Your Mind Is Controlling 95% of Your Life | Psychology of Success, Manifestation & Happiness | TFD
Author Name:The Founder's Dream | Abhishek vyas
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Transcript:
(00:00) सबसे बड़ा अचीवमेंट मेरा यह था कि मैं शुरू से अभी तक एक लर्नर रही हूं। द मोमेंट यू आर बोर्न 99.9% योर फेथ हैज़ बीन डिसाइडेड बाय द गॉड। डू यू बिलीव दिस? नो आई डोंट। सबसे बड़ा मैनिफेस्टेशन हुआ मुझे मैनिफेस्टेशंस होते हैं। जैसे भगवत गीता में लिखा हुआ है कम किए जाऊं। फल की इच्छा ना करूं। बिकॉज़ सबकॉन्शियस माइंड डस नॉट नो द डिफरेंस बिटवीन फैक्चुअल एंड इमेजिनेशन, रियलिटी। मेरे गुरु ने मुझे समझाया था कि सबकॉन्शियस माइंड हमारे जीवन में 96% होता है। एंड यू हैव टू हैव दैट हंगर। वेट जो होता है वो मल्टी फैक्टोरियल [संगीत] होता है। स्ट्रेस मैनेजमेंट लोगों
(00:40) को नहीं आता। मेल्स रोते क्यों नहीं है? बिकॉज़ बचपन से मेल्स को बोला क्या? आई डोंट बी लाइक अ गर्ल। आजकल पेरेंट्स में और ज़ेंजी की उनमें क्लैश हो रहा है। उनमें ये वास्तव में ईगो इशू है या लैक ऑफ अंडरस्टैंडिंग। आई थिंक लैक [संगीत] ऑफ अर्ली टू बेड, अर्ली टू राइज मेक्स अ मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइब। नमस्कार। मैं हूं डॉ.
(01:18) पंकज भारती, वेलनेस एक्सपर्ट और द होलिस्टिक कररेक्टर प्रोग्राम का ओरिजिनेटर। आज है हमारे साथ डॉक्टर दीप्ति वर्मा जिनको 2026 में वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप का अवार्ड मिला था और इनको न्यूट्रिशन में भी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड मिल चुका है। आज देखता हूं कि न्यूट्रिशन पे हम लोग बातचीत को आगे बढ़ाएंगे देखेंगे हम लोगों की कैसे मदद होती है। तो आपका हमारे प्रोग्राम में स्वागत है। डॉक्टर दीप्ति थैंक यू सो मच डॉक्टर। कैसे हैं आज? ऑल गुड। परफेक्ट। चलिए बताइए आपकी ब्लोइंग स्किन का राज क्या है? न्यूट्रिशन जो मेरा काम भी है। एक चीज छूट गई। न्यूट्रिशन के साथ-साथ
(01:55) पॉजिटिव माइंडसेट। बिल्कुल। उसका तो बहुत बड़ा योगदान है। क्योंकि आपका न्यूट्रिशन कितना भी अच्छा क्यों ना हो अगर अगर आपका माइंड पॉजिटिव नहीं है ना? तो न्यूट्रिशन का रोल पूरा होता नहीं है। बिल्कुल 100% आपका दिमाग आपका मन जितना शांत होगा और आप अंदर से जितनी खुश होंगी ना वो न्यूट्रिशन कहते हैं ना कि वो अपना रोल चार गुना बढ़ा देता है। आप हमारी बात से एग्री करते हैं कि नहीं? 101% ऐसे बोला ही जाता है कि आपका चेहरा आपके सोल को अंदर से दिखाता है। सो वो उसका दर्पण होता है। आप ये बताइए कि अभी तक आपका जो करियर है बहुत लंबा रहा है।
(02:30) आप किस अचीवमेंट को अपने लाइफ में सबसे बड़ा अचीवमेंट मानती हैं? सबसे बड़ा अचीवमेंट मेरा ये था कि मैं शुरू से अभी तक एक लर्नर रही हूं और रोज दिन को मैं आज की तरह जैसे मेरी फ्रेश लाइफ शुरू हो रही है। रोज का दिन मैं ऐसे शुरू करती हूं। सो ये ये मेरा अचीवमेंट है कि एवरीडे लाइक आई मेक एवरीडे द बेस्ट। मैं बहुत ज्यादा लॉन्ग टर्म ऐसे सोचती नहीं हूं। लेकिन मैं आज के दिन को सुबह सक्सेसफुल करती हूं। सो दिस हैज़ बीन माय अच्छा आप बताइए आप खुश हैं या बिजी? खुश नहीं बिजी भी है ना? खुश हूं। अच्छा क्योंकि काम ऐसा है कि जो काम मुझे व्यस्त
(03:05) लगता है वो काम मैं बहुत खुशी से करती हूं। आपको नहीं लगता कि ओवरथिंकिंग आपकी लाइफ को साइलेंटली साइलेंटली किल करता है। 1% इसलिए हम ओवरथिंकिंग करते ही नहीं है। आप अपने काम को मजे से करते हैं। जैसे आपके साथ अभी बात कर रहे हैं तो बहुत मजा आ रहा है। आपने जैसे हम लोग बातचीत कर रहे थे आपने बताया कि पांच किताबों ने आपके जीवन को ट्रांसफॉर्म किया है। मैं चाहूंगा कि आप उन पांच किताबों के एटलीस्ट नाम बताइए जिससे हमारे जो श्रोता हैं वो भी कुछ पढ़ के अपनी लाइफ में ट्रांसफॉर्मेशन फील कर सकें। हां जी। पांच किताबों से कहीं ज्यादा मतलब
(03:39) मैं तो किताबें गिर रहा हूं। आई कॉल मसेल्फ अ बुक वार्म बट हां पांच किताबें जिनकी वजह से लाइफ किसी की ट्रांसफॉर्म हो सकती है। सबसे पहले उसमें से है द मैजिक बाय रोंडा बन जिसमें टूल्स एंड टेक्निक्स हैं ग्रेटट्यूड के। दूसरी किताब है पावर टू द सबकॉन्शियस माइंड। वो डॉक्टर जोसेफ मरफे की है। तीसरी किताब है द गेम ऑफ़ लाइफ एंड हाउ टू प्ले इट बाय फ्लोरेंस कोविश। फिर पांचवी किताब मैं बोलूंगी व्हिच इज द इके गाय और लास्ट बुक आई कैन से वुड बी द सो मेनी ब्रेकिंग द हैबिट ऑफ बीइंग योरसेल्फ बाय डॉक्टर जो डिस्पेंजा बहुत मजेदार किताब है
(04:13) और मेरे ख्याल से जो एक ही गाय है वो भी एक अगर उस फिलॉसफी को लोग अपने जीवन में इनकर्पोरेट करें तो अपने लाइफ में बहुत बड़े-बड़े चेंजेस ला सकते हैं। बहुत एटलीस्ट जब तक आपको अपनी लाइफ का गोल नहीं पता होता है तब तक आपको आगे काम करने में मजा नहीं आता है। बढ़ने में मजा नहीं आता है। यस। अच्छा ये बताइए अगर आपको यह पता हो कि आप फेल नहीं होंगी हम तो आपकी लाइफ कैसी होगी? बोरिंग [हंसी] बिकॉज़ फिर चैलेंज ही नहीं होगा ना और क्या अगर चैलेंज नहीं है तो फिर जिंदगी जीने का मजा ही क्या है? आप और हम सब चैलेंज के कारण ही आगे बढ़े है ना कि कुछ लोग ऐसी फैमिलीज में पैदा
(04:48) होते हैं ना जहां पे स्ट्रगल्स होते ही नहीं है। उनको फेल होने के कोई चांस ही नहीं होते हैं। यस कहते हैं ना कि द मोमेंट यू आर बोर्न योर 99.9% योर फैथ हैज़ बीन डिसाइडेड बाय द गॉड। या डू यू बिलीव दिस? नो, आई डोंट। नो आई आई बिलीव दैट यू शुड मेक योर ओन फेथ। जैसे ही वो हम बोलते हैं ना ओन डेस्टिनी। या या अब्सोलुटली। ये जो आपका न्यूरोप्लास्टिसिटी और जो मैनिफेस्टेशन है, यह बिलीफ है या साइंस है। इट्स अ साइंस। ओके। ऐसे यू कैन इलेबोरेट। या। सो न्यूरोप्लास्टिसिटी का मतलब होता है द ब्रेन एबिलिटी टू रिट्रेन एंड रिप्रोग्राम द माइंड बाय रेपेटिशन।
(05:31) ओके। सो अगर कोई भी बिलीव है अगर हमें अपने अंदर डालना हो जैसे अभी तक हो सकता है कोई असफल असफलता आ रही हो। है ना? समबडी इज़ बीइंग अनसक्सेसफुल ओवर एंड ओवर अगेन। सो अगर वो डिसाइड कर लेते हैं दैट फ्रॉम नाउ दैट नो मैटर व्हाट आई डू। आई अलव मायसेल्फ टू लर्न न्यू थिंग्स एंड अचीव सक्सेस। अगर इसी थॉट को लगातार वो रिपीट करते रहेंगे सुबह शाम सो इट्स अ प्रोसेस यू नो सो लगातार अगर इस प्रोसेस को रिपीट करते रहेंगे तो वो एक दिन एक बिलीफ बन जाएगा और जब वो बिलीफ बन जाता है तो हमारे दिमाग में एक रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम होता है जो फिल्टर होता है वो चीज बार-बार आपके
(06:08) सामने अपॉर्चुनिटीज आने लग जाएंगी। आप सही लोगों से सही समय पे मिलेंगे जिसके कारण आपने जो सोचा था दैट यू वांट टू बिकम सक्सेसफुल वो चीज आपके पास आनी शुरू हो जाती है। सो लाइफ स्टार्ट्स गेटिंग ऑर्गेनाइज्ड दैट वे इज अ वेरी इंटरेस्टिंग साइन। थोड़ा सा मैं इसको अपनी तरह से कहना चाहूंगा कि आपको गॉड सिग्नल भेजता है लेकिन आपको उन सिग्नल्स को पकड़ना पड़ता है। आपको जानना पड़ता है ये सिग्नल मेरे लिए है और आपको वैसे ही वो सिग्नल्स भेजता है जैसे आपके मोबाइल में नेटवर्क आता है। आपको पकड़ना है उस उन सिग्नल्स को। जो लोग एक्सपर्ट होते हैं जो
(06:44) उन सिग्नल्स को पकड़ के उनको फिर यूज करते हैं। आप यह बताइए आप मैनिफेस्टेशन की बात करती हैं। आपकी लाइफ में आपने बहुत सारी चीजों को मैनिफेस्ट किया होगा। आप बताइए कि आपका सबसे अच्छा मैनिफेस्टेशन कौन सा हुआ? सबसे बड़ा मैनिफेस्टेशन हुआ। मुझे ट्रिप पे जाना था कोविड के दौरान। हम और वो शहर बंद था बिकॉज़ ऑफ कोविड और मुझे यह था कि मैं जाना है और वो बीच एरिया है और वहीं तो बट वहां पे कोई सीन नहीं था। कोई बीच पे कोई रेस्टोरेंट कोई पार्क कोई कुछ भी खुला हुआ नहीं था। एंड द डे आई लैंडेड व्हिच वाज़ ऑन नाइंथ ऑफ सेप्टेंबर 2020। उसी दिन मैं लैंड किया और वहां पे उस वक्त
(07:27) फ्लाइट्स भी नई-नई खुली खुली थी और उस दिन वो पूरा सिटी खुल गया था। सो ये मैंने मैनिफेस्ट किया। तो यह बहुत पावरफुल मैनिफेस्टेशन है कि वहां की जो भी लोकल गवर्नमेंट है उन लोगों ने वो डिसाइड किया था। दूसरा मुझे जो बिजनेस करना था ये मैंने मैनिफेस्ट किया। आई वांटेड टू रीच द टॉप ऑफ द बिनेस एंड यू नो कि मैं हेल्प कर पाऊं लोगों की क्योंकि मेरा काम ऐसा है यू नो लाइफ कोचिंग एंड न्यूट्रिशन कंसलटेंसी और इन दोनों की लोगों को बहुत ज्यादा जरूरत है तो मुझे क्या था कि एंड आई वास नॉट इन सोशल मीडिया और वो सारा कुछ इनिशियली आई वास नॉट हमने बहुत रिसेंटली
(08:00) वो सब शुरू किया है बट हमने अपना टारगेट बनाया था क्वाइट अ फ्यू लैग्स जो बहुत हाई फिगर था वो अचीव करने का एंड वी कुड डू दैट इन द फर्स्ट टू मंथ्स ओके ओके या तो ये दूसरा था और एक थर्ड थर्ड मैनिफेस्टेशन था जब मुझे डॉक्टरेट ली थी तो जब करा था तो उस वक्त भी थोड़ा कोविड का टाइम सही चल रहा था बट उसकी वो डिग्री मिलनी थी तो उसमें आई रियली वास वेरी कीन दैट बहुत बड़े ऑडिटोरियम में आई वास गेटिंग अवार्डेड बाय वन ऑफ द मिनिस्टर्स एंड इट हैपेंड वेरी नाइस या एक बड़ा अहम प्रश्न है कोई चीज जब आप मैनिफेस्ट करना चाहते हैं और मैनिफेस्टेशंस होते हैं जब आप कोई चीज
(08:40) मैनिफेस्ट करते हैं वो चीजें आपकी आपकी लाइफ में होती हैं। आप लोगों को क्या सजेस्ट करेंगे? आप बहुत स्ट्रेस में मैन चीजें मैनिफेस्ट होती हैं या जब आपकी दिमाग और शरीर बिल्कुल काम पीसफुल होता है तब चीजें मैनिफेस्ट होती हैं। बिल्कुल सरेंडर मोड में ही मैनिफेस्टेशन होती है। सो हमारे ब्रेन में जैसे दो तरह के ब्रेन होते हैं। एक एक ब्रेन डायरेक्ट होता है। सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम उसको बोलते हैं। फाइट फ्लाई फ्लाइट एंड फ्रीज लाइक फाइट, फ्लाइट, फ्रीज एंड फियर। यह हमारा सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम होता है जिसमें हम थोड़े टेंशन में रहते हैं।
(09:13) दूसरा नर्वस सिस्टम जिस तरह काम करता है इज रेस्ट रिलैक्स डाइजेशन। उसको पैरासिंैथेटिक नर्वस सिस्टम बोलते हैं। तो मैनिफेस्टेशन का सारा प्रोसेस पैरासिंथेटिक में होता है। जब आप बहुत आराम से यू नो यूनिवर्स पे ट्रस्ट करते हैं। सो यू डू योर जॉब। जैसे भगवत गीता में लिखा हुआ है कर्म किए जाओ। फल की इच्छा ना करो। बिकॉज़ फल आपके कर्मों के अनुरूप जरूर आएगा। और वो भगवान की दया से आता है। आज एक मैनिफेस्टेशन की टेक्निक बता दीजिए। अच्छा सबसे अच्छी टेक्निक ये होगी जो मैंने भी इस्तेमाल की वो मैं बता सकती हूं सारे व्यूअर्स को। तो सबसे पहला तो अर्ली
(09:46) मॉर्निंग में जब आप सुबह सोके उठते हैं और रात को सोने के पहले हमारा दिमाग बहुत इंप्रेशनेबल कंडीशन में होता है। तो उस वक्त जो चीज आप अपने आप को बोलेंगे वो बहुत जल्दी मैनिफेस्ट होती है। बिकॉज़ हमारा ब्रेन होता है अल्फा थीटा स्टेट में। अल्फा थीटा ब्रेन वेव्स होती हैं। तो स्लो ब्रेन वेव्स बीटा बीटा प्लस में हमारा बहुत थिंकिंग माइंड होता है कि मुझे ये करना है। मुझे वहां जाना है। इस तरह से करना है। तो बीटा बीटा प्लस में मैनिफेस्टेशन नहीं होता। सो अर्ली इन द मॉर्निंग कहते हैं आपके और परमात्मा के बीच में ट्रैफिक जाम बिल्कुल भी नहीं
(10:15) होता। तो उस वक्त जो भी चीज अगर आप रिपीट करते हैं, आप बोलिए, आप मेडिटेट कीजिए, आप उसको लिख सकते हैं। है ना? जैसे अगर किसी को सपोज ₹5 लाख हर मंथ रिसीव करने हैं तो वो लिखेंगे दैट थैंक यू यूनिवर्स दैट आई रिसीव ₹5 लैक्स एव्री मंथ विथ ई एंजॉय डूइंग व्हाट आई लव राइट सो यू कैन जस्ट राइट इट 11 टाइम्स 21 टाइम्स 51 टाइम्स सबका अलग-अलग होता है टाइम के हिसाब से और रात को सोने के पहले आप विजुअलाइज करके सोइए कि ये आपके पास आ चुका है और आपकी लाइफ अब कैसी लग रही है तो ये दो चीजें मैनिफेस्टेशन के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है वो चीज आपको फील करनी
(10:53) सी यू यू ऑलरेडी ऑलरेडी यू हैव दैट और ऑलरेडी यू हैव रिसीव्ड दैट यस बिकॉज़ सबकॉन्शियस माइंड डस नॉट नो द डिफरेंस बिटवीन फ़क्चुअल एंड इमेजिनेशन रियलिटी सो इट वर्क्स ऑन व्हाटएवर इनफॉरमेशन यू आर गिविंग टू दिस आई हैव रेड समवेर दैट यू नो जर्नलिंग इज़ द मोस्ट पावरफुल वे ऑफ़ मैनिफेस्टेशन। या जर्नलिंग जर्नलिंग इज़ बेसिकली राइटिंग। या सो आई कुड से विजुअलाइजेशन एंड जर्नलिंग बोथ आल्सो या आई डू बोथ इनफैक्ट आवर एंटायर कम्युनिटी डस बोथ ऑफ़ देम वी जर्नल इन द मॉर्निंग सुबह उठते ही जो मॉर्निंग रूटीन होता है यह बहुत इंपॉर्टेंट होता है कि आप अपना फर्स्ट वन
(11:28) ऑवर कैसे बिता रहे हैं यह आपकी डेस्टिनी डिफाइन करता है। सो जैसे मेरे गुरु ने मुझे समझाया था कि किस्मत का मतलब ही होता है कि किस तरह की आपकी मति है इस वक्त जिसके कारण आपका भाग्य बनता है। तो किस्मत तो मती मतलब बुद्धि। किस तरह के जो आपके थॉट्स हैं तो थॉट्स तो हमारे कंट्रोल में है बिकॉज़ हमको हर हर वक्त हमारे पास एबिलिटी टू चूज़ होती है। डू आई वांट टू थिंक अबाउट इट? डू आई डोंट वांट टू थिंक अबाउट इट? डू आई वांट टू थिंक अबाउट इट? इट्स लाइक कि एक बकेट है उसमें आप वो सारी चीजें रखते जा रहे हैं जो आपको चाहिए। है ना? तो उसके बारे में सोचेंगे
(12:00) तो फिर वो मैनिफेस्ट हो जाता है। थॉट्स तो आपके कंट्रोल में हो सकते हैं। बट ड्रीम्स आपके कंट्रोल में नहीं हो सकते। हां ड्रीम यूज़ ड्रीम्स तो ऑटोमेटिकली यू नो ड्रीम्स जो आपको आते हैं वो इस बात पे डिपेंड करता है आपका एटीट्यूड कैसा है या आपका जन्म कैसा है आपकी परवरिश कैसी है और आपका इंटेलिजेंस कैसा है यस यू नो हर आदमी को हर तरीके के ड्रीम नहीं आते हैं हर आदमी को भारत का प्रधानमंत्री के ड्रीम नहीं आ सकते हैं लेकिन जो लोग भारत का प्रधानमंत्री बनने की कैपेबिलिटी रखते हैं उनको जरूर वो ड्रीम आते हैं डेफिनेटली और हम अपने एक्शन से अपने थॉट्स
(12:34) से कुछ भी क्रिएट कर सकते हैं। सबकॉन्शियस प्रोग्रामिंग कैसे हेल्प करती है? तो यही सबकॉन्शियस जैसे माइंड में कॉन्शियस माइंड एंड सबकॉन्शियस माइंड होता है। कॉन्शियस माइंड जो होता है करीब चार से 5% वैल्यू रखता है। सबकॉन्शियस माइंड हमारे जीवन में 96% होता है। तो भगवान ने इसीलिए सबकॉन्शियस माइंड दे के भेजा है। जो फ्लोरेंस गोवेश की किताब है। द गेम ऑफ़ लाइफ यही है कि जिंदगी एक गेम है। यू नो सो प्ले द गेम ऑफ़ लाइफ एंड इन दैट बुक शी इज़ टीचिंग इट आल्सो। जो बाकी ऑथर्स ने भी ऑफ कोर्स दिया हुआ है। तो उसमें है कि अपने सबकॉन्शियस को ट्रेन।
(13:08) अब सबकॉन्शियस के पास रीज़न एंड लॉजिक नहीं होता। उसके पास जो आप इंस्ट्रक्शन कमांड देते जा रहे हो कमांड्स पे चलता है। तो अगर कमांड में दे रहे हो दैट आई एम गेटिंग बेटर एंड बेटर एवरीडे इन एव्री वे आई एम गेटिंग बेटर एंड बेटर। यू नो आई एम गेटिंग वेल्थियर एंड वेल्थियर। आई एम गेटिंग हैप्पियर एंड हैप्पीयर। अब न्यू अपॉर्चुनिटीज़ आर कमिंग टू मी। सो इट विल स्टार्ट बिलीविंग इट। एंड वंस इट स्टार्ट्स बिलीविंग इट वो उसका प्रोग्राम है और किस्मत तो सबकॉन्शियस माइंड से डिफाइन होती है। आपके द्वारा यंगस्टर्स को एक मैसेज जरूर मिलना चाहिए।
(13:35) यस। कहते हैं ना कि जो आपका मोटिवेशन है वो तीन दिन में खत्म हो जाता है। हां जी। ऐसी टेक्निक आप हमारे यंगस्टर्स को बताइए कि जिससे वो हर समय मोटिवेटेड रहें। क्योंकि जब मोटिवेटेड रहते हैं ना तो गोल को अचीव करने में और अपने प्लान को एग्जीक्यूट करने में थोड़ा आसानी रहती है। या सो मोटिवेशन इज समथिंग जो और कोई किसी को दे नहीं सकता। मोटिवेशन इज खुद अपने बलबूते पे वन नीड्स टू क्रिएट एंड यू हैव टू हैव दैट हंगर। मेरे मेंटोर टोनी रॉबिंस। यू नो वो यही बोलते थे जब तक आपको वो हंगर नहीं है ना दैट आई वांट टू रियली अचीव दिस बिग इन लाइफ। टिल देन यू विल
(14:12) नॉट। नो अमाउंट ऑफ मोटिवेशन एंड पुशिंग फ्रॉम समवन। जिसके लिए आपको अपने बीइंग पे काम करना पड़ता है। है ना? सो नो वन मोटिवेट टू ब्रश टीथ एवरीडे। नो वन टेल्स नहीं समटाइ्स यू नो जैसे अचीवर्स होते हैं। सपोज आप किसी गुरु की बात करती है ना? तो गुरु के भी गुरु होते हैं जो उनको मोटिवेटेड रखते हैं। हम तो मेरे ख्याल से मोटिवेशन के लिए जरूरी है कि आप एक ऐसा मेंटोर जरूर रखें जो आपको हर समय दिशा और दशा दिखाता रहे। या वो तो गुरु बिना गति नहीं होती। बट इट इज आई वुड से दैट इट इज मोर ऑफ़ एन इंस्पिरेशन। यस यस। दैट यू नो समबडी रियली इंस्पायर्स यू कि
(14:53) कम ऑन आपको अपने अंदर की कैपेबिलिटी के बारे में कोई बताए। यू नो दैट यू कैन डू इट। यू हैव इट इन यू। मेरे गुरु भी ऐसे ही बोलते थे मुझे। एक बड़ा क्वेश्चन है। डिसिप्लिन और मोटिवेशन। हम मतलब व्हिच मेक्स यू सक्सेसफुल डिसिप्लिन डिसिप्लिन एनी टाइम मोटिवेशन ऊपर नीचे के ग्राफ होता है। डिसिप्लिन इज दैट कंसिस्टेंटली अगर हम रोज करते हैं कोई चीज यू डू एनीथिंग कंसिस्टेंटली एंड एंड रिपीटीशन रिपीटिशंस मेक यू परफेक्ट या सो दैट्स व्हाट इज कॉल्ड डिसिप्लिन। कहते हैं कि तप तप और जप होता है। तो कोई चीज अगर आप जप रहे हो सपोज आप जप रहे हो
(15:28) दैट यू नो दैट आई रियली हैव टू अचीव दिस इन लाइफ एंड आई वांट टू डू गुड टू पीपल एंड यू नो लाइक अगर वो वाला तो आप जपते जा रहे हो जपते जा रहे हो मतलब आप वही बोल रहे हो वही लिख रहे हो उसी के बारे में सोच रहे हो और तप करने का मतलब होता है कि आप कंसिस्टेंटली कर रहे हो आप तप रहे हो उसमें सो दैट इज़ यू आर डूइंग इट एवरीडे एवरीडे मींस वंस इन 24 आवर्स इंटेंसिटी कैन गो अप एंड डाउन जैसे अगर मुझे कुछ लिखना है तो अगर मैं किसी दिन 100 बार लिखा किसी दिन मैंने सिर्फ 21 टाइम्स लिखा किसी दिन मैंने सिर्फ उसको को पांच बार लिखा बट मैंने किया दोनों जब भी किया है
(15:57) तब भी किया है तभी वो चीज अचीव होती है। सो यू हैव टू हैव इट बैड इन आपने डोपामिन एडिक्शन सुना है? हां जी बिल्कुल आप बताइए डोपामिन एडिक्शन अब डोपामिन को भी एक न्यूरोट ट्रांसमीटर होता है जो हमारे ब्रेन से निकलता है और ग से भी निकलता है। ग को भी हम सेकंड नर्वस सिस्टम बोलते हैं। है ना? एंट्रिक नर्वस सिस्टम इंटेस्टाइनल। सो डोपामिन लाइक इज अ न्यूरोट ट्रांसमीटर व्हिच यू कैन से अ फील गुड फैक्टर जो हमको देता है एंड डोपामिन रश मींस कि किसी भी चीज के लिए एडिक्शन होना और उसको बार-बार बार-बार करने की चाह होना दैट इज व्हाट डोपामिन इज। सो एक तरह से वो हॉर्मोन होता
(16:33) है तो अब एक चीफ डोपामिन भी होता है जिसमें अगर कोई स्मोकिंग कर रहा है और उसको एक उसने सिगरेट ली फिर उसको मन कर रहा है एक और ले लो कोई बात नहीं कल देखा जाएगा और फिर एक और ली एक और ली। इसी तरह से कोई वेब सीरीज देख रहा है। तो उन्होंने एक एपिसोड देखा। अब मन कर रहा है नहीं एक और देख लो। नहीं एक और देख लो। नहीं एक और देख लो। या अल्कोहल ले रहे हैं तो उन्होंने एक ड्रिंक लिया। उनको लगता है ओ लेट्स टेक अनदर वन। दैट्स चीप डोपामिन। एडिक्शन हो रहा है। सोशल मीडिया एडिक्शन बहुत ज्यादा होता है। है ना? जैसे कॉग्निटिव डिक्लाइन हो रहा है लोगों का
(17:02) इतना ज्यादा। तो ये चीप डोपामिन है। ये भी वही मॉलिक्यूल है। लेकिन देयर इज़ अ डोपामिन रश फॉर ऑल द ब्यूटीफुल थिंग्स इन द लाइफ दैट यू वांट टू क्रिएट। लाइक इट कुड बी यू नो लाइक इफ इफ यू रियली हैव टू गो टू द जिम। अब डोपामिन ही आपको रोज उठा के जिम लेके जाएगा। बिकॉज़ वही डोपामिन और जिस दिन आप जिम नहीं जाएंगे आपको लगेगा कि आज के दिन में कुछ मिसिंग है। मजा नहीं आया। यू नो। सो इस तरह से बहुत अच्छे-अच्छे डोपामिन होता है। जैसे मेरा होता है कि जब तक मैं अपनी मॉर्निंग को ओन नहीं करती ना मेरा जो फर्स्ट वन आवर ऑफ़ द मॉर्निंग होता
(17:31) है। रादर मेरा तो थ्री आवर्स होता है बट लोगों के लिए आई थिंक एक घंटा बहुत रहेगा। सो वो जब तक नहीं होता है ना टिल द टाइम आई डोंट डू ऑल द थिंग्स लाइक जब तक मैं मेडिटेट नहीं करती जब तक मैं यू नो मेरे कुछ अमेशंस और प्रेयर्स होती है वो मैं लिखती हूं। उसके बाद ऑफ कोर्स मेरा पौ:45 से 6 am पे आई टेक सम प्रेयर्स फॉर एवरीबडी ऑन अ zूम कॉल 6 से 7 मेरा YouTube चैनल है उस पे रोज सेशन लेना तो वो मॉर्निंग उसके बाद जिम जाना रनिंग करना तो ये पूरा दिस इज दिस इज दिस गिव्स मी डोपामिन तो सब लोगों का ये अलग-अलग होता है अगर चीप डोपामिन है तो आपको चेक करना
(18:07) पड़ेगा अपने आप को दैट यू आर ओवर बिंजिंग Instagram लोग शुरू करते हैं 5 मिनट 10 मिनट 15 मिनट 20 मिनट पता लगता है रात के 1:00 बज गया सो दैट दैट इज़ नॉट अ गुड डोपामिन थिंग। सो देन यू टू लर्न टू से नो एंड देयर इज़ अ गुड डोपामिन डेफिनेटली। यू आर मेंटेनिंग परफेक्ट वेट। यस या एंड आई थिंक परफेक्ट हेल्थ आल्सो। यस। सो आज मैं एक बहुत अच्छा क्वेश्चन आपसे पूछ रहा हूं कि जितने भी दुनिया में मोटे लोग होते हैं ना वो एट वन पॉइंट ऑफ टाइम और जिंदगी में कई बार वेट लूज करने की कोशिश करते हैं हम और उनमें से ऑलमोस्ट 100% वो हम वेट लूज करते हैं और 100% लोग वेट रिगेन
(18:47) करते हैं हम तो उसमें इनके फेलियर का सबसे बड़ा कारण क्या होता है? एक्चुअली वेट को लोगों ने सिर्फ डाइट के साथ लिंक कर रखा है। वेट जो होता है वह मल्टी फैक्टोरियल होता है। है ना? तो बहुत सारे कॉमोनेंट्स होते हैं। जैसे वेट डेफिनेटली डाइट बहुतेंट है। देयर इज़ नो डाउट अबाउट इट कि आप किस तरह का न्यूट्रिएंट्स कंज्यूम कर रहे हैं। लेकिन उसके साथ-साथ एक्सरसाइज बहुत जरूरी है बॉडी को मूव करना। तो वो कई बार मिसिंग हो सकता है। थर्ड थिंग इज़ हाइड्रेशन कितना चल रहा है बॉडी में? बिकॉज़ बॉडी 72% वाटर। सो हाइड्रेशन कितना है? है बिकॉज़ सारी
(19:19) मेटाबॉलिक एक्टिविटीज़ हमारे गुड हाइड्रेशन में होती है। सो वी डू रेकमेंड ड्रिंकिंग अबाउट थ्री टू फोर लीटर्स ऑफ़ वाटर। फोर्थ वेरी वेरी गुड यू नो थिंग इज अ स्लीप साइकिल जिसको हम सरकेडियन रिदमम बोलते हैं। सरकेडियन रिदमम लोगों की बैलेंस नहीं होती है। बहुत लेट नाइट कल्चर रात में 11 12 एक 2 बजे सोना। सो बिकॉज़ ऑफ़ अकेडियन रिदमम अगर इमंबैलेंस है आपके तो आपका वजन कभी नहीं घट सकता। बिकॉज़ सारे स्ट्रेस हॉर्मोनस का लेवल बहुत हाई होगा। उसके अलावा इंसुलिन का लेवल हाई होगा। इंसुलिन अगर हाई है तो मतलब हम बोलते ही हैं लिपोजेनेसिस तो इंसुलिन की प्रेजेंस में
(19:53) होती है। दैट मींस फैट का एक्यूमुलेशन। सो वो वाला और दूसरा स्ट्रेस मैनेजमेंट लोगों को नहीं आता। पूरे टाइम स्ट्रेस एंजाइटटी में मुझे लगता है कि जब भी आप अपना वेट लॉस प्लान करें तो सबसे पहले आपको अपने जो नेगेटिव थॉट्स चले हैं जो आपके स्ट्रेसेसर्स हैं उनप पहले काम करना चाहिए। इसके बाद फिर इन चीजों पे आना चाहिए। और एक चीज और समझना चाहिए कि व्हनेवर यू ट्राई टू लूज वेट 95% इज योर फूड यस एंड 5% आर रेस्ट यू नो अदर थिंग्स यस और उसमें आपका जो स्ट्रेस है दैट आल्सो प्लेस वेरीेंट या सो आई वुड नॉट से 95% इज द फूड मैं तो बिल्कुल इन पांचों जो मैंने आपको एरियाज
(20:33) बताएं मैं उनको 20-20% रेट करती हूं यू नो बिकॉज़ डाइट जो है देयर आर सो मेनी पीपल आई नो हम लोग तो डाइट कंसल्टेशन के फील्ड फील्ड में ही है। हमारे बहुत सारे लोग हैं जो हॉस्टल में रहते हैं बच्चे बाहर का खाना खाते हैं। दे डू ईट ऑल द अनहेल्दी थिंग्स आल्सो बट उनकी लाइफ में बाकी के चार एरियाज में बहुत अच्छा डिसिप्लिन है। तो उनका खाना बड़े आराम से मेटाबोलाइज हो जाता है। वी हैव सीन सो मेनी पीपल दे आर 70 ईयर ओल्ड 80 ईयर ओल्ड दे टेक शुगर बट दे आर सुपर हेल्दी। कोई दवा नहीं उनकी चल रही है। सो इस तरह से इट इज़ नॉट लेकिन उनकी बाकी की चीजें बहुत अच्छी हैं।
(21:07) यू नो दे आर वेरी रेगुलर वि देयर एक्सरसाइज। दे टेक अ वेरी स्वीट टी टी एंड कॉफी लेकिन उनका एक्सरसाइज उनकी सरकेडियन साइकिल वी स्लीप वेक अप टाइमिंग्स उनका स्ट्रेस मैनेजमेंट वो सब बहुत इन प्लेस है। सो आई वुड से दैट ये पांचों एरियाज 20-20% इंपॉर्टेंट मतलब यू कैन से दैट वन फन कई बार आपका जीन भी आपकी आपको बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है कि आपका जीन कैसा है? समटाइ्स योर मेटाबॉलिज्म इज एडिक्वेट या हाई। सो आप कुछ भी खाते हैं ना। मैंने लोगों को कहते सुना है कि मैं ईंट पत्थर भी खा लेता हूं। वो भी पचा लेता हूं। और ऐसे भी लोग होते हैं ना जो अपने
(21:44) खानपान या बायोलॉजिकल क्लॉक में थोड़ा सा भी इधर-उधर गड़बड़ी कर देते हैं ना तो वो परेशान हो जाते हैं। या तो जीन प्लेस अ वेरी वेरी वेरीेंट रोल। नंबर डॉक्टर पंकज दिस इज नॉट रियली ट्रू बिकॉज़ आपकी बॉडी रोज जेनेटिकली न्यूरोलॉजिकली एंड फिजियोलॉजिकली बदलती है। अकॉर्डिंग टू द लाइफस्टाइल, डाइट एंड लाइफस्टाइल एंड अकॉर्डिंग टू द थॉट्स दैट यू थिंक रोज जींस। ये एपिजेनेटिक्स वाली जो साइंस है इसीलिए आजकल आज की तारीख में उभर के आई हुई है। एपिजेनेटिक्स मींस समथिंग ओवर एंड अबव योर जींस। समथिंग व्हिच इज़ रेगुलेटिंग योर जीन। सो देयर इज़
(22:20) समथिंग कॉल्ड जीन एक्सप्रेशन। हम सो अब जीन जो भी आपने इनहेरिट किए होंगे किए होंगे मेबी उसमें डायबिटीज का भी था उसमें डेफिशिएंसी थी लेकिन जीन एक्सप्रेशन एक साइंस है कि आप अपने जींस लगातार बदल रहे होते हैं बिकॉज़ हमको पता है कि हमारे सेल में सेल रीजनरेशन का प्रोसेस लगातार चल रहा होता है। एक दिन में 10 मिलियन सेल मरते हैं और 10 मिलियन सेल नए बनते हैं। तो जो नए सेल बन रहे हैं फ्रॉम द डाइट दैट यू ईट फ्रॉम द लाइफ स्टाइल दैट यू फॉलो एंड आल्सो फ्रॉम द थॉट्स दैट यू आर थिंकिंग ओवर एंड ओवर अगेन बदल जाते हैं। आई एम एन एग्जांपल
(22:55) एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल तीनों का बराबर बराबर रोल है। अगर हम किसी भी एक कॉम्पोनेंट को या एक फैक्टर को इग्नोर करते हैं तो उसका नेगेटिव इंपैक्ट हमारे शरीर पे आता ही आता है। सो जेनेटिकली एंड इवन न्यूरोलॉजिकली न्यूरोलॉजिकल डिक्लाइन कितना ज्यादा होता जा रहा है आजकल। यस। सो आई सी दैट माय चिल्ड्रन कांट रीच अ प्लेस विदाउट यूजिंग अ Google मैप। आई नेवर नीड वी हैव बीन लिविंग इन दिल्ली फॉर सो मेनी इयर्स। अगर हमको जाना होता है सो बिकॉज़ उनको आदत ही नहीं है। उनके वो दे हैव बीन बोर्न विथ अ Google Map। राइट? जब हम बच्चों को डिक्टेशन के लिए
(23:26) बोलते थे। वो सब लैपटॉप के सामने बैठ जाते थे। हां जी डिक्टेशन दीजिए। हमको वो कांसेप्ट नहीं था। हम लोग लिख-लिख के करते रहे। सो डेफिनेटली न्यूरोलॉजिकल डिक्लाइन हो ही रहा है ना उस वजह से। दैट यू आर नॉट रिमेंबरिंग बिकॉज़ ब्रेन का ऐसा होता है मोर यू यूज इट यू नो मोर इट इनक्रीसेस। सो देयर सो मेनी चिल्ड्रन लाइक यू नो दे आर जस्ट यूजिंग द सोशल मीडिया यू नो बॉडी बॉडी हील्स इटसेल्फ या सो इट्स अ वेरी पावरफुल यू नो गॉड गिफ्ट यस सो बट बॉडी हील्स ओनली व्हेन अ बॉडी इज प्रोवाइडेड फेवरेबल कंडीशन यस द बॉडी इज़ गिवेन फेवरेबल कंडीशन ऑल द
(24:00) इंग्रेडिएंट्स स्लीप गुड फूड यू नो एंड कंट्रोल्ड ड्रिंकिंग स्मोकिंग एवरीथिंग यू नो स्ट्रेस व्हेन योर बॉडी इज टॉक्सिन फ्री व्हेन यू आर वाइटल ऑर्गन्स आर फंक्शनिंग प्रॉपर्ली व्हेन योर लिंफेटिक सिस्टम इज एक्टिवेटेड बॉडी डजंट हैव एनी एसिड अल्कलाइन इमंबैलेंस एंड योर बॉडी इज ऑप्टिमली नरिश्ड या हियर वर्ड ऑप्टिमम इज वेरीेंट या व्हेन बॉडी इज गिवेन फेवरेबल कंडीशन एंड यू नो सेल्फ हीलिंग स्टार्ट यस बॉडी हैज़ इट्स ओन इंटेस्टी इट नोस एक्जेक्टली इवन इन इंटेस्टाइन इट नोस दैट अब सफाई करने का टाइम आ गया है तो मोटर माइग्रेटरी कॉम्प्लेक्स रिलीज होता है
(24:39) इंटेस्टाइन इज़ ऑल से कि चलो बहुत देर तक खाना नहीं आया है तो अभी सफाई कर लेते हैं। यू नो व्हाट टू अब्सॉर्ब व्हाट टू रिजेक्ट व्हाट टू मेटाबोलाइज यू नो सो या बॉडी हैज़ इट्स ओन इंटेलिजेंस आप एक प्रश्न है आपसे कि अक्सर मेल्स रोते क्यों हैं? हम या मेल्स रोते क्यों नहीं है? क्यों नहीं है? बोलेंगे बिकॉज़ बचपन से मेल्स को बोला क्या आई डोंट बी लाइक अ गर्ल? कंडीशन यू नो या सो कंडीशनिंग ही ऐसी है। आर यू क्राइंग लाइक अ गर्ल यू नो ही ऑलवेज क्राइस लाइक अ गर्ल तो मेल्स ने अपने इमोशंस को बॉटल अप करना सीख लिया है क्योंकि उनको अलाउड नहीं था कि वो सबके
(25:18) सामने रोएं और अगर वो रोते हैं तो उनको सीसी माना जाता था। तो मेल्स बहुत ज्यादा अपने आप को कंट्रोल करके रखते हैं। उनको वलनेरेबिलिटी बट द बेस्ट मेल्स आर द वंस हु कैन बी वलनेरेबल। उनकी लाइफ अच्छी रहेगी। उसका माइंड यू नो कॉग्निटिव हेल्थ अच्छी रहेगी। मेरी फिजिकल हेल्थ अच्छी रहेगी। सो दिस बीन। सो या आपको नहीं लगता कि स्ट्रांग दिखने के चक्कर में मेल्स अंदर से टूटते हैं? बहुत ज्यादा। बहुत ज्यादा। बहुत ज्यादा। हमारे पास बहुत सारे ऐसे क्लाइंट्स आते हैं। ये मिड लाइफ क्राइसिस के बारे में थोड़ा सा या। सो मिड लाइफ क्राइसिस बेसिकली होता है
(25:50) जैसे फीमेल्स में मेनोपॉज होता है कि जब उनकी फर्टिलिटी रेट ड्रॉप होने लग जाती है, ईस्ट्रोजन कम हो जाता है। नाउ दे आर नॉट ओवुलेटिंग एनीमो। सो दे कैन नॉट हैव मोर बेबीज। सिमिलरली मेल्स में भी ये वाला फज़ आता है। तो जैसे इसमें मेनोपॉज होता है उनका भी एंड्रोपज कहलाता है जिसमें उनका टेस्टोस्टरॉन लेवल डिप करता है। यू नो दे स्टार्ट फीलिंग स्ट्रेंज एंड दे फील स्लोली यू नो मोर टुवर्ड्स डिप्रेसिव साइड। सो ऑल दोज़ थिंग्स हैपन। सो फीमेल्स आर मोर वोकल। दे आर दे कैन कम्युनिकेट। दे कम्युनिकेट एवरीथिंग। वेदर समबडी इस लिसनिंग ऑर नॉट। बट उनको बोलना होगा तो वो
(26:24) बोल लेती हैं। तो उनके सिस्टम से बाहर निकल जाती है वो चीज़। हम्म। यू नो बट मेल्स का होता है बिकॉज़ दे बीन ट्रेंड इन एन एनवायरमेंट वेयर दे आर नॉट अलाउड टू यू नो लाइक एक्सप्रेस फुल्ली एंड कंप्लीटली एंड व्हेन दे फील द फियर ऑफ़ जजमेंट। यू नो सो दिस इज द रीज़न दे डोंट एक्सप्रेस। तो जिसके कारण उनको यू नो यू स्टार्ट सीइंग दैट सम सर्टेन कार्डियक इश्यूज आने लग जाते हैं। ब्लड प्रेशराइज हो जाता है। यू नो द स्ट्रेस लेवल इनक्रीज कॉर्टिसोल बढ़ा हुआ रहता है। जिसके कारण हाइपरसुलिनीमिया और वो सारी प्रॉब्लम्स जब कभी आदमी अपने आप को एक्सप्रेस करने की
(26:56) कोशिश भी करता है तो सोसाइटी उनको कहती है यार आदमी की तरह बिहेव करो। हां हां बी अ मैन बी अ मैन या बी अ मैन या सो दिस इज समथिंग आई थिंक कहीं इमोशनल सप्रेशन है अब्सोलुटली ये हमको सोसाइटल लेवल पे इस चीज को ट्रांसफॉर्म करना पड़ेगा देअर इज टर्म दैट्स लेट गो तो यू हैव टू लेट गो एवरीथिंग मीन्स बैड इमोशंस बैड थॉट्स यू हैव टू रिलीज़ एव्रीस यू हैव टू रिलीज़ एंड एववरीबडी शुड बी गिवेन यू नो लाइक इन क्रिश्चियनिटी आई रिमेंबर बिकॉज़ आई कम फ्रॉम अ क्रिश्चियन स्कूल आई वास इन अ कन्वेंट तो वहां पे हमारी कनंफेशन बॉक्स बॉक्सेस होते थे। तो यहां पे अगर सपोज
(27:32) मैंने अपनी फ्रेंड को यू नो बचाने के लिए झूठ बोला है। सो आई कुड गो इंटू इंटू द चर्च एंड कन्नफेशन बॉक्स में जाके हम बोल सकते थे चर्च में कि मुझसे ये गलती हो गई है। सो दैट इज़ आल्सो अ फॉर्म ऑफ़ रिलीज एंड देयर यूज्ड टू बी समवन सिटींग ऑन दी अदर साइड। वी डिडट्ट नो हु बट देयर वाज़ सम पास्टर यू नो सिटी ऑन दी अदर साइड। तो इस तरह से बहुत मतलब वो भी एक तरह का रिलीज ही होता है कि कोई बात नहीं गिल्ट में नहीं रहना बिकॉज़ अगर हम गिल्ट में रहेंगे तो हमारी बॉडी के अंदर वो मल्टीप्लाई होने लग जाएगा। बहुत सारी स्टडीज है कि ग्रेटट्यूड शोइंग ग्रेटट्यूड एंड
(28:07) फॉरगिवनेस यस ये आपका स्ट्रेस लेवल इमीडिएटली 78 टू 90% तक कम कर सकता है यस अब्सोलुटली यस या दिस इज द रीज़न आई टेक ग्रेटट्यूड क्लासेस इन द मॉर्निंग आई टीच ग्रेटट्यूड और इनफैक्ट मेरे दिन की शुरुआत ही होती है कि आई काउंट 10 रैंडम ग्रेटट्यूड रीजन बता के। सो आई एम वेरी ग्रेटफुल टू माय किचन बिकॉज़ वी कुक फूड हियर देयर इज अ रेफ्रिजरेटर देयर आर यूटेंसिल्स यू नो रीज़ बता के। सो इट्स अ वेरी पावरफुल प्रैक्टिस। ग्रेटट्यूड इज़ अ गेम चेंजर इन लाइफ। आई कैन से दैट। ये बताइए कि आजकल पेरेंट्स में और ज़ी की बड़ी बात हो रही है। उन्हें क्लैश हो रहा
(28:42) है। तो उनमें ये वास्तव में ईगो इशू है या लैक ऑफ अंडरस्टैंडिंग? आई थिंक लैक ऑफ कम्युनिकेशन। मुझे यह लगता है कि जो मैं अभी परसों ही अपनी एक फ्रेंड से भी बात कर रही थी तो मैं कह रही थी कि पेरेंट्स को शायद यह ट्रांसफॉर्मेशन लाइक थोड़ा सा टाइम देना पड़ेगा बच्चों को एंड आस्क देम क्वेश्चंस वेयर दे कैन एक्सप्रेस लाइक आपको क्या लगता है कि यू नो आपको कौन सी टीचर बेस्ट लगती है और क्यों लेट देम सो एंड आस्क देम व्हाट इज वन गुड थिंग दैट यू डू टुडे थिंक अबाउट इट तो वो सोचेंगे अच्छी चीज के बारे में कि हमने क्या किया हो और अपने आप को भी वो इनवॉल्व करेंगे
(29:16) जिसमें वो अपने आपको अपनी तारीफ कर सकते हैं लाइक दे फील ग्रेटिफाइड यू नो सो आस्किंग दीज़ काइंड ऑफ़ क्वेश्चंस टू चिल्ड्रन आर वेरीेंट कि कौन सी चीज आपने आज की जो आपको लगता था आपको नहीं करनी चाहिए थी यू नो एंड बी वेरी वेरी ओपन इन लिसनिंग टू व्हाटएवर दे हैव टू से सो दिस इज़ व्हाट आई फील आई थिंक ये वाला कम्युनिकेशन जो होता है पहले टाइम देना उनको थोड़ा सा है ना क्वालिटी टाइम आई अग्रीड दैट पेरेंट्स आर वेरी वेरीरी बिजी टुडे और यू नो वो दोनों हस्बैंड वाइफ को काम करना पड़ता है तो उस हिसाब से शायद उतना टाइम नहीं दे पाते बट क्वालिटी टाइम
(29:48) बहुत मैटर करता है और छुट्टी के दिन यू नो थोड़ी कोहेसिवनेस होना, टेक देम आउट। जैसे अगर आप जिस भी सिटी में रहते हैं वहां पे अलग-अलग दिल्ली में रहते हैं तो आप लाल किला उनको घुमाने ले जाइए विथ द गाइड एंड देन आस्क देम दैट व्हाट इज द बेस्ट थिंग देयर दैट यू लाइक। आई थिंक इससे बहुत कम्युनिकेशन कम होगा और बच्चों को यह नहीं होगा कि पेरेंट्स से डांट पड़ेगी अगर हम यह बोलेंगे तो। एंड देन व्हाइल एट द सेम टाइम यू नो लाइक जो जेंसी हैं जब वो टीनएजर्स और वो अर्ली 20ज में हैं तो उनको भी यह समझना दैट पेरेंट्स हैव गॉट लाइक यू नो दे हैव गॉन थ्रू ऑल ऑफ़ दैट तो उनके
(30:20) एक्सपीरियंस से वो प्रोटेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। तो आई थिंक इट इज़ कम्युनिकेशन एंड स्पेंडिंग गुड क्वालिटी टाइम टुगेदर एंड नॉट जजिंग द चिल्ड्रन एंड चिल्ड्रन नॉट जजिंग द पेरेंट्स फॉर एनीथिंग। यस यस यस। अभी रिसेंटली हम किसी कॉलेज में गए थे दिल्ली में। हमारी ऐसी टॉक थी तो वहां पे क्वेश्चन एक बच्चे ने पूछा था और एक बच्चे ने नहीं जैसे ही वो लेक्चर हमारा खत्म हुआ 1 घंटे का 45 मिनट्स का था बहुत सारे हाथ ऊपर हो गए और वो ये पूछने लगे कि टॉक्सिक पेरेंट्स से छुटकारा कैसे मिल सकता है एंड आई एज अ पेरेंट स्टैंडिंग इन फ्रंट ऑफ देम
(30:52) यू नो टू बॉयज एंड देयर आई वाज़ आंसरिंग टू देम। हमने कहा क्यों आप टॉक्सिक बोलते हैं? क्योंकि वो हमको कहते हैं पढ़ाई करो क्योंकि वो हमको कहते हैं कि हेल्दी खाना खाओ। हमको बाहर से ऑनलाइन खाना नहीं मंगवाने देते। हमको बार-बार बोलते हैं कि जल्दी सोना शुरू करो और इसलिए वो टॉक्सिक पेरेंट्स हैं। सो इसके लिए उनकी टॉक्सिसिटी की डेफिनेशन ही अलग है। अलग है। हां। हां अलग है। जो जो चीज उनको करनी चाहिए थी वो पेरेंट्स बोल रहे हैं। सो आई थिंक ये कम्युनिकेशन एंड स्पेंडिंग गुड क्वालिटी टाइम टुगेदर विदाउट जजिंग ईच अदर। ये बहुत जरूरी है दोनों के लिए। बच्चों के लिए भी
(31:24) और पेरेंट्स के लिए भी। बच्चों को स्कूल से आई थिंक थोड़ी सी लाइक एजुकेशन देना कि उनके लेक्चर मोर ओरिएंटेड होम काइंड नाइस कंपैशनेट पर्सन एंड हाउ टू हैव ग्रेटट्यूड फॉर पेरेंट्स। जैसे हमारी कम्युनिटी है जिसमें जो हमारा YouTube चैनल है उसमें 7:00 बजे शाम को 7:15 बजे से स्कूल गोइंग बच्चों के लिए हम ग्रेटट्यूड सेशंस देते हैं। यू नो जिसमें उनको सिखाते हैं, लिखवाते हैं कि व्हाट इज द गुड थिंग अबाउट योर मॉम? मॉम व्हाट इज द गुड थिंग अबाउट योर डैड, अबाउट योर दादी, अबाउट योर नानी, अबाउट योर ग्रैंडपादर यू नो सो दे लर्न एंड देन इंकल्केट
(31:57) ग्रेटट्यूड। सो आई थिंक इट्स अ वेरी बिग थिंग। आई थिंक वी हैव टू ग्रेटट्यूड कैन रेवोलशनाइज द चिल्ड्रन। यस। जब दो लोग प्यार में पड़ते हैं तो उनमें अटैचमेंट ज्यादा डेंजरस होता है। एक्सपेक्टेशंस क्योंकि जहां पे अटैचमेंट है मेरे ख्याल से एक्सपेक्टेशंस वहां पे बड़ी नेचुरल सी चीजें होती हैं। सो अटैचमेंट ही होती है। लव नहीं होता है। लोग लव और अटैचमेंट को बहुत कंफ्यूज करते हैं। ये बहुत मिसलीडिंग टर्म्स है दोनों। तो जो प्यार जिसको बोलते हैं आई कांट लिव विदाउट अ पर्सन। तो वो एक्चुअली अटैचमेंट होती है। वो नीडनेस होती है प्लस
(32:30) एक्सपेक्टेशन के साथ आता है। सो एक रोंब की किताब है द ग्रेटेस्ट सीक्रेट और पावर दोनों उन्होंने ही लिखी हुई है। उन्होंने पूरा चैप्टर रिलेशनशिप का उसमें लिखा हुआ है जिसमें बहुत क्लियरली समझाया हुआ है कि जिस चीज को हम प्यार समझते हैं कंडीशनल लव। सो एवरीबडी इज ट्रेडिंग लव। यू नो लाइक सबके एक्सपेक्टेशंस होते हैं किसी ना किसी रिलेशनशिप से। वाइफ का है हस्बैंड के साथ उनको लगेगा इनको मेरी परवाह करनी चाहिए। इनको मुझे फाइनशियली सप्लाई करते रहना चाहिए। हस्बैंड को लगेगा कि वाइफ का यह रोल है। यह करेंगी तभी अच्छी वाइफ हैं। बस
(33:06) एक मदर और चाइल्ड का जो थोड़ा होता है रिलेशनशिप उसमें कंडीशंस नहीं होती हैं। दैट इज़ रियली लव। जैसे अगर आपका बच्चा स्वीडन में भी रहता है तो आप रोज भगवान से प्रे करेंगे कि मेरा बच्चा को जो चाहिए उसको अच्छा खाना मिल रहा है। जहां है वो यह नहीं रहेगा कि वो यहां पे आके हमारी सेवा करें। सो आई थिंक वो पेरेंट एंड रिलेशनशिप कभी-कभी मैं ये कहूंगा कि जो लव होता है ना अनकंडीशनल तो कभी हो ही नहीं सकता है। है ना? जो बात कर रहे हैं ये तो बड़ा लंबा टॉपिक है। डेबिटेबल है। ठीक है ना? बहुत लंबा समय लगेगा। एक बहुत ही इंपॉर्टेंट क्वेश्चन मैं पिछले
(33:38) 20 सालों से देख रहा हूं कि जो रिलेशनशिप में टॉक्सिसिटी बहुत बढ़ गई है। हम तो जहां पे हम टॉक्सिक रिलेशनशिप्स की बात करते हैं तो वहां आप क्या एडवाइस करते हैं? उसको छोड़ देना चाहिए या फिर टॉक्सिक रिलेशनशिप को हील करना चाहिए। व्हिच इज मोरेंट? देखिए ये टोटली दोनों कैपल के इंडिविजुअल डिसीजन पे है। अगर बिल्कुल ही उनको लग रहा है कि वो ईस्ट एंड वेस्ट हैं तो इट इज़ बेटर दैट एमिकबली सेपरेट हो जाए बिकॉज़ नॉट ऑलवेज विल द रिलेशनशिप वर्क। बट अगर अगर उन दोनों के बीच में आई थिंक कम्युनिकेशन इज़ द की ऑफ़ अ रिलेशनशिप। हम इफ ए पर्टिकुलर पर्सन डज नॉट फाइंड समथिंग
(34:17) टू बी देर दे कैन जैसे बुद्धा बोलते थे फाइंड अ मिडिल वे यू नो दूसरे इंसान को चेंज करना इस इंसान को अपने यू नो बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हो या हस्बैंड वाइफ रिलेशनशिप हो दोनों एक दूसरे को चेंज करना चाहते हैं सो आई थिंक दे कैन रीच अ पॉइंट दे कैन सी दे कैन कम्युनिकेट दे कैन टॉक एंड दे कैन हैव अ ब्यूटीफुल वे आउट दैट्स वेरी वेरीरीेंट नहीं कई बार इस तरीके की कोचिंग्स भी होती है ना कपल कोचिंग कपल कोचिंग होती है या वहां पे जो कोचेस हैं उनको भी उन उनको भी कोच करना बहुत जरूरी है। उनको एक चीज बहुत समझाना जरूरी है कि इन रिलेशनशिप इन ऑन
(34:50) एनी रिलेशनशिप हम या अगर आप दूसरे को चेंज करने की कोशिश करेंगे तो दूसरे को चेंज करना असंभव है। बिल्कुल आप जब आप कोचिंग करें ना तो आप बताएं कि यू फाइंड योर फॉल्ट्स वर्क अपॉन देम एंड यू फाइंड योर फॉल्ट्स। वर्क अपॉन देम। ट्राई टू चेंज योरसेल्फ। रादर ट्राइंग टू चेंज ईच अदर। या तो दिस इज दिस शुड बी द बेस्ट फॉर्म ऑफ़ कोच। दिस इज़ दिस इज़ एक्चुअली द बेस्ट वे ऑफ़ कोचिंग। और दोनों एक दूसरे के यूएसपीस देख के। कोई इंसान ऐसा नहीं होता है कि जिसमें कुछ हो। जैसे हमारा वो ग्रेटट्यूड की बुक जो मैजिक बुक थी जिसके बारे में मैं बात कर रही थी। उसमें चैप्टर नंबर थ्री है
(35:23) मैजिक रिलेशनशिप्स। उसमें बस कुछ नहीं करना पड़ता है। सपोज़ अगर कोई ए पर्टिकुलर पर्सन है बी से उसको। जैसे सास और बहू भी हो सकती हैं। ये सास को लग रहा है कि मेरी बहू अच्छी नहीं है। बहू को लग रहा है मेरी सास बहुत रूढ़ है। मुझे अच्छे से ट्रीट नहीं करती है। हम उनको ये बोलते हैं रोज सुबह आप पांच ग्रेटट्यूड अपनी सास के बारे में जो भी वो करती है कि वो खाना बहुत अच्छा बनाती है। उनका ड्रेसिंग सेंस बहुत अच्छा है। यू नो लाइक उन्होंने एक बार मुझे बर्थडे प्रेजेंट दिया था और उनकी वजह से मेरे पास मेरे हस्बैंड हैं। उनकी वजह से मेरे बच्चे भी हैं। सो व्हेन यू रिटन
(35:52) दोज़ फाइव थिंग्स ग्रेटट्यूड लिख के यू नो। सो दैट विल स्टार्ट शिफ्टिंग बिकॉज़ धीरे-धीरे धीरे-धीरे ऐड करके आपकी एनर्जी चेंज होगी। बिकॉज़ नेगेटिव एनर्जी कैरी करेंगे तो नेगेटिव चीज़ ही अट्रैक्ट करेंगे। पॉजिटिव एनर्जी कैरी करेंगे तो अपने आप हम देखेंगे कि वो पर्सन के बिहेवियर में चेंज आता जा रहा है। इट्स अ ब्यूटीफुल वे। इसीलिए पॉडकास्ट में आप जैसे लोगों का आना जरूरी है। क्योंकि जो भी कोचिंग इंडस्ट्री है वो वास्तव में हेल्प नहीं कर रही है बल्कि होप्स को सेल आउट कर रही है। यस यस। आपको लगता है कि जब आप बहुत पेन में होते हैं तो वो पेन आपको कहीं ना कहीं
(36:26) ट्रांसफॉर्म करने के लिए जिम्मेदार होता है। 100% कोई भी ऐसी चीज जब हमारी जिंदगी में आती है बिकॉज़ हमको अपने व्यू पॉइंट से लगता है कि ओह दिस इज़ सच अ ट्रेजडी। ऐसा क्यों हो गया? दिस इज सो ट्रोैटिक। बट एक्चुअली उसके पीछे बहुत बड़ा रीज़न होता है। क्योंकि भगवान धरती पे उतर के ये नहीं कह सकते कि टेक अ यू टर्न बिकॉज़ भगवान इज एनर्जी। बट समथिंग विल हैपन जिसके कारण जो काम आपको लग रहा था कि आप सही हैं आप वह काम नहीं कर पा रहे और आपको उसकी बजाय यू टर्न लेना पड़ता है। जैसे इनफैक्ट हमारे एक फ्रेंड मित्र जानने वाले तो उनके साथ ऐसी
(37:01) सिचुएशन थी वेयर यू नो उनका प्रमोशन होना था और सबको पता था कि वो बहुत डिर्विंग पर्सन है और कंपनी में उनको वाइस प्रेसिडेंट की पोजीशन थी। तो उनको लग रहा था कि मेरा प्रमोशन होना चाहिए। बिकॉज़ मैं बहुत सालों से इस कंपनी में हूं एंड ही वाज़ डेफिनेटली वैरी कैपेबल। नो डाउट अबाउट इट। जो दूसरे वाले इंसान है एक्चुअली पर इनका प्रमोशन हुआ नहीं। जो दूसरे वाले इंसान है उनका प्रमोशन हुआ। जो बहुत नए थे डिर्विंग नहीं इन सबको लग रहा था कि वो ज्यादा डिर्विंग नहीं है। उनको ज्यादा एक्सपीरियंस भी नहीं है। तो उनका प्रमोशन हुआ। बट उसके बाद आगे जाके कुछ कंपनी में
(37:31) ऐसा हुआ दैट समबडी एल्स वाज़ यू नो सपोज्ड टू टेक दिस पोजीशन। जहां पे इनका 3 महीने पहले प्रमोशन हुआ था। दिस पर्सन वाज़ रिमूव्ड फ्रॉम द कंपनी और यह जो थे यह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बन गए। तो उस वक्त लग रहा था तीन महीने तक इनको बहुत बुरा लग रहा था दैट आई एम सो डिर्विंग मैंने अपनी यू नो आई हैव गिवन माय बेस्ट टू द कंपनी बट मेरा क्यों नहीं हुआ सो इस तरह की चीजें बहुत होती है फिर बाद में ही सेड दैट अब मुझे पता लगा कि मुझे प्रोटेक्शन मिल रही थी वो तीन महीने अगर मैं यहां पे होता तो मेरी पोजीशन चली जाती तो ऐसे बहुत सारी चीजें हैं आई एम श्योर
(38:02) आपकी जिंदगी में हुई है मेरी जिंदगी में हुई है पेन तो आपको एक्चुअली पेन इज अ लेसन टू यू यस यस यस एंड मोस्ट ऑफ़ द टाइम पेन हेल्प यू ग्रो अब्सोलुटली ऑल द बिग पीपल वेदर इट इज़ अलॉन मास्क और एनीबडी मतलब द बकरप्सी तक फाइल किया है लोगों ने लाइक इन टुडे दे आर वेयर दे आर इन द वन ऑफ़ द ट्रिलियर्स आई थिंक एस यू टोल्ड यू आर मदर ऑफ़ थ्री चिल्ड्रन टू टू [हंसी] आपको लगता है कि कहीं ना कहीं बच्चे पेरेंट्स को समझ नहीं पाते हमारे घर में तो ऐसा नहीं अगर कभी ऐसा होता है तो आई थिंक ये टू ईच देयर ओन रहता है कि जहां पे आई थिंक कम्युनिकेशन ओपन
(38:40) नहीं है जहां पे पेरेंट्स बहुत ज्यादा जज करते बच्चों को या बच्चे पेरेंट्स को जज करते हैं। लैक ऑफ कम्युनिकेशन वहां पे ये सब प्रॉब्लम्स होती हैं। बट इन आवर हाउस वी हैव ऑलवेज यू नो लेट द चिल्ड्रन डू व्हाट दे वांट। हमने कभी उनको ये बोला नहीं है कि देखो हम इतने पढ़े लिखे हैं तो आपको भी इसी लाइन में जाना चाहिए। अगर बच्चे को म्यूजिशियन बना है। हमने कहा कि ठीक है बन जाइए। जो जो चीज उनकी है तो आई थिंक ये वाला जो प्रेशर होता है पेरेंट्स की तरफ से आता है। और यह भी सोसाइटी के फेयर से आता है। लोग क्या कहेंगे? लोग क्या सोचेंगे? इस चक्कर में सारा प्रेशर
(39:11) वो बेचारे बच्चे यू नो जिनका जिनका इके गाय है उनका पर्पस ऑफ लाइफ है दे वांट टू बिक ऑफ द बिगेस्ट गिटारिस्ट और अ लीड सिंगर यू नो बट दे आर फोर्स टू बिकम एन इंजीनियर और अ डॉक्टर जो पेरेंट्स की रिस्पांसिबिलिटी है वो है बच्चों के एटीट्यूड को बच्चों के इंटेलिजेंस को समझना और उसके अकॉर्डिंग फिर उनको आगे बढ़ने में हेल्प करना या और दूसरी सबसे जो इंपॉर्टेंट चीज है जो नवजोत सिंह सिद्धू अपने क्रिकेटर हैं एक बार मैं उनका ऐसी मोटिवेशन स्पीच सुन रहा था तो बार-बार कहते हैं सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग अपने बच्चों को इस तरीके से ट्रेन करना है
(39:48) कि फॉरगेट व्हाट अदर्स थिंक या अबाउट यू और आप लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं ये इंपॉर्टेंट नहीं है आप अपने बारे में क्या सोचते हैं ये सबसेेंट है यस एक्सक्ट्ली आई टोटली एग्री विद यू आपसे मैं पूछता हूं बहुतेंट क्वेश्चन फॉर यंगस्टर्स लाइफ बदलनी है तो सबसे पहला स्टेप कौन सा लेना है सबसे पहले द फर्स्ट थिंग दैट एवरीबडी इज़ इनकल्केट डिसिप्लिन कुछ अपने तीन पॉइंट लिखो जो आप रोज करोगे उसमें से एक होता है स्टार्ट योर डे विद ग्रेटट्यूड बिलीव यू मी दिस इज अ गेम चेंजर ऑफ लाइफ सेकंड थिंग इज वर्कआउट वेरी वेरीेंट यू नो डाइट पे बच्चों को बहुत ज्यादा ज्ञान नहीं
(40:30) दे सकते बट अगर उन्होंने अपनी बॉडी को क्रिएटिवली उनके अंदर इतना पोटेंशियल और इतना जूस होता है एंड दैट दे नीड टू चैनलाइज एंड व्हेन दे वर्कआउट यू नो देयर कम्स अ डिसिप्लिन। उसमें होता है कुछ ऐसा दैट किस तरह का आप वर्कआउट कर रहे हो। रोज उठ रहे हो, रोज योर टाइम योर शू लेसेस। ब्रेन की प्रोग्रामिंग होती है दैट यू नो दैट यू गो ऑन दैट पाथ ऑफ़ डिसिप्लिन। एंड थर्डली डू एनीथिंग दैट यू रियली लव व्हिच इज प्रोग्रेसिव। लाइक इफ यू वांट टू पर्स्यू अ हॉबी ऑफ़ पेंटिंग। डेफिनेटली डु दैट। इफ यू रियली वांट टू, यू वांट टू बिकम अ सिंगर, यू वांट टू प्ले अ फुटबॉल,
(41:02) जरूर करो वो वाली चीज। टू रियली वर्क। डेली करो। तो ये तीन चीजें लाइफ को स्ट्रीमलाइन कर देगी। लाइक फाउंडेशन दे एक पॉइंट मैं अपनी तरफ से ऐड करना चाहूंगा इफ यू गिव मी परमिशन यू हैव टू मेंटेन योर बायोलॉजिकल क्लॉक यस सरकेडियन साइकिल यस सरकेडियन साइकिल इफ यू वांट टू बिकम सक्सेसफुल या देन इट्स वेरी वेरीेंट वेरीेंट दैट स्लीप ऑन टाइम वेक अप ऑन टाइम वेक अप ऑन टाइम टेक योर ऑल मील्स ऑन टाइम अब्सोलुटली सो देयर वाज़ देयर वाज़ अ नर्सरी राइम जो हम बचपन से करते हैं आई अर्ली टू बेड, अर्ली टू राइज, मेक्स अ मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइस। दिस वास रिटन बाय
(41:43) बेंजामिन फ्रैंकलिन जिनकी फोटो $100 के ऊपर लगी हुई होती है। और आज से 200 साल पहले वो थे। और तब उन्होंने उनसे कहा था कि आपकी सफलता का रीज़न क्या है? बिकॉज़ ही वास वेरी इंटेलेक्चुअल, वेरी नाइस पर्सन। इनफैक्ट बहुत पीस ट्रीटीज उन्होंने लिखी थी, किताब लिखी थी। तो उनसे लोग बहुत इंस्पायर हुए थे। तो जब सारे न्यूज़ रिपोर्टर्स ने उनसे जाके तब पूछा था कि व्हाट इज दैट थिंग दैट यू डू दैट यू वुड एडवाइस कि आप जैसे अगर हम आपसे इंस्पिरेशन ले सकते हैं तब उन्होंने ये वाली राइम की थी अर्ली टू बेड अर्ली टू राइज मेक्स अ मैन हेल्दी वेल्दी
(42:16) एंड वाइस आपको लगता है कि एक्सट्रीम इलनेस या एक्सट्रीम स्ट्रेस माइंडसेट को बदलने बदलता है? बिल्कुल। एक्सट्रीम इलनेस, एक्सट्रीम स्ट्रेस नेगेटिव माइंडसेट के कारण ही होते हैं। अगर माइंडसेट ठीक होता तो ना इलनेस आती। बिकॉज़ ऐसे कहा जाता है योर बॉडी इज द मैनिफेस्टेशन ऑफ योर माइंड। सो अगर माइंड में लगातार कंफ्यूजिंग, स्ट्रेस, ए्जायटी चल रही है तो वो बॉडी में आता ही है। एंड इट विल गिव इलनेसेस। ऑल द इलनेसेस दीज़ डेज आर साइकोसोमेटिक। यू आर अ डॉक्टर। यू नो एज वेल। एवरीथिंग इज साइकोसोमेटिक इन द बॉडी। यस यस। आप अपनी लाइफ में सबसे बड़ा सेटबैक किसे
(42:51) मानती हैं? सेटबैक तो एक भी नहीं है लेकिन वो सेटबैक एक्चुअली मेरा सबसे बड़ा एसेट में कन्वर्ट हो गया है। सो सेटबैक मेरा था दैट आई लॉस्ट माय फादर वेरी अर्ली और मैं उनसे बहुत क्लोज थी लाइक लिटरली अ डैडीस गर्ल एंड ही ही वाज़ अंडर डायलिसिस जितना जैसे फेंट मेमोरीज हैं एंड देन ही पास्ड अवे और एकदम से मुझे ऐसा लगा कि लाइफ बदल गई अब क्या होगा बिकॉज़ आई वास सो कनेक्टेड मैंने स्कूल मिस करके उनके साथ जाया करती थी उनके टूअर्स पे एंड देन बट दैट बिकम एन एसेट बिकॉज़ मेरे डैड ने चूज़ किया था मुझे। उनको पता था कि मेरा मिशन आगे जाके बहुत
(43:28) बड़ा है। एक बात बताइए आप चाहे कितने सक्सेसफुल क्यों ना हो जाए तो भी इसके बाद आदमी की लाइफ में कभी ना कभी खालीपन सा महसूस होता है। यस। क्यों होता है ये? ये एक्चुअली हम लोग का हमारे ब्रेन में एक सिस्टम होता है। यू नो डिफॉल्ट मोड। तो वो डिफॉल्ट मोड नेटवर्क एक्टिवेट हो जाता है। जैसे ही आप अकेले बैठते हो। है ना? क्योंकि पीपल हैव नेवर गॉन इन वर्ड्स। दे आर ओनली लुकिंग आउटसाइड फॉर हैप्पीनेस दे आर लुकिंग आउटसाइड उनको पता ही नहीं कि खुशी अंदर से आती है तो वो हमेशा ढूंढ रहे होते हैं यह हो जाएगा तब हम खुश हो जाएंगे इस हमारी शादी हो जाएगी
(43:59) तो खुश हो जाएंगे फिर उसके बाद हमारे बच्चे की शादी हो जाएगी तो हम खुश हो जाएंगे हमारी नौकरी लग जाएगी तो हम खुश हो जाएंगे हमारा बिनेस स्केल पे जाएगा उनको पता ही नहीं है टू बी हैप्पी नाउ यू नो सो जो हमारा डिफॉल्ट मोड नेटवर्क है जैसे ही हम अकेले होते हैं वो एक्टिवेट होना शुरू हो जाता है और हम रूमिनेट करने लग जाएंगे थॉट्स में हमको अजीब अजीब चीजें याद आने लग जाएंगी एंड वी विल गेट इंटू दैट डिप्रेशन ्रेशन बिकॉज़ वी हैव नेवर गॉन इनवर्ड्स वी हैव नेवर लर्न नोबडी स्टॉट अस टू लव आवरसेल्व्स यस या आपको क्या लगता है जो आपकी आज आइडेंटिटी
(44:28) है या दैट इज बिकॉज़ ऑफ़ यू और बिकॉज़ ऑफ़ सोसाइ सोसाइटी रिकॉग्नाइज यू और वो इट इट इज आई मीन सोसाइटी विल रिकॉग्नाइज हु आई एम या जबकि मैं बहुत नेचुरल होती हूं। लाइक आई एम नेवर लाइक मैं ऐसा कि किसी को इंप्रेस करने की मैंने कभी कोशिश की है। आई एम द वे आई एम आई ड्रेस अप द वे आई एम। सो जो मैं हूं वही लोग देखते हैं। सो यस जो लोग सक्सेसफुल होते हैं उनमें कंसिस्टेंसी ज्यादाेंट होती है। इंपॉर्टेंट होती है या उनका टैलेंट? कंसिस्टेंसी टैलेंट तो जिंदगी भर डेवलप कर कहने का मतलब है कि अगर आपको सक्सेसफुल होना है किसी भी लाइफ में सक्सीड करना है
(45:04) तो यू हैव टू बी वेरी कंसिस्टेंट। वी हैव वेरी यू हैव टू डू दैट थिंग एवरीडे। एवरीडे इफ यू वांट टू बिकम अ म्यूजिशियन यू हैव टू प्रैक्टिस म्यूजिक एवरी डे। यस। दैट इज हाउ द ब्रेन रजिस्टर्स। इट हैज़ टू पेनिट्रेट द सबकॉन्शियस माइंड। जो आप बार-बार रोंडा बर्डन की जो किताब है उसकी बात करती हैं। हां जी। उसमें सबसे पावरफुल आपको कौन सबसे पावरफुल मैनिफेस्टेशन कौन सा लगता है? मिरर वर्क। ओके। कि शीशे के सामने जब आप जाके अपने को जो बोलेंगे उसमें पावर इतनी ज्यादा होती है बिकॉज़ वो डायरेक्टली आपका कॉन्शियस माइंड आपके सबकॉन्शियस से बात कर रहा होता
(45:40) है एंड डायरेक्टली वो सीप इन कर रहा होता है। सो मेरा वर्क सबसे पावरफुल टेक्निक है। जैसे अगर इफ आई रियली वांट टू ग्रो माय बिज़नेस एंड आई हैव टू मेक इट रीच व्हाटएवर लेवल। सो आई विल गो एंड से दैट थैंक यू यूनिवर्स। और थैंक यू। आई विल टॉक टू मायसेल्फ दैट यू नो दीप्ति। आई नो दैट यू हैव ऑल द कैपेबिलिटी टू बिकम यू नो द बेस्ट इन योर फील्ड। यू हैव दैट कॉन्फिडेंस, एंड यू हैव द राइट पीपल वर्किंग इन योर टीम। यू नो सो आई विल टॉक टू माइसेल्फ एज़ इफ इट्स ऑलरेडी हैपनिंग। सो डायरेक्ट ऑफ द मिरर। इन फ्रंट ऑफ़ द मिरर बाय लुकिंग इंटू द
(46:13) आईज। जो बहुत मुश्किल होता है शुरू-शुर में। एक फाइनल क्वेश्चन। जी अगर आज आपको अपनी लाइफ को रिसेट करने का मौका मिले। हम तो आप क्या करना चाहेंगी? मैं दोबारा से दीप्ति वर्मा के फर्म में पैदा होऊंगी और यही करूंगी। आई लव माय लाइफ यू आर अ वंडरफुल लेडी मींस अ यह बहुत इंपॉर्टेंट है कि आपने लाइफ में जो अचीव किया है अ वो आप उसके प्रति आपका कंटेंटमेंट है। यू आर एट पीस यू आर लविंग योर लाइफ एंड यू हैव डिज़ और लिविंग योर लाइफ द वे यू हैव डिज़ इट। यस। मेरी पूरी लाइफ मैनिफेस्टेड है। आपसे मिलना भी मेरा मैनिफेस्ट है।
(46:56) थैंक यू सो मच। आज आपसे बात करके मेरे ख्याल से हम लोगों ने बहुत सारे प्रश्न अनुत्तरित प्रश्नों का जवाब यहां पे खोजा है। बहुत दिया और बात करके आपसे बहुत मजा आया। थैंक यू सो मच। सेम हियर। थैंक यू सो मच। थैंक यू। एंड होप हम लोग दोबारा मिलेंगे। इसी दूसरे फॉर्म में इसी शो में मेरे साथ। बिल्कुल जी। थैंक यू सो मच। थैंक यू सो मच। थैंक यू।
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