Why Are Men Losing Fertility? Expert Solutions & Tips with Dr. Sunil Jindal | TJW 158
Author Name:Shobha Rana
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Transcript:
(00:00) ब्लड टेस्ट कोई करा लेता है, शुगर का टेस्ट करा लेता है, कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट करा लेता है। पर ना जाने क्यों सीमन का टेस्ट कराने में लगता है कि मददानगी पेश हो जाएगी। जब टेस्ट करा लेता है और स्पर्म उसमें निल आता है तो मैंने लोगों को जोर-जोर से रोते देखा है। तो कहानी क्या होती है? अगर यंग एज में किसी को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है। तीन से पांच गुना चांसेस हैं कि अगले 5 साल में उसे हार्ट अटैक पड़ेगा। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन अगर किसी को हो जाता है यंग एज में तो उसकी डिजायर भी कम हो जाती है। अपनी पार्टनर से इंटिमेसी में दूर हो जाता है।
(00:30) डिस्कस नहीं करता, बात नहीं करता। अगर कोई जहर है ना इस दुनिया [संगीत] में वो जिम के अंदर जो सिक्स पैक के आदमी निकल के दौड़ते हैं, स्पर्म जीरो होते हैं। सेक्स कर नहीं [संगीत] पाते। सच्चाई क्या है कि जिस जिम में आप आज के दिन में जाते हो आपका जिम का ट्रेनर आपको कहता है आपको जिम की ट्रेनिंग के लिए इंजेक्शन लगाने पड़ेंगे, गोली खानी पड़ेगी, फैट कम करने पड़ेंगे और आपको दूंगा मैं प्रोटीन [संगीत] का डब्बा। व्हाट इज गुड सेक्स फॉर मैन? परफॉर्मेंस? दैट्स द वे [संगीत] दे ब्रॉट अप। दे जस्ट वांट टू परफॉर्म। हाउ वेल हैव दे परफॉर्म। सो द नॉर्मल टाइम ऑफ़ अ मैनस
(01:02) ऑर्गेनिज्म एवरेज [संगीत] इज 5 मिनट्स। एंड द नॉर्मल टाइम ऑफ अ वुमस ऑर्गेनिज्म एस पर डाटा इज [संगीत] 18 मिनट्स। तो आपको अपना स्पर्म टेस्ट कब से कराना शुरू करना चाहिए? देखिए एक चीज जो आपके स्पर्म को बिल्कुल खराब करती है। आपके टेस्टोस्टेरॉन को बिल्कुल खराब करती है वो है हाउ सेफ इज वाइग्रा? और इसका अल्टरनेट क्या है? जिन लोगों को इरेक्टाइड डिस्फंक्शन है वो क्या कर सकते हैं? देखिए ऐसा है हिंदुस्तान एक ऐसी जगह है जहां बिना प्रिस्रिप्शन के वाइग्रा मिलती है। ही टेक्स 3 ग्राम्स ऑफ वाइग्रा और अभी भी कुछ नहीं हो रहा। फिनाइल साइज ऑफ एन
(01:38) इंडियन मैन इज 4 टू 4.5 इंचेस एंड द वजाइनल साइज ऑफ एन इंडियन वूमेन इज आल्सो अबाउट द सेम। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का मास्टरबेशन से क्या कनेक्शन है? थर्ड इज़ स्टार्ट एंड स्टॉप। सो यू स्टार्ट मैस्टरबेटिंग द मोमेंट यू अबाउट टू डिस्चार्ज। यू स्टॉप। स्टार्ट मैस्टरबेटिंग विथ स्टॉप। स्टॉप एंड डिस्चार्ज इन द फोर्थ ऑफ़ [संगीत] द फिफ्थ टाइम। व्हिच यू कैन डू अलोन ओर इवन विथ द पार्टनर। नाउ दिस इज़ वन एक्सरसाइज व्हिच एक्चुअली इनक्रीज योर टाइम। आई विल गिव यू एग्जांपल। नमस्ते एंड वेलकम टू द जर्नी विद इन पॉडकास्ट वि मी शोभा राणा। मैं एक इमोशनल
(02:20) इंटेलिजेंस और माइंडसेट कोच हूं और साथ ही इस पॉडकास्ट की होस्ट और क्रिएटर भी हूं। द जर्नी विद इन पॉडकास्ट का ऐ है कि आपको आपकी बेस्ट लाइफ, आपकी ड्रीम लाइफ को क्रिएट करने में मदद कर सकें। और यह हम करते कैसे हैं? वी डू दिस बाय टेकिंग द जर्नी विद इन अपने अंतर्मन की तरफ अपने इनर वर्ल्ड की तरफ लौटाने से खुद को बेहतर समझने से क्योंकि जब हम खुद को बेहतर समझते हैं तो हम अपने गोल्स को अपनी ड्रीम लाइफ को भी बहुत बेहतर समझते हैं और उस तक जाने का एक रास्ता तय कर पाते हैं। आज के इस एपिसोड में हमने खुद को बेहतर समझने की कोशिश की है थ्रू द लेंस ऑफ आवर
(02:54) रिप्रोडक्टिव हेल्थ। पर्टिकुलरली मैनस रिप्रोडक्टिव हेल्थ। नाउ इसको समझना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि इंडिया में इनफैक्ट पूरे वर्ल्ड में सेक्सुअल हेल्थ ऑफ मैन इज अ टबू टॉपिक। आदमी अपने सेक्सुअल हेल्थ के बारे में बात नहीं कर पाता है क्योंकि वहां से बहुत ज्यादा गिल्ट शेम शर्मिंदगीगी अटैच होती है। एक आदमी पर परफॉर्मेंस प्रेशर बहुत ज्यादा होता है। सेक्सुअल परफॉर्मेंस एंग्जायटी होती है। बहुत तरह के सेक्सुअल डिसऑर्डर्स होते हैं। वी हैव टॉक्ड अबाउट इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। वी हैव टॉक्ड अबाउट प्रीमेच्योर एगुलेशन। वी हैव टॉक्ड अबाउट
(03:25) अ कंडीशन दैट 1% मैन हैव एंड दैट इज़ हैविंग नो स्पर्म काउंट। यानी कि उनके लिए एक फादर बनना, रिप्रोड्यूस करना नेक्स्ट टू इंपॉसिबल है। लेकिन वहां पे भी एक पॉसिबिलिटी है। और उस पॉसिबिलिटी को जानने के लिए और भी बहुत सारे मिथ्स एंड रियल इश्यूज को जानने के लिए आप इस एपिसोड को एंड तक जरूर देखिए। दिस एपिसोड विल इनेबल यू टू अंडरस्टैंड योरसेल्फ। एम्पथाइज विद योरसेल्फ। अपने साइकोलॉजिकल जो बैरियर्स हैं उनको ब्रेक करने के लिए बहुत हेल्प करेगा। क्योंकि आज इस कन्वर्सेशन के बाद जो चीज मुझे समझ में आई है बहुत क्लियरली वो यह है कि बहुत ज्यादा परसेंटेज
(04:05) ऑफ सेक्सुअल इशूज़ दैट अ कपल हैज़ कम फ्रॉम द साइकोलॉजिकल कंडीशनिंग द न्यूरोलॉजिकल वायरिंग ऑफ योर ब्रेन जो आप किसी वजह से किनहीं कारणों से खराब कर लेते हैं। यह हमने आज के इस एपिसोड में बहुत डेप्थ में डिस्कस किया है। तो इसको एंड तक जरूर देखिएगा। अगर आपको द जर्नी विद इन पॉडकास्ट जो जेन्युइन कन्वर्सेशंस, ऑथेंटिक कन्वर्सेशंस आपके सामने लाने की कोशिश कर रहा है, आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ को इंप्रूव करने की कोशिश कर रहा है, वो पसंद आती है तो प्लीज हमारे चैनल को सपोर्ट कीजिए। लाइक, कमेंट और शेयर कीजिए ताकि एल्गोरििदम्स हमें और भी लोगों तक
(04:36) पहुंचने में मदद कर सके। आज की इस पॉडकास्ट के लिए मेरे साथ हैं डॉ. सुनील जिंदल जो कि पिछले 35 इयर्स से लोगों को उनकी सेक्सुअल हेल्थ को बेटर समझने में, उसको डिकोड करने में और इंप्रूव करने में मदद कर रहे हैं। सो विदाउट एनी फर्दर अडू लेट्स मीट डॉ. सुनील जिंदल ऑन द जर्नी विद इन पॉडकास्ट। फर्स्ट ऑफ ऑल थैंक यू वेरी मच फॉर इनवाइटिंग मी। एंड अगर मैं आपसे एक बात कहूं सबसे ज्यादा आनंद मुझे आपसे कनेक्ट करने में इसलिए आता है क्योंकि आदमियों की केयर बहुत कम लोग करते हैं। पर मैं
(05:21) एक्चुअली चाहता हूं एक ऐसे एरिया में डेवलप करना जिसके बारे में लोग बात थोड़ी कम करते हैं। डॉक्टर साहब सबसे पहला जो सवाल मैं आपसे पूछना चाहती हूं वो यही है कि आज के टाइम में जब फर्टिलिटी की बात होती है जब प्रोक्रिएशन की बात होती है, बच्चा पैदा करने की बात होती है तो बहुत सारे सेंटर्स वुमेन सेंट्रिक होते हैं। औरतों में क्या फर्टिलिटी इश्यूज हैं? क्या हार्मोनल इमंबैलेंस है? क्या पीरियड्स को रिलेटेड इशूज़ हैं? पीसीओडी, पीसीओएस बहुत सारा एक मार्केट है और बहुत सारा एक कन्वर्सेशन है। लेकिन मेन के बारे में बहुत कम बात होती है। सो आपने मेन
(05:54) फर्टिलिटी इश्यूज पर फोकस करने के बारे में क्यों सोचा? एंड व्हाई वी डोंट टॉक अबाउट मेन फर्टिलिटी इश्यूज एज मच एस वी डू टॉक अबाउट वुमेनस? बहुत बढ़िया सवाल है। आपको ये जान के बड़ा ताज्जुब होगा कि अगर 100 लोगों के बच्चे नहीं हो रहे। 30 में आदमी के कारण, 30 में औरत के कारण और 40 में दोनों के कारण होते हैं। तो मोटा-मोटा 50% कारण इनफर्टिलिटी का आदमी है। और दुख की बात क्या है कि हर समय एक सास अपनी बहू को एक मां अपनी बेटी को ले जाती है। और जब आदमी से कहा जाता है कि तुम भी चले जाओ तो या तो डरता है जाने से। क्योंकि आदमी अपना ब्लड टेस्ट करा
(06:32) लेगा, शुगर का टेस्ट करा लेगा। पर एक बात बताऊं सीमन टेस्ट नहीं कराएगा। ना जाने क्यों उसको मदानगी से कनेक्ट करता है। जबकि एक छोटा सा टेस्ट ही तो है। तो इस कारण से आदमियों को जरूरत है अपनी फर्टिलिटी देखने की। आपको एक आंकड़ा दूंगा छोटा सा। इस कंट्री के अंदर 140 142 करोड़ लोग हैं। इनमें से 16% के बच्चे नहीं है जिनमें 8% कारण आदमी है। 10 करोड़ आदमी बिना बच्चे के और कोई किसी से बात नहीं करता। 1% आदमी एजोस्पर्मिक है। मतलब 100 में से एक आदमी के स्पर्म नहीं है और वह सोचता है मैं
(07:18) अकेला हूं। अगर बस में एक साथ जा रहा हो तो शायद उसके बराबर वाले बैठे हुए के भी स्पर्म नहीं होंगे। पर पता है इस बारे में कोई किसी से बात नहीं करता। तो यह एक ऐसा एरिया है जो एक टैबू भी है। लोग बात नहीं करना चाहते। ना जाने शर्माते क्यों हैं? क्योंकि एक ब्लड टेस्ट और एक सीमन टेस्ट में सिर्फ एक ही तो फर्क है कि सैंपल कहीं और से लिया जा रहा है। वरना सैंपल तो उसी इंसान का है। और पुरानी जर्नी की अगर बात करूं आपसे तो बड़ी इंटरेस्टिंग चीज है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मैं पढ़ा तो जब मैं सर्जिकल रजिस्ट्रार था तो हमारे एक
(07:51) टीचर थे बड़े कमाल के आदमी। तो वो ऑपरेट करके टेस्टीज में से स्पर्म्स निकालते थे। तो माइक्रोसर्जरी करके जब वो स्पर्म निकालते थे तो वह कहते थे 3 घंटे बाद जिंदल आई हैव फाउंड अ स्पर्म पर मैं कहता था आप इसका करोगे क्या तब इ्सी था नहीं तो 2004 में जब इ्सी चालू किया इ्सी क्या है इज इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन बड़ी इंटरेस्टिंग सी चीज है हमारा अगर हम बाल देखें तो फील करें तो हमें मालूम चलता है स्पर्म इसके 1000वें हिस्से जितना छोटा है। तो आईवीएफ के अंदर क्या करते थे कि अंडे के अंदर आपने स्पर्म मिलाए और अपने आप चला
(08:28) गया। लेकिन जब जाता नहीं था तो क्या करो? तो 1992 में पैलेरेमो ने एक जादू किया जिसमें एक स्पर्म सिंगल स्पर्म को अंडे के अंदर प्रवेशित करा के इंजेक्ट करके और आप सोच सकते हैं कि बाल के 1000व हिस्से जितना छोटा स्पर्म इंजेक्ट करके और बच्चे बना के रखना शुरू किया। लेकिन अगर हम इसी स्पर्म को टेस्टिस से निकाल के एक एजोस्पर्मिक आदमी का और अंडे में प्रवेशित कर सकें तो जो आदमी एजोस्पर्मिक मतलब जिसके स्पर्म नहीं है उसी का बच्चा उसे पैदा करके दिया जा सकता है। एक तरह से स्पर्म डोनेशन एक आदमी का दूसरे आदमी को। नहीं मैं आपको समझाता हूं। एक हस्बैंड एक
(09:12) वाइफ है। वाइफ बिल्कुल ठीक है। हस्बैंड के स्पर्म नहीं है। तो अब तक रास्ता क्या था कि आप एक डोनर का स्पर्म ले लीजिए। अंडे में प्रवेशित कर लीजिए या आईयूआई कर लीजिए। एक पिक्चर डोनर वो क्या थी? विक्की डोनर और कमाल की हुई। लेकिन आज के दिन में आप उसी आदमी का जिसका स्पर्म नहीं है उसकी टेस्टीज में से स्पर्म को निकाल के माइक्रोस्कोप से और वाइफ के अंडे में प्रवेशित करा के बच्चा बना के उसी का बेबी उसे दे सकते हो। व्हिच मींस अ मैन एन एजोस्पर्मिक मैन कैन एक्चुअली फादर हिज ओन चाइल्ड। बट यू सेड ही इज़ एजोस्पर्मिक। मतलब उनका स्पर्म नहीं है। तो
(09:49) सीमन में नहीं है ना? पर टेस्टीज में बनता हुआ हो सकता है। एंड 70% आदमी जो एजोस्पर्मिक है उसका टेस्टीज में से बनता हुआ स्पर्म निकाला जा सकता है। तो जब सारी चीजें हुई ना डॉट्स कनेक्ट कर गए यह काम करने लगा और मैं हमेशा एक चीज कहता हूं हर चीज पैसा खरीद सकती है। पर नो मनी कैन बाय दिस। डॉक्टर साहब, एक आदमी का स्पर्म काउंट डिक्लाइन होने के अर्ली साइन क्या है? बड़ी अजीब सी चीज है। लोग इसे इग्नोर करते हैं। जल्दी पकड़ लो तो बेहतर हो जाएगा। आपकी सेक्स की इच्छा कम करती है। आपका मूड डाउन होता है। आपके पेट के ऊपर चर्बी आनी
(10:28) शुरू होती है। एंड मोस्टेंटली आपका सेक्स का मन करना बंद होता है। पर एक चीज और बताऊं जो इसमें होती है। इस कंडीशन के अंदर नॉर्मली एक इंसान इरिटेबल हो जाता है। अगर यह सारी चीजें आपके साथ हो रही हैं तो शायद आपका टेस्टोस्टरॉन डाउन हो रहा है और आपके स्पर्म काउंट में प्रॉब्लम होगी और अगर आपकी शादी हो चुकी है और बेबी नहीं हो रहा तो 6 महीने के अंदर-अंदर जाके अपने स्पर्म को टेस्ट करा लीजिए। व्हाई मेंस फर्टिलिटी इज सच अ टैबू टॉपिक? और इससे इतना ज्यादा शेम क्यों अटैच्ड है? देखिए एक सिंपल सी बात आपको बताता हूं। आदमी की परवरिश और औरत की परवरिश अलग होती
(11:04) है। आदमी की परवरिश होती है। जहां उसे परफॉर्मर बताया जाता है। बचपन से ले बड़े तक उसे बताया जाता है। मर्द को दर्द नहीं होता। आदमी रोता नहीं है। तो जब यह चीज आती है और स्पर्म नहीं होता तो वो स्पर्म को अनफॉर्चूनेटली हमारे सिस्टम में मदानगी से अटैच कर देता है। अपनी वाइफ को भी नहीं बताता। 70% पेशेंट जिसके स्पर्म रिपोर्ट में निकलता है कि नहीं है। पहले तो अपना स्पर्म टेस्ट नहीं कराने आता। जब टेस्ट करा लेता है और स्पर्म उसमें निल आता है तो मैंने लोगों को जोर-जोर से रोते देखा है। पर अगला सेंटेंस ये कहते सुना है मेरी वाइफ को मत बताना। देखिए हमारी सोसाइटी
(11:45) में दो बड़ी अजीब सी चीजें हैं। मैंने शुरू में भी कहा ब्लड टेस्ट कोई करा लेता है, शुगर का टेस्ट करा लेता है, कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट करा लेता है। पर ना जाने क्यों सीमन का टेस्ट कराने में लगता है कि मददानगी पेश हो जाएगी। डॉक्टर साहब क्योंकि यह वाले सारे टेस्ट जो हैं इन्हें नॉर्मल कहा जाता है और इनको आपकी वाइटालिटी से रिलेट किया जाता है कि अगर यह टेस्ट आपके कराए जाए और सही नहीं आया तो आपकी वाइटिलिटी पे क्वेश्चन है तो उसको आप यह चीजें कर लो या डाइटरी प्रैक्टिससेस कर लो ऐसे सॉल्व कर लो ये मेडिसिन खा लो तो यह ठीक हो जाएगा। पर हम
(12:13) अपनी सेक्सुअल हेल्थ को अपना साइन ऑफ़ वाइटालिटी लेते ही नहीं है। जबकि मुझे लगता है सबसे बड़ा साइन ऑफ़ वाइटालिटी इज दैट बिकॉज़ उस उससे आप जो नेक्स्ट इन लाइन क्रिएट करोगे, प्रोक्रिएट करोगे अपना बच्चा दैट इज़ कनेक्टेड टू दैट। उससे ज्यादा वाइटल और क्या हो सकता है? एब्सोलुटली। एंड द इंटरेस्टिंग थिंग इज़ कि स्पर्म हेल्थ सिर्फ आपके स्पर्म के बारे में नहीं बताता। वो आपकी पूरी बॉडी की हेल्थ के बारे में बताता है। सेक्सुअल हेल्थ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन सिर्फ आपके इरेक्शन के बारे में नहीं बताता। वो आपके पूरे बॉडी के बारे में मतलब आपको एग्जांपल देता
(12:45) हूं। एक 1 मिलमीटर आर्टरी स्टोरी है। देखिए हमारी पेनिस के अंदर जो आर्टेरियोल्स होती हैं वह एक से 2 मि.मी. की होती हैं। और हमारे हार्ट के अंदर जो आर्टरीज होती हैं आर्टेरियोल्स वो तीन से 4 मि.मी. की होते हैं। तो जब कोलेस्ट्रॉल से ब्लॉक होते हैं पहले पिनाइल आर्टरीज होती हैं। फिर हार्ट होता है। तो कहानी क्या होती है? कि अगर यंग एज में किसी को रेक्टाइल डिस्फंक्शन है तो तीन से 5% तीन से पांच गुना चांसेस हैं कि अगले 5 साल में उसे हार्ट अटैक पड़ेगा। क्यों? क्योंकि पिनाइल आर्टरी वन टू 2 मिलमीटर बंद हुई है तो तीन से चार वाली भी तो
(13:22) जल्दी होगी। इसलिए बड़ा जरूरी है कि वाइटालिटी के हिसाब से मैं एक चीज बताऊं आपको सिंपल। हेल्थ का बैरोमीटर आपका इरेक्शन है। यंग एज में अगर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो रही है, दिल का टेस्ट करा लो। बरखुरदार ना जाने दिल में क्या पक रहा होगा। बाय यंग एज व्हाट डू यू मीन? स्पेसिफाई दैट। किस उम्र को यंग कहेंगे? 30 टू 40 इयर्स से कम में अगर आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है, आप डायबिटिक हो, आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, या आपको डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल का पता भी नहीं है, तब भी आपको अपना कार्डियक चेकअप और कोलेस्ट्रॉल का चेकअप कराना जरूरी है।
(14:04) बिकॉज़ यंग एज के अंदर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कैन लीड टू दिस। एक। नंबर दो, आपको जान के बड़ा ताज्जुब होगा। सबसे बड़ा एपिडेमिक अगर इस दुनिया में कोई है तो वह आज के दिन में सेक्सुअल डिस्फंक्शन है। 40 साल की उम्र तक 40% आदमी किसी ना किसी टाइम पर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से सफर किया है। और बड़ी अजीब सी चीज आपसे कहूं जान के ताज्जुब करे गए। किसी को बताता नहीं चुपचाप बैठा रहता है और अगर एक बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो जाता है उसको तो खतरनाक चीज एक और होती है। और पता है क्या होती है? उसकी डिजायर कम हो जाती है। क्योंकि जैसे एक बच्चा होता है इम्तिहान में फेल हो जाए
(14:46) तो कहता है ना जी पढ़ाई में जीनियर कर रहा। एक बच्चा साइकिल चलाने जाए और साइकिल से गिर जाए। कहता है मुझे साइकिल नहीं चलानी। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन अगर किसी को हो जाता है यंग एज में तो उसकी डिजायर भी कम हो जाती है। अपनी पार्टनर से इंटिमेसी में दूर हो जाता है। डिस्कस नहीं करता, बात नहीं करता और दूर होने की वजह से वाइफ सोचती है शायद किसी और से संबंध हो गया है इसका। और दुख की बात क्या होती है? इंटिमेसी के साथ में रिलेशनशिप भी खराब हो जाती है। मतलब मोहब्बत की स्टेम गहराई में दिल में होती है। और यह सारी चीज ओपननेस को क्योंकि बंद करती है। हिंदुस्तानी आदमी
(15:22) की एक परेशानी और है। वो ओपन नहीं होता। स्पीक नहीं करता। दिल की बात नहीं करता। मैं अगर आपको एक बात कहूं सेक्स लिंग भी नहीं होता। सेक्स होता है एस ई एक्स एस का मतलब स्पीक ओपनली ई का मतलब एक्सप्रेस इमोशनली और एक्स का मतलब एक्सपेक्ट लव एंड गिव लव तो सेक्स की कहानी कुछ इसी तरह की है। और अगर आपको और इंटरेस्टिंग एक बात कहूं आदमी और औरत का सेक्स की तरफ का रुझान भी फर्क होता है। मैं आपसे वो भी पूछना चाहती थी
(16:08) व्हाट इज गुड सेक्स फॉर मैन? परफॉर्मेंस दैट्स द वे दे ब्रॉट अप। दे जस्ट वांट टू परफॉर्म। हाउ वेल हैव दे परफॉर्म्ड। बल्कि डीपली उनको ऐसा महसूस हो जाता है कि अगर परफॉर्म बढ़िया कर लिया तो शायद इस औरत की नजरों में मैं चढ़ जाऊंगा। एंड दिक्कत क्या हुई है कि आज के दिन में मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स होने से यह और भी इंपॉर्टेंट हो गया। आप कनेक्ट तो इंसान से कर नहीं सकते। आप उससे इमोशनली कनेक्ट नहीं किए हो। सिर्फ कहानी ये होती है कि आपकी परफॉर्मेंस कैसी है? और परफॉर्मेंस को एक आदमी किस तरह से देखता है? परफेंस दो तरह से देखता है। इरेक्शन कितनी
(16:45) देर लास्ट किया और क्या कर गया? फिर दिक्कत एक और होती है कि जब चार दोस्त आपस में मिलते हैं। यह मैंने बड़े गौर से देखा है। मेरे पास में ना बहुत सारे पेशेंट्स ऐसे आते हैं जिनकी शादी होने वाली होती है और डरे हुए होते हैं और क्या कहते हैं कि डॉक्टर साहब मैं वो नहीं हूं जो मेरे दोस्त हैं। मैंने कहा क्या मतलब? कि मेरे दोस्त कहते हैं कि हम तो रात में चार-चार पांच-प बार कर जाते हैं। और मैंने यहां गर्लफ्रेंड के साथ में ट्राई किया और एक से ज्यादा कर ही नहीं पाया। तो यह जो कहानियां होती हैं जो अपने दोस्तों से सुनते हैं जहां आदमी एक बादशाह बनना चाहता
(17:23) है परफॉर्मेंस का उन कहानियों को सुनकर आदमी सोचता है कि सेक्स परफॉर्मेंस है। मतलब एक उनको इंडिकेटर मिल जाता है। एक नंबर मिल जाता है। अगर आप वहां तक नहीं हो तो आप कुछ कम हो। नहीं परफेक्ट। नंबर एंड टाइम। आदमी को यह लगता है कि मैं 10 मिनट तक लगा रहा। और जबकि आपको एक सच बात बताऊं सेक्स बिल्कुल एक अलग चीज है। और वुमेन की थिंकिंग सेक्स के बारे में बिल्कुल अलग है। वुमेन को सिर्फ प्रेजेंस चाहिए, सिक्योरिटी चाहिए। देखिए आदमी के अंदर हॉर्मोन होता है टेस्टोस्टेरोन। जब वो सेक्स कर लेता है तो टेस्टोस्टरॉन डिप मारता है। और जब तक मैं आपको एग्जांपल
(18:04) देता हूं। देखिए एक कैफेरिया में अगर आप एक गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड को बैठे हुए देखो और गौर से उनको दूर से देखो तो आप 2 सेकंड में समझ जाओगे यह गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड है। और जब आप एक हस्बैंड वाइफ को देखते हो तो आप समझ जाते हो यह हस्बैंड वाइफ है। क्यों? क्योंकि जब एक गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड बैठे हैं तो लड़के का टेस्टोस्टेरोन बहुत हाई है। वो टेस्टोस्टरॉन हाई रहेगा। आंखों में आंखें देख के उसको देखता रहेगा। हिलेगा नहीं। ये भी टेस्टोस्टरॉन गमन करता है। टेस्टोस्टरॉन गमन करता है। बड़ी खूबसूरती से इस चीज को। एंड वुमेन को चाहिए। सेक्स
(18:40) के अलावा ये सब भी जो इंटिमेसी का पार्ट है जो लव का पार्ट है कंपैशन केयर एमथी का पार्ट है अब्सोलुटली वो भी टेस्टोस्टरॉन टेस्टोस्टरॉन करता है और वुमेन में क्या होता है वुमेन को प्रेजेंस चाहिए होती है तो उसका पहला हॉर्मोन जो हाय अगर आदमी कर दे होता है तो उसको बोलते हैं डोपामिन डोपामिन अ फील हैप्पी हॉर्मोन जो कुकेन करता है तो शी गॉट टू फील हैप्पी विथ दैट मैन डोपामिन गोज़ अप एंड द सेकंड हॉर्मोन व्हिच गोस अप इज ऑक्सीटोसिन ऑक्सीटोसिन इज कडल मी लव टच मी लव मी सेक्स कम्स लेटर ऑन बट दिस इज़ व्हाट अ वुमन वांट्स सो अ वुमन वांट्स
(19:23) प्रेजेंस अ मैन वांट्स परफॉर्मेंस एंड फॉर सेक्स टू बी कंप्लीट इट इज नॉट परफॉर्मेंस इट इज बीइंग फॉर दी अदर पर्सन विद एज आई टोल्ड यू एस ई एक्स बाय स्पीकिंग ओपनली एक्सप्रेसिंग इमोशनली एंड हैविंग द एक्सपेक्टेशन ऑफ लव। सो यू थिंक दैट मैन समवेयर हैव दिस डेफिनेशन एंड द आईडिया ऑफ़ सेक्स लेबल्ड और गिवन टू देम रोंगली और दे हैव अडॉप्टेड इट रोंगली? ब्यूटीफुल क्वेश्चन। यू नो जब लड़के का जन्म होता है घर में तो शुरू से उसे बताया जाता है तुम्हें कर्म करना है।
(20:08) तुम रो कैसे सकते हो? तुम तो आदमी हो। एंड हर चीज में परफॉर्म करना उसे करेक्ट लगता है। दोस्तों के साथ भी जब वो बात करता है तो परफॉर्मेंस की ही कहानी आती है। और यह बड़ी खूबसूरत एक चीज है। अगर हम देखें सेक्स के इशू में आदमी इसकी वजह से सफर भी बहुत करता है। मैं आपको आज एक एग्जांपल देता हूं। 60% कॉज ऑफ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इन न्यूली वेड्स इज परफॉर्मेंस एंग्जायटी। मैं आपको बड़ी इंटरेस्टिंग स्टोरी बताता हूं। आई आई वांट टू आल्सो टॉक अबाउट परफॉर्मेंस एंग्जायटी। डॉक्टर साहब क्योंकि ए्जायटी जो होती है काफी बार रियल नहीं होती है।
(20:54) मतलब व्हाट आई एम ट्राइंग टू से इज़ दैट योर परफॉर्मेंस एंग्जायटी हैज़ गॉट नथिंग टू डू योर विद योर परफॉर्मेंस। आपका आईडिया ऑफ परफॉर्मेंस क्या है? वहां से शायद एंजाइटटी आ जाएगी। आपको लगता है यह वाली परफॉर्मेंस परफेक्ट होती है और यह नहीं हो रही है तो एशियस आप उसे लेकर। जबकि जो आपकी परफॉर्मेंस है शायद वो ठीक है। अब्सोलुटली आपको बड़ी इंटरेस्टिंग कहानी सुनाता हूं इस बारे में। मेरी क्लनिक में खैर मैं तो रोज एक नई चीज देखता हूं। एक नई चीज मुझे दिखती है। समझ में आती है। मेरी क्लनिक में एक कपल आया। इट वास अ यंग गर्ल। ब्यूटीफुल वूमन। शी केम इन। शी वास
(21:25) अब्सोलुटली यंग। शी हैड गॉट मैरिड टू दिस जेंटलमैन हु वाज़ आई थिंक अबाउट 10 इयर्स ओल्डर टू हिम। शी केम एंड एंड सेड डॉक्टर साहब आई वांट हिम टू बी ट्रीटेड। आई वांट हिम टू बी ट्रीटेड। आई लुक एट द मैन। आई सेड व्हाट्स द प्रॉब्लम? सो आई आस्क्ड आपको दिक्कत क्या है? तो एक क्लनिक में घुसने से पहले एक फॉर्म होता है जो मेरा पेशेंट भरता है जिसमें सारी की सारी चीजें भरता है। तो इंस्टेड ऑफ द मैन फीलिंग द वुमन हैड फिल्ड इट अप एंड द वुमन हैड फिल्ड अप पुअर परफॉर्मेंस लो टाइमिंग इंस्टेड ऑफ राइटिंग एनीथिंग सो आई आस्क द मैन व्हाट्स द
(22:03) प्रॉब्लम ही सेड देयर इज नो प्रॉब्लम शी लुक्ड एट हिम एंड सेड बता क्यों नहीं देते कि 5 से 6 मिनट से ज्यादा तुम लास्ट नहीं करते नाउ द ट्रुथ इज अ मैन हैज़ टू लास्ट फॉर फाइव इयर्स मैक्स और प्रोब्ली सिक्स और सेवन ही वास वाज़ अब्सोलुटली नॉर्मल बट द आइडिएशन इन द वुमस माइंड एट दैट मोमेंट सीइंग सो मेनी फिल्म्स सो मच ऑफ़ पोर्नोग्राफी इज दैट मैन लास्ट फॉरएवर। सो बेसिकली इट्स नॉट ओनली मैन जिनके दिमाग में परफॉर्मेंस का जो एक आइडिया है वो रॉन्ग है। इट इज़ आल्सो देयर पार्टनर्स जिनको लगता है कि यह परफॉर्मेंस होनी चाहिए। अब्सोलुटली।
(22:45) द होल एक्सपेक्टेशन फ्रॉम सेक्स एंड द वर्ड परफॉर्मेंस इज़ एक्सट्रीमली ब्रूटल। इज अबब्सोलुटली ब्रूटल एंड आई विल कम ऑन टू समथिंग एल्स विद इट व्हिच इज क्रेजी सी दी नॉर्मल टाइम ऑफ अ मैनस वुमेन पीपल थिंक सेक्स इज़ ऑर्गज़्म सेक्स इज़ ऑर्गनिज़्म एंड वी नीड टू ऑर्गेनिज्म टुगेदर। सो द नॉर्मल टाइम ऑफ़ अ मैनस ऑर्गेनिज़्म एवरेज इज़ 5 मिनट्स। एंड द नॉर्मल टाइम ऑफ अ वुमस ऑर्गेनिज्म एस पर डाटा इज 18 मिनट्स। वाओ सो इफ यू लुक देयर इज़ अ डिफरेंस ऑफ़ 13 मिनट्स। सो इज इट समथिंग इंपॉसिबल दैट वी आर ट्राइंग टू ब्रिज?
(23:28) नो इट्स समथिंग इंटरेस्टिंग वी ट्राइंग टू टॉक। बिकॉज़ दिस 13 मिनट्स गेट ब्रिज्ड बाय फोर प्ले एंड प्रोबेब्ली दी रिलेशनशिप व्हिच पीपल हैव। सो सेक्स एक्चुअली कनेक्टिंग वि ह्यूमन बीइंग्स कनेक्टिंग वि योर पार्टनर स्पीकिंग इमोशनली वेयर शी फील्स सेफ वेयर हर ऑक्सीटोसिन गोज़ अप आउट ऑफ लव वेयर शी फील्स सिक्योर दिस मैन इज गोइंग टू कीप मी सिक्योर सो सेक्स फॉर अ वूमेन इज़ अबब्सोलुटली डिफरेंट सो जैसा आपने कहा कि आईडिया ऑफ़ सेक्स इज़ डिफरेंट फॉर मैन एंड वीमेन व्हाट इज द आइडिया ऑफ़ हैविंग किड्स फॉर मेन एंड वुमेन बोथ व्हाई डस अ मैन वांट अ चाइल्ड एंड
(24:13) व्हाई डस अ वुमेन वांट अ चाइल्ड डू दीज़ टू वर्ल्ड मीट समवेयर या दो बहुत अलग रीज़ंस है बहुत अलग दुनिया है जिस वजह से बहुत अलग डायमेंशन में इश्यूज है प्रोक्रिएशन इज समथिंग व्हिच गॉड हैड वायर्ड अस अप फॉर इट्स नॉट अबाउट ह्यूमन बीइंग्स इट्स अबाउट एनीथिंग इट मे बी अ बर्ड इट मे बी अ रैट इट मे बी अ मंकी इट मे बी अ ह्यूमन बीइंग वी वर वायर्ड फॉर प्रोक्रिएशन बट व्हाई डस अ मैन वांट अ चाइल्ड अ वुमेन वांट्स अ चाइल्ड बिकॉज़ शी हैज़ समथिंग इन हर बॉडी व्हिच नीड्स टू एक्सप्रेस एंड अ मैन वांट्स अ चाइल्ड बिकॉज़ ही वांट्स टू कंप्लीट दिस एक्सप्रेशन
(24:58) एंड द वुमन कंप्लीट थ्रू हिम। सो अ मैन वांट्स अ चाइल्ड बिकॉज़ ही आल्सो डीप डाउन डिजायर्स चाइल्ड एंड प्रोब्ली ओन चाइल्ड मैं एक बात हमेशा अपने पेशेंट से कहता हूं। बच्चा बहुत प्यारा होता है। जनने वाली मां होती है और पालने वाला बाप होता है। मेरे पास में जब भी बहुत से लोग आते हैं इज़ अ वूमन हु कम्स विद लो एग्स डोनर एग की शायद जरूरत है। देयर इज़ अ मैन हुज एजोस्पर्मिक टेस्टीज में से अगर नहीं मिलता तो। तो वो कहते हैं हमारा अपना बच्चा होगा क्या? तो एवरी ह्यूमन बीइंग वांट्स देर ओन चाइल्ड बट अ डीपर सेंस देन दैट इज दैट अ वुमेन वांट्स टू बेयर अ
(25:41) चाइल्ड एंड गिव बर्थ टू दैट चाइल्ड एंड अ मैन वांट्स टू प्रोबेब्ली हैव हिज ओन चाइल्ड बट अगर बच्चा होता है उसे वो पालना चाहता है। हमें डाटा से पता चला है कि 82% ऑफ आवर व्यूअर्स आर स्टिल नॉट आवर सब्सक्राइबर्स। तो अगर आप उन लोगों में से हैं जो इस चैनल पर आते हैं, पडकास्ट देखते हैं लेकिन अब तक सब्सक्राइब नहीं किया है, बेल आइकॉन नहीं प्रेस किया है या आप हमारे पॉडकास्ट से इंगेज नहीं करते तो प्लीज गिव अस अ चांस क्योंकि जब आप ऐसा करते हैं तो एल्गोरिदम्स इन कन्वर्सेशंस को इन मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस को एक बहुत बड़े क्लटर ऑफ कन्वर्सेशन के बीच में से लोगों
(26:17) को पहुंचाने की कोशिश करता है। तो डु सपोर्ट अस इफ यू लाइक द वर्क डैट वी आर डूइंग। थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस सो फार एंड नाउ लेट्स गेट बैक टू द पॉडकास्ट। लेकिन डॉक्टर साहब आप कह रहे हो कि यह हम वायर्ड हैं इस चीज के लिए। लेकिन इन मॉडर्न का कॉन्टेक्स्ट जो आज हम 2025 में जो वर्ल्ड देख रहे हैं स्पेशली अगर मैं एक कॉस्मोपॉलिटन सिटी दिल्ली एनसीआर की बात करूं जहां हम इस वक्त बैठे हैं। ये पॉडकास्ट शूट कर रहे हैं। बहुत सारे कपल्स हैं जिनको बच्चा नहीं चाहिए। डिंग्स डबल इनकम नो किड्स इज अ वेरी पॉपुलर टर्म दैट इज़ फ्लोटिंग अक्रॉस दी डेज। हम देखते हैं
(26:49) कि लोग 40 तक आकर भी नहीं प्लान करते और कई लोगों ने सोच ही लिया है कि हमें बच्चा नहीं पैदा करना है। तो जो हमारा नॉर्मल इंस्टिंक्ट है जो आप कह रहे हो गॉड गिवन इंस्टिंक्ट है कि आपको प्रो क्रिएट करना है। आपको अपनी अगले वंश को आगे बढ़ाने की इच्छा है। लेकिन बहुत सारे लोग इससे ऑप्ट आउट भी कर रहे हैं। तो ऐसा क्यों हो रहा है? फिर एंड इज इज इज इज इज इज इज इज इज इज इट हेल्दी? नो नो आई आई विल टॉक अबाउट दिस अ वेरी ब्यूटीफुल क्वेश्चन यू हैव आस्क्ड। आई हैव वेरी डीपली ट्राइड टू एनालाइज पीपल एंड टॉक टू देम। आई गेट अ लॉट ऑफ पीपल फ्रॉम
(27:16) कॉस्मोपॉलिटन एरियाज हु से वी डोंट वांट चिल्ड्रन उनकी मदर इन लॉ उनके फादर उनकी मदर उन्हें ले आते हैं। उनका बच्चा ना करने के दो बेसिक इशूज़ होते हैं। डीपली आप उनसे पूछो तो पहली चीज है वो बोलते हैं करियर। सेकंड चीज जो वो बोलते हैं बच्चा नहीं चाहिए। बच्चा करके कर क्या लेंगे? हम भी पैदा हो गए तो क्या फर्क पड़ गया? इट्स समवेयर अ रिबेलियंट डीप डाउन व्हिच इज एक्सिस्टिंग इन देम। एक और रीजन है डॉक्टर साहब जो मैं अमूमन अपने सर्कल्स में सुनती हूं कि द वर्ल्ड हैज़ बिकम सो नेगेटिव कि हम एक और बच्चा लाके इस वर्ल्ड में हम क्या दे रहे हैं? हम उनको अच्छी हवा नहीं
(27:51) दे सकते। हम उनको अच्छी सांस नहीं दे सकते। हम उनको अच्छे लोग नहीं दे सकते। मतलब हमारा होल वर्ल्ड यू हैव बिकम सो नेगेटिव एंड सपोर्टेड बाय डेटा व्हिच इज़ पोलूशन व्हिच इज़ डाइटरी चॉइससेस। जस्ट बंच ऑफ़ थिंग्स। नो नो दैट्स अ दैट्स अ जस्टिफिकेशन ऑफ़ समथिंग व्हिच यू डीप डाउन डू नॉट वांट टू डू व्हिच दी वर्ल्ड इज़ सेइंग। बट डीप डाउन उसके बाद में होता क्या है? मैं इतने लोगों को जानता हूं हु डोंट हैव अ चाइल्ड व्हेन द चाइल्ड नीड्स टू बी बोर्न। सी व्हाट हैप्स इज अ वूमन हैज़ बेस्ट फर्टिलिटी टिल 30 इयर्स ऑफ एज। 30 इयर्स के बाद में एग की क्वालिटी और नंबर
(28:25) दोनों गिरने शुरू होते हैं। और जब गिरने शुरू होते हैं, प्रोक्रिएशन और प्रेगनेंसी होने का चांस कम होता है। मैं दो चीज़ कहता हूं। दो चीज़ बड़ी इंपॉर्टेंट है आपकी फर्टिलिटी के लिए। नंबर एक ऐज ऑफ़ द वूमेन। एंड नंबर टू टाइम फ्रॉम मैरिज। जो बीमारी आपको 10 साल पहले बच्चा नहीं दे रही आज वह बढ़ी हुई है और अब से 2 साल बाद और बढ़ी हुई मिलेगी। और नंबर दो औरत की उम्र 30 साल के बाद में ओरिजिनल डिजाइन में फर्टिलिटी डाउन जाने लगती है। अब होता क्या है? यह लोग 40 साल की उम्र में आते हैं और कहते हैं अब हमें बच्चा चाहिए। अंडा बन नहीं रहा होता।
(29:06) डोनर एक से बच्चा चाहते नहीं। आज के दिन में 38, 39, 37 इयर्स में देयर आर सो मेनी पेशेंट्स हु कम टू मी हु वांट देर ओन एग एंड गेटिंग अ चाइल्ड वि देयर ओन एग इज एक्सट्रीमली चैलेंजिंग। होता है पर नेचुरली नहीं हो पाता ना बहुतों में। एक नंबर दो ऐसा है देखिए यह समय का फेर होता है। इंसान को अपनी अंतरात्मा से पूछना होता है वह चाहता क्या है? दुनिया के लिए नहीं, करियर के लिए नहीं। शायद एक आदमी और औरत जब एक दूसरे से मोहब्बत करते हैं और अपने आप में अपने आप को एक बच्चे के रूप में देखना चाहते हैं या कुछ अपनी क्रिएशन देखना चाहते हैं तो एक बच्चा पैदा करना
(29:53) चाहते हैं और अगर नहीं कहना चाहते तो अपने रीज़ंस होते हैं। कुछ टाइम बाद उनमें से कुछ रियलाइज करते हैं तब तक समय बीत चुका हो। यह कॉमन प्रैक्टिस मैं देख रही हूं डॉक्टर साहब जो आपने कहा कि आप अपने रिलेशनशिप के अर्ली 10 15 सालों में जो लोग बहुत जल्दी रिलेशनशिप में आ जाते हैं मानिए अर्ली 20ज में आ गए और लेट 30ज में जाके उनको लगता है कि अब शायद हमारे थॉट्स बदल गए हैं और अब हम बच्चा करना चाहते हैं और फिर बहुत सारी मुश्किल आती है उनको आजकल बहुत सारे आप सोशल मीडिया पे लोगों को देखिए बहुत सारे इन्फ्लुएंसर्स हैं कॉमेडियंस हैं प्रोफेशनल्स हैं जिन जो लेट
(30:28) 30ज अर्ली 40ज में बच्चा कर रहे हैं या शादी कर रहे हैं तो उनका पहले आईडिया शादी को लेकर बच्चा पैदा करने को लेकर कुछ और था और अब कुछ और हो गया है। तो ये लेट रियलाइजेशन से मेंस फर्टिलिटी पे क्या फर्क पड़ता है? वुमस फर्टिलिटी पे तो आपने बताया कि ऐज का इंपैक्ट है और एग्स क्वालिटी उनकी डिक्लाइन होती है आफ्टर 30। व्हाट इज द इंपैक्ट ऑफ़ एज ऑन मेंस फर्टिलिटी? देयर आर थ्री थिंग्स व्हिच हैपन इन अ मैन विद एज। फर्स्ट थिंग इज़ द डीएनए फ्रेगमेंटेशन ऑफ़ द स्पर्म गोज़ डाउन। द क्वालिटी ऑफ़ द डीएनए गोज़ डाउन। नाउ व्हाट हैपेंस इज़ दैट आदमी का अगर सीमन काउंट भी
(31:02) ठीक आ रहा है, मोटिलिटी भी ठीक है। पर ऐज के साथ में डीएनए अफेक्ट होता है, तो फर्टिलिटी कम हो जाती है। और स्पर्म का नंबर और मोटिलिटी भी अफेक्ट होती है। वुमन जितनी नहीं होती पर आदमी में भी अफेक्ट होती है। एक नंबर दो जब भी आप ज्यादा एज में बच्चा करते हैं तो उसमें जेनेटिक प्रॉब्लम्स होने के चांसेस ज्यादा होते हैं। बिकॉज़ आपके जींस विद एज अलग हो जाते हैं। मतलब आपकी जेनेटिक प्रॉब्लम्स आपके एम्ब्रियो में होने के चांसेस ज्यादा हो जाते हैं। यह एक बड़ी खास बात है जो हमको समझनी है। आपसे एक छोटी सी चीज बताता हूं। देखिए सबसे बड़ा एपिडेमिक
(31:44) अगर इस दुनिया में है वो है स्पर्म काउंट। शोभा जी जान के ताज्जुब कर जाएंगी। पिछले 40 सालों में 60% गिर गया है। मैं नहीं कह रहा यह डाटा कह रहा है मेजर डाटा। एंड कैन यू इमेजिन 95 मिलियन से 44 मिलियन हो गया है। आपको डाटा की एक अलग चीज और बताऊं जान के ताज्जुब करेंगी। 2000 तक ये 1.2% पर ईयर गिर रहा था। आज ये 2.
(32:14) 6% पर ईयर गिर रहा है। डबल से ज्यादा हो गया। डबल से ज्यादा। और आप यह सोचिए अब से 20 साल बाद आदमी घूमेंगे बच्चा कैसे पैदा करूं? और पता है इसका कारण क्या है? सिंपल इस दुनिया की नई दुनिया की कहानी पोल्यूशन खाने में एटमॉस्फेयर में अल्कोहल स्मोकिंग स्ट्रेस स्लीप प्रॉपर ना होना एक हेल्दी लाइफस्टाइल में नहीं रहना। इस दुनिया के अंदर ये मैं हिंदुस्तान की बात नहीं कर रहा हूं। ये डाटा भी बड़ी इंटरेस्टिंग चीज है। ये यूरोपियन और अमेरिकन डाटा है। तो हिंदुस्तान की तो हालत उससे कहीं ज्यादा है। जहां पे कहते हैं वर्क लाइफ बैलेंस इज मच बेटर देन इंडिया।
(32:58) पोलशन इज मच लेस। पोलशन इज मच लेस। खाने के चॉइससेस शायद बेटर हैं। यस। इंग्रेडिएंट्स बेटर है। एटलीस्ट अगर वो उनके डिशेस अलग भी हैं, जंक भी हैं तो भी। तो इंडिया की कहानी तो फिर इससे और ज्यादा खराब होगी। आपको एक बड़ी इंटरेस्टिंग चीज कहता हूं। मतलब आपसे कन्वर्सेशन करते-करते याद आया दिल्ली का पोल्यूशन। अब दिल्ली का पोल्यूशन 2.
(33:20) 5 पार्ट्स पर मिलियन पर पहुंचा हुआ है। यह इतना ज्यादा है कि इसके साथ में हमारे हिंदुस्तान में जो प्लास्टिक का कचरा है माइक्रोप्लास्टिक जिसे बोलते हैं जो आपके प्लास्टिक से भी आता है, नॉन स्टिक पैन से भी आता है। इसने हालत यह कर दी है कि आज के दिन में टेस्टीज के अंदर जहां पे स्पर्म बनते हैं माइक्रोप्लास्टिक्स निकल रहे हैं। एंड कैन यू इमेजिन आपको एक अजीब सी चीज कहूं। मतलब एक अजीब सी चीज दिमाग में ना जाने क्यों इस मोमेंट पे आई कि लंग्स तो सिर्फ खांसते हैं पर टेस्टीज असल में रोती हैं। एक चीज आपसे कहूं आदमी रियलाइज नहीं करता कि सबसे ज्यादा डिवाइडिंग सेल इस बॉडी का
(34:09) सबसे ज्यादा कितने बनते हैं? 60 मिलियन 100 मिलियन आते हैं। करोड़ों स्पर्म हर दिन बनते हैं। फास्टेस्ट फास्टेस्ट ग्रोइंग सेल ऑफ दी बॉडी इज मोस्ट अफेक्टेड बाय पोल्यूशन। मोस्ट अफेक्टेड बाय व्हाट वी ईट स्लीप। आज के दिन में हालत ऐसी हो गई है कि स्लीप लोग नहीं करते टाइम पर। स्ट्रेस के अंदर जीते हैं। दैट्स व्हाट हैज़ हैपन टू दिस पाउ। चलिए आपको बड़ी इंटरेस्टिंग चीज बताता हूं। यह बड़ी इंटरेस्टिंग सी चीज है। देखिए एक चीज जो आपके स्पर्म को बिल्कुल खराब करती है। आपके टेस्टोस्टेरोन को बिल्कुल खराब करती है। वो है ओबेसिटी। आपका स्पर्म आपकी वेस्ट लाइन से मालूम चल
(34:51) जाता है। और आपकी इरेक्शन आपकी वेस्ट लाइन से मालूम चल जाती है। 40% ओबीज आदमी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से सफर करता है। और क्यों करता है? देखिए जो हमारे में टेस्टोस्टरॉन होता है। टेस्टोस्टरॉन आदमी का किंग ऑफ हॉर्मोन है। सब कुछ करता है आदमी के लिए। यह फैट के अंदर तब्दील हो जाता है इस्ट्रोजन में, फीमेल हॉर्मोन में। तो जब यह तब्दील हो जाता है तो होता क्या है? आप इनक्टिव हो जाते हो, सेक्सुअली डाउन हो जाते हो, लेजी हो जाते हो, इरिटेबल हो जाते हो। आपने देखा ना एक आदमी जो चिड़चिड़ा सा घर में बैठा होता है, मोटा सा जो सबको टोकता रहता है और
(35:27) कहता है थका थका सा हूं। उसका टेस्टोस्टरॉन डाउन होता है। मोस्ट प्रोबेब्ली अब वह आदमी का जब फैट बढ़ जाता है, वह और इनक्टिव हो जाता है। जब वह और इनक्टिव हो जाता है, तो एक विशेस साइकिल में उसका टेस्टोस्टरॉन और डाउन होता है। उसका स्पर्म और डाउन होता है। और वो बैठ के खाता क्या है? वो बैठ के लेता है बर्गर। चिप्स नमकीन टीवी के सामने Netflix के सामने बैठकर पूरी कोका कोला की बोतल पी जाता है। बियर पीता है तो बियर लगा जाता है। और इंटरेस्टिंग चीज इस सबके साथ में क्या है कि बियर के साथ में अगर चिप्स के साथ में चीज नहीं खाया तो मजा नहीं आया।
(36:05) मिल मिला के एक विशेस साइकिल में फंस जाता है। सबसे बड़ी बात आपको बताऊं जिंदगी की एक जमाना सोचिए जहां बाजरा, मकई, रागी, होल ग्रेन लिया करते थे। ताजी सब्जी और सीजनल फ्रूट मिला करता था। मैं हमेशा लोगों से कहता हूं दो काम कर लो। हरे रंग की सब्जी खा लो। लाल और पीले रंग के जो फ्रूट्स हैं वह खा लो। जिस चीज के अंदर से छानस निकाली ना हो वह खा लो। मस्त हो जाओ। अपनी औरत को प्यार कर लो। जिंदगी मौज में रहेगी। स्पर्म काउंट के लिए नंबर एक चाहिए फूड। नंबर दो चाहिए सेकंड एफए फिटनेस। आज के दिन में इनक्टिविटी देखी है। अगर आप
(36:53) आधा घंटा रोज दौड़ते हैं, चलते हैं, जिम में जाते हैं तो यह फिटनेस आपकी जिंदगी को बदल देता है। स्पर्म काउंट को बदल देता है। सेक्सुअल हेल्थ को बदल देता है। तो आपको नंबर वन एफ आपको चाहिए फूड। नंबर टू आपको चाहिए फिटनेस। नंबर थ्री चाहिए फ्रेश एयर। मैं एक्चुअली आपको फिटनेस पे रुकना चाहूंगी। बहुत सारे यंग लड़के हैं जो बहुत फिट हैं जो मोटे नहीं है। विसरल फैट जो कि हमारी बेली के आसपास होता है वो उनके अंदर अभी नहीं है लेकिन उनको भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है और या मास्टरबेशन की भी बहुत लोगों को आदत है और वो उससे नहीं निकल पा रहे। क्या मास्टरबेशन से भी आपका
(37:34) स्पर्म काउंट रिलेटेड होता है। जस्ट टेल मी दिस दिस होल आईडिया ऑफ अ हेल्दी पर्सन नॉट बीन एबल टू मेंटेन अ स्पर्म काउंट। एक हेल्दी आदमी अगर स्पर्म काउंट को मेंटेन नहीं कर पा रहा। हेल्दी और यंग। हेल्दी और यंग मेंटेन नहीं कर पा रहा तो इसका एक एक्रोनिम है। मैं आपको इसका एक्रोनिम बताता हूं। तो देखिए इसका एक बड़ा प्यारा सा एक फार्मूला है। किल स्पर्म। स्पर्म को मारता क्या-क्या है? के हो गया किचन टॉक्सिन। किचन टॉक्सिन का मतलब आपके किचन के अंदर के प्लास्टिक्स स्पर्म को मारते हैं। आपके जो यह नॉन स्टिक पैं्स होते हैं इनके ऊपर की सारी
(38:10) चीजें जिस पे पकती हैं स्पर्म को मारते हैं। तो के हो गया किचन टॉक्सिन। तो मतलब थोड़ा ऑयली खा लें लेकिन नॉन स्टिक पे ना खाएं। प्लास्टिक ना लें। स्टील के बर्तन में ले लें। कांच में ले लें। प्लास्टिक की बोतल में पानी ना पिए। टिफिन बॉक्स आपका स्टील का हो। शायद आपका हेप ना लगे पर आपको सच कहूं आपका स्पर्म मस्त हो जाएगा। नंबर दो इनएक्टिविटी के आई इनएक्टिविटी जितनी इनएक्टिविटी है आप एक्सरसाइज नहीं करते, आप फिटनेस नहीं करते, आप हिलते नहीं, आप मूवमेंट नहीं करते, आपके स्पर्म को मारता है। एल लैक ऑफ स्लीप। आपको कम से कम 7 घंटे नींद चाहिए
(38:55) अपना टेस्टोस्टरॉन प्रॉपर करने के लिए। नींद है जब आपका टेस्टोस्टरॉन खिलता है। फिर आता है लो एंटीऑक्सीडेंट। देखिए हमारी जितनी ये पोल्यूशन है, जितनी दुनिया है, यह स्पर्म को मार रही है ऑक्सीडेशन से। अब ऑक्सीडेशन खत्म कैसे होगा? ऑक्सीडेशन खत्म होगा जब हम वालनट, ओमेगा थ्री फैटी एसिड, फिश, हेल्दी, नट्स, फ्रूट्स, ग्रीन वेजिटेबल्स लेंगे। यह जो एंटीऑक्सीडेशन है यह आपके स्पर्म को बचाती है। एक चीज आपको जान के बड़ा ताज्जुब होगा के जिन लोगों के स्पर्म नॉर्मल भी होते हैं बच्चा नहीं हो रहा कह रहे सब कुछ ठीक है बच्चा नहीं हो
(39:40) रहा ऑक्सीडेशन ने उनके स्पर्म का डीएनए खराब किया हुआ है इसलिए लो एंटीऑक्सीडेंट तो अब आ जाते हैं हम स्पर्म पे स्पर्म है एस से है स्ट्रेस स्ट्रेस देखिए चिंता चिता समान आपके स्पर्म को स्ट्रेस क्रॉनिक स्ट्रेस मारता है। पी से पोल्यूशन पोल्यूशन चाहे खाने का हो चाहे नॉइज़ का हो चाहे एटमॉस्फेयर का हो मारता है। ई से आता है ई से आता है। ई से आता है एक्सेस हीट। लैपटॉप आपने रखा हुआ है। सोना में जा रहे हैं। टेस्टिस को 1 डिग्री कम होना है। अगर 1 डिग्री कम होगा बॉडी टेंपरेचर से तभी स्पर्म बनाएगा। आर हो गया रेडिएशन। फोन ले
(40:28) चल रहे हैं जेब में पॉकेट में। रेडिएशन हर हाल में अफेक्ट करती है आपके स्पर्म को। और नंबर चार मेडिसिन और एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स। यह मेडिसिन और एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स जहर हैं। देखिए स्पर्म पता क्या है? आपके लाइफ स्टाइल का रिपोर्ट कार्ड और इस रिपोर्ट कार्ड को संभाल के टॉप कर लीजिए क्योंकि बच्चा तो आप ही को इनसे पैदा करना है। यह है कहानी स्पर्म काउंट की। एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स जो आपने टर्म यूज़ किया, एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स का मतलब क्या है? और ये आपके स्पर्म हेल्थ को कैसे इंपैक्ट करता है? अगर कोई जहर है ना इस दुनिया में वह जिम के अंदर जो सिक्स पैक के आदमी निकल के
(41:11) दौड़ते हैं स्पर्म जीरो होते हैं। सेक्स कर नहीं पाते। सच्चाई क्या है कि जिस जिम में आप आज के दिन में जाते हो आपका जिम का ट्रेनर आपको कहता है आपको जिम की ट्रेनिंग के लिए इंजेक्शन लगाने पड़ेंगे, गोली खानी पड़ेगी, फैट खाने फैट कम करने पड़ेंगे और आपको दूंगा मैं प्रोटीन का डब्बा। इन सबके अंदर एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स टेस्टोस्टेरोन टाइप के होते हैं। अब इसमें होता क्या है यह समझिए। जब आप बाहर से एनाबॉलिक स्टेरॉइड लेते हैं जो टेस्टोस्टरॉन टाइप का होता है तो आपकी टेस्टीज ओरिजिनल डिजाइन में खुद बनाना बंद कर देती है। जब खुद बनाना बंद कर देती है
(41:48) तो आपकी टेस्टीज में जिसमें स्पर्म बनते हैं वो स्पर्म बनाना बंद कर देती है। क्योंकि टेस्टीज के अंदर टेस्टोस्टेरोन चाहिए। नाई होनी चाहिए टेस्टोस्टेरोन में। स्पर्म बनाने के लिए तो आपके ब्लड के अंदर तो टेस्टोस्टेरोन बहुत ज्यादा दौड़ रहा है। टेस्टीज में आपके टेस्टोस्टरॉन है नहीं। स्पर्म गए। नंबर दो जब आप एनाबॉलिक स्टेरॉइड लेते हैं, आपका टेस्टोस्टेरोन हाई हो जाता है। आपके ओरिजिनल हॉर्मोंस ब्रेन के एलएच और एफएसएच कम हो जाते हैं। जब यह कम होते हैं तो होता क्या है? आपकी डिजायर तो बढ़ जाती है कुछ टाइम के लिए। पर जैसे ही आप बंद करते हो वो डिजायर लो
(42:27) होती है और सेक्स की परफॉर्मेंस डाउन हो जाती है क्योंकि बॉडी खुद टेस्टोस्टरॉन बनाना बंद कर देता है। तो जब जिम का ट्रेनर आता है ना बिल्कुल लंबे-लंबे से मसल बना के क्लनिक में रोज आते हैं आके कहते हैं डॉक्टर साहब सेक्स नहीं कर पा रहा। एक फॉरेंस का एक ऐड आया करता था। पता नहीं वो बचपन में हम देखा करते थे और वो होता था कि शरीर इतना बड़ा और दांत इतने कमजोर हाथी हुआ करता था जिसका दांत बड़ा कमजोर हुआ करता था बिल्कुल वही हालत होती है तो एनाबॉलिक स्टेरॉयड आपको किडनी पे लिवर पे तो असर डालता ही है और बहुत सी जगह पे ये फेल भी हो जाती है पर ज्यादा दिक्कत क्या
(43:05) होती है स्पर्म आपके निल हो जाते हैं सेक्स की डिजायर कम हो जाती है आप माचो बनना चाहते हैं वुमेन को अट्रैक्ट करने के लिए पर आप किसी लायक नहीं बचते आपने बात की प्रोटीन के डब्बे की तो जिम्स में जो ये प्रोटीन के डब्बे प्रिस्क्राइब किए जाते हैं जो आज लोग प्रोटीन के डब्बे इतने ज्यादा कंज्यूम कर रहे हैं इससे आप कह रहे हो कि स्पर्म हेल्थ इफेक्ट होती है। बहुत से प्रोटीनंस लेस्ट होते हैं। लेस्ट सॉरी होते हैं। उनके अंदर पड़ा होता है टेस्टोस्टेरोन। प्रोटीन पाउडर्स जो मार्केट में बिक रहे हैं। जी जी। और प्रोटीन पाउडर इतने मार्केट में
(43:37) महंगे-महंगे डब्बे। एक चीज याद कर लो जिस डब्बे के ऊपर गारंटी लिखी हो ना। उसमें कोई ना कोई प्रॉब्लम होगी। मैजिकल पोर्शन एक्चुअली पोइजन होता है। तो आप कह रहे हो कि प्रोटीन पाउडर्स का इंटेक स्पर्म हेल्थ को खराब कर रहा है। मिले हुए प्रोटीन पाउडर जिसके अंदर मिलावट है एनाबॉलिक स्टेरॉइड की। कैसे पता चलेगा कि इस प्रोटीन पाउडर में ये मालूम करना बहुत मुश्किल है। लेकिन आपको एक बेसिक सी चीज बताऊं। लेकिन आजकल तो डॉक्टर साहब प्रोटीन का इतना कल्चर है। इतनी ज्यादा अवेयरनेस है कि आप प्रोटीन कम खा रहे हो। इंडियन डाइट खराब है, कार्बोहाइड्रेट्स बहुत ज्यादा
(44:12) है, प्रोटीन बहुत कम है। एंड आजकल हमको एनकरेज किया जा रहा है प्रोटीन खाने के लिए। तो वन ऑफ द सिंपलेस्ट वे टू इंक्रीस आ प्रोटीन इज टू टेक वन स्कूप ऑफ़ प्रोटीन पाउडर। द सिंपलेस्ट वे टू हैव प्रोटीन इफ यू हैव एग्स इज एग्स। लेकिन डॉक्टर साहब वो तो कह रहे हैं कि आपका जितना बॉडी वेट है उससे 1.5 टाइम्स प्रोटीन खाना है। तो अगर एक 70 किलो का इंसान है वो 100 ग्राम प्रोटीन अंडों से तो नहीं खा सकता। ऐसा है। तो कैसे कंप्रेस करेगा? देखिए एक नॉर्मल प्रोटीन डाइट में अगर आप एग्स लेते हो एक एग के अंदर 6 ग्राम प्रोटीन होता है। सो इवन इफ यू कंज्यूम फोर एग्स इन अ डे व्हिच
(44:46) इज अबाउट 24 ग्राम्स ऑफ प्रोटीन एंड द रेस्ट ऑफ दी डाइट गिव्स यू अ लॉट ऑफ प्रोटीन टू इट इज इनफ टू लीड अ हेल्दी लाइफ इफ यू आर नॉट अ बॉडी बिल्डर। प्लीज गेट व्हाट आई मीन टू से। इट्स मोर देन इनफ। यू नेचुरली कैन गेट प्रोटीन फ्रॉम वे प्रोटीन जिसे बोलते हैं जो आपको पनीर से भी मिल सकता है। आपको वे प्रोटीन प्योर अगर कहीं पे मिलता है उससे भी मिल सकता है। वे प्रोटीन आइसोलेट जिसे कहते हैं। आइसोलेट जिसे बोलते हैं। आपको प्रोटीन दालों में मिल सकता है। वो अलग बात है कि आपको हमारी जो पुरानी इंडियन डाइट होती थी उसमें एक बड़ी कटोरी दाल की सुबह एक बड़ी
(45:25) कटोरी दाल की शाम को ली जाती थी। दही की पूरी की पूरी एक कटोरी ली जाती थी। हरी सब्जी होती थी। डॉक्टर साहब आपने एग्स की बात की और मीट भी एक गुड सोर्स ऑफ़ प्रोटीन होता है। ब्यूटीफुल। लेकिन जो नॉन वेजिटेरियन नहीं है लोग फिर वो कैसे अपना प्रोटीन इंटेक करें? उनके पास में इंटेक करने का तीन ही तरीके हैं। पनीर खाएं। सोया इज वेरी गुड। सोया पनीर ले। लेकिन फिर उससे थायराइड का जो इशू है जो और इश्यूज है वो ट्रिगर हो जाते हैं। व्हाट आई एम ट्राइंग टू आस्क कि जो विशियस साइकिल है जहां पे हमको एक तरफ से एक फ्लड ऑफ इनफेशन आ रहा है कि आपको
(45:57) प्रोटीन लेना है लेना है लेना है वरना ये ये प्रॉब्लम्स हो जाएंगी आपको दूसरा इनफार्मेशन आ रहा है कि अभी प्रोटीन जो कंज्यूम कर रहे हो स्कूप वाला डब्बे वाला प्रोटीन उससे ये कमियां हो रही है तो एक एक इंसान कहां से कंफ्यूजन को सॉल्व करे और कैसे अपने आप के लिए वो जिस एफ की आपने बात की फूड प्लीज सॉल्व दैट फॉर मी प्लीज सॉल्व दैट फॉर माय ऑडियंस फूड मींस नॉन ट्रांस फूड तला हुआ खाना नहीं पाम ऑयल में नहीं नंबर एक नंबर दो कार्बोहाइड्रेट कम सबसे खतरनाक चीज फ्रेंच फ्र्राइ नमकीन जितने पैक्ड आपको मिलते हैं लो क्वालिटी ऑफ ऑयल होता है इनके अंदर सिर्फ कार्बोहाइड्रेट
(46:38) होता है जितने आपको चिप्स के पैकेट मिलते हैं वेफर्स के पैकेट मिलते हैं आफत है आप जो फास्ट फूड में जाके बर्गर गर्स चाऊमीन यह खाते हैं। इट इज नथिंग बट मैदा वाइट फ्लोर अलोंग विद पाम ऑयल। नाउ व्हाट हैपेंस इज दिस ऑयल क्रिएट्स अ क्रेजी स्टोरी ऑफ समथिंग व्हिच एक्चुअली इज ऑक्सीडेशन ऑल ओवर दी बॉडी इंक्लूडिंग स्पर्म्स। मतलब आपको एजिंग भी करता है यह। सीधी सी बात है। सेकंड चीज अब आते हैं प्रोटीन पे। प्रोटीन का बेस्ट सोर्स अगर आप एग्स लेते हैं तो एग्स हैं, फिश है, वाइट मीट है। अगर आप वेजिटेरियन हैं तो पनीर है, सोया पनीर है, दाल है। और अगर आप
(47:22) फिर भी लेना चाहते हैं तो किसी बहुत अच्छे ब्रांड का प्योर वे प्रोटीन ले लीजिए जो सर्टिफाइड हो किसी भी रूप में एक डॉक्टर से जिस पे लिखा हो क्या चीज है जो एफडीए अप्रूव्ड हो और जो एक ऐसी चीज हो जो आपको मालूम हो प्योर मिल जाए। सस्ते के चक्कर में कोई ऐसा डब्बा मत दीजिए जिस पर कोई जादू की चीज लिखी हो। मैजिक गोल्ड, मैजिक डायमंड, मैजिक प्लैटिनम जहां पर ऐसा लिखा हो वो पोइजन आपको मिल सकता है। बेसिकली अगर आपको डब्बे से भी लेना है, यू नीड टू चूज़। आजकल बहुत अच्छी कंपनीज़ इंडिया में जो दूध बनाती हैं, वह भी प्रोटीन लेके आ रही हैं। व्हिच इज वेरी वेरी चीप एट अ
(48:03) वेरी लो कॉस्ट। व्हिच इज अ वेरी गुड सब्स्टट्यूट। सी मैं आपको आज एक चीज बताऊं। महंगी चीज हमेशा अच्छी नहीं होती। सबसे सस्ता तो अंडा होता है। मैं बचपन से लेकर आज तक दो अंडे हमेशा खाए हैं सवेरे। मतलब छोटा बच्चा था। मेरी मां कहा करती थी अंडे के बगैर स्कूल नहीं जाओगे। एक गिलास पूरा दूध पियोगे। आता था पूरी दाल की कटोरी मिलती थी। दही मिलती थी। रोटी में से कभी छानस नहीं निकलती थी। हरी सब्जी इतनी आती थी। लौकी, तोरी, परवल, करेला बहुत पसंद है। अब आप कहेंगे यह कोई खाता है? पर एक्चुअली हेल्दी तो यही है। तो यह हो गया फूड। सेकंड चीज हो गई आपकी फिटनेस।
(48:43) फिटनेस में यू हैव टू वर्क। यू हैव टू रन। यू डोंट हैव टू बी ओबीज़। टेस्टोस्टरॉन कम होगा, स्पर्म कम होगा। तीसरा आपका एफ आता है फ्रेश एयर। अब यह एक मुश्किल चीज है। फ्रेश एयर इसलिए मुश्किल है कि जहां आप रहते हैं, वहां को छोड़ के तो नहीं जा सकते। लेकिन हां कुछ काम आप कर सकते हैं। आप इंडोर हैं एयर प्यूरीिफायर लगा सकते हैं। एक बड़ी इंटरेस्टिंग चीज है पार्टिकुलेट मैटर को कम करने के लिए एक बहुत मुफीद चीज होती है वाटर। तो अगर गर्मियां हो रही हैं जो एक पुराने जमाने में कूलर चलाया करते थे। अगर आप उसकी सारी की सारी घास को बहुत बेहतर लगाते हैं तो
(49:21) पार्टिकुलेट मैटर को वह पानी ले लेता है और जो हवा आपके पास में आती है बिना पार्टिकुलेट मैटर के आती है और तीसरी चीज हम हर इंसान को किसी ना करी तरह से अपने पोल्यूशन को कम करने का तरीका बनाना ही पड़ेगा और कोई तरीका नहीं है। चौथा आता है फेथ। फेथ का मतलब है स्ट्रेस फ्री होना, मेडिटेशन करना, माइंडफुल होना। आप तो कोच हैं। आपको आपसे ज्यादा तो कोई ये जानता नहीं कि शांत इंसान हमेशा हर चीज की फतेह करता है। और स्पर्म भी दौड़ते हैं एक शांत इंसान में। और आखिरी इंपॉर्टेंट चीज है फॉलो अप। स्पर्म का टेस्ट जरूर करा लें। उससे डरिए मत। अगर खराब हो तो हॉर्मोनस
(50:03) टेस्ट जरूर करा लें। उससे डरिए मत। अच्छा जैसे बोलते हैं आपकी बॉडी का जो दूसरे वाइटल टेस्ट होते हैं आपका ब्लड प्रेशर, शुगर एंड ऑल द ऑल थिंग्स थायराइड। ये सब 30 के बाद आपको हर साल या हर छ महीने में कराना चाहिए। तो आपको अपना स्पर्म टेस्ट कब से कराना शुरू करना चाहिए? ये बड़ा इंटरेस्टिंग सा क्वेश्चन है। कभी भी किसी फार्माकोपिया में यह नहीं लिखा कि अपने स्पर्म टेस्ट रेगुलर बॉडी चेकअप के साथ कराओ। और इनफैक्ट बहुत सारा लिटरेचर भी नहीं कहता। पर WHO एक बड़ी इंटरेस्टिंग चीज कहता है। डब्ल्यूho कहता है कि अगर आपकी शादी हो गई हो और छ महीने तक बच्चा
(50:36) नहीं हो रहा तो हस्बैंड एंड वाइफ दोनों जाएंगे डॉक्टर पे और आदमी का स्पर्म टेस्ट सबसे पहले होना जरूरी है। तो आदमी का स्पर्म टेस्ट जैसे ही आपके छ महीने शादी को और बेबी नहीं हो रहा तो करा लीजिए। वैसे भी मैं एक और चीज कहता हूं। प्रीकसेप्शन टेस्टिंग करानी है। जन्मत्री मिलाने में तो दुनिया भर की कहानी होती है। पर क्या किसी आदमी और औरत ने शादी से पहले अपने सारे ब्लड टेस्ट, स्पर्म टेस्ट, एएमएच, ओवेरियन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड कराया है? क्यों नहीं करा लेते? यह मालूम चल जाएगा ना शादी से पहले कि अगर कोई समस्या है तो उसे सॉल्व किया जा सकता है। पहले से
(51:15) ही। दिक्कत यह होती है कि जन्मपत्री ना मिले तो परिवार टूट जाते हैं। पर इसे कोई कराता नहीं और इसे कराना प्रीसेप्शन उसका एक और रीजन बताता हूं। मैं हमेशा कहता हूं कि जब आपकी शादी होने वाली है तो बच्चा जल्दी करिए और प्रीकंसेप्शन यू नीड टू बी टेस्टेड बट अगर आप तब भी नहीं कराते तो 6 महीने बाद तो करा ही लीजिए। डॉक्टर साहब आपने बात की टेस्टोस्टरॉन का लेवल जो गिरता जा रहा है स्पर्म काउंट नील की तरफ जाता जा रहा है। आपने डाटा भी बताया कि हर साल 2.
(51:50) 6% से कम हो रहा है और अगले 20 सालों में शायद बहुत सारे लोग ऐसे होंगे जिनके अंदर स्पर्म बचा ही नहीं है। तो जब इतनी सारी कहानी चल रही है तो टेस्टोस्टरॉन के सप्लीमेंट्स भी आते हैं। वो सप्लीमेंट्स किस तरह से काम करते हैं? आर दे सेफ टू टेक? एंड द सेकंड थिंग इज इज वायग्रा सेफ टू टेक? आप इतने बढ़िया सवाल सोचते कहां से हैं? मैं तो कभी-कभी ये सोचता हूं। मैं मतलब जो मेरी ऑडियंस है उसके कंसर्न्स सोचने की कोशिश करती हूं कि उनको क्या प्रॉब्लम आ रही है और आप जैसे जब इतने इंटेलिजेंट और इतने विज़डम से भरे हुए लोग मेरे सामने बैठे होते हैं तो मुझे लगता है
(52:20) हाउ कैन वी सॉल्व फॉर दिस ऑडियंस जो अपना टाइम दे रही है हमें। अब्सोलुटली। तो सबको दो चीज बताऊंगा। कभी भी टेस्टोस्टेरोन बाहर से मत लीजिए। कभी भी मत लीजिए। उसका रीज़ क्या है कि टेस्टोस्टेरोन नीड्स टू बी मैन्युफैक्चरर्ड बाय योर ओन टेस्टीस। अगर आप कभी भी बाहर से लेंगे आपकी टेस्टीज मैन्युफैक्चर करना बंद कर देगी। अगर आप रिप्रोडक्टिव एज में होंगे तो आपके स्पर्म कम या बनने बंद हो जाएंगे। ये तो तब होता है जब डायरेक्ट आप टेस्टोस्टरॉन सप्लीमेंट ले रहे हो। लेकिन जैसा आपने कहा कुछ चीजों में मिलावट करके भी दिया जाता है आपको जो आपको पता ही नहीं
(52:51) है। तो जब आपको पता नहीं है वो प्रोटीन पाउडर्स में होता है मेनली। बाकी तो नॉर्मली किसी चीज में नहीं होता। क्योंकि टेस्टोस्टरॉन की मिलावट भी महंगी है। तो महंगी चीज में ही महंगी चीज आपको मिलेगी। तो बेसिकली लड़कों को बहुत सावधानी से प्रोटीन कंजमशन करना चाहिए। अब्सोलुटली सबसे बड़ा पोइजन है। आदमी की सबसे बड़ी मददानगी जो वो सोचता है क्या है? स्पर्म और सेक्स बाहर से टेस्टोस्टेरॉन लेके आप उल्टा काम कर रहे हो। आप अपना सेक्स एज वेल एज अपनी मदानगी आई मीन योर स्पर्म काउंट को खत्म कर रहे हो। डॉक्टर साहब जो सबसे बड़ी मददानगी
(53:26) आदमी समझता है जो आपने कहा शायद वो हो सकती है लेकिन जो वो दिखाता है यार जो लोगों को दिख सकती है बिकॉज़ सेक्स आप हर किसी के साथ नहीं करोगे हर किसी को आपको उस उस पैरामीटर पे टटोलना नहीं है बट जो दिखाता है वो आपकी फिजिक वो आपकी एब्स सिक्स पैक कितने आपके बाईसेप्स हैं कैसी आपकी बॉडी है तो उस पे ज्यादा काम करता है तो प्रोटीन ज्यादा इंटेक करता है तो आपने कहा कि टेस्टोस्टरॉन के जो सप्लीमेंट्स हैं बाहर से जिस भी फॉर्म में ले रहे हैं बिल्कुल भी नहीं लेने चाहिए नहीं लेने नाउ लेट्स कम टू द इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पार्ट ऑफ इट बहुत सारे लोग इस प्रॉब्लम को
(53:54) वाइग्रा लेकर, ब्लू पिल लेकर सॉल्व करना चाहते हैं। हाउ सेफ इज़ वाइग्रा? और इसका अल्टरनेट क्या है? जिन लोगों को इरेक्टाइट डिस्फंक्शन है, वह क्या कर सकते हैं? देखिए, ऐसा है हिंदुस्तान एक ऐसी जगह है जहां बिना प्रिस्रिप्शन के वाइग्रा मिलती है। मैं तो कई बार यह सोचता हूं कि पान की दुकान पे अगर सुपारी की जगह वाइग्रा डाल दी जाए तो वह आदमी उस पान की दुकान से सुपारी खाएगा क्योंकि यह खाने के बाद में तो जिंदगी मस्त होती है। भाई साहब यहां के पान में किमाम नहीं कुछ और भी है। स्टोरी बहुत सिंपल है। वाइग्रा एक ट्रीटमेंट के लिए दवा है। वैस्कुलर
(54:30) इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए। यह दवा लोग एक जिसे कहते हैं ना मजे के लिए भी लेने लगे हैं। व्हिच मींस दे स्टार्ट टेकिंग वाइग्रा। आपको मैं एग्जांपल देता हूं। आई हैड दिस पेशेंट हु केम टू माय क्लीनिक। नॉर्मली वायग्रा जो एक ट्रेड नेम है सिडनफिल बोलते हैं उसकी 25 टू 50 मिलीग्राम डोज होती है। नाउ दिस जेंटलमैन केम टू माय क्लनिक एंड ही टोल्ड मी ही टेक्स 3 ग्राम्स ऑफ वाइग्रा और अभी भी कुछ नहीं हो रहा। 3 ग्राम 3 ग्राम्स और अभी भी कुछ नहीं हो रहा। सो नॉर्मल से ऑलमोस्ट सिक्स टाइम्स सिक्स टाइम्स ज्यादा है। सो आई आस्क हिम हाउ डिड यू स्टार्ट? ही
(55:12) सेड आई वास ओके। आई स्टार्टेड टेकिंग वायाग्रा टू हैव बेटर सेक्स वि माय गर्लफ्रेंड। आई हैड टू गर्लफ्रेंड्स एंड वन वाइफ। सो आई सेड वाओ ये तो बड़ी कमाल की चीज है। आपने बताई है। आगे बताओ। ही सेड धीरे-धीरे करके मेरी बढ़ने लगी। जब बढ़ने लगी आज 3 ग्राम लेता हूं और काम नहीं करती। कहने का मेरा मोटा-मोटा मतलब यह है वग्रा इज अ ट्रीटमेंट नॉट अ सप्लीमेंट इट्स अ ट्रीटमेंट फॉर देयर हु हैव वैस्कुलोजेनिक वैस्कुलजेनिक मतलब जिनकी ब्लड सप्लाई में दिक्कत हो रही है इरेक्शन में नॉट फॉर एनीथिंग एल्स देखिए बहुत सारे मिसकसेप्शनंस हैं पेनिस के बारे में आपको
(55:55) बताऊं अगर इस टाइम पर तो समझ में आएगा पेनिस में बोन नहीं होती पेनिस के अंदर तीन वैस्कुलर सिलेंडर होते हैं जिसके अंदर ब्लड भरता है और ब्लड भरने के बाद में इरेक्शन होती है। इरेक्शन ऑफ अ मैन इज नॉट ओनली बिकॉज़ ऑफ दी सिलडर्स। इट इज बिकॉज़ ऑफ दी सेल्फ। सेल्फ मतलब एक गाड़ी है। गाड़ी में इंजन तभी चलेगा जब सेल्फ ऑन होगा। अब सेल्फ इज द ब्रेन। सो व्हाट यू एक्चुअली नीड फॉर दी कॉम्प्लिकेटेड थिंग ऑफ द इरेक्शन इज नंबर वन सिग्नल्स फ्रॉम द ब्रेन। ब्लड फ्रॉम दी हार्ट, हॉर्मोंस फ्रॉम द होल बॉडी एंड लव इन द हार्ट। तो ये एक अकेली एक ऐसी
(56:44) ऑर्गन है जिसको ब्रेन और हार्ट के साथ में लव नाम की चीज भी घुमाती है। तो कहां पे मिसिंग हो रहा है? इन चारों पैराटर्स में से सबसे ज्यादा गलत क्या हो रहा है? सबसे ज्यादा गलत क्या हो रहा है? आज के जमाने में कि ब्रेन से सिग्नल नहीं जा रहा है तो क्यों नहीं जा रहा है? लव नहीं है फिर भी सेक्स में परफॉर्म करना है या करना है क्या वो बड़ा रीज़न है इन चारों में से क्या बड़ा रीज़न है आपको बड़ी इंटरेस्टिंग चीज बता सॉल्व कैसे होगा बेसिकली मैं आपको इस ये जो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यंग लोगों में हो रहा है हम और जो इतना बड़ा हुआ है जो दुनिया में
(57:15) कहीं नहीं होता आपको एक चीज जान के ताज्जुब होगा यूएसए के अंदर अब से करीब मेरे ख्याल से एग्जैक्ट डाटा मुझे याद नहीं शायद 15 साल पहले 152 मिलियन लोग थे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के और आज 360 सॉरी वर्ल्ड में सॉरी वर्ल्ड में 15 और आज वर्ल्ड में 322 मिलियन है। ये यूएसए की टोटल पपुलेशन जितने बड़े हैं। आई एम टॉकिंग ऑफ़ द टोटल नंबर ऑफ पीपल विद रेक्टाइल डिस्फंक्शन। तो अगर हम 8 मिलियन को पपुलेशन माने और आप कह रहे हो 300 प्लस मिलियन लोगों में ये है तो मतलब इट इज़ वेरी कॉमन। देखिए आप एक बात को समझिए। 30 साल की उम्र में 30 साल की उम्र में 22 से 25% आदमी को
(58:00) इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है। 40 साल की उम्र में सम फॉर्म ऑफ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हैज़ बीन देयर इन 40% ऑफ द पीपल। एंड 60 साल की उम्र में सम फॉर्म ऑफ़ इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इज़ इन 60% ऑफ द पीपल। कोई किसी से बात थोड़ी कर सकता है। और दूसरा इसके साथ में प्रेमेचर इजकुलेशन आ जाए। तीन में से एक आदमी को प्रेमेचर इजकुलेशन है। इट इज़ द बिगेस्ट एपिडेमिक ऑन अर्थ। तीन में से एक आदमी को। तीन में से एक आदमी को। आज की डेट में जी और यह नंबर ऑब्वियसली बढ़ेगा सालों के साथ-साथ बढ़ेगा ही बढ़ेगा और बात करने को तैयार नहीं कोई इंसान ट्रीटमेंट लेने को तैयार नहीं
(58:34) तो ये डाटा है मैं अगर आपसे कहता हूं मैं मैं आपको बताता हूं एक मेरे पास में क्लनिक में एक आए थे मेरे से बोले यंग लड़के थे मस्ट हैव बीन अबाउट 24 25 वाज अ ब्रिलियंट कंप्यूटर इंजीनियर इन सम कंपनी सो ही केम टू मी एंड सेड दैट डॉक्टर साहब आई ऍम नॉट गोइंग टू गेट मैरिड एंड आई थिंक आई वांट टू एंड माय लाइफ बिकॉज़ आई एम डिप्रेस्ड। सो ये एंड माय लाइफ बहुत लोग बोलते हैं जिनको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन टाइप की चीज होती है। मैंने पूछा तुम्हें प्रॉब्लम क्या है? सो ही सेड आई डोंट हैव एनी डिजायर टू हैव सेक्स। सो आई आस्क्ड हिम सिर्फ लड़कियों
(59:18) के साथ या आदमियों के साथ भी। क्योंकि आजकल बहुत सारे इस तरह के लोग आ जाते हैं। बोला नहीं सर आई एम नॉट अ होमोसेक्सुअल एंड आई डोंट हैव एनी डिजायर टू हैव इंटरकोर्स विद अ वूमन आई सेड डू यू गेट मॉर्निंग इरेक्शंस ही सेड यस समटाइम्स आई सेड व्हाट हैपन ही सेड आई गॉट अ गर्लफ्रेंड हुम आई यूज्ड टू लाइक आफ्टर फोर मंथ्स ऑफ़ वर्किंग हार्ड शी वाज़ रेडी टू गो फॉर सेक्स विथ मी आई वाज़ सो एशियस आई डिस्चार्ज इमीडिएटली शी लाफ्ड एट मी एंड टोल्ड हर फ्रेंड यह किसी काम का नहीं है। एंड फ्रॉम दैट डे आई डोंट लाइक सेक्स।
(1:00:06) फॉर अ मैन टू गो थ्रू दिस ओनली बिकॉज़ ऑफ़ वन एपिसोड ऑफ एंग्जायटी परफॉर्मेंस एंग्जायटी ही मेक्स इट हिज लाइफ टाइम। जैसे मैं हमेशा कहता हूं कि जो बच्चा पढ़ाई में फेल हो जाता है उसके पढ़ाई में से दिल हट जाता है। नंबर टू नाउ सेक्स इज नॉट हैपनिंग आफ्टर अ लॉन्ग टाइम विद लव व्हेयर यू कैन स्पीक ओपनली। इट्स बिकम अ कमोडिटी। इट्स अ कमोडिटी व्हिच इज अ डेटिंग सेक्स। नाउ इन दिस डेटिंग सेक्स व्हाट इज़ हैप्पेनिंग इज यू मीट अ न्यू वुमन द ओनली थिंग व्हिच मैटर्स इज़ परफॉर्मेंस इफ यू डोंट परफॉर्म एंड शी लव्स यू फील बैड। यू फील यू आर लेस ऑफ़ अ मैन एंड द स्टोरी गोज़
(1:00:49) इन फॉर यू टू हैव लो सेक्स डिजायर एंड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। सो इट गेट्स कंपाउंडेड। बेसिकली जो आपने माइंड वाला पार्ट बोला वो बहुत ज्यादा इंपैक्ट हो जाता है। इस तरह के बहुत ज्यादा। फिर तो आपका जो जो आपने कहा माइंड का कनेक्शन है इरेक्शन से वो ऑब्वियसली वहां पे अनस्टेबल हो गया। तो अनस्टेबल हो जाता है। बहुत ज्यादा हो जाता है। मैं आपको एक किस्सा बताता हूं। ये बहुत इंटरेस्टिंग किस्सा है। देयर वाज़ दिस जेंटलमैन अ वेरी रिच गाय गॉट मैरिड। अमेजिंग गाय 6 फीट 2 इंच स्टॉल वेरी रिच मैन दहेज मी इसके पास में मे बैकक आई थी मतलब मुझे डिस्टिंक्टली याद है
(1:01:24) बिकॉज़ इसकी शादी में गया था मैं एंड ही वेंट टू परफॉर्म एंड इन द फर्स्ट नाइट बिकॉज़ हिज फ्रेंड्स हैड गिवन हिम टू मच टू ड्रिंक ही हैड टू मच टू ड्रिंक एंड दैट्स व्हाट ही टोल्ड मी लेटर ऑन एंड ह फ्रेंड्स केप्ट ऑन पेस्टरिंग हिम यू आर अ मच यू आर अ मच हु कुड बी अ बेटर मैन देन यू एंड द फर्स्ट नाइट ही इजाकुलेटेड विदाउट पेनिट्रेशन एंड देन ही डिड गेट एन इरेक्शन आउट ऑफ एंजाइटटी। द रिजल्ट व्हिच हैपन दिस मैन हैड अ मेजर फियर ऑफ इंटरकोर्स। नाउ दिस गर्ल फ्रॉम अ वेरी रिच फैमिली हैड गॉट मैरिड। मैरी वाज़ नॉट शादी वाज़ नॉट कंजुमेटिंग।
(1:02:10) और यह आदमी उस औरत से दूर चलता था कि कहीं वह सेक्स के लिए ना कह दे। शी एक्चुअली फेल शी इज़ नॉट इंटरेस्टेड इन ही इज़ नॉट इंटरेस्टेड इन हर। एंड दिस स्टोरी रिजल्टेड इन अ प्रॉब्लम वेयर एक्चुअली दे वर सेट अप फॉर अ डिवोर्स एंड द डिवोर्स वुड हैव बीन वेरी अगली बिकॉज़ बोथ वर वेरी रिच पीपल एंड अ लॉट ऑफ़ मनी हड प्रोबेब्ली बीन एक्सचेंज। आई डोंट नो। नाउ वन ऑफ देर फ्रेंड्स ब्रॉट हिम टू मी आई स्पोक टू हिम अबाउट इट एंड आई अंडरस्टुड एक्सक्टली व्हाट द प्रॉब्लम वाज़ आई कॉल्ड द वाइफ स्पोक टू बोथ ऑफ देम एंड विद इन सिक्स मंथ्स दे हैड अ
(1:02:57) ब्यूटीफुल बेबी बट हाउ दिस वेंट थ्रू फोर बेसिक थिंग्स नंबर वन काउंसलिंग एंड अंडरस्टैंडिंग ओपनली फॉर अ मैन टू एक्सप्रेस हिमसेल्फ इन फ्रंट फ्रंट ऑफ द वुमन दैट ही हैड प्रमेचोर इकुलेशन। आई टोल्ड देम आई सेड प्रोब्ली द मैन हैड इकुलेशन आफ्टर व्हिच ही इज़ फीलिंग फियरफुल। आई चेक हिम फॉर एनी वैस्कुलजेनिक ही हैड नो वैस्कुलरजेनिक प्रॉब्लम। आई डीड अ पिनाइल डॉप्टर इट वास नॉर्मल। द मैन हैड मॉर्निंग इरेक्शंस। हिज़ होल मशीनरी वास फाइन। बट हिज़ सेल्फ हेड गॉन रोंग। एंड इट हेड रिजल्टेड इंटू दिस। यू नो डॉक्टर साहब व्हाट आई ऍम हियरिंग इन
(1:03:35) योर कन्वर्सेशन एंड इन अ लॉट ऑफ़ एग्जांपल्स एंड स्टोरीज दैट यू हैव ब्रॉट इन जो सेल्फ इमेज है जो साइकोलॉजिकल एस्पेक्ट है वो डोमिनेट कर रहा है फिजिकल एस्पेक्ट वाले रीज़ंस को। मतलब इट इज़ मोर अबाउट साइकोलॉजी ऑफ़ सेक्स और योर कनेक्शन, मेंटल कनेक्शन और योर अंडरस्टैंडिंग ऑफ़ सेक्स देन अ फिजिकल प्रॉब्लम विथ योर इरेक्शंस। ओर विद योर लेंथ और विद व्हाटएवर एक्स, वाई, ज़े। सी, फिजिकल प्रॉब्लम इज देयर इन अ लॉट ऑफ़ पीपल। आई विल नॉट से इट इज़ नॉट देयर। बट इट गेट्स कंपाउंडेड बिकॉज़ ऑफ़ दी मेंटल स्ट्रेस। अनदर वेरी बिग प्रॉब्लम व्हिच इज़ गोइंग ऑन
(1:04:12) व्हिच आई वांट टू टॉक अबाउट इज़ पोर्नोग्राफी। मैडनेस। फ्री एडिक्शन ऑन योर फोन। फ्री ऑफ कॉस्ट। ऑलवेज अवेलेबल। लॉक योरसेल्फ इन द रूम। सी दी फोन। सी पोर्नोग्राफी मॉर्निंग टू इवनिंग। फ्लड योर ब्रेन विद डोपामिन एंड गेट डिसेंसिटाइज्ड। द मोमेंट द ब्रेन गेट्स डिसेंसिटाइज्ड इट लुक्स फॉर मोर। देन इट लुक्स फॉर मोर। फर्स्ट वन टाइप ऑफ़ पोर्नोग्राफी देन द सेकंड टाइप ऑफ़ पोर्नोग्राफी देन द थर्ड टाइप ऑफ़ प्रोनोग्राम। एंड अल्टीमेटली एट द एंड ऑफ़ द डे यू हैव नो इच्छा टू हैव इंटरकोर्स इन प्रेजेंस वि अमन।
(1:04:58) विथ अ ह्यूमन बीइंग दैट यू डोंट वांट दैट बिकॉज़ अ लेवल ऑफ़ प्लेज़र यू विल नेवर रीच व्हाट यू हैव रीच्ड। यू हैव यू आर कनेक्टेड टू अ स्क्रीन हम एंड द स्क्रीन इज़ गिविंग अ डोपाम इन व्हिच नथिंग एल्स विल। एटलीस्ट एक ह्यूमन वर्ड ऑफ़ अमेन लेवल तो नहीं मैच कर पाएगा जो आपको एक फैब्रिकेटेड एनवायरमेंट में मिलियंस ऑफ डॉलर्स लगा के और व्हाटएवर से मिल रहा है। वो एक एंड फिर बॉडी इमेज जो आपने मुझसे बात की। नाउ यू सी समबडी हु इज एक्सट्रीमली वेल बिल्ट हु हैज़ एन ऑर्गन वि इज मैसिव हु इज गोइंग ऑन हैविंग इंटरकोर्स फॉर 30 मिनट्स और यू हैव अ वुमन हु इज अमेजिंगली बिल्ट
(1:05:35) हुूम यू सी ओवर देयर एंड कंपेयर योर वुमन टू दैट एंड विश फॉर दैट वुमन द क्रेजी थिंग्स व्हिच हैपन इन दीज़ मूवीज़ जस्ट लाइक इन एनी मूवी यू वुड सी आई मीन आसमान भी तो मतलब जिसे कहते हैं विलन को पेट में मार के 5 गुना दूर भी तो पहुंचा देते हैं। बिल्कुल उसी तरह से यह कहानी है। इसके अंदर जो नए-नए करतब आदमी देखता है, सोचता है यह सच है। यही अपनी वूमन के साथ करना चाहता है। वुमन आदमी वैसा चाहती है। आदमी वूमन ऐसा चाहती है। रिजल्ट क्या होता है अल्टीमेटली? कुछ नहीं। क्योंकि पोर्नोग्राफी ने ऑलरेडी डिसेंसिटाइज कर दिया है ब्रेन को। सो सबसे खतरनाक चीज अगर
(1:06:14) कोई चीज है वो है आज के जमाने में पोर्नोग्राफी। अगर किसी को पोर्न एडिक्शन है तो वह क्या करें? पांच चीजें करनी है। पोर्न को देखना बंद करना है। सिंपलेस्ट ब्लॉक कर दो सारे पोर्न को। लेकिन अगर आप पहले ही इतने डिसेंसिटाइज हो गए हो पोर्न देखकर तो अब कैसे वापस आओगे? जीरो पे कैसे आओगे? मैं आपको एग्जांपल देता हूं। एग्जांपल भी एक रियल लाइफ स्टोरी से देता हूं। दिस लेडी हाईली एजुकेटेड केम टू द क्लनिक विद हर हस्बैंड। शी सेड ही डजंट हैव सेक्स विद मी एट ऑल। आई थिंक ही कैन नॉट हैव सेक्स। आई सेंटर आउट आई टॉक टू द मैन द मैन सेस
(1:06:51) आई एवरीडे वाच पोर्न एंड पोर्न सेटिस्फाई मी दिस वुमन डस नॉट अ इनफैक्ट दे केम फॉर अ बेबी एंड बिकॉज़ ही डिड नॉट हैव इंटरकोर्स एट ऑल द बेबी वाज़ नॉट देयर शी इनफैक्ट सेड आई लव दिस मैन मुझे आईवीएफ से बच्चा दे दो या आईयूआई से बच्चा दे दो पर यह सेक्स नहीं करता नाउ व्हेन आई रियलाइज़्ड इट ही हैड टू गो थ्रू अ पोंड डिटॉक्स थेरेपी पोंड डिटॉक्स थेरेपी इन फाइव सेंटेंसेस आई वुड से नंबर वन ही गॉट टू स्टॉप ऑन ही गॉट टू एक्सरसाइज ही गॉट टू गो इनू माइंडफुलनेस ही हैज़ टू ईट हेल्दी ही हैज़ टू गो इंटू एन इंटिमेट रिलेशनशिप विथ द वुमन वेयर मोर
(1:07:35) देन सेक्स द प्रेजेंस ऑफ़ दैट ह्यूमन बीइंग इज़ देयर सेक्स ऑटोमेटिकली डेवलप्स व्हाट वुड इट बी फोर्स डॉक्टर साहब अगर कोई इतना डिसेंसिटाइज हो गया है पोर्न को देखकर वो कैसे होगा दोबारा दोबारा से सेंस बताता हूं। इट ही हैज़ टू वर्क ऑन इट। जैसे एडिक्शन होता है। एक स्विच की तरह आप उसको बंद नहीं कर सकते। कई लोग कर देते हैं। आप देखिए ना कई एकदम से एकदम से तो कुछ भी नहीं होता। कई लोग कर देते हैं। मैं ऐसे लोगों को भी जानती हूं जो आज बहुत स्मोक चार्लेस सिगरेट पीते हैं। कल से बंद तो बंद है। ऐसे भी लोग हैं पर बहुत कम है। पोंड तो आपको बंद करनी पड़ेगी। अगर
(1:08:04) एडिक्शन की वजह से आपको स्क्रीन से मोहब्बत हो गई और इंसान से नहीं। ये तो आपको बंद करनी पड़ेगी। चाहे आप किसी भी तरह से करें। फोन को साथ ना ले जाएं। अपने एप्स को ब्लॉक कर दें ना देखें। इतना तो करना पड़ेगा। सिगरेट स्मोक कर रहे हैं, कोकेन ले रहे हो, स्मैक ले रहे हो। ये जो सारी चीजें होती हैं अल्टीमेटली एडिक्शन तो डीएडिक्शन तो करनी पड़ती है। डॉक्टर साहब हम इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की बात कर रहे थे। तो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का ट्रीटमेंट क्या है? और ये कितना एक्सपेंसिव होता है? देखिए इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बहुत सिंपल सी चीज है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण
(1:08:38) क्या है? जिस वजह से यह रेक्टाइल डिस्फंक्शन है उस पर ट्रीटमेंट डिपेंड करता है। आपने चार कारण बताए थे पहले। सो इट कैन बी हॉर्मोनल। सो फॉर अ मैन हुस हॉर्मोंस आर बैड इफ ही गोज़ इनू अ लाइफस्टाइल सिस्टम इंप्रूव्स दी हॉर्मोंस। कुछ मेडिकेशन होती है जो वो ले सकता है जो नेचुरल टेस्टोस्टरॉन बनना शुरू हो। वेट को कम करें, डाइट को कम करें। साथ में कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स लें। लाइक जैसे आर्जिनिन है, कोएंजाइम क है। दीज़ आर नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स फॉर सेक्सुअल हेल्थ। यह ले अश्वगंधा एंड शिलाजीत आर अमेजिंग व्हिच आर ओरिजिनली इम्यूनोजेनिक्स। तो क्या करता
(1:09:19) है? अश्वगंधा क्या करता है? आपके स्ट्रेस को कम करता है। कॉर्टिसॉल को कम करता है। जब स्ट्रेस कम करता है तो टेस्टोस्टरॉन बढ़ता है। जब टेस्टोस्टरॉन बढ़ता है तो आपकी सेक्स करने की इच्छा बढ़ती है। दीज़ आर अमेजिंग। व्हेन ऑल दी थिंग्स आर डन टुगेदर दीज़ आर दी एरियाज इन वि दिस पर्सन हु हैज़ अ हॉर्मोनल प्रॉब्लम कैन बी करेक्टेड। नाउ द अदर थिंग इज़ वैस्कुलर। नाउ वैस्कुलर क्यों होती है? आर्टेरियोल्स होते हैं पतले-पतले। आपके पेनिस के अंदर तीन रोड्स हैं। उनमें आर्टेरियोल्स हैं। ऑर्टेरियोल्स के अंदर कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल वैसा ही जमता है जैसा आपके हार्ट के
(1:09:59) आर्टेरियोल्स में जमता है। तो जो चीजें आप हार्ट के लिए करते हैं। वि मींस कोलेस्ट्रॉल कम करना, एथिलोजेनिक कम करना, डायबिटीज है तो मैनेज करना। आपको जान के बड़ा ताज्जुब होगा कि 30 से 40% डायबिटीज लॉन्ग टर्म डायबिटीज को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होता है। वैस्कुलजेनिक में वाइग्रा टाइप की पीडीएफ5 बोलते हैं। यह सारी मेडिसिंस काम करती हैं जो आपको वेट, स्ट्रेस रिडक्शन, फूड, डाइट के साथ में लेनी है। एंड बहुत अच्छा काम करती हैं। इसके अतिरिक्त कुछ चीजें होती हैं जैसे वैक्यूम पंप्स व्हिच कैन बी यूज्ड। वो कोई ऐसा नहीं कि बहुत ज्यादा काम करते हैं पर
(1:10:39) काम कर सकते हैं। आज के दिन में कुछ थेरेपीज आई हैं जैसे पीआरपी एंड शॉक वेव। यह कहने को एक्सपेरिमेंटल है लेकिन बहुत लोगों में काम करती हैं। लेकिन अगर यह सब काम ना करें तब जाके एक पिनाइल इंप्लांट की स्टोरी आती है। पिनाइल इंप्लांट बहुत कम लोगों को करानी होती है। हर आदमी को नहीं करानी होती। क्योंकि एक तो यह प्रोसीजर पर से ऐसा होता है जिसे इन्वेसिव बोलते हैं। एक पूरी चीज ही परमानेंटली आपके अंदर डाल दी जाती है। जिसको अगर आप यूज़ करें तो इरेक्शन होगी। बटन दबाएं तो वापस डाउन होगा। बट यह एक सेकेंडरी इशू है। पर यह समझ लीजिए कि 70% ऑफ इरेक्टाइल
(1:11:19) डिस्फंक्शन कैन बी मैनेज्ड वेरी सिंपली व्हेन अ ह्यूमन बीइंग एक्चुअली अंडरस्टैंड्स द कॉज ऑफ द इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। सो इट्स अ वेरी इंटरेस्टिंग वर्ल्ड इन वि आर। नो आई एम जस्ट थिंकिंग कि आपने इतने सारे फैक्टर्स बताए जहां से हो रहा है। आपने फाइव एब्स की बात की जिसमें फूड भी था, फिटनेस भी था। तो ये कैसे समझ में आएगा कि क्या मेरा एक्चुअल रीज़न है? बिकॉज़ आई नो ऑलमोस्ट एवरीबडी इज़ एडिक्टेड टू स्क्रीन्स। ऑलमोस्ट एवरीबडी इज़ एडिक्टेड टू हैविंग बैड फूड। मतलब बाहर से खाना खाना, ट्रांस फैट्स खाना, तला हुआ खाना, ज्यादा शुगर लेना। ऑलमोस्ट एवरीबडी इज़
(1:11:56) वेटिंग। तो मतलब बड़ा कन्फ्यूजन हो रहा है कि ये मेरा कहां से आ रहा है। व्हाट इज द एक्चुअल रीज़न? तो इसके लिए कोई टेस्ट होते हैं जिससे आपको पता मैं मैं आपको बहुत सिंपली बताऊं और मैं आप मतलब मैं ये नहीं चाहती हूं सॉरी टू कट यू। मैं ये नहीं चाहती हूं कि कोई इंसान कोई आदमी इस पॉडकास्ट को सुन रहा है और उसको लग रहा है कि मेरे को खाने की वजह से हो रहा है। इसकी वजह से हो रहा है। एंड इज़ गेटिंग मिसइफेशन ऑफ़ द सॉर्ट्स। देखिए एक तो एक अकेली चीज की वजह से नहीं होता। ऑल दिस थिंग्स गेट टुगेदर टू गिव यू एन इरेक्टाइल डिस्फंक्शन।
(1:12:25) इट इज नॉट दैट साइकोजेनिक इज द मेन कॉज। इट इज अ पार्शियल कॉज और इट इज एन ओवरले इनू एन ऑर्गेनिक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के साथ में दो चीजें और आती हैं। लो सेक्स डिजायर एंड प्रमेचोर इजेकुलेशन। क्योंकि यह कई बार ओवरलैप करती हैं। हमको एस ह्यूमन बीइंग्स किसी स्पेशलिस्ट के पास जाना है। फौरन जाना है जो इवैलुएट करके बताएं कि प्रॉब्लम क्या है? एक चीज को बहुत सिंपल समझिए। मतलब मैं शोभा जी आपको जेन्युइन कहूं। इसमें सेल्फ ट्रीटमेंट लोग क्या करते हैं? दोस्त से बात करते हैं। वाइग्रा की गोली खा लेते हैं। और वाइग्रा की गोली खाने के बाद में
(1:13:08) अल्टीमेटली जो रियल रीजन है उसको अटैक नहीं करते। वो क्विक फिक्स हो गया बेसिकली एक क्विक और क्विक फिक्स भी ऐसा जो डोज़ बढ़ती चली जाती है। मैंने आपको बताया था 3 ग्राम वाले भाई साहब वो जैसे आपको घुटने में दर्द हो आपने पेन किलर खा लिया कुछ टाइम तक वो काम करेगा उसके बाद जब वो एक्चुअल जो बीमारी बड़ी होती जाएगी वो सरफेस करेगी तो पेन किलर काम नहीं करेगा। मेरे मेरे बॉस कहा करते थे कि जिस बीमारी का इलाज दवा से नहीं होता उसकी दवा बहुत सारी होती है। जरा गौर से सोचिए। घुटने का दर्द, गंजे के बाल, स्पर्म ना हो तो लाने की दवा और सबसे इंपॉर्टेंट सेक्स की तो ना
(1:13:45) जाने कितनी दवाइयां बन गई। और हर दवा के आगे एक ऐसा नाम होता है जिसके आदमी कहे यही लेनी है। किसी के आगे हॉर्स होता है, किसी के आगे लायन होता है। कमाल की दुनिया है। तो इसलिए मैं आपसे एक बात कहूंगा कि अगर कोई ऐसी पुख्ता दवा होती जिसके बाद में यह ठीक हो जाता बिना मेहनत के। तो यह दवा बनाने वाले को नोबेल प्राइज मिलता। और शायद इस दुनिया का सबसे मैं आपको एक बात कहूं हिंदुस्तान के अंदर सबसे बड़ी प्रॉब्लम पता है आपको क्या है? पिनाइल साइज हर आदमी को लगता है उसका पेनाइल साइज छोटा है। छोटा होता है जब 33.5 इंचेस के कम हो। अगर
(1:14:26) उसके ज्यादा है ना तो कोई टेंशन नहीं है। पर आदमी को यह लगता है कि पिनाइल साइज ना जाने क्या होना चाहिए। आजकल पोर्नोग्राफी की दुनिया ने एक अलग कर दी। तो हर आदमी आके ना जाने तो एक तो फिनाइल साइज एनलार्जमेंट की बहुत सारी दवाइयां हैं। और अगर कोई दवा असल में काम कर रही होती तो उस आदमी वो सबसे अमीर आदमी होता इस दुनिया का। कम से कम हिंदुस्तान का तो होता ही होता। इनफैक्ट अगर ऐसी कोई दवा होती ना तो अस्पताल से बड़ी फार्मेसी की दुकान होती। तो बड़ी अजीब सी चीज आपको बताऊं। यह कुछ एक अलग-अलग सी चीजें हैं जो हिंदुस्तान में मानसिकता में फंसी हुई है।
(1:15:05) इसी में एक छोटा सा एडिशन करूंगा। देखिए द एवरेज पिनाइल साइज ऑफ एन इंडियन मैन इज 4 टू 4.5 इंचेस। एंड द वजाइनल साइज ऑफ़ एन इंडियन वूमेन इज़ आल्सो अबाउट द सेम। सो इट्स अ परफेक्ट फिट। देयर इज़ नो प्रॉब्लम। दी ओनली थिंग वि मैटर्स मोर देन द साइज इज योर कनेक्शन योर टेक्निक योर फोर प्ले एंड द फैक्ट दैट यू नीड टू बी कंफर्टेबल वि योरसेल्फ बिकॉज़ दैट्स ओनली व्हेन यू विल परफॉर्म। डॉक्टर साहब हैविंग सेड दैट एक जो बहुत कॉमन क्वेश्चन मैं देखती हूं दैट इज कनेक्शन बिटवीन मास्टरबेशन एंड इरेक्टाइल डिस्फंक्शन। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का
(1:15:52) मास्टरबेशन से क्या कनेक्शन है? अब मैं दो चीजें आपसे कहूंगा। मैं आपने बहुत अच्छा सवाल पूछा। मैं तीन चीजों की बात करूंगा क्योंकि तीनों लिंक है। नाइटफॉल, दांत सिंड्रोम, मास्टरबेशन। हिंदुस्तान एक ऐसी खूबसूरत जगह है जहां हिंदुस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश इन तीन देशों में दो बड़ी भारी समस्याएं हैं। एक है नाइटफॉल, दूसरी है दांत सिंड्रोम। मेस्टरबेशन पर उसके बाद आऊंगा बिकॉज़ इट्स वेरीेंट फॉर मी टू कम देयर। देखिए नाइटफॉल एक नॉर्मल सी चीज होती है जब आपकी शादी नहीं होती। सीमन आप बना रहे होते हैं। आप मेस्टबेट नहीं कर रहे इंटरकोर्स नहीं कर
(1:16:35) रहे तो जो बन रहा है वो आएगा। तो नॉर्मली हफ्ते में दो-तीन बार अगर आता है या उससे कम बार भी आता है। दैट्स अ नेचुरल प्रोसेस। द वे इट इज ऑलवेज टेकन बाय द वेस्टर्न वर्ल्ड। पर हमारे कंट्री के अंदर नाइट फॉल को गलत मानते हैं। क्यों? क्योंकि अभी आपको आगे बताता हूं। बहुत समय से एक कहानी चली आ रही है और कहानी चली आ रही है कि 40 खून की बूंदे एक मेरो की बूंद बनाती है। 40 मैरों की बूंद एक वीर्य की बूंद बनाती है। तो अगर आप लूज कर देते हैं अपने वीर्य को स्पर्म को। स्पर्म को तो आप वीक हो जाते हैं और बड़े भारी नुकसान होते हैं।
(1:17:18) यह एक ऐसी चीज है कि स्पर्मेटोरिया बोलते हैं लोग। आदमी कहते हैं मेरे यूरिन के अंदर स्पर्म आ रहा है। मुझे नाइट फॉल आ रहा है। होके ये लोग डिप्रेस हो जाते हैं। कि मैं वीक होता जा रहा हूं। कि मैं वीक होता जा रहा हूं। डिप्रेस होता जाता हूं। ए्जायटी में चले जाते हैं। इसको बोलते हैं कहते हैं कि मेरी पावर जा रही है धातु। तो इसका नाम रखा गया धात सिंड्रोम। यह धात सिंड्रोम सिर्फ हमारे एरिया में होता है। यह दुनिया में और कहीं नहीं होता। इनफैक्ट एक बड़ी इंटरेस्टिंग आपको बात बताता हूं कि स्पेन के अंदर स्पेनिश डॉक्टर्स के पास में कुछ हमारे
(1:17:51) एरिया के लोग गए। आई थिंक दे वर फ्रॉम बांग्लादेश और वहां जाकर उन्होंने बताया कि मेरे वीर्य के अंदर मेरे सी मेरे यूरिन के अंदर सीमन आ रहा है। तो जब उन्होंने यह बात बताई तो दुनिया भर के टेस्ट हो गए उनके किडनी का टेस्ट, किडनी स्टोन का टेस्ट, उनके यूरिन का टेस्ट और सारी टेस्ट होने के बाद में जब नॉर्मल आए और उनकी समझ में नहीं आया स्पेन में यह क्या बीमारी है। तब किसी इंडियन डॉक्टर ने वहां जाकर बताया इसको तो दांत सिंड्रोम है क्योंकि यह तो हमारे इलाके का है। तो इस दुनिया में दांत नाम की चीज कहीं नहीं है। ऐसी कहानी हो गई मास्टरबेशन की। अब मास्टरबेशन
(1:18:26) के दो पहलू हैं। पहली चीज है मास्टरबेशन एक नॉर्मल प्रक्रिया है जो 80% इंसान करता है। और एक यह रीज़नेबल टाइम में किया जाए तो यह एक स्ट्रेस रिलीवर है। यह एक नॉर्मल प्रक्रिया है। यह एक सेक्सुअल ग्रेटिफिकेशन है और यह एक्चुअली लर्निंग अबाउट योर बॉडी एंड फीलिंग्स है। अगर नॉर्मल किया जाए। व्हाट इज नॉर्मल किया जाना? बताता हूं। इसका कोई आकलन नहीं है। आई मीन देयर इज नो नंबर टू इट। बट इफ एनी ह्यूमन बीइंग डस इट इवन ट्वाइस अ वीक। यू कुड कंसीडर टू बी अ रीज़नेबल अमाउंट वेयर ही हैज़ नॉट गॉट एडिक्टेड। हिज वर्क डज़ नॉट गेट अफेक्टेड। ही डज नॉट हैव दिस इंटेंस
(1:19:11) डिजायर टू मैस्टरबेट अनफॉर्चूनेटली आफ्टर पोर्नोग्राफी हैज़ कम दिस वाज़ नेवर देयर टू मच बिफोर बट आफ्टर पोर्नोग्राफी हैज़ डन हैज़ कम एंड पीपल बिकम पोर्न एडिक्ट्स टू सी इट डेली दे स्टार्ट मास्टरबेटिंग डेली बिकॉज़ ऑफ द पोर्न एडिक्शन टू रिलीफ देमसेल्व्स। सो नाउ दैट क्रिएट्स इशूज़ साइकोलॉजिकल, फिजिकल, रिलेशनल बट व्हेन इट कम्स टू स्पर्म काउंट गोइंग डाउन विद अ रीज़नेबल नंबर ऑफ मास्टरबेशन इफ यू प्रैक्टिस स्पर्म काउंट डस नॉट गो डाउन। नंबर टू योर सेक्स डजंट गो डाउन। इफ इट इज वंस इन अ वाइल एज मास्टरबेशन। बट
(1:19:59) इफ इट बिकम्स एन एडिक्शन इट कैन क्रिएट प्रॉब्लम्स फ्रॉम दी पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ योर सेक्सुअल इश्यूज द वे यू वुड हैव इंटरकोर्स एंड प्रोबेब्ली आल्सो इन द सेंस दैट योर टेस्टोस्टेरॉन मे गो डाउन इफ यू बिकम अ मेस्टरबेशन एडिक्ट सो अदरवाइज़ नॉर्मली इट्स अ वेरी हेल्दी थिंग टू हैव इन अ रीज़नेबल नंबर ऑफ़ टाइम्स। आई वुड से प्रॉबब्ली टू टाइम्स अ वीक। बट इज इट कनेक्टेड टु इरेक्टाइल डिस्फंक्शन? इफ यू बिकम अ मस्टर इट इज़ नॉट कनेक्टेड टु इरेक्टाइल डिस्फंक्शन इफ इट्स नॉर्मल्ली डन इन अ नॉर्मल फ्रीक्वेंसी विदाउट एडिक्शन। बिकॉज़ यू एक्चुअली आई विल गिव एन
(1:20:39) एग्जांपल। इन प्रमेच्योर इजैकुलेशन सी प्रेमेचर्योर इजाकुलेशन डज़ नॉट टेक प्लेस बिकॉज़ ऑफ़ द वीकनेस ऑफ़ द पेनिस। इट हैपेंस बिकॉज़ द ब्रेन सिग्नल आपने बल्ब देखा है? बल्ब में क्या होता बल्ब जलता है बंद होता है जलता है बंद होता है एकदम से तो अगर आपके ब्रेन का बल्ब इरेक्शन में एकदम से हुआ और एकदम से बंद हो गया तो इट कम्स फ्रॉम द ब्रेन इट डजंट कम फ्रॉम द पेनिस पीपल थिंक इज वीकनेस ऑफ द पेनिस सो नाउ द ब्रेन सिग्नल व्हाई डस इट गो इन दैट फैशन सो देयर इज़ अ बॉय हु हैज़ टू मेस्टरबेट एक ही बाथरूम में पूरे परिवार को जाना है वो बाथरूम में जाता है कोई खटखटाएगा वो एकदम
(1:21:23) से सोचता है जल्दी से मेस्टबेट करके आ जाओ। उसे कोई जगह नहीं होती मास्टरबेट करके। सोचता है जल्दी से आ जाओ। उसके बाद में उसकी शादी होती है। ए्जायटी में होता है। जाता है। जल्दी मेंबेट जल्दी से डिस्चार्ज हो जाता है। आगे उसका ब्रेन का सर्किट वायर हो जाता है जल्दी डिस्चार्ज होने के लिए। एंड ही गोज़ इंटू समथिंग नोन एज एन ऑर्गेनिक प्रीमेच्योर इजेकुलेशन। तो आप कह रहे हो कि प्रीमेच्योर इजाकुलेशन इज़ आल्सो अ लॉट साइकोलॉजिकल दन फिजिकल। मोर नो इट्स इट्स अ बिहेवियरल प्रॉब्लम इन द सिरोटोजेनिक सर्किट ऑफ द ब्रेन। इट इज़ नॉट साइकोलॉजिकली यू आर गेटिंग इट। द
(1:21:59) ब्रेन हैज़ गॉट बिकम वायर्ड फॉर इट। नाउ टू आई एम कमिंग टू मास्टरबेशन एंड सेक्स। नाउ टू हील इट व्हाट यू नीड इज़ फोर एक्सरसाइजेस। ब्रीथिंग एक्सरसाइज। द मोमेंट यू ब्रीथ डीपली जस्ट लाइक अ प्राणायाम। यू बिकम पीसफुल एट पीस विद योरसेल्फ। नंबर टू कीगल्स वेयर यू एक्चुअली कॉन्ट्रैक्ट दी मसल्स टू हैव पेल्विक मसल्स पेल्विक मसल्स। थर्ड इज स्टार्ट एंड स्टॉप। सो यू स्टार्ट मैस्टरबेटिंग द मोमेंट यू अबाउट टू डिस्चार्ज यू स्टॉप। स्टार्ट मैस्टरबेटिंग अ स्टॉप स्टॉप एंड डिस्चार्ज इन द फोर्थ ऑफ़ द फिफ्थ टाइम। व्हिच यू कैन डू अलोन और इवन विथ द
(1:22:44) पार्टनर। नाउ दिस इज वन एक्सरसाइज व्हिच एक्चुअली इंक्रीसेस योर टाइम। आई विल गिव एन एग्जांपल। सपोजिंग अ मैन हु कांट रन टू मच। ही स्टार्ट्स रनिंग एंड ही स्टॉप्स बिफोर बिल्कुल बेहोश हो जाता है। एंड ही स्टार्ट्स रनिंग अगेन। सो एट द एंड ऑफ द मंथ ही विल बी एबल टू रन अ लॉन्ग टाइम। सिमिलरली हैपेंस। एंड द फोर्थ इज़ स्क्वीज़ टेक्निक। इन दिस टेक्निक अगेन यू यूज़ मास्टरबेशन टू स्क्वीज़। सो मेस्टरबेशन एक्चुअली बिकम्स अ टेक्निक। टू डेवलप फॉर अ बेटर सेक्सुअल लाइफ। सो मेस्टबेशन पर से डस नॉट गिव रेक्टाइल डिस्फंक्शन। आई मीन इट्स अ डिफरेंट एरिया व्हिच वी आर
(1:23:24) टचिंग एट द मोमेंट। एंड दिस होल आइडिया ऑफ कंजर्विंग द स्पर्म फॉर स्पिरिचुअल रीज़ंस, फॉर वाइटलिटी, फॉर बेटर एफिशिएंसी, व्हाटएवर एल्स इट इज़ कनेक्टेड टू। उसका क्या ट्रुथ है? करोड़ों स्पर्म बन रहे हैं। रेगुलर सीमन बन रहा है। जैसे आपके मुंह के अंदर सलाइवा नहीं बन रहा होता। अब सलाइवा को या तो आप निगोगे या बाहर लगाओगे। इसी तरह से बन रहा है। बन के आप उसे मेस्टरबेट करके या सेक्स करके बाहर ले आओ या वो वहीं पे जज्ब हो के खत्म हो जाए। यह तो बन रही है चीज। इसको कंजर्व करके बाहर निकाल के क्या करोगे? बल्कि आपको एक अजीब सी चीज बताऊं। अगर आप
(1:24:02) फ्रीक्वेंट इजेकुलेशन करते हैं तो फ्रेश सीमन के अंदर आपका स्पर्म का डीएनए बेटर होता है जिससे प्रेगनेंसी होने का चांस बेटर होता है। तो इट्स अ वेरी कॉम्प्लिकेटेड साइंस मतलब आपके व्यूअर्स मेरी पूरी बातें सुनके एक क्लियर कट मैसेज की जगह हो सकता है कंफ्यूज ही हो जाए। सुनिए। लेकिन आप और सिंपलीफाई करो फिर। मैं आपको सिंपलीफाई करता हूं। आप मुझे बताओ कि इस कॉन्वर्सेशन के एक्चुअल क्लियर टेक अवे क्या है एक व्यूअर के लिए? सबसे पहले स्पर्म काउंट की बताता हूं। स्पर्म काउंट डिक्रीज कर रहा है। सबका डिक्रीज कर रहा है। आपका भी कर रहा है।
(1:24:36) स्पर्म काउंट के डिक्रीज होने के रीजंस सारे वो रीज़ंस हैं जो मॉडर्न सोसाइटी में हम सामने फेस कर रहे हैं। इनको मिनिमाइज करना है। फूड डाइट, स्लीप, स्ट्रेस पे गौर फरमाना है। इनफेक्शन से दूर रहना है। कोई भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीजसेस स्पर्म काउंट को डाउन कर सकते हैं। नंबर वन अब आ जाते हैं हम सेक्स के ऊपर। सेक्स इज मोर देन परफॉर्मेंस कम्युनिकेशन विद योर पार्टनर। पर परफॉर्मेंस तो फिर भी करनी है। और अगर परफॉर्मेंस करनी है तो तीन मेजर प्रॉब्लम्स हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, प्रमेचर इकककुलेशन, लो सेक्स डिजायर। तीनों अलग-अलग हैं और लिंक्ड है।
(1:25:16) तीनों चार कारण से होती हैं। या तो न्यूरोलॉजिकल, साइकोलॉजिकल एक न्यूरोलॉजिकल का हिस्सा है या नर्व्स की प्रॉब्लम है या वैस्कुलोजेनिक। मतलब आपके अंदर की जो वेसल्स हैं वह कमजोर हैं। जो मैं कहूं हार्ट की पंपिंग से जो ब्लड आ रहा है उसकी प्रॉब्लम है या हॉर्मोनल प्रॉब्लम है या साइकोसोमेटिक प्रॉब्लम है। इस प्रॉब्लम को डॉक्टर से आपको क्लेरिटी लेनी है। क्लेरिटी लेने के बाद में इलाज कराना है। 70% चांस है कि आप ठीक हो जाएंगे। शायद उससे ज्यादा ही होगा अगर आप लग के करेंगे। प्रमेच्योर इजेकुलेशन का मेजर कारण ऑर्गेनिक अगर शुरू से आपको है
(1:25:56) इट मींस सम हाउ योर ब्रेन हैज़ गॉट स्ट्रक्चरर्ड फॉर अ प्रेमच्योर इकुलेशन प्रमेच्योर इकुलेशन की कुछ मेडिसिंस होती हैं बहुत लॉन्ग टर्म नहीं ले सकते काम करती है लेकिन ज्यादा जरूरी है समझना बिहेवियरल थेरेपी करना और कुछ लोकल एनस्थेटिक एजेंट डिसेंसिटाइज कर देते हैं उनको यूज करना लो सेक्स डिजायर अगर आपका टेस्टोस्टरॉन नॉर्मल है अगर कम है तो उसकी वजह से हो सकता है। अगर आपका टेस्टोस्टरॉन नॉर्मल है देन इट कैन बी बिकॉज़ देयर इज़ सम काइंड ऑफ़ अ साइकोलॉजिकल ओवरले व्हिच हैज़ हैपेंड। सबका आंसर में एक चीज कॉमन है। लाइफस्टाइल, डाइट, फूड एंड सप्लीमेंट्स।
(1:26:40) सब में सबके ट्रीटमेंट अलग-अलग होने हैं। ट्रीटमेंट के अंदर वैस्कोलोजेनिक है तो वाइग्रा ले सकते हैं। वाइग्रा के साथ में कुछ इंजेक्शंस होते हैं जो आप लगा सकते हैं। पीआरपी एक अच्छी थेरेपी है। शॉक वेव एक अच्छी थेरेपी है। सबसे नहीं होता तो पिनाइल इंप्लांट कराना है। यह पूरा मैंने आपको एक सिस्टम वाइज ये पूरी चीज को बात। नहीं आपने बहुत अच्छे तरीके से समराइज कर दिया जो हमने इस पूरी कन्वर्सेशन में बात की है। तो आई एम श्योर जो व्यूअर्स हैं उनको एक एब्सोल्यूट क्लेरिटी आएगी इस इस पूरे समरी के बाद। डॉक्टर साहब जाते-जाते एक आखिरी सवाल जो मैं अपने सभी गेस्ट से
(1:27:14) पूछती हूं। अपार्ट फ्रॉम ऑल द क्लेरिटी दैट यू हैव गिवेन अबाउट द रिप्रोडक्टिव हेल्थ ऑफ मैन हियर व्हाट इज योर डेफिनेशन ऑफ़ सक्सेस टुडे? इफ अ मैन हैस टू मेजर ह सक्सेस जो कि बहुत ज्यादा उसकी वाइटालिटी, सेक्सुअल परफॉर्मेंस आपने कहा कि बहुत बड़ा रीज़न होता है लोगों के लिए। व्हाट इज द राइट आईडिया ऑफ़ सक्सेस? सक्सेस इज़ दैट द लास्ट डे ऑफ़ योर लाइफ व्हेन यू गोइंग यू क्लोज योर आईज एंड से आई प्लेड अ गुड लाइफ। आई एम हैप्पी। बट वो लास्ट डे पे आप क्या सोचोगे वो आप आज नहीं देख सकते ना। आज आज कैसा डिफाइन करो सक्सेस। आप कह रहे हो आज के दिन? आज के दिन क्या
(1:27:51) डेफिनेशन है सक्सेस मुझे कैसे पता चलेगा मेरा क्या मार्कर है कि मैं सही जा रहा हूं लाइफ में आई आई विल टेल यू एज अ मैन याह आई विल टेल यू एज अ मैन अह देयर आर फोर थिंग्स इन लाइफ व्हिच एव्री ह्यूमन बीइंग वांट्स फ्रीडम हैप्पीनेस पीस एंड जॉय हैप्पीनेस और जॉय में फर्क होता है जॉय आनंद बोलते हैं हिंदी में और ये चारों चीजें आप पाने के लिए काम करते हैं हर इंसान और पता है जिंदगी खूबसूर क्या है? यह चारों चीजें देने से आती है। तो आई थिंक एनी ह्यूमन बीइंग हु सक्सेसफुल हैज़ लिव्ड अ लाइफ वेयर ही हैड दिस फोर थिंग्स व्हेयर ही हैज़ गिवेन दीज़ फोर थिंग्स
(1:28:34) यू कैन ओनली हैव टेल इट व्हेन ही गिव्स इट व्हेन ही गिव्स इट यू नो आपने इतना इतना खूबसूरत मंत्र दिया है अगर कोई जेनुइनली इस पे डीप थिंक करें जो लोग इस कन्वर्सेशन को सुन रहे हैं और सच में देखें कि वह कितनी फ्रीडम दे रहे हैं खुद को अपने पार्टनर को कितना हैप्पीनेस दे रहे हैं अपने पार्टनर को कितना जॉय दे रहे हैं कितना पीस दे रहे हैं तो समझ में आएगा कि अगर अगर हम खुद ही नहीं दे रहे हैं तो फिर हमारी लाइफ में कैसे क्रिएट होगा? एंड दैट इज़ व्हाई आई से दैट यू कैन रियली क्रिएट द लाइफ दैट यू वांट। ऑफ कोर्स देयर कैन बी यू नो फैक्टर्स दोज़ आर आउट ऑफ योर
(1:29:06) कंट्रोल। लेकिन मुझे लगता है मेजॉरिटी ऑफ़ द पीपल आर गोइंग रोंग इन देयर ओन आइडियाज फर्स्ट अप। अगर वहीं पे गलती है तो फिर तो यू नो प्रॉब्लम ही वहां से शुरू हो जाती है। तो आई रियली होप कि लोगों को जो टूल्स मिले हैं अपार्ट फ्रॉम द रिप्रोडक्टिव हेल्थ जो एक लाइव टूल्स मिले हैं इस पॉडकास्ट के थ्रू आज की इस कन्वर्सेशन के थ्रू और और भी हमारे ऑलमोस्ट 160 एपिसोड्स आर लाइव एज वी आर स्पीकिंग टुडे। आई रियली होप लोग उन टूल्स को थोड़ा सा डीप थिंक करें उनके ऊपर और अपनी लाइफ को वहां से क्रिएट करना, क्राफ्ट करना, डिजाइन करना शुरू करें एंड दे गेट क्लोजर टू दैट ड्रीम
(1:29:39) लाइफ। आपको जाते हुए एक चीज सुनाऊं? बोलिए। समथिंग व्हिच अफेक्टेड मी। आई लर्न एवरीडे एंड आई लर्न एवरीडे फ्रॉम इवन माय पेशेंट्स। आई हैड दिस अमेजिंग ह्यूमन बीइंग हु टॉट मी अ लॉट। दिस इज अबाउट एट इयर्स बैक। आई विल से लेडी एट द मोमेंट। शी वॉर्क्ड इंटू माय वाइफ्स क्लीनिक। माय वाइफ इज़ आल्सो अ डॉक्टर। शी इज़ एन आईवीएफ स्पेशलिस्ट। एंड शी एंटर्ड एंड सेड मेरे कभी पीरियड नहीं हुए हैं। मुझे बेबी चाहिए। शी बिलोंग टू गुड़गांव। डॉ.
(1:30:18) अंशु एग्जाममिन हर शी हैड अ वेरी थिक फाइल एंड सम हाउ फेल्ट लेट्स गेट अ कैरियोटाइपिंग डन। कैरियोटाइपिंग इज़ व्हेन यू गिव अ ब्लड सैंपल टू चेक आउट व्हाट इज द क्रोमोसोम वेदर इट्स अ मैन ऑर अ वूमन। एक्स एक्स इज़ अ वूमन, एक्स वाई इज़ अ मैन। सो, दिस लेडी हुड कम। सो सेंट हर सैंपल एंड आई गॉट अ कॉल फ्रॉम द लैबोरेटरी वी हैड सेंट इट टू दैट डॉक्टर जिंदल यू हैव रिटन इट फीमेल एंड द सैंपल इज ऑफ अ मेल सो आई कॉल्ड माय स्टाफ हु टेक्स द सैंपल आई सेड तुमने गलत तो नहीं लिया ही सेड नहीं मैंने बिल्कुल ठीक लिया है मैंने कहा कि क्लनिक पर तो औरत आई थी लेकिन जो क्रोमोसोम्स है वो आर्मी के
(1:30:57) वो आर्मी के हैं। सो आई आई आस्क्ड हिम टू सेंड इट अगेन। ही सेंट इट अगेन एंड अगेन आई गॉट अ कॉल। नाउ दैट डॉक्टर वाज़ इज़ अ वैरी इंटेलीजेंट लेडी। शी सेड इट्स अ मेल। सो व्हेन आई स्टडीड द रिपोर्ट्स आई एंड डॉ. अंशु सॉ द वुमेन एंड वी रियलाइज़ दैट इट वाज़ अ मेल हु अनफॉर्चूनेटली एट द टाइम व्हेन वाज़ इन द वूम ऑफ द मदर। जब अपनी मां के पेट में यह थी या था। उस टाइम पर जो डिफॉल्ट ऑर्गन्स थे वो आ गए व्हिच इज़ अ वाइना एंड अ स्मॉल यूट्रस। इट डिड नॉट डेवप इनू द मेल जेनिटेलिया। द क्रोमोसोमली दिस पर्सन वास अ मेल। मतलब यह एक आदमी था। लेकिन ही डिड नॉट हैव द मेल रिप्रोडक्टिव
(1:31:38) ऑर्गन ऑर्गन्स हैड अ वाजाइना एंड अ स्मॉल यूट्रस। हाउ इज़ दिस पॉसिबल? दैट्स अ डिफ़ॉल्ट। दैट्स द ओरिजिनल डिफ़ॉल्ट डिज़ाइन ऑफ़ अ चाइल्ड इन द वम ऑफ़ अ मदर। इट इज़ ऑलवेज अ गर्ल। नो, इट इट इज़ नॉट अ गर्ल। इट्स दिस डिफ़ॉल्ट। देयर आर नो ओवरीज़। दिस इज द डिफॉल्ट। सो नाउ नाउ बट यू विल अंडरस्टैंड मतलब आई एम ट्राइंग टू एस हिम। सो नाउ आई कॉल्ड दी हस्बैंड द वाइफ एंड अ रिलेटिव ऑफ देयर एंड आई सेट इन द क्लनिक। मैं बैठ के उनसे बात की और बैठने के बाद में मैंने कहा देखो ये एक औरत नहीं है। यह एक पुरुष हैं अनुवांशिक रूप से। तो आप बच्चे को गोद ले
(1:32:19) लीजिए। और इन्हें छोड़िएगा नहीं। बिकॉज़ आई हैड दिस अप्रहेंशन क्योंकि यह आदमी है। दैट मैन लुक्ड एट मी केप्ट क्वाइट फॉर 2 मिनट्स। एंड यू नो व्हाट ही सेड कि डॉक्टर साहब यह आदमी हो या औरत हो मैं इन्हें प्यार करता हूं। मुझे इनसे पच्छा दीजिए ना। जब यह सिंदूर लगाती हैं, मेरा दिल खिल उठता है। मुझे आज तक उस आदमी की बातें याद हैं, तो मैं हमेशा आपको एक बात कहूं प्यार की कोई परिभाषा नहीं होती। प्यार सेक्स नहीं होता। प्यार सिर्फ प्यार होता है। सो आई कॉल्ड अप डॉ.
(1:33:02) अंशु एंड आई सेड ऐसी चीज है क्या करें? शी सेड लगते हैं। सो वी गव दैट पर्सन हॉर्मोनस द यूट्रस साइज डेवलप्ड। वी गव दैट पर्सन हॉर्मोनस द एंडोमेट्रियम डेवलप्ड एंड देन फाइनली वी गव प्रोजेस्ट्रोजन टू ब्रेक द लेयर इन द यूट्रस एंड शी हैड पीरियड्स फॉर द फर्स्ट टाइम सो आई कॉल्ड हर आई एम सेइंग हर ओवर हियर आई कॉल्ड हर एंड आई सेड देखो तुम्हारे पीरियड्स हो गए अब तुम्हें रेगुलर पीरियड हो जाएंगे मैं दवा देता रहूंगा बच्चे को गोद ले लो तो कहती है बच्चा तो मेरा होगा और आप ही दोगे आई हैड अनदर कन्वर्सेशन वि माय वाइफ एंड वी सेड लेट्स वर्क ऑन इट। सो वी डेवलप्ड
(1:33:46) यूटस टू एग्स फ्रॉम आउटसाइड डोनर एग शी कुड नेवर मेनी एग्स टूक द स्पर्म ऑफ हर हस्बैंड मेड एम्ब्रियोस केप्ट इन द यूट्रस इन द फर्स्ट साइकिल शी डिडंट गेट प्रेग्नेंट। सो व्हेन शी डिडंट गेट प्रेग्नेंट शी केम टू मी एंड शी सेड मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हुई। सो आई सेड मुझे पता नहीं तुम प्रेग्नेंट होगी नहीं होगी। यू सेड एंड वी हैव ट्राइड वी कैन ट्राई अगेन। शी सेड मैं मां तो बनूंगी। एंड हर हस्बैंड वुड ऑलवेज कम स्टैंड ओवर हियर लुक एट हर एंड देन लुक एट मी वी वेंट द सेकंड टाइम एंड दिस टाइम शी गॉट प्रेग्नेंट बट व्हेन शी गॉट प्रेग्नेंट अ
(1:34:25) प्रॉब्लम स्टार्टेड शी वाज़ अ मैन शी डिड नॉट प्रोड्यूस वुमेन हॉर्मोन्स वी हेड टू गिव ऑल हॉर्मोन्स फ्रॉम आउटसाइड टू मैनेज इट शी हर ब्लड प्रेशर हर फेस वुड गो रेड हर लेग्स वुड गो रेड फॉर अ मिनट वी एक्चुअली थॉट दैट इट्स टू रिस्की इट्स टू व्हाई डीड वी डू इट बट देन यू नो फाइनली शी हैड अ बॉय एंड अ गर्ल विदाउट ट्विंस विदाउट नर्सरी सपोर्ट बट यू नो द सेकंड ब्यूटीफुल थिंग व्हिच शी आई लर्न फ्रॉम हर शी सेड डॉक्टर साहब अगर मेरे हो सकता है तो किसी के भी हो सकता है प्रेस को बुला लीजिए लोग डरते हैं छिपते हैं प्रेस को बुला लीजिए मैं बात करके अपनी कहानी
(1:35:07) उन्हें सुनाना चाहती हूं इट नीड्स गट्स। जिगरा चाहिए इस काम के लिए। पर यह जिगरा पता है किस चीज से होता है? जब आप औरों के लिए करने में ज्यादा सुख पाते हो अपने जगह। एंड आल्सो जब आप बहुत ही सेफ और सिक्योर रिलेशनशिप में होते हो जहां पे जजमेंट नहीं है। नहीं है। परफेक्ट। एंड यू नो आई एम जस्ट थिंकिंग फ्रॉम दैट वुमस वर्ल्ड। एंड आई कॉल्ड द प्रेस। इट वास फ्रंट पेज ऑफ़ टाइम्स ऑफ इंडिया ऑल एडिशन पैन इंडिया। इट वास 14th फुल पेज ऑफ इंडियन एक्सप्रेस मिड ऑफ मिड डे Yahoo न्यूज़ हर इंटरनेशनल जगह था। इनविटेशन फ्रॉम एवरी कंट्री टू प्रेजेंट
(1:35:49) दिस केस बट यू नो आई यह सब तो एक सेकेंडरी चीज है जो सीखा ना पता है क्या सीखा कि प्यार की कोई परिभाषा नहीं सबसे गहरी फीलिंग है एंड नंबर दो औरों के लिए कुछ करना कभी-कभी अपने से ज्यादा फुलफिलिंग होता है इसी शहर में जहां हम पोस्ट कर रहे हैं रहती है आज भी फोन आता है बच्चे बड़े हो गए हैं अगर रहा तब तक जब तक उनकी शादी होगी जाऊंगा जरूर क्योंकि जिंदगी बड़ी प्यारी है और कोई भी इस दुनिया में बच्चा पा सकता है अगर वो चाहे तो आई रियली होप दैट द मैसेज ऑफ़ होप दैट यू गव थ्रू दिस स्टोरी और मुझे लगता है एक सबसे आसान या
(1:36:38) सबसे मुश्किल चीज जो हम किसी को कर सकते हैं किसी के लिए होप देना क्योंकि जब एक आदमी होपलेस हो जाता है तो उसको होप देना बहुत मुश्किल हो जाता है। वैसे तो होप क्या है? एक बहुत सिंपल सी चीज है। राइट? तो आई होप इस स्टोरी के थ्रू आपकी इतनी ऑथेंटिक जो आपने नरेशन किया बीच में इमोशनल भी हो गए। आपने मुझे भी इमोशनल कर दिया। और इस पॉडकास्ट में ना यही खूबसूरती है। मैं गिन नहीं सकती कि कितने एपिसोड्स में मैं रोई हूं एक्चुअल कन्वर्सेशन करने के टाइम पे। क्योंकि व्हेन यू गेट एन ऑथेंटिक स्पीकर जो अपने अपने दिल से बात कर रहे हैं और अपनी सच्चाई की कहानी सुना
(1:37:10) रहे हैं और मैं वो रहने की कोशिश भी करती हूं एज अ होस्ट तो ये फ्लो ऑफ इमोशंस होता है और एंड उन लोगों की रियल जेन्युइन प्रॉब्लम एड्रेस हो जाती है कहीं ना कहीं इस वार्तालाप के थ्रू। तो आई रियली होप दैट दिस पॉडकास्ट रीचेस टू पीपल हु हैव लॉस्ट होप ऑन हैविंग किड्स ऑन हैविंग बेबीज पर्टिकुलरली मेन जो वो शेम और गिल्ट अपने सेक्सुअल परफॉर्मेंस के साथ अटैच करते हैं उसको लेकर उनको एक क्लेरिटी मिले अगर जेनुइनली कोई इशू है चाहे वो साइकोलॉजिकल आ रहा है चाहे वो फिजिकल आ रहा है उसको एड्रेस करें डीप थिंक करें द जर्नी विद इन करें खुद को बेहतर जाने मेरे
(1:37:48) दोस्त क्या कहते हैं मेरी मां क्या कहती है सोसाइटी क्या चाहती है मेरी सेक्सुअल परफॉर्मेंस के थ्रू उस लेंस के थ्रू देखने की जगह खुद आप क्या चाहते हो और आप कैसे कनेक्ट करते हो अपनी बॉडी से अपने बॉडी के ऑर्गन्स से अपने पार्टनर से उस उसके बारे में डीप थिंक करें और एक बहुत ही बहुत ही डीपर अंडरस्टैंडिंग ऑफ लव पैदा करें इंटिमेसी को इन द ट्रू सेंस समझें और उसके बाद जाके यू नो जो भी हम बात कर रहे हैं और जो भी यहां वहां से बातें सुनने को मिलती हैं उनको नेगेट करने का आपका इंटरनल कंपस ही आपको यू नो अह वह गाइडेंस दे देगा। यू विल नॉट हैव टू गो एंड रीड 10
(1:38:24) आर्टिकल्स एंड लुक एट दिस गाय एंड दैट गाय एंड उनकी बात सुनो और उनकी बात सुनो। वो यह कह रहे हैं अभी ये ट्रेंड में चल रहा है। वो म्यूजिक लगा के उन्होंने पांच रीज़ंस लिख दिए हैं तो वो रील वायरल हो गई। वो सब नॉनसेंस चैटर के को स्किप करने का एक एक कॉन्फिडेंस अंदर से बिल्ड हो। थैंक यू सो मच डॉक्टर जनल फॉर कमिंग ऑन द जर्नी विन। थैंक यू वेरी मच फॉर इनवाइटिंग मी बिकॉज़ आई हैव बीन एबल टू स्पीक टू यू दिल से। थैंक यू। थैंक यू। दैट्स द बिगेस्ट एंड द बेस्ट कॉम्प्लीमेंट आई थिंक दैट आई कैन गेट एस अ होस्ट यू नो व्यूअरशिप सब्सक्राइबर्स
(1:39:00) रीचिंग टू पीपल। दैट्स आई ऑलवेज बिलीव इट्स नॉट इन आवर हैंड्स। व्हाट आई ऍम सिटींग हियर टू डू। व्हाट वी आर सिटी हियर टू डू इज़ सीट एज़ ऑथेंटिकली एज़ वी कैन। दिल से जेनुइनली एक इंटेंट रखें कि अगर कोई हमारे इस पॉडकास्ट को एक घंटा डेढ़ घंटा निकाल के सुन रहा है तो उसकी लाइफ में हम क्या कंट्रीब्यूशन क्रिएट कर सकते हैं। आई डिजाइन दी कन्वर्सेशंस फ्रॉम दैट स्पेस। थैंक यू फॉर ब्रिंगिंग योर बेस्ट जेन्युइन सेल्फ एंड शेयरिंग फ्रॉम अ वेरी वनरेबल स्पेस डॉक्टर साहब। वेरी लेस पीपल कैन डू दैट। थैंक यू वेरी मच। थैंक यू। थैंक यू फॉर वाचिंग टुडेस पॉडकास्ट। आई एम
(1:39:34) श्योर इस पॉडकास्ट ने आपको बहुत ज्यादा एनलाइटन किया होगा अबाउट द रिप्रोडक्टिव हेल्थ। लेकिन उससे भी ज्यादा आपको एक बेहतर इंसान बनने में, एक समझदार इंसान बनने में इस पॉडकास्ट ने जरूर कहीं ना कहीं कंट्रीब्यूट किया होगा। आप हमारे दूसरे एपिसोड्स को भी चेक आउट कर सकते हैं। वी हैव ओवर 160 एपिसोड्स ऑन दिस चैनल सो फार। एंड थैंक यू फॉर सपोर्टिंग अस इन दिस जर्नी। जिन लोगों ने अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया है, गो हिट दैट बटन, एंड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट एपिसोड। हमने और भी कई एक्सपर्ट्स के साथ सेक्सुअल वेलनेस एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ एपिसोड्स किए हैं। एंड
(1:40:06) दोज़ आर सम फैसिनेटिंग कन्वर्सेशंस एंड आपको जरूर सुननी चाहिए। उन्हें हमने पिन कमेंट में टैग कर दिया है। डिस्क्रिप्शन बॉक्स में भी मेंशन कर दिया है।
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