Signs Before De@th- Water De@th Karma, Nepal Tragedy, Global Disasters | Dr. Manmeet & Shlloka
Author Name:SHLLOKA
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Shlloka_B2B
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=qPaHU6Gjx1Q
Transcript:
(00:01) 2025 टू 2029 बहुत टफ है। पिछले साल भी एयर इंडिया की जो फ्लाइट क्रैश हुई थी उसी टाइम पे हुई थी। अगर आपकी इस तरीके से डेथ हो ऐसी डेथ के बाद डेफिनेटली मोक्ष मिल जाएगा। एंड यू आर बोर्न इन अ इज़ियर लाइफ फॉर श्योर। एंड कैलाश डेफिनेटली इज अ पोर्टल। होटल्स ऐसी जगहें होती हैं जहां से आप नेक्स्ट लेवल की कॉन्शियसनेस में जा सकते हैं। कहा जाता है कि हम एक मास्टर सोल का पार्ट हैं और सात अंश अलग-अलग दुनिया में जी रहे हैं। तो जब हम शिप को सरेंडर करते हैं ना इस लाइफ का, कल की लाइफ का, पास्ट का, फ्यूचर का ये सारी टाइमलाइंस डिॉल्व हो जाती है। डेथ बिकम्स
(00:39) अ पोर्टल। बहुत लोगों को यह साइन मिलते हैं कि अब मेरा सब कुछ धरती पर समाप्त हो गया है। सांसे आपको फटाफट सिग्नल देना स्टार्ट कर देती है। या तो बहुत तेज हो जाती है या बहुत धीरे हो जाती है। आपको बेचैनी होती है। एंड ऐसे लेवल पे बाउल्स यूज हो जाते हैं। बिकॉज़ योर बॉडी जस्ट वांट्स टू लेट गो। ये जो यात्रा करके आए हैं, सम पीपल हैव मेड इट एंड सम पीपल हैव नॉट मेड इट। आप इसको कैसे कार्मिकली इंटरप्रेट करेंगे? सबका एग्जिट पॉइंट था ये। एग्जिट पॉइंट सोल जो है पहले ही चूज़ करती है। द ट्रेजडी ऑफ़ कैलाश हैड अ कलेक्टिव एग्जिट पॉइंट ऑफ़
(01:11) सो मेनी सोल्स। मैम डेथ रिचुअल्स हमारी संस्कृति सभ्यता में एक बहुत इंपॉर्टेंट चीज है। अब ऐसे केसेस में हम कैसे उनको एक अच्छा सेंड ऑफ दे सके जिससे वो एक हायर डायमेंशन में या हायर पॉसिबिलिटी में जा सके। पानी को जरूर इंक्लूड कीजिए बिकॉज़ इट हैज़ हैपन थ्रू वाटर। राहु सेकंड अगस्त को मार्स के धनिष्ठा नक्षत्र में आया है। मार्स को हम भूमिपुत्र कहते हैं। तो भूमि से डिस्ट्रक्शन, लैंड से डिस्ट्रक्शन अगले 10 साल में अगर आपको कहीं पे भी जाना है। आप प्लीज अपना चार्ट दिखाइए और उस तरीके से प्लान कीजिए कि आपको जाना चाहिए कि नहीं।
(01:44) मैं कल तक लद्दाख में थी। परसों शाम मैं अपने होटल के कमरे में बैठी थी। जब मुझे होटल के ओनर ने एक WhatsApp फॉरवर्ड भेजा और उसमें यह न्यूज़ का टाइटल था 77 ईशा पिल्ग्रिम स्टक एंड 400 इंडियंस मिसिंग इन नेपाल। और उसके नीचे वो दिल दहला देने वाली वीडियो थी जो आप सब लोगों ने ऑलरेडी देख ली है। वही गिरोंग इमीग्रेशन सेंटर वाली। उसके बाद मेरे अंदर जो फिजियोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल रिएक्शन हुआ वो शायद से मेरे ग्रैंड पेरेंट्स के डेथ के वक्त भी नहीं हुआ। उस रात मैं सो नहीं पाई। मैंने हमारे आज के गेस्ट को कॉल लगाया। उनसे थोड़ा देर बात करी। वी ट्राइड टू मेक सेंस
(02:21) ऑफ व्हाट हैपेंड। और जबजब मैं वो वीडियो रिविजिट कर रही थी, मेरी आंखों के सामने एग्जैक्टली एक महीने पहले का सीन आ जाता है। उसी इमीग्रेशन लाइन जहां मैं खड़ी थी। उसी के रेस्टोरेंट में जिसमें मैंने खाना खाया था। जहां वो सीसीटीवी की फुटेज थी। उसके नीचे की शॉप्स से मैंने अपना ट्रैकिंग गियर लिया था। मैंने अपनी ट्रैकिंग की पैंट ली थी। वही शॉपकीपर का चेहरा, वही पप्पी वो बॉर्डर गेस्ट हाउस, वही लेडी जिन्होंने मुझे खाना दिया जिस दिन हम इमीग्रेशन कर रहे थे और चंद सेकंड में वो सब कुछ वाइप आउट हो जाता है। मुझे बहुत सारे लोगों ने मैसेज
(02:58) भी किया वेदर वी आर फाइन और वी आर अब्सोलुटली ओके। हमारे जो दो ग्रुप्स थे वो ऑलरेडी जून में यात्रा करके आ चुके थे और जो हमारा तीसरा ग्रुप था वो सितंबर नाइंथ में जाने वाला था। जब ऐसे हादसे होते हैं ना तो वह हमारी औकात दिखा देते हैं। हम सोचते हैं कि लाइफ और डेथ के बीच में एक फासला होता है। बट एक्चुअली लाइफ और डेथ तो एकदम लख कर खड़े हैं हर वक्त। और फिर हमें रियलाइज होता है जब हम इतनी बड़ी ट्रेजडी को देखते हैं कि हमारी लाइफ की परेशानियां, हमारे इमोशंस, हमारे थॉट्स तो कुछ भी नहीं है। वी आर जस्ट अ सिंपल आउटक्रॉप ऑन दिस
(03:36) प्लनेट। सो दिस ट्रेजडी हैज़ रियली हिट होम। सो ऑल द स्ट्रेंथ्स टू द बिलीव्ड फैमिलीज़। आई होप जो लोग मिसिंग हैं वह जल्द से जल्द मिल जाए और हमारा आज का कन्वर्सेशन मीनिंगफुली कंट्रीब्यूट कर सके। मैम जैसे मैं आपको बता रही थी डेढ़ महीने पहले मैं एग्जैक्ट उसी जगह थी जहां का वीडियो सर्कुलेट हो रहा है। वही इमीग्रेशन लाइन में तो दिस ट्रेजडी इज़ रियली हिट क्लोज टू होम। मैं आपको यू नो आई हैव बीन एबल टू स्लीप फॉर अ वेरी लॉन्ग टाइम। मैं आपसे जानना चाहती हूं मैम कि यह जो हुआ है लोग बोल रहे हैं क्लाइमेट चेंज साइंटिफिक रीज़ंस लाए जा रहे हैं। कुछ लोग पॉलिटिकल
(04:18) रीज़ंस बोल रहे हैं। कुछ लोग बोल रहे हैं मे बी इट्स अ पार्ट ऑफ अ लार्जर मैट्रिक्स मे बी ये करवाया गया था। मैं आपसे जानना चाहती हूं कि इसके पीछे कोई एनर्जेटिक रीज़न है? जी बिल्कुल है। एक्चुअली 2025 टू 2029 एक अपने में यह जो टाइम है यह बहुत टफ है। दुनिया के लिए। टफ इसलिए है क्योंकि इस टाइम पे रीस्ट्रक्चरिंग हो रही है। हर तरीके से रिस्ट्रक्चरिंग हो रही है। वेदर इट इज़ फाइनेंसियल रिस्ट्रक्चरिंग, ग्लोबल रिस्ट्रक्चरिंग, लैंड की रिस्ट्रक्चरिंग। पिछले साल राहु जो 11th हाउस में आया था वो राहु और राहु के नक्षत्र में ही आया था। तो अगर आप
(04:55) देखिए पिछले साल भी एयर इंडिया की जो फ्लाइट क्रैश हुई थी वो उसी टाइम पे हुई थी। जब भी राहु एक्वेरियस में आता है, बहुत सारी रिस्ट्रक्चरिंग और ग्लोबल इवेंट्स होते हैं जो क्लाइमेट चेंज के थ्रू होते हैं और मास लेवल पे रिस्ट्रक्चरिंग और डिस्ट्रक्शन होता है। तो हमने इसका फर्स्ट देखा जो वो एयर इंडिया वाली फ्लाइट का हुआ था। वहां से लेके डेढ़ साल तक ये एक्सपेक्टेड था कि कुछ ना कुछ होगा। अभी जो है राहु सेकंड अगस्त को मार्स के धनिष्ठा नक्षत्र में आया है। मार्स को हम भूमिपुत्र कहते हैं। तो भूमि से डिस्ट्रक्शन, लैंड से डिस्ट्रक्शन
(05:30) तीसरी चीज हम एक्लिप्स पीरियड के अंदर हैं। एक सोलर एक्लिप्स हुआ था 12th अगस्त को और आज एक लूनर एक्लिप्स है। तो जब भी दो एक्लिप्स के बीच का कॉरिडोर होता है उसको हम एक्लिप्स कॉरिडोर कहते हैं। और एक्लिप्स कॉरिडोर ने इस बात को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। डिजीजसेस भी थे। अब लैंड से होने वाली जो चीजें हैं वो एक्सपेक्टेड थी। प्लस थी एक्लिप्स। तो ग्लोबल लेवल पर अगर हम देखें एनर्जेटिक लेवल पर हम देखें तो ये रीस्ट्रक्चरिंग के साथ है। अभी भी ये साल खत्म नहीं हुआ जब तक दिसंबर नहीं आ जाता ये और भी एक्सपेक्टेड है। तो जब आप कह रहे हैं कि और एक्सपेक्टेड है
(06:07) क्या आप कह रहे हैं कि और काइंड ऑफ़ नेचुरल डिजास्टर्स एक्सपेक्टेड है बिकॉज़ ये भी कहा जा रहा है कि फ्लड माइट कम टू इंडिया। नेचुरल डिजास्टर्स और एक्सपेक्टेड हैं टिल दिसंबर। मैम लोगों का ये क्वेश्चन है कि हम धार्मिक यात्रा में गए थे। बिकॉज़ रीसेंट स्टैटिस्टिक्स के हिसाब से तो 392 डेथ्स कंफर्म्ड हैं और 1500 से ज्यादा लोग मिसिंग हैं। काफी लोग वो लोग हैं जो परिक्रमा करके आ रहे थे कैलाश से। तो लोगों के दिमाग में सवाल होता है कि जब कोई आप शुभ चीज करने जा रहे हो, आप भगवान के घर जा रहे हो, अ कहते हैं ना हम अच्छी भावना से गए थे, अच्छी इंटेंशन से गए थे,
(06:39) हम अच्छे लोग हैं तो हमारे साथ ऐसा क्यों हुआ? हमारे परिवार वालों के साथ ऐसा क्यों हुआ? यह बहुत बड़ा क्वेश्चन है और मेरे भी बहुत क्लाइंट्स ने फोन करके यही क्वेश्चन पूछा है। तो देखिए शिव को हम महाकाल भी कहते हैं। महाकाल मतलब जो काल से परे हैं। और जब भी हम शिव की साधना में जाते हैं हम अपनी कॉन्शियसनेस को इतना रेज करते हैं कि यह जीवन सिर्फ एक जीवन होता है। तो क्वेश्चन यह नहीं है कि शिव ने हमें क्यों नहीं बचाया? क्वेश्चन ये है कि हम वहां पर जब सरेंडर करके आ गए फियरलेसनेस आ जाती है। जो लोग शिव की साधना करते हैं उनमें
(07:16) एक फियरलेसनेस होती है। टाइम का कांसेप्ट इंसान के लिए बहुत बड़ा है। मृत्यु जीवन ये एक नॉर्मल इंसान के लिए ग्रेस्ट इंसान के लिए बहुत बड़ा कांसेप्ट है। लेकिन शिवा इज द सोर्स ऑफ डिस्ट्रक्शन आल्सो। तो जब भी लोग कैलाश जाते हैं वो एक तरीके से सरेंडर कर देते हैं शिव को। केदारनाथ जाते हैं, सरेंडर कर देते हैं कि अब हम उस कॉन्शियसनेस में जाना चाहते हैं कि हमें कोई भी चीज डिफीट ना कर सके। टाइम के बियों्ड प्ले करते हैं। और ऐसा कहते हैं कि जो लोग शिव के पास जाकर उनकी ऐसे मृत्यु होती है, मैं यह तो नहीं कहूंगी कि उनको मोक्ष मिल जाता है बट
(07:57) डेफिनेटली उनकी कलेक्टिव कॉन्शियसनेस और उनकी अपनी कॉन्शियसनेस बढ़ जाती है। कुछ लोगों को अगर उनका टाइम हो चुका होगा तो ऐसी डेथ के बाद डेफिनेटली मोक्ष मिल जाएगा। और कुछ लोगों को यह कहते हैं कि अगर आपकी इस तरीके से डेथ हो तो आपके काफी जो कर्म है वह कट जाते हैं। एंड यू आर बोर्न इन अ इज़ियर लाइफ फॉर श्योर। लेकिन जो लोग गए हैं ना श्लोका उनको कहीं ना कहीं सिग्नल्स आए होंगे। पहले ही सिग्नल्स आए होंगे। यह नहीं कि अब हम वापस नहीं आएंगे। लेकिन एक फियरलेसनेस, एक सेंस ऑफ लेटिंग गो ऑफ़ एवरीथिंग। मोह ना होना, अटैचमेंट ना होना शिवा के ही रूप है।
(08:40) डिटचमेंट इज शिवास अबड। एंड कुछ लोगों ने डेफिनेटली ये सोचा होगा कि इट डजंट मैटर नाउ। आई एम गोइंग हियर। और इसके बाद बस मैं और शिव। तो टाइमलाइंस मैटर नहीं करती। बिकॉज़ ये भी कहा गया है पुराणों में कि बहुत ज्यादा ऑस्पिशियस जगहों में डेथ होती है। जैसे कि अगर तो आपकी मृत्यु गंगा में हो जाए तो बहुत बड़ी बात मानी जाती है। रेगुलर मृत्यु नहीं होती है। तो केदारनाथ में काफी लोग बोलते हैं जब आपके प्राण जाते हैं तो वो सिर्फ एक साधारण मृत्यु नहीं है। तो क्या आप ये कहेंगे कि कैलाश में या फिर एक्सजेक्टली क्योंकि ये कैलाश में हुआ नहीं है। अगर तो आप कैलाश करके आ
(09:15) रहे हैं और आपकी मृत्यु हुई है तो वो रेगुलर मृत्यु नहीं है। बट एक हायर पॉसिबिलिटी है। डेफिनेटली एक हायर पॉसिबिलिटी है और डेफिनेटली एक चोजन वंस हैं ये लोग। दे हैव बीन चोजन टू लेट गो ऑफ़ देर फियर। उनका सोल कॉन्ट्रैक्ट जरूर यह होगा कि उनको फियर से अटैचमेंट से निकलना था। एंड शिवा इज द गॉड फॉर दैट। मैम मेरा दिमाग में यह सवाल आ रहा था कि डेथ के कुछ साइन होते हैं। वो क्या हुए होंगे? फिर दूसरा सवाल यह भी आ रहा था कि इन सोल्स का आगे होगा क्या? लेकिन इससे पहले मैं आपसे एक बहुतेंट सवाल पूछना चाहती हूं। व्हिच हैज़ एक्चुअली लेड टू दिस
(09:51) कन्वर्सेशन जो कि था आपकी एक बात आपके पहले पॉडकास्ट में जब हमने किया था। यू टोल्ड मी कि देयर आर सर्टेन प्लेसेस जो पोर्टल्स की तरह काम करते हैं। ये भी कहा जाता है कि इंडिया एक स्टारगेट। आई थिंक टारगेट नंबर सेवन है। तो ये जो पोर्टल्स हैं ये काफी धार्मिक जगहों में होते हैं। माउंटेनिस जगह में होते हैं। तो ये पोर्टल्स से आप इस ट्रेजडी को कैसे लिंक करेंगे? और ये पोर्टल्स का कांसेप्ट है क्या? ये भी आप थोड़ा व्यूअर्स को बताइए। देखिए पोर्टल्स ऐसी जगह होती है जहां से आप नेक्स्ट लेवल की कॉन्शियसनेस में जा सकते हैं। तिबेट में जितने भी माउंटेन
(10:19) पीक्स हैं वो पोर्टल्स हैं। स्टोनहज एक पोर्टल है। बरमुडा ट्रायंगल एक पोर्टल है। माचू पिचू एक पोर्टल है। कसार देवी एक पोर्टल है। ये नहीं कि अब हम वापस नहीं आएंगे। लेकिन एक फियरलेसनेस एक सेंस ऑफ लेटिंग गो ऑफ़ एवरीथिंग। एंड यह सारे जो पोर्टल्स हैं यहां पर समय रुक जाता है। यहां पर एक टाइमलेसनेस आ जाती है। इसीलिए लोग कहते हैं हमें बहुत अलग वाइबेशंस फील हो रही है। व्हाट डू यू मीन बाय वाइबेशंस? कि आपकी जो पुरानी टाइमलाइन थी, आपका डर, आपका फियर, आपकी जेलसी, आपके वो सारे थॉट्स कि मैं ये सब नहीं कर सकती। ये सारी चीजें जो है वो खत्म हो जाती हैं। और यहां
(10:59) से फिर शुरुआत होती है आपकी नई सोच की, आपके नए जीवन की। तो जब हम तीर्थ पर जाते हैं ना तीर्थ का एक्चुअल मतलब होता है क्रॉसिंग ओवर। क्रॉसिंग ओवर मतलब एक चीज से दूसरी तरफ जैसे नदी को क्रॉस ओवर करते हैं तो नदी की जगह अगर आप कहें कि कॉन्शियसनेस को क्रॉस ओवर करते हैं। इसका मतलब जो लोग अपने घर की डे टू डे क्लेश में फंसे हुए हैं या कॉन्फ्लिक्ट में फंसे हुए हैं या दुख में फंसे हुए हैं। जब वो तीर्थ यात्रा करते हैं वो भगवान के साथ जुड़ते हैं। और जब वापस आते हैं वो अपनी वो वाली सोच वहीं पे छोड़कर एक हायर सोच लेके आते हैं। वो हायर सोच होप हो सकती
(11:32) है। हैप्पीनेस हो सकती है। सद्भावना हो सकती है। फॉरगिवनेस हो सकती है। तो इसीलिए कहते हैं कि तीर्थ यात्रा पर जाकर जब हम वापस आते हैं हमारा लेवल ऑफ कॉन्शियसनेस बढ़ जाता है। लेकिन जब हम माउंटेनियस टेंपल्स में जाते हैं जैसे तिब्बेट एक सीक्रेट ज्योमेट्री है और कैलाश उसका हाईएस्ट पॉइंट है और जो हाईएस्ट पॉइंट ऑफ कॉन्शियसनेस होता है वहां पे एक आम आदमी फर्स्ट ऑफ़ ऑल जाना ही नहीं चाहिए। सो कॉन्शियसनेस के हाई पॉइंट्स को हम पोर्टल्स कहते हैं। एंड कैलाश डेफिनेटली इज़ अ पोर्टल। ऐसा भी कहते हैं कि हर इंसान इस समय सेवन लाइफ्स जी रहा है। दिस इज द
(12:05) सेवंथ अवतार और छह हमारे और अवतार पैरेलल लाइफ्स जी रहे हैं। कहा जाता है कि हम एक मास्टर सोल का पार्ट हैं और सात अंश उसमें से सात अलग-अलग दुनिया में जी रहे हैं। एंड वी आर वन ऑफ देम। इसीलिए कभी-कभी जब इस लाइफ में किसी का एक्सीडेंट होता है और वो कोमा में चला जाता है तो दूसरी लाइफ में जो इंसान होगा उसको बहुत अनकंफर्टेबल फील होगा। बिकॉज़ उसका एक पार्ट एक और लाइफ में जी रहा है। तो जब हम शिव को सरेंडर करते हैं ना तो इस लाइफ का, कल की लाइफ का, पास्ट का, फ्यूचर का ये सारी टाइमलाइंस डिॉल्व हो जाती है। बहुत लोगों को ये साइन मिलते हैं कि अब मेरा सब कुछ
(12:46) यहां पे धरती पे समाप्त हो गया है। मैम, डेथ के पहले 24 घंटे या 48 आवर्स पहले कुछ साइंस होते हैं, जैसे अभी आपने कहा। ये क्या साइन होते हैं और इन लोगों को जैसे कुछ लोग कहते हैं कि रिफ्लेक्शन ऑल्टर हो जाती है। कुछ शैडो आती है तो मुझे कुछ साइंस बताइए क्या होते हैं डेथ के पहले किस प्रकार के साइन आते हैं? एक तो आपकी सांसे आपको फटाफट सिग्नल देना स्टार्ट कर देती है। या तो बहुत तेज हो जाती हैं या बहुत धीरे हो जाती हैं। दोनों तरफ से आपको बेचैनी होती है। बेचैनी होती है। आपको पता नहीं चलता मुझे बेचैनी क्यों हो रही है। या तो एजिटेशन होती है और या
(13:18) तो फिर सिंकिंग फीलिंग होती है। और आपको कहीं ना कहीं लगने लग जाता है कि समथिंग इज नॉट राइट। दूसरा आपको अचानक से लेट गो करने की फीलिंग आती है। आपको अंदर से लगता है कि मेरा हो गया। एंड ऐसे लेवल पे बाउल्स लूज हो जाते हैं। कई लोगों को बिल्कुल डसेंट्री वोमिटिंग इस टाइप का बिकॉज़ योर बॉडी जस्ट वांट्स टू लेट गो। और फीलिंग आने लग जाती है कि अब बहुत टाइम नहीं है और आपको समझ में नहीं आता कि फीलिंग क्यों आ रही है। बिकॉज़ हम सबको लगता है कि हम बहुत टाइम तक जिएंगे। सो ये वाली जो फीलिंग होती है दैट डेफिनेटली कम्स। आप बायस बोलने लग जाते हो। आपको एक
(13:54) सेंस ऑफ पास्ट बहुत जल्दी फ्लैश होता है। पास्ट आपको फ्लैश होने लग जाता है। आपको कुछ इंसिडेंट्स के लिए गिल्टी लगता है। कुछ के लिए रोना आता है। और आपको एक ओवरऑल मैंने बहुत सारे लोगों से सुना है कि हमारी मदर कह रही थी कि नहीं ओवरऑल मैंने क्या किया? मेरा जीवन कैसा था? एक रिफ्लेक्शन और बॉडी सिकुड़ जाती है। भूख नहीं लगती बहुत ज्यादा। एंड जिन लोगों की हॉस्पिटल में होती है व्हेयर यू आर लंग डाउन आपको रिफ्लेक्शंस दिखती हैं। आपको आपके एनसेेस्टर्स दिखते हैं। आपको कई लोग कहते हैं कि हमें कुछ सुनाई दे रहा है। हमें कुछ बुला रहे हैं। अपने पेरेंट्स
(14:28) जरूर दिखाई देते हैं। या फिर याद आते हैं। आपको लगता है कि अरे जब मैं छोटा था। सो लॉट ऑफ़ लाइफ फ्लैशेस यू बाय। तो आपको लगता है कि इस केस में भी अननेचुरल डेथ के केस में भी इन लोगों के साथ ये हुआ होगा? हां। एकद दिन पहले नहीं हुआ होगा। पहले ही हुआ होगा। दो-ती हफ्ते पहले ही हुआ होगा। वो इसी फीलिंग के साथ वहां गए होंगे कि वी आर नाउ मूविंग टुवर्ड्स अ हायर कॉन्शियसनेस। ये हमारा हो गया। आप देखिएगा जब भी इनके इंटरव्यूज आएंगे फैमिलीज़ के वो फैमिलीज़ आपको बताएंगी कि वो क्या कह के पिल्गम पे गए थे? क्या कह के पिगमेज से क्या उनके लास्ट वर्ड्स क्या थे? क्या
(15:04) उनकी कैसी भावना होने लग गई थी। कई लोग ये भी कहेंगे कि वो इसी रीज़ से गए थे। दे वांटेड टू यू नो गेट क्लोज़र टू टू गॉड। तो एक अलग मैं नहीं कहूंगी कि इसमें से कोई भी रीजन बहुत ही स्टार्क है बट एक इंसान की नॉर्मल नेचर से अलग एक स्टेज आ जाती है और जो लोग गए होंगे ना वैसे भी जो लोग जाते होंगे एक्चुअल शिवा के लिए वो लोग भी यही बताएंगे तो ये जो यात्रा करके आए हैं जैसे अगर तो हम अभी का कॉन्टेक्स्ट देखिए सम पीपल हैव मेड इट वो लोग वापस सेफली पहुंच गए एंड सम पीपल हैव नॉट मेड इट आप इसको कैसे कार्मिकली इंटरप्रेट करेंगे देखिए सबका एग्जिट पॉइंट था ये एग्जिट
(15:40) पॉइंट सोल जो है पहले ही चूज करती है। एग्जिट पॉइंट होता है कि अगर हम निकलना चाहे जैसे हाईवे पे एग्जिट पॉइंट होता है। आप ले या ना लें आपको दिखता है कि एग्जिट पॉइंट है। अगर आप चाहे तो गाड़ी यहां से नीचे उतार सकते हैं। तो सोल क्या डिसाइड करता है? जब हम किसी एग्जिट पॉइंट पे पहुंचते हैं। इन लोगों का एक कलेक्टिव एग्जिट पॉइंट था। द ट्रेजडी ऑफ़ कैलाश हैड अ कलेक्टिव एग्जिट पॉइंट ऑफ़ सो मेनी सोल्स। और ये सोल्स ने यह कलेक्टिव पॉइंट चुना। तो जब इनके पास चॉइस हुई कि क्या हमें वापस अपने घर जाना है या हमारा हो गया एंड वी वांट टू मूव फॉरवर्ड एंड मीट शिवा एंड
(16:13) वी डिॉल्व्ड इन शिवा तो कुछ सोल्स ने चूज़ किया होगा कि नहीं अभी कुछ अटैचमेंट बाकी रह गई है कुछ कर्मा मेरा वापस रह गया है मुझे वापस जाना है और कुछ सोल्स ने चूज़ किया होगा कि नहीं अब हमें शिव में विलीन हो जाना है क्योंकि हर एग्जिट पॉइंट आपको एक चॉइस देता है और इस कैलाश की खास बात यह है इस ट्रेजडी की एक इंपॉर्टेंट बात यह है कि यहां पे एक कलेक्टिव एग्जिट पॉइंट आया था। तो यहां पे मैं आपको ये कहना चाहूंगी शोका कि इंसान लोकेशन का भी एग्जिट पॉइंट जो है वो पहले से डिस्कस करके हम लोग आते हैं। जैसे कई लोग डिसाइड करते हैं कि उनका एग्जिट पॉइंट एक ऐसी
(16:49) भूमि होनी चाहिए जो उनके इष्ट की हो। कई लोग डिसाइड करके आते हैं कि कोई ऐसी भूमि होनी चाहिए जहां पे पिछले जन्म में मैंने कुछ लिया था और यहां पे इस बार मैं अपनी जान को दूंगा। कुछ लोग एग्जिट पॉइंट अपने घर का चूज करते हैं। यह आप किसी की भी एस्ट्रोलॉजी में कुंडली में देख के बता सकते हैं कि इसकी मृत्यु घर में होगी या घर से बहुत दूर होगी या भगवान के किसी साइट में होगी। तो एग्जिट पॉइंट्स और लैंड का भी एक कनेक्शन है। मैम स्पिरिचुअल सिंबलिज्म में वाटर एलिमेंट को हम एक थ्रेशहशोल्ड की तरह मानते हैं। इट इज़ अ थ्रेशहशोल्ड बिटवीन
(17:24) लाइफ एंड डेथ, फॉर्म एंड फॉर्मलेसनेस। तो जब डेथ बाय ड्राउनिंग होती है। मैं अभी वाले कॉन्टक्स्ट को लेके चलती हूं। इसका क्या स्पिरिचुअल सिग्निफिकेंस है? डिसोल्यूशन लेटिंग गो। जिनकी डेड बाय ड्राउनिंग होती है उनका बहुत बड़ा लेसन होता है टू लेट थिंग्स गो। लेकिन अटैचमेंट बहुत हाई होती है बहुत सारे लोगों की लाइफ में। शिवाज़ आल्सो द वाटर एलिमेंट ना। तो लेट गो उनका लेसन होता है। तो डेथ बाय ड्राउनिंग डेफिनेटली मीन्स दैट यू आर लेटिंग जस्ट नॉट योर पास्ट अटैचमेंट्स और योर फियर्स। यू आर आल्सो लेटिंग योर बॉडी गो। ड्राउनिंग में क्या होता है? यू आर
(17:57) जस्ट स्वप्ड अवे। यू हैव टू लीव योर कंट्रोल एंड यू आर टेकन बाय द कंट्रोल ऑफ द नेचर। यह जो कलेक्टिव डेथ्स हुई हैं अभी एक बहुत ही पॉपुलर पोस्ट सर्कुलेट हो रहा है जहां पर एक कपल दे हैव गॉन मिसिंग। इनके वेयर अबाउट्स पता नहीं है। बट ऐसे जब सिचुएशंस होते हैं जहां पति-पत्नी एक साथ गुजर जाते हैं या फिर कई सारे लोग एक साथ गुजर जाते हैं। इसको ये कलेक्टिव या मास डेथ्स को हम कैसे समझ सकते हैं कार्मिकली और एनर्जेटिकली? कार्मिकली हम अपने सोल प्लान को चूज़ करके आते हैं और एग्जिट पॉइंट को भी। बहुत लोग एक फैमिली में इनकानेट होते हैं और उनकी
(18:39) जो एग्जिट पॉइंट्स हैं वो मर्ज कर जाते हैं। फॉर एग्जांपल ये जो अभी डेथ्स हुई थी पीछे जो नेवी ऑफिसर ने अपनी फैमिली को मार दिया था बच्चों को पोइजन देके मार दिया था वगैरह। अब क्या है कि क्या ये सारे लोग इस डेथ के बाद एक ही पाथ पे चलेंगे? नहीं। कभी-कभी हमारे एग्जिट पॉइंट्स इकट्ठे आते हैं। लेकिन हम अपनी फ्री विल का मिसयज करते हैं। लेकिन अगर हम कैलाश की ट्रेजडी के देखें तो इसमें किसी की फ्री विल शायद उस समय होगी जब पूछा गया होगा स्प्लिट सेकंड में कि आपको जाना है कि नहीं जाना। और कुछ लोगों ने सोचा कि हमें नहीं जाना
(19:13) है एंड दे केम बैक और कुछ लोग वहीं पे रह गए। डिजास्टर आने से कुछ मिनट पहले या एक दिन पहले एक क्विक चॉइस होती है सोल लेवल पे। कुछ लोगों को दो-ती दिन पहले आभास हो जाता है। कुछ लोगों को एक-द दिन पहले हो जाता है। इट्स इन द सबकॉन्शियस माइंड। आप अपने पार्टनर के साथ शायद डिस्कस ना करें। लेकिन सोल्स डिसाइड कर लेती है कि जब ये होने वाला है तो हमें जाना है कि हमें रहना है। जिन लोगों को रहना है उनको रास्ते मिल जाएंगे। वो बाद में दे विल बी फाउंड आल्सो। लेकिन जिन लोगों को जाना है इट्स अ स्प्लिट सेकंड डिसिशन। हो सकता है कि जो हस्बैंड वाइफ इसमें गए उनका पिछले
(19:45) जन्म में एक स्पिरिचुअल कनेक्शन रहा हो और इस जन्म में भी डेफिनेटली स्पिरिचुअल रहा हो। और उनको एक साथ ही इसमें विलीन होना था। सो दे आर कार्मिकली सो कनेक्टेड स्पिरिचुअली दैट दे डिसाइडेड टू लीव टुगेदर इन द आर्म्स ऑफ़ गॉड। सो ये जन्म उन्होंने अपनी स्पिरिचुअल चीज को इकट्ठे एक अंजाम देने के लिए लिया होगा। तो कार्मिकली डेफिनेटली एग्जिट पॉइंट्स हैव मैच्ड। लेकिन ये डिसीजन अच्छा कहीं आप ऐसे भी देखेंगे जिसमें एक स्पाउस बच गया और एक मर गया। क्योंकि एक ने चूस किया होगा कि नहीं मुझे मैं अगर यह भी चली गई तो बच्चों को कौन देखेगा या अगर यह भी चली गई तो
(20:21) बाकी लोगों को कौन देखेगा? सो इट इज अबब्सोलुटली इंडिविजुअल कि आप वहां पे क्या चूस करो लेकिन एग्जिट पॉइंट दोनों का था। ओके एक साथ था और वो जो सारे 80 या 400 या 300 या सब लोगों का एग्जिट पॉइंट जब भी अर्थ की रीस्ट्रक्चरिंग होती है तो बड़े-बड़े एग्जिट पॉइंट्स आते हैं। कोविड वास अ वेरी बिग पोर्टल द स्पैनिश फ्लो इन 1925 वास अ वेरी बिग पोर्टल। तो धरती खुलेगी और मासेस में लोग जाएंगे ताकि फिर जो अब जो लोग आएंगे वो अब अर्थ को नेक्स्ट 30 40 50 इयर्स के लिए ले जाएंगे। तो बहुत सारे अभी अर्थ पे एंज्स रीइनेट हो रहे हैं। अर्थ
(20:56) नीड्स हीलिंग इन अ वेरी बिग वे। हमने भी नेचर को बहुत तंग किया है। हमने हिमालय में डैम्स बना दिए। हमने इतनी रोड्स निकाल दी। अब कहीं पे भी जाना हो तो हर एक चीज का एक हाईवे है। टनल्स निकाल दिए, पहाड़ खोद दिए। वी आर आल्सो प्लेइंग विद नेचर। तो यह भी उसका एक फ्लैशबैक है जहां पर लोग सिर्फ बाय फुट जाते थे। अब हम हर तरह की कन्वीनियंस से जा रहे हैं। और देखिए ये एनर्जेटिकली भी गलत है। लाइक आई सेड कि अगर कोई यात्रा दो महीने करता है जब वो उस पॉइंट पे पहुंचता है ही इज जीरो। ही इज़ रेडी टू टेक दी एनर्जी। लेकिन अगर वो उस पॉइंट पे 15 दिन में पहुंच जाए बिकॉज़ हम
(21:28) कन्वीनिएंट चाहते हैं। तो मैं यह कहूंगी कि अगर आपको कहीं जाना है अगले 10 साल में। अगर आपको कहीं पर भी जाना है आप प्लीज अपना चार्ट देखिए दिखाइए और उस तरीके से प्लान कीजिए कि आपको जाना चाहिए कि नहीं। एक और बहुत इंटरेस्टिंग चीज है श्लोका दैट लॉट ऑफ़ माय स्टूडेंट्स टोल्ड मी दैट हमें जाना था और हम नहीं गए। आवर गाइड जैसे मैं ऑटोमेटिक राइटिंग सिखाती हूं। दे सेड हमारे गाइड्स ने हमें इतना वर्न कर दिया कि आप नहीं जाएंगे। आपका कर्मा अभी खत्म नहीं हुआ है। समथिंग कैन हैपन। आई हैव आई हैव सेंट यू सम स्क्रीनशॉट्स वेयर पीपल हैव सेड। और कुछ
(22:02) के गाइड्स ने बोला कि वो मई में चले जाए तो वो मे हो आए हैं। देखिए इन सालों के लिए सबसे बड़ा जो आपका टूल होगा वो आपकी अवेयरनेस है और आपकी इंट्यूशन है। सबसे पहले तो आप इंट्यूशन सीखिए। अगर आपकी इंट्यूशन कह रही है मत जाइए डोंट गो। एंड दैट इज ट्रू फॉर एनीथिंग इंक्लूडिंग अ पिल्ग्रिमेज। यू हैव टू मेक इंट्यूशन योर बेस्ट फ्रेंड। बिकॉज़ बाकी लॉजिक के लिए तो हमने एआई को निकाल ही लिया है। अगर आप देखें तो। राइट? सो एआई को आप निकाल चुके हो। का बचा क्या है आपके पास? आपकी स्ट्रेंथ क्या है? इंट्यूशन। इंट्यूशन सीखिए। सेकंडली अपना
(22:35) चार्ट अच्छे से दिखाइए। समझिए कि आपके चार्ट की क्या स्ट्रेंथ्स हैं? क्या वीकनेसेस हैं? आप यहां क्या करने आए हैं? मोर देन डेथ लेट्स अंडरस्टैंड लाइफ। तो ये मेरा सेकंड है कि आप यह पता कीजिए आपका लाइफ पर्पस क्या है? आपका सोल पर्पस क्या है? आप यहां क्या सीखने के लिए आए हैं? थर्ड अपने घर में हवन कीजिए। डेफिनेटली डेफिनेटली पूर्णिमा और अमावस्या पे आप हवन कीजिए ताकि आपका घर प्रोटेक्टेड रहे और हवन के बाद जो हम मौली बांधते हैं वो एक रक्षा सूत्र होता है। वो आप जरूर कीजिए। फोर्थ आई वुड से रिस्पेक्ट नेचर प्लांट्स लगाइए। जितना आप ऑर्गेनिक फार्मिंग की तरफ
(23:11) जा सकते हैं। नेचर को रिप्लनिश कीजिए। व्हेन नेचर सीस यू कंट्रीब्यूटिंग टू इट इट इज नॉट गोइंग टू हार्म यू। इंट्यूशन को स्ट्रांग करने के लिए कुछ हमें टेक्निक्स बता दीजिए मैम ऑनलाइन व्हिच आर सिंपल एंड इफेक्टिव। सबसे पहले आप ड्रीम जर्नलिंग कीजिए। आपको जो सपने आते हैं वो कीजिए। एंड आप सेकंड थिंग आपको डेफिनेटली ऑटोमेटिक राइटिंग सीखनी चाहिए। अपने गाइड से कनेक्ट होना चाहिए। एक इंट्यूशन को शार्प करने का तरीका है कि अपने नॉन डोमिनेंट हैंड से काम कीजिए। अगर आप राइट हैंड से काम करते हैं तो लेफ्ट हैंड से कीजिए। लेफ्ट हैंड
(23:45) से पानी का गिलास उठाइए। लेफ्ट हैंड से चीजों को करिए। यू नो दैट दैट रियली हेल्प्स यू टू डेवलप इंट्यूशन। मैम डेथ रिचुअल्स हमारी संस्कृति सभ्यता में एक बहुतेंट चीज है। राइट टू टेक यू टू अ हायर पॉसिबिलिटी। अब ऐसे केसेस में जब लोगों की फ्लड में दे गेट वाइप्ड आउट या उनके रिमेंस मिलते नहीं है या कुछ कारण से वी आर नॉट एबल टू पुट देम टुगेदर। क्या करना चाहिए? हम कैसे उनको एक अच्छा सेंड ऑफ दे सकें जिससे वो एक हायर डायमेंशन में या हायर पॉसिबिलिटी में जा सके। देखिए डेथ रिचुअल्स जरूरी जरूर होते हैं। बट मेरा यह मानना है कि अगर आप शिवा के पास जाकर गए
(24:18) हैं। यू हैव ऑलरेडी बीन टेकन बाय गॉड। तो जैसा आपके फैमिली रिचुअल्स डिस्क्राइब करते हैं, आप वैसे ही डेथ रिचुअल्स अपने घर में कीजिए। पानी को जरूर इंक्लूड कीजिए। बिकॉज़ इट हैज़ हैपेंड थ्रू वाटर। तो, पानी को जरूर एज अ सीक्रेट सिंबल मान के डेथ के राइट्स हमें करने चाहिए। और दूसरी चीज यह है कि जब भी ऐसी कोई डेथ होती है इनका गया में श्राद्ध कराया जाता है और एनसेेस्ट्रल लेवल पे भी एक पूजा होती है। बट दिस इज़ वेरी फैमिली ओरिएंटेड। तो मतलब हर फैमिली और हर रिलिजन में अपने हिसाब से होती है। बट ये सोचना कि क्योंकि उनकी ऐसे मृत्यु हो गई दे विल नॉट गेट टू
(24:57) द नेक्स्ट लेवल। आई थिंक ये हमें सोच जो है छोड़ देनी चाहिए। बिकॉज़ दे हैव एक्चुअली गॉन इन द लैप ऑफ़ शिवा। मैम यह जो ट्रेजडी हुई ना इसको एक मल्टी हज़र्ड इवेंट बोलते हैं। बोलते हैं कि 8:38 37 am को एक मैग्नीट्यूड 4.4 के स्केल पे अर्थक्वेक हुआ व्हिच लेड टू एन एलांच टेंपरेरी डैम ब्रेक हुआ और यह पूरा फ्लड आ गया है। आपके हिसाब से एस्ट्रोलॉजिकली एंड एनर्जेटिकली इसका सोर्स क्या है? इसका ट्रिगर पॉइंट क्या है? इसका ट्रिगर पॉइंट एक्लिप्स का सीजन है। इसका ट्रिगर पॉइंट बिकॉज़ वाटर इज़ कंट्रोल बाय मून एंड मून एक्लिप्स में है। और
(25:29) एक्लिप्स की एनर्जी केवल उस दिन की नहीं होती। पहले की होती है। इसका एक और ट्रिगर पॉइंट है जिस तरीके से राहु प्लेस्ड है इन द 11थ हाउस। इसका एक और ट्रिगर है कि राहु अब धनिष्ठा नक्षत्र में आ गया था सेकंड अगस्त से। सो भूमि से जो है हानि भूमि की हानि। तो दीज़ आर द ट्रिगर पॉइंट्स एस्ट्रोलॉजिकली। एनर्जेटिकली लाइक आई सेड बिकॉज़ वर्ल्ड रिस्ट्रक्चर हो रहा है। तो पोर्टल्स खुलते जाएंगे। लोग इसके अंदर समायत होते जाएंगे। नए बच्चे आते जाएंगे। सो इट्स अ क्रॉसओवर ऑफ द अर्थ फ्रॉम वन डायमेंशन टू दी अदर। हम सतयुग की तरफ जा रहे हैं। बट राइट नाउ कलयुग डीपर हो रहा
(26:02) है। इस डीपर के बाद जो है अर्थ ऊपर निकलेगी। तो इस डीपर में पोर्टल्स जो है वो खुलते जाएंगे। आप ये जो रीस्ट्रक्चरिंग की बात कर रहे हैं आपने कहा कि बहुत सारे एंजेलिक बीइंग्स आ रहे हैं। एंज्स आ रहे हैं। मुझे थोड़ा इनके बारे में बताइए। ये जो रीइकार्नेशंस हो रही हैं इन बीइंग्स की ये एक्सैक्टली कौन है? किस प्रकार के हैं? और आगे आप इनको कैसे देखते हैं? हाउ आर दे गोइंग बी एबल टू कंट्रीब्यूट टू द वर्ल्ड इकोसिस्टम? देखिए सबसे पहले तो यह जो बच्चे अब पैदा हो रहे हैं जो उनमें से जो एंजिलिक फॉर्म्स हैं अलग-अलग टाइप के फॉर्म्स हैं। एंजिलिक फॉर्म्स जो हैं दे
(26:32) आर टीचिंग द अर्थ अबाउट अनकंडीशनल लव। तो बहुत सारे इसमें से ऐसे बच्चे हैं जो स्पेशल नीड्स हैं ऑटिज्म है या और कोई चीजें हैं जहां पे ये लोग आपसे यह कह रहे हैं जस्ट बिकॉज़ आई एम अ गुड बॉय और अ गुड गर्ल यू डोंट हैव टू लव मी। हम क्या कहते हैं? इफ यू गेट गुड मार्क्स यू आर अ गुड बॉय। तो वो कह रहे हैं कि आई एम नॉट गोइंग टू गेट गुड मार्क्स। बट आई एम स्टिल अ गुड बॉय। लव मी अनकंडीशनली। दूसरे जो बच्चे आ रहे हैं, वह आ रहे हैं जो मेंटल हेल्थ को बहुत प्रायोरिटाइज करेंगे। ह्यूमन रिलेशनशिप्स को बहुत प्रायोरिटाइज करेंगे। अभी तक अर्थ एक ऐसे पॉइंट पे आ गई है जहां
(27:02) हमें लगता है हमारी सबसे बड़ी जो हमने काम किया है वो एआई है। ओनली टू रियलाइज लेटर दैट एआई इज गोइंग टू डिस्ट्रॉय अस ओनली। करेक्ट। इफ नॉट यूज्ड वाइज़ली। तो ये वाले जो बच्चे हैं ये ह्यूमन कनेक्शन को देखेंगे। वर्क लाइफ बैलेंस को देखेंगे। मेंटल हेल्थ को प्रायोरिटाइज करेंगे। प्लांट्स एंड नेचर के साथ बहुत कनेक्ट फील करेंगे। लेकिन यह सब चेंजेस हमें अगले 20 साल के बाद दिखेंगे। हमें एकदम नहीं दिखेंगे। और जो लोग इनकानेट हो रहे हैं वो वो हो रहे हैं। हु आर द सोल ब्लूप्रिंटर्स। हम आकाशिक रिकॉर्ड्स में कहते हैं कि जब भी धरती बनी
(27:36) थी यहां पे सोल ब्लूप्रिंटर्स सोल टेक्नशियंस करके एक ग्रुप होता है वो आया था। उन्होंने अर्थ को सेट किया था। द वे इट वाज़। बट ये जो कोलैप्स हो रहे हैं ना डैम टूट गया। ये टूट गया। क्योंकि हमने अपनी सुरंगे बना ली। हमने अपनी टनल्स बना ली। हमने रिस्ट्रक्चर कर दिया अर्थ को। अब अर्थ कह रही है नहीं मैं नहीं छोडूंगी तुमको। तो दैट इज़ हाउ द अर्थ इज़ बीइंग रिस्ट्रक्चरर्ड। तो अब जो बच्चे पैदा हो रहे हैं वो सोल ब्लूप्रिंटर्स और सोल मास्टर आर्किटेक्ट्स पैदा हो रहे हैं। इसमें से जो होंगे वो एक इंजीनियर लाइक ब्रेन रखेंगे। हो सकता है आप देखें कि
(28:07) वापस लैंड में एग्रीकल्चर में इन सब चीजों में बहुत पैसा आ जाएगा। बहुत इंटरेस्ट आ जाएगा लोगों का। गोइंग बैक टू नेचर गोइंग बैक टू लैंड। मैम चाइनीस मेटाफिजिक्स के हिसाब से यह एक हॉर्स ईयर है जो हर 12 साल बाद आता है और यह बोला गया है इट्स ये बहुत ही टमशस ईयर है। यह बहुत ही डिफिकल्ट ईयर है हम सबके लिए। इनफैक्ट ये टू इयर्स मैं एक वैदिक एक गेस्ट से बात करी थी हमारे जो पास्ट में आए हैं पॉडकास्ट में वो मुझे बता रहे थे। तो मैम यही जगह में द बोते कोशी रिवर बेसिन में ही ये ट्रेजडी पिछले साल जुलाई में हुई थी। फिर अगस्त में चाइना और नेपाल ने एक एग्रीमेंट बनाया
(28:37) था कि आप हमको बताएंगे आप हमको संकेत करेंगे जब ऐसे नेचुरल डिजास्टर्स हो। बिकॉज़ नेपाल इज़ वेरी वल्नरेबल। हमारे पास वो डिटेक्शन मशीनरी है ही नहीं। तो ये भी कहा जाता है कि फिर क्यों नहीं चाइना ने नेपाल को आगाह किया पहले से ही तो आप इसको कैसे एनर्जेटिकली या एस्ट्रोलॉजिकली समझा पाएंगे? देखिए फायर का ईयर है। फायर का काउंटर वाटर है। फायर को वाटर कंट्रोल करता है। तो वाटर का कैमिटी होना इसमें पॉसिबल था और हुआ। फायर के ईयर में डेफिनेटली ज्यादा डिस्ट्रक्शन होनी थी वो भी हुई। चाइना ने क्यों नहीं बताया? देखिए वी आर गोइंग टुवर्ड्स मोर एंड मोर डारकर टाइम श्लोका।
(29:13) आपको पता है दैट ग्लोबल वॉारफेयर चल रहा है। वी आर हेडेड टुवर्ड्स द सो कॉल्ड थर्ड वर्ल्ड वॉर जो मेरे हिसाब से तो ऑलरेडी चल ही रही है बट थोड़ी सी और डीपर जाएगी। सो पीपल विल नॉट कोऑपरेट विद ईच अदर। नॉट जस्ट फ्रॉम अ सेंस ऑफ़ नॉट वांटिंग टू शेयर द इनफेशन बट हर इंसान हर कंट्री अब अपने बारे में सोचता है। यूएस अपने बारे में सोच रहा है। इंडिया आत्मनिर्भरता के बारे में सोच रहा है। तो हर कंट्री अपने बारे में सोच रहा है। और हर इंसान भी अपने ही बारे में सोच रहा है। दैट इज व्हाई आई से दैट द कॉन्शियसनेस इस गोइंग डाउन। सो डेफिनेटली जब डिफिकल्ट इयर्स आते हैं तो
(29:45) ये इसका एक साइन होता है कि आप किसी और के बारे में नहीं सोचे और अपने ही बारे में सोचने लग जाए। एंड दैट रियली क्रिएट्स अ कॉर्स एट अ ग्लोबल लेवल। सोचिए। थैंक यू सो मच डॉक्टर मनमीत। आई विश वी हैड मेट इन बेटर टाइम्स और हम ये कन्वर्सेशन करते। बट इट इज़ इट इज़ अ आई मीन आर प्रेयर्स एंड स्ट्रेंथ्स टू एवरीवन। वी- वी कैन नेवर इमेजिन द काइंड ऑफ़ ग्रीफ दैट यू नो दे आर गोइंग थ्रू। एंड इट जस्ट इट्स इट एज़ आई थिंक स्पिरिचुअलिस्ट मैम। अस्प स्पिरिचुअलिस्ट यू नो हाउ इट फील्स राइट। यू नो आई मीन इट्स इट्स वैरी गटिंग। सो थैंक यू सो मच एंड आई एम श्योर लोगों को
(30:16) काफी हेल्प मिली होंगी। स्पेशली द बिलीव्ड फैमिलीज एंड थैंक यू सो मच फॉर डूइंग दिस पॉडकास्ट। थैंक यू। इन केस यू वुड लाइक टू बी अ पार्ट ऑफ आवर ऑनलाइन एंड इनपर्स योगा, डाइट एंड स्पिरिचुअल प्रोग्राम्स, यू कैन जॉइन आवर WhatsApp ग्रुप बिलो वेयर वी पोस्ट ऑल आवर अपकमिंग प्रोग्राम्स एंड गिव फ्री टिप्स ऑन हेल्थ, डाइट एंड लाइफस्टाइल। ओम
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