Does meditation help with sleep? | Sunitha Meditation | Journalist Anjali | @SignatureStudiostv
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(00:00) अंदर की नमस्कार तेव जरगला श्रीलंका बेस्ट प्रोव सीएम हिंदी इंग्लिश जरग अदर लैंग्वेज इंटरव्यू अवकाश आ संदर्भ इ रोजू इंटरव्यू पूर्तगा हिंदी अवकाश तेलुगार गेस्ट समाधान तेलुगुले क्वेश्चन हिंदी अवकाश इंटरव्यू देर यूके अमेरिका मंदी Instagram लो वीडियोस पेट वाल तेलुगुल हिंदी तेलुगु स्टेट लो इंटरव्यू गुरु वीडियो को नमन
(00:53) योगा मनसु मेडिटेशन मनसु क्रिया योगा मनसु रेकी थेरेपी मन प्रॉब्लम की इड प्र मन मुंद सुनीता जी सुनीता लो आ जी समस आ तस सशन मेडिटेशन मेडिटेशन लो भाग ने मिरेकल्स जर यतो म सशार चाला मंद मैसेजर सो इन अंदर की उपयोगि स्टार्ट मैडमारंट फर्स्ट मेडिटेशन तो स्टार्टवात इंटरव्यू
(01:41) सो तेलुगु वालों को मैं बता रही हूं पहले मेडिटेशन शुरू करेंगे सो ठीक है ओके या विल फॉलो यू नमस्तेश नमस्ते जी नमस्ते सभी को हम लोग फर्स्ट मेडिटेशन करते हैं पैरों को क्रॉस करके बैठना है अगर आप चेयर पे बैठे तो एंकल पे लॉक करके बैठना है। हाथों को इंटरलॉक करके लैप पे एकदम आराम से धीरे-धीरे आंखों को बंद करना है। [गहरी सांस लेने की आवाज़] हम मेडिटेशन के लिए रेडी हो गए हैं। भी महात बाबा जी माता जी के एनर्जी के साथ कनेक्ट होके हम सब सिद्धाश्रम में
(02:27) एक बहुत बड़े सर्कल के ऊपर बैठ रहे हैं। बॉडी को रिलैक्स रखना है। बॉडी को बहुत ज्यादा रिलैक्स रखना है। रिलैक्स गुरुओं को पेरेंट्स को एनसेेस्टर्स को कुलदेवी को साक्षी रखकर हम लोग आज कम्युनिटेशन स्टार्ट कर रहे हैं। अभी शुरू करेंगे [हंसी] तेलुगु प्रेक्षक लोगों को पहली बार आपका इंट्रोडक्शन है। हम तो पहले आपके बारे में जानना चाहते हैं हम। आप कहां से हैं? अब पूरा नाम क्या है?
(03:12) आप इस तरफ क्यों आ गया? मेरा नाम सुनीता है और मैं पुणे में रहती हूं अभी। तेलुगु लोगों के लिए ये फर्स्ट टाइम हो सकता है। हिंदी में तो बहुत देख चुके हम आपका वीडियो सब कुछ और सब लोगों को आपको भी पता नहीं है काश। मैं भी आपका शिष्य लोगों ने यूएसए यूके से बहुत लोग Instagram में मेरे को मैसेज रखा है तेलुगु में एक इंटरव्यू करना है हमारा माताजी को तो ये आपको पता नहीं है एक्चुअली उन्होंने बोला है कि माताजी को बताया नहीं आपने नहीं बताना चाहिए तो इंटरव्यू में बता दीजिए हम ऐसे रिक्वेस्ट किया बोल के उसकी वजह से आपको यहां पे बुलाया
(03:55) तो आपको मैक्सिमम हिंदी में आपसे बात करके और तेलुगु में भी बीच-बीच में थोड़ा सा एक्सप्लेन कर तो बता दीजिए आप। मैं हैदराबाद और तेलुगु पीपल से बहुत दिनों से जुड़ी हुई हूं। अच्छा मेरा स्टार्टिंग पॉइंट ही हैदराबाद है। अच्छा जैसे मैं मेडिटेशन स्टार्ट हुआ था तब से लेकर जब मुझे बाबा जी ने बोला था कि आपका काम स्टार्ट होने वाला है। वो भी हैदराबाद से ही स्टार्ट हुआ है। हां। तो तेलुगु में और हैदराबाद पीपल के साथ और तेलुगु पीपल के साथ बहुत दिनों से स्टार्टिंग से ही मेरा इनके साथ बहुत अच्छा रिलेशन है। अच्छा आप तेलुगु मैंने बात नहीं की इसलिए
(04:38) हमको तेलुगु वालों के साथ ज्यादा हम मतलब पता नहीं है। मतलब वो तो हिंदी वालों को पता चला होगा आकाश। मैं एक्चुअली महाराष्ट्र से हूं। जी। पुणे में रहती हूं। जी। पर मेरा स्टार्टिंग ही हैदराबाद से हुआ है। जैसे हम यहां पे आए हुए थे। फर्स्ट फर्स्ट अगर मेरा कोई एक जगह बाहर जाके कहीं पे इंट्रोडक्शन हुआ है तो हैदराबाद प्लेस है। अच्छा [हंसी] राइट राइट। यस। हैदराबाद से तेलुगु पीपल से इस एरिया से पूरे मेरा बहुत संबंध है। यहीं से स्टार्टिंग पॉइंट है मेरा। अच्छा। हां। और इंटरव्यू भी यहीं से ही चल रहा है। [हंसी] सही बात है। सही बात है।
(05:19) [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] तो पुणे में रहते हैं आपका पेरेंट्स के बारे में और सिबलिंग्स के बारे में। मेरे पापा एक फार्मर थे। जी। अभी वो नहीं है। 2014 में उनका उन्होंने बॉडी छोड़ दिया था। मां है। वो भी फार्मर है। वो है अभी। और मेरी चार बहनें और एक भाई हैं। बस क्या पढ़े थे? पढ़ाई। ग्रेजुएशन हुआ है मेरा आर्ट्स में। हम ये लीगली मैं बोल सकती हूं कि मेरा ग्रेजुएशन हुआ है। पर जो पढ़ाई हुआ है पर मैं सर्टिफिकेट नहीं दिखा सकती। एमए है इकोनॉमिक्स। अच्छा एमपीएससी का एग्जाम दिया वो वो पास नहीं हुआ। बैंकिंग का एग्जाम दिया पास नहीं
(06:01) हुआ। सीबीआई के लिए ट्राई किया नहीं हुआ। ऐसी कोई चीज नहीं है जिस जो मैंने सीखा नहीं होगा। पर मेरे पास सर्टिफिकेट नहीं है किसी चीज का। फेल फेल फेल [हंसी] फेल पता नहीं क्या होता था। मुझे मैं एग्जाम की तरफ जा रही हूं समझो तो उसमें कुछ तो प्रॉब्लम आएगा। मैं मुझे बस सिखाया गया। सीखना इंपॉर्टेंट है। जैसे हां एमपीएससी के लिए भी कितना पढ़ाई किया कि वो बहुत वास्ट सब्जेक्ट हो। बहुत पढ़ाई करना पड़ता है। रिजल्ट आना था तो कुछ प्रॉब्लम हो गया। और तब न्यूज़पेपर में आता था। ऑनलाइन सब कुछ अवेलेबल नहीं था। सही है। मैं पास हुई थी कि नहीं। वो भी पूरा स्कैम
(06:45) हो गया था तब कुछ तो रिजल्ट के बारे में भी नहीं पता। बैंकिंग के एग्जाम दिए। सब हर तरह से हर चीज किया है। हम पर रिजल्ट कुछ नहीं। इसका मतलब है आपका नसीब में नहीं है। मुझे सिर्फ सिखाया जा रहा था। मुझे सिर्फ रेडी किया जा रहा था। शायद आज के लिए पर तब वो बहुत फ्रस्ट्रेटिंग रहता है। बहुत कि किसी चीज का कोई हाथ में कुछ नहीं आ रहा। सही। पढ़ाई किया, एमबीए किया, फाइनेंस एंड एचआर में पर उसका भी मैं सर्टिफिकेट नहीं दिखा सकती। ऐसा पढ़ा पढ़ा है। बुक बहुत सारे पढ़े एग्जाम के लिए तैयार हूं। पर एग्जाम नहीं हुआ या कुछ ना कुछ मुझे एग्जाम देने के लिए जाना है। उस सिटी में
(07:28) जो ब्रांच है वो बंद हो जाएगा। ऐसा मतलब कुछ ना कुछ हुआ। मतलब वो मार्ग आपका नहीं है। आपका मार्ग दूसरा आपका है। दूसरा जगह पे अब जाना है। हां। तो इसकी वजह से आपको इसमें नहीं मिल रहा है। नहीं मिल रहा है। नहीं हुआ। कुछ नहीं हुआ। वही हम अ तो यस। फिर बाद में क्या हुआ? फिर मैं जॉब करती थी। अच्छा। हां। कहां पे किया आपने? पुणे में भी किया है। मैं औरंगाबाद में भी किया हुआ है। एक कॉर्पोरेट ऑफिस रहते हैं। मैन्युफैक्चरिंग में जॉब किया हुआ है। अभी मैंने जॉब छोड़ा है पर जॉब करती थी मैं 9 टू फाइव डेली। बहुत साल मैंने जॉब किया हुआ है।
(08:08) तो ये मेडिटेशन आपको कैसे इंट्रोड्यूस हुआ है? एक्चुअली ना 2009 में कुछ पर्सनल इश्यूज स्टार्ट हो गए थे। फाइनेंस के ही पर्सनल क्या फाइनेंस का ही कुछ स्टार्ट हो गया था। स्टार्टिंग कैसे हुआ कि मेरे घर पे स्वामी समर्थ आपने शायद सुना होगा श्री स्वामी समर्थ जो दत्तात्रेय का इनकार्नेशन है ऐसा बोलते हैं उनका एक बुक मेरे घर पे आया हम जिन्होंने मुझे दिया था उन्होंने बोला आप स्टार्ट करो और मुझे घर चाहिए था अच्छा मुझे घर चाहिए मुझे बहुत पसंद है घर होना चाहिए मेरा ऐसा सबके घर है सारी फैमिलीज के घर है मेरा घर नहीं है तो मुझे मुझे
(08:49) ऐसा लगता था कि मुझे घर होना चाहिए। उन्होंने बोला कि आपको घर चाहिए तो बोल देना उनको। हम मुझे कभी भी किसी पे भरोसा नहीं है। मतलब मैं गुरुओं पे भरोसा नहीं कर पाती थी कभी। मुझे सिर्फ पता था कि शिव है। हम दूसरा मैं किसी चीज पे भरोसा नहीं करती। मुझे पता है कि काली है, पार्वती है, सर वो सब है वो है बस पर शिव कोई बहुत अल्टीमेट हां वो उनके जैसा कोई नहीं और वो ही एक भगवान है ऐसा जी मैंने बोला अच्छा ऐसा भी होता है क्या ये बुक करीब करीब फेब में आई और मेरा गुड़ी पढ़वा था उस दिन शायद दो या ढाई महीने हुए होंगे और मेरा घर हो गया
(09:35) कैसा इंपॉसिबल था वो घर होना होना इंपॉसिबल था। इंपॉसिबल था। मेरे घर में ₹000 भी नहीं। तो फिर कैसा हुआ है? वो घर ₹5,000 वो हिसार देते हैं ना वैसा देके कुछ कुछ जैसे गोल्ड वगैरह रहता है वो सब देके लोन करवा के किया। अचानक से घर हुआ और स्टार्ट हो गया। स्पिरिट चार्ट। मुझे लगा कि मैंने जब वह स्वामी समर्थ का कुछ एनर्जी घर में आया था तब मैंने उनको बोला अगर यह मेरी रिक्वायरमेंट आप कंप्लीट करते हो ये मेरा एक डिजायर आप कंप्लीट करते हो तो आप जो बोलेंगे वो मैं करूंगी हम घर में जाने से पहले उनका मूर्ति वगैरह सब
(10:20) घर में रखा हम और मेरा एकदम से सब सब चेंज हो गया घर में गई मैं मुझे कोई चीज बाहर की पता नहीं है। कंटिन्यू घर में ही साफ सफाई करना। यहां धूल दिख रही है। इधर धूल दिख रही है। छ महीने मैं घर से बाहर ही नहीं निकली हूं कि मेरा घर हुआ है कि मेरा घर हुआ है। छ महीने कंप्लीट हुआ और फाइनेंस के प्रॉब्लम स्टार्ट हो गए। अच्छा। छ महीने में ही अब होगा शायद तब होगा। फिर सब लोग बोलने लगे कि ये करने से कुछ प्रॉब्लम सॉल्व हो सकते हैं। जैसे अब चंटिंग करो हम स्टार्ट किया जब स्टार्ट किया हजार बार वो माला नीचे गिर रही है वो बोल रहे हैं कि
(11:04) ऐसा होना पाप होता है अच्छा तो फिर ध्यान से करना है और फिर लग रहा है कि 11 माला तो वो जाप किया पर ना मैं बीच-बीच में भूल जा रही थी तो 21 बार किया फिर मुझे लग रहा है कि 21 बार भी किया तो शायद मैं कहीं दूसरी तरफ थी फिर जाप कर रही हूं अगर उन्होंने 11 बार बोला है तो मैं उसको को 10 टाइम्स करते जा रही हूं। 111 ऐसे कि नहीं मैंने ठीक से नहीं किया था। मैंने ठीक से नहीं किया था। ऐसे करते जा रहे हो। करते जा रहे हो। कोई रिजल्ट ही नहीं आ रहा है। हम कोई रिजल्ट ही नहीं आ रहा है। फिर धीरे धीरे धीरे उन्होंने बोला स्वामी समर्थ का
(11:42) करना है। बाद में बोला कि देवी का करो। बाद में बोला कि एनसेेस्टर्स का करना पड़ेगा। बाद में बोला वास्तु का प्रॉब्लम हो सकता है कि आप घर में जाते ही कुछ इशू हो रहे हैं तो वास्तु का प्रॉब्लम हो सकता है। शायद आपकी पत्री का ही फौल्ट है कुछ तो अब मुझे किसी पे भरोसा नहीं हो रहा है। कोई भी कुछ बोल रहा है तो उसके पीछे मुझे ऐसा लग रहा है कि इनको कुछ तो चाहिए इसलिए ऐसे बोल रहे हैं। [हंसी] मुझे भरोसा भी नहीं हो रहा है और उन्होंने कुछ बोला है तो मुझे अच्छा भी नहीं लग रहा है। नहीं ये शायद कुछ तो मिस्टेक कर रहे हैं या वास्तु शास्त्र जो बोल रहे हैं लोग
(12:17) हम उसको मैंने पढ़ना स्टार्ट किया तो क्या होगा? वो सब पढ़ना स्टार्ट किया कि वास्तु में नैरत्य में कुछ खड्डा रहा तो उसका मीनिंग क्या होता है? ईशान्य से दरवाजा आ रहा है तो क्या हो रहा है? वो मुझे दिशा भी पता नहीं थी। हम्म वो सब स्टार्ट किया पढ़ना। और देखा कि हां वास्तव में तो प्रॉब्लम रहता है और ये जो बोला हुआ है ये तो मेरे घर के बारे में थोड़ी ये पूरा उन्होंने तो नॉर्मली सबके लिए लिख के रखा है कि ऐसे-ऐसे प्रॉब्लम होते हैं। हां होते हैं। ये प्रॉब्लम होते हैं। अच्छा तो कुछ चेंज करके देखते हैं। कुछ चेंज नहीं हो रहा है। पत्रिका में कुछ
(12:54) प्रॉब्लम है। वो बोल रहे हैं कि पत्रिका में तुम्हारे ऐसे-से हो सकता है। एनसेेस्टर के इशू हो सकते हैं। अब क्या करना है? फिर पत्रिका पढ़ना स्टार्ट किया। कोई पढ़ा रहा था। टीवी पे भी और स्वामी समर्थ केंद्र है दिंडोरी प्रणीत वहां पे पढ़ाते हैं वो पत्रिका वगैरह पढ़ना वो पढ़ना स्टार्ट किया कुछ कैलकुलेशन देखे ये हो रहा है ये हो रहा है ये हो रहा है हां ये हो रहा है ये सच में जो लिखा हुआ रहता है ना ये सच्चाई है और ये दिख रहा है मुझे अब क्या कुछ चीजों के लिए हां करेक्ट निकला जहां पे मैंने मेरा एक समझो कुछ सपने रहते हैं हां कि मुझे ये नहीं चाहिए ये चाहिए
(13:36) चाहिए सही ख्वाहिश रहता है ना जहां पे मैंने मेरा माइंड लगा के वो डिजायर को वो पत्रिका में लिखा हुआ चीजों को रोका है वो नहीं हुआ अच्छा तो मुझे रियलाइज हुआ कि पत्रिका सच है एनसेेस्टर का इशू है वो भी सच है वास्तु का है वो भी सच है पर अगर मैं चाहूं कि यह मेरे साथ नहीं होना है तो मैं इसको रोक भी सकती हूं और चेंज आ गया अचानक से मेरे अंदर चेंज आ गया। हम फिर उसको चेंज करने के लिए क्या कर सकते हैं? हस्तरेषा रहते वो भी पढ़ना स्टार्ट किया मैंने कि इस जगह से ये हस्तरेषा इधर जा रही है तो क्या मतलब होता है? हम सब कुछ सही जा रहा है।
(14:17) अच्छा मैंने देखा है कि ये सच रहता है। सब कुछ सच रहता है। अब अगर इसको चेंज करना है तो क्या करना है? ये तो दिख गया कि ये मेरा प्रॉब्लम है। हम इसको चेंज करना है तो। और अगर मैंने यह देखा है कि हस्तरेषा ऐसी है पत्रिका ऐसी है मैंने देखा हुआ है कोई बोल नहीं रहा है बोला हुआ है तो मैंने सुना नहीं कभी भी वो कोई ना कोई ऐसा बोल बोलता था कि कालसर्प का अब इशू है और मुझे बहुत ये होता है कि हर कोई कैसे बोल सकता है ना इसके बारे में मैं उन्होंने अगर कुछ अच्छा बोला है मैं ले लेती थी नेगेटिव बोला है तो छोड़ देती थी [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़][हंसी]
(14:55) फिर पर मैंने मान लिया कि यह पत्रिका में है सच्चाई सब कुछ सच्चाई दिख रही है। अब क्या करना है? स्वामी समर्थ के केंद्र में जाने के बाद उन्होंने मुझे बोला कि अगर आप सप्तशदी के पाठ करेंगे नारण मंत्र जो चामुंडा मंत्र है ओम आई ड्रीम क्लीम चामुंडाय विच वो करेंगे तो हस्तरेषा चेंज होती है। अच्छा ऐसा बोला मैंने बोला कैसे? करके देखो। और नहीं हुआ तो मेरे पास आना फिर से। जो गुरुजी सिखा रहे थे ना वो भी बोलते थे जो एक्सपीरियंस शेयर करते थे वो भी बोलते थे। मुझे लगा कि ठीक है वैसे भी वर्ड तो दिया है कि आप जो बोलेंगे वो मैं करूंगी। आपको
(15:37) मेरा काम करना पड़ेगा। मैंने स्टार्ट कर दिया। उन्होंने बोला एक्ट करना है। मैंने वो 400 बार किया। उन्होंने बोला है कि 11 बार करना है। ऐसे ही मेरा स्टार्ट हो गया। कुछ भी चेंज नहीं हो रहा है। जी। कुछ भी चेंज नहीं हो रहा है। और जैसे मैंने स्टंटिंग स्टार्ट किया हम उस दिन ज्यादा प्रॉब्लम हो रहा है। अच्छा और ज्यादा प्रॉब्लम हो रहा है। मैंने केंद्र में ऐसे बोला है कि अपना नवनाथ का पारायण करो घर पे हम तो गुरु चरित्र का पारायण करो। ये करना है वो करना है। हवन करना है बोला है। हम जब मैं स्टार्ट कर रही हूं तो और ज्यादा बढ़ रहा है प्रॉब्लम। बहुत गहराई से जो
(16:18) चीजें छुपी हुई थी वो भी ऊपर आ रही है। [हंसी] तो ये स्टार्ट करना शायद मेरे लिए अच्छा नहीं है। बोल रहे हैं कि तुम्हारी एग्जाम हो सकती है ना हम तो चेंज करने की जरूरत नहीं है। जो हो रहा है वो करेक्ट हो रहा है। करते रहो करते रहो। उसमें ना कुछ-कुछ रूल है जैसे कि गुरु चरित्र स्टार्ट कर रहे हैं ना तो चार कुत्तों को खाना देना है। एक गाय को खाना देना है स्टार्ट करने से पहले एंड गुरुओं को पर नमस्कार करके उनका आशीर्वाद लेके स्टार्ट करना है। एनसेेस्टर को बोलना है। पहले दिन जाके रोटी देने के लिए मैं डॉग्स के पास जा रही हूं। उन्होंने मुंह में
(16:57) बहुत जबरदस्ती लिया। हम खड्डा किया और अंदर डाल दिया। अच्छा मिट्टी में डाल दे। मिट्टी में डाल के ऊपर से ऊपर से मिट्टी डाल दिया। जैसे कि वो मरा हुआ है। कुछ पता नहीं मैंने क्या खिला दिया उनको। और मुझे शॉक इतना शौक लगा कि ऐसे कैसे नहीं खा रहे हैं कुछ? नहीं खा रहे हैं। गाय जो भूखी है जो भागती हुई आई मेरी तरफ। वो नहीं खा रही है। नीचे छोड़ दिया उसने। इतना बुरा लग रहा है मुझे कि मैंने क्या किया होगा? ये लोग क्यों नहीं खा रहे ना? क्या किया होगा मैंने। सही बात है। बहुत बुरा लग रहा है। फिर लग रहा है कि जाने दो। हो सकता है कि तो क्या हो रहा है
(17:34) ना उसकी वजह से मुझे यह रियलाइज हो रहा है कि कुछ तो ऐसा प्रॉब्लम है जी। जो सॉल्व नहीं हो रहा है। तो और सेवा बढ़ानी पड़ेगी। इतना चांटिंग स्टार्ट किया। इतना चंटिंग स्टार्ट किया कि ऑफिस में हूं। ट्रैवलिंग कर रही हूं। काम कर रही हूं। तो पहले हाथ में माला लेके करना स्टार्ट किया। वो नहीं हो रहा था। पर धीरे-धीरे क्या हुआ ना वो अंदर आ गया मंत्र हम और मैं नींद में भी चंटिंग करते चंटिंग करना स्टार्ट किया है अंदर अंदर अंदर करते पहले गिन के करती थी कि उन्होंने बोला है हम 11 बार करना है [हंसी] हां एक बार किया दो बार किया ऐसे 11 बार
(18:14) कर दिया है तुमने बोला था इसलिए किया वरना मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है मैं स्पिरिचुअल नहीं हूं बिल्कुल भी मेरे फैमिली में भी ऐसे कोई नहीं है कि जो स्पिरिचुअल है हम पर मुझे नहीं हो रहा है ऐसा उन्होंने बोला है तो किया जॉब कर रही हूं मैं जैसे मेरे से नहीं हो रहा है वो धीरे-धीरे चेंजेस आए मैं रात में रो-रो के सो रही हूं कि आपने मेरा काम नहीं किया है और मैं कल कुछ नहीं करूंगी कोई जाप नहीं होगा कोई हवन नहीं होगा और मैं ये सब सहन भी नहीं करूंगी अभी अभी बॉस बहुत ज्यादा हो रहा है क्या सलूशन है मुझे दिखा मुझे दिखाओ रो-रो के सो रही हूं
(18:56) सुबह फिर से पूजा किया, फिर से चांटिंग किया, हवन किया और मैं भूल ही गई कि मैंने ऐसा कुछ बोला था। जब सब कुछ हो रहा है उसके बाद 10 11 12:00 बजे मुझे याद आ रहा है। अरे मैंने बोला था कि आज मैं नहीं करूंगी। पर पता नहीं ये कैसे हो गया ऐसे भूल गई मैं। ऐसा दूसरी दिन तीसरे दिन मैं रात को रोज उनके साथ बात कर रही हूं। स्वामी समर्थ को डांटती जा रही हूं कि आप मेरा कुछ काम नहीं कर रहे हो। तो सिर्फ सेवा करवा के ले रहे हो और पर कुछ चेंज नहीं आ रहा है। मैं एक जगह पे गई थी। वहां पे श्री यंत्र पूजन था। अच्छा कर्नाटक में वो जगह है। हम
(19:32) वहां पे ना स्वामी समर्थ के केंद्र में ही वहां पे पूजा रखा था श्री यंत्र का। वैसे कहते बहुत कुछ ना कुछ कुछ ना कुछ फाइनेंस का चल ही रहा था। फिर भी मैं वहां पे गई। हम जैसे मेरे लिए ही था वो पूजा वैसा वहां पे गई मैं स्टार्टिंग से ही थोड़ा-थोड़ा बुखार स्टार्ट हो गया था जाने से पहले से ही वहां जाने के बाद तो और ज्यादा बुखार हो गया फिर भी सुबह 5:00 बजे का पूजा था हम पूजा स्टार्ट हुआ कुछ हुआ उस दिन हम जो मुझे रियलाइज करने के लिए 8-10 साल लगे कि वहां पे क्या हुआ था। कुछ हुआ उस दिन कुछ मुद्रा आई समझा रहे थे और करीब-करीब
(20:14) 70 80 हजार लोग थे और चांटिंग हो रहा था बहुत कुछ नॉर्मल जो ऐसा दूर-दूर तक लोग दिखते हैं ना एकदम क्षितिज तक दिख रहे तो वहां तक लोग दिखते ही जा रहे हैं। इतना बड़ा था वो सब कुछ और मैं वहां पे बेहोश हो गई थी। अरे बाप रे बेहोश हो गई। करीब-करीब 6:30 या 7:00 बजे होंगे। पता नहीं मुझे थोड़ा सा ही पूजा याद है उसके बाद के बाद और मैं अह दोपहर को 3:00 वगैरह 3:30 मुझे मेरी फ्रेंड जो साथ में गए थे ना उन्होंने उठाया हम्म कि क्या हो रहा है और मैं जैसे डेड बॉडी है जैसे मैं बिल्कुल उठ नहीं पा रही थी हम्म
(20:56) इतना हैवी इतना हैवी और गाड़ी में बैठते ही फुल बुखार बाजू वाले को भी फील हो रहा था कि इसको बुखार है हां इतना बुखार हुआ ऐसे वो एक जर्नी रहा चांटिंग हुआ हवन हुआ सप्तशदी के पाठ हजारों हजारों पाठ किए हम एनसेेस्टर के लिए कुछ ना कुछ करते रहे हमेशा ऐसा करतेकर करतेकरते ना अचानक सब कुछ बंद हो गया हम मैं करती थी गुस्सा कर कर के बाद में आदत हो गई थी पता नहीं कैसे हम सब कुछ बंद हो गया चांटिंग बंद हो गया यहां पे जो अपने आप बचता था अजपाब स्टार्ट हो गया था वो भी बंद हो गया हम
(21:40) मेरे पापा का डेथ हुआ तभी अचानक से कुछ तो चेंज हो गया अचानक से और एकदम से मुझे ऐसा लगने लगा कि अब मेरा कोई नहीं है ऐसे ऑलरेडी मैं पेन में हूं कुछ ना कुछ प्रॉब्लम होते जा रहे हैं इतना भरोसा करके इतना चांटिंग करके जैसेजैसे हम स्विचिर में थोड़ा सा ज्यादा जोर लगाने की कोशिश करते गुस्सा और बढ़ता [हंसी] बहुत गुस्सा बढ़ बढ़ता है और वो गुस्सा मैं बोल नहीं पाती हम अंदर रखती हूं वो अंदर फटते जाता है और वो गुस्सा यूनिवर्स पे शिव पे या स्वामी समर्थ पे फट रहा है रो हर रोज हम कि कुछ नहीं किया अब तुम मेरे सामने आओ बस कभी हम
(22:24) फिर मैं दिखाती हूं तुमको कि क्या किया है तुमने मेरे साथ ऐसा इतना गुस्सा गुस्सा गुस्सा अंदर और अंदर एक कन्वर्जेशन जो है उनके साथ बॉन्ड जो है वो गहरा होता जा रहा है। वो बाद में समझ में आता है कि गुस्सा भी आ रहा है तो मैं रोज उनके साथ बात कर रही हूं। कुछ भी हो रहा है तो मैं उनके साथ बात कर रही हूं। बाहर नॉर्मल लोगों के लिए मैं बात नहीं करती हूं। उनको लगेगा कि ये पता नहीं क्या सोचती रहती है। अलग अकेली रहती है ज्यादा से ज्यादा। नॉर्मल मेरी बहुत ज्यादा फ्रेंड नहीं ऑफिस के जितने क्योंकि घर ऑफिस टाइम भी नहीं मिलता है। उतना ही एक
(23:03) लाइफ है ऐसा। वो टाइम पे जॉब नहीं कर रहे आप? करते थे ना? करते। हां। तो फाइनशियल प्रॉब्लम के लिए जॉब तो करना ही चाहिए आपने। मैं जॉब तो करती थी पर जितना पैसा चाहिए जैसे सबको प्रॉब्लम है कि इंस्टॉलमेंट जा रहा है ये हुआ वो हुआ वो हुआ। वही जॉब तो मैं करती थी ना। जॉब तो करती थी। लाइवलीहुड लाइवलीहुड प्रॉब्लम हो जाता है ना? हां। और चांटिंग करना है वो रात को आके करना है ऑफिस से सुबह जाते हुए और गाड़ी में करना है वो टाइम पे करना है अगर ऑफिस में कहीं टाइम मिल रहा है तो चटिंग करना है सुबह जल्दी उठ के सप्तशदी के पाठ करना है जॉब तो करती थी मैं तभी भी जॉब करती थी
(23:40) उसके बाद धीरे-धीरे क्या हुआ 2018 में मुझे कुछ चीजें दिखने लगी हम मैं आपसे बात कर रही हूं शिवलिंग जैसा कुछ तो दिखा अच्छा अचानक से स्टार्ट हुआ 2018 में जी मुझे ऐसा लग रहा है कि इधर से कोई जा रहा है। यहां पे कोई यह अभी क्या दिखा वो शिवलिंग था क्या? हां। अलग-अलग पत्थर के शिवलिंग दिख रहे हैं। कहीं बहुत गहराई में शिवलिंग दिख रहा है। कभी बहुत ऊपर दिख रहा है। कभी क्लाउड्स के जैसा, कभी क्रिस्टल के जैसा हजारों अलग-अलग शिवलिंग दिखते जा रहे हैं। चेहरे के सामने से एक सेकंड के लिए आए, चले गए ऐसे। मुझे लगा कि मैं बहुत मेरी मम्मी पापा को मैं उनके शादी के बाद
(24:24) करीब-करीब 12 साल के बाद जन्मी हूं। हम अच्छा तो बहुत ज्यादा मन्नतें रखी हुई थी। मैं शिव के ही और देवी के ही मन्नत से जन्मी हूं। तो मैंने तभी भी सोचा कि शायद शिव के मंदिर में जाना है। हम शायद मेरा कोई मन्नत रह गया है। कुछ तो रह गया जिसकी वजह से मुझे ये दिख रहा है ऐसे। इंट्यूशन पावर बढ़ गया था चांटिंग की वजह से। सही है। बात क्योंकि टेंशन में है तो सामने हम लोग बात करने के लिए नहीं जाते ना। हमारे [गला साफ़ करने की आवाज़] अंदर-अंदर चालू रहता है कि इसका क्या करना है? इसका इंस्टॉलमेंट रह गया। इसका चला गया है। इसका फीस रह गया। इसका कुछ ना कुछ कुछ ना
(25:06) कुछ एजुकेशन भी चालू था मेरा। पढ़ाई कर रही हूं तो भी कुछ ना कुछ चालू। अरे इसमें भी रिजल्ट नहीं आ रहा है। हर तरफ से सही है। सोच रही हूं मैं कि कुछ तो इधर-उधर मन्नत का ही कुछ हिस्सा रह गया होगा शायद। इसलिए मेरे एजुकेशन में भी प्रॉब्लम आ रहा है। फाइनेंस के भी कुछ ना कुछ वास्तु भी ऐसा मिला हुआ है। एनसेेस्टर के भी कुछ इशू ऐसे। अब मैं सब कुछ करके थक गई थी। हम मुझे कुछ नहीं करना है। और नहीं करना यह भी रियलाइज नहीं हो रहा था। पर मेरा बॉडी ही ऐसा लगता था कि मुझे मंदिर में भी नहीं जाना है। ऐसे बस हो जाता है ना एक एक स्टेज के बाद हम लोग रुक जाते हैं। नहीं
(25:42) होता है सब कुछ कि हां मैं चाहूं तो भी मैं वो स्टार्ट नहीं करना चाहती हूं। ऐसा ऐसी एक स्टेज आ जाती है। उसके बाद मुझे पैर दिख रहे हैं। और ऐसा समझ में आ रहा है कि ये काली जैसा पैर है। पैर दिख रहा है। काली के पैर दिखते रहे। मुझे बहुत दो चार छ महीने तक साल भर तक ऐसा यही एक सिचुएशन था। उसके बाद हनुमान जी दिख रहे हैं। उसके बाद नानक जी दिखना स्टार्ट हुए। एनर्जी दिख रहा है। मुझे फील मतलब दिख रहे हैं। मतलब कैसे? एनर्जी के फॉर्म में दिखते थे और मुझे समझ में आता थे कि ये कौन है? मुझे काली का कुछ एनर्जी फील होने लगा। और वो भागती जा रही है। भागती जा रही है।
(26:26) बहुत दिन मुझे ये दिखने के बाद नानक जी दिखे। नारद जी के बाद मुझे एक पीर बाबा दिखने लगे। फील होता था कि यहां पे ऐसी कुछ उसको एनर्जी बोलते हैं वो भी मुझे नहीं पता था। जी जी एक दिन क्या हुआ? मैं नहा रही थी तो मुझे मंकी जैसा एकदम छोटा सा कुछ तो मेरे स्पाइन में है ऐसा फील हुआ। ओ नहाते नहाते। तब ना मुझे फील ऐसा अंदर से मुझे एक इंट्यूशन आने लगा था कि मैं ना शायद पागल होने वाली हूं। मुझे कैसे दिख रहा है ना? [हंसी] शायद मैं मरने वाली हूं। अच्छा हां। ऐसा लगा आपको? ऐसा लगने लगा था। मैं पागल हो रही हूं शायद। क्यों ये सारी चीजें क्यों दिख रही है?
(27:10) मैं किसी को पूछूं तो भी कोई आंसर नहीं और कोई है ही नहीं कि ऐसा होता है बोलने वाला। इतना वो करीब-करीब बहुत साल तक चला कि ऐसा हो रहा है। और अचानक से कोई तो सामने आके जा रहा था अचानक से। और मैं सो रही हूं। सोते-सोते जुबान को फोल्ड करके रख रही हूं। अच्छा मुझे नहीं पता है क्योंकि पीछे पीछे फोल्ड करके सोते-सोते ओके और शिवा को बोल रही हूं अब तुम आ जाओ लास्ट वार्निंग है रोज बोलती थी मैं लास्ट वार्निंग है अगर मैं ऊपर आ गई तुम लोगों को मैं छोडूंगी [हंसी] क्यों मुझे तकलीफ हो रहा है क्या है इसका इन सारी चीजों का मीनिंग क्या है मुझे अब
(27:53) आके समझाओ आप ओके मैं तो यही अ प्रार्थना करती थी कि मुझे कोई पर्सन मिले, मुझे कोई गुरु मिले हम कि मुझे समझाए मुझे कोई फ्रेंड रहे कि जिसके साथ मैं बात करूं ऐसे हम कोई नहीं आ रहा है। कोई नहीं आ रहा है। एक बार दो बार ऐसा छ सात आठ महीने तक रहा। हम मैं रोज रोते हुए सो रही हूं। जुबान को फोल्ड करते जा रही हूं। मैं इसलिए फोल्ड करती थी कि सांस अटक के मैं मर जाऊंगी तो मुझे समझ में नहीं आएगा। अच्छा मुझे नहीं पता था कि वो खेचड़ी मुद्रा है कि क्या है कुछ नहीं पता था मुझे मैं फोल्ड इसलिए कर रही हूं कि धीरे-धीरे नाक बंद हो जाएगा अंदर से और मैं मर
(28:34) जाऊंगी तो मुझे सुबह उठना नहीं पड़ेगा मतलब मुझे सुबह होना अच्छा ही नहीं लगता था इतना फ्रस्टेट हो गई थी मैं और 2008 9 से लेके 18 10 साल मैं वहीं पे हूं कुछ चेंज नहीं हुआ है कुछ भी चेंज नहीं हुआ है मैं करती जा रही हूं हवन में चार-चार घंटे हवन कर रही हूं चांटिंग रात भर चांटिंग कर रही हूं। आपका गुरु जी के साथ अब शेयर करना था ऐसे हो रहा है। बोल के कुछ बताया नहीं आपने? उनको मैं बोलती थी कि ऐसेसे हो रहा है। सशन निकल रहा है क्या? नहीं निकल रहा है। तो बोलते थे भाव से करो। वो भाव कैसे आता है? भाव को लाना कैसे होता है? और वो कौन
(29:14) देखता है कि भाव आया है कि नहीं? हम मतलब मैं इतना कर रही हूं। वो उसका कोई वैल्यू नहीं है क्या? नहीं भाव नहीं हो रहा है और वो लिख के देते थे कि एक शंटिंग करना है ये करना है वो करना है गुरु चरित्र करना है ऐसा पूरा लिस्ट बना के देते थे हम कि ये साल भर में करना है और मैं तीन महीने में कंप्लीट करती अच्छा वो भी डबल ट्रिपल टाइम कर कर के कि जल्दी होगा जल्दी होगा भाव से करो फिर से लिखा उन्होंने भाव से करो [हंसी] मुझे इतना गुस्सा आता था ना उनका भी कि मेरे साथ क्या हो रहा है वो क्यों नहीं देखते ना बात करो मेरे साथ पर नहीं अवॉइड करेंगे।
(29:52) भाव से करो। चलो यहां से यहां से जाओ। बस भाव से करो। लिख के देते रेड पेन से लिख के दे देते। भाव से करो। भाव से करना है। वो भाव कैसे आता है वो नहीं पता है। गुरुओं को कैसे बोलने से क्या बोलने से अच्छा होता है वो नहीं पता है। हम और वो चांटिंग करके क्योंकि उन्होंने बोला हुआ मैंने काम किया नौकर के जैसा। फिर भी ये मेरे साथ बिहेव अच्छा नहीं कर रहे। यही मन में ज्यादा है। जी गुस्सा ज्यादा बढ़ रहा है। उनके प्रति इतना गुस्सा था मुझे स्वामी समर्थ और मुझे बहुत गुस्सा आता था। ऐसा लगता था बस तुम सामने आओ। मैं तो गला दबा के इतना गुस्सा
(30:32) आता था मुझे बहुत कि मैं जितना और 10 साल 12 साल हो रहे तो भी कुछ चेंज नहीं हो रहा। अब मैं थक गई हूं और बोल रही हूं कि मुझे अब आना है। मुझे ये रहना नहीं है। और मैं सुसाइड नहीं करना चाहती हूं। थक गया अपने ऊपर। थक गई हूं मैं। तुम लोग मुझे ले जाओ। यह करते-करते ना रोज प्रे हो रही है। रोज प्रे हो रही है कि कुछ करना है और ये दिखना और ज्यादा बढ़ रहा है कि कोई आ रहा है यहां पे कोई है वहां। इससे भी मैं बहुत तंग आ गई थी कि क्यों दिख रहा है? और क्या मीनिंग है इसका? मीनिंग समझाने वाला कोई नहीं है। कुछेंस रहता है वो समझाने वाला कोई नहीं
(31:12) है। शिव दिख रहे हैं। हां दिख रहे हैं। पर काली क्यों दिख रही है? शिव दिख रहे थे तब तक मैं ठीक थी। हम काली क्यों दिख रही हो? दिख रही तो ठीक है। वो भाग क्यों रही है? धीरे-धीरे ना वो चेंज होता रहा। जैसे पहले फ्लैश होता था तो थोड़ी देर आ रहा है। फिर थोड़ी देर के बाद मूवी जैसे चलने लगा। ऐसे ये काली का जैसे पैर दिख रहा है धीरे-धीरे नींद तक जा रहा है और वो भाग रही है भाग रही है ऐसे और जब भी वो कनेक्ट होती मुझे बहुत रोना जब भी उसके पैर बाबा जी को नहीं बताया आपने कि ऐसे भाग रहा है देवी मां का कुछ पैर दिख रहा है वैसे कुछ बताया नहीं
(31:49) मुझे उसके बाद मैंने मैंने बोला ना कि वो स्टॉप हो गया सब कुछ अच्छा 2014 15 में वो स्टॉप हो गया मैं केंद्र में जाना बंद कर दिया उनके पास पास जाना उनका चांटिंग हवन सब कुछ बंद कर दिया। सिर्फ एनसेेस्टर का था वो सिर्फ मैं सुबह कर पाती थी। वरना कुछ नहीं किया। धीरे-धीरे मुझे शिव दिख रहे ठीक है। काली दिख रही है। मुझे लगा कि हां ठीक है। फिर हनुमान जी दिख रहे तब भी ठीक है। मुझे जब नानक जी दिखे मुझे लगा क्यों दिखे? बाद में जब पीर बाबा दिखे तब मुझे लगा क्यों दिखे ये? बाद में वो जो मैंने बोला ना कि नहाते नहाते मुझे कुछ बंदर जैसा ऐसा एकदम
(32:30) छोटा सा था वो दिखा उसके बाद तो मैंने फिक्स कर दिया कि पूरा नहीं मैंने ऑलरेडी बंद किया था उसके बाद ये ज्यादा चेंजेस होने लगे जैसे ना कुछ चीजों को भरना रहता है चांटिंग कभी जैसे कोटा होता होगा वो कंप्लीट हो जाता है ना तो उसके बाद हमको करने की जरूरत नहीं है वो होता भी नहीं है हम करना भी चाहे तो नहीं होता है गुरुओं के द्वारा कोई भी चीज हमको दी जाती है ना वो उतनी ही कंप्लीट होती है। उसके बाद नॉट अलाउड उसके बाद नॉट अलाउड ऐसा सिचुएशन रहता है। पर मुझे लग रहा था कि मैंने किया है ना [हंसी] मैंने उसको रोका कि मैं गुस्से में थी ऐसे
(33:12) जैसे-जैसे ये सारी चीजें दिखने लग गई। फिर मुझे लगने लगा कि अब तो मुझे लाइफ ही नहीं चाहिए। मैं रोज रात को यही प्रे करके सोती थी कि मुझे अब दिखना मत। बंद करो यह दिखना कि मुझे दिखना नहीं चाहिए कुछ भी ऐसे। और अचानक से कुछ लोग लाइफ में आए जिसके साथ मैं ऐसे शेयर कर रही हूं। इतना खुश हो रहे हैं वो लोग कि हां ऐसा दिखा कितनी बड़ा गिफ्ट है। और मुझे लग रहा है कि कुछ [नाक से की जाने वाली आवाज़] भी बोलते हैं ये लोगों को कुछ समझता नहीं। मुझे कितना तकलीफ हो रहा है मुझे पता है। जब वो काली दिख रही है तो मैं रात-रात भर रो रही हूं
(33:51) कि भाग क्यों रही हो। धीरे धीरे धीरे जैसेजैसे ऊपर जा रहा है गुस्से में है वो बहुत। हम बाल पूरा फैले हुए हैं और कहीं पे भाग रही है। एक दिन ना पता नहीं मुझे अंदर से क्या आया। कोई वीडियो देख रही थी शायद तो उसमें बोला था ऐसे कि उन अगर कोई दिख रहा है तो बात करना स्टार्ट कर। पता नहीं मुझे कैसे अंदर से आया कि मां आप भाग क्यों रहे हो? मैंने भाग गया। अच्छा आंसर मिला। मुझे रियलाइज हुआ कि ये जो भाग रही है वो मैं हूं। अच्छा [हंसी] इतना गुस्सा। अभी आपके ऊपर आपको गुस्सा आना चाहिए। इतना गुस्सा हर चीज से भागना। हम
(34:35) वो मैं हूं। अच्छा क्योंकि वो अंदर आ के दिखा रही है कि कहां पे क्या प्रॉब्लम हो रहा है। हम मेडिटेशन स्टार्ट किया। हम मेडिटेशन क्या होता है नहीं पता पर आंखें बंद होती है अपने आप हम आंखें बंद हो रही है। फिर लग रहा है कि बुक पढ़ना है कोई तो फिर ऐसा होता है ना कि हम लोग कुछ सर्च करने लगते हैं। हम्म विवेकानंद जी को क्या होता होगा? स्वामी विवेकानंद जी को क्या होता होगा? उनके गुरु को क्या होता होगा? उनको कैसे काली दिखती थी? फिर सर्च स्टार्ट हो गया। बुक के थ्रू कुछ तो ढूंढना है और कोरोना स्टार्ट हो गया। हम तब थोड़ा टाइम था।
(35:14) जी। पहले तो आठ दिन का छुट्टी था। बाद में 15 दिन ऐसे थोड़ा चेंज हुआ। बढ़ते बढ़ते। फिर एक दिन तो घर के साफ सफाई में एक किया निकल गया। दूसरे दिन नींद कंप्लीट हुआ। अब क्या करना है? और बिल्कुल घर के बाहर नहीं जाना है। सही सही। क्या करना है? तो YouTube पे कुछ देख रहे हैं। कुछ करते-करते अचानक से ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ अ योगी वो बुक मेरे सामने आया। ओो शायद उसका कोई ऐड कर रहा था। वो विराट कोहली के हाथ में कुछ बुक है कि रजनीकांत जी के हाथ में है। ऐसा वो बुक के बारे में कुछ तो बता रहे थे। हम वह बुक को देख के मुझे ऐसा लगा कि वह बुक
(35:54) के ऊपर कोई फोटो है, कोई गुरुजी है और उनकी आंखें मुझे खींच रही है अंदर। ऐसा लगा कि मैं अंदर चली जाऊंगी बुक के उनकी आंखों के थ्रू अंदर चली जाऊंगी कहीं तो। मैंने आंखे बंद कर लिया कि मुझे शायद पता नहीं क्या हुआ ऐसे और ऐसा लग रहा है कि पढ़ पढ़ मुझे ऐसा बोल रहे हैं जैसे पढ़ो इधर। इधर ही ध्यान देना है। और उसके बाद बार-बार वो चीज सामने आने लगी। हम मैं कोई भी बुक पढ़ रही हूं मुझे शौक है क्योंकि पढ़ाई एमपीएससी वगैरह वह करने से और मेरे पापा का गवर्नमेंट लाइब्रेरी था घर में जी तो बुक पढ़ना 10 11 अलग-अलग न्यूज़पेपर आते थे तो थोड़ा-थोड़ा पता है कि पढ़ना है
(36:33) तो बुक रहते हैं ऐसे स्टार्ट किया हम कोई भी बुक मैं पढ़ रही हूं तो उसके अंदर मेरे लिए जो मैसेज होगा वही बुक उतना ही पेज उतनी ही लाइन उसके बाद वो बुक अंदर ही नहीं जाती या मैं वो बुक को कंप्लीट नहीं कर पाती। आधा ही रह जाता है। छूट जाता है वो बुक। अपने आप ही ऐसा होता है। मेरे लिए जो है वो ही इतनी ही लाइन पढ़ी ना उसके बाद वो बुक मेरे हाथ में भी नहीं रहती। ऐसा ऐसा ही होता है। मैं बुक को कंप्लीट करना चाहती हूं। पूरा नॉलेज लेना है। पर नहीं होता ऐसे। हम ऑटोबायोग्राफी वो एक बुक है जिसको मैंने एक दिन में पूरा कंप्लीट किया।
(37:10) अच्छा पूरा कंप्लीट किया। एक ही दिन में। एक ही दिन में और मुझे ऐसा लगा कि यह कैसे हो गया? यह बुक इतना कंप्लीट कैसे हो गया? कोई भी बुक कंप्लीट नहीं होता मेरा। मैं पढ़ के पलट पढ़ने पलट के लास्ट में जाके पढ़ती हूं। वो बात अलग है। पर अंदर कुछ नहीं जाता। क्या था उसमें? हम हम जो इंपॉर्टेंट है वही याद रहेगा। बाद में कुछ इरेज हो जाता है अपने आप। सही बात है। हम्म। उसमें फिर मुझे समझ में आया कि ये लोग कौन-कौन है? क्या है? मेडिटेशन करते थे। लाहिरी महाशय कौन है? वो सब आनंदमई माता के बारे में पता चला तो उनका फोटो था तो वो ऐसे मेडिटेशन के बहुत एक अलग स्टेज में
(37:50) बैठी हुई है तो उनको देख के मुझे ऐसा लग रहा है कि कुछ तो ऐसी चीज इनके पास है जो हमारे पास नहीं है। हम आंखें बंद करके मेडिटेशन करना है। हम उसके लिए टाइम तो नहीं है। ऑफिस जाना है। घर के काम है। कैसे होगा मेडिटेशन? अगर मैं मेडिटेशन में बैठ गई और ऑफिस का टाइम होके चला गया तो समझ में नहीं आएगा। सही। पहले कैसे ना चटिंग कर रही हूं तो मुझे पता है कि मैं देख सकती हूं। हम ये नहीं हो रहा है और बिल्कुल टाइम ही नहीं मिलता। हम मैंने सोचा कि इतना बैठ के ध्यान करना है। वो सबसे नहीं होगा। उनको टाइम रहता होगा। सही बात है।
(38:32) हम लोग नहीं कर सकते हैं ऐसा। तो क्या करना है? 9:00 बजे ऑफिस में गई। मुझे विज्ञान भैरव वो एक बुक है ओशो जी ने उसको बहुत अच्छे से एक्सप्लेन किया है उसमें उसमें मैंने सुना कि सांस की तरफ ध्यान देना रहता है। मुझे लगा कि आंखें बंद करके सांस की तरफ ध्यान देना है क्या? तो ये नहीं हो रहा है और मेरे पास टाइम भी नहीं है। तो मैं आंखें खोल के मेडिटेशन करती हूं। कुछ भी हो रहा है ना आजूबाजू में। देखना चाहिए। हां। मैं ना मैं सांस की तरफ ध्यान दे रही हूं कि क्या हो रहा है। मैं आपको बात कर रही हूं। ध्यान में सांस की तरफ है। अगर आजू-बाजू में कोई नहीं है, सामने भी
(39:14) कोई नहीं है तो एक पॉइंट की तरफ देखते रहते थे। हम ये क्या है? फिर धीरे धीरे धीरे दिखना बंद हो रहा है और एक ही जगह पे जा रहे हैं ऐसे। मुझे पता नहीं कोई सिखाता था। अंदर से कोई सिखा रहा है कि ऐसा करना है। ऐसे बॉडी रिलैक्स हो रही है। मुझे करीब-करीब 8 से 10 घंटा नींद चाहिए। वरना मेरा बॉडी पैरों में दर्द होता है। ऐसा धीरे-धीरे ऐसा होने लगा कि नींद कंप्लीट हो रही है। बॉडी ज्यादा थक नहीं रहा है। ऑफिस में जाने के बाद जो पैरों में दर्द होना वो सब कमर में दर्द होना वो होता था वो नहीं हो रहा है। उल्टा मैं जाके बहुत फ्रेश काम कर
(39:55) रही हूं। धीरे-धीरे चेंजेस आ रहे हैं। मुझे बहुत ज्यादा ठंडी लगती है। मतलब थोड़ा सा भी कुछ धूल सहन नहीं होता। अगर ठंडी चालू हो रही या बारिश स्टार्ट हो रही है और मैंने विदाउट चप्पल के पैर नीचे फर्श पर रखा तो मैं 100 चीखे चीखती थी। पेट दुखता था मेरा। इतना चीके हम और मेडिटेशन में आने के बाद ये ओपनली सब कुछ करने के बाद मेरा ठंडी धीरे-धीरे कम हुआ। हम मुझे नींद का जो इतना इशू था कि मुझे हमेशा नींद में जब देखो मैं सोने के लिए लोगों का ऐसे अलग-अलग पैशन रहते हैं ना ये करना है, शॉपिंग करना है, कुछ कहीं पे जाना है। हम
(40:38) मुझे बस नींद चाहिए। मुझे बस मुझे बहुत प्यारी है। बहुत प्यारी है। नींद मेरे लिए इंपॉर्टेंट है। ऐसा ऐसा था। कुछ भी हो रहा है तो सोना है। मेरे लिए खाना भी इंपॉर्टेंट नहीं। पानी भी नहीं। बिना खाए पिए मैं 15-20 घंटे सो सकती हूं। इतना ही तो मुश्किल है। हां। हां इतना थकान ही रहता था बॉडी में वो चेंज होने लगा ठंडी चेंज जो बहुत ज्यादा इशू था वो चेंज हुआ पर ये चेंज आया है ये ध्यान में आने से पहले मुझे बहुत कफ हुआ हम करीब करीब 65 डेज तक अरे वाह पूरा थॉट बंद था मेरा ओ इतना कफ इतना कफ कि मैं बात भी नहीं कर पा रही हूं और पूरा
(41:18) चेहरा ये सुनना हो जाता था हम मैं बात नहीं कर पाती थी ऑफिस में भी उनको उनको लगता था कि मुझे हॉस्पिटल जाना चाहिए। सब लोग पूछते थे क्या हो रहा है? क्या हो रहा है? मैं हॉस्पिटल नहीं जाना चाहती। मुझे गोलियां सहन नहीं होती। बचपन से ही मुझे गोलियां सहन नहीं होती। तो गोलियों का तो हिसाब ही नहीं है। ऐसा करते करते बहुत क्लीनिंग हुआ। इतना नाक से पानी बहना। बुखार बुखार बुखार महमना बीमार। अरे बाप रे। और वो कंप्लीट हो गया। वो फेस कंप्लीट हो गया। हम ये चेंज हो गया। जैसे क्या बोलते हैं उसको? मेरा ओरा चेंज होता है। बॉडी चेंज होती है ना
(41:55) स्किन चेंज होता है। पूरा अंदर से पूरा चेंज हो गया। पूरा चेंज हो गया। और मेरा जो एलर्जी था धूल की वजह से वो चेंज हुआ। हम ठंडी का इशू चेंज हुआ। हम हर चीज से मुझे इशू था। हर चीज से मुझे बस सोना है। मैं अगर कॉट पे हूं ना तो मुझे कोई चीज नहीं चाहिए। लोगों को ऐसे मोबाइल देखना होता है। कुछ करना। मुझे कुछ नहीं देखना। सोना है। आंखें बंद करके सोना है। बस इतना मुझे प्यार है उसको नींद से। [हंसी] वो कंप्लीट ही नहीं होता था ऐसे। और उसमें भी चेंज आने लगा। साफ सफाई बार-बार क्लीनिंग करना। तो ये चेंज जैसे-जैसे आता रहा, चेंजेस दिख रहे हैं। वो जो पहले
(42:37) फ्लैश हो रहा था वो थोड़ा-थोड़ा थोड़ा वीडियो के रूप में दिखने लगा। अब मुझे यह समझ में आने लगा कि वो क्या बोल रहे हैं। ऐसे चेंज आया मेरी लाइफ में 2018 से। तेलुगु समझने के लिए आता है आपको? बोलने के लिए नहीं आता। नहीं आता है। मेडिटेशन के जी। बाद ही वो चेंज हुआ है। अच्छा। पहले दो लोगों से ये ज़ूम वगैरह स्टार्ट हुआ। हम दूसरे दिन चार लोग थे। तीसरे दिन 10 लोग थे। चौथे पांचव दिन 50 लोग हो गए। अचानक से लोगों को पता चलने लगा कि ऐसा कुछ हो रहा है। चैनलिंग हो रही है वह सब। तो ट्रांसलेट करना स्टार्ट किया। अच्छा।
(43:20) मैं ट्रांसलेशन सुन रही हूं ना तो मुझे समझ में आ रहा है कि इन्होंने करेक्ट नहीं बोला है। ये वर्ड ऐसा बोलना चाहिए था। पता नहीं कैसे वो अपने आप ही मुझे तेलुगु समझ में आने लगा। अच्छा। तो आज सुबह में मैं हम बात किया था ना। अब भूल ही गई थी। अब तेलुगु नहीं आता है बोल के आपको। सिर्फ बाद में पता चला है कि आपको अरे तेलुगु नहीं आती है ना [हंसी] तो हिंदी में बात करना है तो तेलुगु में बात किया तो भी आपको समझ में आ गया हां आप रिप्लाई तो दे दिया आप रिप्लाई तो दिया हां रिप्लाई दे सकती हूं सही है सही है [हंसी] जो काम का है उतना समझ में आता है कि वो
(43:55) क्या क्वेश्चन पूछ रहे हैं वैसा सही है एक बात पूछ सकती हूं आपसे यस प्लीज ये जर्नी में क्या पता चला आपको हम लोग ना कितना ढूंढते हैं ना चीजों को हम गुरुओं को ढूंढ ढूंढते हैं। कुछ तो पीस को ढूंढते रहते हैं। हैप्पीनेस सब कुछ अंदर है। वो चेंज देखा मेरे अंदर। मैंने ये देखा कि हम किसी भी चीज के लिए जब किसी भी चीज का साधना कर रहे हैं। उसका रिजल्ट तुरंत नहीं आता है। हमको टाइम देना पड़ता है। गुरुओं के साथ कनेक्ट होने के लिए खुद को समझने के लिए। टाइम भी देना पड़ता है। साधना भी करनी पड़ती है। हर चीज जो आप मान रहे हो उसके पीछे भी कारण है।
(44:42) जो चीज नहीं मान रहे हो उसके पीछे भी कारण है। मैं किसी बुक के थ्रू नहीं बोल रही। ये सब मेरा खुद का अनुभव है कि हम लाइफ को चेंज कर सकते हैं। मैंने ये देखा है कि जो इंसान रोज यह सोच रहा है कि आज लास्ट डे है। मैं सुबह उठना नहीं चाहती हूं। मैं मैं मरना चाहती हूं। मैं मरना चाहती हूं। वो इंसान बहुत खुश रह सकता है और खुद को खुद की लाइफ को इतना खुशी रह सकता है। इतना खुशी की पत्ते को भी देखा तो बेस अरे इसके अंदर कितना लाइट है? ऐसे कैसे हो सकता है? पता है क्या? एक आदमी और औरत उसका प्रॉब्लम के साथ आपके पास आ गया तो वो प्रॉब्लम को क्लियर करके
(45:27) उसके अंदर इतना खुशी कैसे भरा सकते हैं आप? क्या होता है ना? हमारे पास सच में हमारे पास बहुत ताकत होती है। बहुत ताकत होती है। किसी के द्वारा ढका गया है। ढक दिया है। जैसे नेगेटिव एनर्जी रहेगी जैसे युग ही है। मुझे ऐसा लगता है कि ये युग ही ऐसा है। जी। बस भूल गए चीजों को। हम यह नहीं है। हमारे अंदर बहुत बड़ी ताकत है। बहुत बड़ी ताकत और उसको चेंज किया जा सकता है। अगर कोई सुसाइड करना चाहता है यहां से लेकर मैं जिंदा हूं। मैं खुश हूं। कोई चेंज नहीं हुआ। बाहर बाहर मेरे लाइफ में कुछ चेंज
(46:13) नहीं हुआ है। जैसे मैं फाइनेंस के बारे में बोल रही थी। कुछ भी कुछ भी मेरी लाइफ में चेंज नहीं हुआ है। पर मैं चेंज हो गई हूं। मुझे पहले इंस्टॉल रहना था। अब नहीं है क्या? है ना? पर अंदर कुछ तो है जो चेंज हुआ है। और मैंने वो चेंज देखा हुआ है और ये रियल चेंज रहता है और हम हम खुश रह सकते हैं। ऊपर ऊपर से नहीं भाई। अपना माइंडसेट को अपन चेंज कर सकते हैं। माइंड सेट को चेंज कर सकते हैं। पर माइंड और इनर हेल्थ भी अपना सोल का हेल्थ भी सारी आप चेंज कर सकते हैं। सब कुछ चेंज कर सकते हैं। सब कुछ चेंज कर सकते। हम लोग ठीक नहीं कर सकते ना।
(46:57) हम हम है ना? ऐसा सोचते हैं ना हम लोग। सही है। मेरा चेंज हुआ। एक्चुअली क्या होता है ना अगर मैं आपको देख लिया अगर बाहर गई तो नहीं तो घर को कोई ना कोई आता है एक बार देखने के बाद इमीडिएटली एक फील होता है एक पॉजिटिव के जैसा नहीं उसके देखे तो कुछ समटाइम्स डर लगता है पसंद नहीं आता तो देखना भी नहीं चाहते थे कम कभी-कभी हम ऐसे होता तो क्यों ऐसा होता है सब लोगों के सामने चेहरे देख के इतना प्लेजेंट इतना वो पॉजिटिव वाला क्यों नहीं आता वही चीज है कि वो अंदर क्या सोच रहा है वो आपको दिखता है। उसके अंदर क्या है वो आपको सेंस होता
(47:33) है। है ना? उसके अंदर कोई डिजीज है। मेंटल लेवल पर बहुत ज्यादा नेगेटिव सोचता है। हम आपको वो तुरंत फील होता है। तुरंत आपको स्पिरिचुअल होने की जरूरत नहीं है। आपको मेडिटेशन चांटिंग कुछ करने की जरूरत नहीं है। हम तुरंत चेंज दिखता है। ऐसे क्यों पता चलता है अपन को? एक्चुअली पता तो चलेगा ना क्योंकि हम लोग एक दूसरे के साथ कनेक्टेड रहते हैं। हम कोई समझो इधर से बहुत जोर से हवा आ रही है। हमको समझ में आती है ना? आती है। वैसे ही वो ओरा ना हमारे ओरा के पास आ जाती है तो हमको फील होने लगता है हां कि यहां पहाड़ है यहां अग्नि है यहां पे
(48:13) हवा है कुछ चीजें ऐसी है जो दिख रही है कुछ चीजें ऐसी रहती है जो सेंस होता है हमको फील होती है वो चीजें उनके ओरा में है वो आपको फील होता है किसी किसी का आंखें देखो तो भी अच्छा नहीं लगता एक्चुअली बिल्कुल अच्छा नहीं लगता ओके हां बहुत इंपॉर्टेंट रोल रहती है हर किसी किसी की लाइफ में हां स्माइल देखे तो पता चल जाता है उसका मन से हंस रहे हैं नहीं तो उसका हंसने के पीछे और कुछ क्या है ये सब पता चल जाता है कैसे पता चल जाता है पता नहीं हमको क्या होता है ना हमारा थोड़ा सा भी और स्ट्रांग है कभी-कभी जज भी करते हैं हम लोग ऐसा नहीं
(48:50) है कि सब कुछ सही समझ में आता है कभी-कभी जज भी करते हैं सर सही बात समझो आपका हाइट छोटा है या बहुत बड़ा है या पतले हो कि ये है और वो लड़की या कोई आपको देख के स्माइल कर रहा है। हम एक नजर में आपको समझ में आया कि कुछ तो बोला इसने एक नजर में समझ में आता है कि इसने कुछ तो बोला मुझे वो क्या हो रहा है? कभी-कभी हमारे अंदर के ऊंट्स रहते हैं हम जो वो दिखाते हैं मिररिंग होते हैं और कभी-कभी हम लोगों को समझ में आता है कि इसको ये बहुत अच्छा लगा ये नहीं लगा। सही बात है। तो कभी-कभी हम ऊंट्स को देख के भी खुद के अंदर पेन क्रिएट करते हैं।
(49:32) सही। और कभी-कभी ऐसा होता है कि उसको नहीं अच्छा लगा। जेलसी है। हम उसको जेलसी हो रही है। समझो आप बहुत बहुत सुंदर साड़ी पहन के सामने गए। तो कभी-कभी जेलसी है उसके अंदर जेलसी दिख रहा है हम मतलब आपके अंदर भी कुछ है जेलसी है या दिखाना चाहते हैं कुछ तो वो चीज सेंस होती है हम वरना हमको वो पेन नहीं होता है दिखता ही नहीं है वो शायद कुछ करे कि नहीं करें वो बहुत अच्छा है हम वो ऐसा रहता है सब कुछ काम पे कहीं भी बाहर जाते थे कोई ना कोई जाता है ना बाहर तो सामने कार्स का नंबर जो है हम बार-बार एक ही नंबर दिखते रहता कभी-कभी21737
(50:20) ऐसे एक ही दिन में बार-बार एक ही नंबर दिखते रहता है। क्यों? इसका मतलब क्या है? उसका मतलब बहुत अलग-अलग लेवल पे आप ले सकते हो। हम आप जिस लेवल पे हो उसको ढूंढना है। क्या होता है ना? मैंने अगर बोला कि वन वन का नंबर ये उसका मीनिंग ये है टू टू का मतलब ये है वो है वो एक लेवल पर सच है एंजल नंबर्स का मतलब होता है सच्ची पर ना उसको आप ऐसा नहीं लेना चाहिए मुझे ऐसा लगता है नहीं लेना है किसी ने बोल स्पिरिचुअलिटी में आने के बाद आप किसी पे भी भरोसा मत करो और सबके ऊपर भरोसा करो हम ये एक-एक का मतलब अगर मैंने बोला है कि उसका कुछ तो मीनिंग है टू टू का 7 से का
(51:03) नंबर का मत मतलब है कुछ तो हां समझो उसको अच्छा इसका मतलब होता है पर आपको वन वन वन वन दिख रहा है और मैंने आपको बोला है कुछ तो वो उसको वैसे के वैसे स्टैंप मत मारो हम हम नहीं तो आप गलत रास्ते पे जाएंगे गलत मीनिंग निकालेंगे उसका जो इंपॉर्टेंट रहेगाेंस रहेगा उस चीज का मैसेज का वो गाइडेंस का आप वो नहीं लेंगे बस स्टैप मार देंगे कि इसका मतलब यह है वैसा नहीं करना चाहिए हम ऐसा नहीं करना है। वन वन का मतलब ये कुछ मीनिंग है कि उसका इनलाइटनमेंट का मतलब होता है या कुछ अच्छा होने वाला है। ऐसा मतलब है। हां ले लेना हम पर आपके लिए वो मतलब नहीं हो सकता शायद।
(51:47) हम वो किसी और के लिए हो सकता है। तुम्हारे लिए शायद उसका मीनिंग कुछ अलग रहेगा। हम पर आप इस चीज को कैसे समझो? वो इंपॉर्टेंट है। इसको कैसे समझना है कि यह मेरे लिए इसका मन मीनिंग यह नहीं है। सही बात है। समझो आपको 77 से बहुत दिन भर दिख रहा है। कुछ मीनिंग है, कुछ मैसेज है उसको लेना है। जब वो दिख रहा था तब आप क्या सोच रहे थे? वो देखना है। अच्छा आप क्या सोच रहे थे? जब वो नंबर दिखा आप क्या सोच रहे थे? वही वही याद नहीं है। अभी मगर बहुत बार दिखा। अभी अभी क्या करना है? समझो आपको कोई नंबर दिखा। जी तो तुरंत दिखना है। मैं अब क्या सोच रही
(52:23) अच्छा उसके बारे में इसका सिग्नल है। सिग्नल है। अच्छा ये सिग्नल है। आप समझो बहुत ज्यादा टेंस में हो। हम वो [गला साफ़ करने की आवाज़] समझा रहा है कि मैं हूं। आप समझो प्लानिंग कर रहे हो। वो समझा रहा है कि मैं हूं तुम आगे बढ़ सकते हो। तो इसका पॉजिटिव भी हो सकता है। इसका नेगेटिव भी हो सकता है। पर आपके लिए उसका क्या मीनिंग है ना? रुक के देखो। हां। रुको। वो नंबर दिखा से। हां। क्या सोच रही थी मैं अभी? हां घर के बारे में सोच रहे हैं नहीं ऑफिस के बारे में नहीं वो जेलसी के बारे में सोच रहे तो आपके लिए वो मैसेज है कि रुको जी देखना है यूनिवर्स के थ्रू गुरुओं के थ्रू
(53:02) या कोई एंजल है जो आपको कुछ समझाना चाहता है हम रुक के सांस की तरफ ध्यान देके थोड़ा सा शांति से देखना है। वो नंबर दिखने के पीछे कोई बहुत बड़ा मीनिंग हो सकता है। जी अगर नेगेटिव सोच रहे हो तो रुकना है कि यह नहीं है। वह बोल रहा है ट्रस्ट करो मेरे ऊपर। हम लोग हैं। इतना ज्यादा नेगेटिव मत सोचो। हम अगर आप पॉजिटिव सोच रहे थे तो फिर से उनको बोलना है कि ऐसा मैं जो सोच रही हूं ये होने वाला होगा। समझो तो मुझे रेडी करो। हम अभी समझो आपको कोई नया जॉब मिलने वाला है, प्रमोशन होने वाला है और आप सोच रहे हो कुछ तो यह ऐसा होगा तो वैसा होगा। हम लोग
(53:46) फाइनेंस के बारे में सोच रहे हैं कि ये सैलरी बढ़ जाएगा अभी। पर आपको यह भी रिस्पांसिबिलिटीज बढ़ जाएगा। हम टाइमिंग देना पड़ेगा। बहुत ज्यादा प्रेशर हो सकता है। ये चीजों के लिए ना उनको प्रे करना है। अच्छा मुझे रेडी करो। मुझे रेडी करना है। मुझे रेडी कर देना कि मैं वह पोजीशन पर जितना काम है उससे ज्यादा रिस्पांसिबिलिटी के साथ आत्मीता के साथ उसको कंप्लीट करो हम हम तो उसके लिए भी खुद को रेडी करना है अच्छा अच्छा कुछ और स्किल्स सीखना है हम और कुछ नेगेटिव सोच रहे थे तो क्या सोच रही थी मैं खुद को देखना है रुकना है ये नेगेटिविटी बहुत ज्यादा दिन
(54:30) से बार-बार आ रही है तो लिखना है हम मीनिंग सिर्फ कोई भी चीज आ रही है उसको वैसे वैसे ले लिया कि एक-एक का नंबर एनलाइटनमेंट है दो-द का नंबरस्टर्स चाहिए तीन-तीन का नंबर देवी है लेके से बैठना नहीं है या तुम्हारे लिए अगर यूनिवर्स काम कर रहा है वो फ्लैश करके तुम्हारा इधर ध्यान दिलाने के लिए कितना कुछ काम कर रहे हैं ना वो लोग तो लेना है उसको 2018 तक बताए थे आपने तो ये 10 साल 2018 टू 2026 ये 10 साल से आप क्या कर रहे हैं एक्सक्टली 18 से स्टार्ट हुआ हम 5 छ साल लगे मुझे समझने को क्योंकि कोई गुरु नहीं है समझाने के लिए हम तो क्या हुआ ना बॉडी में चेंजेस आ रहे हैं
(55:15) ये जो फ्लैश हो रहा था वो लेंदी होते जा रहा है आधा-आधा घंटे दिखने लगा मैं मेडिटेशन में बैठी हूं ओपन आंखों से मुझे दिख रहा है कि इसके साथ कुछ चीजें कनेक्ट हो रही है मुझे मेरे बारे में कोई सोच रहा है मुझे दिख रहा है मुझे दिखाया जा रहा है बॉडी में कुछ चेंजेस हो रहे हैं तो पहले पांच छ साल तो मेरा कंटिन्यू हीलिंग ही होता रहा। बॉडी में ऐसा दिखता था जैसे ऑइल, मिट्टी, पानी मिक्स करके कचरा ऐसे एकदम काला-काला कचरा वैसा बॉडी में है। हम क्लीनिंग ही हो रहा है। इतना क्लीनिंग के बाद वो गुस्सा सब निकलने के लिए भी टाइम लगता है ना।
(55:57) इतने दिनों से इतना ज्यादा गुस्सा है। फ्रस्ट्रेशन अंदर रखा हुआ है। बात करने का आदत नहीं है। सब कुछ शेयर करने का आदत नहीं है। मैं सबसे बड़ी हूं। मैं इतनी लाडली उगर में कि मैंने कुछ भी बोला हम तो सब लोग परेशान हो जाएंगे। तो सहना है। चुप बैठना है। चुप बैठना है। उसकी वजह से क्या होता है? धीरे-धीरे ना आदत पड़ जाती है और बॉडी में इमोशंस स्टक हो जाते हैं। वो क्लीनिंग बहुत साल तक हुआ मेरा। 5 6 साल तो यही सब चलता रहा। कफ़ होना, सर्दी होना, बुखार। उसके बाद मैं सो रही हूं। 15 घंटे, 16 घंटे सोते जा रही हूं। अरे बाप रे मेरे फोन यहां पे है। 100 कॉल किए तो
(56:38) भी मुझे सुनाई नहीं दे रहा। मैं हूं वहां पे, पर मैं वहां नहीं हूं। इस तरह से सो रही हूं। हम्म। जब मैं उठ रही हूं, थोड़ा सा मूवमेंट करने की कोशिश कर रही हूं। मेरा हाथ मूव नहीं हो रहा है। हम्म। दुखता वैसे। जैसे कि बॉडी छूट गया था शायद यह वापस आ रहा है। ऐसे बहुत दर्द नींद से उठने के बाद मेरे हाथ पैर ठीक नहीं होते थे। समझो मैं ऐसे सोई तो ऐसे ही उठूंगी। इतना अरे बाप मूव भी नहीं होती थी मैं इतना। अरे बाप और वो भी 8 9 महीने तक वैसे ही रहा। उसके बाद नेक्स्ट लेवल ऐसे करते करते 2013 जुलाई 7 8 9 तारीख को 7 8 9 जुलाई को मैंने क्रिया दीक्षा लिया था और 10 तारीख
(57:22) को मेरा चैनलिंग स्टार्ट हो गया। क्रिया योगा कहते हैं। हां क्रिया दीक्षा लिया था पुणे में। हम ऐसा अगर बोले ना कि चैनलिंग को 10 जुलाई से स्टार्ट हुआ है। तो उससे पहले भी मुझे वैसे ही दिखता था। हम पर मैं रेगुलर नहीं बैठती थी। उससे पहले भी मुझे कुछ चीजें दिखाई जाती थी कि ऐसा हो रहा है। उसका मीनिंग क्या है? मुझे मैं बोल रही हूं। हम मुझे मैसेज आया कि सुबह 3:00 बजे उठना है। सुबह 3:00 बजे उठ के मेडिटेशन में बैठना है। ऐसे 10 जुलाई से वो स्टार्ट हुआ है। अच्छा कि मैं सुबह 3:00 बजे उठ रही हूं। वो 10 जुलाई 2023 से स्टार्ट हुआ। हम
(58:01) तब से मैं बोल रही हूं कि ऐसा दिखाया जा रहा है, ऐसा दिखाया जैसे अभी हुआ। यह दिखाया जा रहा है। अभी तो बॉडी के इमोशंस के बारे में था। तब चक्रों के बारे में एनसेेस्टर्स के बारे में एनसेेस्टर्स का कौन सा इमोशन अर्थ में जुड़ा है? कौन सा घर के साथ जुड़ा है? कौन सा किसी पर्सन के साथ जुड़ा हुआ है? कितना परसेंट एनर्जी उनका डिपार्ट हुआ है? कितना रह गया है? कैसे इंसान स्टक होते हैं? इससे लेकर बॉडी में कितने चक्र है इससे लेकर हर आयेदा से लेकर करीब-करीब 400 500 तो ब्रथ टेक्निक सिखाए हम बर्थ कैसे होती है से लेकर एवरीथिंग हम
(58:46) इतने साल में रोज तीन चार घंटे चैनलिंग हो रहा है। इसको चैनलिंग बोलते हैं ये अभी नहीं पता था मुझे। लोगों ने ये बोलना स्टार्ट किया कि इसको चैनल नहीं बोलते हैं। मुझे स्पिचरिटी में जैसे कोई बैकग्राउंड में वैसा कुछ नहीं है ना तो मुझे पता ही नहीं है कि उसको क्या बोलते हैं। क्या कहते हैं सही? मुझे शौक हो रहा है कि मैं इतना 4 घंटे बोली 3:00 बजे स्टार्ट हुआ था सुबह के तो 7:00 बज रहे हैं। और मुझे पानी भी पीना जरूरी नहीं लगा। हां। ऐसे कैसे 4 घंटे हो गए। मुझे लगा आधा घंटा बाद किया होगा शायद। और जो लोग सुन रहे हैं ना वह बोल रहे हैं क्या था यह क्या था
(59:25) यह मैंने समझो ऐसा दिखा रहे हैं कि बॉडी का मूव मत करो बाबा जी बहुत महात बाबा जी का चैनलिंग हो रहा है उन्होंने ही बोला था कि ऐसेसे मैसेज तो चैनलिंग हो रहा है बाबा जी बोल रहे हैं कि मुंह मत करो हम अगर यहां पे बैठ के तुमको तकलीफ हो रही है तो उठ जाओ हम ऐसे ऐसे ऐसा बोलना स्टार्ट किया था ऐसा एक-एक एक-एक चीजें आने लगी बाबा बाबा जी बोल रहे हैं ना कि समझो गले पे काम हो रहा है, नाक पे काम हो रहा है। हम किसी किसी को चींक आ सकती है। हम और 50 लोग बैठे हैं तो चींक आ रही है। बाबा जी बोल रहे हैं कि लेफ्ट कान में दर्द होने वाला है और आपको ऐसा लगेगा कि
(1:00:07) लेफ्ट कान से जैसे गरम ब्लड जैसे बाहर आ रहा है। तो आप जो बोल रहे थे दो सेकंड लेट बोला उससे पहले मुझे हो रहा था। हम हर बार ऐसे बोल रहे हैं कि आपने जब गले का किया तो ऐसा हो रहा था। आमपीठ में, नाखून में, हाथों में कुछ भी बोल रहे हो वो सब कुछ मुझे कैसे फील हो रहा है? मुझे लगा हो रहा होगा कुछ तो। मुझे क्या पता क्या हो रहा है? हम मुझे नहीं पता है ना। मुझे तो चैनलिंग हो रही है। पर वो आपके साथ भी हो रहा है क्या? मुझे नहीं पता है। पर बोला है कि ऐसे-ऐसे बैठना है। सर्कल क्रिएट हुआ है। वो अपने आप हुआ था। आप लोग वहां पे बैठे
(1:00:43) हो। वो अपने आप हुआ था। मुझे नहीं पता है उसका क्या मीनिंग है। 8 दिन में जैसे चैनलिंग स्टार्ट हुआ 8 दिन हो गए थे करीब-करीब एक लेडी है जो यूएस में रहती थी। उनको पता नहीं कैसे पता चला था कि सुबह मेडिटेशन हो रहा है और उनको माइग्रेन होता है। हम 23 25 इयर्स से हां मुझे भी है। सात दिन में वो माइग्रेन ठीक हुआ। कैसा? क्या-क्या? मेडिटेशन में ही एक दिन चैनलिंग में बोला था कि इसका इसका ये ये प्रॉब्लम सॉल्व हो रहा है। अच्छा। वो एक आंटी थी। उन्होंने बोला मैं 25 साल से मेडिटेशन करती हूं। हम रोज 4 घंटे बैठती हूं। मुझे कभी भी इतना तकलीफ हुआ है ना ये माइग्रेन की वजह से
(1:01:25) सारे डॉक्टर्स दवा या सब कुछ हो गया है मेरा और सात दिन में मेरा माइग्रेन चला गया। मुझे लगा ऐसे कैसे हो सकता है? 25 साल से किया है तो अब कैसे हो गया? होगा कुछ मुझे क्या पता मुझे बहुत ज्यादा आश्चर्य नहीं हो रहा है पर सोच रही हूं मैं कि कैसे हुआ ना यह चीज ऐसे कैसे हो गई अचानक से वो मैसेज इतना स्प्रेड हो गया हम कि माइग्रेन कम हो गया माइग्रेन कम हो गया उसका 100 लोग जॉइ करने लगे हम रोज 100 लोग जॉइ कर रहे हैं सुबह 3:00 बजे उठ रहे हैं 100 लोग जॉइ मुझे लग रहा है अरे क्या क्या हो रहा है पता नहीं है मुझे पता नहीं है क्या हो रहा है
(1:02:04) सही ज़ूम नहीं नहीं है मेरे पास कुछ चैनल नहीं है कुछ भी नहीं है मुझे पता ही नहीं है कि उसके बारे में क्या करना है हम और मैंने जैसे बोला कि मैं जॉब करती हूं ये सब नहीं एड्स हो रहा है। किसी ने मुझे बोला कि हम लोग क्या करते हैं ना आप अगर ज़ूम वगैरह नहीं लेना चाहते। मुझे लग रहा है आज के दिन हुआ है चैनल नहीं कल नहीं होगा। आज रूटक के मैं बारे में बोला था ना कल सेकंड के बारे में बोला। थर्ड सात चक्र हो गए ना। हम्म। अभी ज़ूम नहीं लेना है। कल नहीं हुआ तो वेस्ट होंगे ना पैसे। सही ₹100 या ₹2000 जो भी है वो वेस्ट हो जाएंगे हम तो नहीं लेते जाने दो आज के दिन करते हैं
(1:02:41) कल से शायद बंद हो जाएगा मुझे लगा सात दिन में वो कंप्लीट हो जाएगा चक्रों के बारे में आठवां दिन में 9 10 12 ऐसे करते एक महीना हो गया हां होगा कुछ तो एक महीने में बंद हो जाएगा बाबा जी ने एक दिन बोला था कि 108 दिन मैं पूछ रही थी कि zूम का जो ये सब्सक्रिप्शन लेना चाहिए कैसे तो बोला 108 दिन कंप्लीट होने देना है। उसके बाद मुझे लगा 108 दिन तक चैलेंजिंग होने वाला है। [हंसी] अच्छा तो फिर ज़ूम लेना पड़ेगा। हम मैं तो नहीं ले सकती। तो मेरी एक फ्रेंड थी उसने बोला कि मैं आपको ZM का जो भी सब्सक्रिप्शन लगेगा वो एक साल का ले। मैंने बोला एक साल का नहीं सिर्फ दो-ती
(1:03:26) महीने का लेना है। मंथली करेंगे हम लोग। इतना एक साल का करने की जरूरत नहीं है। इतना चैनलिंग नहीं होता होगा ना। हां ठीक है ना जाएगा तो जाएगा पर आपका तो काम हो जाएगा उसको रिकॉर्ड करके रखते हैं। बाबा जी ने बोला था उसको रिकॉर्ड करके रखना है डेट डाल के और उसको ओपन नहीं करना है 108 दिन तक उसके बाद फिर वो बताएंगे कि क्या करना है ऐसा वो चैनलिंग भी स्टार्ट हो गया zूम भी आ गया YouTube भी स्टार्ट उन्होंने जैसेजैसे मैसेज दिए वैसेवैसे ये स्टार्ट हो गया दैट्स वै नाइस रियली सो अभी तक कितने लोग आपके पास प्रॉब्लम के साथ आए थे कितने लोगों खुशी से चला गया वापस
(1:04:06) मेरा मेरा जैसे स्टैंडिंग स्टार्ट हुआ तो मुझे क्या हुआ ना आपके बॉडी है जो 3D बॉडी दिख रहा है उसके पीछे उसके आगे कुछ ऐसी चीजें हैं जो मुझे दिख रही है तो पहले करीब-करीब वो भी 100 दिन का था करीब कर ऐसा हुआ कि दो-तीन महीने मैं रोज ही हीलिंग कर रही हूं किसी ना किसी की हम दूसरे ग्रुप में ओके रोज ही हीलिंग करते जा रही हूं मैं ऐसे बहुत सारे किस्से हुए करीब-करीब दो तीन 3000 लोग होंगे जिसका हीलिंग किया। मैंने जैसे बोला ना मुझे थर्ड आई है या मुझे दिख रहा है तो मुझे ऐसा लगता था कि मैं पागल हो रही हूं। ये सब चीजें जरूरी नहीं है। ऐसा लगता था पर उसका सामने
(1:04:52) वाले को अच्छा असर हो रहा है। ये देखने के बाद मुझे लगा कि ये अच्छा हो रहा है। शायद रुक जाते हैं। एक्सेप्ट करते हैं उसको। हम पर एक्सेप्ट करने को ही मुझे बहुत सारा सात पांच सात साल तो मैंने ऐसे ही निकाल दिए कि ये गलत है। क्यों दिख रहा है? क्या मीनिंग है इसका? मुझे मैसेज आने लगे कि वो जो आपकी फ्रेंड एक मेरी फ्रेंड थी उसके बारे में कि ना आप वो जो फ्रेंड है ना उसको रात को 11:00 बजे से ब्लीडिंग चालू होने वाला है। उसके पेट में सिस्ट है वो निकल जाएगा। अरे बाप रे ये रिमूव होना स्टार्ट होने वाला है। हम अब मुझे थोड़ा सा टेंशन भी होने लगा कि
(1:05:27) मैं इसको कैसे बोलूं। मैंने फिर भी जो मैसेज आया था वो मैसेज डाल दिया। उसका सच में स्टार्ट भी हो गया है। पर उसने वो बहने नहीं दिया कंप्लीटली। हम वो डर गई और हॉस्पिटल में भर्ती हो गई तो वो स्टॉप किया। हम मुझे लग रहा है आपने बोला था कि वो सिस्ट निकलने वाली तो वो निकलने क्यों नहीं दिया? मैंने वॉइस मैसेज डाला था पर उसने सुना नहीं क्योंकि पेन हो रहा था ना तो वो चली गई। इसका तो कोई मीनिंग ही नहीं है ना। हम्। अगर बोला हुआ है, तो वैसे क्यों नहीं हुआ, तो नहीं करना है। यह गलत है ऐसे। पर उसको जब जब उसने सुना, वह बोला कि हां सच में
(1:06:03) ऐसा स्टार्ट हो गया था। मैंने बोला था पता है क्या उसको नहीं रोकते तो अच्छा होता क्योंकि वो सिस्ट के लिए ऑटोमेटिकली होना हम्म। और ऑपरेट करके निकालने में फर्क रहता है। मैं एक्सेप्ट नहीं कर रही कि बंद होना है। यह जो भी दिख रहा है ना बंद होना चाहिए। तब भी ऐसे भी बोलती हूं। बंद करो इसको। को मुझे नहीं देखना है। मुझे नहीं देखना है। फिर जब मुझे एक मेरी फ्रेंड है वो सिंगापुर में रहती थी और साइंटिस्ट है। वो ऐसे ही मेडिटेशन में किसी ग्रुप में मिली थी मुझे। उसको 12 साल से नेक पेन है। हम नेक में रड वगैरह डाला है। ऑपरेशन किया
(1:06:43) है। अच्छा। वो सो नहीं सकती। ऐसे सो नहीं सकती है। बहुत पेन होता है उसको। पर वो दूसरों को ठीक नहीं कर पा रही है बोल के उसने वो रिजाइन करके सिंगा छोड़ के यहां इंडिया में आई थी मैं गोलियां खुद बना रही हूं लोगों को फर्क पड़ रहा है कि नहीं मुझे नहीं पड़ रहा है ना तो कोई मीनिंग नहीं है ऐसा छोड़ दिया था हम और यहां पे आई और मेडिटेशन में वो एक दिन ऐसे वहां आ के मिली तो वो कुछ बात कर रहे थे तो मैंने बोला पता है क्या ऐसेसे आपके लेफ्ट साइड में ना एक कुछ एनर्जी दिख रही है उसको अगर रिमूव किया तो बाबा बाबा जी ऐसे बोल रहे हैं कि इसको रिमूव किया तो
(1:07:22) शायद आपको वेट कम होगा। इससे पता नहीं है उसके साथ क्या हो रहा है। मैं भी फर्स्ट टाइम कर रही हूं ये सब कुछ। मैसेज आते थे पर वो डिलीवर कर दिए तो तब तक कुछ चेंज किया जा सकता था हमारे हिसाब से ऐसे। तो उस दिन क्या हुआ? वो लेडी का कंप्लीट किया। दूसरे दिन वो आई नहीं मेडिटेशन का। तीसरे दिन आई और बोला कि 12 13 साल से मैं सोई नहीं थी और आज मैं 24 घंटे सो रही हूं इसलिए मैं सुबह आई नहीं ऑफिस को भी छुट्टी हो गया मुझे फोन का आवाज नहीं आया कुछ नहीं आया और मुझे इतना ऐसे खुशी जैसे किक बैठता है ऐसे बोलते हैं ना वैसे हुआ मुझे हम
(1:08:05) मुझे इतना अच्छा लगा कि लोगों को इसका फर्क हो रहा है हम वो खुश थी इतनी खुश थी ना कि मैं इतने दिन के बाद सोई। उसके बाद इंफॉर्मेशन दिया था। उस मोमेंट में मैंने एक्सेप्ट किया हम कि ये इंपॉर्टेंट है कुछ तो या कि वो इतने दिन के बाद सोई है। ऐसे ये चेंज होता रहा। एक एक को फर्क पड़ा। उसने एक्सपीरियंस शेयर किया। दूसरा तीसरा एक दिन में चार-चार पांच-प लोगों का भी हीलिंग हो रहा है। एक साथ हीलिंग हो रहा है। ऐसे कोई कुछ बोल रहा है तो वो हुआ है कि नहीं वो भी दिख रहा है। कितना परसेंट हुआ है आपकी बॉडी से कितना परसेंट निकला है और वो नहीं हुआ है।
(1:08:47) क्यों नहीं हुआ है? तो पास्ट लाइफ का कुछ इशू है। कुछ कुलदेवी का है। कुछ कुछ अपने आप ही वह दिखना समझ में आने लगा कि पता है क्या ऐसेसे हुआ है। पर आपके किचन में कुछ इशू है। पाइप में कचरा है उसकी वजह से आपको यह प्रॉब्लम हो रहा है। अरे बोल रहे हैं कि इसके घर में जो भी प्रॉब्लम है सांस लेने का प्रॉब्लम हो रहा है या पैसे से रिलेटेड प्रॉब्लम हो रहा है। रिलेशनशिप में प्रॉब्लम हो रहा है। कवर्ड को ओपन करो। सारा कचरा बाहर निकालो। ऊपर कचरा है। उसके नीचे कचरा है। कॉट के नीचे कचरा है। फिर इसके ऊपर कचरा है। उसको क्लीन करने के
(1:09:22) लिए बोला। उसके बाद ठीक हो गया। मुझे ऐसा लग रहा है वो लेडी बात कर रही है। उसके घर के बारे में बता रही है। मुझे कहां पे क्या प्रॉब्लम है? आपके घर के सामने एक नीम का पेड़ है। उसके ऊपर ये ये करना है। वहां जाके दिया लगाना है। मुझे भी शौक हो रहा है कि ये कैसे हो रहा है। और वो लेडी बोल रही है कि हां मेरे घर के सामने नीम का पेड़ है। ऐसे ऐसे ऐसे मुझे भी रियलाइज होने को ये सब एक्सेप्ट करने को टाइम लिया मैंने। बहुत टाइम लिया कि ये सच हो रहा है क्या? ये रियलिटी है क्या? क्योंकि कोई समझाने वाला नहीं है। नहीं। उसके लिए कुछ कोर्स है क्या? कोर्स ऐसे
(1:10:00) नहीं है। सुबह 3:00 बजे उठ के मेडिटेशन करना है। उसमें कभी-कभी बोलते हैं कि आज ये मंत्र करना है, चांटिंग करना है, 108 बार करना है, चक्र में करना है या मुद्रा के साथ करना है। ऐसा वो बोलते हैं। बोलेंगे कि दो दिन के लिए इस तरह का खाना नहीं खाना है। दूध का कुछ नहीं खाना है। ये सब कौन बोलेगा? ये आपको एडवाइस करते हैं? मैं बोल रही हूं मैं जैसे कमेंटेटर हूं खेलने वाले खिलाने वाले कोई और [हंसी] ऐसे राइट हां खेलने वाला खिलाने वाला जैसे कमेंट्री होता है ना मैं सिर्फ बोल रही हूं कि ऐसा-सा हो रहा है यहां राइट राइट
(1:10:43) मैं कुछ नहीं कर रही हूं कोई गाइडेंस आ रहा है सबके लिए उसको बस फॉलो करना है सुबह होगा या कभी-कभी शाम को होते हैं मेडिटेशन उसको बस फॉलो करना है अच्छा और पहले दिन से लेकर कर पहले छ महीने एक साल आपकी लाइफ में क्या चेंजेस हो रहे हैं? फर्स्ट दिन से ही चेंजेस दिखना स्टार्ट होंगे आपको। फर्स्ट डे से ही आपने बैठना स्टार्ट किया है। मान लिया है। तब से आपकी बॉडी में चेंजेस दिखेंगे। एक्चुअली एक ह्यूमन बॉडी में कितनाक्रास रहता है। वो चक्र हार्ट ब्लॉक हो गया। ये चक्र ब्लॉक है। बोलते रहता है। कैसे पता चलेगा वो हार्ट ब्लॉक हो गया बोल के?
(1:11:26) हमारे बॉडी में ऐसा बोलते हैं कि छ सात आठ चक्र है, 10 चक्र हैं। पर बॉडी के हर एक पॉइंट पे चक्रा है। मैंने ऐसा देखा और जैसे हाथों में चक्र है। टिप पे चक्र है, नाखून में चक्र है, पैरों में चक्र है, नी में चक्र है, टेल बोन में चक्र है। टेल बोन के नीचे 2 सें.मी. पे एक चक्र है। उसके नीचे चक्र है। हम सिर के ऊपर सात आठ सेंटीमीटर पे एक रहेगा ब्रह्मरंद्र में है। उसके नीचे भी और एक है। इतने ज्यादा चक्र है बॉडी में जितना मैं तो ऐसा बोल सकती हूं कि हम जितने मॉलिक्यूल्स रहेंगे हम उस मॉलिक्यूल के अंदर अगर लाइट आ रहा है तो वो भी उसको आप ऐसा बोल सकते हैं कि ये
(1:12:13) चक्रा है। जहां पे लाइट जा रही है जहां पे लाइट की जरूरत है। जहां पर पेन है वो मॉलिक्यूल में भी पेन है। हम उसके अंदर अगर पेन आ रहा है तो भी वहां का चक्र ब्लॉक है। चक्र क्या है? इमोशंस है। हम चक्र क्या है? इमोशंस है। समझो चक्र क्या है? वो लाइट भी बोल सकते हैं हम लोग। और उसको ब्लॉक होता है तो वो ब्लैक ऐसा कार्बन जैसा भी दिखता है। अच्छा। आपको कैसे समझ में आता है कि हार्ट या थ्रोटक या ब्रह्मरंद्र या टिल बोन रूट चक्र कोई भी चक्र ब्लॉक कैसे है? ये कैसे समझ में आता है? आपको उस पार्ट से रिलेटेड उसक से रिलेटेड डिजीज दिखेंगे।
(1:12:58) अच्छा ओके। मैंने जैसे बोला कि मॉलिक्यूल के अंदर भी हम लोग अगर देखना चाहे तो चक्र है ऐसा फील कर सकते हैं। देख सकते हो। हम मॉलिक्यूल के अंदर भी एक मॉलिक्यूल में अगर प्रॉब्लम है कार्बन दिख रहा है तो वो चक्र का हिस्सा है वो जो समझो इतना चक्र है एक पॉइंट पे डॉट खराब हुआ है तो उसका असर सब पे दिखेगा सही है उस पार्ट से रिलेटेड आपको डिजीज रहेंगे गॉट गले में कुछ समझो थ्रोट चक्र प्रॉब्लम है ये दुखना टॉन्सिस दुखना बात करते हुए रोते हुए रोना चाहते पर नहीं रो रहे तो ये दुख रहा है। दुखता है। गर्दन दुख रहा है। ये सारे इशूक से
(1:13:43) रिलेटेड है। राइट? प्रॉब्लम जहां पर भी आपको पेन हो रहा है वहां पे चक्र ब्लॉकेज है। ये बता दीजिए इंटरव्यू पे के लिए आए थे आप यहां पे। ट्रैफिक पहले थोड़ी देर पहले आ गया। मैं थोड़ा सा देर आई। एक्चुअली 11 का मतलब 11 के आगे। आने के बाद मैं आने का टाइम पर आप थोड़ा सा मेडिटेशन पे हैं। मेडिटेशन कंप्लीट होने के बाद आप मेरे से बात किया मतलब सामने बैठ गए। आप बोला है कि आपका एक ओरा आ रहा है। कुछ बताए था आप मेरे बारे में। आपको क्या लगा था एक्चुअली मेरे को मुझे देखने के बाद? जैसे ना मुझे ऐसा दिखा रहे थे कि आपके अंदर कोई जैसे
(1:14:20) जिनके हाथ में बीना है वह एक देवी का एनर्जी धीरे धीरे धीरे नीचे उतर रहा है। जैसे ये देखते है ना सरस्वती माता रहती है उस तरह का एक वाइट कलर का एनर्जी दी आपके सिर से धीरे धीरे धीरे नीचे जा रहा है और आपकी तरफ ही देखने का मन हो रहा था यहां इस एरिया में कि ये कौन है ऐसे कैसे ऐसा हां ऐसा चेंज होता है चेंज दिख रहा था हम लोग ना कभी भी किसी की खूबसूरती को नहीं देखते हैं सही बात आंखों को चेहरे को दांत ये सब चीजें इतना मैटर नहीं करती है सही रियलिटी में ओरा की वजह से कोई खूबसूरत है। ओरा की वजह से कोई खराब है। हम बॉडी की वजह से नहीं है वो। सही बात है।
(1:15:05) ओरा की वजह से कोई बहुत ही चार्मिंग खूबसूरत दिख सकता है या बहुत सब कुछ अच्छा है। पर चेहरा देखो कभी हमें। अरे ये कैसे दिखता है? ऐसा लगता है उसको देख। फेस इज द इंडेक्स ऑफ़ माइंड। कहता है। हां। वह ओरा है। वह ओरा है। ओरा की वजह से ही हम बहुत ज्यादा सुंदर दिखते हैं और बहुत ज्यादा बुरा दिखते हैं। बुरा भी सही बात है। बहुत बढ़िया। तो अभी पहली बार तेलुगु प्रेक्षक लोगों का आपका इंटरव्यू है। तो इसके बारे में तेलुगु प्रेक्षक लोगों को क्या कहना चाहते हैं आप? तेलुगु के बहुत सारे लोग मेडिटेशन करते हैं। हां। हम जो मेडिटेशन कर रहे हैं ना वो
(1:15:48) मेडिटेशन लैंग्वेज का बैरियर नहीं है। सही बात है। मेडिटेशन कर रहे हैं। मैंने जैसे बोला कि कुछ एक्टिवेट हुआ है। आपको वो लैंग्वेज नहीं आती है। मैं हिंदी में बात कर रही हूं। आपको वो लैंग्वेज आती है कि नहीं आती है। एनर्जी को समझ रहा है कि आपके बॉडी के अंदर कहां पे प्रॉब्लम है और वो उसक को ठीक कर रहा है। तो हो सकता है कि लैंग्वेज ना समझ में आए। हां। हो सकता है कि मुझे बोलने में दो मिनट दो सेकंड लेट हो रहा है। हो सकता है कि कुछ चीजें क्योंकि मैं कोई स्पिरिचुअल बहुत अलग फैमिली से नहीं हूं। ना ही मैं मुझे कोई डायरेक्ट गुरु मिला
(1:16:25) हुआ है। ऐसे तो हो सकता है कि आपको कुछ चीजें ऐसी लगी कि ऐसा नहीं था शायद। ऐसा हुआ था। आप ना खुद को समझने के लिए बॉडी को समझने के लिए एनसेेस्टर्स को समझने के लिए अर्थ को समझने के लिए नेक्स्ट जनरेशन को समझने के लिए अपने खुद की पास्ट लाइफ को समझने के लिए सुबह मेडिटेशन करना जरूरी है। मेडिटेशन करने से पास्ट लाइफ पता चल जाता है। सच फ्यूचर भी पता चल जाता सीरियसली सर मुझे पता चल रहा है तो आप बोलेंगे कि हां आप तो बहुत डिवाइन हो ऐसा है वैसा है सब लोग कनेक्ट हो रहे हैं इसलिए ऐसा हो रहा है नहीं जो सुबह मेडिटेशन किया हुआ है करते
(1:17:11) हैं उन अभी ये तीन साल हो रहे हैं करीब करीब उन सबको उन सबको सारे इंट्यूशन फर्स्ट लाइक वो स्टेज तक पहुंचना चाहिए उस स्टेज तक पहुंचाया जाता है हां [हंसी] सब लोग क्या सोचते हैं एक महीने करके नहीं मुझे कुछ नहीं पता चलता है। वो ऐसे सोचने का भी चांसेस है। चांसेस है ना मैंने मैं आज आपके सामने इंटरव्यू देने का एक ही मतलब है कि मैंने 10 साल चटिंग किया कुछ किया कुछ किया कुछ नहीं हुआ था। इसीलिए कि हम मुझे लग रहा था कि कुछ नहीं हुआ है। पर ऐसा था क्या? मुझे समझने के लिए टाइम लगा। एक-एक दिन में मेरे अंदर चेंज हुआ था।
(1:17:54) हम हमको क्या चाहिए ना? हमको रिजल्ट चाहिए यस और नो में मैं अगर 10 साल किसी चीज को ऐसे ही करते जा रही हूं। 10 साल में बोल रही हूं तो छोटा लग रहा है। पर जब फ्रस्ट्रेशन में है और वो 10 साल रोज करना है। 4 घंटे का हवन करना है। बहुत ज्यादा फ्रस्ट्रेशन क्रिएट करने वाली बात होती है। सही बात है। पर फिर भी किया ना हम करना जरूरी है। पहले दिन नहीं हो रहा है। दूसरे दिन हो होगा। तीसरे दिन होगा। चौथे दिन और जितना लेट हो रहा है ना हो सकता है कि आपके लिए बहुत बड़ा डैम जैसे बनाया जा रहा हो शायद हां तो रुकना नहीं है ये क्रिया योगा जो आपने
(1:18:35) बताया था अभी तो उसके बारे में पहली बार मैं सद्गुरु बात कर रहे थे क्रिया योगा के बारे में फिर बाद में एक यूट्यूबर है क्रिएटर है बेंगलुरु पे विनोद है बोल के सो वो आदमी एक दिन इंटरव्यू में बताया था और क्रिया योगा में योगा के बारे में बताया था क्या है कि क्रिया योगा में एक स्टेजेस जाने के बाद क्या होता है? हवा में भी अपन उड़ सकते हैं। योगा करते-करते हवा में उड़ सकते हैं। उतना पावर आता है अपना अंदर। तो वो सुनके बहुत शॉक एकदम शॉक हुई मैं तो। मगर जो किया है उन लोगों के साथ मिलने के बाद पता चला है कि योगा कितना पावर होता है उसमें।
(1:19:14) एक चटिंग में कितना पावर होता है। कितना पावर होता है। हां। एक होमम और यागम में कितना पावर होता है और मेडिटेशन में कितना पावर होता है। सो मानने के बाद ही करने के बाद ही पता चलेगा। बाहर से देखने से कुछ पता नहीं चलेगा। नहीं पता चलेगा। या एक बार अंदर जाना है। अंदर जाना है। एक्सपीरियंस करना है। हम सालों से करना है। एक दिन करके, दो दिन करके, 10 दिन करके मेरे कुछ भी नहीं है। इसमें बोले तो पता नहीं। नहीं पता चलता। नहीं पता चलता। सही। और एक बार बोला है तो तुमको 10 बार करना चाहिए। हां मैंने किया। हां वही बोल रही हूं मैं आपसे। वही बोलना
(1:19:50) चाहती हूं। आपने बोला था मुझे चार बार करो। मैंने 10 बार किया। अब बोलो। फिर वो बोलेंगे फिर से करो। फिर मैं करती थी कि हां शायद गलती से भाव से नहीं हुआ है। फिर करो फिर करो फिर करो। किया उन्होंने बोला दो बार करना है। मैंने 100 बार किया। अब क्या? हम आप बोलो बस मुझे। मैं मैं करने के लिए रेडी हूं। 10 बार 100 बार करने के लिए रेडी हूं। यूपीएससी में ये कहावत है। एक बार पढ़ना नहीं 10 बार लिखो। 10 बार पढ़ो मतलब उसको मतलब रिवीजन रिवीजन करना है। तभी आराम से आसान से एग्जाम पास होगा। एग्जाम का डर ही नहीं लगता है। हां डर ही नहीं लगता।
(1:20:28) सही है। वो वहां तक पहुंचना है। तो प्रैक्टिस तो जरूरी है। प्रैक्टिस करना पड़ेगा। सही है। हां। आप बोल रहे थे ना कि किसी किसी को एक दिन में फर्क नहीं पड़ता। एक महीने में छोड़ देते हैं। देखो आप छोड़ सकते हो क्या? बिल्कुल छोड़ो। हम आप नहीं करना चाहते हो क्या? मत करो कुछ भी। हम अगर आप जहां पे हो वहां पे खुश हो हम कोई चीज आपको सता नहीं रही है। हम शायद आप बहुत महान व्यक्ति हैं। आपको इन चीजों की [हंसी] जरूरत नहीं है तो मत करो। पर आपके अंदर ऐसा फीलिंग आ रहा है कि मुझे कोई बुला रहा है। मुझे नींद में नहीं आ रही है। मुझे ऐसा लग
(1:21:02) रहा है कि मैं अकेला हूं। डिप्रेशन में जा रहे हो। सुसाइडल थॉट आ रहे हैं। रिलेशनशिप अच्छा नहीं हो रहा है। बर्डन बढ़ते जा रहा है। कर्जा बढ़ते जा रहा है। इंस्ट्रूमेंट दे दे के थक गए हैं। रोज ऑफिस घर ऑफिस घर इसके सिवा कोई मशीन के जैसा हो रहा है। कुछ भी फ्रस्ट्रेशन हो रहा है आपको तो आपको उठना पड़ेगा। या आपको उठना पड़ेगा। आप पुणे में हैं। मैं हैदराबाद में हूं। मैं आपको कॉल करके मेरे ये प्रॉब्लम है। आप कुछ ना कुछ कर लीजिए ना। मैं आपको बहुत रिक्वेस्ट किया। आप उधर मैं इधर इतने दूर में रहती हूं। मेरा प्रॉब्लम जो है आप कैसे क्लियर कर
(1:21:43) सकते हैं? खुशी कैसे दे सकते हैं? मैं जिनको चैनल कर रही हूं जैसे महावतर बाबा जी गुरु नानक जी, स्वामी समर्थ ये बाउंड्रीज या बॉडी में नहीं है। हम वो सूरज के जैसे हैं। राइट? मैं कहां हूं? बॉम्बे में हूं, पुणे में हूं या किसी दूसरी कंट्री में हो। कहीं भी हो। कहीं पे भी हो। आपके साथ क्या हो रहा है? वो देख रहे हैं। मैं नहीं दिख रही। दिखता है आपको। आपके गुरु देख रहे हैं कि आपके साथ क्या हो रहा है। मुझे क्या है सर? मुझे बोलना है कि पता है क्या? आपके पीछे ये चीजें हैं। ये सारी चीजों को ठीक करना है। इन चीजों को ठीक करना है। जो चीजें आप ठीक कर सकते हो 3D
(1:22:22) में उसको करना है। जो चीजें गुरुओं के द्वारा निकालनी रहती है। एनसेेस्टर्स के द्वारा निकालनी रहती है। कुलदेवी के द्वारा निकालनी रहती वो खुद करते हैं। तो मैं कहीं पे भी हूं काम करने वाले बहुत अलग लोग हैं। मैं कहीं पर भी हूं। कुछ फर्क नहीं पड़ता। भरोसा नहीं रखते हैं। फिर भी एक बार देखेंगे क्या होगा। हम ऐसे लोगों को मतलब खुशी मिलता है सच्ची प्रॉब्लम कम हो हां ऐसे ही लोगों को उल्टा मुझे लगता है कि ज्यादा शॉक मिलती [हंसी] है कभी-कभी क्या होता है ना जैसे मैं भी वैसी हूं जी मैंने कभी भी किसी गुरु पे भरोसा नहीं किया हां वही मैं सबको सुनती हूं मैं सबको
(1:23:01) मानती हूं पर मैं किसी को नहीं मानती कब से मानना शुरू किया आपने जब सामने वाले की लाइफ में भी चेंजेस आ रहे हैं मेरे अंदर तो हो गया हां मैंने एक ऐसे इंसिडेंट हुआ था। उसके बाद थोड़ा चेंज हुआ। मैं वो इंसिडेंट भी बोलती हूं। जी। क्या हुआ ना? मेरे अंदर चेंज हुआ तो हुआ। सामने वाले के भी अंदर चेंज हो रहा है। तो ये मुझे लगा कि कैसे हो सकता है ना मैं इतनी दूर बैठी हूं। कैसे कैसे चेंज हो रहा है? वो कोई मेरे बारे में सोच रहा है और मुझे कैसे समझ में आ रहा है? और मैं मैसेज करने से पहले वो कॉल करके बता रहे कि ऐसे चेंजेस। उसके बाद धीरे धीरे धीरे धीरे
(1:23:35) भरोसा बढ़ रहा। मैं कभी भी किसी के ऊपर भरोसा नहीं करती। पर मैं सबके ऊपर भरोसा करती हूं। ऐसा है स्वभाव सुनना है। सारे गुरुओं को सुनना है। पर इन्होंने जब बोला ना अगर वो नहीं हुआ तो हम पर उन्होंने बोला वो देखना है। करके देखना है। तो सुनना पड़ेगा। बहुत ध्यान से सुनना पड़ेगा। हम तब जाके क्या होता है? हमारे अंदर कुछ तो चेंज होता है। हम अरे हां उन्होंने बोला था कि चंटिंग की वजह से हस्तरेषा चेंज होती है। मैंने नहीं माना था। हम्। मैं मान लेती ना कि हंस रेषा चेंज होती है तो शायद मेरा नहीं होता। सिर्फ माना हुआ है वह। मानना नहीं है सिर्फ।
(1:24:14) अंदर जाके जानना भी है उस चीज को कि सच में हो रहा है कि नहीं। और मेरा स्वभाव कैसे है? मैंने उन्होंने बोला कि हंसर चेंज होती है। चंटिंग करो। मैंने छ महीने दी है चंटिंग और देखा चेंज हो गया कि हां हुआ है। मानना सब कुछ पर कुछ नहीं मानना। खुद को उस टनल से लेके जाओ। फिर बोलो कि हां वहां पे कुछ तो प्रॉब्लम था। यह दिख रहा था वो दिख रहा। ऊपर ऊपर से तुम लोग कुछ भी मत मानो। वरना स्पिरिचुअटी में बहुत धोखे होते हैं। राइट? क्योंकि अंदर जाने का जर्नी है ना। मैं जो बोल रही हूं कि मुझे 10 साल लगे। चांटिंग करने के बाद मुझे कुछ तो दिखने लगा। किसी
(1:24:50) को चटिंग करने की जरूरत नहीं है। अपने आप ही दिखने लगा। किसी को 20 साल लगे फिर भी मैं वहीं पे हूं। हम्म। हम तो मेरा जर्नी अलग है। आपका जर्नी अलग होता है। आपका बॉडी अलग है। आपके डीएनए अलग है। एनसेेस्टर अलग है। सब कुछ चेंज हो सकता है। एक दिन क्या हुआ? मेडिटेशन कर रहे थे हम लोग। हम सुबह मैं जिनके घर में रेंट से रहती थी वो आंटी सुबह 6:00 बजे घर पे आए। और एकदम गले लग के रोने लग गए। वो अंकल को डायलिसिस होता है। अच्छा। अच्छा किडनी का प्रॉब्लम है। एक किडनी 98% ब्लॉक है। दूसरा किडनी 100% ब्लॉक है। ओनली 2% काम कर रहा है। हां। तो उनको मैंने कभी एक्यूप्रेशर
(1:25:33) कराया। मैं कभी-कभी उनके घर पे जाके सब करके देती थी। ऐसे तो उनको बोला कि आप चटिंग करो, स्वामी समर्थ का करो। ऐसा सब कुछ करने के लिए बोला था। तो आंटी थोड़ा-थोड़ा करने स्टार्ट किया था। तो थोड़े दिन के बाद जैसे मैं मेडिटेशन में शिफ्ट हुई मैंने मेडिटेशन के बारे में बोलना स्टार्ट किया कि आप मेडिटेशन करो ऐसा करो वैसा करो स्टार्ट हुआ तब क्या हो रहा था स्वामी समर्थ जो मैं इतने दिन से बुला रही थी कभी नहीं आए [हंसी] वो मेरे बाजू में आके बैठ रहे हैं। ऐसा मुझे फील हो रहा है। एनर्जी है जो कुछ बात कर रहे हैं और मुझे गुस्सा आ रहा है। रोना आ रहा है कि जब मैं
(1:26:12) बुला रही थी तब नहीं आए। हम अब मेरा कोई दूसरा गुरु है। मैंने आपको छोड़ दिया है। आप जाओ। [हंसी] आप जाओ अभी मेरा कोई दूसरा गुरु है यार। मुझे आपकी जरूरत नहीं है। आप जाओ। तो मैं खाना बना रही हूं। मुझे दिख रहा है कि सोफा पे बैठे हुए हैं। हम मुझे ऐसा लग रहा है कि शायद मुझे फील हो रहा है। ऐसा ऐसा कुछ है नहीं। मुझे ही फील हो रहा होगा शायद। ओपन आई से भी खाना भी बना रही हूं तो मुझे फील हो रहा है कि वो बैठे हैं वहां पे। मुझे गुस्सा आ रहा था कि इतने दिन से बुलाया तो तब नहीं आए। आप मैंने छोड़ दिया तो क्यों आ रहे हो आप ऐसे मैं बात ही नहीं कर रही करीब करीब 15 दिन
(1:26:47) ऐसा हुआ कि मैं बात नहीं कर रही हूं उनके साथ ऐसे तो क्या हुआ नीचे आंटी रहती है स्वामी समर्थ उनके घर पे गए अच्छा मेडिटेशन में अच्छा और उनको बोला कि मैं तुम्हारे हस्बैंड का टेंशन नहीं लेना है और मैं इतने दिन के लिए इनको ठीक करने वाला हूं तुम्हारे फैमिली में बहन के साथ क्या होना है सब कुछ उनको बोला हम और बोला कि ये सब कुछ अभी के अभी जाके के सुनीता को बोलना। मैं ऊपर रहती हूं। हम सुनीता को बोल देना कि ऐसा-ऐसा हुआ है। और उसको भूलना नहीं कभी भी। उसको भूलना नहीं है कभी भी। ऐसा बोल के आंटी बोलने लगी। बोलने लगी ऐसा-सा हुआ है। ऐसा रो-रो के
(1:27:25) एकदम मुझे पहले तो ऐसा लगा कि अंकल को कुछ हो गया। एक्स्ट्रा हो गया है कि ये पेन बढ़ गया है कि एडमिट किया। कुछ मुझे समझ में नहीं आ रहा। फिर वो बोलते जा रहे हैं। बोलते जा रहे हैं। मैंने सुना सुना सुना। लास्ट में आंटी ने बोला कि सुनीता को बोलना मैंने आपको ऊपर भेजा है। अच्छा हां मैंने आपको अभी के अभी ऊपर जाके जाने के लिए बोला है और बोला है कि उसको भूलना नहीं है कभी तुमने ऐसे। ओके मैं सुन रही थी आंटी को बहुत ध्यान से सुन रही थी और जैसे ही मुझे उन्होंने ये बोला कि स्वामी समर्थ ने मुझे ऊपर भेजा है और बोला है कि सुनीता को जाके बोलना है और
(1:28:03) मेरा गुस्सा एकदम शांत हो गया। एकदम शांत हो गया कि मैं बुला रही थी 10 साल से बुला रही थी नहीं आए हैं। मेरे पापा का तबीयत खराब रहता था तब हार्ट पेशेंट है वो तब बुलाती थी तब तो वो भी नहीं आया। इतना इशू हुआ मेरे लाइफ में फिर भी नहीं हुआ। पर किसी के तो मेरे पापा के जाने के बाद वो अंकल को भी मुझे ऐसा लगता था कि मेरे पापा जैसे हैं तो उनको तो कम से कम हील करने के लिए आए ना। उसको भरोसा आया। आंटी को भी भरोसा। बहुत रोती थी वो। हम उसको भरोसा आया ना कि यह ठीक हो सकते हैं और वो किसी एकदम पावरफुल एनर्जी ने बोला है स्वामी समर्थ ने बोला है तो उसको भी
(1:28:42) भरोसा आ गया और वो रोने लग गए एकदम उसका रोना शांत हो गया मेरा स्टार्ट हो गया कि ये आते हैं मेरे काम में नहीं आए ठीक है पर उनके तो आए और वो भी मेरे पापा जैसे हैं और मेरा उनके प्रति गुस्सा कम हो गया और फिर मैं माफी मांगना स्टार्ट किया कि मैंने आपको बहुत तकलीफ दिया है। मैंने आपको [हंसी] पता है [अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] कि इतने दिन से मैं आपको गुस्सा करती थी। मुझे समझ में नहीं आया कि आप मेरे लिए इतना काम कर रहे थे। 10 साल किसको बोलते हैं ना हमको रिजल्ट चाहिए होता है। रिजल्ट नहीं दिखता है। स्पिरिचुअलिटी में अगर हम
(1:29:16) हाईएस्ट स्टेज पे जा रहे हैं तो तुमको एक-एक दिन में रिजल्ट दिखना जरूरी नहीं है। सही बात है। तो ये चेंज अचानक उनके प्रति गुस्सा कम हो गया और रोज मैं उनको माफी मांगती रही कि गुरु का जो ब्लेसिंग्स रहते हैं। गुरु गुरु के जो प्लान रहते हैं महावतार बाबा जी बोल के कभी-कभी बोलते रहता है। नहीं तो आपका गुरु जी कौन है? अभी महावतार बाबा जी। अच्छा स्वामी समर्थ ओ मेरे यह इस लाइफ का एक अंडरस्टैंडिंग हो गया है कि महाकर बाबा जी मेरे गुरु हैं। हम मैंने यह देखा है कि स्वामी समर्थ मेरे गुरु है कितने जन्मों से हम नानक जी मेरे साथ कितने जन्मों से जुड़े
(1:29:57) हुए सब जैसे-जैसे मुझे दिखाया जा रहा है कितनी सारी दैवीय शक्तियां गुरु जो है वो मेरे जन्मों से मेरे साथ तो मेरे हजारों गुरु है हजारों गुरु है मेरे हां जो भी मुझे बहुत लोगों के नाम भी नहीं पता रहते कि ये कौन है कहीं-कहीं पे यहां पे आके वो बर्ड अटक जाता है। कुछ तो है पर मैं बोल नहीं पा रही हूं। बहुत अलग-अलग नेम होते हैं ना। यहां पे ये वर्ड कोई अटक जाता हडा खान कुछ तो बोला था। कुछ तो बोला था और फोटो दिखाया। मुझे नहीं पता हेडा खान कैसे आ रहा है? खडा खान बाबा कैसे आ रहा है? कौन है? कौन है ऐसे? हम तो वो वर्ड जब समझ में आने लगता है, जुबान
(1:30:38) पे आने लगता है तो सर्च करके देखा तो हां ये वही है। अरे ये सच में ये रियलिटी है। ऐसा एक-एक एक एक अनफोल्ड होता रहा। हां। तो चेंजेस तो दिखता है कि ये भी मेरे लिए रुके हैं। मेरे लिए कुछ काम कर रहे हैं। जितने गुरु जितनी दैवीय शक्तियां लाइट जितनी है वो सब लोग हमारे लिए काम करते हैं। वो बहुत दिन के बाद समझ में आता है। जैसे मां रात दिन काम कर रही है। वो हमारा हमको कितना प्यार करती है कुछ समझ में आता है। सही है। लास्ट में शायद वो जाने के बाद कभी-कभी वो भी नहीं है शायद। ऐसा बहुत लेट गुरुओं का प्लानिंग जो है उनकी अंडर उनके प्रति जो प्यार है वह
(1:31:22) समझने के लिए वो क्रिएट होने के लिए टाइम लगता है बहुत उससे पहले हम लोग बहुत दोष देते हैं उनको समझना नहीं चाहते कुछ भी किसी भी चीज को ऐसे पता नहीं किसको कब आई ओपिनिंग कब होगा हां और तो ये कंटिन्यूएशन है जी यूके में से आपका एक स्टूडेंट भी आया था आपके बारे में एक वीडियो करके एक्चुअली उन्होंने बोला किसी को पता नहीं है मैं आपको वीडियो करके भेजा रही हूं। Instagram में भेजा था मेरे को वो लड़की वो मुंबई से हैं। वो पढ़ने के लिए और जॉब के लिए वहां चले गए यूके में। सो फाइनशियल प्रॉब्लम्स और पर्सनल फैमिली प्रॉब्लम ये सब में से
(1:32:01) आपको कनेक्ट हुआ है एक दिन। वो वीडियो मेरे को रखा है कि जो बताया था मैं मेरे को आई ओपनिंग हो गया है। फिर बाद में आई फेल्ट रियली सो हैप्पी। अभी कुछ भी मेरे को दर्द नहीं दे रहा है। टोटली आई एम पेन फ्री बॉडी है अभी मेरा हम। सो वो बोल रहे थे मुझे। अभी तेलुगु वालों को पहली बार ये इंटरव्यू के वजह से तेलुगु में तो नहीं हो रहा है मगर हिंदी में ही हो रहा है। मगर चैनल तो तेलुगु चैनल है। देखेंगे कहां-कहां जाने वाले हैं। अगर कोई ना कोई आपके पास आके ये इंटरव्यू देके उन लोगों का प्रॉब्लम आपको बता के फिर बाद में उसका सारी क्लियर होने के बाद आप थोड़ा सा
(1:32:37) रिकॉर्ड करके हमको भी दिखा दीजिए। हां तो हम भी वैसे मेरे पास दोती हजार रिकॉर्डिंग होंगे। हां मुझे मालूम है। मुझे मालूम है। मैं मैं तो पहली बार कर रही हूं आपके साथ। तो ये इंटरव्यू के बाद क्या होगा देखना है। वो देखना चाह रही हूं। [हंसी] अच्छा या ओके मैम थैंक यू सो मच फॉर योर टाइम। 2 एंड हाफ हावर्स हो गया है। ज्यादा टाइम ले तो माफ़ कीजिए। [हंसी] नहीं। थैंक यू सो मच। अभी बहुत खुश है। करना है। थैंक यू सो मच वंस अगेन। थैंक यू, थैंक यू सो मच फॉर
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