Thursday, April 9, 2026

Toxic Relationship Se Bahar Kaise Nikle? Signs, Solutions & Healing Tips@DrKashikaJainPsychologist

Toxic Relationship Se Bahar Kaise Nikle? Signs, Solutions & Healing Tips@DrKashikaJainPsychologist

Author Name:Shobha Rana

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@iamshobharana

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=iDqSAea4vRc



Transcript:
(00:00) मेरी क्लाइंट ने बोला था मैं सड़क प भीख मांग लूंगी मैं किसी ट्रक के नीचे लेकिन इस आदमी के साथ नहीं रह सकती एक नार्सिस्ट का है वो हमेशा अपनी वाइफ को बोलता है तुझ में बिल्कुल अकल नहीं है तू बिल्कुल बेकार बेवकूफ औरत है तू दो कौड़ी की औरत है तो कौन सा ऐसा सेफ तरीका है एक नार्सिसिस्टिक अबूसिव रिलेशनशिप से निकलने का बहुत इंपॉर्टेंट बात है कि अपने आप को फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट जरूर करें नार्सिस्ट को अगर हम बहुत सिंपलीफाई करके लेमन लैंग्वेज में बोले तो वो पर्सन जो मैं से कभी हम नहीं हो पाता व नार्सिस्ट है क्या एक नार्सिसिस्ट सच में किसी से
(00:31) प्यार कर सकता है बिल्कुल प्यार तो उनको भी होता है होते तो व भी इंसान है पर वह प्यार को नार्सिसस पर्सन है व आपको कंफ्यूज करके रखेगा कभी आपको बिल्कुल चांद तक ले जाएगा और कभी आपको जमीन में गाड़ देगा पूरी तरीके से कि हां मेरी मदर ने आज मुझे डाट दिया अब मुझे इससे अलग रहना है लेकिन मदर इन लॉ ने अगर कुछ कह दिया तो अब मुझे मदर इन लॉ से सेपरेट रहना है तो वहां पर जो है यह दोगलापन है [संगीत] नमस्कार द जर्नी विदन पॉडकास्ट में आपका स्वागत है मेरे यानी शोभा राना के साथ मैं एक इमोशनल इंटेलिजेंस और माइंडसेट कोच हूं और साथ ही इस पॉडकास्ट की होस्ट और
(01:11) क्रिएटर भी हूं द जर्नी विद इन पॉडकास्ट और मेरे एज अ कोच काम के थ्रू मेरा ये एम है कि मैं आपको आपकी बेस्ट लाइफ आपकी ड्रीम लाइफ डिजाइन करने में मदद कर सकूं और यह हम करते हैं बाय टेकिंग द जर्नी विदन अपने अंतर्मन की तरफ यात्रा करने से अपने इनर वर्ल्ड को इनर सल्फ को बेहतर समझने से हम अपनी लाइफ में आज क्या सोचते हैं क्यों सोचते हैं अपने थॉट्स फीलिंग्लेस को कैसे समझते हैं उनकी प्रोसेसिंग कैसे करते हैं इसकी गहरी समझ पैदा करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह हमें हमारे आज की गहरी समझ देता है और जब हमें अपने आज के बारे में ढंग से पता होता है
(01:51) तो हम जहां जाना चाहते हैं जो ड्रीम्स को जीना चाहते हैं उन तक जाने का रास्ता एक बेहतर रूप से तय हो सकता है आज हम इस एपिसोड में द जर्नी विदन करेंगे थू द लेंस ऑफ नार्सिसिस्म एंड नार्सिसिस्टिक अब्यूड़ोस बहुत ज्यादा एग्जांपल्स बहुत ज्यादा केसेस इंडिया में देखने में मिल रहे हैं आज हमने इस एपिसोड में बात की है कि नार्सिसिस्टिक अब्यूड़ोस निकलना क्यों मुश्किल है कौन से सेफ तरीके हैं उस रिलेशनशिप से निकलने के कपिंग मैकेनिज्म कौन से ठीक हो सकते हैं
(02:36) हमने इंडियन कॉन्टेक्स्ट में बहुत डीपी बात की है हमने मदर इन लॉज और डॉटर इन लॉ जिनके बारे में हमें बहुत ज्यादा क्वेश्चंस भी आते हैं कि एक टॉक्सिक मदर इन लॉ एक नार्सिसिस्ट मदर इन लॉ से कैसे डील करें एक टॉक्सिक या नार्सिसिस्टिक हस्बैंड से या वाइफ से कैसे डील करें इन पूरी प्रॉब्लम्स को इंडियन कॉन्टेक्स्ट में बहुत डेप्थ में डिकोड किया है इस एपिसोड में आपको आपकी लाइफ की बहुत सारी सिचुएशंस भी देख देखने को मिलेंगी और बहुत सारे सॉल्यूशंस भी हमने प्रपोज करने की कोशिश की [संगीत] है आज नार्सिसिस्म को हम डिकोड करेंगे विद साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर कशि का जैन जो कि
(03:23) पिछले 12 सालों से क्लिनिकल साइकोलॉजी के फील्ड में प्रैक्टिस कर रही हैं इनकी एक्सपर्टीज है एंजाइटी डिप्रेशन एंड ओसी डी में और साथ ही नार्सिसिस्म और नार्सिसिस्टिक अब्यूड़ोस होने वाला है इसे एंड तक जरूर देखिएगा और साथ ही साथ चैनल को लाइक कीजिए सब्सक्राइब कीजिए कमेंट कीजिए सपोर्ट कीजिए ताकि यह कन्वर्सेशन उन लोगों तक पहुंच सके जो जेनुइनली इन कन्वर्सेशन के थ्रू अपनी लाइफ में डीप लेवल पर ट्रांसफॉर्मेशन क्रिएट कर सकते हैं दैट विल बी अ ग्रेट सपोर्ट टू अस एंड नाउ लेट्स मीट डॉक्ट कशि का जैन इन द जर्नी विद इन पॉडकास्ट थैंक यू सो मच शोभा आपने
(04:03) मुझे यहां बुलाया मुझे बहुत अच्छा लगा यहां आकर और कोशिश करेंगे हम कि आज जो भी हमारे व्यूवर्स हैं उनको ऐसा क्वालिटी कंटेंट मिले उनको सोलूशंस मिले जिससे उनकी लाइफ में चेंज आए क्योंकि मैं बहुत सारे केसेस देखती हूं लोग कंप्लेंट लेकर आते हैं एंजाइटी की डिप्रेशन की कोई ओसीडी के लूप में फस गया है किसी को इतना सीवियर ट्रामा है कि अब वो ट्रस्ट इश्यूज डेवलप कर चुका है कोई बिल्कुल स्टक हो गया है उनके पीछे जब रूट कॉज में जाते हैं तो बहुत सारे लोग नार्सिस्ट एब्यूज के केसेस निकलते हैं कि वो लंबे समय से नार्सिस्ट के साथ रह रहे थे और उनकी मेंटल हेल्थ
(04:40) पूरी तरह से खराब हो गई इसलिए वह डिप्रेशन में चले गए इसलिए वो इतना सीवियर एंजाइटी में आ गए तो आज य बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है मिलकर जैसे आपने बोला कि इस जर्नी में हम अंदर जाते हैं रिलाइजेशन करते हैं और डिफरेंस लाते हैं पूरी कोशिश करेंगे जस्टिफाई करने की डॉक्टर कशि नार्सिसिस्म जो है पिछले कुछ सालों में बहुत ही ज्यादा एक इंपोर्टेंट टर्म बन गया है जो बहुत वाइड डिस्कस भी होता है तो एगजैक्टली व्हाट इज नार्सिसिस्म अगर सिंपल भाषा में इसे समझे तो होता क्या है एक बहुत ही ब्यूटीफुल स्टोरी है ग्रीक माइथोलॉजी में जहां पर एक लड़का था जिसका नाम था
(05:15) नार्सि सो वह खुद के प्यार में ही पागल हो गया था वह नदी किनारे जाता था अपना प्रतिबिंब देखता था और अपने आप को ही आई लव यू मैं कितना सुंदर हूं मैं कितना अच्छा हूं और उसी स्टोरी में बताते हैं कि वो एक दिन झील में गिरा और मर गया और व फूल बन गया तब से वहां से नार्सि यानी कि सेल्फ लव सेल्फ लव हम सब में होता है ऐसा तो कोई भी नहीं है ना कि सेल्फ लव नहीं करता या खुद को प्रायोरिटी नहीं देता पर जो नार्सिसिस्टिक पर्सन होता है उसके अंदर सेल्फ इंपॉर्टेंस सेल्फ लव रेंज से बाहर होता है यानी कि अगर मैं अपने आप से प्यार कर रही हूं यह कोई गलत नहीं है मैं
(05:53) कॉन्फिडेंट हूं अपनी नीड्स वांट्स के बारे में खुलकर बोल रही हूं यह कुछ भी गलत नहीं है पर मैं सिर्फ अपना ही अपना सोच रही अपना ही अपना बोल रही हूं और जहां मैंने देखा कि आप भी मेरे साथ बराबर सेल्फ लव में है या आप भी कॉन्फिडेंट है या मुझसे ज्यादा कॉम्पटन है वहां पर मुझे तकलीफ हो रही है वहां पर मेरे अंदर का नार्सिस्ट ट्रेट निकल कर आ रहा है जो सोच र है कि बस मैं ही इंपॉर्टेंट हूं मैं ही मैं हूं तो नार्सिस्ट को अगर हम बहुत सिंपलीफाई करके लेमन लैंग्वेज में बोले तो वो पर्सन जो मैं से कभी हम नहीं हो पाता वो नार्सिस्ट है तो डॉक्टर कशि का एक नार्सिसिस्टिक
(06:30) इंसान में और एक हेल्दी कॉन्फिडेंस जो होता है इन दो चीजों में क्या डिफरेंस है कैसे डिस्टिंग्विश करें क्योंकि धीरे-धीरे ये लेबल्स इतने ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं ना कि हम मिसअंडरस्टैंड भी करने लगे हैं तो व्हाट इज द डिफरेंस जैसे मैंने बताया कि आप में हम में सब में एक नार्सिस्ट ट्रेट होते हैं जो कि बिल्कुल नॉर्मल है जैसे खुद को प्यार करना इंपॉर्टेंस देना अपनी तारीफें सुनना किसको अच्छा नहीं लगता ना और अपने आप को प्रमोट करना ये सब क्या है एक नार्सिस्ट ट्रेट्स है जो नॉर्मली सब में होते हैं आप देखिए कहीं से भी एग्जांपल ले लीजिए आप पॉलिटिशियन है वो भी
(07:04) अपने आप को प्रमोट कर रहे हैं अपने आप की इंपॉर्टेंस चाहते हैं बॉलीवुड वाले हैं वो भी हैं कोई बिजनेस कोच है सब लोग हैं सब लोग यह चाहते हैं कि मेरे को इंपॉर्टेंट समझा जाए और मेरे को एक अपने साथ इतना सेटिस्फैक्ट्रिली पैदा हो जाती है उनके अंदर बड़ी जलन होती है जैसे ही वो देखते हैं कि सपोज कीजिए कोई मेल है नार्सिस्ट उसने देखा उसकी फीमेल जो वाइफ है या फ्रेंड है कोई भी बहुत कंपट है उससे बर्दाश्त नहीं होगा उसकी तारीफ उसकी ग्रोथ वह जेलेसी पैदा कर लेगा वो उसको गिराने के लिए व कुछ भी प्लॉटिंग कर सकता है अगर मैं अच्छी हूं तो
(07:51) मैं यह भी तो कह सकती हूं ना आप भी बहुत अच्छे हैं तो यह तो नॉर्मल है कि मैं भी यह चाह रही हूं कि मैं इनसे भी कैसे आगे निकलूं मैं कैसे इनसे कुछ सीखूं और मैं इनसे परफॉर्म करू तो यह तो सब हेल्दी है हर इंसान यह कर रहा है लेकिन मैं आपको गिराकर कैसे आगे निकलू या उनका अच्छा ना हो जाए अच्छा ना हो जाए या मैं आपका कुछ बुरा करूं मैं आपको एक्सप्लोइट करने से भी पीछे ना हटू यह हो गया नार्सिसिस्टिक ट्रेट तो यहां पर एक डिफरेंस है कि सेल्फ कॉन्फिडेंस में या ईगो में एक इंसान य कह सकता है बहुत आराम से कि आप भी बहुत अच्छे हैं मैं भी बहुत अच्छे हूं या आप अपनी जगह
(08:24) अच्छे मैं बहुत अच्छे हूं तो नार्सिस्ट जो लोग होते हैं उनसे दूसरों की तारीफ नहीं कही आती वो बहुत ही क्रिटिसिजम के लिए बहुत सेंसिटिव होते हैं अगर आपने उनसे कुछ भी ऐसा बोल दिया जो रियलिस्टिक बात भी है वो बहुत ही ज्यादा डिफेंसिव हो जाते हैं अग्रेसिव हो जाते हैं फिजिकली वर्बल इमोशनली किसी भी लेवल पर अब्यूड़ोस जम सब में होता है थोड़ा बहुत लेकिन क्या डिफरेंस है कि कैसे पहचान कि कोई पर्सन नार्सिस्ट है अगर कभी-कभी आप अपने आप को ज्यादा दूसरे के मुकाबले चलता है नॉर्मल है हम सभी ऐसा करते हैं लेकिन आप हमेशा ही ऐसा कर रहे हैं आप कभी दूसरे पर्सन को स्ट्रेट
(09:09) फॉरवर्ड ली भी क्रिटिसाइज करें कोई बात नहीं कर सकते हैं बहुत सारे लोग स्ट्रेट फॉरवर्ड होते हैं सीधे सधे बोल दिया बट आप हर एक के सामने ऐसा करें हर बार ही ऐसा कर रहे हैं मतलब यहां पर सम टाइम्स और ऑलवेज का डिफरेंस होता है जो मेजर डिफरेंस है पहचानने में सम टाइम्स एंड ऑलवेज का है डॉक्टर का शिका ये लोग नार्सिसिस्टिक बन क्यों जाते कौन से ऐसे एनवायरमेंटल फैक्टर्स हैं या कुछ पेरेंटिंग में ऐसे पैटर्न आप देखते हो जिसकी वजह से एक इंसान धीरे-धीरे नार्सिसिस्टिक बन जाता है देखिए इसमें कुछ जेनेटिक का रोल भी होता है पर जेनेटिक का रोल हम इसलिए कम मानते हैं
(09:43) क्योंकि आपके जीनस जैसे भी ट्रांसफर हुए आपका एनवायरमेंट ही सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है एनवायरमेंट का रोल सबसे ज्यादा होता है अर्ली जो एयर एक्सपीरियंस होते हैं किसी भी पर्सन के वो बहुत इंपॉर्टेंट होते हैं क्योंकि उसमें बच्चा अपने एनवायरमेंट से इन्फ्लुएंस बहुत ज्यादा होता है उसके पेरेंट्स ने उसको कैसी पेरेंटिंग दी जैसे फॉर एग्जांपल किसी बच्चे को हमेशा रिजेक्शन मिला उसको यह बताया गया तुम इनफ नहीं हो तुम ये नहीं कर सकते वो नहीं कर सकते रिस्ट्रिक्शंस था और वो हमेशा बहुत कंट्रोल में रहा तो उसके अंदर एक सीवियर अर्ज डेवलप हो जाएगी कि अब
(10:15) मुझे कंट्रोल करना है जैसे ही वो बड़ा होगा उसके अंदर ये होगा कि अब मुझे कंट्रोल करना है सो नार्सिस्ट जो पर्सन होता है उसको सब चीजों को कंट्रोल करना होता है सिचुएशंस को उसको कंट्रोल करना है पर्सन को उसको कंट्रोल करना है मेरी मेरी चले अगर मेरे आगे किसी को भी इंपॉर्टेंस मिल रही है या कोई अपने बारे में सोच रहा है तो वो मुझे बर्दाश्त नहीं है या फिर इससे अपोजिट हो कि एक बच्चे को इतना प्रेज किया गया है वो जिस तारीफ के लायक भी नहीं था उसको बढ़ा चढ़ा कर तारीफ किया गया तो उसके अंदर एक अपनी इतनी ग्रैंड इमेज हो गई है कि बस मैं ही मैं हूं मेरे आगे कोई भी
(10:46) नहीं है अब उस बच्चे को कभी नानी कहा गया उसको हमेशा एप्रिशिया किया है तो उसका एक पॉइंट ऑफ व्यू बन गया कि मैं जो कहता हूं मैं जो करता हूं वो बिल्कुल सही है और मुझे ना नहीं सुननी है और जहां किसी ने ना कही या उसकी बात नहीं मानी उसके अकॉर्डिंग नहीं चले वहीं पर उसकी ईगो इतना उसको कंट्रोल कर लेती है कि व बोखला जाता है बिल्कुल डॉक्टर साहब ये तो हो गया एनवायरमेंट का रोल पेरेंटिंग का रोल अब ये जो बच्चा है जैसा कि सात आ साल की उम्र तक आपकी साइकोलॉजी सेट हो जाती है आपके ट्रेट्स बनने शुरू हो जाते हैं और वो बहुत डीप इंग्रेव हो जाते हैं अब जब ये बच्चा
(11:19) बड़ा होता है जब ये 15 साल प्यूबर्टी होती है 18 इयर्स 20 ईयर्स आगे लाइफ में आगे बढ़ता है तो इसकी जर्नी कैसी होती है कैसा एवोल्यूशन होता है है किस तरह से अपने स्टडीज में या वहां पर किस तरह के परफॉर्म करते हैं उसके बाद रिलेशनशिप्स में किस तरह से होता है उनकी क्या पर्सनालिटी निकल के आती है लाइफ के अलग-अलग स्फियर्स में कि जैसे जो बच्चा है उसके अंदर जो भी पेरेंट्स ने डाला बच्चा एक स्पंज की तरह था उसने सब एब्जॉर्ब कर लिया और उसका सबकॉन्शियस माइंड उससे भर गया अब धीरे-धीरे उसका कॉन्शियस माइंड बन रहा है वो समझ रहे है कि मेरे साथ जो हुआ था वो
(11:56) गलत हुआ था ये इसको एब्यूज कहते हैं इसको कंट्रोल करना कहते हैं तो वो सब चीजें समझ रहा है तो उसके अंदर जो सफोकेशन आ रही है गुस्सा जो हो रहा है वह निकाल नहीं सकता पेरेंट्स प क्योंकि वो अभी भी छोटा है अब उसके पेरेंट्स जब उसको डांट रहे हैं या कंट्रोल कर रहे हैं तो वो समझ रहा है गलत हो रहा है लेकिन वो पेरेंट्स के सामने अभी भी नहीं कह सकता तो उसके अंदर वह जो भर रहा है उससे वो ह्यूमन बॉम तैयार हो रहा है अब जैसे ही वो किसी और रिलेशनशिप में जाएगा जहां पर उसको जरा भी सेंस हो जाएगा कि इसको डोमिनेट किया जा सकता है कंट्रोल
(12:30) किया जा सकता है वो उन सबको कंट्रोल करेगा इसके अंदर डिस्प्लेसमेंट डिफेंस मैकेनिज्म एक्टिव हो जाएगा यानी कि जहां पर प्रॉब्लम है वहां मैं गुस्सा नहीं निकाल सकता वहां मैं एक्सप्रेस नहीं कर सकता लेकिन जिस जगह मेरी चल जाएगी जहां पर कोई मुझ परे डिपेंडेंट होगा वल्नरेबल होगा मैं उस पर निकालूं तो ऐसे लोग अंदर से बहुत कमजोर भी होते हैं वह सब पर अपने नार्सिस्ट ट्रेट्स नहीं अप्लाई करते हैं वो केवल उसको जो विक्टिम बन सकता है उस पर ही वो लोग अप्लाई करते हैं दूसरा जिस बच्चे को बहुत ज्यादा तारीफ करके पाला गया है वह सब उसकी भी रिलेशनशिप पुअर
(13:04) होंगी क्योंकि रिलेशनशिप में अगर दो लोग हैं तो हर कोई आपके हिसाब से उठ बैठ नहीं सकता बोल नहीं सकता खा नहीं सकता पहन नहीं सकता तो उसके भी बहुत जल्दी झगड़े हो जाएंगे तो उसको लगेगा मैं ही सही हूं इसी पर्सन में प्रॉब्लम है तो वो कभी अपने ऊपर काम ही नहीं करेगा अपने अंदर झांकता ही नहीं इसलिए नार्सिस्ट पर्सन कभी रिलाइज ही नहीं करता कि प्रॉब्लम उसमें है उसको हमेशा प्रॉब्लम दूसरों में लगती है और उसकी वजह से वह कभी एडमिट नहीं कर करता तो इनकी रिलेशनशिप बहुत खराब होती है करियर में बड़ा अच्छा परफॉर्म करते हैं क्योंकि बड़े करिजमेट और बड़े चार्मिंग भी होते
(13:36) हैं आप इनसे मिलो पहले उसमें तो यह इतना अच्छा आपको ट्रीट करेंगे कि लगेगा ही नहीं कि ये इस इनका एक दूसरा पार्ट ऐसा भी है यहां पे मुझे लगता है कि जब हम बात करते हैं आपको खुद से कैसे पता चला कि आप एक नार्सिसिस्ट हो लेकिन एक एक जो हमारे डिस्कशन में मुझे समझ में आया वो ये आया कि आपको खुद के साथ कांस्टेंटली ये चेक करना पड़ेगा खुद आज मैं अपने अंदर क्या फील करता हूं डू आई जेनुइनली फील हैप्पी डू आई जेनुइनली फील लाइट डू आई जेनुइनली फील फुलफिल्ड मेरे लाइफ के ऐसा ना हो कि इतने अचीवमेंट्स हो गए लेकिन मैं फुलफिल्ड नहीं फील कर रहा हूं मतलब कुछ ना कुछ तो
(14:10) हमारे अंदर भी वो वो कमी है वो वो कुछ ऐसे ट्रेट्स हैं जिसको हम नहीं पकड़ पा रहे हैं क्योंकि हमारे ब्लाइंड स्पॉट्स में है तो आपके एक्सपीरियंस से एक जो इंसान है वो कैसे समझे कि वो खुद एक नार्सिसिस्ट है देखिए नार्सिस्ट के जो ट्रेट्स होते हैं वो तो सेम ही रहेंगे एक इंसान खुद को चेक करे उसमें मैं जो भी कुछ कर रहा हूं मान लीजिए मैंने अपने आप को इंपॉर्टेंस दिया मैं कभी-कभी अपने आप को इंपॉर्टेंस दे रहा हूं पब्लिक की बात कर रही हूं मैं ग्रुप की बात कर रही हूं वैसे तो आप अपने आप को इंपॉर्टेंस दीजिए या मेरे को दूसरों की
(14:41) बात बस काटनी ही काटनी है मुझे दूसरों को एक्सेप्ट ही नहीं करना है मुझे बिल्कुल भी एक फीलिंग ऑफ कंट्रोल नहीं चाहिए तो आप बहुत सारी चीजें चेक कर सकते हैं कि कहीं प्रॉब्लम आप में भी हो सकती है क्यों हो सकती है प्रॉब्लम क्योंकि हम सबके पास अपने अपने कुछ तो बैड मेमोरीज और ट्रामा होते हैं हमारे कुछ बैड एक्सपीरियंस हो होते हैं और उस सब के साथ हम लोग जीते आ रहे होते हैं उनको कभी हम रिजॉल्व नहीं करते हैं तो हम सबके अंदर बहुत सारे जो प्रीवियस एक्सपीरियंस स्टोर होते हैं वो हमें हमेशा गाइड करते रहते हैं कि पॉसिबिलिटी यह हो सकती है ऐसा हो गया वैसा
(15:14) हो गया इसने ये किया तो उसके पीछे ये रीजन होगा और हमने बहुत सारे रेफरेंसेस एनवायरमेंट से इकट्ठे किए होते हैं क्लोज रिलेटिव में देखे हुए होते हैं फिल्मों से उठाए हुए होते हैं हमने रेफरेंसेस न्यूज़पेपर में कुछ पढ़े हुए होते हैं तो ऐसे हमने दूसरों की लाइफ के भी बहुत सारे रेफरेंसेस इकट्ठे किए होते हैं और हमारे खुद के भी कुछ एक्सपीरियंस बुरे होते हैं जिसकी वजह से हमारे अंदर भी पेशेंस बहुत कम है टॉलरेंस पावर बहुत कम है हमारी इमोशनल सेंसिटिविटी बहुत ज्यादा बढ़ गई है जब भी हम बहुत हाईली इमोशनल स्टेट में होते हैं तो हमें छोटी-छोटी बातें बहुत
(15:42) बड़ी लगती है जरा सी भी वॉल्यूम अप है तो हमें ऐसा लगता है कि कोई इंसान हम पर चिल्ला रहा है कोई जरा सा भी कुछ बोलता है कि अभी मत करो बाद में कर लेना हमें लगता है ये हमें कंट्रोल कर रहा है तो हमें सबसे पहले अपने साथ चेक करना चाहिए कि कहीं ये मेरी अपनी वीकनेस तो नहीं है और उस वीकनेस को कवर करने के लिए मैं एक आर्टिफिशियल जोन में तो नहीं जा रही हूं या मैंने कुछ ट्रस्ट इश्यूज पहले से मेरे अंदर पड़े थे या मेरा एक खुद का डिस्टोर्टेड पर्सनालिटी मैंने डेवलप किया हुआ है अपने अंदर इसलिए मुझे सामने वाले में कमी लग रही है एक्चुअल में कमी मुझ
(16:14) में है यहां पर ये चेक करना चाहिए तो दूसरे को ब्लेम शेम करने से और लेबल करने से पहले सबसे पहले अपने आप के साथ भी चेक करो कि आपके साथ तो कहीं प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि मैंने ऐसे भी केस देखे हैं जहां पर जो पर्सन ने कंप्लेन किया कि मेरा पार्टनर नार्सिस्ट है या मेरी मदर इन लॉ नार्सिस्ट है वो लोग नार्सिस्ट नहीं निकले ऐसा नहीं होता तो कई बार हमें खुद के अंदर भी झांकने की बहुत ज्यादा जरूरत होती है पर यहां पर एक और बहुत इंपॉर्टेंट बात में बताऊंगी जो भी नार्सिसिस्ट होता है वह सेल्फ रिलाइजेशन में बहुत कम जाता है क्योंकि उसके अंदर बचपन से ही यह चीज
(16:49) डेवलप हो जाती कि मैं सही हूं मैं आपसे यही पूछना चाह रही थी कि नार्सिसिस्म जो है वो एक सबकॉन्शियस बिहेवियर है या फिर आपको पता होता है मोस्टली कॉन्शियस बिहेवियर है क्योंकि ये एक तरीके का डिफेंसिव बिहेवियर है तो ये आपके बीइंग का पार्ट बन जाता है जो आप जैसे हो उसका पार्ट बन गया है तो आपको खुद भी कॉन्शियसली नहीं पता है कि यह वाला हिस्सा मेरा खराब है या डिस्टोर्टेड है या कुछ उसमें कमी है या कुछ ऐसे टॉक्सिन नहीं पता चलता था आज पता चलता है आप देखिए कि पहले आपने ऐसे जरूर सुने होंगे कि हमारे घर में तो बस दादा जी की चलती है उठो बैठो भी तो उनकी मर्जी से
(17:24) उनके आगे कोई बोल नहीं सकता पत्ता नहीं हिल सकता ऐसे आपने जरूर सुने होंगे मैंने तो सुने हैं ऐसे तो वो भी नार्सिसिस्ट थे लेकिन क्या है कि अब लोग बहुत अवेयर है पहले नहीं पता चलता था टर्म नहीं दे पाते थे लोग बस यह सोचते थे कि हां उनकी चलती है रो झी को आप बीमारी के शिकार हो जाओ कुछ भी हो जो उन्होंने लकीर खींच दी है उसको आप पार नहीं कर सकते लेकिन अब इतनी अवेयरनेस है ग है आपका एआई है ता चल जाता है कि मेरी रिलेशनशिप सबसे ही खराब हो रही है किसी से बहुत लंबी चल ही नहीं पाती है मेरे को अपने अंदर बहुत होलोनेस फील होती है मेरे को बार-बार कोई बोल रहा है कि यार
(17:58) तुम सही नहीं कर कर रहे हो हमें तुमसे फ्रीडम चाहिए या हमें तुम्हारे साथ कंफर्टेबल फील नहीं होता मेरे से लोग कट ऑफ कर रहे हैं तो एक बार तो आदमी सोचेगा ना कि आखिरकार मेरे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है कि कोई लंबे समय तक मेरे साथ कंफर्टेबल ही नहीं हो पाता है सिर्फ जिसकी मजबूरी है वही मेरे साथ टिकता है तो इंसान अपने अंदर झांके अगर तो वह देखेगा चेक करेगा उसे पता चल जाएगा बट यहां पर उसके सबकॉन्शियस जो पैटर्स होते हैं जो उसके अंदर प्रोग्रामिंग हो गई है ऑटो रिस्पांसस उसके बन गए हैं वो अवेयरनेस की चलने नहीं देते हैं क्योंकि जिस माइंड के हिस्से को
(18:27) अवेयरनेस आई उसका रोल बहुत कम है उसकी प्रैक्टिस नहीं हुई क्योंकि बिहेवियर में और जिसके लिए आपकी बॉडी और सबकॉन्शियस माइंड प्रोग्राम हो गए हैं वो ऑटोमेटिक आ रहे हैं आपके उस सबकॉन्शियस को कैसे फिर बताया जाए कि बदलो अब टाइम आ गया है यू शुड वर्क ऑन योरसेल्फ बिल्कुल तो ये बहुत इंपोर्टेंट आपने सवाल पूछा है कि सबकॉन्शियस को कैसे बदला जाए क्योंकि वो इतना डीप प्रोग्राम हो गया है कि कई बार उसको पता भी नहीं कि मेरे साथ ये हो रहा है और बाद में रिलाइज होने पर भी वो पर्सन एडमिट नहीं करेगा लेकिन उसको भी पता चलता है कि फिर गलती कर दी जब भी आपके
(19:00) सबकॉन्शियस पैटर्न रूल करते हैं तो वो इतना ज्यादा ऑटोमेटिक होता है आप उस मोमेंट पे स्टार्टिंग में रिलाइज नहीं कर पाओगे बट जब आप शुरू हो गए हो तब आपकी अवेयरनेस आपको रोकती है स्टॉप देन एंड देयर वहीं पर रुक जाओ और उसके बाद अगर आपकी ईगो एकदम से या आपके प्रीवियस पैटर्न सॉरी भी नहीं कहने जा रहे लीव द सिचुएशन एंड थोड़ी देर बाद कूल डाउन होने के बाद रिलाइज करो और बैठकर बात करो कि मैं अपने ऊपर काम कर रहा हूं जस्ट गिव मी सम टाइम आपका पार्टनर आपको टाइम देगा पर आप इनीशिएट तो करो आप थोड़ा सा मेलो डाउन तो हो ना आप बोलो कि मैं अपने ऊपर काम कर रहा
(19:37) हूं और यह रिलेशन मेरे लिए बहुत प्रेशियस है मैं खोना नहीं चाहता बिलीव मी मैं हर्ट नहीं करना चाहता जैसे ही आपने अपनी टोन को थोड़ा सा डाउन कर कर किसी के सामने यह बोला सामने वाला आपको छोड़ना नहीं चाहता इसीलिए तो 192 साल से आपके साथ है वो उसके पास सोसाइटी की रिस्ट्रिक्शन है उसके पास फैमिली सपोर्ट नहीं है उसके पास बच्चे हैं उसके पास जो एक मोरल बर्डन उसके ऊपर है कि डोली में जा रही हो अर्थी पर लौट कर आना उसके पास यह सारी चीजें हैं उसके पास फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस नहीं है उसके पास इतनी बेड़ियां है कि वो जा ही नहीं पा रहा
(20:07) है आपकी हरकतें ऐसी थी कि दो दिन आपके साथ रहना मुश्किल था लेकिन जो 192 साल में आपको छोड़ नहीं पा रहा है वह कहीं ना कहीं आपके लिए सॉफ्ट कॉर्नर भी रखता है क्योंकि अगर उसका गला यहां तक भर गया होता ना उसे बर्दाश्त नहीं होता तो वह चाहे उसके पास भीख मांगनी पड़ती उसको वो आपको छोड़ के जाता लेकिन अभी उसका कैपेसिटी फुल नहीं हुआ है तो जहां आप ऐसे कहोगे व आपको मार्जिन देगा फिर इसमें अरमेस्टेड अफर मेंे शंस लिखिए है कैसे अपने आप को एक्सेप्ट करते हुए कि मैंने अपने आप को समझ लिया है कि मेरे अंदर डोमिन डोमिनेट करने के ट्रेट्स हैं मेरे
(20:42) को कंट्रोल की अर्ज होती है बहुत ज्यादा मेरे को सब चीजें अपने हिसाब से होती है यह मेरा एक्नॉलेजमेंट है सेल्फ से ट्रू हो जाओ फिर लेकिन मैंने साथ के साथ यह भी रिलाइज किया है कि इससे रिलेशनशिप खराब होती है लाइफ में बहुत सारी प्रॉब्लम्स ऐड होती है और अब मैं अपने आप को बदलने के लिए तैयार हूं और इसके लिए मैं एक छोटा सा स्टेप ले रहा हूं कि अब जब भी कोई सामने वाला कुछ बोलेगा तो मैं ध्यान से सुनूंगा और अगर उसको कोई एडवाइस भी देनी है तो पहले उसके ओपिनियन को एप्रिशिया ना क्राइटेरिया होता है उनका तो उनमें वही चीजें होती हैं तो आप एक-एक चीज को
(21:26) धीरे-धीरे चेंज करो और अपनी ही लिखी हुई अमे को डेली जब आप प्रैक्टिस कर रहे हो तो उस सिनेरियो को इमेजिन करो कि आप और आपकी वाइफ या बच्चे जो भी है पर्सन उसके साथ आप बैठे हो और जिस तरीके से आप पहले बिहेव करते थे उसके अलावा अब आप नए तरीके से बिहेव कर रहे हो इससे सबकॉन्शियस माइंड बहुत जल्दी रिप्रोग्राम होता है डॉक्टर कनिका कौन से ऐसे तीन सटल तरीके हैं जो एक नार्सिसिस्ट अप्लाई करता है अपने रिलेशनशिप पर देखिए जो भी नार्सिस्ट होता है पर्सन वो सबसे पहले तो क्या करेगा वो आपकी डिपेंडेंसी अपने ऊपर कराना चाहेगा पूरा क्योंकि उसका नार्सिस्ट ट्रेट आप पर
(22:07) तभी तो चलेगा ना जब आप उस पर डिपेंडेंट हो जाओगे क्योंकि उसको पता है कि अगर जिस तरीके का मेरा बिहेवियर है इससे तो कोई भी पर्सन डिस्टेंस मेंटेन करना चाहेगा तो क्यों नहीं कोई अलग हो पाता क्योंकि उसका सर्कल ही बहुत क्लोज हो जाता है वो उस पर्सन पर पूरी तरीके से डिपेंडेंट हो जाता है इमोशनली भी फाइनेंशली भी सोशली भी तो जो भी नार्सिस्ट होगा वो ये चाहेगा कि यह पर्सन मुझ पर डिपेंडेंट हो जाए दूसरा जो नार्सिसस पर्सन है वो आपको कंफ्यूज करके रखेगा कभी आपको बिल्कुल चांद तक ले जाएगा और कभी आपको जमीन में गाड़ देगा पूरी तरीके से यह उसका एक इनकंसिस्टेंट जो
(22:42) बिहेवियर पैटर्न होता है वह है ये एक्सट्रीम्स में ऑपरेट करता है बिल्कुल मिड तो उसको चलना आता ही नहीं है ये बहुत ज्यादा देखा गया है और ये एक दो केसेस के बारे में नहीं बता रही हूं मैं हजारों केसेस देखने के बाद मैं आपको बता रही हूं कि इस तरीके से एक्सट्रीम में बिल्कुल जाते कि मेरे ऊपर डिपेंड हो जाओ पहले शुरुआत में इतना लव बमिंग वाला फेस वो करके वो पूरा का पूरा सबसे आइसोलेट करा देते हैं कि मैं ही मैं हूं तुम्हारी दुनिया में तो वहां पर क्या हुआ कि एक पर्सन का सपोर्ट हटता चला जाता है और फिर दूसरा वाला जो फेज आता है उनका बिल्कुल
(23:14) चांद तारे दिखाने से लेकर जमीन में गाड़ने वाला जो फेज आता है और तीसरा जो उनका फेज आता है जो तीसरा एक बहुत इंपॉर्टेंट वो देखा गया है इसमें वो यह आता है कि वो कभी भी आपको क्लेरिटी में नहीं जीने देंगे वह हमेशा आपको गिल्ट ट्रिप पर ऑन डेली बेसिस आपको जरूर लेकर जाएंगे किसी ना किसी बात पर छोटी-छोटी बातों में मैनिपुलेशन करेंगे कौन सा ऐसा एक कॉमन तरीका है जिससे नार्सिसिस्ट जो है अपने विक्टिम्स को मैनिपुलेट करते हैं एक्सप्लोइट करते हैं फेक तारीफ करने से बहुत ज्यादा वो करते हैं जैसे ही वो देखते हैं कि सामने वाला उनसे आउट हो रहा है तो उसकी फेक प्रेज जो
(23:51) अंदर से फील नहीं करते अर फील नहीं करते हैं लेकिन फिर उसको प्रेस करते हैं लेकिन वो तारीफ मैंने यह भी देखा कि सच भी होती है कि जननली जो वो विक्टिम है वो सच में एक अच्छा इंसान भी होता वो डिजर्विंग होता है उस तारीफ के लेकिन आप फील नहीं करते हो बट आप सिर्फ कह रहे हो उसको कह रहे हो एक नार्सिसिस्टिक बहुत बड़ा ट्रेट डॉक्टर कशि का यह भी है कि वो अच्छे लिसन नहीं होते हैं तो कहीं ना कहीं अगर हम छोटी-छोटी हैबिट्स को कल्ट वेट करना शुरू करें क्योंकि मैंने बहुत बार देखा अमूमन तौर पर आप ऐसे लोगों से बात करें तो वह सिर्फ सुनते हैं रेस्पों या रिएक्ट करने के लिए
(24:21) वो इसलिए नहीं सुनते हैं कि आपकी बात में क्या मीनिंग है वो उन तक पहुंचे उससे पहले ही वो आंसर कर देते हैं जैसे अगर आप उनको कोई कोई कुछ आप डिस्कस कर रहे हैं कोई सलूशन की बात हो रही है तो वो पूरा सलूशन की क्या इंटेंशन है क्या मीनिंग है क्या अंडरस्टैंडिंग है वो बिना सुने सिर्फ रिएक्शन ऐसा तो नहीं होता या वैसा है या ऐसा है मैं बहुत सारे अपने क्लाइंट से भी जब बात करती हूं एक कॉमन जो कंप्लेंट है वो मेरे पास यही आती है लेट 30 में है और या तो शादी नहीं हो पा रही है या रिलेशनशिप नहीं टिक पा रहे हैं मेजर्ली ये वाली जो कंप्लेंट्स है वो ज्यादा आती है
(24:53) तो मुझे वहां पे यही सुनाई देता है जिस तरह से अपनी प्रॉब्लम स्टेटमेंट बताते हैं ना कि उन्होंने ऐसा नहीं किया वैसा किया वैसा हैं ऐसे हैं ऐसे नहीं है ऐसा होना चाहिए ये रेड फ्लैग है ये है लैंग्वेज में सारी बट वहां पे कहीं पे ये नहीं है कि मैं ये नहीं कर पाती हूं मैं स्पेस नहीं दे पाती हूं या दे पाता हूं इदर जेंडर मैं दोनों जेंडर्स की बात कर रही हूं तो कहीं ना कहीं एक एक रिफ्लेक्शन खुद की तरफ भी लेकर आना क्योंकि द जर्नी विदन पॉडकास्ट प मेरी यही कोशिश रहती है कि आप अपनी बेस्ट लाइफ क्रिएट कर पाओ आप अपनी बेस्ट लाइफ
(25:21) सिर्फ ऐसे नहीं क्रिएट कर सकते कि आसपास वाले सब बदल जाए मेरी सिचुएशन आइडियल हो जाए अ यू नो मदर इन लॉ ऐसी हो जाए हस्बैंड ऐसा हो जाए आपको अपनी लाइफ तो अपने एसिस्टिंग सिचुएशंस के साथ में ही रहकर क्रिएट करनी है बेस्ट लाइफ तो उसमें मुझे लगता है दूसरों को बदलने की एक्सपेक्टेशन रखने से अच्छा खुद में क्या ट्रांसफॉर्मेशन ले आ सकते हो वो वो ज्यादा सही होता है लेकिन यहां पे एक कन्वर्सेशन वो हो जाती है कि अच्छा खुद में ट्रांसफॉर्मेशन लेके आएंगे इसका मतलब हम सहने लगे हम फिर डोमिनेट होने लगे या जो जैसा करना चाह रहे हैं उनको वैसा करने दें ये एक एक बड़ा
(25:52) क्वेश्चन आता है तो यहां पे आपका क्या सजेशन है ये बहुत ही इंपॉर्टेंट बात कही है आपने हम कोई भी रील देख रहे हैं किसी ने भी अपना कोई वेडिंग का या कुछ भी पोस्ट मैरिज का कुछ भी डाला ऐसे जैसे मदर इन लॉ पर भी रील्स बनती है कि कैसे मदर इन लॉ आजकल फ्रेंडली हो गई है डॉटर इन लॉ के लिए कैसे डॉटर इन लॉ का वेलकम किया जाता है बहुत सारी चीज क्योंकि अभी हम डॉटर इन लॉ मदर इन लॉ के रेफरेंस में इंडियन फैमिली के रेफरेंस में बात कर रहे हैं तो एक्सपेक्टेशन बहुत हाई है दूसरों से लेकिन हम यह सोच रहे हैं कि दूसरा मेरे लिए य करे दूसरा मेरे लिए करे जो हमारे कंट्रोल
(26:23) से बाहर की बात है मेरे कंट्रोल में क्या है मेरा खुद का बिहेवियर और मेरी एक्सपेक्टेशन सेट करना अगर एक डॉटर इन लॉ जो कि चाहे बहुत पढ़ी लिखी है या ज्यादा एजुकेटेड भी नहीं है वह अगर शादी कर कर जा रही है तो उसको भी यह समझना है कि पहले मुझे दे देना चाहिए मतलब मेरी मदर भी तो मुझे किसी बात के लिए रोक टोक सकती है डांटा होगा कभी कुछ भी इस तरीके की बात कही होगी लेकिन मैंने अपनी मदर को कभी नहीं छोड़ा उससे अलग रहने की बात कभी नहीं कही क्या मैं अपना घर छोड़कर गई कि हां मेरी मदर ने आज मुझे डांट दिया है अब मुझे इससे अलग रहना है लेकिन मदर इन लॉ ने अगर
(26:57) कुछ कह दिया तो अब मुझे मदर इन लॉ से सेपरेट रहना है तो वहां पर जो है यह दोगलापन है इसको दोगलापन ही कहना चाहिए कि हमने खुद ही डबल स्टैंडर्ड्स क्रिएट कर रखे हैं कि मुझे ऐसे ट्रीट किया जाए बट मैं अगर ऐसे ट्रीट करूं तो ये नॉर्मल है और हमने जो मदर इन लॉ की इमेज अपने दिमाग में बना रखी है उस इमेज को भी हमें चेंज करना पड़ेगा तो यहां पर इंडियन रेफरेंस में प्रॉब्लम क्या है डॉटर इन लॉ भी एक पहले से ही अपने दिमाग में इमेज लेकर आई है और एक लिस्ट लेकर आई है और उसकी एक्सपेक्टशंस ये है कि पहले मुझे कंफर्टेबल किया जाए घर में और फिर जाकर
(27:30) मैं पहले सबको समझ जाऊं और फिर उसके हिसाब से करूं तो आज डील्स देखिए कैसे बनती है कि डॉटर इन लॉ अगर 9:00 बजे सोकर उठ रही है तो मदर इन लॉ नाश्ता लेकर आ रही है पैंपर कर रही है उसे तो अब बाकी लड़कियां जो शादी करने जाएंगी उनके दिमाग में क्या इमेज होगी कि मैं भी 9:00 बजे उठूं और मेरी मदर इन लॉ मुझे पैंपर करे नाश्ता लेकर आए उठते ही मेरे को डाइनिंग टेबल प बैठा दे क्योंकि जो देखते हैं रिपीटेडली देखते हैं वो हमें लगता है कि यही सही है सबके घर में ये चल रहा है जबकि घर की रियलिटी नहीं है ये रील की रियलिटी है कि आप 9:00 बजे 10:00 बजे सोकर उठोगे और आपके
(27:59) लिए हर रोज कोई ऐसा ब्रेकफास्ट पूरा बुफे सजाकर रखेगा ये सिर्फ एक रील में ऐसे दिखाया गया है तो हमें यहां पर यह समझना है कि हमारे साथ क्या गेम खेला जा रहा है और एज एन एडल्ट आपको ऐसी एक्सपेक्टेशन दुनिया से होनी भी नहीं चाहिए अगर आप एक फुली फंक्शनिंग एडल्ट हो आप मिड 20 30 में हो 40 में हो तो क्यों कोई आपके लिए ये सब भी करें बिल्कुल इदर यू शुड डू इट योरसेल्फ या फिर आप अपने लिए वो सपोर्ट सिस्टम तैयार करें आपकी एक्सपेक्टेशन मुझे लगता है फर्स्ट लेवल पे ही गलत है कि आप आप कोई बच्चे नहीं है कि आपके लिए टेबल प चीजें सजाई जाएंगी एक्सपेक्टेशन
(28:31) एक्सपेक्टेशन इसी तरीके की कर रहे हैं ना कि फीमेल्स जो आज एक्सपेक्ट करके जा रही है एक तो उनकी कंडीशनिंग बहुत रंग हुई हुई है उनकी मदर्स ने फैमिली मेंबर्स ने बहुत बार यह बोला होता है जब तेरी शादी हो जाएगी ना तब तू अपनी मनमर्जी से जीना जो पहना है वो पहनना जहां जाना है वो वहां पर जाना सब कुछ करना मोस्टली जिन फीमेल्स को हम बहुत एजुकेट करते हैं जो बहुत ज्यादा इंडिपेंडेंट है फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट भी है वो लोग की भी कंडीशनिंग ऐसी हुई है कि मैरिज के बाद तुम्हें जो करना है वो कर ना तो मैरिज को लड़की ऐसा मानती है कि मैरिज
(29:00) ना हो गई मेरे पास एक फ्रीडम आ गया ऐसा कि अब मैं जो चाहूंगी वो होगा इंडियन कॉन्टेक्स्ट में बात करूं तो बहुत जनरेशन ट्रामा भी है अगर हम अपनी मदर्स की जनरेशन को देखें मदर इन लॉस की जनरेशन को देखें तो ये ट्रामा भी उनके ऊपर बहुत ज्यादा था जिस वजह से वो उस उस थॉट बबल में बहुत ज्यादा फर्म हो गई कि कहते हैं ना ये ऐसी हो गई है कि इनको बदलना मुश्किल है क्योंकि वो इतने साल 60 70 साल एक ऐसी जिंदगी जहां पे उन्होंने बहुत सप्रे फील किया है तो उनको सप्रे गलत ही नहीं लगता है उनको वे ऑफ़ लाइफ़ लगता है आई एम नॉट ट्राइट जस्टिफाई कि सही है वह बहुत अच्छा
(29:33) पॉइंट उठाया आपने यहां पर जैसे मदर इन लॉ की आपने बात करी कि मदर इन लॉ के पास अपने ट्रामा हो सकते हैं जनरेशन टू जनरेशन वह ट्रांसफर हुए हुए होते हैं हमेशा किसी भी इस तरीके की सिचुएशन में दो रिस्पांसस आते हैं या तो वह फीमेल आगे ट्रांसफर करेगी या फिर वह चेन ब्रेक करेगी कि जो मेरे साथ गलत हुआ है वह मैं अपनी डॉटर इनलॉ के साथ नहीं होने दूंगी मैं इसको सप्रे नहीं होने दूंगी मैं इसको आजादी दूंगी हमने अपने शादी के शुरुआती साल एंजॉय नहीं किए हैं हम पे बहुत रोक टोक थी लेकिन यह जा तू जा बेटा मैं घर संभाल लूंगी ऐसी मदर इन लॉ
(30:04) निकलेंगी या फिर हमने सहाय तो ये नॉर्मल है तो यह ना सबकी अपनी पर्सनल विजडम होती है कि आप उसे कैरी फॉरवर्ड करोगे या फिर आप उसकी चेन ब्रेक करोगे लेकिन अभी मदर इन लॉ भी बहुत समझदार हो गई क्योंकि वो भी सोशल मीडिया पे आ गई है वो भी अपडेट हुए हैं लेकिन दोनों केसेस में मुझे लगता है डॉक्ट डॉक्टर कशि का कि वो मदर इन लॉ इवल इंसान नहीं है बिल्कुल भी नहीं है दोनों केसेस में चाहे वो आपको बहुत फ्रीडम दे रही है चाहे वो आपको टोका टाकी कर रही है बोथ केसेस शी इज नॉट अ बैड पर्सन ये चीज हमें समझ में अगर आ जाए तो बहुत सारे रिलेशनशिप ट्रांसफॉर्म हो सकते हैं बुरा
(30:35) कोई नहीं होता लोग कभी गलत नहीं होते लोग सिर्फ अलग होते हैं लेकिन जो हमसे अलग है हम उसे गलत मान लेते हैं तो जो बहुत ज्यादा ट्रामा सहकर आई है बहुत सुप्रेस है और डोमिनेट कर रही है अगर हम एंपैथाइज करें तो वो गलत नहीं है पर क्योंकि वो यह नहीं रिलाइज कर रही है कि मेरे ट्रामा का असर दूसरे की जिंदगी पर इस तरह से पड़ रहा है कि वो भी ट्रामा फेस कर रहा है यहां पर गलती भी है तो यानी कि कुछ गलती भी है और पूरी तरह से गलत भी नहीं है अगर मैं यह कहूं मेरे साथ बहुत बुरा हुआ है बहुत बुरा हु है इसलिए मैं बुरा कर रही हूं तो इसको
(31:07) जस्टिफाई ऐसे नहीं किया जा सकता हां ठीक है मेरे साथ बुरा हुआ है लेकिन मेरी हीलिंग की जिम्मेदारी मेरी है क्योंकि मुझे ट्रामा ये भी दे सकता है ये भी दे सकता है ये भी दे सकता है बट हीलिंग ये नहीं करेगा ये नहीं करेगा हीलिंग मुझे ही करनी पड़ेगी तो आप सिचुएशन को और लोगों को कंट्रोल नहीं कर सकते बट इसके नाम पर कि आपके साथ बहुत गलत हुआ है और अब आप ये कंटिन्यू रखेंगे और आगे भी जनरेशन में ट्रामा ही देते रहेंगे ये गलत है यहां पर मदर इन लॉस की भी साइको एजुकेशन होनी चाहिए जो कि इंडिया बहुत लैक करता है अभी यह नहीं है और यह आने में भी अभी बहुत साल
(31:36) लगेंगे तो मैं पूरी तरह से उनको गलत नहीं कहती हूं लेकिन जब कोई समझा रहा है तो कई बार बड़े लोगों को भी समझना होगा कि जो हमारे साथ हुआ वो हमें अब कंटिन्यू नहीं रखना है अरे छोड़ो ना जमाना बदल गया आपने अपने कपड़े बदल लिए अपनी सोच भी तो बदलो और ऐसे ही डॉटर इन लॉ को भी वो जो तुमने पुरानी फिल्मों में देखी है मदर इन लॉ की इमेज या तुमने जो अपने घर में देखी है या कहीं भी देखी है उस इमेज के साथ एंटर मत करो क्योंकि अगर कोई भी इमेज यहां फिट होती है सबकॉन्शियस माइंड में तो सबकॉन्शियस माइंड बहुत ही शैतान है वो बारबार बारबार यह प्रूव करने की कोशिश
(32:06) करता है कि मेरे पास देखो इतना डाटा इसका भरा हुआ है और ये सही है यही सही है आप अपना विजडम तो लगाओ हर इंसान को आप एक जैसा कैसे देख सकते हो एक लाठी से आप सबको नहीं हाक सकते ना तो आपकी फ्रेंड की मदर इन लॉ खराब निकल गई बट आपकी तो अच्छी है आप अपने आप को अप्रिशिएट करो आप क्यों ऐसा कर रहे हो तो दोनों की जिम्मेदारी बनती है डॉक्टर कशि हम इंडियन कॉन्टेक्स्ट में बात कर रहे हैं हमने मदर इन लॉ डॉटर इन लॉ के रिलेशनशिप के डायनेमिक्स में कैसे नार्सिसिस्म आता है इसके बारे में काफी बात की लेकिन हम अपने खुद के पेरेंट का नार्सिसिस्म कैसे पहचाने जैसे अगर एक डॉटर
(32:38) इनलॉ की बात करूं जो अपनी मदर के साथ दिन में 10 बार बात करती हैं या उनकी मदर उन्हें 10 बार कॉल करती हैं अ क्या उससे भी उनके रिलेशनशिप उनके इनलॉज के साथ कैसे होंगे उसपे इंपैक्ट पड़ता है क्या उस लड़की में एक्चुअल में इतनी इमोशनल सपोर्ट की डिजायर रह जाती है कुछ बच भी जाता है जो वो यहां से फुलफिल कर या सारा कुछ अपने मदर और अपने फैमिली के रिलेशनशिप में ही फुलफिल कर लेती हो तो यहां ना उन्हें कुछ चाहिए ना उन्हें कुछ देना है ऐसा रिलेशनशिप क्रिएट हो जाता है तो क्या उस रिलेशनशिप में भी एक टॉक्स देखने को मिलती है बिल्कुल देखिए हमारे पेरेंट्स अगर कोई
(33:12) भी मदर फादर या दोनों ही नार्सिस्ट होते हैं तो हमें पहले से ही पता होता है क्योंकि उनकी नेचर बहुत कंट्रोलिंग होती है क्योंकि नार्सिसिस्ट को बहुत कंट्रोल चाहिए होता है तो ऐसे जो पेरेंट्स होते हैं वो अपने बच्चों के लिए करियर भी खुद ही डिसाइड करते हैं पार्टनर भी उनकी पसंद से ही अप्रूव करते हैं अगर आप लव मैरिज भी बता रहे हैं तो जब तक उनके सारे पैरामीटर्स ठीक नहीं होंगे तब तक वो अप्रूव नहीं करेंगे कोशिश तो करेंगे ऐसे लोग कि हम ही लाइफ पार्टनर चुन कर दें तो उन्होंने इतना इंटरफेयर आपकी लाइफ में किया होता है थ्रू आउट द लाइफ आपकी तो
(33:41) आपको पहले से ही आईडिया होता है कि मेरे पेरेंट्स जो भी है दोनों में से एक या कोई भी बहुत बड़े नार्सिस्ट हैं लेकिन डॉक्टर साहब इसमें एक ट्रामा बॉन्डिंग भी तो हो जाती है आपको पता होता है कि इनके ये ट्रेट्स हैं और ये मुझे कंट्रोल कर रहे हैं आप उस एनवायरमेंट में जिए हैं जिसमें उन्होंने आपको अपने मन से पहनने नहीं दिया आपको दोस्त नहीं बनाने दिया आपको वो पढ़ाई नहीं करने दी आपको तालीम नहीं लेने दी जो आप लेना चाहते थे आपको पता तो है लेकिन क्योंकि वो आपका पेरेंट है तो एक ट्रामा के थ्रू एक बॉन्डिंग भी बहुत स्ट्रांग हो जाती है आपको आदत हो जाती है उनकी
(34:07) इंटरफेरेंस की कि आप बाद में भी जब आप एक दूसरे रिश्ते में चले जाते हैं उस घर से बाहर चले जाते हैं तो भी दिन में दसियों बार फोन करना बिल्कुल अफेक्शन और रिजेक्शन का कॉमिनेशन जो है वो ट्रॉमा बंडिंग है जहां पर आपको बहुत ज्यादा अफेक्शनेट भी तरीके से रखा गया है आपके लिए हमेशा आपको यह फीड किया गया है कि जो कर रहे हैं वो तुम्हारी बेहतरी के लिए कर रहे हैं और हमें गलत मत समझ समझो हमें तुमसे ज्यादा पता है हमने दुनिया देखी है तुम जो नहीं समझ पा रहे हो देख नहीं पा रहे हो वह हम करें तो वह हमेशा आपके अंदर गिल्ट फीड करते हैं तो मोस्टली जो पेरेंटिंग है वो
(34:38) गिल्ट उसका बेस होता है क्योंकि जैसे ही बच्चे ने अपनी वॉल्यूम रेज करी अपने हक के लिए कुछ बोला तो वहीं पर पेरेंट्स या तो रोने लगेंगे इमोशनल हो जाएंगे या ऐसी रीजनिंग देंगे कि बच्चे को गिल्टी फील करा देंगे तो ये गिल्ट बेस पेरेंटिंग जो इंडियन कॉन्टेक्स्ट में बहुत पॉपुलर पेरेंटिंग स्टाइल है सो वो होती है तो वहां पर बच्चे को अफेक्शन भी मिल रहा होता है क्योंकि वो डिपेंडेंट होता है तो उस उसको कपड़े भी मिल रहे हैं उसको खाने पीना भी मिल रहा है उसको पैसे भी मिल रहे हैं छोड़े तो किस बेस पे छोड़े ना वो कहां जाए वो अभी इस लायक ही नहीं है तो उस अफेक्शन
(35:05) से भी वो हमेशा ट्रिक होता रहता है उसको लगता है कि है तो पेरेंट्स ही ना और पेरेंट्स कैसे भी हो पेरेंट्स की सुननी चाहिए पेरेंट्स की इज्जत करनी चाहिए और जहां पर वो एपिसोड्स आते हैं जहां पर बहुत ज्यादा डोमिनेट कर रहे हैं वो अगेन वही होता है कि कंफ्यूज होकर रखता है क्योंकि उसके पास कोई ऑप्शन नहीं होता आज छोटे बच्चों को ऑप्शन दिया जाए कि गवर्नमेंट उनको अडॉप्ट कर लेगी और उनके पास लग्जरी ऐसे हाउसेस है वहां पे रहेंगे तो मुझे लगता है कि शायद 80 टू 90 पर बच्चे अपने मां-बाप से अलग हो जाएंगे यह ऐसा होगा क्योंकि यह सच में और
(35:37) यह कोई मैं ये नहीं कह रही हूं कि मैं कोई लोअर मिडिल क्लास की बात कर रही हूं या मिडिल ये बड़ी से बड़ी रिच फैमिलीज में भी ऐसा हो रहा है कि जहां पर इस तरीके का अगर कोई पर्सन है तो वो ऐसा आपके साथ गेम खेल रहा है तो जो भी डॉटर इनलॉ बनी है उसको पहले से ही पता है कि मेरी मदर की नेचर कैसी है तो अब शादी हो गई वो वो शादी के बाद भी वो सेंस ऑफ कंट्रोल लूज नहीं करना चाहेगी वो फोन करेगी हां बेटा क्या हुआ आज तू कितने बजे उठी क्या खाया क्या पकाया तेरी सास ने ये तो नहीं कहा वो आगे से बढ़कर पूछेगी तेरी सास तुझे रोकती रोकती तो नहीं है कुछ कहती तो नहीं है तो वो
(36:07) छोटी-छोटी बातों पर उससे बार-बार इतनी क्वेश्चनिंग होगी उस उससे 10 बार पूछेगी तू खुश है तू खुश है तेरे को कोई कुछ कहता तो नहीं है अब उसका दिमाग चलना शुरू हो जाएगा कि भाई इतनी बार ये सवाल पूछा जा रहा है फिर उसका दिमाग ना वो ढूंढने की कोशिश करेगा कोई वाकई मुझसे कुछ कहता तो नहीं है कहीं मुझ परे कोई रोग तो नहीं लगाता है वो छोटी-छोटी बातों को उसका दिमाग पकड़ना शुरू करेगा उसको लगेगा कि मेरी मद मदर जो है वो बहुत कंसर्न है और हां देखो वो तो मुझे एजुकेट कर रही मेरी मदर इन लॉ ने तो यह कहा ऐसे नहीं मुझे जाने दिया यह करा छोटी-छोटी बातें उसके
(36:36) दिमाग में एंटर करना शुरू हो जाएंगी और फिर उसकी मदर देगी उसको एडवाइस कि तू ऐसा कर ले तू अपनी चला शुरू से हम खड़े हैं तेरे साथ तू ना अपने नाम पर प्रॉप जनली वो पेरेंट्स मैंने देखा कभी खड़े नहीं होते कभी खड़े नहीं होते जब डिसीजन का टाइम होता है यही कहते हैं कि तुम तुम्हें उसी के साथ रहना है तुम अलग नहीं हो सकती हम समाज में क्या करेंगे और एक फेक कॉन्फिडेंस उसको कंसिस्टेंटली देते हैं सपोर्ट कि तुम्हारे साथ कोई खड़ा है बट जननली जब वो लड़की आके इस तरफ डिसीजन लेना चाहती है तो उसके साथ कोई नहीं खड़ा होता है अ बहुत सारे केसेस में जो आप कह रहे हो
(37:05) वो यही होता है लेकिन बहुत सारे केसेस ऐसे भी होते हैं जो बहुत बड़े नार्सिस्ट पेरेंट्स होते हैं वो बच्ची का डाइवोर्स भी हो जाए तो उन्हें चलेगा लेकिन उनको सेंस ऑफ कंट्रोल लूज नहीं करना है तो वो जब इतनी बार किसी बच्चे से आप पूछोगे तू खुश है अपने घर में सब तेरे को प्यार करते हैं तेरे हिसाब से हो रहा है तेरे से पूछते हैं तो उसका दिमाग घूमने लग जाता है फिर वो छोटी-छोटी बातें अपनी मदर से शेयर करती है मदर उसको अपने फिल्टर लगाकर उसके दिमाग में कुछ फीड करती है फिर उसको मदर इन लॉ बुरी लगने लग गई फ्रस्ट्रेशन मान लीजिए बच्चा कोई आ गया तो उस पर निकलने
(37:33) लगी है फिर उसको कोई समझ में नहीं आता ना उसको सिस्टर इन लॉ ना मदर इन लॉ कुछ नहीं आता और ये लड़ाई झगड़े इतने बढ़ जाते हैं उसको फिर वहीं से यह समझ में आता है कि मेरी मदर इन लॉ टॉक्सिक है क्योंकि नार्सिस्ट सबको नहीं पता लेकिन टॉक्सिक ज्यादा पॉपुलर हो गया है तो आई रियली होप अगर लोग कुछ इस सिचुएशन से रिलेट कर पा रहे हैं तो यहां पर जो हमने थोड़े बहुत सलूशन डिस्कस किए उसको अप्लाई करके अपनी लाइफ बेटर कर पाए या फिर कुछ हेल्प सीख कर पाए बिल्कुल यहां पर एक बहुत इंपॉर्टेंट बात कि कभी भी कोई भी चीज ना सबके लिए नहीं काम करती है जनरलाइज कुछ नहीं होता
(38:02) यह सब सिचुएशनल होता है सबके लिए पर्सनल होता है जैसे आपने बोला ये बहुत सही है कि जो लड़का है उसके घर वालों से उसका बहुत डीप कनेक्शन रहता है इसकी वजह से फीमेल्स बहुत परेशान रहती है डॉक्टर कशि का मैंने यह देखा है कि यह हम बोलते तो हैं कनेक्शन बहुत डीप है बट अगर वो लड़की या वो लड़का जेनुइनली अपनी लाइफ के पिछले 25 साल विजिट करके देखें उन्होंने 1000 झूठ अपने पेरेंट से बोले होते हैं 1000 वो लाइफ ऐसी जी होते हैं जिसमें उनको पेरेंट्स को कुछ नहीं पता वो चाहते भी नहीं है पता चले तो जेनुइनली कितना कनेक्शन है जेनुइनली नहीं
(38:33) है बिल्कुल ठीक कह रहे हैं आप क्योंकि पेरेंट्स को भी हमने बहुत मैनिपुलेट किया होता है उनसे बहुत सारे फिल्टर्स लगा के सब कुछ किया होता है तो मैंने ऐसे भी केसेस देखे हैं जहां पर लड़के इतनी सेंस भी नहीं रखते हैं कि वो अपनी पर्सनल बातें इवन बेडरूम सीक्रेट्स भी कई बार अपने फैमिली मेंबर्स से डिस्कस कर रहे होते हैं जो कि बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए कोई भी फीमेल इस चीज को बर्दाश्त नहीं करेगी या छोटी बड़ी बात आप कुछ हस्बैंड वाइफ प्लान कर रहे हैं कुछ भी है वो सब फैमिली मेंबर्स को पता चल रही है फिर फमली मेंबर्स अपना अपना ओपिनियन हो र है फिर वो
(38:59) आईडिया बिल्कुल ही किसी ने खारिज कर दिया वो चीज पता चला हुई नहीं इससे लड़की को प्रॉब्लम होनी शुरू होती है तो लड़का हो या लड़की हो कोई भी हो शादी के बाद आपको यह समझना है कि हस्बैंड वाइफ के बीच की सारी बातें आपकी सारी प्लानिंग जो भी आपके बीच की बॉन्डिंग इंटीमेशन है वो सबको पब्लिक करने की जरूरत नहीं होती है चाहे वो इसकी मां हो या इधर उनकी मदर हो बहन भाई सबको प्यारे होते हैं क्या लड़की को अपने बहन भाई प्यारे नहीं होते मां-बाप प्यारे नहीं होते क्या लड़के को ही प्यारे होते हैं तो सबको प्यारे होते हैं तो रूल इक्वल होना चाहिए कि भाई इस तरीके की
(39:31) बातें जो है ये हमारा एक जोन है जो हमारा पर्सनल जोन है जिसमें सिर्फ तुम हो जिसमें मैं हूं इसकी शेयरिंग नहीं होगी तो बेसिकली इस पूरी कन्वर्सेशन हमने कई सारे एग्जांपल लिए हमने इंडियन कॉन्टेक्स्ट में मदर इन लॉ डॉटर इन लॉ क्योंकि अ आज पर्टिकुलर मैं इस बारे में बात करना चाहती थी क्योंकि हमने एक और एपिसोड नार्सिसिस्टिक अब्यूड़ोस एग्जांपल्स लिए हैं वहां पर हमने बहुत क्लीयरली ये समझ लिया है यह देख लिया है कि एक नार्सिसिस्टिक बिहेवियर दिखता कैसा है कैसे एक्शन में नजर आएगा अच्छा कौन से ऐसे फियर्स है या रिस्क फैक्टर्स हैं एक नार्सिसिस्टिक
(40:15) अब्यूड़ोस होता है कि क्या यह जो मैं स्टेप ले रही हूं यह सही ले रही हूं कहीं मुझे बाद में पछतावा तो नहीं होगा क्योंकि हम लोगों की कंडीशनिंग इंडियन रेफरेंस में यह की गई है कि शादी को निभाना है कहीं ना कहीं आपको ऐसा भी लगता है कि जो विक्टिम है वो कहीं ना कहीं कॉन्फिडेंट कम होते हैं इसमें क्या होता है कि शुरुआत में अगर कोई पर्सन बहुत कॉन्फिडेंट भी है लेकिन अगर आप सच में किसी नार्सिसिस्ट से बंद गए हैं तो आपका कॉन्फिडेंस ही खत्म कर देता है वो इंसान वो इतना आपको कंफ्यूजन में डालता है वो इतना गैसलाइट करता है आपको आपके हर आईडिया को तो खारिज कर देगा वो
(40:49) आपको बिल्कुल बेवकूफ बताएगा वो और उसकी लैंग्वेज भी इतनी खराब होती है कि जैसे एक नार्सिस्ट का है वो हमेशा अपनी वाइफ को बोलता है तुझ बिल्कुल अकल नहीं है तू बिल्कुल बेकार बेवकूफ औरत है तू दो कौड़ी की औरत है अब एक बात बताइए जो औरत अगर 1012 साल से ये लगातार सुन रही है कोई भी है ऐसे कि तू दो कड़ी के तेरे को बिल्कुल लकल नहीं है तू बिल्कुल बेवकूफ औरत है तो उसका जो कॉन्फिडेंस है वो तो अपने आप ल जाएगा फिर जो उसकी पढ़ाई लिखाई है वो जाकर कहीं कुछ काम नहीं कर रही है जो उसका प्रीवियस जॉब एक्सपीरियंस था उसको वो एक्सपीरियंस अब आ नहीं रहा है तो उसका
(41:19) कॉन्फिडेंस अपने आप ही ब्रेक हो जाएगा तो ये लोग झूठ भी इतना ज्यादा बोलते हैं कि पर्सन को यकीन ही नहीं आता कि जो मुझे पता है जो मैं समझ रही हूं या जो रियलिटी है क्या है दूसरी बात है सोशल प्रेशर बहुत होता है फैमिली का प्रेशर बहुत होता है क्योंकि इस ब्यूज को ना फैमिली मेंबर्स भी नॉर्मलाइज कर देते हैं अरे कभी कभार चिल्लाना या थोड़ा बहुत हाथ उठा देना कैसे तो पति कर ही देते हैं अगर मेल होता है खास तौर से तो तो उसको इस तरीके से नॉर्मलाइज कर देते हैं अगर मेल नार्सिस्ट है तो तो जो पर्सन विक्टिम है उसका कॉन्फिडेंस वाकई ब्रेक हुआ हुआ होता है
(41:50) लेकि फैमिली भी उसको सपोर्ट नहीं करती फैमिली इतना सपोर्ट नहीं करती है क्योंकि सबके लिए पॉसिबल नहीं होता ना कि एकदम से आप बच्चों को सब को एकदम से लेकर अलग हो जाओ क्योंकि घर में आपके भी पेरेंट्स ओल्ड हो गए होते हैं आपके भी भाई की शादी हो गई होती है उसकी भी अपनी फैमिली होती है मुझे लगता है फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस से ज्यादा डॉक्टर साहब आजकल मैं अर्बन सिटीज की बात करूं तो वहां पे लड़के इमोशनली इतना इंडिपेंडेंट नहीं होती है यू नो इमोशनल उनके अंदर रिगर नहीं होता है वो डिसीजंस लेने का जहां पे वो फाइनेंशियलीईएक्सप्रेस
(42:27) है या व्ट एवर तो उनके अंदर वो इमोशनल स्ट्रेंथ नहीं आ पाता है उस डिसीजन को लेने का भी बिल्कुल जैसे इमोशनल सपोर्ट की आपने इमोशनल स्ट्रेंथ की आपने बात कही कि अगर कोई लड़की फाइनेंशली इंडिपेंडेंट भी है बट वो इमोशनली इतनी स्ट्रांग नहीं है क्योंकि कहीं ना कहीं उसके मन में यह है कि अगर तूने इसको छोड़ा और पूरी आगे की जो लाइफ है वो टफ है क्योंकि हमने देखा है कि बहुत सारे लोगों का डिसीजन रंग हो जाता है या आगे चलकर प्रॉब्लम है आएंगी कैसे संभालेंगे और अगर दूसरे पर्सन के साथ आप गए तो उसका क्या गारंटी है कि वो आपको रिस्पेक्ट करेगा वो
(42:59) रिलेशनशिप आपका सही चलेगा तो बहुत सारे कंफ्यूजन होते हैं फैमिली सपोर्ट भी सोशल सपोर्ट भी क्योंकि आज भी अगर किसी का डावर्स हो जाता है कोई अलग हो जाता है तो उस पर क्वेश्चन भी उठते हैं कि इसकी भी तो गलती होगी इसने भी जरूर कुछ ऐसा किया होगा सबको आप अपनी नार्सिसिस्टिक एब्यूज की स्टोरी तो बताने वाले नहीं है तो बहुत सारे लोग आपके बारे में भी बहुत सारे ओपिनियन बनाएंगे तो वहां पर लोगों को सेल्फ इमेज का भी बहुत बड़ा खतरा होता है तो फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मतलब यह भी नहीं होता ना कि आप पूरी तरीके से अपनी लाइफ को बहुत अच्छा प्लान कर लोगे कई बार
(43:27) इसलिए भी फंसे रह जाते हैं लोग कि लगता है कि चलो ठीक है ये ऐसा है पागल है कोई नहीं लेकिन घर में तो फैसिलिटी ज है लग्जरी है तो बहुत सारी फीमेल्स क्या होती है अपनी दुनिया भी बना लेती है वो फंसी रहती है उसी इंसान के साथ महीने में चार पांच दिन का कलेश झेलती है लेकिन बाकी दिन पैसे उड़ाती हैं किटिया में जाती हैं और आराम से रहती है वो धीरे-धीरे अपना एक जोन दूसरा बना लेती है और बहुत सारे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में भी चले जाते हैं कि जब यहां से इमोशनल कनेक्शन नहीं मिल रहा है और मुझे सपोर्ट नहीं मिल रहा है तो वहां पर एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर फीमेल्स के भी
(43:55) हो जाते हैं इमोशनल सपोर्ट के लिए तो कौन सा ऐसा सेफ तरीका है एक नार्सिसिस्टिक अब्यूड़ोस नार्सिसिस्ट है या आपके अंदर ही टोलरेंस पेशेंस पावर से नहीं आपने उसे गलत लेबल करके फ्रस्ट्रेट कर रखा है इसलिए वह झगड़ा करता है इसीलिए वह कंट्रोल करने की कोशिश करता है क्योंकि मैंने कुछ ऐसे भी केसेस देखे हैं जहां पर एक्चुअल में पर्सन नार्सिसस नहीं था लेकिन क्योंकि फीमेल इतना नैग करती थी इतना ज्यादा उसने अपने दिमाग में फेक इमेज बना ली थी कि उसकी वजह से उनके लड़ाई झगड़े होते थे इसलिए उनके बीच में जो डोमेस्टिक वायलेंस था वो सब होने लगा था पर्सन नार्सिस्ट नहीं था वो
(44:36) पर्सन नॉर्मल था जेनुइन था लेकिन हालात ने उसे ऐसा बना दिया बट सच में अगर आप नार्सिस्ट के साथ फस गए हैं तो आप अपनी बहुत स्ट्रिक्ट बाउंड्रीज बनाई है आप बाउंड्रीज बनाते हैं और रिस्पेक्ट नहीं करते हैं खुद की अगर कोई पर्सन आपसे बहस कर रहा है और आप यह बोलते हैं कि अगर आपने फिर से मुझ पर चिल्लाया हाथ उठाने की कोशिश करी तो मैं आपसे बात नहीं करूंगी यह बाउंड्री आपने बना नाई लेकिन जब दोबारा आपके साथ ऐसा उस पर्सन ने किया क्योंकि जैसे ही आप उसको ऐसा बोलेंगे तो वो डिफेंसिव होगा अच्छा मुझसे बात नहीं करेगी हाथ भी उठाने को आएगा वो लेकिन आप तब भी
(45:06) उसको रोकेंगे नहीं तो आपने खुद की बनाई हुई बाउंड्री की खुद रिस्पेक्ट नहीं की तो वो तो कभी नहीं करेगा अगर आपने उसको बोला है कि अगर यह चीज रिपीट हुई तो आप छोड़कर चले जाएंगे या आप कंप्लेन करेंगे या आप भी अपने लिए कोई डिफेंसिव स्टेप लेंगे और आप वो करें फिर तो इससे क्या होगा उसकी हिम्मत टूटेगी वो जितना आपको कंट्रोल करने की कोशिश करता है वो दूसरी बात है हमेशा उसको बोले कि हम डिस्कशन कर रहे हैं हम आर्गुमेंट नहीं कर रहे हैं तो आप अगर बात करने के माइंड फ्रेम में है तो आप मुझसे बात कीजिए नहीं तो हम थोड़ी देर बाद जब आपका मूड ठीक होगा तब बात करेंगे आपको
(45:40) लगातार लग रहा है कि वो मेरे आइडियाज को डिस्कस कर रहा है मेरे ड्रीम्स को वैल्यू नहीं करता है तो आप उससे शेयरिंग कम कर दें क्योंकि जितना कम शेयरिंग करेंगे आप उतना उसके पास कम चांसेस होंगे आपकी बात को रिजेक्ट करने के आपको लेट डाउन करने के चौथा आप अपना सर्कल डेवलप करना शुरू करें आप उसको बोल दें कि ये मेरा पर्सनल टाइम है और मुझे ये अपने लिए पर्सनल टाइम चाहिए तो धीरे-धीरे आप अपना फ्रेंड सर्कल रिलेटिव्स का सर्कल स्ट्रांग करना शुरू करें ताकि आपके डिफेंस में भी कुछ लोग हो आपके रियल सेल्फ को आपकी तरह से जाने ना कि जो उसने स्टोरी किसी को बता दी है या
(46:11) जो उसका वाला पहलू है एक्सप्लेन करने का वो आपकी खुद की रियल सेल्फ को लोगों को जाने तो ये बहुत इंपॉर्टेंट होता है ये बहुत बड़ी गलती करते हैं लोग अपने रोने झी कने में फंस जाते हैं और फिर अपना सर्कल बढ़ा नहीं करते और एक बहुत इंपॉर्टेंट बात है कि अपने आप को फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट जरूर करें क्योंकि कोई भी माने या ना माने फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस एक सबसे बड़ा फैक्टर है जो इंसान के पैर में पड़िया बांधता है इमोशंस तो जब कहते हैं ना आपके बहुत हर्ट हो जाते हैं तो इमोशनल सपोर्ट तो अंदर से आ जाती है कुदरती बट फाइनेंशियल सपोर्ट नहीं
(46:42) दिखती है इसलिए इंसान सुप्रेस करता है तो इमोशन सपोर्ट तो वक्त के साथ आ जाती है कि अब मेरा बस हो गया बहुत हो गया क्योंकि मेरी क्लाइंट ने बोला था मैं सड़क पर भीख मांग लूंगी मेरे साथ बुरा से बुरा भी हो गया ना अगर कोई आदमी मेरे साथ बुरे से बुरा लास्टली क्या होगा मैं किसी ट्रक के नीचे आके मर जाऊंगी लेकिन इस आदमी के साथ नहीं रह सकती तो इमोशंस इस हद तक भी आपको पावर दे देते हैं कि मेरे साथ बुरे से बुरा भी ये होगा तो मैं झेल लूंगी लेकिन इसके साथ नहीं रहना घुट-घुट के नहीं मरना एकदम मर जाऊंगी यहां तक भी तो इमोशनल पावर आ जाती है लेकिन फाइनेंशियल पावर जो है ना
(47:13) वो बहुत बड़ी चीज है बहुत बड़ी ताकत है तो वो भी आपको करना चाहिए और इसके अलावा जभी भी आप देख रहे हो कि नार्सिस्ट पर्सन आपको बहुत कंफ्यूज करके रख रहा है या बहुत ज्यादा इस तरीके से आपको मैनिपुलेट कर रहा है अपने सेल्फ मोटिव के लिए तो आप छोटी-छोटी नोट्स लो या छोटी रिकॉर्डिंग्स करो जब भी उससे बात कर रहे हो तो अपनी रिकॉर्डिंग जरूर करो यह बात बहुत अजीब सी लगती है कि आप घरों में हम यह करेंगे बट यह करना कुछ केसेस में बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि एक लड़के ने अपनी वाइफ को ऐसे ही पागल बनाया उसका उसकी कलीग से अफेयर चल गया और वो बहुत ज्यादा टॉक्सिक हो गया और
(47:46) उसमें नार्सिस्ट ट्रेट्स पहले से ही थे और उसने क्या किया सास बहू के सीरियल से आइडिया लेकर उसने अपनी जो है ना वाइफ खाना बनाकर जाए दूसरे रूम में सब्जी में नमक तेज कर दे प्रेस हो तो प्रेस को वो ऐसे खड़ा करके गई है प्रेस को कपड़े पर रख दे स्विच ऑन कर दे इस छोटी-छोटी हरकतों से उसने उसको इतना सेल्फ डाउट में डाला कि उसको ऐसा लगने लगा कि मैं शायद कंसंट्रेट नहीं कर पा रही हूं आजकल मुझे याद नहीं रहता है मेरी मेंटल हेल्थ खराब हो गई है और बाद में जब वो मेरे पास आई थी तो मैंने उसको बोला तुम एक दो फोन और खरीदो और अलग-अलग रूम में रिकॉर्डिंग चालू करके रखो
(48:19) क्योंकि तुम्हारे दिमाग में प्रॉब्लम नहीं है जो मैंने एसेसमेंट किया तो कॉग्निटिव फंक्शन उसके बिल्कुल ठीक थे वो खुद इंजीनियर थी तब उसका हस्बैंड पकड़ा गया रिकॉर्डिंग से और मैंने कहा उसको दिखाने की गलती मत करना पहले अपने घर जाओ निकलो यहां से उसके बाद उसको दिखाना कि यह रिकॉर्डिंग है अब तू बोल पुलिस स्टेशन जाऊं मैं या चुपचाप से फैसला करता है तो यह भी बहुत जरूरी होता है कि आपको कई बार इस तरीके से भी अपने आप को बचाना होता है जहां पर नार्सिस्ट जान के पीछे पड़ जाए क्योंकि नार्सिस्ट इतना भी हद तक गिर सकता है कि वह आपका गला भी दबा सकता है आपको
(48:50) ऐसी मारपीट भी कर सकता है जिससे कि आप लाइफ टाइम के लिए अपाहिज हो सकते हैं डॉक्टर साहब नार्सिसिस्म को अगर टाइम से कैच ना किया जाए तो इसके अगले स्टेजेस क्या है क्या बाइपोलर डिसऑर्डर भी एक नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर का ही पार्ट है या उससे मिलता जुलता कुछ है देखिए बिल्कुल जैसे कि जो भी नार्सिस्ट पर्सन होता है जिसको डायग्नोज किया जाता है नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर है जिसे जिसको डायग्नोज किया जाता है ना कि सिर्फ मैंने और आपने कह दिया वो नार्सिसिस्ट क्योंकि उसमें तो मैंने आपको बताया ना बहुत सारे केसेस ऐसे भी आते हैं
(49:25) जिसमें पर्सन ने लेबल कर रखा था वो वो पर्सन नार्सिस्ट नहीं था उसकी खुद की गलती की वजह से रिलेशनशिप टॉक्सिक हो गया था तो ट्रेट्स कुछ मैच कर रहे थे क्योंकि आप और मैं ग प जाए और कुछ भी सिमटम्स सर्च करें तो बहुत सारे डिसऑर्डर्स में हमें लगेगा हम भी फिट बैठ रहे हैं तो ऐसे ही नार्सिसिस्टिक वाले जो क्राइटेरिया होता है उसमें बहुत लोग फिट बैठते हैं बट वो नार्सिस्ट नहीं होते हैं तो अगर कोई भी पर्सन ऐसा होता है तो वो वास्तव में जा सकता है डिप्रेशन की किसी भी फॉर्म में जा सकता है बाइपोलर जो कि एक्सट्रीम होते हैं टू एक्सट्रीम कभी बिल्कुल डाउन तो कभी
(49:54) बिल्कुल हाई क्योंकि उसका मूड ही ऐसा रहता वो एक्सट्रीम में जाने वाला पर्सन होता है एंजाइटी डिसऑर्डर्स होते हैं इन लोगों को बहुत ज्यादा और कई बार तो पर्सन क्योंकि फैंटेसी बहुत क्रिएट करता है जो डीएसए फ में एक क्राइटेरिया है कि वो प्रीऑक्यूपेशन विद फैंटेसी रहते हैं जैसे मेरे पास एक लेडी आई थी वो बोलने लगी मैडम मुझे वर्ल्ड क्लास डांसर बनना है मैंने कहा डांस करती होंगे बहुत सालों से मैंने कहा आप कितने सालों से प्रैक्टिस कर रहे हो मैम ज्यादा तो नहीं है अभी तीन महीने हुए हैं मैंने कहा अच्छा बोलने लगी लेकिन मैं ना सीक्रेट बुक पढ़ी है मैं इमेजिन
(50:21) करती रहती हूं कि मैं वर्ल्ड क्लास डांसर हूं मैं स्टेज पे जा रही हूं मुझे अवार्ड मिल रहा है ये सब है सो प्री ऑक्यूप विद फैंटेसी भी बहुत रहती है तो इतना फैट साइज करते हैं कि कई बार स्कज फ्रेनिक भी हो जाते हैं रियलिटी से डिस्कनेक्ट और डिस्टोर्टेड भी हो जाते हैं जो रियल वाला डिसऑर्डर है मैं उसकी बात बता रही हूं ना कि यह वाला जो पॉपुलर टर्म है कि नार्सिसिस्टिक ट्रेट्स मिलते हैं कुछ लोगों में आजकल तो मैं देखती हूं छोटे-छोटे बच्चे 12 12 1 साल के बच्चे क्योंकि लैंग्वेज सबको एक्सेसिबल हो गई है बिकॉज ऑफ सोशल मीडिया टॉक्सिन
(50:49) नार्सिसिस्टिक जैसा वर्ड डिप्रेशन जैसा वर्ड इतना कॉमन हो गया कि लोग आपस में दोस्ती में इस तरह से लोगों को डिफाइन करते हैं कि अच्छा हां वो तो पूजा तो बड़ी नार्सिसिस्ट है अभी उस 13 साल के बच्चे को पता भी नहीं है कि डिसऑर्डर होता है यह मेंटल हेल्थ इशू है ये कहां से शुरू होता है साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम है ये पता भी नहीं है उस बच्चे को लेकिन लेबल करना तो हम उस वाले लेबल की बात नहीं कर रहे बट जेनुइनली डायग्नो जो होता है वो एक्चुअली सीवियर होता है उसमें सच में एक पर्सन की लाइफ में बहुत स्ट्रगल होती है उसको स्ट्रगल नहीं होती जिसको डिसऑर्डर होता है
(51:20) क्योंकि वो तो डोमिनेंस करके जैसे तैसे अंदर से चाहे दुखी भी हो परेशान भी हो लेकिन वो अपने एनवायरमेंट को उसमें कर ही लेता है तो कहीं ना कहीं आई होप इस एपिसोड से ना लोगों को वो एक विंडो ऑफ रिफ्लेक्शन भी मिले अपनी जिंदगी में झांकने से मतलब लोग क्या करते हैं ना पॉडकास्ट के एपिसोड्स को ऐसे यूज करते हैं कि अच्छा ये पॉडकास्ट पे हमने सुन लिया ओ मेरी मदर जैसा आपने कहा मेरी मदर इन लॉ ऐसी है ये तो नार्सिसिस्ट है अच्छा उन्होंने बताया था ऐसा हस्बैंड है तो ये ऐसा है ऐसी वाइफ है तो ये ऐसी है वो सब आप करो ना करो अपनी लाइफ में इसको जैसे फिट करो उससे पहले आप
(51:50) खुद को यू नो यहां से देख के जाओ कि आपके अंदर कौन से ट्रेट्स है कौन से नहीं है कहां पे आपको काम करने की जरूरत है मेरा इस पॉडकास्ट का सिर्फ यही एम है कि लोग खुद पर काम करना कैसे शुरू करें बिकॉज वही एक तरीका है अपनी बेस्ट लाइफ क्रिएट करने का आपकी बेस्ट एजुकेशन बेस्ट आपको पेरेंट्स मिले हैं बेस्ट आपके पास सपोर्ट सिस्टम है फैमिली सिस्टम है कुछ भी गारंटी नहीं करता है कि आपका पर्सनल एक्सपीरियंस ऑफ लाइफ बेस्ट होगा ओनली थिंग दैट गारंटीस कि आप खुद एक अच्छी जिंदगी जिओगे कि वो आप क्या फील करते हो आप कैसे हो आपके बिलीव्स
(52:23) तो डिस्टोर्टेड नहीं है तो जब तक आप वो रिसेट नहीं करोगे तब तक बाकी सब बेस्ट होने से भी कुछ बेस्ट आप फील नहीं कर पाओगे क्योंकि आपके अंदर वो टेंडेंसी नहीं है कि आप बेस्ट को टच कर सको बिलकुल राइट बट जैसे आपने कहा ना तो यहां पर नार्सिसिस्ट के साथ प्रॉब्लम ही होती है वो अपने बेस्ट से सेटिस्फाइड ही नहीं होता उसको हमेशा से एक होता है कि बस मुझे टॉप पर ही रहना है ये सबके अंदर चाहत होती है लेकिन अगर आप सेटिस्फाइड हो और आप सेलिब्रेट भी कर रहे हो और अंदर से फील कर रहे हो कि हां ठीक है एक तो गुड इनफ लेवल आ गया है पर जो नार्सिसस पर्सन होता है
(52:54) उसके अंदर होड़ ही इतनी ज्यादा होती है ज ही इतनी ज्यादा होती है फैंटेसी इतनी ज्यादा होती है एक सेंस ऑफ एंटाइटल मेंट इतना हाई होता है इतना एनवी उसके अंदर एक्सप्लोइटेशन बिहेवियर इतना होता है जो रियल नार्सिसिस्ट होता है जिसके साथ रहना वास्तव में बहुत चैलेंजिंग है बट जो आज फेमस टर्म्स से जैसे आपने बताया कि छोटा 12 साल 13 साल का बच्चा भी कि वो नार्सिस्ट है वो डिप्रेस्ड है और मैं डिप्रेस्ड हूं और ये सब ये चीजें अलग होती हैं दोनों में बहुत बड़ा डिफरेंस है हमें समझना है तो हमेशा जब भी किसी का डायग्नोसिस बनवाना है तो एक प्रोफेशनल की
(53:25) हेल्प लेनी चाहिए घर में अपने सेल्फ डायग्नोसिस से खुद को या दूसरे को ऐसे लेबल करकर रिलेशनशिप में एंटर करना या रिलेशनशिप में रहना यह खतरनाक हो सकता है ये सारे जो पॉडकास्ट या इंफॉर्मेशन है ये हेल्प के लिए है एक और इंपॉर्टेंट बात मैं आपको बताऊंगी जैसे आपने बोला कि 12 साल का बच्चा तो कई बार हम पे भी ऐसे 12 13 14 साल के हो आते हैं लेकिन हम 18 साल के बाद ही डायग्नोसिस बनाते हैं क्यों बनाते हैं क्योंकि एनवायरमेंट का बहुत बड़ा रोल होता है अगर एक बच्चे को शुरुआती सालों में ऐसा एनवायरमेंट मिला भी है है और उसका एनवायरमेंट चेंज होता है उसको दूसरों को
(53:59) ऑब्जर्व करने का या दूसरे एंगल से सोचने का मौका दिया जाता है उसके लाइफ के एक्सपीरियंस चेंज होते हैं तो 18 साल तक हमारे अंदर एक ऐसी फ्लेक्सिबल होती है क्योंकि हमारा प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स जो है वो लॉजिकल ब्रेन है वो तकरीबन 25 साल तक पूरा इवॉल्व हो जाता है और उसके बाद भी इवॉल्व होता है ऐसा नहीं है बट स्पीड थोड़ी स्लो होती है तो उसमें बहुत सारे लोग जो कन्वर्ट हो रहे होते हैं डेवलप हो रहे होते हैं वो चेंज हो जाते हैं उनकी लाइफ में बहुत मेजर शिफ्ट आता है तो इसलिए हम 18 से पहले कभी किसी का डायग्नोसिस नहीं बनाते हैं क्योंकि स्कोप होता है हम
(54:28) मान कर चलते हैं हमारा डायग्नोसिस सही बनना चाहिए वो 18 के बाद ही हम बनाए क्योंकि 18 तक आपके बिलीफ आपकी सारी पर्सनालिटी एक शेप ले लेती है तो यहां पर यह भी समझे कि सभी ऑडियंस को य यह नहीं है कि यह पॉडकास्ट या कोई भी वीडियोस मैंने खुद अपने चैनल प इतने नार्सिसिस्ट पर वो बनाए हुए हैं और सच में टफ तो होता है लेकिन प्लीज किसी को लेबल कर कर उसको इतना हूमले ना करें उसको इतना एक्सप्लोइट ना करें कि वो नार्सिस्ट था नहीं लेकिन वो नार्सिस्ट बन जाए डॉक्टर कशि हमने नार्सिसिस्टिक ट्रेट्स के बारे में इतनी ज्यादा बात की है आज क्या एक नार्सिसिस्ट
(55:02) ट्रूली सच में किसी से प्यार कर सकता है बिल्कुल प्यार तो उनको भी होता है होते तो वो भी इंसान है पर वह प्यार को निभा नहीं पाते हैं क्योंकि उनके अंदर की जो सबकॉन्शियस प्रोग्रामिंग होती है वो जैसे ही अपने से बेटर पर्सन को देखते हैं तो उनका नार्सिस्ट ट्रेट जो है वह इतना हावी हो जाता है उन पर कि वो उनको इतना कंट्रोल कर लेता है कि उनका जिस पर्सन से सबसे ज्यादा अटैचमेंट प्यार होता है उसको भी डोमिनेट करने लगते हैं वहां से रिश्ता खराब होता है तो वो प्यार तो करते हैं जेनुइनली प्यार करते हैं बट एक्सेप्टेंस ना होने की वजह से कि दूसरा पर्सन मेरे
(55:35) इक्विवेलेंट या मुझसे बेटर हो सकता है उनका रिलेशनशिप बहुत लंबा नहीं चल पाता वहां पर भी डोमिनेंस आता है तो जो आपने कहा प्यार हां प्यार करते हैं वो मैं से हम की जर्नी नहीं कर पाते डॉक्टर कशि का करने को तो बहुत सारी और बातें हैं जो हम इस टॉपिक के बारे में कर सकते हैं लेकिन इस कन्वर्सेशन को एंड की तरफ ले जाते हुए एक सवाल जो मैं अपने सभी गेस्ट से पूछती हूं वो है उनकी डेफिनेशन ऑफ सक्सेस कि वह सफलता को कैसे देखते हैं अगर हम नार्सिसिस्म के के लेंथ से देखें और पूरी लाइफ जिस तरह से चलती है उसको देखें तो आपको क्या लगता है ट्रू डेफिनेशन ऑफ
(56:07) सक्सेस क्या हो सकती है देखिए जैसे आज हम नार्सिसिस्म की बात कर रहे हैं और खास तौर से रिश्तों की चाहे वो मदर इन लॉ से रिश्ता हो या आपके हस्बैंड से रिश्ता हो कुछ भी है तो मैं इसी रेफरेंस में क्योंकि सक्सेस की डेफिनेशन अलग-अलग रेफरेंस में अलग-अलग बदल सकती है तो मैं रिश्तों के रेफरेंस में ही बताती हूं सो मेरे लिए रिश्तों में सक्सेस की डेफिनेशन कि अगर मेरी प्रेजेंस से जो भी मेरे आसपास के चेहरे हैं वह अपने आप को खुलकर एक्सप्रेस कर पा रहे हैं उनके चेहरे पर एक मुस्कुराहट आ रही है कि कोई तो है जो मुझे एक्सेप्ट कर रहा है तो मुझे लगेगा कि मेरी
(56:40) वहां पर प्रेजेंस सक्सेसफुल हो गई यह रिलेशन के टर्म में मेरी सक्सेस की डेफिनेशन है कि मैं मैं ना रहूं मैं लोगों के बीच में बैठकर हम बन जाऊ थैंक यू डॉक्टर कशि ट वास सच अ ब्यूटीफुल वे टू लुक एट लाइफ आज इस पॉडकास्ट प हमने बहुत सारी इन डेप्थ नार्सिसिस्म के बारे में बातें की और इंडियन कॉन्टेक्स्ट के पर्सपेक्टिव में बेसिकली नार्सिसिस्म को समझने की और डीप डिकोड करने की कोशिश की क्योंकि ये टर्म्स वेस्ट से आई है और वेस्ट में हम ज्यादा भी देखते हैं तो हमने इसको इंडिना इज्ड कांटेक्ट में कैसा दिखता है उसपे लोगों को कुछ इनपुट्स देने की
(57:15) कोशिश करी थैंक यू फॉर जॉइनिंग मी फॉर दिस कन्वर्सेशन ऑन द जर्नी विदन पॉडकास्ट थैंक यू सो मच शुभा मुझे भी ये पॉडकास्ट रिकॉर्ड करके बहुत ही अच्छा लगा और मेरा फाइनल एक लाइन है कि नार्सिसिस्म को एक्चुअल को पहचान नो कि अगर कोई भी पर्सन कभी-कभी ऐसा करता है जो क्राइटेरिया में भी आता है वह नार्सिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर नहीं है अगर वह हमेशा ही ऐसा करता है मतलब मोस्टली यानी कि 10 में से आठ बार करता है या 10 में से न 10 बार करता है तभी वह नार्सिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर का शिकार है अदर वाइज भाई अपने अंदर भी झांक और रिश्ते पर काम करो और बचा
(57:52) लो रिश्ते बड़े अनमोल है हम भारतीय लोग हैं हम तोड़ने में नहीं जो जोड़े रखने में विश्वास रखते हैं थैंक यू डॉक्टर कशि का आई होप आज इस एपिसोड में आपने नार्सिसिस्म के बारे में बहुत कुछ चीजें सीखी होंगी अगर फिर भी आपके कुछ सवाल अन आंसर्ड रह गए हैं तो उन्हें कमेंट सेक्शन में लिख के बताइए और अगर आपको यहां पर कुछ बातें बहुत अच्छी लगी जिन्होंने आपके अंदर कोई एक डीप इंपैक्ट या चेंज क्रिएट किया है वो भी लिख के बताइए क्योंकि उससे हमें बहुत इनकरेजमेंट मिलती है कि हम इस तरह के पॉडकास्ट एपिसोड बहुत मेहनत से क्रिएट करते हैं आपके लिए ताकि हम हफ्ते दर हफ्ते
(58:23) इस कोशिश में लगे रहे और इस एपिसोड को अपने किन्हीं ऐसे तीन दोस्तों फैमिली मेंबर्स या अपने पेरेंट्स के साथ शेयर कीजिए जो ये एपिसोड देखने के बाद अपनी लाइफ में थोड़ा शिफ्ट क्रिएट कर पाएंगे थैंक यू फॉर वाचिंग दिस एपिसोड ऑफ द जर्नी विद इन पॉडकास्ट प्लीज सब्सक्राइब टू द चैनल चैनल को लाइक कीजिए शेयर कीजिए कमेंट कीजिए ताकि एल्गोरिथम्स भी हमें और लोगों तक पहुंचने में मदद करें थैंक यू अगेन एंड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट एपिसोड

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