास बिंदास। अब दोनों को बोला गया जुगलबंदी करते हैं। एक स्टेज पे एक साथ परफॉर्म करते हैं। दोनों को एक स्टेज पे ले आए। कि तू गिटार बजा, तू पियानो बजा। क्या होगा? दोनों ब्रिलियंट है लेकिन भसड़ हो जाएगी। इफ दे हैव नॉट प्रैक्टिस्ड इट, इफ दे हैव नॉट बिल्ट द हार्मोनी। अगर उन्होंने एक दूसरे को समझा नहीं है, एक दूसरे के साथ बैठ के डिस्कस नहीं किया, कम्युनिकेट नहीं किया, कनेक्ट
(41:26) नहीं किया, कमिट नहीं किया कि लेट्स क्रिएट अ गुड हार्मोनी टुगेदर। राइट? दो ब्रिलियंट लोग फेल हो जाएंगे अगर हार्मोनी क्रिएट नहीं करेंगे। राइट? बेस्ट ऑफ टू पीपल, बेस्ट ऑफ़ आर्टिस्ट विल फेल इफ देयर इज नो कनेक्शन, कमिटमेंट और कम्युनिकेशन। सो दैट इज व्हाई, उन दोनों का आर्ट तभी परफॉर्म करेगा अगर वह एक दूसरे के तालमेल बिठाएंगे। एक दूसरे को अंडरस्टैंड करेंगे। सिमिलरली रिलेशनशिप तभी वर्क करेगा जब आप सिर्फ फीलिंग पे नहीं चलोगे कि हम दोनों बहुत अच्छे हैं। हम दोनों रिलेशन को कैसे अच्छा बना सकते हैं। हम दोनों के अच्छे होने से ज्यादा
(42:00) जरूरी है रिलेशनशिप का अच्छा होना। और वहीं पे अगर आपको स्किल बिल्ड करनी है तो आपको कन्वर्सेशन भी करनी है। राइट? आप पहले ही डिस्कस कर लो। फीलिंग तो बहुत बढ़िया है भाई। लाइफ में क्या चाहिए? आई वांट किड्स, आई वांट टू बी डंक। तो पहले ही डिस्कस कर लेते हैं। आई वांट टू स्टे इन इंडिया। आई वांट टू गो अब्रॉड। पहले डिस्कस कर लेते हैं। हां, माउंटेन बीच चलेगा। आई एम अ माउंटेन पर्सन। आई एम अ बीच पर्सन। एक साल माउंटेन चले जाएंगे। एक साल बीच चले जाएंगे। पर ऐसा तो नहीं कर सकते। एक साल बच्चे पैदा करेंगे, एक साल नहीं करेंगे। दिस डस नॉट हेल्प। एक साल
(42:26) फॉरेन चले जाएंगे एक साल। दिस मे नॉट हेल्प। सो आई थिंक द रिलेशनशिप नीड्स दिस स्किल बिल्डिंग, कम्युनिकेशन। नाउ, लेट्स अस्यूम दैट समबडी हैज़ फाउंड द राइट पार्टनर फॉर देमसेल्व्स। लव, कंपैटिबिलिटी, एवरीथिंग इज़ गुड। नाउ कम्स द एक्सपेक्टेशन पार्ट। अब दो लोग एक रिलेशनशिप में अलग-अलग चीजें एक्सपेक्ट कर रहे होते हैं। फॉर एग्जांपल, अगर एक फाइट होती है, तो एक पार्टनर चाहता है, लेट्स टॉक अबाउट इट। और दूसरा पार्टनर चाहता है गिव मी सम स्पेस। मुझे अभी इस बारे में बात नहीं करनी, बाद में बात करेंगे। अब ये जो एक्सपेक्टेशन मिसमैच होता है इमोशंस का
(43:04) ऐसे में क्या करना चाहिए? आपने जो इंसिडेंट बताया यह बहुत बार कपल कोचिंग कपल काउंसलिंग में मैंने सुना है और ये बहुत कॉमन है। एक पार्टनर होता है जनरली जिसको उसी वक्त बात करनी है, सॉल्व करना है कि भ झगड़ा हुआ है। लेट्स टॉक और एक पार्टनर होता है कि झगड़ा हुआ है। आई नीड साइलेंस। हमारे [हंसी] में हमारे में मैं हूं। लेट्स टॉक और आप हो। साइलेंस। कुछ देर शांति चाहिए। राइट? गलत दोनों नहीं है। एक को बात करके झगड़ा सॉल्व करना है। एक को बात ना करके झगड़ा सॉल्व करना है। एक को बात इसलिए करनी है कि झगड़ा और ना बढ़े। एक को बात इसलिए नहीं करनी कि अगर बात करी तो झगड़ा
(43:48) बढ़ ना जाए। दोनों गलत नहीं है। यह अंडरस्टैंडिंग होने में शायद टाइम लग जाता है। हमें भी लगा। आई थिंक वेरी इंपॉर्टेंट इज हेल्दी पॉज है या साइलेंट ट्रीटमेंट है। एक पार्टनर चुप हो गया कि अभी मुझे इसके बारे में बात नहीं करनी। इट्स अब्सोलुटली ओके। कब करनी है अगर यह क्लेरिटी हो जाएगी तो जिसको बात करनी है वो पॉज हो जाएगा क्योंकि पॉज तो अच्छी चीज ही होती है। अच्छा है क्योंकि जब झगड़ा हो रहा होता है ना इमोशनल फ्लडिंग कहते हैं हम इसको साइकोलॉजी में इमोशनल फ्लडिंग होती है। आई एम डाल एक्टिव होता है। हमारा लॉजिक काम नहीं कर रहा होता। हम पता नहीं
(44:16) क्या बोल रहे होते हैं कैसे रिएक्ट कर रहे होते हैं। एकदम सेल्फ डिफेंस मैकेनिज्म में होते हैं। तो पॉज तो बहुत अच्छी चीज है। तो आई वुड अप्रिशिएट दोज़ पार्टनर्स जो कहते हैं थोड़ा पॉज ले लेते हैं। बट इफ इट इज़ नॉट डिफाइंड इट कैन बी अ साइलेंट ट्रीटमेंट। हम और वो और और खराब है। बिकॉज़ दूसरा बंदा इज़ एन एंटीिसिपेशन कि कब तक करनी भी है वो बात करनी चाह रहा है तो उसको पता तो हो कि कितनी देर का पॉज है। सो इट शुड बी डिफाइंड कि देख जब हमारा झगड़ा होता है ना मुझे उस वक्त मेरे लिए साइलेंट रहना ही ठीक है। राइट? बट आई कैन अशोर कि हम बाद
(44:45) में बात कर सकते हैं। अभी झगड़ा हो रहा है। लेट्स टॉक आफ्टर 30 मिनट्स। एंड 30 मिनट बाद ना कन्वर्सेशन मच बेटर और मच हेल्दीियर ही होगी। तो मुझे लग रहा है पॉज प्रॉब्लम नहीं है। पॉज वाले लोग ज्यादा अच्छे रहते हैं आपके जैसे। राइट? बट द कम्युनिकेशन हैज़ टू बी देर कि अब भी बात नहीं करते थोड़ी देर बात करते हैं क्योंकि आपने झगड़ा सॉल्व कर लिया। आपने प्रॉब्लम सॉल्व करी। सो गोल सिर्फ झगड़ा सॉल्व करना नहीं है। प्रॉब्लम सॉल्व करना भी है। अगर आप चुप हो गए हो आपने झगड़ा तो रोक लिया। प्रॉब्लम नहीं रोगी ना तो वापस आएगी। सो इट इज़ गुड टू हैव अ हेल्दी कन्वर्सेशन।
(45:15) मे बी आफ्टर हेल्दी पॉज। सो लेट्स नॉट कॉल इट साइलेंस। मे बी द कपल्स कैन स्टार्ट कॉलिंग इट। लेट्स हैव अ हेल्दी पॉज। क्योंकि हम इमोशनल एक्सपेक्टेशंस की बात कर रहे हैं। तो पीपल आर वेरी डिफरेंट फ्रॉम ईच अदर। मैं अगेन एक एक सिनेरियो बताती हूं। लेट्स से वाइफ का मूड अच्छा नहीं है। आई विल नॉट से वाइफ। उस लड़की का मूड अच्छा नहीं है। बिकॉज़ वी आर टॉकिंग अबाउट ऑल काइंड्स ऑफ रिलेशनशिप्स। और दूसरे पार्टनर ने देख लिया कि इसका मूड अच्छा नहीं है। और उसने यह डिसाइड किया कि चलो लेट मी गिव हर सम स्पेस। बंदी को लग रहा है कि यार इसको पता है मेरा मूड अच्छा
(45:46) नहीं है। फिर भी मेरे से यह नहीं पूछ रहा। और उसको यह लग रहा है कि मैं उसको एक स्पेस देना चाहता हूं। वो भी सही है और यह भी सही है। यहां पर प्रॉब्लम क्या आती है दैट बंदी स्टार्ट्स जजिंग हर पार्टनर बेस्ड ऑन हाउ एक्यूरेटली ही कैन गेस कि क्या यह गेस कर पा रहा है कि मेरा मूड ठीक नहीं है और फिर यह मेरे से पूछ रहा है यह मेरे से पूछ क्यों नहीं रहा? यह मेरे से नहीं पूछ रहा। इसको मेरे से फर्क नहीं पड़ता। ही डजंट केयर एंड देन वो मन ही मन में कोल्ड वॉर स्टार्ट हो जाती है। एंड द इनोसेंट गाय नेवर गेट्स टू नो अबाउट इट। [हंसी]
(46:22) व्हाई डस दिस हैपन? व्हाट इज द सशन? तो 17 साल की लाइफ कोचिंग के एक्सपीरियंस के बेस पे और 30 से 40 रिलेशनशिप की बुक्स पढ़ी होंगी और कई क्लाइंट्स को कोच किया होगा। उसके बेस पे मैं ये कह सकता हूं कि इसका जो सलूशन है वो है ही नहीं। [हंसी] कोई सलूशन नहीं है इसका। [हंसी] सो रिलेशनशिप में सबसे चैलेंजिंग चीज क्या है? राइट? सबसे चैलेंजिंग जो साइकोलॉजी है, थ्योरम है, जो हाइपोथेसिस है, जो डेफिनेशन है वो है क्या हुआ? कुछ नहीं। [हंसी] नहीं हुआ क्या? कुछ नहीं। श्योर कुछ नहीं हुआ? नहीं हुआ। ओके। [हंसी]
(47:08) माइंड रीडिंग एक्सपेक्टेशन। रीड माय माइंड। [हंसी] हां ऑन अ सीरियस नोट दोनों की एक साइड है इसमें राइट व्हेन अ वुमेन इज नॉट एक्सप्रेसिंग नॉट एक्सप्रेसिंग वर्बली हम बट हमें नजर आ रहा है कि भाई कुछ है इसका दो वर्जन्स हैं। ठीक है? एक है बहुत बार ना बहुत लोगों की आइडेंटिटी सेलिंग है। बहुत बार बहुत लोगों का ना चाइल्डहुड इसमें इन्वॉल्व होता है। आई डोंट फील लाइक आस्किंग बिकॉज़ बचपन में जब कुछ मांगा था मिला नहीं था। बचपन में बहुत सारी चीजें विश करी थी मिली नहीं थी। एक्सप्रेस करी थी, मिली नहीं थी। आई डोंट वांट टू आस्क फॉर इट। गिव दिस टू मी।
(47:45) राइट? आई डोंट वांट टू से इट बट आई वांट इट। एक बड़ा रीज़ बहुत लोगों के केस में इसका चाइल्डहुड से लिंक होता है। नॉट जस्ट वुमेन इवन मेन। मेनी टाइम्स यहां मेल फीमेल की बात नहीं करता। बहुत बार अगर कोई भी हम पार्टनर सोच रहा है कि दूसरा मेरे माइंड को रीड कर ले। राइट? एक स्वीट पार्ट है इसका के अच्छा लगता है। हम कि मेरे पे उसका फोकस है। मेरे पे उसका इंटरेस्ट है। इट इज़ वन वे ऑफ़ लव के यू नो आई एम आई वांट समवन टू नोटिस मी। दैट शोज़ ही केयर्स ही और शी केयर्स फॉर मी। मैं नाराज हूं तो उसको फर्क पड़ा। यह हमें एक एक सेफ्टी फील कराता है।
(48:19) आई वांट हिम टू वांट मी टू गिव मी फ्लावर्स। बट आई डोंट वांट हिम टू नो दैट आई वांट हिम टू गिव मी फ्लावर्स। आई अग्री के देयर इज दिस साइड कि मुझे अच्छा ही लगेगा ना अगर मैं नाराज हूं और मुझे कोई पूछ रहा है। ये बचपन में भी तो हम ऐसे ही करते थे। अगर हम अगर मुंह सुझा के बैठे हैं और पेरेंट्स पूछते हैं तो अच्छा ही लगता है। बट अल्टीमेटली अगर मुझसे पूछो तो रिलेशनशिप में बहुत ज्यादा जरूरी है लर्न टू कम्युनिकेट। आई आई अंडरस्टैंड द स्वीट पार्ट। आई अंडरस्टैंड द चाइल्डहुड। बट हेल्दी रिलेशनशिप के लिए बहुत जरूरी है कि थोड़ा नाराज हुए थोड़ा
(48:57) हुआ ठीक है बट उसको इतना बड़ा टास्क मत बनाओ इतना बड़ा पहाड़ मत बनाओ क्योंकि दुनिया की कोई भी बूढ़े से बूढ़े लोग जिनके 50-50 साल के हेल्दी रिलेशन रहे हैं बड़े से बड़े रिस्चरर्स पीएचडी स्कॉलर्स बड़े से बड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम्स दे ऑल से वन थिंग कम्युनिकेट कम्युनिकेशन बहुत इंपॉर्टेंट है कम्युनिकेशन फाउंडेशन है और अगर कम्युनिकेशन फाउंडेशन है हम तो जितना जल्दी कर लो उतना अच्छा है राइट राइट कुछ देर कुछ पल ठीक है, स्वीट है, रिस्पेक्ट होनी चाहिए। नोटिस भी करना चाहिए। अ गाय और अ गर्ल शुड नोटिस माय पार्टनर इज नॉट हैप्पी। पूछना
(49:30) भी चाहिए। ये प्यारी चीज है रिलेशन की। ये मस्ती है रिलेशन की। बट ये इतना स्ट्रेच नहीं होना चाहिए कि चार दिन तीन दिन हो गए जो मर्जी हो जाए। मुझे नहीं बताना। तुम खुद समझो। माइंड रीडिंग नहीं होगी। एक जीबीटी को भी ना प्र्प देनी पड़ती है। राइट? एआई एआई होके भी आपको नहीं समझ पाता। वो बेचारा इंसान तो क्या ही समझेगा ना। वह तो ह्यूमन [हंसी] है। एआई के पास तो लाखों ह्यूमंस की इंटेलिजेंस है। उसके पास बेचारी अपनी इंटेलिजेंस है। हम् सो इट्स गुड टू कम्युनिकेट। आई थिंक आई काइंड ऑफ़ हैव अ सलूशन फॉर इट इफ यू अलाओ मी टू। सो दिस कम्स फ्रॉम माय
(50:02) ओन लिव्ड एक्सपीरियंस। [हंसी] ऑफ़ 11 इयर्स ऑफ़ रिलेशनशिप। यू वुड नॉट वांट टू कम्यूनिकेट एव्रीथिंग। एंड वन शुड नॉट हाव टू ऑलवेज कम्यूनिकेट एव्रीथिंग बिकॉज़ देन यू लूज़ दैट दैट चाम्म एंड नॉवेल्टी एंड यू नो अनएक्सेक्टेड थिंग्स। सो, उसके लिए मुझे लगता है कम्युनिकेट। द काइंड ऑफ़ थिंग्स यू वुड वांट योर पार्टनर टू डू फॉर यू। कि पहले से यह बता के रखना कि मुझे ना यह सब चीजें पसंद है। मुझे सरप्राइजेस पसंद हैं। अगर मैं बता दूं तो मुझे सरप्राइजेस मिलेंगे और वो इट विल स्टिल बी सरप्राइजेस। या फिर मैं बता दूं कि मुझे सडन किसेस पसंद है तो मुझे
(50:38) मिल जाएंगी ना। अब वो रहेंगी तो सडन ही। या फिर मुझे सडन प्लान, सडन ट्रैवल, मुझे यह पसंद है। मुझे सरप्राइजेस नहीं पसंद। सो, दिस इज़ हाउ यू कैन कम्यूनिकेट विदाउट कम्युनिकेटिंग एक्साक्टली व्हाट यू। अब्सोल्युटली वेरी वेल सेड, वेरी वेल सेड। और शायद हमने बहुत सालों में यह सीखा है और जब से ये चीज आपने प्रैक्टिस करी है, मैंने प्रैक्टिस करी है, कम्युनिकेशन हमने जब इवॉल्व करी है, आवर रिलेशन हैज़ इवॉल्वड। राइट? सो, इफ समवन इज़ वाचिंग दिस पॉडकास्ट एंड आर इन द इनिशियल लेडर्स जहां पे अभी कुछ नहीं पे ही हफ्ता निकल रहा है कि कुछ
(51:08) नहीं हुआ। राइट? आई फील यस ये वाला तरीका बहुत अच्छा है कि कम्युनिकेट। मुझे लगता है अपनी नीड्स, वांट्स, डिजायर्स, एंबिशंस, एस्पिरेशंस यह कम्युनिकेट करनी बहुत जरूरी है। माइंड रीडिंग मत एक्सपेक्ट करो। इतनी अनप्रिडिक्टेबिलिटी मत डालो कि भई हर चीज गेस्ट वर्क से चले, वो अल्टीमेटली सही नहीं है। बट हर चीज़ के लिए इंस्ट्रक्शंस देनी पड़े वो भी सही नहीं है। ट्रू। [हंसी] व्हाई डस वन पार्टनर ऑलवेज फील दैट दे पुट मोर एफर्ट इन द रिलेशन? [हंसी] आई गेस, इफ आई एम नॉट रोंग, इट्स मोस्टली बोथ ऑफ़ देम। वेरी ट्रू। अगेन कपल काउंसलिंग में ये चीज
(51:44) बड़ी कॉमन है। अगर हस्बैंड को वाइफ को या बंदा और बंदी को अलग-अलग जब थेरेपिस्ट लेके जाता है अलग-अलग रूम में और पूछता है कि हु डू यू थिंक कंट्रीब्यूट्स मोर टू दैट रिलेशन? नहीं। राइट? तो दोनों को लगता है हम ज्यादा करते हैं। 70-80% तो रिलेशन मेरी वजह से है। उसकी वजह से 20 30% है। दिस इज वेरी कॉमन एंड सब थेरेपिस्ट ही एक्सपीरियंस करते हैं। सब काउंसलर एक्सपीरियंस करते हैं। सब कोचेस एक्सपीरियंस करते हैं। सो इसके पीछे साइकोलॉजी में एक टर्म यूज़ होती है। व्हिच इज कॉल्ड इकोसेंट्रिक पायस। सो हम लोगों को अपने बारे में जो डाटा है ना वो पूरा
(52:14) क्लियर होता है। हर इंच बाय इंच क्लियर होता है। मैंने इस रिलेशनशिप के लिए ये किया। जो हमने कभी कम्युनिकेट भी नहीं किया। सामने वाले को पता भी नहीं होगा। हमें तो पता है ना। सो वी हैव एव्री डिटेल अबाउट आवर एफर्ट्स। सामने वाले की कुछ विज़िबल एफर्ट्स। वो भी हम एक बायस के साथ देख रहे हैं। वो भी वो हमारी करेंसी में नहीं है। व्हेन आई से करेंसी आई मीन रिलेशनशिप में ना दोनों की करेंसी अलग है। द वे टू पुट एफर्ट्स इन रिलेशन कैन बी डिफरेंट। द करेंसी कैन बी डिफरेंट। फॉर एग्जांपल एक बंदी के लिए उसने सोशल चीजों का ध्यान रखा हुआ है या
(52:42) उसे घर का ध्यान रखा हुआ है या उसने एक वाइफ है जिसने हस्बैंड के रिलेटिव्स और अपने रिलेटिव्स का भी पूरा रिप्लाई करना, मैसेज करना, बर्थडे विश करना, गिफ्ट भिजवाना सब ध्यान रख रही है। बंदे को इस चीज से जरा फर्क नहीं पड़ता। वो कहता है कि मैंने आज तक नहीं किया। मुझे क्या फर्क पड़ता है? हु आर टॉकिंग अबाउट। [हंसी] राइट? ओके। एंड बंदा अपने तरीके से कुछ कर रहा है। मेबी उसने अपनी कोई एंबिशन छोड़ी हो फॉर द रिलेशन या वो दोनों अपने-अपने तरीके से एफर्ट्स कर रहे हैं। बंदे को अपनी एक-एक एफर्ट पता है कि मैंने अपना ये ड्रीम छोड़ा। मैंने अपनी ये एंबिशन के लिए
(53:12) किया। मैंने अपनी ये चीज करी। इस रिलेशनशिप के लिए मैं क्या-क्या कर रहा हूं। वाइफ को अपनी एक-एक चीज पता है। राइट? एक दूसरे के आधे तो नजर नहीं आते। आधे कम्युनिकेटेड नहीं है। एंड दैट इज वेयर द ईगोसेंट्रिक बायस कम्स के आई हैव डन सो मच फॉर दिस रिलेशन एंड द अदर पर्सन हैज़ नॉट। मैक्सिमम रिलेशनशिप्स में जहां दोनों का इंटेंट रिलेशन में रहना है, बिल्ड करना है, वहां पे दोनों कंट्रीब्यूट कर रहे होते हैं। दोनों की कंट्रीब्यूशन होती है। बहुत रेयर एक्सेप्शनंस होती है। कुछ होंगी जहां पे एक ही बंदे की पूरी कंट्रीब्यूशन है, दूसरा इंटरेस्टेड नहीं है। बट
(53:39) मेजोरिटी कपल्स बोथ आर ट्राइंग देयर बेस्ट। पहले तो ये समझना होगा कि हमें लग रहा है हमारा इगोसेंट्रिक बायस है कि मैं ही ज्यादा कर रहा हूं या कर रही हूं। दूसरा भी कर रहा है। वो अपनी करेंसी में कर रहा है। वो अपने तरीके से कर रहा है। वो अपनी जो उसको लग रहा है इस रिलेशनशिप के लिए जरूरी है। जो आप कह रहे हो मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता लेकिन दूसरे को दूसरे के लिए वो इंपॉर्टेंट है। हो सकता है उसके लिए एक बहुत बड़ा इट्स अ बिग डील फॉर द अदर पर्सन। तो पहले तो ये एक्सेप्टेंस होना कि वो अपने तरीके से कर रहा है। मैं अपने तरीके
(54:03) से कर रही हूं। दोनों को लग रहा है हम 70-80% कर रहे हैं। तो इट मींस 200% तो हो नहीं रहा। होगा तो 100% ही मिला के। तो दोनों कर रहे हैं। दूसरा रिलेशनशिप ना बहुत सारी स्टेजेस से निकलता है। किसी-किसी स्टेज में द परसेंटेज कैन बी ऊपर नीचे। हमेशा 50-50 होना जरूरी भी नहीं है। देयर कैन बी अ फज़ ऑफ़ लाइफ जहां पे अब मेल सेज़ कि इस टाइम मेरे लिए मेरी एंबिशन जरूरी है ये वाली। ये एक मेरा टाइम है। राइट टाइम चल रहा है मेरी एंबिशन को फ्यूल करने का। सो मे बी आई विल नॉट बी देयर एज 50%। आई विल बी देयर फॉर 20% तो आपको 70-80 डालना है।
(54:36) मोर अंडरस्टैंडिंग। एंड मे बी देयर इज़ अ फेस जहां पे एक फीमेल फील्स कि यार फॉर एग्जांपल मे बी फॉर एंबिशन मे बी वो फैमिली प्लान कर रही है मे बी शी इज़ शी इज़ एट अ स्टेज जहां पे उसकी बॉडी में कुछ ऐसे चेंजेस हो रहे हैं जहां पे शी कैन नॉट बी ऑलवेज देयर फॉर द रिलेशन वहां पर बंदे को वो 70% 80% वाला रोल प्ले करना है तो ये अगेन कम्युनिकेशन से होता है कि भ हम दोनों कोशिश कर रहे हैं ये क्लियर है और अगर इस वक्त मेरी कोशिश कम रहेगी तो मैं बता दूं कि ये एक स्टेज है जब तेरा रोल ज्यादा रहेगा ये जो विज़िबल बल और इनविज़िबल एफर्ट्स की
(55:09) आपने बात की कि मुझे अपने एफर्ट्स विज़िबल हैं बट सामने वाले के एफर्ट्स उतने विज़िबल नहीं है। इसका स्यूशन क्या है? क्या मैं यह मान के चलूं कि सामने वाला भी ज्यादा एफर्ट्स डाल रहा है या फिर सामने वाले को अपना एक-एक एफर्ट काउंट करवाने की जरूरत है। हाउ डस इट एक्चुअली वर्क? आई थिंक जिताना ना पड़े तो ज्यादा अच्छा होता है। उसका तरीका क्या है? कोई भी बायस जब हम साइकोलॉजी में बायस वर्ड यूज़ करते हैं। बी इट कन्फर्मेटिव बायस, बी इट इकोसेंट्रिक बायस, नेगेटिविटी बायस। ये जितने भी बायस है वर्ड ही बायस है। इट मींस आपकी आंखों के आगे एक फिल्टर लगा हुआ
(55:40) है जो आपका बायस क्रिएट कर रहा है। जो आपको कुछ चीजें ही दिखा रहा है। राइट? नेगेटिविटी बायस में आपको नेगेटिव ही नजर आ रहा है। कंफर्मि बायस में आप कंफर्म ही करते जा रहे हो। ईगोसेंट्रिक बायस में आप अपने डेटा पे ही इतने फोकस्ड हो कि सामने वाले को देख नहीं रहे हो। अगर आपके आंखों के आगे एक लेंस लगा हुआ है तो लेंस को हटाना इंपॉर्टेंट है। लेंस को हटाना मतलब इस नजरिए से देखना, इस थॉट से देखना कि देयर इज अ बायस जिसको मुझे ठीक करना है। मैं अपने ही एक चीजों के अंदर एक दुनिया बना के बैठा हूं। यूं बैठी हूं। मुझे सामने वाले के एफर्ट्स को एकनॉलेज करना,
(56:13) समझना, नोटिस करना। उस अपने लेंस को उधर लेके जाना, अपने फोकस को उधर लेके जाना। जस्ट लाइक कैमरा। एक चीज़ फोकस में होती है, एक डीफोकस में होती है। आपको अपनी एफर्ट्स फोकस में नजर आ रही है। दूसरी कि आप डीफोकस कर रहे हो। तो बायस हटाना मतलब मुझे अपना फोकस उधर भी डाल के देखना है। इधर भी डाल के देखना है। मुझे अपने कैमरे का अपर्चर आगे पीछे करके देखना है। इतना सा थॉट, इतनी सी अवेयरनेस, इतनी सी रियलाइजेशन आपको आपके पार्टनर के बारे में बता देगी क्योंकि वो आप ही का पार्टनर है। इतना मुश्किल नहीं है। जब आप देखोगे कि यार इसकी लाइफ में ना ये
(56:44) चीजें इंपॉर्टेंट है। एंड ही और शी इज डूइंग हम एट हिज और हर कैपेसिटी। याह। नजर आ जाता है। इतना कॉम्प्लेक्स होता नहीं है। बायस को इतना समझ लेना कि एक बायस है ना वह बायस को हटा देता है। आई थिंक वी हैव नोटिस्ड इट समवेयर ऑर दी अदर कि लोग जिसको प्यार करते हैं ना या जो उनका पार्टनर होता है जिसके वो सबसे नजदीक होते हैं वो उन्हीं से अपोलजाइज करने में सबसे ज्यादा देर लगाते हैं। बाहर के लोगों को वो जल्दी से अपोलजाइज कर देंगे। बट अपनों से ही माफी मांगने में इतनी देर क्यों लगा देते हैं? एक मेजर रीजन यह है कि जो स्ट्रेंजर है ना वहां क्या फर्क
(57:21) पड़ना है। ठीक है? एक सॉरी स्ट्रेंजर है। मेरे से कुछ हुआ। मैंने सॉरी बोल दिया। चैप्टर ओवर ना इससे मेरा प्रेजेंट पास्ट फ्यूचर लिंक्ड है ना मेरा इससे कोई बैगेज लिंक्ड है ना इससे कोई मेरे फ्यूचर को अफेक्ट होना है बट जहां पे आपकी इमोशनल इन्वेस्टमेंट हैवी है वहां पे सॉरी सिर्फ सॉरी नहीं है वो फाइव लेटर वर्ड नहीं है वो यूपीएससी के एग्जाम से भी मुश्किल चीज है वो थ्री लेटर वर्ड है ईजी ओ राइट [नाक से की जाने वाली आवाज़] यस ईगो बट नॉट जस्ट ईगो क्योंकि पहली चीज बाहर वाले को ना एक्सप्लेनेशन की ज्यादा हम टेंशन नहीं लेते क्या एक्सप्लेन करना ना गाड़ी राइट लेफ्ट
(57:57) हुई सॉरी खत्म इट्स इट हेल्प्स मी अ मैच्योर पर्सन वुड ईजीली से सॉरी बाहर ठीक है घर पे वो मैच्योर पर्सन ईली सॉरी क्यों नहीं बोलेगा दोनों को जनरली मोस्ट ऑफ़ द टाइम्स लग रहा है हम सही हैं जब हमें लग रहा है हम सही हैं तो सॉरी कहां से आएगी बैंडेड की तरह आ सकती है शांति डालने के लिए आ सकती है लेट्स से सॉरी एंड मूव ऑन ठीक है बट दिल से जो सॉरी है वो कहां से आ जाएगी जब आपको लग रहा है मैं भी सही हूं वो भी सही है मुझे लग रहा है मैं सही हूं उसको लग रहा है वो सही है तो दिल से सॉरी कहां आ जाएगी तो सॉरी से पहले इवन इफ आई एम मैच्योर एंड आई हैव लव्ड द पर्सन आई
(58:30) वुड फर्स्ट वांट टू प्रेजेंट माय साइड है ना इफ आई और शी हम साइड प्रेजेंट करने में जाएंगे तो वहां पे कंफ्लिक्ट और बढ़ेगा सॉरी का पोटेंशियल तो आएगा ही नहीं क्योंकि जब हम साइड प्रेजेंट करते हैं फिर दूसरा अपनी साइड प्रेजेंट करता है एंड ईजी नहीं जाती वो जर्नी और सॉरी नहीं आती। यहां हम यह सोच रहे थे कि चलो सॉरी बोल देते हैं खत्म करते हैं। बट क्या वो सॉरी मोमेंट्री है? प्रेजेंट है? उस सॉरी के तीनचार मीनिंग है। राइट? के इट मींस मैंने अपनी साइड नहीं रखी और मैंने गलती मान ली तो अगली बार भी मुझे साइड नहीं रखने दी जाएगी। मेरे को सॉरी बोलना होगा। ये ऐसे
(59:03) ही होना था। बट मेरा दिल से तो एग्रीमेंट नहीं है इस चीज से। मैं तो सिर्फ एक बैंडेड की तरह सॉरी लेके आया हूं। तो ये इतना इजी नहीं है कि आप सॉरी बोल दो क्योंकि आपने जो बोला है वो एक रिलेशनशिप के रूल को डिफाइन करेगा। वो ये डिफाइन करेगा कि ये चीज गलत थी और दूसरा सही था और आपका एक सप्रेस जर्नी शुरू करेगा। तो रिलेशनशिप के डायनामिक्स थोड़े कॉम्प्लेक्स होते हैं। इसलिए हम स्ट्रेंजर के साथ कंपेयर नहीं करें। हम अपनी बात करते हैं। है ना? के हमने अब विद द टाइम जब हमारा रिलेशन हैव वेंट थ्रू ऑल द रोलर कोस्टर्स एंड जब हमारे रिलेशन में
(59:33) एक चाम पार्क इवॉल्विंग शुरू हुई एंड व्हेन वी रियली फील के प्यार और ग्रो टुगेदर हुआ। तो एक चीज जो अच्छी हुई है वो ये है कि आफ्टर एन आर्गुमेंट राइट एट अ पॉइंट वी बोथ अपोलजाइज फॉर आवर ओन थिंग्स। क्योंकि झगड़े में दोनों ने कुछ ना कुछ गड़बड़ करी होती है। राइट? इशू बाद में एड्रेस करेंगे। लेकिन क्या गलत हुआ उसको पहले एक्सेप्ट कर लेते हैं। प्रॉब्लम थी बट मुझे वॉइस नहीं रेज करनी चाहिए थी। प्रॉब्लम थी मुझे ऐसा अटैक नहीं करना चाहिए था। प्रॉब्लम थी मुझे आराम से बात करनी चाहिए थी। वी ऑलवेज एंड समटाइम्स वी स्टिल डिसग्री। वी डिसएग्री
(1:00:04) वी स्टिल से कि गलती अभी भी तुम्हारी है। बट मैं मेरी आवाज तेज हुई उसके लिए आई एम सॉरी। सो दे दिस इज़ वैरी नाइस फ्रेमवर्क व्हिच इज ए आर। पहला है एकनॉलेज। ठीक है? वी कैन एग्री टू डिसएग्री। तेरा ए बी वर्जन अलग है, मेरा एबी वर्जन अलग है। लेकिन कुछ एरर मुझसे हुआ है, तभी झगड़ा हुआ है, कुछ तुझसे हुआ है। तो लेट्स एकनॉलेज। अगर कम्युनिकेशन असर्टिव नहीं है, अग्रेसिव है, तो जिसकी अग्रेसिव है, पहले वो अपोलजाइज कर ले ताकि आप वापस असर्टिव पे आ जाओ। दिस इज़ ऑल पार्ट ऑफ एकनॉलेजमेंट। अगर किसी से कररेक्टर अटैक हो गया है कि तू है ही ऐसा, तेरे तू सेल्फिश है,
(1:00:40) तेरे को फिक्र ही नहीं है, तुझे केयर ही नहीं है, तो पहले एकनॉलेज कर लो। करैक्टर अटैक हो गया है, इससे बात बिगड़नी है। लेट्स एक्नॉलेज। करैक्टर अटैक वाज रॉन्ग। आई एम सॉरी। टोन वाज़ रॉन्ग। आई एम सॉरी। कपल्स शुड स्टार्ट डूइंग इट के कुछ जो गड़बड़ हो गई उसको वापस ट्रैक पे ले आओ। वि द बॉस। हैव अ क्लीन फाइट। क्लीन फाइट। यस। एंड देन आल्सो यू कैन से आई कैन अग्री टू डिसएग्री। ठीक है? बट वो एक्चुअली बात तो इतनी सी होती है ना जो झगड़ा बड़ा होता है वो टोन, कररेक्टर, अटैक्स, मीनिंग से होता है। तो उनको तो साफ करो पहले और क्लीन फाइट ले लो। और फिर
(1:01:08) जनरली कोई खास बड़ी बात रहेगी नहीं। राइट? सो एकनॉलेज के बाद आता है अपोलोजाइज। एकनॉलेज करोगे तो अपोलोजाइज करोगे। आई एम सॉरी फॉर माय थिंग आई एम सॉरी फॉर योर थिंग राइट एंड देन वी कैन टॉक रिपेयर अगली बार इसको कैसे हैंडल कर सकते हैं अगली बार इसको कैसे फिक्स कर सकते हैं नेक्स्ट टाइम और उसकी कोई जल्दी नहीं है कि अभी सॉल्व करना है 10 20 मिनट 30 मिनट बाद वीकेंड पे सैटरडे को डेट पे जाके भी डिस्कस कर सकते हैं कि अगर ऐसा कोई इशू होता है हाउ वी हैंडल इट इट कैन बी अ फैमिली इशू इट अ फाइनेंसियल इशू इट कैन बी अ ट्रस्ट इशू हाउ वी कैन हैंडल इट सो अगर अगर हम
(1:01:38) एक्ननोलेज नहीं करेंगे तो अपोलोजाइज नहीं करेंगे अपोलोजाइज नहीं करेंगे तो रिपेयर नहीं करेंगे कुछ लोग होते हैं जो ना ऐसे सिचुएशंस में साइलेंट होना ही पसंद करते वो कहते हैं यार चुप ही रहो क्योंकि बोलेंगे तो कुछ गड़बड़ी होगी बात बढ़ेगी कौन पड़े इतने चक्कर में रादर जस्ट से स्टे साइलेंट एंड बी ओके विद इट इज इट अवॉयडेंस और इज इट मैच्योरिटी इफ इट इज टू [नाक से की जाने वाली आवाज़] अवॉयड इट इज अवॉयडेंस [हंसी] ओके इफ इट इज टू प्रिवेंट द इमीडिएट इमोशनल फ्लडिंग इमोशनल डिस्टरबेंस आर्ग्यू आर्गुममेंट हाई टोन कररेक्टर अटैक्स एंड
(1:02:18) वी कैन एड्रेस दिस लेटर देन इट इज मैच्योरिटी एज आई मेंशंड अर्लियर के झगड़ा खत्म कर रहे हो कि प्रॉब्लम खत्म कर रहे हो राइट साइलेंट ट्रीटमेंट हो गया झगड़ा खत्म कर दिया प्रॉब्लम खत्म नहीं करी तो सब इकट्ठा हो जाएगा ना माल फिर फटेगा बाद में तो प्रॉब्लम खत्म करना भी जरूरी है साइलेंस शुड नॉट बी द एस्केप द अवॉयडेंस इट शुड बी अ पॉज अ हेल्दी पॉज साइलेंट ट्रीटमेंट तो पनिशमेंट है तो इंटेंशन ही पनिशमेंट की है। हेल्दी बॉस कंस्ट्रक्टिव है। साइलेंट ट्रीटमेंट डिस्ट्रक्टिव है। वो रिलेशन का अल्टीमेटली नुकसान कर रहा है और हेल्दी बॉस रिलेशन को फायदा कर रहा है।
(1:02:54) ट्रू दैट या सो आई थिंक वी कैन ऑल इंट्रोस्पेक्ट इट इज अ गुड ओपोरर्चुनिटी फॉर एवरीवन वाचिंग दिस के हम हेल्दी बॉज लेते हैं कि साइलेंट ट्रीटमेंट देते हैं। साइलेंट ट्रीटमेंट दे वैसे ही कुछ गलत कर रहे हो। पीपल रिमेंबर द मोस्ट हर्टफुल थिंग्स देयर पार्टनर्स सेड टू देम इयर्स एगो। बहुत सारी अच्छी बातें भी बोली होती हैं। बट वो यूजुअली याद नहीं होता। बट हर्टफुल थिंग्स दे एकजेक्टली रिमेंबर वर्ड टू वर्ड। फर्स्ट ऑफ ऑल व्हाई डस दिस हैपन? एज ह्यूमंस हम सबके अंदर जनरली अगर हमने अपने ऊपर बहुत काम नहीं किया होता अपने माइंडसेट पे तो हमारे अंदर एक नेगेटिविटी
(1:03:29) बायस होता है कि हमें पॉजिटिव चीजें उतना याद नहीं रहती जितना नेगेटिव रहती हैं। बचपन के नेगेटिव इंसिडेंट्स जहां पे हमारे इमोशंस बहुत डीपली ट्रिगरर्ड होते हैं। यहां पे मैं अभी कपल के और रिलेशनशिप फाइट्स की बात ही नहीं कर रहा। बचपन के वो नेगेटिव किस्से हमें नहीं बोलते और वो जितने इंटेंस होंगे उतने याद रहेंगे। पॉजिटिव उतने याद नहीं रहते। वन बैड बर्थडे एंड 15 पॉजिटिव बर्थडेज आपका बैड बर्थडे का मेमोरी मोर विविड मोर क्लियर होगा व 15 गुड बर्थडेज। 365 डेज या चलो स्कूल में हम 250 दिन गए। 250 अच्छे स्कूल के दिन किसको याद है? जिस
(1:04:05) दिन बुली हुआ था बहुत गंदा और रोया था ना जब पूरी क्लास ने मजाक उड़ाया था। वो दिन भूलता नहीं है। सो वो नेगेटिविटी बायस है कि हमें नेगेटिविटी याद रहती है। एक नेगेटिव कमेंट पेन करता है। 50 पॉजिटिव कमेंट्स उतना हैप्पीनेस नहीं देते। एंड ये एक नेचुरल नेगेटिविटी बायस है जो हमारी जिंदगी में होता है। अब आप यह सोचो कि जिस इंसान के साथ फर्क पड़ता है। कपल राइट? बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, हस्बैंड, वाइफ, पार्टनर। यहां पे हमारी इमोशनल इन्वेस्टमेंट बहुत हैवी है। हमें इससे फर्क पड़ता है। राइट? हम इसके साथ जिंदगी बितानी है। अब इसने जब
(1:04:41) कुछ नेगेटिव बोला है तो क्योंकि फर्क पड़ता है तो मेरा बायस और ज्यादा है। वो और ज्यादा इमोशनली इंटेंस है। ट्रिगर कर रहा है तो इजी नहीं है मेरे लिए कि मैं उसको भूल जाऊं। मुझे वो ह्ट करता है। वी शुड वर्क ऑन इट। वी शुड फाइंड वेज़ टू वर्क ऑन इट। वी कैन डिस्कस दैट। बट बाय डिफॉल्ट हमारा मेजॉरिटी लोगों का नेगेटिविटी बायस ये चीज करता है कि हमें वो चीज नहीं भूलती। और क्योंकि हमें उसकी बातों से फर्क पड़ता है ना और अगर अगर उसने कभी कह दिया एक वाइफ ने हस्बैंड को कह दिया कि तू कैपेबल ही नहीं है तो बस सपने देखता है तो सपने देखता है तो ऐसे
(1:05:13) एक्शन नहीं होते वो नहीं भूलेगा क्योंकि इमोशनल इन्वेस्टमेंट बहुत हाई है। एक्सपेक्टेशन बहुत हाई है। एक सपने एक साथ देखे हैं। राइट? बाकी 100 चीजें भूल जाती हैं। तो क्योंकि ये बायस है। हम तो वी शुड एनश्योर कि हम पास्ट की चीजों को उसको फ्यूचर में लाएं। उसको बात करें, एड्रेस करें। डिड यू एक्चुअली मीन इट दैट डे? लेट्स ब्रिंग इट टू द कम्युनिकेशन, ब्रिंग इट टू द डिस्कशन। कई बार पार्टनर को पता भी नहीं होता कि उसकी पास्ट की एक बात उसको इतना ह्ट कर रही है। राइट? वो एक ट्रोमेटिक एक्सपीरियंस दे रही है। नॉट ऑलवेज बट नॉट ट्राइंग टू लूजली यूज़ द
(1:05:47) वर्ड ट्रॉमा बट एट टाइम्स इट इज़ अ ट्रॉमा। उसको पता ही नहीं है क्योंकि उसने पता नहीं किस ज़ोन में किस गुस्से में कररेक्टर अटैक कर दिया जो आपने कैरी कर लिया। तो यहां पे भी बहुतेंट है कि तेरी ये चीज मुझे आज भी ह्ट करती है। तेरी चीज मुझे आज भी तंग करती है। है मेरा नेगेटिविटी बायस। मैं इसको आराम से ठीक कर लूंगा या कर लूंगी। बट आज इसको रिसॉल्व करते हैं। अगर एक इंसान ने अपने पार्टनर के साथ इंटेंशनली या अनइटेंशनली या कुछ गलत कर दिया। इट कुड बी चीटिंग इट कुड बी सेइंग समथिंग कैन यू फिक्स ओल्ड वुंड्स। आई वुड से यस। क्योंकि वन आई एम
(1:06:22) ऑप्टिमिस्टिक ऑलवेज। मैं यह नहीं बोलूंगा। मुझे एंड ऑफ़ द वर्ल्ड नजर नहीं आता और एंड ऑफ़ द वर्ल्ड होता भी नहीं है। मैं इसको जनरल स्टेटमेंट नहीं कहूंगा कि हमेशा हो ही जाएंगे। वंड कितना गहरा है, कितना डीप है और कितना समय लेगा वह अलग-अलग है। इंटेंट टू फिक्स होगा। इंटेंट टू बी पेशेंट होगा। इंटेंट टू अंडरस्टैंड डीपली कि उस वूंड ने फील क्या कराया? उस वूंड ने आइडेंटिटी को कैसे ट्रिगर किया। टेकिंग दैट रिस्पांसिबिलिटी कि अगर मेरी वजह से वूंड हुआ है तो मुझे हील करना है, फिक्स करना है, चेक इन करना है, ठीक हुआ कि नहीं? ऑफकोर्स इट कैन। राइट? अब कोई बहुत
(1:06:55) गहरा घाव होगा। तो हम उसको 80% हील कर लें तो भी बहुत है, 70 कर ले तो भी बहुत है। छोड़ तो ना दें एटलीस्ट यह सोच के कि यह हील नहीं हो सकता। एंड आई आई फील कि बहुत लोग प्रोफेशनल हेल्प नहीं लेते। वो भी बहुत जरूरी होती है। मैं एज अ हस्बैंड और वाइफ, एज अ बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड मे नॉट बी द राइट पर्सन टू हील अ वूंड। राइट? दे मैंने दी। पर मैं इसका एक्सपर्ट नहीं हूं। मुझे हैंडल नहीं करना आता। ये चीज समझना भी बहुत जरूरी है कि मेरी वाइफ को मेरी वजह से कोई ए्जायटी, पैनिक, स्ट्रेस, ट्रॉमा, डिप्रेशन कोई भी रेंज स्पेक्ट्रम पे कुछ भी है। तो आई हैव
(1:07:31) ट्राइड, आई हैव अटेम्प्टेड। आई एम नॉट एबल टू फिक्स इट। बट आई कैन नॉट लेट इट गो। राइट? सो वहां पे प्रोफेशनल हेल्प भी जरूरी होती है। वहां पे थेरेपिस्ट के साथ बात करनी जरूरी है। वहां पे काउंसलिंग जरूरी है। कि हियर वी आर एज अ कपल। दिस इज द चैलेंज। राइट? आई अंडरस्टैंड वूंड मेरी वजह से हुआ। मुझे पास्ट में समझ नहीं थी। अनइटेंशनली हो गया। हम दोनों ने एक दूसरे को वंड्स दे दिए। हमारा पास्ट ऐसा है। वी आर अनेबल टू फिक्स इट बिकॉज़ वी आर नॉट एक्सपर्ट्स। हमारी पहली बार किसी के साथ हमने जिंदगी में पांच साल एक साथ बिताए हैं। जिसमें से पहला साल हमने बहुत घाव दे
(1:08:00) दिए हैं। और अब हम अगले 5 साल इंप्रूव करना चाहते हैं। इंटेंट है। यू एज एन एक्सपर्ट जो इतने कपल्स के साथ डील करता है। जिसने इस चीज की पढ़ाई करी है। जिसने 5 साल किताबें पढ़ी है और 500 लोगों के रिलेशंस ठीक किए हैं। मैं अपनी जर्नी क्यों अप्स एंड डाउन्स की लूं? और 10 साल वेस्ट करूं जिंदगी में। हेल्प मी आउट। टेक 10 12 सेशंस एंड हेल्प अस। तो एक्सपर्ट की हेल्प लेना, साइकोलॉजिस्ट, थेरेपिस्ट, साइकेट्रिस्ट इनकी हेल्प लेना बहुत इंपॉर्टेंट है। क्योंकि आप एक ब्यूटीफुल रिलेशन तक पहुंचने में 10 साल लगा दो और पहुंचना पता नहीं है। आप ट्राई करो,
(1:08:32) अटेम्प्ट करो। नहीं हो रहा। टेक वन सेशन एंड अंडरस्टैंड के कैन एन एक्सपर्ट हेल्प मी? वी हैव विटनेस्ड पीपल्स लाइफ गेटिंग चेंज्ड। आफ्टर अ सेशन। सो देयर इज़ अ थिंग कॉल्ड सेल्फ हेल्प। वन शुड ऑलवेज ट्राई कि मैं अपनी खुद की मदद कैसे कर सकता हूं। बुक हो सकती है, पडकास्ट हो सकता है, वीडियोस हो सकती हैं। दोस्त से बात हो सकती है। कुछ चीजें सेल्फ हेल्प से ठीक हो जाती है और कर लेनी चाहिए। राइट? योर फर्स्ट रिसोर्ट शुड बी सेल्फ हेल्प। बट कुछ चीजें डीप होती हैं। कुछ चीजें क्लीनिकल होती हैं। कुछ चीजों में एक्सपर्ट हेल्प रिक्वायर्ड होती है।
(1:09:01) कुछ चीजों में आप 5 साल में जहां पहुंचते हो एक्सपर्ट के पास एक्सपीरियंस नॉलेज एंड पढ़ाई है। वो आपको तीन महीने में पहुंचा सकता है। या आपने एक दो तीन बार ट्राई कर लिया एंड इट्स नॉट वर्किंग फॉर यू। तो इस केस में लोग एक्सपर्ट्स तक जाते नहीं है। इंडिया में या मेजरली बहुत जगह टैबू होता है। एंड वी बीइंग फ्रॉम दिस स्पेस एंड आई बीइंग फ्रॉम दिस स्पेस फ्रॉम पास्ट 17 इयर्स। सो इसलिए हमने आई एम वर्क का वन टू वन पर्सनलाइज थेरेपी ल्च किया है। जहां पे हमारी टीम ऑफ साइकोलॉजिस्ट है जो आपको समझती है। आपको हेल्प करती है। दे हैव दैट
(1:09:28) एक्सपीरियंस। दे हैव दैट क्वालिफिकेशंस कि आप जो भी प्रॉब्लम से डील कर रहे हो, रिलेशनशिप इशू है, ओवरथिंकिंग है, स्ट्रेस, ए्जायटी, डिप्रेशन, किसी भी तरह का प्रॉब्लम या फिर आप अपने आपको बेटर करना चाहते हो। सो दे एज एक्सपर्ट्स कैन हेल्प यू। कई बार ना ऐसा होता है कि बहुत छोटी सी चीज होती है। छोटा सा कोई आर्गुमेंट होगा कि यार मेरा फोन नहीं उठाया। मैंने मैसेज का रिप्लाई नहीं किया या फिर जस्ट कि ऐसे कैसे बात कर रहे हो। टोन ठीक नहीं लगी। बट ये छोटे-छोटे डिसए्रीमेंट या छोटा सा कोई आर्गुमेंट कई बार एक मैसिव फाइट में कन्वर्ट हो जाता है। एट टाइम्स ऐसा होता
(1:10:01) है कि बहुत बड़ी कोल्ड वॉर चल रही होती है। एक दूसरे से बात नहीं कर रहे। दो-द दिन हो गए हैं। ठीक से खा नहीं रहे हैं। दोनों का मूड ऑफ है। काम में फोकस नहीं कर पा रहे। और उसका रूट कॉज ना या जो उसकी जो फाइट की इनिसिएशन होती है ना वो बहुत ही छोटी सी बात होती है। नॉट अ बिग इशू। ऐसा क्यों होता है? आई थिंक अगर रिलेशन में आर्गुमेंट्स हैंडल करने आ जाए, डिसए्रीमेंट्स हैंडल करने आ जाए, कन्फ्लिक्ट्स हैंडल करने आ जाए तो एक मेजर पार्ट सॉल्व हो जाता है एक रिलेशनशिप का। राइट? क्योंकि डिफरेंसेस एंड डिस्टेंसेस छोटे-छोटे झगड़ों से शुरू होते हैं।
(1:10:36) छोटे-छोटे झगड़े ही रीजन बनते हैं जो एक बड़ा नुकसान क्रिएट कर देते हैं। स्मॉल थिंग्स कंट्रीब्यूट टू बिग थिंग्स। जो भी दो-तीन मेजर कारण है उनको अगर हम समझ लें और उनका सशन डिस्कस कर लें तो हर कोई अपने रिलेशनशिप को बेटर बना सकता है। राइट? हम एक कॉमन कपल के अंदर जो कंफ्लिक्ट होगा जैसे आपने कहा कि तूने मेरा मैसेज नहीं देखा। बहुत छोटी सी चीज है। राइट? बट इस छोटी सी चीज का मीनिंग क्या लिया जा रहा है? इज वेरीेंट। इट इज नॉट अबाउट द मैसेज। तूने मेरा मैसेज नहीं देखा। मैसेज ना देखना प्रॉब्लम नहीं है। कोई मैसेज में ऐसा कुछ नहीं लिख दिया के भाई क्यों नहीं
(1:11:12) देख लिया। राइट? इट इज अबाउट प्रायोरिटी। इट इज अबाउट इंपॉर्टेंस। इट इज अबाउट एकनॉलेजमेंट। इट इज अबाउट आई वांट यू टू सी, एकनॉलेज मी, नोटिस मी, गिव मी इम्पोर्टेंस। अब यहां पे दोनों का मीनिंग अलग है। एक के लिए मैसेज नहीं देखा मतलब आई एम नॉट इम्पोर्टेन्ट। आई एम नॉट योर प्रायोरिटी। यू डोंट थिंक अबाउट मी। एक के लिए एक मैसेज ही तो है। इसमें ये मैसेज मिस भी कर दिया तो क्या हो गया? मतलब नहीं देखा मैंने फ़। कितनी बड़ी बात हो गई। फ़ नहीं देखा। इतनी बड़ी बात हो गई तूने मुझेेंस नहीं दी। हम तो ये याद रखना कि हम जिस चीज पे झगड़ा कर
(1:11:48) रहे हैं उसका जो मीनिंग मैं सोच रहा हूं या सोच रही हूं वही दूसरा सोच रहा है। इज नॉट नेसेसरी। राइट? इट्स वेरीेंट कि हम थोड़ा ओपन होके एकनॉलेज करें। के हर चीज के मीनिंग अलग-अलग हो सकते हैं। द साइड इज डिफरेंट। इफ आई राइट थ्री हियर इट इज ई फॉर यू। राइट? एंड द सेम थ्री इज़ डब्ल्यू फॉर राधिका एंड समवन सिंगिंग हियर उसके लिए वो एम है। तो हम एक अल्फाबेट को ही चार एंगल से चार मीनिंग निकालते हैं। और यहां पे तो थोड़ी रिलेशनशिप में तो चीजें और कॉम्प्लेक्स होती हैं। तो उसके मीनिंग और ज्यादा कॉम्प्लेक्स हो जाते हैं। तो वी शुड फोकस ऑन द इमोशन इंस्टेड ऑफ द वर्ड्स।
(1:12:24) या इतना हम कर लेते हैं ना तो थोड़ा बेटर हैंडल कर पाते हैं। दूसरा रीजन जो बनता है वो है हम कहते हैं छोटी सी बात थी झगड़ा क्यों हो गया राइट इट्स लाइक बॉइलिंग द वाटर वो बॉईल जब हम करना शुरू करते हैं वो 23 30° से शुरू होता है 35 40 50 55 60 70 75 80 85 90 पानी सेम है कुछ नहीं बदला 98 99 100° के आसपास आपको बॉईल नजर आता है 100° तक पानी सेम है 1° क्या है छोटा सा 1° बट 1° पे बॉईल होता है। बॉईल होने पे स्टीम बनती है। स्टीम बनने से स्टीम इंजन चले जाते हैं। वो इतना पावरफुल होता है 1 डिग्री। सो एट टाइम्स रिलेशनशिप में पास्ट
(1:13:02) बैगेज होता है। पास्ट रिसेंटमेंट होती है। छोटी-छोटी चीजें जो हमने नहीं डिस्कस करी, नहीं शेयर करी। वो दब रही हैं। एक दूसरे को जज कर रहे हैं। एक दूसरे पे गुस्सा है लेकिन दबा लिया। दबा लिया, दबा लिया। अब तो छोटी सी चीज हुई थी। राइट? बट वो छोटी सी चीज पे हमारा वो 1 टू 100° एक साथ निकला। वो एक साथ बॉईल हुआ। वो स्टीम बना और इंजन चल पड़े हमारे इमोशंस के। राइट? सो इट दैट इज व्हाई इट इज वेरीेंट कि हम बहुत ज्यादा इकट्ठा ना होने दें। थर्ड जो मेरे एक्सपीरियंस में जो मैंने अब तक ऑब्जर्व किया है विद क्लाइंट्स विद विद ट्रेनिंग्स। हमारी ना एक एक ट्रेट है जो
(1:13:38) इंसानों को बदलना चाहिए। हम सबको बदलना चाहिए। वो है देखो हम डॉक्टर हो सकते हैं, इंजीनियर हो सकते हैं, क्रिएटर हो सकते हैं, पॉडकास्टर हो सकते हैं, एडिटर हो सकते हैं, राइटर हो सकते हैं। हम जज नहीं हैं। [हंसी] ठीक है? हम जज बनने की कोशिश करते हैं। हम दूसरे के एक्शन पर जजमेंट दे देते हैं। हम एक्शन डिस्कस नहीं करते। जजमेंट करते हैं। सेम एग्जांपल ले लेते हैं कि मैसेज नहीं किया। वो एक्शन नहीं डिस्कस कर रहे कि तूने मेरा फोन नहीं देखा। राइट? हम कह रहे हैं यू डोंट केयर अबाउट मी। तुझे मेरी फिक्र ही नहीं है। हम ये नहीं कहते कि इस
(1:14:10) वक्त ना तूने मेरे बारे में नहीं सोचा इस जगह। तो हम कहते हैं तू सेल्फिश है। एंड जब किसी के एक्शन की जगह कररेक्टर पे अटैक होता है ना तो हमारे अंदर का जो एनिमल इंस्टिंक्ट है ना वो फाइट और फ्लाइट पे आ जाता है। क्योंकि वो अटैक है। और हमारा ब्रेन अटैक पे यही सीखा है। शेर आया या लड़ लो या भाग लो। यही सीखा है। तो जब कोई कहता है तू सेल्फिश है तो आपने बहुत बड़ा अटैक डाल दिया। आपने एक चीज नहीं डिस्कस करी। अब यहां तो मैं साइलेंट ट्रीटमेंट और आई एम लाइक ऐसे कैसे बोल दिया मुझे सेल्फिश मैंने ये किया वो किया इस रिलेशन के लिए
(1:14:45) इतना किया हाउ कैन यू से सेल्फिश राइट सो वी आइदर फाइट ऑफ फ्लाइट बिकॉज़ द अटैक इज़ वेरी बिग सो आई थिंक वी शुड बी वेरी केयरफुल इतनी सी चीज इमोशनल रेगुलेशन में हमें सीखनी चाहिए कि हम जो कह रहे हैं वो इशू को एड्रेस करे वो एक्शन को एड्रेस करे वो करैक्टर अटैक ना करे राइट सो आई फील मीनिंग समझो समझो एक दूसरे का पास्ट हम पास्ट के जो ट्रेंड कच्चा बादाम गाना आज तो नहीं सुन रहे ना हम राइट या दो साल पुरानी न्यूज़ आज तो नहीं देख रहे ना हम तो हम पास्ट के इंसिडेंट्स को बार-बार क्यों रिलेशनशिप में लेके आते हैं राइट जो बीत चुका है उसको क्यों लेके आ रहे हैं सो
(1:15:22) वी एट ये भी एक रीज़न बन जाता है कि लोग लड़ाई हुई और पास्ट राइट आर्काई फोल्डर होता है एक अंदर [हंसी] कि अच्छा इस इंसिडेंट के रिलेटेड आज से चार महीने पहले 17 अप्रैल को भी यही चीज हुई थी आर्काई फोल्डर मत खोलो बोलो कररेक्टर अटैक मत करो ओपन रहो एक दूसरे के मीनिंग को लेके जजमेंट पास मत करो बेसिक्स है धीरे-धीरे होगा प्रैक्टिस के साथ होगा बहुतेंट चीज है पॉज के साथ होगा पॉज एंड थिंक आप क्या बोलने लगे हो इतने में आपको समझ आ जाएगा कररेक्टर पे नहीं जाना इंसिडेंट पे आना है पॉज एंड थिंक आपको याद आ जाएगा पास्ट की बात लाऊंगा या लाऊंगी तो गड़बड़ होगी
(1:15:56) प्रेजेंट की बात करते हैं पॉज एंड थिंक पॉज में आप दूसरे का मीनिंग भी समझने की कोशिश कर पाओगे कोशिश राइट हमेशा नहीं समझ पाओगे बट कोशिश बहुत बड़ी चीज होती है पॉज आपके लॉजिक को आगे ले आता है इमोशन को थोड़ा शांत करता है। एंड दैट्स आल्सो अ पर्पस। सो आई थिंक गलती करना और गलत इंसान होना दो अलग चीजें हैं। गलती हो गई है। लेट्स टॉक इट। इंसान गलत है नहीं। आप उसके साथ हो किसी रीज़न से हो। आपको पता भी है और पॉज करते आपको याद भी आ जाता है। नहीं तो अगले दिन याद आ जाता है कि यार बंदा तो सही है। ये एक नेचर का पार्ट है। एक फॉर्म
(1:16:27) ऑफ लव है। ये हर किसी के अंदर कुछ इंपरफेक्शंस है। ठीक है? तो ऑलवेज रिमेंबर के गलती हुई है। इंसान गलत नहीं हुआ। यहां पर मैं पर्सनल पर्सनल डेवलपमेंट भी शेयर करूंगी व्हिच वी रियली वर्क्ड ऑन। दिस यूज्ड टू बी अ वेरी बिग प्रॉब्लम विद मी दैट मैं स्पर ऑफ द मोमेंट या हीट ऑफ द मोमेंट में यू नो आई यूज्ड टू लेबल यू एट टाइम्स। यू डोंट डू दिस और यू आर लाइक दैट। बट देन आई रियलाइज्ड कि मुझे उस पर्टिकुलर इंसिडेंट और उस पर्टिकुलर मोमेंट को एड्रेस करना है ना कि आपकी आईडेंटिटी पे कोई टैग लगाना है। आई यूज्ड टू से दैट यू डोंट केयर फॉर मी। और अब
(1:17:06) मुझे पता है कि अगर एक मोमेंट पे मुझे केयर्ड फील नहीं हुआ तो मुझे उस मोमेंट की बात करनी है कि सी एक्सपेक्टेड कि इस टाइम पे मैं तेग के साथ थी और आप मुझे देख रहे थे तो यू कुड हैव एक मुझे पानी का गिलास दे देना चाहिए था बट डिडंट यू नोटिस दैट आई वास सिटींग देयर तो अब हम उस पर्टिकुलर इंसिडेंट की बात करते हैं सिचुएशन को डिस्कस करते हैं [हंसी] बट अर्लियर आई यूज्ड टू जस्ट लेबल यू लाइक दैट कि यू नेवर केयर फॉर मी एंड देन इट यूज्ड टू बिकम अ वेरी बिग फाइट। एंड एंड आई मस्ट अप्रिशिएट दिस थिंग के अपने बारे में कोई चीज को अवेयर होना और
(1:17:41) इंप्रूव करना। एंड हम दोनों ने कोशिशें करी है बट इस चीज के लिए फुल कोडोर्स एंड क्रेडिट टू यू कि आपने अपनी इमोशनल रेगुलेशन पे, अपनी पेशेंस पे, इन चीजों पे कमेंडेबल काम किया है। एंड आई मीन नोइंग योर वीक एरियाज एवरीवन हैज़। नोइंग योर वीक एरियाज एंड वर्किंग ऑन देम फॉर द सेक ऑफ रिलेशनशिप, फॉर द सेक ऑफ ग्रोथ। दिस आई मीन कडोस ये चीज मैं हर दिन ऑब्जर्व करता हूं कि ओल्ड गुंजन वर्सेस न्यू गुंजन में जमीन आसमान का फर्क है। [हंसी] और यही सारी क्रेडिट आई थिंक वी ऑफ कोर्स हम अपने शेयर अपने पार्ट के एफर्ट्स दोनों डालते हैं। एज वी से इफ वी वांट टू ग्रो
(1:18:18) इन अ रिलेशनशिप देयर इज नो अदर रूट। देयर इज जस्ट नो अदर वे। एक चीज जो आपने इम्प्रूव करी है आपने बताई। एक चीज जो मैंने इम्प्रूव करी है वो भी बताता हूं। आई वोंट से इंप्रूव किया है। बेसिक ही था। करना चाहिए था ये कि मैं ना इमोशन का आंसर लॉजिक से देता था। राइट? सो फॉर एग्जांपल अगर आपने कहा कि यार हम ना टाइम नहीं स्पेंड कर रहे। यू नो तो मैं इसकी इमोशन नहीं समझता था। मैं हिसाब किताब पे आ जाता था। यार लास्ट वेडनेसडे हम बाहर गए थे। उससे ये गए थे। यहां किया था। ये मतलब पिछला एक बैलेंस शीट सी लेके बैठ गए। कितना नहीं। उसके पीछे कारण यह
(1:18:51) नहीं है कि बताओ कब टाइम स्पेंड किया? कब करेंगे। प्लानिंग करने बैठ जाओ। ये सब सेकेंडरी है। प्राइमरी इज आई मिस यू। राइट? सो ट्राई टू अंडरस्टैंड द इमोशन बिहाइंड। मैं इमोशन नहीं समझता था। एक एग्जांपल दिया बट कई बार ये क्फ्लिक्टिंग चीजें भी होती थी जहां पे मैं इमोशन की जगह लॉजिक पे चला जाता था। तो मुझे लगता है वहां पे एक जो मैंने कहा फोकस ऑन द इमोशन। दिस इज समथिंग आई हैव आल्सो अंडरस्टुड एंड लर्नड एंड वी शुड शेयर कि हमने क्या-क्या सीखा है क्योंकि हर किसी को रोलर कोस्टर पे जाना जरूरी नहीं है। अगर इफ लर्निंग कर्व कैन बी शॉर्ट एंड इट्स ग्रेट। एक कपल
(1:19:21) रिलेशनशिप में है। इवन देन दे फील लोनली। अगर आपको कोई अपनी बात बता रहा है और आप फोन पे सुन रहे हो। इंटरेस्टेड नहीं हो ठीक है हां ठीक है। तो सामने वाला बात करके भी लोनली फील करेगा। और आप कहते हो पता है आज क्या हुआ? और दूसरा फोन रखता है और कहता है हां बता क्या हुआ? आप क्लोनली कैसे फील कर लोगे यार? आपको लगेगा यार यस आफ्टर दिस डे दिस इज माय मोमेंट। क्या एक कपल हैप्पी हो सकता है विदाउट बीइंग एक्साइटिंग? [संगीत] एक्साइटमेंट और हैप्पीनेस दो अलग चीजें हैं। अगर आप इन पॉडकास्ट के ऑडियो वर्जन्स को एंजॉय करना चाहें ताकि आप अपना काम करते
(1:19:51) हुए, वॉक करते हुए या फिर ड्राइव करते हुए भी इन एपिसोड्स का पूरा फायदा ले सके तो आप हमें स्पॉटिफाई पे फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। व्हेन समबडी आस्क फॉर पर्सनल स्पेस? ठीक है? मैं पर्सनल स्पेस की बात कर रही हूं। मुझे मेरा पर्सनल स्पेस चाहिए। मुझे मेरा टाइम चाहिए। मी टाइम चाहिए। व्हाई डस इट फील लाइक अ रिजेक्शन। सामने वाले बंदे को दूसरे पार्टनर को ऐसा क्यों लगता है कि इसको मी टाइम चाहिए। इसको मेरे से भी पर्सनल स्पेस चाहिए। इसको मेरे से भी एक हटकर एक अपना वक्त चाहिए। और मुझे लगता है कि यह कन्वर्सेशन अब और
(1:20:25) ज्यादा होती है। अगर मैं पिछली जनरेशन की बात करूं तो यह कांसेप्ट्स डिस्कस नहीं होते थे बट नीड होती थी। प्रॉब्लम मीनिंग में है। प्रॉब्लम आस्क में नहीं है। मीनिंग गलत निकलता है। इसलिए वो रिजेक्शन फील होती है या फील कराई जाती है। मेरे को मी टाइम चाहिए। मेरे को अपने साथ वक्त चाहिए। हम का मतलब यह नहीं है मुझे तेरे साथ वक्त बिताने में प्रॉब्लम है। मीनिंग की इंटरप्रिटेशन गलत हो जाती है। इसको मी टाइम चाहिए। इट मींस इसको अब मैंेंट नहीं हूं। इसको मेरे साथ अच्छा नहीं लगता। इसको इसको मेरे साथ क्या प्रॉब्लम है? मेरे साथ कैफे जाने में क्या प्रॉब्लम है?
(1:20:56) अकेले कॉफी क्यों पीनी है? व्हाई अटैचिंग सो मेनी मीनिंग्स? अगेन एक इंसान को अगर 10 20 30 मिनट खुद के साथ बिता के बेटर फील होता है तो वो गलत नहीं है। आप उसका मीनिंग गलत ले रहे हो। एग्जांपल एक और है। अ कपल गोज़ ऑन अ ट्रिप। ठीक है? जनवरी में दोनों ट्रिप पे गए। मार्च में दोनों ट्रिप पे गए। मे वन ऑफ़ द पार्टनर सेज़ आइदर द गर्ल और द गाय के आई वांट टू गो अ सोलो ट्रिप। अब इसका मीनिंग दो है। एक है मेरे साथ ट्रेवल अच्छा ही नहीं लगता। जब मैं हूं तो इसको सोलो ट्रिप क्यों जाना है। मेरी कंपनी ठीक नहीं है। जब हम दो जिसमें एक जान एक साथ जाना चाहिए। राइट? वर्ज इज़
(1:21:32) कपल ट्रिप इज़ डिफरेंट एंड सोलो ट्रिप इज़ डिफरेंट। कपल ट्रिप इज अबाउट ईच अदर। कुछ तेरी प्रेफरेंस, कुछ मेरी प्रेफरेंस, कभी तेरे हिसाब से उठना, कभी मेरे हिसाब से सोना। एंड सोलो ट्रिप इज अ सेल्फ डिस्कवरी। सोलो ट्रिप इज़ डूइंग 100% अकॉर्डिंग टू यू। राइट? सोलो ट्रिप डज़ नॉट मीन आई हैव अ प्रॉब्लम इन दिस रिलेशनशिप। तो मैं कह रहा हूं प्रॉब्लम मी टाइम में नहीं है। प्रॉब्लम सोलो ट्रिप में नहीं है। प्रॉब्लम दोस्तों के साथ टाइम बिताने में नहीं है। प्रॉब्लम एक अकेले ड्राइव पर जाने में नहीं है। प्रॉब्लम अपने घर में कोने में बैठ के किताब पढ़ने में नहीं है।
(1:22:02) प्रॉब्लम है इसका मीनिंग ये ले लेना कि इसमें रिलेशनशिप क्वेश्चन पे डाल देना। इसमें अपने आप को क्वेश्चन पे डाल देना। इतना ओवर जज कर जाते हैं हम कई बार चीजों को। आई मीन आई डोंट थिंक देयर इज़ अ हार्म। अगेन इफ कम्युनिकेशन एंड कनेक्शन इज़ देयर, कमिटमेंट इज़ देयर, तो इट्स ओके टू हैव योर ओन स्पेस, ओन टाइम, इट इज़ हेल्दी। बस उसका मीनिंग कम्युनिकेटेड हो। कपल्स में मीनिंग कम्युनिकेट नहीं होता। मीनिंग कम्युनिकेटेड हो। और वह लिबर्टी ऑफ़ फ्रीडम देना चाहिए एक दूसरे को। कि तेरी इंडिविजुअलिटी रिस्पेक्टेड है। बांधा नहीं है हमने एक दूसरे को। वी डोंट हैव टू ग्रो
(1:22:34) अप पार्ट। वी हैव टू ग्रो टुगेदर। डू यू थिंक देयर इज़ अ प्रॉब्लम इफ समबडी इफ वन पार्टनर नीड्स दिस मी टाइम मोर देन ऑफेन। लाइक रेगुलरली मोर फ्रीक्वेंटली। कि मुझे तो हर महीने ही चाहिए। मुझे तो हर वीकेंड ही अपना अपने दोस्तों के साथ जाना है या मुझे हर क्वार्टर में एक सोलो ट्रिप चाहिए तो इज इट अ रेड फ्लैग वुड बी रोंग टू जज दिस विद वन लाइन राइट आई वुड से कॉजेंट है हम इफेक्ट डिस्कस कर रहे हैं दिस इज द इफेक्ट कि वो जा रहा है कॉज क्या है कॉज ये है कि रिलेशनशिप में अनहैपीनेस है तो यस इट नीड्स टू बी डिस्कस्ड कॉज ये है कि हम साथ में खुश
(1:23:11) नहीं है तो मुझे बार-बार वो टाइम चाहिए इट नीड्स टू बी डिस्कस्ड अगर कॉज यह है कि दिस पर्सन इज लाइक दिस। जैसे हमारी भी एक अंडरस्टैंडिंग है कि मुझे मॉर्निंग चाहिए। राइट? दैट डस नॉट मीन आई हेट मॉर्निंग विद यू। राइट? बट मॉर्निंग फ्यूल्स मी फॉर द डे। बट इवनिंग इज टुगेदर। तो अगर वो कॉज क्लियर है एक दूसरे को तो उसको हर हफ्ते एक टाइम दोस्तों के साथ चाहिए। एक इवनिंग दोस्तों के साथ चाहिए। लेकिन तीन इवनिंग्स मेरे साथ चाहिए। राइट? या उसको अपने फ्रेंड्स के साथ जाना है। लेकिन वो मेरे पास रहेगी बाकी तीन दिन मेरे साथ जाएगी। तो ये एक अंडरस्टैंडिंग नजर आई थी। मेरे
(1:23:46) से प्रॉब्लम होती तो ये नहीं होता। तो ये कॉज इफेक्ट वाली चीज है कि वी हैव टू अंडरस्टैंड कि कॉज क्या है? ये सब तो इफेक्ट्स हैं उसके। तो मुझे लगता है कि अगर कोई कह रहा है मुझे हर क्वार्टर सोलो ट्रिप पे जाना है। बट आल्सो मुझे उस क्वार्टर में एक बार या दो बार कपल ट्रिप पे जाना है तो शायद ये हेल्दी है। मुझे हर फ्राइडे दोस्तों से मिलना है लेकिन सैटरडे संडे तेरे साथ बिताना है तो शायद यह हेल्दी है। क्योंकि शायद दोस्त भी चाहिए और मी टाइम भी चाहिए। उसको क्या चीज ऑपरेट करती है? तो यहां पे कन्वर्सेशन कम्युनिकेशन विल हेल्प के भाई यू वांट योर
(1:24:15) मी टाइम बिकॉज़ देयर इज समथिंग रोंग बिटवीन अस? और यू वांट योर मी टाइम बिकॉज़ दिस इज़ हाउ यू ऑपरेट। देयर इज़ वन मोर वेरी कॉमन प्रॉब्लम व्हिच इज मोस्टली सीन इन रिलेशनशिप्स। जब एक कपल रिलेशनशिप में है। सब ठीक दिख रहा है। अच्छा दिख रहा है। इवन देन दे फील लोनली। उनका पार्टनर है। हर वक्त साथ है। ट्रैवल भी कर रहे हैं। एंजॉय कर रहे हैं। वीकेंड्स बिता रहे हैं साथ में। सब कर रहे हैं बट तब भी वो लोनली फील करते हैं। व्हाई डस दैट हैपन? आयरनी देखो कि हर कोई कहता है यार कोई होना चाहिए मेरी जिंदगी में। आई फील अलोन मेरी जिंदगी में कोई होना चाहिए। कोई हो
(1:24:48) और कितनी बड़ी आयरनी है। कितना डिसपॉइंटिंग है ये कि अब कोई जिंदगी में है और आप अभी भी अकेले हो। राइट? और यह होता है। आजकल और ज्यादा है। पीपल आर इन अ रिलेशनशिप एंड फीलिंग लोनली। अकेला होना और अकेला फील करना दो अलग चीजें हैं। आप अलोन नहीं हो तब भी आप लोनली फील करते हो। आप साथ हो आप दिन भर बात भी चल रही है आपकी। आप घर की ग्रोसरीज डिस्कस कर रहे हो या आप घर के एरंड्स डिस्कस कर रहे हो। एक बेड पे सो रहे हो। एक घर में रह रहे हो। बट स्टिल यू फील डिस्कनेक्टेड। आपको लग रहा है कि वो मेरे को एक अकेलापन खा रहा है। मेजर रीज़ व्हाई दिस इज हैपनिंग इज
(1:25:26) बिकॉज़ हम लोग बिजी हैं, ऑक्यूपाइड हैं। अपनी जिंदगी चला तो रहे हैं लेकिन एक चीज मिस कर रहे हैं वो है कनेक्ट। हम कनेक्ट बहुत जरूरी है। कपल साथ हैं। पूरा दिन डिस्कशंस हो रही है, बातें हो रही है बट कनेक्टेड हैं। हम टेक्नोलॉजिकली आज हम बहुत कनेक्टेड हैं। पूरी दुनिया से कनेक्टेड है। मैं यहां बैठे अपने यूएस वाले कजिन के साथ कनेक्टेड हूं। मेरा बेस्ट फ्रेंड ऑस्ट्रेलिया में है मनविंदर। मैं उसके साथ भी कनेक्टेड हूं। राइट? अभी मैसेज करूंगा। अभी वीडियो कॉल करूंगा। एक सेकंड में कनेक्ट हो जाऊंगा। बट जो दो लोग घर में साथ हैं, वह इतनी
(1:25:54) टेक्नोलॉजिकली कनेक्टेड दुनिया में आपस में डिस्कनेक्टेड हो रहे हैं। आई थिंक इफ यू आस्क मी वन वर्ड व्हाई पीपल आर फीलिंग लोनली बिकॉज़ दे आर टुगेदर बट दे आर नॉट कनेक्टेड। व्हाई आर दे नॉट कनेक्टेड? व्हाई इज देयर अ डिस्कनेक्ट? इवन व्हेन एवरीथिंग सीम्स टू बी गुड फ्रॉम द आउटसाइड? आई थिंक कनेक्ट के लिए ना एफर्ट होती है। क्या आपने एक बार पूछा एक दूसरे से? हाउ आर आर यू फीलिंग? इमोशनली कैसे चल रहा है? लाइफ में कैसे चल रहा है? हाउ वास योर डे? यह यह कितना खो रहा है? कितना मिसिंग है? क्या ऐसा कोई रिचुअल है कि रात को बैठ के 10 मिनट सिर्फ हम कनेक्ट कर रहे हैं।
(1:26:26) व्हिच मींस वी आर ट्राइंग टू अंडरस्टैंड द इमोशनल स्टेट ऑफ ईच अदर। वी आर ट्राइंग टू अंडरस्टैंड व्हाट द पर्सन इज गोइंग थ्रू। वी आर ट्राइंग टू अंडरस्टैंड उसका दिन कैसा रहा। हम एक दूसरे को सुन रहे हैं। उसका दिन सुन रहे हैं। अगर किसी को भी यह सुनते हुए जैसे आपको लग रहा है कि होता होगा क्योंकि हमारे बीच में होता है। अगर किसी को भी ये सुन के लग रहा है कि ये तो होता है। वो लोनली नहीं है। आप लोनली फील करते हैं। आई डोंट नो आप अपना बताओगे। आई डोंट फील लोनली इन दिस रिलेशनशिप। राइट? बिकॉज़ वी हैव दिस रिचुअल। तो बहुत सारे लोगों को सुन के लगेगा यार हम तो करते
(1:26:52) हैं। बट देन दे आर नॉट फीलिंग लोनली आल्सो। और जो लोनली फील कर रहा है ना उसकी लाइफ में इमोशनल चेक इन मिसिंग है। अगर आपको कोई अपनी बात बता रहा है और आप फोन पे सुन रहे हो इंटरेस्टेड नहीं हो ठीक है हां ठीक है तो सामने वाला बात करके भी लोनली फील करेगा और आप कहते हो पता है आज क्या हुआ और दूसरा फोन रखता है और कहता है हां बता क्या हुआ आप लोनली कैसे फील कर लोगे यार आपको लगेगा यार यस आफ्टर दिस डे दिस इस माई मोमेंट राइट जहां पे हम एक दूसरे के साथ दिन शेयर कर रहे हैं। देयर आर जस्ट सो मेनी थिंग्स व्हिच अ कपल शुड डू। [हंसी] ओके, दे शुड कम्यूनिकेट, दे
(1:27:21) शुड डू इमोशनल चेक इन, दे शुड कीप द स्पार्क अलाइव, दे शुड डू न्यू थिंग्स टुगेदर। इज देयर एनी फार्मूला फॉर अ हेल्दी रिलेशनशिप? गुड। क्योंकि इससे क्या होगा ना अभी तक लग रहा होगा बहुत कुछ करना है। टेक्निकली बहुत कुछ नहीं करना। टेक्निकली सब्जेक्टली क्या करना है? कैन यू टेल मी स्टेप बाय स्टेप? सो ओवर द इयर्स आफ्टर गिविंग सो मेनी ट्रेनिंग प्रोग्राम्स एंड सो मेनी कोचिंग्स एंड काउंसलिंग्स एंड स्टडिंग इमोशंस एंड रिलेशन आंसर इज़ स्टिल नो। नहीं [हंसी] द आंसर इज़ सो एक फ्रेमवर्क के फॉर्म में ना चीजें हमेशा याद रहती हैं। एग्जीक्यूट होती हैं और इतनी कॉम्प्लेक्स
(1:27:55) नहीं लगती कि यार यह भी करना है वो भी करना है। तो एक फ्रेमवर्क को समझते हैं। आई फील बहुत सारे फ्रेमवर्क हो सकते हैं। लेकिन एक सिंपल फ्रेमवर्क जो किसी भी रिलेशनशिप की बहुत स्ट्रांग फाउंडेशन हो सकता है। देयर आर थ्री सीज़ फॉर अ रिलेशनशिप। तो पहला जो सी है ना वो वही है जिसके बारे में अभी हम बात कर रहे थे और बार-बार उसकी बात करी। दैट इज़ सी कनेक्ट। कनेक्शन का मतलब साथ रहना नहीं होता। कनेक्शन का मतलब सेम बेड पे सोना नहीं होता। कनेक्शन का मतलब सेम डाइनिंग टेबल पे खाना नहीं होता। कनेक्शन का मतलब WhatsApp पे कनेक्टेड होना नहीं होता।
(1:28:22) कनेक्शन का मतलब है वी रियली नो व्हाट्स गोइंग इन योर लाइफ। हाउ आर यू फीलिंग? राइट? व्हाट इज योर इमोशनल स्टेट? वो वाला जो कनेक्शन है कि मुझे इसका अच्छा बुरा पता है। वो कोई बात बता रहा है या बता रही है। हम सुन रहे हैं। हम इनवॉल्व्ड हैं। राइट? वी आर इन्वेस्टेड इन ईच अदर। वो कनेक्शन है। इसके लिए ऐसा नहीं है कि आपको बहुत कुछ करना है। आप एक रिचुअल अगर रख लेते हो कि रात को हमने 10 मिनट सिर्फ हमारे हैं। ना वो बेबी टाइम है, ना वो फैमिली टाइम है, ना वो टीवी टाइम है, ना वो फोन या WhatsApp या Instagram टाइम है। वो 10 मिनट हमारे हैं जस्ट टू अंडरस्टैंड।
(1:28:58) हाउ वास् योर डे? जेन्युइनली हाउ वास् यूअर डे। हम व्हाट यू फेल्ट? राइट? हाउ योर डे, आज ऑफिस में, यो हाउ यू फेल्ट? हाउ आर यू फीलिंग? हाउ कैन आई मेक यू बेटर इफ यू आर नॉट फीलिंग गुड? यू लुक फॉरवर्ड के यार रात का वो रिचुअल जो है ना जैसे हमारी वॉक होती है, हम दोनों वॉक पे जाते हैं। एंड देयर वी टॉक, राइट? इट इज नो फोन वॉक, इट इज नो फैमिली मेंबर वॉक, इट इज नो टेक्नोलॉजी वॉक, इट इज जस्ट यू एंड मी 15, 20, 30 मिनट्स, वेयर वी जस्ट टॉक के दिन कैसा रहा, क्या चल रहा है, व्हाट इज बोदरिंग, व्हाट इज गुड? आई थिंक दैट इज़ व्हेन यू आल्सो गेट टू रियली अंडरस्टैंड
(1:29:34) योर पार्टनर एज़ वेल बिकॉज़ देयर हैव बीन टाइम्स। देयर हैव बीन डेज़ देन लेटस से आई एम नॉट इन अ वैरी गुड मूड और इट्स नॉट अ वैरी गुड डे एंड द एंटायर डे इवन इवन व्हेन वी आर क्रॉसिंग ईच अदर वी वुड नॉट नोटिस कि देयर इज़ समथिंग रोंग। बट इन दोज 15 मिनट्स जब हम अनडिस्ट्रैक्टेड अटेंशन दे रहे हैं एक दूसरे को वी नोटिस इमीडिएटली दैट समथिंग इज नॉट राइट एंड वी आस्क ईच अदर दैट ओनली हैप्पेंस व्हेन वी आर जस्ट गिविंग दैट टाइम टू ईच अदर एंड इस फास्ट बेस्ड वर्ल्ड में ना पूरा दिन पॉसिबिलिटी होगी भी नहीं ऑफिस है एंबिशंस हैं करियर है ड्रीम्स हैं फैमिली
(1:30:12) है सोशल लाइफ है बट जब आपको पता है ना कि वो 10-15 मिनट आपके हैं क्वांटिटी की जगह वो क्वालिटी आपके पास है तो यू एक्चुअली लुक फॉरवर्ड टू इट मतलब मतलब हम 1ढ़ घंटा जिम करने के बाद भी हम वो 20 30 40 मिनट वॉक करते हैं। वो फिटनेस के लिए थोड़ी ना कर रहे हैं। क्यों हम लुकिंग फॉरवर्ड होते हैं कि चलो वॉक पे चलते हैं। बिकॉज़ दैट इज आवर कनेक्शन टाइम। हमें पता है कि ये हमारा टाइम है। हमें हमें चाहिए ही नहीं कहीं और कनेक्शन बिकॉज़ ये कनेक्शन हमारे लिए हमेशा है। अगर लग रहा है कि बहुत कुछ करना है ना, आप उसी 10-15 मिनट में तीनों सीज कर सकते हो।
(1:30:40) आपको दिन में 50 एक्टिविटीज नहीं करनी। राइट? आप हफ्ते में एक दिन भी क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहे हो। आप तीनों सीज को जी सकते हो। सो सेकंड सी इज कम्युनिकेशन जिसकी बात हमने कई बार करी है। सबसे खराब चीज है अगर आपकी कम्युनिकेशन हेल्दी नहीं है, एक्टिव नहीं है। व्हेन आई से कम्युनिकेशन बहुत कुछ है इसके अंदर। राइट? कम्युनिकेशन इज व्हाट आई वांट? क्या एक दूसरे की एस्पिरेशंस, विशेस कम्युनिकेटेड है। कहां मुझे स्पेस चाहिए, कहां नहीं चाहिए, कम्युनिकेटेड है? आर वी फीलिंग दैट कंफर्ट कि हम एक दूसरे को बता पाए विदाउट जजमेंट, कम्युनिकेट कर पाए। अगर बोलने वक्त हमें
(1:31:16) ये स्ट्रेस है कि सामने वाला जज करेगा तो ये एक अनहेल्ी प्रैक्टिस है। ये एक हस्बैंड वाइफ, बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड दो पार्टनर्स को मिलके सोचना चाहिए कि हम कैसे बेटर कम्युनिकेशन कर सकते हैं। कैसे हम नॉन जजमेंटल कम्युनिकेशन कर सकते हैं। कैसे सामने वाला अपनी आस्क रख सकता है। कैसे मुझे उसके 10 मीनिंग नहीं निकालने। रिलेशनशिप में प्रॉब्लम्स आती है। जब बैगेज बनता है। बहुत सारे सप्रेशंस होते हैं। बहुत कुछ अंदर भरता है तो सोडा बॉटल की तरह वो भरता जाता है। भरता जाता है। एंड अल्टीमेटली फटता है। राइट? बट अगर कम्युनिकेशन हेल्दी है तो भरेगा ही नहीं
(1:31:46) तो भरेगा नहीं तो फटेगा नहीं कनेक्ट है राइट आप कम्युनिकेट कर रहे हो बट अगर थर्ड सी नहीं है तो आप गिव अप मार जाते हो फिर आप साथ रहते हो पर साथ नहीं होते व्हिच इज द कमिटमेंट इट इज जस्ट एन इंटेंशन कमिटमेंट डज नॉट नीड एनीथिंग कमिटमेंट इज़ एन इंटेंशन कि मेरी कमिटमेंट है इस रिलेशनशिप को ग्रो करना मेरी कमिटमेंट है इस रिलेशनशिप की तरफ मेरी कमिटमेंट है कि यह जो हमने डिसाइड किया मिलके कि हमें एक जिंदगी साथ बितानी है। ये नहीं हिल रहा। हम राइट? वो कमिटमेंट अंदर से जब है ना तो कनेक्शन एंड कम्युनिकेशन होता रहेगा। हम उसके लिए एफर्ट्स करते रहेंगे। हम लड़ेंगे,
(1:32:26) झगड़ेंगे, सीखेंगे, सुधरेंगे बट चलते रहेंगे। बट अगर ये कमिटमेंट हिल गया, व्हिच इज़ जस्ट एन इंटेंशन, जस्ट अ थॉट, जस्ट अ भावना, जस्ट एन इमोशन। जस्ट अ फीलिंग। अगर ये कमिटमेंट हट गया तो कहां से करोगे कम्युनिकेट? कहां से करोगे कनेक्ट? हम तो देखा जाए व्हाट इज़ दिस इज़ नॉट कॉम्प्लेक्स। इट कैन बी अ 10 मिनट रिचुअल, इट कैन अ वॉक, इट कैन बी अ बेड रिचुअल, इट कैन बी अ इवनिंग रिचुअल, इट कैन बी अ मॉर्निंग रिचुअल, व्हाटएवर वर्क। इट कैन बी अ डेट कि यार हफ्ते में एक दिन जाएंगे कॉफी पे आधा [नाक से की जाने वाली आवाज़] घंटा बैठ के कम्युनिकेशन। लेट्स जस्ट नो के यार हाउ आई
(1:32:55) कैन बी बेटर पार्टनर व्हाट आई एम डूइंग राइट, व्हाट आई एम नॉट डूइंग राइट? व्हाट इज द एक्सपेक्टेशन आउट ऑफ दिस रिलेशनशिप। ये हर बार भी नहीं करनी पड़ेगी। बट इट्स जस्ट के कभी-कभी होती रहे। इसका एक और रीजन है कि जब हम शुरुआत करते हैं ना रिलेशनशिप तो हम एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं। राइट? यह प्रोसेस तो किया होता हमने कम्युनिकेशन का। तो फिर गड़बड़ क्यों होती है? गड़बड़ इसलिए होती है कि एक बंदा या एक बंदी अपनी लाइफ में ग्रो करती है। वो नई स्किल भी सीख रहे हो, नई किताब भी पढ़ रहे हो, नए दोस्त भी बन रहे हो, कुछ ऑफिस सिखा रहा है। कुछ लाइफ के धक्के सिखा
(1:33:26) रहे हैं। कुछ विज़डम सिखा रहा है। कुछ खुद की एनलाइटनमेंट हो रही है। समझ रहे हैं जिंदगी को। तो आपने जिससे प्यार किया था, जिसको जाना था वो 2 साल बाद अलग है। वह 5 साल बाद अलग है। वह 10 साल बाद अलग है। तो आपको बार-बार जानना जरूरी है। हम यू हैव टू कीप नोइंग ईच अदर। उसने कुछ रियलाइज किया है लाइफ में जो उसकी लाइफ के फंडामेंटल्स को हिला रहा है और आपको पता ही नहीं है। सो विथ द ग्रोइंग रिलेशन द नोइंग ईच अदर शुड कीप हैपनिंग। या दैट इज वेयर अगेन कनेक्ट कम्युनिकेशन एंड कमिटमेंट इजेंट। ब्यूटीफुल। आई वांट टू ज़ूम इन अ लिटिल बिट
(1:34:04) इनटू कम्युनिकेशन बिट। शुड पार्टनर्स टेल एवरीथिंग टू ईच अदर? शुड दे कम्युनिकेट ईच एंड एवरीथिंग? इज इट रियलीेंट कि वो अपने लाइफ की हर एक छोटी बड़ी चीज, हर एक छोटा बड़ा थॉट और हर एक छोटा बड़ा इमोशन शेयर करें अपने पार्टनर के साथ। इज इट एडवाइसेबल? इट इज समथिंग दे शुड डू। फिल्मी आंसर? यस। [हंसी] प्रेक्टिकल आंसर? नो। व्हाई नो? सुनने में अच्छा लगता है। हर चीज शेयर करो। हर चीज पता हो। माइंड में जो है वो सामने हो। एक नो फिल्टर्स, नो लेयर्स वी कैन वी शुड बी ट्रांसपेरेंट एंड वन शुड नो एवरीथिंग। जरूरी नहीं है वो हेल्दी हो।
(1:34:44) राइट? वो अनहेल्दी भी हो सकता है। आपकी अपनी एक इंडिविजुअल लाइफ है, इंडिविजुअल थिंकिंग है, इंडिविजुअलिटी है जिसमें हर चीज आप टेबल पर रखनी नेगेटिव हो सकती है। यहां पे समझना यह जरूरी है। प्राइवेसी हम और सीक्रेसी दो अलग चीजें हैं। हम [हंसी] इंटरेस्टिंग। राइट? ओके। प्राइवेसी इज़ ये बात है मेरे पास। मैं नहीं भी बताऊंगा तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बिकॉज़ ये हमारे रिलेटेड नहीं है। इट्स नॉट अ शेयर्ड एक्सपीरियंस। हम एग्जांपल के मेरे ऑफिस के एक टीम मेंबर ने अपनी लाइफ का कोई चैलेंज मुझसे शेयर किया। अब मेरी जिंदगी में जो भी है वो आपको सब
(1:35:19) पता होना चाहिए। मैं आपको आगे बताऊं कि पता है आज उसकी लाइफ में क्या हो रहा है। नॉट नेसेसरी वो उसकी लाइफ है। उसने एक ट्रस्ट में शेयर किया है मेरे साथ। उसने एक नॉन जजमेंटल स्पेस में मेरे साथ किया है। राइट? तो जरूरी नहीं आपको पता हो। मेरे मेरे दोस्त ने कुछ मुझे बोला ऐसा जो उसकी जिंदगी का है। जरूरी नहीं आपको पता हो। पर हमारे बारे में कुछ है। मैंने कोई ऐसा फाइनेंसियल ब्लंडर कर दिया है जिससे हमारा फ्यूचर अफेक्ट हो सकता है और मैं इसको छुपा रहा हूं आपसे। यह सीक्रेसी है। यह प्राइवेसी नहीं है। सो व्हाटएवर इज इनवॉल्विंग अस दैट शुड बी ओपन। एक बंदा
(1:35:49) किसी और बंदे के साथ रोमांस कर रहा है और बता नहीं रहा। इसको मैं प्राइवेसी नहीं कहूंगा। इसको सीक्रेसी कहूंगा बिकॉज़ एक आप रिलेशनशिप में हो और आप कुछ छुपा रहे हो। ठीक है? बट किसी ने कोई बात मुझे बताई। कोई ऐसा एक्सपीरियंस सुनाया और मैं आपको नहीं बता रहा। इट्स ओके। छुपाना और ना बताना में फर्क है कि भ आई हैड अ डे जहां पे मुझे आपकी कोई चीज ठीक नहीं लगी जहां पे मैंने कुछ फील किया जो इट्स वैरी पर्सनल एंड प्राइवेट मेरा रोलर कोस्टर ऑफ इमोशंस था जिसको मैंने डील कर लिया और मैंने अपने जर्नल में डाला या मैंने अपने ज़हन में रखा
(1:36:22) मैंने नहीं बताया तो इट माइट आल्सो बी इन फेवर ऑफ रिलेशन इट नॉट नेसेसरी इज अ रोंग थिंग बट व्हाट इफ देअर समथिंग व्हिच इज प्राइवेसी फॉर डू बट सीक्रेसी फॉर मी लाइक सीक्रेसी प्रवेसी कई रिलेशंस में तो जस्टिफाई फिर भी हो जाएगा स्पेशली जब हम ऑफिस कोलीग्स एम्प्लाइजस की बात करेंगे बट व्हेन इट कम्स टू फैमिली मेंबर्स लेट्स से किसी को किसी रिलेटिव ने कुछ बोला है तो क्या वहां पर भी हम बोलेंगे कि यह एक प्राइवेसी है आई डोंट नेसेसरीली नीड टू शेयर दिस विद माय पार्टनर प्राइवेसी सीक्रेसी इतनी इजीली डिफाइन नहीं होगा कम्युनिकेशन होगी इसमें भी कि
(1:36:58) देख तेरे लिए यह प्राइवेट था बट आई फील इट इज इट शुड बी शेयरर्ड बट यह थॉट को ही डिसएग्री कर देना कि कुछ प्राइवेट होगा ही नहीं। हर चीज़ शेयर होनी ही चाहिए। एक फंडामेंटल ये है कि नहीं देयर कैन नॉट बी इंडिविजुअलिटी। वी आर वन। ठीक है? एक फंडामेंटल है वी आर टू इंडिविजुअल्स इन अ रिलेशनशिप बट आई नीड टू नो दिस। और इस बार तूने ये नहीं बताया तेरे लिए ये छोटी चीज थी। मेरे लिए बड़ी चीज थी। अगेन करेंसी। तेरी करेंसी अलग है। मेरी करेंसी अलग है। बट वी कैन कम्युनिकेट ईच अदर कि ऐसा हर सिचुएशन मुझे पता होनी चाहिए। एक एग्जांपल लेते हैं।
(1:37:25) अपने रिलेटिव्स की एग्जांपल ली। तो एक घर-घर की कहानी वाली एग्जांपल ले लेते हैं। आई थिंक इट विल बी सुपर रिलेटेबल टू मैन। एक बंदा है। उसकी मदर ने उसकी वाइफ के बारे में कुछ बोला। आउट ऑफ एंगर बोल दिया। आउट ऑफ इरिटेशन बोल दिया। आउट ऑफ़ फ्रस्ट्रेशन बोल दिया। व्हिच प्रोबेबबली शी मेंट और डिड नॉट मीन वो बाद की बात है। हमारे बीच में तो सब शेयर होना चाहिए। वो बंदा जाता है अपनी वाइफ को सब बता देता है। अल्टीमेटली वो नेगेटिव भी हो सकता है घर के एनवायरमेंट के लिए। मुझे लगता है सालों से सदियों से बहुत सारे परिवार, बहुत सारे घर सिर्फ भारत में नहीं पूरी
(1:37:57) दुनिया में। इस रीजन से भी चलते हैं कि घर में जो हर चीज किसी इमोशन में बोली गई एंगर में बोली गई वो आके बंदा अपनी पार्टनर को बता रहा है क्योंकि हमारे बीच ऐसा नहीं होता जिस वजह से कई बार हेल्दी लाइंस मेंटेंड रहती हैं। अब यहां पे अगर उस रिलेशनशिप की एक्सपेक्टेशन है। अगर वाइफ ने बोला है कि आई एक्सपेक्ट कि मेरे बारे में अच्छा हो, बुरा हो, मुझे सब पता होना चाहिए। कम व्हाट मे तो वो एक डिस्कशन है, कन्वर्सेशन है, कम्युनिकेशन है। अब बताना चाहिए बिकॉज़ इट्स अ पैक्ट नाउ। इट्स एन एग्रीमेंट नाउ। बट एट टाइम्स ना बता के वो एक रिलेशन बिटवीन द फैमिली भी मेंटेंड
(1:38:29) रहता है और रहता है। मतलब यह एक फैक्ट है। मैंने एग्जांपल बंदे के लिए इट कैन गो वेरी ऑोजिट के एक बंदी अपने ससुराल गई है और उसके बाप ने उसके पति के बारे में कोई कमेंट पास किया। उसने अपने पति को वो कमेंट नहीं शेयर किया। उसकी सेल्फ रिस्पेक्ट को बचाया। उसने वहां पे जो बोला जो फाइट हुई नहीं बताई कि व्हाई शुड यू नो? आई हैव सॉल्वड इट। राइट? एंड यहां पे वो कहे कि नहीं मुझे पता होना चाहिए था। अगर एक्सपेक्टेशन है भाई जो मर्जी हो मुझे पता होना चाहिए। ठीक है। द इंटेंट इज़ वेरीेंट। मेरा इंटेंट क्या है? मेरा इंटेंट रिलेशन के फेवर में
(1:38:58) है। मैं एक मैं जो कह रहा हूं बहुत लोग डिसए्री कर सकते हैं। लेकिन क्या रिलेशनशिप मतलब दो लोग एक हो गए हैं कि ये एक फिल्मी बात है। अगर हम ये समझेंगे दो लोग एक हैं तो आई थिंक अनहेल्ी चीजें भी हो जाएंगी। अगर हम प्रैक्टिकल बात करें दो इंडिविजुअल्स आर ट्राइंग टू बिल्ड समथिंग टुगेदर। दैट इज अ रिलेशनशिप। हम बोल सकते हैं कि वह एक हो चुके। वो एक नहीं हुए। दोनों के प्रेफरेंसेस, चॉइससेस, एंबिशंस, एस्पिरेशंस, थिंकिंग, चाइल्डहुड पैटर्न्स अलग हैं। सो दे आर ट्राइंग टू डू समथिंग टुगेदर, वर्कआउट अ रिलेशनशिप टुगेदर, अंडरस्टैंडिंग ईच अदर। इस बीच दोनों की
(1:39:32) इंडिविजुअलिटी है। दोनों की अपनी इमोशंस हैं। बट हम रूल ऑफ़ थम नहीं लेके चल सकते कि हर चीज शेयर हो ही हो, हर इमोशन एक्सप्रेस हो ही हो। मुझे आप पे गुस्सा आ रहा है एग्जांपल के लिए। मैंने आपको बताया भी नहीं। ठीक? अपने आप से कर लिया। तो क्या मैं अब प्रीविसी रख रहा हूं? नहीं। आई थिंक आई एम एन इंडिविजुअल हु वाज़ एबल टू रेगुलेट द इमोशंस विदाउट टेलिंग यू कि आई वास एंग्री ऑन यू एंड नाउ आई एम ओके विद यू। नॉट एव्री सिचुएशन आई नीड टू ब्रिंग टू द टेबल। एवरी फीलिंग बैड। आई डू नॉट नीड टू टेल। आई एम फीलिंग बैड। फिर तो मैं लड़ता ही रह जाऊंगा या लड़ती ही रह
(1:40:03) जाएगी बंदी। हम नहीं बताते हर चीज। मैं यही कह रहा हूं। हम रखते हैं अपने तक। तभी वो हेल्दी रहता है। सी हियर द डिफरेंस इज़ इन द इंटेंट। एक इंटेंशन यह होना कि यह एक बात है जो मेरी किसके साथ हुई है। बट यह मुझे नहीं बतानी है। एंड व्हाट इफ चार दिन बाद कहीं से वो बात किसी को पता चलती है तो फिर आता है कि अब अगर तुझे पहले से पता था तो तूने मुझे यह बताया क्यों नहीं? एंड स्पेशली मेरा जो क्वेश्चन था दैट वाज़ कि अगर फैमिली मेंबर्स आ रहे हैं वो तो फिर एक कपल का शेयर्ड एक्सपीरियंस हो गया ना कि अगर तेरे पापा ने मेरे बारे में कुछ कमेंट किया तो
(1:40:37) तेरे पापा मेरे भी कुछ लगते हैं और मेरा यह जानना जरूरी था कि वो मेरे बारे में क्या सोचते हैं? नो मैटर उसके क्या कॉन्सिक्वेन्स हो? क्या मेरा यह राइट नहीं है मुझे पता हो? तुझे पता है। मुझे क्यों नहीं पता? बंदी का इंटेंट था मेरे फादर और मेरे हस्बैंड का रिलेशन मेंटेन रहे। उसने नहीं बताया। बंदे का एक्सपेक्टेशन है कि मुझे पता होना चाहिए। यह कपल्स में कई बार होता है होना जरूरी है कि देख तेरी करेंसी मेरी करेंसी अलग है। तेरे हिसाब से यह छुपाना बेटर था टू मेंटेन माय रिस्पेक्ट। आई लव यू फॉर दिस। आई रिस्पेक्ट यू। बट मेरी
(1:41:10) एक्सपेक्टेशन है। मुझे बुरा भी लगे ना मुझे पता होना चाहिए। यह एक एक्सपेक्टेशन सेटिंग है। रिलेशन ब्लैंकेट स्टेटमेंट से नहीं चलता। रिलेशन अपने इंटेंट और एक्सपेक्टेशंस को कम्युनिकेट करके ही चलता है। सिर्फ इसमें नहीं हर कैटेगरी में डिस एग्रीमेंट पे भी, आर्गुमेंट पे भी क्या होता है? तुमने मेरा मैसेज नहीं देखा? तुमने मेरा मैसेज नहीं देखा? ओके। लेट्स टॉक। मेरा इंटेंट यह नहीं है कि मैं तुम्हें तंग करूं बार-बार बोल के कि तुमने मेरा मैसेज नहीं देखा। पर मेरा इंटेंट है कि आई डिड नॉट फीलेंट। द बंदा और बंदी सेज़ ओके। मेरी एक्सपेक्टेशन है कि मैं अगर
(1:41:45) मैसेज नहीं देखूं तो कॉल कर लियो। हम अपने रिलेशन को ग्रो ही तब करते हैं जब हम अपना इंटेंट और एक्सपेक्टेशन कम्युनिकेट करते रहते हैं। एंड एज ऑलवेज वी कैन एग्री टू डिसएग्री। [हंसी] वेरीेंट पिलर ऑफ़ कम्युनिकेशन। एग्री टू डिसएग्री। ये बहुत जरूरी होता है। अरे एग्रीमेंट नहीं हो रहा है। इट्स ओके। आई थिंक ये ढाई मैजिकल वर्ड है जो हर कपल को फ्रीक्वेंट यूज़ करने चाहिए। कि तुझे ए लग रहा है, मुझे बी लग रहा है। इट्स ओके। वी कैन एग्री टू डिसएग्री। अगली बात करें। हम सो आई फील ऑफ कोर्स दिस इज वेरीेंट। मेरे फ्रेंडशिप्स में, रिलेशनशिप्स में, पेरेंट चिल्ड्रन में,
(1:42:20) जनरेशंस में तीन वर्ड्स हैं। लेट्स एग्री टू डिसएग्री। बात खत्म हो जाती है। देन अकॉर्डिंग टू यू। वेयर डू यू थिंक वन शुड ड्रॉ अ लाइन बिटवीन देयर पेरेंट्स एंड पार्टनर। हम [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहानी घर की। देखो पार्टनर का जब लाइफ में आना होता है, ठीक है? तो अब से आपकी जिंदगी का वन ऑफ द मोस्टेंट प्रायोरिटी शुड बी हैज़ टू बी पार्टनर। अब इसमें पेरेंट्स के लिए एक बड़ा शिफ्ट होता है। स्पेशली फॉर फॉर अ मदर टू द सन। कि अब तक वो बेटा मेरा बेटा था। अब वो किसी और का भी कुछ है। और यहां पर स्टेटमेंट्स आ जाती हैं। शादी के बाद तो बदल गया है। शादी के
(1:43:04) बाद बदलेगा। राइट? वो शादी के बाद बदलेगा क्योंकि उसके पास नई रिस्पांसिबिलिटीज आई हैं। वो किसी के साथ जिंदगी शेयर कर रहा है। वो एक नई जगलिंग सीख रहा है। वो अपने पैरों पर सोच रहा है कि कल को मेरी फैमिली होगी। मुझे कैसे प्रोवाइड करना है? हाउ कैन ही बी सेम। राइट? वो बदलेगा। ठीक है? तो चेंज इज कांस्टेंट। चेंज होगा। द रिस्पेक्ट टुवर्ड्स पेरेंट्स वो कॉम्प्रोमाइज नहीं होनी चाहिए। दिस इज व्हाट आई फील। यू मे नॉट अग्री टू एवरीथिंग बट यू कैन ऑलवेज रिस्पेक्ट। वी रिस्पेक्ट यू बट वी कांट अग्री हियर। अगर पेरेंट्स कहें कि रिलेशन ऐसे चलाओ, तेरी
(1:43:36) वाइफ को यह पता होना चाहिए, तेरे हस्बैंड को यह पता होना चाहिए, वी रिस्पेक्ट यू, वी लव यू। बट दिस इज आवर रिलेशन, लेट अस नेविगेट दिस। सो लव एंड रिस्पेक्ट इज नॉट इज़ इक्वल टू एग्रीमेंट। यह बहुतेंट है। पूरा जो मीनिंग ले लेते हैं ना पेरेंट्स और लोग, वो यह ले लेते हैं कि इफ माय सन [नाक से की जाने वाली आवाज़] इज नॉट अग्रिंग टू मी, इट मींस ही डज़ नॉट लव मी। ही डज़ नॉट रिस्पेक्ट मी। ही हैज़ चेंज्ड। यस ही हैज़ चेंज्ड बट ही स्टिल लव्स यू एंड रिस्पेक्ट्स यू। सो, आई थिंक पेरेंट्स के लिए लव रिस्पेक्ट रहना चाहिए। पर जब आपकी जिंदगी में पार्टनर आ गया है, आपने
(1:44:08) शेयरर्ड लाइफ अब उसके साथ जीनी है। तो वो आपके डिसीजंस आपके घर कैसे चलाना है? फैमिली गोल्स क्या है? लाइफ गोल्स क्या है? फाइनेंसियल गोल्स क्या है? यहां पे सबसे ज्यादा इन्वॉल्वमेंट एक कपल की होनी चाहिए। यहां पे सबसे कम इंटरफेरेंस बाकियों की होनी चाहिए। व्हेन समबडी गेट्स मैरिड, तो उनकी उनके पार्टनर से यह एक्सपेक्टेशन होती है कि अब उसकी लाइफ में आई शुड बी द फर्स्ट प्रायोरिटी। बट डू यू थिंक दैट योर स्पाउस शुड ऑलवेज बी योर फर्स्ट प्रायोरिटी। दोनों एंगल से बात करते हैं। एक है फर्स्ट प्रायोरिटी होना चाहिए कि नहीं? इस पे हम आते हैं अभी। पहले यहां आते हैं।
(1:44:43) ये एक्सपेक्टेशन कि आई शुड बी द फर्स्ट प्रायोरिटी। एसोसिएशन है, रिलेशनशिप है, टुगेदरनेस है। कंपटीशन है क्या? मतलब आईपीएल चल रहा है क्या कि मुझे जीतना है। बिग बॉस चल रहा है। मुझे फर्स्ट आना है इसमें। हम एक कॉम्पिटिटिव थॉट प्रोसेस से एक्सपेक्टेशन रख रहे हैं। इतनी हमारी नीड है उस वैलिडेशन की कि मैं एक रिलेशन में जा रहा हूं। मैं एक रिलेशन में जा रही हूं। नाउ आई शुड बी द नंबर वन प्रायोरिटी। एक नेचुरल प्रोसेस भी होगा। राइट? एक नेचुरल प्रायोरिटी भी होगी। होनी चाहिए। हम बट जब हम इस एक्सपेक्टेशन और आस से आते हैं तो मुझे लगता है पहले एक अनहेल्दी सा
(1:45:15) प्रेशर है क्योंकि हम एक थर्मोस्टेट लेके आए हैं कि इस डिग्री पे ये आना चाहिए रिलेशनशिप राइट एक कॉम्पिटिटिवनेस लेके आए हैं बाकी सबके साथ उसकी जिंदगी में जो भी और एलिमेंट्स हैं हम उसके साथ कंपटीशन की भावना से एंटर कर रहे हैं कि मुझे अब फर्स्ट प्रायोरिटी चाहिए। हैविंग सेड दैट फॉर अ कपल फॉर अ गुड रिलेशनशिप फॉर अ रिलेशनशिप टू ग्रो दे शुड बी ईच अदर्स प्रायोरिटी दे शुड बी फर्स्ट प्रायोरिटी यस ऑलवेज अ फर्स्ट प्रायोरिटी मे नॉट बी द केस ये थॉट नहीं होना चाहिए हमेशा फर्स्ट प्रायोरिटी एग्जांपल अगेन लाइफ की एजेस एंड स्टेजेस एक कपल है अब बेबी
(1:45:48) [नाक से की जाने वाली आवाज़] आ गया कुछ टाइम के लिए हो सकता है कि आप भी प्रायोरिटी हो और वो बच्चा भी प्रायोरिटी हो प्रायोरिटीज शिफ्ट भी होती है एज स्टेज से फर्क भी पड़ता है इट डस नॉट रिड्यूस यू एज अ पर्सन राइट बट बट किसी किसी स्टेज में प्रायोरिटी वन कुछ और हो सकता है। एंड इट्स ओके। राइट? अब इस वीकेंड डेट पे जाना है कि बच्चे को डॉक्टर पे लेके जाना है। आई थिंक बोथ विल से बच्चे को डॉक्टर पे लेके जाना है। क्योंकि वो तो दोनों की प्रायोरिटी हो गई ना। हां। तो प्रायोरिटी दोनों की प्रायोरिटी वन चेंज होगी। थिंग्स चेंज बिकॉज़ नाउ द टू ऑफ़ यू हैव अ
(1:46:19) कॉमन प्रायोरिटी। नॉट नेसेसरी क्योंकि बच्चा होने के बाद भी कुछ कपल्स में एक जने की कंप्लेंट हो जाती है कि अब मैं उसकी फर्स्ट प्रायोरिटी नहीं हूं। कंप्लेंट जस्टिफाइड भी हो सकती है। बट आई एम सेइंग द प्रायोरिटी शिफ्टिंग एंड प्रायोरिटी जगलिंग भी एक चीज है। जिंदगी भर एक ही जाना एक ही प्रायोरिटी की स्टेज पे रहेगा। जरूरी नहीं है। एग्जांपल पेरेंट्स बीमार है। ठीक है? या उनकी लास्ट स्टेज है या ऐसा कोई भी चीज है। उस टाइम पे प्रायोरिटी वन क्या है? उस टाइम पे प्रायोरिटी वन पार्टनर वाइफ या हस्बैंड नहीं होगा। ऑफकोर्स वी आर नॉट टॉकिंग अबाउट सच
(1:46:47) एक्सेप्शनल फेसेस ऑफ़ लाइफ। देन इवन योर पार्टनर वुड वांट यू टू स्पेंड टाइम विद योर पेरेंट्स इफ दे डू नॉट, देन देयर इज अ बिगर क्वेश्चन। बट माय क्वेश्चन इज अबाउट दी ओवरऑल प्रायोरिटी इन लाइफ। यस। अगर इसको हम सिंपल वर्ड्स में रखें तो यस। ठीक है? मैं ये क्यों एक्सप्लेन कर रहा हूं? क्योंकि जब आप एक्सपेक्टेशन और कॉम्पिटिटिव थॉट से जाते हो रिलेशनशिप में तो फिर आप जज करते हो। फिर आप जज क्यों करते हो? मैं एक छोटी सी एग्जांपल देता हूं। के गाय सेस मैं फ्राइडे अपने फ्रेंड्स के साथ जा रहा हूं। एंड वाइफ इफ शी हैज़ अ कॉम्पिटिटिव थॉट या हैज़ अ वेरी
(1:47:22) हाई एक्सपेक्टेशन आई शुड बी प्रायोरिटी। तो फिर यह जज हो गया कि आज मैं प्रायोरिटी नहीं हूं। आज दोस्त प्रायोरिटी हो गए। यह जो कंफ्लिक्ट होता है रिलेशनशिप में यह तब होता है जब आप एक इस भावना के साथ जा रहे हो कि भ नंबर वन तो मैं ही हूं। बट जब आप समझते हो अगेन इंडिविजुअलिटी कि आई एम्पेंट राइट आई एम अ प्रायोरिटी टुडे इट्स फ्रेंड्स टाइम व्हिच इज आल्सो हेल्दी। राइट? आज की शाम फ्रेंड्स प्रायोरिटी है। सो आई थिंक प्रायोरिटी वन बनने की जगह कपल के लिए ज्यादा जरूरी है। आई एम देयर फॉर यू। यू कैन काउंट ऑन मी। राइट के मैं हूं
(1:47:55) मतलब मैं 200 के साथ जा रहा हूं बट दिस इज द डे व्हेन यू नीड मी दुनिया भाड़ में गई ये फीलिंग जो है ना कि मैं हमेशा प्रूव करता रहूं या प्रूव करती रहूं कि तू मेरी प्रायोरिटी वन है व्हेन द सिचुएशन इज देयर द पर्सन नोस ही और शी इज़ देयर फॉर मी। आई थिंक हमारे साथ भी होता है। हम अपनी एग्जांपल्स कम डिस्कस कर रहे हैं। लेकिन हमने बहुत काम किया इस चीज पे। तो हमें करनी चाहिए कि मेनी अ टाइम्स फॉर यू फॉर मी वर्क इज प्रायोरिटी वन इन अ डे। इन अ वीक। ठीक है? बट यह भी बहुत बार हुआ है कि एक को लगा दूसरे का मूड ठीक नहीं है या दूसरे को नीड है। तो उस वक्त हमने कहा
(1:48:30) सब कुछ साइड पे। लेट्स गो ऑन अ डेट। लेट्स गो फॉर अ कॉफी। तो ये थोड़ा सा हेल्दी स्विचिंग बिटवीन प्रायोरिटीज चलती है। अगर कपल में आपस में यह पता है। यू कैन काउंट ऑन मी। आई एम ही इज़ देयर फॉर मी। वो देयर का मतलब फिजिकली प्रेजेंस जरूरी नहीं है। वो दोस्तों के साथ है। इस वक्त उसकी प्रायोरिटी दोस्त हैं। इट्स ओके बट आई नो आई कैन काउंट ऑन इट। यह फीलिंग ज्यादाेंट है। वह कॉम्पिटिटिवनेसेंट नहीं है। किसी भी रिलेशन में एक्सपेक्टेशन ऑफ अ कॉम्पिटिटिवनेस आई फील इट्स नॉट हेल्दी। हो जाते हैं एक दूसरे की प्रायोरिटी वन। बट जब मैं रिलेशन में जाऊं और मैं उसकी
(1:49:05) प्रायोरिटी वन हूं फिर आप लेंस लगा के जज करते रहोगे। आज दोस्त प्रायोरिटी, आज वो प्रायोरिटी हॉज पेरेंट्स प्रायोरिटी। अरे इट्स ओके। एक्चुअली वी शुड पुट इट लाइक दिस कि हमारे लिए तुम्हारा काम इंपॉर्टेंट है। हमारे लिए मेरा मेरी फ्रेंड के साथ जाना इंपॉर्टेंट है। हमारे लिए हमारा हमारे बच्चों को टाइम देना इंपॉर्टेंट है। सो इट्स ऑलवेज इट्स अ म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग। मेरा यह सवाल ट्रांजैक्शनल नहीं है। मेरा यह सवाल इमोशनल है। इमोशनल बेसिस पे है कि अगर एक रिलेशनशिप में किसी एक पार्टनर की प्रायोरिटी अभी भी उसके दोस्त ज्यादा है या उसकी फैमिली ज्यादा है
(1:49:43) या उसका काम ज्यादा है और उसका जो पार्टनर है वह सेकंड थर्ड नंबर पे आता है। तो क्या वो रिलेशनशिप सस्टेन कर सकता है? फॉर अ टेंपरेरी फेस फॉर अ सिचुएशनल बेस इट्स ओके। इफ इट इज बाय डिफॉल्ट नहीं करेगा। क्योंकि सबसे ज्यादा वक्त एक कपल साथ बिताता है तो देयर इट इज वेरीेंट कि द प्रायोरिटी शुड बी देयर फॉर ईच अदर दूसरे ही ज्यादा है हमेशा और वो नहीं है वो अनहेल्दी है यार एक तरफ हम डिस्कस करते हैं कि दो लोग एक जान हैं है ना तो फिर आपकी बात बड़ी प्यारी है ना कि आर प्रायोरिटी राइट टुगेदर तो वो ज्यादा अब यही ना यहां पे एक हिपोक्रेसी आ जाती है
(1:50:20) वैसे हम दो जिसमें एक जान है ठीक है बट तू मेरी प्रायोरिटी नहीं मैं तेरी अरे एक ही तो है कौन किसकी कौन किसकी प्रायोरिटी है वन यूनिट तो इट इट मींस यू आर इंडिविजुअल यू हैव सम एक्सपेक्टेशंस व्हेन यू हैव एक्सपेक्टेशंस यस हम इट इज़ ओके टू एक्सपेक्ट कि भई मैं हूं ऑल आई एम सेइंग इज डोंट एंटर विद द एक्सपेक्टेशन ऑफ कॉम्पिटिटिवनेस डोंट कमपीट विद एनीवन इन अ रिलेशन जरूरत नहीं पड़नी चाहिए एक रिलेशनशिप में कंपटीशन की इट्स ओके टू गिव दैट स्पेस के आई नो आई कैन काउंट ऑन यू डे वन प्रायोरिटीस कैन चेंज फेज वाइस सम प्रायोरिस कैन चेंज बट
(1:50:50) ऑलवेज इफ प्रायोरिटीस आर चेंजिंग फिर तो पॉइंट ही नहीं है उस रिलेशनशिप की फाउंडेशन वीक है। इज इट ओके टू चेक योर पार्टनर्स फोन विदाउट लेटिंग देम नो अबाउट इट? हां, मैं बताता हूं। [हंसी] बढ़िया सवाल है। शायद बहुत लोगों के जे ज़हन में आता होगा। मैं कह रहा हूं कि कर लिया तो क्या हो गया। ठीक है। एक छोटी सी चीज है। या मन में शक आ रहा है। फ़ोन देख लिया। हम्म। इट्स ओके। शक हट गया। शांति हो गई। ठीक है। मन में शक बार-बार आ रहा है। हम तो बात होनी चाहिए। इनसिक्योरिटी है तो बात होनी चाहिए। राइट? ट्रस्ट इशूज़ हैं तो क्फ्रेंट करो, डिस्कस करो।
(1:51:28) एक लेंस से अपने रिलेशन को मत चलाओ कि जैसे साइड हो मैं फोन देखूं। इसके फोन में कुछ चल रहा होगा। ये हो रहा है ना तो अनहेल्ी चीज है। मैं कह रहा हूं एक बार फोन में देख लिया तो अब उसको मैं बड़ा हुआ ना बनाऊं। पार्टनर का फोन ही तो है। खोल लिया देख लिया। वो आ सकता है एक शक देख लिया। कुछ लगा बॉडी लैंग्वेज से खोल लिया। इट्स ओके। इतना क्राइट रख लेना चाहिए। सही हो तो क्या दिक्कत है? दोनों सही है तो क्या दिक्कत है? फोन देख लिया। और एक बार थॉट आ गया तो वी आर ह्यूमन। एक बार थॉट आया चेक कर लो। ठीक है? शांति [गला साफ़ करने की आवाज़] मिल गई।
(1:51:57) ले लो। बार-बार थॉट आ रहा है ना तो देयर इज़ समथिंग व्हिच नीड्स टू बी एड्रेस्ड। हम ऑल आई एम सेइंग इज के द रीज़न ऑफ़ चेकिंग फोन इज़ वेरीेंट। आपका रीज़न है कि आपको शक होए जा रहा है। आप इनसिक्यर्ड हो रहे हो। आपको लग रहा है कि मेरी वाइफ पता नहीं क्या-क्या कर रही है। मेरा हस्बैंड पता नहीं क्या-क्या कर रहा है। तो बात होनी चाहिए। अदरवाइज आप साथ रह रहे हो। बट इतनी इनसिक्योरिटीज़ के साथ रह रहे हो। सो मैं अगेन रूल ऑफ़ थम नहीं कह रहा कि नहीं फ़ को तो हाथ नहीं लगाना चाहिए लगा इट्स ओके बंदे का ही फोन है बंदी का ही फ़ोन है देख लो बिकॉज़ इट्स ओके टू चेक फ़ोन
(1:52:28) एंड एवरीडे यू आर चेकिंग फ़ोन एक्सक्यूज मी टॉक आई फील इनसिक्यर्ड बिकॉज़ ऑफ़ ए बी सी हिंट्स आई गॉट क्लेरिटी मिल जाएगी अरे यार ये नहीं है या एक शॉक बॉम्ब मिल जाएगा हां कुछ है [हंसी] दिस इज एक्चुअली अ सर्वे इट्स अ यूएस सर्वे आई डोंट नो अबाउट इंडिया स्टैटिस्टिक्स बट वन इन थ्री पीपल चेक देयर पार्टनर्स फोन विदाउट लेटिंग देम नो अबाउट एंड इन माय ओपिनियन व्हाई दे डू सो इज़ नॉट बिकॉज़ दे आर इनसिक्योर और नॉट बिकॉज़ दे हैव दे डाउट और दे डोंट ट्रस्ट देयर पार्टनर्स आई थिंक इट्स जस्ट बिकॉज़ दे वांट टू बी श्योर एंड दे डोंट वांट देयर पार्टनर्स नो अबाउट इट दैट दे वांट
(1:53:09) दैट सेंस ऑफ़ श्योरिटी एंड सिक्योरिटी। मुझे लग रहा है वंस इन अ वाइल ह्यूमंस हैं। ओके है। मैं बट आई एम अगेन सेइंग के अगर यह एक रेगुलर प्रैक्टिस है तो इस रिलेशनशिप में कुछ खोखलापन है। अगर ये रेगुलर प्रैक्टिस है तो कुछ और ठीक करने वाला। ये भी तो पैटर्न्स हो सकते हैं ना हिमेश। अगर एक पार्टनर को लेट्स से चुल रहती है दूसरे का फोन चेक करने की। वेयर एज़ देयर इज़ नथिंग रोंग। देयर आर नो बैड हिंट्स, देयर आर नो रेड फ्लैग्स। इट्स जस्ट दैट इट्स देयर पैटर्न। वो बंदा इनसिक्योरिटी का पैटर्न कैरी करता है। उसने मे बी अपने चाइल्डहुड में अपने पेरेंट्स या अपने
(1:53:44) फैमिली में कभी किसी को देखा और उसके माइंड में ये सीडेड है दैट चीटिंग हैपेंस एंड ये करने से ही उसको तसल्ली मिलती है तो व्हाट्स रोंग विथ दैट? यस बट आई वोंट कॉल इट अ हेल्दी पैटर्न। इट इज़ अ पैटर्न। इट इज़ एन अनहेल्ी पैटर्न। कोई इंसान जस्टिफाई कर सकता है। मेरा बचपन ऐसा रहा। मेरे फादर ने चीट किया, मेरी मदर ने चीट किया। मेरे रिश्तेदारों ने चीट किया। मैंने चीटिंग बहुत ज्यादा देख ली। राइट? एंड अब मुझे लग रहा है कि मुझे फोन चेक करते रहना है। जस्ट टू बी श्योर। तो ट्रस्ट द स्ट्रांगेस्ट पिलर ऑफ अ रिलेशनशिप ही कमजोर है ना। अगर आपको इतनी
(1:54:17) इनसिक्योरिटी है तो यह रिलेशनशिप के लिए हेल्दी साइन नहीं है। इससे क्या होगा? इसके आफ्टर इफेक्ट बताता हूं। जजमेंट ज्यादा होगी रिलेशनशिप में। जजमेंट ज्यादा होगी तो वो पार्टनर फील सेफ सेफ फील नहीं करेगा या करेगी। उसको पता है कि यार ए चीज भी बी ले ली जाएगी। क्योंकि जब आपका लेंस ये वाला है ना तो आप सिर्फ फोन को ऐसे नहीं देखते। आप उसको घर आते वो मुस्कुराता हुआ घर आ रहा है या आ रही है ना आप तब भी सोचते हो बंदा मुस्कुराता हो या बंदी मुस्कुराते हुए घर भी नहीं आ सकता। अपने घर मुस्कुराता हुआ नहीं आएगा वो कि इसका मतलब ये ना निकले कि मेरे ऑफिस में अफेयर चल
(1:54:51) रहे हैं। राइट? सो ये सिर्फ फोन पे थोड़ी ना पैटर्न आता है। फिर पूरी जिंदगी में पैटर्न आता है। व्हिच मेक्स द अदर पर्सन वेरी सफोकेटेड। बीट अ गाय बीट अ गर्ल। राइट? एंड इफ यू आर सफोकेटिंग समवन इन अ रिलेशनशिप, देन यू आर टुगेदर बट नॉट टुगेदर। हम सो चेकिंग फोन व्हिच इज अ फॉर्म ऑफ इनसिक्योरिटी इज वन पैटर्न और वन बिहेवियर सिमिलरली और भी जितने बिहेवियर्स होते हैं बी इट पज़ेसिवनेस और बी इट व्हाटएवर डू यू मीन कि ये सारे बिहेवियर्स जो हैं वो एड्रेस होने चाहिए एंड अल्टीमेटली दे शुड नॉट एक्सिस्ट। तभी मैं कह रहा हूं कि रिलेशनशिप को इतना
(1:55:25) टेक्निकल नहीं करना कि एक बार वंस इन अ लाइफ हो गया तो हम घबरा जाएं कि या मैंने उसका फोन देखने की अर्ज हो गई मुझे। वंस इन अ वाइल हो गया। वी आर ह्यूमंस। ठीक है? आपने देख लिया, आपने कंफ्रंट भी कर दिया कि मेरे को कुछ लगा था, मैंने देखा। राइट? बट इफ इट इज अ पैटर्न, इफ इट इज बीइंग रिपीटेड, इफ यू हैव अ कास्टेंट चेक। इफ आपको हर हफ्ते एक बार बैठ के फोन देखना ही है। आपके मन में शक आ ही जा रहा है। तो यहां आप में गड़बड़ है या उसमें गड़बड़ है। मतलब रिलेशन में तो गड़बड़ है ना। एक भी पलड़ा खराब चल रहा है तो गड़बड़ है। तो रिलेशन को बैलेंस करो। ठीक करो। सर्विस
(1:55:58) की रिक्वायरमेंट है। गाड़ी की अलाइनमेंट ठीक नहीं चल रही। कोई एक टायर वीक चल रहा है। इससे रिलेशन जो कमिटमेंट है रिलेशन की जो इंटेंट है इस रिलेशन का वो डाइल्यूट हो रहा है। इसको हम इग्नोर नहीं कर सकते। इसको हम जस्टिफाई नहीं कर सकते कि कोई बात नहीं मैं हर हफ्ते फोन देख रहा हूं या देख रही हूं। इसको हम जस्टिफाई नहीं कर सकते कि मुझे उस पे बार-बार शक हो रहा है। होता है गलत है। होता है अनहेल्ी है। राइट? इसको थोड़ा-थोड़ा-थोड़ा ठीक करना आना चाहिए। आई थिंक इट आई विल टेक इट बैक टू द रिलेशनशिप फ्रेमवर्क व्हिच यू गिव। थ्री सीस। सो व्हेन यू आर कनेक्टेड व्हेन यू आर
(1:56:30) कम्यूनिकेटिंग व्हेन व्हेन यू हैव देट कनेक्शन देन यू कैन सॉर्ट इट आउट अब्सोलुटली वी ऑफन हियर के लोग ना शादी के बाद बदल जाते हैं डू यू थिंक डस मैरिज चेंज पीपल और डस इट शो हू दे रियली आर [हंसी] वै नाइस क्वेश्चन डस मैरिज चेंज पीपल और डस इट रिवील हु डस इट रिवील हु दे आर मेरा पर्सनल ओपिनियन ये होगा कि मैरिज ना चेंज करती है ना रिवील करती है मैरिज एक नई सिचुएशन में आपको डालती है। मैरिज आपको एक नई साइड से एक्सपोज करती है। तो हम चेंज और रिवील कैसे बोले जब वो सिचुएशन ही नहीं है। आप अभी तक एक इंडिपेंडेंट लाइफ जी रहे थे। आप
(1:57:09) अभी तक एक लिमिटेड टाइम स्पेंड कर रहे थे। अब हम कहें कि मैरिज के बाद कोई बदल गया है या उसकी असली रंग दिखा रहा है। अरे उसने इस सिचुएशन के बारे में कोई रिहर्सल नहीं करी थी। उसने कोई ड्राई रंस नहीं करे थे। ना बंदे ने, ना बंदी ने। दे आर जस्ट एक्सपोज्ड टू समथिंग लिविंग टुगेदर शेयरिंग एवरीथिंग राइट इनवॉल्वड एट एव्री डायमेंशन ऑफ ईच अदर एंड सम रिस्पांसिबिलिटीज़ ऑफ़ बिल्डिंग अ लाइफ यू स्टार्ट थिंकिंग फ्यूचर फैमिली किड्स जगलिंग रिलेशनशिप्स दोनों के लिए ना बहुत नई चीज है। तो चेंज कहां से? किस चीज का और रिवील क्या? तुम अचानक किसी चीज को अभी
(1:57:45) उबलते पानी में डाल रहे हो। उसने कभी उबलता पानी देखा नहीं है। तो उसको समय लगेगा उसमें आके समझने में कि पानी का टेंपरेचर क्या और इसमें कैसे अपने आपको ढलाना है? तो मैरिज एक नई साइड दिखाता है। मुझे लगता है ना कोई पुरानी छुपी साइड रिवील करता है ना कुछ चेंज करता है। मैरिज आपको एक फ्रेश सिचुएशन में डालता है। सो इट विल बी रोंग टू से ये शादी के बाद बदल गया या शादी के बाद ने अपने असली रंग दिखा दिए। इसके लिए ये नई दुनिया थी और दे आर जस्ट दे आर जस्ट शोइंग व्हाट दिस सिचुएशन और व्हाट दिस एनवायरमेंट इज क्रिएटिंग फॉर देम। हम
(1:58:16) और होगा सबके साथ होगा। हर किसी को यह फील होता है। बट यह सोचना बहुत जरूरी है कि यार बहुत बड़ा शिफ्ट ऑफ लाइफ होता है। बहुत बड़ा शिफ्ट ऑफ लाइफ होता है। इतना इजीली नहीं जज कर लेना चाहिए। बदल गया असली रंग दिखा दिए। टू सम एक्सटेंड जो आप कह रहे हो कि एक रिवील होती है साइड या चेंज होता है। टू सम एक्सटेंड क्योंकि पहले आप 1 घंटा 2 घंटा मिल रहे थे। अब आप थ्रूआउट साथ रह रहे हो। तो वह सेम नहीं हो सकता। वो एक नई डायमेंशन होगी। देन व्हाट विल यू से अबाउट द सिचुएशन वेयर अ पार्टनर पुट्स अ लॉट ऑफ एफर्ट्स बिफोर मैरिज एंड आफ्टर मैरिज द अमाउंट ऑफ एफर्ट्स
(1:58:50) द अमाउंट ऑफ अटेंशन टाइम चेंजेस यहां पर तो इक्वेशन बदली है। पहले शादी नहीं थी अब शादी है या पहले कमिटमेंट नहीं थी अब कमिटमेंट है। पहले अलग-अलग रह रहे थे अब लिव इन है। बट पहले जो मुझे एक्सपीरियंस मिल रहा था, मुझे वो एक्सपीरियंस ही पूरी तरह चेंज हो जाए, ये तो मुझे मंजूर नहीं है। मुझे जो पहले आदमी या जो मुझे पहले जिस लड़की से प्यार हुआ था, अब ये वो लड़की ही नहीं है। यह तो मेरे लिए बहुत प्यार होती थी। अब तो यह मुझे बहुत कैजुअली लेती है। या पहले तो मुझे यह हर थोड़े दिन में सरप्राइज़ करता था। अब तो वैसे करता नहीं है। नाउ व्हेन दिस चेंजेस दैट इज व्हेन इट
(1:59:30) इज सेड कि शादी के बाद बदल गए। बदल जाते हैं। ट्रू। अगर हम इस सिचुएशन की बात करें, पहले हम एक जनरल सिचुएशन की बात करें, शादी के बाद लोग बदल जाते हैं या उनकी ट्रू साइड नजर आती है। अगर हम इस सिचुएशन की बात कर रहे हैं कि भई पहले तो बहुत कुछ होता था एक दूसरे के लिए और अचानक क्या हुआ। राइट? शादी के बाद वो सब हट गया। सही नहीं है। राइट? होता है। सही नहीं है। इसीलिए जो हमने पहले भी बात करी थी कि आपने वो नॉवेल्टी खत्म कर दी। आपने वो न्यूनेस खत्म कर दी। वो स्पार्क खत्म कर दिया। क्योंकि नाउ देयर इज़ अ असोरेंस। राइट? सो दो चीजें हैं। एक है द न्यूनेस
(2:00:03) इज रिप्लेस्ड विद फमिलियरिटी नाउ और प्यार की एक फॉर्म फमिलियरिटी भी होती है। प्यार की एक फॉर्म कंफर्ट भी होती है। यह मैं जस्टिफाई नहीं कर रहा। मैं इक्वली कहूंगा कि कपल शुड कीप ट्राइंग, कीप एक्सप्लोरिंग, कीप सरप्राइजिंग। राइट? कीप बीइंग अवेयर ऑफ़ दिस थिंग कि हमें एक दूसरे के साथ वो स्पार्क मेंटेन करना है। हमारा रिलेशनशिप किसी रीजन से शुरू किया हमने। चूज़ किया एक दूसरे को किसी रीजन से। हमारे लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी की बात यही थी कि हम साथ हो जाते। राइट? हमें सबसे ज्यादा खुशी एक दूसरे में मिलती थी तो मिल सकती है। हमें कहीं और ढूंढने की जरूरत
(2:00:38) नहीं है। यह थॉट रखना इस थॉट के बाद शुरू होता है कि फिर मुझे क्या करना है। व्हाट एफर्ट्स आई कैन पुट इन? व्हाट एक्शनंस आई कैन डू। मे बी पहले मैं हर हफ्ते फ्लावर्स लेके जाता था या जाती थी। मुझे 2 महीने बाद रियलाइज हुआ। बट 2 महीने बाद ही सही फ्लावर्स ले जाऊं। राइट? व्हाट आई कैन डू टुडे? करना चाहिए। राइट? फमिलियरिटी को भी एंजॉय करो कि जो नया स्पार्क है वो सेम नहीं होगा। अब आपकी स्टेबिलिटी फमिलियरिटी इंपॉर्टेंट होगी। बट इस बात को हम बहाना बना के नहीं चला सकते कि ठीक है भ वो नयापन था। अब तो भ फमिलियरिटी ही एंजॉय करते हैं। कंफर्ट ही एंजॉय करते हैं। नहीं
(2:01:11) शादी में रिलेशनशिप में, मैरिज में, गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड में कितने भी साल हो जाए दोनों को एफर्ट्स करनी चाहिए टू कीप दैट स्पार्क अलाइव। सो, आई वुड 100% एग्री टू यू कि जनरली लोग यह नहीं करते, करना चाहिए। आई थिंक द प्रॉब्लम इज मोस्ट ऑफ द पीपल ट्रीट देयर रिलेशनशिप लाइक क्रॉकरी। जैसे हम सबसे सुंदर क्रॉकरी गेस्ट्स के लिए बचा के रखते हैं और खुद हम बेकार क्रॉकरी में खाना खाते हैं। हम सिमिलरली वी शो द बेस्ट वर्जन ऑफ़ आवरसेल्व्स टू अदर्स एंड वी शो द वर्स्ट वर्जन टू समबडी हु इज द क्लोजेस्ट टू अस। सो अपने लिए भी हमें तैयार होना चाहिए और अपने लिए भी
(2:01:53) हमें वो सब एफर्ट्स डालने चाहिए। राइट राइट राइट। थोड़ा फेमिलियरिटी भी आती है तो थोड़ा एक न्यूनेस कम होती है। इसको हम साइकोलॉजी में हिडोनिक अडॉप्शन कहते हैं। राइट? के नई चीज हमेशा क्रेज़ देगी। तो वो रहेगा। वी ऑल डू दिस विद एवरीथिंग। न्यू कार द क्रेज़ यू हैव। फ्यू मंथ्स डाउन यू डोंट। न्यू शूज यू टेक केयर ऑफ़ इट लाइक एनीथिंग। ग्रेजुअली। वो जूता गंदा हो रहा है। आपको फर्क नहीं पड़ रहा। राइट? राइट? तो एडॉनिक अडप्शन तो हमारी ज़हन में है। हमारा ब्रेन में की वायरिंग में है। बट यस इफ यू आर अवेयर अबाउट इट के यार रिलेशन तो मेरा परमानेंट है ना। मेरे को अल्टीमेटली
(2:02:27) जिंदगी में अगर आप इस चीज को समझो एक बहुत लंबी स्टडी हुई थी। आई थिंक 80 इयर्स प्लस वो स्टडी हुई थी कि सबसे ज्यादा ह्यूमंस के लिए एक हैप्पीनेस स्टडी कहते हैं उसको हैप्पीनेस प्रोजेक्ट कि व्हाट इज इट जो दुनिया में लोगों को सबसे ज्यादा खुशी देता है। जनरेशनल स्टडी थी। जिस सब्जेक्ट पे जिन सब्जेक्ट पे करी गई उनके बच्चों पे भी करी गई। इस तरीके से। तो उसका जो कंक्लूजन था वो ये था कि रिलेशनशिप्स इज द बिगेस्ट रीज़न फॉर हैप्पीनेस। राइट? एंड व्हेन आई से दिस वी आल्सो कैन रेफर टू द फैक्ट कि जब कोई अपने डेथ बेड पे होता है तब वो अपनी फैमिली को
(2:02:55) ये नहीं कह रहा होता। अपने आसपास के लोगों को ये नहीं कह रहा होता कि मेरी वो प्रॉपर्टीज का तू ध्यान रखियो। मेरी वो गाड़ी इतनी महंगी लग्जरी कार जर्न कार मैंने ली है ना उसको सर्विस टाइम पे कराइयो। और प्रॉफिट एंड लॉस में क्या चल रहा है हमारा? बैलेंस शीट एक बार दिखा दे। मरने से पहले एक बार बैलेंस शीट देखना चाहता हूं। नो वन सेस दिस। मरने वक्त मेरे अपने मेरे आसपास हैं। राइट? आई कैन एक्सप्रेस हाउ मच आई लव। राइट? जो नहीं है उस वो आ जाए। एक झलक उसकी मिल जाए। जब द टाइम ऑफ ट्रुथ कम्स व्हेन द डेथ कम्स। जिंदगी का असली सच असली सवाल जब
(2:03:27) आपके सामने होता है तब आपको सिर्फ और सिर्फ रिलेशंस मैटर करते हैं। तो डू एफर्ट्स फॉर दैट। पुट एफर्ट्स फॉर दैट। ट्राई टू अंडरस्टैंड। ठीक है? आप एक दूसरे को अब पहले बड़ा तैयार हो के देखते थे। अब पजामे में देखते हो। अब यह तो है नहीं कि घर में नाइट सूट की जगह आप हर वक्त ड्रेसेस पहन के और टक्सीडोज़ पहन के बैठ जाओगे। बट ऑफ कोर्स हम अब क्या नया कर सकते हैं? हम अब उस पार्क को कैसे लाइव रख सकते हैं? आप देखोगे एक दूसरे को ब्रश करते हुए चूली करते हुए। बट व्हाट एल्स वी कैन डू शुड ऑलवेज बी द क्वेश्चन। लेट्स नॉट गिव अप। लेट्स गिव इन।
(2:03:57) या या टू ऐड टू योर पॉइंट इवन देयर इज़ अनदर स्टडी कि दिस इज़ दिस वाज़ डन ऑन द हेल्थ पैरामीटर कि हेल्थ का सबसे बड़ा पैरामीटर क्या है? व्हाट इज दैट वन थिंग व्हिच डिटरमिनस योर हेल्थ। इट्स नॉट द काइंड ऑफ़ डाइट। इट्स नॉट अ पर्टिकुलर एक्सरसाइज। इट्स योर रिलेशनशिप्स। क्या बात है। हमने ये समझा कि इतने साल भी अगर आपने वो प्यार वो एक्साइटमेंट सस्टेन करनी है तो वो कैसे करना होगा। वी रियली डिस्कस्ड दैट। बट इस पूरी जर्नी में ना एक ऐसा इवेंट आता है जब आपकी लाइफ थोड़ी सी चेंज होती है। और अभी करेंटली हम भी उसी फेस में हैं। व्हेन अ थर्ड पर्सन एंटर्स द चैट
(2:04:38) एंड [हंसी] दैट पर्सन इज अ पार्ट ऑफ यू। दैट पर्सन इज अ पार्ट ऑफ योर ओन फैमिली योर बेबी। सो हाउ कैन अ कपल कीप दैट रिलेशनशिप अलाइव आफ्टर वंस दे बिकम अ पेरेंट? पहली चीज एक्सेप्ट द फैक्ट के अगर दो लोगों के साथ जिंदगी में एक तीसरा मेहमान आया है। समवन हैज़ एंटर्ड द चैट तो लाइफ चेंज तो होगी। पहले डिस्कशन हो सकती है कि दिन कैसा है, क्या चल रहा है, कहां जाना है, कौन सी मूवी देखनी है? और अब डिस्कशन है जो हमारी भी आजकल चल रही है। कितने डायपर हो गए, कितनी देर फीड चली, कितनी देर की नींद पूरी हुई? तो आपकी कन्वर्सेशंस में इतना बड़ा शिफ्ट आ गया है
(2:05:18) क्योंकि वो इतनाेंट शिफ्ट है। इतनी बड़ी प्रायोरिटी है कि आप दिन में डिस्कशंस कर रहे हो। डायपर, पॉटी, नींद, फीड होनी है, बेबी है, होगी। सो कन्वर्सेशंस बदलेंगी, प्रायोरिटीज बदलेंगी। फिजिकल इंटिमेसी कुछ टाइम के लिए बदलेगी। डिस्टेंसिंग आएगी। दोनों का अटेंशन सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बदला है। एक दूसरे की जगह तीसरे पे आ गया है। तो चेंज तो है। एक्सेप्ट कि चेंज है। इस चेंज से रिलेशनशिप ने पीछे जाना है या सस्टेन करना है या आगे जाना है। इसके लिए एव्री कपल शुड डू सम कॉन्शियस एफर्ट्स। डोंट थिंक कि नेचुरली ठीक है यार हो जाएगा। ऐसे ही होता है। बच्चे हो गए तो अब
(2:05:56) दूरी आ ही जाती है। ये बोरिंग चीजें मत करो। व्हाट वी हैव प्रैक्टिस्ड एंड रियली वर्क्ड फॉर अस इज कि हमारा वो टाइम होता है वि इज अ नॉन बेबी टाइम जैसे हमारा वॉक ही है वो हम वॉक पे जाते हैं वि इज आवर टाइम राइट उसको हमने कॉम्प्रोमाइज नहीं किया वो एकिस्ट कर रहा है फॉर 15 मिनट समवन एल्स कैन टेक केयर एंड सब लोग सपोर्ट करते हैं फैमिली में तो वो तुम्हें वो समय मिल जाता है दूसरा जो हमने हमेशा किया ड्यूरिंग प्रेगनेंसी भी किया एंड अभी भी करते हैं देयर आर डेट्स जो हमारी होती हैं वो नहीं रुकनी चाहिए राइट वी हैव आवर कॉफी डेट्स वी यूज्ड टू
(2:06:32) हैव आवर कॉफी डेट्स। 11 साल हो गए हैं। हमारी डेट्स चल रही हैं और बेबी के आने के बाद भी चल रही हैं। वो हफ्ते में एक बार हो जाए वो दो हफ्ते में एक बार हो जाए। चलेगा। फ्रीक्वेंसी अपडाउन चलेगा। वो रुकनी नहीं चाहिए। सो आई थिंक यू हैव टू डू कॉन्शियस एफर्ट्स। आपको पानी डालते रहना है। अगर आपको फ्लावर को ब्लूम कराते रहना है। पानी डाल नहीं रहे हो और फ्लावर कंप्लेंट कर रहे हो कि फ्लावर सड़ क्यों रहा है तो सीधा सवाल करो। आप पानी डाल रहे हो। तो आपको बेबी को ग्रो करना है। आपको बहुत सारी एफर्ट्स करनी है। बट आपको रिलेशनशिप को ग्रो करना है। कुछ एफर्ट्स
(2:07:02) उसके लिए भी करनी है। फर्क यह है कि आप एक दूसरे को इतना समझ चुके हो कि थोड़ी एफर्ट से भी रिलेशन चलता रहेगा। और बेबी के लिए ज्यादा एफर्ट कर लो अभी। अभी जगलिंग कर लोगे। मैक्सिमम उसको दे दो। लेकिन कुछ टाइम अपने आपको जरूर दो। यू सेड एफर्ट्स डालने चाहिए हमें एव्री नाउ एंड देन वी शुड सी कि हम क्या कर सकते हैं इस रिलेशनशिप के लिए? क्या एक रिलेशनशिप हैप्पी हो सकता है? क्या एक कपल हैप्पी हो सकता है विदाउट बीइंग एक्साइटिंग? एक्साइटमेंट और हैप्पीनेस दो अलग चीजें हैं। अगर कोई इंडिविजुअल से अरुण ट्रिप पे गया है। ट्रिप बड़ी
(2:07:34) एक्साइटिंग चीज है। घर से निकला है। यू नो फ्लाइट ट्रेन बस पकड़ी है। रास्ते में रिवर देखा है। हिल स्टेशन पहुंचा है। ऊपर जाके कश्मीर पहुंचा। कश्मीर में श्रीनगर डल लेक पूरा एंजॉय कर रहा है। इट्स एक्साइटमेंट। कुछ दिन रहेगी। पांच छ दिन उसके बाद उसको क्या होगा? अब घर जाने का मन है। और जब घर आता है, घर आते क्या फीलिंग होती है? मेरा बेड। घर घर होता है। एवरी टाइम वी रिटर्न फ्रॉम ट्रिप अपने बेड पे जाके कहते हैं इस जगह जैसी कोई जगह नहीं है। वो बेड का, वो अपनी प्लेट का, वो अपने डाइनिंग का इज नॉट एक्साइटमेंट इज पीस, इज अ कंफर्ट।
(2:08:10) इट्स होम। इट्स होम। राइट? ये चीज रिलेशनशिप में अगर हम समझ जाए कि एक्साइटमेंट और हैप्पीनेस दो अलग चीजें हैं। राइट? शुरुआत में एक्साइटमेंट वाला फेस बहुत ज्यादा होगा। राइट? एक्सप्लोरिंग ईच अदर, नोइंग ईच अदर। एक्साइटमेंट है वो। एक्साइटमेंट हमेशा नहीं रहेगी। जब आप थोड़ा सा एक दूसरे के क्लोज आओगे, जान लोगे तो वो ट्रिप को अब घर वाली फीलिंग चाहिए होगी। नाउ लेट्स अंडरस्टैंड। एक्साइटमेंट इज अ स्पाइक। एक्साइटमेंट इज़ अ टेंपरेरी अह स्पाइक ऑफ इमोशंस। राइट? बट हैप्पीनेस इज़ अ स्टेट। स्टेट ऑफ पीस, स्टेट ऑफ जॉय, स्टेट ऑफ सब अच्छा है। स्टेट ऑफ यह मेरी दुनिया है। हम
(2:08:52) साथ हैं और अच्छा लग रहा है। राइट? अच्छा लग रहा है। एक्साइटेड आप हमेशा नहीं रह सकते। कैन देयर बी अ पर्सन और रिलेशनशिप ऑलवेज एक्साइटेड। वाओ ये ये नहीं होगा। राइट? आप एक रिलेशनशिप 30 साल, 20 साल, 10 साल एक्साइटमेंट से चलेगा। नहीं, वह हैप्पीनेस से चलेगा। एक्साइटमेंट इज़ आती जाती रहेगी। बट आई थिंक हैप्पीनेस इज समथिंग वी शुड पर्सू। हैप्पीनेस इज समथिंग वी शुड चैनलाइज फॉर। बर्थडे पार्टी में जाते हैं एक्साइटमेंट होती है। बट वो एक टाइम पार्टी टाइम के लिए होती है। पर अपने रूम में आके खुशी मिलती है वो हैप्पीनेस होती है। व्हाट इज हैप्पीनेस?
(2:09:28) हैप्पीनेस कई बार लोग सोचते हैं फीलिंग है। कई बार सोचते हैं इमोशन है। हैप्पीनेस ना फीलिंग है सिर्फ, ना इमोशन है सिर्फ। हैप्पीनेस एक कांसेप्ट है। इट्स अ कांसेप्ट व्हिच यू नीड टू बी अवेयर ऑफ व्हिच यू नीड टू अंडरस्टैंड व्हिच यू नीड टू ग्रेजुअली ऐड इन योर लाइफ। धीरे धीरे-धीरे उसको और समझते जाओ और अच्छा लगता जाता है और उसको आप जितना उसको समझते जाओगे उतना बेसिकली हैप्पीनेस को अचीव करते जाओगे। अंडरस्टैंडिंग इट इज़ व्हेयर यू रीच हैप्पीनेस। एक्साइटमेंट वर्सेस हैप्पीनेस में यह इंपॉर्टेंट है कि हमेशा पीक एक्साइटमेंट हो गई और एक स्टेबिलिटी,
(2:10:04) एक पीस, एक जॉय वो हैप्पीनेस है। मुझे मेरी जिंदगी में कुछ चीजें खराब हो रही हैं। मुझे फर्क नहीं पड़ रहा यह नहीं होगा। मुझे फर्क पड़ रहा है बट आई एम एबल टू मेंटेन माय काम इज हैप्पीनेस। तो इट्स ऑलवेज नॉट स्माइलिंग एंड लाफिंग। इट इज आल्सो इट्स अ स्टेट ऑफ़ माइंड। स्टेट ऑफ़ माइंड। राइट? इट्स अ कॉन्सेप्ट के धीरे-धीरे हम उसको एडप्ट करते जाएं, अनलॉक करते जाएं। और रिलेशनशिप में एक्साइटमेंट हमेशा नहीं रहेगी। रिलेशनशिप में हैप्पीनेस हमेशा रहनी चाहिए। अगर मेरे झगड़े हो रहे हैं, होंगे। हम मैं झगड़ों को रिसॉल्व कर पाता हूं। हम दोनों एक दूसरे को समझ पाते हैं। 2018 से
(2:10:41) बेटर 2020 में हमारी कम्युनिकेशन थी। 2025 से बेटर 2027 में है। वी आर ग्रोइंग। वी आर इवॉल्विंग। वी आर एबल टू हैंडल आवर आर्गुमेंट्स बेटर। आवर इमोशनल रेगुलेशन इज बेटर। आवर वे ऑफ़ डीलिंग विद ईच अदर इज़ बेटर। यह दीज़ आर द फैक्टर्स विल इंक्रीज हैप्पीनेस। एक्साइटमेंट ना किसी भी कपल में लड़ाई झगड़े प्रॉब्लम्स के बावजूद भी आ सकती है। राइट? कपल लड़ता रहता है, लड़ता रहता है। बट देन फाइनली दे सेव्ड अ लॉट ऑफ़ मनी एंड दे वेंट आउट एंड बाय बॉट देयर न्यू कार। राइट? वो ले आए अपने घर में बढ़िया सी K ले आए। अब ना इस वक्त उनके झगड़े साइड पे हैं। अब दोनों खुश हैं।
(2:11:20) शोरूम से हंसते हुए घर आए हैं। सोशल मीडिया पे फोटो डाल रहे हैं। रिलेटिव्स को स्वीट्स डिस्ट्रीब्यूट कर रहे हैं। बिकॉज़ मे बी इट वाज़ देयर ड्रीम कार एंड दे डूइंग दिस। 10-12 दिन जब ड्राइव पे चल रहे होंगे, धीरे धीरे-धीरे वापस वही झगड़े आ जाएंगे। तो हैप्पीनेस ज्यादा इंपॉर्टेंट है। एक्साइटमेंट तो आती जाती रहेगी। अगर हम हैप्पीनेस को समझते रह, इस कांसेप्ट को एक्सप्लोर करते रहें तो हम हम एज अ ह्यूमन भी ग्रो करेंगे। हमारा रिलेशन भी ग्रो करेगा। हम एज एन इंडिविजुअल अपने बाकी एरियाज ऑफ लाइफ में भी ग्रो करेंगे। क्योंकि एक दुखी मन जिंदगी में अच्छे
(2:11:51) रिजल्ट्स नहीं क्रिएट कर सकता। एक खुश मन जिंदगी में अच्छे रिजल्ट क्रिएट कर सकता है। ट्रू ट्रू। हैप्पी माइंड इज़ अ कंस्ट्रक्टिव माइंड। अ सैड माइंड इज़ अ डिस्ट्रक्टिव माइंड। टु दिस इमी आई वुड लाइक टू ऐड समथिंग रियली इम्पोर्टेन्ट। आई थिंक आई शुड टेल दिस। मेरे लिए रिलेशनशिप में हैप्पीनेस का मतलब क्या है? पागलपन। बी क्रेजी विद ईच अदर। क्रेजी मतलब तुम दोनों को कोई और समझ ही नहीं सकता। तुम दोनों की जो आपस में एक इक्वेशन है ना उसे कोई तीसरा बंदा समझ ही नहीं सकता। इट कुड बी द स्मॉल लिटिल जेस्चर्स दैट यू डू विद ईच अदर। सम
(2:12:23) स्टूपिड नॉनसेंस पगलू हरकतें दैट यू डू विद ईच अदर। यू टीज़ ईच अदर। यू डू समथिंग क्रेजी मे बी इन प्राइवेट या फिर एक ही रूम में जहां 10 लोग बैठे हैं आंखों आंखों में तुम्हारी वो बात हो गई है। नोबडी कैन एवर अंडरस्टैंड दैट। इफ यू हैव दैट इक्वेशन ना यू हैव ऑल द डैम हैप्पीनेस इन दिस वर्ल्ड। यू हैव दैट स्पार्क अलाइव एंड नोबडी नोबडी कैन पुट एनी बुरी नजर ऑन योर रिलेशनशिप। यस यस। 100% अग्रेड एंड अगेन मुझे लगता है क्योंकि हम बात कर रहे हैं तो हमें अपनी बात जरूर रखनी चाहिए। बिकॉज़ आई फील वैरी प्राउड ऑफ़ द फैक्ट कि वी आई फील आई एम
(2:12:59) श्योर यू आल्सो फील के वी आर इन अ रिलेशनशिप जहां पे हम वी आर ग्रोइंग टुगेदर नॉट ग्रोइंग अ पार्ट राइट इन दिस 11 इयर्स वी हैव ग्रोन टुगेदर आई फील वैरी ब्लेस्ड के फॉर दिस रिलेशनशिप एंड एज आई ऑलवेज से कि मुझे नहीं लगता कभी भी के मतलब इससे बेटर हो सकता था मेरी लाइफ में कोई राइट सो आई फील कि वो पागलपन ना हमारा बहुत बड़ा रीजन है कि हमारी कुछ हरकतें ऐसी हैं जो किसी को समझ नहीं आ सकती हमारी कुछ बातें ऐसी होती ही होती हैं जो किसी को समझ नहीं आएंगी। देयर आर मोमेंट्स कि हमारे कमरे में कोई सीसीटीवी लगा दे तो उनको लगेगा यह किन चीजों पे हंसते-हंसते
(2:13:34) रहते हैं क्या इनके रिचुअल से हैं? क्या इनके पागलपन से है? बट दे कीप दैट पागलपन इज वेरीेंट। राइट? द स्टुपिड डांससेस दैट वी डू। राइट? मतलब देयर आर लाइक वो स्कूटर पे किक नहीं होती थी पहले जमाने में। किक मार दो स्कूटर चलने में। हम में से एक कोई किक मार दे हम 10 मिनट चलते रहते हैं पता नहीं कौन सी दुनिया में। तो वो किक्स पता है एक दूसरे की एंड वी वोंट क्वेश्चन के यार क्या है क्या पागलपन है मतलब वन ऑफ अस इज ट्रिगरिंग एंड समथिंग इज सम पागलपन इज हैपनिंग नॉट शेयरिंग फदर डिटेल्स हियर बट [हंसी] इस दुनिया में कुछ तो अच्छा रहने दो हमारे
(2:14:10) अंदर एक बच्चा है जिसको बच्चा रहने दो। सो, इमेज आफ्टर दिस अमेजिंग कन्वर्सेशन अबाउट लव एंड रिलेशनशिप। वी हैव दिस एक्साइटिंग सेगमेंट व्हिच इज़ अ रैपिड फायर सेगमेंट। देयर आर सम क्विक क्वेश्चन्स व्हिच आई विल आस्क एंड फर्स्ट थिंग दैट अकर्स टू यू। ऑपोजिट्स अट्रैक्ट। यू थिंक इट्स ट्रू। शुरू में ऑपोजिट्स अट्रैक्ट, बाद में ऑपोजिट्स अटैक। [हंसी] व्हाट काइंड ऑफ वर्स्ट एडवाइस कैन यू गिव टू अ कपल? डोंट शेयर व्हाट यू वांट लेट देम गेस। अकॉर्डिंग टू यू व्हाट्स द मोस्ट अंडर रेटेड लव लैंग्वेज। डेली हग, दैट डेली टच दैट होल्डिंग हैंड्स
(2:14:49) वो ग्रेजुअली आई थिंक अंडररेट हो जाती है। वन थिंग व्हिच पीपल शुड नेवर टोलरेट इन द नेम ऑफ लव। ऑटोनोमी। फुल कंट्रोल। आई लव द पर्सन। आई विल कंट्रोल द पर्सन। हर कोई इंडिविजुअल है। हर किसी की अपनी जिंदगी है। प्यार के नाम पर कोई एक जाना दूसरे की पूरी जिंदगी कंट्रोल करे। उसकी इकलौती जिंदगी एक दूसरे के हिसाब से चले। वो प्यार नहीं है। वो गुलामी है। ओके देन व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन सेटिंग अ बाउंड्री एंड हैविंग अ कंट्रोल? सेटिंग अ बाउंड्री अपने आप में शो करता है कि कम्युनिकेशन है, कम्युनिकेटेड है। यह एक बाउंड्री है। दो लोगों ने आपस में
(2:15:24) वार्तालाप करी है, बातचीत करी है और वो बनी है। हम सेटिंग अ कंट्रोल इज वेयर इन द चॉइस इज नॉट गिवन। यह होगा, ऐसा ही होगा। ऐसे ही करना है। बाउंड्री सेट करी जाती है, कंट्रोल एस्टैब्लिश करा जाता है। व्हाई डू यू थिंक दैट मेनी पीपल इवन आफ्टर नोइंग स्टिल कंटिन्यू टू स्टे इन एन अनहेल्ी रिलेशनशिप? आर ब्रेन इज नॉट वायर्ड फॉर हैप्पीनेस। इट इज वायर्ड फॉर कंफर्ट। क्योंकि उसको कंफर्ट चाहिए, फेमिलैरिटी चाहिए। तो जो है जैसा है ठीक है। हम उससे बाहर नहीं निकल रहे। हम उस आदत में जीना शुरू कर दें। इज इट ओके टू एंटर इंटू अ रिलेशनशिप जस्ट
(2:16:05) बिकॉज़ यू फील लोनली? आइडियली नहीं। क्योंकि फिर आपने एक एस्केप बनाया है उस रिलेशनशिप को। रिलेशनशिप बहुत बड़ी चीज है। वो एक एस्केप रूट नहीं होना चाहिए। राइट? आप एक नीड और वांट के साथ रिलेशनशिप में गए हो। जाते ही वो सेटिस्फाई हो गई। अब आपको बाकी ट्रुथ, ग्राउंड रियलिटीज नजर आएंगी। आप जिसके लिए प्रिपेयर्ड नहीं हो। आप रिलेशनशिप के लिए प्रिपेयर्ड नहीं हो। आप सिर्फ एक एस्केप ढूंढ रहे हो। यू हैव सेल्फ लव। यू हैव सेल्फ कंपैशन देन यू गो इन अ रिलेशन यू आर एबल टू गिव लव यू आर एबल टू गिव कंपैशन आप ऑलरेडी एम्प्टी होके जा रहे हो क्योंकि आप अकेला फील कर रहे हो
(2:16:41) खोखला फील कर रहे हो तो आप रिलेशनशिप में जाके कुछ दे ही नहीं पाओगे आपके पास देने के लिए कुछ है नहीं सो फर्स्ट टर्न योर लोनलीनेस इनू सॉलिट्यूड। आप अपने अकेलापन को पहले वीकनेस से ताकत बनाओ। आई कैन बी हैप्पी विद मायसेल्फ। आई एम ओके इन माय कंपनी। आई एम ओके इफ आई हैव टू बी लाइक दिस। नाउ आई गो इन अ रिलेशनशिप टू एलिवेट माय लाइफ। हाउ अबाउट दोज़ पीपल हु इन ऑर्डर टू फिल दैट वॉइड ऑफ स्पीकिंग टू समबडी फॉर आवर्स शेयरिंग योर लाइफ एंड एवरीथिंग दे जंप इंटू अ न्यू रिलेशनशिप बिफोर दे हील देमसेल्व्स और बिफोर दे इंट्रोस्पेक्ट रेट्रोस्पेक्ट। उससे पहले
(2:17:21) ही वो एक नए रिलेशनशिप में एंटर कर जाते हैं। व्हाट डू यू थिंक अबाउट दिस? इज़ दिस आल्सो वन एस्केप रूट? लाइक इज दिस फाइन? ह्यूमन नेचर है कि इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन चाहिए। आसान चीजें जल्दी समझ आती है और सिर्फ एक ब्रेकअप वाले इंसान को नहीं हर किसी को। तो इजी रोड तो ब्रेन ढूंढेगा भाई। अब किसी से बात कर लूं वो बेटर है क्योंकि अपनी पेन के साथ जीना मुश्किल है। राइट? तो मैं ये नहीं कहूंगा बात मत करो। मैं ये नहीं कहूंगा नए रिलेशनशिप में मत जाओ। बट यस एज आई सेड क्या मैं इस पेन को बेटर हैंडल कर रहा हूं? क्या मैंने अपने आपको वो टाइम दिया है? क्या मैं हीलिंग के
(2:17:52) एफर्ट कर रहा हूं? राइट? आई एम स्टेपिंग इंटू अ रिलेशनशिप बट आई हैव नॉट लर्न एनीथिंग फ्रॉम द पास्ट। आई हैव नॉट अंडरस्टुड मसेल्फ बेटर। आई हैव नॉट लर्न टू स्टे अलोन फॉर एटलीस्ट सम टाइम। आई हैव नॉट लर्न टू हैव न्यू फ्रेंडशिप्स, एसोसिएशन, हॉबीज़। तो शायद क्योंकि इजी था वो मैंने कर लिया। तो कोई नए रिलेशन में चला गया है। एकदम ब्रेकअप होते। मैं यह तो नहीं हुआ। गलत कर दिया भाई। उसने आसान रूट चूज़ कर लिया। बट यस देयर इज़ एन ऑप्शन कि आप अपने आपको बेटर हील कर सकते हो। बेटर मैच्योर बना सकते हो। वो ऑप्शन आपके ही फायदे की है। कंप्लीट दिस सेंटेंस। अ
(2:18:25) रिलेशनशिप कैन नॉट सर्वाइव विथाउट। अ रिलेशनशिप कैन नॉट सर्वाइव विदाउट कनेक्ट, कम्युनिकेशन, एंड कमिटमेंट। आई थिंक, आई थिंक वी हैव डिस्कस्ड इट आल। वी हैव डिस्कस्ड एवरीथिंग अबाउट रिलेशनशिप्स फ्रॉम इट्स हाईएस्ट हाईज एंड द लोएस्ट लोस। एंड ऑनेस्टली ये सारी बातें अपने ही पति से करके बहुत [हंसी] इट वाज़ अ वेरी डिफरेंट फीलिंग। आई थिंक हम दोनों को मिलकर बैठकर यह पॉडकास्ट देखना चाहिए। वंस इट इज आउट। बट इट वास लवली। इट वाज़ इनाइटफुल। इट वाज़ अमेजिंग। मैंने हमेशा एज अ वाइफ इस लव को एक्सपीरियंस किया है। बट आज इस इस सेटअप में आपके आइडियाज को सुनके मुझे
(2:19:09) और बहुत ज्यादा क्लेरिटी मिली। मुझे यह समझ में आया कि आप हमारे रिलेशनशिप को कैसे हैंडल करते हो। इट्स ब्यूटीफुल। अब अगली बार जब आप कुछ करोगे तो मुझे उसके पीछे की साइंस पता होगी। सारे पत्ते खुल गए। सारे पत्ते खुल गए हैं। [हंसी] और यही इंटेंट था आज के इस एपिसोड का जो मैंने शुरू में बोला वो तो कुछ नहीं था। बट आई ट्रूली ट्रूली होप दैट यू ऑल नॉट जस्ट एंजॉयड वाचिंग और लिसनिंग टू इट बट आल्सो फाउंड इट रियली मीनिंगफुल एंड इसको सुनने के बाद आपके रिलेशनशिप में इंप्रूवमेंट्स आएंगी। हाउ यू डील विथ देम। हाउ यू फील इन दिस रिलेशनशिप। दैट इज
(2:19:45) व्हाट आई होप एंड आई वुड आल्सो रिक्वेस्ट यू टू लेट अस नो इन द कमेंट्स। क्या थी आपकी सबसे बड़ी लर्निंग? ऐसी वो चीज जिसने सीरियसली आपके दिमाग खोल दिया हो। एंड थैंक यू सो मच हिमेश। वेलकम लवली क्वेश्चन एंड बिफोर वी क्लोज वनेंट थिंग व्हिच आई वांटेड टू से आई लव यू। आई लव यू टू। [हंसी]
Author Name:GunjanShouts
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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=2Di8AHq0BLc
Title: Love, Ego & Daily Fights? Watch This Before It’s Too Late | Himeesh Madaan with GunjanShouts
Author Name: GunjanShouts
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Why do we fall for the wrong person? What are the biggest relationship red flags? Can love survive without trust, respect, and understanding?
In this podcast of Gunjan Shouts, life coach Himeesh Madaan (MY HUSBAND) shares insights on choosing the right partner, relationship compatibility, emotional needs, trust, boundaries, and common relationship mistakes.
Explore why people ignore red flags, emotional vs. physical cheating, relationship conflicts, privacy, family boundaries, and feeling lonely even in a relationship.
Whether you’re dating, married, choosing a life partner, or healing from a breakup, this episode offers valuable perspectives on building healthier relationships.
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Timestamps:
00:00 - Teaser and Intro
00:03:30 - What Men Want
00:08:38 - Choosing the Wrong Partner
00:10:33 - Partner Compatibility
00:12:18 - Knowing Someone Before Love
00:14:41 - Dating in Your 20s
00:16:19 - Ignoring Red Flags
00:18:30 - Healthy vs. Unhealthy Possessiveness
00:20:21 - Why Uncertainty Feels Exciting
00:20:40 - Stability vs. Unpredictability
00:24:08 - Novelty and Cheating
00:24:49 - Emotional vs. Physical Cheating
00:26:13 - Why People Cheat
00:27:42 - Keeping the Spark Alive
00:30:20 - Attraction Outside a Relationship
00:34:55 - What Is Love?
00:36:00 - Managing Emotional Expectations
00:37:50 - Is Love Enough?
00:42:51 - Managing Relationship Expectations
00:45:44 - Recognising Each Other’s Efforts
00:48:00 - Loneliness in Relationships
00:50:00 - The Healthy Relationship Formula
00:51:34 - Unequal Effort in Relationships
00:55:13 - Appreciating Your Partner
00:57:07 - Why Apologising Is Hard
00:59:53 - Relationship Privacy
01:01:53 - Silence During Arguments
01:03:12 - Hurtful Words and Arguments
01:06:11 - Healing Past Conflicts
01:09:55 - Small Issues, Big Fights
01:10:00 - Keeping Family Matters Private
01:20:04 - Personal Space vs. Rejection
01:20:08 - Me Time in Relationships
01:22:42 - Too Much Me Time
01:24:30 - Feeling Lonely in a Relationship
01:27:00 - Needing Personal Space
01:27:35 - Healthy Relationship Formula
01:34:10 - Should Couples Share Everything?
01:42:29 - Parents vs. Partner
01:44:31 - Prioritising Your Spouse
01:49:40 - Career and Friends vs. Partner
01:50:52 - Checking Your Partner’s Phone
01:56:40 - Does Marriage Change People?
02:04:44 - Keeping the Spark Alive After Parenthood
02:14:20 - Rapid Fire
Thank You For Watching This Podcast :)
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# తెలుగు అనువాదం
## శీర్షిక
**ప్రేమ, అహంకారం & రోజువారీ గొడవలా? ఆలస్యం కాకముందే ఇది చూడండి | హిమీష్ మదాన్తో గుంజన్ షౌట్స్**
**రచయిత:** గుంజన్ షౌట్స్
**YouTube ఛానల్:** [https://www.youtube.com/@GunjanShouts](https://www.youtube.com/@GunjanShouts)
**వీడియో లింక్:** [https://www.youtube.com/watch?v=2Di8AHq0BLc](https://www.youtube.com/watch?v=2Di8AHq0BLc)
## వివరణ
**వ్యక్తిగత ఆన్లైన్ థెరపీ కోసం:** [https://www.imwow.co.in/mental-health](https://www.imwow.co.in/mental-health)
**I’MWOW అనుకూల ఆహారం, వ్యాయామ ప్రణాళిక:** [https://bit.ly/GSYTwhatsapp](https://bit.ly/GSYTwhatsapp)
**మానసిక ఆరోగ్యం:** [https://www.imwow.co.in/mental-health](https://www.imwow.co.in/mental-health)
**పిల్లల పోషకాహార కార్యక్రమం:** [https://www.imwow.co.in/programs/prog](https://www.imwow.co.in/programs/prog)...
**పోషణ & డైటెటిక్స్లో వృత్తిపరమైన డిప్లొమా:** [https://imwowacademy.com/](https://imwowacademy.com/)
**వివరణ సారాంశం:** మనం తప్పు వ్యక్తిని ఎందుకు ఇష్టపడతాం? సంబంధాల్లో అతి పెద్ద రెడ్ ఫ్లాగ్స్ ఏమిటి? నమ్మకం, గౌరవం, అవగాహన లేకుండా ప్రేమ నిలిచిపోగలదా?
ఈ పాడ్కాస్ట్లో లైఫ్ కోచ్ హిమీష్ మదాన్ (నా భర్త) సరైన భాగస్వామిని ఎంచుకోవడం, సంబంధ సామరస్యం, భావోద్వేగ అవసరాలు, నమ్మకం, పరిమితులు, సాధారణ సంబంధ తప్పుల గురించి అంతర్దృష్టులు పంచుకుంటారు.
రెడ్ ఫ్లాగ్స్ను విస్మరించడం, భావోద్వేగ విశ్వాసఘాతం vs శారీరక విశ్వాసఘాతం, సంబంధ వివాదాలు, గోప్యత, కుటుంబ పరిమితులు, సంబంధంలో ఉండి కూడా ఒంటరితనం వంటి అంశాలను చర్చిస్తారు.
మీరు డేటింగ్ చేస్తున్నా, వివాహితులైనా, జీవిత భాగస్వామిని ఎంచుకుంటున్నా, లేదా విడిపోయిన తర్వాత నయం అవుతున్నా—ఈ ఎపిసోడ్ ఆరోగ్యకరమైన సంబంధాలను నిర్మించడానికి ఉపయోగకరమైన దృక్కోణాలను అందిస్తుంది.
## టైమ్స్టాంప్లు
- 00:00 – టీజర్ & పరిచయం
- 03:30 – పురుషులు ఏం కోరుకుంటారు
- 08:38 – తప్పు భాగస్వామిని ఎంచుకోవడం
- 10:33 – భాగస్వామి సామరస్యం
- 12:18 – ప్రేమకు ముందు వ్యక్తిని తెలుసుకోవడం
- 14:41 – 20లలో డేటింగ్
- 16:19 – రెడ్ ఫ్లాగ్స్ను విస్మరించడం
- 18:30 – ఆరోగ్యకరమైన vs అనారోగ్యకరమైన యాజమాన్యం
- 20:21 – అనిశ్చితి ఎందుకు ఉత్తేజంగా అనిపిస్తుంది
- 20:40 – స్థిరత్వం vs ఊహించలేని తనం
- 24:08 – నూతనత & విశ్వాసఘాతం
- 24:49 – భావోద్వేగ vs శారీరక విశ్వాసఘాతం
- 26:13 – ప్రజలు విశ్వాసఘాతం చేసే కారణాలు
- 27:42 – సంబంధంలో ఉత్సాహాన్ని నిలుపుకోవడం
- 30:20 – సంబంధం వెలుపల ఆకర్షణ
- 34:55 – ప్రేమ అంటే ఏమిటి?
- 36:00 – భావోద్వేగ అంచనాలను నిర్వహించడం
- 37:50 – ప్రేమే సరిపోతుందా?
- 42:51 – సంబంధ అంచనాలను నిర్వహించడం
- 45:44 – ఒకరి ప్రయత్నాలను గుర్తించడం
- 48:00 – సంబంధాల్లో ఒంటరితనం
- 50:00 – ఆరోగ్యకరమైన సంబంధ సూత్రం
- 51:34 – సంబంధాల్లో అసమాన ప్రయత్నం
- 55:13 – భాగస్వామిని అభినందించడం
- 57:07 – క్షమాపణ ఎందుకు కష్టం?
- 59:53 – సంబంధ గోప్యత
- 1:01:53 – వాదనల్లో నిశ్శబ్దం
- 1:03:12 – బాధాకరమైన మాటలు & వాదనలు
- 1:06:11 – గత వివాదాల నయం
- 1:09:55 – చిన్న విషయాలు, పెద్ద గొడవలు
- 1:10:00 – కుటుంబ విషయాలను గోప్యంగా ఉంచడం
- 1:20:04 – వ్యక్తిగత స్థలం vs తిరస్కరణ
- 1:20:08 – సంబంధంలో “నా సమయం”
- 1:22:42 – అతిగా “నా సమయం”
- 1:24:30 – సంబంధంలో ఒంటరితనం
- 1:27:00 – వ్యక్తిగత స్థలం అవసరం
- 1:27:35 – ఆరోగ్యకరమైన సంబంధ సూత్రం
- 1:34:10 – జంటలు అంతా పంచుకోవాలా?
- 1:42:29 – తల్లిదండ్రులు vs భాగస్వామి
- 1:44:31 – జీవిత భాగస్వామికి ప్రాధాన్యం
- 1:49:40 – ఉద్యోగం, స్నేహితులు vs భాగస్వామి
- 1:50:52 – భాగస్వామి ఫోన్ చూడడం
- 1:56:40 – వివాహం వ్యక్తులను మార్చుతుందా?
- 2:04:44 – పిల్లల తర్వాత ఉత్సాహాన్ని నిలుపుకోవడం
- 2:14:20 – రాపిడ్ ఫైర్
## ట్రాన్స్క్రిప్ట్ అనువాదం
**(00:00)** “సంబంధం మొదలయ్యే ప్రారంభంలో మనం రెడ్ ఫ్లాగ్స్ను ఎందుకు విస్మరిస్తాం? మనం ఎవరిపైనైనా ఆకర్షితులమైనప్పుడు, ఆ రెడ్ ఫ్లాగ్స్పై ఆకుపచ్చ పెయింట్ వేసేస్తాం—‘నేను క్రమంగా సరిచేసుకుంటాను’, ‘అది భవిష్యత్తులో సరిపోతుంది’ అని. అది సరిగా లేకపోతే వివాహాలు విడిపోతాయి. ప్రేమ పేరుతో ఎప్పటికీ సహించకూడని ఒక విషయం—పూర్తి నియంత్రణ. ‘నేను ఆ వ్యక్తిని ప్రేమిస్తున్నాను, కాబట్టి నన్ను నియంత్రిస్తాను’ అంటే అది ప్రేమ కాదు; బానిసత్వం. ప్రేమ ఎందుకు? ప్రేమ నిర్వచనం వయసు, దశతో మారుతుంది.”
**(00:35)** “ఈ పరుగు పరుగు ప్రపంచంలో ప్రేమ ఒక విరామం. వేర్వేరు అంశాల ప్రపంచంలో అది స్థిరం. ఉదయం చాయ ప్రేమ, సాయంత్రం నడక ప్రేమ, కలిసి గడిపిన అనుభవాలు ప్రేమ. అంత పెద్ద భావాన్ని ఒక వాక్యంలో కట్టిపెట్టనివ్వను. ‘ప్రేమే సంబంధాన్ని నిలిపే అంత సరిపోతుందా?’ లేదు. ప్రేమ సరిపోదు. ప్రేమించడం, ప్రేమను నిలబెట్టడం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. ఎవరైనా ప్రేమించగలరు; కానీ ప్రతి ఒక్కరూ ప్రేమను నిలబెట్టలేరు. మీరు సరైన భాగస్వామిని వెతుకుతున్నారు—మీరు సరైన భాగస్వామిగా ఉన్నారా? ఆరోగ్యకరమైన సంబంధానికి సూత్రం ఉందా?”
**(01:12)** “సంబంధానికి మూడు Cలు ఉంటాయి—కనెక్ట్, కమ్యూనికేషన్. మూడో C లేకపోతే మీరు వదిలేసి వెళ్లిపోతారు. భాగస్వాములు అంతా ఒకరికొకరు చెప్పుకోవాలా? సినిమా సమాధానం—అవును; ప్రాక్టికల్ సమాధానం—లేదు. గోప్యత, రహస్యం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. భావోద్వేగ విశ్వాసఘాతం, శారీరక విశ్వాసఘాతం—ఏది ఎక్కువ చెడ్డది? భాగస్వామికి తెలియకుండా వారి ఫోన్ చూడడం సరేనా? ఒక భాగస్వామికి ఇప్పటికీ స్నేహితులు, కుటుంబం లేదా పని ఎక్కువ ప్రాధాన్యం ఉంటే ఆ సంబంధం నిలిచిపోగలదా? వివాహం వ్యక్తులను మారుస్తుందా? వారు నిజంగా ఎలాంటి వాళ్లో అని చూపిస్తుందా?”
**(01:52)** “అందమైన, ప్రేమతో కూడిన, బలమైన, పరిణతమైన సంబంధం డిఫాల్ట్గా ఉండదు. దాన్ని ఎప్పుడూ కృషితో, సమయంతో, ఓపికతో నిర్మిస్తారు. ఎందుకంటే ప్రేమ ఒక భావన అయితే, సంబంధం నేర్చుకునే నైపుణ్యం. ఈ మాటలు నావి కాదు—ఈరోజు అతిథి హిమీష్ మదాన్వి. గత 15 ఏళ్లుగా ప్రజల జీవితాలకు సహకరిస్తున్నారు. ఈ ఛానల్కు కొత్తవాళ్లకు రెండు విషయాలు చెప్పాలి: మొదటిది—ఈరోజు అతిథి నా భర్త కూడా; మేము గత 11 ఏళ్లుగా వివాహితులం. ఈ సంభాషణలో మేము మా వ్యక్తిగత అనుభవాలు, నేర్చుకున్న పాఠాలు కూడా పంచుకుంటాం. రెండోది—ఛానల్ను సబ్స్క్రైబ్ చేయండి; మేము ఇలాంటి అర్థవంతమైన సంభాషణలను తీసుకువస్తూనే ఉంటాం.”
**(02:31)** “మానవ చరిత్రలో అవివాహితుల సంఖ్య అత్యధికంగా ఉన్న కాలం ఇది. నేను ‘సింగిల్’ అని చెప్పినప్పుడు కేవలం అవివాహితులని కాదు—ఏ రకమైన కమిట్మెంట్లోకి వెళ్లడానికి ఇష్టపడని వాళ్లని అర్థం. అలాంటి కాలంలో రాహుల్–అంజలి లాంటి ప్రేమ సంబంధం కావాలంటే సాధ్యమా? అదే ఈరోజు చర్చించాల్సిన ముఖ్య అంశం. ముందు మీ దృష్టిలో పురుషులు నిజంగా ఏం కోరుకుంటారు—స్త్రీలు తరచుగా అర్థం చేసుకోనిది ఏమిటి?”
**(03:14)** “నా దృష్టిలో, నా చుట్టూ ఉన్న పురుషులతో జరిగిన చర్చల ఆధారంగా—పురుషులు సంబంధంలో ఎక్కువగా కోరుకునేది గౌరవం. పురుషులకు గౌరవమే ప్రేమ యొక్క పెద్ద రూపం. కాలక్రమేణా, తరాల వారీగా పురుషుల మెదడులో ఆత్మగౌరవం, గౌరవం ముఖ్యమనే అవగాహన ఏర్పడింది. పురాతన కాలంలో పురుషుడు వేటకు వెళ్లి జంతువును చంపి వస్తే, గిరిజనుల నుంచి గౌరవం, గుర్తింపు కావాలనుకునేవాడు. అది బహుశా మన మెదడుల్లో కోడ్ అయి ఉంటుంది. ఇరువురూ సంపాదించినా, గౌరవం కావాలి—నా ప్రయత్నాలు, కృషి, సంబంధానికి చేసే సహకారానికి గౌరవం రావాలి.”
**(04:27)** “పురుషులు తమ బలహీన వైపును చూపరు. ‘మగవాడు ఏడవడు’ అనే అలవాటు ఉంటుంది. జీవితంలో ఎంత పెద్ద సమస్యలు ఉన్నా, ఫోన్లో స్నేహితులతో మాట్లాడేటప్పుడు ‘అంతా బాగుంది’ అని మాత్రమే చెబుతారు. వాళ్లు భావాలను వ్యక్తపరచలేరు, పంచుకోలేరు, ఎలా పంచుకోవాలో తెలియదు. అందుకే పురుషులకు కావాల్సిన రెండో విషయం—భావోద్వేగ భద్రత. వాళ్లు దాన్ని అడగలేరు, వ్యక్తపరచలేరు. ‘నాకు నన్ను తీర్పు తీర్చని, నా కళ్లలో కన్నీళ్లు రావడాన్ని అంగీకరించే స్థలం కావాలి; ‘నువ్వు అబ్బాయివి, ఎలా ఏడవగలవు?’ అని అనకూడదు’ అని చెప్పలేరు.”
**(05:34)** “అలాంటి సామరస్యమైన భాగస్వామి దొరికితే వాళ్లు ఆ స్థలాన్ని వాడతారా? కాలక్రమేణా చిన్న చిన్న అనుభవాల ద్వారానే అది నిర్మాణమవుతుంది. గౌరవం గురించి పురుషులు మాట్లాడతారు; భావోద్వేగ స్థలం గురించి మాట్లాడరు. కానీ ఒకరినొకరు కౌన్సెల్ చేసేటప్పుడు తెలుస్తుంది—పురుషులకు భావోద్వేగ స్థలం కావాలి. వారి భావోద్వేగ వ్యక్తీకరణకు చోటు లేదు. చిన్న చిన్న అనుభవాల ద్వారా తెరిచి మాట్లాడడం మొదలుపెట్టాలి; అప్పుడు ఆ సపోర్ట్ లభిస్తే మరింత కంఫర్టబుల్గా ఉంటారు.”
**(06:10)** “ఇప్పుడు నా దృష్టిలో స్త్రీలు కోరుకునేది—పురుషులు సాధారణంగా అర్థం చేసుకోనిది—మొదటిది అదే భద్రత. స్త్రీలకు భద్రత అనే భావన కావాలి. అది ఆర్థిక లేదా శారీరక భద్రత కాదు; భావోద్వేగ భద్రత. స్త్రీ తన పురుషుడి ముందు బలహీనంగా ఉండగలగాలి—అతను నన్ను తీర్పు తీర్చడు అని నమ్మకం కావాలి. నేను బొద్దుగా ఉన్నాను, పొట్టిగా ఉన్నాను, నాకు డార్క్ సర్కల్స్ ఉన్నాయి, మేకప్ వేశాను లేదా వేయలేదు—ఇవన్నీ ఆ వ్యక్తి ముందు ముఖ్యం కాకూడదు. నేను అంగీకరించకపోయినా బహిరంగంగా చెప్పగలగాలి; అది సంబంధాన్ని ప్రభావితం చేయకూడదు. జీవితంలో ఇబ్బందులు వచ్చినా మేము ఒకే టీమ్లో ఉన్నామనే భద్రత కావాలి.”
**(06:43)** “రెండోది—స్పర్శ. అది ఖచ్చితంగా శారీరక సాన్నిహిత్యం అని కాదు. పురుషులు సాధారణంగా అర్థం చేసుకోని స్పర్శ—ఆమెను నమ్మకంగా తన వైపు లాగడం, కళ్లలో రెండు అదనపు క్షణాలు చూడడం. చాలా అలసటగా ఉన్న రోజు తర్వాత స్పర్శిస్తే ఆమె మీకు దూరంగా నెట్టవచ్చు, కానీ లోపల ఆమెకు కావాల్సింది గట్టి ఆలింగనం, నుదుటిపై వెచ్చని ముద్దు. మూడోది—ఆమె భాగస్వామిలో స్పష్టత ఉండాలి. కన్ఫ్యూజ్డ్ భాగస్వామిని ఇష్టపడరు. అంటే అతనికి జీవితానికి సంబంధించిన అన్ని సమాధానాలు ఉండాలని కాదు; కనీసం జీవిత ఉద్దేశం తెలియాలి, ఆ సమాధానాలను తెలుసుకోవాలనే సంకల్పం ఉండాలి. ఆ స్పష్టత ఆమెకు భద్రతను ఇస్తుంది.”
**(08:39)** “మనకు భాగస్వామి నుంచి ఏం కావాలో తెలిసినా, మనం తప్పు వ్యక్తిని ఎందుకు ఇష్టపడతాం? ఆకర్షణ, సామరస్యం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. ఎవరో కనిపించారు—రూపం నచ్చింది, ప్రయాణాలు ఇష్టం, వైబ్ సరిపోతోంది, చెక్లిస్ట్ సరిపోతోంది—అది ఆకర్షణ. అతను నాకు సరైనవాడా అనేది సామరస్యంతో తెలుస్తుంది. ఆకర్షణలో వైబ్, రూపం, కొన్ని అంశాలు చూస్తాం. సామరస్యం విలువలు సరిపోయినప్పుడు ఏర్పడుతుంది—మీరు నడవాల్సిన మార్గం ఇరువురికీ సరిపోవడం, ఆలోచన సరిపోవడం, జీవిత లక్ష్యాలకు ఒకరికొకరు సపోర్ట్ ఇవ్వడం.”
**(09:08)** “ఆకర్షితులమవుతాం, కానీ సామరస్యాన్ని పరిశీలించకపోతే చివరికి ‘తప్పు వ్యక్తిని ఇష్టపడ్డాం’ అని తెలుస్తుంది. అందంగా ఉండటం, నాకు మంచివాడు కావడం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. దిల్ లగానా (ఆకర్షణ), దిమాగ్ లగానా (సామరస్యం) రెండూ అవసరం. దీర్ఘకాలిక, తీవ్రమైన సంబంధానికి కేవలం ఆకర్షణ సరిపోదు; సామరస్యం కూడా కావాలి.”
**(09:43)** “ప్రేమిస్తే ఆ వ్యక్తి నాకు సరైనవాడే అని స్వయంగా అనుకుంటామా? అప్పుడు మనం హాలో ఎఫెక్ట్లోకి వెళ్తాం—ప్రేమలో ఉంటే వారి లోపాలను కూడా పాజిటివ్గా చూడడం మొదలవుతుంది. దీన్ని సైకాలజీలో ‘కన్ఫర్మేషన్ బయాస్’ అంటారు—‘నాకు అతనిపై ప్రేమ ఉంది కాబట్టి అతని ప్రతి ప్రవర్తనను సమర్థించడం మొదలవుతుంది: సరే, మనసు మంచిది; స్వభావం మంచిది.’ దీర్ఘకాలంలో అర్థమవుతుంది—అది ఆకర్షణే; దిల్ లగాయా, దిమాగ్ లగాయలేదు.”
**(10:41)** “సామరస్యాన్ని భావోద్వేగపరంగా పెట్టుబడి పెట్టే ముందు ఎలా అంచనా వేయాలి? ‘పెట్టుబడి’ అనే మంచి పదం వాడారు. 30 రోజులు పని చేసి సంపాదించిన డబ్బును అంత సులభంగా ఎక్కడైనా పెట్టము. మ్యూచువల్ ఫండ్స్, స్టాక్ మార్కెట్, LIC, ఇన్సూరెన్స్—ఎక్కడ పెట్టాలో పూర్తి రీసెర్చ్ చేస్తాం. కానీ సంబంధంలో కేవలం ఆకర్షణ ఆధారంగా, కేవలం ఇన్ఫ్యూయేషన్ ఆధారంగా నిర్ణయం తీసుకుంటాం—‘ముందుకు వెళ్దాం’ అని. సమయం, శక్తి, భావాలను పెట్టుబడి చేస్తున్నామంటే కొంత లాజిక్తో కూడా ఆలోచించాలి—మన దీర్ఘకాలిక విలువలు సరిపోతాయా? ఆలోచన ఎంత సరిపోతుంది? కన్ఫర్మేషన్ బయాస్లో ఉన్నామా?”
**(11:34)** “ఏదైనా విస్మరిస్తున్నారా—‘భవిష్యత్తులో సరిపోతుంది’ అని? అది శాశ్వత ప్రవర్తనా నమూనాయా? ఎందుకంటే ఉత్తేజభరితమైన దశ ముగిసిన తర్వాత అలసట దశ మొదలవుతుంది. ఉత్సాహం ఒక సమయంలో ఆగిపోతుంది; తర్వాత నిజమైన వ్యక్తిత్వం, విలువలు, ఆలోచనలు, లక్ష్యాలు ప్రధాన పాత్ర పోషిస్తాయి. జీవితంలో ఏం కావాలి, ఏం కాకూడదు అనేది ముఖ్యం. కుర్చీ కొనేటప్పుడు కూడా కంఫర్ట్ చూస్తాం, కానీ సంబంధంలోకి వెళ్లేటప్పుడు సామరస్యం చూడము అని షారుఖ్ ఖాన్–ఆలియా భట్ డైలాగ్ లాగా ఉంది.”
**(12:04)** “సంబంధాన్ని తీవ్రంగా పరిగణిస్తుంటే మెదడును వాడాలి. ప్రేమలో పడటం కాదు—ప్రేమలో ఎదగడం కావాలి; కొంత లాజిక్ కావాలి. సామరస్యం అంటే కూర్చొని లెక్కలు వేయడం కాదు; విలువల గురించి, జీవితంలో ఏం కావాలో, పరిమితుల గురించి చర్చించడం. ‘ఇవి నా పరిమితులు; ఇవి నీ పరిమితులు; ఇవి సరిపోతాయా? నాకు అంగీకారం లేదు’—అలాంటి చర్చ చాలా అవసరం. నేను ఎక్కడి వరకు సర్దుబాటు చేయగలను? ఏ విషయాన్ని త్యాగం చేయను? అనేది ‘ప్రేమలో ఎదగడం’.”
**(13:09)** “అందుకే దీన్ని ‘ప్రేమలో పడటం’ అంటారు, ‘ప్రేమలో ఎదగడం’ అని కాదు—ప్రేమ భావాన్ని అనుభవిస్తున్నప్పుడు మనం అంత లాజికల్ మెదడును వాడలేం. కానీ తర్వాత నొప్పి వస్తే, తప్పు ఎంపికతో మొత్తం జీవితం గడిపేస్తాం. కాబట్టి సంబంధంలో కొంత లాజిక్ తీసుకురావడం మంచిది. స్వల్పకాలికమైన, ఫన్గా ఉన్న సంబంధం అయితే సరే. కమిట్మెంట్, దీర్ఘకాలిక సంబంధం, కలిసి ఎదగాలని అనుకుంటే—దిల్, దిమాగ్ రెండూ వాడాలి. పరిమితుల గురించి మాట్లాడటానికి భయపడి, ‘తర్వాత చూసుకుంటాం’ అని విస్మరిస్తే వివాహాలు విడిపోతాయి. విడిపోవడం కంటే ముందు కొంత లాజిక్ వాడడం, ఒకరినొకరు గురించి పరిశోధించడం మంచిది.”
**(14:10)** “కుర్చీలో కూర్చొని విలువలు, లక్ష్యాలు చర్చించడం బోరింగ్గా అనిపించవచ్చు—‘నువ్వు ఇండియాలో ఉండాలా లేక విదేశాలకు వెళ్లాలా? పిల్లలు కావాలా లేదా?’ అని. కానీ ఇప్పుడు చర్చించకపోతే తర్వాత సమస్య వస్తుంది. జీవిత ప్రారంభ దశల్లో, ముఖ్యంగా 20లలో, ప్రిఫ్రంటల్ కార్టెక్స్ పూర్తిగా అభివృద్ధి కాకపోవడం వల్ల తప్పు భాగస్వామితో సంబంధంలోకి వెళ్లే అవకాశం ఎక్కువా?”
**(14:41)** “అవును—చాలా కారణాల వల్ల. 20లలో హార్మోన్ల అసమతుల్యత ఉంటుంది; ప్రిఫ్రంటల్ కార్టెక్స్ అభివృద్ధి అవుతోంది; లాజికల్ నిర్ణయాలు అంత బాగా తీసుకోము. ఇన్ఫ్యూయేషన్, ఆకర్షణ ప్రధానంగా ఉంటాయి; సామరస్యం ప్రధానం కాదు. రెండో అంశం—అనుభవం. మొదటి స్టార్టప్ ఫౌండర్లు విఫలమవుతారు; రెండు మూడు విఫలమైన తర్వాత యూనికార్న్ అవుతారు. మొదటి సంబంధంలో మనం సంబంధాన్ని ఎలా నిర్వహించాలో, భావాలను ఎలా నియంత్రించాలో, ఒకరి అవసరాలను ఎలా అర్థం చేసుకోవాలో తెలియదు. రెండు మూడు దెబ్బలు తిని, ‘ఇలాంటి వ్యక్తి కావాలి, ఇలాంటి వ్యక్తి కాకూడదు’ అని తెలుస్తుంది. అనుభవం నుంచే జ్ఞానం వస్తుంది.”
**(16:16)** “సంబంధం ప్రారంభంలో అంతా పూలు, సీతాకోకచిలుకలు, ఫ్లరీగా ఉన్నప్పుడు రెడ్ ఫ్లాగ్స్ను ఉద్దేశపూర్వకంగా ఎందుకు విస్మరిస్తాం? ఆకర్షితులమైనప్పుడు రెడ్ ఫ్లాగ్స్పై ఆకుపచ్చ పెయింట్ వేసేస్తాం. ఉదాహరణకు భాగస్వామి లొకేషన్ను పదేపదే ట్రాక్ చేస్తుంటే—కొత్త సంబంధంలో ‘ఆమె నన్ను రక్షిస్తోంది’ అని అనుకుంటాం. అసూయ ఉంటే ‘ప్రేమ ఉంటే యాజమాన్యం ఉంటుంది’ అని చెబుతాం. అది ఆరోగ్యకరమైన యాజమాన్యమా, తర్వాత బాధించే రెడ్ ఫ్లాగా అని విశ్లేషించము. కోపం ఉంటే ‘హక్కు ఉన్నవారిపైనే కోపం వస్తుంది’ అని సమర్థిస్తాం.”
**(17:25)** “రెడ్ ఫ్లాగ్స్ అందరికీ కనిపిస్తాయి, కానీ ఆకర్షితులమైనప్పుడు వాటిని పాజిటివ్గా మార్చేస్తాం. ఆకర్షణ దశ ఆగి, సామరస్య పరీక్షలు మొదలయ్యాక అవే విషయాలు ఇబ్బంది పెడతాయి. ప్రతి అసూయ చెడ్డదే అని కాదు—సోషల్ మీడియా ప్రతిదాన్నీ రెడ్ ఫ్లాగ్గా మార్చేసింది. అసూయ ఆరోగ్యకరంగా కూడా ఉండవచ్చు; ఒకరి జీవితంలో ఎక్కువ ఆసక్తి ఉండడం కూడా ఆరోగ్యకరం కావచ్చు. కానీ పెయింట్ వేయకుండా జాగ్రత్తగా చూడాలి—అది పాజిటివ్ సంకేతమా, నెగటివ్ సంకేతమా?”
**(18:35)** “భాగస్వామి అస్సలు యాజమాన్యం చూపకపోతే కూడా సమస్య వస్తుంది—నేను ఎవరితో మాట్లాడినా అతనికి పట్టింపు లేకపోతే బాధగా ఉంటుంది. అలాంటప్పుడు పరిమితి ఎక్కడ వేయాలి? టైమ్పాస్ సంబంధం అయితే అంత ఆలోచించాల్సిన అవసరం లేదు—చిల్ అవ్వండి. కానీ సంబంధంలో పెట్టుబడి ఉంటే, భవిష్యత్తు చూస్తుంటే—భాగస్వామి ప్రవర్తనా నమూనాలు, గతం, బాల్యం చూడాలి. 25–30 ఏళ్లుగా ఉన్న లక్షణాలు ఆరు నెలల్లో లేదా ఒక నెలలో మారవు. అవి మీకు అంగీకారం కాకపోతే వాటిని ఆకుపచ్చగా పెయింట్ చేయకండి.”
**(19:40)** “అది పదేపదే కనిపిస్తున్న నమూనాయా? వారి గతంలో కూడా ఉందా? బాల్యం దాన్ని ప్రతిబింబిస్తుందా? కోపం సమస్యలు బాల్యం నుంచి వస్తున్నాయా? పెంపకం వల్ల వచ్చాయా? నాకు అంగీకారం లేకపోతే—ఎవరి 30 ఏళ్ల కోపం సమస్య కోసం నా జీవితాన్ని త్యాగం చేయాలి? ఆకర్షణ దశలో ఉన్నప్పుడు కనిపించని కోపం తర్వాత కనిపిస్తుంది. పెయింట్ పోగానే ‘ఇది రెడ్ ఫ్లాగ్’ అని తెలుస్తుంది.”
**(20:09)** “సంబంధంలో పెట్టుబడి ఉంటే సామన్యుడిని మరింత బాగా అర్థం చేసుకోవాలి. మనం కన్ఫ్యూజ్ చేసే వ్యక్తిపైనే పడతామా, ప్రశాంతత ఇచ్చే వ్యక్తిపై కాదా? ఒకడు ఊహించగలిగేవాడు—పుట్టినరోజున పూలు పంపుతాడు, బహుమతి ఇస్తాడు, డ్రైవ్కి తీసుకెళ్తాడు. మరొకడు ఈరోజు ప్రేమగా ఉంటాడు, రేపు లేడు, హఠాత్తుగా కనిపిస్తాడు, మళ్లీ మారతాడు. ఈ ఉత్సాహం, ఊహించలేని తనం ఆకర్షిస్తుంది; స్థిరత్వం, ఊహించగలిగే తనం, భద్రత ఇచ్చే వ్యక్తి బోరింగ్గా అనిపిస్తాడు. ఎందుకు?”
**(20:45)** “మన మెదడు నూతనతకు అలవాటై ఉంటుంది. కొత్తదనం, ఊహించలేని విషయాలు నచ్చుతాయి. మనం గేమ్స్ను ఎందుకు ప్రేమిస్తాం? 12 గంటలు చదవడం కష్టం, 12 గంటలు గేమ్ ఆడడం సులభం. క్రికెట్ మ్యాచ్లో ఎవరు గెలుస్తారో ముందే తెలిస్తే మ్యాచ్ ఆనందించము—ఊహించలేని తనమే మనల్ని 8 గంటలు పని వదిలి మ్యాచ్ చూపిస్తుంది. అందుకే ఊహించలేని వ్యక్తిపై మెదడు ఆకర్షితమవుతుంది. కబీర్ సింగ్ లాంటి పాత్రలపై చాలామంది ఆకర్షితమవుతారు—ఎందుకంటే అతను చాలా ఊహించలేనివాడు.”
**(22:20)** “అలాంటప్పుడు ఏం చేయాలి? ‘ఈ వ్యక్తి నన్ను కన్ఫ్యూజ్ చేయడం లేదు, కానీ నాకు సరైనవాడు’ అని అర్థం చేసుకుని సరైన నిర్ణయం తీసుకోవాలి. ఊహించలేని తనం కోసం ఆరాటపడటం ఆపాలా, లేక భాగస్వామి ఊహించలేనివాడవ్వాలా? ఇంట్లో ఒక పిల్లాడు చదవడం మానేసి ఆడడం మొదలుపెట్టి, అది మానేసి మరోటి మొదలుపెట్టడం—అది సరేనా? కాదు. అతనికి దృష్టి కావాలి; ఏం కావాలి, ఏం కాకూడదు అని అర్థం చేసుకోవాలి. కెరీర్లో కూడా అదే—ఒక పని చేస్తూ మరో వైపు ఆకర్షితమవుతాం. నూతనత సమస్య కాదు; అది మనల్ని దెబ్బతీస్తోందా, దారి మళ్లిస్తోందా, సహాయపడుతోందా అని తెలుసుకోవాలి.”
**(22:48)** “వినోదంలో నూతనత అందం—సినిమా ఊహించలేనిది కావడం వల్ల ఆనందిస్తాం. కానీ భాగస్వామి ఊహించలేనివాడు కావడం సమస్యా? అది పాజిటివ్ ఊహించలేని తనమైతే మంచిది—ఇంటికి వచ్చి అద్దంపై ‘I love you’ అని రాసి ఉండటం వంటిది. అది కొత్తది, నచ్చుతుంది. సంబంధాల్లో నూతనత ఉండాలి. కానీ ఎవరి ఊహించలేని తనం నెగటివ్ భావాలు, ఒత్తిడి, ఇబ్బంది, మనసు ప్రశాంతతను పాడు చేస్తుంటే—అది దారి మళ్లింపు. అది క్యూరియాసిటీ ఇస్తోందా, యాంగ్జయిటీ ఇస్తోందా అని చూడాలి. ఆరోగ్యకరమైన ఊహించలేని తనం అందంగా ఉంటుంది; అనారోగ్యకరమైనది కాదు.”
**(23:55)** “మనం నూతనత కోసం ఆరాటపడతాం; సంబంధంలో కూడా నూతనత కోసం వెతుకుతాం. అది విశ్వాసఘాతానికి కారణమవుతుందా? పూర్తిగా అవుతుంది—కానీ చాలా కారణాలు ఉన్నాయి. ‘చీటింగ్’ అనే పదానికి రూపాలు ఉన్నాయి: భావోద్వేగ విశ్వాసఘాతం, శారీరక విశ్వాసఘాతం. ఒక భాగస్వామి శారీరకంగా వెలుపల ఉన్నా, భావోద్వేగపరంగా తన భాగస్వామితోనే ఉంటే అది కేవలం శారీరక విశ్వాసఘాతం. భావోద్వేగపరంగా వేరే వ్యక్తితో ఉంటే—శారీరకంగా ఉన్నా లేకపోయినా—అది భావోద్వేగ విశ్వాసఘాతం. రెండూ కలిసి ఉండవచ్చు.”
**(24:31)** “ఎవరికి నూతనత కావాలి? శారీరకంగా సంతృప్తి ఉండి భావోద్వేగపరంగా లేకపోతే, ఆ భావోద్వేగ అవసరాన్ని బయట తీర్చుకుంటారు. భావోద్వేగ విశ్వాసఘాతం, శారీరక విశ్వాసఘాతం—ఏది ఎక్కువ చెడ్డది అనేది వ్యక్తిని బట్టి ఉంటుంది. పురుషులకు శారీరక విశ్వాసఘాతం తక్కువ సమస్యగా అనిపించవచ్చు—‘మనసులో నువ్వే ఉన్నావ్, కేవలం శారీరక అనుభవం’ అని. కానీ అది కమిట్మెంట్కు విఘాతమే. స్త్రీలకు శారీరకం సాధారణంగా భావోద్వేగంతో ముడుస్తుంది; కాలం, పరిస్థితులు మారుతున్నా, చాలామందికి శారీరకానికి ముందు భావోద్వేగం ముఖ్యం.”
**(26:11)** “ప్రజలు విశ్వాసఘాతం చేసే ముఖ్య కారణాలు: ఒకటి—బోరింగ్గా ఉండి ఉత్సాహం కోసం వెతుకుతారు. రెండోది—సంబంధంలో సంతోషం లేకపోవడం. కలిసి సంతోషంగా లేకపోతే కలిసి ప్రయాణాలు, కొత్త అనుభవాలు ఉండవు; సంతోషాన్ని బయట వెతుకుతారు. మనుషులకు సంతోషం కావాలి—ఇంట్లో సంతోషం లేకపోతే బయట వెతుకుతారు.”
**(26:40)** “ఇంతకుముందు గొడవలు లేకపోలేదు, కానీ విశ్వాసఘాతం ఎందుకు పెరుగుతోంది? ఇప్పుడు అందుబాటు పెరిగింది—పని చేస్తున్నారు, బయటకు వెళ్తున్నారు, ఫోన్లో ఇంటర్నెట్, అనేక యాప్లు, కమ్యూనికేషన్ అవకాశాలు, ఎంపికలు ఉన్నాయి. టెక్నాలజీతో కనెక్ట్ అవుతున్న కొద్దీ విశ్వాసఘాతానికి అందుబాటు కూడా పెరుగుతోంది. ఎంపికలు ఉన్నాయి, వెతుకుతున్నారు, సంతోషం లేదు—కొన్నిసార్లు వేరే వ్యక్తి వైపు వెళ్తారు.”
**(27:09)** “పూర్వం సంతోషం లేకపోయినా సహనంతో జీవించేవారు; ఇప్పుడు సంతోషం లేకపోతే వెంటనే వదిలేయడం, ‘అంత కృషి ఎవరు చేస్తారు?’ అని ఆలోచించడం జరుగుతుంది. సంవత్సరాల తర్వాత జంటలు ఒకరికొకరు చాలా ఊహించగలిగే వాళ్లవుతారు; జీవితం బోరింగ్గా మారుతుంది. దాన్ని నివారించడానికి, విశ్వాసఘాతానికి అవకాశం లేకుండా ఉండడానికి ఏం చేయాలి?”
**(27:40)** “ప్రారంభంలో జంటలకు అనేక కొత్త అనుభవాలు ఉంటాయి—ఏం ఇష్టం, ఇష్ట సినిమా, ఆహారం—ఒకరినొకరు అన్వేషిస్తారు. శరీరాన్ని, భావాలను, జీవితాన్ని, కుటుంబాన్ని అన్వేషించడం—చాలా నూతనత ఉంటుంది. కానీ ఎన్నో ఏళ్ల తర్వాత అది ఉండదు. మీరు ఒకరినొకరు ప్రతి రూపంలో చూస్తారు; భోజనం తర్వాత ఎప్పుడు బర్బ్ చేస్తారో కూడా తెలుస్తుంది. అంచనా వేయగలిగే స్థాయి పెరుగుతుంది. అప్పుడు నూతనత బయట వెతకడం సంబంధ పునాదిని బలహీనపరుస్తుంది.”
**(28:41)** “కాబట్టి కలిసి నూతనతను సృష్టించాలి. ఒకరికొకరు నుంచి నూతనత కోసం వెతకకూడదు; కలిసి నూతనతను సృష్టించవచ్చు. కొత్త అనుభవాలకు వెళ్లండి—కలిసి కొత్త ప్రదేశాన్ని అన్వేషించడం. ఇరువురికీ నూతనత కావాలి; కలిసి ఊహించలేని తనాన్ని వెతకండి. వేర్వేరుగా విశ్వాసఘాతం చేసి ఊహించలేని తనం వెతకకండి. ప్రయాణాలు మంచివి—జంట ప్రయాణిస్తుంటే ఇరువురూ కలిసి కొత్త విషయాలు చూస్తారు; చర్చించడానికి విషయాలు వస్తాయి. కలిసి ఒక హాబీ చేయండి—డాన్స్ క్లాస్లో చేరండి లేదా YouTubeలో డాన్స్ ఫారమ్ నేర్చుకోండి. మెదడుకు కావాల్సిన నూతనత ఇరువురికీ వస్తుంది.”
**(29:40)** “సంబంధాన్ని తీవ్రంగా తీసుకుంటున్నారు, కమిట్మెంట్ ఉంది, అది ఎదగాలని అనుకుంటున్నారు, కానీ ‘సంబంధంలో బోరింగ్గా ఉంది’ అని అనిపిస్తుంటే—కలిసి నూతనతను వెతకండి, అనుభవించండి. అలా మెదడును సంతృప్తిపరచగలం. ఇంకా కలిసి ఉండి, కలిసి నూతనతను వెతుకుతాం.”
**(30:13)** “విశ్వాసఘాతాన్ని ఎప్పుడైనా సమర్థించగలమా? ఆ వ్యక్తి సంబంధంలో సంతోషం లేదు, తన వైపు ప్రయత్నం చేశాడు, నూతనత లేదు, సంబంధం ఖాళీ అయిపోయిందని భావిస్తున్నాడు; ఇప్పుడు వేరే వ్యక్తిపై ఆకర్షితుడయ్యాడు—అతను/ఆమె నిజంగా తప్పారా? ఒక కోణం ఉంది—‘నాకు సంతోషం లేదు, సంతోషం నా హక్కు; నా జీవితం, నాకు సంతోషం దొరికే చోట జీవిస్తాను.’ జీవితంలో ఒకే భాగస్వామితో ఉండాల్సిన నియమం లేదు; సంతోషం లేకపోతే వేరే వ్యక్తి వద్దకు వెళ్లవచ్చు. సమస్య ఏమిటంటే—విశ్వాసఘాతం ఎందుకు తప్పు?”
**(30:45)** “మీరు ఒక సంబంధంలో ఉన్నారు; అది ఒక భాగస్వామ్యం. దాని పునాది—ఇరువురూ ఒకరికొకరు భావోద్వేగపరంగా, శారీరకంగా కట్టుబడి ఉండటం. తల్లిదండ్రుల కోసం పిల్లాడు ఎంత చేసి, తర్వాత వారు వేరే వ్యక్తి పేరుతో వెళ్లిపోతే పిల్లాడికి విశ్వాసఘాతం అనిపిస్తుంది—‘నేను చాలా ఇచ్చాను, నాకు రాలేదు; మీరు కూడా నాతో అంతే కట్టుబడి ఉంటారని సహజ అంచనా ఉంది.’ ఇద్దరు ఫౌండర్ల భాగస్వామ్యంలో ఒకడు పూర్తిగా కంపెనీలో ఉంటే, మరొకడు వెలుపల మరో కంపెనీ లాభాలను పెంచుతూ ఇక్కడ నష్టాల్లోకి నెడుతుంటే—భాగస్వామ్యం ఉంటే కలిసి చేయాలి; ఆసక్తి లేకపోతే ఎగ్జిట్ తీసుకో అని అనుకుంటారు.”
**(31:48)** “ఏ సంబంధంలోకి వచ్చినా ఇరువురూ 100% ఇవ్వాలి, విశ్వసనీయంగా ఉండాలి—ఇది సంబంధం నుంచి అంచనా. మీరు వేరే వ్యక్తిపై పడుతున్నారు, వేరే వ్యక్తితో సంతోషం పొందుతున్నారు—సమస్య అది కాదు. విశ్వాసఘాతం అంటే—మీరు నిజాయితీ లేరు, పారదర్శకులు లేరు, అబద్ధం చెబుతున్నారు, దాచిపెడుతున్నారు. అది సంబంధంలో అంచనా కాదు. సంతోషం లేకపోతే కమ్యూనికేట్ చేయండి—‘ఈ కారణాల వల్ల నాకు సంతోషం లేదు; నాకు ఈ సంబంధంలో ఆసక్తి లేదు; మేమిరువురూ ప్రయత్నించాం; ఇది పని చేయడం లేదు’ అని నిజాయితీగా చెప్పండి.”
**(32:17)** “సంబంధంలో ఉంటే ప్రాథమిక అంచనా—ఒకరికొకరు నిజాయితీగా, గౌరవంగా ఉండటం; శారీరకంగా, భావోద్వేగపరంగా అందుబాటులో ఉండటం. భర్తాభార్యల అంచనా—మీరు వేరే చోట పెట్టుబడి పెట్టుకుంటుంటే దాన్ని నిజాయితీగా, పారదర్శకంగా కమ్యూనికేట్ చేయాలి. నేను విశ్వాసఘాతాన్ని సమర్థించడం లేదు—‘విశ్వాసఘాతం చేయండి’ అని కాదు. నా అభిప్రాయం—సంబంధంలో అబద్ధం ఉండకూడదు; నిజాయితీ పాడు కాకూడదు; నమ్మకం పాడు కాకూడదు. ఈ సంబంధంలో సంతోషం లేదని అనిపిస్తే కమ్యూనికేట్ చేయండి, వదిలేయండి, ఎగ్జిట్ తీసుకోండి—అప్పుడు మీరు ఆ సంబంధానికి కట్టుబడి ఉండరు.”
**(33:26)** “ఆ తర్వాతే కొత్త సంబంధంలోకి వెళ్లండి. మీరు ‘నేను నిన్ను కోసం ఉన్నాను’, ‘నేను నిన్నులోనే పెట్టుబడి పెట్టాను’, ‘నా జీవితంలో నువ్వే ఉన్నావ్’ అని చెబుతూ ఉండి అది నిజం కాకపోతే అది ఎలా సమర్థించగలం? అబద్ధాన్ని సమర్థించము. సంబంధంలో సంతోషం లేకపోవడం సరే—అది మీ నియంత్రణలో లేదు. కానీ దాని వల్ల విశ్వాసఘాతం చేయడం తప్పు. భావం, చర్య రెండు వేర్వేరు—సంబంధంలో విచారంగా, అసంతృప్తిగా ఉండటం సరే; కానీ దాని వల్ల విశ్వాసఘాతం చేయడం తప్పు. కోపం రావడం సమర్థించగలం; కానీ వస్తువులు పగలగొట్టడం సమర్థించలేం.”
**(33:59)** “ఒక భాగస్వామి ‘దీని గురించి మాట్లాడదాం’ అనుకుంటుంటే, మరొక భాగస్వామి ‘నాకు ఇవ్వు…’ అని అడగడం మొదలవుతుంది.” *(ట్రాన్స్క్రిప్ట్ ఇక్కడ ఆగిపోయింది.)*
**(33:59)** “కోపం రావడం సమర్థించగలం; కానీ వస్తువులు పగలగొట్టడం సమర్థించలేం. ఒక భాగస్వామి ‘దీని గురించి మాట్లాడదాం’ అనుకుంటాడు; మరొక భాగస్వామి ‘నాకు కొంత స్థలం ఇవ్వండి, ఇప్పుడు మాట్లాడను, తర్వాత మాట్లాడతాం’ అంటారు. ‘ఏమైంది?’ ‘ఏమీ లేదు.’ ‘ఏమీ జరగలేదా?’ ‘ఏమీ లేదు.’ ప్రజలు సంవత్సరాల క్రితం భాగస్వామి అన్న అత్యంత బాధాకరమైన మాటలను గుర్తుంచుకుంటారు. భార్య భర్తతో ‘నువ్వు సామర్థ్యమే లేనివాడివి; కేవలం కలలు కంటావు’ అని చెప్పింది—అతను దాన్ని మర్చిపోడు, ఎందుకంటే భావోద్వేగ పెట్టుబడి చాలా ఎక్కువ. పాత గాయాలను సరిచేయగలమా? అవునని నేను అంటాను.”
**(34:35)** “ఈ ఎపిసోడ్ల చిన్న క్లిప్లను అంశాల వారీగా ‘గుంజన్ టాక్స్ క్లిప్స్’ అనే మరో ఛానల్లో అప్లోడ్ చేస్తాం. అక్కడ మీకు నచ్చిన అంశాలను తక్కువ సమయంలో మళ్లీ చూడవచ్చు. లింక్ డిస్క్రిప్షన్లో ఉంటుంది. హిమీష్, మేము సంబంధాల గురించి మాట్లాడుతున్నాం—మా వివాహానికి 11 ఏళ్లు అయ్యాయి. ‘నీకు ప్రేమ అంటే ఏమిటి?’ అని అడిగితే—‘ఇష్క్, ప్యార్, మోహబ్బత్’ అని పర్యాయపదాలేనా?”
**(35:10)** “ప్రేమకు ఒక నిర్వచనం ఉంచలేం, ఎందుకంటే అది వయసు, దశతో మారుతుంది. అది ఒక వాక్యం, ఒకే రూపం కాదు. ప్రేమ అందంగా ఉండటానికి కారణం అది మారుతుంది. టీనేజ్లో ప్రేమ అంటే—ఆమె ఒక రిప్లై ఇవ్వడం, చూడడం—అదే స్పార్క్ సృష్టిస్తుంది. మొదటి స్పర్శ, మొదటి చేతులు పట్టుకోవడం, మొదటి ఆలింగనం ప్రపంచాన్ని మార్చేస్తాయి. దీన్ని ఈరోజు ఇన్ఫ్యూయేషన్, ఆకర్షణ, సీతాకోకచిలుకల భావం అని అంటారు—కానీ అప్పుడు అదే ప్రేమ నిర్వచనం.”
**(35:46)** “‘ప్రేమ స్నేహం’ అనే భావన కూడా వస్తుంది. 20లలో జీవితంలో చాలా జరుగుతుంది—కలలు, కెరీర్, ఆకాంక్షలు, చదువు, ఉద్యోగం. ఈ పరుగు పరుగు ప్రపంచంలో ప్రేమ ఒక విరామం—కలిసి సినిమా చూడడం, కలలు, కోరికలు, భవిష్యత్తు గురించి మాట్లాడడం—అది ప్రేమ.”
**(36:22)** “30లలో—మన వయసులో—ప్రేమ అంటే వేరియబుల్స్ ప్రపంచంలో ఒక స్థిరం. జీవితంలో అనేక వేరియబుల్స్ ఉన్నాయి—వ్యాపారం, ఉద్యోగం, బాస్తో మాట్లాడే విషయం, ఆదాయాలు, లాభనష్టాలు, కుటుంబ సంబంధాలు, ప్రభుత్వం, నిరసనలు—అంతా మారుతూనే ఉంటుంది. స్థిరం కావాలి; ప్రేమే స్థిరం. ‘ఇది నా స్థిరం; ఇక్కడ నాకు తీర్పు తీర్చని స్థలం ఉంది. బాస్ ముందు, ఉద్యోగుల ముందు ఉండలేని నేను ఇక్కడ ఉండగలను.’”
**(36:51)** “60–70లలో తల్లిదండ్రులను చూడండి—కొత్తదనం ఎక్కడికి వెళ్తుంది? అందరికీ అంతా తెలుసు; జీవితానుభవాలు పంచుకున్నారు. ఇక కలిసి ఇల్లు కట్టడం, కలలు కనడం వంటి దశ లేదు. స్థిరత్వానికి అలవాటు అయిపోయింది; 30 ఏళ్లు అయ్యాయి. ఉదయం లేచి కలిసి బాల్కనీలో చాయ తాగడం ప్రేమ; రాత్రి కలిసి నడకకు వెళ్లి ‘అప్పుడు అక్కడికి వెళ్లినప్పుడు జ్ఞాపకం ఉందా’ అని చెప్పడం ప్రేమ. జ్ఞాపకాలు ప్రేమ; ఉదయం చాయ ప్రేమ; సాయంత్రం నడక ప్రేమ; పంచుకున్న అనుభవాలు ప్రేమ. అంత పెద్ద భావాన్ని ఒక వాక్యంలో కట్టిపెట్టనివ్వను.”
**(37:23)** “‘ప్రేమే సంబంధాన్ని నిలిపే అంత సరిపోతుందా?’ లేదు. ప్రేమ సరిపోదు. ఒక వ్యక్తికి కార్లపై ప్యాషన్ ఉంటుంది; కానీ ప్యాషన్ ఉండడం అంటే కారు నడపడం రాదని కాదు. కారు నడపడం నేర్చుకునే నైపుణ్యం; ప్యాషన్ కారుపై ఆకర్షణ. ప్రేమ భావం; సంబంధం నైపుణ్యం. ప్రేమించడం, ప్రేమను నిలబెట్టడం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. ప్రేమించగలరందరూ; ప్రేమను నిలబెట్టగలరందరూ కారు. ఒకరినొకరు ఎలా నిర్వహిస్తారు? ఒకరి నిరాశను ఎలా నిర్వహిస్తారు? వాదనల్లో ఎంత భావోద్వేగ స్థిరత్వం ఉంటుంది? ఎంత త్వరగా వదిలేశారు, ఒకరికొకరు సామరస్యం ఎలా నిర్మించారు?”
**(38:42)** “భావం రావచ్చు, కానీ సంబంధంలోకి వెళ్లాలంటే అది నైపుణ్యమని అర్థం చేసుకోవాలి. మీరు మెరుగైన మనిషి కావాలి. మీరు సరైన భాగస్వామిని వెతుకుతున్నారు—మీరు సరైన భాగస్వామిగా ఉన్నారా? అందరూ ‘నాకు సరైన భాగస్వామి కావాలి’ అంటారు; ‘నేను సరైన భాగస్వామినా?’ అని ఎవరు అడుగుతారు? నేను కూడా ఎవరికైనా సరైన వ్యక్తిగా మారుతున్నప్పుడే నైపుణ్యం అభివృద్ధి అవుతుంది; ఇరువురూ కలిసి పని చేస్తున్నప్పుడే సంబంధం ఎదుగుతుంది.”
**(39:19)** “సంబంధమే అత్యంత ముఖ్యమైనది. ఎంతమంది నైపుణ్యం నేర్చుకోవడానికి సమయం పెట్టుకుంటారు? 20–30 ఏళ్లుగా జంటలపై పరిశోధన చేసిన వ్యక్తి పుస్తకం చదివి కొంత మెరుగుపడగలమా? ఎంతమంది భావోద్వేగ నియంత్రణపై పని చేస్తారు—‘కోపం సమర్థించబడదు; దాన్ని ఎలా నియంత్రించగలను? బహుశా 30–40% మెరుగుపడగలనా?’ ప్రేమ భావం; సంబంధం నైపుణ్యం—ఇది చాలా ముఖ్యమైన ఆలోచన. నైపుణ్యం నేర్చుకుంటే మెరుగుపడతారు. సంబంధాన్ని మెరుగుపరచాలంటే మనిషిగా మెరుగుపడాలి.”
**(39:48)** “రెండు విషయాలపై మెరుగుపడండి: స్వయం అవగాహన, భావోద్వేగ నియంత్రణ. నాకు కోపం సమస్య ఉందా, త్వరపడతానా, యాజమాన్యంగా ఉన్నానా, లేదా చాలా దూరంగా ఉన్నానా—మొదట అవగాహన కావాలి. ఈ రెండు మిమ్మల్ని మంచి మనిషిగా, మంచి భాగస్వామిగా మార్చతాయి. ప్రేమ భావం; సంబంధం నైపుణ్యం—నేర్చుకోవాలి. ‘మనం ఒకరికొకరం పుట్టినప్పటి నుంచి సరిపోతాం’ కాదు; ‘ఒకరికొకరం సర్దుకుంటాం, ఒకరికొకరం ఎదుగుతాం.’”
**(40:20)** “ఒకరికొకరం పుట్టినప్పటి నుంచి సరిపోము—ఒకరు ఒక ఇంటి నుంచి, మరొకరు మరో ఇంటి నుంచి వస్తారు; విలువలు, పెంపకం, ఆలోచనలు, నమూనాలు, భావాలు, లింగం, హార్మోన్లు వేర్వేరుగా ఉంటాయి. కాబట్టి ఒకరికొకరం సర్దుకోవాలి; కొంత మార్పు చేసుకుని ఒకరికొకరం అనుగుణంగా మారాలి. నాకు చాలా ఇష్టమైన ఉపమానం—నితేష్ అద్భుతమైన గిటారిస్ట్; గౌరవ్ అద్భుతమైన పియానిస్ట్. ఇరువురూ అద్భుతమైన కళాకారులు. ఇరువురినీ ఒకే వేదికపై ‘జుగల్బందీ చేయండి’ అని చెప్పితే—ఇరువురూ అద్భుతమైనవాళ్లే కానీ సామరస్యం నిర్మించకపోతే భస్మమవుతారు.”
**(41:26)** “ఒకరినొకరు అర్థం చేసుకోకపోతే, చర్చించకపోతే, కమ్యూనికేట్ చేయకపోతే, ‘కలిసి మంచి సామరస్యం సృష్టిస్తాం’ అని కట్టుబడకపోతే—ఇరు అద్భుత కళాకారులు విఫలమవుతారు. అత్యుత్తమ కళాకారులు కూడా కనెక్షన్, కమిట్మెంట్, కమ్యూనికేషన్ లేకపోతే విఫలమవుతారు. అదే విధంగా సంబంధం ‘మేమిరువురూ మంచివాళ్లం’ అనే భావంపై మాత్రమే నడిస్తే పని చేయదు; ‘మన సంబంధాన్ని ఎలా మంచిదిగా మార్చగలం’ అనే కృషి ముఖ్యం.”
**(42:00)** “ఇరువురూ మంచివాళ్లగా ఉండటం కంటే సంబంధం మంచిది కావడం ముఖ్యం. నైపుణ్యం నిర్మించాలంటే సంభాషణ కావాలి—ముందే చర్చించండి. పిల్లలు కావాలా? ఇండియాలో ఉండాలా, విదేశాలకు వెళ్లాలా? కొంతమంది పర్వతాలు ఇష్టం, కొంతమంది బీచ్ ఇష్టం—ఒక ఏడాది పర్వతాలకు, మరో ఏడాది బీచ్కు వెళ్లడం పని చేయదు. ఒక ఏడాది పిల్లలు పుట్టించుకుంటాం, మరో ఏడాది పుట్టించుకోము అనడం కూడా పని చేయదు. సంబంధానికి ఈ నైపుణ్య నిర్మాణం, కమ్యూనికేషన్ అవసరం.”
**(42:26)** “ఇప్పుడు ఎవరైనా సరైన భాగస్వామిని కనుగొన్నారనుకోండి—ప్రేమ, సామరస్యం, అంతా బాగుంది. ఇప్పుడు అంచనాల భాగం వస్తుంది. ఇద్దరూ వేర్వేరు విషయాలను అంచనా వేస్తుంటారు. ఉదాహరణకు గొడవ జరిగితే ఒక భాగస్వామి ‘మాట్లాడదాం’ అనుకుంటాడు; మరొకరు ‘నాకు కొంత స్థలం ఇవ్వండి, ఇప్పుడు మాట్లాడను, తర్వాత మాట్లాడతాం’ అనుకుంటారు. ఈ భావోద్వేగ అంచనా వ్యత్యాసంలో ఏం చేయాలి?”
**(43:04)** “జంట కౌన్సెలింగ్లో నేను చాలాసార్లు విన్న సాధారణ పరిస్థితి ఇది. ఒక భాగస్వామి వెంటనే మాట్లాడి పరిష్కరించాలనుకుంటాడు—‘గొడవ జరిగింది, మాట్లాడదాం’; మరొక భాగస్వామి ‘నాకు నిశ్శబ్దం కావాలి, కొంత సమయం ప్రశాంతత కావాలి’ అనుకుంటారు. ఇరువురూ తప్పు కారు—ఒకరు మాట్లాడి గొడవను పరిష్కరించాలనుకుంటారు; మరొకరు మాట్లాడకుండా పరిష్కరించాలనుకుంటారు. ఒకరు గొడవ పెరగకుండా మాట్లాడాలనుకుంటారు; మరొకరు మాట్లాడితే గొడవ పెరుగుతుందని మాట్లాడకూడదనుకుంటారు. ఇరువురికీ అర్థం చేసుకోవడానికి సమయం పడుతుంది—మాకు కూడా అలాగే అయింది.”
**(43:48)** “చాలా ముఖ్యమైనది—ఆరోగ్యకరమైన విరామమా, నిశ్శబ్ద చికిత్సా? ఒక భాగస్వామి ‘ఇప్పుడు మాట్లాడను’ అని నిశ్శబ్దంగా ఉంటే అది పూర్తిగా సరే—ఎప్పుడు మాట్లాడతారో స్పష్టత ఉంటే. విరామం మంచిది; గొడవ జరుగుతున్నప్పుడు సైకాలజీలో ‘ఇమోషనల్ ఫ్లడింగ్’ అంటారు—అమిగ్డలా సక్రియమవుతుంది, లాజిక్ పని చేయదు, ఏం మాట్లాడుతున్నారో, ఎలా స్పందిస్తున్నారో తెలియదు; పూర్తిగా స్వరక్షణ విధానంలో ఉంటారు. కాబట్టి విరామం మంచిది. ‘కొంత విరామం తీసుకుంటాను’ అనే భాగస్వాములను అభినందిస్తాను. కానీ అది నిర్వచించకపోతే అది నిశ్శబ్ద చికిత్సగా మారవచ్చు—అది చెడ్డది.”
**(44:45)** “మరొక వ్యక్తికి ఎప్పుడు మాట్లాడతారో తెలియాలి—విరామం ఎంత కాలం ఉంటుందో తెలియాలి. ‘గొడవ జరిగినప్పుడు నాకు నిశ్శబ్దంగా ఉండడమే సరైనది; కానీ తర్వాత మాట్లాడగలమని హామీ ఇస్తాను. ఇప్పుడు గొడవ జరుగుతోంది; 30 నిమిషాల తర్వాత మాట్లాడదాం’ అని. 30 నిమిషాల తర్వాత సంభాషణ చాలా మెరుగుగా, ఆరోగ్యకరంగా ఉంటుంది. విరామం సమస్య కాదు; కానీ కమ్యూనికేషన్ అవసరం—ఇప్పుడు మాట్లాడకపోయినా కొంత సమయం తర్వాత మాట్లాడాలి. లక్ష్యం కేవలం గొడవను ఆపడం కాదు; సమస్యను పరిష్కరించడం కూడా. నిశ్శబ్దంగా ఉంటే గొడవను ఆపినట్లే, సమస్యను పరిష్కరించలేదు—అది తిరిగి వస్తుంది. కాబట్టి ఆరోగ్యకరమైన సంభాషణ మంచిది.”
**(45:15)** “దీన్ని ‘నిశ్శబ్దం’ అని కాకుండా ‘ఆరోగ్యకరమైన విరామం’ అని పిలవండి. భావోద్వేగ అంచనాల గురించి మాట్లాడుతున్నాం—ప్రజలు ఒకరికొకరు చాలా భిన్నంగా ఉంటారు. ఉదాహరణకు ఒక స్త్రీ మనసు బాగోలేదు; మరొక భాగస్వామి దాన్ని గమనించి ‘ఆమెకు కొంత స్థలం ఇస్తాను’ అనుకుంటాడు. ఆమెకు ‘అతనికి నా మనసు బాగోలేదని తెలిసి కూడా అడగడం లేదు; నాకు పట్టింపు లేదు’ అని అనిపిస్తుంది. అతనికి ‘నాకు ఆమెకు స్థలం ఇవ్వాలి’ అని అనిపిస్తుంది. ఇరువురి దృక్కోణాలూ సరే; సమస్య ఏమిటంటే ఆమె భాగస్వామిని అతను తన మనసును ఎంత ఖచ్చితంగా అంచనా వేయగలడో దాని ఆధారంగా తీర్పు తీర్చడం మొదలుపెడతారు—‘నా మనసు బాగోలేదని అతనికి తెలిసినా అడగడం లేదు; నాకు పట్టింపు లేదు’ అని లోపల శీతల యుద్ధం మొదలవుతుంది; నిరపరాధ వ్యక్తికి అది తెలియదు.”
**(46:22)** “ఇది ఎందుకు జరుగుతుంది? 17 ఏళ్ల లైఫ్ కోచింగ్ అనుభవం, 30–40 సంబంధ పుస్తకాలు, అనేక క్లయింట్ల ఆధారంగా—దీనికి పరిష్కారం లేదు. సంబంధంలో అత్యంత సవాలకరమైన విషయం—‘ఏమైంది?’ ‘ఏమీ లేదు.’ ‘నిజంగా ఏమీ జరగలేదా?’ ‘లేదు.’ మనసు చదవాలనే అంచనా—‘నా మనసును చదవండి.’”
**(47:08)** “తీవ్రంగా చెప్పాలంటే ఇరువురికీ ఒక వైపు ఉంటుంది. స్త్రీ మౌఖికంగా వ్యక్తపరచకపోయినా ఏదో ఉందని కనిపిస్తుంటే—దీనికి రెండు వైపులు ఉన్నాయి. చాలామంది గుర్తింపు, బాల్యం దీనిలో పాత్ర పోషిస్తాయి. ‘అడగనివ్వను—బాల్యంలో ఏదైనా అడిగినా రాలేదు; కోరినా రాలేదు; వ్యక్తపరిచినా రాలేదు. కాబట్టి నాకు అడగడం ఇష్టం లేదు; ఇవ్వండి’ అని అనుకుంటారు. ‘చెప్పనివ్వను, కానీ నాకు కావాలి’ అని. చాలామందిలో దీనికి బాల్యానికి సంబంధం ఉంటుంది—స్త్రీలకే కాదు, పురుషులకు కూడా.”
**(47:45)** “చాలాసార్లు భాగస్వామి తన మనసును చదివేస్తారని భావిస్తారు. దానిలో ఒక మధురమైన అంశం ఉంది—అతని దృష్టి నాపై ఉంది, ఆసక్తి నాపై ఉంది; ‘నన్ను గమనించాలని, నన్ను గమనించాలని’ అనే ప్రేమ రూపం. ‘నేను కోపంగా ఉంటే అతనికి పట్టింపు ఉంటుంది’ అనే భద్రత ఇస్తుంది. ‘అతను నాకు పూలు ఇవ్వాలని కోరుకోవాలి, కానీ నాకు పూలు కావాలని అతనికి తెలియకూడదు’ అని. అది అందంగా ఉంటుంది—కోపంగా ఉన్నప్పుడు ఎవరైనా అడిగితే బాగుంటుంది; బాల్యంలో ముఖం చిట్టగా కూర్చున్నప్పుడు తల్లిదండ్రులు అడిగితే బాగుంటుంది. కానీ చివరికి ఆరోగ్యకరమైన సంబంధానికి కమ్యూనికేట్ చేయడం నేర్చుకోవడం చాలా ముఖ్యం.”
**(48:19)** “కొంత కోపం వచ్చినా సరే—దాన్ని అంత పెద్ద పర్వతంగా మార్చకండి. ప్రపంచంలో 50–50 ఏళ్ల ఆరోగ్యకరమైన సంబంధాలు ఉన్న వృద్ధులు, పెద్ద పరిశోధకులు, పీహెచ్డీ పండితులు, పెద్ద శిక్షణ కార్యక్రమాలు—అందరూ ఒకే విషయం చెబుతారు: కమ్యూనికేషన్ చాలా ముఖ్యం; కమ్యూనికేషనే పునాది. కనీసం గమనించాలి, అడగాలి—‘నా భాగస్వామి సంతోషంగా లేరా?’ అని. అది సంబంధం యొక్క అందమైన అంశం, మజాక్. కానీ మూడు నాలుగు రోజుల వరకు లాగకూడదు—‘నాకు చెప్పనివ్వను, నువ్వే అర్థం చేసుకో’ అని. మనసు చదవడం జరగదు; AIకి కూడా ప్రాంప్ట్ ఇవ్వాలి. AI కూడా మిమ్మల్ని పూర్తిగా అర్థం చేసుకోదు—మానవుడు ఎలా అర్థం చేసుకుంటాడు?”
**(49:30)** “కమ్యూనికేట్ చేయడం మంచిది. నాకు ఒక పరిష్కారం ఉంది—నా 11 ఏళ్ల సంబంధ అనుభవం నుంచి. అంతా కమ్యూనికేట్ చేయాలని లేదు; ఎప్పుడూ అంతా కమ్యూనికేట్ చేయాల్సిన అవసరం లేదు—అప్పుడు ఆ మంత్రం, నూతనత, ఊహించని విషయాలు పోతాయి. కాబట్టి మీ భాగస్వామి మీ కోసం ఏం చేయాలనుకుంటారో రకాన్ని ముందే చెప్పండి—‘నాకు సర్ప్రైజ్లు నచ్చుతాయి; చెప్పినా సర్ప్రైజ్లే వస్తాయి.’ ‘నాకు హఠాత్తు ముద్దులు నచ్చుతాయి’ అని చెప్పితే అవి వస్తాయి. ‘నాకు హఠాత్తు ప్రణాళికలు, ప్రయాణాలు నచ్చుతాయి’ అని చెప్పండి. ఇలా ఖచ్చితంగా ఏం కావాలో చెప్పకుండానే కమ్యూనికేట్ చేయవచ్చు.”
**(50:38)** “బాగా చెప్పారు. మేము చాలా ఏళ్లుగా ఇది నేర్చుకున్నాం; మీరు ప్రాక్టీస్ చేసినప్పటి నుంచి, నేను ప్రాక్టీస్ చేసినప్పటి నుంచి—కమ్యూనికేషన్ అభివృద్ధి అయినప్పుడు మా సంబంధం కూడా అభివృద్ధి అయింది. ఈ పాడ్కాస్ట్ చూస్తున్న ఎవరైనా ప్రారంభ దశలో ఉంటే—‘ఏమీ లేదు’ అని వారం గడిపేస్తుంటే—కమ్యూనికేట్ చేయడమే మంచి మార్గం. మీ అవసరాలు, కోరికలు, ఆకాంక్షలు, లక్ష్యాలను కమ్యూనికేట్ చేయడం చాలా ముఖ్యం. మనసు చదవాలని అంచనా వేయకండి; అంతా ఊహించి నడిపే అంత ఊహించలేని తనం పెట్టకండి—అది చివరికి సరైనది కాదు. కానీ ప్రతి విషయానికి సూచనలు ఇవ్వాల్సి వస్తే అది కూడా సరైనది కాదు.”
**(51:08)** “ఒక భాగస్వామి ఎప్పుడూ ‘సంబంధంలో నేనే ఎక్కువ ప్రయత్నం చేస్తున్నాను’ అని ఎందుకు అనుకుంటారు? నాకు తప్పకపోతే ఎక్కువగా ఇరువురికీ అలా అనిపిస్తుంది. జంట కౌన్సెలింగ్లో ఇది చాలా సాధారణం—భర్తను, భార్యను వేర్వేరు గదుల్లో ఉంచి ‘సంబంధానికి ఎవరు ఎక్కువ సహకరిస్తున్నారు?’ అని అడిగితే ఇరువురూ ‘నేనే’ అంటారు—‘సంబంధంలో 70–80% నా వల్లే; వారి వల్ల 20–30%.’ ఇది చాలా సాధారణం; అన్ని థెరపిస్ట్లు, కౌన్సెలర్లు, కోచ్లు ఇది అనుభవిస్తారు. సైకాలజీలో దీనికి ‘ఎగోసెంట్రిక్ బయాస్’ అంటారు.”
**(52:14)** “మన ప్రయత్నాల గురించి మనకు అంతా స్పష్టంగా తెలుసు—ఇంచుమించు ప్రతి వివరం తెలుసు. ‘నేను ఇది చేశాను’—కమ్యూనికేట్ చేయని విషయం కూడా; సామన్యుడికి తెలియకపోవచ్చు. కానీ మాకు తెలుసు. కాబట్టి మన ప్రయత్నాల గురించి మనకు ప్రతి వివరం తెలుసు; సామన్యుడి కొన్ని కనిపించే ప్రయత్నాలను కూడా మన పక్షపాతంతో చూస్తాం—అవి మన ‘కరెన్సీ’లో లేవు. సంబంధంలో ఇరువురి కరెన్సీ వేర్వేరు; ప్రయత్నం చేసే విధానం వేర్వేరుగా ఉంటుంది. ఉదాహరణకు ఒక స్త్రీ సామాజిక విషయాలను, ఇంటిని చూసుకోవడం; భర్త బంధువులకు, తన బంధువులకు స్పందించడం, మెసేజ్ చేయడం, పుట్టినరోజు శుభాకాంక్షలు, బహుమతులు—అంతా చూసుకోవడం. పురుషుడికి అది అంత పట్టింపు ఉండదు—‘నేను ఎప్పుడూ చేయలేదు; నాకు ఏం పట్టింపు?’ అని అనుకుంటాడు. పురుషుడు తన విధంగా ఏదో చేస్తుంటాడు—బహుశా సంబంధం కోసం కొంత ఆకాంక్షను వదిలేసి ఉండవచ్చు; ఇరువురూ తమ తమ విధంగా ప్రయత్నం చేస్తుంటారు.”
**(53:12)** “పురుషుడికి తన ప్రతి ప్రయత్నం తెలుసు—‘నేను ఈ కలను వదిలేశాను; ఈ ఆకాంక్ష కోసం ఇది చేశాను; ఈ సంబంధం కోసం నేను ఏం చేస్తున్నాను.’ స్త్రీకి తన ప్రతి విషయం తెలుసు. ఒకరి సగం మరొకరికి కనిపించదు; సగం కమ్యూనికేట్ చేయబడదు. అక్కడే ఎగోసెంట్రిక్ బయాస్ వస్తుంది—‘నేను ఈ సంబంధం కోసం ఎంత చేశాను; మరొకరు ఏమీ చేయలేదు.’ ఇరువురి ఉద్దేశం సంబంధంలో ఉండి నిర్మించడమే అయితే ఇరువురూ సహకరిస్తుంటారు; ఇరువురి సహకారం ఉంటుంది. ఒకరిదే పూర్తి సహకారం, మరొకరికి ఆసక్తి లేకపోవడం వంటి అపవాదులు అరుదు. ఎక్కువ జంటలు ఇరువురూ తమ బెస్ట్ చేస్తుంటారు.”
**(53:39)** “మొదట ఇది అర్థం చేసుకోవాలి—‘నాకు ఎగోసెంట్రిక్ బయాస్ ఉంది; నేనే ఎక్కువ చేస్తున్నానని’ అనిపిస్తుంది. మరొకరు కూడా చేస్తున్నారు; వారి కరెన్సీలో, వారి విధంగా చేస్తున్నారు. వారికి అది సంబంధానికి ముఖ్యమని అనిపిస్తోంది. మీరు ‘నాకు పట్టింపు లేదు’ అనుకున్నా, మరొకరికి అది ముఖ్యమై ఉండవచ్చు. మొదట అంగీకారం—వారు తమ విధంగా చేస్తున్నారు; నేను నా విధంగా చేస్తున్నాను. ఇరువురూ ‘నేనే 70–80% చేస్తున్నాను’ అనుకుంటే మొత్తం 200% అవ్వదు; కలిపి 100% అవుతుంది. అంటే ఇరువురూ చేస్తున్నారు.”
**(54:03)** “సంబంధం అనేక దశల ద్వారా వెళ్తుంది; కొన్ని దశల్లో శాతం పెరగవచ్చు, తగ్గవచ్చు. ఎప్పుడూ 50–50 ఉండాల్సిన అవసరం లేదు. జీవితంలో ఒక దశలో పురుషుడు ‘ఈ సమయంలో నా ఆకాంక్ష ముఖ్యం; ఇది నా సమయం’ అని అనుకోవచ్చు—బహుశా అతను 50%లో ఉండక 20%లో ఉండి, మీరు 70–80% ఇవ్వాల్సి రావచ్చు. ఎక్కువ అవగాహన కావాలి. బహుశా ఒక స్త్రీ ‘నా ఆకాంక్ష కోసం’ లేదా ‘కుటుంబ ప్రణాళిక కోసం’ లేదా ‘శరీరంలో మార్పులు జరుగుతున్నాయి’ అని భావించి ఎప్పుడూ సంబంధంలో పూర్తిగా ఉండలేని దశలో ఉంటే—పురుషుడు 70–80% పాత్ర పోషించాలి. ఇది కూడా కమ్యూనికేషన్ ద్వారా జరుగుతుంది—‘మేమిరువురూ ప్రయత్నిస్తున్నాం; ఈ సమయంలో నా ప్రయత్నం తక్కువగా ఉంటుంది; మీ పాత్ర ఎక్కువగా ఉంటుంది’ అని చెప్పండి.”
**(55:09)** “కనిపించే, కనిపించని ప్రయత్నాల గురించి చెప్పారు—నా ప్రయత్నాలు కనిపిస్తాయి; సామన్యుడివి అంత కనిపించవు. పరిష్కారం ఏమిటి? ‘సామన్యుడు కూడా ఎక్కువ ప్రయత్నం చేస్తున్నాడని’ అంగీకరించాలా, లేక సామన్యుడి ప్రతి ప్రయత్నాన్ని లెక్కింపించాలా? తక్కువ అవసరమైతే అంత మంచిది. సైకాలజీలో బయాస్ అంటే—కన్ఫర్మేషన్ బయాస్, ఎగోసెంట్రిక్ బయాస్, నెగటివిటీ బయాస్—ఏ బయాస్ అయినా మీ కళ్ల ముందు ఒక ఫిల్టర్ ఉంటుంది; అది కొన్ని విషయాలనే చూపిస్తుంది. నెగటివిటీ బయాస్లో చెడ్డదే కనిపిస్తుంది; కన్ఫర్మేషన్ బయాస్లో నిర్ధారిస్తూనే ఉంటారు; ఎగోసెంట్రిక్ బయాస్లో నా డేటాపైనే దృష్టి ఉండి సామన్యుడిని చూడము. కళ్ల ముందు లెన్స్ ఉంటే దాన్ని తీసేయడం ముఖ్యం—‘నాకు బయాస్ ఉంది; దాన్ని సరిచేయాలి’ అని చూడడం.”
**(56:13)** “సామన్యుడి ప్రయత్నాలను గుర్తించడం, అర్థం చేసుకోవడం, గమనించడం. ఆ లెన్స్ను అక్కడికి మళ్లించడం, దృష్టిని అక్కడికి మళ్లించడం—కెమెరా లాగా. ఒక విషయం ఫోకస్లో ఉంటుంది, మరొకటి డీఫోకస్లో ఉంటుంది. మీ ప్రయత్నాలు ఫోకస్లో కనిపిస్తున్నాయి; మరొకరివి డీఫోకస్ చేస్తున్నారు. బయాస్ తొలగించడం అంటే దృష్టిని ఇరువైపులా పెట్టి చూడడం; కెమెరా అపర్చర్ను ముందు వెనుక చేసి చూడడం. ఇంత ఆలోచన, అవగాహన మిమ్మల్ని భాగస్వామి గురించి చెబుతుంది—అతను/ఆమె తన సామర్థ్యంలో చేస్తున్నారు. అంత క్లిష్టం కాదు. బయాస్ ఉందని అర్థం చేసుకోవడమే దాన్ని తొలగిస్తుంది.”
**(56:44)** “మనం గమనించి ఉంటాం—ప్రేమించే వ్యక్తిని, భాగస్వామిని క్షమాపణ చెప్పడంలో అత్యంత ఆలస్యం చేస్తారు; బయటి వ్యక్తులకు త్వరగా క్షమాపణ చెప్పినా, స్వజనులకు ఎందుకు ఆలస్యం? ప్రధాన కారణం—అపరిచితుడికి ఏం పట్టింపు? ‘సారీ’ అని చెప్పి అధ్యాయం ముగిసింది; నా భూతకాలం, భవిష్యత్తుతో అది ముడిపడి లేదు. భావోద్వేగ పెట్టుబడి ఎక్కువగా ఉన్న చోట ‘సారీ’ కేవలం పదం కాదు; అది UPSC పరీక్ష కంటే కష్టమైన మూడక్షరాల పదం. ‘ఈగో’ కాదు—కేవలం అహం మాత్రమే కాదు.”
**(57:57)** “బయటి వ్యక్తికి వివరణ ఇవ్వడంపై మనం అంత ఒత్తిడి తీసుకోము—కారు ఎడమవైపు వెళ్లింది, ‘సారీ’ అని చెప్పి ముగించేస్తాం. పరిణతమైన వ్యక్తి బయట సులభంగా క్షమాపణ చెప్పగలడు; ఇంట్లో ఎందుకు చెప్పడు? ఎక్కువ సమయం ఇరువురికీ ‘నేనే సరైనవాడిని’ అని అనిపిస్తుంటుంది. ‘నేనే సరైనవాడిని’ అని అనిపిస్తే క్షమాపణ ఎక్కడి నుంచి వస్తుంది? బ్యాండేజ్లా ప్రశాంతత కోసం వచ్చే అవకాశం ఉంది—‘సారీ చెప్పి ముందుకు వెళ్దాం’ అని. కానీ హృదయపూర్వక క్షమాపణ ఎక్కడి నుంచి వస్తుంది? ‘నేను కూడా సరైనవాడిని, అతను కూడా సరైనవాడు’ అని అనిపిస్తుంటే హృదయపూర్వక క్షమాపణ ఎక్కడి నుంచి వస్తుంది?”
**(58:30)** “క్షమాపణకు ముందు—పరిణతమైన, ప్రేమించే వ్యక్తిగా ఉన్నా—మొదట నా వైపును చెప్పాలని అనుకుంటాం. ఇరువురూ తమ వైపును చెప్పడానికి వెళ్లితే వివాదం పెరుగుతుంది; క్షమాపణ అవకాశం రాదు. ఒకరు తమ వైపు చెప్పగానే మరొకరు తమ వైపు చెప్పడం మొదలవుతుంది; ఆ ప్రయాణం సులభం కాదు, క్షమాపణ రాదు. ‘సారీ చెప్పి ముగించేద్దాం’ అని ఆలోచిస్తాం. కానీ ఆ క్షమాపణ క్షణికమైనదా, నిజమైనదా? ఆ క్షమాపణకు మూడు నాలుగు అర్థాలు ఉన్నాయి—‘నేను నా వైపు చెప్పలేదు, తప్పు అంగీకరించాను; తర్వాత కూడా నా వైపు చెప్పనివ్వరు; క్షమాపణ చెప్పాల్సి వస్తుంది’ అని భయం ఉంటుంది.”
**(59:03)** “‘హృదయపూర్వకంగా అంగీకారం లేదు; బ్యాండేజ్గా క్షమాపణతో వచ్చాను’ అని. క్షమాపణ చెప్పడం అంత సులభం కాదు—మీరు చెప్పిన క్షమాపణ సంబంధ నియమాన్ని నిర్వచిస్తుంది: ‘ఇది తప్పు, మరొకరు సరైనవాడు’ అని; అణచివేత ప్రయాణం మొదలవుతుంది. సంబంధ చలనాలు కొంత క్లిష్టంగా ఉంటాయి; అందుకే అపరిచితుడితో పోల్చకూడదు. కాలక్రమేణా మా సంబంధం అనేక ఉత్థాపపతనాల ద్వారా వెళ్లి, ప్రేమతో కలిసి ఎదగడం మొదలైంది. ఒక మంచి విషయం—వాదన తర్వాత ఒక దశలో ఇరువురూ తమ తప్పుల కోసం క్షమాపణ చెప్తాం.”
**(1:00:04)** “గొడవలో ఇరువురూ ఏదో ఒక తప్పు చేసి ఉంటారు. సమస్యను తర్వాత పరిష్కరిస్తాం; కానీ ఏం తప్పు జరిగిందో మొదట అంగీకరిస్తాం—‘సమస్య ఉంది, కానీ నా స్వరం పెంచకూడదు; నాకు అలా దాడి చేయకూడదు; ప్రశాంతంగా మాట్లాడాలి.’ మేము ఎప్పుడూ, కొన్నిసార్లు ఇప్పటికీ అంగీకరించము—‘తప్పు ఇప్పటికీ నీదే’ అని. కానీ ‘నా స్వరం పెరిగింది కాబట్టి క్షమించండి’ అని చెప్పగలం. అది చాలా మంచి విధానం—గుర్తించడం. అంగీకరించకూడదని అంగీకరించవచ్చు—‘నీ అభిప్రాయం వేరు, నా అభిప్రాయం వేరు; కానీ నా నుంచి కొంత తప్పు జరిగింది, నీ నుంచి కూడా జరిగింది; గుర్తించదాం.’”
**(1:00:40)** “కమ్యూనికేషన్ ధైర్యంగా లేక దాడిగా ఉంటే—దాడి చేసిన వ్యక్తి మొదట క్షమాపణ చెప్పాలి, తద్వారా మీరు ధైర్యంగా తిరిగి రాగలరు. ‘నువ్వే అలాంటివాడివి, స్వార్థివి, నాకు పట్టింపు లేదు’ అని వ్యక్తిత్వ దాడి జరిగితే—మొదట గుర్తించండి: ‘వ్యక్తిత్వ దాడి తప్పు; క్షమించండి. స్వరం తప్పు; క్షమించండి.’ జంటలు తప్పిపోయిన విషయాన్ని తిరిగి సరైన మార్గంలోకి తీసుకురావడం మొదలుపెట్టాలి—‘మనం శుభ్రమైన గొడవ చేసుకుందాం.’ తర్వాత ‘అంగీకరించకూడదని అంగీకరించగలం’ అని కూడా చెప్పవచ్చు. గొడవ పెద్దది కావడానికి కారణం స్వరం, వ్యక్తిత్వ దాడులు, అర్థాలు—వాటిని మొదట శుభ్రం చేసి, శుభ్రమైన గొడవ చేసుకోండి.”
**(1:01:08)** “సాధారణంగా అంత పెద్ద విషయం మిగలదు. గుర్తించిన తర్వాత క్షమాపణ వస్తుంది—‘నా విషయం కోసం క్షమించండి; మీ విషయం కోసం క్షమించండి.’ తర్వాత మరిది ఎలా నిర్వహించగలమో, మరిది ఎలా సరిచేయగలమో మాట్లాడవచ్చు. వెంటనే పరిష్కరించాల్సిన అవసరం లేదు—10, 20, 30 నిమిషాల తర్వాత, వారాంతంలో డేట్కి వెళ్లి కూడా చర్చించవచ్చు. ఇది కుటుంబ సమస్య, ఆర్థిక సమస్య, నమ్మక సమస్య—ఎలా నిర్వహిస్తాం అని. గుర్తించకపోతే క్షమాపణ ఉండదు; క్షమాపణ లేకపోతే సరిదిద్దుకోలేం.”
**(1:01:38)** “కొంతమంది అలాంటి పరిస్థితుల్లో నిశ్శబ్దంగా ఉండడమే ఇష్టం—‘మాట్లాడితే ఏదో తప్పు జరుగుతుంది, వాదన పెరుగుతుంది; నిశ్శబ్దంగా ఉండి సరే’ అని. అది పరిహారమా, పరిణతమా? దాన్ని తప్పించుకోవడమైతే అది పరిహారమే. తక్షణ భావోద్వేగ ప్రవాహం, కోపం, ఎత్తైన స్వరం, వ్యక్తిత్వ దాడులను నివారించడానికి విరామం తీసుకుంటే—తర్వాత పరిష్కరిస్తామని—అది పరిణతి. గొడవను ఆపి సమస్యను కూడా ఆపితే పరిణతి; నిశ్శబ్ద చికిత్సగా గొడవను ఆపి సమస్యను ఆపకపోతే—అంతా పేరుకుపోయి తర్వాత పేలిపోతుంది. సమస్యను పరిష్కరించడం కూడా ముఖ్యం. నిశ్శబ్దం పారిపోవడం, పరిహారం కాకూడదు; అది ఆరోగ్యకరమైన విరామం కావాలి. నిశ్శబ్ద చికిత్స శిక్ష; ఉద్దేశమే శిక్ష ఇవ్వడం. ఆరోగ్యకరమైన విరామం నిర్మాణాత్మకం; నిశ్శబ్ద చికిత్స విధ్వంసకం—అది చివరికి సంబంధానికి నష్టం; ఆరోగ్యకరమైన విరామం సంబంధానికి లాభం.”
**(1:02:54)** “అందరూ ఆత్మపరిశీలన చేయవచ్చు—మనం ఆరోగ్యకరమైన విరామం తీసుకుంటామా, నిశ్శబ్ద చికిత్స ఇస్తామా? నిశ్శబ్ద చికిత్స ఇస్తుంటే ఏదో తప్పు చేస్తున్నాం. ప్రజలు సంవత్సరాల క్రితం భాగస్వామి అన్న అత్యంత బాధాకరమైన మాటలను గుర్తుంచుకుంటారు. చాలా మంచి మాటలు కూడా అన్ని ఉంటాయి, కానీ అవి సాధారణంగా గుర్తుండవు; బాధాకరమైన మాటలు పదానికి పదం ఖచ్చితంగా గుర్తుంటాయి.”
**(1:03:29)** “ఎందుకు జరుగుతుంది? మనం మన మనస్తత్వంపై తగినంత పని చేయకపోతే మనలో నెగటివిటీ బయాస్ ఉంటుంది—పాజిటివ్ విషయాలు అంత గుర్తుండవు; నెగటివ్ విషయాలు గుర్తుంటాయి. బాల్యంలోని నెగటివ్ సంఘటనల్లో భావాలు లోతుగా ప్రేరేపితమవుతాయి. ఇప్పుడు జంట గొడవల గురించి మాత్రమే మాట్లాడడం లేదు—బాల్యంలోని ఆ నెగటివ్ సంఘటనలు మాట్లాడము; అవి ఎంత తీవ్రమైతే అంత గుర్తుంటాయి. పాజిటివ్ అంత గుర్తుండవు. ఒక చెడ్డ పుట్టినరోజు, 15 మంచి పుట్టినరోజుల కంటే ఎక్కువ స్పష్టంగా గుర్తుంటుంది. 365 రోజులు—లేదా పాఠశాలలో 250 రోజులు వెళ్లాం; 250 మంచి రోజులు ఎవరికి గుర్తుంటాయి? బెదిరించబడిన రోజు, పూర్తి తరగతి వెక్కిరించిన రోజు—ఆ రోజు మర్చిపోదు. అది నెగటివిటీ బయాస్—చెడ్డది గుర్తుంటుంది.”
**(1:04:05)** “ఒక చెడ్డ వ్యాఖ్య బాధ ఇస్తుంది; 50 మంచి వ్యాఖ్యలు అంత సంతోషం ఇవ్వవు. ఇది జీవితంలో సహజ నెగటివిటీ బయాస్. ఇప్పుడు ఆలోచించండి—పాటింపు ఉన్న వ్యక్తి గురించి: బాయ్ఫ్రెండ్, గర్ల్ఫ్రెండ్, భర్త, భార్య, భాగస్వామి—ఇక్కడ భావోద్వేగ పెట్టుబడి చాలా ఎక్కువ; మనం జీవించాల్సిన వ్యక్తి. వారు ఏదైనా చెడ్డది చెప్పితే—పట్టింపు ఉంది కాబట్టి బయాస్ ఇంకా ఎక్కువ; అది ఇంకా భావోద్వేగపరంగా తీవ్రంగా ప్రేరేపిస్తుంది. మర్చిపోవడం సులభం కాదు—అది బాధ ఇస్తుంది. దానిపై పని చేయాలి; మార్గాలను వెతుకోవాలి; చర్చించవచ్చు. కానీ డిఫాల్ట్గా చాలామందిలో నెగటివిటీ బయాస్ అది మర్చిపోనివ్వదు.”
**(1:04:41)** “భార్య భర్తతో ‘నువ్వు సామర్థ్యం లేనివాడివి; కేవలం కలలు కంటావు’ అని చెప్పింది—అలాంటి చర్యలు జరగకపోయినా అతను మర్చిపోడు; భావోద్వేగ పెట్టుబడి ఎక్కువ, అంచనాలు ఎక్కువ, కలిసి కలలు చూశారు. మిగతా 100 విషయాలు మర్చిపోతాయి. కాబట్టి మనం గతంలోని విషయాలను భవిష్యత్తులోకి తీసుకురాకూడదు; మాట్లాడాలి, పరిష్కరించాలి—‘ఆ రోజు నిజంగా అలా అనుకున్నారా?’ అని. దాన్ని కమ్యూనికేషన్లోకి, చర్చలోకి తీసుకురావాలి. చాలాసార్లు భాగస్వామికి తెలియదు—గతంలో అన్న ఒక మాట ఇంకా బాధ ఇస్తోందని.”
**(1:05:13)** “అది ఎల్లప్పుడూ ట్రామా కాదు, కానీ కొన్నిసార్లు ట్రామా అవుతుంది. వారికి తెలియదు—ఏ కోపంలో వ్యక్తిత్వ దాడి చేశారో, మీరు అది మోసుకెళ్లారు. ‘నీ ఆ మాట నాకు ఈనాటికీ బాధ ఇస్తుంది; నాకు ఇబ్బంది ఇస్తుంది; ఇది నా నెగటివిటీ బయాస్. నేను తర్వాత సరిచేసుకుంటాను’ కాదు—‘ఈరోజే పరిష్కరిస్తాం’ అని. ఒక వ్యక్తి భాగస్వామితో ఉద్దేశపూర్వకంగా లేదా అనుదేశ్యంగా ఏదైనా తప్పు చేసి ఉంటే—అది విశ్వాసఘాతమైనా, ఏదైనా అన్నా—పాత గాయాలను సరిచేయగలమా? అవునని నేను అంటాను.”
**(1:06:22)** “నేను ఎప్పుడూ ఆశావాదిని. ‘ప్రపంచ అంతం’ అని నేను చూడను; అది అంతం కాదు కూడా. ‘ఎప్పుడూ సరిపోతుంది’ అని సాధారణ ప్రకటన చేయను—గాయం ఎంత లోతుగా ఉంది, ఎంత సమయం పడుతుంది అనేది వేర్వేరుగా ఉంటుంది. సరిచేయాలనే ఉద్దేశం ఉండాలి; ఓపికపట్టాలనే ఉద్దేశం ఉండాలి; ఆ గాయం ఏ భావాన్ని ఇచ్చింది, గుర్తింపును ఎలా ప్రేరేపించింది అని లోతుగా అర్థం చేసుకోవాలనే ఉద్దేశం ఉండాలి. నా వల్ల గాయం జరిగితే నన్నే నయం చేయాలి, సరిచేయాలి, తనిఖీ చేయాలి—‘బాగోలేదా?’ అని. వీలవుతుంది. చాలా లోతైన గాయం అయితే 80% నయం చేసినా చాలా, 70% చేసినా చాలా—కనీసం ‘నయం కాదు’ అని వదిలేయకూడదు.”
**(1:06:55)** “చాలామంది వృత్తిపరమైన సహాయం తీసుకోరు; అది కూడా చాలా అవసరం. భర్తగా, భార్యగా, బాయ్ఫ్రెండ్గా, గర్ల్ఫ్రెండ్గా నేను గాయాన్ని నయం చేసే సరైన వ్యక్తి కాకపోవచ్చు. వారు ఇచ్చారు; కానీ నేను దాని నిపుణుడిని కాను; నిర్వహించడం రాదు. నా భార్యకు నా వల్ల ఆందోళన, పానిక్, ఒత్తిడి, ట్రామా, నిరాశ వంటి ఏదైనా ఉంటే—ప్రయత్నించాను, ప్రయత్నించాను, సరిచేయలేకపోయాను; కానీ వదిలిపెట్టలేను. అప్పుడు వృత్తిపరమైన సహాయం అవసరం; థెరపిస్ట్తో మాట్లాడడం, కౌన్సెలింగ్ అవసరం—‘మేము జంటగా ఇక్కడ ఉన్నాం; ఇది సవాలు. నా వల్ల గాయం జరిగిందని అర్థం చేసుకున్నాను; గతంలో అర్థం కాలేదు; అనుదేశ్యంగా జరిగింది. మేమిరువురికీ గాయాలు ఇచ్చాం. మా గతం ఇలా ఉంది; మేము నిపుణులం కాకపోవడం వల్ల సరిచేయలేకపోతున్నాం.’”
**(1:07:31)** “మేము మొదటిసారి ఎవరితోనో జీవితంలో ఐదేళ్లు కలిసి గడిపాం; మొదటి ఏడాదిలో చాలా గాయాలు ఇచ్చాం. ఇప్పుడు తర్వాతి ఐదేళ్లలో మెరుగుపడాలని ఉద్దేశం ఉంది. నువ్వు నిపుణుడివి—అనేక జంటలతో వ్యవహరిస్తావు; ఇది చదివావు, ఐదేళ్లు పుస్తకాలు చదివావు, 500 మంది సంబంధాలను సరిచేశావు. నా ప్రయాణంలో ఉత్థాపపతనాలను ఎందుకు అనుభవించాలి? జీవితంలో 10 ఏళ్లు వృథా చేసుకోవాలా? సహాయం చేయండి; 10–12 సెషన్లు తీసుకుని సహాయం చేయండి. నిపుణుడి సహాయం తీసుకోవడం, సైకాలజిస్ట్, థెరపిస్ట్, సైకియాట్రిస్ట్ సహాయం తీసుకోవడం చాలా ముఖ్యం. అందమైన సంబంధానికి చేరుకోవడానికి 10 ఏళ్లు పెట్టి, చేరుకుంటారో తెలియదు. ప్రయత్నించండి; జరగకపోతే ఒక సెషన్ తీసుకుని ‘నిపుణుడు సహాయం చేయగలడా?’ అని అర్థం చేసుకోండి. ఒక సెషన్ తర్వాత ప్రజల జీవితాలు మారినట్లు మేము చూశాం.”
**(1:08:32)** “సెల్ఫ్ హెల్ప్ అనే విషయం ఉంది—నాకు నాకే ఎలా సహాయం చేసుకోగలనో ఎప్పుడూ ప్రయత్నించాలి. పుస్తకం కావచ్చు, పాడ్కాస్ట్ కావచ్చు, వీడియోలు కావచ్చు, స్నేహితుడితో మాట్లాడడం కావచ్చు. కొన్ని విషయాలు సెల్ఫ్ హెల్ప్తో సరిపోతాయి; చేయాలి. మీ మొదటి ఆశ్రయం సెల్ఫ్ హెల్ప్ కావాలి. కానీ కొన్ని విషయాల
**(1:05:13)** “అలాంటి చర్యలు జరగకపోయినా అతను మర్చిపోడు—భావోద్వేగ పెట్టుబడి చాలా ఎక్కువ; అంచనాలు చాలా ఎక్కువ; కలిసి కలలు చూశారు. మిగతా 100 విషయాలు మర్చిపోతాయి. ఇది బయాస్ కాబట్టి—మనం గతంలోని విషయాలను భవిష్యత్తులోకి తీసుకురాకూడదు; మాట్లాడాలి, పరిష్కరించాలి—‘ఆ రోజు నిజంగా అలా అనుకున్నారా?’ అని. దాన్ని కమ్యూనికేషన్లోకి, చర్చలోకి తీసుకురావాలి. చాలాసార్లు భాగస్వామికి తెలియదు—గతంలో అన్న ఒక మాట ఇంకా బాధ ఇస్తోందని.”
**(1:05:47)** “అది ఎల్లప్పుడూ ట్రామా కాదు; ‘ట్రామా’ అనే పదాన్ని సడలంగా వాడకూడదు, కానీ కొన్నిసార్లు అది ట్రామా అవుతుంది. వారికి తెలియదు—ఏ కోపంలో వ్యక్తిత్వ దాడి చేశారో, మీరు అది మోసుకెళ్లారు. ‘నీ ఆ మాట నాకు ఈనాటికీ బాధ ఇస్తుంది; నాకు ఇబ్బంది ఇస్తుంది; ఇది నా నెగటివిటీ బయాస్. నేను తర్వాత సరిచేసుకుంటాను’ కాదు—‘ఈరోజే పరిష్కరిస్తాం’ అని. ఒక వ్యక్తి భాగస్వామితో ఉద్దేశపూర్వకంగా లేదా అనుదేశ్యంగా ఏదైనా తప్పు చేసి ఉంటే—అది విశ్వాసఘాతమైనా, ఏదైనా అన్నా—పాత గాయాలను సరిచేయగలమా? అవునని నేను అంటాను.”
**(1:06:22)** “నేను ఎప్పుడూ ఆశావాదిని. ‘ప్రపంచ అంతం’ అని నేను చూడను; అది అంతం కాదు కూడా. ‘ఎప్పుడూ సరిపోతుంది’ అని సాధారణ ప్రకటన చేయను—గాయం ఎంత లోతుగా ఉంది, ఎంత సమయం పడుతుంది అనేది వేర్వేరుగా ఉంటుంది. సరిచేయాలనే ఉద్దేశం ఉండాలి; ఓపికపట్టాలనే ఉద్దేశం ఉండాలి; ఆ గాయం ఏ భావాన్ని ఇచ్చింది, గుర్తింపును ఎలా ప్రేరేపించింది అని లోతుగా అర్థం చేసుకోవాలనే ఉద్దేశం ఉండాలి. నా వల్ల గాయం జరిగితే నన్నే నయం చేయాలి, సరిచేయాలి, తనిఖీ చేయాలి—‘బాగోలేదా?’ అని. వీలవుతుంది. చాలా లోతైన గాయం అయితే 80% నయం చేసినా చాలా, 70% చేసినా చాలా—కనీసం ‘నయం కాదు’ అని వదిలేయకూడదు.”
**(1:06:55)** “చాలామంది వృత్తిపరమైన సహాయం తీసుకోరు; అది కూడా చాలా అవసరం. భర్తగా, భార్యగా, బాయ్ఫ్రెండ్గా, గర్ల్ఫ్రెండ్గా నేను గాయాన్ని నయం చేసే సరైన వ్యక్తి కాకపోవచ్చు. వారు ఇచ్చారు; కానీ నేను దాని నిపుణుడిని కాను; నిర్వహించడం రాదు. నా భార్యకు నా వల్ల ఆందోళన, పానిక్, ఒత్తిడి, ట్రామా, నిరాశ వంటి ఏదైనా ఉంటే—ప్రయత్నించాను, ప్రయత్నించాను, సరిచేయలేకపోయాను; కానీ వదిలిపెట్టలేను. అప్పుడు వృత్తిపరమైన సహాయం అవసరం; థెరపిస్ట్తో మాట్లాడడం, కౌన్సెలింగ్ అవసరం—‘మేము జంటగా ఇక్కడ ఉన్నాం; ఇది సవాలు. నా వల్ల గాయం జరిగిందని అర్థం చేసుకున్నాను; గతంలో అర్థం కాలేదు; అనుదేశ్యంగా జరిగింది. మేమిరువురికీ గాయాలు ఇచ్చాం. మా గతం ఇలా ఉంది; మేము నిపుణులం కాకపోవడం వల్ల సరిచేయలేకపోతున్నాం.’”
**(1:07:31)** “మేము మొదటిసారి ఎవరితోనో జీవితంలో ఐదేళ్లు కలిసి గడిపాం; మొదటి ఏడాదిలో చాలా గాయాలు ఇచ్చాం. ఇప్పుడు తర్వాతి ఐదేళ్లలో మెరుగుపడాలని ఉద్దేశం ఉంది. నువ్వు నిపుణుడివి—అనేక జంటలతో వ్యవహరిస్తావు; ఇది చదివావు, ఐదేళ్లు పుస్తకాలు చదివావు, 500 మంది సంబంధాలను సరిచేశావు. నా ప్రయాణంలో ఉత్థాపపతనాలను ఎందుకు అనుభవించాలి? జీవితంలో 10 ఏళ్లు వృథా చేసుకోవాలా? సహాయం చేయండి; 10–12 సెషన్లు తీసుకుని సహాయం చేయండి. నిపుణుడి సహాయం తీసుకోవడం, సైకాలజిస్ట్, థెరపిస్ట్, సైకియాట్రిస్ట్ సహాయం తీసుకోవడం చాలా ముఖ్యం. అందమైన సంబంధానికి చేరుకోవడానికి 10 ఏళ్లు పెట్టి, చేరుకుంటారో తెలియదు. ప్రయత్నించండి; జరగకపోతే ఒక సెషన్ తీసుకుని ‘నిపుణుడు సహాయం చేయగలడా?’ అని అర్థం చేసుకోండి. ఒక సెషన్ తర్వాత ప్రజల జీవితాలు మారినట్లు మేము చూశాం.”
**(1:08:32)** “సెల్ఫ్ హెల్ప్ అనే విషయం ఉంది—నాకు నాకే ఎలా సహాయం చేసుకోగలనో ఎప్పుడూ ప్రయత్నించాలి. పుస్తకం కావచ్చు, పాడ్కాస్ట్ కావచ్చు, వీడియోలు కావచ్చు, స్నేహితుడితో మాట్లాడడం కావచ్చు. కొన్ని విషయాలు సెల్ఫ్ హెల్ప్తో సరిపోతాయి; చేయాలి. మీ మొదటి ఆశ్రయం సెల్ఫ్ హెల్ప్ కావాలి. కానీ కొన్ని విషయాలు లోతుగా ఉంటాయి; కొన్ని క్లినికల్గా ఉంటాయి; కొన్ని విషయాల్లో నిపుణుడి సహాయం అవసరం.”
**(1:09:01)** “కొన్ని విషయాల్లో మీరు 5 ఏళ్లలో చేరుకునే చోటికి—నిపుణుడికి అనుభవం, జ్ఞానం, చదువు ఉంటుంది—అతను మిమ్మల్ని మూడు నెలల్లో చేర్చగలడు. లేదా మీరు ఒకటి రెండు మూడుసార్లు ప్రయత్నించి, అది పని చేయకపోతే—అలాంటప్పుడు ప్రజలు నిపుణుల వద్దకు వెళ్లరు. ఇండియాలో, ఎక్కువ చోట్ల ఇది టాబూగా ఉంటుంది. మేము ఈ రంగంలో ఉన్నాం; గత 17 ఏళ్లుగా నేను ఈ రంగంలో ఉన్నాను. అందుకే మేము I’MWOW వ్యక్తిగత థెరపీని ప్రారంభించాం—మా సైకాలజిస్ట్ల బృందం మిమ్మల్ని అర్థం చేసుకుంటుంది, సహాయం చేస్తుంది. వారికి అనుభవం, అర్హతలు ఉన్నాయి—మీరు ఎదుర్కొంటున్న సమస్య ఏదైనా: సంబంధ సమస్య, అతిగా ఆలోచించడం, ఒత్తిడి, ఆందోళన, నిరాశ, ఏ రకమైన సమస్య అయినా, లేదా మీరు మీరే మెరుగుపడాలని అనుకుంటుంటే—వారు నిపుణులుగా సహాయం చేయగలరు.”
**(1:09:28)** “చాలాసార్లు చాలా చిన్న విషయం జరుగుతుంది—‘నా ఫోన్ ఎత్తలేదు’, ‘మెసేజ్కి స్పందించలేదు’, ‘ఇలా ఎలా మాట్లాడుతున్నారు; స్వరం సరిగా లేదు’—చిన్న విభేదాలు లేదా చిన్న వాదన చాలాసార్లు పెద్ద గొడవగా మారుతుంది. కొన్నిసార్లు పెద్ద శీతల యుద్ధం నడుస్తుంటుంది—ఒకరికొకరు మాట్లాడరు; రెండు రోజులు అయిపోయాయి; సరిగా తినడం లేదు; ఇరువురి మనసు కలత చెందింది; పనిలో దృష్టి పెట్టలేకపోతున్నారు—కానీ దాని మూల కారణం, గొడవకు ప్రారంభం, చాలా చిన్న విషయమే; పెద్ద సమస్య కాదు. ఇది ఎందుకు జరుగుతుంది?”
**(1:10:01)** “సంబంధంలో వాదనలను, విభేదాలను, వివాదాలను నిర్వహించగలిగితే సంబంధంలో ఎక్కువ భాగం పరిష్కరించబడుతుంది. తేడాలు, దూరాలు చిన్న చిన్న గొడవల నుంచి మొదలవుతాయి. చిన్న చిన్న గొడవలే పెద్ద నష్టానికి కారణమవుతాయి. చిన్న విషయాలు పెద్ద విషయాలకు దోహదపడతాయి. ప్రధాన కారణాలను అర్థం చేసుకుని చర్చిస్తే ప్రతి ఒక్కరూ తమ సంబంధాన్ని మెరుగుపరచగలరు.”
**(1:10:36)** “సాధారణ జంటలో వివాదం—‘నువ్వు నా మెసేజ్ చూడలేదు’—చాలా చిన్న విషయం. కానీ ఆ చిన్న విషయానికి ఏ అర్థం తీసుకుంటున్నారో అనేది ముఖ్యం. అది మెసేజ్ గురించి కాదు—‘నువ్వు నా మెసేజ్ చూడలేదు.’ మెసేజ్ చూడకపోవడం సమస్య కాదు; మెసేజ్లో ‘ఎందుకు చూడలేదు’ అని ఏమీ రాసి లేదు. అది ప్రాధాన్యం గురించి; ముఖ్యత గురించి; గుర్తింపు గురించి—‘నన్ను చూడాలని, గుర్తించాలని, గమనించాలని, ముఖ్యత ఇవ్వాలని’ అని. ఇక్కడ ఇరువురి అర్థం వేర్వేరు—ఒకరికి ‘మెసేజ్ చూడలేదు’ అంటే ‘నేను ముఖ్యం కాదు; నేను నీ ప్రాధాన్యం కాదు; నా గురించి ఆలోచించడం లేదు’ అని; మరొకరికి ‘ఒక మెసేజే కదా; మిస్ అయితే ఏం అయింది? చూడలేదు’ అని. ఎంత పెద్ద విషయమైంది—‘మెసేజ్ ఇవ్వలేదు’ అని.”
**(1:11:48)** “మనం గుర్తుంచుకోవాలి—మనం ఏ విషయంపై గొడవ చేస్తున్నామో దానికి నేను ఆలోచిస్తున్న అర్థమే మరొకరు ఆలోచిస్తున్నారని కాదు. కొంత తెరిచి ‘ప్రతి విషయానికి వేర్వేరు అర్థాలు ఉండవచ్చు; వైపులు వేర్వేరు’ అని గుర్తించాలి. నేను ఇక్కడ ‘3’ రాస్తే మీకు ‘E’ లాగా కనిపించవచ్చు; రాధికకు అది ‘W’; ఎవరైనా పాడటం విన్నా అది ‘M’—ఒక అక్షరానికి నాలుగు కోణాల నుంచి నాలుగు అర్థాలు తీస్తాం. సంబంధాల్లో విషయాలు ఇంకా క్లిష్టం; అర్థాలు ఇంకా క్లిష్టంగా మారతాయి. కాబట్టి పదాల కంటే భావాలపై దృష్టి పెట్టాలి.”
**(1:12:24)** “అలా చేస్తే కొంత మెరుగుగా నిర్వహించగలం. రెండో కారణం—‘చిన్న విషయమే; గొడవ ఎందుకు జరిగింది?’ అని అంటాం. అది నీళ్లు మరిగించడం లాంటిది—23–30 డిగ్రీల నుంచి మొదలవుతుంది; 35, 40, 50, 55, 60, 70, 75, 80, 85, 90—నీళ్లు అలాగే ఉంటాయి; ఏమీ మారలేదు; 98, 99, 100 డిగ్రీల చుట్టూ మరిగినట్లు కనిపిస్తుంది. 100 డిగ్రీల వరకు నీళ్లు అలాగే ఉంటాయి; ఒక డిగ్రీ అంటే చిన్నదే, కానీ ఒక డిగ్రీలోనే మరిగిపోతుంది. మరిగినప్పుడు ఆవిరి వస్తుంది; ఆవిరితో ఆవిరి ఇంజిన్లు నడుస్తాయి—ఒక డిగ్రీ అంత శక్తివంతం. సంబంధాల్లో కొన్నిసార్లు గతం భారం, గత అసంతృప్తి ఉంటుంది—చర్చించని, పంచుకోని చిన్న చిన్న విషయాలు నలుపుకుని ఉంటాయి; ఒకరినొకరు తీర్పు తీర్చుతున్నారు; ఒకరిపై కోపం ఉంది కానీ అణచేస్తున్నారు—అణచేస్తూనే ఉంటారు. ఇప్పుడు చిన్న విషయం జరిగింది—కానీ ఆ చిన్న విషయంపై 1 నుంచి 100 డిగ్రీల వరకు ఒకేసారి బయటకు వస్తుంది; ఒకేసారి మరిగిపోతుంది; ఆవిరి అవుతుంది; మన భావాల ఇంజిన్లు నడుస్తాయి. అందుకే చాలా పేరుకుపోనివ్వకూడదు.”
**(1:13:02)** “మూడో కారణం—నా అనుభవంలో, క్లయింట్లతో, శిక్షణల్లో గమనించిన విషయం—మనల్ని మార్చాల్సిన ఒక లక్షణం ఉంది: మనం తీర్పు తీర్చడం మొదలుపెడతాం. మేము వైద్యులు కావచ్చు, ఇంజనీర్లు కావచ్చు, సృష్టికర్తలు కావచ్చు, పాడ్కాస్టర్లు కావచ్చు, ఎడిటర్లు కావచ్చు, రచయితలు కావచ్చు—కానీ మనం తీర్పు తీర్చే వాళ్లం కాము. మనం తీర్పు తీర్చడానికి ప్రయత్నిస్తాం; సామన్యుడి చర్యపై తీర్పు తీర్చేస్తాం. చర్యను చర్చించము; తీర్పు తీర్చతాం. అదే ఉదాహరణ—‘మెసేజ్ చేయలేదు’—చర్యను చర్చించము—‘నా ఫోన్ చూడలేదు’—కానీ ‘నాకు పట్టింపు లేదు; నాకు పట్టింపు లేదు’ అని అంటాం. ‘ఆ సమయంలో నా గురించి ఆలోచించలేదు’ అని అనము—‘నువ్వు స్వార్థివి’ అని అంటాం.”
**(1:14:10)** “చర్యకు బదులు వ్యక్తిత్వంపై దాడి జరిగితే మనలో జంతు సహజ ప్రవృత్తి ‘పోరాడు లేదా పారిపో’కి వస్తుంది—ఎందుకంటే అది దాడి; మన మెదడు దాడిపై ఇదే నేర్చుకుంది—సింహం వచ్చింది; పోరాడు లేదా పారిపో. ‘నువ్వు స్వార్థివి’ అని అన్నప్పుడు మీరు పెద్ద దాడి చేశారు; ఒక విషయాన్ని చర్చించలేదు. ‘నాకు నిశ్శబ్ద చికిత్స ఇస్తున్నారు; నాకు స్వార్థి అని ఎలా అన్నారు? నేను ఈ సంబంధం కోసం ఇంత చేశాను; నువ్వు స్వార్థివి అని ఎలా అనగలవు?’ అని. ఇరువురికీ ‘పోరాడు లేదా పారిపో’ వస్తుంది—దాడి చాలా పెద్దది. భావోద్వేగ నియంత్రణలో మనం నేర్చుకోవాల్సిన చిన్న విషయం—మనం చెప్పేది సమస్యను పరిష్కరించాలి; చర్యను పరిష్కరించాలి; వ్యక్తిత్వ దాడి కాకూడదు.”
**(1:14:45)** “అర్థాన్ని అర్థం చేసుకోండి; ఒకరి గతాన్ని అర్థం చేసుకోండి. గతంలోని సంఘటనలను మనం సంబంధంలోకి పదేపదే ఎందుకు తీసుకువస్తాం? గతించిన విషయాన్ని ఎందుకు తీసుకువస్తున్నాం? అది కూడా కారణమవుతుంది—గొడవ జరిగితే గతం వస్తుంది; లోపల ఆర్కైవ్ ఫోల్డర్ ఉంటుంది—‘ఈ సంఘటనకు సంబంధించి నాలుగు నెలల క్రితం, ఏప్రిల్ 17న కూడా ఇదే జరిగింది’ అని. ఆర్కైవ్ ఫోల్డర్ తెరవకండి; వ్యక్తిత్వ దాడి చేయకండి; తెరిచి ఉండండి; ఒకరి అర్థాన్ని తీర్పు తీర్చకండి. ప్రాథమికం—క్రమంగా జరుగుతుంది; ప్రాక్టీస్తో జరుగుతుంది. చాలా ముఖ్యమైనది—విరామంతో జరుగుతుంది. విరామం తీసుకుని ఆలోచించండి—నేను ఏం చెప్పడం మొదలుపెట్టాను; వ్యక్తిత్వంపై వెళ్లకూడదు; సంఘటనపై రావాలి. విరామం తీసుకుని ఆలోచిస్తే గుర్తుకు వస్తుంది—‘గతం తీసుకువస్తే తప్పు జరుగుతుంది; ప్రస్తుతం మాట్లాడదాం’ అని.”
**(1:15:22)** “విరామంలో మరొకరి అర్థాన్ని అర్థం చేసుకోవడానికి ప్రయత్నించగలరు—ఎప్పుడూ అర్థం చేసుకోరు, కానీ ప్రయత్నం చాలా ముఖ్యం. విరామం లాజిక్ను ముందుకు తీసుకువస్తుంది; భావాలను కొంత ప్రశాంతపరుస్తుంది—అది కూడా ఉద్దేశం. తప్పు చేయడం, తప్పు మనిషిగా ఉండటం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. తప్పు జరిగింది—మాట్లాడదాం; మనిషి తప్పు కాదు. మీరు ఏదో కారణంతో ఆ వ్యక్తితో ఉన్నారు; మీకు తెలుసు; విరామం తీసుకుంటే గుర్తుకు వస్తుంది. లేకపోతే మర్నాడు గుర్తుకు వస్తుంది—‘వ్యక్తి సరైనవాడే’ అని. ఇది స్వభావంలో భాగం; ప్రేమ రూపం. ప్రతి ఒక్కరిలో కొన్ని లోపాలు ఉంటాయి. ఎప్పుడూ గుర్తుంచుకోండి—తప్పు జరిగింది; మనిషి తప్పు కాదు.”
**(1:16:27)** “వ్యక్తిగత అభివృద్ధిని కూడా పంచుకుంటాను—మేము నిజంగా పని చేసిన విషయం. నాకు ఇది చాలా పెద్ద సమస్యగా ఉండేది—క్షణిక ఉత్కంఠలో లేదా కోపంలో మిమ్మల్ని లేబుల్ చేసేదాన్ని—‘నువ్వు ఇది చేయవు; నువ్వు అలాంటివాడివి’ అని. తర్వాత అర్థమైంది—నాకు ఆ నిర్దిష్ట సంఘటనను, ఆ నిర్దిష్ట క్షణాన్ని పరిష్కరించాలి; మీ గుర్తింపుపై ట్యాగ్ వేయకూడదు. ‘నువ్వు నాకు పట్టింపు లేదు’ అని అనేదిని. ఇప్పుడు నాకు తెలుసు—ఒక క్షణంలో నాకు పట్టింపు అనిపించకపోతే ఆ క్షణం గురించి మాట్లాడాలి—‘ఈ సమయంలో నేను ట్యాగ్తో ఉన్నాను; మీరు నన్ను చూస్తున్నారు; నాకు నీళ్ల గ్లాసు ఇవ్వాల్సింది; నేను అక్కడ కూర్చున్నట్లు గమనించలేదా?’ అని. ఇప్పుడు ఆ నిర్దిష్ట సంఘటన గురించి మాట్లాడతాం; పరిస్థితిని చర్చిస్తాం. పూర్వం ‘నువ్వు ఎప్పుడూ నాకు పట్టింపు లేదు’ అని లేబుల్ చేసేదాన్ని—అది పెద్ద గొడవగా మారేది.”
**(1:17:06)** “దీనిని అభినందించాలి—తన గురించి ఏదైనా అవగాహన ఉండి మెరుగుపడడం. మేమిరువురూ ప్రయత్నించాం; కానీ దీనికి పూర్తి క్రెడిట్ మీకు—మీ భావోద్వేగ నియంత్రణపై, ఓపికపై, ఈ విషయాలపై అద్భుతమైన పని చేశారు. బలహీన అంశాలు అందరికీ ఉంటాయి; వాటిని తెలుసుకుని, సంబంధం కోసం, ఎదుగుదల కోసం పని చేయడం—క్రెడిట్. నేను ప్రతిరోజూ గమనిస్తాను—పాత గుంజన్ vs కొత్త గుంజన్లో భూమి-ఆకాశ తేడా ఉంది. మేమిరువురూ మా వాటా ప్రయత్నాలు చేస్తాం; సంబంధంలో ఎదగాలంటే వేరే మార్గం లేదు.”
**(1:18:18)** “మీరు మెరుగుపరచిన ఒక విషయం చెప్పారు; నేను మెరుగుపరచిన ఒక విషయం కూడా చెప్తాను—భావానికి లాజిక్తో స్పందించేదాన్ని. ఉదాహరణకు మీరు ‘మనం సమయం గడపడం లేదు’ అని అన్నప్పుడు నాకు ఆ భావం అర్థం కాలేదు; లెక్కలపైకి వచ్చేదాన్ని—‘గత బుధవారం బయటకు వెళ్లాం; అప్పుడు వెళ్లాం; ఇక్కడ చేశాం’—గత బ్యాలెన్స్ షీట్ తీసుకుని కూర్చున్నట్లు. దాని వెనుక కారణం ‘ఎప్పుడు సమయం గడిపాం? ఎప్పుడు గడుపుతాం? ప్రణాళిక వేయండి’—అవన్నీ ద్వితీయం. ప్రాథమికమైనది—‘నిన్ను మిస్ అయ్యాను.’ భావాన్ని అర్థం చేసుకోవడానికి ప్రయత్నించండి. నాకు భావం అర్థం కాలేదు; ఒక ఉదాహరణ ఇచ్చాను—చాలాసార్లు భావానికి బదులు లాజిక్కి వెళ్లేవాడిని. ‘భావాలపై దృష్టి పెట్టండి’ అని చెప్పినది—నేను కూడా అర్థం చేసుకున్న, నేర్చుకున్న విషయం. అందరికీ రోలర్ కోస్టర్పై వెళ్లాల్సిన అవసరం లేదు; నేర్చుకునే వక్రం చిన్నదైతే అది అద్భుతం.”
**(1:19:21)** “జంట సంబంధంలో ఉన్నా ఒంటరిగా అనిపించవచ్చు. ఎవరైనా తమ విషయం చెప్పుతుంటే మీరు ఫోన్పై వింటుంటే—ఆసక్తి లేకపోతే ‘సరే, సరే’ అని—సామన్యుడు మాట్లాడినా ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. ‘ఈరోజు ఏం జరిగిందో తెలుసా?’ అని అడిగితే మరొకరు ఫోన్ పెట్టి ‘సరే, చెప్పు, ఏం జరిగింది?’ అని అనితే ఒంటరిగా ఎలా అనిపించదు? ‘ఈ రోజు తర్వాత ఇది నా క్షణం’ అని అనిపిస్తుంది. జంట ఉత్సాహం లేకుండా సంతోషంగా ఉండగలరా? ఉత్సాహం, సంతోషం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. ఈ పాడ్కాస్ట్ల ఆడియో సంస్కరణలను పని చేస్తూ, నడుస్తూ, డ్రైవ్ చేస్తూ ఆనందించాలంటే Spotifyలో ఫాలో అవ్వండి—లింక్ డిస్క్రిప్షన్లో ఉంది.”
**(1:19:51)** “ఎవరైనా వ్యక్తిగత స్థలం అడిగితే—‘నాకు నా వ్యక్తిగత స్థలం కావాలి; నా సమయం కావాలి; నా కోసం సమయం కావాలి’—అది తిరస్కరణగా ఎందుకు అనిపిస్తుంది? సామన్యుడికి ‘ఆమె/అతనికి నా కోసం సమయం కావాలి; నా నుంచి కూడా వ్యక్తిగత స్థలం కావాలి; నా నుంచి కూడా వేరుగా నా సమయం కావాలి’ అని ఎందుకు అనిపిస్తుంది? నాకు అనిపిస్తుంది ఈ సంభాషణ ఇప్పుడు ఎక్కువగా జరుగుతోంది. గత తరం మాట్లాడితే ఈ భావనలు చర్చించరు; కానీ అవసరం ఉండేది. సమస్య అర్థంలో ఉంటుంది; అడగడంలో కాదు. అర్థం తప్పుగా తీసుకుంటారు; అందుకే తిరస్కరణగా అనిపిస్తుంది లేదా తిరస్కరణగా అనిపింపిస్తారు.”
**(1:20:25)** “‘నాకు నా కోసం సమయం కావాలి; నాతో సమయం కావాలి’ అంటే ‘నీతో సమయం గడపడంలో నాకు సమస్య ఉంది’ అని కాదు. అర్థం వ్యాఖ్యానం తప్పుగా అవుతుంది—‘ఆమెకు/అతనికి నా కోసం సమయం కావాలి’ అంటే ‘అతను/ఆమె ఇప్పుడు నన్ను ప్రేమించడం లేదు; నాతో బాగుండడం లేదు; నాతో ఏం సమస్య ఉంది? కాఫీకి వెళ్లడంలో ఏం సమస్య? ఒంటరిగా కాఫీ ఎందుకు తాగాలి? ఎందుకు అంత అర్థాలు కట్టుకుంటారు?’ ఒక వ్యక్తి 10, 20, 30 నిమిషాలు తనతోనే గడిపి మెరుగుగా అనిపిస్తే అది తప్పు కాదు; మీరు దాని అర్థాన్ని తప్పుగా తీసుకుంటున్నారు.”
**(1:20:56)** “మరో ఉదాహరణ—జంట ప్రయాణిస్తుంది. జనవరిలో ఇరువురూ ప్రయాణించారు; మార్చిలో ఇరువురూ ప్రయాణించారు. ఒక భాగస్వామి ‘నాకు ఒంటరి ప్రయాణం కావాలి’ అని అంటే—దానికి రెండు అర్థాలు: ‘నాతో ప్రయాణం బాగోలేదు; నేను ఉన్నప్పుడు ఒంటరి ప్రయాణం ఎందుకు? నా సహచర్య సరిపోలేదు; ఇరువురూ కలిసి వెళ్లాలి’ అని; లేదా ‘జంట ప్రయాణం, ఒంటరి ప్రయాణం వేర్వేరు—జంట ప్రయాణం ఒకరికొకరం గురించి; కొన్ని నీ ఇష్టాలు, కొన్ని నా ఇష్టాలు; ఒకసారి నీ లెక్కన లేవడం, ఒకసారి నా లెక్కన పడుకోవడం. ఒంటరి ప్రయాణం స్వయం అన్వేషణ; 100% నీ ఇష్టం ప్రకారం చేయడం. ఒంటరి ప్రయాణం అంటే ఈ సంబంధంలో నాకు సమస్య ఉందని కాదు.’”
**(1:21:32)** “సమస్య ‘నా కోసం సమయం’లో కాదు; ఒంటరి ప్రయాణంలో కాదు; స్నేహితులతో సమయం గడపడంలో కాదు; ఒంటరిగా డ్రైవ్కి వెళ్లడంలో కాదు; ఇంట్లో మూలగా కూర్చొని పుస్తకం చదవడంలో కాదు. సమస్య దాని అర్థాన్ని ‘సంబంధం ప్రశ్నించబడింది’, ‘నన్ను ప్రశ్నించారు’ అని తీసుకోవడం. మనం చాలాసార్లు విషయాలను అతిగా తీర్పు తీర్చతాం. కమ్యూనికేషన్, కనెక్షన్ ఉంటే, కమిట్మెంట్ ఉంటే—మీ స్వంత స్థలం, స్వంత సమయం ఉండడం సరే; అది ఆరోగ్యకరం. కేవలం దాని అర్థం కమ్యూనికేట్ చేయబడాలి. జంటల్లో అర్థం కమ్యూనికేట్ చేయబడదు—అర్థం కమ్యూనికేట్ చేయబడాలి. ఒకరికొకరం స్వేచ్ఛను ఇవ్వాలి—‘నీ వ్యక్తిత్వం గౌరవించబడుతుంది; మేము ఒకరినొకరం కట్టిపెట్టలేదు. వేర్వేరుగా ఎదగకూడదు; కలిసి ఎదగాలి.’”
**(1:22:34)** “ఒక భాగస్వామికి ఎక్కువగా, తరచుగా ‘నా కోసం సమయం’ కావాలంటే సమస్యా? ‘నాకు ప్రతి నెలా కావాలి; ప్రతి వారాంతం స్నేహితులతో వెళ్లాలి; ప్రతి త్రైమాసికానికి ఒంటరి ప్రయాణం కావాలి’—అది రెడ్ ఫ్లాగా? ఒక వాక్యంతో తీర్పు తీర్చడం తప్పా? కారణం–ఫలితం చర్చించాలి—ఫలితం ఏమిటంటే ఆమె/అతను వెళ్తున్నారు; కారణం ఏమిటి? ‘సంబంధంలో అసంతృప్తి ఉంది’ అయితే—అది చర్చించాలి; ‘మేము కలిసి సంతోషంగా లేం, కాబట్టి నాకు పదేపదే ఆ సమయం కావాలి’ అయితే—అది చర్చించాలి. ‘ఈ వ్యక్తి ఇలాగే ఉంటారు’ అయితే—మాకు కూడా ఒక అవగాహన ఉంది—‘నాకు ఉదయం కావాలి’ అని. అంటే ‘నీతో ఉదయం గడపడం నాకు ఇష్టం లేదు’ అని కాదు; ‘ఉదయం నాకు రోజుకు శక్తి ఇస్తుంది; సాయంత్రం కలిసి ఉంటాం’ అని. కారణం స్పష్టంగా ఉంటే—‘ప్రతి వారానికి ఒక సాయంత్రం స్నేహితులతో కావాలి; కానీ మూడు సాయంత్రాలు నాతో కావాలి’ అని. ‘స్నేహితులతో వెళ్లాలి; కానీ మిగతా మూడు రోజులు నాతో వెళ్తారు’ అని—అది అవగాహనగా కనిపించింది. నాకు సమస్య ఉంటే అది జరగదు.”
**(1:23:46)** “ఇది కారణం–ఫలితం విషయం—కారణం ఏమిటో అర్థం చేసుకోవాలి; అవన్నీ ఫలితాలే. ‘ప్రతి త్రైమాసికానికి ఒంటరి ప్రయాణం కావాలి; కానీ ఆ త్రైమాసికంలో ఒకసారి లేదా రెండుసార్లు జంట ప్రయాణం కూడా కావాలి’ అయితే బహుశా అది ఆరోగ్యకరం. ‘ప్రతి శుక్రవారం స్నేహితులను కలవాలి; కానీ శని, ఆదివారాలు నీతో గడపాలి’ అయితే బహుశా అది ఆరోగ్యకరం—స్నేహితులు కూడా కావాలి, ‘నా కోసం సమయం’ కూడా కావాలి. దీన్ని ఏది నిర్వహిస్తుంది? సంభాషణ, కమ్యూనికేషన్ సహాయపడతాయి—‘మన మధ్య ఏదైనా తప్పు ఉందని ‘నా కోసం సమయం’ కావాలా, లేక నీవు ఇలాగే పని చేస్తావని కావాలా?’”
**(1:24:15)** “మరో చాలా సాధారణ సమస్య—జంట సంబంధంలో ఉన్నా అంతా సరిగా కనిపిస్తుంటే కూడా ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. భాగస్వామి ఉన్నారు; ఎప్పుడూ కలిసి ఉంటారు; ప్రయాణిస్తున్నారు; ఆనందిస్తున్నారు; వారాంతాలు కలిసి గడుపుతున్నారు—అంతా చేస్తుంటారు; కానీ అప్పటికీ ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. ఎందుకు? వ్యంగ్యం చూడండి—‘నా జీవితంలో ఎవరైనా ఉండాలి; నాకు ఒంటరిగా ఉంది; నా జీవితంలో ఎవరైనా ఉండాలి’ అని అందరూ అంటారు—ఇప్పుడు ఎవరైనా ఉన్నా అప్పటికీ ఒంటరిగా ఉన్నారు. ఇది ఎంత నిరాశపరిచే వ్యంగ్యం? ప్రజలు సంబంధంలో ఉండి ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. ఒంటరిగా ఉండటం, ఒంటరిగా అనిపించడం రెండు వేర్వేరు విషయాలు—ఒంటరిగా లేకపోయినా ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. కలిసి ఉన్నారు; పగలంతా మాట్లాడుతున్నారు; ఇంటి కిరాణా గురించి, ఇంటి పనుల గురించి చర్చిస్తున్నారు; ఒకే పడకపై పడుకుంటున్నారు; ఒకే ఇంట్లో ఉన్నారు—కానీ అప్పటికీ విడివడినట్లు అనిపిస్తుంది; ‘ఆమె/అతను నా ఒంటరితనాన్ని తినేస్తున్నారు’ అని అనిపిస్తుంది.”
**(1:25:26)** “ఇది జరగడానికి ప్రధాన కారణం—మేము బిజీగా ఉన్నాం; మా జీవితాన్ని నడిపిస్తున్నాం; కానీ ఒక విషయం మిస్ అవుతోంది—కనెక్ట్ అవ్వడం. కనెక్ట్ అవ్వడం చాలా ముఖ్యం. జంట కలిసి ఉన్నారు; పగలంతా చర్చలు, మాటలు జరుగుతున్నాయి—కానీ కనెక్ట్ అయి ఉన్నారా? టెక్నాలజీపరంగా ఈరోజు మేము చాలా కనెక్ట్ అయి ఉన్నాం—ప్రపంచంతో కనెక్ట్ అయి ఉన్నాం. ఇక్కడ కూర్చుని USలో ఉన్న బంధువుతో కనెక్ట్ అయి ఉన్నాను; నా బెస్ట్ ఫ్రెండ్ ఆస్ట్రేలియాలో ఉన్నాడు—అతనితో కూడా కనెక్ట్ అయి ఉన్నాను. వెంటనే మెసేజ్ చేస్తాను, వీడియో కాల్ చేస్తాను—ఒక క్షణంలో కనెక్ట్ అవుతాను. కానీ ఇంట్లో కలిసి ఉన్న ఇరువురూ ఈ టెక్నాలజీపరంగా కనెక్ట్ అయిన ప్రపంచంలో ఒకరికొకరు విడివడుతున్నారు. ఒక పదంలో చెప్పాలంటే—‘కలిసి ఉన్నా కనెక్ట్ కాలేదు’ అందుకే ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. ఎందుకు కనెక్ట్ కాలేదు? బయటి నుంచి అంతా బాగుందని కనిపిస్తున్నా విడివడి ఉన్నారా?”
**(1:25:54)** “కనెక్ట్ అవ్వడానికి కృషి అవసరం. ఒకసారైనా ఒకరినొకరు అడిగారా—‘ఎలా ఉన్నారు? భావోద్వేగపరంగా ఎలా ఉన్నారు? జీవితం ఎలా సాగుతోంది? ఈరోజు ఎలా గడిచింది?’—ఇంత లోపం ఉంది. రాత్రికి కూర్చొని 10 నిమిషాలు మాత్రమే కనెక్ట్ అవ్వడానికి ఏదైనా ఆచారం ఉందా? అంటే ఒకరి భావోద్వేగ స్థితిని అర్థం చేసుకోవడానికి ప్రయత్నిస్తున్నాం; వ్యక్తి ఏం అనుభవిస్తున్నారో అర్థం చేసుకోవడానికి; వారి రోజు ఎలా గడిచిందో అర్థం చేసుకోవడానికి—ఒకరినొకరం వింటున్నాం; వారి రోజును వింటున్నాం. ఎవరైనా ఇది విని ‘మాకు కూడా ఇదే జరుగుతుంది’ అని అనిపిస్తే—వారు ఒంటరి కారు; ‘నేను ఈ సంబంధంలో ఒంటరిగా అనిపించడం లేదు’ అని చెప్పగలరు—ఎందుకంటే మాకు ఈ ఆచారం ఉంది.”
**(1:26:52)** “చాలామందికి ‘మేము చేస్తున్నాం’ అని అనిపిస్తుంది—కానీ వారు ఒంటరిగా అనిపించడం లేదు కూడా. ఒంటరిగా అనిపిస్తున్న వ్యక్తి జీవితంలో భావోద్వేగ తనిఖీ లోపించి ఉంటుంది. ఎవరైనా తమ విషయం చెప్పుతుంటే మీరు ఫోన్పై వింటుంటే—ఆసక్తి లేకపోతే ‘సరే, సరే’ అని—సామన్యుడు మాట్లాడినా ఒంటరిగా అనిపిస్తుంది. ‘ఈరోజు ఏం జరిగిందో తెలుసా?’ అని అడిగితే మరొకరు ఫోన్ పెట్టి ‘సరే, చెప్పు, ఏం జరిగింది?’ అని అనితే ఒంటరిగా ఎలా అనిపించదు? ‘ఈ రోజు తర్వాత ఇది నా క్షణం’ అని అనిపిస్తుంది—ఇక్కడ మేము ఒకరికొకరం రోజును పంచుకుంటున్నాం. జంట చేయాల్సిన అనేక విషయాలు ఉన్నాయి—కమ్యూనికేట్ చేయాలి; భావోద్వేగ తనిఖీ చేయాలి; ఉత్సాహాన్ని నిలుపుకోవాలి; కలిసి కొత్త విషయాలు చేయాలి. ఆరోగ్యకరమైన సంబంధానికి సూత్రం ఉందా?”
**(1:27:21)** “ఇప్పటి వరకు ‘చాలా చేయాలి’ అని అనిపించి ఉంటుంది. టెక్నికల్గా అంత చేయాల్సిన అవసరం లేదు; టెక్నికల్గా ఏం చేయాలి? దశలవారీగా చెప్పగలరా? ఏళ్ల తరవాత—అనేక శిక్షణ కార్యక్రమాలు, కోచింగ్లు, కౌన్సెలింగ్లు, భావాలు, సంబంధాలు అధ్యయనం చేసిన తర్వాత—సమాధానం ఇప్పటికీ లేదు. సమాధానం ఏమిటంటే—విధానం రూపంలో విషయాలు గుర్తుంటాయి; అమలవుతాయి; ‘ఇది కూడా చేయాలి, అది కూడా చేయాలి’ అని అంత క్లిష్టంగా అనిపించదు. ఒక సరళమైన విధానం—ఏ సంబంధానికైనా బలమైన పునాదిగా ఉండగలదు—సంబంధానికి మూడు Cలు ఉంటాయి. మొదటి C—కనెక్ట్; ఇప్పుడే చర్చించిన, పదేపదే చర్చించిన విషయం. కనెక్షన్ అంటే కలిసి ఉండడం కాదు; ఒకే పడకపై పడుకోవడం కాదు; ఒకే భోజన పట్టికపై తినడం కాదు; WhatsAppలో కనెక్ట్ అవ్వడం కాదు.”
**(1:28:22)** “కనెక్షన్ అంటే—‘నీ జీవితంలో ఏం జరుగుతోందో నిజంగా తెలుసు; ఎలా ఉన్నారు? భావోద్వేగ స్థితి ఏమిటి?’—‘అతని/ఆమె మంచి, చెడు నాకు తెలుసు’ అనే కనెక్షన్. వారు ఏదైనా చెప్పుతుంటే మేము వింటున్నాం; పాల్గొంటున్నాం; ఒకరిలో ఒకరం పెట్టుబడి పెట్టి ఉన్నాం—అది కనెక్షన్. దీనికి అంత చేయాల్సిన అవసరం లేదు—రాత్రికి 10 నిమిషాలు మాకు మాత్రమే అనే ఆచారం పెట్టుకుంటే—అది పిల్లల సమయం కాదు, కుటుంబ సమయం కాదు, TV సమయం కాదు, ఫోన్/WhatsApp/Instagram సమయం కాదు—ఆ 10 నిమిషాలు మాకు మాత్రమే—అర్థం చేసుకోవడానికి.”
**(1:28:58)** “‘ఈరోజు ఎలా గడిచింది?’ నిజంగాగా ‘ఈరోజు ఎలా గడిచింది?’—‘ఏం అనిపించింది? ఈరోజు ఆఫీస్లో ఎలా ఉన్నారు? భావాలు ఎలా ఉన్నాయి? బాగోలేకపోతే నేను మిమ్మల్ని ఎలా మెరుగుపరచగలను?’—రాత్రి ఆచారాన్ని ఆశిస్తారు—మా నడక లాగా—ఇరువురూ నడకకు వెళ్తాం; అక్కడ మాట్లాడతాం—ఫోన్ లేని నడక; కుటుంబ సభ్యుల లేని నడక; టెక్నాలజీ లేని నడక—కేవలం మీరు, నేను—15, 20, 30 నిమిషాలు—రోజు ఎలా గడిచింది, ఏం జరుగుతోంది, ఏది ఇబ్బంది ఇస్తోంది, ఏది మంచిది అని మాట్లాడతాం.”
**(1:29:34)** “అప్పుడే భాగస్వామిని కూడా నిజంగా అర్థం చేసుకోగలరు—కొన్నిసార్లు నేను మంచి మనస్థితిలో లేనప్పుడు, రోజు మంచిగా లేకపోయినప్పుడు—పగలంతా ఒకరినొకరం దాటుకున్నా ఏదో తప్పు ఉందని గమనించము. కానీ ఆ 15 నిమిషాల్లో—ఒకరికొకరం భంగం లేని దృష్టి ఇస్తున్నప్పుడు—వెంటనే గమనిస్తాం ‘ఏదో తప్పు ఉంది’ అని; ఒకరినొకరం అడుగుతాం. అది ఒకరికొకరం ఆ సమయం ఇస్తున్నప్పుడే జరుగుతుంది. ఈ వేగవంతమైన ప్రపంచంలో పగలంతా అవకాశం ఉండదు—ఆఫీస్, ఆకాంక్షలు, కెరీర్, కలలు, కుటుంబం, సామాజిక జీవితం—కానీ ‘ఆ 10–15 నిమిషాలు మావి’ అని తెలిస్తే—పరిమాణం కంటే నాణ్యం మీ వద్ద ఉంటుంది—మీరు దాన్ని ఆశిస్తారు. గంటన్నర జిమ్ చేసిన తర్వాత కూడా మేము ఆ 20–30–40 నిమిషాల నడక చేస్తాం—దాన్ని ఫిట్నెస్ కోసం మాత్రమే చేయడం లేదు; ‘నడకకు వెళ్దాం’ అని ఆశిస్తాం—ఎందుకంటే అది మా కనెక్షన్ సమయం; ‘ఇది మా సమయం’ అని తెలుసు; వేరే చోట కనెక్షన్ కావాల్సిన అవసరం లేదు—ఎందుకంటే ఈ కనెక్షన్ మాకు ఎప్పుడూ ఉంటుంది.”
**(1:30:12)** “‘చాలా చేయాలి’ అని అనిపిస్తుంటే అదే 10–15 నిమిషాల్లో మూడు Cలను చేయగలరు—రోజుకు 50 కార్యకలాపాలు చేయాల్సిన అవసరం లేదు; వారానికి ఒక రోజు కూడా నాణ్యమైన సమయం గడిపితే మూడు Cలను అనుభవించగలరు. రెండో C—కమ్యూనికేషన్; చాలాసార్లు చర్చించాం. అత్యంత చెడ్డది—మీ కమ్యూనికేషన్ ఆరోగ్యకరంగా, సక్రియంగా లేకపోవడం. కమ్యూనికేషన్లో చాలా ఉంటుంది—‘నాకు ఏం కావాలి? ఒకరి ఆకాంక్షలు, కోరికలు కమ్యూనికేట్ చేయబడ్డాయా? ఎక్కడ స్థలం కావాలి, ఎక్కడ కాకూడదు—కమ్యూనికేట్ చేయబడ్డాయా? తీర్పు తీర్చకుండా ఒకరికొకరం చెప్పగలమనే కంఫర్ట్ ఉందా? కమ్యూనికేట్ చేయగలమా?’”
**(1:31:16)** “మాట్లాడేటప్పుడు ‘సామన్యుడు తీర్పు తీర్చతారు’ అనే ఒత్తిడి ఉంటే—అది అనారోగ్యకరమైన ప్రాక్టీస్. భర్త, భార్య, బాయ్ఫ్రెండ్, గర్ల్ఫ్రెండ్—ఇరు భాగస్వాములు కలిసి ఆలోచించాలి—‘మనం ఎలా మెరుగుగా కమ్యూనికేట్ చేయగలం? తీర్పు తీర్చని కమ్యూనికేషన్ ఎలా చేయగలం? సామన్యుడు తన అభ్యర్థనను ఎలా చెప్పగలడు? నాకు వారి నుంచి 10 అర్థాలు ఎలా తీయకూడదు?’ సంబంధంలో సమస్యలు వస్తాయి—భారం ఏర్పడుతుంది; అణచివేతలు జరుగుతాయి; లోపల చాలా నిండుతుంది—సోడా బాటిల్ లాగా నిండుతూనే ఉంటుంది; చివరికి పేలిపోతుంది. కానీ కమ్యూనికేషన్ ఆరోగ్యకరంగా ఉంటే నిండదు—నిండకపోతే పేలదు; కనెక్ట్ ఉంటుంది.”
**(1:31:46)** “మీరు కమ్యూనికేట్ చేస్తున్నారు; కానీ మూడో C లేకపోతే వదిలేసి వెళ్లిపోతారు—కలిసి ఉంటారు కానీ కలిసి ఉండరు—అది కమిట్మెంట్. కమిట్మెంట్ కేవలం ఉద్దేశం—‘ఈ సంబంధాన్ని ఎదగించడం నా కమిట్మెంట్; ఈ సంబంధం వైపు నా కమిట్మెంట్; మేము కలిసి నిర్ణయించిన విషయం—ఒక జీవితాన్ని కలిసి గడపాలి—అది కదలదు.’ ఆ కమిట్మెంట్ లోపల ఉన్నప్పుడు—కనెక్షన్, కమ్యూనికేషన్ కొనసాగుతాయి; దాని కోసం కృషి చేస్తూనే ఉంటాం—పోరాడతాం, గొడవ చేస్తాం, నేర్చుకుంటాం, మెరుగుపడతాం—కానీ కొనసాగుతాం. కానీ ఆ కమిట్మెంట్ కదిలిపోతే—అది కేవలం ఉద్దేశం, ఆలోచన, భావన, భావం—కమ్యూనికేట్ చేయడానికి ఎక్కడి నుంచి? కనెక్ట్ అవ్వడానికి ఎక్కడి నుంచి?”
**(1:32:26)** “‘ఇది క్లిష్టం కాదు’ అని చూద్దాం—ఇది 10 నిమిషాల ఆచారం కావచ్చు; నడక కావచ్చు; పడక ఆచారం కావచ్చు; సాయంత్రం ఆచారం కావచ్చు; ఉదయం ఆచారం కావచ్చు—ఏది పని చేస్తుందో. డేట్ కావచ్చు—‘వారానికి ఒకసారి కాఫీకి వెళ్తాం; అరగంట కూర్చొని కమ్యూనికేషన్’—‘నేను ఎలా మెరుగైన భాగస్వామిగా ఉండగలను? నేను ఏం చేస్తున్నాను? ఏం చేయడం లేదు? ఈ సంబంధం నుంచి అంచనా ఏమిటి?’—ప్రతిసారీ చేయాల్సిన అవసరం లేదు; కొన్నిసార్లు జరగాలి. మరో కారణం—సంబంధం మొదలుపెట్టినప్పుడు ఒకరినొకరం బాగా తెలుసుకుంటాం; కమ్యూనికేషన్ ప్రక్రియ జరిగింది. తర్వాత ఎందుకు తప్పు జరుగుతుంది? ఒక వ్యక్తి జీవితంలో ఎదుగుతారు—కొత్త నైపుణ్యాలు నేర్చుకుంటున్నారు, కొత్త పుస్తకం చదువుతున్నారు, కొత్త స్నేహితులు ఏర్పడుతున్నారు, ఆఫీస్ ఏదైనా నేర్పిస్తోంది, జీవిత దెబ్బలు నేర్పిస్తున్నాయి, జ్ఞానం ఇస్తున్నాయి, స్వయం జ్ఞానోదయం జరుగుతోంది, జీవితాన్ని అర్థం చేసుకుంటున్నారు—మీరు ప్రేమించిన, తెలిసిన వ్యక్తి 2 ఏళ్ల తర్వాత వేరుగా ఉంటారు; 5 ఏళ్ల తర్వాత వేరుగా ఉంటారు; 10 ఏళ్ల తర్వాత వేరుగా ఉంటారు—కాబట్టి పదేపదే తెలుసుకోవాలి.”
**(1:33:26)** “‘ఒకరినొకరం తెలుసుకోవడం కొనసాగాలి’—వారు జీవితంలో ఏదైనా అర్థం చేసుకున్నారు—అది వారి జీవిత పునాదులను కదిలిస్తోంది—మీకు తెలియదు. ఎదుగుతున్న సంబంధంతో ఒకరినొకరం తెలుసుకోవడం కొనసాగాలి—అక్కడే మళ్లీ కనెక్ట్, కమ్యూనికేషన్, కమిట్మెంట్ వస్తాయి. అద్భుతం. కమ్యూనికేషన్లో కొంత లోతుగా వెళ్దాం—భాగస్వాములు అంతా ఒకరికొకరం చెప్పుకోవాలా? అంతా కమ్యూనికేట్ చేసుకోవాలా? వారి జీవితంలోని ప్రతి చిన్న పెద్ద విషయం, ప్రతి చిన్న పెద్ద ఆలోచన, ప్రతి చిన్న పెద్ద భావాన్ని భాగస్వామితో పంచుకోవడం సలహా దారణమా? అది చేయాల్సిన విషయమా? సినిమా సమాధానం—అవును; ప్రాక్టికల్ సమాధానం—లేదు. ఎందుకు లేదు? వినడానికి మంచిది—‘అంతా పంచుకోండి; అంతా తెలియాలి; మనసులో ఉన్నది ముందు ఉండాలి; ఫిల్టర్లు లేవు,
## తెలుగు అనువాదం
**(1:29:34)** మీ భాగస్వామికి కూడా అలాగే, ఎందుకంటే అలాంటి సమయాలు ఉంటాయి. “ఈరోజు నా మనస్థితి చాలా బాగోలేదు, రోజు మంచిగా లేదు” అని ఉన్న రోజులు ఉంటాయి. పూర్తి రోజూ, మనం ఒకరినొకరు దాటుకుంటున్నప్పుడు కూడా, “ఏదో తేడా ఉంది” అని గమనించము. కానీ ఆ 15 నిమిషాల్లో, మనం ఒకరికొకరం అంతరాయం లేని శ్రద్ధ ఇస్తున్నప్పుడు, వెంటనే గమనిస్తాం — “ఏదో సరిగా లేదు” అని. మరియు ఒకరినొకరం అడుగుతాం. అది కేవలం మనం ఒకరికొకరం ఆ సమయాన్ని ఇస్తున్నప్పుడే జరుగుతుంది. ఈ వేగవంతమైన ప్రపంచంలో పూర్తి రోజూ సాధ్యం కాదు — ఆఫీసు ఉంది, ఆకాంక్షలు ఉన్నాయి, కెరీర్ ఉంది, కలలు ఉన్నాయి, కుటుంబం—
**(1:30:12)** ఉంది, సామాజిక జీవితం ఉంది. కానీ మీకు తెలుసు కదా — “ఆ 10–15 నిమిషాలు మావే” అని. పరిమాణం కంటే నాణ్యత మీ దగ్గర ఉంటే, మీరు దానికి ఆసక్తిగా ఎదురుచూస్తారు. అంటే, గంటన్నర జిమ్ చేసిన తర్వాత కూడా మనం 20, 30, 40 నిమిషాలు నడవడం చేస్తాం. అది కేవలం ఫిట్నెస్ కోసం చేస్తున్నాము కదా. ఎందుకు మనం “చద్దాం, నడకకి వెళ్దాం” అని ఎదురుచూస్తాం? ఎందుకంటే అది మా అనుసంధాన సమయం. “ఇది మా సమయం” అని మాకు తెలుసు. మాకు వేరే చోట అనుసంధానం అవసరం లేదు, ఎందుకంటే ఈ అనుసంధానం మాకు ఎప్పుడూ ఉంటుంది. “చాలా పనులు ఉన్నాయి” అనిపిస్తే, ఆ అదే 10–15 నిమిషాల్లో మీరు మూడు Cలను చేసుకోవచ్చు.
**(1:30:40)** మీరు రోజుకు 50 కార్యకలాపాలు చేయాల్సిన అవసరం లేదు. వారానికి ఒక రోజు కూడా నాణ్యమైన సమయం గడిపితే, మీరు మూడు Cలను జీవించగలరు. కాబట్టి రెండో C — కమ్యూనికేషన్, దీని గురించి మనం చాలాసార్లు మాట్లాడాం. అత్యంత చెడ్డ విషయం — మీ కమ్యూనికేషన్ ఆరోగ్యకరంగా లేకపోవడం, సక్రియంగా లేకపోవడం. నా దృష్టిలో కమ్యూనికేషన్ అంటే లోపల చాలా ఉంటుంది. కమ్యూనికేషన్ అంటే — “నాకు ఏం కావాలి?” ఒకరి కోరికలు, కోరికలు కమ్యూనికేట్ అవుతున్నాయా? ఎక్కడ నాకు స్థలం కావాలి, ఎక్కడ అవసరం లేదు — కమ్యూనికేట్ అవుతుందా? తీర్పు లేకుండా ఒకరికొకరం చెప్పగలమనే సౌకర్యం మనకు ఉందా, కమ్యూనికేట్ చేయగలమా?
**(1:31:16)** మాట్లాడే సమయంలో “ఎదురుగా ఉన్నవారు తీర్పు ఇస్తారు” అనే ఒత్తిడి ఉంటే, అది ఆరోగ్యకరం కాని అలవాటు. భర్త–భార్య, ప్రియుడు–ప్రియురాలు — ఇద్దరు భాగస్వాములు కలిసి ఆలోచించాలి — “మనం ఎలా మెరుగైన కమ్యూనికేషన్ చేయగలం? ఎలా తీర్పు లేని కమ్యూనికేషన్ చేయగలం? ఎదురుగా ఉన్నవారు తమ కోరికను ఎలా చెప్పగలరు? నాకు దానికి పది అర్థాలు ఎలా తీయకూడదు?” సంబంధంలో సమస్యలు వస్తాయి. భారం ఏర్పడినప్పుడు. చాలా అణిచివేతలు జరుగుతాయి. చాలా లోపల నిండుతుంది — సోడా సీసాలా నిండుతూ ఉంటుంది. నిండుతూ ఉంటుంది, చివరికి పేలిపోతుంది. కానీ కమ్యూనికేషన్ ఆరోగ్యకరంగా ఉంటే, నిండదు—
**(1:31:46)** నిండదు కాబట్టి పేలదు. అనుసంధానం ఉంది. మీరు కమ్యూనికేట్ చేస్తున్నారు. కానీ మూడో C లేకపోతే, మీరు వదిలేసి, చనిపోతారు. అప్పుడు మీరు కలిసి ఉంటారు కానీ కలిసి ఉండరు — అది ప్రతిజ్ఞ. అది కేవలం ఒక ఉద్దేశం. ప్రతిజ్ఞకు ఏమీ అవసరం లేదు. ప్రతిజ్ఞ అంటే — “ఈ సంబంధాన్ని పెంచడం నా ప్రతిజ్ఞ. ఈ సంబంధం వైపు నా ప్రతిజ్ఞ. మనం కలిసి నిర్ణయించినది — ఒక జీవితాన్ని కలిసి గడపాలి — అది కదలదు.” మరి మనం? ఆ ప్రతిజ్ఞ లోపల నుంచి ఉంటే, అనుసంధానం, కమ్యూనికేషన్ కొనసాగుతాయి. దాని కోసం ప్రయత్నాలు చేస్తూనే ఉంటాం. మనం వాదిస్తాం—
**(1:32:26)** గొడవపడతాం, నేర్చుకుంటాం, మెరుగవుతాం, కానీ నడుస్తూనే ఉంటాం. కానీ ఈ ప్రతిజ్ఞ కదిలిపోతే — అది కేవలం ఒక ఉద్దేశం, ఒక ఆలోచన, ఒక భావన, ఒక భావోద్వేగం, ఒక అనుభూతి — ఆ ప్రతిజ్ఞ పోతే, ఎక్కడ నుంచి కమ్యూనికేట్ చేస్తారు? ఎక్కడ నుంచి అనుసంధానం చేస్తారు? చూద్దాం — ఇది సంకీర్ణం కాదు. అది 10 నిమిషాల ఆచారం కావచ్చు, నడక కావచ్చు, పడకగది ఆచారం కావచ్చు, సాయంత్రం ఆచారం కావచ్చు, ఉదయం ఆచారం కావచ్చు — ఏది పనిచేస్తుందో. అది ఒక డేట్ కావచ్చు — “వారానికి ఒక రోజు కాఫీకి వెళ్తాం, అరగంట కూర్చుని కమ్యూనికేట్ చేసుకుంటాం.”
**(1:32:55)** “నేను ఎలా మెరుగైన భాగస్వామి అవ్వగలను? నేను ఏం సరిగా చేస్తున్నాను, ఏం సరిగా చేయడం లేదు? ఈ సంబంధం నుంచి అంచనా ఏంటి?” ఇది ప్రతిసారీ చేయాల్సిన అవసరం లేదు. కానీ అప్పుడప్పుడు జరగాలి. దీనికి ఇంకో కారణం — మనం సంబంధం ప్రారంభించినప్పుడు, ఒకరినొకరం బాగా తెలుసుకుంటాం. మనం కమ్యూనికేషన్ ప్రక్రియ చేశాం కదా. మరి తర్వాత ఎందుకు సమస్య వస్తుంది? ఒక వ్యక్తి తన జీవితంలో పెరుగుతారు కాబట్టి. వారు కొత్త నైపుణ్యాలు నేర్చుకుంటున్నారు, కొత్త పుస్తకం చదువుతున్నారు, కొత్త స్నేహితులు చేసుకుంటున్నారు, ఆఫీసు ఏదైనా నేర్పిస్తోంది—
**(1:33:26)** జీవిత అనుభవాలు ఏదైనా నేర్పిస్తున్నాయి, జ్ఞానం వస్తోంది, స్వయం జ్ఞానోదయం జరుగుతోంది, జీవితాన్ని అర్థం చేసుకుంటున్నారు. కాబట్టి మీరు ప్రేమించిన, తెలుసుకున్న వ్యక్తి రెండు సంవత్సరాల తర్వాత వేరే వ్యక్తి. ఐదు సంవత్సరాల తర్వాత వేరే వ్యక్తి. పది సంవత్సరాల తర్వాత వేరే వ్యక్తి. కాబట్టి బారుబారు తెలుసుకోవడం అవసరం. మనం ఒకరినొకరం తెలుసుకుంటూనే ఉండాలి. వారు జీవితంలో ఏదైనా గ్రహించారు — అది వారి జీవిత పునాదులను కదిలిస్తోంది, మీకు తెలియదు. కాబట్టి పెరుగుతున్న సంబంధంతో ఒకరినొకరం తెలుసుకోవడం కొనసాగాలి. అదే మళ్ళీ అనుసంధానం, కమ్యూనికేషన్, ప్రతిజ్ఞ ఉన్నచోట. అద్భుతం. నేను కమ్యూనికేషన్ భాగంలో కొంచెం లోతుగా—
**(1:34:04)** చూడాలని అనుకుంటున్నాను. భాగస్వాములు ఒకరికొకరు ప్రతిదీ చెప్పాలా? ప్రతి చిన్న, పెద్ద విషయం, ప్రతి చిన్న, పెద్ద ఆలోచన, ప్రతి చిన్న, పెద్ద భావోద్వేగాన్ని తమ భాగస్వామితో పంచుకోవాలా? అది సిఫారసు చేయదగినదా? అది వారు చేయాల్సినదా? సినిమాలా సమాధానం? అవును. [నవ్వు] వాస్తవిక సమాధానం? కాదు. ఎందుకు కాదు? వినడానికి బాగుంటుంది. “ప్రతిదీ పంచుకోండి. ప్రతిదీ తెలుసుకోండి. మనసులో ఉన్నదంతా ముందు ఉండాలి. ఫిల్టర్లు లేవు, పొరలు లేవు, మనం పారదర్శకంగా ఉండాలి, ప్రతిదీ తెలుసుకోవాలి.” అది ఆరోగ్యకరం అవసరం లేదు.
**(1:34:44)** అది ఆరోగ్యకరం కాకపోవచ్చు కూడా. మీకు మీ స్వంత వ్యక్తిగత జీవితం ఉంది, వ్యక్తిగత ఆలోచన ఉంది, వ్యక్తిత్వం ఉంది — అందులో ప్రతి విషయాన్ని టేబుల్పై పెట్టడం ప్రతికూలంగా ఉండవచ్చు. ఇక్కడ అర్థం చేసుకోవడం ముఖ్యం. గోప్యత (privacy), రహస్యం (secrecy) రెండు వేర్వేరు విషయాలు. [నవ్వు] ఆసక్తికరం. గోప్యత అంటే — “ఈ విషయం నా దగ్గర ఉంది. నేను చెప్పకపోయినా పట్టింపు లేదు. ఎందుకంటే అది మనకు సంబంధించినది కాదు. అది ఉమ్మడి అనుభవం కాదు.” ఉదాహరణకు — నా ఆఫీసు టీమ్ సభ్యుడు తన జీవితంలో ఎదుర్కొన్న సవాలు నాతో పంచుకున్నాడు. ఇప్పుడు నా జీవితంలో ఏముందో మీకంతా తెలియాలా?
**(1:35:19)** “ఈరోజు ఆమె/అతని జీవితంలో ఏం జరుగుతోందో చెప్తాను” అని. అవసరం లేదు — అది వారి జీవితం. వారు నన్ను నమ్మకంలో పంచుకున్నారు. తీర్పు లేని స్థలంలో నాతో పంచుకున్నారు. కాబట్టి మీకు తెలియాల్సిన అవసరం లేదు. నా స్నేహితుడు తన జీవితానికి సంబంధించిన ఏదైనా నాకు చెప్పాడు — మీకు తెలియాల్సిన అవసరం లేదు. కానీ మన గురించి ఏదైనా ఉంది — నేను ఇలాంటి ఆర్థిక తప్పు చేశాను, అది మన భవిష్యత్ను ప్రభావితం చేయగలదు, దాన్ని నేను నిన్ను నుంచి దాచుతున్నాను — అది రహస్యం. అది గోప్యత కాదు. కాబట్టి మనల్ని కలిగి ఉన్నది బహిరంగంగా ఉండాలి.
**(1:35:49)** ఒక వ్యక్తి ఇంకొకరితో ప్రేమలో ఉన్నాడు, చెప్పడం లేదు — దీన్ని నేను గోప్యత అనను. దీన్ని రహస్యం అంటాను, ఎందుకంటే మీరు సంబంధంలో ఉన్నారు, ఏదైనా దాచుతున్నారు. సరే. కానీ ఎవరైనా నాకు ఏదైనా చెప్పారు, ఏదైనా అనుభవం చెప్పారు, నేను నీకు చెప్పడం లేదు — అది సరే. “దాచడం” మరియు “చెప్పకపోవడం” మధ్య తేడా ఉంది — “నీ ఏదైనా విషయం నాకు సరిగా అనిపించింది, నేను ఏదైనా అనుభవించాను, అది చాలా వ్యక్తిగతం, గోప్యం — నా భావోద్వేగాల రోలర్కోస్టర్. దాన్ని నేను నిర్వహించాను, నా డైరీలో రాశాను లేదా మనసులో ఉంచాను—
**(1:36:22)** నీకు చెప్పలేదు” — అది సంబంధానికి అనుకూలంగా కూడా ఉండవచ్చు. అది తప్పు కాకపోవచ్చు. కానీ “నీకు గోప్యత, నాకు రహస్యం” అయితే? గోప్యత, రహస్యం చాలా సంబంధాల్లో సమర్థించబడతాయి, ప్రత్యేకంగా ఆఫీసు సహోద్యోగులు, ఉద్యోగుల విషయంలో. కానీ కుటుంబ సభ్యుల విషయం వస్తే — ఒక బంధువు ఏదైనా చెప్పారు — అప్పుడు కూడా మనం “ఇది గోప్యత, నా భాగస్వామితో పంచుకోవాల్సిన అవసరం లేదు” అని అనగలమా? గోప్యత, రహస్యం అంత సులభంగా నిర్వచించబడవు. దీనిలో కమ్యూనికేషన్ కూడా ఉంటుంది — “నీకు ఇది గోప్యం కావచ్చు, కానీ నాకు అనిపిస్తుంది ఇది పంచుకోవాల్సినది.”
**(1:36:58)** కానీ ఈ ఆలోచనను కూడా తిరస్కరించడం — “గోప్యత అస్సలు ఉండదు, ప్రతిదీ పంచుకోవాలి.” ఒక పునాది ఏమిటంటే — “వ్యక్తిత్వం ఉండకూడదు, మనం ఒకే వ్యక్తి.” సరే. ఇంకో పునాది — “సంబంధంలో ఇద్దరు వ్యక్తులం, కానీ నాకు ఇది తెలియాలి.” మరియు ఈసారి నువ్వు ఇది చెప్పలేదు — “నీకు ఇది చిన్న విషయం, నాకు పెద్ద విషయం.” మళ్ళీ ప్రాధాన్యం — నీ ప్రాధాన్యం వేరు, నా ప్రాధాన్యం వేరు. కానీ మనం ఒకరికొకరం కమ్యూనికేట్ చేయవచ్చు — “ఇలాంటి ప్రతి పరిస్థితి నాకు తెలియాలి.” ఒక ఉదాహరణ తీసుకుందాం.
**(1:37:25)** బంధువుల ఉదాహరణ తీసుకుందాం. ఇంటి కథలాంటి ఉదాహరణ తీసుకుందాం. నాకు అనిపిస్తుంది అది చాలామందికి సులభంగా సంబంధించినది. ఒక వ్యక్తి ఉన్నాడు. అతని తల్లి అతని భార్య గురించి ఏదైనా చెప్పింది. కోపంతో చెప్పింది, విసుగ్గా చెప్పింది, నిరాశతో చెప్పింది — బహుశా ఆమె అర్థం చేసుకోలేదు, అది తర్వాతి విషయం. “మన మధ్య అంతా పంచుకోవాలి కదా” — ఆ వ్యక్తి వెళ్లి తన భార్యకు అంతా చెప్పేస్తాడు. చివరికి అది ఇంటి వాతావరణానికి ప్రతికూలంగా కూడా ఉండవచ్చు. నాకు అనిపిస్తుంది సంవత్సరాలుగా, శతాబ్దాలుగా చాలా కుటుంబాలు, చాలా ఇళ్లు — భారతదేశంలో మాత్రమే కాదు, మొత్తం—
**(1:37:57)** ప్రపంచంలో — ఈ కారణంతో కూడా నడుస్తున్నాయి — ఇంట్లో ఏదైనా భావోద్వేగంలో, కోపంలో చెప్పిన విషయం వచ్చి, వ్యక్తి తన భాగస్వామికి చెబుతున్నాడు, ఎందుకంటే “మన మధ్య అలా జరగదు” — దీని వల్ల చాలాసార్లు ఆరోగ్యకరమైన సరిహద్దులు నిలిచి ఉంటాయి. ఇప్పుడు ఆ సంబంధానికి అంచనా ఉంటే — భార్య “నా గురించి మంచి అయినా, చెడు అయినా, నాకు అంతా తెలియాలి” అని చెప్పింది — అది చర్చ, సంభాషణ, కమ్యూనికేషన్. ఇప్పుడు చెప్పాలి, ఎందుకంటే అది ఇప్పుడు ఒక ఒప్పందం. అది ఇప్పుడు ఒక అంగీకారం. కానీ కొన్నిసార్లు చెప్పకపోవడం వల్ల కుటుంబంలో సంబంధం కూడా నిలిచి—
**(1:38:29)** ఉంటుంది. అంటే ఇది ఒక వాస్తవం. అబ్బాయికి ఉదాహరణ ఇచ్చాను, అది పూర్తిగా విరుద్ధంగా కూడా ఉండవచ్చు — ఒక అమ్మాయి అత్తగారింటికి వెళ్లింది, ఆమె నాన్న ఆమె భర్త గురించి ఏదైనా కామెంట్ చేశారు. ఆమె ఆ కామెంట్ను తన భర్తతో పంచుకోలేదు. ఆమె ఆత్మగౌరవాన్ని కాపాడింది. అక్కడ ఏం చెప్పారో, ఏ గొడవ జరిగిందో చెప్పలేదు — “నీకు ఎందుకు తెలియాలి? నేను పరిష్కరించాను.” సరే. ఇక్కడ అతను “కాదు, నాకు తెలియాలి. అంచనా ఉంది కదా — ఏదైనా సరే, నాకు తెలియాలి” అని అనవచ్చు. సరే. ఉద్దేశం చాలా ముఖ్యం. నా ఉద్దేశం ఏంటి?
**(1:38:58)** నా ఉద్దేశం సంబంధానికి అనుకూలంగా ఉంది. నేను చెబుతున్నది చాలామంది అంగీకరించకపోవచ్చు. కానీ సంబంధం అంటే ఇద్దరు ఒకే వ్యక్తులయ్యారా? అది సినిమాలా మాట. మనం “ఇద్దరు ఒకే వ్యక్తులం” అని అర్థం చేసుకుంటే, నాకు అనిపిస్తుంది ఆరోగ్యకరం కాని విషయాలు కూడా జరుగుతాయి. వాస్తవికంగా మాట్లాడితే — ఇద్దరు వ్యక్తులు కలిసి ఏదైనా నిర్మించడానికి ప్రయత్నిస్తున్నారు. అదే సంబంధం. మనం “వారు ఒకే వ్యక్తులయ్యారు” అని అనవచ్చు. వారు ఒకే వ్యక్తులు కాలేదు. ఇద్దరి ప్రాధాన్యాలు, ఎంపికలు, ఆకాంక్షలు, కోరికలు, ఆలోచన, బాల్య నమూనాలు వేర్వేరు. కాబట్టి వారు కలిసి ఏదైనా చేయడానికి ప్రయత్నిస్తున్నారు, కలిసి సంబంధాన్ని నడిపించడానికి ప్రయత్నిస్తున్నారు, ఒకరినొకరం అర్థం చేసుకుంటున్నారు.
**(1:39:32)** ఇంతలో ఇద్దరి వ్యక్తిత్వం ఉంది. ఇద్దరికీ వారి స్వంత భావోద్వేగాలు ఉన్నాయి. కానీ మనం నియమం తీసుకోలేము — “ప్రతిదీ పంచుకోవాలి, ప్రతి భావోద్వేగాన్ని వ్యక్తపరచాలి.” ఉదాహరణకు — “నీపై నాకు కోపం వస్తోంది. నీకు చెప్పలేదు. సరే? నేనే నిర్వహించుకున్నాను.” కాబట్టి నేను ఇప్పుడు గోప్యత కాపాడుతున్నానా? కాదు. నాకు అనిపిస్తుంది నేను ఒక వ్యక్తిని — “నీపై కోపం వచ్చిందని నీకు చెప్పకుండా భావోద్వేగాలను నియంత్రించగలిగాను, ఇప్పుడు నీతో సరే” అని. ప్రతి పరిస్థితిని టేబుల్పై పెట్టాల్సిన అవసరం లేదు. ప్రతి చెడు అనుభూతి—
**(1:40:03)** “నాకు చెడుగా అనిపిస్తోంది” అని చెప్పాల్సిన అవసరం లేదు. లేదంటే నేను గొడవపడుతూనే ఉంటాను, అమ్మాయి గొడవపడుతూనే ఉంటుంది. మనం ప్రతిదీ చెప్పము. నేను ఇదే చెబుతున్నాను. మనం మా దగ్గరే ఉంచుకుంటాం. అప్పుడే అది ఆరోగ్యంగా ఉంటుంది. చూడండి, తేడా ఉద్దేశంలో ఉంది. ఒక ఉద్దేశం — “ఇది నాకు ఎవరితోనో జరిగిన విషయం, కానీ నేను నీకు చెప్పాల్సిన అవసరం లేదు.” మరి నాలుగు రోజుల తర్వాత ఆ విషయం ఎక్కడైనా నుంచి ఎవరికైనా తెలిస్తే? అప్పుడు “నీకు ముందే తెలిసి ఉంది కదా, నువ్వు నాకు ఎందుకు చెప్పలేదు?” అని వస్తుంది. మరియు ప్రత్యేకంగా నా ప్రశ్న ఏమిటంటే — కుటుంబ సభ్యులు వస్తుంటే, అది జంటకు సంబంధించిన ఉమ్మడి అనుభవం అవుతుంది కదా. “నీ నాన్న నా గురించి ఏదైనా కామెంట్ చేస్తే—
**(1:40:37)** నీ నాన్న నాకు కూడా కొంత దగ్గరి వాళ్లే కదా, అతను నా గురించి ఏం ఆలోచిస్తున్నాడో నాకు తెలియాల్సిన అవసరం ఉంది. దాని ఫలితం ఏదైనా సరే. ‘నాకు తెలియాలి’ అనేది నా హక్కు కాదా? నీకు తెలుసు, నాకు ఎందుకు తెలియకూడదు?” అమ్మాయి ఉద్దేశం తన నాన్న, తన భర్త మధ్య సంబంధం నిలిచి ఉండాలని. అందుకే చెప్పలేదు. అబ్బాయి అంచనా — “నాకు తెలియాలి.” జంటల్లో ఇది చాలాసార్లు జరుగుతుంది — “చూడు, నీ ప్రాధాన్యం, నా ప్రాధాన్యం వేర్వేరు. నీ దృష్టిలో దాన్ని దాచడం నా గౌరవాన్ని కాపాడడానికి మంచిది. దీనికోసం నిన్ను ప్రేమిస్తాను, గౌరవిస్తాను. కానీ నా—
**(1:40:37)** నీ నాన్న నాకు కూడా కొంత దగ్గరి వాళ్లే కదా, అతను నా గురించి ఏం ఆలోచిస్తున్నాడో నాకు తెలియాల్సిన అవసరం ఉంది. దాని ఫలితం ఏదైనా సరే. “నాకు తెలియాలి” అనేది నా హక్కు కాదా? నీకు తెలుసు, నాకు ఎందుకు తెలియకూడదు? అమ్మాయి ఉద్దేశం తన నాన్న, తన భర్త మధ్య సంబంధం సాఫీగా ఉండాలని. అందుకే చెప్పలేదు. అబ్బాయి ఆశించేది — “నాకు తెలియాలి.” జంటల మధ్య ఇది చాలాసార్లు జరుగుతుంది. “చూడు, నీ ప్రాధాన్యం, నా ప్రాధాన్యం వేర్వేరు. నీ దృష్టిలో దాన్ని దాచడం నా గౌరవాన్ని కాపాడడానికి మంచిది. దీనికోసం నిన్ను ప్రేమిస్తాను, గౌరవిస్తాను. కానీ నా ఆశించేది ఏమిటంటే—
**(1:41:10)** నాకు బాధగా ఉన్నా, నాకు తెలియాలి. ఇది ఒక అంచనా నిర్మాణం. సంబంధం సామాన్య ప్రకటనలతో నడవదు. సంబంధం మన ఉద్దేశాన్ని, అంచనాలను కమ్యూనికేట్ చేసుకోవడం ద్వారానే నడుస్తుంది. ఇది మాత్రమే కాదు, ప్రతి విషయంలో అభిప్రాయ భేదాలపై, వాదనలపై కూడా ఏం జరుగుతుంది? “నువ్వు నా మెసేజ్ చూడలేదా? నువ్వు నా మెసేజ్ చూడలేదా?” సరే, మాట్లాడుదాం. నా ఉద్దేశం నిన్ను బాధపెట్టడం కాదు, బారుబారు “నువ్వు నా మెసేజ్ చూడలేదా” అని అడగడం కాదు. నా ఉద్దేశం “నన్ను పట్టించుకోలేదని అనిపించింది” అని చెప్పడం. అబ్బాయి, అమ్మాయి “సరే, నా అంచనా ఏమిటంటే—
**(1:41:45)** నేను మెసేజ్ చూడకపోతే కాల్ చెయ్యి” అని చెప్పడం. మనం మన ఉద్దేశాన్ని, అంచనాలను కమ్యూనికేట్ చేసుకుంటూ ఉన్నప్పుడే సంబంధాన్ని పెంచుకుంటాము. మరియు ఎప్పటిలాగే, “అభిప్రాయ భేదాన్ని అంగీకరించడం” (agree to disagree) కూడా ఉంటుంది. [నవ్వు] కమ్యూనికేషన్లో చాలా ముఖ్యమైన అంశం. “అభిప్రాయ భేదాన్ని అంగీకరించడం.” ఇది చాలా అవసరం. “అంగీకారం జరగడం లేదు, సరే. నేను అనుకుంటున్నాను ఇది ప్రతి జంట తరచూ వాడాల్సిన రెండున్నర మాయాజాల పదాలు — నీకు A అనిపిస్తోంది, నాకు B అనిపిస్తోంది. సరే. మనం అభిప్రాయ భేదాన్ని అంగీకరిస్తాం. తర్వాత మాట్లాడుదాం.” కాబట్టి నేను అనుకుంటున్నాను ఇది చాలా ముఖ్యం. మా స్నేహాల్లో, సంబంధాల్లో, తల్లిదండ్రుల–పిల్లల సంబంధాల్లో, తరాల మధ్య మూడు పదాలు ఉన్నాయి — “మనం అభిప్రాయ భేదాన్ని అంగీకరిస్తాం.” విషయం అక్కడే ముగుస్తుంది. మరి నీ ప్రకారం, తల్లిదండ్రులు, జీవిత భాగస్వామి మధ్య ఎక్కడ గీత గీయాలి అని అనుకుంటావు? మన ఇంటి కథలో—
**(1:42:20)** చూడు, జీవిత భాగస్వామి జీవితంలోకి వచ్చినప్పుడు, అప్పటి నుంచి నీ జీవితంలో అత్యంత ముఖ్యమైన ప్రాధాన్యాల్లో ఒకటి ఆ భాగస్వామే అవ్వాలి. ఇప్పుడు తల్లిదండ్రులకు ఇది పెద్ద మార్పు. ప్రత్యేకంగా తల్లికి కొడుకు విషయంలో — ఇప్పటివరకు అతను “నా కొడుకు,” ఇప్పుడు అతను ఇంకొకరికి కూడా కొంత చెందుతాడు. ఇక్కడే “పెళ్లయ్యాక మారిపోయాడు” అనే మాటలు వస్తాయి. “పెళ్లయ్యాక మారతాడు కదా?” అవును, అతను మారతాడు. ఎందుకంటే అతనికి కొత్త బాధ్యతలు వచ్చాయి. ఎవరితోనో జీవితాన్ని పంచుకుంటున్నాడు. కొత్త సమతౌల్యం నేర్చుకుంటున్నాడు. రేపు నా కుటుంబం ఉంటుంది, నాకు ఎలా చూసుకోవాలి అని ఆలోచిస్తున్నాడు. అతను ఎలా అలాగే ఉండగలడు? అతను మారతాడు. మార్పు శాశ్వతం. మార్పు జరుగుతుంది. తల్లిదండ్రులపై గౌరవం రాజీ కాకూడదు — ఇదే నా భావన.
**(1:43:04)** నువ్వు ప్రతి విషయంలో అంగీకరించకపోయినా, గౌరవించవచ్చు. “మేము నిన్ను గౌరవిస్తున్నాము, కానీ ఇక్కడ మేము అంగీకరించము.” తల్లిదండ్రులు “సంబంధాన్ని ఇలా నడిపించాలి, నీ భార్యకు ఇది తెలియాలి, నీ భర్తకు ఇది తెలియాలి” అని చెబితే — “మేము మిమ్మల్ని గౌరవిస్తాము, ప్రేమిస్తాము. కానీ ఇది మా సంబంధం, దీన్ని మేమే నడిపిస్తాము” అని చెప్పాలి. కాబట్టి ప్రేమ, గౌరవం అంగీకారానికి సమానం కాదు. ఇది చాలా ముఖ్యం. తల్లిదండ్రులు, ఇతరులు పూర్తి అర్థాన్ని ఇలా తీసుకుంటారు — “నా కొడుకు నాతో అంగీకరించడం లేదంటే, అతను నన్ను ప్రేమించడం లేదు, గౌరవించడం లేదు, మారిపోయాడు” అని. అవును, అతను మారాడు. కానీ అతను ఇప్పటికీ నిన్ను ప్రేమిస్తున్నాడు, గౌరవిస్తున్నాడు. కాబట్టి తల్లిదండ్రులకు ప్రేమ, గౌరవం ఉండాలి. కానీ మీ జీవితంలో భాగస్వామి వచ్చారు, మీరు ఇప్పుడు ఆమె/అతనితో ఉమ్మడి జీవితాన్ని గడపాలి.
**(1:44:08)** అప్పుడు ఇంటిని ఎలా నడిపించాలి, కుటుంబ లక్ష్యాలు ఏమిటి, జీవిత లక్ష్యాలు ఏమిటి, ఆర్థిక లక్ష్యాలు ఏమిటి — ఇవన్నింటిలో అత్యధిక పాత్ర జంటకు ఉండాలి. ఇక్కడ ఇతరుల జోక్యం అత్యల్పంగా ఉండాలి. ఎవరైనా పెళ్లి చేసుకున్నప్పుడు, వారి భాగస్వామిపై “ఇప్పుడు నా జీవితంలో నేనే మొదటి ప్రాధాన్యం అవ్వాలి” అనే అంచనా ఉంటుంది. కానీ మీ జీవిత భాగస్వామి ఎప్పుడూ మీ మొదటి ప్రాధాన్యంగా ఉండాలా? రెండు కోణాల్లో మాట్లాడతాం. ఒకటి — మొదటి ప్రాధాన్యంగా ఉండాలో లేదో. దీనిపై ఇప్పుడు వస్తాం. ముందు ఇక్కడికి వస్తాం.
**(1:44:43)** “నేనే మొదటి ప్రాధాన్యం అవ్వాలి” అనే అంచనా. అనుబంధం ఉంది, సంబంధం ఉంది, సాన్నిహిత్యం ఉంది. పోటీ ఉందా? అంటే IPL జరుగుతోందా — నన్ను గెలిపించుకోవాలా? Bigg Boss జరుగుతోందా — నేను మొదటి స్థానంలో రావాలా? మనం పోటీ భావనతో అంచనాలు పెడుతున్నాము. ఆ ధృవీకరణ కోసం మన అవసరం ఇంత ఎక్కువగా ఉందా — “నేను సంబంధంలోకి వెళ్తున్నాను, ఇప్పుడు నేనే నంబర్ వన్ ప్రాధాన్యం అవ్వాలి.” సహజంగా ఒక ప్రాధాన్యం ఉంటుంది, ఉండాలి. కానీ మనం ఈ అంచనా, ఆశతో వస్తే, నాకు అనిపిస్తుంది అది ఆరోగ్యకరం కాని ఒత్తిడి. ఎందుకంటే మనం ఒక థర్మోస్టాట్ తీసుకువస్తున్నాం — “ఈ డిగ్రీలో సంబంధం ఉండాలి.” పోటీ భావనతో వస్తున్నాం — ఆ జీవితంలో ఉన్న ఇతర అంశాలతో పోటీ పడుతూ “నాకు ఇప్పుడు మొదటి ప్రాధాన్యం కావాలి” అని.
**(1:45:15)** అయితే, ఒక జంటకు, మంచి సంబంధానికి, సంబంధం పెరగడానికి వారు ఒకరికొకరు ప్రాధాన్యంగా ఉండాలి. వారు మొదటి ప్రాధాన్యంగా ఉండాలి. అవును, ఎప్పుడూ మొదటి ప్రాధాన్యంగా ఉండాలనే ఆలోచన ఉండకపోవచ్చు. ఉదాహరణకు మళ్ళీ జీవిత దశలు — ఒక జంటకు బిడ్డ పుట్టింది. కొంతకాలం మీరు కూడా ప్రాధాన్యం కావచ్చు, ఆ పిల్లవాడు కూడా ప్రాధాన్యం కావచ్చు. దశను బట్టి ప్రాధాన్యాలు మారతాయి. అది నిన్ను వ్యక్తిగా తక్కువ చేయదు. కానీ కొన్ని దశల్లో మొదటి ప్రాధాన్యం వేరేదైనా కావచ్చు. అది సరే. ఈ వారాంతం డేట్కి వెళ్లాలా, లేక పిల్లవాడిని డాక్టర్ దగ్గరికి తీసుకెళ్లాలా? నాకు అనిపిస్తుంది ఇద్దరూ “పిల్లవాడిని డాక్టర్ దగ్గరికి తీసుకెళ్తాం” అంటారు. ఎందుకంటే అది ఇప్పుడు ఇద్దరి ప్రాధాన్యం అయింది కదా.
**(1:45:48)** అవును. ప్రాధాన్యాలు మారతాయి. విషయాలు మారతాయి, ఎందుకంటే ఇప్పుడు మీ ఇద్దరికీ ఒక ఉమ్మడి ప్రాధాన్యం ఉంది. అవసరం లేదు — పిల్లవాడు పుట్టిన తర్వాత కూడా కొంతమంది జంటల్లో ఒకరికి ఫిర్యాదు వస్తుంది, “ఇప్పుడు నేను అతని/ఆమె మొదటి ప్రాధాన్యం కాదు” అని. ఆ ఫిర్యాదు సమర్థించబడవచ్చు కూడా. కానీ నేను చెబుతున్నది — ప్రాధాన్యాల మార్పు, ప్రాధాన్యాల సమతౌల్యం ఒక విషయం. జీవితాంతం ఒకే వ్యక్తి ఒకే ప్రాధాన్య దశలో ఉండాల్సిన అవసరం లేదు. ఉదాహరణకు తల్లిదండ్రులు అనారోగ్యంతో ఉన్నారు, లేదా వారి చివరి దశలో ఉన్నారు, లేదా అలాంటి ఏదైనా పరిస్థితి ఉంది. ఆ సమయంలో మొదటి ప్రాధాన్యం ఏమిటి? ఆ సమయంలో మొదటి ప్రాధాన్యం భార్య లేదా భర్త కాకపోవచ్చు. అలాంటి ప్రత్యేక జీవిత పరిస్థితుల గురించి మేము మాట్లాడటం లేదు.
**(1:46:47)** అప్పుడు నీ భాగస్వామి కూడా నువ్వు తల్లిదండ్రులతో సమయం గడపాలని కోరుకుంటారు. అలా చేయకపోతే, అది పెద్ద ప్రశ్న. కానీ నా ప్రశ్న జీవితంలో మొత్తం ప్రాధాన్యం గురించి. అవును. సరళంగా చెప్పాలంటే — అవును. నేను ఎందుకు ఇది వివరిస్తున్నానంటే, మీరు అంచనాలు, పోటీ భావనతో సంబంధంలోకి వెళ్తే, అప్పుడు మీరు తీర్పు ఇస్తారు. ఎందుకు తీర్పు ఇస్తారు? ఒక చిన్న ఉదాహరణ చెబుతాను. అబ్బాయి “శుక్రవారం నా స్నేహితులతో వెళ్తున్నాను” అని చెబుతాడు. భార్యకు పోటీ భావన ఉంది లేదా “నేనే ప్రాధాన్యం అవ్వాలి” అనే అత్యంత ఎక్కువ అంచనా ఉంది, అయితే ఇప్పుడు తీర్పు వస్తుంది — “ఈరోజు నేను ప్రాధాన్యం కాదు, ఈరోజు స్నేహితులు ప్రాధాన్యం అయ్యారు.”
**(1:47:22)** సంబంధంలో జరిగే ఈ సంఘర్షణ ఇక్కడే జరుగుతుంది — “నంబర్ వన్ నేనే” అనే భావనతో మీరు వెళ్తున్నప్పుడు. కానీ మీరు వ్యక్తిగత స్వేచ్ఛను అర్థం చేసుకుంటే — “నా పని ముఖ్యం. ఈరోజు నేను ప్రాధాన్యం కానే ఉన్నాను, కానీ ఈ సాయంత్రం స్నేహితుల సమయం, అది కూడా ఆరోగ్యకరం.” కాబట్టి నేను అనుకుంటున్నాను — “మొదటి ప్రాధాన్యంగా ఉండటం” కంటే జంటకు మరింత అవసరమైనది — “నేను నీ కోసం ఉన్నాను. నువ్వు నన్ను నమ్మవచ్చు.” అంటే, “నేను స్నేహితులతో వెళ్తున్నాను, కానీ నీకు నన్ను కావాల్సిన రోజు వచ్చిందంటే ప్రపంచమంతా పక్కన పెట్టి వస్తాను” అనే భావన.
**(1:47:55)** “నేను ఎప్పుడూ నిరూపిస్తూనే ఉండాలి — నువ్వు నా మొదటి ప్రాధాన్యం అని” అనే భావన కంటే, పరిస్థితి వచ్చినప్పుడు ఆ వ్యక్తికి తెలుసు — అతను/ఆమె నా కోసం ఉన్నారని. మాకు కూడా ఇది జరుగుతుంది. మన ఉదాహరణలు తక్కువగా చర్చిస్తున్నాం, కానీ మేము దీనిపై చాలా పని చేశాం. చాలాసార్లు నీకు, నాకు ఆ రోజు పని మొదటి ప్రాధాన్యం కావచ్చు. ఆ వారంలో కూడా. కానీ ఒకరికి మరొకరి మనస్థితి సరిగా లేదని లేదా మరొకరికి అవసరం ఉందని అనిపించినప్పుడు, అప్పుడు మేము “అన్నీ పక్కన పెట్టి డేట్కి వెళ్దాం, కాఫీకి వెళ్దాం” అని చెప్పాం.
**(1:48:30)** కాబట్టి ప్రాధాన్యాల మధ్య ఈ ఆరోగ్యకరమైన మార్పు జరుగుతుంది. జంటలో ఒకరికొకరు ఇది తెలిస్తే — “నువ్వు నన్ను నమ్మవచ్చు, నేను నీ కోసం ఉన్నాను” — అది ముఖ్యం. “ఉన్నాను” అంటే భౌతికంగా ఉండటం అవసరం లేదు. అతను స్నేహితులతో ఉన్నాడు. ఆ సమయంలో అతని ప్రాధాన్యం స్నేహితులు. సరే. కానీ “నాకు తెలుసు, నేను అతనిపై నమ్మకం పెట్టవచ్చు” అనే భావన ముఖ్యం. అది పోటీ కాదు. ఏ సంబంధంలోనైనా పోటీ అంచనా ఆరోగ్యకరం కాదని నేను భావిస్తాను. ఒకరికొకరు మొదటి ప్రాధాన్యం అవుతారు. కానీ నేను సంబంధంలోకి వెళ్తే, నేను అతని మొదటి ప్రాధాన్యం అయితే, అప్పుడు మీరు కళ్లద్దాలు పెట్టుకుని తీర్పు ఇస్తూనే ఉంటారు — “ఈరోజు స్నేహితులు ప్రాధాన్యం, ఈరోజు తల్లిదండ్రులు ప్రాధాన్యం.”
**(1:49:05)** “సరే, అది సరే.” వాస్తవానికి ఇలా చెప్పాలి — “మా కోసం నీ పని ముఖ్యం. మా కోసం నా స్నేహితులతో వెళ్లడం ముఖ్యం. మా కోసం మా పిల్లలకు సమయం ఇవ్వడం ముఖ్యం.” అంటే ఇది ఎప్పుడూ పరస్పర అవగాహన. నా ప్రశ్న లాభనష్టాల ఆధారంగా కాదు, భావోద్వేగపరమైనది. ఒక సంబంధంలో ఒక భాగస్వామికి ఇప్పటికీ స్నేహితులే ఎక్కువ ప్రాధాన్యం, లేదా కుటుంబమే ఎక్కువ, లేదా పని ఎక్కువ, మరియు అతని/ఆమె భాగస్వామి రెండో, మూడో స్థానంలో ఉంటే — ఆ సంబంధం నిలిపివుంచగలదా?
**(1:49:43)** తాత్కాలిక దశకు, పరిస్థితి ఆధారితంగా సరే. అది స్థిరంగా ఉంటే నిలవదు. ఎందుకంటే జంట అత్యధిక సమయం కలిసి గడుపుతుంది, కాబట్టి వారికి ఒకరికొకరు ప్రాధాన్యం ఉండాలి — ఇది చాలా ముఖ్యం. అది లేకపోతే అది ఆరోగ్యకరం కాదు. ఒక వైపు మనం “ఇద్దరు ఒకే ప్రాణం” అని చర్చిస్తున్నాం కదా, మీ మాట చాలా బాగుంది — “మనం కలిసి ప్రాధాన్యం.”
**(1:50:20)** ఇక్కడ ఒక విరోధాభాసం వస్తుంది — “మేము ఇద్దరం, ఒకే ప్రాణం. కానీ నువ్వు నా ప్రాధాన్యం కావు, నేను నీ ప్రాధాన్యం కాను. మనం ఒకే యూనిట్ కదా, ఎవరు ఎవరి ప్రాధాన్యం?” అంటే మీరు వ్యక్తులు, మీకు కొన్ని అంచనాలు ఉంటాయి. అంచనాలు పెట్టడం సరే — “నేను ఉన్నాను” అని ఆశించడం సరే. నేను చెబుతున్నది ఏమిటంటే — పోటీ అంచనాతో లోపలికి రాకూడదు. సంబంధంలో ఎవరితోనూ పోటీ పడకూడదు, అవసరం రాకూడదు. “నన్ను నమ్మవచ్చు” అనే స్థలాన్ని ఇవ్వడం సరే. మొదటి ప్రాధాన్యాలు దశను బట్టి మారవచ్చు. కానీ ఎప్పుడూ ప్రాధాన్యాలు మారుతూనే ఉంటే, ఆ సంబంధ పునాది బలహీనంగా ఉందని అర్థం.
**(1:50:50)** “భాగస్వామి ఫోన్ను వారికి తెలియకుండా చూడటం సరేనా?” — “అవును, నేను చెబుతాను.” [నవ్వు] మంచి ప్రశ్న. బహుశా చాలామంది మనసులో ఇది వస్తుంది. నేను చెబుతున్నాను — “చూసావు కదా, ఏమైంది?” సరే. ఒక చిన్న విషయం. లేదా మనసులో అనుమానం వస్తోంది. ఫోన్ చూశావు. సరే. అనుమానం తొలగింది, ప్రశాంతత వచ్చింది. సరే. మనసులో అనుమానం బారుబారు వస్తోంది — మాట్లాడాలి. అసురక్షిత భావన ఉంది — మాట్లాడాలి. నమ్మక సమస్యలు ఉన్నాయి — ఎదురుచూడండి, చర్చించండి.
**(1:51:28)** సంబంధాన్ని ఒకే దృక్కోణంతో చూడకండి — “అతను పక్కన ఉన్నాడు, నేను ఫోన్ చూస్తాను. అతని ఫోన్లో ఏదైనా జరుగుతోందేమో.” ఇది జరుగుతుంటే అది ఆరోగ్యకరం కాదు. నేను చెబుతున్నాను — ఒకసారి ఫోన్ చూశావు, ఇప్పుడు దాన్ని పెద్ద విషయం చేయకూడదు. అది భాగస్వామి ఫోనే కదా. తెరిచి చూశావు. అనుమానం వచ్చింది, శరీర భాష నుంచి ఏదో అనిపించింది, తెరిచి చూశావు. సరే. అంత మంచి నియంత్రణ ఉంచుకోవాలి. సరైనది ఉంటే ఏం సమస్య? ఇద్దరూ సరైనవాళ్లే అయితే ఏం సమస్య? ఫోన్ చూశావు. ఒకసారి ఆలోచన వచ్చింది — మనం మనుషులం. ఒకసారి ఆలోచన వచ్చింది, చూడండి. సరే. ప్రశాంతత వచ్చింది.
**(1:51:57)** తీసుకోండి. బారుబారు ఆలోచన వస్తోంది, అయితే పరిష్కరించాల్సిన ఏదో ఉంది. నేను చెబుతున్నది ఏమిటంటే — ఫోన్ చూడటానికి కారణం చాలా ముఖ్యం. మీ కారణం “నాకు అనుమానం వస్తోంది, నేను అసురక్షితంగా అనిపిస్తున్నాను, నా భార్య ఏం చేస్తోందో తెలియదు, నా భర్త ఏం చేస్తున్నాడో తెలియదు” అయితే — మాట్లాడాలి. లేదా మీరు కలిసి ఉన్నారు, కానీ అంత అసురక్షిత భావనలతో జీవిస్తున్నారు. కాబట్టి నేను మళ్ళీ నియమం చెబుతున్నాను కాదు — “ఫోన్ను తాకకూడదు.” తాకితే సరే. అతని ఫోనే, ఆమె ఫోనే. చూడండి. ఫోన్ చూడటం సరే.
**(1:52:28)** కానీ ప్రతిరోజూ ఫోన్ చూస్తున్నారా — “క్షమించండి, మాట్లాడుదాం. A, B, C సూచనల వల్ల నాకు అసురక్షిత భావన వస్తోంది, స్పష్టత రావాలి.” “అరె, అది లేదు” లేదా “ఒక షాక్ బాంబ్ దొరుకుతుంది” అని. “ఏదైనా ఉంది” [నవ్వు]. ఇది వాస్తవానికి ఒక సర్వే — యుఎస్ సర్వే. భారత గణాంకాల గురించి నాకు తెలియదు. మూడు మందిలో ఒకరు తమ భాగస్వామి ఫోన్ను వారికి తెలియకుండా చూస్తారు. నా అభిప్రాయంలో వారు అలా చేయడానికి కారణం — వారు అసురక్షితంగా ఉన్నారు కాదు, వారికి సందేహం ఉంది కాదు, వారు భాగస్వామిని నమ్మడం లేదు కాదు. వారు ఖచ్చితంగా ఉండాలని కోరుకుంటున్నారు, భాగస్వామికి తెలియకూడదని కోరుకుంటున్నారు. వారికి ఆ ఖచ్చితత్వ భావన, భద్రత కావాలి.
**(1:53:09)** “మనుషులం, అప్పుడప్పుడు జరుగుతుంది” అని నాకు అనిపిస్తుంది. కానీ నేను మళ్ళీ చెబుతున్నాను — ఇది సాధారణ అలవాటు అయితే, ఆ సంబంధంలో ఏదో ఖాళీగా ఉంది. ఇది సాధారణ అలవాటు అయితే, మరేదైనా సరిచేయాలి. ఇవి కూడా నమూనాలు కావచ్చు కదా, హిమేష్. ఒక భాగస్వామికి మరొకరి ఫోన్ చూడాలనే కోరిక ఎప్పుడూ వస్తుంటే — అక్కడ ఏమీ తప్పు లేదు, చెడు సూచనలు లేవు, ఎర్ర జెండాలు లేవు. అది కేవలం వారి నమూనా. ఆ వ్యక్తి అసురక్షిత భావన నమూనాను మోస్తున్నాడు. బహుశా తన బాల్యంలో తల్లిదండ్రులు లేదా కుటుంబంలో ఎవరైనా చూసి ఉండవచ్చు, అతని మనసులో “ద్రోహం జరుగుతుంది, ఇలా చేయడం వల్లే తనకు తృప్తి వస్తుంది” అనే విత్తనం నాటబడి ఉండవచ్చు. దానిలో ఏం తప్పు?
**(1:53:44)** అవును, కానీ నేను దాన్ని ఆరోగ్యకరమైన నమూనా అని అనను. అది ఒక నమూనా. అది ఆరోగ్యకరం కాని నమూనా. ఎవరైనా సమర్థించవచ్చు — “నా బాల్యం అలా ఉంది. నా నాన్న ద్రోహం చేశాడు, నా అమ్మ ద్రోహం చేశారు, బంధువులు ద్రోహం చేశారు. నేను ద్రోహాన్ని చాలా చూశాను. ఇప్పుడు నాకు అనిపిస్తుంది నేను ఫోన్ చూస్తూనే ఉండాలి, ఖచ్చితంగా ఉండాలి.” కాబట్టి నమ్మకం సంబంధానికి అత్యంత బలమైన స్తంభం అయితే, అది బలహీనపడింది కదా. మీకు అంత అసురక్షిత భావన ఉంటే, అది సంబంధానికి ఆరోగ్యకరమైన సంకేతం కాదు. దీని నుంచి ఏం జరుగుతుంది? తర్వాత పరిణామాలు చెబుతాను. సంబంధంలో తీర్పు ఎక్కువ అవుతుంది.
**(1:54:17)** తీర్పు ఎక్కువ అయితే, ఆ భాగస్వామి సురక్షితంగా అనిపించడు. “ఏ చిన్న విషయాన్నైనా తీసుకుంటారు” అని తెలుసు. ఎందుకంటే మీ దృక్కోణం ఇలా ఉంటే, మీరు ఫోన్ను మాత్రమే అలా చూడరు. అతను/ఆమె ఇంటికి నవ్వుతూ వస్తున్నారు — అప్పుడు కూడా మీరు ఆలోచిస్తారు, “వ్యక్తి నవ్వుతూ ఇంటికి రాలేడు కదా. దీని అర్థం అతని ఆఫీసులో ఏదో జరుగుతోంది” అని. కాబట్టి ఇది ఫోన్పై మాత్రమే ఆగదు. నమూనా మొత్తం జీవితంలో వస్తుంది. అది మరొక వ్యక్తిని చాలా ఉక్కిరిబిక్కిరి చేస్తుంది — అబ్బాయి అయినా, అమ్మాయి అయినా. మీరు సంబంధంలో ఎవరినైనా ఉక్కిరిబిక్కిరి చేస్తుంటే, మీరు కలిసి ఉన్నారు కానీ కలిసి లేరు.
**(1:55:25)** కాబట్టి ఫోన్ చూడటం — ఇది అసురక్షిత భావన రూపం — ఒక నమూనా, ఒక ప్రవర్తన. అలాగే ఇంకా ఎన్నో ప్రవర్తనలు ఉంటాయి — యాజమాన్య భావన, ఏదైనా. ఈ ప్రవర్తనలన్నీ పరిష్కరించబడాలి, చివరికి అవి ఉండకూడదు. అందుకే నేను చెబుతున్నాను — సంబంధాన్ని అంత సాంకేతికంగా చేయకండి. జీవితంలో ఒకసారి జరిగింది అని భయపడకండి — “నాకు అతని ఫోన్ చూడాలని కోరిక వచ్చింది.” అప్పుడప్పుడు జరుగుతుంది. మనం మనుషులం. మీరు చూశారు, ఎదురుచూడి చెప్పారు కూడా — “నాకు ఏదో అనిపించింది, నేను చూశాను.” సరే. కానీ ఇది నమూనా అయితే, పదేపదే జరుగుతుంటే, మీకు నిరంతర తనిఖీ అవసరమైతే, ప్రతి వారం ఒకసారి కూర్చుని ఫోన్ చూడాలనిపిస్తే, మనసులో అనుమానం వస్తూనే ఉంటే — ఇక్కడ నీలో సమస్యా, అతనిలో సమస్యా?
**(1:55:58)** అంటే సంబంధంలో సమస్య ఉంది కదా. ఒక పక్క తక్కువగా పని చేస్తుంటే సమస్య. కాబట్టి సంబంధాన్ని సమతుల్యం చేయండి. సరిచేయండి. సర్వీస్ అవసరం. కారు అలైన్మెంట్ సరిగా లేదు, ఒక టైర్ బలహీనంగా ఉంది. దీని వల్ల సంబంధ ప్రతిజ్ఞ, సంబంధ ఉద్దేశం పలుచబడుతున్నాయి. దీన్ని విస్మరించలేము. “సరే, నేను ప్రతి వారం ఫోన్ చూస్తున్నాను” అని సమర్థించలేము. “నాకు బారుబారు అనుమానం వస్తోంది” అని సమర్థించలేము. జరుగుతుంది, తప్పు. జరుగుతుంది, ఆరోగ్యకరం కాదు. దీన్ని కొద్దికొద్దిగా సరిచేయడం నేర్చుకోవాలి. నేను అనుకుంటున్నాను దీన్ని మీరు ఇచ్చిన సంబంధ నమూనాకు తిరిగి తీసుకెళ్తాను — మూడు Cలు. మీరు అనుసంధానంలో ఉన్నప్పుడు, కమ్యూనికేట్ చేస్తున్నప్పుడు, ఆ అనుసంధానం ఉన్నప్పుడు — మీరు దీన్ని పూర్తిగా పరిష్కరించగలరు.
**(1:56:30)** తప్పకుండా. మనం తరచూ వింటాం — “పెళ్లయ్యాక మనుషులు మారిపోతారు.” మీరు అనుకుంటారా, పెళ్లి మనుషులను మారుస్తుందా, వారు నిజంగా ఎవరో చూపిస్తుందా? [నవ్వు] మంచి ప్రశ్న. పెళ్లి మనుషులను మారుస్తుందా, వారు ఎవరో చూపిస్తుందా? నా వ్యక్తిగత అభిప్రాయం — పెళ్లి మార్చదు, బహిర్గతం చేయదు. పెళ్లి మిమ్మల్ని ఒక కొత్త పరిస్థితిలోకి తీసుకెళ్తుంది. పెళ్లి మిమ్మల్ని ఒక కొత్త కోణం నుంచి ఎదుర్కొల్పుతుంది. ఆ పరిస్థితి లేకుండా మార్పు, బహిర్గతం ఎలా చెబుతాం? మీరు ఇప్పటివరకు స్వతంత్ర జీవితం గడిపారు. మీరు ఇప్పటివరకు పరిమిత సమయం గడిపారు.
**(1:57:09)** ఇప్పుడు “పెళ్లయ్యాక ఎవరైనా మారారు” లేదా “అతని నిజమైన రంగు చూపించాడు” అని చెబుతున్నారు. “అతను ఈ పరిస్థితి గురించి ఎప్పుడూ రిహార్సల్ చేయలేదు. అతను ఎప్పుడూ డ్రై రన్ చేయలేదు. అబ్బాయి కాదు, అమ్మాయి కాదు. వారు కేవలం ఒక కొత్త విషయానికి ఎదురయ్యారు — కలిసి జీవించడం, ప్రతిదీ పంచుకోవడం, ఒకరి జీవితంలో ప్రతి కోణంలో పాల్గొనడం, జీవితాన్ని నిర్మించడంలో కొన్ని బాధ్యతలు. భవిష్యత్ కుటుంబం, పిల్లలు, సంబంధాల సమతౌల్యం గురించి ఆలోచించడం ప్రారంభిస్తారు. ఇద్దరికీ ఇది చాలా కొత్త విషయం. కాబట్టి మార్పు ఎక్కడ నుంచి? ఏ విషయానికి? మరి బహిర్గతం ఏంటి?
**(1:57:45)** మీరు అకస్మాత్తుగా ఏదైనా ఉడికిన నీళ్లలో వేస్తున్నారు. అది ఎప్పుడూ ఉడికిన నీళ్లు చూడలేదు. అప్పుడు అది అర్థం చేసుకోవడానికి సమయం పడుతుంది — నీటి ఉష్ణోగ్రత ఏంటి, దీన్ని ఎలా తనలో కలుపుకోవాలి? కాబట్టి పెళ్లి ఒక కొత్త కోణాన్ని చూపిస్తుంది. నాకు అనిపిస్తుంది ఏదైనా పాత దాచిన కోణాన్ని బహిర్గతం చేయదు, ఏదైనా మార్చదు. పెళ్లి మిమ్మల్ని ఒక కొత్త పరిస్థితిలోకి తీసుకెళ్తుంది. కాబట్టి “పెళ్లయ్యాక మారిపోయాడు” లేదా “పెళ్లయ్యాక నిజమైన రంగు చూపించాడు” అని చెప్పడం తప్పు. దీనికి అది కొత్త ప్రపంచం, వారు కేవలం ఈ పరిస్థితి, ఈ వాతావరణం వారికి ఏం సృష్టిస్తుందో చూపిస్తున్నారు. మాకు జరుగుతుంది, ప్రతి ఒక్కరికీ జరుగుతుంది.
**(1:58:16)** ప్రతి ఒక్కరికీ ఇది అనిపిస్తుంది. కానీ ఇది ఆలోచించడం చాలా ముఖ్యం — “ఇది జీవితంలో చాలా పెద్ద మార్పు. అంత సులభంగా తీర్పు ఇవ్వకూడదు — మారాడు, నిజమైన రంగు చూపించాడు.” కొంతవరకు మీరు చెబుతున్నది సరే — ఒక కోణం బహిర్గతం అవుతుంది, లేదా మార్పు జరుగుతుంది. కొంతవరకు, ఎందుకంటే ముందు మీరు ఒక గంట, రెండు గంటలు కలుసుకునేవారు. ఇప్పుడు మీరు పూర్తి సమయం కలిసి ఉన్నారు. అది అలాగే ఉండదు. అది ఒక కొత్త కోణం. మరి ఈ పరిస్థితి గురించి మీరు ఏం చెబుతారు — ఒక భాగస్వామి పెళ్లికి ముందు చాలా ప్రయత్నం చేస్తారు, పెళ్లి తర్వాత ప్రయత్నాల మొత్తం, శ్రద్ధ, సమయం మారిపోతుంది.
**(1:58:50)** ఇక్కడ సమీకరణం మారింది. ముందు పెళ్లి లేదు, ఇప్పుడు పెళ్లి ఉంది. లేదా ముందు ప్రతిజ్ఞ లేదు, ఇప్పుడు ప్రతిజ్ఞ ఉంది. ముందు వేర్వేరుగా ఉండేవారు, ఇప్పుడు కలిసి ఉన్నారు. కానీ ముందు నాకు అందుతున్న అనుభవం పూర్తిగా మారిపోతే, అది నాకు అంగీకారం కాదు. “ముందు నన్ను ప్రేమించిన ఆ అబ్బాయి, ఆ అమ్మాయి — ఇప్పుడు ఆమె అలాంటి అమ్మాయే కాదు. ముందు ఆమె నన్ను చాలా ప్రేమించేది. ఇప్పుడు ఆమె నన్ను చాలా సాధారణంగా తీసుకుంటోంది. లేదా ముందు ఆమె నన్ను ప్రతి కొన్ని రోజులకు ఆశ్చర్యపరిచేది. ఇప్పుడు అలా చేయదు.” ఇప్పుడు ఇది మారినప్పుడే — “పెళ్లయ్యాక మారిపోయారు” అని చెబుతారు. మారతారు. నిజం.
**(1:59:30)** మనం ఈ పరిస్థితి గురించి మాట్లాడితే — ముందు మనం సాధారణ పరిస్థితి గురించి మాట్లాడాం — “పెళ్లయ్యాక మనుషులు మారతారు” లేదా “వారి నిజమైన కోణం కనిపిస్తుంది.” మనం ఈ పరిస్థితి గురించి మాట్లాడుతున్నాం — “ముందు ఒకరికొకరు చాలా చేసేవారు, అకస్మాత్తుగా ఏం జరిగింది? పెళ్లయ్యాక అంతా పోయింది.” సరైనది కాదు. జరుగుతుంది, సరైనది కాదు. అందుకే మనం ముందు కూడా చర్చించిన విషయం — మీరు ఆ కొత్తదనాన్ని అంతం చేశారు. ఆ స్ఫురణను అంతం చేశారు. ఎందుకంటే ఇప్పుడు ఒక భరోసా ఉంది. కాబట్టి రెండు విషయాలు ఉన్నాయి. ఒకటి — కొత్తదనం ఇప్పుడు పరిచయంతో భర్తీ అవుతుంది. ప్రేమకు ఒక రూపం పరిచయం కూడా. ప్రేమకు ఒక రూపం సౌకర్యం కూడా.
**(2:00:03)** నేను దీన్ని సమర్థించడం లేదు. నేను సమానంగా చెబుతాను — జంట ప్రయత్నం చేస్తూనే ఉండాలి, అన్వేషిస్తూనే ఉండాలి, ఆశ్చర్యపరుస్తూనే ఉండాలి. “మనం ఒకరితో ఒకరం ఆ స్ఫురణను కాపాడుకోవాలి” అనే విషయంపై స్పృహ ఉంచుకోవాలి. మన సంబంధాన్ని ఏదో కారణంతో ప్రారంభించాం. ఏదో కారణంతో ఒకరినొకరు ఎంచుకున్నాం. మా కోసం ప్రపంచంలో అతి పెద్ద సంతోషం — “మనం కలిసి ఉన్నాం” అనేది. మాకు అత్యధిక సంతోషం ఒకరిలో ఒకరికి లభించేది. అప్పుడు లభించవచ్చు. వేరే చోట వెతకాల్సిన అవసరం లేదు. ఈ ఆలోచన తర్వాత ప్రారంభమవుతుంది — “ఇప్పుడు నాకు ఏం చేయాలి? నేను ఏ ప్రయత్నాలు చేయగలను? నేను ఏ చర్యలు తీసుకోగలను?”
**(2:00:38)** బహుశా ముందు నేను ప్రతి వారం పూలు తీసుకువస్తున్నాను. రెండు నెలల తర్వాత గుర్తుకు వచ్చింది. రెండు నెలల తర్వాతే సరే, పూలు తీసుకెళ్లండి. “ఈరోజు నేను ఏం చేయగలను?” అని చేయాలి. పరిచయాన్ని కూడా ఆనందించండి — ఆ కొత్త స్ఫురణ అలాగే ఉండదు. ఇప్పుడు మీ స్థిరత్వం, పరిచయం ముఖ్యం. కానీ దీన్ని సాకుగా మార్చుకోకూడదు — “సరే, అది కొత్తది. ఇప్పుడు మనం పరిచయాన్నే ఆనందిస్తాం, సౌకర్యాన్నే ఆనందిస్తాం.” లేదు. పెళ్లిలో, సంబంధంలో, ప్రేమలో, ప్రియుడు–ప్రియురాలి సంబంధంలో ఎన్ని సంవత్సరాలైనా — ఇద్దరూ ఆ స్ఫురణను జీవంగా ఉంచడానికి ప్రయత్నం చేయాలి.
**(2:01:11)** కాబట్టి సాధారణంగా మనుషులు ఇలా చేయరు, చేయాలి — దీనితో నేను 100% అంగీకరిస్తాను. నాకు అనిపిస్తుంది సమస్య ఏమిటంటే — చాలామంది తమ సంబంధాన్ని పాత్రల వలె పరిగణిస్తారు. మనం అత్యంత అందమైన పాత్రలను అతిథుల కోసం దాచి పెడతాం, మనమే చెడు పాత్రల్లో భోజనం చేస్తాం. అదేవిధంగా మనం ఇతరులకు మన అత్యుత్తమ రూపాన్ని చూపిస్తాం, మాకు అత్యంత దగ్గరి వ్యక్తికి చెత్త రూపాన్ని చూపిస్తాం. కాబట్టి మన కోసం కూడా మనం సిద్ధంగా ఉండాలి, మన కోసం కూడా ఆ ప్రయత్నాలు చేయాలి.
**(2:01:53)** కొంత పరిచయం వస్తుంది, కొంత కొత్తదనం తగ్గుతుంది. దీన్ని మనం మనస్తత్వశాస్త్రంలో “హెడోనిక్ అడాప్షన్” అంటాం. కొత్త విషయం ఎప్పుడూ ఉత్సాహం ఇస్తుంది. అది ఉంటుంది. మనం ప్రతి విషయంలో ఇలా చేస్తాం. కొత్త కారు — ఉత్సాహం ఉంటుంది. కొన్ని నెలల తర్వాత లేదు. కొత్త బూట్లు — ఏదైనా జాగ్రత్తగా చూసుకుంటారు. క్రమంగా — బూట్లు మురికి అవుతున్నాయి, మీకు పట్టించుకోరు. కాబట్టి హెడోనిక్ అడాప్షన్ మన మనసులో, మన మెదడు వైరింగ్లో ఉంది. కానీ అవును, మీరు స్పృహ ఉంచుకుంటే — “సంబంధం నా శాశ్వతం కదా. చివరికి జీవితంలో—
**(2:02:27)** మీరు ఈ విషయాన్ని అర్థం చేసుకుంటే — ఒక చాలా పొడవైన అధ్యయనం జరిగింది. నాకు అనిపిస్తుంది 80 సంవత్సరాలకు పైగా. దాన్ని “సంతోష అధ్యయనం” లేదా “హ్యాపీనెస్ ప్రాజెక్ట్” అంటారు — ప్రపంచంలో మనుషులకు అత్యధిక సంతోషం ఏం ఇస్తుంది? ఇది తరాల అధ్యయనం. దీనిపై చేసిన వ్యక్తుల పిల్లలపై కూడా చేశారు. దాని నిర్ధారణ — సంబంధాలే సంతోషానికి అతి పెద్ద కారణం. మరియు దీన్ని చెప్పినప్పుడు మనం ఇంకో విషయాన్ని కూడా గుర్తు చేసుకోవచ్చు — ఎవరైనా మరణశయ్యపై ఉన్నప్పుడు, తమ కుటుంబానికి—
**(2:02:55)** చుట్టూ ఉన్నవారికి ఇలా అనరు — “నా ఆస్తులను చూసుకోండి. నా ఆ కారు — అంత ఖరీదైన లగ్జరీ కారు నేను కొన్నాను కదా — దానికి సర్వీస్ సమయానికి చేయించండి. మన లాభనష్టాల్లో ఏం జరుగుతోంది? బ్యాలెన్స్ షీట్ ఒకసారి చూపించండి. చనిపోయే ముందు బ్యాలెన్స్ షీట్ చూడాలని ఉంది.” ఎవరూ ఇలా అనరు. చనిపోయే సమయంలో “నా ప్రియమైనవారు నా చుట్టూ ఉన్నారు. నేను ఎంత ప్రేమిస్తున్నానో వ్యక్తపరచగలను. లేనివారు రావాలి, ఒక క్షణం కనిపించాలి.” నిజం వచ్చే సమయం — మరణం వచ్చే సమయం — జీవిత నిజమైన ప్రశ్న ఎదురైనప్పుడు — మీకు సంబంధాలే మాత్రమే ముఖ్యం. కాబట్టి దాని కోసం ప్రయత్నం చేయండి. అర్థం చేసుకోవడానికి ప్రయత్నించండి.
**(2:03:27)** మీరు ఒకరినొకరు ఇప్పుడు ముందు ఎంత సిద్ధంగా చూసేవారో, ఇప్పుడు పైజామాల్లో చూస్తున్నారు. ఇప్పుడు ఇంట్లో నైట్సూట్ బదులు ప్రతిసారి దుస్తులు, టక్సీడోలు ధరించి కూర్చోరు కదా. కానీ తప్పకుండా మనం ఇప్పుడు ఏం కొత్తగా చేయగలం? మనం ఆ స్ఫురణను ఎలా జీవంగా ఉంచగలం? మీరు ఒకరినొకరు బ్రష్ చేస్తూ, వండుతూ చూస్తారు. కానీ “మనం ఇంకా ఏం చేయగలం?” అనే ప్రశ్న ఎప్పుడూ ఉండాలి. మనం వదిలిపెట్టకూడదు. లొంగిపోకూడదు.
**(2:03:57)** మీ పాయింట్కు జోడించడానికి — ఇంకో అధ్యయనం కూడా ఉంది. ఇది ఆరోగ్య పారామితులపై చేసినది. ఆరోగ్యాన్ని నిర్ణయించే అతి పెద్ద పారామితి ఏంటి? అది ఆహారం కాదు, ప్రత్యేక వ్యాయామం కాదు — అది మీ సంబంధాలు. వావ్, ఏం విషయం. మనం ఇది అర్థం చేసుకున్నాం — ఎన్ని సంవత్సరాలైనా ఆ ప్రేమ, ఆ ఉత్సాహాన్ని నిలిపివుంచాలంటే ఎలా చేయాలి. మనం నిజంగా చర్చించాం. కానీ ఈ ప్రయాణంలో ఒక ఘట్టం వస్తుంది — మీ జీవితం కొంత మారుతుంది. ప్రస్తుతం మేము కూడా ఆ దశలోనే ఉన్నాం. ఒక మూడో వ్యక్తి సంభాషణలోకి ప్రవేశిస్తారు—
**(2:04:38)** మరియు [నవ్వు] ఆ వ్యక్తి మీలో భాగం. ఆ వ్యక్తి మీ స్వంత కుటుంబంలో భాగం — మీ పిల్లవాడు. కాబట్టి జంట తల్లిదండ్రులు అయ్యాక ఆ సంబంధాన్ని ఎలా జీవంగా ఉంచగలరు? మొదటి విషయం — ఇద్దరి జీవితంలో ఒక మూడో అతిథి వచ్చారని అంగీకరించండి. ఎవరైనా సంభాషణలోకి ప్రవేశించారు — జీవితం మారుతుంది. ముందు చర్చ ఉండేది — “రోజు ఎలా ఉంది, ఏం జరుగుతోంది, ఎక్కడికి వెళ్లాలి, ఏ సినిమా చూడాలి?” ఇప్పుడు చర్చ — ఇప్పుడు మాకు కూడా జరుగుతోంది — “ఎన్ని డయాపర్లు అయ్యాయి, ఎంత సేపు పాలు ఇచ్చారు, ఎంత నిద్ర పూర్తయింది?” కాబట్టి మీ సంభాషణల్లో ఇంత పెద్ద మార్పు వచ్చింది—
**(2:05:18)** ఎందుకంటే అది అంత పెద్ద మార్పు, అంత పెద్ద ప్రాధాన్యం — మీరు రోజూ చర్చిస్తున్నారు — డయాపర్, మలవిసర్జన, నిద్ర, పాలు ఇవ్వడం, పిల్లవాడు. కాబట్టి సంభాషణలు మారతాయి, ప్రాధాన్యాలు మారతాయి. శారీరక సాన్నిహిత్యం కొంతకాలం మారుతుంది. దూరం వస్తుంది. ఇద్దరి శ్రద్ధ, ఆకర్షణ కేంద్రం మారింది. ఒకరి స్థానంలో మూడో వ్యక్తి వచ్చారు. కాబట్టి మార్పు ఉంది. ఆ మార్పును అంగీకరించండి. ఈ మార్పు నుంచి సంబంధం వెనక్కి వెళ్లకూడదు, నిలిపివుంచాలి లేదా ముందుకు వెళ్లాలి. దీని కోసం ప్రతి జంట కొంత స్పృహతో కూడిన ప్రయత్నం చేయాలి. “సహజంగా సరే, జరుగుతుంది. పిల్లలు పుట్టాక దూరం వస్తుందే” అని అనుకోకండి.
**(2:05:56)** “ఈ బోరింగ్ విషయాలు చేయకండి.” మేము ప్రాక్టీస్ చేసిన, మాకు నిజంగా పనిచేసినది — మాకు “పిల్లవాడి సమయం కాని సమయం” ఉంటుంది. ఉదాహరణకు మా నడక — మేము నడకకి వెళ్తాం, అది మా సమయం. దాన్ని మేము రాజీ చేయలేదు. అది 15 నిమిషాలైనా ఉంటుంది. ఎవరైనా చూసుకోగలరు, కుటుంబంలో అందరూ సహాయం చేస్తారు — అప్పుడు మీకు ఆ సమయం లభిస్తుంది. రెండోది — మేము ఎప్పుడూ చేసేది, గర్భధారణ సమయంలో కూడా చేశాం, ఇప్పుడు కూడా చేస్తున్నాం — మా డేట్స్ ఆగకూడదు. మా కాఫీ డేట్స్ ఉండేవి—
**(2:06:32)** 11 సంవత్సరాలు అయ్యాయి. మా డేట్స్ ఇప్పటికీ కొనసాగుతున్నాయి, పిల్లవాడు వచ్చాక కూడా. వారానికి ఒకసారి జరుగుతుంది, రెండు వారాలకు ఒకసారి జరుగుతుంది — సరే. పౌనఃపున్యం తగ్గినా సరే, అది ఆగకూడదు. కాబట్టి నాకు అనిపిస్తుంది మీరు స్పృహతో కూడిన ప్రయత్నం చేయాలి. పువ్వు వికసించాలంటే నీళ్లు పోస్తూనే ఉండాలి. నీళ్లు పోస్తున్నారు కాదు, కానీ “పువ్వు ఎందుకు వాడిపోతోంది?” అని ఫిర్యాదు చేస్తున్నారు — అప్పుడు నేరుగా ప్రశ్నించండి: “మీరు నీళ్లు పోస్తున్నారా?” పిల్లవాడిని పెంచాలంటే చాలా ప్రయత్నాలు చేయాలి. కానీ సంబంధాన్ని కూడా పెంచాలంటే—
**(2:07:02)** కొంత ప్రయత్నం దాని కోసం కూడా చేయాలి. తేడా ఏమిటంటే — మీరు ఒకరినొకరం అంత అర్థం చేసుకున్నారు, కొంత ప్రయత్నంతో కూడా సంబంధం నడుస్తుంది. ఇప్పుడు పిల్లవాడి కోసం ఎక్కువ ప్రయత్నం చేయండి. ఇప్పుడు సమతౌల్యం చేస్తారు, గరిష్ఠంగా అతనికి ఇవ్వండి. కానీ కొంత సమయం మాత్రం మీ కోసం ఖచ్చితంగా ఇవ్వండి. “మనం అప్పుడప్పుడు ప్రయత్నం చేయాలి, ఈ సంబంధం కోసం మనం ఏం చేయగలం?” అని చెప్పారు. ఒక సంబంధం సంతోషంగా ఉండగలదా? ఉత్సాహం లేకుండా ఒక జంట సంతోషంగా ఉండగలదా? ఉత్సాహం, సంతోషం రెండు వేర్వేరు విషయాలు.
**(2:07:34)** ఎవరైనా ఒక ప్రయాణానికి వెళ్లారు. ప్రయాణం చాలా ఉత్సాహభరితమైన విషయం. ఇంటి నుంచి బయలుదేరారు, విమానం, రైలు, బస్సు ఎక్కారు, దారిలో నది చూశారు, కొండ ప్రాంతానికి చేరారు, పైకి కాశ్మీర్ చేరారు. కాశ్మీర్లో శ్రీనగర్, డల్ సరస్సు — పూర్తిగా ఆనందిస్తున్నారు. అది ఉత్సాహం. కొన్ని రోజులే ఉంటుంది. ఐదు–ఆరు రోజుల తర్వాత ఏం జరుగుతుంది? ఇప్పుడు ఇంటికి వెళ్లాలని అనిపిస్తుంది. ఇంటికి వచ్చినప్పుడు ఏ అనుభూతి వస్తుంది? “నా పడక.” ఇంటి అంటే ఇల్లే. ప్రయాణం నుంచి తిరిగి వచ్చినప్పుడల్లా మనం పడక దగ్గరికి వెళ్లి “ఈ చోటులా ఎటువంటి చోటు లేదు” అంటాం. ఆ పడక, ఆ ప్లేట్, ఆ డైనింగ్ — అది ఉత్సాహం కాదు, ప్రశాంతత, సౌకర్యం—
**(2:08:10)** అది ఇల్లు. సరే? ఈ విషయాన్ని సంబంధంలో అర్థం చేసుకుంటే — ఉత్సాహం, సంతోషం రెండు వేర్వేరు విషయాలు. ప్రారంభంలో ఉత్సాహభరితమైన దశ చాలా ఎక్కువ ఉంటుంది. ఒకరినొకరం అన్వేషించడం, తెలుసుకోవడం — అది ఉత్సాహం. ఉత్సాహం ఎప్పుడూ ఉండదు. మీరు కొంత ఒకరికొకరం దగ్గరవుతారు, తెలుసుకుంటారు — అప్పుడు ఆ ప్రయాణానికి ఇప్పుడు “ఇల్లు” అనే అనుభూతి కావాలి. ఇప్పుడు అర్థం చేసుకుందాం — ఉత్సాహం ఒక శిఖరం. ఉత్సాహం తాత్కాలిక భావోద్వేగ శిఖరం. కానీ సంతోషం ఒక స్థితి. ప్రశాంతత స్థితి, ఆనంద స్థితి, “అంతా బాగుంది” అనే స్థితి, “ఇది నా ప్రపంచం” అనే స్థితి. మనం—
**(2:08:52)** కలిసి ఉన్నాం, బాగుంటోంది. సరే? బాగుంటోంది. మీరు ఎప్పుడూ ఉత్సాహంలో ఉండలేరు. ఒక వ్యక్తి, ఒక సంబంధం ఎప్పుడూ ఉత్సాహంలో ఉండగలదా? “వావ్” — అది జరగదు. మీ సంబంధం 30 సంవత్సరాలు, 20 సంవత్సరాలు, 10 సంవత్సరాలు ఉత్సాహంతో నడుస్తుందా? లేదు, అది సంతోషంతో నడుస్తుంది. ఉత్సాహం వస్తూ పోతూ ఉంటుంది. కానీ నాకు అనిపిస్తుంది సంతోషం మనం వెతకాల్సినది. సంతోషం మనం దారి పట్టించాల్సినది. పుట్టినరోజు వేడుకకి వెళ్తే ఉత్సాహం ఉంటుంది. కానీ అది ఒక సమయం — వేడుక సమయం. కానీ మీ గదిలోకి వచ్చి లభించే ఆనందం — అది సంతోషం. సంతోషం ఏంటి?
**(2:09:28)** సంతోషం చాలాసార్లు మనుషులు “అనుభూతి” అని అనుకుంటారు. కొన్నిసార్లు “భావోద్వేగం” అని అనుకుంటారు. సంతోషం కేవలం అనుభూతి కాదు, కేవలం భావోద్వేగం కాదు. సంతోషం ఒక భావన. మీరు దాని గురించి స్పృహ ఉంచాలి, అర్థం చేసుకోవాలి, క్రమంగా జీవితంలో జోడించాలి. కొద్దికొద్దిగా దాన్ని ఎక్కువ అర్థం చేసుకుంటున్నప్పుడు బాగుంటుంది, మీరు దాన్ని ఎంత అర్థం చేసుకుంటే అంత వాస్తవానికి సంతోషాన్ని పొందుతారు. అర్థం చేసుకోవడమే సంతోషానికి చేరే మార్గం. ఉత్సాహం, సంతోషం మధ్య ముఖ్యమైనది — ఎప్పుడూ గరిష్ఠ ఉత్సాహం కాదు, ఒక స్థిరత్వం—
**(2:10:04)** ఒక ప్రశాంతత, ఒక ఆనందం — అదే సంతోషం. “నా జీవితంలో కొన్ని విషయాలు తప్పుగా జరుగుతున్నాయి, నాకు పట్టించుకోను” — అది జరగదు. నాకు పట్టించుకుంటున్నాను, కానీ నేను నా పనిని నిర్వహించగలగడం — అది సంతోషం. కాబట్టి అది ఎప్పుడూ నవ్వడం, నవ్వడం మాత్రమే కాదు. అది మనస్థితి కూడా. సరే? అది ఒక భావన — కొద్దికొద్దిగా దాన్ని స్వీకరిస్తూ, తెరుస్తూ ఉండాలి. సంబంధంలో ఉత్సాహం ఎప్పుడూ ఉండదు. సంబంధంలో సంతోషం ఎప్పుడూ ఉండాలి. మాకు గొడవలు జరుగుతున్నాయి, జరుగుతాయి. నేను గొడవలను పరిష్కరించగలను. మనం ఇద్దరం ఒకరినొకరం అర్థం చేసుకోగలం. 2018 కంటే—
**(2:10:41)** 2020లో మా కమ్యూనికేషన్ మెరుగైంది. 2025 కంటే 2027లో ఉంది. మనం పెరుగుతున్నాం, పరిణామం చెందుతున్నాం. మన వాదనలను మెరుగ్గా నిర్వహించగలం. మా భావోద్వేగ నియంత్రణ మెరుగైంది. ఒకరినొకరం ఎదుర్కోవడంలో మా విధానం మెరుగైంది. ఈ అంశాలే సంతోషాన్ని పెంచేవి. ఉత్సాహం — ఏ జంటలోనైనా గొడవలు, సమస్యలు ఉన్నప్పటికీ వస్తుంది. జంట గొడవపడుతూనే ఉంటుంది. కానీ చివరికి వారు చాలా డబ్బు ఆదా చేసి, బయటకు వెళ్లి కొత్త కారు కొన్నారు. వారు ఇంటికి అద్భుతమైన కారు తీసుకువచ్చారు. ఇప్పుడు ఆ సమయంలో వారి గొడవలు పక్కన పెట్టి ఉన్నాయి. ఇప్పుడు ఇద్దరూ సంతోషంగా ఉన్నారు—
**(2:11:20)** షోరూమ్ నుంచి నవ్వుతూ ఇంటికి వచ్చారు. సోషల్ మీడియాలో ఫోటోలు పెడుతున్నారు. బంధువులకు స్వీట్లు పంచుతున్నారు — ఎందుకంటే అది బహుశా వారి కలల కారు, వారు అలా చేస్తున్నారు. 10–12 రోజులు డ్రైవ్పై వెళ్తున్నప్పుడు, కొద్దికొద్దిగా అవే గొడవలు తిరిగి వస్తాయి. కాబట్టి సంతోషం మరింత ముఖ్యం. ఉత్సాహం వస్తూ పోతూ ఉంటుంది. మనం సంతోషాన్ని అర్థం చేస్తూనే ఉంటే, ఈ భావనను అన్వేషిస్తూనే ఉంటే — మనం మనుషులుగా కూడా పెరుగుతాం. మా సంబంధం కూడా పెరుగుతుంది. మనం వ్యక్తులుగా జీవితంలో మిగిలిన రంగాల్లో కూడా పెరుగుతాం. ఎందుకంటే దుఃఖిత మనసు జీవితంలో మంచి—
**(2:11:51)** ఫలితాలను సృష్టించలేదు. సంతోషకరమైన మనసు జీవితంలో మంచి ఫలితాలను సృష్టించగలదు. నిజం, నిజం. సంతోషకరమైన మనసు నిర్మాణాత్మక మనసు. దుఃఖిత మనసు విధ్వంసక మనసు. దీనికి నేను చాలా ముఖ్యమైన విషయాన్ని జోడించాలని అనుకుంటున్నాను. నేను ఇది చెప్పాలి. నాకు సంబంధంలో సంతోషం అంటే ఏం అర్థం? పిచ్చితనం. ఒకరితో ఒకరం పిచ్చిగా ఉండటం. పిచ్చి అంటే — మీ ఇద్దరినీ ఎవరూ అర్థం చేసుకోలేరు. మీ ఇద్దరి మధ్య ఉన్న సమీకరణాన్ని మూడో వ్యక్తి అస్సలు అర్థం చేసుకోలేడు. అది మీరు ఒకరికొకరం చేసే చిన్న చిన్న సూచనలు కావచ్చు—
**(2:12:23)** మీరు ఒకరికొకరం చేసే కొన్ని వెర్రి వెధవ పిచ్చి పనులు. మీరు ఒకరినొకరం వెక్కిలిస్తారు. ఏదైనా పిచ్చి పని చేస్తారు — బహుశా గోప్యంగా, లేదా పదిమంది కూర్చున్న ఒకే గదిలో కళ్లలో కళ్లలో మీ మధ్య ఆ మాట జరిగిపోతుంది. ఎవరూ దాన్ని అర్థం చేసుకోలేరు. మీకు ఆ సమీకరణం ఉంటే — ఈ ప్రపంచంలో అంతా సంతోషం మీ సొంతం. ఆ స్ఫురణ జీవంగా ఉంటుంది, మీ సంబంధంపై ఎవరూ దృష్టి పడలేరు. అవును, అవును. 100% అంగీకరిస్తాను. మళ్ళీ నాకు అనిపిస్తుంది — మనం మాట్లాడుతున్నాం కాబట్టి మన మాట తప్పకుండా చెప్పాలి. నాకు అనిపిస్తుంది నేను చాలా గర్వంగా అనుకుంటున్నాను—
**(2:12:59)** మీరు కూడా అనుకుంటారని నాకు ఖచ్చితం — మనం ఒక సంబంధంలో ఉన్నాం, అక్కడ మనం కలిసి పెరుగుతున్నాం, వేరుగా పెరగడం లేదు. ఈ 11 సంవత్సరాల్లో మనం కలిసి పెరిగాం. ఈ సంబంధం కోసం నేను చాలా అదృష్టవంతురాలిని అని అనిపిస్తుంది. నేను ఎప్పుడూ చెప్పేది — “ఇంతకంటే మంచిది నా జీవితంలో ఉండకపోవచ్చు” అని. కాబట్టి నాకు అనిపిస్తుంది ఆ పిచ్చితనం మాకు అతి పెద్ద కారణం — మా కొన్ని ప్రవర్తనలు ఎవరికీ అర్థం కావు, మా కొన్ని మాటలు ఎవరికీ అర్థం కావు. మా గదిలో ఎవరైనా CCTV పెట్టితే — “వీళ్లు ఏ విషయాలపై నవ్వుతూనే ఉంటారు—
**(2:13:34)** వీళ్లకు ఏదైనా ఆచారమా? వీళ్ల పిచ్చితనమా?” అని అనుకుంటారు. కానీ వారు ఆ పిచ్చితనాన్ని కాపాడుకుంటున్నారు — అది చాలా ముఖ్యం. మనం చేసే వెర్రి నాట్యాలు. పాత కాలంలో స్కూటర్కి కిక్ ఉండేది కదా — కిక్ కొడితే స్కూటర్ నడుస్తుంది. మనల్లో ఒకరు కిక్ కొడితే — మనం 10 నిమిషాలు నడుస్తూనే ఉంటాం, ఏ ప్రపంచంలో ఉన్నామో తెలియదు. ఆ కిక్స్ ఒకరికొకరం తెలుసు. మనం “ఏంటి ఇది, ఏం పిచ్చితనం” అని ప్రశ్నించము. అంటే మనల్లో ఒకరు ప్రేరేపిస్తున్నారు, ఏదో పిచ్చితనం జరుగుతోంది. మరిన్ని వివరాలు ఇక్కడ చెప్పను [నవ్వు] — ఈ ప్రపంచంలో కొంత మంచిది మాకు ఉండనివ్వండి. మనలో—
**(2:14:10)** ఒక పిల్లవాడు ఉన్నాడు, అతన్ని పిల్లవాడిగానే ఉండనివ్వండి. కాబట్టి, ప్రేమ, సంబంధాల గురించి ఈ అద్భుతమైన సంభాషణ తర్వాత — మాకు ఈ ఉత్సాహభరితమైన విభాగం ఉంది, అది “రాపిడ్ ఫైర్” విభాగం. నేను కొన్ని త్వరిత ప్రశ్నలు అడుగుతాను, మొదట మీకు గుర్తుకు వచ్చేది చెప్పండి. “విరుద్ధాలు ఆకర్షిస్తాయి” — మీరు అనుకుంటారా అది నిజమా? “ప్రారంభంలో విరుద్ధాలు ఆకర్షిస్తాయి, తర్వాత విరుద్ధాలు దాడి చేస్తాయి.” [నవ్వు] “జంటకు మీరు ఇచ్చే అత్యంత చెడ్డ సలహా ఏమిటి?” — “మీకు కావాల్సినది చెప్పకండి, వారు ఊహించనివ్వండి.” “మీ ప్రకారం అత్యంత తక్కువగా అంచనా వేయబడిన ప్రేమ భాష ఏమిటి?” — “రోజూ ఆలింగనం, ఆ రోజూ స్పర్శ, చేతులు పట్టుకోవడం—
**(2:14:49)** అది క్రమంగా తక్కువగా అంచనా వేయబడుతుందని నాకు అనిపిస్తుంది.” “ప్రేమ పేరుతో మనుషులు ఎప్పుడూ సహించకూడని ఒక విషయం?” — “స్వాతంత్ర్యం. పూర్తి నియంత్రణ. ‘నేను ఆ వ్యక్తిని ప్రేమిస్తున్నాను, నేను ఆ వ్యక్తిని నియంత్రిస్తాను.’ ప్రతి ఒక్కరూ వ్యక్తి. ప్రతి ఒక్కరికీ వారి స్వంత జీవితం ఉంది. ప్రేమ పేరుతో ఒకరు మరొకరి పూర్తి జీవితాన్ని నియంత్రిస్తే, వారి ఏకైక జీవితం ఒకరి లెక్కల్లో నడిస్తే — అది ప్రేమ కాదు, అది బానిసత్వం.” “సరే, సరిహద్దు నిర్ణయించడం, నియంత్రణ ఉండటం మధ్య తేడా ఏంటి?” — “సరిహద్దు నిర్ణయించడం స్వయంగా చూపిస్తుంది — కమ్యూనికేషన్ ఉంది, కమ్యూనికేట్ అయింది. అది ఒక సరిహద్దు. ఇద్దరు మనుషులు—
**(2:15:24)** ఒకరితో ఒకరం సంభాషణ చేశారు, మాట్లాడారు, అది ఏర్పడింది. నియంత్రణ ఏమిటంటే — ఎంపిక ఇవ్వకపోవడం. ‘ఇది జరుగుతుంది, ఇలాగే జరుగుతుంది, ఇలాగే చేయాలి.’ సరిహద్దు నిర్ణయించబడుతుంది, నియంత్రణ స్థాపించబడుతుంది.” “చాలామంది తెలిసినా ఆరోగ్యకరం కాని సంబంధంలోనే ఉండటం ఎందుకు కొనసాగిస్తారని మీరు అనుకుంటారు?” — “మన మెదడు సంతోషానికి రూపొందించబడలేదు, సౌకర్యానికి రూపొందించబడింది. దానికి సౌకర్యం కావాలి, పరిచయం కావాలి. ఉన్నది అలాగే ఉండటం సరే. మనం దాని నుంచి బయటకు రావడం లేదు, ఆ అలవాటులో జీవించడం ప్రారంభిస్తాం.” “కేవలం ఒంటరిగా అనిపించడం వల్ల—
**(2:16:05)** సంబంధంలోకి ప్రవేశించడం సరేనా?” — “ఆదర్శవంతంగా కాదు. ఎందుకంటే అప్పుడు మీరు ఆ సంబంధాన్ని ఒక పారిపోయే మార్గంగా మార్చుకున్నారు. సంబంధం చాలా పెద్ద విషయం. అది పారిపోయే మార్గం కాకూడదు. మీరు ఒక అవసరం, కోరికతో సంబంధంలోకి వెళ్లారు. లోపలికి వెళ్లగానే అది తృప్తి చెందింది. ఇప్పుడు మీకు మిగిలిన నిజాలు, వాస్తవాలు కనిపిస్తాయి. మీరు సిద్ధం కాని విషయాలు. మీరు సంబంధానికి సిద్ధం కాలేదు. మీరు కేవలం పారిపోయే మార్గం వెతుకుతున్నారు. మీకు స్వప్రేమ ఉంది, స్వకరుణ ఉంది — అప్పుడు మీరు సంబంధంలోకి వెళ్తే ప్రేమను ఇవ్వగలరు, కరుణను ఇవ్వగలరు. మీరు ఇప్పటికే ఖాళీగా వెళ్తున్నారు—
**(2:16:41)** మీరు ఒంటరిగా అనిపిస్తున్నారు, ఖాళీగా అనిపిస్తున్నారు — అప్పుడు మీరు సంబంధంలోకి వెళ్లి ఏమీ ఇవ్వలేరు. మీకు ఇవ్వడానికి ఏమీ లేదు. కాబట్టి మొదట మీ ఒంటరితనాన్ని ఏకాంతంగా మార్చుకోండి. మీ ఒంటరితనాన్ని మొదట బలహీనత నుంచి బలంగా మార్చుకోండి. “నేను నాతోనే సంతోషంగా ఉండగలను. నా సంస్థలో నేను సరే. నేను ఇలా ఉండాల్సి వస్తే కూడా నేను సరే. ఇప్పుడు నేను నా జీవితాన్ని పెంచుకోవడానికి సంబంధంలోకి వెళ్తున్నాను.” “ఎవరైనా ఆ ఖాళీని పూరించడానికి — ఎవరితోనో గంటలు మాట్లాడటం, తమ జీవితాన్ని, అంతా పంచుకోవడం — వారు తమను తాము నయం చేసుకోకముందే, ఆత్మపరిశీలన, పునశ్చరణ చేసుకోకముందే—
**(2:17:21)** కొత్త సంబంధంలోకి ప్రవేశిస్తారు. దీని గురించి మీరు ఏం అనుకుంటారు? ఇది కూడా పారిపోయే మార్గమా? ఇది సరేనా?” — “మనిషి స్వభావం — తక్షణ తృప్తి కావాలి. సులభమైన విషయాలు త్వరగా అర్థం అవుతాయి — విడిపోయిన వ్యక్తికి మాత్రమే కాదు, ప్రతి ఒక్కరికీ. కాబట్టి మెదడు సులభమైన దారి వెతుకుతుంది. ‘ఇప్పుడు ఎవరితోనో మాట్లాడతాను, అది మెరుగు’ — ఎందుకంటే తన బాధతో జీవించడం కష్టం. కాబట్టి నేను ‘మాట్లాడకండి’ అనను. ‘కొత్త సంబంధంలోకి వెళ్లకండి’ అనను. కానీ అవును, నేను చెప్పినట్లు — ‘నేను ఈ బాధను మెరుగ్గా నిర్వహిస్తున్నానా? నేను నాకు ఆ సమయం ఇచ్చానా? నేను నయం కోసం—
**(2:17:52)** ప్రయత్నం చేస్తున్నానా?’ సరే? ‘నేను సంబంధంలోకి అడుగుపెడుతున్నాను, కానీ గతం నుంచి ఏమీ నేర్చుకోలేదు. నన్ను మెరుగ్గా అర్థం చేసుకోలేదు. కనీసం కొంత సమయం ఒంటరిగా ఉండడం నేర్చుకోలేదు. కొత్త స్నేహాలు, అనుబంధాలు, అభిరుచులు ఏర్పరచుకోవడం నేర్చుకోలేదు.’ బహుశా అది సులభం కాబట్టి నేను చేశాను. ఎవరైనా కొత్త సంబంధంలోకి వెళ్లారు. పూర్తిగా విడిపోయారు. ‘నాకు అది జరలేదు. తప్పు చేశాను’ — వారు సులభమైన దారిని ఎంచుకున్నారు. కానీ అవును, మీరు మిమ్మల్ని మీరు మెరుగ్గా నయం చేసుకోగలరు, మరింత పరిణతి చెందగలరు — ఆ ఎంపిక మీ మేలే. ఈ వాక్యాన్ని పూర్తి చేయండి — ‘ఒక—
**(2:18:25)** సంబంధం లేకుండా నిలవదు.’ — “ఒక సంబంధం అనుసంధానం, కమ్యూనికేషన్, ప్రతిజ్ఞ లేకుండా నిలవదు.” నాకు అనిపిస్తుంది మనం దీన్ని అంతా చర్చించాం. సంబంధాల గురించి అంతా చర్చించాం — అత్యంత ఎత్తుల నుంచి, అత్యంత లోతుల వరకు. నిజంగా — ఈ అంతా మన సొంత భర్తతో మాట్లాడడం — చాలా [నవ్వు] వేరే అనుభూతి. నాకు అనిపిస్తుంది మనం ఇద్దరం కలిసి కూర్చుని ఈ పాడ్కాస్ట్ చూడాలి — అది విడుదలైన తర్వాత. కానీ అది అందంగా ఉంది, అర్థవంతంగా ఉంది, అద్భుతంగా ఉంది. నేను ఎప్పుడూ భార్యగా ఈ ప్రేమను అనుభవించాను. కానీ ఈరోజు ఈ సెటప్లో మీ ఆలోచనలు విని—
**(2:19:09)** నాకు మరింత స్పష్టత వచ్చింది. “మీరు మా సంబంధాన్ని ఎలా నిర్వహిస్తున్నారో” నాకు అర్థమైంది. అది అందంగా ఉంది. తర్వాత మీరు ఏదైనా చేసినప్పుడు, నాకు దాని వెనుక ఉన్న శాస్త్రం తెలుస్తుంది. అన్ని పేజీలు తెరుచుకున్నాయి. అన్ని పేజీలు తెరుచుకున్నాయి. [నవ్వు] ఈరోజు ఈ ఎపిసోడ్ ఉద్దేశం అదే — ప్రారంభంలో నేను చెప్పినది ఏమీ కాదు. కానీ నేను నిజంగానే ఆశిస్తున్నాను — మీరంతా దీన్ని చూడటం, వినడం ఆనందించి ఉండాలి మాత్రమే కాదు, దీన్ని నిజంగా అర్థవంతంగా కనుగొని ఉండాలి. దీన్ని విన్న తర్వాత మీ సంబంధంలో మెరుగుదలలు వస్తాయి — మీరు వాటిని ఎలా ఎదుర్కొంటారు, ఈ సంబంధంలో మీకు ఎలా అనిపిస్తుంది—
**(2:19:45)** అదే నా ఆశ. మరియు మీరు కామెంట్లలో మాకు తెలియజేయాలని కూడా అభ్యర్థిస్తాను — “మీ అతి పెద్ద నేర్చుకోవడం ఏంటి? నిజంగా మీ మనసును తెరిచిన విషయం ఏంటి?” మరియు చాలా ధన్యవాదాలు హిమేష్. “స్వాగతం, అందమైన ప్రశ్న.” మరియు ముగించే ముందు ఒక విషయం చెప్పాలని అనుకున్నాను — “నిన్ను ప్రేమిస్తున్నాను.” — “నిన్ను కూడా ప్రేమిస్తున్నాను.” [నవ్వు]
Transcript:
(00:00) व्हाई डू वी इग्नोर ऑल द रेड फ्लैग्स स्पेशली इन द बिगिनिंग ऑफ़ अ रिलेशनशिप? बहुत बार जब हम किसी के साथ अट्रैक्टेड होते हैं ना, तो हम उन रेड फ्लैग्स के ऊपर ग्रीन पेंट कर देते हैं। कोई नहीं मैं धीरे-धीरे ठीक कर लूंगी। धीरे-धीरे ठीक कर लूंगा। ये फ्यूचर में ठीक हो जाएगा। और जब नहीं होता तो शादियां टूटती है। वन थिंग व्हिच पीपल शुड नेवर टोलरेट इन द नेम ऑफ़ लव। ऑटोनोमी, फुल कंट्रोल। आई लव द पर्सन। आई विल कंट्रोल द पर्सन। वो प्यार वो गुलामी। व्हाट इज लव फॉर? लव की डेफिनेशन एज एंड स्टेज के साथ बदलती है। उसका एक रिप्लाई दिन बना रहा है। उसने
(00:35) देख लिया यही एक स्पार्क क्रिएट कर रहा है। इस भागते दुनिया में एक पॉज है लव। वेरिएबल्स की दुनिया में यह कांस्टेंट है एक। वो एक सुबह की चाय प्यार है। वो शाम की वॉक प्यार है। शेयरर्ड एक्सपीरियंसेस प्यार है। इतनी बड़ी फीलिंग को मैं एक लाइन में कैद नहीं करना चाहता। डू यू थिंक लव [संगीत] इज इनफ टू सस्टेन अ रिलेशनशिप? नहीं। लव इज नॉट इनफ। प्यार करना और प्यार निभाना दोनों अलग चीज है। प्यार कर तो कोई भी सकता है। प्यार निभा हर कोई नहीं सकता। आप राइट [संगीत] पार्टनर ढूंढते हो। आप राइट पार्टनर हो। इज देयर एनी फार्मूला फॉर अ हेल्दी
(01:12) रिलेशनशिप? देयर आर थ्री सीस फॉर अ रिलेशनशिप। कनेक्ट कम्युनिकेशन। बट अगर थर्ड सी नहीं है तो आप गिव अप मार जाते हो। शुड पार्टनर्स टेल एवरीथिंग टू ईच अदर? फिल्मी आंसर? यस। प्रैक्टिकल आंसर। नो। प्राइवेसी? और सीक्रेसी। दो अलग चीजें हैं। व्हिच अकॉर्डिंग टू यू इज वर्स? इमोशनल चीटिंग और फिजिकल चीटिंग? इज इट ओके टू चेक योर पार्टनर्स फोन विदाउट लेटिंग देम नो अबाउट इट? किसी एक पार्टनर की प्रायोरिटी अभी भी उसके दोस्त ज्यादा है या उसकी फैमिली ज्यादा है या उसका काम ज्यादा है, तो क्या वो रिलेशनशिप सस्टेन कर सकता है? डस मैरिज चेंज पीपल? और डस इट
(01:52) शो हु दे रियली आर? एक ब्यूटीफुल, लविंग, स्ट्रांग और मैच्योर रिलेशनशिप ना कभी भी बाय डिफॉल्ट एक्सिस्ट नहीं करता। इसे हमेशा बनाया जाता है मेहनत से, टाइम से, पेशेंस से। बिकॉज़ इफ लव इज अ फीलिंग देन रिलेशनशिप इज अ स्किल व्हिच इज लर्नड। यह वर्ड्स मेरे नहीं है। यह वर्ड्स हमारे आज के गेस्ट के हैं। हिमेश मदान हु इज कंट्रीब्यूटिंग टू पीपल्स लाइफ सिंस पास्ट 15 इयर्स। जो लोग इस चैनल पर पहली बार आए हैं, मैं आपको दो चीजें बताना चाहूंगी। फर्स्ट आवर टुडेेस गेस्ट इज आल्सो माय हस्बैंड एंड वी आर इन अ मैरिड रिलेशनशिप फॉर लास्ट 11
(02:31) इयर्स। सो आज के इस कन्वर्सेशन में हम आपके साथ अपने पर्सनल एक्सपीरियंसेस और लर्निंग्स भी शेयर करेंगे। एंड सेकंडली सिंस यू आर न्यू टू दिस चैनल प्लीज डू नॉट फॉरगेट टू सब्सक्राइब क्योंकि हम इस चैनल पे इस तरह की मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस लेकर आते रहते हैं। दिस इज बेसिकली द टाइम जब सिंगल लोगों की पापुलेशन सबसे ज्यादा है इन द हिस्ट्री ऑफ मैनकाइंड दिस इज द टाइम जब सिंगल लोग सबसे ज्यादा एक्सिस्ट करते हैं। एंड व्हेन आई से सिंगल डजंट मीन कि वो अनमैरिड हैं। बट आई मीन कि वो लोग किसी भी तरह के कमिटमेंट्स में नहीं जाना चाहते। सो वी आर
(03:14) लिविंग इन दैट एज। इस ऐज में भी राहुल और अंजलि वाला प्यार रिलेशनशिप चाहें तो क्या वह पॉसिबल है? सो दैट्स बेसिकली द सिंपल एजेंडा ऑफ़ टुडे। बट बिफोर दैट ना मैं कुछ भी आपसे क्वेश्चन पूछूं आई फर्स्ट वांट टू नो अकॉर्डिंग टू यू व्हाट डू मैन रियली वांट दैट वीमेन ऑफन डोंट अंडरस्टैंड? मैं अपने हिसाब से कह सकता हूं और अपने आसपास के मैन जब डिस्कशन होती है जितना मैंने समझा है उसके हिसाब से कह सकता हूं। एक वर्ड जो मैन जनरली बोलते हैं व्हाट दे वांट इन अ रिलेशन इज रिस्पेक्ट राइट? मैन के लिए रिस्पेक्ट ही एक बहुत बड़ा फॉर्म ऑफ लव है। आई थिंक मैन
(03:56) जनरली अगर हम देखें कि कैसे रेज हुए हैं। राइट? ओवर द टाइम एंड जनरेशनली। तो कहीं ना कहीं ब्रेन में एक कंडीशनिंग एक कोडिंग बनी हुई है कि मैन के लिए सेल्फ रिस्पेक्ट बड़ी इंपॉर्टेंट रही है। खुददारी बड़ी इंपॉर्टेंट रही है। राइट? जब वो बहुत प्रिमिटिव टाइम पे चले जाएं तो मैन लड़ने जा रहा है। जानवर को मार के आ रहा है। तो उस टाइम उसको ट्राइब से अपने काबिले से क्या चाहिए? एक इज्जत कि हां भाई मार के आया है। एक वैलिडेशन, एक एकनॉलेजमेंट। तो ये हमारे ब्रेन में प्रोबेब्ली कोडेड है। चाहे वो दोनों कमा रहे हैं। लेकिन रिस्पेक्ट वाला फैक्टर
(04:27) उसको जरूर चाहिए साथ में कि हां भाई मेरी एफर्ट्स, मेरी मेहनत मेरे रिलेशन के लिए जो इनपुट्स हैं उनको रिस्पेक्ट मिले। मैन अपनी वनरेबल साइट शो नहीं करते। राइट? अगेन कंडीशनिंग मर्द रोता नहीं है। मैन कैन नॉट क्राई बेस्ट ऑफ फ्रेंड्स कि लाइफ में बड़े से बड़े टर्बुलेंट टाइम चल रहे होते हैं। पर फोन पे जब हम बात करते हैं तो एक ही जवाब होता है। सब ठीक है। दे आर नॉट एक्सप्रेसिव। दे डोंट शेयर। राइट? दे डोंट गेट टू शेयर देयर फीलिंग्स। दे डोंट नो हाउ टू शेयर देयर फीलिंग्स। दे डोंट नो हाउ टू इमोशनली एक्सप्रेस देयर फीलिंग्स। इट मींस कितना कुछ अंदर है जो
(05:01) कभी एक्सप्रेस नहीं होता। तो शायद रिलेशन में दूसरी चीज जो एक मैन को चाहिए वह है इमोशनल सेफ्टी। क्योंकि उनको यह मांगनी नहीं आती। उनको ये एक्सप्रेस करनी नहीं आती। उनको यह बताना नहीं आता कि मेरे को एक ऐसी स्पेस चाहिए जहां पे मैं अपने इमोशनल फिल्टर्स ना लगाऊं। ओके। जहां पे मुझे जज ना किया जाए। जहां पे मैं मेरी आंखों में अगर आंसू भी आए तो वो एक्सेप्ट होंगे। जज नहीं किया जाएगा मुझे। ये स्पेस में मुझे यह नहीं कहा जाएगा कि तू लड़का है तू रो कैसे सकता है? तू दुखी नहीं हो सकता। तू क्या नाटक कर रहा है। यह सब यहां नहीं सुनने को मिलेगा।
(05:34) उन्हें अगर ऐसा कंपैटिबल पार्टनर मिल जाए जो उन्हें वो शोल्डर दे सकता है। विल दे रियली यूज दैट स्पेस? वो ना ओवर द टाइम छोटे-छोटे एक्सपोज़र छोटे-छोटे इंसिडेंट से ही बिल्ड होगा। सो जो मैंने वर्ड बोला ना रिस्पेक्ट दिस इज डिस्कस्ड। ये डिस्कस होता है मैन में। जो मैंने बोला ना इमोशनल स्पेस ये नहीं होता। ये दिस इज समथिंग जो मेरी पढ़ाई, मेरी स्टडी, मेरे एक्सपीरियंस, क्लाइंट्स के साथ डील करके मैंने समझा है कि मेन को चाहिए। दे डोंट इवन नो कि उनको चाहिए। रिस्पेक्ट इज समथिंग वो बोलते हैं उनको चाहिए। इमोशनल सेफ्टी बोलते नहीं है। जब
(06:10) हम अंदर घुसते हैं वन टू वन कन्वर्सेशंस में जब वन टू वन किसी को मैं काउंसिल कर रहा हूं तब समझ आता है कि मैन नीड इमोशनल स्पेस। बिकॉज़ उनका इमोशनल एक्सप्रेशन कहीं नहीं हो रहा। दे हैव टू स्टार्ट ओपनिंग अप छोटे-छोटे एक्सपोज़र से। छोटी-छोटी चीजों से। वहां पे अगर उनको वो शोल्डर मिलता है दे विल गेट मोर कंफर्टेबल। सो आई विल आल्सो टेल यू व्हाट इन माय ओपिनियन वीमेन वांट व्हिच यूजुअली मेन डोंट अंडरस्टैंड। फर्स्ट इज़ एक्चुअली द सेम थिंग सिक्योरिटी। वीमेन वांट सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी। एंड व्हेन आई से सिक्योरिटी ऑफ़ कोर्स फाइनेंसियल या फिजिकल सिक्योरिटी
(06:43) नहीं मैं इमोशनल सिक्योरिटी की बात कर रही हूं। वुमेन को चाहिए कि वो अपने आदमी के आगे वनरेबल हो सके कि ये बंदा ना मुझे जज नहीं करेगा। इसके सामने मैं मोटी हूं, छोटी हूं। मेरे आज डार्क सर्कल्स हैं। मैंने मेकअप लगाया है, नहीं लगाया, मैं कैसी दिख रही हूं? दिस शुड नॉट मैटर। एटलीस्ट इन फ्रंट ऑफ दिस पर्सन। अगर मैं इसे डिसएग्री भी करती हूं तो उससे मैं उसको खुल के बता सकती हूं। उससे मेरा रिलेशनशिप अफेक्ट नहीं होगा। मेरा रिलेशनशिप एंड नहीं हो जाएगा। या फिर कभी भी लाइफ में अगर डिफिकल्टीज आएंगी, तो हम दोनों ना सेम टीम में हैं। सो, यह एक
(07:16) सिक्योरिटी मुझे लगता है हर लड़की चाहती है। सेकंड थिंग व्हिच अमेन वांट्स इज टच। इट इज नॉट नेसेसरीली फिजिकल इंटिमेसी, आई एम टॉकिंग अबाउट, इज द टच व्हिच मैन यूजुअली डोंट अंडरस्टैंड, जस्ट पुल हर टुवर्ड्स योरसेल्फ विद कॉन्फिडेंस, एंड सी द मैजिक। दैट ग्लैंड्स, दैट स्टेयर। लुक फॉर टू एक्स्ट्रा सेकंड्स इन हर आईज एंड सी द मैजिक। मे बी आफ्टर अ लॉन्ग एंड टायरिंग डे शायद अगर आप अपने पार्टनर को टच करो उसको अच्छा नहीं लगे वो शायद आपको पुश कर दे बट डीपली शी इज क्रेविंग फॉर दैट टाइटेस्ट हग इन द वार्मेस्ट किस ऑन हर फोरहेड। सो दिस टच आई एम टॉकिंग अबाउट एंड
(07:59) थर्ड थिंग व्हिच अ वूमन इन माय ओपिनियन वांट्स इज़ कि उसका जो पार्टनर है ना उसे क्लेरिटी होनी चाहिए। एक कंफ्यूज्ड पार्टनर शायद नहीं पसंद। इसका यह मतलब नहीं है कि उसके पास अपनी लाइफ के सारे आंसर्स हो या वह कभी कंफ्यूज नहीं हो सकता। वह वनरेबल नहीं हो सकता। बट एटलीस्ट लाइफ का पर्पस पता होना चाहिए। ही मे नॉट हैव ऑल दी आंसर्स। बट ही शुड एटलीस्ट हैव द विलिंगनेस टू नो ऑल दीज आंसर्स। सो दिस सेंस ऑफ़ क्लेरिटी गिव्स द सेंस ऑफ़ यू नो सिक्योरिटी टू हर। कि मेरा बंदा है ना, यह इसको सब पता है। यह कर लेगा। वो तभी आती है। हम्म। सो आई सो दैट्स माय ओपिनियन। [हंसी]
(08:39) नाउ टेल मी समथिंग इवन आफ्टर नोइंग व्हाट वी वांट फ्रॉम आवर पार्टनर व्हाई डू वी सम टाइम फॉल फॉर द रोंग पर्सन? अट्रैक्शन और कंपैटिबिलिटी दो अलग चीजें हैं। कोई मुझे नजर आया उसकी लुक्स मुझे अच्छी लगी या उसकी उसके साथ मेरे शौक मैच कर रहे हैं उसको भी ट्रिप्स पसंद है। मुझे भी ट्रिप्स पसंद है। वाइब मैच हो रही है। राइट? हमारी चेक लिस्ट मैच हो रही है। अरे ये पांच छह चीजें मुझे पार्टनर में चाहिए। इसके अंदर है और मे बी उसकी कोई एडवेंचरस चीज या जो भी मैं सीक कर रहा हूं वो जो उसमें नजर आ रहा है। दिस इज़ एन अट्रैक्शन। आई एम अट्रैक्टेड टुवर्ड्स दैट पर्सन।
(09:08) क्या वो मेरे लिए सही है वो कंपैटिबिलिटी से पता चलेगा। और अट्रैक्शन में आप वाइब देखते हो, लुक्स देखते हो, सम फैक्टर्स देख रहे हो। कंपैटिबिलिटी बनती है अगर आपकी वैल्यू्यूज मैच कर रही हैं। आप जिस रास्ते चलना चाहते हो वो दोनों का अलाइन है। आप जिस थिंकिंग से आते हो वो मैच है। आपके लाइफ के गोल्स में एक दूसरे को आप सपोर्ट कर सकते हो। सो हम अट्रैक्ट हो जाते हैं। बट अगर हम कंपैटिबिलिटी चेक नहीं कर रहे तो वी फील अल्टीमेटली बाद में हमें रियलाइज होता है कि वी फेल फॉर द रोंग पर्सन। सो इट्स लाइक गुड लुकिंग होना और मेरे लिए गुड होना दोनों अलग चीजें
(09:43) हैं। मेरे को कोई गुड लुकिंग लग रहा है लेकिन मेरे लिए गुड है वो भी इंपॉर्टेंट है। मैं किसी से अट्रैक्टेड हूं बट कंपैटिबल हूं वो भी इंपॉर्टेंट है। दिल लगाना और साथ में दिमाग लगाना भी जरूरी है। दिल लग सकता है अट्रैक्शन। दिमाग लगाना इज कंपैटिबिलिटी। सो लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप के लिए एक सीरियस रिलेशनशिप के लिए सिर्फ अट्रैक्शन नहीं होनी चाहिए। कंपैटिबिलिटी भी होनी चाहिए। सो डस दैट मीन व्हेन वी लव समवन वी ऑटोमेटिकली अस्यूम दैट दिस पर्सन इज राइट फॉर अस? हम ना उस वक्त एक हालो इफेक्ट में आ जाते हैं के अगर हमें प्यार हुआ है तो उसकी
(10:12) नेगेटिव चीजों को भी हम पॉजिटिव लेना शुरू कर देते हैं। एक कन्फर्मेटिव बायस बना लेते हैं जिसको साइकोलॉजी में हम कन्फर्मेटिव बायस कहते हैं कि भ मुझे इससे प्यार है तो उसके हर बिहेवियर को मैं कहीं ना कहीं जस्टिफाई करना शुरू हो गया हूं कि नहीं नहीं ठीक होगा। नहीं नहीं दिल का सही है। नहीं नहीं नेचर सही है। एंड जो लॉन्ग टर्म में हम रियलाइज करते हैं कि नहीं वो एक उस वक्त अट्रैक्शन थी बट हमने दिल लगाया दिमाग नहीं लगाया। सो जो आपने बोला कन्फर्मेटिव बायस हाउ कैन समबडी असेस दिस कंपैटिबिलिटी बिफोर दे इन्वेस्ट देमसेल्व्स इमोशनली।
(10:41) यूज्ड अ वेरी नाइस वर्ड इन्वेस्ट। है ना? तो इन्वेस्टमेंट की एग्जांपल लेते हैं। ओके। अगर हमने पैसे बचाए बहुत मेहनत करके 30 दिन काम करके और हमें कहीं इन्वेस्ट करने हैं। हम ऐसे तो नहीं लगा देते। राइट? फॉर एग्जांपल मेरी टीम मेंबर्स मुझसे पूछते हैं कि आपको म्यूच्यूल फंड्स की नॉलेज हम किस म्यूच्यूल फंड में लगाएं। फिर वो म्यूच्यूल फंड्स समझते हैं मुझसे या अगर स्टॉक मार्केट में लगाना है तो कब लगाना चाहिए? क्या राइट टाइम है? पूरी रिसर्च होती है कि कहां मुझे इन्वेस्ट करना है? LIC में करना है, म्यूच्यूल फंड्स में करना है, इंश्योरेंस में करना है। सो, लॉट
(11:07) ऑफ़ टाइम एनर्जी गोज़ बिकॉज़ इट्स माय हार्ड अर्न मनी। रिलेशनशिप में हम सिर्फ अट्रैक्शन के बेस पे डिसीजन ले लेते हैं। सिर्फ एक इनफैचुएशन के बेस में डिसीजन ले लेते हैं कि आई वांट टू गो अहेड। तो अगर वहां पे हम एनर्जीज़ इन्वेस्ट करने वाले हैं, टाइम इन्वेस्ट करने वाले हैं, इमोशंस इन्वेस्ट करने वाले हैं, तो वहां भी हमें एक बार के लिए लॉजिकली भी सोचना चाहिए कि हम लोगों की लॉन्ग टर्म वैल्यूज मैच करते हैं, हम लोगों की थिंकिंग कितनी मैच करती है? हम सिर्फ कंफर्मेटिव बायस में तो नहीं चल रहे। आज मैं किसी चीज को अगर इग्नोर कर
(11:34) रहा हूं, कोई नहीं, कोई नहीं, कोई नहीं, फ्यूचर में ठीक हो जाएगा। क्या वो उसका एक परमानेंट पैटर्न है जो नहीं ठीक हो सकता? क्योंकि जब एक एक्साइटिंग फेज खत्म होगा तब वो एग्जॉस्टिंग फेस ना शुरू हो जाए। राइट? एक टाइम पे एक्साइटमेंट रुकती है। उसके बाद आपकी रियल पर्सनालिटी, रियल वैल्यूस, रियल थिंकिंग, रियल गोल्स वो सब रोल प्ले करते हैं। आप लाइफ में क्या चाहते हो, क्या नहीं चाहते हो वो रोल प्ले करता है। वो डियर जिंदगी में डायलॉग नहीं था शाहरुख खान का आलिया भट्ट को वो बोलता है कि एक कुर्सी खरीदने वक्त भी ना हम कंफर्ट देखते हैं और रिलेशन में जाने वक्त
(12:04) हम नहीं देख रहे वो कंपैटिबिलिटी। सो आई थिंक वन शुड इवैलुएट। वन शुड यूज़ ब्रेन अगर आप रिलेशन को सीरियसली कंसीडर कर रहे हो तो। डू यू थिंक दिस इज प्रैक्टिकली पॉसिबल बिफोर और वाइल फॉलिंग इन लव विथ समबडी? यू कैन एक्चुअली इवैल्यूएट द पर्सन ऑन ऑल दिस पैरामीटर्स और इतनी मैथमेटिक्स लगा सकते हो आप। हाउ इज दैट? मैथमेटिक्स है नहीं। इफ यू वांट टू फॉल इन लव तो नहीं। टू राइज इन लव थोड़ी सी लगानी होगी। व्हेन आई से कमबिलिटी आई एम नॉट सेइंग कि यहां कैलकुलेशंस करनी है बैठ के। इट्स हैविंग दैट डिस्कशन। डिस्कशन अराउंड वैल्यूज। डिस्कशन अराउंड व्हाट डू यू वांट
(12:39) इन लाइफ? व्हाट आई वांट इन लाइफ? यह मेरी बाउंड्रीज हैं। यह मेरी बाउंड्रीज हैं। यह मैच करती हैं क्या? आई एम नॉट ओके विद इट। यह वाली डिस्कशन बहुत जरूरी है कि मेरी लाइंस क्या है? जहां तक मेरे कॉम्प्रोमाइज सैक्रिफाइस हो सकते हैं। और ये एक चीज मैं सैक्रिफाइस नहीं करूंगा या करूंगी। ये है राइजिंग इन लव। दैट कन्वर्सेशन दैट कम्युनिकेशन नॉट इग्नोरिंग, नॉट गोइंग इंटू हेलो इफेक्ट। नॉट गोइंग इनटू कन्फर्मेटिव बायस के नहीं इग्नोर इग्नोर सब सही है। क्योंकि वो एंड में दर्द देगा। आप बैंडेड लगाओगे जख्म रहेगा। आपको सॉल्व करना होगा।
(13:09) एंड आई थिंक दिस इज व्हाई दे कॉल इट फॉलिंग इन लव बट नॉट राइजिंग इन लव बिकॉज़ वी कांट रियली यूज़ दिस मच ऑफ़ रैशन ब्रेन व्हाइल वी आर एक्चुअली फीलिंग दैट फीलिंग ऑफ़ लव। इट माइट बी साउंडिंग यू आर राइट कि लग रहा होगा बहुत मैथ्स। मैंने इन्वेस्टमेंट की एग्जांपल दी, कुर्सी की एग्जांपल दी बट बाद में जब दर्द होता है बाद में आप रॉन्ग चॉइस बना के पूरी जिंदगी बिताते हो। तो उससे अच्छा है कि आप थोड़ा सा लॉजिक अपने रिलेशनशिप में जरूर लाओ। इफ यू आर एंजॉयंग अ रिलेशन, इफ इट्स अ शॉर्ट टर्म थिंग, इफ यू आर जस्ट हैविंग फन, ठीक है। इफ यू आर
(13:39) थिंकिंग हम कमिटमेंट इफ यू आर थिंकिंग अ लॉन्ग टर्म एसोसिएशन अगर आप उस रिलेशनशिप में मिलके राइज करना चाहते हो ग्रो करना चाहते हो तो फिर आपको दोनों चीजें दिल और दिमाग यूज करना चाहिए आज आप बातें करने से घबरा रहे हो आज आप इग्नोर कर रहे हो कि छोड़ो कौन डिस्कस करे बाउंड्रीज लिमिट देख लेंगे फ्यूचर में सब ठीक कर लेंगे मेनी कपल्स गोइंग टू अ मैरिज थिंकिंग यू नो कोई नहीं मैं धीरे-धीरे ठीक कर लूंगी धीरे-धीरे ठीक कर लूंगा ये फ्यूचर में ठीक हो जाएगा और जब नहीं होता तो शादियां टूटती हैं तो शादियां टूटने से अच्छा कि पहले थोड़ा
(14:10) सा लॉजिक लगा लिया जाए। थोड़ी पढ़ाई कर ले एक दूसरे के बारे में। कोई हर्ज नहीं है। इट कैन साउंड बोरिंग कि क्या बैठ के हम वैल्यूस डिस्कस करें? गोल्स डिस्कस करें। तुझे इंडिया में रहना है कि तुझे बाहर जाना है। तुझे किड्स [गला साफ़ करने की आवाज़] चाहिए तुझे नहीं चाहिए। ये डिस्कशंस अभी नहीं कर रहे हो। पर जब करोगे तब प्रॉब्लम आएगी ना। हम डू यू आल्सो बिलीव कि जो लोग अर्ली रिलेशनशिप्स में जाते हैं इन द अर्ली स्टेजेस ऑफ़ देयर लाइफ? लाइक लेट्स से इन देयर 20ज जब उनका प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स पूरी तरह डेवलप भी नहीं हुआ तो वहां पर वह
(14:41) ज्यादा गलतियां करते हैं या फिर द चांसेस ऑफ गेटिंग इनवॉल्व्ड विद द रोंग पार्टनर आर हायर देन इन योर 30ज और इन योर 40ज और मे बी लेटर स्टेजेस इन द लाइफ। यस फॉर मेनी रीज़ंस। एक जो आपने रीज़न बोला वो है कि वो 20ज है। अभी हार्मोनल इम्बैलेंस भी थोड़ा-थोड़ा चल रहा है। अभी प्रीफ्रंटल कोर्टेक्स डेवलप हो रहा है। और हमें अभी उतना लॉजिकल डिसीजंस हम नहीं ले रहे। इनफचुएशन बहुत रोल प्ले कर रही है। राइट? अट्रैक्शन डोमिनेंट है। कंपैटिबिलिटी डोमिनेंट नहीं है। और दूसरा फैक्टर एक और बहुत इंपॉर्टेंट है कि तजुर्बा भी एक चीज होती है। एक्सपीरियंस भी एक चीज होती है। पहला
(15:15) स्टार्टअप फाउंडर्स का फेल होता है। दो तीन फेल होते हैं तो फिर यूनिकॉर्न बनता है। तो आप शुरू में रिलेशंस में जाते हो। आपने अभी समझा ही नहीं है एक रिलेशन को हैंडल कैसे करना है। राइट? आपने समझा ही नहीं है इमोशनली खुद को रेगुलेट कैसे करना है। एक दूसरे की नीड्स वांट्स को अंडरस्टैंड कैसे करना है। तो दो-तीन धक्के कई बार लोग खा लेते हैं। राइट? एंड देन दे रियलाइज यहां मैं गलत था और यहां वो गलत था। इस तरह का बंदा मुझे चाहिए। इस तरह का बंदा नहीं चाहिए। ये जो एक्सपीरियंस एक्सपोज़र आपका हो जाता है तो वहीं से विज़डम आता है।
(15:43) वहीं से राइट थिंकिंग आती है, लॉजिक आता है कि नहीं यार दिस इज़ ये गलती मुझे दोबारा नहीं करनी। और ये गलती मुझे दोबारा नहीं करनी। हम एंड देन द रिलेशन टर्न्स बेटर। तो दोनों चीजें एक है हम उतना वाइस भी नहीं है अभी एंड दूसरा के हमारे पास अभी एक्सपीरियंस नहीं है। फर्स्ट रिलेशन फर्स्ट रिलेशन ही होगा और उसमें हम अपने हिस्से की गलतियां करेंगे एंड इट्स ओके। आपने बोला था वो हेलो इफेक्ट के बारे में आपने बात की थी दैट वी टेंड टू इग्नोर व्हाई डू वी इग्नोर ऑल द रेड फ्लैग्स स्पेशली इन द बिगिनिंग ऑफ़ अ रिलेशनशिप। व्हिच लेटर ऑन वी डिस्कवर। और फिर हमें
(16:16) प्रॉब्लम होती है। फिर झगड़े होते हैं। बट बिगिंनिंग ऑफ़ द रिलेशनशिप व्हेन इट्स ऑल फ्लारी एंड इट्स ऑल बटरफाइस एंड एवरीथिंग। व्हाई डू वी इंटेंशनली इग्नोर ऑल द रेड फ्लैग्स? बहुत बार जब हम किसी के साथ अट्रैक्टेड होते हैं ना तो हम उन रेड फ्लैग्स के ऊपर ग्रीन पेंट कर देते हैं। वाओ। ओके। प्लीज एक्सप्लेन। फॉर एग्जांपल इफ अ पार्टनर इज ट्रैकिंग लोकेशन बार-बार। ठीक है? तो कई बार जब नया-नया रिलेशन है, अट्रैक्टेड है, तो हम कहेंगे कि ही और शी इज़ बीइंग प्रोटेक्टिव। राइट? अगर कोई जेलस है, आप अपने किसी फ्रेंड से बात कर रहे हो और आपका पार्टनर जेलस है, तो हम कई बार
(16:54) उसको फॉर्म ऑफ लव बोल देते हैं। हम उसको पज़ेसिव होना बोल देते हैं। अरे प्यार है तो पज़ेसिवनेस तो होगी। राइट? हम हम एनालाइज नहीं कर रहे कि ये एक हेल्दी पज़ेसिवनेस है कि ये एक रेड फ्लैग है जो बाद में मुझे तंग करेगा। यह बीइंग प्रोटेक्टिव है। यह थ्रूउ मेरे पे शक चलने वाला है। इसको ट्रस्ट इशूज़ हैं या फिर यह प्रोटेक्टिव है। हम जनरली जब अट्रैक्टेड होते हैं तो हम उसको एक ग्रीन पेंट लगा रहे हैं कि नहीं प्रोटेक्टिव है। पज़ेसिव है। एंगर इश्यूज को कई बार हम इसी तरह से कन्वर्ट कर लेते हैं। कोई बात नहीं। इसका एक राइट है। गुस्सा उसी पे होगा जिस पे हक
(17:25) है। तो ये रेड फ्लैग्स सबको नजर आ रहे होते हैं। बट बिकॉज़ आवर ब्रेन वर्क्स लाइक दिस कि हम जब अट्रैक्टेड होते हैं हमें हम उनको पॉजिटिव कर देते हैं। एंड ग्रेजुअली लेटर ऑन जब अट्रैक्शन वाला फेस रुकता है और एक एक कंपैटिबिलिटी टेस्ट शुरू होता है आपका तब आपको वो वही चीजें कई बार तंग करना है। आई एम नॉट ट्राइंग टू से कि हमेशा हर जेलसी जो है वो नेगेटिव ही है। बट कहां पे वह लाइन ड्रॉ होगी, वह रेड फ्लैग है कि नहीं है? क्योंकि सोशल मीडिया ने एक चीज़ और करी है कि बहुत बार ना हर चीज़ को रेड फ्लैग बनाना शुरू कर दिया है। ऐसा भी नहीं है। जेलसी होनी हेल्दी भी हो
(18:01) सकती है। राइट? एक दूसरे की लाइफ में ज्यादा इंटरेस्ट होना हेल्दी भी हो सकता है। तो ऐसा भी नहीं है कि हम रील देखते हैं। यह भी रेड फ्लैग है, ये भी रेड फ्लैग है, ये भी रेड फ्लैग है। तो फिर तो हम हमें लगता है कि भर इंसान हमारे लिए बना ही नहीं है। बट इट्स वेरीेंट कि हम पेंट ना कर रहे हो। हम ध्यान से देख रहे हो हम कि यह एक पॉजिटिव साइन है कि एक नेगेटिव साइन है। आपने बोला इनसिक्योरिटी आपने बोला पज़ेसिवनेस दीज़ आर ऑल द ट्रेट्स व्हिच कैन बी बैड व्हिच कैन बी गुड एज वेल। तो ये कैसे डिफरेंशिएट करना है कि इतनी पज़ेसिवनेस ठीक है, इतनी नहीं ठीक। इतनी
(18:35) इनसिक्योरिटी ठीक है, इतनी नहीं ठीक। वेयर एंड हाउ टू ड्रॉ दैट लाइन। बिकॉज़ अगर मेरा पार्टनर बिल्कुल पज़ेसिव नहीं होगा, तब भी तो मुझे प्रॉब्लम होगी। अगर मैं किसी से भी बात कर रही हूं और उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा तो मुझे इससे फर्क पड़ेगा। सो वेयर टू ड्रॉ दैट लाइन? यहां पे ना देखो अगर तो टाइम पास चल रहा है तो इतना दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। चिल मारो। ठीक है? अगर रिलेशन में इन्वेस्टेड हो राइट? अगर उस रिलेशन में एक उस रिलेशन में फ्यूचर देख रहे हो तो बहुत इंपॉर्टेंट है थोड़ा सा अपने पार्टनर के पैटर्न्स को देखना। पास्ट को देखना। थोड़ा और डीप जाओ
(19:09) तो चाइल्डहुड को देखना। कुछ चीजें उसकी थ्रूउ लाइफ रही हैं। अगर वह 25 30 साल रही हैं तो आप यह मत सोचना कि यह कल को ठीक हो जाएगा। नॉट नेसेसरी क्योंकि 30 साल की चीज को आप छ महीने में चेंज नहीं करोगे। एक महीने में चेंज नहीं कर पाओगे। यू आर ओके विद इट। ग्रेट। यू आर नॉट ओके विद इट। तो डोंट ट्राई टू पेंट इट ग्रीन। इसीलिए समझना बहुत जरूरी है कि कुछ चीजें हेलो इफेक्ट का पार्ट है। कुछ चीजें पर्सनालिटी का पार्ट है। मैं अट्रैक्टेड हूं और मैं इग्नोर कर रहा हूं या कर रही हूं। होल्ड ऑन। हम देखो क्या वो इसका एक रिपीटेड पैटर्न है?
(19:40) क्या यह चीज बार-बार नजर आ रही है? क्या उसके पास्ट में भी यह चीजें रही है? क्या उसका बचपन ये चीज को रिफ्लेक्ट करता है? क्या उसके एंगर इशूज़ उसकी लाइफ में बचपन से चले आ रहे हैं? उसकी पेरेंटिंग की वजह से चले आ रहे हैं? एंड आई एम नॉट ओके विद इट। मैं अपनी लाइफ क्यों कुर्बान करूं? क्योंकि किसी के 30 साल के एंगर इश्यूज हैं। तो आज तो अभी अट्रैक्टेड फेस चल रहा है। तब मुझे एंगर फेस नजर आ रहे हैं। जब अट्रैक्शन वाला फेस रुकेगा और एक एक सीरियस फेस शुरू होगा तब उन एंगर इश्यूज को आप कैसे ठीक करोगे? तब आपका जब पेंट उतरेगा आप रियलाइज करोगे कि यह तो रेड
(20:09) फ्लैग है। अगेन सेम चीज है। इफ यू आर इन्वेस्टेड इन अ रिलेशन तो आपको सामने वाले को और अच्छे से समझना चाहिए। डू यू थिंक इट्स ट्रू दैट वी टेंड टू फॉल फॉर अ पर्सन हु कीप्स अस कंफ्यूज्ड रादर देन समबडी हु गिव्स अस पीस। एक बंदा है जो बहुत ही प्रेडिक्टेबल है। पता है कि यार इसने मेरे बर्थडे पे फ्लावर्स भेजने हैं। मुझे एक गिफ्ट देना है। मुझे ड्राइव पे लेके जाना है। एंड दिस इज हाउ ही इज। यू नो। और एक बंदा है जो आज मुझे भाव दे रहा है। कल नहीं देगा। एंड देन अचानक से ही विल शो अप अगेन। फिर बदल जाएगा। दिस दिस एक्साइटमेंट और दिस अनप्रिडिक्टेबिलिटी इज़
(20:45) समथिंग व्हिच फैसनेट्स एंड स्टेबिलिटी, प्रेडिक्टेबिलिटी, सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी एंड समबडी हु गिव्स अस पीस बिकम्स बोरिंग। व्हाई डस इट हैपन? सो हमारा ब्रेन वायर्ड है नोवेल्टी के लिए। हमारे ब्रेन को नोवेल्टी अच्छी लगती है। हमारे ब्रेन को न्यूनेस अच्छी लगती है। हमारे ब्रेन को अनप्रिडिक्टेबल चीजें अच्छी लगती है। व्हाई वी लव गेम्स? व्हाई पीपल आर क्रेजी अबाउट गेम्स। व्हाई दे कैन सीट ऑन अ सीट एंड प्ले फॉर 12 आवर्स। 12 घंटे पढ़ाई करनी कितनी मुश्किल है और 12 घंटे गेम खेलनी कितनी आसान है। क्रिकेट मैच वन डे पूरा दिन लोग देखते हैं। अगर
(21:20) पहले से पता हो कि किस बॉल पे क्या होने वाला है या पहले से पता हो जीतने कौन वाला है मैच। यू वोंट एंजॉय द मैच। इट्स अनप्रिडिक्टबिलिटी दैट यू स्टिक फॉर 8 आवर्स। काम छोड़ के आप मैच देख रहे हो। आप गेम खेल रहे हो। आपकी पीठ में दर्द हो रही है। क्योंकि गेम इज वेरी अनप्रिडिक्टेबल। अब क्योंकि ह्यूमन ब्रेन को नोवेल्टी अच्छी लगती है। और जब कोई ऐसा इंसान है जो अनप्रिडिक्टेबल है तो ब्रेन उसकी तरफ अट्रैक्ट होता है क्योंकि यू कांट प्रेडिक्ट अ लॉट। बहुत बार। आई वोंट जनरलाइज इट। बहुत बार बहुत लोगों का ब्रेन कबीर सिंह की तरफ अट्रैक्ट होता है।
(21:50) बिकॉज़ कबीर सिंह इज वेरी अनप्रिडिक्टेबल। तो ऐसे में करना क्या चाहिए? क्या इस बात की अंडरस्टैंडिंग होनी चाहिए और हमें अपने लिए सही डिसीजन लेना चाहिए कि यार यह बंदा मुझे कंफ्यूज नहीं कर रहा है बट यह मेरे लिए सही है। आई शुड स्टॉप क्रेविंग फॉर अनप्रिडिक्टेबिलिटी या फिर उस बंदे को अनप्रिडिक्टेबल होना शुरू हो जाना चाहिए। एक एग्जांपल लेके चलते हैं। घर में एक बच्चा है और अभी पढ़ाई करने बैठा। पढ़ाई छोड़ के अब खेलना शुरू किया। खेलना छोड़ के एक और चीज शुरू कर दी। किसी भी चीज को एक लंबे टाइम तक नहीं कर रहा। इज इट ओके कि वो कुछ ना कुछ ना कुछ। इट्स नॉट ओके।
(22:20) राइट? उस बच्चे को समझाया जाएगा कि देख तेरे को डिस्ट्रैक्शंस हो रही है बट तेरे लिए बहुत जरूरी है बैठना समझना सोचना फोकस करना तुझे क्या चाहिए तुझे क्या नहीं चाहिए करियर्स में भी यही होता है हम एक चीज बहुत लोग एक चीज कर रहे होते हैं और दूसरी की तरफ अट्रैक्ट हो जाते हैं दूसरी कर रहे हैं तीसरी की तरफ अट्रैक्ट हो जाते हैं वहां भी नोवेल्टी हमें नुकसान करती है राइट नोवेल्टी प्रॉब्लम नहीं है नोवेल्टी कब आपको नुकसान कर रही है कब आपको डिस्ट्रैक्ट कर रही है और कब आपको हेल्प कर रही है ये पता होना चाहिए एंटरटेनमेंट में नोवेल्टी बहुत प्यारी चीज है पूरी
(22:48) मूवी अनप्रिडिक्टबल है एंड यू गेट एंटरटेन बट पार्टनर्स में पार्टनर अनप्रिडिक्टेबल होना आई डोंट थिंक इज अ प्रॉब्लम। उल्टा यह अच्छी चीज भी हो सकती है। बट अगर ये एक पॉजिटिव अनप्रिडिक्टेबिलिटी है कि आई डोंट नो अचानक मुझे सरप्राइज मिलता है। मैं रोज घर आ रहा था या रोज घर आ रही थी। अचानक देखा मिरर के ऊपर आई लव यू लिखा है। आई वास नॉट प्रेडिक्टिंग इट। इट्स स्टिल नवेल। इट्स स्टिल न्यू। बट आई लाइक इट। रिलेशंस में नोवेल्टी होनी चाहिए। अनप्रिडिक्टेबिलिटी अच्छी चीज है। बट अगर किसी की अनप्रिडिक्टेबिलिटी आपको नेगेटिव इमोशंस दे रही है, आपको
(23:24) स्ट्रेस दे रही है, आपको तंग कर रही है, आपका पीस ऑफ़ माइंड खराब कर रही है। कबीर सिंह हो रही है, राइट? वहां पे इट इज़ अ डिस्ट्रैक्शन। इज इट गिविंग यू क्यूरियसिटी? और इज इज इज इज इज इज इज इज इज इज इट गिविंग यू एंजाइटटी? वाह। वैरी नाइस। तो ये बहुत जरूरी है कि वो हेल्दी अनप्रिडिक्टेबिलिटी है कि वो अनहेल्दी अनप्रिडिक्टेबिलिटी है। आई थिंक दिस दिस सम्स इट अप कि हेल्दी अनप्रिडिक्टेबिलिटी इज ब्यूटीफुल। राइट? एंड आई थिंक दैट्स समथिंग व्हिच कीप्स द स्पार्क इन एव्री रिलेशनशिप अलाइव। यस एंड अनहेल्ी अनप्रिडिक्टेबिलिटी इज नॉट। हमें अपने ब्रेन को इसके लिए ट्रेन
(23:55) नहीं करना कि अनप्रिडिक्टेबिलिटी नोवेल्टी नहीं चाहिए तेरे को। उसको चाहिए। वो बहुत मुश्किल जर्नी है। मतलब संत साधु बनना पड़ेगा उसके लिए। सो ये जो आपने बोला कि हम ह्यूमंस को नोवेल्टी चाहिए। रिलेशनशिप में भी हम नोवेल्टी सीख करते हैं। डस दिस बिकम द रीज़ ऑफ चीटिंग? 100% बट बहुत सारे रीज़न है। एक रीज़न ये है। हम जनरल वर्ड यूज़ कर लेते हैं चीटिंग। चीटिंग के भी फॉर्म्स हैं। देयर इज़ एन इमोशनल चीटिंग। देयर कैन बी अ फिजिकल चीटिंग। राइट? एक पार्टनर फिजिकली चीट कर रहा है। वो इमोशनली अपने पार्टनर के साथ इन्वॉल्व है। लेकिन फिजिकली बाहर इनवॉल्वड
(24:31) है। सो वो इमोशनल चीटिंग नहीं है। वो सिर्फ फिजिकल चीटिंग है। राइट? वो इमोशनली भी किसी के साथ इनवॉल्वड है। चाहे फिजिकली ना भी हो वो इमोशनल चीटिंग है। एंड इट कैन बी इमोशनल एंड फिजिकल चीटिंग आल्सो। तो उसको किस चीज में नोवेल्टी चाहिए? हो सकता है वो फिजिकली सेटिस्फाइड है बट इमोशनली सेटिस्फाइड नहीं है। हम तो वो इमोशनल नीड बाहर पूरी कर रहा है। व्हिच अकॉर्डिंग टू यू इज वर्स। इमोशनल चीटिंग और फिजिकल चीटिंग। विल बी वेरी इंडिविजुअल। वेरी इंडिविजुअल। ये ये मैं कोई स्टडी से नहीं कह रहा बट मुझे ऐसा ऑब्जरवेशन से कन्वर्सेशन से आई ऑलरेडी एग्री विद यू। [हंसी]
(25:03) क्या? [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] इट्स मैन वर्सेस वुमेन। यस। आई थिंक फॉर मैन फिजिकली क्या हो गया? राइट? मैं इमोशनली तो इन्वॉल्वड हूं फॉर अ मैन इट्स ओके कि यार ठीक है। अगेन वहां पे हमारा प्रीिमेटिव आ जाता है कि मैन हैव बीन पॉलीगमिस्ट। राइट? तो पॉलीगमिस्ट रहे हैं। वो मोनोगेस्ट रहे नहीं है। तो उनको लगता है कि यार एक फिजिकल एक्सपीरियंस ही तो था। इसमें चीटिंग कहां से हो गई? राइट? मेरे माइंड में तो तू ही है। मेरे माइंड में कोई और नहीं है। आई जस्ट हैड गुड टाइम। बट इट इज़ स्टिल अ ब्रीच ऑफ़ कमिटमेंट। इट्स ब्रीच ऑफ अ पार्टनरशिप फॉर वुमेन फिजिकल
(25:35) इज आल्सो वेरीेंट उनके लिए फिजिकल जनरली इमोशन के साथ ही होता है। हम राइट वुमेन को फिजिकल जनरली व्हेन इमोशन इज इनवॉल्व्ड। आजकल थोड़े टर्म्स बदल रहे हैं, सिचुएशंस बदल रही हैं। बट अभी भी बट मोस्टली आई वुड से कि वुमेन के लिए फिजिकल से पहले इमोशन होना जरूरी है। मेन के लिए फिजिकल अलग डिपार्टमेंट है, इमोशन अलग डिपार्टमेंट है। अगेन जनरलाइजिंग नहीं कर रहा हूं। आई नॉट ट्राइंग टू जनरलाइज़ बट व्हाटएवर आई आई हैव ऑब्जर्ड। सो आई थिंक दिस बॉइल्स डाउन टु आवर इनिशियल कन्वर्सेशन मेन सीक रिस्पेक्ट एंड दे फील डिसरिस्पेक्टेड व्हेन देयर पार्टनर
(26:11) चीट्स देम इमोशनली। राइट। ओके। सो दिस इज़ वन ऑफ़ द वेरी बिग रीज़ंस व्हाई पीपल चीट। व्हाट आर द अदर रीज़ंस? ठीक है? एक तो हो गया कि भ सेम चीज है। हम बोर हो गए हैं और हम चीट कर रहे हैं क्योंकि उससे हमें एक्साइटमेंट मिल रही है। दूसरा बहुत मेजर कि रिलेशन में खुशी नहीं है। राइट? हम एक साथ खुश ही नहीं है तो हम एक साथ कुछ नया कैसे कर सकते हैं? हम एक साथ खुश ही नहीं है तो हम एक साथ ट्रेवल भी नहीं कर रहे। हम एक साथ कोई नए एक्सपीरियंसेस भी नहीं ले रहे। अब क्योंकि आप खुश नहीं हो तो आप खुशी बाहर ढूंढना शुरू कर देते हो। ह्यूमंस वांट टू बी
(26:40) हैप्पी। राइट? मैं घर पे खुश नहीं हूं तो मैं बाहर खुशी ढूंढना शुरू हो गया हूं। एक रीज़न यह बन जाता है। अब ऐसा नहीं है कि पहले झगड़े नहीं होते थे। पर अब चीटिंग बढ़ क्यों रही है? पहले खुश नहीं भी है तो चल रहा है। कॉम्प्रोमाइज्ड लाइफ चल रही है। अब खुश नहीं है तो एक्सेसिबिलिटी है। लोग वर्किंग है। बाहर जा रहे हैं। फोन में इंटरनेट है। ढेरों सारी एप्स हैं। आपके पास हर तरह की एक्सेसिबिलिटी है। कम्युनिकेशन एप्स हैं। ऑप्शंस हैं। पॉसिबिलिटीज बढ़ गई है। जितना हम टेक्नोलॉजिकली कनेक्टेड हो रहे हैं। उसमें चीटिंग की एक्सेसिबिलिटी भी इंक्रीस हो
(27:09) रही है। अब जब आपके सामने ऑप्शंस भी हैं, आप ढूंढ भी रहे हो, आप खुश नहीं हो, तो यू एट टाइम्स गो फॉर समवन एल्स। राइट? ये भी एक बहुत मेजर रीजन बन जाता है कि भ एक्सेसिबिलिटी भी आ गई। पहले आपने किसी तरीके के मन को समझा लिया कि कोई बात नहीं यार हमने साथ ही रहना है। खुशी ढूंढ लेंगे। तरीके ढूंढेंगे। यू डोंट गिव अप इजीली। नाउ यू गिव अप एंड थिंक कि इतनी मेहनत कौन करे? इसके साथ मैं खुश तो रह नहीं पा रहा एंड योर ब्रेन स्टार्ट्स फाइंडिंग हैप्पीनेस बाहर। सो आफ्टर इयर्स ऑफ रिलेशनशिप जब एक कपल एक दूसरे के लिए बहुत ज्यादा प्रेडिक्टेबल हो जाता है और उनकी
(27:40) लाइफ बोरिंग होने लग जाती है। सो टू अवॉयड दैट चार फ्रॉम आउटसाइड एंड टू ऑब्वियसली अवॉयड द स्कोप ऑफ चीटिंग व्हाट आर द थिंग्स दे कैन डू? देखो बहुत नेचुरल और ऑब्वियस चीज और एक्सेप्ट करनी चाहिए हमें के शुरू में एक बंदा बंदी जब साथ आए हैं तो बहुत नए एक्सपीरियंसेस हैं। तुझे क्या पसंद है? तुझे तेरी फेवरेट मूवी कौन सी? तुझे खाने में क्या पसंद है? कितना नयापन है। एक्सप्लोरिंग ईच अदर, एक्सप्लोरिंग ईच अदर्स बॉडी, एक्सप्लोरिंग ईच अदर्स इमोशंस, एक्सप्लोरिंग ईच अदर्स लाइफ, फैमिली बहुत सारी नॉवेल्टी है। अब वो एक रिलेशनशिप में आ गए हैं। अब वो साथ रह रहे
(28:13) हैं बहुत साल। अब बहुत सालों बाद ये नहीं होगा। राइट? ऐसा नहीं हो सकता कि हम कहें कि उस रिलेशनशिप में ना अभी भी कोई नयापन होगा। नहीं होगा। अब तुम्हें तो इतनी प्रेडिक्टबिलिटी है। तुम्हें ये भी पता खाना खा के उसने बर्ब कब करना है। [हंसी] राइट? यू आर यू आर सीइंग ईच अदर इन एव्री फॉर्म एंड शेप। तो तुम्हारे अंदर वो नोवेल्टी नहीं होगी। तुम्हें पता भी है कि हां यह बात क्या आगे इसका क्या रिएक्शन होगा। यू आर एबल टू प्रेडिक्ट सो मच। ऐसे में अब रिलेशन में नोवेल्टी नहीं है तो नोवेल्टी बाहर ढूंढो। दैट डलूट्स द फाउंडेशन ऑफ़ अ रिलेशन। ना फिर हम ये
(28:41) पॉडकास्ट ही क्यों कर रहे हैं? अभी तो बहुत अच्छा सशन है। लगे रहो सारी दुनिया जानवरों की तरह। राइट? बट यहां पे जरूरी ये है क्रिएट नोवेल्टी। व्हेन आई से क्रिएट नोवेल्टी इट मींस आप एक दूसरे से नोवेल्टी नहीं क्रिएट कर सकते। आप एक साथ नॉवेल्टी क्रिएट कर सकते हो। गो फॉर दोज़ एक्सपीरियंसेस जो नए हो। गो फॉर दोज़ ऑप्शंस जो आपके लिए नहीं हो। फॉर एग्जांपल एक्सप्लोरिंग अ न्यू प्लेस टुगेदर। तो दोनों को नोवेल्टी चाहिए। तो मिलकर अनप्रिडिक्टिबिलिटी सीक कर लो। अलग-अलग चीट करके अनप्रिडिक्टिबिलिटी सीक मत करो। लेट्स ट्रैवल। क्यों एक अच्छी चीज है।
(29:12) बिकॉज़ जब एक कपल ट्रैवल कर रहा है तो दोनों मिलके एक नई चीज देख रहे हैं। अरे वाह ये गंडोला राइड ऐसे जाती है। अरे इस कंट्री में ये होता है। अरे इस शहर में ये होता है। अरे यहां के खाने में ये होता है। यू हैव थिंग्स टू डिस्कस। राइट? कोई हॉबी मिलके कर लो। अब डांस क्लास ज्वाइन कर ली कपल ने। जरूरी भी नहीं है पैसे लगाओ, ट्रैवल करो। आपने एक डांस क्लास ज्वाइन कर लिया। आप घर बैठे YouTube पे एक डांस फॉर्म सीख रहे हो। और आप दोनों के पास कुछ नयापन है जिंदगी में और आपके दिमाग को वही चाहिए। राइट? आप उस रिलेशनशिप को लेके सीरियस हो। आप उसमें
(29:40) कमिटेड हो। आप चाहते हो ये रिलेशनशिप ग्रो करे। बट आपके माइंड में आ रहा है कि यार रिलेशन में पोर हो रहे हैं। अनप्रिडिक्टेबल है। तो फाइंड नोवेल्टी टुगेदर। एक्सपीरियंस नोवेल्टी टुगेदर। एक्सपीरियंस न्यूनेस टुगेदर। एक्सपीरियंस अनप्रिडिक्टबिलिटी टुगेदर। उस ब्रेन को सेटिस्फाई कर देंगे हम। जिसको हॉप करना है। राइट? सो वी आर स्टिल टुगेदर एंड वी आर स्टिल सीकिंग नोवेल्टी। बट ही डू यू थिंक दैट चीटिंग कैन एवर बी जस्टिफाइड। आई एम आस्किंग दिस बिकॉज़ लेट्स कीप आवरसेल्व्स इन द शू ऑफ़ दैट पर्सन हु इज चीटिंग। ठीक है? अब अगर उसको लिटरली
(30:13) खुशी नहीं मिल रही है उस रिलेशनशिप में। उसने अपने तरफ की कोशिश भी कर ली और उसको वो नोवेल्टी, वो न्यूनेस, वो चाम, वो एक्साइटमेंट भी नहीं मिल रही है। उसको लग रहा है अब ये रिलेशनशिप होलो हो चुका है। इसमें कुछ बचा नहीं है। एंड नाउ इफ दैट पर्सन इज फैसनेटेड टुवर्ड्स समबडी एल्स इज ही और शी रियली रोंग? देखो एक एक एंगल है इसका कि भ मैं खुश नहीं हूं। और मेरी इकलौती जिंदगी है। मैं खुशी मेरा राइट है। खुशी मेरा हक है। और मुझे जहां खुशी मिल रही है। मैं अपनी खुशी के लिए क्यों ना जीऊं। राइट? इट्स माय लाइफ। या यू लो यू ओनली लिव वंस एंड माय हैप्पीनेस
(30:45) इजेंट राइट कोई हार्म नहीं है पॉइंट ये नहीं है कि आपको जिंदगी में एक ही पार्टनर के साथ सारी जिंदगी बितानी है कोई कंपल्शन नहीं है आप खुश नहीं हो आप दूसरे बंदे के पास या बंदी के पास जा सकते हो प्रॉब्लम है व्हाई वी से चीटिंग इज रोंग और व्हाई वी फील चीटिंग इज रोंग यहां पे मोरालिटी कैसे इन्वॉल्व होती है कि आप जब एक रिलेशनशिप में हो आप एक एसोसिएशन में हो एक एसोसिएशन है एक पार्टनरशिप है जिसका एक फंडामेंटल है कि हम एक दूसरे के लिए इमोशनली एंड फिजिकली कमिटेड हैं। इसको एक बार के लिए लेंस अगर चेंज करके देखें कि एक मांबाप के लिए बच्चे ने बहुत कुछ किया।
(31:18) जिंदगी भर उनके लिए बहुत कुर्बानियां दी। उनकी सेवा करी। मां-बाप विल दे गए किसी और के नाम। बच्चे को क्या फील होगा? चीटेड। कि इस एसोसिएशन में आई गव अ लॉट। आई डिड नॉट गेट इट। एक नेचुरल एक्सपेक्टेशन थी कि आप भी मेरे साथ वैसे ही कमिटेड होते। दो भाइयों में भी यही होगा। दो फाउंडर्स पार्टनरशिप में है और एक फाउंडर पूरी तरह कंपनी में इन्वॉल्व है और दूसरा फाउंडर बाहर किसी और कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी इंक्रीस कर रहा है और इस कंपनी को लॉस में डाल रहा है या इस कंपनी में इन्वॉल्व नहीं हो रहा तो फाउंडर भी तो ये एक्सपेक्ट करेगा कि यार अगर पार्टनरशिप में है ना तो
(31:48) मिलके करते हैं। नहीं तो बोल तो इंटरेस्टेड नहीं है तो जा एग्जिट ले ले। हम हर जगह ये एक्सपेक्ट करते हैं कि अगर एक एसोसिएशन में आए हैं तो दोनों को अपना 100% देना है। लॉयल रहना है। इट इज एन एक्सपेक्टेशन फ्रॉम एन एसोसिएशन फ्रॉम अ पार्टनरशिप। आप किसी और के लिए फॉल कर रहे हो। आपको किसी और के साथ खुशी मिल रही है। प्रॉब्लम यह नहीं है। चीटिंग इज आप ऑनेस्ट नहीं हो, ट्रांसपेरेंट नहीं हो, झूठ बोल रहे हो, ल कर रहे हो। वो इस रिलेशन में एक्सपेक्टेड नहीं है। प्रीचिंग नहीं होनी चाहिए। आप खुश नहीं हो, आप कम्युनिकेट करो। आई एम नॉट हैप्पी विद यू फॉर दीज़
(32:17) रीज़ंस। राइट? आप इंटरेस्टेड ही नहीं हो उस रिलेशनशिप में। आपने पूरा ट्राई कर लिया है। सामने वाले ने पूरा ट्राई कर लिया है। बी ऑनेस्ट एंड लॉयल कि भ दिस इज नॉट वर्किंग आउट। आई डोंट वांट टू गेट इन्वॉल्व्ड इंटू दिस रिलेशनशिप। दिस इज माय थॉट कि अगर आप साथ हो तो एक बेसिक उस रिलेशन की एक्सपेक्टेशन है कि आप एक दूसरे के साथ सच्चे रहो। आप एक दूसरे से ऑनेस्ट रहो। आप एक दूसरे के लिए फिजिकली एंड इमोशनली अवेलेबल रहो। सो इट इज जस्ट अ बेसिक एक्सपेक्टेशन आउट ऑफ एनी एसोसिएशन। द वे वी एक्सपेक्ट फ्रॉम आवर पेरेंट्स, चिल्ड्रन, पार्टनर, फाउंडर, फ्रेंड्स।
(32:54) सिमिलरली हस्बैंड वाइफ की एक्सपेक्टेशन है कि आप कहीं और इन्वेस्टेड हो तो आपको वो ऑनेस्टली ट्रांसपेरेंटली कम्युनिकेट करना होगा। करना चाहिए। मैं यहां चीटिंग जस्टिफाई नहीं कर रहा। मैं ये नहीं कह रहा हूं गो फॉर चीटिंग। माय पॉइंट इज कि झूठ नहीं होना चाहिए रिलेशनशिप में। रिलेशनशिप में ऑनेस्टी नहीं खराब होनी चाहिए। रिलेशनशिप में ट्रस्ट नहीं खराब होना चाहिए। अगर आपको लग रहा है वो टाइम स्टेज है आपका कि यू आर नॉट हैप्पी इन दिस रिलेशन। यू शुड कम्युनिकेट। यू शुड लीव, टेक एन एग्जिट। एंड देन यू आर नॉट बाउंडेड और बाउंडेड बाय रिलेशन।
(33:26) सो यू मीन न्यू एसोसिएशन ओनली आफ्टर दिस एसोसिएशन। मतलब आप कह रहे हो आई एम देयर फॉर यू। आप कह रहे हो कि आई एम इन्वेस्टेड ओनली इन यू। आप कह रहे हो कि तू ही मेरी लाइफ में है बट है नहीं। तो ये जस्टिफाई कैसे हो सकता है? झूठ को थोड़ी ना हम जस्टिफाई कर देंगे। हम राइट? सो नॉट फीलिंग हैप्पी इन अ रिलेशनशिप इज़ फाइन। दैट इज़ समथिंग नॉट इन योर कंट्रोल। बट चीटिंग बिकॉज़ ऑफ़ दैट इज रोंग। सो इट्स लाइक इमोशन एंड माय एक्शन। इमोशनली मैं फील कर रही हूं सैड, अनहैप्पी विद द रिलेशनशिप बट मेरा एक्शन हो रहा है अगर चीटिंग तो वो गलत है। इट्स लाइक मुझे
(33:59) गुस्सा आ रहा है तो वो जस्टिफाइड है। बट अगर मैं चीजों को तोड़ रही हूं तो वो अनजस्टिफाइड हो गया। राइट? एक पार्टनर चाहता है लेट्स टॉक अबाउट इट। और दूसरा पार्टनर चाहता है गिव मी सम स्पेस। मुझे अभी इस बारे में बात नहीं करनी। बाद में बात करेंगे। क्या हुआ? कुछ नहीं। नहीं हुआ क्या? कुछ नहीं। पीपल रिमेंबर द मोस्ट हर्टफुल थिंग्स देयर पार्टनर्स सेड टू देम इयर्स अगो। वाइफ ने हस्बैंड को कह दिया कि तू कैपेबल ही नहीं है। तू बस सपने देखता है। वो नहीं भूलेगा क्योंकि इमोशनल इन्वेस्टमेंट बहुत हाई है। कैन यू फिक्स ओल्ड वूंड्स? आई वुड से यस। क्योंकि
(34:35) हम इन पूरे एपिसोड्स की मिनी क्लिप्स को टॉपिक वाइज एक दूसरे चैनल पे अपलोड करते हैं जिसका नाम है गुंजन टॉक्स क्लिप्स। इस चैनल पे आप कम टाइम में भी अपने फेवरेट टॉपिक को आसानी से रिवजिट कर सकते हैं। गुंजन टॉक्स क्लिप्स का लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। हिमेश वी आर टॉकिंग अबाउट रिलेशनशिप्स इनफैक्ट हमारी अपनी शादी को 11 साल हो गए हैं। इफ आई आस्क यू दिस क्वेश्चन टुडे व्हाट इज लव फॉर यू? इश्क, प्यार, मोहब्बत। डेफिनेशन सिनोनिम्स [हंसी] नहीं। एक्चुअली, एक्चुअली लव जो है ना वो एक डेफिनेशन रख नहीं सकता। क्योंकि लव की
(35:10) डेफिनेशन एज एंड स्टेज के साथ बदलती है। इट इज नॉट वन लाइन वन यूनिफॉर्म थिंग। एक एक डिफाइंड एक्सप्रेशन नहीं है। प्यार तभी तो शायद प्यार इतनी खूबसूरत चीज है क्योंकि वो बदलती है। फॉर एग्जांपल जब हम टीनएज में होते हैं अगर हम अपना टीनएज याद करें तो प्यार की डेफिनेशन क्या थी? उसका एक रिप्लाई दिन बना रहा है। उसने देख लिया यही एक स्पार्क क्रिएट कर रहा है। द फर्स्ट टच राइट और फर्स्ट हैंडशेक और फर्स्ट हग मेंट द वर्ल्ड। राइट? ये यही थी उस वक्त प्यार की डेफिनेशन। उसको आज इनफेस्टेशन कह दो, अट्रैक्शन कह दो, बटरफाई कह दो। राइट? ये
(35:46) प्यार की डेफिनेशन थी। प्यार दोस्ती है राहुल। प्यार दोस्ती [हंसी] है। एंड देन टीनएज के बाद प्यार, दोस्ती वाला सीन भी आता है कि जब आप 20ज में होते हो। व्हाट इज लव? आपकी लाइफ में बहुत कुछ हो रहा है। आप ड्रीम्स, करियर, एस्पिरेशन, पढ़ाई, जॉब वाली दुनिया में हो। इस भागते दुनिया में एक पॉज है लव। राइट? कि आई वास रनिंग थ्रू आउट द डे हियर इज माय पॉज लेट्स चिल लेट्स हैव सम गुड टाइम लेट्स वाच अ मूवी टुगेदर टॉकिंग अबाउट ड्रीम्स एंबिशंस फ्यूचर ये प्यार होता है के आगे क्या है लाइफ में इसकी डिस्कशन उस पॉज के अंदर ये प्यार होता है अब जब आप
(36:22) 30ज में आ जाते हो हमारी ऐज में प्यार की अगर आज आज मैं जो डिफाइन कर सकता हूं प्यार वेरिएबल्स की दुनिया में यह कांस्टेंट है एक राइट क्योंकि लाइफ में इतने वेरिएबल्स हैं इतने वेरिएबल्स हैं बिजनेस वेरिए वेरिएबल जॉब्स वेरिएबल होती हैं। सुबह बॉस के साथ क्या बात होनी है या आपके बिजनेस में क्या रेवेन्यूज आने हैं? प्रॉफिट एंड लॉस में क्या होना है? फैमिली डायनामिक्स में क्या होना है? जिंदगी वेरिएबल है। सरकार में क्या होना है? कब प्रोटेस्ट होना है? कब क्या होना है? एवरीथिंग न्यूज़ पूरी वेरिएबल है। कांस्टेंट तो चाहिए। कांस्टेंट है प्यार।
(36:51) ये मेरा कांस्टेंट है। यहां पे मेरी नॉन जजमेंटल स्पेस है। यहां पे आय कैन बी माइसे सेल्फ। व्हिच आन नॉट बी इन फ्रंट ऑफ़ माय बॉस। व्हिच आय कन नॉट बी इन फ्रंट ऑफ़ माफ़ एम्प्लोईस। इस वेरिएबल्स में जो कांस्टेंट है ना वह प्यार है। एंड देन व्हेन यू रीच 60 70ज हम अपने पेरेंट्स को देखें। अब क्या न्यूनेस होगी? है ना? सबने सब कुछ पता है। सारी जिंदगी के तजुर्ब शेयर्ड हैं। सब कुछ साथ जिया है। ना कोई बिल्डिंग टुगेदर, ड्रीमिंग टुगेदर वाली स्टेज है। कांस्टेंट की भी आदत पड़ चुकी है। 30 साल हो गए हैं। अब वो सुबह उठके एक साथ बालकनी में बैठ के
(37:23) चाय पीनी ना वो प्यार है। राइट? वो रात को दोनों वॉक पे निकले हैं और कह रहे हैं कि याद है हम वो याद है जब हम वहां गए थे ये प्यार है मेमोरीज प्यार मेमोरीज प्यार है वो एक सुबह की चाय प्यार है वो शाम की वॉक प्यार है वो शेयरर्ड एक्सपीरियंसेस प्यार है तो एक इतनी बड़ी फीलिंग को मैं एक लाइन में कैद नहीं करना चाहता मुझे ऐसा लग रहा है मेरे आगे इम्तियाज अली की मूवी चल रही है [हंसी] डू यू थिंक लव इज इनफ टू सस्टेन अ रिलेशनशिप नहीं लव इज नॉट इनफ। लव इज नॉट सफिशिएंट। एक बंदे को गाड़ियों का पैशन है। हम गाड़ियों का शौक है। बट गाड़ियों का शौक
(38:03) होना, पैशन होना, क्रेज होना डज नॉट मीन उसको गाड़ी चलानी आती है। गाड़ी चलाना एक स्किल है जो आप सीखते हो और पैशन एक आपकी अट्रैक्शन है टुवर्ड्स अ कार। लव फीलिंग है। रिलेशनशिप स्किल है। लव महसूस करते हो। वर्ब भी है, नाउन भी है, महसूस करते हो। बट रिलेशनशिप एक स्किल है जो आप सीखते हो। प्यार करना और प्यार निभाना दोनों अलग चीजें हैं। प्यार कर तो कोई भी सकता है। प्यार निभा हर कोई नहीं सकता। हाउ यू डील विद ईच अदर? हाउ यू आर एबल टू डील विद ईच अदर्स लॉ? आप अपने डिसअ्रीमेंट्स को कैसे हैंडल करते हो? आप अपने आर्गुमेंट्स पे कितना इमोशनली स्टेबल
(38:42) हो? आप कितनी जल्दी गिव अप कर गए, साइड हो गए या कितना आपने एफर्ट डाल के एक दूसरे के साथ कंपैटिबिलिटी बिल्ड करी। राइट? तो फीलिंग आ सकती है पर रिलेशन में जाना है तो अगेन यू हैव टू बेसिकली अंडरस्टैंड कि एक स्किल है। आपको बेटर ह्यूमन बनना है। आप राइट पार्टनर ढूंढते हो। आप राइट पार्टनर हो। एवरीवन सेज़ मुझे एक राइट पार्टनर चाहिए। हु क्वेश्चंस एम आई द राइट पार्टनर? तो स्किल तब डेवलप होगी जब आप भी किसी के लिए राइट बन रहे हो। आप भी अपने ऊपर काम कर रहे हो। दोनों मिलके काम कर रहे हैं। दैट इज व्हेन द रिलेशनशिप ग्रोस। एंड यहां से एक बड़ा प्यारा थॉट आ रहा है
(39:19) कि सबसेेंट चीज रिलेशनशिप है। कितने लोग टाइम इन्वेस्ट करते हैं स्किल को सीखने के लिए? एक किताब पढ़ी है ताकि जो किसी ने 20 साल 30 साल कपल्स पे रिसर्च किया है उसकी किताब पढ़ लूं और कुछ तो इंप्रूव कर लूं। कितने लोग अपने इमोशनल रेगुलेशन पे काम करते हैं कि यार एंगर इज नॉट जस्टिफाइड हाउ आई कैन कंट्रोल इट। मे बी 30 टका 30% 40% इंप्रूव कर लूं। सो ये थॉट होना कि प्यार फीलिंग है। रिलेशनशिप स्किल है। इतना बड़ा है क्योंकि स्किल आप सीखते हो और जब सीखते हो तो बेटर होते हो। तो अगर आपको अपना रिलेशनशिप बेटर करना है, आपको एज अ ह्यूमन बेटर बनना है। एंड आई वुड से
(39:48) दो चीजों पे इंप्रूव कर लो। सेल्फ अवेयरनेस एंड इमोशनल रेगुलेशन। अगर आप अवेयर हो, मेरे में एंगर इशू है या मेरे में इंपेशेंस है। मैं पज़ेसिव हूं या फिर मैं टू ब्रॉड हूं उसके उसको लगता है इसको फर्क ही नहीं पड़ता। बी अवेयर फर्स्ट स्टेप एंड इमोशनल रेगुलेशन। यह दो चीजें आपको अच्छा इंसान भी बना देती हैं, अच्छा पार्टनर भी बना देती हैं। प्यार एक फीलिंग है लेकिन रिलेशनशिप एक स्किल है और से स्किल सीखनी पड़ती है। हम कहते हैं वी आर मेड फॉर ईच अदर नहीं। वी आर बिकम वी एडजस्ट फॉर ईच अदर। वी आर एडजस्टेड फॉर ईच अदर। वी बिकम फॉर ईच अदर। राइट? मेड फॉर
(40:20) ईच अदर हो ही नहीं सकते। एक इंसान अलग घर से आ रहा है। एक इंसान अलग घर से आ रहा है। अलग वैल्यूज अपग्रिंगिंग थिंकिंग, पैटर्न्स, इमोशंस, जेंडर्स हॉर्मोन से आ रहा है। राइट? तो यू हैव टू बी एडजस्टेड फॉर ईच अदर। आपको थोड़ा ट्वीकिंग करके एक दूसरे के लिए एडजस्ट करना है। एक एनालॉजी देता हूं। मेरी बहुत फेवरेट एनालॉजी है। और इससे पूरे रिलेशनशिप को भी हम समझ सकते हैं। एंड एव्री कपल शुड आई थिंक लिसन टू दिस। लेट्स टॉक अबाउट टू पर्संस। ठीक? लेट्स गिव देम टू नेम्स। हम नितेश एंड गौरव। राइट? नितेश बहुत अच्छी गिटार बजाता है। मास्टर गिटार। ब्रिलियंट। क्या गिटार
(40:55) बजाता है? सब सुनते रह जाते हैं। गौरव बहुत अच्छी पियानो बजाता है। पानो बजाता है एकदम। यू गेट मेसमराइज्ड। बोथ आर ब्रिलियंट, बोथ आर अमेजिंग, बोथ आर बॉम, ऑसम, फैंटास्टिक, झकास बिंदास। अब दोनों को बोला गया जुगलबंदी करते हैं। एक स्टेज पे एक साथ परफॉर्म करते हैं। दोनों को एक स्टेज पे ले आए। कि तू गिटार बजा, तू पियानो बजा। क्या होगा? दोनों ब्रिलियंट है लेकिन भसड़ हो जाएगी। इफ दे हैव नॉट प्रैक्टिस्ड इट, इफ दे हैव नॉट बिल्ट द हार्मोनी। अगर उन्होंने एक दूसरे को समझा नहीं है, एक दूसरे के साथ बैठ के डिस्कस नहीं किया, कम्युनिकेट नहीं किया, कनेक्ट
(41:26) नहीं किया, कमिट नहीं किया कि लेट्स क्रिएट अ गुड हार्मोनी टुगेदर। राइट? दो ब्रिलियंट लोग फेल हो जाएंगे अगर हार्मोनी क्रिएट नहीं करेंगे। राइट? बेस्ट ऑफ टू पीपल, बेस्ट ऑफ़ आर्टिस्ट विल फेल इफ देयर इज नो कनेक्शन, कमिटमेंट और कम्युनिकेशन। सो दैट इज व्हाई, उन दोनों का आर्ट तभी परफॉर्म करेगा अगर वह एक दूसरे के तालमेल बिठाएंगे। एक दूसरे को अंडरस्टैंड करेंगे। सिमिलरली रिलेशनशिप तभी वर्क करेगा जब आप सिर्फ फीलिंग पे नहीं चलोगे कि हम दोनों बहुत अच्छे हैं। हम दोनों रिलेशन को कैसे अच्छा बना सकते हैं। हम दोनों के अच्छे होने से ज्यादा
(42:00) जरूरी है रिलेशनशिप का अच्छा होना। और वहीं पे अगर आपको स्किल बिल्ड करनी है तो आपको कन्वर्सेशन भी करनी है। राइट? आप पहले ही डिस्कस कर लो। फीलिंग तो बहुत बढ़िया है भाई। लाइफ में क्या चाहिए? आई वांट किड्स, आई वांट टू बी डंक। तो पहले ही डिस्कस कर लेते हैं। आई वांट टू स्टे इन इंडिया। आई वांट टू गो अब्रॉड। पहले डिस्कस कर लेते हैं। हां, माउंटेन बीच चलेगा। आई एम अ माउंटेन पर्सन। आई एम अ बीच पर्सन। एक साल माउंटेन चले जाएंगे। एक साल बीच चले जाएंगे। पर ऐसा तो नहीं कर सकते। एक साल बच्चे पैदा करेंगे, एक साल नहीं करेंगे। दिस डस नॉट हेल्प। एक साल
(42:26) फॉरेन चले जाएंगे एक साल। दिस मे नॉट हेल्प। सो आई थिंक द रिलेशनशिप नीड्स दिस स्किल बिल्डिंग, कम्युनिकेशन। नाउ, लेट्स अस्यूम दैट समबडी हैज़ फाउंड द राइट पार्टनर फॉर देमसेल्व्स। लव, कंपैटिबिलिटी, एवरीथिंग इज़ गुड। नाउ कम्स द एक्सपेक्टेशन पार्ट। अब दो लोग एक रिलेशनशिप में अलग-अलग चीजें एक्सपेक्ट कर रहे होते हैं। फॉर एग्जांपल, अगर एक फाइट होती है, तो एक पार्टनर चाहता है, लेट्स टॉक अबाउट इट। और दूसरा पार्टनर चाहता है गिव मी सम स्पेस। मुझे अभी इस बारे में बात नहीं करनी, बाद में बात करेंगे। अब ये जो एक्सपेक्टेशन मिसमैच होता है इमोशंस का
(43:04) ऐसे में क्या करना चाहिए? आपने जो इंसिडेंट बताया यह बहुत बार कपल कोचिंग कपल काउंसलिंग में मैंने सुना है और ये बहुत कॉमन है। एक पार्टनर होता है जनरली जिसको उसी वक्त बात करनी है, सॉल्व करना है कि भ झगड़ा हुआ है। लेट्स टॉक और एक पार्टनर होता है कि झगड़ा हुआ है। आई नीड साइलेंस। हमारे [हंसी] में हमारे में मैं हूं। लेट्स टॉक और आप हो। साइलेंस। कुछ देर शांति चाहिए। राइट? गलत दोनों नहीं है। एक को बात करके झगड़ा सॉल्व करना है। एक को बात ना करके झगड़ा सॉल्व करना है। एक को बात इसलिए करनी है कि झगड़ा और ना बढ़े। एक को बात इसलिए नहीं करनी कि अगर बात करी तो झगड़ा
(43:48) बढ़ ना जाए। दोनों गलत नहीं है। यह अंडरस्टैंडिंग होने में शायद टाइम लग जाता है। हमें भी लगा। आई थिंक वेरी इंपॉर्टेंट इज हेल्दी पॉज है या साइलेंट ट्रीटमेंट है। एक पार्टनर चुप हो गया कि अभी मुझे इसके बारे में बात नहीं करनी। इट्स अब्सोलुटली ओके। कब करनी है अगर यह क्लेरिटी हो जाएगी तो जिसको बात करनी है वो पॉज हो जाएगा क्योंकि पॉज तो अच्छी चीज ही होती है। अच्छा है क्योंकि जब झगड़ा हो रहा होता है ना इमोशनल फ्लडिंग कहते हैं हम इसको साइकोलॉजी में इमोशनल फ्लडिंग होती है। आई एम डाल एक्टिव होता है। हमारा लॉजिक काम नहीं कर रहा होता। हम पता नहीं
(44:16) क्या बोल रहे होते हैं कैसे रिएक्ट कर रहे होते हैं। एकदम सेल्फ डिफेंस मैकेनिज्म में होते हैं। तो पॉज तो बहुत अच्छी चीज है। तो आई वुड अप्रिशिएट दोज़ पार्टनर्स जो कहते हैं थोड़ा पॉज ले लेते हैं। बट इफ इट इज़ नॉट डिफाइंड इट कैन बी अ साइलेंट ट्रीटमेंट। हम और वो और और खराब है। बिकॉज़ दूसरा बंदा इज़ एन एंटीिसिपेशन कि कब तक करनी भी है वो बात करनी चाह रहा है तो उसको पता तो हो कि कितनी देर का पॉज है। सो इट शुड बी डिफाइंड कि देख जब हमारा झगड़ा होता है ना मुझे उस वक्त मेरे लिए साइलेंट रहना ही ठीक है। राइट? बट आई कैन अशोर कि हम बाद
(44:45) में बात कर सकते हैं। अभी झगड़ा हो रहा है। लेट्स टॉक आफ्टर 30 मिनट्स। एंड 30 मिनट बाद ना कन्वर्सेशन मच बेटर और मच हेल्दीियर ही होगी। तो मुझे लग रहा है पॉज प्रॉब्लम नहीं है। पॉज वाले लोग ज्यादा अच्छे रहते हैं आपके जैसे। राइट? बट द कम्युनिकेशन हैज़ टू बी देर कि अब भी बात नहीं करते थोड़ी देर बात करते हैं क्योंकि आपने झगड़ा सॉल्व कर लिया। आपने प्रॉब्लम सॉल्व करी। सो गोल सिर्फ झगड़ा सॉल्व करना नहीं है। प्रॉब्लम सॉल्व करना भी है। अगर आप चुप हो गए हो आपने झगड़ा तो रोक लिया। प्रॉब्लम नहीं रोगी ना तो वापस आएगी। सो इट इज़ गुड टू हैव अ हेल्दी कन्वर्सेशन।
(45:15) मे बी आफ्टर हेल्दी पॉज। सो लेट्स नॉट कॉल इट साइलेंस। मे बी द कपल्स कैन स्टार्ट कॉलिंग इट। लेट्स हैव अ हेल्दी पॉज। क्योंकि हम इमोशनल एक्सपेक्टेशंस की बात कर रहे हैं। तो पीपल आर वेरी डिफरेंट फ्रॉम ईच अदर। मैं अगेन एक एक सिनेरियो बताती हूं। लेट्स से वाइफ का मूड अच्छा नहीं है। आई विल नॉट से वाइफ। उस लड़की का मूड अच्छा नहीं है। बिकॉज़ वी आर टॉकिंग अबाउट ऑल काइंड्स ऑफ रिलेशनशिप्स। और दूसरे पार्टनर ने देख लिया कि इसका मूड अच्छा नहीं है। और उसने यह डिसाइड किया कि चलो लेट मी गिव हर सम स्पेस। बंदी को लग रहा है कि यार इसको पता है मेरा मूड अच्छा
(45:46) नहीं है। फिर भी मेरे से यह नहीं पूछ रहा। और उसको यह लग रहा है कि मैं उसको एक स्पेस देना चाहता हूं। वो भी सही है और यह भी सही है। यहां पर प्रॉब्लम क्या आती है दैट बंदी स्टार्ट्स जजिंग हर पार्टनर बेस्ड ऑन हाउ एक्यूरेटली ही कैन गेस कि क्या यह गेस कर पा रहा है कि मेरा मूड ठीक नहीं है और फिर यह मेरे से पूछ रहा है यह मेरे से पूछ क्यों नहीं रहा? यह मेरे से नहीं पूछ रहा। इसको मेरे से फर्क नहीं पड़ता। ही डजंट केयर एंड देन वो मन ही मन में कोल्ड वॉर स्टार्ट हो जाती है। एंड द इनोसेंट गाय नेवर गेट्स टू नो अबाउट इट। [हंसी]
(46:22) व्हाई डस दिस हैपन? व्हाट इज द सशन? तो 17 साल की लाइफ कोचिंग के एक्सपीरियंस के बेस पे और 30 से 40 रिलेशनशिप की बुक्स पढ़ी होंगी और कई क्लाइंट्स को कोच किया होगा। उसके बेस पे मैं ये कह सकता हूं कि इसका जो सलूशन है वो है ही नहीं। [हंसी] कोई सलूशन नहीं है इसका। [हंसी] सो रिलेशनशिप में सबसे चैलेंजिंग चीज क्या है? राइट? सबसे चैलेंजिंग जो साइकोलॉजी है, थ्योरम है, जो हाइपोथेसिस है, जो डेफिनेशन है वो है क्या हुआ? कुछ नहीं। [हंसी] नहीं हुआ क्या? कुछ नहीं। श्योर कुछ नहीं हुआ? नहीं हुआ। ओके। [हंसी]
(47:08) माइंड रीडिंग एक्सपेक्टेशन। रीड माय माइंड। [हंसी] हां ऑन अ सीरियस नोट दोनों की एक साइड है इसमें राइट व्हेन अ वुमेन इज नॉट एक्सप्रेसिंग नॉट एक्सप्रेसिंग वर्बली हम बट हमें नजर आ रहा है कि भाई कुछ है इसका दो वर्जन्स हैं। ठीक है? एक है बहुत बार ना बहुत लोगों की आइडेंटिटी सेलिंग है। बहुत बार बहुत लोगों का ना चाइल्डहुड इसमें इन्वॉल्व होता है। आई डोंट फील लाइक आस्किंग बिकॉज़ बचपन में जब कुछ मांगा था मिला नहीं था। बचपन में बहुत सारी चीजें विश करी थी मिली नहीं थी। एक्सप्रेस करी थी, मिली नहीं थी। आई डोंट वांट टू आस्क फॉर इट। गिव दिस टू मी।
(47:45) राइट? आई डोंट वांट टू से इट बट आई वांट इट। एक बड़ा रीज़ बहुत लोगों के केस में इसका चाइल्डहुड से लिंक होता है। नॉट जस्ट वुमेन इवन मेन। मेनी टाइम्स यहां मेल फीमेल की बात नहीं करता। बहुत बार अगर कोई भी हम पार्टनर सोच रहा है कि दूसरा मेरे माइंड को रीड कर ले। राइट? एक स्वीट पार्ट है इसका के अच्छा लगता है। हम कि मेरे पे उसका फोकस है। मेरे पे उसका इंटरेस्ट है। इट इज़ वन वे ऑफ़ लव के यू नो आई एम आई वांट समवन टू नोटिस मी। दैट शोज़ ही केयर्स ही और शी केयर्स फॉर मी। मैं नाराज हूं तो उसको फर्क पड़ा। यह हमें एक एक सेफ्टी फील कराता है।
(48:19) आई वांट हिम टू वांट मी टू गिव मी फ्लावर्स। बट आई डोंट वांट हिम टू नो दैट आई वांट हिम टू गिव मी फ्लावर्स। आई अग्री के देयर इज दिस साइड कि मुझे अच्छा ही लगेगा ना अगर मैं नाराज हूं और मुझे कोई पूछ रहा है। ये बचपन में भी तो हम ऐसे ही करते थे। अगर हम अगर मुंह सुझा के बैठे हैं और पेरेंट्स पूछते हैं तो अच्छा ही लगता है। बट अल्टीमेटली अगर मुझसे पूछो तो रिलेशनशिप में बहुत ज्यादा जरूरी है लर्न टू कम्युनिकेट। आई आई अंडरस्टैंड द स्वीट पार्ट। आई अंडरस्टैंड द चाइल्डहुड। बट हेल्दी रिलेशनशिप के लिए बहुत जरूरी है कि थोड़ा नाराज हुए थोड़ा
(48:57) हुआ ठीक है बट उसको इतना बड़ा टास्क मत बनाओ इतना बड़ा पहाड़ मत बनाओ क्योंकि दुनिया की कोई भी बूढ़े से बूढ़े लोग जिनके 50-50 साल के हेल्दी रिलेशन रहे हैं बड़े से बड़े रिस्चरर्स पीएचडी स्कॉलर्स बड़े से बड़े ट्रेनिंग प्रोग्राम्स दे ऑल से वन थिंग कम्युनिकेट कम्युनिकेशन बहुत इंपॉर्टेंट है कम्युनिकेशन फाउंडेशन है और अगर कम्युनिकेशन फाउंडेशन है हम तो जितना जल्दी कर लो उतना अच्छा है राइट राइट कुछ देर कुछ पल ठीक है, स्वीट है, रिस्पेक्ट होनी चाहिए। नोटिस भी करना चाहिए। अ गाय और अ गर्ल शुड नोटिस माय पार्टनर इज नॉट हैप्पी। पूछना
(49:30) भी चाहिए। ये प्यारी चीज है रिलेशन की। ये मस्ती है रिलेशन की। बट ये इतना स्ट्रेच नहीं होना चाहिए कि चार दिन तीन दिन हो गए जो मर्जी हो जाए। मुझे नहीं बताना। तुम खुद समझो। माइंड रीडिंग नहीं होगी। एक जीबीटी को भी ना प्र्प देनी पड़ती है। राइट? एआई एआई होके भी आपको नहीं समझ पाता। वो बेचारा इंसान तो क्या ही समझेगा ना। वह तो ह्यूमन [हंसी] है। एआई के पास तो लाखों ह्यूमंस की इंटेलिजेंस है। उसके पास बेचारी अपनी इंटेलिजेंस है। हम् सो इट्स गुड टू कम्युनिकेट। आई थिंक आई काइंड ऑफ़ हैव अ सलूशन फॉर इट इफ यू अलाओ मी टू। सो दिस कम्स फ्रॉम माय
(50:02) ओन लिव्ड एक्सपीरियंस। [हंसी] ऑफ़ 11 इयर्स ऑफ़ रिलेशनशिप। यू वुड नॉट वांट टू कम्यूनिकेट एव्रीथिंग। एंड वन शुड नॉट हाव टू ऑलवेज कम्यूनिकेट एव्रीथिंग बिकॉज़ देन यू लूज़ दैट दैट चाम्म एंड नॉवेल्टी एंड यू नो अनएक्सेक्टेड थिंग्स। सो, उसके लिए मुझे लगता है कम्युनिकेट। द काइंड ऑफ़ थिंग्स यू वुड वांट योर पार्टनर टू डू फॉर यू। कि पहले से यह बता के रखना कि मुझे ना यह सब चीजें पसंद है। मुझे सरप्राइजेस पसंद हैं। अगर मैं बता दूं तो मुझे सरप्राइजेस मिलेंगे और वो इट विल स्टिल बी सरप्राइजेस। या फिर मैं बता दूं कि मुझे सडन किसेस पसंद है तो मुझे
(50:38) मिल जाएंगी ना। अब वो रहेंगी तो सडन ही। या फिर मुझे सडन प्लान, सडन ट्रैवल, मुझे यह पसंद है। मुझे सरप्राइजेस नहीं पसंद। सो, दिस इज़ हाउ यू कैन कम्यूनिकेट विदाउट कम्युनिकेटिंग एक्साक्टली व्हाट यू। अब्सोल्युटली वेरी वेल सेड, वेरी वेल सेड। और शायद हमने बहुत सालों में यह सीखा है और जब से ये चीज आपने प्रैक्टिस करी है, मैंने प्रैक्टिस करी है, कम्युनिकेशन हमने जब इवॉल्व करी है, आवर रिलेशन हैज़ इवॉल्वड। राइट? सो, इफ समवन इज़ वाचिंग दिस पॉडकास्ट एंड आर इन द इनिशियल लेडर्स जहां पे अभी कुछ नहीं पे ही हफ्ता निकल रहा है कि कुछ
(51:08) नहीं हुआ। राइट? आई फील यस ये वाला तरीका बहुत अच्छा है कि कम्युनिकेट। मुझे लगता है अपनी नीड्स, वांट्स, डिजायर्स, एंबिशंस, एस्पिरेशंस यह कम्युनिकेट करनी बहुत जरूरी है। माइंड रीडिंग मत एक्सपेक्ट करो। इतनी अनप्रिडिक्टेबिलिटी मत डालो कि भई हर चीज गेस्ट वर्क से चले, वो अल्टीमेटली सही नहीं है। बट हर चीज़ के लिए इंस्ट्रक्शंस देनी पड़े वो भी सही नहीं है। ट्रू। [हंसी] व्हाई डस वन पार्टनर ऑलवेज फील दैट दे पुट मोर एफर्ट इन द रिलेशन? [हंसी] आई गेस, इफ आई एम नॉट रोंग, इट्स मोस्टली बोथ ऑफ़ देम। वेरी ट्रू। अगेन कपल काउंसलिंग में ये चीज
(51:44) बड़ी कॉमन है। अगर हस्बैंड को वाइफ को या बंदा और बंदी को अलग-अलग जब थेरेपिस्ट लेके जाता है अलग-अलग रूम में और पूछता है कि हु डू यू थिंक कंट्रीब्यूट्स मोर टू दैट रिलेशन? नहीं। राइट? तो दोनों को लगता है हम ज्यादा करते हैं। 70-80% तो रिलेशन मेरी वजह से है। उसकी वजह से 20 30% है। दिस इज वेरी कॉमन एंड सब थेरेपिस्ट ही एक्सपीरियंस करते हैं। सब काउंसलर एक्सपीरियंस करते हैं। सब कोचेस एक्सपीरियंस करते हैं। सो इसके पीछे साइकोलॉजी में एक टर्म यूज़ होती है। व्हिच इज कॉल्ड इकोसेंट्रिक पायस। सो हम लोगों को अपने बारे में जो डाटा है ना वो पूरा
(52:14) क्लियर होता है। हर इंच बाय इंच क्लियर होता है। मैंने इस रिलेशनशिप के लिए ये किया। जो हमने कभी कम्युनिकेट भी नहीं किया। सामने वाले को पता भी नहीं होगा। हमें तो पता है ना। सो वी हैव एव्री डिटेल अबाउट आवर एफर्ट्स। सामने वाले की कुछ विज़िबल एफर्ट्स। वो भी हम एक बायस के साथ देख रहे हैं। वो भी वो हमारी करेंसी में नहीं है। व्हेन आई से करेंसी आई मीन रिलेशनशिप में ना दोनों की करेंसी अलग है। द वे टू पुट एफर्ट्स इन रिलेशन कैन बी डिफरेंट। द करेंसी कैन बी डिफरेंट। फॉर एग्जांपल एक बंदी के लिए उसने सोशल चीजों का ध्यान रखा हुआ है या
(52:42) उसे घर का ध्यान रखा हुआ है या उसने एक वाइफ है जिसने हस्बैंड के रिलेटिव्स और अपने रिलेटिव्स का भी पूरा रिप्लाई करना, मैसेज करना, बर्थडे विश करना, गिफ्ट भिजवाना सब ध्यान रख रही है। बंदे को इस चीज से जरा फर्क नहीं पड़ता। वो कहता है कि मैंने आज तक नहीं किया। मुझे क्या फर्क पड़ता है? हु आर टॉकिंग अबाउट। [हंसी] राइट? ओके। एंड बंदा अपने तरीके से कुछ कर रहा है। मेबी उसने अपनी कोई एंबिशन छोड़ी हो फॉर द रिलेशन या वो दोनों अपने-अपने तरीके से एफर्ट्स कर रहे हैं। बंदे को अपनी एक-एक एफर्ट पता है कि मैंने अपना ये ड्रीम छोड़ा। मैंने अपनी ये एंबिशन के लिए
(53:12) किया। मैंने अपनी ये चीज करी। इस रिलेशनशिप के लिए मैं क्या-क्या कर रहा हूं। वाइफ को अपनी एक-एक चीज पता है। राइट? एक दूसरे के आधे तो नजर नहीं आते। आधे कम्युनिकेटेड नहीं है। एंड दैट इज वेयर द ईगोसेंट्रिक बायस कम्स के आई हैव डन सो मच फॉर दिस रिलेशन एंड द अदर पर्सन हैज़ नॉट। मैक्सिमम रिलेशनशिप्स में जहां दोनों का इंटेंट रिलेशन में रहना है, बिल्ड करना है, वहां पे दोनों कंट्रीब्यूट कर रहे होते हैं। दोनों की कंट्रीब्यूशन होती है। बहुत रेयर एक्सेप्शनंस होती है। कुछ होंगी जहां पे एक ही बंदे की पूरी कंट्रीब्यूशन है, दूसरा इंटरेस्टेड नहीं है। बट
(53:39) मेजोरिटी कपल्स बोथ आर ट्राइंग देयर बेस्ट। पहले तो ये समझना होगा कि हमें लग रहा है हमारा इगोसेंट्रिक बायस है कि मैं ही ज्यादा कर रहा हूं या कर रही हूं। दूसरा भी कर रहा है। वो अपनी करेंसी में कर रहा है। वो अपने तरीके से कर रहा है। वो अपनी जो उसको लग रहा है इस रिलेशनशिप के लिए जरूरी है। जो आप कह रहे हो मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता लेकिन दूसरे को दूसरे के लिए वो इंपॉर्टेंट है। हो सकता है उसके लिए एक बहुत बड़ा इट्स अ बिग डील फॉर द अदर पर्सन। तो पहले तो ये एक्सेप्टेंस होना कि वो अपने तरीके से कर रहा है। मैं अपने तरीके
(54:03) से कर रही हूं। दोनों को लग रहा है हम 70-80% कर रहे हैं। तो इट मींस 200% तो हो नहीं रहा। होगा तो 100% ही मिला के। तो दोनों कर रहे हैं। दूसरा रिलेशनशिप ना बहुत सारी स्टेजेस से निकलता है। किसी-किसी स्टेज में द परसेंटेज कैन बी ऊपर नीचे। हमेशा 50-50 होना जरूरी भी नहीं है। देयर कैन बी अ फज़ ऑफ़ लाइफ जहां पे अब मेल सेज़ कि इस टाइम मेरे लिए मेरी एंबिशन जरूरी है ये वाली। ये एक मेरा टाइम है। राइट टाइम चल रहा है मेरी एंबिशन को फ्यूल करने का। सो मे बी आई विल नॉट बी देयर एज 50%। आई विल बी देयर फॉर 20% तो आपको 70-80 डालना है।
(54:36) मोर अंडरस्टैंडिंग। एंड मे बी देयर इज़ अ फेस जहां पे एक फीमेल फील्स कि यार फॉर एग्जांपल मे बी फॉर एंबिशन मे बी वो फैमिली प्लान कर रही है मे बी शी इज़ शी इज़ एट अ स्टेज जहां पे उसकी बॉडी में कुछ ऐसे चेंजेस हो रहे हैं जहां पे शी कैन नॉट बी ऑलवेज देयर फॉर द रिलेशन वहां पर बंदे को वो 70% 80% वाला रोल प्ले करना है तो ये अगेन कम्युनिकेशन से होता है कि भ हम दोनों कोशिश कर रहे हैं ये क्लियर है और अगर इस वक्त मेरी कोशिश कम रहेगी तो मैं बता दूं कि ये एक स्टेज है जब तेरा रोल ज्यादा रहेगा ये जो विज़िबल बल और इनविज़िबल एफर्ट्स की
(55:09) आपने बात की कि मुझे अपने एफर्ट्स विज़िबल हैं बट सामने वाले के एफर्ट्स उतने विज़िबल नहीं है। इसका स्यूशन क्या है? क्या मैं यह मान के चलूं कि सामने वाला भी ज्यादा एफर्ट्स डाल रहा है या फिर सामने वाले को अपना एक-एक एफर्ट काउंट करवाने की जरूरत है। हाउ डस इट एक्चुअली वर्क? आई थिंक जिताना ना पड़े तो ज्यादा अच्छा होता है। उसका तरीका क्या है? कोई भी बायस जब हम साइकोलॉजी में बायस वर्ड यूज़ करते हैं। बी इट कन्फर्मेटिव बायस, बी इट इकोसेंट्रिक बायस, नेगेटिविटी बायस। ये जितने भी बायस है वर्ड ही बायस है। इट मींस आपकी आंखों के आगे एक फिल्टर लगा हुआ
(55:40) है जो आपका बायस क्रिएट कर रहा है। जो आपको कुछ चीजें ही दिखा रहा है। राइट? नेगेटिविटी बायस में आपको नेगेटिव ही नजर आ रहा है। कंफर्मि बायस में आप कंफर्म ही करते जा रहे हो। ईगोसेंट्रिक बायस में आप अपने डेटा पे ही इतने फोकस्ड हो कि सामने वाले को देख नहीं रहे हो। अगर आपके आंखों के आगे एक लेंस लगा हुआ है तो लेंस को हटाना इंपॉर्टेंट है। लेंस को हटाना मतलब इस नजरिए से देखना, इस थॉट से देखना कि देयर इज अ बायस जिसको मुझे ठीक करना है। मैं अपने ही एक चीजों के अंदर एक दुनिया बना के बैठा हूं। यूं बैठी हूं। मुझे सामने वाले के एफर्ट्स को एकनॉलेज करना,
(56:13) समझना, नोटिस करना। उस अपने लेंस को उधर लेके जाना, अपने फोकस को उधर लेके जाना। जस्ट लाइक कैमरा। एक चीज़ फोकस में होती है, एक डीफोकस में होती है। आपको अपनी एफर्ट्स फोकस में नजर आ रही है। दूसरी कि आप डीफोकस कर रहे हो। तो बायस हटाना मतलब मुझे अपना फोकस उधर भी डाल के देखना है। इधर भी डाल के देखना है। मुझे अपने कैमरे का अपर्चर आगे पीछे करके देखना है। इतना सा थॉट, इतनी सी अवेयरनेस, इतनी सी रियलाइजेशन आपको आपके पार्टनर के बारे में बता देगी क्योंकि वो आप ही का पार्टनर है। इतना मुश्किल नहीं है। जब आप देखोगे कि यार इसकी लाइफ में ना ये
(56:44) चीजें इंपॉर्टेंट है। एंड ही और शी इज डूइंग हम एट हिज और हर कैपेसिटी। याह। नजर आ जाता है। इतना कॉम्प्लेक्स होता नहीं है। बायस को इतना समझ लेना कि एक बायस है ना वह बायस को हटा देता है। आई थिंक वी हैव नोटिस्ड इट समवेयर ऑर दी अदर कि लोग जिसको प्यार करते हैं ना या जो उनका पार्टनर होता है जिसके वो सबसे नजदीक होते हैं वो उन्हीं से अपोलजाइज करने में सबसे ज्यादा देर लगाते हैं। बाहर के लोगों को वो जल्दी से अपोलजाइज कर देंगे। बट अपनों से ही माफी मांगने में इतनी देर क्यों लगा देते हैं? एक मेजर रीजन यह है कि जो स्ट्रेंजर है ना वहां क्या फर्क
(57:21) पड़ना है। ठीक है? एक सॉरी स्ट्रेंजर है। मेरे से कुछ हुआ। मैंने सॉरी बोल दिया। चैप्टर ओवर ना इससे मेरा प्रेजेंट पास्ट फ्यूचर लिंक्ड है ना मेरा इससे कोई बैगेज लिंक्ड है ना इससे कोई मेरे फ्यूचर को अफेक्ट होना है बट जहां पे आपकी इमोशनल इन्वेस्टमेंट हैवी है वहां पे सॉरी सिर्फ सॉरी नहीं है वो फाइव लेटर वर्ड नहीं है वो यूपीएससी के एग्जाम से भी मुश्किल चीज है वो थ्री लेटर वर्ड है ईजी ओ राइट [नाक से की जाने वाली आवाज़] यस ईगो बट नॉट जस्ट ईगो क्योंकि पहली चीज बाहर वाले को ना एक्सप्लेनेशन की ज्यादा हम टेंशन नहीं लेते क्या एक्सप्लेन करना ना गाड़ी राइट लेफ्ट
(57:57) हुई सॉरी खत्म इट्स इट हेल्प्स मी अ मैच्योर पर्सन वुड ईजीली से सॉरी बाहर ठीक है घर पे वो मैच्योर पर्सन ईली सॉरी क्यों नहीं बोलेगा दोनों को जनरली मोस्ट ऑफ़ द टाइम्स लग रहा है हम सही हैं जब हमें लग रहा है हम सही हैं तो सॉरी कहां से आएगी बैंडेड की तरह आ सकती है शांति डालने के लिए आ सकती है लेट्स से सॉरी एंड मूव ऑन ठीक है बट दिल से जो सॉरी है वो कहां से आ जाएगी जब आपको लग रहा है मैं भी सही हूं वो भी सही है मुझे लग रहा है मैं सही हूं उसको लग रहा है वो सही है तो दिल से सॉरी कहां आ जाएगी तो सॉरी से पहले इवन इफ आई एम मैच्योर एंड आई हैव लव्ड द पर्सन आई
(58:30) वुड फर्स्ट वांट टू प्रेजेंट माय साइड है ना इफ आई और शी हम साइड प्रेजेंट करने में जाएंगे तो वहां पे कंफ्लिक्ट और बढ़ेगा सॉरी का पोटेंशियल तो आएगा ही नहीं क्योंकि जब हम साइड प्रेजेंट करते हैं फिर दूसरा अपनी साइड प्रेजेंट करता है एंड ईजी नहीं जाती वो जर्नी और सॉरी नहीं आती। यहां हम यह सोच रहे थे कि चलो सॉरी बोल देते हैं खत्म करते हैं। बट क्या वो सॉरी मोमेंट्री है? प्रेजेंट है? उस सॉरी के तीनचार मीनिंग है। राइट? के इट मींस मैंने अपनी साइड नहीं रखी और मैंने गलती मान ली तो अगली बार भी मुझे साइड नहीं रखने दी जाएगी। मेरे को सॉरी बोलना होगा। ये ऐसे
(59:03) ही होना था। बट मेरा दिल से तो एग्रीमेंट नहीं है इस चीज से। मैं तो सिर्फ एक बैंडेड की तरह सॉरी लेके आया हूं। तो ये इतना इजी नहीं है कि आप सॉरी बोल दो क्योंकि आपने जो बोला है वो एक रिलेशनशिप के रूल को डिफाइन करेगा। वो ये डिफाइन करेगा कि ये चीज गलत थी और दूसरा सही था और आपका एक सप्रेस जर्नी शुरू करेगा। तो रिलेशनशिप के डायनामिक्स थोड़े कॉम्प्लेक्स होते हैं। इसलिए हम स्ट्रेंजर के साथ कंपेयर नहीं करें। हम अपनी बात करते हैं। है ना? के हमने अब विद द टाइम जब हमारा रिलेशन हैव वेंट थ्रू ऑल द रोलर कोस्टर्स एंड जब हमारे रिलेशन में
(59:33) एक चाम पार्क इवॉल्विंग शुरू हुई एंड व्हेन वी रियली फील के प्यार और ग्रो टुगेदर हुआ। तो एक चीज जो अच्छी हुई है वो ये है कि आफ्टर एन आर्गुमेंट राइट एट अ पॉइंट वी बोथ अपोलजाइज फॉर आवर ओन थिंग्स। क्योंकि झगड़े में दोनों ने कुछ ना कुछ गड़बड़ करी होती है। राइट? इशू बाद में एड्रेस करेंगे। लेकिन क्या गलत हुआ उसको पहले एक्सेप्ट कर लेते हैं। प्रॉब्लम थी बट मुझे वॉइस नहीं रेज करनी चाहिए थी। प्रॉब्लम थी मुझे ऐसा अटैक नहीं करना चाहिए था। प्रॉब्लम थी मुझे आराम से बात करनी चाहिए थी। वी ऑलवेज एंड समटाइम्स वी स्टिल डिसग्री। वी डिसएग्री
(1:00:04) वी स्टिल से कि गलती अभी भी तुम्हारी है। बट मैं मेरी आवाज तेज हुई उसके लिए आई एम सॉरी। सो दे दिस इज़ वैरी नाइस फ्रेमवर्क व्हिच इज ए आर। पहला है एकनॉलेज। ठीक है? वी कैन एग्री टू डिसएग्री। तेरा ए बी वर्जन अलग है, मेरा एबी वर्जन अलग है। लेकिन कुछ एरर मुझसे हुआ है, तभी झगड़ा हुआ है, कुछ तुझसे हुआ है। तो लेट्स एकनॉलेज। अगर कम्युनिकेशन असर्टिव नहीं है, अग्रेसिव है, तो जिसकी अग्रेसिव है, पहले वो अपोलजाइज कर ले ताकि आप वापस असर्टिव पे आ जाओ। दिस इज़ ऑल पार्ट ऑफ एकनॉलेजमेंट। अगर किसी से कररेक्टर अटैक हो गया है कि तू है ही ऐसा, तेरे तू सेल्फिश है,
(1:00:40) तेरे को फिक्र ही नहीं है, तुझे केयर ही नहीं है, तो पहले एकनॉलेज कर लो। करैक्टर अटैक हो गया है, इससे बात बिगड़नी है। लेट्स एक्नॉलेज। करैक्टर अटैक वाज रॉन्ग। आई एम सॉरी। टोन वाज़ रॉन्ग। आई एम सॉरी। कपल्स शुड स्टार्ट डूइंग इट के कुछ जो गड़बड़ हो गई उसको वापस ट्रैक पे ले आओ। वि द बॉस। हैव अ क्लीन फाइट। क्लीन फाइट। यस। एंड देन आल्सो यू कैन से आई कैन अग्री टू डिसएग्री। ठीक है? बट वो एक्चुअली बात तो इतनी सी होती है ना जो झगड़ा बड़ा होता है वो टोन, कररेक्टर, अटैक्स, मीनिंग से होता है। तो उनको तो साफ करो पहले और क्लीन फाइट ले लो। और फिर
(1:01:08) जनरली कोई खास बड़ी बात रहेगी नहीं। राइट? सो एकनॉलेज के बाद आता है अपोलोजाइज। एकनॉलेज करोगे तो अपोलोजाइज करोगे। आई एम सॉरी फॉर माय थिंग आई एम सॉरी फॉर योर थिंग राइट एंड देन वी कैन टॉक रिपेयर अगली बार इसको कैसे हैंडल कर सकते हैं अगली बार इसको कैसे फिक्स कर सकते हैं नेक्स्ट टाइम और उसकी कोई जल्दी नहीं है कि अभी सॉल्व करना है 10 20 मिनट 30 मिनट बाद वीकेंड पे सैटरडे को डेट पे जाके भी डिस्कस कर सकते हैं कि अगर ऐसा कोई इशू होता है हाउ वी हैंडल इट इट कैन बी अ फैमिली इशू इट अ फाइनेंसियल इशू इट कैन बी अ ट्रस्ट इशू हाउ वी कैन हैंडल इट सो अगर अगर हम
(1:01:38) एक्ननोलेज नहीं करेंगे तो अपोलोजाइज नहीं करेंगे अपोलोजाइज नहीं करेंगे तो रिपेयर नहीं करेंगे कुछ लोग होते हैं जो ना ऐसे सिचुएशंस में साइलेंट होना ही पसंद करते वो कहते हैं यार चुप ही रहो क्योंकि बोलेंगे तो कुछ गड़बड़ी होगी बात बढ़ेगी कौन पड़े इतने चक्कर में रादर जस्ट से स्टे साइलेंट एंड बी ओके विद इट इज इट अवॉयडेंस और इज इट मैच्योरिटी इफ इट इज टू [नाक से की जाने वाली आवाज़] अवॉयड इट इज अवॉयडेंस [हंसी] ओके इफ इट इज टू प्रिवेंट द इमीडिएट इमोशनल फ्लडिंग इमोशनल डिस्टरबेंस आर्ग्यू आर्गुममेंट हाई टोन कररेक्टर अटैक्स एंड
(1:02:18) वी कैन एड्रेस दिस लेटर देन इट इज मैच्योरिटी एज आई मेंशंड अर्लियर के झगड़ा खत्म कर रहे हो कि प्रॉब्लम खत्म कर रहे हो राइट साइलेंट ट्रीटमेंट हो गया झगड़ा खत्म कर दिया प्रॉब्लम खत्म नहीं करी तो सब इकट्ठा हो जाएगा ना माल फिर फटेगा बाद में तो प्रॉब्लम खत्म करना भी जरूरी है साइलेंस शुड नॉट बी द एस्केप द अवॉयडेंस इट शुड बी अ पॉज अ हेल्दी पॉज साइलेंट ट्रीटमेंट तो पनिशमेंट है तो इंटेंशन ही पनिशमेंट की है। हेल्दी बॉस कंस्ट्रक्टिव है। साइलेंट ट्रीटमेंट डिस्ट्रक्टिव है। वो रिलेशन का अल्टीमेटली नुकसान कर रहा है और हेल्दी बॉस रिलेशन को फायदा कर रहा है।
(1:02:54) ट्रू दैट या सो आई थिंक वी कैन ऑल इंट्रोस्पेक्ट इट इज अ गुड ओपोरर्चुनिटी फॉर एवरीवन वाचिंग दिस के हम हेल्दी बॉज लेते हैं कि साइलेंट ट्रीटमेंट देते हैं। साइलेंट ट्रीटमेंट दे वैसे ही कुछ गलत कर रहे हो। पीपल रिमेंबर द मोस्ट हर्टफुल थिंग्स देयर पार्टनर्स सेड टू देम इयर्स एगो। बहुत सारी अच्छी बातें भी बोली होती हैं। बट वो यूजुअली याद नहीं होता। बट हर्टफुल थिंग्स दे एकजेक्टली रिमेंबर वर्ड टू वर्ड। फर्स्ट ऑफ ऑल व्हाई डस दिस हैपन? एज ह्यूमंस हम सबके अंदर जनरली अगर हमने अपने ऊपर बहुत काम नहीं किया होता अपने माइंडसेट पे तो हमारे अंदर एक नेगेटिविटी
(1:03:29) बायस होता है कि हमें पॉजिटिव चीजें उतना याद नहीं रहती जितना नेगेटिव रहती हैं। बचपन के नेगेटिव इंसिडेंट्स जहां पे हमारे इमोशंस बहुत डीपली ट्रिगरर्ड होते हैं। यहां पे मैं अभी कपल के और रिलेशनशिप फाइट्स की बात ही नहीं कर रहा। बचपन के वो नेगेटिव किस्से हमें नहीं बोलते और वो जितने इंटेंस होंगे उतने याद रहेंगे। पॉजिटिव उतने याद नहीं रहते। वन बैड बर्थडे एंड 15 पॉजिटिव बर्थडेज आपका बैड बर्थडे का मेमोरी मोर विविड मोर क्लियर होगा व 15 गुड बर्थडेज। 365 डेज या चलो स्कूल में हम 250 दिन गए। 250 अच्छे स्कूल के दिन किसको याद है? जिस
(1:04:05) दिन बुली हुआ था बहुत गंदा और रोया था ना जब पूरी क्लास ने मजाक उड़ाया था। वो दिन भूलता नहीं है। सो वो नेगेटिविटी बायस है कि हमें नेगेटिविटी याद रहती है। एक नेगेटिव कमेंट पेन करता है। 50 पॉजिटिव कमेंट्स उतना हैप्पीनेस नहीं देते। एंड ये एक नेचुरल नेगेटिविटी बायस है जो हमारी जिंदगी में होता है। अब आप यह सोचो कि जिस इंसान के साथ फर्क पड़ता है। कपल राइट? बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, हस्बैंड, वाइफ, पार्टनर। यहां पे हमारी इमोशनल इन्वेस्टमेंट बहुत हैवी है। हमें इससे फर्क पड़ता है। राइट? हम इसके साथ जिंदगी बितानी है। अब इसने जब
(1:04:41) कुछ नेगेटिव बोला है तो क्योंकि फर्क पड़ता है तो मेरा बायस और ज्यादा है। वो और ज्यादा इमोशनली इंटेंस है। ट्रिगर कर रहा है तो इजी नहीं है मेरे लिए कि मैं उसको भूल जाऊं। मुझे वो ह्ट करता है। वी शुड वर्क ऑन इट। वी शुड फाइंड वेज़ टू वर्क ऑन इट। वी कैन डिस्कस दैट। बट बाय डिफॉल्ट हमारा मेजॉरिटी लोगों का नेगेटिविटी बायस ये चीज करता है कि हमें वो चीज नहीं भूलती। और क्योंकि हमें उसकी बातों से फर्क पड़ता है ना और अगर अगर उसने कभी कह दिया एक वाइफ ने हस्बैंड को कह दिया कि तू कैपेबल ही नहीं है तो बस सपने देखता है तो सपने देखता है तो ऐसे
(1:05:13) एक्शन नहीं होते वो नहीं भूलेगा क्योंकि इमोशनल इन्वेस्टमेंट बहुत हाई है। एक्सपेक्टेशन बहुत हाई है। एक सपने एक साथ देखे हैं। राइट? बाकी 100 चीजें भूल जाती हैं। तो क्योंकि ये बायस है। हम तो वी शुड एनश्योर कि हम पास्ट की चीजों को उसको फ्यूचर में लाएं। उसको बात करें, एड्रेस करें। डिड यू एक्चुअली मीन इट दैट डे? लेट्स ब्रिंग इट टू द कम्युनिकेशन, ब्रिंग इट टू द डिस्कशन। कई बार पार्टनर को पता भी नहीं होता कि उसकी पास्ट की एक बात उसको इतना ह्ट कर रही है। राइट? वो एक ट्रोमेटिक एक्सपीरियंस दे रही है। नॉट ऑलवेज बट नॉट ट्राइंग टू लूजली यूज़ द
(1:05:47) वर्ड ट्रॉमा बट एट टाइम्स इट इज़ अ ट्रॉमा। उसको पता ही नहीं है क्योंकि उसने पता नहीं किस ज़ोन में किस गुस्से में कररेक्टर अटैक कर दिया जो आपने कैरी कर लिया। तो यहां पे भी बहुतेंट है कि तेरी ये चीज मुझे आज भी ह्ट करती है। तेरी चीज मुझे आज भी तंग करती है। है मेरा नेगेटिविटी बायस। मैं इसको आराम से ठीक कर लूंगा या कर लूंगी। बट आज इसको रिसॉल्व करते हैं। अगर एक इंसान ने अपने पार्टनर के साथ इंटेंशनली या अनइटेंशनली या कुछ गलत कर दिया। इट कुड बी चीटिंग इट कुड बी सेइंग समथिंग कैन यू फिक्स ओल्ड वुंड्स। आई वुड से यस। क्योंकि वन आई एम
(1:06:22) ऑप्टिमिस्टिक ऑलवेज। मैं यह नहीं बोलूंगा। मुझे एंड ऑफ़ द वर्ल्ड नजर नहीं आता और एंड ऑफ़ द वर्ल्ड होता भी नहीं है। मैं इसको जनरल स्टेटमेंट नहीं कहूंगा कि हमेशा हो ही जाएंगे। वंड कितना गहरा है, कितना डीप है और कितना समय लेगा वह अलग-अलग है। इंटेंट टू फिक्स होगा। इंटेंट टू बी पेशेंट होगा। इंटेंट टू अंडरस्टैंड डीपली कि उस वूंड ने फील क्या कराया? उस वूंड ने आइडेंटिटी को कैसे ट्रिगर किया। टेकिंग दैट रिस्पांसिबिलिटी कि अगर मेरी वजह से वूंड हुआ है तो मुझे हील करना है, फिक्स करना है, चेक इन करना है, ठीक हुआ कि नहीं? ऑफकोर्स इट कैन। राइट? अब कोई बहुत
(1:06:55) गहरा घाव होगा। तो हम उसको 80% हील कर लें तो भी बहुत है, 70 कर ले तो भी बहुत है। छोड़ तो ना दें एटलीस्ट यह सोच के कि यह हील नहीं हो सकता। एंड आई आई फील कि बहुत लोग प्रोफेशनल हेल्प नहीं लेते। वो भी बहुत जरूरी होती है। मैं एज अ हस्बैंड और वाइफ, एज अ बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड मे नॉट बी द राइट पर्सन टू हील अ वूंड। राइट? दे मैंने दी। पर मैं इसका एक्सपर्ट नहीं हूं। मुझे हैंडल नहीं करना आता। ये चीज समझना भी बहुत जरूरी है कि मेरी वाइफ को मेरी वजह से कोई ए्जायटी, पैनिक, स्ट्रेस, ट्रॉमा, डिप्रेशन कोई भी रेंज स्पेक्ट्रम पे कुछ भी है। तो आई हैव
(1:07:31) ट्राइड, आई हैव अटेम्प्टेड। आई एम नॉट एबल टू फिक्स इट। बट आई कैन नॉट लेट इट गो। राइट? सो वहां पे प्रोफेशनल हेल्प भी जरूरी होती है। वहां पे थेरेपिस्ट के साथ बात करनी जरूरी है। वहां पे काउंसलिंग जरूरी है। कि हियर वी आर एज अ कपल। दिस इज द चैलेंज। राइट? आई अंडरस्टैंड वूंड मेरी वजह से हुआ। मुझे पास्ट में समझ नहीं थी। अनइटेंशनली हो गया। हम दोनों ने एक दूसरे को वंड्स दे दिए। हमारा पास्ट ऐसा है। वी आर अनेबल टू फिक्स इट बिकॉज़ वी आर नॉट एक्सपर्ट्स। हमारी पहली बार किसी के साथ हमने जिंदगी में पांच साल एक साथ बिताए हैं। जिसमें से पहला साल हमने बहुत घाव दे
(1:08:00) दिए हैं। और अब हम अगले 5 साल इंप्रूव करना चाहते हैं। इंटेंट है। यू एज एन एक्सपर्ट जो इतने कपल्स के साथ डील करता है। जिसने इस चीज की पढ़ाई करी है। जिसने 5 साल किताबें पढ़ी है और 500 लोगों के रिलेशंस ठीक किए हैं। मैं अपनी जर्नी क्यों अप्स एंड डाउन्स की लूं? और 10 साल वेस्ट करूं जिंदगी में। हेल्प मी आउट। टेक 10 12 सेशंस एंड हेल्प अस। तो एक्सपर्ट की हेल्प लेना, साइकोलॉजिस्ट, थेरेपिस्ट, साइकेट्रिस्ट इनकी हेल्प लेना बहुत इंपॉर्टेंट है। क्योंकि आप एक ब्यूटीफुल रिलेशन तक पहुंचने में 10 साल लगा दो और पहुंचना पता नहीं है। आप ट्राई करो,
(1:08:32) अटेम्प्ट करो। नहीं हो रहा। टेक वन सेशन एंड अंडरस्टैंड के कैन एन एक्सपर्ट हेल्प मी? वी हैव विटनेस्ड पीपल्स लाइफ गेटिंग चेंज्ड। आफ्टर अ सेशन। सो देयर इज़ अ थिंग कॉल्ड सेल्फ हेल्प। वन शुड ऑलवेज ट्राई कि मैं अपनी खुद की मदद कैसे कर सकता हूं। बुक हो सकती है, पडकास्ट हो सकता है, वीडियोस हो सकती हैं। दोस्त से बात हो सकती है। कुछ चीजें सेल्फ हेल्प से ठीक हो जाती है और कर लेनी चाहिए। राइट? योर फर्स्ट रिसोर्ट शुड बी सेल्फ हेल्प। बट कुछ चीजें डीप होती हैं। कुछ चीजें क्लीनिकल होती हैं। कुछ चीजों में एक्सपर्ट हेल्प रिक्वायर्ड होती है।
(1:09:01) कुछ चीजों में आप 5 साल में जहां पहुंचते हो एक्सपर्ट के पास एक्सपीरियंस नॉलेज एंड पढ़ाई है। वो आपको तीन महीने में पहुंचा सकता है। या आपने एक दो तीन बार ट्राई कर लिया एंड इट्स नॉट वर्किंग फॉर यू। तो इस केस में लोग एक्सपर्ट्स तक जाते नहीं है। इंडिया में या मेजरली बहुत जगह टैबू होता है। एंड वी बीइंग फ्रॉम दिस स्पेस एंड आई बीइंग फ्रॉम दिस स्पेस फ्रॉम पास्ट 17 इयर्स। सो इसलिए हमने आई एम वर्क का वन टू वन पर्सनलाइज थेरेपी ल्च किया है। जहां पे हमारी टीम ऑफ साइकोलॉजिस्ट है जो आपको समझती है। आपको हेल्प करती है। दे हैव दैट
(1:09:28) एक्सपीरियंस। दे हैव दैट क्वालिफिकेशंस कि आप जो भी प्रॉब्लम से डील कर रहे हो, रिलेशनशिप इशू है, ओवरथिंकिंग है, स्ट्रेस, ए्जायटी, डिप्रेशन, किसी भी तरह का प्रॉब्लम या फिर आप अपने आपको बेटर करना चाहते हो। सो दे एज एक्सपर्ट्स कैन हेल्प यू। कई बार ना ऐसा होता है कि बहुत छोटी सी चीज होती है। छोटा सा कोई आर्गुमेंट होगा कि यार मेरा फोन नहीं उठाया। मैंने मैसेज का रिप्लाई नहीं किया या फिर जस्ट कि ऐसे कैसे बात कर रहे हो। टोन ठीक नहीं लगी। बट ये छोटे-छोटे डिसए्रीमेंट या छोटा सा कोई आर्गुमेंट कई बार एक मैसिव फाइट में कन्वर्ट हो जाता है। एट टाइम्स ऐसा होता
(1:10:01) है कि बहुत बड़ी कोल्ड वॉर चल रही होती है। एक दूसरे से बात नहीं कर रहे। दो-द दिन हो गए हैं। ठीक से खा नहीं रहे हैं। दोनों का मूड ऑफ है। काम में फोकस नहीं कर पा रहे। और उसका रूट कॉज ना या जो उसकी जो फाइट की इनिसिएशन होती है ना वो बहुत ही छोटी सी बात होती है। नॉट अ बिग इशू। ऐसा क्यों होता है? आई थिंक अगर रिलेशन में आर्गुमेंट्स हैंडल करने आ जाए, डिसए्रीमेंट्स हैंडल करने आ जाए, कन्फ्लिक्ट्स हैंडल करने आ जाए तो एक मेजर पार्ट सॉल्व हो जाता है एक रिलेशनशिप का। राइट? क्योंकि डिफरेंसेस एंड डिस्टेंसेस छोटे-छोटे झगड़ों से शुरू होते हैं।
(1:10:36) छोटे-छोटे झगड़े ही रीजन बनते हैं जो एक बड़ा नुकसान क्रिएट कर देते हैं। स्मॉल थिंग्स कंट्रीब्यूट टू बिग थिंग्स। जो भी दो-तीन मेजर कारण है उनको अगर हम समझ लें और उनका सशन डिस्कस कर लें तो हर कोई अपने रिलेशनशिप को बेटर बना सकता है। राइट? हम एक कॉमन कपल के अंदर जो कंफ्लिक्ट होगा जैसे आपने कहा कि तूने मेरा मैसेज नहीं देखा। बहुत छोटी सी चीज है। राइट? बट इस छोटी सी चीज का मीनिंग क्या लिया जा रहा है? इज वेरीेंट। इट इज नॉट अबाउट द मैसेज। तूने मेरा मैसेज नहीं देखा। मैसेज ना देखना प्रॉब्लम नहीं है। कोई मैसेज में ऐसा कुछ नहीं लिख दिया के भाई क्यों नहीं
(1:11:12) देख लिया। राइट? इट इज अबाउट प्रायोरिटी। इट इज अबाउट इंपॉर्टेंस। इट इज अबाउट एकनॉलेजमेंट। इट इज अबाउट आई वांट यू टू सी, एकनॉलेज मी, नोटिस मी, गिव मी इम्पोर्टेंस। अब यहां पे दोनों का मीनिंग अलग है। एक के लिए मैसेज नहीं देखा मतलब आई एम नॉट इम्पोर्टेन्ट। आई एम नॉट योर प्रायोरिटी। यू डोंट थिंक अबाउट मी। एक के लिए एक मैसेज ही तो है। इसमें ये मैसेज मिस भी कर दिया तो क्या हो गया? मतलब नहीं देखा मैंने फ़। कितनी बड़ी बात हो गई। फ़ नहीं देखा। इतनी बड़ी बात हो गई तूने मुझेेंस नहीं दी। हम तो ये याद रखना कि हम जिस चीज पे झगड़ा कर
(1:11:48) रहे हैं उसका जो मीनिंग मैं सोच रहा हूं या सोच रही हूं वही दूसरा सोच रहा है। इज नॉट नेसेसरी। राइट? इट्स वेरीेंट कि हम थोड़ा ओपन होके एकनॉलेज करें। के हर चीज के मीनिंग अलग-अलग हो सकते हैं। द साइड इज डिफरेंट। इफ आई राइट थ्री हियर इट इज ई फॉर यू। राइट? एंड द सेम थ्री इज़ डब्ल्यू फॉर राधिका एंड समवन सिंगिंग हियर उसके लिए वो एम है। तो हम एक अल्फाबेट को ही चार एंगल से चार मीनिंग निकालते हैं। और यहां पे तो थोड़ी रिलेशनशिप में तो चीजें और कॉम्प्लेक्स होती हैं। तो उसके मीनिंग और ज्यादा कॉम्प्लेक्स हो जाते हैं। तो वी शुड फोकस ऑन द इमोशन इंस्टेड ऑफ द वर्ड्स।
(1:12:24) या इतना हम कर लेते हैं ना तो थोड़ा बेटर हैंडल कर पाते हैं। दूसरा रीजन जो बनता है वो है हम कहते हैं छोटी सी बात थी झगड़ा क्यों हो गया राइट इट्स लाइक बॉइलिंग द वाटर वो बॉईल जब हम करना शुरू करते हैं वो 23 30° से शुरू होता है 35 40 50 55 60 70 75 80 85 90 पानी सेम है कुछ नहीं बदला 98 99 100° के आसपास आपको बॉईल नजर आता है 100° तक पानी सेम है 1° क्या है छोटा सा 1° बट 1° पे बॉईल होता है। बॉईल होने पे स्टीम बनती है। स्टीम बनने से स्टीम इंजन चले जाते हैं। वो इतना पावरफुल होता है 1 डिग्री। सो एट टाइम्स रिलेशनशिप में पास्ट
(1:13:02) बैगेज होता है। पास्ट रिसेंटमेंट होती है। छोटी-छोटी चीजें जो हमने नहीं डिस्कस करी, नहीं शेयर करी। वो दब रही हैं। एक दूसरे को जज कर रहे हैं। एक दूसरे पे गुस्सा है लेकिन दबा लिया। दबा लिया, दबा लिया। अब तो छोटी सी चीज हुई थी। राइट? बट वो छोटी सी चीज पे हमारा वो 1 टू 100° एक साथ निकला। वो एक साथ बॉईल हुआ। वो स्टीम बना और इंजन चल पड़े हमारे इमोशंस के। राइट? सो इट दैट इज व्हाई इट इज वेरीेंट कि हम बहुत ज्यादा इकट्ठा ना होने दें। थर्ड जो मेरे एक्सपीरियंस में जो मैंने अब तक ऑब्जर्व किया है विद क्लाइंट्स विद विद ट्रेनिंग्स। हमारी ना एक एक ट्रेट है जो
(1:13:38) इंसानों को बदलना चाहिए। हम सबको बदलना चाहिए। वो है देखो हम डॉक्टर हो सकते हैं, इंजीनियर हो सकते हैं, क्रिएटर हो सकते हैं, पॉडकास्टर हो सकते हैं, एडिटर हो सकते हैं, राइटर हो सकते हैं। हम जज नहीं हैं। [हंसी] ठीक है? हम जज बनने की कोशिश करते हैं। हम दूसरे के एक्शन पर जजमेंट दे देते हैं। हम एक्शन डिस्कस नहीं करते। जजमेंट करते हैं। सेम एग्जांपल ले लेते हैं कि मैसेज नहीं किया। वो एक्शन नहीं डिस्कस कर रहे कि तूने मेरा फोन नहीं देखा। राइट? हम कह रहे हैं यू डोंट केयर अबाउट मी। तुझे मेरी फिक्र ही नहीं है। हम ये नहीं कहते कि इस
(1:14:10) वक्त ना तूने मेरे बारे में नहीं सोचा इस जगह। तो हम कहते हैं तू सेल्फिश है। एंड जब किसी के एक्शन की जगह कररेक्टर पे अटैक होता है ना तो हमारे अंदर का जो एनिमल इंस्टिंक्ट है ना वो फाइट और फ्लाइट पे आ जाता है। क्योंकि वो अटैक है। और हमारा ब्रेन अटैक पे यही सीखा है। शेर आया या लड़ लो या भाग लो। यही सीखा है। तो जब कोई कहता है तू सेल्फिश है तो आपने बहुत बड़ा अटैक डाल दिया। आपने एक चीज नहीं डिस्कस करी। अब यहां तो मैं साइलेंट ट्रीटमेंट और आई एम लाइक ऐसे कैसे बोल दिया मुझे सेल्फिश मैंने ये किया वो किया इस रिलेशन के लिए
(1:14:45) इतना किया हाउ कैन यू से सेल्फिश राइट सो वी आइदर फाइट ऑफ फ्लाइट बिकॉज़ द अटैक इज़ वेरी बिग सो आई थिंक वी शुड बी वेरी केयरफुल इतनी सी चीज इमोशनल रेगुलेशन में हमें सीखनी चाहिए कि हम जो कह रहे हैं वो इशू को एड्रेस करे वो एक्शन को एड्रेस करे वो करैक्टर अटैक ना करे राइट सो आई फील मीनिंग समझो समझो एक दूसरे का पास्ट हम पास्ट के जो ट्रेंड कच्चा बादाम गाना आज तो नहीं सुन रहे ना हम राइट या दो साल पुरानी न्यूज़ आज तो नहीं देख रहे ना हम तो हम पास्ट के इंसिडेंट्स को बार-बार क्यों रिलेशनशिप में लेके आते हैं राइट जो बीत चुका है उसको क्यों लेके आ रहे हैं सो
(1:15:22) वी एट ये भी एक रीज़न बन जाता है कि लोग लड़ाई हुई और पास्ट राइट आर्काई फोल्डर होता है एक अंदर [हंसी] कि अच्छा इस इंसिडेंट के रिलेटेड आज से चार महीने पहले 17 अप्रैल को भी यही चीज हुई थी आर्काई फोल्डर मत खोलो बोलो कररेक्टर अटैक मत करो ओपन रहो एक दूसरे के मीनिंग को लेके जजमेंट पास मत करो बेसिक्स है धीरे-धीरे होगा प्रैक्टिस के साथ होगा बहुतेंट चीज है पॉज के साथ होगा पॉज एंड थिंक आप क्या बोलने लगे हो इतने में आपको समझ आ जाएगा कररेक्टर पे नहीं जाना इंसिडेंट पे आना है पॉज एंड थिंक आपको याद आ जाएगा पास्ट की बात लाऊंगा या लाऊंगी तो गड़बड़ होगी
(1:15:56) प्रेजेंट की बात करते हैं पॉज एंड थिंक पॉज में आप दूसरे का मीनिंग भी समझने की कोशिश कर पाओगे कोशिश राइट हमेशा नहीं समझ पाओगे बट कोशिश बहुत बड़ी चीज होती है पॉज आपके लॉजिक को आगे ले आता है इमोशन को थोड़ा शांत करता है। एंड दैट्स आल्सो अ पर्पस। सो आई थिंक गलती करना और गलत इंसान होना दो अलग चीजें हैं। गलती हो गई है। लेट्स टॉक इट। इंसान गलत है नहीं। आप उसके साथ हो किसी रीज़न से हो। आपको पता भी है और पॉज करते आपको याद भी आ जाता है। नहीं तो अगले दिन याद आ जाता है कि यार बंदा तो सही है। ये एक नेचर का पार्ट है। एक फॉर्म
(1:16:27) ऑफ लव है। ये हर किसी के अंदर कुछ इंपरफेक्शंस है। ठीक है? तो ऑलवेज रिमेंबर के गलती हुई है। इंसान गलत नहीं हुआ। यहां पर मैं पर्सनल पर्सनल डेवलपमेंट भी शेयर करूंगी व्हिच वी रियली वर्क्ड ऑन। दिस यूज्ड टू बी अ वेरी बिग प्रॉब्लम विद मी दैट मैं स्पर ऑफ द मोमेंट या हीट ऑफ द मोमेंट में यू नो आई यूज्ड टू लेबल यू एट टाइम्स। यू डोंट डू दिस और यू आर लाइक दैट। बट देन आई रियलाइज्ड कि मुझे उस पर्टिकुलर इंसिडेंट और उस पर्टिकुलर मोमेंट को एड्रेस करना है ना कि आपकी आईडेंटिटी पे कोई टैग लगाना है। आई यूज्ड टू से दैट यू डोंट केयर फॉर मी। और अब
(1:17:06) मुझे पता है कि अगर एक मोमेंट पे मुझे केयर्ड फील नहीं हुआ तो मुझे उस मोमेंट की बात करनी है कि सी एक्सपेक्टेड कि इस टाइम पे मैं तेग के साथ थी और आप मुझे देख रहे थे तो यू कुड हैव एक मुझे पानी का गिलास दे देना चाहिए था बट डिडंट यू नोटिस दैट आई वास सिटींग देयर तो अब हम उस पर्टिकुलर इंसिडेंट की बात करते हैं सिचुएशन को डिस्कस करते हैं [हंसी] बट अर्लियर आई यूज्ड टू जस्ट लेबल यू लाइक दैट कि यू नेवर केयर फॉर मी एंड देन इट यूज्ड टू बिकम अ वेरी बिग फाइट। एंड एंड आई मस्ट अप्रिशिएट दिस थिंग के अपने बारे में कोई चीज को अवेयर होना और
(1:17:41) इंप्रूव करना। एंड हम दोनों ने कोशिशें करी है बट इस चीज के लिए फुल कोडोर्स एंड क्रेडिट टू यू कि आपने अपनी इमोशनल रेगुलेशन पे, अपनी पेशेंस पे, इन चीजों पे कमेंडेबल काम किया है। एंड आई मीन नोइंग योर वीक एरियाज एवरीवन हैज़। नोइंग योर वीक एरियाज एंड वर्किंग ऑन देम फॉर द सेक ऑफ रिलेशनशिप, फॉर द सेक ऑफ ग्रोथ। दिस आई मीन कडोस ये चीज मैं हर दिन ऑब्जर्व करता हूं कि ओल्ड गुंजन वर्सेस न्यू गुंजन में जमीन आसमान का फर्क है। [हंसी] और यही सारी क्रेडिट आई थिंक वी ऑफ कोर्स हम अपने शेयर अपने पार्ट के एफर्ट्स दोनों डालते हैं। एज वी से इफ वी वांट टू ग्रो
(1:18:18) इन अ रिलेशनशिप देयर इज नो अदर रूट। देयर इज जस्ट नो अदर वे। एक चीज जो आपने इम्प्रूव करी है आपने बताई। एक चीज जो मैंने इम्प्रूव करी है वो भी बताता हूं। आई वोंट से इंप्रूव किया है। बेसिक ही था। करना चाहिए था ये कि मैं ना इमोशन का आंसर लॉजिक से देता था। राइट? सो फॉर एग्जांपल अगर आपने कहा कि यार हम ना टाइम नहीं स्पेंड कर रहे। यू नो तो मैं इसकी इमोशन नहीं समझता था। मैं हिसाब किताब पे आ जाता था। यार लास्ट वेडनेसडे हम बाहर गए थे। उससे ये गए थे। यहां किया था। ये मतलब पिछला एक बैलेंस शीट सी लेके बैठ गए। कितना नहीं। उसके पीछे कारण यह
(1:18:51) नहीं है कि बताओ कब टाइम स्पेंड किया? कब करेंगे। प्लानिंग करने बैठ जाओ। ये सब सेकेंडरी है। प्राइमरी इज आई मिस यू। राइट? सो ट्राई टू अंडरस्टैंड द इमोशन बिहाइंड। मैं इमोशन नहीं समझता था। एक एग्जांपल दिया बट कई बार ये क्फ्लिक्टिंग चीजें भी होती थी जहां पे मैं इमोशन की जगह लॉजिक पे चला जाता था। तो मुझे लगता है वहां पे एक जो मैंने कहा फोकस ऑन द इमोशन। दिस इज समथिंग आई हैव आल्सो अंडरस्टुड एंड लर्नड एंड वी शुड शेयर कि हमने क्या-क्या सीखा है क्योंकि हर किसी को रोलर कोस्टर पे जाना जरूरी नहीं है। अगर इफ लर्निंग कर्व कैन बी शॉर्ट एंड इट्स ग्रेट। एक कपल
(1:19:21) रिलेशनशिप में है। इवन देन दे फील लोनली। अगर आपको कोई अपनी बात बता रहा है और आप फोन पे सुन रहे हो। इंटरेस्टेड नहीं हो ठीक है हां ठीक है। तो सामने वाला बात करके भी लोनली फील करेगा। और आप कहते हो पता है आज क्या हुआ? और दूसरा फोन रखता है और कहता है हां बता क्या हुआ? आप क्लोनली कैसे फील कर लोगे यार? आपको लगेगा यार यस आफ्टर दिस डे दिस इज माय मोमेंट। क्या एक कपल हैप्पी हो सकता है विदाउट बीइंग एक्साइटिंग? [संगीत] एक्साइटमेंट और हैप्पीनेस दो अलग चीजें हैं। अगर आप इन पॉडकास्ट के ऑडियो वर्जन्स को एंजॉय करना चाहें ताकि आप अपना काम करते
(1:19:51) हुए, वॉक करते हुए या फिर ड्राइव करते हुए भी इन एपिसोड्स का पूरा फायदा ले सके तो आप हमें स्पॉटिफाई पे फॉलो कर सकते हैं जिसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। व्हेन समबडी आस्क फॉर पर्सनल स्पेस? ठीक है? मैं पर्सनल स्पेस की बात कर रही हूं। मुझे मेरा पर्सनल स्पेस चाहिए। मुझे मेरा टाइम चाहिए। मी टाइम चाहिए। व्हाई डस इट फील लाइक अ रिजेक्शन। सामने वाले बंदे को दूसरे पार्टनर को ऐसा क्यों लगता है कि इसको मी टाइम चाहिए। इसको मेरे से भी पर्सनल स्पेस चाहिए। इसको मेरे से भी एक हटकर एक अपना वक्त चाहिए। और मुझे लगता है कि यह कन्वर्सेशन अब और
(1:20:25) ज्यादा होती है। अगर मैं पिछली जनरेशन की बात करूं तो यह कांसेप्ट्स डिस्कस नहीं होते थे बट नीड होती थी। प्रॉब्लम मीनिंग में है। प्रॉब्लम आस्क में नहीं है। मीनिंग गलत निकलता है। इसलिए वो रिजेक्शन फील होती है या फील कराई जाती है। मेरे को मी टाइम चाहिए। मेरे को अपने साथ वक्त चाहिए। हम का मतलब यह नहीं है मुझे तेरे साथ वक्त बिताने में प्रॉब्लम है। मीनिंग की इंटरप्रिटेशन गलत हो जाती है। इसको मी टाइम चाहिए। इट मींस इसको अब मैंेंट नहीं हूं। इसको मेरे साथ अच्छा नहीं लगता। इसको इसको मेरे साथ क्या प्रॉब्लम है? मेरे साथ कैफे जाने में क्या प्रॉब्लम है?
(1:20:56) अकेले कॉफी क्यों पीनी है? व्हाई अटैचिंग सो मेनी मीनिंग्स? अगेन एक इंसान को अगर 10 20 30 मिनट खुद के साथ बिता के बेटर फील होता है तो वो गलत नहीं है। आप उसका मीनिंग गलत ले रहे हो। एग्जांपल एक और है। अ कपल गोज़ ऑन अ ट्रिप। ठीक है? जनवरी में दोनों ट्रिप पे गए। मार्च में दोनों ट्रिप पे गए। मे वन ऑफ़ द पार्टनर सेज़ आइदर द गर्ल और द गाय के आई वांट टू गो अ सोलो ट्रिप। अब इसका मीनिंग दो है। एक है मेरे साथ ट्रेवल अच्छा ही नहीं लगता। जब मैं हूं तो इसको सोलो ट्रिप क्यों जाना है। मेरी कंपनी ठीक नहीं है। जब हम दो जिसमें एक जान एक साथ जाना चाहिए। राइट? वर्ज इज़
(1:21:32) कपल ट्रिप इज़ डिफरेंट एंड सोलो ट्रिप इज़ डिफरेंट। कपल ट्रिप इज अबाउट ईच अदर। कुछ तेरी प्रेफरेंस, कुछ मेरी प्रेफरेंस, कभी तेरे हिसाब से उठना, कभी मेरे हिसाब से सोना। एंड सोलो ट्रिप इज अ सेल्फ डिस्कवरी। सोलो ट्रिप इज़ डूइंग 100% अकॉर्डिंग टू यू। राइट? सोलो ट्रिप डज़ नॉट मीन आई हैव अ प्रॉब्लम इन दिस रिलेशनशिप। तो मैं कह रहा हूं प्रॉब्लम मी टाइम में नहीं है। प्रॉब्लम सोलो ट्रिप में नहीं है। प्रॉब्लम दोस्तों के साथ टाइम बिताने में नहीं है। प्रॉब्लम एक अकेले ड्राइव पर जाने में नहीं है। प्रॉब्लम अपने घर में कोने में बैठ के किताब पढ़ने में नहीं है।
(1:22:02) प्रॉब्लम है इसका मीनिंग ये ले लेना कि इसमें रिलेशनशिप क्वेश्चन पे डाल देना। इसमें अपने आप को क्वेश्चन पे डाल देना। इतना ओवर जज कर जाते हैं हम कई बार चीजों को। आई मीन आई डोंट थिंक देयर इज़ अ हार्म। अगेन इफ कम्युनिकेशन एंड कनेक्शन इज़ देयर, कमिटमेंट इज़ देयर, तो इट्स ओके टू हैव योर ओन स्पेस, ओन टाइम, इट इज़ हेल्दी। बस उसका मीनिंग कम्युनिकेटेड हो। कपल्स में मीनिंग कम्युनिकेट नहीं होता। मीनिंग कम्युनिकेटेड हो। और वह लिबर्टी ऑफ़ फ्रीडम देना चाहिए एक दूसरे को। कि तेरी इंडिविजुअलिटी रिस्पेक्टेड है। बांधा नहीं है हमने एक दूसरे को। वी डोंट हैव टू ग्रो
(1:22:34) अप पार्ट। वी हैव टू ग्रो टुगेदर। डू यू थिंक देयर इज़ अ प्रॉब्लम इफ समबडी इफ वन पार्टनर नीड्स दिस मी टाइम मोर देन ऑफेन। लाइक रेगुलरली मोर फ्रीक्वेंटली। कि मुझे तो हर महीने ही चाहिए। मुझे तो हर वीकेंड ही अपना अपने दोस्तों के साथ जाना है या मुझे हर क्वार्टर में एक सोलो ट्रिप चाहिए तो इज इट अ रेड फ्लैग वुड बी रोंग टू जज दिस विद वन लाइन राइट आई वुड से कॉजेंट है हम इफेक्ट डिस्कस कर रहे हैं दिस इज द इफेक्ट कि वो जा रहा है कॉज क्या है कॉज ये है कि रिलेशनशिप में अनहैपीनेस है तो यस इट नीड्स टू बी डिस्कस्ड कॉज ये है कि हम साथ में खुश
(1:23:11) नहीं है तो मुझे बार-बार वो टाइम चाहिए इट नीड्स टू बी डिस्कस्ड अगर कॉज यह है कि दिस पर्सन इज लाइक दिस। जैसे हमारी भी एक अंडरस्टैंडिंग है कि मुझे मॉर्निंग चाहिए। राइट? दैट डस नॉट मीन आई हेट मॉर्निंग विद यू। राइट? बट मॉर्निंग फ्यूल्स मी फॉर द डे। बट इवनिंग इज टुगेदर। तो अगर वो कॉज क्लियर है एक दूसरे को तो उसको हर हफ्ते एक टाइम दोस्तों के साथ चाहिए। एक इवनिंग दोस्तों के साथ चाहिए। लेकिन तीन इवनिंग्स मेरे साथ चाहिए। राइट? या उसको अपने फ्रेंड्स के साथ जाना है। लेकिन वो मेरे पास रहेगी बाकी तीन दिन मेरे साथ जाएगी। तो ये एक अंडरस्टैंडिंग नजर आई थी। मेरे
(1:23:46) से प्रॉब्लम होती तो ये नहीं होता। तो ये कॉज इफेक्ट वाली चीज है कि वी हैव टू अंडरस्टैंड कि कॉज क्या है? ये सब तो इफेक्ट्स हैं उसके। तो मुझे लगता है कि अगर कोई कह रहा है मुझे हर क्वार्टर सोलो ट्रिप पे जाना है। बट आल्सो मुझे उस क्वार्टर में एक बार या दो बार कपल ट्रिप पे जाना है तो शायद ये हेल्दी है। मुझे हर फ्राइडे दोस्तों से मिलना है लेकिन सैटरडे संडे तेरे साथ बिताना है तो शायद यह हेल्दी है। क्योंकि शायद दोस्त भी चाहिए और मी टाइम भी चाहिए। उसको क्या चीज ऑपरेट करती है? तो यहां पे कन्वर्सेशन कम्युनिकेशन विल हेल्प के भाई यू वांट योर
(1:24:15) मी टाइम बिकॉज़ देयर इज समथिंग रोंग बिटवीन अस? और यू वांट योर मी टाइम बिकॉज़ दिस इज़ हाउ यू ऑपरेट। देयर इज़ वन मोर वेरी कॉमन प्रॉब्लम व्हिच इज मोस्टली सीन इन रिलेशनशिप्स। जब एक कपल रिलेशनशिप में है। सब ठीक दिख रहा है। अच्छा दिख रहा है। इवन देन दे फील लोनली। उनका पार्टनर है। हर वक्त साथ है। ट्रैवल भी कर रहे हैं। एंजॉय कर रहे हैं। वीकेंड्स बिता रहे हैं साथ में। सब कर रहे हैं बट तब भी वो लोनली फील करते हैं। व्हाई डस दैट हैपन? आयरनी देखो कि हर कोई कहता है यार कोई होना चाहिए मेरी जिंदगी में। आई फील अलोन मेरी जिंदगी में कोई होना चाहिए। कोई हो
(1:24:48) और कितनी बड़ी आयरनी है। कितना डिसपॉइंटिंग है ये कि अब कोई जिंदगी में है और आप अभी भी अकेले हो। राइट? और यह होता है। आजकल और ज्यादा है। पीपल आर इन अ रिलेशनशिप एंड फीलिंग लोनली। अकेला होना और अकेला फील करना दो अलग चीजें हैं। आप अलोन नहीं हो तब भी आप लोनली फील करते हो। आप साथ हो आप दिन भर बात भी चल रही है आपकी। आप घर की ग्रोसरीज डिस्कस कर रहे हो या आप घर के एरंड्स डिस्कस कर रहे हो। एक बेड पे सो रहे हो। एक घर में रह रहे हो। बट स्टिल यू फील डिस्कनेक्टेड। आपको लग रहा है कि वो मेरे को एक अकेलापन खा रहा है। मेजर रीज़ व्हाई दिस इज हैपनिंग इज
(1:25:26) बिकॉज़ हम लोग बिजी हैं, ऑक्यूपाइड हैं। अपनी जिंदगी चला तो रहे हैं लेकिन एक चीज मिस कर रहे हैं वो है कनेक्ट। हम कनेक्ट बहुत जरूरी है। कपल साथ हैं। पूरा दिन डिस्कशंस हो रही है, बातें हो रही है बट कनेक्टेड हैं। हम टेक्नोलॉजिकली आज हम बहुत कनेक्टेड हैं। पूरी दुनिया से कनेक्टेड है। मैं यहां बैठे अपने यूएस वाले कजिन के साथ कनेक्टेड हूं। मेरा बेस्ट फ्रेंड ऑस्ट्रेलिया में है मनविंदर। मैं उसके साथ भी कनेक्टेड हूं। राइट? अभी मैसेज करूंगा। अभी वीडियो कॉल करूंगा। एक सेकंड में कनेक्ट हो जाऊंगा। बट जो दो लोग घर में साथ हैं, वह इतनी
(1:25:54) टेक्नोलॉजिकली कनेक्टेड दुनिया में आपस में डिस्कनेक्टेड हो रहे हैं। आई थिंक इफ यू आस्क मी वन वर्ड व्हाई पीपल आर फीलिंग लोनली बिकॉज़ दे आर टुगेदर बट दे आर नॉट कनेक्टेड। व्हाई आर दे नॉट कनेक्टेड? व्हाई इज देयर अ डिस्कनेक्ट? इवन व्हेन एवरीथिंग सीम्स टू बी गुड फ्रॉम द आउटसाइड? आई थिंक कनेक्ट के लिए ना एफर्ट होती है। क्या आपने एक बार पूछा एक दूसरे से? हाउ आर आर यू फीलिंग? इमोशनली कैसे चल रहा है? लाइफ में कैसे चल रहा है? हाउ वास योर डे? यह यह कितना खो रहा है? कितना मिसिंग है? क्या ऐसा कोई रिचुअल है कि रात को बैठ के 10 मिनट सिर्फ हम कनेक्ट कर रहे हैं।
(1:26:26) व्हिच मींस वी आर ट्राइंग टू अंडरस्टैंड द इमोशनल स्टेट ऑफ ईच अदर। वी आर ट्राइंग टू अंडरस्टैंड व्हाट द पर्सन इज गोइंग थ्रू। वी आर ट्राइंग टू अंडरस्टैंड उसका दिन कैसा रहा। हम एक दूसरे को सुन रहे हैं। उसका दिन सुन रहे हैं। अगर किसी को भी यह सुनते हुए जैसे आपको लग रहा है कि होता होगा क्योंकि हमारे बीच में होता है। अगर किसी को भी ये सुन के लग रहा है कि ये तो होता है। वो लोनली नहीं है। आप लोनली फील करते हैं। आई डोंट नो आप अपना बताओगे। आई डोंट फील लोनली इन दिस रिलेशनशिप। राइट? बिकॉज़ वी हैव दिस रिचुअल। तो बहुत सारे लोगों को सुन के लगेगा यार हम तो करते
(1:26:52) हैं। बट देन दे आर नॉट फीलिंग लोनली आल्सो। और जो लोनली फील कर रहा है ना उसकी लाइफ में इमोशनल चेक इन मिसिंग है। अगर आपको कोई अपनी बात बता रहा है और आप फोन पे सुन रहे हो इंटरेस्टेड नहीं हो ठीक है हां ठीक है तो सामने वाला बात करके भी लोनली फील करेगा और आप कहते हो पता है आज क्या हुआ और दूसरा फोन रखता है और कहता है हां बता क्या हुआ आप लोनली कैसे फील कर लोगे यार आपको लगेगा यार यस आफ्टर दिस डे दिस इस माई मोमेंट राइट जहां पे हम एक दूसरे के साथ दिन शेयर कर रहे हैं। देयर आर जस्ट सो मेनी थिंग्स व्हिच अ कपल शुड डू। [हंसी] ओके, दे शुड कम्यूनिकेट, दे
(1:27:21) शुड डू इमोशनल चेक इन, दे शुड कीप द स्पार्क अलाइव, दे शुड डू न्यू थिंग्स टुगेदर। इज देयर एनी फार्मूला फॉर अ हेल्दी रिलेशनशिप? गुड। क्योंकि इससे क्या होगा ना अभी तक लग रहा होगा बहुत कुछ करना है। टेक्निकली बहुत कुछ नहीं करना। टेक्निकली सब्जेक्टली क्या करना है? कैन यू टेल मी स्टेप बाय स्टेप? सो ओवर द इयर्स आफ्टर गिविंग सो मेनी ट्रेनिंग प्रोग्राम्स एंड सो मेनी कोचिंग्स एंड काउंसलिंग्स एंड स्टडिंग इमोशंस एंड रिलेशन आंसर इज़ स्टिल नो। नहीं [हंसी] द आंसर इज़ सो एक फ्रेमवर्क के फॉर्म में ना चीजें हमेशा याद रहती हैं। एग्जीक्यूट होती हैं और इतनी कॉम्प्लेक्स
(1:27:55) नहीं लगती कि यार यह भी करना है वो भी करना है। तो एक फ्रेमवर्क को समझते हैं। आई फील बहुत सारे फ्रेमवर्क हो सकते हैं। लेकिन एक सिंपल फ्रेमवर्क जो किसी भी रिलेशनशिप की बहुत स्ट्रांग फाउंडेशन हो सकता है। देयर आर थ्री सीज़ फॉर अ रिलेशनशिप। तो पहला जो सी है ना वो वही है जिसके बारे में अभी हम बात कर रहे थे और बार-बार उसकी बात करी। दैट इज़ सी कनेक्ट। कनेक्शन का मतलब साथ रहना नहीं होता। कनेक्शन का मतलब सेम बेड पे सोना नहीं होता। कनेक्शन का मतलब सेम डाइनिंग टेबल पे खाना नहीं होता। कनेक्शन का मतलब WhatsApp पे कनेक्टेड होना नहीं होता।
(1:28:22) कनेक्शन का मतलब है वी रियली नो व्हाट्स गोइंग इन योर लाइफ। हाउ आर यू फीलिंग? राइट? व्हाट इज योर इमोशनल स्टेट? वो वाला जो कनेक्शन है कि मुझे इसका अच्छा बुरा पता है। वो कोई बात बता रहा है या बता रही है। हम सुन रहे हैं। हम इनवॉल्व्ड हैं। राइट? वी आर इन्वेस्टेड इन ईच अदर। वो कनेक्शन है। इसके लिए ऐसा नहीं है कि आपको बहुत कुछ करना है। आप एक रिचुअल अगर रख लेते हो कि रात को हमने 10 मिनट सिर्फ हमारे हैं। ना वो बेबी टाइम है, ना वो फैमिली टाइम है, ना वो टीवी टाइम है, ना वो फोन या WhatsApp या Instagram टाइम है। वो 10 मिनट हमारे हैं जस्ट टू अंडरस्टैंड।
(1:28:58) हाउ वास् योर डे? जेन्युइनली हाउ वास् यूअर डे। हम व्हाट यू फेल्ट? राइट? हाउ योर डे, आज ऑफिस में, यो हाउ यू फेल्ट? हाउ आर यू फीलिंग? हाउ कैन आई मेक यू बेटर इफ यू आर नॉट फीलिंग गुड? यू लुक फॉरवर्ड के यार रात का वो रिचुअल जो है ना जैसे हमारी वॉक होती है, हम दोनों वॉक पे जाते हैं। एंड देयर वी टॉक, राइट? इट इज नो फोन वॉक, इट इज नो फैमिली मेंबर वॉक, इट इज नो टेक्नोलॉजी वॉक, इट इज जस्ट यू एंड मी 15, 20, 30 मिनट्स, वेयर वी जस्ट टॉक के दिन कैसा रहा, क्या चल रहा है, व्हाट इज बोदरिंग, व्हाट इज गुड? आई थिंक दैट इज़ व्हेन यू आल्सो गेट टू रियली अंडरस्टैंड
(1:29:34) योर पार्टनर एज़ वेल बिकॉज़ देयर हैव बीन टाइम्स। देयर हैव बीन डेज़ देन लेटस से आई एम नॉट इन अ वैरी गुड मूड और इट्स नॉट अ वैरी गुड डे एंड द एंटायर डे इवन इवन व्हेन वी आर क्रॉसिंग ईच अदर वी वुड नॉट नोटिस कि देयर इज़ समथिंग रोंग। बट इन दोज 15 मिनट्स जब हम अनडिस्ट्रैक्टेड अटेंशन दे रहे हैं एक दूसरे को वी नोटिस इमीडिएटली दैट समथिंग इज नॉट राइट एंड वी आस्क ईच अदर दैट ओनली हैप्पेंस व्हेन वी आर जस्ट गिविंग दैट टाइम टू ईच अदर एंड इस फास्ट बेस्ड वर्ल्ड में ना पूरा दिन पॉसिबिलिटी होगी भी नहीं ऑफिस है एंबिशंस हैं करियर है ड्रीम्स हैं फैमिली
(1:30:12) है सोशल लाइफ है बट जब आपको पता है ना कि वो 10-15 मिनट आपके हैं क्वांटिटी की जगह वो क्वालिटी आपके पास है तो यू एक्चुअली लुक फॉरवर्ड टू इट मतलब मतलब हम 1ढ़ घंटा जिम करने के बाद भी हम वो 20 30 40 मिनट वॉक करते हैं। वो फिटनेस के लिए थोड़ी ना कर रहे हैं। क्यों हम लुकिंग फॉरवर्ड होते हैं कि चलो वॉक पे चलते हैं। बिकॉज़ दैट इज आवर कनेक्शन टाइम। हमें पता है कि ये हमारा टाइम है। हमें हमें चाहिए ही नहीं कहीं और कनेक्शन बिकॉज़ ये कनेक्शन हमारे लिए हमेशा है। अगर लग रहा है कि बहुत कुछ करना है ना, आप उसी 10-15 मिनट में तीनों सीज कर सकते हो।
(1:30:40) आपको दिन में 50 एक्टिविटीज नहीं करनी। राइट? आप हफ्ते में एक दिन भी क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहे हो। आप तीनों सीज को जी सकते हो। सो सेकंड सी इज कम्युनिकेशन जिसकी बात हमने कई बार करी है। सबसे खराब चीज है अगर आपकी कम्युनिकेशन हेल्दी नहीं है, एक्टिव नहीं है। व्हेन आई से कम्युनिकेशन बहुत कुछ है इसके अंदर। राइट? कम्युनिकेशन इज व्हाट आई वांट? क्या एक दूसरे की एस्पिरेशंस, विशेस कम्युनिकेटेड है। कहां मुझे स्पेस चाहिए, कहां नहीं चाहिए, कम्युनिकेटेड है? आर वी फीलिंग दैट कंफर्ट कि हम एक दूसरे को बता पाए विदाउट जजमेंट, कम्युनिकेट कर पाए। अगर बोलने वक्त हमें
(1:31:16) ये स्ट्रेस है कि सामने वाला जज करेगा तो ये एक अनहेल्ी प्रैक्टिस है। ये एक हस्बैंड वाइफ, बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड दो पार्टनर्स को मिलके सोचना चाहिए कि हम कैसे बेटर कम्युनिकेशन कर सकते हैं। कैसे हम नॉन जजमेंटल कम्युनिकेशन कर सकते हैं। कैसे सामने वाला अपनी आस्क रख सकता है। कैसे मुझे उसके 10 मीनिंग नहीं निकालने। रिलेशनशिप में प्रॉब्लम्स आती है। जब बैगेज बनता है। बहुत सारे सप्रेशंस होते हैं। बहुत कुछ अंदर भरता है तो सोडा बॉटल की तरह वो भरता जाता है। भरता जाता है। एंड अल्टीमेटली फटता है। राइट? बट अगर कम्युनिकेशन हेल्दी है तो भरेगा ही नहीं
(1:31:46) तो भरेगा नहीं तो फटेगा नहीं कनेक्ट है राइट आप कम्युनिकेट कर रहे हो बट अगर थर्ड सी नहीं है तो आप गिव अप मार जाते हो फिर आप साथ रहते हो पर साथ नहीं होते व्हिच इज द कमिटमेंट इट इज जस्ट एन इंटेंशन कमिटमेंट डज नॉट नीड एनीथिंग कमिटमेंट इज़ एन इंटेंशन कि मेरी कमिटमेंट है इस रिलेशनशिप को ग्रो करना मेरी कमिटमेंट है इस रिलेशनशिप की तरफ मेरी कमिटमेंट है कि यह जो हमने डिसाइड किया मिलके कि हमें एक जिंदगी साथ बितानी है। ये नहीं हिल रहा। हम राइट? वो कमिटमेंट अंदर से जब है ना तो कनेक्शन एंड कम्युनिकेशन होता रहेगा। हम उसके लिए एफर्ट्स करते रहेंगे। हम लड़ेंगे,
(1:32:26) झगड़ेंगे, सीखेंगे, सुधरेंगे बट चलते रहेंगे। बट अगर ये कमिटमेंट हिल गया, व्हिच इज़ जस्ट एन इंटेंशन, जस्ट अ थॉट, जस्ट अ भावना, जस्ट एन इमोशन। जस्ट अ फीलिंग। अगर ये कमिटमेंट हट गया तो कहां से करोगे कम्युनिकेट? कहां से करोगे कनेक्ट? हम तो देखा जाए व्हाट इज़ दिस इज़ नॉट कॉम्प्लेक्स। इट कैन बी अ 10 मिनट रिचुअल, इट कैन अ वॉक, इट कैन बी अ बेड रिचुअल, इट कैन बी अ इवनिंग रिचुअल, इट कैन बी अ मॉर्निंग रिचुअल, व्हाटएवर वर्क। इट कैन बी अ डेट कि यार हफ्ते में एक दिन जाएंगे कॉफी पे आधा [नाक से की जाने वाली आवाज़] घंटा बैठ के कम्युनिकेशन। लेट्स जस्ट नो के यार हाउ आई
(1:32:55) कैन बी बेटर पार्टनर व्हाट आई एम डूइंग राइट, व्हाट आई एम नॉट डूइंग राइट? व्हाट इज द एक्सपेक्टेशन आउट ऑफ दिस रिलेशनशिप। ये हर बार भी नहीं करनी पड़ेगी। बट इट्स जस्ट के कभी-कभी होती रहे। इसका एक और रीजन है कि जब हम शुरुआत करते हैं ना रिलेशनशिप तो हम एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं। राइट? यह प्रोसेस तो किया होता हमने कम्युनिकेशन का। तो फिर गड़बड़ क्यों होती है? गड़बड़ इसलिए होती है कि एक बंदा या एक बंदी अपनी लाइफ में ग्रो करती है। वो नई स्किल भी सीख रहे हो, नई किताब भी पढ़ रहे हो, नए दोस्त भी बन रहे हो, कुछ ऑफिस सिखा रहा है। कुछ लाइफ के धक्के सिखा
(1:33:26) रहे हैं। कुछ विज़डम सिखा रहा है। कुछ खुद की एनलाइटनमेंट हो रही है। समझ रहे हैं जिंदगी को। तो आपने जिससे प्यार किया था, जिसको जाना था वो 2 साल बाद अलग है। वह 5 साल बाद अलग है। वह 10 साल बाद अलग है। तो आपको बार-बार जानना जरूरी है। हम यू हैव टू कीप नोइंग ईच अदर। उसने कुछ रियलाइज किया है लाइफ में जो उसकी लाइफ के फंडामेंटल्स को हिला रहा है और आपको पता ही नहीं है। सो विथ द ग्रोइंग रिलेशन द नोइंग ईच अदर शुड कीप हैपनिंग। या दैट इज वेयर अगेन कनेक्ट कम्युनिकेशन एंड कमिटमेंट इजेंट। ब्यूटीफुल। आई वांट टू ज़ूम इन अ लिटिल बिट
(1:34:04) इनटू कम्युनिकेशन बिट। शुड पार्टनर्स टेल एवरीथिंग टू ईच अदर? शुड दे कम्युनिकेट ईच एंड एवरीथिंग? इज इट रियलीेंट कि वो अपने लाइफ की हर एक छोटी बड़ी चीज, हर एक छोटा बड़ा थॉट और हर एक छोटा बड़ा इमोशन शेयर करें अपने पार्टनर के साथ। इज इट एडवाइसेबल? इट इज समथिंग दे शुड डू। फिल्मी आंसर? यस। [हंसी] प्रेक्टिकल आंसर? नो। व्हाई नो? सुनने में अच्छा लगता है। हर चीज शेयर करो। हर चीज पता हो। माइंड में जो है वो सामने हो। एक नो फिल्टर्स, नो लेयर्स वी कैन वी शुड बी ट्रांसपेरेंट एंड वन शुड नो एवरीथिंग। जरूरी नहीं है वो हेल्दी हो।
(1:34:44) राइट? वो अनहेल्दी भी हो सकता है। आपकी अपनी एक इंडिविजुअल लाइफ है, इंडिविजुअल थिंकिंग है, इंडिविजुअलिटी है जिसमें हर चीज आप टेबल पर रखनी नेगेटिव हो सकती है। यहां पे समझना यह जरूरी है। प्राइवेसी हम और सीक्रेसी दो अलग चीजें हैं। हम [हंसी] इंटरेस्टिंग। राइट? ओके। प्राइवेसी इज़ ये बात है मेरे पास। मैं नहीं भी बताऊंगा तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बिकॉज़ ये हमारे रिलेटेड नहीं है। इट्स नॉट अ शेयर्ड एक्सपीरियंस। हम एग्जांपल के मेरे ऑफिस के एक टीम मेंबर ने अपनी लाइफ का कोई चैलेंज मुझसे शेयर किया। अब मेरी जिंदगी में जो भी है वो आपको सब
(1:35:19) पता होना चाहिए। मैं आपको आगे बताऊं कि पता है आज उसकी लाइफ में क्या हो रहा है। नॉट नेसेसरी वो उसकी लाइफ है। उसने एक ट्रस्ट में शेयर किया है मेरे साथ। उसने एक नॉन जजमेंटल स्पेस में मेरे साथ किया है। राइट? तो जरूरी नहीं आपको पता हो। मेरे मेरे दोस्त ने कुछ मुझे बोला ऐसा जो उसकी जिंदगी का है। जरूरी नहीं आपको पता हो। पर हमारे बारे में कुछ है। मैंने कोई ऐसा फाइनेंसियल ब्लंडर कर दिया है जिससे हमारा फ्यूचर अफेक्ट हो सकता है और मैं इसको छुपा रहा हूं आपसे। यह सीक्रेसी है। यह प्राइवेसी नहीं है। सो व्हाटएवर इज इनवॉल्विंग अस दैट शुड बी ओपन। एक बंदा
(1:35:49) किसी और बंदे के साथ रोमांस कर रहा है और बता नहीं रहा। इसको मैं प्राइवेसी नहीं कहूंगा। इसको सीक्रेसी कहूंगा बिकॉज़ एक आप रिलेशनशिप में हो और आप कुछ छुपा रहे हो। ठीक है? बट किसी ने कोई बात मुझे बताई। कोई ऐसा एक्सपीरियंस सुनाया और मैं आपको नहीं बता रहा। इट्स ओके। छुपाना और ना बताना में फर्क है कि भ आई हैड अ डे जहां पे मुझे आपकी कोई चीज ठीक नहीं लगी जहां पे मैंने कुछ फील किया जो इट्स वैरी पर्सनल एंड प्राइवेट मेरा रोलर कोस्टर ऑफ इमोशंस था जिसको मैंने डील कर लिया और मैंने अपने जर्नल में डाला या मैंने अपने ज़हन में रखा
(1:36:22) मैंने नहीं बताया तो इट माइट आल्सो बी इन फेवर ऑफ रिलेशन इट नॉट नेसेसरी इज अ रोंग थिंग बट व्हाट इफ देअर समथिंग व्हिच इज प्राइवेसी फॉर डू बट सीक्रेसी फॉर मी लाइक सीक्रेसी प्रवेसी कई रिलेशंस में तो जस्टिफाई फिर भी हो जाएगा स्पेशली जब हम ऑफिस कोलीग्स एम्प्लाइजस की बात करेंगे बट व्हेन इट कम्स टू फैमिली मेंबर्स लेट्स से किसी को किसी रिलेटिव ने कुछ बोला है तो क्या वहां पर भी हम बोलेंगे कि यह एक प्राइवेसी है आई डोंट नेसेसरीली नीड टू शेयर दिस विद माय पार्टनर प्राइवेसी सीक्रेसी इतनी इजीली डिफाइन नहीं होगा कम्युनिकेशन होगी इसमें भी कि
(1:36:58) देख तेरे लिए यह प्राइवेट था बट आई फील इट इज इट शुड बी शेयरर्ड बट यह थॉट को ही डिसएग्री कर देना कि कुछ प्राइवेट होगा ही नहीं। हर चीज़ शेयर होनी ही चाहिए। एक फंडामेंटल ये है कि नहीं देयर कैन नॉट बी इंडिविजुअलिटी। वी आर वन। ठीक है? एक फंडामेंटल है वी आर टू इंडिविजुअल्स इन अ रिलेशनशिप बट आई नीड टू नो दिस। और इस बार तूने ये नहीं बताया तेरे लिए ये छोटी चीज थी। मेरे लिए बड़ी चीज थी। अगेन करेंसी। तेरी करेंसी अलग है। मेरी करेंसी अलग है। बट वी कैन कम्युनिकेट ईच अदर कि ऐसा हर सिचुएशन मुझे पता होनी चाहिए। एक एग्जांपल लेते हैं।
(1:37:25) अपने रिलेटिव्स की एग्जांपल ली। तो एक घर-घर की कहानी वाली एग्जांपल ले लेते हैं। आई थिंक इट विल बी सुपर रिलेटेबल टू मैन। एक बंदा है। उसकी मदर ने उसकी वाइफ के बारे में कुछ बोला। आउट ऑफ एंगर बोल दिया। आउट ऑफ इरिटेशन बोल दिया। आउट ऑफ़ फ्रस्ट्रेशन बोल दिया। व्हिच प्रोबेबबली शी मेंट और डिड नॉट मीन वो बाद की बात है। हमारे बीच में तो सब शेयर होना चाहिए। वो बंदा जाता है अपनी वाइफ को सब बता देता है। अल्टीमेटली वो नेगेटिव भी हो सकता है घर के एनवायरमेंट के लिए। मुझे लगता है सालों से सदियों से बहुत सारे परिवार, बहुत सारे घर सिर्फ भारत में नहीं पूरी
(1:37:57) दुनिया में। इस रीजन से भी चलते हैं कि घर में जो हर चीज किसी इमोशन में बोली गई एंगर में बोली गई वो आके बंदा अपनी पार्टनर को बता रहा है क्योंकि हमारे बीच ऐसा नहीं होता जिस वजह से कई बार हेल्दी लाइंस मेंटेंड रहती हैं। अब यहां पे अगर उस रिलेशनशिप की एक्सपेक्टेशन है। अगर वाइफ ने बोला है कि आई एक्सपेक्ट कि मेरे बारे में अच्छा हो, बुरा हो, मुझे सब पता होना चाहिए। कम व्हाट मे तो वो एक डिस्कशन है, कन्वर्सेशन है, कम्युनिकेशन है। अब बताना चाहिए बिकॉज़ इट्स अ पैक्ट नाउ। इट्स एन एग्रीमेंट नाउ। बट एट टाइम्स ना बता के वो एक रिलेशन बिटवीन द फैमिली भी मेंटेंड
(1:38:29) रहता है और रहता है। मतलब यह एक फैक्ट है। मैंने एग्जांपल बंदे के लिए इट कैन गो वेरी ऑोजिट के एक बंदी अपने ससुराल गई है और उसके बाप ने उसके पति के बारे में कोई कमेंट पास किया। उसने अपने पति को वो कमेंट नहीं शेयर किया। उसकी सेल्फ रिस्पेक्ट को बचाया। उसने वहां पे जो बोला जो फाइट हुई नहीं बताई कि व्हाई शुड यू नो? आई हैव सॉल्वड इट। राइट? एंड यहां पे वो कहे कि नहीं मुझे पता होना चाहिए था। अगर एक्सपेक्टेशन है भाई जो मर्जी हो मुझे पता होना चाहिए। ठीक है। द इंटेंट इज़ वेरीेंट। मेरा इंटेंट क्या है? मेरा इंटेंट रिलेशन के फेवर में
(1:38:58) है। मैं एक मैं जो कह रहा हूं बहुत लोग डिसए्री कर सकते हैं। लेकिन क्या रिलेशनशिप मतलब दो लोग एक हो गए हैं कि ये एक फिल्मी बात है। अगर हम ये समझेंगे दो लोग एक हैं तो आई थिंक अनहेल्ी चीजें भी हो जाएंगी। अगर हम प्रैक्टिकल बात करें दो इंडिविजुअल्स आर ट्राइंग टू बिल्ड समथिंग टुगेदर। दैट इज अ रिलेशनशिप। हम बोल सकते हैं कि वह एक हो चुके। वो एक नहीं हुए। दोनों के प्रेफरेंसेस, चॉइससेस, एंबिशंस, एस्पिरेशंस, थिंकिंग, चाइल्डहुड पैटर्न्स अलग हैं। सो दे आर ट्राइंग टू डू समथिंग टुगेदर, वर्कआउट अ रिलेशनशिप टुगेदर, अंडरस्टैंडिंग ईच अदर। इस बीच दोनों की
(1:39:32) इंडिविजुअलिटी है। दोनों की अपनी इमोशंस हैं। बट हम रूल ऑफ़ थम नहीं लेके चल सकते कि हर चीज शेयर हो ही हो, हर इमोशन एक्सप्रेस हो ही हो। मुझे आप पे गुस्सा आ रहा है एग्जांपल के लिए। मैंने आपको बताया भी नहीं। ठीक? अपने आप से कर लिया। तो क्या मैं अब प्रीविसी रख रहा हूं? नहीं। आई थिंक आई एम एन इंडिविजुअल हु वाज़ एबल टू रेगुलेट द इमोशंस विदाउट टेलिंग यू कि आई वास एंग्री ऑन यू एंड नाउ आई एम ओके विद यू। नॉट एव्री सिचुएशन आई नीड टू ब्रिंग टू द टेबल। एवरी फीलिंग बैड। आई डू नॉट नीड टू टेल। आई एम फीलिंग बैड। फिर तो मैं लड़ता ही रह जाऊंगा या लड़ती ही रह
(1:40:03) जाएगी बंदी। हम नहीं बताते हर चीज। मैं यही कह रहा हूं। हम रखते हैं अपने तक। तभी वो हेल्दी रहता है। सी हियर द डिफरेंस इज़ इन द इंटेंट। एक इंटेंशन यह होना कि यह एक बात है जो मेरी किसके साथ हुई है। बट यह मुझे नहीं बतानी है। एंड व्हाट इफ चार दिन बाद कहीं से वो बात किसी को पता चलती है तो फिर आता है कि अब अगर तुझे पहले से पता था तो तूने मुझे यह बताया क्यों नहीं? एंड स्पेशली मेरा जो क्वेश्चन था दैट वाज़ कि अगर फैमिली मेंबर्स आ रहे हैं वो तो फिर एक कपल का शेयर्ड एक्सपीरियंस हो गया ना कि अगर तेरे पापा ने मेरे बारे में कुछ कमेंट किया तो
(1:40:37) तेरे पापा मेरे भी कुछ लगते हैं और मेरा यह जानना जरूरी था कि वो मेरे बारे में क्या सोचते हैं? नो मैटर उसके क्या कॉन्सिक्वेन्स हो? क्या मेरा यह राइट नहीं है मुझे पता हो? तुझे पता है। मुझे क्यों नहीं पता? बंदी का इंटेंट था मेरे फादर और मेरे हस्बैंड का रिलेशन मेंटेन रहे। उसने नहीं बताया। बंदे का एक्सपेक्टेशन है कि मुझे पता होना चाहिए। यह कपल्स में कई बार होता है होना जरूरी है कि देख तेरी करेंसी मेरी करेंसी अलग है। तेरे हिसाब से यह छुपाना बेटर था टू मेंटेन माय रिस्पेक्ट। आई लव यू फॉर दिस। आई रिस्पेक्ट यू। बट मेरी
(1:41:10) एक्सपेक्टेशन है। मुझे बुरा भी लगे ना मुझे पता होना चाहिए। यह एक एक्सपेक्टेशन सेटिंग है। रिलेशन ब्लैंकेट स्टेटमेंट से नहीं चलता। रिलेशन अपने इंटेंट और एक्सपेक्टेशंस को कम्युनिकेट करके ही चलता है। सिर्फ इसमें नहीं हर कैटेगरी में डिस एग्रीमेंट पे भी, आर्गुमेंट पे भी क्या होता है? तुमने मेरा मैसेज नहीं देखा? तुमने मेरा मैसेज नहीं देखा? ओके। लेट्स टॉक। मेरा इंटेंट यह नहीं है कि मैं तुम्हें तंग करूं बार-बार बोल के कि तुमने मेरा मैसेज नहीं देखा। पर मेरा इंटेंट है कि आई डिड नॉट फीलेंट। द बंदा और बंदी सेज़ ओके। मेरी एक्सपेक्टेशन है कि मैं अगर
(1:41:45) मैसेज नहीं देखूं तो कॉल कर लियो। हम अपने रिलेशन को ग्रो ही तब करते हैं जब हम अपना इंटेंट और एक्सपेक्टेशन कम्युनिकेट करते रहते हैं। एंड एज ऑलवेज वी कैन एग्री टू डिसएग्री। [हंसी] वेरीेंट पिलर ऑफ़ कम्युनिकेशन। एग्री टू डिसएग्री। ये बहुत जरूरी होता है। अरे एग्रीमेंट नहीं हो रहा है। इट्स ओके। आई थिंक ये ढाई मैजिकल वर्ड है जो हर कपल को फ्रीक्वेंट यूज़ करने चाहिए। कि तुझे ए लग रहा है, मुझे बी लग रहा है। इट्स ओके। वी कैन एग्री टू डिसएग्री। अगली बात करें। हम सो आई फील ऑफ कोर्स दिस इज वेरीेंट। मेरे फ्रेंडशिप्स में, रिलेशनशिप्स में, पेरेंट चिल्ड्रन में,
(1:42:20) जनरेशंस में तीन वर्ड्स हैं। लेट्स एग्री टू डिसएग्री। बात खत्म हो जाती है। देन अकॉर्डिंग टू यू। वेयर डू यू थिंक वन शुड ड्रॉ अ लाइन बिटवीन देयर पेरेंट्स एंड पार्टनर। हम [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहानी घर की। देखो पार्टनर का जब लाइफ में आना होता है, ठीक है? तो अब से आपकी जिंदगी का वन ऑफ द मोस्टेंट प्रायोरिटी शुड बी हैज़ टू बी पार्टनर। अब इसमें पेरेंट्स के लिए एक बड़ा शिफ्ट होता है। स्पेशली फॉर फॉर अ मदर टू द सन। कि अब तक वो बेटा मेरा बेटा था। अब वो किसी और का भी कुछ है। और यहां पर स्टेटमेंट्स आ जाती हैं। शादी के बाद तो बदल गया है। शादी के
(1:43:04) बाद बदलेगा। राइट? वो शादी के बाद बदलेगा क्योंकि उसके पास नई रिस्पांसिबिलिटीज आई हैं। वो किसी के साथ जिंदगी शेयर कर रहा है। वो एक नई जगलिंग सीख रहा है। वो अपने पैरों पर सोच रहा है कि कल को मेरी फैमिली होगी। मुझे कैसे प्रोवाइड करना है? हाउ कैन ही बी सेम। राइट? वो बदलेगा। ठीक है? तो चेंज इज कांस्टेंट। चेंज होगा। द रिस्पेक्ट टुवर्ड्स पेरेंट्स वो कॉम्प्रोमाइज नहीं होनी चाहिए। दिस इज व्हाट आई फील। यू मे नॉट अग्री टू एवरीथिंग बट यू कैन ऑलवेज रिस्पेक्ट। वी रिस्पेक्ट यू बट वी कांट अग्री हियर। अगर पेरेंट्स कहें कि रिलेशन ऐसे चलाओ, तेरी
(1:43:36) वाइफ को यह पता होना चाहिए, तेरे हस्बैंड को यह पता होना चाहिए, वी रिस्पेक्ट यू, वी लव यू। बट दिस इज आवर रिलेशन, लेट अस नेविगेट दिस। सो लव एंड रिस्पेक्ट इज नॉट इज़ इक्वल टू एग्रीमेंट। यह बहुतेंट है। पूरा जो मीनिंग ले लेते हैं ना पेरेंट्स और लोग, वो यह ले लेते हैं कि इफ माय सन [नाक से की जाने वाली आवाज़] इज नॉट अग्रिंग टू मी, इट मींस ही डज़ नॉट लव मी। ही डज़ नॉट रिस्पेक्ट मी। ही हैज़ चेंज्ड। यस ही हैज़ चेंज्ड बट ही स्टिल लव्स यू एंड रिस्पेक्ट्स यू। सो, आई थिंक पेरेंट्स के लिए लव रिस्पेक्ट रहना चाहिए। पर जब आपकी जिंदगी में पार्टनर आ गया है, आपने
(1:44:08) शेयरर्ड लाइफ अब उसके साथ जीनी है। तो वो आपके डिसीजंस आपके घर कैसे चलाना है? फैमिली गोल्स क्या है? लाइफ गोल्स क्या है? फाइनेंसियल गोल्स क्या है? यहां पे सबसे ज्यादा इन्वॉल्वमेंट एक कपल की होनी चाहिए। यहां पे सबसे कम इंटरफेरेंस बाकियों की होनी चाहिए। व्हेन समबडी गेट्स मैरिड, तो उनकी उनके पार्टनर से यह एक्सपेक्टेशन होती है कि अब उसकी लाइफ में आई शुड बी द फर्स्ट प्रायोरिटी। बट डू यू थिंक दैट योर स्पाउस शुड ऑलवेज बी योर फर्स्ट प्रायोरिटी। दोनों एंगल से बात करते हैं। एक है फर्स्ट प्रायोरिटी होना चाहिए कि नहीं? इस पे हम आते हैं अभी। पहले यहां आते हैं।
(1:44:43) ये एक्सपेक्टेशन कि आई शुड बी द फर्स्ट प्रायोरिटी। एसोसिएशन है, रिलेशनशिप है, टुगेदरनेस है। कंपटीशन है क्या? मतलब आईपीएल चल रहा है क्या कि मुझे जीतना है। बिग बॉस चल रहा है। मुझे फर्स्ट आना है इसमें। हम एक कॉम्पिटिटिव थॉट प्रोसेस से एक्सपेक्टेशन रख रहे हैं। इतनी हमारी नीड है उस वैलिडेशन की कि मैं एक रिलेशन में जा रहा हूं। मैं एक रिलेशन में जा रही हूं। नाउ आई शुड बी द नंबर वन प्रायोरिटी। एक नेचुरल प्रोसेस भी होगा। राइट? एक नेचुरल प्रायोरिटी भी होगी। होनी चाहिए। हम बट जब हम इस एक्सपेक्टेशन और आस से आते हैं तो मुझे लगता है पहले एक अनहेल्दी सा
(1:45:15) प्रेशर है क्योंकि हम एक थर्मोस्टेट लेके आए हैं कि इस डिग्री पे ये आना चाहिए रिलेशनशिप राइट एक कॉम्पिटिटिवनेस लेके आए हैं बाकी सबके साथ उसकी जिंदगी में जो भी और एलिमेंट्स हैं हम उसके साथ कंपटीशन की भावना से एंटर कर रहे हैं कि मुझे अब फर्स्ट प्रायोरिटी चाहिए। हैविंग सेड दैट फॉर अ कपल फॉर अ गुड रिलेशनशिप फॉर अ रिलेशनशिप टू ग्रो दे शुड बी ईच अदर्स प्रायोरिटी दे शुड बी फर्स्ट प्रायोरिटी यस ऑलवेज अ फर्स्ट प्रायोरिटी मे नॉट बी द केस ये थॉट नहीं होना चाहिए हमेशा फर्स्ट प्रायोरिटी एग्जांपल अगेन लाइफ की एजेस एंड स्टेजेस एक कपल है अब बेबी
(1:45:48) [नाक से की जाने वाली आवाज़] आ गया कुछ टाइम के लिए हो सकता है कि आप भी प्रायोरिटी हो और वो बच्चा भी प्रायोरिटी हो प्रायोरिटीज शिफ्ट भी होती है एज स्टेज से फर्क भी पड़ता है इट डस नॉट रिड्यूस यू एज अ पर्सन राइट बट बट किसी किसी स्टेज में प्रायोरिटी वन कुछ और हो सकता है। एंड इट्स ओके। राइट? अब इस वीकेंड डेट पे जाना है कि बच्चे को डॉक्टर पे लेके जाना है। आई थिंक बोथ विल से बच्चे को डॉक्टर पे लेके जाना है। क्योंकि वो तो दोनों की प्रायोरिटी हो गई ना। हां। तो प्रायोरिटी दोनों की प्रायोरिटी वन चेंज होगी। थिंग्स चेंज बिकॉज़ नाउ द टू ऑफ़ यू हैव अ
(1:46:19) कॉमन प्रायोरिटी। नॉट नेसेसरी क्योंकि बच्चा होने के बाद भी कुछ कपल्स में एक जने की कंप्लेंट हो जाती है कि अब मैं उसकी फर्स्ट प्रायोरिटी नहीं हूं। कंप्लेंट जस्टिफाइड भी हो सकती है। बट आई एम सेइंग द प्रायोरिटी शिफ्टिंग एंड प्रायोरिटी जगलिंग भी एक चीज है। जिंदगी भर एक ही जाना एक ही प्रायोरिटी की स्टेज पे रहेगा। जरूरी नहीं है। एग्जांपल पेरेंट्स बीमार है। ठीक है? या उनकी लास्ट स्टेज है या ऐसा कोई भी चीज है। उस टाइम पे प्रायोरिटी वन क्या है? उस टाइम पे प्रायोरिटी वन पार्टनर वाइफ या हस्बैंड नहीं होगा। ऑफकोर्स वी आर नॉट टॉकिंग अबाउट सच
(1:46:47) एक्सेप्शनल फेसेस ऑफ़ लाइफ। देन इवन योर पार्टनर वुड वांट यू टू स्पेंड टाइम विद योर पेरेंट्स इफ दे डू नॉट, देन देयर इज अ बिगर क्वेश्चन। बट माय क्वेश्चन इज अबाउट दी ओवरऑल प्रायोरिटी इन लाइफ। यस। अगर इसको हम सिंपल वर्ड्स में रखें तो यस। ठीक है? मैं ये क्यों एक्सप्लेन कर रहा हूं? क्योंकि जब आप एक्सपेक्टेशन और कॉम्पिटिटिव थॉट से जाते हो रिलेशनशिप में तो फिर आप जज करते हो। फिर आप जज क्यों करते हो? मैं एक छोटी सी एग्जांपल देता हूं। के गाय सेस मैं फ्राइडे अपने फ्रेंड्स के साथ जा रहा हूं। एंड वाइफ इफ शी हैज़ अ कॉम्पिटिटिव थॉट या हैज़ अ वेरी
(1:47:22) हाई एक्सपेक्टेशन आई शुड बी प्रायोरिटी। तो फिर यह जज हो गया कि आज मैं प्रायोरिटी नहीं हूं। आज दोस्त प्रायोरिटी हो गए। यह जो कंफ्लिक्ट होता है रिलेशनशिप में यह तब होता है जब आप एक इस भावना के साथ जा रहे हो कि भ नंबर वन तो मैं ही हूं। बट जब आप समझते हो अगेन इंडिविजुअलिटी कि आई एम्पेंट राइट आई एम अ प्रायोरिटी टुडे इट्स फ्रेंड्स टाइम व्हिच इज आल्सो हेल्दी। राइट? आज की शाम फ्रेंड्स प्रायोरिटी है। सो आई थिंक प्रायोरिटी वन बनने की जगह कपल के लिए ज्यादा जरूरी है। आई एम देयर फॉर यू। यू कैन काउंट ऑन मी। राइट के मैं हूं
(1:47:55) मतलब मैं 200 के साथ जा रहा हूं बट दिस इज द डे व्हेन यू नीड मी दुनिया भाड़ में गई ये फीलिंग जो है ना कि मैं हमेशा प्रूव करता रहूं या प्रूव करती रहूं कि तू मेरी प्रायोरिटी वन है व्हेन द सिचुएशन इज देयर द पर्सन नोस ही और शी इज़ देयर फॉर मी। आई थिंक हमारे साथ भी होता है। हम अपनी एग्जांपल्स कम डिस्कस कर रहे हैं। लेकिन हमने बहुत काम किया इस चीज पे। तो हमें करनी चाहिए कि मेनी अ टाइम्स फॉर यू फॉर मी वर्क इज प्रायोरिटी वन इन अ डे। इन अ वीक। ठीक है? बट यह भी बहुत बार हुआ है कि एक को लगा दूसरे का मूड ठीक नहीं है या दूसरे को नीड है। तो उस वक्त हमने कहा
(1:48:30) सब कुछ साइड पे। लेट्स गो ऑन अ डेट। लेट्स गो फॉर अ कॉफी। तो ये थोड़ा सा हेल्दी स्विचिंग बिटवीन प्रायोरिटीज चलती है। अगर कपल में आपस में यह पता है। यू कैन काउंट ऑन मी। आई एम ही इज़ देयर फॉर मी। वो देयर का मतलब फिजिकली प्रेजेंस जरूरी नहीं है। वो दोस्तों के साथ है। इस वक्त उसकी प्रायोरिटी दोस्त हैं। इट्स ओके बट आई नो आई कैन काउंट ऑन इट। यह फीलिंग ज्यादाेंट है। वह कॉम्पिटिटिवनेसेंट नहीं है। किसी भी रिलेशन में एक्सपेक्टेशन ऑफ अ कॉम्पिटिटिवनेस आई फील इट्स नॉट हेल्दी। हो जाते हैं एक दूसरे की प्रायोरिटी वन। बट जब मैं रिलेशन में जाऊं और मैं उसकी
(1:49:05) प्रायोरिटी वन हूं फिर आप लेंस लगा के जज करते रहोगे। आज दोस्त प्रायोरिटी, आज वो प्रायोरिटी हॉज पेरेंट्स प्रायोरिटी। अरे इट्स ओके। एक्चुअली वी शुड पुट इट लाइक दिस कि हमारे लिए तुम्हारा काम इंपॉर्टेंट है। हमारे लिए मेरा मेरी फ्रेंड के साथ जाना इंपॉर्टेंट है। हमारे लिए हमारा हमारे बच्चों को टाइम देना इंपॉर्टेंट है। सो इट्स ऑलवेज इट्स अ म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग। मेरा यह सवाल ट्रांजैक्शनल नहीं है। मेरा यह सवाल इमोशनल है। इमोशनल बेसिस पे है कि अगर एक रिलेशनशिप में किसी एक पार्टनर की प्रायोरिटी अभी भी उसके दोस्त ज्यादा है या उसकी फैमिली ज्यादा है
(1:49:43) या उसका काम ज्यादा है और उसका जो पार्टनर है वह सेकंड थर्ड नंबर पे आता है। तो क्या वो रिलेशनशिप सस्टेन कर सकता है? फॉर अ टेंपरेरी फेस फॉर अ सिचुएशनल बेस इट्स ओके। इफ इट इज बाय डिफॉल्ट नहीं करेगा। क्योंकि सबसे ज्यादा वक्त एक कपल साथ बिताता है तो देयर इट इज वेरीेंट कि द प्रायोरिटी शुड बी देयर फॉर ईच अदर दूसरे ही ज्यादा है हमेशा और वो नहीं है वो अनहेल्दी है यार एक तरफ हम डिस्कस करते हैं कि दो लोग एक जान हैं है ना तो फिर आपकी बात बड़ी प्यारी है ना कि आर प्रायोरिटी राइट टुगेदर तो वो ज्यादा अब यही ना यहां पे एक हिपोक्रेसी आ जाती है
(1:50:20) वैसे हम दो जिसमें एक जान है ठीक है बट तू मेरी प्रायोरिटी नहीं मैं तेरी अरे एक ही तो है कौन किसकी कौन किसकी प्रायोरिटी है वन यूनिट तो इट इट मींस यू आर इंडिविजुअल यू हैव सम एक्सपेक्टेशंस व्हेन यू हैव एक्सपेक्टेशंस यस हम इट इज़ ओके टू एक्सपेक्ट कि भई मैं हूं ऑल आई एम सेइंग इज डोंट एंटर विद द एक्सपेक्टेशन ऑफ कॉम्पिटिटिवनेस डोंट कमपीट विद एनीवन इन अ रिलेशन जरूरत नहीं पड़नी चाहिए एक रिलेशनशिप में कंपटीशन की इट्स ओके टू गिव दैट स्पेस के आई नो आई कैन काउंट ऑन यू डे वन प्रायोरिटीस कैन चेंज फेज वाइस सम प्रायोरिस कैन चेंज बट
(1:50:50) ऑलवेज इफ प्रायोरिटीस आर चेंजिंग फिर तो पॉइंट ही नहीं है उस रिलेशनशिप की फाउंडेशन वीक है। इज इट ओके टू चेक योर पार्टनर्स फोन विदाउट लेटिंग देम नो अबाउट इट? हां, मैं बताता हूं। [हंसी] बढ़िया सवाल है। शायद बहुत लोगों के जे ज़हन में आता होगा। मैं कह रहा हूं कि कर लिया तो क्या हो गया। ठीक है। एक छोटी सी चीज है। या मन में शक आ रहा है। फ़ोन देख लिया। हम्म। इट्स ओके। शक हट गया। शांति हो गई। ठीक है। मन में शक बार-बार आ रहा है। हम तो बात होनी चाहिए। इनसिक्योरिटी है तो बात होनी चाहिए। राइट? ट्रस्ट इशूज़ हैं तो क्फ्रेंट करो, डिस्कस करो।
(1:51:28) एक लेंस से अपने रिलेशन को मत चलाओ कि जैसे साइड हो मैं फोन देखूं। इसके फोन में कुछ चल रहा होगा। ये हो रहा है ना तो अनहेल्ी चीज है। मैं कह रहा हूं एक बार फोन में देख लिया तो अब उसको मैं बड़ा हुआ ना बनाऊं। पार्टनर का फोन ही तो है। खोल लिया देख लिया। वो आ सकता है एक शक देख लिया। कुछ लगा बॉडी लैंग्वेज से खोल लिया। इट्स ओके। इतना क्राइट रख लेना चाहिए। सही हो तो क्या दिक्कत है? दोनों सही है तो क्या दिक्कत है? फोन देख लिया। और एक बार थॉट आ गया तो वी आर ह्यूमन। एक बार थॉट आया चेक कर लो। ठीक है? शांति [गला साफ़ करने की आवाज़] मिल गई।
(1:51:57) ले लो। बार-बार थॉट आ रहा है ना तो देयर इज़ समथिंग व्हिच नीड्स टू बी एड्रेस्ड। हम ऑल आई एम सेइंग इज के द रीज़न ऑफ़ चेकिंग फोन इज़ वेरीेंट। आपका रीज़न है कि आपको शक होए जा रहा है। आप इनसिक्यर्ड हो रहे हो। आपको लग रहा है कि मेरी वाइफ पता नहीं क्या-क्या कर रही है। मेरा हस्बैंड पता नहीं क्या-क्या कर रहा है। तो बात होनी चाहिए। अदरवाइज आप साथ रह रहे हो। बट इतनी इनसिक्योरिटीज़ के साथ रह रहे हो। सो मैं अगेन रूल ऑफ़ थम नहीं कह रहा कि नहीं फ़ को तो हाथ नहीं लगाना चाहिए लगा इट्स ओके बंदे का ही फोन है बंदी का ही फ़ोन है देख लो बिकॉज़ इट्स ओके टू चेक फ़ोन
(1:52:28) एंड एवरीडे यू आर चेकिंग फ़ोन एक्सक्यूज मी टॉक आई फील इनसिक्यर्ड बिकॉज़ ऑफ़ ए बी सी हिंट्स आई गॉट क्लेरिटी मिल जाएगी अरे यार ये नहीं है या एक शॉक बॉम्ब मिल जाएगा हां कुछ है [हंसी] दिस इज एक्चुअली अ सर्वे इट्स अ यूएस सर्वे आई डोंट नो अबाउट इंडिया स्टैटिस्टिक्स बट वन इन थ्री पीपल चेक देयर पार्टनर्स फोन विदाउट लेटिंग देम नो अबाउट एंड इन माय ओपिनियन व्हाई दे डू सो इज़ नॉट बिकॉज़ दे आर इनसिक्योर और नॉट बिकॉज़ दे हैव दे डाउट और दे डोंट ट्रस्ट देयर पार्टनर्स आई थिंक इट्स जस्ट बिकॉज़ दे वांट टू बी श्योर एंड दे डोंट वांट देयर पार्टनर्स नो अबाउट इट दैट दे वांट
(1:53:09) दैट सेंस ऑफ़ श्योरिटी एंड सिक्योरिटी। मुझे लग रहा है वंस इन अ वाइल ह्यूमंस हैं। ओके है। मैं बट आई एम अगेन सेइंग के अगर यह एक रेगुलर प्रैक्टिस है तो इस रिलेशनशिप में कुछ खोखलापन है। अगर ये रेगुलर प्रैक्टिस है तो कुछ और ठीक करने वाला। ये भी तो पैटर्न्स हो सकते हैं ना हिमेश। अगर एक पार्टनर को लेट्स से चुल रहती है दूसरे का फोन चेक करने की। वेयर एज़ देयर इज़ नथिंग रोंग। देयर आर नो बैड हिंट्स, देयर आर नो रेड फ्लैग्स। इट्स जस्ट दैट इट्स देयर पैटर्न। वो बंदा इनसिक्योरिटी का पैटर्न कैरी करता है। उसने मे बी अपने चाइल्डहुड में अपने पेरेंट्स या अपने
(1:53:44) फैमिली में कभी किसी को देखा और उसके माइंड में ये सीडेड है दैट चीटिंग हैपेंस एंड ये करने से ही उसको तसल्ली मिलती है तो व्हाट्स रोंग विथ दैट? यस बट आई वोंट कॉल इट अ हेल्दी पैटर्न। इट इज़ अ पैटर्न। इट इज़ एन अनहेल्ी पैटर्न। कोई इंसान जस्टिफाई कर सकता है। मेरा बचपन ऐसा रहा। मेरे फादर ने चीट किया, मेरी मदर ने चीट किया। मेरे रिश्तेदारों ने चीट किया। मैंने चीटिंग बहुत ज्यादा देख ली। राइट? एंड अब मुझे लग रहा है कि मुझे फोन चेक करते रहना है। जस्ट टू बी श्योर। तो ट्रस्ट द स्ट्रांगेस्ट पिलर ऑफ अ रिलेशनशिप ही कमजोर है ना। अगर आपको इतनी
(1:54:17) इनसिक्योरिटी है तो यह रिलेशनशिप के लिए हेल्दी साइन नहीं है। इससे क्या होगा? इसके आफ्टर इफेक्ट बताता हूं। जजमेंट ज्यादा होगी रिलेशनशिप में। जजमेंट ज्यादा होगी तो वो पार्टनर फील सेफ सेफ फील नहीं करेगा या करेगी। उसको पता है कि यार ए चीज भी बी ले ली जाएगी। क्योंकि जब आपका लेंस ये वाला है ना तो आप सिर्फ फोन को ऐसे नहीं देखते। आप उसको घर आते वो मुस्कुराता हुआ घर आ रहा है या आ रही है ना आप तब भी सोचते हो बंदा मुस्कुराता हो या बंदी मुस्कुराते हुए घर भी नहीं आ सकता। अपने घर मुस्कुराता हुआ नहीं आएगा वो कि इसका मतलब ये ना निकले कि मेरे ऑफिस में अफेयर चल
(1:54:51) रहे हैं। राइट? सो ये सिर्फ फोन पे थोड़ी ना पैटर्न आता है। फिर पूरी जिंदगी में पैटर्न आता है। व्हिच मेक्स द अदर पर्सन वेरी सफोकेटेड। बीट अ गाय बीट अ गर्ल। राइट? एंड इफ यू आर सफोकेटिंग समवन इन अ रिलेशनशिप, देन यू आर टुगेदर बट नॉट टुगेदर। हम सो चेकिंग फोन व्हिच इज अ फॉर्म ऑफ इनसिक्योरिटी इज वन पैटर्न और वन बिहेवियर सिमिलरली और भी जितने बिहेवियर्स होते हैं बी इट पज़ेसिवनेस और बी इट व्हाटएवर डू यू मीन कि ये सारे बिहेवियर्स जो हैं वो एड्रेस होने चाहिए एंड अल्टीमेटली दे शुड नॉट एक्सिस्ट। तभी मैं कह रहा हूं कि रिलेशनशिप को इतना
(1:55:25) टेक्निकल नहीं करना कि एक बार वंस इन अ लाइफ हो गया तो हम घबरा जाएं कि या मैंने उसका फोन देखने की अर्ज हो गई मुझे। वंस इन अ वाइल हो गया। वी आर ह्यूमंस। ठीक है? आपने देख लिया, आपने कंफ्रंट भी कर दिया कि मेरे को कुछ लगा था, मैंने देखा। राइट? बट इफ इट इज अ पैटर्न, इफ इट इज बीइंग रिपीटेड, इफ यू हैव अ कास्टेंट चेक। इफ आपको हर हफ्ते एक बार बैठ के फोन देखना ही है। आपके मन में शक आ ही जा रहा है। तो यहां आप में गड़बड़ है या उसमें गड़बड़ है। मतलब रिलेशन में तो गड़बड़ है ना। एक भी पलड़ा खराब चल रहा है तो गड़बड़ है। तो रिलेशन को बैलेंस करो। ठीक करो। सर्विस
(1:55:58) की रिक्वायरमेंट है। गाड़ी की अलाइनमेंट ठीक नहीं चल रही। कोई एक टायर वीक चल रहा है। इससे रिलेशन जो कमिटमेंट है रिलेशन की जो इंटेंट है इस रिलेशन का वो डाइल्यूट हो रहा है। इसको हम इग्नोर नहीं कर सकते। इसको हम जस्टिफाई नहीं कर सकते कि कोई बात नहीं मैं हर हफ्ते फोन देख रहा हूं या देख रही हूं। इसको हम जस्टिफाई नहीं कर सकते कि मुझे उस पे बार-बार शक हो रहा है। होता है गलत है। होता है अनहेल्ी है। राइट? इसको थोड़ा-थोड़ा-थोड़ा ठीक करना आना चाहिए। आई थिंक इट आई विल टेक इट बैक टू द रिलेशनशिप फ्रेमवर्क व्हिच यू गिव। थ्री सीस। सो व्हेन यू आर कनेक्टेड व्हेन यू आर
(1:56:30) कम्यूनिकेटिंग व्हेन व्हेन यू हैव देट कनेक्शन देन यू कैन सॉर्ट इट आउट अब्सोलुटली वी ऑफन हियर के लोग ना शादी के बाद बदल जाते हैं डू यू थिंक डस मैरिज चेंज पीपल और डस इट शो हू दे रियली आर [हंसी] वै नाइस क्वेश्चन डस मैरिज चेंज पीपल और डस इट रिवील हु डस इट रिवील हु दे आर मेरा पर्सनल ओपिनियन ये होगा कि मैरिज ना चेंज करती है ना रिवील करती है मैरिज एक नई सिचुएशन में आपको डालती है। मैरिज आपको एक नई साइड से एक्सपोज करती है। तो हम चेंज और रिवील कैसे बोले जब वो सिचुएशन ही नहीं है। आप अभी तक एक इंडिपेंडेंट लाइफ जी रहे थे। आप
(1:57:09) अभी तक एक लिमिटेड टाइम स्पेंड कर रहे थे। अब हम कहें कि मैरिज के बाद कोई बदल गया है या उसकी असली रंग दिखा रहा है। अरे उसने इस सिचुएशन के बारे में कोई रिहर्सल नहीं करी थी। उसने कोई ड्राई रंस नहीं करे थे। ना बंदे ने, ना बंदी ने। दे आर जस्ट एक्सपोज्ड टू समथिंग लिविंग टुगेदर शेयरिंग एवरीथिंग राइट इनवॉल्वड एट एव्री डायमेंशन ऑफ ईच अदर एंड सम रिस्पांसिबिलिटीज़ ऑफ़ बिल्डिंग अ लाइफ यू स्टार्ट थिंकिंग फ्यूचर फैमिली किड्स जगलिंग रिलेशनशिप्स दोनों के लिए ना बहुत नई चीज है। तो चेंज कहां से? किस चीज का और रिवील क्या? तुम अचानक किसी चीज को अभी
(1:57:45) उबलते पानी में डाल रहे हो। उसने कभी उबलता पानी देखा नहीं है। तो उसको समय लगेगा उसमें आके समझने में कि पानी का टेंपरेचर क्या और इसमें कैसे अपने आपको ढलाना है? तो मैरिज एक नई साइड दिखाता है। मुझे लगता है ना कोई पुरानी छुपी साइड रिवील करता है ना कुछ चेंज करता है। मैरिज आपको एक फ्रेश सिचुएशन में डालता है। सो इट विल बी रोंग टू से ये शादी के बाद बदल गया या शादी के बाद ने अपने असली रंग दिखा दिए। इसके लिए ये नई दुनिया थी और दे आर जस्ट दे आर जस्ट शोइंग व्हाट दिस सिचुएशन और व्हाट दिस एनवायरमेंट इज क्रिएटिंग फॉर देम। हम
(1:58:16) और होगा सबके साथ होगा। हर किसी को यह फील होता है। बट यह सोचना बहुत जरूरी है कि यार बहुत बड़ा शिफ्ट ऑफ लाइफ होता है। बहुत बड़ा शिफ्ट ऑफ लाइफ होता है। इतना इजीली नहीं जज कर लेना चाहिए। बदल गया असली रंग दिखा दिए। टू सम एक्सटेंड जो आप कह रहे हो कि एक रिवील होती है साइड या चेंज होता है। टू सम एक्सटेंड क्योंकि पहले आप 1 घंटा 2 घंटा मिल रहे थे। अब आप थ्रूआउट साथ रह रहे हो। तो वह सेम नहीं हो सकता। वो एक नई डायमेंशन होगी। देन व्हाट विल यू से अबाउट द सिचुएशन वेयर अ पार्टनर पुट्स अ लॉट ऑफ एफर्ट्स बिफोर मैरिज एंड आफ्टर मैरिज द अमाउंट ऑफ एफर्ट्स
(1:58:50) द अमाउंट ऑफ अटेंशन टाइम चेंजेस यहां पर तो इक्वेशन बदली है। पहले शादी नहीं थी अब शादी है या पहले कमिटमेंट नहीं थी अब कमिटमेंट है। पहले अलग-अलग रह रहे थे अब लिव इन है। बट पहले जो मुझे एक्सपीरियंस मिल रहा था, मुझे वो एक्सपीरियंस ही पूरी तरह चेंज हो जाए, ये तो मुझे मंजूर नहीं है। मुझे जो पहले आदमी या जो मुझे पहले जिस लड़की से प्यार हुआ था, अब ये वो लड़की ही नहीं है। यह तो मेरे लिए बहुत प्यार होती थी। अब तो यह मुझे बहुत कैजुअली लेती है। या पहले तो मुझे यह हर थोड़े दिन में सरप्राइज़ करता था। अब तो वैसे करता नहीं है। नाउ व्हेन दिस चेंजेस दैट इज व्हेन इट
(1:59:30) इज सेड कि शादी के बाद बदल गए। बदल जाते हैं। ट्रू। अगर हम इस सिचुएशन की बात करें, पहले हम एक जनरल सिचुएशन की बात करें, शादी के बाद लोग बदल जाते हैं या उनकी ट्रू साइड नजर आती है। अगर हम इस सिचुएशन की बात कर रहे हैं कि भई पहले तो बहुत कुछ होता था एक दूसरे के लिए और अचानक क्या हुआ। राइट? शादी के बाद वो सब हट गया। सही नहीं है। राइट? होता है। सही नहीं है। इसीलिए जो हमने पहले भी बात करी थी कि आपने वो नॉवेल्टी खत्म कर दी। आपने वो न्यूनेस खत्म कर दी। वो स्पार्क खत्म कर दिया। क्योंकि नाउ देयर इज़ अ असोरेंस। राइट? सो दो चीजें हैं। एक है द न्यूनेस
(2:00:03) इज रिप्लेस्ड विद फमिलियरिटी नाउ और प्यार की एक फॉर्म फमिलियरिटी भी होती है। प्यार की एक फॉर्म कंफर्ट भी होती है। यह मैं जस्टिफाई नहीं कर रहा। मैं इक्वली कहूंगा कि कपल शुड कीप ट्राइंग, कीप एक्सप्लोरिंग, कीप सरप्राइजिंग। राइट? कीप बीइंग अवेयर ऑफ़ दिस थिंग कि हमें एक दूसरे के साथ वो स्पार्क मेंटेन करना है। हमारा रिलेशनशिप किसी रीजन से शुरू किया हमने। चूज़ किया एक दूसरे को किसी रीजन से। हमारे लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी की बात यही थी कि हम साथ हो जाते। राइट? हमें सबसे ज्यादा खुशी एक दूसरे में मिलती थी तो मिल सकती है। हमें कहीं और ढूंढने की जरूरत
(2:00:38) नहीं है। यह थॉट रखना इस थॉट के बाद शुरू होता है कि फिर मुझे क्या करना है। व्हाट एफर्ट्स आई कैन पुट इन? व्हाट एक्शनंस आई कैन डू। मे बी पहले मैं हर हफ्ते फ्लावर्स लेके जाता था या जाती थी। मुझे 2 महीने बाद रियलाइज हुआ। बट 2 महीने बाद ही सही फ्लावर्स ले जाऊं। राइट? व्हाट आई कैन डू टुडे? करना चाहिए। राइट? फमिलियरिटी को भी एंजॉय करो कि जो नया स्पार्क है वो सेम नहीं होगा। अब आपकी स्टेबिलिटी फमिलियरिटी इंपॉर्टेंट होगी। बट इस बात को हम बहाना बना के नहीं चला सकते कि ठीक है भ वो नयापन था। अब तो भ फमिलियरिटी ही एंजॉय करते हैं। कंफर्ट ही एंजॉय करते हैं। नहीं
(2:01:11) शादी में रिलेशनशिप में, मैरिज में, गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड में कितने भी साल हो जाए दोनों को एफर्ट्स करनी चाहिए टू कीप दैट स्पार्क अलाइव। सो, आई वुड 100% एग्री टू यू कि जनरली लोग यह नहीं करते, करना चाहिए। आई थिंक द प्रॉब्लम इज मोस्ट ऑफ द पीपल ट्रीट देयर रिलेशनशिप लाइक क्रॉकरी। जैसे हम सबसे सुंदर क्रॉकरी गेस्ट्स के लिए बचा के रखते हैं और खुद हम बेकार क्रॉकरी में खाना खाते हैं। हम सिमिलरली वी शो द बेस्ट वर्जन ऑफ़ आवरसेल्व्स टू अदर्स एंड वी शो द वर्स्ट वर्जन टू समबडी हु इज द क्लोजेस्ट टू अस। सो अपने लिए भी हमें तैयार होना चाहिए और अपने लिए भी
(2:01:53) हमें वो सब एफर्ट्स डालने चाहिए। राइट राइट राइट। थोड़ा फेमिलियरिटी भी आती है तो थोड़ा एक न्यूनेस कम होती है। इसको हम साइकोलॉजी में हिडोनिक अडॉप्शन कहते हैं। राइट? के नई चीज हमेशा क्रेज़ देगी। तो वो रहेगा। वी ऑल डू दिस विद एवरीथिंग। न्यू कार द क्रेज़ यू हैव। फ्यू मंथ्स डाउन यू डोंट। न्यू शूज यू टेक केयर ऑफ़ इट लाइक एनीथिंग। ग्रेजुअली। वो जूता गंदा हो रहा है। आपको फर्क नहीं पड़ रहा। राइट? राइट? तो एडॉनिक अडप्शन तो हमारी ज़हन में है। हमारा ब्रेन में की वायरिंग में है। बट यस इफ यू आर अवेयर अबाउट इट के यार रिलेशन तो मेरा परमानेंट है ना। मेरे को अल्टीमेटली
(2:02:27) जिंदगी में अगर आप इस चीज को समझो एक बहुत लंबी स्टडी हुई थी। आई थिंक 80 इयर्स प्लस वो स्टडी हुई थी कि सबसे ज्यादा ह्यूमंस के लिए एक हैप्पीनेस स्टडी कहते हैं उसको हैप्पीनेस प्रोजेक्ट कि व्हाट इज इट जो दुनिया में लोगों को सबसे ज्यादा खुशी देता है। जनरेशनल स्टडी थी। जिस सब्जेक्ट पे जिन सब्जेक्ट पे करी गई उनके बच्चों पे भी करी गई। इस तरीके से। तो उसका जो कंक्लूजन था वो ये था कि रिलेशनशिप्स इज द बिगेस्ट रीज़न फॉर हैप्पीनेस। राइट? एंड व्हेन आई से दिस वी आल्सो कैन रेफर टू द फैक्ट कि जब कोई अपने डेथ बेड पे होता है तब वो अपनी फैमिली को
(2:02:55) ये नहीं कह रहा होता। अपने आसपास के लोगों को ये नहीं कह रहा होता कि मेरी वो प्रॉपर्टीज का तू ध्यान रखियो। मेरी वो गाड़ी इतनी महंगी लग्जरी कार जर्न कार मैंने ली है ना उसको सर्विस टाइम पे कराइयो। और प्रॉफिट एंड लॉस में क्या चल रहा है हमारा? बैलेंस शीट एक बार दिखा दे। मरने से पहले एक बार बैलेंस शीट देखना चाहता हूं। नो वन सेस दिस। मरने वक्त मेरे अपने मेरे आसपास हैं। राइट? आई कैन एक्सप्रेस हाउ मच आई लव। राइट? जो नहीं है उस वो आ जाए। एक झलक उसकी मिल जाए। जब द टाइम ऑफ ट्रुथ कम्स व्हेन द डेथ कम्स। जिंदगी का असली सच असली सवाल जब
(2:03:27) आपके सामने होता है तब आपको सिर्फ और सिर्फ रिलेशंस मैटर करते हैं। तो डू एफर्ट्स फॉर दैट। पुट एफर्ट्स फॉर दैट। ट्राई टू अंडरस्टैंड। ठीक है? आप एक दूसरे को अब पहले बड़ा तैयार हो के देखते थे। अब पजामे में देखते हो। अब यह तो है नहीं कि घर में नाइट सूट की जगह आप हर वक्त ड्रेसेस पहन के और टक्सीडोज़ पहन के बैठ जाओगे। बट ऑफ कोर्स हम अब क्या नया कर सकते हैं? हम अब उस पार्क को कैसे लाइव रख सकते हैं? आप देखोगे एक दूसरे को ब्रश करते हुए चूली करते हुए। बट व्हाट एल्स वी कैन डू शुड ऑलवेज बी द क्वेश्चन। लेट्स नॉट गिव अप। लेट्स गिव इन।
(2:03:57) या या टू ऐड टू योर पॉइंट इवन देयर इज़ अनदर स्टडी कि दिस इज़ दिस वाज़ डन ऑन द हेल्थ पैरामीटर कि हेल्थ का सबसे बड़ा पैरामीटर क्या है? व्हाट इज दैट वन थिंग व्हिच डिटरमिनस योर हेल्थ। इट्स नॉट द काइंड ऑफ़ डाइट। इट्स नॉट अ पर्टिकुलर एक्सरसाइज। इट्स योर रिलेशनशिप्स। क्या बात है। हमने ये समझा कि इतने साल भी अगर आपने वो प्यार वो एक्साइटमेंट सस्टेन करनी है तो वो कैसे करना होगा। वी रियली डिस्कस्ड दैट। बट इस पूरी जर्नी में ना एक ऐसा इवेंट आता है जब आपकी लाइफ थोड़ी सी चेंज होती है। और अभी करेंटली हम भी उसी फेस में हैं। व्हेन अ थर्ड पर्सन एंटर्स द चैट
(2:04:38) एंड [हंसी] दैट पर्सन इज अ पार्ट ऑफ यू। दैट पर्सन इज अ पार्ट ऑफ योर ओन फैमिली योर बेबी। सो हाउ कैन अ कपल कीप दैट रिलेशनशिप अलाइव आफ्टर वंस दे बिकम अ पेरेंट? पहली चीज एक्सेप्ट द फैक्ट के अगर दो लोगों के साथ जिंदगी में एक तीसरा मेहमान आया है। समवन हैज़ एंटर्ड द चैट तो लाइफ चेंज तो होगी। पहले डिस्कशन हो सकती है कि दिन कैसा है, क्या चल रहा है, कहां जाना है, कौन सी मूवी देखनी है? और अब डिस्कशन है जो हमारी भी आजकल चल रही है। कितने डायपर हो गए, कितनी देर फीड चली, कितनी देर की नींद पूरी हुई? तो आपकी कन्वर्सेशंस में इतना बड़ा शिफ्ट आ गया है
(2:05:18) क्योंकि वो इतनाेंट शिफ्ट है। इतनी बड़ी प्रायोरिटी है कि आप दिन में डिस्कशंस कर रहे हो। डायपर, पॉटी, नींद, फीड होनी है, बेबी है, होगी। सो कन्वर्सेशंस बदलेंगी, प्रायोरिटीज बदलेंगी। फिजिकल इंटिमेसी कुछ टाइम के लिए बदलेगी। डिस्टेंसिंग आएगी। दोनों का अटेंशन सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बदला है। एक दूसरे की जगह तीसरे पे आ गया है। तो चेंज तो है। एक्सेप्ट कि चेंज है। इस चेंज से रिलेशनशिप ने पीछे जाना है या सस्टेन करना है या आगे जाना है। इसके लिए एव्री कपल शुड डू सम कॉन्शियस एफर्ट्स। डोंट थिंक कि नेचुरली ठीक है यार हो जाएगा। ऐसे ही होता है। बच्चे हो गए तो अब
(2:05:56) दूरी आ ही जाती है। ये बोरिंग चीजें मत करो। व्हाट वी हैव प्रैक्टिस्ड एंड रियली वर्क्ड फॉर अस इज कि हमारा वो टाइम होता है वि इज अ नॉन बेबी टाइम जैसे हमारा वॉक ही है वो हम वॉक पे जाते हैं वि इज आवर टाइम राइट उसको हमने कॉम्प्रोमाइज नहीं किया वो एकिस्ट कर रहा है फॉर 15 मिनट समवन एल्स कैन टेक केयर एंड सब लोग सपोर्ट करते हैं फैमिली में तो वो तुम्हें वो समय मिल जाता है दूसरा जो हमने हमेशा किया ड्यूरिंग प्रेगनेंसी भी किया एंड अभी भी करते हैं देयर आर डेट्स जो हमारी होती हैं वो नहीं रुकनी चाहिए राइट वी हैव आवर कॉफी डेट्स वी यूज्ड टू
(2:06:32) हैव आवर कॉफी डेट्स। 11 साल हो गए हैं। हमारी डेट्स चल रही हैं और बेबी के आने के बाद भी चल रही हैं। वो हफ्ते में एक बार हो जाए वो दो हफ्ते में एक बार हो जाए। चलेगा। फ्रीक्वेंसी अपडाउन चलेगा। वो रुकनी नहीं चाहिए। सो आई थिंक यू हैव टू डू कॉन्शियस एफर्ट्स। आपको पानी डालते रहना है। अगर आपको फ्लावर को ब्लूम कराते रहना है। पानी डाल नहीं रहे हो और फ्लावर कंप्लेंट कर रहे हो कि फ्लावर सड़ क्यों रहा है तो सीधा सवाल करो। आप पानी डाल रहे हो। तो आपको बेबी को ग्रो करना है। आपको बहुत सारी एफर्ट्स करनी है। बट आपको रिलेशनशिप को ग्रो करना है। कुछ एफर्ट्स
(2:07:02) उसके लिए भी करनी है। फर्क यह है कि आप एक दूसरे को इतना समझ चुके हो कि थोड़ी एफर्ट से भी रिलेशन चलता रहेगा। और बेबी के लिए ज्यादा एफर्ट कर लो अभी। अभी जगलिंग कर लोगे। मैक्सिमम उसको दे दो। लेकिन कुछ टाइम अपने आपको जरूर दो। यू सेड एफर्ट्स डालने चाहिए हमें एव्री नाउ एंड देन वी शुड सी कि हम क्या कर सकते हैं इस रिलेशनशिप के लिए? क्या एक रिलेशनशिप हैप्पी हो सकता है? क्या एक कपल हैप्पी हो सकता है विदाउट बीइंग एक्साइटिंग? एक्साइटमेंट और हैप्पीनेस दो अलग चीजें हैं। अगर कोई इंडिविजुअल से अरुण ट्रिप पे गया है। ट्रिप बड़ी
(2:07:34) एक्साइटिंग चीज है। घर से निकला है। यू नो फ्लाइट ट्रेन बस पकड़ी है। रास्ते में रिवर देखा है। हिल स्टेशन पहुंचा है। ऊपर जाके कश्मीर पहुंचा। कश्मीर में श्रीनगर डल लेक पूरा एंजॉय कर रहा है। इट्स एक्साइटमेंट। कुछ दिन रहेगी। पांच छ दिन उसके बाद उसको क्या होगा? अब घर जाने का मन है। और जब घर आता है, घर आते क्या फीलिंग होती है? मेरा बेड। घर घर होता है। एवरी टाइम वी रिटर्न फ्रॉम ट्रिप अपने बेड पे जाके कहते हैं इस जगह जैसी कोई जगह नहीं है। वो बेड का, वो अपनी प्लेट का, वो अपने डाइनिंग का इज नॉट एक्साइटमेंट इज पीस, इज अ कंफर्ट।
(2:08:10) इट्स होम। इट्स होम। राइट? ये चीज रिलेशनशिप में अगर हम समझ जाए कि एक्साइटमेंट और हैप्पीनेस दो अलग चीजें हैं। राइट? शुरुआत में एक्साइटमेंट वाला फेस बहुत ज्यादा होगा। राइट? एक्सप्लोरिंग ईच अदर, नोइंग ईच अदर। एक्साइटमेंट है वो। एक्साइटमेंट हमेशा नहीं रहेगी। जब आप थोड़ा सा एक दूसरे के क्लोज आओगे, जान लोगे तो वो ट्रिप को अब घर वाली फीलिंग चाहिए होगी। नाउ लेट्स अंडरस्टैंड। एक्साइटमेंट इज अ स्पाइक। एक्साइटमेंट इज़ अ टेंपरेरी अह स्पाइक ऑफ इमोशंस। राइट? बट हैप्पीनेस इज़ अ स्टेट। स्टेट ऑफ पीस, स्टेट ऑफ जॉय, स्टेट ऑफ सब अच्छा है। स्टेट ऑफ यह मेरी दुनिया है। हम
(2:08:52) साथ हैं और अच्छा लग रहा है। राइट? अच्छा लग रहा है। एक्साइटेड आप हमेशा नहीं रह सकते। कैन देयर बी अ पर्सन और रिलेशनशिप ऑलवेज एक्साइटेड। वाओ ये ये नहीं होगा। राइट? आप एक रिलेशनशिप 30 साल, 20 साल, 10 साल एक्साइटमेंट से चलेगा। नहीं, वह हैप्पीनेस से चलेगा। एक्साइटमेंट इज़ आती जाती रहेगी। बट आई थिंक हैप्पीनेस इज समथिंग वी शुड पर्सू। हैप्पीनेस इज समथिंग वी शुड चैनलाइज फॉर। बर्थडे पार्टी में जाते हैं एक्साइटमेंट होती है। बट वो एक टाइम पार्टी टाइम के लिए होती है। पर अपने रूम में आके खुशी मिलती है वो हैप्पीनेस होती है। व्हाट इज हैप्पीनेस?
(2:09:28) हैप्पीनेस कई बार लोग सोचते हैं फीलिंग है। कई बार सोचते हैं इमोशन है। हैप्पीनेस ना फीलिंग है सिर्फ, ना इमोशन है सिर्फ। हैप्पीनेस एक कांसेप्ट है। इट्स अ कांसेप्ट व्हिच यू नीड टू बी अवेयर ऑफ व्हिच यू नीड टू अंडरस्टैंड व्हिच यू नीड टू ग्रेजुअली ऐड इन योर लाइफ। धीरे धीरे-धीरे उसको और समझते जाओ और अच्छा लगता जाता है और उसको आप जितना उसको समझते जाओगे उतना बेसिकली हैप्पीनेस को अचीव करते जाओगे। अंडरस्टैंडिंग इट इज़ व्हेयर यू रीच हैप्पीनेस। एक्साइटमेंट वर्सेस हैप्पीनेस में यह इंपॉर्टेंट है कि हमेशा पीक एक्साइटमेंट हो गई और एक स्टेबिलिटी,
(2:10:04) एक पीस, एक जॉय वो हैप्पीनेस है। मुझे मेरी जिंदगी में कुछ चीजें खराब हो रही हैं। मुझे फर्क नहीं पड़ रहा यह नहीं होगा। मुझे फर्क पड़ रहा है बट आई एम एबल टू मेंटेन माय काम इज हैप्पीनेस। तो इट्स ऑलवेज नॉट स्माइलिंग एंड लाफिंग। इट इज आल्सो इट्स अ स्टेट ऑफ़ माइंड। स्टेट ऑफ़ माइंड। राइट? इट्स अ कॉन्सेप्ट के धीरे-धीरे हम उसको एडप्ट करते जाएं, अनलॉक करते जाएं। और रिलेशनशिप में एक्साइटमेंट हमेशा नहीं रहेगी। रिलेशनशिप में हैप्पीनेस हमेशा रहनी चाहिए। अगर मेरे झगड़े हो रहे हैं, होंगे। हम मैं झगड़ों को रिसॉल्व कर पाता हूं। हम दोनों एक दूसरे को समझ पाते हैं। 2018 से
(2:10:41) बेटर 2020 में हमारी कम्युनिकेशन थी। 2025 से बेटर 2027 में है। वी आर ग्रोइंग। वी आर इवॉल्विंग। वी आर एबल टू हैंडल आवर आर्गुमेंट्स बेटर। आवर इमोशनल रेगुलेशन इज बेटर। आवर वे ऑफ़ डीलिंग विद ईच अदर इज़ बेटर। यह दीज़ आर द फैक्टर्स विल इंक्रीज हैप्पीनेस। एक्साइटमेंट ना किसी भी कपल में लड़ाई झगड़े प्रॉब्लम्स के बावजूद भी आ सकती है। राइट? कपल लड़ता रहता है, लड़ता रहता है। बट देन फाइनली दे सेव्ड अ लॉट ऑफ़ मनी एंड दे वेंट आउट एंड बाय बॉट देयर न्यू कार। राइट? वो ले आए अपने घर में बढ़िया सी K ले आए। अब ना इस वक्त उनके झगड़े साइड पे हैं। अब दोनों खुश हैं।
(2:11:20) शोरूम से हंसते हुए घर आए हैं। सोशल मीडिया पे फोटो डाल रहे हैं। रिलेटिव्स को स्वीट्स डिस्ट्रीब्यूट कर रहे हैं। बिकॉज़ मे बी इट वाज़ देयर ड्रीम कार एंड दे डूइंग दिस। 10-12 दिन जब ड्राइव पे चल रहे होंगे, धीरे धीरे-धीरे वापस वही झगड़े आ जाएंगे। तो हैप्पीनेस ज्यादा इंपॉर्टेंट है। एक्साइटमेंट तो आती जाती रहेगी। अगर हम हैप्पीनेस को समझते रह, इस कांसेप्ट को एक्सप्लोर करते रहें तो हम हम एज अ ह्यूमन भी ग्रो करेंगे। हमारा रिलेशन भी ग्रो करेगा। हम एज एन इंडिविजुअल अपने बाकी एरियाज ऑफ लाइफ में भी ग्रो करेंगे। क्योंकि एक दुखी मन जिंदगी में अच्छे
(2:11:51) रिजल्ट्स नहीं क्रिएट कर सकता। एक खुश मन जिंदगी में अच्छे रिजल्ट क्रिएट कर सकता है। ट्रू ट्रू। हैप्पी माइंड इज़ अ कंस्ट्रक्टिव माइंड। अ सैड माइंड इज़ अ डिस्ट्रक्टिव माइंड। टु दिस इमी आई वुड लाइक टू ऐड समथिंग रियली इम्पोर्टेन्ट। आई थिंक आई शुड टेल दिस। मेरे लिए रिलेशनशिप में हैप्पीनेस का मतलब क्या है? पागलपन। बी क्रेजी विद ईच अदर। क्रेजी मतलब तुम दोनों को कोई और समझ ही नहीं सकता। तुम दोनों की जो आपस में एक इक्वेशन है ना उसे कोई तीसरा बंदा समझ ही नहीं सकता। इट कुड बी द स्मॉल लिटिल जेस्चर्स दैट यू डू विद ईच अदर। सम
(2:12:23) स्टूपिड नॉनसेंस पगलू हरकतें दैट यू डू विद ईच अदर। यू टीज़ ईच अदर। यू डू समथिंग क्रेजी मे बी इन प्राइवेट या फिर एक ही रूम में जहां 10 लोग बैठे हैं आंखों आंखों में तुम्हारी वो बात हो गई है। नोबडी कैन एवर अंडरस्टैंड दैट। इफ यू हैव दैट इक्वेशन ना यू हैव ऑल द डैम हैप्पीनेस इन दिस वर्ल्ड। यू हैव दैट स्पार्क अलाइव एंड नोबडी नोबडी कैन पुट एनी बुरी नजर ऑन योर रिलेशनशिप। यस यस। 100% अग्रेड एंड अगेन मुझे लगता है क्योंकि हम बात कर रहे हैं तो हमें अपनी बात जरूर रखनी चाहिए। बिकॉज़ आई फील वैरी प्राउड ऑफ़ द फैक्ट कि वी आई फील आई एम
(2:12:59) श्योर यू आल्सो फील के वी आर इन अ रिलेशनशिप जहां पे हम वी आर ग्रोइंग टुगेदर नॉट ग्रोइंग अ पार्ट राइट इन दिस 11 इयर्स वी हैव ग्रोन टुगेदर आई फील वैरी ब्लेस्ड के फॉर दिस रिलेशनशिप एंड एज आई ऑलवेज से कि मुझे नहीं लगता कभी भी के मतलब इससे बेटर हो सकता था मेरी लाइफ में कोई राइट सो आई फील कि वो पागलपन ना हमारा बहुत बड़ा रीजन है कि हमारी कुछ हरकतें ऐसी हैं जो किसी को समझ नहीं आ सकती हमारी कुछ बातें ऐसी होती ही होती हैं जो किसी को समझ नहीं आएंगी। देयर आर मोमेंट्स कि हमारे कमरे में कोई सीसीटीवी लगा दे तो उनको लगेगा यह किन चीजों पे हंसते-हंसते
(2:13:34) रहते हैं क्या इनके रिचुअल से हैं? क्या इनके पागलपन से है? बट दे कीप दैट पागलपन इज वेरीेंट। राइट? द स्टुपिड डांससेस दैट वी डू। राइट? मतलब देयर आर लाइक वो स्कूटर पे किक नहीं होती थी पहले जमाने में। किक मार दो स्कूटर चलने में। हम में से एक कोई किक मार दे हम 10 मिनट चलते रहते हैं पता नहीं कौन सी दुनिया में। तो वो किक्स पता है एक दूसरे की एंड वी वोंट क्वेश्चन के यार क्या है क्या पागलपन है मतलब वन ऑफ अस इज ट्रिगरिंग एंड समथिंग इज सम पागलपन इज हैपनिंग नॉट शेयरिंग फदर डिटेल्स हियर बट [हंसी] इस दुनिया में कुछ तो अच्छा रहने दो हमारे
(2:14:10) अंदर एक बच्चा है जिसको बच्चा रहने दो। सो, इमेज आफ्टर दिस अमेजिंग कन्वर्सेशन अबाउट लव एंड रिलेशनशिप। वी हैव दिस एक्साइटिंग सेगमेंट व्हिच इज़ अ रैपिड फायर सेगमेंट। देयर आर सम क्विक क्वेश्चन्स व्हिच आई विल आस्क एंड फर्स्ट थिंग दैट अकर्स टू यू। ऑपोजिट्स अट्रैक्ट। यू थिंक इट्स ट्रू। शुरू में ऑपोजिट्स अट्रैक्ट, बाद में ऑपोजिट्स अटैक। [हंसी] व्हाट काइंड ऑफ वर्स्ट एडवाइस कैन यू गिव टू अ कपल? डोंट शेयर व्हाट यू वांट लेट देम गेस। अकॉर्डिंग टू यू व्हाट्स द मोस्ट अंडर रेटेड लव लैंग्वेज। डेली हग, दैट डेली टच दैट होल्डिंग हैंड्स
(2:14:49) वो ग्रेजुअली आई थिंक अंडररेट हो जाती है। वन थिंग व्हिच पीपल शुड नेवर टोलरेट इन द नेम ऑफ लव। ऑटोनोमी। फुल कंट्रोल। आई लव द पर्सन। आई विल कंट्रोल द पर्सन। हर कोई इंडिविजुअल है। हर किसी की अपनी जिंदगी है। प्यार के नाम पर कोई एक जाना दूसरे की पूरी जिंदगी कंट्रोल करे। उसकी इकलौती जिंदगी एक दूसरे के हिसाब से चले। वो प्यार नहीं है। वो गुलामी है। ओके देन व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन सेटिंग अ बाउंड्री एंड हैविंग अ कंट्रोल? सेटिंग अ बाउंड्री अपने आप में शो करता है कि कम्युनिकेशन है, कम्युनिकेटेड है। यह एक बाउंड्री है। दो लोगों ने आपस में
(2:15:24) वार्तालाप करी है, बातचीत करी है और वो बनी है। हम सेटिंग अ कंट्रोल इज वेयर इन द चॉइस इज नॉट गिवन। यह होगा, ऐसा ही होगा। ऐसे ही करना है। बाउंड्री सेट करी जाती है, कंट्रोल एस्टैब्लिश करा जाता है। व्हाई डू यू थिंक दैट मेनी पीपल इवन आफ्टर नोइंग स्टिल कंटिन्यू टू स्टे इन एन अनहेल्ी रिलेशनशिप? आर ब्रेन इज नॉट वायर्ड फॉर हैप्पीनेस। इट इज वायर्ड फॉर कंफर्ट। क्योंकि उसको कंफर्ट चाहिए, फेमिलैरिटी चाहिए। तो जो है जैसा है ठीक है। हम उससे बाहर नहीं निकल रहे। हम उस आदत में जीना शुरू कर दें। इज इट ओके टू एंटर इंटू अ रिलेशनशिप जस्ट
(2:16:05) बिकॉज़ यू फील लोनली? आइडियली नहीं। क्योंकि फिर आपने एक एस्केप बनाया है उस रिलेशनशिप को। रिलेशनशिप बहुत बड़ी चीज है। वो एक एस्केप रूट नहीं होना चाहिए। राइट? आप एक नीड और वांट के साथ रिलेशनशिप में गए हो। जाते ही वो सेटिस्फाई हो गई। अब आपको बाकी ट्रुथ, ग्राउंड रियलिटीज नजर आएंगी। आप जिसके लिए प्रिपेयर्ड नहीं हो। आप रिलेशनशिप के लिए प्रिपेयर्ड नहीं हो। आप सिर्फ एक एस्केप ढूंढ रहे हो। यू हैव सेल्फ लव। यू हैव सेल्फ कंपैशन देन यू गो इन अ रिलेशन यू आर एबल टू गिव लव यू आर एबल टू गिव कंपैशन आप ऑलरेडी एम्प्टी होके जा रहे हो क्योंकि आप अकेला फील कर रहे हो
(2:16:41) खोखला फील कर रहे हो तो आप रिलेशनशिप में जाके कुछ दे ही नहीं पाओगे आपके पास देने के लिए कुछ है नहीं सो फर्स्ट टर्न योर लोनलीनेस इनू सॉलिट्यूड। आप अपने अकेलापन को पहले वीकनेस से ताकत बनाओ। आई कैन बी हैप्पी विद मायसेल्फ। आई एम ओके इन माय कंपनी। आई एम ओके इफ आई हैव टू बी लाइक दिस। नाउ आई गो इन अ रिलेशनशिप टू एलिवेट माय लाइफ। हाउ अबाउट दोज़ पीपल हु इन ऑर्डर टू फिल दैट वॉइड ऑफ स्पीकिंग टू समबडी फॉर आवर्स शेयरिंग योर लाइफ एंड एवरीथिंग दे जंप इंटू अ न्यू रिलेशनशिप बिफोर दे हील देमसेल्व्स और बिफोर दे इंट्रोस्पेक्ट रेट्रोस्पेक्ट। उससे पहले
(2:17:21) ही वो एक नए रिलेशनशिप में एंटर कर जाते हैं। व्हाट डू यू थिंक अबाउट दिस? इज़ दिस आल्सो वन एस्केप रूट? लाइक इज दिस फाइन? ह्यूमन नेचर है कि इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन चाहिए। आसान चीजें जल्दी समझ आती है और सिर्फ एक ब्रेकअप वाले इंसान को नहीं हर किसी को। तो इजी रोड तो ब्रेन ढूंढेगा भाई। अब किसी से बात कर लूं वो बेटर है क्योंकि अपनी पेन के साथ जीना मुश्किल है। राइट? तो मैं ये नहीं कहूंगा बात मत करो। मैं ये नहीं कहूंगा नए रिलेशनशिप में मत जाओ। बट यस एज आई सेड क्या मैं इस पेन को बेटर हैंडल कर रहा हूं? क्या मैंने अपने आपको वो टाइम दिया है? क्या मैं हीलिंग के
(2:17:52) एफर्ट कर रहा हूं? राइट? आई एम स्टेपिंग इंटू अ रिलेशनशिप बट आई हैव नॉट लर्न एनीथिंग फ्रॉम द पास्ट। आई हैव नॉट अंडरस्टुड मसेल्फ बेटर। आई हैव नॉट लर्न टू स्टे अलोन फॉर एटलीस्ट सम टाइम। आई हैव नॉट लर्न टू हैव न्यू फ्रेंडशिप्स, एसोसिएशन, हॉबीज़। तो शायद क्योंकि इजी था वो मैंने कर लिया। तो कोई नए रिलेशन में चला गया है। एकदम ब्रेकअप होते। मैं यह तो नहीं हुआ। गलत कर दिया भाई। उसने आसान रूट चूज़ कर लिया। बट यस देयर इज़ एन ऑप्शन कि आप अपने आपको बेटर हील कर सकते हो। बेटर मैच्योर बना सकते हो। वो ऑप्शन आपके ही फायदे की है। कंप्लीट दिस सेंटेंस। अ
(2:18:25) रिलेशनशिप कैन नॉट सर्वाइव विथाउट। अ रिलेशनशिप कैन नॉट सर्वाइव विदाउट कनेक्ट, कम्युनिकेशन, एंड कमिटमेंट। आई थिंक, आई थिंक वी हैव डिस्कस्ड इट आल। वी हैव डिस्कस्ड एवरीथिंग अबाउट रिलेशनशिप्स फ्रॉम इट्स हाईएस्ट हाईज एंड द लोएस्ट लोस। एंड ऑनेस्टली ये सारी बातें अपने ही पति से करके बहुत [हंसी] इट वाज़ अ वेरी डिफरेंट फीलिंग। आई थिंक हम दोनों को मिलकर बैठकर यह पॉडकास्ट देखना चाहिए। वंस इट इज आउट। बट इट वास लवली। इट वाज़ इनाइटफुल। इट वाज़ अमेजिंग। मैंने हमेशा एज अ वाइफ इस लव को एक्सपीरियंस किया है। बट आज इस इस सेटअप में आपके आइडियाज को सुनके मुझे
(2:19:09) और बहुत ज्यादा क्लेरिटी मिली। मुझे यह समझ में आया कि आप हमारे रिलेशनशिप को कैसे हैंडल करते हो। इट्स ब्यूटीफुल। अब अगली बार जब आप कुछ करोगे तो मुझे उसके पीछे की साइंस पता होगी। सारे पत्ते खुल गए। सारे पत्ते खुल गए हैं। [हंसी] और यही इंटेंट था आज के इस एपिसोड का जो मैंने शुरू में बोला वो तो कुछ नहीं था। बट आई ट्रूली ट्रूली होप दैट यू ऑल नॉट जस्ट एंजॉयड वाचिंग और लिसनिंग टू इट बट आल्सो फाउंड इट रियली मीनिंगफुल एंड इसको सुनने के बाद आपके रिलेशनशिप में इंप्रूवमेंट्स आएंगी। हाउ यू डील विथ देम। हाउ यू फील इन दिस रिलेशनशिप। दैट इज
(2:19:45) व्हाट आई होप एंड आई वुड आल्सो रिक्वेस्ट यू टू लेट अस नो इन द कमेंट्स। क्या थी आपकी सबसे बड़ी लर्निंग? ऐसी वो चीज जिसने सीरियसली आपके दिमाग खोल दिया हो। एंड थैंक यू सो मच हिमेश। वेलकम लवली क्वेश्चन एंड बिफोर वी क्लोज वनेंट थिंग व्हिच आई वांटेड टू से आई लव यू। आई लव यू टू। [हंसी]
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