Friday, August 21, 2026

Psychology of Love: Narcissism, Toxic Love & Male Identity | Are You Dealing with a Narcissist?

Psychology of Love: Narcissism, Toxic Love & Male Identity | Are You Dealing with a Narcissist?

Author Name:Dr Himmat Bhardwaj

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@drhimmatbhardwaj

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=5IP_49rDaEw



Transcript:
(00:00) नार्स असिस्ट पर्सनालिटी टू सोल एनपीडी क्या है? सो उनके अंदर ना उनकी जो इमेज होती है वो बहुत ही ग्रैंड होती है। उनके सामने कोई टिक नहीं सकता। एक 11 साल का मेरे पास बच्चा आया जिसके फादर उसके दादाजी दोनों नार्सिस्ट हैं। सामने वाले को देखकर कैसे पता करें कि वो नार्सिस्ट है या नहीं है। उसको ये ना हो कि किसी भी तरीके से आप उससे बेहतर हो जाए क्योंकि उसमें बड़ी जेलसी की भावना होती है अपने ही लोगों से। आपने स्टेप बाय स्टेप क्या सशन किया? सबसे पहले तो हमारे सामने चैलेंज ये था उसको डिप्रेशन से बाहर लेकर आना। मेल्स अगर नार्सिस्ट होता है कोई तो वो बहुत
(00:29) ज्यादा टॉर्चरिंग होता है। जब वो एक बार वीडियो बना रही थी उनका हस्बैंड आया और उसने उनका जो उन्होंने स्टैंड में फोन लगा रखा था और उसे ले अभी बनवाता हूं तेरी वीडियो तोड़ दिया उसे। क्या एक नार्सिसिस्ट का कभी ठीक नहीं हो सकता? पिछले 15 साल में सिर्फ छह नार्सिस्ट जो खुद चलकर आए हैं मेरे पास कि हमें चेंज होना है। एक नार्सिसिस्ट आपको क्या-क्या नुकसान कर सकता है? वो आपकी सेल्फ एस्टीम खत्म कर सकता है। आपके करियर को बर्बाद कर सकता है। वो आपको ट्रस्ट इश्यूज डेवलप करा सकता है। ये क्या होता है फ्लाइंग मंकीज? ये एक एजेंट की तरह काम करते हैं। इनकी
(00:59) वाइफ इतनी बड़ी नार्सिस्ट थी। आप ये देखिए कि क्या कोई लड़का अपने मां-बाप के लिए ₹150 के फल भी नहीं लेके जा सकता क्या? क्योंकि आदमी रो नहीं पाते ना इतनी आसानी से। नहीं रोते। नहीं रो। ऐसा भी नार्सिस्ट उनके पैरों पे झुक के माफी मांग रहा है। आपने कोई गुलामी थोड़ी ना कर ली। आप एक रिलेशनशिप में आ गए हैं तो। क्या-क्या हेल्थ इश्यूज हो जाते हैं एक नार्सिस्ट के साथ रहने से? फिजिकल और मेंटल हर लेवल पर इमोशनल लेवल पर होता है। आपको स्लीपिंग इश्यूज हो जाते हैं। डायबिटीज, थायराइड से लेकर कैंसर तक का भी शिकार हो सकते हो। मैं रोज ये सुनती थी कि
(01:28) मैं बेवकूफ हूं, बेवकूफ हूं, बेवकूफ हूं। मेरे बस की कुछ नहीं है। और आज मेरे ही बस की यह सब कुछ है कि मैं लाखों रुपए महीना कमा रही हूं। क्या यह जो प्रेयर है होपनोपनो इससे एक नार्सिसिस्ट ठीक हो सकता है? मैंने खुद भी पर्सनली इसको एक्सपीरियंस किया है। यह बहुत मन को शांत करती है और आपकी एनर्जी को भी हील करती है। कोई अल्टीमेट सशन बता दीजिए नार्सिसिस्ट के लिए। लेकिन आप नतीजे पर नार्सिस्ट के साथ बहुत सालों तक रहने के बाद इसी नतीजे पर पहुंचोगे कि इस आदमी या औरत से पहले ही पीछे छुड़ा लिया जाता तो ज्यादा सही रहता। नमस्कार दोस्तों, मैं हूं डॉ. हेमंत
(01:59) भारद्वाज। कैसे हैं आप सब? उम्मीद करता हूं आप सब अच्छे से होंगे। साथियों आज का पडकास्ट बेहद खास है क्योंकि आज हमारी जो मेहमान है वो बेहद खास हैं। वो हैं वन एंड ओनली डॉक्टर कशिका जैन जो बहुत सीनियर साइकोलॉजिस्ट हैं और आज हमने उनसे बात की है एनपीडी के बारे में नार्सासिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर। नार्सासिस्ट एक ऐसा व्यक्ति होता है दोस्तों जो ना केवल अपने बल्कि अपने पूरे परिवार की जिंदगी को तबाह कर देता है और ऐसे नार्सासिस्ट हमारे आसपास ही होते हैं। तो कैसे एक अनार्सासिस्ट को पहचाने और कैसे उससे बचाव करें? इस पे हमने पूरी एक मास्टर क्लास
(02:43) बनाई है। साथ ही डिप्रेशन में अगर आप आए हैं या कोई भी आया है तो वो क्यों आया है? उसके पीछे के क्या रीज़ंस और वह कैसे उस डिप्रेशन से बाहर आ सकता है। तो पूरी यह साइकोलॉजी की एक मास्टर क्लास है जिसमें आपको एनपीडी के बारे में सारी डिटेल्स पता चलेंगी। डिप्रेशन के बारे में सब कुछ पता चलेगा। तो इस पडकास्ट को आपको पूरा देखना है और अगर यह पडकास्ट पसंद आए तो नीचे कमेंट्स जरूर कीजिएगा। कशिका जी बहुत-बहुत स्वागत है आपका टीएचबी पडकास्ट में। थैंक यू सो मच। कैसे हैं आप? मैं बिल्कुल अच्छी हूं। आप बताइए आप कैसे हैं? मैं बिल्कुल मस्त हूं। और क्या चल रहा है
(03:20) आजकल? बस हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त रहती हूं जो कि मुझे बेहद अच्छा लगता है और मुझे ऐसा लगता है कि मेरे काम में इतना सेटिस्फेक्शन है क्योंकि अगर कोई इंसान आपके पास रोता हुआ आता है और आपसे बात करने के बाद आपकी दी हुई स्ट्रेटजीस को अप्लाई करके उसका रोना बंद ही नहीं होता बल्कि वह मुस्कुराना सीख जाता है। वापस से जिंदगी में वो महसूस करने लगता है जो कहीं खो सा गया था। हम तो वो एक ऐसे मोड में चला जाता है कि उसे समझ में आ जाता है कि दुख भी उसी का ही क्रिएट किया हुआ था और यह जो खुशी आज उसे महसूस हो रही है यह भी उसी के अंदर छुप गई
(04:04) थी। तो कैसे इसे समय-समय पर अगर यह दब जाए खुद की वजह से किसी और की वजह से तो कैसे बाहर निकालना है? तो हर दिन यह जो जिंदगी में जीते हो इसमें अपना ही एक रोमांच है, एक मजा है। मतलब यह एक तरीके से सेवा भी कर रहे हैं। मैम एक इंसान हर चीज है उसके पास में। वह फाइनेंसली स्ट्रांग है। फैमिली स्ट्रांग है। हर चीज लेकिन कहीं ना कहीं एक ऐसी सिचुएशन आती है जहां पे उसके पास स्यूशन नहीं होता। जैसे आजकल एक टर्म चल रही है एनपीडी। एनपीडी नार्ससिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर। तो हम इस पर बात करेंगे क्योंकि ये इतनी गंभीर समस्या है जो आज तक मतलब एक
(04:44) साल पहले तो मुझे भी इसका मतलब पता भी नहीं था मतलब फैमिली टूट रहे हैं डिवोर्स हो रहे हैं सुसाइड्स हो रहे बहुत कुछ ऐसा हो रहा था लेकिन समझ नहीं आ रहा था कि इस फैमिली में ऐसा क्या है लेकिन एक साल से जब मैं पढ़ रहा हूं तो मुझे पता चला कि एनपीडी होता है नार्सासिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर तो उसके बारे में ये एक मास्टर क्लास हम करने वाले हैं तो प्लीज इस पॉडकास्ट को आप बिल्कुल स्टेप बाय स्टेप देखना आपको भी पता चलेगा और यह बहुत कॉमन है। एनपीडी बहुत ज्यादा कॉमन है और लेकिन इसकी वजह से हम इतनी बड़ी प्रॉब्लम में फंस जाते हैं। वो सारी
(05:17) की सारी आज हम कशिका मैम से जानेंगे। तो सबसे पहले तो सवाल यही है कि एनपीडी क्या है? देखिए एनपीडी की फुल फॉर्म है नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर। जी। यह एक पर्सनालिटी टाइप है। जो भी लोग एनपीडी होते हैं, सो उनके अंदर ना उनकी जो इमेज होती है वो बहुत ही ग्रैंड होती है। उन्हें ऐसा लगता है कि उनके सामने कोई टिक नहीं सकता। हम सब उनसे छोटे या कम अकल मान लीजिए उनके सोच के अकॉर्डिंग कि उनको जो पता है उनको जो आता है वही सब कुछ खास है कुछ अलग है वो अपनी बॉडी को लेकर भी बहुत ही ज्यादा ऑब्सेस्ड यानी कि मैं ही बहुत ज्यादा कुछ
(05:57) खास ब्यूटीफुल प्रिंसेस प्रिंस जैसा कुछ और अपनी इंटेलिजेंस को लेकर भी हम और उनके अंदर ना एम्पैथी की बहुत कमी होती है क्योंकि उनमें मैं ही होता है उनके लिए मैं ही इतना बड़ा है कि वो मैं से हम पर जा ही नहीं पाते हैं। तो वो दूसरों के इमोशंस की केयर नहीं कर पाते हैं। हम तो उनमें क्योंकि इतनी भी केयर नहीं है, बेसिक केयर भी मिसिंग होती है तो कई बार वो ना इमोशनली अब्यूज कर देते हैं। फिजिकली भी अब्यूज कर देते हैं सामने वाले को। अगर आप उनके सामने रो भी रहे हैं या अपनी कुछ जेन्युइन प्रॉब्लम भी बता रहे हैं तो हमेशा आपके इमोशंस को ना ऐसे
(06:32) मिनिमाइज कर देंगे। टेकन फॉर ग्रांटेड ले लेंगे। इसमें कौन सी बड़ी बात है? हम वो एकदम सिंपल सा अपने आपको बता देंगे कि मेरी लाइफ में इससे भी बड़ा हुआ था। लेकिन ना मैंने तो ऐसे करके बहुत ही आसानी से एक झटके में अपनी सारी प्रॉब्लम ठीक कर ली थी। मतलब वो आपकी हर बात को ना छोटा बना देंगे। हम और उनको ना बहुत कंट्रोल की हर्ज होती है। उनको बड़ी ना एप्रिसिएशन की भूख होती है। उनको ना आप तारीफ करते रहो। ये उनका खाना जैसा है और उनके दिमाग और खराब होते रहते हैं उसमें। हम और अगर जरा सा भी आपने क्रिटिसाइज कर दिया तो बड़े सेंसिटिव होते हैं क्रिटिसिज्म
(07:04) में। एकदम से डिफेंसिव हो जाएंगे और आपके लिए अटैकिंग हो जाएंगे। फिर आपको गिल्ट ट्रिप पर लेकर जाना हो उन्हें या किसी भी तरीके से बुली करना हो मतलब वो कुछ भी करेंगे लेकिन वो अपना पॉइंट प्रूफ करेंगे कि आपने उन्हें गलत समझ लिया है। वो तो आपके लिए इतना करते हैं फिर भी आप उन्हें गलत समझ रहे हैं। इसमें मेल्स ज्यादा होते हैं या फीमेल्स ज्यादा होते हैं? देखिए ऐसा कोई परसेंटेज रिसर्च में तो आई नहीं है कि मेल्स या फीमेल लेकिन इसमें मेल्स भी होते हैं, फीमेल्स भी। अब हमारे पास जो केसेस आते हैं हम तो वो ज्यादातर केसेस आते हैं कि फीमेल्स
(07:35) विक्टिम होती हैं और मेल्स अगर नार्सिस्ट होता है कोई तो वो बहुत ज्यादा टॉर्चरिंग होता है और बहुत सारे ऐसे भी केसेस आए हैं जहां पर कोई मर इन लॉ निकल गई नार्सिस्ट या वाइफ निकल गई नार्सिस्ट गर्लफ्रेंड है नार्सिस्ट तो आते हैं केसेस जो मैंने देखे हैं मैं तो अपना ही एक्सपीरियंस से बता सकती हूं तो मेरे पास जो विक्टिम आती है वो फीमेल्स ज्यादा आती है हम मेल्स ज्यादा नार्सिस्ट क्योंकि अगर अगर फीमेल है भी तो मेल्स को ना क्या होता है? अपनी एनर्जी को ना अपने इमोशंस को सप्रेस करने की आदत होती है। वो एकदम से थेरेपीस के लिए अभी भी उतना
(08:09) ज्यादा ओपनली नहीं आते हैं। सही बात है। फीमेल्स क्या होती है ना अगर वो बहुत ज्यादा एक टॉक्सिक रिलेशनशिप में है क्योंकि अगर एक आप नर्सिस्ट के साथ रह रहे हैं तो दिन रात आपकी स्ट्रगल है। हम आपको चैन सुकून नहीं है एक भी मिनट का। क्योंकि कब आपको कुछ गालियां दे दी जाएंगी? कब आपको बुरी तरीके से ऐसे ह्यूमिलिएट कर दिया जाएगा, क्रिटिसाइज कर दिया जाएगा। चाहे आप सड़क पे हो या रिश्तेदारों के बीच में हो। कब आपको कैसा फील करा दिया जाएगा? बड़ी अनसर्टेनिटी है। हम तो फीमेल्स ना बहुत ज्यादा इमोशनल हो जाती हैं। दिल पर ले जाती हैं। बहुत ज्यादा
(08:39) ए्जायटी में चली जाती हैं। डिप्रेशन में चली जाती हैं। तो फीमेल्स फिर भी हिम्मत जुटा पाती हैं कि वो किसी से दिल की बात कहनी है, थेरेपीस लेनी है। इसका ओरिजिन कहां से हुआ मैम? देखिए इन सबकी ना रूट्स ना हमेशा चाइल्डहुड में ही छुपी हुई होती है। अच्छा। मान लीजिए किसी के पेरेंट्स नार्सिस में से कोई भी एक जना नार्सिस्ट था। जैसे मैं आपको एक केस का एग्जांपल बताती हूं। बताइए। एक 11 साल का मेरे पास बच्चा आया जिसके फादर उसके दादाजी दोनों नार्सिस्ट। अब यह जो 11 साल का बच्चा है यह अपनी मदर के साथ आया और मदर भी घर में किसी को बताकर नहीं
(09:14) आई क्योंकि मदर डॉक्टर है फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट है तो उसने अपने बेटे में जब देखा कि ये तो पूरा अपने पापा और अपने दादाजी के सारे के सारे ट्रेड्स मान लो कॉपी कर रहा है और फिर उसी तरीके से उसने मदर को भी ना इमोशनली मैनपुलेट करना अब्यूज करना सीख लिया था तो वो समझ गई पढ़ी लिखी लेडी थी वो समझ गई कि यह तो कहानी रिपीट हो रही है मतलब इतिहास दोहराया जाएगा इस घर में क्योंकि वो वो अपने हस्बैंड से बहुत परेशान थी। उसका हस्बैंड दिखाता ऐसा था कि दुनिया का सबसे अच्छा आदमी वही है। लेकिन उसके अंदर की जो स्ट्रगल थी ना फीमेल को जो हर दिन झेलनी पड़ती थी।
(09:50) वो खुद भी डॉक्टर था आदमी। लेकिन वो गंदी गंदी गालियां देने में भी पीछे नहीं था। हर समय क्रिटिसाइज कंट्रोलिंग कि वो डॉक्टर भी है। वो अपना क्लीनिक भी देखे। घर आकर सारा मैनेज भी करे। हर समय उसको ब्लेमश शेम ब्लेमश शेम ही कराना था। मतलब उसकी फ्रीडम पर टोटली अटैक फुल मेरे कंट्रोल में रहे। चंगुल में रहे। हम अगर आपको बिल्कुल चंगुल में कंट्रोल में रखना था ऐसे तो कोई भी लड़की नहीं रहेगी और जो इतनी पढ़ लिख गई है डॉक्टर है अपना अर्न कर रही है तो आप उससे कैसे एक्सपेक्ट कर सकते हैं और आपको किसी को भी नहीं कंट्रोल करना चाहिए मैं कह रही कोई हाउस
(10:22) वाइफ भी है अगर नॉर्मली अगर कोई पढ़ा लिखा भी नहीं तब भी आप किसी को कैसे कंट्रोल करोगे भाई करना ही नहीं चाहिए लेकिन उसने देखा कि जितना मैं हर दिन बहुत ज्यादा तकलीफ में हूं हम और ये भी ऐसा ही होता जा रहा है हम तो उसको उसको बहुत चिंता हुई। फिर उसने मेरी वीडियोस देखती थी वो। तो वो मेरे पास आई कि मैम ऐसेसे मुझे ऐसा लग रहा है कि ये अपने फादर की तरह नार्सिस्ट बनता जा रहा है। हम मैंने उस बच्चे से बात करी। उस बच्चे ने अपने फादर से दादा जी को जो जिस तरीके का बिहेवियर घर में होता था वो तो उसने कॉपी किया ही। अब उसने भी ना मैनपुलेशन की
(10:57) वीडियोस देखनी शुरू कर दी YouTube पर कि कैसे किसी को मैनपुलेट करें। बच्चे ने बच्चे ने। और हां 11 साल का बच्चा और उसने कि ये नार्सिस्ट के बारे में उसे सब पता था। उसने वीडियोस देखनी शुरू कर दी। हम्म। और उसने बोला कि आप ना मुझे ठीक नहीं कर सकते हो। कहा बेटा आप क्या बोल? कह रहा हां मैंने ना मैनपुलेट कैसे करते हैं वो भी वीडियोस देखी है। पता है आप मुझे ठीक करने की कोशिश करोगे ना तो मैं आपको मैनपुलेट करूंगा और आपको यकीन दिला दूंगा कि आपकी बताई हुई बातें मैं फॉलो कर रहा हूं। और मैं आपको मैनपुलेट कर दूंगा। 11 साल की 11 साल का बच्चा उसने देख डाली इस तरीके
(11:31) की चीजें और वो अपनी मदर को मैनपुलेट करने लग गया। क्या करता था मैनपुलेट करने अगर तुमने मुझे गेम नहीं खेलने दिया ना किचन से जाता था चाकू लेकर आता था यहां पे तो मैं अपने आप को खत्म कर लूंगा। अब ये 11 साल और मैंने बोला कि तुम सच में ऐसा सोचते हो नहीं मम्मी डर जाती है इससे। फिर वो मुझे खेलने देती है। फिर वो कुछ नहीं कहती है इस तरीके से। और फिर मैंने कहा मम्मा से बॉन्ड बिगड़ जाता है। नहीं मम्मा की गोदी में जाओ मम्मा मम्मा शोरी करो। मम्मी को दो चार किस्से करो। मम्मी नॉर्मल मैनपुलेशन का पूरा गेम समझ रहा था। हां वो समझ रहा था वो।
(12:04) और आप ये देखो कि फादर से वो अंदर-अंदर हेट करता था। क्योंकि उसको भी बहुत मारा गया था। उसको भी पहले जो है ना गालियां वालियां उसको भी दी गई थी बच्चे को भी। तो वो अंदर-अंदर अपने फादर के लिए हेट डेवलप कर चुका था। लेकिन उसे क्योंकि फादर उसको बहुत कुछ चीजें दिलाते थे और फादर की उसको लगता था कि चलती है मम्मी की इतनी चलती नहीं है तो उसने अंदर-अंदर ये प्लान कर लिया था कि मुझे फादर से ना ऊपर ऊपर एक बॉन्ड दिखाना है जब तक मैं पूरा इंडिपेंडेंट ना हो जाऊं हम जब तक मुझे फादर से बॉन्ड दिखाना है तो वो अंदर-अंदर तो हेट करता था अपने फादर से
(12:37) लेकिन वैसे फादर के साथ लेटना हां पापा आप तो बहुत अच्छे हो मम्मा की गलती होती है इस तरीके से और जब फादर नहीं है तो मम्मी मम्मी मम्मी मम्मी तो वो मैनुपुलेशन से गया था हम और अभी हम लोग जो डायग्नोसिस बनाते हैं वो 18 इयर्स की ऐज तक बनाते हैं हम लोग। ठीक है? तो हमारा जो एक ऑफिशियल डायग्नोसिस बनाने का वो है कि भैया 18 साल उम्र होनी चाहिए। हम लेकिन अब 18 साल तक वेट करने की जरूरत है क्या? सामने दिख रहा है कि क्या प्रोडक्ट तैयार हो गया? सही बात है। बिल्कुल सही बात है। तो अब अभी इसी बच्चे को नहीं संभाला गया। तो ये बहुत बड़ा नार्सिस्ट बनेगा।
(13:10) आगे खराब करेगा औरों की जिंदगी। अपनी भी कोई बहुत सुखी वाली जिंदगी नहीं होती है इनकी। लेकिन इनमें इतनी फॉल्स ईगो होती है। इनमें बस इतना कंट्रोल करने की अर्ज होती है। तो वो ना समझते हुए भी कि ये भी खुद पेन में है। क्योंकि अगर मैं चिल्ला रही हूं किसी के ऊपर तो मैं सुकून में कैसे हो सकती हूं? मैंने अगर अभी किसी को गालियां दी तो उसका इफेक्ट मुझ पे नहीं आएगा। ऐसा कैसे हो सकता है? मेरे को हर समय कंट्रोल करने की अर्ज है। तो मेरे को एक एंजायटी क्यों नहीं रहेगी कि मेरे मर्जी के बिना कुछ हो ना जाए। तो मेरा भी तो दिमाग कास्टेंट एक चज़िंग
(13:41) मोड में रहेगा। सही तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि मैं अगर किसी के ऊपर कीचड़ फेंकना चाहूं तो मेरे हाथों से बदबू ना आए। मेरे हाथों में कीचड़ ना लगे। तो परेशान ये लोग भी होते हैं। लेकिन ये उस परेशानी में भी बस वो जो कंट्रोल करने का मजा आ रहा होता है ना डोमिनेंस का मजा आ रहा होता है। वो मजा इन्हें उस तकलीफ को फील नहीं होने देता। ये बनते कैसे एनपीडी कैसे बनता है? अब जैसे इस बच्चे का है तो बच्चे ने क्या किया? अपने घर के एनवायरमेंट से कॉपी किया। अच्छा एनवायरमेंट से बनता है। पैरेंटिंग की भी कुछ कमियां होती है। मैं आपको पूरा डिटेल में बताती हूं। तो
(14:10) जैसे इस बच्चे ने क्या किया? घर में मां-बाप के बीच में लड़ाई झगड़ा, डोमिनेंस देखी इसने और इसके ऊपर भी मारपिटाई हुई तो इसके अंदर वो जो एनर्जी सप्रेस हुई जो गुस्सा इसके अंदर दबा तो एक ना कि अच्छा मैं बड़ा हो जाऊं फिर मैं चलाऊंगा अपना। तो वो जो सप्रेस्ड एनर्जी है जो अगर हमारे साथ कुछ बुरा कर रहा है कोई इंसान उस वक्त हम ऐसी स्टेट में नहीं है कि हम तुरंत सामना कर सकें। तो हम क्या है अपने अंदर उस चीज को दबाएंगे जिसको कहते हैं खून का घूंट पीकर रह जाएंगे हम और धीरे-धीरे जब हम बड़े होंगे हमारे शरीर में ताकत आएगी हमारी सोच विकसित होगी तो
(14:47) कई बार कुछ बच्चों की एनर्जी अग्रेशन में कन्वर्ट हो जाती है और वो धीरे-धीरे अपने आप को प्रोटेक्ट करना सीख लेते हैं कि दूसरों पर चिल्लाना कंट्रोल करना अब्यूज करना और दूसरों पर हर तरीके से डोमिनेट करना यानी कि अपने आपको सेफ रखना है तो वो यह मैसेज ले लेते हैं और और इस वजह से वो धीरे-धीरे लोगों को कंट्रोल करना शुरू करते हैं। अपनी चलाना, अपने आप को बेटर दिखाना, हर तरीके से अपना ही पॉइंट राइट प्रूफ करना ये धीरे-धीरे डेवलप हो जाता है। एक और मेरे पास लड़का आया था तो उसके साथ क्या था कि उसके फादर ने उसे बेल्ट से फर्श पर लिटा लिटा कर
(15:25) मारते थे। अगर जरा सी भी कोई गलती हो जाती थी। हम क्योंकि उसके फादर को बायपोलर डिसऑर्डर था। अच्छा। हां। और उसकी मदर को स्किजोफ्रेनिया था। दोनों मां-बाप डिसऑर्डर से जूझ रहे थे और दोनों ही काफी हैवी डिसऑर्डर्स है और वो बच्चा ऐसे एनवायरमेंट में था तो कभी मर एकदम से डल्यूजनल हो गई हेलसिनेशन हो रहे हैं उसे वो अपनी सेंसेस से आउट हो गई मेडिसिनस चलने के बावजूद भी और फादर का तो बाइपोलर डिसऑर्डर एकदम से अगर वो मेनिया वाले फेज में चला गया तो यू नो लाइक घर का एनवायरमेंट बहुत ऐसा था तो उसको बहुत मारपिटाई और ये सब चीजें होती थी तो बच्चा
(15:57) पहले सहता रहा लेकिन जब वो 17 साल के करीब का हुआ तो सहते-सहते कहते हैं ना उसका घड़ा भर जो उसकी सीमा थी वो खत्म हो गई। अच्छा। एक दिन उसने बेल्ट पकड़ी और अपने फादर को बुरी तरीके से मारा बेल्ट से कि आ तुझे गंदी गंदी गालियां देके कि आ तुझे बताता हूं पिटकर कैसा लगता है। उसका नाम ले रहा था वो अपने फादर का और गंदी गंदी गालियां सुना रहा था वो। क्योंकि जो वो पिटा है बचपन से लेकर। हम उस टाइम वो भूल गया कि मेरे फादर को खुद बायपलर डिसऑर्डर है। या मेरी मदर को भी स्किफ्रेनिया है। लेकिन वो उसका सहते-सहते एडजस्ट करते-करते कि मेरे मां-बाप दोनों
(16:30) ही बीमार हैं। बस एक सीमा होती है हम सबकी। सही बात है। उसके बाद उसने वो बेल्ट छीनी क्योंकि 17 साल की उम्र तक आते-आते उसके शरीर में भी जान आ गई थी और बस उसकी सहनशक्ति भी खत्म हो गई थी। उसने फिर जो बुरी तरीके से मारा उसे बाद में दुख हुआ। उसने मुझे कंफेस किया कि मैम मुझे बहुत अंदर से पीड़ा हुई और शर्म भी आई कि मेरे मां-बाप बीमार है लेकिन मुझसे बर्दाश्त ही नहीं हुआ। लेकिन उस दिन से एक अच्छा काम हुआ कि मेरे फादर ने मुझ पे हाथ नहीं उठाया। हम तो वो क्या है एक मैसेज उसके अंदर ये फीड हो गया कि तुम जब तक सामने वाले के लिए
(17:03) टिट फॉर टाइट नहीं करोगे या उसे दबाओगे नहीं उसे तुम भी गालियां नहीं सुनाओगे तो जब तक सामने वाला बिल्कुल ना कंट्रोल में नहीं आएगा। वो बदतमीजियां को लेवल बढ़ाएगा। धीरे-धीरे कई बार इस तरीके से ना डेवलप हो जाते हैं। एनवायरमेंट से, घर से डेवलप हो जाते हैं। जींस का भी जैसे मैंने बताया कि फादर थे, ग्रैंड पेरेंट थे उसके। तो ऐसे जेनेटिक भी और एनवायर एनवायरमेंटल भी धीरे धीरे धीरे-धीरे आदमी ना डेवलप हो जाता है। एक और मैं आपको बताती हूं। एक लड़की थी उसको दो लड़कों ने चीट किया। पहले एक लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। तो बहुत
(17:35) अच्छी बिल्कुल डिसेंट प्याली सी जिसको सच में रिलेशनशिप चाहिए थी। अब लेकिन वो ऐसे लड़के से अटैच हुई जो लड़का उसको एक ऑप्शन की तरह कंसीडर कर रहा था। ठीक है? अब उसके साथ चीटिंग हो गई। वो हील हुई सात आठ महीने। फिर एक दूसरा लड़का उसकी जिंदगी में आया लेकिन अनफॉर्चूनेटली दूसरा लड़का भी ऐसा ही निकला। उसने भी उसको बस यूज़ करने के पॉइंट ऑफ व्यू से। अब दो एक्सपीरियंस के बाद वो लड़की अंदर से इतना इनसिक्योर हो गई है। उसने अब लड़कों से ढंग से बात करना बंद कर दिया। हम उसने सबकोलाइज कर दिया कि शायद ऐसे ही होते हैं और उसने डोमिनेशन स्टार्ट कर दी।
(18:11) उसने सोचा कि अगर मैं अपने लिए स्टैंड लूंगी मैं इनको दबा के रखूंगी और मैं ना ये जो कुछ मेरे को तारीफ वारीफ करते हैं उससे खुश नहीं होऊंगी ज्यादा बल्कि मैं ना और ज्यादा इनको पूरा डोमिनेट करके रखूंगी। मतलब जो भी उसके साथ दो रिलेशनशिप में जो एक्सपीरियंस हुए थे उससे जो उससे लर्निंग ली उसके बाद उसने अपने माइंड में ही अपना एक ऐसा डिफेंस डेवलप कर लिया जिसमें कि अब लड़के उसके लिए उसके पैर की जूती बन गए हम और उसने ना लड़कों पर डोमिनेंस करनी स्टार्ट करी ठीक है अब उसे लड़के की तारीफ की जरूरत नहीं थी अब वो खुद अपनी तारीफ करती थी मैं तो इतनी
(18:46) खूबसूरत हूं तेरे तो भाग्य जो है ना क्या कहते हैं चमक गए हैं कि मैं तेरी जिंदगी में आ गई हूं ठीक है ना मैं ये मैं वो हूं। मतलब उसके अंदर अपनी ही तारीफ अब उसने खुद करनी शुरू कर दी। कंट्रोल करना शुरू कर दिया। तुझे इतने बजे कहा था ना फोन करने के लिए? तूने पहले क्यों कॉल किया? अगर मेरे घर में किसी को पता चल जाएगा कुछ प्रॉब्लम हो जाएगी तो तू भरेगा। मतलब तू तड़ाक भी और पूरा डोमिनेंस करना। लेकिन वो लड़की क्योंकि नेचुरली थोड़ी ब्यूटीफुल दिखती थी और उसमें था एक ऐसा औररा। तो वो लड़का जो उसकी जिंदगी में थर्ड पर्सन आया वो उसकी तरफ अट्रैक्ट होता हुआ
(19:21) चला गया। अब उसके पीछे की भी अपनी एक स्टोरी है क्योंकि वो लड़के की सेल्फस्टीम बहुत लो थी। अच्छा। उस लड़के के अपने कुछ इमोशनल इश्यूज थे। हम तो वो लड़का इसकी डोमिनेंस को इनिशियली इतना समझ नहीं पाया। उसने सोचा कि थोड़ी सी जैसे खूबसूरत लड़कियां थोड़ी सी नाज नखरे वाली और यू नो लाइक एक होती है ना अपनी चलाने वाली वैसी है लेकिन तब तक ये नार्सिस्टिक ट्रेड्स को कॉपी कर चुके हैं। मेरा एक आ रहा है कि क्या मतलब जैसे अभी तक हम बात कर रहे थे कि भ एनपीडी जो बनता है वो एनवायरमेंट की वजह से और वो धीरे-धीरे डेवलप होता है। क्या एक यंग ऐज
(19:54) में आके भी जो पहले नहीं था वो बाद में एनपीडी बन सकता है। जैसे इस लड़की के लड़की के बात कर तो इसने क्या किया? इसका ना ये एक डिफेंस डेवलप कर लिया इसने। एक प्रोटेक्टिव इसकी स्ट्रेटजी हो गई कि मेरे को ना अब किसी की सुननी नहीं है। मुझे कंट्रोल करना है। मुझे कंट्रोल नहीं होना। अब मुझे सुनना नहीं है। किसी के आगे झुकना नहीं है। ठीक है? और अपनी मैं जितनी ज्यादा तारीफ करूंगी मैं या जितना अपने को बहुत बड़ा दिखाऊंगी तो उतना ना सामने वाला मुझसे दब के रहेगा। तो कई बार क्या होता है? हमारी लाइफ के एक्सपीरियंसेस ऐसे होते हैं जिससे कि
(20:23) हमारे अंदर नार्सिस्टिक ट्रेट्स जो है ना डेवलप हो जाते हैं। मतलब जरूरी नहीं है कि सबको नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर ही हो। नार्सिस्टिकेट्स भी डेवलप हो जाते हैं। थोड़ा बहुत नार्सिस्ट तो हम सब में होता है क्योंकि हम सब लोग ना सेल्फेंस मतलब हमें चाहिए होती हैेंस लेकिन जो नार्सिस्ट होता है उसे बहुतेंस चाहिए होती है। अब जैसे मान लीजिए मुझे भी चाहिएेंस। मुझे भी चाहिए अप्रिसिएशन। मुझे भी एकनॉलेजमेंट चाहिए। आपको भी चाहिएगा। लेकिन हमें ये तकलीफ नहीं होगी कि मेरे अलावा आपको भी कोई तारीफ कर रहा होगा या मेरे इक्वली आप भी खड़े होंगे तो मुझे
(20:57) अच्छा ही लगेगा। हम मुझे यह तकलीफ नहीं होगी कि इनको क्यों कहा जा रहा है सिर्फ मुझे कहो लेकिन जो नार्सिस्ट आदमी होगा उसको तकलीफ होगी उसके अगर लेवल पर दूसरे को भी एप्रिशिएट किया जा रहा होगा हम उसके लेवल पर उसी को रखा जाए बस सब उससे नीचे रहें नीचे रह सही बात है तो हर आदमी के अंदर थोड़ा सा एक नार्सिस्टिक टच होता ही है क्योंकि हर आदमी अपने को प्रायोरिटी देता है अपने आपको तारीफ भी करता ही है अपनी अपने आपको अच्छे से प्रेजेंट करता है और अपने आपको पब्लिक भी करता है आज हम सभी लोग हैं। सोशल मीडिया पर भी हैं। तो सभी कंपनीज़ भी अपना इंडिविजुअल्स भी अपना सब
(21:32) प्रमोशन कर रहे हैं। है ना? तो वो एक हल्का सा फ्लेवर तो हम सब में ही होता है। लेकिन इसको डिसऑर्डर नहीं कहेंगे। डिसऑर्डर तब है जब मेरा अपने कोेंस देना, मेरा अपने आपको प्रायोरिटी देना या मेरा अपने आपको अच्छा मानना आपकीेंस खत्म कर दे। मैं मैं से हम ना बन पाऊं। हम वहां पर मेरे अंदर बस एक यह हो कि सब मुझसे नीचे हैं और इन्हें मुझे डोमिनेट करके कंट्रोल करके रखना है। वहां पर प्रॉब्लम की बात है। हम मैम मुझे एक चीज बताइए कैसे पता चलेगा एक फैमिली में कि कौन नार्सिसिस्ट है या नहीं है? मतलब सामने वाले को देखकर कैसे पता करें कि वो नार्सिसिस्ट है या नहीं
(22:10) है? देखिए अगर कोई पर्सन ना आपको कंट्रोल करने की उसके अंदर बहुत स्ट्रांग अर्ज है। बहुत स्टंग बहुत स्ट्रांग अर्ज है। उसको कंट्रोल उसको इनफॉर्म्ड होना चाहिए। आप क्या कर रहे हैं? आपके क्या प्लांस हैं? आपके कपड़ों से लेके आने जाने से लेके किसी भी चीज में। उसको ना एक कंट्रोल चाहिए आपके ऊपर। आपकी जिंदगी के ऊपर कंट्रोल चाहिए उसे। और वह बात पे यह मैसेज देता है कि उसे ही पता है कि आपके लिए क्या सही है। वह आपके आइडियाज को भी डिरेज कर देता है। आपकी हर तरीके की चीजों में कुछ ना कुछ उसको चेंज करने होते हैं, मॉडिफिकेशन करने होते हैं।
(22:46) हम तो ये ना एक बहुत ही कॉमन साइन है जो घर में आप देखेंगे। ठीक है? कि कोई पर्सन ऐसा होता है ना कि प्यार केयर के नाम पर भी करता है। ऐसे कि मुझे ज्यादा पता है। देखो प्यार और केयर के नाम पर जब आप किसी को कुछ बदलने के लिए बोलते हैं या उसे इनफॉर्म होने के लिए बोलते हैं तो वो एक अलग ही टोन होती है आपकी। ठीक है? और उसमें ना एक केयर और प्यार अलग ही झलक जाता है। लेकिन जो लोग नार्सिस्ट होते हैं वो ना अब्यूसिव वे में कंट्रोल करते हैं। वो रिएक्ट करते हैं बुरी तरीके से। अगर आपसे कोई भी गलती हो गई तो वो रिएक्ट करते हैं। लेकिन अगर कोई इंसान सिर्फ लव और केयर के
(23:22) बेस पे कह रहा है। पहली बात तो वो हर समय नहीं करेगा। वो फ्रीडम देगा आपको। क्योंकि उसको ये रहेगा कि सामने वाले की भी अपनी चॉइस है और उसकी भी कुछ प्राइवेसी है। हम तो हर वक्त उठने बैठने की आपको खबर नहीं मिलेगी। तो जो भी आपसे प्यार करता होगा, केयर करता होगा सबसे पहले वो आपकी फ्रीडम की रिस्पेक्ट करेगा। लेकिन जो नार्सिस्ट होगा वो कहेगा तो वो प्यार और केयर करता है और उसने दुनिया ज्यादा देखी हुई है। हम लेकिन ये एक्चुअली उसका कंसर्न नहीं होगा। उसका कंसर्न होगा उसको कंट्रोल चाहिए। बस हम उसको ये ना हो कि किसी भी तरीके से आप
(23:51) उससे बेहतर हो जाए क्योंकि उसमें बड़ी जेलसी की भावना होती है अपने ही लोगों से। हम उसके सामने अगर उसी के फैमिली मेंबर की भी तारीफ कर दी जाए, स्पाउस की भी तारीफ कर दी जाए तो उसे बर्दाश्त नहीं होता। उसे रहता है मैं ही मैं ही चमकूं। हम तो घर में यह कॉमन चीज देखी जाती है। जैसे मेरे पास इतनी क्लाइंट्स आते हैं। मैं आपको एक केस बताती हूं। मेरे एक क्लाइंट हम जिनके हस्बैंड बहुत बड़े नार्सिस्ट थे। वो इतनी गंदी गंदी गालियां देते थे। मैं अभी बोलकर भी नहीं बता सकती आपको। हम और हाथ उठा देना। बच्चों के सामने ही कुछ भी बोल देना। हम
(24:24) अगर घर में कोई रिलेटिव भी आया है जैसे कि उनकी खुद की बहन आ जाती थी या इनके खुद के घर वाले आ जाते इनका भाई भी आता था तो उसके सामने भी कुछ भी अपशब्द बोल देना या अगर कोई सामान सामने रखा है तो उसे ऐसे हाथ मार के गिरा देना मतलब अग्रेशन शो करना हम कि हर वक्त उनको एक ही मैसेज देना धीरे-धीरे उनके दिमाग में ये डाल दिया कि ये बिल्कुल बेवकूफ औरत है। इसमें बिल्कुल भी अकल नहीं है। जब से इससे शादी हुई है मेरी जिंदगी बिल्कुल बर्बाद हो गई है। अगर ये दो बच्चे ना होते तो मैंने इसे कभी का छोड़ दिया होता। इसकी कोई वर्थ नहीं है। इसकी कोई कदर नहीं
(25:02) है। इसमें कुछ अकल नहीं है। मैं तो इसको ढो रहा हूं। मतलब उनका यह कहना था। ठीक है? ठीक है? अब वो लेडी अपने आप में पोस्ट ग्रेजुएट पढ़ी हुई सेंसिबल हमेशा से सब कुछ जब उनसे मेरी डिटेल में बात हुई। हम लेकिन उनकी शादी क्योंकि एक नर्सिस्ट आदमी से हो गई। जिसकी बहुत ही एक्सट्रीम कंट्रोलिंग नेचर और बाहर नहीं था ऐसा। बाहर अपने ऑफिस में वो आदमी दब के रहता था। बाहर अगर फोन आ जाता था बॉस का तो हां जी सर। सर हां जी सर हां जी सर पूरा वही मतलब दब के रहना और उस लेडी को भी पता था कि मेरे को तो इतना दबा के रखता है चढ़-चढ़ के आता है मुझ पे लेकिन अगर बाहर
(25:37) कहीं कोई बात होती है तो अच्छा भैया जैसे गाड़ी में जाते हैं अपन लोग कहीं लग गई अरे अच्छा भैया सॉरी मतलब ऐसे नहीं है कि सबसे ही लड़ने को दौड़ रहा है सेंस कर लेता है कि किसको ना दबाया जा सकता है। अच्छा नार्सिसिस्ट मतलब ऐसा नहीं है कि हर किसी को दबाने की कोशिश करता है। वो खुद भी दबता है कई जगह। वो दबता है। एक्चुअली नार्सिस्ट को ना सोशल इमेज बड़ी प्यारी होती है अपनी। वो घर में जैसा होता है और बाहर उसकी इमेज में बहुत जमीन आसमान का अंदर होता है। बाहर तो बड़े चार्मिक और बड़े कैरिस्मेटिक होते हैं। ये ऐसे लोगों को बोले अरे यार इससे अच्छा इंसान ही नहीं
(26:08) हो सकता कोई। यह तो इतना डाउन टू अर्थ और इतना रिस्पेक्ट देने वाला है। लेकिन इनके अंदर बड़ी होलोनेस होती है। खोखलापन होता है। इनकी सेल्फ एस्टीम ना छोटी होती है। तो इन्हें ना अपने जो चार पांच लोग क्लोज में इनके होते हैं उन्हें डोमिनेट करके ना वो जो गैप होता है ऐसा लगता है कि जैसे फिल हो रहा है वो कि मैं चार पांच लोगों में ऊपर हूं हूं। लेकिन हर जगह ये ऐसा नहीं कर सकते। इन्हें बहुत अच्छा पता है। तो बड़े धब्बू भी होते हैं। बड़ा एडजस्ट करके भी चलते हैं। लेकिन अंदर-अंदर मैनपुलेशन इनकी वहां भी नहीं रुकती। हम वहां पर भी अंदर-अंदर मैनिपुलेट करते हैं।
(26:40) लेकिन एक्टिवली जैसे डोमिनेंस ये कुछ लोगों पर दिखाते हैं। सबके सामने नहीं दिखा पाते हैं। ये कोशिश करते हैं कि इनकी सोशल इमेज अच्छी बना के रखें ताकि लोग इनकी तारीफ करें। इन्हें अपने साथ ग्रुप में शामिल करें और इन्हें मौका मिल जाए अंदर अंदर कुछ मैनपुलेशन करने का और वहां पर भी कुछ शॉर्टकट अपनाने का और नार्सिस्ट में एक और बड़ी खासियत होती है वो ना मतलब अगर किसी चीज पे काम करने पर भी आ जाए ना क्योंकि उसे इतना ज्यादा तारीफ की भूख है। उसे बड़ा बनने की भूख है। उसे अपने को और बड़ा दिखाने की वो चाहत है। तो ये लोग अगर किसी गोल पे काम कर रहे होते हैं तो ये
(27:16) बड़े मेहनती भी होते हैं। बड़े कंसिस्टेंट भी होते हैं मेहनत करने में और बड़े हाई अचीवर भी होते हैं। अच्छा और अपनेप फील्ड में ना पूरा टॉप पर भी जाते हैं। अच्छा बात ये है कि ये एनर्जी कहां लगा रहा है? हम सही बात है। जहां पर भी ये एनर्जी लगाएगा इसमें इतनी ज्यादा एनर्जी है कि वहां पर बिल्कुल टॉप पर जाने की भी क्षमता होती है। आप देखेंगे नार्सिस्ट बड़ी-बड़ी पोस्ट पर भी आप पॉलिटिक्स में भी देखेंगे। आप बॉलीवुड में भी बड़ी नार्सिस्ट पर्सनालिटी देखेंगे। आपने नाम तो मैं इसलिए नहीं ले सकती ना हर लेवल के क्लाइंट्स हैं तो मैं नाम तो नहीं
(27:48) लूंगी किसी का भी और नाम लेना भी नहीं चाहिए अगर आप किसी को थेरेपीस दे रहे हैं कोई आपसे काउंसलिंग ले रहा है तो कॉन्फिडेंशियल हम रखते हैं सारी इन बट मैं आपको हिंट दे रही हूं कि आपको हर एक बहुत सारे बॉलीवुड स्टार्स या आपको बड़े-बड़े बिनेस टकन में और अच्छा होना भी चाहिए थोड़े से नार्सिस्टिक ट्रेड्स नहीं होंगे तो इतनी बड़ी टीम को या सब चीजों को मैनेज भी नहीं कर सकते बट हर चीज की ना लिमिट होती है। हम तो उसकी वाइफ को जब पता चला कि यह मेरे ऊपर तो मतलब कंट्रोल करता है। हां। लेकिन बाकी जगह मतलब दबता है। फिर क्या हुआ? अब क्या है कि जब उसको पता चला कि ये बंदा
(28:23) मेरे को ही टारगेट बना के रखता है। और ऐसीऐसी बोलता है कि सुनी भी नहीं जाती है। तो उसने कभी रोकर कभी चिल्लाकर अपने हस्बैंड को यह मैसेज देने की कोशिश करी कि भ मेरे साथ ही ऐसा क्यों व्यवहार होता है? सही बात है। तो जब उसने रोकर शिकायत करी तो उसे और दबा दिया गया क्योंकि नर्सेस दूसरे के इमोशंस तो समझता ही नहीं है। और जब उसने चिल्लाकर अपनी बात कहने की कोशिश करी क्योंकि उसको भी गुस्सा आता था फीमेल को कभी वो तब और भी ज्यादा बदतमीजी पर आ जाता था। हाथ उठा देता था। मतलब उसको दबाना था। और जब लगातार ऐसा होता रहा और दो बच्चे आ गए थे इस शादी में
(29:00) तो वो लेडी धीरे-धीरे सरेंडर कर दिया उसने। वो अकेले रहने लग गई। रोती रहेगी क्योंकि उसको यह पता चल गया इससे कुछ कहने का कोई फायदा नहीं है। ना इसके सामने रोने का फायदा है। ना इसके सामने चिल्लाने का फायदा है। कोई शिकायत का कुछ फायदा नहीं है। ठीक है। अब या तो तुम छोड़ो इसे लेकिन छोड़ो किस भरोसे? तुम्हारे मायके वाले भी तुम्हें नहीं रख सकते अब। सही बात है। तुम खुद कमाती नहीं हो। बच्चे छोटे हैं। क्या करूं मैं? कई बार मरने के ख्याल आते थे। लेकिन बच्चे दिखाई दे जाते थे कि मेरे बाद इनकी और दुर्गति हो जाएगी। ऐसी सिचुएशन में बहुत सारे लोग
(29:32) फंसे हुए हैं। बहुत बहुत केसेस देख चुकी हूं मैं ऐसे जहां पर बच्चे हैं और औरतें या कोई एक आदमी ऐसा नहीं कि केवल औरतें आदमी भी फंसा हुआ है उसमें और वो सहे जा रहा है। सहे जा रहा है। पार्टनर नार्सिस्ट है। लेकिन वो सहे जा रहा है क्योंकि उसको कभी समाज की कभी बच्चों की कभी वो खुद ही हिम्मत नहीं जुटा पा रहा कि भाई मैं अलग रह सकता हूं अपने पार्टनर से। तो किसी ना किसी वजह से कब कैसे करें? तो जैसे मैं यही केस को अभी पूरा बताती हूं आपको। तो जब वो लेडी सीवियर डिप्रेशन में पहुंच गई। वो कई-क बोलती तीन-तीन दिन हो जाते हैं मुझे बालों में कंघा लगाए हुए।
(30:09) ठीक है ना? मेरा ये जो जुड़ा सा बांध के मैं रखती हूं तीन दिन हो जाते हैं क्योंकि मैं कहीं आती नहीं हू जाती नहीं हूं। मेरा मन ही नहीं करता किसी से बोलने का। मेरे फोन पे मिस कॉल पड़ी रहती है। WhatsApp पे अनरीड मैसेज पड़े रहते हैं। और मेरे बच्चों को भी मैं जैसे तैसे उठकर खाना देती हूं। हम और उसमें भी मेरी कोशिश रहती है कि सुबह ही बना दूं और बच्चे अपने आप ही दोपहर में लेकर खा लें और शाम तक काम चल जाए इस तरीके से और मेरा तो कुछ पता ही नहीं है कि मैं सुबह का नाश्ता करूंगी या दोपहर में दो-ती बजे कुछ खाऊंगी। जब बिल्कुल ही
(30:37) नहीं रहा जाएगा तो मैं उठूंगी और वही कुछ खा लूंगी। ऐसा हालत हो गई। तो फिर इसके ब्रदर को इस पर बड़ा तरस आया कि बहन के साथ कुछ तो प्रॉब्लम है जिसे कोई नहीं समझ रहा है। तो भाई ने चोरी से इसकी काउंसलिंग्स जो है ना स्टार्ट कराई और जी मेरे से काउंसलिंग स्टार्ट कराई और दवाई भी दिलवाई क्योंकि बहन की हालत बहुत ज्यादा खराब थी। तो डॉक्टर ने खुद कहा कि इनको ना काउंसलिंग की जरूरत है। अच्छा इन पे दवाई इतना असर नहीं करेगी। इनके अंदर कुछ गहरी बातें बैठ गई है। हम तो दवाई तो अभी ठीक है मैं दे रहा हूं। ये बेटर फील करेंगी लेकिन तुम इनकी काउंसलिंग
(31:11) करवाओ। ठीक है? तो तभी मेरे पास केस आया तब ये पूरा का पूरा सब बताया उन्होंने और फिर उसके बाद पता चला कि हस्बैंड ऐसे नार्सिस्ट है और बड़ी मजबूरी है। अंदर इतने सालों से सहा 14 साल की शादी में और सहते सहते 14 साल ना पूरा मतलब 14 साल में वनवास भी खत्म हो गया था। लेकिन इनका खत्म होने का नाम वनवास खत्म नहीं हो गया। इतने कष्ट झेल रही थी। तो फिर मैंने इनको बोला कि आपने कंफ्रेंट तो किया ही होगा। सामना तो किया होगा। तब उन्होंने बताया कि जितना मैं सामना करने की कोशिश करती हूं उस आदमी की वो उतना ज्यादा बदतमीजी का लेवल बढ़ा देता
(31:46) है। और मैं उसे छोड़ना चाहती हूं क्योंकि मैं मन से तो उसे छोड़ चुकी हूं। मन से तो मैडम हमारा तलाक हो चुका है। लेकिन मैं छोड़ क्यों नहीं पा रही हूं। मैं कहां जाऊंगी? सही बात है। एक दिन भी मेरा गुजारा नहीं है। कि मेरा भाई ने ये काउंसलिंग तो करा दी है। लेकिन वो मुझे रख नहीं सकता। आपने स्टेप बाय स्टेप क्या सशन किया फिर उसका? तो फिर जब हमने ये देखा कि वो इंडिपेंडेंट बिल्कुल भी नहीं है। सबसे पहले तो हमारे सामने चैलेंज ये था उसको डिप्रेशन से बाहर लेकर आना। अच्छा। अब जो लेडी तीन-ती दिन बालों में कंघा नहीं डाल रही है वो खाने पीने का ध्यान
(32:15) नहीं रखती है। तो सबसे पहले तो बेसिक चीज पे ही उसको वापस से रूटीन पे लाया गया कि अगर आप चाहती हो कि आप इस नर्क से बाहर निकल जाओ। और आप अपने डिप्रेशन वाले फेस से भी बाहर निकल जाओ। आपकी कंडीशन और बदतर ना हो जाए कि डिप्रेशन इतना हावी हो जाए कि आपका दिमाग ही आपके खिलाफ खड़ा हो जाए और कहे कि जाओ दुनिया से। फिर आपको बच्चे भी नहीं रोक पाएंगे। बच्चों की ममता भी नहीं रोक पाएगी जब दिमाग किस तरीके से आप पर हावी होगा। तो अगर आप सच में अपने बच्चों से या अपनी जिंदगी से प्यार करती हैं तो पहले बेसिक सुधारो कि मन हो या ना हो उठो टाइम पर
(32:46) नहाओ धो कुछ एक्सरसाइजज़ करो। अपना खाना दोनों तीनों टाइम अच्छे से खाओ। यह सोचो कि खुशी से भी नहीं खा रही हो ना। लेकिन जीने के लिए यह जरूरी है क्योंकि तुम्हारे अंदर की जो केमिकल केमिस्ट्री बिगड़ गई है उसे सुधारने के लिए तुम्हारा मूवमेंट बहुत ज्यादा जरूरी है। तुम्हारा उठकर नहाना धोना अपने आपको एक नए एक्सपीरियंसेस देना टाइम पे खाना और न्यूट्रिशन फूड खाना बहुत ज्यादा जरूरी है ताकि तुम्हारे शरीर में वो सब चीजें जाएंगी तभी तो तुम्हारे अंदर वो केमिकल केमिस्ट्री बेसिक्स पे काम करना शुरू बेसिक बिल्कुल बेसिक बहुत जरूरी है।
(33:18) क्योंकि पहले दिन किसी को पहाड़ तोड़ने के लिए थोड़ी ना ऐसा बोल देंगे। तो सबसे पहले बेसिक ही सुधारने क्योंकि बेसिक ही उसके लिए एक स्ट्रगल थी। उसने कहा मेरा मन ही नहीं करता मैं उठकर वॉक पर जाऊं। कोई भी अगर इस सिचुएशन में है ना अगर कोई भी फंसा हुआ कहीं भी तो ये स्टेप्स देखिए। स्टेप वन बेसिक्स पे काम कीजिए। जैसे कि मैम बता रहे हैं। सबसे पहले बेसिक ही सुधारे जाते हैं। तो जब हमने उनको बेसिक्स सुधरवाए उन्हें पता उन्हें सब था। जो इंसान इतनी परेशानी में उसे पता है कि मेरे लिए वॉक करना, मेडिटेशन करना सब जरूरी है। लेकिन अंदर से उसका मन नहीं
(33:49) करता। मन नहीं करता। सही बात। लेकिन हमने उसको ये समझाया कि ये तो बेसिक है। इसके बिना कुछ और आगे का हो ही नहीं सकता। हम और आपका मन बिल्कुल आपको रोकेगा। लेकिन आपको मन की नहीं सुननी है। आपके पास हमेशा एक पावर है। मन से ऊपर हो आप। हम तो मन में जो भरा हुआ है ना वो जो गुस्सा भरा हुआ है, जो नाराजगी भरी हुई है, जो दुख भरा हुआ है, हम धीरे-धीरे मन को हल्का करेंगे। तो हम उन्हें फिर कैथारसिस प्रोसेस में लेकर गए। मैंने उनकी हिप्नोथेरेपी करी और हिप्नोथेरेपी में जब हम किसी पर्सन को एक ट्रांस स्टेटमेंट डालते हैं फिर हम उसको कमांड देते हैं कि रो जो भी है अंदर से
(34:22) निकालो किसी को अगर गालियां देने का मन है तो गालियां दो किसी को भला बुरा कहना है कुछ भी रो चीखो चिल्लाओ हाथ पैर चलाओ जो मन है वो करो और जब हम वो कमांड देते हैं तो इंसान एक स्टेट में पहुंच जाता है उसमें कि उसके अंदर जो भरा हुआ होता है ना वो निकालता है वो चीखता है तड़प-तड़प के रोता है और जो भी वो बड़बड़ाता है उस टाइम पर हम उसको परमिशन देते हैं आप बिल्कुल यहां पर सेफ अब जितना ज्यादा जोर से रोना है कुछ भी बोलना है बोलो। यह बिल्कुल आपका सेफ स्पेस है। तो उस कथार्सिस प्रोसेस में जो मन में दबा हुआ होता है ना आदमी एक बार बहुत खुल के
(34:53) रोता है। बड़बड़ा लेता है। बड़ी जोर-जोर से बहुत सारे लोग गालियां देते हैं। बहुत सारे लोग भला बुरा कहते हैं। हाथ पैर चलाते हैं, मारते हैं। जैसे किसी को मार रहे हो इस तरीके से। तो उससे क्या होता है? मन हल्का होता है। तो हम कई सारी सिंग में ये पूरा का पूरा जो मन में भरा हुआ होता है वो खाली करवा देते हैं। ठीक है? अब मन पे से बोझ उतर गया खाली हो गया मन तो वो जो मन रोक रहा था वो रोकना बंद कर देता है और फिर हम उसको बताते हैं जिंदगी उससे बात कर कर कि जिंदगी कितनी खूबसूरत है किसी एक आदमी के लिए आप जिंदगी नहीं गवा सकते सही बात
(35:28) ठीक है मनुष्य जीवन बहुत ही अनमोल है और तुम्हें मिला है तो इसकी कदर करो वरना ये तुम्हारा कार्मिक अकाउंट हल्का सा एक स्पिरिचुअल एंगल भी और सेकंड स्टेप पे सेल्फ लव पे आप ले आओ सेल्फ लव पर लेकर आ रहे हैं कि उसको ना एक थोड़ा थोड़ा सा हल्का सा इसमें ना एक कार्मिक एंगल जोड़ना इसलिए जरूरी हो जाता है साइकोलॉजी के साथ-साथ क्योंकि वो बात लोगों को समझ में आती है। लोगों की कंडीशनिंग हुई हुई है कि अगर आपने ये जो लाइफ पार्टनर से अपना कार्मिक अकाउंट सेटल नहीं किया हम या आपने कोई एक्सट्रीम स्टेप ले लिया आपने खुदकुशी कर ली तो आपकी वो चैन ना कैरी
(35:59) रहेगी। आपको सुकून नहीं आएगा। क्योंकि आप देखो जितने भी शास्त्रों में लिखा है जितने भी आप धर्म गुरु कहीं से भी सुनो तो अपने जीवन को समाप्त करना बहुत बड़ा पाप है। सही बात है। तो जीवन बहुत अनमोल है। एक आदमी से एक रिश्ते से ऊपर देखो और सबसे पहले खुद को भरो। खुद से प्यार करना, खुद की परवाह करना सीखो। खुद के अंदर मजबूती भरो। अपने आप को आत्मविश्वास से भरो। तो वो जो इंसान अपने आप को भूल बैठा होता है, उसे उससे मिलवाते हैं हम। क्या बात है। और फिर वो जब अंदर से धीरे-धीरे भरना शुरू कर देता है, अपने लिए जीना शुरू कर देता है, तो उस पर सामने वाले की बातों का असर
(36:34) ऑटोमेटिकली कम होना शुरू हो जाता है। और फिर हम देखते हैं कि अगर ये अर्निंग हैंड नहीं है तो हम जो भी उसका बेस होता है जैसे ये इस लेडी ये पीजी थी इन्होंने एमकॉम का रखा था। ठीक है? तो हम ना उनको कुछ ना कुछ उससे उनके इंटरेस्ट से रिलेटेड अगर वो अब इतने साल हो गए पढ़ाई छोड़े हुए। अब वो पढ़ाई में कुछ नहीं कर सकते। तो लेकिन कुछ तो होना होगा। जैसे इनको ना खाना बहुत बढ़िया बनाना आता था। उन्होंने बोला कुकिंग का चैनल स्टार्ट कीजिए आप अपना। ठीक है? आप कुकिंग का चैनल स्टार्ट कीजिए। सब लोग इतना सारा चैनल्स हैं। आपका भी चलेगा।
(37:04) उन्होंने बोला मैडम इतने सारे चैनल ऑलरेडी है। तो क्या हुआ? आप भी बनाइए। आएंगे आपके पास भी धीरे-धीरे ग्रो करेगा। लेकिन अगर आप कुछ भी करेंगी तो एक तो आपको ना सेंस ऑफ सिक्योरिटी फील होगी कि धीरे-धीरे मैं भी सिक्योर हो रही हूं और एक दिन फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट हो जाऊंगी। प्लस आपका माइंड जो हर समय उसी चीज में घूमता रहता है। आज घर में क्या बात हो गई भविष्य आपको अनसर्टेन लग रहा है। उन सब से ना आपका जो एक लूप में रहते हो वो ब्रेक होगा और आपकी ना स्किल्स और पॉलिश होंगी। जब आपको पता है मैं शूट करके डालूंगी तो आप और ज्यादा ध्यान देंगे उस चीज पे। आप अपने
(37:35) आपको निखारेंगे। नई-नई चीजें रेसिपीज और सीखेंगे। नए-नए एक्सपेरिमेंट्स करेंगे। आप अपना बेटर वर्जन बन जाएंगे। आपको कॉन्फिडेंस आएगा। और फिर आपके पास क्या पता क्लासेस स्टार्ट हो जाए आपकी कुकिंग क्लासेस। लोग आपको अप्रोच करें। YouTube भी आपको कमा के देगा। सोशल मीडिया से आपको कॉन्फिडेंस मिलेगा क्योंकि आप एक पॉपुलर वो हो जाएंगे धीरे-धीरे एंड आपको अर्निंग भी आएगी। सोशल मीडिया से भी आएगी आपको अर्निंग और आपको प्लस आपकी क्लासेस भी आप स्टार्ट कर सकते हैं। आप कैटरिंग का काम कर बहुत सारे कर सकते हैं आप। एक इमेज बनेगी। आपकी एक इमेज बनेगी और सामने वाले को भी
(38:06) पता चलेगा। अब इसने अपने लिए जीना सीख लिया है। ये अपने ऊपर काम कर रही है। इंडिपेंडेंट बन गया है। तो सामने वाले की बदतमीजी का लेवल भी थोड़ा कम हो जाएगा। वो सुधरेगा नहीं। आप यह एक्सपेक्ट मत करो कि वो आपका ये ट्रांसफॉर्मेशन देखकर एकदम सुधर जाएगा। वो तभी भी बदतमीज रहेगा क्योंकि वो सुधर तभी सकता है जब वो खुद रियलाइज करे कि मैं गलत हूं और मुझे सुधरने की जरूरत है। वो आपके अच्छा होने से नहीं सुधरेगा क्योंकि उसे तो पता ही है कि आप अच्छे हो। सही बात है। लेकिन वो बस डोमिनेंस दिखाने में उसको मजा आता है। एक तो उनको हमने धीरे-धीरे इस तरीके से
(38:37) स्ट्रांग बनाया और उसका यही हुआ जब वो एक बार वीडियो बना रही थी। उनका हस्बैंड आया और उसने उनका जो उन्होंने स्टैंड में फोन लगा रखा था। कैमरावमरा कुछ नहीं। मैंने कहा आप अपने फोन से स्टार्ट करो। क्लेरिटी नहीं भी होगी। कोई बात नहीं तुम स्टार्ट तो करो। तो आया और कैमरा लिया मतलब वो जो फोन लगा रखा था और उसे ले अभी बनवाता हूं तेरी वीडियो। तोड़ दिया उसे। अब वो जो था एक फोन जो सहारा जिससे शुरू किया था वो भी टूट गया। लेकिन वो लेडी रुकी नहीं। उसको हमने बोला कि भैया रुकना नहीं है। फोन मांग लो जब तक तुम्हारे खुद के फोन खरीदने के पैसे ना हो तो तुम चाहे अपनी
(39:12) पड़ोस में कोई फ्रेंड हो या कोई भी हो उससे फोन मांग लो कि तेरा एकद घंटे को मुझे फोन चाहिए और जब तुम्हारा हस्बैंड घर पे ना हो तुम बनाओ अपना चैनल और इस तरीके से करो क्योंकि जब तक हस्बैंड को ये नहीं पता था कि ये वीडियो बना के चैनल का नाम क्या है हम तो उन्होंने ग्रो कर लिया और आप ये देखिए उनकी रेसिपीज वगैरह लोगों ने लाइक करी और विद इन 3 मंथ्स ही ना उनके 10,000 सब्सक्राइबर हो गए थे विद इन 3 मंथ्स विद इन 3 मंथ्स उनके 10,000 उनको बड़ा कॉन्फिडेंस आया और अब तो खैर अच्छा खासा चैनल हो गया उनका और मतलब मैं बता रही हूं कि वो लेडी ही ट्रांसफॉर्म हो गई। वो लेडी
(39:46) कंप्लीटली चेंज हो गई बिल्कुल अच्छी तरीके से। अब हस्बैंड को उन्होंने जिस तरीके से सामना करना शुरू किया वो वो नहीं था कि इंडिपेंडेंट हो गई वो। फाइनेंसियली इंडिपेंडेंट हो गई। अभी मैं पूरी बता रही हूं स्टोरी आपको कि फाइनेंसियली इंडिपेंडेंट हो गई। हस्बैंड को अब बिल्कुल कॉन्फिडेंस के साथ जब सामना करना शुरू किया तो हस्बैंड गालियां देता तो वो बोलती कि ये जो तुम गालियां दे रहे हो ना ये अब ये गालियां डिवोर्स तक पहुंचा देंगी। तो पहले तो वो कहता था तुझे छोड़ दूंगा तेरी कोई औकात नहीं है। अब वो खुद कह रही है कि मैं तुम्हें डिवोर्स दे दूंगी।
(40:17) लास्ट मौका है। अगर आज के बाद मैंने गाली सुन ली ना तो मैं इस घर में बिल्कुल भी नहीं टिकूंगी। अच्छा। और मैं बच्चों को लेकर जा रही हूं और मैं कंप्लेन करा रही हूं। जब उसने बड़ी कॉन्फिडेंट टोन में ये कहा तो हस्बैंड हिलना शुरू हुआ कि अच्छा मैं तो इसे धमकी देता था। ये तो सच में छोड़ के चली जाएगी मुझे। हम इसमें तो जुबान आ गई है इसकी। तो उसने शुरू में उस पे लांछन भी लगाए कि कौन यार तेरे को सपोर्ट कर रहा है। क्योंकि सबसे बड़ा हथियार आदमी पे ये है ना कि वो जो है ना कैरेक्टर पे अटैक कर दे। तो उसने बोला कि कौन यार है तुझे तुझे
(40:46) सपोर्ट कर रहा है। तेरे मुंह में जबान आ गई है। इस तरीके से गंदी लैंग्वेज यूज़ करी उसने। लेकिन वो लेडी तो रुकने वाली नहीं हम और एक दिन यही हुआ कि हस्बैंड ने सोचा कि इस पे हाथ उठा देता हूं। आज उसने हाथ पकड़ लिया और उसने तू धड़ाक करके बोल दिया कि तूने आज तो हाथ उठा लिया है। आज के बाद नहीं अगर तू चिल्लाया, गालियां दी या हाथ उठाने की कोशिश करी इस बार तुझे वार्निंग भी नहीं दूंगी और छोड़ के चली जाऊंगी। अगर रहना है मेरे साथ तो तमीज से रह। लेकिन ऐसा आदमी कहां नार्सिस्ट आदमी बा जाता है। 3 महीने बाद उनके घर में फिर एपिसोड हुआ।
(41:20) लेडी ने इस बार वार्निंग भी नहीं दी। दोनों बच्चों को लिया और वो चली गई। रेंट पे रूम लिया। एक मतलब जो वन बीएचके होता है लिया रेंट पर। इंडिपेंडेंट रह रही है। ना उसे डवोर्स दे रही कि ये फ्री हो जाएगा तो ये अपना कहीं वो करेगा क्योंकि हस्बैंड भी नहीं देना चाहता। वो भी उसके उलझाए रखना चाहता है उस पे। तो दोनों ही अब वो भी बदला ले रही है एक तरीके से कि इसको डिवोर्स नहीं दूंगी। किसी और की जिंदगी खराब नहीं करने दूंगी मैं। और अब मैं इसके साथ भी नहीं रहूंगी। हम और अपना बढ़िया कमा रही है और बढ़िया तरीके से दोनों बच्चे क्योंकि बच्चों को
(41:51) तो पता ही है हमारा फादर गलत है। हम तो बच्चे भी मां के फेवर में है तो बच्चे भी मां के साथ रह रहे हैं। अब वो किसी पे भी डिपेंडेंट नहीं है। नाग बू गालियां खा रही है। वो कह रही है मैडम मेरी जिंदगी बड़ी सुकून में आ गई है। क्योंकि मैं नाश्ता नहीं करती थी। खाना नहीं खाती थी। मैं गालियां खाती थी। मैं रोज ये सुनती थी कि मैं बेवकूफ हूं। बेवकूफ हूं। बेवकूफ हूं। मेरे बस की कुछ नहीं है। और आज मेरे ही बस की ये सब कुछ है कि मैं लाखों रुपए महीना कमा रही हूं। तो अगर आपको बोल्ड स्टेप लेने पड़ेंगे। अगर केस कोई इसका अपोजिट होता मान लो कोई
(42:21) यहां फीमेल की जगह कोई मेल होता तो स्टेप सेम थे। देखिए मेल्स भी ना विक्टिम होते हैं। बहुत ठीक है? मैं आपको एक केस के एग्जांपल से ही समझाऊंगी। एक मेल बेहद सज्जन आदमी मतलब शायद इतना सीधा, इतना प्यारा इंसान हो नहीं सकता। ठीक है? उनकी जो वाइफ थी बहुत बड़ी नार। आपको तो देख के ही पता चल जाता होगा। हां अब इतना अनुभव हो गया है पिछले 15 सालों में कि पता चल जाता है आदमी कि कहां बोल रहा है। इसकी आंखें या उसके एक्सप्रेशन हावभाव उसके वर्ड्स हर चीज से पता चल जाता है। काफी हद तक पता चल जाता है। फिर भी हम लोग माइंड रीड नहीं करते
(42:56) हैं। हम डिटेल में बात ही करते हैं पूरा डीपली अंडरस्टैंडिंग के लिए। बट आईडिया बहुत ज्यादा लग जाता है। तो ये बहुत ही सज्जन व्यक्ति हम इनकी वाइफ इतनी बड़ी नार्सिस थी। आप ये देखिए कि क्या कोई लड़का अपने मां-बाप के लिए ₹150 के फल भी नहीं लेके जा सकता क्या? ₹150 के फल ले जाने पे भी इतना बुरा जलील करना मतलब वो कहता है लानत है मेरा बेटा होने पे कि मतलब अगर मैं अपने मां-बाप के लिए ₹150 के फल भी नहीं क्या ₹150 होते हैं तो क्या कहता है वो लड़का वो लड़का इंजीनियर और बहुत अच्छी उसकी सैलरी बताओ और देखने में भी बहुत अच्छा बस ये था सीधे
(43:33) स्वभाव का सरल लड़का था हम क्योंकि जिस तरीके से उसको परवरिश मिली एक सीधापन एक सरलता सब अच्छा गांव के बैकग्राउंड ाउंड के थे पहले। हम ठीक है? अब पढ़ लिख के लड़का इंजीनियर बन गया तो थोड़े शहर में शिफ्ट हो गए। अब वो जो लड़की थी और क्योंकि इनका गांव का बैकग्राउंड रहा हम तो पेरेंट्स ने ये सोचा कि हम अपने ही जो पुराने कनेक्शंस है उसमें शादी करेंगे और लड़की बिल्कुल हाउसवाइफ थी। ठीक है? ठीक है? तो लेकिन उसके दिमाग इतने ज्यादा खराब थे। उसने इतना डोमिनेंस क्योंकि वो कहते हैं ना कि जब आप कुछ बहुत अच्छा देख लेते हो तो कई बार आपसे वो बर्दाश्त नहीं
(44:07) होता। हम तो उसने अपने हस्बैंड को इतना बुली करना कि तुम अपने मां-बाप के पास नहीं रहोगे और हर समय मेरे अकॉर्डिंग उठना बैठना चलना जो भी तुम कमा रहे हो वो मेरे को दो हर तरीके से पूरा इतना डोमिनेंस था उसका उस लड़के का उसने जीना हराम कर दिया पूरा बुरी तरीके से ठीक है इतना ज्यादा लड़ाई इतने ज्यादा क्लेश और वो इज्जत बचाने को बच्चों की मां-बाप को दुख ना पहुंच जाए इस तरीके से धीरे-धीरे उसने बेचारे ने थोड़ी बहुत बच के करना शुरू किया कि मां-बाप के लिए तो करना उनके उसके भी तीन बच्चे थे। अच्छा तो क्या हुआ? उनके तीन बच्चे कैसे हो गए?
(44:44) पहला जो बच्चा था वो सिंगल था। दूसरी बार में जुड़ा हुआ बच्चे हो गए। अच्छा। तो इस तरह से उनके तीन बच्चे हो गए। हम मेरा ये सवाल था कि भाई आप लोगों का अगर इतना बॉन्ड खराब था तो तीन-तीन बच्चे। उन्होंने बोला कि मैम दूसरा चांस लिया था कि ये था कि चलो बच्चे वगैरह हो जाएंगे तो बिजी हो जाएगी और दूसरी चांस में दो बच्चे जुड़वा बच्चे हो गए। ट्विंस हो गए। तो ऐसे तीन बच्चे हो गए उनके। अब वो लड़का कभी अपने मां-बाप को दुख ना पहुंचाने की वजह से है। कभी समाज आस पपड़ोस में शोर ना मच जाए इस वजह से है। कभी बच्चों की वजह से है। और वो सहता
(45:13) गया, सहता गया, सहता गया। वो इतना ज्यादा अंदर-अंदर घुटता चला गया। उसकी एनर्जी और सप्रेस होती चली गई कि काम में भी उसको स्ट्रगल आने लग गई। और घर में भी वो बुझा-बुझा रहने लग गया। अब उसने अपनी वाइफ को ये यकीन दिला दिया कि मैं मां-बाप के पास नहीं जाता हूं। लेकिन बेटा था तो चोरी-चोरी तो फर्ज बनता ही था। तो झूठ बोलेगा ऐसा आदमी। कि भाई ऑफिस का कोई काम आ गया है। लेकिन वो औरत इतनी शातिर थी कि ऑफिस में भी फोन कर लेती थी और पकड़ लेती थी उसे क्योंकि उसे झूठ इतना बढ़िया बोलना आता नहीं था। सही बात है। और बस उसको तुम तो ऑफिस में नहीं थे तो या
(45:48) तो उसके कैरेक्टर पर अटैक करना कि तुम किसी और के साथ हो और उसके कैरेक्टर पर बुरी तरीके से अटैक होगा तो उसे बताना पड़ जाता था कि भाई मैं कैरेक्टर का खराब नहीं हूं। ऐसे-ऐसे मम वहां गया था और पता चल गया तो फिर अपने आप ही अस्यूम कर करके तुम ये लेके गए। तुम पैसे देकर आ रहे हो। तो इसीलिए घर में आजकल कम पैसे आ रहे हैं। मतलब वो क्लेश बहुत बुरी तरीके से। उसका ये था कि अगर तेरे मां-बाप मर भी रहे हो ना तो तू नहीं जाएगा वहां पर। हम इतना बुरी तरीके से अब्यूज करना। तो लड़के भी बहुत सताए जाते हैं। ऐसा नहीं है कि लड़कियां ही सताई जा रही है।
(46:18) लड़कों के ऊपर भी बड़ी निकला। कैसे निकला उस चीज से? जब मेरे पास आया वो लड़का तो काफी जो है ना डिप्रेशन महसूस कर रहा था और उसके मन में एक ही विचार आ रहा था कि मुझे अब आत्महत्या कर लेनी चाहिए क्योंकि मैं इतना हिम्मत नहीं जुटा पा रहा हूं कि मैं समाज के सामने ये सब फेस कर पाऊंगा या मैं अपने सामने मां-बाप को दुखी देख पाऊंगा। हम तो इतनी बुरी हालत हो गई थी और काम में भी अब गलतियां निकलने लग गई थी। तो ऑफिस से भी लगातार वार्निंग मिल रही थी। तो बहुत ज्यादा परेशान था। लेकिन क्योंकि बच्चे थे घर में और आदमी के लिए आसान थोड़ी ना होता है जीवन समाप्त करना। पहले
(46:52) बहुत वो सोचता है। तो वो आया तो था डिप्रेशन का इलाज कराने के लिए। तो जब पूछा पूरा ये पता चला कि वो जो लड़की थी उसकी मां जो है ना बहुत बड़ी नार्सिस थी। अच्छा। वो जो है ना अपनी लड़की को हमेशा खुद भी उसने डोमिनेट करके रखा पूरे बचपन और उसे सिखाया भी यही कि पति को तुम दबा के रखना। अगर उसके मां-बाप से उसके बहन भाई से ज्यादा तुमने मिलने दिया तो वो सारा का सारा उन्हीं को भरता रहेगा और तुम्हारे हिस्से में कुछ नहीं आएगा और तुम्हें काम कराएगा नौकरानी बना देगा। इस तरीके की सीख थी मदर से लगातार तो मदर से दिन में 50ों बार बात होती थी उसकी।
(47:27) हम और मदर का ही कंट्रोल चलता था उसके घर में। वो लड़की इतना ज्यादा वो कहती थी कि मैं ना अगर तूने मुझे छोड़ने की कोशिश किया मेरे हिसाब से नहीं चला ना तो फांसी लगा के तुझे फंसवा दूंगी। और उसकी मां ने भी बोल रखा था इससे कि मैं अपनी लड़की को बोलूंगी कि तू फांसी लगा ले और तुझे तो हम छोड़ेंगे ही नहीं। मतलब लड़के को ये धमकी दे रखी थी लड़की की मां ने। मतलब अब लड़का क्या कह रहा है कि जो है ना अगर तूने इसे लड़की को मेरे छोड़ा या कुछ भी तूने ऐसा करा ना तो मैं अपनी लड़की से कहूंगी कि फांसी लगा ले और फिर देख तुझे हम कैसा नपएंगे कानून
(47:59) से। इतना ज्यादा डरा के रख रखा था। तो वो कहने को इंजीनियर लेकिन क्योंकि वो बहुत सीधा बहुत शांत स्वभाव का मतलब या हम ऐसा भी कह सकते हैं कि उसमें अपना कॉन्फिडेंस डेवलप नहीं हो पाया था उतना तो इसलिए हमें इतना ज्यादा सीधा भी लग रहा है वो ठीक है लेकिन अपने लिए स्टैंड लेने की उसमें बिल्कुल भी पावर नहीं थी और कुछ मजबूरियों का भी बोझ था डर भी था बहुत ज्यादा कि कहीं ऐसा ना हो कि ये सच में मजाकमज़ाक में इस तरीके की हरकतें कर दें और मैं और मेरे मां-बाप सारे जेल में सड़े और बच्चों की भी जिंदगी बर्बाद हो जाए कर भी देते हैं क्या नार्सिसिस्ट मतलब इस
(48:29) लेवल पे कर देते डराते ज्यादा हैं। अच्छा। और कभी-कभी कहते हैं ना कि वो नाटक करते-करते रियलिटी कन्वर्ट हो जाए तो एक अलग बात है। लेकिन ये डराते हैं। नाटक ज्यादा हो गया। हां। तो वो ना डरता था कि कहीं सच में अगर इसने ऐसा कर लिया तो मेरे मां-बाप का बुढ़ापा भी खराब हो जाएगा। क्या पता मेरे बहन और जीजा को भी लपेट ले। इसमें बच्चों की भी जिंदगी खराब और मैं भी जेल में रहूंगा। तो वो बेचारा बहुत डर के रहता था। दबता था वो। तो जब वो मेरे पास आया तो अब उसके पास ये भी ऑप्शन नहीं था कि वो डिवोर्स दे दे या उसे छोड़ दे। उसके पास ये भी ऑप्शन नहीं
(49:04) था क्योंकि उसने कह रखा था कि अगर तूने डवोर्स दिया या मुझे छोड़ा तो मैं फांसी लगाऊंगी। हम ये तो यानी कि वो क्या करेगा? तो उसको ये लगता था कि मैं ही मर जाता हूं। बच्चों का जो होगा वो देखा जाएगा। मेरे मां-बाप पे भी कोई बात नहीं आएगी और कुछ भी नहीं होने का क्योंकि मैं तो खुद ही जा रहा हूं अपनी दुनिया से तो मैं लिख के जाऊंगा। ये कहीं ना कहीं जो केस जैसे अतुल सुभाष अतुल सुभाष भी यही कह रहे थे। है ना? तो ये केस उसी तरीके से तो नहीं जा रहा। अगर मान लो ये आपके पास थेरेपी पे नहीं आता तो धीरे-धीरे डिप्रेशन में जाके ये ये उस
(49:34) लेवल पे जाना था उस एक्सट्रीम लेवल पे ये चला गया था उस लेवल पर ये डिप्रेशन में आ गया था तो जब इससे बिल्कुल ही बर्दाश्त नहीं हो रहा था और इसके दिमाग में अक्सर हम आत्महत्या के विचार आने लगे थे विचार बढ़ गए थे तब इसने सोचा कि मैं जो है ना कंसल्ट करता हूं। ठीक है? तो अब जब ये आया तो इसके पास डिवोर्स लेने का सेपरेट होने का कोई ऑप्शन नहीं था। तो इसलिए इसको यह लगता था कि मेरे को खत्म होना बहुत ज्यादा जरूरी है। हम तो हमने इसको बोला कि तुम्हारी जो सास और बीवी मिलकर धमकियां देती हैं तुम्हारा तभी तो बुरा हो सकता है ना जब तुम्हारे पास
(50:08) कोई सबूत ना हो। अगर तुम्हारे पास कोई सबूत होगा कि तुम्हें कैसे टॉर्चर किया जा रहा है तो फिर तुम्हारे साथ कैसे बुरा हो जाएगा? सही बात है। ठीक है? तो उसको उसके दिमाग में ये होशियारी करने की हिम्मत नहीं आ रही थी। हम जो उसको हिम्मत हमने दी कि अब वो जिस तरीके से तुम्हें अब्यूज करती है उसके सबूत इकट्ठा करने शुरू करो। जैसे रिकॉर्डिंग करना शुरू करो कि वो जितना बुरी तरह से तुम्हें गालियां देती है। वो रिकॉर्डिंग भी करेगा फोन से ही करेगा तो फोन तोड़ दिया जाएगा। नहीं तो हर चीज ना दिखाकर नहीं होती है। ये पुरानी फिल्मों के जैसा नहीं है कि
(50:40) मैंने ना तुम्हारे ये पता चल गया है और अब मैं जाकर बाहर बता रही हूं। पहले होता था ना पुरानी फिल्मों में हीरोइन कहती थी या हीरो कहता था कि अब तुम्हारा बाहर जाके पर्दाफाश कर रहे हैं तो पता चला उसको ही फिर और पकड़ लिया। घर के अंदर ही वो जो रो वाला एनवायरमेंट क्रिएट रो एजेंट होता है। यस कि आपको ये सब चीजें करनी है तो आपको बड़ी समझदारी से करना है। हां क्योंकि अगर आप उसको भनक दे दोगे तो फिर थोड़ी ना आपके पास कोई सबूत आएगा। ये आपको होशियारी से करना है। क्योंकि कोई औरत अगर इतनी बदतमीजी आपके साथ कर रही है तो आपको भी तो अपना एक
(51:11) सेफ्टी नेटवर्क बनाना पड़ेगा। आपको भी तो कुछ लोगों को इन्वॉल्व करना पड़ेगा। आप कब तक घर की इज्जत घर की इज्जत करते रहोगे? किसी दिन बहुत ही एक्सट्रीम में कुछ बुरा हो जाएगा तब कुछ करोगे क्या? तो उसको बोला कि आप इतना समाज की इज्जत का ये जो आपको बोझ है इसे उतार फेंको। ठीक है? कि आपको जो बचपन से ही एक इज्जत इज्जत इज्जत का वो बोझ सर पे रख दिया गया। इसे उतारो। वो इज्जत बची कहां है? मतलब आपकी सोच नहीं उसे लगता था ना घर में ही दो कौड़ी की इज्जत है। बाहर तो फिर भी ठीक है कि मैं इंजीनियर हूं। हां। ठीक है ना? या मतलब एक होता है ना कुछ
(51:41) लोगों में घर में तो नर्क झेल रहे हैं लेकिन बाहर थोड़ा सा फेक हंसी के साथ जी रहे हैं तो उसको सबसे पहले समझाया गया जो तुम्हारे अंदर डर है इज्जत खराब होने का सबसे पहले तो इसे हटाओ और कुछ लोगों को इनवॉल्व करो इसमें और इसमें सबूत इकट्ठे करो कि तुम्हारे साथ जो भी तुम्हारे ऐसे लोग हैं जो रिलेटिव्स हैं जिन्होंने रिश्ता कराया था या जो भी कुछ समझदार मैच्योर लोग हैं तो उन लोगों को इनवॉल्व करो उन्हें अपनी स्थिति बताओ कि तुम कितनी दयनीय स्थिति में हो तुम्हारे ऊपर क्या बीत रहा है? अभी किसी को पता नहीं है कि तुम रोजाना क्या टॉर्चर
(52:11) सह रहे हो। और इस औरत ने तुम्हें कितनी बुरी धमकी दे रखी है कि ये तुम्हें फंसाने के लिए फांसी भी लगा सकती है। हम तो तुम ये सब चीजें बताओ लोगों को। पब्लिक तो करो उसकी बातें थोड़ी सी कुछ लोगों को और धीरे-धीरे ना कुछ रिकॉर्डिंग्स करना स्टार्ट करो। और तब जाकर तुम्हारे बाद में कुछ वजन आएगा। ठीक है? और तब तुम पर अगर वो कुछ ऐसा एक्सट्रीम स्टेप लेती भी है तो तुम पर बात नहीं आएगी। तुम्हें नहीं फंसाया जाएगा फिर। लेकिन अगर तुम किसी को कुछ बताओगे नहीं और अचानक से ऐसा कुछ हो जाएगा फिर तुम फसोगे। बिल्कुल सही है। तो इस तरीके से हमने सबसे पहले उसको थोड़ा
(52:46) सा ये होशियारी सिखाई हम हिम्मत दी। मतलब होशियारी तो आज की तारीख में मुझे लगता है सबको आती है। हिम्मत नहीं होती होशियारी करने की। तो वो हिम्मत दी गई कि आपको ये करना पड़ेगा। और फिर वो जो डिप्रेशन में था उसको धीरे-धीरे वही बेसिक लौटाना और वो सारी जो थॉट प्रोसेस चलता था उसकी रिफ्रेमिंग कराना उस जो हमारी साइकोथरेपीस होती हैं उन सबका इन्वॉल्वमेंट हिप्नोथेरेपी से बहुत हेल्प हुआ वो जो अंदर-अंदर रोज उसका गुस्सा भर रहा था उसके अंदर भी बस वो चिल्लाता ही तो नहीं था मारता ही तो नहीं था लेकिन उसके अंदर तो वो भर ही रहा था ना
(53:19) तो वो डिप्रेशन के रूप में कन्वर्ट हो रहा था उसका किसी का अग्रेशन में कन्वर्ट हो जाता है तो किसी का डिप्रेशन में उसे रिलीज कराया वो आदमी रोता नहीं था उसे खुल के रुलाया हमने कई बार चारप बार रुलाया और वो कह रहा था कि मेरे को बहुत ज्यादा जरूरत थी कि कोई मुझे रुलाए और मैंने खुद भी अकेले में जाकर रोने की कोशिश करी लेकिन मैडम मैं रो नहीं पाया तो उसने मुझसे कहा था कि मुझे रुला दो आप एक बार तो हमने उसको रुलाया और वो चारप बार रोया खूब खुलकर तो उसके अंदर जो बोझ सा था वो उतर गया क्योंकि आदमी रो नहीं पाते ना इतनी आसानी से
(53:50) नहीं रोते नहीं रोते अब वो देखिए सामने वाला कह रहा है मुझे रुलाओ हम वो कह रहा है आप मुझे रुला दो तो हमने उसे रुलाया और धीरे-धीरे ऐसी हिम्मत दी लोग इनवॉल्व हुए और जब जाके उस औरत से उसका पीछा छूटा। फाइनली क्या हुआ? फाइनली तलाक डवोर्स हुआ। डवोर्स। अच्छा फाइनली डवोर्स हुआ। हम मैम एक नार्सिसिस्ट आपको क्या-क्या नुकसान कर सकता है? वो आपकी सेल्फस्टीम खत्म कर सकता है। ठीक है? आपके करियर को बर्बाद कर सकता है। हम वो आपको ट्रस्ट इश्यूज डेवलप करा सकता है। हम वो एक तरीके से आपको ऐसा जिंदगी की पिक्चर बना सकता है कि आपको ऐसा लगे कि जीवन
(54:29) बेकारी है। दुखों से भरा हुआ है। वो आपको सारे आपके सर्कल से दूर कर देता है। क्योंकि ये ना बहुत इनकंसिस्टेंट होते हैं। अभी आपको गाली दी तो फिर आपको पुचकारेंगे भी। हम तो इनके साथ ना एक ट्रॉमा बॉन्ड हो जाता है। मतलब इनको छोड़ नहीं पाता आसानी से आदमी क्योंकि इनका बड़ा इनकंसिस्टेंट बिहेवियर होता है। कभी तो यह ऐसा इल्लुजन देते हैं आपको कि यह बहुत ही ज्यादा केयरिंग है और आपका ही वेलफेयर चाहते हैं और कई बार ये इतना बुरी तरीके से आपको ट्रीट करेंगे और फिर ऐसे जस्टिफाई करेंगे कि इनसे हो गया। बट एक्चुअल में ये आपको प्यार करते हैं। आपकी केयर करते हैं।
(55:01) एक्चुअल में इनकी अपनी कुछ इशूज़ चल रहे थे जिसे हैंडल नहीं कर पाए तो इनसे गलती से हो गया। तो ये सॉरी भी कह देंगे। ऐसा भी नार्सिस्ट मेरी क्लाइंट ने बताया कि उनके पैरों पर झुक के माफी मांग रहा है। बदतमीजी करने के बाद हां एक नार्सिस्ट ठीक है ना? नहीं तुम बाहर नहीं जाओ कि उसने कहा था कि अब मैं नहीं रुकूंगी इसमें तो वो पैर पकड़ रहा है उसके कि नहीं नहीं प्लीज मुझे माफ कर दो। ऐसा भी है हम क्योंकि उसको क्या है कि अगर ये बाहर जाएगी थाने में जाके रिपोर्ट करा देगी या घर वालों को पता चल जाएगा इसके तो फिर मेरी इमेज खराब हो जाएगी
(55:33) तो वो अंदर पैर भी पकड़ लेगा आपके अकेले में इस हद तक भी चला जाएगा ये बिल्कुल बहुत ही अनस्टेबल ना कभी कुछ कह रहे हैं कभी कुछ कह रहे हैं कभी कुछ और अपनी बात से मुकर भी जाएंगे अभी आपको कुछ कहेंगे तो वो मुकर जाएंगे इनमें क्योंकि बहुत ही टॉक्सिक ट्रेट्स होते हैं उनके अंदर ये सारे के सारे अब कोई आदमी इनको कब तक तारीफ करेगा कोई इन्हें गलत होते हुए भी कब तक इन्हें राइट बताएगा कोई आदमी कब तक इनसे दबके रहेगा पॉसिबल नहीं है ना आपने कोई गुलामी थोड़ी ना कर ली आप एक रिलेशनशिप में आ गए हैं तो आपने कोई एक पीपल प्लीजिंग मोड में थोड़ी
(56:04) ना रहेंगे आप अपनी जिंदगी में इकठा कर भी लिया कुछ कॉमन लोगों को इसने इकट्ठा कर भी लिया और उनको सूट झूठ सच बोल के अपनी तरफ कर भी लिया तो कब तक सुनेंगे मतलब कभी ना कभी तो सच सामने आएगा नार्सिस्ट ना बड़ा चार्मिंग होता है पता है आपको जब नार्सिस्ट के बारे में आप बताते हो ना कि आदमी ऐसा है तो लोगों को आसानी से यकीन नहीं आता। बिल्कुल भी यकीन नहीं आता। कि ऐसा है नहीं। जब तक उनके साथ उनके साथ खुद के साथ एक एपिसोड ना हो जाए ना तो अक्सर लोगों को एकदम से यकीन नहीं आता कि ऐसा है। क्योंकि मेरे जितने भी क्लाइंट्स आते हैं जो ऐसे विक्टिम होते हैं वो बेचारों को कई
(56:42) बार ये नहीं पता होता कि पार्टनर नार्सिस्ट है। अब जैसे मैं इतनी वीडियोस बनाती हूं या जब उनसे बातचीत होती है हम पूछते हैं आपके स्पाउस के बारे में बताइए। तब पता चलता है तब उन्हें कई बार पता चलता है और आज वैसे इतना लोग एजुकेट कर लेते हैं अपने को डिफरेंट-डिफरेंट चैनल्स से हम तो उनको समझ में आ जाता है ठीक है कि हां भाई हम एक नार्स के साथ फंस गए हैं आप बुरी तरीके से कशिका मैम जब मैं एनपीडी के बारे में रिसर्च कर रहा था तो मैंने एक और टर्म सुनी फ्लाइंग मंकीज के बारे में तो ये क्या होता है फ्लाइंग मंकीज अ फ्लाइंग मंकीज़ ना एक तरीके से एक स्लैंग
(57:14) टर्म है अच्छा और बेसिकली ये लोग भी ऐसे मान लीजिए कि नार्सिस टाइप के भाई बंधु टाइप के ही होते हैं। हम ठीक है? जो कि नार्सिस्ट के साथ रहते हैं और मान लीजिए एक पर्सन नार्सिस्ट है हम। और उसके साथ रहेंगे तो उसके बिहाफ पर ना जैसे किसी को स्टॉक करना मतलब उसकी चज़िंग करना, उसको रिपोर्ट देना या उसको जो विक्टिम है उसकी नजरों में जो अब्यूज कर रहा है ना उसको सही बताना और उसको खुद को ही गिल्ट ट्रिप पर लेकर चले जाना। हम हम और वो उसकी ऐसे मान लीजिए जैसे एक वो होते हैं ना पिचलग्गू टाइप के जो है ना आपने फिल्मों में देखा होगा कि एक तो है गुंडा
(57:52) और उसके साथ चार पांच उसके उसमें है चापलूस है उसके बिहाफ पर वो ना इमोशनल अब्यूज में भी कंट्रीब्यूट करेंगे उसकी रिपोर्ट भी ला लाला के देखेंगे एक ऐसे जासूस विक्टिम को ही गलत ठहराएंगे विक्टिम को ही गलत ठहराएंगे मतलब उसको ऐसा एहसास दिला देंगे कि भाई तुम गलत हो हम वो तो बहुत अच्छा है देखो तुम्हारे तुम्हारे लिए ना तुम्हारे पीछे बहुत सोच रहा था। मैं मैं बता रहा हूं ना मेरे से ये बात हुई थी। एटलीस्ट मेरा तो यकीन करो ऐसा। तो मैं एक केस आपने पूछा तो मुझे केस याद आ गया। तो मैं केस बताती हूं। ये बड़ा इंटरेस्टिंग सा केस है। क्या हुआ कि ये
(58:29) लड़का बहुत बड़ा नर्सिस्ट था। ठीक है? अब इसने तीन चार ऐसे ही चाटुकार टाइप के जो लोग होते हैं ना जो इसके लिए काम करते हैं इस तरीके से। जी। वो पकड़ रखे थे इसने। हम तो यह जब भी अनमैरिड था तो यह घर में अपनी मदर को बहुत कंट्रोल करता था। इसको फीमेल्स को कंट्रोल करने में कुछ अलग ही मजा आता था। हम फादर को इसलिए कंट्रोल नहीं करता था क्योंकि इसके फादर भी बहुत ज्यादा एग्रेसिव और बहुत ज्यादा अब्यूसिव थे। अच्छा। तो फादर के सामने तो कोई चल नहीं पाती थी। तो मदर को ये बहुत करता था कंट्रोल। तो मदर पे भी पूरी डोमिनेंस बेटा होने के
(59:04) बावजूद भी दिखाता था कि आप कहां जा रही हो। ये आप साड़ी पहन के नहीं जाओगी। इस तरीके से उन आंटी के यहां जाने की जरूरत नहीं है। इस तरह से तो घर वाले इससे पहले से ही परेशान थे और उन्हें भी पता था कि हमारे बेटे में कुछ तो दिमाग में प्रॉब्लम है। लेकिन फिर भी उन्होंने शादी कर दी। अब जब इसकी वाइफ आई हम तो इसने तो वैसी डोमिनेंस जैसी अपनी मां पर करता था तो वाइफ पर भी चलाने की कोशिश करी। लेकिन इसकी वाइफ बहुत कॉन्फिडेंट थी। अच्छा। तो उसने फर्स्ट डे से ही अपनी बाउंड्री सेट करने के लिए इसको बता दिया कि ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा। कि मैं कहां जा रही
(59:38) हूं। हर बात की रिपोर्ट दूंगी या मैं क्या पहन रही हूं तुम्हें हर बात की एकदम से रिपोर्ट दूंगी। यह सब कुछ नहीं होता। मेरी अपनी मर्जी है। शादी की है मुझसे। तो मेरी अपनी ये बाउंड्रीज है। तो उसने पहले दिन से ही इसको कंफ्रंट करना स्टार्ट कर दिया। जो ये कहे उसको वही करना है जो उसको करना है। अच्छा कि उसको विक्टिम नहीं बनना क्योंकि वो बड़ी कॉन्फिडेंट लड़की थी। तो उसको ये था कि ये जो बोल रहा है ये गलत बोल रहा है। मैं 100% कॉन्फिडेंट हूं। हम्म। अब वो जो उसका दोस्त था जो जिसे फ्लाइंग मंकी कह सकते हैं। तो वो आया उससे बात करने के लिए और जो है
(1:00:12) ना उससे बोलने लगा कि तुम ना उसे बहुत गलत समझ रही हो। हम तुम लोगों के बीच में जो कॉन्फ्लिक्ट होता है ना मेरे सामने आज बहुत रो रहा था और मैंने उसे बताया नहीं है कि मैं तुमसे मिलकर ये सब बातें कर रहा हूं। लेकिन मेरा दोस्त है मुझसे ना उसका दुख देखा नहीं जा रहा। हम अगर वो तुमसे कुछ कहता भी है तो थोड़ा तो रिस्पेक्ट करा करो। तुम्हारा हस्बैंड है प्यार करता है तुमसे। केयर की वजह से ऐसा कह देता है। तो बाद में मुझसे बोल रहा था कि वो मुझे कितना गलत समझ रही है और मैं तो ये प्यार की मैं तो ये केयर की वजह से कह रहा था और वो मुझे ही गलत समझती है।
(1:00:41) उसके दिमाग में उसने ये थॉट्स डालनी शुरू कर दी कि वो खराब नहीं है। वो बहुत अच्छा है। तुम ही उसे गलत समझ रही हो और तुम ही बाउंड्री बाउंड्री चिल्ला रही हो। और तुम ऐसा कर रही हो जैसे बिल्कुल ना एक एंटी है। हम भाई थोड़ा तो सुनो तुम उसकी बात। तो धीरे-धीरे उसके दो-तीन दोस्तों ने उस लड़की के दिमाग में जो कि बहुत कॉन्फिडेंट थी और शुरू से अपनी बाउंड्री सेट करके चलना चाह रही थी। धीरे-धीरे उस लड़की का भी दिमाग ऐसा कर दिया उन फ्लाइंग मंकीज ने कि ये जो है ना अपने ऊपर डाउट करने लग गई कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि मैं ही ज्यादा कॉन्फिडेंस के नाम पर या इंडिपेंडेंस के
(1:01:19) नाम पर और माय लाइफ माय रूल्स के नाम पर और बाउंड्रीज के नाम पर मैं अपनी शादी खराब कर बैठूंगी। तो इसने उसकी बात सुननी शुरू कर दी। क्योंकि वो तो उसके बिहाफ पर काम कर रहे थे। अब उनसे क्या बेनिफिट मिल रहा था? उनसे बेनिफिट उसको मिल रहा था। क्योंकि खाने चाटने के लिए मिल रहा था। तो जो ऐसा दोस्त होते हैं ना उनको सपोर्ट मिल रहा होता है कुछ ना कुछ। जी। तो वो तो उसके बिहाफ पर उसके एजेंट की तरह काम कर रहे थे। बेसिकली ये नार्सिस्ट के जैसे मान लीजिए एक एजेंट की तरह काम करते हैं। इनमें भी एम्पैथी कम वही थोड़े से ट्रेड्स होते हैं। लेकिन ये दूसरे के लिए
(1:01:51) जैसे इनको जॉब पे रख लिया हो किसी ने। ऐसे काम करते हैं ये। ठीक है। क्या-क्या हेल्थ इश्यूज हो जाते हैं एक नार्सिसिस्ट के साथ रहने से? फिजिकल और मेंटल हर लेवल पर, इमोशनल लेवल पर होता है। आप बिल्कुल नम भी फील कर सकते हो। आप बहुत ही ज्यादा एग्रेसिव बन जाते हो। आपको फिजिकल कंप्लेंट्स जैसे कि बॉडी में पेन बहुत ज्यादा बैठ जाता है। हम आपका कुछ भी करने का मन नहीं करता। आपके इंटरेस्ट चले जाते हैं। आपको लाइफ मीनिंगलेस लगने लग जाती है। आपको स्लीपिंग इशज़ हो जाते हैं। आपको हर समय बॉडी में सोेटिक एक एंजायटी हो जाती है। यानी कि
(1:02:23) कभी हार्ट बीट बड़े रहना, कभी आपको आईवीएस हो जाता है। आपको पेट से रिलेटेड इशूज़ हो जाते हैं। डायबिटीज, थायरॉइड से लेकर अगर आप बहुत क्रॉनिक स्ट्रेस में रहोगे, इम्यूनिटी बहुत सप्रेस होगी, तो आप कैंसर तक का भी शिकार हो सकते हो। किसी भी लेवल पर कितना भी बड़ा डैमेज हो सकता है। आपको कुछ भी हो सकता है। आप रियलिटी से भी एकदम डिस्कनेक्ट हो जाते हो। मेरा एक सवाल है क्या एक नार्सिसिस्ट और ये काफी काफी आपसे लोग पूछते होंगे क्या कभी ठीक नहीं हो सकता? या कुछ चांसेस हैं ठीक होने के? देखिए नार्सिस्ट ना अपने आप तो आता ही नहीं है कभी भी। हमारे पास डायरेक्ट नहीं
(1:02:59) आता है। मैंने आज तक पिछले 15 साल में सिर्फ छह नार्सिस्ट जो खुद चलकर आए हैं मेरे पास कि हमारे को अपनी काउंसलिंग करानी है। हमें थेरेपिस्ट चाहिए। हमें चेंज होना है और इसकी वजह से जो मेरे अंदर डिसऑर्डर है इसकी वजह से मेरी लाइफ में बहुत स्ट्रगल है। नंबर कितना छोटा है और मैं इतने केसेस देख चुकी हूं। ठीक है ना? मतलब आप ये देखिए सिर्फ छह केसेस ऐसे हैं जो खुद चल कर आए हैं और कि मुझे अपनी पर्सनालिटी को चेंज करना है। अगर ये हो सकती है तो मैं रेडी हूं। मैं आपको सपोर्ट करने के लिए रेडी हूं। जब उनकी लाइफ में प्रॉब्लम आई जैसे एक
(1:03:35) मेरे क्लाइंट का एग्जांपल देती हूं। उसकी दो शादियां खराब हो गई। हम उसकी किसी से भी कुछ ज्यादा बनती नहीं थी। तो उसको एक ही दोस्त था जो उसको बिल्कुल जी हजूरी वही फ्लाइंग मंकी की जब हम बात कर रहे थे। बिल्कुल जी हुजूरी वाला उसके बिहाफ पर काम करना हर जगह। उसकी इमेज को कनेक्ट करना उसको सही करना। तो वैसे ही वो था। बाकी उसकी किसी से ऐसी कुछ खास बनती नहीं थी। दो शादियां खराब हो चुकी थी। घरवाले भी उससे हाथ जोड़ चुके थे। और उसके जो ऑफिस के स्टाफ वगैरह थे वो सब भी उससे त्रस्त रहते थे। दुखी रहते थे। वो एकदम अकेला हो गया। उसको नींद आनी बंद
(1:04:09) हो गई। फिर उसने थोड़ा नशे का भी वो लिया। लेकिन नशे में भी उसको कोई सुकून नहीं मिला। पैसे के बल पर या जो अपना एक ओरा मेंटेन कर रखा था उसके बल पर भी जो था वो कुछ टाइम चलता था लोगों के साथ लेकिन लोग थोड़े टाइम पे समझ ही जाते थे कि ये नार्सिस्ट है। इसके साथ ईगो की बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। इसे तो इससे दब के रहो। इसके अनुसार चलो तो सब ठीक है। और जैसे ही तुम अपने हिसाब से चलना शुरू करोगे तो ये तुम पर हावी होने की कोशिश करेगा या तुम में बहुत कमियां निकालेगा। हम तो उससे ना किसी की बन नहीं पाती थी। ठीक है? तो अब जब वो बहुत ही ज्यादा
(1:04:40) परेशान हो गया तो वो जो एक अकेलापन उसके अंदर उतर आया उसकी वजह से उसे रियलाइज हुआ कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं है। तो उसने देखना शुरू किया कि भ ऐसा होता है कि मेरे को बहुत स्ट्रांग जाती है कंट्रोल की और मुझे ना ऐसा चाहिए होता था कि सब मेरे हिसाब से चले हैं। क्या ये कोई बीमारी है डिसऑर्डर है। इस तरह से उसके सामने एक एनपीडी की वीडियो आ गई। ठीक है? तो तब उसे पता चला कि अरे ये ये तो जो बता रहे हैं ये तो मेरे अंदर है। हम मैं तो ऐसे ही करता हूं। मेरी दोनों शादियां इसीलिए खराब हुई हैं और जो मेरा किसी से बन नहीं पाता है वो इसीलिए होता
(1:05:12) है। फिर उसने अप्रोच किया कि ये डिसऑर्डर है। मुझे नहीं पता था कि ये डिसऑर्डर है। हम फिर हमने जब उसके बचपन में देखा कि आखिरकार ये कैसे बना तो जब वो तीन साल का था तो मदर चली गई थी। छह बहने बड़ी थी तो छह बहनों ने एक्स्ट्रा पैंपरिंग करके जो है ना उसने कभी ना ही नहीं सुनी थी। अच्छा उसने कभी ना ही नहीं सुनी थी। हम अपने जीवन में क्योंकि उसको हमेशा हां ही सुना था और उसको हमेशा से खूब उसकी तारीफें करके कि वो बहुत अच्छा स्मार्ट दिखता है। सुंदर दिखता है। छोटे बच्चे सुंदर होते हैं। शुरू से ही उसको और छह बहनों का भाई और मां 3 साल की उम्र में
(1:05:49) चली गई थी। फादर थे उसके तो वो बिल्कुल हाथों हाथ और अच्छा खासा पैसे वाले लोग। तो वो ना कभी यही नहीं समझ पाया लाइफ में एडजस्टमेंट का क्या वैल्यू होती है या कभी ना भी सुनने को मिल सकता है या दूसरे वाले की भी इच्छाओं का उसकी भी जो उसका एक पर्सनल स्पेस है उसका भी रिस्पेक्ट रखना होता है उसे पता ही नहीं था ये सब चीजें क्योंकि उसने तो हमेशा हां ही सुनी जो उसके मुंह से निकला वो उसको मिल गया और सब उसके अकॉर्डिंग चलते थे क्योंकि छह लड़कियों पे लड़का पर से मां चली गई तो उसके अकॉर्डिंग सब था तो उसको दुनिया दुनिया की जो पिक्चर मिली उसको यह
(1:06:26) मिली पिक्चर कि शायद ऐसा ही होता है कि सब लोग ये है मुझे सर्व करने के लिए मुझे फीड करने के लिए बने हैं मतलब मैं इंपॉर्टेंट फिगर हूं तो जो भी मेरे सर्कल में है या होना चाहिए हम वो मेरे अकॉर्डिंग चलेगा ठीक है मतलब उसका परम धर्म होना चाहिए मेरी सेवा करना मेरी हां में हां मिलाना ये जो छह केसेस आए इनमें से कितने ठीक हुए देखिए जो अपने आप आता है और जो पूरा सरेंडर करता है शुरू में ना इनका उथलपुथल बहुत होता है क्योंकि इनको समझाने में बहुत टाइम लगता है। तो अब जो है ना सामने से कोई खुद आ रहा है और वो ठीक होने का इच्छुक है तो वो अपने अंदर परिवर्तन
(1:07:05) करेगा। लेकिन जो इतने सालों की कंडीशनिंग हो गई है उसकी वो बीच-बीच में उसको ना उसके पुराने पैटर्न्स भी खींचेंगे। हम बट ये काफी हद तक इतने नॉर्मल हो जाते हैं कि इनके साथ रहना पॉसिबल हो पाता है। और जैसे यह वाला जो मैं पर्टिकुलर केस बता रही हूं ये तो ऑल टुगेदर बिल्कुल ही डिफरेंट पर्सनालिटी हो गए। मतलब आप ये देखिए कि अब जो इनकी थर्ड मैरिज हुई क्योंकि जब मेरे साथ थे ट्रीटमेंट में तकरीबन डेढ़ साल मेरे साथ रहे ये। तो उसी दौरान इनकी जो थर्ड मैरिज थी इन्होंने वह भी कर ली। क्योंकि अच्छे खासे परिवार से थे। हैंडसम दिखते थे तो इनको मिल भी जाता
(1:07:38) था कोई ना कोई। तो वो जब अब वो मतलब लड़की बोलने लगी कि मैं जब इसको डेट करती थी और अब जो है ये बंदा ये बिल्कुल ही कंप्लीटली चेंज है। हम अब वह जो पहले था कि हर समय टोकाकी रोका रोकी बस मैं ही मैं हूं सब कुछ या मैं अगर फ्री हूं तो तुम भी कहीं मत जाओ यहीं पर बैठो मेरे अकॉर्डिंग ही सब कुछ चले वो सब चीजें मतलब बिल्कुल ही चेंज हो गए और एम्पैथी भी डेवलप हो गई सामने वाले को उसका स्पेस भी देना उसकी मी टाइम की भी रिस्पेक्ट करना अपने वी टाइम को भी बड़े अच्छे से एंजॉय करना जो सब ऑटोमेशन पे काम चल रहा था कि बस ऑफिस नहीं जाके मेरा तो
(1:08:14) इतना मंथली इतने लाखों का आता है तो मुझे क्या करना है या गए तो बस ऑफ डोमिनेंस दिखा दी स्टाफ पर वो सब भी ऑल टगेदर बिहेवियर चेंज हो गया। हम एक मैम एक कांसेप्ट चल रहा है लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन मैनिफेस्टेशन और उसी में एक टर्म है हो पोो पोनो कुछ ऐसा है ना तो वो एक प्रेयर है और उससे मैंने ये भी सुना है कि बहुत ज्यादा जो पागल लोग थे वो भी ठीक हुए हैं। क्या ये जो प्रेयर है होप पोनो पोनो इससे एक नार्सिसिस्ट ठीक हो सकता है? देखिए हो पोोपोनो क्योंकि वो तो विक्टिम को करना पड़ेगा। हां एक हवाइन प्रेयर है और ऐसा कहा जाता है कि मेंटल असाइलम में डॉक्टर ने अपने पेशेंट्स
(1:08:53) के लिए किया था और डॉक्टर पर्सनली मिला भी नहीं था उन पेशेंट्स से हम और उन्होंने प्रेयर कर ही उन्हें हील कर दिया था अब इसके ऊपर बहुत सारा Google पे है भी डाटा पर ऐसा ना हर एक केस में नहीं होता अच्छा ठीक है ना होपोपनो प्रेयर हम भी बताते हैं इसमें बहुत ही ब्यूटीफुल फोर स्टेटमेंट्स है आई एम सॉरी प्लीज फॉरगिव मी थैंक यू आई लव यू। ठीक है? ये चार स्टेटमेंट्स है और जो बेसिक होपनोपनो है उसमें अगर आप इसको चांट करते हैं 108 टाइम अगर ऐसे करते हैं तो इससे आपकी भी हीलिंग होती है और आप ना किसी और के लिए भी कर सकते हैं प्रेयर। तो मैंने खुद भी पर्सनली इसको
(1:09:32) एक्सपीरियंस किया है। ये बहुत मन को शांत करती है और आपकी एनर्जी को भी हील करती है। पर सामने वाले को आप कंप्लीटली तब तक चेंज नहीं कर सकते। आप खुद भी उसके लिए हीलिंग कर रहे हो तब तक कि उसकी खुद की एनर्जी को वह ठीक ना करे। हम ठीक है ना? आप मतलब यह चीजें ठीक है। ऐसा कहा जाता है, बताया जाता है। हम लोग भी बताते हैं। लेकिन यहां पर अगर आप किसी दूसरे इंसान के लिए प्रेयर करते हैं। आप उसे पॉजिटिव एनर्जी ट्रांसफर कर रहे हैं। उससे अपनी रिलेशनशिप को हील करने की कोशिश कर रहे हैं। तो ऐसा नहीं है कि कुछ भी बदलाव नहीं आएगा। एक्चुअली वो बदलाव आपके
(1:10:06) अंदर ही आएगा। आपको ही वो चीजें जो पहले बहुत बड़ी लगती थी, अब वो बड़ी नहीं लगेंगी। हम आपको खुद से प्यार हो जाएगा। आप समझ जाओगे आपको अपनी बॉडी की रिस्पेक्ट करनी है। अपना मेंटल पीस चाहिए। तो मुझे इतना स्ट्रेस नहीं लेना है। दूसरे की बातों को इतनी वेट नहीं देनी है। मुझे लेट गो करना है। मुझे सरेंडर करना है। मुझे मोर एक्सेप्टेबल होना है। हर चीज़ के लिए है ना एक एक्सेप्टेंस पावर और बढ़ानी है मेरे को अपनी। एक फ्लैक्सिबिलिटी लेकर आनी है मुझे अपने अंदर। क्या पता मेरे ही पेशेंस पावर, मेरे ही अंदर किसी भी चीज़ को टोलरेट करने
(1:10:37) की पावर कम हो। तो ये सब प्रेयर्स ना आपको पावरफुल ज्यादा बनाती है। हम लेकिन लॉ ऑफ अट्रैक्शन में कोई भी प्रेयर चाहे वो होप हो या कोई भी ऐसी कोई प्रेयर नहीं है। कुदरत ने ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया कि जिससे आप सामने वाले की लाइफ में कोई बड़ा चेंज कर दोगे या कोई चीज उसको अट्रैक्ट कर लोगे या उसमें बैठे-बैठे कोई भी चीज करेक्ट कर लोगे। क्योंकि ऐसा होता नहीं है। कहने में तो कोई बहुत सारे पडकास्ट में बोल दे या कुछ ऐसा है लेकिन बेसिकली ऐसा होता नहीं है। आपके ऊपर सारी चीजें बहुत अच्छे से काम करती हैं। क्योंकि अगर आपने सपोज
(1:11:11) रिलेशनशिप में ये होपनोपनो प्रेयर करी अपने पार्टनर को इमेजिन कर रहे हैं। थोड़ा हम एडवांस लेवल पे ना इस पे पूरा स्क्रिप्ट ऐड कर देते हैं। हम्म। तो मतलब आप उसमें डायलॉग्स भी ऐड कर देते हो। केवल आप ये नहीं बोलते। आई एम सॉरी। प्लीज फॉरगिव मी। थैंक यू। आई लव यू। उसमें आप पूरा डायलॉग्स ऐड करके बोलते हो। जैसे एक गाइडेड मेडिटेशन के रूप में। हम तो उसका एडवांस वर्जन है। तो उससे क्या होता है? आपके अंदर जो हार्ड फीलिंग्स होती हैं, उसका रिलीज़ हो जाता है। तो, आप इज़ हो जाते हो। फिर आप शायद इनिशिएटिव लेते हो। आप एफर्ट्स डालते हो और उस
(1:11:39) एफर्ट्स के बाद आपकी रिलेशनशिप हील होनी स्टार्ट हो जाती है। हम ऐसे तो एनर्जी साइंस में कहते हैं पानी भी है तो पानी की अपनी याददाश्त होती है। आप पानी को ना कुछ पॉजिटिव अर्मेशंस के साथ दो जिससे भी आपको रिलेशनशिप अपनी हील करनी है और आप देखो मैजिकली असर करता है। हां ये सब चीजें काम करती हैं। लेकिन अगर वो इंसान अपनी एनर्जीस को हर दिन ब्लॉक कर रहा है तो आप उसकी एनर्जीस को इस तरीके से पूरी तरह से कभी भी क्लीन नहीं कर पाओगे आप। हम फाइनल एक क्वेश्चन और पूछना है। कोई अल्टीमेट सॉल्यूशन बता दीजिए नार्सिसिस्ट के लिए। देखिए नार्सिस्ट के साथ लाइफ बहुत बड़ी
(1:12:17) स्ट्रगल होती है। ठीक है? और अगर आपने ये पहचान ही लिया है कि आपका पार्टनर नार्सिस्ट है। हम क्योंकि देखिए अगर आपके पेरेंट्स में से कोई नर्सिस्ट निकला अब क्या होता है कि आप जब छोटे होते हो हम तो आपको उनके साथ रहना है क्योंकि जब तक आप इंडिपेंडेंट नहीं हो जाते लेकिन फिर आपके पास चॉइस है कि आप ना भाई अलग रह लो या आपका कोई सिबलिंग नार्सिस्ट है या कोई फ्रेंड नार्सिस्ट है किसी भी और रूप में आया लेकिन स्पाउस के साथ आदमी रहना चाहता है हम तो अगर आपको लग रहा है कि आपका पार्टनर नार्सिस्ट है और वह बिल्कुल भी रियलाइज़ नहीं कर रहा है आपने उसे बहुत अच्छे से
(1:12:49) रियलाइज़ कराने की कोशिश की आप उसको हेल्प कर रहे हो इस चीज को अपने पर्सनालिटी को थोड़ा सा चेंज करने की और वो सुन ही नहीं रहा है तो जितना जल्दी हो सके नार्सिस्ट आदमी से अपना पीछा छुड़ा लो क्योंकि उसके साथ लाइफ में हर दिन की स्ट्रगल है और आप ना 10 साल बाद 15 साल बाद इसी नतीजे पे पहुंचोगे कि काश इसे पहले छोड़ दिया होता। तो कभी ये नहीं सोच सकते कि आने वाले 5 साल में चेंज होगा। 10 साल में चेंज होगा। कुछ चेंज नहीं होगा। इवन सिचुएशन और खराब होती। खराब हो जाएगी। मेरे पास एक लेडी आई है। अभी वो ना 58 इयर्स की है। और वो सहते-सहते सहते सहते आप देखो उनकी शादी 22
(1:13:25) साल में हुई थी और 58 इयर्स की वो हैं और बहुत डिप्रेशन में 20ों साल से दवाई भी खा रही थी। ठीक है? और फिर उन्होंने मेरी वीडियोस वगैरह देखी होगी तो उन्होंने बोला कि मैम बिना दवाइयों के हील करती हैं। तो मैं भी जाती हूं वहां। तो पता चला उनके हस्बैंड बहुत बड़े नार्सिस्ट हैं। इतने सालों की शादी में है। मतलब उनकी जो बड़ी बेटी थी वो 30 साल की थी और कभी भी हस्बैंड में कोई चेंज नहीं आया। वो एक्सेप्ट ही नहीं करते कि वो गलत है। उन्हें तो लगता है कि उन्हें गलत समझा जा रहा है। वो गलत नहीं है। जबकि है अब बच्चे भी बड़े हो गए। उनके भी
(1:13:54) तीन बच्चे हैं। बच्चे भी बड़े हो गए हैं। तो वो सब समझ रहे हैं कि फादर में क्या है। लेकिन उन्हें रियलाइज नहीं हो रहा। तो अब उनके मन की भावना यही है कि अगर मैं इंडिपेंडेंट होती या मुझे पहले पता चल जाता कि आदमी कभी नहीं सुधरेगा। तो मैंने इसे पहले ही छोड़ दिया होता। हम नहीं कई बार ऐसा भी होता है ना मैम कि जैसे कोई भी है चाहे वो मेल है फीमेल है वो वेट करते हैं कि चलो अब तो बच्चे छोटे हैं जब बच्चे बड़े होंगे तो इसको डील कर लेंगे है ना बच्चे मेरा सपोर्ट बन जाएंगे लेकिन वो सपोर्ट बनने की जगह इस ऐसे एनवायरमेंट में बनते बनते वो खुद ही नार्सिसिस्ट बन जाते
(1:14:23) हैं जरूरी नहीं है कि हर बच्चा नार्सिस्ट बनेगा ऐसा तो नहीं है कोई ना कोई डिसऑर्डर तो जरूर आएगा हां उसकी डेफिनेटली उसकी सेल्फ एस्टीम पर भी अटैक हो सकता है उसका कॉन्फिडेंस जा सकता है उसे ए्जायटी भी पकड़ सकती है वो डिप्रेशन में भी जा सकता है अगर उसके साथ बहुत हो रहा है। इस वजह से कुछ ना कुछ तो उसकी स्ट्रगल होगी। वो मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम तो उसको कुछ ना कुछ आएगी। ठीक है? अब वो किस लेवल पर आएगी वो हर घर की अलग अलग कहानी है। लेकिन आप नतीजे पे नार्सिस्ट के साथ बहुत सालों तक रहने के बाद इसी नतीजे पर पहुंचोगे कि इस आदमी या औरत से कोई भी हो सकता है वो।
(1:14:55) पहले ही पीछा छुड़ा लिया जाता तो ज्यादा सही रहता। क्योंकि ऐसे लोग बदलते नहीं है। नहीं। इनके साथ आप ना एक बीमारी वाला जीवन, एक नीरसता वाला जीवन, कहीं ना कहीं कॉम्प्रोमाइज लाइफ जीते हो या फिर आप अपने पार्टनर के होते हुए भी बिल्कुल ऐसे जैसे कि एक मजबूरी में आप रह रहे हो एक घर में लेकिन आपका किसी से कोई लेना देना नहीं है। तो वो भी जिंदगी जीने का एक मतलब अच्छा तरीका नहीं होता बहुत ज्यादा। तो किसी भी ऐसी मैरिज में फंसे रहने से बेटर ये है कि आप आराम से अलग हो जाओ। हम और अपने आप को भी प्रोटेक्ट करो अच्छे से। अपने बच्चों को भी प्रोटेक्ट करो। क्योंकि
(1:15:32) अगर बच्चों की खातिर भी आप साथ में हो तो बच्चों पे कौन सा बड़ा अच्छा असर पड़ रहा है? बच्चे भी तो रोजाना या तो आपकी लड़ाई झगड़े क्लेश देख रहे हैं या फिर वही देख रहे हैं पेरेंट्स एक जगह रहते हुए भी बिल्कुल आइसोलेटेड है। एक दूसरे से मतलब नहीं रखते हैं। तो दोनों ही केस में उनके ऊपर तो नेगेटिव इंपैक्ट पड़ रहा है और उनके अंदर रिलेशनशिप की जो पिक्चर है वो बहुत ही गलत बन रही है। उनको खुद की रिलेशनशिप में स्ट्रगल होगा। उनको खुद ना ट्रस्ट इश्यूज होंगे। कोई डोमिनेट करना चाहेगा, कोई पूरा कंट्रोल लेना चाहेगा, कोई एक्सट्रीम अग्रेसिव बन जाएगा। किसी भी
(1:16:02) तरीके से ज्यादा प्रोटेक्टिव बन जाएगा। बताइए जैसे सेपरेशन अगर करना भी है तो क्या पूरा प्लान करके करना चाहिए या तुरंत एक्शन लेना चाहिए? जैसे मान लो कोई इंडिपेंडेंट नहीं है। ठीक है? वो डिपेंडेंट है सामने वाले पर्सन पे तो उसको एकद साल वेट करना चाहिए कि जब तक मैं अपना आपको इंडिपेंडेंट नहीं बना लेता तब तक मुझे से साथ ही रहना चाहिए। उसके बाद मुझे सेपरेट होना चाहिए। देखिए बात ये है ना कि आप ना एकदम इमोशंस में आकर अलग हो जाओ। लेकिन जब रियलिटी आपके सामने एक आध दिन में ही आएगी बिल्कुल सही बात है। तो फिर वो रियलिटी जिस तरह से आपको हिट
(1:16:32) करेगी ना वो आपके लिए और स्ट्रगल हो जाएगा। क्योंकि ना आपको वर्बल इमोशनल सपोर्ट देने वाले शब्दों के जरिए बहुत लोग होंगे। लेकिन आपको जब फाइनेंशियल सपोर्ट की नीड होगी तो वो बहुत ही कम हाथ होते हैं। हम और ऐसा तो है नहीं ना कि किसी ने आपको सपोज़ कीजिए फाइनेंसियल सपोर्ट भी दे दिया। शुरुआती महीने में आपको 500 भी दे दिए लेकिन वो कब तक चलेंगे ना पैसे और दूसरी बात यह है कि आप ऐसा तो है नहीं कि खुद ही कमाने लग जाओगे एकदम इतना तो हम हमेशा बोलते हैं कि हां आपके साथ ये सब एक टॉक्सिक एनवायरमेंट में रह रहे हो आप एक टॉक्सिक रिलेशनशिप में हो इतना अब्यूज चल
(1:17:04) रहा है लेकिन आप पहले धीरे-धीरे अपने को स्ट्रांग बनाओ अपने को हील तो करो और फिर प्लंड वे में इस इंसान से अलग हो आप क्योंकि बहुत बुरी कंडीशन हो सकती है एकदम से अगर आप गुस्से में निकल गए तो मतलब ऐसा मेरी एक क्लाइंट के साथ हो गया है। उन्होंने बोला था कि मैं ना आज चाहे ट्रक के नीचे आ जाऊंगी हम लेकिन मैं ना निकल जाऊं। वो निकल गई थी घर से। बिल्कुल। लेकिन रात भर वो जहां जिस पार्क में एक बेंच पर बैठी रही उसके बाद उनकी खुद के मदर और फादर ने उनको बहुत भला बुरा कहा। वो तो गुस्से में निकल गई थी। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया।
(1:17:40) हम ठीक है ना? और एक अकेली औरत के लिए एक पार्क में कितना डर के उन्होंने बताया कि मैंने कितना डर के पूरी रात गुजारी होगी। सन्नाटा ना आपको टॉर्चर करने लग जाता है। अंधेरा ठीक है ना? कभी लेडी के लिए एक लेडी के लिए। लेकिन उन्होंने बोला कि बिना सोए मैं रात भर जो वहां पर बैठ के मैंने कि मेरे को ये था कि रात में या तो भगवान मुझे मार दो। कोई मुझ पे अटैक कर दे। उन्होंने इतना भी कहा मुझे बड़ा दुख हो रहा है कहते हुए भी। उन्होंने बोला कि कोई आए और मेरा रेप करके मेरा खून कर दे। वो ज्यादा सही है। तो अगले दिन जब वो अपने घर पहुंची क्योंकि उस टाइम तो वो निकल गई।
(1:18:13) मां-बाप के पास भी नहीं गई। जब ढूंढ मची कि क्या है? तो जब वो अपने घर पहुंची उन्होंने कहा मैं इस आदमी के पास नहीं जाऊंगी मैं जाऊंगी मां-बाप के पास तो मां-बाप ने ही सबसे पहले उनको इस तरीके से वो करा कि रात भर तू कहां थी? किसके पास थी? मतलब क्या क्या ही बोल एक औरत ये कह रही है कि कोई मतलब मेरा रेप करके मुझे मार दे। बताइए सोचिए उसकी कितनी बुरी स्थिति होगी। तो बहुत बहुत दुख तकलीफ है। जो भी इस फोडकास्ट को देख रहे हैं उनके लिए कोई मैसेज देना चाहे आप? क्योंकि आज हम नार्सिस्ट के बारे में बात कर रहे हैं। तो मेरा एक बहुत ही क्लियर स्ट्रांग मैसेज
(1:18:50) है। आपकी जिंदगी बहुत प्रिशियस है। ना इसे समाज के नाम पर कुर्बान कीजिए। ना किसी परिवार बच्चों के किसी भी नाम पर मत कीजिए। आपको भगवान ने यहां पर जीने के लिए भेजा है। और आप हर तरीके से सक्षम हैं। अपने आप को पहचानिए। पहले खुद की इज्जत कीजिए। खुद को इस लायक बनाइए। और अगर आप किसी भी वजह से ऐसे आदमी के साथ फंस गए हैं या किसी और ऐसी औरत के साथ फंस गए हैं तो आप बिल्कुल अलग हो जाइए। आत्मसम्मान से, खुशी से आपको जीने का अधिकार है। अपने लिए स्टैंड लीजिए। यकीन मानिए आपके लिए कोई दूसरा स्टैंड नहीं लेगा। सब आपको या तो कॉम्प्रोमाइज करने की सलाह देंगे कि यह
(1:19:27) तो सभी के उसमें होता है या उसको बताएंगे कि अरे गुस्सा है लेकिन प्यार भी तो करता है। कोई इंसान ऐसे ही वो फ्लाइंग मंकी की तरह किसी को उसकी बिहेवियर को जस्टिफाई करने आ जाएगा। वो रोल कोई भी निभा सकता है। वो हो सकता है आपकी मां भी निभा दे। उस फ्लाइंग मंकी का रोल। कभी उसका दोस्त निभा देगा। कभी कोई रिश्तेदार निभा देगा। पर आपको यह समझना है कि हर चीज की ना एक हद होती है। अगर आप अपने आपको दबाते रहे, दबाते रहे, जब वो आपकी सीमा पूरी हो जाएगी ना तो आप इतनी बुरी तरीके से ब्लास्ट होगे और हो सकता है आप उस स्टेज पर पहुंच जाओ
(1:19:58) जहां पर फिर आप अपने लिए स्टैंड लेने लायक भी ना बचो। तो वह नौबत मत आने दो। जिंदगी बहुत अनमोल है। समय रहते ही वो सारे के सारे जो एक अलार्मिंग साइन होते हैं ना उन्हें पकड़ कर शुरुआत में ही एक बोल्ड स्टेप ले लो। क्योंकि जिसके लिए भी आप कॉम्प्रोमाइज करोगे, सैक्रिफाइस करोगे वो बाद में पता है क्या बोलेगा? तुमने अगर ना बोल्ड स्टेप लिया होता ना, हमने तो तुम्हारा साथ दे दिया होता। लेकिन तुम में हिम्मत नहीं थी। हम क्या करते? नहीं तो हम कभी का डवोर्स करा देते। हम तो कभी का ये कर देते। बाद में लोग ऐसे बोलते हैं। हम डॉक्टर कशिका मतलब आपने है ना स्टेप बाय
(1:20:32) स्टेप एक-एक चीज बताई है और मुझे लगता है कि कोई अगर इस पडकास्ट को भी देख लेगा और वो अगर इस तरीके की सिचुएशन में फंसा हुआ है तो उसको सशन मिल गया होगा। उसको क्या करना है? उसको समझ आ गया होगा। आपने इतना समय दिया। थैंक यू सो मच। और मतलब इतना जबरदस्त आप काम कर रहे हैं। मतलब लाखों जिंदगियां आप बचा रहे हैं। है ना? उनको उनकी सेल्फ इमेज दोबारा से दे रहे हैं। उनको सेल्फ रिस्पेक्ट दोबारा से दे रहे हैं। और बहुत सारा जो टैलेंट है हिंदुस्तान का इस बड़ी समस्या में फंस के कहीं ना कहीं वो डाउन होता जा रहा है। लेकिन आप उनको उभारने का काम कर रहे हैं।
(1:21:06) मतलब सैलूट बनता है आपको। थैंक यू सो मच जो आप काम कर रहे हैं। और इसका पार्ट टू अगर आपको यह पडकास्ट अच्छा लगा, इसमें आपको वैल्यू मिली तो इसका पार्ट टू हम जरूर लेके आएंगे। हम पूरी सीरीज शुरू करेंगे। लेकिन पहले आप इस पडकास्ट को वायरल कीजिए। आपके कमेंट्स आपके कमेंट्स मैं भी पढूंगा और डॉक्टर कशिका जैन भी पढ़ेंगी। आप कितने अच्छे-अच्छे कमेंट्स करते हैं और हम बहुत सारे पडकास्ट ले आने वाले हैं मैम के साथ में। थैंक यू सो मच। थैंक यू सो मच।

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