Thursday, April 9, 2026

Real Talk: Why Work-Life Balance is a Myth !@PeepalBaba-Givemetrees| Shobha Rana | TJW #87

Real Talk: Why Work-Life Balance is a Myth !@PeepalBaba-Givemetrees| Shobha Rana | TJW #87

Author Name:Shobha Rana

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@iamshobharana

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=PFwMAlkGbes



Transcript:
(00:00) व्हाट इज द रोड टू एक्सेस लव हेल्थ एंड हैप्पीनेस इन आवर लाइफ 10 घंटे 10 साल आपने 2022 साल की उम्र में काम शुरू किया और उस चीज को आप 10 घंटे 10 साल दे देते हैं तो आप कहीं ना कहीं तो पहुंच जाएंगे एक छोटा सा वायरस आया है वेस्ट से वीकेंड नाम का अल जी हम तो सैटरडे संडे हम काम नहीं करेंगे हम चिल करेंगे चिल है ना मेरा यह मानना है जब दुनिया रेस्ट कर रही हो आप अपने काम की स्पीड कर दीजिए यह अपने आप में एक बीमारी है क्योंकि क्या होता है होम होम होना चाहिए वर्क वर्क होना चाहिए व कहते हैं कि नहीं काम में इतना नहीं वर्क लाइफ बैलेंस वर्क
(00:42) लाइफ बैलेंस अरे वर्क लाइफ बैलेंस तो तब करोगे जब तुम वर्क को तो बैलेंस करो पहले हम बाहरी दुनिया में वैलिडेशन को इतना क्यों ढूंढ रहे हैं अंदर का खालीपन अंदर का खालीपन तो इनर वैलिडेशन कैसे पैदा करें जो आप काम कर रहे हैं उसमें आपको सेटिस्फैक्ट्रिली खुश नहीं है भीड़ को छोड़ के नहीं जाना है भीड़ जहां है वहां है भीड़ अपना काम कर रही है मेडिटेशन कुछ भी नहीं है इट इज अ डीप रिलैक्सेशन वन यू अंडरस्टैंड यह भीड़ मुझे नहीं चलाएगी एयर वाटर सोइल कल्चर फूड कुजन क्लोथिंग लैंग्वेज हर 100 किलोमीटर पर बदल जाता है रंग रूप चेहरे सब बदल जाता जा हर 100
(01:31) किलोमीटर में बदलता है आप पहाड़ों में चले जाओ आप यहां से निकले घड़वाल घड़वाल से आप कुमा हो जाओ पूरी दुनिया बदल जाती है जो आपको सूरत में नवसारी में अदरक वाली चाय मिलती है और जो लेमन गलास की चाय आपको सापुतारा में मिलती है वो बिल्कुल ही अलग सो आप ट्रेवल से जो लेते हो यू रिस्पेक्ट डाइवर्सिटी यह परमात्मा की इतनी प्यारी क्रिएशन है इतनी प्यारी क्रिएशन है और हम एक ऑफिस में बैठकर सारी जिंदगी निकाल देते हैं ओशो आपके गुरु थे वेलकम टू द जर्नी विद इन पॉडकास्ट विद मी शोभा राना मैं एक इमोशनल इंटेलिजेंस और माइंडसेट कोच हूं और साथ ही साथ इस
(02:09) पॉडकास्ट की होस्ट और क्रिएटर भी हूं द जर्नी विदन पॉडकास्ट का एक सिंपल सा एम है कि आपको अपनी द जर्नी विदन अपने खुद की तरफ अपने अंत मन की तरफ लौटने में मदद कर सकें ऐसा क्यों जरूरी है ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि आप अपने आप को बेहतर समझ सके आप लाइफ में जहां पर आज हैं उसकी बहुत गहरी समझ पैदा कर सके क्योंकि जब आप यह समझेंगे तभी आप यह समझ पाएंगे कि आपको कहां जाना है और वहां तक कैसे जाना है जब तक आपको आपके आज जो आपके पॉजिटिव्स हैं आपके स्ट्रेंथ हैं वीकनेसेस है उनके बारे में नहीं पता होगा तब तक आप वहां तक भी नहीं पहुंच पाएंगे जहां आप जाना चाहते हैं सो
(02:45) दिस पॉडकास्ट इज ऑल अबाउट हेल्पिंग यू डीप अंडरस्टैंड योर ओन सेल्फ आज की इस कन्वर्सेशन से हम सीखेंगे कि अपने पर्सपेक्टिव को अपने बिलीफ सिस्टम को ओपन कैसे करें बड़ा कैसे करें रियलिटी चेक लाइफ में क्यों जरूरी है कहां हमें रियलिटी चेक लेने की जरूरत है नेचर का आपकी लाइफ के ऊपर आप जैसे हैं उसके ऊपर क्या इन्फ्लुएंस है और अगर आप ये नेचर के एल्गोरिदम को समझे तो आप अपनी लाइफ के एल्गोरिदम को कैसे डिजाइन कर सकते हैं एक अच्छी हैप्पी लाइफ की रेसिपी क्या है स्पिरिचुअलिटी के जो बड़े-बड़े लोडेड कांसेप्ट हैं जो हमें लगता है कि यह तो
(03:20) पॉसिबल ही नहीं करना डिटैचमेंट कितना डिफिकल्ट है समझना लेट गो करना नहीं हो पाता है इन चीजों को अगर हम सिंपलीफाई करें एक एक ऐसे व्यक्ति से इनको सम जिन्होंने इनको रियल लाइफ में जिया है एक सिंपल तरीके से तो दे बिकम मोर एक्सेसिबल आज की कन्वर्सेशन भी बहुत ज्यादा खूबसूरत होने वाली है एंड तक जरूर देखिएगा एंड जो लोगों ने अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया है प्लीज सब्सक्राइब कीजिए इस चैनल को ताकि हमारा ये मैसेज बहुत सारे और लोगों तक पहुंच पाए हमें आपके सपोर्ट की बहुत ज्यादा जरूरत भी है और इनकरेजमेंट भी है ताकि हम और ऐसे अच्छे एपिसोड्स आपके लिए
(03:53) लाते रहें आप लोग मुझे नाउ लेट्स गेट इन टू टुडेज [संगीत] एपिसोड यह हमारा पीपल बाबा के साथ दूसरा एपिसोड है हमारा पहला एपिसोड जो कि आप में से बहुत लोगों ने देखा पसंद किया तकरीबन 12 लाख लोग 1.2 मिलियन व्यूज उस एपिसोड पर अब तक है और हजारों कमेंट्स हैं उस एपिसोड से आपने बहुत कुछ लाइफ के बारे में सीखा खा पर्सपेक्टिव बिल्ड करना सीखा और आज के इस कन्वर्सेशन में भी हम बात करने वाले हैं अबाउट ओपनिंग योर माइंड अपने माइंड को
(04:37) अपने दिमाग को अपने पर्सपेक्टिव को कैसे खोला जाए कैसे बड़ा किया जाए और लाइफ को जीने का जो मंत्रा है जो हमें पीपल बावा के एक्सपीरियंस से जो उन्होंने लगभग 50 साल गांव-गांव शहरों शहरों में जाकर पेड़ लगाकर इकट्ठा किया है स्पिरिचुअलिटी प्रैक्टिस करके मेडिटेशन करके अच्छे गुरुओं की संगत में रहकर जो उन्होंने लाइफ के रस को निचोड़ है उसको आज हम यहां डिस्टल करने की कोशिश करेंगे अगर आपने वो कन्वर्सेशन नहीं देखी है तो इस लिंक पर आप क्लिक कर सकते हैं डिस्क्रिप्शन बॉक्स में भी लिंक होगा पीपल बाबा जी के साथ हमारा फर्स्ट एपिसोड आप वहां पर देख सकते हैं अ
(05:12) पीपल बाबा इज द फाउंडर ऑफ गिव मी ट्रीज फाउंडेशन ये सीधा मांग ही लेते हैं ट्रीज तो ये गिव मी ट्रीज फाउंडेशन के फाउंडर हैं साथ ही साथ ऑफकोर्स एनवायरमेंटलिस्ट हैं और इन्होंने लगभग 20 मिलियन से ज्यादा पेड़ इंडिया में लगाए हैं बहुत ही बड़ा एक तरह से काम कर रहे हैं मोहिम चला रहे हैं एंड लेट्स नाउ क्विकली डाइव इन टू दिस कन्वर्सेशन विद पीपल बाबा हेलो पीपल बाबा आई एम सो एक्साइटेड टू मीट यू नमस्कार एक बार फिर से स ना सो नाइस बहुत अच्छा लगा वापस यू नो पिछली बार जब हमने कन्वर्सेशन की थी आपने लव हेल्थ और हैप्पीनेस के मैसेज पर वो कन्वर्सेशन छोड़ी थी मैं
(05:49) यूजुअली सक्सेस की डेफिनेशन पूछती हूं और आपने कहा था सिर्फ यही तीन शब्द हैं लव हेल्थ एंड हैप्पीनेस तो आज यहीं से शुरू करते हैं आपने एक मंत्रा तो बता दिया सक्सेस दिखेगी कैसी उसमें लव हेल्थ और हैप्पीनेस होना चाहिए लेकिन रास्ता कैसे जाएगा उस तक व्हाट इज द रोड टू एक्सेस लव हेल्थ एंड हैप्पीनेस इन आवर लाइफ आई थिंक मैं यह तो नहीं कहूंगा कि जो मैं कहने जा रहा हूं वही सत्य है वही सच है क्योंकि सब अपने अपने एक्सपीरियंस से बोलते हैं सो मैं यहां बैठ के मैं सिर्फ अपनी शेयरिंग कर रहा हूं दिस इज माय पर्सनल एक्सपीरियंस माय पर्सनल व्यू ऑफ द होल थिंग के आई थिंक
(06:27) वर्क इज वेरी इंपोर्टेंट है ना जैसे हम बच्चों को बहुत बार बोलते हैं जो हमारे से पढ़ने आते हैं जो हमारे साथ वॉलंटस होनहार बच्चे हैं आईआईटी के हैं बीटेक हैं कंप्यूटर साइंसेस के हैं बहुत अच्छे-अच्छे पढ़े लिखे बच्चे आजकल आ रहे हैं हमारे पास वोलंटीयरिज्म 10 साल आप किसी भी काम को किसी भी सब्जेक्ट को चाहे वह कोई एकेडमिक सब्जेक्ट हो चाहे वह रिसर्च हो चाहे वह ग्रेजुएशन से लेकर आपके पीएचडी की जर्नी हो चाहे वह
(07:13) एक दुकान हो फैक्ट्री हो इंडस्ट्री हो फार्म लैंड हो कुछ भी हो अगर आपने 2022 साल की उम्र में काम शुरू किया और उस चीज को आप 10 घंटे 10 साल दे देते हैं तो आप कहीं ना कहीं तो पहुंच जाएंगे मैं यह बिल्कुल ब भी नहीं कहूंगा कि आप बहुत पैसे कमा लेंगे या बहुत शोहरत कमा लेंगे लेकिन इतनी गारंटी है आप खुश होंगे और जब आप खुश होंगे तो अगर आपका वर्क ठीक होता है ना आपकी रिलेशनशिप्स भी ठीक होती हैं तो आपका लव फैक्टर ज टेकन केयर ऑफ यह आजमाई हुई चीज है है ना यह ऑफ द कफ नहीं बोल रहा हूं मैं और फिर उसके बाद आपका हेल्थ एंड हैप्पीनेस की बात आती है
(07:57) खुशी तो अपने आप खुद ब खुद आ जाती है क्योंकि आप बड़े सेटिस्फाइड हैं आप बड़े कंटेंटेड हैं आपको बड़ा मजा आता है अपने काम में रस भी आता है और हेल्थ तभी ठीक होती है जब अंदरूनी खुशी हो और आसपास प्यार हो और आपके जीवन में प्रेम हो तभी आपकी सो ओवरऑल जो वेलनेस है वह आपके काम से आती है लोग कहते हैं कि नहीं काम में इतना नहीं वर्क लाइफ बैलेंस वर्क लाइफ ब अरे वर्क लाइफ बैलेंस तो तब करोगे जब तुम वर्क को तो बैलेंस करो पहले तुम वर्क के ऊपर ही आजकल ना एक चीज मे बी आपका तो काफी यंग जनरेशन आपको वच करता है सुनता है शायद सहमत ना हो मेरे से एक छोटा सा वायरस आया
(08:44) है वेस्ट से वीकेंड नाम का तो बच्चे जो है ना फ्राइडे को ऑफ हो जाते हैं अंकल जी हम तो मुझे कभी-कभी अंकल जी हम तो सैटरडे संडे हम काम नहीं करेंगे हम चिल करेंगे चिल है ना मेरा यह मानना है कि जब लोग जब दुनिया जब दुनिया रेस्ट कर रही हो आप अपने काम की स्पीड डबल कर दीज जब कोविड आया उन दो सालों में हमने वह काम किया जो 20 सालों में हमने काम नहीं किया आपको अपॉर्चुनिटी जब मिलती है जब वैक्यूम आता है ना आप डबल काम कर सकते हो
(09:30) मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आप छुट्टी ना ले मैं यह नहीं कह रहा हूं मैं तो बहुत बोलता हूं इस चीज पर आपकी वेकेशन होनी चाहिए लेकिन जो आपकी पीक आपकी एनर्जी है ना यूथ है आपका जो जवानी है जो आपका वो 20 2 साल से लेकर 25 साल से लेकर 35 साल तक का पीरियड है अगर इसमें काम नहीं किया तो कब काम करोगे आप जो आपने बोला ना 10 घंटे 10 साल के लिए तो हमें एक्चुअली इन डेप्थ में जाकर सोचना होगा कि अगर हम 10 घंटे काम भी कर रहे हैं तो क्या हम पूरी सिंसियर के साथ कर रहे हैं उसमें कितना डिस्ट्रैक्टेड होक कर रहे हैं क्योंकि मुझे लगता है जो वर्क कल्चरस बनाए गए थे 9
(10:08) टू फ जॉब 10 टू सि जॉब यह सब उस टाइम में बना था आज से 30 40 50 साल पहले जब कोई डिस्ट्रक्शन के रिसोर्सेस नहीं थे आपके पास ज्यादा से ज्यादा बाहर निकल के अपने कॉलीग से बात कर लोगे एक चाय पी के आ जाओगे दैट इज इट अब ये अनलिमिटेड चाय वाली मशीन नहीं होती थी अनलिमिटेड चाय और स्मोकिंग के ब्रेक्स नहीं होते थे अनलिमिटेड एक्सपोजर टू सो सोशल मीडिया नहीं होता था इंटरनेट नहीं होता था तो ऑल दीस थिंग्स वर नॉट देयर तो शायद मुझे लगता है उस टाइम पर प्रोडक्टिविटी सिंसेरिटी टुवर्ड्स वर्क एक तरीके से ज्यादा था लेकिन अब डिस्ट्रक्शंस और वो बाकी चीजें
(10:41) भी ज्यादा है तो इवन इफ यू आर क्लॉकिंग इन 12 आवर्स अ डे पता नहीं उसमें से सिंसियर इन डेप्थ काम हो कितना रहा है बहुत सारे मेजॉरिटी लोगों की बात कर रही हूं मैं बहुत फोकस लोग भी हैं आई एम नॉट क्रिटिसाइजिंग एनी वन बट आई एम जस्ट सेइंग दैट बहुत सारे जो जो आज के लोग जो काम कर रहे हैं कॉरपोरेट्स में काम कर रहे हैं और वर्क फ्रॉम होम जो अब नया आ गया है तो मोस्ट ऑफ द टा पीपल आर डूइंग वेरी डिस्ट्रैक्टेड वर्क तो सक्सेस भी डिस्ट्रैक्टेड ही फिर उससे आती है व्हाट एवर आउटकम यू आर एक्सपेक्टिंग आउट ऑफ दैट इज आल्सो डिस्ट्रैक्टेड ये जो वर्क फ्रॉम
(11:08) होम आपने बोला है ये अपने आप में एक बीमारी है क्योंकि क्या होता है होम होम होना चाहिए वर्क वर्क होना चाहिए है ना ये जो वर्क फ्रॉम होम कर देते हैं ठीक है कोविड के टाइम पर तो करना ही था है ना लेट्स बी वेरी प्रैक्टिकल अबाउट इट वो होना भी चाहिए हाइब्रिड चल रहा है बहुत सारी कंपनीज कह रही है क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर उनको कम इन्वेस्ट करना पड़ रहा है ठीक है मान लेकिन जब आप एक एक ठि प जाके जब आप जाकर एक ऑफिस में बैठते हैं वो एक अलग टेंपल है वर्क का वो एक एनर्जी है उसके अंदर एनर्जी में जाकर आप काम करते हैं वो चीज अलग होती
(11:41) है है ना वर्क फ्रॉम होम आप एक लैपटॉप लेकर आप घर पर बैठ के सारा दिन स्क्रीन के सामने बैठे हुए हैं आई डोंट सी हेल्थ कमिंग इन फ्रॉम देर आई डोंट सी हैप्पीनेस कमिंग इन फ्रॉम देर आई डोंट सी दैट क्योंकि मेरे पास बहुत सारे लोग आते हैं योग योगा के लिए भी मेडिटेशन के लिए भी तो वो भी उनकी प्रॉब्लम ही वर्क फ्रॉम होम से आ रही है सो जब तक बहुत ज्यादा मजबूरी ना हो आई थिंक वर्क फ्रॉम होम इफ इट कैन बी अवॉयडेड इट विल बी बेटर फॉर अस इट्स इट्स बेटर फॉर आवर डीएनए क्योंकि एक एक हेल्दी जनरेशन क्रिएट करने के लिए घर से बाहर निकलना बहुत जरूरी है पीपल बाबा जो कंफर्ट
(12:26) जोन है ना वो इतना एडिक्टिव होता है अगर आप एक बार उसमें चले जाते हैं तो उससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है तो आई थिंक वर्क फ्रॉम होम हैज बिकम दैट कंफर्ट जोन फॉर अ लॉट ऑफ पीपल कई लोगों को अपने प्रैक्टिकल सोलूशंस भी उसमें दिखाई देते हैं कि अब घर का मैनेजमेंट ठीक से कर लेते हो बच्चों को भी साथ-साथ में देख लेते हो एंड ट्स व्हाई दे आर गेटिंग मोर एंड मोर एडिक्टेड टू द कंफर्ट जोन लेकिन आई आल्सो बिलीव दैट जिस चीज की जो जगह है काम की जो जगह है पूजा करने की जो जगह है मेडिटेशन करने की जो जगह है अ एंजॉय करने की एंटरटेनमेंट करने की जो जगह है अगर उस
(12:57) जगह पे वो चीजें की जाए तो वाइब्रेशनल एनर्जी सपोर्ट एंड उसका मजा भी डबल हो जाता है और आप आप जिस भी पर्पस से वो कर रहे हैं वो भी अच्छे से फ्रूटफुल होता है आप एक छोटी सी गुफा में बैठे हैं और आप कहते हैं कि पूरी दुनिया का काम हम इसी गुफा से करेंगे ऐसे होता नहीं है है ना तो गुफा से तो बाहर निकलना पड़ेगा ना तो घर भी क्या होती है बड़ी प्यारी गुफा होती है उसमें बड़ा अच्छा वॉशरूम होता है बड़ा अच्छा बेड होता है बहुत अच्छा किचन होता है यूटेंसिल्स होते हैं आप अपने लाइकिंग का खाना बनाते हो आपका फ्रिज होता है आपके वार्डरोब होता
(13:27) है ठीक है वो एक अपनी गुफा है लेकिन आप सोचो कि 101 12 12 घंटे आप उसी गुफा में बैठे रहेंगे दरवाजा भी नहीं खोलेंगे उसका और बाहर निकल के वन यू मीट पीपल यू नो ह्यूमन एनर्जी बहुत एसेंशियल होती है आपकी ग्रोथ के लिए आपकी हैप्पीनेस के लिए आपकी हेल्थ के लिए सो सोशल लाइफ रखना वो रखना लोग क नो नो हम तो अपना ट प इन टच रहते हैं हम तो वीडियो कॉल्स कर लेते हैं अब उसको जस्टिफाई तो कैसे भी आप कर सकते हैं लेकिन मेरा यह मानना है एक गुफा से बैठ के अगर आप का करेंगे तो ज्यादा चल नहीं पाएंगे आप है ना तो कोई ना कोई किसी ना किसी सूक्ष्म रूप में बीमारियां आपके शरीर
(14:08) में फिर घर कर लेंगे और यही हमारा है ना परफेक्शन के नाम पर हम यू नो एवरी एवरी ह्यूमन बीइंग वांट्स टू बिलोंग समवेल टू समथिंग इसलिए तो ये क्लब्स होते हैं एसोसिएशन होती हैं चाहे ये सोशल क्लब्स है रोटरी है लायंस है ये है वो छोटा सा एक वो पेंडेंट लगाकर घूमते हैं के हम यह हैं हम व है यह क्या है हम एक आइडेंटिटी ढूंढ रहे हैं एक आइडेंटिटी ढूंढ रहे क्योंकि वह भीड़ में एक आइडेंटिटी क्रिएट करना है ना और जब गुरु आता है एक स्पिरिचुअल लाइफ में क्या होता है कि वह आपको यह बताता है कि तुम इस भीड़ का मजा
(14:55) लो लेकिन जो तुम हो उस उसका मजा लो यही है बस य स्पिरिचुअलिटी क्या है यह सब बातें इनलाइटनमेंट मोक्ष प्राप्ति समाधि यह वो हम भी इंग्लिश लिटरेचर पढ़ाते हैं वोकैबुलरी है ठीक है अल्टीमेटली ये है कि यू आर कंफर्टेबल विद योरसेल्फ यू हैप्पी विद योरसेल्फ एंड यूर हैप्पी एंड कंफर्टेबल विद एवरीथिंग अराउंड यही है और यही सारी स्पिरिचुअल ट्रेनिंग है भीड़ भीड़ को छोड़ के नहीं जाना है भीड़ जहां है वहां है भीड़ अपना काम कर रही है लेकिन अंदर जो आपकी यह इसके अंदर यह जो 1200 ग्राम का यह जो ऑर्गन है जिसको हम
(15:43) ब्रेन बोलते हैं इसकी जो केमिस्ट्री में भीड़ घुसी हुई है उसको निकाल के साइड पर रखना है आपको सारी स्पिरिचुअल ट्रेनिंग योग की ट्रेनिंग सब साधु संत सन्यासी एनलाइन मास्टर्स बुद्ध से लेकर नानक तक और कबीर तक वो क्या कह रहे थे वो यही तो कह रहे हैं कहा उन्होंने उन्होंने वर्बलाइज डिफरेंट तरीके से किया लेकिन अगर उसका पूरी समरी निकालो वो बस यह कह रहे यह जो 1200 ग्राम का यह जो 1000 1200 ग्राम का आपका ऑर्गन है इसमें जो केमिकल रिएक्शन होते हैं भीड़ के कारण अकेला इंसान कोई प्रॉब्लम नहीं है कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन जब वो बेचारा भीड़ का हिस्सा बनने की कोशिश करता
(16:26) है और वहां एक अपनी आइडेंटिटी एक अपना वर्चस्व एक अपना स्टेटस ढूंढता है वहां गड़बड़ हो जाती है तो पीपल बाबा एक मीनिंगफुल आइडेंटिटी कैसे क्रिएट करें लाइक हम बात कर रहे हैं आइडेंटिटी ढूंढने की हम कोशिश करते हैं हम एक भीड़ का पार्ट बन जाते हैं और भीड़ जिस तरफ जा रही है उस तरफ दिमाग जा रहा है उस तरफ से कंपटीशन आ रहा है कंपैरिजन हो रहे हैं फिर हमारे बरोड आइडियाज चल रहे हैं कि मैं ऐसा हो सकता हूं मुझे ऐसा होना चाहिए वैसा था यह सब अगर मैं हटा दूं जैसा आप कह रहे हो कि इसको सबको हटा दो तो फिर एक खुद से अपनी एक मीनिंगफुल आइडेंटिटी कैसे क्रिएट
(17:01) करें अपनी मीनिंगफुल आइडेंटिटी पहली बात तो मैं ये कहूंगा कि आइडेंटिटी क्रिएट करनी क्यों वह भी एक स्ट्रेसफुल चीज है क्यों कर हो आइडेंटिटी क्या करना आइडेंटिटी का आइडेंटिटी क्या कर लेगी आइडेंटिटी आपकी अगर मैं आपसे आज यह पूछूं मैं फोब्स का वो पूछ रहा पढ़ रहा था कि देर आर अराउंड 8000 मल्टी मल्ट बिलियनर्स एंड लिटरली ट्रिल न द प्लेनेट मैं आपको बोलू चलो अभी बताओ दो लोगों का नाम बताइए तीन लोगों का नाम बताइए उन्होंने कितनी मेहनत करी होगी कितनी जनरेशन लगी होंगी उस मुकाम पर पहुंचते हुए अगर मैं चलो इंडिया को छोड़ो अगर मैं आपको
(17:44) किसी भी कंट्री यूरोपियन कंट्री के बोलूंगा चलो 10 प्राइम मिनिस्टर के नाम बता दो आपको नाम पता है आपको नाम तक नहीं पता और हम सारा जीवन उस आइडेंटिटी के पीछे भागते हैं उस आपकी इमीडिएट भीड़ के बा बा भाई जान उसके आगे की भीड़ को पता भी नहीं कि आप एजिस्ट करते हो कि नहीं सिकंदर टू थर्ड ग्लोब के ऊपर प्लेनेट के ऊपर राज करके गया आज उसकी कब भी नहीं पता किसी को मालूम ही नहीं अफगानिस्तान में कहां दफनाया गया था वो है ना तो चाहे वह चंगी खान हो चाहे व्ट आई एम ट्राइट से यह जो भीड़ का माला यही तो बच्चों को समझाना है हम तो कभी भी हमारे साथ जो भी बच्चे
(18:30) पढ़ते हैं पढ़ाते हम हम हमेशा ये वाले एस्पेक्ट प बहुत बहुत फोकस करते हैं कभी-कभी पेरेंट्स मेरे से नाराज भी हो जाते हैं लेकिन मैं नहीं परवाह करता क्यों क्योंकि मुझे मालूम है आई वाज लकी इनफ कि मेरे को मेरे पेरेंट्स और मेरे ग्रैंड पेरेंट्स ने ये सिखाया सो इट इज माय ड्यूटी एज अ रिस्पांसिबल टीचर कि मैं अपने बच्चों को यह बात सिखाऊ तुमको जो करना है तुम करो जो भी पढ़ना है तुम बेटा भीड़ में भीड़ के हिसा मत भीड़ में काम करो करो ना हम भी करते हैं भीड़ में ही काम करते हैं वॉटर्स हैं यह हैं वो हैं दुनिया भर की पूरी दुनियादारी करते हैं भाई बीवी बच्चे
(19:11) फैमिली सब करो लेकिन डोंट बी डिक्टेटेड बाय द भी क्राउड जो आपके आसपास है वह आपकी रिमोट रिमोट कंट्रोल उनको क्यों दिया हुआ है आप आपको बस यह अवेयरनेस आनी जरूरी है इसमें आपने कहा क्या करना चाहिए मैं कहता हूं कुछ नहीं करना चाहिए कुछ कोई कुछ करने की जरूरत नहीं है बस एक अवेयरनेस लाओ यही ध्यान है यही मेडिटेशन है मेडिटेशन कुछ भी नहीं है इट इज अ डीप रिलैक्सेशन व्हेन यू अंडरस्टैंड यह भीड़ मुझे नहीं चलाएगी यह भीड़ मुझे नहीं चलाएगी मैं भीड़ के साथ काम करूंगा भीड़ के साथ मजे करूंगा भीड़ के साथ ट्रेवल करूंगा भीड़ के साथ कमाऊं
(19:57) भीड़ के साथ ऑफिस भी जाऊंगा भीड़ के साथ लेकिन यह भीड़ मुझे नहीं चलाएगी बस यही है दिस इज द मास्टर की टू गुड हेल्थ एंड हैप्पीनेस दिस इज सच अ पावरफुल लेसन क्योंकि आई थिंक जो भीड़ है और अभी हम कुछ देर पहले सोशल मीडिया की भी बात कर रहे थे तो इतना ज्यादा डिक्टेट कर रही है मेरा नैरेटिव मेरा पर्सपेक्टिव अबाउट माय लाइफ कि मेरा खुद का पर्सपेक्टिव उसमें से कितना है मुझे यह भी नहीं पता अगर मुझे करियर में यहां जाना है मुझे फैमिली में यहां जाना है मेरे नल गोल यहां पर है मेरे फाइनेंशियल गोल यहां पर है मुझे नहीं पता इसमें से कितने जननली वो गोलस है जो मुझे
(20:35) चाहिए थे और कितने इस भीड़ से आ गए हैं क्योंकि उसने यह किया उन्होंने यह किया कभी-कभी इतने ज्यादा ग्रॉस लेवल पर होते हैं कि आपको बोला य जाता है कि उसने कर लिया तो आपको करना है और कभी-कभी इतने सटल लेवल पर आप खुद से अपने कैलकुलेशन अपने एल्गोरिदम में लगे होते हो कि आप को पता भी नहीं चलता ट बिकम डिफॉल्ट मोड ऑफ योर थिंकिंग यूर नॉट थिंकिंग फ्रॉम योर ओन पर्सपेक्टिव वैसे देखा जाए कितना कितना यू नो इट्स कितनी अजीब सी सिचुएशन है कि हर इंसान बेचारा एक वैलिडेशन ढूंढ रहा है हर इंसान ढूंढ रहा है अपने कपड़ों के लिए वैलिडेशन ढूंढ रहा है कौन सा पर्स कैरी कर
(21:19) रहे हो उसके लिए ढूंढ रहा है आपके हेयर स्टाइल के लिए आप वैलिडेशन ढूंढ रहे हैं आप कहां जा रहे हैं उसके लिए वैलिडेशन ढूंढ रहे हैं आप एक बहुत बड़ी मैरिज करते हैं आप इतनी प्रीवेडिंग ये वो सब कुछ इतना है वैलिडेशन ूम रहे हैं बिकॉज यू आर नॉट कॉन्फिडेंट ये शादी चलेगी कि नहीं चलेगी हम बाहरी दुनिया में वैलिडेशन को इतना क्यों ढूंढ रहे हैं व्हाई आर वी ऑन अ कांस्टेंट चेज टू लुक आउट फॉर एक्सटर्नल वैलिडेशन अंदर का खालीपन खालीपन इस तरह से कि जो आप काम कर रहे हैं उसमें आपको सेटिस्फेक्शन नहीं है आप खुद से ही सेटिस्फाइड नहीं है आप खुद से ही खुश नहीं
(21:56) है सिंपल सी चीज है जब आप खुद से ही खुश नहीं है तो दूसरों से आप खुशी मांग रहे हो उधार ईएमआई लोन है ना कि यार तू बोल दे कि मैं खुश हूं लेकिन एक बात बताइए पीपल बाबा जैसे आप अभी शादी की बात कर रहे थे हम अब वह शादी कर रहे हैं फंक्शन में डांस कर रहे हैं मजे कर रहे हैं खुश तो है ना वह लोग हां खुश है मैं कुछ और बात कह रहा हूं तुम्हें खुश होना खछ हो लेकिन आप इतना ज्यादा करोड़ों लोगों के साथ शेयर कर रहे हैं मैं उसकी बात कर रहा हूं भाई आपके पास पैसा है आप अपना करो आप यू हैव एवरी राइट अगर देखा जाए उन लोगों ने अगर 00 करोड़ रुप खर्चा
(22:39) है तो उनका तो % ऑफ नेट वर्थ भी नहीं है दे हैव एवरी राइट टू स्पेंड देर मनी भाई उनका पैसा वो खर्च है वो कुछ नहीं मैं वेल बीइंग की बात कर रहा हूं एज अ वेल विशर मैं उनको कह रहा हूं कि भाई इतना मत करो लोगों की नजर लगती है बस सिंपल सी बात कह रहा हूं मैं लोगों की नजर लगती है है ना जैसे आजकल एक नया फैशन है बेबी शावर अभी बच्चा बेचारा आया नहीं है दुनिया में मालूम भी नहीं वह कैसा होगा वह बेचारा बीमार होगा हेल्दी होगा क्या होगा आपने उसी का एक शूट करा के आपने पूरा शेर कर रहे हो आप पूरा उसके ऊपर है ना नजर लगती है नजर लगती है मानो इस चीज को अब उसके
(23:26) पीछे की पूरी साइंस फिर उसमें तो फिर मैं पूरा दिन बोल सकता हूं उस चीज पे वह पूरी साइंस है इट्स एब्सलूट साइंस है यह कोई सुपरस्टिशन नहीं है यह कोई मानने वाली बात नहीं है आप इलेक्ट्रोमैग्नेटिक आप रेकी की बात करते हैं डिस्टेंस रेख की बात करते हैं आप ट्रांसमिशंस की बात करते हैं आप आशीर्वाद की बात करते हैं इज देयर एनी टेंज बल थिंग नहीं थॉट थॉट थॉट मूव्स फास्टर देन द स्पीड ऑफ लाइट है ना तो दिस इज व्ट दिस इज साइंस प्योर साइ एनीबडी हु बिलीव्स इन द सटल कांसेप्ट ऑफ लाइफ जिसको लाइफ के जो सटल जो जो चीजें हैं जैसे कि एनर्जी जो इन चीजों को समझता
(24:07) है वो कहीं ना कहीं जो आप कर रहे हैं बात उससे डेफिनेटली सेकंड करेगा कि हां बिकॉज एनर्जी इज एवरीथिंग और अगर सही एनर्जी जा रही है या आ रही है उस परे काफी कुछ डिपेंडेंट करता है कि आपकी सृष्टि जो है कैसी क्रिएट हो रही है आपका इकोसिस्टम आपका आसपास कैसा क्रिएट हो रहा है थोड़ा सा इस तरह से समझाने की कोशिश करूंगा इन अ वेरी सिंपलिस्टिक वे ऐसा कुछ ना करो और इस तरह से रिफ्लेक्ट ना करो इस तरह से दिखाओ मत इस तरह से पोट्रे मत करो कि यकीनन बहुत सारे वहां पर जो बैठे लोग हैं भीड़ में वह जेलस फील करें एनवीस फील करें चीजों को नॉर्मल उसको भी देखने वाले को भी लगे कि
(24:52) हां यार इसने किया इसने बताया इफॉर्म किया ठीक है इसको भी आशीर्वाद इसको भी साधुवाद ठीक है यार अच्छा कर रहा है ठीक है बढ़िया पर आप इतना करोगे इतनी तरीके से दिखाओगे चीजों को वहां बैठा वह कहता है अरे यार काश मेरी जिंदगी में यह होता काश मेरे वो होता या मेरे तो ऐसा हुआ नहीं मेरी तो वो होने बस वो एनर्जी बदलनी शुरू हो गई वो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वो आपका स्फीयर बदलना शुरू अच्छा अगर ऐसी बात है तो वास्तु क्या होता है एस्ट्रोलॉजी क्या होती है अगर ऐसे तो फिर तो सारी सारी की सारी पूरी आपकी जो हमारी 5000 साल की हिस्ट्री
(25:39) है पूरे इंडिया की आप वोह क्वेश्चन मार्क में आ जाती है नजर है नजर इज प्योर साइंस इस चीज को लोगों को अगर वह एक्नॉलेज नहीं करते आप कितनी कितनी कितनी चीजों से बच सकते हो आपने बीच में टीचर्स की बात करी आपके बहुत अच्छे टीचर रहे हमने कहीं मेडिटेशन की भी बात की तो आपने तो उनसे मेडिटेशन सीखा है जिन्होंने पूरी पूरे विश्व भर को मेडिटेशन कराया है ओशो आपके गुरु थे लास्ट टाइम आई रिमेंबर कि हमने ऑफ कैमरा बहुत ज्यादा बात की थी ओशो के बारे में बट ऑन कैमरा आते ही हम उनके बारे में बात नहीं कर पाए तो लेट्स टॉक अबाउट दैट एस्पेक्ट ऑफ योर लाइफ आल्सो क्योंकि आजकल
(26:18) बहुत सारे लोग ओशो को सुन रहे हैं फिर से उनकी किताबें मैं देखती हूं लोगों के हाथों में मैंने खुद कुछ किताबें उनकी कुछ टाइम पहले ली उनके छोटे-छोटे रील्स वायरल होने लगे हैं तो देयर इज अ लॉट पीपल आर यू नो काइंड ऑफ अलाइन विद द ओशो फिलोसोफी ऑफ लाइफ तो क्या है ओशो फिलोसोफी मतलब आपने इतना टाइम स्पेंड किया 4 साल आप उनके आश्रम में रहे उन लोगों के बीच में उस एनर्जी के बीच में रहे तो मुझे बताइए वहां पर आपने क्या सीखा सी वो एक बहुत काबिल टीचर थे आई वोंट लाइक टू टॉक अबाउट के हमने क्या किया हम तो इतना जानते हैं जो शरमाया है जो टीचिंग्स हैं उनकी अ दैट
(27:01) शुड बी हाइलाइटेड एंड दैट शुड बी द पॉइंट ऑफ फोकस और जितने भी पिछले 40 साल में मैंने देखे हैं जितने भी जितने भी वक्ता हैं मोटिवेशनल स्पीकर्स हैं जितने भी गुरु जितने भी गुरु हैं चाहे वो आचार्य प्रशांत हो चाहे सदगुरु हो चाहे श्रीम शंकर हो चाहे कोई भी हो मैं तो सबको मानता हूं मैं तो सबको बहुत रिस्पेक्ट के साथ सुनता भी हूं हू मैं सबको सुनता हूं आई फाइंड अ रिफ्लेक्शन आई फाइंड इको ऑफ माय टीचर यू नो उन्हीं के फ्रेजस हैं उन्हीं की बातें हैं लेकिन हां आई एम सो सो हैप्पी दैट उसको एक नए संदर्भ में
(27:48) एक मॉडर्न लैंग्वेज में मॉडर्न पर्लास में एक मॉडर्न कॉन्टेक्स्ट में उनको दोबारा दोबारा दोबारा दोबारा कहा जा रहा है ही वाज अ टीचर ओशो मैं उनको यू नो फॉर मी माय पेरेंट्स माय ग्रैंड पेरेंट्स मेरे टीचर मतलब मेरे को वो जो टीचर जो कीवर्ड है ना वो मेरे लिए बहुत वो है लोग कहते हैं गुरु लोग कहते हैं यह मास्टर यह वो सब चीज मैं टीचर वर्ड यूज करूंगा यू नो टीचर सो उनकी जो टीचिंग्स है दे व सो सिंपल दे व सो फंडामेंटल दे व सो साइंटिफिक दे व सो लॉजिकल दे व सो मिस्टीरियस दे व सो सो ब्यूटीफुल दे व सो सटल कि
(28:34) विदाउट विदाउट चेंजिंग यू उनकी टीचिंग आपको चेंज कर देती विदाउट टेलिंग यू टू चेंज योरसेल्फ एक होता है तुम बदलो तुम यह करो तुम सुबह यह करो तुम शाम को यह करो तब तुम ऐसे हो गए ना ना एक फैसिलिटी है आप वहां जाते हैं आप को सुनते हैं आप कोई आप कुछ ध्यान के प्रयोग करते हैं कोई भी अग्रेशन नहीं है वहां पर कोई भी स्कल्पिन नहीं हो रही आपकी आपकी कोई मोल्डिंग नहीं हो रही वहां लेकिन फिर भी जब आप बाहर आते हैं आपको अंदर जैसे ही आप बाहर आते हैं आपको लगता है व उस भीड़ में
(29:20) आते हैं मैं फिर भीड़ वर्ड यूज करूंगा कि आप अलग हो गए हैं आप उस भीड़ से अलग हो गए आपकी सोच अलग हो गई है यू नो तो यह हमने उनसे पाया और आज भी 40 साल बाद भी हम जब कुछ भी करते हैं तो उनकी जो टीचिंग्स है वह हमारे साथ है और मैं मानता हूं कि ओशो की जो टीचिंग्स है वह आज एक नए तरीके से परोसी जा रही है रेसिपी वही है नए-नए व्यंजन बन रहे हैं नए नए तरीके से बताए जा रहे हैं और यह होना भी चाहिए होना भी चाहिए क्योंकि कि वो जनरेशन अलग थी वो एक
(30:02) अलग आस्था के साथ डिवोशन के साथ सुनती थी उनको आज नई जनरेशन है मिलेनियम जनरेशन है जेनेक्स है और जनजी जो है वह एक दूसरे तरीके से सुनना चाहती है वह रिल फॉर्मेट में सुनना चाहती है और वह उनको पर वो मिल रहा है इस समय सोशल मीडिया पर मिल रहा है मुझे लगता है ओशो अपने टाइम से इतने ज्यादा आगे थे कि उनकी कही हुई बातें उनको कोई मास अपील देने की कोई कांटेक्ट सेट करने की जरूरत नहीं है उन्होंने जैसा कहा था वैसा भी आप सुन लो आज अगर उनको एक 182 साल का कोई बच्चा सुनता है वो भी उससे एब्सलूट रिलेट कर सकता है उसे एब्सलूट अप्लाई कर सकता है अपनी लाइफ में ही वास
(30:42) सो एड ऑफ हिज टाइम ही वाज नॉट टॉकिंग इन अ लैंग्वेज दैट यू कुड अंडरस्टैंड मैं यह मानता हूं ना वो अहेड थे ना वो पीछे थे वो सनातन थे वो ही वास सो यूनिवर्सल ही वास सो टू द पॉइंट वो कहते हैं ना बुलजए वो बिल्कुल टारगेट पे वो मतलब विदाउट मिसिंग जज वर्ड्स वो सच को कहते थे सच बोलने के पीपल बाबा कंसीक्वेंसेस भी होते हैं एक एक सच को बिल्कुल सच की तरह कह देने के भी कंसीक्वेंसेस होते हैं जो ओशो ने भी अपनी लाइफ में झेले कई कंट्रोवर्सीज के बीच में उनकी लाइफ चलती रही कई लोगों ने उनको बैन कर दिया कई कंट्रीज में एंट्री नहीं अलाउड
(31:19) थी उन्होंने भी वो कंसीक्वेंसेस देखे बट वो भी क्या रॉकस्टार थे मतलब मुझे लगता है कि सो मेनी पीपल आर टेलिंग यू दैट यू आर नॉट राइट यू आर नॉट एक्सेप्टेड एंड यट ही इज लाइक मेरा ये मिशन है मेरा ये विजन है और मैं इस पे चल रहा हूं वो भी एक अलग ही जुनून है एक अलग ही वो वो एक अलग ठीक है एज अ गुड टीचर देखो एक जो अच्छा टीचर होता है वो कहेगा भाई मैथ्स को आप ये ज्योमेट्री है ये अलजेब्रा है ये ट्रिग्नोमेट्री है ये इस तर तो आपके यही फार्मूला है मैं तो वही लिखूंगा ना ब्लैक बोर्ड पे है ना जस्ट बिकॉज भीड़ ऐसे कह रही है कि सर हमको ये बातें नहीं सुननी है
(31:54) तो तुम उसके फॉर्मूले थोड़ा ना बदल दोगे तो जिंदगी के जो फॉर्मूले हैं जिंदगी की जो सच्चाई यां हैं जो जो बेसिक्स हैं वो तो उन्हीं को दोहरा रहे थे एंड उनका कोई इन्वेस्टमेंट नहीं था इस चीज में कि मेरे इतने लोग हो या रियल एस्टेट बने या कुछ जो थोड़ा बहुत हमने हमने समझा उनको सो आई थिंक ही वाज जस्ट बीइंग वेरी वेरी ट्रुथ फुल अबाउट थिंग्स एंड डेफिनेटली उसके कंसीक्वेंसेस होंगे ही वाज वेरी ओपन मैं इतने सारे लोगों के साथ अपने पॉडकास्ट में भी बात करती हूं तो लोग बो बोते हैं कि इस बारे में बात मत करना लेकिन वह किसी भी बारे में बात कर सकते थे आप उनसे सेक्स के
(32:34) बारे में बात कर सकते हो आप उनसे होमोसेक्सुअलिटी के बारे में बात कर सकते हो जब पूरी दुनिया होमोसेक्सुअलिटी को समझती नहीं थी जानती नहीं थी मानती नहीं थी वो उस वक्त बात कर कर सकते थे आप उनके साथ मोनोगेम पॉलीगोनी एमस रिलेशनशिप किसी भी वाइल्डेस्ट ऑफ योर थॉट्स फैंटेसी के बारे में बात कर सकते थे ऐसा नहीं कि आजकल के जो गुरुस हैं या फिर जो कोचेस हैं या जो टीचर्स हैं उन उनका उस चीज को लेकर पर्सपेक्टिव नहीं है लेकिन वह सामने बोलना नहीं चाहते वह कैमरे पर बोलना नहीं चाहते वह अपने सर्मन में अपने भाषणों में बोलना नहीं चाहते बट ओशो डिड नॉट हैव दैट इनबिश
(33:08) मुझे लगता है वहां पर वो सबसे डिफरेंट थे एक तरीके से उनको नहीं परवाह थी वो अपने टाइप के टीचर थे वो अपने टाइप के टीचर थे और मतलब बेबाक थे और बहुत ही काबिल थे उस चीज में कि और कहते बड़े प्यार से थे ऐसा भी नहीं है कि कोई यू नो ऊंची आवाज में या कोई अब्यूड़ोस फी और उसके पीछे की पूरी सोशल हिस्ट्री वो भी बताते थे अच्छा मैं इस तरह के टीचर से क्यों इंप्रेस हुआ एज अ स्टूडेंट ऑफ
(33:53) लिटरेचर आप लिटरेचर को तब तक नहीं समझ सकते जब तक आप फिलोसोफी सा एंथ्रोपोलॉजी आर्किटेक्चर आप ह्यूमैनिटीज के सारे इट इंटर डिसिप्लिन थिंग है ना तो जब हमने उनको सुनना शुरू किया तो आई फाउंड हेयर इज अ टीचर जो इंटर डिसिप्लिन बात करता है उनकी मेरे को एक पहले पहले शुरू की बहुत प्यारी बात बोली उन्होंने कहा प्लेनेट पर जो भी रह रहा है वह इंटरडिपेंडेंट है वो इंटरडिपेंडेंट है तो आप देखो कितनी प्रोफाउंड कितनी गहरी बात है है पूरा यह जो आज हम सस्टेनेबिलिटी आज हम बायोडायवर्सिटी आज हम वाइल्ड लाइफ हम फॉरेस्ट की बात करते हैं इंटरडिपेंडेंट है
(34:37) वह कह रहे थे कि इफ यू डोंट रिस्पेक्ट ईच अदर तो इंटरडिपेंडेंस वहीं से आती है कि हम दूसरे के बिना नहीं जी सकते बस इतनी सी बात है और दूसरे के साथ हम बाखू बाखू बी जी सकते हैं तो यही बात बड़ी गहरी बात लेकिन उस चीज को आयदा हो गई लोग नहीं वो छोटे-छोटे वर्ड्स उठा लेते थे जैसे संभोग है यह है वो है वो जो मार्केट में चलती हैं चीजें वो उछल जाती हैं स्पिरिचुअलिटी के कुछ ऐसे कांसेप्ट हैं फॉर द लैक ऑफ अ बेटर वर्ड कुछ ऐसे कांसेप्ट हैं जो बहुत ज्यादा लोडेड हो गए हैं मैं चाहती हूं कि आप उनको सिंपलीफाई करो मुझे एवरी डे लाइफ में बताओ
(35:22) कि कैसे मैं उसको समझ पाऊं कैसे सिंपलीफाई कर पाऊं और कैसे अप्लाई कर पाऊं क्योंकि जब तक ये कांसेप्ट बहुत लोडेड रहेंगे जब तक इनमें इनका एक एक यू नो एक तरीका एक स्टाइल और एक कुछ यू नो इस दुनिया से परे करके समझाने का तरीका रहेगा तब तक ये हर किसी के लिए एक्सेसिबल नहीं होंगे तो मैं चाहती हूं ये सबको ही एक्सेस कर पाए अगर लेटिंग गो करना इतना क्रुशल इतना जरूरी है आपकी खुद की पर्सनल ग्रोथ के लिए स्पिरिचुअल ग्रोथ के लिए फाइनेंशियल ग्रोथ के लिए एनवायरमेंटल ग्रोथ के लिए तो फिर सबके पास इसकी एक्सेस होनी चाहिए ना लेकिन है नहीं तो मैं चाहती हूं कि आप उसको
(35:57) सिंपलीफाई करो तो स्पिरिचुअलिटी के कांसेप्ट से शुरू करें तो सबसे पहला लिविंग इन द प्रेजेंट मोमेंट अब ये इतनी जगह पर है मुझे नहीं लगता कोई भी ऐसा ऑफिस है जहां पर यह लगा नहीं होगा स्टिकर लिव इन द प्रेजेंट मोमेंट हियर एंड नाउ दिस मोमेंट इज प्रेशियस इस तरह के कोई ऐसे घर नहीं है जहां पर उन्होंने या तो अपने किसी स्क्रीन पर ना लगा रखा हो किसी दीवार पर ना लगा रखा हो लेकिन फिर भी मोस्ट ऑफ द पीपल आर नॉट लिविंग इन द प्रेजेंट मोमेंट टेल मी हाउ टू लिव इन द प्रेजेंट मोमेंट आई डोंट लिव इन द प्रेजेंट मोमेंट य डों आई डोंट री यून नो य क्लिश य क्लिश लेट्स बी
(36:38) वेरी दिस थ लि इन द प्रेजेंट मोमेंट यर एंड नाउ ठीक है कहने को भाई यह बड़ी प्रोफाउंड चीज हैं लेकिन आप हम हमारे को जिस तरह से परोसा जाता है हर जगह पर वो थोड़ा मुझे नहीं जचता नहीं है उसका मैं बताऊ आप कोई भी काम कर रहे हैं मैं फिर वापस वर्क पर आता हूं आप कोई भी काम करते हैं आप मस्ती में काम कर रहे हैं आप बहुत ज्यादा पास्ट में रहेंगे बहुत ज्यादा फ्यूचर में नहीं रहेंगे मन क्या है माइंड क्या है मन मन जो है वह बंदर है वह चंचल है बंदर जो मन है वह बंदर की तरह फुदक रहता है व य तो पास्ट में रहेगा या फ्यूचर में रहेगा है ना वो आपको प्रेजेंट में जो आप
(37:24) काम कर रहे हो [संगीत] वो वो मन का स्वभाव है वो मन की नेचर है उसको उसको नेगेटिव तरीके से मत लो व उसका डीएनए है मन है ही उस तरह का है ना तो उसको बड़े प्यार से लीजिए इस चीज को वह भागेगा वो फ्यूचर में भी भागेगा वह पास्ट में भी भागेगा मैं फिर कहता हूं अगर आप काम कर रहे हैं ना अपना आप अच्छे से काम कर रहे हैं वोह फार्मिंग का काम कर रहे हैं आप पान की दुकान चला रहे हैं आप टपरी चला रहे हैं आप प्रोफेसर हैं आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर कोई भी है अगर आपको अपने काम में रस आ रहा है मैं बार-बार इस बात को दोहराता हूं आपका मन ना पास्ट में जाएगा ना फ्यूचर में
(38:05) जाएगा बहुत लोग बोलते हैं अरे नहीं हम अपना काम एंजॉय करते हैं लेकिन मैं हमेशा ना पीछे सोचता रहता हूं मैं वो मेरे साथ ना 4 साल पहले यह हुआ था मैं यह सोचता हूं कि 3 साल बाद मेरी सिक्योरिटी का क्या होगा मेरी जॉब का क्या होगा मैंने कहा इस यही तो कह रहा हूं बेटा आप अभी अपने काम पे फोकस नहीं कर रहे हैं इसीलिए आपको कॉन्फिडेंस नहीं आ रहा इसलिए आपको कॉन्फिडेंस नहीं आ रहा अगर आप आज अपना काम ठीक कर रहे हैं उस महीने में काम ठीक कर रहे हैं उस हफ्ते में काम ठीक कर रहे हैं आपको मालूम है यू हैव गिवन द बेस्ट टू इट आप कहोगे जो भी होगा फ्यूचर में बढ़िया
(38:43) ही होगा अच्छा ही होगा आज ही तो अगला दिन डिसाइड करता है ना आपका तो इस चीज पर फोकस करना बहुत जरूरी है कि जो आप काम करते हैं उसको बहुत ऑनेस्टली सिंसेरिटी डि मशन कमिटमेंट इंटीग्रिटी के साथ करें यह चीज में बहुत बहुत बहुत लैकिंग देख फॉर एग्जांपल अब छोटा सा इंसिडेंट है मेरे पास बहुत सारे बीटेक के बच्चे आते हैं ठीक है अब किसी ने सिविल इंजीनियरिंग किया है मैकेनिकल इंजीनियरिंग किया बहुत बढ़िया अव्वल नंबर से निकले हैं और बहुत अच्छे इंजीनियर्स है बहुत राइट स्टूडेंट्स है लेकिन वह कंप्यूटर साइंसेस में इसलिए जाना चाहते हैं क्योंकि सैलरी ज्यादा
(39:25) है ठीक है तो मैं को बोलता हूं तो तुमने सिविल इंजीनियरिंग क्यों च चुनी थी नहीं नहीं नहीं मेरे को अच्छी लगती है मेरे को अच्छा लगता है मैं क 4 साल तुमने पांच साल तुमने वो किया जो तुम्हें अच्छा लगता है नाओ अब फिर वही भीड़ कह रही है तुमको यहां पर मिलेगा 0000 का स्टार्टिंग वहां तुमको मिल रहा है लाख सवा लाख का सो यू वांट टू गो दे अब सारी जिंदगी वो चीज करोगे जो तुम्हें पसंद ही नहीं है आप समझ गए तो आपका मन तो पीछे भी जाएगा कि यार मैंने क्या किया 4 साल मैंने अपनी सिविल इंज में मैंने टाइम वेस्ट किया फिर आगे चलके अगर आईटी बबल बर्स्ट हो गया फिर मैं क्या
(40:03) करूंगा मैं तो आउट ऑफ लाइन हो गया सिविल इंजीनियरिंग से अब तो मैं कंप्यूटर साइंसेस में आ गया अरे यह वाला सॉफ्टवेयर तो सिर्फ छ महीने चलने वाला है मैं तो ऑब्सोलेटे हो जाऊंगा मुझे और इसको वो करना पड़ेगा मुझे और करना पड़े दिस इज व्हाट आई एम से है ना तो आपकी जो स्वभाव है आपका जो नेचर है सबका एक काम निर्धारित है यू नो ये जो वर्ण बने थे हमारे हिस्ट्री में वो वो इसीलिए बने थे आप मतलब उसको मिसअंडरस्टैंड मत कीजिए पर मैं यह कह रहा हूं अगर जैसे कोई फार्मर का बेटा है वह बहुत नेचुरली उस चीज को करेगा लेकिन अगर वह जाके कुछ और कर रहा है लोग
(40:47) कहेंगे अरे तो इसका मतलब उसकी ग्रोथ ही ना हो आप कह रहे हैं कि वोह कंप्यूटर साइंसेस ना करे वो आईटी में ना जाए वो जाकर बिजनेस ना करे मैं यह नहीं कह रहा हूं भाई मैं यह कह रहा हूं नेचर ने आपका डीएनए एक तरीके से बनाया है उस चीज को समझो उसी चीज को अवेयरनेस बोलते हैं उसी चीज को मेडिटेशन बोलते हैं उसी चीज को हेयर एंड नाउ बोलते हैं कि आपको अभी समझ आ रहा है कि यह मेरा स्वभाव है यह मेरी नेचर में है मुझे यह करने में लीस्ट स्ट्रेस होता है मुझे यह करने में मजा आता है मुझे यह करने में मेरे को स्वाद आता है यह करने में मेरी मस्ती है यह करने में
(41:30) मुझे स्ट्रेस नहीं हो बस बात खत्म आप अगर वह करोगे आपका मन भागेगा ही नहीं चार साल आगे आपका मन भागेगा ही नहीं चार साल पीछे करके देख लो कोई भी चीज करके इसलिए कहते ना हैप्पी गार्डनर्स होते हैं वो क्या होते हैं वो गमले में लगे तो गमले में ही लगे हुए हैं वो गुड़ाई कर रहे हैं है ना फिर उसको पानी देंगे फिर वो फूल को अप्रिशिएट करेंगे फिर उसकी वो फोटो खींचें फिर वो करेंगे इसी को तो बोलते हैं बीइंग इन द मोमेंट लेकिन बीइंग इन द मोमेंट बिक रहा है मार्केट में वी विल टीच यू हाउ टू बी इन द मोमेंट आइए तीन दिन का वर्कशॉप कीजिए
(42:04) 0000 में हम आपको सिखाएंगे कि बीइंग इन द मोमेंट क्या होता है अरे बीइंग इन द मोमेंट कुछ नहीं होता है आप अच्छा काम कर रहे हैं यू आर इन द मोमेंट आप अच्छी बात कर रहे हैं यू आर इन द मोमेंट आप अच्छे लोगों के साथ बैठे हैं यू आर इन द मोमेंट आप चाय की झु उसकी एंजॉय कर रहे हैं टपरी पर बैठे हैं यू आर इन द मोमेंट दैट इज व्ट इट मींस टू बी इन द मोमेंट जब आप जो कर रहे हैं उसका मजा ले रहे हैं उसका स्वाद ले रहे हैं दैट इज टू बी इन द मोमेंट हमने काफी सारी चीजों के बारे में बात की और कोर जो मुझे लग रहा है वो यही है कि आपको अपना जो काम है जो आप करते हो वो बहुत
(42:41) कन्विंसिंग वन ऑफ द कोर मैसेजेस एंड अलोंग विद बहुत सारी चीजें हमने बात की एक बात जो हमने अब तक नहीं की है और जो पिछले एपिसोड से एब्सलूट वायरल हो गई थी वो थी ट्रेवल के बारे में कितने ही हजारों पेजेस ने वो ट्रैवल रील शेयर की कितने ही हजारों [संगीत] तो
(43:57) हो रहे तो फोन निकालने का तो सवाल ही नहीं पैदा होता नहीं तो सारा फोन ही खराब हो जाता और मैं फोन निकालता ही नहीं ड्यूरिंग माय ट्रेवल पीरियड सो आप जगह जगह अच्छा जितनी बार आप रुक के पूछेंगे के भाई साहब जरा रास्ता बता दीजिए वो दो सेंटेंस और बोलता है आप यहां से मत जाइए आप यहां से चले जाइए अब वहां पर लैंड स्लाइड हुई हुई है वहां पत्थर गिर रहे हैं वहां कच्ची पहाड़ी है अभी बारिश आने वाली बेटा वहां से मत जाओ आप यहां से चले जाओ तो आप नए नए रास्ते ढूंढते हैं ग आंटी आपको ऐसे नहीं लेकर जाती ग आंटी टेक्स यू थ्रू द शॉर्टेस्ट रूट है ना तो और सारा
(44:39) ध्यान तो आपका स्मार्टफोन पर होता है तो आई थिंक दैट शुड नॉट भी भाई हमको डिलीवरी करने थोड़ ना जा रहे हैं हम कोई जोमेटो स्विगी के डिलीवरी बॉ थोड़ ना के उसी के हिसाब से जाएंगे वहीं की जाकर घंटी बजानी है वहीं पर वो डिलीवरी करनी है ना है ना व्हेन यू आर ट्रेवलिंग बी अ ट्रैवलर है ना जब आप जाते हैं मोटे मोटे तौर पर देख लो कि हां मैं यह है यहां यहां जाना है बाकी उसमें अलग मजा है उसमें अलग रोमांस है कि आप रुक रुक के पूछते हुए जाओ रास्ता सो यह पूछना जो है मैंने इससे बहुत कुछ सीखा है बहुत कुछ सीखा है और ऐसे ऐसे गांव मैं तो प्लांटेशन की बात कर सकता
(45:17) हूं गया था मैं उस गांव में पौधे लगाने लगा के आ गया चार और पंचायतों में वो वाला गांव तो मैं पहुंच ही नहीं पाया क्यों क्योंकि किसी ने कहा अरे बेटा वहां पर जमीन है वहां पर के सरपंच से मिल लो उसके पास गोचर जमीन है वह तो ढूंढ रहा था कोई कि जो उसके वहां पर पौधे लगा दे उसको फ्रूट के पौधे चाहिए फल वो चाहिए तो ऐसे ऐसे चीज बनती गई श्रंखला बनती गई कहानी बनती गई और कहानी में जो एक स्टोरी में ट्विस्ट आते हैं वह तो तभी आते हैं जब आप अन चार्टेड उसके अंदर जाते हो अगर हर चीज प्लान है वो भी बुक्ड वो भी बुक वो भी बुक हाय राम मतलब क्या मजा है उसका सारी चीज
(45:57) तो बुकिंग प आप जा रहे हो नॉन बुकिंग प भी तो जाओ एक बार निकल जाओ है ना तो खैर सोलो ट्रेवलिंग की जो बात है आई थिंक सोलर ट्रेवलिंग आई फील इज व्हेन यू ट्रेवल विदाउट टेक्नोलॉजी हां मैं ठीक है मैं अपनी मेमोरी के लिए कभी-कभी फोन निकाल के बैकपैक में से मैं माइलस्टोन है या एक आद कोई ढाबे की फोटोग्राफ जस्ट फॉर माय मेमोरी कि मैं वहां गया था वो मेरा मेरा माइलस्टोन था मैं वहां से उसी रास्ते से आया मैं कहीं आते हुए मैं भूल ना जाऊं तो इट इज मोर लाइक अ लिटिल मेमोरी फॉर मी मैं उस तरह से फोटो खींचता हूं और यहां मेरे को बहुत सुंदर कोई बादल नजर आ गया बहुत
(46:39) सुंदर फूल नजर आ गए बहुत सुंदर मुझे पेड़ नजर आ गए तो मैं उस परे खींचता हूं आई डोंट वेस्ट माय टाइम डॉक्युमेंटिंग द होल थिंग अ सो दैट इज व्हाई आई एंजॉय बोर बहुत सारे बच्चे मुझे रास्ते प मिलते हैं बाइकर्स मिलते हैं क्योंकि हम ऐसे-ऐसे रोड्स प जाते हैं बहुत सारे वहां पर अ लोग कैफेस में बहुत मिलते हैं और कभी-कभी होता है कुछ लोग पहचान लेते हैं हमको तो कहते हैं अंकल आप ऐसे कैसे आप अकेले बिना रेनकोट के आप छछ दिन ऐसे बगते हुए जा रहे हैं मैंने कहा बेटा पहली बात तो बड़ी मुश्किल से बारिश आती है साल में कुछ दिन बारिश आती है अगर इस दिन भी भीगे ना तो
(47:18) लानत है हमारे पे व कहते अरे भीग जाएंगे मैं कहा क्यों रोज सुबह नहाते नहीं हो भीगते नहीं हो वह क्या ड्राई वॉश होता है तुम्हारा अगर तब सकते हो तो अभी नहाने में क्या है और इसमें तो हवा भी लग रही है नहीं फिर जुकाम हो जाती है मैंने कहा बेटा फिर यह बारिश की प्रॉब्लम नहीं है हवा की प्रॉब्लम नहीं ये तुम्हारी इम्युनिटी की प्रॉब्लम इट इज अबाउट इम्युनिटी इट हैज नथिंग टू डू विद वाटर सिर्फ पानी आपके शरीर प पड़ गया आप बीमार पड़ गए भैया चेक करवाओ अपना अपने पैरामीटर्स चेक करो अपना थोड़ा सा ठीक करो अपने आप है ना सो ये है ट्रेवलिंग सी आई आई थिंक इट्स इट्स अ डीपर
(47:54) अंडरस्टैंडिंग ऑफ लाइफ ट्रैवलिंग इज समथिंग व्हिच थ्रोज यू ओपन टू नेचर इट थ्रोज यू ओपन टू द माउंटेन थ्रोज यू ओपन टू पीपल थ्रो यू ओपन टू अन एक्सप्लेन फेनोमेना हम और जैसे मैंने टीचर्स का बोला कि आई वास वेरी लकी फर्नेट फॉर टीचर्स और जो सेकंड मोस्ट प्रायोरिटी मैं दूंगा मेरी लाइफ की जितनी भी लर्निंग रही आफ्टर टीचर्स एंड पेरेंट्स वो मैं एक ही शब्द को दूंगा ट्रेवल जितना मैंने किया उसी से मैं आज जो भी बोल भी पा रहा हूं आपसे आज मैं यहां बैठा हूं वह इसलिए है क पीपल बाबा ने ट्रेवल किया कौन से ऐसे तीन सबसे बड़े लाइफ लेसन है जो आपने ट्रेवलिंग से सीखे
(48:39) हैं एयर वाटर सोइल कल्चर फूड कुजन क्लोथिंग लैंग्वेज हर 100 किलोमीटर पर बदल जाता है हर 100 किलोमीटर पर बदलता यह सबसे बड़ी टीचिंग है तो आप यह जो सोच बैठते हो कि मैं सही हूं मेरा कल्चर मेरी रिलीजन मेरा धर्म मेरी पॉलिटिक्स मेरी ये चीज अरे जनाब बाहर तो निकलो 100 किलोमीटर प बदल जाओगे 100 किलोमीटर पर कुछ भी नहीं है जो यहां का एल्गोरिथम है वो वहां नहीं चलता जो यहां का सॉफ्टवेयर है व वहां नहीं चलता रंग रूप चेहरे सब बदल जाता है हर 100 किलोमीटर बदलता है आप पहाड़ों में चले जाओ
(49:25) आप यहां से निकले घड़वाल घड़वाल से आप कुमा हो जाओ पूरी दुनिया बदल जाती है पूरी दुनिया बदल जाती है आप नॉर्थ हिमाचल चले जाइए साउथ हिमाचल चले रे दुनिया बदल जाती है आप जम्मू एंटर करते हैं आप लेफ्ट साइड घूमते हैं रजौरी ना ये नगरोटा वगैरह वो दुनिया अलग है आपने उस साइड आपने पहलगाम और श्रीनगर की साइड प घूम गए अरे वो तो दुनिया ही अलग है वो तो दुनिया ही अलग है कश्मीर वैली में घुस गए तो दुनिया अलग है ऊपर निकल आए आप कारगिल की तरफ निकल गए ले की तरफ गए वो तो दु ही अलग तो आप किसकी बात कर रहे हो यह जो डाइवर्सिटी है आपको समझ आती है एंड यू स्टार्ट रिस्पेक्टिंग
(50:06) डाइवर्सिटी डाइवर्सिटी ऑफ एयर वाटर सोइल मैं फिर रिपीट कर रहा हूं ऑफ लैंग्वेज ऑफ कल्चर ऑफ कुजन ऑफ बिलीफ सिस्टम्स ऑफ रिचुअल्स साउथ में चले जाइए मंदिर में किस तरह से पूजा होती है वो उस तरह से चमोली में नहीं होगी उत्तराखंड में जोशी मठ में कुमाऊ में कुमाऊ में जिस तरह से पूजा होती है वह घड़वाल में नहीं होती कहीं देवियों का कहीं रानी माता का बड़ा वह है तो कहीं भोले बाबा का है अरे इतनी गजब की डाइवर्सिटी है और आप यूरोप चले जाओ आप फ्रांस से निकले बस से तो आप बेल्जियम जाए तो फ्लेवर अलग है वहां से निकले जर्मनी तो वहां के वेदर सिस्टम अलग है वहां माइनस
(50:51) में टेंपरेचर चल रहा है वहां से नेदर ै से वो समुद्र के नीचे उसका लेवल है अब क्या गजब की दुनिया परमात्मा ने बनाई है हर 100 एक अलग डिश जैसे होता है ना कि एक पहले स्टार्टर्स होते हैं फिर वो मेन कोर्स आता है वो आता है आपको समझ नहीं आता क्या खाओ क्या ना खाओ तो मैंने तो पिछले 40 साल से यही सीखा है क्या क्या गजब की दुनिया है क्या गजब की दुनिया हर 100 सा हर 100 किलोमीटर प बदलती है हम यहां से लखनऊ जाते हैं यहां से देहरादून जाते हैं यहां से जयपुर जाते यहां से मैं पुणा भी जाता हूं हैदराबाद भी जाता हूं बाइक पे आप जाओ यहां
(51:27) से आप निकले आप राजस्थान गए जयपुर का अलग कल्चर है उदयपुर बिल्कुल ही पर अब वहां से आपने जैसे बॉर्डर क्रॉस किया सूरत अहमदाबाद अलग हो जाता है नवसारी अलग हो जाता है चिकली अलग हो जाता है चिकली से आपने लेफ्ट मारा डांग के जंगल आपने देखे वहां से गए तो आप ऊपर सापुतारा रेंजेस पर चले गए वहां की लेमन ग्रास की चाय पी जो आपको सूरत में नवसारी में अदरक वाली चाय मिलती है और जो लेमन ग्रास की चाय आपको सापुतारा में मिलते वो बिल्कुल ही अलग 150 किलोमीटर का पूरी दुनिया बदल जाती है चाय बदल जाती है फ्लेवर दिस इज व्ट आईम से सो आप ट्रेवल से जो
(52:00) लेते हो यू रिस्पेक्ट डाइवर्सिटी यह परमात्मा की इतनी प्यारी क्रिएशन है इतनी प्यारी क्रिएशन है और हम एक ऑफिस में बैठकर सारी जिंदगी निकाल देते हैं हम एक शहर में बैठकर सारी जिंदगी निकाल दे एक गांव में बैठ के हम अपने यह मेरी जमीन मेरे एकड़ मेरी फेंसिंग यह मेरा खेत यह मेरी चीज मेरा वो अरे भाई परमात्मा ने इतना सुंदर प्लेनेट बनाया उ उन्होने हजारों 400 करोड़ साल उन्होंने अपनी बायोइंजीनियरिंग अपनी क्रिएटिविटी उन्होंने विचारों ने कितनी मेहनत करी परमात्मा ने उस चीज को बनाने के लिए और 10000 साल पहले हमको सिविलाइज फॉर्म में
(52:38) हमको भेजा कि जा बेटा जी ले अपनी जिंदगी मैं तुझे डेजर्ट भी दे रहा हूं मैं तुझे अंटार्टिका भी दे रहा हूं मैं तुझे स्नो भी दे रहा हूं मैं तुझे आइस भी दे रहा हूं मैं तुझे समुंदर भी दे रहा हूं मैं तुझे पहाड़ भी दे रहा हूं हिमालया भी दे रहा हूं मैं तुझे ग्रीन स्पेसेस भी दे रहा हूं तू अपना आराम से 70 साल 80 साल जी आ जा वहां प और हमने क्या किया हम कुछ और ही कर रहे हैं अब उस चीज पर मैं बोलना नहीं चाहता तो कमिंग बैक टू ट्रेवल आई थिंक यू रिस्पेक्ट लाइफ और आपको परमात्मा समझ आता है आपको खुदा समझ आता है खुदा की खुदाई समझ आती है
(53:13) आपको परमात्मा की वो रवानगी उनकी रूहानी वो जो हम बातें करते हैं वो किताबों में नहीं है आप निकलो तो सही और एक और बात बता दूं चाहे वो बुद्ध हो चाहे नानक हो कबीर हो चाहे कोई भी हो आप कोई भी कोई भी ले लो प्रभु देवा हो आपने चन्म स्वामी हो कोई भी आप देख लो साउथ के ले लो चाइना के ले लो जितने भी ट्रैवलर्स हुए हैं मार्को पोलो कोई भी कोई भी कन्फ्यूशियस ले लीज सब ट्रैवलर्स जितने भी फिलोसोफर हुए हैं ल सब ट्रैवलर्स रहे सो ये भी मैं यंगस्टर्स को बोलता हूं स्टाप ट्रेवलिंग लोग कहते हैं हाउ कैन वी बी स्पिरिचुअल मैं छोड़ बाइक उठा निकल जा
(53:56) है ना और कभी-कभी हर चीज को प्लान वे से मत करो अभी रात को कभी-कभी नींद नहीं हो जाता है नींद नहीं आती एक डेढ़ बजे उठे जी चाय बाय पी मुहा धोया ब्रश किया जस्ट टू फील बेटर चाबी उठाई बाइक पे बैठे एक छोटे बैकपैक में लगाया रस्सी से बांधा और निकल गए और यह भी नहीं पता होता दिल्ली का बॉर्डर क्रॉस करके जा कहां रहे हैं आप अभी भी ऐसा करते हो अभी भी ऐसा करते हैं अगर हीलिंग करनी है अभी मैं थोड़ा कम करता हूं ऑनेस्टली पिछले 6 साल से मैं कम कर रहा हूं लेकिन हा मेरी जब मुझे लगता है कि मेरा वह स्टेज आ रही है कि अब मैं बहुत जड़ हो रहा हूं एक जगह पर तो मैं ऐसे ही
(54:36) करता हूं जस्ट पिक अप मा कीज डुक डुक को कहता हूं चल बेटा निकलो उसके टैंक में थोड़ा पेट्रोल डालते हैं और दिल्ली का बॉर्डर क्रॉस करते हैं फिर पता नहीं कहां जा रहे हैं लेकिन जहां भी जाते हैं यह मालूम है कि वही वाली बात है जी विध राखे राम मतलब नेचर इ टेकिंग यू वहां पर आपकी विल पावर नहीं चाहिए फिर मैं कहता हूं आपको यह भी पता होनी चाहिए आपकी विल पावर कहां काम करेगी और आपको विल पावर को अपने बस्ते में कहां रखना है मैं आपसे जो अगली बात करना चाहती हूं दैट इज अबाउट विल पावर यू नो लोग कहते हैं कि विल पावर बहुत स्ट्रांग होनी चाहिए या उनका विल पावर
(55:11) इतना स्ट्रांग है इसलिए उन्होंने यह पढ़ाई कर ली या फिर यह एडिक्शन छोड़ दी या यह क्रिएट कर लिया या मेरा तो विल पावर वीक है तो मैं नहीं उठ सकती सुबह जल्दी तो विल पावर ऐसा साउंड करता है जैसे कोई एक मैजिकल सुपर पावर है जो किसी व्यक्ति के पास है और किसी के पास नहीं है लेकिन मैं पर्सनली ऐसा मानती हूं कि विल पावर एक ऐसी ऐसी पावर है जिसका एक्सेस सभी को है शायद हमको उसका रास्ता नहीं पता उसका एक्सेस रोड नहीं पता लेकिन सभी को है तो आई वांट यू टू गिव द एक्सेस रोड टू विल पावर हाउ डू आई एक्सेस द विल पावर देखिए अगर मेरे से आप पूछेंगे तो मैं
(55:49) यह कहूंगा ना विल है ना पावर है क्योंकि पावर के पीछे तो कभी गए नहीं और विल जो है वो तो जीही विधि राखे राम है ना तो वो उसी की विल चलती है तो अपनी तो कोई विल है नहीं हां यह है मैं फिर वही बात कहता हूं मेरा काम मेरा स्वभाव मेरी मस्ती मेरी यू नो जो जो चीज में मेरे को अच्छा लगे मैं वह कर रहा हूं लेकिन अगर प्रकृति बीच में कहती है या जो शेड विल है जो सुपर विल है जो एक कॉस्मिक विल है अगर वो कहती है कि नहीं बेटा ये नहीं होना है तुम आई डोंट स्ट्रगल लेकिन कैसे बिल्ड करें विल पावर जो बिल्डिंग ऑफ विल पावर है वह अंडरस्टैंडिंग ऑफ विल पावर में आती है है
(56:33) ना जैसे आपने सही कहा एक विल पावर इ सो अवेलेबल टू एवरीथिंग वही बात है कि आप जो चीज कर रहे हैं अगर आप उससे कन्विंस्ड हैं तो आप क्यों भटके आप भटको ग ही नहीं आप कहोगे हां उसने कहा कि अरे ये ठीक नहीं है ओके मैं इसको और और सुधारने की कोशिश करता हूं और आप आगे बढ़ पाएंगे ठीक है आप उसको चेंज नहीं करेंगे आप आप बैक ट्रैक नहीं करेंगे आप स्टेप बैक नहीं करेंगे उस चीज से इसी को तो विल पावर कहते हैं विल पावर क्या है विल पावर यही है ना कि आपने मुझे कुछ कहा आपने कहा कि पपलो बाबा आज से आप पेड़ लगाने बंद कर
(57:18) दो इससे तो कुछ होना नहीं है एनवायरमेंटलिस्ट कहते हैं क्लाइमेट चेंज ये है वो है यह तो पेड़ों से अब कुछ होने नहीं वाला तो मेरी में विल पावर किस चीज से आएगी वो मेरी कन्विंसेस लगता है नहीं मैंने इतनी नेस्टिंग वैल्यू की मैंने हैबिटेट्स बनाए इंसेक्ट्स के लिए बर्ड्स बी बटरफ्लाई के लिए कोई बात नहीं क्लाइमेट चेंज हो ना हो कोई बात नहीं लेकिन हम जो काम कर रहे हैं वह अच्छा काम कर रहे हैं हम तो भाई मरते दम तक यही करेंगे इसी को तो विल पावर बोलते हैं विल पावर एज यू राइटली से इट्स ब्यूटीफुल क्वेश्चन पहली बार किसी ने मुझसे यह पूछा है के विल पावर को कैसे
(57:58) एक्सेस कर सकते हैं सो आई थिंक विल पावर कम्स फ्रॉम द सिंपल फैक्ट और एक चीज ना मोमेंटम गिव्स यू एनर्जी अगर आप एक चीज को बार-बार करते हैं एक चीज को लगातार करते हैं एक चीज को कंटीन्यूअसली करते हैं उसकी एक अपनी ऊर्जा होती है एक अलग पावर आती है उसमें से वो वो मोमेंटम आता है जैसे गाड़ी एक स्पीड पर चल रही है उसकी उसको आप ब्रेक लगाएंगे तो वो थोड़ी दूर जाकर रुकती है तो वही वाली है विल पावर वही चीज है है ना और जहां तक विल की बात है हर चीज में ना अपनी विल नहीं चलानी चाहिए बड़ा स्ट्रेसफुल हो जाता है मैं भी कभी-कभी हो जाता है मेरे साथ भी अरे ऐसे
(58:39) क्यों नहीं ये ये ऐसे फिर मैं अपने आप को रोकता हूं नो नो परिवर्तन नो नो पीपल वाबा ये गलत कर रहे हो कर ये फिर फिर देन यू नो दिस इज वे मेडिटेशन कम्स इन माइंड यू नो यू जस्ट ड्रिंक अ कोल्ड ग्लास ऑफ वाटर एक चाय पीते हो बैठते हो 5 मिनट अपने आप को चेक करते हो चेक करने यू नो चेक करना गलत गलत गलत गलत जस्ट बिकॉज उसने कह दिया तो मैं चेंज हो जाऊंगा ऐसे थोड़ना होता है हां लेकिन मैं उसको भी वो नहीं करूंगा मैं उसको हां जो आपने कहा वो भी ठीक है सर आपने जो कहा वो भी ठीक है अच्छा गवर्नमेंट ऑफिशल्स के साथ बहुत होता है ये है ना वो
(59:16) कह नहीं ऐसे होगा हां जी सर बिल्कुल होगा आपका आपकी भी बात ठीक लेकिन अपनी मिल पावर सुप्रीम है हमने करना वही है ढ की तरह हमने करना वही है जो हमने सोचा हुआ है ना लेकिन उसको ऐसा लगता है कि नहीं इसने हमारी बात मान ली तो विल पार इसको इट्स अ वेरी इस इसके साथ भी एक सेंस ऑफ ह्यूमर होना चाहिए आपको है ना विल पावर का बल्कि इसके ऊपर तो किताब लिखी जा सकती है विल पावर जो शब्द है इट्स अ ब्यूटीफुल वर्ड कि आप बिना लोगों को परेशान किए हुए आप अपनी राह पर चलते जा रहे हैं आप अपना काम कर गुजरते हो और मजे में आप काम कर देते हो उसी को विल पावर कहते हैं आपने
(1:00:00) किसी को बुरा भी नहीं वो किया है ना हां जहां पर आपको फर्म होना है वहा फम भी होई है लेकिन किसी का दुल मत दुखाओ है ना बी कर्टियस अबूसिव मत होय बी फर्म ब एट द सेम टाइम बी वेरी हमल ह्यूमिडिटी जो है इट्स पार्ट ऑफ वेल पार आप चुप होते हैं कभी-कभी हमें बैक स्टेप भी लेना पड़ता है कभी हम बिल्कुल शांत हो जाते एक आध महीने के लिए फिर हम अपने काम पर लग जाते हैं यस विल पावर सो एक तरीके की स्ट्रेटजी है य जिंदगी की स्ट्रेटेजी है यह जीवन की स्ट्रेटेजी है विल पावर इज अ ब्यूटीफुल वे टू लिव एंड इट शुड बी समथिंग वेरी पर्सनल इट इज समथिंग वेरी पर्सनल यह फिर
(1:00:44) मैं कह रहा हूं य विल पावर कोई मार्केट प्लेस की जगह नहीं है उसको आप चौराहे पर खड़े हो देखो मेरी विल पावर मेरी देखो मैंने विल पावर मेरी यह थी तो मैंने यह किया मैंने वोह किया वो विल पावर नहीं होती विल पावर ये होती है कि आप लोगों को पता भी नहीं चलने देते हो फिर भी आप अपना काम कर जाते हो उसको कहते हैं विल पावर आपके जवाब से जो मुझे एक्शनेबल मिल रहा है कि मैं कैसे अपनी विल पावर को समझ सकती हूं और एनहांस कर सकती हूं एक तो जो आपने बात कही कि जो काम कर रहे हो उसकी पूरी कन्वे से करो और कंसिस्टेंसी जो आपने बोला कि एक जो मोमेंटम का एक जो ऊर्जा होती है
(1:01:16) जो एनर्जी होती है जो एक काम को बार-बार करने से बिल्ड होती है वो ऑटोमेटिक विल पावर को आपके सस्टेन कर देती है तो मुझे मुझे जो आपके जवाब में सुनाई दे रहा है वो सुनाई दे रहा है आदतें हैबिट्स कंसिस्टेंसी बिकॉज आई वांट टू गिव इट टू माय व्यूवर्स उनके लिए पूरा डिस्टल करना चाह रही हूं मैं कि कैसे विल पावर आपकी स्ट्रांग होगी हमेशा याद रखिए समुद्र में भी लो टाइड हाई टाइड आता है है ना लो टाइड तो एक समुद्र जैसी चीज में भी आती है अब आप हमेशा कहो वो हाई टाइड प ही रहे हमेशा आप कहो कि जो सर्फ है जो उसकी वेव है इतनी वो रहे आप अपना काम करते रहो और
(1:01:48) कंसिस्टेंसी से करते रहो तो जब आप वो एक लंबे टाइम तक कर ले तो फिर वो विल पावर की तरह डिफाइन होना शुरू हो जाता है लेकिन आपने जो किया वो वही किया कि जिसमें आपको मजा आ रहा है जिसमें आप रमे हुए हो आप अपनी धुन में हो और आप रोज उसी धुन में चल रहे हो हां आपकी धुन ही आपकी विल पावर है आपकी मस्ती ही आपकी विल पावर है आपकी कन्वे ही आपकी विल पावर है विल पावर कोई कुछ और चीज नहीं ये मैंने अपनी लाइफ में महसूस किया है एक वक्त था मैं ना अपनी फिटनेस से बहुत स्ट्रगल कर रही थी अपने वजन से बहुत स्ट्रगल कर रही थी एंड मुझे लगता था मेरे अंदर विल पावर नहीं है
(1:02:24) मैं इतनी एक्सरसाइज नहीं कर पाती मैं इस टाइम पर नहीं उठ पाती मैं इस तरह से खाना नहीं खा पाती जो भी मेरे थॉट्स थे वो इस तरीके के थे और फिर जब उन थॉट्स के साथ मैंने शुरू किया तो शुरू करते हुए मेरा प्रैक्टिस इतनी लोडेड थी एक आउटकम के को लेकर कि मुझे हर वक्त लगता था यह खा रही हूं तो इसका ये रिजल्ट होएगा वो खा रही हूं तो इसका ये रिजल्ट होगा मैं ऐसे ना खाऊं वैसे ना खाऊं तो कहीं ना कहीं मैं अपनी मस्ती भूल गई थी मैं इतना ज्यादा आउटकम सेंट्रिक हो गई थी कि मैं जो कर भी रही थी मैं उसका मजा लेना भूल गई थी कर रही थी आउटकम कभी आया कभी नहीं भी आया
(1:02:55) लेकिन वो मेरा अब बदल गया तो अब जो मैं प्रैक्टिस करती हूं वह मस्ती के लिए होती है फिर चाहे शरीर में दो-तीन इंच बढ़ गए हैं पा सा 10 किलो बढ़ गए हैं कम हो गए वो चलता रहेगा आई एम नॉट सेइंग कि आप उसका ध्यान ना दें बिल्कुल अपना ध्यान दे लेकिन उसकी उसकी मस्ती फील करना अगर आप एक जैसा हमने लास्ट पॉडकास्ट प कहा था जिस पर कई लोगों ने बड़ा जिनको परेशानी भी हुई आपने कहा अगर दो समोसे खाकर तुम्हें डोपामिन रिलीज हो रहा है तो कर लो यू नो उसका कांटेक्ट एक बहुत अलग था लेकिन लोगों ने कहा कि अरे यह तो आप अनहेल्दी चीज को प्रमोट कर रहे हो इट नॉट दैट यह बात एक
(1:03:27) बहुत सटल है बहुत डीप लेवल प उसको डीप लेवल प आप समझेंगे तो आप उसके साथ वितर्क में नहीं आएंगे है ना वो महीने दो महीने में अगर आपने कोई गोलगप्पे की प्लेट खा ली महीने दो महीने में अगर एक समोसा खा लिया तो कौन सा पाप कर दिया भाई कोई बात नहीं उस समय आपको अच्छा लगा आपने कर दिया आपके दोस्त आपके साथ थे आपने कुछ कर लिया तो मतलब अगर आप अवेयरनेस ले आएंगे तो आप रोज खुद से ही गुलाब जामुन नहीं खाएंगे बिल्कुल महीने में अगर आप दो बार भी खा रहे हो और हर बार आप यही सोच रहे हो कि अरे इसमें इतनी कैलोरीज है अरे इससे ये हो जाएगा हो जाएगा तो फिर उसका उसका तो कोई
(1:04:00) पॉइंट ही नहीं है आप इतना कॉर्टिसोल जनरेट कर रहे हो स्ट्रेस हार्मोन जनरेट कर रहे हो जितना आपका डोपामिन नहीं जनरेट हो रहा उसको छोड़ने से सी अगेन एंड अगेन वी आर कमिंग टू द सेम थिंग अवेयरनेस अवेयरनेस अवेयरनेस प काम करेंगे तो ऑटोमेटिक वो चीज आप रोज नहीं करोगे जो आपके लिए अच्छा आपका जो कैलोरी का प्रेशर है आपकी फिटनेस का प्रेशर कौन लेकर आता है वो भी तो भीड़ लेकर आ रही है वो भी तो भीड़ लेकर आ रही है ऐसा नहीं है मैं भी अपना थोड़ा बहुत फिटनेस प थोड़ा बहुत मैं अपना ख्याल रखने की कोशिश करता हूं लेकिन मैं इसलिए करता हूं ताकि मैं जो मैंने
(1:04:33) अपने जीवन में पिछले इतने सालों से काम किया है मैं वो मरते धन तक काम कर सकूं है ना यह ना हो कि मैं बिस्तर पर पड़ जाऊं और लोग मेरी सेवा करने के मतलब वो वो वाली लाइफ नहीं चाहिए अगर जाना है तो चलते चलते जाना है अगर जाना है तो काम करते हुए जाना है अगर जाना है तो इसी तरह से खुशनुमा माहौल में बैठे बैठे फिर निकल लेना है है ना तो आई थिंक अगर आपका फिटनेस की जो अवेयरनेस है वह यह होनी चाहिए कि मेरे लिए अच्छा है इसलिए नहीं कि मुझे भीड़ को दिखाना है इसलिए नहीं है कि मेरी फोटोग्राफ अच्छी आनी चाहिए इसलिए नहीं है कि आई वांट टू फील गुड यू नो पीपल बाबा
(1:05:14) क्या होता है कभी-कभी हम शुरू करते हैं क्योंकि हमें उसम मजा आता है जैसे मैंने योग शुरू किया मैंने शुरू इसलिए किया कि मुझे उसमें मजा आने लगा लेकिन कब वो क्योंकि आप भीड़ की आवाज इतनी सुनते हो कब वो ऐसा बन गया कि नहीं मेरे को तो 3 मिनट हेड स्टैंड में होल्ड करना ही है मेरा हैंड स्टैंड तो होना ही चाहिए मेरी टंग सर के पीछे से आनी ही चाहिए कब वो उसमें बदल गया मुझे पता नहीं चला और आपको रिलाइज हुआ कि ये तो भीड़ से डिफाइन हो रहा है बहुत टाइम के बाद जब मैंने उस चीज को समझा मैंने कहा अरे यार मैं कर रही हूं मैं कर भी रही हूं लेकिन मेरा दिमाग कहां जा रहा
(1:05:42) है हम अब आपने यह जो बात कही है ना मैं इस पे एक छोटी सी टिप्पणी करना चाहूंगा परमात्मा ने आपको उल्टा खड़े होने के लिए नहीं बनाया यू आर नॉट डिजाइंड फॉर दैट है ना जब आप गुफा में रहते थे पेड़ों पर रहते थे हमारे पूर्वज जो थे वह अपना फल फ्रूट आहार खाते थे नदियों में नहाते थे अपना घूमते फिरते थे हंटर गैर थे जो भी थे उस वगत योग था नहीं था दे व वेरी हेल्दी उस वक्त उस वक्त कोई डायबिटीज थी नहीं थी उस वक्त कोई वो था नहीं था सो योग भी योगासना जो है ना जैसे अष्टांग योग है या जो भी है तो वो इसलिए किए गए
(1:06:29) क्योंकि हमारी लाइफ स्टाइल चेंजेज आ रही थी तो हमारे ऋषि मुनियों ने कहा नहीं नहीं अब आपको ऐसे ऐसे ऐसे करना है आपको पवन मुक्ता आसन करना है आपको सर्वांग करना है आपको यह करना है उससे आपकी सर्कुलेशन बढ़ेगी आपका जो भी है बॉडी ठीक रहे लेकिन हमेशा याद रखो नेचर डिड नॉट डिजाइन अस फॉर दैट य यह बहुत जरूरी है चीज यह कभी-कभी हेल्थ एंड फिटनेस के ऊपर कभी कहीं डिस्कशन होती है तो लोग कहते हैं ऐसे होना चाहिए पायलेट्स करना है यह करना है जिम जाना है आजकल पावर योगा का जमाना है मैं एक ही क्वेश्चन पूछता हूं चाहे वो एग्रीकल्चर हो फॉरेस्ट्री हो हेल्थ हो
(1:07:10) फिटनेस हो स्पिरिचुअलिटी और हर चीज में आई गो बैक टू नेचर क्या परमात्मा चाह रहा था जैसे एक छोटी सी बात है जैसे लोग कहते हैं इंडोर प्लांट्स क्या परमात्मा ने इंडोर प्लांट्स बनाए नहीं वो तो परमा वो तो हम ही उठा उठा के पौधों को अपने घर में अपने ऑफिस में बिठा के रख लिया और उसको बोला देखो जी हमारा इंडोर प्लांट है परमात्मा ने तो कोई इंडोर प्लांट नहीं बनाया उन्होंने तो सब कुछ आउटडोर बनाया आप उसकी बात करते हैं पेट्स की बात कर लीजिए वल्फ के आंसेस्टर्स हैं चाहे डॉगीज हैं चाहे कुछ है हमारे पास भी है मेरे पास भी फील्ड में 100 प्लस डॉग्स है लेकिन आई फील कि
(1:07:48) नहीं वो वाइल्ड में रहने चाहिए वो खुले में रहने चाहिए दे शुड बी टोटली इन फ्रीडम कॉल क्यों कॉलर डालू उसको क्यों करो दे आर माय पेट्स दे माय फ्रेंड्स उनको अच्छा खाना खिलाएंगे उनको अपना खुश रखेंगे जहां वैक्सीनेशन देनी है वहां देंगे लेकिन मैं उनको अपने बेड में अपने सोफे पर अपने साथ नहीं रखता क्योंकि परमात्मा ने उनको मेरे मुझे गोद में बिठाने के लिए नहीं बनाया उनको उन उनकी एक फ्रीडम है उनको बाहर रहना है उनको उस जंगल में रहना है उसको प्रकृति में रहना है सड़कों पर रहना है जहां पर भी रहना सो ये बहुत गहरी बातें हैं अब इस चीज प भी देखना आ जाएगा कि आपने
(1:08:24) पेट्स के बारे में ऐसे कैसे कह दिया इट्स ओके इट्स ओके आई लाक आई लव दिस डिस्कशन नो मैं यह कहने की कोशिश करता हूं बारबार बारबार यू वांट टू चेक योरसेल्फ हमेशा याद रखो आज से 5000 साल पहले हम क्या थे आज से 10000 साल पहले हम क्या थे कोई भी चीज हो लाइफ में चाहे वह मैरिज हो परमात्मा ने बनाई कोई बात नहीं इंसानों ने बनाई है है तो उसके दायरे में रहिए फिर आप तो चाहे वो कोई भी हो वाइल्ड लाइफ हो कुछ हो गार्डनिंग हो प्लांटेशन हो फार्मिंग हो एग्रीकल्चर हो मैं हर चीज में यही कहता हूं जस्ट लुक बैक इफ इसीलिए हिस्ट्री बहुत इंपॉर्टेंट है इसीलिए सोशलॉजी बहुत
(1:09:10) इंपॉर्टेंट है इसीलिए इस चीज का ज्ञान इस चीज की थोड़ी सी समझ कि होमो सेपियंस कैसे इवॉल्व हुए हैं बहुत जरूरी बहुत जरूरी अगर आप होमो सेपियंस की एवोल्यूशन को नहीं समझते हैं आप आज के टाइम में भी आप कुछ भी नहीं समझते आप कुछ भी नहीं समझते क्यों क्योंकि आपको यह समझना है कि उस वक्त नेचर कैसे ऑपरेट करता था और अगर उसके अनुकूल मॉडर्न लाइफ में रहते हुए इस शहर में रहते हुए मैं ये नहीं कह रहा हूं बिना कपड़े के घूमने शुरू कर दो क्योंकि पहले हम नहीं घूमते थे नहीं यह भी अडेप्ट करना है लेकिन एट द बैक ऑफ द माइंड जो एल्गोरिथम चलनी चाहिए जो
(1:09:51) इंटेलिजेंस चलनी चाहिए वो नेचर की चलनी चाहिए पीपल बाबा अब हम इस कन्वर्सेशन के एंड की तरफ जा रहे हैं पिछली बार मैंने आपसे पूछा था कि आपकी डेफिनेशन ऑफ सक्सेस क्या है इस बार मैं पूछना चाहती हूं आपकी डेफिनेशन ऑफ हैप्पीनेस क्या है एक ट्रू हैप्पी लाइफ क्रिएट करने का टेंप्लेट आप मुझे देके जाओ अपने स्वभाव अनुसार काम कीजिए आप अपने स्वभाव को समझिए आप अपने आप को समझिए भीड़ को डिसाइड मत करने दीजिए कि आप क्या करेंगे जिंदगी में आप क्या खाएंगे आप क्या पिए आप कैसे कपड़े पहनेंगे आप कैसे करें ठीक है मैं बार-बार यही बात बोलता हूं अपने स्वभाव अनुसार जिए आप कभी भी मार
(1:10:36) नहीं खा सकते आप कभी गलत हो ही नहीं सकते एंड एट द सेम टाइम बी स्ट्रीट स्मार्ट भी भीड़ स्मार्ट भीड़ स्मार्ट मतलब भीड़ को थोड़ा सा ऐसे भी रखिए भीड़ को कभी-कभी आने भी दीजिए भीड़ को कभी-कभी ऐसे भी रखिए कभी भीड़ को आने भी दीजिए ठीक है भीड़ से पंगा मत लीजिए भीड़ को समझिए भीड़ की डायनेमिक समझिए भीड़ की फ साइकोलॉजी समझिए बस यही चीज एक समझने की है अगर हम दुनियादारी को कहते ना महात्मा लोग क्या कहते हैं दुनियादारी है दुनियादारी है मोह माया है समझो इस चीज को कुछ नहीं है भीड़ है आप देख लो किसी भी एंगल से देख लो वो
(1:11:20) भीड़ है है ना तो उस भीड़ को समझ तो भीड़ को समझाना नहीं है समझना है प्ली हा प्लेजट समझो उसको उसमें उसमें भी कोई वरियर होने की जरूरत नहीं है अग्रेसिव होने की जरूरत नहीं है इ शर पोएट्री इट्स शर इसको बड़ा प्लेजट आप कर सकते हैं और अगर आप प्लेजट रहेंगे तो आप बहुत अच्छा टैकल कर पाएंगे उस भीड़ को अगर आप अग्रेसिव हो जाएंगे गुस्से में होंगे वो भीड़ और ज्यादा फिर फिर तो भीड़ आपको दूसरे तरीके से रिमोट कंट्रोल में रखेगे आप है ना सो इट हैज टू बी डन वेरी प्लेजट विथ फुल अवेयरनेस और यहां पर यो स्पिरिचुअलिटी आपके पेरेंट्स आपका
(1:11:57) इकोसिस्टम सब काम आता है सो भीड़ को समझना है उसको समझाने की लड़ाई में नहीं पड़ना है अच्छा आपने कहा अपने स्वभाव के अनुसार काम कीजिए तो कैसे पता चलेगा मेरा क्या स्वभाव है किसी भी काम में अगर आपको आप घड़ी नहीं देखते जब मैं ट्रेवल करता हूं जब हम प्लांटेशन करते हैं जब हम कोई भी सोइल के साथ काम कर रहे हैं कुछ भी कर रहे हैं या मैं अपने दोस्तों के साथ भी होता हूं आज क्योंकि पॉडकास्ट में मैंने घड़ी पहनी हुई है मैं घड़ी की तरफ देखता ही नहीं है ना अगर आप घड़ी देख देख के काम करेंगे कैलेंडर देख देख के आप काम करेंगे हर चीज का नाप तोल करके काम
(1:12:40) करेंगे मजा नहीं आता आप वह स्वाद नहीं ले पाएंगे है ना सो बिना कैलकुलेशंस के कभी कुछ करके देखिए सो यह जो स्वभाव वाली चीज है वह वही है कि अगर आपको लोड नहीं लगता आपके ऊपर प्रेशर नहीं आता इसका मतलब आप सही जा रहे हैं वो आप स्वभाव अनुसार काम कर रहे इट इज सिंपल एक इंसान है उसके डीएनए में है उसका स्वभाव है लिखना लेकिन वो ये कहे कि अरे मैं 20 मिनट से लिख रहा हूं मेरे तो अब मेरे को सूक्ष्म व्यायाम करने पड़ेंगे मेरे को तो मेरी रिस्ट वो हो रही है इसका मतलब भैया तुम ना ना ना समथिंग इज रंग इसका मतलब तुम वो तुम्हारा स्वभाव नहीं है
(1:13:23) लिखना सिर्फ समझाने के लिए मैं कह रहा हूं अगर आपको वॉकिंग का शौक है अगर आप अभी निकले नहीं है 100 कदम चले नहीं है फिर आप कते व पसीना आ गया ह्यूमिडिटी है यह है वो चलो चलो वापस चलो इसका मतलब वकिंग आपका स्वभाव नहीं है ना स्वभाव मतलब कुछ भी हो कुछ भी हो रहा हो आप वह करके ही हटागे इसका मतलब वह आपका स्वभाव है वो कंडीशन पर डिपेंड नहीं करेगा वो कंडीशन प इट विल नॉट डिपेंड ऑन व्ट इ हैपनिंग आ सेड इट्स इट्स एन इंटरनल थिंग इट्स अ वेरी इंटरनल थिंग एंड आप बहुत स्मार्टली उस चीज को हैंडल करोगे आप बहुत ये नहीं है कि आप सैक्रिफाइस कर लोगे अपने
(1:14:05) आप को आप इट्स इट्स अ वेरी सटल थिंग इट्स अ वेरी सटल थिंग सो आप बहुत इंटेलीजेंटली मूव करोगे क्योंकि आपकी जो कमिटमेंट है आपकी जो इंटीग्रिटी है आपकी जो ऑनेस्टी है वो आपको इंटेलिजेंस देती है वो आपको इंटेलिजेंस देती है हाउ टू मूव अहेड हाउ टू मूव अहेड वे टू कहां झुकना है कहां आगे बढ़ना है कहां पीछे करना है और मैं अपने स्टूडेंट्स को अपने फॉलोअर्स को हमेशा बोलता हूं लर्न वन टू एक्जिट इट्स वेरी इजी है ना आप ग्रैंड एंट्री मारते हो आओ मैंने यह प्रोजेक्ट किया मैंने यह किया वो किया बहुत इंपॉर्टेंट है यू शुड नो व्हेन टू टेक अ
(1:14:46) बैक सीट यू शुड नो व्हेन टू टेक एन एग्जिट यह बहुत जरूरी है क्योंकि हर चीज में अग्रेशन काम नहीं करता है ना ना प्रकृति अग्रेशन प्रकृति अग्रेसिव लोगों को एक्सेप्ट नहीं करती जितने भी मास्टर्स हुए हैं वो अग्रेशन के कारण नहीं हुए सिकंदर हुए बड़े-बड़े महाराजा हुए बादशाह हुए लेकिन आज हम उनको किस चीज के लिए याद करते हैं सिर्फ इसलिए याद करते हैं उनके पास इतनी फौज थी उनके पास इतना इतने किंगडम थे उसके आगे तो हम कुछ भी याद नहीं करते उ है ना लेकिन हम मास्टर्स को याद रखते हैं क्यों क्योंकि दे वर नॉन अग्रेसिव दे वर नॉन अग्रेसिव उन्होंने अपने स्वभाव अनुसार
(1:15:31) काम किया एंड दे वर ऑल ट्रैवलर्स नेवर नेवर एवर फॉरगेट दैट दे वर ऑल ट्रैवलर्स स्वभाव मतलब अपने विदन के साथ अलाइन हो जाना जो आप कर पा रहे हैं आई होप यह मैसेज यहां पर जो भी देख रहे हैं वो लेकर जाएं चाहे वो अभी फिगर आउट कर रहे हैं अपनी लाइफ को या मिडलाइफ क्राइसिस से बैटल कर रहे हैं या फिर लाइफ की सेकंड इनिंग्स जैसे रिटायरमेंट के आसपास या उस के बाद का फेज कहा जाता है वहां पे है जहां भी अपनी लाइफ में अगर आज भी आप जेनुइनली बैठकर सोचे अपने लाइफ के पर्सपेक्टिव के बारे में थोड़ा रिफ्लेक्ट करें अपने स्वभाव को जानने की कोशिश करें तो बहुत सारा मुझे
(1:16:07) लगता है मिजी का आंसर वहीं पर सॉल्व हो जाएगा सो पीपल बाबा ऑन दिस नोट थैंक यू सो मच दोबारा आने के लिए द जर्नी विद इन पॉडकास्ट में बहुत मजा आया आपसे बात करके थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग दिस एपिसोड आई एम श्यर इस एपिसोड से आपने बहुत कुछ सीखा होगा जो बातें अच्छी लगी जो बातें सीखी वो प्लीज कमेंट सेक्शन में लिखकर बताइए इस एपिसोड को शेयर कीजिए अपने दोस्तों के साथ अपने ग्रुप्स में सब्सक्राइब कीजिए चैनल को ताकि जो मैसेज जो पर्सपेक्टिव हम इस पॉडकास्ट के थ्रू बिल्ड करना चाह रहे हैं वो बहुत सारे लोगों तक पहुंच पाए आपकी उसमें बहुत ज्यादा जरूरत लगेगी जो लोग
(1:16:43) ऑर्गेनिक काम ऑर्गेनिक तरीके से करते हैं उनको जेनुइनली ऑर्गेनिक सपोर्ट की बहुत जरूरत होती है एंड मैं उनमें से हूं तो आई होप आपको ये कोशिश पसंद आएगी और आप सपोर्ट करेंगे थैंक यू एंड आई विल सी यू ऑन द नेक्स्ट एपिसोड i

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