Sunday, September 6, 2026

क्या मर्दों की Sexual Power कम हो रही है? | Testosterone, Sperm Count और Male Fertility का बड़ा सच

क्या मर्दों की Sexual Power कम हो रही है? | Testosterone, Sperm Count और Male Fertility का बड़ा सच

Author Name:Healthyy Podcast

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Transcript:
(00:00) मेनोपॉज एक बहुत नॉर्मल प्रोसेस है। वो एग्रावेब हमारी [संगीत] आजकल की लाइफस्टाइल के कारण है। तो अगर आपकी बॉडी में कॉर्टिसोल अप जाएगा टेस्टोस्टरॉन नेचुरली [संगीत] डाउन जाएगा। अगर हम कहते भी हैं कि मैं बहुत न्यूट्रिशनल फूड खाता हूं उसकी क्या गारंटी है कि वो न्यूट्रिशनली रिच है कि नहीं? राइट? मेल्स में पुरुषों में कम उम्र में भी उनको टेस्टोस्टरॉन की कमी हो रही है। बॉडी इज अ ब्यूटीफुल मशीनरी। इट्स आल्सो इक्वली कॉम्प्लिकेटेड। तो क्या मास्टरबेस अगर कोई इंसान लगातार कर रहा है सच में जो उसका स्पर्म काउंट है वो कम होगा?
(00:32) इकुलेशन आपकी बॉडी में कमजोरी लाता है। आपका काम ऑफिस में यू हैव बीन वेरी बिजी तो ये भी हो सकता है कि इफ फॉर अ फ्यू डेज यू डोंट गेट मॉर्निंग। जो हमारे जजीज है उनका जो सेक्सुअल हेल्थ के प्रति जो जागरूकता है जो अवेयरनेस है क्या वो बढ़ रही है? अब पोर्न इज नॉट एन एजुकेशन प्लेटफार्म। यह ए्जायटी ऊपर रहेगी। सेक्सुअल डिजायर आपकी नीचे रहेगी। जिम का कल्चर है। वेट स्क्वाड लगाते हैं लोग। वेट ट्रेनिंग करते हैं। क्या इससे भी सेक्सुअल हेल्थ को बेहतर बनाया जा सकता है? हेल्दी सेक्स इज बिल्ड ऑन कम्युनिकेशन। स्ट्रांग बॉडी टुडे एंड स्ट्रांग माइंड
(01:10) टुडे [संगीत] इज गोइंग टू हेल्प यू प्रोग्रेस बेटर। एक पडकास्ट में किसी डॉक्टर ने मेरे को बोला था कि आने वाले दिनों में हिंदुस्तान में टेस्टोस्टरॉन की कमी होने वाली है। यानी जिस तरीके से भारत डायबिटिक कैपिटल्स है। जिस तरीके से हमारे देश में प्रोटीन डेफिशिएंसी है वैसे ही आने वाले दिनों में हमारे देश में टेस्टोस्टरॉन डेफिशिएंसी भी हो सकती है। अगर इसी तरीके से चलता रहा जैसा कि चल रहा है। आखिर मर्दों में सेक्सुअल प्रॉब्लम्स क्यों उभर के आ रही है? ऐसी क्या गलतियां हम लोग कर रहे हैं? ऐसी क्या हमारे समाज में सोसाइटी में क्या
(01:44) ट्रेंड ऐसा बढ़ रहा है जिससे कि मैन सेक्सुअल हेल्थ है वह बहुत ज्यादा खराब होती जा रही है। खानपान हमारा खराब है, रहन-सहन हमारा खराब है या फिर वो कुछ गलतियां ऐसी है जिसके बारे में शायद ना तो आप जानते हो और ना मैं जानता लेकिन पीछे-पीछे जो लोग हैं वो करते हैं और उससे उनकी जो सेक्सुअल हेल्थ पे ज्यादा नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है। और इन्हीं तमाम टॉपिक्स पर आज बात करने के लिए हमारे साथ है कोफाउंडर ऑफ यू बैलेंस नेचुरल्स एंड मैन सेक्स वेल बीइंग एक्सपर्ट्स गुरमीत कौर मैम। तो चलिए स्वागत करते हैं। उनसे बातें करते हैं कि आखिर क्या चीजें ऐसा हो रहा
(02:14) है कि भारत में भी टेस्टोस्टरॉन की कमी हो रही है। क्या गलतियां हम लोग कर रहे हैं। तो चलिए स्वागत करते हैं मैम का। [संगीत] थैंक यू सो मच मैम। बहुत-बहुत शुक्रिया आपका। थैंक यू। और सबसे एक झिझक कहूं या फिर एक मेरे अंदर एक ये कयोसिटी है जो मैं आपसे पूछना चाहता हूं वो ये है कि अक्सर जब हम किसी गननेकोलॉजिस्ट को देखते हैं तो हमेशा फीमेल हमको दिखाई देती है ना ऐसा होता है मोस्टली आई थिंक कोई एक होगा मुझे लगता है 100 में से 200 में से एक जो मेल होगा अदरवाइज मोस्टली गानेकोलॉजिस्ट फीमेल होती है जो फीमेल्स की हेल्थ के बारे में उनकी
(02:57) रिप्रोडक्टिव हेल्थ के बारे में बात करती है। हम ऐसे ही जब मेन सेक्सुअल हेल्थ की बात आती है तो दिमाग में आता है कि कोई इंसान मतलब मेल होगा जो उसके बारे में एक्सपर्ट्स होगा उसी तरीके से लेकिन जब मैं आपको देखता हूं और आप बड़े बेबाक तरीके से जो है उस उन पे बात करती है या प्रॉब्लम्स को आप जो है इंडिकेट करती है बताती है सोशल मीडिया पे भी उनके बारे में जो है मुद्दा उठाती है तो मैं थोड़ा ये सबसे पहले यही जानना चाहता हूं आपकी जर्नी के बारे में कि एक वूमन होकर आपने ये क्यों चुना कि आपको मैन सेक्सुअल वेल बीइंग पर ही काम
(03:23) करना है। थैंक यू फॉर इनवाइटिंग मी। थैंक यू। थैंक यू मैम। तो थोड़ा सा बैकग्राउंड मैं अपना दे देती हूं। मैं कोई 30 साल के एक्सपीरियंस से आई हूं इन कॉर्पोरेट सेक्टर। ओके। तो मेरी जो जर्नी है वो फ्लाइंग से फिर फाइनेंशियल सर्विज में रही है। ओके? फ्लाइंग मतलब आई वास एन एयर होस्टेस्ट। ओके। एंड उसके बाद में फिर 27 28 इयर्स मेरे फाइनेंसियल सर्विज में निकल गए। ओके। तो 1998 से मैं नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी का हिस्सा हूं। ओके। और आई हैड बीन अ कंज्यूमर रिस्क स्पेशलिस्ट दे। ओके। तो मेरी ये 30 से 32 साल की जो जर्नी है, जो प्रोफेशनल जर्नी है
(04:04) उसमें मैंने ऑलमोस्ट 70% मेन के साथ काम किया है। तो जो मेन दोस्त बन गए, कोलीग्स हैं जो मेरे पियर्स हैं। फिर बॉसेस भी थे। फिर मैं बहुत सारे मैन की मैं बॉस हुई। ओके। तो तो मेरी अपब्रिंगिंग और मेरा जो प्रोफेशनल करियर है उसमें ये नहीं था कि मैं कि एक ये मैन है या वुमेन है। तो इट इज मोर अबाउट कोलीग्स। इट्स मोर अबाउट फ्रेंड्स। राइट राइट राइट। तो हमारे जो कन्वर्सेशंस थे वो भी बहुत ओपन कन्वर्सेशंस। जी। तो हम सब एक साथ यू नो बड़े हुए। हम फिर हमारे सामने दोस्तों की शादियां हुई। फिर फैमिली बड़ी हुई। एंड फिर वाइफ्स फ्रेंड्स बन गई। तो
(04:42) कन्वर्सेशंस के हम भी हिस्से हो गए। ओके। तो देयर इज़ अ लॉट ऑफ़ ट्रस्ट एंड सेफ स्पेस। तो ये मेरी बैकग्राउंड है। तो मतलब तो मैं उस बैकग्राउंड से आती हूं जहां पे कन्वर्सेशन में झिझक नहीं होती है। है ना? जहां पे बहुत सेफ एनवायरमेंट है। हम एक दूसरे के साथ एज अ ह्यूमन बीइंग बात करते हैं। और ये भी अंडरस्टैंड करते हैं कि अ प्रॉब्लम सिर्फ लेडीज को नहीं होती। राइट? अब 70% मैन के साथ मैंने काम किया है। तो मुझे यह भी नजर आता है कि कितना वर्क प्रेशर होता है। कितना बॉसेस के साथ डिस्कशन एंड आर्गुमेंट्स हो सकते हैं। राइट? कितने वो प्रेशर लेकर आते हैं कि बच्चे की
(05:20) एडमिशन करानी है। उसके लिए इतना पैसा लगेगा। तो मेरे मेरा मेरे को करियर में प्रोग्रेस करना है तो मुझे रात को 9:30 तक काम करना है। फिर कितनी दूर-दूर से आते हैं। लाइक मैं खुद नोएडा में रहती हूं और मैं गुड़गांव जाती थी। 9 साल तक तो 2 घंटे आपके रोड पे निकलते हैं। तो आप प्रॉब्लम्स डिस्कस करते हो इसलिए नहीं कि आप एक मैन हो या वुमन है तो बट मैन भी ये प्रॉब्लम डिस्कस करता है कि यार शाम को 9:30 10 बजे घर पहुंचता हूं बच्चे के साथ तो मिल ही नहीं पाता हूं। यू नो वाइफ आजकल कंप्लेन करती रहती है कि तुम्हारे पास एनर्जी नहीं होती।
(05:54) हम यू नो किसी भी बात करने के लिए। हम और वीकेंड हस्बैंड वाइफ रह जाते हैं और वीकेंड पे भी इतने काम करने वाले होते हैं। फिर प्रेजेंटेशंस पे भी काम करना होता है। तो प्रेशर कितना है हम जो बढ़ता जा रहा है। राइट राइट राइट और हेल्थ अपनी हेल्थ की तरफ आजकल लोग बहुत अवेयर हैं। तो मेरे बहुत कोलीग्स बहुत अवेयर हैं। हम बट मैंने बहुत सारी झिझक भी सुनी। तो जब भी जब भी हमने डिस्कस करना है कि ये हो रहा है तो तुम बात क्यों नहीं कर लेते? हम थोड़ा हेल्प लेने में क्या इशू है? यू नो जाने। अरे ये क्या बड़ी बात है? यू नो मुझे पता है कि इतना स्ट्रेस है उसके
(06:29) कारण हो रहा है। या आजकल लॉन्ग आवर्स हो रहे हैं। खाना ठीक से नहीं खा पा रहा हूं। ये और पांच सात दिन में ठीक हो जाएगा तो ये रेगुलराइज हो जाएगा। तो ये कन्वर्सेशंस हैज़ बीन पार्ट ऑफ जिसको कहते हैं ना प्रोफेशनल ग्रोइंग। तो 2019 में जब मैं अपनी पर्सनल सिचुएशन से गुजरी तो मेरा जब पेरीमेनोपॉजल हुआ जी। मैं जो एक बहुत हाई एनर्जी इंडिविजुअल हूं जो यू नो बहुत सारे रिस्क लेती हूं। बहुत सारा यू नो प्रोफेशनल में बहुत रिगर है मेरा। तो जब मैं पेरीम मेनोपॉजल के थ्रू जाने लगी तो आई स्टार्टेड फीलिंग वीक इन माय बॉडी कि बहुत सारी चीजें होने लगी। यू नो
(07:09) कि आपका कंसंट्रेशन डिस्टर्ब होने लगा। कोल्ड फ्लैशेस होने लगे। सडनली एनर्जी लो होने लगी। हम जो जो फाउंडेशनली मेरी पर्सनालिटी नहीं है, नहीं है। तो ऑब्वियसली एज अ वुमेन मैं गनो गनोलॉजिस्ट के पास गई तो उन्होंने ब्लड ब्लड टेस्ट एंड सब करे। तो ऑब्वियसली वो पेरनोपॉजल है तो हार्मोनल का इमंबैलेंस होगा ही। जी। तो उन्होंने दो चीजें रेकमेंड करी। एक उन्होंने बोला कि हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी आप कर लीजिए। एंड देयर वुड बी सम लाइफस्टाइल चेंजेस जो आपको करने पड़ेंगे। हम तो जब हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का मैंने सुना एंड आई एम समबडी हु हैड नॉट
(07:50) यूज़ मेडिसिन थ्रू आउट माय लाइफ मतलब टच विथ गॉड्स ग्रेस वी हैड बीन अ वी हैड बीन अ हेल्दी फैमिली ओके तो जब हॉर्मोन रिप्लेसमेंट का सुना तो पहली चीज यू नो एज ए प्रोफेशनल मेरी क्यूरोसिटी हुई कि अगर मेनोपॉज एक नॉर्मल प्रोसेस है लाइफ का और 48 49 इयर्स पे ये चालू पेरीमेनोपॉज स्टार्ट हो के 50-50 52 तक मेनोपॉज होता है हम और बॉडी नए यू नो नए प्रोसेस को अडप्ट कर लेती है तो रिप्लेसमेंट क्यों करनी चाहिए एंड वहां से फिर मेरी क्यूरोसिटी स्टार्ट हुई और मैंने रिसर्च करना शुरू किया हम कि ये क्यों होता है इन ड्यूरिंग दिस टाइम क्या-क्या बॉडी में
(08:30) चेंजेस होते हैं हम और इसके जो सिम्टम्स हैं ये बढ़ एग्रावेट क्यों होते हैं मतलब ज्यादा क्यों होते हैं यू नो आप क्यों ज्यादा फील करते हो मैंने अपनी मॉम से बात करी तो वो कहते हैं नहीं हमारे टाइम पे तो इतना ज्यादा कुछ नहीं फील हुआ जब मेरा मेनोपॉज आया तो उनकी जनरेशन की वुमेन से किया तो फिर कंपेयर किया कि हमारी लाइफस्टाइल में आज आजकी में क्या डिफरेंट है देन आवर पेरेंट्स जी फिर मैंने एक आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से बात करी ओके तो मेरे फ्रेंड लेकर गए उनके अंकल हैं एक रिटायर्ड सीनियर ऑफिसर है अथर्व वेदा की अथॉरिटी है जी तो उन्होंने मुझसे एक ही क्वेश्चन पूछा
(09:08) मैंने बताया ये फील हो रहा है बट मैं हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी नहीं कराना चाहती क्योंकि मुझे लगता है यह बॉडी का नेचुरल प्रोसेस है। तो मेरे को क्या हेल्प करेगा कि यह नेचुरल ट्रांजिशन मेरा लेस पेनफुल हो। ओके। तो उन्होंने मुझसे सिर्फ एक ही सवाल किया। मैं आप बहुत रिसर्च करती हैं। मैं चाहता हूं कि आप वापस जाकर यह चेक करें कि पिछले 10 साल में हम आपकी बॉडी में और आपकी लाइफ स्टाइल में क्या इमंबैलेंस आया है। हम कहते सारा मुद्दा इमंबैलेंस का है। वो वर्ड बहुत स्ट्रांग था मेरे लिए। हम कहते जहां पे भी बैलेंस डिस्टरप्ट होगा वहां पे कोई ना कोई प्रॉब्लम
(09:48) होगी। ये क्योंकि मैं मेरी मेरी बैकग्राउंड बायोलॉजी और जेनेटिक्स की है। ओके। मैंने ऑनर्स उसमें किया हुआ है। तो मैंने इसको स्टडी किया। मैंने अपने डॉक्टर फ्रेंड से बात करी। और वहां से यह पता चला कि जब ये मेनोपॉज एक बहुत नॉर्मल प्रोसेस है। वो एग्रावेट हमारी आजकल की लाइफ स्टाइल के कारण है। हम क्रॉनिक स्ट्रेस यू नो स्लीप हम स्लीप और रिकवरी लो। हम हमारा खानेपीने का टाइमिंग्स जो रेगुलर नो नो लगर इट्स रेगुलर। प्रोसेस फूड लिवर और किडनी आपके लिवर पे बहुत स्ट्रेन डालता है। और लिवर आपका मेटाबॉलिक ऑर्गन है। वही आपके एक्सेस हॉर्मोन को फ्लश भी करता
(10:27) है। तो जब ये स्लो हो जाता है तो आपकी बॉडी का पूरा मेटाबॉलिक रिदमम आपका बिगड़ जाता है। जाता है। जी तो इट मेड सेंस। हम फिर फिर दूसरी चीज थी कि यस क्या लाइफस्टाइल चेंजेस से मेरी बॉडी मैं अपने को रिस्टोर कर सकती हूं? हम प्लस ऐसा क्या नेचुरली मैं कंज्यूम कर सकती हूं जो मेरी बॉडी को रिस्टोर और हील होने में मदद करे और वहां से फिर आयेदा की जर्नी स्टार्ट हुई ओके एंड सो जो पहला प्रोडक्ट बन के आया वो मेरे लिए था अच्छा 90 डेज मैंने उसको यूज़ किया अच्छा आपके खुद के लिए मेरे मेरे लिए बना पहला प्रोडक्ट वो प्रोडक्ट वो शतावरी बेस्ड प्रोडक्ट था
(11:06) वो क्या काम करता था तो शतावरी बेस्ड हां जो प्रोडक्ट जो आपके लिए बन के आया था जो मेरे लिए वो मेरी मेनोपजल की जो जर्नी जर्नी है पेरीम मेनोपॉज से मेनोपॉज का की जर्नी को स्मूथ करने के लिए स्मूथ करता था। स्मूथ करता था। तो सो शतावरी के तो 100 फंक्शन है। उसको बोला ही जाता है कि वुमेन विद 100 हस्बैंड। तो शतावरी में बहुत स्ट्रांग बायोएक्टिव कम कंपाउंड्स हैं जो आपके हार्मोनल बैलेंस में मदद करते हैं। वो आपके लिवर को स्ट्रेंथन करते हैं। वो आपको न्यूट्रिएंट जो रिक्वायर्ड न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी है उसको फुलफिल करते हैं। तो वो आपको एक बैलेंस स्टेट में लेकर आते
(11:41) हैं। तो जैसे ही आपकी स्टेट बैलेंस होती है तो कुछ जो सिम्टम्स आप फील करते हो वो ऑटोमेटिकली काइंड ऑफ डिसअपीयर हो जाते हैं। सो लाइफस्टाइल चेंजेस प्लस इंट्रोड्यूसिंग दिस नेचुरल सप्लीमेंट इन माय लाइफ जी नेक्स्ट एट टू नाइन मंथ्स की जो मेरी जर्नी थी वो ट्रांजिशन बहुत स्मूथ ये बताइए जैसे आपने बोला मेनोपॉज जो जब मेनोपॉज होता है मेनोपॉज का मतलब होता है जब आपके पीरियड्स पॉज हो जाते हैं मतलब अब आपके पीरियड्स पॉज हो जाते हैं मेनोपॉज तो वो वाली जर्नी पेनफुल होती है वो वाली जर्नी आजकल पेनफुल है आजकल पेनफुल है और कंफर्टेबल नहीं है
(12:18) तो तो जब आप बोलते हैं कि क्या डेफिनेशन होती है कंफर्टेबल की आपके लिए क्या डेफिनेशन है कंफर्टेबल कंफर्ट मतलब मानसिक और शारीरिक रूप से मैं रिलैक्स आप रिलैक्स रहते हैं आप अपना काम आराम से कर पाते हैं आपकी बॉडी या बॉडी या माइंड में ऐसी कोई डिस्टरबेंस नहीं होती जिससे डिसररप्शन हो यस नॉर्मल छोटी-मोटी चीजें होती रहती हैं हम फूड सो अनकंफर्टेबल कब होंगे आप जब दोनों में से कुछ बिगड़ेगा मेंटली या फिजिकली ली कुछ भी कुछ भी बिगड़ेगा तो उसका इंपैक्ट कहां पे पड़ेगा? मेरे वर्क पे पड़ेगा। जब आप ट्रांजिशन करते हैं फ्रॉम ए फ्रॉम यू नो 45 48 के बाद में पेरीमेनोपोजल आता
(13:00) है। बिकॉज़ इट्स अ नेचुरल प्रोसेस क्योंकि वो आपकी रिप्रोडक्टिव एज इज ओवर नेचुरली बॉडी का ये रिदमम है। ये तो नेचुरल रिदमम है। जब जब हॉर्मोनल का इमंबैलेंस होने लगता है तो मेनोपॉज का क्या मतलब है? जो जो फीमेल का मेन हार्मोन है उसकी जो क्वांटिटी है वो डाउन होने लगती है जो रिप्रोडक्शन में मदद करती है। ओके। जैसे ही हार्मोनल का इम्बैलेंस आपकी बॉडी में होता है, हम सिम्टम्स कैसे आते हैं? लो एनर्जी, हम यू नो चिड़चिड़ापन हम अ कुछ भी करने का मूड नहीं करना। हम यू नो इवन एक्सरसाइज करने जाने का मूड नहीं करना। हम रात को हॉट फ्लैशेस सडनली कोल्ड फील करना
(13:40) या हॉट फ्लैशेस होने। आप एक इंपॉर्टेंट मीटिंग में बैठे हुए हैं। एंड सडनली आपको एक हॉट फ्लैश आ गया। हम कि आपकी आपके लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है ऑन दिस। अच्छा तो यह सब चीजें आपके नॉर्मल जो रिदमम है लाइफ को वो डिरप्ट करते हैं। ओके। तो ये डिफरेंट लोगों में इसकी जो इंटेंसिटी होती है वो डिफरेंट होती है। अच्छा। बिकॉज़ इसका पूरा डायरेक्ट कनेक्शन आपकी हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ में है। ओके। अगर आपका मेटाबॉलिक सिस्टम सही परफॉर्म कर रहा है, अगर आपका स्ट्रेस मैनेज्ड है, यू नो आप जनरली खुश रहते हैं। आपका एक सपोर्ट सिस्टम है,
(14:17) तो सिम्टम्स इतने इंटेंस नहीं होंगे। बट अगर आपके लाइफ स्टाइल में इमंबैलेंस है। राइट? आप रात का खाना 11:00 बजे खाते हैं। दोपहर में आपने 2:00 बजे खाया उसके बाद सीधा 11:00 बजे जाके खा रहे हैं। ज्यादा टी एंड टी कॉफी लेते हैं। अल्कोहल पे आप यू नो ज्यादा आप अल्कोहल टू और थ्री टाइम्स इन अ वीक लेते हैं। वर्क का बहुत स्ट्रेस है। हम तो बॉडी में आपका हार्मोनल इमंबैलेंस होना नेचुरल है। ओके? एंड उसका जो इंपैक्ट है फिर आपका डेली वर्क डेली वर्क पे पड़ता है। मूड पे पड़ता है। रिलेशनशिप्स पे पड़ता है। ओके? और उसके बाद जो ये वहां से जो ये
(14:56) जर्नी हुई है फिर वहां से जो मैन सेक्सुअल वेल बीइंग है इस पे कहां पे लैंड होते हैं कि मैन आपको सेक्सुअली अगर मतलब कंसल्ट करना है तो आप मैन पे कैसे फोकस आपका गया कि मैन सेक्सुअल बीइंग जो है वो बहुत खराब होती जा रही है। कब एक वो मोड़ आया जब आपको लगा कि नहीं मुझे लगता है कि इस सेक्टर में मुझे काम करना चाहिए। कंसल्ट करना चाहिए खास करके मेंस को उनके सेक्सुअल हेल्थ के रिगार्डिंग। इसको मैं स्लाइटली डिफरेंटली एड्रेस करना चाहूंगा। ओके। तो जब यह मेरे को बेनिफिट होने लगा तो मेरी मॉम ने कहा कि कुछ मेरे लिए भी आना चाहिए क्योंकि उनको स्नीजिंग बहुत होती
(15:30) थी। ओके। तो मेरे ब्रदर एक पायलट हैं। उनके इर्रेगुलर फ्लाइंग आवर्स होते हैं तो खाने पीने का नहीं है। तो ही सेड कि मेरे को माइल्ड इनडाइजेशन होती है। तो तुम हमारे लिए भी कुछ करो। जी। तो दैट लेड मी टू द रिसर्च कि आज की तारीख में कौन से कॉमन लाइफ लाइफस्टाइल इश्यूज हैं। और वो जेंडर न्यूट्रल था। अच्छा मतलब जो हमारी रिसर्च थी वो जनरल न्यूट्रल थी। तो जब हमने Google एडवांस Google एनालिटिक्स हम की रिपोर्ट्स हमने स्टडी करी कि आज की तारीख में लोग अपने लाइफस्टाइल इशूज़ को लेकर मेनली क्या सर्च कर रहे हैं हम तो उस सर्च में हमारे जो टॉप में आया
(16:10) हम टेस्टोस्टरॉन बूस्टर ईडी पीई हम यू नो लो एनर्जी जी परफॉर्मेंस इशज़ तो ये हमारा जो एक हॉट था वो बहुत एक टॉप में आया तो टॉप फाइव आई थिंक यही सब यह टॉप टॉप का या तो टॉप फाइव क्या क्या सर्च कर रहे हैं हमने इसको और रिसर्च को डीपर किया कि एक्सैक्टली क्या सर्च कर रहे हैं वो पूरा का पूरा मेन सेक्सुअल तो ये अराउंड यस ये उसके अराउंड था ओके ओके ठीक है देन सेकंड वेरी क्लोजली फॉललोड बाय द मेटाबॉलिक लिवर के लिवर के रिलेटेड था द सेकंड वेरी वेरी क्लोजली फॉललोड तो उसके बाद में फिर इम्यूनिटी एंड शुगर मैनेजमेंट शुगर वेट वेट मैनेजमेंट के
(16:52) अराउंड था। हम बट ये सबसे टॉप पे आया। तो जब ये टॉप पे आया तो ये बहुत नेचुरल है कि अगर लोग डिजिटली इसको सर्च कर रहे हैं तो मतलब ये प्रॉब्लम एकिस्ट करती है। और अगर ये सर्च का इतना बड़ा पार्ट है। हम एंड दैट इज वेयर द जर्नी स्टार्टेड टू अंडरस्टैंड मेन सेक्सुअल वेल बीइंग। हम कि क्या फैक्टर्स हैं? इसको क्या इन्फ्लुएंस करते हैं? हम क्या मिथ्स हैं? हम साइंस क्या कहता है? यू नो इंटरनेट पे ट्रेंड क्या चल रहा है? तो इसमें से क्या सही है और क्या गलत है हम और कैसे एक होलिस्टिक सेक्सुअल वेल बीइंग का स्यूशन होना चाहिए क्योंकि सेक्सुअल वेल सिर्फ एक सिस्टम का
(17:31) काम नहीं है। राइट? ये कोई ये सिर्फ एक रिप्रोडक्टिव सिस्टम का काम नहीं है। इसको आपका सारे सिस्टम्स लेके साथ चलना पड़ता है। लेके साथ चलना पड़ता है। तो जो आपका टॉप फाइव सर्चेस थे Google में आपको लगा कि इन पे ही रिसर्च करना जरूरी क्योंकि मोस्टली प्रॉब्लम यहीं से आ रहा है लोगों में जब आपने सर्च किया Google पे। हां जी। तो मतलब वो इंडिकेट करते हैं कि कुछ इशू है जो बंदा एड्रेस करने की कोशिश कर रहा है थ्रू दिस सर्च। ओके? तो आप सर्चेस आप कहीं भी जब नया प्रोडक्ट बनाते हैं कोई भी आप नया प्रोडक्ट ल्च करना चाहते हैं। तो आप कैसे करते हैं? आप पहले मार्केट
(18:04) देखेंगे उसकी कि मार्केट में क्या उसकी नीड है? हम क्या उसकी एक नीड क्रिएट की की जा सकती है? राइट? लोग क्या सर्च कर रहे हैं? हम सो दैट वाज़ दैट वाज़ आवर डायरेक्शन। हम कि मुझे 80% पता था कि अपने कोलीग से इंटरेक्ट करने से हम कि हमारी क्या-क्या प्रॉब्लम्स हैं जो बाकी लोगों को भी हो रही है। बट इसको एक इस इंफॉर्मेशन को फर्दर वैलिडेट करने के लिए मुझे एक लार्जर पपुलेशन क्या ढूंढ रही है देखने के लिए देन वी वेंट इंटू द अदर रिसर्चेस दैट आर अवेलेबल। तो जब आपने ये पूरा रिसर्च मैन सेक्सुअल वेल बीइंग के अराउंड आपने किया है तो बहुत सारी चीजें फिर उसमें से आपने बहुत देखा
(18:48) होगा कि अच्छा ये सब प्रॉब्लम जब आप एक के बाद एक परत उतारते हो तो बहुत सारी चीजें प्रॉब्लम्स मिथ फैक्ट्स निकल के आते हैं। तो क्या सच में ये होता है कि आजकल जो है हमारे देश में जो मेल्स में पुरुषों में कम उम्र में भी उनको टेस्टोस्टरॉन की कमी हो रही है। आज के हिसाब से देखिए जनरली जो जो सर्च बताती है जो रिसर्च बताती है वह कहती है कि मोर एंड मोर यंगर मैन आर सर्चिंग फॉर दी सॉलशंस हम वो टेस्टोस्टरॉन वर्ड यूज कर रहे हैं। वो टेस्टोस्टरॉन बूस्टिंग वर्ड यूज कर रहे हैं। हम और कुछ साइंटिफिक रिसर्चेस हैं जो इंडिया में हुई हैं और ग्लोबली ये रिसर्चेस बहुत
(19:27) ज्यादा हुई हैं। जहां पे यह निकल के आ रहा है कि हमारी करंट जनरेशन जो है जो 30ज एंड 40ज वाले मेन हैं इसमें यह प्रॉब्लम भी नजर आ रही है कि देयर इज द टेस्टोस्टरॉन की कमी हम सी क्वेश्चन ये नहीं है कि टेस्टोस्टरॉन ज्यादा होना चाहिए राइट जी कितना ज्यादा आपको कैसे पता है कि आपका टेस्टोस्टरॉन कम है कम है हां तो आप बता सकते हैं कि आपका टेस्टोस्टरॉन कितना होना चाहिए क्या होता है मैम हमारे केस में तो अगर इस तरह तरह की चीजें होती है। तो एक एक जनरल दिमाग में आता है। अगर आदमी ये परफॉर्म नहीं कर रहा है या फिर आद इंसान सामने वाला जो है वो उसको मन नहीं कर रहा है।
(20:07) ठीक है? इंटिमेट होने का मन नहीं कर रहा है तो उसका मतलब ये है कि भाई तुम में टेस्ट मतलब हॉर्मोन टेस्टोरॉन तुम्हारे में है नहीं या कम है जिसकी वजह से ये सब प्रॉब्लम्स हो रही है। ये सही है ऐसा? तो टेस्टोस्टरॉन बहुत बड़े सिस्टम का एक छोटा सा हिस्सा है। अच्छा। तो आपकी जो लो लिबिडो है, आपकी लो एनर्जी है, आपका मन नहीं कर रहा है। राइट? इसको बड़े सारे फैक्टर आज की तारीख में इन्फ्लुएंस करते हैं। हम तो आप आज की तारीख में हमारा मॉडर्न लाइफ स्टाइल इस पे बहुत इंटरेस्टिंग रिसर्च और डिस्कशन और साइंस इस पे बहुत बात कर रही है। कि आज आज की तारीख में हमारा मॉडर्न लाइफ
(20:46) स्टाइल हमारी पुरानी जनरेशन से कैसे डिफरेंट है। हम सो हमारे मॉडर्न लाइफ स्टाइल में हमारा खाना पीना हम अगर हम कहते भी हैं कि मैं बहुत न्यूट्रिशनल फूड खाता हूं। उसकी क्या गारंटी है कि वो न्यूट्रिशनली रिच है कि नहीं है। राइट? फिर हमारे हमारे स्लीपिंग पैटर्न हम हमारा रिकवरी हम का मोड हम हमारा डिजिटल एडिक्शन कि मेरा माइंड कंटीन्यूअसली ओवरस्टिमुलेटेड रहता है। हम फिर हमारी सिडेंट्री लाइफस्टाइल हम कि हम आज की तारीख में बोलते हैं आजकल मेरी बॉडी अंडरस्टिमुलेटेड है। मेरा माइंड ओवरस्टिमुलेटेड है। हम फिर क्रॉनिक स्ट्रेस। सो 30 से 40 का वो टाइम भी होता है जहां
(21:29) पे एक मैन के ऊपर मल्टीपल प्रेशर्स भी आते हैं। राइट? हम आपने शादी हुई फिर है फिर करियर में प्रोग्रेस करना है उसका प्रेशर है फिर आपने फाइनशियल स्टेबिलिटी बिल्ड करनी है उसका प्रेशर है पेरेंट्स एज हो रहे हैं उनकी डिमांड्स आती हैं। सो 30 एंड 40 के टाइम पे आप अपनी एंबिशंस आप अपनी रिलेशनशिप्स और आप अपनी एस्पिरेशंस के साथ में बहुत काम कर रहे होते हैं। हम सो दैट इज द टाइम जब आपकी लाइफस्टाइल में बहुत सारे फैक्टर्स का इन्फ्लुएंस आ जाता है। हम तो यस। सो अगर आपकी बॉडी एव्री नाइट प्रॉपर्ली रिकवर नहीं करे करेगी और ड्यूरिंग स्लीप आपके मल्टीपल बॉडी के अंदर
(22:09) प्रोसेससेस चलते हैं जो रिकवरी के प्रोसेससेस हैं। उसमें एक और एक प्रोसेस टेस्टोस्टरॉन बैलेंस का भी है। तो अगर आपकी आपकी नींद पूरी नहीं होगी, नींद डिस्टर्ब रहेगी। या आप कम टाइम के लिए सोएंगे तो जब आप सुबह उठेंगे तो आप टायर्ड ही उठेंगे। राइट? आप तीन दिन 3:00 बजे सोकर देख लीजिए। [नाक से की जाने वाली आवाज़] चौथे दिन आप जब उठते हैं तो क्या लगता है? आप टायर्ड उठते हैं। आप फ्रेश नहीं उठते हैं। तो उस क्योंकि आपकी बॉडी टायर्ड है और वो फ्रेश नहीं है। उस टाइम आपके दिमाग में एक इंटिमेसी की थॉट नहीं आएगी। हम पहले तो बेड से मैं उठ जाऊं और मैं अपना
(22:41) ब्रश ही कर लूं। एक वही थॉट आपके दिमाग में चलती है। सो स्लीप का बहुत इंपॉर्टेंट रोल है। हम फिर क्रॉनिक स्ट्रेस हम आजकल के एनवायरमेंट में तो आप हर चीज का आपके ऊपर स्ट्रेस है। ट्रैफिक का स्ट्रेस है, करियर का स्ट्रेस है। यू नो कोई बीमार हो गया उसका एक स्ट्रेस है। तो एक स्ट्रेस हमारी लाइफ का मुझे लगता है एक हिस्सा सा ही बनता जा रहा है। तो आप किसी से भी बात करें बड़ा स्ट्रेस होता है। है ना? किसी से भी आप बात करें। किस चीज का स्ट्रेस है? भाई भाई ये हो गया। हम्म। तो हर एक छोटी चीज के को हम पकड़ के अ हम अपने माइंड को ये सिग्नल हमेशा ये सिग्नल
(23:18) देते रहते हैं कि भाई डेंजर है। हां यही देते हैं। राइट? तो अब जब ये सिग्नल जाएगा तो ब्रेन कहां जाता है? माइंड क्या करता है? पहले सर्वाइवल मोड में आ जाता है। हम एंड सर्वाइवल मोड क्या करता है? सर्वाइवल सर्वाइवल मोड आपका कॉर्टिसोलॉल को हाई करता है। हम और कॉर्टिसोल का काम क्या है? कि आपकी बॉडी को उस इमरजेंसी के लिए प्रिपेयर करना कि भाई डेंजर है हम। तो बाकी सब जो फंक्शन है जो रिलैक्सेशन वाले फंक्शन है या प्लेजर वाले फंक्शन है वो उसको डाउन करता है। तो अगर आपकी बॉडी में कॉर्टिसोल अप जाएगा टेस्टोस्टरॉन नेचुरली डाउन जाएगा। ओके।
(23:53) तो जैसे ही आपका स्ट्रेस कॉर्टिसॉल नॉर्मली कम होता है टेस्टोस्टरॉन अपने आप बैलेंस में आ जाता है। तो स्ट्रेस का इतना बड़ा इंपैक्ट है। हम ओके। जी फिर न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी हम हमारी बॉडी एंड माइंड फंक्शन करती है। जी उसको फ्यूल तो देना पड़ता है। आप क्या क्या फ्यूल दे रहे हो? हां। लाइक आप गाड़ी चलाते हैं। जी पेट्रोल की है कि डीजल की है? पेट्रोल पेट्रोल की। हां। तो क्या आप उसमें डीजल फ्यूल नहीं। डालेंगे? बिल्कुल। क्या होगा? नहीं चलेगी वो। इंजन सीज कर जाएगा। बिल्कुल। बट हम अपनी बॉडी में कितने टाइप का एडल्ट्रेटेड फ्यूल डालते हैं?
(24:32) हम इट्स अ कंप्लीट सिस्टम हम तो आप उसमें क्या फ्यूल डाल रहे हो और कब डाल रहे हो? सो हमारी बॉडी जो है बॉडी को मैोनट्रिएंट्स चाहिए, प्रोटीनंस चाहिए, हेल्दी फैट्स चाहिए, कार्बोहाइड्रेट्स चाहिए बट उसके साथ में बहुत-बहुत इंपॉर्टेंट एसेंशियल माइक्रोोनट्रिएंट्स चाहिए। जो विटामिंस हैं, मिनरल्स हैं, ट्रेस मिनरल्स हैं। जो आपकी पूरी जो पूरा जो सिस्टम है उसको रन करने में हम उनका एक एक पार्ट है। हम एक छोटी सी चीज एज विटामिन डी की कमी हो जाती है। हां तो आप परपेचुअली टायर्ड फील करते हैं। क्यों करते हैं? क्योंकि विटामिन डी हार्ट मसल के लिए बहुत यूजेज है।
(25:15) हम तो छोटी-छोटी चीजें जब आपकी ये ऊपर नीचे होती हैं हम तो उसका जो इंपैक्ट है आपके हॉर्मोनल बैलेंस पे पड़ता है। हॉर्मोंस क्या है? वो तो केमिकल मैसेंजर हैं। हम उनका तो काम क्या है? ब्रेन सिग्नल करता है उस पार्ट को जहां से यह हॉर्मोन रिलीज होना चाहिए। वो तब करता है जब एक डेफिनेट नीड आती है। हम तो जैसे ही जैसे ही ये डिसरप्ट होता है हम वो इमंबैलेंस हो जाता है। और जब भी आपकी बॉडी में कोई इम्बैलेंस होगा उसका इंपैक्ट आपको ये सिम्टम्स में नजर आएगा। लो डिजायर हम लो लिबिडो हम लेस एनर्जी हम सो परफॉर्मेंस इज अ सिस्टम। हम फॉर एग्जांपल आप आप एक रनिंग करते हैं
(25:59) जी या आप वॉक के लिए जाते हैं आप साइकिलिंग करते हैं हम तो बॉडीज परफॉर्मिंग हम वो परफॉर्म करने में कौन-कौन से ऑर्गन्स काम कर रहे हैं हमारे हार्ट्स काम करता है हार्ट ब्लड पंप करता है हम ब्लड का सर्कुलेशन होता है बिल्कुल और हमारा माइंड काम करता है आपका माइंड काम करता है माइंड सिग्नल देता है राइट राइट ऑन दिस और हमारे फीट काम करता है हैंड्स एवरीथिंग मतलब सारे सिस्टम परफेंस में आपका पूरा सिस्टम जी काम करता है। इज वर्किंग ऑल राइट। आइज से आप देखते हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] आप ब्रीदीिंग करते हैं। ऑक्सीजन आप लेते हैं। काम करते हैं।
(26:36) लंग्स काम करते हैं। तो लंग्स हार्ट हम यू नो ये तो बिग द बिगर सिस्टम्स हैं। फिर आपका इंटेस्टाइन काम कर रही हैं। फिर आपका लिवर एंड किडनी काम कर रहा है। हम तो परफॉर्मेंस में आपकी पूरी बॉडी काम करती है। हम्म। तो सिमिलरली जब आप सेक्सुअल वेल बीइंग की बात करते हो या सेक्सुअल परफॉर्मेंस की बात करते हो इट इज़ आल्सो एन एक्ट ऑफ़ परफॉर्मेंस। हम तो वो एक्ट ऑफ परफॉर्मेंस सिर्फ टेस्टोस्टरॉन पे कैसे डिपेंडेंट है। वो इस वो इस पे भी डिपेंडेंट है कि क्या आपने अपनी बॉडी को हाइड्रेट किया है? हम डिहाइड्रेशन से ब्रेन फॉग और इलनेस नजर आती है।
(27:14) हम फिर क्या आपने खाना खाया है? हम्। अगर आपने 24 घंटे से कुछ खाया नहीं हुआ है तो बॉडी को तो फ्यूल ही नहीं मिला तो एनर्जी कहां से जाने वाली है? तो वह माइंड और क्या क्या सोचेगा ऑन दिस? फिर अगर क्रॉनिक स्ट्रेस है आपको तो आपका कॉर्टिसोल कंटीन्यूअसली बड़ा रहता है तो वो आपकी टेस्टोस्टरॉन के एक्सेस को कंटीन्यूअसली इंपैक्ट करता है। तो वो हमेशा लो रहता है। हम बॉडी इज अ ब्यूटीफुल मशीनरी। हम इट्स आल्सो इक्वली कॉम्प्लिकेटेड और सिर्फ एक ही चीज पे जैसे टेस्टोस्टरॉन है उस पे यह बेस कर देना कि यह सिर्फ आपकी एनर्जी लिबडो डिजायर और यू नो इमोशनल वेल बीइंग
(27:59) हम सिर्फ उसी के कारण चलती है तो मुझे लगता है कि हम अपने बॉडी और माइंड पे जस्टिस नहीं करते हैं। हम सो इट देयर इज डीपर इंटरकनेक्शंस। ओके। तो मैम जब टेस्टोस्टरॉन की कमी का [नाक से की जाने वाली आवाज़] कुछ ऐसा इशूज़ आता है या फिर कुछ लोग कहते हैं कि किसी की सेक्सुअल पावर ही नहीं है, सेक्सुअल हेल्थ ही खत्म हो गई है तो उसमें कुछ लोग रीज़न देते हैं कि कुछ गलत आदतों में शायद ये लड़का पड़ गया होगा जिसकी वजह से ये सब चीजें हो रही है। हम तो उसमें से एक आदतों को जिसको अक्सर गलत माना जाता है आप है कि नहीं आप बताएंगी वो है मास्टरबेशन। हम्।
(28:32) तो क्या मास्टरबेस अगर कोई इंसान लगातार कर रहा है या कम उम्र में कर रहा है तो क्या आने वाले दिनों में सच में जो उसका स्पर्म काउंट है वह कम होगा? क्या वो आगे जाके कभी भी अच्छे से सेक्सुअली परफॉर्म नहीं कर पाएगा? सो मास्टरबेशन आई थिंक हम एक बहुत कल्चरल मुद्दा बना हुआ है। हम बट इसका कोई साइंटिफिक रैशन नहीं है। अच्छा कि इससे टेस्टोस्टरॉन कम होता है या आपकी लिबिडो कम हो जाती है। हम साइंस ये कहती है कि टेस्टोस्टरॉन नेचुरली हम थ्रू आउट द डे फ्लक्चुएट करता रहता है। ओके और अ और उसका हाईएस्ट लेवल टिपिकली मॉर्निंग में रिपोर्ट किया जाता है। ओके
(29:12) आफ्टर फुल नाइट ऑफ़ रिकवरी हम जब पूरा प्रोसेस ऑफ रिकवरी कंप्लीट होता है। ओके फिर सेक्सुअल एक्टिविटी हम जो इकैककुलेशन जब जिसको हम बोलते हैं कि इजेकुलेशन सेक्सुअल एक्टिविटी से हो या मास्टरबेशन से हो हम तो ये एक बहुत एक नेचुरल प्रोसेस है। जी एंड इमीडिएटली आफ्टर इजेकुलेशन हम वो एक शॉर्ट या एक बहुत छोटा शॉर्ट लिफ्ट हम यू नो डाउन हो सकता है टेस्टोस्टेरोन का बट बॉडी उसको कुछ ही घंटों में वापस बेसलाइन में लेकर आती मैनेज कर लेती है अबब्सोलुटली मैनेज कर लेती है तो इसका कोई भी साइंटिफिक एविडेंस नहीं है कि इकैककुलेशन बिकॉज़ मैं साइंटिफिक वर्ड
(30:00) जो है वो इकुलेशन है चाहे वो सेक्सुअल एक्टिविटी के थ्रू हो या मास्टरबेशन के थ्रू हो। ओके। तो क्या इककुलेशन आपकी बॉडी में कमजोरी लाता है या टेस्टोस्टरॉन कम करता है? तो इसका कोई साइंटिफिक रैशन नहीं है। ओके। अक्सर जो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होता है मतलब इडी जो होता है क्या ये केवल ज्यादा यानी ओल्ड एज में ही ये होता है या फिर ये कम उम्र में भी हो सकता है? मेरी अपनी रिसर्च विद मेरे कॉर्पोरेट जो फ्रेंड्स हैं और फिर हमारी साइंटिफिक रिसर्च जो मैंने स्टडी करी हैं ओवर द लास्ट अबाउट 20 इयर्स दो टू डेकेड में जो आ रही हैं जी तो वो ये शो करती है कि
(30:44) ईडी के इंस्ट्ससेस हम अब अर्लियर एज में भी आने लग गए हैं। हां। तो बट साइंस ये भी ऑब्जर्व करती है रिसर्च कि द रीज़ हम जो यंगर मैन में ईडी के क्यों वो रीज़ंस नजर आ रहे हैं वर्सेस ओल्डर मैन में जो होते हैं उन दोनों में डिस्टिंशन है। हम सो टिपिकली जो है ओल्डर मैन जो होते हैं 50 ईयर प्लस के जो मैन है जी तो उसमें ईडी के चांसेस होने के चांसेस हम रहते हैं। जी एंड दैट कुड बी बिकॉज़ ऑफ़ वैस्कुलर और अ हार्ट डिजीज। मतलब जहां पे आपकी ब्लड वेसल्स कंस्ट्रिक्टेड है, आपकी कोई सर्जरी हुई हुई है, आपका ब्लड फ्लो नॉर्मल बॉडी में यू नो आप ब्लड थिनर्स पे चलते हैं।
(31:30) लॉन्ग स्टैंडिंग डायबिटीज क्योंकि डायबिटीज को तो इसका एक किलर माना जाता है। जिनको डायबिटीज होगा डायबिटीज है। उनको इडी की समस्या रहती है। होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। बढ़ जाते हैं। बढ़ जाते हैं। क्योंकि डायबिटीज का डायरेक्ट इंपैक्ट आपका ब्लड फ्लो पे है। ब्लड वेसल्स के ऊपर है और नर्व्स पे है। तो ये दोनों को एक्स्ट्रा शुगर जो है वो डैमेज करता है। सो लॉन्ग स्टैंडिंग अगर डायबिटीज है आपको तो आपके इडी होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। बढ़ जाते हैं। ओके? तीसरी चीज है नर्व डैमेज। किसी भी रीज़न से आपकी नर्व डैमेज हुई। बिकॉज़ ऑफ यू नो द ब्रेन इशू बिकॉज़ ऑफ कोई
(32:10) इंजरी के कारण आपकी नर्व नर्व्स डैमेज हुई है या किसी बीमारी के कारण आपकी नर्व्स डैमेज है तो उस केस में चांसेस बढ़ जाते हैं। दिस इज़ एन ओल्डर एज। ओके। ओके। ठीक है? एंड लास्टली एज रिलेटेड हार्मोनल चेंजेस हम कैन आल्सो लीड टू ईडी। ओके। बट जो यंगर जनरेशन है हम उसमें जो ईडी के जो रीज़ंस हैं हम वो दे सीम टू बी मोर लाइफस्टाइल रिलेटेड एंड एनवायरमेंटल रिलेटेड। ओके। सो लाइफस्टाइल में परफॉर्मेंस एंजाइटटी हम यू नो क्रॉनिकली स्ट्रेस्ड रहना। हम अगर डिप्रेशन है या एंजाइटटी डिसऑर्डर है आपका पुअर स्लीप हम ओबेसिटी हम आपकी मेटाबॉलिक हेल्थ हम
(32:54) अ स्मोकिंग हम एंड वेपिंग हम एक्सेस स्मोकिंग एंड वेपिंग हम या एक्सेस यूज़ ऑफ अल्कोहल और सब्सटेंस एंड आल्सो सर्टेन मेडिकेशन तो आज की आज की तारीख में हम सारे ही डॉक्टर हैं। तो हम खुद ही मेडिकेशन मेडिसिनस उठा के ले लेते हैं। यस यस यस दैट दोज़ आर सम ऑफ़ द रीज़ंस व्हिच कुड बी लीडिंग टू हायर ईडी इन यंगर यंगर मैन नाउ या ओके क्या होता है कि अगर ऐसा लोग बोलते हैं कि अगर इन मॉर्निंग में जब आपका इरेक्शनंस होता है ठीक है उनका ये मानना है कि अगर ऐसा आपके साथ में हो रहा है तो समझिए कि आपकी सेक्सुअल हेल्थ ठीक है अच्छी है तो वो एक नेचुरल फेनोमिना है
(33:38) मुझे लगता है। ठीक है? लेकिन अगर नहीं हो रहा है तो समझिए आपकी सेक्सुअल हेल्थ में कोई ना कोई प्रॉब्लम है। तो क्या मॉर्निंग में इरेक्शन होना एक मेल के लिए उसकी सेक्सुअल हेल्थ अच्छी है? ये मानना चाहिए या फिर ये एक मिथ है? हम इसका साइंस समझना इट्स मोर अबाउट साइंस। यस यस। ओके। तो मॉर्निंग इरेक्शंस क्या ये कंप्लीट रिपोर्ट कार्ड है? एक मैन मैन की ओवरऑल हेल्थ के लिए। यस यस यस। ये कंप्लीट रिपोर्ट कार्ड तो नहीं है बट ये एक यूज़फुल इंडिकेटर है हम कि क्या आपका वैस्कुलर सिस्टम क्या आपका हार्ट एंड द ब्लड ब्लड यू नो ब्लड फ्लो सिस्टम जो है
(34:14) या आपका जो न्यूरोलॉजिकल सिस्टम है जो नर्व्स का कनेक्शन है या हॉर्मोनल बैलेंस क्या ये ठीक है आपकी बॉडी में हम सो ये इसको डेफिनेटली इंडिकेट करता है हम इन मोस्ट ऑफ़ द केसेस हम तो जनरली डॉक्टर्स और रिसर्च ये कहती है कि ये इसका इंडिकेशन इज ऑन कि आपकी आर्टरीज हेल्दी हैं। हम आपका क्या कहते हैं नर्वस सिस्टम जो सिग्नल है ब्रेन सिग्नल करता है स्पाइनल कॉर्ड से जाता है और डिफरेंट ऑर्गन्स को जाता है वो आपका सही से काम कर रहा है और हॉर्मोनल बैलेंस है कि आपके हॉर्मोनल सिस्टम है जो एंडोक्राइन सिस्टम है वो एक सिंक में काम कर रहे हैं।
(34:54) तो ये डेफिनेटली इसको इंडिकेट करता है। ओके। कि अह बट इज़ इट इज़ इट द ओनली मैट्रिक्स हम् ऑफ़ सेक्सुअल वेलनेस? हम उसमें मल्टीपल अदर फ़ैक्टर्स भी आते हैं। हम ऑन लाइक फॉर एग्जांपल टिपिकली अगर हम ये भी हो सकता है कि यू नो आप बहुत स्ट्रेस्ड हैं। हम कोई बीमार है आपके घर में या आप हॉस्पिटल विजिट्स कर रहे हैं। आपका काम ऑफिस में यू हैव बीन वेरी बिजी। हम तो यह भी हो सकता है कि इफ फॉर अ फ्यू डेज यू डोंट गेट मॉर्निंग इरेक्शन। हम अच्छा तो उसका मतलब यह नहीं है कि यू नो कि आपकी सेक्सुअल हेल्थ ठीक नहीं है। हां जैसे ही आपका आपका स्ट्रेस लेवल डाउन होते
(35:34) हैं, जैसे ही आप फिर से से टू न आवर्स स्लीप आपको आप स्लीप प्रॉपर लेते हैं या आप अपनी न्यूट्रिशन और हाइड्रेशन पे ध्यान देते हैं तो आपका साइकिल वापस आ जाता है। हम्। सो, यह एक चीज़ भी बहुत चलती है कि ओ यू नो कि अह लोग बात करते हैं हम कि अरे अगर ये नहीं मॉर्निंग में होता है क्या क्या ये इंडिकेट करता है कि मैं सेक्सुअली अनवेल हूं। हम तो इंपॉर्टेंट चीज यह देखना है कि क्योंकि सेक्सुअल वेलनेस में मल्टीपल सिस्टम्स का काम है। हम उसमें हार्ट का काम है, नर्वस सिस्टम का काम है। आपके हार्मोनल सिस्टम्स का काम है। आपकी मेटाबॉलिज्म मेटाबॉलिक सिस्टम्स का
(36:13) काम है। हम तो आपको ये देखना है कि क्या ये प्रॉब्लम पर्सिस्ट कर रही है। हम अगर यह प्रॉब्लम आप कंटीन्यूसली हम कुछ महीनों तक फेस कर रहे हैं हम तो यह बहुत जरूरी है कि आप एक प्रोफेशनल हेल्प सीक करें। हम ओके बिकॉज़ अमेरिकन एंड यूरोपियन न्यूरोलॉजिस्ट ने जो रिसर्च करी है हम तो एक पॉइंट यह वाला जो टेस्ट है वो यूज़ करते हैं टू आइडेंटिफाई कि आपको कोई और सीरियस हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लम होने के चांसेस जो नहीं है। अच्छा ओके तो ये उससे लिंक होता है। तो बेसिकली इंपॉर्टेंट थिंग ये है कि आप अगर एकद दिन नहीं होता है तो इसमें कोई नर्वस होने
(36:57) वाली बात नहीं है। बहुत प्रोसेस है अगर आप पर्सिस्टेंटली आप लोबिडो फील करते हैं अर्ली मॉर्निंग इरेक्शन नहीं होती है आप पुअर स्लीप है स्ट्रेस लेवल से है और ये कंटिन्यू करती है तो एक प्रोफेशनल हेल्प लेना जरूरी है जरूरी है जी ओके आजकल जंजीज का जमाना है और जंजीज जो है ऐसा कहते हैं कि वो कुछ जो बीती पीढ़ी है उनसे बहुत आगे है हर चीज में आगे है वो सीखने में आगे है काम करने में आगे जी ठीक लेकिन जब सेक्सुअल हेल्थ की बात आती है तो आपके अनुसार क्या है कि जो हमारे जजीज है उनका जो सेक्सुअल हेल्थ के प्रति जो जागरूकता है जो अवेयरनेस है क्या वो
(37:37) बढ़ रही है लेकिन साथ-साथ में जब सोशल मीडिया का जमाना है ऑनलाइन बहुत सारी चीजें मिल रही है पोर्न है क्या उनके थ्रू वो सबसे ज्यादा मिसलीडिंग या मिसइफेशन को भी गैब कर रहे हैं आपको क्या लगता है आई थिंक आपने ये बहुत अच्छी बात कही बिकॉज़ आई थिंक आजकल की जनरेशन बहुत अवेयर है। हां क्योंकि बहुत इंफॉर्मेशन अवेलेबल है। जी आई थिंक तो ये प्रॉब्लम इंफॉर्मेशन की नहीं है। ये प्रॉब्लम इज कि उसमें से कितनी इंफॉर्मेशन रेलेवेंट है। हम और वो कहां से ये इंफॉर्मेशन उठा रहे हैं और उसको फिर वेरीफाई कर रहे हैं। हम हम तो मुझे लगता है कि आज के यूथ की प्रॉब्लम
(38:15) लॉट ऑफ़ प्रॉब्लम्स दैट दे अंडरगो इज़ आल्सो बिकॉज़ ऑफ़ लॉट ऑफ़ इनफेशन। हम ऑन दिस। जी। बट विदाउट ए कॉन्टेक्स्ट हम राइट? तो वो ये इंफॉर्मेशन कहां से सर्च कर रहा है हम ये दिस इज वन ऑफ द मोस्टेंट थिंग। तो आज की तारीख में वो सेक्स के बारे में, टेस्टोस्टरॉन के बारे में, मेस्टरबेशन के बारे में, हम सप्लीमेंट्स के बारे में हम वो विद इन सेकंड्स वो चेक कर सकता है। जी राइट? बिल्कुल। बट ये ध्यान रखना जरूरी है कि ये इनेशन वो कहां से उठा रहा है। लाइक फॉर एग्जांपल अगर कुछ इंफॉर्मेशन वो पोर्न से उठा रहा है। हम अब पोर्न इज नॉट एन एजुकेशन प्लेटफार्म
(38:56) यस एंड इट कैन लीड टू सम वेरी अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन अबाउट बॉडी डिजायर कंसेंट जी राइट एंड दैट दोज़ आर नॉट नॉर्मल एक्सपेक्टेशन लाइक मतलब इट इज़ दैट्स नॉट द पर्पस इट्स नॉट एजुकेशन वो हर चीज को बढ़ा चढ़ा के हम या बॉडी को डिजायर को ऐसे पोट्रे किया जाता है जैसे यू नो इट्स लाइक अ हीमैन थिंग और इट्स अ शीमैन थिंग हम दूसरी चीज सिमिलरली सोशल मीडिया पे ट्रेंड फ्रेंड्स होते हैं जहां पे हम नॉर्मल हेल्थ इश्यूज की बात करते हैं हम एंड कोई भी एक नॉर्मल वेरिएशन जो हमारी बॉडी में होती है जी है ना उसको भी कई बारी वो प्रॉब्लम स्टेटमेंट बना देते हैं कि ओ
(39:36) यू नो आपको गैस है ओ आपको क्या कहते हैं क्या आपको आपको ब्लोटिंग है हम तो आपकी ये ये ये प्रॉब्लम हो सकती है हम तो उस उस सिम्टम को हम कैसे कनेक्ट करते हैं फिर उसको हम कैसे पोट्रे करते हैं हम दे कुड बी आल्सो अ चैलेंज देयर ओके। तीसरी चीज है ऑनलाइन जो ट्रेंड्स चलते हैं किसी भी चीज की बात होने लगती है। मैग्नीशियम की होने लगती है, कॉर्टिसोल की होने लगती है, टेस्टोस्टरॉन की होने लगती है। राइट? वो कुछ चीजें इतनी वायरल हो जाती हैं कि वो हाफ मेक ट्रुथ को मेडिकल फैक्ट्स बना के प्रेजेंट कर दिया जाता है। हम तो अब ये जब ये तीनों चीजें होती हैं, अब
(40:15) आप सोचिए कि यंग माइंड कितना कंफ्यूज होता है। बहुत ज्यादा सही बात है। दिस तो कंफ्यूजन कहां पे आता है? वो अपने आप से क्वेश्चन पूछने लग जाता है। इज माय टेस्टोस्टरॉन लो? राइट? क्या मैं नॉर्मल परफॉर्म कर रहा हूं? ऑन दिस? शुड आई स्टॉप मास्टरबेटिंग और डू आई नीड अ सप्लीमेंट? हम तो जब भी कंफ्यूजन होता है मुझे लगता है कन्फ्यूजन का सबसे बड़ा जो रिस्पांस आज की जनरेशन में मैं देख रही हूं उनकी ए्जायटी बढ़ जाती है। हम आई थिंक एंग्जायटी आपका ज्यादा नुकसान करती है। हम देन द प्रॉब्लम इटसेल्फ। बिकॉज़ आप सोचते हैं आप अपनी प्रॉब्लम को अपने दिमाग में इतना बड़ा कर लेते हैं।
(40:54) फिर आप कहते हैं कि ओ ये प्रॉब्लम मेरे साथ में भी है। ओ इसके अब अब मैं अब ये प्रॉब्लम के कारण मैं ये नहीं कर पाऊंगा। और अगर एक इंसिडेंस अनसक्सेसफुल हो जाता है वो उसका एक लूप बन जाता है और ए्जायटी से आप ज्यादा ओवरवेल्म हो जाते हैं और उसका इंपैक्ट आपके ऊपर बहुत ज्यादा पड़ता है। हम राइट। सो आई थिंक इट्स वेरीेंट कि हम आज की यूथ को जी डिफरेंस बताएं सेक्सुअल परफॉर्मेंस और सेक्सुअल हेल्थ में ओके सेक्सुअल परफॉर्मेंस सेक्सुअल हेल्थ का एक पार्ट है। राइट? बट सेक्सुअल हेल्थ में बहुत सारी चीजें आती हैं। राइट? इट इज़ अबाउट योर होल बॉडी एंड माइंड वेल
(41:38) बीइंग। इट इज़ अबाउट योर न्यूट्रिशन। इट इज़ द रोल ऑफ़ स्लीप। इट इज द रोल ऑफ़ स्ट्रेस मैनेजमेंट। इट इज द रोल ऑफ़ इमोशनल कनेक्ट। हम इट इज आल्सो यू नो व्हाट व्हाट इंपैक्ट्स फर्टिलिटी। हम यू नो व्हाट इंपैक्ट्स स्पर्म हेल्थ? तो ये एक बहुत बड़ा सब्जेक्ट है। हम और हमने इसको एक बहुत नैरो करके सेक्सुअल परफॉर्मेंस को ग्लोरिफाई कर दिया है अबाउट हाउ लॉन्ग डू यू लास्ट? हैविंग मोर सॉलिड इरेक्शंस। हम एंड इट डिफाइन योर मैनहुड तो हम मुझे लगता है हाफ बेड इन के बेसिस पे अपनी लाइफ के बहुत सारे डिसिशनंस बना लेते हैं जो गलत है जो गलत जो एंड में आपका नुकसान कर सकते
(42:24) हैं हम राइट राइट राइट राइट तो ये बहुत जरूरी है आई थिंक कि पेरेंट्स हम हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स एजुकेशन इंस्टट्यूट्स हम एंड वेलनेस ब्रांड्स हम कि इसको थोड़ा सीरियसली लें और फक्चुअल इंफॉर्मेशन प्रेजेंट करें फ्रॉम एन एजुकेशन स्टैंड पॉइंट ताकि एक यूथ एक एजुकेटेड डिसीजन ले पाए। सही बात है। अभी आपने बोली एंजाइटटी के बारे में आपने बात की तो क्या ये सही है कि जैसे जो परफॉर्मेंस एंजाइटटी होती है परफॉर्मेंस एंजाइटटी के चलते जो यंग एज में सबसे ज्यादा जो प्रॉब्लम अब आ रही है निकल के वो परफॉर्म नहीं कर पाते हैं। जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ एंजाइटटी। तो क्या उनके लिए सेक्सुअल
(43:08) हेल्थ या सेक्सुअल प्रॉब्लम सबसे बड़ी उभर के यही आ रही है? परफॉर्मेंस एंजाइटटी? यह सबसे बड़ी है कि नहीं ये मैं क्वांटिफाई नहीं कर सकती। क्या परफॉर्मेंस ए्जायटी आजकल के यूथ में आजकल की यूथ की सेक्सुअल वेलनेस में उसका कंट्रीब्यूशन है। यस। ये जरूर उभर के आ रहा है। परफॉर्मेंस ए्जायट यू नो बिटवीन 25 टू काइंड ऑफ अ 35 ईयर ओल्ड पीपल में ये काफी ये काफी नोटिस किया जा रहा है। अब उसके कितने नंबर हैं? आई थिंक आई वुड बी एबल टू गिव यू ए नंबर ऑन दिस वन। बट क्या ये डिस्कस हो रहा है? क्या ये क्या इसके बारे में हम बात कर रहे हैं?
(43:47) सो यस इट इज कंट्रीब्यूटिंग। हम और सो परफॉर्मेंस एंजाइटटी की भी ना साइंस बहुत इंटरेस्टिंग है। बताइए। तो आपकी जो आपका टिपिकली एक एक मेल में इरेक्शन हम और फीमेल में अराउजल हम ये किस पे डिपेंड करता है? ब्लड सर्कुलेशन पे कौन सी स्टेट माइंड की कौन सी स्टेट पे डिपेंड? ओके। ओके। साइकोलॉजिकली आप बात कर रहे हैं। नहीं ये नहीं ये कभी ध्यान नहीं दिया मतलब उस पे। तो आपके आपके एक दूसरे के लिए इमोशनल कंटेंट और यह विचार एक सेक्सुअल डिजायर जी डिपेंड करती है आपकी बॉडी की रेस्ट एंड प्लेजर स्टेट पे जितना आपका माइंड एंड बॉडी रेस्ट रेस्ट में होगा
(44:28) हम उतना ही आप अपने माइंड में ये सिग्नल भेजते हैं कि सब कुछ ठीक है सब सब सेफ है यू नो आई एम इन ए हैप्पी स्टेट तो ये रिलैक्स स्टेट में आपका माइंड जो है हम वो वो सिग्नल भेजता है टेस्टिस को कि टेस्टोस्टरॉन को रिलीज करो। हम एंड उसके बाद में एक सीक्वेंस ऑफ इवेंट स्टार्ट होती हैं कि ब्लड फ्लो यू नो ब्लड फ्लो इनक्रीस होता है टुवर्ड्स द मेल ऑर्गन। हम आपकी मसल्स रिलैक्स करती हैं। ऑन दिस वन एंड एक सिग्नल होता है कि अब ये ब्लड फ्लो की कंसंट्रेशन वहां पे ज्यादा होनी चाहिए। हम तो इट्स अ सीक्वेंस ऑफ़ बायोकेमिकल रिएक्शन जो आपकी एक बॉडी में होते हैं।
(45:08) जब आप एक रेस्ट स्टेट में होते हैं तो रेस्ट में बोला सब ठीक है। हम ये सिग्नल जाता है। एक डिजायर हुई हम बट जब बंदे को ए्जायटी हो जाती है हम तो आप जब ए्जायटी हो जाती है तो आप ब्रेन को क्या सिग्नल दे रहे हो? हम कुछ कि भाई डेंजर है। डेंजर है खतरा है। डेंजर है। तो ब्रेन क्या करता है? ब्रेन एड्रिनलिन को रिलीज़ करता है जो हॉर्मोन है वह इंस्ट्रक्शन देता है क्योंकि आपको बिलकुल चौकन्ने रहना है और ए्जायटी का तो यही है जो भी एशियस होते हैं तो वो बहुत वायर्ड होते हैं क्योंकि वो एक हार्मोन है हम जो आपके ब्लड में फिर हाई रहता है वो रहता है और आप
(45:48) और वो क्यों हाई रहता है क्योंकि आपको वो अलर्ट करता है लड़ने के लिए या भागने के लिए हम सही सो पुराने जमाने में जब लोग केव्स में रहते थे हम और और उनका सबसे बड़ा डेंजर क्या होता था? जंगली जानवर होते थे। तो जैसे ही एक शेर आता था हम तो ब्रेन ट्रिगर करता था हम एड्रिनलिन हाई होता था। वो बिल्कुल अटेंटिव हो जाते थे हम और और स्ट्रेस का क्या रिस्पांस होता था? तो इसका रिस्पांस क्या होता था? हम या तो वो भागेंगे हम कि भागने के लिए तैयार हो जाओ। तो यू नीड फुल एनर्जी। तो पूरी एनर्जी आपकी हम उस सिस्टम की तरफ लगती है। हम या दूसरा क्या होता लड़ने के लिए तैयार हो
(46:29) जाओ। हम तो आप फाइट के लिए फोकस कंसंट्रेशन यू नो दिस थिंग वो ज्यादा था। हम या तीसरी तीसरा क्या चीज हो सकती थी? आप फ्रीज हो जाते थे कि जब बियर आता है जो टिपिकली भालू आता है तो वो बोलते हैं कि भागना नहीं चाहिए। आप आप फ्रीज हो जाइए। हम तो फ्रीज के लिए आपको कंसंट्रेशन मुझे ब्रेथ होल्ड करना है। मुझे बिल्कुल सीधा सीधा खड़ा रहना है। तो आपकी पूरा जो एनर्जी एंड जो बायोकेमिकल प्रोसेससेस हैं वो फोकस वहां पे डायरेक्ट कर देते हैं। हम अब हमारी ह्यूमन बॉडी तो सेम है। हमारी बायोलॉजी भी सेम है। हम तो अब शेर नहीं आता है। बट हम एक शेर बनाते हैं अपने माइंड में
(47:09) कि शेर आया शेर आया शेर आया। तो अपने माइंड को हमेशा परप्चुअली यही बोलते हो कि डेंजर है डेंजर है। तो आपका एड्रिनलिन जब ब्लड में हमेशा हाई रहता है तो आपकी आप हमेशा आप एशियस रहते हो तो आपका जो ब्लड फ्लो है वो आपके वो सेक्सुअल ऑर्गन की तरफ जाने के लिए वो आपको अलर्ट रहने में काम आता है। तो डिफरेंट बिकॉज़ आपका डिफरेंट सिस्टम काम कर रहा है। जी जी राइट? तो ए्जायटी तो ऑब्वियसली यू नो आप आप बोल रहे हैं डेंजर है हम तो आप परफॉर्म नहीं कर पाते उसके कारण होता है। फिर जब आप एक बारी तो इसका लूप बहुत इंटरेस्टिंग है। आप एक बारी परफॉर्म नहीं
(47:48) कर पाते। हम फिर आप अपने दिमाग को बोलते हैं मैं फिर नहीं परफॉर्म कर पाया। मुझे नहीं लगता कि मैं परफॉर्म कर पाऊंगा। हम मेरे साथ में कुछ गड़बड़ है तो आप आप ब्रेन में और ए्जायटी क्रिएट कर देते हैं। हम तो ए्जायटी एंजाइटटी एंजाइटटी क्रिएट करके आपने अपनी बॉडी में ऑलरेडी इमंबैलेंस क्रिएट कर लिया। एंड दैट इज द इमंबैलेंस व्हिच इज हैपनिंग विद मोस्ट ऑफ़ द पीपल। हम और ये परफॉर्मेंस ए्जाइटटी सिर्फ बेडरूम में नहीं है। ये परफॉर्मेंस ए्जाइटटी वर्क प्लेस पे बहुत है। हां बिल्कुल है। है हम सेम सिस्टम्स काम करते हैं। हम जब आपकी ये ए्जायटी ऊपर रहेगी
(48:25) सेक्सुअल डिजायर आपके नीचे रहेगी। हम राइट। सो इट इज ऑल अबाउट कि आप बैलेंस क्या करते हैं? हम एंजाइटटी स्ट्रेस। तो अगर इस तरह की चीजें हमेशा रहे मतलब बढ़ती रहे तो क्या ये पूरी तरीके से जो हमारी सेक्सुअल ड्राइव है उसको खत्म कर सकते हैं। दिस इज़ साइंटिफिकली रिसर्च जी कि अगर क्रॉनिक तो हम ये एक दो इंसिडेंस की बात नहीं कर रहे। बट अगर क्रॉनिकली आपकी लाइफ में स्ट्रेस है और आप स्ट्रेस को ही प्रायोरिटाइज कर रहे हैं और आप अपनी परफॉर्मेंस एंजाइटटी के बारे में कुछ नहीं कर रहे हैं एंड फॉर लगर पीरियड ऑफ टाइम अगर ये आपकी बॉडी आपकी बॉडी में रहता है
(49:03) तो आपकी बॉडी में हार्मोनल इमंबैलेंस रहता है हम आपका कॉर्टिस्टॉल हाई रहेगा एड्रिनलिन हाई रहेगा आपका टेस्टोस्टरॉन लो रहेगा हम जब आपके पास में आपका एक टेंपरेरी जब ये स्ट्रेस फुल पॉइंट आता है हम्। जैसे आप ड्राइव कर रहे हैं। जी सडनली आगे गाय आ गई। हम माइंड ने सिग्नल लिया डेंजर। आपने फटाफट ब्रेक मारा। ब्रेक लगाया। आपकी ब्रीदीिंग भी शैलो होती है। आपका पूरा ध्यान वहां होता है। तो आपकी बॉडी पूरी एक अलर्टनेस में होती है। हम ब्रेक लगा दिया सब कुछ ठीक हो गया। गाय निकल गई। हम आपकी बॉडी नेचुरल रिदमम में आ जाती है। आ जाती है। राइट? सो नेचुरल रिदमम में आती है तो फिर
(49:42) उसका बैलेंस एस्टैब्लिश हो जाता है। बट आप सोचिए कि आप क्रॉनिकली ही स्ट्रेस में रहेंगे ऑल द टाइम और आप ब्रेन को ये बोलते रहेंगे कि बहुत प्रॉब्लम है बहुत प्रॉब्लम है। तो ब्रेन की ब्रेन इज ऑलवेज गोइंग टू सिग्नल कि प्रॉब्लम को सॉल्व करना है। हम और प्रॉब्लम सॉल्व करने के लिए वो कॉर्टिसोल और एड्रिन हम ये वाले हॉर्मोन्स जब ऊपर जाते हैं तो हमारा रेस्ट तो मैं रेस्ट स्टेट में तो हूं नहीं। तो प्लेजर मैं सबसे एंड में सोचती हूं ऑन दिस। तो अगर क्रॉनिकली आप स्ट्रेस्ड रहेंगे तो जो ये हम ये ब्रेन एंड एंडोक्राइन सिस्टम का जो एक्सेस है वो ऑल्टर हो जाता है।
(50:22) हम तो जब ये ऑल्टर हो गया तो आपने बॉडी को 3 साल तक यही बोला कि मेरे को टेस्टोस्टरॉन की जरूरत नहीं है। हम तो आपकी बॉडी की कैपेबिलिटी टू प्रोड्यूस टेस्टोस्टरॉन कैन कम डाउन। सो इसीलिए कहते हैं कि आपको जो इनिशियल सिम्टम्स या सिग्नल्स हैं उनको इग्नोर नहीं करना चाहिए। [गला साफ़ करने की आवाज़] बिकॉज़ वो आपके वेल बीइंग का एक बहुत इंपॉर्टेंट हिस्सा है। क्योंकि वही सिम्टम्स जो आपको ऑफिस में स्ट्रेस करते हैं यू या आप बहुत टायर्ड फील करते हैं या बच्चों के साथ में आप इरिटेट हो जाते हैं। आपका एंगर लेवल्स बढ़ जाते हैं। हम जब आप उस स्टेट में होते हैं उसका इंपैक्ट
(51:05) आपका सेक्सुअल वेलनेस पे भी तो एवरीथिंग इज कनेक्टेड। हम तो उसको सिर्फ उसको इग्नोर नहीं करना चाहिए। दैट्स व्हाट आई एम सेइंग। अगर कोई चीज पर्सिस्ट कर रही है तो दो या तीन चीजें डेफिनेटली एक तो आपको अपने आप से एक क्वेश्चन पूछना चाहिए ये क्यों हो रहा है? व्हाई इज इट? व्हाई एम आई नॉट स्लीपिंग? व्हाई एम आई स्ट्रेस्ड? राइट? राइट? जी। रूट कॉज जब तक आप रूट कॉज नहीं सॉल्व करेंगे प्रॉब्लम सॉल्व नहीं होगी। इसको सॉल्व करने के लिए मैं क्या कर सकता हूं? जी जी तो पहली चीज तो ये कि उसको फेस करना बहुत जरूरी है। हम सेकंड थिंग ये एक्सेप्ट करना जरूरी है कि
(51:47) इसका मेरी लाइफस्टाइल पे इंपैक्ट पड़ रहा है। हम मेरी रिलेशनशिप पे इंपैक्ट पड़ रहा है। हम आई एम नॉट बीइंग हु आई एम। हम ऑन दिस। तो अगर ये इंपैक्ट पड़ रहा है तो इट्स अ मैटर ऑफ रिस्पेक्ट एंड केयर फॉर मसेल्फ कि मैं इसको सॉल्व करना चाहता हूं। राइट? हम तो देन गेटिंग इट डायग्नोस्ड इजेंट हम द थर्ड थिंग इज कि मुझे ये प्रिवेंट करने के लिए या अपनी बॉडी और माइंड को रिस्टोर करने के लिए क्या लाइफस्टाइल चेंजेस करने तो उस पे काम करना पड़ता है। हम क्योंकि किसी भी चीज का कोई क्विक फिक्स नहीं है। राइट? आपने चार साल अपनी बॉडी को अब्यूज किया।
(52:28) हम फिर आप एक सोशल मीडिया पे ऐड देखते हैं कि टेस्टोस्टरॉन बूस्ट इन 15 डेज हम दैट्स अ मिथ हम आपको भी अपनी बॉडी के साथ कंसिस्टेंटली काम करना पड़ेगा नाउ टू रेस्टोर इट क्योंकि बॉडी एंड माइंड के पास इनहेरेंट कैपेबिलिटी है टू हील एंड रेस्टोर इटसेल्फ अच्छा एज सून एस यू गिव इट द राइट फ्यूल राइट फ्यूल ऑफ़ थॉट राइट फ्यूल दैट गोज़ इन द बॉडी राइट सप्लीमेंटेशन जो आपके सिस्टम्स को एमावर करते हैं कि वो फिर से काम करने लगे इसके अलावा जो अक्सर एक जो जिम का कल्चर है, वेट स्क्वाड लगाते हैं लोग, वेट ट्रेनिंग करते हैं। क्या इससे भी सेक्सुअल
(53:08) हेल्थ को बेहतर बनाया जा सकता है? कोई भी एक्सरसाइज आपकी बॉडी की वेल बीइंग के लिए इंपॉर्टेंट है। हम क्योंकि जब आप एक्सरसाइज करते हैं, आप जिम जाते हैं, आप चाहे रनिंग करते हैं या स्क्वाट्स करते हैं, वेटलिफ्टिंग करते हैं, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं तो आपकी बॉडी के आपकी बॉडी में ब्लड का सर्कुलेशन इंप्रूव होता है। आपकी लंग की कैपेसिटी बढ़ती है। आपकी डाइजेस्टिव हेल्थ हेल्थ ठीक होती है। आपकी बॉडी का बॉडी का फैट और मसल का रेश्यो ठीक होता है। तो जैसे ही आपकी बॉडी कंप्लीटली बैलेंस में आ गई और साइकोलॉजिकल इंपैक्ट भी होता है। राइट?
(53:46) आपके हैप्पी हॉर्मोंस प्रोड्यूस होते हैं। तो आपको अच्छा लगता है। एंड आपको नींद अच्छी आती है। आपको भूख अच्छी लगती है। राइट? आप ब्राइटर फील करते हैं। हम तो इसका ओवरऑल इंपैक्ट आपकी आपकी वेल बीइंग के ऊपर एक्सरसाइज का तो इज़ साइंटिफिकली प्रूवन। आपकी बॉडी गति के लिए बनी है। हम बैठने के लिए नहीं बनी है। तो जितनी आप गति रखेंगे, जितना आप अपनी बॉडी बॉडी के हर एक पार्ट हम के रिलेटेबल एक्सरसाइज आप करेंगे हम उतना ही आपका ओवरऑल बैलेंस बनेगा। और जब आप बैलेंस स्टेट में होंगे उसका इंपैक्ट आपकी सेक्सुअल वेल बीइंग के ऊपर भी 100% नजर आएगा।
(54:29) ओके। आजकल हमारा खाना पीना आपको तो खैर पता ही है कि किस हिसाब का अल्टरेटेड हो गया। लेकिन अगर लगातार यही कि हम प्रोसेसिंग फूड वगैरह खा रहे हैं। ठीक है? प्लास्टिक माइक्रोप्लास्टिक हर जगह मुझे लगता है आज अवेलेबल है। ठीक है? प्लास्टिक के बर्तनों में भी खाना मिलता है। इन फ्यूचर लगिक लंबे समय के बाद अगर यह होता रहे तो हमारी सेक्सुअल हेल्थ पे कितना खतरनाक प्रभाव पड़ सकता है। देखिए आई थिंक दिस हैज़ बीन स्टडीड अ लॉट। मतलब हम इस पे तो अब बहुत स्टडीज हो रही हैं कि इन एस्पेशली पीपल जो शहरों में रहते हैं तो एनवायरमेंटल फैक्टर्स जो हैं पोल्यूशन
(55:08) का इंपैक्ट है। हम फिर प्लास्टिक से जो माइक्रो माइक्रोकेमिकल्स एमिट होते हैं। उसका एक इंपैक्ट है। और फिर हम जब हाईली प्रोसेस्ड फूड खाते हैं हम तो ये हमारी बॉडी में इनफ्लेमेशन एंड हाई ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस क्रिएट कर देते हैं। हम तो इसके लिए हमको एक स्टेप पीछे जाना पड़ेगा। हम हमने जब बोला फ्यूल राइट फ्यूल बॉडी में डालना है। जी। तो जब आप ग्रीन लीफी वेजिटेबल खाते हैं, आप डेट्स खाते हैं, आप आलमंड्स खाते हैं, आप नट्स खाते हैं, आप यू नो पानी पीते हैं। आप अपने आप को हाइड्रेट करते हैं बॉडी को। हम तो बॉडी को वो आपको राइट माइक्रोोनट्रिएंट्स एंड
(55:50) माइक्रोोनट्रिएंट्स प्रोवाइड करता है। हम तो पहली चीज तो ये कि जब हम बहुत हाई प्रोसेस्ड फूड खाते हैं उसमें कंटेंट ऑफ नॉन हेल्दी फैट का है और नॉन लॉट ऑफ साल्ट है, प्रिजर्वेटिव्स हैं और और कार्ब्स हैं। हम तो अगर प्रोपोशननेटली वह आपकी बॉडी में ज्यादा जा रहा है और प्रोटीन एंड हेल्दी फैट्स एंड माइक्रोोनट्रिएंट्स जो रिक्वायर्ड है वो कम जा रहे हैं तो आप सोच सकते हैं कि बॉडी की पूरी फंक्शनिंग पे उसका एक इमंबैलेंस है। मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स होते हैं फटीग के फटीग है। आपकी [नाक से की जाने वाली आवाज़] विसरल फैट आपका आपका ओबेसिटी हो जाती है।
(56:25) इंसुलिन रेजिस्टेंस आ जाता है बॉडी में। हम आपकी स्लीप पे बहुत इंपैक्ट उसका होता है। तो आपका ओवरऑल बॉडी के ऊपर ही इसका इंपैक्ट हो गया। उसके साथ में क्योंकि क्योंकि प्रोसेस फूड के साथ में अके प्रिजर्वेटिव एंड नॉन हेल्दी कंपोनेंट्स आ रहे हैं। जी पोलशन से आपका हम आप इन्हेल कर रहे हैं केमिकल्स। जी जो आपकी बॉडी की कैपेसिटी के बाहर है एड्रेस करना। हम बॉडी का नेचुरल प्रोसेस है। हम मैं अगर कोई कहता है कि यह एक चीज़ खाओ उसे आप इट हेल्प्स इन डिटॉक्स। हम मैं उस स्टेटमेंट को चेंज करती हूं। मैं कहती हूं कि कोई भी चीज डायरेक्टली डिटॉक्स में मदद नहीं करती है।
(57:08) हम वो जो डिटॉक्स सिस्टम है हमारी बॉडी का जो लिवर एंड किडनी है उसको एमावर करती है कि वो अपना डिटॉक्स मैकेनिज्म सही से चला सके। ओके? या राइट? तो सिमिलरली तो हमारे लंग्स की कैपेसिटी है फिल्टर करने की भेजने की ग में ग हमारी इम्यूनिटी ग में ही है तो ग की इनहेरेंट स्ट्रेंथ है कि जो टॉक्सिंस को रिमूव करना एंड ऑल बट अगर क्रॉनिक एक्सपोज़र है हाई लेवल ऑफ टॉक्सिंस का पोल्यूशन का है केमिकल्स का है प्रोसेस फूड्स का है तो ये आपकी बॉडी की कैपेसिटी को टेस्ट करते हैं हम तो उससे हाई इनफ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस हो जाता है बॉडी में हम्।
(57:50) और यह दोनों चीज़ जो है आपकी ब्लड ब्लड वेसल्स को डैमेज करती हैं। हम आपका क्या कहते हैं? और इसका इंपैक्ट स्पर्म स्पर्म की हेल्थ पे बहुत पड़ता है। हम क्योंकि जो स्पर्म होता है उसकी जो स्किन मेंब्रेन स्पर्म की ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस की जो को हैंडल करने की जो कैपेबिलिटी है वो कम होती है देन नॉर्मल बॉडी। अच्छा। तो वो उसके मेंब्रेन में यू नो मेंब्रेन में परमिएट कर सकता है। वो उसके डीएनए को ऑल्टर कर सकता है और वो स्पर्म को डैमेज कर सकता है। अच्छा तो इसीलिए जब लोग जब हमारे बड़े बूढ़े जब कहते थे और तब हम ज्यादा सुनते नहीं थे। अब हम उसको साइंटिफिकली कोरिलेट कर सकते
(58:34) हैं। सुबह उठ के अपने पांच बादाम खाओ। अखरोट खाओ। अंजीर मुनक्का है। आप रेगुलरली खाओ ऑन दिस। ग्रीन लीफी वेजिटेबल्स खाओ। चलो बाहर का खाना खाना है। यू नो हफ्ते में एक आधी बार खा लो। डिनर टाइम से खाओ। यू नो पानी पियो। सीजनल सब्जियां और फ्रूट्स खाओ। उसका रीज़न ये है कि आप अपनी बॉडी को एमावर करते हो रिस्टोर करने के लिए ना कि उसके ऊपर आप लोड डालते हो जिससे बहुत इनफ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस क्रिएट हो जाता है। सो दैट इज दैट इज व्हाट क्रिएट्स द इम्बैलेंस। मैम सपोज करते हैं कि कोई आपका लड़का है जो 18 साल प्लस का है और अचानक
(59:10) से मान लीजिए वो आपसे पूछता है कि मॉम ये मास्टरबेशंस क्या होता है? ठीक है? ये पोर्न क्या होता है? सेक्स के बारे में आपसे बात करना शुरू कर देता है। तो ऐसी पांच सलाह आप उन्हें क्या देंगी जो उनके सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छी हो जो कि लोग आपको देख भी रहे हैं। उनको भी इस बारे में पता चला है। आई थिंक ये क्वेश्चन बहुत अच्छा है। जी। मुझे लगता है कि आजकल मोस्ट ऑफ द पेरेंट्स जो सिटी में पेरेंट्स हैं, कुछ पेरेंट्स को मैं जानती हूं, तो ये एक सेफ स्पेस अपने बच्चों से बात करने के लिए क्रिएट कर रहे हैं। अच्छा। तो पहली सलाह पेरेंट्स के लिए है कि आप
(59:44) अपने बच्चों के लिए एक सेफ स्पेस ये डिस्कस करने की क्रिएट करें। हम ताकि वो उनको सही नॉलेज मिले। हम दूसरा चीज हो सकता है कि आपके पास हर चीज का आंसर ना हो। राइट? तो आप या तो उनके साथ बैठ के सही सोर्स से आंसर ढूंढने की कोशिश करें। हम्म। तीसरी चीज हो सकता है कि जब आपके पास आंसर नहीं हो हम तो आप एक प्रोफेशनल पर्सन से मिलें जी। तो आप अपने बेटे के साथ वहां जरूर जाएं। हम क्योंकि इट्स आल्सो कि आप अपने बेटे को उतना ही बता सकते हो हम जितनी नॉलेज आपको है। राइट? और राइट नॉलेज होना हम फैक्चुअल नॉलेज होना बहुत सारी फर्दर प्रॉब्लम्स को रिड्यूस कर सकती है।
(1:00:30) राइट? ऑन दिस। सो मेरी मेरी टॉप फाइव सलाह जी। पहली तो आई थिंक अपने बेटे को यह कहना है कि पोर्न एक एजुकेशन का सोर्स नहीं है। हम [नाक से की जाने वाली आवाज़] तो इससे आप सेक्स के बारे में लर्न नहीं कर सकते। हम दिस इज़ ये बहुत सारी अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशंस क्रिएट करता है। बॉडीज के बारे में, कॉन्फिडेंस के बारे में। यू नो कंसेंट के बारे में। एंड आल्सो प्लेजर के बारे में हम तो ये बताना बहुत जरूरी है कि हेल्दी सेक्स इज बिल्ड ऑन कम्युनिकेशन हम म्यूचुअल रिस्पेक्ट हम एक दूसरे का कंसेंट लेना बहुत जरूरी है एंड इमोशनल कनेक्शन
(1:01:16) ज्यादा जरूरी एंड इट इज नॉट नॉट जस्ट परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस कम्स मच लेटर यस बिकॉज़ दिस रिलेशनशिप इज़ अ लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप हम एंड सो रिस्पेक्टिंग दीज़ फाइव एलिमेंट्स इज़ वेरीेंट पहला जी द सेकंड पॉइंट यह बताना बहुत जरूरी है कि मास्टरबेशन इज़ नॉर्मल। दिस इज़ अ नॉर्मल बॉडी प्रोसेस। हम बॉडी में एज यू आर ग्रोइंग ये डिजायर्स आएंगी हम एंड यू वुड हैव दैट अर्ज फॉर इजेकुलेशन। तो ये एक बहुत नॉर्मल प्रोसेस है। हम तो उनसे इंपॉर्टेंट क्वेश्चन जब अगर वो ये क्वेश्चन रेज करता है ये पूछना नहीं है कि डू यू मास्टरबेट? हम तो आप क्लोज कर देते हो डोर।
(1:01:57) राइट? इट्स अ नॉर्मल प्रोसेस। सो आप उसको नॉर्मली कैसे लेते हो? बट आई थिंक जरूरी क्वेश्चन यह है यह बताना कि कब यह एक प्रॉब्लमैटिक केस हो सकता है तुम्हारे लिए इफ इट स्टार्ट्स इंटरफेयरिंग इन योर स्टडीज इन योर स्लीप इन योर सोसाइटल डीलिंग वि पीपल इन योर ओन कॉन्फिडेंस लेवल हम तो जैसे हम कहते हैं कि एक्सेस ऑफ़ एनीथिंग इज बैड। राइट? कोई भी आदत अच्छी या बुरी नहीं होती है। हम एक कोई भी चीज अगर आप एक्सेस में करते हैं हम उसका नुकसान हो सकता है। और जब आपको लगे कि इसका नुकसान हो रहा है मेरा टाइम के ऊपर, मेरी स्टडीज के ऊपर तो तुमको स्टेप बैक करना है और हेल्प
(1:02:37) मांगनी है तो आपको आना है मेरे पास बात करने। ऑन दिस। सो क्वेश्चन इज़ नॉट दैट डू यू मास्टरबेट? क्वेश्चन इज़ क्या यह आपकी स्टडीज, आपकी स्लीप और आपके रिलेशनशिप्स में इंटरफेयर कर रहा है? हम और आपको यह परेशान कर रहा है तो आपको ये आना है हेल्प मांगने के लिए। ओके या राइट आई थिंक द थर्ड मोस्टेंट थिंग इज़ टेलिंग चिल्ड्रन कि टेक केयर ऑफ योर बॉडी। हम हेल्दी हैबिट्स इज वेरीेंट। जी यू नो से टू न आवर ऑफ स्लीप। हम एडिक्वेट एक्सरसाइज स्ट्रेंथ ट्रेनिंग है, एक्सरसाइज है, स्पोर्ट्स खेलना है, यू नो बैलेंस डाइट खाना हम हेल्दी बॉडी वेट
(1:03:20) हम अवॉयडिंग स्मोकिंग एंड वेपिंग हम एंड लिमिटिंग एक्सेसिव अल्कोहल हम बिकॉज़ आपकी जो फाउंडेशन ले होती है ऑफ हेल्दी बॉडी एंड माइंड की वो आपके एक इशू से चार दिन पहले कुछ करने से नहीं होती हेल्दी हैबिट्स की फाउंडेशन आपकी बहुत यंग एज से चालू हो जाती है। हम सो अगर आप इन चीजों का ध्यान 18 साल से रखेंगे देन ओनली योर बॉडी इस गोइंग टू बी स्ट्रांग इनफ टू विथ स्टैंड अ लॉट ऑफ़ थिंग्स दैट आर गोइंग टू कम फॉरवर्ड। हम सो फाउंडेशन स्ट्रांग होने की रेकमेंडेशन और उनमें पार्टिसिपेट करना। क्या आप घर पे खाना बनाते हैं? क्या आप टीवी टाइम रिस्ट्रिक्ट करते हैं?
(1:04:04) आपने डिजिटल डिजिटल एक्सपोज़र की परमिशन दी है क्या वो स्पोर्ट्स खेलने जाता है तो इसकी रिस्पांसिबिलिटी बड़ी होती है। सो व्हाटएवर स्ट्रांग बॉडी टुडे एंड स्ट्रांग माइंड टुडे इज़ गोइंग टू हेल्प यू प्रोग्रेस बेटर इन लाइफ। सो तीसरा बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट ये है। हम चौथा एंड आई थिंक ये एक पॉइंट है जो हम इसका ग्लोबली एक बहुत बड़ा माना है। अब हम चाहे वो सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस हो हम चाहे वो सेक्सुअल वेल बीइंग का हो हम या या एक पॉजिटिव कोलैबोरेटिव इंटरेक्शन का हो हम वो है कंसेंट एंड रिस्पेक्ट हम
(1:04:47) परफॉर्मेंस से ज्यादा मैटर करता है। ठीक है? हम सीकिंग कॉन्सेंट हम यू नो वर्बल और नॉनवर्बल इज वेरीेंट ओके वन सेकंड थिंग इज रिस्पेक्टिंग द पर्सन हम बिकॉज़ इट इज़ अबाउट यू विल बी रिमेंबर्ड एज अ मैन और अ गुड मैन ओनली व्हेन द व्हेन योर पार्टनर इज़ एबल टू फील सेफ हम एंड रिस्पेक्टेड विथ यू हम दैट आल्सो एनहांसेस योर कॉन्फिडेंस हम दैट आल्सो स्ट्रेंथ्स योर रिलेशनशिप सो कॉन्सेंट एंड रिस्पेक्ट इज वेरीेंट इन अ रिलेशनशिप। राइट? एंड द लास्ट वन एंड आई थिंक इज द मोस्टेंट वन। उनको यह कंफर्ट देना कि प्लीज डोंट बी अफ्रेड टू आस्क क्वेश्चंस और सीक हेल्प।
(1:05:31) आपके बच्चे आपसे नहीं आपसे नहीं पूछेंगे तो किससे पूछेंगे? हम तो फिर वो पूछने लगेंगे फ्रेंड से, Instagram ट्रेंड से, इन्फ्लुएंसेस की सुनने लगेंगे। तो आप अगर उनके लिए ये सेफ स्पेस क्रिएट करते हैं कि कोई भी प्रॉब्लम हो तुम्हें मेरे पास आना है। हम तो आप उनको सही सही गाइडेंस दे सकते हैं हम और आप आल्सो यू आर आल्सो देयर इमोशनल एंकर्स हम मतलब आप उनको होल्ड कर सकते हैं और ये बोल सकते हैं कि बॉस कोई ये ऐसी चीज नहीं है कि ये ठीक नहीं हो सकती है हम तो हम इस पे काम करेंगे हम टू इंप्रूव दिस पर्टिकुलर थिंग हम राइट सो दैट कॉन्फिडेंस देना बहुत जरूरी है कि
(1:06:14) प्लीज डोंट बी अफ्रेड टू आस्क फॉर हेल्प हेल्प इज अ साइन ऑफ़ ब्रेवरी एंड इट इज़ नॉट अ साइन ऑफ़ वीकनेस। हेल्प इज अ साइन सेइंग दैट समथिंग इज ट्रबलिंग यू एंड यू वांट टू फिक्स इट। तो ये एक बहुत बहादुरी का काम है क्योंकि तुम आइडेंटिफाई कर रहे हो कि ये मुझे परेशान कर रहा है। हम तो मैं इसको सॉल्व करना चाहता हूं। हम राइट राइट या ओके। आजकल मैम बहुत सारे सप्लीमेंट्स भी आजकल मार्केट्स में हैं। ठीक है? तो एक सप्लीमेंट जिसके बारे में मैं बात करना चाहता हूं और मैं चाहता हूं कि आप बताइए कि उसका जो मेल सेक्सुअल हेल्थ पे क्या इंपैक्ट पड़ता है वो बहुत ही कहा जाता है
(1:06:51) कि उसमें 190 बायोप्टिक कंपाउंड है जो लगभग हर तरीके से काम करता है सीबकथोन। ठीक है? तो सीबकथोन का मेल सेक्सुअल हेल्थ पे क्या प्रभाव पड़ सकता है? कैसे इंपैक्ट कर सकता है उसको? सो बिफोर आई आंसर दिस क्वेश्चन एक क्वेश्चन मैं आपसे पूछना चाहती हूं। अभी तक हमने बड़ी सारी चीजें डिस्कस करी। तो तो बॉडी बॉडी एंड माइंड जो एक सिस्टम है जी जो बहुत कोऑर्डिनेटेड वे में चलता है जी तो उसकी उसकी फंक्शनिंग में जी आपकी हेल्दी फंक्शनिंग में जी क्या एक ही चीज का रोल है कि मल्टीपल चीजें रोल चीज का रोल है मल्टीपल चीजों का तो हमने कहा न्यूट्रिशन का एक रोल है
(1:07:32) हाइड्रेशन का एक रोल है इमोशनल वेल बीइंग का एक रोल है स्लीप का एक रोल है राइट स्ट्रेस मैनेजमेंट का एक रोल रोल है। हम तो जब हम न्यूट्रिशन की बात करते हैं सो न्यूट्रिशन में क्या एक ही कोई चीज खाने से आपकी सारी प्रॉब्लम सॉल्व हो जाती है? नहीं। सो न्यूट्रिशन आल्सो हैज़ टू बी बैलेंस्ड। हम जी। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीनंस गुड फैट्स हम मैोनट्रिएंट्स, माइक्रोोनट्रिएंट्स। उसका एक कॉम्बिनेशन होना चाहिए। हम एंड बिकॉज़ योर सिस्टम रिक्वायर्स द एंटायर थिंग टू फंक्शन वेल। हम हील करने के लिए, रिस्टोर करने के लिए, अह इम्यूनिटी को स्ट्रांग रखने के लिए,
(1:08:13) एनर्जी प्रोड्यूस करने के लिए। तो, यह सारी चीजें कॉम्बिनेशन में काम करती है। राइट? तो सीबकथोन जो है जैसे आपने कहा इट्स ए न्यूट्रिएंट डेंस फूड इसको सुपर फूड माना जाता है। जी। क्या मुझे अपनी लाइफ में इसको इंक्लूड करना चाहिए? 100% इंक्लूड करना चाहिए। क्योंकि अगर एक प्रोडक्ट है जिसमें 190 बायोएक्टिव कंपाउंड है। हम उसमें रेयर फॉर्म का ओमेगा से है। हम उसमें बहुत हाई लेवल ऑफ विटामिन सी है। जी एंड उसमें पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। हम तो ये आपकी बॉडी हम के इम्यून सिस्टम पे हम कार्डियोवस्कुलर हेल्थ के लिए हम और आपकी स्किन रिपेयर या स्किन केयर के
(1:08:53) लिए बहुत अच्छे हैं। हम बट क्या ये डायरेक्टली आप आपकी सेक्सुअल वेल बीइंग को इंपैक्ट करेंगे? आपकी लिबिडो को इंपैक्ट करेंगे या ईडी एंड पीडी को करेंगे? हम यह एक पार्ट हो सकता है हम पूरे उसका हम बट क्योंकि आपकी सेक्सुअल प्रॉब्लम सिर्फ एक चीज से नहीं होती हैं। हम सिमिलरली एक चीज उसको सॉल्व करने में भी मदद नहीं कर सकती। बट फॉर एग्जांपल हम सिर्फ ऑलमंड खाने से या वालनट खाने से या डेट खाने से क्या मेरा मेरा सेक्सुअल वेल बीइंग हो जाएगा? नहीं। इट इज़ मोर अबाउट सेइंग कि अगर मैं डेली इन चीजों को अपनी डाइट में इंक्लूड करती हूं। हम
(1:09:32) मैं डेली अपनी हाइड्रेशन का ध्यान रखती हूं। मैं डेली एक्सरसाइज करती हूं। हम इसका जो क्यूमुलेटिव इफ़ेक्ट है, हम अपनी बॉडी को बॉडी एंड माइंड को हेल्दी रख रखने में मदद करेगा। हम क्योंकि कोई भी एक चीज़ आपको एक इंस्टेंट ना एक इंस्टेंट रिजल्ट दे सकती है ना वो क्विक फिक्स हो सकती है। आपको वो हेल्प कर सकती है। आपको वो हेल्प कर सकती है। लाइक फॉर एग्जांपल आप प्रोटीन नहीं लेते हैं बिल्कुल। प्रोटीनंस तो आपकी मसल्स के लिए इट इज़ वन ऑफ़ द बिगेस्ट बिल्डिंग ब्लॉक। आपके डीएनए आरएनए के लिए अमिनो एसिड इज द बिगेस्ट बिल्डिंग ब्लॉक। सो एक प्रोट अगर आपकी प्रोटीन की
(1:10:09) डेफिशिएंसी आपकी बॉडी में होती है तो आपका मसल मास तो वैसे ही वेदर होगा। हम हार्ट भी एक मसल है। वो मसल भी वीक होगी। अगर वो मसल वीक होती है तो ब्लड पंप होना वीक होगा। अगर ब्लड पंप होना वीक होगा एक रेक्टाइल डफ फंक्शन होने के चांसेस भी बहुत हाई हो सकते हैं। हम तो हर एक चीज एक रोल प्ले करती है। हम तो आपकी बॉडी में ज्यादा इंफेक्शंस बॉडी की इम्यूनिटी बहुत लो है। आपको इनफेक्शंस बहुत जल्दी-जल्दी हो जाते हैं। जब आपको इनफेक्शंस बहुत जल्दी-जल्दी हो जाते हैं तो आपकी बॉडी आप बॉडी उस इंफेक्शन को फाइट करने में बहुत मेहनत करती है।
(1:10:44) हम फिर आप मेडिकेशंस लेते हैं। हम एंड तो आपकी बॉडी में नेचुरल है कि वीकनेस आएगी। तो सिर्फ एक एक चीज़ लेने से उसका सशन नहीं होने वाला। आपको उसके साथ में अपनी होलिस्टिक हेल्थ को भी साथ आपको होलिस्टिक हेल्थ आपको अपनी लाइफ स्टाइल पे ध्यान देना पड़ेगा। आप क्या चीजें हैं जो नहीं कर रहे हैं जो आपके लिए बेनिफिशियल है। आपको उनके लिए टाइम निकालना पड़ेगा। क्योंकि आप जब किसी चीज को यस बोलते हैं तो किसी और चीज को नो भी बोल रहे हैं। राइट? तो अगर आप यस बोलते हैं कि मैं रात के 2:00 बजे तक Instagram पे रील्स देखूंगा तो आप इनडायरेक्टली यस बोलते हैं कि मेरे
(1:11:20) लिए ये ओके है कि मैं 4 घंटे सोके सुबह टायर्ड ऑफिस चला जाऊं। सो व्हेन यू से यस टू दिस यू आर आल्सो सेइंग नो टू दिस। यस। ओके। तो चॉइस आपके हाथ में है। हम आप कोफाउंडर है यू बैलेंस नेचुरल्स के। जी तो जब आपने यह प्रोडक्ट्स को बिल्ड करना शुरू किया तो कोई ना कोई दिमाग में एक फिलोसफी चलती है कि किस फिलॉसफी पे आपके प्रोडक्ट्स जो है वो बनेंगे। क्या उनका काम होगा और उनका इंपैक्ट कितना दूर तक जा सकता है। तो मैं यू बैलेंस नेचुरल्स की फिलॉसफी के बारे में जानना चाह रहा हूं। क्या फिलॉसफी है आपकी? सो हमारी जो यू बबैलेंस नेचुरल्स की जो
(1:11:55) विज़न स्टेटमेंट है जिसको हम बोलते हैं। तो दैट इज़ अनलॉकिंग ह्यूमन पोटेंशियल बाइ ब्रिंगिंग बैलेंस टू द बॉडी एंड माइंड। जी तो यह इस फिलॉसफी से आता है कि हमारी बॉडी के पास में इनहेरेंट कैपेबिलिटी है अपने आप को हील और रिस्टोर करने की हम अगर हम उसको राइट तरह से सपोर्ट करें हम और ये सिम्टम्स की प्रॉब्लम नहीं है। हमें ये देखना है कि बॉडी के इंटरकनेक्टेड सिस्टम्स हम बहुत सारे बॉडी के इंटरकनेक्टेड सिस्टम्स एक साथ चलते हैं। तो हम उनको कैसे एमावर करें कि वो अपना काम सही तरह से करें। ठीक है? सो हमारी फिलोसफी का एक सबसे बड़ा वो है कि कौन से सिस्टम्स हैं जिसमें
(1:12:36) इमंबैलेंस होने के कारण हम ये प्रॉब्लम नजर आ रही है। क्योंकि क्योंकि एक सिम्टम तो अंदर कुछ और हो रहा है उसका सिम्टम है। मुझे हेडेक हो रहा है। मुझे 10 दिन से हेडेक हो रहा है। तो सेरडॉन डाल दिया टेंपरेरी नम हो गई। वो हो गया। बट मुझे हेडेक क्यों हो रहा है 10 दिन से? हम्म। उसका क्या अंदर रीज़न है? हम तो हमने क्वेश्चन ये नहीं पूछा कि तुम्हारे सिम्टम्स क्या है? हमारी जब हमने बिल्ड करना शुरू किया कि हमारे प्रोडक्ट्स क्या करेंगे? हमने ये पूछा कि ये क्यों हो रहा है? सो क्यों से आंसर निकल के आया कि हर एक जो लाइफस्टाइल इशू है
(1:13:11) हम उसके पीछे मल्टीपल सिस्टम्स काम करते हैं। हम तो हमने जो फॉर्मुलेशंस करी जो हमारी जो फॉर्मुलेशंस हैं दे आर आयुर्वेदिक फॉर्मुलेशंस। तो उसमें आये की विडम है और मॉडर्न साइंटिफिक रिसर्च है जो लाइफस्टाइल इश है एंड देयर इज अ लॉट ऑफ मॉडर्न साइंटिफिक रिसर्च जो अब इंग्रेडिएंट्स या हर्ब्स में भी हुई हुई है तो जिसने हमको बहुत बड़ा प्लेटफार्म दिया कि हर एक हर्ब में व्हाट इज इट रिच इन वो क्या कंटेन करता है उसका मेन फंक्शन क्या है उसका प्राइमरी फंक्शन क्या है और क्या सेकेंडरी फंक्शन है हम तो [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये सो आयुर्वेदिक नॉलेज मॉडर्न रिसर्च
(1:13:52) और अंडरस्टैंडिंग मॉडर्न लाइफ स्टाइल इश को तीनों को लेकर फिर हमने कस्टम क्यूरेटेड 100% नेचुरल फॉर्मुलेशंस अपने क्रिएट करे हम जो मल्टीपल लाइफस्टाइल इशूज़ हम को मैनेज करने के लिए या बॉडी को फिर से बैलेंस में लाने के लिए हेल्प करते हैं। हम ओके। सो दैट इज़ आवर दैट इज द यू बैलेंस नेचुरल फिलॉसफी। सो अगर हम सेक्सुअल वेल बीइंग की बात करें जिस पे हमने अभी बहुत सारी बात करी है। तो हम ये क्वेश्चन नहीं पूछते हैं कि व्हाट कैन वी गिव अ मैन फॉर परफॉर्मेंस? हम क्वेश्चन ये पूछते हैं कि व्हाट आर द सिस्टम्स दैट वी नीड टू सपोर्ट हम व्हिच आर रिस्पांसिबल फॉर मैनस वाइटालिटी
(1:14:33) डिजायर स्लीप रिकवरी एंड हॉर्मोनल हेल्थ। ओके। तो हम ये फिलॉसोफी को सेंटर में रख के हमने प्रोडक्ट्स बनाए। हम सो प्रोडक्ट सेम कुछ नाम बताएंगे। सो हमारा एक जो मेन सेक्सुअल वेलनेस के लिए जो प्रोडक्ट है हमने डिजाइन किया है दैट इज ब्लैक थंडर एक्टिव प्लस हम इसमें 20 नेचुरल इंग्रेडिएंट्स हैं हम और ये मेल परफॉर्मेंस के जो सारे सिस्टम्स हैं हम ये उस पे काम करता है ओके सर्कुलेटरी सिस्टम हार्मोनल बैलेंसिंग हम फास्ट मसल रिकवरी स्ट्रेस मैनेजमेंट हम एंड देन न्यूट्रिशनल एफिशिएंसी कौन सी बायोकेमिकल न्यूट्रिएंट्स हैं हम जो हमारी एनर्जी प्रोडक्शन में हमारी
(1:15:16) हेल्प करते हैं। यह यह सब प्रोवाइड करता है। हम हैविंग सेड दैट यह कोई मैजिक पल या बूस्ट नहीं है। हम ये आपकी बॉडी को सपोर्ट करने के लिए है। प्रोवाइडेड आप अपनी बॉडी को सपोर्ट करते हैं। हम आपकी प्रॉब्लम ओवरनाइट तो हुई नहीं है। आपकी प्रॉब्लम सालों से चली आ रही है। राइट राइट? और वो बहुत सारे लाइफ स्टाइल बहुत सारे फैक्टर्स उसमें आपकी लाइफ स्टाइल के भी हैं। हम सो ये हमेशा हम हमेशा रेकमेंड करते हैं। तो हमारा एक हेल्थ एंड वेलनेस काउंसलिंग सेंटर है जो ट्रेंड है और हमारी प्रोडक्ट्स को बहुत अच्छी तरह से समझता है। उनका सिर्फ काम है सुनना।
(1:15:54) हम और सुनने के लिए आपको सही क्वेश्चन पूछने पड़ते हैं। सो हमारा एक्सपीरियंस कहां से आता है? हमारा एक्सपीरियंस आता है कि मेजॉरिटी ऑफ़ आवर कस्टमर्स आर मेन। हम तो इसका मतलब यह है कि मैन भी बहुत अवेयर हो रहे हैं। हम फिर वो जब बात करते हैं तो अपनी प्रॉब्लम जब वो बताना शुरू करते हैं तो हम उनकी पहले लाइफस्टाइल समझते हैं। हम कितने बजे सोते हो? क्या खाते हो? यू नो स्ट्रेस लेवल्स क्या है? ज्यादा काम बैठने का होता है या चलने का होता है आपका। कोई आपको डिजीज तो नहीं है एटसेट्रा। वो समझने के बाद में ही फिर हम उनको गाइड करते हैं कि देखिए
(1:16:29) यह आपको यू नो सस्टनेबली आपको क्या लाइफ चेंज छोटी-छोटी करनी पड़गी और ये सप्लीमेंट आपको कंसिस्टेंटली यूज़ करना पड़ेगा क्योंकि ये मैजिक पिल नहीं है ये आपकी बॉडी के सिस्टम्स की फंक्शनल एफिशिएंसी को रिस्टोर करने में मदद करता है और ये आपकी बॉडी के साथ में काम करता है। ये आपकी बॉडी के ऊपर काम नहीं करता है। सोक थिंग इज हेल्पिंग अस लॉट यू नो एज अ प्रोडक्ट कंपनी हैविंग ए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर वेयर ए मैन कैन फील सेफ एंड कैन टॉक जी फ्रीली हम अबाउट यू नो अल्टीमेटली व्हाट इज इट दैट आई एम सीकिंग एंड देन ही इज़ विलिंग टू लिसन हम
(1:17:12) और उसके बाद में वो राइट प्रोडक्ट चूज़ करता है हम सो दैट इज दैट इज़ व्हाट यू बैलेंस इज़ ऑल अबाउट इट्स अबाउट बैलेंस बैलेंस [हंसी] बिल्कुल बिल्कुल मैम आप इंटरनेट पे बहुत सारी ऐसी इनफेशंस होती है जो कि आपको भी लगता है कि ये आप देखते होंगे ये फेक है यार ये ऐसा होता नहीं जैसा मतलब बोला जा रहा है वीडियोस में सो वन मिथ अबाउट मैन सेक्सुअल हेल्थ यू विश वुड जस्ट डिसअपीयर फ्रॉम द इंटरनेट। सो इफ आई हैव टू से यू से अबाउट वन हम् एंड व्हिच आई हैव बीन सीइंग वेरी वेरी फ्रीक्वेंटली। हम्म इज़ इफ आई हैव एक मिथ है हम जो इफ आई हैव लो लिबिडो
(1:17:53) हम और सेक्सुअल परफॉर्मेंस इशूज़ आई जस्ट नीड अ टेस्टोस्टरॉन बूस्टर ये एक मिथ है। आई थिंक ये इंटरनेट से डिसअपीयर हो जाना चाहिए। ये वन ऑफ द मोस्ट डेंजरस हाफ मेक एंड मिसइफॉर्म्ड इनेशन है। हम एंड जैसे हमने डिस्कस किया सेक्सुअल वेलनेस इज़ बिकॉज़ ऑफ़ मल्टीपल इंटरकनेक्टेड सिस्टम्स। राइट? स्लीप, स्ट्रेस, मेंटल वेल बीइंग, मेटाबॉलिक हेल्थ, न्यूट्रिशन, फिजिकल एक्टिविटी एंड हार्मोनल [गला साफ़ करने की आवाज़] बैलेंस हम दे ऑल प्ले अ रोल इन इट। नाउ समटाइ्स टेस्टोस्टरॉन इज़ अ पार्ट ऑफ इट। हम समटाइम्स इट इज़ नॉट अ पार्ट ऑफ़ इट। हम या सो द स्मार्टर क्वेश्चन दैट वी नीड टू
(1:18:35) स्टार्ट आस्किंग रादर देन सेइंग हाउ डू आई बूस्ट माय टेस्टोस्टरॉन? हम इट इज व्हाट इज माय बॉडी एक्चुअली टेलिंग मी? हम एंड व्हाट इज द सिस्टम दैट नीड सपोर्ट। ओके। सो आई थिंक वी नीड टू शिफ्ट दिस पर्टिकुलर शिफ्ट इजेंट बिकॉज़ वी नीड टू एजुकेट यंगर मैन। हम इंस्टेड ऑफ चेजिंग चेजिंग क्विक फिक्सेस हम्म और यू नो इंस्टेंट रिजल्ट्स हम स्टार्ट अंडरस्टैंडिंग यू नो व्हाट विल लीड टू अ लॉन्ग टर्म बैलेंस। हम ओके मैम जाते-जाते कुछ रैपिड फायर है हम वो करेंगे और रैपिड फायर में थोड़ा सा बस यही है कि बहुत स्मालस्मॉल आंसर्स हैं। सवाल थोड़े बड़े हो सकते हैं। आंसर एकदम हां ना ओके यस
(1:19:20) यस 100% विद यू ओके थैंक यू मैम थैंक यू मैम हॉर्मोनल हेल्थ के लिए मॉर्निंग वर्कआउट ज्यादा जरूरी है या फिर इवनिंग वर्कआउट डजंट मैटर जो आप कंसिस्टेंटली और रेगुलरली कर सकें वो कर दोनों का अपना बेनिफिट है। ओके कॉफी या फिर एक ग्लास वार्म वाटर किससे हमें अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए? ग्लास ऑफ़ वार्म वाटर। हाइड्रेशन इज द फर्स्ट प्रिंसिपल। आप अपनी बॉडी को ग्रेजुअली वेक करेंगे ना कि सडनली स्टिमुलेट करें। ओके। नट्स और स्नैक्स व्हिच शुड मैन रिच फॉर मोर ऑफन। 100% नट्स। सोड ऑलमंड्स इन द मॉर्निंग वालनट एंड डेट्स। दे शुड बिकम पार्ट ऑफ योर डेली
(1:20:03) रूटीन। बिकॉज़ ये बहुत स्ट्रांग एंटीऑक्सीडेंट्स हैं और एंटी इनफ्लेमेटोरीज है। एक मैन के लिए क्या गोल होना चाहिए? हायर टेस्टोस्टरॉन या फिर बैलेंस टेस्टोस्टरॉन? ऑलवेज 100% बैलेंस टेस्टोस्टरॉन। स्ट्रेस मैनेजमेंट और टेस्टोस्टरॉन बूस्टर सबसे पहले क्या होना चाहिए? सबसे पहले कोर को फिक्स करना है। एंड दैट इज स्ट्रेस मैनेजमेंट। स्ट्रेस मैनेजमेंट। या ओके। रेजिस्टेंस ट्रेनिंग और एंडलेस कार्डियो व्हिच बेटर सपोर्ट फॉर मसल्स एंड मेटाबॉलिक हेल्थ। दैट इज रेजिस्टेंस ट्रेनिंग। मसल हेल्थ के लिए जी। और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए दैट इज रेजिस्टेंस ट्रेनिंग। जितना आप मसल
(1:20:41) मसल को फोर्स करेंगे उतना आपकी मसल स्ट्रांग होगी। ओके नेचुरल फूड सोर्स और ओमेगा डजिंग सप्लीमेंट्स व्हिच इज द सफर फाउंडेशन। फाउंडेशन तो नेचुरल फूड सोर्सेस ही है ऑलवेज। यस ओके। [गहरी सांस लेने की आवाज़] परफॉर्मेंस और रिप्रोडक्टिव हेल्थ व्हिच शुड मैन फोकस फर्स्ट? क्या पहला फोकस करना चाहिए? आई थिंक ओवरऑल हेल्थ। होलिस्टिक हेल्थ। होलिस्टिक हेल्थ बिकॉज़ माइंड बॉडी बैलेंस इज़ द फाउंडेशन ऑफ़ वेल बीइंग। ओके। लिबिडो के लिए क्या कंसर्न सबसे बड़ा क्या है? क्रॉनिक स्ट्रेस और ओकेजनल जो आता है। क्रॉनिक स्ट्रेस ओकेजनल स्ट्रेस तो लाइफ में आते रहेंगे।
(1:21:22) बॉडी बॉडी उसको उसका उसको रिसोंड करके जब वो स्ट्रेस खत्म हो जाएगा वो वापस से आराम से बैलेंस में आ जाती है। सो इट इज़ क्रॉनिक स्ट्रेस। ओके। एक मैन वेलनेस के लिए क्या जरूरत है? क्विक फिक्स और कंसिस्टेंसी रूटीन। कंसिस्टेंट रूटीन एंड डिसिप्लिन इज द मोस्टेंट थिंग। ओके मैम कुछ मिथ्स एंड फैक्ट्स है। बताइए कि ये मिथ है कि फैक्ट है? मैं आपसे पूछता हूं मोबाइल में से पढ़ के। अ आई एम अ यंग। सो सेक्सुअल प्रॉब्लम्स कांट बी अ हेल्थ इशू। जस्ट बिकॉज़ आप यंग हो। हो इट डजंट मेक यू इम्यून कि आपको यह हो नहीं सकता है। आज के लाइफस्टाइल में पर्सिस्टेंट
(1:22:03) इडी लो लिबिडो और चेंजेस इन सेक्सुअल फंक्शन इज़ आल्सो नाउ एसोसिएटेड विद स्ट्रेस हम यू नो मेडिकेशन हार्मोनल इमंबैलेंस या मेटाबॉलिक इमंबैलेंस तो ये मिथ है ये मिथ है। ओके तो मैम मोर टेस्टोस्टरॉन मींस बेटर लिबिडो फर्टिलिटी या फिर मृदानगी हां नॉट नेसेसरीली ओके मतलब साइंस कहती है कि टेस्टोस्टरॉन नीड्स टू बी इन हेल्दी फिजियोलॉजिकल रेंज हम तो अगर एक्सेस टेस्टोस्टरॉन कभी-कभी जो हम एनाबॉलिक स्टेरॉइड्स ले लेते हैं क्योंकि हमको मसल्स बिल्ड करनी है और अनसपरवाइज टेस्टोस्टरॉन यूज़ है जो हम एक एक्सटर्नली अगर टेस्टोस्टेरोन यूज करते हैं हम
(1:22:46) इट कैन एक्चुअली सप्रेस स्पर्म प्रोडक्शन एंड इंपेयर फर्टिलिटी बिकॉज़ बॉडी का एक बैलेंस है। तो अगर बॉडी को वो एक्सटर्नली मिल गया तो बॉडी माइंड बॉडी को सिग्नल करता है कि अब बॉडी को प्रोड्यूस करने की जरूरत नहीं है। अच्छा और बॉडी की नेचुरल प्रोडक्शन इज़ वेरीेंट फॉर योर फर्टिलिटी। ओके दिस। सो दिस इज़ अ मिथ हम इफ आई एक्सरसाइज एंड लुक फिट माय रिप्रोडक्टिव हेल्थ मस्ट बी फाइन फिजिकल अपीयरेंस टिपिकली फर्टिलिटी टेस्ट नहीं है हम राइट तो अगर आप फिजिकली फिट हैं ये आपकी ओवरऑल हेल्थ हम को एक हेल्दी स्टेट में रखेगा हम
(1:23:28) हाउएवर ये रूल आउट नहीं करता है कि आपकी आपकी फर्टिलिटी इश्यूज नहीं होंगे या आपका क्या कहते हैं स्पर्म काउंट हम कम नहीं हो सकता है या स्पर्म की हेल्थ कम नहीं हो सकती है। ओके? सो फिटनेस इज वेरीेंट फॉर द जनरल वेल बीइंग। बट इसकी कोई गारंटी नहीं है। ये फर्टिलिटी टेस्ट नहीं है। ओके। तो इट्स आल्सो अमित यस। ओके। पोर्न सॉस व् नॉर्मल सेक्सुअल परफॉर्मेंस शुड लुक लाइक। पोर्न बायोलॉजिकल बेंचमार्क नहीं है। राइट? [नाक से की जाने वाली आवाज़] सो कंपेयरिंग योरसेल्फ विद अनरियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन। राइट? वो कुछ शूट किया गया है फॉर अ पर्टिकुलर काइंड ऑफ़ पर्पस। एंड
(1:24:07) देन एक्सपेक्टेशन अराउंड कि इरेक्शन कितने टाइम तक होना चाहिए, कैसा होना चाहिए और यू नो मेरी बॉडी की इमेज कैसी होनी चाहिए कैन लीड टू अ लॉट ऑफ़ परफॉर्मेंस एंजाइटटी एंड व्हिच इंटर्न कैन डिस्टोर्ट योर ओन एक्सपेक्टेशन इन रियल लाइफ हम ओके ए सप्लीमेंट कैन फिक्स माय टेस्टोस्टरन लिबिडोर सेक्सुअल परफॉर्मेंस ऐसा कौन सा एक टेस्ट सप्लीमेंट होगा देयर इज नो यूनिवर्सल बूस्टर ओके यू नो गॉड ने एक बहुत अच्छा नेचर क्रिएट करा है और उस नेचर में को बैलेंस करने के लिए बहुत सारे कॉम्पोनेंट्स हैं। तो कोई भी एक ऐसी चीज नहीं है जो बोले कि बस मैंने ले लिया और मेरी एक वो जादू की
(1:24:49) चड़ी जिसको बोलते हैं कि मैंने लिया और वो हो गया। सो देयर इज नो यूनिवर्सल सप्लीमेंट। हम मल्टीपल सप्लीमेंट्स आर अवेलेबल एंड मल्टीपल सप्लीमेंट्स यू कैन आल्सो मेक एट होम। हम् डिपेंडिंग अपॉन व्हिच लाइफस्टाइल इशू हम् और व्हिच एरिया ऑफ़ योर बॉडी यू वुड वांट टू स्ट्रेंथन एट दैट पॉइंट ऑफ़ टाइम। जैसे फॉर एग्जांपल अ घर में अगर आपकी इम्यूनिटी वीक हो गई है तो आपकी मम्मी आपको रोज काढ़ा बना के देगी सुबह कि बॉस अपने सिस्टम को स्ट्रांग करो। सो अगर आप बहुत टाइम तक बीमार रहे हैं तो बॉडी में एनर्जी नहीं है तो डॉक्टर भी यही कहता है। आपको पांच दिन की एंटीबायोटिक
(1:25:26) देगा। सात दिन का कोर्स करेगा। उसके बाद 11 10 दिन या 11 दिन के लिए मल्टीविटामिन देगा। बट उसके साथ में वो यह कहेगा कि बॉस अब एनर्जी वापस लाने के लिए तुमको खाना सही से खाना पड़ेगा। हम सैलेड खाओ। पानी पियो। क्या कहते हैं? थोड़ी थोड़ी-थोड़ी वॉक करनी शुरू करो। टाइम से सोना शुरू करो। हम सो कोई भी एक चीज नहीं है जो यू नो आपको हेल्दी रहने में मदद करती है। ओके। तो थैंक यू सो मच मैम। बहुत-बहुत शुक्रिया और काफी मजा आया। आपके साथ बात करके खास करके मैन सेक्सुअल वेल बीइंग और यह एक ऐसा टॉपिक है मुझे लगता है शायद इस पर बहुत ज्यादा अभी तक बात नहीं हुई है
(1:26:07) क्योंकि होनी चाहिए जैसा कि मैंने शुरुआत में ही बोला था कि यह कंसर्न इतना तेजी से बढ़ रहा है जिसके बारे में खुलकर कभी भी इंटरनेट पर बात नहीं होती है लेकिन मैम जो है इस पर बातें करती है। बातें तो करती ही है। साथ में आपको यू बैलेंस के थ्रू आपको कुछ सॉलशंस भी जो है वह प्रोवाइड कराए जाते हैं जो कि आपकी मैन सेक्सुअल हेल्थ सेक्सुअल वेल बीइंग के लिए भी बहुत ज्यादा जरूरी होती है। और यह पडकास्ट आपको कैसा लगा मुझे कमेंट करके जरूर बताइए। आपके कुछ सवाल होते हैं तो कमेंट करके लिखिए। हो सकता है कि मैम आपको उन कमेंट पर नीचे
(1:26:40) रिप्लाई करके आपके जवाब मिल सकते हैं। अगर आप भी थोड़ा अगर आप मैन है और आप भी सेक्सुअल प्रॉब्लम से जूझ रहे हो तो मैम का Instagram चैनल है या फिर यू बैलेंस का Instagram चैनल है। वहां जाके भी आप डीएम में मैम से अपने कंस सवाल जो भी है वो पूछ सकते हैं। आप किस तरीके की प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं वह भी मुझे कमेंट करके जरूर बताइए। वीडियो को लाइक कीजिएगा, शेयर कीजिएगा। थैंक यू सो मच। [संगीत]

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