Sunday, August 30, 2026

Ye Chhota Muscle Aapko Deaf Hone Se Bachata Hai! 😱👂 | Ear Science Explained #shorts #humanbody

Ye Chhota Muscle Aapko Deaf Hone Se Bachata Hai! 😱👂 | Ear Science Explained #shorts #humanbody

Author Name:Med_fact_3d Fm

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@Med_fact_3dFm

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=ptcDi7H3xF4



Transcript:
(00:00) अगर आपके कान में यह एक छोटा सा मसल ना होता, तो लाउड आवाज सुनते ही आपका इयर ड्रम फट जाता। और यह सच है साइंस इसे प्रूव करती है। सोचो आप एक कॉन्सर्ट में खड़े हो। स्पीकर से साउंड आ रहा है। वह साउंड पहले आता है आपके पिन्ना में यानी बाहर वाला कान जो फनल की तरह साउंड को अंदर कलेक्ट करता है। फिर वह साउंड वेव टकराता है एक पर्दे से। टपेनिक मेंब्रेन यानी इयर ड्रम। यह इतना सेंसिटिव है कि एक पिन गिरने की आवाज भी इसे वाइब्रेट कर देती है। अब यही वाइब्रेशन जाती है दुनिया की सबसे छोटी तीन हड्डियों में। मैलियस, इंकस, स्टेप्स। इनका साइज एक चावल के दाने
(00:36) जितना है। पर इनका काम साउंड को 20 गुना तक एंपलीफाई करना। पर यहीं पर असली हीरो आता है स्टपीडियस मसल। इंसान के बॉडी का छोटा मसल। जब भी लाउड साउंड आता है, यह कॉन्ट्रैक्ट होकर स्टेप्स को लॉक कर देता है। इनर इयर डैमेज ना हो। इसे कहते हैं अकोस्टिक रिफ्लेक्स। दूसरा है टेंसर टपैनी मसल। यह इयर ड्रम को टाइट कर देता है जब सडन लाउड नॉइज़ आए। यानी यह दो मसल्स मिलके एक नेचुरल वॉल्यूम कंट्रोल सिस्टम बनाते हैं। बिल्कुल एक बॉडीगार्ड की तरह। फिर वाइब्रेशन जाती है कॉकलिया में। यह एक स्पायरल ट्यूब है जिसमें हजारों माइक्रोस्कोपिक हेयर सेल्स हैं। यह
(01:05) वाइब्रेशन को कन्वर्ट करते हैं इलेक्ट्रिक सिग्नल में और तब जाकर आप सुनते हैं। तो, अगली बार जब लाउड म्यूजिक सुने, याद रखना आपके कान के एक पूरा डिफेंस सिस्टम चल रहा है। इसलिए हेडफोनस की वॉल्यूम कम रख बॉडीगार्ड मसल्स को बचा के रखिए। ऐसे ही अमेजिंग मेडिकल फैक्ट्स के लिए सब्सक्राइब करो Medfct FM.

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