This Episode Will Make You Rethink What Love Actually Is | Abhash Jha @RhymeAttacksAJ | TJW 160
Author Name:Shobha Rana
Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@iamshobharana
Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=T_aWtKcIgwc
Transcript:
(00:00) मूव ऑन कर पाया हूं, नहीं कर पाया हूं। बट मेरे को ना यह एक्स वर्ड नहीं अच्छा लगता। [संगीत] थोड़े टाइम के बाद शी जस्ट कट ऑफ। उसके एक साल के बाद मुझे पता चला उसकी [संगीत] कोई शादीवादी नहीं हो रही है। शी इज इन अ रिलेशनशिप विद हर मेल फ्रेंड। लड़की को कब पता चलेगा कि लड़का मेरे लिए अब सीरियस है। चार महीने तक उसको खुद को टच मत करना दो। और फिर देखो घस्टिंग मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा बुरी चीज है। अगर तुम बता के जा सकते हो तुम्हें जाना है तो। और ऐसा भी कहते हैं कि पहले प्यार के बाद मतलब अगर पहला प्यार ही आपका इट्स बेस्ट फीलिंग
(00:32) वाला हो गया तो आगे आप जितना भी करोगे तो आगे आपके जितने भी ब्रेकअप्स भी होंगे तो आपको याद वो पहला प्यार ही आएगा। मैं तुम्हें मिस कर रहा होगा पर बताऊंगा नहीं। फोन मेरे हाथ में [संगीत] होगा पर उठाऊंगा नहीं। मैं नहीं कहूंगा तुम्हें कि मैं तुम्हें पसंद करने लगा हूं। उसकी जगह यह पूछूंगा कि मोमोज खाने चलें? मेरे बात करने का मन होगा मैं फिर भी गुड नाइट बोल दूंगा। और उम्मीद करूंगा कि तुम कुछ ऐसा बोलो कि बात हो सके। अगर मैं आपको इरिटेट कर रहा हूं, अगर मैं आपको रोस्ट कर रहा हूं तो ये मेरी लव लैंग्वेज है। एक बहुत पॉपुलर हिंदी सेइंग है कि एक मयान
(01:01) में दो तलवारें नहीं रह सकती। [संगीत] एक लड़के का अपने फादर के साथ रिलेशनशिप अच्छा क्यों नहीं होता है? अभी मेरा ब्रेकअप हुआ और मैं अभी डेटिंग एप्प पे गया हूं [संगीत] जस्ट फॉर यू नो सिचुएशन। एक लड़का और लड़की कहां मिलेंगे अगर डेटिंग एप्स पे नहीं मिलेंगे तो। मैं ना अपनी जिंदगी में किसी को अलऊ ही नहीं कर रहा था कि कोई आए और ऐसा हो मुझे मतलब फिर से मतलब ऐसा होता है ना कि प्यार से विश्वास ही उठ गया। प्यार ही नहीं करना मुझे यह वो बट मुझे प्यार बहुत अच्छा लगता है। वो फीलिंग बहुत अच्छी लगती है। तो मुझे नहीं पता कि डेटिंग ऐप पे मिलेगा कि
(01:31) रियल लाइफ में मिलेगा कि इंटरनेट पे मिलेगा। बस मिल जाएगा वो पता नहीं डेस्टिनी कुछ है। चार लड़के बैठे होंगे ना तो हम वो वाली [संगीत] ऐसे डीप कन्वर्सेशंस अवॉइड करते हैं। हम हर चीजों को ना ऐसे जोक [संगीत] में कन्वर्ट करने की कोशिश करते हैं। इंसान को इंसान चाहिए। चाहे आप कितना भी ऐसे बना लो ना कि अकेले रहना सेल्फ लव और यह वो अकेले रहना से यह हो सकता है। बट आपको एक इंसान [संगीत] चाहिए होता है कि [संगीत] नमस्ते। वेलकम टू द जर्नी विद इन पॉडकास्ट वि मी शोभा राणा। मैं एक इमोशनल इंटेलिजेंस और माइंडसेट कोच हूं और साथ ही
(02:17) इस पॉडकास्ट की होस्ट और क्रिएटर भी हूं। द जर्नी विद इन पॉडकास्ट का ऐ है कि आपको आपकी बेस्ट लाइफ, आपकी ड्रीम लाइफ डिज़ करने में मदद कर सके। और यह हम करते हैं बाय टेकिंग द जर्नी विद इन। खुद की तरफ लौटाने से, खुद को बेहतर समझने से, मैं लाइफ में जो समझ रखता हूं, जो सोचता हूं, मेरे इनर वर्ल्ड में क्या चल रहा है? मैं इनसिक्योरिटीज को, फियर को, लव को किस तरह से देखता हूं, समझता हूं। मेरी लाइफ में आज अंडरस्टैंडिंग क्या है? इसकी समझ पैदा करने से ताकि हम जो लाइफ अपने लिए बनाना चाहते हैं, जिस ड्रीम को जीना चाहते हैं, वहां तक जाने का रास्ता तय हो पाए। आज इस
(02:53) एपिसोड में हमने बात की है प्यार की, लव की। आज हमने इस एपिसोड में प्यार के अलग-अलग पहलुओं को समझने की कोशिश की है। हमने ब्रेकअप की बात की है। लोनलीनेस की बात की है। वन साइडेड लव की बात की है। प्यार में आप क्या-क्या फील करते हैं? मूव ऑन कैसे करते हैं? कैसे नहीं कर पाते हैं? और यह सब बात की है फ्रॉम अ जजीस पर्सपेक्टिव। स्पेशली अ जेंजी मैन, अ जेंजी बॉय। उनके पर्सपेक्टिव से बात करने की कोशिश की है। आज हमारे साथ हैं आभास झा जो कि एक बहुत पॉपुलर स्टोरी टेलर हैं। एक पोएट भी हैं। काफी आई एम श्योर इनकी पोएट्री आपने ऑलरेडी सुनी होगी Instagram पर, YouTube
(03:33) पर और आज मैं इनसे इनकी पर्सनल जर्नी के थ्रू आप लोगों के लिए कुछ ब्रेक थ्रूज़, कुछ क्लियर डिस्टिंक्शंस क्रिएट करना चाह रही हूं अबाउट लव, हार्ट ब्रेक्स, लोनलीनेस एंड मोर। सो डू वाच इट टिल दी एंड। आई एम श्योर इस कन्वर्सेशन से आप बहुत कुछ सीख पाओगे। तो चलिए मिलते हैं आभास झा से ऑन द जर्नी विद इन पॉडकास्ट। [संगीत] हाय आभाश। कैसे हो आप? मैं बढ़िया हूं। आप बताओ। आपको यहां आके कैसा लग रहा है? पहले तो थैंक्स आपने मुझे इनवाइट किया और
(04:19) जब मुझे पता चला कि मुझे गुड़गांव आना है तो एकदम वो हिट नहीं हो जाता वो नस्टाल्जिया वाली चीज कि गुड़गांव में पहले बहुत आया करता था पहले मतलब पहले मतलब 2022 में मतलब आज से तीन साल पहले मैं बहुत आया करता था मतलब मैं नोएडा से आता हूं वैसे मैं नोएडा में रहता हूं बट गुड़गांव तो मतलब ऐसे था मेरी दूसरी सिटी है कि हफ्ते में चार दिन तो मैं गुड़गांव में ही पड़ा रहता था ऐसा मान लो। अ और अब मैं डेढ़ साल के बाद आ रहा हूं गुड़गांव में। तो एकदम ही ना वो होता नहीं है सारे रास्ते एकदम रिवाइज हो रहे हैं तुमको। तुम मतलब तुम्हें पता चल रहा है कि इन इन
(04:58) रास्तों पे तुम चले हो और तुमने जिया है उन रास्तों को तो हां मतलब जो मेरी गर्लफ्रेंड थी शी वास फ्रॉम गुड़गांव और नोएडा से गुड़गांव आने में 2 घंटे लग जाते हैं और मुझसे जब मेरे घर पे पूछते थे ना कि यार तेरे को मतलब तू ऐसे रोज-रोज़ ट्रैवल कैसे कर लेता है गुड़गांव मतलब तेरे को कुछ वो नहीं नहीं होता कि मतलब 2 घंटे आना 2 घंटे जाना इतना क्या तो उस टाइम पता ही नहीं चलता था कि गुड़गांव इतना मतलब इतना दूर है नोएडा से और आज जब मैं आया ना तो आज एक-एक सेकंड पता चला है कि यार अभी तक पहुंच क्यों नहीं रहा हूं पहुंच क्यों नहीं रहा हूं गुड़गांव तो है
(05:41) कुछ मतलब बहुत ब्यूटीफुल रिलेशनशिप था मतलब ऐसा नहीं था ज्यादा लंबा चला हो ज्यादा लंबा हो 2 साल का रिलेशनशिप था बट ऐसा नहीं होता कि 2 साल में ही आपने 10 साल 20 साल ऐसे जी ले हूं। इतनी मेमोरीज, इतनी गुड मेमोरीज। तो मैं तो हमेशा कहता हूं कि मतलब पता नहीं मतलब मैं तो अभी शायद मूव ऑन कर पाया हूं नहीं कर पाया हूं। बट मेरे को ना ये एक्स वर्ड नहीं अच्छा लगता कि एक्स कहना। तो इसलिए मैं यही कहता हूं कि मेरी गर्लफ्रेंड थी। मैं ये नहीं कहता माय एक्स सॉरी ये वो ऐसा कुछ। तो क्योंकि इतनी अच्छी मेमोरीज हैं। अब और सबसे फनी चीज है कि मेरा रिलेशनशिप हमारा रिलेशनशिप
(06:26) किसी एकदम हाई नोट पे छूटा है। मतलब आप समझ सकते हो कि आज हमारी बात हुई है। आई लव यू। आई लव यू टू। कल बात बंद। तो मतलब एक स्लो डेथ जो होती है रिलेशनशिप की वो नहीं था। ऑल ऑफ़ अ सडन। नहीं हां ऑल ऑफ़ सर्टन यस कट ऑफ और और मेरे अंदर आज भी वो सवाल है कि मतलब वो बता के जा सकती थी हमारी इतनी तो थी अंडरस्टैंडिंग और इतना तो हम थे तो वो बता के जा सकती थी। तो अभी भी ना बस वो वो एक सवाल रह गया है। हां मतलब मुझे अब अगर वह वापस आ जाती है तो मैं वापस नहीं जाऊंगा उसके पास। क्योंकि जब उसके पास मौका था मेरे पास रहने का तो वो चली गई और अगर वो
(07:10) वापस आ भी जाती है अभी तो मैं नहीं जाऊंगा उसके पास वापस उसके साथ ऐसे रिलेशन में या उसके उससे कनेक्शन नहीं चाहिए मुझे बट बस मुझे एक चीज रह गई है कि एक चीज चाहिए कि बस एक बार बात कर ले क्या हुआ था बता दे मतलब यू आर स्टिल लुकिंग फॉर दैट क्लोज़र हां कह सकते हैं क्योंकि मतलब मुझे आज भी विश्वास नहीं होता कि उसने ऐसा किया है क्योंकि सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा था हमारी बाद मे बी शादी हो जाती है हमारी वो मेरी मम्मी से मिल चुकी थी वो मेरे घर पे मिल चुकी थी फैमिली डिनर पे आ चुकी थी और मैं भी उसके घर पे मतलब उसकी बहन को जानता था
(07:48) और हम साथ में मतलब बहुत बढ़िया सा ऐसा चल रहा था और सडनली ऐसा क्या हुआ एकदम कट ऑफ और उसने मेरे को बताया कि उसके घर पे कोई ढूंढ रहे हैं लड़का वड़का मैंने कहा ठीक है ये तो चलता है ठीक है और सबसे बड़ा ट्विस्ट ये है कि हम मतलब हमारी कास्ट भी सेम थी तो हमारा यह भी कोई इशू नहीं आने वाला था कि हमारी कास्ट इशू और ये वो तो उसने बताया था कि उसके घर पे लड़कावड़का ढूंढ रहा है तो उसकी कुछ ऐसी चल रही है कुछ बीटी वगैरह इस इस चीज की तो मैंने कहा हां ठीक है सॉर्ट हो जाएगा कर लेंगे बात ये वो वगैरह-वगैरह थोड़े टाइम के बाद शी जस्ट कट
(08:25) ऑफ और उसके एक साल के बाद मुझे पता चला दैट उसकी कोई शादीवादी नहीं हो रही है शी इज इन अ रिलेशनशिप विद हर मेल फ्रेंड मतलब और मैं ऐसा था रिलेशनशिप में कि मुझे पूरा ट्रस्ट है तुम्हारे ऊपर अ कि तुम तुम्हें जहां जाना है जाओ तुम्हें जो करना है करो मुझे पता है कि यू आर नॉट रोंग और तुम कुछ करोगे भी नहीं बट एक लड़का था जैसे उसका सात लोगों का ग्रुप था बट एक लड़का जो था वो कांस्टेंट ही रहता था उसके साथ तो मुझे थोड़ा-थोड़ा कभी लगता था कि यह ज्यादा ही है बट ठीक है क्योंकि मुझे उस पे ट्रस्ट था तो और फिर बाद में एक साल के बाद मुझे पता चला कि वो उसी के
(09:07) साथ रिलेशनशिप में है। एंड जिस भी लड़के का उसने नाम लिया था कि मेरी इसके साथ ऐसे शादी करवाना करवाने की बात कर रहे हैं घर वाले। वो लड़का एक्सिस्ट ही नहीं करता। तो पर आपको कैसे पता चला जब आपकी कोई बात ही नहीं हुई। कोई क्लोज़र नहीं हुआ। तो हाउ मैंने मैंने ये खुद से डिकोड किया है। अभी मुझे भी बताइए पूरी बात है कि नहीं? बट क्योंकि उसने बोला था कि मेरी शादी हो जाएगी एक-दो साल में ऐसा वगैरह-वगैरह फैमिली में यह लड़का ढूंढा है एंड यह वो लड़का मुझे कहीं मिला ही नहीं। मतलब क्योंकि आप डिटेक्टिव आप डिटेक्टिव बन जाते हो क्योंकि प्यार में है।
(09:45) मैं अभी भी कभी कबभार स्टॉक कर लेता हूं क्योंकि उसकी पब्लिक प्रोफाइल ही है तो दिख जाती है चीजें। तो तो आपको ऐसा नहीं लग रहा है कि अगर आज वो एक ये एपिसोड देखेंगी तो इतनी सारी आप बात कर रहे हो उनके बारे में और यू आर टॉकिंग अबाउट द क्लोज़र। यू आर टॉकिंग अबाउट बीइंग चीटेड इन अ वे कि जो कहा गया था वैसा नहीं हुआ। चाहे वो चीटिंग नहीं हुई किसी और पार्टनर के साथ या वो सब आप नहीं कह रहे हो। बट आप ये कह रहे हो कि इन अ वे यू फ्ट बिट्रेड। इन अ वे यू फेल्ट चीटेड कि मुझे जो कहा गया था जिस कहानी की वजह से हम साथ नहीं रहे। वो कहानी थी नहीं।
(10:18) रीज़न कुछ और ही और ही पता चला मुझे। और यह पता मुझे कैसे चला कि वैलेंटाइंस डे पे अभी जो वैलेंटाइंस डे गया है उस पे उसने एक स्टोरी डाली हुई थी उसी लड़के के साथ और उस पे केक था और केक पे आई लव यू लिखा हुआ था तो उससे मुझे पता चल गया अच्छा शी इज विद हिम नाउ तो जिस भी लड़के के बारे में उसने कहा था कि फैमिली ने ढूंढा है तो वो बात तो उसकी झूठी हो ही गई एंड शी इज़ विद हिम नाउ तो हां मतलब मुझे नहीं पता शायद शायद मेरे टाइम पे ही शायद उनका कुछ चल रहा था। आई डोंट नो। मैं कुछ ऐसे ऐसे इल्जाम वगैरह नहीं लगा रहा हूं। बट हां मुझे मतलब बता सकती थी वो क्योंकि
(11:04) घोस्टिंग मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा बुरी चीज है। अगर तुम बता के जा सकते हो तुम्हें जाना है तो। ऐसे एकदम से घोस्ट कर देना। आपको क्यों लगता है कि आजकल लोग एक दूसरे को घोस्ट कर देते हैं रिलेशनशिप में। इनफैक्ट जेंजी के साथ ये घोस्टिंग वर्ड आया है। इससे पहले तो हमने सुना भी नहीं था। लाइक अगर आप प्रीवियस जनरेशंस में देखो बहुत ब्रेकअप्स वहां भी होते थे। रिश्ते नहीं चलते थे। लेकिन घोस्ट कर देना बहुत कॉमन प्रैक्टिस नहीं थी। व्हाई इज जे घोस्टिंग देयर पार्टनर्स? अभी कह रहे हो ना घोस्ट घोस्ट वर्ड मुझे भी नहीं पता था कि इसका कोई टर्म होता है।
(11:38) तो जब मैं ऐसे आप आंसर्स ढूंढते हो जब आपको सामने वाले से आंसर नहीं मिलेंगे। आप कहीं भी आंसर्स ढूंढोगे। तो मैं इंटरनेट पे गया और मैंने ऐसी प्रॉब्लम वगैरह टाइप करी तो मुझे पता चला इसका एक टर्म है होस्टिंग और ये बहुत कॉमन है। लोग कर देते हैं कट ऑफ। क्यों करते हैं? लेकिन आपकी क्या अंडरस्टैंडिंग है इसके बारे में? मुझे लगता है क्योंकि वो फेस नहीं करना चाहते रियलिटी को कि सबसे इजी वे है कि तुम भाग जाओ उस चीज से। फेस ही मत करो उस चीज को। और तुम और मतलब तुम सोचते भी नहीं हो दूसरे बंदे का कि इसका क्या होगा, क्या नहीं होगा। तुम
(12:12) बस क्योंकि तुम खुद बस ठीक रहना चाहते हो। तुम खुद एंजॉय करना चाहते हो। दूसरा बंदा जाए भाड़ में। ठीक है? तुम मुझे लगता है बस यही है कि रियलिटी तो आपको लगता है कि एथिकली मोरली होस्टिंग गलत है। हां ऑब्वियसली जैसे आप कह रहे हो कि बता के जाना चाहिए अगर जा भी रहे हो तो। हां अगर तुम एक प्रॉपर क्लोजर कन्वर्सेशन इंपॉर्टेंट है। दैट्स व्हाट यू फील। यस। क्योंकि तुमने किसी के साथ एक बहुत क्वालिटी टाइम स्पेंड किया है और मतलब ऐसा है कि दिनरा तुम्हारी उससे बातें हो रही है। तुम मिल रहे हो उससे और तुम बहुत केयर करते हो और यह दिख रहा है कि तुम हां सच
(12:47) में केयर करते हो उसकी। तो अगर केयर करते हो तो फिर वो शो भी करो। मतलब जाने से पहले इतनी करिसी होनी चाहिए कि आजकल ये भी बहुत कॉमन हो गया है कि आई डोंट फील अट्रैक्टेड टुवर्ड्स यू एनीमोर। मुझे नहीं समझ में आता कि पहले ऐसा क्या होता था और अब ऐसा क्या है जो अब अट्रैक्ट व्हाट इज अट्रैक्शन फॉर यू? व्हाट इज अट्रैक्शन फॉर जेंजी पर से अगर मैं बात करूं आजकल बहुत सारे यंगस्टर्स अपने फिजिकल लुक को लेके बहुत कंसर्नड हैं। लोग अपने को ग्रूम करना समझ गए हैं कैसे करते हैं। अच्छे-अच्छे कपड़े पहनना अपने को अप टू डेट रखना स्टाइलिश होना अपनी वोकैबलरी
(13:23) अपना पूरा मतलब जो जो हम ग्रूमिंग जिसे कह सकते हैं उसमें बहुत ज्यादा फोकस है। तो फिर आपको क्या लगता है कि अट्रैक्शन फिर भी कम क्यों हो जाता है दो लोगों के बीच में? क्योंकि कुछ रियल नहीं है ना। हम तब तक एक इंसान को चज़ करते हैं जब तक वो इनकंप्लीट है। जब तक हमें उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है या फिर जब तक हमें वो मिला नहीं है। तो जैसे ही हमें उसके बारे में पता चल जाता है ना तो हमारा इंटरेस्ट खत्म हो जाता है। तो अट्रैक्शन इज एंग्जायटी। जब आप किसी पर्सन से मिलोगे और आप एशियस हो मतलब क्योंकि वह आपको अच्छा लगता है। आप लव एट
(14:04) फर्स्ट साइड कुछ नहीं होता। अट्रैक्शन एट फर्स्ट साइड ही होता है। उसी के बाद लव आता है। तो आप जब किसी से मिलते हो तो आपको अट्रैक्शन ही होता है सबसे पहले। आप किसी भी चीज से अट्रैक्ट हो रहे हो। मे बी लुक्स, मे बी बिहेवियर, मे बी जो कुछ भी तो अगर आप एशियस हो उस उस पर्सन के सामने दैट मींस दैट इज़ अट्रैक्शन। और अगर वही ए्जायटी आपकी पीस में बदल गई तो इसका मतलब समझना कि आप धीरे-धीरे प्यार में पड़ रहे हो और अगर वो पीस में नहीं बदला और अट्रैक्शन ज्यादा दिनों तक नहीं चलता। 4 महीने तक अट्रैक्शन चलेगा और उसके बाद खत्म। क्योंकि इसलिए बोलते भी
(14:44) हैं कि अगर कुछ आपको चलाना है ना तो उसको इनकंप्लीट छोड़ते जाओ। पूरा मत मिलो। पूरी बातें मत करो। तो अगर कुछ हमें पूरा मिल जाएगा जैसे वो कहते हैं ना कि चांद मिल भी जाए चांद मिल जाए तो चांद कहां लगता है तो वही वाली बात है कि जब हमें पूरा मिल जाता है ना तो अट्रैक्शन खत्म हो जाता है। यू नो आपकी पोएट्री में इतना ज्यादा आप पेन को ले आते हो। यू राइट अबाउट पेन, यू राइट अबाउट अनरिटर्न लव। यू राइट अबाउट वन साइडेड रिलेशनशिप। आप हार्ट ब्रेक के बारे में लिखते हो। तो जो भी आप मुझे बात कर रहे हो एक तरह से एक एक फोरग्राउंड बैकग्राउंड बन गया है कि हम
(15:22) किस बारे में इस एपिसोड में बात करने वाले हैं। यू नो सॉरी द जर्नी विद इन पे हम जो भी कन्वर्सेशन करते हैं इस पॉडकास्ट पे हर कॉन्वर्सेशन मेरा एक बहुत ही कॉन्शियस इंटेंशन होता है कि वो जो भी सुन रहा है उसके लिए हीलिंग हो। सबसे बेसिक रिक्वायरमेंट उसकी यह है एंड वह ट्रांसफॉर्मेशनल हो कि कोई अगर अपने आप को आपकी इस कहानी में हमारी इस कन्वर्सेशन में देख रहा है तो वह अपनी जिंदगी में कैसे बदलाव ला सकते हैं? क्या बदलाव ला सकते हैं? वो अपनी बेस्ट लाइफ कैसे क्रिएट कर सकते हैं। राइट? सो, यह हमारे पॉडकास्ट का एक ऐ है। वो खुद को
(15:56) कैसे बेहतर जान सकते हैं? द जर्नी विद इन कैसे कर सकते हैं? और जब विदिन को समझेंगे तो फिर विदाउट जो बाहर की दुनिया है आउटवर्डली चीजों में अपने आपको बेस्ट कैसे बना सकें या कैसे अपनी बेस्ट लाइफ को डिजाइन कर सकें तो आभाश आपने जो भी पिछले पांच सात मिनटों में शेयर किया अपने रिलेशनशिप के बारे में अपने ब्रेकअप के बारे में बहुत सारी चीजें आपने वहां पे कही आपने अट्रैक्शन की बात की आपने क्लोज़र की बात की आपने पेन की बात की आपने गोस्टिंग की बात की कंफ्रंट ना करना कनंफेस ना करना बहुत सारे जिन जिन टर्म्स की आपने बात की बड़े कॉमन
(16:29) हो गए हैं आज के डेट में। यह बड़े कॉमन टर्मिनोलॉजीस हो गए हैं। सो, थोड़ा शुरुआत से शुरू करते हैं। लेट्स ट्राई टू अंडरस्टैंड द होल आइडिया ऑफ़ लव वि ज क्योंकि आप एक जजी हो। तो मैं थोड़ा जजी के स्टंट पॉइंट से लव को समझना चाहती हूं। बहुत सारे हमारे ऑडियंस हैं जो इस तरह के क्वेश्चंस भी लिखते हैं और जो अपनी लाइफ में कहीं ना कहीं जिस प्रॉब्लम्स के थ्रू आप गुजरे हो या गुजर रहे हो उनके थ्रू वो भी गुजर रहे हैं। बहुत सारे लोग हैं जो क्लोज़र ढूंढ रहे हैं जैसे आप ढूंढ रहे हो। तो अगर आपको अब तक क्लोज़र नहीं मिला है और जिसकी उम्मीद भी
(17:03) बहुत कम है तो फिर हाउ डू यू थिंक यू विल मेक योरसेल्फ अंडरस्टैंड कि कभी-कभी क्लोज़र ना मिलना ही एक क्लोज़र होता है या फिर क्लोज़र को रिीडफाइन कैसे करोगे आप अपने लिए? क्योंकि कुछ ना कुछ तो अपने आपको समझा के बता के निकलना पड़ेगा इस मोड से। यू कांट ऑलवेज बी स्टक कि मुझे क्लोज़र नहीं मिला है। तो मैं मूव ऑन नहीं हो पा रहा हूं। है ना? तो व्हाट डू यू थिंक अबाउट इट? क्योंकि आप एक पोएट हो। आप एक राइटर हो आप बहुत सोचते हो चीजों के बारे में तो मुझे इस बारे में थोड़ा सा आई वांट टू अंडरस्टैंड योर माइंड। हां तो जब मेरे साथ ऐसा हुआ तो उसके
(17:40) तीन-चार महीने तक तो मैं एकदम ही पागल ही हो गया था मतलब आंसर्स के लिए और इधर-उधर और मुझे ऐसा लगता था कि रॉकस्टार मूवी आई थी ना जब उसमें बोलता है कि जब दर्द होगा तो अच्छा लिखा जाएगा। तो मुझे ऐसा लगता था कि जब पेन होता है ना तो बहुत मैं अच्छा लिख पाऊंगा। बट उस टाइम में मैंने यह डिस्कवर किया कि जब मेरे को वो पेन था ना बहुत ज्यादा तब मेरे वर्ड्स ही नहीं निकल रहे थे। मैं कुछ लिख ही नहीं पा रहा था। तो तीन-चार महीने तक मैंने कुछ भी नहीं लिखा। वो पता नहीं कुछ तो कुछ तो ऐसा हो गया था कि बस मैं बैठा रहता था और कहीं जाता भी नहीं
(18:23) था। कुछ भी नहीं। बस लेकिन आप शोज़ कर रहे थे उस टाइम पे। अपने कमरे में मैं शोज़ मतलब कम कर रहा था लेकिन कर रहा था। कैसे कर पा रहे थे आप? खुद को खुद को बस उठाता था। खुद को इकट्ठा करता था कि नहीं ये तो ये ये जरूरी है क्योंकि ये काम है। यह काम है और मेरा ऐसा है कि वो शो मस्ट गो ऑन वाला कि यह तो करना ही है। बट बैक ऑफ़ द माइंड रहता है हमेशा। जब भी मैं जैसे मैं शो भी कर रहा हूं, तो शो में भी अह उसकी ही बात हो जाती है। उसकी ही बात कर रहा हूं। तो वह एकदम बैक ऑफ़ द माइंड वह चला जाता। तो मैं ऐसे ज़ोन में भी चला जाता था। तो वो ऑडियंस को पता है कि ये चला गया
(18:58) कहीं। तो 3-4 महीने तक तो बहुत मुश्किल था। बट फिर धीरे-धीरे धीरे-धीरे होता है ना कि वक्त के साथ ठीक होने लगती हैं चीजें। तो धीरे-धीरे मैं थोड़ा सा एक्सेप्ट करने लग गया। बट ऐसा था कि मैं उसको स्टॉक करता था बहुत ज्यादा। तो हो नहीं पा रहा था कुछ। और मैं उससे ना बात करने की कोशिश करता था कि कहीं से बात हो जाए। तो एक बार मेरा एक शो था तो और और मेरे साथ ऐसा था कि मेरे हर शो पे ना वो मेरे साथ जाती थी। तो मैं अपनी फैमिली को नहीं लेके जाता शो पे। मैं किसी फ्रेंड को नहीं लेके जाता अपने शो पे क्योंकि मेरे को ऐसा लगता है कि थोड़ी
(19:35) थोड़ी मेरे को ऐसे होती है थोड़ी शर्म सी आती है। परफेंस प्रेशर मेरे साथ भी होता है। ये वाली होती है ना कि मुझे हमेशा डर लगता है कि ऑडियंस में अगर मेरे पेरेंट्स या मेरा कोई भाई बहन या मेरे कोई जानने वाले हैं तो मुझे बहुत बहुत शर्म और बहुत ज्यादा नर्वसनेस एंजाइटटी होती है। आई कैन अंडरस्टैंड दैट। बट मैं उसको लेके जाता था शो पे और वो मेरे को फीडबैक्स देती थी हर के बाद कि इसमें क्या था? इसमें क्या था? तो एक जब मैं शो करने वाला था ब्रेकअप के बाद पहला शो कि इस बार वो नहीं होगी मेरे साथ इस शो पे तो मैंने ना उसको मैं हर जगह से
(20:07) ब्लॉक्ड था तो मैंने उसको मेल डाला था कि ये ये मेरा शो है यहां पे आना हो तो आ जाना और ऐसे करके मैंने मेल डाला था और जब मैं स्टेज पे खड़ा था तो मुझे लगा कि वो है शायद वहां पर ऐसे कहीं बैठी हुई है क्योंकि जैसे क्योंकि ऑडियंस पे ऐसे पूरा डार्क डार्क सा था तो मुझे लगा कि वो बैठी हुई है तो तो मैं खुश हो गया तो मेरा शो अच्छा गया वो बट फिर बाद में देखा मैंने तो वो नहीं थी वहां पे और मैंने उसको बुलाया शो पे और वो नहीं आई तो उसके बाद मैंने एक्सेप्ट कर लिया कि वो वो अब नहीं आएगी कभी कभी बात नहीं हो पाएगी उससे तो धीरे-धीरे फिर मैंने
(20:45) एक्सेप्ट करना शुरू कर दिया और बट मुझे लगता है पूरी तरह एक्सेप्ट नहीं हो पाता कभी भी क्योंकि पहला प्यार तो पहला ही होता है और ऐसा भी कहते हैं कि आप पहले प्यार के बाद मतलब अगर पहला प्यार ही आपका इससे बेस्ट बेस्ट फीलिंग वाला हो गया तो आगे आप जितना भी करोगे तो आगे आपके जितने भी ब्रेकअप्स भी होंगे तो आपको याद वो पहला प्यार ही आएगा आप बिलीव करते हो इसमें शायद हां क्योंकि मुझे अभी तक फील नहीं हुआ है वो बट ये होता है ना कि पहले प्यार में आप पागल होते हो मेरे को तुम पे पूरा ट्रस्ट है बट अब मेरा ट्रस्ट ब्रेक हो गया। तो अब जब मैं नेक्स्ट रिलेशनशिप
(21:28) के बारे में सोचता हूं आई एम सीइंग समवन अभी ऐसे ही मतलब ऐसे सीरियस सीरियस वाला भी नहीं हुआ है कि मतलब आपको समझ आने लगा है कि सीरियस रिलेशनशिप क्या होती है? ये ये बनने कब लगता है कि यू नो रिलेशनशिप तो एक ही होती है। मुझे लगता है सीरियस नॉन सीरियस ये वर्ड्स बहुत नए-नए अब आ गए हैं। वो कमिटमेंट वाली चीज आ गई। मतलब कि मैं इतना कमिटेड नहीं हूं। मैं इतना भी सीरियस नहीं हूं। मैं उतना सीरियस नहीं हूं। यह सिचुएशन शिप है, यह नैनोशिप है। यह सारे वर्ड्स अभी आ गए हैं। बट प्यार तो प्यार होता है या होता है या नहीं होता है। और जब होता है तो आप कैसे
(22:00) उसकी हद तय करते हो कि यह सीरियस वाला है और यह नॉन सीरियस वाला है। और कैसे खुद को रोकते हो कि नहीं मुझे इतना नहीं करना है या उतना नहीं करना है। और जब आप इतने कैलकुलेटिव हो प्यार में तो क्या सच में वो प्यार भी है? कभी-कभी यू नो आई थिंक अबाउट थिंग्स लाइक दिस। तो व्हाट आर योर थॉट्स हियर? आपने अभी कहा कि मैं इतना सीरियस भी नहीं हूं और मैं लिफली आपके दोनों गर्लफ्रेंड जब ये पडकास्ट इतना सीरियस मतलब कि अभी-अभी जस्ट एंटर ही हुआ है उसमें ना कुछ ही टाइम हुआ है। तो ट्रस्ट करने में मुश्किल होती है मुझे अब। ठीक है? अब ट्रस्ट करने में मुश्किल होगा
(22:40) कि जैसे मैं पहले एकदम ऐसे कूल था तो मैं उतना कूल नहीं रह पाऊंगा। तो मुझे लगता है वो वो कहीं ना कहीं अफेक्ट करेगा और वो ऐसे एक्सेप्ट करेगी क्या मुझे तो वो वाली चीज आ जाती है बीच में क्योंकि पहले प्यार में आई वास मैडली इन लव विद हर कि तुम्हें जो करना है करो ये ऐसा वैसा और तब मतलब आप थोड़े विजिलेंट हो जाओगे अब मैं सवाल पूछूंगा अगर उनके भी कोई और क्लोज मेल फ्रेंड है तो आप सवाल पूछोगे हां अब मेरे अंदर सवाल आ जाएंगे तो और मैं ऐसा हूं नहीं बट अब वो अंदर से आ गया है क्योंकि मेरे को ना बहुत बहुत बहुत कम लोग पसंद आते हैं। तो अ और मुझे हर चीज
(23:18) देरी देरी से भी मिलती है। तो मेरा पहला रिलेशनशिप जब मैं 23 साल का था तब तब मैं आया रिलेशनशिप में। मेरे दोस्त भी बहुत देरी से बने हैं। मुझे मैंने पैसे कमाना बहुत जल्दी स्टार्ट कर दिया था। बट ऐसे ज्यादा पैसे भी मेरे को बहुत टाइम बाद ही मिले हैं। मतलब ऐसे सक्सेस वगैरह जो मुझे मुझे लगता है मुझे पहले मिल जाना चाहिए था। जिस हिसाब से मैं ग्रो कर रहा था। बट वो डिले हो गया। पता नहीं किस वजह से मुझे समझ में वो भी मुझे समझ में नहीं आया। मैं ऐसे रैपिडली ग्रो कर रहा था। एंड देन बीच में एकदम ही स्टक हो गया। वो लॉकडाउन के टाइम पे बहुत सारे
(23:51) क्रिएटर्स ने ग्रो किया और मैं स्टक हो गया था एक जगह। तो मुझे वो भी समझ में नहीं आ रहा था कि ये कि ये हो क्या रहा है। तो ऐसे ही है। तो अब मेरे को ट्रस्ट इशूज़ आ जाएंगे बस और मुझे लगता है कि वो मैं हूं नहीं। आई एम सॉरी टू इंटरप्ट। बट मैं अभी 30 सेकंड लेना चाहूंगी। आई नो कि आप कन्वर्सेशन के फ्लो को बहुत एंजॉय कर रहे थे। बट आई जस्ट वांट टू गिव अ सिंपल रिमाइंडर हियर कि अगर आपको हमारी कोशिश द जर्नी विद इन पॉडकास्ट की कन्वर्सेशंस पसंद आती हैं तो प्लीज चैनल को सपोर्ट कीजिए क्योंकि आपके सपोर्ट से हमें तो इनकरेजमेंट मिलता ही है कि हम हर हफ्ते
(24:25) आपके लिए एक नई कन्वर्सेशन एक नया पडकास्ट लेके आ सकें। साथ ही साथ YouTube के एल्गोरििदम भी कुछ इसी तरीके से काम करते हैं कि जितने लोग हमारे कंटेंट के साथ इंगेज करेंगे। फिर वह आगे और लोगों तक जा पाता है और हमें भी एक उत्साह मिलता है कि दीज़ कन्वर्सेशंस आर रियली हेल्पिंग पीपल क्योंकि वही एक रीज़न है इस पॉडकास्ट को बनाने का। जो लोग हमें सपोर्ट कर रहे हैं। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस सो फार। एंड नाउ लेट्स गेट बैक टू आवर पॉडकास्ट। हैविंग सेड सो आपकी पोएट्री मैंने बहुत सुनी है पिछले कुछ दिनों में। मैं तो इनफैक्ट सरप्राइज थी कि मैंने आपका नाम कैसे नहीं
(25:00) सुना क्योंकि पोएट्री सर्किट में जो बहुत सारे लोग हैं बहुत सारे मेरे फ्रेंड्स भी हैं। कई लोग इस पॉडकास्ट में भी एज अ गेस्ट आ चुके हैं। यू नो नायाब मेधा निधि नारवाल कोपल खन्ना जो टे पटेल की फाउंडर हैं वो भी हमारी गेस्ट रही हैं। दिव्य प्रकाश दुबे भी आए हैं पडकास्ट में। बहुत कई नाम तो मैं भूल भी रही हूं। तो बहुत सारे हमारे गेस्ट इस जंड्रा में से हैं। उन्होंने इस तरह की बातें उनके साथ भी की है। लेकिन आपसे मैं पूछना चाहती हूं कि जब आप हार्ट ब्रेक के बारे में लिखते हो तो कितना यह आपके पर्सनल स्पेस से आता है क्योंकि हार्ट ब्रेक तो आपका अभी डेढ़ साल
(25:32) पहले ही हुआ है। बट कविता तो आप बहुत सालों से लिख रहे हो। कितना एक ऑथेंटिक एक्सप्रेशन होता है? और कितना आप यह रोमांटिसाइज करते हो पेन को? क्या हम एक ऐसी जनरेशन बन गए हैं जिसको पेन को रोमांटिसाइज करना फिर उसको एक हॉबी या एक अपने क्रिएटिव पर्स्यूट के थ्रू निकालना और फिर वहां से इनकम जनरेट करना भी एक एक आउटलेट बन गया है। तो इसलिए हम पेन को ज्यादा रोमांटिसाइज करने लगे हैं। लिखने की आदत मेरी बचपन से थी। मैं मे बी सेकंड स्टैंडर्ड से लिख रहा हूं। बट अ मैंने पहले डायरी एंट्रीज लिखा करता था क्योंकि मैंने मेरी बहन को देखा था। मेरी
(26:17) दीदी को देखा था कि वो डायरी एंट्रीज लिखती है। उसके उसके दिल में जो भी हुआ है वो लिखती है। तो उसकी कॉपी करके मैं भी डायरी एंट्रीज लिखता था। बट मेरे पापा थोड़े से स्ट्रिक्ट टाइप के रहे हैं कि पढ़ाई करो और ये करो और थोड़े से वैसे तो एक दिन उन्होंने मेरी डायरी देख ली और उन्होंने देखा कि क्या टाइम वेस्ट कर रहा है वगैरह-वगैरह। तो उन्होंने मेरे सामने वो डायरी फाड़ दी और तब से मुझे ऐसा लगने लग गया बच्चा ही था तो मुझे ऐसा लगने लग गया कि यार क्या लिखना गलत होता है तो मेरे अंदर डर सा बैठ गया लिखने को लेकर तो फिर मैंने लिखना छोड़ दिया
(26:54) फिर वो बाद में स्कूल टाइम पे 11th स्टैंडर्ड में आई मेट अ गर्ल ठीक है जो जो मेरी क्रश क्रश बन गई थी मतलब मेरे को बहुत अच्छी लगती थी वो तब मैंने उसके लिए लिखना स्टार्ट किया फिर से और स्टार्टिंग में मैं वन साइडेड लव पे लिखा करता था क्योंकि मेरा वो फेस चल रहा था वन साइडेड लव वाला वो मेरे को कभी मिला नहीं उसके उससे कभी वो रेसिप्रोकेट हुआ नहीं तो वो मेरा वन साइडेड लव वाला ही रह गया तो आप मेरी अगर पुरानी उसमें जाओगे तो मैं वन साइडेड लव पे लिखता था देन वो वाली चीज खत्म हुई एंड देन आई गॉट इंटू अ रिलेशनशिप फिर हार्ट ब्रेक तो फिर वो
(27:37) हार्ट ब्रेक वाली चीज और फिर मैं ब्रेकअप्स पे ज्यादा लिखने लग गया। तो जैसे-जैसे लाइफ के फेसेस हुए ना वैसे-वैसे मैं उन फेसेस पे खुद भी ग्रो होता गया और लिखने लग गया और मैंने कभी कभी जिंदगी में नहीं सोचा था कि पोएट्री या लिखने के थ्रू पैसे कमाए जा सकते हैं। और मैंने तो कभी पैसे कमाने के लिए स्टार्ट भी नहीं किया था। आई वाज़ इन कॉलेज सेकंड ईयर। तो उसमें क्या हुआ था कि हमारी फीस भरने के ना ऐसे पापा बीमार पड़ गए थे तो फीस भरने के ऐसे पैसे वगैरह नहीं थे। तो मैं तीन-चार महीने तक घर पे बैठा रहा। एंड तब मैंने तब मैंने ऐसे ही और बहुत वो
(28:20) डिप्रेसिंग सा माहौल था क्योंकि मेरे सारे दोस्त कॉलेज वगैरह जा रहे हैं। सब ऐसे और घर पे मैं अकेला बैठा हूं। तो तब मैंने तब मेरा वो वाला फेस था कि तब मैंने उस पे लिखा कुछ जो मेरे को उस टाइम पे फील हो रहा था वो लोनलीनेस फील हो रही थी वो एक अंदर से बेचैनी सी फील हो रही थी उन सब पे लिखा देन मुझे समझ में देन मुझे लगा कि क्या इसको पोस्ट करना चाहिए तो उस टाइम पे Facebook था तो Facebook पे मैं ऐसे ही पोस्ट करता था तो उस पे लाइक्स वगैरह थोड़े से मिलने लग गए दोस्तों से ही तो मुझे लगा कि यह ठीक है इसको क्या क्योंकि उस टाइम पे Jio वगैरह आया तो मैंने सोचा
(28:56) इसको YouTube पे भी पोस्ट करके देखें क्या? मेरे को एडिटिंग वगैरह ऐसे कुछ आती नहीं थी। तो मैंने सिर्फ वॉइस ओवर एंड ब्लैक स्क्रीन और वॉइस ओवर से YouTube पे तो मेरा कोई ऐसा मोटिव नहीं था कि मैं इससे पैसे कमाऊंगा या कुछ करूंगा। मेरे को बस लिखना अच्छा लगता था। तो मैंने सिर्फ वो किया। मैंने और मुझे लगता है कि जब आप पैसे कमाने के लिए कोई कुछ स्टार्ट करते हो। ऐसा अपनी हॉबी को पैसे कमाने के लिए वो करोगे तो मेरे ख्याल से नहीं हो पाएगा। क्योंकि मेरे से ना बहुत सारे लोग अभी भी पूछते हैं कि यार YouTube चैनल स्टार्ट करना है मुझे। सबसे ज्यादा पैसा कौन सी
(29:30) वाली कैटेगरी में मिलता है? हम तो मैं उनको यही बोलता हूं यार पैसे कमाने के लिए YouTube चैनल स्टार्ट मत करो। अगर तुम्हारे पास हॉबी अगर तुम्हारी कोई हॉबी है तुम तुम बस उसको दिखाना चाहते हो लोगों को तो करो। तुम पैसे पैसे आएंगे। वो बहते आएंगे। वो सेकेंडरी चीज बन जाएगी फिर तुम्हारी। तुम बस नहीं यार मुझे लगता है टेक में ना ज्यादा पैसे मिलते हैं तो टेक चैनल शुरू कर दूंगा उसको टेक की नॉलेज भी नहीं है वो सिर्फ पैसे के लिए तो पैसे के लिए टेक चैनल बनाएगा कुकिंग चैनल बनाएगा कि इसमें ज्यादा पैसे मिल सकते हैं तो और पोएट्री वाला ना ये एंटरटेनमेंट वाला जो
(30:05) होता है इसके इसके इसका सीपीए बहुत कम होता है मतलब इस पे आपको ज्यादा पैसे नहीं मिलते हैं वो क्लिक्स के तो तो YouTube मोनेटाइजेशन से ज्यादा नहीं कमाते हो आप बट मेरी पहली ऐसे पेमेंट आई थी जब YouTube से अ तो मेरे को ऐसे ही लगा कि बोनस है ये और मैं तो बस लिख ही रहा था और मेरे अंदर इतनी एनर्जी है कि मैं मतलब लिख सकता हूं क्योंकि मेरे को वही आता है। तो बेसिकली आप खुद को एक्सप्रेस कर रहे थे अपनी कविताएं कविताओं के थ्रू जो आप फील कर रहे थे उस दौर में अपनी जिंदगी के तो जब लोनलीनेस ने आपको घेरा तो लोनलीनेस पे कविताएं लिख ली। जब ब्रेकअप हुआ तो
(30:42) ब्रेकअप पे लिख ली। जब प्यार हुआ तो प्यार पे लिख ली। मुझे वन साइडेड था तो वन साइडेड पे लिख ली। और मुझे लगता है मेरी सबसे बड़ी थेरेपी ही ये है कि लिखना क्योंकि मैं ज्यादा ऐसे एक्सप्रेसिव नहीं हूं। मैं आपसे ज्यादा बात नहीं कर पाऊंगा। आप क्यों होते हैं लड़के ऐसे? व्हाई मैन आर नॉट सो एक्सप्रेसिव। मुझे लगता है कंडीशनिंग ही ऐसी हुई है कि बहुत अलग रखा गया है। जैसे अब मैं अपने घर पे ही देख लूं तो जैसे मैं हूं और मेरी बहन है। तो मेरी बहन रो रही है तो वो ठीक है। मतलब उसको इतना कोई कुछ कहता नहीं था। उसको लोग शांत कराते थे। उसको लोग चुप कराते थे।
(31:21) अगर मैं रो रहा हूं तो मेरे को लोग डांटते थे कि यार रो क्यों रहा है और और ना ऐसे बहुत कमेंट भी पास किए जाते हैं ना कि बचपन में ही चोट लग गई तो और मतलब दर्द हो रहा है तो अरे यार दर्द मतलब क्या भाई उठो ऐसा-सा कुछ हमें लड़के को दर्द नहीं होता। मर्द को दर्द नहीं होता। लड़के हो के रो रहा है तू। हमें टफ बनाने की ही ट्रेनिंग दी गई है। तो वो वो एक्सप्रेशन ना खत्म ही हो जाता है अंदर से और ऐसा लगता है कि यार बोला और इसने मेरे को वीक समझ लिया तो क्या और मुझे लगता है कि रो लेना चाहिए भले ही तुम वैसे मैं मुझे खुद शर्म आती है ऐसे
(31:59) सबके सामने ऐसे मैं रो नहीं सकता हूं। बट अगर तुम्हें लगता है कि बहुत ऐसे हैवी हो रहा है और तुम्हें रोना आ रहा है तो रोलो छुप कर ही रो लो पर रो लेना चाहिए। लड़कों को भी कोई शर्म की बात नहीं है। और मुझे यही लगता है कि कंडीशनिंग ही ऐसी हुई है कि मेरे को ना एक चीज यहां पे बड़ा कंट्रास्ट लगता है। जेजी वर्सेस जो आपसे उम्र में बड़े लोग हैं। जेजी को पता है कि उनकी कंडीशनिंग ऐसी हुई है। जैसे आपने कंडीशनिंग वर्ड यूज़ किया कि इसलिए हम नहीं रो पाते। इसलिए मैं जो लड़के हैं वह एक्सप्रेसिव नहीं हो पाते हैं। लेकिन मैं आपको वहां पे एक थॉट देना
(32:35) चाहूंगी। जब आप किसी चीज को देख लेते हो, किसी प्रॉब्लम को आइडेंटिफाई कर लेते हो, तो उसको सॉल्व करना भी आपको समझ में आने लगता है या वह सॉल्व हो सकती है, पता होने लगता है। उसको सॉल्व करने के टूल्स आप ढूंढ सकते हो, जान सकते हो। और जब आपको रीज़न ही नहीं पता है कि वो क्या किस वजह से है तो आप उसको सॉल्व ही नहीं कर सकते हो। फिर जब आपको पता ही नहीं कि कंडीशनिंग है जो आपसे प्रीवियस जनरेशंस थी जो हमारे पेरेंट्स थे उनको ये कंडीशनिंग ही नहीं पता था कि उनको लगता था दुनिया ही ऐसी है। आज की डेट में आपको पता है कि दुनिया ऐसी नहीं है। मेरी कंडीशनिंग है। लड़कों की
(33:04) कंडीशनिंग ऐसी हो गई है कि लड़के स्ट्रांग होते हैं या होने चाहिए वो रो नहीं सकते। उनको रोना नहीं है। तो जब प्रॉब्लम को आइडेंटिफाई कर सकते हो कि ये किसी सही स्पेस से नहीं आ रहा। ये सिर्फ कंडीशनिंग की सोसाइटल प्रेशर की स्पेस से आ रहा है। यह यू नो एक सर्टेन कि लड़कों को एक इस तरह के फ्रेमवर्क में बैठना चाहिए जैसे लड़कियों के लिए भी एक एक टेंपलेट होता है कि इसमें फिट होनी चाहिए। लड़कों का ये टेंप्लेट है उसमें नहीं फिट होना चाहिए। कहां से आ रहा है? यह सिर्फ कंडीशनिंग है और कंडीशनिंग को ब्रेक किया जा सकता है। कई जगहों पे किया
(33:34) है। लड़कियों ने कितनी सारी सोसाइटल कंडीशनिंग को ब्रेक किया है। चाहे वो कपड़े पहनने से लेकर, खाने पीने की चॉइस, अपने पार्टनर की चॉइस, नौकरी करने की चॉइस, कमाने करने की चॉइस से लेकर, लड़कों ने कितनी सारी कंडीशनिंग को ब्रेक किया है। तो व्हेन यू कैन सी अ प्रॉब्लम देन यू कैन सॉल्व इट आल्सो। तो यह जिम्मेदारी बन जाती है आपकी या उस किसी भी इंसान की जो यह कहता है कि मेरी कंडीशनिंग से आ रहा है। देन आई फील एज एन एडल्ट जब आप 18 20 साल से ऊपर हो जाते हो तो एज एन एडल्ट आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप उसको तोड़ें और अगर आपसे नहीं टूट पा रहा जैसे
(34:04) आपने कहा कि मुझे अभी भी शर्म आती है मैं क्या इस बारे में बोलूं। तो फाइंड आउट करें कि मैं कैसे सीखूंगा क्योंकि ये सारे ना लाइफ स्किल है जो आप बात कर रहे हो ना ये जो गैप है नॉलेज वर्सेस हो क्यों नहीं पा रहा है मेरे को पता है कि रोने से मैं लाइट फील करूंगा मेरे को पता है दिल हल्का हो जाएगा मेरे को पता है कि अच्छा भी है। मेरे को पता है कि लड़के रोते हुए वीक होते हैं। ऐसा भी कोई सच नहीं है। लेकिन फिर भी मैं कर क्यों नहीं पा रहा हूं। तो इसका मतलब कई एक लाइफ स्किल में गैप है। हम यू नो जो शायद आपको स्किल नहीं आ रहा। ये
(34:31) स्किल सीखा जा सकता है। बहुत सारी ऐसी हुए हैं इंसिडेंट्स जहां में ऐसे बहुत मतलब ऐसे फूट-फूट के जो रोते हैं ना बहुत ज्यादा ऐसे अकेले में अकेले अकेले में वो दूसरे लोगों के सामने तो नहीं हो पाता मुझसे हां बट दूसरे मतलब किसी को दिखाने की जरूरत नहीं है। हां तुम लेकिन खुद को रोकने की भी जरूरत नहीं है। हां रोकने की जरूरत नहीं है तुम्हें। तुम रो सकते हो और और मतलब समझते हैं लोग। अब इतना कुछ नहीं है क्योंकि मैं बात कर लेता हूं कि मैं रोया हूं। हां मैं वाशरूम में गया था और मैं फूट-फूट के रोया था अपने ब्रेकअप के बाद। तो इसमें कोई शर्माने की
(35:08) जरूरत नहीं है क्योंकि मुझे अंदर से फील हो रहा है तो वह निकलेगा कहीं ना कहीं बाहर और मेरी थेरेपी यही है कि मैं लिख लेता हूं उन चीजों को बहुत सारे लोग होंगे जो मे बी बेकार हैबिट्स में चले जाएंगे मे बी ड्रग्स में भी अल्कोहल वगैरह तो मुझे लगता है कि अल्कोहल वगैरह तो मतलब करना ही नहीं चाहिए क्योंकि उस उससे कुछ तुम्हारी हीलिंग होगी भी नहीं वो बस टेंपरेरी सॉल्यूशन है अगर तुम्हें परमानेंट सॉल्यूशन चाहिए ना तो मे बी कोई ऐसी हॉबी पकड़ लो अ मे बी राइटिंग मे बी मे बी डांसिंग मे बी सिंगिंग कुछ भी जो तुम्हें अच्छा लगता है और
(35:48) अ मे बी ट्रैवल और और जिम जाओ अ वर्कआउट से मुझे लगता है कि बहुत सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाती है क्योंकि जब आप वर्कआउट से क्या होता है आपको आप थके हुए हो बट रियलिटी में आप थके नहीं हुए हो आपकी बॉडी जस्ट स्टिफ है जब आप जाओगे ना जिम और जरा सा ऐसे स्ट्रेचवच करोगे आपको पता चलेगा कि आपके अंदर कितनी एनर्जी है अभी तो और वर्कआउट करने से आप फिजिकली तो स्ट्रंग होते हो मेंटली बहुत ज्यादा स्ट्रांग हो जाते हो तो अब मुझे लगता है कि अभी मैंने 3 साल से ये जिम शुरू किया है तो मुझे लगता है मेरे अंदर बहुत सारे चेंजेस आ गए हैं मेंटली मैं ज्यादा
(36:24) स्ट्रांग फील कर पाता हूं मतलब अपने इमोशंस को ज्यादा ढंग से समझ पाता हूं और कंट्रोल कर पाता हूं तो मैंने ड्रिंक भी करके देखा है मतलब मैं ओकेजनली ड्रिंक कर लेता हूं ऐसा नहीं है कि वैसा ओकेजनली ड्रिंक करके देख लेता हूं। बट ड्रिंक करने से कुछ होता नहीं है। उस उस टाइम पे उस टाइम पीरियड पे मजा आता है। बट वो कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है। तो मुझे लगता है कोई हॉबी पर्स्यू करो। अगर जा सकते हो अगर ज्यादा इशूज़ हैं अगर यू कैन अफोर्ड अगर तुम जा सकते हो तो थेरेपी सेशंस ले लो। मैंने नहीं लिए हैं। मेरे लिए लिखना मेरी थेरेपी है। मेरे को
(36:57) जो फील होता है मैं लिख लेता हूं। हां, मैं बात नहीं कर पाऊंगा आपसे उस बारे में पर मैं लिख जरूर लूंगा। तो मेरे मैंने इंस्टा बायो पे भी अपना ये डाल रखा है कि मैं सब छुपा कर लोगों से बता देता हूं लोगों को। इसका क्या मतलब है? अ मैं सब छुपा कर लोगों से कि मैं आपको सामने ऐसे बता नहीं पाऊंगा। मैं आपसे छुपा रहा हूं। अभी मैं जो फील कर रहा हूं। बट मैं बता देता हूं लोगों को। मैं लिखकर आपको सब बता दूंगा। तो मैं जो आपको सामने से नहीं कह पा रहा ना वो मैं स्टेज पे कह दूंगा। स्टेज मुझे सबसे सेफेस्ट प्लेस लगती है अपने सारे सीक्रेट्स रिवील करने के लिए। मैं अगर
(37:34) स्टेज पर खड़ा हूं ना तो मुझे लगता है आई ओन इट और मैं उस पे रहकर तुम्हें सब कुछ बता सकता हूं और मुझे ऐसा बिल्कुल भी फील नहीं होता कि कोई मुझे जज कर रहा होगा। तो अगर मुझे कोई मैं वैसे खुली किताब हूं। अ तुम अगर मेरी वीडियोस स्क्रॉल करोगे तो तुम मेरी पर्सनालिटी जान लोगे। बट अगर तुम मेरे साथ बैठे हो, सामने बैठे हो तो मेरे अंदर से बात निकालना बहुत मुश्किल है। मतलब कोई अगर आपकी वीडियोस देख के आपको समझना चाहे तो समझ लेगा। लेकिन आप किसी के साथ दो घंटे बैठे हैं या किसी से मिल लिए तो उनको बहुत कुछ है जो नहीं पता चल पाएगा
(38:05) आपके बारे में। मैंने इसमें लिखा भी था कि मुझे समझना थोड़ा मुश्किल है। मैं अलग हूं थोड़ा। पहली बार मिलोगे तो अलग लगूंगा पर दूसरी बार तक बदल चुकाऊंगा पूरा। मैं तुम्हें मिस कर रहा होगा पर बताऊंगा नहीं। फोन मेरे हाथ में होगा पर उठाऊंगा नहीं। मैं नहीं कहूंगा तुम्हें कि मैं तुम्हें पसंद करने लगा हूं। उसकी जगह यह पूछूंगा कि मोमोज खाने चलें। मेरे बात करने का मन होगा मैं फिर भी गुड नाइट बोल दूंगा। और उम्मीद करूंगा कि तुम कुछ ऐसा बोलो कि बात हो सके। मैं मैं टीवी ऑन करके भी फोन यूज़ करता हूं। स्ट्रांग हूं वैसे पर कुत्तों
(38:36) से डरता हूं। मैं प्यार में तुम्हारे आशिक से ज्यादा दोस्त बनूंगा। सारी बातें बाद में होंगी। मैं पहले तुम्हें रोस्ट करूंगा। मुझे समझना थोड़ा मुश्किल है। मैं अलग हूं थोड़ा। पहली बार मिलोगे तो अलग लगूंगा पर दूसरी बार तक बदल चुकाऊंगा पूरा। वाओ सो ब्यूटीफुल। तो मुझे लगता है मेरी लव लैंग्वेज भी ना अ यही है। इरिटेट करना। अगर मैं आपको इरिटेट कर रहा हूं। अगर मैं आपको रोस्ट कर रहा हूं तो यह मेरी लव लैंग्वेज है। मेरी लव लैंग्वेज है टची टची होना। बीइंग क्लिंगी। मैं मैं बहुत ऐसे चिपकू वाला आदमी हूं। बट अब फिर लेकिन मेरे को इस वाली भी चीज में
(39:12) ये लगता है कि सामने वाले को अनकंफर्टेबल ना हो तो जब तक वो कंफर्टेबल नहीं है तो तब तक तो एंड दिस अगर मैं आपको इरिटेट कर रहा हूं। अगर मैं आपके साथ इतना कंफर्टेबल हो गया हूं कि मैं आपको रोस्ट कर रहा हूं तो दैट मींस आई आई लाइक यू। आई लाइक योर कंपनी। तो यानी कि आप अपने हर शो पे एक-एक दो-दो चार-चार हिंट्स या अपनी पर्सनालिटी रिवील करते रहते हो। तो इन अ वे योर मैनिफेस्टेशन इज इन एक्शन। कि भाई मैं यह हूं, मैं क्या हूं और मैं क्या अट्रैक्ट करना चाह रहा हूं। तो मेरी लव लैंग्वेज भी आपके सामने है। मेरी पर्सनालिटी भी सब कुछ
(39:46) आप मेरी आप मेरी वीडियोस देख कर आओ। आप मुझे मुझे जान जाओगे पूरा। एंड देन क्योंकि सामने से तो बहुत मुश्किल है मुझे ऐसे तोड़कर कुछ बातें निकालना। और अगर मैं अपने फैमिली के बारे में आपसे बात कर पा रहा हूं। अगर मैं अपने पापा और मेरे रिलेशन के बारे में आपसे बात कर पा रहा हूं तो दैट मींस आई आई ट्रस्ट यू क्योंकि मैं यह बातें मतलब ऐसे लोगों से करता नहीं हूं। जब तक मुझे ऐसा लगता नहीं है ना कि ये समझ पाएगा क्योंकि बहुत लोग नहीं समझ पाते हैं वो फैमिली वाली चीज ना जैसे आपने अभी ऐसे बैकस्टेज आप बता रहे थे कि तो मुझे आपसे रिलेट हुआ बहुत ज्यादा कि आपकी
(40:22) फैमिली और मेरी फैमिली का बहुत ज्यादा ऐसे कनेक्ट हुआ तो मे बी मैं आपको बता दूंगा क्योंकि मुझे लगता है कि आप समझ पाओगे वो वो सिचुएशन बट बट लोग ऐसे बोलते हैं कि मतलब यार है तो पापा ही ना है तो यही ना मतलब है तो फैमिली ही ना तब तो वो वो बातें भी मुझे ऐसे लगता है कि यार सामने वाले को छोड़ो तो इसमें मैं वो वो अवॉयड ही करता हूं वो कन्वर्सेशंस। तो अगर मैं आपको वो वो सारी चीजें बता रहा हूं तो मतलब मैं आप पे बहुत ज्यादा ट्रस्ट कर पा रहा हूं। हम लेकिन यूजुअली एक लड़के का अपने फादर के साथ रिलेशनशिप इन द ग्रोइंग इयर्स ट्रबलिंग सा ही होता
(40:58) है। हम जब एक लड़का टीनएज क्रॉस करता है 20-25 की साल में बहुत सारे लड़कों का अपने फैमिली के साथ पर्टिकुलरली फादर के साथ रिलेशनशिप अच्छा नहीं होता है। तो एक लड़के का अपने फादर के साथ रिलेशनशिप अच्छा क्यों नहीं होता है? क्या लगता है आपको क्या बैरियर्स आ जाते हैं? एक बहुत पॉपुलर हिंदी सेइंग है कि एक मयान में दो तलवारें नहीं रह सकती। तो अब एक घर में एक यूनिट में क्या दो मर्द आ गए हैं? वो बच्चा लड़के से अब मर्द बन गया है। ही बिकम अ मैन सो देयर आर ईगो क्लैशेस विद अनदर मैन। व्हाट इज द इशू? व्हाई बॉयज डोंट गो अलोंग विथ देयर फादर्स ईजीली।
(41:36) ईगो क्लशेस होते हैं क्योंकि जैसे फादर ना हमेशा फादर बनके ही रहना चाहते हैं। वो हमेशा कंट्रोल ही करना चाहते हैं। अब किसी 25 साल के लड़के को या 30 साल के लड़के को आप डिसीजंस नहीं लेने दे रहे हो उसके खुद के तो तो वो तो मतलब भरा हुआ है। वह तो निकलेगा फिर उसका फ्रस्ट्रेशन ना कहीं। तो ऐसे ही अगर आप हर चीज में उसको कंट्रोल करते रहोगे कि यह नहीं करना वो नहीं करना। और वो भी 25 30 साल के एक एक लड़के को जो अपने डिसीजंस खुद ले सकता है उस पे आप उसको गाइड कर सकते हो बट यू कांट टेल हिम कि नहीं ये करना ही नहीं है। जैसे होता है
(42:15) ना कि जबरदस्ती शादी ही करवा दी तो उसकी लाइफ का इतना बड़ा डिसीजन आपने ले लिया तो तो इससे आ जाता है कि यार तो धीरे-धीरे ना वो कनेक्शन खुद ही टूटने लगता है। खुद ही ऐसे एक गुस्सा भर जाता है अंदर आपके अंदर कि बातें कम होने लगती है। जब आपको एक जो सोसाइटल कंडीशनिंग होती है कि मैन शुड नॉट एक्सप्रेस अ लॉट या मैन ज्यादा एक्सप्रेस नहीं करते ज्यादा बोलते नहीं। आपको लगता है यह भी एक बहुत बड़ा रीज़न बन जाता है क्योंकि फादर भी ज्यादा नहीं बोल रहे हैं बिकॉज़ ही इज़ अ मैन फॉर लास्ट 40-50 इयर्स। लड़का भी हु इज़ अ मैन नाउ इज़ नो लगर अ यंग बॉय। वह भी अब वैसा
(42:53) ही डेवलप हो गया। कंडीशनिंग हो गई कि वो भी ज्यादा एक्सप्रेस नहीं कर रहा है। तो एक म्यूचुअल कम्युनिकेशन का तार जो है डिस्कनेक्ट हो जाता है। उस वजह से दे आर नॉट एबल टू शेयर एंड सी ईच अदर्स वर्ल्ड्स एंड देन कम टू अ कॉमन ग्राउंड। हां क्योंकि बात करना ऐसे सिखाया ही नहीं है ना कि अ तो तो बेटे और बाप के बीच में वही वाली बातें होती है कि हां हम ये कर लिया वो कर लिया। वो फाइनेंससेस डिस्कस होंगे और ये डिस्कस होगा वो डिस्कस होगा। वो कभी वो वाली बात ही नहीं हुई। वो डीप वो इमोशनल बात वो हाउ आर यू फीलिंग वाली बात वो कभी बात ही नहीं
(43:26) होती इससे भी डिस्कनेक्ट बनता जाता है हमारा और जैसे अगर मैं अपनी पर्सनली बात करूं तो मे बी बहुत बड़ी स्टेटमेंट बोल रहा होगा बट बचपन में ही मैंने ऐसा सोच लिया था कि मुझे मेरे पापा जैसा नहीं बनना क्योंकि बहुत सारे इंसिडेंट्स ऐसे हुए क्योंकि कि कि वो जैसे मदर को ट्रीट करते थे एंड ही वाज़ अब्यूसिव और ऐसा वगैरह-वगैरह तो इनकी हैबिट्स मेरे अंदर नहीं आनी चाहिए और जब आप बचपन में भी ऐसे देखते हो ना कि किसी को ऐसा एक्ट करता हुआ और ऐसा तो आपको लगता है कि बचपन में ही मतलब बच्चे को समझ में आ जाता है क्या सही है क्या गलत है तो वो वाली चीजें मेरे
(44:11) अंदर भी आ गई थी और जैसे वो अब्यूज बहुत करते हैं। मैं एक मेरे मेरे मुंह से आप एक गाली नहीं सुनोगे कभी। तो मेरे मैंने अंदर वो आने ही नहीं दिया आपने कि मुझे ऐसा बनना ही नहीं है। तो और जैसे कि वो ऊंची आवाज में बहुत बात करते हैं और तो मेरे अंदर वो आया ही नहीं। मैं ऊंची आवाज में बात ही नहीं कर सकता हूं आपसे। तो वो वाली चीजें मैंने तो वो वाली भी एक चीज बन गई थी कि यार वहां से भी मेरा डिस्कनेक्ट शुरू हुआ कि मैं कनेक्ट ही नहीं कर पाया। कि मुझे यह बिहेवियर्स एक इंसान में पसंद नहीं है। यू नो आई रिलेट टू यू सो मच ऑन दैट आभाश क्योंकि हम पडकास्ट से पहले भी
(44:53) बात कर रहे थे कुछ ना बहुत जनरलाइज सी स्टेटमेंट्स होती हैं। जैसे लड़कियों के लिए क्या कहा जाता है कि लड़कियां तो पापा की परी होती हैं। लेकिन हर लड़की का वो एक्सपीरियंस नहीं है। और जब आप ये बातें सुनते हो कि एक लड़की अपने पार्टनर में अपने पिता की झलक चाहती है या वो अपने पापा जैसा पार्टनर चाहती है जो उनको वैसा प्यार दें। लेकिन बहुत लड़कियों की रियलिटी ये नहीं है। बहुत लड़कियों के फादर वैसे नहीं हैं जैसा वो अपने पार्टनर में चाहें। इनफैक्ट जैसा आप कह रहे हो कि मुझे अपने पापा जैसा कुछ भी नहीं बनना था। तो मुझे भी अपने पापा जैसा नहीं चाहिए था
(45:28) पार्टनर। मुझे भी अपने पापा जैसी चीजें नहीं करनी थी। अ मेरे फादर मैंने इस पॉडकास्ट पे पहले भी कहा है वो अल्कोहल एडिक्ट हैं। और हमारा पूरा बचपन एडिक्शन को देखते संभालते निकला। बहुत शर्मिंदगीगी देखी। बहुत कुछ देखा। तो जब ऐसी जनरलाइज स्टेटमेंट्स दी जाती है ना कि लड़की होगी तो फादर के साथ इतना प्यार होगा ऐसा बॉन्ड होगा। बाप का दिल तो बेटी के लिए रोता है। बाप तो सबसे पहले जैसे अभी मेरी एक बेटी पैदा हुई है। तो हर दूसरा इंसान बहुत कैजुअली बोल देता है कि हां उसका बेटियां तो बाप की सबसे लाडली होती हैं। लेकिन आपका लाइफ में वो एक्सपीरियंस नहीं रहा
(46:03) है। और ऐसी बहुत करोड़ों लड़कियां जिनका एक्सपीरियंस नहीं रहा है। तो सबसे पहले तो हमें ना जनरलाइज करना बंद करना पड़ेगा कि एक बेटी और बाप का क्या रिश्ता होता है। एक बेटी और मां का क्या रिश्ता होता है? बाप और बेटे का क्या रिश्ता होता है? क्योंकि ये जो ये जो लेबल्स है ना और ये जो है वो सबके लिए ट्रू नहीं है। और हम जितना जनरलाइज करते जाते हैं हम उतना इनसेंसिटिव होते जाते हैं उन लोगों के पेन के साथ जिनके लाइफ का वो एक्सपीरियंस ही नहीं है। हां और ये सिर्फ मेरे साथ नहीं हो रहा है। ये कॉमन प्रॉब्लम है। ये कॉमन प्रॉब्लम्स हैं। हम लोगों के टाइम
(46:32) पे क्या था? ये था ही नहीं कुछ। तो पता ही नहीं था कि चाइल्डहुड ट्रॉमा क्या होता है। एक और चीज जो आई वांट टू टॉक टू यू अबाउट एंगर। मैन जो होते हैं उनका एक नेचुरल रिएक्शन रिस्पांस होता है इज एंगर। आई हैव सीन मैन। जैसे आपने ब्रेकअप की बात की, आपने लोनलीनेस की बात की, अपसेट होने की बात की, हर्ट की बात की, पेन की बात की। व्हाई इज़ अ आई शुड रादर से कि बहुत सारे इमोशंस का एक्सप्रेशन एंगर क्यों है? स्पेशली फॉर मैन? व्हाई आर मैन सो एंग्री एंड अग्रेसिव। अगेन नॉट ऑल मैन बट अ लॉट ऑफ मैन। अगर मैं अपनी बात करूं
(47:18) तो हां स्टार्टिंग मुझे बहुत गुस्सा आता था। स्टार्टिंग के स्टेजेस में बहुत ज्यादा गुस्सा आता था। बट फिर लगा कि ठीक नहीं है क्योंकि मैं गुस्से में बहुत चीजें मतलब खुद को ही हार्म कर देता हूं या दूसरों को हार्म होता है उससे। तो फिर मैंने इस पे काम किया और मैंने अ थोड़ा मैं काम होने लगा। बट अब क्योंकि मैं गुस्से को सप्रेस करने लगा तो अब मेरी आदत हो गई है साइलेंट ट्रीटमेंट देने की। तो अगर कुछ मेरी किसी से झगड़ा होता है या कुछ होता है तो मैं लड़ना अवॉइड कर दिया मैंने। मैं लडूंगा नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि अगर मैं
(47:56) लड़ा तो और बदतमीजी ना हो जाए। कुछ और खराब ना हो जाए। तो मुझे लगता है कि साइलेंट ट्रीटमेंट देने से चीजें सॉर्ट हो सकती हैं। चीजें ठीक हो सकती हैं। तो जब भी मेरे को गुस्सा आता है तो मैं दूसरे पे नहीं निकालूंगा। मैं पहले खुद क्लियर हो जाऊंगा क्योंकि आप गुस्से में आप जो वर्ड्स बोलोगे उसका भी इंपैक्ट बहुत ज्यादा पड़ सकता है। तो वही बात मैं शांति से करना चाहता हूं तुम्हारे साथ। इसलिए मैं टाइम ले रहा हूं। बहुत अच्छी बात है। और मैं जब खुद उसको प्रोसेस कर लूंगा। फिर मैं तुम्हारे पास आऊंगा। फिर मैं वो बात वो टॉपिक छेडूंगा और फिर मैं अब आराम से
(48:27) बात करूंगा तुमसे। तो फिर वो बात मुझे लगता है वो क्लियर हो जाती है। फिर बहुत अच्छी बात है। मैं देख रही हूं कितने अच्छी तरीके से आपने अपने डिफरेंट-डिफरेंट इमोशंस या डिफरेंट-डिफरेंट ब्लॉकेजेस या इशूज़ को फिटनेस से कनेक्ट कर लिया है कि यू नो जो ऐसा हो रहा है तो मैं जिम में मेहनत कर लूं। ऐसा हो रहा है तो मैं वॉक या रनिंग पे चला जाऊं। तो फिजिकल हेल्थ तो बना ही रही हूं और साथ-साथ मेंटल क्लेरिटी के लिए जो स्पेस चाहिए उसको भी क्रिएट कर पा रहे। आई थिंक व्हिच इज़ अ व्हिच इज़ अ ग्रेट थिंग। मुझे लगता है या तो तुम दारू की बोतल उठा लो या तो तुम डंबल उठा
(48:58) लो। वेरी गुड। सच अ ब्यूटीफुल थिंग। तो मैंने सोचा कि डंबल ही उठा लेते हैं। पर आपकी जनरेशन में लोग क्या कर रहे हैं? व्हाट इज द मोस्ट कॉमन प्रैक्टिस दैट यू आर सीइंग अराउंड योरसेल्फ? अगर मैं अपने दोस्तों में देखूं ना तो या तो वह ड्रिंक कर रहे हैं या तो वो डेटिंग एप्स पे जा रहे हैं। अ और ये डेटिंग ऐप भी बड़ा खतरनाक खतरनाक ही है क्योंकि डेटिंग एप पे लोग दो-तीन रीज़न की वजह से जा रहे हैं। एक तो उनको सीरियस रिलेशनशिप चाहिए। उनको कोई मिल नहीं रहा आसपास उनके जैसा। तो डेटिंग एप्स में तुम फिल्टर लगा के ढूंढ सकते हो। और बहुत सारे लोगों को
(49:37) मिले हैं। उनकी शादियां भी हुई है डेटिंग ऐप के थ्रू। बट वो बहुत कम केसेस हैं। या तो लोग जाते हैं फिर अभी मेरा ब्रेकअप हुआ और मैं अभी डेटिंग एप पे गया हूं जस्ट फॉर यू नो सिचुएशन। एक महीना 2 महीना एकद डेट्स दो-तीन डेट्स ऐसा। या तो मैं सिर्फ जाऊंगा वैलिडेशन के लिए। मुझे इतने लाइक्स आ रहे हैं। मुझे इतने मैचेस आ रहे हैं। मैं तो बढ़िया हूं। मेरे अंदर कोई कमी नहीं है। सिर्फ सिर्फ उस चीज के लिए और मेजरली लड़कियां इस चीज के लिए यूज़ करती हैं वैलिडेशन के लिए। और मतलब और डेटिंग एप्स के तो बहुत सारे मैं अपने दोस्तों को ही देखता हूं और मैं पूछता भी हूं उससे कि
(50:14) क्यों कर रहा है? मतलब आज वो किसी और के साथ डेट पे है और अगले महीने किसी और के साथ डेट पे है। फिर 10 दिन बाद किसी और के साथ डेट पे। मुझे लगता है अगर आप फिजिकली कनेक्ट हो सकते हो ना किसी से मतलब फिजिकली मिल सकते हो। सामने सामने जैसे आप कुछ भी ज्वाइन कर सकते हो। आप जिम जॉइन कर सकते हो। आप कोई स्पोर्ट्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जॉइन कर सकते हो आप मे बी कोई डांस क्लास मे बी जो भी आपको पसंद है मे बी कोई सिंगिंग क्लास मे बी ये मे बी वो मे बी आप मे बी ऑफिसिसेस में आपको मिल सकता है जब आपका फिजिकल ऐसे कनेक्शन बनता है ना तो
(50:47) मुझे लगता है वो तो मुझे लगता है वो डीपली आप कनेक्ट हो सकते हो क्योंकि इंटरनेट पे आई डोंट थिंक कि आपको लगता है कि लोग अपनी इंटरनेट पर्सनालिटी बनते जा रहे हैं। आप कह रहे हो कि इंटरनेट पे आर डेटिंग एप्स पे लोग शैलो माइंडसेट से जाते हैं या शैलो हो जाते हैं। बट लोग तो लोग हैं। एंड आई फील एप्स आर आल्सो अ रिफ्लेक्शन ऑफ़ द सोसाइटी। जो हमारा मीडिया है, सोशल मीडिया है, चाहे कोई भी मीडिया है, वह जैसी सोसाइटी है वैसा मीडिया है। राइट? तो ऐसा नहीं है कि आपको एप्स पे तो शैलो गंदे और इस तरह के लोग मिलेंगे जो जो डीपली नहीं सोच सकते
(51:20) हैं और बाहर ऐसे लोग घूम रहे हैं जो बहुत डीपली कनेक्ट कर सकते हैं। ऑथेंटिक कनेक्शंस बना सकते हैं। समझदार हैं। आई डोंट थिंक दीज़ टू वर्ल्ड्स आर डिफरेंट। नहीं बट मुझे लगता है कि इंटरनेट पे जब आप मिलते हो ना ऐसे टेक्स्टिंग के थ्रू। टेक्स्टिंग के थ्रू वगैरह तो आप सिर्फ एक के साथ टेक्स्ट नहीं कर रहे हो। आप फिर बहुत लोगों के साथ टेक्स्ट कर रहे हो। तो वो होता भी है कि अगर आप किसी से कोई कॉल पर्सन नहीं होता। होता कोई टेक्स्ट पर्सन नहीं होता। अगर किसी से कॉल बात कर रहे हो तो आप पूरा उसी से बात कर रहे हो। फिर आप किसी और से नहीं
(51:48) बात कर रहे हो। तो जब आप टेक्स्ट पे बात कर रहे हो किसी से तो आप मे बी मुझे नहीं पता। मे बी आप 10 लोगों से बात कर रहे हो। मे बी आप 20 लोगों से बात कर रहे हो। तो जब आप फिजिकली मिलते हो किसी से तो आप जानते हो उस इंसान को ढंग से। मुझे नहीं लगता कि इंटरनेट पे आप ढंग से जान सकते हो किसी को क्योंकि सोशल मीडिया मतलब पूरा फेक ही है एक तरह से। आपकी जो इमेज उस पे बन रखी है, आपने चारप फोटो उस पे लगाई जो आपकी बेस्ट चाहिए अब और आप उसी में खेल रहे हो और आपने अलग ही अपनी पर्सनालिटी बना ली है और मैं आपसे अगर आप आपसे मिलूंगा आप इंटरनेट से मुझे एकदम
(52:24) बिल्कुल डिफरेंट इंसान दिखोगे। तो मेरा तो अट्रैक्शन मेरा तो वो जो कनेक्शन था वो एकदम ही टूट जाएगा। तो जब मैं आपसे फिजिकली डायरेक्टली ऐसे ही मिल रहा हूं। तो तो मे बी अ आप कब तक प्रिटेंड कर लोगे मेरे साथ? तो मे बी मुझे लगता है कि वहां पर स्कोप थोड़ा सा कम है। हां, फेक लोग ऐसे हो सकते हैं। सामने-सामने मिलकर भी लोग फेक हो सकते हैं। बट मुझे लगता है कि ऐसे प्यार ना ढूंढने से नहीं मिलता। कहीं भी ऐसे ढूंढने जाओगे ना तो नहीं मिलेगा। वो अपने आप खुद खुद ढूंढता है तुमको। अब मैं अपने ही अगर इंसिडेंट शेयर करूं। मैं डेटिंग एप्स की बात कर रहा हूं। तो एक
(53:03) टाइम आया था मेरी लाइफ में मे बी आज से 4 साल पहले या कुछ भी। तो मेरे ना दोस्त ऐसे कम रहे हैं और मैं बहुत ऐसे थोड़ा लोनली टाइप का रहा हूं क्योंकि ऐसे जब दोस्तवस्त भी ऐसे बिजी हो जाते हैं तो तुम्हारे पास बात करने के लिए नहीं होता तुम्हें कुछ चाहिए बात करने के लिए मुझे लगता है तुम्हारे पास कोई एक इंसान तो होना ही चाहिए जिसे तुम रोज अपने दिन के बारे में बता पा रहे हो और उससे तुम अपनी बातें शेयर कर पा रहे हो मेरे पास कोई भी नहीं था तो मैं बहुत लोनली सा हो गया था तो जैसे होता है ना कि जब तुम लोनली होते हो जब तुम डेस्परेट ेट हो जाते
(53:39) हो किसी चीज के लिए तो फिर तुम ढूंढना शुरू कर देते हो कि कोई मिल जाए कोई मिल जाए कोई मिल जाए तो मैं बात कर रहा हूं डेटिंग एप्स की मैंने भी इंस्टॉल किए डेटिंग एप कि कोई मिल जाए तो मैंने एक चीज ढूंढी कि जब मैं ढूंढ रहा था किसी को तो मुझे ऐसे कुछ मुझे लग रहा था क्या है ये क्या कर रहा हूं मैं क्यों कर रहा हूं मैं और एक दिन मुझे खुद ही गुस्सा आया खुद के ऊपर और मैंने वो बंद कर दिया एंड सडनली मे बी जैसे जभी मैंने वो ऐप एप्स हटाए अपने फोन से। उसके मेबी 15-20 दिन के बाद आई मेट हर और वो भी बिल्कुल कोइंसिडेंटली। हम एक शूट कर रहे थे और वो शूट पे मिली
(54:19) मुझे और वो शूट पे मिली और मुझे और एकदम से ही वो कनेक्शन बना और वी स्टार्टेड मीटिंग ईच अदर और हम हैंग आउट करने लग गए। तो फिर मुझे समझ में आया कि जब भी तुम डेस्परेट होते हो ना किसी चीज को लेके तो तब कोई भी डिसीजन मत लेना। अपने दिमाग को ऐसे काम करो और बैक टू बेसिक्स अपने मतलब अपने अपने ऊपर ध्यान दो। जो प्यार मिलेगा ना तुमको तुम्हें ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वो खुद मिल जाएगा तुम्हें। जैसे अभी भी ब्रेकअप के बाद भी मुझे मैं ना अपनी जिंदगी में किसी को अलाउ ही नहीं कर रहा था कि कोई आए और ऐसा हो मुझे मतलब फिर से मतलब ऐसा होता है ना कि प्यार से
(55:00) विश्वास ही उठ गया। प्यार ही नहीं करना मुझे। वो बट मुझे प्यार बहुत अच्छा लगता है। वो फीलिंग बहुत अच्छी लगती है। मुझे पता है कि वो प्यार में पड़ने वाली फीलिंग कैसी होती है। बट ऐसा था कि मैं अलव ही नहीं कर रहा था खुद को। बट सडनली अ ये आती है मेरी लाइफ में और मुझे फील होने लग गई चीजें। मुझे मतलब फिर से वैसे ही वो होता है ना कि उड़ने लग गए तुम हवा में। और वो एकदम से हुआ। ऐसा नहीं था कि मैं इससे पहले उन 2 सालों में किसी और से नहीं मिला। मैं दो-तीन लोगों से मिला बट वो ऐसे कुछ मतलब मुझे फील ही नहीं हुआ। अंदर से कुछ आया ही नहीं। अंदर से
(55:34) मेरा एफर्ट करने का ही मन नहीं हुआ। बट ये आई अब इसके लिए मेरे को अंदर से मन हो रहा है करने का कि इसके लिए मैं फिर से वो वो वाला वो होता नहीं कि आदमी प्यार में बच्चा बन जाता है। मुझे प्यार में बच्चा बनने का मन कर रहा है। इसमें इसके साथ मैं बिल्कुल कंफर्टेबल सा फील कर रहा हूं और इसके साथ मुझे टाइम स्पेंड करने का मन कर रहा है। इसके साथ मुझे बोर होने का मन कर रहा है। कि मैं इसके साथ 4 घंटे तक शांत बैठ सकता हूं और वो कोई ऑकवर्डनेस नहीं आएगी। मुझे ऐसा फील हो रहा है। तो मुझे इसके लिए फिर से वो सारे एफर्ट्स करने का मन कर रहा है। तो मैंने इसको ढूंढा नहीं
(56:01) है। ये अपने आप मिल गई मुझे। तो मुझे नहीं पता कि डेटिंग एप पे मिलेगा कि रियल लाइफ में मिलेगा कि इंटरनेट पे मिलेगा। बस मिल जाएगा। वो पता नहीं डेस्टिनी कुछ है। वो होता है ना कि तो ये मिलने तक के टाइम में आपको क्या करना चाहिए? खुद पे ध्यान देना चाहिए। बस खुद पे ध्यान देना दिखता कैसा है? खुद को बिजी कर लो। काम करो, अपनी हॉबी पर्स्यू करो। कुछ अपनी हेल्थ पर ध्यान दो और अच्छा खाओ, अच्छा पियो और फैमिली को टाइम दो, घूमो, ट्रैवल करो, अपने दोस्तों को टाइम दो। जो होना होगा वो क्योंकि वो तुम्हारे हाथ में है ही नहीं ना। तुम कंट्रोल कर ही नहीं सकते
(56:43) उस चीज को। क्योंकि तुम अगर ढूंढने भी जाओगे ना तो तुम्हें नहीं पता कि जैसे मुझे भी मुझे ढूंढने से मिला ही नहीं कुछ। मुझे और आप भी इस बात से रिलेट करोगे जब आप ढूंढने जाते हो चीजों को तो मिलता ही नहीं है। अपने आप ही मिल जाता है। ऐसे ही मेरे YouTube चैनल के साथ भी हुआ कि वो इंस्टेंट आया ग्रोथ नहीं हो रही थी एंड देन वो दैट वन वीडियो और ऐसा नहीं है ना कि मैं एकदम और जब भी ऐसा होता है कि मैं प्लान करके कोई वीडियो बनाऊंगा ना एकदम प्लान करके वो नहीं चलेगी और अनप्लान सी वीडियो वो वायरल चली जाएगी। तो मुझे नहीं पता कि तो इसलिए ढूंढो मत उस चीज को अपने
(57:19) ऊपर काम करो। मतलब अपनी कंपनी आप एंजॉय कर सकते हो। अपने दोस्तों को टाइम दे सकते हो। बस प्यार मिलना होगा। जब मिलना होगा वो तभी मिलेगा। क्योंकि आप ढूंढने निकलोगे ना तो ढूंढते ही रह जाओगे। आपने देखा होगा कि आजकल इतने सारे ऑप्शंस हो गए हैं कि सब बेटर ऑप्शंस की ही तलाश में हैं। आपको कोई मिल भी जाएगा ना। तो आप सोचोगे इससे बेटर भी मिल सकता है। इससे भी तो बेटर कुछ होगा। और वो बेटर की तलाश में हम हम मतलब इसको भी वैल्यू नहीं कर पा रहे हैं। इसकी भी रिस्पेक्ट नहीं कर पा रहे। क्या करें फिर? तो आप ढूंढो मत। ढूंढने की कोशिश मत करो।
(57:54) नहीं मानिए ढूंढ भी नहीं रहे हैं। चलिए कोई मिल गया। जैसे आपने कहा कि अभी जिनके साथ आप हैं इट्स नॉट वेरी सीरियस। आर यू लुकिंग फॉर समवन बेटर। दैट्स व्हाई इट इज नॉट सीरियस? नहीं। सीरियस इसीलिए नहीं है क्योंकि अभी हम जान ही रहे हैं एक दूसरे को। अभी मेरे को उसकी अ उसकी लाइफ जर्नी के बारे में इतना नहीं पता। उसको मेरी लाइफ जर्नी के बारे में इतना नहीं पता। तो मैं सीख रहा हूं उसके बारे में। तो मुझे ऐसे लोगों को सीखना बहुत अच्छा लगता है। मुझे उनकी जर्नी जानना बहुत अच्छा लगता है। तो जैसे धीरेधी धीरे-धीरे मैं जानूंगा उसके बारे में।
(58:27) मुझे मजा आ रहा है। मुझे पता है कि मैं कमिट इसी को करूंगा। पर अभी मैं वो खुद के ऊपर वो प्रेशर नहीं लेना चाहता हूं। या उसके ऊपर वो प्रेशर नहीं डालना चाहता हूं कि कोई हमें हमें डेट ही करना है एक दूसरे को। हां, हमें शादी ही करनी है। तो वो बहुत एक वह बहुत जल्दी वाला डिसीजन हो जाएगा शादी वाला। तो शादी वाले डिसीजन पे फिर वो फैमिली इनवॉल्व हो जाती है। कि फैमिली का यह वो ड्रामा। तो अभी हम पहले खुद अ एक पॉइंट पे आना चाहते हैं। इस थोड़ा सा खुद को सेटल करना चाहते हैं। तो हमारे अंदर बहुत सारे ऐसे सवाल आते हैं। हम एक दूसरे से बहुत सारे क्वेश्चंस पूछते
(59:01) हैं कि ऐसा ऐसा ऐसा हो जाएगा तो क्या? ऐसा हो जाएगा तो क्या? व्हाट यू फील? अभी ऐसा हुआ। तो अभी हमारी वो वाला वो वाली बात चल रही है। अभी वो हनीमून पीरियड वाली चीज जो होती है वो वाला चल रहा है। तो इसको हम एंजॉय करना चाहते हैं। अभी आभाश व्हाट डू यू थिंक या एक लड़की को कब पता चलेगा कि लड़का मेरे लिए अब सीरियस है? मैं सारा कुछ जजी स्टैंड पॉइंट से पूछ रही हूं क्योंकि यह बड़े कॉमन क्वेश्चंस हैं जो मुझसे कमेंट में लोग लोग पूछते हैं और जो मैं अपने सेशंस में भी देखती हूं कि यू नो कि प्यार तो है कनेक्शन भी है वी आर गोइंग आउट आल्सो एंड वी लाइक स्पेंडिंग
(59:39) टाइम विद ईच अदर लेकिन यह समझ में नहीं आ रहा है कि इज ही द वन इज शी द वन ये कब पता चलता है कि ही इज़ द वन लड़के जो होते हैं ना रिलेशनशिप से पहले इमोशनली सोचते हैं और लड़कियां लॉजिकली सोचती हैं। लड़कियां दिमाग लगाती हैं कि लड़के इमोशनली सोचते हैं। रिलेशनशिप में आने के बाद लड़के लॉजिकल हो जाते हैं। लड़कियां इमोशनल हो जाती हैं। तो लड़की को कैसे पता चलेगा कि वो लड़का उसके लिए मतलब सीरियस है या सिर्फ अट्रैक्टेड है या क्या है? तो सिर्फ पेशेंस से पता चलेगा। आप उसको सिर्फ ऑब्जर्व करो और 4 महीने तक यह मतलब ऐसे ही है नॉर्मल सा
(1:00:18) टेस्ट है अगर करना हो तो कर 4 महीने तक उसको खुद को टच मत करने दो ठीक है मतलब उसको बाउंड्रीज रखो 4 महीने तक उसको टच मत करने दो खुद को ऐसे और फिर देखो उसके इमोशंस अगर उसके एफर्ट्स कंसिस्टेंट हैं तो आगे बढ़ो उसके साथ बट अगर वो फड़फड़ाने लगा ये ऐसा कुछ कुछ वो उसके रिएक्शंस देखो आप कुछ वो ऐसे करने लगा कि यार तुम्हें मुझ पर ट्रस्ट नहीं है ऐसा नहीं है वैसा नहीं है ये वगैरह-वगैरह ऐसी चीजें तो दैट्स अ रेड फ्लैग उसके एफर्ट्स कंसिस्टेंट दिख रहे हैं आपको 4 महीने तक भी वो आपको बिना टच किए क्योंकि लड़के इमोशन से सोचते हैं।
(1:01:02) ठीक है? क्योंकि अगर स्टार्टिंग में अट्रैक्शन है ना तो सिर्फ उनका दिमाग वहीं जाता है। फिर तो अगर आपने वहां पर ये चीजें बाउंड्रीज अपनी सेट कर ली और उसके आगे तक बढ़ा दी क्योंकि अट्रैक्शन जो होता है 4 महीने तक ही चलता है। अट्रैक्शन 4 महीने के बाद खत्म हो जाएगा। अगर 4 महीने के बाद भी वो वैसा ही है जैसा अभी आपके साथ स्टार्टिंग में है तो दैट मींस कि आप उसके साथ आगे बढ़ सकते हो और यह मतलब आगे बढ़ा सकते हो। आप सोच सकते हो उसके बारे में। तो मतलब बेसिकली जो मुझे सुनाई दे रहा है आपके आंसर में कि जो इंस्टेंटली आजकल लोग रिलेशनशिप में आने लगे हैं या
(1:01:35) इंटिमेट होने लगे हैं वो चीज को नहीं करना चाहिए। दैट इज व्हाई जेंजी इज गोइंग रोंग इन अ वे यस लव ना मतलब ऐसे स्लो होना चाहिए। आप धीरे-धीरे अपने ऐसे पत्ते रखो सबके सामने ना। ओवरशेयर मत करो। ओवर लव मत करो। ओवर केयर मत करो। मतलब धीरे धीरे धीरे-धीरे उसको जानने दो खुद को धीरे धीरे धीरे धीरे। अच्छा अगर आपको कोई लड़की मिलती है आपने 4 महीने अपने माइंड में सोच लिया और उसके लिए ये पीरियड एक साल का है। फिर क्या होगा? मेरे को पसंद है वो तो मेरे को पसंद है। फिर मतलब मेरा है मैंने आपको बताया कि मेरे को ज्यादा लोग पसंद नहीं आते हैं। तो मैं
(1:02:16) एफर्ट्स उसी पे करता हूं जो मुझे जिसके लिए मैं सीरियस हूं कि हां यही है अब मेरा और मैं उसके पास ये नहीं है कि उसके लिए टाइम पीरियड एक साल का है। मैं उस पे पूरा वो हूं कि और मेरा ये है कि मुझे एफर्ट्स करना बहुत अच्छा लगता है। 80% मैं करूंगा। 20% तुम करो मेरे को चलेगा। मेरे लिए 50-50 भी नहीं है। मैं 80% तुम्हारे लिए एफर्ट्स कर सकता हूं। बस मुझे थोड़ा सा सपोर्ट चाहिए तुम्हारा क्योंकि वो तो फिर वन साइडेड हो जाएगा। तो 20% तुम करो। और तुम्हारे जो भी तुम्हें जो भी टेस्ट लेने हैं मुझसे ले लो। तुम इनडायरेक्टली लो। जैसे अभी भी अगर जो जिसके साथ मैं मतलब
(1:02:51) हूं अ तो हमें ऐसे जाने हुए एक दूसरे को 8 महीने हुए हैं। एंड आई हैव टच्ड हर ठीक है। मतलब ऐसा कुछ ऐसा नहीं हुआ है। एंड एंड मैं उसके लिए एफर्ट्स करना चाहता हूं। और तो मैं मैं अपने रियल लाइफ सिनेरियोस से ही बोल रहा हूं। मैं आई वाज़ वेरी कंसिस्टेंट विद माय एफर्ट्स। और यह वो और मैं ऐसा नहीं है कि मुझे वो चाहिए इसलिए मैं एफर्ट्स कर रहा हूं क्योंकि मेरे वो अंदर से आ रहा है। तो मैंने आपको पहले भी बोला कि जिसके लिए फिर नहीं आता है फिर नहीं आ रहा है मेरा। तो मेरे अंदर से आ रहा है कि इसके लिए मैं करूं। इसका मैं ख्याल रखूं। इसके लिए मैं
(1:03:25) ये करूं। इससे मुझे बात करने में अच्छा लग रहा है। इससे मैं बात करूं। व्हाट इज लोनलीनेस फॉर अ मैन? व्हाई लोनलीनेस हिट्स मैन सो हार्ड। क्योंकि एक्सप्रेस नहीं करना आता। जैसे हम पहले बात कर रहे थे क्योंकि हम एक्सप्रेस नहीं कर पाते चीजों को और हमें ना बात करनी नहीं आती है। हमें हर चीज को इग्नोर हम अपने हर इमोशन को जोक में कन्वर्ट कर देते हैं। जैसे जब चार लड़के बैठे होंगे ना तो हम वो वाली ऐसे डीप कन्वर्सेशंस अवॉइड करते हैं। हम हर चीजों को ना ऐसे जोक में कन्वर्ट करने की कोशिश करते हैं। और कभी कबभार वो हिट होता है अंदर से बट हम ऐसे ऐसे बोल
(1:04:12) नहीं कह नहीं पाते उस चीज़ को। तो इसलिए इसलिए भी कहते हैं कि लड़कों की ना लड़कियां दोस्त भी ज्यादा होनी चाहिए क्योंकि लड़कियां समझती हैं चीजें। लड़कियों से आप बात कर सकते हो ऐसे क्योंकि लड़कियां मुझे लगता है अगर आप किसी के साथ कनेक्टेड हो डीपली किसी लड़की के साथ कोई आपकी बेस्ट फ्रेंड है या गर्लफ्रेंड है या वाइफ है तो वो समझती हैं आपको आपको जज नहीं करती आप उनसे आप उनसे वो बोल सकते हो जो आप अपने मे बी दोस्त से ना बोल सको क्योंकि ऐसे लड़कों को लड़कों से वो डीप कॉन्वर्सेशंस इतनी करनी नहीं आती लेकिन अगर लड़के लड़कों से डीप कन्वर्सेशन
(1:04:52) करेंगे नहीं तो यह चेंज कैसे होगा? यह तो हमेशा से ही चलता आ रहा है ना कि चार लड़के बैठे होंगे या चार आदमी बैठे होंगे तो डीप कन्वर्सेशन नहीं कर पाएंगे। दिल की बात नहीं हो पाएगी। रो नहीं पाएंगे साथ में। वनरेबल नहीं हो पाएंगे। और आप आज जेंज़ भी मुझे यही बोल रहा है। तो व्हेन विल दिस चेंज? करना चाहिए। बट वही है ना कि एक एक हैबिट में ही आ गए। आप सभी ऐसे हो गए हैं तो मे बी कोई सर समवन विल हैव टू ब्रेक इट। राइट? डोंट यू थिंक सो? हां। करना चाहिए। ग्रुप तो आप शुरुआत करोगे? हां मैं करता हूं। बट ऐसे ग्रुप में नहीं हो पाता। बट अगर दो लड़के साथ में बैठे
(1:05:28) हैं तो वो बात हो सकती है। बट ऐसे चार लड़के साथ में बैठे हैं तो वो बात नहीं हो पाएगी। तो बस वो वो जोक में ही कन्वर्ट होता रहेगा क्योंकि और सही भी है ये। वो वो भी एक थेरेपी ही होती है। जब चार दोस्त साथ में बैठे होते हैं तो ऐसी ही बातें होनी चाहिए। वो वो लड़कियों के बीच में भी जब चार लड़कियां बैठी होती है तो आप सारी बातें नहीं कर पाते हो। कभी-कभी आपका कनेक्शन वो एक या दो या तीन लोगों के साथ ही होता है जिनसे आप अलग-अलग अ होकर दो लोग बनके वो बात कर सकते हो तो व्हिच इज वेरी फेयर आल्सो बट किसी से तो कर पाओ हां मैंने वही कहा मैंने वही कहा कोई एक
(1:06:00) इंसान आपकी लाइफ में मे बी वो मदर हो मे बी वो फादर हो मे बी भाई हो बहन हो कोई एक इंसान होना चाहिए जो आपके जिससे आप सब कुछ शेयर कर सको जिसके सामने वनरेबल हो सको जिसके जिससे आप उसके दिन के बारे में पूछ सको और अपने दिन के बारे में बता सको कोई एक इंसान आपकी लाइफ में होना चाहिए और बहुत मतलब मतलब जरूरी है वो क्योंकि इंसान को इंसान चाहिए। चाहे आप कितना भी ऐसे बना लो ना कि अकेले रहना सेल्फ लव और ये वो अकेले रहना से ये हो सकता है। बट आपको एक इंसान चाहिए होता है। क्योंकि जब रात के 2:00 बजते हैं और आप खाली होते हो तो आपको
(1:06:32) लगता है कि यार कोई है ही नहीं बात करने के लिए। कोई तो होना चाहिए ना। मतलब तो मुझे लगता है कि कोई एक इंसान अगर आपके पास है तो यू आर ब्लेस्ड। यू आर लकी। अच्छा मैं पहले कह रही थी कि आपने लोनलीनेस पे बहुत लिखा है तो कुछ एक लोनलीनेस का अपना पोएट्री या कुछ सुना के जाइए। लोनलीनेस में मैंने लिखा था कि एक हां तो ऐसी लाइफ में ऐसे ही फेस चलते रहते हैं तो ऐसे होता है ना जब आप आपको समझ में नहीं आ रहा होता है यार ये मेरे साथ क्या हो रहा है कि तो खुद से बात कर रहे थे मैंने लिखा था कि क्या हुआ है तुझे उदास डरा हुआ सहमा हुआ क्यों रहता है जो बचपन में था तू सब करने
(1:07:19) को तैयार वह बंदा अब कहां रहता अब बरसात से छुपना शुरू कर दिया। जो भागते-भागते थकना नहीं थकता नहीं था उसने रुकना शुरू कर दिया। जिसे घर से बाहर ही सांस आती थी। अब बंद कमरे में रहने लगा है वो। जिसने कभी टाइम टेबल तक नहीं देखा उसने किसी और के कहने पर रूटीन में रहना शुरू कर दिया। जिद करके अपनी बात मनवाने वाला जाने देता है बातों को। सुबह अपने हिसाब से जगने वाला वक्त से उठ जाता है दफ्तर जाने को। शोर क्यों नहीं मचाता आप? शांत क्यों हो गया है? वो रॉकस्टार बनने के सपने देखने वाला जल्दी सो कैसे जाता है रातों को? अब धूप उसे चुभने लगी है। जो
(1:08:00) पूरा दिन कभी ग्राउंड में ही पड़ा रहता था। अब उसे गुस्सा भी आता है तो दबा लेता है अंदर। पहले कम से कम चिल्ला तो देता था। बिना सोचे समझे दोस्तों को कॉल मिला देने वाला अकेले रहने लग गया है। आज बाल झड़ने लगे हैं उसके टेंशन से जो कभी मस्त मौला रहकर जीता था। लास्ट बेंच पर बैठकर जो हंसी-हंसता था वह कहां है? हर चीज के लिए एक्साइटेड रहने वाला वह बच्चा कहां है? सबको क्यों जाने दिया? कैसे चले गए दूर? वो तो हमेशा टच में रहने वाले थे ना। आज वो लोग कहां है? आज उसके कंधे कैसे झुक गए? जो क्लास में फेल हो जाने के बाद भी सर उठाकर चलता था। आज इसने उन चार लोगों
(1:08:40) की बात मान कैसे ली? जो हमेशा से बस अपने मन का करता था। अब फर्क पड़ने लगा है इसे। एनर्जी डाउन रहने लगी है। यह वही बंदा है क्या जो शीशे में खुद को देखकर शेर समझता था? प्लांस बनाने वाला हर चीज के लिए मना करने लग गया। छोटे से लैपटॉप के इर्द-गिर्द बसा ली पूरी दुनिया जो बचपन में कहता था कुछ बड़ा करूंगा। वापस चाहिए वो बेखौफ मन। वो जोश, वो सोच नाराज नहीं करना उस बच्चे को। जिसने तुझसे बहुत उम्मीदें लगाई थी। उसके लिए ही हंस लिया कर। वो खुश हो जाएगा। क्या बात है। सो ब्यूटीफुल। तो यह मैंने एक ऐसे ही जब खाली बैठे रहते हैं तो आपके अंदर ऐसे चलता रहता है कि यार
(1:09:25) मुझे क्या हो गया? मैं क्यों बदल गया हूं इतना? तो तब मेरे दिमाग में ऐसे कुछ रैंडम थॉट्स आ रहे थे तो मैंने उसको ऐसे सोचा कि लिखते हैं इस पे। आते-आते एंड की तरफ इस कन्वर्सेशन के आभाश मैं एक सवाल सभी गेस्ट से पूछती हूं और वह है उनकी सक्सेस की डेफिनेशन। आपके लिए सक्सेस की डेफिनेशन क्या है? व्हाट इज अ 27 ईयर ओल्ड सक्सेसफुल पोएट सक्सेसफुल राइटर जजी बॉय अंडरस्टैंड सक्सेस एज अगर पैसेवैसे को साइड में रख दें क्योंकि आपके लिए क्या है? अगर आपको साइड में नहीं रखना है तो आप सेंटर में ले आओ। कोई दिक्कत नहीं है। मेरे लिए सक्सेस
(1:10:08) वो है जब जब मैं अपने डीएम्स खोल के देखता हूं ना या मुझे सड़क पर कोई पहचान लेता है ना तो मेरे लिए वो सक्सेस है क्योंकि मैं मैं गाने गाता हूं बचपन से मैं गाने गा रहा हूं तो मेरा ना एक सपना था कि मेरे को ऐसे स्टेज पे लोग मैं स्टेज पे हूं और लोग मेरे लिए ऐसे चीयर करें तो बचपन से ही मैं स्टेज पे स्कूल में गाने गा रहा हूं और क्योंकि मेरे को इंस्ट्रूमेंट बजाना नहीं आता तो मैंने ट्राई किया बट मैं इसे अ सीखा भी बट वो फिर हो नहीं पाया पूरी कंसिस्टेंट किस कंसिस्टेंटली हो नहीं पाया तो मैं उसको सीख नहीं पाया ढंग से क्योंकि वो वो भी
(1:10:45) बहुत लेट स्टार्ट किया था मैंने तो फिर लेकिन मेरे को स्टेज मेरी राइटिंग के थ्रू मिल गया और जब भी कोई मुझे सड़क पे ऐसे पहचान लेता है ना तो मुझे तब मुझे ऐसा लगता है कि कुछ कुछ कर रहा हूं और जब कोई आके ऐसे थैंक यू बोलता है ना कि थैंक यू आपकी वजह जैसे आप मेरे रोल मॉडल हो। आपकी वजह से मैंने ये स्टार्ट किया। आपकी वजह से मेरा मैंने ये इसमें हेल्प हुई है मेरी। तो वो मुझे बहुत अच्छा लगता है। और मुझे लगता है कि आर्टिस्ट के लिए उसकी ऑडियंस ही उसकी सक्सेस होती है। तो अभी भी मेरे साथ ऐसे बहुत सारे इंसिडेंट होते हैं। जैसे मैं हॉस्पिटल में था। अह
(1:11:23) मतलब अपनी मम्मी को ऐसे ही चेकअप कराने ले गया था और हॉस्पिटल में किसी ने मेरे को पहचाना और जो मेरी मम्मी की आंखों में जो ऐसे वह चमक थी क्योंकि वह मेरे से मिल रहा है और मेरी मम्मी मेरी ऐसे वीडियो बना रही है उनको ढंग से वीडियो लेनी नहीं आती बट वो बना रही है जैसे भी बना रही है तो वो जो चमक थी और यह जो मतलब ऑडियंस ऐसे मेरे से मिलती है मेरे से कनेक्ट करती है तो वो है मेरे लिए अगर मेरी सक्सेस बोलोगे तो वो मेरे लिए सक्सेस है। आभाश आई विश यू ऑल द बेस्ट फॉर योर लाइफ अहेड। जो भी आप आगे लिखोगे, जो भी आप स्टेजेस पर परफॉर्म
(1:11:55) करोगे, करियर में करोगे, पर्सनल लाइफ में करोगे, लव के स्पेस में करोगे। आई विश यू ऑल द बेस्ट फॉर दैट। थैंक्स फॉर जॉइनिंग मी फॉर दिस कन्वर्सेशन। थैंक यू सो मच। मैं लास्ट में एक पोयम सुना दूं। मे बी आपकी रील रील कटेगी उससे। हां। तो मैं मैंने एक एक कविता लिखी थी उस लड़की के लिए जो जो बहुत टूटी हुई है और अब मैं उसके प्यार में हूं और मुझे उसको उसको संभाल के रखना है। उसका ख्याल रखना है उसका क्योंकि वो भरोसा नहीं कर पाती अब दुनिया पे। उफ मतलब आपका फीमेल वर्जन। तो [हंसी] उस पे मैंने लिखी थी मैं सुनाता हूं। ये खुद के लिए लिखी है
(1:12:36) मुझे ऐसा लगता है। [हंसी] बस जेंडर चेंज हो गया है। तो मतलब कैसे आपका कोई ख्याल रखे ये जो सुन रही हैं अगर वो क्योंकि क्योंकि मेरी लाइफ में वो लड़की आई थी और वो बहुत होता है ना बहुत डरते हैं लोग अब फिर प्यार करने से या फिर किसी भरोसा करने से उसको उसको पता नहीं है कि यह सही इंसान है मेरे लिए कि नहीं है ये ये भी छोड़ देगा मुझे मतलब उसके पास्ट रिलेशनशिप क्योंकि अच्छे नहीं रहे हैं तो उसको अब भरोसा ही नहीं होता है हां तो मैंने उस लड़की के लिए लिखी थी कि वो वैसे ही बड़ी परेशान रहती है। मैं सुकून बनना चाहता हूं उसका। वो मुझसे मिले
(1:13:16) और सारे दर्द भूल जाए। मैं वो घर बनना चाहता हूं उसका। उसकी जिंदगी वैसे ही काफी मुश्किल रही है। मुझे सिर्फ खुशियां देनी है उसको। वो मुझसे तोहफे पाकर ही बिल्कुल भावुक हो जाती है। अभी तो मुझे पूरी दुनिया देनी है उसको। छोटी-छोटी बातों को बहुत सोचती है बेचारी। उसके चैन की नींद की वजह बनना है मुझे। सबने बहुत सताया है उसे। बड़ा सहाया है उसने सबको। अब हर कांटों को उसकी राह से दफा करना है मुझे। वो डर में जीती है कि खो देगी मुझे भी। मेरी आंखें पड़े किसी दिन तो रो देगी तभी। उसको बताना है मुझे कि प्यार ऐसा होता है कि प्यार में सांस छूट जाती है पर हाथ
(1:13:57) नहीं छूटता कभी। उसे वह सब देना है जो जो उसे बहुत पहले ही मिलना चाहिए था। इतनी प्यारी है वो। उसे कोई दर्द कैसे दे सकता है? गले लगना है उसके और रोने देना है उसको। वह जो दबाकर बैठी है अंदर मुझे उसको उससे रिहा करना है। विश्वास टूट चुका है उसका लोगों से। मुझे दुनिया फिर से खूबसूरत बनानी है उसके लिए। वो महफूज़ महसूस करे मेरे संग। मुझे इतना ही चाहिए मेरी जीत के लिए। मुझे पता है वह जरा चिड़ी-चिढ़ी सी रहती है। अब उसके नखरे मैं नहीं उठाऊंगा तो कौन उठाएगा? वो मुझ पर अपना गुस्सा नहीं निकालेगी तो कहां जाएगी? उसकी बातें मैं नहीं समझूंगा तो फिर कौन
(1:14:36) समझ पाएगा? वह वैसे ही बड़ी परेशान रहती है। वह वैसे ही बड़ी परेशान रहती है। मैं सुकून बनना चाहता हूं उसका। वो मुझसे मिले और सारे दर्द भूल जाए। मैं वो घर बनना चाहता हूं उसका। वाओ सो ब्यूटीफुल। इतनी हीलिंग पोएट्री। थैंक यू फॉर शेयरिंग दैट विद मी एंड माय व्यूअर्स। एंड अपने व्यूअर्स को भी कहना चाहूंगी कि आभास के पेज पर जाइए। उनकी पोएट्री चेक करें। थैंक यू फॉर हैविंग मी। और आपसे बात करके मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मुझे बहुत सारी चीजें मुझे बहुत सारी चीजें मुझे मेरे बारे में पता चली। और जब मैं ऐसे पॉडकास्ट पे जाता हूं और मेरी ज्यादा ऐसे
(1:15:15) बात करने की आदत नहीं है लोगों से। बट जब मैं ऐसे पॉडकास्ट पे जाता हूं तो तो फिर मुझे लगता है कि नहीं यार मैं बात कर सकता हूं। मैं अच्छी बातें करता हूं कभी-कभी और मैं बोल सकता हूं इतनी देर देर तक। तो मुझे बहुत मजा आता है ऐसे बातें करने में। अब मुझे खुद के बारे में यह भी जानने में पता चल रहा है। तो या थैंक यू फॉर हैविंग मी और मुझे बहुत मजा आया आपसे बात करके और बहुत कुछ बहुत कुछ सीखने को मिला। अरे बाप रे थैंक यू सो मच आभाश एंड आई होप आई सी यू सून टेक केयर। या थैंक यू सो मच। थैंक यू फॉर वाचिंग दिस एपिसोड। आई एम श्योर आज के इस एपिसोड ने आपके दिल को
(1:15:47) कहीं ना कहीं छुआ होगा क्योंकि बहुत सारी दिल की बातें हुई। अह दिल के दर्द की बातें हुई, प्यार की बातें हुई और मैं एक यंग अह पर्सपेक्टिव से जजी के पर्सपेक्टिव से स्पेशली एक लड़के के पर्सपेक्टिव से जानना चाहती थी कि आज की डेट में प्यार को कैसे देखा जा रहा है। क्या समझ है प्यार की और जो बहुत सारे नए-नए टर्म्स शुरू हो गए हैं प्यार में उनकी क्या समझ है और उसको किस नजरिए से देखा जाता है। मैंने बहुत कुछ सीखा इस कन्वर्सेशन में और हमेशा मुझे लगता है हमें अपनी उम्र से 5 10 15 साल छोटे और 5 10 15 साल बड़े ब्रैकेट में जरूर बातचीत करनी चाहिए ताकि आप उनको आपको
(1:16:28) उनका भी वर्ल्ड समझ में आ पाए और आपको आपको समझ आ पाए कि कुछ भी फिक्स नहीं है। यू नो कभी-कभी हम अपने आइडियाज में इतने फिक्सेट हो जाते हैं कि हम एक चीज को एक ही तरीके से देख पाते हैं। लेकिन जब आप अपने से बहुत ज्यादा यंग और बहुत ज्यादा बड़े लोगों के बीच बैठते हैं तो आपको बहुत अलग-अलग दुनिया और बहुत अलग-अलग तरीके मिलते हैं उसी सेम चीज को देखने के। है ना? एंड आई थिंक इट्स वेरीेंट टू नॉट बी सो फिक्स्ड इन योर वेज़। विथ दैट मैसेज अगर इस कन्वर्सेशन ने आपको कहीं भी छुआ है, आपको हील किया है, आपको अपनी लाइफ इसमें दिखी है या किसी उस दोस्त, किसी उस जानकार
(1:17:01) की लाइफ इस कॉन्वर्सेशन में दिखी है, तो इसको जरूर शेयर कीजिएगा। अ यू डोंट नो कि हम अकेले में बंद कमरों में रात को डूम स्क्रोलिंग करते हुए घंटों रील्स देखते हुए क्या-क्या सोचते हैं और क्या-क्या प्रोसेस कर रहे हैं और कभी-कभी ऐसी एक जेन्युइन ऑथेंटिक दिल से निकली हुई कन्वर्सेशन किसी को बहुत उम्मीद दे जाती है और बहुत हील कर जाती है। ऑन दैट नोट अगर आपको हमारा द जर्नी विद इन पॉडकास्ट का काम पसंद आता है तो चैनल को सपोर्ट कीजिए, सब्सक्राइब कीजिए, बेल आइकन प्रेस कीजिए ताकि हमारे एपिसोड्स आप तक पहुंचते रहें। बहुत सारे व्यूअर्स हमें यह भी
(1:17:33) बताते हैं, टॉपिक्स रिक्वेस्ट करते हैं। जबकि उस टॉपिक पर हमने ऑलरेडी 10, 12, 15 एपिसोड्स कर चुके होते हैं। क्योंकि हमारी लाइब्रेरी बहुत बड़ी हो गई है। वी आर 160 एपिसोड्स प्लस ऑन द चैनल राइट नाउ। अह तो बहुत सारे एपिसोड्स ऑलरेडी हैं। तो उन्हें भी आप जाके चेक आउट कर सकते हैं। अगर आपको पॉडकास्ट अच्छे लगते हैं तो मेक इट अ पॉइंट कि आप उसको लाइक करें। जरूर लाइक करें, शेयर करें, कन्वर्सेशन में कमेंट जाके करें ताकि एल्गोरििदम्स हमें और भी लोगों तक पहुंचा पाएं। जो इंसान आज अपने घर में अकेला किसी कमरे में बैठा है और होपलेस फील कर रहा है और उसको नहीं समझ
(1:18:07) में आ रहा है कि मैं आज यहां पर क्यों हूं या मैं अपनी लाइफ को यहां से कैसे क्रिएट कर सकता हूं। बेस्ट लाइफ कैसे डिज़ाइन कर सकता हूं। उसको भी आप एक होप और एक एक रास्ता एक चैनल दे पाते हैं। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस सो फार एंड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वन।
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