Friday, September 4, 2026

What Women really want?A must Watch for Every Indian Man

What Women really want?A must Watch for Every Indian Man

Author Name:The Sweet Truth

Youtube Channel Url:https://www.youtube.com/@thesweetrooth

Youtube Video URL:https://www.youtube.com/watch?v=kp5qtnxlLLs



Transcript:
(00:00) इट वाज़ अ ट्यूसडे आफ्टरनून। बहुत जबरदस्त बारिश हो रही होती है। एक 19 साल की लड़की कैब से उतरती है और एक बहुत बड़ी बिल्डिंग में जाती है। बारिश इतनी तेज थी कि इतनी देर में ही उसके बाल भीग जाते हैं एंड द वाटर इज ड्रिपिंग ऑन हर क्लोथ्स। शी एंटर्स द बिल्डिंग गोज़ टू द मेन डेस्क। और वह बोलती है आई हैव अ मीटिंग विथ योर बॉस। मेन डेस्क पर जो रिसेप्शनिस्ट थी, वह एक लिफ्ट की तरफ पॉइंट करती है और वह लड़की भागते हुए उस लिफ्ट की तरफ जाती है एंड शी प्रेसेस द बटन। इतनी ही देर में उसके पीछे से वो रिसेप्शनिस्ट भागती हुई आती है।
(00:37) कहती है, नहीं नहीं, यह तो कॉमन लिफ्ट है। आपको जाना है स्पेशल बॉस की लिफ्ट में। देयर वाज़ अ सेपरेट लिफ्ट फॉर द बॉस दैट वेंट स्ट्रेट टू द टॉप फ्लोर। लड़की लिफ्ट में जाती है और बहुत ही शानदार रूम में पहुंचती है। इट वाज़ लाइक अ पैलेस। इतनी प्लश लाइफ और रईसी उस लड़की ने कभी देखी ही नहीं थी। शी सीट्स डाउन एंड वेट्स फॉर दी बॉस टू अराइव। बॉस आता है। उसके साथ बैठता है। उसको चाय ऑफर करता है। एंड शी टेक्स हिज इंटरव्यू। [संगीत] यह कहानी कहीं सुनी-सुनी तो नहीं लग रही। नो पॉइंट्स फॉर गेसिंग। दिस इज द इंट्रोडक्शन ऑफ 50 शेड्स ऑफ ग्रे। वन ऑफ द
(01:22) मोस्ट सेलिंग नवेल्स थ्रूउ द वर्ल्ड। एंड आई रेट समवेयर कि अगर इस कहानी में लड़का गरीब होता तो यह क्राइम पेट्रोल का एपिसोड होता। वीडियो स्टार्ट करने से पहले ही मैं आपको डिस्क्लेमर देता हूं इफ यू आर सेंसिटिव प्लीज डू नॉट वाच दिस वीडियो। इफ यू गेट ट्रिगरर्ड वेरी इजीली प्लीज डू नॉट वाच दिस वीडियो। यू आर वेलकम टू लीव। बिकॉज़ आई एम गोना टेल यू दी डीप डार्क सीक्रेट्स ऑफ वुमेन इन इंडिया एंड ऑल ओवर द ग्लोब। और इस वीडियो से मेन वुड गेट अ क्लियर आईडिया ऑफ व्हाट वुमेन एक्चुअली वांट या इन मोस्ट केसेस कि ऐसे ही चलता है। [संगीत]
(02:11) अगर आप पब्लिशिंग हाउसेस, Kindle और Amazon का डाटा उठाएं तो यू गेट अ वेरी कंट्राडिक्टरी स्टेटमेंट। एक ऐसी सोसाइटी जो पब्लिकली बहुत कंजर्वेटिव है और बहुत संस्कारी है कंपेयर टू द ग्लोबल राइवल्स। वहां रोमांस फिक्शन, डार्क एरोटिका और मॉन्सर बीस्ट नैरेटिव्स कंसिस्टेंटली चार्ट टॉपर्स रहते हैं। हैव यू एवर थॉट व्हाई? सोसाइटी इसको डिसमिस कर देती है बोलकर कि यार यह तो सिर्फ फिक्शन है। इसमें तो देयर इज़ नथिंग रोंग विथ इट। लेकिन मॉडर्न एवोल्यूशनरी बायोलॉजी एंड न्यूरोसाइकोलॉजी इसको एक कंप्लीटली अलग लेंस से देखती है। तो क्या है ऐसा
(02:48) क्रिश्चियन ग्रे में एडवर्ड कलन में डोरियन ग्रे में या वो ट्वाईलाइट का वेयर वुल्फ आई कांट रिकॉल ह नेम। क्यों एक इमोशनली अनअवेलेबल, हाइपर पावरफुल, डोमिनेटिंग आदमी वुमेन की इमेजिनेशन को कैप्चर करता है। यह कोई मॉडर्न चीज नहीं है। दिस इज़ बेस्ड ऑन थाउजेंड्स ऑफ इयर्स ऑफ़ एवोल्यूशन एंड साइकोलॉजी। दिस इज़ हाउ द ह्यूमंस हैव बीन वायर्ड फॉर थाउजेंड्स ऑफ इयर्स। वी आर गोइंग डिस्कस फोर मेजर साइंटिफिक थ्योरीज़ इंक्लूडिंग टेमिंग द बीस्ट थ्योरी एंड व्हाई इट कीप सच अ स्ट्रांग ग्रिप ऑन द फीमेल माइंड। सबसे पहले डिस्कस करते हैं ड्राइवर्स पैरेंटल
(03:26) इन्वेस्टमेंट थ्योरी एंड द टेम्ड प्रेडिटर पैराडॉक्स। पहला साइंटिफिक मॉडल है रॉबर्ट ट्राइवर्स की पैरेंटल इन्वेस्टमेंट थ्योरी और एववोल्यूशनरी साइकोलॉजिस्ट डेविड बुस की रिसर्च ऑन फीमेल मेट सेक्शन। एववोल्यूशनरी बायोलॉजी के हिसाब से फीमेल्स बेयर डिस्रपोशनेटली हायर बायोलॉजिकल इन्वेस्टमेंट इन रिप्रोडक्शन। इसीलिए, फीमेल मेड सेक्शन दो कन्फ्लिक्टिंग प्रायोरिटीज़ को आपस में मिलाने की कोशिश करती है। सबसे पहली है द बीस्ट। जो कि फीमेल को हाई स्टेक्स और हाई थ्रेट से बचाता है फ्रॉम द एक्सटर्नल थ्रेट्स दैट आई एम टॉकिंग अबाउट। एंड सच
(04:02) ट्रेट्स हैव दी पावर टू प्रोटेक्ट अ पर्टिकुलर वूमेन अंडर एनी सरकमस्ट्ससेस। एंड देन वी हैव पिटर्नल इन्वेस्टमेंट। कि वही बीस्ट जो उस लड़की को प्रोटेक्ट कर रहा है और बाहर की दुनिया उससे डरती है वो अपने एंगर को अपने बीवी और बच्चे पे इनवर्ड रिफ्लेक्ट ना कर दे तो उसको कंट्रोल करना। यहीं से टेमिंग द बीस्ट का एग्जैक्ट एववोल्यूशनरी फार्मूला बनता है। एक ऐसा खूंखार आदमी जो कि बाहर की दुनिया के लिए तो घातक है लेकिन इंटरनली फॉर दी मदर एंड द चाइल्ड बहुत प्रोटेक्टिव है। एंड व्हेन दिस इज़ रिटन इन फिक्शन इट स्टिमुलेट्स समथिंग इनसाइड वुमेन व्हिच
(04:41) स्टिमुलेट्स दी इंटरनल डिज़ायर्स जो कि इतने सालों से हमारे एववोल्यूशन में चली आ रही हैं। द सेकंड थ्योरी इज़ यंग एंड शैडो एंड द एनिमस इंटीग्रेशन। दूसरा साइकोलॉजिकल फ्रेमवर्क आता है कार्ल यंग की आके ट्रिपल साइकोलॉजी से। यू के अनुसार हर फीमेल में एक अनकॉन्शियस मैस्कुलिन कॉमोनेंट होता है जिसे एनिमस कहते हैं। इंडियन कल्चरल कंडीशनिंग इंडियन कल्चर में वुमेन को बचपन से ही एग्रीएबल, सबमिसिव और इमोशनली रिस्ट्रेंट रखा जाता है। जिससे उनका अग्रेशन, असर्टिवनेस और रॉ पावर उनके शैडो कॉन्शियस में सप्रेस होके रह जाता है। जब एक इंडियन एक डार्क रोमांस या
(05:22) अल्फा कैरेक्टर के बारे में पढ़ती है, वह डायरेक्टली उसको इनहबिट करती है या एंपैथाइज करती है। यह रीडिंग प्रोसेस उनकी सप्रेस शैडो को वाइकेरियसली एक्सप्रेस करने के एक साइकोलॉजिकली सेफ आउटलेट प्रोवाइड करता है। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग टिल नाउ। अगर आप ऐसे ही दबंग कंटेंट और रियल लाइफ साइकोलॉजी को डिकोड करना चाहते हैं व्हिच कुड एक्चुअली हेल्प यू इन योर रिलेशनशिप्स इन योर मैरिज इन योर एवरीडे लाइफ। प्लीज सब्सक्राइब टू द चैनल। एंड जॉइन द मेंबरशिप सेक्शन एज़ वेल व्हेयर वी कैन डिस्कस द थिंग्स दैट वी एक्चुअली कांट डिस्कस हियर इन ओपन सोशल
(05:59) मीडिया। सो, प्लीज सब्सक्राइब एंड आल्सो प्रेस द बेल आइकॉन। लेट्स कंटिन्यू विथ द वीडियो। द नेक्स्ट थ्योरी दैट वी हैव इज़ न्यूरोबायोलॉजी ऑफ़ एंटीिसिपेशन। न्यूरोबायोलॉजी के हिसाब से रोमांस और डार्क फिक्शन मेल विजुअल पोर्नोग्राफी से फंडामेंटली अलग है। डॉ. निकोल प्रायोस और हेललेन फिशर के न्यूरो इमेजिंग रिसर्च बताती है कि फीमेल नैरेटिव अराउज़ल एंटीिसिपेशन और इमोशनल फ्रिक्शन पे ऑपरेट करता है। इसको मैं बहुत ही अच्छे तरीके से आपको समझाता हूं। डू यू रिमेंबर वाचिंग ब्यूटी एंड द बीस्ट? उसमें व्हेन द गर्ल मीट्स द बीस्ट? तो एंटीिसिपेशन इतना
(06:35) ज्यादा होता है, डेंजर लेवल और थ्रेट इतना ज्यादा होता है कि उसके अंदर के एंजायटी और एंटीिसिपेशन को स्पाइक करता है। जैसे ही यह लेवल थोड़ा सा नॉर्मल होने लगता है, जब उसको दिखता है कि बीस्ट इज़ एक्चुअली अ गुड पर्सन ही इज़ टेकिंग केयर ऑफ़ थिंग्स, तो उसका कॉर्टिसोल लेवल थोड़ा सा कम होना शुरू होता है और डोपामिन बढ़ना शुरू होता है। इमोशनल डेंजर थोड़ा सा कम होने पर एक लो लेवल कॉर्टिसोल रिस्पांस ट्रिगर होता है जो कि सेंसरी फोकस बढ़ा देता है। फिर जैसे ही वो डेंजरस कैरेक्टर इवेंचुअली फीमेल प्रोटागोनिस्ट के आगे इमोशनली वनरेबल हो जाता है, कनंफेस करता है या
(07:13) सबमिसिव होता है, तो ब्रेन में मैसिव ऑक्सीटोसिन फ्लश होता है। व्हिच इज दी प्राइम केमिकल फॉर बॉन्डिंग एंड अटैचमेंट। इट इज लाइक अ प्रॉपर्ली इंजीनियर्ड ब्रेन राइड या कॉकटेल ऑफ केमिकल्स आप इसको बोल सकते हैं। नाउ लेट्स कम टू सोशियोलॉजी। सोशियोलॉजी में क्या इफेक्ट पड़ता है? सोशियोलॉजिकल कंपनसेटरी कंसमशन एंड रिप्रेशन हाइपोथेसिस के बारे में बात करते हैं। लेट्स अंडरस्टैंड हाउ इट वर्क्स इन दी इंडियन रियलिटी। मिचल फोकल्ड की रिप्रेसिव हाइपोथेसिस और मॉडर्न कंपनसेेटरी कंजमशन थ्योरी। इंडियन सोसाइटी में स्ट्रक्चरल रियलिटी कैसे करती है?
(07:49) सबसे पहली चीज है इसमें हाई सोसाइटल सर्वेलेंस। परिवार, समाज का डर, कोई क्या बोल देगा? घर में आपको रिप्रेस्ड ही रहना पड़ता है। देन वी हैव रिजिड मैरिटल एक्सपेक्टेशंस जहां इमोशनल एंड फिजिकल एजेंसी ऑफन सेकेंडरी बन जाती है। और जो आपका घर बन रहा है और जो आपके बच्चे हैं, वह प्राइमरी फोकस बनके रह जाता है। यह भी एक फैक्ट है दैट सेक्स यूजुअली टेक्स अ बैक सीट आफ्टर अ फ्यू इयर्स ऑफ़ मैरिज। अब डिजायर तो खत्म नहीं होती है। हाउ डस दैट वर्क? इसी कांसेप्ट को कंपनसेटरी कंजमशन बोलते हैं। जब रियल वर्ल्ड में रॉ पैशन इमोशनल डोमिनेंस को एक्सप्रेस करने का
(08:28) स्पेस नहीं मिलता। पीपल टर्न इनवर्ड एंड दे कंज्यूम द कंटेंट दैट आई एम टॉकिंग अबाउट। इंडियन वुमेन का डार्क रोमांस पड़ना उनके मोरल कैरेक्टर का रिफ्लेक्शन नहीं है। यह उनकी सप्रेस्ड एनर्जीस और एजेंसीज का एक सोशल प्रूफ है। आई रियली होप दैट नो वुमेन वर अफेंडेड ड्यूरिंग दिस वीडियो। क्योंकि दिस इज़ जस्ट डिकोडिंग दी रॉ मेंटालिटी दैट वी ऑल हैव। मर्दों की इससे अलग है। आई विल क्रिएट अ वीडियो फॉर दैट एज वेल। लेकिन जो इसमें समझने वाली बात है फॉर मैन। इट इज दैट वुमेन वुड ऑलवेज वांट टू कंट्रोल द बीस्ट एंड टीम द बीस्ट। आप वैंपायर सीरीज उठा लीजिए। आप
(09:07) वेयरवू सीरीज उठा लीजिए। अ ब्यूटी एंड द बीस्ट उठा लीजिए जो कि डिज़्नी ने बनाया है। यह बेसिकली इंटीग्रेटेड है सबके दिमाग के अंदर। एंड आई वुड होप यू वुड नॉट यूज़ इट अगेंस्ट एनीवन। लेकिन अगली बारी जब आपकी वाइफ, आपकी गर्लफ्रेंड आपको बोले कि अपनी दाढ़ी शेव करनी है या नहीं करनी है तो आप क्या डिसाइड करेंगे? लेट मी नो इन द कमेंट्स। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग।

 

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