Author Name:Nidhi Arora
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Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=gJBnmIdkmc0
ఇక్కడ వీడియోలో చెప్పిన ముఖ్యమైన **తెలుగు takeaways** సింపుల్గా:
### ప్రధాన ఆలోచనలు
- లివ్-ఇన్ రిలేషన్షిప్స్ను స్పీకర్ “స్మార్ట్ నిర్ణయం”గా కాదు, ఎక్కువగా “కన్వీనియన్స్ లేదా టైమ్ పాస్”గా చూస్తున్నారు.
- ఇది ప్రేమ వల్ల మాత్రమే కాకుండా, బాధ్యతలు తప్పించుకోవడం, సౌకర్యం కోసం తీసుకునే నిర్ణయం అని అంటారు.
- ఇండియాలో ఇది వెస్ట్రన్ కల్చర్ నుంచి తీసుకున్నది, కానీ ఇక్కడి లా, సోషల్ సెటప్ వేరు కాబట్టి పూర్తిగా పని చేయకపోవచ్చు.
### లివ్-ఇన్ vs మ్యారేజ్
- మ్యారేజ్లో సోషల్ అంగీకారం, ఫ్యామిలీ సపోర్ట్ ఉంటుంది; లివ్-ఇన్లో అది తక్కువ.
- లివ్-ఇన్లో కమిట్మెంట్, బాధ్యతలు క్లియర్గా ఉండవు.
- “పర్సనాలిటీ తెలుసుకోవడానికి లివ్-ఇన్” అన్నది పూర్తిగా సరైన పద్ధతి కాదని అభిప్రాయం—మనిషి కాలంతో మారిపోతాడు.
### మహిళలపై ప్రభావం (వీడియోలో చెప్పిన దృష్టికోణం)
- ప్రెగ్నెన్సీ, హార్మోన్ ఇష్యూస్ వంటి ఫిజికల్ రిస్క్స్ ఎక్కువగా మహిళలకే ఉంటాయని చెప్పారు.
- ఎమోషనల్ అటాచ్మెంట్ వల్ల బ్రేకప్ తర్వాత మహిళలు ఎక్కువగా ప్రభావితమవుతారని అభిప్రాయం.
- సోషల్ జడ్జ్మెంట్ కూడా ఎక్కువగా మహిళలపై పడుతుందని చెప్పారు.
### పురుషులపై రిస్క్స్
- లివ్-ఇన్ తర్వాత బ్రేకప్ జరిగితే లీగల్ ఇష్యూస్ (ఫాల్స్ కేసులు వంటి) వచ్చే అవకాశాలు ఉన్నాయి.
- రేప్ కేసులు వంటి సీరియస్ ఆరోపణలు రావచ్చు, వాటి ప్రభావం కెరీర్పై పడొచ్చు.
### “టెస్ట్ డ్రైవ్” కాన్సెప్ట్ పై అభిప్రాయం
- లివ్-ఇన్ ద్వారా పూర్తిగా ఒక వ్యక్తిని అర్థం చేసుకోవడం సాధ్యం కాదు.
- హైజీన్, బేసిక్ హ్యాబిట్స్ మాత్రమే తెలుస్తాయి; ఫ్యామిలీ రోల్స్, బాధ్యతలు మ్యారేజ్ తర్వాతే తెలుస్తాయి.
### ఎందుకు లివ్-ఇన్ పెరుగుతోంది?
- మ్యారేజ్పై భయం (పేరెంట్స్ రిలేషన్షిప్స్ చూసి).
- ఫ్రీడమ్, తక్కువ బాధ్యతలు, ఎక్కువ సౌకర్యం.
- “కమిట్మెంట్ లేకుండా రిలేషన్” అనేది ఈ జనరేషన్కు ఆకర్షణగా ఉంది.
### చివరి మెసేజ్
- జీవితంలో ఎలాంటి రిలేషన్ అయినా “సఫరింగ్” ఉంటుంది—కానీ దానికి అర్థం, స్థిరత్వం ఉండాలి.
- లివ్-ఇన్లో ట్రస్ట్, పర్పస్ తక్కువగా ఉంటాయని స్పీకర్ అభిప్రాయం.
- చివరికి ఇది వ్యక్తిగత ఎంపికే, కానీ దాని పరిణామాలు ముందే ఆలోచించాలి.
***
ఒక చిన్న ఉదాహరణ:
లివ్-ఇన్ను స్పీకర్ “Uber లాంటి కన్వీనియన్స్”తో పోల్చారు—తాత్కాలికంగా సౌకర్యంగా ఉంటుంది, కానీ లాంగ్టర్మ్ కమిట్మెంట్ (మ్యారేజ్) లాంటి స్టేబిలిటీ ఇవ్వకపోవచ్చు.
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మీకు కావాలంటే, నేను ఈ టాపిక్పై **బ్యాలెన్స్డ్ (ప్రోస్ & కాన్స్)** అనాలిసిస్ కూడా తెలుగులో చెప్తాను.
yes
ఇప్పుడు దీన్ని **ప్రోస్ vs కాన్స్** గా చాలా క్లియర్గా చూద్దాం. భారత్లో live-in relationship legalగా పూర్తిగా నిషేధితం కాదు, కానీ married coupleలా అన్ని rights automatically రావు; women, children, maintenance, domestic violence protection వంటి కొన్ని safeguards మాత్రం courts recognize చేశాయి. [1][2][3]
## ప్రోస్
- Compatibility తెలుసుకోవడానికి అవకాశం ఉంటుంది; daily habits, communication, conflict style అర్థమవుతుంది. [4][5]
- Shared expenses, shared chores వల్ల కొందరికి practical convenience ఉంటుంది. [4][6]
- Commitmentకి ముందు relationshipను observe చేయాలనుకునేవారికి ఇది ఒక transition step లా అనిపించొచ్చు. [4][5]
- Adult consent ఉంటే, personal liberty కింద దీనికి legal recognition ఉంటుంది. [1][7]
## కాన్స్
- Legal clarity limited; property, inheritance, separation తర్వాత rights automatically ఉండవు. [1][8]
- Womenకి pregnancy, abortion, emotional strain, financial dependence, and abuse risk ఎక్కువగా ఉండొచ్చు. [2][9][1]
- Breakup తర్వాత social stigma, family pressure, and reputation issues రావచ్చు. [10][1]
- “Test drive” అనుకున్నా, అది long-term marriage stabilityను guarantee చేయదు. [10][4]
## వీడియోలోని core angle
- స్పీకర్ viewpoint ప్రకారం, live-in అనేది mostly “time pass” లేదా “convenience” arrangement అని చెప్పారు.
- ఆయన main concern: commitment లేకుండా intimacy తీసుకుని, consequences మాత్రం avoid చేయాలనే mindset.
- ఆయన మాటల్లో, ఇది especially womenకి risky, and menకూ later legal/reputational trouble రావొచ్చని చెప్పారు.
## Balanced takeaway
- **లివ్-ఇన్ మంచిదా చెడ్డదా** అన్నది universal answer కాదు; person, context, family support, financial independence, and legal preparedness మీద ఆధారపడి ఉంటుంది.
- Indiaలో ఇది legalగా possible, కానీ safeguards ఉన్నా కూడా, emotional and social cost తక్కువగా తీసుకోకూడదు. [1][2][11]
ఒక్క వాక్యంలో చెప్పాలంటే: **ప్రాక్టికల్గా convenient కావొచ్చు, కానీ consequences ఆలోచించకుండా enter అవ్వకూడదు.**
Transcript:
(00:02) हाय गाइस, वेलकम बैक। तो आज हम बात करने वाले हैं लिव इन रिलेशनशिप्स के ऊपर एंड हमें ज्वाइन किया है अमित सर ने। अ सो ज्यादा देर नहीं करते हैं। मैं पहले क्वेश्चन पे ही जंप करती हूं सर। तो आजकल बहुत ट्रेंड आप देख रहे होंगे कि काफी कपल्स चूज़ कर रहे हैं लिव इन में रहने के लिए, शादी को अवॉइड कर रहे हैं। तो, आप इसको कैसे देखते हो? लाइक यह मॉडर्न लव का स्मार्टेस्ट डिसीजन है या फिर कोई इमोशनल गैंबल? तो, आप इसको कैसे देखते हो? नहीं देयर कैन बी मेनी अदर पॉसिबिलिटीज रेदर देन जस्ट लव बिकॉज़ आई डोंट थिंक सो लिविंग इन रिलेशनशिप्स आर हैपनिंग बिकॉज़ ऑफ लव
(00:37) ओनली दैट इज़ वन सेकंड इज़ अ डिस्क्लेमर दैट व्हाटएवर आई विल स्पीक इट विल नॉट कम फ्रॉम सम मोरालिटी पॉइंट ऑफ व्यू कि अंकल जी क्या बोल रहा है ऐसे हमारे संस्कार के अगेंस्ट है। आई एम नॉट गोइंग टू अप्रोच इट लाइक दैट। आई डोंट अप्रोच द सब्जेक्ट लाइक दैट। ठीक है? आई एम गोइंग टू अप्रोच विद प्रैक्टिकिटी ओनली। ठीक है? सो दैट जो यंगस्टर सुन रहा है वो समझे कि हां यार ये कुछ काम की बात बोल रहा है वो है। द फैक्ट यह है कि अगर कोई लिविंग इन रिलेशनशिप में रह रहा है तो उसको इतना पूछने की क्या जरूरत है कि यह अच्छी है खराब है रह ले
(01:12) ये पूछना क्यों पड़ रहा है शादी वाला तो नहीं पूछता के मैं शादी कर रहा हूं क्या मैंने ठीक किया है क्या ये ठीक है समाज में क्योंकि सी लॉट ऑफ गर्ल्स आर आस्किंग दिस क्योंकि कहीं ना कहीं अंदर से कुछ लगता है कि गड़बड़ है ना कहीं ना कहीं लगता है कि यह समाज इसे एक्सेप्ट नहीं करता तो वो एक मुहिम है लिविंग इन कपल्स और यंगस्टर्स में कि इसका एक सोशल एक्सेप्टेंस हो जाए कि कोई क्लेश ही ना करे। इट बिकम्स वेरी वेरी नॉर्मल। तो वी शुड अंडरस्टैंड कि यह सवालों के पीछे जो पूछा जा रहा है जो आप पूछ रहे हो या ऑडियंस इंटरेस्ट लेगा उसमें रीजन क्या है
(01:49) कि कोई तो आके इस पे एक स्टैंप डाल दे वैलिडिटी की कि हां हां कि वो है गवर्नमेंट ने भी कोई इसके ऊपर कई उत्तराखंड गवर्नमेंट है कुछ और है उन्होंने कुछ मैकेनिज्म्स डाल दिए हैं कि रजिस्टर करना है बताना पड़ेगा ये वो तो ऐसा कोई एंटी नहीं है कि पकड़ के ले जा रहा है आपको लिविंग इन में रह रहा है तो ठीक है ऐसा तो नहीं है समझ में जो जिसको रहना है रह ले कोई ऐसी दिक्कत नहीं लेकिन एक बहुत सोशल एक्सेप्टेंस की वो है डिमांड तो यह हमें हां कि यह रिक्वायरमेंट है कि यार हमें ये कर ले तो इसीलिए ये जो आपने सवाल पूछा कि ये इमोशनल वो है गैंबल है ये
(02:25) है मेरे हिसाब से तो लिविंग इन रिलेशनशिप्स बेहूदी चीज है। खराब चीज है। प्रैक्टिकल चीज नहीं है। ताकि मैं क्लेरिटी से दे दूं। अब इसमें कुछ आगे एग्जांपल्स या कुछ मैं वर्ड बोलूंगा वो समझाने के लिए नॉट टू मेक एनीबडी फील बैड और गुड अबाउट इट बट ये कोई इमोशनल गैंबल और ये जो आपने दो चॉइस बोली ना इसका कोई स्मार्टेस्ट डिसीजन नहीं है। कहीं से भी स्मार्टेस्ट डिसीजन तो बिल्कुल भी नहीं है। इट्स अ इनफैक्ट इट्स नॉट अ डिसीजन इटसेल्फ। ये बस एक जुगाड़ है। जैसे कि आप कोई जुगाड़ कर लेते हो ना किसी चीज का भी कोई चीज टूट गई या कोई चीज
(02:59) में पैसे नहीं है आपके पास तो आप कुछ टाइम पास तो करेक्ट वर्ड इज टाइम पास। लिविंग इन रिलेशनशिप्स इज टाइम पास हम ठीक क्योंकि अभी आपके पास बैंडविड्थ नहीं है शादी में करने की तो टाइम पास करने के लिए बस हां बस सर मैं इस पे थोड़ा सा कुछ और बोलना चाहूंगी लेकिन हमारे जो क्वेश्चंस है वो मैं आपसे नेक्स्ट क्वेश्चन पूछूंगी तो शायद उसमें ये चीज क्लियर हो बट उससे पहले मैं ये पूछना चाहती हूं कि आपको क्या लगता है लाइक कि हमने वेस्टर्न कल्चर से इसको अडॉप किया है या फिर ये इंडियन कल्चर में फिट बैठता है इंडियन कल्चर में नहीं फिट बैठता नहीं
(03:32) बैठता वेस्ट वेस्टर्न से कॉपी किया है हमने। एंड यही प्रॉब्लम होती है कि वेस्टर्न से ही हम कॉपी करते हैं। मुझे कोई दिक्कत नहीं है वेस्टर्न से कॉपी करने में। ठीक है? बिकॉज़ मैं यहां मोरालिटी का ग्राउंड पकड़ ही नहीं रहा। हां क्यों कर रहे हो? मैं कह रहा हूं सेक्स करना है कर लो। जितना करना है कर लो। लिविंग इन रहना रह लो। कोई दिक्कत नहीं है। मेरा मानना ये है कि जो हमारा कल्चर या रिलीजन के बारे में बात करूं। अगर सनातन के बारे में बात करूं कुछ सही गलत नहीं है। एक्शन है और कॉन्सिक्वेंसेस हैं। बस कुछ नहीं है। कुछ एक्शन करने हैं अपने जीवन में उनके
(04:04) कॉन्सिक्वेंसेस होंगे। कॉन्सिक्वेंसेस आपको ठीक लगते हैं तो कर लो एक्शन। पर भाई कॉन्सिक्वेंसेस अगर आपको पता नहीं है या ठीक नहीं होंगे तो देन यू मे चूज़ नॉट टू डू दैट एक्शन। दैट इज़ वन वे ऑफ़ अप्रोचिंग इट। वेस्टर्न से जरूर किया हुआ है कॉपी। एंड वेस्टर्न में ये चीज़ चल जाती है। आई विल जस्ट टेल यू। रॉबर्ट कसाकी करके एक इन्वेस्टर है। उसने रिच एट लिखी है। मल्टीपल प्रॉपर्टीज का कुछ सिस्टम है। वो ज्ञान इंडिया में डजंट वर्क एकैक्टली द सेम बिकॉज़ टैक्सेशन लॉज़ आर डिफरेंट। तो सेम थिंग इंडिया में बाकी कानून काफी अलग है। फॉर एग्जांपल इंडिया इंडिया के
(04:38) अंदर ये जो शादी प्रीपशियल वाला सिस्टम ज्यादा नहीं है। ठीक है? एललीमनी की डिमांड होती है। लेकिन एकदम ऐसा नहीं है कि बिल्कुल ही बेस्ट जेजोस करना है। ये जेफ बेजोस सर। ठीक है? इनका आधा पैसा लेके चली गई। ये हो गया। इतना वो नहीं है। ठीक है? तो वहां पे दे आर लाइक वेरी दिस थिंग कि भ कमिटमेंट एंड लड़कियां भी सारी काम ही करती हैं। वहां पर एक सबसे बड़ा डिफरेंस क्या है निधि जी कि बाहर की लिविंग इन में अगर बच्चा हो जाए बाहर मतलब वेस्टर्न में तो वो वो एक हम देखते हैं कि मां-बाप की शादी में बच्चा भी खड़ा हुआ है। इंडिया में अभी तक वो वाले लेवल पे नहीं
(05:14) पहुंचे हम लोग। है ना? तो कॉपी तो हम करना चाह रहे हैं लेकिन सारी चीजें तो लिविंग इन वाले भी नहीं करना चाह रहे कॉपी कि भ लिविंग इन में क्या आप बच्चा करने को भी तैयार हो अरे नहीं नहीं नहीं नहीं ऐसे कैसे अभी तो देखेंगे वो तो शादी के बाद ही होता है बच्चा तो तो यानी कि पूरा कॉपी नहीं कर सकते तो जब हमारा हमारी हमारे कानून के ऊपर ही मैं आऊंगा। कानून हमारे सेम नहीं है। तो यह वाली चीजों को करना भी उस हिसाब से वेस्टर्न से कॉपी करना वो है कि लगता है कि हां वो भी कर रहे हैं तो हम भी करके देख लेते हैं। लेकिन इट डजंट वर्क आउट
(05:47) बिकॉज़ अगेन सेटअप सेम नहीं है। सेटअप सेम होता तो फिर कोई इशू हम क्यों बना रहे होते हैं पडकास्ट तो दुनिया तो जी रही होती आराम से। क्या दिक्कत है? बिल्कुल। बट सर जैसे आपने बोला कि टाइम पास है एक लिव इन या फिर यू नो ऐसे कोई स्मार्ट डिसीजन नहीं है। लेकिन आजकल ना काफी कपल्स ऐसे सोचते हैं दैट हम शादी से पहले किसी की पर्सनालिटी को मतलब उसकी पर्सनालिटी रिवील हो जाती है। यू नो लाइक अगर आप किसी के साथ शादी से पहले रहोगे बिकॉज़ शादी इट्स लाइक अ लाइफ टाइम कमिटमेंट। राइट? डिवोर्स वगैरह हो रहे हैं वो तो है ही। बट काफी लोग ना डरते हैं कि
(06:21) शादी के बाद अगर चीजें मेसी हो गई तो फिर फैमिली भी इनवॉल्व हो जाती है। बहुत सारी चीजें बच्चे भी इन्वॉल्व हो जाते हैं। तो उससे पहले उनका यह मानना होता है कि यू नो शादी से पहले रह के देख लेते हैं। शायद उस बंदे की पर्सनालिटी या लड़की की पर्सनालिटी हमें क्लियर हो जाए कि उसके बाद हम डिसाइड करेंगे कि शादी करनी है या नहीं करनी है। तो क्या आप इसको स्मार्ट डिसिशन की तरह देखते हैं या फिर यह वर्क नहीं करता है। सी आपने सवाल बहुत लड़की के पॉइंट ऑफ व्यू से पूछा है और मैं बहुत ही स्ट्रेट फॉरवर्ड जवाब देता हूं। वो सीधी बात नो बकवास कौन सा ऐड आता है। ठीक है?
(06:53) मेरे को बोला था सर आप उसका ब्रांड एंबेसडर बन जाओ। मैंने कहा हां यार ऐसा मुझे लगता है। तो मैं आंसर सीधा-सीधा बता रहा हूं। इसका सीधा-सीधा जी। लिविंग इन में सिर्फ आप एक ही चीज चेक चेक कर सकते हो। टेस्ट कर सकते हो। सेक्सुअल कंपैटिबिलिटी और सेक्सुअल परफॉर्मेंस। यह तो जेनुइनली आप देख सकते हो कैसी है। इसके अलावा आप नहीं कर सकते। आप कैसे वो पता करेंगे कि वो लड़का अपने पापा मम्मी का बेटा कैसा है? सास बहू तो इनवॉल्व ही नहीं हुई। वो मां-बाप का गुलाम है या नहीं है। रह रहे हैं किसी बड़े शहर में लिविंग छोटे शहरों में लिविंग इन नहीं हो पाती। ज्यादा
(07:26) आपको पता है। ये बड़े शहरों के चक्कर हैं। जहां एनोनिमस का छोटे शहर के लोग ज्यादा लिविंग इन में रहते हैं। बड़े शहरों में जाके। बड़े शहर के बच्चे नहीं रहते। अपने पापा मम्मी के ऊपर वाली फ्लोर पे लिविंग इन नहीं रहते। लिविंग इन कांसेप्ट भी आपको बता रहा हूं। छोटे शहर के बच्चे लिविंग इन ज्यादा रहते हैं और रहते बड़े शहरों में हैं। तो वैसे वो लोग कहते हैं कि हां बड़े शहर बदनाम हो गए। बड़े शहर में जो पला बड़ा हुआ है वो नहीं रह रहा। वो लड़की पापा मम्मी के साथ रह रही है। लेकिन वो कोई लड़की बॉम्बे में काम कर रही है। बोर में कर रही है। गुड़गांव में कर
(07:58) रही है। नोएडा शोएडा यहां जहां पे भी है वो रह रही है। कहां रह रही है वो ज्यादा पता भी नहीं चलता। लिविंग इन में मेरा मानना है कोई सेंसस और आंकड़े तो नहीं हो रखे लेकिन एक मेजॉरिटी आपका बच्चा लिविंग इन में रह रहा है यह पता भी नहीं चलने देते या कई केसेस में पता चल जाता है जहां पे और इसके पीछे भी आप रिसर्च करोगे लड़कियां जो रह रही है जिनके पेरेंट्स की फील्ड मैरिजेस है मदर बहुत ही दुखी थी तो वो पैटर्न्स भी अलग-अलग दिखेंगे लिविंग इन में रहने वालों पे और रिसर्च करी जाएगी तो पता पैटर्न्स पता चलेगा कि कैसे-कैसे फैमिली सिचुएशन से ये लोग आ रहे हैं। कि
(08:33) लड़कियों को पहली बात तो बहुत डिसएडवांटेज है। पहले सुन लो। शादी से इमीडिएट फायदा होता है लड़की को। मैं कानून के हिसाब से बातें कर रहा हूं। ठीक है? सी महिला का सबसे बड़ी चीज है सेक्स। कोई माने या ना माने। एक बार लड़के को सेक्स मिल गया। या तो अब उसका इंटरेस्ट वैसे भी कम होगा। शादी के बाद भी होता है और पहले भी होता है और एक फैक्ट है ये। ठीक है? ठीक है? अब प्रेगनेंसी का चांस किसका है? आदमी तो प्रेग्नेंट होता नहीं है। हम औरत ही होती है, महिला ही होती है। ठीक है? तो आप एक रिलेशनशिप में हो जिसमें चांस है प्रेगनेंसी का। इट इज नॉट जीरो।
(09:10) तो बर्थ कंट्रोल पिल्स कौन खा रही है? महिला। इमरजेंसी 72 आवर वाली पिल किसको खानी पड़ रही है? महिला को। हम ठीक है? और समाज में जो एक सिस्टम बना हुआ है यूज और मिसयूज वाला कि ये चीज यूज़ हो गई। वो कांसेप्ट महिलाओं के साथ है। महिला यह नहीं बोल सकती मैंने इस पुरुष के साथ 20 बार, 50 बार, 200 बार सेक्स कर लिया तो पुरुष यूज़ हो गया। ऐसा नहीं है। समाज में होना चाहिए। मैं तो कह रहा हूं बराबरी है। बट जो जैसा है मैं आपको बताता हूं लिविंग इन लिविंग इन में ये है कि हमने गाड़ी निकाल ली। इसकी नंबर प्लेट नहीं निकाल रहे और रजिस्ट्री नहीं करा रहे। हम
(09:48) वो जाकर। ठीक है? तो ये गाड़ी हमारी नई रहेगी। इस पे टैग नहीं लगेगा सेकंड हैंड का। लेकिन शादी हो के डिवोर्स हो गया तो सेकंड हैंड का टैग लग जाएगा। होरा सेक्सीी है। होरा सेक्सीी है। शादी में जब एक लड़की एक साल के बाद डिवोर्स कर लेती है। छ महीने में डिवोर्स हो जाता है हस्बैंड वाइफ का। है ना? तो क्या है? क्या पता? एक तो ठीक है। चलो वो कोर्ट का केस एंड एलिमनी एंड ऑल दैट वो तो है मामला। बट एक और साइकोलॉजिकल चीज क्या है? डिवोर्सी के ठप्पे में कि ये सेकंड हैंड माल है। आज के दिन लकीली एंड फॉर गुड दिस थिंग लड़कों पे भी ये टैग लग रहा है। व्हिच इज
(10:23) अ गुड थिंग। देयर वास अ टाइम जब लड़कियों को ही ऐसा समझा जाता था। डिवोर्सी लड़के तो एकदम फ्रेश आइटम ही समझे जाते थे। गुड है कि समाज अब लड़के को भी डिवोर्सी टैग से जूझना पड़ता है। व्हिच इज गुड। दैट वे इट इज गुड। ठीक है? बट जब हमने शादी नहीं करी है और लिविंग इन में है ब्रेकअप हो गया साथ नहीं रहे अलग रहना पड़ गया तो उससे क्या हो रहा है? उससे आप पे वो टैग नहीं लगा कि यूज्ड जैसे गाड़ी का टैग होता है ना कि क्योंकि रजिस्ट ही नहीं हुई थी। पर द फैक्ट ये है कि वो नई गाड़ी भी बिना अब ये लोगों को ना बड़ा ऐसा बातचीत करने में लगेगा कई लोगों को सेंसिटिविटी होती
(10:57) है तो मैं यहां पे उनकी सेंसिटिविटी को समझते हुए बोलूंगा कि ये ऑब्जेक्टिफिकेशन ऑफ फीमेल्स या मेल्स या नहीं हो रहा है। ये एग्जांपल समझाने का तरीका है। यस आप एक दो महीने गाड़ी चला ली आपने वो एट सम पॉइंट ऑफ़ टाइम वही गाड़ी चलते-चलते पुरानी हो रही है। महिला भी बहुत जब सेक्स हो जाता है एंड वो इस तरह के रिलेशनशिप में रहते हैं। स्पेशली मैं बता रहा हूं कि पिल्स खाई जाती हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स खाई जाती हैं। हार्मोंस के इशू होते हैं। शरीर बडोल होता है। महिला का शरीर जल्दी बडोल होता है। आदमी का नहीं होता। आदमी तो आप हीरो हीरोइंस देख लो जो ये हीरोइनें
(11:34) पहले आई थी ये प्रिटिजता और ये सब जो उस टाइम पे रानी मुखर्जी ये किस लेवल पे और इनके साथ के स्टार्स जो हैं वो अब भी उनसे 30 साल 25 साल नीचे वाली कर रहे हैं। हमें पता है और हमने डायलॉग्स भी सुने हैं। आदमी और घोड़ा बूढ़ा नहीं होता। ऑल दैट ये सोसाइटी की जो भी कह लो है लेकिन इनमें 2% एक 5% कुछ सच्चाई भी है। हम देखते हैं ये सब ठीक है तो इसमें सबसे पहले अगर हम ये चीज समझ में आ जाए हमें कि लिविंग इन रिलेशनशिप महिलाओं के लिए खराब है। पुरुषों के लिए तो ये क्या बोलते हैं? बून है। आशीर वो कहते हैं कहते हैं अ वो क्या मांगते हैं?
(12:10) वरदान वो वरदान वरदान है कि भाई सेक्स मिलेगा बच्चा सोना नहीं है जिम्मेवारी अपन की है नहीं क्लेश होगा तो चली जाएगी ये ऐसा है बट अनफॉर्चूनेटली फॉर्चूनेटली आगे है ये ये पुरुषों को इनिशियली ऐसे लगता है पर प्रैक्टिकिटी क्या है ना लिविंग इन रिलेशनशिप और शादी के अंदर अगर थिंग्स गो बैड या तो उसके बाद फिर पुरुष भी भुगतता है इट इज जस्ट दैट वो न्याय संहिता ताकि वो जो वो है कौन सा लगता है वो चेंज हो जाता है। शादी के अंदर 498 पहले लगता था अभी शायद 87 लगता है और लिविंग इन में रेप लगता है सीधा या ठीक है क्योंकि मैरिज में तो रेप है नहीं
(12:53) मैरिटल रेप तो है ही नहीं है ना तो मैरिज में तो दहेज लगेगा प्रताड़ना कुछ अलग लगेगा लेकिन ये वाला ज्यादा सीरियस है बहुत केसेस में कोर्ट्स में जाके इंसान बरी हो जाता है इस रेप चार्ज में जब प्रूव होता है ये साथ रहते थे एंड इट इज गॉट बट उसमें चार पांच छ साल लग जाते हैं उन चार पांच छ साल में लड़का बदनाम हो चुका उसकी नौकरी नौकरी जा चुकी है। उसकी कहीं शादी नहीं हो रही और उसका मट्टी प्लीत हो चुकी है। ठीक है? फिर बरी हो जाएगा। हो जाएगा। जब बट बरी होता है तब अखबार में नहीं छपता। ठीक है? तो यानी कि इट इज अ डेंजरस थिंग। शादी में फिर भी समाज इनवॉल्व रहेगा। किसी
(13:29) तरह कुछ होप्स हैं। ठीक है? लेकिन लिविंग इन खतरे का वो है काम। हां। इट इज एंड लड़कियों के लिए बहुत खतरा है। लड़कियां शुड नॉट गेट इंटू दिस। हां। बट सर जैसे आपने बताया कि लड़कियों का भी वो यू नो थोड़ा प्रेगनेंसी रिस्क और ये सब चीजें इन्वॉल्व होती है। थोड़ा नहीं है नितीश जी हम थोड़ा नहीं बोलते थोड़ा नहीं होता यू आर किसी यू आर नॉट नहीं ऐसा नहीं होता कि थोड़ा बुखार होता है थोड़ा बुखार होता है बट थोड़ी प्रेगनेंसी नहीं होती आइदर यू आर प्रेग्नेंट और यू आर नॉट प्रेगनेंट मूवमेंट स्पर्म एंड ओवा करता है ना साइंटिफिक बातें करें स्पर्म ओवा कंबाइन
(14:05) किया तो जागोट बना जाइगोट यूट्रस की वाल पे लगा तो उसके बाद फिर वो प्रेगनेंसी टर्मिनेट करनी पड़ती है एंड उस केस जो भी डॉक्टर देख रहे हैं बाकी लोग जो देख रही हैं महिलाएं उसके लाइफ लोंग रिपरकरशंस हैं। जी यूट्रस, ओवरी, सिस्ट, पीसीओडी एंड पता नहीं क्या-क्या उसके साथ और क्या-क्या लाइफ लोंग लिंक रहता है। एंड इसके साथ सारा इमोशनल जो ट्रॉमा होता है महिला को होता है। पुरुष को कोई लड़कियों को होता है। वो तो याद रखनी है। पुरुष को नहीं होता। पुरुष तो चला जाएगा ज्यादातर। खर्चा दे देगा, पैसे दे देगा। चल मैं देता हूं 2500 जो खर्चा हो रहा है।
(14:41) अदरवाइज दैट रिस्क इज देयर वि द वुमेन एंड इट्स अ वेरी वेरी बिग रिस्क आई एम टेलिंग यू ठीक है हां बट सर जैसे आपने बताया कि लड़कों के लिए भी खतरा है मतलब कम है लड़कियों को ज्यादा है लड़कों को भी है वो जो हमने फॉल्स केसेस की बात की राइट तो तब भी आपको ऐसा क्यों लगता है लाइक पीपल आर अवेयर ऑफ़ दीज़ थिंग्स राइट मतलब अगर बीइंग अ वुमेन अ जैसे अगर मैं बाकी लड़कियों को जानती हूं मतलब हम आसपास देखते हैं तो उनको ये सब चीजों का पता है एंड वो ये चीज एक्सेप्ट एक्सप्ट भी करती हैं दैट यू नो आजकल जो लड़के हैं सब नहीं लेकिन कुछ लड़के उनको
(15:16) एक यू नो ऑब्जेक्टिफाई करते हैं सेक्सुअल नीड्स की तरह उनको देखते हैं कि उनकी नीड्स पूरी होनी चाहिए तो यह सब लड़कियों को पता है और लड़कों को ही पता है कि आजकल कितने केसेस चल रहे हैं फॉल्स केसेस चल रहे हैं जहां लड़कियां उनको फंसा सकती हैं एंड बहुत केसेस चल रहे हैं तो आपको क्यों लगता है कि फिर भी वह इस चीज में एंटर कर रहे हैं जैसे मैंने क्या ऐसा एक पर्सन भी चांस है कि हमें पता है कि रिस्क है दोनों साइड से ही है किसी के लिए भी शायद लड़कों के लिए इजी है। लड़कियों के लिए नहीं है। बट फिर भी लड़कियां शायद एक लड़के के साथ टाइम
(15:46) स्पेंड करके उसकी रियल पर्सनालिटी जान के बच सकती हैं। इस वे से तो इसको आप कैसे देख सी रियल पर्सनालिटी हर इंसान की चेंज होती है। यू स्टे विद समबडी एट 25 व्हाट हिज पर्सनालिटी विल बी ए 31 यू कांट डिस्कवर दैट इज वन। दैट इज वन। सेकंड थिंग इज जो आप बोल रहे हो कि इसके बावजूद भी क्यों लोग रहते बिकॉज़ ये कन्वीनियंस की जरूरत है। इट इज़ लाइक कि लोग उबेरोला क्यों लेते हैं? अपनी गाड़ी क्यों नहीं खरीद लेते हैं? कन्वीनियंस है। कन्वीनियंस है। कन्वीनियंस है। तो पहली बात आप देखना लिविंग इन रिलेशनशिप में 99.
(16:21) 99 नहीं 100% जो लड़की होगी वो काम करने वाली होगी। वर्किंग होगी, पैसे कमाने वाली होगी। कोई लड़की ऐसी नहीं होती जो घर में बैठती है और कोई पैसे नहीं कमा रही है। वर्किंग फ्रॉम होम हो रहा है। उसकी बात नहीं कर रहा। तो वो पैसे कोई लड़की ऐसी नहीं होगी कि मैं लिविंग इन में रहना है और अभी लिविंग इन पार्टनर आया और मैं आरती उतारूंगी। उसका खाना बनाऊंगी और उसको सेक्स दूंगी। घर को ख्याल रखूंगी और उसको सब ऐसी कोई महिला नहीं है। क्योंकि ऐसी हो जाए तो बीवी ना बन जाए फिर वो। सही बात है। बीवी बन जाए फिर क्योंकि बीवी बनके तो सारे राइट्स मिलते हैं ना कलेश करने के।
(16:56) भैया आप महिला कोई महिला बिना कलेश करे ज्यादा दिन रह नहीं सकती। एक फैक्ट है वो अंदर से उनको चाहिए। ठीक है? जैसे आदमियों को भी कुछ चीज चाहिए। यहां मैं वो विलेन नहीं बना रहा महिलाओं का लेकिन लेकिन वो एक रिलेशनशिप में उनको सिक्योरिटी सबसे ज्यादा चाहिए। एक महिला का लिविंग इन वे में रहना जहां ट्रस्ट का कुछ नहीं है। सिक्योरिटी का कुछ नहीं है। क्लेश नहीं कर सकती। वो महिला अपना असली रूप नहीं दिखा सकती। आप बार-बार पूछ रहे हो कि मैं उस लड़के का असली रूप दिखाऊंगी। वो महिला अपना श्री रूप दिखा रही है लिविंग इन में जो दिखाएगी शादी के बाद वो दिखाएगी तो वो
(17:29) तो भाग जाएगा तो महिला भी बड़ी ऐसे कन्वीनियंस की है या मैंने देखा है इसको पैटर्न देखेंगे एक बॉलीवुड में एक एक्ट्रेस आई ओटीटी में स्ट्रगल कर रही है वो किसी अब ए लिस्ट है मैं नाम लूंगा तो फिर आप गूगल भी कर सकते हैं वो लड़की ए लिस्ट बन गई वो किसी स्ट्रगलिंग राइटर के साथ लिविंग इन में रहती थी नचबलिए में भी आती थी ठीक है नचबलिए में भी आती थी वो और उस लड़के के साथ थी और लिविंग रह रहे थे वो उसके बाद उसकी निकल पड़ी उसने लिविंग इन वाले को छोड़ दिया तो लिविंग इन का प्रिमाइस ही है कि जब तक तेरे से कोई बेटर नहीं तब तक तेरे साथ काम चलाना इट समथिंग
(18:03) लाइक कि अभी हम उबेरोला में चलेंगे जब हमारी निकल पड़ी तो हमारे पास गाड़ी आ जाएगी ड्राइवर आ जाएगा फिर वो उस तरह लाइफ जिएंगे तो ये बेसिकली एक बस ऐसे ही टाइम पास का है। लड़कियां लड़कियों के साथ उतनी अच्छा जेल नहीं करती है। ये कभी मैं रिलेशनशिप कोर्स में मैंने सिखा रखा है अपने लोग रिलेशनशिप कोर्स ले सकते हैं। आरसी WhatsApp करके मुझे बहुत अच्छी वो है। लेकिन सिंपल सी चीज ये है। एक सेकंड हां या आवाज आ रही है मेरा? हां। ठीक है। तो सबसे सिंपल सा सिंपल सा चीज ये है कि रिलेशनशिप्स के अंदर ट्रस्ट नहीं होना, टाइम पास होना वो डिफाइन कर रहा है लिविंग
(18:39) इन को। तो इट इट इज अ टाइम पास। इट उससे कुछ निकल नहीं रहा है। कहीं पहुंच नहीं रहे हो। और दूसरा ये है कि आप कभी किसी की पर्सनालिटी नहीं पता कर सकते। क्योंकि एक इंसान जब आप एक रोहित और नेहा जैसे मैं एग्जांपल देता हूं लड़का लड़की के नाम का नेहा रोहित की पर्सनालिटी सिर्फ एज अ इंडिविजुअल पर्सन थोड़ी सी देख पा रही है। रोहित एक सन भी है। रोहित एक भाई भी है। रोहित कुछ और भी है। जब वो शादी होगी तभी वो सब कुछ दिखेगा। बिल्कुल। द सेम थिंग द सेम थिंग इज एंड फॉर द मैन आल्सो। आज उस लड़की के पास कोई लीवरेज नहीं है क्योंकि तुम्हारा वॉक अवे दोनों
(19:17) कर सकते हो तो एक दूसरे पे लीवरेज ही नहीं है तो दे आर नॉट इवन शोइंग देयर ट्रू कररेक्टर्स आर पूरा असली वाला हां थोड़े आप हजीन ट्रेड्स देख सकते हो हाइजीन आप नहीं छिपा सकते ठीक है आप एक बेसिक अपने ईटिंग हैबिट्स नहीं छिपा सकते आप एक अपने बेसिक कई बेसिक चीजें लेवल पे आई एग्री आप वो कर सकते हो बट वो चीजें तो आप वैसे भी पांच 10 मुलाकात में बातत करके और वैसे देख के वो वहां पे भी देख सकते हो आप ऐसी बात नहीं है कि उसके लिए आपको लिविंग इन ही रहना है फिर लिविंग इन में तो कोई एंड ही नहीं है ना ये रहे 15 दिन निधि मजा नहीं आया फिर चले गए वेरी गुड
(19:53) फिर दूसरे के साथ तीसरे के साथ फिर 510 के साथ ऐसे रह के बचेगा क्या फिर आप किसी की कोई बंदा दुल्हन कोई दुल्हन बनेगी तो वो क्या पति से बात होती है पांच 10 होने वाले पति से तो कहीं ना कहीं तो बताना पड़ेगा ना कि मैं लिविंग इन में रही थी क्योंकि आज के दिन डिजिटल इंप्रिंट इतना है Facebook है WhatsApp Instagram है, फोटोग्राफ्स हैं। आपने नहीं खींची, किसी और ने खींच ली। तो आप ऐसे नहीं डिनाई कर सकते कि लड़का मेरी लाइफ में था या नहीं। आप रहते थे कहीं पे भाई। ठीक है? इकट्ठे रहते थे। आपके पड़ोस होगा, कॉमन फ्रेंड्स होंगे। कुछ कुछ तो होगा ही ना आपका। तो आप
(20:27) ऐसे आप ये बोल सकते हो कि हां सात के साथ आप लिविंग इन में रहे थे। पर दो का तो बताना पड़ेगा आपको कि हां मैं एक दो के साथ कभी-कभी रही। तो अब वो देख लो कि वो वो फिर मैरिज का और वो प्रोग्राम कैसे सेट होगा। आप खुद सोच लो। हां आपको लगता है नहीं वो भी 10 मैं क्या करूंगी अगर देखो सिस्टम ही यूं सोच लिया है कि मैं तो लिविंग इन से ही शादी में अपग्रेड करूंगी हम और लिविंग इन को आपने गाड़ी की टेस्ट ड्राइव समझ लिया है हम तो वो चक्कर क्या है कि अगर इस तरह समझ लिया और इसी रूट से जाना है तो ऑल द बेस्ट लेकिन द फैक्ट ये है कि एव्री टाइम अ रिलेशनशिप ब्रेक्स देखो कुछ
(21:06) तो होता ही है ना जब लिविंग इन में भी रहते हो एक घर में रह रहे हो कुछ इमोशंस तो होते हैं। वो बैगेज बड़ा होता जा रहा है आपका बस और कुछ नहीं और उम्र के साथ फिर वो कोई भी ठीक नहीं लगता। फिर ऐसे लोगों की ज्यादा शादी भी नहीं होती। हां हां ये तो वैसे साइंटिफिकली भी अगर मैं बात करूं इसकी तो ये चीज तो है ही कि मतलब वैसे भी ना जैसे काफी सारे हमने ऐसे कपल्स भी देखे हैं कि जो 10-10 साल इवन में रहते हैं लेकिन उनकी शादी भी होती है लेकिन शादी के बाद ही डिवोर्स हो जाता है। तो इस चीज से शायद मैं एग्री करूंगी दैट पर्सनालिटी का पूरा पता चलना यह जरूरी
(21:41) नहीं है कि आप लिव इन में पूरी पर्सनालिटी उसकी वह जान सके। सी क्वेश्चन यह है कि आप किसी की पर्सनालिटी जान सके हो। आपकी भी तो पर्सनालिटी चेंज हो रही है। आपको पहले एक्स पर्सनालिटी अच्छी लगती थी। अब वो एक्स अच्छी नहीं लगती। अब क्या कर लोगे? आपने जान तो ली। इट इज लाइक कि आप एक सब्जी खाते थे किसी टाइम पे। अच्छी लगती थी। अब नहीं अच्छी लगती। अब क्या करोगे? इट जानने से भी तो सब कुछ नहीं होता ना। हम जी। बिकॉज़ यू आर योरसेल्फ चेंजिंग ऑल द टाइम। या [नाक से की जाने वाली आवाज़] एंड सर जैसे आपने वो इमोशनल बैगेज वाली बात भी बोली थी ना दैट लड़कियों को ज्यादा होता
(22:13) है तो इससे भी आई अग्री जैसे यह साइंटिफिकली मैं बोल रही थी कि यह प्रूवन है कि यू नो हम ऐसे ही शायद इवॉल्व हुए हैं कि हमें वो तीनों चीजें चाहिए होती हैं। लव, लस्ट और अटैचमेंट। तो आजकल वो हो क्या रहा है कि वो लस्ट वाली चीजें चलती जा रही हैं। एंड वो हम बार-बार पार्टनर स्विच कर रहे हैं कि चलो यह ठीक नहीं है तो इसको आगे देखते हैं। किसी और को देखते हैं। और फिर वो अटैचमेंट वाला ना वो बॉन्ड हो नहीं पा रहा है। जिससे हमारा इमोशनल पूरा वो मेस्ड अप हो जाता है। क्योंकि कोई भी आप फिजिकल एक्टिविटी करते हो तो इमोशनल तो आप इंटिमेसी होती मतलब इमोशनल भी आप
(22:45) मतलब फील करते हो। जब आप फिजिकल इंटिमेसी होती है तो इमोशनल भी कनेक्ट करते हो। लेकिन यह मानते नहीं है आजकल लोग तो आप इमोशनली थोड़ा वो हो जाते हो। लेकिन मेरा एक ये क्वेश्चन था कि लड़कियों को कैसे ज्यादा इफेक्ट करता है? लाइक आप इसको कैसे डिफाइन करते हो? बिकॉज़ मेरा यह मानना है कि लड़कियां बहुत ज्यादा इमोशनल सफर करती हैं। ये ब्रेकअप के बाद लड़कियां इमोशनली वैसे भी ज्यादा सफर करती हैं लाइफ में। जब दो पद जेंडर पैदा हो गए ना तो उनको सफर बिकॉज़ दे लव सफरिंग। ठीक है? एस सच तो वो कभी अलग टॉपिक हो जाएगा। ठीक है? तो यहां पे हमें वो नहीं करना कि यहां लड़की जेंडर
(23:18) का वो करना है। ठीक है? महिलाएं मून है। ठीक है? एस्ट्रोलॉजी है उनका ऐसे ही है ऐसे जो जिनकी शादियां होंगी माताएं बन चुकी है वो सफर नहीं कर रही वो सी लाइफ में क्या है ना निधि सिंपल सा चीज है ऑल ऑफ अस विल सफर मैन आल्सो सफर मैरिड आल्सो सफर बैचलर्स आल्सो सफर लिविंग इन आल्सो यू हैव टू चूज़ योर सफरिंग्स यू हैव टू चूज़ योर सफरिंग्स अ सफरिंग व्हिच विल गिव यू मीनिंग अ पर्पस एंड विल काउंट इन समथिंग लाइक से कि अगर कोई इंसान पतला होना चाहता है तो सफरिंग खाना कम खाने की सफरिंग से उसको कुछ मिल गया। तो ये लिविंग इन की जो सफरिंग है ना जो
(23:55) लिविंग इनसे सफरिंग मिलती है। ये किसने कहा कि मैरिज में सफरिंग नहीं है। सफरिंग तो लाइफ लाइफ इज सफरिंग ना। बुद्धिज्म पढ़ो या कुछ भी ज्ञान की किताब पढ़ लो, धर्म पढ़ लो, बड़े ज्ञानी आदमी से बात कर लो। तो ये सब सफरिंग सफरिंग पे तो बड़े लेक्चर है। ठीक है? मैं ये सिंपल कह रहा हूं भाई सफरिंग तो होनी ही होनी है लाइफ में। यू चूज़ योर सफरिंग ना कि ये सफरिंग में कोई मीनिंग है। हम और उस सफरिंग में कोई मीनिंग नहीं है। तुम तीन साल रिलेशन लिविंग इन में रहे। फिर वो चला गया, ये चला गया, ये हो गया। तो क्या मीनिंग था उस टाइम का? टाइम पास थे तुम एक
(24:24) दूसरे का। ट्रस्ट नहीं था, म्यूचुअल रिस्पेक्ट नहीं थी। तभी तो ऐसे रह रहे थे। यू शुड नेवर स्टे इन लिमि रिलेशनशिप। इट्स अ वेस्ट ऑफ़ टाइम। ओके। सर लास्ट क्वेश्चन है मेरा अ क्या लाइक यू नो जैसे आपने बोला कि वेस्ट ऑफ़ टाइम एंड मुझे भी यह कांसेप्ट पर्सनली ठीक नहीं लगता है। बट लोग आजकल इतना डर क्यों रहे हैं? लाइक व्हाई आर सो मेनी पीपल आर लाइक यू नो स्केर्ड ऑफ़ मैरिज। मतलब उनको बेड शेयर करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है। अ घर एक शेयर करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है। लाइफ शेयर कर रहे हैं। कभी-कभी कपल्स रिस्पांसिबिलिटी भी शेयर करते हैं। तो
(24:56) मैरिज से लोग इतना भाग क्यों रहे हैं? उन्हें डर क्यों रहे हैं? [हंसी] मैरिज से मैरिज से डर इसलिए रहे हैं क्योंकि उन्होंने अपने पेरेंट्स की मैरिज देखी है ना। तो उनको ऐसा लगता है कि ये अगर मैरिड नहीं होते और सेक्स हो रहा होता इनका बस और ऐसे मजे ले रहे होते तो अच्छी चलती। तो ट्राई कर रहे हैं। तो प्रीवियस जनरेशन हैज़ फेल्ड। सी द न्यू जनरेशन विल ऑलवेज ट्राई समथिंग न्यू बिकॉज़ न्यू जनरेशन विल नो एंड फील कि दिस डजंट वर्क। नाउ इंस्टेड ऑफ रिपेयरिंग पुरानी वाली गाड़ी और म्यूजिक सिस्टम और समथिंग इट इज ऑलवेज बेटर टू गेट समथिंग न्यू कि अबे यही
(25:27) करते हैं ना कलेश ही खत्म बाहर खाना खाएंगे। क्योंकि सी इफ यू आर नॉट इन यू आर इन अ लिविंग इन रिलेशनशिप तो कोई सास आके तो ना बोल रही कि बेटे ये छोटे कपड़े क्यों पहन रही हो तुम? ऐसे लेट घर में क्यों आ रही हो? यह खाना क्यों नहीं है? ऐसे क्यों नहीं है? बच्चे सबसे बड़ी तो जिम्मेवारी बच्चों की है। बच्चे ही नहीं है। सेक्स चल रहा है। अरे भैया ये तो सबसे बेस्ट लाइफ है ना वैसे देखो तो हम तो पर ये कब तक चलेगी? चला लो। चलाने अच्छा लगता है चला लो। मैं मैं सी मैं जजमेंटल नहीं होता। मैं मोरालिटी तो लाता ही नहीं इसमें। योर बॉडी योर माइंड योर
(25:59) लाइफ। ठीक है? करो। अच्छा है करो। ठीक है। करो जिसको करना है। जितना करना है करो। कई बार कई बार तो कई लोग होंगे। तुम कौन होते हो बोलने वाले? हां हम कोई नहीं होते। कोई नहीं होते। बस यही है कि आप हमारे फ्यूचर ग्राहक हो। ठीक है? बस कंसल्टेशन के लिए आओगे। इट इज ओके। तो जितने मतलब इट इज समथिंग लाइक दैट। एक डॉक्टर है। एक डॉक्टर है। अ वो बाहर लोग गंदा खाना खा रहे हैं। तो वो उसके ग्राहक हैं। वो डॉक्टर आके बहुत बोलेगा मत खाओ। बाहर का गंदा रेडी का खाना नहीं खाना चाहिए। को बोलेगा नहीं इससे इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है। सबके
(26:35) अपने फंडे हैं। अब अरे होटल का खाना कैसे खाएं वो महंगा है। अरे घर में कैसे बनाए टाइम ही नहीं है। अरे तुम्हें तुमने कभी खाना बनाया तो पीपल विल कम आउट। तो डॉक्टर का क्या काम है? पर्ची काटना है। आजा क्या है? अच्छा पेट में दर्द ये वाला वो ये दवाई दे ज्यादा कुछ हो गया। ज्यादा फूड पोइजनिंग हो गई। चलो भाई इसको लिटा दो। ड्रिप लगा दो। दो दिन का बिल हो गया जी। ₹4000 आपका। चलो जी। चलो जी जाओ। खाओ फिर खाओ। कोई बात नहीं फिर आ जाओ। ठीक है। तो इट इज लाइक दैट। किसी के बाल उड़ रहे हैं तो ठीक है आकर दवाई खा लो बाल उग जाएंगे। किसी का कुछ और गड़बड़ हो रही है। कोई आके
(27:07) क्यों ज्ञान दे कि बेटा विटामिन बी12 भी देख लिया करो। ठीक है? यह भी अपना देख लो दो तीन क्योंकि कई बार ₹2 की कमी शरीर में आपको ₹ लाख की बीमारी से बचा सकती है। पर जिसने ₹ लाख पे कमाना है वो क्यों ₹2 की चीज बताएगा? क्योंकि वो ₹2 की चीज बताएगा भी तो गाली खाएगा। लेकिन ₹ लाख पे जब आएगा तो कोई कोई आके गाली नहीं देता। वो खुशी-खुशी पैसे देते हैं कि हमें बचा लो। ठीक है? तो समाज में भी ऐसे ही है। ये लिविंग इन क्या है? एक समाज का सोशल फैब्रिक का डिस्ट्रक्शन है। इट इज मोस्टली हैपनिंग इन अ मेजरिटी वाला अपना रिलीजन। इट इज नॉट हैपनिंग इन रिलीजन स्पेसिफिक भी
(27:43) है ये काफी चीजें। ठीक है? जिनको ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी है जिस रिलीजन में जिस कल्चर में यू विल और या जिस जातपात में या जिन शहर उसमें तो वहां ये है अदरवाइज तो अभी वो एक मैंने देख रहा था क्या नाम है? ये कर्तव्य करके आई है Netflix पे। इसमें अभी वो ऑनर किलिंग वाला दिखा रहे हैं छोटे शहरों में तो छोटे गांव में कोई लड़की किसी दूसरी जात के लड़के के साथ एंड ऑल दैट तो वो भी एक्सिस्ट कर रहा है इंडिया में अभी तक वो खत्म नहीं हुआ है। मैं वो वो पहले खत्म होना चाहिए। ठीक है? मैं उसको तो बिल्कुल ही गलत ठहराता हूं। पर लिविंग इन भी शुरू हो गया और वो भी
(28:17) एक्सिस्ट करता है और समवेयर इन बिटवीन भी लाइफ चलती है। तो दिस इज हाउ इट इज। ठीक है। या ठीक है सर। ओके। थैंक यू सो मच फॉर आंसरिंग ऑल द क्वेश्चंस। एंड आई होप ऑडियंस को ये पडकास्ट अच्छा लगा हो। एंड अगर आपके कुछ भी क्वेश्चंस है आप डिसएग्री कर रहे हो, एग्री कर रहे हो कमेंट सेक्शन में बताओ। हम ट्राई करेंगे कि अगर हमें कुछ लगा तो हम सेकंड पार्ट लेके आ सकें। सो थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। प्लीज लाइक, सब्सक्राइब एंड शेयर हाइप कर दिया करो। लार्जर ऑडियंस की तरफ तरफ वो वीडियो चली जाती है। सो थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। एंड सर थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग। थैंक
(28:49) यू फॉर गिविंग योर वैलुएबल टाइम। थैंक यू। है।
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