Thursday, April 9, 2026

Modern Fertility & Late Pregnancy | What Every Woman Should Know | Dr. Aruna Kalra | TJW 154

Modern Fertility & Late Pregnancy | What Every Woman Should Know | Dr. Aruna Kalra | TJW 154

Author Name:Shobha Rana

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@iamshobharana

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=2DlvWubovFI



Transcript:
(00:00) कौन सी एज पर एक लड़की को एक गायनेकोलॉजिस्ट से पहली बार मिलना चाहिए? गायनेकोलॉजिस्ट नाउ डेज आर नॉन जजमेंटल डोंट वरी इफ यू वुड गो एंड यू टेल देम दैट यू आर सेक्सुअली एक्टिव दे वुड डू पैप्सियर फॉर यू बिकॉज़ एज़ सून ऐज़ समबडी इज़ सेक्सुअली एक्टिव यू शुड गेट पैप्सियर अगर एक बार इनफेक्ट कर देता है तो तो क्या पीसीओएस पीसीओडी इज़ 100% लाइफस्टाइल डिजीज अब्सोलुटली लड़कों में भी ये पिनाइल कैंसर व्वल वॉट एनल वॉट ओरल वॉट और ओरल कैंसर कर सकता है। अच्छा शुरू के पांच सालों में इर्रेगुलर साइकिल नॉर्मल है। बिल्कुल। अभी तो ब्रेन और ओवरी की एक्सेस
(00:36) ही नहीं डेवलप हुई। 5 साल तक आप उसको पीसीओडी नहीं कह सकते हैं। एंडोमेट्रियोसिस और रेडिनोमासिस जो बन रहा है वो पीरियड्स की वजह से बन रहा है। तो फिर पीरियड्स क्यों दिए थे? तो हाउ डू वी अंडरस्टैंड कि ये पेन नॉर्मल पेन नहीं है। ये एंडोमेट्रियोसिस की तरफ जा रही है कंडीशन कि कुछ नहीं होता। दो दिन का पेन है। यह दीजिए पेन किलर ठीक हो जाएगा। बट आज की डेट में मैं डरती हूं। यह नहीं कह सकती मैं क्योंकि उस बच्चे को अगर एंडोमेट्रियोसिस आज की डेट में मैंने डायग्नोस नहीं की तो शायद 5 साल के बाद शी विल बी इन सीवियर पेल्विक पेन थ्रू आउट द
(01:08) मंथ। प्रोबेबल ट्रीटमेंट यह है कि हम पीरियड्स को रोक देते हैं एक साल के लिए, दो साल के लिए, 5 साल के लिए। उसका महीना बंद नहीं करती तो यह हर महीने डिटोरेट हो रही है कंडीशन। हर महीने क्योंकि वो ब्लड अंदर भी गिर रहा है। सेक्स ही नहीं कर पा रहे। इतना पेनफुल सेक्स है क्योंकि आपका हिट करता है वहां पर जहां पर बिल्कुल एंडोमेट्रियोटिक इंप्लांट्स गिरे पड़े हैं। ओवरी के अंदर अगर इतना चॉकलेट कलर का ब्लड ओल्ड कोलतार जैसा ब्लड भरा पड़ा है तो ओवरी फंक्शनल तो है नहीं। 5 साल में ये बच्ची जो है यह अपना बच्चा दानी निकलवाने के लिए मेरे पास आएगी। जबकि इसकी उम्र तब
(01:42) सिर्फ 25 साल होगी। [संगीत] नमस्ते। वेलकम टू द जर्नी विद इन पडकास्ट विद मी शोभा राणा। मैं एक इमोशनल इंटेलिजेंस और माइंडसेट कोच हूं और साथ ही इस पॉडकास्ट की होस्ट और क्रिएटर भी हूं। इस पॉडकास्ट के साथ मेरा यह मिशन है कि मैं आप सभी को आपकी बेस्ट लाइफ, आपकी ड्रीम लाइफ को डिजाइन करने में, क्रिएट करने में मदद कर सकूं। और यह हम करते हैं बाय टेकिंग द जर्नी विद इन खुद की तरफ लौटाने से, अपने आप को बेहतर समझने से हर हफ्ते हम एक अलग टॉपिक के थ्रू अपनी लाइफ को बेटर समझते हैं। और आज हम बात करने वाले हैं वुमस रिप्रोडक्टिव हेल्थ की,
(02:28) प्यूबर्टी एंड मेंसुरेशन की। यह कन्वर्सेशन बहुत ही इंपॉर्टेंट है क्योंकि एक लड़की को अपनी खुद की बॉडी के बारे में जानकारी उनकी या तो मां से मिलती है। बड़ी बहन, फ्रेंड्स, रिलेटिव्स या आसपास के नेबरहुड से मिलती है। और जनरली यह जो जानकारी होती है, यह शेम के स्पेस से आ रही होती है। एक टैबू के स्पेस से आ रही होती है। तो आधी अधूरी होती है। इसमें बहुत सारे मिथ्स हैं, मिसकंसेप्शंस हैं। फिक्शन है। और आज मैं एक एक्सपर्ट गायकोलॉजिस्ट के साथ यह कन्वर्सेशन कर रही हूं ताकि हम फैक्ट्स और ट्रुथ को इस मिस कंसेप्शन के वर्ल्ड से निकाल कर आपके
(03:02) सामने रख सकें। वी आर गोइंग टू डिस्कस फैक्ट्स अबाउट योर फर्टिलिटी, प्रेगनेंसी, इनफर्टिलिटी, योर रिप्रोडक्टिव हेल्थ रिलेटेड इशूज़, एंडोमेटियोसिस, पीसीओएस, पीसीओडी, एवरीथिंग इन डिटेल। सो डू वॉच दिस कॉन्वर्सेशन टिल द वेरी एंड। आज इस बहुत इंपॉर्टेंट कन्वर्सेशन के लिए हमारे साथ है डॉ.
(03:25) अरुणा कालरा जो कि एक गनेकोलॉजिस्ट हैं एंड शी इज हेड ऑफ लैप एंड रोबोटिक गायनेकोलॉजी एट सीके बिरला हॉस्पिटल गुगांव एंड यह मम्स क्लीनिक गुड़गांव की मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। इन्होंने किताब लिखी है आई वांट अ बॉय दैट टॉक्स अबाउट जेंडर प्रेफरेंसेस इन आवर सोसाइटी एंड यह एडवोकेट करती हैं जेंडर इक्वलिटी के लिए थ्रू दिस बुक एंड अदरवाइज आल्सो। बट बिफोर वी मीट हर इन दिस पडकास्ट जो लोग हमें देख रहे हैं, सुन रहे हैं, उनसे रिक्वेस्ट है कि जो हम पॉडकास्ट के थ्रू काम करना चाह रहे हैं, अगर आपको पसंद आती है हमारी कोशिश तो चैनल को जरूर सपोर्ट कीजिए। लाइक, कमेंट और शेयर कीजिए इन
(03:58) कन्वर्सेशंस को अपने सभी नेटवर्क्स में, WhatsApp ग्रुप्स में, सोशल मीडिया पर ताकि ये मीनिंगफुल कॉन्वर्सेशंस जो किसी की लाइफ ट्रांसफॉर्म करने की कैपेसिटी रखती हैं उन लोगों तक पहुंच पाए और जो YouTube के एल्गोरििदम्स हैं वो हमें और भी लोगों तक पहुंचाने में मदद करें। सो डू सपोर्ट द चैनल इफ यू लाइक द वर्क दैट वी आर डूइंग हियर। एंड नाउ लेट्स मीट डॉ.
(04:20) अरुणा कालरा ऑन द जर्नी विद इन पडकास्ट। [संगीत] डॉक्टर कालरा कौन सी ऐज पर एक लड़की को एक गनेकोलॉजिस्ट से पहली बार मिलना चाहिए? थैंक यू वेरी मच फर्स्ट ऑफ ऑल। बहुत इंटरेस्टिंग लग रहा है आपसे मिलना और बातें करना। हां, स्ट्रेट टू द क्वेश्चन कि एक लड़की को किस ऐज पर गनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। तो जैसे ही किसी की प्यूबर्टी शुरू होती है, जैसे अगर आपके प्यूबर्टी तो खैर ब्रेस्ट बड शुरू होने से ही हो जाती है। बट आई वुड नॉट से कि
(05:04) इमीडिएटली अ मदर शुड टेक हर डॉटर टू गनेकोलॉजिस्ट। आपके पीरियड्स शुरू होते हैं तो आपकी मां थोड़ी चिंतित हो जाती हैं कि पीरियड्स ठीक से नहीं आ रहे हैं। दो-द महीने पर आ रहे हैं या 15 दिन पर आ रहे हैं। आई थिंक जैसे ही किसी लड़की के पीरियड शुरू होते हैं, उसकी मां की रिस्पांसिबिलिटी है कि एक बार गनकोलॉजिस्ट के पास लेकर जाएं। नॉट फॉर एनी गायनिक चेकअप इट्स लाइक प्यूबर्टल एज में, मेनोपॉजल एज में, प्रेगनेंसी इन सब जहां पे ट्रांसफॉर्मेशन या चेंज हो रहा है उस वक्त थायरॉइड प्रॉब्लम्स आ जाती हैं। अगर बच्चे का हीमोग्लोबिन ठीक नहीं है तो उसको
(05:42) पीरियड्स ज्यादा आ रहे हैं, कम आ रहे हैं, आयरन डेफिशिएंसी हो रही है, वीकनेस हो रही है। तो दो-तीन चीजें विटामिन डी ठीक है कि नहीं? हीमोग्लोबिन ठीक है कि नहीं? आयरन डेफिशिएंसी तो नहीं है और उसकी प्यूबर्टी जो है ठीक से पीरियड्स की साइकिल समटाइ्स मदर्स आर वरिड के साइकिल्स बहुत प्रोलोंग हो रही है दो-दो तीन-ती महीने पर आ रही हैं जस्ट टू हैव अ रिअशोरेंस दैट माय डॉटर इज़ हैविंग अ नाइस प्यूबर्टी और यह विदिन अ नॉर्मल ब्रैकेट में है उसको समझने के लिए अगर थायराइड प्रॉब्लम डिटेक्ट होती है तो प्लीज उसे ट्रीट कराइए आयरन डेफिशिएंसी है
(06:16) तो उसे ठीक कराइए तो पहला विजिट तब होना चाहिए उसके बाद आजकल ब्रेस्ट कैंसर बहुत बढ़ रहा है। तो हम कहते हैं कि ब्रेस्ट एग्जामिनेशन भी करना बहुत जरूरी है। इनफैक्ट अगर आज मैं यह कहूंगी कि प्यूबर्टी जैसी लड़की को ही उसको आप लेकर आइए गननेकोलॉजिस्ट के पास तो शायद मैं यह समझूंगी कि आप भी अभी तक अपना ब्रेस्ट एग्जामिनेशन नहीं कराते हैं क्योंकि बहुत सारी मदर ना तो करती हैं दे आर नॉट ब्रेस्ट अवेयर। बट इफ दे वुड गेट देयर डॉटर्स क्योंकि मां के लिए एक बच्चा बहुत इंपॉर्टेंट चीज होती है। तो 16 साल पर भी हमने ब्रेस्ट कैंसर देखा है। 17 पर भी
(06:49) ब्रेस्ट कैंसर देखा है। इतनी अर्ली ऐज में हो रहे हैं। तो ब्रेस्ट एग्जामिनेशन उसको भी सिखाइए। खुद भी सीखिए और ब्रेस्ट अवेयर बनिए। सो दैट्स दी टाइम व्हेन अराउंड आफ्टर 12 इयर्स टिल 16 इयर्स इफ अह दिस इज़ द प्यूबर्टी टाइम। यू यू यू शुड टेक योर डॉटर टू गनेकोलॉजिस्ट। दिस इज़ सच एन आई ओपनिंग इनेशन क्योंकि एट द एज ऑफ़ 12 मुझे लगता है इंडिया में मेजॉरिटी ऑफ़ द गर्ल्स मे बी आई कैन से 90% ऑफ़ द गर्ल्स ने एक गनेकोलॉजिस्ट को नहीं मिला होगा या उनकी फैमिली ने उनको नहीं मिलवाया होगा। मैं तो शायद 100% भी बोल सकती हूं क्योंकि मुझे
(07:23) नहीं लगता एट दैट एज कोई लेकर आता है और आप कह रहे हो कि उस ऐज से ही आपको एग्जामिन करना शुरू हो जाना चाहिए। यू नो पीरियड्स के अराउंड मेंसुरेशन के अराउंड हमने बहुत सारी कन्वर्सेशंस को नॉर्मलाइज कर दिया है। जैसे कि बहुत ज्यादा पेन होना नॉर्मल है पीरियड्स के टाइम पर। मूड स्विंग्स नॉर्मल है। कभी-कभी साइकिल जंप होना या इर्रेगुलर होना नॉर्मल है। ये सब आपने अपने घरों में सुना है। राइट? पीरियड्स के बारे में, आपकी फीमेल बॉडी के बारे में। आपको यूजुअली या तो अपनी मां से या अपनी बहन से या कुछ फ्रेंड से, फीमेल फ्रेंड से। यहीं
(07:52) सबसे आप सुनते हो पीरियड्स के बारे में और आपको एक लिमिटेड सा नॉलेज का एक लैंडस्केप बन जाता है अबाउट दिस। तो ये जो चीजें हमने नॉर्मलाइज कर दी है अबाउट पीरियड्स। टेल मी इनमें से क्या नॉर्मल है? क्या नॉर्मल नहीं है? व्हाट आर द अर्ली साइंस दैट वी शुड बी अवेयर ऑफ दैट आवर पीरियड्स आर नॉट गोइंग द वे दे शुड। आई थिंक वो वहीं से शुरू हो गया। जब हमने 12 से 16 साल या 15 साल की लड़की के पीरियड्स शुरू हुए। अ तो यहां पर मैं यहां पर ऐड करना चाहूंगी कि जब मां लेकर आई है उसे तो उसे एचपीवी वायरस का वैक्सीन भी लगवाना है। व्हिच इज सर्वाइकल कैंसर
(08:28) वैक्सीन व्हिच इज़ गिवन टू बोथ बॉयज एंड गर्ल्स बिफोर द एज ऑफ़ 15 टू डोज़ बिकॉज़ इट्स अ सेक्सुअली ट्रांसमिटेड वायरस एचपीवी और गार्डसिल के नाम से इंजेक्शन आता है जो कि हम 15 साल से छोटे बच्चों को लड़की और लड़का दोनों को लगा। ये लड़कों को भी लगता है क्योंकि ये सेक्सुअली ट्रांसमिटेड वायरस है। जैसे ये लड़कियों में बच्चेदानी के मुंह या सर्विक्स का कैंसर कॉज कर सकता है या वजाइनल वॉट कॉज कर सकता है। व्वल वॉट कॉज कर सकता है। वैसे लड़कों में भी यह पिनाइल कैंसर, व्वल वॉट, एनल वॉट, ओरल वॉट और ओरल कैंसर कर सकता है। सो एचपीवी वायरस का जो वैक्सीन
(09:07) है वो आजकल दोनों को दोनों बच्चों को लगता है। तो यह वहां से शुरू हो गया। अभी सोचिए आपकी बच्ची 15 साल से छोटी है। आपका बेटा 15 साल से छोटा है और आपको तभी वह वैक्सीन लगवाना है क्योंकि वो बेस्ट एज है। 15 से 27 इज़ आल्सो अ गुड एज बट प्रेफरेबबली बिफोर द एज ऑफ़ 15। वन। सेकंड कि जब आपके बच्चे को पीरियड्स शुरू होते हैं तो आपकी मतलब यह तो बहुत ही कॉमन चीज है यहां पर कि पीरियड्स शुरू होने पर हमारी मां ने सिर्फ इतना कहा था कि यह कपड़ा है ऐसे लगा लो महीना भर आएगा अब हो बस हो गया उसके आगे वो भी शर्म में नहीं बताती थी और हम
(09:46) तो खैर पूछ ही नहीं सकते थे आजकल स्कूलों में ये क्लासेस हो रही है बहुत अच्छी बात है आपको बताया जाता है कि ग्रोइंग अप क्या है ग्रोइंग अप क्लासेस क्या है? मेंस्ट्रुअल साइकिल क्या है? और मैं एक स्कूल में गई थी जहां कि मुझे बहुत अच्छा लगा कि एक लड़की 12 साल की लड़की थी। उसने मुझे क्वेश्चन खड़े हो के पूछा कि यह क्लास सिर्फ हम लड़कियों की क्यों हो रही है? लड़के क्यों नहीं है इसमें? क्योंकि अगर हमें मेंसिस हो रहा है, हमें स्टेन लग गया है या हमें पेन हो रहा है, तो उन्हें भी तो पता होना चाहिए कि दे दे शुड बी सपोर्टिव ऑफ़ अस। एंड इट वास सच अ नाइस
(10:23) क्वेश्चन फ्रॉम दैट 12 इयर्स ओल्ड गर्ल। दे आर सो अवेयर अबाउट इट। तो मुझे बहुत अच्छा लगा। तो हमें मां अब मां भी बताए तो अच्छा है कि देखिए ऐसेसे पीरियड शुरू हुए हैं। दिस इज़ योर फर्टिलिटी एंड इट्स वेरी वेरीरीेंट। इट्स अ गुड साइन। पीरियड की साइकिल 21 दिन से 35 दिन तक कुछ भी हो सकती है। तो कई बार मां को लगता है कि मेरी बेटी को महीने में दो बार साइकिल आ गई। कैसे? अगस्त का महीना था। 2 तारीख को आया और फिर 28 को फिर आ गई। वह महीने में दो बार नहीं है। आप देखिए 27 दिन का गैप है। उसमें 26 दिन का गैप है। तो साइकिल 21 दिन से पहले या तीन हफ्ते से
(11:02) पहले नहीं आनी चाहिए और 35 दिन से ज्यादा लंबी नहीं होनी चाहिए। मगर यहां पर यह भी बात है कि शुरू के 5 साल तक रेगुलर साइकिल इज़ द एब्सोलुटली नॉर्मल। 3 महीने नहीं आई, 6 महीने नहीं आई। बच्ची तो खुश है। सेलिब्रेट कर रही है इस बात को कि उसको नहीं पैड लगाना पड़ा। आप क्यों परेशान हो रही हैं? अच्छा शुरू के पांच सालों में इर्रेगुलर साइकिल नॉर्मल है। बिल्कुल अभी तो ब्रेन और ओवरी की एक्सेस ही नहीं डेवलप हुई। तो 5 साल तक आप उसको पीसीओडी नहीं कह सकते हैं। मगर अगर आपका बच्चे का बीएएमआई हाई है बचपन में ही और फिर वो प्यूबर्टी क्रॉस कर गया तो भी उसके
(11:35) पीरियड इर्रेगुलर हैं, डिलेड है या फिर शॉर्ट साइकिल्स हैं तब वह शायद स्लिप हो गया पीसीओडी में। तो हमें वह बच्चों की बीएमआई का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है इस यंग एज में। तो वन साइकिल की साइकिल कितनी लंबी हो रही है या लेट हो रही है उसकी चिंता मत करिए पहले 5 साल तक पेनफुल साइकिल है तो प्लीज अपनी बेटी को पेन किलर लेने दीजिए। पेन किलर लेने से उसकी फर्टिलिटी का कोई कुछ इफेक्ट नहीं होगा फ्यूचर में। आपको उस बात की चिंता बिल्कुल नहीं करनी है। आप सोचिए कि अगर उसका बहुत इंपॉर्टेंट एग्जाम है जिसकी उसने पूरे साल तैयारी की है या उसका बहुत अच्छा
(12:10) टूर्नामेंट है कोई आने वाला तो क्या वो आप सोचिए क्या साइना नेवाल वगैरह अपने टूर्नामेंट छोड़ देती हैं इंटरनेशनल टूर्नामेंट क्योंकि मुझे आज में क्रैंप हो रहा है। कुछ तो लेती होंगी वो। तो आप में क्रैंप में पीरियड्स के लिए दर्द के लिए दवा लेना बिल्कुल नॉर्मल है और फ्यूचर फर्टिलिटी को अफेक्ट नहीं करता है। क्या सभी पेन किलर्स जो पीरियड क्रैंप्स के लिए होते हैं सब सेफ हैं? और किस क्वांटिटी में लेना चाहिए और क्या आप रोज ले सकते हो? अगर आपके पीरियड्स तीन से पांच दिन के हैं तो क्या पांचों दिन दो-दो टाइम पेन किलर्स ले सकते हो? इतना लेना सेफ है।
(12:41) सेफ है। मोस्टली इस लेवल का पेन नॉर्मल होता नहीं है। मोस्टली पेन सेकंड डे पर ज्यादा होता है। सेकंड डे पर दो पेन किलर लेना इज़ नॉर्मल। थर्ड डे पर भी होता है। वो भी नॉर्मल है। आपने पूरे महीने में चार पेन किलर लिया। दैट्स एब्सोलुटली नॉर्मल। बट पेन को अल्टरनेटिव मेथड से भी तो कम किया जा सकता है। हम लोग फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल कम कर देते हैं। एक्सरसाइज बिल्कुल कम कर देते हैं। पीरियड्स में एक्सरसाइज नहीं करते हैं। बहुत बार सिर्फ अगर आप फिजिकल एक्टिविटी कर रहे हैं। अगर आप एक्टिव हैं, हाउसहोल्ड चोर्स कर रहे हैं। जिम अगर कोई लड़की जाती है या रनिंग
(13:17) करती है या जो भी गेम टीम एक्टिविटी में है अगर वह करती रहती है तो पेन कम होता है तो आपको और अल्टरनेटिव लाइक आप उसको हॉट बेवरेजेस दीजिए और काम बच्चा पेट पकड़ कर बैठा हुआ है और आजकल की माएं घर में काम होते भी नहीं है वह भी अलग बात है बट यू शुड कीप हर ऑक्यूपाइड तो उससे भी कम होता है लेकिन एक यहां पर बहुत इंपॉर्टेंट बात यह है कि पेन अगर आपका कुछ दिन पहले से शुरू हो गया है और दो या तीन दिन ना रहकर पांच छ दिन तक रह रहा है व्हिच इज नॉट नॉर्मल ओके अगर आपकी बेटी को इतना पेन हो रहा है तो यह कह के कि यह पेन तो हमें भी होता था इसमें
(14:00) क्या है दो दिन में ठीक हो जाएगा प्लीज इसको ट्रिविलाइज मत करिए उसके पेन को वो पेन में अगर है तो आपको अंदाजा भी नहीं है कि आजकल बीमारी है जिसको एंडोमेट्रियोसिस कहते हैं और सबक्लनिकल लेवल पर अगर एंडोमेट्रियोसिस चल रहा है तो वह अल्ट्रासाउंड में भी नहीं दिखेगा और एमआरआई में भी नहीं दिखेगा। मगर वह सिर्फ क्लीनिकल सिम्टम से हमें डायग्नोस होता है। और मैं यहां पर मुझे कहना होगा कि मैं भगवान से इतना नाराज हूं इस बात पर कि एक लड़की को जब पीरियड शुरू होते हैं तो हम लोग सेलिब्रेट करते हैं कि वो फर्टाइल है। वो लड़की है। ठीक है? उसका यूट्रस ठीक है,
(14:40) ओवरीज ठीक है। इट इज़ सेलिब्रेटेड इन मेनी कम्युनिटीज़ एंड मेनी स्टेट्स। साउथ इंडिया में तो काफी सेलिब्रेट किया जाता है। भी किया जाता है। लेकिन अभी वही पीरियड्स रिट्रोग्रेड जाकर फलोपियन ट्यूब से वापस जाकर ओवरी पर गिर रहे हैं। आपके यूरिनरी ब्लैडर पर गिर रहे हैं। रेक्टम पर गिर रहे हैं। पॉट वाले रास्ते पर गिर रहे हैं। और सीवियर पेन दे रहे हैं आपको। क्योंकि जहां पर वो ब्लड गरा गिरा है वहां से निकलने का तो कोई तरीका है नहीं। तो वो एंडोमेट्रियोसिस और रेडिनोमासिस जो बन रहा है वो पीरियड्स की वजह से बन रहा है। तो फिर पीरियड्स क्यों दिए थे? मुझे बहुत समझ
(15:17) नहीं आ रहा कि ये अभी रीसेंट बीमारी है। एक ये एंडोमेट्रियोसिस बहुत सालों पहले हम अपनी बुक्स में चैप्टर को ऐसे पन्ने पलट के हटा देते थे क्योंकि बीमारी एक्सिस्ट बहुत ही रेयर है। इसका तो कोई पेशेंट आएगा ही नहीं। हां। और अभी इतना बढ़ गई है आफ्टर कोविड ऑटोइ्यून मोस्टली ऑटोइ्यून इज़ द कॉज ऑफ दिस इलनेस। तो अगर अब पहले अगर मैं आज से 20 साल पहले की प्रैक्टिस बोलूं तो मैं भी यही कहती थी मां को कि कुछ नहीं होता। दो दिन का पेन है। यह दीजिए पेन किलर ठीक हो जाएगा। और बिटिया को भी यही कहती थी एक्सरसाइज करो बेटा खाओ पियो गरम चीजें
(15:56) सूप लो और ठीक हो जाएगा। बट आज की डेट में मैं डरती हूं। यह नहीं कह सकती मैं क्योंकि उस बच्चे को अगर एंडोमेट्रियोसिस आज की डेट में मैंने डायग्नोस नहीं की तो शायद 5 साल के बाद उसका पूरा का पूरा फर्टिलिटी ऑर्गन यूट्रस ओवरीज, फलोपियन ट्यूब सब कुछ एनंगल्फ हो जाएगा एंडोमेट्रियोसिस में एंड शी विल बी इन सीवियर पेल्विक पेन थ्रूउ द मंथ थ्रूउ द मंथ। तो यानी कि कभी भी पेन फ्री डज़ होंगे ही नहीं। मैं एक्चुअली एंडोमेट्रियोसिस के बारे में आपसे और बात करना चाहती हूं। यह एक बहुत ही इग्नर्ड टॉपिक है। वुममेंस रिप्रोडक्टिव हेल्थ की जब हम बात करते
(16:30) हैं, सेक्सुअल हेल्थ की बात करते हैं। आजकल जैसा आपने कहा कि बहुत कॉमन हो गया है। मैं अपने कुछ फ्रेंड्स को जानती हूं। कुछ फ्रेंड्स की यंगर सिस्टर्स को जानती हूं जिनको एंडोमेट्रियोसिस है। तो सबसे पहले तो एक बार एक्सप्लेन कीजिए कि एंडोमेट्रियोसिस इन लेमैन टर्म्स होता क्या है? और एंडोमेट्रियोसिस के क्लियर कट सिम्टम्स क्या है? अदर दैन पेन कैसे आइडेंटिफाई करें? क्योंकि पेन को क्वांटिफाई करना बड़ा डिफिकल्ट है। किसी के लिए जीरो से 10 तक का पेन बहुत ज्यादा हो सकता है। किसी को शायद उस 10 लेवल पर उतना पेन ना लगे। तो हाउ डू वी अंडरस्टैंड
(17:02) कि ये पेन नॉर्मल पेन नहीं है। ये एंडोमेट्रियोसिस की तरफ जा रही है कंडीशन। एंड थर्डली एंडोमेट्रियोसिस का आपके फर्टिलिटी पर आगे जाकर क्या इफेक्ट पड़ता है? एंडोमेट्रियोसिस एंडोमेट्रियम से बना है। एंडोमेट्रियम यूट्रस की लाइनिंग होती है जो हर महीने शेड हो रही है। और एंडोमेट्रियम लाइनिंग शेड। अच्छा बनती क्यों है? एंडोमेट्रियम लाइनिंग थिक क्यों हुई? क्योंकि हर महीने बेबी रिसीव करने के लिए बेबी को न्यूट्रिशन देने के लिए थिक एंडोमेट्रियम लाइनिंग बनती है। बट हर महीने तो कोई बेबी नहीं आता तो वो शेड हो जाती है। दिस इज़ कॉल्ड में ब्लीडिंग। ओके? अब अगर वही
(17:36) एंडोमेट्रियम लाइनिंग वहां पर बनने की बजाय ओवरी में भी बनने लग गई। फलोपियन ट्यूब में भी बनने लग गई और अंदर सभी ऑर्गन्स के ऊपर बनने लग गई। तो वहां पर ब्लीडिंग होना शुरू हो गई। अब वो जो ब्लीडिंग अंदर हो रही है उसको एग्जिट तो कोई है नहीं। तो जब एग्जिट नहीं है तो वहीं फैलता जा रहा है। अब आप सोचिए आपकी बॉडी के अंदर के ऑर्गन्स के ऊपर भी सारा ब्लड फैल रहा है। अब जहां-जहां ब्लड फैलता है वो हीलिंग मैकेनिज्म से सब कुछ चिपकने लगता है। क्योंकि जहां ब्लड फैला वहां पे फैलोपियन ट्यूब, ओवरी सब पेरिटोनियम आके चिपक जाती है। हर महीने ये प्रक्रिया चल
(18:11) रही है। आपको हर महीने पीरियड्स आ रहे हैं। वहां पर भी हर महीने पीरियड आ रहे हैं। अंदर भी ओवरी के अंदर ओल्ड में ब्लड कलेक्ट होता जा रहा है। जिसको चॉकलेट सिस्ट कहते हैं। अब वह इतनी स्ट्रेच हो गई ओवरी कि उसमें इतना सारा मेंल ओल्ड क्लॉटेड ब्लड भर गया कि जो बाहर जो एग्स हैं वह एकदम बाहर परत पर चिपक गए हैं और वो फंक्शनल नहीं है। अगर बिल्कुल एग्स को कंप्रेस कर दिया आपने और ट्यूब और ओवरी की एनाटॉमी ही बिगड़ गई। उनका एलाइनमेंट ही बिगड़ गया तो आप कैसे प्रेग्नेंट होंगे? आपके यूट्रस की मसल लेयर में भी ब्लड सीप करने लग जाता है। उस मसल लेयर में सिर्फ
(18:52) वन वे एंट्री है। आप वहां ब्लड कैविटी से मसल लेयर में गया इकट्ठा हो गया। यूट्रस फूल गया। अब वापस कैसे आएगा? देयर इज़ नो एग्जिट। सो एव्री मंथ दैट मसल लेयर आल्सो गेटिंग स्वलन। उसको एडिनोमायोसिस कहते हैं। तो अब अगर आपकी सारी बॉडी अंदर से चिपकती जाएगी तो आप डेफिनेटली प्रेग्नेंट तो नहीं हो पाएंगे। एग्स आर नॉट फंक्शनल। ट्यूब्स एंड ओवरीज़ आर नॉट एनाटॉमिकली अलाइंड। इस वजह से नहीं है। और पेन जो आपने कहा कि वी कैन नॉट मेजर बट दिस पेन इज़ एक्चुअली सीवियर। ओके? आप अगर एक ऐसे पेशेंट से मिलेंगे जिसको एंडोमेट्रियोसिस है।
(19:36) जब मेरे पास कोई ऐसा पेशेंट आता है जिसको मैं देखती हूं कि उसको एंडोमेट्रियोसिस दिखाई दे रहा है, सिम्टम्स से समझ में आ रहा है, अल्ट्रासाउंड में या एमआरआई में है। मैं बाहर की ओपीडी के को बिल्कुल भूल जाती हूं। बाहर 50 पेशेंट बैठे हैं। मुझे लगता है पहले इसको एड्रेस करना है। इसके दिमाग में ड्रिल करना है कि इसकी बीमारी की जड़ क्या है? समझाइए इसे। इसको जब तक बीमारी का कारण नहीं समझ में आएगा यह ट्रीटमेंट के लिए ओपन अप नहीं होंगी। आप सोचिए अगर एक 18 19 साल की लड़की मेरे पास आ रही है अपनी मां के साथ और वो कह रही है कि मुझे कंटीन्यूअसली पेन है पेल्विक पेन
(20:16) मुझे हर वक्त ऐसा लगता है कि मुझे यूरिन जाना है जाती हूं नहीं आता है पॉटी का मन होता है प्रेशर सारा टाइम पॉटी के रास्ते पे लगता रहता है आई गो टू पूप मगर वो नहीं आता है थोड़ा सा आता है एक्चुअली है नहीं कुछ वहां पर कास्टेंटली प्रेशर ब्लड का है वो ब्लड इकट्ठा हो गया इकट्ठा हुआ है तो महीने दर महीने इकट्ठा होकर वो प्रेशर बना रहा है यूरिनरी ब्लैडर पर, रेक्टम पर और पीरियड्स का पेन इतना सीिवियर है कि मुझे 5 10 15 दिन पहले से शुरू हो जा रहा है। जब पीरियड शुरू हो रहा है और सीिवियर हो जाता है और पीरियड खत्म होने के बाद भी नहीं हो रहा है। अगर कोई
(20:48) अगर कोई मैरिड है तो सेक्सुअली बहुत पेनफुल है। शी कैन नॉट हैव इंटरकोर्स। वो एक अलग बात है। तो अगर 18 साल की लड़की मेरे पास यह कह रही है कि इतना दर्द है तो अगर उसके पास अल्ट्रासाउंड नहीं भी है तो मुझे समझ में आ गया कि उसको एंडोमेट्रियोसिस है। बट एनीवे अगर उसके पास अल्ट्रासाउंड या एमआरआई है जिससे कि कंफर्म हो रहा है तो भी अगर मैं उसकी मां को यह कहूंगी कि देखिए ऐसा है आपकी बेटी की में्रुअल ब्लीडिंग इज दी जड़। वो उसकी बीमारी का रूट कॉज है। उसको बंद करना पड़ेगा। तो मां एकदम वो हो जाएगी कि पीरियड्स बंद करना तो बड़ा अननेचुरल है।
(21:27) अगर एक नेचुरल प्रोसेस को बंद किया जाएगा तो क्या साइड इफेक्ट होगा? कितने महीने तक बंद करेंगे? मैंने कहा बहुत ज्यादा महीने तक सालों तक भी करना पड़ सकता है। तो आप तो मेनोपॉजल बना देंगे मेरी बेटी को। अगर मेनोपॉजल हो गई तो ये तो बहुत और फिर बाद में फ्यूचर फर्टिलिटी। अब यह कैसे समझाऊं उनको कि यह टेंपरेरी है। अगर मैं आज की डेट में उसका महीना बंद नहीं करती तो ये हर महीने डिट्यूरेट हो रही है कंडीशन। हर महीने क्योंकि वो ब्लड अंदर भी गिर रहा है। बाहर तो जो पीरियड में हो रहा है वो गिर रहा है लेकिन अंदर भी वो ब्लड उसके ऑर्गन्स के ऊपर गिरगिर इकट्ठा हो रहा है।
(22:05) हो रहा है। तो और कई बार ये चीज 5 साल तक अल्ट्रासाउंड एमआरआई में नहीं दिखती है। क्योंकि माइक्रोस्कोपिक लेवल पर हो रहा है। में्रुल ब्लड अंदर-अंदर परतों में घिसता जा रहा है। अंदर सीप होता जा रहा है। तो 5 साल तक जब आपको अल्ट्रासाउंडर एमआरआई में नहीं दिख रही है तो मां बिल्कुल भी नहीं मानेगी इस बात को। कि यह तो डॉक्टर पागल हो गया। दिख नहीं रही बीमारी एमआरआई में और यह कह रहा है कि महीना बंद करने की दवाई दे रहा हूं मैं एक साल तक, 2 साल तक, 15 साल तक। तो यह बहुत अजीब बात है कि समझाया कैसे जाए कि अगर आप चाहते हैं कि आपकी बिटिया 28 साल पर जब
(22:44) शादी होगी उसकी तब मां बन पाए या फिर एक पेन फ्री लाइफ जी पाए। तो यह तो करना ही पड़ेगा। देखिए जब तक सबक्निकल लेवल की बीमारी है जब तक दिख नहीं रही है पेन हो रहा है या बहुत छोटी दिख रही है छोटी-छोटी दो-ती सेंटीमीटर की सिस्ट दिख रही हैं ओवरी में चॉकलेट सिस्ट है तब तक तो हम दवा से कम कर सकते हैं। जब यह बड़ी हो जाएगी तो हमें सर्जरी करनी ही पड़ेगी। पूरा सर्जरी करके एंडोमेट्रियोसिस का एक-एक इंप्लांट निकालना होगा उसमें से। सो जैसे मैं रोबोटिक सर्जन भी हूं तो जब मैं एंडोमेट्रियोसिस सर्जरी करती हूं फ्रोजन पेस सब कुछ चिपका हुआ है। कुछ अलग से
(23:20) दिखाई नहीं दे रहा। ओवरी, आंतें, ब्लैडर एवरीथिंग इज अ गट्ठा। ओके? अब उसको धीरे-धीरे सेपरेट करना है, ढूंढना है। कहां-कहां एंडोमेट्रियोटिक इंप्लांट है, कहां-कहां ब्लड के कलेक्शंस हो रहे हैं। और फिर पूरी कैविटी को क्लियर करके सारा तब जाके मरीज का पेन ठीक होता है। लेकिन पेन ठीक होने के बाद जब दोबारा पीरियड होगा तो फिर यह कंडीशन आ जाएगी। देखिए आप कितनी जल्दी समझ गई। यह बात समझाने के लिए हमें पेशेंट के पेरेंट्स को बहुत स्ट्रगल है कि देखिए आज की डेट में मैं पूरा एक-एक इंप्लांट निकाल रही हूं और 6 महीने तक शायद उसको बिल्कुल पेन नहीं होगा। लेकिन फिर से वो
(23:58) शुरू हो जाएगी प्रक्रिया तो फिर धीरे-धीरे आपको इट इज़ अ रिकरेंट डिजीज। यू हैव टू अंडरस्टैंड दैट कि अगर मैंने आज की डेट में पूरा निकाल दिया एक साल 2 साल कभी तो फिर दोबारा से वही इकट्ठा होना शुरू हो जाएगा। तो हां सर्जरी करनी कई बार जरूरी होती है। हम करते भी हैं। मगर फिर भी यह समझाते हैं कि सर्जरी इज़ नॉट दी कंप्लीट ट्रीटमेंट। आफ्टर सम इयर्स यू वुड कम बैक और गो बैक टू सम अदर सर्जन कि यह तो दोबारा आ गई है। तो हमें समझना यह है कि जब तक हम भगवान से क्वेश्चन करें और इसके कारण समझें या उससे यह पूछें कि भाई यह क्यों किया तब तक जो ट्रीटमेंट अवेलेबल है
(24:37) उसको प्लीज रिलीजियसली फॉलो करिए क्योंकि यू आर द गार्डियन। आप अपनी बिटिया की मां हैं और वह 17 18 साल में शी इज़ नॉट इन अ पोजीशन टू टेक द डिसिशन फॉर हरसेल्फ। आप ही को लेना है। आप ही को समझना है। आप समझ लीजिए क्योंकि यह बड़ा फ्रस्ट्रेटिंग होता है एक गनेकोलॉजिस्ट के लिए। किसी भी पेशेंट को पेन में देखना और ना समझा पाने की वजह से यह फोर्स ही करना कि 5 साल में ये बच्ची जो है यह अपना बच्चा दानी निकलवाने के लिए मेरे पास आएगी। जबकि इसकी उम्र तब सिर्फ 25 साल होगी। तो आप समझ रहे हैं एंडोमेट्रियोसिस इतनी डिफिकल्ट बीमारी हो गई है। फर्टिलिटी तो जब तक हमारे पास
(25:17) पेशेंट आता है फर्टिलिटी तो उसके दिमाग से निकल चुकी होती है। वो इतने पेन में होता है। उसका हस्बैंड एवरीबॉडी हु इज़ अराउंड वो हर एक कोई बहुत दुखी होता है उसके लिए। क्योंकि वह सारा टाइम पेट ऐसे पकड़ के बैठी रहती है। तो आप कोई क्वालिटी ऑफ़ लाइफ नहीं बचता है। अगर एंडोमेट्रियोसिस को टाइम से डायग्नोस ना किया जाए और टाइम से ट्रीट ना किया जाए और फॉलो अप ना किया जाए। सॉरी टू ब्रेक योर फ्लो बट आई वुड लाइक टू टेक योर 30 सेकंड्स। अगर अब तक आपको यह पॉडकास्ट पसंद आ रहा है तो आई वुड रिक्वेस्ट यू कि आप चैनल को सब्सक्राइब कीजिए। हमारे और भी बहुत सारे पॉडकास्ट
(25:52) हैं अबाउट 150 सो फार। उनको जाकर चेक आउट कीजिए क्योंकि दीज़ कॉन्वर्सेशंस विल शेप योर लाइफ इन अ वेरी मीनिंगफुल वे। हमारे इन कन्वर्सेशंस को अपने फ्रेंड्स, फैमिली और नेटवर्क्स में शेयर कीजिए ताकि YouTube के एल्गोरिदम्स हमें और भी लोगों तक पहुंचने में मदद कर सकें। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस सो फार। एंड नाउ लेट्स गेट बैक टू द कन्वर्सेशन। अच्छा एंडोमेट्रोसिस के होने के कारण क्या है? कोई ऐसे क्लियर कट साइंस हैं, कोई ऐसे क्लियर कट हैबिट्स हैं जिस पे हम काम कर सकते हैं। मतलब व्हाट आई एम ट्राइंग टू आस्क इज कि हमारे हाथ में क्या है? और यह कंडीशन किसी किसी
(26:26) को ही क्यों होती है? अ लास्ट वाले क्वेश्चन का जवाब पहले देती हूं। किसी किसी को ही होती है बीमारी। और क्यों? किसी किसी को होती है यह तो वो मरीज भी पूछना चाहता है जिसको कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल के बाद भी कैंसर हो जाता है कि मुझे ही क्यों? तो यह कहना बड़ा मुश्किल है कि किसी को क्यों होती है। जिस बीमारी को अह का कारण समझ नहीं आता उसकी बहुत थ्यरीज़ बना देते हैं। अह तो अब मेडिकल में बहुत पांच थ्यरीज़ हैं इसकी। जेनेटिक हो सकता है, ऑटोइ्यून हो सकता है, रिट्रोग्रेड मेंसुरेशन हो सकता है कि बैक फ्लो हो रहा है मेंसुरेशन का। ऐसी और
(27:04) दो-तीन स्टोरी या थ्यरीज बना दी हैं क्योंकि अभी हमारे पास कोई क्लियर कट आंसर नहीं है। मगर हमारे हमें यह समझ में आ गया है कि है यह मेंस्ट्रुअल ब्लड जो कि फैल रहा है, गिर रहा है और बढ़ रहा है। और अगर मेंुअल ब्लीडिंग को बंद कर दिया जाए तो यह जो इंप्लांट्स हैं, यह भी ग्रो करना बंद हो जाएंगे। अगर एलोपैथ में यह साइंस समझ में आया कि में्रुअल ब्लड है इसको बंद करना है तब बीमारी थोड़ा कंट्रोल हो जाएगी या ऑपरेशन से निकालना है तो वहीं पर मैं अल्टरनेटिव थेरेपी की भी बहुत मैं मानती हूं इस बात को कि सही होती है। मुझे कोई ज्ञान नहीं है ना तो आयुर्वेद का
(27:49) और ना ही होम्योपैथिक का। मैंने वो पढ़ाई भी नहीं की है। मगर बहुत मरीज आते हैं जो कि अपने-अपने आयुर्वेदिक एक्सपीरियंस बताते हैं जो एंडोमेट्रियोसिस से ग्रस्त हैं जो सफर कर चुके हैं और वो बताते हैं कि हम आयुर्वेदा में गए और हमने नेचुरोपैथी अपनाई और हमने इस तरीके का लाइफस्टाइल किया तो हमारा यह ठीक हो गया या हम फर्टाइल हो पाए। तो मुझे लगता है कि जो डायमेंशंस मुझे पता नहीं वो एकिस्ट नहीं करती ऐसा नहीं है। बट बिकॉज़ आई एम अ रोबोटिक सर्जन। आई एम अ एलोपैथ डॉक्टर, आई एम अ गननेकोलॉजिस्ट। मुझे अपना जहां तक अगर मेरा मरीज कन्विंस
(28:30) हो रहा है, समझ पा रहा है अपनी डिजीज के बारे में तो जितनी भी थेरेपीस हैं वह प्लैटर पर रखकर उन सबको समझाया जाता है कि एटलीस्ट पिक वन जो आपको पसंद आती है जिससे कि इस फ्यूचर में बच्ची का जीवन बचाया जा सके। बट इफ दे आस्क कि कैन वी गो टू सम अल्टरनेटिव थेरेपी? आई डेफिनेटली से कहीं पर भी जाइए करा लीजिए इलाज। क्योंकि एज आई सेड कि जिस डायमेंशन का मुझे नहीं पता वो वर्क नहीं करती। ऐसा तो कभी हो नहीं सकता। हम तो एंडोमेट्रियोसिस अगर किसी को है तो उनकी फर्टिलिटी पर इसका क्या इंपैक्ट है? तो फर्टिलिटी पे सबसे पहला इंपैक्ट तो अगर हम शुरू से शुरू करें
(29:10) कि अगर आप सेक्स ही नहीं कर पा रहे। इतना पेनफुल सेक्स है तो कैसे होगा? क्योंकि आपका हिट करता है वहां पर जहां पर बिल्कुल एंडोमेटियोटिक इंप्लांट्स गिरे पड़े हैं। ओवरी में भी, रेक्टम में भी। दूसरी चीज है कि ओवरी के अंदर अगर इतना चॉकलेट कलर का ब्लड ओल्ड कोलतार जैसा ब्लड भरा पड़ा है तो ओवरी फंक्शनल तो है नहीं। एग तो एकदम चिपक गए हैं। बाहर प्लास्टर हो गए हैं तो दे आर नॉट यू आर नॉट रिलीजिंग एग्स। शुरू में जब छोटी सिस्ट होती है तो आपकी फर्टिलिटी ठीक रहती है। मगर जब सिस्ट बड़ी होने लग गई या बहुत सारी छोटी-छोटी हो गई तब आपके एग्स काम करना बंद कर देते हैं।
(29:49) फिर क्योंकि वो मेंुअल ब्लड सब कुछ चिपका देता है। तो आपकी ओवरी के साथ आंत आके चिपक गई है। आपकी फलोपियन ट्यूब कहीं और जाके चिपक गई है। तो एक ओवरी और फलोपियन ट्यूब का एक अलाइनमेंट होता है। ओवरी से एग निकला वो फलोपियन ट्यूब ने पिक किया। सो इट्स लाइक वेरी ब्यूटीफुल अलाइन अलाइनमेंट। बट इफ़ योर फैलोपियन ट्यूब इज़ स्टक टू सम लैटरल वॉल और टू गट और यहां पे ओवरी यहां पर है या ओवरी भी इज़ स्टक टू पोस्टीरियर वॉल ऑफ़ यूट्रस पीछे की तरफ। सो देयर इज़ नो अलाइनमेंट। इतनी दूर से फ्लोपियन ट्यूब कैसे पिक करेगी? तो फर्टिलिटी अगेन इज़ नॉट पॉसिबल
(30:22) बिकॉज़ अलाइनमेंट इज़ गॉन। यूट्रस के अंदर भर गया ब्लड। यूट्रस की वॉल्स के अंदर। अब उसको एडिनोमायसिस कहते हैं। दैट यूट्रस इज़ नॉट फंक्शनल एट ऑल। इट कैन नॉट कैरी बेबी। तो हर तरीके से फर्टिलिटी कॉम्प्रोमाइज हो जाती है। तो मतलब इस कंडीशन को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी एड्रेस करना बहुत जरूरी है। और अगर ये कंडीशन जैसा आपने कहा कि क्यों होती है वो बहुत सर्टेनली नहीं कह सकते हैं। बट जिसे होती है तो उन्हें तो उनके फर्स्ट पीरियड से भी हो सकती है। मतलब अगर किसी को 11 या 12 साल में पीरियड आ रहा है तो उनको तब से एंडोमेट्रियोसिस हो सकता
(30:57) है। तो आपने कहा कि एक प्रोबेबल ट्रीटमेंट यह है कि हम पीरियड्स को रोक देते हैं एक साल के लिए, 2 साल के लिए, 5 साल के लिए। तो उसमें मैं थोड़ा सा ज्यादा आपसे पूछना चाहूंगी कि आप कितने टाइम के लिए रोकते हैं? जनरली क्या किया जाता है? और फिर उसके बाद पीरियड्स होते हैं तो फिर क्या होता है? फिर फर्टिलिटी के टाइम पर या जब उन्हें एक बच्चा पैदा करना है उस टाइम पर किस तरह से हाउ डस इट प्ले आउट? इट्स होल ट्रीटमेंट? ओके। तो जैसे अगर एक अगेन आई वुड से कि अगर एक 20 25 21 साल की अभी एक मेरे पास एक पेशेंट आई थी। शी इज़ जस्ट 21 शी
(31:28) स्टडिंग अब्रॉड और वहां पर इतना पेन, इतना पेन शी कुड नॉट कंटिन्यू और यहां पर आई और अपने पेरेंट्स के पास कि मुझे बहुत ज्यादा हो रहा है। वहां पर बहुत ज्यादा जल्दी से ट्रीटमेंट भी नहीं होता और डायग्नोस्टिक भी नहीं होता। तो हमने जब उनका एमआरआई कराया तो शी हैड फुल एंडोमेट्रियोसिस इन हर ओवरीज एंड एब्सोलुटली फ्रोजन पेल्विस एंड एवरीथिंग। अ 21 ही साल की हैं वो। तो उनको सभी ऑप्शंस दिए गए। उनको यह कहा गया कि देखिए पूरी फैली हुई है। या तो इसको पूरा सर्जरी करके पहले इस इसको रिमूव किया जाए एंडोमेट्रियोसिस को या फिर अभी से ही कुछ ऐसा ट्रीटमेंट दिया जाए कि
(32:08) पीरियड्स भी रुक जाए और यह धीरे-धीरे सूखने लगे कुछ इंजेक्शंस से और कुछ दवाओं से। तो अगर हम हमें किसी के लिए ट्रीटमेंट स्टार्ट करना है। सो देयर आर सो मेनी गर्ल्स जैसे एक फ्री क्लीनिक चलाती हूं मैं जिसमें एंडोमेट्रोसिस का ट्रीटमेंट काफी महंगा भी हो सकता है और वही अगेन यहां पर ट्रीटमेंट ऑप्शंस हैं जो सस्ता भी है। तो एक ऐसी ही लड़की है जो 25 साल की है। किसी की हाउस हेल्प थी उनको भगवान बीमारी देख के तो देता नहीं है कि आप अमीर हैं या गरीब हैं। उसको एंडोमेट्रियोसिस पूरा फैला हुआ है। ठीक है? अ और उसकी छोटी बहन तो वह तो एक लड़की थी। उसकी छोटी बहन
(32:50) अभी शायद 10थ क्लास में है। अ उसका भी पीरियड्स का पेन इतना ही ज्यादा था। तो अब उसकी मां लेके आई। इसका एंडोमेट्रियोसिस का ट्रीटमेंट ऑलरेडी चल रहा था। ये मैरिड है। वह लेके आई उनको तो उसका भी उतना ही बुरा एंडोमेट्रियोसिस। वो 10थ क्लास में मतलब 15 16 साल की रही। हां। और एक साल से स्कूल छोड़ रखा है क्योंकि जा ही नहीं पा रही हैं। पेन इतना ज्यादा है। तो अब उन्हें हमने इंजेक्शंस पर डाला और उसकी मां को समझाया कि देखो यह इसका महीना बंद करके रखेंगे इंजेक्शंस पर डालकर जब यह आप शादी के लायक हो जाएंगी। आप इसकी 22 में शादी करना है, 25 में कभी
(33:27) भी करना है। शादी के लायक हो जाएंगी। शादी करेंगे उस दिन हम इसका इंजेक्शन बंद करेंगे और उस दिन यह कंसीव करेंगी। क्योंकि तब तक हम उसकी फर्टिलिटी प्रिजर्व हो जाएगी। हमने इतने दिनों तक उसको इंजेक्शन दिया। जितने एंडोमेट्रियोसिस हैं वो श्रिंक हो जाएंगे। आगे बनेंगे नहीं। एनाटॉमी रिस्टर्ड रहेगी। तो शायद वो 20 22 साल में जब भी आप 25 साल में शादी करें बच्चा कर पाएंगी। उस दिन देखा जाएगा सर्जरी करनी है कि नहीं करनी है क्योंकि सर्जरी भी लाखों की है। और इतनी छोटी बच्ची की करना भी नहीं चाहती थी मैं। तो उसको इंजेक्शंस पे डाल दिया। अब हर 3
(33:59) महीने पे उसको इंजेक्शन लग रहे हैं। जब दोबारा वो मेरे पास आई एक साल के बाद मैं इतनी खुश थी क्योंकि स्कूल से तो नाम कटा चुकी थी क्योंकि मां तो उसकी हाउस हेल्प है। पूरा टाइम स्कूल के फीस तो दे नहीं सकती। फिर दोबारा से नाम लिखवा दिया था। और वो शी वास फिनिशिंग हर 11th एंड 12th एंड शी वास् सो हैप्पी। शी वाज़ वरिड। जैसे हर एक मां होती है कि पीरियड नहीं आ रहे। डॉक्टर साहब बंद कर दें क्या इंजेक्शन? अब तो ठीक हो गई है। अब तो दर्द भी नहीं है। अब तो स्कूल में भी नाम लिखवा दिया है। मैंने कहा अभी मत करो। मैंने आपको तब भी समझाया था। वो लोग जल्दी समझ जाते हैं। वो
(34:33) आर्ग्यू नहीं करते हैं। वो Google ज्ञान नहीं लेके आते हमारे पास। दो आई एम नॉट टेलिंग कि आपको नहीं करना चाहिए। सब अपनी शंका तो पूछनी ही चाहिए। मगर उनको समझाया कि जब इसकी शादी करेंगे तो मैं रिस्पांसिबल हूं। इंजेक्शन भी बंद करूंगी। बच्चा भी कराऊंगी। उसकी चिंता मत करिए। तो जो सवाल था यह कि कब तक बंद करना है? अभी अगर बंद अगर उस 21 साल की लड़की जो कि बाहर अब्रॉड पढ़ रही थी उन वह सर्जरी के लिए ओपन नहीं थी तो उनको भी हमने तीन इंजेक्शन दिए फॉर 3 मंथ्स शी वाज़ हियर। फिर हमने उनके यूट्रस में एक डिवाइस आती है मिरेना वो डाल दी क्योंकि उनको वहां पर
(35:07) इंजेक्शन लगाना बहुत आसान नहीं था। कितने इंजेक्शन लेके जाती? कोल्ड स्टोरेज कैसे मेंटेन करती। तो वो 5 साल की डिवाइस है। अब वो 5 साल की डिवाइस उसके यूट्रस में है तो वो पीरियड्स नहीं आएंगे उसको। सो नाउ शी वुड बी एबल टू कंप्लीट हर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन एंड देन शी वुड कम बैक। सो वी हैव सो मेनी ऑप्शंस ऑन प्लैटर। यू जस्ट हैव टू सी आपको कौन सी सूट कर रही है उधर। कब तक बंद करना है? अगेन देयर वाज़ अ पेशेंट हु वाज़ 17 इयर्स अह फ्रॉम द 17 इयर्स ऑफ़ एज वाज़ टेकिंग ओल्डर कॉनसेप्ट पिल। टिल शी केम टू मी व्हेन शी वाज़ 35 इयर्स ऑफ़ एज।
(35:46) 17 साल तक मतलब न्यूजीलैंड की थी वो। 17 साल पे उनको किसी वहां के डॉक्टर ने ओरल कॉन्सेप्ट पिल्स नॉन साइक्लिकल तरीके से डाला। नॉन साइक्लिकल तरीका यह होता है कि अगर आप एंडोमेट्रियोसिस के लिए दे रहे हैं तो नॉर्मली अगर ओरल कॉन्सप्टिल देते हैं तो 21 डे का कोर्स होता है। सात दिन का गैप होता है टू गेट योर पीरियड्स। मगर जब आप एंडोमेट्रियोसिस के लिए देते हैं तो आप तीन या चार महीने इन टेंडम विदाउट गैप देते हैं। तो 21 21 ठीक है? तो 63 टैबलेट्स हो गया एक साथ। फिर आप 2 दिन का या चार दिन का ब्रीदर देते हैं। हल्की सी स्पॉटिंग हो जाती है। क्योंकि अगर नहीं
(36:20) देंगे ब्रीदर तो फिर भी विड्रॉवल ब्लीडिंग हो जाएगी। या फिर और प्रोजेस्ट्रॉन टैबलेट आती है जो कि बिना गैप के दे सकते हैं। तो उनकी डॉक्टर ने इतनी समझदारी से उनको 17 साल की उम्र से शुरू किया नॉन साइक्लिकल ट्रीटमेंट जब वो उनका इंडियन हस्बैंड थे अभी व्हेन शी केम टू मी शी वाज़ 35 एंड शी वाज़ स्टिल ऑन दोज़ टैबलेट्स हर यूट्रस ओवरीज़ एवरीथिंग वाज़ सो ब्यूटीफुल। बट उस वक्त की जो उसकी रिपोर्ट थी उसमें एंडोमेट्रियोसिस था एंड आई वास सो हैप्पी एंड मैंने उसके डॉक्टर को इतना थैंक किया उसको बोला आपके डॉक्टर इतने अच्छे और आपने भी मानी ये बात और आपकी मां ने भी मानी ये
(36:56) बात एंड देन शी कंसीव्ड नेचुरली विद मी मेरे साथ क्योंकि इंडिया में ही अब रह रही थी अ मगर आप सोचिए कि यहां पर मैं किसी को बोलूं कि 17 साल से शुरू करो और 35 साल में तुम्हारी शादी हो रही है। 17 साल तक आप कोई भी हार्मोनल दवा लेते रहो। इट्स एक्सेप्टेंस इज नॉट देयर। एंड अगेन आई एम टेलिंग कि यह नहीं है कि मैं चाहती हूं या आई हैव अ फैक्ट्री ऑफ एनी काइंड ऑफ़ हार्मोनल पिल्स। आई एम जस्ट टेलिंग दैट वी डोंट हैव एनी अदर ट्रीटमेंट ऑप्शन एंड इफ यू वांट टू सेव यू माइट हैव टू टेक फॉर दैट लॉन्ग माइट यू माइट नॉट बट माइट हैव टू टेक। डॉ. कालरा कंट्रासेप्टिव पिल्स
(37:36) क्या आपको लॉन्ग टर्म में इनफर्टाइल बना सकती हैं? अह नहीं, यह बिल्कुल गलत है। इट्स अ मिथ। ओके। अगेन कंट्रासेप्टिव पिल्स हॉर्मोंस हैं और बहुत लो डोज़ हॉर्मोनस हैं। इट्स अ वैरायटी ऑफ़ एस्ट्रोजन प्रोजेस्टॉन कॉम्बिनेशंस अवेलेबल। मोस्टली कॉन्ट्रासेप्टिव पिल को अगर मैं डिस्क्राइब करूं तो दीज़ आर 100% इफेक्टिव। 100% रिवर्सिबल मेथड ऑफ़ कंट्रासेप्शन। ओके? तो अगर कोई यंग गर्ल है तो वह कंडोम या बैरियर मेथड तो इस्तेमाल करना ही चाहिए। बट उसके अलावा उसे प्रेगनेंसी से 100% प्रोटेक्शन के लिए सेफेस्ट मेथड ओरल कॉनसेप्टबल्स है। ठीक
(38:18) है? और जैसे हमने कहा कि मां चाहे कितनी भी बबल में रहे कि मेरी मां मेरी बेटी सेक्सुअली एक्टिव नहीं है। बट नाउ अ डज़ यंगर गर्ल्स आर सेक्सुअली एक्टिव एंड यू हैव टू गिव देम सम यू हैव टू ऑफर देम सम काइंड ऑफ़ कंट्रासेप्ट कंट्रासेप्शन एडवाइस। तो हेज़िटेंट ना हो उस सीपल्स को एडवाइस करने में या लेने में। क्योंकि उनके लिए वो मोस्ट रिवर्सिबल भी है। द डे आई वुड स्टॉप ओरल कॉनसेप्ट पीपल नेक्स्ट मंथ आई वुड कंसीव। तो ऐसा और ऐसा मैं इसलिए भी कह रही हूं कि मेरी शादी इंटर्नशिप में हो गई थी। अ और तब मैं 22 साल की भी नहीं थी। उस वक्त के
(38:59) आगे मैंने ओरल कासेप्ट पल ही लिए थे क्योंकि मुझे पोस्ट ग्रेजुएशन भी करनी है और अभी पूरा करियर पढ़ा है। पूरी पढ़ाई पढ़ी है। उसके बाद की भी चारप साल की पढ़ाई मेरी बच्ची पढ़ी थी और हमने खुद एज अ डॉक्टर ओरल कांसेप्ट रिपल्स लिया था। अ और कुछ साइड इफेक्ट्स जरूर हो सकते हैं। जैसे मैं कांटेक्ट्स लगाती थी उस वक्त तो कांटेक्ट्स नहीं लगा पा रही थी क्योंकि थोड़ा सा ग्रीटी फील होता था या किसी और को कुछ। बट हम लोग चेंज करके देते हैं और उससे उतने साइड इफेक्ट नहीं होते। नजिया हो गया, लिटिल वाटर रिटेंशन ये सब कुछ ये सब माइल्ड साइड इफेक्ट होते हैं। लॉन्ग
(39:34) टर्म साइड इफेक्ट नहीं होता और फायदा क्या होता है? आपकी ओवरी को कैंसर नहीं होगा। आपके यूट्रस का कैंसर नहीं होगा। आपको फाइब्रॉइड नहीं बनेंगे। आपको एंडोमेट्रियोसिस नहीं होगा। तो आपके पीरियड्स एकदम साइकिल ठीक से आती रहेगी। मुझे नहीं लगता कि यहां पर बारगेन कोई बहुत बैड है क्योंकि अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री है और अगर आपके डॉक्टर कह रहे हैं कि नहीं आप नहीं ले सकते जैसे किसी को ब्रेस्ट कैंसर एस्ट्रोजन प्रोजेस्ट्रॉन सेंसिटिव वाला है हॉर्मोनल या फिर आपकी फैमिली में डीप वेन थ्रो्बोसिस की हिस्ट्री है या कोई हॉर्मोनल कैंसर की
(40:10) हिस्ट्री है तो आपके डॉक्टर मना कर देंगे कि नहीं यह आपके लिए नहीं बनी है। मगर अगर ऐसा कुछ नहीं है और आप डॉक्टर की सलाह से ले रहे हैं तो इससे आपकी बहुत सारी रिप्रोडक्टिव ऑर्गंस की बीमारियां एक्चुअली खत्म होती हैं या नहीं बनती हैं। मतलब आपके आंसर में जो मुझे प्रोबेबल सॉलशंस दिखाई दे रहे हैं उनमें ओरल कंट्रासेप्टिव पिल्स भी हैं। उनमें आपने इंजेक्शंस की बात की। उनमें आपने डिवाइस की बात की जो यूट्रस में इंप्लांट हो जाती है। आपने ये सर्जिकल इंटरवेंशन की बात की जिसकी वजह से भी हो सकता है। आपने कुछ महीनों या कुछ सालों तक पीरियड्स को बंद करने की बात की
(40:44) तो बड़े सारे ऑप्शंस हैं और ये एलोपैथिक ऑप्शंस हैं। फिर दूसरे लाइन ऑफ़ ट्रीटमेंट्स जैसे नेचुरोपैथी है, होम्योपैथी है उसमें भी आपने कहा कि आपकी जानकारी नहीं है लेकिन वहां भी कुछ सशन शायद हो सकता है। आप उसको नकार नहीं रही हैं। तो यह इतना इतना एक सीरियस और सीवियर कंडीशन है और अगर हम इसके बारे में खुद ही इतने कम एजुकेटेड हैं तो जब हमारी कोई पार्टनर होते हैं जब हमारी शादी होती है तो मुझे लगता है ये तो एक बहुत ही ऐसा कंडीशन है जिसके बारे में ओपनली बात होनी चाहिए जैसे आपने कहा कि एंडोमेट्रियोसिस्ट जिनको होता है उनके लिए इंटरकोर्स करना
(41:14) सेक्स सेक्सुअल एक्टिविटी में इंगेज करना भी बहुत डिफिकल्ट होता है बहुत पेनफुल होता है और फिर ऑफ कोर्स आप शादी कर रहे हैं आप फैमिली प्लानिंग की बात करते हैं तो ये ये क्या आपको लगता है कि इंडिया में एंडोमेट्रियोसिस के बारे में हम हम लोग इतनी बात करते हैं या जिन पेशेंट्स को होता है वो इतने अवेयर हैं कि वो अपने पार्टनर्स को बताते हैं। क्या-क्या सिचुएशन है इस पूरे बिकॉज़ आपकी सेक्सुअल लाइफ का बहुत क्लोज कनेक्शन है एंडोमेट्रोसिस से। राइट? तो ये तो कन्वर्सेशन बहुत ओपनली होना चाहिए। होना ही चाहिए। देखिए अगर आज आप ये बात नहीं करेंगे
(41:45) और आपको पता है कि आपकी बेटी को एंडोमेट्रियोसिस है और वो पीरियड्स में भी इतनी पेन में रहती है और कांस्टेंट पेन है, प्रेशर है नीचे की तरफ। अ चाहे वो सेक्सुअली एक्टिव नहीं भी है और आपको यह जानकारी नहीं भी है कि शायद वो उसकी सेक्सुअल लाइफ कैसी होगी। मगर इतना समझ में आता है कि फर्टिलिटी भी काफी अफेक्ट होती है। हम लोग खुद भी एक्सेप्ट नहीं करते हैं और यह डिस्कशन किसी से करना भी नहीं चाहते हैं। क्योंकि मोस्टली ये चीजें तो हाइड ही करी जाती है। ठीक है? लेकिन अगर आप आजकल के बच्चे काफी एक दूसरे के साथ अच्छी कंपैनियनशिप
(42:30) है। कॉलेज में एक साथ होते हैं। सब कुछ है। और यह एक बहुत अच्छी बात लगती है कि अगर एक लड़की को पेन है, अगर मेंुअल क्रैंप्स है, अगर उसको इतना वो दर्द में है, तो उसका बॉयफ्रेंड या जिनके साथ वो लिव इन में रहती हैं, वो आते हैं एंड दे अंडरस्टैंड दी प्रॉब्लम। आई थिंक यह लोग ज्यादा ओपन होते हैं टू डिस्कस दी प्रॉब्लम। अह एंड गोइंग फ़ॉरवर्ड वि द ट्रीटमेंट ऑप्शंस क्योंकि उनके लिए कंपैनियनशिप बहुत ज़्यादा ज़रूरी है। अदर देन सी इतने मैच्योर हैं आजकल के बच्चे वो फिक्सेटेड नहीं है इस बात पे कि इस अ वजह से बच्चा नहीं हो पाएगा तो लेट्स नॉट
(43:11) कंटिन्यू विद दिस रिलेशनशिप। ऐसा नहीं है। दे नीड फ्रेंडशिप, दे नीड कंपैनियनशिप एंड दे नीड देयर पार्टनरशिप टू बी पेन फ्री। तो जब इस तरीके का कपल एक आता है हु इज ओपन टू द डिस्कशन ओपन टू दी ट्रीटमेंट ऑप्शंस एक बहुत बहुत अच्छा लगता है मुझे बट हमारा सिर्फ ऑर्थोडॉक्स माइंडसेट जो मदर्स का है या हमारा खुद का है अपने ट्रीटमेंट के लिए तो अगर कोई 30 35 साल की भी लेडी आती है उसको भी समझाना मुश्किल हो जाता है। बट हां, डिस्कस करना बहुत जरूरी है क्योंकि अह लाइफ कैन बी एब्सोल्यूटली पेन फ्री इफ यू ऑप्ट फॉर ट्रीटमेंट, इफ यू गो फॉर ट्रीटमेंट। अगर आप इतनी पेनफुल
(43:54) लाइफ से आपका बिल्कुल क्वालिटी ऑफ़ लाइफ डिटोरेट हो चुका है और आपके पास ऑप्शन है और आप यह सोच रहे हैं कि हॉर्मोनल थेरेपी इज़ वर्स्ट देन दिस पेन। तो गलत सोच रहे हैं। हॉर्मोंस हमारे दुश्मन बिल्कुल भी नहीं हैं। हॉर्मोंस भी एक तरीके की दवा ही हैं जो कि आपको ठीक करने के लिए दिए जाते हैं। तो और वो आपकी क्वालिटी ऑफ़ लाइफ को भी इंप्रूव करेंगे और आपकी बीमारी को भी कम कर देंगे। लेकिन उससे पहले टू क्लोज दिस टॉपिक यू नो मुझे किस्सा याद आ रहा है अ फ्रेंड ऑफ़ माइन। उनकी डॉटर को एंडोमेट्रियोसिस है। अब यह उन्होंने मुझे डायरेक्टली कहा नहीं है। बट मैं ऐसा सोच
(44:32) रही हूं कि उन्होंने बहुत जल्दी शादी की। एट द एज ऑफ़ 21 22 लड़की ने शादी कर ली है। उनके जो हस्बैंड है वो भी उन्हीं की ऐज के आसपास है। एक आधा साल शायद बड़े हैं और बहुत जल्दी शादी कर रही है। तो जो आपके आंसर से मैं ऐसा सोच पा रही हूं कि क्या अर्ली प्रेगनेंसी होके यूट्रस को निकाल देना। अ क्या वो एक ऑप्शन होता है? नहीं। दैट इज नॉट एन ऑप्शन। हम यहां पे ये ऑप्शन सिर्फ इसलिए नहीं है कि यूट्रस को निकाल देने के बाद एंडोमेट्रियोसिस ठीक नहीं होता है। वाओ ठीक है मोर कॉम्प्लिकेटेड देन देन बिकॉज़ एंडोमेट्रियोसिस तो ऑलरेडी पेरिटोनियल में जो आपकी पेरिटोनियल
(45:14) मेंबेंस हैं ओवरी ट्यूब रेक्टम ब्लैडर पर आ चुका है। ठीक है? आपने यूट्रस अभी मेरा एक पेशेंट आया जो कि सम 56 इयर्स ओल्ड यूट्रस वाज़ रिमूव्ड फॉर एक्स वजी रीज़ वेदर इट वाज़ एडिनोमायोसिस और समथिंग एल्स शी केम टू मी दैट शी वाज़ हैविंग ब्लड स्टेंड यूरिन एंड शी वाज़ उसको हर वक्त ये लगता था कि उसको अर्ज है यूरिन पास करने की यूरिन पास करने की। बहुत दिनों से यूटीआई का ट्रीटमेंट ले लेके थक गई। फिर एमआरआई मैंने कहा जाइए आप एमआरआई करा के आइए। उसमें एंडोमेट्रियोमा यूरिनरी ब्लैडर के अंदर था। एंडोमेट्रियोसिस का इंप्लांट टू टू 3 सेंटीमीटर इंप्लांट यूरिनरी
(45:56) ब्लैडर के अंदर था। फिर उसको हम रोबोटिकली गई। मैं रोबोटिक सर्जरी से ब्लैडर को के पास से एंडोमेट्रियोमा इतना मोटा सा उसका गोला निकाला और लकीली ब्लैडर को इंजरी भी नहीं हुई। मगर होती तो भी कोई वो नहीं था। पूरा निकालने के बाद सोचिए उसकी हिस्टेक्टमी कब की हो चुकी है। यूट्रस कब का रिमूव हो चुका है। उसके बाद भी एंडोमेट्रियोमा था। तो अब जो दोनों ओवरी थी उनको निकाल दिया क्योंकि अब वो 56 की भी हो गई थी तो फिलोपियन ट्यूब आपने सब कुछ भी निकाल दिया तो भी एंडोमेट्रियोसिस निकाल सकते। एंडोमेट्रियोसिस को ही निकालना है। सिर्फ यूट्रस निकालने से नहीं
(46:32) निकलेगा। अब आप बताओ अगर आपकी फैमिली 25 पे कंप्लीट हो गई। आपने तीन बच्चे कर लिए। ठीक है? और आपको एंडोमेट्रियोसिस है। आप बच्चेदानी निकाल दोगे नहीं। फिर भी तो ओवरी तो है। हॉर्मोन तो प्रोड्यूस कर रही है। एंडोमेट्रियोस एंडोमेट्रियोटिक इंप्लांट्स तो हॉर्मोन से फिर बढ़ जाएंगे। ओवरी निकाल देंगे 25 साल की औरत की तो वो तो मेनोपॉजल हो जाएगी। उसकी बोनस वीक हो जाएंगी। ऑस्टियोपरोसिस हो जाएगा। कार्डियक अरेस्ट होने के चांसेस हैं। मेंटल एजिडिटी गई, इरिटेबिलिटी हो गई, हॉट फ्लैशेस आना शुरू हो गए। तो, आप ओवरी तो नहीं निकाल सकते साल की। यूट्रस निकालना इज़ नॉट अ
(47:05) ट्रीटमेंट। ओवरी निकाल नहीं सकते। इसका मतलब यह रेडिकल ट्रीटमेंट बिल्कुल नहीं चलेगा कि ओवरीज़ निकाल वह यूट्रस निकाल दिया जाए। एंडोमेट्रियोटिक इंप्लांट्स फुल्ली टू बी रिमूव्ड एंड देन यू हैव टू टेक ट्रीटमेंट जस्ट बिकॉज़ यू डोंट वांट टू टेक हार्मोनल ट्रीटमेंट तो चलो यूट्रस निकाल दो। दिस इज़ नॉट एन ऑप्शन। आपने हॉर्मोनल ट्रीटमेंट की बात की। अच्छा हॉर्मोनल इशज़ भी बहुत ज्यादा कॉमन हो गए हैं। थायरॉइड एक बहुत बड़ा इशू बनता जा रहा है वुमेन में। पीसीओएस, पीसीओडी भी है। तो लेट्स टॉक अ लिटिल बिट मोर अबाउट दीज़ इशज़ दैट आर बिकमिंग कॉमन टू नाउ गर्ल्स एंड वुमेन।
(47:41) हां। तो पीरियड्स के अराउंड एक तो ये पेन का ही है। हैवी ब्लीडिंग हो गया, पेन हो गया। अ और दूसरा पीएमएस भी है। अ और थायरॉइड और पीसीओडी तो है ही। अ पीएमएस को भी हम बहुत ही ज्यादा मजाक में लेते हैं। हां। इनफैक्ट ऑफिस में अगर कोई आदमी गुस्से में है या कोई बॉस चिढ़ा हुआ है तो कहते हैं ही इज़ पीएमएस पीएमएस है ना तो पीएमएस का क्या ट्रुथ है? हां होता क्या है पीएमएस? तो पीएमएस को प्रीम मेंसुअल जो सिंड्रोम होता है उसमें प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन लास्ट के कुछ दिनों में पीरियड से जस्ट बिफोर पहले हाई होता है जिससे कि वाटर रिटेंशन होता है बॉडी में। आप ब्लोटेड फील
(48:23) करते हैं। और मूड चेंजेस बहुत ज्यादा होते हैं। यू फील वलनेरेबल। इट इज़ अ हॉर्मोन जो कि प्रेगनेंसी में भी बहुत ज्यादा होता है। तो नजियस भी लग सकता है आपको। ब्रेस्ट टेंडरनेस भी हो सकती है आपको। नींद नहीं ठीक से आएगी। यूरिनरी फ्रीक्वेंसी बढ़ जाएगी और सेंसिटिविटी बहुत ज्यादा हो जाएगी। वही चीजें जो आपको अदरवाइज यू आर स्ट्रांग एंड यू कैन हैंडल देम वेल। आप रोने लगते हैं और छोटी-छोटी चीजों पर परेशान होने लगते हैं। मगर वही बात है कि हर महीने ही क्योंकि यह हो रहा है और हर महीने पीरियड्स के 5 से 10 दिन पहले हो रहा है। तो हम लोग इस बात को ये कहते हैं
(49:10) कि अरे अभी जैसे मां है इसको तो हर महीने 5 दिन इससे तो बात ही करना मुश्किल है। ये तो कॉन्वर्सेशन ही नहीं हो सकती इन दिनों में तो इसके साथ अ तो हम लोग क्योंकि वही बात है कि हम लोग जब बढ़ रहे थे तो ना तो अवेयरनेस थी ना टाइम था किसी के पास है ना लोअर मिडिल क्लास में थे रोज सुबह पोछा लगा के स्कूल जाना शाम को आके फिर से पोछा लगाना बर्तन मांझने सब कुछ काम हमने करे हैं मतलब घर के वो काम सारे करके जाने कर आके करने होमवर्क भी करना खेलने भी जाना ना उसमें आप पीएमएस जैसी चीज जो है उसके लिए टाइम नहीं था। मैं आपसे यही पूछना चाह
(49:50) रही थी कि क्या पीएमएस पहले नहीं होता था या जो थोड़े गरीब वर्ग के लोग हैं क्या उनको पीएमएस नहीं होता है? क्योंकि उनकी दिनचर्या इज़ प्रीटी मच द सेम। लाइक मेरी मदर जब बात करती हैं उनके टाइम में खेतों में जाना एवरीडे ऐसा नहीं था कि यार पीरियड है तो आज नहीं जाना है या पीरियड से दो दिन पहले नहीं जाना है तो जो एवरीडे चोर्स हैं वो हो रहे हैं तो वो आपके एवरीडे एक्टिविटी को हैंपर नहीं कर रहे हैं ऐसा नहीं है कि आप उस दिन अगर 10 काम करते थे तो अब पीरियड्स के पांच दिन आपको डिस्काउंट मिलेगा और आप चार ही काम करके यू कैन गेट अवे विद योर डे राइट या फिर आज
(50:20) की डेट में भी जो लोग लोअर मिडिल क्लास है या थोड़े कम यू नो अह सक्षम है फाइनेंशियली उन लोगों में क्या यह प्रॉब्लम्स नहीं होती है? उनकी लाइफस्टाइल तो वैसे ही चलती रहती है। हां। तो इसीलिए हम कहते हैं कि जो पीएमएस है उसका अह ट्रीटमेंट भी तो यही है ना। यू इफ इट इज़ अ रियलिटी इफ इट इज़ अ डिजीज इफ इट इज़ ट्रू एंड इट इज़ ट्रू कि पीएमएस है और होता ही है क्योंकि प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन की वजह से है। तो क्या इसको लाइफस्टाइल ठीक करके या लाइफस्टाइल एक बहुत ब्रॉडर टर्म हो गया। ठीक है? तो मॉडिफिकेशन कर कर अपने लाइफ में ठीक नहीं किया जा सकता। इफ जैसे मैंने कहा कि
(51:01) में्रुअल क्र क्रैंप्स या पेन भी अगर आप फिजिकली बहुत एक्टिव हैं तो नहीं होगा। अगर आप उस दिन भी जिम जा रहे हैं, अगर आप उस दिन भी टीम एक्टिविटी में खेल रहे हैं। अगर आप अब अगर जैसे आपने कहा कि खेतों में जाने वाली लड़की खेतों में जा रही है। घर में काम करने वाली औरत घर में काम कर रही है। चार और घरों के भी काम कर रही है। वो लेट के बैठ नहीं गई है कि चार दिन उसके पीरियड्स हैं। तो फिजिकल एक्टिविटी करने से कम हो जाता है। आप अगर कुछ उन दिनों में बहुत अ सॉल्टी पैकेटेड फूड या जंक नहीं खाते हो जो कि ईजीली डाइजेस्टेबल हाई ग्लाइससेमिक इंडेक्स कार्बोहाइड्रेट या
(51:38) बहुत प्रिजर्वेटिव वाला जिसमें कि सॉल्ट है तो वाटर अब्सॉर्ब करता है आपकी बॉडी में वो अगर नहीं खाते हैं तो हम लोग कहां खाते थे पहले हम लोग के वंस अपॉन अ टाइम जब किसी शादी में जाते थे या कोई घर पर आता था तो समोसे आ जाते थे तो बर्गर हमने सुने नहीं थे। नूडल्स भी हमें नहीं पता था। क्या होता है? पिज़्ज़ा तो नदारद ही था। लाइफ में कुछ पता ही नहीं। चिप्स और यह सब नहीं होता था। चिप्स पैसा भी नहीं होता था चिप्स खरीदने के लिए। तो मतलब जिनके पास होता था वो करते ही होंगे। मगर काफी कम था उस जमाने में। बच्चों को इतनी लिबर्टी नहीं थी कि आप इमीडिएटली
(52:12) ऑनलाइन मंगा लें या खा लें। अब आप इतना प्रिजर्वेटिव वाला खाना खाते हैं जिसमें कि साल्ट है। लाइक मोस्टली ज्यादातर उन्हीं चीजों से वाटर रिटेंशन ऑलरेडी हो गया। हाई ग्लाइससेमिक इंडेक्स की चीजें आप ज्यादा खा रहे हैं। बेकरी प्रोडक्ट्स हैं, कुकीज़ हैं या ये सारे जंक फूड हैं तो उनकी वजह से भी आपको वाटर रिटेंशन ज्यादा हो रहा है। अब वही प्रोजेस्ट्रॉन जो किसी और जो कि एक हेल्दी नॉर्मल घर की सब्जी, दाल खा रहा था और ये सब नहीं खा रहा तो उसको सिम्टम्स कम होंगे मगर आपको थोड़े ज्यादा हो जाएंगे। तो अगर हम अपनी लाइफ को मॉडिफाई कर दें थोड़ा डिसिप्लिन कर लें
(52:49) थोड़ा तो शायद बेटर हो जाएगा। ठीक है? आप वलनेरेबल हो जाते हैं क्योंकि आप स्ट्रेस आजकल सारी बच्चों को स्ट्रेस है और स्ट्रेस आपको इसलिए भी है कि आप इतना सोशल मीडिया से एक्सपोज्ड हैं कि आपको हर एक चीज पता है। अगर आपको छोटी सी चीज हो रही है तो आपको उसके बारे में 10 बातें पता है। जितना ज्यादा पता होता है उतना ज्यादा आप एशियस हो जाते हैं। तो और जितना ज्यादा आप ऑनलाइन देखते जाते हैं उतना आपके ब्रेन में मेलिटोनिन नाम का एक हार्मोन होता है। वह कम होता जाता है। आपका स्लीप कम हो जाता है। तो, अगर स्लीप कम हो गया, अगर आपकी स्लीप हाइजीन नहीं होती है, तो भी
(53:25) आपको यह सारी बीमारियां ज़्यादा होती हैं। यू आर वल्लनरेबल, यू आर सेंसिटिव। यू डू नॉट फील लाइक योरसेल्फ इरिटेबिलिटी आती है। तो, बहुत सारी चीजें हैं जो कि हम करेक्ट कर सकते हैं पीएमएस में भी। अह मगर मेरे ख्याल से और अब तो हम लोग बहुत सारी दवाइयां भी देते हैं। हम लोग इवनिंग प्रिमरोज़ ऑइल के कैप्सूल्स देते हैं। विटामिन ई देते हैं। B6 के कैप्सूल्स देते हैं। उनसे भी काफी फर्क पड़ता है अगर आप वो रेगुलरली लेते हैं। बट देन अगेन लाइक योगा, एक्सरसाइज, जिम, स्लीप हाइजीन ये सारी चीजों का तो अल्टरनेटिव ही नहीं है। डॉक्टर कालरा आपने बहुत ही बहुत ही ले
(54:04) मैन की अंडरस्टैंडिंग में आ जाए। उस तरीके से एंडोमेट्रोसिस के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर किया और हम हार्मोनल डिजीजसेस की बात कर रहे हैं। आपने पीएमएस को कवर किया कि क्यों उस टाइम पे लड़कियां ज्यादा हॉर्मोनल हो जाती है और अगर हमें ये समझ में आएगा जैसे उसमें से कुछ फैक्टर्स ऐसे हो सकते हैं शायद जो आपके कंट्रोल में नहीं है कि आपकी बॉडी के अंदर कितना हॉर्मोन कैसे बन रहा है। लेकिन आप वाटर रिटेंशन कितना हो रहा है। आप कैसा जंक खा रहे हैं, नहीं खा रहे हैं। आप स्लीप हाइजीन मेंटेन कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं। उसके इंपैक्ट के बारे में एटलीस्ट
(54:30) फ्रॉम दीज़ कॉन्वर्सेशंस लोग अवेयर होंगे कि हमें इस इस सब की भीेंस है। ऐसा नहीं है। और मुझे लगता है कि लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशंस कीेंस अगर हम शुरू से उसको करेक्ट करके चलें क्योंकि लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन से हम कोई बहुत मैजिकल आउटकम की रिक्वायरमेंट की एक्सपेक्टेशन लगाते हैं। लेकिन हम लाइफस्टाइल मॉडिफाई कब करते हैं? जब कोई चीज बहुत ही वर्स हो चुकी है। यू नो जब आपको कोलेस्ट्रॉल बहुत ही ओवर द लिमिट्स हो गया है। डायबिटीज बहुत ज्यादा हो गया तो आप चीजों को लाइफस्टाइल को मॉडिफाई करने की सोचते हैं और तब आप सोचते हैं कि इमीडिएटली कोई मैजिकल रिजल्ट्स मिल जाए।
(55:03) तो वी विल हैव टू अंडरस्टैंड कि कोई एकदम मैजिकल रिजल्ट्स नहीं मिलेंगे। दीज़ आर स्मॉल प्रैक्टिससेस दैट आर बिल्ड ओवर टाइम और इनकेेंस को समझना और इनको हाईलाइट करना स्पेशली यंगर जनरेशन एंड जो ये पडकास्ट देख रहे हैं क्योंकि अभी भी बहुत सारी चीजें आपके हाथ में है। यू नो लाइक यू सेड कि बहुत चीजें हो जैसे एंडोमेट्रियोसिस किसको होगा किसको नहीं होगा? यू कांट टेल। अगर आपको है तो क्या फैक्टर्स आपके हाथ में है। यहां पर जो नॉलेज और विज़डम आपने शेयर की उसमें से क्या समझदारी आप ले सकते हैं। एटलीस्ट उतना हम अपने लिए वह सॉल्व करना वहां से शुरू कर सकते हैं। अच्छा
(55:34) डॉक्टर कालरा फ्रॉम दिस होल प्यूबर्टी मेंसुरेशन एंड मेंसुरेशन रिलेटेड इश्यूज एक और जो रह गया है दैट इज पीसीओएस पीसीओडी इसके बारे में भी थोड़ा बताइए क्योंकि पिछले 10-15 सालों से इसके बारे में काफी बात हो रही है। है ना? काफी लोगों को इसका फुल फॉर्म पता है। पीसीओएस पीसीओडी क्या होता है? पता है। मेरे ख्याल से 40% लोगों को होता भी है। अह होता क्यों है? हम क्या कर सकते हैं? एंड पीसीओएस पीसीओडी का फर्टिलिटी में आगे जाकर क्या इंपैक्ट है? ओके। तो एक चीज तो जो बीच में थायरॉइड का था वो उसके लिए दो लाइनें बता देती हूं मैं कि
(56:09) थायरॉइड स्ट्रेसफुल लाइफ का एक पार्ट हो गया है हमारा एक तो स्ट्रेस की वजह से हो रहा है और दूसरा थोड़ा फैशनेबल जो हम हम हो गए हैं कि हम तो सिर्फ रॉक साल्ट खाते हैं सेंधा नमक खाते हैं अगर वो आयोडाइज्ड नहीं है तो आपको फिर थायरॉइड हो जाएगा सो यू हैव टू हैव आयोडाइज्ड साल्ट मोस्टली अगर आप आयोडाइज साल्ट खा रहे हैं तो नहीं होता है। मगर आप अगर सेंधा नमक या रॉक साल्ट खाते हैं तो फिर आपकी और सारी चीजें जैसे कि सोए, गोभी, टर्नप ये सब कोई चीजें भी ब्लॉक करने लगती हैं आयोडीन के अब्सॉर्प्शन को। तो, आप सिर्फ वो चीजें छोड़ दें कि मैं कॉलीफ्लावर ग्रुप की
(56:54) सब्जियां नहीं खाती हूं। क्योंकि वो क्योंकि मुझे थायरॉइड है। ऐसे काम नहीं चलेगा। बिकॉज़ अगर आप कुक करके खा रही हैं तो वह कुछ कह नहीं खराब करती हैं आपको। इफ यू आर कुकिंग कॉलीफ्लावर नाइसली एंड एव्री वेजिटेबल ऑफ़ कॉलीफ्लावर फैमिली और टर्न फैमिली तो आपके थायराइड को कोई नुकसान नहीं हो रहा या बढ़ नहीं रहा, घट नहीं रहा। मगर अगर आप आयोडाइज साल्ट नहीं खा रही हैं तो जरूर अपना नुकसान कर रही हैं। अपने बच्चे का भी नुकसान कर रही हैं। अगर आप उसको आयोडाइज्ड साल्ट नहीं दे रही हैं और रॉक साल्ट दे रही हैं, सेंधा नमक दे रही हैं तो मैं आपसे पूछना चाहती थी कि
(57:27) थायरॉइड में हमें किस चीजों का ध्यान रखना चाहिए और बहुत ज्यादा एडवाइस ये आती है कि आपको सोय नहीं खाना है। कुछ तरीके के शायद प्रोटीन नहीं खाने हैं। कुछ तरीके के आपको डेरी भी शायद अवॉइड करना है। कॉलीफ्लावर कैटेगरी वाले वेजिटेबल्स नहीं खाने। यह बहुत कॉमन एडवाइस है जो आती है। बट थैंक यू फॉर क्लेरिफाइंग कि ये सब छोड़ना नहीं है। कुक करके अगर प्रॉपर्ली खाते हैं तो खा सकते हैं। क्योंकि ऐसे बहुत सारे मिथ्स फ्लोट करते हैं। और मुझे लगता है आयुर्वेद और दूसरे अल्टरनेटिव लेंस से जब हम देखते हैं इन चीजों को तो वहां पे भी एक ब्लैंकेट सॉलशंस की तरह से ये चीजें
(58:02) आपको बताई जाती है। हालांकि इन सॉलशंस का अपनाेंस है बट इनको छोड़ देने से भी कोई बहुत सिग्निफिकेंट मैं भी यह मानती हूं क्योंकि मैं उस लाइन ऑफ़ थॉट से ग्रो की हूं जहां पर कि हमें मेडिसिन नहीं खानी है। हमें मेडिसिन अवॉइड करनी है। वहां से लेकर आज मैं उस स्टेज पर हूं कि इफ इट इज़ मेकिंग माय एवरीडे पीसफुल एंड फंक्शनल तो इट इज़ ओके टू हैव अ मेडिसिन। और मैं उसी उसी थॉट से मतलब बहुत सफरिंग में रही कि अभी तीन-ती दिन तक बुखार चल रहा है। तो लेकिन हमें नहीं खानी है दवाई। अभी सर दर्द होए जा रहा है। हालांकि मुझे सर दर्द नहीं हुआ बट किसी भी तरह की
(58:33) कंडीशन की बात करूं इवन पीरियड्स की मेडिसिन की बात करूं तो मैंने खुद आई थिंक टिल द एज ऑफ़ आई थिंक 28 29 कभी मैंने सोचा ही नहीं कि पिल खा के अपनी अग्नि को सॉल्व किया जाए। और मैं तो इवेंट्स होस्ट करती थी। पांचप 6-6 इंच के हील पहनकर एक ग्लैमरस आउटफिट में दिल्ली की सर्दी में कभी आप खड़े हो तो आप सर्दी से अलग परेशान हो। हील के दर्द से अलग परेशान हो। पीरियड्स के पेन में आप बहुत परेशान हो। लेकिन आपका ये माइंडसेट ऐसा है कि दवाई नहीं खानी है। तो मुझे लगता है ये कन्वर्सेशन अगर हम ओपनली करें और एक्सप्लेन करके करें तो शायद हम
(59:05) थोड़े ज्यादा रिसेप्टिव हो जाएंगे यू नो इन इस तरह की चीजों के लिए। अच्छा हम लोग बात कर रहे थे पीसीओडी और पीसीओएस के बारे में। सो लेट्स पिक अप दैट। पीसीओडी और पीसीओएस तो मेरे ख्याल से हम सभी लोग मान ही लेते हैं कि है। ठीक है? हां मान ही लेते हैं क्योंकि जब हमारे पास पेशेंट आते हैं तो वह एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेकर आते हैं और उसमें लिखा होता है बलकी ओवरीज क्वेश्चन मार्क क्वेश्चन मार्क पीसीओडी ठीक है अब जब अल्ट्रासाउंड पे लिखा है तो फिर है ही फिर तो अब वहां से शुरू करेंगे ट्रीटमेंट कि भ पीसीओडी ओए सर एंड पीसीओडी का क्लियर सिम्टम क्या है
(59:43) बता रही हूं अभी बता रही हूं हमें तो लगता है पीरियड्स नहीं आना इर्रेगुलर होना और वो लगता है मोटापे से भी हम उसे एसोसिएट करते हैं कि बहुत मोटापा है इसलिए पीरियड्स नहीं हो रहे हैं या इसलिए कम दिन हो रहे हैं। एक डेढ़ दिन में पीरियड खत्म हो जा रहा है। सो लेट्स टॉक अबाउट दिस होल स्पेक्ट्रम। हां। तो ये मैंने आपको एक एग्जांपल बताया कि पेशेंट लेके आ गया है ना? अब उसे समझाना है कि पीसीओडी क्या है? पीसीओएस क्या है? और आपको है कि नहीं है? अल्ट्रासाउंड को पीसीओडी हो सकता है। आपको नहीं है। ठीक है? पीसीओडी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज। पीसीओएस पॉलीिसिस्टिक
(1:00:16) ओवेरियन डिजीज सिंड्रोम सिंड्रोम। ठीक है? अभी डी जब तक है पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज वो ओवरी तक सीमित है। सिंड्रोम बन गया तो इसका मतलब कि हॉर्मोनल इमंबैलेंस इतना हो गया कि अब आपको डायबिटीज भी हो गया या तो प्रीडबिटिक हो गए, इंसुलिन रेजिस्टेंस हो गया, कोलेस्ट्रॉल हाई हो गया, आपको हाई ब्लड प्रेशर हो गया और यूट्रस की लाइनिंग भी इतनी थिक हो गई तो शायद कहीं वो भी प्रीमलग्नेंट स्टेट हो गया। तो सिंड्रोम का मतलब जब बहुत सारे ऑर्गन सिस्टम को इनवॉल्व हो गए उसी हॉर्मोनल इमंबैलेंस में और डिजीज का मतलब जब तक वो सिर्फ ओवरी तक सीमित थी तो अगर डिजीज ओवरी
(1:00:55) तक सीमित है तो क्या सिम्टम होंगे? पीसीओडी है तो क्या सिम्टम होंगे? तो अगर पीसीओडी है तो एक बच्चे को या एक फीमेल को पीरियड्स लेटेट आ रहे हैं। मतलब मुझे 40 डेज पर आ रहे हैं, 2 महीने पर आ रहे हैं, छ महीने पर किसी किसी को आते ही नहीं है। जब वो प्रोजेस्ट्रॉन की दवा लेते हैं बस तभी आ रहे हैं। 5 दिन की प्रोजेस्ट्रॉन की दवा ली तो पीरियड्स विथड्रबल ब्लीडिंग हो गई उसको। तो इसका मतलब कुछ गड़बड़ चल रहा है अंदर। अभी दो तरीके का पीसीओडी हो सकता है। एक यह कि मेरा बीएएमआई हाई है और एक यह कि मैं तो बहुत ही थिन और लीन लड़की हूं। फिर
(1:01:32) भी मुझे पीरियड एक साल से नहीं आ रहे हैं। तो क्योंकि जेनेटिक भी हो सकता है और लाइफस्टाइल भी हो सकता है। तो जिसका बीएएमआई हाई है। पॉसिबिलिटी के उसको उसके लाइफस्टाइल की वजह से हुआ है। ज्यादा है। यह अदर वे राउंड नहीं है कि पहले आपको पीसीओडी हुआ है। फिर आप मोटे हुए हो। ऐसा नहीं है। पहले आपका बीएएमआई हाई हुआ है फिर आपको पीसीओडी हुआ है। अच्छा हम ठीक है। बट देन इट गोज़ इन विशेस साइकिल। तो अगर मेरा मैंने सब वही सारी चीजें इफ आई डू नॉट स्लीप ऑन टाइम। अगर मैं रात-रात भर जगी हूं और लेट सो रही हूं। अ अगर मैं जंक खा रही हूं और बेकरी
(1:02:17) प्रोडक्ट ज्यादा है। मेरे उसमें स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा है। मेरी गठ हेल्थ ठीक नहीं है। क्योंकि अगर आपने इतना सब कुछ किया सबसे पहले ग हेल्थ अफेक्ट होती है। आपकी आपके ग बैक्टीरिया मरने लगते हैं। और वहां से शायद साइकिल शुरू हुई कि आपका अगर गठ हेल्थ ठीक नहीं है। इफ योर मेटाबॉलिज्म इज़ नॉट प्रॉपर यू व्हाटएवर यू आर ईटिंग यू आर नॉट एबल टू मेटाबोलाइज़ प्रॉपर्ली। एंड टू मेटाबोलाइज दैट पेनक्रियाज स्टार्ट्स इंक्रीजिंग इंसुलिन सिकक्रशन। इंसुलिन बढ़ रहा है मगर फिर भी मेटाबॉलिज्म प्रॉपर नहीं हो पा रहा क्योंकि योर गट इज़ गॉन। अह
(1:02:52) ग बैक्टीरिया मर गए हैं। बिकॉज़ ऑफ़ स्लीप, हाइजीन एंड ऑल जंक एंड एवरीथिंग। नो एक्सरसाइज़। इंसुलिन हाई हो गया। इंसुलिन जैसे ही हाई हुआ आपकी बॉडी में इसको इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं। तो आप प्रीडबिटिक भी हो गए। इंसुलिन हाई होने से वो मेल हॉर्मोन जैसा काम करता है। मिमिक करता है मेल हॉर्मोन जैसा। तो फिर आपकी नेप ऑफ नेक पे ब्लैक कलर का एक लेदरी शुरू हो जाता है। पैच बनना एग्जिला में ब्लैकनिंग होना शुरू हो गया। अंडर ब्रेस्ट ब्लैक होना शुरू हो गया। अब क्योंकि वो मिमिक कर रहा है मेल हॉर्मोन को तो ओवरी से भी एग नहीं निकलने दे रहा। हर महीने जो
(1:03:31) एक एग बाहर आता तो वो जैसे ही एग रिलीज होता है तो एस्ट्रोजन प्रोजेस्टॉन में ब्रेक हो जाता है। दोज़ आर फेमिनिन हॉर्मोनस बट फेमिनिन हॉर्मोन बनने से पहले ओवरी में वो टेस्टोस्टेरोन के फॉर्म में होता है। तो टेस्टोस्टरॉन ब्रेक्स इंटू एस्ट्रोजन प्रोजेस्टरॉन एज़ सून ऐज़ एग कम्स आउट। बट नाउ एग इज़ नॉट कमिंग आउट बिकॉज़ इंसुलिन लेवल इज़ हाई। इंसुलिन ममिक्स टेस्टोस्टरॉन। टेस्टोस्टरॉन इज़ अ मेल हॉर्मोन। इट इज नॉट लेटिंग योर ओवरीज फंक्शन प्रॉपर्ली। अब वो टेस्टोस्टरॉन ओवरी में भी पेंट अप हो गया क्योंकि वह एग तो बाहर नहीं निकला। टेस्टोस्टेरोन अगेन
(1:04:07) कॉजेस एंड्रइड ओबेसिटी। मेल की यहीं पे ओबेसिटी होती है। फीमेल्स की थाई पे होती है। तो यहां पर आपकी आ गई फेशियल हेयर आने शुरू हो गए। एक्ने शुरू हो गए। बोल्डिंग या तो हेयर फॉल होना शुरू हो गया। सारी चीजें एक दूसरे से। अब अब जो टेस्टोस्टरॉन बढ़ा वो आपको पतला भी नहीं होने दे रहा। क्योंकि टेस्टोस्टरॉन ने तो मेल टाइप की ओबेसिटी शुरू कर दी। तो बेसिकली ओवरीज कंफ्यूज हो गई है कि यह मेल बॉडी है या फीमेल बॉडी है। समथिंग हां नहीं ओवरीज रिलीज कर देती ना एग तो वो एस्ट्रोजन प्रोजेस्टरॉन बन जाता लेकिन वो रिलीज़ तो नहीं हो रहा है क्योंकि
(1:04:39) इंसुलिन लेवल आपका बढ़ चुका है। इंसुलिन रेजिस्टेंस हो चुका है। अब इतना इंसुलिन रेजिस्टेंस है कि वो ओवरीज को रिलीज़ ही नहीं करने दे रहा। अब जब ओवरी से एग रिलीज़ नहीं होता तो बहुत सारे एग्स दिखाई दे रहे हैं। वो सारे एग्स का नाम है फॉलिकुलर सिस्ट। अब जब बहुत सारे एग्स दिखाई दे रहे हैं तो उसको पॉलीसिस्ट कह दिया। वो सारी आपके एग्स हैं। दोज़ आर नॉट सिस्ट बट दे आर सीन इन बंचेस। क्योंकि एव्री मंथ वन एग हैज़ टू बी लाइक शुड हैव बीन रिलीज्ड जो अब रिलीज नहीं हो रहा है। तो अब पूरी पिक्चर हमें समझ में आ गई कि जो हमें अल्ट्रासाउंड में दिख रहे हैं बहुत सारे
(1:05:15) एग वो रिलीज नहीं हो रहे हैं। और क्योंकि वो रिलीज नहीं हो रहे हैं और एस्ट्रोजन प्रोजेस्टॉन नहीं बन रहा है तो टेस्टोस्टेरोन ज्यादा बन रहा है। तो ओबेसिटी हो रही है। एक्ने हो रहे हैं, फेशियल हेयर हो रहे हैं। हेयर फॉल हो रहा है। कहां से शुरू हुई थी बात? हमने स्लीप हाइजीन नहीं किया था। खाना नहीं ठीक से खाया था। जंक खाया था। मेटाबॉलिज्म स्क्रू कर दिया था अपना। बीएमआई हाई हुआ गठ बैक्टीरिया मर गए और आपका इंसुलिन हाई हो गया। तो क्या पीसीओएस पीसीओडी इज 100% लाइफस्टाइल डिजीज? अबब्सोलुटली 100 इट इज़ जेनेटिक आल्सो लाइक सी ओवर द
(1:05:48) इयर्स वो हमारा जेनेटिक म्यूटेशन हो ही जाता है। हर एक बीमारी जो है वो जेनेटिकली इनकॉर्पोरेट हो जाती है हमारे जींस में। किसी में है, किसी में नहीं है। अब अगर जेनेटिकली आ गई है आपकी मां से आपके अंदर आ गई है तो आप पतले भी हैं तो भी आपको हो जाएगा पीसीओडी। बट अगेन इफ यू मेंटेन अ गुड लाइफस्टाइल जिसे अगर कोई इफ समबडी इज़ ब्लेस्ड विथ गुड मेटाबॉलिज़्म और इफ अ लीन गर्ल डज़ नॉट ईट। मोस्टली लड़कियां जो बहुत पतली होती है, वह एक्चुअली नहीं खाती हैं। ठीक है? अगर वो खा ही नहीं रही है तो मेटाबॉलिज्म का तो उसका कोई लेना देना नहीं है। मगर वो सो भी ठीक से नहीं रही
(1:06:25) है। वो एक्सरसाइज भी नहीं कर रही है। वो स्ट्रेस्ड भी बहुत ज्यादा है। ठीक है? आप अगर किसी भी एक ऐसे पेशेंट को देखते हैं जो लीन पीसीओएस है वो एक्चुअली दे आर हैविंग अ सेडेंट्री लाइफस्टाइल जस्ट दैट दे आर नॉट ईटिंग वेल। ओके? वो उतना नहीं खा रहे जो कि मोटा मोटा होने मोटा हो जाए। मगर उनको भी एक-एक साल तक पीरियड्स नहीं आते। देन वन सिंपल पिल वुड बी इफेक्टिव वन पिल टू देम एक्सरसाइज पिल रोज एक घंटे की एक्सरसाइज करें कार्डियो स्ट्रेंथ ट्रेनिंग स्ट्रेंथ ट्रेनिंग टू बिल्ड देयर मसल्स टू इंप्रूव मेटाबॉलिज्म कार्डियो टू हैव गुड अदरवाइज सर्कुलेशन एंड एवरीथिंग
(1:07:05) एक लीन पीसीओएस को सिर्फ एक्सरसाइज करनी है। वो मेरे पास है नहीं पिल जो मैं प्रिस्राइब कर सकूं। तो उनसे कहती हूं कि आप एक घंटे की एक्सरसाइज करोगे। आपको जो एक-ए साल से पीरियड नहीं आ रहे हैं वो आना शुरू हो जाएंगे। और कितनी देर में इंपैक्ट आ जाता है एक्सरसाइज करने का, लाइफस्टाइल चेंज करने का? आई थिंक दो-ती महीने आप करिए क्योंकि हम लोग मैं दवाई देने में बहुत रिलक्टेंट रहती हूं। कोई भी दवाई है अगर मैंने दी तो उनको लगता है कि हां इससे हो जाएगा। कुछ मैजिक पिल है और वह एफर्ट नहीं डालते हैं। फिर वह 3 महीने तक दवा लेते रहेंगे। कोई
(1:07:34) एफर्ट नहीं होगा। तो आई सेड कि दवा देनी ही नहीं है मुझे। पहले आप अपना एफर्ट करके दिखाओ। द डे यू वुड स्टार्ट एक्सरसाइजिंग आफ्टर टू मंथ्स यू विल सी यू विल स्टार्ट गेटिंग योर पीरियड्स। मेटाबॉलिज्म प्रॉपर करिए। हाई ग्लाइससेमिक इंडेक्स की चीजें मत खाइए। जंक को कम करिए। इंप्रूव योर गट बैक्टीरिया। आप खूब सारा कर्ड लीजिए। प्रोबायोटिक लीजिए। कर्ड तो आपके घर में ही बनता है। आपको अलग से कोई महंगी प्रोबायोटिक लेने की भी जरूरत नहीं है। इंप्रूव योर गट बैक्टीरिया। गट बैक्टीरिया बहुत जल्दी मर जाता है। अगर आप स्ट्रेस में अगर आप स्लीप नहीं प्रॉपर ले रहे हैं
(1:08:04) तो। तो जैसे ही आप इंप्रूव करते हैं गड बैक्टीरिया को जैसे ही एक्सरसाइज शुरू करते हैं आपका पीसीओडी ऐसे ही इवापोरेट हो जाता है। हमने बहुत सारी बातें की अराउंड पीरियड्स एंड मेंसुरेशन। एक टॉपिक जो मैं आपसे बात करना चाहती हूं बिकॉज़ यू आर अ गननेकोलॉजिस्ट और हमने इतना ज्यादा मेंसुरेशन पे बात कर ली और मुझे लगता है अभी इतनी ज्यादा बातें रह गई हैं। बट स्टिल आई वुड लाइक टू जंप टू द नेक्स्ट टॉपिक ऑफ़ फर्टिलिटी जिसके बारे में आई वांट टू आस्क अ फ्यू क्वेश्चंस टू यू। सबसे पहले तो आजकल इनफर्टिलिटी इतना कॉमन क्यों हो गया है? इवन इन यंग कपल्स एक तो
(1:08:34) हम ऐज के साथ एसोसिएट करते हैं कि उम्र हो गई है तो डिफिकल्ट टू कंसीव है और फिर अल्टरनेट मेथड्स हैं कंसेप्शन के। लेकिन यंग एज में भी बहुत कॉमन दिख रहा है कि लोग फर्टाइल नहीं है। व्हाई? अ तो दो-तीन चीजें तो इसमें है ही। अ सबसेट ऑफ पीपल हैं। जैसे अगर आप स्मोकर हैं तो चाहे आप मेल हैं या फीमेल हैं। आपके फर्टिलिटी कोशंट कम हो जाएगा। एग्स का की फर्टिलिटी कम हो जाती है। क्वालिटी कम हो जाती है। नंबर कम हो जाते हैं। स्पर्म का भी मोटिलिटी कम हो जाती है और नॉर्मल भी नहीं रहते। मॉफोलॉजी भी कम हो जाती है। सो पहला तो यही है कि अगर आप
(1:09:11) स्मोकर हैं, अगर आप वेव करते हैं, अगर आप किसी भी तरीके का एडिक्शन करते हैं, तो आपका फर्टिलिटी कम है, हो ही जाता है। दूसरी चीज यह है कि अगर आपको हार्मोनल इमंबैलेंस है, जैसे अभी हमने पीसीओडी, पीसीओएस डिस्कस किया, तो भी आपके एग्स नहीं रिलीज़ हो रहे, तो आपकी सो एव्री मंथ यू हैव टू हैव वन एग टू हैव अ फ़र्ट फ़र्टाइल साइकिल। इफ यू आरिंग सिक्स मंथ्स गॉन टू 50% पर तो महीने में अगर आप साल में दो ही बार एग रिलीज कर रहे हो तो फिर कैसे आप प्रेग्नेंट होगे? अ तीसरी चीज है कि आप लोगों के पास टाइम नहीं है। हम लोग एक प्रोजेक्ट बनाते हैं।
(1:09:55) दैट इज कॉल्ड बेबी प्रोजेक्ट। ठीक है? तो हमने कहा कि अब हमने प्लान करना है बच्चा। अ तो मेरे पास जब कपल्स आते हैं तो उनका यह रहता है कि 3 महीने से ट्राई कर रहे हैं। अभी तो बिल्कुल हो ही नहीं रहा है। व्हाट टू डू? तो ट्राई करने का क्या मतलब है? हाउ मेनी डज़ इन अ वीक डू यू हैव लव मेकिंग? वी डू ड्यूरिंग दैट फर्टाइल डज़। हाउ मेनी डज़ हम लोग ओवुलेशन किट से चेक करते हैं। दो दिन कर लेते हैं सेक्स। तो मैंने कहा पूरे महीने में दो दिन सेक्स कर रहे हो क्योंकि आप बच्चा चाहते हो 3 महीने से। उससे पहले क्या थी लव मेकिंग फ्रीक्वेंसी नो वी डोंट हैव टाइम फॉर ईच
(1:10:32) अदर लाइक शी ट्रैवल्स आई ट्रैवल वी हैव उनका अलग टाइम ज़ोन में रहता है काम वो यूएस के शिफ्ट से करती हैं मैं इंडिया के शिफ्ट से करता हूं तो हम लोग जो लव साइड रहते हैं छ महीने में कभी एक बार हो जाता है तीन महीने में कभी एक बार हो जाता है ऐसा होता है बट दैट इज द ट्रुथ ऑफ मैरिड कपल्स टुडे वाओ सो डू यू अंडरस्टैंड वन इज लाइफस्टाइल यू आर स्ट्रेस्ड और जो लोग मैरिड हैं वो उस कन्वर्सेशन से बहुत रिलेट कर रहे होंगे क्योंकि जो लोग नहीं है उन्हें लगता है शादी के बाद पता नहीं कितना यू नो फायर क्रैकर्स जैसा कुछ हो रहा है। बट दैट्स वो
(1:11:07) पहले वाले ही कर रहे हैं मुझे लगता है। डिस्कसिंग विथ आवर फ्रेंड्स एक्चुअली यू नो लॉट ऑफ़ माय फ्रेंड्स हैव एंटर्ड देयर 40 दे वर लाइक कि हमें अब ये रीकिंडल करना यू नो दी कन्वर्सेशंस आर नाउ ऑफ़ मोर रेलेवेंस टू अस। और हम वो उस तरह का कंटेंट देख रहे हैं कि कैसे रीकेंडल करें। बिकॉज़ दैट इज़ द रियलिटी कि आपका सेक्सुअल लाइफ तो खत्म सी ही हो जाती है। मतलब यू आर सो बिजी इन योर करियर्स एंड योर लाइफ। राइट? एंड सो यू वर सेइंग कि हां वो पीपल इस कह रहे हो कि इतना फ्रीक्वेंसी कम है और तो सबसे पहला अच्छा हमारे सारे टेस्ट करा लीजिए। टेस्ट कई बार मोस्ट ऑफ़ द टाइम
(1:11:42) टेस्ट वुड बी नॉर्मल। ठीक है? अ मगर एक नॉर्मल टेस्ट यह नहीं कह बताता कि अगर आप स्ट्रेस्ड हैं तो स्ट्रेसफुल ओवरीज आल्सो डू नॉट ओ विलेज इफ यू आर सो स्ट्रेस्ड कि इस महीने पीरियड नहीं आने चाहिए मुझे अभी मैं ट्राई कर रही हूं अभी मैंने दो आज हमने सेक्स किया कल हमने सेक्स किया पिलो नीचे रख के लेट गए हिले नहीं डुले नहीं और एंड देन अनदर 15 डेज आफ्टर ओवुलेशन यू आर ऑल द टाइम वरिड दैट पीरियड नहीं आने चाहिए पीरियड नहीं आने चाहिए आई शुड नाउ आई शुड कंसीव आई हैव स्टॉप स्टॉप डूइंग एक्सरसाइजज़। वॉक पे जाना छोड़ दिया, एक्सरसाइज सब कुछ छोड़ दिया और फिर आपको
(1:12:19) पीरियड्स आ गए। क्योंकि आप इतना स्ट्रेस लेकर चज़ कर रहे हो किसी चीज़ को कि अंदर का हॉर्मोनल मेयो ही गड़बड़ हो चुका है। दूसरा इतना स्ट्रेस लेके आप हस्बैंड से कह रहे हो कि आज तो करना ही है। कल तो करना ही है। आज ओवुलेशन का दिन है। वो बेचारा भी 18 घंटे कई बार 10 घंटे 12 घंटे काम करके आया है। उतना परफॉर्मेंस एंजायटी दे रहे हो। उसका भी नहीं। ही इज़ नॉट एबल टू परफॉर्म। यू हैव टू अंडरस्टैंड दैट दिस इज़ नॉट हाउ इट वर्क्स। अगर पुराने जमाने में हमारे मां-बाप या उस जमाने के लोग दे यूज्ड टू हैव एंटरटेनमेंट आउट ऑफ सेक्स ओके लव मेकिंग वो सुबह से शाम तक काम करके
(1:12:59) आए शाम को अच्छे से सब फैमिली ने डिनर किया एंड देन दे यूज्ड टू हैव सेक्स हर साल बच्चा पैदा हो जाता था और यहां पर यह भी टास्क हो गया है कि अगर आपको बच्चा पैदा करना है तो उन दो दिनों में आपको सेक्स करने के लिए भी प्लानिंग करनी पड़ती खासियत 30 साल पहले पीपल वर हैविंग मोर सेक्स देन व्हाट दे आर हैविंग नाउ दैट रियलिटी अब्सोलुटली इतने स्ट्रेस्ड हैं आप इतना काम है आपके पास आप लोगों के पास टाइम नहीं है तो और सारी चीज ठीक होने के बावजूद भी इफ यू आर नॉट एबल टू कंसीव इफ योर स्पर्म्स आर ओके इफ आर ओवुलेटिंग एव्री मंथ इफ वी हैव सीन फॉलिकुलर
(1:13:36) मॉनिटरिंग एंड यू आर ओवुलेटिंग एव्री मंथ फैलोपियन ट्यूब भी खुली हुई है पीरियड्स भी बहुत अच्छे आ रहे हैं मगर फिर भी नहीं कर पा रहे हैं हम कंसीव तो आप समझ जाइए कि भ आप सिर्फ सिर्फ उन दो दिनों में कर रहे हैं। यू आर चज़िंग, यू आर स्ट्रेसफुल। एंड सिर्फ दो दिन सेक्स करने से तो बिल्कुल भी नहीं होगा। सो, आई जस्ट टेल देम कि यह इस तरीके से मतलब मैं आपको सब दवाइयां भी दे दूं, इंजेक्शंस भी दे दूं सब कुछ करने के लिए। फिर भी यह पार्ट तो आपको खुद ही करना पड़ेगा। लव मेकिंग तो आपको खुद ही करनी पड़ेगी। इफ यू डोंट हैव टाइम फॉर दैट।
(1:14:10) जस्ट टू डज़ ऑफ़ और थ्री डेज ऑफ़ सेक्स अराउंड ओवुलेशन टाइम, देन इट्स गोइंग टू टेक टाइम। हम लेकिन क्योंकि हम आधी कच्ची पक्की इनेशन से आते हैं तो फिर हमें लगता है कि हमारे अंदर ही कुछ प्रॉब्लम है। नाउ वी हैव टू एंडोमेट्रियोसिस तो का करता ही है। सब फर्टिलिटी या इनफर्टिलिटी पीसीओडी है, फाइब्रॉइड हो गया, पॉलिप हो गया। ये सब चीजें तो हैं ही जो कि जो फिजिकल बैरियर्स हैं जो कि बीमारियां एक्चुअल बीमारियां हैं जिसको कि हमें चेक करना ही चाहिए। किसी का यूट्रस नॉर्मल नहीं है। यूट्रस के अंदर एक पर्दा है जिसको सेप्टा कहते हैं।
(1:14:44) यूट्रस के अंदर फाइब्रॉइड्स हैं बड़े-बड़े जो कि नहीं होने दे रहे। सो दीज़ आर डेफिनेट डिजीजेस जो कि है अदर देन लाइफस्टाइल इफ यू हैव अब्सोलुटली अदरवाइज़ नॉर्मल यूट्रस, नॉर्मल साइकिल्स। बट देन यू शुड हैव टाइम टू हैव लव मेकिंग एंड यू शुड हैव गुड लाइफस्टाइल। सो दैट यू शुड नॉट हैव अ एब्नॉर्मल हार्मोनल मिल वेदर इट्स बिकॉज़ ऑफ़ पीसीओडी और बिकॉज़ ऑफ़ समथिंग एल्स। डॉ.
(1:15:15) कालवा आजकल लोगों का लिबिडो इतना लो कैसे हो गया है? व्हाट आर द फैक्टर्स दैट आर कंट्रीब्यूटिंग टू इट? हम लोग इतना खुद को यू नो प्रीम एंड प्रॉपर भी रखना चाहते हैं। अच्छा दिखना चाहते हैं। मेंटेनेंस पे ध्यान है। बहुत कुछ चीजें करते हैं। लेकिन व्हेन इट कम्स टू आवर सेक्सुअल लाइफ्स व्हाई इज इट सफरिंग सो मच और व्हाई इज इट सो बैड? आई थिंक मोस्टली वी आर ऑक्यूपाइड मेंटली। मोस्ट ऑफ़ द टाइम वी आर ऑक्यूपाइड। दिमाग से खाली होना पड़ेगा। हां। सो मतलब दिमाग से आपको उस पर्सन के साथ होना पड़ेगा। है ना? व्हेन यू आर विथ दैट पर्सन यू इफ यू आर हैविंग गुड कन्वर्सेशन इट स्टार्ट्स फ्रॉम देयर ओके ऐसा तो है नहीं
(1:15:50) कि अचानक से एकदम आप बेड पर आए और सो यू शुड हैव अ यू शुड हैव टाइम फॉर ईच अदर यू शुड हैव नाइस कन्वर्सेशन विद ईच अदर कन्वर्सेशन वेयर यू आर नॉट मोस्ट ऑफ़ द टाइम लुकिंग एट योर फोन फोन और टीवी बाहर करना ही पड़ेगा सो Whatsapp के मैसेजेस चल रहे हैं मेल्स के आंसर्स चल रहे हैं एंड यू आर टॉकिंग टू ईच अदर यू आर नॉट एबल टू कनेक्ट एंड फॉर फीमेल यू हैव टू अंडरस्टैंड दैट मेंटल कनेक्ट फॉर कम्स फर्स्ट ओके फॉर मेल ओके ही कैन अह परफॉर्म बिलो अ बेल्ट बट देन अगेन इफ ही इज़ सो स्ट्रेस तो परफॉर्मेंस नहीं अर्ज ओनली डजंट कम दैट डजंट कम मैं आपसे पूछने वाली थी कि यंग एज में
(1:16:27) फीमेल्स क्या करें ताकि उनकी फर्टिलिटी ठीक रहे लेकिन आपने जो आंसर दिया उसमें सब कुछ हमने सुन ही लिया एक तरीके से दैट वी हैव टू नॉट स्मोक हमको एडिक्शन में नहीं जाना है। हमको अपनी लाइफस्टाइल को ठीक रखना है। स्लीप हाइजीन को मेंटेन करना है और कुछ ऐसे तरह के आप मुझे टेस्ट बता सकते हो या कुछ ऐसे स्कैन्स बता सकते हो जो अर्ली 20ज या 30ज में करने चाहिए टू कीप जस्ट योर हेल्थ एंड चेक यू नो सेक्सुअल हेल्थ एंड चेक हम ओके तो हमें प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप में जो एक फेमिनिन प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप होता है उसमें तीन चीजों का तो ध्यान रखना
(1:17:06) ही रखना है। ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड एज अर्ली एज यू हैव ब्रेस्ट्स। एवरी ईयर। ओके? एज आई सेड कि बिकॉज़ ऑफ जंक फूड, बिकॉज़ ऑफ अदर फैक्टर्स, ब्रेस्ट कैंसर बहुत जल्दी हो रहा है। ब्रेस्ट कैंसर डिटेक्ट करने के सिर्फ दो ही तरीके हैं। एक कि आप ब्रेस्ट सेल्फ अवेयर हो और आप पीरियड्स के फिफ्थ डे पर खुद से ब्रेस्ट को एग्जाम करें। एव्री मंथ। बिकॉज़ इफ यू डू एव्री मंथ, यू नो व्हाट इज़ दी कंसिस्टेंसी ऑफ़ योर ब्रेस्ट, व्हाट लाइज़ इनसाइड, हाउ इट फील्स। एंड इफ नेक्स्ट मंथ और आफ्टर नेक्स्ट मंथ, यू फील समथिंग इज़ नॉट राइट। समथिंग इज़ ऑफ। इट वाज़ नॉट देयर
(1:17:46) लास्ट मंथ। यू वुड डायरेक्टली कम टू द डॉक्टर। एंड मोस्ट ऑफ़ द टाइम 90% ऑफ़ टाइम पेशेंट ही आता है बताके कि आई एम फीलिंग समथिंग फनी इन माई ब्रेस्ट। प्लीज एग्जामिन एंड दैट्स हाउ वी आर एबल टू डायग्नोस। अदरवाइज़ बहुत लेट हो चुका होता है। सो, ब्रेस्ट सेल्फ अवेयरनेस एंड एग्जामिनेशन एव्री मंथ। ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड एव्री ईयर बिफोर द एज ऑफ़ 40 ओके आफ्टर द एज ऑफ़ 40 इज़ मेमोग्राम एव्री ईयर इफ यू हैव अ फैमिली हिस्ट्री ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर मेमोग्राम एव्री ईयर इफ यू डू नॉट हैव अ फैमिली हिस्ट्री ऑफ़ ब्रेस्ट कैंसर आफ्टर एव्री थ्री इयर्स आल्सो गुड
(1:18:23) पेप्सियर एज़ सून ऐज़ यू आर सेक्सुअली एक्टिव। सो मर्स और यंग गर्ल्स आई वुड से हियर शुड लिसन हियर इफ यू आर सेक्सुअली एक्टिव एंड इवन इफ यू आर नॉट टेलिंग योर मदर एंड मोस्ट ऑफ़ द टाइम अ 17 ईयर ओल्ड गर्ल आई डाउट दैट वुड बी टेलिंग हर मदर बट यू शुड हैव योर ओन गायनेकोलॉजिस्ट गायनकोलॉजिस्ट नाउ अ डेज़ आर नॉन जजमेंटल डोंट वरी इफ यू वुड गो एंड यू टेल देम दैट यू आर सेक्सुअली एक्टिव दे वुड डू पैप्सियर फॉर यू बिकॉज़ एज़ सून ऐज़ समबडी इज़ सेक्सुअली एक्टिव यू शुड गेट पैप्सम्मियर बिकॉज़ अगेन आई एम टेलिंग यू दिस सेक्सुअली ट्रांसमिटेड वायरस एचपीवी अगर एक बार
(1:19:04) इनफेक्ट कर देता है तो योर चांसेस ऑफ़ सर्वाइकल कैंसर इंक्रीसेस इन फ्यूचर व्हिच इज़ नॉट अ गुड थिंग टू हैव एट यंगर एज अ एचपीवी का वैक्सीनेशन लगवाइए। नहीं लगवा पाते हैं तो भी कोई बात नहीं है। सेक्सुअली एक्टिव हैं तो हर साल पैप्स कराइए। तो ये हर साल या हर दो साल या तीन साल हर साल पैथ्स में और हर साल अगर आपको एचपीवी का वैक्सीनेशन लग गया है तो हर तीन साल पर और जो आखिरी है कि अल्ट्रासाउंड करवाना है यूट्रस ओवरीज पेस का हर साल व्हाई व्हाई हर साल क्योंकि ये बीमारियां नहीं थी पहले एंडोमेट्रियोसिस भी नहीं थी फाइब्रॉइड्स भी इतने नहीं होते थे तो अगर हम हर साल
(1:19:43) करा लेते हैं तो हम कोई भी चीज को जल्दी डायग्नोस कर पाएंगे डॉक्टर कालरा आज हमने पीरियड्स को लेकर, मेंस्ट्रुअल साइकिल को लेकर, फर्टिलिटी को लेकर बहुत सारी बातें की है। एंड मोस्ट ऑफ इट इज़ आई ओपनिंग। जब यह कॉन्वर्सेशंस एक बहुत क्रेडिबल सोर्स से आती हैं तो और ज्यादा इजी हो जाता है हमारे लिए उनको अब्सॉर्ब करना और उनके जो ट्रुथ है उसको एक्सेप्ट करना। क्योंकि जैसा आपने कहा हम आमतौर पर काफी सारी बातें ना ब्रश अंडर द कारपेट कर देते हैं अपने घरों में कि यह तो नॉर्मल है और बहुत कुछ हमने ऐसा नॉर्मलाइज कर दिया है स्पेशली अराउंड वीमेन हेल्थ एंड हाइजीन जो
(1:20:17) जिसके बारे में शायद और बात होनी चाहिए। सो आई वुड लाइक टू जस्ट थैंक यू फॉर टेकिंग टाइम आउट एंड शेयरिंग ऑल ऑफ़ दिस विज़डम एंड नॉलेज विद अस। देयर इज़ अ लॉट दैट आई वांट टू टॉक इवन नाउ एंड आस्क आस्क मोर क्वेश्चंस। बट आई थिंक वी विल हैव अनदर कॉन्वर्सेशन फॉर दैट। फॉर नाउ आई जस्ट लाइक टू थैंक यू फॉर योर टाइम। इट वास सच अ प्लेजर टॉकिंग टू यू। थैंक यू वेरी मच। मुझे भी बहुत अच्छा लगा बात करके और यह तो खैर मेरा फेवरेट टॉपिक है ही। और मैं भी आई कैन गो ऑन एंड ऑन ऑन दिस एंड इट्स ऑलवेज गुड टू शेयर योर स्किल एंड विज़डम एंड ah द मेडिकल नॉलेज। थैंक यू।
(1:20:58) थैंक यू फॉर वाचिंग टुडेज एपिसोड। आई एम श्योर दिस एपिसोड हैज़ हेल्प्ड यू, हैज़ एजुकेटेड यू एंड हैज़ मेड यू मोर एम्पैथेटिक टुवर्ड्स वीमेन बॉडीज। एंड यह कन्वर्सेशन को जरूर अपने फ्रेंड्स और फैमिली के साथ शेयर कीजिए। WhatsApp ग्रुप पर शेयर कीजिए। अपने स्टेटस में शेयर कीजिए ताकि यह इतनी इंपॉर्टेंट कॉन्वर्सेशन बहुत सारे लोगों तक पहुंच सके। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस इन दिस जर्नी। अह इफ यू लाइक द वर्क दैट वी आर डूइंग डू सब्सक्राइब टू द चैनल एंड प्रेस द बेल आइकॉन ताकि हर हफ्ते हमारे नोटिफिकेशंस हमारे पॉडकास्ट के बारे में आपको
(1:21:31) इंफॉर्मेशन आती रहे। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस सो फार। आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन। नमस्ते।

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